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अपडेट 91
जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था दादी को मस्त छोड़ा उनके रूम मैं वही दादी के साथ सेक्स करते वक़्त बड़ी चची ने देख लिया था पैर जब मई अपने रूम मैं जाने के लिए निकला तो वो चली गई थी .
अब आगे
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जब मई रूम के पास पंहुचा और दूर खोला तो देखा अंदर आरती अपनी छूट मशाल रही है और बार बार मेरे नाम ले रही है ..
आरती - आह्ह्ह्ह भैया कहा रह गए कितना टाइम लगा रहे हो देखो आपकी चुटकी छूट कितना सत्ता रही है आपकी चुटकी को भैया ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह अपनी छूट मैं एक ऊँगली दाल के वो अंदर बहार करर रही थी .
सच बोलू तो आरती मुझे बहोत टाइम क्यूट भी लगती है तो बहोत टाइम हॉटनेस की गॉड भी क्यों जो उनकी बॉडी है एकदम परफेक्ट तीन है वो .
मई - क्या हुआ चुटकी कुछ देर रुक नहीं सकती है .
मेरा आवाज सुन्न करर आरती ने मेरे तरफ देखा .
आरती - भैया बहोत सत्ता रही है ये बदमाश आओ न इसकी बदमाशी निकल दो ..
मैंने गेट को बंद किया और आरती के पास आ गया .
और उसको अपनी गोद मैं उठ लिया उसने पहले से hi अपने कपडे निकल करर रखे थे जब उसका नंगा सरीर मेरे सरीर से चिपका तो उसने मुझे काश करर गले लगा लिया अपनी कमर को मेरे कमर पैर लपेट लिया . .
मई - क्या हुआ मेरी चुटकी को बता .
आरती - भैया क्या मई कुछ गलत तो नहीं करर रही हु न .
मई - मेरी आरती को ऐसा क्यों लगा बता .
आरती - भाई हम दोनों भाई बहन है न तो क्या अपने भाई के साथ सेक्स करना गलत नहीं हुआ .
मई - ज़रूर हुआ गलत पैर तब हुआ जब एक राजे न हो सेक्स के लिए पैर यहाँ तो हम दोनों hi एक दूसरे से प्यार करते है हां बोल क्या तू मुझे प्यार नहीं करती क्या तू अपने भाई को अपना बॉयफ्रेंड नहीं मानती ..
आरती - भाई ी लव यू सू मच ये कभी मत बोलना की मई आपसे प्यार नहीं करती आप मेरी जान हो भाई आपके बिना मई कुछ करने का सोच भी नहीं सकती भाई देखना जब मई आपके साथ सोल्लगे जाने लगूंगी न तो मई आपके नाम का टैटू बनवा लुंगी अपने इन छोटे छोटे मुम्मो पैर ..
मई - मेरे प्यारा बचा अपने भाई के नाम का टैटू बनवाएगी हां बनवा लेना पैर अभी उसमे 1 साल है अभी तो तुझे स्कूल जाना है .
आरती - हां अभी तो अपने भाई एक किये नई नई छूट का इंतेज़ाम करना है हेहेहे .
मई - सच मैं तू बहोत बदमाश है तुझे लगता है तेरे भाई का लुंड वो पतली सी कमज़ोर लड़किया झेल पायेगी .
आरती - कमज़ोर तो मई भी हु देखो कैसे मई आपकी गोद मई नंगी बैठी हु ऐसा लग रहा है जैसे अपने कोई डॉल पकड़ रखा हो .
मई - तू कमज़ोर नहीं है मेरी प्यारी बहन बास बीटा तेरी सरीर की बनावट hi ऐसी है और तू मेरी बहन है आराम से मेरा लुंड ले लेगी अपनी छूट मई ..
आरती - सच्ची भैया तो आज आप दाल दो मेरी छूट मैं अपना लुंड और साबित करर दो आपकी आरती बहोत स्ट्रांग है भैया .
मई - बिलकुल मेरा बचा चल खुद तो नंगु पंगु होक बैठी है अपने भाई की टीशर्ट उतर और लोअर भी .
आरती - उम्म्म अभी उतरती हु मेरे होंठो पैर किश करते हुए बोलै फिर उसके मेरी गोद मई बैठे बैठे उसने मेरी टीशर्ट पकड़ी और निकल फेकि उसमे अपने दोनों पैरो का उसे करके मेरी लोअर को भी निकल दिया ..
आरती - लू भैया आपकी होशियार बहन ने बिना आपकी गोद से उतरे आपके कपडे निकल दिए .
मई- मेरी होसियार बहन आज तेरी माँ छोड़ दूंगा मैं ..
आरती ने भी मजाक करते हुए बोलै .
आरती - सच्ची भैया आप अपनी ममी को छोड़ डोज वो देखने मैं कितना मज़ा आएगा जब आप मेरी माँ छोड़ोगे .
मई - बहोत सरारती हो गई है चुटकी तू देखो तो कैसे तेरी छूट मेरे लुंड पैर एक एक बून्द रहा टपका रही है ..
मेरी बात सुन्न करर जब आरती अपना सर निचे करर क्र देखा तो सच मैं उसकी छूट से राश टपक रहा था मेरे लुंड पैर ..
वो देख करर आरती बहोत गरम हो गई और झट से मेरे होंठो को चूमने लगी ..
मई - उम्म्म सलुप्प बीटा आराम से अभी पूरी रात बाकि है उम्म्म्म सलुपपप ..
आरती - सलुपपपप सलुपपपप उम्म्म्म उम्म्म सलुपपप भैया उम्म्म रात गई माँ छुड़ाने आप न मेरी छूट मार के उसमे अपना विरए दाल के बदला लेना उम्म्म सलुप्प .
मैंने उसके दोनों बूब्स पके और दबाते हुए किश करने लगा ..
वो बार बार अपनी छूट को मेरे कमर पैर घिस रही थी .
मैंने उसको बीएड पैर लेता दिया और उसके ऊपर आ गया ..
वो किसी तकिये की तरफ मेरे निचे पड़ी थी उसके ऊपर मई लेता था जिससे मेरा लुंड उसकी छोटी सी छूट पैर था ..
आरती - भैया मुझे न आज आप मुझे अपनी बना लेना पूरी तरह से इस छूट मैं अपना वीर्य दाल देना .
मई - ाचा जी और अगर मेरी बहन आरती प्रेग्नेंट हो गई तो क्या जवाब डौगी .
आरती - भैया आपको पता है गाओ जिस स्कूल मैं मई पढ़ती थी वह के टीचर ने मेरी दोस्त को खूब छोड़ा फिर बाद मैं वो प्रेग्नेंट हो गई गाओ मैं हे बात न फैले इसके लिए इस टीचर ने उसको एक दवाई खिला दी जिससे वो प्रेग्नेंट हुई hi नहीं .
मई - ाचा तो मेरा बचा ये चाहता है मई उसकी छूट मैं विरए दालु और फिर उसको वो दवाई खिला दू .
आरती - हेहेहे भैया आप मेरे से भी जयदा इंटेलिजेंट हो ये देखो न कैसे मेरे निप्पल तीते हो गए है भैया आरती ने अपने मुम्मो को दबाते हुए बोलै .
मैंने आरती के दोनों निप्पल्स पकड़ लिए और मशलने लगा .
आरती - आह्ह्ह्हह भैया ये कैसा अनुभव है आज से पहले नहीं महसूस हुआ मुझे मैंने भी बहोत आअह्ह्ह्ह बार अपने निप्पल्स ऐसे दबाये है पैर आपके हाथो से अलग मज़ा आ रहा है .
मैंने आरती के मुम्मो को मुँह मैं लेके चूसने लगा और अपने झिव से निप्पल को सहलाने लगा .
आरती ने मेरे बालू को काश करर पकड़ किये और किचन लगी .
आरती - आह्ह्ह्ह उम्म्म्म मा आह्हः आह्हः भैया मेरे प्यारे भैया ऐसे चुसो भैया अपनी चुकती दूध उमंमाहहहह
मई - उम्म्म सलुप्प सलुप्प पैर चुटकी इसमें मैं तो दूध hi नहीं है उम्म्म सलुपपप .
आरती मेरे बालू को सहलाने लगी और बोली .
आरती - आह्ह्ह्ह उम्म्म्म ओह्ह्ह्हह भैया आठ आप न बुद्धू हो दूध तब आता है जब कोई लड़की माँ बनती है और बचे को जनम देती है और अभी तो मई खुद 18 साल की बची हु तो कैसे ढूह आएगा आह्ह्ह्ह अभी तो मेरी उम्र अपने प्यारे हैंडसम भैया से चूड़े का है आह्हः ...
मई - उम्म्म स्लूप सलुपपपप तो मेरी बहन को चुण्डा है इस उम्र मैं सलुपपपप ..
आरती - आह्ह्ह्हह हां भैया छोड़ दो मुझे आज इस छोटी सी छूट मैं अपना लुंड दाल दो आह उम्म्म्म . उसने मेरा हाथ अपनी छूट पैर रखते हुए बोलै .
मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी छूट मैं दाल दी जिससे आरती की चिक निकल गई .
आरती - आठ भैया आपकी ऊँगली hi छोटे से लुंड की तरफ लगती है पता नहीं लुंड लेके क्या होगा मुझे .
मई उसकी आँखों देखते हुए बोलै .
मई - कुछ नहीं होता बीटा मई हु न ये बोल करर मैंने उसको होंठो को चूसने लगा और निचे अपनी 2 उंगलियों को उसकी छूट मैं गुशा दिया जिससे जगह बन सके .
आरती ने चीखने की कोसिस के पैर किश करने की वजह से चीख नहीं पाई ..
ऐसे मैंने अपनी 3 उंगलियों से उसकी छूट को थोड़ा ढीला किया जिससे आरती को बहोत दर्द हुआ था पैर उसके लिए ज़रूरी भी था ये .
आरती - भैया अपने मेरी जान निकल दी उफ्फ्फ भैया पैर मज़ा बहोत आया .
दम दोनों इस एक वक़्त पशीने से भीग गए थे इसीलिए मैंने एक ों करर दे .
आरती - भैया एक बंद करर दो पशीने अपने साथ ऐसा रहना मुझे बहोत ाचा लग रहा है उसके कहने पैर मैंने एक बंद करर दिया .
आरती - भैया मुझे आपका लुंड चूसना है पिछली बार बहोत मज़ा आएगा आपका लुंड चूस करर .
मई - इतनी प्यार से बोलेगी तो जान भी अभी इतना बोलै था की उसने अपने होंठ मेरे होंठ पैर रख दिए कुछ देर किश करने के बाद मेरी आँखों मैं देख करर बोलै .
आरती - भैया आज बोल दिया आगे कभी मत बोलै मुझे नहीं चाय आपकी जान मुझे बॉस मेरे भैया चाहिए और उनका लुंड .
उसने मुझे बीएड पैर लेता दिया और मेरे टैंगो के बिच आगे मेरे लुंड को पकड़ा और टोपे को चूसने लगी .
मई - ाःह चुटकी तेरी जुबान कितनी गरम है बीटा .
आरती - उम्म्म सलुपपप उम्म्म सलुपपपप सलुपपपप सलुपपप भैया उम्म्म कितना क्यूट है आपका लुंड ये टोपा देखो न इसमें से चिप छिपा सा विरए निकल रहा है थोड़ा सा .
मई - चाट ले मेरा बचा अपने भैया का प्रेकम .
उसने मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसना चला किया पैर उसका मुँह छूटा होने की वजह से पूरा नहीं चूस पा रही थी पैर कोसिस पूरी करर रही थी की पूरा लुंड अपने मुँह में ले सके ..
मई - आअह्ह्ह बस करर बचा आज इतना hi चूस आगे चल के पूरा चला जायेगा .
आरती - उम्म्म्म सलुपपपपप ग्लूपप्प्प ग्लूपप्प्प उम्म्म गलप्प्प नहीं भैया गलप्प्प मुझे आज hi पूरा लेना है उम्म्म गलप्प्प उसकी आँखों एक जूनून था वो बड़े मजे के साथ मेरा लुंड चूस रही थी .
मई - आह्ह्ह्ह मेरी बहन अपने भाई को मार देगी क्या आह्हः कितना मज़ा आ रहा है आह्हः मेरी प्यारी चुटकी .
आरती - उम्म्म्म ग्लूपप्प्प ग्लूपपपपप सलुपपपप ग्लूपप्प्प नहीं ग्लूपप्प्प भैया मई आपको आज जन्नत दिखा दूंगी उम्म्म्म सलुपपपप गलप्प्प .
आरती ने मेरा पूरा लुंड एक बार मैं मुँह मैं ले लिया ये देख करर मई शॉक था ये छोटो सो चुलबुली लड़की आज देखो कैसे बड़े बड़े पोर्नस्टार को फ़ैल करर रही है .
आरती - गलप्प्प उम्मम्मम आठ भैया अब मई थक गई मेरा मुँह दर्द करने लगा उसकी होंठो से पूरा थूक गिर रहा था जो गर्दन से होते आरती के मुम्मो पैर जा रहा था ..
वो मेरे बगल मैं आके लेट गई .
आरती ने अपनी उंगलियों से छूट सहलाने हुए बोलै .
आरती - भैया मेरी छूट नहीं चाटोगे आप .
मई - क्यों नहीं चुटकी ये तो मेरी पसंद दिता चीज है इसको कैसे चोर दू मैंने अपना अपना जुबान से उसकी छूट को चेतना चालू करर दिया .
आरती - आह्ह्ह्ह छतो भैया अपनी आरती की छूट अह्ह्ह्ह माँ देखो न कैसे भैया आपकी बेटी छोटी छूट चाट रहे है आह्ह्ह्ह.
मई - हां ममी देखो आज कैसे मई आपकी बेटी को अपनी रैंडी बना के छोडूंगा और उसकी बात आपकी बरी .
आरती - आह्ह्ह्ह भैया आप माँ को छोड़ देना ताकि आगे चल के वो कुछ न बोल सके आह्हः आपकी गुलाम हो जाये मेरी माँ आह्ह्ह्ह .
10 मिनट्स तक उसकी छूट को छत्ता रहा फिर वो झाड़ गई जिससे उसकी छूट से बहोत जयदा पानी निकला ये सही मौका था लुंड डालने का क्यों छूट पूरी तरफ से गीली थी .
मई - आरती मई अब लुंड डालने जा रहा हु तेरी छूट मुनिया है तो जयदा दर्द होः तो बताना देना .
आरती - भैया मई बर्दाश्त करर लुंगी भैया आपका लुंड अब दाल दो मेरी मुनिया मैं .
मैंने ड्रावर से आयल निकाय और अपने लुंड पैर लगा लिया और उसकी छूट पैर गिरा दिए ढेर सारा आयल और अपनी उंगलियों से सुकि छूट मैं दाल दिया .
आरती - भैया अपनी इस बहन को बना लो अपना दाल दो अपना लुंड आओ भैया प्लीज देखो आपकी आरती आपका वेट करर रही है और उसकी मुनिया भी .
मैं बिना देरी किया अपना लुंड उसकी छूट पैर रखा और एक ज़ोर दार दक्का मारा मुझे लगा था बिना ज़ोर लगाए नहीं जाने वाला क्यों उसकी छूट बहोत छोटी क्र तीते है जिससे मुझे दक्का मरना पड़ा.
उस ढके के साथ आरती की सील टूट गई और आरती बहोत ज़ोर से चिल्लाई अगर मेरा रूम मैंने साउंड प्रूफ नहीं करवाया होता तो आज सब घर वाले यहाँ आ जाते..
आरती ने रोना चालू करर दिया उसको चहेरे को देख करर मुझे बाद फील होने लगा मैंने उसको कहा के लगे लगा लिया .
वही निचे उसकी छूट से खून निकल रहा था अभी भी आधा लुंड hi गया था.
आरती - स्निफ्फ स्निफ्फ भैया बहोत दर्द हो रहा है पैर आप निकलना मत भैया मुझे आज एक कुवारी लड़की से एक औरत बना दो .
मई - बचा जयदा दर्द हो रहा है तो निकल दू .
आरती - आह्ह्ह्हह नहीं मत निकालो न प्लीज दर्द होने दो भैया हहहहह माँ जाने दो जितना भी खून निकले जितना भी दर्द हो आप मत निकलना .
कुछ देर तक हम वैसे hi रहे उसके बाद मैंने धीरे धीरे अपना लुंड अंडर बहार करना चालू किया .
आरती को भी मज़ा आना लगा उसने मुझे किश करना चालू करर दिया .
आरती - आह्हः भैया आप इतना देर तक कैसे ठीके हो आह्ह्ह्ह माँ ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ आए मज़ाआ आ रहा है आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह सस्समम्म अह्ह्ह्ह .
मई - चुटकी मई चहु तो तुझे 5 जानते भी छोड़ सकता हु आह्ह्ह्ह कितनी गरम है तू मेरी प्यारी बहन .
आरती - भैया ऐसा मत करना बस आपका जितना मान करे इतना छोड़ा आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह फिर अपना विरए निकल देना मेरी छूट मैं इस्पे सिर्फ आपका हक़ है आह्ह्ह्ह वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थी .
आरती बड़े मजे से अब लुंड ले रही थी मेरा पैर मैंने पूरा लुंड नहीं डाला था .
तभी अचानक से उसने चुड़ते वक़्त अपने पेअर को मेरे कमर से लपेट लिया जिससे बचा हुआ लुंड भी उसकी छूट को चीरते हुए अंदर का गुशा उससे उसको बहोत दर्द हुआ यहाँ तक जितनी तीते उसकी छूट थी मुझे भी बहोत दर्द हुआ ...
मई - आह्हः क्या किआ चुटकी तूने जोश जोश मैं आके मेरा पूरा लुंड पे लिया अपनी मुनिया मई .
आरती - स्निफ्फ आह्ह्ह्हह भैया तो क्या करो चाहे मुझे कितना भी दर्द हो पैर मई आपके लायक बन्न के रहूंगी अब रुको मत प्लीज छोड़ते रहो .
मई उसकी बात सुनके हैरान था निचे देखा तो मेरी बेडशीट खून से पूरी भीग गई है .
मैंने साइड मैं राखी अपनी टीशर्ट ली और आरती के छूट के पास ले जेक खून साफ़ किया .
मैंने आरती का फेस दोनों हाथो से पकड़ा और उसके होंठो को चूसने लगा उसके फेस पैर जो अंशु के बून्द थे वो चाट गया ..
आरती - आह्हः भैया अब थोड़ा दर्द काम हुआ आप छोड़ सकते हो अपनी आरती को .
उसकी बाद पैर मुझे बहोत प्यार आया उसपे मैंने उसके सर पैर किश किया और धीरे धीरे छोड़ना चालू किया सच मई उसकी छूट बहोत तीते थी और हर ढके के साथ मेरा लुंड उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था .
आरती - आह्ह्ह्हह भैया आपका लुंड आह्ह्ह्हह माँ ाचा लग रहा है भैया अह्ह्ह्ह ऐसे छोड़ो अपनी इस चुटकी बहन को . ...
मैंने उसको दोनों मुम्मो को मशालते हुए छोड़ रहा था उसने फिर अपनी दोनों पेअर मेरी कमर मैं लपेट लिया और अपनी कमर उछाल उछाल करर छुड़वाने लगी ..
आरती - आअह्ह्ह भैया गोद मैं लेके छोड़ो न अपनी बहन को अहहहहह भैया मुझे आपकी गोद मैं छोड़ना है आह्ह्ह्हह उम्म्म्मूफ्फग्गजफ ..
मैंने उसको पकड़ा और खड़ा हो गया उसने भी पहल से मुझे पकड़ रखा था आरती अब धीरे धीरे कमर उछाल रही थी जिस वजह से मेरा लुंड बार बार उसकी बच्चेदानी से लगता और फिर वापस आ जाता..
मैंने उसको काश के गले लगाया और अपनी गोद मैं उछाल उछाल के छोड़ने लगा.
मई - मेरी बहन तेरी छूट बहोत तीते है बीटा अह्ह्ह्ह देख कैसे आज अपने लुंड से ढीला करर देता हु आह्ह्ह्ह ..
आरती - भैया और छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी छूट भैया मई आह्ह्ह्हह झड़ने वाली हु फिर से अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह उफ्फफ्फ्फ़ भैया मुझे अपनी गोद मैं hi रखना भैया आह्ह्ह्हह .
मई लगातार उसको चोदे ना रहा था जिससे वो झटके खाके झंडे लगी मेरे लुंड पैर .
आरती - aahhhhhhhhhhhh भैया ओह्ह्ह्हह आपकी बहन गई भैया अह्ह्ह्ह आपके लुंड मेरी मुनिया की पानी निकल दी भैया अह्ह्ह्हह मा अह्ह्ह्ह .
मैंने उसको पेड़ पैर घोड़ी बनाया और फिर से पीछे से लुंड दाल के छोड़ने लगा .
कुछ देर बात वो भी अपनी कमर हिला हिला करर छोड़ने लगी .
आरती - आह्हः भैया मेरी ये जिद्दी मुम्मे दबाओ न देखि कैसे हिल रहे है बिना आपसे पूछे आह्ह्ह्ह भाई ..
उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और अपनी दूध पैर रख किये ..
आरती को मई आधे जानते से छोड़ रहा था आज उसकी साडी गर्मी निकल देने वाला था ताकि मेरे अलावा किसी के बारे मैं सोचे भी था वो फिर से एक बार झाड़ गई चुड़ते चुड़ते .
आरती - भैया अपने मेरी छोटी से मुनिया को बड़ी वाली छूट बना दे अब बहोत दर्द हो रहा है
मई - इतने मैं hi थक गई मेरी चुटकी आह्ह्ह्ह .
आरती - हां भैया पहली बार था न अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह भैया अब दाल दो अपना वीर्य और करर दो मेरी छूट को ठंडा इसकी प्यास बुझा दो अपने वीर्य से .
मैंने अपनी छोड़ने की स्पीड भाड़ा दिया और बिच बिच मैं आरती की गांड पे तप्पड़ भी मार रहा था .
आरती - आह्हः भैया मारो भैया मेरी गांड लाल करर दो आह्ह्ह्ह भैया मेरे प्यारे भैया ी लव यू आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह .
मई - आह्हः मेरी जान मेरी आरती ले अपने भैया का वीर्य बीटा अपनी छूट भर ले इस वीर्य से आह्ह्ह्हह .
ये कहते हुए मई उसकी छूट मैं झड़े लगा जिससे उसकी बॉडी भी झटके खाने लगी और मैंने उसके ऊपर hi गिर गया मैंने उसको पीछे से गले लगा लिया था.
कुछ देर तक हम ऐसे hi रहे फिर मैंने आरती को अपनी गोद मैं उठाया और बाथरूम ले गया वह मैंने उसके साथ गरम पानी से नहाया उसकी छूट को अचे से साफ़ किया क्यों उसकी छूट पूरी लाल हो गई थी खून से और सूझ भी गई थी ..
आरती - भैया बहोत दर्द हो रहा है अब कुछ करो माँ भैया उसने रट हुए बोलै ..
मैंने उसको अपनी गोद मई लेके गले लगा लिया .
मई - चुप हो जा मेरा बचा चल तुझे दवाई खिला देता हु फिर बाथरूम से निकल करर मैंने दोनों का सरीर साफ़ किया उसके बाद आरती छूट पैर आयल लगा करर हलके हाथ से मालिश किया फिर मैंने उसको दो मेडिसिन खिलाई एक पैन किलर और एक अनवांटेड.
उसके बाद पेड़ पैर का बेडशीट हटा के नई लगाया और आरती को अपनी बहो मैं लेके सू गया .
थके होने के कारन हम दोनों सू गए था .
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कंटिन्यू
गाइस नई अपडेट दे दिया है तो 20 लिखे का टारगेट है अगर पूरा हुआ तो नेक्स्ट अपडेट कल सुबह प्रॉमिस
जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था दादी को मस्त छोड़ा उनके रूम मैं वही दादी के साथ सेक्स करते वक़्त बड़ी चची ने देख लिया था पैर जब मई अपने रूम मैं जाने के लिए निकला तो वो चली गई थी .
अब आगे
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जब मई रूम के पास पंहुचा और दूर खोला तो देखा अंदर आरती अपनी छूट मशाल रही है और बार बार मेरे नाम ले रही है ..
आरती - आह्ह्ह्ह भैया कहा रह गए कितना टाइम लगा रहे हो देखो आपकी चुटकी छूट कितना सत्ता रही है आपकी चुटकी को भैया ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह अपनी छूट मैं एक ऊँगली दाल के वो अंदर बहार करर रही थी .
सच बोलू तो आरती मुझे बहोत टाइम क्यूट भी लगती है तो बहोत टाइम हॉटनेस की गॉड भी क्यों जो उनकी बॉडी है एकदम परफेक्ट तीन है वो .
मई - क्या हुआ चुटकी कुछ देर रुक नहीं सकती है .
मेरा आवाज सुन्न करर आरती ने मेरे तरफ देखा .
आरती - भैया बहोत सत्ता रही है ये बदमाश आओ न इसकी बदमाशी निकल दो ..
मैंने गेट को बंद किया और आरती के पास आ गया .
और उसको अपनी गोद मैं उठ लिया उसने पहले से hi अपने कपडे निकल करर रखे थे जब उसका नंगा सरीर मेरे सरीर से चिपका तो उसने मुझे काश करर गले लगा लिया अपनी कमर को मेरे कमर पैर लपेट लिया . .
मई - क्या हुआ मेरी चुटकी को बता .
आरती - भैया क्या मई कुछ गलत तो नहीं करर रही हु न .
मई - मेरी आरती को ऐसा क्यों लगा बता .
आरती - भाई हम दोनों भाई बहन है न तो क्या अपने भाई के साथ सेक्स करना गलत नहीं हुआ .
मई - ज़रूर हुआ गलत पैर तब हुआ जब एक राजे न हो सेक्स के लिए पैर यहाँ तो हम दोनों hi एक दूसरे से प्यार करते है हां बोल क्या तू मुझे प्यार नहीं करती क्या तू अपने भाई को अपना बॉयफ्रेंड नहीं मानती ..
आरती - भाई ी लव यू सू मच ये कभी मत बोलना की मई आपसे प्यार नहीं करती आप मेरी जान हो भाई आपके बिना मई कुछ करने का सोच भी नहीं सकती भाई देखना जब मई आपके साथ सोल्लगे जाने लगूंगी न तो मई आपके नाम का टैटू बनवा लुंगी अपने इन छोटे छोटे मुम्मो पैर ..
मई - मेरे प्यारा बचा अपने भाई के नाम का टैटू बनवाएगी हां बनवा लेना पैर अभी उसमे 1 साल है अभी तो तुझे स्कूल जाना है .
आरती - हां अभी तो अपने भाई एक किये नई नई छूट का इंतेज़ाम करना है हेहेहे .
मई - सच मैं तू बहोत बदमाश है तुझे लगता है तेरे भाई का लुंड वो पतली सी कमज़ोर लड़किया झेल पायेगी .
आरती - कमज़ोर तो मई भी हु देखो कैसे मई आपकी गोद मई नंगी बैठी हु ऐसा लग रहा है जैसे अपने कोई डॉल पकड़ रखा हो .
मई - तू कमज़ोर नहीं है मेरी प्यारी बहन बास बीटा तेरी सरीर की बनावट hi ऐसी है और तू मेरी बहन है आराम से मेरा लुंड ले लेगी अपनी छूट मई ..
आरती - सच्ची भैया तो आज आप दाल दो मेरी छूट मैं अपना लुंड और साबित करर दो आपकी आरती बहोत स्ट्रांग है भैया .
मई - बिलकुल मेरा बचा चल खुद तो नंगु पंगु होक बैठी है अपने भाई की टीशर्ट उतर और लोअर भी .
आरती - उम्म्म अभी उतरती हु मेरे होंठो पैर किश करते हुए बोलै फिर उसके मेरी गोद मई बैठे बैठे उसने मेरी टीशर्ट पकड़ी और निकल फेकि उसमे अपने दोनों पैरो का उसे करके मेरी लोअर को भी निकल दिया ..
आरती - लू भैया आपकी होशियार बहन ने बिना आपकी गोद से उतरे आपके कपडे निकल दिए .
मई- मेरी होसियार बहन आज तेरी माँ छोड़ दूंगा मैं ..
आरती ने भी मजाक करते हुए बोलै .
आरती - सच्ची भैया आप अपनी ममी को छोड़ डोज वो देखने मैं कितना मज़ा आएगा जब आप मेरी माँ छोड़ोगे .
मई - बहोत सरारती हो गई है चुटकी तू देखो तो कैसे तेरी छूट मेरे लुंड पैर एक एक बून्द रहा टपका रही है ..
मेरी बात सुन्न करर जब आरती अपना सर निचे करर क्र देखा तो सच मैं उसकी छूट से राश टपक रहा था मेरे लुंड पैर ..
वो देख करर आरती बहोत गरम हो गई और झट से मेरे होंठो को चूमने लगी ..
मई - उम्म्म सलुप्प बीटा आराम से अभी पूरी रात बाकि है उम्म्म्म सलुपपप ..
आरती - सलुपपपप सलुपपपप उम्म्म्म उम्म्म सलुपपप भैया उम्म्म रात गई माँ छुड़ाने आप न मेरी छूट मार के उसमे अपना विरए दाल के बदला लेना उम्म्म सलुप्प .
मैंने उसके दोनों बूब्स पके और दबाते हुए किश करने लगा ..
वो बार बार अपनी छूट को मेरे कमर पैर घिस रही थी .
मैंने उसको बीएड पैर लेता दिया और उसके ऊपर आ गया ..
वो किसी तकिये की तरफ मेरे निचे पड़ी थी उसके ऊपर मई लेता था जिससे मेरा लुंड उसकी छोटी सी छूट पैर था ..
आरती - भैया मुझे न आज आप मुझे अपनी बना लेना पूरी तरह से इस छूट मैं अपना वीर्य दाल देना .
मई - ाचा जी और अगर मेरी बहन आरती प्रेग्नेंट हो गई तो क्या जवाब डौगी .
आरती - भैया आपको पता है गाओ जिस स्कूल मैं मई पढ़ती थी वह के टीचर ने मेरी दोस्त को खूब छोड़ा फिर बाद मैं वो प्रेग्नेंट हो गई गाओ मैं हे बात न फैले इसके लिए इस टीचर ने उसको एक दवाई खिला दी जिससे वो प्रेग्नेंट हुई hi नहीं .
मई - ाचा तो मेरा बचा ये चाहता है मई उसकी छूट मैं विरए दालु और फिर उसको वो दवाई खिला दू .
आरती - हेहेहे भैया आप मेरे से भी जयदा इंटेलिजेंट हो ये देखो न कैसे मेरे निप्पल तीते हो गए है भैया आरती ने अपने मुम्मो को दबाते हुए बोलै .
मैंने आरती के दोनों निप्पल्स पकड़ लिए और मशलने लगा .
आरती - आह्ह्ह्हह भैया ये कैसा अनुभव है आज से पहले नहीं महसूस हुआ मुझे मैंने भी बहोत आअह्ह्ह्ह बार अपने निप्पल्स ऐसे दबाये है पैर आपके हाथो से अलग मज़ा आ रहा है .
मैंने आरती के मुम्मो को मुँह मैं लेके चूसने लगा और अपने झिव से निप्पल को सहलाने लगा .
आरती ने मेरे बालू को काश करर पकड़ किये और किचन लगी .
आरती - आह्ह्ह्ह उम्म्म्म मा आह्हः आह्हः भैया मेरे प्यारे भैया ऐसे चुसो भैया अपनी चुकती दूध उमंमाहहहह
मई - उम्म्म सलुप्प सलुप्प पैर चुटकी इसमें मैं तो दूध hi नहीं है उम्म्म सलुपपप .
आरती मेरे बालू को सहलाने लगी और बोली .
आरती - आह्ह्ह्ह उम्म्म्म ओह्ह्ह्हह भैया आठ आप न बुद्धू हो दूध तब आता है जब कोई लड़की माँ बनती है और बचे को जनम देती है और अभी तो मई खुद 18 साल की बची हु तो कैसे ढूह आएगा आह्ह्ह्ह अभी तो मेरी उम्र अपने प्यारे हैंडसम भैया से चूड़े का है आह्हः ...
मई - उम्म्म स्लूप सलुपपपप तो मेरी बहन को चुण्डा है इस उम्र मैं सलुपपपप ..
आरती - आह्ह्ह्हह हां भैया छोड़ दो मुझे आज इस छोटी सी छूट मैं अपना लुंड दाल दो आह उम्म्म्म . उसने मेरा हाथ अपनी छूट पैर रखते हुए बोलै .
मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी छूट मैं दाल दी जिससे आरती की चिक निकल गई .
आरती - आठ भैया आपकी ऊँगली hi छोटे से लुंड की तरफ लगती है पता नहीं लुंड लेके क्या होगा मुझे .
मई उसकी आँखों देखते हुए बोलै .
मई - कुछ नहीं होता बीटा मई हु न ये बोल करर मैंने उसको होंठो को चूसने लगा और निचे अपनी 2 उंगलियों को उसकी छूट मैं गुशा दिया जिससे जगह बन सके .
आरती ने चीखने की कोसिस के पैर किश करने की वजह से चीख नहीं पाई ..
ऐसे मैंने अपनी 3 उंगलियों से उसकी छूट को थोड़ा ढीला किया जिससे आरती को बहोत दर्द हुआ था पैर उसके लिए ज़रूरी भी था ये .
आरती - भैया अपने मेरी जान निकल दी उफ्फ्फ भैया पैर मज़ा बहोत आया .
दम दोनों इस एक वक़्त पशीने से भीग गए थे इसीलिए मैंने एक ों करर दे .
आरती - भैया एक बंद करर दो पशीने अपने साथ ऐसा रहना मुझे बहोत ाचा लग रहा है उसके कहने पैर मैंने एक बंद करर दिया .
आरती - भैया मुझे आपका लुंड चूसना है पिछली बार बहोत मज़ा आएगा आपका लुंड चूस करर .
मई - इतनी प्यार से बोलेगी तो जान भी अभी इतना बोलै था की उसने अपने होंठ मेरे होंठ पैर रख दिए कुछ देर किश करने के बाद मेरी आँखों मैं देख करर बोलै .
आरती - भैया आज बोल दिया आगे कभी मत बोलै मुझे नहीं चाय आपकी जान मुझे बॉस मेरे भैया चाहिए और उनका लुंड .
उसने मुझे बीएड पैर लेता दिया और मेरे टैंगो के बिच आगे मेरे लुंड को पकड़ा और टोपे को चूसने लगी .
मई - ाःह चुटकी तेरी जुबान कितनी गरम है बीटा .
आरती - उम्म्म सलुपपप उम्म्म सलुपपपप सलुपपपप सलुपपप भैया उम्म्म कितना क्यूट है आपका लुंड ये टोपा देखो न इसमें से चिप छिपा सा विरए निकल रहा है थोड़ा सा .
मई - चाट ले मेरा बचा अपने भैया का प्रेकम .
उसने मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसना चला किया पैर उसका मुँह छूटा होने की वजह से पूरा नहीं चूस पा रही थी पैर कोसिस पूरी करर रही थी की पूरा लुंड अपने मुँह में ले सके ..
मई - आअह्ह्ह बस करर बचा आज इतना hi चूस आगे चल के पूरा चला जायेगा .
आरती - उम्म्म्म सलुपपपपप ग्लूपप्प्प ग्लूपप्प्प उम्म्म गलप्प्प नहीं भैया गलप्प्प मुझे आज hi पूरा लेना है उम्म्म गलप्प्प उसकी आँखों एक जूनून था वो बड़े मजे के साथ मेरा लुंड चूस रही थी .
मई - आह्ह्ह्ह मेरी बहन अपने भाई को मार देगी क्या आह्हः कितना मज़ा आ रहा है आह्हः मेरी प्यारी चुटकी .
आरती - उम्म्म्म ग्लूपप्प्प ग्लूपपपपप सलुपपपप ग्लूपप्प्प नहीं ग्लूपप्प्प भैया मई आपको आज जन्नत दिखा दूंगी उम्म्म्म सलुपपपप गलप्प्प .
आरती ने मेरा पूरा लुंड एक बार मैं मुँह मैं ले लिया ये देख करर मई शॉक था ये छोटो सो चुलबुली लड़की आज देखो कैसे बड़े बड़े पोर्नस्टार को फ़ैल करर रही है .
आरती - गलप्प्प उम्मम्मम आठ भैया अब मई थक गई मेरा मुँह दर्द करने लगा उसकी होंठो से पूरा थूक गिर रहा था जो गर्दन से होते आरती के मुम्मो पैर जा रहा था ..
वो मेरे बगल मैं आके लेट गई .
आरती ने अपनी उंगलियों से छूट सहलाने हुए बोलै .
आरती - भैया मेरी छूट नहीं चाटोगे आप .
मई - क्यों नहीं चुटकी ये तो मेरी पसंद दिता चीज है इसको कैसे चोर दू मैंने अपना अपना जुबान से उसकी छूट को चेतना चालू करर दिया .
आरती - आह्ह्ह्ह छतो भैया अपनी आरती की छूट अह्ह्ह्ह माँ देखो न कैसे भैया आपकी बेटी छोटी छूट चाट रहे है आह्ह्ह्ह.
मई - हां ममी देखो आज कैसे मई आपकी बेटी को अपनी रैंडी बना के छोडूंगा और उसकी बात आपकी बरी .
आरती - आह्ह्ह्ह भैया आप माँ को छोड़ देना ताकि आगे चल के वो कुछ न बोल सके आह्हः आपकी गुलाम हो जाये मेरी माँ आह्ह्ह्ह .
10 मिनट्स तक उसकी छूट को छत्ता रहा फिर वो झाड़ गई जिससे उसकी छूट से बहोत जयदा पानी निकला ये सही मौका था लुंड डालने का क्यों छूट पूरी तरफ से गीली थी .
मई - आरती मई अब लुंड डालने जा रहा हु तेरी छूट मुनिया है तो जयदा दर्द होः तो बताना देना .
आरती - भैया मई बर्दाश्त करर लुंगी भैया आपका लुंड अब दाल दो मेरी मुनिया मैं .
मैंने ड्रावर से आयल निकाय और अपने लुंड पैर लगा लिया और उसकी छूट पैर गिरा दिए ढेर सारा आयल और अपनी उंगलियों से सुकि छूट मैं दाल दिया .
आरती - भैया अपनी इस बहन को बना लो अपना दाल दो अपना लुंड आओ भैया प्लीज देखो आपकी आरती आपका वेट करर रही है और उसकी मुनिया भी .
मैं बिना देरी किया अपना लुंड उसकी छूट पैर रखा और एक ज़ोर दार दक्का मारा मुझे लगा था बिना ज़ोर लगाए नहीं जाने वाला क्यों उसकी छूट बहोत छोटी क्र तीते है जिससे मुझे दक्का मरना पड़ा.
उस ढके के साथ आरती की सील टूट गई और आरती बहोत ज़ोर से चिल्लाई अगर मेरा रूम मैंने साउंड प्रूफ नहीं करवाया होता तो आज सब घर वाले यहाँ आ जाते..
आरती ने रोना चालू करर दिया उसको चहेरे को देख करर मुझे बाद फील होने लगा मैंने उसको कहा के लगे लगा लिया .
वही निचे उसकी छूट से खून निकल रहा था अभी भी आधा लुंड hi गया था.
आरती - स्निफ्फ स्निफ्फ भैया बहोत दर्द हो रहा है पैर आप निकलना मत भैया मुझे आज एक कुवारी लड़की से एक औरत बना दो .
मई - बचा जयदा दर्द हो रहा है तो निकल दू .
आरती - आह्ह्ह्हह नहीं मत निकालो न प्लीज दर्द होने दो भैया हहहहह माँ जाने दो जितना भी खून निकले जितना भी दर्द हो आप मत निकलना .
कुछ देर तक हम वैसे hi रहे उसके बाद मैंने धीरे धीरे अपना लुंड अंडर बहार करना चालू किया .
आरती को भी मज़ा आना लगा उसने मुझे किश करना चालू करर दिया .
आरती - आह्हः भैया आप इतना देर तक कैसे ठीके हो आह्ह्ह्ह माँ ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ आए मज़ाआ आ रहा है आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह सस्समम्म अह्ह्ह्ह .
मई - चुटकी मई चहु तो तुझे 5 जानते भी छोड़ सकता हु आह्ह्ह्ह कितनी गरम है तू मेरी प्यारी बहन .
आरती - भैया ऐसा मत करना बस आपका जितना मान करे इतना छोड़ा आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह फिर अपना विरए निकल देना मेरी छूट मैं इस्पे सिर्फ आपका हक़ है आह्ह्ह्ह वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां ले रही थी .
आरती बड़े मजे से अब लुंड ले रही थी मेरा पैर मैंने पूरा लुंड नहीं डाला था .
तभी अचानक से उसने चुड़ते वक़्त अपने पेअर को मेरे कमर से लपेट लिया जिससे बचा हुआ लुंड भी उसकी छूट को चीरते हुए अंदर का गुशा उससे उसको बहोत दर्द हुआ यहाँ तक जितनी तीते उसकी छूट थी मुझे भी बहोत दर्द हुआ ...
मई - आह्हः क्या किआ चुटकी तूने जोश जोश मैं आके मेरा पूरा लुंड पे लिया अपनी मुनिया मई .
आरती - स्निफ्फ आह्ह्ह्हह भैया तो क्या करो चाहे मुझे कितना भी दर्द हो पैर मई आपके लायक बन्न के रहूंगी अब रुको मत प्लीज छोड़ते रहो .
मई उसकी बात सुनके हैरान था निचे देखा तो मेरी बेडशीट खून से पूरी भीग गई है .
मैंने साइड मैं राखी अपनी टीशर्ट ली और आरती के छूट के पास ले जेक खून साफ़ किया .
मैंने आरती का फेस दोनों हाथो से पकड़ा और उसके होंठो को चूसने लगा उसके फेस पैर जो अंशु के बून्द थे वो चाट गया ..
आरती - आह्हः भैया अब थोड़ा दर्द काम हुआ आप छोड़ सकते हो अपनी आरती को .
उसकी बाद पैर मुझे बहोत प्यार आया उसपे मैंने उसके सर पैर किश किया और धीरे धीरे छोड़ना चालू किया सच मई उसकी छूट बहोत तीते थी और हर ढके के साथ मेरा लुंड उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था .
आरती - आह्ह्ह्हह भैया आपका लुंड आह्ह्ह्हह माँ ाचा लग रहा है भैया अह्ह्ह्ह ऐसे छोड़ो अपनी इस चुटकी बहन को . ...
मैंने उसको दोनों मुम्मो को मशालते हुए छोड़ रहा था उसने फिर अपनी दोनों पेअर मेरी कमर मैं लपेट लिया और अपनी कमर उछाल उछाल करर छुड़वाने लगी ..
आरती - आअह्ह्ह भैया गोद मैं लेके छोड़ो न अपनी बहन को अहहहहह भैया मुझे आपकी गोद मैं छोड़ना है आह्ह्ह्हह उम्म्म्मूफ्फग्गजफ ..
मैंने उसको पकड़ा और खड़ा हो गया उसने भी पहल से मुझे पकड़ रखा था आरती अब धीरे धीरे कमर उछाल रही थी जिस वजह से मेरा लुंड बार बार उसकी बच्चेदानी से लगता और फिर वापस आ जाता..
मैंने उसको काश के गले लगाया और अपनी गोद मैं उछाल उछाल के छोड़ने लगा.
मई - मेरी बहन तेरी छूट बहोत तीते है बीटा अह्ह्ह्ह देख कैसे आज अपने लुंड से ढीला करर देता हु आह्ह्ह्ह ..
आरती - भैया और छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी छूट भैया मई आह्ह्ह्हह झड़ने वाली हु फिर से अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह उफ्फफ्फ्फ़ भैया मुझे अपनी गोद मैं hi रखना भैया आह्ह्ह्हह .
मई लगातार उसको चोदे ना रहा था जिससे वो झटके खाके झंडे लगी मेरे लुंड पैर .
आरती - aahhhhhhhhhhhh भैया ओह्ह्ह्हह आपकी बहन गई भैया अह्ह्ह्ह आपके लुंड मेरी मुनिया की पानी निकल दी भैया अह्ह्ह्हह मा अह्ह्ह्ह .
मैंने उसको पेड़ पैर घोड़ी बनाया और फिर से पीछे से लुंड दाल के छोड़ने लगा .
कुछ देर बात वो भी अपनी कमर हिला हिला करर छोड़ने लगी .
आरती - आह्हः भैया मेरी ये जिद्दी मुम्मे दबाओ न देखि कैसे हिल रहे है बिना आपसे पूछे आह्ह्ह्ह भाई ..
उसने मेरा एक हाथ पकड़ा और अपनी दूध पैर रख किये ..
आरती को मई आधे जानते से छोड़ रहा था आज उसकी साडी गर्मी निकल देने वाला था ताकि मेरे अलावा किसी के बारे मैं सोचे भी था वो फिर से एक बार झाड़ गई चुड़ते चुड़ते .
आरती - भैया अपने मेरी छोटी से मुनिया को बड़ी वाली छूट बना दे अब बहोत दर्द हो रहा है
मई - इतने मैं hi थक गई मेरी चुटकी आह्ह्ह्ह .
आरती - हां भैया पहली बार था न अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह भैया अब दाल दो अपना वीर्य और करर दो मेरी छूट को ठंडा इसकी प्यास बुझा दो अपने वीर्य से .
मैंने अपनी छोड़ने की स्पीड भाड़ा दिया और बिच बिच मैं आरती की गांड पे तप्पड़ भी मार रहा था .
आरती - आह्हः भैया मारो भैया मेरी गांड लाल करर दो आह्ह्ह्ह भैया मेरे प्यारे भैया ी लव यू आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह .
मई - आह्हः मेरी जान मेरी आरती ले अपने भैया का वीर्य बीटा अपनी छूट भर ले इस वीर्य से आह्ह्ह्हह .
ये कहते हुए मई उसकी छूट मैं झड़े लगा जिससे उसकी बॉडी भी झटके खाने लगी और मैंने उसके ऊपर hi गिर गया मैंने उसको पीछे से गले लगा लिया था.
कुछ देर तक हम ऐसे hi रहे फिर मैंने आरती को अपनी गोद मैं उठाया और बाथरूम ले गया वह मैंने उसके साथ गरम पानी से नहाया उसकी छूट को अचे से साफ़ किया क्यों उसकी छूट पूरी लाल हो गई थी खून से और सूझ भी गई थी ..
आरती - भैया बहोत दर्द हो रहा है अब कुछ करो माँ भैया उसने रट हुए बोलै ..
मैंने उसको अपनी गोद मई लेके गले लगा लिया .
मई - चुप हो जा मेरा बचा चल तुझे दवाई खिला देता हु फिर बाथरूम से निकल करर मैंने दोनों का सरीर साफ़ किया उसके बाद आरती छूट पैर आयल लगा करर हलके हाथ से मालिश किया फिर मैंने उसको दो मेडिसिन खिलाई एक पैन किलर और एक अनवांटेड.
उसके बाद पेड़ पैर का बेडशीट हटा के नई लगाया और आरती को अपनी बहो मैं लेके सू गया .
थके होने के कारन हम दोनों सू गए था .
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कंटिन्यू
गाइस नई अपडेट दे दिया है तो 20 लिखे का टारगेट है अगर पूरा हुआ तो नेक्स्ट अपडेट कल सुबह प्रॉमिस