Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 6 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट. 37

मोनिका .....आवर वो कोण है भाबी

सपना .....तुम्हारी सबसे छोटी मामी कामिनी देवी

उसकी प्रॉब्लम अलग है जिसके चलते आपको उनके साथ सम्बन्ध रखना होगा

सूर्य .....ठीक है अब से जो भी फॅमिली मटर होगा तुम देखेगी मैं बस सपोर्ट करूँगा

सूर्य सबको किश करके वह से बुआ के घर जाता है आवर सब कुछ ठीक कर के कॉलेज निकल जाता है.....

अब आगे .........

कुछ दिन सूर्य सबके साथ फॅमिली टाइम बिता ता है

आज संडे था सूर्य आज कामिनी चची से मिलने के बारे में सपना से बात करना चाहता था

सुबह सब नास्ते पे बैठे थे

जिनिशा ......जान हमें जिनलोक के लिया कब निकलना है

सूर्य .....जब तुम्हे ठीक लगे तक चल देंगे पैर मैं कुछ आवर सोच रहा हूँ

सपना ......ऐसा क्या सोच रहे हो जान जरा हमें भी तो पता चले

मोनिका .....आवर क्या सोच रहा होगा कामिनी चची को पटाने के अलावा ठरकी कही का हेहेहे

सूर्य .....अच्छा तो सुबह सुबह अपने पति की तंग कीच रहे हो मोनिका डार्लिंग

मोनिका ... .मर इतना भी हवा में न उधो की पता भी न चले हवा किस आवर से निकल जाये पति अभी बने नहीं हो क्यों जीनु डार्लिंग

जिनिशा .....मुझे मत फसाओ आप इन सब में आप जानो आवर सरताज जाने

किरण जो कब से खामोश इन सब की बाते सुन रहे थी उसके दीमक में कुछ आवर हे खुरापात चल रहे थी

kiran.....sweetu भाई मैं क्या कह रही थी

सपना ......इतना माखन क्यों लगा रहे हो स्वीटी

मनीषा .....हेहेहे भाबी लगता है सूर्य की बेंड बजने वाली है

किरण .....ऐसा कुछ नहीं दीदी वो तो मैं भाई से कुछ बात करनी थी तो ऐसे हे बोल दिया वैसे भी भाई है बहुत स्वीट

( सूर्य लगता है आज फिर ये कुछ कांड करने वाली है निकल ले बीटा दो बार सबके सामने पेण्ट उतर चुकी है तेरी )

सूर्य .....स्वीटी अभी मुझे काम है मैं बाद में मिलता हूँ

अभी सूर्य उठा हे था की किरण ने अपने बह्रमास्त्र छोड़ दिया सूर्य पे

बिचारा सूर्य जिस पोजीशन में खड़ा था वही स्टैचू बन गया

सिर्फ पल्ले जपकाने के अलावा कुछ भी नहीं कर सकता था

सूर्य सपना मंद तो मंद

सूर्य ......जान प्लीज बचाओ मुझे इस से ये फिर से मुझे नंगा न कर दे सबके सामने

सपना .....स्वीटी अपने जादू से इनको आज़ाद करो ये कही नै जा रहे है तुम जो चाहती हो मैं वादा करती हूँ तुम्हारे बात पूरी होगी

सूर्य ....गई भेष पानी में

सपना ....( मंद ) क्या मतलब है आपका गई भेष पानी में से

किरण सूर्य पे से जादू हटा थी है

सूर्य .......देख स्वीटी तू जो भी सोच रहे है उस में बहुत टाइम है अभी

किरण .......हेहेहे अब आप कुछ नहीं कर सकते हो मेरी जणू

स्वीटू फ्यूचर हस्बैंड काम भाई हेहेहे

सूर्य सपना की आवर देखता है सपना को भी कुछ गलत होने का अंदेशा होने लगता है जैसे उसने वडा करके कुछ गलत कर दिया हो

सूर्य .....ठीक है बोलो तुम जो भी बोलना चाहती हो मुझे कुछ कुछ तो अंदाज़ा है फिर भी तुम हे कहो जो कहना चाहती हो

किरण .....मुझे भी भाई के साथ

इंगेजमेंट करनी है जिनलोक में में जिनिशा भाबी के साथ

सबके कानो में एक साथ दमका हुआ

सूर्य ने तो अपनी आँखे हे बंद कर ली थी

सपना जिनिशा ...क्याआआ ये तू क्या बोल रहे है

किरण .....हेहेहे वही जो सच है क्यों मैं इंगेजमेंट नहीं कर सकती क्या

अभी जिनिशा कुछ बोलने वाली थी की सूर्य ने उसको इसारे से रोका

सूर्य ......स्वीटी क्या तुम ये नहीं चाहती के मैं तुम्हे दिल से अपनौ

किरण (मैश हो कर )....भाई आप ऐसा क्यों बोलते हो मैं तो हमेशा आपके साथ रहने के लिया ये सब कर रहे हूँ

सूर्य ......स्वीटी भले हे मैंने अब मंद पड़ना बंद कर दिया तुम सबका लईकिन तुम्हारे मन में जो भी चलता है वो मुझसे नहीं छुपा है

तुम्हे जो दर है वो जायज नहीं है

सपना बिच में हे बोल पड़ती है

सपना .....कैसा दर जान स्वीटी को किस बात का दर है

सूर्य ......मुझे खोखो देने का दर घर कर गया है स्वीटी को

क्या तुम्हे पता है सपना पिछले 2 रातो से ये हर रोज तुम्हारे सोने के बाद हमारे रूम में आती है चुप कर

सपना .....ये आप क्या बोल रहे हो मैंने तो कभी भी नहीं देखा

सूर्य .....क्युकी तुम पहले हे सो जाती थी जिसमे भी स्वीटी का हे हाथ था

जिनिशा .....है दीदी ये सच बोल रहे है स्वीटी पिछले 2 रातो से आपके सोने के बाद इनके पास कुछ वक़्त बिता कर हे सोती है

सपना .....ऐसा क्यों स्वीटी आवर तुम्हे किश बात का दर स्वीटी

सूर्य नाम आँखों से किरण की आवर देखता है जिसकी आँखे भी किसी भी पल अपने सबर का बंद तोड़ सकती थी

सूर्य .........क्युकी इसके दर की सभा हम दोनों है जान

हम दोनों अपने उस पुराने रिश्ते को भुला कर बहुत आगे निकल गए

पैर साथ में हम अपने बड़े होने की जिम्मेदारी भी बुल गए

सपना किरण को गले लगा लेती है बस किरण ने अब तक जो तूफान अपने अंदर दफ़न कर चेहरे पे मुस्कान का मुखौटा पहन रख्खा था वो टूट गया किरण फुट फुट कर रोने लगे

जितने भी वह मौजूद थे सबकी आंको में इस वक़्त आंसू बाह रहे थे

सूर्य वह से उठ कर किरण को अपने सीने से चिपका लेता है आवर रोटी हुए

सूर्य ......सॉरी मेरी गुड़िया मुझे माफ कर दे डेरा भाई बहुत बुरा है हो सके तो आखरी गलती समाज कर माफ कर दे

किरण .....नहीं भाई आप सॉरी मत बोलो मुझे बस मेरा वही प्यारा भाई चाइये जो सुबह से साम तक अपनी छोटी के साथ हर पल हर वक़्त रहता था प्यार करता था

मुझे नहीं चाइये कोई भी बड़ा घर बड़ी कार ये सक्रिय मुझे बस मेरा प्यारा भाई आवर मेरी माँ चाइये

सपना ......मुझे नहीं पता था मैंने कितने बड़ी गलती कर दी कैसे माँ हूँ मैं जो अपनी बच्ची के दर्द को हे न देख पाई

सबके दिल में दर्द उठ रहा था जब किरण के छुपे जख्मो से पर्दा उठा

सब को बस यही लगता था की सिर्फ आवर सिर्फ एक चुलबुली लड़की है जिसे सिर्फ मस्ती करने मतलब है किसी ने उस मुस्कुराते चेहरे के पीछे छुपे दर्द को नहीं समजा

surya.....isssssss बस छोटी आज के बाद कभी तुम्हारे आँखों में आंसू नहीं आने देगा तेरा ये भाई

किरण .......मैं छोटी नहीं हूँ समजे आप बड़े आये छोटी कहने वाले भूल गए मैं आपकी कोण हूँ

सूर्य .....सेकंड लास्ट छोटी वाइफ

किरण ने ये कुछ ऐसे अंदाज़ में बोलै की जिनके आँखों में अभी आंसू थे जहा दुनिया भर के दुःख दर्द थे

वही आंसू तो अभी भी थे पैर चेहरे पे वो मुस्कान लौट आयी थी जो हमेशा किरण के चुलबुली मस्ती मज़ाक से रहती थी

जिनिशा. .....स्वीटी मेरी बहन तुम्हारी इंगेजमेंट मेरे साथ हे होगी आवर तुम्हे जिनलोक की राजकुमारी का पढ़ पे प्राप्त होगा मैं ये वाच.......

अभी जिनिशा अपनी बात पूरी करती उस से पहले हे किरण ने जिनिशा को स्टैचू कर दिया अपनी पावर से

किरण .....जीनु भाबी डार्लिंग ऐसा सोचना भी नै वचन देना तो दूर की बात है

सूर्य .....स्वीटी उम्म्म्मः मेरी प्यारी गुड़िया अपनी भाबी से जादू हटाओ

किरण ......आ गए जोरू के गुलाम हुकुम बजने

किरण जिनिशा पे से जादू हटा देती है

जिनिशा .....स्वीटी तुम्हारा जादू मुझपे कैसे काम कर गया

तभी मोनिका आवर मनीषा को छोड़ कर गुरुदेव की आवाज गुंजी चारो में मंद में

गुरुदेव ......क्युकी किरण बिटिया को सकती भले हे जिनलोक से मिली है पर उसका प्यार अपने भाई के लिया इतना गहरा जिसके चलते इसके पावर राजकुमारी आप पे भी प्रभाव डालती है

सूर्य .....क्या मतलब गुरुदेव जिनिशा तो जिनलोक के सकती केंद्र( मुख्या स्टॉर्ट ) से जुडी है

जिनलोक के किंग के बाद सबसे पावरफुल जिनिशा हे तो है

गुरुदेव .....उचित कहा सूर्य पुत्र किन्तु तुम भूल रहे हो अब जिनलोक के भावी राजा तुम हो

तुम जितने सकती साली बनोगे उतनी हे पावरफुल किरण होगी

एक वक़्त बाद वो तुम्हारे समकक्ष होगी सकती आवर ताकत में

सपना ....ऐसा क्यों गुरुदेव

गुरुदेव ......भविस्य में क्या होगा अभी से जान कर वर्तमान को ख़राब नहीं करना चाय

सूर्य ....क्या मतलब गुरुदेव

गुरुदेव ......समय आने पे हर परसन का उत्तर मिलता है पुत्र बस इंसान को धैर्य नहीं खोना चाइये

surya......ji गुरुदेव समाज गया मैं आने वाले कल को सोच कर अपना आज तो ख़राब नहीं करना चाइये भविष्य ने अपने घराब में क्या क्या छुपा रखा है वो तो भविष्य हे जाने

गुरुदेव ......सत्य वचन पुत्र सूर्य

आवर पुत्री किरण तुम्हे चिंतित होने की कोई आव्सय्कता नहीं तुम्हारा विवाह सूर्य से होगा पैर जिनलोक में नहीं पुत्री किसी आवर लोक में

किरण ......गुरुदेव मुझे मेरा भाई मिल गया मेरा प्यार मुझे आवर कुछ नहीं चाइये आपने जो सकती मुझे दी है मैं उन्हें लौटना चाहती हूँ

गुरुदेव .....ये संभव नहीं है पुत्री

आवर जो तुम्हारा है तुम्हे अवश्य मिलेगा पुत्री अपने मन में छाए दर से खुद को अमज़द करो

किरण .....जी गुरुदेव

सूर्य .....गुरुदेव हमें जिनलोक के लिया कब निकलना है

गुरुदेव .......उचित समय पे मैं सवयं तुम्हे लेने आऊंगा पुत्र किन्तु तुम्हे अपनी सभी बहनो को जिनलोक जाने के लिया

सपना ...पैर गुरुदेव ये कैसे संभव है

गुरुदेव ......जिनको सूर्य की सचाई पता है उनको कोई प्रोब्लेम्स नहीं होगी किन्तु जिनको सचाई नहीं पता है उनको अपने साथ लेन का कार्य जिनिशा को करना होगा

सूर्य के होने वाली सभी पत्नियों का वह होना जरूरी है

सूर्य ......ठीक है गुरुदेव

गुरुदेव ......ठीक बच्चो इस्वर तुम सबकी मनोकामना पूर्ण करे

सबने जब मोनिका आवर मनीषा की आवर देखा तो वो दोनों इन चारो को हे मुँह फाडे देख रहे थी

मोनिका ......तुम चारो को हुआ क्या था

सपना ....क्या मतलब मोनिका

मोनिका .....मेरा मतलब आपके फेस ऐसे क्यों बदल रहे थे जैसे आप किसी से बात कर रहे हो आँखों हे आँखों से

किरानी .....ऐसा कुछ नहीं है दीदी डार्लिंग चलो सब नास्ता करो

जिनिशा .....जान मैं क्या कहती हूँ क्यों न हम घर में जो जादू प्रयोग करते है उसको बंद कर दे

मैं चाहती हूँ मैं हर वो काम दीदी के साथ कृ जो आम इंसान की बीबी अपनी पति के लिया करती है

सूर्य .....है जिनिशा ये तुमने ठीक कहा जो स्वाद प्यार से बनाए खाने में होता एक बहन के एक बीबी के हाथो बने खाने में जो स्वाद जो प्यार की मिठास होती है वो अनमोल होती है

सपना ......जब हम जंगल में रहते थे तब जो खाने में स्वाद आता था वो इस जादुई खाने में बिलकुल भी नहीं आता

जिनिशा ......आज से घर की सफाई को छोड़ कर बाकि सब काम मैं आवर दीदी करेंगे घर में

सूर्य .......ठीक है मैं बुआ के घर जा रहा हूँ जिनिशा तुम लग जाओ अपने काम पैर कैसे मेरी बाकि बहनो को जिनलोक के लिया त्यार करना है

sapna.....main भी चालू क्या बुआ के पास

सूर्य .....क्यों नहीं तुम्हे कोण मन करने वाला है जान पैर मैं जल्दी हे निकल जाऊंगा वह से

सपना .....ok वैसे कहा जा रहे हो आप

सूर्य .....वो आज हिना के यहाँ लंच पे बुलाया है हिना ने

किरण .....फिर तो मैं भी चलूंगी आपके साथ

सूर्य .....ठीक है स्वीटी

जिनिशा वह से गायब हो गई लग गई अपने मिशंस पे

सूर्य किरण सपना मोनिका मनीषा को ले कर 2 कार से निकल गया बुआ के घर ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ...........
 
अपडेट 39

सपना .....ok वैसे कहा जा रहे हो आप

सूर्य .....वो आज हिना के यहाँ लंच पे बुलाया है हिना ने

किरण .....फिर तो मैं भी चलूंगी आपके साथ

सूर्य .....ठीक है स्वीटी

जिनिशा वह से गायब हो गई लग गई अपने मिशंस पे

सूर्य किरण सपना मोनिका मनीषा को ले कर 2 कार से निकल गया बुआ के घर ..........

अब आगे ........

सब घर पहुंचे सूर्य कुछ वक़्त बुआ दादी आवर फूफा जी के साथ कुछ समय जिताया उनके साथ मस्ती मज़ाक करते हुए

दोपहर तक सब एक साथ रहे फिर सूर्य किरण को ले कर के निकल गया घर से

किरण .....भाई हमें हिना के घर चलने से पहले कुछ ले कर चलना चाइये खली हाथ तो नहीं जा सकते न

सूर्य .....क्या बात है मेरी छोटी तो बड़ी बड़ी बाते करने लगी है

किरण .....भाई आप जो भी कहो पैर छोटी न कहा करो कितना प्यारा नाम है मेरा किरण ठाकुर उर्फ़ स्वीटी

वैसे आपको पता है मैं दिल से हे नहीं नाम से भी जुडी हूँ आपके साथ में

सूर्य .......जनता हूँ स्वीटी मैं तुम्हारा इसरत किस आवर है

किरण ......हेहेहे देखा मेरे साथ टाइम बिताने का आसार है ये

सूर्य ......सॉरी स्वीटी मैं तुम्हे टाइम नहीं दे पता था जबकि तुमसे बढ़ कर कुछ भी नहीं है मेरे लिया

कुछ पुराणी यादो को दोनों भाई बहन याद करते हुए मॉल के पार्किंग में रुके

सूर्य .....चलो स्वीटी मॉल आ गया है मैं हिना को कॉल करता हूँ

किरण ......वैसे उनके घर में कोण कोण है जान

सूर्य ......हिना खान आवर उसकी भाबी सारा खान आवर तो मैंने किसी को देखा नहीं वैसे उनके लिया लेना क्या है

kiran......hmm कुछ मिठाई आवर दोनों के लिया खूबसूरत से ड्रेस कैसे रहेगी

सूर्य .....आईडिया अच्छा है स्वीटी बूत हिना आवर उनकी भाई की नाईट आवर साइज मुझे नहीं मालूम है

किरण .......हेहेहे उनकी साइज कैसे बच गई आपकी नज़रो से हूँ हूँ

सूर्य ......स्वीटी क्या तुझे सच में लगता है की मैं सबको बस एक हे नज़र से देखता हूँ

किरण .......बिलकुल नहीं जान मैं बस आपसे मज़ाक कर रहे थी

दोनों तानिया की केबिन के सामने थे

किरण .....बिना नॉक किये केबिन के अंदर जा गुस्सी

तानिया ......hi किरण क्या बात है आज तुम यहाँ

किरण ....मैं अकेली नहीं आई हूँ दी सूर्य भी आया है साथ में

सूर्य ......hi तानिया कैसे हो आवर तनु कैसे है

तानिया सीट से उठ कर सूर्य के गले लग कर मिलती है

किरण जा कर तानिया के सीट पैर बेथ जाती है जिसे देख सूर्य आवर तन्खा मुस्कुरा देते है

किरण ......ऐसे क्या देख रहे हो क्या मैं यहाँ नहीं बेथ सकती हूँ

तानिया .......क्यों नहीं किरण तुम्हारा हे मॉल है जहा दिल करे बैठो तुम

सूर्य ......अरे यार कॉफ़ी तो आर्डर कर दे हर बार कंजूसी ाचो नहीं

किरण ......दीदी सच में आप इतनी कंजूस हो क्या

तानिया .....नहीं किरण सूर्य की आदत है जब तक ये मुझे कंजूस न बोलेगा इसको यहाँ की कॉफ़ी गले से भी न उतरेंगे

कुछ हे देर में तीनो कॉफ़ी की चुस्कियां लेते हुए बात कर रहे थे

सूर्य ......तानिया कैसा चल रहा मॉल कोई प्रॉब्लम तो नहीं हो रहे है न

तानिया ......बिलकुल भी नहीं अब तो पहले से भी दुगुनी सेल्ल हो रहे है

अच्छा मुनाफा मिल रहा है जबकि बाकि मॉल से हमारे यहाँ बढ़िया क्वालिटी में काम रेट में शॉपिंग करके लोग खुश होते है

सूर्य .....ये तो अच्छी बात है सोच रहा हूँ एक दो मॉल आवर तुम्हे हेंडओवर कर देता हूँ

तुम संभल तो लोगी हे क्यों

किरण ........क्यों दीदी को जवानी में हे बूढी करना है क्या हेहेहे

तीनो के हंसी के ठहाके गूंज उठे

सूर्य ....तानिया तुम्हारे पास हिना का साइज होगा क्या ी मैं उसकी ड्रेस का साइज तुम्हे पता है क्या

तानिया झेपते हुए

तानिया ......मुझे याद है उसका साइज पैर तुम क्यों पूछ रहे हो

किरण ......दीदी आप इतना शर्मा क्यों रहे हो वो क्या है के हम दोनों लंच के लिया उनके घर जा रहे है तो गिफ्ट के रूप में उनके लिया बढ़िया से ड्रेस लेना थी

( सूर्य लग गई लंका बीटा सूर्य )

तानिया .......क्याआ तुम बहुत बुरे हो सूर्य मैं कब से तुम्हे कह रहे हूँ घर आने को तुम मुझे कैसे इग्नोर कर सकते हो जबकि मैं तुमसे पहली मिली थे हिना दीदी से भी

सूर्य .....सॉरी यार माफ कर दे जल्दी हे आता हूँ तुम्हारे घर पे

तानिया ......नहीं मुझे तुमसे कोई बात हे नहीं करने है दोस्त बोलते हो पैर मानते नहीं हो तुम मुझे

किरण .......दीदी आप चिंता न करो डूहट का उनके यहाँ आवर नाईट का आपके यहाँ क्या बोलती हो दीदी

सूर्य .......है है डिनर साथ में करते है घर पे

अब गुस्सा छोड़ दे यार

तानिया .....ठीक है डिनर पे नहीं आये तो देख लेना

सूर्य ....ok बाबा अब जरा हिना को फ़ोन कर आवर उसकी भाबी का साइज पूछ

तानिया .....कया

सूर्य .....अरे यार ऐसे ऐसे चाहते न बिना मेरा मतलब है उनकी ड्रेस का साइज पता करो

दोनों हे लड़किया हसने लगे जब सूर्य ने ऐसे नाराज़गी से बोलने पे

दोनों जल्दी हे हिना आवर सारा के लिया ड्रेस ले कर वह से तकिया को डिनर पे मिलने का बोल कर निकल गए

कुछ 20 मिंट बाद कार हिना के सरकारी ावश पे थे

सारा ने दोनों का स्वागत किया सूर्य के साथ हिना को देख थोड़ी निराश जरूर लगे

सूर्य ......hello भाईबी कैसे है आप

sara......ji मैं ठीक हूँ ये कोण है आपके साथ में

kiran......hello भाबी मैं हूँ इनकी गफ किरण

sara......badi खूबसूरत हो किरण आप तो

चलो अंदर चलते है

दोनों सारा के साथ घर के अंदर चल दिए थे

ये वाला घर दूसरा था जो की हिना की प्रमोशन होने पे मिला था

सूर्य .....अच्छा घर है भाबी जी पहले वाले से भी

हिना .......आ गए तुम सूर्य आवर क्या बात है किरण भी साथ आई है क्या

वैसे घर पसंद आया तुम्हारे सिफारिश से मिला है हेहेहे

किरण .....हिना दीदी आप मुझे कैसे जानती हो मैं तो आपसे मिली भी नहीं थी

हिना .....हेहेहे स्वीटी मैंने पिछ देखि थी सूर्य के वॉलपेपर पे जिनिशा आवर सपना के साथ तुम्हारे पिछ थी वॉलपेपर पे

किरण .....हिना के गले लग कर मिलती है फिर सारा से भी वैसे हे

हिना .....सूर्य को भी गले लगती है

जिसे देख किरण मुस्कुरा उठी

सारा ने किरण के रहते सूर्य से बस हाथ हे मिला कर दुआ सलाम किया

हिना .....चलो सब हाथ में दो कर लंच पे बैठो मैंने सब रेडी कर रखा पहले से हे

किरण ....दीदी भाबी ये लीजिये मिठाई आवर ये आपके लिया ड्रेस सूर्य की तरफ से

( सूर्य को सबसे बचके आँख मर दी )

हिना .....इसकी क्या जरूरत थी सूर्य अगर ऐसे बिना कुछ लिए भी आते तो भी कोई फरक नहीं पड़ना था

सब खाना खाने बेथ गया खाना वाकई बहुत टेस्टी बनाया था हिना ने

surya....umummm हिना खाना बहुत लज़ीज़ है सच में दिल करता है तुम्हारे हाथ चुम लूँ हेहेहे

किरण ......सच में दी जिसने भी खाना बनाया बहुत हे टेस्टी है जैसे पुरे दिल से ढेर सारा प्यार मिलाया हो खाने में

हिना ......थैंक्स खाना आप दोनों को पसंद आया खाना मैंने आवर भाबी ने मिल कर त्यार किया है

सूर्य .....बिरयानी बहुत पसंद आया अब तो हर संडे मुझे ये बिरयानी कहानी है

sara......fir तो तुम्हे हिना के हाथ चुम लेने चाइये बिरयानी इसको भी बहुत पसंद है आवर इसने हे बनाई है ये बिरयानी

कुछ देर में सबने लंच किया

सूर्य ने हिना की भाबी के कुछ यादे मीठा दी जिम्मे उसके लाइफ के बुरे दौर से जुडी यादे थे आवर उसकी वो परेशानी भी ख़तम कर दी थी जो उसको सूर्य के सामने अपनी योनि तक दिखने पे मजबूर कर दी थी

सूर्य .....हिना हम चलते है आवर सच में खाना बहुत हे लज़ीज़ बनाया था

अभी हिना कुछ बोलती उस से पहले हे उसका फ़ोन की घंटी बजने लगी

हिना कुछ देर बात करती है हिना के चेहरे का रंग पल पल बदल रहा था

कुछ देर बाद कॉल कट करके

हिना .....मुझे निकलना होगा पुलिस स्तातिओंस के लिया

सूर्य .....क्या हुआ सब ठीक तो है न

हिना .....है सब ठीक है क्या तुम मुझे रस्ते में ड्राप कर सकते हो

सूर्य .....है है क्यों नहीं चलो

5 मिंट बाद हे हिना कार में थी

सूर्य . ...अब बताओ क्या बात हुए कॉल पे तुम्हारे

हिना ......सलीम खान जेल से बैग गया आज उसको हॉस्पिटल से सिफत कर रहे थे जेल में रस्ते में कुछ गुंडों ने हमले कर दिया आवर उसको ले कर फरार हो गए

सूर्य .....तुमने अब क्या सोचा है क्या करना है उसके साथ में

हिना .....सोचना क्या है देखते हे गोली मरने का सीधा उसके सर में

किरण .....वैसे ये काम आपको बहुत पहले कर देना चाइये था दीदी सायद बहुत से पुलिस वालो की आवर आम नागरिको की जान बच जाती

हिना सूर्य की आँखों में देखती है जैसे उसको सूर्य की वो बात याद आती है जब सूर्य ने खान को मरना चाहा था पैर हिना ने नहीं मरने दिया कानून का हवाला दे कर

( सूर्य लगता है इसके मंद को भी ठीक करना होगा उस रात मुझसे जुडी याद मीठा कर )

एक पल आँखे बंद कर के सूर्य ने आँखों खोली बस काम हो गया

हिना .....मुझे जल्दी हे स्तातिओंस पहुंच कर चार्ज सभाल न होगा आवर कमिश्नर को भी रिपोर्ट करनी होगी

कुछ हे देर बाद कार स्तातिओंस के सामने थी

हिना .....bye सूर्य जल्दी हे मिलती हूँ तुमसे

bye स्वीटी फिर मिलेंगे

सूर्य ....bye हिना काम होने पे काललक करना

किरण .....bye हिना दीदी

सूर्य वह से कार घर की आवर हुमा देता है

कुछ देर बाद सूर्य किरण घर पे थे सपना आवर जिनिशा भी लौट आई थे

जिनिशा. ......आ गए लंच करके

किरण ......है भाबी हिना ने बहुत हे अच्छा लंच बनाया था

सूर्य तो बिरयानी की तारीफ करते हे नहीं थक रहा था

( सूर्य अपने मन में इन लड़कियों के पेट में एक बार खुश डालो पांच जायेगा पैर किसी बात को नहीं पच्चास सकती है )

सपना ....क्या वाकई में इतना अच्छी बनाई थी हिना ने बिरयानी

सूर्य .....है जान सच में बहुत हे लज़ीज बिरयानी थी

आप लोग बात करो मैं थोड़ा आराम करता हूँ

सपना .....आप जिनिशा ले जाओ अपने साथ मैं अपने बेटी के साथ आराम करुँगी

किरण .....है माँ बहुत टाइम बाद आज आपके बाँहों में पहले जैसे सोना चाहती हूँ पैर आपको मेरे बालो की मस्सगे करनी होगी आयल से पहले के जैसे समाज गई न

sapna.....bilkul मेरी गुड़िया रानी

साम को जब सूर्य की नींद खुली तो जिनिशा सूर्य के ऊपर लेती थी

सूर्य जिनिशा के खूबसूरत चेहरे पे बिखरे बालो को अपनी ऊँगली से हटाता है

जिनिशा एक छोटे से बची के जैसे सोये हुए थी जैसे लड़किया टेडी बेयर को अपने छाती के निचे हूजे करके सोती है





सूर्य .....उम्म्म्म उठ जाओ जीनु साम हो चुकी है

जिनिशा .....बस 2 मिंट जान उम्म्म्मः आपके साथ अच्छी नींद आई जान

सूर्य .....बस कुछ दिन की बात है फिर तुम जब चाओ मेरे पास सो सकती हो

जिनिशा .....क्यों अभी भी तो सो सकती हूँ न

रूम में मोनिका एंटरेंस करते हुए है है क्यों नहीं जीनु डार्लिंग चलो अब उठो आवर कॉफ़ी बनाओ

आपको अपने होने वाले पति के लिया ये सब सीखना था न

जिनिशा ......जा रहे हूँ नबाब में हदी

मोनिका .....हेहेहे तुम्हारे नबाब को अब मैं चाट करने वाली हूँ

जिनिशा ....हस्ते हुए वह से बहार चली गई

मोनिका जम्प मर कर सीधा सूर्य पे लेंड करती है

सूर्य .....अह्ह्ह्ह जान निकल दी रे मोती मेरी

मोनिका .....क्या कहा तुमने मुझे मोती रुक तो तू जरा

कहा से तुम्हे मोती लगती हूँ मैं

सूर्य आँख के इसारे से मोनिका की दूदू की घाटी की आवर इसरत करता है

मोनिका .....बहुत बदमाशियां सूझ रहे है तुम्हे

कहते हुए सूर्य पे लेट कर अपने गुलाब की पंखुड़िये जैसे हूंत सूर्य के होंटो से मिला देती है सूर्य भी प्यार से किश करते हुए मोनिका के कबि ऊपर वाला तो कभी नच्चे वाला लिप्स चूसने लगता है

मोनिका अपनी जइब को सूर्य में मुँह में दाल देसरी है सूर्य कमर को सहलाते हुए बड़े हे प्यार से मोनिका की जइब का राश चूसने लगा

तभी पीछे से मनीषा आती है

मनीषा ......क्या हो रहा यहाँ ये सब कुछ तो सरम करो

मोनिका तेज तेज साँस ले रहे थी उसके टॉप में ऊपर निचे होते चूतिया मनीषा आवर सूर्य दोनों हे देख रहे थे

मोनिका ....पता है तुम दोनों की गन्दी नजर कहा है

मेरा काम हो गया अब तुम दोनों को जो करना है करो

मोनिका बाथरूम में गुस्स जाती है सूर्य बेट से उठने लगा

मनीषा ....अभी कहा चले मेरे भोले बालम मेरे भी तो किश बाकि है

मनीषा भी अपने हिस्से का प्यार बड़े प्यार से लेती है सूर्य से

फिर सब बहार निकल जाते है रूम से आवर कॉफ़ी पिने लगते है जो की जिनिशा ने हे बनाया थी

सूर्य .....पहली बार तरय किया जीनु डार्लिंग इतना भी बुरा नहीं था

( इस से अच्छा तो कुछ आवर हे पीला देती )

जिनिशा खुस हो गई वही सब भी बिना इच्छा के हे किसी तरह कॉफ़ी फिनिश की

जिनिशा .....रात का खाना भी मैं हे बनाउंगी

किरण ....है क्यों नहीं भाईबी वैसे मेरा आवर भाई का मत बनाना आप

जिनिशा .....क्यों नहीं आप दोनों नहीं खाओगे क्या खाना

किरण .....वो हम दोनों तानिया दीदी के यहाँ करने वाले है नाईट का खाना

( सूर्य ...बच गया तानिया ने बच्चा लिया )

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........
 
माफी चाहता हूँ आज बहुत से कमैंट्स का रिप्लाई नहीं दे पाया

सोचा फ्लो अच्छा चल रहा है तो एक अपडेट आवर दे देता हूँ

अगर किसी को अपने कमैंट्स का रिप्लाई न मिला तो माफ कर देना
 
अपडेट. 40

जिनिशा खुस हो गई वही सब भी बिना इच्छा के हे किसी तरह कॉफ़ी फिनिश की

जिनिशा .....रात का खाना भी मैं हे बनाउंगी

किरण ....है क्यों नहीं भाबी वैसे मेरा आवर भाई का मत बनाना आप

जिनिशा .....क्यों नहीं आप दोनों नहीं खाओगे क्या खाना

किरण .....वो हम दोनों तानिया दीदी के यहाँ करने वाले है नाईट का खाना

( सूर्य ...बच गया तानिया ने बच्चा लिया )

अब आगे .............

साम को सब बैठे हुए थे सब कॉफ़ी पे रहे थे

तभी सूर्य का फ़ोन बजने लगा

सूर्य ने फ़ोन देखा तो कॉल हिना का था

सूर्य .....hello हिना

हिना ......hi सूर्य कैसे हो तुम

सूर्य ...मैं ठीक हूँ तुम कैसे हो आवर खान का कुछ पता चला की नहीं

हिना ......अभी तक तो कुछ खास पता नहीं चला है आवर मुठभेड़ में पुलिस के हाथो कुछ गुंडे मारी गए थे वो भी दूसरी सिटी से किसी रंगा नाम के गुंडे के थे

सूर्य .......तो फिर तुमने क्या सोचा है खान को पकड़ने के लिए

अगर मेरी कुछ भी हेल्प चाइये तो कभी भी कॉल कर सकती हो मुझे

hina......thanks सूर्य हेल्प तो चाइये थे बूत.....

सूर्य .....हिना हम दोस्त है इस नाते तुम मुझसे खुल कर बात कर सकती हो

हिना ......वो क्या दूसरी सिटी क्सक्सक्सक्स में तुम्हारे किसी से कोई खास पहचान है क्या

सूर्य .....सच कहूं तो नहीं हिना पैर तुम बताओ क्या काम है या किसी तरह की जानकारी चाइये तो ी विल सपोर्ट यू

हिना ......मुझे कुछ खबर चाइये थे रंगा आवर उस से झुंड लोगो की

surya.....thik है कुछ देर में मैं तुम्हे किसी से जानकारी ले कर कॉल करता हूँ

हिना ......थैंक्स सूर्य

सूर्य .....दोस्तों की बिच ये सब नहीं चलता है सामजी है कभी कभी अपने हाथो की बानी बिरयानी खिला देना हाहाहा

हिना ......उसके लिया तो तुम कभी भी घर आ सकते हो समजे

चलो रखती हूँ फ़ोन bye सूर्य

सूर्य .....bye हिना

जिनिशा ......क्या बात है जान बड़ी bye साये बोली जा रहे है वो भी इतने प्यार से

किरण ......भाई मुझे न कुछ स्मेल आ रहे है माँ आपने कुछ रखा है गैस पे

सूर्य .....है स्वीटी मुझे भी कुछ जलने की बू आ रही है हाहाहा

सपना ......आप दोनों बंद करो मेरे बहन को छेड़ना समजे

जिनिशा .....देखो न दीदी सरताज के साथ स्वीटी भी मुझे हे छेद रहे है

सूर्य .....अच्छा बाबा मेरी जीनु डार्लिंग को कोई नहीं छेड़ेगा

वैसे सच में तुम्हे जलन तो नहीं हो रही है न

कहो तो मलहम लगा देता हूँ

जिनिशा .....रुको अभी दिखती हूँ मैं आपको

सूर्य .....क्या सच में दिखा रही हो जिनिशा

जिनिशा ......ओह्ह्ह दीदी देखो ये क्या बोल रहे है आपके सामने हे

सपना ......क्या कहा आपने क्या देखना जरा मेरे साथ चलो मैं दिखती हूँ आपको

किरण .....भाई अच्छा मौका है अब तो दोनों भाबी त्यार है दिखने को हेहेहे

सपना सरमते हुए स्वीटी तू भी मिली हुए है न

किरण .....भाबी मैं तो आपके जे साथ हूँ ( सपोर्ट के लिया सपना को है करती बूत ऊँगली का इसरा सूर्य की आवर था )

सपना .....क्या सच में तू मेरे साथ

जिनिशा.... हेहेहे दीदी स्वीटी आपको उल्लू बना रहे है स्वीटी की ऊँगली का इसरा सरताज की आवर है

ऐसे हे सब मस्ती मज़ाक कर रहे थे

तभी किरण का फ़ोन बजता है

किरण ......hello तनु क्या बात है आज कैसे मेरी याद आ गई

तनु .....ज्यादा नाटक न कर यार जैसे खुद से तो मुझे दिनभर कॉल कर रही थी न

किरण ......हेहेहे चल छोड़ यार ये बता आज कैसे याद आ गई मेरी

तनु .....यार वो आज तुम लोग डिनर पे आ रहे हो न तो सोचो तुमसे हे क्यों न पूछ ले तुम दो की पसंद

की तुम्हे क्या पसंद है

किरण .....देख तनु डार्लिंग बात ऐसे है हम डिनर पे जरूर आ रहे है पैर खाना तुम अपने मर्ज़ी से बनाओगी न की हमारे पसंद का सामजी

जिनिशा ......स्वीटी मुझे देना फ़ोन जरा

किरण .....एक मिंट तनु लो बात करो

जिनिशा ....hello तनु यार ये क्या बात हुए अपने 2 दोस्तों को डिनर पे इन्विते किया आवर मुझे बुलाना हे भूल गयी तू

तनु ......सॉरी यार मैंने नहीं दीदी ने इन्विते किया था मैं अपने तरफ से तुम्हे इन्विते करती हूँ तुम जरूर आना

जिनिशा ......हेहेहे यार मजाक था फिर कभी आउंगी मैं

तनु ......ठीक है जिनिशा मैं वेट करुँगी

सूर्य ........सपना मैं अभी आया कुछ देर में

सपना .... अभी तो डिनर में वक़्त है आप कहा जा रहे हो

surya.....hina की हेल्प करनी है मुझे तो किसी ऐसे बन्दे की जनम कुंडली भी तो पेश करने होगी जो उसकी हेल्प कर सके

सपना ......ठीक है जल्दी आना आप

सूर्य वह से निकल जाता है आवर दूसरी सिटी जा पंहुचा जहा रघु रहता था

कुछ देर गुमने गिरने के बाद सूर्य को मोंटी के वही दोनों दोस्त नज़र आये

सूर्य ......वैसे ये मुर्गे भी हलाल हो सकते है

जरा देखु तो इनके कैसे करम है

सूर्य जब इन दोनों के आज तक के किये पापो को देखा तो

सूर्य ....इतने भी बुरे नहीं है बस मोंटी से दूर रहे तो लाइफ बची रह सकती है

सूर्य दोनों की पिछ निकल कर हिना को सेंत करता आवर साथ में कुछ आवर जानकारी भी

तभी हिना का कॉल आता है

हिना ....hello सूर्य कोण है ये दोनों इनका कोई क्रिमनल रिकॉर्ड तो नहीं है

Surya.....ye दोनों की के पालतू कुत्ते है इनका लीडर है मोंटी जो रंगा का दोस्त है अगर तुम उसका मुँह खुलवा लिया तो तुम रंगा आवर सायद संयम खान तब भी पहुंच सकती हो

आवर एक बात संयम खान को जेल बजाने की सुपारी दुर्जन ठाकुर ने दी थे क्युकी स्लिम के लिया हे वो काम करता है

हिना ......थैंक यू सूर्य तुमने बहुत बड़ी हेल्प कर दी मेरी

सूर्य ......फिर से बोलना जरा

हिना .....ok दुबारा नहीं

सूर्य ....ok अब तुम अपना काम कर सकती हो

सूर्य वह निकलने वाला था की तभी पास से एक कार गुजरी

कार में जैसे हे उसकी नज़र पड़ी सूर्ये के मुँह से निकला

सूर्य ...बड़े पापा

सूर्य .....ये तो बड़े पापा है पैर ये इतने स्पीड से क्यों जा रहे है

मुझे देखना होगा

सूर्य गायब हो कर कार में जा बैठा अदृश्य रूप में

रणजीत सिंह ( बड़े पापा ) किसी को कॉल करते हुए तेज से कार दौड़ा रहे थे

कुछ देर बाद कॉल लगने पे

रणजीत ......hello सप साहब किसी ने मेरे बेटी प्रिय को मार्किट से किडनैप कर लिया है

( फ़ोन लाउड पे था )

सप ........don't वोर्री ठाकुर साहब मैं अभी पुलिस फाॅर्स को प्रिय बेटी की तलाश करने को बल्य हूँ आप चिंता न करे

रणजीत ......कैसे न कृ यार मेरे एकलौती बेटी है बीटा तो तुम्हे पता हे है

सप .....किसी से कोई फिरौती का कॉल आया था क्या या किसी से कोई दुश्मनी है तुम्हारे

रणजीत .....कुछ टाइम से डंकिया मिल रहे थे पैर मैंने इग्नोर कर दिया था मुझे क्या पता था ऐसा कुछ हो जायेगा

सप .....कोण है जिसने दमकी दी थी कुछ नाम पता मालूम है

रणजीत .......है कोई रंगा नाम का लोकल गुंडा है

sp....kya रंगा देख तू मेरा दोस्त है पैर एक सलाह देता हूँ जितने पैसे मांगे वो उसको दे कर अपनी बेटी को छुड़वा ले

रणजीत .......ये तुम क्या बोल रहे हो एक सप होने के बाद भी

सप .....वही जो सच है तुम्हे क्या लगता है ये काम रंगा का है

नहीं रंगा बस एक मोहरा है उसके पीछे यहाँ का मिनिस्टर रघुपति ठाकुर है

रणजीत .....क्या ये नहीं हो सकता है वो भेला मेरे बेटी को क्यों उठाएगा

sp......paise के लिया क्युकी नेक्स्ट मंथ से चुनाव है

भले हे उसने न उठाया हो प्रिय बेटी को लिकेन रंगा काम उसके लिया हे करता है

रन्जीन ...... ठीक है मैं पैसे दे कर उसको

अपनी बेटी प्रिय को वह से निकलता हूँ

सप .....ठीक है मैं भी कोशिश करता हूँ

कॉल कट

सूर्य जो इतने देर से दोनों की बात सुन रहा था पीछे बैठा हुआ उसकी आँखे लाल हो चुकी थी गुस्से में

रणजीत ........अगर ये बात सच हुए तो रघुपति ठाकुर मैं अपने हाथो से तेरे सीने में गोली उतरूंगा भले हे तू मेरा चाचा होगा ( जी है ये रघुपति कोई आवर नहीं सूर्य का छोटा दादा है )

1......रघुपति ठाकुर .आगे 65 इयर्स

2......मनीष ठाकुर ( मोंटी ठाकुर ) आगे 21 इयर्स ( रघुपति का पोता )

( बाकि परिवार एक कार एक्सीडेंट में मर चूका है )

( एक बेटी बीटा बहु ) बीबी बेटी के जनम के बाद किसी बीमारी से गुजर चुकी है )

सूर्य ......लगता है बड़े पापा के सामने आने का वक़्त आ गया है

( सूर्य सपना से मंद तो मंद कुछ देर बात करता है फिर कार से गायब हो कर कही निकल जाता है )

एक बड़े से बंगले में चारो तरफ पुलिस आवर कुछ ब्लैक कपड़ो में गुणमें खड़े थे सायद ब्लैक

कमांडो थे

सूर्य एक रूम में गुस्स जाता है जहा इस वक़्त रघुपति एक सोफे पे बैठा सदन की चुस्किया ले रहा था आवर गौड़ में एक 30 से 35 आगे की औरत बैठी थी जो रघुपति को पेग बना कर अपने हाथो से पीला रहे थी इस वक़्त औरत सिर्फ एक पंतय में थी

रघुपति .......सन्ति तुम्हे पता है मैं तुम्हारे साथ हे क्यों सरब पिता हूँ

( सन्ति जो उसकी गौड़ में बेटी उसका नाम )

सन्ति .....मुझे क्या मालूम रघु तुमने कभी बताया नहीं

रघुपति .......क्युकी तुम्हारा नाम मुझे किसी की याद डोलता है

सन्ति ......तुम्हारी पत्नी का नाम तो कुछ आवर था रघु

रघुपति .....हाहाहा वो साली उसकी याद दिला कर सारा नशा करब करोगे तो गांड मर लूंगा तुम्हारे सामजी

सन्ति ....सॉरी मेरे जान रघु

रघुपति ......वो सन्ति कोई आवर नहीं मेरी भाबी है साली ने मुझे थपड मारा था जब मैं उस से प्यार करना चाहता था

तभी रघुपति के गाल पे चटाक करके एक जोरदार थपड पड़ा

रघुपति एक हे थपड में सोफे से निचे जा गिरा

रघुपति ......अह्ह्ह्हह्हह मार दिया रे बहनचोद कोण है यहाँ

सन्ति की तो गांड आवर छूट दोनों फैट गयी थी ऐसे रघुपति के गिरने आवर छिलने से

सन्ति डरते हुए रघुपति को खड़ा करते है तभी एक जोरदार लत रघुपति के पिछवाड़े पे लगती है एक कड़क की आवाज के साथ रघुपति सोफे पे से होता हुआ दूसरी तरफ जा गिरता है

सूर्य अपनी प्रेत्साक्ति से ऐसे कंकाल रूप में उन दोनों के सामने आता है की उसको देख कर सन्ति चीख कर बेहोश हो जाती है

रघुपति जो अपने दर्द से चीला रहा था वो सपने सामने चलते कंकाल को देख कर अपने पेण्ट गीली कर दी

रघुपति के मुँह से आवाज तक नहीं निकल रहे थे

( सूर्य का गुस्से का असर कही आवर भी हो रहा था )

रघुपति कुछ देर अपने सामने कड़ी मौत को देखता रहा सूर्य ने एक बार फिर से उठा कर डीआर पे दे मारा रघुपति को इसके साथ हे एक दर्दनाक चीख निकली आवर रघुपति बेहोश हो गया

सूर्य वह से निकला आवर जा पंहुचा रंगा के अड्डे पे जहा पैर प्रिय को एक रूम में बंद रखा था एक आवर लड़की के साथ

प्रिय को ठीक देख सूर्य का गुस्सा शांत हुआ

सूर्य ....तुम दोनों ठीक तो हो न

दोनों लड़किया जो अभी तक आँखे बंद किये हुए रो रहे थे सूर्य की आवाज सुन कर आँखे खोली

लड़की ......प्लीज हमें जाने दो हमें कुछ मत करना हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है प्लीज हमें छोड़ दो

सूर्य ........गैब्रो नहीं तुम्हे कुछ नहीं होगा मैं तुम्हे कोई नुकसान नहीं पहुंचने वाला बल्कि तुम दोनों को यहाँ पर छुड़ाने आया हूँ

प्रिय ......क्या तुम सच बोल रहे हो

सूर्य .....है प्रिय गैब्रो नहीं तुम दोनों को कुछ भी नहीं होगा

सूर्य आगे बढ़ कर दोनों को चेयर से खोल देता है

तभी गेट खोल कर कोई अंदर आता है जो की नशे में था

गुंडा ....कोण है बे मर्डरको.....

पूरा ठीक से बोलै भी नहीं था की सूर्य ने उसकी गर्दन हे तोड़ दी

दोनों लड़कियों की गांड फैट गई सूर्य की स्पीड आवर ऐसे खतरनाक रूप देख कर

सूर्य ......don't वर्य बुरे लोगो के साथ मैं यही करता हूँ

सूर्य अपना फ़ोन निकल कर प्रिय को देता

सूर्य ......बड़े पापा को कॉल कर मेरा मतलब अपने पापा को कॉल कार्डो की तुम सेफे हो कुछ देर में घर पहुंच जाओगी

प्रिय को एक बार तो जतका लगा सूर्य का उसके पापा के लिया ऐसे बड़े पापा बोलना पैर जल्दी हे दीमक से जातां कर अपने पापा को कॉल किया

कुछ रिंग के बाद फ़ोन पिक हुआ उदार से

प्रिय .....हल्ले hello पापा मैं ठीक हूँ मैं कुछ देर में घर आ रहे हूँ

है है मेरे फ्रेंड्स भी साथ है वो भी सेफे है

कुछ देर बात करके फ़ोन कट कर देती है

सूर्य .......चलो यहाँ से निकलते है

लड़की ........पैर बहार तो बहुत से गुंडे है कही तुम भी उन में से एक तो नहीं हो

प्रिय को भी ये बात खटकी की कैसे कोई ऐसे हे थोड़े न रूम में गुस्स जाता है

सूर्य ......हाहाहा तुम्हे क्या लगता है मैंने उनका आदमी होता तो बस मज़े के लिया एक गुंडे के जान ले लेता

खेर छोड़ो ये सब आवर मेरे पीछे पीछे आओ

दोनों के ले कर बहार निकल हाय सूर्य रूम से

सूर्य .......क्या तुम दोनों इन गुंडों को सबक नहीं शिकन चाहती हो

प्रिय .....हमारा बस चले तो इनकी हड़िया तोड़ दे

सूर्य ......तो देख क्या रहे हो सामने से दो आ रहे है खुद पदों इनपे

लड़की ....पागल हो गए हो क्या हम कैसे मरे हमें कोनसा लड़ना आता है

सूर्य दोनों के सर पे हाथ रखता है

आवर खुद नाना जी से जो युद्ध कला सीखी थी कुछ देर के लिया वो सीखा दोनों के सीखा दी ( मंद में फिट कर दी )

दोनों हे लड़किया सूर्य की तरफ देख रहे थी

सूर्य .....मैं इतना भी हॅंडसमे नहीं हूँ यार

सामने जो आ रहे है सुरु हो जाओ

दोनों लड़किया किसी घायल शेरनी के माफिक टूट पड़ी जो भी सामने आता बस उनको चीखे सुनाई दे रहे थी

आवर साथ में हे हड़िया टूटने की

10 मिंट में अड्डे पे मौजूद सब गुंडे जमीं पे मिटटी चाट रहे थे

तभी वह बहार से रंगा आता है वो प्रिय पे गोली चला देता है

सूर्य जल्दी से गोली के सामने आ जाता है गोली कंडे को घायल करते हुए निकल जाती है

( सूर्य ने जांभोज कर गोली से खुद को गायक होने दिया )

सूर्य को गोली लगते हे पास में कड़ी लड़की रंगा पे छलांग लगा दी रंगा के साथ लड़की भी फर्श पे आ पड़ी रंगा के हाथ से गन छिटक गई

सूर्य .......रंगा तुमने ये अच्छा नहीं किया मैं चयन तो तुम्हे अभी के अभी ख़तम कर सकता हूँ लईकिन तुम्हे मैं नहीं ये दोनों लड़किया सजा देंगी

रंगा ......तुममम तुम तो वही हो न जिसकी फोटो मोंटी ने मुझे भेजी थी

तुम सूर्य ठाकुर हो न है यही नाम है

प्रिय आगे बढ़ कर रंगा की लात गुसो से पिटाई सुरु कर दी

लड़की भी सुरु हो गई रंगा चीख ता चिलता रहा

सूर्य .....अरे अरे मेरी नाजुक शेरनियों बस करो वो बेहोश हो चूका है हमें चलना चाइये यहाँ से पुलिस कभी भी आ सकती

सूर्य दोनों को कार में बैठा कर निकल जाता है

सूर्य के कंडे से अभी भी खून निकल रहा था

प्रिय ......सूर्य तुम्हारा तो खून निकल रहा है

सूर्य .....कुछ नहीं बस मामूली खरोच है तुम चिंता न करो

लड़की .....नहीं तुम पहले हॉस्पिटल चलो बाद में कही आवर जाना

सूर्य दोनों को समजा बजा कर प्रिय के घर की आवर कार दौड़ा देता है प्रिय सूर्य के फ़ोन से कॉल करके अपने घर पे डॉक्टर बुला लेती है

जल्दी तीनो प्रिय के बंगले पे मौजूद थे

जहा सूर्य के लिया एक सरप्राइज भी था

तीनो बंगले के अंदर जाते है अभी सूर्य ने कदम अंदर रखा हे था की सूर्य के दोनों गाल पे चटाक चटाक करके 2 थपड किसी ने चिपका दिए

तपाद मरने के बाद वो साक्ष सूर्य के गले लग कर फुट फुट कर रोने लगा .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ............
 
अपडेट. 41

प्रिय के घर की आवर कार दौड़ा देता है प्रिय सूर्य के फ़ोन से कॉल करके अपने घर पे डॉक्टर बुला लेती है

जल्दी तीनो प्रिय के बंगले पे मौजूद थे

जहा सूर्य के लिया एक सरप्राइज भी था

तीनो बंगले के अंदर जाते है अभी सूर्य ने कदम अंदर रखा हे था की सूर्य के दोनों गाल पे चटाक चटाक करके 2 थपड किसी ने चिपका दिए

तपाद मरने के बाद वो साक्ष सूर्य के गले लग कर फुट फुट कर रोने लगा .........

अब आगे ..........

घर पे इस वक़्त जितने भी लोग मौजूद थे सब को बड़ी हैरानी हो रहे थी

सामने का सीन हे कुछ ऐसा था किसी के कुछ भी समाज नहीं आ रहा था की ये क्या हो रहा है आवर क्यों

सबसे ज्यादा हैरान परेशान प्रिय आवर वो लड़की थी

अभी भी वो साक्ष सूर्य के गले लगे रोये जा रहा था






सूर्य .....बस बस अब रोना बंद कीजिये मुझे दर्द हो रहा है

प्रिय ......चची ये आप क्या कर रही हो

सूर्य को गोली लगे है ( जी है सूर्य को देखते हे कामिनी ने पहचानी लिया था बस थोड़ा गुस्सा थी जो कामिनी ने सूर्य पे निकल भी लिया था )

जैसे हे कामिनी को पता चला सूर्य को गोली लगी है जल्दी से सूर्य से अलग हो गई

कामिनी ......तू ठीक है न सूर्य कहा लगी है गोली

जैसे हे कामिनी ने सूर्य के कंडे से बहते हुए खून को देखा कामिनी आवर ज्यादा रोने लगी

सूर्य की भी आँखे नाम हो चुकी थी

सूर्य ......कमीनी चची मैं ठीक हूँ

सबको बड़ा जतका लगा जब कामिनी को कमीनी आवर चची कह कर सूर्य ने पुकारा तो

पास में बैठा डॉक्टर सूर्य को पास के सोफे पे बैठा दिया

डॉक्टर ......आप जो भी है पहले अपने ड्रेसिंग करवा लीजिये आपका काफी खून बाह चूका है

सूर्य .....ok डॉक्टर आप अपना काम कीजिये बस हलकी सी खरोच है






सूर्य ने जैसे हे अपनी t-shrit निकली सबकी नज़र सूर्य के चोदे सीने पे पड़ी

डॉक्टर .....अब समझा तुम मामूली खरोच क्यों बता रहे थे

भाई ऐसे बॉडी हो तो गोली का जखम भी मामूली खरोच हे लगेगा न

सूर्य .....ऐसा कुछ नहीं डॉक्टर

कामिनी .....डॉक्टर जल्दी ड्रेसिंग कीजिये मेरे बेटे को दर्द हो रहा होगा

डॉक्टर मुस्कुराते हुए सूर्य की ड्रेसिंग कर देता है

डॉक्टर .....लो रणजीत जी मैंने अपना काम पूरा कर दिया है ये कुछ टेबलेट्स है जो टाइम पे देते रहना

चला हूँ मैं अब

कामिनी फिर से जा कर सूर्य से चिपक गई

रणजीत .....कामिनी बहु तुम जानती हो सूर्य को

कामिनी ......जी भाई साहब

मधु ...( बड़ी मम्मी ) तुम कैसे जानती हो सूर्य को आवर प्रिय बेटी तुम्हारा तो किडनैप कर लिया था न किसी ने ( अपनी बेटी को गले से लगा कर सुबकने लगी )/

प्रिय ....माँ मुझे आवर लतिका (साथ वाली लड़की no रोल प्ले )

को सूर्य ने हे बच्चया था उन गुंडों से ये वह नहीं आते तो पता नहीं क्या होता हमारे साथ

रणनीति .....थैंक यू बीटा तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया तुम्हे पता नहीं है तुमने कितना बड़ा अहसान किया है हम पर

कामिनी ......भाई साहब आपने सायद पहचाना नहीं मेरे बेटे को

मधु .....क्या मतलब कामिनी आवर सूर्य तुम्हे कमीनी क्यों कह रहा था कामिनी तो तुम्हे सिर्फ सूर्याअ

मेरे बेटे तू मेरा बीटा सूर्य है न

मधु ने जल्दी से प्रिय को अलग किया आवर सूर्य को अपने सीने से लगा लिया

सूर्य .....है बड़ी मम्मी मैं आपका बीटा सूर्य शिव ठाकुर हूँ

जैसे हे सूर्य का पूरा नाम सुना सबको बड़ा जतका लगा कामिनी मधु आवर लतिका को छोड़ कर

रणजीत ......तू कहा था मेरे बच्चे तुम्हे कितना डुंडा हम सबने तुम्हारा किसी को कुछ पता नहीं चला गाँव वाले तो बोल रहे थे की तुम्हे शेर उठा कर ले गया जंगल में

माहौल बहुत हे गमहीन था इस वक़्त यहाँ का

प्रिय .....पापा क्या ये शिव चाचा का बीटा सूर्य है मेरा भाई

रणजीत .....है मेरे बच्ची ये तुम्हारा भी है सूर्य जिसके साथ तू बचपन में खेला करती थी

सूर्य ने जैसे हे अपनी बहे फलै प्रिय दौड़ कर सूर्य के गले लग कर सुबक सुबक कर रोने लगे

प्रिय .....भाई कहा थे आप आपको पता है मैंने आपको कितना मिस किया एक आप हे तो थे जिसके साथ मैंने अपना बचपन गुजरा था

सूर्य .....ससससस रोना नहीं पीहू ( निक नाम ओनली फॉर सूर्य )

जैसे सूर्य ने प्रिय के बचपन का नाम लिया रट हुए चेहरे पे भी एक प्यारी से कुछ पल के लिया मुस्कान लौट आई

प्रिय .....तुम्हे आज भी याद है मेरा नाम

सूर्य .....क्यों मैंने हे तो रखा था तो मुझे याद नहीं होगा क्या

वैसे बड़ी मम्मी ये रट हुए अभी भी ये अपनी नाक बहती है क्या

सूर्य के बात सुन कर सब हसने लगे थे

आज एक बार फिर सूर्य के बचपन उन सबकी आँखों के सामने से गुजारने लगा जब सूर्य सब बहनो को तंग करता था

कामिनी .....अभी तो सायद नहीं बताती होगी वैसे तेरी सबसे लाड़ली है पूछ ले सायद सच बता दे

प्रिय ......ऐसा कुछ नहीं है सूर्य मैं अब वैसे नहीं हूँ समजे

कामिनी .....प्रिय की छोड़ आवर ये बता तू मुझे उस दिन पहचानी गया था फिर मुझसे मिला क्यों नहीं ( कामिनी को अपने क्लब काने के बात याद आते हे नज़रे नीची कर ली )

रणजीत .....क्या तुम पहले मिल चुकी हो सूर्य से तो फिर मुझे बताता क्यों नहीं था

कामिनी ......वो मुझे सूरे नहीं था पैर आज हे मुझे पता चला की यही शालिनी दीदी आवर शिव भाई साहब का बीटा सूर्य है

सूर्य ......आज किसने बताता आपको मुझे तो कोई पहचानता भी नहीं है

कामिनी ......क्यों तुमने नहीं पता क्या जो ऐसा नाटक कर रहे हो

सूर्य .....सच में मुझे नहीं पता आप किसके बारे में बोल रहे हो

कामिनी ......चल ये बता जरा ये जिनिशा कोण है

सूर्य ...को... कोण जिनिशा मैं नहीं जनता किसी जिनिशा को

अभी सूर्य बात कर हे रहा था की उसका फ़ोन बज गया

सूर्य गड़बड़ी में बिना देखे हे फ़ोन पिच कर लिया जैसे हे दूसरी आवर से आवाज सुन्दै दी

सूर्य ....hello जिनिशा क्या हुआ ( बची खुची भी लग गई )

फ़ोन कट ...

सूर्य जैसे हे सामने देखा प्रिय आवर कामिनी सूर्य को हे घर रहे थी

प्रिय ....अभी तो आप बोल रहे थे की मैं किसी जिनिशा को नहीं जनता हूँ

सूर्य ....अच्छा वो मेरी दोस्त है प्रिय आवर कुछ नहीं

कामिनी .....अपनी मंगेतर को दोस्त बोल रहा कितना बदमाश है रे तू

मधु ......जो भी है मुझे मेरा बीटा वापिस मिल गया इसकी सरे बदमासिया मंजूर है मुझे तो

रणजीत ......वैसे बीटा तुम्हे प्रिय का कैसे पता चला आवर वह तो बहुत गुंडे थे

प्रिय .....आपको पता है पापा ....

( अभी प्रिय कुछ बोलती सूर्य ने अपने दी हुए पावर से जो फाइट की उसको दोनों के दीमक से मिटा दिया )

रणजीत ....क्या पता नहीं है बेटी

प्रिय .....पता नहीं मैं क्या बोल रहे थी भूल गई

लतिका ....अंकल मुझे घर ड्राप करवा देंगे क्या

रणजीत .....चलो बेटी मैं खुद ड्राप करके आता हूँ

रणजीत ......बीटा मैं अभी आया 20 मिंट में तुम कही जाना नहीं

सूर्य कुछ बोलता उस से पहले हे रणनीति वह से निकल गया

कामिनी .....दीदी मैं सूर्य को घर ले जा रहे हूँ दोनों बच्चिया अकेली है घर पे

प्रिय ....चची भाई को यही रहने दो न आज

सूर्य .....नहीं मुझे घर जाना होगा मैं फिर कभी आऊंगा जल्दी हे

मधु .....तुम कही नहीं जा रहे हो समजे नहीं तो अभी तो कामिनी ने हे लगाई है 2 मेरे बारे अभी बाकि है

( सूर्य कहा फास गए मैं उनके चाकर में किसने कहा था ये सब करने का खुद के खोदे खड़े में गिर गए )

कामिनी .....दीदी प्लीज आज मेरा साथ रहने दो न सूर्य को कल आपके यहाँ रुक जायेगा अभी तक अपनी छोटी बहनो से भी नहीं मिला है इसने

madhu.....thik है कल वापिस आ जाना चाइये मेरा पास देख लेना

कामिनी ....पका प्रॉमिस दीदी

चलो सूर्य

सूर्य चल बीटा त्यार हो जा

दोनों जल्दी हे वह से निकल जाते है

वही तानिया के घर ......

अरे ये क्या यहाँ तो सूर्य किरण तनु तानिया आवर एक अंकल बैठे है आवर कॉफ़ी का लुत्फ़ ले रहे है

सूर्य यहाँ है तो फिर वह कोण है आवर अगर वह सूर्य है तो फिर यहाँ कोण है ( बहुत लोचा है भाई )

किरण .....तनुता दी अब कॉफ़ी तो मैंने पे ली है अब आप जल्दी से डिनर बनाओ आवर तनु तुम चलो मेरे साथ

सूर्य .....तुम कहा जा रहे हो स्वीटी

तनु .....क्यों कुछ देर भी अपनी गफ से दूर नहीं रह सकते हो क्या

सूर्य ....अरे मेरा वो मतलब नहीं है ok बाबा जाओ जहा जाना है

अंकल .......बीटा वो यहाँ है अब रात को कहा जाएँगी

सूर्य .....है ये भी ठीक कहा अंकल जी आपने

uncle....tab तक डिनर रेडी होता है

हम कुछ गैप सैप कर लेते है

सूर्य ....है है क्यों नहीं अंकल

कुछ देर इनके कुछ बाते होते रहे लगभग एक जानते बाद सारा डिनर त्यार कर लिया था तानिया ने

तानिया ......चलो सब आ जाओ डिनर रेडी है

तनु स्वीटी तुम दोनों भी आ जाओ कब तक रूम में गुस्सी रहोगे दोनों

जल्द हे सब डिनर कर रहे थे किरण आवर सूर्य ने जैम कर तारीफ की खाने जिस से तानिया को भी बहुत ख़ुशी हुए

( अब दिल से कोई खाना बनाये आवर दिल से जब कोई उस खाने की तारीफ करे तो ख़ुशी कई गुना बढ़ जाती है )

रात 9:30 बजे सबसे विदा ले कर सूर्य आवर किरण घर पहुंचे

सपना ....कर आये डिनर आप दोनों

सूर्य ... है जी डिनर तो कर लिया बस अब स्वीट आप खिला दीजिये

kiran.....aap दोनों कहते रहो स्वीट मैं चली सोने के लिया

sapna....hamare रूम में हे सो जाना स्वीटी

किरण .....क्यों भाबी आज नाईट में कोई प्लान नहीं है क्या आप दोनों का

सपना .....मरूंगी एक बहुत बोलने लगे हो आज कल वो आज जिनिशा नहीं आ रहे है न इस लिया

किरण .......ok माँ जा रहे हूँ आपके रूम में गुस्सा क्यों होती हो देखो भाई आपके सामने हे आपकी वाइफ आपकी स्वीटी को दन्त रही है

सूर्य ......मैं तो चला सोने तुम दोनों माँ बेटी खुद देख लो तुम दोनों फिर मेरे हे बंद बजती हो मिल कर के .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स.........
 
अपडेट. 42

किरण .......ok माँ जा रहे हूँ आपके रूम में गुस्सा क्यों होती हो देखो भाई आपके सामने हे आपकी वाइफ आपकी स्वीटी को दन्त रही है

सूर्य ......मैं तो चला सोने तुम दोनों माँ बेटी खुद देख लो तुम दोनों फिर मेरे हे बंद बजती हो मिल कर के .........

अब आगे .........

श्री लंका .....

तांत्रिक चांडाल आज बहुत खुश था आज उसने वो आमोख सकती प्राप्त कर्ली थी

जिसके चलते वो किसी भी बड़ी से बड़ी सेना को पालक झपकते हे रख में बदल दे

चांडाल ...........अब बच कर दिखाना मुझसे मेरे मायाजाल को तोड़ कर अच्छा नहीं किया मेरे भाई

बहुत जल्द तुम्हे मेरा सामना करना होगा

थोड़ा पीछे डालते है ....

चांडाल जब यहाँ लंका में आया था तब उसके पास केवल तांत्रिक शक्तियों के अलावा कुछ भी नहीं था

कुछ हे समय में चांडाल ने बहुत से कमजोर राक्षसों की डस्ट आत्मा को अपने ादिन कर लिया

उन्हें से उसे राक्षसों की माता केकसी द्वारा रचित राक्षसी विद्या की उस किताब का पता चला जो की बड़े से बड़े रक्ष योद्धा को भी अपने सामने झुकाया जा सकता है

कुछ दिन में हे तांत्रिक उस रक्स किताब तक पंहुचा जा उसे किताब के साथ साथ एक आमोख राक्षसी सकती प्राप्त हुए जो रक्ष गुरु शुक्राचार्य ने रक्ष राजकुमार को सोफी थे

जो आज चांडाल को प्राप्त हो चुकी थे अभ ये आमोख सकती कितना उत्पात मचती ये तो वक़्त हे बताएगा

चांडाल .....मैं आ रहा हे मेरे भाई बहुत जल्द

राजकुमारी जिनिशा के विवाह की नीव राखी जा रहे है

तोहफा देना तो बनता है राजकुमारी को हहहहह

साथ में कुछ आत्मा रूप में रक्ष योद्धा खड़े थे जिनकी हंसी से वो महल जो अब खंडहरों में बदल चूका था

उसमे उनकी अतःष भरे हंसी गूंज उठी

सूर्य विला .....

सूर्य सपना किरण बड़े आराम से सोये हुए थे

बिच में सूर्य साइड में सपना आवर किरण

अभी सुबह के 3 के बझे होंगे की सूर्य किसी सपने को देख कर जोर स्वीटी से कहते हुए चीला उठा

सूर्य की ऐसे आवाज से सपना आवर किरण जल्दी हे उठ गई

सपना सूर्य के पसीने में भीगे पुरे सरीर आवर उसकी ऐसे हालत देख गबरा कर सूर्य को काश कर अपने सीने से लगा लेती है

किरण भी अपने भाई की ऐसे हालत देख बहुत दर जाती है

किरण .....क्या हुआ भाई आप चिलए क्यों मुझे बहुत दर लग रहा है भाई

सूर्य किरण को डरते देख खुद को भुला कर अपने सीने से लगा लेता है

सूर्य .....कुछ नहीं हुआ स्वीटी मैं ठीक हूँ बस एक बुरा सपना था आवर कुछ नहीं चलो सो जाओ अभी सुबह होने में टाइम है

सूर्य किसी तरह सपना आवर सूर्य को फिर से सुला देता है

पर क्या सच में वो दोनों सो गयी सूर्य अपने आँखे बंद किये बार बार वही सपना देख रहा था

यही हल किरण आवर सपना का था उनको सूर्य का ऐसे स्वीटी कह कर चिलाना बहुत डरा गया था आँखे बंद किया बस वही सब सोच रहे थी

सुबह तक तीनो अपनी सोच में गम थे

सूर्य सबके साथ नास्ता किया आवर फिर अपनी कामिनी चची के यहाँ चल दिया

जहा सूर्य के भेष में जिनिशा रुकी हुए थे

जिनिशा को भी कल रात से कुछ गब्रहत हो रहे थे

सूर्य को देखते हे उसे कुछ गलत होने का अहसाँस आवर ज्यादा होने लगता है

जिनिशा ....क्या बात है सरताज आज आप बड़े परेशान लग रहे हो कुछ हुआ है क्या

सूर्य .....नहीं नहीं कुछ नहीं हुआ स्वीटी को ( हड़बड़ी में गड़बड़ी )

जिनिशा ......आप क्या बोल रहे हो माइन आपसे क्या पूछा आवर आप क्या बोल रहे हो आवर स्वीटी को क्या हुआ है सच सच बताओ अगर आप मुझसे प्रेम करते है तो मेरा कल रात से हे दिल बहुत गबरा रहा है

सूर्य कल रात जो कुछ भी सपने में देखा था वो सब जिनिशा को बताया

जिनिशा .......ये कैसे संभव आपको जरूर कोई बहम हुआ होगा

सूर्य .....है सायद ऐसा हे कुछ आवर वैसे भी सपना था भूल जाओ जो कुछ भी मैंने बताया है उस को जाओ सपना आवर किरण तुम्हारा इन्तजार कर रहे है

जिनिशा सूर्य को किश करके वह से गायब हो जाती है

कामिनी .........क्या सोच रहे हो सूर्य दीदी के यहाँ भी जाना है न तुम्हे

सूर्य .....है चची बस थोड़ी देर में निकलता हूँ मेरी दोनों गुड़िया कहा है

कामिनी ......वो दोनों स्कूल के लिया त्यार हो रहे है

सूर्य .......उनका आज स्कूल जाना कैंसिल है मैं दोनों को ले कर जा रहा हूँ अपने साथ बड़ी मम्मी के यहाँ आपकी चलना है तो चलो

kamini........fir मैं यहाँ अकेले क्या करुँगी मैं भी चलूंगी

सूर्य .......क्या कर रहे मेरी दोनों गुड़िया

काम्य ......भैया हम स्कूल के लिया तयारी कर रहे है

सूर्य ......आज मेरी दोनों गुड़िया कही नहीं जा रहे है

हम सब आज बड़े पापा के यहाँ जा रहे है

काव्य .......भैया क्या हम गुमने नहीं चल सकते मैंने अभी तक यहाँ कुछ भी नहीं हुमा है माँ भी हमें गुमने नहीं ले जाती है

सूर्य कामिनी की आवर देखता है कामिनी अपनी नज़रे जुखा लेती है

सूर्य ......अच्छा आज हम गुमने भी चलेंगे आवर मूवी भी देखेंगे

चलो जल्दी से त्यार हो जाओ फिर प्रिय के घर चलते है

जल्दी हे सब एक कार से प्रिय के घर निकल जाते है

जब प्रिय के घर पहुंचे तो गेट प्रिय ने हे खोला अपने सामने सूर्य को देख मुस्कुरा कर सूर्य के गले लग गई

काव्य .....कैसे हो दीदी देखो हम भी आये है

प्रिय .......अरे वह आज तो मेरी दोनों गुड़िया आई है क्या बात है

काम्य .....दीदी आज हम गुमने चलेंगे आप भी चलोगी न हमारे साथ

कामिनी ......पहले अंदर तो चलो या फिर यही जा रहे हो गुमने

सूर्य आगे बाद कर अपनी बड़ी मम्मी मधु को गले से लगता है

फिर अपने बड़े पापा से भी गले लग कर मिलता है

रणजीत ......अब कैसा है मेरा बीटा

सूर्य .......क्यों मुझे क्या हुआ है बड़े पापा मैं तो एक डैम फिट हूँ

madhu......kal तुम्हे गोली लगी थी न कंडे पे

सूर्य ......वो अब ठीक है बड़ी मम्मी

काव्य ........भैया आपको गोली क्यों लगी थी क्या आप बाद भैया हो

प्रिय ......नहीं गुड़िया आपके भैया गॉड भैया है

कल बाद अंकल से भैया की फाइट हुए थी तो गोली लग गई थी

काम्य ........पापा भी बाद है भैया वो माँ को मरते थे हमें भी दांते थे

काम्य को अपनी गौड़ में उठा लेता है

Surya.....na मेरी गुड़िया अब आपको कोई भी नहीं डांटेगा मैं हूँ न

काम्य सूर्य को अपने छोटे छोटे हाथो से चेहरा पकड़ कर दोनों गलो पे किस करती है

सब ये प्यार देख हंस रहे थे

madhu........kya बात है गुड़िया भाई मिला तो अपनी बड़ी मम्मी को भूल गया क्या

kamya.....mummy आप तो मेरी फेवरेट मम्मी है

जल्दी से सूर्य की गौड़ से उतर कर मधु की गौड़ में चढ़ जाती है

काम्य डेरी से

काम्य ....मम्मी मेरी चॉकलेट कहा है

मधु ......शीतन कही की आते हे रिस्वत मांग रहे है

कुछ देर सबने बहुत मस्ती की फिर सूर्य अपने बड़ी मम्मी से परमिशन ले कर प्रिय काव्य काम्य को साथ ले कर निकल गया गुमने के लिया

कुछ देर गुमने के बाद काव्य की जिद के चलते सब मूवी देखने चल देते है

जब सब लोग सिनेमा हॉल पहुंचे तो एक तर कुछ लोग एकता नज़र आये

प्रिय .....सूर्य वह इतनी भीड़ क्यों लगी है

सूर्य .....पता नहीं पीहू मैं देता हूँ तुम यही रुको

सूर्य जब वह पंहुचा है तो देता है कुछ 5 ,6 लड़के

3 लड़कियों को परेशान कर रहे थे

जब सूर्य ने देखा तो उनमे से एक लतिका भी थी प्रिय की फ्रेंड

सूर्य वह खड़े सभी को देखा जो खड़े हो कर मज़ा ले रहे थे

सूर्य को उन सब पे गुसा आ रहा था

कहा सेल 6 लड़के 3 लड़कियों को परेशान कर रहे है आवर सेल 20,25 लड़के लड़किया मज़े ले रहे है खड़े खड़े

सूर्य ..........क्या हो रहा यहाँ क्यों भीड़ एकता कर राखी है

सूर्य की आवाज सुन लतिका दौड़ कर सूर्य के गले लग गई

सूर्य ......क्या हुआ लतिका तुम ठीक तो हो न

लकिता .......सूर्य ये लोग हमें उठा कर ले जाने के लिया बोल रहे है प्लीज हमें बच्चा लो

अब तक प्रिय काव्य काम्य भी वह आ गई थी

प्रिय लतिका को अपने गले लगा लेती सूर्य ......क्यों बे हरामियों तुम सब के सामने ये कुत्ते लड़कियों को उठा ले जाने की बात कर रहे है आवर तुम सब नामर्दो की तरह खड़े हो कर मज़ा ले रहे हो

बिध में से एक

लड़का ......हम क्या करे हमें नहीं पड़ना इनके लफड़े में

सूर्य .....कल को तेरी बहन के साथ भी ऐसा होगा तो भी ऐसे हे खड़े खड़े मज़ा लेना

लड़का 1 ........तू है कोण आवर तेरी हिमत कैसे हुए मेरे आवर मेरी ितम के बिच आने की

देख क्या रहे हो उठाओ साली को

सूर्य ........मादरचोद कुत्ते को कितना भी गई खिलाओ उसको हजम नहीं होता तुम सब वही कुत्ते हो कितना सम्हाल समाज नहीं आता न

सूर्य ने लड़के एक को पका कर एक थपड मारा उसके दोनों कणो से खून निकलने लगा

जो भी बिच में आता वही फराह पे पड़ा नज़र आता देखते हे देखते 6 लड़के जमीं पे पड़े तड़फ रहे थे

सूर्य अभी भी गुस्से में था

वही कड़ी भी पे हाथ साफ करने लगा

लड़कियों को छोड़ कर सब पे पिल गया

लतिका ......प्रिय तुम्हारे भैया को रोको नहीं तो वो सबको मर डालेगा

प्रिय .....आगे बढ़ कर सूर्य को रिक्ति है कुछ देर

में वह पुलिस भी आ जाती है

इंस्पेक्टर ........क्या हो रहा है यहाँ आवर ये इन सबकी हालत किसने की है ऐसे

इंस्पेक्टर की नज़र जैसे हे ैप के बेटे पे पड़ी वो जल्दी से जा कर उसको उठा ता है

इंस्पेक्टर .......राहुल सर आपको किसने मारा आपकी ये हालत किसने की

Rahul.....ahhhhh इंस्पेक्टर इस लड़के ने हम सबको मारा है

इंस्पेक्टर सूर्य की आवर भद्दे कर गुस्से में सूर्य की कर पकड़ता है

सूर्य .....इंस्पेक्टर गलती उसने की है समजे कर छोड़ मेरी

इंस्पेक्टर ......जनता है वो कोण है वो यहाँ के ैप का एकलौता बीटा राहुल है चल तुझे तो ठाणे ले कर चलता हूँ तब समाज आएगा तुझे

काव्य .....पुलिस अंकल भैया को छोड़ दीजिये प्लेसेस

कहते हुए उसने इंस्पेक्टर का हाथ पकड़ लिया

इंस्पेक्टर ने काव्य का हाथ थोड़ा जोर से जातां दिया

थी तो बच्ची हे काव्य

वो निचे गिर गई अब तक जो गुस्सा था इंस्पेक्टर पे सूर्य को वो बस फैट पड़ा काव्य के गिरते देख

सूर्य ने इंस्पेक्टर के छाती पे एक जोरदार लत मरी

सूर्य ......मदर छोड़ हरामी मेरी गुड़िया को रखा देता है

इंस्पेक्टर जो अभी तक सूर्य के लत खा कर उठा भी नहीं था की सूर्य किसी गायक शेर सा जाप्ता आवर एक एक हड़िया तोड़ने लगा

बाकि पुलिस वाले एक दो आगे भी आये सूर्य को रोकने पैर जब एक दो फटके उनको भी पड़े अच्छे से तो दूर रहना हे बेहतर समजा

जब सूर्य ने अच्छे से इंस्पेक्टर के बेंड बजा दी दोनों हाथ पाँव तोड़ दिए तब जा कर उसका गुस्सा शांत हुआ

सूर्य .......कमीनो अगर फिर कभी मेरी बहनो की तरफ नज़र उठा के देखा तो जिन्दा जला दूंगा

बाकि पुलिस वालो से उठा कर ले जाओ इस कचरे को यहाँ से

अभ तक बहुत से लोग एकता हो चुके थे जिम्मे कुछ ऐसे भी थे जो इस पुलिस वाले के सताये हुए थे

वो सब बड़े खुस थे की चलो कोई तो है जो इन जैसे पुलिस वालो के लिया यमराज है

सूर्य ....काव्य को अपनी गौड़ में उठा कर सिनेमा हॉल की तरफ चल दिया जैसे कुछ हुआ हे न हो

वही लड़कियों को दर भी था आवर ख़ुशी भी

खुश इस लिया की वो जिसके साथ है वो सेफे है

दर था की पुलिस वाले को मारा है आगे क्या होगा

टिकट ले कर सब मूवी देखने लगे

साथ में लतिका आवर उसकी फ्रेंड्स भी थी काव्य अभी भी सूर्य की गौड़ में बैठी मूवी देख रहे थे

कुछ एक जानते बाद अचानक मूवी बंद हो गई

काम्य ......भैया ये मूवी तो बंद करदी अभी तो बहुत बाकि है मूवी

तभी लाइट जलती है हॉल की

हॉल ओनर ........मूवी को बिच में रोकने के लिया काफी चाहता हूँ बहार पुलिस ने पुरे सिनेमा हॉल को घेर रखा है

किसी ने पुलिस वाले को मारा है

कुछ लोग जो मूवी देख रहे थे वो हाला करने लगे

प्रिय .....अब क्या होगा सूर्य बहार तो बहुत पुलिस वाले है

काव्य .....भैया वो आपको मरेंगे तो नहीं न

सूर्य ......don't वोर्री गुड़िया ऐसा कुछ नहीं होगा आप सब मूवी देखो मैं देखता हूँ इनको

प्रिय लतिका .....नहीं हम भी चलते है बहार

सूर्य ....बिल्कु नहीं बस 10 मिंट में मैं लौट आऊंगा

सूर्य सबको समजा कर बहार चला गया

बहार देखा तो सामने हे बहुत से पुलिस वाले खड़े थे आवर उनके साथ हे इंस्पेक्टर के साथ आये कुछ पुलिस वाले भी थे

ैप .....ओह तो वो तुम हो जिनने मेरे बेटे की ऐसे हालत की है

तुम जानते हो मैं कोण हूँ

सूर्य ......जनता हूँ तुम एक ैप हो जो हमेशा अपनी वर्दी का गलत इस्तेमाल करता है

लोगो से रिस्वत खाना मंत्रियो को लड़की सप्लाई करना यही डंडा करता है तू इस वर्दी के आड़ में

ैप सूर्य के मुँह से ऐसा खुद के लिया सुन कर गुस्सा में आगे बढ़ ता है सूर्य बिना कुछ बोले ैप की गन निकल कर उसके हे दोनों पंवार में घुटनो के निचे गोली मरता है

साथ आये पुलिस वाले अपने एक पे गोली चलते देख सूर्य को चारो आवर से घेर लेते है

सूर्य .....जिसको अपनी नौकरी आवर जान प्यारी नहीं है वो यहाँ रुकने बाकि सब जा सकते है

अभी सूर्य बात हे कर रहा था मि प्रिय को बहार निकलता देख कुछ सोच कर

अपना फ़ोन निकलता है आवर एक मैसेज टाइप कर किसी को बजता है

कुछ हे देर बाद ैप का फ़ोन बजता है

सूर्य ......ये कॉल तुम सबके लिया है उठाओ

एक इंस्पेक्टर ने ैप का फ़ोन उठाया तो उसमे कमिश्नर का कॉल आ रहा था

इंस्पेक्टर कुछ देर बात करता है आवर वह से ैप को उठा कर अपने साथियो को वह से ले कर चल देता है

प्रिय ......ये क्या हुआ सूर्य ये सब ऐसे हे चले गए

सूर्य .....कुछ नहीं प्रिय चलो मूवी देखते है

सब फिर से मूवी देखने लगे

अब देखते है सूर्य ने कमिश्नर को क्या मैसेज किया

सूर्य ने कमिश्नर को

एक छोटी सी वीडियो क्लिप भेजी थी एक मैसेज के साथ में जिसमे कमिश्नर किसी लड़की के साथ सेक्स कर रहा था कर वो अपनी मर्ज़ी से हे रहे थे सेक्स दोनों

पर सबको अपनी नौकरी प्यारी होती है

सूर्य मैसेज ....कमिश्नर क्सक्सक्स एरिया ैप को कॉल करो अपनी पूरी टीम ले कर निकले सिनेमा हॉल से वर्ण तुम्हारा ये वीडियो सोसिअल नेटवर्क पे होगा कुछ हे पल में

कमिश्नर अपना किया कांड देख फ़ौरन ैप को कॉल करता है आवर सबको जाने का बोलता है

सूर्य नाईट तक सबके साथ मस्ती करता है शॉपिंग वगेरा करके सब बहार डिनर कर घर निकलते है

वही क्सक्सक्सक्स सहर में

जिनिशा जब से सूर्य से मिल कर लौटी है तब से परेशान थी सूर्य की बात को ले कर के

सपना ......क्या हुआ छोटी तू आज इतनी परेशान क्यों है जब से चची के यहाँ से लूटी है तभी से परेशान दिख रहे है

जिनिशा ......दीदी मुझे कल रात से बहुत बेचैनी हो रहे है कुछ बहुत बुरा होने वाला है

सपना ......छोटी सच कहूं तो मुझे भी ऐसा हे लग रहा है जब से उन्होंने कल रात उस सपने में जो देखा है पता नहीं ऐसा क्या देखा है तब से मुझे भी चिंता हो रहे है

जिनिशा ......है दीदी मैं गुरुदेव से बात करती हूँ दीदी

आवर ये स्वीटी कहा है दीदी

सपना ......वो अपने रूम में है जब से वो परेशान हुए है किरण भू दुखी है छोटी

जिनिशा ......आप ऑफिस निकलो मैं भी कॉलेज जा रहे हूँ

स्वीटी को साथ ले कर के

सपना ......उदासीन मन से ऑफिस के लिया निकल जाती है

वही जिनिशा किसी तरह समजा बजा कर किरण को साथ ले कॉलेज निकल जाते है ........
 
अपडेट. 43

सपना ......वो अपने रूम में है जब से वो परेशान हुए है किरण भू दुखी है छोटी

जिनिशा ......आप ऑफिस निकलो मैं भी कॉलेज जा रहे हूँ

स्वीटी को साथ ले कर के

सपना ......उदासीन मन से ऑफिस के लिया निकल जाती है

वही जिनिशा किसी तरह समजा बजा कर किरण को साथ ले कॉलेज निकल जाते है ........

अब आगे .........

हिना खान इस वक़्त क्सक्सक्स सहर के एक हॉस्पिटल में था जहा रंगा की गेंग का इलाज चल रहा था

हिना खान को कल रात हे खबर मिल चुकी थी की किसी ने रंगा की पूरी गैंग की हड़िया तोड़ डाली है

सलीम खान का पता लगाने के लिया हिना ने वहीँ हॉस्पिटल में पूछताछ करना सोचा क्युकी अभी रंगा जेल जाने की हालत में नहीं था

हिना खान सुबह सुबह हे हॉस्पिटल आ पहुंची

हिना .....डॉक्टर क्या मैं रंगा से कुछ पूछ सकती हूँ

डॉक्टर .......देखिये मैडम अभी भी वो इस हालत में नहीं है की किसी को कुछ भी बता पाए

बस बार बार 2 हे नाम बेहोशी में ले रहा है

हिना खान ......ऐसा कोनसा नाम है डॉक्टर जो वो बेहोशी में भी ले रहा है

डॉक्टर ......कोई मोंटी आवर सूर्य बस जब भी होश में आता है यही नाम बोल कर बेहोश हो जाता है

हिना खान .......ठीक है डॉक्टर वो जब भी पूरी तरह होश में आये तो मुझे इन्फॉर्म जरूरी करे

डॉक्टर ......जी बिलकुल

इस हॉस्पिटल के प्राइवेट रूम में किसी आवर का भी इलाज चल रहा था

इस रूम में मिनिस्टर रघुपति ठाकुर के पुरे सरीर को पत्तिओ में बंद कर किसी पुराने ज़माने के राजा महाराजाओ को जैसे मम्मी बिना कर रखा जाता है वैसा हे हॉल कुछ कुछ रघुपति का था

रणजीत सिंह ......मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी की आप पैसो के लिया इतना निचे गिर जाओगे

मोंटी .......ये आप क्या बोल रहे है अपनी जुबान को लगाम दीजिये वर्ण मैं भूल जाऊंगा की आप मेरे ताऊ जी है

रणजीत खींच कर एक थपड मोंटी को लगता है

रघुपति दन्त बीच कर रह जाता है

रणजीत ........कान खोल कर सुन लो तुम दोनों अगर फिर से मेरे परिवार की आस पास भी फटके तो गोली मर दूंगा आई बात समाज में

मोंटी खून का गुनत पि कर रहा गया क्युकी उसको पता था की अगर कुछ भी उसने बोलै तो फिर से उसकी दिलाई हो सकती

इस वक़्त उसका दादा ( बाउजी ) भी कुछ नहीं कर सकते है

क्युकी आज सुबह हे पार्टी ने उनको पार्टी से निकल चुकी थी उनके किये कांड सूर्य के वंहा से सबके सामने आ चुके थे

रणजीत वह से निकल गया दोनों की खबर ले कर के

वही जब जिनिशा एंड किरण कॉलेज पहुंचे तो उनकी मुलाकात जीनत से हुए

जीनत ....किरण सूर्य कहा है कुछ दिन से देख रहे हूँ वो कॉलेज भी नहीं आ रहा है आवर घर पे भी नहीं आता

जिनिशा ......दीदी वो किसी काम से कुछ दिन के लिया आज सुबह हे बहार गए है उनको वक़्त लगेगा अगर कुछ जरूरी है तो आप बात करलो फ़ोन पे

जीनत .......नहीं कुछ जरूरी नहीं अच्छा मैं चलती हूँ

जीनत आज जिस ाश में कॉलेज आये थी वो भी ख़तम हो गई

मौश हो कर जीनत अपनी केबिन की आवर चल दी

जिनिशा आवर किरण जब कैंटीन पहुंचे तो उनके बाकि दोस्त भी आ चुके थे मोनिका मनीषा तनु

किरण ......क्या बात है आज तो हमारे आने से पहले हे सब यहाँ है

मनीषा ......क्युकी आज तुम लोग लेट आये आवर हम जल्दी

सबने कॉफ़ी आर्डर की अभी ये लोग अपने बातो में लगे हुए कॉफ़ी की चुस्किया ले रहे थे की

किसी ने मनीषा की पीठ को पास से निकलते हुए सहला दिया

मनीषा ने पीछे मुद कर देखा तो यहाँ रतन ग्रुप था पैर आज उनमे रुखसाना ( सना ) नहीं

मनीषा ......ये क्या बत्तमीज़ी है

मनीष ......देख तू मुझे पसर है

मनीषा ......पसंद हूँ तो क्या हुआ कोई किसी के हाथ ऐसे करता है क्या

किरण .....क्या हुआ दी

मनीषा ......कुछ नहीं छोड़ इनको

इस बार जैसे हे मनीष ने मनीषा को चुने के लिया हाथ बढ़ाया हे था की किरण उसका हाथ पकड़ के ऐसा जतका दिया हाथ में की उसका कन्धा हे उतर गया

पूरी कैंटीन में उसके चीख गूंजने लगे

किरण ......दुबारा ऐसा करने की सोचना भी नहीं समजे इतनी जल्दी भूल गए हो क्या उस दिन की मार को

ratan.......bhut ज्यादा उछाल रहे है साली रुक तुझे तो अभी बताता हूँ मैं

आज तुम्हे बचने के लिया वो सूर्य भी नहीं है मादरचोद

सूर्य के लिया रतन के मुँह गली सुन कर पास दूसरी टेबुल पे बैठी परिधि को पता नहीं क्या हुआ उसने रतन की पीछे गर्दन पकड़ ली आवर दबाने लगी

रतन कुछ करता उस से पहले हे सामने से रतन के गलो पे इतनी तेज थपड पड़ी किरण की

रतन के मुँह से खून निकलने लगा उसके होंठ बुरी तरह से फैट चुके थे

फारूक परिधि की तरफ लपका पैर अगले हे पल वो टेबिल को तोड़ते हुए कैंटीन के फराह पे बेहोश पड़ा था ीदार किरण ने मनीष की लत गुसुओ से दिलाई सुरु कर दी

मौका का फायदा उठाते हुए मनीषा ने भी 2 चार चूका दिए

अब बचे थे प्रिय आवर रतन रतन के मुँह से खून निचे टपक रहा था होंटो के निचे पूछा चेहरा लाल हो चूका था

परिधि .....सेल तेरी हिमायत कैसे हुए सूर्य को माँ की गली देने की

2 तपाद चटाक चटाक करके पड़े रतन को

रतन .....अह्ह्ह्हहब पारी सॉरी

चटाक चटाक

परिधि .......सेल मुझे पारी कौन का हक़ सूर्य के सिवा किसी को नहीं है

कैंटीन में जितने भी लोग थे सब चौंक गए परिधि की बात सुन कर

क्युकी सबको पता था की परिधि आवर सूर्य का 36 का आंकड़ा है दोनों में

इतने में वह प्रिंसपल आ पहुंचे

किसी ने यहाँ हो रहे कांड की खबर जो दे दी थे

प्रिंसपल ........परिधि छोड़ो रतन को आवर ये यहाँ हो क्या रहा है

तुम सब ने कॉलेज को क्या अखाड़ा समाज लिया है जब देखो तब जगदा जगदा

परिधि .......सॉरी सर लेकिन ये मनीष यहाँ मनीषा आवर किरण के साथ मिसबिहैव कर रहा था जब किरण ने इसे रोकना चाहता तो

रतन बिच में आया पुर इसने सबके सामने सूर्य को उसको माँ को ले कर गली दी जो मुझे अच्छा नहीं लगा मैंने इसकी पिटाई कर दी आप चाओ तो मुझे पनिश कर सकते है

प्रिंसपल ......it's ok परिधि रतन मनीष परक तुम तब तक कॉलेज में ेंटरी नहीं करोगे जब तक अपने अपने माँ डैड को नहीं ले कर आते साथ में

अब निकलो यहाँ से बहार

तीनो अपनी लूटी हुए इज्जत ले कर कॉलेज से निकल गए ठीक मौका देख प्रिय भी कैंटीन से निकल गई

प्रिंसपल ........सब अपनी अपनी क्लास में जाओ

आवर तुम गर्ल्स ग्रुप अपने गुस्से पे काबू रखना सीखो ये कॉलेज है कोई फाइट क्लब नै

जो इन योर क्लास एंड डॉन टी क्रिएट अन्य प्रोब्लेम्स

सब अपनी अपनी क्लास निकल जाती है

सपना अभी भी सुबह की बात को ले कर परेशान थी उसको सूर्य की बहुत चिंता हो रहे थी

सपना ......क्या कृ कुछ समाज नहीं आता किस से पूछ क्या गुरुदेव से पूछना चाइये मुझे

सपना अपने जिन सेकेट्री को जुलती है

सपना .....मैं घर जा रहे हूँ कुछ हो तुम बंडल कर लेना काया

काया .....मेम सब ठीक तो है न आप जब से आई है कुछ परेशान है

सपना ......है कुछ तबियत ठीक नहीं है मैं घर जा कर रेस्ट करना चाहती हूँ ok

काया .....अगर आप कहो तो मैं ठीक कर देती हूँ आपको

सपना ......( मुस्कुरा कर ) मैं जंतु हूँ कहा don't वैरी मैं जल्दी हे ठीक हो जाउंगी

सपना कुछ काम समजा कर वह से निकल जाती है

बुआ के घर

दादी आवर बुआ हे थे इस वक़्त घर पे

बुआ ......माँ क्या हमें मानवी को बता देना चाइये सूर्य के बारे में

दादी .....बेटी मैं सोच रहे हूँ के सूर्य खुद अपनी बुआ से मिले आवर खुद हे अपनी बुआ को अपनी सचाई बताये तो अच्छा है

बुआ ........है माँ आप तो उसका गुस्सा जानती हो वो आज भी कभी कभी गुस्से में आप खो देती है

दादी ........वैसे भी उसका गुस्सा होना जायज है रात रणजीत का फ़ोन आया था कल कुछ गुंडों ने प्रिय का किडनैप कर लिया था रघुपति का हाथ बता रहा था रणजीत प्रिय की किडनैपिंग के पीछे

तब प्रिय को उन गुंडों से सूर्य ने हे बचाया था

तब कामिनी ने उसक वह देखते हे पहचान लिया था

अब बस मानवी हे बची है जिस से सूर्य अभी तक नहीं मिला है

बुआ ......आवर मानवी को पता चला की सूर्य कब से हमारे साथ हे है हमने उसको बताता नहीं फिर तो वो किसी को नहीं बक्शने वाली है

दादी ......तू जाने आवर तेरी बहन मुझे मात बिच में लाना

बुआ ......ये क्या बात हुए माँ आप तो मुझे हे बलि चढ़ा रहे हो इन सब में

दादी ......जो भी है तू देख लेना

( सब से पहले घोड़ी भी तो तू हे बानी थे उसके आगे अभ तू हे संभल इसको भी )/

जब कॉलेज की चुटी हुए सब निकलने लगे तभी परिधि का एक बार फिर से जिनिशा टीम से सामना हो गया पार्किंग में

किरण ......hi परिधि दीदी थैंक्स सुबह के लिया आपने हमारी हेल्प जो की फ्रेंड्स

किरण अपना दोस्ती का हाथ परिधि के सामने बढ़ा देती है

परिधि .......दोस्ती तो मुझे भी करनी है पैर तुम्हारे बर्फ से मेरी ज्यादा नहीं बनती है ये तुम भी जानती हो

अगर दोस्ती कर रहे हो तो हम दोनों के मटर में कभी भी नहीं आओगी

किरण .......सॉरी अगर आप ये सोचती है तो मैं आपसे दोस्ती नहीं करुँगी

है अगर आप सूर्य के साथ एक लिमिट तब अपने मटर रखती हो तो मुझे कोई प्रोब्लेम्स नहीं बूत कभी भी उसका दिल दुखे ऐसे बात न करना

परिधि कुछ देर सोचती है फिर अपना हाथ आगे बढ़ा कर किरण का हाथ थम लेती है

परिधि ......अभी उसको कोई नहीं बताएगा की हमारी दोस्ती हो गई है

सब एक एक करके परिधि से दोस्ती कर ली

जिनिशा .......वैसे परिधि एक बात पुछु तुमसे

परिधि .......यार जिनिशा अब हम दोस्त है तो फॉर्मेलिटी किस बात की

जिनिशा .....यार तुम एक तरफ सूर्य को अपना दुसमन मानती हो दूसरी तरफ तुम कुछ आवर हे जाता रही हो

परिधि .....ऐसा है जिनिशा मुझे वैसे तो मर्द नाम से हे नफरत है पता नहीं क्यों मैं किसी भी लड़के को देखती हूँ तो गुस्सा आता है

रही बात सूर्य की तो वो सबसे अलग है सॉरी पैर ये सच है कभी कभी तो उस पे इतना गुस्सा आता है की उसको तपाद मरने का दिल करता है

कभी कभी उस पे बहुत प्यार आता है मैं खुद कन्फ्यूज्ड हूँ की ये है क्या ी don't क्नोव

जिनिशा ......हेहेहे तुम्हे तो प्यार हो गया है सूर्य से

परिधि ........पता नहीं पैर जब भी मई उसको परेशान करती हूँ तो अच्छा लगता है

जब वो उदाश होता है तो बहुत दुःख होता है

सॉरी यार मैं भी न क्या क्या सोच लेती हूँ

मोनिका .....हमें चलना चाइये घर

जिनिशा ......है चलो bye परिधि bye तनु

कल मिलते है कॉलेज में

परिधि ......यार अपना no.to दे दे अब तो दोस्त है न

कुछ देर में सब अपने अपने रस्ते निकल लेते है

साम को हिना खान को डॉक्टर की कॉल आई तो हिना खान हॉस्पिटल की आवर निकल गई

तभी उसे आज जो सिनेमा हॉल में हुए कांड का पता चला

हिना ...........लगता है किसी को मरने की बड़ी जल्दी है जो पुलिस वालो से पन्गा ले रहा है

देखते है कोण है जिसने इतने पुलिस वालो को मारा आवर अभी भी खुला गम रहा है

पहले इस रंगा से मिल लेती हूँ बाद में इसको देखती हूँ

कुछ देर बाद हिना रंगा के सामने थी कुछ आवर पुलिस वाले भी थे इसे सहर के जो कल की वारदात जानना चाहते थे

हिना खान को देखते हे सपना सलूट किया

हिना खान ......अब कैसे तबियत है रंगा

जो मैंने पूछा सच सच नहीं बताया तो पहले से भी बदतर हालत मैं करुँगी अभी के अभी

रंगा .....जी मैडम मैं सच बोलूंगा

हिना खान .......सलीम खान कहा है जिसको तुमने कल पुलिस की हिरासत से बग्ने में मदद की थी

रंगा ........मुझे पता नहीं अब वो कहा है मैडम

हिना रंगा के टूटे हुए पांव को अपने पकड़ कर जोर से दबाता जहा से हदी टूटी हुए थी

रंगा .....अह्ह्ह्हहब मज़ा मर गया रे प्लेसेस मदद मैं सच बोल रहा हूँ

मैंने अह्ह्ह्हह सलीम को पुलिस से बहाया जरूर था

उसके बाद उसको क्सक्सक्स का ठाकुर दुर्जन सिंह ले गया मुझे मेरे पैसे दे कर के

हिना ........सच बोल रहा है न तू

रंगा .....है मदद सच बोल रहा हूँ

हिना ..... तुम्हारे ये हालत किसने की तुम्हारी पूरी गैंग तुम्हारे हे तरह बीएड पे पड़ी है किस गैंग ने हमला किया था तुम्हारे अड्डे पे

रंगा .......मैडम वो कोई गैंग नहीं थी वो सिर्फ 3 थे 2 लड़किया जिनको हमने हे किडनैप किया था आवर एक सूर्य ठाकुर नाम का लड़का क्सक्सक्स सहर का

हिना ......क्या सूर्य ठाकुर वो यहाँ है

पैर तुम्हारी क्या दुश्मनी थी उस से

रंगा ........मेरी कोई दुश्मनी नहीं है मैडम मैंने तो मोंटी के कौन पे उसकी डिटेल निकलने का काम कर रहा था

मोंटी मेरे बहुत से काम अपने दादा की मदद से करवाता है तो मैंने हेल्प कर रहा था

हिना को गुस्सा आने लगा था जब से सूर्य का नाम रंगा के मुँह से सुना है

हिना .........आवर तुम उसकी डिटेल क्यों निकल रहे थे उसकी सभा भी बता दो अब नहीं तो यही गोली मरूंगी सीधा भेजे में

रंगा ........मोंटी को उसकी गर्लफ्रेंड पसंद आ गई थे पब में जिसने मोंटी की बजती कर दी थी वो उस लड़की को उठवाना चाहता था

हिना ......क्या नाम था लड़की का

रंगा ......सपना ठाकुर

बस आगे कुछ बोलता उस से पहले हे हिना खान एक बार फिर उस पे टूट पड़ी पहले से बुरी हालत में रंगा बेहोश हो गया कुछ पुलिस वालो ने किसी तरह हिना को पकड़ कर संत किया

हिना ........इसको होश में आते हे एम्बुलेंस में दाल कर क्सक्सक्स ठाणे पंहुचा देना तुम्हे ट्रांसफर आर्डर मिल जायेंगे

हिना गुस्से से बहार निकली आवर आवर सूर्य को कॉल किया

कुछ देर बाद हिना ने गुस्स में फ़ोन हे दिवार पे दे मारा

हिना वह से निकल गई किसी आवर जगह अपना गुस्सा उतरने ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
 
अपडेट 44

हिना ........इसको होश में आते हे एम्बुलेंस में दाल कर क्सक्सक्स ठाणे पंहुचा देना तुम्हे ट्रांसफर आर्डर मिल जायेंगे

हिना गुस्से से बहार निकली आवर आवर सूर्य को कॉल किया

कुछ देर बाद हिना ने गुस्स में फ़ोन हे दिवार पे दे मारा

हिना वह से निकल गई किसी आवर जगह अपना गुस्सा उतरने ...........

अब आगे .........

आज रात सूर्य अपनी बड़ी मम्मी के यहाँ रुकने का फैसला करता है

सपना जिनिशा आवर किरण को पहले हे सूर्य इन्फॉर्म कर चूका था ..

नाईट में सब लोगो ने मिल कर खाना खाया

कामिनी काव्य काम्य भी प्रिय के घर पे हे रुके थे..

surya......badi मम्मी मुझे कहा सोना है

मधु .....बीटा तुम अपने भाई के रूम में सो जाओ वैसे भी वो रूम खाकी हे रहा है

सूर्य .....क्यों बड़ी मम्मी

रणजीत .....बीटा तुम्हारा छोटा भाई की तबियत ठीक नहीं रहती है उसका इलाज चल रहा आश्रम में

सूर्य ऊपर के मंजिल पे चल देता है जहा पार्थवी का रूम था

सूर्य के बगल वाला कमर प्रिय का था

काम्य आवर काव्य अपने mom.kamini के साथ हे सो गई

प्रिय ......सूर्य क्या मैं. कुछ देर तुम्हारे साथ सो सकती हूँ कुछ पुराणी यादे भी ताज़ा जो जाएगी हमारे बचपन की

आवर कुछ बारे भी कर लेंगे

सूर्य .....क्यों नहीं पीहू तुम्हे मैं कैसे मना कर सकता हूँ

( पता नहीं ये आज मुझे प्रिय इतने खूबसूरत क्यों लग रहे क्यों मैं इसको पाने की कामना कर रहा हूँ बार बार क्यों इसको आवर आकर्षित जो रहा जैसे कोई मुझे प्रिय की आवर आकर्षित कर रहा है )

सूर्य अपने कपडे निकल कर अंडरवियर में लेट जाता है

सूर्य .....सॉरी पीहू वो क्या है मैं घर पे शॉर्ट्स में सोता हूँ अब यहाँ तो मैं कुछ ले कर आया नहीं

प्रिय ......कोई बात नहीं मैं भी ऐसे हे सोती हूँ

प्रिय बोलने को बोल तो गई पैर जब अहसाँस हुआ की वो क्या बोल गई है तो सरमने लगी

सूर्य ......कोई बात नहीं पीहू कभी कभी मच से निकल जाता है वैसे भी हम

हम उम्र है तो ऐसे नोर्मल्ली टॉक्स हो न कोई बुरी बात नहीं है

प्रिय ..... थैंक्स वैसे तुमने बॉडी बहुत अच्छी बनाई है किसी हीरो के जैसे

surya......thanks इसको बनाने में बहुत टाइम लगा है

बहुत पसीना बहाना पड़ता है

सूर्य .....वैसे तुम भी पहले से बहुत खूबसूरत हो गई हो

पहले तो बिलकुल बंदरिया जैसे दिक्ति थी हाहाहा

प्रिय .......हेहेहे बंदरिया का भाई बन्दर

वैसे तुम्हारे कितनी गफ है झूट मत बोलना देख तुम मुझे

सूर्य ......यही कोई 6,7 तो होंगी हे क्यों तुम्हारे कोई फ्रेंड्स है तो बड़ा दो अभी ऐड कर देता हूँ कल तक

सूर्य के बात सुन कर प्रिय सूर्य के पेट पे बेथ जाती है

प्रिय ..... अच्छा तू मेरी फ्रेंड्स को पतयेगा उन्हें अपनी गफ बनाएगा रुक तुम्हे मैं बताती हूँ

सूर्य जल्दी से प्रिय के हाथ पकड़ कर अपने ऊपर से निचे पलट देता है





सूर्य ......अब बोल मेरी जंगली बिली बड़ी आज मुझे दमकी देने वाली

प्रिय .....इस्स्स्सह्ह्हह्ह

सूर्य .....क्या हुआ प्रिय दर्द हुआ क्या

अब प्रिय क्या बताती की उसकी पंतय के साथ साथ उसकी छूट पे अभी अभी किसी घोड़े ने अपने नाक गुसेड़ी है

जब सूर्य ने मज़ाक में हे प्रिय को अपने ऊपर से अपने निचे पलटा तो प्रिय के पेअर चोदे हो गए आवर सूर्य का अनजाने में लैंड प्रिय की पंतय के ऊपर से छूट को रगड़ गया

सूर्य जल्दी से प्रिय के ऊपर से हैट गया

सूर्य ......सॉरी पीहू मुझे मालून नहीं था अनजाने में गलती हो गई

प्रिय ......तुम क्यों सॉरी बोल रहे hi तुमने जब कर तो नहीं किया न

सूर्य .....OK चलो अब सोने जाओ मुझे भी नींद आ रहे है आज गम गम कर तक गया हूँ

प्रिय .....क्या मैं तुम्हारे साथ सो सकती हूँ

आज रात प्लेसेस सूर्य

सूर्य ......OK जाओ अपने कपडे चेंज कर आप मैं बाथरूम जो कर आता हूँ

प्रिय अपने रूम में कपडे बदलने चली गई

सूर्य बाथरूम में गेस गया आवर अपने अकड़े हुए लैंड पे ठंडा पानी दाल कर उसको पूरी तरह खड़ा होने से पहले हे shan't कर दिया

फिर पिसाब करके अच्छे से अपने लैंड को स्टाफ करके रूम में आया तो

प्रिय पहले से हे चादर में डुबकी हुए मिली

प्रिय .....इतनी देर क्या कर रहे थे अंदर

सूर्य .......अरे प्यार कोई भजन तो करूंगा नहीं बाथरूम कर रहा था आवर क्या

प्रिय ( लगता है जैसे पोर्न वीडियोस में लड़के अपना लैंड हिला कर सोते है वही ये कर रहा था पैर इतनी जल्दी कैसे )

सूर्य भी प्रिय के बगल में हे लेट गया

कुवह देर में सूर्य सो जाता है

प्रिय अभी भी खोयी हुए थी

सूर्य को सोया हुआ देख प्रिय अपने फ़ोन में पोर्न देखने लगते है

अपने कानो में हेडफोन्स लगा कर आराम से वीडियो देखती आवर एक हाथ अपनी पंतय में दाल कर छूट के साथ खेलने लगते है





प्रिय ........इस्स्स्सस्ठ्ठ माँ ये मुझे क्या जो रहहहह है

प्रिय के मुँह से हलकी हलकी सिसकारियां निकल ने लगे

वो ये भी भूल गई की बगल में उसके सूर्य सोया हुआ है

कुछ अपनी छूट से खेलने के बाद प्रिय की नज़र सूर्य पे पड़ी

उन्स्की नंगी छोड़ी छाती को देख प्रिय आवर खड़ा गरम होने लगी





प्रिय डेरी डेरी सूर्य की आवर खिसकने लगी

अपने हाथो की उंगलियों से सूर्य के बॉडी कट को सहलाने लगी

जैसे प्रिय को सूर्य के जागने का कोई दर हे नहीं है

सूर्य अपनी बॉडी पे हो रही हरकत से जग चूका था किन्तु उनसे अभी आँखे नहीं खोली थी

सूर्य ( ये पीहू क्या कर रहे है मेरे साथ

आवर मैं इसे छह कर भी रोक नहीं प् रहा हूँ चलो देखता हूँ ये कहा तक जाती है )

पिछले 2 ,3 दिन से सूर्य ने भी सेक्स नहीं किया था

खुद की बॉडी से एक जवान कोमल सरीर को चूका हुआ फील करते हे हे डेरी डेरी सूर्य की अंडरवियर में भी सनसनी होने लगी

प्रिय कुछ सोच कर खड़ा हुए आवर सूर्य के ऊपर से चादर हटा दिया

आवर डेरी से सूर्य की अंडरवियर भी निकल कर घुटनो तक कर दी

प्रिय की इस हरकत से सूर्य की सांसे तेज होने लगी

प्रिय ने डेरी से अपनी पंतय को साइड में किया आवर सूर्य के खड़ा लैंड पे रख दिया आवर छूट के पास से दाल कर ऊपर से बहार निकल दिया

अपनी छूट पे सूर्य के गरम लैंड को महसूस कर

प्रिय को बहुत अच्छा लगा

प्रिय ...उम्म्म्म. अह्ह्ह्हह सूर्य क्या हतियार है





प्रिय डेरी डेरी अपनी गरम गीली छूट को सूर्य के लैंड पे रगड़ ने लगी

सूर्य भी प्रिय की ऐसे डेरिंग देख सोच में दुभा था

अंदर हे अंदर सूर्य भी गरम होने रहा था

डेरी डेरी सूर्य को भी प्रिय के ऐसा करने से मज़ा आने लगा

तभी प्रिय कांपते हुए झड़ने लगी

जल्दी हे प्रिय अपनी चुतराश की कुछ बुँदे सूर्य के लैंड पे गिरा कर पलट गई

सूर्य को बड़ा गुस्सा आया प्रिय के ऐसा करने पे

अभी सूर्य गुस्से में अपनी आँखे खोलने वाला था की एक बार फिर बीएड पे हलचल हुए

प्रिय एक बार झाड़ चुकी थी लिकिंग उसकी छूट की खुजली अभी भी पूरी तरह से संत नहीं हुए थे

प्रिय ने अपनी पंतय भी उतर दी थी

प्रिय आगे बढ़ कर सूर्य पे लेट गई

आवर सूर्य की टैंगो को छोड़ी करके लैंड को पकड़ कर अपनी छूट से लगा कर अपनी जंगो में बिच लिया

आवर ऊपर निचे होने लगे

अब तक सूर्य ने आँखे खोल ले थी

सूर्य ने जैसे हे अपनी आँखे खोली सूर्य की नज़र प्रिय से टकराई

सूर्य कुछ बोलने के लिया मुँह खोला हे था की प्रिय ने उसकी आँखों में देखते हुए सूर्य के होंटो को अपने होंटो से कैद कर लिया

सूर्य को पता नहीं क्या हुआ जो उसपे हवस हावी होने लगी





सूर्य को कानो किसी ने अपने मोह जाल में बंद लिया हो

वो प्रिय का साथ देने लगा उसकी कमर को पकड़ कर

अपने लैंड को प्रिय की गीली छूट पे रगड़ ने लगा

प्रिय भी अपने होंटो का जादू चलने लगी

सूर्य को अब प्रिय की जगह सपना नज़र आ रहे थी

प्रिय की आँखे अजीब से होने लगी

जैसे प्रिय न हो कर किसी आवर ने उसको काबू किया हो

प्रिय सूर्य के लैंड को पकड़ कर हिलने लगी अपनी छूट रगड़ते हुए





सूर्य बोलना तो बहुत कुछ छठा था पर बोल नहीं प् रहा था

डेरी डेरी सूर्य के आँखे लाल होने लगी

सूर्य प्रिय को सपना समाज कर उसके सरीर पे हाथ फिरने लगा

प्रिय ......अह्हह्ह्ह्ह जान बहुत मज़ा सा रहा है उम्मम्मम्म

अह्हह्ह्ह्ह हम कर छोड़ना अपनी सपना को

surya......Ahhhhh उम्म्म्म बस ऐसे हे मेरी जान सपना बहुत तड़पती हो तुम अह्ह्ह्हह





प्रिय अपनी छूट को जोरो से सूर्य के लैंड पे जिसने लगती है

प्रिय ......उम्म्म्म अह्ह्ह्हह मेरी जान क्या दमदार लैंड है आज नहीं छोड़ने वाली तुम्हे

वर्षो तदपि हूँ इस के लिया

िष्ठ्हहह उम्म्म्म सूर्य मेरी जान

सूर्य प्रिय को अपनी बाँहों में भर कर उसके रसीले होंटो पे टूट पड़ता है





प्रिय अपनी चूचियों को सूर्य के सरीर से रगड़ते हुए

किश करने लगतु है निचे से सूर्य का लैंड कब छूट पे लगता तो कभी प्रिय की गांड पे लगता है

priya......ummmm अह्ह्ह्हह बस जान आवर न तड़पाओ

सूर्य .....उम्म्म्म मेरी जान चल मेरे जान मेरा लैंड को त्यार कर चूस चूस कर उम्म्म्म





प्रिय सूर्य के कहते हे लैंड पे टूट पड़ती है

अपनी मुँह में भर कर बड़ी तेजी से अपने रसभरे होंटो में भर कर चूसने लगती है

सूर्य ......अह्ह्ह्हह सपना बहुत अच्छा लग रहा है

उम्म्म.. अह्ह्ह्हह्हह बस चुसो मेरी रंडी

प्रिय .( लैंड बहार निकल कर )

उम्मम्मम सूर्य अपनी रंडी की छूट अच्छे से फाड़ना बहुत तड़पती है न तुम्हे ये

फिर से लैंड पे टूट पड़ी प्रिय

सूर्य ने प्रिय को पलट कर बीएड पे लिटाया आवर अपने लैंड प्रिय के मुँह में दाल कर

उसकी टैंगो को पकड़ के उसकी छूट पे मुँह लगा दिया आवर कमर उठा कर चाटने लगा





सूर्य .....उम्म्म्म ऐसे चूस साली कुटिया अपने मालिक का लैंड

अह्हह्ह्ह्ह

मेरी कुटिया तेरी छूट तो बड़ी टेस्टी है दे उम्म्म्म. अह्ह्ह्हह मुच्छ मुकच्छ मज़ा आ गया रंडी

कुछ देर अच्छे से छूट चूसने से प्रिय ने अपनी छूट का पानी सूर्य को पिलाया तब सूर्य ने भी अपने लैंड से निकली धार प्रिय के गले में उतर दी

प्रिय जल्दी से कड़ी हुए आवर सूर्य को बीएड पे धोखा दे कर उसके मुँह पे अपनी छूट रगड़ने लगी

मनो आज सालो की नज़र निकल ने वाली हो





सूर्य अपनी जइब निकल निकल कर चाटने लगा

प्रिय फिर से सूर्य के खड़ा हतियार को चाटने लगी





कुछ देर बाद सूर्य प्रिय को अपने

सामने लिया देता है

सूर्य .....मेरा रंडी सपना त्यार है हाउ जा आज तेरी छूट का बॉदा बनाई दुगा साली कुटिया

सूर्य आज कानो अपने होशो हवश में हे न हो

प्रिय भी अब आवर बर्दास्त नहीं कर प् रहे थे

उसने अपने रेंज छोड़ी की आवर लेट गई बीएड पे





सूर्य अपने लैंड को अच्छे से त्यार करके

प्रिय की छूट पे जिसने लगा

प्रिय का पूरा सरीर कपङे लगा दर या मज़े से

प्रिय .......सेल क्यों तड़पता है दाल दे अपनी माँ की छूट में

सूर्य .... चुप कर साली रंडी कबि तू मेरी माँ थी अभी बीबी काम रंडी खड़ा है सपना रंडी

आवर इसी के साथ प्रिय की छूट में सूर्य का लैंड जा गुस्सा सरसराता हुआ

प्रिय .......अह्ह्ह्हह्हह माँ मादरचोद ने माआर दिया रे

सूर्य ने बिना कोई रहम किये एक आवर जतका मारा जिस से बचा हुआ लैंड भी छूट को चीरता हुआ सीधा

बच्चेदानी पे लगा

प्रिय के नाख़ून सूर्य के पीठ में जा गुस्स आवर सूर्य के पितय से खूब निकल ने लगा





प्रिय कुछ देर चिक्ति चिलाती रहे

पैर सूर्य किसी बे लगाम घोड़े के जैसे प्रिय के सरीर को रौंदने लगा

जगह जगह पे प्रिय के सरीर को करने लस्ग

प्रिय .....उम्म्म्म. अह्ह्ह्हहब आवर जोर से छोड़ अपनी रंडी को अह्ह्ह्हह्हह ऐसे हे फाड् मादरचोद

सूर्य ........उम्म्म्म. अह्ह्ह्हह रंडी खड़ा न बोल मादरचोद नहीं तो साली की गांड उफ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ब्हहहबही फाड् डालूंगा





सूर्य .....उम्म्म्म मज़ा आ रहा न मेरी कुटिया

आज पूरी रात तुम्हारी छूट का बॉदा बनाऊंगा मैं

प्रिय .....रोका उफ्फफ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह किसने है मादरचोद

उम्मम्मम फाड् दे अपनी सपना की छूट को

प्रिय बोलते हुए हे जड़ने लगी

सूर्य ने प्रिय को पलट कर घोड़ी

बनाया





आवर प्रिय की फटी हुए छूट में सूर्य ने एक हे बार में पूरा लैंड पीछे से छूट में उतर दिया

प्रिय. .....उम्म्म्म.. अह्ह्ह्हह्हह मेरी जान

ऐसे हे फाड् फाड् कर अपनी सपना की छूट को खोल दे

सूर्य बिना कुछ सुने प्रिय को सपना समाज कर जी जान से चोदे रहा था





उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह सपना तू बड़ी गरम रंडी है

प्रिय .....तू कोनसा काम है मादरचोद

छूट तो ऐसे फाड् रहा है जैसे कोई आखरी छूट है

सूर्य देखे मैट हुए

सूर्य .......नहीं मेरी रंडी उम्म्म्म बस आज मज़ा कुछ खड़ा हे आ रहा है

सूर्य अब झड़ने के करीब आ गया था

जैसे जैसे सूर्य झड़ने के करीब पंहुचा रहा था उसकी

चुदाई की स्पीड भी बढ़ गई थी

अभी भी प्रिय की छूट से रुक रुक कर ब्लड की कुछ बुँदे बीएड पे तकप रहे थे

प्रिय के छूट राश के साथ





प्रिय ........आआह्ह्ह्हह सूर्य आवर जोर से उम्म्म्म.. मैं आने वाली हूँ

आवर जोर से चोदे मुझे

सूर्य ....अह्ह्ह्हह मेरी रंडी मेरा भी होनी वाला है

उम्म्म्म उफ्फफ्फ्फ़ अह्हह्ह्ह्ह बोल कहा निकलू

तेरे बोस्डे में या मुँह में उम्म्म्म

प्रिय मेरे मुँह में निकल न मर्डरको अझह्हह्ह्ब्ब्भ मैं गई री सूर्या

सूर्य जल्दी से प्रिय को कड़ी करता है

आवर अपना लैंड उसके मुँह में दाल देता है प्रिय भी

सूर्य के लैंड को मुँह में भर कर चूसने लगती है





कुछ हे देर की लैंड चूसै ने सूर्य को जड़ने पे लगता दिया आवर देखते हे देखते

एक के बाद एक पिचकारी निकल कर प्रिय के फेस आवर मुँह में गिरने लगी





सूर्य ने अपना पानी निकल लिया प्रिय के मुँह आवर फेस पे

आवर अपने कपडे पहने आवर जा कर बीएड पे लेट गया

यही प्रिय ने भी किया उनसे अपनी पंतय आवर ब्रा साली आवर सूर्य से चिपक गई

जैसे हे सूर्य ने प्रिय की आवर देखा अचानक उसकी आँखों के सामने ाण्डेरा चाहने लगा यही प्रिय के साथ हुआ

दोनों हे बेहोश जो चुके थे

तभी प्रिय के बॉडी से एक रेड एनर्जी निकली कुछ देर रूम में गुमने लगी

देखते हे देखते पूरा रूम ठीक जो गया

फिर वो एनर्जी एक साये का रूप लिया लिया

कुछ देर प्रिय आवर सूर्य को देखा

सूर्य के पिट पे लगे ब्लड को ले कर वो साया वह से निकल गया ......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .....

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......

माफी चाहता हु इस अपडेट में केवल सेक्स हे दिया है इस लिया
 
अपडेट. 45

तभी प्रिय के बॉडी से एक रेड एनर्जी निकली कुछ देर रूम में गुमने लगी

देखते हे देखते पूरा रूम ठीक जो गया

फिर वो एनर्जी एक साये का रूप लिया लिया

कुछ देर प्रिय आवर सूर्य को देखा

सूर्य के पिट पे लगे ब्लड को ले कर वो आया वह से निकल गया ......

अब आगे .........

सुबह जब सूर्य उठा तो उसका दर बहुत भरी भरी आ लगा

सूर्य को थोड़ा अजीब भी लगा जब वो सुबह 8 बजे तक प्रिय को अपने बाँहों में लिया सोता रहा

सूर्य के निचे न आने पे �कामिनी हे सूर्य को ऊपर उठाने आयी थी

कामिनी सूर्य को उठा कर चली गई

सूर्य अपनी सोच में गम उघ कर फ्रेश जो कर प्रिय को उठा कर निचे चला गया

कुछ देर बार प्रिय भी आ गयी

इन दोनों को देख कर हे नहीं लग रहा था की रात को किंतना कुछ हुआ था दोनों के बिच

बस प्रिय को अभी भी थोड़ी थकन महसूस होने रहे थी

प्रिय ने सोचा कल इतने गुमने से ये सब हुआ है

सब नास्ता करके निकल गए

�कामिनी काव्य आवर काम्य अपने घर

प्रिय अपने कॉलेज के लिया

रणजीत भी अपने ऑफिस के लिया निकल गया

मधु .....सूर्य बीटा क्या सोच रहे हे तुम

सूर्य ......कुछ नहीं मम्मी वो मुझे भी आज निकल न होगा घर के लिया

मधु .....बीटा इतना भी क्या जल्दी है कुछ दिन तो रुक हे सकते हो न तुम यहाँ

सूर्य .....नहीं मम्मी मेरा भी कॉलेज है आवर कुछ काम भी है मुझे मैं जल्दी हे आता हूँ न आपसे मिलने के लिया

मधु .....अच्छा ठीक है कॉल करते रहना मुझे आवर प्रिय को

सूर्य ....जी मम्मी

madhu.....our इस बार अपनी गफ जिनिशा भी साथ लाना अगर मुझे पसंद नहीं आई तो मैं उसे अपनी बहु नहीं बनाउंगी पहले हे बोल देती हूँ हेहेहे

सूर्य ......वो बहुत खूबसूरत है मम्मी ( सूर्य मोबाइल से पिछ दिखता है )

देखो मम्मी ये है जिनिशा

madhu.....mujhe अपनी बहु पसंद है मेरे बच्ची तो किसी पड़ी जैसे है

कुछ आवर पिछ देखती तभी एक पिछ में सपना सूर्य किरण जिनिशा चारो को देखती है

मधु .....ये बाकि दो कोण है है बीटा

सूर्य .....मम्मी िंक्स नाम किरण आवर सपना है कोण है क्या है ये मैं फिर कभी बताऊंगा अब चलता हूँ

सूर्य मधु से आशीर्वाद ले कर निकल जाता है .....

वही जीनत आज सूर्य के विला जा पहुंची वो थोड़ी गुस्से में आवर परेशान भी थी

सुबह सुबह अपने घर पे जीनत को देख कर सपना खुश हुए

पैर जल्दी हे जीनत की ुदशी आवर गुस्से को भाफ कर सपना ने नार्मल बात करना हे उचित समाज

सपना .. ...आप जीनत आज हमारे यहाँ सुबह सुबह सब खैरियत तो है न

जीनत आज पहली बार मिल रहे थे सपना से सामने सामने

उसको अभी भी नहीं पता था की सपना सूर्य की वाइफ है

वो तो यहाँ जिनिशा से मिलने आये थी

जीनत .....जी वो मुझे कुछ काम था जिनिशा से क्या वो घर पे है

सपना .......अरे पहले बैठो तो सही आवर मुझे बताओ तुम परेशान क्यों हो कोई बात है तो मुझे बता सकती हो

जीनत .....जी वो मुझे सूर्य से मिलना था कुछ बात करनी थी मुझे उनसे

सपना . . .हो तो आ उनसे मिलने आई हो ( क्या मुझे सच बताना चाइये मेरे आवर सूर्य के बारे में )

वो तो अभी यहाँ नहीं है वो क्सक्सक्स सहर गए है कल सुबह हे

तभी जिनिशा भी वह आती है

जिनिशा ....अरे वह क्या बात है जीनत मेम आप आवर वो भी सुबह सुबह यहाँ पे

सपना ......ये उनसे मिलने आयी है सायद कुछ काम है इनको उनसे

जिनिशा .....ओह्ह पैर सरताज तो बहार है अभी भी

जीनत ...( ये बार बार सूर्य को उनसे कब कर क्यों बोल रहे है मुझे जिनिशा से अकेले में बात करनी होंगी )

जीनत .....जिनिशा क्या हम कुछ देर अकेले में बात कर सकता है

जिनिशा ......है क्यों नहीं पैर आप किस बारे में बात करना चाहती है

जीनत सपना की आवर देखती है

जिनिशा ......don't वोर्री जीनत मेम आप दीदी के सामने बोल सकती हो इस घर में या कोई भी बात दीदी से नहीं छुपाई जाती

जीनत कुछ देर सोच में पद जाती है

जीनत कुछ सोच कर बोलना हे ठीक समजा

जीनत ......मुझे सूर्य के बारे में तुमसे कुछ पूछना था पैर तुम बुरा नहीं मन्ना जो भी मैं बोलने वाली हूँ

ये आपको थोड़ा अजीब लगेगा पैर मुझे किसी से तो इस बारे में बात करनी थी तो मैंने सोचा तुम से बेहतर कोण जनता है सूर्य को तुम उसकी गर्लफ्रेंड हो तुम्हे तो सब पता हे होगा

जिनिशा .....जीनत मेम मुझसे बेहतर दीदी उनको जानती है

खेर छोड़ो आप जो बोलना चाहती हो वो बोलिये

जीनत ......तुम आवर किरण सूर्य की गफ हो आवर सायद मोनिका आवर मनीषा भी है

मैंने मॉल में भी 2 लड़कियों से मिली हूँ तानिया आवर हिना से वो भी सायद सूर्य की गफ है

जिनिशा ......तो क्या उस से कोई फरक पड़ना चाइये जीनत मेम प्यार किसी से भी कभी भी हो सकता है

जीनत ......प्यार के नाम पे हवस होती है आजकल जिनिशा

जीनत की बात सुन कर जिनिशा आवर सपना को गुस्सा आने लगता है

जिनिशा कुछ लगती उस से पहले हे सपना ने जिनिशा को मंद में shan't रहे को बोलना पड़ा

जिनिशा एक बार सपना की तरफ देखा फिर चिप कर सुनती रहे

सपना ......आपको क्यों लगता है की वो किसी से प्यार नहीं करते आवर सर्फ अपनी हवस के लिया गफ बनाते है

जीनत .....क्युकी कुछ दिन पहले हे उन्होंने मुझसे अपने प्यार का इजहार किया था

जबकि उसकी पहले से कितनी गफ है कॉलेज में भी उसके एक लड़की के साथ सम्बंद बनाये थे

सपना .....है मैं जानती हूँ उसका नाम मोनिका है आवर वो आपके हे कॉलेज में हे उनकी मैडम की छोटी बाँहों है

आवर रही बात आपकी तो है मुझे ये भी पता है उन्होंने आपसे अपने प्यार का इजहार किया था आवर आपने क्या जबाब दिया था

वो मुझसे या जिनिशा से कुछ भी नहीं छुपाते है

जीनत के तो होश हे ुध गए सपना के ऐसे खुलासे से

जीनत ......क्याआ फिर आप कैसे कब सकती हो की वो हवस नहीं प्यार करता है

जिनिशा ......क्युकी खुद से उनसे किसी को अपनी गफ नहीं चुनी है

मोनिका मनीषा मैं किरण दीदी जितनी भी उनकी गफ है खुद से उन्होंने सरताज को पर्पस किया है

आपको भी इस लिया पर्पस किया था क्युकी वो आपसे प्यार करते है आप खुद नहीं जानती की कब आप उनसे प्यार करने लगी थी

खुद आप उलझ कर रह गयी हो

आपको खुद नहीं पता आप सरताज को चाहती हो बस एक्सेप्ट नहीं कर प् रहे हो

जीनत ......है मैं प्यार करती हूँ सूर्य से लेकिन इतनी गफ के होती हुए कैसे एक्सेप्ट कृ

सपना ......फिर तो आप उनको भूल हे जाये क्युकी वो किसी भी छोड़ कर

अकेले आपके नहीं हो सकते है

उनकी लाइफ में आवर भी लड़किया आएँगी जिनको वो एक्सेप्ट करेंगे हे करेंगे

जीनत .......नहीं नहीं मैं कैसे ऐसे इंसाने को प्यार कर सकती हूँ

जिनिशा ......ये आपको सोचना है मेम

जीनत वह से अपनी नाम आँखे किये अपने घर चल दी

आवर अपने रूम में पहुंच कर अपने हे रूम का समाज तोड़ने लगी

जीनत ......सूर्य सर्फ मेरा है मैं उसे किसी आवर के साथ नहीं देख सकती

तभी उसकी आँखों के सामने कल रात का सीन चलने लगता है

जीनत गुस्से में पागल होने लगती है

उसकी पूरी आँखे लाल हो चुकी थी

( कल रात क्या देखा जीनत ने वो देखने के लिया थोड़ा पीछे चलते है )

अभी जीनत खाना खाया कर लेती हे थी की तभी उसको

बहुत ज्यादा गब्रहत होने लगी

जीनत जल्दी से उठ गई

जीनत ......ये मुझे क्या जो रहा मेरा दिल इतना क्यों गबरा रहा जैसे कुछ गलत होने वाला है

जीनत अपने रूम से निकल कर सना आवर अपनी सा का रूम चेक करती है जो दोनों आराम से सोई थी

जीनत .....लगता है कुछ वहां हुआ है या फिर कुछ गलत खाना खाया लिया होगा

जीनत नींद के टेबलेट खड़ा कर फिर से सो जाती है

जीनत को कुछ देर में नींद आ जाती है

जीनत सोये हुए सपने में देखती है

की सूर्य किसी लड़की के साथ पूरा नंगी लेता हुआ है आवर उसके साथ दरिंदो के जैसे सेक्स कर रहा है

वो लड़की रोटी चीखती छाती है पर सूर्य कोई रहम नहीं करता है

है बार बार सूर्य उसका बलात्कार करता हुवा दिखाए देता है

जीनत बहुत कोसिस करती है किन्तु वो सूर्य को रोक नहीं पति है

आखिर में वो लड़की मर जाती है

जिसे देख जीनत जोर से चीखते हुए उठा जाती है

सपना एंड ....

जीनत जैसे जैसे रात वाला सपना खुली आँखों से देखती है उसको सूर्य से नफरत सो होने लगती है

उसे खुद पे गुस्सा आने लगता है की क्यों सूर्य जैसे हवसी से उनसे प्यार किया

जिनलोक ....

यहाँ जिनलोक में एक गुप्त कक्ष में गुरुदेव ( परीलोक के राजगुरु ) बैठे थे

तभी उनके सामने किसी का अक्ष उबरता है

अक्ष .....कैसे हो बड़ा भाई क्यों इतने परेशान जो हाहाहा

गुरुदेव ......ये तुमने अच्छा नहीं किया किसी निर्दोष के हाथो पाप करवाया है तुमने उसकी सजा तुम्हे अवस्य मिलेगी चांडाल

चांडाल .......ये तो वक़्त हे बताएगा की किसको सजा मुलती है आवर किसको नहीं

गुरुदेव ......तुम्हारे मनसूबे मैं कभी सफल नहीं होने दूंगा तुम भूल रहे हो अब उसके साथ उसकी सकती है जिसने चले तुम उसका कुछ भी नहीं बिगड़ पाओगे समजे

चांडाल ......हाहाहा मैं कुछ नहीं करूंगा मैं तो यहाँ पे हूँ भी नहीं

आवर नहीं मुझे जिनलोक आने की आव्सय्कता है मेरे बड़े भाई

मैंने अपना मायाजाल रच दिया है

बचा सकते hi तो बचा लो अपने जिनलोक आवर अपने प्यारे होने वाले राजा ...सूर्य शिव ठाकुर ..को हाहाहाहा

चांडाल का अक्ष वह से गायब hi गया

गुरुदेव फॉर अनर्थ हो गया है

उसको पता चल चूका है की जिनलोक आवर प्रेतलोक की सकती या सूर्य के पास है

आवर इस वक़्त सूर्य के पास न जिनलोक आवर न प्रेतलोक की पूर्ण सकती है

मुझे शीघ्र हे उनको यहाँ लाना होगा

नहीं तो सब कुछ तबाह जो जायेगा

मुझे राजन से बात करनी होंगी तीनो लुक के

कुछ देर बाद एक बंद ओक्स में जिनलोक के राजा. प्रेतराज

सॉरी दोस्तों अपडेट आड़े में हे पोस्ट हो गया
 
बाकि का अपडेट लिख कर पोस्ट करता हूँ अभी कुछ टाइम बाद
 
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