Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 12 - SexBaba
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Incest Kahani Chudai ki sabki

अपडेट 91

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था दादी को मस्त छोड़ा उनके रूम मैं वही दादी के साथ सेक्स करते वक़्त बड़ी चची ने देख लिया था पैर जब मई अपने रूम मैं जाने के लिए निकला तो वो चली गई थी .

अब आगे

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जब मई रूम के पास पंहुचा और दूर खोला तो देखा अंदर आरती अपनी छूट मशाल रही है और बार बार मेरे नाम ले रही है ..

आरती - आह्ह्ह्ह भैया कहा रह गए कितना टाइम लगा रहे हो देखो आपकी चुटकी छूट कितना सत्ता रही है आपकी चुटकी को भैया ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह अपनी छूट मैं एक ऊँगली दाल के वो अंदर बहार करर रही थी .



सच बोलू तो आरती मुझे बहोत टाइम क्यूट भी लगती है तो बहोत टाइम हॉटनेस की गॉड भी क्यों जो उनकी बॉडी है एकदम परफेक्ट तीन है वो .

मई - क्या हुआ चुटकी कुछ देर रुक नहीं सकती है .

मेरा आवाज सुन्न करर आरती ने मेरे तरफ देखा .

आरती - भैया बहोत सत्ता रही है ये बदमाश आओ न इसकी बदमाशी निकल दो ..

मैंने गेट को बंद किया और आरती के पास आ गया .

और उसको अपनी गोद मैं उठ लिया उसने पहले से hi अपने कपडे निकल करर रखे थे जब उसका नंगा सरीर मेरे सरीर से चिपका तो उसने मुझे काश करर गले लगा लिया अपनी कमर को मेरे कमर पैर लपेट लिया . .

मई - क्या हुआ मेरी चुटकी को बता .

आरती - भैया क्या मई कुछ गलत तो नहीं करर रही हु न .

मई - मेरी आरती को ऐसा क्यों लगा बता .

आरती - भाई हम दोनों भाई बहन है न तो क्या अपने भाई के साथ सेक्स करना गलत नहीं हुआ .

मई - ज़रूर हुआ गलत पैर तब हुआ जब एक राजे न हो सेक्स के लिए पैर यहाँ तो हम दोनों hi एक दूसरे से प्यार करते है हां बोल क्या तू मुझे प्यार नहीं करती क्या तू अपने भाई को अपना बॉयफ्रेंड नहीं मानती ..

आरती - भाई ी लव यू सू मच ये कभी मत बोलना की मई आपसे प्यार नहीं करती आप मेरी जान हो भाई आपके बिना मई कुछ करने का सोच भी नहीं सकती भाई देखना जब मई आपके साथ सोल्लगे जाने लगूंगी न तो मई आपके नाम का टैटू बनवा लुंगी अपने इन छोटे छोटे मुम्मो पैर ..

मई - मेरे प्यारा बचा अपने भाई के नाम का टैटू बनवाएगी हां बनवा लेना पैर अभी उसमे 1 साल है अभी तो तुझे स्कूल जाना है .

आरती - हां अभी तो अपने भाई एक किये नई नई छूट का इंतेज़ाम करना है हेहेहे .

मई - सच मैं तू बहोत बदमाश है तुझे लगता है तेरे भाई का लुंड वो पतली सी कमज़ोर लड़किया झेल पायेगी .

आरती - कमज़ोर तो मई भी हु देखो कैसे मई आपकी गोद मई नंगी बैठी हु ऐसा लग रहा है जैसे अपने कोई डॉल पकड़ रखा हो .

मई - तू कमज़ोर नहीं है मेरी प्यारी बहन बास बीटा तेरी सरीर की बनावट hi ऐसी है और तू मेरी बहन है आराम से मेरा लुंड ले लेगी अपनी छूट मई ..

आरती - सच्ची भैया तो आज आप दाल दो मेरी छूट मैं अपना लुंड और साबित करर दो आपकी आरती बहोत स्ट्रांग है भैया .

मई - बिलकुल मेरा बचा चल खुद तो नंगु पंगु होक बैठी है अपने भाई की टीशर्ट उतर और लोअर भी .

आरती - उम्म्म अभी उतरती हु मेरे होंठो पैर किश करते हुए बोलै फिर उसके मेरी गोद मई बैठे बैठे उसने मेरी टीशर्ट पकड़ी और निकल फेकि उसमे अपने दोनों पैरो का उसे करके मेरी लोअर को भी निकल दिया ..

आरती - लू भैया आपकी होशियार बहन ने बिना आपकी गोद से उतरे आपके कपडे निकल दिए .

मई- मेरी होसियार बहन आज तेरी माँ छोड़ दूंगा मैं ..

आरती ने भी मजाक करते हुए बोलै .

आरती - सच्ची भैया आप अपनी ममी को छोड़ डोज वो देखने मैं कितना मज़ा आएगा जब आप मेरी माँ छोड़ोगे .

मई - बहोत सरारती हो गई है चुटकी तू देखो तो कैसे तेरी छूट मेरे लुंड पैर एक एक बून्द रहा टपका रही है ..

मेरी बात सुन्न करर जब आरती अपना सर निचे करर क्र देखा तो सच मैं उसकी छूट से राश टपक रहा था मेरे लुंड पैर ..

वो देख करर आरती बहोत गरम हो गई और झट से मेरे होंठो को चूमने लगी ..

मई - उम्म्म सलुप्प बीटा आराम से अभी पूरी रात बाकि है उम्म्म्म सलुपपप ..

आरती - सलुपपपप सलुपपपप उम्म्म्म उम्म्म सलुपपप भैया उम्म्म रात गई माँ छुड़ाने आप न मेरी छूट मार के उसमे अपना विरए दाल के बदला लेना उम्म्म सलुप्प .

मैंने उसके दोनों बूब्स पके और दबाते हुए किश करने लगा ..



वो बार बार अपनी छूट को मेरे कमर पैर घिस रही थी .

मैंने उसको बीएड पैर लेता दिया और उसके ऊपर आ गया ..

वो किसी तकिये की तरफ मेरे निचे पड़ी थी उसके ऊपर मई लेता था जिससे मेरा लुंड उसकी छोटी सी छूट पैर था ..

आरती - भैया मुझे न आज आप मुझे अपनी बना लेना पूरी तरह से इस छूट मैं अपना वीर्य दाल देना .

मई - ाचा जी और अगर मेरी बहन आरती प्रेग्नेंट हो गई तो क्या जवाब डौगी .

आरती - भैया आपको पता है गाओ जिस स्कूल मैं मई पढ़ती थी वह के टीचर ने मेरी दोस्त को खूब छोड़ा फिर बाद मैं वो प्रेग्नेंट हो गई गाओ मैं हे बात न फैले इसके लिए इस टीचर ने उसको एक दवाई खिला दी जिससे वो प्रेग्नेंट हुई hi नहीं .

मई - ाचा तो मेरा बचा ये चाहता है मई उसकी छूट मैं विरए दालु और फिर उसको वो दवाई खिला दू .

आरती - हेहेहे भैया आप मेरे से भी जयदा इंटेलिजेंट हो ये देखो न कैसे मेरे निप्पल तीते हो गए है भैया आरती ने अपने मुम्मो को दबाते हुए बोलै .



मैंने आरती के दोनों निप्पल्स पकड़ लिए और मशलने लगा .

आरती - आह्ह्ह्हह भैया ये कैसा अनुभव है आज से पहले नहीं महसूस हुआ मुझे मैंने भी बहोत आअह्ह्ह्ह बार अपने निप्पल्स ऐसे दबाये है पैर आपके हाथो से अलग मज़ा आ रहा है .

मैंने आरती के मुम्मो को मुँह मैं लेके चूसने लगा और अपने झिव से निप्पल को सहलाने लगा .



आरती ने मेरे बालू को काश करर पकड़ किये और किचन लगी .

आरती - आह्ह्ह्ह उम्म्म्म मा आह्हः आह्हः भैया मेरे प्यारे भैया ऐसे चुसो भैया अपनी चुकती दूध उमंमाहहहह

मई - उम्म्म सलुप्प सलुप्प पैर चुटकी इसमें मैं तो दूध hi नहीं है उम्म्म सलुपपप .

आरती मेरे बालू को सहलाने लगी और बोली .

आरती - आह्ह्ह्ह उम्म्म्म ओह्ह्ह्हह भैया आठ आप न बुद्धू हो दूध तब आता है जब कोई लड़की माँ बनती है और बचे को जनम देती है और अभी तो मई खुद 18 साल की बची हु तो कैसे ढूह आएगा आह्ह्ह्ह अभी तो मेरी उम्र अपने प्यारे हैंडसम भैया से चूड़े का है आह्हः ...

मई - उम्म्म स्लूप सलुपपपप तो मेरी बहन को चुण्डा है इस उम्र मैं सलुपपपप ..

आरती - आह्ह्ह्हह हां भैया छोड़ दो मुझे आज इस छोटी सी छूट मैं अपना लुंड दाल दो आह उम्म्म्म . उसने मेरा हाथ अपनी छूट पैर रखते हुए बोलै .

मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी छूट मैं दाल दी जिससे आरती की चिक निकल गई .

आरती - आठ भैया आपकी ऊँगली hi छोटे से लुंड की तरफ लगती है पता नहीं लुंड लेके क्या होगा मुझे .

मई उसकी आँखों देखते हुए बोलै .

मई - कुछ नहीं होता बीटा मई हु न ये बोल करर मैंने उसको होंठो को चूसने लगा और निचे अपनी 2 उंगलियों को उसकी छूट मैं गुशा दिया जिससे जगह बन सके .

आरती ने चीखने की कोसिस के पैर किश करने की वजह से चीख नहीं पाई ..

ऐसे मैंने अपनी 3 उंगलियों से उसकी छूट को थोड़ा ढीला किया जिससे आरती को बहोत दर्द हुआ था पैर उसके लिए ज़रूरी भी था ये .

आरती - भैया अपने मेरी जान निकल दी उफ्फ्फ भैया पैर मज़ा बहोत आया .

दम दोनों इस एक वक़्त पशीने से भीग गए थे इसीलिए मैंने एक ों करर दे .

आरती - भैया एक बंद करर दो पशीने अपने साथ ऐसा रहना मुझे बहोत ाचा लग रहा है उसके कहने पैर मैंने एक बंद करर दिया .

आरती - भैया मुझे आपका लुंड चूसना है पिछली बार बहोत मज़ा आएगा आपका लुंड चूस करर .

मई - इतनी प्यार से बोलेगी तो जान भी अभी इतना बोलै था की उसने अपने होंठ मेरे होंठ पैर रख दिए कुछ देर किश करने के बाद मेरी आँखों मैं देख करर बोलै .

आरती - भैया आज बोल दिया आगे कभी मत बोलै मुझे नहीं चाय आपकी जान मुझे बॉस मेरे भैया चाहिए और उनका लुंड .

उसने मुझे बीएड पैर लेता दिया और मेरे टैंगो के बिच आगे मेरे लुंड को पकड़ा और टोपे को चूसने लगी .



मई - ाःह चुटकी तेरी जुबान कितनी गरम है बीटा .

आरती - उम्म्म सलुपपप उम्म्म सलुपपपप सलुपपपप सलुपपप भैया उम्म्म कितना क्यूट है आपका लुंड ये टोपा देखो न इसमें से चिप छिपा सा विरए निकल रहा है थोड़ा सा .

मई - चाट ले मेरा बचा अपने भैया का प्रेकम .

उसने मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसना चला किया पैर उसका मुँह छूटा होने की वजह से पूरा नहीं चूस पा रही थी पैर कोसिस पूरी करर रही थी की पूरा लुंड अपने मुँह में ले सके ..



मई - आअह्ह्ह बस करर बचा आज इतना hi चूस आगे चल के पूरा चला जायेगा .

आरती - उम्म्म्म सलुपपपपप ग्लूपप्प्प ग्लूपप्प्प उम्म्म गलप्प्प नहीं भैया गलप्प्प मुझे आज hi पूरा लेना है उम्म्म गलप्प्प उसकी आँखों एक जूनून था वो बड़े मजे के साथ मेरा लुंड चूस रही थी .

मई - आह्ह्ह्ह मेरी बहन अपने भाई को मार देगी क्या आह्हः कितना मज़ा आ रहा है आह्हः मेरी प्यारी चुटकी .

आरती - उम्म्म्म ग्लूपप्प्प ग्लूपपपपप सलुपपपप ग्लूपप्प्प नहीं ग्लूपप्प्प भैया मई आपको आज जन्नत दिखा दूंगी उम्म्म्म सलुपपपप गलप्प्प .

आरती ने मेरा पूरा लुंड एक बार मैं मुँह मैं ले लिया ये देख करर मई शॉक था ये छोटो सो चुलबुली लड़की आज देखो कैसे बड़े बड़े पोर्नस्टार को फ़ैल करर रही है .



आरती - गलप्प्प उम्मम्मम आठ भैया अब मई थक गई मेरा मुँह दर्द करने लगा उसकी होंठो से पूरा थूक गिर रहा था जो गर्दन से होते आरती के मुम्मो पैर जा रहा था ..

वो मेरे बगल मैं आके लेट गई .

आरती ने अपनी उंगलियों से छूट सहलाने हुए बोलै .

आरती - भैया मेरी छूट नहीं चाटोगे आप .

मई - क्यों नहीं चुटकी ये तो मेरी पसंद दिता चीज है इसको कैसे चोर दू मैंने अपना अपना जुबान से उसकी छूट को चेतना चालू करर दिया .

आरती - आह्ह्ह्ह छतो भैया अपनी आरती की छूट अह्ह्ह्ह माँ देखो न कैसे भैया आपकी बेटी छोटी छूट चाट रहे है आह्ह्ह्ह.



मई - हां ममी देखो आज कैसे मई आपकी बेटी को अपनी रैंडी बना के छोडूंगा और उसकी बात आपकी बरी .

आरती - आह्ह्ह्ह भैया आप माँ को छोड़ देना ताकि आगे चल के वो कुछ न बोल सके आह्हः आपकी गुलाम हो जाये मेरी माँ आह्ह्ह्ह .

10 मिनट्स तक उसकी छूट को छत्ता रहा फिर वो झाड़ गई जिससे उसकी छूट से बहोत जयदा पानी निकला ये सही मौका था लुंड डालने का क्यों छूट पूरी तरफ से गीली थी .

मई - आरती मई अब लुंड डालने जा रहा हु तेरी छूट मुनिया है तो जयदा दर्द होः तो बताना देना .

आरती - भैया मई बर्दाश्त करर लुंगी भैया आपका लुंड अब दाल दो मेरी मुनिया मैं .

मैंने ड्रावर से आयल निकाय और अपने लुंड पैर लगा लिया और उसकी छूट पैर गिरा दिए ढेर सारा आयल और अपनी उंगलियों से सुकि छूट मैं दाल दिया .

आरती - भैया अपनी इस बहन को बना लो अपना दाल दो अपना लुंड आओ भैया प्लीज देखो आपकी आरती आपका वेट करर रही है और उसकी मुनिया भी .

मैं बिना देरी किया अपना लुंड उसकी छूट पैर रखा और एक ज़ोर दार दक्का मारा मुझे लगा था बिना ज़ोर लगाए नहीं जाने वाला क्यों उसकी छूट बहोत छोटी क्र तीते है जिससे मुझे दक्का मरना पड़ा.



उस ढके के साथ आरती की सील टूट गई और आरती बहोत ज़ोर से चिल्लाई अगर मेरा रूम मैंने साउंड प्रूफ नहीं करवाया होता तो आज सब घर वाले यहाँ आ जाते..

आरती ने रोना चालू करर दिया उसको चहेरे को देख करर मुझे बाद फील होने लगा मैंने उसको कहा के लगे लगा लिया .

वही निचे उसकी छूट से खून निकल रहा था अभी भी आधा लुंड hi गया था.

आरती - स्निफ्फ स्निफ्फ भैया बहोत दर्द हो रहा है पैर आप निकलना मत भैया मुझे आज एक कुवारी लड़की से एक औरत बना दो .

मई - बचा जयदा दर्द हो रहा है तो निकल दू .

आरती - आह्ह्ह्हह नहीं मत निकालो न प्लीज दर्द होने दो भैया हहहहह माँ जाने दो जितना भी खून निकले जितना भी दर्द हो आप मत निकलना .

कुछ देर तक हम वैसे hi रहे उसके बाद मैंने धीरे धीरे अपना लुंड अंडर बहार करना चालू किया .

आरती को भी मज़ा आना लगा उसने मुझे किश करना चालू करर दिया .

आरती - आह्हः भैया आप इतना देर तक कैसे ठीके हो आह्ह्ह्ह माँ ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ आए मज़ाआ आ रहा है आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह सस्समम्म अह्ह्ह्ह .



मई - चुटकी मई चहु तो तुझे 5 जानते भी छोड़ सकता हु आह्ह्ह्ह कितनी गरम है तू मेरी प्यारी बहन .

आरती - भैया ऐसा मत करना बस आपका जितना मान करे इतना छोड़ा आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह फिर अपना विरए निकल देना मेरी छूट मैं इस्पे सिर्फ आपका हक़ है आह्ह्ह्ह वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थी .

आरती बड़े मजे से अब लुंड ले रही थी मेरा पैर मैंने पूरा लुंड नहीं डाला था .

तभी अचानक से उसने चुड़ते वक़्त अपने पेअर को मेरे कमर से लपेट लिया जिससे बचा हुआ लुंड भी उसकी छूट को चीरते हुए अंदर का गुशा उससे उसको बहोत दर्द हुआ यहाँ तक जितनी तीते उसकी छूट थी मुझे भी बहोत दर्द हुआ ...

मई - आह्हः क्या किआ चुटकी तूने जोश जोश मैं आके मेरा पूरा लुंड पे लिया अपनी मुनिया मई .

आरती - स्निफ्फ आह्ह्ह्हह भैया तो क्या करो चाहे मुझे कितना भी दर्द हो पैर मई आपके लायक बन्न के रहूंगी अब रुको मत प्लीज छोड़ते रहो .

मई उसकी बात सुनके हैरान था निचे देखा तो मेरी बेडशीट खून से पूरी भीग गई है .

मैंने साइड मैं राखी अपनी टीशर्ट ली और आरती के छूट के पास ले जेक खून साफ़ किया .

मैंने आरती का फेस दोनों हाथो से पकड़ा और उसके होंठो को चूसने लगा उसके फेस पैर जो अंशु के बून्द थे वो चाट गया ..

आरती - आह्हः भैया अब थोड़ा दर्द काम हुआ आप छोड़ सकते हो अपनी आरती को .

उसकी बाद पैर मुझे बहोत प्यार आया उसपे मैंने उसके सर पैर किश किया और धीरे धीरे छोड़ना चालू किया सच मई उसकी छूट बहोत तीते थी और हर ढके के साथ मेरा लुंड उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था .

आरती - आह्ह्ह्हह भैया आपका लुंड आह्ह्ह्हह माँ ाचा लग रहा है भैया अह्ह्ह्ह ऐसे छोड़ो अपनी इस चुटकी बहन को . ...



मैंने उसको दोनों मुम्मो को मशालते हुए छोड़ रहा था उसने फिर अपनी दोनों पेअर मेरी कमर मैं लपेट लिया और अपनी कमर उछाल उछाल करर छुड़वाने लगी ..

आरती - आअह्ह्ह भैया गोद मैं लेके छोड़ो न अपनी बहन को अहहहहह भैया मुझे आपकी गोद मैं छोड़ना है आह्ह्ह्हह उम्म्म्मूफ्फग्गजफ ..

मैंने उसको पकड़ा और खड़ा हो गया उसने भी पहल से मुझे पकड़ रखा था आरती अब धीरे धीरे कमर उछाल रही थी जिस वजह से मेरा लुंड बार बार उसकी बच्चेदानी से लगता और फिर वापस आ जाता..

मैंने उसको काश के गले लगाया और अपनी गोद मैं उछाल उछाल के छोड़ने लगा.

मई - मेरी बहन तेरी छूट बहोत तीते है बीटा अह्ह्ह्ह देख कैसे आज अपने लुंड से ढीला करर देता हु आह्ह्ह्ह ..

आरती - भैया और छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी छूट भैया मई आह्ह्ह्हह झड़ने वाली हु फिर से अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह उफ्फफ्फ्फ़ भैया मुझे अपनी गोद मैं hi रखना भैया आह्ह्ह्हह .

मई लगातार उसको चोदे ना रहा था जिससे वो झटके खाके झंडे लगी मेरे लुंड पैर .

आरती - aahhhhhhhhhhhh भैया ओह्ह्ह्हह आपकी बहन गई भैया अह्ह्ह्ह आपके लुंड मेरी मुनिया की पानी निकल दी भैया अह्ह्ह्हह मा अह्ह्ह्ह .

मैंने उसको पेड़ पैर घोड़ी बनाया और फिर से पीछे से लुंड दाल के छोड़ने लगा .

कुछ देर बात वो भी अपनी कमर हिला हिला करर छोड़ने लगी .



आरती - आह्हः भैया मेरी ये जिद्दी मुम्मे दबाओ न देखि कैसे हिल रहे है बिना आपसे पूछे आह्ह्ह्ह भाई ..

उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और अपनी दूध पैर रख किये ..



आरती को मई आधे जानते से छोड़ रहा था आज उसकी साडी गर्मी निकल देने वाला था ताकि मेरे अलावा किसी के बारे मैं सोचे भी था वो फिर से एक बार झाड़ गई चुड़ते चुड़ते .

आरती - भैया अपने मेरी छोटी से मुनिया को बड़ी वाली छूट बना दे अब बहोत दर्द हो रहा है

मई - इतने मैं hi थक गई मेरी चुटकी आह्ह्ह्ह .

आरती - हां भैया पहली बार था न अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह भैया अब दाल दो अपना वीर्य और करर दो मेरी छूट को ठंडा इसकी प्यास बुझा दो अपने वीर्य से .

मैंने अपनी छोड़ने की स्पीड भाड़ा दिया और बिच बिच मैं आरती की गांड पे तप्पड़ भी मार रहा था .

आरती - आह्हः भैया मारो भैया मेरी गांड लाल करर दो आह्ह्ह्ह भैया मेरे प्यारे भैया ी लव यू आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह .

मई - आह्हः मेरी जान मेरी आरती ले अपने भैया का वीर्य बीटा अपनी छूट भर ले इस वीर्य से आह्ह्ह्हह .



ये कहते हुए मई उसकी छूट मैं झड़े लगा जिससे उसकी बॉडी भी झटके खाने लगी और मैंने उसके ऊपर hi गिर गया मैंने उसको पीछे से गले लगा लिया था.

कुछ देर तक हम ऐसे hi रहे फिर मैंने आरती को अपनी गोद मैं उठाया और बाथरूम ले गया वह मैंने उसके साथ गरम पानी से नहाया उसकी छूट को अचे से साफ़ किया क्यों उसकी छूट पूरी लाल हो गई थी खून से और सूझ भी गई थी ..

आरती - भैया बहोत दर्द हो रहा है अब कुछ करो माँ भैया उसने रट हुए बोलै ..

मैंने उसको अपनी गोद मई लेके गले लगा लिया .

मई - चुप हो जा मेरा बचा चल तुझे दवाई खिला देता हु फिर बाथरूम से निकल करर मैंने दोनों का सरीर साफ़ किया उसके बाद आरती छूट पैर आयल लगा करर हलके हाथ से मालिश किया फिर मैंने उसको दो मेडिसिन खिलाई एक पैन किलर और एक अनवांटेड.

उसके बाद पेड़ पैर का बेडशीट हटा के नई लगाया और आरती को अपनी बहो मैं लेके सू गया .

थके होने के कारन हम दोनों सू गए था .

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कंटिन्यू

गाइस नई अपडेट दे दिया है तो 20 लिखे का टारगेट है अगर पूरा हुआ तो नेक्स्ट अपडेट कल सुबह प्रॉमिस
 
अपडेट 92

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था आरती सील मैंने तोड़ी आधी रात तक उसको छोड़ता रहा फिर मैंने उसके साथ नहाया और आरती को दवाई खिला करर सुला दिया और खुद भी सू गया .

अब आगे

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सुबह जब मेरी नींद खुली तो देखा आरती पड़े प्यार से मुझे पकड़ करर सू रही थी तो मैंने उससे नहीं जगाया उठ करर बाथरूम गया फिर फ्रेश होने के बाद जब निकला तो वो उठ चुकी थी ..

मई - अब कैसा लग रहा है चुटकी .

आरती - गुड मॉर्निंग भैया मुझे अब थोड़ा ठीक लग रहा है पैर अभी भी दर्द है छूट मैं .

मैंने उसके सर पैर किश किया और बोलै .

मई - गुड मॉर्निंग बीटा कोई न फ्रेश हो जा फिर ब्रेकफास्ट करर के एक बार और दवाई खा लेना फिर ठीक हो जाएगी तेरी छूट और तू ..

आरती - थैंक यू भैया ी लव यू सू मच .

मई - ी लव यू बचा मैंने उसको गोद मैं उठाया और बाथरूम ले गया वह उसकी हेल्प की फिर रूम मैं आके मैंने कोमल से आरती का कपडा मंगवा.

कोमल ने आके उसको कपडा पहना दिया.

कोमल - लगता भैया तेरी हालत ख़राब करर दी है .

मई - गुड़िया तू बहोत सरारती हो गई है..

कोमल - मैंने क्या किया भाई साद सा चहेरा बनाते हुए बोली .

मई उसके पास गया और बोलै - कुछ जयदा तू पोर्न देखने लगी है आरती के साथ .

कोमल शॉक हो गई , कोमल - भाई क्या इसने सब बता दिया .

मई - हां सब कुछ .

कोमल - सॉरी भाई मैंने आपको हर्ट किया न .

मई - गुड़िया उदास मत हो देख मैंने कभी तुझे किसी काम के लिए मन नहीं किया न बीटा पैर ये सब एक लिमिट करते है वर्ण हेल्थ पैर अक्षर पड़ेगा न .

कोमल - I'm रियली सॉरी मैंने गलती है न आप मुझे तप्पड़ मार सकते हो .

मई आरती की तरफ देख करर स्माइल करने लगा वही आरती भी हैश रही थी .

मैंने कोमल को गले लगा और बोलै .

मई - बिलकुल भी नहीं कैसे मई अपनी बहनो पैर हाथ उठा सकता हु तुम सब इस घर की जान हो समझी बड़ी आई तप्पड़ खाने वाली चल बता ये लेस्बियन करने के कहा से सौक लगा .

कोमल - भाई वो पोर्न मैं देखा था और आरती मेरे साथ रहती है तो मैंने आरती मनाया उसकी भी वो पोर्न दिखाई आरती को भी पसंद आया वो देख करर फिर हमने ऐसे देखते देखते कब एक दूसरे के साथ करने लगे पता नहीं चला .

मई - बदमाश चल चोर मैंने माफ़ किया अपनी गुड़िया को वैसे बता ये बाकि सैतान कहा है .

कोमल - हहै सब आपके दर की वजह से पहले ऊपर जेक एक्सरसाइज करर रही है भाई .

मई - चल अब तू जा मई आता हु आरती को लेके और कोई भी पूछे आरती के बारे मैं तो बता देना सीधी पैर गिर गई थी तो कमर मैं चोट लग गई .

कोमल - ok भाई मई जानती आप भी आ जाओ उसके बाद वो चली गई मुझे किश करके.

मई - चल चुटकी आज बस तू बैठ करर देखना ठीक है .

आरती - ok भाई फिर मैंने उसको गोद मैं उठा लिया और टेरेस पैर आ गई वह सब कुछ न कुछ करर रही थी जब स्वाति ने मुझे और आरती को देखा तो पूछा .

स्वाति - भैया अपने इस सैतान को क्यों उठा रखा है . वैसे तो स्वाति अपनी छोटी बहन को बहोत प्यार करती है पैर दत्ती और मरती भी बहोत है .

मैंने आरती को गोद मैं से नीची उतारते हुए बोलै .

मई - कुछ नहीं इस सैतान ने चोट लगवा ली है अपनी कमर मैं इसी लिए इसको लेके घूम रहा हो जब स्वाति ने सुना तो जल्दी से आरती के पास आई और पूछी .

स्वाति - बता कहा चोट लगी है और तू देख करर नहीं चल सकती है हां जब देखो तब बस सररत करती रहती है तुझ मैं थोड़ी से भी अकाल है बता तुझे कुछ हो जायेगा तो मेरा क्या होगा .

आरती ने स्वाति को गले लगते हुए बोलै.

आरती - संत हो जाओ दीदी बस थोड़ा लगा है और ऐसे कैसे कुछ हो जायेगा मई तो पूरी जिंदिगी आपके सर पैर बैठी रहूंगी देखा आप कभी चोर करर नहीं जाउंगी .

स्वाति ने उसकी सर को सहलाते हुए बोलै .

स्वाति - ध्यान रखा करर न अपना चुटकी ऐसे हमेशा करती रहेगी तो कैसे चलेगा तू हमेशा ऐसे नहीं रह सकती अब बड़ी हो गई है माँ ने हमे अचे से पढ़ने के लिए बेखा है या भाई भी कितना ट्रस्ट करते है हमपे और तू ऐसे hi बस मस्ती करती रहती है बोल .

आरती - I'm सॉरी दीदी अब से नहीं करुँगी माफ़ क्र दो अपनी चुटकी को .

हम सब बस खड़े खड़े दोनों बहनो की बिच का प्यार देख रहे थे .

फिर कोमल ने ताली बजाना चली किया और उसके साथ हम भी ये देख करर दोनों शर्मा गई.

मई जेक दोनों को गले लगा किया .

मई - देखो जो कैसे मेरी बहना इतनी बड़ी हो गई है की अपनी छोटी बहन को बिलकुल माँ की तरह समझा रही है .

आरती - भैया दीदी मेरे लिए माँ से भाड़ करर है .

स्वाति उसको बात पैर सू दे .

ये देख करर कोमल प्रिय डिम्पी रिया और जिया आके घेर करर गले लगा लिया मुझे स्वाति और आरती को .

मई - बस ऐसे hi तुम सब साथ रहना कभी एक दूसरे का साथ मत चूर्ण प्रॉमिस करो सब .

सब एक साथ - प्रॉमिस भैया .

मई - चलो बहोत बात हो गई सब अपने अपने काम पैर लगो उसके बाद मैंने गयम किया कुछ योग सड़ना की जिससे धीरे धीरे मेरी बॉडी मई एक एनर्जी सी फ्लो हो रही थी और कुछ दिन से मेरे सुनने की सकती देखने की सकती सब भाड़ गई थी और वही पहले जब मई रनिंग करता था तो थोड़ा बहोत थक जाता था पैर अब ऐसा नहीं था चाहे मई जितना भी रनिंग करर लू मुझे थकावट नहीं होती थी .

गयम करने के बाद सब निचे चली गई रो स्वाति भी आरती को कमर से पकड़ क्र ले जाने लगी .

उनके चले जाने के बाद मई अपने रूम मैं आया और अपनी बॉडी देखने लगा पहले और जयदा कट्स आ गए थे मेरे सिक्स पैक अप्प मैं .

फिर मैंने नहाये और अपने कपडे पहन करर निचे आ गया आज बुआ फिर से पहले चली गई थी क्यों कल प्रिय का बर्थडे भी था और पार्लर का ओपनिंग सेरेमनी भी बर्थडे का मैंने बोल दिया था वो सब मई संभल लूंगा .

मई ब्रेकफास्ट करके अपनी कार उठाई और चल दिया पहले आरिफ को उसके घर से पूछ किया उसके बाद सोनू को शॉप से फिर चल दिए हम सब केक बेकरी वह पैर मैंने एक केक का आर्डर दिया बार्बी वाला जो प्रिय को पसंद था बचपन मैं उसके बाद मैंने डेकोरेशन वाले से बात की और उसको पार्लर भेज दिया वह बुआ का भी काम हो जायेगा और प्रिय का बर्थडे का भी उसने जेक देखा और बोलै कल मॉर्निंग मैं करेगा ताकि ख़राब न कुछ रात भर मैं हम मान गए .

पार्लर का सारा काम हो गया था बुआ बहोत खुश थी बस इनविटेशन देना था आने के लिए जो मेरा काम था .

माँ ने ममी और मौसी को आने के लिए बोल दिया नानी को भी बोलै था पैर वो मां और नाना के कारन नहीं आ पाई माँ ने फ़ोन पैर बताया था मुझे की दिन मैं hi ममी और मौसी आ गई है .

ऐसे काम करते करते आज का पूरा दिन निकल गया मैंने सब को बोल दिया था आरिफ सोनू को संगीता को मैंने कॉल पैर hi बोल दिया था फिर हम तीनो तनु के घर निकल गए .

उसको घर नहीं कह सकते थे घर से थोड़ा बड़ा फार्महाउस जैसा था वो हमे बहार hi गॉर्ड ने रोक लिया .

पूछने लगा किस्से मिलना है .

फिर मैंने तनु को कॉल किया जब वो बहार आई तो हम तीनो बस उससे देखते रह गए .



क्या हॉट लग रही थी मैंने दोनों के गाल पैर तप्पड़ मारा तो वो होश मैं आये.

आरिफ - सेल कितनी ज़ोर से मारा तूने .

मई - मुँह बंद करर ले बेइज़ती करवानी है क्या तनु के सामने जो ऐसे लार टपका रहा है .

तनु - सॉरी गाइस तुम सब को वेट करना पड़ा , गार्ड अंकल ये मेरे दोस्त है ये जब भी आये इन्हे आने देना .

फिर उसके बाद हम उसके साथ अंदर चले गए सच मैं बहोत खूबसूरत घर था उसका .

आरिफ - तनु तुम्हारे घर बहोत ाचा है यार .

तनु - थैंक यू आरिफ वैसे रोहित तुम्हे कैसा लगा .

मैंने उसको तरफ देखते हुए बोलै .

मई - बहोत hi खूबसूरत यहाँ सब को पता था मई ये वर्ड घर के लिए नहीं तनु के किये बोल रहा हु .

तनु - थैंक यू रोहित .

आरिफ और सोनू बस लार टपका रहे थे .

उसने जो पिंक छोटी वाली टीशर्ट पहनी थी और ब्लैक शार्ट स्कर्ट उसने वो किसी पोर्नस्टार से भी जयदा हॉट लग रही थी .

हम अभी लिविंग एरिया मैं बैठी थे तभी सामने से प्रिंसिपल मम चलते हुए आई वो शायद रनिंग करके आ रही थी .



उन्होंने गयम वाले कपडे पहन रखे थे जिसमे क्या माल लग रही थी दोनों माँ बेटी ने हम तीनो का हालत ख़राब करर दिया था .

हम तीनो उठ गड़े हुए .

मई - गुड मॉर्निंग मम मेरे साथ आरिफ और सोनू ने भी बोलै .

( रेनू शेट्टी , तनु की माँ पहले भी इंट्रोडक्शन दे चूका हु और यहाँ मई प मम लिखूंगा यही प्रिंसिपल)

पमं - गुड मॉर्निंग और ये मम मई बस सोल्लगे मैं hi हु घर पैर बस तनु की माँ तो तुम सब मुझे आंटी बोल सकते हो .

हम - ok आंटी .

मई - वैसे मम आज दोपहर मई गयम करती हो क्या .

पमं - नहीं वो आज थोड़ा लेट हो गया था वैसे तनु तुमने पूछा नहीं कॉफ़ी या चाय के लिए .

तनु - माँ अभी अभी आये है जस्ट .

फिर तनु ने एक सर्वेंट से बोल दिया हम सबके लिए कॉफ़ी लेन के लिए .

तनु - वैसे आज यहाँ का पता कैसे कही रास्ता तो नहीं भटक गए हो .

मई - ारे नहीं वो बस थोड़ा बिजी है हम सब सोनू शॉप संभालता है मेरी वाली वही मई और आरिफ मिल करर कार की शोरूम खोल रहे है तो उसमे बिजी है .

पमं - वह ये अछि बात है कॉलेज पढ़ते हुए तुम सब फ्यूचर के बारे सोच करर अपना अपना बिज़नेस बैठा रहे हो .

हम सब - थैंक यू आंटी .

उसके बाद हमने कॉफ़ी पिया फिर मैंने दोनों को इन्विते किया कल के लिए तो दोनों मान गई अंकल के बारे पूछा तो आंटी ने मुँह बनाते हुए बोलै

पमं- उनको कहा टाइम है अपनी पॉलिटिक्स से बस काम काम काम बाकि बीबी और बेटी जाये भाड़ मैं .

तनु - मा क्या बोल रही हो .

यहाँ सिचुएशन थोड़ा ावक्वार्ड हो गया था .

मई- ाचा आंटी हम चलते है .

फिर हम वह से निकल गए .

सोनू - यार मम कितनी सेक्सी लग रही थी उनकी गांड देखा तुम दोनों ने .

मई - हां बे और लगता है इनकी जवानी ऐसे बर्बाद हो गई है एक पॉलिटिशियन से साडी करर के .

आरिफ - तो सेल तू जेक उनकी जवानी बर्बाद होने से बचा ले हम तो करर नहीं सकते कुछ भी अगर सोफ़िया या पिंकी को पता चला तो हम दोनों तो गए पैर तुझे तो सिमरन कुछ बोलेगी नहीं क्युकी वो तुझसे अँधा प्यार करती है तू चाहे तो 10 गफ भी बना सकता है .

मई - भग्ग बसड्क जा तेरा घर आ गया चल उतर अब बकवास करता है .

आरिफ - देखा सेल को सच बोलो तो कैसे भड़क रहा है .

मई - अब जाता है या तेरी बहन छोड़ू मई यहाँ .

आरिफ - आज दम है तो छोड़ ले पता है न तुझे अप्पी कितनी गुस्से वाली है पता चला उलटे मैं उन्होंने तेरी गांड मार ले .

मई - तू नहीं सुधरने वाला .

उसके बाद मैंने सोनू को उसके घर छोरा फिर शॉप पैर गया वो भांड करर के मई घर वापस आ गया .

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कंटिन्यू

जैसे की मैंने कल वाले अपडेट मैं बोलै था 20 लिखे होते हो पोस्ट करर दूंगा तो ये रहा अपडेट और इस्पे भी कल मॉर्निंग तक 20 लिखे हो जाते है तो नेक्स्ट अपडेट पोस्ट करर दूंगा
 
अपडेट 93

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसी स्वाति पहले आरती को डाटा फिर उसको प्यार भी दिया उसके बाद मई ब्रेकफास्ट करके निकल गया और अपना दोस्तों को पिक किया फिर सबको इन्विते किया प्रिय के बर्थडे के लिए और पार्लर के ओपनिंग के लिए उसके बाद केक का आर्डर देके अपने घर आ गया

अब आगे

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घर आके मई मौसी से और ममी से मिला आरती स्वाति और डिम्पी बहोत खुश थी अपनी अपनी माँ को देख करर ,

रात को डिनर करने के बाद हम सब सोने चले गए सब ने प्लान बनाया था रात के 12 बजे प्रिय को बर्थडे विश करेंगे .

और आज प्रिय मेरे मेरे रूम मैं सोने वाली थी .

वैसे तो प्रिय सू चुकी थी मेरी बहो मैं पैर मई फ़ोन चला रहा था सरे दोस्त मिल करर व्हाट्सप्प ग्रुप मैं चाट करर रागे थे उसमे तन्नू ने बताया की 1 दिन बाद रिजल्ट्स आने वाले है ,

ये सुन्न करर सब एक्ससिटेड हो गए की इस बार फर्स्ट कोण आएगा मई या तन्नू बाकि सब थोड़े नर्वस भी थे .

ऐसे hi बात करते करते 11:50 हो गया मैंने सबको ब्यय बोलके फ़ोन साइड मैं रख दिया उसके बाद सबको बुला लिया अपने रूम मैं प्रिय अभी भी सू रही थी .

कोमल ने होम मेड केक भी बनाया था बाकियो के साथ मिल करर बिना प्रिय को बताये .

हम सब वेट करने लगे 12 बजने का.

जब 12 बजे तो मैंने प्रिय की आँखों को अपने हाथो से बंद करर दिया और आवाज देखे उठाने लगा .

प्रिय - भैया क्यों परेशां करर रहे हो सोने दू न .

मई - उठ न प्रिय तेरे किये एक सरप्राइज है बीटा .

प्रिय - भैया इतनी रात को सरप्राइज कोण देता है पैर जब उसको याद आया उसका बर्थडे है तो चरण उठ गई पैर मैंने उसकी आँखों पैर से हाथ नहीं हटाए .

प्रिय - भैया हाथ हटाओ न मुझे दिखाओ क्या सरप्राइज है .

कोमल ने उसके सामने पहले केक रख दिया और कैंडल भी सजा दिए उस पैर फिर जब मैंने हाथ हटाया प्रिय ये सब देख करर बहोत खुश हो गई और मुझे गले लगा लिया और रोने लगी .

मई - अरे पागल रू क्यों रही है देख सब यही है चल केक कटाई करर आज तेरा बर्थडे है बचा ऐसे रूट थोड़ी है .

बुआ प्रिय के पास आई और उसके माथे पैर किश करर दिया .

बुआ - मेरी प्यारी बची हैप्पी बर्थडे रू मत देख सब कितने खुश है उनको रुला मत तू अब अंशु पॉच और केक काट .

प्रिय ने अपने अंशु पोछे और बोली .

प्रिय - मई एक शर्ट पैर केक कटाई करुँगी जब मेरी साडी बहने मेरे साथ ये केक काटेंगी .

उसकी बात पैर सब खुश हो गए और सबने एक साथ केक कट किया और सबने थोड़ा थोड़ा खाया विश किया और अपने अपने रूम मैं चले गए बचे तो बस मई और प्रिय .

मैंने पहले रूम का दूर बंद किया क्यों आज ऊपर वाले रूम मैं ममी स्वाति और आरती सू रही थी .

फिर प्रिय एक साथ आके सू लेट गया .

प्रिय ने मुझे काश के पकड़ लिया और अपन सर मेरे साइन पैर रख लिया .

प्रिय - भैया आप मुझे क्या गिफ्ट डोज.

मई - मेरी प्यारी बहन को क्या गिफ्ट चाहिए बता .

प्रिय - भैया मुझे आपके साथ सेक्स करना है क्या आप अपनी इस गफ और बहन को वो सुख नहीं डोज .

मई - क्यों नहीं दूंगा हां तू मेरी गर्लफ्रेंड है और मेरी बहन भी .

मैंने प्रिय की गांड धीरे धीरे दबाने लगा और वो मुझसे एक दम चिपक करर सू रही थी .

प्रिय - आठ भैया एक बात पुछु आपसे.

मई - हां पूछ न बचा .

प्रिय - भैया आपके आँखों क्या हो गया है पता नहीं किसी ने नोटिस किया है न पैर मैंने कई बार आपकी आँखों करंट जैसा कुछ बनते हुए देखा है कल जब आपने योग साधना से उठे तभी मैंने देखा ऐसा क्यों भैया बताओ न .

मई - कुछ नहीं है बाबू वो तुझे भरम हुआ होगा चल सजा .

प्रिय - नहीं बताओगे न जाओ मई आपसे बात नहीं करुँगी हहहह वो दूसरी तरफ मदद करर सू गई .

मैंने पीछे से उसको अपनी बहो मैं ले लिया और अपना उसकी पजामा मई दाल दिया धीरे धीरे उसकी छूट सहलाने लगा .

मई - बाबू ऐसे रूठो मत अपने भैया से वर्ण मुझे ढक होगा की मेरी नन्नी पारी नाराज हो गई .

प्रिय - अहह भैया तो आप बता दो न क्या आपको अपनी नन्नी पारी पैर भरोसा नहीं है . उसने बहोत धीमे आवाज मैं बोलै .

मई - कैसी बात करती हो प्रिय मई अपनी बहनो पैर भरोसा नहीं करूँगा तो किसपे करूँगा मैंने पहले भी बोलै है और अब भी बोल रहा तुम सब मेरी जान हो .

प्रिय - तो भैया बतावा आपकी आँखे ऐसे क्यों है कुछ दिनों से और न मैंने ये भी नोटिस किया है आपकी बॉडी पहले से जयदा अछि हो गई है एक दम से तो बताओ न ऐसा क्यों है .

मई - तुम प्रॉमिस करो जब तक मई न बोलू तब तक ये बात किसी को नहीं बताओगी .

प्रिय - प्रॉमिस भैया किसी नहीं बताउंगी आपके परमिशन के बिना .

मई - ये इसीलिए होता क्यों मुझे पावर्स है बहोत से जैसे थुदर की अभी तक इतना पता धीरे धीरे मई कोसिस करर रहा हु की मई जयदा से जयदा पता करर पौन .

प्रिय - क्या सच मैं यानि आप सुपरहेरो हो .

मई - हां मान सकती हो पैर मैंने अभी कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे मई सुपर हीरो कहलौं .

प्रिय - भैया पैर ये सब कैसे हुआ .

मई प्रिय को बताने लगा पिछले जनम के बारे मई माँ के बारे मई रूही के बारे शानवी के बारे मई जितना मुझे अभी तक पता था .

प्रिय - भैया मुझे विश्वास नहीं हो रहा है की ये सब भी होता है .

मई - पहले मुझे नहीं था बाबू पैर एक्सीडेंट के बाद जैसे मई वापस आया न तो मुझे विश्वास हो गया और इस लॉकेट के कारन भी .

जब प्रिय ने उस लॉकेट को छुआ तो वो चमकने लगा और उस लॉकेट से लाइट निकलने लगी जो पुरे रूम मैं फ़ैल गई .

प्रिय - भैया ये क्या हो रहा है अभी उसने इतना बोलै hi था की तभी वो लाइट हम दोनों के सर के बीचो बीचो आने लगी और हम दोनों की आंखे बंद होती गई .

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कंटिन्यू

सॉरी गाइस शार्ट अपडेट दे रहा हु कल थोड़ा बिजी था सुबह अपडेट लिख करर पोस्ट करर रहा हु तो एन्जॉय करना और लिख करते जाना अपडेट को और बताना कैसा लगा
 
अपडेट 94

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसे रात को सबने मिलकर प्रिय को सरप्राइज दिया उसको हैप्पी बर्थडे विश किया सबने फिर सबके जाने के बाद प्रिय ने मुझसे बोलै उसको गिफ्ट मैं सेक्स करना है मेरे साथ मैंने भी हां बोल दिया कुछ देर बाते करने के बाद जब प्रिय ने मुझसे पूछा पावर्स के बारे जो उसने नोटिस किया नहीं बताने पैर नाराज़ हो गई उसके बाद जब उसने मेरी लॉकेट को छुआ तो उसमे से लाइट निकल करर दोनों के सर मैं चली गई और हम दोनों की आंखे बंद हो गई ....

अब आगे

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सिर्फ रोहित का पास्ट hi दिखाया जायेगा और उससे जुड़े लोगो का और जो दो मैं करैक्टर होंगे उसमे से एक के बारे मैं कुछ रीडर को बता देता हु वो और कोई नहीं थे पावर स्टोरी मैं जो विश्व बिहारी के गुरु जी थे वही है और जो एक करैक्टर होगा उसके बारे मई नहीं बताऊंगा वो थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम मैं आएगा .

सबसे मैं वेल्लिअन वो उसके मैं भी इसमें कुछ जयदा नहीं बताऊंगा क्यों की बस अपनी झलक दिखायेगा बाकि उसके बारे मैं जब थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम स्टार्ट करूँगा उसमे लिखूंगा .

प्रीवियस लाइफ ( पिछले जनम )

नोट( यहाँ मई और प्रिय अपने अपने पिछले जनम की बॉडी मैं hi रहेंगे पैर जो हुआ वो सब बस देखेंगे जो होगा और जो करेगा वो देव होगा और पिछले जनम की प्रिय होगी तो कंफ्यूज मत होता )

( यहाँ से मई जो लिखूंगा उससे रियलिटी या किसी धरम कोई भी नाता नहीं होगा तो इससे कोई ऑफेंड मत हो जाना )

पुष्पपुरी नाम का राज्य था जहा का राजा देव था . ( ये वही जगह है जहा पैर रीसेंट टाइम मैं महल है )

आज महल मई बहोत चहल पहल था देव किसी कबीले मैं जा रहा था जहा कुछ मुश्किल आई थी जो सिर्फ देव हो हल करर सकता था .

निकलने से पहले वो अभी रूही और रूबी के साथ था रूम मैं .

रूबी - आप अकेले क्यों जा रहे हो सैनिको को साथ ली जेईएन .

रूही - माँ आप क्या पिता जी को कमज़ोर समझती हो क्या .

मई - देखो मेरी पुत्री कितनी समझ दार है कुछ सीखो उससे .

रूबी - मुझे नहीं अभी इसको hi सिखने की ज़रूरत है .

मई - ठीक है मई चलता हु रात होने से पहले मुझे उस कबीले मई पहुंचना है .

रूही - पिता जी जल्दी आना मुझे आपके बिना मान नहीं लगता जब इस महल मैं जब तक मई आपके हाथो से भोजन नहीं करती मुझे नींद भी नहीं आती है अचे से .

मई - ठीक है मेरी पुत्री कोसिस करूँगा जल्दी आने की .

जब मैं महल से निकल रहा था तभी शानवी दौड़ते हुए मेरे पास आई .

शानवी - देव क्या मई भी चलो आपके साथ .

मई - नहीं शानवी वह खतरा होगा मई तुम्हे नहीं ली जा सकता मेरी गैर हाज़री मैं तुम रूबी और रूही का ख्याल रखोगी .

शानवी - ठीक है देव जैसा आप बोलो पैर एक वडा करो आपको थोड़ा सा भी खतरा महसूस हुआ जिससे आपकी जान जा सकती है तो आप सन्देश भेजोगे .

मई - ठीक है और तुम भी यहाँ कुछ भी गलत लगे तो तुरंत मुझे बताओगी पता है न क्या करना है उसके बाद तुम्हे .

शानवी - जा जैसे अपने मुझे पहले भी बताया है मई वैसा hi करुँगी .

उसके बाद मई अपने घोड़े पैर बैठ करर चल दिया उस कबीले की तरफ .

वही उस कबीले मैं एक घर मैं 7 लड़कियों को भांड करर रखा गया था और उनके सामने एक और लड़की थी जो उनसे आगे मैं बड़ी थी जिसके बहोत मारा गया था और उसको भी भांड करर रखा गया था .

उन् सबके सामने 5 लाश पड़ी थी एक आदमी की थी जो आगे मैं 50 के करीब का लग रहा था और बाकि के चार औरतो की लाश थी और उनकी आगे 40 से 45 के बिच की थी .

इंट्रोडक्शन

जो लाश उन् लड़कियों के सामने पड़ी थी वो उनका पिता था नाम राकेश और वो उस कबीले का मुखिया भी था .

पहली औरत और सबसे बड़ी अनु जो उस कबीले के मुखिया की पहली पत्नी थी और उसकी 2 बेतिया थी .

दोनों जुड़वाँ बेटी .

कोमल और प्रिय आगे 18 उन् 7 लड़कियों मैं से ये दोनों .

दूसरी औरत आशा ये मुखिया की दूसरी पत्नी इसकी भी 2 बेतिया है .

रिया और जिया आगे 18 ये भी 7 सात लड़कियों मैं से 2 लड़किया .

तिश्री औरत सपना और ये मुखिया की तिश्री पत्नी है इसकी भी 2 बेतिया है .

आरती और डिम्पी इनकी आगे भी 18 है और ये उन् 7 लड़कियों मैं दोनों है .

सबसे आखरी औरत रेणुका ये मुखिया की चौथी पत्नी है इसकी सिर्फ एक hi बेटी है .

आरती 18 साल की है और ये उन् 7 लड़कियों मैं एक लड़की .

( आप सब सोच रहे होंगे की सब की आगे सामने है तो ये मुखिया जी जाने कोनसी दवा खाके सोया था अपनी 4 पत्नियों के साथ मई 4 सम करर रहा होगा 😂 जोके ा part गाइस इनका 1 मैं रीज़न है जो आगे चलके पता चलेगा इसी अपडेट मैं )

( अब आते है जो लड़की उन् सबसे बड़ी है जिसको बहोत मारा गया है और बंद करर रखा है है वो उन् सबकी बड़ी बहन है और इसकी माँ भी मुखिया की सबसे पहली बीबी मान सकते है जो इसके जनम के वक़्त hi मार गई थी और इन् दोनों के बारे मैं हम रीसेंट टाइम मैं जानेंगे गई रोहित की लाइफ मैं तब तब तक आप सब सस्पेंस मैं रहो )

वो लड़की - मेरी बहनो को चोर दो तुम्हे जो कुछ भी करना है मेरे साथ करर लो पैर इन् मासूम और नन्ही बच्चियों को चोर दो .

उन् सबके सामने एक आदमी खड़ा था जो 40 के अस्स पास का होगा उसकी आंखे लाल थी और उसके दो नोखिले डाट भी बहार निकले थे .

आदमी - हाहाहाहा ये कभी नहीं होगा ना तो मई तुम्हे छोड़ूंगा और न इन सबको जब तक मेरी बात नहीं मान जाती तुम सब .

कोमल - कभी नहीं हम तुम जैसे सैतान की बात कभी नहीं मानेंगे तुमने हमारे माओ को मार दिया और पिता को भी इन् सबके बाद हम सब अपनी जान दे देंगे पैर कभी तुम्हारी बात नहीं मानेंगे .

आदमी - ाचा तो ऐसे बात है फिर तो इस लड़की को और तड़पना होगा उस आदमी पास मैं पड़े लोहे को उठाया और आग मैं दाल दिया दूर से hi (ऐसा क्यों इसके बारे मई कुछ देर मैं पता चल जायेगा ) कुछ देर बाद जब वो लोग गरम हो गया तो उससे लोडे को पकड़ करर जो सबसे बड़ी लड़की थी उसके सरीर मैं सताने लगा और जगह जगह पैर जलने लगा जिससे उस लड़की को बहोत दर्द हो रहा था .

लड़की - आह्ह्ह्हह्ह मा बचाओ आह्ह्ह्हह .

सब लड़किया - चोर दो हमारी दीदी को उससे मत मारो सब रट हुए बोल रही थी .

लड़की ( अगर मैंने ऐसे और चिल्लाया तो इससे मेरी बहने इसकी बात मान जायेंगे और सब कुछ बर्बाद हो जायेगा ऐसा नहीं होने दूंगी मई ) फिर दर्द को बर्दाश्त करते हुए उसने चिल्लाना बंद करर दिया और ये देख करर सब अचंभित थे .

आदमी - कितनी देर और सहोगी कभी कभी हार तो मानूगी न ये लड़किया कब तक देख पाएंगे ये मई भी देखता हु तुम सब को मई सिर्फ 1 जानते का समय देता हु फिर से सोच लो वर्ण इससे भी बुरा होगा इस लड़की के साथ .

उसने जाने के बाद .

प्रिय - दी हम मान जाते है न आप कब तक ऐसे सहन करोगी हमारे लिए.

लड़की - जब तक कोई हमे बचने नहीं आ जाता .

डिम्पी - पैर दी ऐसे तो आप मर जाओगी आप जिद चोर दो करने लेने दो जो करना चाहता है हम मान जाते है न .

लड़की - नहीं तुम सबको मेरी कसम और हम सके मरे हुए माँ और पिता जी की कसम तुम सब नहीं मानोगी उसकी बात.

आरती - पैर क्यों दी हम अब नहीं देख सकते आपको ऐसे .

लड़की - क्यों की गुरु माँ ने कहा है अगर तुम सब मान गई उसकी बाते अपने मान से तो वो बर्बाद करर देगा सब कुछ और उसको मदद से इस दुनिया को भी ख़तम करर देगा .

लड़की - प्रिय मई चाहती तुम यहाँ से भाग जाओ और किसी की मदद ली आओ जो हम सबको यहाँ से ली जा सके और तुम भाग भी गई तो भी ये कुछ नहीं कर पायेगा जब तक तुम नहीं मिल जाती हो.

प्रिय - पैर दी मई आप सबको चोर करर कैसे जॉन और मेरे साथ भी बन्दे है.

लड़की - तुमको जाना hi होगा अगर इस दुनिया और हमे बचाना है तो जाना hi होगा ये बोल करर उसने पास उससे लोगे को पकड़ लिया प्रिय के हाथ का जो रस्सी था उसपर सत्ता दिया जिससे वो रस्सी जल करर टूट गई उससे प्रिय को भी दर्द हुआ पैर उसने बर्दाश्त करर लिया .

प्रिय - दी मई सबको खोल देती हु न हम सब भाग सबके है यहाँ से .

लड़की - नहीं हम सब अगर भागने की कोसिस करेंगे तो पकडे जायेंगे .

प्रिय - दिए मई वापस ज़रूर आउंगी ये बोलके प्रिय घर के लास्ट वाले कमरे मई आ गई वह से भागने का एक ख़ुफ़िया रास्ता था जिससे वो निकल करर भाग गई .

रस्ते मैं वो बिना देखे भागे जा रही थी वो बहोत थक चुकी थी लास्ट मैं खाके वो बेहोश होक गिर पड़ी .

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कंटिन्यू

गाइस अपडेट ाचा लगे तो लिखे करना और कमेंट करके बता कैसा लगा और जो भी क्वेश्चन हो कमैंट्स करके पूछना.

नेक्स्ट अपडेट मई पता चलेगा देव अकेला क्यों गया और सोनू , आरिफ के बारे मैं भी पता चलेगा
 
थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्टेड

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्टेड

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्टेड

थैंक यू भाई नई अपडेट पोस्टेड

थैंक यू भाई नई अपडेट पोस्टेड

थैंक भाई नई अपडेट पोस्टेड

पोस्टेड
 
भाई बस यही है जो है 3 है 4 अपडेट मैं सब मर जायेंगे बस क्युकी लास्ट जयदा नहीं चलने वाला और फाइट सेन्स भी नहीं दिखने वाला क्यों ये एक सेक्स स्टोरी है यहाँ पैर बस इंसबको बचाऊंगा उसके बाद अगले अपडेट मई लिख दूंगा और ये जो रोहित की बहने है वो वही hi है जैसे रीसेंट मैं है तो उसके बारे मई जयदा मत सोचो बस पढ़ लेना और इस स्टोरी का वेल्लिअन वेम्पिरे होगा इस्सलिये जयदा कुछ नहीं बताऊंगा उस मैं वेल्लिअन के बारे मैं जो थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम मैं आएगा
 
अपडेट 95

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था जैसे देव( रोहित ) अपने राज्य से थोड़ी दूर पैर एक कबीले को बचने के लिए निकला था वही उस कबीले मैं एक वेम्पिरे जैसा दिखने वाला इंसान से पुरे कबीले के लोगो को मार दिया था और 8 लड़कियों को बंदी बना लिया था जिसमें से सबसे बड़ी वाली लड़की को वो टार्चर कर रहा था ताकि बाकि 7 लड़किया उसकी बात मान जाये और वो और कोई नहीं देव( रोहित ) की बहने hi थी आखिर मैं सबने प्लान बना करर प्रिय को वह से भगा दिया था ताकि मदद मांग सके और वापस आके बचा सके सबको .

अब आगे .

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प्रिय जब थक्के बेहोश हो गई थी तभी उसको महसूस हुआ वो किसी की गोद मैं है .

ये और कोई नहीं देव हो था जब वो इस कबीले की तरफ जा रहा था तभी उसने रस्ते मैं प्रिय को बेहोश पड़ा हुआ पाया .

जब उसने नजदीक जेक देखा तो उसको पता चल गया ये सिर्फ बेहोश हो गई है कमज़ोरी के कारन पैर जब उसने प्रिय के कपडे देखे तो थोड़े बहोत फैट गई थी और चोट भी लगी थी उसकी सरीर पैर .

जब देव ने देखा उसकी हालत थोड़ी ख़राब है तो उसने प्रिय को गोद मई उठा लिया और चलने लगा अपने गोधे को साथ लेके .

तभी प्रिय ने बोलने की कोसिस की .

प्रिय - हमारी मदद करो वो हुम्हे मार देंगे मेरी बहेनो को बचा लो आप ये बोलके वो पूरी तरफ से बेहोश हो गई .

वही जब देव ने ये सुना तो उसको समझ मैं आ गया ज़रूर ये उसी कबीले से होगी जहा वो जा रहा है पैर अभी रात होने वाली थी इसीलिए रात मैं उसने यात्रा करना सही नहीं समझा वैसे तो वो जा सकता था पैर उसके साथ प्रिय थी इसीलिए उसने रखना सही समझा .

ताकि जब वो उठे तो जान सकीय आखिर क्या हो रहा है उसके कबीले मैं .

देव ने कबीले के रस्ते से हैट करर नदी की तरफ जाने लगा वह पहुंच करर उसने नदी से कुछ दुरी पैर तम्बू लगाई और आग जलाई ताकि जंगली जानवर ना आ सके.

सबसे पहले देव ने प्रिय की चोट को साफ़ करि फिर उसने जब अपना हाथ प्रिय के सर पैर रखा ताकि उसकी चोट को सही करर सके अपनी पावर्स से तब उसको ज़ोर का झटका लगा .

देव ने अपना हाथ पीछे कीच लिया उसने देखा उसका थोड़ा सा जल भी गया था तो उसने अपना लॉकेट निकला और प्रिय को पहना दिया जिससे प्रिय की सरीर से कला धुआँ निकलने लगा और आसमान मैं चला गया .

देव को पता चल गया था ये ज़रूर उसी का काम है .

फिर देव ने प्रिय की सरीर को कपडे से धक् दिया और उसके साइड मैं लेट गया पुरे दिन यात्रा करने के कारन वो बहोत थक गया था इसीलिए वो सू गया बिना कुछ खाये हो वैसे तो वो बिना खाने के भी सालो तक भूका रह सकता है .

अगली सुबह उसकी नींद तब खुली जब उसको लगा कोई उससे देख रहा है जब वो उठा तो देखा प्रिय एक कोने मैं बैठ देव को देख रही थी .

मई - ोू उठ गई तुम चालू कुछ खा लो फिर चलते है तुम्हारे कबीले मैं.

प्रिय - आपको कैसे पता .

मई - मुझे सब पता है बस तुम्हारा नाम नहीं पता तो बताओगी अपना नाम.

प्रिय - मेरा नाम प्रिय कृपा करर के हमारी मदद करो वर्ण वो मेरी बड़ी बहन और बाकि बहनो को मार देगा .

मई - उसी के किये आया हु मई परेशां मत हो वो नहीं मरेगा जब तक तुम उससे नहीं मिल जाती .

प्रिय - आपको कैसे पता कही आप भी उसके साथी तो नहीं हो .

मई - ारे नहीं मैं देव सिंह हु .

प्रिय - आप वही देव सिंह हो जिसके बारे मई बाबा बताते थे अगर आप वही हो हमारी मदद कर दो उसने बाबा और माँ को मार दिया और पुरे कबीले को मार दिया .

रात को मैंने प्रिय के सर पैर जब हाथ रखा था तब मुझे सब कुछ मालूम चल गया था जो प्रिय को पता था और वो जो कला सा धुआँ निकला था वो काली सकतिया थी जो प्रिय की सरीर मैं थी .

फिर मैंने प्रिय को खाने को दिया और मैंने भी जहय और उसको साथ लेके चल दिया उसके कबीले की तरफ .

वही दूसरी तरफ देव के राज्य पैर बहोत से वेम्पिरे ने हमला करर दिया था रात को और उसके साथ काली सक्तियो वाले इंसान भी थे उन्होंने मिल करर पुरे राज्ये मैं आग लगा दी थे महल के अंदर रूही और रूबी दोनों एक कमरे मैं बैठी थी और उसके सामने शानवी कड़ी थी और कमरे का दरवाज़ा बंद था ताकि अंदर कोई ना आए सके .

वही महल के बहार रवि और आसिफ अपनी आखिरी सास ली रहे थे उन दोनों को ढेर सरे वेम्पिरे ने मिल करर मार दिया था .

जब पूरा राज्य ख़तम हो गया था तब सब महल के अंदर जाने लगे पैर जैसे hi पहले वाले वेम्पिरे अंदर गया वैसे वो जल करर रख बन गया और वैसे hi उन काली सक्तियो वाले इंसान के साथ भी हुआ .

ये सब करते करते सुबह हो गई थी तब तक सरे वेम्पिरे चले गए और काली सक्तियो वाले इंसान भी बचे सिर्फ शानवी रूही और रूबी जो अभी भी महल के अंदर hi थे .

वही दूसरी तरफ मई प्रिय के साथ मैं उसके कबीले मैं पहुंच गया था पूरा सनता था बस मैं पर प्रिय गाओ के बीचो बिच खड़े थे .

प्रिय - आह ऐसे खुले मैं क्यों खड़े हो वो मार देंगे बहोत खतरनाक है .

मई - कुछ नहीं करर पाएंगे वो लगता है तुमने अपने बाबा से ठीक से नहीं सुना मेरे बारे मैं .

मई - जो भी है और जहा भी चुप करर बैठा है बहार निकल वर्ण सबको अपनी जान से हाथ धोनी पड़ेगी .

तभी मेरे सामने से एक 7 फट का हाइट वाला इंसान आया उसके मुँह से खून भी आ रहा था .
 
अपडेट 96

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मैंने प्रिय को ठीक किया और उसके कबीले की तरफ चल दिया उसके साथ वही दूसरी तरफ मेरे राज्य मैं रात को वेम्पिरे और काली सक्तियो वाले इंसान ने सबको मार दिया था बस रूही शानवी और रूबी hi बचे थे जो महल मैं सुरक्षित थे पैर पता नहीं कब तक वही वही मई प्रिय के साथ उसके कबीला मैं पहुंच गया जहा मुझे वो 7 फुट ुचा आदमी मिला .

अब आगे

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आदमी - है है है आखिर तुम आ hi गए जिसके लिए हमने इतनी म्हणत की थी .

मई जब उसके सामने खड़ा था तभी मुझे पता चल गया की वो कोण है वो एक वेम्पिरे था और ऐसा वैसा वेम्पिरे नहीं वो वेम्पिरे जाती के महाराज का छोटा भाई था जो वेम्पिरेस मैं दूसरा सबसे जयदा ताकत वॉर वेम्पिरे था .

मई - तुम्हे पता नहीं वेम्पिरे को आम इंसान पैर हालमा करना की अनुमति नहीं है .

वेम्पिरे - मई तो करूँगा क्या करर लोगे तुम और वैसे भी तुम्हे मरने के बाद मई अमर हो जाऊंगा तुम्हारा कौन पाइक और तुम्हारी बेटी का खून पाइक .

जब तक उसने मेरे बारे मैं कहा मैं चुप रहा पैर जैसे उसने रूही के बारे मैं कहा उसके साइन पैर ज़ोर की लात पड़ी और वो सीधा उड़ते हुए पीछे के घरो मैं जा गुशा .

मई - प्रिय जब तक मई न कहु तुम हिलना मत .

अभी मैंने इतना hi बोलै था तभी चारो तरफ से बहोत तेज़ी से वेम्पिरे ने हमपर हुम्ला करर दिया पैर उन्होंने मुझे हलके मैं ले लिए था मैंने अपनी हाथो हाथो को साइन पैर रखा ज़ोर से झोल दिया जिससे उन् सभी पैर बिजली गिरने लगी सब जहल करर रख हो गए.

उन् सबके मरने के बाद प्रिय मेरे पीछे कड़ी थी तभी फिर से वो वेम्पिरे उस तीते हुए घर मैं से निकला .

मई - देख तू अकेला बचा है चल बता बाकि लड़किया कहा है .

वेम्पिरे - हाहाहा ये सब तो एक चल थी तुझे तेरे राज्य से निकलने की अब तू यहाँ मरेगा और वह तेरी बेटी और पत्नी.

मई दौड़ते हुए उसके पास गया और उसके चारे पैर मरने लगा उसका पूरा चहेरा तोड़ दिया मुक्के से पैर वो तबभी हाशे जा रहा था.

मई- तूने हमारे बनाये हुए नियम को थोड़ा है तेरे साथ तेरे परिवार को भी मौत की सजा दी जाएगी .

वेम्पिरे - हाहाहा तुम सब मेरा कुछ नहीं करर सकते हो हाहाहा उसका चहेरा फिर से पहले जैसा हो गया शायद उसने भी काली सक्तियो से मदद मांगी थी .

वेम्पिरे - मई तुम सबसे नफरत करता हु तुम सब से मेरे भाई से भी उसको मेरी जगह राजा बनाया गया वेम्पिरे जाती का जबकि मैं उससे जयदा काबिल था अब तुम सब मरोगे उसके हाथो .

मैंने अपना हाथ उसके साइन मैं गुशा दिया और उसका दिल निकल लिया .

दिल निकलने के बाद भी धड़क रहा था यही खासियत थी वेम्पिरे सब की जब तक उनका दिल न जलाया जाये या फिर उनको पूरी तरह से जला न दिया जाये तब तक वो मरते नहीं है .

प्रिय ये सब देख करर बहोत जयदा दर गई थी .

मई - प्रिय तुम्हारी बहने कहा है .

वो इतना सुनते हुए अपनी बहनो की तरफ भागी .

वो एक घर मैं जा घुसी मैंने उसके पीछे पीछे अंदर चला गया .

जब मई अंदर गया तो सामने का नज़ारा कुछ और hi था .

एक जाली हुई सरीर पड़ी थी और चार औरत जिनका सरीर पूरी तरह से शुक गया था .

और वही पैर 6 और लड़कियों की लाश पड़ी थी और उनकी सरीर भी पूरी तरह से शुक गई थी .

ये देख करर प्रिय ज़ोर ज़ोर से रोने लगी.

प्रिय - उसने मार दिया सबको मेरी बहनो को मेरी दीदी को भी मार दिया उस सैतान ने ये कह करर वो पागलो की तरह रोने लगी .

मैंने आगे भाड़ करर उससे गले लगा लिया .

वही दूसरी तरफ शानवी ने महल के सरे ख़ज़ाने को देव के कमरे मैं रख दिया खुफिया कमरे मैं .

रूबी - अब हम क्या करे शानवी मैं रूही को नहीं खोना चटाई हु .

शानवी - दीदी जब तक मई हु आप दोनों को कुछ नहीं हो सकता है मैंने देव से वडा किया था की अपने जान दे करर भी दोनों की रक्षा करुँगी .

रूही - शानवी दीदी भूमि कहा है मुझे दर लग रहा है आप उससे भी लाओ न यहाँ .

ये सुन्न करर शानवी के चहेरे पैर उदासी छह गई .

क्यों भूमि को शानवी ने अपनी आँखों के सामने मरते हुए देखा था .

तभी रूही और रूबी की चीख निकल गई उन दोनों ने ज़ोर से चिल्लाया .


क्यों उनके सामने ने एक बड़ा सा दरवाजे जैसा छेद खुला और उसमे से एक हाथ निकला जो सीधा शानवी की पेट को चोरते हुए बहार निकल आया और उसका खून रूही और रूबी के चहेरे पैर पड़ा.

और उसके तुरंत बाद hi एक और वैसे hi दरवाजे जैसे खुला और उसमे एक सामने हाथ निकला और उन दोनों को उसके अंदर कीच लिया .

वही जब शानवी मारनी वाली थी तभी उसने वो किया जो देव ने बताया था जब बहोत जयदा खतरा हो तभी वो करना उसने थोड़ा अपना खून लिया और अपने गले मैं जो लॉकेट था उसमे लगा दिया जिससे वो लॉकेट चमकने लगा .

दूसरी तरफ जब देव प्रिय को गले लगाए हुए खड़ा था तभी वो अचानक से प्रिय के साथ गायब हो गया .

गायब हो करर वो सीधा शानवी के पास आ पंहुचा जो मर चुकी थी और उसके हाथ मैं वो लॉकेट था .

सामने के नज़ारा देख करर देव के आँखों मैं अंशु आ गए .

वही प्रिय तो पहले से hi रू रही थी .

अभी दोनों के ऊपर गमो का पहाड़ टूट लड़ा था तभी उसके पास 2 इंसान आये उसमे से एक वो गुरु जी है थे पावर स्टोरी से और दूसरा बाँदा मिस्टीरियस पर्सन है ऐसा मान सकते हो और इसका जिक्र था लार्ड ऑफ़ थे टाइम मैं होगा .

मिस्टीरियस पर्सन - देव हमे माफ़ करर दो हम वक़्त पैर नहीं आए सके जैसे hi हमे देखा ये हो रहा है तब हम यहाँ आ गए .

गुरु जी - हां देव अभी भी देर नहीं हुई है हम रूबी और रूही को बचा सकते है इस सैतान से ये उसी का काम है उसको हम सबकी सकतिया चाहिए इसीलिए सबसे पहले उसने तुम्हे अपने जाल मैं फसाया और रूही और रूबी को ले गया ताकि तुम टूट जाओ और कमज़ोर पद जाओ .

देव - मई उससे नहीं छोड़ूंगा उससे मार दूंगा अगर मुझे कुछ हो जाता है तो तुम (उस मिस्टीरियस पर्सन की तरफ देखते हुए कहा आरव ने ) रूही और रूबी को एंजेल वोउल्ड मई ले जाना .

वो मिस्टीरियस पर्सन एंगेल्स का किंग था .


कंटिन्यू
 
Hello भाई लोग पता है मुझे की अपडेट थोड़ी लेट दे रहा हु और थोड़े बोरिंग भी पैर हर स्टोरी मैं कोई न कोई part बोरिंग लगता hi है पैर कोई न जल्दी स्टोरी ट्रैक पैर आ जाएगी वैसे जिसको सेक्स पसंद है अभी तो स्टोरी बहोत लाभ जाने वाली है और है ये मत सोचना की स्टोरी कम्पलीट नहीं करूँगा पैर हां बिच बिच थोड़ा बहोत तो ब्रेक बनता है न नई अपडेट कल आएगा इसपर जिसके पास्ट को कम्पलीट कर दूंगा और प्रेजेंट मैं स्टोरी फिर से आ जाएगी अभी तो कॉलेज लाइफ बाकि है रोहित की
 
अपडेट 97

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था जो कुछ भी हुआ था वो सब सैतान की वजह से हुआ था उसने vempire's के राजा के भाई के साथ मिल करर उस कबीले पैर पहले हालमा किया ताकि देव अपने राज्य से निकल सके उसके बाद उसने उन् सबको मार दिया जो कबीले मैं थे फिर उसने राज्य मैं भी सबको मार दिया और जब देव ने उस वेम्पिरे को मारा तक वो एकदम से टेलिपोर्ट होक अपने महल मैं आ गया जहा शानवी मरी पड़ी थी और रूही , रूबी को वो ले गया था .

अब आगे

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देव - तुम दोनों जाओ मैं आता हु क्यों उस सैतान को पूरी तरह से आजाद होने के लिए मेरा और रूही का खून चाहिए और ऐसा मई बिलकुल नहीं होने दूंगा मुझे पता है इसने मार दिया होगा अब तक दोनों को .

मिस्टीरियस पर्सन - ठीक है अगर वो ठीक होंगे तो मैं उनको बचा करर एंजेल वोउल्ड मैं ली जाऊंगा वर्ण उस सैतान को कैद करर दूंगा .

मई - ठीक है तुम दोनों जाओ मई पूजा की तयारी करता हु अगर मई वह गया तो वो सैतान रूही का फ़ायदा उठा कर मुझे भी कैद कर लेगा और मुझे पता है तुम दोनों भी कुछ नहीं कर पाओगे इसीलिए तुम जाओ अगर बात हाथ से निकल गई तो मई अपनी बलि दे दूंगा ताकि वो कैद हो सके .

दोनों वह से चले गए वही प्रिय खड़े बस ये होते हुए देख रही थी.

प्रिय - अगर आपने बलि दी तो मुझे भी आपके साथ मरना होगा .

मई - ऐसा क्यों तुम अब आजाद हो तुम जा सकती हो यहाँ से जितना भी सोना चंडी हिरा मोती ली जा सकती हो तुम अब्ब ये मेरे काम के नहीं है .

प्रिय - नहीं हमारे कबीले का नियम है जो इंसान हमे बचता है किसी भी करके से तो हम उनका गुलाम बनना पड़ता है या फिर उनसे साडी कर के उनकी पत्नी तो अब ये आपके ऊपर है आप मुझे क्या बनाते हो वर्ण इसके अलावा हमे मार दिया जाता है .

मई - पैर ये तो गलत है मेरे साथ मत के तुम क्या करोगी तुम्हारी इतनी बड़ी जिंदगी पड़ी है जाओ अचे सी जीना और ए.बी.ए. तो कोई बचा भी नहीं तुम्हारे कबीले से तो तुम्हे कोई नहीं रोकेगा तुम ाचा लड़का ढूंढ के उससे साडी कर लेना .

प्रिय - नहीं इससे ाचा मई मरना पसंद करुँगी क्यों ये जो भी हुआ है सब हमारे कारन हुआ है न आप हमे बचने आते और है आपके राज्य मैं ये सब होता .

मई - ये सब तुम लोगो की वजह से नहीं हुआ है मैंने hi ध्यान नहीं रखा इन सब चीजों का की मेरे पीठ पीछे ये सब भी हो सकता है और मुझे क्या पता था वेम्पिरे जाती ऐसे आम इंसानो पैर हुम्ला करेंगे हम सबने मिलकर एक नियम बनाये थे की कोई भी सक्तियो वाला इंसान किसी भी आम इंसान पैर हुम्ला नहीं करेगा वर्ण उसको मौत की सजा दी जाएगी चाहे वो कोई भी हो .

फिर देव ने महल के पूजा घर मैं हवं की तयारी करने लगे उसके साथ मैं प्रिय भी थी पैर जैसे hi वो पूजा घर के अंदर गई उसके अंदर जो काली सकतिया गुशी तो वो निकल गई .

और मुझे ये बात पहले से पता थी .

वही जब वो मिस्टीरियस पर्सन और गुरु जी वह पहुंचे जहा सैतान रहता था तो उन दोनों ने मिल कर सबको तो मार दिया बस सैतान बचा था पैर वो दोनों उसको मार नहीं सकते थे बस कैद कर सके थे उसको मारा तभी जा सकता था जब कोई ऐसा इंसान आएगा जिसके पास सबकी सकतिया हो जो अभी किसी के पास नहीं था .

जब वो दोनों उस सैतान के महल मैं गए थे उनके सामने रूबी की लाश पड़ी मिली और रूही सैतान के हाथो मैं थी .

सैतान - अगर वो देव नहीं आया तो मई उसकी बेटी को भी मार दूंगा .

मिस्टीरियस पर्सन - तुम ऐसा नहीं कर सकते हो तुम पहले hi हार चुके थे जब तुमने धरती पैर हमला करने के बारे मैं सोची .

सैतान - हाहाहा मई कभी नहीं हार सकता हु पैर जाने से पहले मैं इस बची को मार के जाऊंगा .

वही दूसरी तरफ देव ये समझ गया था की इस सैतान का इरादा क्या है जिसके लिए hi वो वह नहीं गया था पैर उसके पीछे एक और कारन था जो देव समझ नहीं पा रहा था .

देव ने जब अपनी आंखे बंद की तब उसके सामने सब आ गया जो वह हो रहा था देव अभी यज्ञे पैर बैठा था तभी उस जल्दी हुई जवान मैं से आग निकली और सीधा देव के अंदर जाने लगी देखते हे देखते साडी आग देव के अंदर चली गई और उसको अपने वाला भविस्य दिखने लगी देव कई सालो सालो तक का भविष्य दिखने लगा .

देव ने मिस्टीरियस पर्सन के मान मैं एक बात बोली की सिर्फ उसको कैद कर देना है चाहे हो कुछ भी करे कबि साडी चीज वक़्त के साथ हो जायेगा .

वो दोनों शॉक थे की देव इतना संत क्यों है वर्ण उनको पता है देव रूही और रूबी को कितना प्यार करता है और वो ऐसे hi नहीं मरने दे सकता था पैर यहाँ तो उल्टा हो हो रहा है . ( ये चीज आगे पता चलेगी की देव ने क्यों नहीं मारा था इस स्टोरी मैं )

उसके बाद उन् तीनो के बिच बहोत बड़ी जुंग हुई जिसमे इसने रूही को अपनी ढाल बनाने की कोसिस की पैर उससे भी बात नहीं बानी तो उसने मार दिया .

वही देव महल मैं .

देव - मई आखिरी बार पूछ रहा हु तुमसे क्या तुम मेरे साथ मरना पसंद करोगी या फिर इतने धन दौलत के साथ जीना .

प्रिय - मई आपके बिना नहीं जी सकती मैंने पहले hi बता दिया है हमारे कबीले का नियम और वैसे भी इस दुनिया मैं मेरा अब कोई नहीं है आपके अलावा.

देव ने प्रिय को लगे लगा लिया और कुछ मंत्र बोलने लगा जिससे ये हुआ की जो आग देव के अंदर गई थी वो अंदर से hi उसको जलने लगी पैर दर्द नहीं हुआ देखते देखते दोनों जल कर रख बन गए और दोनों की आत्मा वह से चली गई .

वही जब रूबी मरी थी तब उसकी आत्मा दू भागो मैं बात गई थी और जब उसका पुनर जनम हुआ था पहले हिस्से जो था उससे रूबी हुई और जो दूसरा हिस्सा था उससे संगीता जिससे रूही का जनम हुआ बात मैं चलके और ऐसे hi बाकि सबका भी पुनर जनम हुआ .

नाउ बैक तो प्रेजेंट

( ये लास्ट part है पिछले जनम का मैंने जल्दी जल्दी मैं ख़तम कर दिया फाइट सन नहीं दिखाया क्यों की ये सेक्स स्टोरी है और इस मैं जो पास्ट बच गया है वो मेरी दूसरी स्टोरी मैं दिखाई जाएगी थे लार्ड ऑफ़ थे टाइम मैं और थे पावर मैं )

कंटिन्यू
 
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