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- Dec 5, 2013
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अपडेट. 37
मोनिका .....आवर वो कोण है भाबी
सपना .....तुम्हारी सबसे छोटी मामी कामिनी देवी
उसकी प्रॉब्लम अलग है जिसके चलते आपको उनके साथ सम्बन्ध रखना होगा
सूर्य .....ठीक है अब से जो भी फॅमिली मटर होगा तुम देखेगी मैं बस सपोर्ट करूँगा
सूर्य सबको किश करके वह से बुआ के घर जाता है आवर सब कुछ ठीक कर के कॉलेज निकल जाता है.....
अब आगे .........
कुछ दिन सूर्य सबके साथ फॅमिली टाइम बिता ता है
आज संडे था सूर्य आज कामिनी चची से मिलने के बारे में सपना से बात करना चाहता था
सुबह सब नास्ते पे बैठे थे
जिनिशा ......जान हमें जिनलोक के लिया कब निकलना है
सूर्य .....जब तुम्हे ठीक लगे तक चल देंगे पैर मैं कुछ आवर सोच रहा हूँ
सपना ......ऐसा क्या सोच रहे हो जान जरा हमें भी तो पता चले
मोनिका .....आवर क्या सोच रहा होगा कामिनी चची को पटाने के अलावा ठरकी कही का हेहेहे
सूर्य .....अच्छा तो सुबह सुबह अपने पति की तंग कीच रहे हो मोनिका डार्लिंग
मोनिका ... .मर इतना भी हवा में न उधो की पता भी न चले हवा किस आवर से निकल जाये पति अभी बने नहीं हो क्यों जीनु डार्लिंग
जिनिशा .....मुझे मत फसाओ आप इन सब में आप जानो आवर सरताज जाने
किरण जो कब से खामोश इन सब की बाते सुन रहे थी उसके दीमक में कुछ आवर हे खुरापात चल रहे थी
kiran.....sweetu भाई मैं क्या कह रही थी
सपना ......इतना माखन क्यों लगा रहे हो स्वीटी
मनीषा .....हेहेहे भाबी लगता है सूर्य की बेंड बजने वाली है
किरण .....ऐसा कुछ नहीं दीदी वो तो मैं भाई से कुछ बात करनी थी तो ऐसे हे बोल दिया वैसे भी भाई है बहुत स्वीट
( सूर्य लगता है आज फिर ये कुछ कांड करने वाली है निकल ले बीटा दो बार सबके सामने पेण्ट उतर चुकी है तेरी )
सूर्य .....स्वीटी अभी मुझे काम है मैं बाद में मिलता हूँ
अभी सूर्य उठा हे था की किरण ने अपने बह्रमास्त्र छोड़ दिया सूर्य पे
बिचारा सूर्य जिस पोजीशन में खड़ा था वही स्टैचू बन गया
सिर्फ पल्ले जपकाने के अलावा कुछ भी नहीं कर सकता था
सूर्य सपना मंद तो मंद
सूर्य ......जान प्लीज बचाओ मुझे इस से ये फिर से मुझे नंगा न कर दे सबके सामने
सपना .....स्वीटी अपने जादू से इनको आज़ाद करो ये कही नै जा रहे है तुम जो चाहती हो मैं वादा करती हूँ तुम्हारे बात पूरी होगी
सूर्य ....गई भेष पानी में
सपना ....( मंद ) क्या मतलब है आपका गई भेष पानी में से
किरण सूर्य पे से जादू हटा थी है
सूर्य .......देख स्वीटी तू जो भी सोच रहे है उस में बहुत टाइम है अभी
किरण .......हेहेहे अब आप कुछ नहीं कर सकते हो मेरी जणू
स्वीटू फ्यूचर हस्बैंड काम भाई हेहेहे
सूर्य सपना की आवर देखता है सपना को भी कुछ गलत होने का अंदेशा होने लगता है जैसे उसने वडा करके कुछ गलत कर दिया हो
सूर्य .....ठीक है बोलो तुम जो भी बोलना चाहती हो मुझे कुछ कुछ तो अंदाज़ा है फिर भी तुम हे कहो जो कहना चाहती हो
किरण .....मुझे भी भाई के साथ
इंगेजमेंट करनी है जिनलोक में में जिनिशा भाबी के साथ
सबके कानो में एक साथ दमका हुआ
सूर्य ने तो अपनी आँखे हे बंद कर ली थी
सपना जिनिशा ...क्याआआ ये तू क्या बोल रहे है
किरण .....हेहेहे वही जो सच है क्यों मैं इंगेजमेंट नहीं कर सकती क्या
अभी जिनिशा कुछ बोलने वाली थी की सूर्य ने उसको इसारे से रोका
सूर्य ......स्वीटी क्या तुम ये नहीं चाहती के मैं तुम्हे दिल से अपनौ
किरण (मैश हो कर )....भाई आप ऐसा क्यों बोलते हो मैं तो हमेशा आपके साथ रहने के लिया ये सब कर रहे हूँ
सूर्य ......स्वीटी भले हे मैंने अब मंद पड़ना बंद कर दिया तुम सबका लईकिन तुम्हारे मन में जो भी चलता है वो मुझसे नहीं छुपा है
तुम्हे जो दर है वो जायज नहीं है
सपना बिच में हे बोल पड़ती है
सपना .....कैसा दर जान स्वीटी को किस बात का दर है
सूर्य ......मुझे खोखो देने का दर घर कर गया है स्वीटी को
क्या तुम्हे पता है सपना पिछले 2 रातो से ये हर रोज तुम्हारे सोने के बाद हमारे रूम में आती है चुप कर
सपना .....ये आप क्या बोल रहे हो मैंने तो कभी भी नहीं देखा
सूर्य .....क्युकी तुम पहले हे सो जाती थी जिसमे भी स्वीटी का हे हाथ था
जिनिशा .....है दीदी ये सच बोल रहे है स्वीटी पिछले 2 रातो से आपके सोने के बाद इनके पास कुछ वक़्त बिता कर हे सोती है
सपना .....ऐसा क्यों स्वीटी आवर तुम्हे किश बात का दर स्वीटी
सूर्य नाम आँखों से किरण की आवर देखता है जिसकी आँखे भी किसी भी पल अपने सबर का बंद तोड़ सकती थी
सूर्य .........क्युकी इसके दर की सभा हम दोनों है जान
हम दोनों अपने उस पुराने रिश्ते को भुला कर बहुत आगे निकल गए
पैर साथ में हम अपने बड़े होने की जिम्मेदारी भी बुल गए
सपना किरण को गले लगा लेती है बस किरण ने अब तक जो तूफान अपने अंदर दफ़न कर चेहरे पे मुस्कान का मुखौटा पहन रख्खा था वो टूट गया किरण फुट फुट कर रोने लगे
जितने भी वह मौजूद थे सबकी आंको में इस वक़्त आंसू बाह रहे थे
सूर्य वह से उठ कर किरण को अपने सीने से चिपका लेता है आवर रोटी हुए
सूर्य ......सॉरी मेरी गुड़िया मुझे माफ कर दे डेरा भाई बहुत बुरा है हो सके तो आखरी गलती समाज कर माफ कर दे
किरण .....नहीं भाई आप सॉरी मत बोलो मुझे बस मेरा वही प्यारा भाई चाइये जो सुबह से साम तक अपनी छोटी के साथ हर पल हर वक़्त रहता था प्यार करता था
मुझे नहीं चाइये कोई भी बड़ा घर बड़ी कार ये सक्रिय मुझे बस मेरा प्यारा भाई आवर मेरी माँ चाइये
सपना ......मुझे नहीं पता था मैंने कितने बड़ी गलती कर दी कैसे माँ हूँ मैं जो अपनी बच्ची के दर्द को हे न देख पाई
सबके दिल में दर्द उठ रहा था जब किरण के छुपे जख्मो से पर्दा उठा
सब को बस यही लगता था की सिर्फ आवर सिर्फ एक चुलबुली लड़की है जिसे सिर्फ मस्ती करने मतलब है किसी ने उस मुस्कुराते चेहरे के पीछे छुपे दर्द को नहीं समजा
surya.....isssssss बस छोटी आज के बाद कभी तुम्हारे आँखों में आंसू नहीं आने देगा तेरा ये भाई
किरण .......मैं छोटी नहीं हूँ समजे आप बड़े आये छोटी कहने वाले भूल गए मैं आपकी कोण हूँ
सूर्य .....सेकंड लास्ट छोटी वाइफ
किरण ने ये कुछ ऐसे अंदाज़ में बोलै की जिनके आँखों में अभी आंसू थे जहा दुनिया भर के दुःख दर्द थे
वही आंसू तो अभी भी थे पैर चेहरे पे वो मुस्कान लौट आयी थी जो हमेशा किरण के चुलबुली मस्ती मज़ाक से रहती थी
जिनिशा. .....स्वीटी मेरी बहन तुम्हारी इंगेजमेंट मेरे साथ हे होगी आवर तुम्हे जिनलोक की राजकुमारी का पढ़ पे प्राप्त होगा मैं ये वाच.......
अभी जिनिशा अपनी बात पूरी करती उस से पहले हे किरण ने जिनिशा को स्टैचू कर दिया अपनी पावर से
किरण .....जीनु भाबी डार्लिंग ऐसा सोचना भी नै वचन देना तो दूर की बात है
सूर्य .....स्वीटी उम्म्म्मः मेरी प्यारी गुड़िया अपनी भाबी से जादू हटाओ
किरण ......आ गए जोरू के गुलाम हुकुम बजने
किरण जिनिशा पे से जादू हटा देती है
जिनिशा .....स्वीटी तुम्हारा जादू मुझपे कैसे काम कर गया
तभी मोनिका आवर मनीषा को छोड़ कर गुरुदेव की आवाज गुंजी चारो में मंद में
गुरुदेव ......क्युकी किरण बिटिया को सकती भले हे जिनलोक से मिली है पर उसका प्यार अपने भाई के लिया इतना गहरा जिसके चलते इसके पावर राजकुमारी आप पे भी प्रभाव डालती है
सूर्य .....क्या मतलब गुरुदेव जिनिशा तो जिनलोक के सकती केंद्र( मुख्या स्टॉर्ट ) से जुडी है
जिनलोक के किंग के बाद सबसे पावरफुल जिनिशा हे तो है
गुरुदेव .....उचित कहा सूर्य पुत्र किन्तु तुम भूल रहे हो अब जिनलोक के भावी राजा तुम हो
तुम जितने सकती साली बनोगे उतनी हे पावरफुल किरण होगी
एक वक़्त बाद वो तुम्हारे समकक्ष होगी सकती आवर ताकत में
सपना ....ऐसा क्यों गुरुदेव
गुरुदेव ......भविस्य में क्या होगा अभी से जान कर वर्तमान को ख़राब नहीं करना चाय
सूर्य ....क्या मतलब गुरुदेव
गुरुदेव ......समय आने पे हर परसन का उत्तर मिलता है पुत्र बस इंसान को धैर्य नहीं खोना चाइये
surya......ji गुरुदेव समाज गया मैं आने वाले कल को सोच कर अपना आज तो ख़राब नहीं करना चाइये भविष्य ने अपने घराब में क्या क्या छुपा रखा है वो तो भविष्य हे जाने
गुरुदेव ......सत्य वचन पुत्र सूर्य
आवर पुत्री किरण तुम्हे चिंतित होने की कोई आव्सय्कता नहीं तुम्हारा विवाह सूर्य से होगा पैर जिनलोक में नहीं पुत्री किसी आवर लोक में
किरण ......गुरुदेव मुझे मेरा भाई मिल गया मेरा प्यार मुझे आवर कुछ नहीं चाइये आपने जो सकती मुझे दी है मैं उन्हें लौटना चाहती हूँ
गुरुदेव .....ये संभव नहीं है पुत्री
आवर जो तुम्हारा है तुम्हे अवश्य मिलेगा पुत्री अपने मन में छाए दर से खुद को अमज़द करो
किरण .....जी गुरुदेव
सूर्य .....गुरुदेव हमें जिनलोक के लिया कब निकलना है
गुरुदेव .......उचित समय पे मैं सवयं तुम्हे लेने आऊंगा पुत्र किन्तु तुम्हे अपनी सभी बहनो को जिनलोक जाने के लिया
सपना ...पैर गुरुदेव ये कैसे संभव है
गुरुदेव ......जिनको सूर्य की सचाई पता है उनको कोई प्रोब्लेम्स नहीं होगी किन्तु जिनको सचाई नहीं पता है उनको अपने साथ लेन का कार्य जिनिशा को करना होगा
सूर्य के होने वाली सभी पत्नियों का वह होना जरूरी है
सूर्य ......ठीक है गुरुदेव
गुरुदेव ......ठीक बच्चो इस्वर तुम सबकी मनोकामना पूर्ण करे
सबने जब मोनिका आवर मनीषा की आवर देखा तो वो दोनों इन चारो को हे मुँह फाडे देख रहे थी
मोनिका ......तुम चारो को हुआ क्या था
सपना ....क्या मतलब मोनिका
मोनिका .....मेरा मतलब आपके फेस ऐसे क्यों बदल रहे थे जैसे आप किसी से बात कर रहे हो आँखों हे आँखों से
किरानी .....ऐसा कुछ नहीं है दीदी डार्लिंग चलो सब नास्ता करो
जिनिशा .....जान मैं क्या कहती हूँ क्यों न हम घर में जो जादू प्रयोग करते है उसको बंद कर दे
मैं चाहती हूँ मैं हर वो काम दीदी के साथ कृ जो आम इंसान की बीबी अपनी पति के लिया करती है
सूर्य .....है जिनिशा ये तुमने ठीक कहा जो स्वाद प्यार से बनाए खाने में होता एक बहन के एक बीबी के हाथो बने खाने में जो स्वाद जो प्यार की मिठास होती है वो अनमोल होती है
सपना ......जब हम जंगल में रहते थे तब जो खाने में स्वाद आता था वो इस जादुई खाने में बिलकुल भी नहीं आता
जिनिशा ......आज से घर की सफाई को छोड़ कर बाकि सब काम मैं आवर दीदी करेंगे घर में
सूर्य .......ठीक है मैं बुआ के घर जा रहा हूँ जिनिशा तुम लग जाओ अपने काम पैर कैसे मेरी बाकि बहनो को जिनलोक के लिया त्यार करना है
sapna.....main भी चालू क्या बुआ के पास
सूर्य .....क्यों नहीं तुम्हे कोण मन करने वाला है जान पैर मैं जल्दी हे निकल जाऊंगा वह से
सपना .....ok वैसे कहा जा रहे हो आप
सूर्य .....वो आज हिना के यहाँ लंच पे बुलाया है हिना ने
किरण .....फिर तो मैं भी चलूंगी आपके साथ
सूर्य .....ठीक है स्वीटी
जिनिशा वह से गायब हो गई लग गई अपने मिशंस पे
सूर्य किरण सपना मोनिका मनीषा को ले कर 2 कार से निकल गया बुआ के घर ..........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ...........
मोनिका .....आवर वो कोण है भाबी
सपना .....तुम्हारी सबसे छोटी मामी कामिनी देवी
उसकी प्रॉब्लम अलग है जिसके चलते आपको उनके साथ सम्बन्ध रखना होगा
सूर्य .....ठीक है अब से जो भी फॅमिली मटर होगा तुम देखेगी मैं बस सपोर्ट करूँगा
सूर्य सबको किश करके वह से बुआ के घर जाता है आवर सब कुछ ठीक कर के कॉलेज निकल जाता है.....
अब आगे .........
कुछ दिन सूर्य सबके साथ फॅमिली टाइम बिता ता है
आज संडे था सूर्य आज कामिनी चची से मिलने के बारे में सपना से बात करना चाहता था
सुबह सब नास्ते पे बैठे थे
जिनिशा ......जान हमें जिनलोक के लिया कब निकलना है
सूर्य .....जब तुम्हे ठीक लगे तक चल देंगे पैर मैं कुछ आवर सोच रहा हूँ
सपना ......ऐसा क्या सोच रहे हो जान जरा हमें भी तो पता चले
मोनिका .....आवर क्या सोच रहा होगा कामिनी चची को पटाने के अलावा ठरकी कही का हेहेहे
सूर्य .....अच्छा तो सुबह सुबह अपने पति की तंग कीच रहे हो मोनिका डार्लिंग
मोनिका ... .मर इतना भी हवा में न उधो की पता भी न चले हवा किस आवर से निकल जाये पति अभी बने नहीं हो क्यों जीनु डार्लिंग
जिनिशा .....मुझे मत फसाओ आप इन सब में आप जानो आवर सरताज जाने
किरण जो कब से खामोश इन सब की बाते सुन रहे थी उसके दीमक में कुछ आवर हे खुरापात चल रहे थी
kiran.....sweetu भाई मैं क्या कह रही थी
सपना ......इतना माखन क्यों लगा रहे हो स्वीटी
मनीषा .....हेहेहे भाबी लगता है सूर्य की बेंड बजने वाली है
किरण .....ऐसा कुछ नहीं दीदी वो तो मैं भाई से कुछ बात करनी थी तो ऐसे हे बोल दिया वैसे भी भाई है बहुत स्वीट
( सूर्य लगता है आज फिर ये कुछ कांड करने वाली है निकल ले बीटा दो बार सबके सामने पेण्ट उतर चुकी है तेरी )
सूर्य .....स्वीटी अभी मुझे काम है मैं बाद में मिलता हूँ
अभी सूर्य उठा हे था की किरण ने अपने बह्रमास्त्र छोड़ दिया सूर्य पे
बिचारा सूर्य जिस पोजीशन में खड़ा था वही स्टैचू बन गया
सिर्फ पल्ले जपकाने के अलावा कुछ भी नहीं कर सकता था
सूर्य सपना मंद तो मंद
सूर्य ......जान प्लीज बचाओ मुझे इस से ये फिर से मुझे नंगा न कर दे सबके सामने
सपना .....स्वीटी अपने जादू से इनको आज़ाद करो ये कही नै जा रहे है तुम जो चाहती हो मैं वादा करती हूँ तुम्हारे बात पूरी होगी
सूर्य ....गई भेष पानी में
सपना ....( मंद ) क्या मतलब है आपका गई भेष पानी में से
किरण सूर्य पे से जादू हटा थी है
सूर्य .......देख स्वीटी तू जो भी सोच रहे है उस में बहुत टाइम है अभी
किरण .......हेहेहे अब आप कुछ नहीं कर सकते हो मेरी जणू
स्वीटू फ्यूचर हस्बैंड काम भाई हेहेहे
सूर्य सपना की आवर देखता है सपना को भी कुछ गलत होने का अंदेशा होने लगता है जैसे उसने वडा करके कुछ गलत कर दिया हो
सूर्य .....ठीक है बोलो तुम जो भी बोलना चाहती हो मुझे कुछ कुछ तो अंदाज़ा है फिर भी तुम हे कहो जो कहना चाहती हो
किरण .....मुझे भी भाई के साथ
इंगेजमेंट करनी है जिनलोक में में जिनिशा भाबी के साथ
सबके कानो में एक साथ दमका हुआ
सूर्य ने तो अपनी आँखे हे बंद कर ली थी
सपना जिनिशा ...क्याआआ ये तू क्या बोल रहे है
किरण .....हेहेहे वही जो सच है क्यों मैं इंगेजमेंट नहीं कर सकती क्या
अभी जिनिशा कुछ बोलने वाली थी की सूर्य ने उसको इसारे से रोका
सूर्य ......स्वीटी क्या तुम ये नहीं चाहती के मैं तुम्हे दिल से अपनौ
किरण (मैश हो कर )....भाई आप ऐसा क्यों बोलते हो मैं तो हमेशा आपके साथ रहने के लिया ये सब कर रहे हूँ
सूर्य ......स्वीटी भले हे मैंने अब मंद पड़ना बंद कर दिया तुम सबका लईकिन तुम्हारे मन में जो भी चलता है वो मुझसे नहीं छुपा है
तुम्हे जो दर है वो जायज नहीं है
सपना बिच में हे बोल पड़ती है
सपना .....कैसा दर जान स्वीटी को किस बात का दर है
सूर्य ......मुझे खोखो देने का दर घर कर गया है स्वीटी को
क्या तुम्हे पता है सपना पिछले 2 रातो से ये हर रोज तुम्हारे सोने के बाद हमारे रूम में आती है चुप कर
सपना .....ये आप क्या बोल रहे हो मैंने तो कभी भी नहीं देखा
सूर्य .....क्युकी तुम पहले हे सो जाती थी जिसमे भी स्वीटी का हे हाथ था
जिनिशा .....है दीदी ये सच बोल रहे है स्वीटी पिछले 2 रातो से आपके सोने के बाद इनके पास कुछ वक़्त बिता कर हे सोती है
सपना .....ऐसा क्यों स्वीटी आवर तुम्हे किश बात का दर स्वीटी
सूर्य नाम आँखों से किरण की आवर देखता है जिसकी आँखे भी किसी भी पल अपने सबर का बंद तोड़ सकती थी
सूर्य .........क्युकी इसके दर की सभा हम दोनों है जान
हम दोनों अपने उस पुराने रिश्ते को भुला कर बहुत आगे निकल गए
पैर साथ में हम अपने बड़े होने की जिम्मेदारी भी बुल गए
सपना किरण को गले लगा लेती है बस किरण ने अब तक जो तूफान अपने अंदर दफ़न कर चेहरे पे मुस्कान का मुखौटा पहन रख्खा था वो टूट गया किरण फुट फुट कर रोने लगे
जितने भी वह मौजूद थे सबकी आंको में इस वक़्त आंसू बाह रहे थे
सूर्य वह से उठ कर किरण को अपने सीने से चिपका लेता है आवर रोटी हुए
सूर्य ......सॉरी मेरी गुड़िया मुझे माफ कर दे डेरा भाई बहुत बुरा है हो सके तो आखरी गलती समाज कर माफ कर दे
किरण .....नहीं भाई आप सॉरी मत बोलो मुझे बस मेरा वही प्यारा भाई चाइये जो सुबह से साम तक अपनी छोटी के साथ हर पल हर वक़्त रहता था प्यार करता था
मुझे नहीं चाइये कोई भी बड़ा घर बड़ी कार ये सक्रिय मुझे बस मेरा प्यारा भाई आवर मेरी माँ चाइये
सपना ......मुझे नहीं पता था मैंने कितने बड़ी गलती कर दी कैसे माँ हूँ मैं जो अपनी बच्ची के दर्द को हे न देख पाई
सबके दिल में दर्द उठ रहा था जब किरण के छुपे जख्मो से पर्दा उठा
सब को बस यही लगता था की सिर्फ आवर सिर्फ एक चुलबुली लड़की है जिसे सिर्फ मस्ती करने मतलब है किसी ने उस मुस्कुराते चेहरे के पीछे छुपे दर्द को नहीं समजा
surya.....isssssss बस छोटी आज के बाद कभी तुम्हारे आँखों में आंसू नहीं आने देगा तेरा ये भाई
किरण .......मैं छोटी नहीं हूँ समजे आप बड़े आये छोटी कहने वाले भूल गए मैं आपकी कोण हूँ
सूर्य .....सेकंड लास्ट छोटी वाइफ
किरण ने ये कुछ ऐसे अंदाज़ में बोलै की जिनके आँखों में अभी आंसू थे जहा दुनिया भर के दुःख दर्द थे
वही आंसू तो अभी भी थे पैर चेहरे पे वो मुस्कान लौट आयी थी जो हमेशा किरण के चुलबुली मस्ती मज़ाक से रहती थी
जिनिशा. .....स्वीटी मेरी बहन तुम्हारी इंगेजमेंट मेरे साथ हे होगी आवर तुम्हे जिनलोक की राजकुमारी का पढ़ पे प्राप्त होगा मैं ये वाच.......
अभी जिनिशा अपनी बात पूरी करती उस से पहले हे किरण ने जिनिशा को स्टैचू कर दिया अपनी पावर से
किरण .....जीनु भाबी डार्लिंग ऐसा सोचना भी नै वचन देना तो दूर की बात है
सूर्य .....स्वीटी उम्म्म्मः मेरी प्यारी गुड़िया अपनी भाबी से जादू हटाओ
किरण ......आ गए जोरू के गुलाम हुकुम बजने
किरण जिनिशा पे से जादू हटा देती है
जिनिशा .....स्वीटी तुम्हारा जादू मुझपे कैसे काम कर गया
तभी मोनिका आवर मनीषा को छोड़ कर गुरुदेव की आवाज गुंजी चारो में मंद में
गुरुदेव ......क्युकी किरण बिटिया को सकती भले हे जिनलोक से मिली है पर उसका प्यार अपने भाई के लिया इतना गहरा जिसके चलते इसके पावर राजकुमारी आप पे भी प्रभाव डालती है
सूर्य .....क्या मतलब गुरुदेव जिनिशा तो जिनलोक के सकती केंद्र( मुख्या स्टॉर्ट ) से जुडी है
जिनलोक के किंग के बाद सबसे पावरफुल जिनिशा हे तो है
गुरुदेव .....उचित कहा सूर्य पुत्र किन्तु तुम भूल रहे हो अब जिनलोक के भावी राजा तुम हो
तुम जितने सकती साली बनोगे उतनी हे पावरफुल किरण होगी
एक वक़्त बाद वो तुम्हारे समकक्ष होगी सकती आवर ताकत में
सपना ....ऐसा क्यों गुरुदेव
गुरुदेव ......भविस्य में क्या होगा अभी से जान कर वर्तमान को ख़राब नहीं करना चाय
सूर्य ....क्या मतलब गुरुदेव
गुरुदेव ......समय आने पे हर परसन का उत्तर मिलता है पुत्र बस इंसान को धैर्य नहीं खोना चाइये
surya......ji गुरुदेव समाज गया मैं आने वाले कल को सोच कर अपना आज तो ख़राब नहीं करना चाइये भविष्य ने अपने घराब में क्या क्या छुपा रखा है वो तो भविष्य हे जाने
गुरुदेव ......सत्य वचन पुत्र सूर्य
आवर पुत्री किरण तुम्हे चिंतित होने की कोई आव्सय्कता नहीं तुम्हारा विवाह सूर्य से होगा पैर जिनलोक में नहीं पुत्री किसी आवर लोक में
किरण ......गुरुदेव मुझे मेरा भाई मिल गया मेरा प्यार मुझे आवर कुछ नहीं चाइये आपने जो सकती मुझे दी है मैं उन्हें लौटना चाहती हूँ
गुरुदेव .....ये संभव नहीं है पुत्री
आवर जो तुम्हारा है तुम्हे अवश्य मिलेगा पुत्री अपने मन में छाए दर से खुद को अमज़द करो
किरण .....जी गुरुदेव
सूर्य .....गुरुदेव हमें जिनलोक के लिया कब निकलना है
गुरुदेव .......उचित समय पे मैं सवयं तुम्हे लेने आऊंगा पुत्र किन्तु तुम्हे अपनी सभी बहनो को जिनलोक जाने के लिया
सपना ...पैर गुरुदेव ये कैसे संभव है
गुरुदेव ......जिनको सूर्य की सचाई पता है उनको कोई प्रोब्लेम्स नहीं होगी किन्तु जिनको सचाई नहीं पता है उनको अपने साथ लेन का कार्य जिनिशा को करना होगा
सूर्य के होने वाली सभी पत्नियों का वह होना जरूरी है
सूर्य ......ठीक है गुरुदेव
गुरुदेव ......ठीक बच्चो इस्वर तुम सबकी मनोकामना पूर्ण करे
सबने जब मोनिका आवर मनीषा की आवर देखा तो वो दोनों इन चारो को हे मुँह फाडे देख रहे थी
मोनिका ......तुम चारो को हुआ क्या था
सपना ....क्या मतलब मोनिका
मोनिका .....मेरा मतलब आपके फेस ऐसे क्यों बदल रहे थे जैसे आप किसी से बात कर रहे हो आँखों हे आँखों से
किरानी .....ऐसा कुछ नहीं है दीदी डार्लिंग चलो सब नास्ता करो
जिनिशा .....जान मैं क्या कहती हूँ क्यों न हम घर में जो जादू प्रयोग करते है उसको बंद कर दे
मैं चाहती हूँ मैं हर वो काम दीदी के साथ कृ जो आम इंसान की बीबी अपनी पति के लिया करती है
सूर्य .....है जिनिशा ये तुमने ठीक कहा जो स्वाद प्यार से बनाए खाने में होता एक बहन के एक बीबी के हाथो बने खाने में जो स्वाद जो प्यार की मिठास होती है वो अनमोल होती है
सपना ......जब हम जंगल में रहते थे तब जो खाने में स्वाद आता था वो इस जादुई खाने में बिलकुल भी नहीं आता
जिनिशा ......आज से घर की सफाई को छोड़ कर बाकि सब काम मैं आवर दीदी करेंगे घर में
सूर्य .......ठीक है मैं बुआ के घर जा रहा हूँ जिनिशा तुम लग जाओ अपने काम पैर कैसे मेरी बाकि बहनो को जिनलोक के लिया त्यार करना है
sapna.....main भी चालू क्या बुआ के पास
सूर्य .....क्यों नहीं तुम्हे कोण मन करने वाला है जान पैर मैं जल्दी हे निकल जाऊंगा वह से
सपना .....ok वैसे कहा जा रहे हो आप
सूर्य .....वो आज हिना के यहाँ लंच पे बुलाया है हिना ने
किरण .....फिर तो मैं भी चलूंगी आपके साथ
सूर्य .....ठीक है स्वीटी
जिनिशा वह से गायब हो गई लग गई अपने मिशंस पे
सूर्य किरण सपना मोनिका मनीषा को ले कर 2 कार से निकल गया बुआ के घर ..........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ...........






















