Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 13 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट. 97

कारन सर .....वेल दोने माय बॉय ये तुम्हारे लीडरशिप में पहिला मिशन था जो तुमने बखूबी कम्पलीट किया बिना किसी नुकसान के

अब तुम भी रेस्ट करो कल मेरिट तरफ से तुम्हारे टीम को छुट्टी है

आवर उस कबरई को मैं सिफत कराता हूँ वह से

सूर्य .....जय हिन्द सर गुड नाईट सर

कारन सर .... ...जय हिन्द एंड गुड नाईट सूर्य

सूर्य वह से निकल अपने रूम में फ्रेश हो कुछ बच्चा खुचा खा कर सो जाता है

वही सूर्य के सोने के बाद उसका खंजर टेबिल से हवा में जुलने लगता है आवर पुरे कमरे में लाल रौशनी फ़ैल जाती है ........

अब आगे .......

सुबह सूर्य अपने समय से ध्यान योग ख़तम कर ऐसे हे आर्मी कैंप में गुमने निकल जाता है

कुछ समय गुमने के बाद सूर्य नास्ते के लिया कैंटीन की तरफ चला जाता है जहा

सूर्य के साथ मिशन पे गई दोनों मेल आवर फीमेल टीम से काफी मेंबर्स थे जो सायद छुट्टी होने से इस वक़्त नास्ते का आराम से लुफ्त उठा रहे थे

सूर्य भी अपने लिया कॉफ़ी आवर नास्ता ले कर एक खली चेयर पे जा बैठा

आवर आराम से अपना नास्ता फिनिश करने लगा

तभी गर्ल्स 1 वह आती है

गर्ल्स 1 ...सर क्या मैं यहाँ बेथ सकती हूँ

सूर्य ......क्यों नहीं बिलकुल बेथ सकती हो आवर इस वक़्त मैं या तुम दोनों हे ड्यूटी पे नहीं है तो मुझे मेरे नाम से बुलाओ तो अच्छा लगेगा

गर्ल्स 1 ....जी सर. ी मैं सूर्य जी

सूर्य .....ओनली सूर्य मिस सुरभि

सुरभि .....आपको मेरा नाम कैसे पता जबकि हम तो कल हे मिले है

सूर्य .....जैसे आपको मेरा नाम पता चला वैसे हे

सुरभि .....वैसे आप कहा से है ी मैं आपकी सहर से बिलोंग करते है

सूर्य .......मैं राजस्थान से हूँ एक छोटे से कसबे सूर्यगढ़ से वैसे आपको देख कर लगता है आप किसी बड़े सहर से है

सुरभि .....जी मैं दिल्ली से हूँ आर्मी ज्वाइन किये 3 इयर्स हो चुके है

सूर्य ......क्या वाकई में आप तीन साल से आर्मी में हो आपको देख कर तो नहीं लगता की आप इतने वक़्त से

सुरभि .....जी मैं सच कह रही हूँ

सूर्य ....हम्म

तभी वह अलीना आती है

अलीना सूर्य के साथ किसी लड़की को देख इस तरफ हे चली आती है .

अलीना .....hi सूर्य कॉंग्रट्स अपने पहले मिशन को सक्सेस्स्फुल्ली बिना किसी कसुअलटी के पूरा करने के लिए

सूर्य ......hello अलीना एंड थैंक्स आवो यार बैठो यहाँ मैं तुम दोनों के लिया कॉफ़ी ले कर आता हूँ

अलीना .....साथ में नास्ता भी लाना आज मैं भी छुट्टी पे हूँ

सूर्य .......ok आपको भी चाइये नास्ता या कुछ आवर सुरभि

सुरभि ......no थैंक्स मेरे लिया कॉफ़ी हे ले आओ

सूर्य दोनों के लिया कॉफ़ी आवर नास्ता ले कर आ जाता है

अलीना ......दीदी से मिले तुम सूर्य वो तुम्हारे मिशन से काफी खुश है

सूर्य .....नहीं अभी नहीं मिला हूँ अभी रूम से ीदार हे आया हूँ कुछ टाइम पे मिलता हूँ

सुरभि .....क्या आप दोनों फ्रेंड्स है

सूर्य .....सॉरी सुरभि इनसे मिले ये मेरी फ्रेंड अलीना है आवर अलीना ये सुरभि है कल के मिशन में ये भी मेरे साथ थे

अलीना .....कॉंग्रट्स मिस सुरभि आप दिल्ली से है न मिस सुरभि गुप्ता

सुरभि .....पैर आपको कैसे पता

अलीना ........तुम्हारी फाइल पढ़ी थे मैंने

सूर्य ......अलीना अगर फ्री हो तो कही गुमने चले काफी समय से कही गए नहीं है

अलीना .....है क्यों नहीं पैर तुम नहीं जा सकते गुमने क्युकी अभी कुछ देर में तुम्हे सुपीरियर अफसर के सामने अपने कल के मिशन की रिपोर्ट देनी है

सूर्य ......अरे यार मैं तो भूल हे गया इस बात को वैसे सुबह कोमल दी का फ़ोन आया था तुम्हे याद कर रही थे

अलीना .....काम के चाकर में मैं घर पे कॉल हे नहीं कर पाई ok अभी सब से बात करती हूँ

सुरभि ......ok आप लोग बात कीजिये मैं चलती हूँ

सूर्य .....आप भी त्यार रहो कल के मिशन को मिडिया के सामने आपको हे रहना है लीड रोल में

सुरभि ......पैर मिशन इंचार्ज तो आप है

सूर्य ......अभी जा कर अपनी यूनिफार्म पहनो बाकि सब तुम्हे कारन सर समजा देंगे

सूर्य वह से अपने रूम में गया वह अपनी यूनिफार्म दाल कारन सर की ऑफिस की तरफ निकल गया

सूर्य .....मई ी किंग सर

कारन सर .....यस सूर्य अंदर आ जाओ

सूर्य .....जय हिन्द सर

कारन सर ....जय हिन्द सूर्य बैठो

सूर्य .....थैंक्स सर .कल किये गए मिशन के लिया आपने किसी चुना है मिडिया इंटरव्यू के लिए

कारन सर .....मिडिया इंटरव्यू साम को रखा है अगर तुम्हारे नजरो में कोई कैंडिडेट है तो तुम बताओ

सूर्य .....सर ये रही कल की मिशन रिपोर्ट आवर सर एक फीमेल कैंडिडेट है जो मिडिया के सामने रखा जा सकता है

कारन सर .....कोण है वो कैंडिडेट

सूर्य. ....सर उसका नाम है सुरभि गुप्ता कल के मिशन में वो भी थी आवर पिछले 3 इयर्स से वो आर्मी में है एक बार आप भी चेक कर लीजिये

कारन सर ....ok मैं देखता हूँ

कारन सर अपने कंप्यूटर पे सुरभि गुप्ता के डिटेल देखता है

कारन सर ....अच्छी लड़की है आर्मी में अभी तक का पारदर्श भी अच्छा रहा है

सूर्य ....सर एक बार आप उसे बुला कर समजा दे तो बेहतर है

कारन टेबिल पे रखती बेल्ल को बजता है

तभी बहार से एक जवान अंदर आता है

जवान .....यस सर

कारन सर ......फीमेल आर्मी विंग से मिस सुरभि गुप्ता को बुला कर ले कर आओ

जवान .....यस सर

कुछ 10 मिनट्स बाद सुरभि अपनी आर्मी यूनिफार्म में ऑफिस में हाजिर थी

सूर्य ......सर मैं चलता हूँ

कारन सर .....तुम भी यही रुको सूर्य तुम्हारी भी जरूरत पड़ेगी

कारन सर सुरभि को कुछ टाइम सब कुछ समजा देते है की मिडिया को क्या बताना है आवर क्या नहीं

सुरभि ......जी सर जैसा आप कहे

कारन .......पूछो क्या पूछना चाहती हो

सुरभि .....सर ये मिशन सूर्य सर ने कम्पलीट किया फिर आप मुझे सबके सामने आने को क्यों कह रहे है

कारन सर ......इसकी 2 वजह है सुरभि पहले ये की कुछ टाइम से तुम भी खबरे पद रही होगी की आर्मी को नक्सली कैसे बदनाम कर रहे है जिनका साथ यहाँ की लोग भी देते है

सुरभि .....जी सर समाज गई मैं आवर दूसरा कारन क्या है

कारन सर ......दूसरा कारन है की जीतने भी बंदक थे वो सब महिलाये आवर लड़किया थे अगर सूर्य को सामने करते है तो मिडिया को फिर कोई मौका मिल जायेगा आर्मी को बदनाम करने के लिया

सुरभि ......जी सर मैं समाज गई

कारन सर अभी तुम उन बन्दको से भी मिल लो ताकि उनको यकीं दिला सको की तुम फीमेल फाॅर्स ने हे उनकी जान बचाई है न की मेल फाॅर्स ने

सूर्य ......अपनी टीम को साथ ले जाना मिस सुरभि आवर ध्यान रखना उनमे से किसी पे खबरि होने का जरा सा भी शक हो तो सर को बता देना

सूर्य सुरभि वह से निकल गया

कारन सर रात को हे ब्रिगेडियर सर को सूर्य की मिशन की पूरी जानकारी दे चुके थे

ब्रिगेडियर सर ने पुरे मामले को समाज सूर्य के प्रमोशन सिफारिश कर दिए साथ हे मिशन रिपोर्ट भी

साम को सुरभि कारन सर के बताएंगे अनुसार मिडिया के सामने मिशन की जानकारी इंटरव्यू के बाद सभी बन्दको को सुरभि की टीम के साथ बीकापुर के लिया रवाना कर दिया उनके घर के लिया

सुरभि बीजापुर पहुंच चेक पोस्ट पे सभी को उतर दिया

सुरभि वह की सभी फॉर्मेलिटी पूरी कर सबके साथ कुछ पिछ क्लिक कर रिपोर्ट कारन सर को हेंडओवर कर दी

अब सूर्य का ज्यादातर ड्यूटी टाइम किसी न किसी मिशन पे हे होता था

कारन सर ने सूर्य को 10 बॉयज की एक तेमुकदी दी आवर एक टुकड़ी 10 गर्ल्स की

दोनों टुकड़ी को मिला कर एक टीम त्यार की जिसको लीड करने का काम सूर्य को सौंपा

डेरी डेरी समय बीतने लगा इस बिच सूर्य अलीना मेर्री एक राउंड सूर्यगढ़ में भी मर चुके थे

सूर्य की मिशन को ले कर के सटीक प्लानिंग

ों टाइम मिशन को देखते हुए कारन सर ने सूर्य की सिफारिश अपने सुपीरियर अफसर से की जिसका नतीजा ये हुआ की सूर्य को पडोनित कर लेफ्टिनेंट का पढ़ प्राप्त हुआ

इस बिच सुरभि से सूर्य की काफी नंदिता भी भाड़ चुकी थी

या ये कहे की सूर्य आवर सुरभि की दोस्ती काफी अच्छी हो गई थी

ीदार अलीना भी सूर्य के पार्टी आकर्षित होने लगी थी

मेर्री से ये बात छुपी नहीं थी की अलीना सूर्य को चाहने लगी

उसने अलीना को समझाया भी पैर इस से कोई फायदा न हुआ

सूर्य को छत्तीसगढ़ कैंप में आये हे 11 मंथ हो चुके थे

2 दिन बाद सूर्य पुरे 18 साल का होने वाला था

सूर्य जब कारन सर के पास दोपहर को अपने फ्री टाइम में पंहुचा तो वो आज कुछ परेशान लग रहे थे

सूर्य .....सर मैं अंदर आ सकता हूँ

कारन सर ......आओ सूर्य कहो कैसे आना हुआ

सूर्य .....कुछ नहीं सर आप कुछ परेशानी में लग रहे हो

कारन सर ......ऐसा कुछ नहीं है

सूर्य ......सर अपनी परेशानी न बताना चाहे तो कोई बात नहीं सर

कारन सर ......आओ बैठो दूर लॉक कर के आओ

सूर्य ऑफिस का दूर लॉक करता है आवर जा कर कारन सर के सामने बेथ जाता है

कारन सर .....सूर्य तुम जानते हो न की मैं तुम्हे अपने बेटे जैसा मंटा हूँ

सूर्य .....जी सर ये मैं अच्छी तरह से जनता हूँ पैर आपकी परेशानी का इस बात से क्या सम्बंद है

कारन सर ........सूर्य परेशानी की वजह ये है की ऊपर से खबर मिली है की कुछ टेररिस्ट पटना बिहार से होते हुए छत्तीसगढ़ की आवर आ रहे है

सूर्य ......तो इस में क्या प्रॉब्लम है सर हमारी आर्मी को तुरंत एक्शन लेना चाइये

कारन sir......baat ये नहीं है सूर्य बात ये है की उनका कुछ पता नहीं चल प् रहा है वो सब चिपटे हुए जंगल के उन रास्तो से आ रहे जहा बहुत ज्यादा खतरा है

आवर ये भी कन्फर्म नहीं है की जो रस्ते से आने की हमें खबर मिली है वो ुशी रस्ते से आ रहे है

सूर्य .....फिर तो एक हे रास्ता है सर हमें जगह जगह अपने खबरियो को लगाना होगा उन रास्तो पे जिनसे आने की खबर हमें मिली है

कारन सर .......हम ये पहले हे कर चुके है आवर हमारे 2 खबरि भी मरे जा चुके है

पैर सबसे बड़ी बात ये है की उनकी तादाद बहुत है

आवर उनके साथ हमारे देश के कुछ देशद्रोही भी मिल गए है

सूर्य .......आपके अंदाजन कितने लोग होंगे सर

कारन सर ....यहाँ के आवर वह के कुल मिला कर 40 आदमी के आसपास होंगे हथियारों के जखीरे के साथ

सूर्य .......ये तो बहुत ज्यादा है सर इनका प्लान क्या है सर

कारन सर .....इनका प्लान ये है की कुछ दिन बाद कशी में होने वाले उत्सव को बिगड़ना वह पे खून की होली खेलना

ये लोग छत्तीसगढ़ से होते हुए कोरबा रायपुर अंबिकापुर से होते हुए मिर्ज़ापुर पहुंचेंगे जहा उनको की तरफ आवर ज्यादा भध जाएगी

ये लोग मेरे ख्याल से 3सरे दिन तक मिर्ज़ापुर पहुंच जायेंगे अगर इनको ख़तम नहीं किया गया तो

सूर्य ......सर ये तो सच में परेशानी वाली बात है हमें कुछ तो करना चाइये

कारन सर ......है सूर्य पैर क्या यही तो समाज नहीं आ रहा है

सूर्य ........सर मैं चलता हूँ अगर मेरे लायक कुछ भी हो तो मुझे जरूर याद करना

कारन सर ......है जरूर सूर्य

सूर्य वह से निकल आने रूम की तरफ चल देता है

सूर्य इस बात से थोड़ा डिस्टर्ब हो चूका था

बार बार बस यही ख्याल आ रहा था की वो लोग अगर कशी पहुंच गए तो कितनी तबाही मचाएंगे कितने लोगो की जान जाएगी कितने बच्चे अनाथ हो जायेंगे

ऐसे हे सोचते सोचते सूर्य के सर में दर्द होने लगा

सूर्य जब भी किसी परेशानी में होता था तब उसका सर दर्द करने लगता था

सूर्य ने एक दर्द का टेबलेट लिया पैर उस से भी कुछ असर नहीं हुआ

सूर्य ......अह्हह्ह्ह्ह ये मेरा सर दर्द

ऐसा लग रहा जैसे ये अभी फैट जायेगा

सूर्य वही जमीं पे बेथ अपना आसान लगा श्याम में बेथ जाता है

डेरी डेरी सूर्य अपने ध्यान में लीं हो जाता है दोपहर से साम होने आई पैर सूर्य का ध्यान अभी भी भांग नहीं हुआ

डेरी डेरी बहार का मौसम भी बदलने लगा

सूर्य ध्यान में लीं था पैर सूर्य के सरीर में कुछ हलचल होने लगी सूर्य के नाक से हल्का हल्का खून बाह कर सूर्य के शर्ट को भिगोने लगा

रूम के अंदर का माहौल भी बिगड़ने लगा एक बार सूर्य का सरीर हवा में उठा आवर फिर निचे गिर गया पूरा रूम संत हो गया जैसे कुछ हुआ हे न हो

सूर्य वही मूर्छित स्वस्थ में फर्श पे हे बेहोश हो गया ...........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .............
 
अपडेट. 98

डेरी डेरी बहार का मौसम भी बदलने लगा

सूर्य ध्यान में लीं था पैर सूर्य के सरीर में कुछ हलचल होने लगी सूर्य के नाक से हल्का हल्का खून बाह कर सूर्य के शर्ट को भिगोने लगा

रूम के अंदर का माहौल भी बिगड़ने लगा एक बार सूर्य का सरीर हवा में उठा आवर फिर निचे गिर गया पूरा रूम संत हो गया जैसे कुछ हुआ हे न हो

सूर्य वही मूर्छित अवस्था में फर्श पे हे बेहोश हो गया ...........

अब आगे .......

साम के वक़्त मेर्री अपनी ड्यूटी ऑफ कर अपने रूम पे पहुंची आवर फ्रेश हो कर

कॉफ़ी की चुस्किया लेते हुए टीवी पे देख हे रहे थे की तभी वह वही नकाबपोश मेर्री के सामने पंहुचा

मेर्री ऐसे नकाब में किसी को अपने सामने प्रकट होता देख दर जाती है

नकाबपोश ......गैब्रो नहीं मेर्री ये मैं हूँ

मेर्री ......सॉरी वो अचानक आपको यहाँ देख थोड़ा दर गई थी मैं

पैर आप यहाँ कैसे वो भी इस......

नकाबपोश .........सूर्य की तबियत ठीक नहीं है उसे तुम्हारी जरूरत है

मेर्री .......क्याआ ये आप क्या कह रहे है

नकाबपोश .......तुम्हे सूर्य को सँभालने को कहा था मैंने फ़ौरन वह पहुंचो वो इस वक़्त मूर्छित है

नकाबपोश की बात सुन मेर्री फ़ौरन आगे कुछ सुने बिना हे बहार की तरफ दौड़ पड़ी वो तेजी से भागते हुए

सूर्य के रूम पे पहुंची मेर्री को ऐसे दौड़ते देख कुछ आर्मी जवान भी उसके पीछे पीछे आ गए थे

मेर्री .....जल्दी से इस दूर को तोड़ो लेफ्टिनेंट सूर्य की तबियत ठीक नहीं है

2 कवनो ने जल्दी से दूर को तोड़ कर अंदर पहुंचे

मेर्री हॉल से होठ हुए सूर्य के रूम (दरशल सूर्य के प्रमोशन के साथ हे अलग से

क्वार्टर भी अलॉट हुआ था )

के सामने पहुंची दूर का लॉक चेक किया तो वो खुल गया मेर्री जब अंदर पहुंची तो सूर्य वही फर्श पे पड़ा था उसके नाक से खून बहना तो रुक गया था पैर अभी भी वो मूर्छित हे था

मीरी आगे भाड़ कर सूर्य की नबज चेक करती है जो की बहुत डेरी चल रही थी

मेर्री ......इनको फ़ौरन हॉस्पिटल्स ले कर चलो

एक जवान सूर्य को उठाने आगे बढ़ा आवर जैसे उसने सूर्य को टच किया वो उड़ता हुआ दिवार से जा टकराया

आवर बेहोश हो गया अब तक वह काफी लोग एकता हो चुके थे

सब के मुँह खुले आँखों सोक से खुली थी की ये अचानक से क्या हुआ

मीरी आगे भाड़ उसे चेक करती

मेर्री .....इसे पहले हॉस्पिटल पहुचाओ इसकी हालत नाजुक है

2,3 बन्दे डरते डरते आगे बढे आवर उन्होंने उस बेहोश पड़े जवान को उठा कर आर्मी हॉस्पिटल की तरफ निकल गए

कारन सर ......ये क्या हो रहा है यहाँ पे इतनी भीड़ क्यों लगा राखी

कारन सर जब आगे भाड़ कर देखते है तो सामने सूर्य पड़ा हुआ दिखाई दिया

कारन सर जल्दी से सूर्य की तरफ बढे तो मेर्री ने कारन सर का हाथ पाकर कर सूर्य को टच करने से रोक दिया

मेर्री .....सॉरी सर आप सूर्य को नहीं छू सकते

कारन सर .......ये क्या बकवाश है मिस मेर्री जानती नहीं मैं तुम्हारा सीनियर अफसर हूँ

मेर्री ......बॉयज आप सब बहार जाओ

सबके बहार जाने के बाद

मेर्री ......सॉरी सर बूत आपने अगर सूर्य को टच किया तो आपकी मौत भी हो सकती इस वक़्त सूर्य की यहाँ पे मैं हे टच कर सकती हूँ

कारन सर .....अरे यू आउट ऑफ मंद मिस मेर्री

मेर्री ......सर अपना फ़ोन दीजिये मुझे आपको अभी पता चल जायेगा मैं आपको क्यों रोक रही हूँ

कारन सर अपना मोबाइल मेर्री को दे देते है मेर्री ब्रिगेडियर सूर्यकांत जो की अब मेजर जनरल की पोस्ट पे है उनको कॉल मिला देती है

कुछ एक मिनट्स बात करने के बाद फ़ोन कारन सर को देती है

सूर्यकांत .....कारन मेर्री जो कह रही है सूर्य को ले कर वही करो

कारन ....बूत सर सूर्य की हालत ठीक नहीं है उसका काफी ब्लड बाह चूका है अभी भी वो मूर्छित है

सूर्यकांत .......तुम उस जवान के बारे में पता करो जिसने सूर्य को टच किया था वो जिन्दा है की नहीं बाकि सब बाद में समजता हूँ कुछ भी हो जाये कोई सूर्य के आसा पास नहीं जायेगा मेर्री की इजाजत के बिना थिस इस माय ऑर्डर्स

कारन सर .......यस सर

कारन सर को मेर्री पे बहुत गुस्सा आ रहा था ये को भी उनके चेहरे को देख कर बता देता

मेर्री .....सर मैं जानती हूँ आपको मुझपे काफी गुस्सा आ रहा है पैर ये आपकी सेफ्टी के लिया है

अगर फिर भी आपको लगता मैं आपको रोकने के लिया बोल रही हूँ तो आप हॉस्पिटल से उस जवान का पता कीजिये आपको पता है सूर्य के टच करने मात्रा से वो क्रिटिकल कंडीशन में पहुंच गया है

कारन सर ......पैर सूर्य को हॉस्पिटल तो पहुंचना हे पड़ेगा ऐसा हे रहा तो इसकी हालत ख़राब हो जाएगी

मेर्री .....सॉरी सर बूत अभी आपको जाना होगा प्लेसेस ी ऍम सॉरी सर

कारन सर .....ok मैं जा रहा फिर आऊंगा में

मेर्री ......ok सर मैं आपको फ़ोन पे सूर्य की अपडेट देती रहूंगी

कारन सर के निकलते हे मेर्री रूम को लॉक कर देती है

तभी वह नकाबपोश प्रकार होता है

n.posh......tumne अगर पूरी बात सुनी होती तो ये सब न हुआ होता बिना पूरी बात सुने यहाँ चली आई

मेर्री ........सॉरी मुझे माफ कर दीजिये

n.posh .....ये लो ये ॉधी सूर्य को पीला दो इस से सूर्य ध्यान से बहार तो नहीं आएगा पैर इस से उसे ऊर्जा मिलती रहेगी

मेर्री वो ॉधी मूर्छित सूर्य को पीला देती है

मेर्री ......आपको अगर पता था तो आपने पहले सूर्य को ये ॉधी क्यों नहीं पिल्लई

n.posh ......ये जानना जरूरी नहीं है मेर्री आवर याद रहे सूर्य को जब तक होश नहीं आ जाता तुम्हारे या अलीना के अलावा यहाँ कोई उसे टच न करे

मेर्री ......क्या हुआ है सूर्य को कही ये उसका आखरी एलिमेंट्स तो जागृत नहीं हो रहा है

आवर आप ये अपना नकाब हटा सकते है सकती जी

सकती .......बहुत देर लगा दी पहचानने में खेर छोड़िये है ये सूर्य का 5 एलिमेंट्स है इसके कारन सूर्य का सरीर में इस वक़्त बिजली का तूफान उसके सरीर के एक एक सील्स से बाह रहा उसके सरीर में खून नहीं बिजली दौड़ रही है

मीरी ......क्या पहले भी सूर्य के साथ ऐसा हुआ है

सकती ......नहीं ये पहली बार हो रहा है

मेर्री ......फिर आज ऐसा क्यों हो रहा है

सकती ......मुझे नहीं पता

साध्वी जी .......मैं बिताती हूँ मेर्री

रूम में अच्चानक से रौशनी हुए आवर सामने साध्वी जी कड़ी थी

मेर्री साध्वी जी को परनाम करती है

साध्वी जी .....ऐसा पहली बार है मेर्री ऐसे अगले 24 हर के लिया रहेगा सूर्य 24 हर तक ध्यान में हे रहेगा

आकाश तत्वा देवताओ का प्रतीक मन जाता है

इस वक़्त सूर्य अपने आकाश तत्वा से जुड़ कर अपने सरीर को आने वाले कल के लिया त्यार कर रहा ये प्रकिर्या 24 हर तक रहेगी

मेर्री .......ऐसे तो सूर्य की हालत आवर ख़राब हो जाएगी आवर यहाँ के लोगो को मैं क्या जबाब दूंगी

साध्वी जी ......तुम्हे सूर्य की चिंता करने की जरूरत नहीं सूर्य को अन्य स्थान पे भेज रही हूँ मैं यहाँ पे सूर्य की जगह सकती ले लेगा

मेर्री .....जी जैसा आपको ठीक लगे

पैर ...

साध्वी जी .....यहाँ पे किसी को कुछ पता नहीं चलेगा की क्या हुआ था

सकती तुम यही रूम में सूर्य की जगह रेस्ट करोगे

सकती .....जी ठीक है जैसा आप कहो

साध्वी जी ........सूर्य को ले कर कही गायब हो जाती है

ीदार सकती सूर्य का रूप धार आराम करने लगा

साध्वी जी सूर्य को ले कर के किसी अज्ञान्त जगह पहुंची जहा पे चारो तरफ हरयाली hi हरयाली थी

साध्वी जी गॉड की विशाल प्रतिमा के सामने आ कर रूकती है

साध्वी जी किसी मंत्र का प्रयोग करती है तो उस विशाल प्रतिमा से एक दिव्या रौशनी निकलती है आवर एक मंदिर जैसा इमारत दिखने लगा उस प्रतिमा की जगह

साध्वी जी सूर्य को ले कर के उस गुप्त मंदिर में परिवेश करती है

साध्वी जी सूर्य को वही मंदिर में बने तालाब में सूर्य को बिना वस्त्रो के लेता देती है

साध्वी जी ......हे परबु मेरे इष्ट मेरे आराध्य आपका अंश आपके सरन में है मार्ग दिखाए प्रभु आपकी इच्छा अनुसार आपका अंश आपके सरन में है परबु

तभी वह एक बहुत हे जोरदार जैसे हज़ारो शेरो का झुण्ड गई

गुरया हो ऐसे आवाज से एक पल के लिया तो साध्वी जी भी कैंप गई

साध्वी जी .....जो आघ्या परबु मुझे आज्ञा

साध्वी जी फ़ौरन प्रतिमा को परनाम कर गायब हो परतवि लोक आ पहुंची

सिटी 2 ....( जहा सपना किरण स्टडी करती है )

किरण साम को सपना के साथ मार्किट से लूटी थी तब से उसके सर में रह रह कर दर्द उठ रहा था बार बार उसका मन भेचें हो रहा था

किरण ......दी पता नहीं आज मेरा सर क्यों दर्द कर रहा है

सपना ......स्वीटी सायद बहार के शोर शराबे के कारन ऐसा हुआ हो

किरण .....पता नहीं दी आज मन बहुत गहरा रहा बहुत भेचेनि भी हो रही है

सपना ......चल एक काम कर तू मम्मी आवर बुआ से बात कर ले उन से बात कर तुम्हे हमेशा अच्छा हे लगता है

किरण ......दी क्या मुझे एक कॉफ़ी मिलेगी मैं अपने रूम में जा रही हूँ रेस्ट करने

सपना ......ठीक है है स्वीटी तू रेस्ट कर मैं अभी कॉफ़ी आवर टेबलेट ले कर आती हूँ

किरण अपने रूम में आ कर के फ्रेश होती है आवर ड्रेस चेंज कर बालकनी में चेयर पे बेथ अपनी बड़ी मम्मी प्रिय को कॉल लगाती है

कुछ रिंग में प्रिय कॉल उठा लेती है

किरण आवर पिरया काफी टाइम बात करते है आवर सपना भी कॉफ़ी ले कर वही पहुंच जाती है किरण कुछ देर बात कर फ़ोन सपना को दे देती है

फिर सपना के फ़ोन से शालिनी को फ़ोन लगा देती किरण राधा कोमल शालिनी मधु दादी जी सब से काफी कम्भी बात करती है

जिस से उसकी बेचैनी तो ख़तम हो जाती है पैर बार बार हो रहे सर दर्द से परेशान हो वो टेबलेट ले कर सोने चली जाती है

किरण .....दी मुझे भूख नहीं है तो प्लेसेस मुझे डिस्ट्रीब न करना मैं सोना चाहती हूँ

सपना .....ठीक है स्वीटी मैं ममी के पास जा रही हूँ उनकी हेल्प करने

सपना वह से निकल ममी के पास न जा कर चाट पे जा पहुंची आवर अलीना को कॉल मिला दिया

अलीना .....hello सपना हाउ अरे यू

सपना. .....वो सब बाद में ये बता वो कहा है

अलीना ....हम्म्म अब संजय तो कॉल उनकी खबर लेने को की है आपने

सपना .....नहीं ऐसा नहीं है यार पैर पता नहीं आज कुछ अजीब सा लगा जैसे वो किसी तकलीफ में हो तुम्हे तो पता है न मेरा

अलीना .....तुम्हारे वो अब ठीक है

सपना ......अब ठीक है से क्या मतलब है तुम्हारा कही उनको कुछ हुआ तो नहीं था

अलीना .....है दरशल साम को उनकी थोड़ी तबियत ख़राब हो गई थी अभी थोड़ा सर दर्द फीवर है मामिली कल तक रेस्ट करेंगे तो ठीक हो जायेंगे

सपना ......हम्म तभी मैं कहो स्वीटी को क्या हुआ अचानक से

alina.....waise आपके उनकी दोस्त सुरभि आजकल काफी नजदीकी भद्दा रही है

सपना ......आवर आप आपका क्या हल इस बारी में

अलीना ......सोच रही हूँ यही पेसोर्ट मैरिज कर लो तुम्हारे उनसे

सपना ......मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है पैर स्वीटी से जरूर बोल देना

अलीना .....पहले अपने लव के बारे में अपने लवर को तो बताओ मैं अपना देख लुंगी हेहेहे

सपना .....ok आप उनका ख्याल रखना में कल बात करती हूँ

alina.....unke साथ में दीदी है don't वोर्री bye डार्लिंग

सपना .....bye डार्लिंग हेहेहे......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स............
 
अपडेट. 99

सपना ......आवर आप आपका क्या हल इस बारी में

अलीना ......सोच रही हूँ यही पेसोर्ट मैरिज कर लो तुम्हारे उनसे

सपना ......मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है पैर स्वीटी से जरूर बोल देना

अलीना .....पहले अपने लव के बारे में अपने लवर को तो बताओ मैं अपना देख लुंगी हेहेहे

सपना .....ok आप उनका ख्याल रखना में कल बात करती हूँ

alina.....unke साथ में दीदी है don't वोर्री bye डार्लिंग

सपना .....bye डार्लिंग हेहेहे......

अब आगे .......

इस वक़्त साध्वी जी आवर सकती सूर्य के रूम में रुके हुए थे

मेर्री भी यही पे थी किन्तु वो सो चुकी थी

सकती ......साध्वी जी क्या वो वक़्त आ चूका है जिसके लिया सूर्य को त्यार किया जा रहा था

साध्वी जी .......है सकती आज रात्रि सूर्य अपनी शक्तियों को ग्रहण करेगा गॉड के सामने

सकती ......क्या हम वह नहीं हो सकते है क्या उस समय

साध्वी जी ......नहीं सकती गॉड के इच्छा के विरुद्ध हम कुछ नहीं कर सकते है

सकती ......काश हम उस दिव्या मनोरम दृश्य को देख पते आवर गॉड के दिव्या दर्शन कर पते

साध्वी जी ......तुम्हारी इच्छा पूरी हो सकती है सकती जब सूर्य परीलोक पिताजी से भेट करेगा तब अगर तुम्हारे भाग्य में होगा तो तुम अवश्य सूर्य के दिव्या अंश रूप को देख पाओगे

सकती ......साध्वी जी सूर्य का जिस घडी में समय हुआ था वो समय आने में कुछ हे देर है

साध्वी जी घडी की तरफ देखती है जिसमे भरम मुहूर्त आराम होने वाला था

साध्वी जी .......सकती अब तुम जाओ मुझे एकांत चाइये

सकती .....जी साध्वी जी

सकती के जाते हे साध्वी जी वही आसान लगा ध्यान में लीं हो जाती है

ध्यान लीं अवस्था में साध्वी जी सूर्य को देख रही थी

अज्ञान्त लोक .....

सूर्य को यहाँ आये 24 हर से ज्यादा का समय हो चूका था

सूर्य अभी भी उस दिव्या तालाब में हे था उसका सरीर चमक रहा था तालाब से रह रह कर विद्युत् तरंगे निकल रही थी

अचानक से सूर्य का सरीर अपने आप हे उस तालाब से ऊपर की आवर उठने लगा

किन्तु ये क्या सूर्य के सरीर के साथ कोई अन्य सरीर भी वह मौजूद है जो किसी कन्या का लगता

किन्तु इस सरीर पे किसी विशेष ऊर्जा के आवरण से देखा हुआ था

दोनों सरीर हवा में उठ कर उस तालाब से बहार आये

दोनों सरीर मंदिर से बहार एक दूसरे के सामने आ कर रुके

डेरी डेरी दोनों सरीर ध्यान अवस्था में एक दूसरे के सामने थे

तभी आकाश में एक बहुत तेज विस्फोट होता है





उस विस्फोट के कारन एक रेड चक्र का निर्माण होता है जो सूर्य आवर उस कन्या के साथ साथ पुरे मंदिर के ऊपर किसी ब्लैक हॉल जैसा रूप ले लेता है

इस के साथ हे इस अज्ञान्त लोक का मौसम परिवर्तन होने लगा चारो तरफ भयानक बिजलियाँ

पूरा आकाश लाल हो कर लाल बिजलियों से गूंजने लगा





कुछ देर बाद उस रेड ब्लैक हॉल में एक आवर विस्फोट होता है

जिसमे से कुछ बहार निकल कर सूर्य की तरफ भड़ता है

जैसे हे वो वस्तु सूर्य के सरीर में परिवेश करता है वैसे हे सूर्य के मुँह से मंत्र का नाद गूंजने लगा

देकते हे फेकते पूरा अज्ञानता लोक इस मंडरा नाद से गूंजने लगा आवर सूर्य के 7 कुण्डलिनी चक्र जागृत होने लगे





वही दूसरे कन्या सरीर से गॉडेस का दिव्या मूल मंत्र का विस्फोट होता है

अब इस लोक में मंत्र आवर goddess.ka दिव्या मूल मंत्र दोनों हे पुरे लोक में गूंजने लगे

इन मातृ के दौनी से सूर्य के साथ साथ उस दूसरे कन्या सरीर के कुण्डलिनी चक्र भी जागृत होने लगे





कुछ देर दोनों मंत्र गूंजने के बात संत हो जाते है

किन्तु जो रेड ब्लैक हॉल था वो परिवर्तित हो कर कुछ इस तरह का दिखने लगा था





पल पल उसका आकर आवर विष्टर बादल रहा था





उस हॉल से दो दिव्या ऊर्जा पुंज निकल एक सूर्य में आवर एक उस कन्या के सरीर में समाहित हो जाता है





जैसे हे दोनों सरीर में इस ऊर्जा ने अपना स्थान बनाया वैसे हे दोनों की आँखे खुल गई

दोनों की बाजरे एक दूसरे से टकराई

सूर्य .........किरण

किरण .........सूर्य

सूर्य आवर किरण हाथ जोड़ गॉड आवर गॉडेस की स्तुति करते है

डेरी डेरी पूरा मौसम संत हो गया

तभी वह 2 पार्टीभिम प्रकार हुए

जो गॉडेस आवर गॉड के थे

सूर्य .kiran......parnam पिता श्री परनाम माँ

गॉड ......कल्याण हो पुत्र सूर्य पुत्री किरण

गोड़ीस .....चिरंजीवी भाव पुत्र सूर्य पुत्री किरण

सूर्य हाथ जोड़ अपना सीस उनके सामने भूखा देता है

सूर्य .....मुझे माफ कर दीजिये माँ पिता श्री मैं आपका अंश हो कर भी मैंने आपको निराश किया मुझे दण्डित कीजिये

गॉडेस .......पुत्र सूर्य तुम पहले हे अपने किये अपराधी का दंड भोग चुके हो आज तुम्हारे दंड की ावादी पूर्ण हो चुकी है

गॉड ......है पुत्र पूर्व जनम में तुम हमारी शक्तियों को योग्य नहीं थे तुमने अपनी दिव्या ऊर्जा का गलत प्रयोग किया तुमने अपनी ऊर्जा का अपनी शक्तियों का प्रयोग सदर्न मानवो पे किया जो की तुम्हारी अज्ञानता थी उसके दंड सवरूप तुम्हे पुनः जनम लेना पड़ा

सूर्य ......मुझे माफ कर दीजिये पिता श्री

गॉड .....अब समय आ गया है पुत्री तुम्हे वापिस अपने सरीर में लौटा होगा

किरण .....जो आज्ञा पिता श्री

परनाम माँ परनाम पिता श्री

गॉड .गॉडेस ......सफल मनोरथ भाव पुत्री

किरण गॉड आवर गॉडेस को परनाम कर अंतर ध्यान हो गई

गॉड .....पुत्र सूर्य अपने पूर्व जनम की शक्तियों को दर्जन करो उनका आह्वान करो

सूर्य .....जो आज्ञा पिता श्री

नीलमणि प्रेतमणि मैं सूर्य तुम्हारा दरक तुम्हारा आह्वान करता हूँ

भारमंद के दो अलग चोर से एक नीली आवर एक रेड ऊर्जा पुंज निकल कर सूर्य की तरफ भड़ी







कुछ देर में वो दोनों ऊर्जा पुंज सूर्य के सामने थे

गॉड पुर गॉडेस के आशीर्वाद से दोनों ऊर्जा पुंज

एक ऊर्जा पुंज का रूप दर्जन करने लगे





आवर सूर्य की तरफ भड़ने लगी

God.......apni ऊर्जा को दर्जन करो पुत्र

सूर्य .......जो आज्ञा पिता श्री

सूर्य अपने दोनों हाथ जोड़ उस दिव्या ऊर्जा का परनाम करता है

वो ऊर्जा पुंज सूर्य के सैनी में सामने लगा

सूर्य अपने ध्यान में लीं हो उस ऊर्जा को दर्जन करने लगा

कुछ देर बाद सूर्य उठा

गॉड ......पुत्र सूर्य सिगरा हे तुम्हे अपने कर्त्तव्य का ज्ञान होगा आवर तुम्हे अपने कर्त्वय की आवर अग्रसर होना होगा

सूर्य ......जैसे आपकी आज्ञा पिता श्री

गॉडेस .......पुत्र मेरा आशीर्वाद है तुम्हे तुम योध कला की सभी विद्याओ में निपुल रहो

गॉड ......पुत्र मेरा आशीर्वाद है तुम आवर तुम्हारी सभी संगिनी चिरंजीवी रहोगे समय के साथ तुम्हे अपनी सभी स्मरतिया आवर शक्तियों का समरण हो जायेगा

सूर्य .....जो आज्ञा पिता श्री परनाम माँ परनाम पिता श्री

गॉड आवर गॉडेस सूर्य को अपना ारीवाद पर्दैन कर वह से लुप्त हो गए

सूर्य वही उस संत एकांत जगह ध्यान में लीं हो गया डेरी डेरी सूर्य के सभी चक्र जागृत हो गया साथ हे उसके पांच तत्वा भी किन्तु सूर्य का अग्नि तत्वा कुछ ज्यादा उग्र था

सूर्य काफी समय बाद ध्यान स्व बहार निकला





सूर्य का पूरा सरीर अग्नि से घिरा हुआ था

डेरी डेरी वो अग्नि सूर्य में समाहित होने लगी

कुछ देर बाद सूर्य की पूरी अग्नि संत हो गई

तभी सूर्य के पीठ पे महाकाल का दिव्या त्रिशूल उभरने लगा

इस दिव्या चित्र के उभरने से सूर्य को बहुत पीड़ा होने लगी आवर सूर्य वही मूर्छित हो गया

जैसे हे सूर्य जमीं पे गिरा वैसे हे सूर्य वह से गायब हो गया

आवर अपने रूम में आ पंहुचा

कुछ देर बाद सूर्य उठा आवर जैसे कुछ हुआ हे न हो

सूर्य फ्रेश होने जब अपने बाथरूम में पंहुचा तो उसे आश्चर्यजनक बदलाव मिले अपने सरीर में

सूर्य ......ये मुझे क्या हुआ है अच्चानक मुझे अपना सरीर इतना हल्का आवर ताकतवर क्यों लग रहा है

जैसे मैं हवा से भी हल्का आवर बिजली से भी तेज हूँ

सूर्य ने जैसे पानी चलने के लिया नोब घुमाया लोहे का वो पूरा नोब हे पिचक गया

सूर्य किसी ट्राय नाहा कर बहार निकला आवर अपने रूटीन अनुसार ध्यान किया ध्यान में बार बार वही रात्रि के दृश्य सूर्य के सामने आ रहे थे

सूर्य त्यार होने लगा अपनी ड्यूटी के लिया

सिटी 2 ......

रात को सब के खाना खाने के बाद किरण सपना के साथ सोये हुए थे तभी वह कुछ विचित्र फटना गठित होती है

किरण का पुरे रूम में एक सफ़ेद दुहा सा फैलने लगा

देखते हे देखते किरण आवर सपना नींद में हे बेहोश हो गई

कुछ दी बाद जब वो सफ़ेद दुहा हटा तो वह एक नहीं दो किरण थी एक जो अभी भी सोये हुए थे दूसरी जो वही बीएड के पास कड़ी थे

दुरसरि किरण के सामने एक रेड पोर्टल जैसा खुला आवर किरण उस रेड पोर्टल में चली गयी

कुछ 1 हर के बाद फिर ुशी पोर्टल से बहार निकल कर दूसरी किरण पहली किरण में समाहित हो गई

किरण के सरीर में कुछ दी हलचल हुए आवर फिर संत हो गई

सूर्य किरण ने भी अपने सरीर में वही बदलाव मह्सुश किये किन्तु उसने इग्नोर कर फ्रेश हो पड़ने लगी

क्युकी किरण आवर सपना के पेप्पर जो चल रहे थे इन सब में किरण ने अपने सरीर में हुए बदलाव पे ध्यान नहीं दिया

छत्तीसगढ़ .......

सूर्य ........सर मैं बिलकुल ठीक हूँ प्लेसेस मुझे इस मिशन की परमिशन दे दीजिये

कारन सर ........बिलकुल नहीं सूर्य मैं तुम्हे इसकी परमिशन नहीं दे सकता एक तो तुम पहले से बीमार हो ऊपर से इस मिशन के लिया किसी आवर स्पेशल टीम को भेजा जा रहा है

सूर्य .......ठीक है सर मैं चलता हूँ

कारन सर ........सूर्य मेरी बात का बुरा न मन्ना पैर तुम अभी उस हालत में नहीं हो

आवर न मैं तुम्हे खोना चाहता हूँ कुछ दिन तुमपने घर हो आओ काफी समय हो चूका है तुम्हे

सूर्य ......जी सर जैसा आप कहे

सूर्य वह से निकल कर अलीना के पास जाता है

अलीना .....hi सूर्य क्या बात है जनाब आपकी तो तबियत ख़राब थी न पैर आपको देख कर ये तो नहीं लग रहा

सूर्य ........अलीना मुझे तुम्हारी हेल्प चाइये

अलीना .........क्या हेल्प चाइये सूर्य आपको

सूर्य .......तुम्हे पता है वो आतंकवादी कहा तक पहुंचे है

अलीना ......कही तुम उनकी बात तो नहीं कर रहे जिनको ले कर के कारन सर बाकि सीनियर परेशान है

सूर्य .....है मैं उनकी हे बात कर रहा हूँ

अलीना ......वो आज लेट नाईट तब अंबिकापुर में इंटर कर सकते है

पैर तुम ये क्यों पूछ रहे हो

सूर्य .....कुछ नहीं बस यही की उनको रोकने के लिया आर्मी क्या कर रही है

वैसे उस स्पेशल टीम का कुछ पता चला की वो कोनसी टीम है

अलीना ......है वो n.s.g...commando फाॅर्स के पूरी 2 टीम जा रही है

सूर्य .....ok मैं चलता हूँ आवर है मैं कुछ दिन बाद गांव जा रहा हूँ क्या तुम भी चलोगी

अलीना ......मैंने आवर दी ने पहले हे अप्लीकेशन दाल राखी है कारन सर ने हमें पहले हे बोल दिया था सायद तुम्हे पता नहीं अब हमारी ड्यूटी यहाँ से ख़तम होने वाली है

सूर्य .....क्या मतलब यहाँ से ख़तम होने वाली है

अलीना ......वो आप दी से पूछना ok अब मैं चलती हूँ

सूर्य वह से निकल कर अपने रूम में पंहुचा आवर अपने कपडे बदल आराम करने लगा

सूर्य ......सर मुझे वह जाने नहीं दे रहे है कैसे पहुँचू वह

काफी देर सोच विचार करने के बाद सूर्य एक निर्णय लेता है आवर एक बेग में अपनी यूनिफार्म आवर अपना खंजर दाल बहार निकलता है

सामने से मेर्री उसका इंतजार कर रही थी

मेर्री ......सूर्य एक बार आवर सोच लो

सूर्य ......अब आवर नहीं मेरी कोई भी मेरे बारे में पूछे तो बोल देना मैं किसी जरूरी काम से या किसी खबरि से मिलने गया हूँ

मेर्री .....ok मुझे कॉल करते रहना सूर्य

सूर्य ...... वो तो ठीक है बूत तुम्हे मेरी सॅटॅलाइट लोकेशन चेंज करनी होगी

मेर्री .....वो सब मैं देख लुंगी

सूर्य ....ok bye मैं निकलता हूँ

लेट नाईट तक मैं लौट आऊंगा

मेर्री ......bye अपना ख्याल रखना सूर्य

सूर्य वह से एक आर्मी बुलाते बाइक ले निकल पड़ा अंबिकापुर की तरफ आतंकियों का सीकर करने

सूर्यगढ़ .......

सकती ......साध्वी जी सूर्य वह के लिया निकल चूका है

साध्वी जी .......जाने दो वो अपनी एक नयी पहचान बनाने जा रहा है सकती जो पापियों के दोस्तो के दिलो में वो दहसत भरेगी जिसके कारन पापी पाप करना भूल जायेंगे

सकती .......क्या हमें कुछ सहायता करनी चाइये भले हे सूर्य को अपनी सक्रिय प्राप्त हो चुकी है परन्तु अभी सूर्य उन्हें जागृत नहीं कर पाया है

साध्वी जी .....तुम भूल रहे हो सकती सूर्य अपनी मूल शक्तियों के बिना भी उन जैसे हज़ारो के लिया काफी है

परतवि लोक पे इस समय ऋषि मुनियो को छोड़ केवल सूर्य हे है जिसके पास पांच महबूतो की सक्रिय है

सकती .......उचित कहा आपने साध्वी जी

तो अब सूर्य को आप कब गुरुदेव के विषय में बताने वाली है

साध्वी जी .....जब पिता जी का आदेश होगा तब हे सूर्य को उनके बारी में पता चलना चाइये

सकती ........जी जैसा आप ठीक समजे मैं चलता हूँ .............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..........
 
अपडेट. 100

सकती .......क्या हमें कुछ सहायता करनी चाइये भले हे सूर्य को अपनी सक्रिय प्राप्त हो चुकी है परन्तु अभी सूर्य उन्हें जागृत नहीं कर पाया है

साध्वी जी .....तुम भूल रहे हो सकती सूर्य अपनी मूल शक्तियों के बिना भी उन जैसे हज़ारो के लिया काफी है

परतवि लोक पे इस समय ऋषि मुनियो को छोड़ केवल सूर्य हे है जिसके पास पांच महबूतो की सक्रिय है

सकती .......उचित कहा आपने साध्वी जी

तो अब सूर्य को आप कब गुरुदेव के विषय में बताने वाली है

साध्वी जी .....जब पिता जी का आदेश होगा तब हे सूर्य को उनके बारी में पता चलना चाइये

सकती ........जी जैसा आप ठीक समजे मैं चलता हूँ .............

अब आगे .......

सूर्य आर्मी कैंप से निकल कर 1 हर से ऊपर का समाया लगा कर अंबिकापुर पंहुचा

सूर्य मेर्री को फ़ोन लगता है

सूर्य ......hello मेर्री कुछ पता चला वो लोग कहा तक पहुंचे है

मेर्री ......है सूर्य पता तो चला है पैर वो अब मिर्जापुर जाने से पहले वो किसी आवर रस्ते से बिच में एक छोटा सा विलेज पड़ता है दौड़ नगर वह पे रुकना हो सकता है उनका

सूर्य ......तुम इतने यकीं से कैसे कह सकती हो मेर्री

मेर्री .....क्युकी की इस आतंकी ग्रुप से बार बार किसी से दौड़ नगर में बात हो रही है

सूर्य .....क्या तुम उनकी बात सुन प् रही हो

मेर्री .....नहीं सूर्य वो सॅटॅलाइट फ़ोन उसे कर रहा है

सूर्य ......फिर तुम्हे कैसे पता इस बारे में क्युकी सेटललिते फ़ोन को तो ट्रैक नहीं किया जा सकता है

मेर्री .......पैर अलीना के सॉफ्टवेयर से ट्रैक किया जा सकता है

सूर्य .......ok मैं दौड़ नगर के लिया निकलता हूँ

मेर्री ......सूर्य मेरी बात मनो तो अपनी बाइक यही पे चौदह दो बाइक को अगर वह किसी ने देखा तो उनको शक हो सकता है

सूर्य ......मैं जनता हूँ इस लिया मैंने कुछ आवर सोचा है

मेर्री ......मैं कुछ सामजी नहीं सूर्य

सूर्य .....बाद में बात करता हूँ

सूर्य वही अपने बाइक कड़ी कर पैदल हे अम्बिका पुर से बहार की तरफ भाड़ गया

तक़रीबन 20 मिनट्स के बाद सूर्य ाम्भिका पुर बहार खुले में था

कुछ आगे चल कर सूर्य वही पास की झाड़ियों में गुस्स जाता है

सूर्य चारो तरफ अपनी नजर दौड़ता है की कोई उसे देख तो नहीं रहा है

सूर्य अपने बजे से खंजर निकलता है

खंजर को अपने हाथ में काश कर पकड़ता है जिस से खुश खून के बुँदे उस खंजर के कट से सूर्य के हाथ से निकलती है

जिस से वो खंजर चमकने लगा

सूर्य ......मैं जनता हूँ था तुम कोई सदर्न खंजर नहीं हो

अब मुझे तुम्हारी मदद चाइये

मुझे किसी भी तरह से समय से पहले दौड़ नगर पहुंचना है क्या तुम मेरी सहायता करोगे

खंजर सूर्य के हाथ से चुत कर सूर्य के सामने हवा में गुमने लगता है

एक लाल दुहे का और सूर्य आवर खंजर के चारो तरफ गुमने लगता है

खंजर ........मेरे मालिक मेरा निर्माण हे आपकी सेवा करने के लिया हुआ है

आप केवल आज्ञा करे मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ

सूर्य ......क्या तुम मुझे दौड़ नगर समय से पहले पंहुचा सकते हो

खंजर ......मुझे माफ कीजिये मालिक पैर मैं ये नहीं कर सकता

सूर्य .....फिर तुम क्या कर सकते हो क्या फायदा फिर तुम्हारी जादुई खंजर होने का

खंजर ......आप मुझे अपना लीजिये वह तक पहुंचने का मार्ग मैं आपको बताऊंगा

सूर्य .......किन्तु तुम्हे मैं कैसे अपना सकता हूँ तुम में जो सक्रिय है वो सब पापी आत्माओ को कैद करने से है

खंजर ......जैसे हे आप मुझे अपनाओगे वो सभी पापी आत्माये मुक्त हो जाएँगी पाप से

सूर्य .....ठीक है फिर मैं तुम्हे अपनाने को त्यार हूँ

खंजर .......ठीक है मालिक

आप मुझे अपने सीने से लहू बहा कर मुझे अपना सकते है

सूर्य खंजर से अपने सीने पे ( जहा दिल होता है ) वह हल्का का चुभा कर अपना खून खंजर पे लगता है

खजर चमकते हुए सूर्य के सीने सामने लगा आवर कुछ हे पल में सूर्य के सीने में समां गया

किन्तु जैसे हे सूर्य का घाव भरा वैसे हे सूर्य के कानो में खंजर की चिकने छिलने की सावज सुनाई देने लगी

सूर्य ......क्या हुआ खजर चीला क्यों रहे हो

खंजर .....मुझे आप कार्डो मालिक मुझे यहाँ से बहार निकालो

सूर्य ......अब तुम मेरी इच्छा के बिना कुछ भी नहीं कर सकते हो

डेरी डेरी खंजर की आवाज आणि बंद हो गई

सूर्य ......अब वक़्त है वायु तत्वा का प्रयोग कर दौड़ नगर पंहुचा जाये

सूर्य अपने वायु आवर आकाश तत्वा को जागृत कर एक ऊँची छलांग भरता है

अगले हे पल सूर्य की रॉकेट के भाटी आकाश में था

सूर्य ......अच्छी स्पीड है पैर थोड़ी आवर म्हणत करनी होगी

सूर्य बड़ी तेजी से बदलो को चिढ़ते हुए दौड़ नगर की तरफ भाड़ रहा था कुछ कुछ 3से 5 मिनट्स बाद सूर्य दौड़ नगर के बहार से बहती हुई नाड़ी किनारे उतरता है

सूर्य ......हम्म्म तो ये है दौड़ नगर अब जरा मेर्री से पता करे की वो किस तरफ से आ रहे है

सूर्य .....hi मेर्री क्या तुम मुझे उनका मैप दे सकती हो या उनकी लोकेशन बता सकती हो दौड़ नगर से किश तरफ है वो कितनी दुरी पे होंगे कुछ भी

मेर्री .....ok लेट में चेक मैं तुम्हारे फ़ोन पे उनके लोकेशंस भेज रही हूँ वो अभी इस लोकेशंस के आसा पास हे होंगे क्युकी ये एक जंगली एरिया है

सूर्य .....ok थैंक्स मेर्री मैं जल्दी हे आता हूँ

सूर्य अपने फ़ोन में लोकेशन देख उस दिशा की आवर भाड़ गया अगले हे मिनट्स सूर्य उस जंगल में सबसे ुचि पहाड़ी पे था

चारो तरफ अच्छे से नजर मरने के बाद सूर्य को कुछ 1 कम पे हल्का दुहा सा उठता दिखा

सूर्य....... इसका मतलब वो वह है अभी तो काफी वक़्त है साम के 4 हे बजे है वैसे भी जायेंगे तो ीदार से हे यही इंतजार करता हूँ

सूर्य अपनी ड्रेस चेंज कर आर्मी यूनिफार्म दाल लेता है आवर अपना फेस ब्लैक कपडे से कवर कर लेता है

आवर आराम से वही पहाड़ी से रस्ते पे नजर जमा लेता है

सूर्य खंजर को याद करता है तो खंजर उसके हाथो में आ जाता है

खंजर ......मुझे माफ कर दीजिये मेरे मालिक मुझसे गलती हो गई मुझे लगा मैं आपकी सकती प्राप्त कर आवर सक्तिसाली हो जाऊंगा पैर ये मेरी सबसे बड़ी भूल थी

सूर्य .......तुम्हे क्या लगा तुम्हारे चाल कपट को मैंने नहीं भाप होगा अब तुम मेरी इच्छा के ादिन हो एक गुलाम की तरह

खंजर ......मुझे माफ करे आवर मुझे अपने मुख्या खंजर के रूप में इस्तेमाल करे मेरी सभी सक्रिय आपकी गुलाम है

सूर्य ......तो कितनी आत्माओ को अब तक बंदी बना कर रखा है तुमने

खंजर ......हज़ारो आत्माये है है मालिक

केवल वही जो पापी दुराचारी ा आत्माये है

सूर्य ......ठीक है जब समय आएगा तो मैं तुम्हे दिल से अपनाउंगा तब तक तुम मेरी इच्छा के असिन रहोगे

त्यार रहो कुछ देर बाद तुम्हे आवर पापी आत्माओ को कैद करने का मौका मिलेगा जब मैं उनका सीकर करूँगा

खंजर .......मालिक आप क्यों तकलीफ लेते हो इनके लिया तो मैं अकेला हे काफी हूँ केवल आप एक आदेश करे

मेरी गुलाम ा आत्माये इनको नोच नोच कर खा जाएगी

सूर्य ......यार थोड़ा बहुत तो मजा मुझे भी लेने दो आवर दूसरी बात इन्हे दर्द नक् मौत देनी है न की आसान मौत

आज इनकी रूह तक कप जनि चाइये मौत का मंजर देख कर

खंजर ......मालिक क्यों न थोड़ा मनोरंजन किया जाये इन आत्माओ से उनको इतना डराया जाये की वो सब मौत की भीख मांगे

सूर्य ........आईडिया अच्छा है इन्हे इतना डराओ की इनका 1 no.our 2 no. दोनों निकल जाये

कुछ हे देर बाद सूर्य को वो सभी आतंकवादी आते हुए दिखाई देने लगे









सूर्य ......खंजर मिया अपनी माया सुरु करो जहा भी देखो इनको बहुत पिसाच हे नजर आना चाइये

मैं इनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करता हूँ की जब गांड फटती है तो क्या क्या होता है

खंजर .....जी मालिक अब देखो इनकी कैसे बंद बजता हूँ

खजर हवा में उठ का जोर जोर से गुमने लगा

देखते हे देखते वह भूतो पिसाचो की लाइन लग गई





खंजर .......जहॉ आवर मालिक का मनोरंजन करो खाना किसी को नहीं है

सूर्य ......उन्हें इतना डराओ की खुद मुकुट के लिया भीख मांगे

सभी बहुत पिसाच गायब हो उनको चरक तरफ से घेर लेते है









अचानक से हुए इस डरावने हमले

से किसी को भी समझले का मौका नहीं मिल रहा था

अब जो भी हतियार आतंकियोक के हाथ में थे वो कुछ कमजोर दिल वालो के हाथो से घुट गए कुछ ने हिमत कर उनपे फायरिंग करनी सुरु कर दी





उल्टा गोस्त हे उन्हें डेविल स्माइल दे ऊँगली दिखने लगे

की बेवकूफ लोगो हम पहले हे मर चुके है ये खिलोने हमें क्या मरेंगे

सूर्य आराम से उन सबकी रिकॉडिंग कर रहा था

कुछ आतंकी अपनी जान बचा कर जंगल की तरफ भागे तो

जमीं से जोम्बी जैसे गोस्त निकलने लगे





आतंकवादी चूकते रहे चिमटे रहे एक दूसरे पे गोली चलते रहे

ीदार ीबी तड़फ भदरी रही काफी देर चले इस डराने खेल से कुछ आतंकवादियों ने तो खुद को हे गोली मरना सुरु कर दिया

सूर्य .....ऐसे मज़ा नहीं आ रहा गोस्त को को दूर हटने का इसरत कर

सूर्य पहाड़ी से चलेंगे लगा उन सबके बिच आ गया

सूर्य .......क्या हुआ मौत बाटने वाले आज खुद मौत से दर रहे है

तुम सब की इतने भनक मौत होगी की तुम सब की रूह तक कानो उठेगी

सूर्य अपना खंजर ले कर आगे भध सबको छोटे छोटे घाव देने लगा खंजर के सकती से उनके घाव जलने लगे जैसे किसी ने घावों पे तेज़ाब दाल दिया हो

सूर्य ने घाव हे कुछ विस् तरह से दिए की दर्द तकलीफ की इन था पर हो जाये पर मरे नहीं

आड़े घंटे तक सूर्य उनके सरीर पे छोटे छोटे घाव देता रहा

खंजर .........मालिक अब इनको मुक्त कर दीजिये क्यों आप पाप के भागी बनते हो

सूर्य .......सही कहा तुमने पैर इनको साथ दुनिया को मैसेज भी मिलना चाइये

खंजर इन सबकी की गर्दन अलग कर दो आवर इनके सीने पे बिग साइज क का मार्क बना दो

खंजर ......इस से क्या होगा मालिक

सूर्य ......क. सिम्बल होगा इन जैसे पापियों के लिया मेरा

काल बन कर टूटूंगा मैं

काल नाम से इन जैसे पापियों की रूह भी कैंप उठेगी पाप करने से पहले

खंजर ........जैसा आप कहे मालिक

खंजर हवा में उड़ता हुआ करीब 40 +आतंकियों को की गर्दन काट कर उनके सीने पे ऊपर से निचे तक बिग साइज .k..mark कर देता है

खंजर ......मालिक काम हो गया

सूर्य .......इन बॉडीस के साथ एक मैसेज भी होना चाइये

सूर्य आस पास खुश ढूंढ़ता है पैर वह कुछ भी नहीं था जिस पे कुछ लिखा जा सके

सूर्य .....खंजर उस छोटी से चाटन पे मैसेज लिखो

.....इन जैसे पापी पाप के पुजारी

.....मौत के सुदगारो के लिया

.....गॉड अंश काल लौट आया

......या तो पाप से रिस्ता तोड़ो या अपनी सांसे छोड़ो .....m...putra काल

खंजर .....मालिक सन्देश लिखा जा चूका है

सूर्य .....चलो फिर चलते है यही अपनी जगह पे लौट जाओ

खंजर ......मालिक मुझे वह तकलीफ होती है मुझे अपने साथ रखिये पैर अंदर नहीं

सूर्य .......अभी चलो अंदर फिर सोचता हूँ तुम्हारे बारे में भी

खंजर सूर्य में समां जाता है सूर्य .....अँधेरा हो गया है अब निकलना चाइये

सूर्य वह से आकाश मार्ग से अंबिकापुर पंहुचा वह से अपनी बाइक ले छत्तीसगढ़ निकल गया

सूर्य को पहुंचते पहुंचते रात के 8 बज चुके थे

सूर्य जब अपने रूम पे पंहुचा तो वह अलीना आवर मेर्री दोनों पहले से हे मौजूद थी

सूर्य .....आप दोनों यहाँ पे

मेर्री अलीना ......विश यू वैरी वैरी हैप्पी बर्थडे सूर्य

सूर्य ....थैंक्स मेर्री एंड अलीना ओह्ह सहित

सूर्य जल्दी से अपना फ़ोन निकल कर ों करता है उसमे घर से सबके कॉल आवर मैसेज थे u.s.a से बुआ आवर रुपाली दीपाली के किरण सपना कोमल राधा ममी मां सबके

सूर्य ....लग गई वात मेरी तो

मेर्री .....क्या हुआ सूर्य

सूर्य फ़ोन मेर्री को दे देता है मेर्री .....don't वोर्री सूर्य हमने पहले हे तुम्हारे फ़ोन को हैक कर सबको मैसेज रिप्लाई कर थैंक यू बोल दिया है की मैं अभी बिजी हूँ

सूर्य .....थैंक्स मेर्री एंड अलीना तुम लोगो ने बहुत बड़ी प्रॉब्लम सॉल्व कर दी

मेर्री ......क्या वह का मिशन

सक्सेसफुल रहा

सूर्य अपना फ़ोन मेर्री की तरफ बढ़ा देता है

सूर्य .....इस वीडियोस फुटेज आवर इस मैसेज को इंटरनेट पे दाल दो मेर्री पैर ध्यान रहे कोई

कोई भी िप एड्रेस ट्रैक न कर पाए

अलीना .....don't वोर्री काम हो जायेगा

दोनों कुछ देर वीडियो देखते है फिर उसे नेट पे आवर मिडिया में सेंड कर देती है

एक स्लोगन के साथ .....आतंकवादियों पे काल का कहर ....नाम से

मेर्री ......काम हो गया सूर्य पैर ये सब दर किस से रहे है जो अपने आपको हे गोली मार रहे है

सूर्य ......गोस्त से

मेर्री .....मजाक नहीं सूर्य

सूर्य ........ये सब छोड़ो बहुत भूख लगी है

मेर्री .....खाना रेडी है है चलो चल कर कहते है

सूर्य अलीना मेर्री तीनो खाना कहते है

वही नेट पे वो वीडियो तेजी से फ़ैल जाता है हर मिडिया चैनल पे बस यही वीडियो प्ले हो रहा था

सूर्यकांत ....आपका कहना बिलकुल ठीक है

यानि सूर्य ने ये काम अकेले किया है

सकती .....है अब सूर्य को आप यहाँ दिल्ली ट्रांसफर कर सकते है सूर्य आर्मी के लिया काम करेगा पैर किसी खाश मिशन पे हे इस बात का आप ख्याल रखना

सूर्यकांत..... मुझे कोई एतराज नहीं है मैं अभी हे सूर्य को प्रमोशन के साथ ट्रांसफर दिल्ली कर देता हूँ

सकती .....मेर्री आवर अलीना को भी सूर्य के साथ ट्रांसफर कर्जा है उन तीनो को अभी अलग नहीं कर न है

सूर्यकांत ......जी जैसा आप कहे थैंक्स आपकी बदौलत हमें सूर्य मिला आज उसने इन आतंकियों को मार कर बहुत से बेगुनन निर्दोषो की जान बचाई है

सकती .....मैं चलता हूँ अब कुछ वक़्त सूर्य को रेस्ट पे रहने दो अपने परिवार के बिच

सूर्यकांत ......जी ठीक है

दो दिन तक काल के विकराल वीडियो के अलावा मिडिया में कोई आवर न्यूज़ नहीं थी

दो दिन बाद सूर्य मेर्री अपनी प्रमोशन के साथ एक लम्बी चुटी पे जाने से पहले अपने टीम अपने senior's से विधा ले आवर जयपुर के लिया निकल गए

ओने इयर्स फ्लैशबैक एन्ड......

नेक्स्ट अपडेट अपने प्रेजेंट टाइम में चलेगा ........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..........

अब से एक दिन छोड़ एक दिन अपडेट आएगा फ्रेंड्स ......
 
अपडेट. 101

सूर्यकांत ......जी जैसा आप कहे थैंक्स आपकी बदौलत हमें सूर्य मिला आज उसने इन आतंकियों को मार कर बहुत से बेगुनन निर्दोषो की जान बचाई है

सकती .....मैं चलता हूँ अब कुछ वक़्त सूर्य को रेस्ट पे रहने दो अपने परिवार के बिच

सूर्यकांत ......जी ठीक है

दो दिन तक काल के विकराल वीडियो के अलावा मिडिया में कोई आवर न्यूज़ नहीं थी

दो दिन बाद सूर्य मेर्री अपनी प्रमोशन के साथ एक लम्बी चुटी पे जाने से पहले अपने टीम अपने senior's से विधा ले आवर जयपुर के लिया निकल गए.........

( प्रेजेंट टाइम )

सूर्य .....वो सब छोड़ो आप आवर ये बताये आपकी पड़े कैसे चल रहे है आपको कोई परेशान तो नहीं कर रहा है न कॉलेज में

राधा .......हेहेहे आपके नाम से उस दिन के बाद सब डरते है

पुरे कॉलेज में पता चल गया की आपने m.l.a आवर उसके बेटे के साथ क्या किया था उसके बाद से छेड़ना. तो दूर मुझसे प्रोफेसर तक आराम से बात करते है

राधा कुछ देर ऐसे हे अपने कॉलेज की बाते करने के बाद कब सूर्य के साथ चिपक कर सो गई

सूर्य अपने बाईट हुए कल के बारे में सोचने लगा.........

अब आगे .........

सूर्य सुबह अपने नियम से उठ फ्रेश हो जंगल की तरफ चल दिया

3 हर बाद सूर्य वापिस आता है घर तब तक सब नास्ते की तयारी हो चुकी थी

दादी जी ......बीटा सूर्य आ गए तुम चलो पहले नास्ता करो फिर तुम्हारे दादा जी के साथ सक्तिपुर जाना है तुम्हे

सूर्य ......क्या हुआ दादी माँ सब ठीक तो है न वह

दादी जी .....वो तो वह जा कर के हे पता चलेगा

surya......ok दादी माँ जैसा आप कहे वैसे दादा जी आपने कभी बताया नहीं की हमारे यहाँ हमारे खेत वगेरा कहा पे है

दादा जी .....क्यों भाई तुम्हे अचानक खेतो में कैसे दिलचस्पी हो गयी कही पड़े आवर नौकरी छोड़ खेती तो नहीं करने का सोच रहा है

शालिनी .....बाउजी आप किस नौकरी की बात कर रहे हो

दादी जी .....कुछ नहीं बही मैं तो ऐसे हे सूर्य को छेद रहा था

शालिनी .....बाउजी सच बताइये न

सूर्य ....मैं बताता हूँ माँ दरशल मैंने आर्मी ज्वाइन कर ली है आवर अभी मेरी ट्रांसफर दिल्ली हुई है प्रमोशन के साथ

पहले में लेफ्टिनेंट था अब से मेजर सूर्य शिव ठाकुर हूँ

मेर्री .....साथ में मेरी आवर अलीना की ट्रांसफर भी यही दिल्ली हो गयी है

दादा जी .....ये कब हुआ आवर तुमने मुझे बताया भी नहीं

शालिनी .....बाउजी आपने जैसे हमें सब कुछ बताया हो क्या जरूरत है तुम्हे आर्मी में जाने की

सूर्य .......माँ आर्मी को चीज़ नहीं है जो उसकी जरूरत हो आर्मी वो गौरव है जिसकी शान के लिया इस देश की हिफाज़त के लिया लाखो बेटो ने सीमा पे हस्ते हे अपनी आर्मी के लिया अपने देश के लिया जान कुर्बान कर दी

आज भी लाखो लड़के इस वर्दी को पहनने के लिया कितनी म्हणत करते है आज भी लाखो लड़के इस वर्दी को पहने का सपना देखते है

शालिनी .....बस बस समाज गई पैर तुझे कुछ हो गया तो बीटा तुम जानते हो न

सूर्य .....don't वोर्री माँ मुझे कुछ नहीं होगा जब तक मेरे महाकाल मेरे साथ है

शिव .....तो मेजर सूर्य फिर तो दिल्ली हे सिफत होना पड़ेगा क्या आपके लिया

सूर्य .....क्या मतलब डैड

शिव .....अब जब तुम्हारी ड्यूटी दिल्ली है तो यहाँ तो रहोगे नहीं तुम

सूर्य .... ऐसा कुछ नहीं है डैड बिच बिच में जाता रहूँगा कुछ टाइम तब तक यही पे अपने कॉलेज से पड़े करूँगा

राधा आवर कोमल दी के साथ

ऐसे कुछ देर बाटे होती रहती है

अभी सभी नास्ता फिनिश किया शिव आवर महेंद्र दोनों हे ऑफिस के लिया निकल गए

उनके निकलते हे किरण आवर सपना अपने दादा जी के साथ हवेली आ पहुंची

सूर्य .....गुड मॉर्निंग नाना जी

क्या बात है आज सुबह सुबह हे नानी सा ने चुका पानी बंद कर दिया क्या

नाना जी ......ये तेरा दादा काम है क्या तंग खींचने के लिया जो अब तुम भी मेरी तंग खींचने लगे

सूर्य आगे भाड़ अपने नाना जी को गले लगा लेता है

सूर्य .....क्या दादा जी आप मेरे नाना जी की हमेशा तंग खींचते है क्या

दादा जी .....तेरा नाना होने से पहले मेरा दोस्त है सो आवर वैसे भी मैं समधी हूँ इसका क्यों भाई विक्रम

नाना जी ........सही कहा भाई दोस्त से रिस्तेदारी जो हो गई

वैसे ाक्तिपुर क्यों चल रहे है भाई तुमने सुबह सुबह कॉल कर के ीदार बुला लिया

दादा जी. ....यार सो रात में मुखिया से फ़ोन पे बात हुए थे कुछ हॉस्पिटल के बारे में हे बात करनी होगी

सूर्य ......पैर दादू हॉस्पिटल का काम तो पूरा भी हो गया है फिर क्या काम हो सकता है

दादा जी .....वही चल कर पता चलेगा तू त्यार हो जा हम चलते है वही

surya.....ji दादू

सूर्य अंदर जा कर त्यार होता है ब्लैक जींस वाइट t.shirt सूर्य की बॉडी पे खूब जांच रही थी

अलीना कैरम कोमल राधा चारो सुबह हे हवेली के पीछे बने उद्यान में अपने गॉशिप चालू कर दिया

मेर्री शालिनी आवर आवर बड़ी मम्मी के साथ लगे हुई थी

सूर्य .....चले दादू मैं त्यार हु

शालिनी ......रुको सूर्य

सूर्य ......क्या हुआ माँ

शालिनी .......ये को बीटा तुम्हारे जनम दिन का तोहफा तुम अपने जनम दिन पे यहाँ थे नहीं

माँ सा दीदी आवर मैं मिल कर तुम्हारे लिया एक हे गिफ्ट त्यार करवा लिया

शलीली आगे बढ़ सूर्य के गले में गोल्ड छीने पहना देती है जिसमे खूबसूरत ॐ का डिज़ाइन बना हुआ था जो थोड़ी भरी छीने थी





सूर्य .........थैंक यू माँ ये बहुत खूबसूरत गिफ्ट है आपकी तरह हे

शालिनी .......अब जाओ आवर जल्दी आना हमें बहुत से बाते करनी

सूर्य ......ok माँ लव यू माँ.

bye

सूर्य अपने दादा जी आवर नाना जी के साथ कार से सक्तिपुर की तरफ निकल जाता है

सूर्य .......दादा जी मेरे जाने के बाद हॉस्पिटल को ले कर कोई प्रॉब्लम तो नहीं हुई न

दादा जी .....नहीं बीटा कुछ खाश समस्या तो नहीं हुई

थोड़ा बहुत तो हर जगह होता है यहाँ भी एक डोर बार काम को रोकना पड़ा था

पैर सक्तिपुर के मुखिया ने सब अच्छे से संभल लिया

सूर्य ......सो आपके दोस्त है न दादा जी

नाना जी ......सो मेरा भी दोस्त है पैर उतना गहरा तीस्ता नहीं है जिंटा तुम्हारे दादा जी से है

कुछ देर बाद सूर्य सक्तिपुर में इंटर करता है चौपाल पे काफी लोग एकता थे

दादा जी ......बीटा यही पे गाड़ी रोक दो

सूर्य वही साइड में कार लगा देता है

कार देखते हे मुखिया आवर कुछ बुजुर्ग लोग आगे आ कर दादा जी आवर नाना जी से हाथ मिलते है आवर गले मिलते है

सूर्य सभी बुजुर्गो के पेअर छू कर आशीर्वाद लेता है

मुखिया जी .......आओ बीटा सूर्य तुम तो 6 महीनो में काफी बदल गए हो बीटा

अब तो अपने दादा से भी तगड़े हो गए हो

सूर्य .....दादा जी का हे खून हूँ न दादा जी

मुखिया जी .....सही कहा बीटा अपनी जवानी के दिनों में तुम्हारे दादा जी बे बिलकुल तुम्हारे जैसे हे थे पहलवानी में भूतो को धूल चटाई थी तुम्हारे दादा ने

दादा जी .....चली चल कर बात करते है

सभी चिपक पे राखी खुशियों पे बेथ जाते है

दादा जी .....आवर भाई सुना कैसे याद किया आज हमें

मुखिया जी ......आपको तो पता हे होगा हॉस्पिटल तो बन गया है जोरावर ने यहाँ के लिया डॉक्टर आवर बाकि सब का भी इंतजाम कर दिया है पैर अभी तक हॉस्पिटल का उध्गाटन नहीं किया है

सूर्य .......दादा जी जब सब कुछ त्यार था तो फिर उध्गाटन क्यों नहीं किया आप लोगो ने

मुखिया जी ......क्युकी यहाँ के सभी लोग यही चाहते थे की अध्ययन तुम्हारे हाथो हो

सूर्य .....दादा जी ये तो कोई बात नहीं हुई मेरे इन्तजार करने की क्या जरूरत थी मेरे इन्तजार के चाकर में कितने लोगो को परेशानी हुई होगी

आप किसी से भी ये काम करवा लेते

मुखिया जी ......बीटा सभी लोग यही चाहते थे

सूर्य .....ठीक है फिर हवेली सन्देश भिजवा दीजिये आज हे उध्गाटन करवा देते है ताकि जल्द से जल्द सब को फायदा हो

दादा जी ......किस हवेली की बात कर रहे हो बीटा

सूर्य .....दादा जी हॉस्पिटल का उध्गाटन सक्तिपुर के ठाकुर दुर्जन सींग आवर उनके भाई की बेटियों के हाथो होगा

मुखिया जी .....बीटा ये तुम क्या कह रहे हो

सूर्य ......दादा जी सुबह कार्य का आरम्भ कन्या के हाथो हो तो शास्त्रों में सुबह मन जाता है

नाना जी ......ये तुमने उचित कहा बीटा मुखिया जी पंडित को बुलाओ आवर ऊर्जा की तयारी करो आवर हवेली में भी खबर भिजवा दो

सूर्य ......नहीं दादा जी हवेली हम खुद चलेंगे आप पूजा आवर बाकि सब तयारी कीजिये

मुखिया जी किसी को बोल कर सक्तिपुर में सबको बॉटने का बोल देते है

सूर्य अपने बड़े पापा को फ़ोन कर कुछ काम बताता है

सूर्य ....दादा जी चलो चलते है

कुछ लगो के साथ सूर्य अपने नाना आवर दादा को साथ ले दुर्जन सिंह की हवेली की तरफ निकल गए

जल्दी हे लोगो खबर लग गई हवेली में सूर्य ने मेर्री को फ़ोन कर सबको यही आने का बोल दिया

हवेली की तरफ इतने लोगो को आता देख चौकीदार ने अंदर खबर कर दी

कुछ हे देर में सब हवेली में थे इस वक़्त विक्रम यहाँ मौजूद नहीं था

हवेली में राणा अजय विधि गायत्री गीता रुक्मणि हे थी

गीता ठाकुर .......आप सब लोग यहाँ पे

दादा जी .....बेटी हम सब यहाँ काम से हे आये है

गीता ठाकुर .....आप सब बैठिये हम चाय कॉफ़ी का इंतजाम करवाते है

दादा जी ........नहीं बेटी उसकी जरूरत नहीं है हम यहाँ कुछ बात करने आये है क्या विक्रम घर पे नहीं है

गीता ठाकुर .....जो सो किसी काम से बहार गया है कुछ दिन के लिया कोई जरूरी काम था क्या

मुखिया जी ......ठकुराइन आप तो जानती हे हो की हॉस्पिटल का काम पूरा हो चूका है पैर अभी भी उध्गाटन नहीं हुआ है

गीता ठाकुर .....हम जानते है पैर अब क्या हुआ अब तो सूर्य बीटा भी आ गया है हम सबने तो यही तय किया था की उदघाटन सूर्य के हाथो होगा

मुखिया जी ......पैर सूर्य कुछ आवर हे कह रहा है आवर उसकी बात भी सही है

गीता ठाकुर ....ऐसे क्या बात है

मुखिया जी .......सूर्य का कहना है की ये सुबह कार्य आपकी दोनों बेटी गायत्री ठाकुर आवर विधि ठाकुर के हाथ से हो

सूर्य ......आपको तो कोई एतराज नहीं है न चची जी

गीता ठाकुर .....हमें क्या एतराज होगा बीटा उल्टा हमें तो ख़ुशी होगी इस बात से की तुमने हमारे बारे में सोचा

तभी वह पंडित जी आ गया

पंडित जी ....परनाम ठाकुर साहब परनाम राणा जी

दादा जी नाना जी .....परनाम पंडित जी

पंडित जी ....परनाम ठकुराइन गीता देवी जी

गीता ठाकुर .....परनाम पंडित जी

दादा जी .....पंडित जी कोई सुबह मुहूर्त है क्या आज के लिया ताकि हॉस्पिटल का उध्गाटन कर सबके लिया खोला जा सके

पण्डिति जी .......जी ठाकुर साहब मैंने घर पे हे मुहूर्त निकल लिया था पैर टाइम थोड़ा काम है 12 :15 का सुबह मुहूर्त है जिसमे 1 हर से भी काम का समय बच्चा है

दादा जी .....आप सब पूजा की तयारी करो पंडित जी हम भी चलते है

बेटी आप भी जल्दी हे अपने परिवार के साथ आ जाइये

गीता ठाकुर .....जी बाउजी हम समय से पहुंच जायेंगे

सूर्य ......चची जी बाकि सभी को भी साथ ले कर जल्दी आइये

गीता ठाकुर .......तुम भी हमारे साथ चलना सूर्य ये भी तुम्हारा हे घर है

सूर्य ......ठीक है दादा जी नाना जी आप लोग चैलिये मई आता हूँ आवर दादा जी दादी माँ आवर बाकि सब भी आ रहे है

दादा जी ......ठीक है बीटा. जल्दी आना

सूर्य .....ठीक है दादू

सबके साथ दादा जी आवर नाना जी भी निकल गए

नाना जी को सूर्य की थोड़ी चिंता थी अकेले हवेली पे रुकने से पैर दादा जी को आश्वस्त देख वो संत रहे

गीता ठाकुर .....क्या लोगे बीटा चाय या कॉफ़ी

सूर्य ......कॉफ़ी चलेगी चची जी वैसे हवेली काफी अच्छी है आपकी

गीता ठाकुर सूर्य को अपने साथ हवेली में ले गई जहा हॉल में हे गायत्री विधि आवर रुक्मणि बैठी हुई थी सूर्य को देख गायत्री आवर रुक्मणि के चेहरे पे कोई खाश ख़ुशी नहीं थी

पैर विधि सूर्य को देख कयफ खुश थी पैर आने परिवार के सामने वो अपनी ख़ुशी का इजहार नहीं कर सकती थी

सूर्य ....नमस्ते चची जी

hi गायत्री जी विधि जी

रुक्मणि ......मैं तुम्हारी चची नहीं हूँ समजे

सूर्य ......ok तो फिर आप हे बता दीजिये आपको क्या कह कर सम्भोदित कृ मैं

रुक्मणि .....कोई जरूरत नहीं है

गीता ठाकुर .......ये क्या बात हुई रुक्मणि काम से काम घर आये मेहमान की तो ेजात करो

सूर्य .....कोई बात नहीं चची जी इनका गुस्सा जायज है इनको लगता है की चाचा जी को मेरे पापा ने मारा था बूत ये सच नहीं है खेर एक दिन आपको भी पता चल हे जायेगा

गीता ठाकुर .....गायत्री बेटी जाओ आवर सूर्य के लिया कॉफ़ी बना कर लाओ आवर तुम सब त्यार हो जाओ हमें हॉस्पिटल जाना है

गायत्री ......क्या हुआ मम्मी

गीता ठाकुर .....तुम्हे आवर विधि को हॉस्पिटल का अध्ययन कारनामे है तो जल्दी से त्यार हो जाओ

गायत्री आवर विधि त्यार होने चल दी पैर रुक्मणि अभी भी वही बैठी हुए थी

गीता .......तुम्हे त्यार नहीं होना क्या

रुक्मणि ......मुझे नहीं जाना कही भी

सूर्य ......चची जी अगर वो नहीं जाना चाहती है तो उन्हें फाॅर्स मत कीजिये आप त्यार हो जाये

गीता ठाकुर गुस्से से रुक्मणि को गुरते हुए वह से चली जाती है

सूर्य वही बेथ कॉफ़ी की चुस्कियां लेने लगता है आवर सामने गुस्से में मुँह फुलाए बैठी रुक्मणि को देखने लगा गौर से

कुछ देर बाद अचानक से सूर्य के सामने कुछ तस्वीरें दिखाई दी जिसमे सूर्य ने रुक्मणि को कयफ लोगो के साथ सम्बन्ध बनाते हुए देखा

सूर्य ने रुक्मणि से अपना ध्यान हटा लिया

(सूर्य ......ये क्या था अचानक से मुझे ये तस्वीर क्यों दिखी जिसमे रुक्मणि ठाकुर अलग अलग मर्दो के साथ सेक्स कर रही है आवर उनमे से एक विक्रम भी था क्या ये सच है या कोई भरम था मेरा )

रुक्मणि .....क्या हुआ ऐसे क्या देख रहे हो मुझे ( ये मुझे क्या हो रहा इसकी आँखों में देख कर मरी छूट में क्यों हलचल हो रही है )

सूर्य ......सॉरी रुक्मणि जी वैसे आपको तो पता हे होगा की विक्रम कहा है

रुक्मणि चौंकते हुए

रुक्मणि .....मुझे कैसे पता होगा विक्रम के बारे में ( कही इस हे कोई शक तो नहीं हो गया मेरे आवर विक्रम के सम्बन्ध का मैं भी क्या सोचती हूँ इस हे कैसे पता होगा जब यहाँ किसी को पता नहीं तो ये तो रहता भी नहीं है यहाँ )

सूर्य को जतका लगा जब रुक्मणि की बात उसके दिमाग में सुनाई दी तो

सूर्य के मुँह से फुर्र कर के कॉफ़ी बहार गिर पड़ी

सूर्य मुँह फाडे रुक्मणि को आश्चर्य से देखने लगा

सूर्य .......आपने अभी कुछ कहा क्या विक्रम आवर अपने बारी में मुझे ऐसा लगा जैसे आपने कुछ कहा हो

रुक्मणि गुस्से से वह से अपने रूम की तरफ चल दी

सूर्य के कपड़ो पे कुछ कॉफ़ी के छींटे गिर गए थे पैर उसका ध्यान उनपे नहीं था

गायत्री .......ये क्या हुआ तुम्हारे कपड़ो को

सूर्य .....क्या मतलब क्या हुआ

गायत्री .......जरा अपने कपडे देखो इनपे डेग लगे हुए है

surya......ohh सहित ये तो कॉफ़ी के डेग है

गीता ठाकुर .....क्या हुआ बीटा

गायत्री ....मम्मी इनके कपड़ो पे दाग लग गए है कॉफ़ी के

सूर्य अपना फ़ोन निकल मेर्री को कॉल करता है आवर उसने अपने एक ड्रेस साथ ले कर आने को बोलता है

गीता .....बीटा एक काम करो कपडे निकल कर मुझे दो मैं अभी साफ करवा देती हूँ

सूर्य .....उसकी जरूरत नहीं चची जी मैंने कपडे मंगवा लिया है

कुछ 20 मिनट्स बाद सूर्य के कपडे ले कर मेर्री वह आ पहुंची

मेर्री .....ये को सूर्य जा कर जल्दी से चेंज कर को बाउजी तुम्हारा इन्तजार कर रहे है

गीता ठाकुर .......गायत्री सूर्य को अपने रूम में ले जाओ वो अपने कपडे चेंज कर ले

गायत्री सूर्य को ले कर अपने रूम के तरफ निकल गई

गायत्री ...ये बाथरूम है आप चेंज कर सकते है

सूर्य अपने ड्रेस ले बाथरूम में गुस्स जाता है

सूर्य एक एक कर अपने कपडे निकलता है

तभी दूर नॉक होता है

सूर्य वही हेंगर में टंगे टॉवल को लपेट दूर खोलता है





सामने हाथ में टॉवल लिया गायत्री कड़ी थी

गायत्री सूर्य के बॉडी कट्स को बड़े गौड़ से देखती

सूर्य .....हेलल कहा खो गई क्या हुआ

गायत्री .....ये आपके लिया टॉवल था

surya.....sorry जल्दी में मैंने यही रखा टॉवल उसे कर लिया

गायत्री .....कोई बात नहीं ये मेरा हे टॉवल है

आप जल्दी से चेंज कर को हम निचे इंतजार कर रहे है

गायत्री वह से चली जाती है

सूर्य .....अब इसको क्या हुआ अचानक इसकी टोन कैसे चेंज हो गई

सूर्य अपने कपडे बदल निचे आता है

सब पूजा के लिया त्यार थे सिवाय रुक्मणि के

सूर्य सबको ले कर हॉस्पिटल पंहुचा जहा सूर्य को पूजा में बैठाया पैर सूर्य ने मन कर दिया आवर अपने मघा महेंद्र आवर रेखा को बैठा दिया

कुछ देर में पूजा पूर्ण हुई पंडित जी ने नारियल तोड़ कर उध्गाटन करने को कहा तो सूर्य ने गायत्री आवर विधि को आगे कर दिया आवर खुद की जग्गा अपनी बहन कोमल को खड़ा कर दिया

दादा जी ......ये क्या है बीटा

सूर्य ......कुछ नहीं दादा जी कोमल दो मुझसे बड़ी है ये उनका हक़ है

पंडित जी ने विधि अनुसार तीनो का तिलक कर रिबन कट कर हॉस्पिटल का शुभारम्भ करवाया

बहार महेंद्र द्वारा लेट गया मिठाई आवर नास्ता सब गांव वालो में बटवा दिया

सूर्य ने अपनी तरफ से तीनो को 2100 ,2100 का नेग दिया

साम तक सक्तिपुर के लोगो के सारः वक़्त बिता कर सब सूर्य ग्रह को लौट गए

नाना जी कुछ वक़्त सूर्यगढ़ में रुक कर सूरजगढ़ के लिया निकल गए

सूर्य .......क्या बात है मेर्री जी देख रहा हूँ जब हम लौटे है आप कुछ परेशान लग रही हो

सब ठीक तो हाँ न

मेर्री .....सूर्य मुझे तुम्हारी हेल्प चाइये

सूर्य ......ok मैं त्यार हूँ पैर बात क्या है ये तो बताओ

मेर्री .....तुम चाट पे चलो मैं आती हूँ कॉफ़ी ले कर के

सूर्य ......ok मैं वेट कर रहा हूँ

सूर्य चतु पे जा कर ऐसे हे टहलने लगता है कुछ देर बाद अलीना आवर मेर्री दोनों हे वह जाती है

सूर्य ......अब बताओ बात क्या है

मेर्री सूर्य आवर अलीना को अदरक से हुए बात बताती है

अलीना को ये सुन कर बड़ा दुःख हुआ की उनके माँ डैड का एक्सीडेंट नहीं हुआ बल्कि मर्डर हुआ था

सूर्य ......क्या आप सूरे है की जो साबुत अदरक ने दिए वो फेक नहीं है है बल्कि रियल है

मेर्री .......है मैंने कन्फर्म करने के बाद हे तुम्हे बताया है

सूर्य ......जिन्होंने तुम्हारे माँ डैड को मारा उनकी जानकारी के बदले वो क्या चाहता है

मेर्री .....वो मेरी हेल्प करेगा बूत बदले में मुझे उसका कोई काम करना होगा

सूर्य .....ok उसे कहो की उसका काम हो जायेगा बस याद रहे कोई गलत काम तुम नहीं करोगी वो तुम्हे साबुत के साथ जानकारी दे बदले में जो वो चाहता है वही होगा

मेर्री .....थैंक्स सूर्य

सूर्य .....थैंक्स की जरूरत नहीं आप भी मेरी फॅमिली का हिस्सा हो इस लिया आपका हक़ है

अलीना ......दी मुझे वो सब साबुत देखने है

मेर्री .....वो सब साबुत मेरे लेपटॉप में है

अलीना वह से चली गई

सूर्य .....वैसे आपका आवर मां जी का मामला कहा तक पंहुचा

मेर्री .....क्या मतलब कैसा कमला

सूर्य ......आप सब समाज रही है की मैं क्या कह रहा हूँ

अब बता भी दीजिये मामला कहा तक पंहुचा

मेर्री .....मुझे कुछ समाज नहीं आ रहा सूर्य में दुविद्या में हूँ

सूर्य .....क्या मतलब मुझे बताये सायद कोई हेल्प कर सकू

मेर्री ......मैं तुम्हे लिखे करती हूँ साथ हे विजय को भी अब तुम्हे बताओ मैं क्या कृ

सूर्य .....बस इतनी सी बात हम पीछे 15 से 16 मोनथस से एक साथ है एक फॅमिली की तरह दोस्त की तरह तो थोड़ा बहुत लगाव होना लाजमी है

आप हो मुझे लिखे करती है वो एक दोस्ती के नजरिये से जबकि विजय मां जी को आप प्यार करती है

मेर्री ......सायद तुम सही हो सूर्य बूत मैं कन्फ्यूज्ड हूँ जब तक ये कन्फूशन्स ख़तम नहीं होता मैं कोई कमिटमेंट नहीं कर सकती हूँ

सूर्य ......ok आप कुछ वक़्त बिताओ मां जी के साथ आपका कन्फूसिओं ख़तम हो जायेगा

राधा ......कोण कन्फ्यूज्ड है

सूर्य ......कुछ नहीं राधा बस ऐसे हे बात कर रहे थे

मेर्री .....आप दोनों बात करो मैं निचे खाने में हेल्प करती हूँ

मेर्री के निकलते हे सूर्य राधा को अपने बहो में भर लेता है

राधा ....क्या बात है आज आप बड़े रोमांटिक लग रहे हो

सूर्य .....हम्म्म क्यों नहीं होना चाइये क्या जब इतनी खूबसूरत गफ बहो में हो तो अरमान जग हे जाते है

राधा .......अपने अरमानो को कभू में रखो ठाकुर साहब ज्यादा रोमांटिक होने की जरूरत नहीं

कोई भी ऊपर आ सकता है सूर्य राधा की बात को अनसुना कर राधा के गुलाबी होंटो पे अपने होंठ चिपका कर रसपान करने लगता है

काफी देर बाद किसी के खस्ने से दोनों को इस्थिति का बहन हुआ

जल्दी से दोनों अलग होते है सामने कोमल आँखे फाडे सूर्य आवर राधा को देख रही थी

सूर्य को आवर तो कुछ सुझा नहीं वो फ़ौरन वह से निचे दौड़ गया

कोमल ........ये क्या था बुआ आवर कब से चल रहा है ये सब

आप दोनों को जरा भी दर नहीं की कोई ऊपर भी आ सकता है

राधा ......बस करो कोमल एक तो बिच में आ कर पूरा मूड बिगड़ दिया

चुप चाप चुप कर नहीं देख सकती थी क्या

कोमल .......अच्छा सॉरी बुआ बाकि का प्रोग्राम रात की कर लेना अभी चलो निचे आपका ासिक तो दम दभा कर भाग गया

राधा .......ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है

कोमल ....वैसे सूर्य की सकल देखि थी आपने उसकी तो हवाइयां हे ुध रही थी

राधा कोमल को निचे ले गहि

वही सूर्य की हवा पूरी तरह टाइट हो गई थी .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........
 
अपडेट. 102

राधा ......बस करो कोमल एक तो बिच में आ कर पूरा मूड बिगड़ दिया

चुप चाप चुप कर नहीं देख सकती थी क्या

कोमल .......अच्छा सॉरी बुआ बाकि का प्रोग्राम रात की कर लेना अभी चलो निचे आपका ासिक तो दम दभा कर भाग गया

राधा .......ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है

कोमल ....वैसे सूर्य की सकल देखि थी आपने उसकी तो हवाइयां हे ुध रही थी

राधा कोमल को निचे ले गहि

वही सूर्य की हवा पूरी तरह टाइट हो गई थी .......

अब आगे .......

सूर्य चुप चाप सबके साथ नास्ता कर रहा था

सूर्य जल्द से जल्द कोमल की सवाल भरी नजरो से बच्नको चाहता था

रेखा .......क्या हुआ बीटा खाना अच्छा नहीं बना क्या

surya.......nahi मम्मी खाना अच्छा है बस थोड़ा ज्यादा हे भूख लगी थी

रेखा .....तो फिर चुप चाप क्यों है आवर खाना भी नहीं खाया ठीक से

सूर्य ......मम्मी मेरा खाना हो गया है मैं सोने जा रहा हूँ

सूर्य जल्दी से थोड़ा बहुत खाना खाया आवर रूम की तरफ निकल गया

कोमल जो अब तक सूर्य की हरकते देख कर मन हे मन हैश रही थी उस से आवर कण्ट्रोल नहीं हुआ आवर वो खुल कर हसने लगी

रेखा ......अब तुम्हे क्या हुआ जो इस तरह हैश रही हो

कोमल ......कुछ नहीं माँ बस सूर्य को ऐसे देख हाशि चुत गई

रेखा ......अपना खाना ख़तम करो आवर रूम में जाओ

कोमल .....ok माँ सॉरी

सूर्य अपने रूम में आ कर अपना फ़ोन निकल अपने दोस्तों से बात करने लगता है कुछ टाइम से वो सतवीर आवर सोहेल से बात नहीं की थी

काफी लम्बी बात चित के बाद सूर्य ने कॉल कट कर दिया

सूर्य फिर से किसी को कॉल करता है कुछ रिंग के बाद कॉल आंसर होता है

सूर्य ......hi सुरभि हाउ अरे यू

सुरभि ....hello सर कैसे है आप

सूर्य ......क्या यार कितनी बार कहा है हम दोस्त है फिर ये बार बार सर क्यों बोलती हो तुम

सुरभि ......अगर दोस्त है तो जाने के बाद एक बार भी कॉल किया आपने सूर्य ......अरे यार अभी 2,3 रोज तो हुआ है मुझे यहाँ आये हुए

सुरभि .....फिर भी कॉल कर्मा चाइये था न तुम्हे ( तुम्हारे बिना यहाँ क्या हल कोई हम से पूछे )

सूर्य ......तुम भी तो कॉल कर सकती थी न मुझे खेर ये सब छोड़ो आवर क्या हो बीस पे

सुरभि .....बस वही ड्यूटी पे जाना आवर वक़्त मिले तो दोस्तों के साथ कैंटीन में वक़्त बिताना

सूर्य .....हमारी बाकि सब टीम के क्या हल है

सुरभि ......सब अच्छा है तुम्हे पता है अब तुम्हारी टीम को लीड मैं करती हूँ कारन सर ने तुम्हारी पोस्ट पे मुझे बैठा दिया है

सूर्य ....अच्छी बात है वैसे दिल्ली कब आ रही हो तुम

सुरभि .....क्या हुआ कुछ काम था क्या तुम्हे

सूर्य .....नहीं ऐसा तो कुछ नहीं था मेरी अलीना आवर मेर्री की ड्यूटी दिल्ली सिफत हो गई तो सोचा तुम आओ तो कभी मिल ले

सुरभि .....आप कहो तो आज हे चुटी ले कर आ जाती हूँ वैसे भी नेक्स्ट मोनथस तक चुटी लेने वाली हूँ

काफी टाइम से फॅमिली में किसी से मिली नहीं हूँ

सूर्य .....अच्छी बात है ये तो सुरभि फॅमिली को भी टाइम देना चाइये

अभी सूर्य बात कर रहा था की उसके फ़ोन पे किसी आवर का कॉल आता है

सूर्य .....ok सुरभि मैं बाद में कॉल करता हूँ अभी कोई आवर कॉल आ रहा है

सुरभि .....ok bye सूर्य गुड नाईट

सूर्य ......गुड नाईट सुरभि bye

सूर्य के कॉल कट करते हे दूसरा वेटिंग कॉल भी कट हो गया

सूर्य .....ये किसका no.hai पहले तो कभी नहीं देखा

सूर्य उस no.pe कॉल करता है सामने से पहली रिंग पे हे कॉल अटेंड हो जाता है

सूर्य .....hello

सामने से ..... ( काफी देर कोई आवाज नहीं आई )

सूर्य .....hello कोण बोल रहा है देखिये अगर आपने कोई रिप्लाई नहीं किया तो मई कॉल डिस्कनेक्ट कर दूंगा

तभी सामने से एक लड़की की आवाज सुनाई देती है

लड़की ....hi सूर्य जी

सूर्य ....hello आपने कॉल किया था मुझे क्या आप मुझे पहचानती है या मैं आपको जनता हूँ

लड़की .....जी मैं आपको जानती हूँ आवर आप भी मुझे जानते है

सूर्य .....चलो अच्छी बात है फिर अपना नाम भी बता दीजिये ताकि मैं भी तो जान सकू की किस हसीना को इतने रात मेरी याद आ रही है

लड़की .....आप तो आर्मी से है न पता कर लीजिये

सूर्य ......चलो अच्छी बात है सोफी हम पता कर लेंगे आपके बारे में

सोफी .....हेहेहे तो आपकी पता चल गया की ये no मेरा है

सूर्य ......है पता तो पहले हे चल गया था तुम्हारे एक मिनट्स तक कॉल कंटिन्यू रखने पे हे

Sofi....kya कर रहे हो अपनी गफ के साथ लगे हुए थे क्या कॉल पे

सूर्य ....है कुछ ऐसा हे समाज लो आने ये नई no.kab लिया

सोफी .....मेरा वो फ़ोन चोरे हो गया अभी पहिला कॉल आपको हे कर रही हूँ

सूर्य .....हम पे इस मेहरबानी की क्या वजह है मोहतरमा

सोफी ......ऐसा वैसा कुछ नहीं है अभी सोहेल भाई का कॉल आया था उनसे बात की तो आपका जीकर अम्मी कर रही थी सो आपको दिल किया कॉल करने का सो कर लिया वैसे अम्मी आपको बहुत याद करती है

सूर्य ......चलो अब सो जाओ कल बात करता हूँ अभी मुझे भी रेस्ट करना है

सोफी ......ok गुड निगह सूर्य जी

सूर्य ....गुड नाईट सोफी bye

सोफी ....bye

सूर्य कॉल कट कर अपने टॉवल ले बाथरूम में नाहा कर लोअर दाल बीएड पे लेट गया

कुछ देर में हे सूर्य की नींद आ जाती है

आदि रात की राधा चुप चाप आ कर सूर्य के सीने पे सर रख कर लेट जाती है

सुबह सूर्य की जब आँख खुलती है तो राधा को अपने सीने पे सोया हुआ पाया

सूर्य ......कितनी खूबसूरत है मेरी राधा बिलकुल किसी पारी जैसे

देखो तो कैसे सो रही दिन दुनिया से बेखबर हो कर

सूर्य डेरी से राधा का माथा चुम कर उसे आराम से अपनी बगल में सुला देता है

सीने आवर हाथो के बिच तकिया लगा देता है ताकि राधा की नींद न ख़राब हो

सूर्य उठ कर फ्रेश होता है अपना डेली रूटीन्स पूरा का 9 बजे के आस पास घर आता है

सबके साथ नास्ता करता है कुछ देर सबके साथ टाइम स्पेंड कर सूर्य मेर्री से मिलने उसके रूम में जाता है जहा मेर्री विजय के बारे में सोच रही थी

surya....hello मेर्री जी क्या सोच रही है

मेर्री .....hi सूर्य आओ बैठो कुछ नहीं बस यू हे कुछ सोच रही थी

सूर्य ....अदरक से बात हुई क्या आपकी अपने mom.dad के बारे में

मेर्री .....नहीं सूर्य अभी तक मैंने उन्हें कॉल नहीं किया है

सूर्य .....ok फिर अब कॉल करो मैं भी सुन्ना चाहता हूँ की वो क्या चाहते है

मेर्री अदरक के no.pe कॉल करती है कुछ देर बाद अदरक कॉल उठता है

मेर्री ....hello अदरक अंकल मैं मेर्री बोल रही हूँ

अदरक .....hi मेर्री बीटा

मेर्री .....अंकल मैं त्यार हूँ आपकी हेल्प करने को पैर पहले मैं ये जानना चाहती हूँ की आप मुझसे क्या काम करवाना चाहते है

अदरक ......बेटी काम थोड़ा झोकीम भरा है बस आखरी उम्मीद तुम हे हो मेरी

मेर्री ..........काम खतरनाक होने से क्या मतलब आपका

अदरक .....बेटी फ़ोन पे नहीं बता सकता हूँ तुम्हे यहाँ आना होगा बस इतना समाज लो की तुम्हे किसी की जान बचानी है

सूर्य ....उनसे पूछो किस से क्या उसने कोई क्राइम किया है

मेर्री सूर्य की बात दोहराती है

अदरक ......उसने कोई क्राइम नहीं किया है बल्कि तुम्हे उसकी क्रिमिनल लोगो से जान बचानी है

मेर्री .....ठीक है मैं आपको कुछ देर बाद कॉल करती हूँ

सूर्य ......मुझे इसकी बातो से कुछ झोल लग रहा है मेर्री जी

मेर्री ......मुझे भी सूर्य पैर हम करे तो क्या करे

सूर्य ......एक काम करो इसकी पूरी कुंडली निकलने को कहो अलीना को

कोण कोण इसकी फॅमिली में है आवर वो लोग इस वक़्त कहा है

मेर्री ......ok मैं अलीना को बोलती हूँ

सूर्य ......ok मैं चलता हूँ आवर है मां जी से बात कर लीजिये

कब तक बेथ कर सोचती रहेंगी

मेर्री ......तुम निकलते हो की नहीं अभी यहाँ से

सूर्य ......जा रहा हूँ होने वाली मां जी भलाई का तो जमाना हे नहीं रहा

सूर्य वह से निकल कर बहार जाने लगा तो सामने हे कोमल के दर्शन हो गए

कोमल .....भाई बिजी हो क्या आप

सूर्य .....नहीं तो क्या हुआ कुछ काम था क्या

कोमल .....है वो मेरी सहेली के यहाँ जाना था उसके यहाँ कोई प्रोग्राम है

सूर्य .....तो क्या हुआ आप राधा को साथ ले जाओ

कमल .....आप चल रहे हो की नहीं

सूर्य ......ok चलता हूँ ( डेरी से ) अब तो दी भी आँखे दिखती है इस से अच्छा तो आर्मी में था

कोमल ......तुमने कुछ कहा क्या

सूर्य .....कुछ नहीं आप त्यार हो जाये मैं भी अभी त्यार हो कर आता हूँ

सूर्य जल्दी से कपडे चेंज बहार आता है

रेखा ... ...बीटा तुम जा रहे हो न कोमल के साथ

सूर्य .....यस मम्मी

रेखा .....संभल कर जाना आवर जल्दी आना ठीक है

सूर्य .....ok माँ

सूर्य अपने गेराज से बाइक निकलता है

कोमल को बैठा सूर्य कोमल द्वारा बताये रस्ते निकल जाता है

कुछ 20 मिनट्स बाद कोमल एक घर के सामने रुकने को बोलती है

सूर्य वही बहार एक पेड के निचे अपनी बाइक कड़ी कर देता है

सूर्य .....दी आप यही रुको मैं चलता हूँ आप कॉल कर देना मैं आपको लेने आ जाऊंगा

कोमल .....भाई चुप चाप मेरे साथ चलो

सूर्य .....दी मैं क्या करूँगा यहाँ वैसे भी मैं बोर हो जाऊंगा

कोमल जबरदस्ती सूर्य का हाथ पकड़ अंदर ले कर जाती है

घर काफी अच्छा था अच्छा खावा हॉल 4,5 रूम रसोई घर बैठक वगेरा

सूर्य चुप चाप कोमल के साथ अंदर चला गया अंदर काफी औरते आवर लड़किया थी

कोमल सूर्य का ऐसे पकड़ रखा था जैसे वो उसका भाई नहीं बॉयफ्रेंड हो कोमल सूर्य को एक तरफ ले गई जहा 3,4 लड़किया बैठी हुई थे

कोमल को देखते हे उनमे से एक लड़की उठ कर कोमल के पास आती है

लड़की ....hi कोमल अच्छा हुआ तुम आ गई सबसे लेट तुम पहुंची हो

कोमल ......यार आरती मैंने कहा था मैं आ जाउंगी तो देखो आ गई तुम्हे तो पता है पापा ऐसे अकेले तो बहार जाने देते नहीं

आरती .....ये साथ में कोण है तुम्हारा बॉयफ्रेंड है क्या हेहेहे

कोमल .....चुप करो ये मेरा भाई सूर्य ठाकुर है

आरती ......क्या तुम्हारे भाइये ये वही है क्या जिनके बारे में तुमने बताया था की वो कही गए हुए है

सूर्य .......दी आप लोग बात करो मैं बहार जा रहा हूँ

कोमल .....क्या हुआ भाई

सूर्य ( डेरी से कोमल के कान में बोलता है ) .....ये आपकी फ्रेंड्स को देखो आवर उन महिलाओ को देखो कैसे गौर रही है मुझे यहाँ उनकंफर्टबले फील हो रहा है

कोमल .......आरती तुम्हारे बाकि मेहमान कहा है

आरती .....वो बैठक में है क्यों क्या हुआ

कोमल ....कुछ नहीं यार सूर्य को इतने महिलाओ के बिच अच्छा नहीं लग रहा

आरती .....आप मेरे साथ आइये

सूर्य कोमल आवर आरती के साथ बैठक की तरफ चल दिया जहा कुछ लड़के आवर बुजुर्ग भेटे हुए थे

सूर्य को वह छोड़ कोमल आवर आरती निकल गई

सूर्य सबको नमस्ते कर वही एक चेयर पे बेथ जाता है

उनमे से एक बुजुर्ग सूर्य को काफी गौर से देखते है

बुजुर्ग ......बीटा कोण हो तुम मैंने तुम्हे पहचाना नहीं लगता है पहले भी कही देखा हूँ तुम्हे

सूर्य ......मुझे नहीं लगता दादा जी हम पहले कभी मिले है

क्युकी मैं एक बार जिस से मिलता हूँ फिर भूलता नहीं हूँ

बुजुर्ग. ....हो सकता बीटा उम्र हो गई है न अब तो याद भी नहीं रहता बीटा ज्यादा कुछ

वैसे हो कहा से बीटा तुम

सूर्य .....जी वो मेरा नाम सूर्य ठाकुर है सूर्यगढ़ के ठाकुर पड़ताल सिंह जी का पोता हूँ दादा जी अपनी दीदी के साथ आया हूँ उनकी कोई दोस्त है आरती नाम करके

बुजुर्ग ......अब मुझे याद आया तुम्हे मैंने कहा देखा है तुम तो वही हो जिसने बलि उत्सव में सक्तिपुर के ठाकुर दुर्जन आवर उसके पापी भाई को मारा था

सूर्य .....दादा जी जो बिट गया उसे क्यों फिर से याद दिलाते हो

बुजुर्ग .....माफ करना बीटा तुम भेटि मैं अभी तुम्हारे लिया चाय मंगवाता हु

सूर्य .....उसकी कोई जरूरत नहीं दादी जी आप बस आराम से बैठिये

बुजुर्ग ....नहीं बीटा घर आये हो तो खाये पिए बिना तो मैं जाने नहीं दूंगा

सूर्य .....ठीक है फिर एक कॉफ़ी के लिया किसी को बोल दीजिये आप यही बैठिये मेरे साथ

बुजुर्ग एक लड़के को बोल कर भेजता है

बुजुर्ग ....बीटा उसके बाद तो तुम कही दिखे हे नहीं कबर मिली की m.l.a गुजर सिंह के साथ कोई जगदा हुआ

सूर्य .....छोड़िये दादा जी उसने गलत किया मैंने सजा दी बस वो बात वही ख़तम हो गई

बुजुर्ग ....बीटा वो नाग है जो ढूढ पिलाने वाले को हे दस्ता है उस से सक्तिपुर के हवेली में रहने वालो से सविधान रहना ये पलट कर वॉर जरूर करेंगे

इन बूढी आँखों से बहुत सडयंत्र होते देखे है अपने टाइम पे

तुम मेरे साथ चलो तुम्हे कुछ बिताना है जो तुम्हे जानना बहुत जरूरी है

बुजुर्ग सूर्य को ले कर बहार निकल गए कुछ दूर जाने के बाद एक पेड के निचे सूर्य आवर बुजुर्ग रुक गए

बुजुर्ग .....बीटा मेरा नाम है साधु राम पंडित है

मेरी बात ध्यान से सुनो बीटा तुम्हारे खंडन आवर सक्तिपुर के बिच की दुश्मनी की वजह है राणा जो दुर्जन सिंह की हवेली में आज भी काम करता है

सूर्य .....क्या मतलब दादा जी मैं कुछ समजा नहीं

बुजुर्ग .....बीटा बात आज से करीबन 20 साल पहले की है जब मैं अपने पिता के साथ दूसरे सहर से पूजा करवा कर लौट रहा था

तब मैंने तुम्हारे पापा को दुर्जन ठाकुर के छोटे भाई के साथ जग्गा करते देखा तुम्हारे पापा शिव ठाकुर दुष्यंत ठाकुर को बुरी तरह से मार रहे थे उस वक़्त दुष्यंत आवर शिव ठाकुर के साथ 2 आदमी आवर थे शिव ने उन दोनों को भी बहुत मारा पैर वो अपनी जान बचा कर भाग गए

सूर्य ......आपने उन्हें रोका नहीं

साधु पंडित .....बीटा मैं रोकना चाहता था पैर मेरे पिता ने मुझे रोक दिया ये बोल कर की ठाकुरो के मामले से दूर रहना हे अच्छा है

कुछ देर बाद तुम्हारे पिता वह से दुष्यंत की पिटाई कर चले गए

मैंने आवर मेरे पिता ने चुप कर सब देखा हम लोग वह से निकलने वाले हे थे की वह राणा अपने एक साथी के साथ वह आ पंहुचा तो हम बाप बेटे फिर से चुप हाय हमें लगा कही हमें यहाँ देख हम पे हे इलज़ाम न लग जाये

पैर अगले पल जो हुआ उसे देख हमारी रुख तक कानो है

राणा आवर उस दूसरे आदमी ने दुष्यंत को चाकू मर मर का उसकी जान ले ली आवर चुप चाप अंदर में छुपते हुए निकल गए

सूर्य .......क्या इसका मतलब मेरे पापा सच बोल रहे थे तो इस राणा की वजह से मेरे माँ डैड को यहाँ से u.s.a भागना पड़ा

साधु पंडित .....बीटा मुझे ये तो पता नहीं राणा ने उसे क्यों मारा पैर एक बात है राणा औरतो आवर लड़कियों के साथ कभी गलत नहीं करता है भले वो आवर कोई गलत काम करे

सूर्य .....कोई बात नहीं दादा जी बाकि मैं पता कर लूंगा

सूर्य आवर साधु अभी पतले हे थे जाने के लिया की तभी साधु ने सूर्य को रोका

साधु .....रुको बीटा अभी मुझे एक बात आवर याद आई है

सूर्य .....क्या बात दादा जी

साधु .....बीटा इस घटना के कुछ महीने पहले हमने एक बात सुनी थी की राणा की बड़ी बहन का दुष्यंत ने बलात्कार किया है

पैर बाद में कुछ आवर हे सुना आवर कुछ दिन बाद वो लड़की ने आत्महत्या कर ली

सूर्य ......आप ये बात वर्षो पहले मेरे दादा जी को भी बता सकते थे न दादा जी

साधु ....बीटा मैं दर गया था आवर फिर मेरे पिता ने मुझे अपनी कसम दे दी थे इस लिया मैं चुप रहा

उत्सव में भी बिताना चाहता था पैर कुछ कह नहीं पाया

वैसे भी दुष्यंत ने बहुत से औरतो का घर बर्बाद किया है

सूर्य .....थैंक्स दादा जी आज आपने मेरी बहुत बड़ी मदद की है कभी भी कोई कैसा भी काम हो मुझे याद करना बस खबर पंहुचा देना आपको कोई परेशानी होए बगैर आपका काम हो जायेगा

साधु पंडित .....चलो बीटा काम से काम एक बोज तो उतरा सीने से

सूर्य वह से साधु पंडित के साथ कोमल के पास आ गया दोपहर का खाना खा कर सूर्य कोमल को ले कर वह से निकला

सूर्य की घर पहुंचते पहुंचते 3 बज गए थे

सूर्य सबसे पहले अपने दादा जी से मिला आवर उनको पूरी सचाई बताई

दादा जी ......हो सकता है बीटा ये सब हुआ हो

राणा की बड़ी बहन ने आत्महत्या जरूर की थी पैर मुझे नहीं मालूम की इसके पीछे की वजह दुष्यंत सिंह था

सूर्य ......ठीक है दादा जी मैं बहार जा रहा हूँ रात को मिलता हूँ आपसे

दादा जी .....बीटा जो भी करना आराम से करना

सूर्य .....जी दादा जी आप चिंता न करे

सूर्य वह से बाइक ले कर निकल गया

रात को थोड़ा लेट सूर्य घर लौटा खाना भी उसने रूम में हे खाया

दिनभर की थकन से सूर्य जल्दी हे सो गया

शालिनी सूर्य शिव को बोल कर सूर्य के साथ हे सोने चली गई

काफी देर वो सूर्य को निहारती रही फिर सूर्य जब अपनी माँ से चिपक कर सोया तो पता नहीं कब शालिनी को नींद आई ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .......

नेक्स्ट अपडेट परसो आएगा
 
अपडेट. 103

सूर्य ......ठीक है दादा जी मैं बहार जा रहा हूँ रात को मिलता हूँ आपसे

दादा जी .....बीटा जो भी करना आराम से करना

सूर्य .....जी दादा जी आप चिंता न करे

सूर्य वह से बाइक ले कर निकल गया

रात को थोड़ा लेट सूर्य घर लौटा खाना भी उसने रूम में हे खाया

दिनभर की थकन से सूर्य जल्दी हे सो गया

शालिनी सूर्य शिव को बोल कर सूर्य के साथ हे सोने चली गई

काफी देर वो सूर्य को निहारती रही फिर सूर्य जब अपनी माँ से चिपक कर सोया तो पता नहीं कब शालिनी को नींद आई ..........

अब आगे ..............

सूर्य की जब सुबह आँखे खुली तो किसी को अपने बहो में मह्सुश किया

सूर्य ने जब घर किया तो अपने चेहरे पे कुछ बहुत हे कोमल मखमली अहसास हुआ

अपने चेहरे पे फैले बालो को हटाया आवर जब सामने देखा तो सूर्य की नजर सीधा अपनी माँ के चेहरे पे पड़ी जी बड़ी प्यारी नींद में सोये हुए थे

सूर्य कुछ देर अपनी माँ के खूबसूरत चेहरे को निहारता रहा

जैसे हे शालिनी नींद में कुनमुनाही ( हिली ) सूर्य की नजर अपनी माँ की निघ्त्य से बहार निकले उन आदि चूचियों पे पड़ी

सूर्य ने अगले हे पल अपनी नजर गुमा दी आवर उठ कर अपनी माँ पे चादर दाल बाथरूम में चला गया

सुबह सुबह एक तो मॉर्निंग इरेक्शन से सूर्य का लिंग खड़ा था कुछ अपनी माँ की बजना से था

सूर्य ......ये पाप है मैं माँ को ऐसे कैसे देख सकता हूँ

सॉरी माँ

सूर्य किसी तरह अपना ध्यान हटा कर वह से फ्रेश हो निकल गया अपना रूटीन पूरा करने

आज सूर्य अपने टाइम से काफी लेट हवेली पंहुचा

सूर्य नास्ता वगेरा फिनिश कर अपनी बाइक ले कर सिटी 1 की तरफ निकल गया जहा उसके बड़े पापा का मॉल था आवर शिव का छोटा सा ऑफिस भी

कुछ देर सहर में गुमने के बाद सूर्य अपने बड़े पापा के पास चला गया

सूर्य को मॉल में देख महिंद्रा काफी खुश हुआ

महेंद्र ....बीटा तुम यहाँ कैसे

सूर्य ....कुछ नहीं बड़े पापा किसी काम से आया था तो सोचा आपसे मिलता चालू

महिंद्रा .....अच्छा किया बीटा तुमने तुम्हारे बर्थडे पे मैंने कोई गिफ्ट नहीं दिया सोचा था तुम्हे पहली कार गिफ्ट करूँगा पैर यहाँ की रोड अच्छी नहीं इस वो गिफ्ट बाद में मिलेगा

महेंद्र अपने स्टाफ में से एक लड़की को बुला कर सूर्य का मैप लेने को बोलता है

सूर्य के मन करने के बावजूद महिंद्रा नहीं मानते है

सूर्य .....बड़े पापा मेरे पास पहले से बहुत शॉपिंग की हुई है आवर शॉपिंग की जरूरत नहीं

महिंद्रा .....बीटा जाओ आवर शॉपिंग करो बड़े जब कुछ कहे तो मन्ना चाइये

सूर्य .....ok बड़े पापा पैर मैं अकेले की शॉपिंग नहीं करूँगा सबकी शॉपिंग करूँगा

महिंद्रा ......चाहो तो पूरा मॉल ले जाओ ये सब तुम्हारा हे है बीटा अब जाओ

सूर्य उस लड़की के साथ शॉपिंग करने चला जाता है

सबसे पहले सूर्य राधा कोमल मेर्री अलीना के लिया शॉपिंग करता है

फिर अपनी माँ बड़ी मम्मी दादी सा की

उसके बाद दादा जी के लिया धोती कुर्ते का बढ़िया कपडा लेता अपने पापा आवर बड़े पापा के लिया 2 पीस सुते अपने लिया कुछ जींस आवर t.shirt सबकी शॉपिंग करवाने के बाद सूर्य अपनी हेल्प करने के लिया लड़की की 500 रस देता

लड़की ......थैंक्स सर

सूर्य ....थैंक्स की जरूरत नहीं तुमने बहुत अच्छी शॉपिंग करवाई है

सूर्य सभी शॉपिंग बजे अपने बड़े पापा के केबिन में ले कर जाता है

महिंद्रा ....बड़ी जल्दी शॉपिंग हो गई

सूर्य .....बड़े पापा इन्होने बहुत अच्छी शॉपिंग करवाई तो जयादा टाइम नहीं लगा

महिंद्रा ....तुम तो बाइक से आये होंगे तो इनको यही छोड़ दो मैं साम को घर आते वक़्त ले आऊंगा

सूर्य ....ok बड़े पापा आपसे से कुछ कहना था

लड़की ....सर मैं चलती हूँ

महिंद्रा .....ok बेटी जाओ कुछ काम हुआ तो बुला लूंगा

सूर्य .....रुकिए आप बड़े पापा इनकी सेलरी थोड़ी बढ़ा दीजिये ये वाकई में अपने काम को ले कर बहुत परफेक्ट है

महिंद्रा .....ok बीटा वो मैं देख लूंगा चलो लांच करते है

टाइम भी हो गया है

सूर्य ....ok बड़े पापा मैं घर पे कॉल कर देता हूँ

महिंद्रा ...मैंने पहले बोल दिया की तुम यहाँ हो

अभी ये लोग बात कर हे रहे थे की किसी की छिलने की आवाज आई आवर तभी महिंद्रा की केबिन में एक लड़का दौड़ता हुआ आता है

लड़का .....सर निचे मॉल में कुछ लड़के लड़कियों के साथ बत्तमीज़ी कर रहे रोकने पे उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड्स को भी मारा

सूर्य .....आप रुकिए पापा मैं देखता हूँ

महिंद्रा ....मैं भी साथ छलता हूँ

सूर्य महिंद्रा उस लड़के के साथ जब निचे पहुंचे तो कोई 6,7 लड़के जो दिखने में हे मावली किसम के लग रहे थे आँखे लाल चेहरे पे बड़ी हुए मुचे

यही कोई 25 से 30 के बिच आगे रही होगी

mahindra......ye क्या हो रहा है यहाँ पे क्यों जगदा कर रहे हो तुम लोग

आवर इन लड़कियों का हाथ छोड़ो नहीं तो सबको पुलिस के हमले कर दूंगा

उन लड़को ने 3 लड़कियों को पकड़ रखा था

लड़का 1 जो देखने में सरीर से थोड़ा तगड़ा लग रहा था सायद यही इनका लीडर भी होगा

लड़का 1. आगे बढ़ा आवर महिंद्रा का गिरेबान पकड़ने हे वाला था की सूर्य ने बिच में हे उसका हाथ पकड़ लिया

सूर्य .....भूल कर भी ये गलती न कर्जा नहीं तो खाने आवर धोने के लिया एक भी नहीं चढ़ूंगा

गांजा पि कर क्या यही सब करते हो चुप चाप निकल लो यहाँ से वर्ण चलने लायक नहीं रहोगे

सूर्य उसका हाथ जातां कर उन तीनो लड़कियों को उनसे चिढ़ा कर पलटा तो पीछे से लीडर ने सूर्य की कूलर पकड़ ली अगले हे पल लीडर फर्श पे पड़ा था

मुँह से कान फाड् देने वाली चीखे निकल रही थी

ये सब इतना जल्दी हुआ की किसी को कुछ समाज हे नहीं आया की आखिर हुआ क्या आवर कैसे

दरअशल सूर्य का कूलर जैसे हे पकड़ा सूर्य ने उसे हाथ को पकड़ कर इतने जोर से गुन्हा कर मारा के उसका हाथ हे कंडे के जोड़ में से हदी टूट गई

आवर निचे फर्श पे मुँह के बल गिरने से उसके 3,4 दांत सामने वाले भी सहीद हो गए

सूर्य .....मैंने मौका दिया था तुम लोगो को अपनी जिंदगी बचने का पैर तुम लोग सायद बाकि की जिंदगी अपाहिज हो कर हे गुजारना चाहते हो तो यही सही

लड़का ,2,3 अपने दोस्त को सँभालते है बाकि चारो अपनी कमर में छुपा कर रखे चख निकल लेते है

आवर सूर्य पे हम्म कर देते है कुछ लड़के लड़किया शॉपिंग पे आये थे या जो फॅमिली शॉपिंग पे आई वो सब तमाशा देख रहे थे तो कुछ वीडियो बना रहे थे

सूर्य महिंद्रा आवर बाकि लड़कियों को पीछे कर देता है

सूर्य .....आओ ालो बहुत दिन से हाथ में खुजली ज्यादा हे हो रही थे

सूर्य 4,5,6,7 चारो लड़को की जैम कर दिलाई करता है तब तक दिलाई करता है जब तक चिक चिक कर बेहोश नहीं हो जाते

किसी का हाथ टुटा किसी का पर यो किसी की पसलिया

सूर्य 1,2,3 की आवर बढ़ा आवर उन तीनो की दिलाई की तभी महिंद्रा बिच में आ कर सूर्य को रोक देता है

महिंद्रा .....रुक जाओ बीटा वर्ण ये मर जायेंगे

सूर्य .....दुबारा तुम लोग कही नजर आये तो जान से मर दूंगा समजे

सिक्योरिटी एम्बुलेंस को फ़ोन कर इन्हे किसी सरकारी हॉस्पिटल में फिकवा दो

सिक्योरिटी ....सर मैंने पहले हे कॉल कर दिया है इनकी ढुलाई देख कर

कुछ देर में एम्बुलेंस वह आ पहुंची मॉल की सिक्योरिटी गार्ड ने उनको एम्बुलेंस में डलवा कर विदा किया

सूर्य .....यहाँ कोई तमाशा चल रहा है क्या समर तो तुम लोगो में बच्ची नहीं होगी

आज जो इन लड़कियों के साथ हुआ है या हो सकता था वो वक़्त दूर नहीं कब तुम्हारी बहन बेटियों के साथ भी यही होगा बस फरक इतना है उस दिन कोई आवर तमाशबीन बन वीडियो बना रहा होगा

तू है तुम जैसे मर्दो पैर

सूर्य की बात सुन सब चुप चाप वह से गर्दन जुलहा कर निकलने लगे

महिंद्रा .....बेटी तुम लोग ठीक तो हो न तुम लोगो को कुछ हुआ तो नहीं न

तुम लोग यहाँ के तो नहीं लगती हो

लड़की 1....थैंक्स सर हम ठीक है हमारी हेल्प करने के लिया शुक्रिया हम यहाँ गुमने आये थे सर दिल्ली से

महिंद्रा ......बेटी ये मेरा मॉल है यहाँ तुम लोगो को जो परेशानी हुई उसके लिया सॉरी

सूर्य ....ok बड़े पापा मई हवेली जा रहा हूँ

लड़की 1 ....क्या हम आपका नाम जान सकती है

सूर्य .....जी मेरा नाम सूर्य शिव महिंद्रा ठाकुर है

लड़की .....मेरा नाम सुनिधि है ये मेरी फ्रेंड्स है

सूर्य ....ok सुनिधि जी bye चलता हु बड़े पापा

सूर्य अभी बहार जाने के लिया मुद्दा हे था की सामने से कुछ पुलिस वाले मॉल में एंटर करते हुए नजर आये

सूर्य ....बस इनकी हे कमी थी सब कुछ होने के बाद आना जैसे इनकी आदत बन गई है

महिंद्रा ......सूर्य तुम संत रहना मैं बात करता हूँ

पुलिस इंस्पेक्टर..... यहाँ क्या लगता हुहा हमें खबर मिली की कोई गुंडागर्दी कर रहा सरीफ लोगो को मार रहा है

महिंद्रा .....इंस्पेक्टर कुछ गुंडे बदमाश इन बच्चियों के साथ बत्तमीज़ी कर रहे थे इनको बचने में जगदा हो गया

एक हवलदार मोबाइल इंस्पेक्टर को दिखते हुए सूर्य की तरफ इसरा करता है

इंस्पेक्टर .....इस वीडियो में तुम हे हो न जिसने इन लोगो की ये हालत की है

सूर्य .....जी है ये मैं हे हूँ उन्होंने गलती की तो उनको सजा मिली

इंस्पेक्टर ......ठाणे चल तुझे मैं बताता हूँ सजा क्या होती है आवर गलती क्या होती है

सुनिधि .....आप ऐसा नहीं कर सकते इंस्पेक्टर वो गुंडे थे सजा देनी है तो उन लोगो की दो इन्होने तो हमें उनसे बच्चया है

इंस्पेक्टर .....जो कहना है ठाणे चल कर कहो

सूर्य .....ठीक है इंस्पेक्टर साहब चलो ठाणे

इंस्पेक्टर ......हवलदार हथकड़ी लगाओ इसको

महिंद्रा .....इंस्पेक्टर तुम बहुत बड़ी गलती कर रहे हो

सूर्य .....चिंता न कीजिये बड़े पापा आप मेर्री को कॉल कर सब बता दो बाकि वो संभल लेंगी

आवर इंस्पेक्टर हथकड़ी लगाने की जरूरत नहीं है उसके लिया तुम्हे वारंट पेश कर न होगा

इंस्पेक्टर ....मुझे कानून मैथ समजा लड़के चल चुप चाप

हवलदार हथकड़ी सूर्य की तरफ बढ़ता है सूर्य हथकड़ी हवलदार से ले कर उसे गौड़ देता है

इंस्पेक्टर को यकीं नहीं हुआ की कोई ऐसे इतने आसानी से हथकड़ी गौड़ सकता है

सूर्य ....क्या अब भी हथकड़ी है तुम्हारे पास लगाने को

इंस्पेक्टर सूर्य का हाथ पकड़ उसे अपने साथ ले जाने लगा

सूर्य जाते जाते महिंद्रा को आँख मर देता है

महिंद्रा .....लगता है ये इंस्पेक्टर तो गया अपनी नौकरी से

सुनिधि आवर उसकी फ्रेंड्स पुलिस जीप के पीछे अपनी कार लगा देती है

सुनिधि की फ्रेंड तेजी से कार डोडा रही थी

वही सुनिधि बार बार कॉल कर रही थी पैर सायद सामने से कॉल नहीं लग रहा था या गिर उठा नहीं रहा था

कुछ 15 मिनट्स बाद हे सूर्य को इंस्पेक्टर थाले ले कर पहुंच गया

पीछे पीछे सुनिधि आवर बाकि

इंस्पेक्टर .....डालो इसको सलाखों के पीछे

सूर्य .......पहले कुछ बात तो कर ले इंस्पेक्टर इतनी भी जल्दी क्या है आवर सुनिधि तुम लोग यहाँ क्यों आयी हो आप लोगो को यहाँ नहीं आना चाइये आप लोग जाओ वापिस

इंस्पेक्टर ....कोई कही नहीं जायेगा आवर बात क्या करनी है तुमसे बड़ा शोक है न तुम्हे गुंडागर्दी करने का सजा देने का

सूर्य एक चेयर ले कर उस पे आराम से बेथ जाता है

सूर्य .....जानते हो बिना किसी वारंट के तुम मुझे यहाँ ले आये

न कोई फिर मेरी खिलाफ दर्ज है ऊपर से तुमने इन लड़कियों को भी यही रोक लिया तुम्हारी तो वर्दी गई इंस्पेक्टर

इंस्पेक्टर ......वो सब मैं देख लूंगा समजे बच्चे

इंस्पेक्टर आगे भाड़ सूर्य का कूलर पकड़ चेयर से खड़ा करता है

सूर्य .....कूलर छोड़ो इंस्पेक्टर वर्ण मैं भूल जाऊंगा तुम ड्यूटी पे हो समजे

सूर्य इंस्पेक्टर का हाथ जातक देता है

इंस्पेक्टर गुस्से में सूर्य पे हाथ उठता है जो सूर्य बिच में हे पकड़ कर इंस्पेक्टर के कान के निचे बजा देता है

इंस्पेक्टर के कण में साय साय होने लगा

ीदार बहार जैसलमेर सप अपनी कार से उतर कर अंदर आता है

साथ हे ठाणे में लगे फ़ोन की घंटी बजने लगी

सप सुनिधि के पास जा कर

sp.madam आप ठीक तो है न

ीदार मेर्री सब कुछ जान कर सूर्यकांत सर को कॉल कर पूरी घटना की जानकारी देती है आवर नेट से वीडियो सूर्यकांत सर को सेंड करती है

सूर्यकांत सीधा ठाणे में कलम करता है

कॉल हवलदार उठता है

सुनिधि ..... जी हम सब ठीक है क्या आपको पापा ने भेजा है

सप ....जी मैडम

हवलदार .....सर दिल्ली से कॉल है आपके लिया

सप आगे भाड़ कॉल लेता है

सामने से सूर्यकांत सर लाइन पे थे

सूर्यकांत ....hello इंस्पेक्टर तुम्हारी हिमत कैसे हुई सूर्य ठाकुर को अरेस्ट करने की जानते भी हो वो कोण है

सप ....सर मैं इंस्पेक्टर नहीं जैसलमेर सप बोल रहा हूँ

सूर्यकांत .....सप मैं आर्मी से मेजर जर्नल सूर्यकांत सिंह बोल रहा हूँ

तुम्हारे इंस्पेक्टर ने मेजर सूर्य ठाकुर को किस बिहाफ पे अरेस्ट किया है

सप .....सॉरी सर मुझे मालूम नहीं मैं अभी अभी पंहुचा हूँ

सूर्यकांत .....सूर्य को फ़ौरन रिहा करो इस से पहले की उसके मां जी को पता चले

सप ....सॉरी सर मैं अभी उनको रिहा करता हूँ

sp......kya आप हे मेजर सूर्य ठाकुर हो

सूर्य ......जी है मैं हे मेजर सूर्य ठाकुर हूँ सप साहब आपके इंस्पेक्टर ने लगता है काफी पैसा खाया है गुंडों से जो बिना किसी वारंट या फिर के उन्हें सलाखों के पीछे डालना चाहते है

किसकी इतनी हिमस्त हो गई जो मेरे बेटे को सलाखों के पीछे डालेगा

सूर्य इस गर्जना भरी आवाज को सुनते हे पहचान गया

sp..mantri जी आप यहाँ पे

जोरावर ......सप किस चार्ज पे मेरे बेटे को अरे किया है तुमने

जोरावर मां जी को देख इंस्पेक्टर के पेअर कपङे लगे क्युकी वो अच्छे से जान गया था की ये कोण है

सूर्य ......मां जी आप यहाँ कैसे

जोरावर ......ये क्या है बीटा मुझे महिंद्रा का कॉल आया की तुम्हे कोई इंस्पेक्टर अरेस्ट कर लाया है

सूर्य .....कुछ नहीं मां जी कुछ गुंडे थे जो इनको हमारे मॉल में परेशान कर रहे तो मैंने उनकी हड़िया तोड़ दी

इन इंस्पेक्टर साहब ने हमें यहाँ ले आये अपनी सरकारी गाड़ी में

जोरावर मां जी आगे बढ़ इंस्पेक्टर के दोनों गाल लाल कर देते है

सूर्य .....क्या करते हो मां जी वो ड्यूटी पे है

जोरावर .....तुमने उसे अभी तक जिन्दा क्यों छोड़ रखा है

सूर्य ....क्युकी मुझे इस इंस्पेक्टर से कुछ जानना है

सुनिधि आप लोग जाओ आवर ये मेरा no.hai कुछ भी काम हो कॉल कर देना

वैसे तुम लोग वापिस कब जाओगे दिल्ली

सुनिधि .....हमारा टूर पूरा हो गया है

सूर्य ....ok नेक्स्ट टाइम आओ तो सूर्यगढ़ जरूर आना

संधि .....ok सूर्य एंड वन्स अगेन थैंक यू bye

सूर्य .....bye

सूर्य .....है तो इंस्पेक्टर अब जरा मैं जो पुछु उसका जबाब दो जूथ बोलै तो यही ठाणे में ग्रसित ग्रसित कर मरूंगा

इंस्पेक्टर ......सॉरी सर मुझे पता नहीं था आप कोण है

सूर्य .....चल वो सब छोड़ आवर ये बता की क्ष m.l.a ..गुजर सिंह कहा है

सूर्य का सवाल सुन मां जी आवर सप दोनों चौंक गए

सप को अब एक साल पहले की घटमा भी याद आ गई की कैसे पुरे गाँव वालो के के बिच m.l.a को मारा था कैसे उसे मजबूर किया कानून के सामने गुनाह काबुल करने के लिया

इंस्पेक्टर ......सर उसके बारे में मुझे कैसे मालूम होगा

सूर्य ....सप साहब इसकी वर्दी उतरिये ताकि ये ठीक से बोल सके आवर मैं इस से पूछ सकू

मां जी .....बीटा वो तो कही भाग गया था कुछ दिन पहले हे फिर उसे कैसे मालूम होगा

सूर्य .....क्या मां जी आपको राजनीती में किसने आने दिया

मां जी .......क्या मतलब

सूर्य ......ये इंस्पेक्टर महोद्य उनके पुराने चलो में से है मां जी अब तुम मुँह खोलते हो या फिर मैं अपना वही पूतना तरीका अपनौ तुम्हे तो पता होगा m.l.a के बेटे के साथ क्या हुआ था

सप ....इंस्पेक्टर जान प्यारी है तो सच बोलो वर्ण मैं भी कुछ नहीं कर पाउँगा अभी तो सिर्फ वर्दी hi जाएगी कही ऐसा न हो जान से भी हाथ दोना पड़े

इंस्पेक्टर को कुछ न बोलता देख सूर्य गुस्से में उसके सीने पे लात मरता है

इंस्पेक्टर उड़ता हुआ दिवार से जा कर टकराता है सूर्य उसे उठा कर दिलाई सुरु करता है

हवलदार सप मां जी बॉडीगार्ड सब बस मुखदर्शक बने देख रहे थे

सूर्य .....आखरी मौका है इंस्पेक्टर तुम्हारे पास

सूर्य अपने खंजर को याद करता है आवर कमर से t-shirt के निचे निकलता है

सूर्य के हाथो में खंजर देख मां जज उसे रोकने के लिया आगे बढे पैर सूर्य उनको रोक दिया

सूर्य खंजर से हल्का सा कट इंस्पेक्टर के हाथ पे लगता है

इंस्पेक्टर रोने लगता चिकने लगता है

सूर्य खंजर को उसके खून से भिगोया है तो इंस्पेक्टर को अपने सरीर में से जैसे सारा खून जमता हुआ मह्सुश होता है

इंस्पेक्टर ......मुझे बक्श दो मैं सब बताता हूँ उसे हटाओ मैं मर जाऊंगा

सूर्य अपने खंजर हटा लेता है

इंस्पेक्टर .....मुझे ये तो पता नहीं की m.l.a कहा है पैर उसकी भागने में मदद मैंने हे की थे आवर सक्तिपुर के ठाकुर विक्रम सिंह के साथ m.l.a कहा गया मुझे नहीं पता मैंने बस उसकी भागने में हेल्प की थी पैसो के बदले

सूर्य ......उसका कोई कांटेक्ट no.do जिस से उसका पता किया जा सके

इंस्पेक्टर .....मेरे पास जब भी कॉल करता है हमेशा लेडलिने से कॉल आता है हर बार अलग अलग no.se

सूर्य .....हम्म सप साहब मेरा काम पूरा हुआ अब आपको जो करना है इसके साथ वो कीजिये

सप ......सॉरी सर हमें नहीं मालूम था की ये ऐसा है

पैर आपको कैसे पता चला इन सबके बारे में

सूर्य .....सप साहब ये अपना अपना तरीका है काम करने का

खीर छोड़िये आप विक्रम सिंह के भाई अजय पे नजर रखा िये विक्रम जल्दी हे हाथ लग जायेगा m.l.a को मैं देख लूंगा

मां जी .....चलो बीटा घर चलते है

सूर्य .....सप साहब आप यहाँ कैसे

आये आपको किसने भेजा

सप ......अपना अपना तरीका है न पता कर लीजिये

सूर्य ....हाहाहा तो सुनिधि के पापा का फ़ोन था था वैसे किस पोस्ट पे पुलिस में सिंधी के पापा

सप .....दिल्ली पुलिस कमिश्नर है वो

सूर्य .....ok चलता हूँ सर

सप .....ok सर

सूर्य वह से अपने मां जी के साथ निकल गया मॉल के लिया

क्युकी सूर्य की बाइक वही थी

साम तक सूर्य वही मॉल में रहा अपने मां जी आवर बड़े पापा के साथ

साम को सूर्य गुमटी हुए सूर्यगढ़ के लिया निकल गया .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स .......

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..........
 
अपडेट. 104.

सूर्य ....हाहाहा तो सुनिधि के पापा का फ़ोन था था वैसे किस पोस्ट पे पुलिस में सिंधी के पापा

सप .....दिल्ली पुलिस कमिश्नर है वो

सूर्य .....ok चलता हूँ सर

सप .....ok सर

सूर्य वह से अपने मां जी के साथ निकल गया मॉल के लिया

क्युकी सूर्य की बाइक वही थी

साम तक सूर्य वही मॉल में रहा अपने मां जी आवर बड़े पापा के साथ

साम को सूर्य घूमते हुए सूर्यगढ़ के लिया निकल गया .........

अब आगे .......

रात को सूर्य सभी के लिया की गई शॉपिंग सबको देता है

सब सूर्य द्वारा अपने लिया की गई शॉपिंग से खुश थे

सूर्य कुछ देर उनके साथ वक़्त बिता आवर फिर साध्वी जी से मिलने उनके रूम में पंहुचा

सूर्य .....आप वयस्त तो नहीं है न

साध्वी जी ......आओ सूर्य नहीं मैं वयस्त नहीं हूँ कुछ काम था क्या

सूर्य .....है आपसे कुछ पूछना था

साध्वी जी ......है कहो क्या बात है

सूर्य ......आपने कहा था की मुझे आपके साथ कही चलना है क्या हम कुछ वक़्त बाद जा सकते है क्या

साध्वी जी .....है सूर्य क्यों नहीं मैंने कहा था चलना है पैर अभी मुझे कुछ आवर काम करने है उसके बाद चलते है

सूर्य ......मैं भी यही चाहता हूँ

साध्वी जी ......तुम कही पुर जा रहे हो क्या

सूर्य .....जी वो मेर्री के साथ रस्सा जा रहा हूँ कुछ जरुरी काम है

साध्वी जी .....ठीक है तब तक मैं भी अपने बाकि काम ख़तम कर लेती हूँ

सूर्य ......जी जरूर हम कल दोपहर को जा रहे है

सकती आवर वयोम से कहना की वो सावधान रहे गुजर आवर विक्रम दोनों मिल कर कुछ गलत जरूर करेंगे

साध्वी जी ....तुम यहाँ की चिंता न करो सूर्य मैं सब देख लुंगी

सूर्य .....शुक्रिया साध्वी जी

सूर्य वह से चला जाता है आवर सब के साथ खाना वगेरा करके के छठ पे जा कर ीदार उदार टहलने लगा

कुछ देर बाद अलीना आवर कोमल ऊपर आती है

कोमल .....क्या कर रहे हो भाई

सूर्य ....कुछ नहीं दी बस ऐसे हे टहल रहा हूँ आप सुनाओ

कोमल .....आज पापा के मॉल में क्या हुआ था

सूर्य .....कुछ भी तो नहीं दी क्या होना था वह बस शॉपिंग की आवर क्या

कोमल .....तुम आजकल बहुत झूट बोलने लगे हो

मुझे पता है तुमने वह कुछ गुंडों की दिलाई की थी मैंने भी वीडियो देखा था समजे

सूर्य ....सॉरी दी

अलीना ......सॉरी क्यों बोल रहे हो सूर्य तुमने तो बहुत अच्छा काम किया है

कोमल .....है मुझे गर्व है भाई आप पे आपने उन लड़कियों की हेल्प की बाकि सब तो तमाशा देख रहे थे

सूर्य .....आप खुश है तो फिर ऐसे काम रोज कर सकता हूँ आपके लिया

कोमल ......मैंने सुना तुम कही जा रहे हो

सूर्य .....आपको किसने कहा की मैं कही जा रहा हूँ

कोमल .....अलीना ने मुझे बताया

सूर्य अलीना को घर कर देखता है

अलीना ......ऐसे क्यों घर रहे हो मुझे कोमल मेरी दोस्त है आवर तुम भूल रहे हो अब ये मेरी भी फॅमिली है

सूर्य .......ठीक है तो फिर कल की टिकट्स बुक कर लेना

अलीना ....मैंने पहले हे कर दी है ये को तुम्हारा कार्ड

सूर्य ......मेरी हे जेब खली करती रहो बस कंजूश कही की

कोमल .......क्या कहा आपने वो आपसे बड़ी है समजे

सूर्य .....ok सॉरी दी अलीना कार्ड अपने पास रखो मेरे पास दूसरा आवर है

कुछ देर बात करने के बाद सूर्य अपने रूम में चला गया कुछ फ़ोन कॉल करने के बाद सूर्य आराम से सो जाता है .........

दूर एक जंगल में अंदर में कुछ लोग बड़ी तेजी से बढे जा रहे थे

आदमी 1...कितना आवर चलना होगा ये जंगल तो आवर भी खतरनाक होता जा रहा है

आदमी 2......ऐसे लोग ऐसे हे जगह पे रहते है जहा उन्हें कोई परेशान न करे समजे अब चुप चाप चलते रहो कही ऐसा न हो यहाँ के जंगल जानवर हम लोगो का सीकर कर ले

आदमी 1 .....चलो थोड़ा जल्दी करो रात भी काफी हो चुकी है

वैसे एक बात बता तुम्हारे गुरु के बारे में जो सुना वो सच है क्या

आदमी 2.....है वो बहुत पहुंचे हुए तांत्रिक है आवर उनके सामने अपना मुँह बंद रखना समजे तुम दोनों

लड़का 3......वो तो वह जाने के बाद हे पता चलेगा

रात के इस बियावान जंगल में अंदरि रात में कोई 1 गंगे चलने के बाद उन लोगो को दूर कुछ रोशनियाँ दिखाई दी

आदमी 2 .....वो रहा हमारा कबीला हम लग बस पहुंच हे गए है

कुछ 10 मिनट्स पहाड़ियों के बिच से गुजारते हुए ये चारो वह जा पहुंचे जहा पे

30 ,35 कच्चे घर बने हुए थे बहार सभी घरो में मसल जल रही थी

आदमी 2.....अब तुम लोग अपने चेहरे पैर से चादर हटा लो

जब आदमी 1 आवर लड़का 3 ने चादर हटाई

ये आवर कोई नहीं गुजर सिंह आवर विक्रम सिंह थे पैर ये यहाँ इतनी रात इस जंगल में क्या कर रहे है

आदमी 1 ....मेरा नाम है बिखु आवर ये मेरा घर है

आज तुम दोनों यही रुको गुरु जी से सुबह हे मिलना

विक्रम ठीक है वैसे भी बहुत थान गया है क्या यहाँ कोई मदिरा मिलेगी पूरा सरीर थक रहा है

बिखु .....यहाँ सब मिलता है तुम चलो मैं खाना ले कर भेजता हूँ मुझे फिर से कही जाना है तुम लोग खा पि कर आराम करो सुबह मिलते है

विक्रम आवर गुजर वही एक झोपडी में जा कर निचे बिछी चटाई पे बेथ जाते है

कुछ देर बाद एक 35 ,37 साल की औरत दोनों के लिया खाना ले कर आती है

दरअशल यहाँ के लोग बाहरी दुनिया से बहुत अलग है यहाँ के लोग जातर मर्द एक छोटी काली लंगोट में रहते है महिलाये भी कुछ इस तरह हे रहती है सीने पे बस एक कपडा जो उनकी छाती को थोड़ा बहुत छुपाये रखता है आवर निचे गुटों तक का लहंगा ( स्कर्ट टाइप )

विक्रम .....ये कैसा खाना है

औरत .....यहाँ हम सब यही कहते है समजे आवर तुमने नादिरा मांगी थी न ये

विक्रम आवर गुजर दोनों को शुरुआत में तो वो देसी मदिरा कुछ खाश पसंद नहीं आई क्युकी वो जड़ी बूटियों से बांज हुए थे

जल्दी हे मदिरा का असर हुआ आवर दोनों के सरीर में गर्मी भढने लगी विक्रम आवर गुजर दोनों उस जंगल जानवर के मांस को चबा चबा कर खाने लगे

जब पेट भर गया तो विक्रम जो कुछ टाइम से रुक्मणि के सेक्स ड्रग्स के कारन हमेशा उत्तेजित रहता था उसपे नशा हावी होने लगा

विक्रम वह से उठ कर दूसरी झोपड़ी में चला गया

vikram.....kya मुझे आवर नादिरा मिलेगी

औरत .....बैठो में देती हूँ

विक्रम वही चटाई पे बेथ जाता है

औरत एक मिटटी को मटकी आवर मिटटी का गिलान विक्रम के सामने रख देती है

विक्रम ....आप भी पीजिये इसमें बहुत मजा है

औरत ....तुम पियो मुझे नहीं पीना

विक्रम किसी तरह उसको मन कर अपने हाथो से मदिरा पिलाता है

अब दोनों नादिरा के नशे में जम रहे थे विक्रम आगे भाड़ उस औरत के सीने से वो कपडा हटा कर टूट पड़ता है इस वक़्त विक्रम को उस औरत में केवल नंगी रुक्मणि अपनी छूट खोलो दिखाई दे रही थे

औरत ने बिना को विरोद किया विक्रम का साथ देने लगी जल्दी हे दोनों एक दूसरे में उलझे मज़े ले रहे थे कभी औरत ऊपर तो कभी विक्रम

कुछ देर बार विक्रम उस औरत के अंदर हे झाड़ जाता है

दूसरी कोप्ती में गुजर सिंह इनका कांड देख अपना कला लौंडा हिला रहा था

विक्रम ने कुछ देर बाद फिर से अपना लैंड औरत के मुँह में दाल कर छोड़ने लगा

गुजर सिंह अच्छा मौका देख अपने लौंडे पे थूक लगा कर औरत के खुले भोसड़े में अपना लैंड पूरा पेल दिया

औरत को देख कर लग रहा था जैसे ये उसके लिया खिलोने हो

सुबह के करब जा कर दोनों वही नंगे हे लेट गया औरत के साथ

सुबह जल्दी hi भीखू आया तो तीनो नंगे पड़े थे

बिखु .....चली उठो गुरु जी से मिलने नहीं जाना है क्या

चल तू भी कड़ी हो जा रंडी रात भर चिढ़ाती है आवर अभी सो रही है उठ आवर जंगल हो कर आ

औरत अपने दोनों कपडे उठा ऐसे हे नंगी बहार निकल गई

बिखु ....ये लंगोट लो आवर बंद लो चलो गुरु जी ने याद किया है विक्रम आवर गुजर लंगोट बंद बहार निकले तो बाकि लोग भी लंगोट में थे कुछ सुट्टे तो बिलकुल नंगी थी

विक्रम .....क्या तुम सब लोग ऐसे हे रहते हो नंगे

भीकू .....हम में सम्भोग को ले कर कोई पर्दा नहीं है कोई भी मर्द या औरत किसी से भी सम्बन्ध बनाये कोई उसे नहीं रोकता यहाँ तक की अपनी हे पत्नी स्व जन्मी बेटी के साथ भी सम्भोग कर सकते है

विक्रम .....वो ू तुम्हारी बेटी हुई न

बिखु ....कोई फरक नहीं पड़ता की वो किसकी बेटी है मेरी या किसी आवर की हमारे ासुर कबीले का यही नियम है

सबसे पहले कुवारी कन्या को गुरु जी भोगते है एक वर्ष तक उसके बाद उसकी कोई भी भोगे

विक्रम ....ासुर कबीला मतलब क्या तुम लोग ासुर हो

बिखु .....हमारे पूर्वजो का मन्ना है की हम ासुर वंश से है

तीनो एक गुफा के सामने आ पहुंचे जहा एक काळा कपड़ो में साधु के भेष में शीतन जैसा आदमी बैठा हुआ ठगा





बिखु ......गुरु जी यही लोग है जो आपसे मिलने के लिया बहुत दूर से आये है

बिखु गुरु जी .( b.guru जी ) हाथ के इसारे से बैठने को कहता है

विक्रम आवर गुजर वही बेथ जाते है

b.guru......sishya हमारे आनन् की वयस्था करो उसके बाद हे हम इनसे बात करेंगे

बिखु गुफा के अंदर जाता है आवर कुछ कपडे आवर एक मिटटी की मटकी उठा कर लता है

कुछ देर में b.guru सनान कर अपने सरीर पे भसम जैसा कुछ पुरे सरीर पे लगा कर गुफा में जाता है

बिखु .....चुप रहना जब तक गुरु जी कुछ बोलने को न कही आवर वही बोलना जिसके लिया इसरा करे

विक्रम बिखु आवर गुजर जब गुफा में अंदर पहुंचे तो वह मिटटी की किसी मूरत के सामने b.guru कुछ देर पूजा करता है

फिर बिखु नादिरा की मटकी देता है b.guru पास राखी एक खोपड़ी में मदिरा भर भर कर पिने लगा जैसे मटकी ख़तम हुए

b.guru .....बोलो विक्रम ठाकुर क्या चाहते हो हमसे

vikram......ham दोनों का एक हे दुसमन है

b.guru बिखु को इसरा करता है कुछ देर में बिखु के साथ एक लड़की आती जो पूरी तरह से नंगी थी





b.guru अपने पास आने का इसरा करता है

लड़की जा कर बी गुरु के गॉड में बेथ जाती है

b.guru ......तुम असत्य बोल रहे हो विक्रम ठाकुर तुम दोनों को अनेक दुसमन है तुम दोनों इंसानो के भेष में राक्षश हो हमारी तरह

विक्रम .......क्या आप हमारी मदद कर सकते है हमारे एक दुसमन को मिटने में

b.guru .....कोण है वो उसकी कोई चेहरा है क्या तुम्हारे पास

बिखु ....उसकी कोई फोटो लाये हो क्या तुम

विक्रम .....जी हमारे पास उसकी कोई फोटो नहीं है हमें पता नहीं था

ीदार लड़की बी गुरु के लिंग को मुँह में भर कर खड़ा करने लगती है

बी .गुरु .....उसकी कुंडली तो लाये होंगे

विक्रम न में गर्दन हिलता है

बी गुरु .....मूरख फिर तुम लोग क्यों आये हो यहाँ

चले जाओ यहाँ से

गुजर ....हमें पता नहीं था हमें कुछ दिनों का वक़्त दीजिये हम उसकी फोटो मंगवाते है

b.guru .....बिखु इन्हे ले जाओ आवर जो हमारी जरूरत का सामान है इनसे कहो उसका बंदोबस्त करे हमें एकांत चाइये

बी गुरु लड़की को वही लिटा कर अपना बड़ा कला लिंग लड़की की छूट में दाल छोड़ने लगता है

लड़की की चीखे गुफा में गूंजने लगती है चीखे सुन कर बी गुरु की आँखे आवर भी लाल हो जाती है उसके चेहरे पे शीतनी मुस्कान थी

करीब 2 गंगे बाद लड़की आगे आवर पीछे से खून टपकती हुए गुफा से बहार निकलती है

विक्रम आवर गुजर दोपहर तक वह से सहर के लिया निकल गए बिखु द्वारा दिया काम पूरा करने ...

सूर्यगढ़ ......

शालिनी ...बीटा तुम लोग अभी तो आये आवर अभी वापिस जा रहे हो

सूर्य ....माँ जाना जरुरी है हम सब जल्दी हे लौट आएंगे

विजय .....दीदी चिंता न करो मैं भी साथ जा रहा हूँ इन लोगो के

शालिनी .....ठीक है पैर मुझे रोज कॉल कारनामे सुबह साम

सूर्य .....ok माँ डेली कॉल करूँगा आपको अब मुझे निकलना होगा

लव यू माँ अपना ख्याल रखना

दादा जी .... तू यहाँ की चिंता न कर बीटा हम सब है यहाँ तुम अपना आवर बाकि सब का ख्याल रखना

सूर्य ....जी दादू मैं ख्याल रखूंगा

विजय ......सूर्य हमें निकलना चाइये कही एयरपोर्ट पहुंचने में लेट न हो जाये

सूर्य .....ok bye माँ दादी माँ बड़ी मम्मी कोमल दी राधा आपको कुछ भी चाइये तो मुझे कॉल कर बता देना

ok दादू मैं चलता हूँ

सूर्य सब से विदा ले जैसलमेर की तरफ रवाना हो गया

करीबन 90 मिनट्स बाद सब एयरपोर्ट पे थे

सूर्य .....सुकर है लेट नहीं हुए वर्ण फिर तो जयपुर के लिया हे फ्लाइट लेनी पड़ती

चारो अपने अपने सामान के साथ एयरपोर्ट के अंदर चल दिए

अलीना ने पहले से हे टिकट्स बुक कर राखी थी विजय की टिकट्स सुबह को बुक की थी

अनाउंसमेंट होने के साथ हे सूर्य आवर बाकि सब फ्लाइट की तरफ बढ़ गए

अलीना मेरी एक साथ विजय सूर्य एक साथ पीछे बेथ गए अलीना मेरी आगे बेथ गए

कुछ देर बाद प्लेन ने उड़ान भाई सब रिलेक्स हो कर बेथ गए कुछ देर बाद किसी लड़की ने पीछे से सूर्य को आवाज दी

सूर्य पीछे पलट कर देखता है यो वो कोई आवर नहीं सुनिधि थी

सुनिधि ......hello सूर्य आप यहाँ आप भी दिल्ली जा रहे है

सूर्य. .....आप तो कल जाने वाली थी न दिल्ली

सुनिधि .....कल की फ्लाइट मिस हो गयी तो आज जा राहु हे

क्या आप मेरी सीट पे आ सकते है

विजय .....जी ठीक है आप आगे आ जाये

सुनिधि सूर्य के साथ पुरे जैसलमेर तो दिल्ली बस बातो में लगी रही वही पीछे विजय को किसी पुर के साथ बैठा बाते करते देख मेर्री का टेम्परेचर हाई होने लगा उस आग में घी डालने का काम किया अलीना ने .............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..............
 
स्फोरम से जुड़े मेरे सभी मित्रो आवर भाई जिन्होंने मेरे द्वारा लिखी कहानी की इतना उम्मीद से भाड़ कर सपोर्ट किया

उसके लिया मई आप सभी का दिल से धन्यवाद् करता हूँ

आवर आशा करता हूँ की हम सभी का साथ आगे भी ऐसा हे बना रहेगा

😆500 पेज पुरे होने में आप सबका बहुत सहयोग है इस लिया आप सभी को कोंग्रटुलतिओन्स 🌹🌹😆
 
अपडेट. 105

सूर्य पीछे पलट कर देखता है यो वो कोई आवर नहीं सुनिधि थी

सुनिधि ......hello सूर्य आप यहाँ आप भी दिल्ली जा रहे है

सूर्य. .....आप तो कल जाने वाली थी न दिल्ली

सुनिधि .....कल की फ्लाइट मिस हो गयी तो आज जा राहु हे

क्या आप मेरी सीट पे आ सकते है

विजय .....जी ठीक है आप आगे आ जाये

सुनिधि सूर्य के साथ पुरे जैसलमेर तो दिल्ली बस बातो में लगी रही वही पीछे विजय को किसी पुर के साथ बैठा बाते करते देख मेर्री का टेम्परेचर हाई होने लगा उस आग में घी डालने का काम किया अलीना ने .............

अब आगे ........

सूर्य मेर्री अलीना विजय सां को दिल्ली पहुंचे वही से रूस की फ्लाइट लेनी थे इनको

सुनिधि ......सूर्य अब तो हम दोस्त बन चुके है तो क्या तुम एक बार मेरे घर नहीं चलोगे

सूर्य ......अभी नहीं सुनिधि फिर कभी अभी मुझे कही आवर जाना है इस लिया अभी के लिया सॉरी नेक्स्ट टाइम दिल्ली आने पे क्रूर तुम्हारे साथ चलूँगा

सूर्य सबके साथ एयरपोर्ट से बहार निकला जहा पे पहले से हे आर्मी कार्स कड़ी थी

सूर्य .......लगता है सूर्यकांत सर को पता चल गया है की हम लोग यहाँ आ रहे है

मेर्री .......उनको मैंने हे बताया था की हम लोग यहाँ आ रहे है

सूर्य ......चलो फिर चलते है सुनिधि क्या हम तुम्हे घर ड्राप कर दे

सुनिधि ........वो देखो सामने मुझे लेने के लिया पापा ने आलरेडी कार्स भेज दी है

सूर्य .....ok bye फिर मिलेंगे

सुनिधि ......वापिस दिल्ली आते वक़्त मुझे कॉल करना

सूर्य ......ok bye अपना ख्याल रखना

सूर्य मेर्री अलीना विजय चारो आर्मी कार्स में बेथ वह से निकल गए

सुनिधि अपनी फ्रेंड्स के साथ चली गई

सूर्य ......क्या बात है ममी जी आप मां जी को ऐसे क्यों घर रही हो

मेर्री ......मैं क्यों घूरने लगी

विजय .....सूर्य संत रहो यार क्यों इन्हे आवर भड़का रहे हो

मेर्री गुस्से से

मेर्री .....मैं कहा भड़क रही हूँ

करो तुम्हे जो कर्मा है मुझे क्या फरक पड़ता है

सूर्य .....हम्म्म अब समजा मैं आपके घूरने का मतलब

विजय सूर्य को चुप रहने का इसरा करता है

सूर्य भी माहौल को समाज संत हो जाता है

कुछ आड़े जानते बाद सब आर्मी हेअद्क़ुअतेर में थे

सूर्य चलो मेर्री पहले हम सर से मिल लेते है

फिर वापिस भी निकलना है

चारो सूर्यकांत सर से मिलने निकल गए

कुछ देर बाद चारो सूर्यकांत की केबिन के सामने थे

सूर्य डोर नॉक करता है

सूर्यकांत ......अंदर आ जाओ सूर्य बीटा

सूर्य आवर बाकि सब अंदर पहुंचे

सूर्य मेर्री अलीना विजय ....जय हिन्द सर

सूर्यकांत .....जय हिन्द बचो बैठो

सूर्यकांत .....तो कैसे चल रही है तुम लोगो की छुट्टिया

सूर्य .....सर अच्छी चल रही है छुट्टिया

सूर्यकांत .....छुट्टी के वक़्त भी मिशन दंड हे लेते हो खेर ये लो ये तुम्हारे लिया

सूर्य की तरफ एक लिफाफा करते हुए

सूर्य ....इसमें क्या है सर

सूर्यकांत ......खोल कर देखो

सूर्य जब लिफ़ाफ़े को खोलता है तो उसमे 4 पासपोर्ट्स थे उन चारो को अलग अलग पहचान के साथ

सूर्यकांत .....रुस्सियन कंट्री से हमारी अच्छी बॉन्डिंग है हम कभी नहीं चाहेंगे की वो बॉन्डिंग ख़राब हो इस लिया तुम चारो अलग नाम अलग पासपोर्ट पे वह जाओगे

सूर्य .....सर इन सबकी क्या जरुरत थे हमें अभी तक ये भी पता नहीं है की हमारा मिशन क्या है कोण टारगेट है

सूर्यकांत .....जनता हूँ मेर्री ने मुझे सब बताया फिर भी हम कोई रिस्क नहीं लेना चाहते है

सूर्य .....ok सर जैसा आप कहे

सूर्यकांत .....आवर है तुमने कहा तुम आगे पढ़ना चाहते हो इस लिया तुम्हारा एड्मिसन मैंने यही दिल्ली करवा दिया है

सूर्य ....सर उसकी कोई जरुरत नहीं है वैसे भी सर मैं गाँव में एड्मिसन इस लिया लेना चाहता था थकी अपने परिवार के साथ रह सकू

सूर्यकांत .....हम इस बारे में बाद में बात करेंगे

सूर्य .....ok इन से मिलिए सर ये मेरे मां जी है विजय सिंह ये भी आर्मी से है इनकी ड्यूटी पाण्ड्य जी के साथ हे है

सूर्यकांत .....जनता हूँ मैं इनके बारे में खेर अभी तुम लोग निकलो वह तुम्हे हमारा एजेंट्स मिल जायेगा पिक करने एयरपोर्ट पे

जो भी जरुरत हो वो वह पूरी कर देगा आल थे बेस्ट फॉर मिशन

सूर्य मेर्री अलीना विजय वह से कुछ देर बाद वापिस लौट गए एयरपोर्ट के लिया

सूर्यगढ़ .....

रेखा .......शालिनी तुम्हे सूर्य को वापिस क्यों जाने दिया अभी अभी तो वो वापिस लौटा था

शालिनी ........दीदी मैं क्या करती आप हे बताओ जब बाउजी ने उसे जाने की परमिशन दे दी तो उनकी बात तोड़े हे टलती मैं

दादी सा ......तुम लोग सूर्य की चिंता न करो मेरा पोता करोडो में एक है वो जो भी करेगा सब के लिया ठीक हे होगा

शालिनी .......पैर माँ दर तो रहता है न एल्लोरा बीटा है उसे कुछ हो गया तो

दादी माँ ....उसे कुछ नहीं होगा बेटी तुम सब चिंता न करो आवर फिर वो मेर्री बेटी के साथ गया कोई लड़ने थोड़े हे गया है

रेखा .....फिर भी माँ वो बाद में भी तो जा सकता था

दादा जी बहार से आते हुए

दादाजी ....शालिनी बेटी तुम्हारे पिता जी आये है उनके लिया जल पैन की वय्वस्ता करो

शालिनी .....जी बाउजी अभी करती हूँ माँ सा भी आयी है क्या

दादा जी .....नहीं बेटी वो अकेले हे आये है

ीदार दूसरे रूम में ...

कोमल .....बुआ आप अकेली नहीं है जो भाई को पसंद करती है

राधा ....क्या मतलब आवर कोण है

कोमल ......मुझे लगता है अलीना दी भी भाई को पसंद करती है मैंने कई बार उनको देखा है भाई को प्यार से देखते हुए

radha.......ha मुझे पता है अलीना अच्छी लड़की है अब कोई किसी को किसी से प्यार करने से तो रोक नहीं सकता है कोमल

वैसे एक बात बता आजकल क्या खा रही हो तुम जो इतनी मोती आवर इतनी खूबसूरत होती जा रही हो

कोमल .....मैं कहा मोती हूँ

राधा अपना हाथ बढ़ा कर कोमल की चूचिया जो मसामी बन चुकी थी उनको सहला देती है

कोमल .....ची ची आप बहुत गन्दी है बुआ

आवर थोड़ा जोर से राधा की चूचियों को सहला देती है

राधा .....िस्स्साआह पागल कोई इन्हे भी इतनी जोर से दबाता है क्या

कोमल .....आपको किसने कहा था मेरी छथि सहलाने को मैंने तो फिर भी डेरी से सहलाया है कही सूर्य ने इनपे अपनी तकदीर दिखाई तो सोचो आपके इनकी हवा न निकल जाये

राधा ......मैं तो कबसे त्यार हूँ पैर तेरा भाई कुछ समझता हे नहीं है

कोमल .....संभल के कही ऐसा न हो जाये आप यहाँ इन्तजार करती रहो आवर सूर्य कही आवर हे किल्ले पे जांदा गाड़ने में लगा हो

भूलो मत अलीना उनके साथ हे गई है

राधा ......मुझे कोई चिंता नहीं अलीना हो या कोई आवर अब जब तक सदी नहीं होती मैं तो कुछ कर नहीं सकती पैर वो तो फ्री है न कुछ भी करने को

कोमल .....एक बात बताओ बुआ क्या आपको सच में कोई फरक नहीं पड़ता सूर्य को किसी आवर के साथ देख कर

राधा ......ऐसा कहु की मुझे कोई फरक नहीं पड़ता तो ये साफ साफ झूट होगा कोमल कोई भी लड़की यही चाहेगी की उसका प्रेमी उसका प्यार उसके साथ लॉयल रहे

पैर एक सच ये भी है सूर्य के जिंदगी में जो भी आये वो प्यार में कभी दोहरामाप्दण्ड नहीं अपनाएगा की इसको ज्यादा आवर इसको काम प्यार करे

कैर ये सब छोड़ आवर अपने बारे में बता

तुम की शी लिखे करती कोई तो होगा की जिसे देख तुम्हारे दिल की धड़कन भाड़ जाती हो

कोमल .....ऐसा कोई नहीं है बुआ अभी तक तो ( वक़्त आने दो उसे बताने के बाद सबसे पहले आपको हे बताउंगी बुआ )

अब चलिए निचे चल कर कॉफ़ी पिटे है

राधा ....है चल साम हो गई है सूर्य भी दिल्ली पहुंच गया होगा

कोमल .....अब चलिए आपके कृष्णा कन्हैया लगे होंगे किसी आवर को अपनी गोपी बनाने में

कोमल राधा की बैक सायला कर बहार भाग गई

राधा .....बहुत मरूंगी कोमल की बच्ची

कोमल ......क्यों ये जगह सूर्य के लिया है क्या

दूर कही दूसरे सहर में ......

गुजर .....विक्रम तुम्हे लगता है हमारा काम होगा की नहीं

विक्रम ......पता नहीं गुजर सिंह फ़िलहाल तो बस एक यही उम्मीद नजर आ रही है इसके बारे में जो सुना है अगर उसमे रातभर भी सचाई है तो यही हमारे काम का आदमी है

गुजर ...मुझे इसकी बातो पे पूरा विश्वाश नहीं है

खेर तुम कहते हो तो ऐसा हे सही

चलो मैं कुछ पैसो का इंतजाम करता हूँ तुम सूर्य की कुंडली निकालो ताकि जल्द से जल्द उस से पीछा छठे

विक्रम ......ठीक है मैं कॉल कर किसी को काम पे लगता हूँ इतने तुम बाकि सब काम देखो

गुजर वह से निकल जाता है विक्रम अजय को कॉल कर साडी बात बताता है की उसे क्या करना है कैसे करना है

अजय से बात करने के बाद विक्रम अपनी मम्मी गीता ठाकुर को कॉल करता

जहा उसे सूर्य विधि आवर गायत्री द्वारा हॉस्पिटल के उध्गाटन का पता चलता है

विक्रम ......ठीक है मम्मी मैं जल्द हे सूर्य की लौट का सामान ले कर आ रहा हूँ तब तक आप हवेली का ध्यान रखिये

गीता ....ठाकुर तुम चिंता न करो विक्की यहाँ मैं सब संभल लुंगी

विक्रम कुछ देर आवर बात करता है आवर फिर कॉल कट कर देता है

कुछ देर बाद हे गुजर खली हाथ वापिस लौट आता है

विक्रम...... क्या हुआ आप इतने जल्दी वो भी खली हाथ कैसे लौट आये

गुजर ......खबर हे ऐसे है की लौटना पड़ा

विक्रम .....क्या मतलब खबर हे ऐसे है

गुजर .......जिस इंस्पेक्टर ने मेरी जेल से भागने में मदद की थी वो पकड़ा गया सूर्य ठाकुर ने उसे पकड़ लिया आवर उस सेल कुत्ते ने सूर्य की मार के आगे सब कुछ बक दिया

उसने तुम्हारे आवर मेरे बारे में सूर्य को बता दिया

विक्रम ......ये ठीक नहीं हुआ ये साला सूर्य जहा देखो वही अपनी तंग बिच में गुस्सा देता है

गुजर ......मुझे लगता है हमारे घर आवर हमारे आदमियों पे पुलिस की नजर होगी

विक्रम .....उसकी चिंता न कर आज रुक कल तक मेरा आदमी सूर्य की कुंडली निकल लाएगा ाटलिस्ट फोटो तो ले हे आएगा फिर हम सहर से मेरे अकाउंट से पैसे निकल लेंगे तब तक हम उन लड़कियों की रेकी कर लेते है जिनको उठाना है

गुजर .......पैसे होते तो ये काम हम किसी आवर स्व भी करवा लेते खीर अभी कोई आवर रास्ता भी नहीं है चलो सहर में उन लड़कियों का पता करते है जिनका जनम एक हे डेट में हुआ हो

विक्रम .......उनका पता हमें किसी महिला हॉस्पिटल से मिल सकता है

गुजर....... है ये ठीक रहेगा इस से बहुत से परेशानिया हल हो जाएगी

विक्रम आवर गुजर दोनों वह से निकल गए हॉस्पिटल की तरफ ............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..........
 
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