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- Dec 5, 2013
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अपडेट ......... 29
एक पल के लिया सूर्य का रूप परिवर्तित हुआ फिर पुनः ( फिर ,से ) सूर्य के वास्तविक रूप में लौट आया
प्रेतराज अपने आँखों में आंसू लिया मुस्कुराते हुए सूर्य के चरणों में आ गिरा
सूर्य फ़ौरन पीछे हैट ते हुए ये आप क्या कर रहे हो पिता जी ..........
अब आगे ...........
प्रेतराज ........वही जो मुझे बहुत पहले कर लेना चाइये था
surya.....main कुछ समजा नहीं आप क्या कहना छह रहे है
प्रेतराज सूर्य का हाथ पकड़ कर देखते है
तो वह उनको कुछ पल के लिया वही सब दिखा जो उन्होंने सूर्य के परवर्तित रूप को देख कर लगा था

कुछ देर बाद प्रेतराज अपनी सेना को ले कर चल दिए प्रेतलोक की आवर
सूर्य आवर उसके परिवार को प्रेतलोक के लिया आमंत्रित करके
दादी ......बीटा सूर्य सब क्या है
तुम सबको वो दिखाए दिए पर मुझे क्यों नहीं
किरण .....दादी डार्लिंग आप भूल रहे है हम सब में कुछ न कुछ पावर्स है
यहाँ पर एक आप हे हो जिनमे कोई भी सुपरनैचरल पावर नहीं है
sapna.....ji आप उनको पिता जी क्यों बोल रहे थे
jinisha.....main पहले बोल देती हूँ मुझसे पहले आप किसी आवर से विवाह नहीं करोगे
किरण ......है भाई छोटी भाबी ठीक बोल रहे है
सूर्य .....ठीक है जैसा तुम कहो
लईकिन मुझे तुम सब को कुछ बताना है
दादी ......ठीक बीटा हम पहले घर चलते है काफी टाइम से हम घर से दूर है
वह सब परेशान होंगे
सूर्य ......ठीक कहा दादी डार्लिंग आपने
दादी .......चुप कर बदमाश अपनी बीबियो को सामने हे अपनी दादी पे लाइन मार रहा है
किरण ......दादी डार्लिंग इतना तो चलता है किसी इसी करनी हो तो कर सकती हो आप हेहेहे
सपना ......स्वीटी
Kiran......sorry माँ सॉरी दादी
सूर्य .......चलो सब घर चलते है
सूर्य सबको घर ले कर पंहुचा
वह सूर्य ने बड़ी बुआ को भी बुला लिया था
सूर्य .....जिनिशा अपने पिता को सन्देश भेजो हम दोनों की मांगनी जल्दी रखे विवाह में टाइम है पैर मांगनी हम अभी कर सकते है
जिनिशा ......क्या सच में आप ये करना चाहते है
या फिर मेरा दिल रखने के लिया ये बोल रहे है आप
सपना .......जिनि पिताजी को सन्देश भेज दो ये सच बोल रहे है
जिनिशा झट से सूर्य के गले लग जाती
सूर्य के पुरे फेस को चूमने चाटने लगती है
एक छोटा से किश करके सपना के सीने से जा लगती है
सपना को जब जिनिशा के रोने का अहसास होता है तब
सपना ......क्या हुआ मेरी गुड़िया को रो क्यों रही हो तुम
क्या तुम्हे सगाई नहीं करनी है
jinisha.......nahi नहीं दी ये ख़ुशी के आंसू है हम जिन कभी नहीं रोटी है
पर आज मेरे सरताज ने मुझे वो ख़ुशी दी है जिसके आगे सब कुछ बे मतलब लगता है
मुझे हमेशा एक दर रहता था दीदी की सरताज मुझे अपनाएंगे या नहीं
इस लिया हे मैंने इनपे सबसे पहले मुझे से विवाह करने का दबाब डाला मुझे माफ कर दे सरताज
surya.....jini जहा प्रेम होता है वह दर नहीं होता
तुम्हारी भावनाये तुम्हे मेरे साथ होते हुए भी मुझसे दूर रखती थी
jinisha......mujhe समां कर दीजिये मुझे आपकी इतनी सदी होने से थोड़ी परेशानी थी की आप हम सब से प्रेम करते है या ये सिर्फ राधा दीदी का सराफ के कारन कर रहे हो
sapna......nahi जिनि ये सिर्फ सराफ के कारन नहीं हो रहा है वो हम से दिल से प्रेम करते है
अगर सराफ को पूरा करना होता तो अपनी मोहिनी सकती से कभी भी पुरे परिवार की लड़किया आवर महिलाये इनके निचे होती
बुआ ......है जिनिशा ये सच मैं खुद तुम्हारे सामने कड़ी हूँ
मैं सूर्य के फूफा के होठ हुए सूर्य से सम्बन्ध बनाये हुए है
किसी को ये केवल आवर केवल हवस लग सकती कित्नु मैं जानती हूँ मैं सूर्य से प्रेम करती हूँ आवर करती रहूंगी
सूर्य ......दादी मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ अगर आपके लिया संभव हो तो
दादी ......बोल मेरे बच्चे क्या कहना है तेरी दादी तेरे लिया कुछ भी करेगी
surya.....dadi क्या मम्मी के गहने आपके पास आज भी मौजूद है
मैं चाहता हूँ की मैं अपनी तरफ से जिनि को कोई भी एक गहना मम्मी का भेट स्वरुप जिनि को दे सकू तो मम्मी का आशीर्वाद भी हमें मिले
कहते हुए सूर्य की आँखों में हलकी नमी आ गयी
सपना ने सूर्य को अपने सीने से लगा लिया
sapna.....isssssss आप कब से इतने कमजोर हो गए
आप तो ऐसे न थे
सूर्य अपने आंसू पूछते हुए दादी के गौड़ में सर रख कर वही सोफे पे लेट जाता है
दादी .....मेरे बच्चे जो बिट चूका है वो बदला नहीं जा सकता है
जो आने वाला भविस्य है उसमे इतनी खुशिया भर दो की बोटा हुआ कल याद भी न रहे
हमें बाईट हुए कल से वही पल संजोने चाइये जिसमे खुशिया हो न की दुख दर्द
मुझे भी अपनी सबसे प्यारी बेटी की बहुत याद आती है
शालिनी सबके नज़रो में सन्ति थरूर की बहु जरूर थी
पैर ये कोई नहीं जनता की वो मेरे सभी बच्चो से भाड़ कर थी मेरे लिया
वो मेरे बेटी थी मेरे अभिमान थी उसकी परछाई हे तुझे बनना है
Bua.....waise कुछ बहने मेरे पास भी है शालिनी भाबी के जो तुम्हारे वाहनों के लिया शालिनी भैणी ने उनके जनम दिन पे उनकी सदी के लिया दिए थे
सूर्य ......नहीं बुआ मैं वो बहने नहीं ले सकता वो गहने माँ ने दीदियो को दिए थे
bua......kyu नहीं ले सकते हो है तो वो भी तुम्हारी हे होने वाली बिबिया
sapna.....nahi बुआ ये थीम बोल रहे है वो भले हे इनकी बीबी बनेगी लेकिन जो मम्मी ने उनके लिए दिया है वो हमेशा उन्ही का रहेगा
दादी ......तू चिंता न कर मेरे बच्चे तुम्हारे माँ के बहुत से बहने है मेरे पास मेरी बेटी के यादे मैंने बहुत संभल कर रख्खी है
साम को सूर्य बुआ को घर चोर्ने के लिया निकल गया घर पे जब दोनों पहुंचे तो
मोनिका आवर मनीषा इतने दोनों बाद सूर्य को देख कर
अपना मुँह फेर लिया सूर्य से
सूर्य समाज गया की दोनों बहुत गुस्सा है उस से
सूर्य ......सॉरी दीदी देखो मैं कान पकड़ रहा हूँ आप कहो तो मुर्गा भी बन जाता हूँ मैं
मनीषा .....हमें आपसे कोई बात नहीं करनी है
आप बहुत बुरे हो आप हम से प्यार नहीं करते
हम आपकी सगी बहने होती तो क्या आप हमारे साथ ऐसा करते
सूर्य को मनीषा की बात सुई की तरह दिल में चुभी
सूर्य की आँखों में आंसू आने लगे
सूर्य भरे हुए आवाज में
surya.....kya सच में आपको ऐसा लगता है
की मैं आप दोनों से प्यार नहीं करता
bua....beta इनकी बातो को दिल पे मत लो ये दोनों पागल है
मनीषा ये क्या तरीका है अपनी भाई से बात करने का
दोनों सूर्य की आँखों में आंसू देख सूर्य के सीने से जा लगी
दोनों भी सूर्य से चिपके हुए सिसक सिसक कर रोने लगी
मोनिका .......सूर्य हम तुमसे बहुत प्यार करते है तुमने न इंटनेट दिन हमसे मिलने की कोसिस की आवर न कोई कॉल किया
मनीषा ......हमें लगा आप हमें प्यार नहीं करते हो इस लिया आप हमसे मिलने नहीं आते
मुझे माफ कर दे मैंने तुम्हारा दिल दुखाया है
सूर्य .....कोई बात नहीं आप दोनों का हक़ बनता है गुस्सा होने का आखिर प्यार जो इतना करती हो
( डेरी से ) वैसे ये आप दोनों का कोनसा प्यार है भाई वाला या लवर वाला
दोनों सूर्य को आवर जोर से काश लेती है
डेरी से दोनों बोलती है वही जो तुम समाज रहे हो
आवर सूर्य के गाल पे किश करके बाग़ जाती है अपने रूम में
बुआ ......इनको क्या हुआ है ये ऐसे क्यों बाघ गई
सूर्य ......हेहेहे कुछ नहीं बुआ डार्लिंग
Bua......bada आया बुआ डार्लिंग वाला वैसे नाईट में रुकेगा न आज बड़ा दिल कर रहा है
सूर्य ......नहीं बुआ घर जाना होगा मुझे आवर इन दोनों को भी ले जा रहा हूँ घर पे
बुआ .....ठीक है जैसे तुम्हारी मर्ज़ी (
)
सूर्य .....डोंट वैरी बुआ डार्लिंग आपकी इच्छा पूरी करके हे जाऊंगा
मैं यहाँ से
बुआ ....सच कह रहा है न तू
सूर्य ....बिलकुल सच मेरी बुआ डार्लिंग उम्म्म्मममः
आप कॉफ़ी बनाओ मई दीदियो को रवाना करता हूँ
बुआ ....ठीक है
सूर्य दोनों के रूम में गुस्स जाता वह का नज़ारा हे कुछ आवर था

मोनिका अभी मिरर के सामने बिलकुल ऐसे हे कड़ी थी इथे ब्रा पंतय में
वही मनीषा बीएड पे लेती हुए टेबलेट मई कुछ कर रहे थी

surya....unu ुहु
मोनिका .....तुम यहाँ क्या कर रहे हो
जल्दी से मोनिका अपनी सरीर पे टॉवल लपेट ते हुए
मोनिका ....बहार जाओ कोई ऐसे भी किसी के रूम आता है क्या बिना नॉक किये
सूर्य .....मुझे क्या पता था अंदर ऐसे खूबसूरत नज़ारा होगा
मोनिका बीएड पे देखती है तो अभी मनीषा कानो में एअरफोन्स डेल वैसे हे ब्रा पंतय में लेती फ़ोन में लगी हुए थी
मोनिका .....छोटी कड़ी हो क्या कर रहे है
सूर्य .....अरे रहने दो न उसको वैसे भी बड़ी खूबसूरत लग रहे है मनीषा
मोनिका आगे बढ़ कर मनीषा पे चादर दाल देती है
तब मनीषा सामने देखती है जहा सूर्य खड़ा मंद मंद मुस्कुरा रहा था
मनीषा .....ये कब आया यहाँ पे
monika....jab तू बीएड पे अध्नंगी पड़ी थी तब
अब जा कर मनीषा को पता चला की वो बीएड पे ब्रा पंतय में पड़ी है
जल्दी से मनीषा ने अपने आपको चादर से कवर करती है
manisha......bhai ये गलत है हम आपकी बहने है
कैसे ऐसा भी आता है क्या अपनी वाहनों के रूम में
सूर्य आगे बढ़ कर मनीषा को चादर सहित गले लगा लेता है
सूर्य .....आप भूल रहे है की हम दोस्त भी है आवर वैसे भी इतना चलता है मनीषा है मुझे नॉक करके आना चाइये था उसके लिया सॉरी
आवर सूर्य हलके से मनीषा के गुलाबी होंटो को चुम लेता है मनीषा की लाइफ का पहिला मेल किश बस मनीषा वही स्टैचू बन कर मुँह फाडे सूर्य को देखती रहे
monika.....suryaaaa ये क्या है वो बहन है तुम्हारे
सूर्य बिना कुछ बोले मोनिका को बहो में भर पे उसको किश करने लगता है
मोनिका की हालत भी कुछ अलग नहीं थी
2 मिंट बाद मोनिका माधोसिंह में सूर्य के होंटो पे टूट पड़ी जो प्यार मोनिका ने अपने दिल में दफ़न कर लिया था वो साडी दीदारे तोड़ कर बहार निकल आया था
मोनिका आवर सूर्य को ऐसे किश करते देख मनीषा अंदर हे अंदर गुस्सा हो रहे थी सूर्य पे
(मनीषा ....मुझे छोटा सा किश आवर दी को कितने देर से चूस रहे हो मैं छोटी हूँ तो क्या हुआ मैं भी तो आपसे प्यार करती हूँ
मुझे कुछ तो करना होगा नहीं तो मैं पीछे हे रह जाउंगी )
मनीषा ने पता नहीं क्या सोचा
अपने सरीर से चादर हटा कर सूर्य को अपनी आवर घुमाया आवर टूट पड़ी सूर्य के होंटो पे

सूर्य भी मनीषा के गले से पकड़ कर मनीषा की जुबान को चूसने लगा
मनीषा का ये ऐसा पहिला किश था जैसे सूर्य कर रहा था वैसे हे मनीषा दोहरा रहे थी
मनीषा कभी सूर्य की जुबान अपने मुँह में भर लेती कभी सूर्य के हॉट चुटी
2 मिंट में हे मनीषा कपट हुए सूर्य के बहो में बिदक हो गयी
अभी भी मनीषा की बॉडी हलके हलके कैंप रहे थी
मोनिका ने जब अपनी आँखे खोली तो सामने मनीषा सूर्य के बाँहों में दिखी
मोनिका ....इसको क्या हुआ है ये यहाँ कैसे ये तो बीएड पे थी न
surya.....aapko देख ये खुद को रोक नहीं पायी आवर आपके जैसे हालत है इसकी भी बस आप पहले ये सब महसूस कर चुकी है
मनीषा का आज फर्स्ट था जब बो रिलेक्स हुए है
मोनिका .......क्याआ
सूर्य ....हेहेहे जरा निचे देखो पता चल जायेगा ...........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......
एक पल के लिया सूर्य का रूप परिवर्तित हुआ फिर पुनः ( फिर ,से ) सूर्य के वास्तविक रूप में लौट आया
प्रेतराज अपने आँखों में आंसू लिया मुस्कुराते हुए सूर्य के चरणों में आ गिरा
सूर्य फ़ौरन पीछे हैट ते हुए ये आप क्या कर रहे हो पिता जी ..........
अब आगे ...........
प्रेतराज ........वही जो मुझे बहुत पहले कर लेना चाइये था
surya.....main कुछ समजा नहीं आप क्या कहना छह रहे है
प्रेतराज सूर्य का हाथ पकड़ कर देखते है
तो वह उनको कुछ पल के लिया वही सब दिखा जो उन्होंने सूर्य के परवर्तित रूप को देख कर लगा था

कुछ देर बाद प्रेतराज अपनी सेना को ले कर चल दिए प्रेतलोक की आवर
सूर्य आवर उसके परिवार को प्रेतलोक के लिया आमंत्रित करके
दादी ......बीटा सूर्य सब क्या है
तुम सबको वो दिखाए दिए पर मुझे क्यों नहीं
किरण .....दादी डार्लिंग आप भूल रहे है हम सब में कुछ न कुछ पावर्स है
यहाँ पर एक आप हे हो जिनमे कोई भी सुपरनैचरल पावर नहीं है
sapna.....ji आप उनको पिता जी क्यों बोल रहे थे
jinisha.....main पहले बोल देती हूँ मुझसे पहले आप किसी आवर से विवाह नहीं करोगे
किरण ......है भाई छोटी भाबी ठीक बोल रहे है
सूर्य .....ठीक है जैसा तुम कहो
लईकिन मुझे तुम सब को कुछ बताना है
दादी ......ठीक बीटा हम पहले घर चलते है काफी टाइम से हम घर से दूर है
वह सब परेशान होंगे
सूर्य ......ठीक कहा दादी डार्लिंग आपने
दादी .......चुप कर बदमाश अपनी बीबियो को सामने हे अपनी दादी पे लाइन मार रहा है
किरण ......दादी डार्लिंग इतना तो चलता है किसी इसी करनी हो तो कर सकती हो आप हेहेहे
सपना ......स्वीटी
Kiran......sorry माँ सॉरी दादी
सूर्य .......चलो सब घर चलते है
सूर्य सबको घर ले कर पंहुचा
वह सूर्य ने बड़ी बुआ को भी बुला लिया था
सूर्य .....जिनिशा अपने पिता को सन्देश भेजो हम दोनों की मांगनी जल्दी रखे विवाह में टाइम है पैर मांगनी हम अभी कर सकते है
जिनिशा ......क्या सच में आप ये करना चाहते है
या फिर मेरा दिल रखने के लिया ये बोल रहे है आप
सपना .......जिनि पिताजी को सन्देश भेज दो ये सच बोल रहे है
जिनिशा झट से सूर्य के गले लग जाती
सूर्य के पुरे फेस को चूमने चाटने लगती है
एक छोटा से किश करके सपना के सीने से जा लगती है
सपना को जब जिनिशा के रोने का अहसास होता है तब
सपना ......क्या हुआ मेरी गुड़िया को रो क्यों रही हो तुम
क्या तुम्हे सगाई नहीं करनी है
jinisha.......nahi नहीं दी ये ख़ुशी के आंसू है हम जिन कभी नहीं रोटी है
पर आज मेरे सरताज ने मुझे वो ख़ुशी दी है जिसके आगे सब कुछ बे मतलब लगता है
मुझे हमेशा एक दर रहता था दीदी की सरताज मुझे अपनाएंगे या नहीं
इस लिया हे मैंने इनपे सबसे पहले मुझे से विवाह करने का दबाब डाला मुझे माफ कर दे सरताज
surya.....jini जहा प्रेम होता है वह दर नहीं होता
तुम्हारी भावनाये तुम्हे मेरे साथ होते हुए भी मुझसे दूर रखती थी
jinisha......mujhe समां कर दीजिये मुझे आपकी इतनी सदी होने से थोड़ी परेशानी थी की आप हम सब से प्रेम करते है या ये सिर्फ राधा दीदी का सराफ के कारन कर रहे हो
sapna......nahi जिनि ये सिर्फ सराफ के कारन नहीं हो रहा है वो हम से दिल से प्रेम करते है
अगर सराफ को पूरा करना होता तो अपनी मोहिनी सकती से कभी भी पुरे परिवार की लड़किया आवर महिलाये इनके निचे होती
बुआ ......है जिनिशा ये सच मैं खुद तुम्हारे सामने कड़ी हूँ
मैं सूर्य के फूफा के होठ हुए सूर्य से सम्बन्ध बनाये हुए है
किसी को ये केवल आवर केवल हवस लग सकती कित्नु मैं जानती हूँ मैं सूर्य से प्रेम करती हूँ आवर करती रहूंगी
सूर्य ......दादी मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ अगर आपके लिया संभव हो तो
दादी ......बोल मेरे बच्चे क्या कहना है तेरी दादी तेरे लिया कुछ भी करेगी
surya.....dadi क्या मम्मी के गहने आपके पास आज भी मौजूद है
मैं चाहता हूँ की मैं अपनी तरफ से जिनि को कोई भी एक गहना मम्मी का भेट स्वरुप जिनि को दे सकू तो मम्मी का आशीर्वाद भी हमें मिले
कहते हुए सूर्य की आँखों में हलकी नमी आ गयी
सपना ने सूर्य को अपने सीने से लगा लिया
sapna.....isssssss आप कब से इतने कमजोर हो गए
आप तो ऐसे न थे
सूर्य अपने आंसू पूछते हुए दादी के गौड़ में सर रख कर वही सोफे पे लेट जाता है
दादी .....मेरे बच्चे जो बिट चूका है वो बदला नहीं जा सकता है
जो आने वाला भविस्य है उसमे इतनी खुशिया भर दो की बोटा हुआ कल याद भी न रहे
हमें बाईट हुए कल से वही पल संजोने चाइये जिसमे खुशिया हो न की दुख दर्द
मुझे भी अपनी सबसे प्यारी बेटी की बहुत याद आती है
शालिनी सबके नज़रो में सन्ति थरूर की बहु जरूर थी
पैर ये कोई नहीं जनता की वो मेरे सभी बच्चो से भाड़ कर थी मेरे लिया
वो मेरे बेटी थी मेरे अभिमान थी उसकी परछाई हे तुझे बनना है
Bua.....waise कुछ बहने मेरे पास भी है शालिनी भाबी के जो तुम्हारे वाहनों के लिया शालिनी भैणी ने उनके जनम दिन पे उनकी सदी के लिया दिए थे
सूर्य ......नहीं बुआ मैं वो बहने नहीं ले सकता वो गहने माँ ने दीदियो को दिए थे
bua......kyu नहीं ले सकते हो है तो वो भी तुम्हारी हे होने वाली बिबिया
sapna.....nahi बुआ ये थीम बोल रहे है वो भले हे इनकी बीबी बनेगी लेकिन जो मम्मी ने उनके लिए दिया है वो हमेशा उन्ही का रहेगा
दादी ......तू चिंता न कर मेरे बच्चे तुम्हारे माँ के बहुत से बहने है मेरे पास मेरी बेटी के यादे मैंने बहुत संभल कर रख्खी है
साम को सूर्य बुआ को घर चोर्ने के लिया निकल गया घर पे जब दोनों पहुंचे तो
मोनिका आवर मनीषा इतने दोनों बाद सूर्य को देख कर
अपना मुँह फेर लिया सूर्य से
सूर्य समाज गया की दोनों बहुत गुस्सा है उस से
सूर्य ......सॉरी दीदी देखो मैं कान पकड़ रहा हूँ आप कहो तो मुर्गा भी बन जाता हूँ मैं
मनीषा .....हमें आपसे कोई बात नहीं करनी है
आप बहुत बुरे हो आप हम से प्यार नहीं करते
हम आपकी सगी बहने होती तो क्या आप हमारे साथ ऐसा करते
सूर्य को मनीषा की बात सुई की तरह दिल में चुभी
सूर्य की आँखों में आंसू आने लगे
सूर्य भरे हुए आवाज में
surya.....kya सच में आपको ऐसा लगता है
की मैं आप दोनों से प्यार नहीं करता
bua....beta इनकी बातो को दिल पे मत लो ये दोनों पागल है
मनीषा ये क्या तरीका है अपनी भाई से बात करने का
दोनों सूर्य की आँखों में आंसू देख सूर्य के सीने से जा लगी
दोनों भी सूर्य से चिपके हुए सिसक सिसक कर रोने लगी
मोनिका .......सूर्य हम तुमसे बहुत प्यार करते है तुमने न इंटनेट दिन हमसे मिलने की कोसिस की आवर न कोई कॉल किया
मनीषा ......हमें लगा आप हमें प्यार नहीं करते हो इस लिया आप हमसे मिलने नहीं आते
मुझे माफ कर दे मैंने तुम्हारा दिल दुखाया है
सूर्य .....कोई बात नहीं आप दोनों का हक़ बनता है गुस्सा होने का आखिर प्यार जो इतना करती हो
( डेरी से ) वैसे ये आप दोनों का कोनसा प्यार है भाई वाला या लवर वाला
दोनों सूर्य को आवर जोर से काश लेती है
डेरी से दोनों बोलती है वही जो तुम समाज रहे हो
आवर सूर्य के गाल पे किश करके बाग़ जाती है अपने रूम में
बुआ ......इनको क्या हुआ है ये ऐसे क्यों बाघ गई
सूर्य ......हेहेहे कुछ नहीं बुआ डार्लिंग
Bua......bada आया बुआ डार्लिंग वाला वैसे नाईट में रुकेगा न आज बड़ा दिल कर रहा है
सूर्य ......नहीं बुआ घर जाना होगा मुझे आवर इन दोनों को भी ले जा रहा हूँ घर पे
बुआ .....ठीक है जैसे तुम्हारी मर्ज़ी (
सूर्य .....डोंट वैरी बुआ डार्लिंग आपकी इच्छा पूरी करके हे जाऊंगा
मैं यहाँ से
बुआ ....सच कह रहा है न तू
सूर्य ....बिलकुल सच मेरी बुआ डार्लिंग उम्म्म्मममः
आप कॉफ़ी बनाओ मई दीदियो को रवाना करता हूँ
बुआ ....ठीक है
सूर्य दोनों के रूम में गुस्स जाता वह का नज़ारा हे कुछ आवर था

मोनिका अभी मिरर के सामने बिलकुल ऐसे हे कड़ी थी इथे ब्रा पंतय में
वही मनीषा बीएड पे लेती हुए टेबलेट मई कुछ कर रहे थी

surya....unu ुहु
मोनिका .....तुम यहाँ क्या कर रहे हो
जल्दी से मोनिका अपनी सरीर पे टॉवल लपेट ते हुए
मोनिका ....बहार जाओ कोई ऐसे भी किसी के रूम आता है क्या बिना नॉक किये
सूर्य .....मुझे क्या पता था अंदर ऐसे खूबसूरत नज़ारा होगा
मोनिका बीएड पे देखती है तो अभी मनीषा कानो में एअरफोन्स डेल वैसे हे ब्रा पंतय में लेती फ़ोन में लगी हुए थी
मोनिका .....छोटी कड़ी हो क्या कर रहे है
सूर्य .....अरे रहने दो न उसको वैसे भी बड़ी खूबसूरत लग रहे है मनीषा
मोनिका आगे बढ़ कर मनीषा पे चादर दाल देती है
तब मनीषा सामने देखती है जहा सूर्य खड़ा मंद मंद मुस्कुरा रहा था
मनीषा .....ये कब आया यहाँ पे
monika....jab तू बीएड पे अध्नंगी पड़ी थी तब
अब जा कर मनीषा को पता चला की वो बीएड पे ब्रा पंतय में पड़ी है
जल्दी से मनीषा ने अपने आपको चादर से कवर करती है
manisha......bhai ये गलत है हम आपकी बहने है
कैसे ऐसा भी आता है क्या अपनी वाहनों के रूम में
सूर्य आगे बढ़ कर मनीषा को चादर सहित गले लगा लेता है
सूर्य .....आप भूल रहे है की हम दोस्त भी है आवर वैसे भी इतना चलता है मनीषा है मुझे नॉक करके आना चाइये था उसके लिया सॉरी
आवर सूर्य हलके से मनीषा के गुलाबी होंटो को चुम लेता है मनीषा की लाइफ का पहिला मेल किश बस मनीषा वही स्टैचू बन कर मुँह फाडे सूर्य को देखती रहे
monika.....suryaaaa ये क्या है वो बहन है तुम्हारे
सूर्य बिना कुछ बोले मोनिका को बहो में भर पे उसको किश करने लगता है
मोनिका की हालत भी कुछ अलग नहीं थी
2 मिंट बाद मोनिका माधोसिंह में सूर्य के होंटो पे टूट पड़ी जो प्यार मोनिका ने अपने दिल में दफ़न कर लिया था वो साडी दीदारे तोड़ कर बहार निकल आया था
मोनिका आवर सूर्य को ऐसे किश करते देख मनीषा अंदर हे अंदर गुस्सा हो रहे थी सूर्य पे
(मनीषा ....मुझे छोटा सा किश आवर दी को कितने देर से चूस रहे हो मैं छोटी हूँ तो क्या हुआ मैं भी तो आपसे प्यार करती हूँ
मुझे कुछ तो करना होगा नहीं तो मैं पीछे हे रह जाउंगी )
मनीषा ने पता नहीं क्या सोचा
अपने सरीर से चादर हटा कर सूर्य को अपनी आवर घुमाया आवर टूट पड़ी सूर्य के होंटो पे

सूर्य भी मनीषा के गले से पकड़ कर मनीषा की जुबान को चूसने लगा
मनीषा का ये ऐसा पहिला किश था जैसे सूर्य कर रहा था वैसे हे मनीषा दोहरा रहे थी
मनीषा कभी सूर्य की जुबान अपने मुँह में भर लेती कभी सूर्य के हॉट चुटी
2 मिंट में हे मनीषा कपट हुए सूर्य के बहो में बिदक हो गयी
अभी भी मनीषा की बॉडी हलके हलके कैंप रहे थी
मोनिका ने जब अपनी आँखे खोली तो सामने मनीषा सूर्य के बाँहों में दिखी
मोनिका ....इसको क्या हुआ है ये यहाँ कैसे ये तो बीएड पे थी न
surya.....aapko देख ये खुद को रोक नहीं पायी आवर आपके जैसे हालत है इसकी भी बस आप पहले ये सब महसूस कर चुकी है
मनीषा का आज फर्स्ट था जब बो रिलेक्स हुए है
मोनिका .......क्याआ
सूर्य ....हेहेहे जरा निचे देखो पता चल जायेगा ...........
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......

































