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- Dec 5, 2013
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अपडेट 74
जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था मेरे होश में आने के बाद सब से मिला फिर संगीता रूही को लेके मुझसे मिलने आई रूही को प्यार दिया और मनाया वही मुझे निकिता मम से पता चला सिमु गाओ गई क्यों इसके पापा को हैरतटक आया है वही 3 दिन बाद मुझे हॉस्पिटल से लीव मिल गया तो मई बुआ के साथ घर आ गया
अब आगे
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मई अपनी बहनो के साथ रूम में था तो माँ मेरे लिए लंच लेके आई ...
माँ - चलो सब के सब निचे जाओ मेरे बाबू को परेशां मत करो ...
आरती - मौसी हम कहा कुछ करर रहे है हम तो बस भाई के साथ है ...
माँ- मुझे पता है सब मेरे बाबू को अपनी बातो से पका दिया होगा ...
मई - क्या माँ मेरी प्यारी बहनो को कुछ मत बोलो आप लंच लाओ मई अपनी बहनो के साथ खाऊंगा ...
माँ- ठीक है बाबा पैर मई अपने हाथो से खिलाऊंगा ...
मेरी बहने - हमे भी खाना आपके हाथो से...
माँ ने अपनी हाथो से खिलाया सबको और मुझे भी उसके बाद माँ ने सबको निचे भेज दिया ये बोलके की मुझे आराम करने दे ...
माँ मेरे पास बैठ गई और मेरे सर को अपनी गोद में रख लिया और धीरे धीरे मेरे बालो में उंगलिया फिरने लगी ...
मई - माँ अब आगे क्या करना है ...
माँ - मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा है बाबू एक तरफ मेरा बीटा है तू वही दूसरी तरफ मांग भी भर दी है तूने ..
मई - हमे इस बात को अपनाने में टाइम लगेगा ...
माँ - हां पैर अभी चोर इस बात को चल आराम से सू जा मेरी गोद में मेरे सर पे किश करती हुई बोली ...
मई उनकी गोद में सू गया कुछ देर में hi..
मेरे सोते hi मुझे माँ दिखने लगी पैर वो बहोत जवान लग रही थी ऐसे लग रहा था जैसे माँ 25 साल की हो उस वाथ मई एक कमरे में था माँ तैयार हो रही थी उन्होंने सही कपडे पहने थे पैर ऐसे लग रहा था मई वह सिर्फ ये देख पा रहा हु पैर हो किसी और के साथ रहा है ...
मई चलते हुए माँ के पास आया और उनके होंठो पे किश करर दिया कुछ देर तक हम दोनों ने किश किया ...
तब पता नहीं क्यों मुझे बहोत प्यार आ रहा था माँ पे सच में कितनी हॉट और सेक्सी लग रही थी यंग आगे में ...
इतने में किसी ने मुझे ज़ोर से हिलाया ...
प्रिय - भाई उठो साम हो गई है कितना सू रहे हो आप ...
मैंने जब अपनी आंखे खोली तो देखा सामने प्रिय थी और उसके बूब्स लटके हुए थे उसके मध्यम साइज के बूब्स बहोत प्यारे लग रहे थे ...
मैंने उसको अपनी बहो में खींच लिया ...
प्रिय - भाई ी लव यू भाई ऐसे hi अपनी बहो में रखो अपनी प्रिय को प्लीज ....
मई- सॉरी प्रिय मई तुझे टाइम नहीं दी पता हु ....
प्रिय - कोई बात नहीं भाई मुझे बस थोड़ा सा hi प्यार करर लिया करो मई उतने से hi अपनी जिंदगी काट लुंगी. ..
मई - चुप पागल कही की मई तो अपनी प्रिय को बहोत सारा प्यार दूंगा और अपने बचे की माँ भी बनाऊंगा बोल बनेगी न ... प्रिय शर्मा के अपना फेस छुपा लिया ...
मई - वह मेरी गर्लफ्रेंड सरमाती भी है ज़रा इधर देख मेरी जान ... प्रिय ने मेरी तरफ देखा उस वक़्त उसके दोनों गाल लाल हो गए थे मुझे वो बहोत हॉट और क्यूट लग रही थी ...
मैंने उसके थोड़ा और ऊपर लिया और किश करने लगा उसके होंठ बहोत सॉफ्ट थे और राश से भरे भी ...
प्रिय - सलुपपपप सलुपपपप सलुपपपप उनममममम भाई सलुपपपप ी लव यू भाई उम्म्म सलुपपप ी रियली लव उम्म्म मई बनूँगी माँ आपके बचे की सलुपपप ....
मई उसके मुँह से निकलने वाला सारा तहत पी रहा था और प्रिय की झिव से भी खेल रहा था ...
मई - सलुपपप कितने मीठे है तेरे होंठ सलुपपप उम्म्म प्रिय बोलना मेरा लुंड लेगी अपनी छूट में सलुप्प उम्म्म ....
प्रिय - उम्म्म्म सलुपपप हां भाई लुंगी आपका लुंड मई अपनी छोटी से छूट में आप सलुपपप छोड़ छोड़ के मुझे सलुपपप और हॉट उम्म्म करर देना ....
मई - ठीक है मेरी जान अब निचे चले वैसे माँ कहा है ... मैंने प्रिय की मुँह को साफ़ करते हुए पूछा ...
प्रिय - भाई ममी तो निचे है सबके साथ चलो मई आपके ले चलती हु ...
मई - मेरी पगली बहन मई चल सकता हु बुद्धू चोट मेरे सर पे लगी है न की पेअर में..
प्रिय - नहीं आप मेरा हाथ पकड़ के चलो मुझे नहीं सुन्ना कुछ भी जब तक आप ठीक नहीं हो जाते हम सब बहने आपकी सेवा करेंगे . ....
मई - पेरी प्यारी बहन और गफ भी उम्म्म उसके सर पे किश करते हुए बोलै ...
प्रिय - मेरे प्यारे भाई चलो अब उसने मेरा हाथ पकड़ा और निचे ले जाने लगी ऐसे करर रही थी जैसे मई कोई बचा हु ...
मई प्रिय के साथ निचे आया तो वह मेरी फॅमिली बैठी थी और मेरे आने के बाद जस्ट ज्योति चची भी निचे आई ..
मई - माँ आप चची को अपने रूम में रख लो जब तक बेबी नहीं हो जाता ऐसे ऊपर निचे करने में कतरा भी है और प्रॉब्लम हो सकती है ...
दादी - बिलकुल सही कहा मेरे पोते है ज्योति तू आज से सुबि के साथ रहेगी जब तक बेबी नहीं हो जाता ...
अनु बुआ - हां ज्योति माँ और रोहित बिलकुल सही बोल रहे है ...
ज्योति चची - ठीक जैसा आप सब बोलो ...
उसके बाद ऐसे दिन निकलने लगी 10 दिन तक इन्होने मुझे कही जाने नहीं दिया एंड तब तक मेरी चोट जो थी वो भर चुकी थी ...
2 दिन बाद सिमु का बर्थडे था इस बिच मेरा उससे कोई बात नहीं हुआ था मैंने कॉल करने की कोसिस की थी पैर उसका कॉल नहीं लग रहा था मुझे दर भी लग रहा था कही कुछ हुआ तो नहीं सिमु के साथ गाओ में ...
इस बिच ममी और मौसी भी चली गई मैंने एक दिन मौसी से बात की अकेले में मिलते मौसी मेरे गले लग गई और मुझे चूमने लगी उन्होंने मुझे बताया ये बचे मेरा है मई बहोत खुश हुआ उनकी बात सुनके फिर नेक्स्ट वो चले गई पैर मैंने जैसे वडा किया था अपनी दोनों बहनो को डिम्पी और स्वाति को की उनका एडमिशन कॉलेज में करवा दूंगा उन दोनों को बुला की 10 दिन बाद मई गाओ आऊंगा कार से दोनों को लेने क्यों हमारा सोल्लगे 15 दिन बाद खुलने वाला था और नई एडमिशंस चालू दोने वाला था ...
सिमु के बर्थडे के दिन पहले मई अपने रूम में सोया हुआ था मेरे साथ आरती सू रही थी और सोने से पहले उसने मेरे साथ बहोत मस्ती की थी जिससे वो थक के सू गई थी ...
अचानक से मेरी नींद खुली और मेरे सामने देव खड़ा था उस वक़्त हम वही थी जब मई उससे पहली बार मिला था ...
देव - मुझे तुम कुछ देना है जिसकी तुम्हे बहोत ज़रूरत पड़ने वाली है ...
मई - ारे यार तुम एक बार सब कुछ क्यों नहीं बता देते ...
देव - बकवास मत करो रोहित वैसे लास्ट टाइम तुमने जो देखा था अपनी माँ के साथ वो मेरी रूबी थी और इस बार मई तुम्हे तुम्हारी पिछले जनम की सब कुछ दिखने वाला हु यही मेरी यादे तुम्हे देने वाला हु जिससे तुम्हे अपनी माँ के साथ पति पत्नी बांके रहने अशनि होगी ...
मई - पैर मई अपने पिछले जनम के याद से ये सब नहीं करना चाहता हु मई उनके साथ धीरे धीरे आगे भड़ना चाहता हु ...
देव - मई समझ सकता हु रोहित पैर ये ज़रूरी है इससे तुम पावर्स का सहिस इ इस्तेमाल क्र सकोगे और रही बात तुम्हारी जिंदगी की उसमे कोई चेंज नहीं आएगा मेरे कारन बस तुम्हारी फीलिंग्स चेंज हो जाएँगी रूबी के साथ ...
मई - ठीक है वैसे देखा जाये तो हम दोनों एक hi है तो इसमें कोई बुराई भी नहीं है ..
देव - पैर एक और बात तुम्हे और जयदा म्हणत करनी होगी जिससे इन शक्तियों का अचे से इस्तेमाल करर सको ...
मई - ठीक है जैसा तुम कहो उसके बाद जैसे मैंने ये कहा उसके अगले hi पल देव मेरी बॉडी से आ जुड़ा जिससे मेरी पिछले जनम का दृश्य दिखने लगा वो सब कुछ जो मेरे साथ और बाकियों के साथ हुआ था कैसे रूही की डेथ हुई थी कैसे रूबी की डेथ हुई थी और कैसे मेरी बाकि परिवार को मारा था लेकिन उन दोनों देव ने जो कहा था मेरे अलावा दो और भी इस धरती पे जिनके साथ मिलके मुझे ुसस्स बुरी सकती से लड़ना उसके बारे कुछ नहीं दिखा...
देव - अब मेरे जाने का समय हो गया है तुम्हे वो सब कुछ मिल गया हो मेरा था यानि तुम्हारा था पिछले जनम में और रही उन दोनों की वो बस चुने गए है मेरे बाकि दोनों दोस्तों के द्वारा ...
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( गाइस तो आप लोग समझ गए होंगे और जिसने थे पावर पढ़ी है उससे पता उस रोहित को पावर्स के लिए चुना गया है मैंने उसमे लिखा भी है कैसे मास्टर मोंक की रिंग ने रोहित( थे पुनिशेर) को चुना था ) और रही था दूसरे हीरो की उसका जिक्र इसमें नहीं होगा अभी क्यों वो स्टोरी मैंने स्टार्ट नहीं की (थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम)
गुयर एक और बात जो इन तीनो हीरो थे पुनिशेर और रोहित एंड ( अननोन हीरो) का मैं वेल्लिअन है जिसके कहने इन तीनो के सात ये सब हो रहा है वो थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम में hi आएगा उससे पहले नहीं इस इस स्टोरी का वेल्लिअन कोई और है जो उसका गुलाम है ....
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देव - एक और बात बता दू मई अब तुम्हे सावधान रहना होगा क्युकी खतरे भड़ने वाले है ...
फिर अचानक से मेरी नींद खुल गई अभी सुबह के 4 बज रहे थे मैंने साइड में देखा तो आरती बड़े प्यार से सू रही थी बिलकुल नुदे वैसे मई नुदे hi था ...
मैंने उसके होंठो को चूमा फिर फ्रेश हुआ और ऊपर चला गया जहा मेरा गयम तब वैसे ऊपर इस बिच 2 रूम्स बना दिए गए थे डिम्पी आरती प्रिय और स्वाति के लिए और वैसे मुझे पता था ये सब मेरे साथ सोने वाली है तो बस वो रूम इनके नार्मल उसे क्र लिए hi है ...
ऊपर जेक मैंने 1 जानते गयम किया गयम करते वक़्त मई वी सब चीजे आराम से उठा ले रहा था जैसे वो मेरे लिए कुछ है hi नहीं शायद ये सब पावर्स की वजह से हो रहा था ...
गयम करने के बाद मई निचे आया क्यों मुझे आज कही जाना था जो मैंने अपने विशन में देखा था और वो जगह सिमु के गाओ के पास hi तह तो मैंने सोचा सिमु के घर चला जाऊंगा और पता करूँगा क्या हुआ है ...
मई अपने रूम में आके तैयार हुआ उस वक़्त आरती भी उठ के कोमल के रूम में चली गई ,,
जब मई निचे आया तो निचे बस ज्योति चची अनु बुआ और माँ थी दादी अपने कमरे में थी...
माँ - बाबू इतना तैयार होक कहा जा रहा है ...
मई - माँ मेरे बात से काम बाकि है उसके लिए hi जा रहा हु शायद रात में आऊंगा या फिर कल आऊंगा ...
माँ - ऐसा कोनसा काम है जिसके लिए इतना टाइम लगेगा ..
मई - मेरी प्यारी माँ शॉप का hi काम है और कुछ मेरा भी ...
ज्योति चची - भाभी इतना परेशां मत हो वो बचा नहीं है अब उसकी hi तो घर चलना है तो काम तो होंगे hi न और देखो अब रोहित ठीक भी हो गया है ...
माँ - ठीक है पैर तू मुझे कॉल करेगा ...
मई - ठीक है माँ आप जल्दी से अपने हाथो से ब्रेकफास्ट करवा दो ..
माँ मेरे लिए ब्रेकफास्ट निकलने लगी .. मई सीधी के पास गया और जोर से चिल्लाया ...
मई - कोमल रिया जिया जल्दी सब के सब निचे आओ ब्रेकफास्ट करने उसके बाद मई जा रहा हु .. सब मेरी आवाज सुनके निचे आ गई ..
माँ मुझे अपने हाथो से ब्रेकफास्ट खिलने लगी ..
जिया - भाई कहा जा रहे हो ..
मई - काम से तो आज रात को आऊंगा या कल ...
कोमल - हम भी चले ..
मई- नहीं गुड़िया काम है मुझे और तुम सब घर पे रहो मई वापस आके तुम सबको शॉपिंग करवाने ले चलूँगा ..
प्रिय - सच्ची में ...
मई - हां बाबू क्यों तुम सबको कॉलेज भी जाना है न उसके लिए नई कपडे खरीद दूंगा...
आरती - और मेरे लिए भाई ...
मई - तेरे किया क्यों तुझे थोड़ी कॉलेज जाना है तेरे लिए स्कूल ड्रेस ला दूंगा ... उसमे मेरी बात पे मुँह बना लिया ...
आरती - मौसी देखो न भाई को बोल रहे है मेरे लिए नहीं खरीदेंगे क्या मई इनकी बहन नहीं हु ... मैंने उसकी इस बात पे उसका नाक पकड़ लिया ज़ोर से ...
आरती - आठ भाई दर्द हो रहा है चोरो न ...
मई - तो ऐसा क्यों बोलै की तू मेरी बहन नहीं है हां मई तो बस मजाक करर रहा था ...
आरती - सॉरी भाई मुझे लगा आप सच में बोल रहे हो ...
मैंने उसको थोड़ा खिलते हुए बोलै चुटकी तुम सब मेरे लिए एक बराबर हो बीटा ऐसा थोड़ी सब की खरीदूंगा और एक को नहीं मई तो बस मजाक करता हु चुटकी ...
आरती रट हुए गले लग गई ...
मई- ाचा चल रू मत हैश अब्ब मई आने के बाद तेरे लिए एक एक्स्ट्रा खरीद दूंगा अब खुश ...
आरती - नहीं मेरे लिए सबके लिए आरती की बात पे सही बहने हमसे चिपक गई .. ये सब के सब खुश हो गए ...
अनु बुआ - किसी को नज़र न लगे हमारे परिवार को ...
मई - ाचा ब्यय मई चल हु वो सब अपना ख्याल रखना उसके बाद मैंने अपने 1 कपडे लिए इमरजेंसी के लिए और कुछ पैसे फिर अपनी कार लेके निकल गया संगीता से घर दोनों से मिलने के लिए वह मई रूही से मिला फिर संगीता को प्यार किया और निकला गया सिमु की गाओ की तरफ ...
मैंने अपने पिछले जनम जहा मई रहता है अब वो जगह खली पड़ी है वो एक राज्य था जो मेरे मरने के बाद जबह हो गया और वही से कुछ दुरी पे सिमु का गाओ है तो मई वही जाने वाला था क्यों वो एक महल था और वह पे कुछ सीक्रेट्स जगह जहा पे बहोत सी होने के सिक्के और बहोत से डायमंड है और भी बहोत कुछ जिसका मई इस्तेमाल करने वाला है पैर उससे पहले मई सिमु के घर जाने वाला था...
2 गांठे की ड्राइविंग के बाद मई गाओ में पहुंच गया मई सरप्राइज देना चाहता था सिमु के बर्थडे के दिन पैर मुझे क्या लगा मुझे सी सरप्राइज मिलने वाला है ...
सिमु ने पहले से मुझे बता रखा था गाओ में सबसे बड़ा घर उसी का है ...
जब मई उसके घर के सामने पंहुचा तो वो बंद था मैंने कॉल करने की कोसिस क्र पैर कॉल नहीं लगी ...
अभी मई सिमु के घर के सामने खड़ा था तभी एक औरत आई मेरे पास ...
औरत - किस्से मिलने है बीटा तुम यहाँ एक नहीं लगते हो ...
मई - हां आंटी मई सहर से आता हु मुझे सिमरन से मिलना है पैर यहाँ तो घर बंद पड़ा है क्या आप मुझे बताओगी वो लोग कहा गए है ...
औरत - तुम्हे नहीं पता इनके साथ क्या हुआ ...
मई - नहीं आंटी वो तो आज सिमरन का बर्थडे था वो मई आया था उससे मिलने मैंने कॉल क्या पैर नहीं लग रहा है वैसे आप मुझे बताओगी क्या हुआ है ...
औरत - सब कुछ बर्बाद हो गया था इनका पहले बेचारो से सब कुछ खो दिया उनके बाद सिमरन बेटी ने अपने पिता को भी खो दिया बेचारी बहोत बुरा हाल है उनका ...
मई वो सुन्न के शॉकेड हो गया इतना सब कुछ हो गया सिमु के साथ और उसने कॉल तक नहीं क्या फिर मुझे याद आया बेचारी को तो पता भी मुझे होश आ गया है ... आंटी ने मुझे हिलाते हुए लगाया अपनी सोच से ...
मई - ये सब कैसे हुआ आंटी और आप कहा है वो लोग ...
औरत - बीटा गाओ के बहार एक खेत है जो एक आखिरी निशानी बचा है वो सिर्फ इसीलिए क्यों वो जमीन सिमरन के नाम पे था तो वो वही बने एक झोपड़ी में रह रहे है मुझे इससे जयदा नहीं पता बीटा ....
मई - सुक्रिया आंटी मई जाता हु उनसे मिलने ...
औरत - बीटा वो लोग अचे लोग है पैर अभी बहोत ढक में है हो सके तो उनकी मदद के देना ...
मई - वही करने आया हु आंटी सिमरन मेरी होने वाली बीबी है इसीलिए किये मई उनके अपने साथ ले जाऊंगा सहर ...
औरत - बहोत ाचा किया बीटा तुम जिस रस्ते से आये हो उसी तरफ से चले जाना गाओ से निकलते hi बैई तरफ उनका खेत होगा ...
मई - सुक्रिया आंटी फिर मई अपने कार लेके निकल गया जैसे आंटी बताया था मई वह पहुंच तो एक खेत था वह पे एक झोपड़ी बही थी छोटा सा उसके बहार एक लड़की थी जो शायद कपडे धो रही थी मैंने अपनी कार रोकी और चल दिया उसकी तरफ ...
जब मई उसके पास पंहुचा तो वो उठ कड़ी हुई ...
लड़की - अगर आप भी हमसे पैसे लेने आये हो तो हमारे पास कुछ नहीं बचा आपको देने के लिए उसने उदास होक बोलै शायद उसने मुझे गलत इंसान समाज लिया था ...
इतने में अंदर से सिमु की आवाज आई ...
सिमु - कोण है आया है दिया बहार आते हुए बोली ... ू तो मेरी साली साहिबा का नाम दिया है ...
दिया - पता नहीं दीदी शायद कोई पैसे मांगने आया .. जैसे सिमु ने मुझे देखा वो भाग के आके मेरे गले लग गई ये देख के दिया की आंखे बड़ी हो गई की उसकी दीदी किसी अनजान लड़के से चिपकी पड़ी है ...
दिया - दीदी आप क्या करर रही हो ये कोण है माँ ने देख लिया तो बहार मार पड़ेगी आपको ...
सिमु ने उसको बातो का जवाब नहीं दिया ...
मई - सिमु मेरी जान ऐसे रट नहीं तू तो मेरी स्ट्रांग बेबी है न फिर ऐसे रू क्यों रही है देख मई आ गया हु चुप हो जाए ...
मेरी बात सुनके दिया की आंखे बड़ी हो गई ...
सिमु- मुझे पता था तुम ज़रूर आओगे बाबू देखो न पापा हमे चोर के चले गए मई मेरी माँ और बहन रूड पे आ गए बाबू अब तुम भी मुझसे साडी नहीं करोगे ..
मई - कुछ भी बोलती है तू सिमु किसने बोलै की मई तुझसे साडी नहीं करूँगा हां एक तप्पड़ में दोनों गाल लाल करर दूंगा तेरे जयदा बोली तो...
सिमु - पैर जान अब तो हमारे पास कुछ नहीं हम गरीब है तो क्या तुम फिर भी मुझसे साडी करोगी ..
मई - तू सच में पागल है क्या सिमु ये बता क्या तूने मुझसे प्यार पैसो के लिए किया था मैंने तुझसे प्यार पैसो के लिए किया था ...
सिमु - नहीं मुझे तुम पसंद थे मई तुम्हे..
मई - चल अब चोर मूड सही करर क्यों की आज मेरी जान का बर्थडे है सू हैप्पी बर्थडे मेरी सिमु ...
सिमु - थैंक यू जान तुम्हे मेरा जान का दिन बना दिया मुझे मेरा सबसे बेस्ट बर्थडे गिफ्ट मिल गया ... उसने मुझे काश के लगे लगा लिया ...
मई - वैसे अपनी बहन से नहीं मिलवाएगी तू..
सिमु - हां सॉरी तुम्हे देख के सब कुछ भूल गई आप मिलवाती हु ...
सिमु - जान ये दिया है मेरी छोटी बहन और दिया ये रोहित है जिसके बारे में मैंने तुझे बताया था ..
दिया - नमस्ते जीजू और माफ़ करना मैंने आपसे सुरु ये ऐसे बात की ...
मई - कोई बात नहीं दिया तुम्हे थोड़ी पता है की मई तुम्हारा जीजू हु वैसे आंटी कहा है..
सिमु - वो माँ घर का सामान लेने गई है आओ न मई चाय बनती हु ...
दिया - पैर दी ना दूध है और न चाय पट्टी है घर में तो कुछ भी नहीं है ...
मई - मेरी प्यारी सिमु जा तू मेरे लिए पानी लेके आ ... सिमु अपना सर झुका के घर के अंदर चली गई ...
मई - दिया इधर आना वो मेरे पास आई चलते हुए ...
दिया - हां जीजू ...
मई - तूने कुछ खाया है या नहीं ...
दिया - अभी तक तो नहीं पैर माँ गई है लेन ..
मई - तो मेरी साली साहिबा भुकी है सुबह से...
दिया - हां वो कल हमे घर चूर्ण पड़ा और सब कुछ चूर्ण पड़ा पैसे भी ख़तम हो गए तो रात से किसी ने कुछ नहीं खाया..
इतने में सिमु पानी लेके आई मेरे लिए मैंने पानी पिया ...
इथे में एक औरत चलती हुई हमारे पास आई शायद ये सिमु और दिया की माँ थी जैसे दिया ने बोलै था की आंटी गई है सामान लेन पैर उस औरत के हाथ में तो कुछ नहीं था और उनका चहेरा भी लटका हुआ था...
दिया - क्या हुआ माँ आप ऐसी उदास क्यों लग रही हो ...
Simu(maa) - माफ़ करना बीटा पैर मई कुछ नहीं का पाई अपनी बच्चियों के खाने के लिए..
सिमु - कोई बात नहीं माँ पैर आप ऐसे उदास मत हो हमे भूक नहीं लगी है आप बेकार में चिंता करर रागी हो ... वही इस बात पे दिया का पेट बज उठा उसने अपना चहेरा निचे करर लिया ...
तभी आंटी की नज़र मुझपे पड़ी ...
S'mom- ये कोण है सिमरन बीटा ...
सिमु - माँ ये मेरे सोल्लगे पे पड़ता है .. इतने में मई बोल बड़ा ..
मैंने उनके पेअर छुए और प्रणाम किया ...
मई - आंटी मई सिमरन से प्यार करता हु और सिमरन भी मुझसे प्यार करती है ...
मेरी बात पे सिमु का चहेरा लाल हो गया और दर भी गई ...
मई - सॉरी आंटी पैर मुझे लेट हो गया अगर मुझे पहले पता होता तो इतना सब कुछ नहीं होने देता मई ....
S'mom- बीटा मुझे पता है तुम्हारे बारे मई मैंने इन दोनों को बात करते हुमा है पहले भी तुम्हारा बारे में पैर बीटा अब मेरे पास कुछ नहीं है अपनी बेटी को देने के लिए यहाँ तक मई तो उनको खाना भी नहीं खिला पा रही हु और तुम अचे घर से लगते हो फिर इतनी दूर आ गए ...
मई - आंटी हे सब बेकार की बाते है मई सिमु से बहोत प्यार करता हु न की पैसो से आप चिंता मत करो मई आ गया हु अब आप लोगो की साडी प्रॉब्लम दूर करर दूंगा और सॉरी थोड़ा लेट से आने के लिए ...
तीनो इमोशनल हो गए थोड़ा इन्होने सब कुछ खो दिया था और मई यहाँ के माँ को समझ सकता हु कैसे वो अपनी बेटी को खाना खिलने के लिए कितना कुछ करर रागी है ...
मई - देखो अब आप सब चुप हो जाओ और सिमु ये ले चाभी जा कार में एक लङ्क बॉक्स है वो लेके है ... ये कूंच बॉक्स माँ ने मेरी लिए बेजा है था सिमु वो लेने चली गई ..
s'mom- बीटा सुक्रिया इतना कुछ करने के लिए ..
मई - आंटी अब आप सब मेरी फॅमिली हो चलो अंदर चलते है और आप बताओ ये सब कैसे हुआ..
मई दोनों के साथ जेक बैठ गया ..
s'mom- बीटा सिमु के पापा ने बिज़नेस के लिए बैंक से लोन ले रखा था पैर उसने हमे कोई दिक्कत नहीं थी पैर कुछ दिन पहले जो हमारा गोदाम तह उसमे आग लग गई और सब जल के रख हो गया उसमे लोन से लिया हुआ सामान था उसके कारन सिमु के पापा को हैरतटक आ गया और वो चल बेस इसीलिए हमे सब कुछ बेच करर सब क़र्ज़ चुकाना पड़ा ...
मई - बहोत बुरा हुआ आंटी पैर अब आप लोग परेशां न हो आप सब मेरे साथ चलो आप मेरी माँ जैसे हो और ये मेरी छोटी बहन जैसे पैर दिया तो मेरी साली है और आप मेरी सास तो क्या आंटी सिमु का हाथ मेरे हाथ में डौगी साडी के लिए ..
सिमु की माँ की आँखों में अंशु आ गए ...
s'mom- पैर बीटा क्या तुम्हारे घर वाले मानेंगे इस रिश्ते के लिए ...
मई - हां आंटी मेरे घर पैर सबको पता है की सिमु से मई प्यार करता है और साडी भी करूँगा आप उसकी चिंता न करो हम वैसे लोग नहीं की अपनों के ढक में उनका हाथ चोर दे और सिमु तो मेरी जान है उसके लिए मई कुछ भी करर सकता हु ...
सिमु दरवाज़े पे कड़ी रू रही थी ...
मई - अंदर आजा तू कितना रट है चल लंच बॉक्स ला और आप सब खाना खाओ फिर मई सिमु के साथ जेक होटल से खाना ले आऊंगा उसके पाद मुझे यहाँ काम है उसको निपटा के हम रात को सहर चलेंगे ाअब से आप सब वही रहना ...
सिमु - पैर रेंट भी तो देना पड़ेगा फ्लैट का ...
मई - तू सच में पागल है सिमु मई यहाँ क्यों खड़ा हु ुसस्स वक़्त से तो बोल रहा हु तू मेरी होने वाली बीबी है तो क्या मई अपनी बीबी की फॅमिली को नहीं संभल सकता ...
उसके बाद तीनो ने लंच किया पैर मुझे पता था इतना ख़फ़ी नहीं है मई तीनो को लेके निकल गया सबसे पहले हम होटल गए वह अचे से खाना खाया फिर मई कार लेके निकल गया उस महल की तरफ ......
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कंटिन्यू
अपडेट ाचा लगे तो लिखे क्र देना और कमेंट करना कोनसा part जयदा ाचा लगा
जैसे की अपने लास्ट अपडेट में पढ़ा था मेरे होश में आने के बाद सब से मिला फिर संगीता रूही को लेके मुझसे मिलने आई रूही को प्यार दिया और मनाया वही मुझे निकिता मम से पता चला सिमु गाओ गई क्यों इसके पापा को हैरतटक आया है वही 3 दिन बाद मुझे हॉस्पिटल से लीव मिल गया तो मई बुआ के साथ घर आ गया
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मई अपनी बहनो के साथ रूम में था तो माँ मेरे लिए लंच लेके आई ...
माँ - चलो सब के सब निचे जाओ मेरे बाबू को परेशां मत करो ...
आरती - मौसी हम कहा कुछ करर रहे है हम तो बस भाई के साथ है ...
माँ- मुझे पता है सब मेरे बाबू को अपनी बातो से पका दिया होगा ...
मई - क्या माँ मेरी प्यारी बहनो को कुछ मत बोलो आप लंच लाओ मई अपनी बहनो के साथ खाऊंगा ...
माँ- ठीक है बाबा पैर मई अपने हाथो से खिलाऊंगा ...
मेरी बहने - हमे भी खाना आपके हाथो से...
माँ ने अपनी हाथो से खिलाया सबको और मुझे भी उसके बाद माँ ने सबको निचे भेज दिया ये बोलके की मुझे आराम करने दे ...
माँ मेरे पास बैठ गई और मेरे सर को अपनी गोद में रख लिया और धीरे धीरे मेरे बालो में उंगलिया फिरने लगी ...
मई - माँ अब आगे क्या करना है ...
माँ - मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा है बाबू एक तरफ मेरा बीटा है तू वही दूसरी तरफ मांग भी भर दी है तूने ..
मई - हमे इस बात को अपनाने में टाइम लगेगा ...
माँ - हां पैर अभी चोर इस बात को चल आराम से सू जा मेरी गोद में मेरे सर पे किश करती हुई बोली ...
मई उनकी गोद में सू गया कुछ देर में hi..
मेरे सोते hi मुझे माँ दिखने लगी पैर वो बहोत जवान लग रही थी ऐसे लग रहा था जैसे माँ 25 साल की हो उस वाथ मई एक कमरे में था माँ तैयार हो रही थी उन्होंने सही कपडे पहने थे पैर ऐसे लग रहा था मई वह सिर्फ ये देख पा रहा हु पैर हो किसी और के साथ रहा है ...
मई चलते हुए माँ के पास आया और उनके होंठो पे किश करर दिया कुछ देर तक हम दोनों ने किश किया ...
तब पता नहीं क्यों मुझे बहोत प्यार आ रहा था माँ पे सच में कितनी हॉट और सेक्सी लग रही थी यंग आगे में ...
इतने में किसी ने मुझे ज़ोर से हिलाया ...
प्रिय - भाई उठो साम हो गई है कितना सू रहे हो आप ...
मैंने जब अपनी आंखे खोली तो देखा सामने प्रिय थी और उसके बूब्स लटके हुए थे उसके मध्यम साइज के बूब्स बहोत प्यारे लग रहे थे ...
मैंने उसको अपनी बहो में खींच लिया ...
प्रिय - भाई ी लव यू भाई ऐसे hi अपनी बहो में रखो अपनी प्रिय को प्लीज ....
मई- सॉरी प्रिय मई तुझे टाइम नहीं दी पता हु ....
प्रिय - कोई बात नहीं भाई मुझे बस थोड़ा सा hi प्यार करर लिया करो मई उतने से hi अपनी जिंदगी काट लुंगी. ..
मई - चुप पागल कही की मई तो अपनी प्रिय को बहोत सारा प्यार दूंगा और अपने बचे की माँ भी बनाऊंगा बोल बनेगी न ... प्रिय शर्मा के अपना फेस छुपा लिया ...
मई - वह मेरी गर्लफ्रेंड सरमाती भी है ज़रा इधर देख मेरी जान ... प्रिय ने मेरी तरफ देखा उस वक़्त उसके दोनों गाल लाल हो गए थे मुझे वो बहोत हॉट और क्यूट लग रही थी ...
मैंने उसके थोड़ा और ऊपर लिया और किश करने लगा उसके होंठ बहोत सॉफ्ट थे और राश से भरे भी ...
प्रिय - सलुपपपप सलुपपपप सलुपपपप उनममममम भाई सलुपपपप ी लव यू भाई उम्म्म सलुपपप ी रियली लव उम्म्म मई बनूँगी माँ आपके बचे की सलुपपप ....
मई उसके मुँह से निकलने वाला सारा तहत पी रहा था और प्रिय की झिव से भी खेल रहा था ...
मई - सलुपपप कितने मीठे है तेरे होंठ सलुपपप उम्म्म प्रिय बोलना मेरा लुंड लेगी अपनी छूट में सलुप्प उम्म्म ....
प्रिय - उम्म्म्म सलुपपप हां भाई लुंगी आपका लुंड मई अपनी छोटी से छूट में आप सलुपपप छोड़ छोड़ के मुझे सलुपपप और हॉट उम्म्म करर देना ....
मई - ठीक है मेरी जान अब निचे चले वैसे माँ कहा है ... मैंने प्रिय की मुँह को साफ़ करते हुए पूछा ...
प्रिय - भाई ममी तो निचे है सबके साथ चलो मई आपके ले चलती हु ...
मई - मेरी पगली बहन मई चल सकता हु बुद्धू चोट मेरे सर पे लगी है न की पेअर में..
प्रिय - नहीं आप मेरा हाथ पकड़ के चलो मुझे नहीं सुन्ना कुछ भी जब तक आप ठीक नहीं हो जाते हम सब बहने आपकी सेवा करेंगे . ....
मई - पेरी प्यारी बहन और गफ भी उम्म्म उसके सर पे किश करते हुए बोलै ...
प्रिय - मेरे प्यारे भाई चलो अब उसने मेरा हाथ पकड़ा और निचे ले जाने लगी ऐसे करर रही थी जैसे मई कोई बचा हु ...
मई प्रिय के साथ निचे आया तो वह मेरी फॅमिली बैठी थी और मेरे आने के बाद जस्ट ज्योति चची भी निचे आई ..
मई - माँ आप चची को अपने रूम में रख लो जब तक बेबी नहीं हो जाता ऐसे ऊपर निचे करने में कतरा भी है और प्रॉब्लम हो सकती है ...
दादी - बिलकुल सही कहा मेरे पोते है ज्योति तू आज से सुबि के साथ रहेगी जब तक बेबी नहीं हो जाता ...
अनु बुआ - हां ज्योति माँ और रोहित बिलकुल सही बोल रहे है ...
ज्योति चची - ठीक जैसा आप सब बोलो ...
उसके बाद ऐसे दिन निकलने लगी 10 दिन तक इन्होने मुझे कही जाने नहीं दिया एंड तब तक मेरी चोट जो थी वो भर चुकी थी ...
2 दिन बाद सिमु का बर्थडे था इस बिच मेरा उससे कोई बात नहीं हुआ था मैंने कॉल करने की कोसिस की थी पैर उसका कॉल नहीं लग रहा था मुझे दर भी लग रहा था कही कुछ हुआ तो नहीं सिमु के साथ गाओ में ...
इस बिच ममी और मौसी भी चली गई मैंने एक दिन मौसी से बात की अकेले में मिलते मौसी मेरे गले लग गई और मुझे चूमने लगी उन्होंने मुझे बताया ये बचे मेरा है मई बहोत खुश हुआ उनकी बात सुनके फिर नेक्स्ट वो चले गई पैर मैंने जैसे वडा किया था अपनी दोनों बहनो को डिम्पी और स्वाति को की उनका एडमिशन कॉलेज में करवा दूंगा उन दोनों को बुला की 10 दिन बाद मई गाओ आऊंगा कार से दोनों को लेने क्यों हमारा सोल्लगे 15 दिन बाद खुलने वाला था और नई एडमिशंस चालू दोने वाला था ...
सिमु के बर्थडे के दिन पहले मई अपने रूम में सोया हुआ था मेरे साथ आरती सू रही थी और सोने से पहले उसने मेरे साथ बहोत मस्ती की थी जिससे वो थक के सू गई थी ...
अचानक से मेरी नींद खुली और मेरे सामने देव खड़ा था उस वक़्त हम वही थी जब मई उससे पहली बार मिला था ...
देव - मुझे तुम कुछ देना है जिसकी तुम्हे बहोत ज़रूरत पड़ने वाली है ...
मई - ारे यार तुम एक बार सब कुछ क्यों नहीं बता देते ...
देव - बकवास मत करो रोहित वैसे लास्ट टाइम तुमने जो देखा था अपनी माँ के साथ वो मेरी रूबी थी और इस बार मई तुम्हे तुम्हारी पिछले जनम की सब कुछ दिखने वाला हु यही मेरी यादे तुम्हे देने वाला हु जिससे तुम्हे अपनी माँ के साथ पति पत्नी बांके रहने अशनि होगी ...
मई - पैर मई अपने पिछले जनम के याद से ये सब नहीं करना चाहता हु मई उनके साथ धीरे धीरे आगे भड़ना चाहता हु ...
देव - मई समझ सकता हु रोहित पैर ये ज़रूरी है इससे तुम पावर्स का सहिस इ इस्तेमाल क्र सकोगे और रही बात तुम्हारी जिंदगी की उसमे कोई चेंज नहीं आएगा मेरे कारन बस तुम्हारी फीलिंग्स चेंज हो जाएँगी रूबी के साथ ...
मई - ठीक है वैसे देखा जाये तो हम दोनों एक hi है तो इसमें कोई बुराई भी नहीं है ..
देव - पैर एक और बात तुम्हे और जयदा म्हणत करनी होगी जिससे इन शक्तियों का अचे से इस्तेमाल करर सको ...
मई - ठीक है जैसा तुम कहो उसके बाद जैसे मैंने ये कहा उसके अगले hi पल देव मेरी बॉडी से आ जुड़ा जिससे मेरी पिछले जनम का दृश्य दिखने लगा वो सब कुछ जो मेरे साथ और बाकियों के साथ हुआ था कैसे रूही की डेथ हुई थी कैसे रूबी की डेथ हुई थी और कैसे मेरी बाकि परिवार को मारा था लेकिन उन दोनों देव ने जो कहा था मेरे अलावा दो और भी इस धरती पे जिनके साथ मिलके मुझे ुसस्स बुरी सकती से लड़ना उसके बारे कुछ नहीं दिखा...
देव - अब मेरे जाने का समय हो गया है तुम्हे वो सब कुछ मिल गया हो मेरा था यानि तुम्हारा था पिछले जनम में और रही उन दोनों की वो बस चुने गए है मेरे बाकि दोनों दोस्तों के द्वारा ...
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( गाइस तो आप लोग समझ गए होंगे और जिसने थे पावर पढ़ी है उससे पता उस रोहित को पावर्स के लिए चुना गया है मैंने उसमे लिखा भी है कैसे मास्टर मोंक की रिंग ने रोहित( थे पुनिशेर) को चुना था ) और रही था दूसरे हीरो की उसका जिक्र इसमें नहीं होगा अभी क्यों वो स्टोरी मैंने स्टार्ट नहीं की (थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम)
गुयर एक और बात जो इन तीनो हीरो थे पुनिशेर और रोहित एंड ( अननोन हीरो) का मैं वेल्लिअन है जिसके कहने इन तीनो के सात ये सब हो रहा है वो थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम में hi आएगा उससे पहले नहीं इस इस स्टोरी का वेल्लिअन कोई और है जो उसका गुलाम है ....
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देव - एक और बात बता दू मई अब तुम्हे सावधान रहना होगा क्युकी खतरे भड़ने वाले है ...
फिर अचानक से मेरी नींद खुल गई अभी सुबह के 4 बज रहे थे मैंने साइड में देखा तो आरती बड़े प्यार से सू रही थी बिलकुल नुदे वैसे मई नुदे hi था ...
मैंने उसके होंठो को चूमा फिर फ्रेश हुआ और ऊपर चला गया जहा मेरा गयम तब वैसे ऊपर इस बिच 2 रूम्स बना दिए गए थे डिम्पी आरती प्रिय और स्वाति के लिए और वैसे मुझे पता था ये सब मेरे साथ सोने वाली है तो बस वो रूम इनके नार्मल उसे क्र लिए hi है ...
ऊपर जेक मैंने 1 जानते गयम किया गयम करते वक़्त मई वी सब चीजे आराम से उठा ले रहा था जैसे वो मेरे लिए कुछ है hi नहीं शायद ये सब पावर्स की वजह से हो रहा था ...
गयम करने के बाद मई निचे आया क्यों मुझे आज कही जाना था जो मैंने अपने विशन में देखा था और वो जगह सिमु के गाओ के पास hi तह तो मैंने सोचा सिमु के घर चला जाऊंगा और पता करूँगा क्या हुआ है ...
मई अपने रूम में आके तैयार हुआ उस वक़्त आरती भी उठ के कोमल के रूम में चली गई ,,
जब मई निचे आया तो निचे बस ज्योति चची अनु बुआ और माँ थी दादी अपने कमरे में थी...
माँ - बाबू इतना तैयार होक कहा जा रहा है ...
मई - माँ मेरे बात से काम बाकि है उसके लिए hi जा रहा हु शायद रात में आऊंगा या फिर कल आऊंगा ...
माँ - ऐसा कोनसा काम है जिसके लिए इतना टाइम लगेगा ..
मई - मेरी प्यारी माँ शॉप का hi काम है और कुछ मेरा भी ...
ज्योति चची - भाभी इतना परेशां मत हो वो बचा नहीं है अब उसकी hi तो घर चलना है तो काम तो होंगे hi न और देखो अब रोहित ठीक भी हो गया है ...
माँ - ठीक है पैर तू मुझे कॉल करेगा ...
मई - ठीक है माँ आप जल्दी से अपने हाथो से ब्रेकफास्ट करवा दो ..
माँ मेरे लिए ब्रेकफास्ट निकलने लगी .. मई सीधी के पास गया और जोर से चिल्लाया ...
मई - कोमल रिया जिया जल्दी सब के सब निचे आओ ब्रेकफास्ट करने उसके बाद मई जा रहा हु .. सब मेरी आवाज सुनके निचे आ गई ..
माँ मुझे अपने हाथो से ब्रेकफास्ट खिलने लगी ..
जिया - भाई कहा जा रहे हो ..
मई - काम से तो आज रात को आऊंगा या कल ...
कोमल - हम भी चले ..
मई- नहीं गुड़िया काम है मुझे और तुम सब घर पे रहो मई वापस आके तुम सबको शॉपिंग करवाने ले चलूँगा ..
प्रिय - सच्ची में ...
मई - हां बाबू क्यों तुम सबको कॉलेज भी जाना है न उसके लिए नई कपडे खरीद दूंगा...
आरती - और मेरे लिए भाई ...
मई - तेरे किया क्यों तुझे थोड़ी कॉलेज जाना है तेरे लिए स्कूल ड्रेस ला दूंगा ... उसमे मेरी बात पे मुँह बना लिया ...
आरती - मौसी देखो न भाई को बोल रहे है मेरे लिए नहीं खरीदेंगे क्या मई इनकी बहन नहीं हु ... मैंने उसकी इस बात पे उसका नाक पकड़ लिया ज़ोर से ...
आरती - आठ भाई दर्द हो रहा है चोरो न ...
मई - तो ऐसा क्यों बोलै की तू मेरी बहन नहीं है हां मई तो बस मजाक करर रहा था ...
आरती - सॉरी भाई मुझे लगा आप सच में बोल रहे हो ...
मैंने उसको थोड़ा खिलते हुए बोलै चुटकी तुम सब मेरे लिए एक बराबर हो बीटा ऐसा थोड़ी सब की खरीदूंगा और एक को नहीं मई तो बस मजाक करता हु चुटकी ...
आरती रट हुए गले लग गई ...
मई- ाचा चल रू मत हैश अब्ब मई आने के बाद तेरे लिए एक एक्स्ट्रा खरीद दूंगा अब खुश ...
आरती - नहीं मेरे लिए सबके लिए आरती की बात पे सही बहने हमसे चिपक गई .. ये सब के सब खुश हो गए ...
अनु बुआ - किसी को नज़र न लगे हमारे परिवार को ...
मई - ाचा ब्यय मई चल हु वो सब अपना ख्याल रखना उसके बाद मैंने अपने 1 कपडे लिए इमरजेंसी के लिए और कुछ पैसे फिर अपनी कार लेके निकल गया संगीता से घर दोनों से मिलने के लिए वह मई रूही से मिला फिर संगीता को प्यार किया और निकला गया सिमु की गाओ की तरफ ...
मैंने अपने पिछले जनम जहा मई रहता है अब वो जगह खली पड़ी है वो एक राज्य था जो मेरे मरने के बाद जबह हो गया और वही से कुछ दुरी पे सिमु का गाओ है तो मई वही जाने वाला था क्यों वो एक महल था और वह पे कुछ सीक्रेट्स जगह जहा पे बहोत सी होने के सिक्के और बहोत से डायमंड है और भी बहोत कुछ जिसका मई इस्तेमाल करने वाला है पैर उससे पहले मई सिमु के घर जाने वाला था...
2 गांठे की ड्राइविंग के बाद मई गाओ में पहुंच गया मई सरप्राइज देना चाहता था सिमु के बर्थडे के दिन पैर मुझे क्या लगा मुझे सी सरप्राइज मिलने वाला है ...
सिमु ने पहले से मुझे बता रखा था गाओ में सबसे बड़ा घर उसी का है ...
जब मई उसके घर के सामने पंहुचा तो वो बंद था मैंने कॉल करने की कोसिस क्र पैर कॉल नहीं लगी ...
अभी मई सिमु के घर के सामने खड़ा था तभी एक औरत आई मेरे पास ...
औरत - किस्से मिलने है बीटा तुम यहाँ एक नहीं लगते हो ...
मई - हां आंटी मई सहर से आता हु मुझे सिमरन से मिलना है पैर यहाँ तो घर बंद पड़ा है क्या आप मुझे बताओगी वो लोग कहा गए है ...
औरत - तुम्हे नहीं पता इनके साथ क्या हुआ ...
मई - नहीं आंटी वो तो आज सिमरन का बर्थडे था वो मई आया था उससे मिलने मैंने कॉल क्या पैर नहीं लग रहा है वैसे आप मुझे बताओगी क्या हुआ है ...
औरत - सब कुछ बर्बाद हो गया था इनका पहले बेचारो से सब कुछ खो दिया उनके बाद सिमरन बेटी ने अपने पिता को भी खो दिया बेचारी बहोत बुरा हाल है उनका ...
मई वो सुन्न के शॉकेड हो गया इतना सब कुछ हो गया सिमु के साथ और उसने कॉल तक नहीं क्या फिर मुझे याद आया बेचारी को तो पता भी मुझे होश आ गया है ... आंटी ने मुझे हिलाते हुए लगाया अपनी सोच से ...
मई - ये सब कैसे हुआ आंटी और आप कहा है वो लोग ...
औरत - बीटा गाओ के बहार एक खेत है जो एक आखिरी निशानी बचा है वो सिर्फ इसीलिए क्यों वो जमीन सिमरन के नाम पे था तो वो वही बने एक झोपड़ी में रह रहे है मुझे इससे जयदा नहीं पता बीटा ....
मई - सुक्रिया आंटी मई जाता हु उनसे मिलने ...
औरत - बीटा वो लोग अचे लोग है पैर अभी बहोत ढक में है हो सके तो उनकी मदद के देना ...
मई - वही करने आया हु आंटी सिमरन मेरी होने वाली बीबी है इसीलिए किये मई उनके अपने साथ ले जाऊंगा सहर ...
औरत - बहोत ाचा किया बीटा तुम जिस रस्ते से आये हो उसी तरफ से चले जाना गाओ से निकलते hi बैई तरफ उनका खेत होगा ...
मई - सुक्रिया आंटी फिर मई अपने कार लेके निकल गया जैसे आंटी बताया था मई वह पहुंच तो एक खेत था वह पे एक झोपड़ी बही थी छोटा सा उसके बहार एक लड़की थी जो शायद कपडे धो रही थी मैंने अपनी कार रोकी और चल दिया उसकी तरफ ...
जब मई उसके पास पंहुचा तो वो उठ कड़ी हुई ...
लड़की - अगर आप भी हमसे पैसे लेने आये हो तो हमारे पास कुछ नहीं बचा आपको देने के लिए उसने उदास होक बोलै शायद उसने मुझे गलत इंसान समाज लिया था ...
इतने में अंदर से सिमु की आवाज आई ...
सिमु - कोण है आया है दिया बहार आते हुए बोली ... ू तो मेरी साली साहिबा का नाम दिया है ...
दिया - पता नहीं दीदी शायद कोई पैसे मांगने आया .. जैसे सिमु ने मुझे देखा वो भाग के आके मेरे गले लग गई ये देख के दिया की आंखे बड़ी हो गई की उसकी दीदी किसी अनजान लड़के से चिपकी पड़ी है ...
दिया - दीदी आप क्या करर रही हो ये कोण है माँ ने देख लिया तो बहार मार पड़ेगी आपको ...
सिमु ने उसको बातो का जवाब नहीं दिया ...
मई - सिमु मेरी जान ऐसे रट नहीं तू तो मेरी स्ट्रांग बेबी है न फिर ऐसे रू क्यों रही है देख मई आ गया हु चुप हो जाए ...
मेरी बात सुनके दिया की आंखे बड़ी हो गई ...
सिमु- मुझे पता था तुम ज़रूर आओगे बाबू देखो न पापा हमे चोर के चले गए मई मेरी माँ और बहन रूड पे आ गए बाबू अब तुम भी मुझसे साडी नहीं करोगे ..
मई - कुछ भी बोलती है तू सिमु किसने बोलै की मई तुझसे साडी नहीं करूँगा हां एक तप्पड़ में दोनों गाल लाल करर दूंगा तेरे जयदा बोली तो...
सिमु - पैर जान अब तो हमारे पास कुछ नहीं हम गरीब है तो क्या तुम फिर भी मुझसे साडी करोगी ..
मई - तू सच में पागल है क्या सिमु ये बता क्या तूने मुझसे प्यार पैसो के लिए किया था मैंने तुझसे प्यार पैसो के लिए किया था ...
सिमु - नहीं मुझे तुम पसंद थे मई तुम्हे..
मई - चल अब चोर मूड सही करर क्यों की आज मेरी जान का बर्थडे है सू हैप्पी बर्थडे मेरी सिमु ...
सिमु - थैंक यू जान तुम्हे मेरा जान का दिन बना दिया मुझे मेरा सबसे बेस्ट बर्थडे गिफ्ट मिल गया ... उसने मुझे काश के लगे लगा लिया ...
मई - वैसे अपनी बहन से नहीं मिलवाएगी तू..
सिमु - हां सॉरी तुम्हे देख के सब कुछ भूल गई आप मिलवाती हु ...
सिमु - जान ये दिया है मेरी छोटी बहन और दिया ये रोहित है जिसके बारे में मैंने तुझे बताया था ..
दिया - नमस्ते जीजू और माफ़ करना मैंने आपसे सुरु ये ऐसे बात की ...
मई - कोई बात नहीं दिया तुम्हे थोड़ी पता है की मई तुम्हारा जीजू हु वैसे आंटी कहा है..
सिमु - वो माँ घर का सामान लेने गई है आओ न मई चाय बनती हु ...
दिया - पैर दी ना दूध है और न चाय पट्टी है घर में तो कुछ भी नहीं है ...
मई - मेरी प्यारी सिमु जा तू मेरे लिए पानी लेके आ ... सिमु अपना सर झुका के घर के अंदर चली गई ...
मई - दिया इधर आना वो मेरे पास आई चलते हुए ...
दिया - हां जीजू ...
मई - तूने कुछ खाया है या नहीं ...
दिया - अभी तक तो नहीं पैर माँ गई है लेन ..
मई - तो मेरी साली साहिबा भुकी है सुबह से...
दिया - हां वो कल हमे घर चूर्ण पड़ा और सब कुछ चूर्ण पड़ा पैसे भी ख़तम हो गए तो रात से किसी ने कुछ नहीं खाया..
इतने में सिमु पानी लेके आई मेरे लिए मैंने पानी पिया ...
इथे में एक औरत चलती हुई हमारे पास आई शायद ये सिमु और दिया की माँ थी जैसे दिया ने बोलै था की आंटी गई है सामान लेन पैर उस औरत के हाथ में तो कुछ नहीं था और उनका चहेरा भी लटका हुआ था...
दिया - क्या हुआ माँ आप ऐसी उदास क्यों लग रही हो ...
Simu(maa) - माफ़ करना बीटा पैर मई कुछ नहीं का पाई अपनी बच्चियों के खाने के लिए..
सिमु - कोई बात नहीं माँ पैर आप ऐसे उदास मत हो हमे भूक नहीं लगी है आप बेकार में चिंता करर रागी हो ... वही इस बात पे दिया का पेट बज उठा उसने अपना चहेरा निचे करर लिया ...
तभी आंटी की नज़र मुझपे पड़ी ...
S'mom- ये कोण है सिमरन बीटा ...
सिमु - माँ ये मेरे सोल्लगे पे पड़ता है .. इतने में मई बोल बड़ा ..
मैंने उनके पेअर छुए और प्रणाम किया ...
मई - आंटी मई सिमरन से प्यार करता हु और सिमरन भी मुझसे प्यार करती है ...
मेरी बात पे सिमु का चहेरा लाल हो गया और दर भी गई ...
मई - सॉरी आंटी पैर मुझे लेट हो गया अगर मुझे पहले पता होता तो इतना सब कुछ नहीं होने देता मई ....
S'mom- बीटा मुझे पता है तुम्हारे बारे मई मैंने इन दोनों को बात करते हुमा है पहले भी तुम्हारा बारे में पैर बीटा अब मेरे पास कुछ नहीं है अपनी बेटी को देने के लिए यहाँ तक मई तो उनको खाना भी नहीं खिला पा रही हु और तुम अचे घर से लगते हो फिर इतनी दूर आ गए ...
मई - आंटी हे सब बेकार की बाते है मई सिमु से बहोत प्यार करता हु न की पैसो से आप चिंता मत करो मई आ गया हु अब आप लोगो की साडी प्रॉब्लम दूर करर दूंगा और सॉरी थोड़ा लेट से आने के लिए ...
तीनो इमोशनल हो गए थोड़ा इन्होने सब कुछ खो दिया था और मई यहाँ के माँ को समझ सकता हु कैसे वो अपनी बेटी को खाना खिलने के लिए कितना कुछ करर रागी है ...
मई - देखो अब आप सब चुप हो जाओ और सिमु ये ले चाभी जा कार में एक लङ्क बॉक्स है वो लेके है ... ये कूंच बॉक्स माँ ने मेरी लिए बेजा है था सिमु वो लेने चली गई ..
s'mom- बीटा सुक्रिया इतना कुछ करने के लिए ..
मई - आंटी अब आप सब मेरी फॅमिली हो चलो अंदर चलते है और आप बताओ ये सब कैसे हुआ..
मई दोनों के साथ जेक बैठ गया ..
s'mom- बीटा सिमु के पापा ने बिज़नेस के लिए बैंक से लोन ले रखा था पैर उसने हमे कोई दिक्कत नहीं थी पैर कुछ दिन पहले जो हमारा गोदाम तह उसमे आग लग गई और सब जल के रख हो गया उसमे लोन से लिया हुआ सामान था उसके कारन सिमु के पापा को हैरतटक आ गया और वो चल बेस इसीलिए हमे सब कुछ बेच करर सब क़र्ज़ चुकाना पड़ा ...
मई - बहोत बुरा हुआ आंटी पैर अब आप लोग परेशां न हो आप सब मेरे साथ चलो आप मेरी माँ जैसे हो और ये मेरी छोटी बहन जैसे पैर दिया तो मेरी साली है और आप मेरी सास तो क्या आंटी सिमु का हाथ मेरे हाथ में डौगी साडी के लिए ..
सिमु की माँ की आँखों में अंशु आ गए ...
s'mom- पैर बीटा क्या तुम्हारे घर वाले मानेंगे इस रिश्ते के लिए ...
मई - हां आंटी मेरे घर पैर सबको पता है की सिमु से मई प्यार करता है और साडी भी करूँगा आप उसकी चिंता न करो हम वैसे लोग नहीं की अपनों के ढक में उनका हाथ चोर दे और सिमु तो मेरी जान है उसके लिए मई कुछ भी करर सकता हु ...
सिमु दरवाज़े पे कड़ी रू रही थी ...
मई - अंदर आजा तू कितना रट है चल लंच बॉक्स ला और आप सब खाना खाओ फिर मई सिमु के साथ जेक होटल से खाना ले आऊंगा उसके पाद मुझे यहाँ काम है उसको निपटा के हम रात को सहर चलेंगे ाअब से आप सब वही रहना ...
सिमु - पैर रेंट भी तो देना पड़ेगा फ्लैट का ...
मई - तू सच में पागल है सिमु मई यहाँ क्यों खड़ा हु ुसस्स वक़्त से तो बोल रहा हु तू मेरी होने वाली बीबी है तो क्या मई अपनी बीबी की फॅमिली को नहीं संभल सकता ...
उसके बाद तीनो ने लंच किया पैर मुझे पता था इतना ख़फ़ी नहीं है मई तीनो को लेके निकल गया सबसे पहले हम होटल गए वह अचे से खाना खाया फिर मई कार लेके निकल गया उस महल की तरफ ......
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कंटिन्यू
अपडेट ाचा लगे तो लिखे क्र देना और कमेंट करना कोनसा part जयदा ाचा लगा