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- Dec 5, 2013
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अपडेट 124
जैसे की अपने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा कैसे बुआ के साथ सोफे पैर बात करते करते सू गया जब उठा तो सब हमे हिद देख रहे थे तो हम शर्मा के भाग गए फिर रात को डिनर के बाद रिया जिया और अपने रूम मैं भेज दिया उसके बाद माँ और बुआ के को किश किया रूम मैं फिर उन् दोनों को चोर के अपनी डार्लिंग रंडी दादी के रूम मैं आ गया जहा वो सिर्फ ब्रा पंतय मैं थी...
अब आगे
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दादी को बीएड पैर ले जेक पटक दिया और एक झटके मैं उनकी पंतय फाड़ के निकल दी....
दादी के मुँह से ज़ोर की सिसकी निकली .
दादी - अहहह मेरे राजा आराम से अपनी दादी पैर थोड़ा रहम कर ....
मई - मेरी रंडी दादी आज तो तुझे नहीं छोड़ूंगा बिलकुल कोठे की रंडी की तरह छोडूंगा ताकि तेरी छूट फैट जाये ...
दादी - उफ्फ्फ बीटा देख तेरी बातें सुन्न कर मेरी छूट पानी चोर्ने लगी....
मई - तेरी छूट इसीलिए पानी चोर्ने लगी क्यों की तेरे पोते का लुंड लेन वाला है तेरी रंडी छूट मैं मेरी डार्लिंग रंडी दादी .
दादी की टंगे फैला के उनकी गोली छूट को अपने मुँह मैं भर लिया .
दादी के गीली छूट से बहोत बदल खुसबू आ रही थी जो मेरे लुंड मैं खून की रफ़्तार बढ़ा रही थी .
दादी की छूट को मुँह भर के बिलकुल जैसे आम को चूसते है वैसे hi मई दादी की छूट को चूसने लगा .
दादी अपने मुँह पैर हाथ रख कर मायनिंग करने लगी .
दादी के छूट से निकलने वाले राश को मैं बड़े मजे से चूस रहा था .
दादी - आह्ह्ह्ह बाबू चूस अपनी रंडी दादी की छुट्ट्ट्ट आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह बड़ा मजा आ रहा है रोहित मेरे बचे आह्ह्ह्हह ऐसे अपनी दादी की छूट को खायआ......
मई - उम्मम्मम साली रंडी तुझे क्यों नहीं मजा आएगा रंडी दादी कभी छूट तो तूने छतवई नहीं होगी .
दादी - आह्हः बाबू हां मेरे मालिक मेरे पोते जो मजा तूने दिया है वो मजा तेरे दादा कभी नहीं दे पाए मुझे आह्ह्हह्ह्ह्ह .
मई - तभी तू सिर्फ उनकी पत्नी थी पैर मेरी तू रंडी भी है और बीबी भी .
मैंने दादी की छूट की चमड़ी को अपने दातो से काटने लगा जिससे चलते दादी के मुँह से ज़ोर से आवाज़ निकली .
दादी - आह्ह्हह्ह्ह्ह मर गई माधरचोद आह्ह्ह्हह्ह कितना दर्द हो रहा है आह्हः ओह्ह्ह्हह्ह माआ उम्मम्मम्म ...
मई - चिल्ला साली रंडी दादी पुरे घर को बता दे की तू मेरी रंडी है और चुद रही है मेरे से .
दादी - आह्हः बीटा काट मत दर्द हो रहा है आह्ह्ह्हह तू जैसा कहेगा मई करूँगा बोल तो अभी सबको पता दू की मई तेरी रंडी हूउउउउ आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह...
दादी की क्लीट को अपने मुँह मैं भरा और बड़े प्यार से चूसते हुए उनकी आँखों मैं देखा जिसमें सिर्फ मेरे लिए प्यार hi था .
मई - मेरी डार्लिंग उम्म्म्म दादी क्या हुआ जो इतने प्यार से देख रही है उम्म्म्म सलुपपप बता न रंडी दादी .
दादी - तू है hi इतना प्यारा जब भी तुझे देखती हु लगता है खाश तुझे जवानी मैं मिली होती तो तुझसे सधी कर के बचे पैदा करती .....
बच्चे वाली बात पैर दादी थोड़ी साद hi गई .
मैंने दादी की छूट चेतना चोर दादी के फेस को पकड़ा और उनकी आँखों मैं देखता हुए दादी को किश करने लगा.
वही मेरा लुंड दादी छूट पैर टिका हुआ था और उनकी छूट मैं घुसने की कोसिस कर रहा था...
मई - उम्म्म्म मेरी डार्लिंग दादी ऐसे साद है हुआ करो अगर आपकी सधी नहीं होती तो फिर मई कैसे पैदा होगा मेरी रंडी डार्लिंग दादी बताओ....
दादी भी मेरी बात सुनंने के बाद मुझे किश करते हुए अपने हाथो से मेरा लुंड पकड़ और अपनी छूट पैर सेट करने के बाद निचे से धक्का दिया जिससे मेरा लुंड दादी की छूट मैं घुसता चला गया .
दादी - आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बाबू तेरा लुंड पहले से मोटा और बड़ा हो गया है ....
मई - हां मेरी रंडी दादी तेरी छूट भी तो पहले से टाइट लग रही है बोल साली क्या लगा रही है अपने भोसड़े मैं . ...
दादी - अह्ह्ह्ह बीटा छोड़ आह्हः ओह्ह्ह्ह मा आह्ह्ह्हह बीटा मई एक तरह की क्रीम लगा रही हु अपने भोसड़े मैं ताकि मेरे पोते को और भी मजा आये छोड़ने मैं मुझे आअह्ह्ह छोड़ आह्हः बाबू अपनी रंडी दादी का भोसड़ा फाड़ से .
मई - आह्ह्ह्ह दादी मेरी सुमा मेरी जान ले साली चुद आठ चुद मेरी रंडी ...
दादी अपनी कमर उठा उठा के मेरा लुंड अपने बच्चेदानी मैं ली रही थी .
मेरा लुंड का टोपा बार बार दादी के बच्चेदानी मैं घुश रहा था और निकल रहा था जिससे दादी को और भी मजा आए रहा था .
कुछ ढेर की चुदाई मैं दादी की छूट ने पानी चूर्ण स्टार्ट कर दिया .
जिससे बाद दादी को ए.बी.ए. हल्का दलका दर्द होने लगा था .
दादी : आह्हः बीटा थोड़ा रुक ना आह्ह्ह्ह मेरे बचे अपनी रंडी दादी की थोड़ा आराम से .
मई - बस मेरी जान थोड़ी ढेर बाद फिर से तुझे मजा आने लगेगा .
मैंने दादी को पलटा और उनकी पेट के निचे तकिया लगा दिया और फिर पीछे से उनकी छूट मैं लुंड पेल दिया .
हमारी चुदाई से रूम मैं थप थप की आवाज़े होने लगी एक तो दादी की छूट की पानी की वजह से और भी आवाज़े हो रहे थी .
बस दादी की सिसकारियां और ठप्प ठप्प्प तस्प्प्प तस्प्प्प तस्प्प्प की अव्वाज़े गूंज रही थी .
मई - ाः दादी पता नहीं क्या मजा है तेरी छूट मैं आह्हः साली आह्ह्ह्ह .
दादी - आह्ह्ह्ह सच मैं तेरे लुंड मैं भी जादू है ओह्ह्ह्ह मेरे बचे फाड़ अपनी दादी की छूट आह्ह्ह्ह बड़ा मजा आ रहा है .
मई - ाचा ैसिव बात है तो गांड भी फाड़ देता हु मेरी रंडी सुमा .
दादी - ाहब बीटा बड़े दिन hi गया तूने गांड नहीं मरी दाल दे लुंड मेरी गांड मैं .
मैंने आपका लुंड दादी की छूट से निकली और उनकी गांड की छेद पैर सेट कर के डालने लगा .
दादी - ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह धीरे डालना बड़ा दर्द हो रहा है .
मई - ज़रूर मेरी पत्नी सुमा तुझे दर्द थोड़ी दूंगा सिर्फ मजा दूंगा .
कुछ ढेर बाद दादी को भी मजा आने लगा गांड मरवाने मैं .
अब मेरा लुंड बड़े आराम से दादी की गांड मैं जा रहा था .
कुछ ढेर तक दादी को कुटिया बना के गांड मरने के बाद मई लेट गया और उनकी अपन ऊपर बैठ लिया .
चुदाई के वक़्त दादी के चेहरे का एक्सप्रेशन बड़े मस्त थे जिसको देख कर मेरा लुंड और भी गरम हो रहा था....
दादी - आह्हः बीटा कितने दिनों बाद इतना मजा आ रहा है चुदाई मैं उफ्फ्फ्फ़ बस एसीई वक़्त वक़्त पैर अपनी इस भूदि दादी की सेवा कर दिया कर ताकि आराम से कर सकू मैं .
मरने की नाम पैर मैंने दादी के गाल पैर तप्पड़ मार दिया
दादी भी मेरा लुंड अपनी छूट मैं लेते हुए धीरे धीरे मेरे लुंड पैर उछलने लगी .
दादी की बड़ी बड़ी चूचिया हवे मैं उछाल रही थी वही मेरा लुंड दादी की छूट फाड़ते हुए उनकी बच्चेदानी मैं घुश रहा था .
हम दोनों चुदाई के माहौल मैं एक दम खो से गए थे जिसके चलते हमे पता नहीं चला की बहार से माँ के बुआ दोनों हमारी धुआँ दार चुदाई देख रही है और एक दूसरे की चूचियों को दबा रही है .
बहार बुआ माँ से बोली ...
बुआ - भाभी देखो न रोहित कैसे माँ को छोड़ रहा है .
माँ - मुझे तो पहले से पता है और तुझे भी पैर आज लाइव चुदाई देख कर पता चला माँ जी अभी भी कितनी जवान है ...
बुआ - आठ दीदी अपने तो रोहित से छुड़वा लिया है पता नहीं मेरा नंबर कब आएगा .. देखो न मेरी छूट कितनी गीली हो गई है .
वही अंदर दादी की छूट ने तिश्री बार पानी चोर दिया था जिसके चलते बीएड भी गिला हो गया था .
मई - आह्हः मेरी सुमा डार्लिंग आज भी तेरी छूट मैं कितना डैम है की 3 बार झड़ने के बाद भी तू ऐसे चुदाई मैं तिकी हुई है जबकि आज कल की लड़किया 1 बात झड़ने पैर hi दम तोड़ देती है .....
दादी मेरी बात सुन्न कर और जोश मैं आके अपनी कमर हिला कर मेरा लुंड अपनी छूट मैं लेने लगी ...
दादी - आह्हः बीटा बहोत पुराणी खिलाडी हु भले hi मेरे जिंदगी मैं तेरे दादा के सिवाए कोई दूसरा मर्द नहीं आया है पैर तेरे सिवा तेरे दादा टिक भी नहीं पते थे मेरे छूट के सामने एक तू hi है जो मेरी छूट की आग की संत कर देता है इसीलिए तो मई तेरी दीवानी हु....
मई - आह्ह्ह्ह रंडी साली लिए अब आज तेरी छूट की आग संत करता हु .
मैंने दादी को बीएड पैर गिरा दिया और उनकी टैंगो को अपने कंधे पैर रख कर एक hi झटके मैं अपने लुंड पेल दिया उनकी छूट मैं ....
दादी भी मेरा पूरा साथ देते हुए अपनी कमर हिला कर छुड़वा रही थी और ज़ोर ज़ोर से आवाज़े कर रही थी .
बहार से माँ और बुआ एक दूसरे को किश करते हुए हमारी चुदाई देख रही थी और दोनों की छूट पानी चोर रही थी .
माँ - आह्हः मेरा मर्द बीटा फाड़ दे अपनी दादी की छूट कोऊ .
बुआ - हां जणू फाड़ दे मेरी रंडी माँ सुमा की छूट को ...
आधे जानते की चुदाई के बाद जब मई झड़ने वाला था तब ...
मई - दादी मई झड़ने वाला हु बताओ कहा गिरौं अपन भिज ..
दादी - आह्ह्ह्ह बाबू मई तो माँ नहीं बन सकती हु तो तू दाल दे अपनी दादी की छूट मैं ...
मैंने अपनी स्पीड भद्दा दी और दादी और हुमच मंच के छोड़ने लगा मेरी चुड़क्कड़ दादी भी झड़ने वाली थी इसीलिए वो भी अपनी टंगे हवा उठाये छुड़वा रही थी .
अब उनकी टंगे मेरे कंधे पैर नहीं थी जिसके चलते मेरे लुंड के अंदर तक जा रहा था .
आखिर खार हम दोनों एक दूसरे को बहोत मैं ले कर झड़ने लगे .
दादी और मई दोनों पशीने मैं लत लत थे .
जब मैंने अपना लुंड उनकी छूट से निकला उसके कुछ देर बाद दादी की छूट से गधा वीर्य उनकी छूट के राश के साथ निकलने लगा .
दादी ने उससे अपनी उंगलिओ मैं लिया और चाट गई सब सब एक बून्द भी वास्ते नहीं किया....
मई वही लेता रहा और आराम करने लगा.. दादी उठ कर बाथरूम चली गई और फ्रेश हो कर आई और उनके हाथो मैं एक गिला तालिया था जिससे दादी ने मेरे लुंड को अचे से साफ़ किया और मेरे बहो मैं आ कर लेट गई ...
मैंने दादी के फेस को पकड़ा और उनको चूमने लगा .
कुछ ढेर तक किश करने के बाद मैं उठा के दादी को गुड नाईट बोल कर अपने रूम मैं जाने लगा वही माँ के बुआ हमारी चुदाई के ख़तम होने के बाद hi अपने रूम मैं चली गई थी...
जब मैं अपने रूम मैं पंहुचा तब देखा रिया और जिया दोनों मेरे बीएड पैर लेते लेते मेरे इंतज़ार कर रही थी मेरे आते hi उठ कर बैठ गई .
कंटिन्यू
नेक्स्ट अपडेट तब दूंगा जब फिर से 20 लिखे आएगा इस अपडेट पैर तो जितनी जल्दी हो सके कर दो लिखे टारगेट पूरा
जैसे की अपने लास्ट अपडेट मैं पढ़ा कैसे बुआ के साथ सोफे पैर बात करते करते सू गया जब उठा तो सब हमे हिद देख रहे थे तो हम शर्मा के भाग गए फिर रात को डिनर के बाद रिया जिया और अपने रूम मैं भेज दिया उसके बाद माँ और बुआ के को किश किया रूम मैं फिर उन् दोनों को चोर के अपनी डार्लिंग रंडी दादी के रूम मैं आ गया जहा वो सिर्फ ब्रा पंतय मैं थी...
अब आगे
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दादी को बीएड पैर ले जेक पटक दिया और एक झटके मैं उनकी पंतय फाड़ के निकल दी....
दादी के मुँह से ज़ोर की सिसकी निकली .
दादी - अहहह मेरे राजा आराम से अपनी दादी पैर थोड़ा रहम कर ....
मई - मेरी रंडी दादी आज तो तुझे नहीं छोड़ूंगा बिलकुल कोठे की रंडी की तरह छोडूंगा ताकि तेरी छूट फैट जाये ...
दादी - उफ्फ्फ बीटा देख तेरी बातें सुन्न कर मेरी छूट पानी चोर्ने लगी....
मई - तेरी छूट इसीलिए पानी चोर्ने लगी क्यों की तेरे पोते का लुंड लेन वाला है तेरी रंडी छूट मैं मेरी डार्लिंग रंडी दादी .
दादी की टंगे फैला के उनकी गोली छूट को अपने मुँह मैं भर लिया .
दादी के गीली छूट से बहोत बदल खुसबू आ रही थी जो मेरे लुंड मैं खून की रफ़्तार बढ़ा रही थी .
दादी की छूट को मुँह भर के बिलकुल जैसे आम को चूसते है वैसे hi मई दादी की छूट को चूसने लगा .
दादी अपने मुँह पैर हाथ रख कर मायनिंग करने लगी .
दादी के छूट से निकलने वाले राश को मैं बड़े मजे से चूस रहा था .
दादी - आह्ह्ह्ह बाबू चूस अपनी रंडी दादी की छुट्ट्ट्ट आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह बड़ा मजा आ रहा है रोहित मेरे बचे आह्ह्ह्हह ऐसे अपनी दादी की छूट को खायआ......
मई - उम्मम्मम साली रंडी तुझे क्यों नहीं मजा आएगा रंडी दादी कभी छूट तो तूने छतवई नहीं होगी .
दादी - आह्हः बाबू हां मेरे मालिक मेरे पोते जो मजा तूने दिया है वो मजा तेरे दादा कभी नहीं दे पाए मुझे आह्ह्हह्ह्ह्ह .
मई - तभी तू सिर्फ उनकी पत्नी थी पैर मेरी तू रंडी भी है और बीबी भी .
मैंने दादी की छूट की चमड़ी को अपने दातो से काटने लगा जिससे चलते दादी के मुँह से ज़ोर से आवाज़ निकली .
दादी - आह्ह्हह्ह्ह्ह मर गई माधरचोद आह्ह्ह्हह्ह कितना दर्द हो रहा है आह्हः ओह्ह्ह्हह्ह माआ उम्मम्मम्म ...
मई - चिल्ला साली रंडी दादी पुरे घर को बता दे की तू मेरी रंडी है और चुद रही है मेरे से .
दादी - आह्हः बीटा काट मत दर्द हो रहा है आह्ह्ह्हह तू जैसा कहेगा मई करूँगा बोल तो अभी सबको पता दू की मई तेरी रंडी हूउउउउ आह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह...
दादी की क्लीट को अपने मुँह मैं भरा और बड़े प्यार से चूसते हुए उनकी आँखों मैं देखा जिसमें सिर्फ मेरे लिए प्यार hi था .
मई - मेरी डार्लिंग उम्म्म्म दादी क्या हुआ जो इतने प्यार से देख रही है उम्म्म्म सलुपपप बता न रंडी दादी .
दादी - तू है hi इतना प्यारा जब भी तुझे देखती हु लगता है खाश तुझे जवानी मैं मिली होती तो तुझसे सधी कर के बचे पैदा करती .....
बच्चे वाली बात पैर दादी थोड़ी साद hi गई .
मैंने दादी की छूट चेतना चोर दादी के फेस को पकड़ा और उनकी आँखों मैं देखता हुए दादी को किश करने लगा.
वही मेरा लुंड दादी छूट पैर टिका हुआ था और उनकी छूट मैं घुसने की कोसिस कर रहा था...
मई - उम्म्म्म मेरी डार्लिंग दादी ऐसे साद है हुआ करो अगर आपकी सधी नहीं होती तो फिर मई कैसे पैदा होगा मेरी रंडी डार्लिंग दादी बताओ....
दादी भी मेरी बात सुनंने के बाद मुझे किश करते हुए अपने हाथो से मेरा लुंड पकड़ और अपनी छूट पैर सेट करने के बाद निचे से धक्का दिया जिससे मेरा लुंड दादी की छूट मैं घुसता चला गया .
दादी - आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बाबू तेरा लुंड पहले से मोटा और बड़ा हो गया है ....
मई - हां मेरी रंडी दादी तेरी छूट भी तो पहले से टाइट लग रही है बोल साली क्या लगा रही है अपने भोसड़े मैं . ...
दादी - अह्ह्ह्ह बीटा छोड़ आह्हः ओह्ह्ह्ह मा आह्ह्ह्हह बीटा मई एक तरह की क्रीम लगा रही हु अपने भोसड़े मैं ताकि मेरे पोते को और भी मजा आये छोड़ने मैं मुझे आअह्ह्ह छोड़ आह्हः बाबू अपनी रंडी दादी का भोसड़ा फाड़ से .
मई - आह्ह्ह्ह दादी मेरी सुमा मेरी जान ले साली चुद आठ चुद मेरी रंडी ...
दादी अपनी कमर उठा उठा के मेरा लुंड अपने बच्चेदानी मैं ली रही थी .
मेरा लुंड का टोपा बार बार दादी के बच्चेदानी मैं घुश रहा था और निकल रहा था जिससे दादी को और भी मजा आए रहा था .
कुछ ढेर की चुदाई मैं दादी की छूट ने पानी चूर्ण स्टार्ट कर दिया .
जिससे बाद दादी को ए.बी.ए. हल्का दलका दर्द होने लगा था .
दादी : आह्हः बीटा थोड़ा रुक ना आह्ह्ह्ह मेरे बचे अपनी रंडी दादी की थोड़ा आराम से .
मई - बस मेरी जान थोड़ी ढेर बाद फिर से तुझे मजा आने लगेगा .
मैंने दादी को पलटा और उनकी पेट के निचे तकिया लगा दिया और फिर पीछे से उनकी छूट मैं लुंड पेल दिया .
हमारी चुदाई से रूम मैं थप थप की आवाज़े होने लगी एक तो दादी की छूट की पानी की वजह से और भी आवाज़े हो रहे थी .
बस दादी की सिसकारियां और ठप्प ठप्प्प तस्प्प्प तस्प्प्प तस्प्प्प की अव्वाज़े गूंज रही थी .
मई - ाः दादी पता नहीं क्या मजा है तेरी छूट मैं आह्हः साली आह्ह्ह्ह .
दादी - आह्ह्ह्ह सच मैं तेरे लुंड मैं भी जादू है ओह्ह्ह्ह मेरे बचे फाड़ अपनी दादी की छूट आह्ह्ह्ह बड़ा मजा आ रहा है .
मई - ाचा ैसिव बात है तो गांड भी फाड़ देता हु मेरी रंडी सुमा .
दादी - ाहब बीटा बड़े दिन hi गया तूने गांड नहीं मरी दाल दे लुंड मेरी गांड मैं .
मैंने आपका लुंड दादी की छूट से निकली और उनकी गांड की छेद पैर सेट कर के डालने लगा .
दादी - ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह धीरे डालना बड़ा दर्द हो रहा है .
मई - ज़रूर मेरी पत्नी सुमा तुझे दर्द थोड़ी दूंगा सिर्फ मजा दूंगा .
कुछ ढेर बाद दादी को भी मजा आने लगा गांड मरवाने मैं .
अब मेरा लुंड बड़े आराम से दादी की गांड मैं जा रहा था .
कुछ ढेर तक दादी को कुटिया बना के गांड मरने के बाद मई लेट गया और उनकी अपन ऊपर बैठ लिया .
चुदाई के वक़्त दादी के चेहरे का एक्सप्रेशन बड़े मस्त थे जिसको देख कर मेरा लुंड और भी गरम हो रहा था....
दादी - आह्हः बीटा कितने दिनों बाद इतना मजा आ रहा है चुदाई मैं उफ्फ्फ्फ़ बस एसीई वक़्त वक़्त पैर अपनी इस भूदि दादी की सेवा कर दिया कर ताकि आराम से कर सकू मैं .
मरने की नाम पैर मैंने दादी के गाल पैर तप्पड़ मार दिया
दादी भी मेरा लुंड अपनी छूट मैं लेते हुए धीरे धीरे मेरे लुंड पैर उछलने लगी .
दादी की बड़ी बड़ी चूचिया हवे मैं उछाल रही थी वही मेरा लुंड दादी की छूट फाड़ते हुए उनकी बच्चेदानी मैं घुश रहा था .
हम दोनों चुदाई के माहौल मैं एक दम खो से गए थे जिसके चलते हमे पता नहीं चला की बहार से माँ के बुआ दोनों हमारी धुआँ दार चुदाई देख रही है और एक दूसरे की चूचियों को दबा रही है .
बहार बुआ माँ से बोली ...
बुआ - भाभी देखो न रोहित कैसे माँ को छोड़ रहा है .
माँ - मुझे तो पहले से पता है और तुझे भी पैर आज लाइव चुदाई देख कर पता चला माँ जी अभी भी कितनी जवान है ...
बुआ - आठ दीदी अपने तो रोहित से छुड़वा लिया है पता नहीं मेरा नंबर कब आएगा .. देखो न मेरी छूट कितनी गीली हो गई है .
वही अंदर दादी की छूट ने तिश्री बार पानी चोर दिया था जिसके चलते बीएड भी गिला हो गया था .
मई - आह्हः मेरी सुमा डार्लिंग आज भी तेरी छूट मैं कितना डैम है की 3 बार झड़ने के बाद भी तू ऐसे चुदाई मैं तिकी हुई है जबकि आज कल की लड़किया 1 बात झड़ने पैर hi दम तोड़ देती है .....
दादी मेरी बात सुन्न कर और जोश मैं आके अपनी कमर हिला कर मेरा लुंड अपनी छूट मैं लेने लगी ...
दादी - आह्हः बीटा बहोत पुराणी खिलाडी हु भले hi मेरे जिंदगी मैं तेरे दादा के सिवाए कोई दूसरा मर्द नहीं आया है पैर तेरे सिवा तेरे दादा टिक भी नहीं पते थे मेरे छूट के सामने एक तू hi है जो मेरी छूट की आग की संत कर देता है इसीलिए तो मई तेरी दीवानी हु....
मई - आह्ह्ह्ह रंडी साली लिए अब आज तेरी छूट की आग संत करता हु .
मैंने दादी को बीएड पैर गिरा दिया और उनकी टैंगो को अपने कंधे पैर रख कर एक hi झटके मैं अपने लुंड पेल दिया उनकी छूट मैं ....
दादी भी मेरा पूरा साथ देते हुए अपनी कमर हिला कर छुड़वा रही थी और ज़ोर ज़ोर से आवाज़े कर रही थी .
बहार से माँ और बुआ एक दूसरे को किश करते हुए हमारी चुदाई देख रही थी और दोनों की छूट पानी चोर रही थी .
माँ - आह्हः मेरा मर्द बीटा फाड़ दे अपनी दादी की छूट कोऊ .
बुआ - हां जणू फाड़ दे मेरी रंडी माँ सुमा की छूट को ...
आधे जानते की चुदाई के बाद जब मई झड़ने वाला था तब ...
मई - दादी मई झड़ने वाला हु बताओ कहा गिरौं अपन भिज ..
दादी - आह्ह्ह्ह बाबू मई तो माँ नहीं बन सकती हु तो तू दाल दे अपनी दादी की छूट मैं ...
मैंने अपनी स्पीड भद्दा दी और दादी और हुमच मंच के छोड़ने लगा मेरी चुड़क्कड़ दादी भी झड़ने वाली थी इसीलिए वो भी अपनी टंगे हवा उठाये छुड़वा रही थी .
अब उनकी टंगे मेरे कंधे पैर नहीं थी जिसके चलते मेरे लुंड के अंदर तक जा रहा था .
आखिर खार हम दोनों एक दूसरे को बहोत मैं ले कर झड़ने लगे .
दादी और मई दोनों पशीने मैं लत लत थे .
जब मैंने अपना लुंड उनकी छूट से निकला उसके कुछ देर बाद दादी की छूट से गधा वीर्य उनकी छूट के राश के साथ निकलने लगा .
दादी ने उससे अपनी उंगलिओ मैं लिया और चाट गई सब सब एक बून्द भी वास्ते नहीं किया....
मई वही लेता रहा और आराम करने लगा.. दादी उठ कर बाथरूम चली गई और फ्रेश हो कर आई और उनके हाथो मैं एक गिला तालिया था जिससे दादी ने मेरे लुंड को अचे से साफ़ किया और मेरे बहो मैं आ कर लेट गई ...
मैंने दादी के फेस को पकड़ा और उनको चूमने लगा .
कुछ ढेर तक किश करने के बाद मैं उठा के दादी को गुड नाईट बोल कर अपने रूम मैं जाने लगा वही माँ के बुआ हमारी चुदाई के ख़तम होने के बाद hi अपने रूम मैं चली गई थी...
जब मैं अपने रूम मैं पंहुचा तब देखा रिया और जिया दोनों मेरे बीएड पैर लेते लेते मेरे इंतज़ार कर रही थी मेरे आते hi उठ कर बैठ गई .
कंटिन्यू
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