Incest Kahani Chudai ki sabki - Page 15 - SexBaba
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Incest Kahani Chudai ki sabki

अपडेट 110

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मैंने निकिता के साथ सेक्स किया उसकी छूट मरी फिर उसकी छूट मैं आपके वीर्य दाल दिया और उसके बगल मैं आराम करने लगा और हम दोनों एक दूसरे को खुसी से देखने लगे .

अब आगे

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मैंने अपने बहो मैं ले लिया और उसके सर पैर किश कर दिया .

मई - मज़ा आया रानी .

निकिता अपने एक टैंगो को मेरी तंग पैर रखते हुए बोली .

निकिता - हां मेरे राजा पैर मेरी छूट मैं बहोत दर्द हो रहा है .

मई - अभी तो गांड मैं भी होगी मेरी रानी .

निकिता - जान टाइम देखो न 4 बज रहे है सुबह के आज रहने दो न .

मैंने टाइम देखा तो सच मैं हमने रात भर मस्ती की थी और चुदाई की थी .

मई - ठीक है आज चोर रहा हु अपनी बीबी को पैर मौका मिलने पैर सबसे पहले तेरी ये बड़ी सी गांड मरूंगा .

निकिता ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया .

निकिता - हहै मार लेना हुब्बी .

मई - इस बार भी बच गई मेरी बीबी चल सोते है .

हम दोनों एक दूसरे के बहो मैं सू गए मेरी नींद सुबह 8 बजे खुली मेरे फ़ोन के बजने से मैंने देखा की निकिता मेरे बगल मैं नहीं है तो मुझे लगा वो पहले hi उठ चुकी होगी.

फ़ोन देखा तो ये बुआ का कॉल था .

मैंने कॉल पिक किया तो उधर से बुआ बोली .

बुआ - आज घर आना है की नहीं जणू को.

मई - आता मेरी अनु इतनी फ़िक्र अभी तो उठा हु फ्रेश हो कर आता हु .

बुआ - ाचा सुन्न जणू वो न कुछ सामान आर्डर किया है मैंने पार्लर के लिए तो उसके कोई पैसे चाहिए थे और मेरे पास सरे ख़तम हो गए पहले सी .

मई - बस इतनी सी बात बुआ जाओ मेरे रूम मैं वह टेबल पैर एक एटीएम कार्ड होगा जितना पैसि चाहिए होंगे निकल लेना आप और उसका पिन भी वही होगा .

बुआ - थैंक यू जणू मेरा बचा .


मई - ाचा रखता हु बुआ और हां अपनी अनु से बाद मैं मिलता हु किश के लिए.

बुआ - ठीक है जणू ब्यय .

कॉल कट करने के बाद मई उठ कर हॉल मैंने आया तो वह भी निकिता नहीं थी जब किचन मैं गया तो वो ब्रेकफास्ट बना रही थी .

मई गया उसके पास और अपनी तरफ घुमा कर अपने गले लगा .




निकिता - गुड मॉर्निंग मेरे पतिदेव .

मई - गुड मॉर्निंग मेरी श्रीमती जी .

निकिता - ाचा अब चोरो न और जाओ फ्रेश हो जाओ मई आपके लिए ब्रेकफास्ट बनती हु .

मई - सुनो अगली बार से जब भी मई तुम्हारे साथ सोता हु चाहे यहाँ होता हु जब मई सुबह उठु न तो तुम मेरी बहो मैं होनी चाहिए समझी .

निकिता - समझ गई हुब्बी .

मई - हां मुझे ये पसंद नहीं की जब मेरी आंखे खुले तो मेरी बीबी मेरे सामने ना हो , उठने के साथ hi मुझे कोई चाहिए होता है प्यार करने के लिए और कुड्ले करने के लिए.

निकिता - सॉरी मुझे पता नहीं था अगली बार से ध्यान दूंगी .

मई - ी लव यू निकिता ये मत सोच मई डाट रहा हु तुझे बास समझा रहा हु की मुझे क्या चाहिए और क्या नहीं .

निकिता - ी लव यू तू हुब्बी जो भी आपकी चाहिए जिससे आपको ख़ुशी होती है वो सब मई आपको दूंगी और जो भी आप करने को बोलोगे वो सब मैं करुँगी .

मई - नहीं करोगी न तो हवा मैं ली जेक चोर दूंगा समझी .

मेरी बात पैर वो दर के मुझे कास के गले लगा लिया .

मई - हाहाहा ारे मजाक कर रहा हु मेरी रानी .

निकिता - सिर्फ मजाक hi था न हुब्बी . हलके दर से बोलै उसने ये बात .

मैंने उसके फेस को अपने तरह कीयबजर किश करते हुए बोलै .

मई - उम्म्म्म सलुपपपप हां मेरिइइइइ रानीई उम्म्म्म .

फिर मैंने उसको वही छोरा और फ्रेश हुआ फिर उसके साथ ब्रेकफास्ट किया क्र अपने घर निकल गया रस्ते मुझे उसी पर्सन का कॉल आया जिसको वो सॉफ्टवेयर चाहिए थे जिससे मेरी डार्क वेब पैर बात हुई थी .

उसने पूछा तो मैंने भी बता दिया ऑलमोस्ट रेडी है पैर मैंने उसको बोल दिया इसमें एक प्रॉब्लम है मुझे पर्सनली मिल कर उसको ये देना होगा तो वो थोड़ी के झिझक के बाद मान गया .

पैर मैं प्रॉब्लम ये थी मुझे मुंबई जाना पड़ेगा उसके लिए .


मैंने मेरे दिमाग एक बात आई क्यों माँ के साथ जॉन वह पैर अकेले होंगे हम दोनों इसी हम दोनों का बांड ाचा हो जायेगा और हमारी रिश्ते की डोर भी आगे बढ़ेगी .

उससे कुछ ढेर बात करने के बाद मैंने हां बोल दिया .

2 दिन बाद मुझे मुंबई निकलना था.

घर पहुंच
कर मैंने ये बात बताई की किसी काम से मुंबई जाना पड़ेगा तो मेरी बहने कहने लगी भाई हमे भी के चलो पैर मैंने उन्हें मन कर दिया बहोत मानाने के बाद वो मणि माँ से बोलै की वो मेरे साथ चले .

कुछ ढेर मानाने के बाद वो भी मान गई .

आज का दिन उसी सॉफ्टवेयर को कम्पलीट करने मैं निकल गया मैंने उसको एक डिवाइस मैं अपलोड किया और घर आ गया .

नेक्स्ट तैयार करने मैं hi निकल गई मैंने संगीता और बाकि सब को भी बता दिया सोचा रूही को अपने साथ ली चालू फिर उस प्लान को कैंसिल कर दिया वर्ण बहनो नाराज़ हो जाती .

रूही से मिला उससे बात किया उसको बताया की मैं कहा जा रहा हु उससे पूछा की वो चलेगी पैर उसने बोलै मुम्मा अकेली हो जाएगी वो तभी जाएगी जब मुम्मा साथ हो उसको बहोत सारा प्यार दिया फिर अपने घर आ गया नेक्स्ट सुबह हमारी फ्लैट थी पटना से दिल्ली फिर वह से मुंबई.

तो हम जल्दी सू गए सुबह सबसे मिलने के बाद मई और माँ कैब से निकल गए एयरपोर्ट के लिए .


कंटिन्यू

जिस चीज का सबको इंतज़ार था वो आने वाला है भाई लोग तो साथ बनाये रखना जल्दी नई अपडेट दूंगा .
 
अपडेट 111

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था निकिता मम के घर से जब आ रहा था तब मुझे उस डार्क वाले पर्सन बात हुई की फिर मैंने कुछ दिन उसका काम कर दिया अब मुझे मुंबई जाना था तो मैंने सोचा क्यों माँ को भी लेके चालू इससे हम दोनों की बिच की धुरी काम हो जाएगी और हम दोनों एक दूसरे को समझेंगे .

अब आगे

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एयरपोर्ट पहुंचने के बाद हमने check-in किया माँ का पहली बार था की वो कही फ्लाइट से जा रही थी .

माँ एक्ससिटेड भी थी और थोड़ी दरी हुई भी.

मई - माँ आप इतनी दरी हुई क्यों हो मई हु न .

माँ - हां बाबू तू है तभी तो काम दर लग रहा है .

मई - वैसे माँ अभी फ्लाइट मैं टाइम है तो क्यों ना चेंज कर लो कपडे .

माँ - क्यों इसमें क्या खराबी है बाबू.

मई - माँ मई चाहता हु आप मेरी पत्नी बन के चलो ताकि हम दोनों और करीब आ सके .

माँ मेरी बात पैर शर्मा गई .



मई - हाय मेरी रूबी सरमते हुए कितनी खूबसूरत लग रही है .

माँ - दत्त बदमाश.

मई - ाचा जाओ न अब .

माँ - ठीक है अभी जाती हु . फिर माँ ने एक नई सदी निकली और चली गई और मंगलसूत्र तो उन्होंने तब से पहन रहे जब जब मैंने उनकी मांग भरी थी . जाते जाते मैंने ये भी बोल दिया की सिंदूर अचे से लगाने ताकि सबको दिखे .

माँ भी मुस्कुराते हुए चली गई .

कुछ ढेर बाद hi माँ आ गई फिर से उन्होंने इस बार बिंदी भी लगाई थी पूरी तरह से नयी नवेली दुल्हन लग रही थी जिसके साडी अभी हुई हो और वो हनीमून पैर जा रहे हो .

माँ आके मेरे पास फिर से बैठ गई .

माँ - कैसी लग रही हु मई .

मई - देपेंद करता है की तुमने पूछा किस्से है बेटे से या पति से .

माँ - जी दोनों से .

मई - हाय माँ आप तो जान ले लोगी मेरी बीबी बन के आपके मुँह से जी सुन्न के बहोत सुकून मिल रहा है .

माँ - परेशां न करो पहले बताओ की मई कैसी लग रही हु .

मैंने उसके चहेरे को अपनी तरह ऊपर कर लिया और बोलै .



मई - दुनिया की सबसे खूबसूरत पैंटी लग रही हो ऐसा लग रहा है हमारी नयी साडी हुई है और हम हनीमून पैर जा रहे है .

माँ - इतनी ज़ोर से मत बोलो मुझे सरम आ रही है .

मई : सरम किश बात की अब क्या एक पति अपने पत्नी की तारीफ भी नहीं कर सकता है.

माँ - कर सकते हो .

मई - आपको पता है आपकी मांग मैं मेरे नाम की सिंदूर कितनी अछि लग रही है सच मई ऊपर से आपकी ये बिंदी और आपकी ये लिपस्टिक आप दुनिया सबसे खूबसूरत माँ और पत्नी लग रही हो .

माँ शर्मा के मेरे साइन पैर अपना सर रख दिया .

माँ - बीटा क्या तू अपनी माँ और पत्नी का हमेशा ख्याल रखेगा .

मई - हां माँ मेरी दुनिया hi आप हो मई सबसे जयदा आपसे और मेरी बेटी रूही और कोमल से प्यार करता हु .

माँ - मेरा प्यारा बाबू वैसे तुझे पता है जब भी रूही मेरे साथ होती है मुझे ऐसा लगता है की वो मेरी बेटी है.

मुझे ये सुन्न कर बहोत hi सुकून मिला की कही न कही माँ के अंदर मेरी रूबी है तो ज़रूर जो मुझसे और रूही से प्यार करती है जैसे पहले किया करती थी.

मई - पैर आप भूल मत जाना हां वो मेरी बेटी है .

माँ - जा जा वो मेरी भी बेटी है .

मई - ाचा बाबा ठीक है हम दोनों की बेटी आप उसकी माँ और मई उसका डैडी .

माँ - बदमाश जब मौका मिलता है तू मुझे छेड़ने लगता है .

अभी हम दोनों बाद hi कर रहे थी की अनाउंसमेंट होने लगी .

फ्लाइट मैं बैठने के बाद माँ ने मेरा हाथ पकड़ किया टेक ऑफ होने से मैंने माँ को सीट बेल्ट लगाना सिखाया.

पूरी फ्लाइट माँ ने मेरा हाथ पकड़ा था और उनका सर मेरे गधे पैर था.

मुंबई पहुंचने मैं हमे 2 से 2.5 जानते लगे वह लैंडिंग के बाद हम पहले होटल गए .

वह मैंने होटल मर एंड मरस सिंह के नाम से बुक किया था और बोलै था हमारे हनीमून है .

उन्होंने हमारा अचे से वेलकम किया वही माँ थोड़ी नर्वस की ये इतने सब क्या हो रहा है .

जब हम रूम मैं जाने वाले थे तब वेटर से बोलै .

वेटर - एन्जॉय योर हनीमून सर एंड मम .

जिससे सुन्न कर माँ को सारा मामला समझ मैं आ गया और वो शर्मा गई .

माँ - बाबू ये तूने क्या किया .

मई - मैंने क्या किया माँ , ाचा बताओ क्या हम हनीमून पैर नहीं आये है क्या .

मैंने रूम को लॉक करते हुए बोलै .

माँ - मुझे नहीं पता की तू मुझे यहाँ क्यों लाया है .

मई - आपको नहीं लाया हु मई तो अपनी बीबी रूबी को लाया हु .

माँ - रूबी और तुम्हारी माँ के hi है बाबू अगर अपनाना है तो दोनों को अपनाना पड़ेगा .

मई - क्या आप मुझे अपनाओगी बेटे के साथ पति के भी रूम मैं .

माँ सरमते हुए बोली ,

माँ - अगर नहीं अपनाना होता तो क्या मई यहाँ आती अपने बेटे के साथ उसकी पत्नी बन के .

मई - पत्नी बन के बही माँ आप मेरी पत्नी हो समझी मई आगे भाड़ के माँ को गले लगा किया .

माँ ने भी अपने दोनों हाथ मेरे पीठ पैर रख के सहलाने लगी .

मई - माँ कैसा लग रहा है अपनी बेटे की बहो मई आके एक बीबी के रूप मैं.

माँ - बाबू जो चीज गलती से हुई थी अब मई भी चाहती हु की उस चीज को हम जांभोज कर आगे भादहए .

मई - ाचा तो क्या चाहती हो खुल के बताओ न .

माँ - मई न आपकी बीबी बन के रहना चाहती हु ये बोलके माँ ने मुझे काश के अपनी बहो मैं जकड लिया .

मई - हाय कितनी सूंदर लगती हो आप शरमाते हुए .

हम दोनों ऐसे hi गले लगे रहे जब तक हमारा मान नहीं भर गया .

माँ - बाबू मुझे भूक लगी है .

मई - सॉरी वो मई आपके प्यार मैं इतना खो गया तह की एहि भूल गया की मेरी रूबी को भूक भी लगी होगी .

माँ - तो खाना माँगा लो न तब तक मई अपने कपडे बदल लू .

मई - क्यों न हम ऐसा करे आप कपडे बदल लो फिर घूमने चलते है और बहार hi कुछ खा लेंगे .

माँ भी मान गई मेरी बात पे चली गई फ्रेश होने के लिए .

कंटिन्यू
 
अपडेट 112

जैसे आप सामने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मई और माँ मुंबई आये थे और मैंने होटल ये बोल कर बुक किया था की हम हनीमून पैर आये है मर एंड मरस सिंह के नाम से माँ रूम मैं आने के बाद पता चली ये बात उसके बाद माँ से बात क्या एक दम रोमांटिक फिर उनको भूक लगी थी तो हम बहार जाने वाले थे .

अब आगे

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मई तैयार होक माँ का वेट कर रहा था और अपने फ़ोन मई बिजी था .

मई अपना फ़ोन चला रहा था तभी माँ ने मुझे आवाज लगाई .

जब मैंने अपने फेस ऊपर उठा के देखा तो एक दम खू सा गया माँ को देख कर .

माँ ने ब्लैक कलर की साड़ी पहन राखी थी जो मैंने hi दिलाई थी कुछ दिन पहले , जिसमें वो बहोत खूबसूरत लग रही थी माँ के मुम्मे भी उभर के आ रहे थे .

माँ



जब उन्होंने देखा की मई कैसे खू सा गया हु उनको देखते हुए तो वो शर्मा गई और चुटकी बजाते हुए पूछी .

माँ - कहा खो गए बाबू , बताओ मई कैसी लग रही हु .

मई होश मैं आते hi चलते हुए माँ के पास गया .

माँ भी मेरी आँखों मैं देखि रही थी और मई भी उनकी आँखों मैं देख रहा था .

उनकी गाल पैर हाथ फिरने लगा , इस वक़्त मई और माँ दोनों एक दूसरे के बहोत करीब थे हम दोनों जब भी सास ली थे या चोर रहे थे वो दूसरे को महसूस कर पा रहे थे .



माँ - बताओ न बाबू कैसी लग रही हु .

मई - बेटे से पूछ रही हो या पति से .

माँ - पहले मई अपने बाबू से पूछ रही हु उसके बाद पति से.

मई - ाचा अगर बेटे की तरह बोलू तो आप दुनिया की सबसे खूबसूरत माँ लग रही हो दुनिया का हर बीटा चाहेगा की उसकी माँ अपने बेटे के लिए ऐसे तैयार हो जैसे की वो अपने पति के लिए होती है और मई तो बहोत hi जयदा खुशकिस्मत हु की मेरी माँ हो मेरी बीबी है और मई अपनी माँ का पति और ताहि बात मेरी रूबी बीबी की तो वो उसके लाल होंठ ये खूबसूरत आंखे माथे पैर मेरे नाम की सिंदूर और गले मैं अपने बेटे के नाम की मंगलसूत्र बहोत जांच रही है .

मैंने माँ की इतनी तारीफ कर दी की वो लम्बी लम्बी सासे लेते हुए मेरे गले लग गई .

माँ - ी लव यू बाबू तुझे मई कैसे बताओ की मई तेरे प्यार मैं पागल हो चुकी हु बस तेरे साथ तेरी बाँहों मैं रहना चाहती हु एक पत्नी की तरह और एक माँ की तरह तेरे पापा के जाने के बाद मई बहोत ढुकि थी पैर तेरे नाम की सिंदूर लगा के मई फिर से जी उठी मेरे बचे बस मई यही चाहती हु की तू हमेशा मेरे साथ रहे और मुझे एक पति और बेटे की तरह प्यार करे .

मुझे बहोत ाचा लग रहा था की माँ मुझसे खुल के बात कर रही है और मेरे प्यार को अपना रही है अछि जैसा महल था आगरा कही बहार नहीं जाना होता तो मई माँ को इतना किश करता की होंठो पैर का लिपस्टिक खा जाता .

अभी मई ये सोच hi रहा था की मैंने अपने होंठो पैर किसी के होंठ महसूस किया मैंने ध्यान दिया तो माँ की आंखे बंद दी और उनके होंठो हिल रहे थे और मेरे होंठो पैर थे .

वो मुझे किश करने की कोसिस कर रही थी .

उन्होंने एक हाथ मेरे गाल पैर रख दिया और सहलाते हुए मुझे चूमने लगी .



मई भी माँ का साथ देते हुए उनके होंठ चूमने लगा बिना फ़िक्र किये की उनका लिपस्टिक ख़राब हो जायेगा .

बिच रूम मैं खड़े मई और माँ एक दूसरे को बेतहाशा चूमे जा रहे थे .

जब हम दोनों को कहा की अब सास नहीं की पा रहे है तो हम दोनों अलग हो गए.

अलग हो कर एक दूसरे को देख रहे थे और मुस्कुरा रहे थे .

माँ आगे भाड़ कर अपनी साड़ी के फलु से मेरे होंठो को पोछा .

माँ - अब चले बहार क्यों मुझे बहोत भूक लगी है बाबू .

मई - हां पैर अपनी लिपस्टिक ठीक कर लो .

माँ - लिफ्ट मई कर लुंगी चलो अब .

मई और माँ अपने रूम से निकल गए लिफ्ट मैं माँ ने लिपस्टिक बजाय जब हम निचे गए तो सब हमे देख रहे थे होटल से निकलते टाइम स्टाफ मेंबर ने कहा .

स्टाफ - सर आप दोनों की जोड़ी बहोत अछि है आप दोनों साथ मई बहोत खूबसूरत लग रहे हो एक दम बेस्ट कपल.

मई - थैंक यू बीआरओ ये बोलके मैंने उसको टिप दिया खुसी से .

फिर हम वह से कैप से निकल गए पहले रेस्टुरेंट गए वह पैर अचे से खाना खाया तब जेक एनर्जी आई .

वह से निकलते टाइम माँ मुझसे बोली.

माँ - बाबू अब कहा चले .

मई - अब मई अपनी बीबी को शॉपिंग करूँगा और उसके बाद उन् नई कपड़ो मैं पूरी मुंबई घुमाऊंगा और फिर रात को सुहागरात.

माँ - गंदे कही के मेरे ब्याह पैर मुक्का मरते हुए बोली .

मई - कैसी बीबी हो आप अपने पति को कोई मरता है भला .

माँ - सॉरी माँ ने अपना चहेरा निचे करते हुए बोली .

मई चलते हुए अपना माँ के कंधे पैर रख दिया .

मई - मई बस मजाक कर रहा था मेरी जान ाचा अब उदास मत हो तुम चाहो तो मुझे तप्पड़ hi मार सकती हो अपनी कोमल हाथो से .

माँ स्माइल करने लगी पैर उन्होंने मेरा हाथ नहीं हटाया .

मई - आज मई अपनी माँ के किये मॉर्डन कपडे खरीदूंगा और नई तरीके की ब्रा पंतय .

इस बात पैर माँ का चहेरा लाल हो गया .

माँ - बस भी करो कोई सुन्न लेगा और बात बात माँ मत बोलू .

मई - तो क्या बोलू मैं .

माँ - रूबी बोलो .

मई - हाय ठीक है फिर अपनी बीबी को रूबी hi बोलूंगा .

उसके बाद मई माँ के साथ मॉल गया जहा उनके किये मैंने नई मॉर्डन मॉर्डन ड्रेसेस लिए पहले तो मन कर रही थी पैर मैंने उनको अपनी कसम दे दिया जिससे वो मान गई .

उसके बाद मई माँ के साथ एक बड़ी से अंडर गारमेंट्स की शॉप पैर गया जो थोड़ी बड़ी थी माँ मेरे साथ बहोत शर्मा रही थी .

जब हम दोनों अंदर गए तो एक लेडी आई हमारे पास .

जो शायद स्टाफ थी वह की .

लड़की - वेलकम सर वेलकम मम बोलिये मई आप दोनों की क्या हेल्प करू .

मई - जी मेरी बीबी के किये कुछ ब्रा पंतय लेने है और लिंगेरी भी .

लड़की - अभी दिखती हु सर साइज क्या है मम का .

मैंने बिना माँ की तरह देखे बोलै .

मई - 36 28 36 .

लड़की - गुड साइज मम .

फिर वो चली गई .

माँ धीरे से बोली .

माँ - बहोत गंदे हो बाबू तुम . माँ पुरे टाइम मेरा हाथ पकड़ कर राखी थी.

मई - ये हर बार मई गन्दा कैसे हो जाता हु अब क्या अपनी वाइफ के लिए कपडे भी न खरीदू .

माँ - ये मेरा साइज कैसे पता मेरे बेटे को .

मई - आपके बेटे को सब कुछ पता है समझी आप .

इतने मैं वो लड़की भी आ गई ब्रा पैंतीस लेके और साथ मैं कुछ लिंगेरी के सेट्स भी .

मैंने माँ के किये खुद अपने पसंद के ब्रा पैंतीस और लिंगेरी के लिए .

फिर वह से हम होटल आ गए .

रस्ते भर माँ ने मेरा हाथ नहीं छोरा था बिच बिच मैं वो बहोत बार मेरे गाल पैर किश कर दे रही थी .

होटल पहुंच के हम रूम मैं गए.

मई - माँ तरय कर के दिखाओ न लो मैंने आपके लिए लिया है .

माँ - किये तो थे मैंने तरय और तुमने देखा भी था .

मई - मई कपड़ो की बात नहीं कर रहा हु, मई तो उसकी बात कर रहा हु जो मैंने अपनी बीबी के लिए लिया है .

माँ सरम से लाल हो गई .

माँ - नहीं मुझे सरम आएगी .

मई - दिखाओ न प्लीज अगर नहीं दिखाओगी तो मई समझ जाऊंगा आपने मुझे अभी तक ठीक से अपनाया नहीं है.

माँ - कैसी बातें कर रहे हो बाबू तुम मई तुम्हे दिल से पति मानती हु तेरे पापा के जाने के बाद तुमने मुझे संभाला है एक पति की तरह और पता नहीं क्यों मुझे एशिया लगता है की तुम मेरे सच मैं हस्बैंड हो .

फिर माँ ने वो सारा सामान किया और बाथरूम मैं चली गई कुछ ढेर बाद वो अपना चहेरा निचे किये हुए आई उन्होंने निचे रेड ब्रा और रेड पंतय पहन राखी थी .



सच मैं माँ रेड कलर की ब्रा पंतय एक दम हॉलीवुड की हीरोइन लग रही थी .

वो घूम घूम कर मुझे दिखने लगी जिससे मेरा लुंड एक दम खड़ा हो गया जो उन्होंने ने भी देखा और ये देख कर उनको गर्व महसूस हो रहा था की इस आगे मैं भी वो कितनी हॉट एंड सेक्सी है की अपने बेटे का लुंड खड़ा कर दे रही थी .

वो फिर से अंदर गई और इस बार जब वो बहार आई तो कलर शामे था पैर इस बार डिज़ाइन बदल गया था और ये पहले वाले से भी जयदा हॉट था .



मई - माँ आप बहोत सेक्सी लग रही हो .

माँ - थैंक यू बाबू तूने hi तो चुने है ये अपनी माँ के किये .

मई - माँ और बीबी दोनों के लिए .

ऐसे कर के माँ ने 5 से ऊपर अलग अलग कोर्स के ब्रा पैंतीस दिखाई मुझे पहन कर और जिसमे वो पहले से भी जयदा हॉट एंड सेक्सी लग रही थी ऐसा लग रहा था की मेरे सामने एक मॉडल है जो सिर्फ ब्रा पंतय मैं मॉडलिंग कर रही है .





मई - माँ अब सबसे बेस्ट चीज तो पहना hi नहीं .

माँ - उसको सबसे लास्ट के लिए बचा कर रखा है बाबू .

मई - तो क्यों तड़पा रही हो अपने बेटे को प्लीज दिखाओ न मई अपने अप्सरा माँ को देखना चाहता हु उन् लिंगेरी मैं .

माँ - मई भी अपने बेटे को दिखाना चाहती हु बाबू .

मई - माँ .

माँ - हां बोलना मेरे बचे .

मई - मेरा लुंड दर्द करने लगा .

माँ - तो निकल दे बाबू प्लीज वर्ण कुछ हो न जाये वर्ण मेरा क्या होगा .

मई - आप सच मैं देखना चाहोगी .

माँ - हां बाबू दिखा दे अपनी माँ को अपना हथियार.

मई - आपको कैसे पता की मेरा हथियार है न की छोटी लुल्ली .

माँ - मैंने महसूस किया है बाबू जब भी तू मुझसे गले मिलता था हर बार मई तेरा हथियार महसूस करती थी अब ढेर ना कर दिखा ने अपनी माँ को अपना लुंड .

मैंने अपने जीन्स निकल दिया और निचे से नंगा हो गया मेरा लुंड उछाल के माँ के सामने आ गया जो कबसे जीन्स मैं कैद था .



मैंने जब माँ का चहेरा देखा वो मुँह खोल के देख रही थी .

मई - मा , वो नहीं सुन्न रही थी .

मई - माँ कहा खो गई आप .

माँ - अपने बेटे का लुंड देख कर मई खो गई .

मई - कितना देखोगी माँ वासी भी पूरी जिंदगी तो ये लुंड पैर आपका hi हक़ है .

माँ - मुझे पता है मेरे बेटे के लुंड पैर मेरा hi हक़ है और ये हक़ मई ले कर hi रहूंगी .

मई - माँ दिखावा अपने बेटे को .

माँ - कितना उतावला हो रहा है मेरा बाबू अपनी माँ को लिंगेरी मैं देखने के लिए .

मई बस मुस्कुराने लगा फिर माँ बाथरूम मैं गई .

वही मई सोफे पैर बैठ कर लुंड सेहला रहा था .

तभी माँ बहार आई और अपनी एक ऊँगली को अपनी मुँह मैं दबाते हुए पूछी .



माँ - इसमें कैसी लग रही हु मई बाबू.

मई - माँ मुझसे मत पूछो आप हर बार पहले से जयदा हॉट लग रही हो एक दम कामदेवी .

फिर माँ ने कुछ ऐसा किया जिसकी मैंने उम्मीद नहीं की थी वो पीछे मुड़ी और अपनी गांड बहार निकल कर मुझे दिखने लगी .



सच मैं ये करने के लिए माँ को कितनी हिम्मत जुटानी पड़ी होगी .

पता नहीं कैसे पैर मेरे मुँह से माँ के लिए वो निकल गया जिसकी माँ ने उम्मीद नहीं की होगी .

मई - माँ आपकी गांड बहोत बड़ी है लगता है ये मेरी जान ले लेगी .

माँ को इतनी सरम आई की वो बैठ रूम मैं भाग गई और बोली .

माँ - मेरा बेशरम बीटा बहोत बदमाश हो गया है माँ की गांड देख का छेड़ता है माँ को .

मई - माँ मई तो तारीफ कर रहा था अपनी माँ की गांड को क्या मुझे इतना भी हक़ नहीं .

माँ - सब हक़ है मेरे बचे मेरा प्यारा बाबू बस 2 मिनट्स रुक तुझे और भी मजे करौंगी .

फिर कुछ ढेर बाद माँ आई और साइड मैं राखी चेयर पैर हाथ रख कर पोज़ दिया .



मई तो बात माँ को देखे जा रहा था मुँह फाड़ के .

माँ ने कमर पैर हाथ रखा और बोली .



माँ - लगता है बाबू के मुँह पानी आ गया है .

मैंने हां मई सर हिलाया बस . फिर माँ बोली .

माँ - तब तो मेरे बेटे की हालत ख़राब हो जाएगी लास्ट मैं .

मई - आप ठीक कर देना माँ .

माँ - क्या इसके बाद वाला लास्ट है , पता नहीं क्यों मई पागल सा हो गया था की मुझे याद भी नहीं की मैंने माँ को क्या क्या खरीद कर दिया था .

माँ - नहीं कुछ निघ्त्य है पैर वो बाद मैं दिखाउंगी सब का मज़ा आज hi थोड़े दूंगी .

मई - मायआ .

माँ - बाबू क्या तू चाहता है की सरे मजे आज hi ले लो .

मई - तो क्या माँ 5 दिन आप मुझे मजे करवाऊंगी .

माँ - बिलकुल मेरे बचे तुझे इन 5 दिनों मैं इतने मजे करवा दूंगी की तू मुझे अपने से कभी दूर नहीं करेगा .

मई सब कुछ भूल कर बस माँ की बात मान रहा था .

फिर माँ अपनी गांड मटकते हुए वापस बाथरूम मैं चली गई .

बहोत ढेर तक मई इंतज़ार करता रहा जब माँ नहीं आई तो मैंने पूछा .

मई - माँ आओ ना आपका बीटा वेट कर रहा है .

माँ - आती हु न बाबू रुक तो सही बचा.

मई - माँ आपका बचा बहोत तड़प रहा है .

माँ - नहीं तड़पने दूंगी अपने बेटे को ये बोलके माँ बहार आ गई और अपनी बालो को बांधने लगी मेरे आँखों मैं देखते हुए जिसके वजह से उनका सारा सरीर दिख रहा था वो राश भरे मुम्मे उनकी रसीले होंठ वो माँ की छूट जिस को माँ ने धक् रखा था लिंगेरी से .

माँ - इस बार अपने पति से पूछ रही हु , जी मई कैसी लग रही हु .

मेरा लुंड मेरे हाथो मैं फड़फड़ा रहा था .

जिससे माँ भी देख रही थी और कमुख तरीके से मुस्कुरा रही थी .

फिर वो साइड हुई हलकी से और झुक गई माँ के ऐसे करने से मई बहोत गरम हो गया .



मई - मा मेरी जान लोगी क्या आप .

माँ - मुझे अपने पति से जानना है न की मेरे बेटे से .

मई उठ कर खड़ा हो गया और अब जब माँ को अपने पति के मुँह से hi तारीफ सुन्नी थी वो मई क्या कर सकता था .

मई - रूबी मेरे पास आओ . मैंने सख्त लहजे मैं बोलै .

माँ ने जब मुझे अचानक से बदलता देखा तो हैरान हो गई .

मैंने फिर से बोलै .

मई - तुम्हे सुनाई नहीं दे रहा है रूबी तुम्हारा हस्बैंड तुम्हे बुला रहा है इधर आओ मेरी जाआनंनं .

मैंने जान वर्ड पैर झोर डाला बूत प्यार से जिससे सुन्न कर माँ खुश हो गई और भाग के मेरे पास आके मुझसे लिपट गई और अपने गाल मेरे छाती पैर रगड़ने लगी .

मई - तुझे अपने पति से तारीफ सुन्नी थी न रूबी .

माँ - जी मेरे पतिदेव आपकी धर्मपत्नी को अपने पति के मुँह से तारीफ सुन्नी है .

मई - रूबी तूने आज कमाल कर दिया 2 बचो की माँ होते हुए भी तू सच मई किसी 25 साल की लड़की से काम नहीं लग रही थी ऐसा लग रहा था मई किसी मॉडल को देख रहा हु तूने मेरा दिल खुश कर दिया ी लव यू रूबी तू मेरी जान है तुझे ऐसे सेक्सी सेक्सी कपड़ो मैं देख कर मेरा लुंड खड़ा हो गया देखना कैसे तेरी जांघो के बिच घुसा पड़ा है .

माँ - मई आपके लुंड को महसूस कर पा रही हु जी .

मई - किसको कहा महसूस कर पा रही हो जान .

माँ - हुब्बी आप मुझे बेशरम बनाओगे न .

मई- अपने पति से कैसी सरम रूबी .

माँ - जी वो न मई आपका लुंड अपनी जांघो के बिच छुटत के ऊपर महसूस कर पा रही हु आपका लुंड बहोत गरम है हुब्बी और बहोत बड़ा भी मुझे तो दर लग रहा है आपके लुंड से .

मई माँ की गांड को सहलाते हुए बोलै.

मई - रूबी मेरी जान डरते नहीं है न अपने हुब्बी के लुंड से तू न ये करना की मेरे इस लुंड को अपनी छूट में ली के बंद कर लेना वह पैर और उसको बहोत सजा देना की उसने तुझे डराया कैसे .

माँ - हुब्बी उसको सजा सजा नहीं मज़ा कहते है .

मई - तो वही दे देना और क्या मुझे hi सिर्फ मजा आएगा तू भी तो मजे करेगी मेरा लुंड अपनी छूट मैं लेके .

माँ - मेरे प्यारे पति देव ी लव यू सू मच की आपने मुझे इतना प्यार दिया और मुझे इतना प्यार करते हो .

मई - बस भी क्या मेरी जान मई प्यार नहीं करूँगा तो कोण करेगा .

माँ - हेहेहे मेरा बीटा करेगा अगर आप नहीं करोगे तो हुब्बी .

मई - ाचा जी पैर तुझे पता नहीं की तेरा बीटा और पति एक hi है .

माँ - हेहेहे आपके साथ ऐसी बातें करने मैं बहोत मज़ा आ रहा है .

तभी माँ की नज़र मेरे मेरे गले मैं जो लॉकेट थी उसपर पड़ी .

माँ - बाबू ये लॉकेट कही देखा देखा क्यों लग रहा है .

मई थोड़ा सा शॉकेड हो गया क्यों ये लॉकेट तो सिर्फ प्रिय और शानवी hi देख पाती थी फिर ये माँ को कैसे दिख रही है .

कही ऐसा तो नहीं पिछली बार जैसे मुझे और प्रिय को दिखा था पास्ट लाइफ जब प्रिय ने इस लॉकेट को छुआ था वैसे hi इस बार माँ को दिख जाये .

पैर माँ ने जब उस लॉकेट को छुआ तो ऐसा कुछ नहीं हुआ पाया नहीं क्यों .

माँ - बता न बाबू ये लॉकेट कहा से आई तेरे पास .

मई - एक शॉप पैर से खरीदी थी माँ शायद अपने वही देखि होगी पहले इस लॉकेट को .

माँ - हां बाबू ऐसा hi होगा , तभी दूर पैर किसी ने नॉक किया .

वो वेटर था .

मई - आप अंदर जेक कपडे बदल लो मई देखता हु .

माँ बाथरूम चली गई और मई अपने कपडे पहन के दूर ओपन करने आ गया .

मैंने दूर ओपन किया तो वेटर ने मुझे एक लत्तेर दिया क्र बोलै सर ये आपके लिए आया है .

कंटिन्यू
 
ठीक है बीआरओ वासी नई अपडेट पोस्ट कर दिया है उसमे बहोत छेड़छाड़ है .

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

कोई न बीआरओ मई कोसिस करूँगा ऐड करने की जो अपने बोलै था . 😁😂

थैंक यू भाई , रोमांस सच मैं ज़ोरो पैर चलने वाला है .

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू बरोथेर लगने वाला है बीआरओ माँ का नंबर भी दे दिया है नई अपडेट.

थैंक यू भाई नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

थैंक यू नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.

आलरेडी पोस्टेड बीआरओ.

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट पोस्ट कर दिया है.
 
अपडेट 113

जैसे की अपने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था की मई और माँ होटल से रेस्टोरेंट गए वह से खाने के बाद हमने शॉपिंग किया जहा मैंने माँ के लिए मॉर्डन ड्रेसेस लिए और ब्रा पंतय के साथ उनके लिए लिंगेरी भी लिया उसके बाद होटल आके माँ ने मुझे वो सब तरय करके दिखाया पैर कुछ चीजे रहना दिया क्युकी बहार स्टाफ आ गया था जिसमे मुझे लत्तेर दिया जो मेरे लिए आया था .

अब आगे

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उस लत्तेर को पढ़ने के बाद पता चला ये उसी पर्सन का है जिसको वो सॉफ्टवेयर चाहिए था उसमे एड्रेस लिया कब कहा चढ़ना है और कहा उतरना है मतलब खुल मिला कर उस एड्रेस पैर कहा था .

मई बीएड पैर बैठा था तभी माँ आई उन्होंने नई वाली निघ्त्य पहनी थी जिसमें बहोत हॉट लग रही थी .



माँ मेरे पास आके बैठ गई .

मई - ये निघ्त्य आप पैर बहोत हॉट लग रही है माँ .

माँ - थैंक यू बाबू वैसे ये लत्तेर मैं क्या है .

मई - जिस काम के लिए आया था न उसी का लत्तेर है आप जयदा मत सोचो मई देख लूंगा आप बस एन्जॉय करो .

माँ - एन्जॉय तो सिर्फ मई अपने बेटे और पति के साथ करुँगी .

मैंने माँ को बीएड पैर कीच लिया और खुद उनके ऊपर लेत गया .

माँ नहीं मेरे सर को सहलाने लगी .

मई - पैर मई तो सोच रहा था यहाँ आपके साथ आके अपनी रूबी के साथ एन्जॉय करूँगा .

माँ - रूबी तैयार है एन्जॉय करने के लिए पैर मई अपने बेटे के साथ भी एन्जॉय करना चाहती हु जैसे की तुम अपनी रूबी के साथ .

मई - दोनों कर लेंगे मई अपनी रूबी को प्यार करूँगा और आप अपने बेटे को .

माँ - उम्म्म ी लव यू मेरा बचा .

मई - ी लव यू तू रूबी .

रात को डिनर करने के बाद हम दोनों एक दूसरे को बहो मैं लेके सू गए क्यों थके हुए थे और मैंने सोचा था माँ को कल अचे से तैयार कर के उनके साथ मंदिर जाऊंगा और पुरे रोटी रिवाज के साथ साडी करूँगा .

माँ बड़ी खुश थी पहली खुसी इस बात की वो फिर से पत्नी बन गई अपने बेटे की और उसके साथ हनीमून पैर भी आई है और दूसरी इस बात की उसका बीटा भी काम नहीं है वो उसका पूरा साथ दे रहा था अब उसके मान से दर भी हैट गया था की उसके बेटे के साथ कुछ गलत नहीं होगा जो उसके पति और देवर के साथ हुआ था , माँ ये सब सोचते हुए माँ मेरे बालो मैं उंगलिया घुमा रही थी और मेरे सर को अपने मुम्मो पैर दबा रही थी .

मई - माँ आपकी चूचियों से कितनी अच्छी खुशबु आ रही है .

माँ - बदमाश ऐसे बचपन भी तू बोलता था की माँ आपकी दूध से कितनी अछि खुसबू आती है .

मई - सच्ची माँ और क्या बोलता था.

माँ - तू बहोत बदमाश था बचपन मैं तूने तो अपनी दादी की दूध भी बहोत पी है .

मई - ाचा फिर तो मई बहोत लकी था मेरी इतनी प्यारी माँ और दादी की दूध पी है मैंने .

माँ - एक राज की बात बताऊँ .

मई - हां बताओ न माँ .

माँ - तू इतना बदमाश था की तू अपनी कुआरी बुआ को भी नहीं छोरा वो तुझे अपने साथ सुलाने ली जाती और रात भर तुझे अपना ढूढ़ पिलाती भले उसके दूध नहीं आते थे पैर तूने उसकी चूचिया बहोत पी है .

मई - तभी मेरी अनु इतना मुझसे प्यार करई है .

माँ - हां अनु तुझे अपनी जान से जयदा प्यार करती है .

मैंने माँ की निघ्त्य नीची कर थी और ब्रा भी जिससे माँ के पिंक निप्पल मेरे सामने आ गई .



माँ - लगता मेरे बाबू को अपनी माँ की धुधु फिर से पिणि है .

मई - हां माँ ये बोलके मैंने माँ की निप्पल को अपने मुँह ले लिया और झिव से खेलने लगा और चूसने लगा .

माँ - पी ले बीटा आज कितने सालो बाद मेरा बीटा अपनी माँ की दूध पी रहा है आह्ह्ह्ह मेरे बाबू ऐसे चूस बीटा जब तू बचा था तब ऐसे चुस्त था .



मई - उनम सलुपपपप मा उम्मम्मम उम्मम्मम इसमें दूध तो नहीं है पैर मज़ा बहोत आ रहा है .

माँ - दूध भी आ जायेगा मेरा बचा ऐसे पीए आह्ह्ह्ह .

मई - कैसे आएगा माँ उम्मम्मम सलुपपप बताओ न .

माँ - तू है आह्ह्ह्ह न मेरी बाबू आह्ह्ह्ह इनपर म्हणत करना देखना एक दिन दूध ज़रूर आ जायेगा फिर तू आराम से पीना आह्हः बदमाश अपनी मम्मी की निप्पल को कट्टा है .

मई - उम्म्म्म सलुपपप मम्मी आपके निप्पल्स चीर्य की तरफ है मान कर रहा है काट खून उम्म्म्म सलुप्प , मैंने माँ के निप्पल को चूसते हुए बोलै.



माँ मेरे सर अपनी छाती मैं दबा रही थी और सिसकारियां ली रही थी .

माँ - आह्हः बाबू कितना प्यारा है मेरा बचा आह्ह्ह्हह पी बीटा अपनी माँ की दूध ये तेरे लिए hi है .

ऐसे मई माँ की निप्पल को बहोत ढेर तक चूसा दोनों मुम्मो को बदल बदल के चूसा .

जब तक माँ झाड़ नहीं गई मई चुस्त था आखिर कार हम दोनों थक हार के एक दूसरे को बहो मैं लेके सू गए करीब 3 जानते सोने के बाद हम जब उठे तो रात के 12 बज रहे थे और हमे भूक भी लगी थी .

मैंने ऑनलाइन डिनर आर्डर कर दिया जो जो माँ ने बोलै कुछ हो ढेर मैं खाना आ गया हमारा फिर हमने साथ मैं डिनर किया और दोनों लेत गए बीएड पैर तभी मुझे कुछ नोटिफिकेशन आया .

मैंने देखा तो वो अनाम का था आरिफ की अप्पी और मेरी वाइफ भी .

माँ मेरे बगल मैं hi लेती थी जो देख रही थी .

मैंने व्हाट्सप्प खोल कर देख तो वह 2 फोटोज थे उसके .

एक मैं उसने हॉट hi हिजाब पहनी थी और एक मैं वो सिर्फ एक छोटी सी पिंक टीशर्ट टाइप की थी और पंतय मैं थी अपने बीएड पैर .



माँ - कोण है ये नालायक .

मई - आपकी बहु वो मेरा दोस्त आरिफ है न उसकी बड़ी बहन अनाम .

माँ - बहोत बदमाश है बाबू तू अपने दोस्त की बहन को भी नहीं छोरा तूने .

मई - माँ अब मई क्या करू मई किसी का दिल नहीं तोड़ सकता न और आप hi बताओ जब कोई सामने खुद तो मई क्या करो मैंने कोई ज़बरदस्ती तो की नहीं और वैसे मुझे भी वो पसंद थी तो मैंने भी हां बोल दिया .

माँ - तू न बाबू ऐसे करेगा तो साडी दुनिया की लड़कियों को अपनी बीबी बना लेगा.

मई - हाहाहा वैसे कैसे लगी आपको बहु .

माँ - बहोत अछि और खूबसूरत है मेरी बहु .

मई - अभी तो अपने देखा नहीं .

माँ - तो दिखा ज़रा मई भी देखो कोण कोण है .

मई - ाचा सुनते जाना कोण कोण है लिस्ट मैं .

मई - पहले बीबियो की बात कर लेते है .

पहली बीबी .

ज्योति चची



संगीता



अनु बुआ



फिर आप मैं मेरी माँ



रेणुका मौसी



सिमु



अनाम



निकिता मम



अब आते है गफ पैर .

प्रिय



कोमल



आरती



डिम्पी भी मान सकती हो .



दिया



माँ - ये निकिता मम का नंबर कब लगा .

मई - पहले से थी पैर सुहागरात कल रात को मनाई थी मैंने उनके साथ .

माँ - ाचा जी बीटा बीटा तो बहोत बड़ा हो गया , वैसे गुड़िया का क्या चक्केर है .

माँ - बेतु तो पागल है माँ वो मेरे बिना साइन का सोच भी नहीं सकती है , वैसे और कोई है की बस इतना hi .

मई - है न जैसे दादी स्पेशल है मेरे लिए वो सबसे ऊपर आती है उनका और मेरा रिश्ता अलग है और बची सन्ति आंटी सोनू की मम्मी को उनका कैसे बताऊँ वो एक्सेप्शन मान सकती हो मतलब सेक्स रिलेशनशिप एंड एक सोनू की गफ पिंकी उनको तो बस सेक्स करना है आपके बेटे के साथ क्यों मई स्पेशल जो पैर आप इनको बुरा मत समझना क्यों हे दिल के बड़े अचे इंसान है .

माँ - बाबू मई किसी भी लड़की है औरत को बुरा नहीं समझती हु क्यों की अगर कोई कुछ भी करता है या तो मजबूर होता है या फिर बहोत पसंद करता है तभी वो वह तक काम कर देता जो दुनिया की नज़रो मैं गलत है .

मई - आप के पास हर सवाल का जवाब है हाहाहा .

माँ - चल अब सू जा रात बहोत हो गई है .

उसके बाद मई और माँ एक दूसरे के बहो मई सू गए प्यार करते करते .

कंटिन्यू
 
थैंक यू भाई .

थैंक यू भाई बाकि की स्टोरी ज़रूर पढ़ा और ाचा लगे तो लिखे भी कर देना साथ रिव्यु भी देना की बाकि स्टोरी कैसी लगी .

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू बरोथेर

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू बरोथेर नई अपडेट भी दे दिया है .

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू सू मच.

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू बरोथेर

थैंक यू सू मच.

थैंक यू सू मच.

थैंक यू सू मच.

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू बरोथेर.

थैंक यू सू मच.

थैंक यू सू मच.

थैंक यू सू मच.

थैंक यू बरोथेर.
 
अपडेट 114

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मई और माँ बीएड पैर लेते थे और मई माँ की दूध पी रहा था और उनसे बातें कर रहा था इसी बिच मुझे अनाम का मस्सगे आया फिर मुझे माँ को अपनी सरे पत्नियों के बारे मैं और gf's के बारे मैं बताया डिटेल्स मैं और फिर हम सू गए.

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सुबह मई और माँ उठ कर जल्दी से तैयार हो गए क्यों पहले हम बहार जाने वाले थे जहा मई माँ को शॉपिंग करवाता शादी के लिए और उनकी बोट पार्लर चोर के उस सॉफ्टवेयर को उस पर्सन को देने जाता थें उसके बाद माँ के साथ साडी करता .

मई रूम मई कपडे पहनने लगा था माँ बाथरूम से तैयार होक निकली .



मई - माँ तुम इस पिंक ड्रेस मैं बहोत हॉट लग रही हो .

माँ - थैंक यू बाबू तूने hi तो कल खरीदी थी इससे .

मई - थैंक यू मत बोलो माँ आपका हक़ है मुझपे और मेरे सरे चीजों पैर आप जो बोलोगी वो खरीद दूंगा मई .

माँ - मेरा प्यारा बाबू .

फिर उसके बाद हम निकल गए होटल से सबसे पहले बहार ब्रेकफास्ट किया थें शॉपिंग मॉल गए वह मैंने माँ के लिए ब्रांडेड लहंगा ख़रीदा जो माँ को बहोत पसंद आया फिर माँ ने मेरे लिए शेरवानी खरीदी उसके बाद मई माँ के साथ पार्लर गया उसको वह चोर के उस लत्तेर के हिसाब से उसने लगा जिसमें मुझे 1 घंटे से भी ऊपर लगे .

फइन्नल्ली वह पहुंच गया और जब वह पहुंच कर उस पर्सन को देखा तो पता चला वो कोण है और उसमे मुझे अपना इंट्रो भी दिया और अपने बारे मैं पूरी बात भी बताई जैसे जैसे मई सुनता गया वैसे वैसे मुझे सुरपरिसेस मिलते गए .

लास्ट मैं मई उससे गले मिला और वापस आ गया माँ के पास वो ऑलमोस्ट तैयार हो गई थी तो मई भी तैयार हो गया और माँ को ली कर वह ले निकल गया .

पास मैं hi एक मंदिर थी जहा मई उनके साथ गया .

और ये शामे मंदिर जैसा लग रहा था जैसे माँ के गाओं मैं है .

मई और माँ दोनों शॉक थे ये देख कर .

और वह वही शामे पंडित जी भी थे जो हमे गाओं वाले मंदिर पैर मिले थे .

मई और माँ दोनों पंडित जी के पैरो मैं पद गए .

पंडित जी - आखिर मिल hi गए तुम दोनों और एक दूसरे को स्वीकार भी कर लिया .

माँ - हां पंडित जी मुझे समझ मई आ गया की मई अपने बेटे से कितना प्यार करती हु .

मई - सिर्फ मेरी गलती से कारन hi मैंने अपने दो खाश फॅमिली मेंबर को खो दिया और जिद की वजह से पैर बाद मई मुझे पता चला की जो हुआ वो पहले से लिखा था .

पंडित जी - तो तुम्हे याद आ गया है न देव बीटा या कहो रोहित बीटा .

मई - हां पंडित जी .

माँ हम दोनों की बात सुन्न कर शॉक हो गई .

पंडित जी - जयदा मत सोचो बेटी तुम्हे भी कुछ ढेर मैं सब याद आ जायेगा.

माँ - क्या पंडित जी .

पंडित जी - इंतज़ार करो बेटी जब इतना कर hi लिया है तो .

मई - आपको तो पता hi है हम किश लिए आये है तो मई उसके लिए सामान खरीद कर लता हु.

पंडित जी - उसकी ज़रुरत नहीं है बीटा वो सब मैं पहले hi कर दिया है .

माँ को कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था की यहाँ क्या हो रहा है पैर वो चुप चाप वही कर रही थी जो पंडित जी कह रहे थे .

मई माँ के साथ हवन के पास बैठ गया जो पंडित जी तैयार कर रही थी हमारी साडी के लिए .

साडी मैं होने वाले सरे रेचल हुआ फिर मैंने माँ को मंगल सूत्र पहनाया .

फिर पंडित जी ने मुझे सिंदूर लगाने के लिए बोलै .

मैंने थोड़ा सा सिंदूर लिया और माँ की मांग भर दी .

जिसके अगले hi पल जो मेरे गले मई लॉकेट थी उसमें से रौशनी निकली और सीधा माँ के माथे मैं जा घुसी .

मेरे सामने देखते hi देखते माँ की आगे चेंज होने लगी ऐसा लग रहा था की माँ जैसे जवान हो रही .

माँ एक दम संगीता की आगे की हो गई मैंने पंडित जी की तरफ देखा तो उन्होंने मुस्कुराते हुए मुझे बताया.

पंडित जी - पिछले जनम मैं जैसे रूबी की आगे अभी वो वैसे hi हो जाएगी और इसको पिछले जनम का सब कुछ याद आ जायेगा .

मई - क्या सच मई इसका मतलब रूबी पुरो तरीके से मेरी हो जाएगी .

पंडित जी - हां पुत्र पैर एक चीज और होगी जो अब आने वाली है तुम्हारे और तुम्हारे अपनों की जिंदगी मैं .

मई - वो क्या .

पंडित जी - खतरा दुश्मनो का कटरा तो जितनी जल्दी हो सके सबको अपना बनाओ और वह ले जाओ जहा तुम सबको होना चाहिए .

मई - पंडित जी मुझे कुछ समझ मैं नहीं आ रहा है .

पंडित जी - ऐसी जगह जो तुम्हारे लिए बनाई है है रहने के लिए और वह से तुम सब धरती पैर कभी भी आ सकते हो और जो एक उड़ती हुई महल है जो पिछले जनम से तुम सबका इंतज़ार कर रही है .

मई - हां मुझे याद आया मेरे दोस्त ने बनवाया था मेरे hi कहने पैर . ( मिस्टीरियस पर्सन देव का दोस्त )

पंडित जी - धीरे धीरे सब याद आ जायेगा पुत्र .

तभी माँ ने आँखे खोली और सबसे पहले उनकी नज़र मुझ पैर पड़ी और उनको मुँह से पहला वर्ड यही निकला .

माँ - देव और ये बोलके वो मेरे गले लग गई .

मैंने भी माँ को गले लगाए रखा जब तक उनके अंशु रुक नहीं गए .

जब मैंने साइड मैं देखा तो वो पंडित जी कही नहीं थे पैर हम होमो के सर पैर हाथ ज़रूर महसूस हुआ था.

माँ - देव कहो या रोहित ये पता नहीं क्या हो गया है पैर मुझे यकीं था हम एक न एक दिन फिर मिलेंगे .

मई - जो तुम्हारा मान करे वैसे तुम एक दम पहले जैसी हो गई हो रूबी .

माँ - सच्ची .

मई - हां मेरी रूबी एक दम जवान हो गई है पता नहीं जब घर जायेंगे तब सबका रिएक्शन क्या होगा .

माँ - क्या हम उन्हें नहीं पता सकते है बाबू .

मई - अभी नहीं माँ एक इंसान और बाकि है जिसका मिलना ज़रूरी है तब तक हमे वेट करना होगा .

माँ - ी लव यू मेरी जिंदगी मैं फिर से आने के लिए और इस बार तो आप बेटे बन कर आये हो .

मई - और आप मेरी माँ समझी तो ये आप आप करना बंद करो या तो बाबू करो तुम कहो या फिर जान .

माँ - कैसे तुम कह दू हम्म पति को तुम कहा जाता है क्या बताओ मुझे आप .

मई - ः पैर आप मेरी माँ भी तो हो मेरी प्यारी माँ देखो .

माँ - और पत्नी भी देखो मेरी मांग आपके नाम का सिंदूर है .

मई - ाचा जी तो चले होटल .

माँ - जी .

उसके बाद मैंने फिर से कैब बुक की वापस होटल के लिए निकल गया रस्ते भर हम बात करते गए जब भी मई माँ से बात कर रहा था मुझे उनमें संगीता दिखाई दे रही थी.

मई - वैसे रूही से बात करोगी क्या . माँ रूही का नाम सुनते hi इमोशनल हो गई .

माँ - हां बात कराओ न मेरी बेटी से .

मई - हमारी बेटी संगीता को भूल गई आप .

माँ - कैसे बुलुंगी मेरी बहन जो है .

मई - हां और आपके दूसरी भाग भी जो सिर्फ प्यार से बानी है आपके हिस्से की .

माँ - तभी मेरे बाबू से इतना प्यार करई है .

मई - हां रुको मई कॉल लगाया हु .

इतने मैं हमारी होटल भी आ गई तो मैंने बोलै रूम मैं चलके बात करते है मैंने कैब वाले को पैसे दिए और साथ मई 1000 का टिप भी वो ख़ुशी खुसी निकल गया वह से .

कंटिन्यू
 
अपडेट 115

जैसे की आप सबने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसे मैंने माँ के साथ जेक मंदिर साडी किया जहा मुझे वो पंडित जी भी मिले थे जिन्होंने मुझे एक महल की बात बताई थी और वही सिंदूर लगते टाइम माँ को पूरा लास्ट लाइफ याद आ गया था उसके बाद मैंने माँ को बाकि सब बताया और होटल आ गए .

अब आगे

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मैंने पहले hi होटल वालो से बोल कर रूम को सेट करवा दिया था सुहाग रात के लिए .

रूम मैं आये तो माँ रूम का हुलिया देख कर सरप्राइज हो गई और खुसी से मेरे गले लग गई .

मई - कैसा लगा मेरी रूबी को ये कमरा.

माँ - बहोत अचे से सजाया गया है कितना खूबसूरत लग रहा है .

मई - ाचा रुको मई संगीता को कॉल लगता हु .

ये कहके मैंने कॉल लगा दिया कुछ रिंग के बाद उसने कॉल पिक किया .

संगीता - जी बोलिये .

मई - कैसी हो संगीता.

संगीता - जी मई अचे हु आप कैसे हो वह और अपने खाना ठीक से खाया न और दीदी का ख्याल रख रहे हो न आप .

मई - मई भी ठीक हु और तुम्हारी दीदी भी ( यानि माँ ) ाचा मेरी बेटी कहा है .

संगीता - जी वो भूमि आई है न तो उसके साथ खेल रही है मई बात करवाऊं आपसे .

मई - हां जान बात करवा न मेरी बची से .

संगीता - रूही , रूही बाबू देखो डैडी का कॉल आया है .

रूही मेरा नाम सुन्न कर भागते हुए आई .

रूही - डैडी hello डैडी कैसे हो आप .

मई - ाचा हु मेरा बचा आप कैसी हो.

रूही - एक दम फिट डैडी पैर आपसे नाराज़ हु .

मई - वो क्यों बीटा .

रूही - आप मुझे नहीं ली गए साथ मैं .

मई - आपको पता है न बीटा अगर आपको के जाता तो मेरी बहने मुझसे नाराज हो जाती .

रूही - पता है डैडी पैर आपको मेरे किये वह से गिफ्ट लेन होंगे और भूमि के किये भी समझे न आप .

मई - ाचा जी मेरी बिल्ली मुझे को वार्निंग दे रही है .

रूही - जी बिलकुल डैडी वर्ण मई आपसे पुरे 1 दिन बात नहीं करुँगी .

मई - हाहाहा बदमाश ये कोनसा ड्रामा है ज़रा मई तो जणू की मेरी बेटी पुरे 1 दिन हो क्यों बात नहीं करेगी .

रूही - क्यों की न डैडी मई आपसे एक मिनट आपसे नाराज़ नहीं रह सकती हु और एक दिन से जयदा तो मई सोच भी नहीं सकती हु .

मई - पैर मई तो अपनी बेटी से एक पल के लिए भी नाराज नहीं रह सकता क्यों मेरी रूही मेरी जान है और आपको कैसे मई नाराज कर सकता हु इसीलिए हो आप बोलोगे वो मई ला दूंगा बचा .

रूही - डैडी मई न आपको लिस्ट भेज दूंगी आपके व्हाट्सप्प पैर आप लेते आना ठीक है .

मई - ठीक है बचा ये लो अपनी माँ से बात करू .

मैंने कॉल माँ को दे दिया .

रूही की आवाज़ सुन्न कर माँ की आँखों मैं अंशु आ गए .

रूही को पता नहीं कैसे पता चल गया की माँ रू रही है .

रूही - माँ आप रू रही हो क्या , बताओ न क्या हुआ माँ आपको .

माँ - कुछ नहीं बचा बास आपको मिस कर रही थी न तो अंशु आ गए .

रूही - माँ मई अभी आपको मिस कर रही हु पता है माँ कल मैंने एक सपना देखा रात को जिसमे मई न एक राजकुमारी की तरफ तैयार थी और एक क्वीन की तरह और आप न माँ अपने हाथो से मुझे खाना खिला रही थी .

माँ - तो मेरी बेटी राजकुमारी से काम है क्या , ाचा आप जयदा न सोचो बचा मई वह आउंगी न तो अपने हाथो से खिलाऊंगी अपनी बेटी को .

रूही - माँ मई भी आपको अपने हाथो से खिलाऊंगी और आपको ढेर सारा प्यार दूंगी माँ .

माँ - ी लव यू रूही बीटा आपको माँ आपसे बहोत प्यार करती है .

रूही - ी लव यू तू माँ ी लव यू तू आप और मुम्मा सबसे बेस्ट माँ को दुनिया की .

माँ - ाचा अब आप खेलो और अपनी मुम्मा को कॉल दो .

रूही संगीता को कॉल दे कर चली गई .

संगीता - दीदी आप क्यों रू रही थी उन्होंने कुछ कहा क्या आपसे .

माँ - नहीं संगीता वो बस रूही की याद आ गई थी और जब उसने मुझे बात की तो अंशु आ गए अपने आप hi .

संगीता - क्या दीदी आप भी न ऐसे कोई रोटा है भला मई कोनसा आपकी बेटी को कही लेके भागी जा रही हु आके मिल लेना अपने बेटी रूही से .

माँ - मेरी नहीं बुद्धू हमारी बेटी है वो संगीता समझी तू भी उसकी माँ है और हां ध्यान देना उसके लिए आज जीरा आलू बना देना .

संगीता - दीदी आपको भी पता है क्या की उसकी फवौरीते जीरा आलू है .

माँ - हां पता है और ये बात तो बाबू भी नहीं जनता है बस तू और मई hi जानते है .

संगीता - हेहेहे दीदी अब वो गुस्सा हो जायेंगे .

माँ - नहीं होगा मई संभल लुंगी .

संगीता - ाचा दीदी बी आप एन्जॉय करो .

माँ - बदमाश बहोत मरूंगी .

संगीता - जब आना तब देखेंगे तब तक उनको सम्भालो ये बोलके संगीता से कॉल कट कर दिया .

मई - तुम तीनो बहोत बदमाश हो .

माँ मेरे पास आई और मेरे गले लग गई .

माँ - थैंक यू मेरी रूही से मिलवाने के लिए .

मई - चुप वो मेरी भी रूही है .

माँ - ाचा बाबा सॉरी गलती हो गई .

मई - इसकी सजा मिलेगी वो भी सुहागरात मैं .

माँ - कुछ भी बोलते हो आप .

मई - तो डिनर मंगलू .

माँ - हां मंगवा लू पैर साथ मैं केसर वाल दूध भी मंगवा लेना आप .

मई - वो क्यों भला .

माँ शरमाते हुए बीएड पैर बैठ गई और बोली ,

माँ - आपके लिए सुहागरात से पहले पति को दूध पिलाना पत्नी का दरम होता है.

मई - हाय ठीक है मंगवा लूंगा पैर सुबह ये मत बोलना की ाजी सुनते हो देखने न दर्द के मरे उठा नहीं जा रहा है .

माँ - बदमाश हो आप , ये बोलके माँ ने अपना चहेरे पल्लू से धक् लिया .

मैंने रिसेप्शन पैर कॉल कर के आर्डर दिया साडी चीजों का फिर माँ के पास आके बैठ गया टीवी ok कर के अपन सर उनकी गोद मई रख दिया .

माँ की आगे सच मैं काम हो गई थी अगर कोमल और माँ को साथ मैं खड़ा कर दिया जाये तो वो बिलकुल कोमल की बड़ी बहन लगेगी .



मई - पता है रूबी कल तक तुम मेरी माँ थी और आज मेरी सच मैं बीबी बन गई हो .

माँ मेरे सर को सहलाते हुए बोली .

माँ - पैर माँ तो अभी हु मई तेरी .

मई - हां वो तो आप हो माँ के वक़्त आप वोउल्ड बेस्ट माँ हो और पत्नी के वक़्त आप मेरी सबसे बेस्ट पत्नी हो .

माँ - सबसे बेस्ट पत्नी मई नहीं संगीता है तेरी कितना प्यार करई है तुझसे , तेरा हर कहना मानती है और बस तेरे लिए hi उसने अपनी जॉब चोर दी .

मई - पैर माँ मैंने नहीं बोलै था जॉब चोर्ने के किये उसने खुद hi छोरा और मैंने बाद मैं बोलै भी था की करले वापस ज्वाइन मई बात करता हु तो उसने बोलै सोचेगी .

माँ - वो नहीं करेगी जॉब मुझे पता है वो अब अपनी जिंदगी तेरे नाम कर चुकी है तेरे सिवा उसको कुछ नहीं दीखता है .

मई - हाहाहा पागल है वो संगीता.

माँ - बदमाश मेरी छोटी बेहेन को कुछ मत बोल .

मई - देखो तो कैसे दोनों सौतन एक hi गई और मुझे अलग कर दिया .

तभी दूर नॉक हुआ मैंने जेक दूर खोला तो स्टाफ मेंबर था जो डिनर ले कर आया था .

मैंने उसको अंदर आने दिया और उसके डिनर रख कर जाने लगा .

मई - रोकू एक मिनट रूबी जरा टिप दे दो अपने हाथो से .

माँ ने उसको 500 के 4 नोट दिए जिससे ली कर वो स्टाफ मेंबर खुश हो गया .

उसके बाद वो थैंक यू बोल कर चला गया .

माँ - चलो अब डिनर कर लेते है .

मई - बड़ी जल्दी है सुहागरात की .

माँ - तंग न करो आप .

मई और माँ साथ ने साथ मिलकर डिनर किया उसके बाद वही स्टाफ आया वो जो झूठे बर्तन ले गया .

मैंने गेट बंद कर दिया माँ जेक बीएड पैर बैठ गई थी और वो केसर वाल दूध का गिलास अपने पास रखा था उन्होंने ने .



मई भी उनके पास जेक बैठ गया .

मई - तैयार हो रूबी हमारी जिंदगी की नयी शुरुवात के लिए .

माँ ने सिर्फ हां मैं सर हिलाया .

कंटिन्यू

नई अपडेट जल्दी आएगा गाइस
 
116

मेगा अपडेट

माँ के साथ सुहागरात की शुरुआत

जैसे की आप सबसे लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था मई और माँ शादी कर के आये होटल रूम मैं जहा मैंने संगीता को कॉल लगाया क्यों माँ को रूही से बात करनी थी क्यों उनको पास्ट लाइफ की सब कुछ याद आ गई थी , वही कॉल पैर माँ ने रूही और संगीता दोनों से बात की फिर हमने डिनर किया और वेटर को टिप भी दिया उसके बाद माँ बीएड के बिछी बिच बैठ गई और हाथो मैं केसर वाला दूध ले लिया .

अब आगे

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मई - तैयार है मेरी रूबी हमारी जिंदगी की नयी शुरुआत के लिए .

माँ ने हां मैं सर हिलाया .....

मैंने माँ की घूँघट उठाई और माँ के माथे केर किश करने वाला था की तभी माँ ने रुक दिया मुझे .

मई - क्या हुआ .....

माँ - पहले मेरी मुँह दिखाई दू मुझे फिर बाकि का काम .

मई - वो तो मई लाना भूक गया .

ये सुन्न कर माँ का चहेरा लटक गया.

माँ - सुहागरात पैर मुँह दिखाई देते है पत्नी को , क्या आप मेरे लिए कुछ नहीं लाये .

माँ को ऐसे देख कर मुझे हल्का बुरा लगा , अब मुझे ये जयदा हो जायेगा उससे पहले माँ को उनका गिफ्ट दे दू .

मैंने अपने पॉकेट मई हाथ डाला और एक लॉकेट निकल के उसके सामने कर दिया.

माँ लॉकेट देख कर खुश हो गई और खुद आगे भाड़ कर मेरे लिप्स पैर एक किश कर दी .



माँ - थैंक यू लव .

मई - वह जी वह पति को थैंक यू बोलै जा रहा है .

माँ - अपने हे गिफ्ट दिया है तो पहनाओ भी अपने हाथो से hi .

मैंने वो लॉकेट लिया और पहना दिया माँ को .

फिर माँ ने वो दूध का क्लास उठाया और मेरी तरफ भद्दा दी .

माँ - ये पिलो पहले.

मई : देखो तो कितनी जल्दी है मेरी रूबी को सुहागरात मानाने की .

माँ - धत्त कुछ भी बोलते हो , लू अब पियो इसी .

मैंने वो गिलास किया और उसमे से आधा गिलास दूध पी लिए और बाकि का माँ के तरफ कर दिया .

मैंने उस गिलास को साइड मैं रख दिया और माँ के चेहरे को अपने दोनों हाथो से पकड़ लिया .

मई - मेरी रूबी मेरी जान मेरी माँ क्या आप तैयार हो .

माँ - हां बीटा अब तू hi मेरा बीटा है और पति भी तो जैसे आप कहोगे वैसे hi मई करुँगी .

हम दोनों एक दूसरे की आँखों मैं देखते हुए करीब आने लगे माँ के एक दम सुर्ख लाल होंठ ऊपर से माँ की गरम साँसे हो मेरे चेहरे पैर पद रही थी .

जब हम दोनों ने एक दूसरे की आँखों मैं देखा तो माँ शर्मा के अपनी आंखे बंद कर ली और उसके अगले hi पल मैंने अपने होंठ माँ के होंठो से चिपका दिया और किश करने लगा .

ऐसा नहीं था की ये हमारा पहला किश था पैर इस किश मैं बात hi अलग थी आज माँ मुझे बहोत अलग महसूस हो रही थी .

माँ मेरा साथ देते हुए अपनी लिप्स को खोल दिया और किश करने लगी .

उनकी रसीले होंठ जिसपर फ्लेवर वाली लिपस्टिक लगी थी ऊपर से माँ का थूक दोनों का अलग hi स्वाद आ रहा था .

मई - उम्म्म सलुपपपपपप रूबी मेरी जान सलुपपप .



माँ को मैंने कमर से पकड़ा किश करते हुए और अपने गोद मैं बैठा लिया .

गोद मैं आने के बाद तो जैसे माँ के जिस्म मैं एक अलग जोश आ गया था वो भी मुझे सिद्दत से किश कर रही थी.



माँ - उम्म्म सलुपपप बीटा उम्म्म्म बहोत मजा आ रहा है सलुपपप आज अपनी माँ को ऐसे प्यार करना और अपनी इस नयी नवली दुल्हन को भी .

माँ मेरे बालो को सहलाते हुए किश कर रही थी और निचे से अपने पैरो को मेरे कमर पैर लपेट लिया .

मई - उम्म्म सलुपपप सलुपपप हां माँ तुझे बहोत प्यार करूँगा तुझे अपनी बीबी तो बना hi लिया है अब तुजे मई अपने बचो की माँ बनूँगा माँ .

मेरी बात पैर माँ ने किश थोड़ा और मेरी आँखों मैं देखने लगी .

मई - ऐसे माँ देख मेरी माँ मेरी रूबी सच कह रहा हु तुझे अपने बचो की माँ बनूँगा पिछले जनम मैं हमारा सिर्फ एक hi बचा हुआ था न इस बार हम 5 बचे करेंगे .

माँ मेरे साइन पैर मुक्के से मरी .

माँ - बदमाश हो बीटा . अपनी माँ को 5 बचो की माँ बनाओगे .

मई - हाँ जी बिलकुल.

माँ मेरे होंठ पैर किश करते हुए मेरे नैक पैर किश करने लगी .



मई - आह्हः माँ लगता है आज आपके बेटे पैर कुछ जयदा hi प्यार आ रहा है.

माँ - उम्म्म हां आज मई अपने बेटे को खा जाउंगी एक दम .

मई - तो खा जाओ माँ अपने बेटे को ऐसे प्यार करो और मुझे बीबी और माँ दोनों का प्यार दो .

मई माँ को अपनी बहो मैं जकड रखा था और उनकी कमर को सेहला रहा था , तभी मुझे सररत सूझी तू मैंने माँ की कमर को ज़ोर से दबा दिया .

माँ - आह्ह्ह्हह्ह बाबू दर्द हो रहा है.

मई - दर्द हो रहा है मेरी माँ को .

माँ हां बहोत जयदा क्यों इतनी ज़ोर से दबाया .

मई - ये प्यार है मेरी माँ के लिए देखो अब दर्द के साथ कितना मजा भी देता हु .

मई माँ के कपडे निकलना सुरु कर दिया.

माँ ने भी मेरा साथ देते हुए अपने कपडे निकलने लगी .



उनके स्टाइल को देख कर मेरा लुंड झटके खाने लगा .

मई - उफ्फ्फ माँ मेरी जान लोगी क्या .

माँ - नहीं मई तो अपने बेटे का आज कुछ और hi लुंगी .

मई - मेरी बेशरम मम्मी .

मैंने माँ को अपनी बहो भर किया और उनके माथे पैर किश किया .



मई - माँ मई आपसे बहोत प्यार करता हु मुझे नहीं पता पास्ट लाइफ जो भी है पैर मई आपसे एक बेटे के तोर पैर बहोत जयदा प्यार करता हु बीबी आप मेरी बाद मैं हो पैर माँ पहले हो .

माँ - मई तुझसे बहोत प्यार करती हु बीटा बस अपनी माँ को कभी अकेला मत चूर्ण और हम सबको साथ ली कर चलना क्यों तुझे प्यार करने वाले बहोत है , कुछ भी करने से पहले सबके बारे मैं सोच लेना.

यहाँ मामला थोड़ा इमोशनल हो गया .

मैंने धीरे धीरे माँ के सरे कपडे निकलने सुरु कर दिए .

मेरे सामने माँ सिर्फ ब्रा पंतय मैं कड़ी थी और वो बहोत खूबसूरत लग रही थी , माँ जैसी औरत मैंने नहीं दिखी पहले हां संगीता भी कुछ काम नहीं माँ से बूत माँ की बात hi अलग है.



माँ - ऐसे मत देख बाबू सरम आ रही है .

मई - माँ उतर दो इस सरम को और आके अपने बाबू के कपडे भी निकल दो .

माँ मेरे पास आई और धीरे धीरे मेरे कपडे निकल दी , अब मई उनके सामने बिलकुल नंगा सिर्फ अंडरवियर मैं खड़ा था .

मई - क्या अपने पति का लुंड नहीं देखोगी माँ .

माँ का चहेरा सरम से लाल हो गया पैर उन्होंने हां मैं सर हिलाया और मेरे अंडरवियर को निकलने लगी .

जिससे मेरा लुंड हो पहले से बड़ा गई गया था उनके सामने आ गया .



माँ - बाबू तेरा लुंड पहले से बड़ा गई गया है .

मई - हां ये आपके कारण हुआ है माँ .

माँ - सच्ची बाबू क्या ये मेरे कारण हुआ है .

मई - हां माँ आप हो hi इतनी हॉट एंड सेक्सी मेरी गधे मोती गांड और चूचियों वाली मम्मी .

माँ - हहै माँ को ऐसे बोलता है बदमाश.

माँ मेरे लुंड को पकड़ लिए जिससे मेरे मुँह से एक ज़ोरदार अह्ह्ह निकली .

माँ - क्या हुआ दर्द हुआ मेरे बाबू को .

मई - नहीं माँ मजा आ रहा ह बहोत ऐसे hi सेहलाओ अपने बेटे का लुंड .

माँ - हां मेरे बचे तेरी ख़ुशी के लिए मई कुछ भी करुँगी .

माँ मेरे लुंड पैर एक ऊँगली से सेहले .

जिससे मेरे जिस्म मैं करंट सा दौड़ गया .



मई - आह्हः माँ ऐसे करोगी तो वक़्त से पहले hi आपके नशे मैं आके झाड़ जाऊंगा .

माँ - तो झाड़ जा न बाबू , शर्मा मत क्या हुआ अगर जल्दी झाड़ गया तो हां .

ये बोलके माँ ने मेरे लुंड को बारे प्यार से अपनी मुँह मैं भर लिया और माँ का ऐसा रूप देख कर मई हैरान था.

मुझे ऐसा फील हो रहा था की मेरा लुंड का टोपा गरुक दूध मैं डूबा दिया हो .

माँ की थूक वो भी गरम मेरे टोपे पैर लग रही थी उनकी झिव मेरे टोपे के छेद पैर थी जिससे मेरा प्रेकम निकला तो माँ वो चाट गई .

मई - अह्ह्ह्हह माआ ऐसे hi आह्ह्ह्हह तुम मुझे पागल कर रही हो .

माँ - उम्म्म्म गलप्प्प ग्लूपप्प्प सलुपपपपप हूँ जा बीटा अपनी माँ के प्यार मैं पागल उम्मम्मम तेरा टोपा बिलकुल रस्गुल्ले जैसा है उम् सलुपपप और तेरा वीर्य भी सलुपपपप .

शायद माँ के मेरे प्रेकम का स्वाद मिल गया था और उससे बड़े मजे से मेरे लुंड के टोपे को चूसे जा रही थी.

मैंने माँ के सर पैर हाथ रखा और माँ के मुँह मैं अपने लुंड को डालने लगा .

माँ - उम्मम्मम्म बेताऑ उम्म्म्म

बेटा उम्मम्मम्मम उम्मम्मम .

ाचा लुंड जाने के बाद मैंने माँ को चोर दिया तो माँ झट से मेरे लुंड को अपनी मुँह से निकल लिया .

माँ खासते हुए मुझे देखने लगी .

माँ - बदमाश ऐसा कोण करता है अपनी माँ के साथ .

मई - सॉरी आपको देख कर ऐसे जयदा जोश मैं आ गया था माँ .

फिर माँ को कंधे से पकड़ा और उठाया.

माँ के होंठो को अपने होंठो से मैं भर लिया और चूसने लगा .

उनकी गांड को दबाते हुए .

माँ मेरा साथ देते हुए मेरी बहो मैं कश्मशाने लगी शायद उनकी छूट गीली हो गई थी और वो साफ़ पता भी चल रहा था क्यों इनकी पंतय भीग चुकी थी .

मैंने माँ की अपने गोद मैं उठाया और बीएड पैर पटक दिया और उनके ऊपर आ गया .

मई - माँ मुझे अपने दूध पिने है .

माँ - पिले न बाबू अपनी माँ के दूध , आखिर कार हर माँ के चूचियों पैर उनके बचो का hi तो हक़ होता है और मेरी चुकी पैर तेरा और कोमल का हक़ है .

मई - हां माँ देखना एक दिन गुड़िया के साथ मिल कर आपकी दोनों मुम्मो को चोसेंगे .

माँ - पैर अभी तो तेरी बरी हुआ मेरे लाल आजा अपनी माँ की दूध पी ले .

मैंने माँ की ब्रा को पकड़ा और फाड़ दिया.

माँ - आह्हः बदमाश निकलने तो देता फाड़ क्यों दिया , एक तो पहले कुढ़ मेरे लिए ख़रीदा है फिर फाड़ भी दिया .

माँ की मंगलसूत्र माँ के दोनों मम्मो के बिच मैं लटक रही थी



मई - क्या करू माँ फाड़ता नहीं तो अपनी ये मोती मोती गिरी चूचिया कैसे देखने को मिलती उम्मम्मम सलुपपप मैंने माँ के निप्पल को मुँह भर लिया और चूसने लगा .

माँ - आह्ह्ह्ह बदमाश धीरे बाबू मई कही भागी नहीं जा रही हु आह्ह्ह्हह्ह बचा आअह्ह्ह चूस बीटा अपनी माँ के निप्पल को .

माँ की बड़ी बड़ी निप्पल्स को मई चूसने लगा मजे से .

माँ मेरे बालो मैं उंगलिया फिरने लगी.

आज कितने दिनों बाद ये मजा माँ को मिल रहा था उनकी जिस्म मैं निचे से ऊपर तक करंट दौड़ रहा था मेरे निप्पल चूसने के कारन.

मई बरी माँ की निप्पल को चूस रहा था और उनकी चूचियों को ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था .

माँ - आह्ह्ह्ह ज़ोर से बीटा मशाल अपनी माँ की चूचियों को आह्ह्ह्ह मशाल दाल दिखा दे इनको इनकी औकात आह्हः .

माँ एक दम गरम हो गई थी .

माँ - बीटा कुछ कर न आह्हः इस्सस ओह्ह्ह्ह बाबू अपनी माँ को क्यों तड़पा रहा है करना कुछ सब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है .

मई - करता हु माँ आपको ऐसे तड़पने कही दूंगा माँ .

मैंने माँ की पंतय पकड़ी जो की गीली हो गई थी उसको निकल के सुंघा उफ्फ्फ क्या खुसबू थी माँ की छूट की .

माँ - बाबू जब पूरी की पूरी माँ की छूट सामने है तो पंतय क्यों सूंघ रहा है आज मेरी छूट चाट न .

मैंने उनकी पंतय फेकि और माँ की टैंगो के बिच अपना सर दाल दिया .

मैंने ज़ोर से सांस ली जिससे माँ की छूट की खुसबू मेरे नाक से होते हुए पुरे जिस्म मैं फाईल गई और मेरा लुंड झटके खाने लगा .

मैंने अपनी झिव निकली और माँ की छूट को एक बात छठा .



माँ - आह्हः बीटा तेरी झिव कितनी गरम है .

माँ ने अपने दोनों हाथो से बीएड को पकड़ लिया .

मैंने माँ की कमर को पकड़ा और उनकी छूट को चाटने लगा .

माँ मुझसे छूटने की कोसिस की पैर मैंने पकड़ राखी थी उनकी कमर को .

माँ - अह्ह्ह्ह इस्स्स्सस्स उफ्फफ्फ्फ़ ahhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्हह उफ्फ्फफ्फ्फ़ माआ बाबूउउउउ अह्ह्ह्हह रोहिततटटटटट . .........

माँ बस्स्स सिसकारियां ली रही थी और मई उनकी छूट को चूसे जा रहा था और बिच बिच मैं उनकी छूट के डेन को सहलाये जा रहा था अपनी झिव से.

माँ को इतना मजा आ रहा था की वो इधर उधर हो रही थी और अपनी कमर जोर जोर से हिला रही थी .

मैंने माँ की जंगो को सहलाते हुए अपने कंधे पैर रख लिया और उसकी पूरी फूली हुई छूट को मुँह मैं भर लिया जिसमें से माँ की जिस्म का राश निकल रहा था म

माँ - आह्ह्ह्हह इस्स्स्सस्स आअह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फ़ बीटा मार डालेगा क्या आह्ह्ह्ह मममममम मममममम .

मई - नहीं माआ उनममं सलुपपपप आपकी छूट मैं जादू है मा उम्म्म्म सलुपपप ममममम सलुपपपप .

5 मिनट्स तक माँ की छूट को चुस्त और छत्ता रहा बिच बिच मैं अपना अन्घुता माँ की गांड की छेद पैर दबा दे रहा तह हल्का सा .

लास्ट मैं माँ से बर्दाश्त नहीं हुआ और माँ झटके कहते हुए और सिसकारियां के साथ झड़ने और उनकी बहना चालू कर दिया .

मई माँ की छूट से बहते राश को लगातार पिए जा रहा था और मैंने एक बून्द तक वास्ते अभी किया चाट चाट कर माँ की छूट को साफ़ किया .

माँ - आह्ह्ह्ह बीटा तुजे मेरी जान निकल डीई सच मैं उफ्फफ्फ्फ़ ऐसा लग रहा है जैसे मेरे जिस्म से मेरी जान निकल गई है छूट से होते हुए .

मैंने माँ की ठगे फैलाई और बिच मैंने आके लेट गया और उनके होंठो को चूमने लगा .

कंटिन्यू
 
अपडेट 117

मेगा अपडेट part 2

माँ बेटे का खूबसूरत सुहागरात

जैसे की आप सबसे लास्ट अपडेट मैं पढ़ा था कैसे मैंने माँ के साथ सुहागरात की शुरुआत की उनको किश किया फिर माँ ने कैसे मेरा लुंड चूसा मैंने माँ की चूचियों को चूसा दबाया और मजे लिए फिर उनकी छूट को बड़े मजे के साथ चूसा ..

अब आगे

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मई और माँ हम दोनों एक दूसरे को किश करे जा रहे है.

वही मेरा लुंड माँ की छूट को सहलाये जा रहा था मजे से .

मैंने वैसे hi माँ को अपनी बहो मैं पकड़ के रखा और उठ गया जिससे माँ मेरी गोद मैं आ गई एक दम उनकी दोनों टंगे मेरे कमर से लिपटी हुई थी .

माँ - आठ बीटा गिर जाऊंगा मई .

मई - नहीं गिरने दूंगा माँ आपको इसीलिए दिन के लिए मैंने अपनी बॉडी बनाई है .

माँ मेरी पीठ को सहलाने लगी उनकी चूचिया मेरे साइन मैं डाभी हुई थी वही मेरा लुंड की छूट मैं जाने के लिए बेताब हो कर सेहरा रहा था और माँ की छूट पैर तप्पड़ मार रहा था .

माँ - आह्हः बाबू देख न कैसे तेरा लुंड मेरी छूट पैर तप्पड़ मार रहा है .

मई - मम्मी वो अपनी छूट मैं घुसा चाहता है बोलो न घुसा दू क्या अपना लुंड अपनी छूट मैं .

माँ - इस्सस हां बाबू घुसा दे अपना लुंड अपनी माँ की छूट मैं जिस छूट से तू इस दुनिया मैं आया है आज उसकी छूट का भोसड़ा बना के .

माँ को किश करते हुए मैंने फिर उनको बीएड पैर लिया दिया उनकी छूट अभी भी बहोत गीली थी क्यों मैंने उनकी छूट चूस चूस के झाड़ा दिया था .

मई माँ की टंगे फैला दी और उनकी छूट पैर अपना लुंड घिसने लगा .



माँ - उम्म्म्म इस्सस आह्हः बाबू तेरे लुंड का टोपा बड़ा मस्त है आह्हः ऐसे घिस उससे मेरी छूट पैर .

माँ की छूट से उनका राश निकल रहा था जो मेरे लुंड पैर लग रहा था .

मई - आठ मा बहोत मजा आ रहा है आपकी छूट पैर अपना लुंड घिसने मैं आठ .

माँ भी अपनी कमर हिला हिला कर मेरे लुंड का मजा ली रही थी .

जब हम दोनों से बर्दाश्त नहीं हुआ थो मैंने धीरे धीरे अपना लुंड माँ की छूट मैं घुसना चालू किया .

माँ - आह्ह्ह्हह बड़ा मोटा और गरम लुंड हैईईई िस्स्सस्स्स्स .



मई - आह्हः इतने मैं hi आप चिल्लाने लगी अभी तो बस मेरा लुंड का टोपा hi गया था मेरी रूबी माँ .

माँ - ओह्ह्ह्हह्ह बाबू मेरी छूट फैट जाएगी बाबू आह्ह्ह्हह्ह .

मई - माआ कुछ नहीं होगा बस्स्स थोड़ा सा बर्दाश्त कर लो उसके बाद आपके मजे hi मजे बस थोड़ा और सहन कर लो उसके बाद मजे hi मजे .

माँ - आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कितना मोटा हाइइइइ आह्हः इससे मजा नहीं सजा मिल रहे है और तू कह रहा है मजे hi hi मजे .

मई - मेरी प्यारी उम्मम्मम माआ .

माँ ने मेरे सर को पकड़ा और किश करने लगी.

मैंने भी माँ की कमर को पकड़ी और हलके से दक्का दिया जिससे मेरा आधा लुंड माँ की छूट मैं घुश गया .

माँ ज़ोर से चिल्लाने की कोसिस की पैर मई उन्हें किश करने लगा और निचे वैसे hi रहा.

माँ की आँखों मैं हलके अंशु भी थे . उनकी आँखों से अंशु को मई पी गया क्र सर को सहलाते हुए उनको धीरे धीरे छोड़ने लगा .

माँ मेरी आँखों मैं देख रही थी और हलके हाथो से मेरी पीठ को सहलाने लगी .

मई झुक कर माँ की निप्पल को मुँह मैं ले लिया और चूसते हुए माँ की छूट मरने लगा.

मेरा आधा लुंड माँ की छूट को चीरते हुए उनकी छूट मैं अंदर बहार जा रहा था .

माँ- िस्स्सस्स आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह फाड् बीटा अपनी माँ की छूट आह्ह्ह्ह छोड़ मुझे आठ ओह्ह्ह्ह छोड़ अपनी बीबी रूबी को आह्हः .

माँ की सिसकारियां पुरे रूम मैं गूंज रही थी .

माँ के मुम्मो को चूसना चोर के मई माँ के होंठो पैर टूट पता क्यों मुझे माँ की बच्चेदानी तक अपना लुंड डालना था .

माँ भी पुरे जोश के साथ मुझे किश कर रही थी और मई उनकी छूट मैं अपना आधा लुंड पेले जा रहा था .

जब हम दोनों के दूसरे मैं खो गए थे तभी मैंने जोर का धक्का मारा जिससे मेरा लुंड माँ की छूट को चीरते हुए उनकी बच्चेदानी मैं जा घुसा .

माँ की आंखे बड़ी हो गई थी मेरे इस धक्के से .

माँ मुझसे छूटने की कोसिस कर रही थी अपने पैरो को हिला रही थी पैर मैंने उनकी काश के अपनी बहो मैं जकड रखा था .

जब मैंने अपने होंठ माँ के होंठो पैर से हेट तब जेक माँ ने जोर से सिसकी ली .

माँ - अह्ह्ह्हह्हह माधरचोद उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ लम्बी लम्बी साँसे लेने रही थी ोरवाही आज माँ ने पहली बार गली दी थी .

मई - बस्स्स माँ बस हो गया देखि मेरा पूरा लुंड आपकी छूट मैं चला गया ह अब आपको तकलीफ नहीं होगी .

माँ खुद को संत करने लगी वही मेरा लुंड जो की माँ की बच्चेदानी मैं पाशा था .

माँ - आह्हः बाबू दर्द हो रहा है निकल ली अपनी माँ की छूट से अपना लुंड मेरे बचे .

मई - थोड़ा सा बस बर्दाश्त कर लो मेरी जान मेरी बीबी मेरी माँ बस्स्स हो गया .

मई माँ किश करते हुए माँ के सर पैर भी किश कर रहा था और उनकी निप्पल को सहलाते हुए अपनी झिव से प्यार कर रहा था माँ को.

मई - उम्म्म्म सलुपपपप सलुपपप माँ दर्द काम हुआ .

माँ - हा थोड़ा सा काम हुआ है अब धीरे धीरे छोड़ बीटा अपनी माँ ाकि छूट आह्हः .

मैंने धीरे धीरे अपना लुंड माँ की बच्चेदानी से खींचा और अपना लुंड अंदर बहार करने लगा .



मई - आह्हः मा आपकी छूट टाइट है बहोत आह्हः ओह्ह्ह्हह गरम भी है आपकी छूट .

मेरा मोटा लम्बा लुंड माँ की छूट को चीरते हुए अंदर बहार हो रहा था मेरे टोपा माँ की बच्चेदानी से लगता जिससे उनकी आंखे ऊपर हो जाती कभी मजे की वजह से तो कभी दर्द की वजह से .

माँ - आह्हः बीटा ाब्ब्ब्ब मेरे पेअर दर्द करने लगे है आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह आह्हः बाबू आह्ह्ह्ह .

मई माँ को पकड़ा और अपने ऊपर ले लिए .

जिससे हुआ ये की माँ ऊपर आ गई और जैसे hi बैठ मेरा लुंड उनकी छूट की झाड़ तक जा घुसा .



माँ - आह्हः बाबू संभल न अपनी माँ को देख न कैसे तेरा लुंड मेरी छूट को दर्द दे रहा है .

मई - आह्ह्ह्ह माँ मज़ा भी तो दे रहा है मेरा लुंड अपनी छूट को आह्ह्ह्ह ऐसे मा बैठी रही कुछ देर .

माँ वैसे hi बैठी रही पैर अपनी कमर गोल गोल घुमा रही थी जिससे मेरा लुंड माँ की छूट के अंदर दीवारों से टकरा रहा था और उससे हम दोनों को मजा आ रहा था .



मई - आह्हः मा मजा आ रहा है आह्हः ऐसे माँ मेरे लुंड पैर बैठ कर चूड़ो माँ आह्हः ओह्ह्ह्ह मा मेरी प्यारी माँ मेरी माँ मेरी रूबी आह्हः .

माँ के बूब्स को दबाने लगा मई उनकी निप्पल्स को भी खींच रहा था .

माँ भी मेरे लुंड का मजा लेते हुए धीरे धीरे अब अपनी कमर हिला के मेरे लुंड पैर उछल रही थी पैर उनकी गांड भरी होने की वजह से उतना नहीं उछला पा रही थी .

मई - आह्हः मा बस ऐसे मेरे लुंड की सवारी करो आज अपनी मोती गढरै को को ऐसे hi हिलाओ आह....

हम दोनों चुदाई के नशे मैं खो गए थे , मुझे और माँ को बस एक चीज दिख रही थी वो थी सेक्स सेक्स सेक्स .



अब मई माँ को छोड़ना लगा था निचे से जिससे रूम मैं बस हम दोनों की चुदाई की सिसकारियां गूंज रही थी और थप थप की आवाज़े .

माँ - बाबू आह्हः बाबू मेरे पति देव आह्हः मई दांया hi गई आपका लुंड लेके अपनी छूट मैं लेके आह्ह्ह्हह मेरे हुब्बी .

मई - मुम्मा आह्ह्ह्ह लू मेरा लुंड अपनी छूट मैं चूड़ो मुझे आह्ह्ह्ह अपने बेटे का लुंड का स्वाद लो आठ .

मम्मी को मई ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा निचे से उनकी छूट की धजिया उड़ाने लगा .

10 मिनट्स तक माँ को अपने लुंड की सवारी करवाई और लास्ट मैं वो झड़ते हुए मेरे ऊपर गिर गई .

मई उनकी बालो को सहलाते हुए नैक पैर किश कर रहा था और धीरे धीरे निचे से छोड़ भी रहा था .

माँ झड़ने के बाद मई अपनी कमर हिला रही थी और अपने बूब्स को मेरे साइन पैर रगड़ रही थी जिससे माँ के एक दम खड़े निप्पल मेरे साइन से रगड़ रही थी ...

माँ के ऐसे करने की वजह से मेरे अंदर का जोश बहार आने लगा .

मैंने माँ को घोड़ी बनाया और एक झटके मैं उनकी छूट मैं अपना लुंड पेल दिया .

जिससे माँ को बहोत दर्द हुआ और पुरे रूम मैं ठप्प की आवाज गूंज गई .

माँ - आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माआ मेरी छूट फैट गई बीटा आह्हः .

माँ को कुटिया बना के पीछे से उनको छोड़ने लगा ज़ोर ज़ोर से से .



माँ - आह्हः बाबू आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह आह्हः धीरे मेर बचा आह्हः बाबू फैट जाएगी तेरी माँ की छुट्ट्ट्ट आह्हः .

मई - नहीं फटेगी माँ आपकी छूट मेरा लुंड लेने के लिए hi बानी है आह्ह्ह्ह चूड़ो माँ अपने बेटे से चूड़ो आह्हः स्स्स्सह्ह्ह्ह क्या मस्त गांड है ाःह .

ये कहते हुए मैंने माँ की गांड पैर ज़ोर से तप्पड़ मारा .

माँ - हां बीटा मेरी छूट तेरे लिए hi बानी है आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह स्स्स्सस्छ्हः ओह्ह्ह्हह फाड़ मेरी छूट आह्ह्ह्ह ,, माँ भी अपनी कमर हिला हिला .

माँ को घोड़ी बना के छोड़ते हुए मई झुके और उनकी गालो को चूमने लगा .



मई - ी लव यू रूबी मेरी जान .

माँ - ी लव यू तू रोहित ऐसे hi छोड़ो अपनी बीबी को आह्हः ऐसे जान .

माँ अपनी आंखे बंद किये चुद रही थी और सिसकारियां ली रही थी .



उनको छोड़ते हुए मैं उनकी पीठ को भी चूमता और उनकी गांड को अचे दबाते हुए सहलाता .

माँ को कुटिया बने के छोड़ते हुए मुझे 15 मिनट्स से ऊपर हो गए थे .

मैंने फिर से माँ को अपनी तरफ घुमाया और बीएड पैर अचे से लेता कर उनकी छूट मैं अपना लुंड दाल दिया और छोड़ने लगा .

अब मेरा रुकना मुश्किल हो गया था इसीलिए मैंने अपनी स्पीड भद्दा दी और जैम के उनकी छूट मरने लगा .

माँ की चूचिया हवा मैं हिल रही थी जिससे मेरी मम्मी रूबी बहोत सेक्सी लग रही थी , उनका पूरा जिस्म पशीने से भीगा हुआ था और शामे मेरा भी वैसा hi हालत था .



माँ - आह्हः बीटा मेरी छूट मैं अब दर्द हो रहा है अब तो मुझे याद भी नहीं की मई जितनी बार झड़ी हु.

मई - आह्ह्ह्ह मा बस hi गया आह्हः मई भी झड़ने वाला हु आपकी छूट मैं अपनी माँ की छूट मैं अपना वीर्य डालूंगा .

माँ - आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह सससससस उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आह्हः दाल दे बीटा अपनी माँ की छूट मैं अपन वीर्य आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह हां आह्हः मेरी छूट पैर तू आपका हक़ जमा ले अपना वीर्य दाल के .

माँ को मई ज़ोर ज़ोर से छोटे हुए उनकी चूचियों को चूसने लगा जिससे माँ इतनी गरम हो गई की वो झटके कहते हुए झड़ने लगी और उनकी छूट से गरम गरम पानी मेरे लुंड से होते हुए बीएड पैर गिरने लगा . ....

माँ की छूट की गर्मी को मेरा लुंड बर्दाश्त नहीं कर सका और उनके जस्ट बाद hi मैं भी माँ की छूट मैं झड़ने लगा .

धीरे धीरे मेरा वीर्य मेरे लुंड से होते हुए उनकी छूट की दीवारों को चीरते हुए उनकी बच्चेदानी मैं जाने लगी .

मई काम से काम 30 सेकंड से ऊपर तक माँ की छूट मैं वीर्य की पिचकारी चोरता रहा .

जब मेरे लुंड से वीर्य निकलना बंद हुआ मई माँ के ऊपर गिर पड़ा और माँ ने भी मुझे ज़ोर से पकड़ लिया .

मेरे माथे पैर किश करते हुए माँ मेरे बालो मैं उंगलिया फिरने लगी वही निचे अभी भी मई अपना लुंड माँ की छूट मैं अंदर बहार धीरे धीरे कर रहा था जिससे मेरे वीर्य माँ की छूट से बेहटा हुआ बहार निकल रहा था , माँ की छूट और मेरा लुंड दोनों वीर्य और हलके खून से भर हुआ था .



ऐसे करते हुए मई माँ की बहो मैं पड़ा रहा बहोत ढेर तक जब तक माँ ने मुझे खुद नहीं बोलै की उनको बाथरूम जाना है .

कंटिन्यू

बहोत को लग रहा होगा की 2ंद अपडेट 1 दिन बाद क्यों दिया तो गाए थोड़ा टाइम दो अपनी राइटर वाले फॉर्म को वापस लेन दो उसके बाद रोज रेगुलर अपडेट दूंगा अपनी इस फवौरीते स्टोरी पैर और बाकि के स्टोरी पैर भी
 
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