Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 10 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट. 71

रेखा जी .......वो माँ सा हम बस मजाक कर रहे आवर कुछ नहीं

साध्वी जी अंदर आ कर सूर्य के घावों को चेक किया जो की लग भाग भर चुके थे एक हे रात में कुछ तो ॉडी का असर था कुछ सूर्य के सरीर की अपनी खुबिया

सूर्य चेक करवाने के बाद अपने रूम में निकल गया

साध्वी जी को रात की घटना का पता लगा तो बहुत परेशान हो गई उन्होंने किसी को कुछ भी नहीं बताया जो उन्होंने कहा वही मन लिया जबकि उनको तो रात का कुछ पता भी नहीं था ..........

अब आगे .......

सपना आवर किरण 2 दिन सूर्यगढ़ में हे रुकी उसके बाद वो दोनों बड़े मां जी के साथ सूर्यगढ़ के लिया निकल गई

इन दो दिनों में सूर्य पूरी तरह से ठीक हो चूका था

साध्वी जी की आयुर्वेदिक ोस्दियो से शालिनी भी बहुत हद तक ठीक जो चुकी थी

थोड़ा पीछे चलते है .....

साध्वी जी हवेली से सबसे विधा ले जंगल में नानी कुटिया में आ गई थी हवेली से

किन्तु वो अपने चेहरे पे उभरी चिंता की रेखाया सकती आवर वयोम से छुपा नहीं पाई

सकती ......क्या बात है आज आप कुछ परेशान लग रही है सब कुसल से तो है न साध्वी जी

साध्वी जी ......पता नहीं सकती अभी हम कुछ कहा नहीं सकते है

वयोम .....ऐसा क्या हुआ है साध्वी जी क्या सूर्य को कुछ हुआ है या होने वाला है

साध्वी जी ......ऐसा नहीं है सूर्य आवर उसके परिवार को कुछ भी नहीं हुआ है वयोम हम जो हवेली में रात को घटना हुए उसको ले कर के चिंतित है

सकती ......ऐसा क्या हुआ साध्वी जी हवेली में

जिसके चलते आप इतनी परेशान है

साध्वी जी पूरी बात जो उन्होंने रेखा के मंद से जाना था सब बताया

सकती .......फिर आपको उसकी तह तक नाना चाइये जब आप वह थी तब ऐसा हो सकता है तो फिर आप के वह न होने पे कितना कुछ हो सकता है

साध्वी जी ......तुम्हे क्या लगता है मैंने कोशिश नहीं की होगी क्या इसके तह तक पहुंचने की किन्तु कुछ भी हाथ नहीं लगा

आवर वो जो कोई भी है वो सूर्य को या उसके परिवार को कोई नुस्क्सान नहीं पंहुचा ने वाला है

वयोम .......ऐसा कोण हो सकता है जो आपको भेष धरे आवर क्यों

साध्वी जी .....यही तो सब समाज नहीं आ रहा है की वो सकती थी कोण आवर क्यों उसने मेरा हे भेष दरहा

अभी ये तीनो बात कर हे रहे थे की इन तीनो को किसी की आवाज सुनाई दी

आवाज .......पुत्री चिंतित न हो वो मैं हे था जिसमे तुम्हारे रूप दर्जन किया था

साध्वी जी ......पिता जी आप ....परनाम पिता जी

सकती .वयोम .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ......कल्याण हो पुत्री तुम्हारे

यसस्वी भाव पुत्रो

साध्वी जी ......पिता जी जब आप रात्रि में आये थे तो आपने हमें सूचित क्यों नहीं किया

गुरुदेव ......पुत्री हम किसी अन्य कार्य के लिया आये थे

इस लिया हे हम आप से भेट नहीं कर सकते थे

साध्वी जी .....ऐसा क्या कार्य था पिता जी

जिसके चलते आप हमसे मिले नीना हे चले गए आवर आपको हमारा रूप क्यों दर्जन करना पड़ा

गुरुदेव ......हम वो सब आपको नहीं बता सकते है

हम केवल ये बताने आये थे की सकती आवर वयोम को सूर्य के जाने के बाद उसके परिवार की रक्षा करनी होगी

अगर कोई भी खतरा सूर्य के परिवार पे आता है तो किसी भी मूल्य पे उनके परिवार की रक्षा सर्वोपरि होने चाइये तुम दोनों के लिया

सकती ......गुरुदेव आपकी आदेश का पालन हम अपनी आकृ साँस तक करेंगे कित्नु क्या मैं आप से कुछ जान सकता हूँ

गुरुदेव .......कहो पुत्र क्या हन्ना चाहते हो

सकती ......गुरुदेव हम सूर्य को आज की युद्ध कला की शिक्षा भी दे सकते थे फिर आपने हमें उसके लिया क्यों मना किया आवर सूर्य है कोण जिसके लिया आप ये सब कर रहे है गुरुदेव

गुरुदेव ........सकती तुम्हे सूर्य को आज की योध कला की सीख्शा देने के पीछे का उद्देश्य ये है की

सूर्य को ये शिक्षा प्राप्त करने के लिया बहुत लम्बा सफारी याय करना होगा जिसमे सूर्य को भरी दुनिया को समझने आवर जुड़ने का मौका मिलेगा अच्छे आवर बुरे की पहचान करना आवर अपनी जिम्मेदारी को समझना बहुत जरुरी है

जो सूर्य यहाँ अपने परिवार के साथ रह कर नहीं शिख सकता

महलो में सोने वाला इंसान झोपड़े में सोने वाले इंसान की पीड़ा नहीं समाज सकता उसके लिया उसको झोपड़े में सोने की आव्सय्कता होगी है

ुशी तरह सूर्य को भी समाज फैली गंदगी को मिटने के लिया उस काबिल बन उसने उतरना होगा

रही बात सूर्य कोण है ये जानने की आव्सय्कता नहीं है पुत्र

साध्वी जी ......पिता जी हमने कुछ पूरा भी महसूस किया था सुबह क्या वो भी

गुरुदेव .......है पुत्री तुम जो सोच रही हो वो सत्य है किन्तु ये साथ अभी किसी को ज्ञात नहीं होना चाइये तुम्हारे अलावा

साध्वी जी ....ान आगे हमें क्या करना है पिता जी

गुरुदेव .....कुछ समय बाद सूर्य अपनी शिक्षा के लिया चला जायेगा उस से पहले तुम्हे सूर्य को अपना आयुर्वेदिक ज्ञान देना है आवर सूर्य के जाने के बाद तुम्हे हवेली में रह कर उस परिवार की रक्षा करनी है

वयोम तुम्हे सूरजगढ़ में सूर्य के नाना के परिवार की सुरक्षा करनी है

गुरुदेव .......मेरे लिया क्या आया है

गुरुदेव ......तुम्हे सपना आवर किरण की रक्षा करनी किन्तु याद रहे तुम उनके सामने नहीं आओगे

सकती .......तो क्या मैं अपनी सकती या इस्तेमाल कर सकता हु उसके लिया

गुरुदेव .....है किन्तु जब जरूरत जो तब हे तुम रूप परिवर्तन कर अपना करता कर सकते हो

वयोम तुम्हे सूर्य सूरजगढ़ पंहुचा देगा

अब मेरा जाने का समय हाउ चूका है

साध्वी जी .....पिता जी आपको तब कब पूर्ण होगा

गुरुदेव ........जब सूर्य मुझतक पहुंचेगा तब पुत्री

साध्वी आवर सकती वयोम गुरुदेव के जाते हे अपने अपने सौंपे कार्यो की त्यार करने लगे

प्रेजेंट टाइम ......

जब से सूर्य को चूत लगी है तब से सूर्य बहार नहीं गया था वही पायल आवर प्रीति

भी सूर्य के साथ बहार गुमना चाहती थी पायल तो पहले से हे सूर्य को लिखे करती थी फिर जो बलि उत्सव में हुआ उसके बाद तो वो कुछ ज्यादा हे आकर्षित hi चुकी थी सूर्य की तरफ

पायल ......सूर्य क्या हम कही गुमने चले प्लेसेस मैं बोर होने लगी हूँ जब से आये है इंडिया तब से बस एक बार हवेली से बहार गए है वो भी जब पूरी फॅमिली उत्सव के लिया गयी थी

सूर्य ......दी मैं भी नाना चाहता हूँ पैर कोई मुझे जाने हे नहीं दे रहा है

प्रीति .......सूर्य आप माँ से बात कीजिये वो आपको मना नहीं करेंगे

सूर्य .......OK दी चलो फिर मैं बात करता हूँ

सूर्य पायल प्रीति अपने रूम से निकल बहार अपनी बुआ मेनका जो की हॉल में अपने भाबी आवर माँ सा के साथ बैठी हुए थी दादा जी बहार गए हुए थे

आवर शिव महेंद्र आवर फूफा जी बिज़नेस को सेटल्ड करने में लगे हुए थे

बुआ सा ......आ गया मेरा बीटा

सूर्य ......जी बुआ सा क्या कर रही है आप

कहते हे सूर्य अपने बुआ के साथ बड़े वाले सोफे पे लेट गया आवर अपना सर अपनी बुआ के गॉड में रख दिया

बुआ सा .......हम्म कहो क्या चाइये मेरे बेटे को

सूर्य ......कुछ भी तो नहीं बुआ सा मुझे क्या चाइये भला

बुआ सा .....बीटा मैं तुम्हारे पापा की बड़ी बहाने हूँ तुम उनके जैसा दीखता हे नहीं हरकते भी उसकी जैसे है बस वो शांत रहता है

अब बोलो भी क्या चाइये

सूर्य .....अपनी दोनों बहनो की तरफ देखते है

बुआ सा .....अब तो पक्का है कुछ तो प्लानिंग की है तुम लोगो ने

शालिनी .....दीदी मैं बताती हूँ ये तीनो बहार गुमने जाने चाहते है सूर्य को लगता है हम में से कोई इनको बहार जाने नहीं देगा आवर आपकी बात कोई ताल नहीं सकता है तो इनका प्लानिंग ये है की सूर्य आपसे परमिशन ले ताकि ये बहार गुमने जा सके

सूर्य पायल प्रीति मुँह फाडे शालिनी को देखने लगे

प्रीति ....ममी जी आपको कैसे पता की हमने यही प्लानिंग की है

पायल .....यू इडियट प्रीति मुँह खोल ने की क्या जरूरत थी

सूर्य ......दी गुस्सा न करो आपने ठीक किया दी हम झूट बोल कर वैसे भी नहीं जाने वाले थे

सूर्य .....बुआ सा मैं 4,5 रोक से बोर होल गया हूँ घर पे बैठे बैठे न बहार जा सकता हूँ न जंगल आप हे बताओ मैं क्या कृ माँ स्कूल भी नहीं जाने देती है

बुआ सा .....पैर बीटा आप ठीक तो जो जाओ पहले

सूर्य क्या आपको वाकई में लगता है बुआ सा की मैं ठीक नहीं हूँ

सूर्य अपनी शर्ट उतर देता है आवर अपने सीने पे पीठ पे दोनों बाजुओं पे लगी बेंडेड ( पट्टी ) सपना के मदद से उतर देता है

सूर्य .....ान आप हे देखो बुआ मैं ठीक हूँ की नहीं

मेनका ने अच्छे से चेक किया तो वाक़ई घाव पूरी गाढ़ा ठीक जो चुके था

बुआ .....ये इतनी जल्दी ठीक कैसे हुए तुम्हे तो इतने गहरे घाव थे की 15 दिन तो काम से काम लगे थे

सूर्य .....वो सब साध्वी जी से पूछना अब क्या हम जा सकते है

बुआ सा .....ठीक है तुम जा सकते हो

सूर्य .......दादी सा मैं राधा आवर कोमल को भी अपने साथ ले कर जा रहा हु साम तक लूट आएंगे

रेखा .....पैर बीटा वो तो स्कूल कॉलेज में है

सूर्य ......तो क्या हुआ

बुआ सा ......राधा तो तुम्हारी बुआ है न फिर तुम उसको नाम से क्यों बुलाते हो

सूर्य .....मुझे अच्छा लगता है आवर उनको भी

अब हम चलते है आप त्यार hi जाओ दी

कुछ देर में हे सूर्य पायल आवर प्रीति त्यार हो गई

सूर्य .....अच्छा माँ मम्मी बुआ दादी हम चलते है

सूर्य अपनी बहनो का हाथ पकड़ कर बहार निकला हे था की कुछ याद आते हे

सूर्य..... दी आप चलो कार निकालो मैं अभी आया बोल कर अंदर चला गया

बुआ सा .....कुछ भूल गए क्या सूर्य

सूर्य .....बुआ सा तो आपको साइज पूछना था

बुआ saa......kya कैसा साइज

सूर्य ....अरे बुआ सा आपका फिगर साइज आवर क्या

शालिनी .....ये क्या बकवाश है सूर्य क्या यही सब शिक्षा दी है हमने तुम्हे

सूर्य ......अरे माँ आप क्या बोले जा रही हो

बुआ सॉरी वो मैं बहार से अपनी पसंद की ड्रेस लाना चाहता था आप सेबल लिया ान मुझे ये तो पता नहीं न की आपकी ड्रेस किस मैप की आती है इस लिया पूछा था सॉरी माँ

बुआ सा .....शालिनी क्यों गुस्सा होती हो मेरे बेटे पे उसने कुछ गलत नहीं पूछा हम शॉप कीपर को भी तो बताये है अपनी साइज फिर ये तो अपना बीटा है

रेखा .....क्यों अपनी बुआ के लिया हे लाएगा क्या

सूर्य ......नहीं आप सब के लिया

बुआ सा एक पर्ची पे अपना साइज लिख कर शालिनी की तरफ बढ़ा देती है फिर देखा की तरफ तीनो ने अपनी अपनी बॉडी मेज़रमेंट

एक हे स्लिप पे लिख कर सूर्य की तरफ बढ़ा दी

सूर्य दादी की तरफ देखा तो

रेखा माँ सा को साड़ी पसद है तो तुम अपनी पसंद से कोई साड़ी ले आना

सूर्य अपनी बुआ के दोनों गालो पे किश करके

सूर्य .....थैंक्स बुआ सा आपने बच्चे लिया वर्ण माँ तो .....

पायल .....अब चला नहीं है क्या सूर्य

सूर्य बहार की तरफ दौड़ गया

सूर्य कार ले कर निकल गया अपने स्कूल की आवर कोमल को लेंस के लिया

बुआ सा .......शालिनी ये क्या था तुम सूर्य पे be-vajha गुस्सा क्यों कर रही थे

रेखा जी .......है शालिनी सूर्य अभी बच्चा हे तो है सरीर से भले वो समझदार लगे पैर है तो बच्चा हे फिर बचपन से उसको जैसा माहौल मिला है उस हिसाब से तो ये बहुत आम बात है

बुआ सा ......सच कहा रेखा तुमने u.s के माहौल में पला बड़ा सूर्य यहाँ के बचो से बहुत समझदार बच्चे है उसपे फिर कभी गुस्सा नहीं होना पहले हे कब देती हूँ सबको

शालिनी ......सॉरी दीदी पता नहीं मुझे क्यों गुस्सा आ गया था सूर्य का ऐसा कहने पे

दादी जी .....वैसे भी वो ान कुछ दिन बाद चला जाने वाला है पता नहीं कब वापिस लौटेगा वह कितना टाइम लगेगा ये भी पता नहीं है

ऐसे में उसकी छोटी मोती गलतियों को भुला कर अपना प्यार लुटा बेटी वो किसी को सबसे सुपर मंटा है तो वो हो तुम शालिनी बेटी

रेखा .....माँ सा कोई आवर भी है जिसको वो इतना हे चाहता है जितना शालू को

बुआ सा .....कोण है वो जाता हमें भी तो पता चले

रेखा जी .....शालिनी की भतीजी किरण आवर सपना

दादी जी ......क्या किरण आवर सपना ये तुम क्या कहा रही हो बेटी

शालिनी ......है माँ सा दीदी सच कह रही है

सूर्य सपनो में भी यही नाम दोहराता रहता है

आवर सायद आपको यकीं भी न आये पैर संजय की बेटी किरण हमारे यहाँ आने से पहले हे सूर्य के सपने देखती आ रही है उसने तो बहुत सरे तस्वीरें तब बना दी थी सूर्य की बचपन से ले कर अब तक की सूर्य की सेकड़ो खूबसूरत तस्वीर बना चुकी है

बुआ सा .....ये कैसे मुमकिन है बोना किसी को देखते उसकी ऐसे तस्वीर बना देना

शालिनी .....मुझे भी यकीं नहीं हुआ था दीदी पैर जब मैंने प्रिय के पास राखी तस्वीरें देखि तो मैं भी चौंक गई

क्युकी उसने सूर्य के साथ जो गतणय गत चुकी थी वो सब तस्वीरें थी

जैसे सूर्य का एक्सीडेंट जो कर रोड पे पेस रहना खून में लथपत हो कर

उसका कोमा में बीएड पे लेता हुए जिसमे मैं सूर्य का हाथ थामे तो रही थी आवर

सूर्य को खेल खुद में मिले ट्रॉफी की

ऐसे बहुत सो तस्वीरें है जो उसने सपना में देख कर बना या था

बुआ सा .....लगता है दोनों का पीछे जनम से हे रिस्ता है

शालिनी ......दीदी ये तो पता नहीं पैर मुझे दर है की अगर सूर्य की यही वो स्वीटी है जिसके नाम लेते हुए सूर्य कोमा से निकला था तो कोई कुछ भी कर ले मुझे नहीं लगता की सूर्य किसी को किरण आवर अपने बिच आने देगा

दादी जी .....पैर बीटा शालू इनका रिस्ता समाज कभी सवीकार नहीं करेगा

शालिनी .....माँ सा मुझे भी तो यही सर है सूर्य भले हम से लड़ जाये पैर समाज से कैसे

बुआ सा .....अगर नौबत ऐसे आज तो मैं सूर्य को आवर किरण का हर फैसले में साथ दूंगी फिर चाहते मुझे तुम सभी की खिलाफ हे क्यों न जाना पड़े

रेखा ......क्या अपनी बेटी के खिलाप भी जा पाओगी दीदी

बुआ सा .....क्या मतलब किसी बात कर रही होगी रेखा तुम

रेखा .....मैं पायल की बात कर रही हूँ दीदी पायल सूर्य को लिखे करती है

वो सूर्य को भाई साथ साथ कुछ आवर रूप में देखने लगी है

बुआ सा ......मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर सूर्य आवर पायल की तरफ से है हुए तो मैं त्यार हूँ भले हे फिर पायल सूर्य की दूसरी बीबी बने मेरे बेटे आवर बेटी की ख़ुशी से भध कर कुछ नहीं है मेरे लिया ..........

सूर्य स्कूल से कोमल को अपने साथ ले राधा की कॉलेज की आवर भध गया जो की ये ुशी दहाड़ में है जहा महेंद्र ने शॉपिंग मॉल खोल रहा है

( सिटी 1 के नाम जीकर होगा उसका आगे )

कुछ 20 ,25 मिनट्स की ड्राइविंग के बाद सूर्य कार को सीधा राधा की कॉलेज की पार्किंग में लगा देता है

काफी लड़के लड़किया बहार गम रहे थे कुछ कैंटीन में मजे कर रहे थे तो कुछ पैदा की ोुतः में सिगरेट खिंच रहे थे

प्रीति .....सूर्य ये कैसा कॉलेज है

इसमें कॉलेज जैसा तो कुछ है भी न यहाँ अच्छा बिल्डिंग' स्ट्रक्चर है नहीं मुझे यहाँ के टीचर कुछ खास लगे

सूर्य .....है दी मुझे भी ऐसा हे लगता है पैर यहाँ कोई अच्छा कॉलेज है भी तो नहीं

चलो दी हम राधा से को बुला लेट है

पायल ......सूर्य मैं यहिबरक्ति हूँ कार में तुम हो आवो

सूर्य .....ठीक है दी मैं अभी आता हूँ

कह कर सूर्य आगे भध गया

वही कुछ 3,4 लड़के जो की देखने तो अच्छे खास परिवार के लग रहे थे वो सब ीदार हे देख रहे थे सूर्य ने एक बार देखा आवर आगे भध गया

कुछ क्लास देखने के बाद भी जब राधा नहीं देखि तो सूर्य फिर से ुशी क्लास में फिर से गुस्सा गया जिसमे राधा को होना चाइये था सेकंड ईयर की क्लास में

सूर्य को देखते हे वह जो पढ़ा रही मेम ने गुस्से में गुरा क्युकी सूर्य बोना परमिशन के हे अंदर आ गया था

15 ,20 लड़के लड़किया स्टडी कर रहे थे

mem....kon हो तुम आवर बोना पीछे क्लास में कैसे आये

surya....sorry मेम मुझसे गलती जो गया

क्या आप मुझे बता सकती है की राधा ठाकुर कहा है

मेम .....कोण राधा ठाकुर किसी बात कर रहे हो

यहाँ 3 राधा है

सूर्य ......मेम जो राधा ठाकुर सूर्यगढ़ से आती है उनकी बात कर रहा हूँ

मेम .......महेंद्र ठाकुर की बहाने राधा क्या

सूर्य ......जी मेम उनकी हे बात कर रहा हूँ

मेम ......वो तो बहार गई हुए है तुम कोण हो आवर राधा से क्या सम्बंद है

सूर्य ......जी मेरा नाम सूर्य शिव ठाकुर है राधा मेरी बुआ सा है

अभी सूर्य बोल हे रहा था की राधा बहार से क्लास में आई उसकी आँखे नाम थी जो सूर्य ने देख ली

राधा ने दहाड़ सूर्य पे ध्यान नहीं दिया आवर चुप चाप अपने सीट पे जा कर बेथ गई

surya.......radhaaa बुआ सा

सूर्य की आवाज सुन जैसे हे रहा ने सर उठाया

सूर्य को अपने सामने खड़ा देखा

सूर्य राधा के आँखों से बहते हुए आंसू देख राधा को गले से लगा लेता है

सूर्य ........किसने आप पे हाथ उठा राधा (सूर्य ने ये सब गुस्से में कहा )

जिन्होंने सूर्य को उत्सव में देखा था वो पहचान गए थे की ये सूर्य ठाकुर है में को भी ान चिंता होने लगी थी क्युकी में ने सूर्य को भले हे न देखा था पैर बलि उत्सव पे जो हुआ उस से में भी वाकिफ थे

सूर्य राधा का हाथ पकड़ गुस्से में बहार ले गया

उदार सूर्य के जाने के बाद वो चारो लड़के पायल प्रीति कोमल को ले कर कुछ प्लान बना रहे थे

ीदार रहा जब कैंटीन से गर्ल्स बाथरूम की आवर गई तो यहाँ के मला का का बीटा जो काफी दिन से राधा को पटाने में लगा हुआ था वो भी निकल गया

राधा बाथरूम से बहार निकली तो सामने वही लड़का खड़ा था

राधा तुम यहाँ क्या कर रहे हो

m.ladka .......राधा आज आखरी बार कब रहा हूँ मेरे प्यारा को काबुल कर लो नहीं तो मुझे दूसरे तरीके भी आते है

राधा ......मैंने कितनी बार तुमसे कहा मैं तुमसे प्यारा नहीं करती हूँ

m.ladka ......बहुत हुए प्यार प्यार का नाटक साली कब से तुम्हे अपने निचे लेन की कोशिश कर रहा हूँ

m.ladke की बात सुन राधा गुस्से में उसको दपद मर देती है

m.ladka .......रुक साली कुटिया मुझे थपड मरती है

कहते के साथ हे उसने राधा के दोनों गालो पे थपड मर दिया

जिस से राधा पे गिर गई

m.ladka .......ये देख साली कुटिया

राधा ने जब देखा तो m.ladke के हाथ में मोबाइल था आवर उसने अभी अभी की राधा की वीडियो थी जिसमे में पिसाब कर रही थी

m.ladka ......साली तुम्हे तो मैं अपनी रंडी बनाऊंगा

तभी m.ladke का फ़ोन बजे लगा

m.ladki ......hello पापा है अभी कॉलेज में हे हूँ

नहीं OK मैं अभी आता हूँ घर पे

m.ladki .......कल तक का टाइम है तुम्हारे पास मेरी रंडी बन के रहोगी या मैं ये वीडियो नेट पे दाल दिन ये सोच लेना

इतना बोल वो लड़की वह से चला गया

ीदार रहा कुछ देर रोटी रही फिर अपनी क्लास की तरफ चली गई

वही वो चारो लड़के भी पायल आवर प्रीति के साथ बकवाश कर रहे थे

सायद कुछ निशा किया था उन्होंने उनकी आँखे देख तो यही लग रहा था

वो अभी कुछ आवर आगे बैज उस से पहले हे m.ladki वह आ जाता है उसके कहते के साथ हे एक खुली जीप में बेथ वो चारो भी निकल गए

सूर्य ......कोण था रहा जिसमे तुम पे हाथ उठाया

आवर क्या हुआ है मुझे बताओ

सूर्य अपने गुस्से को काबू में कर के एक एक सबैड चबा कर बोल रहा था

राधा आवर सूर्य को कार में से कोमल ने देख लिया

कोमल ......देखो दी सूर्य आवर बुआ वह है

कोमल के बताने पे वो तीनो भी वही आ गई मूड इन तीनो का भी ख़राब हे था

सूर्य .....तुम तीनो को क्या हुआ है

कोमल ......वो भाई कुछ लड़के थे 4 जो हमारे साथ बतमीज़ी से बात की उन्होंने पायल दी का हाथ भी पकड़ा

सूर्य .......क्या ये हाउ क्या रहा है ये कॉलेज है या गुंडों की बस्ती

है कहा वो सेल आज

राधा ......तुमने ान अगर एच नहीं बोलै तो तुम्हारी कसम इस कॉलेज को हे आगे लगा दूंगा

उस बार सूर्य ने पूरी दहाड़ से बोलै जिसको को काफी लड़की लड़को ने सुना

वही में क्लास छोड़ प्रिंसिपल को पूरी जानकारी दी

प्रिंसिपल के पेअर कपङे लगे थे क्युकी ये प्रिंसिपल सूरजगढ़ का हे था उसकी पता था की कुछ भी गलत हुआ तो ठाकुर उसने भी काट डालेंगे उसने उम्मीद दिखी तो जोरावर राणा के रूप में

राधा ......मैं बताती हूँ सूर्य वो यहाँ का m.l.a का लड़की है सिद्धू गुजर नाम है उसका उसने मेरी बाथरूम करते हुए वीडियो बनाओ है आवर मुझे कल तक का टाइम दिया

सूर्य ......क्या कहा वीडियो आवर किस चीज़ का टाइम दिया है

राधा ......वो चाहता है की मैं उसके निचे नहीं लेती तो वो जल मेरी वीडियो नेट पे दाल देगा

सूर्य .......नहीं छोडूंगा किसी को भी सब मरेंगे सबने सब मरेंगे

कहा है वो जानवर

राधा .......वो अपनी जीप ले कर घर चला गया है

कोमल ......भाई वो लड़के भी एक जीप में बेथ कर हे गए है

उसका no.tha रज## ज***7

राधा .....ये उसकी हे जीप है

सूर्य कार की तरफ बढ़ा हे था की इतने में महेंद्र आवर जोरावर अपनी अपनी कार से वह आ गए

महेंद्र ......सूर्य रुक जाओ बात क्या हुई है

सूर्य .......आपको जो पूछना है इनसे पूछिए आवर आप बिच में बिलकुल भी मत आना आप दोनों को मेरी कसम है

सूर्य राधा को कार में बैठा फुल स्पीड से निकल गया ............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
 
आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया दोस्तों

जिन्होंने मुझे इतना सपोर्ट दिया

किसी भी नई बन्दे के लिया ये बहुत बड़ी बात है मुँह जैसे के लिया बहुत ज्यादा

जब लिखना स्टार्ट किया था तो एक दर था की क्या मैं इन स्टोरी को पूरी लिख पाउँगा क्या किसी को पसंद भी आएगा मेरा लिखा हुआ

पैर आप जैसे दोस्तों ने हिमायत दी सपोर्ट किया तो ये स्टोरी आज 300 पेजेज पुरे कर लिए वो भी 2मंथ से 2 दिन पहले हे हे. 6 नवंबर को इस स्टोरी को स्टार्ट किया था

अराउंड 150 पेज 1मोनथस

71 उपदटेस

सो कोंग्रटुलतिओन्स फॉर आल रीडर्स फॉर थिस अचीवमेंट

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अपडेट. 72

सूर्य .......नहीं छोडूंगा किसी को भी सब मरेंगे सबके सब मरेंगे

कहा है वो जानवर

राधा .......वो अपनी जीप ले कर घर चला गया है

कोमल ......भाई वो लड़के भी एक जीप में बेथ कर हे गए है

उसका no.tha रज## ज***7

राधा .....ये उसकी हे जीप है

सूर्य कार की तरफ बढ़ा हे था की इतने में महेंद्र आवर जोरावर अपनी अपनी कार से वह आ गए

महेंद्र ......सूर्य रुक जाओ बात क्या हुई है

सूर्य .......आपको जो पूछना है इनसे पूछिए आवर आप बिच में बिलकुल भी मत आना आप दोनों को मेरी कसम है

सूर्य राधा को कार में बैठा फुल स्पीड से निकल गया ............

अब आगे .......

सूर्य ......आपको पता है वो जानवर कहा रहता है

राधा ......सूर्य हमें घर चलना चाइये बेस भैया सब देख लेंगे प्लेसेस

सूर्य मैंने कहा न आपसे आप जानती हो वो कहा रहता है

राधा .....नहीं मैं नहीं जानती बस िस्टना पता है उसका बाप यहाँ का m.l.a है आवर वो यहाँ से थोड़ी दूर सहर से बहार गुजरो का गांव पड़ता है वही कही घर है उसका

वही सूर्य के पीछे हे महेंद्र आवर जोरावर ने अपनी कार लगा दी थी

महिंद्रा .......पायल बीटा यहाँ क्या हुआ है जो सूर्य ऐसे गुस्से में गया है

पायल ......मां जी कोई m.l.a का लड़का है जिसमे राधा मसि पे हाथ उठाया आवर बाथरूम्स में फ्रेश नोट वक़्त वीडियो निकल कर उनके साथ गलत करने की दमकी अगर उसकी बात नहीं ममी तो उसने दमकी दी है की वो मसि का वीडियो नेट पे अपलोड कर देगा

जोरावर .........अब कुछ भी नहीं हो सकता है महेंद्र मैं अब सूर्य को नहीं रोकने वाला

कोमल ......मां जी उसके दोस्तों ने पायल दी प्रीति दी आवर मेरे साथ भी बतमीज़ी की जब सूर्य राधा बुआ को बुलाने के लिया गए हुए थे

महेंद्र गुस्से में फिर तो जो भी होगा अच्छा हे होगा उनके साथ

महेंद्र तेजी से कार सूर्य के कार के पीछे हे लगा रही थे

महेंद्र .......तुम्हे कैसे पता चला जोरावर सूर्य के बारे में

जोरावर .....मुझे कॉलेज के प्रिंसिपल ने फ़ोन किया था जब उसकी पता चला की किसी ने राधा के साथ मारपीट की है वो अपने सूरजगढ़ का हे है प्रिंसिपल

महेंद्र .......ये सूर्य इस तरफ कहा जा रहा है

जोरावर ......m.l.a का गांव इस तरफ हे पड़ता है

महेंद्र ......लगा है तुम्हारे भांजे ने वक़्त से पहले हे चुनाव करवाने का सोच लिया है

सोल्लगे से लग भाग 30,35 मिनट्स की दुरी पे 10 से 12 हहर की जनसख्या वाला ये गांव है

जहा की जनता 2 हिशो में बनती हुए है एक है जो यहाँ के m.l.a को सपोर्ट करती है आवर दूसरा गट है जो की यहाँ के पुराने जमींदार है उनको सपोर्ट करती है वो

सूर्य ने कार को सीधा गांव के चौक ( चौपाल ) पे ले का कर रोकी

इतनी तेजी से आती कार आवर फिर तेज ब्रेक की वजह से वह चारो तरफ दल हे दल उसने लगी

30 ,35 बुजर्ग आवर जवान बिना काम डंडे वाले लोग ( गाँवो में ज्यादा तर बेरोजगार आवर बुजुर्ग लोग चौपाल पे हे समाया बिताते है )

बैठे थे

सूर्य बहार निकला आवर एक बुजुर्ग के सामने जा खड़ा हुआ

बुजुर्ग ......कोण हो बीटा तुम पहले तो कभी नहीं देखा

सूर्य .......बाबा m.l.a कहा मिलेगा उसका घर कोनसा है

बुजुर्ग .......बीटा तुम व हे क्या काम पद गया वो अच्छा आदमियों नहीं है

सूर्य ......जनता हूँ तभी तो उसने जानवर को जनम दिया है

सूर्य के गुर्राहट सुन बुजुर्ग समाज गया की लड़का पुरे गुस्से में है इतने हे पीछे से दो कार आवर आ कर रुकी जिसमे महेंद्र आवर जोरावर निकला

बुजुर्ग .....जोरावर सिंह तुम यहाँ कैसे

सूर्य ......आपने बताया नहीं m.l.a कहा मिलेगा

बुजुर्ग एक तरफ इसरा कर देता है जो के कोई खूबसूरत बंगलो जैसा हे था

लगभग चौपाल से 300 मीटर की दुरी पे हे था

सूर्य ने कार के दिग्गी से से तलवार निकल गुस्से में राधा का हाथ पकड़ बंगले की तरफ भध गया

सूर्य को ऐसे गुस्से में जाते देख गाँवाले समाज गए की कुछ तो गलत किया है m.l.a ने देखते हे देखते ये बात आगे की गाढ़ा फ़ैल गई

गेट पे खड़ा दो लठैत को बिना मौका दिए हे सूर्य ने तलवार की मुठ ( जहा से तलवार को पांडा जाता है ) का प्रहार कर बेहोश कर दिया

गेट को खोल अंदर गुस्से गया जहा एक तरफ कुछ लोग बैठे हुए थे जो सायद m.l.a से कुछ बात कर रहे थे

सूर्य ......बहार निकल मादरचोद हरामी की ओलाद

सबकी नज़र सूर्य पे पड़ी जो गुस्से में उनकी आवर भध रहा था

सूर्य .....यहाँ मादरचोद m.l.a कोण है

m.l.a .......सेल जुबान संभल कर आवर तुम सब क्या देख रहे मार्क सेल को

सूर्य .....तो तुम है वो हरामी जिसकी पैदाइश वो हरामी सिद्धू है

सूर्य ने बिना कुछ देखे m.l.a की सीने पे पूरी ताकत से प्रहार किया उसके सीने पे

m.l.a जोरदार चीख के साथ लड़खड़ाता हुआ पीछे जा गिरा

ीदार m.l.a के गुंडे सूर्य आवर सपना की तरफ बढे तो सूर्य ने अपने तलवार पे अपनी मुठी काश ली अब्जो भी सामने आ रहा था

सूर्य बिना ये देखते की तलवार का वॉर कहा आवर कैसे हो रहा

सूर्य को मनो इन सब में मज़ा आ रहा हो सूर्य का आगे की तरफ से शर्ट पूरी गाढ़ा से गुंडों के खून से भीग चूका था

सूर्य ......बहार निकल मादरचोद सिद्धू बहुत सोक है तुम्हे लड़कियों को अपने निचे सुलाने का आज तुम्हे मैं सुलाता हूँ

ीदार गांव वाले सूर्य का यमरूप देख रहे थे

ऐसा रूप जो जोरावर आवर महेंद्र के बदन में भी कपकपी से छोड़ रहा था

राधा की हालत तो आवर भी ज्यादा ख़राब थी वो सूर्य के साथ साथ राधा भी खून से भीग चुकी थी

बहार नोट शोर ससराबे से घर के महिलाये आवर बचो के साथ सिद्धू आवर उसके चारो दोस्त सिद्धू के भाई भाबी भी

राधा पे जैसे बहार सिद्धू की पड़ी वो बग्ने लगा

m.l.a आवर कुछ लोग आवर भी सूर्य की तरफ लाठी ले कर बढे पैर जैसे सूर्य उनकी तरफ देखा उनके पेअर हे काम गए हो

सूर्य के खून से सना चेहरा ऐसा लग रहा था जैसे सामने कोई रक्तपिपासु राक्षस खड़ा हो

राधा का हाथ थामे हे सूर्य सिद्धू की तरफ भद्दा जो अपनी माँ के पीछे चुप रहा था

पैर सूर्य की बहार पद चुकी थी सूर्य को अपनी आवर आता देख महिलाये छिलने लगी

सूर्य ......कामोष्ठ कोई आवाज नहीं करेगा नहीं तो सबको मार डालूंगा

ीदार बार बार जोरावर का फ़ोन बाह रहा था पैर जोरावर को तो जैसे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था

सूर्य राधा का हाथ छोड़ सिद्धू की गर्दन पकड़ बहार निकला

सूर्य .....तुम है वो हरामी जिसमे राधा पे हाथ उठाया

चायताक

एक हे थपड में सिद्धू के मुँह आवर कान से खून बहने लगा

सिद्धू की आँखों के सामने अंदर चा गया वही कान में तो जैसे किसी ने गरम लावा भर दिया हो

सूर्य ......कहा है वो चार कमीने जिन्होंने मेरी बहनो को छेड़ा सामने आ गए तो किन्दा रहेंगे नहीं तो सबको गर्दन चौपाल में लटका दूंगा

अपनी मौत को आँखों के सामने देख वो चारो का नशा कबका उतरा गया था

सूर्य ......कोमल यहाँ आना

कोमल दर के मरे अपने पापा के पीछे चुप गई

पायल ने हिमायत करते हुए आगे आती आवर उन चारो की पहचान करती है सूर्य उनके चारो को पकड़ कर मरने लगता है

ऐसा हे हल कुछ सिद्धू का करता है 5 जब बेहोश हो गए तो सूर्य ने. 5 के पैरो को राशि से बांड कर चौपाल की तरफ ग्रसित कर ले जाने लगा

सूर्य को अपनी आवर आते देख गांव वाले खुद हे रास्ता छोड़ ने लगा

सबको चौपाल के ला कर के सूर्य ने पास बानी जानवरो के लिया पानी पिने की कुण्डी में दाल कर उनको होश में ले कर आया

पाछो होश में आते हे राधा आवर सूर्य के पैरो में गिर कर माफी मांगने लगे

सूर्य .......इतनी जल्दी तुम लोगो को माफी नहीं मिलेगा सेल कुत्तो तुम्हारी वह से मेरी बुआ की आँखों में आंसू आये

क्या कहा था तुमने राधा को कल तक का टाइम है उनकी वीडियो बनाएगा तुम इस हे हाथ से तूने उनको चपड़ मारा था



इसके साथ हे सूर्य की तलवार चलिए आवर सिद्धू का डेज हाथ उसके सरीर से अलग हो गया मंडे से खून का फुहारा राधा के पैरो में गिरने लगा

सिद्धू चीख चीख कर बेहोश जो गया

m.l.a की बीबी बीटा मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ मेरे बेटी जो जब बकश दो बीटा

सूर्य ......हाथ जाये सामने से ऐसा न हो की मैं गुस्से में वो कर बेतहु जो मैं नहीं चाहता हूँ

महेंद्र ......सूर्य रुक जाओ छोड़ दे उसको वो मर जायेगा

सूर्य ......ऐसे जानवर का मर नाना हे अच्छा है जो किसी की भी ेजात लूटने के लिया त्यार रहते है

सूर्य सिद्धू के जेब से मोबाईल निकल उसने राधा की वीडियो देखा है जो सबसे सुपर थे उसने कुछ 18 से 20 वीडियो आवर थे

सूर्य एक वीडियो जिसमे खुद m.l.a की बीबी यानि की सिद्धू की माँ थी जो तब बनाया था जब वो जहा रही थी

सूर्य ......ये है इस हरामी की असलिया खुद देखो फिर बोलना की माफ कर दूँ मैं तो मैं इसको किन्दा छोड़ दूंगा

m.l.a आवर उसकी बीबी ने जैसे हे वो वीडियो प्ले किया उसके हाथ कपङे लगे

मुश्किल से 2,3 मिनट्स की वीडियो देख उसने वीडियो बंद कर दी

सूर्य ......ऐसे ायलद है जिसने अपनी माँ बहनो तक को नहीं बक्शा

कितनी लड़कियों की ेजात नोचि होगी उनको ब्लैकमेल कर कर के

m.l.a की बीबी सूर्य के पैरो में गिर गयी

m.l.a.waif .......बीटा ये पापी है पैर मैंने तो इस हे जनम दिया है मैं इस हे करते हुए नहीं देख सकती हूँ

ये माँ तुम्हारे सामने अपनी झोली फैलाये चीख मांगती है इसकी जिंदगी बकश दे

एक माँ तुम्हारे सामने हाथ फैलाये कड़ी है

तभी कुछ आवर महिलाये भी वह आ गई जो सायद इन चारो की माँ थी

राधा ......सूर्य माफ कर दे देख किसी माँ का दिल नहीं दिखाना चाइये मैं इसे माफ करती हूँ

सूर्य .......नहीं बुआ मैं इनको माफ नहीं कर सकता हु आज इनको जिन्दा छोड़ दिया ये फिर गलत करेंगे किसी के साथ इनका खत्म हे उचित है

m.l.a......beta ये फिर ऐसा कभी नहीं करेंगे मैं इनको गारंटी लेता हूँ

सूर्य ......जो खुद हरामी है वो क्या इन हरामियों की गारंटी लेगा तुम्हारे बीटा तुम्हारे हे नक्से कदम पे चल रहा है

तुमने अपनी राजनीति की लिया कितने घर बर्बाद किया

अब वही ये कर रहा है

सूर्य ने एक चाहता m.l.a को भी दर दिया

आवर इन चारो के हाथ पेअर तोड़ने लगा

सूर्य सच में आज पागल हठी बन चूका था जैसे उसने आज इंसानियत हे भुला दी हो या फिर ये कुछ आवर हे था इतना गुस्सा तो तब भी अभी आया था जब सूर्य के सामने शालिनी को सकती सिंह ने गलत कहा था

सूर्य अपनी तलवार की तरफ बढ़ा की जोरावर आवर महेंद्र के साथ कुछ आवर लोगो ने सूर्य को जकड लिया

जोरावर रुक जाओ सूर्य ऐसा न कर छोड़ दे बीटा उनको

महेंद्र रुक जा बीटा तुम ऐसा पाप मत करो देख इन माओ की तरफ

चारो तरफ से 5 ,6 लोगो ने जकड़ा हुआ था पैर सूर्य रुकने का नाम हे नहीं ले रहा था

अपने साथ ग्रसित थे हुए अपने तलवार उठा हे ली सूर्य ने

जैसे सूर्य ने तलवार का वर सिद्धू की तरफ किया वैसे हे अच्चानक से कहा से पता नहीं किरण आवर शालिनी आ गई

सूर्य का वॉर किरण की गर्दन से मुश्किल से 1 इंच पे रुका

तभी जोरदार चाआताक कर के चाहता पड़ता सूर्य के गालो पे

सूर्य के फेस पे एक तरफ पूरा हाथ चाप गया था

ये चाहता मारा था शालिनी ने

शालिनी के चाहता मरते हे सूर्य के हाथो से तलवार छूट गई

शालिनी .......ये क्या कर रहा था तू तुम तो ऐसा नहीं था तुम मेरे बेटे नहीं हो सकता वो तुम्हारी गाढ़ा दरिंदा नहीं था

शालिनी की तीर जैसे सबद सूर्य के दिल में चुभे

आज पहले बार ऐसा हुआ था था की किसी ने सूर्य पे हाथ उठाया था वो भी उसकी माँ शालिनी ने उनके मुँह से निकला वो दरिंदा सबद सूर्य के दीमक में गूंजने लगा देखते हे देखते सूर्य की आँखे पलट गयी आवर वो बेहोश जो कर जोरावर आवर महेंद्र के हाथो में झूल गया

शालिनी .....सूर्य सूर्य क्या हुआ तुम्हे अपनी आँखे खोल बीटा

जोरावर सूर्य को गॉड में उठा कार की तरफ लपका तो बिच में हे कुछ लोग आ गए रास्ता रोकने

महेंद्र .....हैट जाओ टास्ते से

m.l.a .......इसके साथ साथ तुम भी मरोगे कोई जिन्दा नहीं बचेगा तुम में से

मुखिया ......m.l.a जाने दो इन्हे क्यों पुरे गांव को सैमसन बनाना चाहते हो वो अगर फिर से उठा तो सब कुछ नस्ट कर देगा

M.l.a .....तुम चुप कर मेरा हे घर में गुस्सा कर मेरे हे बेटे को मरने वाले को मैं जिन्दा नहीं जाने देने वाला

साध्वी जी ......सच कहा है किसी ने विनाश काळा विपरीत बूढी

हैट जाओ रस्ते से इस से पहले की वो फिर से यमराज बने

m.l.ake कुछ आदमियों ने उनको चारो तरफ से घेर लिया शिव देख लिया शालिनी क्यों सूर्य इनको माफ नहीं कर रहा था पैर तुम नहीं ममी आज तुमने मेरे बेटे पे इन हरामियों को बच्चन के लिया हाथ उठाया है

m.l.a....Jane दीजिये इनको क्यों आप इन्हे रोक रहे है इनकी वजह से हे तो हमारे जान बची है

m.l.a.....tum चुप करो बीबी हो बीबी की तरह राहु सामजी

ीदार साध्वी जी ने इन सबको सबक सीखने की थान ली उन्होंने सूर्य को होसे में ले आई

सूर्य होसे में तो आ गया था पैर वो खामोश हो चूका था

उसके दीमक में अभी भी दरिंदा वर्ड गूंज रहा था

m.l.a...our बाकि सब सूर्य को होश में खड़ा देख पीछे हैट गए

शिव ......अब रोकी रास्ता उसका जिसने तुम्हारे बेटे को मारा था

सूर्य ......कल तक इन पाछो के साथ तुमने खुद के गुनाह काबुल नहीं किया तो मैं फिर आऊंगा ऐसा नहीं हुआ तो कल के सूर्यास्त के साथ तुम 6 का आंखरी सूर्यास्त होगा

इस बार कोई भी नहीं रोक पायेगा मुज दरिंदे को

इतना बोल सूर्य अपनी तलवार उठा अणि कार में जा बैठा आवर किसी को भी अपने साथ लिया बिना सूर्यगढ़ की तरफ निकल गया

पीछे से बाकि सब भी निकल गए

1 हे के बाद सूर्य सूर्यगढ़ पंहुचा

जहा पे दादा जी आवर दादी जी बहार हे मिल गए

सूर्य को ऐसे सर से ले कर पेअर तक खून से सना देख वो सूर्य की तरफ बढे पैर सूर्य ख़ामोशी से अपने रूम में चला गया आवर अपने रूम को लॉक कर लिया

बहार से बुआ दादा दादी रेखा मम्मी सपना आवर संजय दरवाजा नॉक करते रहे पर सूर्य सबको इग्नोर करते हुए

बाथरूम में पानी चला कर शांति से अपनी आँखे बंद कर बेथ गया

सूर्य पानी की गिरती फुआर के निचे ध्यान लगा कर बेथ गया

पता नहीं कितने हे देर तक सूर्य बैठा रहा

सूर्य के पहुंचे के कुछ 10,15 मिनट्स बाद बाकि सब भी आ गए

राधा का हाल भी कुछ सूर्य जैसा हे था उसके खून से भीगे कपडे

पायल राधा को अपने साथ रूम में ले गई

दादा जी .......कोई मुझे बताएगा भी की ये सब हो क्या रहा है

वह सूर्य पूरा खून से भीगा हुआ है यहाँ राधा बेटी की हालत भी ऐसे है

सब खामोश खड़ा थे

दादी जी .....जोरावर बीटा सूर्य आवर राधा के साथ क्या हुआ है

जोरावर ......माँ सा वो कॉलेज में कुछ लड़की ने राधा आवर बाकि बच्चियों के साथ बतमीज़ी की पैर m.l.a के बेटे ने राधा पे हाथ उठा दिया था जिस से सूर्य अपना आपस खो दिया

आवर न जाने कितने हे लोगो लो उसने m.l.a के घर में गुस्स कर काट डाला वो तो वह इन सभी को जान से मरने वाला था पैर शालिनी आवर किरण के बिच में आ जाने से वो रुक तो गया परन्तु

दादी जी ......परन्तु क्या जोरावर मुझे पूरी बात बताओ

शिव ........शालिनी ने गुस्से में सूर्य पे हाथ उठा दिया

आवर सूर्य अपने गुस्से के कारन जैसे पहले बेहोश होता था वैसे हे बेहोश हो गया

पैर जब से होश में आया है वो खामोश हो चूका है पापा

रेखा जी ने आगे भध कर शालिनी की बहते आंसू साफ किये

रेखा .......तुम चिंता न कर वो हमारा बीटा है कुछ देर उसने अकेला छोड़ दे वो ठीक हो जायेगा

shalini......didi मुझे माफ कर लीजिये मैंने आज गुस्से में सूर्य पे हाथ ुत्या पता नहीं क्या क्या कहा दिया गुस्से में

रेखा जी शालिनी को गले से लगा लेती है आवर उसको उसके रूम में ले कर चलिए जाती है पीछे से दादी जी बुआ सा भी

सूर्य अपने ध्यान की गहराई बीटा रहा बाथरूम के चारो तरफ पानी की दिवार बन चुकी थी वही जंगल में ध्यान में बैठी साध्वी जी सूर्य को देख मुस्कुरा रही थी

साध्वी जी ने आँखे खोली तो सामने सकती इन्हे देख रहा था

सकती .......क्या हुआ आप ध्यान में भी मुस्कुरा रही थी

साध्वी जी ......बात हे कुछ ऐसे है सकती

सूर्य अपने गुस्से में अवसाद में होने के बाद भी अभी अभी जल तत्वा को सिद्ध कर लिया है

उसने जल तत्वा पे नियंतरण प्राप्त कर लिया है

सकती .......ये तो बहुत ख़ुशी की बात है

साध्वी जी ..........ऐसा कहना गलत नहीं है पैर कुछ तो सूर्य में आज बदलाव हुआ है ये अच्छा है या बुरा पता नहीं पैर आज उसकी ऊर्जा जागृत हुए थी भले हे कुछ देर के लिया गुस्से में हे सही

सकती ......पैर ये कैसे हो सकता है गुरुदेव ने तो कहा था वो सब सूर्य के 18 बे जनम दिन के बाद होगा

साध्वी जी ......है आवर ये एच भी है अभी जो ऊर्जा मैंने महसूस की वो सूर्य का क्रोध उसके नियंतरण से बहार होता है तभी जागृत होती है shan't मन से सूर्य उसका प्रयोग नहीं कर सकता है ........

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सकती .......ये तो बहुत ख़ुशी की बात है

साध्वी जी ..........ऐसा कहना गलत नहीं है पैर कुछ तो सूर्य में आज बदलाव हुआ है ये अच्छा है या बुरा पता नहीं पैर आज उसकी ऊर्जा जागृत हुए थी भले हे कुछ देर के लिया गुस्से में हे सही

सकती ......पैर ये कैसे हो सकता है गुरुदेव ने तो कहा था वो सब सूर्य के 18 बे जनम दिन के बाद होगा

साध्वी जी ......है आवर ये एच भी है अभी जो ऊर्जा मैंने महसूस की वो सूर्य का क्रोध उसके नियंतरण से बहार होता है तभी जागृत होती है shan't मन से सूर्य उसका प्रयोग नहीं कर सकता है ........

अब आगे ..........

सूर्य के जाने के बाद कुछ लोगो की मदद से 5 लड़को को आवर बाकि जो सूर्य के गुस्से का सीकर हुए उनको हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया गया

m.l.a. अपने कुछ साथी मंत्रियो को इस घटना की जानकारी देता है आवर सूर्य के लिया कुछ प्लान बनता है

वही जब इस घटना का पता विजय को चलता है तो वह पाण्ड्य जी को इस विषय में बताया

पाण्ड्य ji.......vijay ये जो कुछ भी हुआ अच्छा नहीं हुआ

m.l.a. सूर्य का पीछे इतने आसानी से नहीं छोड़ने वाला है

वो कुछ भी करेगा अपने बेटे का बदला लेने के लिया

vijay......sir यही तो प्रॉब्लम है की वो संत नहीं बैठने वाला है

पाण्ड्य ji......vijay हमें कल हे सूर्यगढ़ के लिया निकलना होगा लगता है सूर्य को आर्मी कैंप जाने का वक़्त आ गया है

विजय ......पैर सर इस हालत में सूर्य कैसे वह जा सकता है अपने परिवार को खतरे में दाल कर

पाण्ड्य जी .......तुम भूल रहे हो विजय वो अब मेरा भी परिवार है

शालिनी को कहने भर के लिया मैंने अपनी नहीं मन है

जरूरत पड़ी तो ये देवीशंकर पाण्ड्य अपने हाथो से उन सबकी गर्दन उखड़ेगा जो भी मेरे परिवार के लिया गलत इरादे रखता होगा

विजय .......आप क्या करने वाले है सर

पाण्ड्य जी .........तुम्हारी टीम को त्यार करो m.l.a.kiss किश से मिलता है क्या करता है अगर तुम्हे लगे की वो मेरे भेजने के या उसके परिवार के लिया एक प्रेजेंट भी खतरा लगे ुशी वक़्त उसके सीने में लोहा भर देना

विजय .....ठीक है सर मैं अभी निकलता हूँ सर

पाण्ड्य जी ......अभी नहीं सुबह साथ में चलते है फिर वही कोई फैसला लेते है

सूर्यगढ़ हवेली.....

सूर्य साम को अपने रूम से बहार निकला कोई 3 हर के बाद जब वह हॉल में पंहुचा तो

बाकि सभी भी वही पे बैठे थे सूर्य को देखते हे सिद्व उठा आवर अपने बेटे को गले से लगा लिया

शिव ......बीटा तुम ठीक तो हो न

सूर्य .......जी पापा मैं ठीक हूँ

आप चिंता न करे

दादा जी ......चल ीदार आ आवर मेरे पास बेथ

सूर्य .......माँ मुझे भूख लगी है

शालिनी जो अब तक डबडबाई आँखों से बस अपने बेटे को देखते जा रही थी सूर्य के बात सुनते हे रोटी हुए सूर्य के सीने से जा लगी

शालिनी .......मुझे माफ कर दे बीटा मैंने तुम पे हाथ उठाया अपने माँ को माफ कर दे प्लेसेस बीटा

सूर्य .......ये क्या कहा रही होगी माँ प्लेसेस रोना बंद कीजिये आपको पता है न मुझे ये बिलकुल भी बर्दास्त नहीं होता है जब आपकी आँखों में आंसू देखता हूँ

आवर आपको माफी मांगने की कोई आव्सय्कता नहीं है

मैं हे अपने आप में नहीं था माँ आपने अगर थपड नहीं मारा होता तो सायद हे मैं अपने अंदर छुपे उस दरिंदे पे काबू कर पता

आपने अच्छा हे किया नहीं तो पता नहीं सायद मेरे हाथो कई बेगुनाह लोग बलि चढ़ जाते

शालिनी को अपने बेटे के लिया कहा गया दरिंदा सबद याद आया तो वो सूर्य से अलग हो अपने रूम की तरफ भाग गई

सूर्य ......माँ रुकिए

शिव .......बीटा तुम शालिनी के पास जाओ इस वक़्त उसको तुम्हारी जरूरत है

सूर्य .....बुआ सा मेरा आवर माँ का खाना ले आएँगी उनके रूम में प्लीज

बुआ सा ......तुम शालिनी के पास जाओ मैं आती हूँ

सूर्य शालिनी के रूम की तरफ भध गया

रूम में पंहुचा तो शालिनी बिस्तर पैर ोुण्डे मुँह पड़ी तकिये में मुँह छुपाये रोये जा रही थी

सूर्य .......प्लेसेस माँ रोना बंद कीजिये मेरा सर दर्द करने लगा है

आपको ऐसे रोटा हुआ देख मुझे तकलीफ हो रही है प्लेसेस माँ

सूर्य अपनी माँ को पलट कर उनका चेहरा साफ करता है शालिनी की आँखे लाल हो चुकी थी

सूर्य ........देखो क्या हालत बना ली है आपने अपनी रो रो कर

आपने ये भी नहीं सोचा की आपको ऐसे देख मुझे कितनी तक्लिप हो रही होगी माँ

चलिए मेरे साथ

सूर्य अपनी माँ को अपने साथ बाथरूम ले कर जाता है आवर अच्छे से उनका चेहरा साफ करता है पानी से फिर एक साफ टॉवल से उनके फेस को साफ करता

बहार से बुआ सा रूम में सूर्य आवर शालिनी का खाना ले कर आ जाती है साथ में किरण पायल प्रीति सपना राधा भी थी

सूर्य आवर शालिनी को रूम में न देखा तो बुआ सा ने सूर्य को आवाज लगाई

बुआ सा .......सूर्य कहा हो बीटा मैं तुम्हारे लेता खाना ले आज हूँ

सूर्य .....अभी आया बुआ सा आप खाना लगा लीजिये बीएड पे हे

कुछ देर में हे शालिनी आवर सूर्य कुछ बेहतर हालत में बहार आते है तो सबको सामने देख सूर्य हे बोल उठा

सूर्य .....अरे दीदी आप सब यहाँ

पायल .......क्यों हम यहाँ नहीं आ सकते है क्या तुम्हारी वह से दोपहर से भूखी हूँ आवर तुम जो के अकेले अकेले खाना खाने की तयारी में हो

सूर्य ......अरे सॉरी दी मैं तो भूल गया आप लोग बैठो मैं अभी आता हूँ

इतना बोल सूर्य बहार चला गया

सूर्य हॉल में पंहुचा

सूर्य .....मम्मी सबको खाना खिला दीजिये आवर ये कोमल दी कहा है मम्मी

रेखा .....बीटा वो वो

दादी जी ......बीटा वो अपने रूम में है वो बहुत दरी हुए है

सूर्य .......क्या आवर आप सब उनको अकेला छोड़ यहाँ बैठे है मम्मी काम से काम आपको तो उनके साथ रहना चाइये था

रेखा .....बीटा उसने हे कहा की वो अकेला रहना चाहती है

सूर्य .......उन्होंने कहा आवर आपने उनको अकेला छोड़ दिया मुझे आपसे से ऐसे उम्मीद नहीं थी मम्मी

रेखा जी या दादी जी कुछ बोलती उस से पहले हे सूर्य कोमल के रूम की तरफ चल पड़ा

रूम में जब सूर्य इंटर किया तो कोमल let's हुए छठ को गुर रही थी

सूर्य .......दी आप अकिले यहाँ क्या कर रही हो

सूर्य की आवाज सुनते हे कोमल की तन्द्रा भांग हुए आवर उसने सूर्य की तरफ देखा

सूर्य ने गौर किया तो पाया की वो वाकई में दरी हुए है

सूर्य जा कर के कोमल के साथ लेट गया

सूर्य ......दी क्या आपको मुझसे दर लग रहा है

आवर लग्न भी चाइये हूँ तो एक दरिंदा हे न मैं

आपको पता है दी जब मैं छोटा था तब मुझे अजीब अजीब सपने आते थे जिस से मैं बहुत दर जाया करता था रात को चीखने लगता था जिसके चलते माँ या डैड में से कोई एक हमेशा मेरे आस पास रहता था

जब थोड़ा बड़ा हुआ स्कूल जाने लगा तो कुछ दोस्त बन गए

जब स्कूल में रहता था तो बहुत खुश रहता था दोस्तों के साथ बहुत मस्ती मजाक करता था पैर जब घर आ जाता था तो मैं उदाश हो जाता था डेरी डेरी मेरी ुदशी मेरे गुस्से में बदलने लगी

कभी कभी मैं गुस्से में माँ आवर डैड को भी दन्त देता था पैर सायद उनकी एकलौती ओलाद हु ऐसा सोच कर वो भी सब कुछ भुला पहले से ज्यादा प्यार देते

मेरा वो गुस्सा इस लिया होता था की घर में माँ के अलावा कोई नहीं था जिस के साथ मैं खेल सकू या मस्ती मजाक सकू तब मुझे अपने भाई बहन न होने की वजह से गुस्सा आता था

कुछ टाइम बाद मेरा एक्सीडेंट जो गया मैं कोमा के चला गया

पैर जब बहार आया तो मुझे बास एक हे दूँ सवार थी की मुझे इंडिया आना है अपने बाकि फॅमिलिये से मिलना है

माँ डैड को किसी तरह मनाया इंडिया आने के लिया

जब यहाँ पे आया तो बरसो से जो मेरी सबसे बड़ी खवाइश थी एक भरे पुरे परिवार के बिच रहने की वो पूरी हो गई परन्तु ..... .....

कुछ देर सूर्य संत हो गया

कोमल ......परन्तु क्या भाई फिर क्या हुआ भाई आप रुक क्यों गए

सूर्य ......परन्तु इस एक साल कोमा में रहने के बाद से मैं कुछ बदल गया था

जब हम यहाँ आ रहे थे तो टास्ते में कुछ लोगो ने माँ के साथ बतमीज़ी की उस दिन पहले बार मुझे इतना गुस्सा आया की मैं उन सभी को जान से मर देता पैर माँ ने रोक लिया

फिर दादा जी ने माँ डैड पे गन तानी तब वही हुआ पैर माँ डैड ने समय पे रोक दिया

उसके बाद भीमा के साथ फिर वही बलि उत्सव में हुआ

पैर आज जो हुवा जिस से तुम मुझसे दर रही हो दी वो ऐसा हैट बार होगा मैं कितनी भी कोशिश करू उसको मैं रोक नहीं सकता हूँ आवर नहीं उसको रोकना चाहता हूँ

आप नहीं जानती आप सब क्या हो मेरे लिया आप

आप सब की सुरक्षा के लिया मुझे अगर आप सबकी नज़रो में भी गिरना पड़े तो भी मुझे कोई गम नहीं बस आप सबकी सुरक्षा आवर ख़ुशी से भाड़ कर कुछ नहीं है

आज आप मेरे जिस रूप से दर रही है वही रूप आप सबकी सुरक्षा के लिया किसी की जान लेने से पीछे नहीं हटने वाला

वो आपको या किसी अपने को कभी नुक्सान नहीं पंहुचा ने वाला अगर अब भी आपको मुझसे दर लगता है तो आज के बाद मैं कभी आपके सामने नहीं आऊंगा

बस आप हमेशा खुश रहना

इतना बोल सूर्य भीगी हुई आँखों को साफ कर उठा कर रूम से जाने लगा तो कोमल ने लपक कर सूर्य का हाथ थम लिया

komal.......sorry भाई मैं बहुत दर गई थी आपको खून से भीगा गुस्से भरा वो रूप देख

किन्तु अब मैं समाज गई हूँ आप चाइये कितने गुस्से में जो किसी भी रूप में आप किसी अच्छे इंसाने को नुकसान नहीं पहुँचाओगे मुझे माफ कर दे भाई

सूर्य कोमल को अपने सीने से लगा लेता है

तभी बहार से दादी आवर देखा मम्मी अंदर आती है

जो सूर्य की पूरी बाते सुन रही था बहार कड़ी हो कर

दादी जी ......जीता रह मेरे बेटे तुम तो बहुत समझदार हो गया है

रेखा मम्मी .....आखिर बीटा किसका है

सूर्य ......ओह्ह मैं तो भूल हे गया माँ आवर सब मेरा इन्तजार कर रही है चलो दी खाना कहते है आपने भी कुछ नहीं खाया है मुझे पता है

सूर्य कोमल को शालिनी के रूम ले गया जहा सभी उसका हे इन्तजार कर रहे थे

शालिनी ......बीटा कहा रह गया था इतने देर

सूर्य .....सॉरी माँ सॉरी दी .एंड बुआ

सूर्य सबसे पहले अपनी माँ को निवाला खिलता है

फिर कोमल किरण राधा सपना पायल प्रीति सभी को एक एक निवाला खिलता है

बुआ सा ......मैं भी लाइन हूँ सबको खिलाया तो मेरे साथ न इंसाफ़ी क्यों सूर्य

सूर्य एक निवाला अपनी बड़ी बुआ को खिलता है

फिर सब एक एक करके सूर्य को खिलाती है

देखते हे देखते दोपहर से चाइये मायुशि ठहाको में बदल गई

कुछ देर में हे पहले वाली रौनक हवेली में लौट आई

संजय आवर जोरावर सुरगढ़ के लिया लौट गए सपना आवर किरण कुछ दिन यही पे रहना चाहती थी पायल प्रीति इनसे दोनों की बहुत अच्छी दोस्तों हो गई

पायल राधा सपना आवर किरण कोमल प्रीति

जोरावर जब सूरजगढ़ पंहुचा तो वह पहुंचे हे नाना जी ने जोरावर मां जी पे रेपित फेयर सुरु कर दिया

जब तक जोरावर ने पूरी सचाई नहीं बताई तब तक किसी को सन्ति नहीं मिली

नाना जी ......ये बिलकुल सही किया सूर्य ने उनको ऐसे हे सजा मिलनी चाइये थी

जोरावर ......पापा जी वो तो पता नहीं कहा से किरण शालू आवर शिव वह पहुंच गए साध्वी जी के साथ नहीं तो आज सूर्य के हाथो जय बेगुनाह लोग भी मरे जाते

अगर उचित सकता पे शालू ने सूर्य को रोका नहीं होता तो सायद हम भी हॉस्पिटल में होते

नानी जी ......क्या मतलब उन्होंने तुमपे भी हमला किया था क्या

जोरावर ......नहीं माँ सा वो मैं महेंद्र आवर 6,7.लोग मिल कर सूर्य को रोक रहे थे पैर उसके गुस्से के सामने हम भी बेबश होते जा रहे थे

नाना जी ......ऐसा कैसे हो सकता है मन की सूर्य एक अच्छा योद्धा है

उसको साध्वी जी ने बहुत अच्छे शिक्षा दी पैर इतनी गलत कैसे

जोरावर ......पता नहीं पापा पैर ईयर सच है मुँह जैसे दिल डॉल वाले हम 9,10 लोगो ने सूर्य को चारो तरफ से जकड़ा हुआ था फिर भी वो किसी खुले मदमस्त हाथो की तरह हम सब को गस्तिट हुए अपने साथ ले जा रहा था

पप्रिया ममी .....फिर सूर्य कैसे रुका

जोरावर .......जब शालिनी आवर किरण वह पहुंची तब सूर्य को हम लोगो ने पांडा हुआ हे था पैर तब तक सूर्य अपने तलवार का प्रहार कर चूका था एक पल के लिया तो हमारे आँखे हे बंद Hi गई जब किरण बिटिया ने ुशी वक़्त सूर्य की तलवार का प्रहार अपनी गर्दन पे लिया वो तो पता नहीं कैसे सूर्य की तलवार किरण की गर्दन को चुने से पहले हे रुक गई

सायद ुशी के चलते शालिनी ने गुस्से में सूर्य को थपड मर दिया

नाना जी ......क्या शालिनी ने सूर्य को थपड मारा

जोरावर .....है पापा उसके बाद सूर्य बेहोश हो

पूरी घटना बहाने के बाद

जोरावर .....पैर शालिनी आवर शिव वह पहुंचे कैसे

संजय .....वो भाई सा किरण आवर आवर सपना बहुत परेशान थी उन्होंने आपको कॉल भी किया पैर आपने नहीं उठाया आवर फिर मुझे उन दोनों को ले कर बना पड़ा सूर्यगढ़ जहा पे शालिनी का हल भी कुछ ऐसा हे था साध्वी जी भी हमारे पहुंचे हे पहुंच गई तब शिव आवर शालिनी आवर किरण को अपने साथ ले वो चलो गई मुझे वही रुकने का बोल कर

ऐसे लेट तक इनको चर्चा चलती रही

सबने डिनर किया आवर आज की घटना की विषय में सोचते हुए अपने अपने रूम में सम चल दिए ....

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स.....

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स........
 
अपडेट. 74

संजय .....वो भाई सा किरण आवर आवर सपना बहुत परेशान थी उन्होंने आपको कॉल भी किया पैर आपने नहीं उठाया आवर फिर मुझे उन दोनों को ले कर बना पड़ा सूर्यगढ़ जहा पे शालिनी का हल भी कुछ ऐसा हे था साध्वी जी भी हमारे पहुंचे हे पहुंच गई तब शिव आवर शालिनी आवर किरण को अपने साथ ले वो चलो गई मुझे वही रुकने का बोल कर

ऐसे लेट तक इनको चर्चा चलती रही

सबने डिनर किया आवर आज की घटना की विषय में सोचते हुए अपने अपने रूम में सोने चल दिए ....

अब आगे .........

रात को सूर्य अपने माँ के साथ सोया हुआ था साथ में कोमल भी सो रही थी

काफी देर तक बात चित करता रहा शालिनी आवर कोमल 11 बजे के लगभग सो गए थे

सूर्य को नीड नहीं आ रही थी तो वो रूम से निकल कर छठ पे चला गया आवर ठंडी हवा में खुद को रिलेक्स करने लगा

कुछ 5 मिनट्स हे बाईट हिन्ज सूर्य को आये हुए ऊपर

की उसको किसी के सुबकने की आवाज सुनाई दी

सूर्य ने चारो तरफ ध्यान से देखा तो एक कोने में किसी को बैठा हुआ पाया जो दूर से साफ नज़र नहीं आ रहा था

सूर्य उस तरफ भध गया सूर्य जब पास पंहुचा आवर गौर से देखा तो पाया की ये राधा थी जो घुटनो में अपना सर छुपाये सुबक रही थी

सूर्य ......राधा आप यहाँ क्यों बैठी हो आवर रो क्यों रही हो आप

किसी ने कुछ कहा क्या आपको

या फिर कोई आवर प्रॉब्लम है

राधा बिना कुछ कहे सूर्य के गले लग गई

आवर रोने लगे

सूर्य ......राधा कुछ तो कहो देखो तुम अगर ऐसे हे रोटी रही तो मैं आपसे कभी बात नहीं करूंगा आप कुछ बोलेंगी नहीं तो मुझे कैसे पता चलेगा की क्या प्रॉब्लम है आपको

सूर्य राधा की आँखे साफ करता है आवर उसके माथे पे किश करके फिर से सीने लगा लेता है

कुछ देर बाद जब राधा पूरी तरह संत हो जाती है तब बोलना सुरु करती है

राधा .......सूर्य आज तुम नहीं नोट तो मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती

उस m.l.a .के लड़के आवर उसके दोस्तों ने बहुत से जिन्दगिया बर्बाद की है

कल सायद मेरा भी वो वही हल करते जो बाकि लड़कियों के साथ किया है

सूर्य .......मेरे होते हुए कैसे कोई आपको परेशान कर सकता है

आपकी तरफ बुरी नज़र डालने वाले की आँखे न नोच लूँ मैं

राधा .......मैं बहुत दर गई थी सूर्य जब तुमने उन सबको मारा तब मुझे पहली बार ऐसा लगा जैसे मुझे पूरी दुनिया से सुरक्षित रखने वाला भी कोई है

सूर्य ......आप को या किसी आवर को डरने की जरूरत नहीं है राधा जब तक मैं जिन्दा हूँ हमारे परिवार के किसी भी इंसान को एक खरोच तक नहीं आने दूंगा मैं

राधा .....वो तो मैंने देख लिया आज वैसे तुम्हे इतना गुस्सा क्यों आया पहले तो ऐसा नहीं हुआ

सूर्य .......उसने आप पे हाथ जो उठाया था मैं क्या करता फिर

क्या उसको ऐसे हे जाने देता मेरी राधा को चौथ पंहुचा ने वाले की क्या पूजा करता मैं

राधा ......मेरी राधा ...ये कब हुआ हेहेहे

सूर्य .....ऐसा कुछ नहीं है राधा वो मुँह से निकल गया

राधा .......एक बात बताओ तुम कोमल को दीदी कहते हो पायल को सबने सामने दीदी पैर अकेले में पायल क्यों आवर मुझे भी नाम से बुलाते हो

सूर्य ......वो पायल ने हे कहा की उनको मुझे देख भाई वाली फिलिंग नहीं आती है तो उन्होंने मुझसे दोस्ती कर ली अब सबने सामने तो पायल नहीं कह सकता न नहीं तो सब मेरी बेंड बहाने पीछे पद जायेंगे

राधा .......फिर मुझे भी तुम्हे देख भतीजे वाली फिलिंग नहीं आती है तो क्या मुझसे दोस्ती करोगे

सूर्य ......एच कहु तो आपको मुझे भी बुआ कहना पसंद नहीं है मुझे आपको राधा कहना हे अच्छा लगता है

राधा .......आवर क्या अच्छा लगता है तुम्हे मुजमे सूर्य

( राधा सूर्य से चिपकते हुए )

सूर्य ...आप का चुप चुप रहना मुझे बिलकुल पसंद नहीं राधा

राधा .....मैंने पूछा कुछ आवर तुम बता कुछ आवर रहे हे

तुम्हे मुज में क्या पसंद है क्या अच्छा लगता है

सूर्य ......वैसे तो आप बहुत खूबसूरत है पैर आप की आँखे मुझे सबसे प्यारी लगती है.

राधा .....आवर कुछ

सूर्य .....आपकी मोठे मोठे गालो पड़ने वाले डिंपल जब आप हस्ती है तो सबसे खूबसूरत आपके मुस्कान आवर आपके गालो के डिंपल लगते है

अब बहुत रात हो गई है चलिए चल कर सो जाये

राधा .......सूर्य क्या मुझसे फ्रेंडशिप नहीं करोगे

सूर्य .....वो तो कब की हो चुकी है राधा

राधा ......सूर्य एक बात आवर कहना चाहती हूँ मैं तुम्हे सायद तुम्हे अजीब लगे

सूर्य .......ऐसा क्या है राधा

राधा ........ी लव यू सूर्य मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ

सूर्य ......ी लव यू तो राधा मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ इसमें अजीब लगने वाली कोनसी बात है

राधा .......तुम सामने नहीं सूर्य मेरे कहने का मतलब

सूर्य .......आपको क्या मैं बच्चे लगता हूँ राधा जो मैं समझूंगा नहीं आपने जब मुझसे सीने से लगा इस तरह से तभी मैं समाज गया था आपके दिल की बात पैर आपको वेट करना होगा सदी का वडा मैं नहीं कर सकता हूँ आपसे अभी क्युकी मुझे नहीं पता आगे क्या होगा मेरा इन्तजार करना आपका प्यार सच्चा हुआ तो आपको जरूर मिलेगा

सूर्य की बात सुन जब राधा ने उसकी आँखे देखि तो सूर्य की आँखे बदली हुए थी हलकी नीली आँखे देख राधा पीछे हैट गई

राधा ......कोण हो तुम .तुम मेरे सूर्य नहीं हो उसकी आँखे ऐसे नहीं है

सूर्य ........अपने दिल से पूछो वो वक़्त आने पे सब समाज जायेगा

सूर्य आगे कुछ बोलता की उस से पहले किसी की आवाज सूर्य के कानो में पड़ती है

किरण ......कोण है वह पे

राधा सूर्य की तरफ देखती है तो अब सूर्य की आँखे नार्मल हो चुकी थी आवर सूर्य अपने सर को दोनों हाथो से थम रखा था

सूर्य .....अह्ह्ह्ह मेरा सर

राधा ......सूर्य क्या हुआ तुम्हे

इतने में किरण भी सूर्य आवर राधा के पास आ गई

किरण ......क्या हुआ आपको

सूर्य ......आह्ह्ह्ह पता नहीं सर फैट रहा है आवर आँखों में भी जलन हो रही है

किरण .......बुआ आप चलो इनको ले कर निचे

किरण आवर राधा सूर्य को सहारा दे कर के निचे ले जाती है

राधा .....सूर्य को मेरे रूम में ले चलो

किरण .....है ये ठीक रहेगा इनके रूम में सपना दी सोई है आवर बुआ सा को जगाना ठीक नहीं है

सूर्य को राधा के रूम में लिया दिया

किरण एक छोटा टॉवल ले कर उसको ठन्डे पानी से भिगो कर सूर्य के माथे आवर आँखों पे रख दिया जिस से सूर्य को जलन से आराम मिलने लगा

राधा भी सूर्य के साथ लेट गई

किरण डिग्री डिग्री सूर्य के सर को दबाने लगी

जिस से सूर्य को बहुत आराम मिला आवर वो कब गहरी नीड में पहुंच गया पता भी नहीं चला

किरण काफी देर तक सूर्य को निहारती रही फिर वो वह से जाने लगी

तो देखा सूर्य ने किरण का हाथ थम रख्हा है

किरण ........अगर मैंने जोर जबरदस्ती से हाथ छुड़ाया तो इनको नीड खुल जाएगी वैसे भी आज ये बहुत थक गए है

एक दो बार कोशिश की पैर जब कामयाब नहीं हुए तो किरण भी वही लेट गई

सुबह सूर्य अपने टाइम से उठा फ्रेश हो कर जंगल की तरफ निकल गया

साध्वी जी ......आ गए सूर्य तुम अब कैसा लग रहा है

सूर्य ......मैं ठीक हूँ साध्वी जी मास्टर कहा है वो दिखाई नहीं दे रहे है

साध्वी जी ......वो किसी काम से गए है क्यों क्या हुआ कुछ काम था क्या

सूर्य ......है काम तो था क्या आप उन्हें हवेली में रुकने को कह सकती है जब तक मैं आर्मी कैंप से लौट कर नहीं आता तब तक

साध्वी जी .......तुम ऐसा क्यों चाहते हो सूर्य कुछ हुआ है क्या

सूर्य .....नहीं ऐसी बात नहीं है वो दरशल कल की घटना से मैं चिंतित हूँ

आवर हो सकता है मेरे जाने के बाद किसी तरह का खतरा मेरे परिवार पे आये तो कोई हो जिसके भरोशे में अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप कर पुरे मन से ट्रैंनिंग पूरी कर सकू

साध्वी जी .......हम्म्म बात तो तुम्हारी ठीक है इस से अच्छा है सकती आवर वयोम को सूरजगढ़ तुम्हारे नाना के परिवार की सुरक्षा में रखा जाये

सूर्य .......फिर यहाँ माँ आवर बाकि सबके लिया

किसी आवर को ढूंढना होगा

साध्वी जी ......उसकी जरूरत नहीं है अब से तुम्हारी फॅमिली की सुरक्षा मैं करुँगी

तुम्हारी ट्रैंनिंग पूरी हो चुकी है आवर तुम्हारा आयर्वेदिक ज्ञान भी मैंने दे दिया है

सूर्य ......पैर आप अकेले सबकी सुरक्ष कैसे कर पाएंगी

साध्वी जी ......उसकी चिंता न करो तुम मैंने सकती आवर बातों से कह कर कुछ भरोसे मंद लोगो को तुम्हारी फॅमिली की सुरक्षा के लिया सन्देश भेज दिया है

सूर्य .......आपका बहुत बहुत शुक्रिया साध्वी जी

साध्वी जी ........आज ध्यान नहीं लगाओगे क्या

वैसे तुम्हे पता है तुमने कल जल तत्वा को जागृत कर लिया है

अब तुम जल का को किसी अस्त्र के रूप में भी प्रयोग कर सकते हो अपनी इच्छा सकती से जल को कण्ट्रोल कर सकते हो

इसमें तुम्हे आवर महारत हासिल करने के लिया तुम्हे अपने ध्यान का समय बढ़ाना होगा

अब अगला लक्ष्य तुम्हारा होना चाइये वायु तत्वा को जागृत करने का

सूर्य .......क्या आप मुझे कुछ बताएंगी मेरे विषय में मैं जनता हूँ आप बहुत कुछ जानती है मेरे बर्वे में जो सायद हे कोई यहाँ जनता हो

क्या मुजमे ऐसा कुछ है जो कुरो में नहीं है

साध्वी जी .......है ये सच है तुम सबसे अलग हो तुम अपने बारे में बहुत कुछ ऐसा है जो नहीं जानते हो यहाँ तक की मैं भी नहीं जानती हूँ

तुम कोई सदर्न इंसान नहीं हो सूर्य कोई भी सदर्न इंसान पांच तत्वों को जागृत नहीं कर सकता कीमती तुम ने 8 ममता में 2 तत्वों को नियंत्रित किया है

सूर्य ......आपको किसने यहाँ भेजा है मेरी सहायता के लिया

क्युकी मैं इतना तो जान गया हूँ कोई तो है जो मेरी सहायता के लिया आपको यहाँ भेजा है

मैं आप कोई दबाव नहीं दाल रहा हूँ बस जानना चाहता हूँ

साध्वी जी ......नहीं मैं ये नहीं बता सकती जब तक उनकी आज्ञा न हो पैर इतना बता देती हूँ की वो मेरे पिता है जो बरसो से तुम्हारे आने का इन्तजार कर रहे है

सूर्य .......कहा है आपके पिता आवर मेरा इन्तजार क्यों कर रहे है

साध्वी ji.....tumhe तुम्हारे सभी सवालो के जबाब तुम्हारे 18 वे जनम दिवश पे पता चल जायेगा

इस से ज्यादा तुम्हे कुछ नहीं बता सकती

सूर्य ......शुक्रिया आपका जो आपने इतना कुछ मुझे बताया

साध्वी जी .......जाओ आवर अपना ध्यान लगाओ बहती हुए हवा को महसूस करो उसकी साउंड we've को सुनो महसूस करो

सूर्य के जाते हे साध्वी जी भी ध्यान में बेथ गई

सक्तिपुर .......

सूर्य के तांडव की खबर जब विक्रम सिंह आवर अजय तक पहुंची तब से विक्रम सिंह गायब है

वो रात भर हवेली से बहार था

अजय रात भर उठ उठ कर विक्रम सिंह के रूम का चाकर लगा रहा था

क्युकी जब से विक्रम सिंह m.l.a.se मिलने का बोल कर गया है तब से उसका फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा था

साम से रात रात से सुबह हो गई

अजय से गीता देवी बार बार विक्रम के लिया पूछ चुकी थी थी की वो कहा गया है उसका फ़ोन क्यों ऑफ है

गीता देवी ने राणा को विक्रम सिंह की खोज खबर के लिया लगा दिया था

उसको किसी उन्होनी की चिंता होने लगी थी

वही रुक्मणि देवी जब से सकती सिंह मारा गया है तब से अपनी छूट में बढ़ती खुजली के चलते परेशान हो चुकी थी

वो अपनी छूट में ऊँगली कर कर के थक गई थी

सकती सिंह ने दिन में 4,5 बार अच्छे से छूट कुटाई कर कर के उसकी एक तरह से सेक्स की लत लगा चूका था

अब उसको तलाश थी एक भरोसेमंद तगड़े लैंड वाले मर्द की जो उसकी आग को संत कर सके

आवर उसकी नजर में बस एक हे था वो था राणा पैर पहल कैसे करे वो भी इस समय में जब सकती आवर दुर्जन के मरतु के दिन भी पुरे नहीं हुए थे

वही विक्रम सिंह सिटी हॉस्पिटल पंहुचा जहा m.l.a ने अपने बेटे आवर दोस्तों को एडमिट किया था

विक्रम सिंह .....hello m.l.a साहब

M.l.a.......kon हो तुम लड़के हमने तुम्हे नहीं पहचाना

विक्रम सिंह. .....दोस्त शुब्चिन्तक कुछ भी समाज लीजिये

M.l.a......bacche इस वक़्त मैं मज़ाक करने के मूड में नहीं हूँ

विक्रम सिंह .....जनता हूँ आप इस वक़्त किस हालत में है आवर क्या सोच रहे है

मेरा नाम विक्रम सिंह ठाकुर है सक्तिपुर का ठाकुर हूँ मैं

m.l.a.....oh तो तुम दुर्जन सिंह ठाकुर के बेटे विक्की हो कहो यहाँ क्यों आये हो

विक्रम सिंह .......सुना है सूर्यगढ़ के ठाकुर का पोता सूर्य तुम्हारे घर में गुस्स कर तुम्हारे बेटे आवर दोस्तों के साथ साथ आपको को भी मर के निकल गया

m.l.a.......apni जुबान को लगाम दो बच्चे तुम भूल रहे हो हम कोण है

विक्रम सिंह .....माफ कीजिये m.l.a साहब पैर यही सच है ये हम नहीं पूरा सिटी 1 आवर आपके गांव वाले बोल रहे है

m.l.a......dekh लूंगा सबको एक एक को चुन चुन कर मरूंगा

विक्रम सिंह ......फिर मैं चलता हूँ अगर यही आप करने वाले हो तो सायद आप भूल रहे है की उसकी चेतावनी क्या थी कल सूर्यास्त के साथ आपका भी सूर्यास्त भी करने वाला है वो अगर आपने अपने गुनाह काबुल नहीं किये तो

m.l.a...to क्या मैं अपने m.l.a का पढ़ चोर दूँ जिसके लिया कितनी लाशे बिछा कर यहाँ तक पंहुचा हूँ

विक्रम सिंह .....अगर जान प्यारी है तो m.l.a फिर बन जाओगे मर गुजर सिंह गुजर

क्युकी सूर्य ठाकुर अपनी जुबान का पका है

जो उसने बोलै है वो करेगा भी चाहो तो अपने साथी मंत्रियो से बात चित कर लो क्युकी तुम पहले हे मंत्री पढ़ से निकले जाने का फैसला किया जा चूका है

इस से अच्छा है अपना m.l.a पढ़ त्याग कर कुछ इसबात बचा सकते हो वो बच्चा लो

आवर खुद को कानून के हमले कर दो

तुम्हारे बेटे आवर उसके दोस्तों की जेल में पूरी खातिर दरी की जाये उसकी वैवस्त हम पहले हे कर चुके है

है तुम्हे कुछ वक़्त जेल में गुजारने के बाद हम बहार निकल लेंगे

गुजर सिंह .....तुमपे हम भरोषा क्यों करे

विक्रम सिंह .....क्युकी सूर्य ठाकुर तुम्हारा हे नहीं मेरा भी दुसमन है मैं तुम्हारी तरह गुस्से में कुछ नहीं करता

मैं काली को जब मसलता हूँ जब वो पूरी जवान हो खिलने के लिया

जवानी का राश तभी चखो जब वो अपने उफान पे हो

गुजर सिंह ......मुझे तुम्हारी ये पहेलियाँ समाज नहीं आती साफ सब्दो में कहो

विक्रम सिंह .....तो सुनो अभी तुम खुद को सुरेंद्र कर दो अपने बेटे आवर उसके दोस्तों के साथ

कुछ वक़्त जेल में रहो फिर जब मामला ठंडा होगा तब तुम पैसे आवर अपनी मंत्रियो के मदद से बहार आ जाना तब तक ये मामला पूरी तरह सब भुला चुके होंगे ुशी वक़्त हमें कुछ ऐसा करना है जिस से सांप भी मरे लाठी भी न टूटे

काफी देर के बहस के बाद m.l.a गुजर सिंह पुलिस को कॉल कर सरेंडर कर देता है खुद आवर अपने बेटे को उनके दोस्तों के साथ .

वह से विक्रम सिंह जयपुर के लिया निकल गया किसी से

िलने के लिया

रात को वह पंहुचा रात किसी होटल में रुका आवर सुबह होते हे हे बड़े से बंगलो में जा पंहुचा

दरबान ने देखते हे गेट खोल दिया

कुछ देर चाय नास्ता करबे के बाद

एक आदमी हॉल में आता है दिखने में ये कोई सदर्न इंसान नहीं लग रहा था गले में मोती मोती सोने की चैन सामने के 2,3 सोने के दन्त हाथो में गोल्ड आवर डायमंड्स की रिंग

आदमी .......आओ भांजे आज ीदार का रिस्ता कैसे भूल गयी

विक्रम सिंह ......मां जी आपको तो सब पता हे है पापा आवर चर्चा के साथ क्या हुआ

v.mama.....each कहु बीटा तो वो कुत्ते की मौत के कायाक थे आवर उन्हें वही मिली है

विक्रम ......मां जी

v.mama......thik है बोलो कैसे आना हुआ क्या गीता को पता है तुम यहाँ आये हो

विक्रम ......आपको तो पता है उनको आपसे मेरा मिलना तो दूर बात करना भी पसंद नहीं है

v.mama ......सही कहा चलो मुड़े की बात पे आओ

विक्रम ......मुझे आपकी पार्टी से सक्तिपुर एरिया से चुनाव लड़ना है इसमें आपको मेरी मदद करनी होगी

v.mama ......पहली बात ये की चुनाव में अभी टाइम है कुछ आवर दूसरी बात तुम्हे कोई अनुभवी नहीं

विक्रम सिंह .....m.l.a.gujar सिंह अपना इस्तीफा दे चूका है तो अब उसकी सीट खली हो चुकी है उसके सरे वोट अब मेरे है आवर सक्तिपुर के आवर उसके आस पास के वोट कैसे लेने है मैं जनता हूँ

v.mama ......भांजे पहले पार्टी को फण्ड पंहुचा उसके बाद देखा हूँ बात बनती है के नहीं

वैसे इस m.l.a ने इस्तीफा क्यों दिया कुछ समाज नहीं आया

विक्रम ......क्युकी उसने इस्तीफा नहीं दिया होता आज साम के सूर्यास्त के साथ उसका भी आखरी सूर्यास्त जो चूका होता

v.mama ......ऐसा कोने है जिसकी इतनी हिमत हो गई की वो एक m.l.a को मरने की हिमत रखता है

विक्रम .....सूर्यगढ़ के ठाकुर परताप सिंह का पोता सूर्य शिव ठाकुर .जिसमे बलि उत्सव में पापा आवर चाचा को मारा था

v.mama ......क्या वो इतना ताकतवर है उसके पीछे किसका सपोर्ट है

विक्रम ........वो अभी क्सक्सक्स साल का है मां जी सूर्यगड़ आवर सूरजगर का सपोर्ट है उसकी फॅमिली को क्युकी मुझे पता चला है वो सूर्यगढ़ आवर सूरजगर का वरिष्ठ है

v.mama.......uska मतलब 1 लाख वोट है उसके पीछे

विक्रम ....ये क्या कह रहे है आप

मां जी .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स.........
 
अपडेट. 75

विक्रम .....सूर्यगढ़ के ठाकुर परताप सिंह का पोता सूर्य शिव ठाकुर .जिसमे बलि उत्सव में पापा आवर चाचा को मारा था

v.mama ......क्या वो इतना ताकतवर है उसके पीछे किसका सपोर्ट है

विक्रम ........वो अभी क्सक्सक्स साल का है मां जी सूर्यगड़ आवर सूरजगर का सपोर्ट है उसकी फॅमिली को क्युकी मुझे पता चला है वो सूर्यगढ़ आवर सूरजगर का वरिष्ठ है

v.mama.......uska मतलब 1 लाख वोट है उसके पीछे

विक्रम ....ये क्या कह रहे है आप

मां जी .........

अब आगे ............

सूर्य जब साध्वी जी से मिल कर घर वापिस लौटा तब डॉफर के आसपास समय हो चूका था

सूर्य जब हवेली लौटा तो पाण्ड्य जी विजय मां कुछ आर्मी अफसर के साथ बहार दादा जी पापा फूफा जी के साथ बैठे हुए थे

सूर्य .....परनाम मां जी

पाण्ड्य ji......aa गए सूर्य तुम मैं तो तुम्हे लेंस आया था तो पता चला तुम बहार हो

सूर्य पाण्ड्य जी की बात सुन थोड़े उदाश हो गया ये सोच कर की उसको परिवार से दूर जाना होगा

सूर्य .....मां जी क्या इतना जल्दी जाना जरुरी है

पाण्ड्य जी ......बीटा तुम जितनी जल्दी अपनी ट्रैंनिंग पूरी करोगे इतने हे जल्दी वापिस भी लौट सकते हो

वैसे भी चिंता न करो तुम

हर 6 मोनथस में एक बार मिलने आ सकते हो

दादा जी ......बीटा सूर्य दिल छोटा नहीं करते है पाण्ड्य जी से मैंने बात कर ली है हम में से कोई न कोई तुमसे मिलने आता रहेगा

सूर्य ......कब निकलना है मां जी

पाण्ड्य जी .....बीटा हम यहाँ से रात की फ्लाइट से निकलेंगे तब तक तुम अपने परिवार के साथ भी वक़्त बिता लो

ीदार हवेली में 2 कार एंटर करती है

जिनमे से नाना जी नानी जी मां ममी जी निकलते है

सूर्य ......पैर मां जी वो m.l.a.

विजय .......उसने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया है आवर उसका बीटा आवर उसके दोस्तों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होते हे अरेस्ट कर लिया जायेगा तुम चिंता न करो

सूर्य ......OK मां जी मैं जाने की तयारी करता हूँ

पाण्ड्य ji......beta अपने मां जी के साथ जा कर अपने स्कूल से अपने डाक्यूमेंट्स कलेक्ट कर लेना

सूर्य .......जी मां जी मैं ले आऊंगा

सूर्य अपने दोनों मां जी नाना जी का आशीर्वाद लेता है

कुछ सोच कर अपने दादा जी के पास जाता है

सूर्य .......दादू मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ

दादा जी ........है बीटा बोलो क्या बात है

सूर्य .......दादा जी सूर्यगढ़ आवर सूरजगढ़ आवर नहीं सक्तिपुर में कोई कॉलेज है जो सिटी 1 में कॉलेज है वो भी अच्छी नहीं है क्या हम सूर्यगढ़ में कॉलेज नहीं बना सकते है जिस से सकती आवर आवर सूरजगर दोनों को भी फायदा हो आवर वैसे भी मां जी चुनाव में खड़े हो रहे है तो उनके लिया भी ये अच्छा मौका है

पर सबसे अच्छा यहाँ के लड़के लड़कियों के लिया होगा

शिव .......ये बात तो तुमने बिलकुल ठीक कही बीटा मैं उसके लिया त्यार हूँ आवर पापा मैं कॉलेज में लगने वाले अमाउंट का 50℅ अमाउंट देने को त्यार हूँ

जोरावर .....मैं भी इस बात से सहमत हूँ आवर बाकि का मैं देख लूंगा

क्युकी सहर की कॉलेज कैसे है ये मैंने भी देखि है

आवर यहाँ दूर होने के कारन बच्चियों को या तो बिच में हे अपनी पड़े रोकनी पड़ती है

जो हिमायत कर पड़ने जाती है उनको बहुत से प्रॉब्लम का सामना करना होता है

दादा जी ........तो ठीक है फिर सूर्यगढ़ के सेण्टर में जो हमारी जमीं है वो मैं आज हे कॉलेज के लिया तुम दोनों को सोंपता हूँ

पाण्ड्य जी .......बाउजी अगर आपकी इजाजत हो तो मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ

दादा ji.....bilkul बीटा कहो क्या कहना है

पाण्ड्य ji.......mera एक पूरा न कॉस्ट है यही जैसलमेर में हे जो पहले आर्मी से हे था पैर बाद में उन्हें आर्मी छोड़नी पड़ी अभी वो बहुत अच्छा बिल्डर है मेरी रे से आपको एक बार कॉलेज की रुपरेखा कैसे हो उसकी जानकारी उस से से शेयर करे तो अच्छा होगा

सूर्य ......है ये भी अच्छा है फिर जो आज के ज़माने की हिसाब से बेस्ट रहे वही मॉडल हम कॉलेज को देंगे

सूर्य उठ कर अंदर चला जाता है बाकि सब भी चर्चा में लगे हुए थे

सूर्य को देखते हे राधा आराम से अपनी नजरे चुराने लगती है

सूर्य ......राधा क्या हुआ आपको आप ऐसे शर्मा क्यों रही है

राधा ......मैं कहा शर्मा रही हूँ

सूर्य ....मेरे कपडे निकल देंगी क्या मैं फ्रेश हो कर आता हूँ आवर आप मेरे कपडे भी पैक देना साम को मुझे कैंप के लिया निकलना है

दादी ji......kya खा तुम साम को जा रहा है हमें क्यों नहीं बताया तुमने

सूर्य ......दादी वो मां जी आये है न वो मुझे हे लेने आये है

सूर्य की बात सुन सभी वह गई अपने अपने काम छोड़ कर

शालिनी ......तुम कही नहीं जा रहे हो मैं बात करती हूँ भाई सा से

सूर्य ......नहीं माँ आप ऐसा नहीं करेंगे मुझे भी आप सबसे दूर जाना अच्छा नहीं लग रहा है पैर जाना जरूरी है माँ अगर आज मैं रुका तो सायद में फिर कभी आगे नहीं भाड़ पाउँगा माँ

रेखा .....पैर सूर्य तुम्हे ये सब करने की क्या जरूरत है

सूर्य .....मेरी स्वीट मम्मी आप सबकी रक्षा करने के लिया मुझे मजबूत तो होना होगा न

आवर फिर आप मुझसे कभी भी मिलने आ सकते हो

देखा जाये तो ये तरह से बोर्डिंग जैसा हे है मम्मी

शालिनी ......पैर बीटा तुम यही पे भी रह कर वो ससब कर सकते hi न

सूर्य .......नहीं माँ यहाँ में आप सेबल साथ रह कर वो सब नहीं कर सकता या शिख सकता जो मेरे लिया जरूरी है फिर आप चिंता क्यों करती मैं आप सब से टच में रखूँगा आपका जब दिल करे आप मुझसे मिलने आ सकती है

कुछ देर बहस चलती रही फिर बिच में नाना जी को आना पड़ा तब जा कर के माँ आवर मम्मी shan't हुए

घर वाले सूर्य के जाने से उदाश थे फिर भी सूर्य की ख़ुशी के लिया मुस्कान का मुखौटा ौड लिया सबने सबसे ज्यादा बेचें किरण आवर शालिनी थी राधा भी बहुत उदाश थी

साम तक सूर्य को किसी ने अकेला नहीं छोड़ा

साम को साध्वी जी आवर सकती वयोम भी हवेली आ गए सूर्य ने सबको बता दिया था की साध्वी जी यही हवेली में रहेंगे सकती आवर वयोम सूरजगढ़ मां जी के यहाँ रह कर परिवार की सुरक्षा करेंगे

सबने माना किया पैर सूर्य की जिद्द के आगे किसी की न चलो साम को पाण्ड्य जी के साथ सूर्य कोब्सबने नाम आँखों से विदा किया

शिव विजय आवर महेंद्र जोरावर सूर्य को छोड़ने जैसलमेर के लिया निकल गए

7 बजे सूर्य बाकि सबने साथ एयरपोर्ट पे आ पंहुचा जहा से 07:15 के फ्लाइट से दिल्ली पंहुचा था

सब सूर्य को समजा रहे थे की कैसे रहना क्या करना है पैर इनको कोण संजय वो आर्मी ट्रैंनिंग के लिया जा रहा है न की पिकनिक के लिया

सूर्य ........पापा माँ का ख़तम रखना उनको इस वक़्त आपकी बहुत जरूरत है

आज तक इनसे कभी दूर नहीं गया हूँ न तो वो बहुत अपसेट है मैं पहुंचे हे कॉल करूंगा

शिव ......तुम चिंता न करो बीटा तुम्हारे माँ आवर किसी को कुछ भी नहीं होने दूंगा

फ्लाइट्स का अनाउंसमेंट होते हे

पाण्ड्य जी .......सूर्य हमें निकलना होगा बीटा

सूर्य एक एक करके सबसे गले मिलता है है आवर सबसे विदा ले पाण्ड्य जी के साथ चल पड़ा

कुछ देर सब सूर्य को देखते रहे जब फ्लाइट्स ने उड़ान भरी तो बाकि सब भी निकल गए घर की तरफ

2 हर की फ्लाइट्स के बाद सूर्य आवर पाण्ड्य जी दिल्ली एयरपोर्ट पे लेंड करते है

सूर्य पाण्ड्य जी के साथ बहार निकलता है जहा पहले से हे कोई उनका वेट कर रहा था

दोनों कार में बेथ के निकल गए कुछ एक घंटे के बाद रात 10 बजे दोनों एक बिल्डिंग में एंट्री करते है जहा चारो तरफ आर्मी अफसर थे

सूर्य .......मां जी ये कोनसी जगह है

पाण्ड्य जी ......सूर्य ये हमारे इंडियन आर्मी का हेडक्वार्टर पूरी इंडियन आर्मी को यही से आर्डर मिलते है है

सूर्य .....हम यहाँ क्यों है मां जी हमें तो किसी ट्रैंनिंग कैंप पे होना चाइये था न

पाण्ड्य जी .......सूर्य यहाँ से तुम्हे किस ट्रैंनिंग कैंप के लिया चुना जायेगा वो पता चलेगा

सूर्य ......मां जी मुझे इतना सब पता नहीं है मुझे कितनी हार्ड जो सके इतनी हार्ड ट्रैंनिंग करनी है

पाण्ड्य जी ......वो तो तुम्हे पता चल जायेगा बीटा ये आर्मी ट्रैंनिंग कोई नार्मल ट्रैंनिंग नहीं

कुछ देर बाद पाण्ड्य जी एक ऑफिस के सामने थे

पाण्ड्य जी ..... ब्रिगेडियर साहब से कहो देवीशंकर पाण्ड्य आये है मेरी इनसे अपॉइंटमेंट थी

आर्मी जवान ......सर वो आपका हे वेट कर रहे है आप अंदर जा सकते है

पाण्ड्य जी ......सूर्य तुम यही रुको

सूर्य .......जी मां जी

पाण्ड्य जी अंदर चले गए कुछ देर बाद पाण्ड्य जी बहार आये आवर सूर्य को ले कर अंदर गए

birgadier.......aap यंग में हम तुम्हारा हे इन्तजार कर रहे थे

बहुत सुना है तुम्हारे बारी में

सूर्य ....... जी शुक्रिया सर मुझे नहीं पता आपने क्या सुना है मेरे बारे में पैर आप जो भी मेरे लिया कर रहे है उसके लिया आपको थैंक्स सर

पाण्ड्य जी .......सूर्य सर ने तुम्हारे ट्रैंनिंग की पूरी जिम्मेदारी ले है आवर उन्होंने तुम्हारे ट्रैंनिंग के लिया पुणे कैंप को चुना है

सूर्य ......थैंक यू सो मच सर

बिरजादुर .......बेटे आभार प्रकट करना हे है तो अपनी ट्रैंनिंग में बेस्ट परफॉरमेंस दे कर करो

सूर्य ......जी सर ऐसा हे होगा आपको कोई भी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा

बिर्गेडेइर .......बीटा अपने गुस्से पे काबू रहना शर्मा तुम्हे निकल दिया जायेगा आर्मी में डिसिप्लिन होना जरूरी है जो तुम बहुत जल्द भुला देते हो

कुछ देर आवर बात चित होती है उसके बाद सूर्य आवर पाण्ड्य जी रात की फ्लाइट से पुणे के लिया निकल

रात को होटल में रुकने के बाद सुबह पाण्ड्य जी सूर्य को आर्मी ट्रैंनिंग कैंप ले गए जहा

सूर्य का आर्मी स्कूल में एडमिशन हुआ आवर साथ में ट्रैंनिंग कैंप से जुडी जानकारी दे कर पाण्ड्य जी सूर्य को वह छोड़ जैसलमेर के लिया निकल गए

नेक्स्ट डे से सूर्य की ट्रैंनिंग सुरु होने वाली थी

सूर्य को जो रूम अलॉट हुआ उसके 3 मेंबर्स आवर थे

1. ....जससप्रीत पंजाब से 20 ईयर

2........सोहेल खान पुणे से 21 ईयर

3.........सतवीर दिल्ली से 20 ईयर

रात सबने मेस में खाना खाया

9 बजे सब अपने अपने हॉस्टल रूम में पहुंच गए क्युकी ये आर्मी रूल था

सूर्य जब रूम में पंहुचा तब बाकियो से उसकी मुलाक़ात हुए

जससप्रीत ........तो तुम हो जिसने नई ज्वाइन किया है मैं हूँ जससप्रीत सिंह पंजाब से

सूर्य .....hello मैं सूर्य शिव ठाकुर राजस्थान से आप से मिल कर ख़ुशी हुए

सोहेल खान .....भाई मैं यही से हूँ पुणे से

सतवीर .......भाई मैं दिल्ली से हूँ

सूर्य .......आप सब से मिल कर ख़ुशी हुए

आप लोग कब से है यहाँ पे

सोहेल .......भाई हमें तो 3 मोनथस हाउ चुके है

सूर्य .....क्या फिर आपने तो बहुत कुछ सीखा होगा अभी तक

जससप्रीत ( जस्सी ) ......भाई लॉउडर लगा रखे है कोच ने सुबह 5 बजे उठी फिर साम 5 बजे तक गधे की तरह बंद जिसे चालू

सूर्य .....ये आप कैसे बात कर रहे हो भाई

सतवीर ( वीर ) ......बहुत जल्द समाज जाओगे तुम भी

सूर्य .....अच्छा गुड नाईट सुबह जल्दी उतना होगा

sohel.........bhenchod ये भी कोई जिंदगी है

सूर्य ......सॉरी पैर मुझे गली देना या सुन्ना पसंद नहीं है प्लेसेस इस बात का ध्यान रहे

सूर्य अपने बिस्तर पे लेट जाता है 4 बजे का अलार्म लगा कर सो गया वो लोग कफ देर तक कहते रहे

सुबह सूर्य अलार्म की आवाज से उठ गया फ्रेश हो कर एक जानते ध्यान लगा या आवर ग्राउंड की आवर दौड़ गया अभी तक बहुत से बच्चे सो रहे थे

5 बहते हे साइरन बन उठा सब जल्दी जल्दी त्यार होने लगे

वही कोच सर की नज़र जब मैदान में दौड़ते सूर्य पे पड़ी तो वो उत्सुकता वाश उस आवर चल दिए सूर्य बिना रुकने पुरे ग्राउंड का चाकर लगता रहा कुछ देर में हे बाकि लड़के भी वही आ पहुंचे

कोच सर .......hello मर ..ीदार आना जरा

सूर्य .....जी सर

कोच सर .....क्या नाम है तुम्हारा पहले तो कभी नहीं देखा तुम्हे

सूर्य ....जी सर मेरा नाम सूर्य शिव ठाकुर है सर मैं नई हूँ कल हे मैंने ज्वाइन किया है आज से हे मेरा ट्रैंनिंग स्टार्ट होने वाला है

कोच सर ......OK जाओ आवर लाइन में खड़े हो जाओ

सूर्य वह से जा कर के लाइन में खड़ा हो जाता है

कोच सर किसी को बुला कर कुछ कहते है आवर वो भी आ कर के वह सभी स्टूडेंट को ट्रैंनिंग के बारे में बताते है

इसी दौरान एक जवान कुछ पेप्पेर्स ला कर कोच सर को देता है कोच सर पेप्पेर्स को चेक करके सूर्य को देखते है

कोच सर .....सूर्य शिव ठाकुर आगे आओ

सूर्य जा कर कोच सर के सामने खड़ा हो जाता है

कोच सर .....बॉयज इन से मिलो ये है तुम सबका नई साथी आज से ये भी तुम्हारे साथ ट्रैंनिंग करेगा तुम में से कोई बता सकता है क्या की सूर्य की आगे कितनी है

कोई 19 तो कोई 20 इयर्स बताता है

कोच सर .....सूर्य इनको अपनी आगे बताओ आवर अपने इंट्रो दो

सूर्य .....जी सर मेरा नाम सूर्य शिव ठाकुर है मैं राजस्थान से बिलोंग करता हूँ मेरा जनम u.s.a में हुआ है मेरे आगे क्सक्सक्स इयर्स है

सभी को सूर्य के आगे सुन कर ताजुब हुआ क्युकी सूर्य कही से भी क्सक्सक्स साल का नहीं लग रहा था

कोच सर ...सूर्य तुम बाकि सबने साथ मेरे अंडर ट्रैंनिंग करोगे मेरा हूँ तुम्हारा कोच रजत गुप्ता

उसके बाद सूर्य को बाकि सबने साथ ट्रैंनिंग स्टार्ट कर दी जाती है

रजत सर दूर से सूर्य को देख रहे थे

सूर्यगढ़ .......

सूर्य के घर से जाने के बाद पुरे घर में बिलकुल सनता सा फॉर हुआ था

क्युकी सूर्य के जाने के बाद से सब उदाश जो चुके थे वो तो किरण कोमल पायल प्रीति ने थोड़ा बहुत माहौल को बदल दिया था बड़ी मुस्की से किरण आवर कोमल ने रात को शालिनी को खाना कहिल्या

रात में किरण शालिनी के साथ हे सोती है जिस से शालिनी को भी अच्छा लगता है

किरण रात भर जब तक शालिनी सो नहीं गयी सूर्य को बचपन के किसे शालिनी से सुनती है

जिस से शालिनी को गम से बहार निकलने में मदद मुलती है

विक्रम सिंह अपने मां से मिल कर लौट आया था सक्तिपुर आवर उसको ये भी आभाष हो चूका था की उसका मां उसकी कोई मदद नहीं करने वाला है बल्कि वो जो भी करेगा अपने फायदा के लिया करेगा

अजय .......विक्रम भाई आप कहा से बड़ी माँ सा सुबह से आपके लिया परेशान है आपका फ़ोन भी ऑफ था

विक्रम .....अजय कुछ काम था इस लिया रात को रुकना पता तुम चिंता न करो मैं माँ सा से बात कर लूंगा

अजय ........विक्रम भाई आप जिस काम के लिया गए थे वो हुआ की नहीं

विक्रम ......है काम हो गया है पैर कुछ समय के लिया तुम भी ध्यान रखना बिना किसी को परेशान किया शांत रहोगे तो अच्छा है

अजय .....क्या मतलब आपका

विक्रम .......मतलब अपने आवारा दोस्तों से दूर रहो इस वक़्त हमें मिल कर हवेली को संभल न है तो कोई भी ऐसा काम न करना जिसके चलते प्रॉब्लम हो पापा आवर चचाके जाने के बाद हम कमजोर हो चुके है इस लिया कोई भी लफड़ा लड़ाई जगदा नहीं करना एक बार जो मैं करना चाहता हु वो हो जाये फिर तुम जो चाओ करो पैर इतने टाइम shan't रहो

अजय ......ठीक है विक्रम भाई सा ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .....

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स........
 
अपडेट .......76

विक्रम ......है काम हो गया है पैर कुछ समय के लिया तुम भी ध्यान रखना बिना किसी को परेशान किया शांत रहोगे तो अच्छा है

अजय .....क्या मतलब आपका

विक्रम .......मतलब अपने आवारा दोस्तों से दूर रहो इस वक़्त हमें मिल कर हवेली को संभल न है तो कोई भी ऐसा काम न करना जिसके चलते प्रॉब्लम हो पापा आवर चचाके जाने के बाद हम कमजोर हो चुके है इस लिया कोई भी लफड़ा लड़ाई जगदा नहीं करना एक बार जो मैं करना चाहता हु वो हो जाये फिर तुम जो चाओ करो पैर इतने टाइम shan't रहो

अजय ......ठीक है विक्रम भाई सा ........

अब आगे ........

जैसे जैसे समय बिट रहा था सूर्य की ट्रैंनिंग आवर हार्ड होती जा रही थी

सूर्य की ट्रैंनिंग की रिपोर्ट्स हर 15 दिन बाद ब्रिगेडियर ( सूर्यकांत ) को दी जाती थी थी

आज सूर्य को यहाँ पुणे आये हुए 2 मंथ से भी ऊपर हो चूका था

कोच रजत गुप्ता सर सूर्य की ट्रैंनिंग के पार्टी एकाग्रता देख बहुत खुश होते थे

सूर्य उनका फेवरेट स्टूडेंट बन चूका था वही जससप्रीत सोहेल आवर सतवीर से सूर्य की अच्छी दोस्ती हो चुकी थी

रजत सर ......सूर्य जब से तुम आये जो तुमने एक बार भी चुटी के दिन भी बहार नहीं गए कैंप से हलकी चुटी के वक़्त भी तुम ट्रैंनिंग में लगे रहते हो

सूर्य ......सर मैं यहाँ के बारे में कुछ भी ज्यादा जनता नहीं हूँ आवर फिर बहार कोई मेरे जान पहचान का है भी तो नहीं

सोहेल ......सर ये झूट बोल रहा है मैंने बहुत बार कहा है की मेरे साथ चल जब भी चुटी पे घर जाता हूँ अम्मी अबू इसकी वह से मुझे hi दन्त देते है की सूर्य को क्यों नहीं ले कर आता हूँ

जबकि वो इस से मिले भी नहीं है सिर्फ फ़ोन पे बात हुए है इसके साथ में उनकी

रजत सर .....सूर्य जब तक बहार नहीं निकलोगे तो दुनिया को कैसे संजोगे

सूर्य .....पैर सर मेरी ट्रैंनिंग

रात सर .....सोहेल सूर्य की 2 डेज की चुटी के साथ साथ तुम्हारी भी चुटी अलॉट करता हूँ

मेरे रिस्क पे सूर्य को बहार ले कर जाओ आवर उसको अपना सहर गुमओ शॉपिंग करवाओ

दो दिन बाद मुझे आने बताना क्या क्या किया अगर सूर्य नहीं गया तो पनिशमेंट तुम्हे मिलेगी

सोहेल .....भाई तू हमसे छोटा है फिर भी तेरे पेअर पड़ता हूँ अब तो चल यार क्यों मरवाने पे तुला हुआ है

सूर्य ......ठीक है सर सर क्या मैं आपकी बाइक ले जा सकता हूँ

रजत सर .....ठीक है पैर तुम चला लेते हो न

सूर्य. ..... जी सर मेरा पास पहले से बाइक है

कुछ देर बाद सूर्य आवर सोहेल त्यार हो कैंप से निकल जाते है गुमने के लिया

सोहेल .....देख सूर्य कितना अच्छी जगह है पैर तुम जो की कभी बहार आते हे नहीं हम है की मौका देखते है कब बहार जाये

सूर्य .....सोहेल भाई ये मुझे पसंद नहीं है ऐसा कहना तो गलत होगा मैं यहाँ केवल ट्रैंनिंग के लिया आया हूँ

सोहेल .....क्या मतलब हम भी तो ट्रैंनिंग कर के आर्मी ज्वाइन करने के लिया हे तो यहाँ है .

सूर्य .....बस यही फरक है मैं आर्मी ज्वाइन नहीं करने वाला हूँ

मुझे बस आर्मी ट्रैंनिंग चाइये आवर कुछ नहीं

सोहेल .......यार तू बहुत अजीब बाँदा है भेनचोद यहाँ लोग आर्मी के लिया क्या करते है आवर एक तू है की

अह्ह्ह्ह यार मारा क्यों

सूर्य ......मैंने पहले भी कहा था न

सोहेल ......सॉरी यार पैर मुँह से गली निकल जाती है

कुछ देर बार सोहेल बाइक एक बंगले के अंदर खड़ा करता है

सूर्य .....ये हम कहा आये है सोहेल ये तो किसी का घर लग रहा है

sohel......ha ये घर हे है आवर ये मेरा घर है आज से तुम्हारा भी

सूर्य ......यार काम से काम बहता तो दिया होता

सोहेल ......चल न यार

सोहेल सूर्य का हाथ पकड़ अपने घर में इंटर होता है जहा एक बुजुर्ग सा हटा काटा हलकी सफ़ेद लाल दादी वाले बुजुर्ग बैठे हुए चाय की चुस्किया ले रहे थे

सोहेल ......सलाम अब्बूजान सूर्य इनसे मिली ये मेरे अबू है

सूर्य ......नमस्ते अंकल

सूर्य आगे भाड़ कर s.abu ( सोहेल के अबू ) के पेअर छूटा है

s.abu ......कुधा तुम्हे हमेशा खुश रखे तो आज आखिर तुम हमसे मिलने आ हे गए सूर्य बहुत सुना था तुम्हारे बारे में सोहेल से

सूर्य .....जी अंकल जी

S.abu .......बेगम साहिबा जरा बहार तो आइये देखो तो कोण आया है

s.ammi......kya हुआ जी क्यों चूका रहे है अरे सोहेल बीटा तुम कब आये आवर ये सूर्य है तुम्हारा दोस्त

सोहेल ......जी अम्मी ये सूर्य है हम बस अभी अभी आये है

सूर्य सोहेल की अम्मी के पेअर चुने लगा तो उन्होंने सूर्य को गले लगा लिया

सोहेल की अम्मी के गले लगते हे सूर्य के बॉडी में जुरूजूरी से दौड़ गई सोहेल की अम्मी भाड़ खूबसूरत भरे बदन की मनिला थी सूर्य को अपने सीने से लगाने पे सूर्य को उनके सॉफ्ट सॉफ्ट 38 की चूचिया अपने छाती में किसी पानी से भरे दो गुब्बारे दबने जैसा अहसास हुआ

सूर्य .....नमस्त्य आंटी जी

S.ammi .....नमस्त्य बीटा कब से तुम्हे देखने का दिल था आज आये हो तुम

सूर्य .....सॉरी आंटी जी वो मैं आज पहली बार कैंप से बहार निकला हूँ तो आज देखो आ गया आपसे मिलने

सोहेल .......अम्मी आपि लोग कहा है

s.ammi.....beta वो बहार गई है शॉपिंग के लिया

सोहेल .....अम्मी हम भी बहार जा रहे डिनर बहार करेंगे

s.abu .....बीटा कॉफ़ी तो पिलो फिर चले जाना

सोहेल ......अबू मुझे सूर्य को शॉपिंग करवानी वो यहाँ के बारे में कुछ नहीं जनता

तभी वह कोई खूबसूरत से लड़की आती

लड़की .......सलाम सोहेल भाईजान आप कब आये कैंप से

सोहेल .....सलाम सलमा मैं बस अभी आया हूँ ये मेरा दोस्त सूर्य ठाकुर सूर्य ये मेरे फूफी की बेटी है सलमा

सलमा ......hi सूर्य

सूर्य ......hello सलमा जी फूफी की बेटी मतलब

सोहेल .....अरे मैं तो भूल गया की तुम्हारे यहाँ फूफी को बुआ बोलै जाता है

सोहेल ......आवर सलमा तुम्हारी स्टडी कैसे चल रही है

सलमा .....अच्छी चल रही है भाईजान इस बार आप बिना खबर किये हे आ गए

सोहेल ......अरे मुझे खुद नहीं खबर थी चुटी की वो तो सूर्य की वजह से मुझे भी मिल गई ये जनाब जब से कैंप आये है एक बार भी बहार नहीं गए है तो सर का आर्डर मिला की सूर्य को ह्यूमेन आवर शॉपिंग मुझे करवानी है दो दिन गुमना फिरना बस यही सब के चलते तुम्हारे सामने हूँ

s.ammi ......लो बीटा जी कॉफ़ी ले फिर जाना बहार

सलमा ......क्या मैं भी चालू आपके साथ

सोहेल ......ठीक है फिर एक काम करो अपने कार ले आओ ुशी से चलते है

सलमा सोहेल की बात सुन के चहक उठी

उसकी आँखों की चमक अच्चानक से भाड़ गई थी

सलमा bye बोल कर निकल गई सूर्य आवर सोहेल बाते करते हुए कॉफ़ी की चुस्किया लेने लगे

10 मिनट्स बाद हे बहार कार के हॉर्न की आवाज सुन कर सोहेल ने चलने का इसरा किया

सूर्य आवर सोहेल बहार निकल गए

s.ammi ........सुनते सोहेल के अबू आपने देखने सूर्य को

s.abu ......है तो इसमें क्या हो गया

s.ammi ......सूर्य अगर हमारी कास्ट का होता तो मैं सानिया का निकक सूर्य से हे करवाती

s.abu......tum भूल रही हो अभी वो क्सक्सक्स का भी नहीं हुआ है

s.ammi ......आपको ऐसा लगता है है

s.abu .......क्या मतलब है तुम्हारा बेगम साहिबा

s.ammi .......उसका सरीर देखा अपने सोहेल से भी तगड़ा है

s.abu .......तभी मैं सोचु तुम उसके सीने से क्यों लगी कही तुम्हारे इरादे तो नेक है न

s.ammi .......ऐसा कुछ नहीं है बस जैसे सीने से लगा निचे मुनिया फड़फड़ाने लगी है मेरी तो

s.abu ......चल फिर तेरी मुनिया को मैं संत करता हूँ उस बच्चे को बकश दे मेरे जान

s.ammi .....वैसे आज सोहेल बड़ा चहक रहा है सलमा को देख कर

S.abu .....आज रात फिर से बजने वाला है सायद सोहेल सलमा की

s.ammi ......हेहेहे बाप अपनी बहन की बजता है आवर बीटा अपने बहन की

s.abu ......क्या करे बेगम तुम आवर मेरी बहन दोनों हो हे गरम मॉल

s.ammi.....tabhi तो आपने अपनी चुदकड़ छोटी बहन को अपने पास रखा हुआ है चलो जी अब रूम में चलो मैं गेट लॉक करके आती हूँ

इन दोनों की तो दमकदार चुदाई सुरु हो गयी

वही सोहेल ड्राइव कर रहा था सलमा सोहेल के साथ बैठी हुए थे सूर्य पीछे बैठा हुआ था

सलमा .......सूर्य आपकी कोई गफ है

सूर्य .........जी नहीं मेरी कोई गफ नहीं है मैं इन सब से दूर हे रहता हूँ

सोहेल ......सलमा तुम्हे पता है सूर्य आर्मी स्कूल में जहा स्टडी करता है वह बहुत से लड़किया इसके पीछे पड़ी रहता है पैर ये बदल बरमचारी बने हुए है जैसे इन्हे किसी परिस्थान की पड़ी का इन्तजार हो

सूर्य .......ऐसा ककुछ नहीं है सोहेल मैं इन मामलो में पद कर अपने ट्रैंनिंग के बिच किसी को नहीं आने देना चाहता

सोहेल .....तुम्हे क्या लगता है किसी लड़की के साथ टाइम बिताने से तुम्हारी ट्रैंनिंग पे आसार पड़ेगा

सूर्य .....बिलकुल पड़ेगा भाई

सोहेल ......फिर मुझे ऐसा क्यों नहीं लगता है

सूर्य .....क्युकी तुम्हे अभी प्यार नहीं हुआ है न भाई

sohel.......tumhe सायद पता नहीं मेरी एक गफ है

सूर्य .......जनता हूँ तुम्हारी गफ है आवर कोण है ये भी जनता हूँ

सोहेल .......तुम झूट बोल रहे हो जबकि मैंने आजतक किसी को बताया तक नहीं

surya......to क्या हुआ बताया नहीं तो क्यों सलमा जी .या भाबीजां

सूर्य द्वारा सलमा को भाबीजां कहा जाना सुनते हे सोहेल के पेअर ब्रेक पे चिपक गए आवर एक करके में कार बंद पद गई

सोहेल आवर सलमा मुँह फाडे सूर्य को देखने लगे

सूर्य .......सोहेल कार बिच सड़क पे है ट्रैफिक है कार स्टार्ट करो आवर निकलो यहाँ से

सोहेल कार को स्टार्ट कर आगे भाड़ा देता है

सलमा. .....तुम्हे कैसे पता चला की मैं हे सोहेल की गफ हूँ जबकि तुम तो मुझे पहली बार मिल रहे जो आवर नहीं सोहेल ने तुम्हे ये सब बताया है तो फिर

सूर्य .......तुम दोनों की आँखों में जो चमक आई थी एक दूसरे को देख कर ुशी से पता चला फिर जब आपने सोहेल के साथ चलने का कहा तो सोहेल की आँखों में भी कुछ ऐसा हे था पैर एक दर भी था जो सायद मुझे ले कर के था की मुझे तुम दोनों का पता न चल जाये

डोंट वोर्री मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है आवर सायद अंकल आंटी को भी पता है है

सोहेल .......ये तुम क्या कह रहे हो अम्मी अबू को पता चला तो वो हमें जान से मर देंगे

सूर्य ......ऐसा कुछ नहीं है अगर उन्हें ऐसा करना होता तो सायद बहुत पहले हे कर लिया होता

सोहेल ......पता नहीं यार तुम्हे ये सब कैसे पता चला जबकि मेरी दोनों सिस्टर्स को भी हमारे बारे पता नहीं है

सलमा .....लो मॉल आ गया है

सोहेल कार को पार्किंग में लगा देता है

तीनो उतरा कर मॉल में चले जाते है

सोहेल ......सूर्य ये यहाँ के बेस्ट माल्स में से एक है यहाँ हर तरह के कपडे मिल जाते है बढ़िया क्वालिटी में

सूर्य ......तुम्हे तो पता है है मैं कैसे कपडे पहना पसंद करता हूँ

सलमा .....उसकी चिंता तुम न करो सूर्य के ड्रेस में सेलेक्ट करूंगी

बस तुम मुझे अपना बजट बताओ

सूर्य अपनी जेब से अपना इंटरनेशनल कार्ड निकल कर सलमा को देता है

सूर्य .......तीनो की जो भी शॉपिंग हो वो इस कार्ड से पेमेंट करोगी तो हे मैं शॉपिंग करूंगा

सलमा .....OK जैसे तुम्हारी मर्ज़ी

( लगता है काफी बड़ी पार्टी है )

सूर्य सलमा की आँखों की चमक देख मुस्कुरा उठा

तीनो शॉपिंग करने लगते है सलमा की ड्रेस चॉइस बहुत अच्छी थी सूर्य को भी अपने लिया ली ड्रेस बहुत पसंद थी

सूर्य ..... सोहेल अंकल आंटी आवर तुम्हारी बहनो की शॉपिंग भी करनी है मुझे उनका मैप नहीं पता है

सोहेल ......उसकी क्या जरूरत है सूर्य

सूर्य .......गिफ्ट जरूरत देख कर नहीं दिए जाते है सोहेल वो तो देने वाले के सोच आवर उसका प्रेम होता है

सोहेल .......मुझे माफ कर मेरे यार तुम्हे संजना मुश्किल है

तीनो फिर से शॉपिंग करने लगते है

सोहेल .....सूर्य मैं अभी आता हूँ सलमा तुम सूर्य के साथ रुको

सलमा ....OK बूत जल्दी आना

सोहेल .....10 मिनट्स बस अभी आया

सोहेल के जाते हे सलमा सूर्य का हाथ थम एक शॉप में गुस्सा जाती है जहा पे केवल गर्ल्स उन्देर्गर्मेट आवर सेक्सी निघ्त्य वगेरा हे मिलते थे

सूर्य .....मुझे यहाँ क्यों ले हो यहाँ मेरा क्या काम

सलमा .......ड्रेस तो मैंने पसंद कर ली पैर बाकि के तुम्हारी पसंद के लेने है मुझे

सूर्य ....प्लेसेस मुझसे ये सब नहीं होने वाला है

सलमा .....फिर जाने दो मुझे नहीं करनी कोई शॉपिंग

सेलल्सगर्ल ......सर जब आपकी गफ कह रही है तो कर दीजिये न इसमें सर्मना कैसे

सलमा .....मन भी जाओ न

सूर्य ......ठीक है मैं करता हूँ पसंद

सलमा ......34.28.36 ......38.32.38.

....36.30.36......34...30.34. साइज के नई ब्रा पंतय सेट देखो

सेलल्सगर्ल .....OK मेम

सेलल्सगर्ल्स अंदर चलो गई

सूर्य ......ये किस किस के लिया ले रही हो

सलमा ......क्यों क्या हुआ साइज पसंद नहीं आये क्या कोई भी

इसमें मेरी साइज आवर सोहेल की दोनों बहने आवर उसकी अम्मी के साइज है

सूर्य .........पैर उनको गिफ्ट में ये सब देना बहुत गलत है

सलमा ....कुछ गलत नहीं है ये मैं अलग से पैक करवा लुंगी तुम चिंता न कर यार

वैसे कोनसी फिगर पसंद आई तुम्हे

सूर्य .....ये क्या बावश कर रही हो तुम मुझे ये बिलकुल भी पसंद नहीं

सलमा ......अगर पसंद नहीं तो तुम्हारा ये क्यों खड़ा हो गया सिर्फ साइज का सुन कर हे

( आवर डेरी से सलमा सूर्य में खड़े लैंड पे हाथ फिर देती है )

सूर्य के पुरे बदन में जुरजूरी से फ़ैल गई सलमा के ऐसा करने से सूर्य को गुस्सा भी आ रहा था वही सलमा की ऐसे हरकत उसे मज़ा भी दे रही थी

कुछ हे देर में सेल्स गर्ल ने एक के बाद एक ब्रा पंतय सेट वह ला कर रख दिया













सूर्य डरते डरते कुछ सेट को चुन कर रख देता है

सलमा .......ऐसे क्या देख रहे जो अच्छे से कपडे को फइलल करो के कपडे से बॉडी के part हरम न हो

सूर्य .....प्लेसेस सलमा अब तुम हे जो पसंद है वो देख लो

सलमा एक एक करके 10,12 सेट ब्रा पंतय का बॉक्स में पैक करने का बोलती है 12 सेट ब्रा पंतय 1800 हज़ार के





सेल्स गर्ल 4 बॉक्स में अलग अलग पैक कर देती है

सूर्य जल्द से जल्द वह से निकलना चाहता था तभी वह कोई लड़की आती है

लड़की .....hi सलमा तुम यहाँ पे कैसे

सलमा .......अरे कनिका तुम यहाँ कैसे यार

कनिका ......यार मैं तो बस शॉपिंग के लिया आई थी मेरे दोस्त के साथ तुम यहाँ

कनिका .....वही यार शॉपिंग करने आई थी बूत अकेले

क्या बात है बेस जोरो से शॉपिंग की जा रही है

सलमा .....ऐसा कुछ नहीं है इनसे मिल ये है मेरे भाई के दोस्त सूर्य ठाकुर इनके लिया हे शॉपिंग कर रही हूँ

कनिका ......hi सूर्य आपसे मिल कर ख़ुशी हुई

सूर्य ......hello कनिका जी आपसे मिल कर हमें भी ख़ुशी हुए

सोहेल .....अरे भाई हमें भी अपने दोस्त से मिलाओ सलमा

सलमा ....भाईजान ये मेरी कॉलेज फ्रेंड कनिका गुप्ता है आवर कनिका ये मेरे भाईजान सोहेल है

कनिका ......hello सोहेल भाई

सोहेल .....hello कनिका सलमा शॉपिंग हो गई क्या

सलमा .....जी भाईजान सब शॉपिंग hi गई है

आप चलो मैं पेमेंट करके आती हूँ

सूर्य आवर सोहेल बहार निकल गए शॉप से

कनिका ......यार तुम्हारे भाई का दोस्त तो बहुत हॉट है उस से मेरी सेटिंग करवा दे न

सलमा ......हेहेहे मुझे पहले हे पता था तुम ऐसा हे कहोगी पैर उस तरफ no.entry है

कनिका .......क्या उसकी कोई गफ है जो ऐसा बोल रही है

सलमा ....नहीं यार वो देखने में हटा काटा है हैंडसम लिकिंग वो प्यार जिसे चक्रो से दूर रहता है

कनिका ......चल छोड़ यार कोई लड़के पसंद आये तो वो hi भारमचारी निकला

सलमा ने जब टोटल पेमेंट की तो कनिका की आँखे छोड़ी हो गई

कनिका......98000 की शॉपिंग क्या बात है यार पूरा शॉपिंग मॉल खरीद लिया क्या

सलमा ......नहीं यार ये सब सूर्य ने शॉपिंग की है ये देखो उसका हे कार्ड उसे कर रही हूँ

सोहेल ......सलमा जल्दी करो डिनर कर घर भी चलना है

सूर्य .....अपनी फ्रेंड को भी इन्विते कर लो डिनर के लिया

सलमा ......चल अपने हीरो के साथ थोड़ा आवर टाइम बिता ले

कनिका ......चल यार इसी भने कुछ वक़्त तो साथ गुजरेगा

मॉल से निकल कर चारो पास के एक होटल में चले गए डिनर करने

सोहेल ......तुम दोनों लड़किया आर्डर करो सूर्य तुम ड्रिंक करोगे क्या सूर्य ......सॉरी मुझे ये सब पसंद नहीं है

आवर प्लेसेस मेरे लिया सदा खाना हे आर्डर करना आपको जो पसंधि हो

सलमा ......ये क्या बात हुई तुम तो ठाकुर hi फिर नॉनवेज क्यों नहीं कहते हो

सूर्य ......ये जरूरी तो नहीं की हर ठाकुर मसहरी हो मुझे ये पसंद नहीं

सोहेल अपने लिया बेयर आर्डर करता है तो बाकि दोनों भी बेयर आर्डर करती है सूर्य आराम से अपना खाना ख़तम करता है

2,2बेयर गटकने के बाद सब वह से निकले

सूर्य ......ड्राइव मैं करता हूँ तुम लोगो ने ड्रिंक की हुए है

सोहेल ......अरे यार मैंने सिर्फ बेयर पे है तू चिंता कर

सूर्य ......ठीक है कनिका तुम्हे किस तरफ जाना है

सलमा ......इसका घर रस्ते में पड़ता है हम चलते हुए ड्राप कर देंगे

सूर्य पीछे की सीट पे जा बैठा सोहेल ड्राइव कर रहा था तो सलमा आगे बेथ गई कनिका सूर्य के साथ बेथ गई

अभी कुछ दूर निकले थे की सामने ट्रैफिक पुलिस वाले खड़े थे

सलमा ....बाहिजां सामने पुलिस है दूसरे रस्ते से निकल लीजिये

सोहेल ने कार एक कॉलोनी में इंटर की आवर पीछे से निकलते हुए निकल गए

सोहेल ......बाल बाल बचे वर्ण ये मामू लोग फटका लगा देते

सूर्य .....इस लिया हे तो बोलै था ड्राइव मैं करता हूँ

सोहेल .....फिर भी फटका लग जाता यार

Salma......wo कैसे भाईजान इन्होने तो कोई ड्रिंक भी नहीं की है

सोहेल .....क्युकी इसका ड्राइविंग लाइसेंस जो नहीं है

कनिका ......आपको कार चलनी आती है फिर ड्राइविंग लाइसेंस क्यों नहीं बनाये है

सोहेल .....क्युकी इसकी आगे अभी काम है ये 1क्ष इयर्स का होने वाला है नेक्स्ट मंथ

कनिका ......क्या क्या 1क्ष साल इनको देख कर लगता तो नहीं है

सलमा .....कनिका तुम्हारा घर आ गया है

कनिका .......ok bye एवरीवन आपके साथ ाचा लगा फिर मिलेंगे

कनिका सबको bye करके निकल गई

सूर्य ......ये कैसा इलाका है

सलमा ......यहाँ मावली टाइप के लोगो का अड्डा है पैर इस तरफ से शॉर्टकट पड़ता है

सोहेल कार आगे बढ़ा देता है कुछ देर बाद सूर्य को किसी लड़की की आवाज सुनाई दी जैसे कोई मदद के लिया चीला रहा हो

सूर्य .....सोहेल कार रोकना जरा

सोहेल ......क्या हुआ सूर्य

सूर्य .......कार बंद कर पहले फिर बताता हूँ तुम्हे

सोहेल सूर्य की बात मान कार बंद कर देता है

तभी फिर से सूर्य को आवाज सुनाई देती है सूर्य कार से उतर कर उस तरफ दौड़ पड़ता है

सूर्य को ऐसा भागते देख सलमा आवर सोहेल भी उसके पीछे हो लेते है

कुछ हे देर बाद सूर्य एक पुराने घर के पास था इस हे खंडहर कहना ठीक रहेगा

सोहेल अपने सांसो को ठीक करते हुए

सोहेल..... क्या हुआ भाई ऐसे क्यों भाग आया तू

सूर्य ....यहाँ से किसी लड़की की चीखने की आवाज आ रही थी

salma....hamne तो नहीं सुनी वैसे भी ये एरिया ठीक नहीं है चलो यहाँ से

सोहेल. ......है सूर्य यहाँ से निकलना हे बेहतर है हमें किसी से क्यों पन्गा लेना

सूर्य .....तुम दोनों को जाना है तो जाओ मैं अंदर जा रहा हूँ

सूर्य आगे बढ़ जाता है कुछ देर खड़े रहने के बाद सोहेल भी चल पड़ता है

सूर्य जब अंदर पंहुचा तो कुछ 7,8 लड़के गुंडे टाइप के दो लड़कियों की ेजात लूटने की कोशिश कर रहे थे जिसने देखते सूर्य का गुस्सा फुट पड़ा

सूर्य ......अगर जिन्दा रहना चाहते हो तो लड़कियों को छोड़ तो नहीं तो तुम सबकी वो हालत होगी की कोई भीख भी नहीं देगा

लीडर ......ालो देख क्या रहे हो मारो उसको हड़िया तोड़ डालो बड़ा हीरो बनता है

सूर्य .....बस बहुत हुआ बहुत टाइम से हाथ पेअर नहीं खुले है आप प्रेक्टिस जैम के करूंगा

सूर्य आगे भाड़ एक लड़के के पीट में पंच मरता है जिस से उसके मुँह से कच्ची सराबोर के साथ सब कुछ भहर फेंक देता है आवर पीट पकड़ तड़पने लगता है

सूर्य ......तू आराम कर तब तक इनकी बजता हूँ

सूर्य दूसरे लड़के के बालो को पकड़ टूटी हुए डीआर पे दे मरथा है

लीडर ......मादरचोद को जान से मर डालो रे

सूर्य ....बीटा बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने गली दे कर इस सब के लिया मैं तेरी हड़िया तोड़ता पर अब नहीं अब मरेगा तू

सूर्य अब जो भी सामने आता उसका हाथ पेअर तोड़ते के बजाये उन सबके सीने पे पंच मरता जिसको पंच पड़ा वो मारा जाता किसी के सीने की पसलिया टूट उसके दिल के पार होती तो किसी का दिल हे धड़कना बंद कर देता

सोहेल जब आया तो सूर्य 8 में से 4 को यमपुरी पंहुचा चूका था आवर 2 पड़े पड़े तड़प रहे थे

लीडर दर के मरे पिसाब कर देता है दोनों लड़किया फ्री होते हे अपने फाटे पुराने कपड़ो से अपने सरीर को देख लेती है

तभी सलमा की नज़र उन लड़कियों पे पड़ती है

सलमा .सानिया .सोफिया तुम दोनों यहाँ

सोहेल अपनी बहनो नाम सुन उस तरफ देखता है तो फ़ौरन नज़रे गुमा लेता है

सूर्य .....सलमा तुम जानती हो इनको

सलमा .....ये दोनों सोहेल की आपि है मतलब बहने है

सूर्य को ये बात सुन कर बहुत गुस्सा आता है की ये लोग उसके दोस्त की बहनो के साथ ऐसा करने वाले थे

सूर्य ने पुरे ताकत से गुस्सा मारा लीडर के सीने में जिसका अंदाजा सूर्य को भी नहीं था की इसका क्या असर होगा सूर्य का गुस्सा रेड की हदी को तोड़ते हुए उस लड़के के सरीर से पर कर गया

सूर्य के हाथ को उसके बॉडी के आर पर देख सोफिया की चीख निकल जाती है जिस से सूर्य अपने होश में आता है

आवर बाकि 2 की गर्दन तोड़ वो सबको चेतक करता है तो वो सब मर चुके थे

सूर्य ......सोहेल जाओ आवर सलमा के साथ इनको ले जाओ मैं अभी आता हु इनको ठिकाने लगा कर

सोहेल नजरे जुखाये अपने बहनो को ले कर निकल गया सूर्य आप पास कुछ देखता है तो वह बहुत से सराबोर की बोत्तलें पड़ी थी

सूर्य सब लाशो को एकत्र कर उनपे सरब दाल आग के हवाले कर देता है

अपने चेहरे पे लगे खून को अपने खून से भोगे सरत से खुद को साफ कर सरत को उस आग में दाल कर वह से निकल जाता है

सूर्य जब वह पहुँचता है तो शर्ट लेस्स था सूर्य के बॉडी रात में भी चमक रही थी

सूर्य ........आप ठीक तो है न कुछ रह तो नहीं गया है न वह पे

सानिया न में गर्दन हिला देती है

सूर्य .....जुबान नहीं है क्या अगर कुछ रह गया है तो बता दो वर्ण कल को पुलिस घर पे होगी

सानिया .....नहीं कुछ नहीं है हमारा वह पे

सूर्य .....सोहेल घर चलो मुझे नहाना है घर जा कर सोहेल भी चुप चाप घर चल देदिया कुछ 10 मिनट्स बाद कार सोहेल के घर पे थी

सूर्य .....घर पे किसी को पता नहीं चलना चाइये समाज गए आप लोग

सलमा आंटी आवर अंकल को तुम बिजी करो

सोहेल मुझे तुम्हारे रूम तक पहुचाओ आवर आप भी कपडे बदल लीजिये

सूर्य जैसे आर्डर दे रहा था वैसा हे चारो ने किया

सूर्य रगड़ रगड़ कर नाहटा है आवर सॉर्ट निकर आवर t-shirt दाल कर निचे आ जाता है

सूर्य ......सोहेल भाई वो शॉपिंग बैग्स कहा रखे आपने

सोहेल ......सॉरी यार वो तो मैं कार में हे भूल गया अभी ले कर आता हूँ

सलमा .....मैं भी चलती हूँ भाईजान

दोनों बहार चल दिए वही सानिया आवर सोफिया दोनों भी नार्मल हो कर निचे आ चुकी थी

s.ammi ......सूर्य बीटा ये है सोहेल की बहने सानिया सो हक से एक साल बड़ी है आवर सोफिया एक साल छोटी है

सूर्य ......hello दी आप लोगो से मिल कर ा अच्छा लगा कैसे है आप

सानिया आवर सोफिया को बहुत बड़ा झटका लगा पैर जल्दी हे संभल कर

सानिया सोफिया .....तो आप है भाईजान के दोस्त सूर्य ठाकुर हमें भी आपसे मिल कर अच्छा लगा

सलमा आवर सोहेल सभी शॉपिंग बे गैस ले कर अंदर आते है

सोहेल ....अम्मी अबू कहा है वो दिखाई नहीं दे रहे है

S.ammi .....बीटा वो तुम्हारी फुफु के यहाँ है

आते हे होंगे कुछ देर में

सूर्य .....सलमा आंटी आवर दोनों दी के गिफ्ट उन्हें दे दीजिये

सलमा ने 3,3 बैग्स आवर 1 ,1 बॉक्स आंटी सानिया आवर सोफिया को दे दिया

3,4,बहस सोहेल को भी सोहेल अपने बजे ले कर

सोहेल ......अम्मी मैं सोने जा रहा हूँ

आप सूर्य के बिस्तर लगा दीजिये गया गेस्ट रूम में सॉरी सूर्य मई थक गया हूँ

s.ammi ......बीटा ये सब क्या है इतनी शॉपिंग किस लिया

सलमा .....सूर्य ये लीजिये आपके सशोप्पिंग बैग्स आवर ये आपका कार्ड

सूर्य .....थैंक्स सलमा जी हेल्प के लिया

सलमा वह से चली गई अपने शॉपिंग बैग्स ले कर

सूर्य .....कुछ नहीं आंटी आप सबके लिया गिफ्ट है

प्लीज मन मत लीजियेगा

s.ammi ....बीटा इन सबकी क्या जरूरत थी

सानिया ....अम्मी खाना लगा दीजिये भूख लगी है

s.ammi .....ok जाओ आवर अपने बैग्स रख कर आओ मई डिनर लगती हूँ

सोफिया सानिया अंदर चली गई s.ammi ने बॉक्स खोला थो उसमे बहुत हे सेक्सी ब्रा पंतय थी आवर एक सेक्सी निघ्त्य

s.ammi सूर्य को ब्रा पंतय दिखते हुए

s.ammi .....बीटा ये कैसे गिफ्ट है

सूर्य .....सॉरी आंटी ये सलमा ने हे कहा था मैंने बस पसंद किये थे सॉरी

s.ammi ...बहुत अच्छी चॉइस है तुम्हारी एक हे बार में फिगर भी पता कर लिया बहुत फ़ास्ट हो संभल कर

सूर्य .....आप गलत समाज रही है आंटी सलमा ने हे आपकी आवर दोनों दी की साइज थी मुझे कैसे पता आपके बॉडी साइज

s..ammi ......पता कर लेना चाइये था मैं हे दिखा देती ी मैं बता देती चलो डिनर लगाती हूँ

सूर्य .....आंटी हमने बहार हे कर लिया था क्या मैं चाट पे जा सकता हूँ गुमने के लिया

s.ammi ...ok बीटा मैं भी सुपर आती हूँ डिनर फिनिश कर के .......

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s.ammi ...बहुत अच्छी चॉइस है तुम्हारी एक हे बार में फिगर भी पता कर लिया बहुत फ़ास्ट हो संभल कर

सूर्य .....आप गलत समाज रही है आंटी सलमा ने हे आपकी आवर दोनों दी की साइज थी मुझे कैसे पता आपके बॉडी साइज

s..ammi ......पता कर लेना चाइये था मैं हे दिखा देती ी मैं बता देती चलो डिनर लगाती हूँ

सूर्य .....आंटी हमने बहार हे कर लिया था क्या मैं चाट पे जा सकता हूँ गुमने के लिया

s.ammi ...ok बीटा मैं भी सुपर आती हूँ डिनर फिनिश कर के .......

अब आगे ........

सूर्य जब चाट पे पंहुचा तो उसकी नजर कोने में खड़े सोहेल पे पड़ी

सूर्य उसकी तरफ अभी आगे भड़ता उस से पहले हे सलमा अपनी चाट पे सूर्य को नजर आ गई

सूर्य ने एक बार तो निचे जाने का सोचो फिर कुछ सोच कर वह निचे जाने की बजाय चिपटे हुए उनके नजदीकी पंहुचा आवर उनकी बाते सुन ने लगा

सलमा .......भाईजान आज क्या प्लान है कुछ होगा भी की नहीं

सोहेल .....सलमा तुम चिंता न कर मैंने पूरी सेटिंग कर ली है

सलमा .......अब ये भी बता दो की आना कब है आवर कहा है

सोहेल ......मेरा बगल में जो स्टोर रूम है वो ठीक रहेगा

सलमा....... पागल हो क्या वह कितना कबाड़ पड़ा है

सोहेल ......अरे सुन तो तुम्हे पता है न की बाथरूम का एक दूर उस रूम में भी खुलता है हम रूम में भी सेक्स कर सकते जहा तुम्हारी मर्ज़ी हो अगर तुम पहले आई तो वही रुकना मैं पहले आया तो मैं तेरा इन्तजार करुगा

सलमा ......आवर तुम्हारा दोस्त सूर्य कहा सोने वाला है

सोहेल ......मैंने अम्मी को बोल कर सूर्य के लिया गेस्ट रूम में इंतजाम कर दिया है जो सानिया आपि के बगल वाला रूम है न वो

सलमा ......कुछ भी कहो भाईजान पैर आपका दोस्त है बहुत दमदार मुझे तो अब भी दर सा लगता है जब अयाज़ आता है की कैसे उसने उस हराम के जाने के सीने के पार अपना हाथ गुस्सा दिया था

sohel......wo दिल का बहुत अच्छा है उसे नफरत कोई उसे गली देता है या उसकी फॅमिली को ले कर कुछ भी गलत कहे वो बर्दास्त नहीं करता है

सलमा ......ऐसे दोस्त बहुत मुश्किल से मिलते है सोहेल उसने आज तुम्हारी बहनो की इजाजत बचने के लिया 8 लोगो का कतल कर दिया

कोण ऐसा होगा जो तुम्हारी बहनो के लिया ऐसा करे तुम्हारे लिया ऐसा करे

सोहेल ......वो ठाकुर है उसकी दोस्ती जानत है तो दुश्मनी जहनुम

सलमा .....तुम्हे पता है वो मेरी दोस्त जो हमें मिली थी वो तुम्हारे दोस्त पे फ़िदा हो गई है

सोहेल .....तो फिर दिला दे उसकी सूर्य को

सलमा ......नहीं वो ऐसे लड़की नहीं है वो सायद सूर्य को लिखे करने लगी है पैर जब उसको पता चला सूर्य ऐसे मामले से काफी दूर है

सोहेल ........सच कहा तुमने

सलमा .....कही सूर्य का हतियार काम नहीं करता ऐसा तो नहीं है

सोहेल........ पागल लड़की ये क्या बोल रही है उसका अगर देख लिया तो ुशी से तेरी फैट जाएगी

उसका मेरे से भी काफी बड़ा है आवर मोटा भी मेरा कला है पैर उसका पूरा गुलाबी है

सलमा ......क्यों मेरी छूट में आग लगा रहे हो भाई

sohel......hahaha सोचना भी नहीं नहीं तो तुम्हारी छूट फटी हुए भी फाड़ डालेगा वो भले हे उसने आज तक मुठ भी न मरी है

सलमा .....तुम्हे कैसे पता की उसने मुठ भी नहीं मरी होगी

सोहेल .....यार अब एक हे रूम में रहते है नहाते पिसाब करते दिख हे जाता है बस एक बार जब मैंने ध्यान से देखा तो उसका तो टंका भी नहीं खुला है पूरी तरह से जब मैंने उस से कहा तो उसने हेड को बहार निकलने की कोशिस की पैर दर्द होने के कारन छोड़ दिया

सलमा ......अह्ह्ह्हह मेरी छूट में खुजली हो रही है एक राउंड कर लेते है अभी हे

सोहेल .....चल फिर घोड़ी बन जा मेरा भी खड़ा हो गया है

सोहेल अपने सादे 6 इंच के लैंड को बहार निकला आवर थूक लगा कर कुछ देर सलमा की छूट को गाँस पे रगड़ा फिर 2 जातको में पूरा गुस्सा दिया

आवर चूतिया पकड़ कर रखे मरने लगा

ीदार सूर्य इनकी बात सुन कर गरम होने लगा इन दोनों की चुदाई की आवाज सूर्य की गर्मी बढ़ा रही थी

15 मिनट्स दोनों ने दुहदार चुदाई की एक हे मुद्रा में

सोहेल आवर सलमा चुदाई कर के अपने अपने रूम की तरफ निकल गई

सूर्य ......इन भैंचोड़ो की बझा से मेरा लैंड दर्द कर रहा है

अब क्या कृ मुझे तो मुठ मरना भी नहीं आता है एक काम करता हूँ पानी डालता हूँ सायद ठीक हो जाये पहले के जैसे

सूर्य जल्दी जल्दी सदियों से निचे उतरता है आवर जैसे हे सदियों पे राउंड में गम के उतारते है एक तो जल्दी ऊपर से ान डेरे में कुछ ठीक से दिखा नहीं आवर सूर्य किसी से जा टकराया

निचे सूर्य उसके ऊपर वो भरी भरकम सरीर सूर्य का खड़ा लैंड सीधा उसकी औरत या लड़की जो भी थी उसकी सलवार के ऊपर से हे सायद कुछ अंदर जा गुसा था

जिस कारन सूर्य को अपने लैंड पे गर्माहट महसूस हुए आवर उस लेडी को को अपनी छूट के होंठ खुलते आवर बंद होते महसूस हुए दोनों के बढ़ाना से एक लहार सी उठी

आवर सभी हुए सिसकारी दोनों के हे

मुँह से निकल गई

सूर्य की आँखे जब अंदर में देखने लायक हुए तो उसने अपने ऊपर देखा

वो कोई आवर नहीं s.ammi थी

सूर्य का एक हाथ पीठ पे आवर दूसरा आंटी के गदराई हुए गांड पे था

सूर्य ......आंटी आप ठीक तो है न आपको चूत तो नहीं लगी

अब आंटी तो कही आवर हे खोये हुए थी मज़े में सूर्य ने ध्यान दिया तो पाया की आंटी की कमर डेरी डेरी निचे की तरफ पुस हो रही है

मज़ा तो सूर्य को भी आ रहा था पैर आंटी उसके दोस्त की माँ थी इस लिया

इस बार सूर्य ने अपना जो हाथ आंटी के गांड पे था उस से आंटी की मखमली गांड दभा दी

सूर्य ......आंटी जी उठोगे ऊपर से

आंटी .....है है बीटा सॉरी मैंने ध्यान नहीं दिया तुम्हे लगी तो नहीं न

सूर्य .....मैं ठीक हूँ आंटी आप उठोगे कोई देखेगा तो क्या सोचेगा

आंटी अपने हाथो के सहारे उठने लगी पैर बिच में हे जान बुज कर आंटी अपने हाथो को ढीला छोड़ देती है जिस कारन से एक बार फिर आंटी सूर्य पे आ गिरी कमर से ऊपर का उठा हिस्सा फिर से आ कर सूर्य पे गिरा 38 की चूचिया सूर्य के सीने से राम्रै तो गुदगुदी से हो उठी पुरे बदन में पैर ये सब एक पाल बाद हे सूर्य के लिया दर में बदल गया आवर आंटी का भी हल कुछ ऐसा हे था

हुआ ये के जैस आंटी फिर से उठी उतने के साथ हे उन्होंने अपने कमर को जड़का दिया जिस से सूर्य का लिंग जो पहले से हे छूट के लिप्स में फशा हुआ था

वो आवर अंदर उतर गया

सूर्य .....अह्ह्ह आंटी पल्सेस जल्दी से उठिये मुझे पैन हो रहा है

आंटी जल्दी से उठी सूर्य भी जल्दी से उठा

सूर्य .....अह्ह्ह आंटी मेरा रूम कोनसा है प्लेसेस मुझे जल्दी बताएंगे

s.ammi ......चलो मैं ले कर चलती हूँ

सूर्य डेरी डेरी सीडी से उतारते है

सूर्य के फेस पे दर्द साफ साफ दिख रहा था

सानिया ......क्या हुआ अम्मी ये सूर्य ऐसे क्यों चल रहा है

s.ammi .....बीटा सूर्य अंदर में सीढ़ियों पे गिर गया था

तो इसको सायद चौथ लगी है तुम जरा सूर्य को गेस्ट रूम तक छोड़ दो मैं क्रीम ले कर आती हूँ

सानिया ....आइये आपको मैं छोड़ देती हूँ रूम में

सूर्य .....आप चलिए मैं आता हूँ आपके पीछे पीछे

सानिया .....ये रहा आपका रूम क्या ज्यादा हे चौथ लगी है क्या अगर प्रॉब्लम न हो तो मैं देख सकती हूँ मैं नर्सिंग कर रही हूँ

सूर्य ....सॉरी मैं आपको नहीं बता सकता

इतना बोल सूर्य बाथरूम की आवर चल देता है

अंदर का कर सूर्य जल्दी से अपना लोअर निचे करता है

सूर्य के मुँह से दर्द भरी आअह्ह्ह्ह निकल जाती है जोसनीय ने सुन ली उसको लगा कुछ हुआ है

तो उस वो जल्दी से अंदर जानकी

जैसे हे सानिया ने अपना सर अंदर डाला वैसे हे सूर्य ने लोअर निचे किया

अब तक दर्द से सूर्य का लैंड सॉफ्ट हो चूका था

सूर्य के लैंड के सूपड़ा की चमड़ी पलट चुकी थी जिस से पूरा गुलाबी सूपड़ा बहार निकल चूका था





जैसे हे सानिया की नजर सूर्य के लैंड पे पड़ी उसको मुँह ऐसे खुला जैसे सूर्य ने अपना लैंड उसके मुँह में फिट कर दिया हो

सूर्य ......अह्ह्ह्हह ये क्या हो गया बहुत दर्द कर रहा है सूर्य ने अपने लैंड पे पानी डालना सुरु किया किश से उसको थोड़ी रहत मिली

सानिया अभी भी जुख़ी हुए सूर्य देख रही थी सूर्य का तो पूरा ध्यान अपने दर्द पे था

सूर्य ने अपने लोअर को जैसे तैसे सुपर किया तो सानिया भी वह से हैट गई

सूर्य डेरे डेरी बहार आता है है आवर आ कर बीएड पे लेट जाता है तभी आंटी अंदर आती है

आंटी .....बीटा अभी भी दर्द है क्या

सूर्य .....जी आंटी अंदर दिखाई नहीं दिया तो लग गई चौथ सुबह डॉक्टर को दिखा लूंगा आंटी

सानिया ......अम्मी ये क्या है आपके हाथ में

S.ammi ......बीटा वो सूर्य के लिया ले थी उसको पैन हो रहा है न तो

सानिया .....अम्मी आप चिंता न करे मैं इनको क्रीम दे दूंगी ये वो क्रीम नहीं है

जिस से इनको आराम मिले

s.abu ......क्या हुआ भाई आप यहाँ कैसे

saniya.....abhi वो सूर्य ान डेरे की बाजवा से सदियों पे गिर गए थे तो उनको चौथ लग गई थी

s.abu ....बीटा तुम ठीक तो हो न कहो तो डॉक्टर के पास चले

सानिया ....अबू मैं हूँ न मुझे पता है इनको कोनसा तब लेट देना है आवर कोनसा क्रीम देना है आप चिंता न करो काफी लेट हो गया अब भी रेस्ट कीजिये

s.abu .....अच्छा बेटी तुम भी सूर्य को दवा दे कर आराम करना चलो बेगम साहिबा आप भी सो जाये

आंटी पुर अंकल अपने रूम की आवर निकल गए

सूर्य .......आप भी सो जाये जा कर मैं ठीक हूँ अब

सानिया ......आपको पता है डॉक्टर से मरीज को कुछ भी नहीं छुपाना चाइये

सूर्य ......क्या मतलब आपका

सानिया .....मुझे पता है आपको क्या हुआ है आवर ये दर्द ऐसे ठीक नहीं होगा अभी तो वह आपको सूजन भी आएगी

ये सब मैंने पहले हे अपने कोर्स में पढ़ चुकी हूँ

सूर्य .......आपको कैसे पता की मुझे कहा चौथ लगी है

सानिया ......सॉरी वो आपकी दर्द भरी आवाज सुनी तो मैंने गलती से अंदर जनकः लिया था

surya......aapko ऐसा नहीं करना चाइये था आप मेरी दोस्त की सिस्टर हो

सानिया ......आपने आज हमारी इजाजत आवर जान दोनों बच्ची है इस लिया आपका कर्ज तो मैं वैसे भी नहीं उतर सकती हूँ आपको खुदा की कसम आप मुझे मेरा काम करने दे ये समाज लीजिये इस वक़्त आप अपने दोस्त के घर नहीं हॉस्पिटल में आवर मैं एक डॉक्टर हु आप एक मरीज

surya......fir भी ये सचाई तो नहीं बदल जाती की आप मेरे दोस्त की सिस्टर हो

सानिया ......आप मेरे भाई के दोस्त हो मेरे भाई नहीं समजे आवर दूसरी बात हमारे यहाँ एक भाई अपनी हे बहन से सदी कर सकता है बस वो बहन खून के रिश्ते में न हो मतलब की एक माँ से जनम न लिया हो तो वो निकष कर सकते है

जैसे की सोहेल सलमा से से प्यार करता है आवर उनका सरीरी क सम्बन्ध भी है

तुम्हारे हिसाब से तो वो भाई बहन हुए न

सूर्य ........ठीक है आपको जो करना कीजिये

सानिया ......एक मिनट्स रुकिए मैं अभी आती हूँ

सानिया अपने रूम में गई आवर तेजी से लौट आई

सानिया .....एक टेबलेट ले लीजिये इस से आपको दर्द भी नहीं होगा आवर नींद भी अच्छी आएगी

सूर्य ......ये दूसरी टेबलेट किश लिया है

सानिया .......ये हाई पावर नींद का टेबलेट है आवर दूसरा पेनकिलर्स है

चिंता न करो कोई आपकी इजाजत नहीं लूटने वाला है

अगर टेबलेट न ली तो आप जैसे हे करवार बदलेंगे आपको फिर तेज पैन होगा इस लिया ये टेबलेट ले लीजिये

सूर्य दोनों टेबलेट ले लेता है

सूर्य .......ये क्रीम किस लिया है

saniya.......is से आपकी लिंग के हेड की मस्सगेस करनी होगी नाईट में तीन बार

सूर्य .....क्या पैर ये कैसा कर पाउँगा आपने तो मुझे नींद का टेबलेट दे दिया है

सूर्य की आँखे हलकी हलकी बंद होने लगी थी

सानिया .......वो मैं कर दूंगी नाईट में

सानिया एक बार बहार जा कर अच्छे से पुरे घर को चेक करती है

फिर अपने रूम में जा कर के सोफिया से मिलती है

सानिया .....सोफी तुम रूम को लॉक कर लेना आज तुम अकेले हे सो जाना

सोफिया ......क्यों आपि आप नहीं सो रही हो क्या यहाँ

सानिया .....नहीं वो सूर्य को चौथ लगी है तो मुझे वही रुकना होगा रात को उसको मलहम लगाना होगा

सोफिया ......वो तो सूर्य भी लगा लेगा न आपि

सोनिया ......नहीं लगा सकता है क्युकी उसको पैन जयादा था तो मैंने उसको हाई पावर पेनकिलर्स दे कर सुला दिया है

सोफिया ......ok आपि मैं रूम लॉक कर लुंगी

सानिया अपनी नाईट ड्रेस चेंज कर जब 15 मिनट्स बाद रूम में पहुंची तो सूर्य सो चूका था





सानिया ........लगता है सो गए है

कुछ भी कहो बॉडी बहुत अच्छी बनाई है इन्होने

अगर आज ये न होते तो सायद हम दोनों बहनो की ेजात आबरू के साथ हमारी जान भी चली जनि थी

सानिया अपने हाथो को स्टाफ करती है आवर डेरी से सूर्य को लोअर को हटा देती है

आवर अपने हाथ में कुछ क्रीम ले कर सूर्य के सुपाड़ी पे हलके हलके हाथो से क्रीम से मस्सगे देने लगी

एक बार तो नींद में सूर्य के चेहरे पे दर्द के भाव आये

पैर सानिया की मस्सगे से जल्दी हे सायद दर्द काम होने लगा जिसका आसार ये था की सानिया के हाथो में सूर्य का लैंड अपनी ोकत दिखने लगा





अब सानिया भी थी तो लड़की हे वो भी वो भी 21 साल की खूबसूरत जवान किसी का भी खड़ा कर देने वाली जवानी से भरी गागर कब तक खुद को रोकती

भले हे आज तक सानिया ने किसी के साथ सेक्स नहीं क्या था

या उसने आज तक बर्फ हे नहीं बनाया था पैर सेक्स का पूरा गयां सानिया को था

सानिया ......ओह्ह गुड क्या किसी का ऐसा भी होता है अगर ये हमारी कास्ट के होते आवर इनका कट किया हुआ होता तो आवर भी बड़ा आवर खूबसूरत होता

सानिया एक हाथ से अपनी गीली छूट को सहने लगी

कभी कबर सानिया अपनी छूट को सहमति थी जब अपने भाई को या अपने अबू अम्मी को सेक्स करते देख लेती या उनकी चुदाई की आवाजे रात में स्टडी करते हुए सुन लेती थी तब

डेरी डेरी सानिया के हाथ की जाती सूर्य के लैंड आवर अपनी छूट दोनों पे हे भेदने लगे

2,4 मिनट्स में सानिया ने तो अपना काम राश बहा दिया पैर सूर्य के लैंड अभी भी हार्ड बना हुआ था

अब तो सानिया का हाथ भी दुखने लगा था

सानिया ......अगर ये ऐसे हे रहा तो ठीक से सो भी नहीं लाएंगे क्या कृ अगर इनके साथ मैं बहक गई तो इनका विश्वाश टूट जायेगा क्या कृ

कुछ सोच कर सानिया अपनी हाथो में कुछ जयादा हे क्रीम निकल कर सूर्य के लैंड को अच्छे से लगा कर

अपनी पाण्ड्य निकल थी है आवर अपनी छूट को सूर्य के लैंड पे जिश्ने लगती है





सानिया काफी देर तक अपनी राष भाटी छूट को सूर्य के लैंड पे रगड़ाती रही

सानिया ......उम्मम्मम अह्हह्ह्ह्ह अम्मी ये कैसा मज़ा आए रहा है

िस्स्सस्स अह्हह्ह्ह्ह सूर्य

कुछ देर बाद सानिया ने फिर से अपनी छूट का बांड तोड़ दिया

सानिया ......अब मुझसे आवर नहीं होगा क्या कृ जिस से जल्दी झाड़ जाये कहा फर्श गई मैं

है बहुत बार अम्मी अबू के लैंड को चुस्ती है

मैं भी वही करती हूँ पैर इनके लैंड पे तो क्रीम लगी हुए है

सानिया उठ के बाथरूम में जाती है आवर एक छोटा टॉवल गीला कर के उस से लैंड को अच्छे से साफ़ करती है

डेरी डेरी अपने सर को सूर्य के लैंड की तरफ जुख़ाति है सूर्य के लैंड से आ रही क्रीम की खुसबू आवर लैंड की महक सानिया को गरम करने लगती है

कुछ देर सानिया सूर्य लैंड की मुठ मरती है





सानिया आगे भाड़ सूर्य के फुल चुके सुपाड़ी को मुँह में भर कर तेजी से चूसने लगती है





10 मिनट्स की चूसा के बाद अच्चानक से सूर्य अकड़ने लगा आवर एक के बाद एक पिचकारी सानिया के मुँह में भरने लगा

इस









सानिया हम्म्म उम्म्म्म करती रही पैर सूर्य का हाथ के दबाब से वो लैंड से मुँह नहीं हटा पाई

जब पूरी तरह झाड़ने के बाद एक बार सूर्य की आँखे खुली तो वो सानिया की आँखों से जा मिली

दोनी की मुस्कान फ़ैल गई पैर सूर्य फिर से नींद में चला गया

सानिया बाथरूम में जा कर अपने होंटो पे लगे वीर्य को अपनी जुबान से चाट लिया आवर अपने चेहरा स्टाफ कर के बहार आई

सूर्य को अच्छे से स्टाफ कर के क्रीम लगा कर अपने ब्रा पंतय डाली आवर सूर्य के बगल में हे लेट गे

सूर्य से चिपक कर के





पीछे से सूर्य को अपनी कमर से चिपका कर सूर्य का हाथ अपने बूब्स पे काश कर सानिया सो गए

रात में किसी तरह सानिया ने 2 बार आवर सूर्य को क्रीम लगाई पैर मालिस नहीं की सूर्य की आँखे सुबह 7 बजे खुली

आज पहली बार सूर्य इतना लेट उठा था

सानिया अपने रूम में जा चुकी थी पैर वो अपनी निघ्त्य सूर्य के पास हे छोड़ गई थी

सूर्य ने उसको उठा के गाड़े के निचे छुपा दिया आवर त्यार होने चल दिया बाथरूम में

अच्छे से फ्रेश हो कर त्यार हुआ था की किसी ने दूर नॉक किया

सूर्य .....खुला है अंदर आ जाये

सोफिया दूर खोल के अंदर आई

सोफिया .......सूर्य आपकी कॉफ़ी

सूर्य .......रख दीजिये मई ले लूंगा

सोफिया ......जी ठीक है अब कैसी तबियत है आपकी

surya.......mujhe क्या हुआ है सोफिया

सोफिया ......वो आपि बोल रही थी आपको कोई चौथ लगी है

सूर्य ....वो है अब ठीक है उन्होंने कोई क्रीम लगाई थी सायद उस से जल्दी ठीक हो गया

सोफिया ......कल के लिया शुक्रिया आपका आपने हमारी आवर आपि की ेजात बचाई

सूर्य ......उसकी कोई जरूरत नहीं है सोफिया जी

सोफिया ......थैंक्स सूर्य ुम्मम्हा आप बहुत अच्छे हो आवर एक बार आप आपि से चेक करवा लेना

सूर्य .....जी उसकी कोई जरूरत नहीं है थैंक्स कॉफ़ी के लिया .........

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अपडेट. 78

सोफिया .......सूर्य आपकी कॉफ़ी

सूर्य .......रख दीजिये मई ले लूंगा

सोफिया ......जी ठीक है अब कैसी तबियत है आपकी

surya.......mujhe क्या हुआ है सोफिया

सोफिया ......वो आपि बोल रही थी आपको कोई चौथ लगी है

सूर्य ....वो है अब ठीक है उन्होंने कोई क्रीम लगाई थी सायद उस से जल्दी ठीक हो गया

सोफिया ......कल के लिया शुक्रिया आपका आपने हमारी आवर आपि की ेजात बचाई

सूर्य ......उसकी कोई जरूरत नहीं है सोफिया जी

सोफिया ......थैंक्स सूर्य ुम्मम्हा आप बहुत अच्छे हो आवर एक बार आप आपि से चेक करवा लेना

सूर्य .....जी उसकी कोई जरूरत नहीं है थैंक्स कॉफ़ी के लिया .........

अब आगे ........

अब आगे .......

सूर्य चाट पे टहल रह था की तभी आंटी वह आ पहुंची

s.ammi .......बीटा अब कैसे हो तुम

सूर्य ....जी आंटी मैं ठीक हूँ

s.ammi ......अगर अभी भी कोई चौथ है तो डॉक्टर को दिखा लेते है

सूर्य ....जी नहीं आंटी जी मैं बिलकुल ठीक हूँ

आंटी यहाँ आसपास कोई संत जगह है क्या सिटी से बहार

s.ammi .....है है न बीटा क्यों क्या हुआ

सूर्य ....वो आंटी जी मुझे रोज ध्यान योग करने की आदत है अब यहाँ तो कर नहीं सकता इतने शोर शराबे में

s.ammi.....ha बीटा यहाँ तो मुश्किल है

सूर्य .....वो जगह कहा है आंटी जी आवर कितनी दूर है

s.ammi .....बीटा यही 3 कम दुरी पे एक रविर है मुला मुठा रविर के नाम से वही उसके पास हे खूबसूरत जगह मिल जाएगी संत आवर सूंदर

सूर्य .....ok आंटी जी मैं 10 बजे तक लौट आऊंगा अगर कुछ काम हो तो सोहेल भाई के पास no. है मेरा कॉल कर दीजियेगा

s.ammi ....अरे बीटा तुम अकेले वह कैसे जाओगे

सूर्य .....don't वोर्री आंटी जीपीएस है न ok मैं चलता हूँ आंटी जी कोई मेट वगेरा है तो दे दीजिये

आंटी निचे चली गई सूर्य भी पीछे से निचे चला गया

आंटी से बिछाने वाला मेट ले सूर्य जीपीएस की मदद से दौड़ते हुए निकल गया कुछ 15 मिनट्स के बाद

सूर्य मुला मुठा रविर के सामने था

एक अच्छी सी जगह देख कर सूर्य ने मेट बिछा अपना आसान लगा कर ध्यान करने लगा

डेरी डेरी अपने आस पास का सब कुछ भुला कर सूर्य ध्यान करने लगा

सूर्य ध्यान में इतना गहरा उतर गया था की उसके आस पास बहार जो जो रहा था

उस से वो बिलकुल बे खबर हो कर लीं था ध्यान में

सूर्य को 2 हर से ऊपर का टाइम हो गया

चारो तरफ सूर्य के एक हवा का बवंडर सा बन गया था

सूर्य का सरीर उस बवंडर में जमीं से 3,4 फिट ऊपर हवा में अभी भी आसान लगाए हुए था

कुछ आड़े जानते बाद सूर्य के आसपास का माहौल संत होने लगा जब पूरी तरह से संत हो गया तब डेरी डेरी सूर्य की बॉडी निचे आने लगी

अगर कोई इस वक़्त सूर्य को देखता तो वो जरूर दर जाता क्युकी सूर्य हवा में झूल रहा था

सूर्य ने जब आँखे खोलो तो उसका फ़ोन बज रहा था

सूर्य ने फ़ोन देखा तो कॉल सोहेल की थी

सूर्य ....hello

सोहेल ....hello सूर्य कहा हो यार पिछले एक जानते से तुम्हे कॉल पे कॉल कर रहा हूँ सब परेशान हो गए है तुम्हे ले कर यहाँ

सूर्य .....सॉरी भाई फ़ोन की रिंग बंद थी पुर मैं ध्यान कर रहा था

सोहेल .....अच्छा ठीक है तू अभी है कहा

सूर्य .....अरे यार मैं तो यहाँ मुला मुठा रविर के पास वाले जंगल में हु

सोहेल ....ok मैं अभी आता हूँ बाइक ले कर तुम वही रुको

सूर्य .....अरे सुन उसकी जरुरत नहीं है मैं 10 मिंट में पहुँचता हूँ

सोहेल .....तू मुझे रोड पे मिल मैं निकल गया हूँ

सूर्य .....चल थी है यार

सूर्य कॉल कट कर जंगल से बहार निकल कर डेरी डेरी रोड पे सहर के आवर बढ़ने लगा

कुछ देर में हे सोहेल आ गया वह

सोहेल .....सूर्य ये क्या हालत बना राखी है

सूर्य .....कुछ नहीं वो जंगल की मिटटी से कपडे ख़राब हो गए

आवर सॉरी यार फ़ोन की रिंग नहीं सुनाई दी ध्यान में होने के कारन

सोहेल .....चल कोई बात नहीं अम्मी आवर आपि को तुम्हारी चिंता हो रही थी

सूर्य .....आवर तुम्हे नहीं हुए चिंता

सोहेल .......मुझे क्यों होने लगे चिंता उसको होगी जो तुमसे पन्गा लेने की सोचेगा

कुछ हे देर में सूर्य फिर से फ्रेश हो कर नास्ता किया किया

सोहेल .....चल भाई मूवी देख कर आते है कोई अच्छी सी

सूर्य .....तुम्हे तो पता है यार मुझे मूवी देखना पसंद नहीं है

सोहेल .....चल न यार कल तो वैसे भी जाना है कैंप वापिस

सानिया .....हम भी चलेंगी तुम्हारे साथ मैं सलमा को कॉल करती हूँ

सूर्य .....ठीक है चलो फिर कुछ गम फिर भी लेंगे

सानिया के कॉल करते हे सलमा भी आ गया वही सोफी एक लॉन्ग ब्लैक स्कर्ट डाला सानिया ने विगत सलवार कमीज सलमा ने भी सलवार कमीं डाली हुए थी नीले कलेर की

सलमा .....ड्राइविंग मैं करुँगी

सानिया .....थी है कर लेना भाई तुम कहा बैठने वाले हो

सोहेल .....कही भी बेथ जाऊंगा

सलमा .....भाईजान कल तो आप चले जाने वाले हो तो मेरे साथ भी वक़्त गुजर लो थोड़ा

सोहेल बहार से मौश हुआ पैर अंदर से बहुत ख़ुशी ख़ुशी अगली सीट पे जा बैठा

सूर्य पीछे का डोर खोल बेथ गया

Saniya.....surya थोड़ा उस तरफ होना

ीदार दूसरे डोर से सोफिया आ बैठी

सूर्य दोनों के बिच बैठा था था अब एक तो आल्टो कार में जगह इतनी हे होती है ऊपर से सानिया कुछ ज्यादा हे चिपक रही थी दूसरी तरफ से सोफिया ने अपना सर सूर्य के बाजु पे टिका दिया

सूर्य अब दोनों तरफ से बिच में फशा हुआ था

सोहेल ......सूर्य मैंने सुना रात में तुम्हे चौथ लग गई

अगर ज्यादा चौथ लगी है तो हम डॉक्टर से एक बार चेक करवा लेते है

सूर्य ......नहीं मैं अभी ठीक हूँ डॉक्टर को दिखने की जरूरत नहीं है

salma.......aap इतने स्ट्रांग हो फिर चौथ कैसे लग गई

सोहेल .....है यार तुम कैंप में सबसे मजबूत आवर तेज लड़के हो तभी तो रजत सर के फेवरेट लड़के हो

सूर्य ......भाई स्ट्रांग होने का ये मतलब तो नहीं की मुझे चौथ नहीं लग सकती है

Sohel......waise ये सब हुआ कैसे

सूर्य .....कुछ नहीं भाई वो सीढ़ियों पे अंदर था तो दिखा नहीं निचे आते हुए आवर आंटी से टकरा गया

ुशी में चौथ लग गई

सोहेल .....तारने भाई से तो चौथ नहीं लग सकती

सानिया ......सही कहा सोहेल तुमने मैंने भी कहा पैर इन्होने अपनी चौथ मुझे दिखाई हे नहीं

sohel.....surya आपि नर्सिंग कर रही ाटलिस्ट इन्हे तो दिखाना था

(सूर्य ....कैसा चुटिया भाई है जो खुद हे अपनी बहन को मेरा लैंड दिखने को बोल रहा है )

सूर्य .....मैं बिलकुल ठीख हूँ मुझे कुछ नहीं हुआ है वो सदय मेरी कोई नाश चढ़ गई थी

सोहेल ......सूर्य आज जस्सी का कॉल आया था वो कुछ बता रहा थी की हमें आगे की ट्रैंनिंग किसी जंगल में करनी है क्या तुम्हे इस बारे में पता है

सूर्य ......नहीं भाई मुझे तो नहीं पता इस बारे में न हे मुझे कोई कॉल आया था

सोफिया .....लो सिनेमा हॉल भी आ गया है बातो बातो में

सानिया ......सूर्य ये यहाँ का सबसे बेस्ट हॉल है पीवीआर सिनिमा हॉल

सोहेल कार को पार्किंग में लगा देता है

पाछो हॉल के अंदर चल देते है सोफिया बार बार पीछे देख रही थी

सूर्य को थोड़ा अजीब लगा क्युकी जब सोफिया कार में थी तो बहुत खुश थी जबकि अभी थोड़ी नहुष लग रही थी

सूर्य ......तुम लोग चलो मैं अभी आया

सोहेल .....अब तुम कहा चले भाई

सूर्य .....बस अभी आया तुम मुझे कहा मिलोगे

सोफिया .....आप चलो जो करना बाद में कर लेना

सूर्य एक बार अच्छे से देखता है तो 4,5 लड़के दूर से इनको हे देख रहे थे

सोफिया ने सूर्य का हाथ पकड़ा आवर हॉल के अंदर की तरफ भध गई

सोहेल ने जा कर मूवी का टिकट्स लिए खुश खाने पिने के लिया पॉपकॉर्न आवर कोल्ड ड्रिंक्स भी

अखिल अक्किनेनी आवर कल्याणी प्रियदर्शनी की hello मूवी लगी हुए थी

सोफिया ......ये मूवी बहुत अच्छी है सोहेल भाईजान










पीवीआर सिनेमा हॉल बहुत हे खूबसूरत मॉल है पुणे का

कुछ देर बाद सब हॉल के अंदर चल दिए

सबसे पहले सोहेल बैठा उसके बाद सलमा फिर सोफिया आवर उसके बाद सानिया लास्ट में सूर्य बेथ गया

ीदार मूवी स्टार्ट हो चुकी थी

सब मूवी का मज़ा ले रहे थे

वही पुलिस वालो को खबर मिली की खण्डार में 8 कंकाल मिले है अदजलि हालत में

पुलिस को खबर लगते हे पूरा पुलिस महकमा हरकत में आ गया क्युकी एक साथ 8 कंकाल मिलना कोई मामूली बात नहीं थी

जल्दी हे पुलिस ने पुरे खण्डार में जाँच पड़ताल सुरु कर दी

बहुत कोशिश के बाद भी उनके हाथ कुछ नहीं लगा डूहट तक मिडिया के जरिये ये खबर पुरे सहर में फ़ैल गई

खोजी डॉग्स को भी कुछ नहीं मिला वह पे

थोड़ा पीछे चलते है कल रात सूर्य के जाने के बाद क्या हुआ ......

सूर्य उन 8 को आग लगा कर जा चूका था

कुछ देर बाद हे वह कोई आता है

ये कोई आवर नहीं सकती था ( साध्वी जी का साथी )

सकती अच्छी तरह से सब तरफ नजर डालता है उसके बाद कुछ देर वह रुकता है कुछ उठा कर वह से निकल जाता है

दरशल सकती वह से सोफिया आवर सानिया के कपड़ो के जो टुकड़े थे उनको ले कर चला गया था साथ में सूर्य की कल्टी हुए श्रित को भी ताकि कोई उन तक कृषि तरह भी न पहुंच पाए पूरी जगह से इन सबके अहसास तक को सकती ने मिटा दिया

था यहाँ से

फॉरेंसिक टीम के भी हाथ कुछ नहीं लगा

sp.....dr कुछ पता चला इनके साथ क्या हुआ होगा

dr....sp साहब इन 8 लोगो में से 4 की गर्दन तोड़ी गई है 1 की रेड की हदी आवर इन तीन की जो आप सीने पे से हड़िया टूटी हुई देख रहे हो इनको देख कर तो यही लगता है किसी ने बहुत हे तेज प्रहार इनके सीने पे किया है

बाकि तो लेब से जाँच होने के बाद हे पता चलेगा

sp.....aap अपनी तरफ से पूरी कोशिश कीजिये कातिल तक पहुंचने के लिया बस एक सुराग भी मिल जाये तो काफी है हमारे लिया

dr......abhi कुछ भी कहना आसान नहीं है

अगर लाशें जाली नहीं होती तो कुछ कहा जा सकता था पैर अभी तो कुछ भी कहना मुश्किल है

sp........tum सब आस पास पता करो किसी ने कुछ देखा है क्या

यहाँ इतना सब हुआ है किसी न किसी के नज़र में तो आया होगा

पुलिस वाले आस पास की तलाई लेने लगते है

कुछ पुलिस वाले इस एरिया में बने घरो में लोगो से पूछताछ करने लगते है

कोई कुछ बोलता तो कोई कुछ बोलता है

सब पुलिस वाले वापिस आ जाते है कंकालों को लेब में भेजा जा चूका था खण्डार को पुलिस ने शील कर दिया

सप अपने टीम के कुछ पुलिस वालो को यहाँ छोड़ कर निकल गया

जाते वक़्त सप के नजर चौराहे पे लगे कक्तव कैमरा पे पड़ी

सप कार से उतर कर कैमरा को देखने लगा

sp.......jara इस कैमरा का पता करो ये चलता भी है की नहीं

Inspector.......ji सर अभी पता करता हूँ

इंस्पेक्टर किसी को कॉल करता है

कुछ देर बात करता है फिर कॉल डिस्कनेक्ट करके

इंस्पेक्टर .........सर ये कैमरा काम तो कर रहा है पैर ...

Sp.....per क्या इंस्पेक्टर

इंस्पेक्टर ........सर कल की रिकॉर्डिंग पता नहीं कैसे पूरी की पूरी गायब है

Sp.......mujhe लगा हे था ऐसा हे कुछ होगा

जिसने 8 ,8 खून किये उसके लिया रिकॉर्डिंग मिटाना कोई बड़ी बात नहीं है

सप आवर इंस्पेक्टर अपनी गाड़ी में बेथ कर निकल गए

सभी लोग मूवी का फुल मज़ा ले रहे थे

सलमा आवर सोहेल अंदर का पूरा मज़ा ले रहे थे

सानिया सूर्य के साथ मज़ा करने की तरय कर रही थी

सूर्य को उम्मीद नहीं थी की सानिया यहाँ ऐसा कुछ भी करेगी जबकि उसका भाई आवर छोटी बहन भी साथ हो उसके

सूर्य इंटरवल तक किसी तरह खुश को रोके रखे

इंटरवल होते हे सूर्य उठ खड़ा हुआ

सोहेल ......क्या हुआ सूर्य मूवी पसंद नहीं आई क्या

सूर्य .......वो मुझे वाशरूम जाना है किसी को कुछ चाइये क्या

सोफिया ......मुझे भी वाशरूम जाना है

सानिया .......चलो मैं चलती हूँ तुम्हारे साथ तुम भी चल रही हो क्या सलमा

सलमा न में गार्डन हिला देती है सूर्य सोफिया सानिया तीनो हॉल से बहार निकल जाते है

सूर्य बॉयज वाशरूम में गुस्स जाता है

सानिया सोफिया गर्ल्स वाशरूम में

सानिया की हरकतों से सूर्य का लैंड हार्ड हो चूका था उसे नार्मल होने में कुछ वक़्त लगा तब जा कर सूर्य को सन्ति मिली

सूर्य हल्का हो कर हाथ मुँह दो कर बहार आता है

तो सानिया आवर सोफिया को वही 4 लड़के परेशान कर रहे थे

सूर्य ......क्या हो रहा है यहाँ कोण हो तुम लोग

सोफिया ......सूर्य ये लोग हमें परेशान कर रहे है

surya.......apni भलाई चाहते हो तो चुप चाप निकल जाओ

लड़का 1 ...... तुम बिच में न पदों मैं इस को पसंद करता हूँ (लड़के का इसरा सोफिया की तरफ था )

सूर्य ......तो तुम सोफिया से प्यार करते हो

लड़का 1 ......है मैं इस से प्यार करता हूँ

सूर्य ......तुम्हारी कोई बहन है

लड़का 1......है है क्यों

सूर्य ........तो तुम्हारी बहन के साथ कोई ऐसा करे तो कैसे रहेगा प्यार करना गलत नहीं है पैर प्यार के नाम पे जो बेहूदा हरकते करते हो न तुम लोग उस को प्यार नहीं कहते कब तक प्यार के नाम पे अपनी हवश को छुपाते रहोगे

लड़की पसंद आये तो जा कर उसके सामने साफ साफ इजहार करो अपने प्यार का अगर वो भी प्यार करती है तो ठीक वर्ण ऐसे आपने आवारा दोस्तों को साथ ले कर उसका पीछा करोगे तो क्या वो तुमसे प्यार करने लगेगी

तुम लोगो की भी बहन होगी कोई ऐसा करे तब क्या बीतेगी जरा अपनी बहन से पूछना

अब निकलो यहाँ से इस से पहले की मैं तुम सबकी हालत ख़राब कृ

चारो लड़के सॉरी बोल कर वह से निकल गए

सानिया ......हमें तो लगा तुम उनको मरोगे हमें परेशान करने के लिया

सूर्य ......सोफी वो सब तुम्हारे कॉलेज से है न

सोफिया ......है इनमे से एक मेरे कॉलेज से है बाकि उसके दोस्त है सायद

surya......ye सब स्टूडेंट है आज मस्ती नहीं करेंगे तो कब करेंगे आवर फिर मैं इनको मरता तो कल को सोफिया को हे प्रॉब्लम होती कॉलेज में

अब चलो मूवी देखते है

तीनो तपिश मूवी देखने लगे

ऐसे हे मूवी देखने के बाद सब गम फिर कर साम को कोई 7 बजे वापिस घर पहुंचे

s.ammi .....आ गए तुम सब गम कर

सोफिया ......है अम्मी हमने बहुत एन्जॉय किया मूवी देखि शॉपिंग भी देखो

आवर बहुत साडी जगह भी गुनी हमने

सानिया .....अम्मी कॉफ़ी मिलेगी क्या

s.ammi .....है बीटा तुम लोग फ्रेश हो आवो मैं कॉफ़ी बुनती हूँ

सब लोग फ्रेश होने चले गए कुछ देर बाद सब वापिस आ गए सलमा अपने घर जा चुकी थी

सभी कॉफ़ी की चुस्किया ले रहे थे

सोहेल .....अम्मी हम कल सुबह कैंप में वापिस चले जाना है

s.ammi .....बीटा तुम्हारी ट्रैंनिंग कब तक चलेगी

sohel......bas कुछ दिन आवर अम्मी उसके बाद हमारी ट्रैंनिंग पूरी हो जाएगी अब पता नहीं पोस्टिंग कहा की मिलेगी.

वैसे भी आपको भी तो आना होगा न जब हमारी ट्रैंनिंग पूरी हो जाएगी तब

सानिया ......वैसे सोहेल तुम कहा की पोस्टिंग चाहते हो आवर सूर्य तुम कहा की

सोहेल ......अभी सोचा नहीं है आपि पैर अच्छा होगा की अस्स पास की पोस्टिंग मिल जाये

सूर्य ......मुझे कोई पोस्टिंग नहीं चाइये मुझे आगे भी ट्रैंनिंग करनी है अब ये पता नहीं
ब्रिगेडियर सर इस बार किस कैंप में ट्रैंनिंग के लिए भेजने वाले है

सानिया ......क्यों तुम्हारी भी तो ट्रैंनिंग पूरी हो जाएगी न

surya......ji नहीं मेरी ट्रैंनिंग अभी बहुत बाकि है

सोहेल .....आपि इसको आर्मी ज्वाइन नहीं करनी है इसको केवल आर्मी ट्रैंनिंग के लिया भेजा गया है

s.ammi .....ऐसा क्यों बीटा क्या तुम्हे आर्मी पसंद नहीं है

सूर्य ......अरे नहीं आंटी ऐसे बात नहीं है वो मेरे दादा जी नहीं चाहते की मैं आर्मी ज्वाइन कृ

s.ammi .....ऐसा क्यों बीटा आर्मी में होना तो शान के बात है

अच्छी सेलरी है अच्छी फैसिलिटी है

सूर्य ......दादू आवर नाना जी को दर है की खंडन का अकेला वरिष्ठ है कुछ हो गया तो क्या होगा

बहार से स अबू भी आ जाते है

स अबू .....क्या बाते हो रहे है बच्चो गम आये सहर

सानिया .....कुछ नहीं अभी हम सोहेल आवर सूर्य से इनकी पोस्टिंग को ले कर बात कर रहे थे

s.abu .....तो तुम लोगो ने क्या सोचा है बच्चो

सूर्य .....मुझे तो अभी आवर ट्रैंनिंग है आवर डैड का बिज़नेस भी देखना पड़ेगा

उनके साथ बाकि देखते है अंकल

s.abu .....बीटा आपने अपनी फॅमिली के बर्वे में नहीं बताया हमें ये तो पता है की तुम राजस्थान से हो पैर कहा से

सूर्य ........जी वो सूर्यगढ़ से हूँ मैं वह के ठाकुर परताप सिंह जी मेरे दादा जी है

कुछ देर यही सब चलता रहा फिर सबने डिनर फिनिश किया आवर सोने चले गए अपने अपने रूम

सुबह सूर्य आज जल्दी उठा था आज सूर्य को बहुत फ्रेश फइलल हो रहा था

अपने बगल में सोई स .अम्मी को सूर्य ने जल्दी से उठाया आवर बाथरूम गुस्स गया

जब सूर्य बहार निकला तब तक आंटी जा चुकी थी

सूर्य ने सोहेल को उठा कर जल्दी त्यार होने को कहा

तब तक आंटी भी नास्ता आवर कॉफ़ी त्यार कर चुकी थी

सोहेल आवर सूर्य नास्ता करके अंकल आवर आंटी से मिल कर चल दिए कैंप. की तरफ

सूर्य आवर सोहेल के जाने के बाद आंटी आवर अंकल अपने रूम में चल दिए

s.abu ........तो तुम नहीं मणि न

s.ammi ......ऐसा कुछ नहीं है जी

s.abu ........सब जनता हूँ मैं अच्छे से तुम्हे लगा होगा मैं सो गया हूँ

s.ammi .......मुझे पता था आप नाटक कर रहे है

पैर जैसा आप सोच रहे है वैसा कुछ भी नहीं हुआ

s.abu ......पता है अगर वैसा हुआ होता तो तुम्हारी चल हे बदल जाती

s.ammi .....इसका मतलब आपने सब देखा है

s.abu .......सब तो नहीं पैर थोड़ा बहुत देखा था

कुछ भी कहो सूर्य मर्दानगी में मर्द पूरा निकला


S.ammi ......सही कहा आपने वर्ण कोई आवर होता तो ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..............🌹

 
अपडेट 79

s.abu ........तो तुम नहीं मणि न

s.ammi ......ऐसा कुछ नहीं है जी

s.abu ........सब जनता हूँ मैं अच्छे से तुम्हे लगा होगा मैं सो गया हूँ

s.ammi .......मुझे पता था आप नाटक कर रहे है

पैर जैसा आप सोच रहे है वैसा कुछ भी नहीं हुआ

s.abu ......पता है अगर वैसा हुआ होता तो तुम्हारी चल हे बदल जाती

s.ammi .....इसका मतलब आपने सब देखा है

s.abu .......सब तो नहीं पैर थोड़ा बहुत देखा था

कुछ भी कहो सूर्य मर्दानगी में मर्द पूरा निकला

S.ammi ......सही कहा आपने वर्ण कोई आवर होता तो ...........

अब आगे .......

सूर्य के कैंप में आने के साथ हे फिर से ट्रैंनिंग सुरु हो गई

साथ हे उनको कबर मिली की जो जंगल में ट्रैंनिंग होने वाली है वो रजत सर नहीं कोई आवर देने वाला है

इनकी ये ट्रैंनिंग 2 हफ्तों की हे बच्ची थी जो की 10 डेज इनको जंगल में ट्रैंनिंग करनी है

आज की ट्रैंनिंग ख़तम कर सूर्य रजत सर से मिलने उनकी केबिन के आवर चल दिया उनसे मिलने

सूर्य जब वह पंहुचा आवर नॉक किया तो अंदर से रजत सर ने आने को कहा

सूर्य को अपने सामने देख एक आवर बैठने को इसरा किया

क्युकी अभी वह 30 32 के आगे की विदेशी महिला आवर यही कोई 35 37 की आगे का तगड़ा सा आदमी बैठा हुआ था

( यहाँ रजत सर जो बात कर रहे है वो इंग्लिश में कर रहे है पैर मैं हिंदी में लिखूंगा आप सब समजदार है 😁😁😁)

रजत सर .......आओ सूर्य इनसे मिलो ये है मर .जॉय आवर ये है मिस .मेर्री

एंड mr.joy एंड miss.merry ये है सूर्य माय फेवरेट बॉयज हे इस थे बेस्ट में फॉर माय आल बॉयज

सूर्य .....hello सर hello मिस

जॉय .....होल्लो यंग में सूर्य नीस तो मीट यू

मेर्री ......hello सूर्य नीस मीटिंग यू थें यू अरे बेस्ट कैंडिडेट फॉर रजत सर

सूर्य ......जी नहीं मेम सर को सायद मैं कुछ ज्यादा हे पसंद हूँ

रजत सर ......सूर्य mr.joy आवर मिस मेर्री हे अगले 10 दिन तुम सबकी ट्रैंनिंग लेंगे ये रुस्सियन आर्मी से है जो बेस्ट कैंडिडेट होगा उनको इनके साथ ट्रैंनिंग करने का मौका मिलेगा तो मुझे उम्मीद है तुम मुझे निराश नहीं करोगे

सूर्य ......जी सर मैं पूरी कोशिश करूंगा

रजत सर .....कहो कैसे आना हुआ

सूर्य. .....सर वो मुझे आपकी कुछ बिताना था

रजत सर ......है क्यों नहीं बोलो क्या बात है

सूर्य .....सर क्या हम अकेले में बात करे

रजत सर .......सूर्य इन दोनों से कुछ भी छुपाने की जरूरत नहीं है ये तुम लोगे के ट्रेनर होने के साथ साथ मेरे अच्छे दोस्त भी है ये बात अगर जरूरी है तो यकीं डोलता हु इस रूम से बहार बात नहीं जाएगी

सूर्य .......सर आपने न्यूज़ में तो सुना होगा की कल दिन में ### एरिया के खण्डार में 8 लोगे के कंकाल मिले है

सूर्य की बात सुनते हे तीनो के कान खड़े हो गए

रजत सर ......तुम्हारा उनसे क्या लेना देना सूर्य

सूर्य ......दर्शक सर वो मैंने हे उनको मारा था

मेर्री ......वाथ तुमने मारा था उन 8 को पैर क्यों

रजत सर .......मेर्री कूल डाउन

रजत सर .......तुमने ऐसा क्यों किया जानते भी हो इसके क्या सजा हो सकती है मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी क्या तुम इस लिया हे आर्मी ट्रैंनिंग ले रहे हो ताकि बहार मासूमो का खून बहाओ

surya.......sir आप चाहे तो पुलिस को इन्फॉर्म कर सकते है पैर वो कोई मासूम नहीं थे जिनको मैंने मारो वो सब रेपिस्ट थे

फिर सूर्य परसो नाईट की पूरी गठन रजत सर को बाटता है

रजत सर ......इस बात का पता किस किस को है

सूर्य .....सोहेल आवर उसकी सिस्टर्स को सर

रजत सर ......अगर उन्होंने मुँह खोला तो जानते हो न क्या हो सकता है

सूर्य ......जनता हूँ सर पैर वो अपना मुँह नहीं खोलेंगे सर मुझे इतना पता है

जॉय ......तुमने जो कुछ बताया वो यकीं करने लायक नहीं है

रजत सर ......जॉय तुम्हे ऐसा क्यों लगता है की सूर्य झूट बोल रहा है

जॉय ......आपने बताया की सूर्य को अभी ट्रैंनिंग करते हुए 2 हाफ मोनथस हुआ है

ऐसे में सूर्य गर्दन तोड़ सकता है बूत चेस्ट के आर पार हाथ गुस्सा कर रेड की हदी तोड़ना न मुमकिन है

रजत सर .....है ये सच कहा आपने

रजत सर हॉस्टल कॉल करके सोहेल को बुलाते है

.सोहेल .....सर आपने बुलाया मुझे

रजत सर .....सोहेल परही नाईट को क्या क्या हुआ था वर्ड बी वर्ड मुझे बताओ

सोहेल एक बार सूर्य को गुस्से से ा है

सोहेल उसके बाद जो कुछ भी हुआ सब कह सुनाया

जॉय ...इम्पॉसिबल ऐसा करना मुमकीन नहीं

रजत सर ......सोहेल तुम जा सकते हो आवर इस बात का जीकर किसी से भी न करना अपनी सिस्टर्स को भी कॉल करके समजा देना की वो चुप रहे

सोहेल ......जी सर

सोहेल के चले जाने के बाद

मेर्री .......सूर्य सच बताओ तुम यहाँ ज्वाइन होने से पहले ट्रैंनिंग किया किसी तरह की

सूर्य को साध्वी जी ने मना किया था पैर सूर्य कुछ सोच कर

सूर्य .......यस

9 मोनथस मैंने ट्रैंनिंग ले है अपने सहर में

मर्री ......किश तरह की ट्रैंनिंग तुमने ली है

सूर्य .....प्राचीन काल युद्ध कला की ट्रैंनिंग ली है जैसे तलवार बजी तैरना दाजी के साथ आवर भी बहुत कुछ

जॉय ........इसका मतलब तुम्हारा ट्रैंनिंग करने का मकसद आर्मी ज्वाइन नहीं करना है बल्कि कुछ आवर करना है

रजत सर .......जॉय सूर्य यहाँ आर्मी ज्वाइन नहीं करने आया है

इसको आर्मी की सभी ट्रैंनिंग देने का आर्डर हमें ऊपर से मिला है क्यों आवर किश लिया ये हम भी नहीं जानते है

मर्री .....ी थिंक सूर्य इस वैरी


स्पेशल में ..कुछ तो है जो इसको ोुरो से अलग बनता है

सूर्य तुम जाओ आवर किसी से कुछ भी मत बोलना जो कुछ भी किया है कल सुबह त्यार रहना तुम्हारी ट्रैंनिंग अब मैं लुंगी

सूर्य ......ok मिस गुड नाईट आल ऑफ यू

सूर्य तो वह से चला जाता है पैर रजत आवर जॉय कुछ सोच में दुब गए

मर्री .......क्या सोच रहे हो जॉय एंड रजत

रजत .....मुझे ब्रिगेडियर सर को सूर्य ने जो किया है उन्हें सूचित करना होगा

मर्री ......ब्रिगेडियर सर का इस सब से क्या लेना देना है

रजत ......क्युकी सूर्य को उन्होंने हे रेकमेंड किया है यहाँ के लिया उनके स्ट्रिक्ट ऑर्डर्स है सूर्य से जुडी छोटी से छोटी बात उन तक फ़ौरन पहुचनी चाइये

मर्री ......सूर्य इस मिस्टीरियस मन

रजत सर ब्रिगेडियर को कॉल कर सबकुछ बता देते है

कुछ देर आवर बात करने के बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो जाता है

जॉय आवर मर्री रजत को देख रहे थे

रजत ......क्या हुआ ऐसा क्यों देख रहे हो मुझे

जॉय ......ब्रेजादिएर सर ने क्या कहा

रजत सूर्य को ले कर के

रजत ......यार उन्होंने तो साफ साफ कह दिया है की बात सूर्य तक नहीं आणि चाइये वो इस मामले को खुद देख लेंगे आगे से सूर्य को बहार न जाने दिया जाये जरूरत पड़े तो सूर्य को कल हे छत्तीसगढ़ कोबरा ट्रैंनिंग कैंप में भेज दो

जॉय .......तुम्हारा मतलब है सूर्य को यहाँ से सिफत कर उस नक्सलियों के बिच भेज दिया जाये

रजत ......है उन्हीके तो यही ऑर्डर्स है मुझे लगता है जब सूर्य आपके साथ वापिस लौटेगा तो उसको वही ट्रैंनिंग के लिया भेजा जायेगा

मेर्री .....ok काफी टाइम हो चूका है हमें रेस्ट करना चाइये कल सुबह जल्दी हे निकलना है

रजत जॉय ......गुड नाईट मेर्री

मेर्री .....गुड नाईट रजत एंड जॉय

सूर्यगढ़ +सूरजगढ़ .......

सूर्य के जाने के बाद कुछ वक़्त दोनों खानदानो में माहौल थोड़ा सांत रहा मेनका बुआ ने भी कुछ दिन बाद चले जाना था तो वो भी अपने ससुराल चली गई

वह से वो तपिश .u.s.a.lout गई क्युकी पायल आवर प्रीति की स्टडी बाकि थी

विजय फूफा जी ने अब इंडिया में हे रहने का फैसला कर लिए था पायल आवर प्रीति का ये साल कम्प्लीटली होते हे वो अपना बिज़नेस इंडिया सिफत करने वाले थे

शिव ठाकुर अपने भाई महेंद्र ठाकुर के साथ मिल कर अपना बिज़नेस सेठ कर चुके थे

वही जोरावर मां जी को m.l.a गुजर सिंह की सीट मिल चुकी थी सूर्यगढ़ आवर सूरजगढ़ के आस पास के इलाकों के सभी वोट जोरावर राणा को मिलने वाले थे तो पार्टी ने उनको m.l.a पढ़ दे दिया आवर 2 मोनथस बाद जो चुनाव हुए

उसमे विक्रम सिंह जोरावर मां जी के विपक्ष में लड़ा पैर

सूर्य ने जाते जाते जो देव खेला था उसका असर चुनाव में जोरावर मां जी के पक्ष में गया

सूर्य ने जो कॉलेज खोलने का प्रस्ताव रखा था सूर्यगढ़ में उसके कारन सक्तिपुर आवर आस पास के जवान लड़के लड़कियों के सभी वोट जोरावर राणा को मिले

इसलिए इस बार मिली जीत से उनको शिक्षा मंत्री का पढ़ प्राप्त हुआ

वही अपनी हर से विक्रम सिंह अंदर हे अंदर जल रहा था पैर वो कुछ कर नहीं प् रहा था

वो अपने बाप दुर्जन सिंह के जैसे गुस्से में कुछ भी गलत कदम नहीं उठाना चाहता था

दादा जी .......यार विक्रम एक बात समाज नहीं आई की ये दुर्जन सिंह का बीटा विक्रम सिंह चुनाव में क्या सोच कर खड़ा हुआ था

नाना जी ......यार तुम्हे तो पता हे है ये राजनीती मेरे पहलवानी बूढी में गुस्ती है नहीं

जो इनसे जुड़े लोग है उनसे पूछो

दादा जी ......सही कहा यार वैसे जोरावर के लिया ख़ुशी है की उसने जो सोचा वो कर दिखाया

नाना ji.......are वो तो अच्छा हुआ जाते जाते सूर्य ने कॉलेज खोलने की सलाह दे दी अब कॉलेज खुलने के बाद कितने हे बच्चो का भविष्य बन जायेगा अच्छी शिखा मिलना सबका अदिकार है

हम दोनों की दोस्ती भी तो स्कूल में हुए थी एक वजह ये भी है

वैसे मेरे नाती सूर्य की कुछ खबर आई

दादा जी ......है 2,3 रोज पहले हे बात हुए थी सूर्य से उसकी ट्रैंनिंग अभी अच्छी चल रही है

नाना जी .....शिव का कारोबार कैसे चल रहा है

दादा जी .......अच्छा चल रहा है दोनों भाइयो ने अच्छे संभाला है

नाना जी ......राधा बिटिया के लिया कोई लड़का देखा है की नहीं

दादा जी .....अरे यार इतनी भी जल्दी क्या है बच्ची है अभी वो आवर अभी उसकी पड़े भी चल रही है जब तक वो अपनी पड़े पूरी नहीं करती मैं अपनी बेटी पे कोई दबाब नहीं डालने वाला

नाना जी ......देख ले भाई एक लड़का है मेरी नजर में अगर पसंद आये तो बिटिया को बात आगे बढ़ा लेंगे

दादा जी ......फ़िलहाल तो बिलकुल न है मेरी तरफ से

वैसे लड़का कोण है

नाना जी .......अपने जोरावर का छोटा साला है अभी पड़े कर रहा है

दादा जी ......नहीं यार अभी तो सोच भी नहीं सकता ( साध्वी जी ने जो कुछ कहा वो सब सच हुआ तो )

नानी ji.........aap दोनों को आवर कोई काम डंडा नहीं है क्या जब देखो साथ बैठे नहीं की हुक्का भर कर गुड़गुड़ करने लगते हो

दादा जी ......संदन जी आप तो साथ बैठते नहीं

नहीं तो आपके हाथ से एक दो जैम हे टकरा लेते हम दोनों यार

दादी जी बहार निकलते हुए

दादी जी .....बूढ़े लोगो को जाम कहा हजम होते है

नाना जी ......यार परताप ये तो संदन ने बजती वाली बात कह दी

दादा जी ......भाई कर भी क्या सकते है ठकुराइन जो ठहरी हवेली की

ठकुराइन भी ये आवर हवेली का वरिष्ठ भी इनकी हे सुनता है

नानी जी .......फिर तो आप हुक्का हे गुड़गुड़ाओ जाम के सपने देखना बंद हे कार्डो

नानी जी के बात सुन दादा जी को छोड़ सबकी हंसी चौथ गई वही दादा जी भी मंद मंद मुस्कुराने लगे

शालिनी .......बाउजी आपके पोते का कॉल है लीजिये बात कीजिये

दादा जी .....लाओ बेटी शालिनी मेरे शेर को याद किया आवर देखो उसका फ़ोन भी आ गया बड़ी कम्भी उम्र है

दादा जी ......कैसा है मेरा शेर

सूर्य ......अच्छा हूँ दादा जी आप कैसे है आपकी तबियत तो अच्छी है न

दादा जी ......मुझे क्या हुआ है बीटा आज भी अच्छे अच्छे पहलवानो को धूल छठा देता हूँ

सूर्य ........देख के दादा जी कही कोई हदी न चटक जाये

दादा जी ......अब तू भी मुझसे मस्करी कर रहा है बीटा

सूर्य .......अरे नहीं दादू मैं भला ऐसे कैसे कर सकता हूँ

दादा जी ......आवर सुना तेरे ट्रैंनिंग कैसे चल रही है

सूर्य .....अच्छी चल रही है बाउजी यहाँ की ट्रैंनिंग बहुत जल्द ख़तम हो जाएगी फिर पता नहीं कहा जाना पड़ेगा

दादा जी .........चिंता क्यों करता है तू बीटा मुझे पता है मेरा शेर को कोई टंकार नहीं दे सकता है

सूर्य ......वो दादा जी मेरी ट्रैंनिंग यहाँ की 15 दिन बाद ख़तम हो जाएगी मैं चाहता हूँ की आप सब से मिल लिया जाये उसके बाद तो पता नहीं किस कैंप में जाना पड़े

दादा जी .......तू चाहता है तो ऐसा हे होगा ठीक 15 वे दिन हम सब तुम्हारे सामने होंगे अब तो खुश है न

सूर्य ......बहुत खुश दादा जी आप अपना ख्याल रखना आवर नाना जी को फ़ोन दीजिये जरा

दादा जी ......ले भाई विक्रम तेरा नाती तुजसे बात करना चाहता है

नाना जी .....hello सूर्य बीटा कैसा है तू

सूर्य .......पेअर लागु नाना जी मैं अच्छा हूँ आप कैसे है

नाना जी .....जीता रह मेरे बच्चे मैं ठीक है यहाँ सब अच्छे है बस तुम अपना ख्याल रखना

सूर्य ......जी नाना जी आप भी बाउजी के साथ आ रहे है यहाँ पुणे आवर मैं कुछ भी नहीं सुनने वाला हूँ

नाना जी ......अब नाती ने आर्डर दे दिया तो मैं भला कैसे इंकार कर दुनंगा हम सब भी आ रहे है बीटा तुमसे मिलने

सूर्य ......सपना आवर किरण को भी साथ ले आएगा

नाना जी .......ठीक है बीटा आवर कुछ फरमान है वो भी सुना दो हाहाहा

सूर्य .......है बाउजी के साथ आज आप भी जाम टकड़ा हे लीजिये दोनों की संदन आमने सामने है रखता हूँ ननु हाहाहा

नाना जी ......चुप कर बदमाश एक बार आजा फिर बाटता हूँ तुझे तो

सूर्य ......bye bye नाना जी

नाना जी .....bye बीटा अपना ख्याल रखना

कॉल कट

दादा जी .....क्या हुआ ऐसा क्या कह दिया जो उसको बदमाश बोल रहे हो

नाना जी .....हाहाहा तेरा शेर बोल रहा है नाना जी आज बाउजी के साथ जाम टकरा हे लो दोनों की संदन आमने सामने हे है

दादा जी ....हाहाहा लो भाई ठकुराइन अभी तो तुम्हारे लादले की आवर से भी परमिशन मिल गई है क्यों संदन जी

आज तो बॉटल पे बॉटल खुलेंगी हाहाहाहाहा ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......🌹

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .........🌹
 
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