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- Dec 5, 2013
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मैं हँसते हुए उनके ऊपर से हैट गया और फिर हम बहुत थक गए थे तो नंगे hi एक दुसरे की बाहों में सो गए....अब आगे..
अपडेट 36
रात को काफी लेट सोने की वजह से मैं काफी देर तक सोता रहा.... सुबह मुझे किसी ने हिलाकर जगाया... आँखें खुली तो देखा रिमझिम दीदी thi...wo बिलकुल नाहा धोकर तैयार thi...unke गीले बाल , उनके बदन से आती हुई खुशबु उन्हें और खूबसूरत बना रही थी... मैंने जब उनकी तरफ देखा तो वो शर्मा gayi....jaise मेरी बीवी हो .. मुझे बहुत प्यार आया उन पर और उन्हें पकड़ कर अपने ऊपर गिरा लिए...
में- तो मेरी जान पहले से उठी हुई है और मुझे जगाया भी नहीं...
रिम- तुझे जागकर अपनी जान नहीं निकलवानी थी दोबारा...
में- जान तो मैं अभी भी निकल सकता हूँ...
ये कहते हुए मैंने हाथ उनकी कमर पर रख लिए और दबाने लगा...
रिम- अभी चची ऊपर आने वाली हैं नीचे से आवाज़ दे रही थी तुझे अभी यहाँ देखेंगी तो पूछेंगी...
मैंने कुछ नहीं बोलै और अपने होंठ उनके रसीले होंठों पर टिका diye...subah सुबह hi ऐसा मीठा नाश्ता मिल जाये तो बात hi क्या है... मैं उनके होंठो के रास को पीने laga..wo भी मेरा साथ दे रही थी... तभी फिर से बुआ की आवाज़ आई और वो मुझसे अलग हो गयी....
मेरा हाथ खींच कर मुझे उठाने लगी... मैंने भी उठना सही समझा और खड़ा हुआ और अपने कपडे पहने और गेट के बहार निकलने लगा रिमझिम बिस्तर ठीक करने lagi...main गेट के बहार निकला तो बुआ ऊपर आ gayi...mujhe रिमझिम के कमरे से निकलता देख मुस्कुराने लगी....
बुआ- अब उठा है तू लगता है रात अपनी रिमझिम दीदी से ज़्यादा hi बातें कर ली तूने...
में- हाँ वहीं बातें जैसी तुमने अपने विनीत बेटे के साथ की रात को...
बुआ शर्मा गयी
बुआ- बहुत बेशरम हो गया है tu...or रिम्मी कहाँ है उसे चलने लायक तो छोड़ा है न हफ्ते भर में शादी है उसकी...
में- बुआ आपके खंडन की है वो भी उछाल उछाल के लुंड लेती है लगता hi नहीं पहली बार चूड़ी है...
बुआ- क्या पहली बार था रिम्मी का हे भगवान् क्या लड़की है अपने पति की जगह तुझसे सील तुड़वाली...
में- उनकी मर्ज़ी थी bua....unhe जिसमे ख़ुशी मिली उन्होंने वो किआ...
बुआ- उसकी ख़ुशी पता नहीं तेरी ख़ुशी ज़रूर थी और ये ककहकार उन्होंने मेरे खड़े लुंड को लोअर के ऊपर से पकड़ लिए और दबाने लगी...
में- ाःह bua...waise भी खड़ा है तुम्हे hi दिक्कत हो जाएगी अभी...
तभी पीछे से रिमझिम दीदी के गेट बंद करने की आहात हुई तो बुआ ने छोड़ दिए और बोली- आठ तैयार हो गयी रिम्मी तू चल नीचे जाकर नाश्ता करले और ये ऊपर hi सोया tha...kya...
रिमझिम बुआ की बात सुनकर थोड़ा घबरा गयी- वो हननननन चची ये रात यहीं...
Me-haan बुआ नीचे नींद नहीं आई तो मैं ऊपर दीदी से बातें करने चला आया था और फिर यहीं सो गया ...
बुआ- रिम्मी इसने रात में परेशां तो नहीं किआ...
रिम- वो नहीं चची कोई परेशानी नहीं हुई...
रिमझिम मेरी तरफ देख कर शर्माने लगी...
रिम- चची मैं नीचे जा रही हूँ नाश्ते में पूर्वी की मदद कर देती हूँ...
बुआ- ठीक है बीटा जा...
रिमझिम नीचे चली जाती है...
Bua-dekh तो कैसे शर्मा रही थी जैसे तू पति हो इसका..
में- काम तो मैं पति वाले hi करता हूँ और अब आपकी बरी है बुआ वाले काम करने की..
Bua-kaisa काम..
मैं उन्हें पकड़ कर कमरे के अंदर ले गया और गेट बंद कर दिए...
में- भतीजे के खड़े लुंड को शांत करने का काम.. और ये कहकर मैंने अपना लोअर नीचे खिसका कर लुंड को बहार निकल लिया और उन्हें नीचे झुका दिए...
बुआ- कर्मा सब घर में hi हैं किसी ने देख लिए तो गड़बड़ हो जाएगी...
में- तो जल्दी करो न फिर..
और मैंने अपना लुंड उनके मुँह पर लगा diya...unhone भी जल्दी से मुँह में लिए और चूसने लगी... बड़ा मज़ा आ गया बुआ जे मुँह में लुंड जाते hi...bua चूसने में भी एक्सपर्ट थी...
पर ज़्यादा टाइम नहीं था तो लुंड के गीले होते hi मैंने उनके मुँह से निकल लिए और कमरे के कोने में राखी टेबल को पकड़ कर बुआ को झुका दिए और उनके पीछे आकर उनकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिए जिससे उनकी बड़ी गांड नंगी हो गयी पर टाइम की कमी को देखतर हुए मैंने अपने लुंड को उनकी छूट पर रखा और धक्क्क मार कर ा अंदर दाल दिए...
बुआ- आअह्ह्ह बछ्ह ह्म्म्मम्म्म्म
और मैं बुआ की कमर पकड़ कर उन्हें तेज़ तेज़ छोड़ने लगा

मैंने ऐसे hi बुआ की चुदाई करने लगा और बुआ हलकी सी अह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करती रही....
उसी पोजीशन में मैंने बुआ को करीब अगले 10 मिनट्स तक छोड़ा और फिर उनकी छूट में झाड़ गया फिर बुआ और मैंने अपने कपडे ठीक किये और हम लोग नीचे आ gaye...neeche देखा तो सब लोग बैठे थे फूपाजी और बड़े फूपाजी शादी का कार्ड लेकर बैठे the..or आपस में बात कर रहे थे... बड़ी बुआ पूर्वी दीदी के बच्चे को लेकर बैठी थी वहीं पूर्वी और रिमझिम दीदी किचन में नाश्ता बना रही thi..bua किचन में चली gayi...or मैं फ्रेश होने चला गया थोड़ी देर में आया तो सब नाश्ता खा रहे थे... पूर्वी दीदी ने मुझे भी नाश्ता दिए...
बड़े फूपाजी- अरे बीटा कर्मा एक काम करना है आज तुझे...
में- ग फूपाजी..
बी फूपाजी- विनीत तू मेरे साथ chalega...aaj जो कुछ कार्ड बच गए हैं वो बी दे आते हैं बाकि हलवाई वगेरा को भी बोल आएंगे एक बार और..
विनीत- ठीक ताऊ जी...
फूपाजी- मैं जा रहा हूँ मज़दूर पकड़ कर खेत खली करवा देता हूँ टेंट के लिए...
बी फूपाजी- कर्मा हाँ तू एक काम कर मेरी मोटरसाइकिल ले जा और ये रिम्मी के मां के घर चला जा लखनपुर mein...uska मां तो शादी तक आ नहीं पायेगा to...mami और गया को ले आ....
में- ठीक है फूपाजी आप पता लिखवा दो मैं चला जाऊंगा...
मैं मन में सोचने लगा कहाँ फंसा रहे dia....ab लखनपुर जाना padega..socha था आज रिमझिम से मज़े लेता पूरे din...khair मन तो कर नहीं सकता tha...isliye हाँ बोल्दिए...
बी फूपाजी- और वहीं टेंट वाले को भी डीओ एक बार और बाद में कोई दिक्कत न हो...
तभी मैंने देखा की बड़े फूपाजी बास्त करते हुए कहीं और देख रहे थे मैंने नज़र का पीछे किआ तो देखा बुआ झुक कर कोई काम कर रही थी तो उनकी साड़ी का पल्लू नीचे हो गया था तो उनके बड़े छूछे ब्लाउज में बहार दिख रहे थे बड़े फूपाजी की नज़र वहीं पर तिकी हुई थी...

मैंने मन में सोचा की ये बुआ को आँखों से hi छोड़ denge...par सोचा जब सब एक दुसरे को छोड़ रहे हैं तो इसमें इनका क्या दोष...
में- फूपाजी ठीक है किस टाइम जॉन वहां ममी को लेने....
बी फूपाजी- haannnn...acha वहां चला जा अभी तैयार hokar...jitni जल्दी हो आएगा उतना ाचा है...
में- ठीक है फूपाजी मैं निकल जाऊंगा...
फिर सब अपने काम में लग गए बड़े फूपाजी बुआ को अब भी ताड रहे थे...
और बुआ को भी शायद ये सब पता चल रहा था तो वो भी जान कर अपना पल्लू ठीक नहीं कर रही thi...Main अपनी प्लेट किचन में रखने के लिए उठा वहां पूर्वी दीदी बर्तन धो रही थी...
में- कैसा लगा अपने पापा का प्यार पूरी रात?
पूर्वी- (शर्मा गयी फिर बोली) बदमाश है तू बहुत... बेशर्म कहीं का...
में- अपने पापा से पूरी रात चुदाई तुमने करवाई और बेशरम मैं hun...ye तो अन्याय है...
पूर्वी- धत्तत्त ऐसे बात करता है कोई दीदी से...
में- ाचा दीदी मज़ा आया की नहीं...
पूर्वी - सच बताऊँ मज़ा तो बहुत आया...
में- हाय मेरी पापा की beti...sharma भी रही ho....acha दीदी अब पापा से प्यार हो गया हो तो थोड़ा भाई को भी करलो..
पूर्वी- क्यों रिमझिम ने मन कर दिया...
मैं चुनते हुए..
में- रिमझिम मतलब...
पूर्वी- बीटा दीदी हूँ तेरी सब पता रहता है कहाँ तू मुँह मार रहा है और कहाँ लुंड...
में- दीदी तुम्हे पता hi तो है हाँ रात को रिमझिम दीदी के साथ चुदाई की...
पूर्वी- बता न मुझे भी शुरू से...
में- यहीं अभी कैसे?
पूर्वी- अरे देख रहा है कितने बर्तन पड़े हुए hain..tu जब तक बताएगा तब तक ये भी धूल जायेंगे...
फिर मैंने पूर्वी दीदी को अपनी और रिमझिम की कहानी पूरी sunai...didi और मैं दोनों hi सुनकर गरम हो गए...
में- दीदी बर्तन तो धूल गए अब कुछ करो न लुंड बिलकुल टाइट हो गया है...
Poorvi-wo तो मुझे साफ़ नज़र ा रहा है... सब यहीं घर में क्या karun...ek काम कर तू ऊपर वाले बाथरूम में जा नहाने के bahane...main आती हूँ..
फिर मैं दीदी के कहे अनुसार अपने कपडे वगेरा लेकर ऊपर वाले बाथरूम में घुस gaya...or वेट करने लगा कुछ देर बाद पूर्वी दीदी की गेट के बहार से आवाज़ आई तो मैंने गेट खोला और वो अंदर घुस गयी....
आते hi मैंने उन्हें अपनी बाँहों में जकड लिए और अपने होंठों को उनके होंठो से भिड़ा दिया... और चूसने laga...par समय का अभाव और सिचुएशन को देखते हुए मैंने जल्दी करने का सोचा... फिर मैंने उन्हें नीचे बिठा दिए और वो मेरा लुंड बहार निकल कर चूसने लगी....

दीदी ने अपने हाथो से खुद hi अपना ब्लाउज ऊपर खिसका दिए और अपने बड़े बड़े बूब्स बहार निकल liye...bra बच्ची को दूध पिलाने की वजह से उन्होंने पहनी नहीं thi...maine कुछ देर उनसे लुंड चुसवाने के बाद दीदी को खड़ा कर दिए और साड़ी और पेटीकोट को खींच कर निकल दिए क्यूंकि मुझे उन्हें नंगा देखना था फिर पंतय भी निकल दी पर ब्लाउज वैसा hi रहने दिए पर फिर दीदी को एक दीवार के सहारे झुका दिए और अपनी उंगलिओ को गीला कर दीदी की छूट पर लगाया तो दीदी की सिसकी निकल गयी फिर मैंने उंगलिओ को हटाकर लुंड का टोपा छूट के द्वार पर लगाया और झटके मारा तो लुंड अंदर घुस गया
Poorvi-ahhhh मुम्ममय.... Ahhhhhhhhhhh
में- मुम्ममय को भी छोड़ दिए सुबह hi अब बेटी की बरी है...
पूर्वी- एक बछ्ह निकल दिए इस चुत से , अपने बाप से तक छुड़वा लिए... पर तेरा लुंड लेते हुए अब भी दर्द होता है...
में- तेरी छूट hi टाइट है इतनी मेरी जान
और मैं दीदी को छोड़ने लगा...

दीदी बस दीवार पकड़ कर अपनी गांड पीछे निकल कर कड़ी थी और मैं उन्हें अचे से छोड़ रहा था..
पूर्वी- आह्ह्ह्ह हैं हैं हैं हैं आह्ह्ह्हह Ahhhhhhhhhhh माहहह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करमाआहहह छोड़ अपनी दीदी को अह्ह्ह्हह्हह...
में- हॉँण्णन दीदी आआह्ह्ह टाइट है....
ऐसे hi खड़े खड़े माइनर दीदी को अगले 5 मीन्स तक छोड़ा फिर दीदी ने बोलै कर्मा मेरी गांड में खुजली हो रही है गांड में दाल तो मैं दीदी को थोड़ा पीछे किआ और बाथरूम के बीच में कपडे रखकर उसपर झुका लिए और फिर लुंड को उनकी छूट में से निकला जो उनके चुत रास में भीगा हुआ था तो मैंने लुंड को दीदी की गांड के छेड़ पर रखा और धक्का दिए तो मेरा लुंड दो इंच पूर्वी दीदी की गांड में घुस gaya...maine दीदी के मुँह पर हाथ रख लिए जिससे दीदी की चीख वहीं डाब गयी दो तीन झटको में hi मैंने अपना पूरा लुंड उनकी गांड में घुसेड़ दिए और गांड मरने लगा दीदी आह्ह्ह्हह कर रही थी और मुझे और तेज़ मरने को बोलकर उकसा रही थी....

मैं तूफानी झटको से दीदी की गांड मर रहा था और फिर ऐसे hi दीदी की गांड में अगले 15 मिनट्स तक लुंड पेलता रहा तो दीदी झाड़ गयी और मैं भी उनके साथ hi गांड में झाड़ गया.... फिर दीदी ने मुझे बहार जाने को बोलै पर मैं नहीं माना और उनके साथ hi नहाया दीदी ने मुझे अचे से रगड़ रगड़ कर नहलाया... खासकर मेरे लुंड को खूब चूस चूस कर साफ़ kia...mere होंठों को चूसा और मैंने उनकी छूछीयो को और फिर जब नहाना ख़त्म हुआ तो दोनों ने अपने अपने कपडे पहन लिए और पहले दीदी निकल गयी और थोड़ी देर बाद main...neeche जाकर देखा तो हॉल में कोई नहीं tha...badi बुआ अपने कमरे में नज़र आ रही थी... बड़े फूपाजी की आवाज़ भी उनके कमरे से आ रही थी तो मैं उनके कमरे में गया और उन्होंने एड्रेस और पैसे फ़ोन नंबर वगेरा दिए...
मैं उनके कमरे से निकल कर सोचा बुआ को बता कर निकलता हूँ तो उनके कमरे में गया तो देखा गेट अंदर से बंद था मुझे लगा इस टाइम गेट बंद कुछ तो ज़रूर सन है ....तो मैं बाथरूम के अंदर से गेट चेक किआ तो वो खुला था उसे खोल के जब मैं अंदर घुसा तो क्या नज़ारा tha...dekhte hi लुंड खड़ा हो gaya...andar विनीत बीएड पर लेता हुआ tha...or बुआ उसका लुंड अपनी छूट में लिए हुए थी वहीं उनके पीछे से फूपाजी उनके पति उनकी गांड में लुंड डालकर उनकी गांड मार रहे थे...

बुआ जी दोनों बाप बेटे के बीच में thi...bete का लुंड छूट में वहीं पति का गांड... ज़िन्दगी में मैंने पहली बार ऐसा दृषिअ देखा tha....mera लुंड फटने जैसा हो gaya...meri अपनी बुआ अपने पति और बेटे को ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सुख दे रही thi...bahut ज़िम्मेदारियाँ होती हैं एक माँ की एक पत्नी की और बुआ उन दोनों भूमिकाओं को क्या बखूबी निभा रही thi...bete और पति दोनों को एक साथ सुख दे रही थी... बाप और बेटे की ऐसी साझेदारी देखकर मेरा लुंड लोहे का हो गया tha....kapde के नाम पर बुआ के कमर में लिप्त हुआ उनका एक पेटीकोट था.. बड़की दोनों बाप बेटे मादरजात नंगे होकर अपनी माँ और पत्नी के दोनों छेड़ो को खोदने में लगे हुए थे...
मुझसे ये दृश्य बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने भी झट से अपने कपडे उतर फेंके और बुआ के सामने जाकर खड़ा हो गया... विनीत और फूपाजी ने मुझे देखा तो थोड़े हैरान हुए पर फिर मुस्कुराने लगे मैंने भी उन्हें मुस्कुरा kar...jari रखने का इशारा kia...bua ने आँखें खोली तो सामने मुझे नंगा खड़ा dekha...maine भी देर न करते हुए उनका सर पकड़ कर अपना लुंड उनके मुँह से लगा दिया...

बुआ ने भी बिना देरी किये लुंड को मुँह में भर लिए और चूसने लगी मेरे लुंड को जैसे सुकून मिल गया...
बुआ अब तीन तीन लुंड को अपने बदन में समाये हुए thi...or तीनो का सुख भोग रही थी... औरत के तीन छेड़ hi होते हैं जिनका सुख आदमी भोग सकता है बुआ के तीनो छेड़ इस समय भोगे जा रहे थे वो भी एक hi समय पर तीन अलग अलग लोगो dwara...or अगर तीनो hi अपने hi परिवार के हो क्या बात hai..bua के साथ भी ऐसा hi था ऊपर पति नीचे बीटा और सामने भतीजा.... तीनो के लुंड बुआ के छेड़ो से अंदर बहार हो रहे the...or बुआ उत्तेजना के सातवे आस्मां पर उड़ रही thi...or बुआ जब इस उत्तेजना के तूफ़ान को नहीं झेल पाई तो झड़ंने lagi...bua के झड़ने पर सबकी गति काम हुई तो फूपाजी ने जगह बदलने का प्रस्ताव रखा जिसे हमने मान लिए अब फूपाजी नीचे लेते हुए थे और बुआ उनकी तरफ पीठ करके उनका लुंड गांड में लेकर बैठी और फिर हाथ पीछे टिका लिए वहीं मैं उनके पैरों के बीच आ गया और अपना लुंड उनकी छूट पर लगा कर धक्का मारा तो लुंड छूट में घुस gaya...maine दो तीन धक्के और मर कर अपना लुंड पूरा बुआ की छूट में भर dia...mere लुंड पर फूपाजी का लुंड बुआ के दुसरे छेड़ में महसूस हो रहा tha...mera लुंड बुआ की छूट में और फूल gaya...ek पति के साथ उसकी पत्नी की चुदाई karna...wo भी अपनी बुआ की बहुत hi उत्तेजित करने वाली बात है.... विनीत ने बुआ का मुँह बंद करने का ज़िम्मा संभाला और अपना लुंड अपनी मुम्ममय क मुँह में दाल dia...bua भी बेटे का लुंड लोल्लयपोप की तरह चूसने लगी....

व्- आह्ह्ह्ह मुम्ममय ahhhhhhhhhhh ऐसे hiiiiiiiiiiiiiiiiiiii....
बुआ के मुँह से बस ममममममम हम्म्म गुस्सस्गपपपप की आवाज़ें आ rahi...thi.
मैं ऐसे दृषिअ को देख कर बहुत उत्तेजित हो गया था तो बुआ की छूट में तेज़ी से लुंड अंदर बहार करने laga....wohin फूपाजी भी अपनी बीवी को अपने बेटे और उसके भतीजे से छुड़ता देख गरम होकर नीचे से अपना लुंड बुआ की गांड में पेल रहे थे....
फूपाजी- हानंन्न shashiiiiiiiiiiii साली रंडी ऐसा मज़ा कभी नहीं aaya.....bete और कर्मा के साथ तुझे बांटने में और उनके साथ छोड़ने से मैं भी इतना गरम हो रहा hun....aahhhhh तेरी गांड....
Bua-mmmmmmmmmmmgjmm sluppppppppppppppppppppppppppppppp..
में- बाआआ की गांड hi कुछ ऐसी है.... phoopaji..har उम्र का लुंड खड़ा कर देती है..... अह्हह्ह्ह्ह बड़े फूपाजी भी लुंड मसलते हैं बुआ को देखकर ...
व्- हॉँण्णन पापा ताऊ जी तो मुट्ठी मरते हैं मुम्ममय की गांड देख देख कर.....
फूपाजी की ये सुनते hi गति और बढ़ गयी...
फूपाजी- भैया भी मेरी बीवी को छोड़ना चाहते hain......sali क्या रैंड है तू... शशि सरे लुंड तो खा चुकी घर ke...ahhhhh पति और बेटे से चुद रही है और जेठ छोड़ने को तैयार है...
फूपाजी खुद के मन में ये सब सोचकर उत्तेजित हो गए और फिर बुआ की गांड में पूरा लुंड अंदर तक दाल दिया और झड़ने लगे... अपने रास की धार बुआ की गांड में छोड़ने लगे... उधर विनीत का भी ये hi हाल था वो अपनी मुम्ममय के बाल पकड़ कर उनका मुँह छोड़ रहा था पूरा लुंड गले तक पहुंच रहा था बुआ की आँखों से आंसू आ रहे थे और फिर विनीत अपनी मुम्ममय के मुँह में झाड़ गया जिसे बुआ एक एक बूँद जातक गयी और जब विनीत ने लुंड बहार निकला तो बुआ खांसने lagi...unka हाल बुरा कर दिया था उनके बेटे ने.... मैंने अपना लुंड बुआ की छूट से बहार निकला और हैट गया तो बुआ बीएड पर साइड में गिर गयी... फूपाजी नीचे से उठे और अपना लुंड बुआ के मुँह पर रख दिए बुआ ने उसे भी मुँह में ले lia...or अपनी गांड से निकले हुए लुंड को जिसपर फूपाजी का रास और बुआ की गांड का रास मिक्स होकर लगा हुआ था उसे चाट चाट कर साफ़ कर दिए... उधर बुआ फूपाजी का लुंड साफ़ कर रही थी इधर मैंने उनके पीछे लेटकर एक बार फिर से बुआ की छूट में लुंड पेल dia....or छोड़ने laga...jab फूपाजी का लुंड साफ़ हो गया तो वो हस्त गए और अपने कपडे पहनने लगे और विनीत भी अपने कपडे पहनने लगा... मैंने बुआ को कास कर पकड़ लिए और छोड़ने लगा

में- ाःह बुआ बुआ बुआ aahhhhhhhhhhhh माँ... विनीत आज एक साथ अह्हह्ह्ह्ह चुदाई का प्लान कैसे बन गया....
व्- भाई कुछ नहीं वो ताऊ जी के साथ जाना है तो मैंने सोचा जाने से पहले एक बार लुंड शांत करलु... पूर्वी दीदी नहाने गयी थी तो मुम्ममय के कमरे में आ गया यहाँ मुम्ममय पापा पहले से लगे हुए थे... मुझे देखकर मम्मी ने मुझे भी बुला लिए...
Bua-aaahhh कर्मा. हम्म्म्म और मैंने बुला लिए या देखते hi लुंड बहार निकल के हिलने laga....to बुलाना hi पड़ा....
में- दोनों माँ बेटे एक नंबर के छोड़ू हो...
व्- यार भाई पापा और तेरे साथ माँ को छोड़कर बड़ा मज़ा aaya...mera लुंड फिरसे न खड़ा हो jaye...hr हे हे...
Phoopaji-ab बातों में मत लग चल ताऊजी इंतज़ार कर रहे होंगे..
व्- ठीक है पापा जा रहा हूँ...
फूपाजी- तू भी निकलेगा कर्मा...
में- हाँ बस बुआ की चुदाई केबाद निकल hi रहा हूँ... और ये सुनकर फूपाजी और विनीत कमरे से निकल गए वहीं मैं बुआ को छोड़ रहा था...
में- अह्हह्ह्ह्ह बुआ मेरी रंडी बुआ कैसा लगा आज तीन लुंड एक साथ लेकर....
बुआ- हनमन ऐसे hi bachhhaaaaaaaaaaaa....chodddddd बुआ को.... अरे बच्चा ऐसे चुदाई कभी नहीं हुई मेरी आह्ह्ह्हह्ह एक साथ तीनो लुंड लेने का सुख मैं बता नहीं सकतीअ अह्हह्ह्ह्ह बच्चा....
में- साली रायणनंदददद...
बुआ- अह्ह्ह्ह बीटा अह्ह्ह्ह एक साथ अपने बेटे और पति से छोड़ने का सुख मिला मुझे आह्ह्ह्हह इससे ज़्यादा एक औरत को कुछ नहीं चाहिए...
में- मेराआआ. लुंड नहीं चाहिए बाआ....
Bua-ye तो मेरा हिस्सा है re....aisa लगता है ऐसी hi इसे अपने अंदर रखे rahun....ahhhhhhhhhhhhhhh
में- अह्ह्ह्ह क्या छूट है तेरी buaaaa.....jitna भी छोड़ो मज़े hi देती है.....
बुआ- hnnnnnnnnnnnnnn.. बीटा तेरी बुआ रंडी है.... अह्ह्ह्ह छोड़ रंडी बुआ को....
में- बुआ किसी दिन मैं पापा और अनुज मिलकत छोड़ें तुम्हे और विनीत और फूपाजी देखे तो कैसा लगेगा तुम्हे...
Bua-sawal क्र बारे में सोचकर hi इतनी उत्तेजित होगयी के सवाल का जवाब तो नहीं दिए पर झड़ने lagi....main लगातार उन्हें छोड़ता जा रहा था...
Bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह बछ्ह ahhhhhhhhhhhhhhhhhh madarchoooooooooodddddddd mainnnnnnnnnnnngayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii... और बुआ के झड़ते hi मैंने अपना काबू भी खो बैठा और भर भरा कर बुआ की छूट में रास भर diya...maine अपने पूरे रास को बुआ की टंकी मेइब भर दिया mmmmmmmmmmm...
बुआ और मैं ऐसे hi लेते लेते साँसों के नार्मल होने का इंतज़ार करने lage...or फिर बुआ बोली....
बुआ- क्या ज़िन्दगी hai...mere तीनो छेड़ो में से रास बाह रहा है..
एक में बेटे का एक में पति का और एक में भतीजे ka....ahhhh...beta मज़ा आ गया आज to....tum लोगो ने तो जान hi ले ली मेरी...
में- तुम खुश हो न बुआ...
Bua-bahut खुश और ये सब तेरी वजह से है... मेरा राजा बीटा...
में- ाचा अब चलता हूँ बुआ जाना भी है...
Bua-ruk
और बुआ ने झुककर मेरा लुंड पकड़ लिए...
Bua-aise जायेगा रिश्तेदारों के यहाँ लुंड तो साफ़ करवले..
और फिर बुआ ने मेरा लुंड चूसकर साफ़ किआ फिर वो नंगी hi चादर ऊपर दाल कर बीएड पर लेट गयी आँखें बंद karke.....waise भी एक साथ तीन लुंड से छुड़वाने के बाद आराम तो चाहिए होता है ...उन्हें ऐसे लेता हुआ छोड़कर मैं भी कपडे पहन कर दोबारा तैयार हुआ और बहार निकल कर मोटरसाइकिल लेकर निकल गया....
मोटरसाइकिल चलते हुए बहुत साडी बातें चल रही थी दिमाग mein...ki जबसे मैं यहाँ आया हूँ ये परिवार कितना बदल गया hai.....kya मैं हूँ इस सब की वजह पर अगर ऐसे hi ये खुश हैं तो गलत क्या hai...asali ख़ुशी तो अपनो के साथ चुदाई करके मिलती hai...jo इन्हे मिल रही है तो कर्मा तू सब सही कर रहा hai...ye सब बातों में मैं शहर की और चलता गता...
करीब 2 घंटे बाद मैं लखनपुर पहुंचा... पहले टेंट वाले के पास gaya...use जैसा फूपाजी ने बताया था बोलकर... फूपाजी ने जो एड्रेस दिए था उस पर पहुंच गया...
बाइक रोक कर साइड में कड़ी करके मैंने गेट khatkhataya....ek बार और खटखटाया तो अंदर से आवाज़ aai...aaati हुण्णनं....
इसके बाद क्या हुआ अगली अपडेट में आप सब इसी तरह पढ़ते रहिये और कमैंट्स करते रहिये ... शुक्रिया....
अपडेट 36
रात को काफी लेट सोने की वजह से मैं काफी देर तक सोता रहा.... सुबह मुझे किसी ने हिलाकर जगाया... आँखें खुली तो देखा रिमझिम दीदी thi...wo बिलकुल नाहा धोकर तैयार thi...unke गीले बाल , उनके बदन से आती हुई खुशबु उन्हें और खूबसूरत बना रही थी... मैंने जब उनकी तरफ देखा तो वो शर्मा gayi....jaise मेरी बीवी हो .. मुझे बहुत प्यार आया उन पर और उन्हें पकड़ कर अपने ऊपर गिरा लिए...
में- तो मेरी जान पहले से उठी हुई है और मुझे जगाया भी नहीं...
रिम- तुझे जागकर अपनी जान नहीं निकलवानी थी दोबारा...
में- जान तो मैं अभी भी निकल सकता हूँ...
ये कहते हुए मैंने हाथ उनकी कमर पर रख लिए और दबाने लगा...
रिम- अभी चची ऊपर आने वाली हैं नीचे से आवाज़ दे रही थी तुझे अभी यहाँ देखेंगी तो पूछेंगी...
मैंने कुछ नहीं बोलै और अपने होंठ उनके रसीले होंठों पर टिका diye...subah सुबह hi ऐसा मीठा नाश्ता मिल जाये तो बात hi क्या है... मैं उनके होंठो के रास को पीने laga..wo भी मेरा साथ दे रही थी... तभी फिर से बुआ की आवाज़ आई और वो मुझसे अलग हो गयी....
मेरा हाथ खींच कर मुझे उठाने लगी... मैंने भी उठना सही समझा और खड़ा हुआ और अपने कपडे पहने और गेट के बहार निकलने लगा रिमझिम बिस्तर ठीक करने lagi...main गेट के बहार निकला तो बुआ ऊपर आ gayi...mujhe रिमझिम के कमरे से निकलता देख मुस्कुराने लगी....
बुआ- अब उठा है तू लगता है रात अपनी रिमझिम दीदी से ज़्यादा hi बातें कर ली तूने...
में- हाँ वहीं बातें जैसी तुमने अपने विनीत बेटे के साथ की रात को...
बुआ शर्मा गयी
बुआ- बहुत बेशरम हो गया है tu...or रिम्मी कहाँ है उसे चलने लायक तो छोड़ा है न हफ्ते भर में शादी है उसकी...
में- बुआ आपके खंडन की है वो भी उछाल उछाल के लुंड लेती है लगता hi नहीं पहली बार चूड़ी है...
बुआ- क्या पहली बार था रिम्मी का हे भगवान् क्या लड़की है अपने पति की जगह तुझसे सील तुड़वाली...
में- उनकी मर्ज़ी थी bua....unhe जिसमे ख़ुशी मिली उन्होंने वो किआ...
बुआ- उसकी ख़ुशी पता नहीं तेरी ख़ुशी ज़रूर थी और ये ककहकार उन्होंने मेरे खड़े लुंड को लोअर के ऊपर से पकड़ लिए और दबाने लगी...
में- ाःह bua...waise भी खड़ा है तुम्हे hi दिक्कत हो जाएगी अभी...
तभी पीछे से रिमझिम दीदी के गेट बंद करने की आहात हुई तो बुआ ने छोड़ दिए और बोली- आठ तैयार हो गयी रिम्मी तू चल नीचे जाकर नाश्ता करले और ये ऊपर hi सोया tha...kya...
रिमझिम बुआ की बात सुनकर थोड़ा घबरा गयी- वो हननननन चची ये रात यहीं...
Me-haan बुआ नीचे नींद नहीं आई तो मैं ऊपर दीदी से बातें करने चला आया था और फिर यहीं सो गया ...
बुआ- रिम्मी इसने रात में परेशां तो नहीं किआ...
रिम- वो नहीं चची कोई परेशानी नहीं हुई...
रिमझिम मेरी तरफ देख कर शर्माने लगी...
रिम- चची मैं नीचे जा रही हूँ नाश्ते में पूर्वी की मदद कर देती हूँ...
बुआ- ठीक है बीटा जा...
रिमझिम नीचे चली जाती है...
Bua-dekh तो कैसे शर्मा रही थी जैसे तू पति हो इसका..
में- काम तो मैं पति वाले hi करता हूँ और अब आपकी बरी है बुआ वाले काम करने की..
Bua-kaisa काम..
मैं उन्हें पकड़ कर कमरे के अंदर ले गया और गेट बंद कर दिए...
में- भतीजे के खड़े लुंड को शांत करने का काम.. और ये कहकर मैंने अपना लोअर नीचे खिसका कर लुंड को बहार निकल लिया और उन्हें नीचे झुका दिए...
बुआ- कर्मा सब घर में hi हैं किसी ने देख लिए तो गड़बड़ हो जाएगी...
में- तो जल्दी करो न फिर..
और मैंने अपना लुंड उनके मुँह पर लगा diya...unhone भी जल्दी से मुँह में लिए और चूसने लगी... बड़ा मज़ा आ गया बुआ जे मुँह में लुंड जाते hi...bua चूसने में भी एक्सपर्ट थी...
पर ज़्यादा टाइम नहीं था तो लुंड के गीले होते hi मैंने उनके मुँह से निकल लिए और कमरे के कोने में राखी टेबल को पकड़ कर बुआ को झुका दिए और उनके पीछे आकर उनकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिए जिससे उनकी बड़ी गांड नंगी हो गयी पर टाइम की कमी को देखतर हुए मैंने अपने लुंड को उनकी छूट पर रखा और धक्क्क मार कर ा अंदर दाल दिए...
बुआ- आअह्ह्ह बछ्ह ह्म्म्मम्म्म्म
और मैं बुआ की कमर पकड़ कर उन्हें तेज़ तेज़ छोड़ने लगा

मैंने ऐसे hi बुआ की चुदाई करने लगा और बुआ हलकी सी अह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करती रही....
उसी पोजीशन में मैंने बुआ को करीब अगले 10 मिनट्स तक छोड़ा और फिर उनकी छूट में झाड़ गया फिर बुआ और मैंने अपने कपडे ठीक किये और हम लोग नीचे आ gaye...neeche देखा तो सब लोग बैठे थे फूपाजी और बड़े फूपाजी शादी का कार्ड लेकर बैठे the..or आपस में बात कर रहे थे... बड़ी बुआ पूर्वी दीदी के बच्चे को लेकर बैठी थी वहीं पूर्वी और रिमझिम दीदी किचन में नाश्ता बना रही thi..bua किचन में चली gayi...or मैं फ्रेश होने चला गया थोड़ी देर में आया तो सब नाश्ता खा रहे थे... पूर्वी दीदी ने मुझे भी नाश्ता दिए...
बड़े फूपाजी- अरे बीटा कर्मा एक काम करना है आज तुझे...
में- ग फूपाजी..
बी फूपाजी- विनीत तू मेरे साथ chalega...aaj जो कुछ कार्ड बच गए हैं वो बी दे आते हैं बाकि हलवाई वगेरा को भी बोल आएंगे एक बार और..
विनीत- ठीक ताऊ जी...
फूपाजी- मैं जा रहा हूँ मज़दूर पकड़ कर खेत खली करवा देता हूँ टेंट के लिए...
बी फूपाजी- कर्मा हाँ तू एक काम कर मेरी मोटरसाइकिल ले जा और ये रिम्मी के मां के घर चला जा लखनपुर mein...uska मां तो शादी तक आ नहीं पायेगा to...mami और गया को ले आ....
में- ठीक है फूपाजी आप पता लिखवा दो मैं चला जाऊंगा...
मैं मन में सोचने लगा कहाँ फंसा रहे dia....ab लखनपुर जाना padega..socha था आज रिमझिम से मज़े लेता पूरे din...khair मन तो कर नहीं सकता tha...isliye हाँ बोल्दिए...
बी फूपाजी- और वहीं टेंट वाले को भी डीओ एक बार और बाद में कोई दिक्कत न हो...
तभी मैंने देखा की बड़े फूपाजी बास्त करते हुए कहीं और देख रहे थे मैंने नज़र का पीछे किआ तो देखा बुआ झुक कर कोई काम कर रही थी तो उनकी साड़ी का पल्लू नीचे हो गया था तो उनके बड़े छूछे ब्लाउज में बहार दिख रहे थे बड़े फूपाजी की नज़र वहीं पर तिकी हुई थी...

मैंने मन में सोचा की ये बुआ को आँखों से hi छोड़ denge...par सोचा जब सब एक दुसरे को छोड़ रहे हैं तो इसमें इनका क्या दोष...
में- फूपाजी ठीक है किस टाइम जॉन वहां ममी को लेने....
बी फूपाजी- haannnn...acha वहां चला जा अभी तैयार hokar...jitni जल्दी हो आएगा उतना ाचा है...
में- ठीक है फूपाजी मैं निकल जाऊंगा...
फिर सब अपने काम में लग गए बड़े फूपाजी बुआ को अब भी ताड रहे थे...
और बुआ को भी शायद ये सब पता चल रहा था तो वो भी जान कर अपना पल्लू ठीक नहीं कर रही thi...Main अपनी प्लेट किचन में रखने के लिए उठा वहां पूर्वी दीदी बर्तन धो रही थी...
में- कैसा लगा अपने पापा का प्यार पूरी रात?
पूर्वी- (शर्मा गयी फिर बोली) बदमाश है तू बहुत... बेशर्म कहीं का...
में- अपने पापा से पूरी रात चुदाई तुमने करवाई और बेशरम मैं hun...ye तो अन्याय है...
पूर्वी- धत्तत्त ऐसे बात करता है कोई दीदी से...
में- ाचा दीदी मज़ा आया की नहीं...
पूर्वी - सच बताऊँ मज़ा तो बहुत आया...
में- हाय मेरी पापा की beti...sharma भी रही ho....acha दीदी अब पापा से प्यार हो गया हो तो थोड़ा भाई को भी करलो..
पूर्वी- क्यों रिमझिम ने मन कर दिया...
मैं चुनते हुए..
में- रिमझिम मतलब...
पूर्वी- बीटा दीदी हूँ तेरी सब पता रहता है कहाँ तू मुँह मार रहा है और कहाँ लुंड...
में- दीदी तुम्हे पता hi तो है हाँ रात को रिमझिम दीदी के साथ चुदाई की...
पूर्वी- बता न मुझे भी शुरू से...
में- यहीं अभी कैसे?
पूर्वी- अरे देख रहा है कितने बर्तन पड़े हुए hain..tu जब तक बताएगा तब तक ये भी धूल जायेंगे...
फिर मैंने पूर्वी दीदी को अपनी और रिमझिम की कहानी पूरी sunai...didi और मैं दोनों hi सुनकर गरम हो गए...
में- दीदी बर्तन तो धूल गए अब कुछ करो न लुंड बिलकुल टाइट हो गया है...
Poorvi-wo तो मुझे साफ़ नज़र ा रहा है... सब यहीं घर में क्या karun...ek काम कर तू ऊपर वाले बाथरूम में जा नहाने के bahane...main आती हूँ..
फिर मैं दीदी के कहे अनुसार अपने कपडे वगेरा लेकर ऊपर वाले बाथरूम में घुस gaya...or वेट करने लगा कुछ देर बाद पूर्वी दीदी की गेट के बहार से आवाज़ आई तो मैंने गेट खोला और वो अंदर घुस गयी....
आते hi मैंने उन्हें अपनी बाँहों में जकड लिए और अपने होंठों को उनके होंठो से भिड़ा दिया... और चूसने laga...par समय का अभाव और सिचुएशन को देखते हुए मैंने जल्दी करने का सोचा... फिर मैंने उन्हें नीचे बिठा दिए और वो मेरा लुंड बहार निकल कर चूसने लगी....

दीदी ने अपने हाथो से खुद hi अपना ब्लाउज ऊपर खिसका दिए और अपने बड़े बड़े बूब्स बहार निकल liye...bra बच्ची को दूध पिलाने की वजह से उन्होंने पहनी नहीं thi...maine कुछ देर उनसे लुंड चुसवाने के बाद दीदी को खड़ा कर दिए और साड़ी और पेटीकोट को खींच कर निकल दिए क्यूंकि मुझे उन्हें नंगा देखना था फिर पंतय भी निकल दी पर ब्लाउज वैसा hi रहने दिए पर फिर दीदी को एक दीवार के सहारे झुका दिए और अपनी उंगलिओ को गीला कर दीदी की छूट पर लगाया तो दीदी की सिसकी निकल गयी फिर मैंने उंगलिओ को हटाकर लुंड का टोपा छूट के द्वार पर लगाया और झटके मारा तो लुंड अंदर घुस गया
Poorvi-ahhhh मुम्ममय.... Ahhhhhhhhhhh
में- मुम्ममय को भी छोड़ दिए सुबह hi अब बेटी की बरी है...
पूर्वी- एक बछ्ह निकल दिए इस चुत से , अपने बाप से तक छुड़वा लिए... पर तेरा लुंड लेते हुए अब भी दर्द होता है...
में- तेरी छूट hi टाइट है इतनी मेरी जान
और मैं दीदी को छोड़ने लगा...

दीदी बस दीवार पकड़ कर अपनी गांड पीछे निकल कर कड़ी थी और मैं उन्हें अचे से छोड़ रहा था..
पूर्वी- आह्ह्ह्ह हैं हैं हैं हैं आह्ह्ह्हह Ahhhhhhhhhhh माहहह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करमाआहहह छोड़ अपनी दीदी को अह्ह्ह्हह्हह...
में- हॉँण्णन दीदी आआह्ह्ह टाइट है....
ऐसे hi खड़े खड़े माइनर दीदी को अगले 5 मीन्स तक छोड़ा फिर दीदी ने बोलै कर्मा मेरी गांड में खुजली हो रही है गांड में दाल तो मैं दीदी को थोड़ा पीछे किआ और बाथरूम के बीच में कपडे रखकर उसपर झुका लिए और फिर लुंड को उनकी छूट में से निकला जो उनके चुत रास में भीगा हुआ था तो मैंने लुंड को दीदी की गांड के छेड़ पर रखा और धक्का दिए तो मेरा लुंड दो इंच पूर्वी दीदी की गांड में घुस gaya...maine दीदी के मुँह पर हाथ रख लिए जिससे दीदी की चीख वहीं डाब गयी दो तीन झटको में hi मैंने अपना पूरा लुंड उनकी गांड में घुसेड़ दिए और गांड मरने लगा दीदी आह्ह्ह्हह कर रही थी और मुझे और तेज़ मरने को बोलकर उकसा रही थी....

मैं तूफानी झटको से दीदी की गांड मर रहा था और फिर ऐसे hi दीदी की गांड में अगले 15 मिनट्स तक लुंड पेलता रहा तो दीदी झाड़ गयी और मैं भी उनके साथ hi गांड में झाड़ गया.... फिर दीदी ने मुझे बहार जाने को बोलै पर मैं नहीं माना और उनके साथ hi नहाया दीदी ने मुझे अचे से रगड़ रगड़ कर नहलाया... खासकर मेरे लुंड को खूब चूस चूस कर साफ़ kia...mere होंठों को चूसा और मैंने उनकी छूछीयो को और फिर जब नहाना ख़त्म हुआ तो दोनों ने अपने अपने कपडे पहन लिए और पहले दीदी निकल गयी और थोड़ी देर बाद main...neeche जाकर देखा तो हॉल में कोई नहीं tha...badi बुआ अपने कमरे में नज़र आ रही थी... बड़े फूपाजी की आवाज़ भी उनके कमरे से आ रही थी तो मैं उनके कमरे में गया और उन्होंने एड्रेस और पैसे फ़ोन नंबर वगेरा दिए...
मैं उनके कमरे से निकल कर सोचा बुआ को बता कर निकलता हूँ तो उनके कमरे में गया तो देखा गेट अंदर से बंद था मुझे लगा इस टाइम गेट बंद कुछ तो ज़रूर सन है ....तो मैं बाथरूम के अंदर से गेट चेक किआ तो वो खुला था उसे खोल के जब मैं अंदर घुसा तो क्या नज़ारा tha...dekhte hi लुंड खड़ा हो gaya...andar विनीत बीएड पर लेता हुआ tha...or बुआ उसका लुंड अपनी छूट में लिए हुए थी वहीं उनके पीछे से फूपाजी उनके पति उनकी गांड में लुंड डालकर उनकी गांड मार रहे थे...

बुआ जी दोनों बाप बेटे के बीच में thi...bete का लुंड छूट में वहीं पति का गांड... ज़िन्दगी में मैंने पहली बार ऐसा दृषिअ देखा tha....mera लुंड फटने जैसा हो gaya...meri अपनी बुआ अपने पति और बेटे को ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सुख दे रही thi...bahut ज़िम्मेदारियाँ होती हैं एक माँ की एक पत्नी की और बुआ उन दोनों भूमिकाओं को क्या बखूबी निभा रही thi...bete और पति दोनों को एक साथ सुख दे रही थी... बाप और बेटे की ऐसी साझेदारी देखकर मेरा लुंड लोहे का हो गया tha....kapde के नाम पर बुआ के कमर में लिप्त हुआ उनका एक पेटीकोट था.. बड़की दोनों बाप बेटे मादरजात नंगे होकर अपनी माँ और पत्नी के दोनों छेड़ो को खोदने में लगे हुए थे...
मुझसे ये दृश्य बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने भी झट से अपने कपडे उतर फेंके और बुआ के सामने जाकर खड़ा हो गया... विनीत और फूपाजी ने मुझे देखा तो थोड़े हैरान हुए पर फिर मुस्कुराने लगे मैंने भी उन्हें मुस्कुरा kar...jari रखने का इशारा kia...bua ने आँखें खोली तो सामने मुझे नंगा खड़ा dekha...maine भी देर न करते हुए उनका सर पकड़ कर अपना लुंड उनके मुँह से लगा दिया...

बुआ ने भी बिना देरी किये लुंड को मुँह में भर लिए और चूसने लगी मेरे लुंड को जैसे सुकून मिल गया...
बुआ अब तीन तीन लुंड को अपने बदन में समाये हुए thi...or तीनो का सुख भोग रही थी... औरत के तीन छेड़ hi होते हैं जिनका सुख आदमी भोग सकता है बुआ के तीनो छेड़ इस समय भोगे जा रहे थे वो भी एक hi समय पर तीन अलग अलग लोगो dwara...or अगर तीनो hi अपने hi परिवार के हो क्या बात hai..bua के साथ भी ऐसा hi था ऊपर पति नीचे बीटा और सामने भतीजा.... तीनो के लुंड बुआ के छेड़ो से अंदर बहार हो रहे the...or बुआ उत्तेजना के सातवे आस्मां पर उड़ रही thi...or बुआ जब इस उत्तेजना के तूफ़ान को नहीं झेल पाई तो झड़ंने lagi...bua के झड़ने पर सबकी गति काम हुई तो फूपाजी ने जगह बदलने का प्रस्ताव रखा जिसे हमने मान लिए अब फूपाजी नीचे लेते हुए थे और बुआ उनकी तरफ पीठ करके उनका लुंड गांड में लेकर बैठी और फिर हाथ पीछे टिका लिए वहीं मैं उनके पैरों के बीच आ गया और अपना लुंड उनकी छूट पर लगा कर धक्का मारा तो लुंड छूट में घुस gaya...maine दो तीन धक्के और मर कर अपना लुंड पूरा बुआ की छूट में भर dia...mere लुंड पर फूपाजी का लुंड बुआ के दुसरे छेड़ में महसूस हो रहा tha...mera लुंड बुआ की छूट में और फूल gaya...ek पति के साथ उसकी पत्नी की चुदाई karna...wo भी अपनी बुआ की बहुत hi उत्तेजित करने वाली बात है.... विनीत ने बुआ का मुँह बंद करने का ज़िम्मा संभाला और अपना लुंड अपनी मुम्ममय क मुँह में दाल dia...bua भी बेटे का लुंड लोल्लयपोप की तरह चूसने लगी....

व्- आह्ह्ह्ह मुम्ममय ahhhhhhhhhhh ऐसे hiiiiiiiiiiiiiiiiiiii....
बुआ के मुँह से बस ममममममम हम्म्म गुस्सस्गपपपप की आवाज़ें आ rahi...thi.
मैं ऐसे दृषिअ को देख कर बहुत उत्तेजित हो गया था तो बुआ की छूट में तेज़ी से लुंड अंदर बहार करने laga....wohin फूपाजी भी अपनी बीवी को अपने बेटे और उसके भतीजे से छुड़ता देख गरम होकर नीचे से अपना लुंड बुआ की गांड में पेल रहे थे....
फूपाजी- हानंन्न shashiiiiiiiiiiii साली रंडी ऐसा मज़ा कभी नहीं aaya.....bete और कर्मा के साथ तुझे बांटने में और उनके साथ छोड़ने से मैं भी इतना गरम हो रहा hun....aahhhhh तेरी गांड....
Bua-mmmmmmmmmmmgjmm sluppppppppppppppppppppppppppppppp..
में- बाआआ की गांड hi कुछ ऐसी है.... phoopaji..har उम्र का लुंड खड़ा कर देती है..... अह्हह्ह्ह्ह बड़े फूपाजी भी लुंड मसलते हैं बुआ को देखकर ...
व्- हॉँण्णन पापा ताऊ जी तो मुट्ठी मरते हैं मुम्ममय की गांड देख देख कर.....
फूपाजी की ये सुनते hi गति और बढ़ गयी...
फूपाजी- भैया भी मेरी बीवी को छोड़ना चाहते hain......sali क्या रैंड है तू... शशि सरे लुंड तो खा चुकी घर ke...ahhhhh पति और बेटे से चुद रही है और जेठ छोड़ने को तैयार है...
फूपाजी खुद के मन में ये सब सोचकर उत्तेजित हो गए और फिर बुआ की गांड में पूरा लुंड अंदर तक दाल दिया और झड़ने लगे... अपने रास की धार बुआ की गांड में छोड़ने लगे... उधर विनीत का भी ये hi हाल था वो अपनी मुम्ममय के बाल पकड़ कर उनका मुँह छोड़ रहा था पूरा लुंड गले तक पहुंच रहा था बुआ की आँखों से आंसू आ रहे थे और फिर विनीत अपनी मुम्ममय के मुँह में झाड़ गया जिसे बुआ एक एक बूँद जातक गयी और जब विनीत ने लुंड बहार निकला तो बुआ खांसने lagi...unka हाल बुरा कर दिया था उनके बेटे ने.... मैंने अपना लुंड बुआ की छूट से बहार निकला और हैट गया तो बुआ बीएड पर साइड में गिर गयी... फूपाजी नीचे से उठे और अपना लुंड बुआ के मुँह पर रख दिए बुआ ने उसे भी मुँह में ले lia...or अपनी गांड से निकले हुए लुंड को जिसपर फूपाजी का रास और बुआ की गांड का रास मिक्स होकर लगा हुआ था उसे चाट चाट कर साफ़ कर दिए... उधर बुआ फूपाजी का लुंड साफ़ कर रही थी इधर मैंने उनके पीछे लेटकर एक बार फिर से बुआ की छूट में लुंड पेल dia....or छोड़ने laga...jab फूपाजी का लुंड साफ़ हो गया तो वो हस्त गए और अपने कपडे पहनने लगे और विनीत भी अपने कपडे पहनने लगा... मैंने बुआ को कास कर पकड़ लिए और छोड़ने लगा

में- ाःह बुआ बुआ बुआ aahhhhhhhhhhhh माँ... विनीत आज एक साथ अह्हह्ह्ह्ह चुदाई का प्लान कैसे बन गया....
व्- भाई कुछ नहीं वो ताऊ जी के साथ जाना है तो मैंने सोचा जाने से पहले एक बार लुंड शांत करलु... पूर्वी दीदी नहाने गयी थी तो मुम्ममय के कमरे में आ गया यहाँ मुम्ममय पापा पहले से लगे हुए थे... मुझे देखकर मम्मी ने मुझे भी बुला लिए...
Bua-aaahhh कर्मा. हम्म्म्म और मैंने बुला लिए या देखते hi लुंड बहार निकल के हिलने laga....to बुलाना hi पड़ा....
में- दोनों माँ बेटे एक नंबर के छोड़ू हो...
व्- यार भाई पापा और तेरे साथ माँ को छोड़कर बड़ा मज़ा aaya...mera लुंड फिरसे न खड़ा हो jaye...hr हे हे...
Phoopaji-ab बातों में मत लग चल ताऊजी इंतज़ार कर रहे होंगे..
व्- ठीक है पापा जा रहा हूँ...
फूपाजी- तू भी निकलेगा कर्मा...
में- हाँ बस बुआ की चुदाई केबाद निकल hi रहा हूँ... और ये सुनकर फूपाजी और विनीत कमरे से निकल गए वहीं मैं बुआ को छोड़ रहा था...
में- अह्हह्ह्ह्ह बुआ मेरी रंडी बुआ कैसा लगा आज तीन लुंड एक साथ लेकर....
बुआ- हनमन ऐसे hi bachhhaaaaaaaaaaaa....chodddddd बुआ को.... अरे बच्चा ऐसे चुदाई कभी नहीं हुई मेरी आह्ह्ह्हह्ह एक साथ तीनो लुंड लेने का सुख मैं बता नहीं सकतीअ अह्हह्ह्ह्ह बच्चा....
में- साली रायणनंदददद...
बुआ- अह्ह्ह्ह बीटा अह्ह्ह्ह एक साथ अपने बेटे और पति से छोड़ने का सुख मिला मुझे आह्ह्ह्हह इससे ज़्यादा एक औरत को कुछ नहीं चाहिए...
में- मेराआआ. लुंड नहीं चाहिए बाआ....
Bua-ye तो मेरा हिस्सा है re....aisa लगता है ऐसी hi इसे अपने अंदर रखे rahun....ahhhhhhhhhhhhhhh
में- अह्ह्ह्ह क्या छूट है तेरी buaaaa.....jitna भी छोड़ो मज़े hi देती है.....
बुआ- hnnnnnnnnnnnnnn.. बीटा तेरी बुआ रंडी है.... अह्ह्ह्ह छोड़ रंडी बुआ को....
में- बुआ किसी दिन मैं पापा और अनुज मिलकत छोड़ें तुम्हे और विनीत और फूपाजी देखे तो कैसा लगेगा तुम्हे...
Bua-sawal क्र बारे में सोचकर hi इतनी उत्तेजित होगयी के सवाल का जवाब तो नहीं दिए पर झड़ने lagi....main लगातार उन्हें छोड़ता जा रहा था...
Bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह बछ्ह ahhhhhhhhhhhhhhhhhh madarchoooooooooodddddddd mainnnnnnnnnnnngayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii... और बुआ के झड़ते hi मैंने अपना काबू भी खो बैठा और भर भरा कर बुआ की छूट में रास भर diya...maine अपने पूरे रास को बुआ की टंकी मेइब भर दिया mmmmmmmmmmm...
बुआ और मैं ऐसे hi लेते लेते साँसों के नार्मल होने का इंतज़ार करने lage...or फिर बुआ बोली....
बुआ- क्या ज़िन्दगी hai...mere तीनो छेड़ो में से रास बाह रहा है..
एक में बेटे का एक में पति का और एक में भतीजे ka....ahhhh...beta मज़ा आ गया आज to....tum लोगो ने तो जान hi ले ली मेरी...
में- तुम खुश हो न बुआ...
Bua-bahut खुश और ये सब तेरी वजह से है... मेरा राजा बीटा...
में- ाचा अब चलता हूँ बुआ जाना भी है...
Bua-ruk
और बुआ ने झुककर मेरा लुंड पकड़ लिए...
Bua-aise जायेगा रिश्तेदारों के यहाँ लुंड तो साफ़ करवले..
और फिर बुआ ने मेरा लुंड चूसकर साफ़ किआ फिर वो नंगी hi चादर ऊपर दाल कर बीएड पर लेट गयी आँखें बंद karke.....waise भी एक साथ तीन लुंड से छुड़वाने के बाद आराम तो चाहिए होता है ...उन्हें ऐसे लेता हुआ छोड़कर मैं भी कपडे पहन कर दोबारा तैयार हुआ और बहार निकल कर मोटरसाइकिल लेकर निकल गया....
मोटरसाइकिल चलते हुए बहुत साडी बातें चल रही थी दिमाग mein...ki जबसे मैं यहाँ आया हूँ ये परिवार कितना बदल गया hai.....kya मैं हूँ इस सब की वजह पर अगर ऐसे hi ये खुश हैं तो गलत क्या hai...asali ख़ुशी तो अपनो के साथ चुदाई करके मिलती hai...jo इन्हे मिल रही है तो कर्मा तू सब सही कर रहा hai...ye सब बातों में मैं शहर की और चलता गता...
करीब 2 घंटे बाद मैं लखनपुर पहुंचा... पहले टेंट वाले के पास gaya...use जैसा फूपाजी ने बताया था बोलकर... फूपाजी ने जो एड्रेस दिए था उस पर पहुंच गया...
बाइक रोक कर साइड में कड़ी करके मैंने गेट khatkhataya....ek बार और खटखटाया तो अंदर से आवाज़ aai...aaati हुण्णनं....
इसके बाद क्या हुआ अगली अपडेट में आप सब इसी तरह पढ़ते रहिये और कमैंट्स करते रहिये ... शुक्रिया....


























