Incest Dil ka raja ( incest magic adultery ) - Page 20 - SexBaba
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Incest Dil ka raja ( incest magic adultery )

अपडेट 158

असुरगुरु .......किन्तु याद रहे पुत्र तुम जब तक वह हो नगीना आवर विसुद्धि से काम क्रीड़ा नहीं करोगे उनसे असुरलोक में कोई सम्बन्ध नहीं बनाओगे

k.asur ......ठीक है पिता श्री कब निकलना है हमें

असुरगुरु .....अभी निकलो तुम तीनो यहाँ से ( यहाँ काल पहुंचे उस से पहले तुम तीनो को चले जाना चाइये )

k.asur ......जैसा आपका आदेश पिता श्री आज्ञा दीजिये

k.asur नगीना आवर विसुद्धि को जब असुरगुरु का सन्देश देता है तो पहले तो वह जाने को बिलकुल भी त्यार नहीं थी

किन्तु जब k.asur ये बताता है की ये आदेश नरकासुर का है तब न चाहते हुए भी दोनों बहने असुरलोक जाने को त्यार हो जाते है

कुछ समय में तीनो वह से असुर लोक के लिया प्रस्थान कर जाते है ...............

अब आगे .............

सूर्य मानसी के परीलोक से जाने के बाद

रानी पारी .......क्या बात है पुत्री रिद्धि आप अकेले अपने कक्ष में क्या कर रही हो

रानी पारी की आवाज सुन रिद्धि पारी का ध्यान भांग होता है जो एक तक महल की खिड़की से बहार के सुन्दर नज़ारे में खोये हुए थी

रिद्धि पारी ने पहले भी ये नजारा कई बार इस कक्ष की खिड़की से देखा है पैर इतना खूबसूरत उसे ये नजारा पहले नहीं लगता था

कहने वाले ने सच हे कहा है की जब दिल में अपर प्रेम हो तो सब अच्छा हे लगता है

वही आज रिद्धि पारी के साथ हो रहा है जैसे जैसे रिद्धि के दिल में सूर्य के पार्टी प्रेम भध रहा था वैसे वैसे उसके सोचने समझने का नजरिया भी बदल रहा था

रिद्धि ......कुछ नहीं रानी माँ बस ऐसे हे कुछ वक़्त एकांत में बिताना चाहती थी

रानी pari.......putri मन की मैंने तुम्हे जनम नहीं दिया है


किन्तु तुम्हे अपनी पुत्री मन है तुम्हारे मन की वयथा मुझसे न छुपी है पुत्री मुझे भी प्रेम हुआ था आवर विवाह भी किन्तु भाग्य ने हमारा साथ ज्यादा नहीं लिखा था

रिद्धि .......क्या महाराज ने हे अपने प्रेम को सर्वपार्ट्म आपके सामने स्वीकार किया था

रानी पारी .......हेहेहे अब सामजी मेरी पुत्री यहाँ एकांत में क्या विचार कर रही थी

रिद्धि .....ऐसा कुछ नहीं रानी माँ बास हम ऐसे हे.......

रानी पारी ..........पुत्री ये जरुरी नहीं की कोण सर्वपार्ट्म अपने प्रेम को आने प्रेमी के सामने स्वीकार करता है या प्रेम परस्ताव रखता है

किन्तु दोनों में महत्वपूर्ण ये है की अपने प्रेमी के समकक्ष अपने प्रेम को स्वीकार करना

रिद्धि .......रानी माँ क्या जिस से हम प्रेम करते है वो हमारे हृद्या के भाव बिना कहे नहीं समाज सकता है

रानी पारी .......हेहेहे पुत्री जहा प्रेम हो वह सब्दो का कोई महत्व नहीं है प्रेमी प्रेमिका के बिच ये मून प्रेम संवाद भी प्रेम का हे एक सवरूप है जहा प्रेमिका प्रेमी के बिना कुछ कहे अपनी प्रेमी के मन मस्तिष्क में चल रहे विचारो को जान लेती है

जैसा की पुत्र सूर्य आवर किरण के बिच है मैं जानती हु की मेरी पुत्री भी पुत्र सूर्य से प्रेम करती है तो अब समय वयर्थ किये बिना अपने हृद्या का हल सूर्य से कह दो पुत्री

रिद्धि .......शुक्रिया रानी माँ मुझे ये समजने के लिया

रानी पारी .......रानी माँ भी कहती हो आवर शुक्रिया बोल कर हमें अपनी माँ होने के अदिकार से भी वंचित कर रही हो

रिद्धि ......आगे से हम आपके कथन को ध्यान रखेंगे रानी माँ .......

सूर्य आवर मानसी जब परीलोक पहुंचे तो संध्या काल सुरु हो चूका था

सूर्य ......मानसी तुम चलो मैं गुरुदेव से कुछ बात करके आता हूँ

मानसी .....अगर आपको एतराज न हो तो मैं भी आपके साथ चल सकती हूँ

सूर्य .......ठीक है चलो वैसे भी वह मैं आपके विषय में हे बात करने वाला था क्युकी कल सुबह हे हम तीनो को ड्रैगन प्लेनेट के लिया निकलना होगा

मानसी ......ठीक है जैसा आप कहे

सूर्य मानसी को अपने साथ ले कर गुरुदेव के कक्ष में जाता है जहा गुरुदेव .जकिंग आवर प्रेतराज किसी बात पे चर्चा कर रहे थे

सूर्य मानसी .......परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ......कल्याण हो पुत्र सूर्य पुत्री मानसी

सूर्य पुर मानसी .जकिंग आवर प्रेतराज को भी परनाम करते है

गुरुदेव .......क्या असुरगुरु ने तुम दोनों के विवाह प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान की पुत्र

सूर्य ......जी गुरुदेव उन्हें हमारे विवाह से कोई आपत्ति नहीं है

उन्होंने कहा की हमारा विवाह असुर रीती रिवाजो से होगा

किन्तु उनसे भेट करने पे पता चला की उनका एक पुत्र आवर भी

गुरुदेव ......हम्म्म ये हम जानते है पुत्र क्युकी मानसी जनम स्व असुर कन्या है तो उसका विवाह असुर पार्था अनुसार हे होना उचित भी है

क्या असुरगुरु के पुत्र को तुम दोनों के विवाह से किसी तरह की समस्या है

सूर्य ........हमारी उस से भेट नहीं हो पाई है गुरुदेव किन्तु उन्होंने अपने पुत्र के लिया कुछ मांग की है

एक पिता के रूप में जिसे मैंने आपकी अनुमति के बिना हे स्वीकार कर लिया हो सके तो मुझे उसके लिया आप क्षमा कर दीजिये गुरुदेव

gurudev........aisi क्या मांग की असुरगुरु ने जिसके लिया पुत्र तुम क्षमा मांग रहे हो

सूर्य ........गुरुदेव उन्होंने अपने पुत्र के लिया एक जीवन दान माँगा है

उनका कहना है की जब भी उनके पुत्र का आवर मेरा सामना सामना हो तो उसे मैं एक जीवन दान अवश्य दूँ

आवर मैंने भी आपकी अनुमति के बिना उन्हें उनके पुत्र को एक जीवन दान देना स्वीकार कर लिया

गिरुदेव ......पुत्र ये तुमने उचित नहीं किया तुम्हारा अभय दान देना गलत नहीं है किन्तु अभय दान भी तभी देना चाइये जब वो सकाश उसके योग्य हो

पुत्री मानसी तुम सायद मेरे द्वारा कहे सब्दो से आहात अवश्य होगी

किन्तु ये भी सत्य है पुत्री इस्वर भी वरदान ुशी को देता है जिसके योग्य भक्त हो

मानसी ......गुरुदेव आपने जो कहा वो पूर्णतया सत्य है

किन्तु एक सत्य ये भी है गुरुदेव की सभी को अपने जीवन में किये गए पापो का प्रायश्चित करने का एक अवसर तो स्वयं महाकाल भी देते है

गुरुदेव ......उचित है पुत्री तुम्हारा कथन

पुत्र सूर्य भविष्य में बिना किसी के वास्तविक सत्य को जाने तुम किसी को भी कोई वचन नहीं डोज ये तुम्हे इस बात का अवश्य ख्याल रखोगे

सूर्य ......जी गुरुदेव आगे से मैं आपकी अनुमति आपसे विचार विमर्श करने के बाद हे ऐसा कोई वचन दूंगा

गुरुदेव .......उचित है पुत्र कल सूर्यौदय के साथ हे पुत्री मानसी आवर पुत्री किरण के साथ तुम्हे ड्रैगन प्लेनेट के लिया अपना सफर सुरु करना है जहा तुम तीनो को बहुत से परेशानी तो का सामना करना पद सकता है

सूर्य .......आप का आशीर्वाद साथ हो प्रभु महाकाल का भी फिर हमें किसका दर गुरुदेव

j.king .......ये सत्य है पुत्र किन्तु समय को सतर्क रखने की जी मदारी भी तुम्हारी है जब हम उस स्थान से अनभिज्ञ हो जहा हम है या जा रहे तो वह हमेशा अपनी इन्द्रियों को जागृत रखना चाइये आने वाले किसी भी बड़े खतरे के लिया सदैव त्यार रहना चाइये

सूर्य .....जी पिता श्री आपने सत्य कहा सवयं की सतर्कता आवर सूझ बुझ से हम बड़े से बड़े खतरे का सामना कर सकते है

गुरुदेव ........ठीक है पुत्र अब तुम जाओ आवर सभी को अपना समय दो वैसे भी कुछ समय तुम्हे सब से दूर जाना है उनका भी मन होगा

क्यों j.king .प्रेतराज हमने उचित कहा न हहहह

j.king .......बिलकुल उचित कहा गुरुदेव आपने बच्चो को भी अपना समय मिलना चाइये

प्रेतराज ......हम आपसे सहमत है j.king यही तो वो समय होता है जब बच्चे अपने माता पिता से ज्यादा अपने प्रेमी के साथ समय वयतीत कर्जा चाहते है

सूर्य .....गुरुदेव आज्ञा दे मैं चलता हूँ परनाम गुरुदेव .

गुरुदेव j.king प्रेतराज सूर्य की बात सुन कर हसने लगते है

गुरुदेव से ाजाज्ञा ले मानसी आवर सूर्य वह से निकल जाते है

सैम तक सूर्य सब बड़ो के साथ वक़्त बिताता है

रात के भोजन के बाद सूर्य जब अपने कक्ष में पहुँचता है तो वह पहले से हे सब मौजूद थी

सूर्य ......क्या बात है आज पारी लोक की सब खूबसूरत पड़िया मेरे कक्ष में कैसे

परिजात .......जब पूरा परीलोक आवर परीलोक की राजकुमारी हे आपकी है तो बाकि परीलोक की पड़िया भी आपकी हुई

किरण ......पारिजात ऐसा न कहो कही बागवान ने आपकी सुन ली तो क्या होगा

वैसे हे हमारे अलावा इनकी लिस्ट बहुत मंभी है हेहेहे

जिनिशा सूर्य का हाथ पकड़ कर बीएड पे ले जाती है

सूर्य .....अरे मुझे फ्रेश तो होने दो

जिनिशा .......ये लीजिये अभी आपको फ्रेश कर देती हूँ

सूर्य .......जीनु फिर से नहीं

जिनिशा .......अरे बाबा ये तो बहुत छोटा सा मैजिक है

सूर्य ......छोटी छोटी गलतिया एक दिन बड़ी बन जाती है आप सब बस 10 मिनट्स आवर वेट करो

सूर्य वह से उठ कर अपना टॉवल ले बाथरूम में फ्रेश होने चला जाता है

कुछ देर बाद सूर्य शार्ट में अपने कंडे पे टॉवल डेल बहार निकलता है

किरण सूर्य को हाफ नुदे देख अपने मुँह में ऊँगली रख सिटी मर देती है

किरण ........आवर कुछ डालने की जरुरत नहीं चुपचाप यहाँ लेट जाओ

सूर्य टॉवल रख स्वीटी के साथ जा बैठा

सूर्य ......तो आज रात आप सबका यही रुकने का इरादा है क्या

पारिजात .......है आज हम सब यही रुकने वाले है

सूर्य ......पैर आज तो जीनत

जीनत ......मुझे कोई एतराज नहीं है इन सबका हक़ मुझसे ज्यादा है आप पे आवर फिर मुझे जो चाइये था वो मिल भी तो रहा है

किरण .....मानसी हमें चलना चाइये आज की नाईट इनको साथ बॉटने दो फिर कुछ वक़्त तो हमारे हे साथ है सूर्य

किरण मानसी के साथ दूसरे कक्ष में चली जाती है

अब यहाँ सूर्य के साथ पारिजात जिनिशा कोमल अलीना पायल प्रीती राधा जीनत आवर रिद्धि बचे हुए थे

सूर्य ......देखो मैं माफी चाहता हु आप सबको ज्यादा वक़्त नहीं दे पाउँगा क्युकी मुझे कल के सफर के लिया पूरा आराम चाइये पता नहीं वह कैसे स्थिति हो

राधा ......आप चिंता न करे हम बस कुछ वक़्त बिता कर चले जायेंगे

कुछ देर बात करने के बाद सब ुशी कक्ष में लगे दूसरे बीएड पे जा कर आराम करने लगते है

प्रीति .....मैं आपके साथ हे सोने वाली हूँ जीनत ......आवर मैं भी

सूर्य .....थीम है जैसा तुम्हे ठीक लगे सूर्य कुछ देर उनके साथ मस्ती करता है फिर प्रीती आवर जीनत को एक प्यारा सा किश कर दोनों को बहो में भर कर सो जाता है

कुछ देर बाद रिद्धि अपने बीएड से उठ कर सूर्य के बीएड पे पहुँचती है आवर सूर्य के सर को अपने गॉड में रख प्यार से सहलाने लगती है

रिद्धि को लगा की सूर्य सो चूका है आवर ये सच भी था पैर जब रिद्धि ने सूर्य का सर अपनी गॉड में रखा ुशी वक़्त सूर्य जग गया था रिद्धि को लगा की सूर्य उसके जादू से गाह्रो नींद में चला गया है

रिद्धि ......मुझे माफ कारनामे आप पे जादू इस्तमाल करने के लिया मुझे बस आपके साथ कुछ वक़्त बिताना था

मैं भी आपसे बाकियो के जैसे हे प्रेम करती हूँ पैर आपके सामने स्वीकार नहीं कर सकती हु. पता नहीं कब मैं आपको अपने हृद्या का हल बता पाऊँगी

रिद्धि रात भर सूर्य के सर को ढकते हुए मन में न जाने क्या क्या सोचती रही जब सुबह सूर्य का उठने का समय हुआ तो रिद्धि अपने स्थान पे जा कर लेट जाती है

कुछ डेड बाद सूर्य उठा फ्रेश हो कर बाकि सभी को उठा देता है

सूर्य महल में बने उद्यम में जा कर अपने सभी इन्द्रियों को जागृत करता है

सूर्य ने जब अपनी आँखे खोटी तो उसके सामने किरण आवर मानसी के साथ साथ बाकि सब भी वही ध्यान में बैठी हुई थी

सूर्य ......क्या बात है आप सब यहाँ वो भी ध्यान में लीं

पारिजात ......गुरुदेव का आदेश है जब तक आप अपने सदर से लौट कर नहीं आते है हम सब रोज सूर्यौदय के साथ ध्यान करे

सूर्य ......मेरे लौटने के बाद भी ऐसे हे कर्मा इस से आप सबकी ऊर्जा नियंत्रण में रहेगी आवर आपकी इन्द्रियों को ऊर्जा प्राप्त होगी

कुछ देर बाद सूर्य बाकि सभी के साथ नास्ता करता है

सभी बड़ो को ले कर सूर्य महाकाल मंदिर जाता है जहा वह तीनो मिल कर पूजा करते है

गुरुदेव ......पुत्र सूर्य अब तुम्हारे प्रस्थान का समय हो चूका है

सूर्य .....जी गुरुदेव

सूर्य मानसी किरण सब से गले लग कर मिलते है सभी विजय होने का आशीर्वाद देते है

सूर्य ......गुरुदेव जब तक मैं लौट के नहीं आता कोई भी परतविलोक नहीं जायेगा ये जिम्मेदार आपकी है

गुरुदेव .....तुम चिंता न करो पुत्र तुम बस अपने लक्ष्य पे ध्यान केंद्रित करो

सूर्य .....जी गुरुदेव आज्ञा दे परनाम गुरुदेव

मानसी किरण .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ....विजयी भाव पुत्र सूर्य पुत्री किरण मानसी

जैसे हे सूर्य किरण आवर मानसी का हाथ थमता है किरण के सरीर से गोल्डन ऊर्जा सूर्य के सरीर से वाइट ऊर्जा आवर मानसी की सरीर से ब्लैक ऊर्जा निकल कर तीनो को घेर लेती है कुछ देर बाद जब ऊर्जा वह से हटी तो तीनो गायब हो चुके थे

एडवेंचर ऑफ ड्रैगन वर्ल्ड .........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ............

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स .................
 
अपडेट. 159

सूर्य ......गुरुदेव जब तक मैं लौट के नहीं आता कोई भी परतविलोक नहीं जायेगा ये जिम्मेदार आपकी है

गुरुदेव .....तुम चिंता न करो पुत्र तुम बस अपने लक्ष्य पे ध्यान केंद्रित करो

सूर्य .....जी गुरुदेव आज्ञा दे परनाम गुरुदेव

मानसी किरण .....परनाम गुरुदेव

गुरुदेव ....विजयी भाव पुत्र सूर्य पुत्री किरण मानसी

जैसे हे सूर्य किरण आवर मानसी का हाथ थमता है किरण के सरीर से गोल्डन ऊर्जा सूर्य के सरीर से वाइट ऊर्जा आवर मानसी की सरीर से ब्लैक ऊर्जा निकल कर तीनो को घेर लेती है कुछ देर बाद जब ऊर्जा वह से हटी तो तीनो गायब हो चुके थे

एडवेंचर ऑफ ड्रैगन वर्ल्ड .........

अब आगे .........

सूर्य किरण मानसी के चारो तरफ से जब ऊर्जा हटी तब तीनो खुद को किसी खूबसूरत जंगल में पते है

तभी तीनो के सरीर से ब्लैक वाइट एंड गोल्डन ऊर्जा पुंज निकलता है आवर वह से एक दिशा की तरफ गायब हो जाता है

मानसी ......ये हम कहा है आवर ये अभी अभी हमारे सरीर से जो ऊर्जा निकली वो कहा गई

सूर्य ......मानसी ये ड्रैगन प्लेनेट है जहा इस वक़्त हम है ये कोई जंगल है

रही बात हमारी ऊर्जा की तो वह जरूर वही गई है जहा हमारे इस सफर की मंजिल है

किरण ......मतलब की वो ऊर्जा उन तीनो ड्रैगन के पास गई है

सूर्य ......है इस ऊर्जा से उन्हें हमारे यहाँ ड्रैगन प्लेनेट पे होने का पता चल गया है

सूर्य........ स्वीटी मानसी सावधान रहना यहाँ कोई भी खतरा कभी भी कही से आ सकता है हम इस जगह से परिचित नहीं है

किरण मानसी .......हम सावधान रहेंगी

सूर्य दोनों को अपने साथ ले जंगल में आगे भढने लगता है

कुछ दूर चलने के बाद सूर्य को कही पानी गिरने की आवाज सुनाई देती है जैसे आस पास कोई झरना हो

सूर्य .....उस तरफ से पानी गिरने की आवाज आ रही है सायद वह से कोई रास्ता मिल जाये

किरण .......जहा पानी होता है वह जानवर भी होते है हमें यहाँ सावधानी आगे भढना चाइये

तीनो कुछ आवर आगे चले तो सामने का दृश्य बहुत हे खूबसूरत था


किरण ......वाओ क्या खूबसूरत नजारा है सूर्य मानसी इसे देख कर लगता है जैसे हम अभी भी परीलोक में हे है

सूर्य ........अंजनी जगह अक्सर खूबसूरती से ज्यादा खतरनाक कुछ नहीं होता स्वीटी

अभी सूर्य इनको समजा हे रहा था की तीनो के कानो में किसी के छिलने का सवार सुनाई दिया

सूर्य .....मानसी स्वीटी सावधान यहाँ खतरा है हमें छुपना होगा जल्दी से

सूर्य मानसी किरण को ले कर एक आवर घनी झाड़ियों में चुप जाता है

डेरी डेरी छिलने की आवाजे आवर नजदीक आने लगती है

सूर्य .....जब तक मैं न कहु तुम दोनों यहाँ से बहार नहीं निकलना

कुछ देर बाद कुछ इंसानो जैसे दिखने वाले लोग

एक लड़की को घसीट कर वह लेट है

दिखने में ये बिलकुल इंसान हे थे बस इनके माथे पे कुछ रतन ( डायमंड .स्टोन .) जैसा लगा हुआ था

लड़की का सरीर जगह जगह से जख्मी था साथ हे एक छोटा सा ड्रैगन जो की बहुत जख्मी था उसके कुछ सीकरी ड्रैगन अपने मुँह से पकड़ के एक दूसरे की तरफ उछाल रहे थे

जैसे वो इन ड्रैगन का खिलौना हो आवर ये लड़की इन इंसानो का


किरण .......भाई हमें इस लड़की की मदद करनी चाइये

सूर्य .....पहले अच्छे से देखने दो कही ये कोई चल हुई तो

क्या पता ये सब सच भी है की नहीं

मानसी .......मुझे नहीं लगता की ये सब कोई चल है उस लड़की को देखो वो कितनी जख्मी है आवर वो ड्रैगन भी सायद इस लड़की का है

सूर्य ......ठीक है पैर जब तक जरुरत न हो तुम दोनों यही रहोगी मैं देखता हु इनको

किरण .......भाई संभल कर

सूर्य अपनी सोर्ड ले दूसरी तरफ से गम कर बहार आता है ताकि उनके स्वीटी आवर मानसी की छुपे हुई जगह का पता न चले

सूर्य ......कोण हो तुम लोग आवर इस लड़की को क्यों परेशान कर रहे हो

सूर्य की आवाज सुन उन सबकी नजर सूर्य पे पड़ती है वही सीकरी ड्रैगन भी रुक जाते है

( यहाँ इन्हे सीकरी 1 .2 .3 लिखूंगा )

सीकरी 1 जो सायद इनका लीडर था वो आगे भाड़ कर सूर्य के सामने आ खड़ा होता है

सूर्य ........मैं नहीं जनता तुम लोग कोण हो क्या हो इस लड़की को छोड़ कर यहाँ से निकल जाओ तो तुम्हे जिन्दा छोड़ दूंगा

सीकरी 1 सूर्य की बात सुन कर अपने कमर में बंधी अपनी सोर्ड निकल कर सूर्य पे वॉर करता है

सूर्य अपनी सोर्ड से उसके वॉर को रोक कर उसके सीने पे अपने पेअर से जोरदार वॉर करता जिस से सीकरी 1 ुद्धता हुआ सीकरी ड्रैगन के झुंड के बिच जा गिरता है

सूर्य उन सीकरी ड्रैगन को घर कर देखता है

जिस से सीकरी ड्रैगन पीछे हटने लगते है

सूर्य ......ख़तम कर दो इसे ये तुम सबका भोजन है

सूर्य के कहते हे 5 सीकरी ड्रैगन सीकरी 1 को चिर फाड् कर रख देते है इस वक़्त सूर्य की आँखों का रेटिना गोल्डन आवर बाकि हिंसा वाइट था

ये नजारा देख बाकि सीकरी लड़की को छोड़ सूर्य पे एक साथ हमला करते है

ीदार किरण आवर मानसी झाड़ियों से निकल कर लड़की के पास जाती है जो काफी घायल थी

मानसी लड़की को संभालती है

किरण आगे भाड़ उस गायक ड्रैगन के सर को सहलाती है

देखते हे देखते ड्रैगन ठीक होने लगता है है वही लड़की को भी अपने अंदर कुछ नयी ऊर्जा का संचार होता हुआ मह्सुश होता है

सूर्य ......मैंने कहा था तुम सबको की लड़की को छोड़ दो पैर तुम नहीं मने

कुछ हे देर में सूर्य 4 सिकरियो को घायल कर उनके हे ड्रैगन के सामने दाल देता है

4 ड्रैगन उन सब को अपना भोजन बना लेते है जैसे हे चारो का सरीर नस्ट हुआ वैसे हे 4 ड्रैगन भी वही ख़तम हो जाते है आवर पत्थर में बदल जाते है

सूर्य .....स्वीटी मानसी मैंने कहा था न बहार नहीं निकलना जब तक जरुरी न हो

किरण .......हम ठीक है भाई हमें कुछ नहीं हुआ

सूर्य .....आप ठीक है न आपको ज्यादा चौथ तो नहीं आई न

सूर्य बात करते हुए लड़की के सामने चला आता है

सूर्य को अपने सामने देख लड़की थोड़ा दर जाती है

किरण .......आपको इनसे डरने की जरुरत नहीं है हमसे आपको कोई खतरा नहीं है

लड़की .......जी मैं ठीक हूँ आप कोण है

किरण ......ये जगह कोनसी है आवर आपके पीछे ये लोग क्यों पड़े थे

लड़की ......आप यहाँ के नहीं है क्या जो ीैसे बात कर रहे है आप हम जैसे भी नहीं है आवर आपके वस्त्र भी अलग है

सूर्य .......आपने बताया नहीं की ये लोग आपके पीछे क्यों पड़े थे ये आपको मरना क्यों चाहते थे

लड़की ......ये लोग मुझे बंदी बना कर ड्रैगन सुप्रीम मास्टर को सौंप कर इनाम लेना चाहते थे

किरण ......ये ड्रैगन सुप्रीम मास्टर कोण है आवर वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ा है

लड़की ......आप लोगो ने मेरी आवर मेरे ड्रैगन की जान बचाई है इस लिया आपको सब बताउंगी पैर ये जगह सुरक्षित नहीं है हमें यहाँ से चलना चाइये

सूर्य .......ठीक है चलो यहाँ से

सूर्य मानसी किरण तीनो सावधान से लड़की के पीछे पीछे चलने लगते है

काफी देर चलने के बाद वह चारो उस जंगल से बहार निकल पाए


सामने का दृश्य काफी खूबसूरत था चारो तरफ हरियाली हे हरियाली थी हरा भरा खुला मैदान

सूर्य ......ये तो काफी खूबसूरत जगह है

लड़की .......आपको देख कर लगता नहीं की आप लोग यहाँ के रहवासी है

मानसी ......हम किसी आवर लोक से है

( सूर्य ......मानसी जब तक पूरा यकीं न हो अपने बारी में कुछ भी सत्य मत बताओ

मानसी ......माफ कारनामे गलती हो गई आगे से ध्यान रखूँगी )

लड़की ......मुझे लगा हे था आप हम जैसे नहीं है

किरण ......आवर आपको ऐसा क्यों लगा की हम यहाँ के नहीं है आप जैसे नहीं है

लड़की .......क्युकी आप दिखने में हम जैसे हे है पैर हम जनम से हे खाश होते है इस दरोगों मणि की वजह से जो हमें जनम के साथ मिलती है

लड़की अपने माथे में लगी अपनी मणि अपना रतन दिखती है

लड़की .....यही हमारा घर है यही पे हम कुछ लोग चुप कर रहते है जिनको ड्रैगन सुप्रीम मास्टर से खतरा है


सूर्य ......यहाँ पे आप लोग कहा रहते है यहाँ तो कोई घर नजर हे नहीं आ रहा है

लड़की ......आप सब मेरे पीछे पीछे आइये

लड़की कुछ देर आवर चलने के बाद एक पहाड़ के पास रूकती है चारो तरफ अच्छे से देखने के बाद वह अपने रतन पे हाथ ीरति है जिस से एक रौशनी निकल कर पहाड़ की चयन पे पड़ती है जहा एक बड़ा सा गेट बन जाता है

लड़की .....यही हमारा घर है जहा हम चुप कर रहते है

चारो के अंदर जाते हे अपने आप गेट बंद हो जाता है

अंदर का नजारा तो बिलकुल हे अलग था जो बहार से एक पहाड़ नजर आ रहा था अंदर से वो बिलकुल अलग था

छोटे छोटे बचे अपने छोटे छोटे ड्रैगन के साथ खेल रहे थे तो कुछ उन्हें अभी से ट्रैंनिंग दे रहे थे


लड़की को देख कर काफी बच्चे उसे घेर लेते है है

लड़की ......जूलिया दीदी ये आपके साथ कोण है

लड़की .....मेरा नाम जूलिया है मैंने आपसे अपना प्राच्या तो पूछा हे नहीं

सूर्य .....जी मैं सूर्य शिव ठाकुर आवर ये दोनों मेरी होने वाली पत्नी है मानसी आवर स्वीटी

juliya......baccho अभी थीम सब खेलो आवर बाकि सबको सूचक दे दो की कुछ दिन बहार न निकले सीकरी जंगल तक पहुंच गए है

बचे .....ठीक है दीदी हम सब को कह देते है

जूलिया सूर्य किरण मानसी को अपने साथ ले गुफा में बने एक कक्ष में ले जाती है जो की यहाँ के हिसाब से कयफ अच्छा था

सूर्य .......आपको ये तो पता चल गया की हम आप जैसे नहीं है आवर न हे हम आपके इस ड्रैगन प्लेनेट से है क्या आप हमें यहाँ के बारे में जो कुछ जानती है वो सब हटाएगी ताकि जल्द से जल्द हम अपने लोक लौट सके

जूलिया .......मैं ये तो नहीं जानती आप कोण हो किस लोक से हो पैर आपने मेरी जान बचाई है है इस लिया आपको जो जानना है मैं आपको बताउंगी

सूर्य ......फिर आप हमें यहाँ के बारे में जो भी जानती है सब बताइये आवर ये ड्रैगन सुप्रीम मास्टर कोण है

जूलिया ..........जितना मैं जानती हूँ आपको सब भाटी हूँ

वैसे यहाँ के पूरी जानकारी आपको जादुई ड्रैगन बुक में भी मिल सकती है जो की ड्रैगन सिटी में है किन्तु उस तक पहुंच पमा इतना आसान नहीं है क्युकी वो बुक ड्रैगन सुप्रीम मास्टर ड्रेको के पास है

जिसमे हर उस घटना का विवरण आपको मिल जायेगा जो अब तक इस प्लेनेट पे घाट चुकी है

इस प्लेनेट का किंग है ड्रैगन सुप्रीम मास्टर ड्रेको

जिसका ड्रैगन सबसे पावरफुल है जितना पावरफुल राइडर होगा उतना हे पावरफुल उसका ड्रैगन होगा

आवर इस वक़्त ड्रेको इस प्लेनेट का सबसे पावरफुल राइडर है इस लिया वो इस प्लेनेट पे फुल करता है

उसके बाद आते है ड्रैगन मास्टर जो की ड्रेको में मुख्या वारियर होते है

आवर उनके निचे ारे है ड्रैगन राइडर्स .जो की सीकरी या पहरेदार कहलाते है

एक समय यहाँ के सबसे पावरफुल रूलर मेरे पिता थे पैर ड्रेको ने उनके मार कर खुद सुप्रीम ड्रैगन मास्टर बन गया

आप जो मेरा ये दरोगों मणि देख रहे है इस से हमें अपने ड्रैगन से जुड़ते है

जिनके गले में ये ड्रैगन मणि होता है वो सन्ति प्रिय ड्रैगन से जुड़ सकते है जो की शाकाहारी ड्रैगन होते है

जो किसी जिव को नुकसान नहीं पहुंचते है

सूर्य ......आपका मतलब है की ड्रैगन अलग अलग तरह के होते है

जूलिया ......है काफी तरह के ड्रैगन होते है शाकाहारी मसहरी जिंनसे आपका सामना हुआ था वो मसहरी ड्रैगन सीकरी थे जो ुध नहीं सकते वो जमीं पे सीकर करते है जीवो का

सूर्य ......आवर जो उड़ने वाले ड्रैगन होते है वो कहा रहते है आपका ड्रैगन भी तो ुध सकता है

जूलिया ....उड़ने वाले सभी ड्रैगन ड्रैगन सिटी के उस पार ज्वालामुखी में रहते है जब उनके मास्टर उन्हें सम्पर्क करते है तभी हे वो वह से निकलते है वर्ण ज्यादातर वो अपने गुफा में आराम करते है केवल सीकर के लिया हे बहार निकलते है

सूर्य ........हमें यहाँ किस किस ड्रैगन से या ड्रैगन राइडर्स से खतरा हो सकता है

जूलिया .....ड्रेको आवर उसके ड्रैगन मास्टर से आपको खतरा हो सकता ड्रैगन राइडर्स आपके सामने ज्यादा देर ठीक नहीं सकते पैर अगर आदिक संख्या में आये तो कुछ भी हो सकता है

सूर्य ......वाइट द्रगोंग ब्लैक ड्रैगन आवर गोल्डन ड्रैगन के बारे में क्या जानती है आप

सूर्य की बात सुन कर जूलिया सूर्य के साथ साथ मानसी किरण को भी गर्ने लगती है

जूलिया ......कोण है आप लोग आपके यहाँ आने की वजह क्या है

सूर्य .......पहले जो पूछा उसके बारे में पूरा सत्य बताये तब हम आपको यहाँ आने को वजह बताएंगे

जूलिया ......वाइट ड्रैगन आवर ब्लैक ड्रैगन के बारे में मैं नहीं जानती हूँ

किरण .....आवर गोल्डन ड्रैगन उसके बारे में क्या जानती हो

जूलिया .....ज्यादा कुछ नहीं पैर पिता जी से एक बार सुना था को गोल्डन ड्रैगन लाखो सालो में एक बार किसी को अपना राइडर्स चुनता है गोल्डन ड्रैगन इतना पावरफुल होता है की उसे हाई लेवल सुप्रीम मास्टर भी कण्ट्रोल नहीं कर सकता है

अभी चारो बात कर हे रहे थे की एक लड़की दौड़ते हुए जूलिया के पास आती है


लड़की ......दीदी आपके ड्रैगन को कुछ हो रहा है जल्दी चलिए

जूलिया .....क्या हुआ हुआ मैं तो भूल हे गई थे की वो गले हुआ था

जूलिया तेजी से बहार निकलती है सूर्य मानसी किरण भी उसके पीछे बहार निकलते है

चारो जब जूलिया के ड्रैगन के पास पहुंचे तो देखा की जूलिया का ड्रैगन पूरी तरह से नीला पद चूका था

जूलिया वही पास खड़े बुजुर्ग से

जूलिया ......बाबा ये इसे क्या हो रहा है

बुजुर्ग जूलिया की माथे की मणि को देखते है जो की इस वक़्त नीली रौशनी से चमक रहे थे ऐसा हे कुछ जूलिया की आँखों के साथ हो रहा था

बाबा ......उसे कुछ नहीं हुआ है तुम्हे तो खुश होना चाइये तुम्हारा ड्रैगन इवॉल्वे हो रहा है

अब तुम ड्रैगन मास्टर्स बन चुकी हो पहले से आदिक सक्तिसाली ड्रैगन मास्टर जूलिया

देखते हे देखते जूलिया का ड्रैगन दबाते हुए गुफा से बहार निकल कर आकाश में उड़न भर देता है


जूलिया ......बाबा पैर ये ऐसा कैसे हो गया ऐसा तो पहले कभी नहीं देखा हमने

बाबा .....पता नहीं बेटी पैर तुम्हारा ड्रैगन कुछ खाश है

सूर्य .......लिटेनिंग ड्रैगन

बाबा .....क्या कहा बीटा आपने

सूर्य ..........ये लिटेनिंग ड्रैगन है आम ड्रैगन से खाश जो आग से नहीं बल्कि विद्युत् ऊर्जा से अपना सीकर करता है

बाबा ......तुम ये कैसे जानते हो बीटा ये तो हजारो लाखो साल पहले ख़तम हो चुके है

सूर्य .......पता नहीं मुझे मुझे ये सब कैसे पता .......

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ................
 
अपडेट........ 160

जूलिया ......बाबा पैर ये ऐसा कैसे हो गया ऐसा तो पहले कभी नहीं देखा हमने

बाबा .....पता नहीं बेटी पैर तुम्हारा ड्रैगन कुछ खाश है

सूर्य .......लिटेनिंग ड्रैगन

बाबा .....क्या कहा बीटा आपने

सूर्य ..........ये लिटेनिंग ड्रैगन है आम ड्रैगन से खाश जो आग से नहीं बल्कि विद्युत् ऊर्जा से अपना सीकर करता है

बाबा ......तुम ये कैसे जानते हो बीटा ये तो हजारो लाखो साल पहले ख़तम हो चुके है

सूर्य .......पता नहीं मुझे मुझे ये सब कैसे पता .......

अब आगे .........

ड्रैगन प्लेनेट ...ड्रैगन सिटी .....

ड्रेको इस वक़्त पुरे गुस्से अपने महल में ीदार से उदार गम रहा था

कुछ लोग अपने गुथनो पे उसके सामने जुल्हे हुए थे

dreco.......kal तक अगर वो मुझे नहीं मिली तो तुम सब को डार्क ( ड्रेको ड्रैगन नाम ) के सामने फेंक दूंगा

आवर तुम सब अच्छे से जानते हो वो तुम सब के साथ क्या करेगा

अपने मास्टर की बात सुन आकाश में विचरण करता डार्क

अपना बड़ा सा मुँह खोल कर उनकी तरफ अग्नि वर्षा करता है






ड्रेको .......तुम लोग ड्रैगन मास्टर्स के नाम पे कलंक हो जो एक ड्रैगन राइडर को नहीं दंड प् रहे हे हो

जी है जो ड्रेको के सामने जूक हुए थे ये को आवर नहीं ड्रेको के लिया काम करने वाले ड्रैगन मास्टर्स थे

मास्टर 1......सुप्रीम मास्टर हमने अपनी पूरी कोशिश की पैर जो लिया कहा छुपी है हम उसका पता नहीं कर प् रहे है

मास्टर 1 की बात सुन ड्रेको को गुस्सा आ जाता है आवर वह उसे उठा कर अपने ड्रैगन के तरफ उछाल देता है

डार्क मास्टर 1 को हवा में हे पंजो में दबा कर वह से ुध जाता है

एक ड्रैगन उसका पीछा करता है पैर ड्रेको अपने कटीली तेल ( पूछ ) से उसे गायक कर गिरा देते है

सायद ये मास्टर 1का ड्रैगन था जो अपने मास्टर को डार्क से बचने की कोशिश कर रहा था

ड्रेको ......जल्द से जल्द जूलिया मेरे सामने होनी चाइये नहीं तो अगला तुम में से कोण डार्क का भोजन बनेगा मैं नहीं जनता अब निकलो यहाँ से

बाकि बचे मास्टर फ़ौरन अपनी मन बचा वह से भागते है

ड्रेको ......आखिर कहा छुपी हो जूलिया तुम

कब तक मुझसे बच कर रहोगी

ड्रेको वह से एक कक्ष की आवर चल देता है जो की बहार से एक अजीब तरह का लॉक लगा हुआ था

ड्रेको 3 बार उस दूर को नॉक करता है तो वह लॉक अपने आप खुल जाता है

ड्रेको ........कुछ पता चला ड्रैगन मैजिक बुक खुल क्यों नहीं रही है

ये सवाल ड्रेको ने एक बुजुर्ग से किया था जो की काफी कमजोर था जैसे उसे ठीक से खाना तक मासिब नहीं होता हो उसे जंजीरो में बंद कर रखा हुआ था जो केवल इस कक्ष में हे गम फिर सकता था

bujurg......magic बुक तुम्हारे शैतानी मंसूबो को जान चुकी है ड्रेको तुम इसका इस्तमेमाल अपने लिया करना चाहते हो पैर ड्रैगन बुक तुम्हारे हाथो का खिलौना नहीं बनेगी वो अपनी इच्छा से हे खुलेगी

ड्रेको ........तुम भूल रहे हो मैं यहाँ का सुप्रीम ड्रैगन मास्टर हूँ

बुजुर्ग ......आवर तुम भी ये मत भूलो की मैं कोण हूँ

तुमने मुझे देखे से बंदी बना कर इस कक्ष में कैद कर दिया

पैर एक दिन कोई ऐसा जरूर आएगा जो तुम्हे तुम्हारे कर्मो का दंड अवश्य देगा

ड्रेको ......ऐसा कभी नहीं होगा बूढ़े इस प्लेनेट पे इस वक़्त सबसे शक्तिशाली मैं हूँ

तभी ड्रैगन बुक से एक रौशनी निकल कर सामने की दिवार पे लगती है

जिसे देख बुजुर्ग आवर ड्रेको दोनों हे चौंक जाते है

सामने की दीवार पे 3 तस्वीरें बानी हुई थी पीठ की तरफ से तीनो पे ड्रैगन चित्र बने हुए थे ब्लैक .वाइट .एंड गोल्ड ड्रैगन टैटू

बुजुर्ग ......हाहाहाहा ड्रेको इस वक़्त जिनके सरीर पे ये 3 ड्रैगन चीन बने हुए है वही इस प्लेनेट पे सर्वसक्ति साली है तुम उनके सामने कुछ भी नहीं हो

ड्रेको ......नहीं ये नहीं होगा सकता है ड्रेको से भड़कर कोई शक्तिशाली नहीं होगा सकता है

बुजुर्ग ......तुम्हे एक बात पता है की ये तस्वीर किस तरफ इसरा कर रही है

तुम मूरख हो ड्रेको तुम्हे समाज नहीं आएगा इस लिया मैं हे तुम्हे बता देता हूँ

इन 3 तस्वीरों में 3 ड्रैगन
है वाइट ब्लैक एंड गोल्डन ड्रैगन वाइट एंड ब्लैक ड्रैगन के बारे मैं या कोई भी नहीं जनता है

ड्रेको ......तुम असत्य बोल रहे हो गोल्डन ड्रैगन एक मिथ्या है आवर कुछ नहीं हज़ारो सालो से किसी ने उसे नहीं देखा

बुजुर्ग .......किसी को देखा नहीं इसका मतलब ये भी नहीं है की वो अस्तिव्वा में हे नहीं है

गोल्डन ड्रैगन लौट आया है आवर साथ हे साथ उसके मास्टर गोल्डन ड्रैगन प्रिंस भी

अब उनसे बच सकते हो तो बच कर दिखाओ

तुम सबको देखा दे सकते हो पैर उनको नहीं आवर इस बार तो उनके साथ साथ ब्लैक ड्रैगन आवर वाइट ड्रैगन भी

ड्रेको .......डार्क ने ऐसे ब्लैक एंड वाइट बहुत से ड्रैगन का सीकर किया उनका भी वो सीकर करेगा

बुजुर्ग .......अपनी पूरी जान लगा देना ड्रेको उनके खिलाफ अगर बच सकते हो तो बचो उनसे

ड्रेको वह से निकल जाता है उसके जाते हे फिर से वह रूम लॉक जो जाता है

आवर ड्रैगन मैजिक बुक अपने आप खुल जाती है कुछ देर पहले जहा पूरी तरह अंदर चा गया था वही कक्ष अब पूरी तरह से रौशनी से जगमग hi उठा था

बुजुर्ग आगे भाड़ बुक में देखते है तो वह सूर्य किरण मानसी तीनो की तस्वीर बानी हुई थी वाइट ब्लैक एंड गोल्डन ड्रैगन की सवारी करते हुए

बुजुर्ग ........कोण है ये तीनो

बुजुगर के कहते हे अगला पेज पलटा जिसपे सूर्य किरण मानसी की के विषय में कुछ जानकारिया थी आवर साथ ब्लैक एंड वाइट ड्रैगन आवर गोल्डन ड्रैगन की भी

जैसे जैसे उस बुक में लिखी जानकारी बुजुर्ग पढ़ रहा था

वैसे वैसे उसके मुरझाये हुए चेहरे पे भी मुस्कान गहरी हो रही थी

बुजुर्ग .......ये तो अब तक इस प्लेनेट की सबसे बड़ी सकती है जिनका जनम एक साथ इस प्लेनेट पे हुआ है

जब लाखो साल पहले हे ब्लैक एंड वाइट ड्रैगन को किसी अन्य लोक में भेज दिया था तो फिर से उनका यहाँ इस लोक में आना कैसे हुआ

बुजुर्ग ......हे जादुई ड्रैगन बुक आप हे उनके लौटने की वजह बता सकती है

काफी प्रयाश के बाद भी बुक उस बुजर्ग को कुछ नहीं बताती है

तभी एक आवर ड्रैगन का चित्र बनने लगता साथ में किसी आवर का भी जिसे देख बुजुर्ग की आँखे नाम हो जाती है ......

जूलिया हाईड हाउस .......

बाबा .......बीटा आप तीनो कोण हो कहा से आये हो

सूर्य ......बाबा हम तीनो किसी आवर लोक से किसी जरुरी कार्य के लिया आये है यहाँ

बाबा ......बीटा इतना तो मैं भी समाज गया हु की कार्य अवश्य हे बहुत महत्वपूर्ण है तभी तो तुम लोग किसी आवर लोक से यहाँ पे आये हो

किरण .......बाबा आपको तो पता हे होगा गोल्डन ड्रैगन के बारे में

बाबा .......गोल्डन ड्रैगन बेटी तुम उसके बारे में कैसे जानती हो

उसके बारे में तो बहुत हे काम लोग जानते है बाकि सब तो यही समझते है की वो सब केवल लोगो द्वारा बनाई हुई कहानिया है

पैर ये सच है बेटी की गोल्डन ड्रैगन कभी अस्तित्वा में हुआ करता था

सूर्य ......क्या आप ऐसे किसी को जानते है जिसने गोल्डन ड्रैगन या फिर ब्लैक एंड वाइट ड्रैगन को देखा हो या उनके बारे में साक्ष्यों के साथ जानकारी हो

जूलिया .......ऐसा तो को नहीं मिलेगा यहाँ आपको क्युकी गोल्डन ड्रैगन हजारो लाखो साल पहले हे लुप्त हो चूका है

सूर्य ......नहीं ये सच नहीं है गोल्डन ड्रैगन कुछ समय पहले हे लौट आया है

हम लोग उसके लिया हे यहाँ आये है

बाबा ......ये संभव नहीं है बीटा गोल्डन ड्रैगन अगर लौट भी आया है तो तुम लोग उसके पास तक नहीं जा सकते हो केवल वही उस तक पहुंच सकता है जिसे गोल्डन ड्रैगन ने सवयं चुना हो अपने मास्टर के रूप में

किरण ......आपको ये तो पता होगा की वो कहा मिल सकता है हमें वह तक पंहुचा होगा

जूलिया ......बाबा सभी ड्रैगन तो ड्रैगन सिटी के दूसरी तरफ रहते है जवालामुखीयों में अगर गोल्डन ड्रैगन है जो वह भी वही रहता होगा न

बाबा .....है बेटी वो वही होगा पैर उस तक पहुंचे के लिया तुम्हे अंको जवालामुखी का सामना करना होगा आवर बहुत से खतरनाक ड्रैगन का भी

सूर्य ......आपका बहुत बहुत शुक्रिया बाबा हमें इतने जानकारी देने के लिया

बाबा ......तुम तीनो में से किसको चुचुना है गोल्डन ड्रैगन ने

किरण ........मुझे चुना है गोल्डन ड्रैगन ने आवर इनको ( सूर्य ) वाइट ड्रैगन ने आवर इनको ( मानसी ) ब्लैक ड्रैगन ने चुना है

बाबा ......बीटा जरा अपना ड्रैगन नीसाण तो दिखाना

सूर्य अपनी शर्ट उतर कर बाबा को अपना ड्रैगन टैटू दिखता है

बाबा .....बीटा ये तो वाइट ड्रैगन है पैर ये यहाँ के ड्रैगन से अलग है

सूर्य ......क्युकी ये आम ड्रैगन नहीं है पुरे वाइट एनर्जी अच्छे सचाई का प्रतीक है ये ड्रैगन

जूलिया .......बाबा मैं इनके सफर में उनका साथ देना चाहती हूँ इन्होने मेरी आवर मेरे ड्रैगन की जान बचाई है आवर फिर ये इस जगह से अनजान भी है

बाबा ........पैर बेटी इस से तुम ड्रेको की नजरो से बच नहीं पाओगी

जूलिया ......बाबा अब मैं ड्रैगन मास्टर हूँ आवर फिर ये तीनो भी खाश ड्रैगन होल्डर है जिनकी सकती के सामने ड्रेको भी नहीं टिक पायेगा

सूर्य ......देखिये अगर आपकी जान हमारे साथ जाने से खतरे में पड़ती है तो मैं नहीं चाहता की आप हमारे साथ चले

जूलिया ........मुझे आप अपने साथ चलने दीजिये मन मत कीजिये आपकी सहायता करके मुझे भी अच्छा लगेगा आवर क्या पता ड्रेको यहाँ भी तो पहुंच सकता है ड्रैगन मैजिक बुक की मदद से कोई न कोई रास्ता जरूर निकल लेगा वो

मानसी .....मेरे ख्याल से जूलिया ठीक बोल रही है

किरण .....ठीक है फिर हमें निकलना होगा जूलिया आप त्यार हो जाये

बाबा .....बचो अभी तो रात हो चुकी है कल सुबह अपना सफर सुरु करना

जूलिया ......चलो रात हो गई सब खाना कहते है फिर आराम भी कर लीजिये

सूर्य मानसी किरण जूलिया तीनो बाबा के साथ कक्ष से बहार निकल जाते है जहा आवर भी बहुत से बच्चे लड़किया महिलाये आवर कुछ बुजुर्ग सभी एक साथ बेथ कर भोजन कर रहे थे

बाबा सबको सूर्य मानसी किरण का परिचय देते है

तीनो एक हे ताल जो की पेड के बड़े बड़े पतों से बानी हुई थे

खाने में पता नहीं था था पैर था बहुत स्वादिस्ट ज्यादातर जंगल से प्राप्त चीज़ो से बना हुआ सात्विक भोजन था बस एक दो चीज़े जो किसी जानवर के मीट से बानी हुई थी

तीनो भोजन ककरने के बाद वही जूलिया के कक्ष में लौट आते है

जूलिया .....आप सब मेरे कक्ष में रुक जाइये मैं दूसरे कक्ष में रूकती हूँ

सूर्य .....जी जैसा आपको ठीक लगे

जूलिया वह निकल जाती है अब कक्ष में केवल मानसी सूर्य किरण हे बचे हुए थे

किरण ......यहाँ गर्मी कितनी है न

सूर्य .....हम गुफा के अंदर है स्वीटी गर्मी तो होगी है न चाहो तो उंडेर्गारमेंट में सो जाओ ताकि अच्छे से सो सबको

किरण ......वही मैं सोच रही हूँ

किरण अपना सूट उतर कर रख देती है सूर्य भी अपना पेण्ट शर्ट उतर कर एक पतले से शार्ट में लेट जाता है

किरण ......क्या हुआ मानसी आपको लेटना नहीं है क्या

मानसी .....वो मेरे कपडे

किरण ......अपने होने वाले पारी के साथ सो रही होगी किसी आवर के साथ नहीं इस लिया अपने उंडेर्गारमेंट में आ कर लेट जाओ वैसे भी हमारे पतिदेव को बस चूमने चाटने की हे परमिशन है ओपनिंग की नहीं इस लिया अभी डरने की जरुरत नहीं हेहेहे

किरण हस्ते हुए अपनी ब्लैक ब्रा पंतय में सूर्य पे जा कर लेट जाती है आवर प्यार से सूर्य के होंटो से अपने होंठ लगा देती है






ीदार मानसी सरमते हुए अपने कपडे उतरने लगती है

मानसी के सरम से दोनों गाल लाल हो रहे थे

मानसी डेरी डेरे चलते हुए बिस्तर के पास पहुँचती है तो किरण सूर्य से किस तोड़ कर मानसी का हाथ पकड़ कर सूर्य के ऊपर गिरा देती है






सूर्य एक बार मानसी की आँखों में देख कर अपने होंठ मानसी के कांपते हे हुए गुलाबी होंटो से जोड़ देता है

मानसी के लिया किस करना एक माया अनुभव था पहले पहल तो उसे कुछ भी समाज नहीं आ रहा था

मानसी को पता था की सूर्य आवर वो क्या कर रहे है पैर प्रैक्टिस आज पहली बार हो रही थी

किरण दोनों को किश करते हुए देख कर मुस्कुरा रही थी

जैसे जैसे सूर्य के हाथ मानसी की नंगी कमर आवर मुलायम खुल्हो पे गम रहे थे वैसे वैसे मानसी वाइल्ड होती जा रही थी

मानसी को किश करते हुए सूर्य को काफी अच्छा लग रहा था

मानसी अपने अनाड़ीपन में सूर्य के होंटो से निकले लहू तक को चूस रही थी

सूर्य ने भी मानसी को अपनी इच्छा ाणानुसार किश करने दिया उसे रोका नहीं कुछ देर बाद किरण ने हे मानसी को अलग किया ांसि आवर सूर्य की सांसे ऐसे चल रही थी जैसे दोनों मिलो दौड़ कर आये हो

किरण .....क्या बात है मानसी डार्लिंग आप तो पूरी जंगली निकली देखो सूर्य के होंटो को

मानसी जब सूर्य के होंठ देखती है तो पहले तो उसके कुछ समाज नहीं आता फिर उसे 2,3 जगह हल्का हल्का लाल नीसाण सा बनता नजर आया जो की सूर्य का खून था

जैसे हे मानसी को पता चला की ये क्या है उसकी आँखे दबदबा गई

सूर्य .....िस्स्सस्स्स्शह्ह्ह्ह रोना नहीं मेरी जंगली बिली मुझे कुछ नहीं हुआ है ये तो तुम्हारे प्यार की निसानी है है

सिरया किरण को इसरा करता है की इसे संत करो

मानसी .....मुझे माफ कर दीजिये मुझे पता हे नहीं चला मुझसे गलती हो गई

किरण ......कोई नहीं डेरी डेरी प्रैक्टिस करोगी तो शिख जाओगे वैसे तुमने पहली बार में काफी लम्बा किश किया मेरी जान


ुम्मम्हा किरण मानसी के होंटो पे छोटा सा किश करती है

मानसी चौंक कर किरण को देखती है

किरण .....चोकने की जरुरत नहीं है मेरी मनु डार्लिंग ये संजो मैंने नहीं इन्होने हे किश किया है मैं आवर ये अलग नहीं है ुशी तरह तुम भी हमारा हिंसा हो

सूर्यक किरण आवर मानसी को अपने सीने पे दोनों तरफ सुला लेता है

सूर्य ......वैसे एक बात है स्वीटी अपनी मनु डार्लिंग है बहुत हॉट

किरण ......आपके इरादे तो नेक है न भूल मत जाना हम आपकी होने वाली बिबिया है हुई नहीं है कही रात में घुड़सवारी सुरु मत कर देना

सूर्य ........जनता हु स्वीटी आवर मैं खुद को कण्ट्रोल भी कर सकता हूँ सामजी

किरण ......फिर मेर्री जी वाले टाइम क्यों कण्ट्रोल नहीं किया खुद को वैसे मुझे यकीं नहीं होगा रहा है की एक बार में उन्होंने आपके घोड़े को झेला कैसे

सूर्य ......क्या स्वीटी तुम भी न चलो चुप चाप लेट जाओ

किरण ......बताते हो की नहीं आप

किरण अपना हाथ सूर्य के शार्ट में दाल कर सूर्य के लिंग को पकड़ लेती है

सूर्य के इस वक़्त दोनों हाथ एक मानसी के गर्दन के निचे था वही दूसरा स्वीटी की गर्दन के निचे था

सूर्य ......स्वीटी प्लीज अपना हाथ वह से निकालो

किरण .....अब तो मुझे उसे अच्छे से देखना है

कहते हुए किरण सूर्य के शार्ट OK थोड़ा निचे खिशा कर सूर्य का लैंड खुली हवा में आज़ाद कर देती है

मानसी की जैसे नजर सूर्य के टेक हतियार पे पड़ी उनसे जल्दी से आँखे बंद कर ली जिसे देख किरण के होंटो पे मुस्कान गहरी हो जाती है

किरण .....मनु डार्लिंग आँखे बंद करने से ये छोटा नहीं हो जायेगा आँखे खोलो अपनी

मानसी .....नहीं दीदी आप हे देखो मुझे नींद आ रही है

किरण .......दीदी की बची अभी बताती हु तुम्हे

किरण मानसी का हाथ पकड़ सूर्य के अकड़े हुए लैंड पे रख देती है

मानसी के पुरे सरीर में कपकपी से चुत गई

मानसी को अपने हाथ ऐसा मह्सुश हो रहा था जैसे किसी ने गरम रोड पकड़ा दी हो

किरण मानसी के हाथ को अपने हाथ में पकडे हुए मानसी के हाथ को ऊपर निचे करने लगती है

जिस से सूर्य भी गरम होने लगता है आवर उसके दोनों हाथ अपने आप हे दोनों की पीठ कमर कूल्हों पे चलने लगते है

सूर्य कभी स्वीटी को किश कार्य तो कभी मानसी को 15 ,20 मिनट्स चले इस मस्ती से सूर्य अपने चरम पे आ पंहुचा आवर एक के बाद एक पिचकारी सूर्य के पेट पे गर्ने लगती है

किरण उठ कर एक कपडे से सूर्य के सरीर को साफ करती है आवर अपना आवर मानसी के हाथ को भी

सूर्य ......ये क्या था स्वीटी

किरण .......जानती हूँ मैं आपको आप कहो न पैर आपको इसकी जरुरत थी

सूर्य .....पैर जरुरी तो नहीं की यही सब किया जाये मैं खुद को कण्ट्रोल कर सकता हूँ

अब तुम दोनों का क्या

किरण ......हमें कुछ नहीं हुआ है यकीं न होने तो छू कर देख लीजिये

सूर्य ......नहीं उसकी जरुरत नहीं है

किरण तो किरण थी सूर्य का हाथ अपनी गर्दन से निकल कर सूर्य का हाथ सीधा मानसी की पंतय में गुस्सा देती है जब तक सूर्य मानसी स्वीटी को रोकते तब तक सूर्य का हाथ मानसी की घुंगराले बल्लो के जंगल में गेस चूका था

किरण ......अब अगर जंगल की शेर कर ली तो तो बहार भी निकल आओ नहीं तो फिर क्या होने वाला है समाज जाओ

सूर्य अपना हाथ बहार निकल लेता है

सूर्य ......सॉरी मानसी वो...

मानसी ......आपको सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है

किरण ......फिर तो भाई फिर से डालने की परमिशन है हेहेहे

तीनो काफी देर तक मज़ाक करते है फेर तीनो एक दूसरे को किश कर गुड नाईट बोल कर सो कटे है

इस बार खुद मानसी ने किरण के होंटो पे गुड नाईट किश किया

किरण .....डेरी डेरी शिख रही होगी don't वोर्री यहाँ से जायेंगे तब तक पूरा ज्ञान दे दूंगी मनु डार्लिंग ..........

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...................
 
सूर्य फ्रेंड वो अपडेट लिखते हुए बिच में हे गलती से पोस्ट हो गया था
 
अपडेट. 161

किरण ......अब अगर जंगल की शेर कर ली तो तो बहार भी निकल आओ नहीं तो फिर क्या होने वाला है समाज जाओ

सूर्य अपना हाथ बहार निकल लेता है

सूर्य ......सॉरी मानसी वो...

मानसी ......आपको सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है

किरण ......फिर तो भाई फिर से डालने की परमिशन है हेहेहे

तीनो काफी देर तक मज़ाक करते है फेर तीनो एक दूसरे को किश कर गुड नाईट बोल कर सो कटे है

इस बार खुद मानसी ने किरण के होंटो पे गुड नाईट किश किया

किरण .....डेरी डेरी शिख रही होगी don't वोर्री यहाँ से जायेंगे तब तक पूरा ज्ञान दे दूंगी मनु डार्लिंग ..........

अब आगे ............

असुरलोक ......कंटकासुर नगीना विसुद्धि तीनो असुरलोक पहुंच चुके थे

बेसक तीनो को हे वह आने का मन नहीं था फिर भी तीनो असुरराज नरकासुर के आदेश पे तीनो असुरलोक पहुंच चुके थे

असुरलोक में परवेश करते हे नगीना विसुद्धि वह कंटकासुर अपने वास्तविक रूप में लौट आये थे

कनकसुर पे तो कोई खाश प्रभाव नजर नहीं आ रहा था पैर विसुद्धि आवर नगीना दोनों के आगे आवर पीछे कनकसुर द्वारा की गई दिन रात म्हणत नजर आरही थी

दोनों की स्तन ( चूचिया ) आवर नितम्ब ( गांड ) काफी मसल भरी पूरी ोुरत ( विवाहित स्त्री) के जैसे हो चुके
थे जो द्वारिका जैसे स्त्री से चिप नहीं सकते थे

कंटकासुर विसुद्धि नगीना तीनो महल पहुंचे हे अपने पिता असुरराज नरकासुर के कक्ष में पहुंचते है जहा नरकासुर द्वारिका आवर आवर नीलसूर अपनी पत्नी के साथ मौजूद था

कनकसुर ......परनाम पिता श्री

नरकासुर .......आ गए पुत्र कनकसुर अपने पिता से भेट करने

नगीना विसुद्धि .......परनाम पिता श्री हमें आपके विषय में किसी ने सूचित हे नहीं किया अनयथा हम आपके सामने आने में इतना विलम्भ कही नहीं करते पिता श्री

narkasur.......hame ज्ञात है हमारी पुत्रिया हमसे जितना प्रेम करती है आओ आकर हमारे सीने से लग जाओ पुत्री

( don't मंद ये एक पिता पुत्री का प्रेम है गलत न समझना )

विसुद्धि नगीना अपने पिता नरकासुर स बहुत हे सनेह आवर प्रेम से मिलती है दोनों की आँखे नाम थे भेल हे वो यहाँ नहीं आना चाहती थी पैर पिता पुत्री के पर्म ने नरकासुर जैसे असुर की भी आँखे नाम कर दी थी

narkadur.......hamari दोनों राजकुमारियों तो विवाह योग्य हो चुकी है

सिगरा हे इनके विवाह के लिया किसी महाबली असुर योद्धा की तलाश करनी होगी हमें

नगीना .......पिता श्री हमें इतनी सिगरा विवाह नहीं करना है क्या हम आपको यहाँ महल में ाचे नहीं लगते

नरकासुर ......आपको विवाह के बाद भी यही रहना है पुत्री हम आप दोनों को विदा थोड़ी करेंगे यहाँ से

विसुद्धि ......जो भी हो पिता श्री अभी हम विवाह करने के लिया त्यार नहीं है

नगीना ......पिता श्री जब हमारी इच्छा होगी विवाह करनी के तब हम सवयं सर्वपार्ट्म आपसे हे कहेंगे

नरकासुर .......उचित है पुत्री जब आपकी ीचा होगी तभी आपका विवाह करेंगे हम अब तो आप परशान है न पुत्री

नगीना विसुद्धि ......जी पिता शरद बहुत परेशान है हम

नरकासुर .....क्या बात है असुर महारानी द्वारिका अभी तक मून है आवर न हमारी प्यारी राजकुमारियों से अभी तक कुछ कहा

द्वारिका .....वो स्वामी आपकी दोनों पुत्री हमसे आदिक आपसे प्रेम करती है पिता के सामने इन दोनों को अपनी माता का प्रेम कहा नजर आता है

वैसे भी दोनों परतविलोक पे जा कर कुछ ज्यादा हे खुश है ऐसा कोनसा दिव्या खजाना मिल गया वह तुम दोनों को

नगीना विसुद्धि ......ऐसा कभी hi सकता है क्या माता श्री वो तो हम इतने लम्बे समय बाद पिता श्री से मिले तो ऐसे में आपको कुछ समय के लिया भुला दिया था

(नगीना ......अब आपको क्या बताये माता श्री वह परतवि लोक पे हम दोनों को कोनसा खजाना मिला है

विसुद्धि ........माता श्री बार बार हमारे वक्षो ( बूब्स ) को क्यों घोर से देख रही है हमें यहाँ से निकना चाइये )

विसुद्धि ......पिता श्री हमें क्षमा करे क्या हम विश्राम के लिया अपने कक्ष में जा सकती है

नरकासुर .....है क्यों नहीं पुत्री हमारा भी भोजन का समय हो गया है

नगीना विसुद्धि वह से अपने कक्ष की आवर निकल जाती है

( द्वारिका .......पुत्री विसुद्धि आवर नगीना के स्तन आवर नीता
मब किसी विवाहित स्त्री के जैसे कैसे होगा गए इतने हे समय में मुझे सत्य पता करना होगा )

द्वारिका ......पुत्र कंटकासुर तुम भी विश्राम करो पुत्री वातापी से भेट कर लो

कंटकासुर .....जी माता श्री आज्ञा दे पिता श्री

नरकासुर .........जाओ पुत्र नीलसूर तुम भी जाओ

कनकसुर नीलसूर दोनों कक्ष से बात करते हुए निकल जाते है

नरकासुर ......क्या बात है द्वारिका अच्चानक से आप इतनी चिंतित क्यों होते गई

द्वारिका ......स्वामी आपने नहीं देखा क्या हमारी दोनों पुत्रिया भरपूर जवान हो चुकी है दोनों के नितम आवर स्तन ( बूब्स आवर गांड ) कितने ....चाताक .....

नरकासुर ......मूरख द्वारिका तुम्हारी मति भ्रिसट हो चुकी है जो एक पिता को अपनी पुत्रियों के स्तन आवर नितम्ब देखने को कह रही हो असुरगुरु ने सत्य हे कहा था तुम मूरख हो तुम्हारी मति भ्रिसट हो चुकी है

द्वारिका तो जमीं पे जिन्दा लाश के जैसे अपने गाल पे पड़े जनतेदार चेंज पे हाथ रखने भीगी आँखों से बस नरकासुर के क्रोध से भरे चेहरे को देख रही थी

नरकासुर के थापड़ का इतना दर्द नहीं हुआ द्वारिका को क्युकी उसने गलती की थी उसका उसे अहसास भी हो गया था पैर तब तक तीर कमान से चुत चूका था

( दरशल द्वारिका जो अपने मन में सोच रही थे अनजाने में हे वह मुँह से बोल गई

)

द्वारिका की आँखों के सामने एक बार फिर से असुरगुरु द्वारा.... मुर्ख द्वारिका .....बार बार उसके कानो में किसी पिग्ले हुए लोहे के सामान लग रहा था

द्वारिका .....हमें क्षमा कर दीजिये स्वामी भूलवश हमसे ये अपराध हो गया

नरकासुर .......हमें एकांत चाइये निकालिये यहाँ से

द्वारिका .....स्वामी ......

नरकासुर ........हमने एकांत कहा तुम्हे समाज नहीं आता क्या

नरकादुर द्वारिका को गुस्से से देखते हुए कक्ष से बहार निकल जाता है

द्वारिका पीछे से माफी मांगती रही पर नरकासुर कक्ष से निकल चूका था

वही असुरलोक में असुर महल से दूर पहाड़ियों में स्थित जवालामुखी के बिच बैठा अग्निमुखासुर की चारो तरफ जगह जगह छोटे छोटे विश्पोट हो रहे थे

डेरी डेरी वह का लावा ठंडा पड़ने लगता है आवर साडी अग्नि ध्यान में बैठे अग्निमुखासुर में सामने लगती है

जैसे जैसे अग्नि अग्निमुखासुर में समाहित होती है उसका सरीर पहले तो बहुत विशाल लावा दानव में बदल जाता है

पर कुछ देर बाद जैसे जैसे लावा अग्नि संत होती है वैसे हे अग्निमुखासुर का रूप सामान्य रूप में आने लगता है

अग्निमुखासुर .........मैं अपने साधना में सफल हुआ हाहाहाहा

अब अपनी इच्छा से किसी भी स्थान को लावा में बदल सकता हूँ अपनी इच्छा अनुसार उसका प्रयोग कर सकता हूँ






अग्निमुखासुर संत हो चुकी जवाला मुखी से बहार निकलता है

अग्निमुखासुर के पेअर जहा भी पद रहे थे वो स्थान. लावे में बदल जाता

अग्निमुखासुर वह से असुर महल की तरफ बहुत तेजी से भाड़ रहा था

नरकासुर ......मेरा पुत्र अग्निमुखासुर आ रहा है उसके भव्य स्वागत की तयारी करो ...........

परीलोक........

सूर्य के जाने के बाद से सभी लड़किया कुछ उदाश हो गई थी

सभी को इनकी ुदशी की वजह भी पता थी

रानी पारी .......क्या बात है आप सबका मुख मलिन (मुरझाया ) क्यों है

शालिनी जी ......लगता है किसी को भी सूर्य का जाना पसंद नहीं आया

अगर तुम सब ऐसे उदाश रहोगी तो उसे भी वह अच्छा नहीं लगेगा क्या तुम सब यही चाहती हो की वो वह जिस कार्य के लिया गया वो बिच में हे अधूरा छोड़ कर लौट आये

कोमल ......मम्मी हम ऐसैसा क्यों चाहेंगे

शालिनी जी .......तो फिर अपनी सकल पे 12 क्यों बजा रखे है

रानी पारी ......पुत्री पारिजात अपनी बहनो को गुप्त कक्ष में ले जाओ सायद इन्हे कुछ अच्छा लगे

पारिजात .......क्या आप सत्य कह रही है रानी माँ

रानी पारी ......है पैर ज्ञात रहे उसका प्रयोग तुम ज्यादा समय नहीं कर सकती हो नियम ज्ञात है न तुम्हे पुत्री

पारिजात .....जी रानी माँ

पारिजात अलीना कोमल सपना राधा पायल प्रीती जीनत रिद्धि मेर्री जी को ले कर उस गुप्त कक्ष की आवर निकल जाती है

शालिनी जी .....ऐसा क्या है वह जिस से इन सबको अच्छा लगेगा

रानी पारी ......परीलोक का जादुई दर्पण ( मिरर ) है उस कक्ष में उस जादुई दर्पण से वो सब पुत्र सूर्य किरण आवर पुत्री मानसी को देख सकते है भले हे कुछ देर हे सही

शालिनी जी .......क्या हम भी देख सकते है उसे

रानी pari.......ha क्यों नहीं चलिए

रानी पारी शालिनी जी को ले ुशी गुप्त कक्ष में पहुँचती है जहा

सभी लड़किया सूर्य मानसी किरण को देख रहे थे यहाँ इस वक़्त जूलिया आवर उसके ड्रैगन को सिकरियो से बचाये जाने वाला सकें चल रहा था ( देख सकती है बूत सुन नहीं सकती ) कुछ देर बाद सब वह से निकलते है करीबन साढ़े घंटे सभी वह का दृश्य की मूवी के जैसे देखते है

रानी पारी ......अब तो सब परशान हो न अब हमें आप सबके चेहरे पे ुदशी नजर नहीं आणि चाइये परीलोक इतना खूबसूरत है जा कर सब मस्ती करो गमो फिरो

शालिनी जी .....चलो तुम सबके साथ मैं भी चलती हूँ पारिजात बेटी क्या हमें अपना परीलोक नहीं गुमाओगी

पारिजात ......जी माँ चलिए हम सब चलते है

वही गुरुदेव महाकाल मंदिर में ध्यान में लीं सूर्य किरण मानसी को देख रहे थे

गुरुदेव ........अभी तक के सफर में तो पुत्र किसी तरह का खतरा सामने नहीं आया है परन्तु ये सफारी इतना भी आसान नहीं होगा

अपनी बूढी आवर विवेक का प्रयोग कर हर खतरे से बीच कर अपने मंजिल तक पहुंच सकते हो .............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स..............
 
अपडेट. 162

शालिनी जी .....चलो तुम सबके साथ मैं भी चलती हूँ पारिजात बेटी क्या हमें अपना परीलोक नहीं गुमाओगी

पारिजात ......जी माँ चलिए हम सब चलते है

वही गुरुदेव महाकाल मंदिर में ध्यान में लीं सूर्य किरण मानसी को देख रहे थे

गुरुदेव ........अभी तक के सफर में तो पुत्र किसी तरह का खतरा सामने नहीं आया है परन्तु ये सफारी इतना भी आसान नहीं होगा

अपनी बूढी आवर विवेक का प्रयोग कर हर खतरे से बीच कर अपने मंजिल तक पहुंच सकते हो .............

अब आगे ........

ड्रैगन लोक ......सुबह सबसे पहले सूर्य की आँखे अपने समय से खुलती है है

मानसी वह स्वीटी दोनों सूर्य के आगे पीछे से चिपके हुए सो रही थी

सूर्य .....देखो तो कैसे सोये हुए है जैसे कोई बन्दर के बचे अपनी माँ से चिपक कर सोते है

सूर्य सीधा जो कर मानसी आवर स्वीटी के माथे पे किश कर उन्हें आवाज देता है

सूर्य ......स्वीटी मानसी उठो सुबह हो गई चल कर फ्रेश हो जाओ

किरण .....जान सोने दो न अच्छी नींद आ रही है

सूर्य ....स्वीटी उठो तुम भूल गई हो क्या हम घर पे नहीं ड्रैगन लोक में है

किरण ......क्या भाई आप भी मुझे पता है हम कहा है ुम्मम्हा गुड मॉर्निंग भाई

सूर्य .....गुड मॉर्निंग स्वीटी ुम्मम्हा गुड मॉर्निंग मनु ुम्मम्हा

मानसी ......गुड मॉर्निंग सूर्य गुड मॉर्निंग स्वीटी

मानसी बिस्तर से उठ कर कपडे बदलने लगती है वही स्वीटी सुबह सुबह हे सूर्य के होंटो से राश निचोनिचोर्ने लगती है

किरण .....अब जा कर मॉर्निंग अच्छे गुड हुई है मनु डार्लिंग तुम भी तरय करो तब तक मैं जूलिया से मिल कर आती हूँ

किरण वह से निकल कर जूलिया के कक्ष में चलो जाती है जहा जूलिया आवर एक लड़की सोये हुए थी

किरण .....जूलिया उठो

जूलिया ......क्या हुआ आप इतनी सुबह यहाँ

किरण .....आप भूल गई क्या आप हमारे साथ चलने वाली है तो त्यार होने जाये हमें भी फ्रेश होने की जगह बता दीजिये

जूलिया किरण को वही गुफा से बहार दूसरी तरफ ले कर जाती है जहा एक खूबसूरत जर्ना था

जूलिया यहाँ आप सनान आदि कर सकती है आवर उस तरफ बाकि के कार्य कर सकती है

किरण जूलिया के साथ जगह देख कर वापिस लौट आती है

कक्ष में जब किरण पहुँचती है तो मानसी को देवर से लगाए सूर्य उसे किश कर रहा था

किरण ....हम्म्म्म अगर मुँह मीठा हो गया होगा तो चले बहाने के लिया

सूर्य .....है चलो स्वीटी

सूर्य किरण को उठा कर अपनी पीठ पे लटका लेता है जैसे किसी छोटे बचे को पीठ पे लड़ते है वैसे हे

किरण सूर्य को जूलिया द्वारा बताये स्थान पे ले आती है जहा बाकि कार्य कर सूर्य किरण मानसी झरने के निचे पानी में उतर जाती है

तीनो मस्ती करते हुए एक दूसरे पे पानी डालने लगते है

तभी किरण पानी के अंदर चली जाती है आवर मानसी के पीछे निकल कर डेरे से मानसी की पंतय निकल देती है

मानसी ......स्वीटी प्लेसेस ऐसा न कर मेरी उंडेर्गारमेंट मुझे लौटा दो

सूर्य ......क्या हुआ मानसी

मानसी .....देखो न स्वीटी ने मेरी पानी के अंदर से कपडे निकल लिया

तभी स्वीटी बहार निकलती है जो की पूरी तरह से नुदे थी






किरण ......क्या हुआ मनु डार्लिंग ीदार देख मैं भी तो बिना कपड़ो के हूँ आवर वैसे भी इनसे क्या छुपाना





बोलते हुए स्वीटी अपने दोनों बूब्स को सूर्य आवर मानसी के सामने सहला देती है

सूर्य .....स्वीटी ये क्या है

किरण .....आप चुप रहो आवर ीदार आओ मेरे पास

सूर्य जब किरण के पास पंहुचा तो किरण सूर्य का हाथ पकड़ कर झरने के पीछे पानी की चादर के उस तरफ खींच लेती है

सूर्य .....स्वीटी तुम तो ऐसे नहीं थी .....

किरण .....आप कुछ नहीं समझेंगे

सूर्य ......क्या मतलब कुछ नहीं समझूंगा

किरण ......ये सब मानसी के लिया है उसे बहरी दुनिया का कोई ज्ञान नहीं अगर आप यहाँ पे उसके करीब नहीं हुए तो वो कभी आगे नहीं भाड़ पायेगी

सूर्य ......पैर ये सब यहाँ करना जरुरी थोड़े ये तो परीलोक में भी हो सकता है न

किरण ......परीलोक में आपको इतना टाइम मिलता है क्या जो आप हर एक को इतना सब सीखा पाओ

सूर्य .....हम्म्म थी है पैर ज्यादा ओपन भी मत हो जाना

किरण अब जो कहती हु वही कीजिये अपना शार्ट निकल कर मेरे सीनो को सहला कर मानसी को दिखाओ

सूर्य किरण की बात मन अपना शोर उतर कर पूरा नंगा हो जाता है

आवर प्यार से किरण की बूब्स पे हाथ रख देता है






किरण .....हाथ रखने से कुछ नहीं होगा इन्हे सहलाओ

सूर्य वैसे करता है सामने मानसी पानी की चादर के उस प्यार कड़ी दोनों को देख रही थी

किरण ......अब बहार चलो आवर मानसी को किश करते हुए उसे गरम कीजिये

आवर अगर जरुरत पड़े तो उसे रिलेक्स भी कर दीजिये

सूर्य किरण को वैसे पकडे हुए बहार ले आता है कुछ देर सूर्य किरण की बूब्स को सहलाता है आवर आवर उसकी पीठ आवर गर्दन पे किश करता है

सामने कड़ी मानसी ये सब देख कुढ़ को गरम होने से रोक नहीं प् रही थी डेरी मानसी अपने सरीर पे बची एक मात्रा ब्रा भी निकल कर फेंक देती है आवर अपने बूब्स सहलाने लगती है






किरण मानसी को पानी से निकल कर अपनी आवर आते हुए देखती है

मानसी की नजरे जुख़ी हुई थी जैसे उसे बहुत सरम आ रही थी

किरण .....वो देखा आपकी मनु डार्लिंग अपने साथ जंगल लिए गम रही है

सूर्य जब सामने देखता है तो वाकई मानसी की योनि स्थल पूरा जंगल बना हुआ था बड़े बड़े घुंगराले बालो से तप तप कर पानी की बुँदे टपक कर झरने के पानी में खुद को विलीन कर रहे थी

किरण .....मैं चलती हूँ आप एन्जॉय करो पैर ज्यादा देर नहीं मैं बाकि तयारी करती हूँ

सूर्य ....तुम भी रुको न स्वीटी

किरण .....मैं नाईट में एन्जॉय करूंगी आपके साथ ुम्मम्हा लव यू भाई

सूर्य .....लव यू तू स्वीटी ुम्म्हा

किरण वह से निकल जाती है अपने कपडे बदल कर वही सूर्य आगे भध मानसी को अपने बहो में भर उसके होंटो पे टूट पढता है मानसी भी सूर्य का पूरा सहयोग कर रही थी किश करते हुए

कुछ देर बाद सूर्य अपना मुँह निचे कर मानसी की सॉफ्ट पिंकिश चूचक को मुँह में भर कर चूसने लगता है

मानसी .....उम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह ये आप क्या कर रहे है स्वामी उम्म्म्म

सूर्य मानसी की बूब्स को चूसते हुए अपना हाथ मानसी की योनि पे रख देता है

मानसी सूर्य के हाथ को अपनी योनि पे मह्सुश कर अंदर तक सिहिर उठती है

मानसी .....उम्म्म्म. अह्हह्ह्बब हमें ऐसा सुखद अहसास आज से पहले क्यों नहीं मिला उम्म्म्म

सूर्य .....क्या आपने आज से पहले किसी से प्रेम किया था जो इस अहसास से रूबरू हो पति

सूर्य दोनों बूब्स को लगातार चूस चूस कर लाल कर देता है

मानसी को वही एक पत्थर पे लेता कर सूर्य मानसी के पर छोड़ा कर मानसी की योनि पे हाथ फिरता है जिस से उसकी योनि से पूरा जंगल गायब हो जाता है

सूर्य अपना गरम होंठ मानसी की योनिकुंड पे रख कर डेरी डेरी ऊपर से निचे तक चाटने लगता है

मानसी इस क्रिया से पूरी तरह तड़फ उठी

मानसी .....ये आप क्या कर रहे है स्वामी वो असुद्ध जगह है अपना मुख वह से हटाइये

सूर्य .....इसी से तो इस सृस्टि में प्रजनन की किर्या निरंतर चलती रहती है फिर ये असुद्ध कैसे हो सकता ये भी कामक्रीड़ा का एक अबहीं भाग है मानसी

सूर्य फिर से उतनी तन्मयता के साथ मानसी की योनि की चूसै सुरु करता है तकरीबन 10 मिनट बाद मानसी का पूरा सरीर कपङे लगता है जैसे किसी ने उसे बिजली के झटके दिए हो

मानसी की योनि से तरल की 2,3 फुहार निकलती है जो सूर्य के पुरे चेहरे को भिगो देती है

कुछ देर मानसी वही आराम करती है इस बिच सूर्य फिर से नहाने के बाद अपने कपडे पहन लेता है

मानसी भी जल्दी से नहाने के बाद कपडे दाल सरमते हुए सूर्य के पास आ जाती है

सूर्य मानसी का हाथ पकड़ उस तरफ चल देता है जहा किरण दूर से सब देख रही थी

सूर्य .....स्वीटी चलो चलते है

किरण पेड के पीछे से नहर निकलती है

किरण ......आपने खुद को रिलेक्स नहीं किया ऐसा क्यों किया

सूर्य ......रिलेक्स तो आप भी नहीं हुई आवर वैसे भी मैं कण्ट्रोल कर सकता हूँ अपने इन्द्रियों की मदद से अपने अंदर छुपी इस ऊर्जा को बहार आसानी से निकल सकता हूँ

किरण ....ठीक है चलो वो देखो जूलिया आ रही है

सूर्य किरण आवर मानसी दोनों के कंदो पे हाथ रख जूलिन्य को तरफ भाड़ जाता है

जूलिया .....आपने बहुत समय लगा दिया मैंने तो सब तयारी भी कर ली है

सूर्य .....वो वह कुछ ज्यादा हे वक़्त लग गया चलो चले

जूलिया ....चलिए पहले खाना खा लेते है

सूर्य मानसी जो लिया किरण चारो खाना खाने के बाद

सभी से विदा ले जो लिया के ड्रैगन पे स्वर हो अपने सफर पे निकल जाते है

सूर्य ........जूलिया आपने कहा था की ड्रैगन मैजिक बुक में हर ड्रैगन की जानकारी होती है तो उस बुक से ये भी पता चल सकता है क्या की कोनसा ड्रैगन किस वक़्त कहा है

जूलिया .....है ड्रैगन बुक से पता किया जा सकता है

सूर्य .....फिर तो ड्रेको तुम्हारे ड्रैगन के जरिया हम तक पहुंच सकता है

जूलिया .....है ये तो है पैर अगर हम ड्रैगन की सवारी न करके पैदल सफर करते है तो ड्रैगन सिटी पहुंचते पहुंच हमें 2,3 दिन लग जायेंगे

सूर्य .......फिर तो एक रास्ता है की हम अदा सफर ड्रैगन से करे आवर अदा सफर पैदल करे

किरण ......उस से क्या होगा उस से वो फिर भी पता कर सकता है

सूर्य .....मुझे नहीं लगता की ड्रैगन बुक को साथ ले कर जूलिया की खोज में निकलेगा

हम लोग सुबह से साम तक का सफर ड्रैगन से करेंगे साम आवर रात्रि के बिच का समय हम ड्रैगन के बिना पैदल सफर करेंगे आवर ड्रैगन उस वक़्त हमारे आगे रह कर आकाश मार्ग से आने वाले खतरों की जानकारी जूलिया को देगा

जूलिया ......ये तो बहुत अच्छा होगा इस से हम आगे आने वाले खतरों से साधन रहेंगे आवर ड्रेको को भी इस से मेरे बारे में पता नहीं चलेगा बेसक वह मेरे ड्रैगन का पता कर सकता है पैर मेरा नहीं कर पायेगा

सूर्य ......जूलिया तुम्हे हमारे सफर के साथ साथ अपने ड्रैगन का भी ख्याल रखना होगा क्युकी जरुरत से ज्यादा इसको भी प्रेसरम नहीं करवाना है है

जूलिया ......मैं समाज गई आप कटा कहना चाहते है

जूलिया के इसारे पे ड्रैगन बदलो के ऊपर से उड़न भरते हे ड्रैगन सिटी की तरफ भेदने लगता है

ड्रैगन सिटी ........

वही ड्रैगन सिटी में सुबह होते हे ड्रेको ड्रैगन मास्टर्स के 5 ,5 के चार ग्रुप चारो दिशाओ में भीएक देता है उन लोगो का पता करने जिनकी पीठ पे ब्लैक .वाइट .गोल्डन ड्रैगन के नीसाण बने हुए थे

वही इस अंदर कक्ष में बुजुर्ग ड्रैगन बुक से जूलिया के ड्रैगन पे नजर रखे हुए था

जैसे जैसे जूलिया ड्रैगन सिटी के तरफ आ रही थी वैसे वैसे बुजुर्ग के चेहरे पे चिंता की लकीर बनती जा रही थी

बुजुर्ग ......उस यहाँ नहीं आना चाइये उसे यहाँ खतरा है

वो यहाँ ड्रैगन सिटी क्यों आ रही है

कहि ड्रेको को अपने मकसद में कामयाब तो नहीं हो गया है

कहि उसे जूलिया का पता तो नहीं चल गया है

या फिर किसी ने इनाम के लालच में जूलिया को बंदी बना लिया हो

बुजुर्ग .......ड्रगून बुक हमारी सहायता कीजिये हमें बताये की जूलिया सुरक्षित तो है न

तभी बुक के कुछ पाने पलट जाते है उनपे जूलिया सूर्य किरण मानसी की चित्र बने हुए थे लिटेनिंग ड्रैगन पे स्वर

बुजुर्ग ......लिटेनिंग ड्रैगन का सफर कहा तक का है

तस्वीर हैट कर वह ड्रैगन सिटी का मैप बन जाता है आवर उसके बाद आगे ड्रैगन सिटी से आगे जो पहाड़िया है ज्वालामुखी वह तक मार्क होने के बाद नीसाण गायब हो जाते है

बुजुर्ग ......वो सुरक्षित है पैर तीनो ड्रैगन होल्डर उसके साथ क्यों है आवर वो ड्रैगन सिटी क्यों आ रही है इन लोगो के साथ

कही वो गोल्डन ड्रैगन तक पहुंचने के सफर पे तो नहीं है

तो क्या गोल्डन ड्रैगन ड्रैगन सिटी के दूसरी तरफ के जवालामुखी में कहि है

तभी अचानक से ड्रैगन बुक बंद हो जाती है आवर कक्ष पूरी तरह अंदर से घिर जाता है

बुजुर्ग .....ये अचानक क्या हुआ

तभी गेट नोक होता है आवर अपना आप हे गेट खुल जाता है

ड्रेको ........क्या ड्रैगन बुक अभी भी नहीं खुली

बुजुर्ग .......तुम्हारे सामने राखी है है खुद को सर्वशक्तिशाली समझने वाले इतने हे सक्तिसाली हो तो खुद खोल लो

ड्रेको ....हमारे सबर का इम्तहान न लो ड्रैगन सुप्रीम मास्टर डेवलिन

बुजुर्ग ......इतने ालो बाद हम तो अपना असली नाम भूल हे गए थे ड्रेको की हमारा असली प्राच्या क्या है

ड्रेको ......डेवलिन आज नहीं तो कल तुम्हे वो राज़ बताना हे होगा जिसके चलते तुम्हारे ड्रैगन के मरने के बाद भी जिन्दा हो

डेवलिन .......तुम न तो हम तब मर पाए थे आवर न अब मर सकते हो ड्रेको तुमने हमारे ड्रैगन को धोखे से मारा पैर हमें नहीं मर सके आवर आज तक हमें मरने की कितने हे तरीके तुमने आजाये पैर तुम सफल नहीं हुए

ड्रेको .......आज नहीं तो कल तुम्हारी सबसे बड़ी कमजोरी मेरे हाथ में होगी फिर देखता हूँ तुम मुझे इस राज़ के बारे में कैसे नहीं बताते हो

डेवलिन ......तुम उस तक कभी नहीं पहुंच सकते हो आवर पहुंच भी गए तो उसका कुछ भी बिगड़ नहीं पाओगे ड्रेको क्युकी तुम्हारी मौत हर गुजारते समय के साथ तुम्हारी आवर भाड़ रही है हाहाहाहाहा

ड्रेको ड्रैगन बुक की आवर भाड़ा तो डेवलिन बिच में आ जाता है

देविलिन .....इसे चुने की कोशिश भी मत करना वर्ण ये यहाँ से गायब हो जाएगी आवर फिर जिसके पास ये होगी तुम जानते हो आगे वो क्या क्या कर सकता है

देविलिन की बात सुन ड्रेको गुस्से में देविलं के सीने पे लत मर कर ड्रैगन बुक को घूरते हुए बहार चला जाता है

डेवलिन ड्रेको के प्रहार से जनजारो में कैद दिवार से जा टकराता है

देविलं .......जिसे तुम पाना चाहते हो वही तुम्हारे लिया मौत का अस्त्र साथ लिया तुम्हारी आवर भाड़ रही है ड्रेको

डेवलिन अपने होंटो पे लगने रकत को साफ कर ड्रैगन बुक को खोल कर उसमे फिर से कुछ देखने लगता है ................

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ........

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ...............

फ्रेंड्स कल दोपहर वाला अपडेट पोस्ट नहीं कर पाउँगा

घर पे कल कुछ मेहमान आ रहे है

उनसे फ्री हुआ तो नाईट में पोस्ट करूँगा

सॉरी फॉर एवरीवन ........
 
अपडेट. 163

देविलिन .....इसे चुने की कोशिश भी मत करना वर्ण ये यहाँ से गायब हो जाएगी आवर फिर जिसके पास ये होगी तुम जानते हो आगे वो क्या क्या कर सकता है

देविलिन की बात सुन ड्रेको गुस्से में देविलं के सीने पे लत मर कर ड्रैगन बुक को घूरते हुए बहार चला जाता है

डेवलिन ड्रेको के प्रहार से जनजारो में कैद दिवार से जा टकराता है

देविलं .......जिसे तुम पाना चाहते हो वही तुम्हारे लिया मौत का अस्त्र साथ लिया तुम्हारी आवर भाड़ रही है ड्रेको

डेवलिन अपने होंटो पे लगने रकत को साफ कर ड्रैगन बुक को खोल कर उसमे फिर से कुछ देखने लगता है ................

अब आगे .......

सूर्य मानसी किरण जूलिया को सफर करते हुए सुबह से सैम होने को आई

जूलिया .....सूर्य अब हमें कही रुक कर कुछ देर आराम कर लेना चाइये

सूर्य ......है ये ठीक रहेगा क्युकी तुम्हारा लिटेनिंग ड्रैगन भी सुबह से सफर कर के थक गया होगा

कुछ देर बाद जो लिया एक अच्छी से जगह देख कर अपने ड्रैगन को उस जगह उतरने का मानसिक सन्देश देती है

juliya......surya हम यही पे कुछ देर आराम करने के बाद आगे का सफर पैदल हे करेंगे






मानसी ......ये जगह भी बहुत खूबसूरत है जूलिया

जूलिया अपना ड्रैगन पे से साथ लाया हुआ सामान उतर लेती है

आवर उसे कुछ समजा कर वह से आगे की तरफ भेज देती है

जूलिया ....जब तक ड्रैगन लौट कर आता है हम यही आराम करते है

surya.....juliya अपने ड्रैगन से कहो की वह कही दूर जा कर आराम करे उसे कल सुबह आने का कहो

जूलिया .....पैर आपने तो कहा था की आप ड्रैगन से आगे रस्ते में आने वाले खतरों की जानकारी प्राप्त कारनामे चाहते है

सूर्य ......यहाँ आस पास के पेड देखो जिनकी सुखी टहनिया कटी हुई है

मुझे लगता है यही थोड़ा आगे कोई गाँव या बस्ती है

हम आज रात ुशी गाँव में रुकेंगे

जूलिया .......वो यहाँ से कुछ आगे जुम्बा गाँव है जहा जुम्बा कबीले के लोग सन्ति से रहते है

किरण .....जुम्बा कबीला इस कबीला के बारे में आप क्या क्या जानती है

जूलिया ......ज्यादा तो नहीं पैर मेरे बाबा बताया करते थे की ये लोग शोर सरबे लड़ाई झगडे से दूर जंगलो में रहना ज्यादा पसंद करते है

कहा जाता है की एक समय ऐसा भी था जब इन जुम्बा कबीले वालो को ड्रैगन प्लेनेट पे बहुत सामान हुआ करता था

क्युकी इनसे बेहतर कोई dragon's को ट्रेंड नहीं कर सकता था फिर पता नहीं डेरी फ्री ये सब गायब होने लगे आवर अब

ये लोग जंगलो में बहुत काम संख्या में बचे है

सूर्य ......क्या इनसे हमें किसी तरह का खतरा हो सकता है

जूलिया ......कुछ कह नहीं सकते है क्युकी मैंने जो सुना है वो लोगो से सुना है मैं खुद इनके माबिले में आज तक नहीं गई हु या इनमे से किसी से मुलाकात हुई हो

सूर्य ......ठीक है अब तो इनसे मिल कर हे पता चलेगा की ये खतरनाक है या नहीं


जूलिया .....पैर अगर तुम तीनो ऐसे उनके सामने गए तो वह लोग तुम्हे देख कर पहचानती जायेंगे की तुम लोग यहाँ से नहीं हो

किरण ......भाई अब आप हे कुछ कीजिये

सूर्य .....ठीक है स्वीटी

सूर्य अपने आँखे बंद कर तीनो के लिया यहाँ के रहवासी के अनुसार रूप याद करता है आवर अपनी जिनि सकती का प्रयोग कर तीनो को दृवों लोक के इंसानो जैसा रूप दे देता है

जूलिया .......क्या आप मैजिक कर सकते है

सूर्य .....है थोड़ा थोड़ा

जूलिया ......फिर आप अपने जादू से भी तो ड्रैगन सिटी जा सकते थे

सूर्य ......नहीं जा सकता हूँ तभी तो इतना लम्बा सफर कर रहा हूँ

चारो कुछ देर वही आराम करते है

सूर्य .....अब हमें निकलना चाइये सूर्यास्त का समय हो चूका है

मानसी ......वैसे भी ये जंगल है खुले मैदान में रात बिताना अच्छा नहीं रहेगा

सूर्य .....चलो फिर चलते है

किरण .......सामान उठाओ फिर आगे चलो क्या सामान आप हम लड़कियों से उठाने की सोच रहे है

सूर्य .....उठा रहा हूँ न ( तुम लोग क्यों उठाओगी मैं जो तुम सबके लिया )

किरण .......बिलकुल सही आप है न हम सब के लिया

सूर्य दोनों बैग अपने पीठ पे लड़ कर तीनो को साथ ले आगे भाड़ गया

कुछ 1 हरके लम्बे सफर के बाद दूर से जूलिया की नजर जुम्बा कबीलेपे पड़ती है

जूलिया .....सूर्य वो जो सामने है वही जुम्बा कबीला है

सूर्य ......ये तो घास फ़स आवर लकड़ियों के घर है जैसे परतवि पे आदिवासी लोग रहते है






किरण .....ये भी यहाँ के आदिवासी हे है भाई जो जंगल में रह कर जीवन यापन करते है

जूलिया .....हमें आगे भढना चाइये

कुछ देर बाद चारो एक पगडण्डी से होते हुए जुम्बा कबीले आ पहुंचे






सूर्य तीनो के साथ जैसे हे वह पहुँचता है है उसे कुछ विचित्र ऊर्जा का अहसास होता है

(सूर्य ......स्वीटी मानसी सावधान रहना यहाँ मुझे किसी सकती का आभाष हो रहा है

मानसी किरण .....पैर हमें तो ऐसा कुछ नहीं लगा यहाँ पे

सूर्य .........फिर भी सावधान रहना आवर जूलिया को भी सचेत रहने को कहो

किरण .......ठीक है भाई )

किरण .......जूलिया यहाँ हमें साधन रहना होगा हम इनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते है तो जब तक यकीं न हो की ये अच्छे लोग है अपने बारे में कुछ भी सत्य न बोलना इन्हे सूर्य को हे देखने देना

जूलिया ......ठीक है

सूर्य .....आवर है इन में से किसी को भी हमारे सफर का मुख्या उद्देश्य का पता नहीं चलना चाइये पूछने पे बस इतना हे कहना की ड्रैगन सिटी के लिया सफर कर रहे है

तीनो अपना सर है में हिला देती है

सामने से कुछ लोग उन घास फ़स की जोडिया से बहार निकलते है जिनके हाथो में लकड़ी से बने हतियार थे






देखने से लग रहा था मनो सूर्य ड्रैगन लोक नहीं अफ्रीका के किसी ट्राइब ( कबीले ) में खड़े हो

इनमे से एक आदमी जिनके सर पे किसी तरह का ताज सा था जैसे वो इस जुम्बा कबीले का मुखिया ( सरदार ) हो

सरदार .....तुम लोग कोण हो आवर यहाँ क्यों आये हो

सूर्य जूलिया को इसरा करता है जिसका मतलब था की इसका जबाब तुम दो

जूलिया ........हम लोग मुसाफिर है ड्रैगन सिटी जा रहे है सफर लम्बा है

रात्रि भी होने वाली है आपका कबीला दिखा तो यहाँ चले आये रात गुजरने

जूलिया को ऐसे एक हे साँस में बोलते देख किरण अपनी हाशि नहीं रोक पायी आवर खिलखिला कर हसने लगती है

सरदार के इसारे पे दो आदमी किरण की तरफ अपने जंगली हतियार करते है

सूर्य ......अपने सस्त्र (हतियार ) निचे कीजिये अगर आप लोग हमें यहाँ रात नहीं गुजारने देना चाहते है तो हम कही आवर रात गुजर लेंगे

चलो स्वीटी मानसी जूलिया

सूर्य के कहते हे तीनो जाने के लिया पलट जाती है

सरदार ......रुको मुसाफिर तुम लोग रात गुजर सकते हो यहाँ पे

सूर्य .....जी सुक्रिया आपका

सरदार अपने एक आदमी से को कुछ कहता है

आदमी ......आप लोग मेरे पीछे आओ आपके रुकने की जगह दिखता हूँ

सूर्य को यहाँ का माहौल खुश खटक रहा था जैसे वो लोग जो दिख रहे है वो है नहीं

आदमी चारो को एक घास के मजबूत घर में रखने का बोल कर चला जाता है

किरण ......भाई ये लोग मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहे है जैसे ये लोग कुछ छुपा रहे है

सूर्य ......है स्वीटी मुझे भी लग रहा है की जैसा जूलिया ने इनके बारे में बताया था ये लोग वैसे बिलकुल नहीं है

जब तुम जूलिया के बोलने के अंदाजा से हसने लगी थी तब मैं उनके सरदार की आँखों में गुस्सा देखा था

आवर अगले हे पल वो गुस्सा गायब हो गया आवर उसकी जगह उसके चेहरे पे मुस्कान आ गई थी

जूलिया ......आपने एक बात पे ध्यान दिया क्या

जब आपने हम तीनो को लौटने के लिया कहा तो कुछ पल के लिया वह सरदार परेशान हो गया था

सूर्य ........इस लिया हे तो कह रहा हूँ की यहाँ कुछ तो गड़बड़ है

जैसे ये लोग दिख रहे है वैसे ये लोग बिलकुल भी नहीं है

हमें सावधान रह कर इनके मंसूबो को जानना होगा

जूलिया ........मुझे तो अब ऐसा लग रहा है की ये जुम्बा कइले के लोग है भी या उनके नाम पे कोई बहरूपिये है ये लोग

सूर्य ......जूलिया अपने ड्रैगन से सम्पर्क करो आवर उसे यही जुम्बा कबीलेपे के आसपास रह कर तुम्हारे आदेश का इन्तजार करने को कहो

जूलिया ......ठीक है सूर्य मैं उसे यही पास की पहाड़ी पे रह कर इन सब पे नजर रखने को कहती हु

सूर्य .....है ये ठीक रहेगा

जूलिया अपनी आँखे बंद कर अपने लिटेनिंग ड्रैगन से सम्पर्क करती है

पता नहीं क्यों पैर जूलिया के माथे पे हर गुजरते पल के साथ चिंता बढ़ती जा रही थी

कुछ देर बाद जूलिया परेशान हो जाती है आवर अपनी आँखे खोलती है

जूलिया ......सूर्य एक प्रॉब्लम है

सूर्य ......क्या हुआ जूलिया क्या प्रॉब्लम हो गई

जूलिया ......मैं अपने ड्रैगन से सम्पर्क नहीं कर प् रही हूँ

सूर्य ..... ऐसा कैसे हो सकता है जूलिया फिर से कोशिश करो सायद वो काफी दूर निकल गया होगा

जूलिया .......ऐसा नहीं है सूर्य मैंने काफी पर्यटन कर के देख लिया है

आवर आप जो कह रहे वो कभी संभव नहीं हो सकता है मेरा ड्रैगन इस प्लेनेट पे कही भी हो मैं उसे सम्पर्क कर सकती हु

मानसिक सन्देश के लिया दुरी मायने नहीं रखती है

सूर्य ........इसका मतलब तुम्हारे ड्रैगन को कुछ हो तो नहीं गया है

जूलिया ......नहीं अगर उसे कुछ हुआ होता तो मैं इस तरह आपके सामने नहीं कड़ी होती

मानसी ......मुझे लगता है यहाँ कुछ है जो जूलिया को अपने ड्रैगन से सम्पर्क करने से रोक रहा है

आपने कहा था न की यहाँ किसी तरह की सकती का अहसास आपको हो रहा है कहि वो वाकई में सच तो नहीं है

सूर्य .......अब तो जो होगा देखा जायेगा किरण मानसी तुम दोनों ध्यान करके अपनी सकती की जाँच कोरो

मैं भी ध्यान कर अपनी सभी शक्तियों को जागृत करता हूँ

सायद जल्द हे हमें इन सक्तियो का प्रयोग करना पद सकता है

सूर्य .......जूलिया आप कोई आवर मैजिक उसे कर सकती है

जूलिया ......नहीं सूर्य हमारा मैजिक ज्यादा स्ट्रांग नहीं होता है आवर यहाँ पे तो मैं बिलकुल भी उसे नहीं कर प् रही हु मेरा मैजिक

सूर्य ........ठीक है मैं ध्यान में जा रहा हूँ जब तुम्हे लगे की कोई खतरा है तो हम तीनो को ध्यान से उठा देना

जूलिया ......सूर्य मुझे दर लग रहा है

सूर्य .....चिंता न कर मेरे होते हुए किसी को कुछ नहीं होगा बस जब भी लगे कोई खतरा है तो मुझे उठा देना ध्यान से आवर झॉडी को अच्छे से बंद कर लो अंदर से

सूर्य अपनी सकती का प्रयोग कर एक सोर्ड बनता है जिस सूर्य समाज जाता है की उसपे भी यहाँ की सकती का कुछ असर तो जरूर होगा

सूर्य ......ये लो सोर्ड इस से तुम अपनी रक्षा कर सकती है

सूर्य भी वही मानसी आवर किरण के साथ ध्यान में लीं हो जाता है

ड्रैगन सिटी .......

ड्रेको इस वक़्त बहुत तेजी से डार्क पे स्वर हो एक दिशा की तरफ भाड़ रहा था

सायद कुछ ज्यादा हे जल्दी थी उसे अपने गंतव्य तक पहुंचने की

उसके पीछे हे 4 ड्रैगन आवर तेजी से भाड़ रहे थे जिनपे उनके ड्रैगन राइडर्स ( master's ) स्वर थे

d.riders 1......ये ड्रैगन सुप्रीम को क्या हुआ है वो इतने तेजी से कहा जा रहे है

d.riders 2.......सुना है सुबह जिन मास्टर्स को ड्रेको ने किन्ही तीन ऐसे राइडर्स की तलाश में भेजा था जिनके पीठ पे एक एक ड्रैगन का चित्र जनम से हो मुझे लगता है उनमे से किसी के विषय में कुछ खबर मिली है

d.riders 1 .......उस से क्या होगा क्या उनमे खुश खाश है

d.riders4 .......है वो बहुत खाश है क्युकी उनमे से एक गोल्डन ड्रैगन होल्डर्स है

d.riders 1......ये असंभव है गोल्डन ड्रैगन का कोई अस्तित्व नहीं है वो हजारो साल पहले हे लुप्त हो चूका है

d.riders 2 ....... जो लुप्त हो गया था वह लौट कर आ भी तो सकता है वापिस

वही ड्रेको कुछ देर बाद एक गाँव में डार्क को उतरता है

ड्रेको के उतारते हे 5 मास्टर उनके सामने अपने गुथनो पे आ जाते है

( जो यहाँ मास्टर है वो पहले से ड्रेको के भेजे हुए थे आवर जो ड्रेको के पीछे आ रहे थे वो वो अलग है आवर ये अलग है )

ड्रेको ......अगर तुम्हारी सूचना सत्य हुई तो तुम्हे मुँह माँगा इनाम मिलेगा आवर गलत साबित हुई तो तुम सब डार्क का भोजन बनोगे समाज गए न

मास्टर 1......सुप्रीम मास्टर आपने जिस तरह का उस ड्रागोनो का वर्णन किया था उस से मिलता जुलता विवरण हमें मिला है

ड्रेको मास्टर 1 की बात सुन उसकी गर्दन पकड़ का हवा में उठा लेता है

ड्रेको ......मुझे उसके जैसा नहीं मिलता मूल्य नहीं चाइये जो वास्तविक है वही चाइये

मास्टर 1.....क्षमा करे सुप्रीम मास्टर जिस तरह का चित्र आपने हमें दिया था तलाश करने उसमे जैसा है उस से थोड़ा अलग है ये

ड्रेको मास्टर 1 को जमीं पे पटक देता है

ड्रेको ......कोण है वो सकाश उसे महारे सामने ले कर आओ

मास्टर 4,5 दोनी जल्दी से वह से भागते हुए एक घर में गुश्ते है आवर वह से 1 लड़के को ग्रसित कर बहार लेट है

लड़का दिखने में काफी छोटा था महज 10,12 साल का

ड्रेको ......तुम लोग किसी उठा लाये हो ये वो नहीं है

गोल्डन ड्रैगन होल्डर एक लड़की है न की लड़का

ड्रेको आगे भाड़ उस लड़के की पीठ पे देखता है तो वह पे ड्रैगन सुरु में तो ड्रैगन जैसे हे चित्र दीखता है पैर जब योर से ड्रेको ने चित्र देखा तो उसे अपने मास्टर्स पे गुस्सा आने लगता है

दरशल वो किसी आवर हे जिव का चित्र ठगा किन्तु लड़के की पीठ का कुछ हईशा जला हुआ था जिसके चलते पहली नजर में देखने वाले को यही लगता है की ये ड्रैगन का चित्र है

ड्रेको .....मूर्खो तुम लोगो को ड्रैगन मास्टर किसने बना दिया लोगो ने अपनी बेवकूफी में मेरा समय बर्बाद किया है इसकी सजा तुम लोगो को जरूर मिलेगी

ड्रेको के इसरा करते हे ड्रेको के पीछे आये चारो ड्रैगन मास्टर ( राइडर्स 1,2,3,4)

अपने ड्रैगन पे स्वर हुए 5 मास्टर्स के ड्रैगन पे हमला कर देते है

वही दरको बाकि 5 मास्टर को जमीनी मर देता है

ड्रेको ......आंखरी मौका है तुम पाछो के पास जूलिया .या इन तीनो ड्रैगन होल्डर को बंदी बना मुझे ला कर दो या फिर यहाँ से इतनी दूर चले जाओ की फिर तुम सब मेरी आँखों के सामने न आ पाओ

मास्टर 1......हम जल्दी हे उनको बंदी बना कर आपको सौंप देंगे हमें क्षमता कर दीजिये सुप्रीम मास्टर

ड्रेको डार्क पे सवार हो इतनी हे तेजी से ड्रैगन सिटी की तरफ निकल जाता है जितनी तेजी से वो यहाँ आया था

जाते जाते डार्क गुस्से में वह के घरो को आग के हवाले कर जाता है ................

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अपडेट. 164

ड्रेको ......आंखरी मौका है तुम पाछो के पास जूलिया .या इन तीनो ड्रैगन होल्डर को बंदी बना मुझे ला कर दो या फिर यहाँ से इतनी दूर चले जाओ की फिर तुम सब मेरी आँखों के सामने न आ पाओ

मास्टर 1......हम जल्दी हे उनको बंदी बना कर आपको सौंप देंगे हमें क्षमता कर दीजिये सुप्रीम मास्टर

ड्रेको डार्क पे सवार हो इतनी हे तेजी से ड्रैगन सिटी की तरफ निकल जाता है जितनी तेजी से वो यहाँ आया था

जाते जाते डार्क गुस्से में वह के घरो को आग के हवाले कर जाता है ...............

अब आगे .............

जुम्बा कबीला.........
सूर्य किरण मानसी को ध्यान में बैठे हुए काफी वक़्त हो चूका था

जूलिया अपने हाथो में सूर्य द्वारा दी सोर्ड थामे सूर्य किरण मानसी की पहरेदारी कर रही थी

जूलिया इस वक़्त काफी परेशान थे ये कोई भी उसे देख कर बता सकता था

जूलिया .....ये लोग अभी तक ध्यान से बहार क्यों नहीं आये है

मुझे कुछ भी समाज नहीं आ रहा है की आखिर यहाँ ऐसा क्या है जिसकी वजह से ये सब हो रहा है

मेरी हे गलती थी जो मैं इन तीनो को यहाँ ले कर आई इन तीनो को सुरक्षित यहाँ से निकलने के लिया अगर मेरी जान भी चली गई तो मुझे ख़ुशी होगी

ीदार मानसी अपने ध्यान से नहर आ चुकी थी

जिसे देख जूलिया को रहत हुए पैर सूर्य आवर किरण निरंतर ध्यान में लीं थे

मानसी .....चिंता न करो जूलिया हमें कुछ नहीं होगा अगर कुछ खतरा व तो मेरी सभी सकती इन सबका पूर्ण रूप से खत्म कर देंगी

जूलिया ......क्या आपका मैजिक काम कर रहा है

मानसी .......है मैं मैजिक उसे कर सकती यहाँ पे

तभी जूलिया की नजर सूर्य किरण पे पड़ती है जिनके सरीर से वाइट आवर गोल्डन ऊर्जा निकल रही थी

देखते हे देखते उस रोश्नु से पूरी झोपडी में रौशनी हे रौशनी हो जाती है

जूलिया इस रौशनी को बर्दास्त नहीं कर पति आवर उसको अपने आँखों के सामने हाथ रख कर आँखे बंद करनी पड़ती है

कुछ देर बाद सूर्य आवर किरण दोनों की आँखे खुलती है

सूर्य की आँखे पूरी वाइट हो चुकी आवर किरण की आँखे गोल्डन

किरण .....अपनी आँखे खोलो जूलिया अब तुम देख सकती हो

जूलिया डेरी से अपनी आँखों के सामने से हाथ हटा कर देखती तो अभी भी हल्का हल्का सूर्य आवर किरण का पूरा सरीर चमक रहा था

मानसी .....ये क्या था स्वीटी

किरण .......ये हमारी कुण्डलिनी सकती थी जो यहाँ मौजूद सकती के प्रभाव से हमें मकुट किया है

सूर्य .....चलो अब जरा बहार चलते है

जूलिया ....आपकी सोर्ड

सूर्य ......इसे तुम हमेशा अपने पास रखना जूलिया ये सदर्न सोर्ड नहीं है

आगे भाड़ कर सूर्य उस सोर्ड पे अपना हाथ फिर देता जिस से एक बार वह सोर्ड रौशनी से चमकने लगती है

सूर्य झोपडी के गेट को तोड़ कर किरण मानसी आवर जूलिया को ले कर झोपडी से बहार निकलता है तो बहार का नजर हे बदल चूका था






सूर्य मानसी किरण जूलिया जब तीनो बहार निकले तो पूरा कबीला हे बदल चूका था

जहा पहले हरा भरा जंगल था खूबसूरत पेड थे अभी वह केबल पहाड़ बचे थे वो भी भर्फ ( आइस ) की चादर ओढ़े हुए

मानसी ......ये हम कहा आ गए है आवर ये कैसी माया है सूर्य

सूर्य ......मानसी ये कोई सदर्न माया नहीं है ये एक मायाजाल है एक तिलिस्म है जिसमे हम फर्श चुके है

जूलिया .....ये तिलिस्म क्या होता है सूर्य

सूर्य .......तिलिस्म मतलब एक मैजिकल पजल जिसमे एक बार कोई उलझ गया तो वह उस से बहार नहीं निकल सकता है जब तब उस मैजिकल पजल को सोल्वे नहीं कर लेता है तब तक

जूलिया .....ओसमा मतलब हम हमेशा के लिया इस तिलिस्म में फर्श चुके है

किरण .....है तुम ऐसा सोच सकती हो जूलिया इस लिया हे तुम अपने लिटेनिंग ड्रैगन से किसी भी तरह का सम्पर्क नहीं कर प् रही थी

जूलिया ......ये सब मेरी वजह से हो रहा है न मैं आपको इन सबके बारे में बिताती आवर न आप लोग यहाँ रात बॉटने के लिया त्यार होते

सूर्य ......इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है जूलिया क्या पता यहाँ इस तिलिस्म में ऐसा कुछ छुपा हो जो हमारे आगे के सफर में सहायक हो या जरुरी हो

जूलिया .......अब हमें क्या करना चाइये हमें यहाँ से निकलने के लिया कुछ तो जरूर करा होगा

किरण .......भाई आपने एक बात पे गौर किया

सूर्य ......क्या स्वीटी कहना क्या चाहती हो

किरण ........हम इतने टाइम से यहाँ बहार खड़े है पैर हमें न तो इस भरफ से ठण्ड लग रही है आवर न हे वो लोग नजर आये जिनसे हमारी मुलाखत हुई थी

सूर्य .......क्युकी वो वास्तविक नहीं थे स्वीटी वो सब एक भरम जाल था जिसके भरम में हम चारो यहाँ खींचे चले आये

रही बात भरफ से हमें ठण्ड क्यों नहीं लग रही है तो इसके पीछे भी कोई कारन जरूर होगा

जूलिया .....मुझे बहुत दर लग रहा है

सूर्य .......कुछ नहीं होगा तुम्हे हम इस मायाजाल से जरूर निकलेंगे


किरण ......हमें अपनी सकती का प्रयोग करना चाइये भाई

सूर्य ......नहीं स्वीटी जब तक जरुरी न हो हो अपनी ऊर्जा सकती का प्रयोग नहीं करना अगर हमने जरुरत से ज्यादा ऊर्जा खरच की तो हम इस मायाजाल में कमजोर पड़ने लगेंगे

सूर्य ......तुम तीनो एक दूसरे का हाथ पकड़ कर एक साथ चलना ताकि अलग न हो जाओ

मानसी ......आवर आप आपका क्या

सूर्य मैं भी तुम्हारे साथ हे हे तुम लोगो के पीछे पीछे हे ताकि पीछे से किसी तरह के खतरे से निपट सकू

किरण ......भाई जहा तक मुझे पता है ऐसे मायावी तिलिस्म में हर पड़ाव पे एक संकेत या किसी तरह की पहेली होती है जिसे सोल्वे करने पे आगे का रास्ता खुलता है

सूर्य .....है पैर ये जरुरी नहीं स्वीटी की हर तिलिस्म पहेली से हे खुले

सूर्य चारो तरफ मजार रखते हे पुरे जुम्बा माबिले को छान मरता है पैर न तो उसे किसी तरह का कोई संकेत नजर आता है आवर न किसी तरह की कोई पहेली नजर आती है

किरण ......गम फिर कर फिर हम वही आ हाय जहा से सुरु किया था

सूर्य .....जरूर हमसे कुछ गलती हुई है स्वीटी बिना आगे के रस्ते के तिलिस्म का निर्माण नहीं हो सकता है

मानसी ......इसका मतलब हमें एक बार फिर बहुत बारीकी से इस जगह की जाँच करनी चाइये क्या पता रास्ता हमारी आँखों के सामने हे हो आवर हम देख नहीं पाए हो

सूर्य ......ऐसा संभव मानसी क्युकी खुली आँखे भी कभी कभी धोखा कर जाती है वस्तु स्थति को देखने में

सूर्य एक बार फिर चारो को ले कर जुम्बा कबीले का निरक्षण करता है तभी किरण सूर्य को रोक कर एक आवर संकेत करती है

किरण .....सूर्य वो देखो वह दूर उस पहाड़ी पे जैसे कोई गेट हो कोई द्वार हो

सूर्य ......हम पहले भी यहाँ से गुजरे थे पैर तब इस्पे हमारा ध्यान क्यों नहीं गया

सामने की पहाड़ी पे एक बड़ा सा गेट जैसा बना हुआ था






जूलिया .......क्या हमें वह चल कर देखना चाइये कही हम आवर ज्यादा मुसीबत में न पद जाये

सूर्य .......फिर तो यही तिलिस्म में उलझ कर पूरी जिंदगी गुजर दो या फिर कोशिश करके किसी तरह से यहाँ से निकला जाये

किरण .....मैं आपके हर फैसले में आपके साथ हूँ ुम्मम्हा

सूर्य ......स्वीटी तुम्हे यहाँ भी रोमांस करना है क्या ऐसे वक़्त में हाहाहाहा

किरण ......जहा आप मेरे साथ हो भाई फिर मुझे जगह से कोई फरक नहीं पड़ता क्यों मानसी तुम क्यों शर्मा रही हो

ओह्ह लगता है सुबह के रोमांस को याद कर अंदर हे अंदर खुश हो रही हो

मानसी .....ऐसा कुछ नहीं है स्वीटी

जूलिया .......वैसे आपको बुरा न लगे तो एक बात पूछ सकती हूँ मैं

सूर्य .......पूछो क्या पूछना है जूलिया

जूलिया ........आप इन्हे स्वीटी कहते हो जबकि इनका नाम किरण है आवर किरण आपको कभी भाई कहती है तो कभी सूर्य आवर आप तीनो के बिच का रिस्ता भी अलग है

किरण ........क्युकी ये मेरे भाई होने के साथ साथ मेरे हम दोनों के होने वाले पति भी है

जब मेरे दिल में इनके लिया भाई वाला प्रेम होता है तब भाई कहती हूँ

आवर जब इनको देख पति वाला प्यार आता है तो सूर्य कह कर सम्बोधित करती हूँ

जूलिया .....क्या आप दोनों इनकी पत्नी हो


किरण .......हहहहए अभी बानी नहीं है इनकी पत्नी है अभी के लिया lover's कह सकती हो आवर हम 2 हे इनकी पत्नी बनने वाली नहीं है आवर भी 8,9 इनकी लवर्स इनकी पत्नी बनने वाली जो परीलोक में इनका इंतजार कर रही है

जूलिया किरण की बात सुन तीनो को ऐसे देखती है जैसे ये तीनो दुनिया का आखरी अजूबा हो

सूर्य ......क्या हुआ तुम ऐसे क्यों देख रही हो जूलिया

जूलिया .....क्या वाकई में ये सच है

सूर्य ......स्वीटी ने जो कहा वो एक एक सबद सच है जुली

सूर्य तीनो के साथ बात करते हुए उस गेट के सामने आ खड़ा हुआ

सूर्य ........ी थिंक ये वही द्वार है जिस से होकर हम लोगो को आगे भड़ना होगा

किरण .....पैर इसे खोलेंगे कैसे

सूर्य ......जरूर कुछ तो होगा यहाँ जिस से ये द्वार खुलेगा

चारो बारीकी से उस द्वार का निरक्षण करने लगते है

वही जूलिया के दिमाग में अभी भी किरण द्वारा की गई बाटे गम रही थे

किरण ......जूलिया ज्यादा न सोचो इनके बारे में ये बहुत पहुंची हुई चीज़ है ज्यादा सोचोगे तो कही तुम भी उस लिस्ट में शामिल न हो जाओ

जूलिया .....किस लिस्ट की बात कर रही है आप

किरण ......कुछ नहीं बाद में बात करेंगे अभी जो सामने प्रॉब्लम है उसके बारे में सोचते है

सूर्य .......स्वीटी जरा अपनी पीठ पे बने गोल्डन ड्रैगन टैटू तो दिखाना

किरण ......क्या भाई अब आपको रोमांस सीज रहा है क्या

सूर्य ......स्वीटी ये देखो ये एक ड्रैगन का चित्र जैसा हे नजर आ रहा है

किरण मानसी जूलिया तीनो उसे देखती है

जूलिया .....ये किस तरह का ड्रैगन है

सूर्य .....ये सायद गोल्डन ड्रैगन का नीसाण है

सूर्य किरण की पीठ की निर्वस्त्र कर उस द्वार से टिका देता है

किरण की पीठ जैसे सूर्य द्वार से लगता है वैसे हे किरण की पीठ से गोल्डन रे निकल कर द्वार पे बने ड्रैगन चित्र पे टकरा जाती है

ड्रैगन चित्र से होते वह गोल्डन रे द्वार को चारो तरफ से कवर कर लेती है

देखते हे देखते द्वार खुलने लगता है

सूर्य ......स्वीटी तुम्हारा गोल्डन ड्रैगन हे इस तिलिस्म द्वार की चाबी हैहै

जूलिया ......क्या हमें इसके अंदर जाना चाइये

सूर्य .....जाना तो होगा हे पैर सावधान जरूर रहना पता नहीं यहाँ ी गेट के आगे कोनसा खतरा हमारा इंतजार कर रहा है इस लिया सब संभल कर रहना

सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो एक दूसरे का हाथ पकड़ कर उस गेट के भीतर परिवेश कर जाते है

जहा एक आवर मायाजाल इनकी प्रतीक्षा कर रहा था ...............

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अपडेट. 165

ड्रैगन चित्र से होते वह गोल्डन रे द्वार को चारो तरफ से कवर कर लेती है

देखते हे देखते द्वार खुलने लगता है

सूर्य ......स्वीटी तुम्हारा गोल्डन ड्रैगन हे इस तिलिस्म द्वार की चाबी है

जूलिया ......क्या हमें इसके अंदर जाना चाइये

सूर्य .....जाना तो होगा हे पैर सावधान जरूर रहना पता नहीं यहाँ ी गेट के आगे कोनसा खतरा हमारा इंतजार कर रहा है इस लिया सब संभल कर रहना

सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो एक दूसरे का हाथ पकड़ कर उस गेट के भीतर परिवेश कर जाते है

जहा एक आवर मायाजाल इनकी प्रतीक्षा कर रहा था ...............

अब आगे ........

असुरकाबिला ......

k.asur नगीना विसुद्धि को असुर माबिले से गए हुए 3,4 दिन गुजर चुके थे

अब असुर कहिले की बागडोर पूर्ण रूप से बिखु के हाथो में थे

जिसका पूरा फायदा बिखु उठा रहा था साथ हे विक्रम सिंह भी

k.asur ने जाते वक़्त बिखु को कुछ निर्देश दिए थे अगिना आवर विसुद्धि के कारन जिनके चलते विक्रम यहाँ खुला सांड बने क्या दिन क्या रात बस खाना पीना आवर लड़कियों आवर ओरतो को भोगना बस विक्रम की यही दिनचर्या बन चुकी थी

विसुद्धि आवर नगीना से मिली अत्यधिक हवश ने विक्रम को इंसान से खुले सांड में बदल दिया था जिसका बस एक हे काम होता है

जो भी पसंद आये तंग उठा कर उस पे चढ़ जाना यही विक्रम कर रहा था

बिखु .....विक्रम भाई एक बात समाज नहीं आती की आप जब पहले आये थे तब तो आप का ये अंग इतना बड़ा नहीं था फिर अचानक से ये इस तरह कैसे हो गया

इस वक़्त विक्रम जुमकी पेलने में लगा हुआ था आवर बिखु जुमकी की सास के भोसड़े में अपना पानी दाल कर मदिरा का मज़ा लेते हे विक्रम के घोड़े को जुमकी की गुफा ( छूट तो विक्रम ने कब की गुफा बना दी थी )

के अंदर बहार होते देख कर ये सवाल किया था

विक्रम ......ला मदिरा दे फिर तुझे बताता हूँ

बिखु अपने पास राखी मटकी विक्रम को दे देता है विक्रम गता गाठ पूरी मटकी खली कर वही तोड़ देता है

विक्रम .....तुम इसका राज़ जानना चेते हो न तो सुनो ये सब गुरु जी की दोनों बहनो की चुदाई करने से हुआ है गुरु जी के साथ साथ मैंने भी दोनों की चुदाई की है तब से जिंदगी सवरग बन गई है

बिखु .......क्या मैं इसे छू कर देख सकता हूँ

विक्रम ......अपनी बीबी को बुला दोनों मिल कर आगे पीछे बजाते है फिर देख लेना

बिखु .......तुम हमेशा मेरी बीबी के पीछे क्यों पड़े रहते हो मुझे समाज नहीं आता उस से जवान आवर खूबसूरत लड़किया भी तो है यहाँ

विक्रम ......तू नहीं समझेगा बिखु याद है जब हम पहली बार यहाँ आये थे उस रात इस मदिरा के साथ इस सुख का आनंद तुम्हारी बीबी ने हे मुझे दिया था तो उसे ऐसे भूल सकता हूँ

बिखु ......सही है भाई वैसे भी मेरी बीबी को तू बहुत पसंद है तुम्हारी चुदाई याद करती रहती है

एक बार फिर बिखु जुमकी की सास पे चढ़ जाता है वही विक्रम जुमकी को वही जमीं पे लिटा कर दोनों मदयन आकर की जुमकी की चूचियों को थम कर पुरे जॉस से छोड़ने लगता है

जुम्बी ......अह्ह्ह्हह्हह बाबूजी ऐसे हे छोड़िये मुझे सत्ता जब अंदर जाता है तो बहुत मज़ा आता है

जैसे खुद गुरु जी मुझे भोग रहे हो

विक्रम ........लगता है गुरूजी ने भर म्हणत की है तुमपे

जुमकी ......अह्ह्ह्ब्भ्भ उम्म्म्म यहाँ सभी का कौमार्य गुरु जी ने हो तो भोगा है

अह्ह्ह्बब मुझे आपका घड़ा पानी अपनी बच्चेदानी में लेना है भर दीजिये मेरी बच्चेदानी की बना दीजिये मुझे अपने बच्चे की माँ

विक्रम जुमकी की बाते सुन आवर जॉस में उसकी ठुकाई सुरु कर देता है

कुछ देर बाद बिखु आवर विक्रम दोनों लागलगभग एक साथ हे झाड़ जाते है

परीलोक ....

वही परीलोक में सब लड़किया परेशान थी आवर इसकी वजह भी सूर्य किरण मानसी हे थे

2 दिन से सूर्य किरण मानसी की कोई खबर नहीं मिली थी उन्हें जादुई दर्पण से

जिसके चलते सभी लड़कियों के साथ साथ रानी पारी शालिनी जी रेखा जी मेनका जी प्रिय जी सन्ति जी आवर दादी जी भी काफी परेशान थी

गुरुदेव पारी महल में थे नहीं

रानी पारी j.king प्रेतराज सब अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर चुके थे पैर अभी भी दर्पण में किसी भी तरह का बदलाव नहीं हुआ

पारिजात .......रानी माँ उन्हें कुछ हुआ तो नहीं होगा न

शालिनी जी ......बेटी सुबह सुबह बोलो उन्हें कुछ नहीं हुआ है मेरा दिल कहता है की वो सब सुरक्षित है आवर एक माँ का दिल कभी गलत नहीं होता

पारिजात .......माँ मुझे क्षमा करे हमारा वो मतलब नहीं था

शालिनी जी ......चिंता न कर बेटी वो सब सकुशल है

रेखा जी ......है बेटी उन्हें कुछ नहीं हो सकता उन सब पे महाकाल का आसिष है उन्हें महाकाल कुछ नहीं होने देंगे तुम्हे क्या हुआ सन्ति

सन्ति ममी ......दीदी मुझे स्वीटी की बहुत चिंता हो रही है

शालिनी जी ........देखो भाभी हमें भी बच्चो की चिंता है पैर ऐसे चिंता करने से कुछ नहीं होगा

रिद्धि .......रानी माँ सायद पिता श्री को कुछ पता हो उनके बारे में

रानी पारी ......पैर राजगुरु तो ध्यान में है महाकाल मंदिर में

शालिनी जी ......हम सभी को वही चलना चाइये हम अपने बचो के लिया महाकाल से प्राथना भी कर लेंगे आवर गुरुदेव स भी इस बारे में सायद कोई बात हो जाये

रानी पारी .......आप ठीक कह रही है बहन हमें वही चलना चाइये

रानी पारी के है कहने के बाद सब लड़किया आवर ोुरते दादा जी नाना जी बड़े पापा पापा मां जी छोटे मां जी सब नागराज वीर पूर्वी जी को यही छोड़ कर नागलोक जा चुके थे

सब मंदिर की तरफ रवाना हो गए जहा गुरुदेव अपने ध्यान में लीं थे

कुछ देर में सभी महाकाल मंदिर पहुंचे जिनके वह पहुंचने पे गुरुदेव भी ध्यान से बहार आ गए

सभी गुरुदेव से आशीर्वाद लेते है

गुरुदेव ......क्या हुआ आप सभी के मुख मंडल मुरझाया हुआ क्यों है

शालिनी जी ......गुरुदेव वो सूर्य किरण मानसी का कुछ पता नहीं चल रहा है

गुरुदेव .......क्या मतलब ओह्ह अच्छा तो आप सब उनपे माया दर्पण से नजर रख रहे थे

वैसे मैं भी ध्यान में उन्हें हे देख रहा था

सपना ......गुरुदेव वो सब ठीक तो है न

गुरुदेव .......है पुत्री सपना वो सब सुरक्षित है चिंता की कोई बात नहीं है

रानी पारी .....फिर वो सब माया दर्पण में नजर क्यों नहीं आ रहे है राजगुरु

गुरुदेव ......कुछ समय से हम भी उन्हें नहीं देख प् रहे है रानी पारी क्युकी वो चारो ( 4 ) इस वक़्त एक श्रापित तिलिस्म में कैद है

रानी पारी .....श्रापित तिलिस्म में कैद है फिर वो वह सुरक्षित कैसे हो सकते है तिलिस्म में तो हर कदम पे खतरा होता है राजगुरु फिर ये तो श्रापित तिलिस्म है

गुरुदेव ......आपका कथन सत्य है रानी पारी किन्तु ये भी सत्य है की वो चारो सुरक्षित है

उन चारो का उस तिलिस्म में जाना पूर्व निहित है क्युकी सूर्य द्वारा हे उस श्रापित तिलिस्म से पर्दा हटेगा इस लिया आप चिंतित न हो आवर फिर आप भूल रही है की उनपे माँ महाकाली आवर परबु महाकाल का आशीर्वाद है

शालिनी जी ......गुरुदेव वो छोटी लड़की कोण है

गुरुदेव ......पुत्री शालिनी वो लड़की ुशी लोक की है जो पुत्र सूर्य किरण मानसी की सहायता कर रही है उसका नाम जूलिया है

गुरुदेव ......पुत्री पारिजात जिनात जिनिशा कोमल रिद्धि आप पाछो को सुबह साम नियम से ध्यान करना होगा क्युकी तुम्हारी ऊर्जा सकती जो सूर्य के पास है वो कमजोर पद रही है

रिद्धि पारी .....पर आमरे ध्यान करने से हमारी ऊर्जा जो सूर्य के पास है उस पे क्या असर होगा पिता श्री

गुरुदेव .......पुत्री तुम एक सीधी साध्वी भी हो तुम्हे तो अवश्य ज्ञान होना चाइये अगर पेड मजबूत होगा तो शाखाये स्वयं मजबूत बनेगी

रिद्धि .....जी पिता श्री हम आपका तात्पर्य समाज गए है

अगर हम ध्यान में रह कर अपनी ऊर्जा सकती को सुदृढ़ ( मजबूत ) बनाते है तो उसका लाभ सूर्य को भी प्राप्त होगा

गुरुदेव .....है पुत्री हम यही कहना चाहते है

सपना ......गुरुदेव क्या हम भी ध्यान करे

गुरुदेव .......है पुत्री क्यों नहीं जिस स तुम सब की ऊर्जा सकती मजबूत होगी जिसका लाभ आने वाले वक़्त में तुम्हारे साथ साथ सूर्य को भी प्रपात होगा

सभी बड़े बचे पूजा कर रानी महल लौट जाते है

वही महल ोौटने के बा रिद्धि पारिजात जिनिशा कोमल जीनत पाछो उद्यान में बेथ कर ध्यान लगाने लगती है

कुछ देर बार एक एक कर राधा अलीना पायल प्रीती सपना भी वही आ कर ध्यान कर्मा आरम्भ कर देती है

ड्रैगन लोक .......

सूर्य किरण मांडू जूलिया जब चारो द्वार के अंदर परिवेश करती है तो वह उपस्तिथ रौशनी से चारो की आँखे बंद हो जाती है

जब आँखे खुलती है तो सामने का नजारा पूरा बदल चूका था

जूलिया पीछे मुद कर देखती है तो द्वार वह से गायब हो चूका था






चारो इस वक़्त भर्फ ( आइस ) से देखे एक गोलाकार घेरे में खड़े थे

जूलिया ......ये कैसा स्थान है जिस द्वार से हम आये थे वह गायब हो चूका है

सूर्य .......उस द्वार का कार्य सम्पन हो चूका है जूलिया हमने तिलिस्म का पहला पड़ाव पर कर लिया है

वो द्वार खोज कर उसे खोलना हे पहला पड़ाव था

मानसी .....ये तो बहुत आसान पड़ाव था सूर्य ऐसे तो हम जल्दी हे इसे....

अहहि मानसी बोल हे रही थी की सूर्य को कुछ खतरा महसूस होता है

सूर्य जब अपना आस पास देखता है तो जूलिया की तरफ एक दिशा से अग्नि का गोला बड़ी तेजी से भाड़ रहा था

सूर्य तेजी से जूलिया को अपनी आवर खींचता है

जिस से जूलिया सीधा सूर्य के सीने से आ ताकती है

सूर्य फ़ौरन जूलिया को अपने से चिपकाये हुए गम जाता है

अग्नि गोला सीधा सूर्य की पीठ पे आ कर लगता है

जिस से सूर्य को ज्यादा कुछ तो नहीं हुआ किन्तु सूर्य के पहने हुए कपडे पीठ पे से जल गए

सूर्य .....जूलिया तुम ठीक तो हो न

स्वीटी मानसी सौदान यहाँ कोई अदृश्य रूप में चुप कर हमें देख रहा है

सूर्य मानसी जूलिया स्वीटी को अपने पीछे छुपा लेता है

सूर्य ......तुम जो कोई भी हो ऐसे कायर हे चुप कर वॉर करते है साहस है तो योद्धा की तरह सामने से वॉर करो

आवाज .......हाहाहाहा बहुत चालक हो पैर मुझसे ज्यादा नहीं

सूर्य ......आखिर तुम हो कोण आवर हम पे प्रहार क्यों किया तुमने

आवाज ......मैं इस तिलिस्म का पहरेदार हूँ अग्नेश तुम लोगो ने इस द्वार को खोल कर अपने जीवन का अंत निश्चित कर लिया है

सूर्य .......ये तो वक़्त हे बताएगा की कोण किसका अंत करता है

हिमत है तो सामने से मुकाबला करो

तभी एक आकर्ति डेरी डेरी सूर्य किरण मानसी जूलिया के सामने सकल लेने लगती है

अग्नेश .......लो आ गया तुम्हारे सामने अब मरने के लिया त्यार हो

सूर्य .......ये तो पता चल हे गया है की तुम्हारे हाथो मरना तय है

काम से काम हमारी आखरी इच्छा तो पूरी कर दो

अग्नेश .......कैसी आखरी इच्छा

सूर्य ......मरने से पहले हमें ये तो पता हो की हमारी मृत्यु किस सूरवीर महावीर योद्धा के हाथो हुई है

क्या तुम हमारी इच्छा पूरी करोगे अपने बारे में बता कर आवर इस तिलिस्म के बारे में बता कर

अग्नेश ........मुझे मूरख समजा है क्या जो मैं तुम्हे इस स्थान के विषय में बताऊ

सूर्य .........ये भी सही है काम से काम अपने विषय में तो बता कर हमें सुकून से मरने दो

अग्नेश .......मैं अग्नेश हूँ इस जगह का पहरेदार

हजारो सालो से मैं इस द्वार की सुरक्षा कर रहा हूँ

सूर्य .....क्या सच में आप हजारो साल के है फिर तो आप बहुत बड़े ज्ञानी योद्धा होंगे पैर आपकी बातो का मेरे साथी को यकीं नहीं हो रहा है

सूर्य डेरी से ाजनस्य से बचा कर किरण को आँख मर देता है

किरण सूर्य का इसरा समाज जाती है

कुरान ........आप पे तो बहुत से राजकुमारिया मरती होंगी अभी भी आप इतने जवान आवर सुन्दर जो ठहरे

किरण की बात सुन अग्नेश के चेहरे पे पल पल भाव बदल रहे थे

अग्नेश ......हम पे राजकुमारिया क्यों मारेंगी आवर वैसे भी इस तिलिस्म में मेरा अलावा तुम हे चार लोग हो

( सूर्य ......स्वीटी किसी तरह इसको प्यार भरी बातो में उलझा कर रखो यही हमें आगे का मार्ग बताएगा

किरण ......ठीक है जान )

किरण ......अरे अग्नेश जी आपकी खूबसूरती के सामने तो अच्छे अच्छे राजकुमार नहीं टिकते है फिर हर राजकुमारी आप जैसे सजीले नौजवान योद्धा को सोच कर हे तो प्रेम के सपने देखती होंगी

अग्नेश ......क्या सच में राजकुमारिया मेरे सपने देखती होंगी

( सूर्य .......स्वीटी इसके हाथो में जो लकड़ी जैसे सस्त्र है उसके बारे में पता करो एक यही चीज़ है जो इसके हाथ में कुछ जांच नहीं रही है

किरण .....ठीक है भाई )

किरण ........मैं भला मरते हुए झूट क्यों बोलूंगी आपसे

वैसे भी मरता हुआ इंसान कभी जूथ नहीं बोलता है

पैर आपमें कुछ कमी भी है

अग्नेश जहा किरण की बात सुन खुश हो रहा था

वही आखरी लाइन सुन कुछ सोच में पद जाता है

अग्नेश .......अभी अभी तो आप कह रही थी की हम किसी राजकुमार से काम नहीं खूबसूरत योद्धा जैसे है आवर अभी तुम कह रही हो की हम में कुछ कमी है

किरण ........है आपमें एक कमी बाकि सब बहुत अच्छा है बस आपके हाथो में जो ये पुराणी लकड़ी है उसके स्थान पे सवर्ण ( गोल्ड ) से बानी सोर्ड होनी चाइये

ये लकड़ी आपके हाथ में अच्छी नहीं लगती है


किरण जो कुछ कह रही थी सूर्य उसका रिएक्शन अग्नेश के चेहरे पे देख रहा था

सूर्य बहुत गौर से सब देख रहा था सब कुछ सही था

पैर जैसे हे किरण अग्नेश के हाथ में पकड़ी लकड़ी के बारे में कहती है अग्नेश की पकड़ लकड़ी पे काश जाती है वही उसका चेहरा डेरी डेरी कठोर होने लगता है

अग्नेश .......तुम मुझे क्या अपनी तरह मूरख समझती हो जिसे तुम सदर्न पुराणी लकड़ी बोल रही हो वह मेरा अस्त्र है इस पड़ाव की चाबी........

सूर्य .......तुम्हे मूरख समझने की आव्सय्कता नहीं है अग्नेश तुम मूरख हे हो अब अपनी जिंदगी चाहते हो तो हमें अगले पड़ाव के लिया अपने हाथो में पकड़ी ये चाबी हमें सौंप दो

अग्नेश ......अब तक तो मैं सोच रहा था तुम्हे मरने के बाद इन कन्याओ का भोग करूँगा जीवन भर पैर अब नहीं अभी इनका उपभोग कर इन्हे भी मर दूंगा

सूर्य ......तुमने अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती करदी अग्नेश मैं तुमसे ये चाबी चीन कर सायद जिन्दा छोड़ देता पैर अभी नहीं

सूर्य कैसे हे गुस्से में अग्नेश की आवर भड़ता है तो अग्नेश वही लकड़ी सामने करता है जिसमे से आग के भयंकर लपटे निकल कर सूर्य की आवर भढने लगती है






किरण .......भाई संभल कर

सूर्य ........जो सवयं एक दहकता हुआ सूर्य है उसे तुम्हारी ये अग्नि जला नहीं सकती है

अग्नेश ......इसे सदर्न अग्नि समझने की भूल मत करना मूरख

अग्नेश द्वारा छोड़ी अग्नि सूर्य के सरीर से टकड़ा जाती है

सूर्य शुरुआत में तो कुछ मह्सुश नहीं होता है पैर डेरी डेरी वो अग्नि सूर्य के सरीर में समाहित होने लगती है

सूर्य के पुरे सरीर से कपड़ो का नामा निशान मिटा देती

डेरी डेरी सूर्य का सरीर गरम आवर लाल होने लगता है

सूर्य को अब अपने सरीर में पीड़ा होनी मह्सुश होने लगती है

अग्नेश .......मैंने कहा था न ये इसे सदर्न अग्नि समजना भूल है है तुम्हारी

ये कोई सदर्न अग्नि नहीं है गोल्डन ड्रैगन की अग्नि है जिस स कोई नहीं बच सकता

तुम में कुछ बहुत खाश है जिस से तुम अभी तक जीवित खड़े हो हो

सूर्य .......अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह स्वीटी

सूर्य की दर्द भरी आह सुन कर किरण तड़प उठी आवर वह अग्नेश की आवर गुस्से में भड़ती है

सूर्य .......अह्हह्ह्ह्ह तुम्हे पता है ये कोण है ( किरण ) ये है गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस जिसके सामने तुम्हारा गोल्डन ड्रैगन भू पुख्ता है

किरण सूर्य के पास आ कड़ी होती है आवर गुस्से से अग्नेश को जुड़ने लगती है

सूर्य ......अघहहह स्वीटी अपना हाथ अह्हह्ह्ह्ह मेरी पीठ पे ड्रैगन पे रखो अह्हह्ह्ह्ह

किरण सूर्य की बात सुन बिना कुछ कहे सूर्य के वाइट ड्रैगन पे अपना हाथ रख देती

किरण ......अग्नेश तुमने हम पे बुरी नियत कर अपना अंत पहले हे निर्धारित कर लिया था पैर मेरे भाई पे मेरी आत्मा पे वॉर करके तुमने अपनी मृत्यु को आवर भी पीड़ा दायक बना लिया

अग्नेश .......तुम भी इस अग्नि के सामने नहीं ठीक पाओगी ज्यादा समय तक

किरण .........तुम इसी अग्नि से बने हो न अग्नेश मैं गोल्डन ड्रैगन प्रिंसेस सम्पूर्ण अग्नि को अपने भीतर समाहित होने का आह्वान करती हूँ

किरण के कहती हे तीव्रता बेग से अग्नेश के हाथो में पकड़ी उस अग्नि अस्त्र लकड़ी से बहुत आदिक मात्रा में अग्नि सूर्य में समाहित होने लगती है

अग्नेश .....नहीं ये नहीं हो सकता तुम ऐसा नहीं कर सकती हो

किरण ......मैंने कहा था न तुम्हे तुम्हारी मृत्यु बहुत पीड़ादायक होने वाली है

तुम्हे मेरी आत्मा पे प्रहार नहीं कर न चाइये था अग्निस्स्सस्स्श

किरण के चिल्लाने से बाकि सभी के साथ साथ सूर्य भी अंदर तक हिल चूका था

जो किरण सूर्य के सामने थी सूर्य उस से बिलकुल अनजान था

किरण का पूरा चेहरा गुस्से में जहा लाल होना चाइये था वही उसकी आहे पूरी काली पड़ने लगी थी

किरण छीलते हुए अग्नेश की आवर भेदने लगी

सूर्य .....अह्हह्ह्ह्ह स्वीटीयै

सूर्य की दर्द भरी आह सुन किरण के पेअर वही रुक जाते है

सूर्य ......संत हो जाओ स्वीटी मुझे कुछ नहीं हुआ है

बस मेरा साथ रहो तुम

जूलिया .....मानसी ये क्या है किरण इस तरह से

मानसी .....स्वीटी को सबसे प्यारा कुछ है तो वो है सूर्य वो उसके लिया किसी से भी टकरा सकती है दोनों दो जिसम एक जान है

जूलिया ......पैर ये इस तरह से गुस्सा हो कर बदल क्यों रही है

मानसी ......मुझे नहीं पता पैर किरण का ये क्रोध बहुत भयानक है उसकी ऊर्जा सकती विनाशकारी है

डेरी डेरी अग्नेश की चीखे वह गूंजने लगती है

आवर वह गुथने पे आ जाता है है

किरण .......तुम्हे जूस अग्नि पे अहंकार था वही अग्नि अभी तुम्हारे अंत का कारन बनेगी

अग्नेश ......हाहाहाहा मैं मारा तो तुम सब कभी इस तिलिस्म से नहीं निकल पाओगे

सूर्य .....आखरी समय में भी तुम चाल कपट से बाद नहीं आओगे

सूर्य वही बेथ अपने दोनों हाथ ध्यान मुद्रा में ध्यान करने लगता है वही

अग्नेश की तड़पते हुए अपने जीवन त्याग देता है

अगले हे पल अग्नेश का सरीर हवा में गायब होने लगता है उसके सरीर के स्थ पे एक लाल रतन पड़ा था आवर उसका वो अग्निअस्त्रा

सूर्य ......स्वीटी उस रतन को उठाओ आवर उस अग्नि अस्त्र में लगा दो उसके उचित स्थान पे

किरण सूर्य के आहे आंध्र अग्नेश का अग्नि अस्त्र लकड़ी पुर वह लाल अग्नि रतन उठा कर उस लकड़ी में लगा देती है

किरण .....अब क्या कर्र्ना है इसका

सूर्य .....स्वीटी ये इस पड़ाव की चाबी है तो इसका लॉक भी यही कही होगा

सूर्य चारो तरफ नहर गुमा कर देखता है तो उसकी नजर जूलिया के पैरो पे पड़ती है

सूर्य .....जूलिया अपने पेअर साइड में करना जरा

जूलिया सूर्य की बात सुन अपने पेअर वह से हटती है तो वह एक हॉल बना हुआ था

सूर्य........ स्वीटी इस चाबी को यहाँ पे इस हॉल में लगाओ मुझे यही इस पड़ा का द्वार लगता है

किरण सूर्य के कहे अनुसार वैसा हे करती है

जैसे हे किरण उस हॉल में वो लकड़ीनुमा चाबी लगाती है

ठीक तभी वह को जमीं ( बर्फ ) गायब हो जाती है आवर सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस चक्र में स्थान पे बने अँधेरे अननत गहरे कुए में गिरने लगते है जहा इतना घाना अंदर था की आँखों के सामने किये हाथ की ऊँगली तक नहीं दिखाई दे रही थे

वह उस अँधेरे में कुछ हो रहा था तो वो थी जूलिया किरण मानसी की दर के मरे चलती हुक चीखे की आवाजे ..............

अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ............

रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ....................
 
सॉरी फ्रेंड्स अभी मेरा नेट पूरा हो गया है

कल देखते है
 
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