Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 12 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट. 89

रेखा .........अब तुम तीनो की नौटंकी ख़तम हो गई हो तो सूर्य राधा ये लो अपनी कॉफ़ी

सूर्य ......थैंक्स मम्मी ुम्मम्हा ी लव यू मम्मी आप को मेरा कितने ख्याल रहता है

रेखा .........चल चल बदमाश

सूर्य .........मम्मी दादू कहा मुझे कुछ काम है उनसे

शालिनी ......बीटा वो तो सूरजगढ़ गए हुए है

क्या हुआ तुम्हे क्या काम पद गया

सूर्य .......कुछ नहीं mom.kisi काम को ले कर उनकी रे लेनी थी कोई नहीं बाद में बात करता हूँ कोमल दी ये बॉक्स आवर बैग्स अलीना को दे दीजिये

अब आगे ........

अभी कोई 8 बजे होंगे हवेली में सभी लोग डिनर कर रहे थे

दादा जी पापा बड़े पापा भी लौट आये थे

सूर्य ......दादा जी वो मुझे आपसे कुछ जरुरी बात करनी थी सक्तिपुर को ले कर के

सक्तिपुर का नाम सुनते हे सभी के कान खड़े हो गए

दादी जी .....सूर्य कोई जगदा वगेरा तो नहीं किया है न तुमने किसी से

सूर्य ......नहीं दादी सा बात कुछ आवर हे करनी थी

शिव ......पहले डिनर फिनिश करो फिर कोई बात करना

सूर्य .......OK पापा

कुछ देर बाद सबने डिनर फिनिश कर लिया

दादा जी ......है बीटा बोलो क्या बात करनी थी तुम्हे

सूर्य .....वो दादू बात ऐसे है की

राधा .....बाउजी सूर्य सक्तिपुर के लोगो से आपसे पीछे बिना एक बड़ा कर दिया है अभी ये आपसे जीजाक रहा है

दादा जी .....बीटा ऐसा कोनसा वडा कर दिया है आवर अब अगर बड़ा कर दिया है तो पूरा भी करना चाइये आखिर हम ठाकुर है जान जाये पर जुबान न जाये

सूर्य ......बाउजी आज जब मैं सहर गया था तो सक्तिपुर के अंदर से हो कर गया था जब मैं वह स जा रहा था तो एक 9,10 साल की बची को सांप ने काट लिया था ........

सूर्य जो कुछ भी वह हुआ पूरा वाक्य सबको बताता है

दादा जी ......बीटा ये तो तुमने बहुत अच्छा काम किया है फिर जीजाक क्यों रहे हो

सूर्य .......बाउजी वो मैंने वह के लोगो से वादा किया की वह मैं एक हॉस्पिटल बनवाऊंगा वो आपसे पीछे बिना हे मैंने वादा कर दिया

शिव ......बीटा हॉस्पिटल बनाने में हमें कोई प्रॉब्लम नहीं है

पैर वह के लोग इसके लिया सहमत होंगे

सूर्य .......पापा मुझे यकीं है वो लोग भी मन जायेंगे बस एक प्रॉब्लम है

शिव .....अगर वो लोग मन जाते है तो फिर प्रॉब्लम क्या है

सूर्य ......जमीं का प्रॉब्लम है पापा क्युकी मुझे नहीं लगता कोई हमें हॉस्पिटल के लिया जमीं देने वाला है

दादा जी ......उसकी चिंता तू न कर बीटा सायद इस काम के लिया हे बहुत पहले मैंने वह कुछ जमीं खरीदी थी उसके बाद मैंने हमारे ठाकुर परिवार की दुश्मनी के चलते उसपे कोई ध्यान नहीं दिया

सूर्य ......फिर मुझे नहीं लगता की कोई प्रॉब्लम होगी

थोड़ा बहुत दुर्जन सिंह के परिवार से प्रॉब्लम hi सकती थी पैर इस वक़्त वो भी ऐसा नहीं करेंगे

महेंद्र ......नहीं सूर्य मुझे नहीं लगता की वो सब हॉस्पिटल बनाने देंगे

दादा जी .....ऐसा तुम्हे क्यों लगता महेंद्र

महेंद्र ......बाउजी मुझे पता चला जोरावर से की दुर्जन सिंह का बीटा बहुत हे शातिर मौसम का लड़का है बहार से कुछ आवर अंदर से कुछ आवर

शालिनी ......भाई सा हम इस मामले में उनके सामने सामने बेथ कर बात क्यों नहीं करते है

गांव वालो के सामने उसको भी कामना पड़ेगा

दादा जी ......है ये ठीक रहेगा वह अभी भी कुछ भरोशे के लोग है हमारे जो आज भी मेरे दोस्त है भले हे मिले हुए काफी टाइम जो गया हो मैं इनसे बात करता हूँ हम कल हे वह सक्तिपुर में बैठक रहते है

कोमल ......दादू कल तो हम गुमने जा रहे है

महेंद्र ......हमें तो किसी ने ये बताया हे नहीं

कोमल .....पापा वो हम लोग मतलब बुआ मेर्री दीदी अलीना दीदी सूर्य बस यही लोग जा रहे है

दादा जी .....बेटी अगर आप सबको गुमने हे जाना है तो कल नहीं परसो चलना मेरे साथ जैसलमेर वह परषो ....तहत उत्सव ....है वह तुम सभी को गम कर अच्छा लगेगा

मेर्री .....अंकल जी ये .तहत उत्सव ..क्या है

दादा जी ......बेटी तहत उत्सव यहाँ राजस्थान में हर साल बनाया जाने वाला सांस्कर्तिक ुटस्वा है जिसमे दूर दूर से लोग आते है अपनी कला का पर्दशन करते है जिसमे नाच गण .ुण्ठ की दौड़ .अन्टू का नैऋत्य युद्ध कला ऐसे बहुत से कला का पर्दर्सन किया जाता है हज़ारो लाखो की संख्या में लोग दूर दूर से आते है यहाँ तक की विदेशी लोग भी बहुत आते है

अलीना .....इंटरेस्टिंग फिर तो हमें वही जाना चाइये गुमने के लिया

सूर्य .....ठीक है दादू हम कल सक्तिपुर चलते है फिर परषो आपके साथ चलेंगे

महेंद्र .......मैं जोरावर को कॉल कर कल के लिया बोल देता हूँ

दादा जी .....है बीटा आवर कुछ मुख्या लोगो को भी साथ लेन को बोल देना

दादी ji.....chalo अब सब आराम करो टाइम देखा है 10 बजने को आया है

सब अपने अपने रूम की तरफ सोने चल देते है

सूर्य फ्रेश होने कर कुछ देर जसप्रीत सतवीर आवर सोहेल से बात करता है उसके बाद सूर्य सो जाता है

सक्तिपुर ......

सूर्य के निकलते हे ये बात दुर्जन सिंह की हवेली तक पहुंच गई जो कुछ भी आज हुआ था

पैर इस वक़्त हवेली पे रुक्मणि आवर गायत्री विधि हे थे गीता ठाकुर अभी भी बहार थी

विक्रम आवर अजय भी हवेली नहीं लौटे थे

साम को जब तीनो हवेली पे आये तो उनको आज के वाक्य के बारे में पता चला

गीता ठाकुर ......ये तो अच्छी बात है की वो यहाँ हॉस्पिटल बना रहा है

रुक्मणि ......ये आप क्या कह रही होगी दीदी इस से तो सक्तिपुर के लोग उसको अपना मसीहा मन्नेर लगेंगे

आवर हमारी कोई ेजात नहीं करेंगे

गीता ठाकुर ......आज तक कोई ऐसा काम हम लोगो ने किया है जिस से हम लोगो की ेजात हो

आवर वो मसीहा हे है भले उसने हमारा सुहाग मिटाया है पैर वो गलत नहीं है

विक्रम ......मम्मी ये आप क्या कह रही है पता भी है

गीता ठाकुर ......इसमें मैंने क्या गलत कह दिया क्या तुम नहीं जानते तुम्हारे पापा कैसे आदमी थे कैसे काळा कारनामे करते थे

अगर किसी को पता चल जाये तो इस हवेली की तरफ कोई तुकेगा भी नहीं

क्या तुम्हारे चाचा के बारी में पता नहीं न जाने कितने हे औरतो आवर लड़कियों की ेजात लूटी है उन्होंने किस हक़ से ेजात करने की बात करते हो

अजय .....माँ सा ये आपको आज क्या हो गया है कैसे बाते कर रहे है आप

गीता ठाकुर ......मेरी आँखे खुल गई है इस लिया ऐसे बाते कर रही हूँ मैं

विक्रम .....तो आप क्या चाहती है मम्मी जैसा आप कहेंगी वैसा हे मैं करूंगा

गीता ठाकुर .......क्या तुम सच कह रहे हो विक्रम

विक्रम .....जी मम्मी जैसा आप कहेंगी वैसा हे होगा

गीता ठाकुर ......फिर तुम कल खुद पुरे गांव वालो से इसके लिया बात करोगे आवर उनको राज़ी करोगे की वो इस काम में कोई अड़चन न डेल आवर इसकी मदद करे

विक्रम .....जी ऐसा हे होगा मम्मी है अभी हे सबको कल के लिया बोल देते है मीटिंग हम हवेली में हे रखते है

जिस से सबको यकीं हो की हमें इस काम से कोई परेशानी नहीं है

रुक्मणि ......दीदी आप कुछ भी कहो मुझे ये ठीक नहीं लग रहा है उसका साथ दे कर

विक्रम ......चची जी मम्मी सही बोल रही है अगर हम कुछ अच्छा नहीं कर सकते है तो जो अच्छा कर रहा है उसको भी नहीं रोकना चाइये

रुक्मणि गुस्से से वह से निकल जाती है

विक्रम .....अजय राणा अंकल को बोल कर गांव में खबर भिजवा दो कल के मीटिंग के लिया

अजय .......ठीक है भाई सा

अजय भी बहार की तरफ निकल गया

गीता ठाकुर .....मेरे रूम में चलो तुम जरा कुछ बात करनी है

विक्रम गीता के साथ रूम की तरफ निकल जाता है

गीता रूम को अच्छे से लॉक करके के

विक्रम .....मम्मी एक बात कहे हमें भी चची जी की बात ठीक लगती है इस से तो वो यहाँ के लोगो का मसीहा बन जायेगा

गीता ठाकुर .....वॉर ऐसा करो की सामने वाला भी मर जाये आवर पता भी न चले की किसने मारा

विक्रम .....ओह अब समजा आपकी चल को वैसे एक बात तो है मम्मी आप एक्टिंग बहुत अच्छी कर लेती है

गीता ठाकुर ......बीटा माँ से सीखता है पैर यहाँ उल्टा हो रहा मुझे तुमसे सीखना पढ़ रहा है

पैर ये समाज नहीं आया की तुमने ऐसा करने को क्यों कहा

विक्रम ......क्युकी ऐसा करने से हमारा फायदा है एक बार फिर से मैं पापा का बिज़नेस स्टार्ट करने की सोच रहा हूँ पैर सामने परदे अजय आवर राणा होंगे आवर इनके पीछे हमारा

गीता ठाकुर ......अभी नहीं विक्रम कुछ वक़्त लो उसके बाद अपना काम सुरु करो क्युकी अभी भी आर्मी के नज़रो से बचे नहीं है

उनकी नज़र अभी भी हम लोगो पैर है

विक्रम ......ठीक है मम्मी

गीता ठाकुर ......बस यही वजह थी या कुछ आवर भी प्लान है

विक्रम .....नहीं मम्मी बस यही है फ़िलहाल तो बाकि कल मीटिंग के बाद देखता हूँ

गीता ठाकुर .....ठीक है फिर मैं आराम करती हूँ तुम भी आराम करो जाओ

विक्रम वह से निकल कर अपने रूम में आता है आवर रूम को लॉक कर लेता है

विक्रम ......आपको क्या लगता है मम्मी मुझे इतनी जल्दी समाज जाओगे भले हे बीटा आपका हूँ पैर मेरी सोच आपके जैसे नहीं है

मैं उनमे से हूँ जो सामने से हाथ मिलता हूँ पैर गले लगते हे गाला काटने में वक़्त नहीं लगता

बस देखती जाये कैसा खेल खेलता हूँ जिसकी सीकर आप भी बनेगी सॉरी मम्मी क्या कृ आपका आवर पापा का खून हूँ न

हॉस्पिटल तो बनेगा हे पैर देखना ये है की इलाज कैसे होता है यहाँ इन जैसे कीड़े मकोड़ों की यही ोकत है हमारी जुटी कहते आवर भीख मांग कर जिन्दा रहे

विक्रम किसी को कॉल कर कुछ देर बात करता है

तभी दूर नॉक होता है विक्रम दूर खोलता है तो सामने अजय खड़ा था

अजय .....भाई सा मैंने राणा अंकल को बोल दिया है उन्होंने कहा है की सुबह तक सभी आ जायेंगे

विक्रम ......ठीक है ये लो कुछ पैसे रखो जरूरत हो तो आवर ले लेना आवर चची जी को कुछ मत बताना वर्ण वो मुझपे गुसा करेंगी जाओ अभी लेट तक बहार मत रहना

विक्रम से 1 लाख ले कर अजय वह से निकल जाता है ख़ुशी ख़ुशी

विक्रम .....यही पैसा तुजसे हर वो काम करवाएगा जो मैं चाहता हूँ

वही अजय पैसे ले कर सीधा अपनी कार ले सहर की तरफ निकल गया मस्ती करने........

वही सक्तिपुर के एक पुराणी घर में कुछ बुजुर्ग लोग आवर बैठे बात कर रहे थे

बुजुर्ग 1......हमें ठकुराइन से एक बार तो बात करनी चाइये क्या पता वो मन जाये

बुजुर्ग 2 .....मुझे भी ऐसा हे लगता है क्युकी हवेली का ठाकुर अब विक्रम सिंह आवर वो अच्छा लड़का है अपने बाप चाचाओं के जैसा नहीं संत लड़का है

अभी ये लोग बात हे कर रहे थे की बहार से एक 20 ,22 साल का लड़का आता है

लड़का .....बापू जी वो हवेली से सन्देश आया है की कल वह सभी को बुलाया बैठक के लिया

बुजुर्ग 1.....ठीक है बीटा तुम जाओ

लड़का वह से चला जाता है

बुजरुग 2......मुझे लगता है ये बैठक इसी बात ले लिया राखी है अब तो जाना हे पड़ेगा

बुजुर्ग 3.......सामने से बैठक रख रहे है मुझे ये कुछ ठीक नहीं ठकुराइन गीता बहुत हे चालक आवर मक्कार औरत है अगर उसने अस्पताल के काम के लिया बैठक हवेली में राखी है तो वो जरूर कोई चाल कपट का सहारा लेगी

बुजुर्ग 1.....भाई तुम तो हवेली में बरसो काम कर चुके हो तुम्हे तो पता होगा हे

bujurg.3.....tabhi तो कह रहा हूँ हवेली में सब शेतानो का राज़ है

वो सामने कुछ आवर दीखते है भीतर से कुछ आवर है

वो कहावत इन जैसो के लिया हे बानी है ....हाथी के दांत खाने के कुछ आवर दिखने के खुश आवर ....

बुजुर्ग 1.....अब तो कल जा कर हे पता चलेगा भाई

अगर अस्पताल बन जायेगा तो सक्तिपुर के लोगो को भी कुछ अच्छी जिंदगी नसीब हो जाये

इन हवेली वालो से लड़को तक की नेसल ख़राब कर दी है .........

सुबह सूर्य जल्दी उठ कर अकेला हे जॉगिंग करने निकल जाता है

जॉगिंग करते हुए सूर्य जंगल जा पंहुचा जहा सकती वयोम आवर साध्वी जी थी

सूर्य .....आप कब यहाँ पहुंचे साध्वी जी आपको तो मैं घर पे छोड़ कर आया था

साध्वी जी .....मैं पहले हे आ चुकी थी

अब अपना ध्यान लगाओ आवर अपने तत्वों की प्रैक्टिस करो वयोम आवर सकती के साथ

सूर्य .....जी जैसा आप कहे

सूर्य ध्यान कर अपने तत्वों को जागृत करता है

कुछ देर बाद सूर्य अपनी आगे खोलता है

सामने वयोम अपने सुरक्षा चाकर में खड़ा था अपने दोनों हाथो में सोर्ड लिया

साध्वी जी ....सूर्य वयोम तुम दोनी त्यार हो

सूर्य .....जी साध्वी जी

साध्वी जी ......सूर्य अपनी ऊर्जा को नियंत्रण में रख कर प्रयोग करना अनन्यता कल के जैसे तुम जल्दी हे अपनी ऊर्जा नस्ट कर लोगे

सूर्य ......जी मैं ध्यान रखूंगा

सूर्य परतवि से जुड़ कर अपने परतवि तत्वों से वयोम पे प्रहार करने लगा

वयोम बड़ी कुशलता से सूर्य के पथरो को विफल करने लगता है अपने तलवार से

सूर्य वयोम को देख मुस्कुरा रहा था

( सकती .....ये सूर्य वॉर करते हुए मुस्कुरा क्यों रहा है क्या चल रहा है इसके दिमाग में )

ीदार सूर्य परतवि हटवा का वार करते करते अच्चानक से जल तत्वा का बार सुरु कर देता

पानी से आने भले तीर जो ठोस रूप में वयोम के चारो तरफ से वॉर होने लगा

( सकती .....ओह्ह मतलब 2 तत्वा का एक साथ प्रयोग कर रहा है बहुत अच्छा सूर्य पैर इस से काम नहीं चलेगा वयोम को याराना इतना भी सरल नहीं होगा )

सूर्य सकती की तरफ गौर से देखता है

सकती को ऐसे लगता है जैसे सूर्य उसके भीतर गुस्स रहा है

सूर्य वॉर करते हुए फिर से ध्यान लगाने लगता है

जैसे जैसे सूर्य ध्यान में गहरा जाता है वैसे वैसे सूर्य के परहरो की तीव्रता बढ़ने लगी

सकती .....साध्वी जी ये सूर्य क्या कर रहा है

साध्वी जी .....सूर्य अपने इच्छा सकती का प्रयोग कर रहा अपने पथरो को दिशा देने में

सकती ....क्या मतलब मैं कुछ समजा नहीं

साध्वी जी .....सूर्य ध्यान लगा कर अपनी ऊर्जा को संतुलित करने के साथ साथ अपनी ऊर्जा सकती को भी भाषा रहा है

गौर से देखो सूर्य को आवर उसके पथरो को वयोम अगर अपनी जगह से हैट कर भी वॉर रोकेगा तो भी ऊर्जा वयोम को स्वयं से खोज कर उसपे प्रहार करेंगे

सकती ......पैर सूर्य ये कैसे कर प् रहा है जबकि सूर्य की सक्रिय अभी बहुत सुप्त स्वस्थ में है

साध्वी जी ......हम पूरी तरह नहीं जानते पैर हमें लगता है सूर्य ुशी मंत्र का ध्यान कर रहा जिस से कल सूर्य खुद को संतुलित किया था अपनी ऊर्जा को पुनः प्राप्त किया था

डेरी डेरी सूर्य का वायु तत्वा भी सूर्य के परतवि आवर जल तत्वा के साथ सम्मिलित हो जाता है

सकती ......आपको वयोम की शय्या करनी होगी

साध्वी जी .....हम नहीं आप जाये आवर दोनों मिल कर सूर्य के पथरो को रोकिये आवर साथ हे अपने ऊर्जा का प्रयोग कर सूर्य पे वॉर कीजिये

सकती .....पैर वो तो ध्यान में लीं है ऐसे में उसे चौथ लग सकती है

साध्वी जी .....हम जो कह रहे है वही कीजिये किन्तु बहुत काम मात्रा से सुरु कीजिये

सकती अपनी ऊर्जा का प्रयोग कर सूर्य पे वॉर करने लगा

सकती .....वयोम अपनी ऊर्जा का प्रयोग करो पैर बहुत काम मात्रा में

ीदार ध्यान में सूर्य को अपनी तरफ किसी ऊर्जा को आते हुए सेंस करते हे एक एक करके तीनो तत्वा सूर्य के चारो तरफ रक्षा कवच का रूप दर्जन कर लेते है

बहरी परत वायु तत्वा फिर जल तत्वा अंत में परतवि तत्वा

साध्वी जी ......बहुत अच्छा सूर्य बहुत जल्दी अपने तत्वों का प्रयोग करना शिख रहे हो

( साध्वी जी ....वयोम सकती अपने पथरो में ऊर्जा का विस्तार करो

सकती ....क्या ये ठीक रहेगा

साध्वी जी .....है हम कह रहे है न )

सकती आवर वयोम साध्वी जी की बात मन सूर्य पे दुगुनी ऊर्जा से सूर्य पे वॉर करते है

सूर्य ध्याम में लीं हो किसी आवर हे स्थान पे जा पंहुचा

तीनो तत्वा अपनी उग्रता की आवर भाड़ रहे थे

साध्वी जी .....हमें ऐसा क्यों महसूस हो रहा है की कुछ ानिस्ट होने वाला है

साध्वी जी सूर्य के नजदीकी जाने लगी किन्तु जैसे जैसे वो आगे भाड़ रहे थे वैसे वैसे सूर्य के सरीर से निकल रहे तप को वो महसूस कर रही थी

साध्वी जी .......ये ये सूर्य की देह से ऐसा तप क्यों निकल रहा जैसे हम सूर्य के पास नहीं किसी अग्नि पुंज के पास जा रहे है

साध्वी जी अपनी आँखे बंद कर सूर्य के चारो तरफ एक बहुत मजबूत शील्ड बनती है आवर पीछे हैट जाती है

साध्वी जी ....सकती वयोम अपने ऊर्जा का प्रहार रोक दो

सकती .....क्या हुआ साध्वी जी

साध्वी ji.....waha से हैट जाओ सूर्य से दूर हो जाओ

सकती ......किन्तु हुआ क्या है साध्वी जी

साध्वी जी .....सकती हमारी बात ध्यान से सुनो अपने अपने सबसे सुरक्षित सुरक्षा कवच से खुद को सुरक्षित करो

हम ध्यान में जा रहे है कुछ भी हो जाये तुम सूर्य के नजदीकी नहीं जाओगे आवर न हमारे पास आओगे

सकती ......जी ठीक है

साध्वी जी ध्यान में लीं हो सूर्य की ऊर्जा से जुड़ कर सूर्य तक पहुंचने की कोशिश करती है बहुत बार कोशिस ह करने के बाद आखिर साध्वी जी को सफलता मिल जाती है

बहार सूर्य के चारो तरफ जल आयु पर्तिवि तत्वा के साथ साथ अग्नि के लपटों ने भी सूर्य को कवर कर लिया था

वयोम आवर सकती इस तप को सहन नहीं कर प् रहे थे इस लिया वो पीछे हैट गए

साध्वी जी के सरीर से बहुत आदिक मात्रा में सफ़ेद ऊर्जा निकल रही थी

साध्वी जी जब सूर्य तक पहुंची तो देखा की सूर्य ध्यान की अवश्य में सूर्य( सूरज ) की आवर भाड़ रहा था

साध्वी जी ....सूर्य अपने ध्यान को भांग करो

सूर्य के कानो में जब साध्वी जी की आवाज पड़ती है तो वह अपनी आँखे खोलता है सूर्य की आँखे किसी सूर्य की तरह हे चमक रही थी

साध्वी जी .....सूर्य अपनी अग्नि तत्वा को संत करो अनन्यता बहुत बड़ा संकट उत्पन हो जायेगा

सूर्य .....मैं खुद को रोक नहीं प् रहा हूँ

साध्वी जी .....अपने ध्यान मंत्र ...om...ka प्रोग करो वो तुम्हारी सहायता करेगा

सूर्य ........मैं खुद को संतुलित नहीं कर प् रहा हूँ

( साध्वी जी .....पिताजी हमारी सहायता कीजिये सूर्य को संत करने ानयता हम कुछ नहीं कर पाएंगे

गुरुदेव ......पुत्री तुम्हे अपने वास्तविक रूप में आना होगा आवर आवर गॉड स्तुति का प्रयोग कर सूर्य के महाकाल अंश को संत करना होगा

इस वक़्त तुम्हारे सामने सूर्य नहीं है

साध्वी जी .....जी पिताजी

गुरुदेव .......सफल मनोरथ भाव पुत्री )

साध्वी जी .....सूर्य पर्यटन करो कुढ़ को संत करने का

सूर्य ध्यान लगाने की कोसिस करता है

साध्वी जी अपना साध्वी रूप त्याग कर अपने पारी रूप में आ गई

सकती आवर वयोम दूर खड़े जंगल में लगी आग को अपनी जल तत्वा स रोक रहे थे तभी

साध्वी जी के पारी रूप में आने का उनको आभाष हुआ

सकती .....वयोम तुम इस अग्नि को रोको मैं यहाँ मायाजाल का निर्माण करता हूँ अनन्यता किसी के सामने हमारा भेद खुल सकता है

वयोम ......जैसा तुम कहो मित्र

किन्तु ये हो क्यों रहा है

सकती .....ये तो रिद्धि पारी हे बता सकती है की उन्होंने अपना वास्तविक रूप क्यों दर्जन किया है

सकती अपने सकती का प्रयोग कर वह एक माया का निर्माण करता है

आवर एक बार फिर से अग्नि को जल से संत करने लगता है

वही सूर्य साध्वी जी की गॉड स्तुति से संत होने लगता है आवर देखते हे देखते पूरी तरह से संत हो जाता है

साध्वी जी ध्यान भांग कर पुरे जंगल में सूर्य के वजह से जो हानि हुई उसको ठीक करने लगी

सूर्य ने जैसे हे अपनीं आँखे खोली वो मूर्छित हो गया ........

अपडेट पोस्ट्स फ्रेंड्स ........🌹🙏🙏

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ......🌹🙏🙏
 
अपडेट 90

सकती अपने सकती का प्रयोग कर वह एक माया का निर्माण करता है

आवर एक बार फिर से अग्नि को जल से संत करने लगता है

वही सूर्य साध्वी जी की महाकाल स्तुति से संत होने लगता है आवर देखते हे देखते पूरी तरह से संत हो जाता है

साध्वी जी ध्यान भांग कर पुरे जंगल में सूर्य के वजह से जो हानि हुई उसको ठीक करने लगी

सूर्य ने जैसे हे अपनीं आँखे खोली वो मूर्छित हो गया ........

अब आगे ...........

सूर्य काफी देर तक मूर्छित रहा इस बिच साध्वी जी ने अपनी सकती का प्रयोग करते हुए जंगल को पर्वत कर दिया

वयोम ......साध्वी जी क्या आप हमें ये बताने का किर्प्या करेंगे की सूर्य कोण है आवर क्यों हम यहाँ है

साध्वी जी ......वयोम आज ये क्यों पूछ रहे है

vayom......pichle एक साल से हम यहाँ है मेरे लोक के अनुसार 3 साल क्या हमें इतना हक़ नहीं है की हम जान सके

साध्वी जी ......आप अपने गुरु के आज्ञा का उलंघन कर रहे है वयोम.

सकती .....है वयोम हमें गुरुदेव ने जो कार्य सौंपा है हमें उसपे हे ध्यान देना चाइये

वयोम .....मुझे माफ करना किन्तु आज आपको सत्य बताना हे होगा

मैं गुरुदेव की आज्ञा का उलंघन नहीं कर रहा हूँ किन्तु सत्य जन्मे का अदिकार तो सबको होता है

साध्वी जी ........सूर्य परीलोक के भविष्य में होने वाले राजा है

इतना काफी है आपको सत्य जानने के लिया वयोम

वयोम ......किन्तु ये कैसे संभव है साध्वी जी

परीलोक का राजा तो वही बन सकता है जो पारिजात से हो

साध्वी जी ........ये सूर्य की नियति है की वो भविष्य में परीलोक का सम्राट बने इन्हे सवयं महाकाल ने चुना है उनकी इच्छा के विरुद कोई नहीं जा सकता है

वोयम .....इस से आप दोनों का यहाँ होना तो समाज आया किन्तु हमारे यहाँ होने का कारन अभी भी समाज नहीं पाए

सकती बात आवर अधिक बढ़ती देख बिच में बोलना हे उचित समजा

सकती ........साध्वी जी सूर्य को क्या हुआ था की आपको अपना वास्तविक रूप में आना पड़ा

साध्वी जी .....सूर्य का अग्नि तत्वा जागृत हुआ है आज सकती सभी तत्वों में सूर्य का अग्नि तत्वा बहुत प्रबल है

सूर्य अग्नि तत्वा को कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा था इस लिया अग्नि तत्वा बेकाबू हो गया था जिसको सूर्य नियंत्रित नहीं कर प् रहा था हमें उसकी सहायता करने के लिया अपनी वास्तविक रूप अख्तियार करना पड़ा ( हमें माफ करना सत्य आपसे छुपा रहे है सकती )

सकती ......सूर्य को होश आ रहा है साध्वी जी

सूर्य को डेरी डेरी होश आने लगा

surya......ahhhhhh मेरा सर ये मुझे क्या हो रहा

साध्वी जी ......संत रहो सूर्य कुछ नहीं हुआ है तुम्हे

सूर्य .......मेरा सर फतह जा रहा है पूरा सरीर जल रहा है

साध्वी जी ......ये ॉधी ग्रहण करो सूर्य इस से तुम्हे आराम मिलेगा

सूर्य साध्वी जी द्वारा दी ॉधी पि लेता है

साध्वी जी ......सूर्य जाओ आवर कुछ समय नदी में स्नान कर आओ इस से तुम्हारे सरीर के तप से तुम्हे रहत मिलेगी वयोम तुम भी जाओ सूर्य के साथ

सूर्य नदी की तरफ निकल जाता है वयोम के साथ

ीदार हविले में सूरजगढ़ से नाना जी दोनों मां जी आवर कुछ मुख्या लोगो के साथ सूर्यगढ़ हवेली आ पहुंचे

नाना जी ......परताप मैं ये क्या सुन रहा हूँ

दादा जी ......अरे यार आते हे सवाल दागना सुरु कर दिया जोरावर ने बताया नहीं क्या

नाना jI......iska मतलब सब सच है

नाना जी ......है यार आवर मैं भी इस बात से सहमत हूँ की जो हो रहा अच्छा हे हो रहा है

नाना जी .....काम तो अच्छा पैर क्या वह के लोग इसके लिया मन जायेंगे इसके लिया

महेंद्र .....परनाम बाउजी

नाना जी ......जीते रहो बीटा आवर तुम्हारा कारोबार कैसा चल रहा है

महेंद्र .....ाचा चल रहा आप सभी के आशीर्वाद से बाउजी

नाना जी ......फिर क्या सोचा है परताप किसी से इस बारे में बात चित हुए है क्या सक्तिपुर में किसी से

दादा जी ......है बात हुए थी रात में कुछ पुराने दोस्तों से उन्होंने इसमें हमारा साथ देने का वडा किया है

नाना जी .......फिर कब निकलना है

दादा जी .....बस कुछ लोग आवर आ जाये फिर निकलते है सक्तिपुर के लिया

जोरावर .......बाउजी सूर्य नहीं दिखाई दे रहा है कहा है वो

दादा जी ........बीटा वो आता हे होगा कुछ देर में सायद जंगल गया है साध्वी जी भी तो नहीं है यहाँ पे

इन सबकी बात चित ऐसे हे चलती रहती है हॉस्पिटल्स आवर सक्तिपुर को ले कर के

इस बिच सूर्य भी हवेली आ जाता है अभी उसका सर हल्का हल्का दर्द कर रहा था

सूर्य फ्रेश हो नास्ता वगेरा कर अपने नाना जज आवर दादा जी के साथ सक्तिपुर के लिया निकल जाता है

जोरावर .....सूर्य क्या हुआ आज कुछ परेशान लग रहे हो

सूर्य ......कुछ नहीं मां जी वो थोड़ा सर में दर्द है इस लिया आपको ऐसा लग रहा है

जोरावर .....कुछ दवा वगेरा ली की नहीं

सूर्य ......जी मां जी मैंने दवा ले ली है कुछ देर में आराम भी मिल जायेगा

जोरावर .......तो कहा की ड्यूटी मिली है अब तुम्हे

सूर्य .....अभी कुछ भी पता नहीं है मां जी ट्रैंनिंग कहा करना कहा ड्यूटी मिली है वो सब ब्रिगेडियर सर हे जानते है

जोरावर .....अच्छे से ट्रैंनिंग करना कुछ भी प्रॉब्लम हो तो मुझे कॉल कर देना

सूर्य ......जी मां जी आपकी राजनीति कैसे चल रही है

जोरावर .......हाहाहा क्या बात है राजनीति में आना चाहते हो क्या

सूर्य ......ऐसा कुछ नहीं है मां जी बस ऐसे हे पूछ रहा हूँ वैसे कॉलेज का काम कैसे चल रहा है मां जी कब तक त्यार हो जाएगी

जोरावर ......अगले साल से कॉलेज ओपन हो जाएगी बीटा तब तक तुम्हारी ट्रैंनिंग भी पूरी हो जाएगी सायद

सूर्य .....पता नहीं मां जी

ऐसे हे बात करते हुए सब लोग सक्तिपुर हवेली आ पहुंचे

राणा विक्रम आवर गीता ठाकुर ने सबका हाथ जोड़ स्वागत किया सबके लिया टिया कॉफ़ी का इंतजाम किया

वही विधि आवर गायत्री हवेली की खिड़ी के सूर्य को निहार रही थी आज दोनों हे बहुत अच्छे से त्यार हुए थी

सूर्य आगे बढ़ गीता ठाकुर के पेअर छूटा है फिर सभी सक्तिपुर वालो को हाथ जोड़ परनाम करता है जिस से सभी खुश हो जाते है है

दादा जी ......बेटी आपको ये तो पता चल हे गया होगा की हम यहाँ क्यों आये है

गीता ठाकुर .....जी ठाकुर साहब

हम जानते है आप सब क्यों आये है

दादा जी ......बेटी हम जानते है हमारे दोनों खानदानो में दुश्मनी है है पैर इसका असर इस काम पे न पड़े बस यही बिनती है

नाना जी .....है बेटी सूर्यगढ़ आवर सूरजगढ़ में हॉस्पिटल है पैर सक्तिपुर के लोग वह इलाज के लिया जाते नहीं है आवर सहर जाने में काफी वक़्त लग जाता है बिच किसी की जान भी इलाज न मिलने पे जा सकती है

कल जो वाक्य उस बची के साथ हुआ वो किसी आवर के साथ भी हो सकता है ये जरूरी तो नहीं की सबकी किस्मत इतनी अच्छी हो

गीता ठाकुर .....आपने सही कहा अच्छा पिचर सभी को मिलना चाइये हम भी काफी वक़्त से यहाँ हॉस्पिटल बनवाना चाहते थे पैर ये संभव नहीं हो पाया

हमें कोई एतराज नहीं उल्टा हमें ख़ुशी है की सूर्य सक्तिपुर के लोगो की इतनी मदद कर रहा है

दादा जी ......अगर आपकी कोई सरत है या कुछ आवर तो वो भी अभी से बता दीजिये

गीता ठाकुर .....सरत नहीं है बस एक विनती है

सूर्य .....आंटी जी आप कुछ कहे इस से पहले मैं आप सभी से कुछ कहना चाहता हूँ आपके बिच में बोलने के लिया माफी चाहता हूँ आंटी जी

गीता ठाकुर .....कहो बीटा तुम क्या कहना चाहते हो

सूर्य .......अगर आप सभी को कोई एतराज न हो तो हॉस्पिटल का पूरा खर्चा हम उठाना चाहते है न आपको पैसे देने की जरूरत है आवर न आप में से किसी को अपनी जमीं देनी होगी

मुझे नहीं लगता की किसी को इसमें कोई आपत्ति होगी

गीता ठाकुर .....मुझे नहीं लगता किसी को इसमें एतराज होगा पैर बिना जमीं के हॉस्पिटल कैसे बनेगा

दादा जी ....बेटी जमीं की चिंता नहीं है यहाँ मेरी काफी जमीं है सायद आप में से कुछ लोग जानते होंगे उसके बारी में

विक्रम सिंह ....फिर तो कोई प्रोब्लेम्स हे नहीं है

सूर्य ......एक प्रॉब्लम है

गीता ठाकुर ....अब क्या प्रॉब्लम है बीटा

सूर्य ......देखिये ये बात हम सब जानते है हमारे खंडन की दुश्मनी का असर कुछ हद तक इस काम पे पड़ने वाला है भले हे आप न मने इस बात को किन्तु ये सच है बस मैं यही चाहता हूँ की हॉस्पिटल के काम में किसी तरह की रुकावट न आये आवर इस लिया मैं सक्तिपुर के लोगो से निवेदन करूंगा की वो अपने बिच से किसी एक मुखिया को चुने जो इस काम को अपनी देख रेख में पूरा करे

इसमें न सक्तिपुर के ठाकुर परिवार आवर न सूर्यगढ़ का ठाकुर परिवार दोनों का हे इस काम में कोई दखल नहीं होगा

गीता ठाकुर .......हमें कोई एतराज नहीं है इसमें

विक्रम .......किन्तु मुझे एतराज है

सूर्य .....इसमें आपको भला क्या एतराज हो सकता है

विक्रम सिंह ......इस काम के लिया हम भी अपना सहयोग करना चाहते है

दादा जी ....बीटा तुम्हे कोण रोक रहा है सहयोग करना चाहते हो तो करो

विक्रम सिंह .....हम हमारे दादा जी की तरफ से इस काम के लिया कुछ राशि दान करना चाहते है

सूर्य ......बिलकुल नहीं आप अपने दादी जी के नाम से जो धन राशि इस कार्य में लगाना चाहते वो सक्तिपुर के किसी आवर विकाश कार्य में प्रयोग कर सकते है किन्तु इस कार्य के लिया किसी से दान नहीं ले सकता क्युकी हमने इस कार्य को दान की धन राशि से पूरा करने का संकल्प नहीं किया था

मां जी ......विक्रम सिंह अगर आप अपने दादा जी के नाम से कुछ अच्छा कार्य करना चाहते है तो सक्तिपुर के स्कूल में कुछ अच्छा कार्य कराये जिसमे हम भी आपकी पूरी मदद करेंगे आप उस धन राशि का प्रयोग स्कूल में रूम जमाने में कीजिये

अब सक्तिपुर का स्कूल 10थे तक है आप आगे की क्लास के लिया रूम बनाये सर्कार से आगे की क्लास 12 तक की शिक्षा का प्रबंध हम कर ते

क्यों सक्तिपुर वालो आपका क्या कहना है

इस से आपके लड़के आवर लड़कियों को सहर तक नहीं जाना पड़ेगा आगे की पड़े सूर्यगढ़ के कॉलेज से पूरी कर अपने भविष्य को सुधर पाएंगी

विक्रम सिंह के न चाहते हुए भी गांव वालो के कहने पे मन्ना पड़ा

गांव वालो ने सहमति पे एक ईमानदार बुजुर्ग को चुना इस काम की देख रेख के लिया

दोपहर तक सूर्य वापिस सूर्यगढ़ लौट आया

वही सक्तिपुर में सूर्य के लौटने के बाद

विक्रम सिंह अपने मम्मी गीता ठाकुर पे गुस्से में चीला रहा था

विक्रम .......आपको क्या जरूरत थी उसकी बात मैंने की

गीता .......तो आवर मैं क्या करती सक्तिपुर सूर्यगढ़ सूरजगढ़ के कितने लोग थे वह अगर मैं वह उसका एतराज करती तो सब लोग हमारे खिलाफ हो जाते

विक्रम .......आपकी बेवकूफी से सब बर्बाद हो गया

गीता ......ऐसा क्या करने वाले थे तुम जो बर्बाद हो गया

विक्रम ......आपको बताने का कोई फायदा तो है नहीं

गीता ......तुम भूल रहे हो मैं माँ हूँ तुम्हारी

काम से काम अपनी माँ से कैसे बात की जाती है ये तो ख्याल रखो

विक्रम .....चुप कीजिये आप कहा मैं इस हॉस्पिटल के जरिये अपनी मंजिल तक पहुंचने के सपने देख रहा था

गीता ......क्या मतलब तुम्हारा

विक्रम ....जानना चाहती है तो सुनो मैं इस हॉस्पिटल के नाम से दान के रम गांव वालो से धन राशि ले

कुछ अपनी तरफ स्व इस्तेमाल कर के इस पुरे हॉस्पिटल को दादा जी के नाम से बनाता पैसा सूर्य आवर गांव वालो का होता पैर नाम हमारा ुचा होता

गीता .....इसमें क्या है तुम यही काम स्कूल में भी तो कर सकते हो

विक्रम ......स्कूल में काम करवाने से वो कामयाबी नहीं मिलेगी मुझे जो हॉस्पिटल से मिलने वाली ऊपर से उस सूर्य ने चाल चल कर हमारे खंडन को भी इस काम से बहार कर दिया खुद के साथ साथ

कहा मैंने सोचा था की इस हॉस्पिटल को ले कर गांव वालो को भड़का कर ज्यादा से ज्यादा प्रॉब्लम की जाये पैर सब चौपट हो गया

गीता .....ये काम तो तुम अभी भी कर सकते हो

विक्रम .....नहीं कर सकता क्युकी हमारे बाद कोई है जिसकी बात सक्तिपुर के लोग मानते है तो वो वही मुखिया है जिसको गांव वालो ने चुना है

एक तो पापा के मरने के बाद वैसे हे हमारी ताकत आदि हो चुकी है सकती चाचा के मरते हे गांव वालो के मन में जो दर था वो भी ख़तम हो चला है अब सब कुछ चुप कर करना पड़ेगा

गीता .....ये तो सच है की तुम्हारे पापा जाने के बाद हमारा वो रुतबा नहीं रहा जो पहले था अब भी तुम हमारे आदमियों से कुछ भी करवा सकते हो

विक्रम .....ये आपको लगता है पैर ये सब यहाँ पैसे आवर नशे के लिया काम करते है इनमे से लोई भी गांव वालो के खिलाफ नहीं जायेगा अब ये सब उस राणा के आदमी है हम बस नाम के ठाकुर रह गए है मुझे किसी भी तरह राजनीती में मंत्रिपद प्राप्त कर अपनी ताकत बढ़ानी हे होगी

विक्रम गुस्से से वह से निकल जाता है

सूर्यगढ़ .......

रात को सब लोग खाना खा कर सो गए सूर्य अभी भी चाट पे टहल रहा था

साध्वी जी ......क्या हुआ सूर्य कुछ परेशान लग रहे हो

सूर्य .......आप कब आये यहाँ

साध्वी जी .....जान तुम अपने हे विचारो में खोये हुए थे ऐसा क्या सोच रहे थे तुम

सूर्य .....कुछ नहीं बस आज जो हुआ वही सोच रहा हूँ

साध्वी जी ......ऐसा क्या हुआ आज

सूर्य ......पता नहीं क्यों साध्वी जी मुझे ये विक्रम सिंह बहुत हे अजीब लगा

साध्वी जी ......तुम्हे ऐसा क्यों लगता है सूर्य हो सकता है तुम्हारा सोचना गलत हो

सूर्य ......नहीं साध्वी जी ऐसा लगता है जैसे विक्रम जो सामने है उस के उलट उसका एक खतरनाक रूप आवर भी है उसकी आँखों में नफरत थी मेरे लिया जब उसके चेहरे पे मुस्कान

साध्वी ji.....surya ऐसे लोगो से सदैव सवदान रहना चाइये

सूर्य ......आज जब हम वह पहुंचे तो उसने सबका स्वागत जबरदस्ती मुस्कान का मुखौटा ौड कर किया पैर जब मैंने उस के सामने सरत राखी की इस काम के लिया कोई दान की राशि इसमें इस्तेमाल नहीं करुगा तो उसके चेहरे के भाव बदलने लगे पैर जल्दी हे उसने फिर से वही मुखौटा पहन लिया

साध्वी जी .........सूर्य ऐसे लोग डोगरी जिंदगी जेएलटी है जो दुनिया की नजरो में किसी आवर रूप में सबसे अलग किसी अन्य रूप में अब जाओ आवर जा कर आराम करो रात बहुत हो गयी है .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......

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सूर्य ......आज जब हम वह पहुंचे तो उसने सबका स्वागत जबरदस्ती मुस्कान का मुखौटा ौड कर किया पैर जब मैंने उस के सामने सरत राखी की इस काम के लिया कोई दान की राशि इसमें इस्तेमाल नहीं करुगा तो उसके चेहरे के भाव बदलने लगे पैर जल्दी हे उसने फिर से वही मुखौटा पहन लिया

साध्वी जी .........सूर्य ऐसे लोग डोगरी जिंदगी जेएलटी है जो दुनिया की नजरो में किसी आवर रूप में सबसे अलग किसी अन्य रूप में अब जाओ आवर जा कर आराम करो रात बहुत हो गयी है .........


अब आगे ......

सूर्य आज भी जंगल गया पैर साध्वी जी ने केवल ध्यान करने को हे कहा

सूर्य वह जंगल में साध्वी जी के साथ तकरीबन 3 जानते ध्यान योग किया

साध्वी जी ......सूर्य तुम अभी भी वयोम आवर सकती द्वारा दी शिक्षा का अभ्यास प्रतिदिन करते हो न

सूर्य .....नहीं साध्वी जी वह मुझे इतना वक़्त नहीं मिलता था ट्रैंनिंग में हे पूरा वक़्त निकल जाता था थोड़ा बहुत ध्यान करने के बाढ़ अभ्यास करता था पैर वो इतना पर्याप्त नहीं था

साध्वी जी .......सूर्य तुम्हे रोज काम से काम 2जानते ध्यान योग आवर उतने हे टाइम अपनी ट्रैंनिंग के अलावा अभ्यास करना चाइये अगर तुम ऐसे हे अपने अभ्यास से भागते रहे तो तुम कभी युद्ध कला में निपुणता हासिल नहीं कर पाओगे

सूर्य .....जी मैं आगे से ध्यान रखूंगा

साध्वी जी ......तो आज तुम लोग गुमने जा रहे हो

सूर्य ......जी साध्वी जी वैसे भी पता नहीं अब कब फिर से लौटना हो इस लिया जितना समय परिवार के साथ बितौ उतना हे अच्छा है

वही कैंप में यही यादे तो मेरा हौसला बढाती है

साध्वी जी .....सही कहा सूर्य परिवार किसी भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत आवर कमजोरी होती है जैसे तुम्हारी सबसे बड़ी कमजोरी तुम्हारा परिवार है

सूर्य ....माफ कीजियेगा पैर मैं ये नहीं मंटा साध्वी जी

आपको पता है मैं अपने परिवार से दूर कभी नहीं होना चाहता था एक पल के लिया भी नहीं

पैर उनकी सुरक्षा के लिया पहली बार 3 महीने उनसे दूर रहा अभी पता नहीं कितने टाइम दूर रहना होगा आवर ये सब किश लिया कर रहा हूँ

ताकि मैं अपने परिवार को सुरक्षित रख सकू

साध्वी जी .....आवर कभी भविष्य में ऐसा समय आये की तुम्हे अपने परिवार आवर समस्त भारमंद में से किसी एक को चुनना पड़े तो तुम किसी चुनोगे

सूर्य .....मैं नहीं जनता इसका मैं क्या जबाब आपकी समाज से क्या होना चाइये

पैर बात जब समस्त भारमंद आवर मेरे परिवार में से किसी एक को चुनने की है तो उस भारमंद में उन करोडो अरबो परिवार में मेरा भी एक परिवार आता है तो वह मैं अपने परिवार को चुन कर उन अरबो खरबो परिवार को नस्ट नहीं होने दे सकता हूँ

पैर आप ये सब पूछ क्यों रही है मैं एक सदर्न सा इंसान हूँ न की कोई देव जिसको भारमंद बचने की जरूरत पड़े

साध्वी जी .....फिर भी ऐसा वक़्त आया तो क्या करोगे

सूर्य ......भविष्य किसने देखा है साध्वी जी

चलिए घर चलते है काफी समय हो गया है

साध्वी जी .....है चलो पैर मेरे बात का ध्यान रखना सूर्य समय सभी की परीक्षा लेता है तुम्हारी भी परीक्षा ली जाएगी बहुत बार अपने विवेक से निर्णय लेना

सूर्य .....जी ध्यान रखूंगा मैं

साध्वी जी आवर सूर्य हवेली की तरफ निकल गए बात करते हुए


पुणे..........

जॉय जब से युसूफ खान से मिल कर गया था तब से हे युसूफ खान का एक बाँदा दूर से उस पे नजर रख रहा था

जॉय ने रुस्सियन सीक्रेट सर्विस से भी मेर्री आवर अलीना की ट्रैकिंग के लिया बोल रखा था

परन्तु का कुछ भी पता नहीं चल रहा था

जॉय .......मैंने हे गलती की यहाँ से जा कर के जब उसने मुझे यहाँ से जबरदस्ती भेजा तभी मुझे समाज जाना चाइये था

जॉय अपने फ़ोन के साथ कुछ करके वो किसी को कॉल करता है

कुछ रिंग जाने के बाद कॉल आंसर होता है

जॉय ......hello रजत मेरे दोस्त कैसे हो तुम

रजत ......hello जॉय मुझे कैसे कॉल किया इतना सब होने के बाद भी

जॉय ......सॉरी रजत मुझे पता है मैंने तुम्हे धोखा दिया है पैर तुम्हे भी पता है कोई भी एजेंट्स अपनी मिशन की कोई भी जानकारी किसी से शेयर नहीं कर सकता है

रजत .....जनता हूँ पैर हम दोस्त थे आज तक मैंने कभी किसी से तुम्हारे जानकारी शेयर की क्या उल्टा जब तुम्हे जरुरत पड़ी मैंने हेल्प की फिर भी तुम खेर छोड़ो आवर बताओ अब क्यों कॉल किया है

जॉय ......मुझे मेर्री से बात करनी है बूत उसका कॉल नहीं लग रहा है

आवर न अलीना का कॉल लग रहा है

रजत .....तो इसमें मैं तुम्हारी क्या हेल्प कर सकता हूँ

जॉय .......मेर्री कहा है उसका कोई आवर कॉन्टेक्ट no. है क्या तुम्हारे पास

रजत .......सॉरी जॉय मेर्री आवर उसकी सिस्टर क्या नाम था उसका

जॉय .....अलीना

रजत ....है अलीना वो यहाँ से जा चुकी है जब तुम्हारे मिशन की जानकारी ब्रिगेडियर सर को लगी तब उन्होंने मेर्री को रूस लौटने को कहा क्युकी उनके सामने मेर्री का राज खुल चूका था

उसके बाद से मेरा भी कोई कांटेक्ट नहीं हुआ है उस से

जॉय ........ok रजत वैसे सूर्य की ट्रैंनिंग तो पूरी हो गयी है अभी कहा वो ट्रैंनिंग पे जाने वाला है

रजत .....देख जॉय हमारी दोस्त अपनी जगह है आवर फ़र्ज़ अपनी जगह है मैं जनता हूँ तुम पुणे में हे हो आवर रही बात सूर्य की तो एक बात मेरी अपने दिमाग में अच्छे से बैठा लो तुमने अपने दिमाग में कुछ भी ऐसा वैसा सूर्य को ले कर सोचा भी तो मैं भी कुछ नहीं कर पाउँगा

ब्रिगेडियर सर को 2 मिंट नहीं लगेंगे तुम्हे गायब करने बाकि तुम्हारी मर्जी सूर्य यहाँ से छुट्टी पे जा चूका मुझे नहीं पता कहा उसकी ड्यूटी लगने वाली है आवर कहा नहीं

जॉय ........थैंक्स रजत एंड don't वोर्री तुम्हे या तुम्हारे ब्रिगेडियर को कुछ भी करने का मौका नहीं मिलेगा

रजत ......दुबारा कॉल मत करना जॉय हमारी दोस्ती यही तक थी गुड bye

जॉय ....गुड bye

जॉय का कॉल कट होते हे रजत ब्रिगेडियर सर को कॉल लगता है

रजत .......जय हिन्द सर

सूर्यकांत ......जय हिन्द रजत कहो कैसे कॉल किया एवरीथिंग इस ok

रजत .....कुछ ठीक नहीं है सर जॉय पुणे में हे है अभी अभी उसका मुझे कॉल आया था

सूर्यकांत .....क्या कहा उसने तुमसे

रजत .....सर वो जानना चाहता था की मेर्री आवर अलीना कहा है

सूर्यकांत .....तो तुमने क्या कहा

रजत .....सर मैंने साफ साफ बोल दिया की मेर्री का राज खुलते हे ब्रिगेडियर सर ने उसे रूस लौटने को बोल दिया था उसके बाद से मेरा उनसे कोई कांटेक्ट नहीं हुआ मुझे नहीं पता वो कहा है

सूर्यकांत .....फिर प्रॉब्लम क्या है

रजत ......सर उसके इरादे मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहे है

वो जानना चाहता था की सूर्य की ट्रैंनिंग कहा चल रही है मैंने कह दिया की मुझे नहीं पता वो अभी छुट्टी पे है

सूर्यकांत ......यू
इडियट रजत उसे ये सब बताने की क्या जरूरत थी

रजत ......क्या हुआ सर मैंने कुछ गलती कर दी क्या

सूर्यकांत .....उसे पता चल हाय है सूर्य अपने घर पे गया होगा छुट्टी में अब वो राजस्था जायेगा उसे ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा जानने में की सूर्य कहा है आवर अब तक तो वो निकल भी चूका होगा राजस्थान के लिया

रजत .......सॉरी सर

सूर्यकांत .......ok मैं देखता हूँ क्या करना है

ब्रिगेडियर सर कॉल कट कर देते है

ीदार जॉय टेक्सी से रेलवे स्टेशन की आवर निकल गया

( जॉय ....तो वो अपने घर गया है हो न हो मेर्री भी उसके साथ हे है

जॉय अपने लेपटॉप से पुणे एयरपोर्ट की वीडियो फुटेज देखने लगता है जिसमे मेर्री अलीना सूर्य के साथ दिखाई देती है

जॉय .....हम्म्म. तो मेरा अंदाजा सही था अब युसूफ खान को वह भेजना होगा ताकि सूर्य को ध्यान इनकी तरफ हो आवर मैं आसानी से मेर्री आवर अलीना को फिनिश कर दूंगा सूर्य को मौका देख फिनिश करना होगा )

जॉय रैलवाये स्टेशन पे उतरा आवर टेक्सी को पाय कर अंदर की तरफ भाड़ गया इस वक़्त जॉय एक बुजुर्ग के भेष में था

जयपुर का टिकट ले कर जॉय अपने सफर या अंतिम सफर की तरफ निकल गया

वही युसूफ खान अपने एक बन्दे को जयपुर की तरफ रवाना कर चूका था कुछ जरूरी सन्देश के साथ......

दिल्ली आर्मी हेड ऑफिस ......

ब्रिगेडियर ऑफिस ......

सूर्यकांत इस वक़्त किसी से फ़ोन पे बात कर रहे थे

सूर्यकांत ......कैसे भी करके उसका पता करो वो जिसने ये काम किया है जल्द से जल्द मुझे उसकी पूरी डिटेल चाइये

सामने से .....जी सर हम पता कर रहे है की ये किसका काम है

जैसे हे उसकी कोई जानकारी मिलती है हम आपको कॉल करते है

सूर्यकांत ......जितनी जल्दी हो मुझे वो अपने सामने चाइये तुम्हारे पास 1 जानते का वक़्त है

सूर्यकांत गुस्से से कॉल कट कर देता है

सूर्यकांत ये जरूरी ुशी का काम है

वो जरूर उनके बारे में जान गया होगा अब वो वही जा रहा होगा

कैसे भी करके उसे रोकना होगा पर कैसे

उसे रोकने से पहले मुझे उनकी सेफ्टी के लिया कुछ करना होगा

सूर्यकांत फिर से कॉल मिलता है

कुछ रिंग के बाद

सूर्यकांत .....hello मर .पाण्ड्य

पाण्ड्य जी ....जय हिन्द सर

सूर्यकांत .....जय हिन्द mr.pandy हमारी बात ध्यान से सुनो आप कुछ अफसर के साथ अभी के अभी सूर्यगढ़ के लिया निकल जाये

पाण्ड्य जी ....क्या हुआ सर कोई प्रॉब्लम हो गई है क्या सूर्यगढ़ में

सूर्यकांत .........सूर्य की फॅमिली खतरे में है तुम्हे उनकी सुरक्षा करनी है दूर रह कर के हम आपको कुछ पिछ भेज रहे है ये बाँदा जहा भी मिले फ़ौरन गिरफ्तार कर लेना

पाण्ड्य जी .....सर कोण है ये आदमी आवर इस से सूर्य की फॅमिली को क्या खतरा है

सूर्यकांत ....इसका टारगेट 2 लड़किया है जो सूर्य के साथ रुकी है मुझे दर है की सूर्य इनके बिच आएगा तो ुए उसकी फॅमिली को टारगेट कर सकता है

पाण्ड्य जी .....ok सर मैं खुद अपनी बेस्ट आर्मी जवान के साथ जाता हूँ क्या सूर्य को इसकी कबर है सर

सूर्यकांत ......नहीं अभी तक हमने किसी को नहीं बताया है आवर तुम भी उसको न बताना समजे

पाण्ड्य जी .....ok सर जय हिन्द

सूर्यकांत .......एक बात आवर जिसकी हम बात कर रहे है रुस्सियन सीक्रेट सर्विस के टॉप फाइटर में से एक है इस बात का ख्याल रहे

पाण्ड्य जी .....जी सर मैं कल सुबह हे निकलता हूँ

सूर्यगढ़ ........

सूर्य जब घर पंहुचा तो वह पाण्ड्य जी को देख कर चौंक गया

साथ में विजय भी था

सूर्य .....मां जी आप यहाँ वो भी इतनी सुबह सुबह

सूर्य अपने दोनों मां के पांव चउथा है

पाण्ड्य जी ......क्यों हम यहाँ नहीं आ सकते है क्या

सूर्य .....मां जी मेरा वो मतलब नहीं था मैंने तो आपको इतनी सुबह यहाँ देखा तो पूछ लिया

विजय ......अरे कुछ नहीं भांजे हम यहाँ कोई काम से नहीं आये है

हम भी वही जा रहे है जहा तुम लोग गुमने जा रहे हो

सूर्य .....क्या आप भी हमारे साथ चल रहे है जैसलमेर

पाण्ड्य जी .....क्यों कोई शक है क्या हमें जैसलमेर आर्मी स्टेशन में कुछ काम था ीदार से जा रहे थे तो सबसे से मिलने चले आये


अब यहाँ आ कर पता चला तुम सब भी वही गुमने जा रहे हो तो

सोचा साथ में हे चलते है

सूर्य .....बिलकुल ठीक किया मां जी आपने क्यों बाउजी

दादा जी ....है बीटा तुम लोगो ने अच्छा किया जो यहाँ चले आये

बस कुछ देर बाद हम सब चलते है

दादा जी .....सूर्य जाओ आवर जा कर फ्रेश हो नास्ता कर लो फिर निकलते है

सूर्य .....मां जी आप भी चलिए साथ में नास्ता करते है

पाण्ड्य जी .......सॉरी बीटा हम पहले हे कर चुके है

सूर्य .......ok मैं अभी आता हूँ आप बाउजी से बात करिये तब तक

सूर्य अंदर चला जाता है

दादा जी .......पाण्ड्य बीटा बात क्या है कुछ हुआ है क्या

पाण्ड्य जी .....नहीं बाउजी कुछ नहीं हुआ सब ठीक है

दादी जी .....बीटा मैंने दुनिया देखि है अब बताओ बात क्या है

पाण्ड्य जी ने काफी देर सोचने के बाद सच बताना हे बेहतर समजा

पाण्ड्य जी ....बाउजी बात ऐसे है की हमें सूर्य आवर आप सबकी हिफाजत के लिया भेजा गया है दिल्ली से

कोई रूस से है जो मेर्री आवर अलीना के पीछे यहाँ तक आ पंहुचा है आवर हमें पता चला है की वो मेर्री आवर अलीना को मरने के लिया हे यहाँ आ रहा है

दादा जी .....हम्म्म तो ये बात है कोई बात नहीं तुम अपना काम करो सूर्य की चिंता नहीं है बस किसी भी बच्ची को कुछ नहीं होना चाइये

पाण्ड्य जी ......क्या मतलब सूर्य की चिंता नहीं है

दादा जी .....कुछ नहीं बीटा तुम बैठो मैं अभी आया

दादा जी वह से उठ कर अंदर चल दिए

पाण्ड्य जी ....इनको क्या हुआ अच्चानक से जैसे इन्हे सूर्य की कोई चिंता हे नहीं हो

विजय .....वो हमसे बेहतर सूर्य को जानते है सर

वो कुछ तो ऐसा जानते है जिसकी वजह से वो सूर्य को ले कर निश्चित है

पाण्ड्य जी .....सायद तुम सही बोल रहे हो विजय खेर जो भी हो हमें पूरी सतर्कता से इनकी सुरक्षा करनी है

विजय ....सर एक बात मुझे समाज नहीं आई की ब्रिगेडियर सूर्यकांत सर को सूर्य में इतने दिलचस्पी क्यों है

सूर्य मेरा भांजा है उसकी मुझे भी चिंता है पैर ये कुछ आवर हे लग रहा है

ीदार दादा जी सीधा साध्वी जी के पास जाते है

दादा जी ......साध्वी जी मुझे आपसे कुछ बात करनी थी

साध्वी जी .....हम जानते है आप क्या कहना चाहते है ठाकुर साहब

दादा जी .......आप जानती है तो फिर आप संत क्यों बैठी है

साध्वी जी .....ये सूर्य की परीक्षा है ये समाज लीजिये आप जो हो रहा है वो होने दीजिये किसी को कुछ नहीं होगा पैर इसके बारे में सूर्य को आप कुछ नहीं बताएंगे

दादा जी .....जी ठीक बस किसी को कुछ न हो इसका आपको हे कुछ करना होगा

साध्वी जी अब आप जाइये सूर्य आवर बाकी सब आपका इंतजार कर रहे है घर की आवर बच्चो की चिंता मत कीजिये गए

दादा जी बहार आ जाते है जहा सूर्य कोमल राधा मेर्री अलीना उनका इंतजार कर रहे थे

सूर्य .....चले बाउजी

दादा जी .....आ बच्चो चलो चलते है

चलो विजय बीटा

सब 2 कार्स आवर एक आर्मी जीप से जैसलमेर की तरफ रवाना हो गया

थे थार उत्सव के लिया ............

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रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......🌹🙏🙏
 
अपडेट. 92 ा

दादा जी .....जी ठीक बस किसी को कुछ न हो इसका आपको हे कुछ करना होगा

साध्वी जी ......अब आप जाइये सूर्य आवर बाकी सब आपका इंतजार कर रहे है घर की आवर बच्चो की चिंता मत कीजिये गए

दादा जी बहार आ जाते है जहा सूर्य कोमल राधा मेर्री अलीना उनका इंतजार कर रहे थे

सूर्य .....चले बाउजी

दादा जी .....आ बच्चो चलो चलते है

चलो विजय बीटा

सब 2 कार्स आवर एक आर्मी जीप से जैसलमेर की तरफ रवाना हो गया

थे थार उत्सव के लिया ............


अब आगे .......

जॉय सुबह के कोई 10 सादे 10 के आसपास जयपुर पहुँचता है

जॉय वह से निकल एयरपोर्ट की तरफ निकल जाता वही एयरपोर्ट के पास में हे एक रूम बुक कर लेता है

कुछ देर बाद जॉय के रूम का दूर नॉक होता है

जॉय सावधानी से अपनी गन पे सीलेंसर लगा पहले हॉल में से चेक करता है की कोण है कितने

आदमी है

जॉय .......कोण हो तुम

लड़का ......पुणे से युसूफ भाई ने भेजा है आपकी मदद करने के लिया

जॉय फ़ौरन युसूफ को कॉल लगता है

जॉय .....hello युसूफ क्या तुमने किसी को मेरे पास भेजा है क्या

युसूफ खान .....है वो मेरा हे आदमी है जो तुम्हारे रूम के बहार है ये तुम्हारी हेल्प के लिया है बाकि जल्दी हे मैं अपने आदमियों के साथ वह पहुँचता हूँ

जॉय पूरी तरह तसली करने के बाद रूम को खोल कर उस लड़के को अंदर लेता है

जॉय .....बोलो तुम मेरी कैसे मदद कर सकते हो

लड़का .....मेरा नाम करीम खान है ये तो पता चल हे गया होगा की मैं युसुब भाई का आदमी हूँ

जॉय .....करीम तुम यहाँ राजस्थान में किसी को जानते

करीम.....है यहाँ हमारे काफी कांटेक्ट है

जॉय .....जरा अपना फ़ोन देना मुझे

जॉय करीम से फ़ोन ले कर कुछ पिछ करीम के फ़ोन में सेंड करता है

जॉय .....करीम ये कुछ पिछ है अपने आदमियों से पता लगाने को कहो की ये कहा से है

करीम .....कोण है ये लोग

जॉय .....ये उसके फॅमिली मेंबर्स है जिस टीम ने तुम्हारे आदमियों को मारा है

करीम जोरावर महेंद्र शिव की पिछ अपने कुछ आदमियों को सेंड कर उनकी पूरी कुंडली निकलने को बोलता है

कुछ 1 हर के बाद करीम को उस्ले आदमी का कॉल आता है

करीम .....है बोलो कुछ पता चला क्या इनके बारे में कोण कहा ये रहते है

आदमी ......भाई इनके जनम कुंडली तो मिल गई है पैर.....

करीम ......पैर क्या साफ साफ बोलो

आदमी .....भाई इन से लफड़ा न करो तो हे बेहतर रहेगा

करीम .....वो सब सोचना युसूफ भाई का काम है तुम जानकारी बताओ इनकी

आदमी .....भाई ये तीनो ठाकुर खंडन से है सूर्यगढ़ आवर सूरजगढ़ से इनमे से एक राजस्थान का शिक्षा मंत्री है आवर बाकि दोनों यहाँ के बुसिनेस्स्में है

जॉय करीम से फ़ोन ले कर के

जॉय .......ये इस वक़्त कहा मिलेंगे आवर इनका परिवार कहा है

आदमी .......इनमे से 2 महेंद्र ठाकुर आवर शिव ठाकुर दोनों भाई है इनका परिवार सूर्यगढ़ में है

आवर इस तीसरे के परिवार सूर्यगढ़ में है

जॉय .......इनमे से सूर्य किसका बीटा है

आदमी ......वो सूर्यगढ़ के शिव ठाकुर का बीटा है

जॉय फ़ोन करीम को दे देता है

करीम कुछ देर बात कर के कॉल कट कर देता है

करीम ......सामने वाली पार्टी मामूली नहीं है जॉय मुझे भाई से बात करनी होगी

जॉय .......उस से पहले ये पता करो की सूर्यगढ़ या सूरजगढ़ में तुम्हारा कोई आदमी है क्या

करीम .....युसूफ भाई को हे पता होगा इस बारे में मुझे ज्यादा पता नहीं है

जॉय .....युसूफ से बात करो आवर हम वह के लिया निकल रहे है मैं जैसलमेर के लिया टिकट्स बुक कर ली है जल्दी से बात करो तब तक मैं अपना भेष बदल लेता हूँ

जॉय अपना भेष चेंज करने लगता है करीम युसूफ स बात कर पूरी स्थिति का वर्णन देता है

युसूफ ........तुम लोग वह पहुंचो मैं भी वही पहुंच रहा हूँ आवर वो पिछ मुझे सेंड करो मैं पता करता हूँ उसका

करीम .....ठीक है भाई फिर वही मिलते है खुदा हाफिज

कुछ देर बाद जॉय करीम के साथ एयरपोर्ट की तरफ निकल गया .......

जैसलमेर ........

सूर्य अपने दादा जी कोमल राधा मेर्री अलीना के साथ करीब 12 बझे के आस पास जैसलमेर आ पंहुचा

दादा जी .......बच्चे है जैसलमेर नहर से तो तुम लोगो ने देखा होगा पैर आज अंदर से देखना गम फिर कर जैसलमेर बहुत हे खूबसूरत जगह है

मेर्री .....जी अंकल जी यहाँ के बारे में मैंने कल नाईट में नेट पे सर्च किया था

ये सिटी बहुत हे खूबसूरत है खास करके के यहाँ के पुराने पैलेस हवेलिया यहाँ का फारेस्ट डेजर्ट कैंप नाईट सफारी

दादा जी .....बस बस बेटी तुम मैं समाज गया तुम बहुत कुछ जान गई हो यहाँ के बारे में बाकि सब के बारे में हम देखते हुए बात करेंगे

पांडेय जी ......बाउजी पहले हम मिलिट्री कैंप चलते है वह पास में हे आपका थार उत्सव हो रहा है फिर वही चलते है

दादा जी .....है बीटा चलो चले

पाण्ड्य जी .....अपनी जीप मिलिट्री कैंप की तरफ बढ़ा देते है

बाकि सब बहार का नजारा देख रहे थे कुछ 20 मिनट्स बाद सब जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के गेट पे थे


अलीना .....वाओ that's लिखे किंग पैलेस

पाण्ड्य जी अपना मिलिट्री कार्ड दिखा कर चेक पोस्ट से आगे भध जाते है

सूर्य .....यू अरे राइट अलीना बहार से किसी राजसी किले जैसा हे है ये कैंप

कुछ 5 मिनट्स बाद सभी निचे उतरे

पाण्ड्य जी .....विजय आवर आप सब यही रुको अगर गुमनाम चाहते हो तो गम सकते हो

मुझे 15 ,20 मिनट्स लग सकते है

कोमल ........मां जी क्या हम यहाँ का वॉर म्यूजियम देख सकते है

पाण्ड्य जी .....बिलकुल बेटी बस किसी चीज़ को चुना नहीं

कोमल .....ok मां जी

विजय पास बने जैसलमेर वॉर म्यूजियम की तरफ भाड़ गया सबको ले कर के

ीदार पाण्ड्य जी अंदर जा कर के अपने सुपीरियर से बात करता है आवर उन्हें अपने यहाँ आने की जानकारी देता है

सुपीरियर .....ok mr.pandy आप अपनी ड्यूटी करो हम हमारे आर्मी जवान आपकी पूरी मदद करेंगे कोशिश करना आपकी ड्यूटी का उत्सव पे कोई फरक न पड़े

पाण्ड्य जी ....मुझे नहीं लगता वो इतने लोगो के बिच कुछ करने की सोचेगा

superior.........ok बेस्ट ऑफ लक वैसे कोण है है ये ब्रिगेडियर सर का चाहता सूर्य ठाकुर जिसके लिया इतना सब हो रहा है

पाण्ड्य जी .......सायद आपने उसके बारे में बहुत कुछ सुना भी होगा

वो सूर्यगढ़ से है सर सूर्यगढ़ के ठाकुर परताप सिंह जी का पोता आवर हमारे राजस्थान के शिक्षा मंत्री का एल्लोरा बजांजा पैर ये उसकी पंचम नहीं है आम लोगो में

सुपीरियर ......क्या मतलब

पाण्ड्य जी .......ये सूर्य ठाकुर वही है जिसने सक्तिपुर के ठाकुर दुर्जन सिंह आवर उसके भाई को महालली बलि उत्सव में मारा था 3 महीने पहले

आपको तो पता हे होगा दुर्जन सिंह आतंकी गतिविधियों में लिप्त था

सिटी 1 के m.l.a को भी इसने हे मजबूर किया था अपने गुनाह काबुल कर सरेंडर करने के लिया

सुपीरियर ......इंट्रेस्टिंग इस से तो मिलना बनता है

पाण्ड्य जी .....जरूर मिलिए सर इनके अलावा भी इसने काफी आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगो को मारा है आवर आर्मी के हवाले भी किया है

कुछ देर बाद पाण्ड्य जी आवर सुपीरियर दोनों हे वॉर म्यूजियम की तरफ सूर्य से मिलने चल दिए

ीदार सब लोग म्यूजियम में पुराने टेंक पुराने हतियारो को देख रहे थे एक आर्मी जवान जो इनकी देखभाल करता है वो इनकी हिस्ट्री बता रहे थे

पाण्ड्य जी ........सूर्य बीटा जरा ीदार आना

सूर्य .....जी मां जी

पाण्ड्य जी .....सूर्य इनसे मिलो ये यहाँ के मेजर है mr.sukhwinder सिंह

सूर्य ......जय हिन्द सर

मेजर .......जय हिन्द युंग में तो तुम हो सूर्य ठाकुर बहुत कुछ सुना है तुम्हारे बारे में पाण्ड्य जी से

सूर्य ......ऐसा कुछ नहीं है सर मां जी तो बस ऐसे हे

मेजर .......बहुत ख़ुशी हुए तुमसे मिल कर बीटा वैसे करते क्या हो अच्छा सरीर बना रखा है

पाण्ड्य जी .......सर सूर्य अभी अभी पुणे आर्मी कैंप से ट्रैंनिंग ले कर लौटा है 3 महीने से वही पे ट्रैंनिंग कर रहा था

मेजर .......ये तो बहुत अच्छी बात है पाण्ड्य जी वर्ण आजकल के बच्चे ज्यादातर स्टार्ट कर विदेशो में नौकरी करने का सपना देखते है

पाण्ड्य जी ......सही कहा सर आपने वैसे सूर्य भी एक n.r.I है सूर्य u.s.a सिटीजन है

दादा जी ......पाण्ड्य बीटा हमें चलना चाइये अब

पाण्ड्य जी .....सर ुए है सूर्य के दादा जी श्री परताप सिंह ठाकुर आवर बाउजी ये यहाँ के इंचार्ज मेजर सुखविंदर सिंह

दादाजी ........नमस्ते मैहर साहब

मेजर .........नमस्ते ठाकुर साहब आपके पोते के बारे में सुन कर बहुत अच्छा लगा कभी खली समय में आइये कुछ टिया कॉफ़ी पे चर्चा करते है

दादा जी ......बिलकुल मेजर साहब जरूर आएंगे अभी तो जान पहचान हुए है

कोमल ......दादा जी मेले के लिया चले अब हम लोग

दादा जी ......आज्ञा दीजिये मेजर साहब फिर मिलेंगे

मेजर ......जी जरूर बच्चो को अच्छे से उत्सव दिखाए

पाण्ड्य जी आवर विजय सबको साथ ले थार उत्सव के लिया निकल गए इनके साथ 1 कार आवर ज्वाइन हो चुकी थी

कुछ 15 मिनट्स के बाद सब थार उत्सव पहुंचे

जैसलमेर फोर्ट के पास हे थार उत्सव आयोजित हो रहा था

जहा काफी संख्या में लोगो की भी थी जिम्मे देसी लोगो के साथ साथ काफी रदद में विदेशी पर्यटक भी मौजूद थे जो उत्सव के रंगो में रेंज यहाँ की पारम्परिक भेस भूसा में थे

घागरा चोली लुगदी में महिलाये धोती कुर्ते साफ में पुरुष

दादा जी ....बचो ये है थार उत्सव अभी सायद अन्टू ( कैमल्स ) की दौड़ सुरु होने वाली है

सूर्य .......अलीना अंकल इनको कितनी खूबसूरत तरीके से सजाया गया है

दादा जी .....है बेटी ये कमेले राजस्थान के राष्ट्रीय पसु भी है चलो आगे चलते है

दादा जी .....बचो ये कमेले नृत्य है

काफी देर तब सब लोग सांस्कर्तिक नैऋत्य कमेले सफारी आवर वह के खान पान का लुफ्त उठाया

लड़कियों ने काफी खरीदारी भी की जिम्मे चुडिया कंगन राजस्थानी मोजड़ी ( जूठिया ) आवर भी बहुत कुछ

सूर्य .....दादा जी अब हमें नेशनल पार्क चलना चाइये फिर शॉपिंग कर घर निकलते है

दादा जी ......चलो पैर दोपहर हो रही है तो हम जल्दी हे लौट आएंगे

सूर्य ......है दादी जी चलिए

ये सब तो निकल गए नेशनल परके के लिया पैर कोई था जो इनका पीछा कर रहा था चोरी छुपे

दरशल ये कोई आवर नहीं सक्तिपुर से दुरजन सिंह के आदमियों में से था जिसको युसूफ खान ने सूर्य का पता लगाने को कहा था

इसने किसी तरह सूर्य की जानकारी निकली आवर पीछा करते हुए थार उत्सव तक आ पंहुचा

ीदार जॉय आवर करीम जैसलमेर आ पहुंचे युसूफ खान बराबर इनके कांटेक्ट में था जिस से जॉय को मेर्री अलीना आवर सूर्य का जैसलमेर में होने का पता चल चूका था

जॉय इस वक़्त एक पुराणी खण्डार हो चुकी हवेली में था करीम के साथ

जॉय .....युसूफ ने हमें यहाँ क्यों रोका हुआ है

करीम .....क्युकी वो यहाँ आ रहे है वो भी आपके साथ यही से ज्वाइन होंगे

जॉय .......कही वो निकल न जाये

करीम .....मुझे नहीं लगता ऐसा होगा फिर भी कुछ हे देर के बात है नेक्स्ट फ्लाइट वो पकड़ चुके है कुछ हे देर में वो यहाँ होंगे

उदार सूर्य बाकि सब नेशनल पार्क में एन्जॉय कर रहे थे

तरह तरह के जानवरों की पिछ निकलना पक्षियों के साथ पिछ निकलना

तक़रीबार 2 हर अच्छे से गुमने गिरने के बाद सब लोग जैसलमेर के तरफ रवाना हुए

मेर्री ........सूर्य ये बहुत हे खूबसूरत जगह है कास हम नाईट में डेजर्ट में कैंप फायर का मज़ा लेते

विजय बड़े हे प्यार जब भी मौका मिलता मेर्री को हे ताड़ने में लग जाता

सूर्य आवर मेर्री दोनों हे इस बात को नोट कर रहे थे

सूर्य ......मां जी अब किसी अच्छे से

रेस्टोरेंट में चलिए हमें भूख लगी है आवर इन सभी की शॉपिंग भी बाकि है

विजय .....ठीक है सूर्य वैसे भी बहुत थक गए है घूमते घूमते 5 बज गए है .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .....

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........

नेक्स्ट भाग लेट नाईट तक अपडेट करता हूँ
 
अपडेट. 92 बी

मेर्री ........सूर्य ये बहुत हे खूबसूरत जगह है कास हम नाईट में डेजर्ट में कैंप फायर का मज़ा लेते

विजय बड़े हे प्यार जब भी मौका मिलता मेर्री को हे ताड़ने में लग जाता

सूर्य आवर मेर्री दोनों हे इस बात को नोट कर रहे थे

सूर्य ......मां जी अब किसी अच्छे से

रेस्टोरेंट में चलिए हमें भूख लगी है आवर इन सभी की शॉपिंग भी बाकि है

विजय .....ठीक है सूर्य वैसे भी बहुत थक गए है घूमते घूमते 5 बज गए है .........

अब आगे .........

युसूफ खान जॉय से मिल कर जैसलमेर के मैप के हसन से प्लान बनाने लगता है

युसूफ खान .......जॉय मुझे कबर मिली है की उनके साथ कुछ आर्मी अफसर भी है

जॉय ......है क्युकी उसके कोई मां है जो आर्मी से है

युसूफ खान .....सोच समाज कर हाथ डालना होगा कही ऐसा न हो की हम हे धरे जाये

जॉय ......ऐसा कुछ नहीं होगा तुम बस अपने खबरि से उनकी खबर लेते रहो

मैंने प्लान सोच लिया एक बार तुम भी समाज लो आवर उनके साथ कितने अफसर है

युसूफ खान कुल 5 आर्मी अफसर है हथियारों के साथ

जॉय ....मतलब हमें 8 लोगो को काबू में करना होगा

हमारे पास कितने आदमी है

करीम ....हम सबको मिला कर 25

आदमी है हतियारो के साथ में

जॉय .....मेरे ख्याल से इतने काफी है पैर उनको काम नहीं समजना खास कर के उन तीनो को

अब मेरी बात ध्यान से सुनो

वो लोग अभी भी यही है आवर जैसलमेर से सूरजगढ़ के लिया यहाँ से केवल ये एक रास्ता निकलता है

युसूफ khan......joy इसमें थोड़ा सा बदलाव करे तो हमें बहुत फायदा होगा

जॉय ......वो कैसे मैं कुछ समजा नहीं

युसूफ खान ......देखो ये रास्ता जो यहाँ से निकल कर सूरजगढ़ की आवर जाता है ये आगे जा कर एक पॉइंट पे 2 रास्तो में भट जाता है

अगर किसी तरह हम इनको इस दूसरे रस्ते से जाने पे मजबूर कर दे तो इस रस्ते पे आगे जा कर के एक सपित गांव पड़ता है कुलधरा नाम कर के

जॉय ......यू मीन्स हॉन्टेड विलेज

युसूफ khan.....ha हॉन्टेड कहा जाता है की यहाँ पैर बहुत प्रेतों को राज है पैर ये सब बकवास बाते है

जॉय .....इस में ऐसा क्या है

युसूफ खान जॉय को लेपटॉप में कुलधरा की फोटोज दिखता है

युसूफ खान .....उनको ख़तम करने के लिया ये जगह बेस्ट है बस किसी तरह मुख्या रस्ते से उनको हटा कर इस रस्ते पे डालना होगा

जॉय .....इस का एक रास्ता है

युसूफ खान .....क्या रास्ता है वो

जॉय .....अपने आदमियों को कहो कोई 2 बड़ी गाड़िया चुराए आवर उनका ऐसे जगह देखे जहा से कोई आवर रास्ता न हो कार्स निकलने का वह पे एक्सीडेंट कर दोनों गाड़ियों से रास्ता ब्लॉक कर दे मज़बूरी में उनको इस तरफ आना हे होगा

युसूफ खान .....बहुत अच्छा आईडिया है इस से किसी को कोई शक भी नहीं होगा की जांभोज कर उनका रास्ता ब्लॉक किया है

युसूफ खान अपने कुछ ारमिया को बड़ी घडी छुड़ाने के लिया भेज देता है आवर खुद बाकि लोगो के साथ कुलधरा की तरफ निकल जाता है

ीदार सूर्य आवर बाकि सब एक बढ़िया से रेस्टोरेंट में चाय नास्ता करते है

सूर्य ......दादा जी आप काफी थक गए होंगे आप आराम से यही रुकिए मैं इनकी शॉपिंग करवा कर कुछ देर में आता हूँ

दादा जी .....नहीं सूर्य मैं भी चलता हूँ मैं वही घडी में हे आराम कर लूंगा

पाण्ड्य जी .....है बीटा सूर्य वैसे भी बच्चियों को शॉपिंग में टाइम लगता है फिर तुम वापिस आओगे

सूर्य .....ठीक है मां जी हम सब साथ हे चलते है

सूर्य सब बहार निकले अभी ये लोग कार्स की तरफ जा हे रहे थे की एक बूढ़े बाबा ने इनका रास्ता रोका

सूर्य ....क्या हुआ बाबा आप ऐसे हमारा रास्ता क्यों रोके खड़े हो

बूढ़ा बाबा ......बीटा सुबह से भूखा हूँ कुछ भी नहीं खाया हूँ आवर अपने कंडे से एक पुराण झोला उतर कर निचे रख देता है

सूर्य .......तो आपको खाना खाना है चलिए मैं आपको खाना खिलता हूँ

बूढ़ा बाबा ......नहीं बीटा मैं अकेला नहीं हूँ आवर भी लोग है घर में जो भूखे होंगे

दादा जी .....तो आपको पैसे चाइये क्या

बूढ़ा बाबा .....है पैर तभी जब तुम लोग कुछ खरीदोगे तब हे

सूर्य ..... आप खाना भी नहीं खा रहे है आवर न ऐसे पैसे ले रहे हो ये तो बताइये की आप बेच क्या रहे है

बूढ़ा बाबा अपने झोले में से कुछ खूबसूरत निफे जो की पुराणी

डिज़ाइन के निफे थे

मेर्री .....वाओ वैरी नीस निफे

सूर्य .....वाकई में बाबा ये तो बहुत खूबसूरत आवर मजबूत चाकू लग रहे है

तभी सूर्य की नज़र एक अजीब से चख पे पड़ी





सूर्य उस चाकू को उठा कर देखने लगता है

सूर्य .....बाबा ये कुछ ाज़िब तो है पैर है बहुत खूबसूरत मुझे ये चाकू चाइये

मेर्री अलीना आपको कोई पसंद हो तो ले लीजिये









एक दुबले सेठ चाकू मेर्री ने लिया आवर एक अलीना ने भी

सूर्य ने 2 चाकू आवर लिए एक तो बहुत हे छोटा पैर जानलेवा

चाकू था विजय ने भी एक चाकू लिया

सूर्य ....बाबा कितने पैसे हुए इनके

बूढ़ा बाबा .....बेटे एक जोड़ा आवर 6 चाकुओ के 4.500 रस हो गए

सूर्य ......ये लीजिये बाबा ये 5000 रस है आपके निफे बहुत सर्फ़ आवर खूबसूरत है

बूढ़ा बाबा ....नहीं बीटा मुझे 4500 हे चाइये

सूर्य ....एक काम कीजिये इन 500 रस का बच्चो के लिया आज का खाना ले जाना जाते हुए होटल से उनको भी अच्छा लगेगा

सूर्य बूढ़े बाबा को परनाम कर अपनी कार से शॉपिंग मॉल आ पंहुचा

सूर्य .....मां जी आप लोग यही रुको मैं जल्दी हे आता हूँ

पाण्ड्य जी .....संभल कर बीटा आवर जल्दी आना 6 बज चुके है

सूर्य .....ok मां जी विजय मां आप भी चलिए

सब मॉल में चले गए आवर शॉपिंग में लग गए वही विजय मेर्री को ताड़ने में लगा हुआ था

मेर्री .....ये तुम्हारे मां मुझे क्यों गुर रहे है

सूर्य .....लगता है वो आपको लिखे करने लगे है

मैंने भी ये नोटिस किया है अगर आप के दिल में .....

मेर्री ......मेरे पास इन सब के लिया वक़्त नहीं है

सूर्य .....वक़्त निकालिये मेम ये जिंदगी आप आज तो अकेले गुजर लेंगी लेकिन एक वक़्त ऐसा भी आएगा जब आप इस वक़्त के लिया तरसोगी पैर ये बिट चूका होगा

बिता हुआ कल वापिस नहीं आता है याद रखियेगा

सब अपनी अपनी शॉपिंग में लग जाते है













सूर्य के जल्दी करने के बावजूद भी इनको लगभग ढाई 3 जानते लग हे जाते है बहार अणडेर्मा होने लगा था

सूर्य .......देखो कितना लेट हो गया है दादा जी बहार गुस्सा कर रहे होंगे

राधा ......सेल लगी हुए थे तो पता हे नहीं चला कितना कुछ खरीद लिया

सूर्य सबका पेमेंट कर बहार निकलता है

बहार निकलते हे सूर्य को दादा जी से फटकार सुनने को मिलती है

क्युकी उनको पता था आज कुछ न कुछ होने वाला है सुबह से किसी तरह उन्होंने अपने परेशानी छुपा राखी थी पैर जैसे जैसे सूरज चला वैसे वैसे उनकी परेशानी बढ़ने लगी

दादा जी ......चलो सब बैठो अब हम सीधा हवेली पे हे रुकेंगे समजे

सूर्य ......ok दादा जी चलिए सब कार्स में बैठो .....

उदार युसूफ खान सुराजघर जाने वाले रस्ते को अपने आदमियों से एक्सीडेंट करवा कर ब्लॉक करवा चूका था

आवर युसूफ खान को अपने खबरि से खबर मिल चुकी थी की वो लोग सूर्यगढ़ के लिया निकल चुके है

युसूफ खान ......साथियो त्यार रहो वो लोग कभी भी आ सकते है आज हमें हमारे साथियो को मरने वालो को किसी भी हॉल में जहन्नुम भेजना है

युसूफ .....जॉय वो सब कभी भी पहुंच सकते है ी होप सब प्लान के अनुसार हे हो

जॉय ......याद रहे हमें उन्हें जिन्दा पकड़ना है मुझे उनसे कुछ जानकारी चाइये उसके बाद तुम जो चाहो कर सकते हो

युसूफ खान .....तुम्हे जो करना है करो पैर ज्यादा टाइम हम यहाँ नहीं रुकेंगे समजे अगर गोली चली आवर किसी ने आर्मी को या पुलिस को खबर की तो फिर हम नहीं बच पाएंगे इस बोलियों के इस्तेमाल जितना काम हो उतना अच्छा है

अभी युसूफ खान बोल हे रहा था की उसकी फ़ोन की घंटी बज उठी

युसूफ खान ......है कहा पहुंचे वो ok ok ठीक है अब तुम उनका पीछा करते रहो

ीदार ये लोग आराम से सूर्यगढ़ की तरफ भाड़ रहे थे कुछ हे देर में ये लोग उस फेक एक्सीडेंट वाली जगह थे

एक्सीडेंट को देख कर पाण्ड्य जी विजय आवर दादा जी को कुछ गड़बड़ होने की ा असंका हुए फिर विजय निचे उतर कर आगे जा कर देखता युसूफ खान के लोगो ने काफी म्हणत की थी जिस से ये एक्सीडेंट सच लगा

विजय ......सर इस तरफ से हम लोग नहीं जा सकते है

पाण्ड्य जी .....ये कोई चल तो नहीं है

विजय .....एक्सीडेंट असली है या तो अब हम तपिश जाये या फिर थोड़ा पीछे से दूसरा रास्ता निकलता है वही से हो कर जाये

पाण्ड्य जी .....एक काम करो तुम सूर्य के साथ बैठो आवर तुम 3 no भी जाओ आवर बाकि दोनों कार में 2 ,2 बेथ जाओ

विजय .....आवर आप अकेले आएंगे

पाण्ड्य जी .....जो कहा है वही करो

विजय आवर बाकि सब वैसा हे करते आवर कार्स में जा कर बेथ जाते इनको देख सूर्य के दिमाग के घोड़े दौड़ने लगे की कुछ गड़बड़ होने वाली है या फिर हो चुकी है

सूर्य .....आप लोग यहाँ

विजय ....पाण्ड्य सर का ऑर्डर है ये सूर्य उन्होंने कहा है ऐसा करने को

सूर्य .....कुछ गड़बड़ है क्या मां जी

विजय ......है सूर्य मुझे लग रहा है हम पे हमला होने वाला है

सूर्य ....पैर हम पैर कोण हमला कर सकता है

विजय .....मेर्री का पार्टनर जॉय यही है राजस्थान में

सूर्य .........ok ठीक है फिर अगर वो मरना हे चाहता तो यही सही आप मेरी कार ड्राइविंग कीजिये आवर मेरे साथ फ़ोन पे कनेक्ट रहो मैं देखता हूँ इनको

वैसे ये रास्ता तो ब्लॉक है आवर आवर रास्ता है क्या

विजय...... पीछे एक रास्ता है हम वही से जायेंगे

सूर्य ठीक है आप निकलो आराम से मैं आपको आगे मिलता हूँ

सूर्य वही अंदर में गायब हो जाया है ी मैं अंदर में उस पीछे वाले रस्ते से होते हुए जॉय की तरफ भड़ता है

जॉय ....ये लोग अभी तक आये क्यों नहीं है

युसूफ खान ......पता नहीं अब तक तो उनको इस तरफ आ जाना चाइये था

जॉय .....तुम्हारा खबरि कहा उसे कॉल करो आवर पूछो इतना टाइम क्यों लग रहा कही मेर्री हमारे प्लान को समाज तो नहीं गयी है

युसूफ खान .....hello खबरि कहा पहुंचे वो लो

खबरि .....भाई वो लोग यही पे रुके हुए है पता नहीं क्या कर रहे है कोई किस कार से उतर रहा तो कोई दूसरी से कोई तीसरे से

युसूफ खान ......ठीक है तुम फ़ोन चालू रखो

जॉय मुझे लगता है उनको हमारे प्लान का पता चल गया है अब प्लान बी को काम में लेना हे पड़ेगा

जॉय .....ok तुम आगे मोर्चा सभलो मैं पीछे जा रहा हूँ

जॉय आपने साथ करीबन 10 लोगो को ले कर सूर्य के दूसरी तरफ से उनकी आवर बढ़ा ीदार सूर्य कुलधरा के खण्डार में बेथ कर अपने अपनी तत्वों को सक्रिय कर अपनी कान आवर आँखे अंदर में दूर सुनने आवर देखने के लिया त्यार करता है ी मैं देखने आवर सुनने की सकती पैर ध्यान कर आगे भाड़ जाता है

पांड्य जी ....डेरी डेरी तीनो कार्स को आगे बढ़ाते हुए युसूफ खान की तरफ भाड़ रहा था इस बात से अनजान की दुर्दि तरफ से जॉय टीम ने उनको घेरना सुरु कर दिया है ीदार सूर्य रस्ते से कुछ दुरी पे युसूफ खान आवर उसके आदमी छुपे हुए नजर आये

( सूर्य .....यही मौका है इनको ख़तम करने का अभी इनका ध्यान रस्ते की तरफ है

ध्यान स याद आया मुझे अपनी वायु सकती को जागृत कर लेना चाइये उस से मेरी गति बहुत तेज हो जाएगी )

सूर्य वही पठार पे ध्यान करने लगता है किस्मत कहो या लक सूर्य को आज वायु चक्र जागृत करने में ज्यादा समय नहीं लगा

सूर्य अपने खंजर ( बूढ़े बाबा से जो लिया था ) निकल कर कर दोनों हाथो में दो खंजर थम कर त्यार था सीकरी का सीकर करने









सूर्य अपनी आँखे बंद कर एक गहरी साँस ले कर तेजी से युसूफ खान के आदमियों की तरफ दौड़ लगा दी

सबका ध्यान तब गया जब अपने पीछे से कुछ गिरने कज आवाज हुए

दरअसल सूर्य अपने वायु गति का प्रयोग कर छोटे खंजर से लास्ट वाला बाँदा जो टूटी दिवार के सहारे खड़ा हो नजर रखे हुए था उसकी ग़दर पे छोटे खंजर से तेज प्रहार करता पैर सूर्य अपनी जाती में प्रहार की ताकत नहीं मैप पाया आवर नतीजा ये हुआ की उस गुंडे का सर हे धड़ से अलग हो गया कुछ पल ीदार उदार कुढ़ता वो बिना सर के दहाड़ निचे गिर का तड़पने लगा तब सबका ध्यान इस तरफ गया

पैर तब तक बहुत देर हो चुकी थी सूर्य किसी हवा के झोंके की तरह आता आवर किसी के सीने में तो किसी के गर्दन में में अपना खंजर उतर जाता यहाँ बस चीखे हे गूंज रही थी

इन चीखो को कोई सुनता तो यही कहता की खुलधरा के बहुत प्रेत चीख चीला रहे है

पैर कोई आवर था जो इनका मतलब समाज गया था वो था जॉय

जॉय को जब युसूफ के गुंडों की चीखे सुनाई दी तो उसने फायरिंग सुरु कर दी कार्स पर

अच्चानक से चली इतनी गोलियों की वजह से एक बार तो सब निचे झुख कर दुबक गए पैर पाण्ड्य जी जल्दी हे समल कर गन से फायर करने लगे बाकि आर्मी वाले भी फायरिंग सुरु कर दी

ीदार सूर्य एक एक को ीर फाड् कर आगे भाड़ रहा था

युसूफ खान के लगभग 10 आदमी मरे जा चुके थे अभी युसूफ खान के पास कुछ 4,5 आदमी बच्चे हुए थे

सूर्य ......मुझसे बच कर कहा जाओगे मौत तुम्हारे सामने कड़ी है युसूफ खान अपने 4 आदमियों के बिच खड़ा थार थार कैंप रहा था

सच हे कहा किसी ने जो दुनिया में माउथ बात था वही आज मौत की आहात से पेण्ट गीली कर चूका था दर के मरे रात के इस बियावान अंदर भरे समेटे में दर्द से निकलती चीखे किसी की भी सबसे रोकने के लिया काफी थी

एक हवा का झोंका आया आदमी एक गया दूसरी तरफ से कान के पास से सां करके आवाज हुए दूसरा भी गया

सूर्य...... ीदार उदार क्या देखता है सामने देख

जैसे हे युसूफ खान सामने देखता खौफ के मरे पीछे टूटी हुए दिवार से जा टकराया

क्युकी सूर्य का आगे से पूरा सरीर आवर चेहरा खून से सना हुआ था सूर्य इस वक़्त किसी दरिंदे से काम नहीं लग रहा था

सूर्य ने अपने दोनों खजर युसूफ के आदमियों को गर्दन पे फिराया की दोनों की आदि मुंडी काट कर पीठ की तरफ लटक गयी आवर ीदार युसूफ मिया की नजर जब अडकती मुंडी पे पड़ी तो दर के मरे वो वही बेहोश हो गया

सूर्य अभी आगे बढ़ा हे था की उसे ऐसा लगा जैसे राधा दर्द में है

सूर्य युसूफ को अपने कंडे पे दाल राधा की तरफ भगा

थोड़ा पीछे चलते है .....

जोया आवर उसकी टीम लगातार फायर कर रही थे कार के अंदर से विजय पाण्ड्य जी आवर 3 आर्मी जवान भी फायर कर रहे थे उन्हें इतने बड़े हमले की उम्मीद नहीं थी डेरी डेरी आर्मी वालो की होलिया ख़तम हो गयी

जॉय के 3 आदमी मरे जा चुके ते अब जॉय सहित कुल 8 आदमी बचे थे

जॉय .....( डेरी से ) उनकी होलिया ख़तम हो गयी है उनको चारो तरफ से घेर लो

सभी आदमी चिपटे चिपटे कार्स तक पहुंचे आवर सब पर गन तन दी

जॉय ......मेर्री अलीना सूर्य चुपचाप बहार निकल आओ वर्ण सबको बन डालूंगा ये दमकी नहीं सचाई है क्युकी ये जो गन तने खड़े है ये गुंडे नहीं आतंकवादी है

अब करते भी तो क्या करते क्युकी सभी की गोलियां ख़तम हो चुकी थी

मेर्री आवर अलीना ने अपने अपने खंजर अपने हाथो में छुपा लिया थे राधा ने भी मेर्री का एक खंजर कमर में छुपा लिया था

सभी लोग एक एक करके बहार आ गया

गुंडों ने सबको गन पॉइंट पे ले रखा था

जॉय ......आखिर तुम दोनों मेरे हाथ आ हे गई कहा कहा नहीं डुंडा तुम्हे मैंने खुद की चिप भी डीएक्टिवेट कर ली फिर भी पकड़ी गई न

दादा जी ......कोण हो तुम लोग आवर क्या चाहते हो हमसे

जॉय .......आप चुप चाप खड़े रहे नहीं तो भून कर रख दूंगा

मेर्री .....आईएम सबको छोड़ दो जो करना है मेरे साथ करो

जॉय .....कुछ तो मिसिंग है यहाँ पे हम्म्म तुम्हारा फवोरिट त्राणी कहा है सूर्य ठाकुर आज अपने परिवार आवर दोस्तों को बचने नहीं आएगा

राधा ......सुकर कर कमीने वो अभी यहाँ है नहीं वर्ण अब तक तुम्हे चिर कर रख देता

जॉय ......आ जायेगा वो भी ले चलो रे इन सब को

जैसे हे जॉय पलटा वैसे हे राधा ने अपनी कमर से खंजर निकल जॉय के पीठ पे वॉर किया पैर जॉय एक ट्रेंड फाइटर था ऐसी गलती वो कैसे कर सकता था

पैर गलती तो वो कर चूका था पहली सूर्य के फॅमिली के बारे में अपने दिमाग में बुरा सोच कर दूसरी गलती उस बुरी सोच को अंकन भी दे दिया तीसरी आवर आखरी गलती राधा को थपड मर कर

जैसे हे राधा जॉय पे वॉर करती है जॉय राधा का हाथ पकड़ के एक जोर दर्दर चंगा राधा को झाड़ देता है

ीदार राधा के मुँह से सूर्यसे निकला आवर उदार से सूर्य किसी गायक शेर के भाटी युसूफ खान को अपने कंडे पे लाडे जॉय के छथि से आ टकराया

सूर्य निचे पड़ी राधा को उठता है उसकी नजर सबसे पहले राधा के मुँह से बहते खून पे पड़ती है

सूर्य खून को देखते हे जैसा पागलपन सवार हो जाता है

सूर्य गर्दन गुमा कर सभी गुंडों को देखता उन सबकी तो सूर्य का राक्षसी रूप देख हे हाथ पेअर कपङे लगे ऊपर से सूर्य की आँखे अंदर में किसी अग्निमानी के जैसे जल उठी

पता नहीं कैसे पैर सूर्य के गुस्से के कारन सूर्य का अग्नि तत्वा एक्टिव हो गया गुंडों को हाथो में पकड़ी गन अपने आप पिंगलने लगी

ीदार जॉय महास्या सूर्य की जोरदार तकर से 2 दीवारों तोड़ते हुए पथरो में में जा पड़े कुछ देर तो उसे कुछ समाज हे नहीं आया जब समाज आया तो उसकी नजर मेर्री पे सबसे पहले पड़ी जॉय ने अपने गुणसे मेर्री आवर अलीना पे फायर कर दिया

विजय जॉय को फायर करते देख चूका था वो जल्दी से मेर्री के सामने आ जाता है जिस से मेरी तो बच जाती जय

वही जैसे हे दूसरी गोली अलीना को लगती उस से पहले हे सूर्य उसकी ढल बन खड़ा था

गोली आ कर के सूर्य के माथे के बीचो बिच लगी पैर सूर्य के सर को लगते हे गोली निचे आ गिरी

वही गोली विजय के कंडे में जा लगी

सूर्य ......मैंने कहा था न हरामजादे मेरी परिवार से दूर रहना उसके बारे में बुरा सोच भी तो जिन्दा दफ़न कर दूंगा

जैसे हे सूर्य जॉय की तरफ बढ़ा एक गुंडे ने अपना खंजर पाण्ड्य जी की गर्दन पे लगा दिया

गुंडा ....हमें जाने दो नहीं तो इसका सर कलम कर दूंगा

सूर्य गुस्से में उसकी तरफ हाथ बढ़ता है गुंडे की ाँसे अटकने लगी वही जॉय मोके का फायदा उठा वह से भागने की फ़िराक में था पैर सूर्य ने उसे मौका नहीं दिया आवर पालक जपते हे सूर्य जॉय को उठा कर सबके बिच ला पटका

सूर्य ........दादा जी आप सब जाओ यहाँ से मैं खुद को आवर नहीं रोक सकता हूँ

राधा .....नहीं सूर्य हम तुम्हे छोड़ कर नहीं जा सकती है

सूर्य .....प्लेसेस दादा जी जाओ यहाँ से

ीदार डेरी डेरी सूर्य का पूरा सरीर लाल पड़ने लगा

सूर्य ......जॉय तुम मेरा गुसा मेरी ताकत देखना चाहते थे न अब देखो मेरा गुसा मेरी ताकत मेरी डरिनगी

सूर्य का वो तप जिसमे सूर्य जाप्ता नहीं तुम जैसे पापियों को जलता है

सूर्य .....विजय मां जी सबको यहाँ से दूर ले कर जाओ

दादा जी ......चलो सब पीछे हाथ जाओ

दादा जी के कहते हे सब जल्दी से कार्स की तरफ भाड़ गए

कुछ गुंडे भी हटने की कोशिश कर रहे थे पैर वो अपनी जगह से हिल भी नहीं प् रहे थे

जॉय ......कोण हो तुम तुम सूर्य नहीं हो सकते

सूर्य .....यही है सूर्य का क्रोध जिसमे सब कुछ भसम होता है जैसे आज तुम होने वाले हो

जॉय के देखते हे देखते सूर्य के हाथो से आग की लपटे निकलने लगती आवर सूर्य के पुरे सरीर को आग की लपटों ने घेर लिया





आस पास का सब कुछ तबाह होने लगा

डेरी डेरी आग गुंडों को अपने सघोष में लेने लगी

सूर्य ......कहा था न मेरे परिवार को बिच में मत लाना अब अपनी अंतिम घडी में अपने पापो याद करो

ीदार आग के तप से युसूफ खान को भी होश आ गया था पैर कुछ करता उस से पहले हे जलने लगा सूर्य आगे भाड़ जॉय के माथे पे हाथ रखता है

सूर्य ......जहनुम की आग तुम्हारा इंतजार कर रही है

जॉय के मुँह से चीख तक नहीं निकली आवर वो जल कर रख हो गया

सरे गुंडे मारी जा चूमे थे पैर सूर्य की आग संत हे नहीं हो रह थी इसके उलट बढ़ती हे जा रही थी

राधा .....बाउजी ये इन्हे क्या हो रहा है

दादा जी .....मुझे नहीं पता बेटी ये आज सूर्य को क्या हुआ है

मेर्री ......मैं जानती हूँ बाउजी सूर्य सुपरनैचरल ह्यूमन है ये उसकी 5 एलिमेंट्स में से एक एलिमिनेट है जो सायद सूर्य की कण्ट्रोल में नहीं है

ीदार सूर्य ले कानो में बहुत जोरो से बचे बूढ़े ओरतो की रोने की आवाजे सुनाई देने लगी जिस से सूर्य का सर फटने लगा आवर उसकी आग आवर भड़क उठ .........

अपडेट पोस्ट फ्रेंड्स .....

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ........
 
अपडेट. 93

सरे गुंडे मारी जा चूमे थे पैर सूर्य की आग संत हे नहीं हो रह थी इसके उलट बढ़ती हे जा रही थी

राधा .....बाउजी ये इन्हे क्या हो रहा है

दादा जी .....मुझे नहीं पता बेटी ये आज सूर्य को क्या हुआ है

मेर्री ......मैं जानती हूँ बाउजी सूर्य सुपरनैचरल ह्यूमन है ये उसकी 5 एलिमेंट्स में से एक एलिमिनेट है जो सायद सूर्य की कण्ट्रोल में नहीं है

ीदार सूर्य ले कानो में बहुत जोरो से बचे बूढ़े ओरतो की रोने की आवाजे सुनाई देने लगी जिस से सूर्य का सर फटने लगा आवर उसकी आग आवर भड़क उठी ..........

अब आगे ...............

सूर्य इन रोने छिलने की आवाजों से परेशान होने लगा

ीदार सबके पेअर कैंप रहे थे सूर्य को ऐसे किसी अग्निदानव के रूप में देख कर

वही सूर्यगढ़ में ध्यान में लीं साध्वी जी ध्यान में हे सूर्य को देख रही थी

वयोम आवर सकती अदृश्य रूप में उसके सामने हे खड़े थे

ीदार सूर्य अपनी सर में हो रहे उन चीखो के कारन अपने दर्द से चीखने लगा

मीरी ........बाउजी कुछ लीजिए कही सूर्य खुद को नुकसान न पंहुचा ले

दादा जी .....बेटी इस वक़्त कोई कुछ नहीं कर सकता है

जब तक सूर्य का गुस्सा संत नहीं हो जाता तब तक कोई उसके समीप भी नहीं जा सकता है

राधा .....मुझसे आवर नहीं देखा जाता बाउजी मैं जा रही हूँ सूर्य की मदद करने

रुक जाओ राधा सूर्य के पास भी मत जाना

ये आवाज थी साध्वी जी की अगले हे पल चारो आर्मी जवान जमीं पे बेहोश पड़े थे

तभी वह वयोम साध्वी जी सकती तीनो प्रकार होते है

तीनो को ऐसे प्रकार होते देख दादा जी के अलावा सभी को बहुत बड़ा झटका लगा

साध्वी जी .......रुक जाओ राधा सूर्य इस वक़्त खुद से लड़ रहा इस वक़्त तुम्हारा या किसी आवर का उसके पास जाना ठीक नहीं है

इस वक़्त वो किसी को भी पहचान नहीं पायेगा

दादा जी ......ऐसा क्यों हो रहा मेरे बच्चे के साथ वो कैसे चीख रहा है

साध्वी जी .......आप तो केवल सूर्य की हे चीखे सुन कर इतने परेशान है जबकि सूर्य कितने दर्द में उसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते है

राधा ........तभी तो मैं कह रही हूँ हमें कुछ करना होगा

साध्वी जी ........जब तक सूर्य यहाँ की आत्माओ को दर्जन नहीं कर लेता उन्हें मुक्ति नहीं दे देता हम में से कोई भी वह नहीं जा सकता है

सूर्य पुरे गुस्से में उन आवजो के केंद्र की आवर दौड़ पड़ा

चीखते हुए जैसे को अग्नि से दहकता गायक शेर अपने सीकर की तरफ दौड़ता है







सूर्य जहा से भी गुजर रहा था उसके पीछे सब जगह आग हे आग थी

दादा जी ......आपका मतलब वो सराफ सच है

साध्वी जी .....है ठाकुर साहब कुलधरा गाँव का वो सराफ सच है देखो अपने सामने हज़ारो की संख्या में आज भी इस गांव में वो आत्मा उस सराफ के कारन कैद है

साध्वी जी ......सब एक दूसरे का हाथ थामिए आवर देखिये उन आत्माओ को कोमल राधा अलीना तुम नहीं तुम ये दृश्य देख नहीं पाओगी

पाण्ड्य जी विजय दादा जी मेर्री चारो एक दूसरे का हाथ थम सामने देखते है साध्वी जी का हाथ लगते हे इन चारो की चीखे निकल जाती है अपने आसपास एंटनी आत्मा का वीभत्स रूप देख





साध्वी जी ........यही है वो श्रापित ा आत्माये जिनको आज मुक्ति मिलेगी

दादा जी .........ye....ye....itni साडी भयानक आत्मा

साध्वी जी .......आप सब संत हो जाये सूर्य को कुछ नहीं होगा आप सब लोग कार में बेथ जाये बहार रुकना ठीक नहीं

सूर्य जब गांव के बीचो बिच पंहुचा तो चारो तरफ बूढ़े बचे औरते लड़किया आत्मा रूप में चीख चीला रही थी

कुछ आत्माये उन अच्छी आत्मा पे हातीचार दुराचरण कर रही थी जो पवित्र आत्माये यहाँ बंदी थी उनपे

सूर्य ......चुप हो जाओ सब नहीं तो सबको जला दूंगा

सूर्य के गुस्से भरी दहाड़ से सब सूर्य की तरफ देखने लगे

अभी भी उनका रोना चालू हे था

सूर्य ....मैंने कहा चुप हो जाओ मुझे दर्द हो रहा मेरा सर फैट रहा ये तुम सबके लिया आखरी चेतावनी है

तभी कुछ बुरी आत्माये सूर्य पे हमला करने आगे बढ़ी पैर सूर्य के नजदीक आते हे सूर्य ने अपने खंजर से उन आत्माओ पे वॉर किया





खंजर का वॉर होते हे उन बुरी आत्माओ को आग ने अपने सघोष में लेना सुरु कर दिया

ये मंजर देख कुछ को रहत मिली तो कुछ की पूरी तरह फैट गई

बुरी आत्मा अपने साथियो की आत्मा नस्ट होते देख उनको खुद की चिंता होने लगी

वही पवित्र आत्माये रोना बंद कर मुक्ति की गुहार लगाने लगे

आवर जोर जोर से छीलते हुए कहने लगे हमें इस श्राप से मुक्त करे हम पे दया कर इस सराफ से मुक्त करे

तभी सूर्य के मंद में साध्वी जी की आवाज गूंजती है

साध्वी जी .......सूर्य इनको इस सर्प मुक्ति दे देदो तुम्हे ध्यान लगा कर मूल मंत्र ॐ का जप करना होगा

सूर्य .....मैं ध्यान नहीं लगा सकता इनके दर्द भरी चीखे मेरे गुस्से को भड़का रही है मेरा सवयं पे नियंत्रण नहीं है

साध्वी जी ......ये तुम्हारी परीक्षा है सूर्य सालो साल से इस दर्द में ये आत्माये तड़प रही है तुम्हे अपने दर्द को भुला कर मानवता के लिया ये करना हो गौड़ से देखो इनमे तुम्हे अपना परिवार नजर आएगा क्या तुम इनके लिया खुद को नियंत्रित नहीं कर सकते हो

फिर कल को शेतानो से अपने परिवार की रक्षा कैसे करोगो क्या उनको ऐसे तड़पते हुए मरने डोज

सूर्य .....नहीं कभी नहीं

सूर्य वही पड़े पत्थर पे बेथ जाता है

सूर्य को ऐसा बैठा देख बुरी आत्माये सूर्य की तरफ हमला करती है पैर आग की वजह से कोई भी सूर्य तक नहीं पहुंच प् रहा था

सूर्य बार बार कोशिश करता पैर हर बार विफल हो जाता है

सूर्य ....मुझसे नहीं होगा साध्वी जी

साध्वी जी ....तुम्हे करना हे होगा जिसको तुम सबसे आदिक प्रेम करते हो उसका िस्मरण करो

सूर्य फिर से ध्यान करता है एक एक कर अपने परिवार के सभी लोगो को याद करता है तभी उसकी माँ शालिनी का चेहरा उसके दिमाग में गुमने लगा

सूर्य अपनी माँ के चेहरे को देख कुछ संत हुआ आवर डेरी डेरी ध्यान में जाने लगा

कुछ आड़े घंटे बाद सूर्य के मुँह से भगवन शिव के मूल मंत्र ॐ का नाद गूंजने लगा

जिस से कुलधरा में कैद पापी आत्माओ को नरक के अग्नि में जलने जैसे पीड़ा का अनभवी होने लगा वही पवित्र आत्माओ ॐ के नाद से अपनी पीड़ा से दर्द से मुक्ति मिलने लगी





सूर्य के मस्तिष्क से ब्लू अग्नि निकलने लगी आवर देखते हे देखते वो पवित्र आत्माओ के चारो तरफ किसी कवच के रूप में गुमने लगी वही

पापी आत्माये रेड अग्निपास में बंद सूर्य के डेविल कजनजर ( सूर्य के पास जो स्कल्प वाला खंजर था ) में में सामने लगी

कुछ 15 मिनट्स चले इस ॐ नाद से खुल्हरा गांव सराप से मुक्त हो गया

( स्टोरी के लिया रियल में तो सायद हे हो ी don't क्नोव )

ीदार सूर्य जैसे हे ध्यान से बहार आता है वो वही मूर्छित हो जाता है

ीदार साध्वी जी को सभी आत्मा मुक्त होने का अहसास हो जाता है आवर साथ हे सूर्य के मूर्छित होने का भी

साध्वी जी .....सूर्य मूर्छित हो चूका हमें उसे यहाँ लाना होगा वयोम सकती जाओ आवर सूर्य को यहाँ ले आओ

सकती आवर वयोम पालक जपते हे सूर्य को ले आते है

साध्वी जी अपनी सकती से सभी कार को ठीक कर चुकी थी बोलियों से हुए नुकसान से

साध्वी जी इन आत्माओ आवर सूर्य के अग्नि रूप से जुडी सभी की यादे मीठा देती है ( मेर्री .अलीना .दादा जी को छोड़ कर )

उन्हें केवल याद था तो ये की सूर्य ने सबकी जान बचाई फिर वो भोश हो गया यही कुछ सूर्य के साथ किया ताकि उसपे इसका आसार न पड़े

साध्वी ji.....chalo सब घर चले सूर्य को रस्ते में होश आ जायेगा

राधा ......आप यहाँ कैसे पहुंची

सकती ........तुम लोग हवेली नहीं पहुंचे तो हमें तुम लोगो को तलाश करने आना पड़ा

दादा जी .....आप लोग अपनी कार से आ जाइये हमारे पीछे पीछे

सब सूर्यगढ़ की आवर निकल गए कुछ 1 हर के बाद सब सूर्यगढ़ में इंटर कर चुके थे इस बिच सूर्य भी होश में आ जाता है पैर उसे काफी थकावट थे तो वो कार में हे सो जाता है

कुछ देर में कार्स हवेली में थी सूर्य अपनी भोजील आँखे खोल किसी तरह अपने रूम में पंहुचा आवर बीएड गिरते हे सो गए

दादी जी ......कहा थे आप सब कितना टाइम लगा दिया आप लोगी ने किसी का भी फ़ोन नहीं लग रहा था

काम से काम एक फ़ोन तो कर सकते थे न

दादा जी .....कार ख़राब हो गई थी

सभी दादा जी के सफ़ेद झूट पे उनको देखने लगे

शालिनी .....ये सूर्य को क्या हुआ है वो जाते हे बिना फ्रेश हुए हे सो गया न खाना खाया आवर न कोई hi hello

दादा जी ........वो बहुत थक गया था उसे सोने दो तुम सब भी फ्रेश हो जाओ खाना कहते है

ीदार साध्वी जी विजय की गोली निकल उसके कंडे पे ॉधी का लेप कर देती है

पाण्ड्य जी ......विजय तुम कुछ वक़्त यही रुको जब ठीक हो जाओ तो ड्यूटी ज्वाइन करना हमें अभी निकलना होगा ऊपर रिपोर्ट जो भेजनी है

विजय .....सर काम से काम खाना खा कर तो जाये

पाण्ड्य जी .....नहीं विजय फिर कभी जल्दी हे मिलते है

पाण्ड्य जी अपनी बाकि टीम को ले कर निकल गए

ीदार सभी फ्रेश हो निचे आये पाण्ड्य जी आवर उनकी टीम को न देख

दादा जी .....ये पाण्ड्य बीटा ओर बाकि सब कहा है

विजय ......बाउजी वो जरूरी काम आ गया था इस लिया जाना पड़ा उन्हें ड्यूटी पे

दादी जी .....पैर बीटा इतनी भी क्या जल्दी काम से काम खाना तो खा कर जाते

विजय .....माँ सा आर्मी का काम कुछ ऐसा है

सभी लोग खाना खाने बेथ जाते है

कुछ देर में सब खाने से फ्री हो अपने अपने रूम की तरफ निकल जाते है

मेर्री के रूम में .....

अलीना .....दी आपको सूर्य के बारे में पहले से कैसे पता था

मेर्री ........अभी मैं बहुत थक गई हूँ अलीना हम फिर कभी बात करते है

अलीना ......प्लेसेस दी मुझे सब जानना है

मेर्री ......ठीक है पैर अभी जितना बताई उतना सुन कर चुप चाप सो जाना है

अलीना ......ठीक है दीदी

मेर्री ........याद है उस दिन जैम मैं आवर जॉय तुम्हारे पास सीक्रेट बेस पे पहुंचे थे जब वो नकाबपोश बेस पे आया था उसने हे मुझे सूर्य की सचाई बताई की सूर्य क्या है क्या उसकी पावर है उसने मुझे 3 एलिमिनेट के बारे में बताया था ये अग्नि एलिमेंट्स सूर्य ने अभी यहाँ आने के बाद कण्ट्रोल किया है

अलीना .....मतलब कोण कोण से एलिमेंट्स पावर है सूर्य के पास

मेर्री ......परतवि जल वायु अग्नि ये 4 तत्वा है जिनकी पावर सूर्य के पास है ी थिंक वो 5 एलिमेंट्स पे बहुत जल्द काबू कर लेगा

सूर्य सुपरहमन है पैर याद रहे किसी को भी इसके बारे में पता न चले

अलीना ........ok दीदी मैं किसी से भी नहीं कहूँगी

वैसे आर्मी में विजय आपको लिखे करता है

मेर्री ....चुप कर आवर सो जाओ गुड नाईट

अलीना ......गुड नाईट दी ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........

अपडेट थोड़ा छोटा है भाई लोगो

आज अपडेट देने का कोई इरादा हे नहीं था

अभी इतना लिखा सो पोस्ट कर दिया .........
 
अपडेट. 94

अलीना .....मतलब कोण कोण से एलिमेंट्स पावर है सूर्य के पास

मेर्री ......परतवि जल वायु अग्नि ये 4 तत्वा है जिनकी पावर सूर्य के पास है ी थिंक वो 5 एलिमेंट्स पे बहुत जल्द काबू कर लेगा

सूर्य सुपरहमन है पैर याद रहे किसी को भी इसके बारे में पता न चले

अलीना ........ok दीदी मैं किसी से भी नहीं कहूँगी

वैसे आर्मी में विजय आपको लिखे करता है

मेर्री ....चुप कर आवर सो जाओ गुड नाईट

अलीना ......गुड नाईट दी ..........

अब आगे ........

कुछ टाइम बाद अलीना तो सो गई पैर मेर्री की आँखों से नींद गायब थी

उसे रह रह कर आज की घटना परेशान कर रही थी

( मेर्री .........क्या विजय सच में मुझे लिखे करता है या फिर ये केवल एक आकर्षण है

क्या मुझे विजय को एक मौका देना चैया अब तो मैं सीक्रेट एजेंसी में भी नहीं हूँ

वैसे भी अब मेरा अलीना के अलावा कोई नहीं है )

मेर्री ......जो गोली मुझपे चली विजय ने खुदकी पटवा न करते हुए मेरी जान बच्ची अगर मुझे कुछ हो जाता तो अलीना का क्या होता आवर मैंने क्या किया

विजय को थैंक्स तक नहीं बोलै मैंने मेरी जान बचने के लिया

मेर्री आने बीएड से उठ कर विजय जहा रेस्ट कर रहा था उस आवर निकल गई चोरी छुपे

ीदार दूसरे रूम राधा आवर कोमल भी आज की घटना के विषय में बात कर रही थी की कैसे सूर्य ने उन सबकी जान बचाई

( अग्निकांड केवल 3 लोगो को हे पता है ( अलीना मेर्री दादा जी ) बाकि सबको यही पता है की सूर्य ने सबको खंजर से मारा था )

कोमल ......बुआ ये भाई हर बार बेहोश कैसे हो जाते है जब भी वो गुस्सा होते है तब

राधा .....इसका मुझे क्या पता कोमल सायद उसके एक्सीडेंट के बाद से ऐसा हो रहा हो आवर फिर सूर्य एक साल कोमा में भी तो था सायद उसका दिमाग उसके गुस्से को झेल नहीं पता हो

komal......sayad आप ठीक बोल रही है बुआ आवर दादा जी ने सबको इस बारी में बताना से भी मना कर दिया है

राधा .....बाउजी नहीं चाहते की सभी सूर्य को ले कर परेशान हो वैसे भी वो कुछ दिन बाद वापिस चला जायेगा जितना हम उसके साथ रहेंगे उतना सूर्य के लिया अच्छा है

चल अब सो जा रात बहुत हो गई है

सुबह सूर्य उठा तो एक डैम फ्रेश फेल कर रहा था वो उठा फ्रेश हुआ आवर जंगल चला गया वह उसने प्रैक्टिस की आवर लौट आया

कल की घटना का सूर्य पे कोई खाश असर देखने को नहीं मिला

ऐसे हे वक़्त बोटा सूर्य अपना बाकि बचा हुआ टाइम अपनी फॅमिली के साथ बिताया

फ़ी एक रोज ब्रिगेडियर सूर्यकांत सर का कॉल आता है

नेक्स्ट डे सूर्य अपनी फॅमिली से मिल कर अपनी ड्यूटी + ट्रैंनिंग के लिया सबसे विधा ले मेर्री अलीना के साथ दिल्ली के लिया निकल गया

सूर्य के जाने से सब उदाश थे आवर किसी को भी सूर्य के बिना अच्छा नहीं लग रहा था ये 10 दिन सूर्य ने अपनी फॅमिली के साथ पूरी तरह एन्जॉय किये

साम को सूर्य दिल्ली आर्मी हेअद्क़ुअतेर पंहुचा जहा पे सूर्यकांत सर से मेर्री अलीना आवर सूर्य मिला

सूर्यकांत .......आओ सूर्य मैं तुम्हारा हे इंतजार कर रहा था

सूर्य .....जी सर इस लिया तो जल्दी आ गया

सूर्यकांत ......hello मेर्री अलीना सूर्य के साथ सूर्यगढ़ में वक़्त बोटा कर कैसा लगा

मेर्री ......बहुत अच्छा लगा सर खास कर के सूर्य की फॅमिली से मिल कर अपने माँ डैड के डेथ के बाद पहली बार ऐसा मौका मिला है जहा मैंने परिवार का प्यार महसूस किया है

सूर्यकांत .......ये तो अच्छी बात है ये लो तुम तीनो की जोइनिंग लेटर आज से तुम दोनों भी इंडियन आर्मी में ज्वाइन की जाती हो ओफिसिअल

मेर्री ........थैंक यू ब्रिगेडियर सर

सूर्यकांत .......ये सब सूर्य के कहने पे कर रहा हूँ मैं आवर जहा तुम तीनो की ड्यूटी है वह की पोस्ट तुम्हे दे रहा हूँ मेर्री मुझे निराश न करना

मेर्री ......बिलकुल नहीं सर आपको ऐसा कोई भी मौका नहीं मिलेगा जिस से आपको किसी के सामने सर्मिन्दा होना पड़े

सूर्यकांत .......तुम तीनो को कोबरा कमांडो फाॅर्स ज्वाइन करना है मेर्री तुम्हे ट्रैंनिंग डिपार्टमेंट ज्वाइन करना है ताकि तुम अपनी स्किल्स बाकि जवानो को भी शिका सको अलीना तुम टेक्निकल डिपार्टमेंट में काम करोगी

मेर्री अलीना ......ok सर

सूर्यकांत ......कल सुबह तुम लोग छत्तीसगढ़ के लिया निकल रहे हो अब जा कर रेस्ट करो

सूर्यकांत सर किसी जवान को साथ भेज इन्हे रूम तक छुड़वाते है

अलीना रूम में आते हे छत्तीसगढ़ चामे के बारे में लेपटॉप पे लग गई जानकारी निकलने

सूर्य घर पे सब से बात करता है

सबसे बात करने के बाद सूर्य सोहेल को फ़ोन करता है पैर उसका फ़ोन नहीं लगा काफी बार तरय करने के बाद भी नहीं लगा तो सूर्य ने सानिया के no.pe कॉल किया

सानिया ........hello जनाब आज आपको हमारी याद कैसे आ गई

सूर्य .........क्यों मैं आपको कॉल नहीं कर सकता क्या

सानिया ........हम तो आपके कॉल का बे - सबरी से इन्तजार करते है

सूर्य ......ये सब छोड़ो ये बताये सोहेल कहा है उसका फ़ोन कब से तरय कर रहा हूँ लग हे नहीं रहा है

सानिया ......इसका मतलब हमारा सोचना बिलकुल सही है आप हमें क्यों कॉल कर रहे है अब समाज आया

सूर्य .........ऐसा कुछ नहीं है अगर यही पूछना होता तो सोफी को भी कॉल कर सकता था या फिर सलमा को भी

सानिया ......ठीक है ठीक है सोहेल भाई का कल फ़ोन ख़राब हो गया था ीा लिया उनका फ़ोन बंद है कोई काम था क्या आपका उनसे

सूर्य .....काम तो कुछ नहीं था सोचा दिल्ली आया हुआ हूँ तो बात कर लेता हूँ

सानिया ......आप तो अपने गांव गए थे न

सूर्य .....सुबह ड्यूटी ज्वाइन करनी है छत्तीसगढ़ तो जोइनिंग लेटर लेने आया था

वैसे अगर आप अब भी अपना सपना पूरा करना चाहती है तो मैं हेल्प कर सकता हूँ आपकी

सानिया ......मेरा सपना आप किस सपने की बात करना चाहते है

सूर्य ........वही आप डॉक्टर बनना चाहती थी न

सानिया ......चाहती थी नहीं चाहती हूँ पैर उसके लिया बहुत खर्चा आता है आवर तुम्हे तो पता है न

सूर्य ......ok तुम अपने डॉक्यूमेंट के कॉपी मुझे सेंड कर दो मैं देखता हूँ

सानिया ......नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकती मैं नहीं चाहती की आप अपना पैसा मुझपे लगाओ

सूर्य ......ok जैसी आपकी मर्जी अच्छा सोहेल का फ़ोन आये तो मुझे कॉल करने को बोलना रखता हूँ ok bye

सानिया .....सुनो तो सूर्य ......

सूर्य कॉल कट करता है आवर अलीना के पास जाता है

सूर्य ......अलीना मेरी एक हेल्प करोगी अलीना ........है क्यों नहीं कहो क्या हेल्प करनी है

surya.......alina को सानिया के सपने के बारे में बताता है

अलीना ........मतलब आप चाहते है की वो अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा करे पैर उसे ये पता न चले की उसकी मदद कोण कर रहा है

सूर्य .....है यही चाहता हूँ पैर उसे इसके बारी में पता न चले

अलीना .......don't वोर्री मैं अभी उसके कॉलेज से डिटेल ले कर आप जहा कहेंगे वह एड्मिसन कर देती हूँ

सूर्य .....नहीं ऐसे नहीं तुम यहाँ किसी बेस्ट मेडिकल कॉलेज का पता करो आवर उसके डॉक्यूमेंट वह भेजो बाकि मैं देखता हूँ

अलीना सानिया के कॉलेज का सिस्टम हैक केर सानिया की पूरी जानकारी ले लेती है

अलीना .....काम हो गया है आवर ये यहाँ के दिल्ली की बेस्ट मेडिकल कॉलेज

सूर्य उस कॉलेज डीन का no.nikal उसे कॉल करता है

कुछ रिंग जाने के बाद सामने से कॉल अटेंड होता है

सूर्य ......hello क्या मैं .क्सक्सक्सक्स मेडिकल कॉलेज डीन से बात कर रहा हूँ

डीन ......जी है मैं हे क्सक्सक्स कॉलेज डीन हूँ कहो क्या बात करनी है

सूर्य .....मुझे किसी का आपकी कॉलेज में एड्मिसन करवाना है

डीन .....no प्रॉब्लम हो जायेगा आप कल डॉक्यूमेंटर आवर फेस ले का आ जाये एड्मिसन हो जायेगा

सूर्य ......आप अपना अकाउंट ni.btayen मैं फेस ट्रांसफर कर देता हूँ डॉक्यूमेंट का कूपी आपको सेंड कर दिया

डीन .......ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के बिना काम नहीं होगा

सूर्य .....मेरी बात ध्यान से सुनिए जिसका एड्मिसन करवा रहा हूँ वो पैसो की प्रोब्लेम्स की वजह से डॉक्टर नहीं बन प् रही है आवर न वो किसी से हेल्प चाहती है इस लिया आपको उसका एड्मिसन डॉक्यूमेंट कॉपी पे के करना होगा

आपको ओरिजिनल डॉक्यूमेंट भी मिल जायेंगे बस उसे ये न पता चले की कोई उसकी इन सब में हेल्प की है मैं आपको फेस के अलावा

डोनेशन भी देने को त्यार हूँ

डीन ......मुझे कोई एतराज नहीं है आवर न मुझे डोनेशन चाइये जब तुम इतना सब कर रहे हो तो तुम्हारी हेल्प जरूर करुगा क्सक्सक्सक्स क्सक्सक्स ये मेरा अकाउंट no. है टोटली अमाउंट अराउंड 70 लाख होगा

सूर्य ......ok बाकि आपको देखना की उसको कैसे अपने कॉलेज में लाना है आप अपना अकाउंट चेक कर सकते है मैंने अमाउंट ट्रांसफर कर दिया है उसके रखने खाने पीना का सब कुछ आपको देखना है

डीन .....ok वो सब मैं देख लूंगा बस इतना बता दो की उसका आवर तुम्हारा रिलेशन क्या है

सूर्य .....वो मेरी फ्रेंड की सिस्टर है मेरा नाम सूर्य शिव ठाकुर है अगर आपने ये काम किया तो आपको कोई भी प्रॉब्लम हो मुझे कॉल कीजिये मैं आपकी हेल्प करुगा

बस उसे पता नहीं लग्न चाइये की उसकी हेल्प किसने की है

डीन .......ok आपका काम हो जायेगा

सूर्य ......शुक्रिया सर

मेर्री ......ये सानिया वही तो नहीं सोहेल की सिस्टर

सूर्य .....जी ये वही है काफी अच्छी लड़की है पैर पैसो के चलते m.b.b.s छोड़ नर्सिंग कर रही है

मेर्री .....अच्छा है पैर तुम्हे उसको बता देना चाइये था

सूर्य ......ऐसा करता तो वो कभी नहीं मानती इस लिया ये रास्ता अपना न पड़ा मुझे

चलिए डिनर करने बहार चलते है

मेर्री अलीना सूर्य खाना खाने बहार चले गए

रुस्सां सीक्रेट सर्विस .......

दरशल जब से जॉय यहाँ से गया था इंडिया के लिया तब से हे

बॉस क्र कहने पे क्ग्ब ने जॉय को ट्रैंनिंग पे दाल रखा था की वो कहा कहा जाता है

जॉय ने अपना फ़ोन रजत से बात करने के बाद से हे ऑफ लार दिया था इस लिया इनको अभी तक जॉय की कोई खबर नहीं मिली थी

बॉस ......जॉय का कुछ पता चल

एजेंट 1.....जी नहीं सर उनकी अभी तक कोई खबर नहीं लगी 4 डेज से उनकी ट्रैकिंग डिवाइस ऑफ है

आखिर लोकेशन इंडिया के किसी स्टेट राजस्थान के जैसलमेर में दिखा रही थी

बॉस .......कोशिश जारी रखो एजेंट 5 तुम इंडिया जाने की तयारी करो जॉय का पता करने के लिया

एजेंट 5 ....ok सर

बॉस अपने केबिन में जा कर सोचने लगा

बॉस. .....कही जॉय मेर्री अलीना के हाथो मारा तो नहीं गया

न उसने कोई कांटेक्ट किया उसका ट्रैकिंग चिप भी ऑफ आ रहा है

कही मेर्री को पता तो नहीं चल गया है

मैंने कहा भी था सावधानी से काम करना ......

सक्तिपुर .......

ीदार सक्तिपुर में विक्रम को अपने ुशी आदमी से सूर्य के बारे में पता चलता है

तब से विक्रम सिंह आवर ज्यादा परेशान हो चूका था

जी है दरशल युसूफ खान से विक्रम सिंह कुछ समय से टच में था क्युकी विक्रम सिंह को अपने बाप दुर्जन सिंह के आतंकी कारोबार को चलने के लिया युसूफ खान की हेल्प चाइये थी पैर युसूफ खान विक्रम की कोई हेल्प नहीं कर रहा था

फिर जब सूर्य की जानकारी युसूफ खान को लगी तो ुसूसने विक्रम से कांटेक्ट कर सूर्य का पता करने को कहा

विक्रम ने भी इस मोके का फायदा उठा युसूफ खान के सामने ये सरत राखी वो उसकी मदद करे बदले में विक्रम उसकी पूरी मदद करेगा

युसूफ खान मज़बूरी में हे सही पैर वो मन गया विक्रम की मदद करने के लिया

इसमें विक्रम को दोनों तरफ से फायदा नजर आया

क्युकी वो जनता था की युसूफ खान कोण है अगर वो सूर्य की फॅमिली पे नज़र रखवा रहा है तो जरूर

किसी न किसी का युसूफ से पन्गा है

युसूफ से हेल्प भी मिल रही थी आवर अपने दुश्मनी का सफाया होता हुआ भी नजर आ रहा था

पैर जब उसके आदमी ने विक्रम को खबर दी की सूर्य आवर उसकी टीम ( आर्मी जवान विजय पाण्ड्य जी )

युसूफ खान सहित सभी 25 लोगो को मार डाला है बिना किसी परेशानी के तब से विक्रम सिंह की गांड फटी हुई थी

खाश कर जब सूर्य का पूरा एक्शन विक्रम ने सुना की कैसे सूर्य ने एक एक करके सबको चिर फाड् डाला

गीता ठाकुर .....क्या हुआ विक्रम देख रही हूँ कुचव टाइम से तुम कुछ ज्यादा हे परेशान हो

विक्रम .....मम्मी क्या कृ कुछ समाज हे नहीं आ रहा है जब भी कुछ करता हूँ ये सूर्यगढ़ वाले कही न कही अपनी तंग बिच में गुस्सा कर पुरे किये कराये पे पानी फेयर देते है

गीता ठाकुर .....अब क्या कर दिया

विक्रम ......वो सब छोड़ो ये गायत्री आवर निधि कहा है

गीता ....वो दोनों तुम्हारे मां के यहाँ गयी है मैंने हे भेजा है उनको अब से वो वही पड़ेगी दोनों

विक्रम .....हम्म्म. ये आपने ठीक किया वैसे भी उन दोनों को इस माहौल से जितना दूर रखा जाये उतना अच्छा है

गीता ......मैं सोच रही थी की कुछ टाइम तुम कही गम आयो तुम्हारा मूड भी ठीक हो जायेगा

विक्रम .....फिर हवेली कोण संभालेगा

गीता .......उसकी टेंसन नहीं है राणा है न आवर वैसे भी अजय तब तक लौट आएगा तुम अपनी चची को ले जाओ

विक्रम .....क्या चची को आपको अकेला छोड़ना ठीक नहीं लग रहा है

गीता .....मेरी चिंता मत कर मैं सब संभल लुंगी मैंने कुछ सोचा है तुम बस अभी सब टेंसन छोड़ गुमने जाओ आवर खूब मज़े करना

विक्रम ......ठीक है मम्मी जैसा आप कहे मैं भी काफी टाइम से यहाँ बोर हो गया हूँ

गीता .....अपनी चची से तू हे बात करना मेरा कहा नहीं सुनेगी वो

विक्रम ......आप दोनों इतना जगदा क्यों करती हो

गीता ......ये औरतो का कमला है तुम नहीं संजोगे अब जाओ आवर उस से बात कर जाने की तयारी करो

दिल्ली ......

मेर्री अलीना सूर्य दिल्ली के एक अच्छे से होटल में डिनर कर काफी लेट तक बहार घूमते रहे दिल्ली के नाईट लाइफ एन्जॉय की आवर रात 11 बजे के करीब वो लोग हेअद्क़ुअतेर अपने रूम पे पहुंचे

कुछ देर बात करने के बाद सूर्य अपने रूम में

अलीना मेर्री अपने रूम में फ्रेश हो कर सो गई

सूर्य सूर्य अपने समय से उठा आवर जॉगिंग पे निकल गया कुछ 1 हर बाद लौटा

फ्रेश हुआ आवर अलीना मेर्री को त्यार होने को कहा

जल्दी हे तीनो त्यार हो कैंटीन से आया हुआ चाय नास्ता फिनिश किया

ब्रिगेडियर सर ने सूर्य से कुछ दी बात चित की अकेले में आवर अपने फॅमिली से भी मिलवाया ( इनकी फॅमिली का अभी कोई रोल नहीं है सो इंट्रो नहीं दिया )

करीब 11 ऍम को बाकि आर्मी जवानो के साथ मर्री सूर्य अलीना दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिया अपने सफर पे निकल चुके थे ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स...........
 
अपडेट. 95

सूर्य अपने समय से उठा आवर जॉगिंग पे निकल गया कुछ 1 हर बाद लौटा

फ्रेश हुआ आवर अलीना मेर्री को त्यार होने को कहा

जल्दी हे तीनो त्यार हो कैंटीन से आया हुआ चाय नास्ता फिनिश किया

ब्रिगेडियर सर ने सूर्य से कुछ दी बात चित की अकेले में आवर अपने फॅमिली से भी मिलवाया ( इनकी फॅमिली का अभी कोई रोल नहीं है सो इंट्रो नहीं दिया )

करीब 11 ऍम को बाकि आर्मी जवानो के साथ मर्री सूर्य अलीना दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिया अपने सफर पे निकल चुके थे ...........

अब आगे ..........

2 हर के बाद सूर्य लोग छत्तीसगढ़ आर्मी हेअद्क़ुअतेर पहुंचे

वह बलियो के साथ सूर्य अलीना मेर्री ने अपने अपने जोइनिंग लेटर सबमिट कर अपनी ड्यूटी ज्वाइन की

सबको अपने अपने रूम अलॉट हो चुके थे जिसमे आवर लोगो के साथ भी रूम शेयर करना था

अलीमा मेर्री को फीमेल कोबरा विंग में रूम अलॉट हुआ जबकि सूर्य का मेल कोबरा विंग ( एरिया ) में अलॉट हुआ

सूर्य अपना सामान सेठ कर फ्रेश हो कैंटीन की तरफ निकल गया क्युकी दोपहर का वक़्त हो चूका था इस वक़्त बीस पे मौजूद लग ज्यादातर कैंटीन में खाना खा रहे थे

सूर्य कैंटीन से खाना खा कर तपिश अपने रूम में लौट आया

अभी सूर्य को लौटे कुछ हे वक़्त हुआ था की किसी ने उसके रूम का दूर नॉक किया

सूर्य ने दूर ओपन किया तो सामने कोई आर्मी जवान खड़ा था

आर्मी जवान ......क्या तुम हे सूर्य हो

सूर्य ......जी सर मैं हे सूर्य हूँ

आर्मी जवान ....तुम्हे लेफ्टिनेंट कर्नल साहब ने ऑफिस में हाजिर होने को कहा है

सूर्य .....जी सर आप चलिए मैं आता हूँ

आर्मी जवान ........ठीक है उन्हें ज्यादा वेट नहीं करवाना

सूर्य ......जी सर

कुछ देर बाद सूर्य लेफ्टिनेंट कर्नल की ऑफिस की तरफ निकल गया

सूर्य ने ऑफिस का दूर नॉक किया तो अंदर से कर्नल सर ने अंदर आने की इजाजत दी

सूर्य जब अंदर पंहुचा तो वह पहले से अलीना मेर्री कर्नल के ऑफिस में मौजूद थी

कर्नल सर ......क्या तुम हे हो सूर्य जो पुणे से यहाँ ज्वाइन किया है

सूर्य ....जय हिन्द सर जी सर मैं हे हूँ

कर्नल सर ( कारन सिंह )

कारन सिंह ......आओ बैठो मुझे ब्रिगेडियर सर का अभी अभी कॉल आया था

तुम तीनो की बहुत तारीफ कर रहे थे तो सोचा मैं भी देखूं ऐसा कोण है

कारन सिंह .....कल से तुम्हारी ट्रैंनिंग सुरु होगी सुबह से दोपहर ट्रैंनिंग दोपहर से रात ड्यूटी क्या तुम त्यार हो

सूर्य ......जी सर मैं त्यार हूँ सर आपसे एक रिक्वेस्ट है अगर कोई प्रॉब्लम न हो तो

कारन सिंह .......अगर रिक्वेस्ट जायँ हो तो कोई प्रॉब्लम नहीं

कहो क्या रिक्वेस्ट है

सूर्य .....सर क्या मुझे अकेले के लिया रूम मिल सकता है

कारन singh.....kya हुआ वह कोई प्रॉब्लम है क्या

सूर्य .....सर मैं सुबह जल्दी उठ कर ध्यान करता हूँ ऐसे में अगर मैं रूम शेयर करूंगा तो मुझे प्रॉब्लम होगी

कारन सर .....यहाँ का नियम यही है 4 कैंडिडेट को रूम शेयर करना हे पड़ता है

सूर्य ......कोई बात नहीं सर मैं देख लूंगा सॉरी सर

कारन सर .......it's ok साम तक तुम्हे रूम मिल जायेगा

है तो मिस मेर्री आप कल से ट्रैंनिंग देना स्टार्ट कीजिये आपको मेल आवर फीमेल दोनों कैंडिडेट को ट्रैंनिंग देनी है अलीना तुम कल से टेक्निकल डिपार्टमेंट ज्वाइन कर रही हो उम्मीद है अपना बेस्ट परफॉरमेंस डौगी

अलीना मेर्री ......यस सर

कारन सर .....ok अब आप जा सकते है

तीनो वह से निकल अपने अपने रूम में आ पहुंचे

ऐसे हे सूर्य मेर्री अलीना अपनी ड्यूटी आवर ट्रैंनिंग पे पूरा ध्यान लगाए हुए थे

डेरी डेरी वक़्त बीतने लगा आज सूर्य को यहाँ आये हुए 10 दिन से ऊपर हो चुके थे इस दौरान सूर्य अपनी फॅमिली के लिया समय निकल उनसे बात कर लेता था

उदार पुणे में सानिया को जब फ्री एडमिशन का पता चला वो भी दिल्ली की बेस्ट मेडिकल कॉलेज में मिलना

तो वो ख़ुशी से पागल हो चुकी थी

सानिया पुणे से दिल्ली कॉलेज में सिफत कर चुकी थी कॉलेज कम्पोसेस में बने हॉस्टल में सानिया को रूम मिल चूका था वो अपनी पूरी म्हणत से डॉक्टरेट की स्टडी में जुट गई

सक्तिपुर ......

विक्रम रुक्मणि से जब गुमने चलने को कहता है तो रुक्मणि को इस में अपनी सभी इच्छा पूरी करने का मौका नज़र आने लगा

क्युकी वो भी तो यही चाहती थी की किसी तरह विक्रम को अपना गुलाम बनाया जाये अब उसके पास अच्छा मौका था

विक्रम सिंह को अपना गुलाम बनाने के लिया

दूसरे हे साम रुक्मणि विक्रम के साथ निकल गई गुमने

ीदार हविले में अब केवल गीता ठाकुर हे बच्ची थी अजय गायत्री विधि पहले से हे बहार थे

विक्रम साम के वक़्त जैसलमेर से फ्लाइट ले जयपुर आ गया

जहा पहले से हे विक्रम ने ठहरने की पूरी वय्वस्ता एक होटल में कर राखी थी

रुक्मणि .....विक्की हम चल कहा रहे है अभी तो रात भी हो गई है

विक्रम ....चची जी अभी तो हम होटल चल रहे वही रात के लिया रूम बुक किया है फिर कल जयपुर गम कर कही आवर चलते है

रुक्मणि ......है ये भी ठीक है

वैसे कहा कहा गुमने चलोगे

विक्रम .....अगर आपकी कोई पसंद की जगह है तो बताएंगे हम वही चलते है चची जी

रुक्मणि ......विक्की अभी हम गुमने जा रहे तो यहाँ तो काम से काम चची न कहो क्या में सच में इतनी बूढी हो गई हूँ

विक्रम .....फिर आप हे बताओ आपको क्या कहु वैसे आप को देख कर कोई नहीं कह सकता की आप 40 इयर्स की है

रुक्मणि .....मैं 40 साल की हूँ भी नहीं

विक्रम ......क्या सच में लीजिये हमारा होटल भी आ गया

दोनों कार से उतर का होटल के अंदर चले जाते है

जहा विक्रम दो रूम की के लेता है

यहाँ अपने प्लान को रुक्मणि स्टारर करती है आवर एक रूम कैंसिल करवा कर दोनों एक हे रूम में रुकने का फैसला करते हे

विक्रम भले हे उलटे दिमाग का लड़का था पैर हवश से अभी तक दूर था

विक्रम आवर रुक्मणि दोनों रूम में आ गए

विक्रम .....आपने दूसरा रूम क्यों कैंसिल कर दिया

रुक्मणि ......तो आवर क्या करती अंजनी जगह क्या मैं दूसरे रूम में अकेले रूकती

विक्रम .....आप भी न चची यहाँ कैसा दर

रुक्मणि .....मैंने कहा न मुझे चची न कहो मेरा नाम भी ले सकते हो हमें कोण यहाँ जनता है

आवर क्या मेरे साथ सोने में कोई प्रॉब्लम है तुम्हे

विक्रम ......ठीक है जैसा आप कहे

रुक्मणि .....ok मैं नाहा कर आती हूँ तुम भी फ्रेश हो जाना फिर

विक्रम .....ठीक है आप पहले नाहा लीजिये मैं खाना आर्डर करता हूँ

रुक्मणि अपने बेग से ब्रा पंतय आवर एक बहुत हे सेक्सी निघ्त्य ले कर बाथरूम की तरफ चली जाती है वही विक्रम किसी से फ़ोन पे बात करने लगता है

लगभग 20 मिनट्स बाद रुक्मणि अपने हॉट एंड सेक्सी अवतार में बाथरूम से बहार निकलती है

विक्रम मुँह फाडे रुक्मणि को देखने लगा फिर जल्दी से अपने कपडे ले कर बाथरूम में गुस्स गया

रुक्मणि की मुस्कान गहरी हो गई विक्रम को ऐसे जाता देख

रुक्मणि ......विक्रम खाना आर्डर किया की नहीं

विक्रम बाथरूम से हे बोलता है की है उसने खाना आर्डर कर दिया है आपको कुछ चाइये तो आर्डर कर दीजिये

रुक्मणि अपने बेग से वही एक पाउच निकलती है जिसमे पाउडर जैसा कुछ था

( रुक्मणि .....अब वक़्त है तुम्हे आजमाने का देखती हूँ क्या असर दिखती हो तुम विक्रम पे )

रुक्मणि कॉल कर कुछ बेयर आवर विस्की आर्डर करती है

कुछ हे देर में खाना आवर दरब दोनों रूम में पहुंच जाती है

रुक्मणि .....विक्की कितना टाइम लगाओगे मुझे भूख लगी है

विक्रम बहार निकल कर आता है आवर जब खाने के साथ विषय पुर बेयर देखता है तो

विक्रम .....रुक्मणि ये बेयर आवर विस्की किस लिया

रुक्मणि .....क्यों तुम नहीं पिटे हो क्या

ये मैंने अपने आवर तुम्हारे लिया मंगवाई है

विक्रम पैर मैं विस्की नहीं पिता हूँ

रुक्मणि ....विस्की मेरे लिया बेयर तुम्हारे लिया

कहते हे रुक्मणि 3 बेयर में से एक बेयर खोल देती है आवर विक्रम से नजर बच्चा कर उसमे वो पॉवडर मिला देती है

रुक्मणि .....चलो आवो खाना कहते है बाकि जो कुछ करना है बात में करना तुम्हारे बेयर गरम हो रही है मैंने ओपन कर दी है

विक्रम टॉवल बन्दे हे चेयर पे रुक्मणि के सामने आ बैठा रुक्मणि टेबिल से बेयर उठा कर विक्रम को देती है आवर विस्की की बॉटल खोल अपना पेग बना कर एक हे साँस में जातक जाती है

विक्रम .....आराम से चची जी

रुक्मणि .....कितनी बार कहा है जब तक हम सक्तिपुर नहीं पहुंचते मुझे रुक्मणि कहो आवर मैंने बहुत बार विस्की पि है तुम्हारे चाचा के साथ मुझे नशा नहीं होगा

विक्रम भी अपनी बेयर पिने लगा

विक्रम .....इस बेयर का टेस्ट थोड़ा अजीब है

रुक्मणि .....अजीब कुछ नहीं है तुम मेरे साथ पहले बार पि रहे हो तो ये अजीब लग रहा है

विक्रम ....सायद आप ठीक कह रही है

कुछ देर में हे विक्रम एक बेयर को निपटा देता है

विक्रम ......चलो अब खाना कहते है

रुक्मणि .....क्या हुआ बस एक बेयर में हे हो गया

विक्रम एक आवर बेयर उठता है तो रुक्मणि विक्रम से बेयर ले लेती है

रुक्मणि .....सुना है औरतो के साथ से बेयर पीना मर्दो को अच्छा लगता है अब तुम हे तो हमारे मर्द हो

विक्रम .....क्या मतलब

रुक्मणि ....अरे हवेली के तुम हे तो एक लोटे मर्द हो अब

रुक्मणि बेयर खोल विक्रम की तरफ बढाती है पैर जांभोज कर अपना विस्की का भरा हुआ गिलास विक्रम के गॉड में गिरा देती है

विक्रम विस्की के गिलास को उठता है आवर पिच की तरफ गम कर टॉवल से विस्की पूछता है

ीदार रुक्मणि मोके का फायदा उठा थोड़ा आवर पाउडर बेयर में मिला देती है

रुक्मणि .....विक्की टॉवल हटा दो वो गिला हो चूका है सॉरी

विक्रम टॉवल खोल अंडरवियर में हे बेथ जाता है आवर टॉवल को एकता कर गॉड में रख लेता है ताकि लैंड का उभर न दिखे जो पाउडर के कारन खड़ा हो चूका था

रुक्मणि .....जल्दी से इसे ख़तम करो फिर खाना कहते है

रुक्मणि विस्की के 2 पग आवर लेती है आवर खाना लगाने लगी

विक्रम भी बेयर पिटे हुए खाना खाने लगा

रुक्मणि पे विस्की के 5 पग से थोड़ा असर होने लगा था वही बेयर आवर पाउडर से विक्रम के दीमक में सेक्स चढ़ने लगा

दोनों ने मटन चिकन का बेयर आवर विस्की के साथ पूरा मज़ा लिया

रुक्मणि ....मुझे तो नींद आ रही है मैं सोने जा रही हु

विक्रम ....मैं भी चलता हूँ सोने के लिया

रुक्मणि अपनी नाईट उतर पंक्ति है

रुक्मणि ......मुझे ऐसे हे सोने की आदत है तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं

विक्रम क्या जबाब देता बस उसने न में गर्दन हिला दी

वो अभी भी रुक्मणि के बदन को ताड़ रहा था





रुक्मणि की 38 की गांड देख विक्रम का लैंड जटके मार रहा था

रुक्मणि जा कर बीएड पे लेट जाती है

दूसरी तरफ विक्रम भी अंडरवियर में बीएड पे लेट जाता है

कुछ हे देर में रुक्मणि के नकली खतरे गूंजने लगे विक्रम को लगा की रुक्मणि सो रही है

विक्रम अपने लैंड के आगे बेबश हो अपना लैंड बहार निकल मुठ मरने लगा

डेरी डेरी विक्रम रुक्मणि की तरफ किशा आवर रुक्मरि की गांड को सहलाने लगा

रुक्मणि जो सोने का नाटक कर रहे थी अपनी गांड पे विक्रम का हाथ महसूस करते हे समाज गई की प्लान कामयाब हो रहा

इतने टाइम से रुक्मणि की छूट जो अंदर हे अंदर लैंड के लिया सुलग रही थी वो अब गरम होने लगी

विक्रम ने हिमत कर रुक्मणि की ब्रा का हक़ खोला ( किसी ने सच हे कहा इंसान हवश में अँधा हो लैंड से सोचने लगता है )

डेरी से रुक्मणि को सीधा लिटाया आवर डरते डरते रुक्मरि की ब्रा हटाई





विक्रम रुक्मणि की चूचिया देख डेरी डेरी ऊपर की आवर भरने लगा

आवर डेरी से अपने मुँह में रुक्मणि के निप्पल्स को भर लिया

आवर चूसने लगा

विक्रम को ये तक पता नहीं चला की रुक्मणि आँखों खोल उसे ये सब करता देख रही है

विक्रम ने निचे से रुक्मणि की पैंसठ साइड में कर अपना लैंड रुक्मणि की छूट पे घिसने लगा ऊपर से बोस चूसने लगा

रुक्मणि तो इस मज़े से पीछे 3 मोनथस से दूर थी जल्द हे उसका सरीर कप लगा

ीदार विक्रम का सयम जबाब दे दिया आवर उसने अपना लैंड बिना सोचे समजे रुक्मरि की गहरी घाटी में उतर दिया

रुक्मणि अपनी छूट में लैंड महसूस करते हे विक्रम को अपनी बहो में भर लेती है

विक्रम अपनी कमर का प्रहार रुक्मणि की फटी हुए छूट में करने लगता है

रुक्मणि एक चुदकड़ औरत थी उसको पता था कैसे मर्द को अपने काबू में किया जाता है

रुक्मणि अपनी छूट को टाइट कर विक्रम के गांड के छेद को कुरेद विक्रम की सेक्स आग आवर भड़काने लगी

विक्रम आँखे बांड किये अँधा दंड रुक्मणि को चोरी जा रहा था उसको अभी ुए भी दर नहीं था की रुक्मणि जाग जाएगी तो क्या होगा

विक्रम तब तक रुक्मणि को छोड़ूगा रहा जब तक रुक्मणि की छूट में झाड़ नहीं गया

लैंड रुक्मणि की छूट में डेल हुए हे हफ्ते हुए रुक्मणि पे ढेर हो गया

जब रुक्मणि ने विक्रम के सर पे हाथ फैराया तब विक्रम को होश आया

रुक्मणि .....ये क्या था विक्की तुमने मेरी इजाजत हे लूट ले क्या इस लिया हे तुम मुझे यहाँ लाये थे

विक्रम रुक्मणि की आवाज सुन दर जाता है

विक्रम .....सॉरी चची जी मुझसे गलती हो गई मुझे माफ कर दीजिये पता नहीं मुझे क्या हो गया था जो मैं ये सब कर गया

रुक्मणि .......मैंने कितना तुम्हे रोका पैर तुम तो भूखे भेड़िये की तरह मुज पे टूट पड़े आवर मेरी ेजात लूट ली

विक्रम सॉरी तो बार बार बोल रहा था पैर छूट के गर्मी से अपने लैंड को अकड़ने स्व नहीं रोक प् रहा था

एक बार फिर वही हालत विक्रम की होने लगी

रुक्मणि ने सेक्स ड्रग्स का कुछ ज्यादा हे दोसे विक्रम को दे दिया

डेरी डेरी फिर से विक्रम की कमर चलने लगे

रुक्मणि फिर से उसे रोकने का नाटक करती रही

रुक्मणि .....रुक जाओ विक्की बीटा ये तुम फिर से मेरी छूट क्यों मार रहे हो देखो तुम्हारा लैंड फिर से मेरी छूट फाड् रहा मैं कोई रंडी थोड़ी हूँ तुम्हारी

विक्रम छूट लैंड रंडी जैसे सबद सुन आवर तेज छोड़ने लगा

विक्रम ......अह्हह्ह्ह्ह रुक्मणि अह्हह्ह्ह्ह मैं खुद को नहीं रोक सकता हूँ अह्हह्ह्ह्ह मुझे आपको छोड़ना है रंडी की तरह

रुक्मणि .....इस्स्स्सस्ठ्ठ्ठ किसी को पता चलेगा तो मेरा क्या होगा लोग मुझे रंडी समझेंगे मेरी बेटी आवर बेटे का क्या होगा

विक्रम रुक्मणि को पलट कर उसकी पंतय निकल पीछे से अपना लैंड पेल देता है





विक्रम ........आआअह्ह्ह्हह किसी को कुछ पता नहीं चलेगा

आवर उन दोनों की चिंता नहीं करो उम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह वो भाई है मेरा

विक्रम की बात सुन रुक्मणि अपनी छूट को आवर जोर जोर से विक्रम के लैंड पे पीछे धाखेलने लगी

रात भर विक्रम ने न जाने कितनी बार रुक्मणि की छूट मरी कितनी बार अपना पानी रुक्मणि की छूट में भय दोनों रात भर चुदाई कर सुबह 5 बजे सोये

उदार सक्तिपुर में ....

विक्रम रुक्मणि के जाते हे

गीता ठाकुर राणा के साथ लग गई अपनी छूट की आग ठंडी करने में पिछले कुछ टाइम स्व गीता राणा के साथ हवेली से बहार फार्महाउस पे खूब मज़े कर रही थी

सबसे चुप कर राणा के लैंड का मज़ा ले रही थी

अब पूरी हवेली में इनको रोकने वाला कोई था नहीं

तो दोनों खुद कर पूरी हवेली में जहा जिस रूम में मन हो वही अपनी रासलीला कर रहे थे

गीता ठाकुर ......राणा तुम्हे विक्रम का साथ देना होगा बदले में जिस की छूट चाइये मिलेगी

राणा ......गीता ठाकुर तुम्हे पता है मैं छूट के मामले में जबरदस्ती नहीं करता हूँ जो अपनी मर्जी से आये वही राणा मरता है जैसे अभी तुम्हारी मार रहा हूँ

गीता ठाकुर ....फिर कहो क्या चाइये तुम्हे

राणा ......मुझे ये सब नहीं चाइये बस एक वडा करो तो मैं पूरा साथ दूंगा

गीता ठाकुर .....कैसा वादा

राणा ......किसी भी लड़की या औरत के साथ जोर जबरदस्त नहीं करने डौगी आवर सक्तिपुर का विकास

गीता ठाकुर ......मुझे विक्रम से बात करनी होगी

राणा .....ठीक है फिर बात कर लेना अभी रूम में चलो वही तुम्हारी पलंग तोड़ चुदाई करता हूँ

सक्तिपुर में सूर्य ने जो हॉस्पिटल बजवाने का सोचा था उसका भी काम कबि भी सुरु हो सकता था शिव आवर जोरावर ने मिलके यहाँ के लिया जो भी जरूरत का सामान था वो सब का इंतजाम कर चुके थे अब बस नीव रखना था उसके बाद कार्य चालू हो जाने वाला ठगा

सक्तिपुर के लोग भी खुस थे की जल्दी हे काम सुरु होगा तो उनको भी रोजगार मिलेगा

आवर जल्दी हे हॉस्पिटल बन जायेगा जिस से सक्तिपुर वालो को अब सहर नहीं जाना होगा इलाज के लिया .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...........
 
अपडेट. 96

सक्तिपुर में सूर्य ने जो हॉस्पिटल बजवाने का सोचा था उसका भी काम कबि भी सुरु हो सकता था शिव आवर जोरावर ने मिलके यहाँ के लिया जो भी जरूरत का सामान था वो सब का इंतजाम कर चुके थे अब बस नीव रखना था उसके बाद कार्य चालू हो जाने वाला ठगा

सक्तिपुर के लोग भी खुस थे की जल्दी हे काम सुरु होगा तो उनको भी रोजगार मिलेगा

आवर जल्दी हे हॉस्पिटल बन जायेगा जिस से सक्तिपुर वालो को अब सहर नहीं जाना होगा इलाज के लिया .........

अब आगे ........

सूर्य दिन बा दिन अपनी ट्रैंनिंग में आगे भध रहा था

साथ हे सूर्य अब टीम के साथ नक्सली इलाको में भी अपनी ड्यूटी देता था





कर्नल कारन सूर्य से काफी प्रभावित हुए

एक तो सूर्य की ट्रैंनिंग ऊपर से ों थे स्पॉट सही निर्णय लेना जिस से कारन सर सूर्य से काफी खुश थे

वही अलीना अपने हेक्किंग नॉलेज से अपने डिपार्टमेंट में अपनी अच्छी खासी जगह बना चुकी थी

आज सूर्य को यहाँ छत्तीसगढ़ आये हुए 4 मोनथस हो चूका था

इस बिच सूर्य का काफी बार नक्सलियों से भी मुठभेड़ हो चुकी थी

अभी सूर्य अपनी टीम के साथ निकल हे रहा था की एक तभी उसे वायरलेस पे खबर मिलती है की पास के हे बीजापुर में से नक्सलियों ने कुछ महिलाओ को बंदी बना लिया है आवर वो उन्हें छोड़ने के एवज में अपने साथियो की रहे चाहते है

सूर्य ......बॉयज ये इलाका तो हमारी टीम के हवाले है

हमें जल्दी हे वह के लिया निकलना होगा

एक्स्ट्रा अम्मुनितिओं अपने साथ रखो मैं अभी आता हूँ

सूर्य वह से फ़ौरन कारन सर की ऑफिस की तरफ निकल गया

सूर्य ......सर क्या मैं अंदर आ सकता हूँ

कारन सर ......यस सूर्य कहो कुआ बात अभी तो तुम्हे अपनी टीम के साथ ड्यूटी पे होना चाइये था

सूर्य ......सर मैं अब्बी निकल हे रहा था तो वायरलेस पे खबर मिली की जहा हमारी ड्यूटी है वह नक्सलियों गांव पे हमला कर कुछ महिलाओ को बंदी बना लिया है

कारन सर .......यस सूर्य उनको अपने साथियो की रहे चाइये

सूर्य ......फिर आपने क्या सोचा है

कारन सर .....अभी कुछ भी डीडे नहीं हुआ है

सूर्य .....सर क्या तब तक हम कोशिश करे उनको छुड़ाने की

कारन सर .....नहीं सूर्य ये मनपा महिलाओ की किडनैपिंग का है

सूर्य .....सर मैं जनता हूँ आवर आपकी परेशानी की वजह भी

अगर आप इजाजत दे तो इसका सोलूशन्स है मेरा पास

कारन सर ......ऐसा क्या सलूशन है तुम्हारे पास तुम्हे पता है न कैसे कैसे आरोपी लगे है पिछले दिनों आर्मी पे

सूर्य ......जी सर मैं जनता हूँ आवर यही वजह की आप परेशान है अगर हम एक नहीं 2 टीम को एक टीम बना कर भेजे तो मुझे नहीं लगता की कोई प्रॉब्लम होगी

कारन सर ...अभी भी बात तो वही है न सूर्य

सूर्य ........सर आप कुछ फीमेल कोबरा फाॅर्स हमारे टीम के साथ भेजो हम नक्सलियों को टिकने लगते है महिलाओ को रेस्क्यू फीमेल आर्मी फाॅर्स करेगी तो इसमें किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं होगी मिडिया आवर पब्लिक में सबके सामने फीमेल फाॅर्स को कर देना

कारन सर .....हम्म ये हो सकता है पैर उनकी सेफ्टी तुम्हारे जीमे होगी

सूर्य ......जी सर मैं पूरी गारंटी लेता हूँ

कारन सर .....ok अपनी टीम को त्यार करो अभी फीमेल कोबरा फाॅर्स तुम्हे ज्वाइन करेंगे उनको तुम लीड करो मुझे पूरी टीम no कसुअलटी के साथ वापिस चाइये

सूर्य .....जी सर जय हिन्द सर मैं अपनी टीम को त्यार करता हूँ

सूर्य वह से निकल कर अपनी टीम के पास जाता है

आवर उन्हें सब समजता है की क्या करना है आवर कैसे करना है

कुछ हे देर बाद 10 फीमेल कोबरा आर्मी गर्ल्स भी वह आ गयी

कारन सर .....बॉयज एंड गर्ल्स आप सबको इस मिशन को बहुत हे सावधानी के साथ करना है आवर बिना अपनी टीम के किसी मेंबर्स को खोये

तुम सभी सूर्य के ऑर्डर्स फॉलो करोगे

अब सब निकलो रात होने से पहले मिशन कामयाब करके लौटना

सूर्य ......यस सर बॉयज एंड गर्ल्स वे अरे रेडी तो जो फॉर मिशन

सभी एक साथ ......यस सर





सूर्य सबको गाड़ियों में बैठने को कहता है

कुल मिला कर 10 गर्ल्स 11 बॉयज थे

3 आर्मी गाड़ियों में हतियारो के साथ सूर्य बीजापुर के लिया निकल गया

कुछ 1 हर के बाद साम के 3 बजे के लगभग सभी वह पहुंचे

वह बानी पोस्ट पे सब रुके आवर बाकि की जानकारी ले जहा पता चला की ये नक्सली ग्रुप जंगल की आवर गया सभी महिलाओ आवर बच्चो को ले कर के

सूर्य ......उनकी तदातादाद कितनी है

पोस्ट इंचार्ज ...सर उनकी तादाद 30 से 35 के बिच है आवर सभी के पास हतियार है काफी मात्रा में

सूर्य .......ये किश ग्रुप का काम है कुछ पता चला आवर कितने लोगो को अगवा किया है

पोस्ट इंचार्ज ......सर पका तो नहीं पता पैर कबरई से जो पता चला है उस हिसाब से तो महिला लड़की आवर छोटे बचो की संख्या भी 25 से 30 के बिच है

गिरोह का अभी पता नहीं लगा है वो उतर दिशा की तरफ वाले जंगल में गए है सर

सूर्य ......ok टीम हमें निकलना होगा आप में से एक जवान यही रहेगा हमारे तरफ से सन्देश मिलते हे फ़ौरन गाड़िया बताई हुए जगह ले आना आगे का रास्ता पैदल हे पूरा करना होगा

जवान 1 .....सर हम कार्स से जाये यो जल्दी पहुंच सकते है

सूर्य .....रस्ते में हमारे स्वागत के लिया उन्होंने मीन्स बिछा राखी होंगी आवर दूसरी बात कार्स से जाने पे उनको पता लग सकता आवाज के कारन

जवान 1 ....सॉरी सर

सूर्य .....चलो अब अपना अपना सामान उतरो आवर आगे भादो

सभी अपनी अपनी जरूरत का सामान ले कर सूर्य के पीछे पीछे चल दिए जंगल के अंदर

वही नक्सली बीजापुर से तकरीबन 3 कम अंदर जंगल में सभी को एक जगह पे हाथ पेअर बंद कर बैठा रखा था

सूर्य एंड टीम उनके पैरो आवर तजा टूटी टहनियों का पीछा करते हुए लगभग 1 घंटे बाद उनके नजदीकी पहुंचे

दूर से हे सूर्य वो कच्चे घर नजर आने लगे लो नक्सलियों ने बना रखे थे

सूर्य ......सब यही रुक जाओ आवर थोड़ा अंदरहा होने दो नहीं तो हम उनकी नजरो में आ सकते है

सूर्य .....मेरी बात ध्यान से सुनो महिला फाॅर्स सबसे पीछे रहेगी आवर हम सब आगे ताकि कोई खतरा अगर पीछे से आये तो तुम सब उनसे निपटेगी आगे का हम संभालते है

सूर्य सभी को बरी की से प्लान समजता है

सूर्य का प्लान कुछ इस तरह था की

बॉयज सूर्य सहित कुल 10 थे वो सब 4,4 का ग्रुप बना कर दो तरफ स्व उनको घेरेंगे जब तक जरूरत न हो गन की जगह खंजर का प्रयोग करेंगे 1 तरफ से सूर्य आवर एक जवान उनको घेरेगा बची एक तरफ जिस तरफ से वो लोग आये थे उस तरफ फीमेल फाॅर्स पहले से हे मौजूद थी

सूर्य .....तुम सबको समाज आ गया होगा अगर किसी को कोई संदेह है तो अभी से पूछ सकता है हमारी तरफ से एक लापरवाही भरा कदम हम सबके लिया खतरा बन सकता है सो बे केयरफुल

आप सभी यही रुको सतर्क रहो बिना किसी आवाज के बिना किसी मूमेंट के

सूर्य वही पास हे अपना आसान लगा ध्यान में बेथ जाता है आवर अपने 4 तत्वा को जागृत करता है सूर्य अपने इन 4 तत्वा पे पूरी तरह कण्ट्रोल प् चूका था इस लिया इनमे से किसी को भी इसका आभाष नहीं हुए

लगभग 45 मिनट्स बाद सूर्य को परतवि तत्वा के वजह से पता चला की कोई पीछे के तरफ से आ रहा है

सूर्य .....बॉयज साधन कोई हमारा पीछा करते हुए ीदार हे आ रहा तुम सब साधन रहना

सूर्य अपना डेविल खंजर ( जैसलमेर में बूढ़े बाबा ने जो दिया था ) जो हमेशा अपने पास रखता है उसको ले कर के उस दिशा में भध गया जिस से तरफ से आने का अहसास सूर्य को हुआ था

तकरीबन 500 से 600 मीटर दूर सूर्य को वो तीन नक्सली दिखाई देते जो इनके पैरो के नीसाण का पीछा करते हुए आ रहे थे

( सूर्य ......इनके पास हतियार है अगर इनमे से किसी एक ने भी गोली चलाई तो आवाज से उन्हें पता चल सकता है

लगता है अब अपनी वायु गति का प्रयोग करना हे होगा मुझे )

सूर्य चारो तरफ ध्यान से नजर दौड़ता है

जब सूर्य को यकीं हो जाता है की इनके अलावा यहाँ कोई नहीं है तो सूर्य अपना खंजर





अपनी पूरी ताकत से उन तीनो नक्सलियों की तरफ दौड़ता है बस एक हवा का जिनका सा उनकी तरफ निकला आवर लागले 15 सेकंड में तीनो की गर्दन निचे पड़ी थी बॉडी अभी भी कड़ी कड़ी तड़प रही थी

सूर्य तीनो को हतियार आवर बाकि जो ग्रेनेट बुलेट मैगज़ीन सबको अपने कब्जे में कर तीनो लाशो को वही जंगल में छुपा कर उनपे कुछ कचरा आवर टहनिया तोड़ कर दाल देता है

उनके हतियार ले सावधानी से अपनी टीम के पास आ पंहुचा तीनो का खून सूर्य के आर्मी ड्रेस पे लगा हुआ था जिस से सब समाज गए की क्या हुआ था

आर्मी गर्ल 1.....सर कितने आदमी थे उनमे से कोई बचा है क्या

सूर्य .....नहीं कोई नहीं बचा उनमे से वो तीन आदमी थे जो हमारे पैरो के नीसाण फॉलो करते हुए यहाँ तक आ गए

गर्ल 1.....पैर आपको कैसे पता चला जबकि हम में से किसी ने उनकी चीखें छिलने की आवाज तक नहीं सुनी

सूर्य .....क्युकी मेरे कान आवर आँखे बहुत तेज है आवर चीखने छिलने जितना मौका मैं नहीं देता हूँ

गर्ल 2 ....सर हमें कितना वेट करना होगा यहाँ पे

सूर्य .....बस कुछ 15 मिनट्स आवर 6 बजे तक पूरी तरह अंदरहा हो जायेगा तुम सब अपने अपने नाईट

विज़न त्यार रखो तुम्हे यही से सब पे नजर रखनी है

बॉयज सब त्यार हो जाओ

सब अपनी अपनी गन्स आवर खंजर त्यार करते है

कुछ देर बाद प्लान के हिसाब से 4,4,आवर 2 की टीम में सूर्य के बॉयज निकल पड़े तीनो तरफ से घेर कर मरने के लिया

सूर्य .....तुम मुझे दूर से कवर करोगे बाकि मैं देख लूंगा

बॉय 9 .....जी सर

सूर्य अपने हाथ में खंजर ले डेरी डेरी पैदा की ोुतः लेते हुए आगे भाड़ रहा थवाही सूर्य ने जब अपने खंजर पे ध्यान दिया तो वो हल्का हल्का कला हो रहा था

( सूर्य .....अब ये क्या है इसे क्या हुआ आज से पहले तो कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ जैसे ये मेरे हाथो में हो हे न )

सूर्य डेरी डेरी आगे भाड़ रहा था तभी उसके एक जुग्गी की तरफ से कुछ बातचीत की आवाज सुनाई दी सूर्य उस तरफ ध्यान से भध रहा था तभी सूर्य को लगा की कोई उसके पीछे है सूर्य ने बिना पल बढ़ाये पलट कर खंजर सीधा उसके गले में उतर दिया ये कोई 40 के आसपास का नक्सली था

सूर्य .....ध्यान से बीटा सूर्य ये टिया लीड किया हुआ पहिला मिशन है कुछ भी गड़बड़ हुए तो लौंडे लग जायेंगे

सूर्य डेरी से उस झुग्गी के पास पंहुचा जहा एक महिला के साथ दो नक्सली लगे हुए थे

आगे आवर पीछे

सूर्य गौर से उनकी बात सुनी तब जा कर उसका माथा ठनका क्युकी वो महिला जो थी वो बीकापुर की हे थी वो नक्सलियों को आर्मी की खबर देती थी बदले में उसे लैंड आवर पैसे दोनों मिलते थे

सूर्य .....तो ये बात है चल साली रंडी अभी दिखता हूँ तुझे आर्मी की खबर देती है

सूर्य झुग्गी में गुस्स गया जुड़ने के साथ हे सूर्य ने एक का गाला कटा दूसरे की गर्दन हे गुमा दी

अभी वो औरत चिलाती उस से पहले हे सूर्य ने उसके कनपटी पे इतनी जोर से बजे की अगले हे पल बेहोश लाशो के ऊपर पड़ी थी

सूर्य ने उसे ाचे से बाँदा आवर उसकी हे चड्डी उसके मुँह में तुझे दी ताकि होश भी आये तो चिल्ला न पाए

उदार दुरी तरफ से दोनों टीम बड़ी हे मुस्तैदी से 3 ,3 ,4,4 बन्दों को निपटा चुकी

आवर बहुत हे सावधानी स आगे भाड़ रही थी

सूर्य वह स निकल आगे भड़ता रहा आवर जो भी सामने आया उसको निपटा रहा था तभी गोलिया चलने की आवाज होती

सूर्य .....लगता है अब एक्शन दिखाना हे पड़ेगा

सूर्य अपने गन को दूसरे हाथ में थम अपने मुँह को कपडे स्व कवर कर हवा की तेजी से बग्गे हुए गोलियों से छलनी करता हुआ खजर से मरते हुए आगे बढ़ रहा था

गोलियों की आवाज अब दोनों तरफ से हो रही फायरिंग से काफी हो रही थी

ज्यादातर नक्सली मरे जा चुके थे अभी मुश्किल से 10 से 12 नक्सली बचे थे

दोनों टीम सूर्य के पास आ गई थी

सूर्य ......इन जुगियो में छुपे होंगे सावधानी से सबको ख़तम कर देना किसी को जिन्दा पकड़ने की जरूरत नहीं है

टीम्स .....यस सर

सूर्य एक एक जूही की तलासी कर रहा था आवर जो भी निकल कर सामने आता वो मारा जाता

कुछ लोगो ने सरेंडर किया जो की कुछ 18 से 19 साल के लड़के थे आवर 2 लड़किया भी

सबको फिनिश कर सूर्य की टीम आ गई पैर उनको अभी तक बंदक बनाई हुए महिला लड़किया आवर बच्चे नहीं मिले

सूर्य .....क्या तुम्हे वो नन्दक महिला आवर बचे मिले

बॉय 2 .जी नहीं सर कोई भी नहीं मिला

बॉय...5 हमें भी कोई नहीं मिला सर

सूर्य .....अपनी फीमेल फाॅर्स को यहाँ बुलाओ आवर उन सरेंडर किये हुए 5 को भी यही ले कर आओ

कुछ हे देर में टीम 2 उन 5 नक्सली बच्चो को वही ले आती है उनके हाथ उनकी पीछे बन्दे हुए थे

सूर्य ....वो नन्दक कहा है बीकापुर से जो आज बंदी बनाये थे

n.ladka 1 ......तुम हमें जान से मर दो तब भी हम नहीं बताएंगे

सूर्य .....सोच लो तुम जैसो पे मैं बिलकुल रहम नहीं करता जो महिला आवर बच्चो पे हत्याचार करे फिर चाइये वो कोई भी हो

आर्मी गर्ल.1 ....सर इनको हमारे हवाले करो अभी इनका मुँह खुलवाती हूँ

सूर्य .....जो भी करो पैर लड़कियों को कुछ नहीं होना चाइये

आर्मी गर्ल 1 .....जी सर

देखते हे देखते 10 लड़किया उनपे टूट पड़ी

कुछ हे देर की ढुलाई से रोटी हुए सब कुछ बता दिया

सूर्य आप में से बाकि सब उनको वह से ले कर आओ आवर एक मेरे साथ चलो

सूर्य आर्मी गर्ल 1 को ले कर उस झुग्गी में जाता है जहा वो खबरि औरत नंगी पड़ी थी 2 नंगी लाशो के साथ

गर्ल 1 ......सर ये क्या है

सूर्य.... वही जो आप देख रही है इसको कपडे पहनो आवर सबसे अलग रखो इसको इस स्व बहुत काम लेना hi

गर्ल 1 ......सर आप इस के साथ क्या करने वाले है

सूर्य ......ऐसा वैसा न सोचो ये आर्मी की खबर नक्सलियों तक पहुँचती थी ये इनकी खबरि है बीजापुर से हे है ये भी उन्ही में से एक है

गर्ल 1 ......सॉरी सर मुझे लगा कही आप इसके साथ

सूर्य ......ये सब बकवाश अपने दिमाग से निकल दो मुझे इन जैसे में कोई इंटरेस्ट नहीं है

लड़की उसको कपडे पहनते है सूर्य एक बार उसको चेक करता है

सूर्य ये कभी भी होश में आ सकती है इसको होश में लाओ पानी दाल कर

गर्ल 1 पानी डालती है तो वो कराहते हुए होश में आती है सूर्य फ़ौरन से उसकी गर्दन की नाश दबा देता है

गर्ल 1 ......सर ये क्या किया आपने इस को फिर से बेहोश कर दिया

सूर्य ......क्युकी बाकियो को यही लग्न चाइये की मर चुकी है ताकि बाद में हम इसकी इंट्रो गेट कर सके आवर को लफड़ा भी न हो

सूर्य उसकी बॉडी पे उन दो लाशो का खून दाल कर उसे भी एक लाश का रूप दे देता है

बहार के आवाज सुन सूर्य बहार निकलता है

तो बहार सभी बनेको के साथ उसकी टीम कड़ी थी

सूर्य वायरलेस के जरिये आर्मी बीस से सम्पर्क करता है आवर यहाँ का पूरा विवरण कारन सर को देता है साथ हे आवर कार्स भेजने को कहता है

बाकि बॉयज एक एक कर उन नकलियों की लाशो को बहार जमा करने लगते है देखते हे देखते वह करीबन 30 ,32 लड़े पड़ी थी जिम्मे 4 महिला नक्सली भी थी

काफी मात्रा में वह से हतियार भी मिले

कुछ 1 : 30 मिनट्स बाद वह 5,6 आर्मी कार्स के साथ हे कारन सर भी आ पहुंचे

कारन सर लाशो आवर हतियारो को देख बहुत खुश हुए

कारन सर .....well-done बॉयज एंड गर्ल्स तुम सबने बहुत अच्छा काम किया है

किसी तरह की अपनी तरफ कोई

कसुअलटी

सूर्य .....no सर बस 3 जवान थोड़े बहुत गायक हुए है

बाकि सब ठीक है पैर सर एक बाद न्यूज़ है की एक बंदक महिला का हमारे यहाँ पहुंचने से पहले हे रपे कर मर दिया गया

कारन सर .....किसी आवर को तो कुछ नहीं हुआ न

सूर्य .....जी नहीं सर यहाँ जितने भी नक्सली थे सब मरे गए है

कारन सर .....ok इन body's को ट्रक्स में डालो आवर यहाँ के सभी हतियारो को जपत कर चलो यहाँ से यहाँ कोई आवर भी आ सकता है

जल्दी हे body's को ट्रक में दाल बाकि सभी को कार्स में बैठा कर वह से सब कैंप के तरफ निकल गया

कैंप में पहुंचते पहुंचते रात के 11 से ऊपर का वक़्त हो चूका था

कारन सर सबको आराम करने का बोल सूर्य को अपने साथ ले गए

कारन सर .......सूर्य कुछ है जो मुझे जानना चाइये

सूर्य .....जी सर मैंने जिस महिला नन्दक को मारा हुआ बताया वो जिन्दा है दरशल सर वो आर्मी की खबरे नक्सलियों तक पहुँचती थी आज के इस पुरे कांड में वो पूरी तरह से लिप्त थी उसके हे कबर पे इन सबको आगा किया गया था

वो हमारे बहुत काम आ सकती वह मैंने इस लिया आपसे इस बारे में बात नहीं की क्युकी मुझे नहीं पता उनको कोई आवर भी खबरि हो सकता है

कारन सर .....वेल दोने माय बॉय ये तुम्हारे लीडरशिप में पहिला मिशन था जो तुमने बखूबी कम्पलीट किया बिना किसी नुकसान के

अब तुम भी रेस्ट करो कल मेरिट तरफ से तुम्हारे टीम को छुट्टी है

आवर उस कबरई को मैं सिफत कराता हूँ वह से

सूर्य .....जय हिन्द सर गुड नाईट सर

कारन सर .... ...जय हिन्द एंड गुड नाईट सूर्य

सूर्य वह से निकल अपने रूम में फ्रेश हो कुछ बच्चा खुचा खा कर सो जाता है

वही सूर्य के सोने के बाद उसका खंजर टेबिल से हवा में जुलने लगता है आवर पुरे कमरे में लाल रौशनी फ़ैल जाती है ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......
 
सॉरी फ्रेंड्स कुछ टाइम बिजी हो काम को ले कर के इस लिया ज्यादा टाइम नहीं मिलता

सो प्लेसेस कमैंट्स रिप्लाई न आने पे नाराज न होना

अपडेट रोज किसी भी वक़्त एक अपडेट मिलता रहेगा .....

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