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लास्ट अपडेट में अपने देखा कैसे कर्मा के पापा अपनी बहिन को बाघ में छोड़ रहे होते हैं और कर्मा वहां पहुंच जाता है अब आगे...
अपडेट 18
पापा उनकी गांड बहुत तेज़ी से मार रहे थे और मैं उन्हें देखकर अपना लुंड हिला रहा था... तभी मेरे मन में आया के मेरा इतना ठरकी होना... अपनी माँ जैसी ममता चाची को chodna...behan सामान पल्ली को pelna..or अपनी माँ को छोड़ने की इच्छा रखना गलत नहीं है बल्कि बिलकुल जायज़ hai...mere ठरकी होने के पीछे की वजह मेरे पापा है... मुझे ठरक और हवस उनसे hi मिली है ये मेरे खून में hai...isi वजह से मैं इतना बड़ा छोड़ू hun...wo अपनी सगी बहिन की यहाँ खुले में गांड मार सकते हैं तो मैं अपनी माँ क्यों नहीं छोड़ सकता...
ये सोच रहा था के मसरा ख्याल बापिस उन पर गया अब उन्होंने पोजीशन चेंज कर ली थी अब पापा नीचे लेते थे और बुआ उनके ऊपर थी उनकी तरफ पीठ करके उन पर लेती हुई थी और लुंड पर उछाल रही थी...

बुआ अपनी गांड लुंड पर पटक रही थी उनकी आँखों में एक अलग hi जोश था, पापा उनके चूतड़ पकड़ कर उन्हें अपने लुंड पर उछाल रहे the...bua के छूछे बहुत तेज़ी के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे...
बुआ- भैया भर दो मेरी गांड आअह्ह्ह्ह भैया तुमसे गांड मरवाने का अलग hi मज़ा hai...aaahhhh... कैसी लग रही है अपनी बहिन की गांड भैया....
पापा- तेरी गांड हमेशा की तरह माखन से भरी हुई है behna...man करता है बस पूरी ज़िन्दगी तेरी गांड में लुंड घुसेड़ कर रखूं... आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..
मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मेरे लुंड ने वहीं पर पिचकारी छोड़ di...but लुंड अभी भी खड़ा था और मैंने उसे हिलना जारी rakha...itne कामुक नज़ारे को देखकर शायद hi कोई लुंड शांत बैठे... मैंने देखा इस बार पापा फिर से पोजीशन चेंज कर रहे है..
उन्होंने बुआ को खड़ा किआ और पेड़ के सहारे झुका दिए अब बुआ की बड़ी गांड उभर गयी और बड़ी लग रही थी मेरा मन तो हुआ के अभी भाग कर जाऊं और अपना लुंड घुसेड़ दू बूत रुका रहा.. फिर पापा ने पीछे से एक बार फिर अपना लुंड बुआ की गांड में घुसेड़ dia...or उनकी कमर पकड़ कर तेज़ी से उनकी गांड मारने लगे...

उनके धक्के अब बहुत तेज़ होते जा रहे थे बुआ और पापा दोनों hi बस आठ अह्ह्ह करके सिसकिया भर रहे थे बूत कुछ बोल नहीं रहे the....or हर मिनट के बाद उनके धक्के तेज़ होते जा रहे थे बस थप थप थप की आवाज़ आ रही थी के तभी एक बुआ की ाः हुई और वो झड़ने लगी और उसी समय पापा भी हनणननणम करके बुआ की गांड से बिलकुल चिपक गए और झड़ने लगे... उन्होंने अपना सारा रास बुआ की गांड में उढेल dia....or कुछ मिंटो बाद उन्होंने अपना लुंड बुआ की गांड से निकला बुआ वही घुटनो पशर बैठ गयी और हांफ रही थी उनकी गांड से पापा का रास बाह कर बहार आ रहा tha...or फिर पापा ने बुआ के मुँह की तरफ अपना लुंड किआ तो बुआ ने जल्दी से उसे मुँह में ले लिए और चूस चूस कर साफ़ करने लगी ..

बुआ तब तक पापा का लुंड चूसती रही जब तक वो बिलकुल साफ़ न हो गया हो और फिर दोनों अपने कपडे पहनने लगे बुआ ने अपनी ब्रा फिर ब्लाउज फिर पंतय और पेटीकोट और फिर साड़ी पहनी ...इतने में पापा भी अपने कपडे पहन चुके थे मैंने सोचा अब मुझे यहाँ से निकलना chahiye...to मैं वहां से निकला और सीधा घर आ गया और जाकर अपने रूम में लेट गया विनीत अब ही सो raha...tha...maine उसे देखा और मन में सोचा के सेल तू यहाँ सो रहा है ोमोर वाहन मेरे पापा ने तेरी माँ छोड़ दी है और गांड भी मारी hai..tu बस लुंड हिला सो kar...phir मैं जो बी मैंने देखा उसके बारे में सोचने लगा और मैं इस निष्कर्ष पर पंहुचा के मेरा माँ को छोड़ना चाहना बिलकुल जायज है और अब मैं माँ को छोड़ने का हर संभव प्रयास करूँगा और अब चाहे जो बी होगा वो मेरे लुंड का स्वाद चखेगा hi chakhega...pahla तो बुआ को पटना है क्या मस्त माल है इतनी मस्त होकर चुदवाती hai...mujhe भी छोड़ना है बुआ को कैसे bhi...ye सब सोचकर बहार निकला अपने रूम से तो मेरी माँ हॉल में बैठी थी कुछ सोच रही थी ..मैंने उनकी तरफ एक नज़र देखा और जैसे hi उनकी आँखें मेरी तरफ आई मैंने नज़रें हटा ली और किचन में चला gaya...or पानी पीने laga...maa की नज़र मुझपर hi thi...kal रात से hi मेरी और उनकी कोई बात नहीं हुई thi....maine सोचा तुम मुझे नखरे दिखा रही हो वहां पापा अपनी सगी बैगन को छोड़ रहे hain...halanki मैं चाहता तो पापा और बुआ के बारे में माँ को बताकर उसके करीब जा सकता था बूत मैं ये कभी नहीं चाहता था ke..mere माँ पापा के बीच कोई झगड़ा हो... इसलिए मैंने चुप रहना hi बेहतर samjha...or वैसे भी मैं पापा को दोषी नहीं मान रहा था और न hi बुआ को... मुझे खुद चांस मिलता तो मैं खुद भी बिना सोचे अपनी बेहेन को छोड़ देता तो पापा ने क्या गलत kia...phir में सोचा मैं आजकल बस ये hi करता हूँ या तो चुदाई नहे तो उसके बारे में सोचना अब मुझे पढ़ना चाहिए काफी टीम हो गया है पहड़े हुए और फिर मैं पढाई करने लग गया.. ऐसे hi शाम से रात हो गयी तो खाने का टाइम हो गया फिर मैंने सबके साथ जाकर खाना खाया बुआ और पापा बिलकुल नार्मल नज़र ा रहे थे जैसे कुवह हुआ hi नहीं ho...vineet अब भी माँ और बुआ की गांड और छूछीयो पर नज़र गदा रहा tha...Anuj भी एक दो बार मुझे बुआ की गांड की तरफ देखता हुआ दिखा.... मैंने सोचा सब लुंड पेलना चाहते हैं बुआ मैं to...phir खाना खाके मैं छत पर टहलने laga...or थोड़ी देर में नीचे आया तो देखा सब सोने जा रहे हैं तो मैंने बुआ से बोलै...
बुआ- मैं आपके साथ सो जॉन... आपसे बातें करने का मन है और बुआ ने तुरंत बोलै.
बुआ-- अरे बीटा मुझे भी बड़ा ाचा लगेगा आजा tu....aaj हम बुआ भतीजा बहुत साडी बातें करेंगे और ये सुनकर मैं खुश गया और उनके room.mein घुस गया और उसके आगे क्या हुआ वो सब अगली उपदस्ते में
तो क्या करेगा कर्मा अब आगे ये जानने के लिए अगली उपदटेस पढ़ें और कमैंट्स देते रहे फीडबैक देते रहहिं.... शुक्रिया
अपडेट 18
पापा उनकी गांड बहुत तेज़ी से मार रहे थे और मैं उन्हें देखकर अपना लुंड हिला रहा था... तभी मेरे मन में आया के मेरा इतना ठरकी होना... अपनी माँ जैसी ममता चाची को chodna...behan सामान पल्ली को pelna..or अपनी माँ को छोड़ने की इच्छा रखना गलत नहीं है बल्कि बिलकुल जायज़ hai...mere ठरकी होने के पीछे की वजह मेरे पापा है... मुझे ठरक और हवस उनसे hi मिली है ये मेरे खून में hai...isi वजह से मैं इतना बड़ा छोड़ू hun...wo अपनी सगी बहिन की यहाँ खुले में गांड मार सकते हैं तो मैं अपनी माँ क्यों नहीं छोड़ सकता...
ये सोच रहा था के मसरा ख्याल बापिस उन पर गया अब उन्होंने पोजीशन चेंज कर ली थी अब पापा नीचे लेते थे और बुआ उनके ऊपर थी उनकी तरफ पीठ करके उन पर लेती हुई थी और लुंड पर उछाल रही थी...

बुआ अपनी गांड लुंड पर पटक रही थी उनकी आँखों में एक अलग hi जोश था, पापा उनके चूतड़ पकड़ कर उन्हें अपने लुंड पर उछाल रहे the...bua के छूछे बहुत तेज़ी के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे...
बुआ- भैया भर दो मेरी गांड आअह्ह्ह्ह भैया तुमसे गांड मरवाने का अलग hi मज़ा hai...aaahhhh... कैसी लग रही है अपनी बहिन की गांड भैया....
पापा- तेरी गांड हमेशा की तरह माखन से भरी हुई है behna...man करता है बस पूरी ज़िन्दगी तेरी गांड में लुंड घुसेड़ कर रखूं... आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह..
मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मेरे लुंड ने वहीं पर पिचकारी छोड़ di...but लुंड अभी भी खड़ा था और मैंने उसे हिलना जारी rakha...itne कामुक नज़ारे को देखकर शायद hi कोई लुंड शांत बैठे... मैंने देखा इस बार पापा फिर से पोजीशन चेंज कर रहे है..
उन्होंने बुआ को खड़ा किआ और पेड़ के सहारे झुका दिए अब बुआ की बड़ी गांड उभर गयी और बड़ी लग रही थी मेरा मन तो हुआ के अभी भाग कर जाऊं और अपना लुंड घुसेड़ दू बूत रुका रहा.. फिर पापा ने पीछे से एक बार फिर अपना लुंड बुआ की गांड में घुसेड़ dia...or उनकी कमर पकड़ कर तेज़ी से उनकी गांड मारने लगे...

उनके धक्के अब बहुत तेज़ होते जा रहे थे बुआ और पापा दोनों hi बस आठ अह्ह्ह करके सिसकिया भर रहे थे बूत कुछ बोल नहीं रहे the....or हर मिनट के बाद उनके धक्के तेज़ होते जा रहे थे बस थप थप थप की आवाज़ आ रही थी के तभी एक बुआ की ाः हुई और वो झड़ने लगी और उसी समय पापा भी हनणननणम करके बुआ की गांड से बिलकुल चिपक गए और झड़ने लगे... उन्होंने अपना सारा रास बुआ की गांड में उढेल dia....or कुछ मिंटो बाद उन्होंने अपना लुंड बुआ की गांड से निकला बुआ वही घुटनो पशर बैठ गयी और हांफ रही थी उनकी गांड से पापा का रास बाह कर बहार आ रहा tha...or फिर पापा ने बुआ के मुँह की तरफ अपना लुंड किआ तो बुआ ने जल्दी से उसे मुँह में ले लिए और चूस चूस कर साफ़ करने लगी ..

बुआ तब तक पापा का लुंड चूसती रही जब तक वो बिलकुल साफ़ न हो गया हो और फिर दोनों अपने कपडे पहनने लगे बुआ ने अपनी ब्रा फिर ब्लाउज फिर पंतय और पेटीकोट और फिर साड़ी पहनी ...इतने में पापा भी अपने कपडे पहन चुके थे मैंने सोचा अब मुझे यहाँ से निकलना chahiye...to मैं वहां से निकला और सीधा घर आ गया और जाकर अपने रूम में लेट गया विनीत अब ही सो raha...tha...maine उसे देखा और मन में सोचा के सेल तू यहाँ सो रहा है ोमोर वाहन मेरे पापा ने तेरी माँ छोड़ दी है और गांड भी मारी hai..tu बस लुंड हिला सो kar...phir मैं जो बी मैंने देखा उसके बारे में सोचने लगा और मैं इस निष्कर्ष पर पंहुचा के मेरा माँ को छोड़ना चाहना बिलकुल जायज है और अब मैं माँ को छोड़ने का हर संभव प्रयास करूँगा और अब चाहे जो बी होगा वो मेरे लुंड का स्वाद चखेगा hi chakhega...pahla तो बुआ को पटना है क्या मस्त माल है इतनी मस्त होकर चुदवाती hai...mujhe भी छोड़ना है बुआ को कैसे bhi...ye सब सोचकर बहार निकला अपने रूम से तो मेरी माँ हॉल में बैठी थी कुछ सोच रही थी ..मैंने उनकी तरफ एक नज़र देखा और जैसे hi उनकी आँखें मेरी तरफ आई मैंने नज़रें हटा ली और किचन में चला gaya...or पानी पीने laga...maa की नज़र मुझपर hi thi...kal रात से hi मेरी और उनकी कोई बात नहीं हुई thi....maine सोचा तुम मुझे नखरे दिखा रही हो वहां पापा अपनी सगी बैगन को छोड़ रहे hain...halanki मैं चाहता तो पापा और बुआ के बारे में माँ को बताकर उसके करीब जा सकता था बूत मैं ये कभी नहीं चाहता था ke..mere माँ पापा के बीच कोई झगड़ा हो... इसलिए मैंने चुप रहना hi बेहतर samjha...or वैसे भी मैं पापा को दोषी नहीं मान रहा था और न hi बुआ को... मुझे खुद चांस मिलता तो मैं खुद भी बिना सोचे अपनी बेहेन को छोड़ देता तो पापा ने क्या गलत kia...phir में सोचा मैं आजकल बस ये hi करता हूँ या तो चुदाई नहे तो उसके बारे में सोचना अब मुझे पढ़ना चाहिए काफी टीम हो गया है पहड़े हुए और फिर मैं पढाई करने लग गया.. ऐसे hi शाम से रात हो गयी तो खाने का टाइम हो गया फिर मैंने सबके साथ जाकर खाना खाया बुआ और पापा बिलकुल नार्मल नज़र ा रहे थे जैसे कुवह हुआ hi नहीं ho...vineet अब भी माँ और बुआ की गांड और छूछीयो पर नज़र गदा रहा tha...Anuj भी एक दो बार मुझे बुआ की गांड की तरफ देखता हुआ दिखा.... मैंने सोचा सब लुंड पेलना चाहते हैं बुआ मैं to...phir खाना खाके मैं छत पर टहलने laga...or थोड़ी देर में नीचे आया तो देखा सब सोने जा रहे हैं तो मैंने बुआ से बोलै...
बुआ- मैं आपके साथ सो जॉन... आपसे बातें करने का मन है और बुआ ने तुरंत बोलै.
बुआ-- अरे बीटा मुझे भी बड़ा ाचा लगेगा आजा tu....aaj हम बुआ भतीजा बहुत साडी बातें करेंगे और ये सुनकर मैं खुश गया और उनके room.mein घुस गया और उसके आगे क्या हुआ वो सब अगली उपदस्ते में
तो क्या करेगा कर्मा अब आगे ये जानने के लिए अगली उपदटेस पढ़ें और कमैंट्स देते रहे फीडबैक देते रहहिं.... शुक्रिया











































