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जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा मैंने मौसी को कैसे छोड़ा और हार बार उनकी बच्चेदानी में अपना विरए छोरा क्यों की उनको माँ बनना था मेरे बचे की
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मई उठे के अपने कपडे पहले फिर मौसी को बोलै पहनो को आरती बार बार गेट नॉक क्र रही थी मैंने टाइम देखा तो 9 ऍम हो रहे थे बस इतना लेट उठे है हम,,
मैंने गेट खोला तो आरती के आँखों मई नहीं अंशु थे वो मेरे गले लग गई ,,
मई- क्या हुआ चुटकी तू रू क्यों रही है बोलना ,, वो कुछ नहीं बोल रही थी मई आंगन मई आ गया वह पे भी सब रू रहे थे उनमे से सबसे जयदा माँ और कोमल रू रही थी उन्हें देख के मई बहोत डर गया ,, कोमल ने जब मुझे देखा तो वो दौड़ के आके मेरे गले लग गई और सिसक सीसल के रोने लगी ,,
मई- गुड़िया क्या हुआ तो क्यों रू रही है बता न मुझे मैंने माँ को देखा तो वो बहोत दर्द मई दिख रही थी वो भी बहोत रू रही थी ,,
मई- कोई मुझे बताएगा क्या हुआ है मेरी जान गुड़िया चुप होजा बचा मत रू न वर्ण देख मई भी रोने लग जाऊंगा ,,
कोमल - स्निफ्फ स्निफ्फ सिसकते हुए बोली ,, भैया
पापा और बच्चा का एक्सीडेंट हो गया स्निफ्फ और उनकी कार मई आग लग गई सुबह जब वो शॉप पे जा रहे थे तो छोटे चाचा का फ़ोन आया था उन्होंने बोलै स्निफ्फ दोनों अब इस दुनिया मई नहीं रहे ,,
कोमल की बात सुनते hi मई जैम सा गया मुझे फ्लैशबैक आने लगी कैसे पापा कोमल को डटे थे तो मई हर बार इससे बचता था कैसे बचपन मई जब वो मुझे स्कूल चोर्ने जाते थे तब पापा कुछ पैसे हर बार मेरी जेब मई डालते थे ताकि मई अपनी बहेनो जो उनको चाहिए दिला सकू कैसे पापा ने मेरे लिए बाइक खरीदी फिर कार भी खरीदी और आज वो नहीं है इस दुनिया मई मुझे माँ और बड़ी चची कोमल के बारे मई सोचने लगा ,,
सबसे जयदा मुझे रिया और जिया की चिंता होने लगी अभी बची है य्र्र वो दोनों पता नहीं कैसे हैंडल क्र रही होंगी अपने आप को ,,
मुझे पापा और बच्चा के जाने का बहोत ढक हो रहा था पैर उससे जयदा इस बात का ढक था की कोमल रिया और जिया का क्या होगा यही सोच के मैंने अपने आप रोक रखा था रोने से ,,
तवी किसी ने मुझे झोर से हिलाया ,, मैंने देखा तो वो माँ थी मैंने माँ को अपने गले लगा लिया एक तरह कोमल थी तो दूसरी तरफ माँ थी ,,
मई- माँ प्लीज चुप हो जाओ ऐसे रूट रहोगी तो कोमल को और बाकि सबको कैसे मई अकेले संभल पाउँगा प्लीज चुप हो जाओ गुड़िया मेरी जान चुप हो जा पैर कोमल कॉन्टिनोसेसलली रू रही थी ,,
मई- देखो न माँ प्लीज चुप हो जाओ मई इतना भी मजबूत नहीं हो की सबको संभल पौन ,, हमें चलना चाहिए माँ मेरी रिया और जिया कैसी होंगी आप समझो न इस बात को अब कोण है उनका प्लीज चुप हो जाओ ,,
माँ- बाबू तेरे पापा अब इस दुनिया मई नहीं है अब कैसे रहेंगे हम क्या होगा आगे ,,
मई- माँ मई हु न प्लीज आप चुप हो जाओ ,,
नानी- रूही मेरी बचे देख तू रोटी रहेगी तो बाकियो को कोण संभाले गए देख तू सबसे बड़ी है न घर मई तुहि टूट जाएगी तो बचो को कोण संभालेगा,,
मां - हां दीदी प्लीज चुप हो जाओ हमें चलना चाहिए एक और गाड़ी लेके आता हु ताकि हम सब भी चल सके ,,
मई- माँ आप रेडी हो जाओ फिर निकलते है ,,
मई कोमल को गले लगा के खड़ा था ममी माँ को लेके रूम मई चली गई,,
कोमल - भाई अब क्या होगा स्निफ्फ स्निफ्फ मुझे दर लग रहा है स्निफ्फ ,,
mai-Gudiya मेरी एक बात मानेगी देख मत रू न मुझे बहोत ढक हो रहा है तुझे रोटा हुआ देख के प्लीज न जान देख तू ऐसे रोयेगी तो रिया और जिया का क्या होगा उनको कोण संभाले गए सोच वो वह अकेली है क्या हाल होगा उनका मई हु गुड़िया डारर मत देख सबको एक न एक दिन जाना होता है इस दुनिया से कोई जल्दी चला जाता है तो कोई अपने समय से तू बहोत स्ट्रोय है मेरी जान चल रेडी होजा जितनी जल्दी चलेंगे उल्टी hi जल्दी पहुंचेंगे ,,
मैंने कोमल को आरती के साथ भेज दिया आरती को बोल दिया अपने ज़रूरी सामान पैक क्र ले मेरे साथ चलने के लिए ,,
इतने में मौसी मेरे पास आई ,,
मौसी - रोहित मेरा बचा देख तो रोना मत अपनी माँ का ख्याल रखना हम सब तुम्हारे साथ है बीटा ,,
मई- थैंक यू मौसी मई नहीं रोऊँगा मुझे बास सबकी चिंता है अब आगे कैसे क्या होगा यही सोच रहा हु ,,
मौसी - हम सब है बीटा तुम्हारा साथ,,
मई- मेरे होने वाले बचे का ख्याल रखना मौसी टाइम मिलेंगे तो ज़रूर मिलने आऊंगा ,,
मौसी - सबसे पहली खबर तुझे hi दंगे मेरे बचे दीदी का अचे से ख्याल रखना मई मिलने ज़रूर आउंगी,,
मई- ठीक है मौसी , मई वह से आरती के रूम मई गया रेडी होने के बाद अपना बैग कार मई रखा माँ भी आ गई और आरती कोमल को लेके आ गई ,,
मां - रोहित तू चल मई आता हु माँ को लेके ककी सब चलेंगे तो घर कोण देखेगा ,,
स्वाति- पैर पापा हमें भी जाना है फिर वापस चले आएंगे ,,,
मई- मां लेते आना सब को घर लॉक क्र देना ,,
नाना - पैर बीटा मई नहीं आ सकता मुझे बहोत काम है मुखिया हु न तो जा भी नहीं सकता ,,
मई- ठीक है नाना जी मां आप बाकि को लेके आओ पीछे से ,, मई कोमल माँ स्वाति को लेके निकल पड़ा घर की तरह कोमल माँ के साथ बैठी माँ के गोद में सर रख के आरती मेरे साथ आगे बैठी थी बिच मई मैंने एक जगह रोकी थी नास्ते के लिए क्यों किसी ने कुछ नहीं खाया था ,,
माँ ने मन क्र दिया कोमल भी नहीं खा रही थी पैर मैंने कोमल और आरती को खिलाया अपने हाथो से उसके बाद अपने घर की तरफ निकल गए थे मैंने अपने दोनों दोस्त को कॉल क्र के बोल दिया था की मेरे घर चले जाये छाचा की हेल्प करने क्यों जिस दिन हम आया थे उसी दिन छाचा भी घर आ गए थे ,,
जब हम घर पहुंचे तो दो लाशे हॉल पे राखी हुई थी और सब लोग वही थे मेरे दोस्त भी एक साइड खड़े थे वही कोने मई रिया और जिया बैठी थी उन दोनों की आंखे रू के सूझ गई थी ,,
पापा और चाचा की बड़ी फुरि सफ़ेद कपडे से लपटों थी क्यों की पूरी बड़ी जल गई थी वो देख के कोमल दर के मुझसे लिपट गई ,, माँ पापा की बड़ी के पास बैठ के रोने लगी ,,
रिया और जिया जब मुझे देखा तो दौड़ के आके मेरे से लिपट गई ,,
रिया - भाई देखो न क्या हो गया पापा और बड़े पापा चले गए हमें चोर के बोलो न उनसे की वापस आ जाये ,,
जिया - हां भाई आप hi बोलो न सब आपकी बात मानते है आपके कहने पे पापा और बड़े पापा आ जायेंगे बोलो न उनको हमें चोर के न जाये ,,
इन दोनों की बात सुनके सब के आँखों मई आशु आ गया आरती पे पीछे से मेरी शर्ट पकड़ के कड़ी थी वो भी बहोत दरी हुई थी ,,
जिया - भाई बोलो न कुछ बुलाओ न उनको वापस मुझे पापा से बात करनी है वो आपकी बात मानते थे मुझे उनसे क्यूट क्यूट बाटे करनी पापा सबसे जयदा मुझसे प्यार करते थे आप बोल क्यों नहीं रहे हो,,
मई- बेतु अब पापा और बड़े पापा जा चुके है अब वो मेरी भी बात नहीं मानेंगे बेतु प्लीज आप दोनों चुप हो जाओ मई हु न अप्प दोनों के पास जिया तू मुझसे अब क्यूट क्यूट बाते क्र लेना बेतु अब पापा नहीं आएंगे आपको पता है न फिर क्यों जिद क्र रही हो देखो आप दोनों अगर इतने रोटी रहोगी तो चची का क्या होगा देखो वो भी रू रही है आप दोनों को संभालना चाहिए था न चची को ,,
मेरी बात पे जिया जेक बड़ी चची के गले लग गई ,,
मई- रिया बेतु चुप हो जाओ मई आ गया हु न डरो मत मई सब ठीक क्र दूंगा देखो सब को एक न एक दिन जाना hi होता है बचा देखो आपको देख के कोमल भी ऑर्डर भी रू रही है चुप कराओ उससे,, रिया ने कोमल को गले लगा लिया ,,
मई पापा के पास जेक बैठ गया मैंने उनके फेस पे से कपडा हटा के देखना चाहा पैर चाचा ने मन क्र दिया बोलै देख नहीं पाओगे पैर मुझे एक बार देखना था पापा को ,,
मैंने जैसे hi आधा hi कपडा हटाया उनकी एक साइड की जाली हुई फेस मेरे सामने आ गई वो देख के मेरी आँखों मई आंसू आ गए ये मुझे याद भी नहीं लास्ट टाइम मई कब रोया था पैर अभी मई चिक चिक के रोना चाहता था पैर रू नहीं पा रहा था सबकी वजह से मेरी तीनो बहनो का चहेरा बार बार मेरी आँखों के सामने आ रहा था ,,
मैंने अपनी आंखे पॉच की खत से सब मुझे hi देख रहे थे मई बस अपने आप को मजबूत दिखने की कोसिस क्र रहा था ,,
पीछे से माँ ने मेरे गंदे पे हाथ रखा मैंने देखा उनको माँ की आँखों मई बहोत दर्द था जैसे वो बोल रही हो रोना नहीं वर्ण कोमल और बाकि सबको कोण संभाले गए ,,
इतने में मां बाकि सब को भी ले आया बस मौसी और नाना जी नहीं आये थे ,,
मई उठ के कोमल के पास चला आया कुछ देर तक पापा के कुछ फ्रेंड्स भी आये देखने के लिए फूफा जी भी आये थे मैंने कुछ नहीं बोलै वो बस ढक बाटने आये थे ,,
आरिफ - भाई बहार पुलिस आई है जा मिले सायद एक्सीडेंट है तो पुलिस केस बानी है चाचा बता रहे थे हॉस्पिटल वालो ने बुलवाया था पुलिस ,,
मई- बहार गया तो पुलिस नहीं थी बस रक दुबे आये थे वही सप अंकल जिनके लिए मई हैकिंग का काम करता था सोमेतिमेस ,,,
मई- नमस्ते अंकल बताओ कैसे आना हुआ ,,
सप अंकल - बीटा ढक हुआ सुनके तुम्हारा पापा और चाचा के बारे मई मुझे जब पता चला मैंने इन्वेस्टीगेशन करवाई है गाड़ी का ब्रेक फ़ैल हो जाने से गाड़ी बिजली के खम्बे मई जेक लड़ गई उसकी वजह से वो खम्भा कार पे गिर गया और तुरंत आ लग गई चोट लगने के कारन दोनों बेहोश हो गए थे वर्ण बच जाते ,,
मई- थैंक यू अंकल कितना कुछ करने के लिए अब क्या क्र सकते है जाने वाले को कोण रोक सकता है आओ न अंदर ,,
सप अंकल- फिर कवी आऊंगा बीटा किसी भी चीज की ज़रुरत हो तो कॉल करना मुझे ,,
मई- ok अंकल उसके बाद अंकल चले गए मई अंदर आ गया मां और चाचा मेरे पास आके बोले चिटा का वक़्त हो गया है जयदा वक़्त तक ऐसे नहीं रख सकते है ,,
उसके बाद हमने तयारी सुरु क्र दी पापा और बच्चा को ले जाते वक़्त कोमल और रिया जिया बहोत रू रही थी माँ बच्ची को संभल रही थी ,,
मैंने पापा बच्चा को अग्नि कुछ गान्तो बाद उनकी अस्थिया लेके मई घर आ गया पापा के फ्रेंड्स और रिलेटिव्स चले गए बस फॅमिली मेंबर्स hi बचे थे मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया था भूल तो ज़ोरो से लगी थी पैर बोल भी नहीं पा रहा था किसी से मई अपने रूम मई आके लेट गया अकेले ,,
पीछे से जिया भी आ गई मेरे रूम में,, वो आके मेरे साथ लेट गई ,,
मई- रिया बेतु तुझे भूक लगी है ,,
जिया - हां भैया पैर मान नहीं है खाने का ,,
मई- क्यों बेतु क्यों मान नहीं है ,,
जिया - पापा की याद आ रही है पता पापा सोने से पहले हमारे रूम मई आते थे हम बहोत साडी बाते करते थे माँ हमें डाट के सुला देती थी फिर पापा को अपने साथ ले जाती है अब कोण हमसे बात करेगा,,
मई- मई हु न जिया बचा अपने भैया से बात क्र लेना बचा चलो खाना खाने रिया ने भी नहीं खाया होगा ,,
जिया - किसी ने नहीं खाया भैया भैया आप मुझे अपने हाथो से खिलाना प्लीज
,,
मई- ऑलवेज बचा चलो निचे चलते है ,,
जिया- भैया गोद मई उठा के ले चलो न मुझे मई उससे अपनी गोद मई उठा लिया और निचे लेके आ गया ,, निचे हॉल मई रिया कोमल के गंदे पे सर रख के बैठी थी वही एक साइड आरती बैठी थी ,,
मैंने जिया को सोफे पे बैठ दिया और किचन मई आ गया ,,
किचन मई इस वक़्त चची और ममी थी साथ मई बुआ भी थी जो सबके लिए डिनर बना रही थी ,,
बुआ - क्या हुआ जणू कुछ चाहिए क्या ,,
मई- हां बुआ वो जिया और शायद बाकि सब को भूक लगी है ,,
बुआ- बस बन hi गया है रोहित तू सब बचो को बैठा वर्ण वो तो मन क्र रहे है खाने से तेरी बात सब मानते है ,,
मई- ठीक है बुआ ,, मई हॉल मई आ गया सब बस संत बैठे थे ,,
मई- चलो सब डिनर करने भूक लगी होगी सबको आजा जिया बीटा चल ,, जिया जेक बैठ गई और बाकि सब भी बस कोमल वही सोफे पे बैठी थी ,,
मई- गुड़िया चल आजा तुझे अपने हाथो से खिलता हु ,,
कोमल - भैया ये सब क्यों हुआ कही पापा की तरह आप तो नहीं हमें चोर के चले जाओगे ,,
मई- कैसी बाटे क्र रही हो गुड़िया कभी भी नहीं जाऊंगा आजा चल मैंने उसका हाथ पकड़ के अपने साथ बैठा दिया ,, बुआ और ममी ने सबको खाना दिया मई भी सबके बरी बरी अपने हाथो से खिला रहा था ,, उसके बाद मैंने माँ और बच्ची को भी खिलाया जो साथ मई बैठी थी ,,
उसके बाद मई अपने रूम मई आया मेरा अभी मूड नहीं था किसी से बात करने का सच बोलू तो मई बहोत डिस्टर्ब था ,, माँ और बच्ची रिये जिया और कोमल को लेके सेकंड फ्लोर से सू गई ,,
मैंने ड्रॉर में से नींद की दवा खाके सू गया ऐसे तो मुझे आ नींद आने से रही ,,
सुबह चची ने उठाया मैंने उनसे कुछ नहीं बोलै सीधा बाथरूम गया फ्रेश होने के बाद अपने कपडे पहने कुछ काम थे उसको कम्पलीट करने के बाद मई निचे आ गया माहौल बहोत संत था कल पूजा थी अंतिम संस्कार की पापा और बच्चा की ,,
तो दादी ने लिस्ट बनवाया फिर उसको लेके चाचा चले गए मां के साथ ,,
मई बाइक की चची की कार को घर पे चोर दिया और वह से सीधा संगीता के घर निकल गया ,,,
सिर्फ तीन hi ऐस इंसान थे जिनको पता था माँ और मेरे बारे में एक मई माँ खुद और नानी किसी का इस बात पे ध्यान नहीं गया की पंडित जी की कही हुई बात सच हो गई या तो रिस्ता अपनाओ या फिर कुछ बुरा होगा और होते रहेगा पैर मेरे घर से जाने के बाद माँ का ध्यान इस बात पे गया माँ ने अभी सिंदूर नहीं लगया था क्यों दुनिया के हिसाब से माँ विधवा हो गई थी पर वो अब्भी मेरी पत्नी थे माँ सीधा अपने कमरे मई गई और थोड़ा बालू के बिच में मांग भर के छुपा लिया और वो छोटी सी चैन गोल्ड की जो मैंने बहोत पहले अपनी पैकेट मनी से खरीद के माँ के बर्थडे पे दिया ता वही पहन लिया ,, फिर सब के साथ बैठ गई सब माँ को बच्ची को अचे से समझा रहे थे ,,
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कंटिन्यू
गाइस अब यहाँ से नए सिरे से स्टोरी चालू होगी बहोतो को इंतज़ार था माँ ाँ रोहित की लाइफ कैसे भी क्र के सब इससे चीज का वेट क्र रहे थे मैंने बोलै था माँ किस लिए कुछ काश सोचा है पहल माँ की मांग भरी फिर उससे न मन्ना और को पापा को खोना इससे माँ का दर और भाड़ गया और पंडित जी की बात थोड़ी थोड़ी मैंने लगी ,,
जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा मैंने मौसी को कैसे छोड़ा और हार बार उनकी बच्चेदानी में अपना विरए छोरा क्यों की उनको माँ बनना था मेरे बचे की
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मई उठे के अपने कपडे पहले फिर मौसी को बोलै पहनो को आरती बार बार गेट नॉक क्र रही थी मैंने टाइम देखा तो 9 ऍम हो रहे थे बस इतना लेट उठे है हम,,
मैंने गेट खोला तो आरती के आँखों मई नहीं अंशु थे वो मेरे गले लग गई ,,
मई- क्या हुआ चुटकी तू रू क्यों रही है बोलना ,, वो कुछ नहीं बोल रही थी मई आंगन मई आ गया वह पे भी सब रू रहे थे उनमे से सबसे जयदा माँ और कोमल रू रही थी उन्हें देख के मई बहोत डर गया ,, कोमल ने जब मुझे देखा तो वो दौड़ के आके मेरे गले लग गई और सिसक सीसल के रोने लगी ,,
मई- गुड़िया क्या हुआ तो क्यों रू रही है बता न मुझे मैंने माँ को देखा तो वो बहोत दर्द मई दिख रही थी वो भी बहोत रू रही थी ,,
मई- कोई मुझे बताएगा क्या हुआ है मेरी जान गुड़िया चुप होजा बचा मत रू न वर्ण देख मई भी रोने लग जाऊंगा ,,
कोमल - स्निफ्फ स्निफ्फ सिसकते हुए बोली ,, भैया
कोमल की बात सुनते hi मई जैम सा गया मुझे फ्लैशबैक आने लगी कैसे पापा कोमल को डटे थे तो मई हर बार इससे बचता था कैसे बचपन मई जब वो मुझे स्कूल चोर्ने जाते थे तब पापा कुछ पैसे हर बार मेरी जेब मई डालते थे ताकि मई अपनी बहेनो जो उनको चाहिए दिला सकू कैसे पापा ने मेरे लिए बाइक खरीदी फिर कार भी खरीदी और आज वो नहीं है इस दुनिया मई मुझे माँ और बड़ी चची कोमल के बारे मई सोचने लगा ,,
सबसे जयदा मुझे रिया और जिया की चिंता होने लगी अभी बची है य्र्र वो दोनों पता नहीं कैसे हैंडल क्र रही होंगी अपने आप को ,,
मुझे पापा और बच्चा के जाने का बहोत ढक हो रहा था पैर उससे जयदा इस बात का ढक था की कोमल रिया और जिया का क्या होगा यही सोच के मैंने अपने आप रोक रखा था रोने से ,,
तवी किसी ने मुझे झोर से हिलाया ,, मैंने देखा तो वो माँ थी मैंने माँ को अपने गले लगा लिया एक तरह कोमल थी तो दूसरी तरफ माँ थी ,,
मई- माँ प्लीज चुप हो जाओ ऐसे रूट रहोगी तो कोमल को और बाकि सबको कैसे मई अकेले संभल पाउँगा प्लीज चुप हो जाओ गुड़िया मेरी जान चुप हो जा पैर कोमल कॉन्टिनोसेसलली रू रही थी ,,
मई- देखो न माँ प्लीज चुप हो जाओ मई इतना भी मजबूत नहीं हो की सबको संभल पौन ,, हमें चलना चाहिए माँ मेरी रिया और जिया कैसी होंगी आप समझो न इस बात को अब कोण है उनका प्लीज चुप हो जाओ ,,
माँ- बाबू तेरे पापा अब इस दुनिया मई नहीं है अब कैसे रहेंगे हम क्या होगा आगे ,,
मई- माँ मई हु न प्लीज आप चुप हो जाओ ,,
नानी- रूही मेरी बचे देख तू रोटी रहेगी तो बाकियो को कोण संभाले गए देख तू सबसे बड़ी है न घर मई तुहि टूट जाएगी तो बचो को कोण संभालेगा,,
मां - हां दीदी प्लीज चुप हो जाओ हमें चलना चाहिए एक और गाड़ी लेके आता हु ताकि हम सब भी चल सके ,,
मई- माँ आप रेडी हो जाओ फिर निकलते है ,,
मई कोमल को गले लगा के खड़ा था ममी माँ को लेके रूम मई चली गई,,
कोमल - भाई अब क्या होगा स्निफ्फ स्निफ्फ मुझे दर लग रहा है स्निफ्फ ,,
mai-Gudiya मेरी एक बात मानेगी देख मत रू न मुझे बहोत ढक हो रहा है तुझे रोटा हुआ देख के प्लीज न जान देख तू ऐसे रोयेगी तो रिया और जिया का क्या होगा उनको कोण संभाले गए सोच वो वह अकेली है क्या हाल होगा उनका मई हु गुड़िया डारर मत देख सबको एक न एक दिन जाना होता है इस दुनिया से कोई जल्दी चला जाता है तो कोई अपने समय से तू बहोत स्ट्रोय है मेरी जान चल रेडी होजा जितनी जल्दी चलेंगे उल्टी hi जल्दी पहुंचेंगे ,,
मैंने कोमल को आरती के साथ भेज दिया आरती को बोल दिया अपने ज़रूरी सामान पैक क्र ले मेरे साथ चलने के लिए ,,
इतने में मौसी मेरे पास आई ,,
मौसी - रोहित मेरा बचा देख तो रोना मत अपनी माँ का ख्याल रखना हम सब तुम्हारे साथ है बीटा ,,
मई- थैंक यू मौसी मई नहीं रोऊँगा मुझे बास सबकी चिंता है अब आगे कैसे क्या होगा यही सोच रहा हु ,,
मौसी - हम सब है बीटा तुम्हारा साथ,,
मई- मेरे होने वाले बचे का ख्याल रखना मौसी टाइम मिलेंगे तो ज़रूर मिलने आऊंगा ,,
मौसी - सबसे पहली खबर तुझे hi दंगे मेरे बचे दीदी का अचे से ख्याल रखना मई मिलने ज़रूर आउंगी,,
मई- ठीक है मौसी , मई वह से आरती के रूम मई गया रेडी होने के बाद अपना बैग कार मई रखा माँ भी आ गई और आरती कोमल को लेके आ गई ,,
मां - रोहित तू चल मई आता हु माँ को लेके ककी सब चलेंगे तो घर कोण देखेगा ,,
स्वाति- पैर पापा हमें भी जाना है फिर वापस चले आएंगे ,,,
मई- मां लेते आना सब को घर लॉक क्र देना ,,
नाना - पैर बीटा मई नहीं आ सकता मुझे बहोत काम है मुखिया हु न तो जा भी नहीं सकता ,,
मई- ठीक है नाना जी मां आप बाकि को लेके आओ पीछे से ,, मई कोमल माँ स्वाति को लेके निकल पड़ा घर की तरह कोमल माँ के साथ बैठी माँ के गोद में सर रख के आरती मेरे साथ आगे बैठी थी बिच मई मैंने एक जगह रोकी थी नास्ते के लिए क्यों किसी ने कुछ नहीं खाया था ,,
माँ ने मन क्र दिया कोमल भी नहीं खा रही थी पैर मैंने कोमल और आरती को खिलाया अपने हाथो से उसके बाद अपने घर की तरफ निकल गए थे मैंने अपने दोनों दोस्त को कॉल क्र के बोल दिया था की मेरे घर चले जाये छाचा की हेल्प करने क्यों जिस दिन हम आया थे उसी दिन छाचा भी घर आ गए थे ,,
जब हम घर पहुंचे तो दो लाशे हॉल पे राखी हुई थी और सब लोग वही थे मेरे दोस्त भी एक साइड खड़े थे वही कोने मई रिया और जिया बैठी थी उन दोनों की आंखे रू के सूझ गई थी ,,
पापा और चाचा की बड़ी फुरि सफ़ेद कपडे से लपटों थी क्यों की पूरी बड़ी जल गई थी वो देख के कोमल दर के मुझसे लिपट गई ,, माँ पापा की बड़ी के पास बैठ के रोने लगी ,,
रिया और जिया जब मुझे देखा तो दौड़ के आके मेरे से लिपट गई ,,
रिया - भाई देखो न क्या हो गया पापा और बड़े पापा चले गए हमें चोर के बोलो न उनसे की वापस आ जाये ,,
जिया - हां भाई आप hi बोलो न सब आपकी बात मानते है आपके कहने पे पापा और बड़े पापा आ जायेंगे बोलो न उनको हमें चोर के न जाये ,,
इन दोनों की बात सुनके सब के आँखों मई आशु आ गया आरती पे पीछे से मेरी शर्ट पकड़ के कड़ी थी वो भी बहोत दरी हुई थी ,,
जिया - भाई बोलो न कुछ बुलाओ न उनको वापस मुझे पापा से बात करनी है वो आपकी बात मानते थे मुझे उनसे क्यूट क्यूट बाटे करनी पापा सबसे जयदा मुझसे प्यार करते थे आप बोल क्यों नहीं रहे हो,,
मई- बेतु अब पापा और बड़े पापा जा चुके है अब वो मेरी भी बात नहीं मानेंगे बेतु प्लीज आप दोनों चुप हो जाओ मई हु न अप्प दोनों के पास जिया तू मुझसे अब क्यूट क्यूट बाते क्र लेना बेतु अब पापा नहीं आएंगे आपको पता है न फिर क्यों जिद क्र रही हो देखो आप दोनों अगर इतने रोटी रहोगी तो चची का क्या होगा देखो वो भी रू रही है आप दोनों को संभालना चाहिए था न चची को ,,
मेरी बात पे जिया जेक बड़ी चची के गले लग गई ,,
मई- रिया बेतु चुप हो जाओ मई आ गया हु न डरो मत मई सब ठीक क्र दूंगा देखो सब को एक न एक दिन जाना hi होता है बचा देखो आपको देख के कोमल भी ऑर्डर भी रू रही है चुप कराओ उससे,, रिया ने कोमल को गले लगा लिया ,,
मई पापा के पास जेक बैठ गया मैंने उनके फेस पे से कपडा हटा के देखना चाहा पैर चाचा ने मन क्र दिया बोलै देख नहीं पाओगे पैर मुझे एक बार देखना था पापा को ,,
मैंने जैसे hi आधा hi कपडा हटाया उनकी एक साइड की जाली हुई फेस मेरे सामने आ गई वो देख के मेरी आँखों मई आंसू आ गए ये मुझे याद भी नहीं लास्ट टाइम मई कब रोया था पैर अभी मई चिक चिक के रोना चाहता था पैर रू नहीं पा रहा था सबकी वजह से मेरी तीनो बहनो का चहेरा बार बार मेरी आँखों के सामने आ रहा था ,,
मैंने अपनी आंखे पॉच की खत से सब मुझे hi देख रहे थे मई बस अपने आप को मजबूत दिखने की कोसिस क्र रहा था ,,
पीछे से माँ ने मेरे गंदे पे हाथ रखा मैंने देखा उनको माँ की आँखों मई बहोत दर्द था जैसे वो बोल रही हो रोना नहीं वर्ण कोमल और बाकि सबको कोण संभाले गए ,,
इतने में मां बाकि सब को भी ले आया बस मौसी और नाना जी नहीं आये थे ,,
मई उठ के कोमल के पास चला आया कुछ देर तक पापा के कुछ फ्रेंड्स भी आये देखने के लिए फूफा जी भी आये थे मैंने कुछ नहीं बोलै वो बस ढक बाटने आये थे ,,
आरिफ - भाई बहार पुलिस आई है जा मिले सायद एक्सीडेंट है तो पुलिस केस बानी है चाचा बता रहे थे हॉस्पिटल वालो ने बुलवाया था पुलिस ,,
मई- बहार गया तो पुलिस नहीं थी बस रक दुबे आये थे वही सप अंकल जिनके लिए मई हैकिंग का काम करता था सोमेतिमेस ,,,
मई- नमस्ते अंकल बताओ कैसे आना हुआ ,,
सप अंकल - बीटा ढक हुआ सुनके तुम्हारा पापा और चाचा के बारे मई मुझे जब पता चला मैंने इन्वेस्टीगेशन करवाई है गाड़ी का ब्रेक फ़ैल हो जाने से गाड़ी बिजली के खम्बे मई जेक लड़ गई उसकी वजह से वो खम्भा कार पे गिर गया और तुरंत आ लग गई चोट लगने के कारन दोनों बेहोश हो गए थे वर्ण बच जाते ,,
मई- थैंक यू अंकल कितना कुछ करने के लिए अब क्या क्र सकते है जाने वाले को कोण रोक सकता है आओ न अंदर ,,
सप अंकल- फिर कवी आऊंगा बीटा किसी भी चीज की ज़रुरत हो तो कॉल करना मुझे ,,
मई- ok अंकल उसके बाद अंकल चले गए मई अंदर आ गया मां और चाचा मेरे पास आके बोले चिटा का वक़्त हो गया है जयदा वक़्त तक ऐसे नहीं रख सकते है ,,
उसके बाद हमने तयारी सुरु क्र दी पापा और बच्चा को ले जाते वक़्त कोमल और रिया जिया बहोत रू रही थी माँ बच्ची को संभल रही थी ,,
मैंने पापा बच्चा को अग्नि कुछ गान्तो बाद उनकी अस्थिया लेके मई घर आ गया पापा के फ्रेंड्स और रिलेटिव्स चले गए बस फॅमिली मेंबर्स hi बचे थे मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया था भूल तो ज़ोरो से लगी थी पैर बोल भी नहीं पा रहा था किसी से मई अपने रूम मई आके लेट गया अकेले ,,
पीछे से जिया भी आ गई मेरे रूम में,, वो आके मेरे साथ लेट गई ,,
मई- रिया बेतु तुझे भूक लगी है ,,
जिया - हां भैया पैर मान नहीं है खाने का ,,
मई- क्यों बेतु क्यों मान नहीं है ,,
जिया - पापा की याद आ रही है पता पापा सोने से पहले हमारे रूम मई आते थे हम बहोत साडी बाते करते थे माँ हमें डाट के सुला देती थी फिर पापा को अपने साथ ले जाती है अब कोण हमसे बात करेगा,,
मई- मई हु न जिया बचा अपने भैया से बात क्र लेना बचा चलो खाना खाने रिया ने भी नहीं खाया होगा ,,
जिया - किसी ने नहीं खाया भैया भैया आप मुझे अपने हाथो से खिलाना प्लीज
मई- ऑलवेज बचा चलो निचे चलते है ,,
जिया- भैया गोद मई उठा के ले चलो न मुझे मई उससे अपनी गोद मई उठा लिया और निचे लेके आ गया ,, निचे हॉल मई रिया कोमल के गंदे पे सर रख के बैठी थी वही एक साइड आरती बैठी थी ,,
मैंने जिया को सोफे पे बैठ दिया और किचन मई आ गया ,,
किचन मई इस वक़्त चची और ममी थी साथ मई बुआ भी थी जो सबके लिए डिनर बना रही थी ,,
बुआ - क्या हुआ जणू कुछ चाहिए क्या ,,
मई- हां बुआ वो जिया और शायद बाकि सब को भूक लगी है ,,
बुआ- बस बन hi गया है रोहित तू सब बचो को बैठा वर्ण वो तो मन क्र रहे है खाने से तेरी बात सब मानते है ,,
मई- ठीक है बुआ ,, मई हॉल मई आ गया सब बस संत बैठे थे ,,
मई- चलो सब डिनर करने भूक लगी होगी सबको आजा जिया बीटा चल ,, जिया जेक बैठ गई और बाकि सब भी बस कोमल वही सोफे पे बैठी थी ,,
मई- गुड़िया चल आजा तुझे अपने हाथो से खिलता हु ,,
कोमल - भैया ये सब क्यों हुआ कही पापा की तरह आप तो नहीं हमें चोर के चले जाओगे ,,
मई- कैसी बाटे क्र रही हो गुड़िया कभी भी नहीं जाऊंगा आजा चल मैंने उसका हाथ पकड़ के अपने साथ बैठा दिया ,, बुआ और ममी ने सबको खाना दिया मई भी सबके बरी बरी अपने हाथो से खिला रहा था ,, उसके बाद मैंने माँ और बच्ची को भी खिलाया जो साथ मई बैठी थी ,,
उसके बाद मई अपने रूम मई आया मेरा अभी मूड नहीं था किसी से बात करने का सच बोलू तो मई बहोत डिस्टर्ब था ,, माँ और बच्ची रिये जिया और कोमल को लेके सेकंड फ्लोर से सू गई ,,
मैंने ड्रॉर में से नींद की दवा खाके सू गया ऐसे तो मुझे आ नींद आने से रही ,,
सुबह चची ने उठाया मैंने उनसे कुछ नहीं बोलै सीधा बाथरूम गया फ्रेश होने के बाद अपने कपडे पहने कुछ काम थे उसको कम्पलीट करने के बाद मई निचे आ गया माहौल बहोत संत था कल पूजा थी अंतिम संस्कार की पापा और बच्चा की ,,
तो दादी ने लिस्ट बनवाया फिर उसको लेके चाचा चले गए मां के साथ ,,
मई बाइक की चची की कार को घर पे चोर दिया और वह से सीधा संगीता के घर निकल गया ,,,
सिर्फ तीन hi ऐस इंसान थे जिनको पता था माँ और मेरे बारे में एक मई माँ खुद और नानी किसी का इस बात पे ध्यान नहीं गया की पंडित जी की कही हुई बात सच हो गई या तो रिस्ता अपनाओ या फिर कुछ बुरा होगा और होते रहेगा पैर मेरे घर से जाने के बाद माँ का ध्यान इस बात पे गया माँ ने अभी सिंदूर नहीं लगया था क्यों दुनिया के हिसाब से माँ विधवा हो गई थी पर वो अब्भी मेरी पत्नी थे माँ सीधा अपने कमरे मई गई और थोड़ा बालू के बिच में मांग भर के छुपा लिया और वो छोटी सी चैन गोल्ड की जो मैंने बहोत पहले अपनी पैकेट मनी से खरीद के माँ के बर्थडे पे दिया ता वही पहन लिया ,, फिर सब के साथ बैठ गई सब माँ को बच्ची को अचे से समझा रहे थे ,,
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कंटिन्यू
गाइस अब यहाँ से नए सिरे से स्टोरी चालू होगी बहोतो को इंतज़ार था माँ ाँ रोहित की लाइफ कैसे भी क्र के सब इससे चीज का वेट क्र रहे थे मैंने बोलै था माँ किस लिए कुछ काश सोचा है पहल माँ की मांग भरी फिर उससे न मन्ना और को पापा को खोना इससे माँ का दर और भाड़ गया और पंडित जी की बात थोड़ी थोड़ी मैंने लगी ,,