Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 7 - SexBaba
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Incest Kahani Chudai ki sabki

...................... अपडेट 47 .....................

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था चची की चुदाई करते कमल ने देख लिया था और हम जब शॉपिंग के लिए जा रहे थे तब हम पार्क मई आये थे बात करने के लिए ,,,,,,

अब आगे ,,,

कोमल मेरी बहु मई थी और रोये जा रही थी मैंने भी कुछ नहीं बोलै मुझे था की कोमल को पता चल गया था मेरे और चची के बारे मई ,,,

कुछ देर ऐसे रोने के बाद कोमल ने अपना सर उठाया और मुझे देखा मेरी आँखों मई इस वक़्त सिर्फ प्यार था उसके लिए ,,

मई- रू लिया अब बात करे तुझे जो पूछना है वो पूछ सकती है मई झूट नहीं बोलूंगा ,,

कोमल - भाई जो मैंने देखा क्या वो सच है , क्या आप और चची --------

मई- हां जो तुमने देखा वो सच है पैर उसके पीछे बहोत लम्भी कहानी है ,,,

कोमल - मुझे सब कुछ जानना है जो भी अपने मुझसे छिपाया है और आपको मेरी कसम आप सब कुछ बताओगे ,,,

मई- तुझे कसम नहीं देनी चाहिए थी गुड़िया मई वैसे hi बता देता तुझे ,, पैर तू गुस्सा हो जायेगा सब बाते जान के और मुझसे बात नहीं करेगी और अगर तू मुझसे बात नहीं करेगी तो मई मर जाऊंगा तेरे बिना गुड़िया ,,

कोमल- आप ऐसा क्यों बोल रही हो मरने मारने की बाते मत किया करू वर्ण मई सच मई बात नहीं करूँगा और अगर गुस्सा होना होता तो अवि मई आपसे इतने प्यार से बात नहीं करती ,,,

मई- एक शर्त पे बताऊंगा तुझे मेरी कसम तू मुझसे बात करना कवी नहीं बंद करेगी ,,

कोमल - ठीक है भाई आपकी कसम,,

मई- तो सुन मेरे और चची के बिच ये सब मेरे बर्थडे के पहले से चल रहा है पैर हमने सेक्स मेरे बर्थडे के दिन किया था पैर उसका भी एक कारन है तुझे पता है न चची अभी तक माँ नहीं बन पाई है ,,,

कोमल - हां के साडी के इतने साल हो गए पैर चची अभी तक माँ नहीं बानी है ,,, पैर इस्सस आप दोनों का सेक्स से क्या लेना देना ,,,

मई- लेना देना है क्युकी चची माँ इसीलिए नहीं बन पाई है ककी चची जी बाप नहीं बन सकते है उनका स्पर्म काउंट बहोत काम है और इसी के कारन से चची हमारे बिच प्यार बढ़ा और हमने सेक्स किया एंड अब चची मेरे बचो की माँ भी बनना चाहती है ,,,

ये सुन के कोमल कुछ देर चुप रही फिर एक दम से पूछा

कोमल - क्या आपकी कोई गर्लफ्रेंड है और है तो क्या उसको इसके बारे मई पता है की आप उससे चीट क्र रहे हो ,,,

मई- हां है और मई किसी को चीट नहीं क्र रहा हु उससे कोई प्रॉब्लम नहीं मई किसी के साथ गुमु या कुछ भी करू ,, वो मुझसे प्यार करती है और वो मुझे खोना नहीं चाहती है ,,

कोमल - क्या आप भी उससे प्यार करते हो या उसको टाइमपास जे लिए रखा और वो कोण है ,, धीरे से चुड़ैल कही की

मई- हां कह सकती हो एक तरह से प्यार करता हु पैर टाइमपास नहीं है अगर वो मुझसे साडी करना चाहे गई तो मई मन नहीं करूँगा और उसका नाम सिमरन है मेरी सोल्लगे फ्रेंड उसको तुम जानती हूँ ,,,

कोमल साद सा फेस बना के - ाचा तो वो सिमरन दी है धीरे से बोलू वैसे चुड़ैल सूंदर तो है तभी मेरे भाई को फसा रखा है ,,,

कोमल - और कोई हो तो बता दो वर्ण बाद मुझे पता चला तो देखना आप ,,

फिर मैंने उससे धीरे धीरे बता गया बुआ के बारे मई प्रिय फिर दादी फिर सोनी के माँ लास्ट मई एक्सप्लेन करते हुए बताया की जैसे उस मास्टर से बचने के चक्केर मई संगीता से मिला फिर उसको अपनी वाइफ बनाया और रूही को बेटी ,,

कोमल अपने मैं में - जब प्रिय को भाई अपना सकते है तो मुझे क्यों नहीं मई तो प्यार करती हु भाई से वो तब से जबसे मैंने होश संभाला है उस वक़्त मुझे प्यार क्या होता पता भी नहीं था न जाने कितनो को रिजेक्ट किया है भाई के लिए ,,,,,

मई- कहा खो गई गुड़िया तू ,, गुस्सा तो नहीं है न मुझ से ककी तेरा भाई का सम्बन्ध इतना के साथ है ,, पैर मई क्या करू नहीं तोड़ सकता किसी का दिल किसी को दुःख मई नहीं देख सकता मई ,,,

कोमल - मई आपसे गुस्सा नहीं हु बस सरप्राइज हु की आप इतना सब कुछ कैसे संभल लेते है और थोड़ी दुखी भी ,,,

मई - दुखी क्यों हो गुड़िया बताओ मुझे ,,

कोमल - मुझ मई क्या कमी है बताओ आओ मुझे आप इतना से प्यार क्र सकते है तो मुझसे क्यों नहीं ,,

मई- क्या बोल रही है दूडिया तू मई करता हु तुझसे प्यार मैंने कब मन किया तुझे ,,,

कोमल - आप समझ नहीं रहे हो या समझना नहीं चाहते हो ,, मई बोल रही हु की ी लव यू अस गर्ल,, समझे और ये बोलके उसने अपना सर निचे क्र लिया ,,

मई- क्या ये तू क्या बोल रही है गुड़िया ऐसे कैसे बोल सकती है हम सेज भाई बहन है ,,,

कोमल - सेज भाई बहन क्या भाई मई आपसे प्यार करती हु मतलब करती हु क्या प्रिय अपनी बहन नहीं है और दादी वो कोनसा परै है है बताओ,,

मई- पैर तू मेरी बात समझ मैंने आज तक तुझे कवी ऐसे नज़रो से नहीं देखा ,,,

कोमल- पैर भाई मई आपसे तब से प्यार करती हु जब मुझे पता भी नहीं था की प्यार क्या होता है और वैसे भी लाइफ मई सबकुछ पहली बार hi होता है भाई प्लीज मान जाओ वर्ण मई टूट जाउंगी आपके बिना या मर जाउंगी उसके ऐसे बोलते hi मैंने उससे ज़ोर का तप्पड़ मारा,,

मई- खबर दार जो तूने मरने की बात की पागल कही की तू मेरी जान है गुड़िया मेरी प्यारी बहने और अब एक दम से तू बोलेगी की मई तुमसे प्यार करू तो कैसे होगा गुड़िया तुहि बता मुझे थोड़ा तो टाइम दे ,,

साथ मई घूमेंगे और जब तू बोलेगी मई तेरे साथ डेट पे भी चलूँगा गुड़िया पैर ऐसे उदास मत हो ,,

कोमल - इसका मतलब आप मुझे प्यार करोगे और मुझे भी अपनी गर्लफ्रेंड बनाओगे क्या हम डेट पे भी चलेंगे ,,,

मई - हां मेरी जान सब कुछ करेंगे जो तू बोलेगी ,,,

कोमल - ी लव यू भाई ी लव यू सू मच आपको पता नहीं मई आज कितनी खुश हो ,,


मई- ी लव यू तू मेरी जान मेरी प्यारी बहन ,,, अब चले शॉपिंग करने वर्ण लेट हो जायेंगे और काल हमें जाना भी है ,,,

कोमल - हां चलते है उसके बाद हम शॉपिंग मॉल से शॉपिंग करे माँ ने जिसके लिए बोलै था उसके बाद मैंने प्रिय और बुआ के लिए कपडे भी लिए बहोत जय मैंने सब के लिए कुछ न कुछ लिया ,, उसके बाद हमने कॉफ़ी पी फिर हम घर आ गए ,,,,

.................... कंटिन्यू .....................
 
..................... अपडेट 48 ा .....................

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था मैंने कोमल को सब सच बता दिया था उसके कोमल ने बताया की वो मुझसे प्यार करती है मैंने भी उसका प्यार एक्सेप्ट क्र लिया ,,,,,

अब आगे ,,,,

हम घर आके सबका गिफ्ट्स उनको दिया,,

रात को डिनर करने के बाद मई अपने रूम मई आ गया था माँ ने बोलै था कल जल्दी निकलना है गाओ के लिए ,,

जब मई अपने रूम मई आया तो प्रिय भी मेरे साथ आ गई सोने के लिए ,,

प्रिय - भाई मुझे भी आपके साथ सोना है आज ,,

मई- चल आजा मेरी जान और हां दूर बंद क्र देना ,, इतना सुनते hi प्रिय ने जल्दी से दूर बंद किया और मेरे बीएड पे आके लेट गई ,,

मई- रुक आता हु मई कपडे चेंज क्र के ,, मई बाथ रूम गया अपने कपडे निकल के सिर्फ एक बॉक्सर बहन के आ गया और प्रिये को अपनी बहु मई लेके लेट गया,,

प्रिय - भाई इतना सारा गिफ्ट्स देने के लिए थैंक यू ,,

मई- जान तुझे गिफ्ट्स नहीं दूंगा तो किसी दूंगा तू तो मेरी बहन के साथ गर्लफ्रेंड भी है ,,

प्रिय - हां वो तो मई हु ,, भाई मुझे आपको किश करना है ,,

मई- इतनी सी बात क्र लिए पूछता है भला कोई ,, इतना बोलके मैंने प्रिय के होंठो अपने चूसने लगा वो भी मेरा साथ देने लगी

प्रिय- उम्मम्मम सलुपपपप उम्म्म्म सलुपपपपपपप सलुपपपपपप उम्मम्मम्म भाई ी लव ोुउउउउउउ ूउम्मम्म




मई- उम्मम्मम ी लव यू जान सलुपपपप उम्मम्मम्मम हम दोनों अलग हो गए प्रिय ने अपना फेस मेरे साइन मई छुपा लिया ,,,

मई- देखो तो कैसे शर्मा रही हाय बहोत क्यूट हाउ तू प्रिय किश करते टाइम सरम नहीं आई ,,,

प्रिय- भाई मत बोलो न कुछ भी मुझे फील करने दो चुप रहो वैसे भी कल आप जा रहे हो गाओ मेरा मान नहीं लगेगा आपके बिना ,,,

मई- जल्दी आए जाऊंगा प्रिय मई प्रिय की गांड सेहला रहा था ,,

प्रिय - भाई आपका हाथ कहा है मत करो न मुझे कुछ हो रहा है ,,

मई- क्या हो रहा है प्रिय बता न ,, क्या तुझे नहीं पता मेरा हाथ कहा है,, प्रिय मुझे और जोर से गले लगते हुए

प्रिय- अह्ह्ह भाई आपका हाथ मेरे बूम पे है और मुझे नहीं पता क्या हो रहा है

मई- उससे बूम नहीं गांड बोलते है प्रिय ,,,

प्रिय - भाई मत बोलो उसकी ससे गरम हो रही थी

मई - ाचा जी और उस दिन सरम नहीं आई थी जिस दिन तुम्हारा पानी निकला था इसी बीएड पे ,,

प्रिय - भाई मत बोलो कुछ भी और मुझे याद नहीं

मई- ाचा चोर चल सू जा गाओ से आने के बाद तुझे याद दिलाऊंगा और उसके बाद मई उसके सर पे हाथ फेरते हुए सुला दिया और मई भी कब सू गया पता hi नहीं चला ,, प्रिय के कारन आज दादी को भी नहीं छोड़ पाया,,

...................... कंटिन्यू .....................
 
.................... अपडेट 48 बी ....................

रिकैप

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था शॉपिंग से आने के बाद रात को प्रिय के साथ रोमांस किया और सू गया,,,

अब आगे ,,,,,,

सुबह मई उठा प्रिय को किश किया और उसका भी उठाया वो निचे चली गई कोमल के पास ककी वो कोमल के साथ रूम शेयर क्र रहे है ,,,

मई फ्रेश हुआ फिर रेडी होक निचे चला आया सब लोग वह थे पापा आज लेट से जाने वाले थे शॉप पे ,, माँ और कोमल रेडी होक बैठी थी शायद मई hi लेट थे ,,




मई- गुड मॉर्निंग एवरीवन

माँ- जितना लेट करता है बाबू , देख टाइम कितना हुआ है चल अब ब्रेकफास्ट क्र एक तू hi बचा है ,,

मई- सॉरी माँ लेट होने के लिए फिर मैंने जल्दी से ब्रेकफास्ट किया और सामान सरे कार मई रखे ,,

जाते टाइम सबसे मिला

प्रिय मेरे गले लग क्र - जल्दी आना भाई मेरा मान नहीं लगता आपके बिना अब

मैंने उसके कान मई बोलै

मई- जल्दी आऊंगा प्रिय और तेरे लिए एक सरप्राइज है मेरे पास ,,

प्रिय- इंतज़ार करुँगी भाई ,,

मई दादी के पास गया उनके पेअर छुए पैर दादी ने गले लगा लिया और धीरे से बोली ,

दादी- मई तुझसे नाराज़ हु कल रात क्यू नहीं आया तुझे पता भी है मेरी छूट की क्या हालत है ,,

मई- सॉरी डार्लिंग वो प्रिय ने मुझे छोरा hi नहीं जल्दी आके तेरी छूट फाड़ूंगा मेरी जान ,,,

फिर मई चची के पास जेक उनसे बोलै वो स्पेशल मेरी लिए रेडी हुई थी ,,




मैंने चची को गले लगाया ,,

मई- बहोत मिस करूँगा तुझे मेरी जाएं

चची- मई भी मिस करुँगी आपको जल्दी आना आपके लिए सरप्राइज रेडी रखूंगी

मई- ठीक है मेरी जान जल्दी आने की कोसिस करूँगा और मुझे पता है वो सरप्राइज क्या है ,, सुनो चाचा आएंगे उनसे बात क्र लेना जयदा बोले तो सीधे धमकी देना की सबको बता दूंगी की आप नामर्द हो और बोल देना अब तू मेरी रैंडी है समझी ,,

चची- ठीक है बोल दूंगी की मई आपकी रैंडी गुलाम रखैल सब हु आप उसकी टेंशन न लो मई संभल लुंगी ,,

फिर मई बाकियो से मिल के कार मई बैठ गया और कोमल आगे बैठी और माँ पीछे ,,,

मैंने मैसेज क्र के एक बार फिर से बता दिया था संगीता को मई माँ के साथ गाओ जा रहा हु रूही को बता दे और जयदा जिद करे तो मुझसे बात करा देना बाद मई ,,,

जिया रिया - भाई जल्दी आना हम सब आपको बहोत मिस करेंगे ,,

मई- ठीक है मेरी सैतान बहेनो जल्दी आऊंगा फिर मैंने कार आगे भाड़ा दी और कुछ hi देर मैं हम हाईवे पे आ गए ,,

मई- माँ आज आप बहोत खूबसूरत लग रही हो सूट मई ,,,

कोमल- हां माँ भैया सच बोल रहे है आज आप सच मई दुनिया की सबसे सूंदर माँ लग रही हो,,

माँ- बस भी करू तुम दोनों और कितना तारीफ करोगे ,, इतनी भी सूंदर नहीं हु मई माँ का फेस लाल हु गया था माँ ब्लश क्र रही थी ,,

कोमल - भाई देखो माँ कैसे शर्मा रही है हीहीहीही और ब्लश भी क्र रही है ,,

माँ- बहोत मरूंगी तुझे मई मेर तंग खींच रही है मई ब्लश वलुश नहीं क्र रही हु ,,

मई- माँ आपके गाल लाल हो गए है हाहाहा ,,,

माँ- बाबू अब तू भी मुझे चिढ़ाने लगा जा मई नहीं बात करती तुम दोनों भाई बहन से,,,

मई- माँ आप तो नाराज हो गई हम तो बस आपकी तारीफ क्र रहे थे ,,

कोमल - हां माँ अगर आपको बुरा लगा हो तो सॉरी मासूम सा चहेरा बना के बोलै कोमल ने ,,

माँ कोमल का हाल कीच के

माँ - बदमाश लड़की देखि तो माँ को इमोशनल ब्लैकमेल करती है

कोमल - आअह्ह्ह माँ सॉरी मई तो बाद मस्ती क्र रही थी ताकि हम बोर न हो,, मई हशने लगा

कोमल - ज्यादा हषो मत वर्ण डाट बहार निकल आएंगे भाई आपके ,,, फिर आपसे कोई साडी भी नहीं करेगा ,,

मई- जाने दे तू है न तेरे से साडी क्र लूंगा मई क्यू माँ ,,,

कोमल - भईईई ,,,

माँ- हीहीहीही बड़ी मेरे साथ मस्ती क्र रही थी अब क्र अपने भाई के साथ मस्ती,, ठीक है बाबू तेरी साडी मई इससे करा दूंगी वैसे भी मुझे लगता है इसको हमारे आवला कोई रख भी नहीं सकता अपने घर हीहीहीही ,,,

मई- देखा गुड़िया माँ भी मान गई हाहाहा ,,

कोमल - हँ मुझे नहीं करनी आपसे साडी जाओ आप लोग वैसे भी वो मेरा घर है मई नहीं जाने वाली कही भी साडी क्र के साडी जिंदिगी आप लोगो के सर पे hi बैठी रहूंगी ,,,

मन मई ( हाय भाई कितने चालू है माँ के सामने साडी करने को बोल रहे है और माँ ने भी हां बोल दिया )

माँ- और तेरे करके तेरे नखरे कोण उठाएगा बता ,,,

कोमल - उसके लिए भाई है ना क्यों भाई

मई - हां उठा लूंगा तुझे भी उठा लूंगा मई ,,

माँ- देखना कही डाब न जाना बाबू इसके निचे ये बोलके माँ हसने लगी हीहीहीही

कोमल - माआ मई इतनी भी मोती नहीं हुऊ जाओ आपसे बात नहीं करती एक तो खुद खिलाती हो इतना और मोती भी बोलती हो ,,

माँ - ारे मेरा बचा नाराज़ हो गया सॉरी मई तो बस मज़ाक क्र रही थी तुझसे कोमल,,,

मई- हां गुड़िया माँ तो बस मज़ाक क्र रही थी वैसे भी तू भी आज बहोत सूंदर दिख रही है ,,

कोमल - थैंक्स भाई ,,, ऐसे बाते करते 2 जानते लैब निकल गया पता hi नहीं चला हम गाओ के नज़दीक आ गए थे उसके आगे का रास्ता मुझे याद नहीं ककी मई बचपन मई आया था ,,

मई - माँ आप आगे आ जाओ न मुझे रस्ते याद नहीं आप बता देना कहा जाना है ,,,

माँ- ठीक है कोमल बीटा तू पीछा आजा,, फिर मैंने गाड़ी साइड मई लगाई माँ आगे आ गई और कोमल पीछे चली गई ,, उसके बाद माँ मुझे रास्ता बताते गई मई उसी तरफ कार चलते गया ,,,

गाओ पहली की तरह hi था कुछ जयदा चंगेस नहीं थे बस गाओ मई इलेक्ट्रिक आ गई थी और 10 15 घर पक्के बने थे,,

अब मई थोड़ा माँ की फॅमिली के बारे मई बता दू ,,,

नाना जी आगे 80 के आस पास होगा ये इस गाओ के मुखिया है तो गाओ के सरे लोग जानते hi और इज़्ज़त भी करते है ( इनका कुछ जयदा रोले नहीं है तो नाम जान के क्या hi क्र लोगे तुम सब 😂)

नाम जानकी देवी- नानी जी इनकी आगे का तो देख ले तो कोई गेस hi नहीं क्र पाए अभी भी जवान लगती है बहोत hi सूंदर है माँ एक दम नानी जी पे गई है इनका नेचर बहोत संत है और धार्मिक भी है थोड़ी ,,,




इनके 1 बीटा है और मेरी माँ को मिला दो बेटी ,, इनमे से सबसे बड़ी मेरी माँ उसके बाद मौसी फिर मेरे मां ,,

मौसी नाम रेणुका सिंह आगे 47 है मेरी माँ से 1 साल hi छोटी है इनकी सदी पास की गाओ मई hi नाना जी ने कराइ है मौसा जी किसान है अचे खासे कमा लेते है अपनी फॅमिली का ख्याल रखते है (इनका भी रोले नहीं है ,, नहीं है मैंने रखा hi नहीं क्या hi क्र लोगे मेरा मई इस कहानी का हीरो हु 😂)






डिम्पी सिंह आगे 18 थोड़ी चब्बी है अभी 12तह मई पढ़ रही है पास के स्कूल मई hi मौसी की लाड़ली है और माँ की भी ककी इसके बाद मौसी को कोई बेबी नहीं हुआ माँ ने बोलै था डॉक्टर को दिखने को पैर मौसा जी नहीं मान रहे थे तो मौसी ने भी चोर दिया अभी तक बेबी करने की कोसिस क्र रहे है ,,




मां रघु सिंह आगे 45 ये नाना जी के साथ hi मुखिया का काम करते है थोड़े कदद मिजाज़ के है ममी से बहोत जगदा करते है क्यों इनको कोई बीटा नहीं हुआ इसका इलज़ाम ममी पे लगाए है,,

ममी सपना सिंह आगे 42 बहोत hi कड़क माल है घर का सारा काम यही करती है उसी के कारन इनकी बड़ी मेन्टेन है जयदा तर ढुकि रहती है जगदे के कारन और बहोत प्यासी भी रहती है इनकी दो बेटी है जिससे ये बहोत प्यार करती है इनको कोई ढक नहीं है बीटा न होने का ककी मुझे बेटे की तरह प्यार करती है ,,




स्वाति सिंह आगे 19 बिलकुल अपनी माँ पे गई है इसको बहोत hi हॉट है इसको डांस करना बहोत पसंद है टीवी पे गाने लगा के हमेशा डांस करती रहती है अवि 12तह पास क्र के घर पे बैठी है ,,



आरती सिंह आगे 18 ये गाओ के सरकारी स्कूल मई पढ़ रही है 12तह मई बहोत hi मासूम है और बहोत प्यारी भी पैर बचो वाली हरकते करती रहती है ,,



मैंने कार नाना जी के घर के सामने जेक रुख दी और हॉर्न बजा दिया सबसे पहले माँ निकली जेक मैं गेट बजाय मई अभी कार मई hi था और कोमल भी,,

तवी एक हॉट सी लड़की ने आके छोटा वाला दूर खोला ,,

वो लड़की माँ को देख के - ज़ोर से चिल्ला माँ बड़ी बुआ आ गई और माँ के पेअर छुए

माँ- खुश रहे स्वाति कैसे है तू

स्वाति - बुआ अपने कैसे पहचान लिया कितने सालो बाद अपने मुझे देखा फिर पहचान लिया ,,

माँ- मैंने तेरे गले पे हो टिल है उससे पहचान लिया समझी बुद्धू चल अब मई गेट खोल गाड़ी अंदर आने दे ,, उसने एक बार कार की तरह देखा और ज़हालडी से बड़ा वाला गेट खोल दिया जिससे कार अंदर जा सके ,,

मई बता दू घर बहोत बड़ा है नाना जी का और चारो तरफ से बाउंड्री की हुई और बिच मई घर है मैंने कार अंदर ली और लगा दिया पीछे से स्वाति ने गेट बंद क्र दिया ,,,

....................... कंटिन्यू ........................
 
..................... अपडेट 49 ......................

रिकैप

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था माँ मई और कोमल नाना जी के घर आये थे ,,,

अब आगे ,,,,

मैंने गाड़ी एक साइड पार्क की और बहार आया इतने मई अंदर से बाकि सब भी आ गए मैंने देखा मौसी भी आई थी ,,

माँ नानी जी के पास जेक उनके पेअर छुए ,,

नानी जी ने आशीर्वाद दिया फिर मैंने और कोमल ने भी किया ,,

नानी माँ से बोली - रूबी रोहित को कुछ खिलाती विलाती नहीं है क्या देख तो कितना पतला हो गया है ,,

मई- नानी मई कहा पतला हु इसको फिट रहना कहते है और मेरे को सिक्स पैक आपस भी बोलो दिखाओ ,,,

ममी मेरे पास आके - रोहित बाबू आप तो मुझे दिखाना अकेले आपके सिक्स पैक आपस मई तो देखु मेरे बेटे ने कैसे बनाये है देखो तो कितना बड़ा हो गया है ,,,

मई- ठीक ममी आपको दिखा दूंगा आपसे आप अभी भी पहले जैसे hi जवान और खूबसूरत हाहाहा ,,,

ममी - बदमाश कही का ,,

मौसी - लगता है रोहित अपनी मौसी को भूल गया है ,, मई मौसी के पास जेक उनको अपनी गोद मई उठा लिया ,,

मई- मौसी आपको कैसे भूल सकता हु एक hi तो मौसी है मेरी और वो भी इतनी खूबसूरत ,,

मौसी - रोहित उतर मुझे वर्ण मई गिर जाउंगी ,,,

मई- नहीं उतर रहा आपको मौसी और ऐसे कैसे गिर जाओगी मेरे रहते हुए आपको तो मई जिंदिगी भर उठा सकता हु ऐसे ,,

माँ - ाचा बाबा उठाते रहना अपनी मौसी को चल अब निचे उतर वर्ण तेरे मौसा ने देख लिया तो बहोत मरेंगे ,, माँ की इस बात पे सब हैश दिए ,,

मौसी - ऐसे कैसे कोई भी मार देगा मेरे रोहित को उसकी टंगे तोड़ दूंगी मई,,

नानी - चलो अब अंदर चलो साडी बाते घर मई बैठ के क्र लेना ,,

मैंने कार से सामान निकल लिए और अंदर ले जाने लगा पीछे से स्वाति ने एक बैग लिया और आरती ने मेरा वाला जिसमे मेरा लैपटॉप और कुछ सामान था उसको अपनी गॉड मई लिया आ रही थी जैसे को कोई बचा हो और वो बहोत क्यूट लग रही थी,,,

नाना जी घर पुराने ज़माने का था पैर उसको थोड़ा सा रेनोवेट करवाया गया था जैसे की चाट लगवा देना ककी पिछली बार चाट नहीं था एक काश बात थी घर के बीचो बिच खुला आंगन था और उसके चारो तरह रूम्स घर दो फ्लोर का था निचे काम से काम 6 रूम्स थे जिसमे से 1 रूम नाना जी और नानी का था और 1 रूम मां ममी का थान 1 रूम मौसी आती थी तो उसे करती थी ,,

बाकि बचा पार्टी का रूम ऊपर था,,,

अंदर जेक मैंने सामान रखा आंगन मई और हम सब बैठ गए चेयर्स पे जो पुराने थे लकड़ी के बने हुए और उनपे मैट्स लगे हुए थे ,,

आरती अभी भी कड़ी थी मेरा वाला बैग लेके ,,

मई - चुटकी इधर आए ,, वो मेरे पास आई ,, उसको मैंने अपनी गोद मई बैठा लिया ,,

आरती - क्या भैया मई अब चुटकी नहीं रही अब मई बड़ी हो गई हु और अपने मुझे पहचाना कैसे ,,

मई- तू अभी भी मेरी चुटकी hi है , और तुझे इस लिए पहचान लिया ककी बचपन मई भी तो मेरा हर सामान ऐसे hi लेके घूमती थी समझी चुटकी ,,,

आरती - भैया आप कितने इंटेलिजेंट है एक बार मई hi पहचान लिया ,, वैसे आप मेरे लिए क्या लाये है सहर से ,,

मई- सॉरी चुटकी मुझे नहीं पता था मेरी बहनो को क्या पसंद है और तुम सब इतनी बड़ी भी हो गई हो तो क्या लता ,,, आरती का मुँह उत्तर गया ये सुन के ,,

आरती - तो आप सच मई कुछ नहीं लगे हमारे लिए ,, मैंने है मई गर्दन हिलाया ,, उसकी आँखों से अंशु आने hi वाले थी की ,,

मई- अरे अरे रोना नहीं हम कल चलेंगे पास वाले सिटी मई जो तुम्हे पसंद होगा मई खरीद दूंगा ,, इतने मई डिम्पी बोली ,,

डिम्पी - भैया हमारे लिए नहीं खरीदो गए हम भी तो आपकी बहने है

मई- सबके लिए खरीदूंगा और तेरे लिए तो स्पेशल चाणक्य खरीद दूंगा ,, ककी नक् तो तेरी अभी भी बहती होगी

डिम्पी - मौसी देखो न भैया मुझे चिढ़ा रहे है ,,

माँ- बाबू मेरी बेटी को तंग मत क्र वर्ण तुझे रही चोर के इसको अपने साथ ले जाउंगी ,,

ममी - दीदी आप ले जाओ मेरी भी बेटी को रोहित को मेरे पास चोर दो ,,

आरती - नहीं मई नहीं जाउंगी मई तो भैया के साथ रहूंगी अब ,,,

नानी - चुप हो जाओ सब के सब ये सब बाते बाद मई क्र लेना बहु तू इनके लिए खाना लगा भूक लगी होगी सब को ,,

ममी उठ के चली गई किचन मई ,,

मई- मेरा रूम कोनसा है नानी मुझे फ्रेश होना है ,,,

आरती - भाई आप मेरे साथ चलो आप मेरे रूम मई रहना ,,

स्वाति - नहीं भाई मेरे कमरे मई रहेंगे ,,

मई- ठीक है ठीक है सबके रूम मई रहूँगा एक एक क्र के जब तक यहाँ हु आज मई आरती के रूम मई रहूँगा ,,

मैंने अपना वाला बैग लिया आरती न फिर से मेरा बैग अपनी गोद लिया और मेरा हाथ पकड़ के ले जाने लगी अपने रूम मई जोकि ऊपर था ,,

स्वाति - कोमल तुम मेरे साथ चलो

कोमल - हां मुझे भी फ्रेश होना चलो ,, माँ भी मौसी के साथ चली गई,, आरती के रूम मई आके मैंने अपना बैग उसके बीएड पे रखा ,,

आरती - भैया कैसा लगा मेरा रूम आपको पसंद आया

मई- हां चुटकी बहोत ाचा रूम है तेरा ,,

आरती - भाई वो रहा बाथ आप चले जाओ उसमे लाओ मई आपके कपडे निकल देती हु,,

मई अपने मान मई सोचे लगा कितनी मासूम है ये बिलकुल वाइफ की तरह बेहवे क्र रही है

आरती - भाई कहा खो गए आप जाओ न जल्दी से आपको भूक भी लगी होगी ,

मई- जाता हु मेरी माँ और इस बैग मई से नेरा एक लोअर और टीशर्ट निकल दे ,,

मई जब रूम मई आया तो देखा आरती मेरा फ़ोन चलने की कोसिस क्र रही है,, मुझे देखते hi दर के रख दिया,,

मई उस वक़्त एक तौलिया लपेटा था ऊपर मेरी बॉडी दिख रही थी ,,

आरती- सॉरी भाई वो मई बस देख रही थी फ़ोन ,, पापा चलने नहीं देते है न ,,

मई- मैंने कुछ बोलै क्या चुटकी जो तू सफाई दे रही है ,,

आरती - मुझे लगा आप गुस्सा हो जाओगे मुझपे ,, मई अपना कपडे पहन लिए और उसको अपने पास बुलाया

मई- ये बताओ क्या मां तुझे फ़ोन नहीं देते है क्या ,, उसने न मई सर हिलाया ,,

मई- चल कोई न कल तेरे लिए खरीद दूंगा बोल चाहिए फ़ोन ,, आरती खुस हो के बोली ,,

आरती - भाई क्या सच दिलाओगे फिर एक दम से उदास हो गई

मई- ये क्या तू कुश नहीं है नहीं चाहिए क्या

आरती - चाहिए पैर पापा नहीं डाटेंगे और चीन लेंगे ,, एक बार मई पापा का फ़ोन चला रही थी तो बहोत डाटा था ,,

मई- ये तो गलत है बात चल कोई न मई हु बात क्र लूंगा मां से वो तुझे कुछ नहीं बोलेंगे ,,, इतने स्वाति आ गई

स्वाति - भाई चलो दादी बुला रही है खाने के लिए ,, फिर मई दोनों के साथ निचे चला आया ,, फिर हमने बाते करते हुए खाना खाया ,,

रात को मां आये और साथ मई नाना जी भी नानी में हमसे झूट बोलके बुलाया था यहाँ की नाना जी का हेल्थ ख़राब है पैर यहाँ आके पता चला नानी ने झूट बोलै था ,,,

रात को डिनर के टाइम हम सब एक जगह बैठे थे ,,,

मई - मां मई आपसे गुस्सा हु और आप सब से भी बाकियो को बोलै ,,,

मां - ाचा मेरा एक लौटा बंजा क्यों नाराज है हम सब से ,,

मई - ये बताओ आप लोगो के पास पैसे नहीं है क्या

मां - पैसे तो बहोत है बीटा और ये जो भी सब तेरा hi तो है ,,

मई- और मेरी बहनो का नहीं है क्या ये सब

नाना जी - ये साडी दौलत जो मैंने और तेरे मां ने कमाई है वो ये तुम सबका hi तो है ,,

मई- तो फिर आप लोगो ने मेरी बहनो को अभी तक फ़ोन खरीद के क्यों नहीं दिया बताओ मुझे ,, यहाँ तक की कोमल के पास भी बताओ ाचा लगेगा एक पास हो और बाकियो के पास न हो ,,

मां - बीटा बिगड़ जाएँगी ये सब अगर इनकी हाथ मई फ़ोन दे दिया तो ,, वो पड़ोस के संजू है मेरा दोस्त उसने अपनी बेटी के लिए सहर से फ़ोन लाया 4 महीने बाद उसकी बेटी किसी लड़के बात करते हुए पड़की गई उसके 3 महीने बाद वो उससे लड़के के साथ भाग गई

मई- ऐसा कुछ नहीं होता मां सब एक जैसे नहीं होते जैसे पांचो ऊँगली एक बारब नहीं होती और वैसे भी ये मेरी बहने है मई उनकी गारंटी लेता हु ये ऐसा कुछ नहीं करेंगे क्यू सही बोलै न चुटकी तू चुटकी ,,

आरती - भाई मुझे ये सब नहीं पता मुझे समझ मई भी नहीं आया आप लोग क्या बाटे क्र रहे हो ,,

मई- सीखा मां जी मेरी चुटकी कितने मासूम है मई इसको समझा दूंगा आप बस इजाज़त दे दो मुझे इनके लिए फ़ोन खरीदना है ,,

माँ- बाबू तू खरीद देना कल इनके लिए मई परमिशन देती हु ,,

मां - पैर दीदी इतने मई माँ ने चुप करा दिया मां को

माँ- तू चुप करर मेरी बेतिया ऐसे नहीं है अपने मान से ये गलत बाते निकल दे ,,

स्वाति - हां पापा हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे आप लोगो की कसम प्लीज मान जाओ

मां - ठीक है दीदी और रोहित के लिए मान रहा हु और मेरा भरोसा मत तोडना ,,

डिम्पी - भाई मेरे लिए नहीं खरीदो गए क्या ,,

मई - ारे तीनो के लिए खरीद दूंगा और अगर तुझे नहीं लेना है तो रहने दे,,

डिम्पी - नै नै मैंने कब मन किया,, फिर हमने डिनर ख़तम किया और सब अपने अपने रूम मई चले गई ककी गाओ मई सब जल्दी सू जाते है ,,

मई अपना फ़ोन लेके चाट पे चला आया मेरे साथ आरती भी थी ,,

हम दोनों टहल रहे थे आरती बहोत एक्ससिटेड होक उसने क्या क्या किया अपने स्कूल वो सब बता रही थी ,,, इतने मेरे फ़ोन पे मैसेज आया मैंने देखा तो वो मैसेज सोनू की माँ का था,,

व्हाटप्प खोल के देखा तो उसने कुछ फोटोज भेजे थे अलग अलग पोज़ मई लिंगेरी पहन के ,,

सोनू की माँ सन्ति देवी




आरती - की भाई ये किसकी फोटो है नंगु पंगु ,,,

मई- शहीइ ये बात किसी को मत बता वर्ण मई तुझे फ़ोन नहीं दिलाऊंगा ,,

आरती - अपने लिप्स पे ऊँगली रखते हुए ठीक है भाई मई किसी नहीं बताउंगी ,,

मई सोनू की माँ को कॉल किया ,, एक बार मई उसने कॉल उठा लिया ,,

मई - ये क्या भेजा है तूने मेरी रैंडी आंटी ,,

सन्ति देवी - मुझे आप तू मुझसे नाराज़ है इसीलिए तुझे मानाने के लिए ऐसे फोटो भेजी क्यू तुझे ाचा नहीं लगा ,,

मई- अछि नहीं रैंडी माल लग रही है तू इसमे और मई तुझसे नाराज़ नहीं हु बस थोड़ा बिजी हो टाइम निकल के मिलता हु तुझसे

सन्ति देवी - जल्दी मिलना मुझसे मेरे राजा मेरी तुम्हारा लुंड लेने के लिए तड़प रही है

मई- ठीक है मेरी रानी जल्दी मिलूंगा वैसे सोनू कहा है घर पे नहीं है क्या जो उसकी रैंडी माँ अपने बेटे के दोस्त को अपनी नुदेस भेज रही है ,,

सन्ति देवी - वो तो अपनी गफ के साथ बिजी है उसको तो फ़िक्र hi नहीं की और न hi पता है की उसकी माँ किसी की रखैल बन गई है,,

मई- तो एक बार अपने जलवे दिखा दे अपने बेटे को दिन भर अपना लुंड ले के तेरे पीछे घूमेगा ,,,

सन्ति - नहीं रहने दे उससे अपनी गफ के साथ जिस दिन मामला बिगड़ा उसको जमरे बारे पता चला उससे दिन उससे अपनी छूट मरवा लुंगी और बना लुंगी अपने गुलाम ,,

मई - साली एक नंबर की रैंडी है तू चल जयदा खुजली मची है तो रबर का लुंड खरीद ले डिलडो जिस दिन न आओ अपनी छूट मई दाल के गुमना ,,

सन्ति देवी - ठीक है रहा खरीद लूंगा तूने बोल दिया तो ,,

मई- चल रखता हु बाद मई बात करूँगा ,,, उसके बाद काल कट क्र दिया ,,

आरती मेरे बगल मई कड़ी बाते सुन रही थी उसके मुँह भी खुले थे मेरी बाटे सुन के ,,

मैंने उससे हिलाया उसके कंधे से पकड़ के ,,

मई- कहा खो गई है

आरती - भाई आप किस्से बात क्र रहे थे और आप गली क्यों दे थे ,,

मई - तुझे समझ नहीं आएगा चुटकी और ये बता तूने कहा से सुने है

आरती - भाई इतनी भी बुद्धू नहीं हु स्कूल मई मेरी दोस्त आपस मई गली दे के बाते करती है और जो जो अपने बोलै वही सा बाते करती है उनका बर्फ भी है ,,

मज - ाचा तो मेरी चुटकी सच मई बड़ी हो गई है पैर ये बात किसी को मत बताना ठीक है ,, वैसे तूने झूट अचे से बोलै मां के सामने की तुझे समझ नहीं आया हमारी बाते ,,

आरती - अगर नहीं बोलती तो पापा थोड़ी मानते मेरी बात ,,

मई - ाचा चल निचे चलते है सोने जयदा रात हो गई है ,, उसके बाद हम चुटकी के रूम मई आ गए ,,,

......................... कंटिन्यू ....................

गाइस कही कुछ गलत लिखा हो तो बता देना ककी लिखने के बाद मई पढता नहीं हु पीछे का 😂 तो बता देना कागि कुछ इधर उधर निकल गया हो तो गलती से
 
...................... अपडेट 50 ..................

रिकैप

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा कैसे मैंने मां को कन्विंस किया फ़ोन दिलाने के लिए अपनी बहेनो को एंड कैसे आरती मेरी साडी बाते सुन रही थी जो मैंने सोनू की माँ से की ,,,,,

अब आगे ,,,,

मई आरती के बीएड पे लेता था वो मेरे से चिपक के मेरा फ़ोन चला रही थी और मई उसका क्यूट फेस देख रहा था ,,

आरती - भाई मुझे भी आपके जैसा फ़ोन दिलाओगे न ,,

मई- चुटकी मेरे वाला फ़ोन यहाँ नहीं मिलेगा ,,

आरती - पैर मुझे ऐसे hi चाहिए मई नहीं जानती हु ,,

मई- फिर तो तुझे मेरे साथ चलना पड़ेगा मेरे घर वह पे खरीद दूंगा ,,

आरती - ठीक है फिर मुझे अभी नहीं चाहिए जब आप जाओगे तबै भी चलूंगी आपके साथ आप पापा से बात क्र लेना और बाकियो के लिए कल खरीद देना ,,

मई- ठीक है चल दे अब मेरा फ़ोन और सू जा ,,,

आरती- भाई आपको याद है बचपन मई आप मुझे सुलाते थे मेरे गाल पे और होठो पे पप्पी दे के ,,

मई- तुझे याद भी इतनी पुराणी बाते मुझे लगा तू भूल गई होगी ,,,

आरती - नहीं मई नहीं भूली प्लीज दो पप्पी वर्ण मुझे नींद नहीं आएगी ,,

मई - ाचा और जब मई यहाँ नहीं था तब कैसे सोती थी ,,

आरती - मेरा टेडी है न वह देखो वो रखा उसको लेके सोती थी और उसको किश करती थी हीहीही

मई- बहोत बदमाश है तू पैर अब हम बड़े हो गए है होठो पे किश तो पति पत्नी या बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड करते है हम तो भाई बहन है ,,,

आरती - भाई पहले भी तो करते थे तब थोड़ी न ये सब थे हम ,, और ऐसा है तो मुझे आप अपनी गर्लफ्रेंड बना लो ,,

मई- ऐसे कैसे गर्लफ्रेंड बना लू तुम मेरी छोटी बहन हो और मेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए तुम्हे मेरी साडी बाते

माननी पड़ेगी बोलो मानोगी ,,

आरती- मई कोनसा आपकी सगी बहन हु भाई मां की बेटी हु न आपकी तो प्रॉब्लम क्या है ,, हां मानूंगी आपकी साडी बाते प्लीज बना मुझे आपकी गर्लफ्रेंड आपको पता गाओ मई पापा के दर हम खुल के जी भी नहीं सकते और वैसे भी मई नहीं चाहती की मई अपने परिवार न नाम ख़राब करू गाओ मई,,

मई- ारे वह मेरी चुटकी तो बहित समझदार है ठीक है चुटकी तू आज से मेरी गर्लफ्रेंड पैर मेरी कुछ सिर्ते है है

आरती- हां बताओ न भाई और मुझसे और चिपक गई ,, आरती ने एक फ्रॉक पहना था जो उसके घुटने तक था उसके बूब्स निम्बू के तरह छोटे छोटे थे जो मेरी साइन से लग रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे उसने अंदर कुछ नहीं पहना है,,

मई- तो सुन पहली मई जो कुछ भी करू तेरे साथ तू मन नहीं करेगी दूसरी तू ये सब किसी को नहीं बताएगी जब तक मई न बोलू तीसरी तो आज से मेरी हर काम मई साथ रहेगी बिना किसी सवाल पूछे मई जो कुछ भी करू मेरी हेल्प करेगी बोल,,

आरती - क्या भाई ये कोई पूछने वाली बात है आप करो मई आपके साथ हु ,,

मई- ाचा तो मई अगर कही की मुझे ममी को छोड़ना है तो क्या मेरा साथ देगी ,, पहले तो वो ये सुन के सोक रह गई ,,

मई- बता क्या हुआ अवि बड़ी बड़ी बाते क्र रही थी ,,

आरती- भाई क्या आप सच वो सब मेरी माँ के साथ करोगे ,,

मई- हां चुटकी अगर तू साथ दे तो पता नहीं ममी मुझे बहोत हॉट एंड सेक्सी लग रही थी आज ,,

आरती- तो ठीक है मई आपके लिए कुछ भी करुँगी ,, चलो आप मेरी पप्पी तो जैसे बचपन मई देते थे ,,

मई - उससे भी अछि दूंगा तुझे चुटकी पहले तू बता सबके सामने इतना मासूम बनती है पैर तू तो छुपी रुस्तम है ,,

आरती - भाई मई तो अभी भी मासूम hi हु बस मई आपके साथ hi खुल के बात क्र रही हु आपको पता बुद्धू और मासूम बन के रहने का अपना अलग hi फ़ायदा है ,,

मई - ाचा तो बता मुझे भी क्या फ़ायदा हुआ तुझे इससे ,,

आरती - बताती हु एक बार मैंने पापा को मम्मी की चुदाई करते हुए देख लिया और वही कड़ी होक देख रही थी पैर पापा ने पकड़ लिया वो मुझे तप्पड़ मरने वाले थे पैर तभी मैंने मम्मी से पूछ लिया की पापा आपके ऊपर चढ़ के क्यों मार रहे थे ,,मैंने बोलै रुको दादी को बता के आती हु की पापा आपको मार रहे थे ,, और ऐसे बोल के मई रूम से निकल के जाने लगी तवी पापा ने मम्मी को मुझे रोकने के लिए भेज दिया ,, बाद में मम्मी ने मुझे प्यार से समझाया ये सब चीजी और बोली ऐसे किसी के रूम मई नहीं झाकते है अब तुम बड़ी हो गई हो ,,,

मई - वह चुटकी तूने तो मजे भी ले लिए और पिटाई से भी बच गई ,, मैंने उसके गाल पे किश क्र दिया ,,

आरती - तो अब मानते हो न की मई बस नाटक करती हु मासूम बनने की और ये क्या बचो वाली पप्पी दे रहे हो आप बड़े वाली दो न मेरे होंठो पे ,,

मैंने अपने होंठो को आपके होंठ पे रख दिए और धीरे धीरे चूसने लगा




आरती - उम्म्म सलुपपप भाई उम्म्म्म सलुपपपपपप उम्म्म्म आरती ने भी अपनी होंठो को खुल दी मैंने अपनी झिव को उसकी मुँह मई दाल दिया ऐसा लग रहा था जैसे कोई तजि तजि आजम चूसने पे स्वाद आता था वैसे वो थी कच्ची काली अभी अभी अपनी जवानी मई खड़ाम रखा था उसने हम दोनों एक दूसरे के झिव के साथ खेल रहे थे ,,,

मई - सलुपपपपप सलुपपपपप सलुपपपपपप उम्मम्मम युम्म्मम्म िस्सशहठ उम्म्म सलुपपपप चुटकी उम् तेरी झिव बहोत मीठी लग रही है उम्म्म बहोत मज़ा आ रहा है चुटकी तुझे किश करके उम्म्म सलुपपपप




आरती - सलुपपपप भैया उम्म्म मुझे भी बहोत ाचा लग रहा है आपको किश करने मई सलुपपप भैया आपकी थूक बहोत मीठी है उम्म्म्म सलुपपपपपप सलुपपपप,

मई - सलुपपप उम्मम्मम चुटकी सलुपपप तू इतनी अछि किश कैसे क्र ले रही है उम्म्म इससे पहले तूने किया है क्या उम्म्म

आरती - उम्म्म नहीं भाई इससे पहले भी अपने hi पप्पी दी थी बचपन मई उसके बाद से मैंने आज तक किसी को चुने भी नहीं दिया खुद को उम्म्म किश तो दूर की बात है उम्म्म्म सलुपपप ,,

मई - सलुपपपप उम्मम्मम्मम चुटकी तू ये सब क्यों क्र रही है मेरे साथ बता मुझे उम्म्म मई तो तेरा भाई हु न उम्म्म

आरती - उम्म्म सलुपपपप युम्मम्म सलुपपपपप भाई मुझे आप पसंद हो जैसे मूवी मई होता है न वैसे hi भाई वो बचपन से उम्म्म जब से अपने मेरे होंठो पे पप्पी दी थी उस वक़्त तो नहीं पता था पैर जैसे जैसे मई बड़ी होती गई मुझे महसूस हुआ की मई आपको पसंद करती हु उम्म्म सलुपपप




मई - ाचा एक पप्पी देने से hi तू मुझसे प्यार करने लगी वह सलुपपप तू भी कोमल की तरह hi है,,,

आरती - क्या कोमल भी आपसे प्यार करती है भाई सलुपपपप भाई उफ्फ्फ्फ़ अब बस करो मेरी सास फूलने लगी ,, उसके ऐसे बोलने से मुझे हस्सी आ गई ,,,

आरती - हैश क्या रहे हो सास फूलने लगी तो फूलने ये मेरी पहली और किश थी वो भी इतनी लम्बी उफ्फ्फ थक गई मई पता नहीं आप कैसे क्र रहे हो थकते नहीं हो क्या,,

मई - ूहो थक गई मेरी चुटकी आजा आ सू जा रात बहोत hi गई है तू नहीं समझे गई बहोत एक्सपीरियंस है मुझे किश करने का ,, आरती मुझसे और चिपक के सू गई मई भी कुछ देर बाद सू गया ,,,,

...................... कंटिन्यू .......................
 
अपडेट 51

जैसे की अपने लास्ट उपडा मई पढ़ा आरती ने बताया था कीक्यू वो मासूम बन के रहती है और उसके बाद मैंने आरती के उसका पहला किश किया फिर सू गए,,

अब आगे ,,,

सुबह मेरी नींद दम घुटने से खुले ऐसे लग रहा था जैसे किसी ने मुँह को बंद क्र रखा है ,,,

जैसे hi मैंने आंखे खोली आरती मेरे ऊपर थी और वो मुझे किश क्र रही थी ,,

मई- उम्म्म्म चुटकी ये क्या क्र रही सुबह सुबह उम्म्म्म ,,,

आरती - आपको होंठो को चूस नहीं हु दिख नहीं रहा है चुप चाप केते रहो सलुपपप उम्म्म्म

मई- उम्म्म्म सलुपपप चुटकी कोई देख लेगा मेरी जान सलुपपपप ऐसे किश क्र रही थी,,, मुझे निचे कुछ गिला गिला महसूस हुआ मैंने ध्यान दिया वो मेरा लुंड सुबह सुबह खड़ा था वो आरती के दोनों टैंगो के बिच फसा था और आरती उससे अपनी छूट पे रगड़ रही थी ,,,

मई- चुटकी क्या क्र रही है हैट जा वर्ण किसी ने देख लिया तो दोनों को मार पड़ेगी ,,

आरती - भाई प्लीज थोड़ी देर और करने दू स्लूप उम्म्म्म आह्ह्ह्ह बहोत मज़ा आ रहा है ,,

मई समझ गया की इसका पहली बार है ये पहली बार किसी का लुंड छुआ है और अपनी छूट पे फील क्र रही है ,,

मई- आरती मेरी जान मज़ा आ रहा है भाई के लुंड को अपनी छूट पे रगड़ने मई ,,

आरती - हां भाई बहोत मज़ा आ रहा है अह्ह्ह्ह भाई मेरे प्यारे भाई आप बहोत अचे हो भाई ी लव यू भाई अह्ह्ह्हह भाई अह्ह्ह्ह

मई- ोू मेरी आरती मेरी चुटकी आठ ले अपने भाई का लुंड अपनी छूट पे आअह्ह्ह तुझे और भी मज़ा दूंगा अगर तू मेरे साथ मेरे घर चलेगी तो ,,,

आरती- आअह्ह्ह्ह सच भाई फिर तो ज़रूर चलूंगी मई प्लीज आप बुआ से बोलके कहो न माँ को मन ले अह्ह्ह्ह सलुपपप अह्ह्ह भाई मुझे कुछ हो रहा है निचे अह्ह्ह ,,

मई समझ गया ये झड़ने वाली है ,

मई- ठीक है चुटकी तू मेरे साथ चल मई बात क्र लूंगा ,, मैंने उसको काश के अपनी बहु मई लिया और ज़ोर ज़ोर से निचे से अपना लुंड उसकी छूट पे जिश्ने लगा

आरती- आह्ह्ह्ह भाई ी लव भाई मुझे ऐसे प्यार करती रहना भाई अह्ह्ह्ह बहोत मजा आ रहा है भाई मुझे बहोत ज़ोर से पेशाब लगी है भाई अह्ह्ह्हह

मई- ऐसे कभी हुआ है तेरे साथ पहले चुटकी आह्हः बता ने कैसे लग रहा मेरा लुंड अह्ह्ह

आरती- नहीं ऐसे कवी नहीं हुआ है और इतना मज़ा मुझे आज तक नहीं आया पता नहीं सुबह उठी तो आपका लुंड खड़ा था उससे देख के मुझे कुछ कुछ होने लगा ,,

मई- इसीलिए तू अपनी छूट मेरे लुंड पे जिश्ने लगी हां बता मेरी चुटकी बहन,,

आरती - हां भाई पापा को देखा था मम्मी की चुदाई करते हुए इसीलिए मैंने भी सोचा वैसे hi करती हु मज़ा आएगा आह्ह्ह्ह भईईई अह्हह्ह्ह्ह ऐसे करते करते आरती झड़े लगी और बहोत मात्रा मई पानी चोर्ने लगी ,,

मई- आह्हः जान तूने तो मेरी बुरी पेण्ट गीली क्र दी ,,

आरती - भाई मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ अह्ह्ह भाई मुझे बहोत थकन महसूस हो रही है आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ ,,

मई- ोू मेरी चुटकी बहन थक गई चल बाथरूम मई आज साथ मई नहाते है साडी थकन मिट जाएगी ,,,

आरती- हां भाई चलो न बचपन मई भी आप मुझे कई बार नहलाया है कितना मज़ा आता था भाई ,,

मई- ाचा जी मेरी प्यारी बहन को अब्भी याद है वह चुटकी तो बहोत इंटेलिजेंट है ,,

आरती - आखिर बहन किसकी हु मई ,, चलो न भाई मुझे गिला गिला लग रहा है निचे और जोरो की पेशाब भी लगी है ,,

मई- चल भी बचपन की तरह करवाता हु तुझे कैसे रात को तू बोलती थी मुझे भाई बाथरूम जाना है चलो न साथ मई ,,

आरती- हां भाई तब मुझे दर लगता था छोटी जो थी पैर आप मेरे साथ रहते थे मेरे स्ट्रांग भाई ,,

मई- और तू मेरी चुटकी बहन मैंने उसको गोद मई उठा लिया और बाथ मई चला गया जाते hi मैंने शावर ों क्र दिया ,,

आरती- भाई क्या क्र दिया कपडे तो निकलने देते हम दोनों भीगने लगे ,,

मई- मैंने उसके कपडे निकले लगा भीगते हुए वो मुझे बहोत जयदा गरम क्र रही थी पता नहीं क्यों बहोत अत्त्रक्ट हो रहा था आरती से ,,




आरती- भाई ये गलत बात है मई नंगी क्र दिया अपने खुद कपडे पहने है

मई- अभी उतर देता हु मेरी चुटकी मैंने अपने सरे कपडे उतर के आरती अपनी गोद मई फिर से उठा लिया ,, मेरा लुंड सीधा जेक आरती के छोटी से छूट पे लगा ,,

आरती- अह्ह्ह्ह भैया आह्हः आपका लुंड कितना गरम है भैया आह्हः मुझे पेशाब लगी है प्लीज उतर दो मुझे करनी है ,,

मई- तो क्र ले चुटकी क्र दे अपने भाई के लुंड से पेशाब उसके किश करते हुए सलुपपप सलुपपपप पूछह उम्म्म मेरी चुटकी सलुपपप उम्




आरती - सलुपपप उम्म्म्म भाई उम् सलुप्प अह्ह्ह्ह करते हुए उसकी पेशाब की डाट मेरे लुंड पे गिरने लगी अह्ह्ह्ह भैया अह्ह्ह

मई- ओह्ह्ह मेरी चुटकी कितनी गरम है तेरी पेशाब अह्ह्ह्हह मेरी जान ऐसे करते रह मेरे लुंड पे अह्ह्ह्ह सलुपपप तेरे होंठ बहोत मीठे है चुटकी ,,

आरती मुझे किश करते हुए बोली - उम्म्म भाई अपना लुंड बहोत बड़ा और गरम लग रहा है मेरी छूट पे अह्ह्ह्ह सलुपपप उम्म्म्म




पता नहीं मुझे क्या हुआ मई ज़ोर ज़ोर अपना लुंड उसकी छूट पे जिश्ने लगा और वो भी मेरे साथ अपनी कमर ऊपर निचे करने लगी ,,



आरती - आह्ह्ह्ह भाई आह्ह्ह्ह भैया आह्ह्ह्ह मुझे आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह भैया आह्हः मेरे प्यारे भैया ऐसे hi करते रहो



मई- आह्ह्ह्ह ोू चुटकी अह्ह्ह्ह मेरी चुटकी बहन अह्ह्ह ऐसे ऐसे क्र मेरी चुटकी मई और ज़ोर ज़ोर से अपना लुंड जिश्ने लगा ,,

आरती - अह्ह्ह्ह भैया आह्ह्ह्ह आपका बड़ा सा लुंड मेरी छूट पे ठाकर मार रहा अह्ह्ह अह्ह्ह भैया आह्ह्ह्ह मेरे अचे भैया समझाओ न अपने लुंड को ऐसे न मरे मुझे छूट को

मई- मेरी चुटकी बहन मेरा बड़ा सा लुंड तेरी छोटी सी प्यारी से छूट को प्यार करता है न तो मरने दे बहन आह्हः ले छूट ले अपने भैया का लुंड आह्ह्ह्ह और इससे के साथ मेरे लुंड से विरए निकलने लगा ,,

आरती - भैया बहोत गरम है क्या है वो अह्ह्ह्ह भैया आह्ह्ह्ह भैया मई भी ाः आईई भैया आह्ह्ह्ह आरती भी मेरे साथ जहदने लगी और काश्के मुझे गले लगा लिया ,,

कुछ देर तक हम ऐसे hi शावर के निचे थे ,,

आरती - भैया बहोत मज़ा आया ऐसे क्र के मैंने देखा है पापा मम्मी की छूट मई अपना लुंड डालते है तो मम्मी भी ऐसे hi मज़ा मई चीखती है ,,

मई- मई भी डालूंगा मेरी बहन जैसे तेरे पापा तेरी मम्मी के छूट मई डालते है वैसे तेरी छूट में मई अपना लुंड डालूंगा ,,

आरती - पैर भैया मेरी छूट तो बहोत छोटी है ,

मई- तो बड़ा के दूंगा मेरी जान छोड़ छोड़ के ,

आरती - ठीक है भइया बड़ा क्र देना और अभी चलते है निचे वर्ण सब आ जायेंगे हमारे रूम मई ,,

मई - ठीक है मेरी चुटकी प्यारी बहन चल कपडे पहन के चलते है ,, उसके बाद हमने अपने अपने कपडे बहन के निचे आ गए मम्मी ममी और मौसी किचन मई थे बाकि सब आंगन मई बैठे थे हम वह जेक बैठ गए ,,

कोमल- गम भैया आज आप बहोत लेट उठे ,,

मई- गण गुड़िया वो क्या है रात को लेट सोया था इसीलिए ,,

स्वाति एंड डिम्पी - गुड मॉर्निंग भैया ,,

मई- गुड मॉर्निंग परियो तैयार हो जाना आज शॉपिंग पे ले चलूँगा तुम सब को ,,

डिम्पी - सच्ची भैया फिर तो बहोत मज़ा आएगा ,,

मई- हां मेरी पेरी तुझे जो चाहिए वो सब दिला दूंगा ,,

स्वाति - मुझे भी मुझे ,,

मई- हां सबको ,, इतनी मई किचन से मम्मी मौसी और ममी आई हमारे लिए ब्रेक फ़ास्ट लेके

मम्मी गाओ आके और भी सूंदर धिक् रही थी और पता अभी क्यों मुझे तीनो कुछ ऐसे दिख रही थी साथ मई माँ भी



माँ



मौसी





ममी



मई मैं मई बहनचोद ये क्या हो रहा है सुबह से ये मुझे सब इतने सेक्सी क्यों दिख रहे है यहाँ तक माँ भी बहोत हॉट एंड सेक्सी दिख रही है बस मई ये क्या सोच रहा है माँ है वो मेरी ,, मैंने अपने आप को जातक के ब्रेकफास्ट पे फोकस करने लगा

मौसी - आज तेरे जेब ढीली क्र के मानेंगी ये सब ज़रा बच के रहिये रोहित ,,

मई- तो क्या हुआ मौसी मेरी बहने इतना तो हक़ बनता है न इनके लिए तो पूरी मार्किट खरीद दूंगा मई ,,

डिम्पी - थैंक यू भैया आप बहोत अचे हो अपने माँ को झिव चिढ़ाते हुए माँ आज आपकी नहीं चलें वाली है आज हम बचो की hi चलेगी ,,

ममी - जाने दो न दीदी बाद मई खुद पछताए गए रोहित की कहा फर्श गया मई ,,

मई- ऐसा कुछ नहीं होने वाला ममी मेरी बहने है और मई इनसे बहोत प्यार करता हु तो जो इनको पसंद आएगा वो खरीद दूंगा मई ,,

माँ मेरे सर पे हाथ फिरते हुए - ऐसे hi प्यार करते रहना मेरा बाबू अपनी बहेनो से उम् किश करते हुए मुझे ,,

कोमल - मुम्मा मुझे भी किश चाचिये ,, मम्मी ने उसको भी सर पे किश किया और बाकियो को भी ,,

माँ- अब्ब कुश सब के सब ,,

सब एक साथ - हां ,, ,,,,

ब्रेकफास्ट करने के बाद मई कमरे मई आ गया पैसे वैसे लिए और कार्ड भी अपना फिर सबको बोलै रेडी होने के लिए ,,.


कंटिन्यू
 
अपडेट 52

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जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था सुबह आरती के साथ रूम और बाथरूम मई रोमांस करने के ब्रेकफास्ट किया और अपने बहेनो को बोलै रेडी होने के लिए,,

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अब आगे

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मई हाल निचे आंगन मई बैठा था इतने मई मेरी साडी बहने रेडी होक आ गई

कोमल




आरती



स्वाति



डिम्पी



सब एक साथ - भैया हम कैसे लग रहे है ,,

मई- चारो स्वर्ग से उत्तरी परिया लग रही हो ,

सब एक साथ - थैंक यू भैया ,

मई- चलो चलते है ,,

मई- माँ हम जा रहे है ( माँ और बाकि सब नानी के कमरे मई थी )

माँ- ठीक है बीटा और आराम से जाना और जो तुम्हारी बहनो को पसंद आये उनको दिला देना ,,

मई- ठीक है माँ ,, चलो परियो चलते है ,,

आरती मेरा हाथ पकड़ ते हुए - चलिए भैया और मई बता देती हु सबको मई आगे बैठूंगी ,,

मई- ठीक है चुटकी तू आगे बैठ जाना बकिये से पूछा तुम लोगो को कोई प्रॉब्लम है क्या ,,

डिम्पी - नहीं भैया हम सब पीछे भी बैठ जायेंगे इस बुद्धू को hi बैठाओ अपने साथ ,,

आरती - मई बुद्धू नहीं हु तू है बुद्धू पागल ,,

कोमल - अब लड़ो मत तुम सब डिम्पी बैठने दे उससे जाने दे अपने भैया की फवौरीते है तू चोर वर्ण रोने लगेगी,,

आरती - भैया देखो न कोमल को ,,

मई- गुड़िया लड़ो मत तुम सब वर्ण शॉपिंग कैंसिल ,,

सब एक साथ - नै नै हम कहा लड़ रहे है ये तो हमारा प्यार है क्यों बहेनो ,, सब ने अपनी सर को है में हिलाया ,,

मई - है है पता है बड़ी आई बहने ,, फिर हम पास वाले सिटी की तरफ निकल पड़े मस्ती करते हुए ,,

सिटी मई मैंने एक छोटे से मॉल के पास अपनी कार पार्क की और हम सब अंदर चले गए मॉल के ,, वह जेक उन्होंने ढेर साडी शॉपिंग की उकसे बाद मैंने उन सब को एक फ़ोन की शॉप पे ले गया,,

वह से उनके लिए फ़ोन बुय क्र दिया जो उन्हें पसंद था आरती ने नहीं लिया उन्होंने पूछा तो उसने बोल दिया भैया उसके लिए अपने सहर से फ़ोन खरीद देंगे ,, उन दोनों ने जयदा सवाल नहीं किया ,,

शॉप से बहार निकल के ,,

आरती - भैया मुझे भूल लगी है वो देखो न समोसा है मुझे कहानी है चलो न ,,

मई- चल खिलता हु चुटकी , फिर सब समोसे खाये और घर के लिए भी पैक करवा लिया ,, घर पहुंच के मैंने समोसे दिए और मेरी बहने सबको अपने कपडे दिखने लगी जो मैंने ख़रीदे थे और फ़ोन भी ,,

लास्ट मई हम सब बैठ के बाते क्र रहे थे ,,

माँ - बाबू तूने आरती के लिए फ़ोन नहीं ख़रीदे क्या ,,

ममी - जाने दो न दीदी इतना सब कुछ तो खरीद दिया वो तो अभी बच्ची है उसको फ़ोन की क्या ज़रुरत ,,

माँ - नहीं ये गलत बात है बता बाबू तूने क्यों नहीं ख़रीदे उसके लिए ,,

आरती - बुआ मैंने खुद नहीं ख़रीदा मुझे भाई जैसा फ़ोन चाहिए थे तो भाई ने बोलै तू मेरे साथ चल मेरे घर वह मई खरीद दूंगा ,,

कोमल - इसीलिए इस बुद्धू ने जिद नहीं की वर्ण मई तो सोक थी ये इतनी संत क्यों है,,

ममी - तू रोहित के घर क्या करने जाएगी और पढाई कोण करेगा ,, वैसे भी तुझे फ़ोन वोने की ज़रुरत नहीं है रोहित का फ़ोन बहोत महंगा है तुम लोगो ने पहले hi उससे बहोत पैसे खर्च करवा चुके हो ,,

मई - क्या ममी कुछ महंगा नहीं है अगर इन्होने पहले बोलै था तो मई उनके लिए भी अपना जैसे खरीद देता और आरती क्यों नहीं जा सकती मेरे घर क्या वो इसका घर नहीं है क्या ये मेरी बहन नहीं कोमल की तरह बताओ अगर ऐसा है तू हमें भी यहाँ नहीं आना चाहिए था ,,

ममी - ारे रोहित मैंने ऐसा थोड़ी बोलै मई तो बस बोल रही थी अगर ये वह जाएगी तो जल्दी आएगी नहीं और उसके चलते ये फ़ैल हो जाएगी पढाई मई वैसे भी इस साल ये 12तह गई है अगर फ़ैल हुई तो तुम्हारे मां इसको बहोत मरेंगे ,,

मई- तो क्या हुआ ममी ये वह से पढ़ लेगी और अगर स्वाति को सोल्लगे करना होगा तो इससे भी साथ ले चलूँगा वह चाहे डिम्पी को भी ,, इसमे कोण सी बड़ी बात है क्यों माँ ,,

माँ - हां बाबू सही बोल रहा है अगर आरती का मान है वह से पढ़ने का तो इसी के चलेंगे साथ मई ,,

आरती - हां मुझे जाना है भैया और बुआ के साथ प्लीज बुआ आप पापा को मन लेना ,,

माँ - ठीक है आरती मई बात क्र लुंगी अपने भाई से वो मेरी बात नहीं टलेगा पैर एक को ले जाना नाइंसाफी होगी ,,,

मई- माँ उसके लिए भी मेरे पास एक आईडिया है ,,

ममी - ये क्या बात हुई आरती काम थी जो स्वाति और डिम्पी को भी ले जाओगे ,,

माँ - हां तो क्या हुआ उनका मान नहीं है क्या उनको भी तो आगे की पढाई करनी है स्वाति को तुम लोगो ने घर पे बैठा रखा है ,,

ममी - पैर दीदी इसके पापा बहोत गुस्सा होंगे ,

माँ - वो कुछ नहीं बोलेगा मई हु न,, बाबू तू बता क्या बोलने वाला था ,,

मई- माँ आरती को हम साथ ले चलते है और इस साल डिम्पी का 12तह भी ख़तम हो जायेगा तो नेक्स्ट ईयर डिम्पी और स्वाति को भी बुला लेंगे वह पे तब तक ऊपर का घर भी बन जायेगा हमारा ,

माँ - मेरा बाबू बहोत होसियार है गुड आईडिया ये सही रहेगा क्यों डिम्पी और स्वाति तुम लोगो को पढ़ा है आगे सही से ,,

स्वाति - हां बुआ देखो न पापा मुझे आगे पढ़ने नहीं दे रहे है ,,

डिम्पी - हां बुआ मुझे भी आगे पढ़ना है स्वाति दी और आरती के साथ ,,

माँ - ठीक है तो मई बात क्र लुंगी ,, फिर सब अपने अपने काम मई लग गए और मई रूम मई चला आया पीछे पीछे कोमल भी आ गई और रूम का दरवाज़ा बंद क्र दिया ,,

कोमल




मई - क्या हुआ गुड़िया और तूने दरवाजा क्यों बंद क्र दिया ,,

कोमल - डूअड़ के आके मेरे गले लग गई ,,

मई- क्या हुआ गुड़िया बता न मुझे बहोत चिंता हो रही है क्या तुझे बोल ,,

कोमल - आप मुझसे प्यार नहीं करते हज न ,,

मई- ऐसा क्यों बोल रही है तुझे पता है तू मेरी जान गई गुड़िया उसके सर पे हाथ फिरते हुए ,,




कोमल - भैया अपने कल से मुझसे बात नहीं किया ठीक से मुझे लगा आप नाराज हो या गुस्सा हु कही आप मुझसे दूर न हो जाओ ,,

मई- ऐसे बात नहीं है गुड़िया तुझे तो सब पता है न फिर क्यों टेंशन लेती है मई तुझसे बहोत प्यार करता हु ,,

कोमल - अगर प्यार करते है तो मुझे किश कीजिये अभी के अभी मुझे नहीं पता,,

मई - बस इतनी सी बात मेरी जान इसके लिए तू इतना परेशां थी हां ,, उसने हां में सर हिलाया और उसके ऐडा पे हैश दिया ,,

मैंने उसका सर पकड़ा और उसके होंठो पे अपने होंठ रखे दिए और चूसने कागा जैसे hi मैंने उसके होंठ चूसे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा था जैसे पहली बार किसी को किश क्र रहा हु और ये किश सबसे अलग लग रही थी ,,




कोमल - सलुपपपप उम्मम्मम भैया सलुपपपप उम्म्म्म

मई- अह्ह्ह्हह चुप उम् सलुपपपप किश का मज़ा लो गुड़िया बिच मई मत बोलना इस वक़्त काफी रोमांटिक माहौल था रूम मई कोमल का सर ऊपर की तरफ था मई मई उसके सर को पकड़ के किश क्र रहा था,,,




कोमल- उम्म्म्म सलुपपपप उम्मम्मम अह्ह्ह्हह उम्म्म्म सलुपपप ,, कोमल भी अब मेरा साथ दे रही थी हम दोनों एक दूसरे की झिव के साथ खेल रहे था,,



ऐसे hi हम 5 मं तक किश करते रहे फिर मई पीछे हाथ गया कोमल हाफ रही थी तवी निचे से स्वाति की आवाज आई वो कोमल को बुला रही थी कोमल अपना मुँह पॉच के सरमते हुए निचे भाग गई,,

मई- पागल है बिलकुल मेरी गुड़िया पता नहीं क्यों मुझे आज ऐसा लग रहा था जैसे पहली बार किश क्र रहा हु कितनी मीठी है उसकी लिप्स और सॉफ्ट भी ,,

मई चाट पे चला गया और संगीता को कॉल लगा दिया ,,

उसने कोच देर बाद फ़ोन उठाया,,

संगीता - कैसे हो आप

मई- ठीक हु मई संगीता तू बता तू कैसे है और बेटी मेरी कैसे है ,,

संगीता - जी मई ठीक है और रूही भी ठीक है पैर आपसे गुस्सा है आपकी बेटी ,,

मई- ओहो ये तो गड़बड़ हो गई वैसे कहा है मेरी बेटी ,,

संगीता - आपकी बाते सुन रही है मुझे आंखे दिखते हुए ,,

मई- मेरा बचा रूही कैसी हो आप ,, उसने कुछ नहीं बोलै ,, रूही बचा सॉरी न प्लीज अपने डैडी से नाराज न हो वर्ण मई रू दूंगा बचा ,,

रूही - प्लीज डैडी आप रोना नहीं मई नहीं हु नाराज़ और आपसे बात भी क्र रही हो डैडी ,,

मई- सॉरी बचा नहीं रोऊँगा बचा आप बताओ क्यों नाराज़ थी मुझसे ,,

रूही - आप बिना मुझसे मिले चले गए न इसीलिए नाराज़ थी मई और आप हमेशा अकेले hi चले जाते हो मुझसे नहीं ले जाते हु ,,

मई- बचा सॉरी नेक्स्ट टाइम आपको पक्का ले चलूँगा अपने साथ बचा ,,

रूही - पक्का न डैडी प्रॉमिस करो नेक्स्ट टाइम आप जगा भी जाओगी मुझे साथ ले चलोगे ,,

मई- प्रॉमिस रूही बीटा अब अपनी मुम्मा को फ़ोन दो आपके डैडी को ज़रूरी बात करनी है और आप खेलने जाओ,,

संगीता - हां अब बोलिये रूही चली गई ,,

मई - क्या तू भी नाराज़ है मुझसे संगीता ,,

संगीता - हां थोड़ा थोड़ा आपने बोलै था साडी करोगे नई घर पैर हर नार कही न कही चले जाते हो इसीलिए थोड़ा सा ,,

मई- सॉरी संगीता तुझे पता है न माँ के साथ अय्या था क्यों की माँ की बात नहीं ताल सकता न ,,

संगीता - कोई बात नहीं जी लेकिन आप मुझसे भी एक प्रॉमिस करिये ,,

मई- ठीक है बोलो क्या बोलना है प्रॉमिस करता हु पक्का पूरा करूँगा अगर मेरी बास की बात हुई तो ,,

संगीता - आप प्रॉमिस करिये की वह से आने के बाद मुझसे साडी करोगे,,

मई- ठीक है संगीता प्रॉमिस करता हु ,,

संगीता - ी लव यू जी ,,

मई- ी लव यू तू संगीता जल्दी मिलता हु और साडी क्र के सुहागरात मनाएंगे,,

संगीता - धत्त आप भी न गंदे ब्ययी रखती हु ,, उसने जल्दी से कॉल काट दिया,,,

फिर मई निचे चला आया वह पे मेरी चारो बहने कर्रम खेल रही थी मई बैठ के देखने लगा ,,


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कंटिन्यू
 
अपडेट 53

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था बहनो को शॉपिंग करवाने के बाद हम घर आ गए उसके बाद आरती अपने साथ ले जाने की बात हुई साम को कोमल के साथ मस्ती किया उसके बाद रूही से बात करके उसके मनाया ,,,

अब आगे

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रात को डिनर करने के बाद मई आरती के रूम मई जाने लगा आरती भी साथ आ गई,, इतनी मई डिम्पी भी आ गई ,,

डिम्पी - भैया आज मुझे भी आपके साथ सोना है ,,


डिम्पी







मई- ठीक है डिम्पी आजा मई बिच मई लेट गया और आरती लेफ्ट और डिम्पी राइट मई ,,

आरती- भैया हम आपके घर कब चलेंगे ,,

मई- पता नहीं देखो माँ कब बोलती है चलने को ,,

डिम्पी - तुझे क्यों इतनी जल्दी है रे अभी तो आये है भैया अभी hi भगा रही है तू ,,

आरती- तू चुप क्र मई बस पूछ रही थी भगा नहीं रही हु जयदा न बोल वर्ण रूम से भगा दूंगी ये मेरा रूम है,,

डिम्पी - भगा के दिखा मुँह तोड़ दूंगी मई तेरी ,,

मई- चुप रहो तुम दोनों लड़ना बंद करो वर्ण मई दूसरे रूम में चला जाऊंगा,,

आरती- पैर भैया ये लड़ रही है मुझसे ,,

डिम्पी- मैंने कब लड़ा तू मुझे रूम से भगा रही है ,,

मई- तुम दोनों चुप चाप रहो वर्ण दोनी को मरूंगा ,, चलो सॉरी बोलो ,,

डिम्पी - I'm सॉरी ,,

आरती- सॉरी ,, दोनों मुझसे चिपक को सोने लगी ,,

मई अपने फ़ोन पे चाट करने लगा सिमु से ,, 1 जानते बाद देखा तो दोनों सू गई थी दोनों के छोटे छोटे बूब्स मेरे साइन से चिपका के सू रही थी ,,

मैंने दोनों के गाल पे किश करके सू गया क्यों सुबह माँ को लेके पास वाले मंदिर जाना था गाओ के मज़ा जाता है वो मंदिर बहोत पुराणी और चमत्कारी है ,,

सुबह मई जब तो तो डिम्पी का टीशर्ट उसके बूब्स के ऊपर थे उसके बूब्स छोटे तो थे पैर बहोत प्यारे थे ,,

डिम्पी




वही दूसरी तरफ आरती का भी शामे हालत था uske.bhi बूब्स दिख रहे थे पैर आरती के बूब्स डिम्पी से थोड़े बड़े थे,,

आरती




मैंने दोनों के टीशर्ट सही किये और बाथरूम चला गया नहाने उसके बाद रेडी होक निचे आँगन मई आ गया जहा माँ भी उसी वक़्त आई थी बहोत hi प्यारी साड़ी पहनी थी माँ ने,,

माँ



माँ- बाबू चले हमें सूरज निकलने से पहले पूजा करनी है ,,

मई- हां माँ चलो न मई कैसे चलना कार से या चल के जाना है ,,

माँ- बाबू तेरे मां के बाइक से चलते है मैंने रात को hi बाइक की चाभी मांग ली थी ये लो ,,

मैंने माँ को बाइक पे बैठा के निकल पड़ा मंदिर की तरफ 10 मं मई हम मंदिर पहुंच गए ,,

हम अंदर गए तो अभी एक दम खली थी बस एक पंडित जी थे जो सुबह की पूजा क्र रहे थे ,,

माँ भी जेक पूरा करने लगी मई उनके साथ खड़ा था ,,

पंडित जी वही खड़े होक देख रहे थे जैसे उनको पहले से hi पता हो क्या होने वाला है आज वो बहोत संत और महापुरुष लग रहे थे ,,

माँ ने पूजा क्र मुझे टिका लगा दिया ,,

माँ- बाबू ये ताली पकड़ना ज़रा मुझे अचे से माथा टेकना है ,, मैंने वो थाली पकड़ लिया और वही खड़ा रहा माँ निचे बैठी माथा टेकने के लिए वही थाली मई जो दिया जल रही थी उससे थाली गरम हो गई उसमे एक साइड कुमकुम और प्रसाद थे थाली गर्माहट से मेरे हाथ जहल गया और वो थाली मेरे हाथो से गिर गई पूरा कुमकुम माँ की मांग मई गिर गया ,,,




माँ तुरंत उठ गई और जैसे hi वो अपने मांग पोछने वाली थी पंडित जी ने रोक दिया माँ को ,,

पंडित जी - बेटी ये अनर्थ मत करना वर्ण बहोत बुरा हो सकता है इस बालक के साथ या तुम्हारे परिवार मई किसी और के साथ

माँ- पैर क्यों पंडित जी बाबू से गलती से गिर गया है और अगर मई पॉच भी लुंगी तो बुरा क्यों होगा मेरे बाबू के साथ या मेरे परिवार के साथ ,,

पंडित जी - बेटी अभी तुम क्या क्र रही थी,,

माँ- वो मई माथा ठीक के आशीर्वाद ले रही थी ,,

पंडित जी - हां तो भगवन ने तुम्हे आशीर्वाद दिया है इस कुमकुम के रूप मई और अगर तुमने ये पॉच लिया तो इस बालक का मरना तै है ये किसी और का ,,

माँ- नहीं ये नहीं हो सकता है मई ऐसा नहीं होने दूंगी पैर पंडित जी ये मेरा बीटा है और अगर मैंने हटा भी लिया तो क्या हो जायेगा ,,

पंडित जी - अब ये तुम्हारा बीटा नहीं अब ये तुम्हारा पति है क्यों की इसने तुम्हारी मांग भरी है ,,

मई- मैंने नहीं भरी गलती ये गिरी है और ये मेरी माँ मई ये सब नहीं मंटा हु ,,

पंडित जी- तुम्हारे मैंने या न मैंने से कुछ नहीं होता और अगर तुम लोगो ने नहीं मन तो कुछ न कुछ बुरा ज़रूर होगा तुम सब की जिंदिगी मई ,,

माँ- पैर पंडित जी ये गलत है मेरे बाबू से ये गलती से हुआ है हम कैसे मान ले ,,

पंडित जी - बेटी ये भगवन का आशीर्वाद है और तुम्हे तो पता hi होगा इस मंदिर मई जो एक बार हो जाता है उससे न तो तोडा जाता है और न hi झुटलाया जा सकता है वर्ण बहोत बुरा हो सकता है ,,

मई- चलो माँ चलते है मई नहीं मंटा ये सब ,, माँ बहोत परेशां हो गई थी पंडित जी की बात से ककी उनको पता था इस मंदिर के बारे मई ,,

माँ ( अब मई क्या करू ये रोहित ने क्या क्र दिया हे भगवन अपने ऐसा क्यू किया पता नहीं अब क्या होगा )

मई माँ को लेके वापस आ रहा था रस्ते माँ मुझे बहोत परेशां दिखी,,

मई- माँ आप क्यों ढुकि हो रही हु हमने जान बुझ के थोड़ी न किया है गलती से हुई है भूल जाओ माँ जो भी हुआ सब बेकार की बट्टे है ,,

हम दोनों घर पहुंच गए मैंने बाइक लगा दी अंदर गए थो मौसी आंगन मई बैठी भी और बचा पार्टी भी,,

माँ डायरेक्ट रूम में चली गई और माँ वही आंगन मई सबके साथ बैठ गया,, कुछ देर बाद माँ कमरे से बहार आई तो उन्होंने दूसरी साडी पहनी थी पैर उनकी मांग वैसी hi थी ,,




माँ किचन में चली गई ,,

कोमल - भैया आज गाओ घूमने चले क्या ,,

स्वाति - हां भाई चलते है मई आपको पूरा गाओ गुमा दूंगी ,,

आरती- हां भैया चलो न मज़ा आएगा,,

मई- ठीक है चलते है ब्रेकफास्ट करके,, इतने में ममी सबके लिए ब्रेकफास्ट ली आई ब्रेकफास्ट करने के बाद मई अपनी बहनो के साथ निकल गया गाओ घूमने पैर घर पे माँ परेशां बहोत थी आखिर माँ ने तंग आके नानी से बात करने के बारे मई सोची और नानी के कमरे मई चली गई ,,


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कंटिन्यू

गाइस अपडेट बहोत दिनों बाद दिया है ाचा लगे तो लिखे क्र देना और कमेंट क्र के बता कैसा लगा धीरे धीरे माँ का भी इन्वॉल्वमेंट बढ़ेगा जो जयदा तर रीडर्स चाहते है नेक्स्ट अपडेट कल दूंगा या परसो ,,,,

मुझे पता है छोटा अपडेट है पैर इम्पोर्टेन्ट है स्टोरी के लिए और आगे कुछ और भी होने वाला है और स्पेशल भी होगा आने वाले अपडेट मई

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अपडेट 54

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था मुझसे एक्सिडेंटली कुमकुम माँ की मांग में गिर गया था मंदिर मई और पंडित जी ने बोलै था अगर हमने इस रिश्ते को नहीं अपनाया तो कुछ बुरा हो सकता है या कोई मर भी सकता है ,,

अब आगे

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अभी हम सब गाओ के मई एक नदी थी छोटी सी उसी की पुल्ल पे बैठे थे ,, आरती मेरे एक साइड और दूसरे साइड डिम्पी थी,,

स्वाति - भाई आपको हमारी याद नहीं आती थी क्या बताओ आप इतने सालो बाद क्यों आये ,,

मई- ारे मेरी प्यारी बहन माफ़ क्र दे अपने भाई को गलती हो गई अब से पक्का आऊंगा कुछ जानते का तो रास्ता है ,,

स्वाति - हां अगर नहीं आये तो हम माफ़ नहीं करेंगे ,,

कोमल- ये तुम भी तो आ सकते थे तुम सब क्यों नहीं आये ,,

मई- हां गुड़िया ने बिलकुल सही कहा बताओ तुम सब भी तो आ सकते थे ,,

आरती- भाई आप पापा को तो जानते हो न वो न खुद कही जाते है और न हमें जाने देते है ,,

मई- हां मां को घूमना कहा पसंद है ,, वैसे भी चोरो चुटकी तो चल रही है मेरे साथ और अगले साल तुम दोनों भी आ जाओगी ,,

डिम्पी - हां भैया फिर तो बहोत मज़ा आएगा हम एक साथ रहेंगे ,,

कोमल- भाई घर चले गर्मी लग रही है ,,

आरती- हां भाई घर चलते है भाई कोल्ड ड्रिंक खरीदो न मुझे पीना है उसके बाद घर चलते है ,,

मई- ाचा मेरी चुटकी चल ,, मैंने सबके लिए कोल्ड ड्रिंक लिया और पिटे हुए घर की तरफ निकल गए ,,

वही घर पे जब हम निकले थे घूमने के लिए ,,

माँ खुद को सँभालते हुए नानी के पास पहुंची ,,

नानी - रूबी मेरी बची क्या हुआ सुबह से देख रही हु तू बहोत परेशां है जब तू मंदिर से आई है ,,

माँ- हां माँ बात हु ऐसे है मई क्या करू मुझे समझ नहीं आ रहा है आप hi बताओ स्निफ्फ स्निफ्फ रूट हुए बोली ,,

नानी- मेरी बची बता मुझे क्या हुआ क्या रोहित ने कुछ किया है ,,

माँ- हां माँ रोहित से गलती से हो गया न उसकी गलती थी और न hi मेरी पैर हम क्या करे ,,

नानी- बता तो सही क्या हुआ तभी तो मई बताउंगी की करना क्या है ,,

माँ ने नानी को सुरु से लेके आखिरी तक बता दिया ,,, नानी माँ की बात सुनके बड़ी शॉक हो गई थी ,,

माँ- आप hi बताओ माँ मई कैसे अपने बेटे को अपना पति मान सकती हु वो सब तो गलती से हुआ है न ,,

आप लोगो को पता hi होगा की नहीं कितनी धार्मिक है और इन सब चीजों मैं बहोत मानती है ,,

नानी- देख मेरी बची मन्ना तो तुझे पड़ेगा और तुझे पता है मई कैसी हु और एक बात तुझे मई बता दू तू जिस पंडित जी की बात क्र रही है उनकी मौत 4 साल पहले हो चुकी है पैर कहते है वो बहोत काम लोगो को दर्शन देते है और जिसको दर्शन देते उसकी जिंदिगी बदल जाती है वो जो कहते है करना hi पड़ता है वर्ण सच मई कुछ न कुछ बुरा हो सकता है ,,

माँ नानी की नात सुन के शॉक हो गई क्यों की जिनसे हम सुबह मिले थे वो 4 साल पहले hi मर चिके है ये कैसे हो सकता है ,,

माँ- पैर माँ रोहित को कैसे समझाए वो नहीं मानेगा और न मेरा दिल मान रहा है कैसे मई अपने बेटे को पति मान लू ,,

नानी - मई समझाउंगी उससे तू चिंता मत क्र रूबी पैर मई बोल रही हु तुझे अपनी मान और दिल को अपने काबू मई क्र और अपना रोहित को देख उससे पति के रूप मई ,,

माँ- माँ रोहित के पापा का क्या होगा उनको मई क्या बोलूंगी बाकि सबको क्या जवाब दूंगी ,,

नानी- ठीक है तुझे जो करना है करर पैर अगर मेरे रोहित को कुछ हुआ न तो देखना मई तुझे माफ़ नहीं करुँगी मई तो रोहित को समझा दूंगी तू अपना देख ले ,, उसके बाद नानी वह से उठ के आंगन मई आ गई ,,

इतने मई हम सब भी कोल्डड्रिंक पिटे घर पहुंचे ,, मुझे सब दिखे पैर माँ नहीं दिखी , मेरी आंखे माँ को खोज रही थी ,,

एक बात मैंने नोटिस किया नानी मुझे hi देख रही थी ,,

ममी - आ गए तुम सब घूम के चलो लंच क्र लो मई लगा देती हु ,,

आरती- हां माँ डिम्पी को बहोत भूक लगी है इसने hi बोलै चलो घर चलते है ,,

डिम्पी गुस्से से बोली - झूट मत bol.tu आरती कोमल ने बोलै उससे गर्मी लग रही है बंदरिया तो मेरा नाम क्यों ले रही है ,,

कोमल- तुम दोनों मुझे फसा रहे हो मैंने तो ऐसा कुछ नहीं बोलै ,, मई बस चुप चाप इनकी नोक झोक देख रहा था,,

आरती - तूने बंदरिया किस्से बोलै चुड़ैल कही की तू होगी बंदरिया ,, इस बात से डिम्पी बहोत चीड़ गई और आरती को मरने दौड़ी ,,

डिम्पी - आज मई तुझे नहीं छोड़ूंगी चुहिया तुझे मार मार के सच मई चुहिया बना दूंगी मई ,,

आरती मेरे तरफ भागी ,,

आरती- देखो न भाई ये बंदरिया कैसे मुझे मरने आ रही है बचाओ न अपनी चुटकी बहन को ,,, हम सब की आवाज़ सुनके माँ भी आ गई और हमारी मस्ती देखने लगी ,,

डिम्पी- भाई आप बिच मई मत आना इसका हमेशा का हर बार मेरा नाम लेती है किसी भी चीज मई ,, वो दौड़ के मेरे पास आई आरती को पकड़ने के लिए पैर मैंने डिम्पी को पकड़ के अपनी गोद मई उठा लिया ,,

डिम्पी - भैया चोरो न मुझे देखो मई आअज नहीं बहोत गुस्से मई हु चोर दो मुझे इससे मई नहीं चोर्ने वाली ,,

मई- मेरी प्यारी डिम्पी मान जा बेबी देख वो तो बास मस्ती क्र रही है तू समझ दार है न जाने दे चल खाना कहते है मुझे भूक लगी है मेरी बात नहीं मानेगी अपनी भैया की बात ,,

डिम्पी - ठीक है सिर्फ आपके कहने पैर चोर रही हु वर्ण आज युद्ध होता इस घर मई और उसमे इस राजकुमारी की जीत होती हां मई बता रही हु ,,

उसकी इस बात पे सब हशने लगी माँ भी सब भूल के हैश रही थी ,,

मई- ाचा मेरी माँ तेरी hi जीत होती मेरी प्यारी डिम्पी ,, मई उससे लेके एक चेयर पे बैठ गया पैर वो उत्तरी नहीं मेरी गोद से अपने सर को मेरे कंधे पे रख के बैठी रही ,,

मौसी - अब तो उतर जा देख कितनी भरी हो गयी है चल निचे उतर मेरे बचे के ऊपर से ,,

मई- जाने दो न मौसी अब एक लौटा भाई हु तो थोड़ा अपने बड़े भाई से प्यार लेने दो मेरी बहेनो को ,,

मौसी - हां सिर्फ बहेनो को प्यार क्र ये न की एक मौसी है तो थोड़ा प्यार मौसी को भी दे दू ,,

मई- ोू मेरी प्यारी रेणुका जान चलो आज मई आपके साथ सू जाऊंगा और रात भर प्यार करूँगा ठीक है ,,

मेरी बात पे माँ और ममी ज़ोर ज़ोर से हशने लगी और भलो सब भी ,,

डिम्पी - हेहेहे माँ भैया ने तो आपको जान बना लिया हेहेहे 😂 पापा को पता चला की उनकी पत्नी किसी और की जान बन गई है तो अपना सारा काम चोर के यहाँ आ जायेंगे ,,

माँ- हेहेहे मेरी प्यारी डिम्पी तूने बिलकुल सही कहा रेणुका अब तू मेरी बाबू की जान बन गई बता कैसे लग रहा है ,,

मौसी - दीदी रोहित ने तो बस मजाक मई बोलै है और मुझे जान बोल भी दिया तो क्या हो गया मई हु उसकी जान और आज रोहित मेरे साथ सोयेगा मई बता दे रही हु सबको ,,

मई- हां मेरी जान आज मई आपके साथ सोऊंगा ,,

ममी - हां चलो बहोत हो गया जान जणू चलो सब लंच करो ,,

मौसी - तुझे क्यों जलन हो रही है सपना ,,

ममी - मुझे कोई जलन वालन नहीं हो रही दीदी आपको जो करना करो अपने जणू के साथ मेरा हिस्सा प्यार का मुझे रोहित दे देगा बाद मई क्यों रोहित ,,

मई- बिलकुल मेरी हॉट ममी ,,

आरती- हेहेहे माँ भैया ने आपको हॉट बोलै पहले मौसी को जान फिर आपको हॉट,,

ममी - चुप के बदमाश वर्ण मरूंगी तुझे ,,

आरती- मेरे भैया मुझे बचा लेंगे हेहेहे ,,

मई- चुटकी अब बदमाशी नहीं ,,

आरती - ok भैया ,, उसके बाद हमने लंच किया और मई आरती के रूम मई चला आया पीछे पीछे कोमल भी आए गई ,, मैंने hi उससे इशारा क्र के बुलाया था ,,

कोमल - भैया बताओ मुझे किस लिए बुलाया ,, मैंने उससे अपनी गोद मई उठा लिया और उसके दोनों पेअर को अपने कमर पे बांध लिया ,,

कोमल - भैया मई गिर जाउंगी उतरो न मुझे ,,

मई- गुड़िया तुझे अपनी भैया पे भरोषा नहीं है ,,

कोमल - सॉरी भैया मई दर गई थी बहोत अपने अचानक से उठा लिया न मुझे वर्ण मई तो अप्पे अपनी जान से भी जयदा भरोसा करती हु ,,

मई- कोई बात नहीं मेरी प्यारी गफ मैंने तुझे प्यार करने के लिए बुलाया है गुड़िया ,,

कोमल - भैया अपने अभी क्या बोलै एक बार और बोलो न ,,

मई - मेरी प्यारी गफ मेरी गुड़िया रानी क्या मई अपनी गुड़िया रानी को किश क्र सकता हु ,,

कोमल - मेरे प्यारे बर्फ आपको पूछने की ज़रुरत नहीं है क्या कल अपनी पूछा था किश करने से पहले जो आज आउच रहे हो भैया ,,

मई - कल तुम मेरे बहन थी इसीलिए नहीं पूछा क्यों मई अपनी बहन को अपना मंटा हु और मई उससे के साथ कुछ भी क्र सकता हु वो कुछ नहीं बोलेगी पैर अपनी गफ से परमिशन लेना बनता है न गुड़िया रानी ,,

कोमल- हां भैया आपकी बात तो सही है आप अपनी प्यारी बहन के साथ कुछ भी क्र सकते है मई कुछ नहीं बोलूंगी क्यों मेरे भैया को मुझपे पूरा हक़ है और रही बात गफ की तो मई अपने बर्फ को पूरा हक़ देती हु वो मेरे साथ कुछ क्र सकता है मेरे प्यारे बर्फ ,,

मई- ी लव यू कोमल मेरी जान तुमने उस दिन पार्क में मुझे प्रपोज़ किया था न आज मई तुझे बोलता हु कोमल मेरी गुड़िया मई तुमसे बहोत प्यार करता हु क्या तुम भी अपने भाई से उतना hi प्यार करती हो मेरी छोटी गुड़िया ,,

कोमल ने अपने सर को आगे क्र के मुझे किश करते हुए बोली ,,

कोमल - उम्म्म सलुपपपपप उम् ी लव यू तू भैया मई आपसे बहोत प्यार करती हु मुझे आज सब कुछ मिल गया भैया मुझे अब किसी से कोई भी प्रॉब्लम नहीं आप चाहे किसी के साथ रिलेशनशिप मई मई रहो या सदी करो बस मुझे अपनी छोटी से गुड़िया को प्यार करते रहना ,,




मई- सलुपपप मेरी छोटी गुड़िया मई प्रॉमिस उम्म्म सलुपपप करता हुआ की मई तुमसे भी साडी करूँगा सलुपपप मेरी गुड़िया उम्म्म सलुपपप ,,

कोमल - उम्म्म भैया क्या सच मई सलुपपप साडी करोगे मुझसे उम्म्म सलुपपप ी लव यू ी लव यू सलूयपपप ी लव यू भैया मेरी जणू भैया उम्म्म सलुप्प ,,




मई- सलुपपपप उम्म्म्म सलुपपपप उम्म्म मेरी प्यारी बहन अब निचे चले वर्ण किसी ने देख लिया तो पन्गा हो जायेगा वैसे तो मुझे किसी का दर नहीं केर मई नहीं चाहता कोई मेरी गुड़िया को गलत बोले ,,



कोमल - उम्म्म्म सलुपपपप भैया उम्म्म चलो चलते है एक मं रुको वो उतर गई और मेरे लिप्स को अपने टीशर्ट से अचे से पूछा ताकि किसी को पता न चले अपनी लिप्स को भी साफ़ क्र लिया उसके बाद हम दोनों भाई बहन निचे आ गए ,,

ऐसे hi मस्ती करते हुए रात हो गई रात को डिनर करके मई मौसी के रूम मई चला गया माँ आज आरती के साथ सोने वाली थी ,,

मई अपना फ़ोन चला रहा था बीएड पे लेट के सुमि से बात क्र रहा था तवी मौसी अंदर आई एक नार्मल सी सारे पहनी थी मौसी ने पैर उसमे भी वो बहोत हॉट लग रही थी ,,


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कंटिन्यू

सॉरी गाइस ये अपडेट मई रात को hi देने वाला था पैर सू गया था लिखते लिखते सू अभी कम्पलीट दिया है लाइक्स के देना और कमेंट क्र के बता कैसा लगा अपडेट
 
अपडेट 55

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मई पढ़ा था माँ नानी ये हमारे बारे मई बात की नानी साफ़ बोल दिया की इस रिश्ते को अपनाने को शायद उनको पता था न कहने से क्या होगा उसके बाद घर पे थोड़ी बहोत मस्ती के बाद मई मौसी के रूम मई आ गया क्युकी आज मौसी के साथ सोने वाला था

अब आगे

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मई बीएड पे लेता था मौसी भी आके मेरे पास लेट गई मौसी ने अपनी साड़ी का पल्लू हटा दिया ,,



मौसी के मम्मी बहोत बड़े लग रहे थे ,,

मई- मौसी आप बहोत हॉट लग रही हो ,,

मौसी - हैट बदमाश मौसी हॉट बोल रहा है लगता है दीदी से बोलके तुम्हारी साडी करनी पड़ेगी बचा बड़ा हो गया है,,

मई- आप क्र लो न मेरे से साडी मई जवान हो गया हु आप भी अभी जवान हो क्या बोलती हो रेणुका ,,

मौसी - तू पिटेगा मुझसे रोहित ,, मई मौसी से चिपक गया और उनके पेट पे हाथ रख दिया ,,

मई- ोू मेरी जान नाराज हो गई ,,

मौसी - बड़ा आया जान कहने वाला जा अपनी ममी को बोलना जान जणू उसपे तेरा हक़ भी है ममी जो है तेरी ,,

मई- ाचा तो आप नहीं है क्या मौसी जान ,, मैंने अपनी ऊँगली मौसी की नवी मई दाल दिया ,

मौसी - आह्हः रोहित क्या किया तुजे अभी ,,

मई- मैंने क्या किया मौसी अप्पे भी तो मेरा हक़ है बताओ क्या मई आपका बीटा नहीं हु ,,

मौसी - हक़ है रोहित पैर तू मेरी नवी मई ऊँगली क्यों दाल रहा है मत क्र न,,

मई- आपको ाचा नहीं लग रहा है क्या मौसी ये बोलते हुए मैंने अपना एक पेअर मौसी की झांग पे रख दिया ,,

मौसी- अचे लगने की बात नहीं है बीटा मत क्र न कुछ हो रहा है मुझे ,, मैंने मौसी के फेस को अपनी तरह करते हुए उनकी आँखों मई देखने लगा दोनों के संशे एक दूसरे से टकरा रही थी ,,

मई- क्या हो रहा है मौसी देखो न अपक्क कमर कितनी मुलायम है उनकी कमर वाली जगह को काश के मशाल दिया ,,




ऐसे करने से मौसी ज़ोर से मुझसे चिपका गई ,,

मौसी - अह्ह्ह्ह रोहित कितना दर्द हो रहा है धीरे नहीं दबा सकता है क्या मई कही भागी नहीं जा रही हु ,,

मई- मौसी मुझे ऐसा क्यों लग रहा है आपको प्यार की ज़रुरत है हां बोलो,,

मौसी- हां रोहित पैर ये प्यार तू नहीं दे सकता मेरा बचा ये प्यार एक पति अपनी पत्नी को देता है बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड को देता और प्रेमी अपनी प्रेमिका को देता है ,,

मई- मेरी जान आपको तो साम को hi मैंने सबके सामने गफ बना लिया है तो क्या मई अपनी गफ को प्यार नहीं दे सकता मौसी ,,

मौसी - अहह पैर बीटा मुझसे नहीं होगा,, मई मौसी की पेटीकोट को ऊपर उठा रहा था उनकी जंगो तक ला दिया था ,,

मई - ाचा तो ये बताओ मौसा जी आपको प्यार देते है पति वाला या नहीं इस बात पे मौसी का चेहरा उतर गया

मौसी- करते है पैर समझ जाओ न मुझे बहोत सरम आ रही है ,,

मई- मौसी क्या मई प्यार क्र लू आज मौसा जी की जगह बताओ ना आपको कुश क्र दूंगा ,,

मौसी- मुझे दर लग रहा है किसी को पता चल गया तो मई तो मर गई जाउंगी ,,

मई- किसी को पता नहीं चलेगा मौसी न बताऊंगा और न आप और अगर लाइफ मई आपको दो पल खुसी मिल जा रही है तो क्या प्रॉब्लम है मौसी ,, मौसी सोच मई दुब गई मैंने अपना हाथ मौसी की पेटीकोट मई दाल दिया अंदर मौसी ने पंतय नहीं पहनी थी मेरा हाथ डायरेक्ट मौसी की झाटो से भरी छूट पे गया ,,

मौसी - आह्ह्ह्ह रोहित प्लीज मत करो अपना हाथ हटा लो वर्ण मुझसे बर्दास्त नहीं होगा ,,

मई- मत करो आज बर्दास्त मौसी आज आप मेरे साथ मेरे प्यार मई बहती चली जाओ ,, मैंने अपना सर आगे क्र के मौसी को किश करने लगा ,,




मौसी- उम्म्म्म उम्मम्मम्म सलुपपप रोहित उम्म्म्म प्लीज बीटा मान जाओ ये लास्ट बार बोल रही हु वर्ण इसके बाद हमारा रिस्ता बदल जायेगा ,,

मई- बदल जाने दो उम्म्म्म सलुपपप मौसी आज सब कुछ सलुपपप बन जाओ आज आप मेरी आपको मई हमेशा खुश रखूँगा ,,

मौसी- आह्हः उम्म्म्म रोहित मई बहोत प्यासी हु अपनी मौसी की प्यास बुझा दे रोहित मेरे बचे तेरे चाचा अब वो बात नहीं रही वो तो सिर्फ मुझे प्रेग्नेंट करने के लिया छोड़ते है उनको तो बस बीटा hi चाहिए ,,

मई- तो बना दूंगा मई मौसी उम्म्म सलुपपप आपको प्रेग्नेंट क्र के बोलो बनोगी मेरे बचो की माँ ,,




मौसी- उम् सलुपपप रोहित बीटा पैर ये गलत होगा तू मेरा बीटा है और मई कैसे तेरे बचे की माँ बन सकती हु ,,

मई- क्यों नहीं बन सकती hi मौसी बता मुझे जब मई अपनी चची को प्रेग्नेंट क्र सकता हु तो आपको क्यों नहीं , मौसी इस बात से शॉक हो गई ,,

मौसी - उम् क्या तुमने अपनी चची को प्रेग्नेंट क्र दिया बेशरम और उसके बाद मेरे पीछे बड़ा है ,,

मई- किया है है पैर हो जाएगी देखना कुछ दिन मई खबर आएगी की ज्योति चची माँ बनने वाली है आपके लिए भी ऑफर है छुड़वा लो मुझसे और बन जाओ मेरे बचे की माँ ,,,

मौसी- पैर किसी को पता चल गया तो मई तो बर्बाद हो जाउंगी ,

मई- नहीं होगी आप ये बताओ क्या आपको उस किसी को पता है की मई चची को छोड़ता हु नहीं न तो आपके बारे मई भी किसी को नहीं पता चलेगा ,, मौसी कुछ देर के लिए सोचने लगी इतने मई मैंने मौसी का हाथ पकड़ा खुद को नंगा क्र के उनका हाथ अपने लुंड पे रख दिया,,

मौसी- अह्ह्ह्ह कितन गरम और बड़ा है रोहित तेरा बाप रे मेरी बुर फैट जाएगी रोहित,,

मई- अब आई न लाइन पे रेणुका मेरी जान देखा तेरी इससे बुर से मेरा बचा निकले गए ,, मौसी की छूट को रगड़ते हुए,,

मौसी- मौसी से सीधा रेणुका पे आ गया कुत्ते अपनी मौसी को छोड़ेगा बोल अपनी माँ की बहन को छोड़ के प्रेग्नेंट करेगा ,, मैंने मौसी के ऊपर चढ़ गया ,,

मई- हां मेरी जान तुझे छोड़ छोड़ के तेरी इस देहाती बुर का भोसड़ा बना दूंगा आज रात ,, मैंने मौसी की ब्लाउज फाड़ दी मौसी ने निचे ब्रा नहीं पहनी थी ,,

मई- साली मुझसे अपनी छूट छुड़वाने के लिए बिना ब्रा पंतय के आगे हम दोनी इस वक़्त पुरे नंगे थे मौसी के कमर पे उनका पेटीकोट था बस ,,

मौसी - आह्हः बीटा मैंने पहले से hi सोच के रखा था की तुझसे छुड़वा के प्रेग्नेंट हो जाउंगी बस दर रही थी कही तू किसी को बता न दे पैर तूने जब साम को मुझे जान बोलै और मुझे छेद रहा था तवी मैंने फिर से सोच लिया की रात को तुझे छुड़ा hi लुंगी ,,

मई- साली तो इतना नाटक क्यों क्र रही थी सीधी सधी बनने की टंगे खोल के लेट जाती तेरी उस झाटो से भरी में मई अपने बड़ा सा लुंड दाल की छोड़ देता ,,

मौसी - तो अब छोड़ देना मेरे राजा फाड़ दे अपनी मौसी की छूट मौसी ने फिर से मुझे किश करने लगी हम दोनों एक दूसरे के सरीर पे अपना हाथ फिर रहे थे ,,,

मई- उम्म्म सलुपपप मेरी रानी मैंने मौसी की झिव से खेलने लगा मौसी भी अपना थूक मेरे मुँह मई डालने लगी ,,

मौसी- रोहित बीटा उम्म्म सलुपपप इन सबके बहोत टाइम है प्लीज मेरी छूट की खुजली मिटा दे तेरे मौसा जी के लुंड से मेरी प्यास नहीं भुजती है ,,

मई- उम्म्म सलुपपपप उम्म्म्म सलुपपपप मौसी देखना आज के बाद आप की छूट मई मौसा जी का लुंड लुल्ली लगेगा ,,

मौसी- उम्म्म्म आठ वैसे भी उनका लुल्ली है बीटा आह्ह्ह्ह कुछ क्र कुत्ते मेरी छूट की प्यास भुजा दे राजा ,,

मई- साली झांटे तो साफ़ क्र लेती ,, चल चूस मेरा लुंड आज मैंने अपना लुंड मौसी के मुँह के पास क्र दिया ,,




मौसी- रोहित मैंने कवी लुंड नहीं चूसा मुझे नहीं आता ,,

मई- बहोत आसान है मौसी जैसे अपने बचपन मई लॉलीपॉप चूसा होगा न वैसे मेरा लॉलीपॉप चुसो देखना उससे जयदा मज़ा आएगा ,,

मौसी ने धीरे धीरे मेरा लुंड अपने मुँह में लिया और लुंड के टोपे को चूसने लगी ,,




मई- आह साली चूस मेरा लुंड आह्ह्ह्ह माँ देखो आपके छोटी बहन मेरा लुंड चूस रही है आह्हः ऐसे hi मौसी चुसो लगता नहीं है आप पहली बात चूस रही हो आठ,

मौसी- उम्मम्मम बीटा तेरा लुंड का टोपा कितना मस्त है बिलकुल अंडे जैसा मान क्र रहा है खा जॉन उम्म्म सलुपपप उम्म्म्म




मई- खा मत जाना मौसी वर्ण मेरे बचे की माँ कैसे बनोगी मौसी आह्हः ,,

मौसी - उम्म्म सलुपपप मेरे राजा आज पहली बार लुंड का स्वाद ले रही हु उम्म्म बहोत मस्त लुंड है तुम्हारा बहोत मज़ा आ रहा है चूसने मई सलुप्पल ,,

मई- माँ देखो अपनी बहन को कैसे चैनल की तरह लुंड चूस रही है आपके बेटे का आह्हः ,

मौसी - उम्म्म हां दीदी देखो अपने बेटे को कैसे अपनी मौसी को लुंड चुसवा रहा है रैंडी बना के अपनी उम्म्म सलुपपप इस बाग़ पे मैंने अपना लुंड मौसी के गले तक दाल दिया और छोड़ने लगा ,,

मौसी - ग्लूपप्प्प गलप्प्प उम्म्म्म गगगगगग सलुपपप की आवाज़े होने लगी रूम मई मौसी के मुँह से उनका थूक निकलने लगा ,,




मई- आह्हः ले साली मेरा लुंड आज इस लुंड से तेरी छूट और मुँह दोनों फाड़ दूंगा आह्ह्ह्ह कुछ सेकंड बाद मौसी की सास अटकने लगी तो मैंने अपना लुंड निकल दिया मुँह से ,,



मौसी ज़ोर ज़ोर से ससे लेने लगी ,,

मौसी - तुमने तो मेरी जान hi ले ली थी मेरा गाला दर्द करने लगा आठ ,,

मई- इससे मई तो मज़ा है मेरी रेणुका रानी बोल किस पोजीशन में चुद है मेरी रैंडी मौसी ,,

मौसी - बीटा तेरे मौसा तो हमेशा एक पोजीशन मई छोड़ते है तू आज मुझे कुटिया बना के छोड़ और फाड़ दे मेरी छूट ,,

मई- चल साली फिर कुटिया बन ja,,mausi को पलट दिया मैंने और पीछे से उनकी झाटो से भरी छूट मई अपना लुंड दाल दिया आह मौसी की छूट बहोत गरम थी उसपर से उनकी मुलायम झट ,,




मौसी - आह्हः सेल आठ एक बार मई hi दाल दिया आह्हः मेरी बुर फाड़ दी तूने रोहित आह्हः मा ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़

मई- मौसी तेरी झाटो से भरी बूत बहित ग्राम है आअह्ह्ह मौसी ओह्ह्ह्ह मई मौसी की छूट चोदे लगा मौसी की छूट से बहोत पानी बह रहा था ,,

मौसी - ओह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह कितना मज़ा आ रहा है रोहित आठ ऐसे छोड़ो अपनी रेणुका को मेरे राजा आह्ह्ह्ह ओह्ह सशह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ ओह्ह्ह्ह




आह्हः ओह्ह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ आह्हः मौसी आवाज़े पुरे रूम में गूंज रही थी ,,

मई- आठ मेरी जान रेणुका मौसी के अपने होने वाले बचो के बाप का लुंड अपनी बुर में मौसी आह्हः ,,

मौसी - पेलो मेरी बुर को मेरे बचे के पापा आह्हः उफ्फ्फ ओह्ह्ह्हह ऐसे फाड़ दो मेरी बुर आह्हः रोहित ाः मई गई आअह्ह्ह मौसी ने बहोत ज़रा पानी चोर दिया बीएड पे पूरी तरह से बीएड भीग गया ,,

मई- आठ पूरा बिस्टेर गिला क्र दिया तूने रैंडी ओह्ह्ह आज बैठ मेरे लुंड पे और उछाल उछाल के चुद ,, मौसी उठ के मेरे लुंड पे धीरे धीरे बैठ गई ,,

मौसी- आह्हः राजा ऐसा लग रहा है मुँह से निकल जायेगा तुम्हारा लुंड आठ ओह्ह्ह्ह ,,

मौसी - खुद साली मेरे लुंड पे अहहह ओह्ह रेणुका मेरी जान आह्हः देखो नानी आपकी बेटी मेरे लुंड पे उछाल उछाल के चुद रही है ,,




मौसी ने अपना बूब्स मेरे मुँह मई दाल दिया मई उनके निप्पल्स को चूसने लगा और बिच बिच मई काट बी देता ,,

मौसी- आह्ह्ह्ह सेल काट मत आह्ह्ह्ह मेरे बचे आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ सशह्ह्ह चूस अपनी मौसी के मम्मी ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्ह ,,..

मई- अहहह उम्म्म सलुपपप मौसी ओह्ह्ह्ह मई झड़ने वाला हु ओह्ह्ह्ह उछलो मेरे लुंड पे ज़ोर ज़ोर से ,,

मौसी - आठ मेरे बचो के पापा आह्हः फाड़ दो मेरी बुर और दाल दो अपने विरए मेरी बच्चेदानी में ओह्ह्ह

मई- ओह्ह्ह्ह माआ हहहहह मौसी आह्हः मुझसे अब बर्दास्त नहीं होगा आह्ह्ह्ह ,,




मौसी- तो दाल दो न मेरे बचो के पापा मेरी बच्चेदानी में अपना विरए ओह्ह्ह्ह आह्हः एहहहह ओह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ मममसससस ,,

मई- ले साली आअह्ह्ह मेरा विरए आह्हः ओह्ह्ह्ह मैंने लगा तार मौसी की छूट मई अपन विरए चोर्ने लगा मौसी और ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी ,,

मौसी- ओह्ह्ह ुह्ह्ह्ह हहहहह उफ्फ्फ्फस्सशहठ ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ुस्सस्म्म्म मई भी गई मेरे राजा आह्ह्ह्हह हुनो को रास मिक्स होने मौसी की छूटने निकला लगा फिर मौसी मेरे लुंड पे उछाल रही थी ,,




मई- आह्हः मौसी लुंड तोड़ के मानोगी क्या आह्हः ,,

मौसी - नहीं मेरे राजा मई विरए तुम्हारा लुंड से अपने बच्चेदानी मई दाल रही हु ताकि माँ बन सकू ,,

मई- बन जाएगी तू मौसी मेरे बचो की माँ हहहहह देख मेरा लुंड टकरा रहा है तेरी बचे दानी से ,,

मौसी - हां मेरे राजा आह्हः मौसी थक के मेरे ऊपर गिर गई ,, मैंने मौसी की पीठ सहलाने लगा अभी भी मेरा लुंड मौसी की छूट मई था मैंने उनको काश के पकड़ रखा था ,,

मौसी ने अपनी सर को उठाया और मेरे होंठो को चूसने लगी ,,

मौसी - उम्म्म्म सलुपपप मेरे बचे तुझे आज मुझे संतुस्ट क्र दिया मेरी बुर मई अपने विरए दाल के ओह्ह्ह मज़ा आ गया अब तो पक्का माँ बनजाऊंगी मई,,




मई- हां रेणुका मेरी रानी अभी तो पूरी रात बाकि है देखा तेरी छूट को लबा लैब भर दूंगा अपने विरए से ,,

मौसी - हां मेरे राजा आज सात मुझे छोड़ छोड़ के इस बुर मई नहीं भोसड़े मई अपना विरए डालना ,,

मैंने मौसी को तीन बार छोड़ा और हर बार अपना विरए उनकी बच्चेदानी मई फलता ,, उसके बाद हम दोनों सू गए,,

सुबह किसे रोने की आवाज़े आ रही थी रूम के बहार से और शायद आरती गेट नॉक क्र रही थी हमें जगाने के लिए ,,


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कंटिन्यू

गाइस अपडेट दे दिया है ाचा लगे तो लाइक्स एंड कमैंट्स क्र के बता कैसा लगा अब देखना है सुबह ऐस ालय हुआ जो बहार से रोने की आवाज़े आ रही थी जो नेक्स्ट अपडेट मई लता चलेगा तक के लिए ब्यय
 
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