Incest Prem : Hunter or Prey ? - Page 5 - SexBaba
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Incest Prem : Hunter or Prey ?

अपडेट 20

व्हाट थी फुककक ?????????


[ प्रेम : मुझे पसंद नहीं है ! आप बताइये हुज़ूर आपका कब आएगा ?

अदिति : मेरा ? मेरा तो ××/××

प्रेम : नीस ! ]

अब आगे :

प्रेम और वृंदा दोनों अकेले रूम में बैठे हुए थे . प्रेम ने रूम को अंदर से लॉक कर दिया था .

वृंदा : केसा लग रहा है इतने समय बाद अपने नाना नानी से मिलने से ?

प्रेम : गुड बूत ये सब छोड़िये और मुझे वो कक्तव क्लिप देखनी है श्रुति वाले गेस्ट रूम की !

वृंदा : हाँ ! मेरे मोबाइल से कनेक्टेड Hi है !

वृंदा मोबाइल में एप्लीकेशन ों कर प्रेम को देती है .

प्रेम : आपने चेक की ?

वृंदा : नहीं !

प्रेम पास्ट की रिकॉर्डिंग्स देखने लगता है . करीब आधे घंटे तक कुछ ख़ास नहीं होता है . प्रेम फ़ास्ट फॉरवर्ड करके देखने लगता है . वृंदा भी उसके साथ देखने लगती है . पर तभी..

[ फ्लैशबैक

फ्यू डेज एगो

ात नाईट

श्रुति गेस्ट रूम में रात को सो रही थी . उसके एक हाथ में ग्लूकोस की बोतल चढ़ रही थी .

गेस्ट रूम का कमरा अचानक खुलता है . एक शख्स रूम में एंटर करता है . वो शख्स रूम में एंटर करते है . वो गेट को अंदर से लॉक करता है .

शख्स धीरे धीरे बीएड के पास जाता है और बीएड पर बैठ जाता है . वो शख्स श्रुति हो हाथ लगता है . उस शख्स के टच करते Hi श्रुति अचानक नींद से उठती है और हड़बड़ा जाती है .

ये शख्स कोई और नहीं , शेखर महरा Hi था . प्रेम का चाचा .

शेखर : दर क्यों रही है ! तुम्हारा मालिक हु मई !

श्रुति : ( फियर्स )

शेखर उसके जिस्म पर अपना हाथ फेरने लगता है .

श्रुति के रौंगटे खड़े हो जाते है . उसमे हिम्मत नहीं थी शेखर को रोकने की .

शेखर : ( स्माइल्स ) मई तो देखने आया था की मेरी कुत्तिया को कुछ हुआ तो नहीं ! कल तो मई जा रहा हु राजस्थान ! पर वह से आकर तेरे गले में फिर से मई अपना पत्ता बांधूगा ! अपने आप को तैयार करके रखना ! समझी ! समझी की नहीं समझी !

श्रुति : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

शेखर बीएड पर बैठा हुआ होता है . वह बीएड से खड़ा होता है और अपना जूता बीएड पर रखता है

शेखर : चल अब मेरा जूता निकाल और मेरा पैर चाट !!!

श्रुति दर जाती है . उसके माथे पर पसीना बह रहा था .

शेखर : जल्दी !!! मेरी कुट्टी !!

श्रुति डरते डरते अपने हाथ आगे बढाती है .

फ्लैशबैक एंड्स ]

इतना देखते Hi प्रेम वो क्लिप बांध कर देता है . वीडियो और भी बड़ी थी पर प्रेम से देखा नहीं जा रहा था . प्रेम की आँखों में गुस्सा साफ़ नज़र आ रहा था .

वृंदा प्रेम के लेग्स को नोटिस करती है . वृंदा को पता था की प्रेम को जब भी ज़्यादा गुस्सा आता था उसके पैर की उंगलिया हिलने लगती है .

प्रेम : ( गुस्से में ) ी विल फुकककिंग टेअर थिस मन !!!!!!

वृंदा : प्रेम रिलैक्स ! तुम इतना हाइपर क्यों हो रहे हो ?

प्रेम : हाइपर क्यों हो रहे हो ? आपको दिख नहीं रहा ये क्या कर रहा है ?

वृंदा : सबसे पहले तुम शांत हो जाओ ! ी क्नोव ये क्या कर रहा है बूत तुमने इसके लिए पहले Hi प्लान बना लिया है न ! तुम क्या इसलिए और भी गुस्सा आ रहा है क्यूंकि ये श्रुति पर ?

वृंदा प्रेम का हाथ थाम लेती है .

प्रेम : ी Don't क्नोव ! मुझे ऐसा लगता है की मुझे उसे प्रोटेक्ट करना चाहिए ! एक अफेक्शन फील होता है उसके लिए पता नहीं क्यों ?

वृंदा : शायद तुमने उससे खून से रंगा हुआ देखा इसलिए !

प्रेम : ी Don't क्नोव ! बूत इस शेखर महरा की तो मई ऐसी हालत करुगा की ये सोच भी नहीं सकता ! बूत दी ये स्ट्रेंज नहीं है की

*दूर क्नॉक्स*

प्रेम वृंदा को कुछ कहने Hi वाला होता है की तभी दूर पर कोई नॉक करता है .

वृंदा जाकर गेट खोलती है . सामने हिमाक्षी कड़ी थी .

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लक्षिता : वो प्रेम भैया ! आपको निचे बुला रहे थे !

प्रेम : हम्म ! OK ! में आ रहा हु ! तू जा !

लक्षिता वह से चली जाती है . वृंदा गेट बंद कर देती है !

प्रेम : दी ! इस आदमी की दोनों कमज़ोरी इसकी दोनों वाइफ है ! एक तो ऑलमोस्ट मेरे कण्ट्रोल में Hi है ! अब दूसरे को भी अपने कण्ट्रोल में करलु ! उसके बाद ये तो गया !

वृंदा : इसकी दूसरी वाइफ को मेने कभी नहीं देखा ! मुझे भी देखना है !

प्रेम : बहुत जल्द ! चलो में आता हु ! आप भी आईएनए !

वृंदा : नहीं ! मुझे थोड़ा हेडाचे है ! तुम जाओ !

प्रेम : OK ! यू टेक सम रेस्ट !

प्रेम वह से निचे चला जाता है . प्रेम की सभी सिस्टर्स वही थे सिर्फ विनय , रोहित , वृंदा और गुनगुन अपने अपने रूम में Hi थे .

नानाजी : इतना समय कैसे लग गया आपको ?

प्रेम : वो बस हम कुछ काम कर रहे थे !

नानाजी : चलिए !

प्रेम : हाँ !

सभी लोग वह से बाहर जाते है .

इशिका : प्रेम तुम तो दीखते Hi नहीं आजकल ! ऐसा लगता है अभी भी अमेरिका में Hi हो !

प्रेम : तुम भी कहा दिखती हो !

अदिति : भैया आपका परफ्यूम तो बहुत ज़्यादा Hi ाचा है ! वैरी नीस फ्रेग्रेन्स ! कोनसा है ?

प्रेम : It's ा सीक्रेट !

अदिति : बताइये न प्लीज !! मुझे भी चाहिए ये अब तोह !

प्रेम : ये शॉप्स में नहीं मिलता ! ये कस्टमाइज्ड है मेने इटली में लिया था ! अराउंड हाफ मिलियन का है !

प्रेरणा : आप इटली कब गए ?

प्रेम : गया था बस ऐसे Hi ट्रिप पर !

करीब 10-12 कार्स कड़ी हुयी थी . सभी के ड्राइवर्स वही खड़े हुए थे . सभी लोग अलग अलग कार्स में बैठ जाते है . प्रेम के साथ दिया , अदिति और प्रेरणा भी थी . प्रेरणा आगे बैठी थी तो वही पीछे अदिति और दिया दोनों ने Hi अगल बगल से प्रेम को बिच में बिठाकर जकड लिया था .

प्रेम : सांस तो लेने दो मुझे ठीक से ! थोड़ा दूर बैठो पहले !

दिया : पहले आप इससे कहिये की वो दूर जाए !

अदिति : हम क्यों दूर बैठे ! आप दिया से कहिये की वो दूर बैठे !

दिया : भैया इससे कह…

प्रेम : ारी चुप्प्प !!!!!

*आफ्टर 10 मिनट्स*

कार्स जाकर एक बड़े सी गार्डन के बाहर रूकती है. ये बहुत बड़ा गार्डन था जो करीब 1100 एकर का था . यह इंद्रवर्धन रायचंद का Hi था जिसमे सभी फ्रूट्स के पेड़ पौधे थे , खासकर आम . यहाँ बहुत सारे आम के पेड़ थे.

सभी लोग अपनी अपनी कार्स से उतारते है .

प्रेम : 10 मिनट से बॉडी अकड़ गयी मेरी तोह !

प्रेरणा : आप माँ से नहीं मिले !

प्रेम : Aree….Haa शीट !! वो तो भूल Hi गया ! कोई नहीं बाद में तो मिलना Hi है !

सभी लोग गार्डन के अंदर जाने लगते है .

प्रेम : ननु ये वाटरमैलों कबसे चालू हो गए यहाँ ?

इंद्रवर्धन : कुछ साल पहले चालू किये थे ! आप खाकर देखिये !

कुछ सर्वेन्ट्स इंद्रवर्धन की तरफ आते है . ये सब यही काम करते है .

इंद्रवर्धन : जाइये और आप सभी के लिए ताज़ा आम काट के लेकर आइये !

सर्वेन्ट्स : जी हुकुमसा !

सारे लोग आगे चले जाते है . सभी के लिए वह चेयर्स लग गयी थी .

फ्रेश वातावरण और पास में Hi कटे हुए आम की स्लाइस . सबकुछ एक दम परफेक्ट था वह .

प्रेम : ननु ! आप तो खाइये !

आराध्य : दादासा को डायबिटीज है ! वो कुछ भी मीठा नहीं खा सकते !

प्रेम : इतना तो चलता है !

आराध्य : नहीं चलता !

अदिति : ( धीरे से ) भैया आप दी से नहीं जीत पाओगे ! घर में तो किसीको बोलने Hi नहीं देती है !

प्रेम : ( धीरे से ) सही कहा ! कोण फ़ालतू में बहस करे !

दिया : आप दोनों क्या बात कर रहे हो ?

अदिति : हमारी पर्सनल बात है ! सबको क्यों बताइये ! सही कहना भैया !

प्रेम : करेक्ट !

दिया : ( 😡 )

*आफ्टर 5 हॉर्स*

सभी लोग बहुत पहले Hi घर पहुंच चुके थे . प्रेम अपने दोनों मां और दोनों मामियो को मिल चूका था और अपनी माँ और दादी से भी मिल चूका था . रात का डिनर भी हो चूका था . पर अभी तक ज़्यादातर लोग नहीं सोये हुए थे . यहाँ रात को लेट Hi सोते थे पर सुबह भी जल्दी Hi उठते है .

वही दिया , अदिति , लक्षिता और हिमाक्षी एक रूम में बैठे हुए थे .

लक्षिता : वैसे ये महल तो काफी बड़ा है !

अदिति : हां ! अगर कोई यहाँ छुपने की तरय करे तो दूसरा तो पकड़ भी नहीं पाए !

लक्षिता : हाँ !

हिमाक्षी : नहीं ! मतलब बड़ा तो है बूत इतना भी बड़ा नहीं है ! कोई भी किसीको भी आराम से धुंध ले !

दिया : करेक्ट !

अदिति : आप चैलेंज लगा लो ! नहीं धुंध पाओगे !

हिमाक्षी : चैलेंज ? OK !! हाईड एंड सीक खेलते है ! में तुम तीनो को ढूंढूगी !

अदिति : ( लुकिंग ात दिया ) हां बूत कोई चीटिंग नहीं करेगा !

दिया : तो ये मेरी तरफ देखकर क्यों बोल रही हो ? में कोई चीटिंग नहीं करती !

अदिति : हमने भला थोड़ी कुछ कहा ! मगर हाँ जब तक मिल नहीं जाते तब तक खोजना है ! OK ?

हिमाक्षी : OK ! अब तुम अब जाओ ! ों थे काउंट ऑफ़ 30 , ी विल के !

सभी लोग वह से बाहर जाने लगते है . इतना बड़ा महल था की सभी लोग अलग अलग दिशा में जाने लगते है . वही दिया वृंदा के रूम में घुस जाती है .

वह पहुंचकर वह कप्बोर्ड में देखती है जो पूरा खाली था . वृंदा ने उसमे अपने क्लोथ्स नहीं रखे थे . दिया जाकर उसमे फिट होकर बैठ जाती है और कप्बोर्ड का गेट बंद कर देती है . दिया की हाइट छोटी Hi थी जिसकी वजह से वह आराम से उसमे फिट हो जाती है .

फिलहाल टेरेस पर वृंदा और प्रेम दोनों अकेले खड़े थे .

वृंदा : क्या सोच रहे हो ?

प्रेम : फिलहाल तो कुछ भी नहीं ! बस बेचैनी है !

वृंदा : क्यों ?

प्रेम : पता नहीं ! ऐसा लगता है की कोई याद कर रहा है मुझे !

वृंदा : हां ! मुझे पता है कोण याद कर रहा है !

प्रेम : कोण ?

वृंदा प्रेम का हाथ पकड़ कर अपने वागिना पर रखती है .

वृंदा : यह 😋 !

प्रेम : ी सी 👀 !

वृंदा : तुम्हे बहुत मिस कर रही है !

प्रेम अपने आस पास देखता है और फिर वृंदा को किश करने लगता है . वृंदा भी उसका साथ दे रही थी .

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वृंदा किश को तोड़ती है और बीच में Hi बोलती है

वृंदा : अगर यहाँ किसीने देख लिया तोह ?

प्रेम : ी Don't थिंक अभी कोई यहाँ आएगा !

वृंदा : फिर भी ! मेरे रूम में चलते है ! मुझे सिर्फ किश Hi नहीं करना है !

प्रेम : OK Let's जो !

प्रेम और वृंदा दोनों रूम में आ जाते है . प्रेम रूम का गेट बंद कर देता है .

दिया : ( मैं में ) कोण आया होगा ? शायद वृंदा दी होगी !

दिया कप्बोर्ड के अंदर थी जिसकी वजह से बाहर क्या हो रहा था उसे पता नहीं चल रहा था .

वृंदा प्रेम को बीएड पर धक्का दे देती है और उसके सामने अपने कपडे निकालती है और बीएड पर फेकती है .

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प्रेम : ( स्माइल्स ) ी लिखे आईटी !

दिया : ( मैं में ) भैया ??? ी लिखे आईटी ?????

वृंदा प्रेम के पास जाती है . प्रेम बीएड पर बैठा हुआ था . वृंदा अपने हाथो से प्रेम का पेण्ट और अंडरवियर निकलती है . वृंदा प्रेम का लुंड अपने हाथो में लेती है .

वृंदा : ी मिस्ड यू !

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वृंदा अपने हाथो से उसे रब करने लगती है .

दिया : ( मैं में ) ी मिस्ड यू ?????? ये चल क्या रहा है ??????

प्रेम भी अपना शर्ट निकल लेता है . अब दोनों Hi वह नेकेड थे .

वृंदा प्रेम का लुंड मुँह में लेकर उसे ब्लोजॉब देने लगती है .

*ग्लोग*

*ग्लोग*

*ग्लोग*

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प्रेम : यह लिप्स ! ी जस्ट लिखे आईटी !

दिया के कान में आवाज़े आने लगती है . दिया वह से उठती है और गेट खोलकर बाहर निकलती है . उसके आखो से सामने वृंदा के मुँह में प्रेम का लुंड था .

दिया : ( शॉकेड ) व्हाट थी फुककक ?????????

वृंदा : ( खड़े होते हुए ) फुकककक !!!!!!!!!!

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना अपडेट पर . मिलते है आप सबको बहुत जल्द . चियर्स 🍻
 
अपडेट 21

कलपद !!!


[ दिया के कान में आवाज़े आने लगती है . दिया वह से उठती है और गेट खोलकर बाहर निकलती है . उसके आखो से सामने वृंदा के मुँह में प्रेम का लुंड था .

दिया : व्हाट थी फुककक ?????????

वृंदा : ( खड़े होते हुए ) फुकककक !!!!!!!!!! ]

अब आगे :

प्रेम और वृंदा दोनों Hi दिया सामने खड़े थे फिलहाल . दोनों के Hi शरीर पर कपडे नहीं थे . दोनों हड़बड़ी में अपने कपडे पहनने लगते है .

दिया : ये क्या चल रहा था ????? आप दोनों…

वृंदा : ी कैन एक्सप्लेन दिया !

दिया : आप दोनों एक साथ...

प्रेम : सेक्स कर रहे थे !

*ावक्वार्ड साइलेंस*

वृंदा : दिया ! पहले यहाँ आकर बैठो ! में तुम्हे एक्सप्लेन करती हु !

धीरे धीरे दिया आगे बढ़ती है और बीएड पर बैठ जाती है .

दिया : मेने कभी सोचा नहीं था की आप दोनों…

प्रेम : सी डीयू ! It's सिंपल ! हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते है ! हम दोनों Hi मातुरे है ! और प्यार की कोई बौंडरीएस नहीं होती !

वृंदा : हां दिया ! वे बोथ लव एच इतर ! और इसमें कोई गलत बात नहीं है !

प्रेम : ( मैं में ) ाचा ख़ासा मोमेंट चल रहा था , कलपद करवा दिया !!

दिया : मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा मई क्या बोलू ?

प्रेम : गुड ! हम बस यही चाहते है की ये बात तू और किसीको नहीं बताये !

वृंदा : हाँ ! दिया प्लीज ये बात किसीको बताना मत !

प्रेम : वैसे मई किसीसे डरता नहीं हु ! बूत स्टिल ये बात किसीको ना Hi पता चले तो बेहतर है !

दिया : ी नीड सम टाइम तो डाइजेस्ट थिस थिंग !

वृंदा : OK ! टेक योर टाइम ! बस ये किसीको पता नहीं चले !

दिया : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

दिया वह से चुपचाप बाहर चली जाती है .

वृंदा : ी होप ये किसीको न बताये !

प्रेम : हम्म !

वृंदा : पुरे मूड की धज्जिया उड़द गयी !

प्रेम : मेरा भी ! में तो चला अब सोने ! कल रात को देखते है अब !

वृंदा : हाँ ! मेरी किस्मत Hi खराब है !

प्रेम अपने रूम में चला जाता है जहा वह तेहरा हुआ था .

*नेक्स्ट डे*

*इन मॉर्निंग*

सभी ने ब्रेकफास्ट कर लिया था . कई सरे रिलेटिव्स आ रहे थे . परसो हल्दी भी थी . फिलहाल प्रेम अपने रूम में आराम से बीएड पर लेते लेते एक्सप्रेसो पि रहा था और अपने िपद में कुछ इम्पोर्टेन्ट काम कर रहा था .

थोड़ी देर बाद Hi रूम के बाहर विनय आकर गेट नॉक करता है . प्रेम बीएड से उठकर गेट खोलता है .

विनय : अभी क्यों गेट बंद रखा है ?

प्रेम : बस ऐसे Hi !

विनय : ाचा मेरी बात सुन ! तेरी भाभी को कुछ शॉपिंग करनी है ! सबने कर्ली बूत उसकी Hi बाकी रह गयी ! तू उसको जयपुर शॉपिंग करवा कर लेके आजा !

प्रेम : ( स्माइल्स ) क्या यार भैया ! आपकी बीवी आप लेकर जाओ ! साथ में थोड़ा रोमांटिक टाइम बिताओ ! कुछ Hi महीनो में मुझे चाचा बना लो !

विनय : फिरकी ले रहा है मेरी !

प्रेम : मज़ाक कर रहा था ! बूत आप भी तो लेकर जा सकते हो !

विनय : मुझे हेडाचे हो रहा है !

प्रेम : नीस डॉक्टर ! वैसे वह प्रतिभा की सैलरी और दरशन का क्या हुआ ?

विनय : हां उसका इन्क्रीमेंट भी हो गया और दरशन भी काम कर लिए !

प्रेम : ( स्माइल्स ) गुड ! मर. विनय महरा ! I'm प्राउड ऑफ़ यू !

विनय : ( स्माइल्स ) ओह हो ! तो मर. प्रेम महरा सोन ऑफ़ राजवीर महरा ! मेरी ुंबलानेद लाइफ कब बैलेंस्ड होगी ? जिससे में भी तुझपर प्राउड कर सकू !

प्रेम : ( सीरियस ) अब तो जल्दी से करना Hi पड़ेगा ! बात अब सोन ऑफ़ थे राजवीर महरा की है ! वैसे भाभी को बोलो जल्दी तैयार हो जाये ! बाद में चलते है ! जयपुर यहाँ से लगभग 100 कम दूर है ! शॉपिंग भी है तो आते आते लगभग रात तो हो Hi जाएगी !

विनय : हाँ !

विनय वह से बाहर चला जाता है .

प्रेम : आराम से कॉफ़ी भी नहीं पीने देते ! इतनी इम्पोर्टेन्ट डिस्कशन चल रहा था वह भी बंद करना पड़ा !

प्रेम अपनी जगह से खड़ा होता है और अपने कपडे बदल लेता है . प्रेम अपना परफ्यूम भी लगा लेता है .

प्रेम : ( मैं में ) गॉगल्स को रहने Hi देता हु !

प्रेम वह से निचे हॉल में चला जाता है और काउच पर बैठ जाता है . प्रेरणा भी वही कड़ी होती है . प्रेरणा की नज़र प्रेम पर पड़ती है .

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प्रेरणा उसके पास चली जाती है और काउच पर बैठ जाती है .

प्रेरणा : भैया आपके क्लोथ्स ??

प्रेम : क्या हुआ मेरे कपड़ो को ???

प्रेम अपने कपड़ो को देखने लगता है .

प्रेरणा : इनको कुछ नहीं हुआ ! ी मैं की शादी के लिए आपने कपडे तो ले लिए न ? बड़ी माँ बता रही थी की सबके कपडे उन्होंने Hi डिज़ाइन करके बनवाये है बूत सिर्फ आपके Hi बाकी रह गए ! उनके पास आपका मेज़रमेंट भी नहीं था सो !

प्रेम : है मेरे पास ! मेने ले लिए थे !

शीना वह आ जाती है .

प्रेम : Umm….Chale भाभी !

शीना : हाँ !

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प्रेरणा : कही जा रहे है क्या आप ?

इंद्रवर्धन भी वह आ जाता है .

इंद्रवर्धन : हां कहा जा रहे है आप ?

प्रेम : वो ननु हम जयपुर जा रहे है ! कुछ शॉपिंग करने !

इंद्रवर्धन : OK ! संभल कर जाना ! ड्राइवर को कहना धीरे से चलाये !

प्रेम : ड्राइवर की जरुरत नहीं है ! में हूँ न !

इंद्रवर्धन : नहीं वो रास्ता सेफ नहीं है ! साथ में ड्राइवर और सिक्योरिटी को भी साथ में लेकर जाइये !

प्रेम : ननु Don't वोर्री ! हम आराम से जायेगे और आराम से आएंगे !

इंद्रवर्धन कुछ कहता उससे पहले Hi प्रेम के बड़े मां वह आ जाते है .

वीरेंदर : वो चिंतामणि जी आये है ! कुछ ज़रूरी बात करनी है उन्हें अभी !

इंद्रवर्धन : ठीक है चलिए !

इंद्रवर्धन और वीरेंदर वह से चले जाते है .

प्रेरणा : मई भी औ ?

प्रेम : घूमने जा रहे है क्या हम ? वेकेशन पर जो सबको आना है ! शाम को तो वापस आ जायेगे !

प्रेम वह से बाहर जाने लगता है . शीना भी चुपचाप उसके पीछे जाने लगती है .

एक से बढ़कर एक कार वह थी . पुराणी कार्स से लेकर मॉडर्न कार्स . वह पड़ी एक कार ने अपना पूरा ध्यान प्रेम की तरफ खींच लिया था .

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प्रेम : नीस डिज़ाइन !

उस कार का ड्राइवर भी वह आ जाता है .

प्रेम : इसकी कीस !

ड्राइवर : हमारे होते हुए आप क्यों चलियेगे ? हम चला लेते है !

प्रेम : नहीं ! मुझे Hi चलनी है ! आप जाकर आराम कीजिये !

ड्राइवर : जो हुकुम !

ड्राइवर वह से चला जाता है .

प्रेम उस कार में बैठ जाता है और कार स्टार्ट कर देता है . कार 2 सीटर Hi थी जिसकी वजह से प्रेम के साइड में Hi शीना बैठ जाती है . कार में एडवांस फीचर्स थे जिसकी वजह से प्रेम उसमे मैप ों कर देता है . प्रेम अपने पॉकेट्स में से अपने एअरपॉड्स निकल देता है और ेअर्स में लगा लेता है .

कार वह से स्टार्ट होते Hi रफ़्तार में निकल जाती है .

प्रेम : स्मूथ !! ी जस्ट लिखे आईटी !

पुरे रस्ते में दोनों के बिच में कोई बात नहीं होती है क्यूंकि प्रेम के कानो में एयरपोड़ा लगे हुए थे . प्रेम चाहता तो कार में सांग स्टार्ट कर सकता था बूत उससे लगा की शायद शीना को ये सब कम्फर्टेबले न लगे इसलिए वो एअरपॉड्स में Hi सांग सुनने लगता है .

करीब 1:30 घंटे में Hi दोनों जयपुर पहुंच जाते है . रास्ता कही जगह हाईवे था तो कही जगह रास्ता थोड़ा ख़राब था जिसकी वजह से और देर हो गयी वर्ण जिस स्पीड से प्रेम कार ड्राइव कर रहा था , एक घंटा भी ज़्यादा हो जाता .

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लोकेशन : Vrinda's रूम , देवगढ़

वृंदा अपने रूम में बैठी हुयी थी . वो आराम से बीएड पर रिलैक्स कर रही थी . अपनी कंपनी में उसने कंपनसेशन भर लिया था क्यूंकि वो नोटिस पीरियड में ऑफिस नहीं जा पा रही थी .

*नॉक* *नॉक*

वृंदा अपने बीएड से कड़ी होती है और गेट खोलती है .

वृंदा : दिया ?? आओ अंदर आओ !!

दिया रूम के अंदर आ जाती है .

दिया : मुझे आपसे कुछ बात करनी थी !

वृंदा गेट बंद कर देती है .

वृंदा : हां बोलो ! एक मं कही तुमने किसीको ये बता तो नहीं दिया की...

दिया : Nahi..Nahi ! मेने किसीको कुछ नहीं बताया !

वृंदा : तो क्या बात है ?

दिया : Wo…Wo क्या आप भैया से शादी करेगी ??

वृंदा : Umm….I Don't क्नोव ! मय्बे यस और No ! क्यों ?

दिया : बस ऐसे Hi पूछना था !

वृंदा : That's आईटी !

दिया : नहीं और भी कुछ पूछना था !

वृंदा : तो पूछो !

दिया : वो आप दोनों के बिच ये कब से चल रहा है ??

वृंदा : हम्म ! बेंगलुरु से ! आखिर हम दोनों शामे कॉलेज में थे ! और कुछ ?

दिया : नहीं !

वृंदा : गुड !

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लोकेशन : जयपुर

प्रेम शीना के साथ कई बड़े से बड़े ज्वेलरी शॉप्स जा चूका था . ज्वेलरी खरीदने में Hi करीब 3 - 4 घंटे चले जाते है क्यूंकि वो कई शॉप्स घूमे थे . कही भी शीना को कुछ पसंद Hi नहीं आया था.

अगर शीना ने देवगढ़ में Hi किसीको बताया होता की उसको ज्वेलरी लेनी है तो बड़े से बड़ा जेवेलर खुद उनके महल पर आ जाता पर न Hi शीना के दिमाग में ये बात आयी और न Hi विनय के .

फिलहाल दोनों के बिच में बातचीत लगभग ना के Hi बराबर हुयी थी .

ज्वेलरी के बाद दोनों लंच करने चले जाते है . जयपुर में एक बड़े रेस्टोरेंट पर आ जाते है दोनों .

थोड़ी Hi देर में लंच भी आ जाता है . प्रेम शीना से जल्दी लंच ख़तम कर देता है . प्रेम शीना से बोल रेस्टोरेंट का बिल पाय कर जल्दी रेस्टोरेंट के बाहर आ जाता है और पार्किंग एरिया में अपनी कार के पास आकर सिगरेट पीने लगता है .

प्रेम : ( मैं में ) कोई मारे न मारे ये सिगरेट एक दिन मुझे ज़रूर मारेगी !

प्रेम : ( मैं में ) इस शेखर का कुछ तो करना पड़ेगा वो भी बहुत जल्द ! माँ एंड प्रेरणा और डीयू भी सेफ नहीं है उसके रहते !

शीना : ( कुघ )

प्रेम अपने पीछे मुड़कर देखता है . सामने शीना कड़ी थी . प्रेम अपनी सिगरेट अपनी हाथ में ले लेता है .

शीना : तुम सिगरेट पीते हो ?

प्रेम : हां ! मोरली तो कुछ गलत नहीं है ! बस ऑर्गन्स के बारे में कुछ कह नहीं सकते !

शीना : तुम्हारी दादी को पता चला तो ?

प्रेम : तो ? प्रेम महरा का क्या Hi वह बिगाड़ लगे ?

शीना : एक और है ?

प्रेम : सिगरेट ? हाँ !

शीना : एक मुझे भी देना !

प्रेम अपनी सिगरेट वापस फुक्ने लगता है और दूसरी सिगरेट निकल कर शीना को दे देता है लाइटर के साथ .

शीना भी साथ में सिगरेट फुक्ने लगती है .

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शीना : तुम्हे तुम्हारी दादी से दर नहीं लगता ?

प्रेम : क्यों ? वो कोई ड्रैगन थोड़ी है जो मुझे खा जाएगी !! हां में जानता हु वो बहुत स्ट्रिक्ट है ! थोड़ी बुरी भी कह सकते है ! ी क्नोव उनको दुसरो की लाइफ कण्ट्रोल करने की आदत है !

शीना : सही कहा ! दुसरो की लाइफ कण्ट्रोल करने की आदत है उन्हें !

प्रेम : ( स्माइल्स ) आपसे बेहतर भी किसे पता होगा !

शीना : M..Matlab ??

प्रेम : ी क्नोव ! विनय भाई का इंटरेस्ट कोई और है ! उनकी जेंडर परेफरेंस भी अलग है और आप दोनों की शादी भी किन हालत में हुयी मुझे सब पता है !

शीना : ओह ! और किसीको तो… ????

प्रेम : नहीं ! सिर्फ मुझे , आपको , विनय भाई एंड होनोराबले दादी को Hi पता है !

प्रेम : ( मैं में ) वृंदा दी भी !

शीना : ( 😕 ) मेरो किस्मत Hi खराब है !

प्रेम : वक़्त और किस्मत पलटने में देर नहीं लगती !

शीना : ये बस कहने की बात है !

प्रेम :( स्माइल्स ) मान लो तो हिम्मत वर्ण सिर्फ कहने की बात!

शीना : तुम्हारी दादी के इतने कनेक्शंस है की अगर में अपनी जुबां भी खोलू दू तो तुम्हारी दादी मेरी पूरी लाइफ और भी ख़राब कर दे ! मेरा पूरा बिज़नेस चौपट कर ले !

प्रेम : ( स्माइल्स ) इनडीड शी इस ा पावरफुल वुमन ! वैसे अब कहा जाना है ?

शीना : ब्यूटी पार्लर !

प्रेम : मेकअप ??? अभी ???

शीना : ब्यूटी पार्लर में सिर्फ मेकअप Hi नहीं होता , और भी बहुत चीज़े होती है !

प्रेम : OK ! में देखता हु मैप में अगर पास में कोई बेस्ट ब्यूटी पार्लर हो तोह !

शीना : मेने इंटरनेट पर धुंध लिया है !

प्रेम : OK ! आप रास्ता बताती रहिये !

प्रेम और शीना कार में बैठ जाते है .

दोनों वह से एक ब्यूटी पार्लर पहुंच जाते है . प्रेम कार में Hi बैठा रहता है .

करीब 2 घंटे वह ब्यूटी पार्लर में Hi चले जाते है . शीना भी 2 घंटे बाद आ जाती है और कार में बैठ जाती है .

प्रेम : अब कहा जाना है ?? वैसे सनसेट तो होने Hi वाला है !

शीना : एक नया मोबाइल लेना है मुझे ! यहाँ एप्पल स्टोर पर चलते है !

प्रेम : हम्म ! OK !

नया मोबाइल लेने में भी करीब 1 घंटा चला जाता है . थोड़ा थोड़ा अँधेरा हो गया था जिसकी वजह से दोनों डीडे करते है की डिनर करके जाना Hi बेहतर रहेगा .

डिनर करने के बाद दोनों कार में बैठ देवगढ़ के लिए निकल जाते है .

प्रेम मैप में देखता है . वह 2 रास्ते थे . एक वह रास्ता जिससे वह आये थे और दूसरा कोई छोटा रास्ता था जिससे वो करीब 30 या 40 मिनट में Hi पहुंच जाते .

प्रेम वह से जाने का डीडे करता है . आगे जाते हुए रास्ता और भी खराब होने लगा और प्रेम को अपने डिसिशन पर थोड़ा पछतावा होते रहा .

आधा घंटा हो गया था फिर भी मैप में बहुत Hi ज़्यादा दूर बता रहा था . गाडी बहुत तेज़ रफ़्तार से चल रही थी .

*Whhhhhhhhhhhhhhhh*

*KHRRTTTTTTTTTTT*

अचानक अगले Hi पल वह कार हवा में थी और कार उलट कर वह गिर जाती है .

●

●

●

आज के लिए बस इतना Hi , अपडेट यस्टरडे hi आने वाला था बूत इलेक्शन रिजल्ट्स की वजह से भूल गया . नेक्स्ट अपडेट अभी लंदन में लंदन डेरी खा रहा है , जैसे Hi इंडिया आएंगे उसको पकड़ के यहाँ पोस्ट कर दुगा . टेक केयर . चियर्स 🍻
 
अपडेट 22

लेट माय रागे के ईंटो प्ले !!!

[ आधा घंटा हो गया था फिर भी मैप में बहुत Hi ज़्यादा दूर बता रहा था . गाडी बहुत तेज़ रफ़्तार से चल रही थी .

*Whhhhhhhhhhhhhhhh*

*KHRRTTTTTTTTTTT*

अचानक अगले Hi पल वह कार हवा में थी और कार उलट कर वह गिर जाती है . ]

अब आगे :

खजनी ट्राइब

ये करीब 40 - 50 लोगो का ट्राइब है जहा के लोग लूटपाट करके अपना घर चलते है .

यह कह सकते है की लूटेरे है .

आज कोई मामूली दिन नहीं था . आज अमावस्या की रात थी . कोई मामूली अमावस्या की रात नहीं थी आज . आज ऐसी रात थी जो साल में सिर्फ एक बार आती है .

हर साल यह लूटेरे 11 लोगो की बलि चढ़ाते है .

प्रेम कार को तेज़ स्पीड में चला रहा था . जिस रस्ते से वह आ रहा था वह पहले Hi स्टील के वायर रोप्स बंधे हुए थे जो आसानी से नहीं दिखाई दे रहे थे .

जब प्रेम की कार उससे तेज़ रफ़्तार से टकराई तो वो वह से अपना बैलेंस खो कर सीधा उलटी होकर दूर जाकर गिरती है .

*आफ्टर 2 हॉर्स *

प्रेम धीरे धीरे अपनी आँखे खोलता है . उसके पुरे शरीर पर चोट लगी हुयी थी और खून भी निकल रहा था . उसका पूरा शरीर पसीने से भीग रहा था . पास में Hi बहुत बड़ा हवनकुंड जल रहा था .

प्रेम अपने हाथ पाँव हिलने की कोशिश करता है बूत वो असफल रहता है . उसके हाथ पाँव जंजीरो से बंधे हुए थे .

प्रेम अपने सामने देखता है जहा हवनकुंड के पास बैठकर कई लोग पूजा कर रहे थे . एक चीज़ जिसे देखकर प्रेम हैरान हो गया था वह ये थी की उनके शरीर पर कोई कपडा नहीं था .

प्रेम अपने लेफ्ट में देखता है . वह लाइन से 9 लोग जंजीर से बंधे हुए थे . यहाँ भी किसी के शरीर पर कपडे नहीं थे . प्रेम अपने आप को देखता है . उसके शरीर पर भी कोई कपडे नहीं थे .

प्रेम : ( मैं में ) यह अब में कहा फास गया ! अंडरवियर भी निकल ली सालो ने !

प्रेम अपने राइट में देखता है . वह शीना भी जंजीरो से बंधी हुयी थी . उसके शरीर पर भी कपडे नहीं थे .

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शीना को ऐसे देख प्रेम का लुंड ेरेक्ट होने लगता है . शीना फिलहाल बेहोश थी .

प्रेम अपने सामने देखने लगता है . प्रेम हिलने की कोशिश करता है बूत वह पूरी तरह से बंधा हुआ था .

प्रेम : ( मैं में ) थोड़ा सा अगर हाथ फ्री होता तो बताता सालो को !!

प्रेम चुपचाप अपने सामने जो हो रहा था वह देख रहा था .

सामने एक हवन हो रहा था . थोड़ी देर बाद उसमे से कुछ आदमी आकर एक बंधे हुए आदमी को उठाकर सामने लिटा देते है.

*बचावू*

*बचावू*

*बचावू*

*आह्ह्हह्ह्ह्ह*

*कचछहहह*

प्रेम : ( मैं में ) फेव ! नॉट नीस !

प्रेम की आँखों के सामने उस आदमी का गाला काट जाता है . उस आदमी का सर अलग और धड़ अलग जा रहा था .

जिस आदमी ने वह गाला काटा था वह उस सर को पकड़ कर उसमे से बहते हुए खून को पीने लगता है . हैवानियत उसके मुँह पर साफ़ झलक रही थी .

साड़ी आवाज़े सुनकर शीना की भी आँखे खुल जाती है . शीना की नज़र भी अपने सामने पड़ती है . वो भी अपने आस पास देखती है . उसकी नज़र प्रेम पर पड़ती है जो नंगा वह बंधा हुआ था . उसके मुँह पर खून बह रहा था .

वो लोग ऐसे Hi एक एक करके सारे बंधे हुए लोगो का सर धड़ से अलग कर रहे थे. वो सब देख शीना के पसीने छूट रहे थे . उसे अपनी मौत साफ़ नज़र आ रही थी .

वही प्रेम ज़्यादा कुछ नहीं सोच रहा था . वह बस उन लोगो का गाला काटते हुए देख रहा था .

प्रेम : ( स्माइल्स ) एंटरटेनमेंट की कमी तो नहीं है यहाँ !

अब सिर्फ 2 लोग बचे थे जो बंधे थे . एक थी शीना और दूसरा प्रेम .

वो लोग आकर प्रेम के प्रेम जंजीरो से आज़ाद करते है . वो लोग प्रेम के हाथो से बड़ी जंजीरे निकल देते है क्यूंकि वो ज़मीन से बंधी हुयी थी . वह लोग प्रेम के हाथ एक रस्सी से बांध उसको पकड़ कर वह से उस आदमी के सामने लेकर जाते है जिसके हाथ में बहुत बड़ा हथियार था.

प्रेम अपने हाथो को उन रस्सियों से छुड़ाने की कोशिश Hi कर रहा था . अगले कुछ Hi पल में रस्सी ढीली पद जाती है .

प्रेम : ( मैं में ) नीस !

सामने खड़ा आदमी अपना हथियार लेकर तैयार Hi खड़ा था . अगले Hi पल वह खड़ा एक आदमी ज़मीन पर गिरा हुआ था . वह लोग जैसे Hi कुछ रियेक्ट करते उससे पहले Hi प्रेम ने एक और आदमी के चेस्ट पर ज़ोरदार किक मारी जिसकी वजह से वह आदमी भी निचे गिर जाता है .

प्रेम सामने खड़े आदमी का हाथ पकड़ कर उसे मोड़ देता है और उससे बड़ा सा हथियार अपने हाथ में ले लेता है और उस आदमी के गले पर लगा लेता है .

प्रेम समझ चूका था की यही आदमी यहाँ का हेड है इसलिए प्रेम उसके गले पर खुंजर रख देता है और उसके पीछे आ जाता है .

सारे लोग एक तरफ खड़े हुए थे . उन सब के हाथो में खुंजर थे तो वही दूसरी तरफ प्रेम के हाथो में बड़ा सा शार्प हथियार जो प्रेम ने उस आदमी के गले पर लगाया हुआ था .

प्रेम : ( शॉट्स ) पास मत आ जाना मेरे वर्ण इस बेवर्सी का सर धड़ से अलग हो जायेगा !

प्रेम उस आदमी को पकड़ते हुए शीना के पास जाता है .

प्रेम : चल ये जंजीर खोल अब ! और गलती से भी इस औरत को टच मत कर दियो !

शीना : ( 😑 ) कोण औरत ?

प्रेम : लड़की ! चल जल्दी खोल !

वह आदमी शीना के जंजीरे खोल देता है . शीना कड़ी हो जाती है . उससे बहुत शर्म आ रही थी क्यूंकि वह पूरी तरह से नंगी कड़ी हुयी थी .

प्रेम : भाभी वह आपके कपडे पड़े है , पेहेन लीजिये !

शीना : हाँ ! हमे भागना चाहिए अब !

प्रेम : भागने से कुछ नहीं होगा ! आप कपडे पेहेन कर बेथ जाइये आराम से !

प्रेम का एक हाथ अभी भी उस आदमी के गले पर Hi था .

प्रेम : आँखे बंद कर लीजिये !

शीना : हँ ?

प्रेम : आँखे बंद कर लीजिये !

शीना : OK !

शीना अपनी आँखे बंद कर देती है .

*कछहः*

प्रेम उस खुंजर को लेकर उस आदमी का सर उसके धड़ से अलग कर देता है

वह खड़े सभी आदमियों के चेहरों का रंग बदल गया था . वह सब लोग प्रेम की तरफ दौड़ते है उससे मारने के लिए .

शीना : ( ओपन हेर आईज 👀 )

प्रेम : ( 😈 ) लेट माय रागे के ईंटो प्ले !!!

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_____________________________________

टाइम : 12 : 40 ऍम

जहा प्रेम करीब 40 - 50 लोगो के सामने खड़ा था तो वही देवगढ़ एक बड़े से रूम में संध्या , तिरुमला , इंद्रवर्धन , विनय , प्रेरणा , दिया और वृंदा बैठे हुए थे . बाकी सभी लोग सो गए थे और उन्हें नहीं पता था की प्रेम और शीना अभी तक घर नहीं लौटे .

इंद्रवर्धन ने पुलिस को कॉल कर इन्फॉर्म कर लिया और अपने भी कुछ लोगो को प्रेम और शीना को ढूंढने के लिए भेज दिया था.

दोनों को कितना Hi कॉल कर चुके थे पर दोनों का फ़ोन स्विच ऑफ Hi बता रहा था .

वृंदा : चची आप टेंशन मत लीजिये ! प्रेम सही सलामत Hi होगा !

इंद्रवर्धन : ( फ़्रस्ट्राटे) हमने कहा था बोडीगार्ड्स साथ लेकर जाये पर प्रेम ने हमारी बात Hi नहीं मानी !

तिरुमला : ( गुस्से में ) तो आप तो बड़े है न ! आपको समझाना चाहिए था !

इंद्रवर्धन : ( फ़्रस्ट्राटे ) अब इसमें हमारी गलती ???

तिरुमला : ( गुस्से में ) आपको उनको समझकर बोडीगार्ड्स साथ में भेजने चाहिए थे ! और उनको जाना Hi क्यों था ???

विनय : ( निचे देखते हुए ) वो शीना को कुछ शॉपिंग करनी थी !

इंद्रवर्धन : ( फ़्रस्ट्राटे ) बस ये प्राथना करो की दोनों सही सलामत हो !

_____________________________________

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*

*कछहहहहह*

हर जगह बस खून से रंग रही थी . अकेला प्रेम उन सब के खिलाफ किसी चट्टान की तरह खड़ा था .

प्रेम की आँखों में कोई डर नहीं था . उसकी आँखों में चमक थी . एक आग थी .

न Hi प्रेम के हाथ रुक रहे थे और न Hi उसकी रफ़्तार .

कितने Hi गले काट चुके थे पर प्रेम अभी भी वही बीच में खड़ा हुआ था . उसके एक हाथ के शोल्डर पर एक बड़ा सा कट लग चूका था जिसकी वजह से वह से खून निकल रहा था .

शीना वही थोड़ा दूर बैठी हुयी थी . उसने अपने कपडे पेहेन लिए थे . धीरे धीरे कब 40 से 20 और 20 से सिर्फ 2 लोग हो गए शीना को भी पता नहीं चला . उसकी आँखों के सामने ये सब पहली बार हो रहा था . उसकी पूरी रूह काँप रही थी अभी . कई लोगो की हत्या उसके आँखों के सामने हो रही थी . उससे भी अब दर लग रहा था .

प्रेम के सामने अब सिर्फ 2 आदमी खड़े थे . प्रेम खून में भीग चूका था पर अपने खून में नहीं .

सामने खड़े दोनों आदमियों को प्रेम की आँखों में उनकी मौत दिख रही थी . प्रेम किसी हैवान से काम नहीं लग रहा था .

उनमे से एक आदमी हिम्मत जुटाकर प्रेम की तरफ हथियार लेकर दौड़ता है .

वो जैसे Hi प्रेम के पास आता है प्रेम उसका हाथ पकड़ उससे मोड़ देता है और अपना खंजर उसके पेट में डालकर वापस निकल देता है .

अब सामने सिर्फ एक Hi आदमी खड़ा था . जहा उस शख्स के चेहरे पर डर था तो वही प्रेम के चेहरे पर हैवानियत झलक रही थी .

वो आदमी से वह से भागने लगता है . उस आदमी के पीठ प्रेम की तरफ थी . प्रेम अपना खंजर ठीक से अपने हाथ में लेता है और

*आआह्ह्हह्ह्ह्ह*

वो खंजर सीधा उस आदमी के पेट के आर पार हो जाता है .

पास में Hi एक मटका पड़ा हुआ था . प्रेम उसके पास जाता है और पूरा पानी अपने शरीर पर दाल देता है . उसके शरीर से सारा खून निचे बहकर चला जाता है . जैसे जैसे पानी उसके शरीर से निचे जा रहा था वैसे वैसे उसका गुस्सा शांत हो रहा था .

प्रेम के हाथ में चोट थी जिसमे से खून अभी भी थोड़ा बह रहा था . प्रेम के कपडे भी वही शीना और उन सरे लोगो के साथ पड़े हुए थे जिनकी पहले बलि छड़ी थी .

प्रेम जाकर अपने कपडे पेहेन लेता है .

प्रेम : ( मैं में ) मेरे अंडरवियर में किसने छेड़ किया साला !

प्रेम शीना के पास आ जाता है .

प्रेम : भाभी ! चले !

शीना : ( No रिस्पांस )

प्रेम : भाभी !

शीना : ( No रिस्पांस )

प्रेम : ( शॉट्स ) भाभी !!!!

शीना : ( डरते हुए ) हाँ !

प्रेम : चले !

शीना : K..Kaha ??

प्रेम : अब क्या पूरी रात यही बैठे रहना है ? चलिए !

शीना कड़ी हो जाती है . उसका पूरा शरीर काँप रहा था . ऐसा दर्दनाक दृश्य देखने के बाद उसकी पूरी रूह काँप रही थी .

शीना प्रेम से थोड़ा दूर Hi चल रही थी . दोनों थोड़ा दूर चल अब रोड पर आ चुके थे .

हर जगह बहुत ज्यादा अँधेरा था .

प्रेम : भाभी अरे यू Okay ? कार एक्सीडेंट में ज्यादा चोट तो नहीं लगी ?

शीना : N..N.Nahi !

प्रेम : ( स्माइल्स ) आप हकला क्यों रही है ? ओह ी सी ! कही मुझसे तो डर नहीं लग रहा ?

शीना : N..Nahi !

प्रेम : सी भाभी ! अभी जो भी हुआ वो सब मेने हम दोनों के डिफेन्स में किया था . अगर में नहीं करता था अभी तक हम दोनों भी नरक में तेल से पाक रहे होते !

प्रेम : ( स्माइल्स ) में कोई क्रिमिनल थोड़ी हु !

प्रेम : ( मैं में ) और ऍम ी ?

प्रेम : आपको डरने की कोई जरुरत नहीं है ! जस्ट चिल एंड रिलैक्स ! नाउ वे बोथ अरे सेफ !

शीना : ( हेसिटतेस ) तुमने इतने सारे लोगो को मार दिया ! तुम्हे पुलिस …

प्रेम : ( लौघ्स ) Hahaa…Aapko सीरियसली लगता है मुझे पुलिस उठाकर लेके जाएगी ! भाभी इस दुनिया में मनी एंड पावर Hi सबसे बड़ी चीज़ है ! उससे जो चाहे वह हो सकता है !

शीना : ी सी !

प्रेम और शीना चलते चलते बहुत आगे आ चुके थे . प्रेम की नज़र एक छोटी सी झोपडी पर पड़ती है .

प्रेम : सी ! वह मय्बे शायद कोई हो ! वे कैन कॉल !

शीना : हाँ !

प्रेम और शीना उस झोपडी के पास जाते है . उसमे गेट नहीं था . प्रेम और शीना अंदर जाते है . चारो तरफ बस अँधेरा था . दोनों अंदर आकर अपनी नज़रे फेरने लगते है .

शीना की नज़र वह पड़ी एक माचिस की डिब्बी पर पड़ती है . शीना उसको अपने हाथ में ले लेती है .

शीना : यहाँ मैचस्टिक पड़ी है !

प्रेम : में बाहर से जलने के लिए लड़किया लेकर आता हु ! ी मैं लकडिया !

प्रेम उस झोपडी से बाहर आ जाता है . प्रेम वह लकडिया इक्कट्ठी करने लगता है . कुछ Hi देर में वो कुछ लकडिया और घास लेकर झोपडी में आ जाता है .

प्रेम शीना से मैचस्टिक लेकर लकडिया और घास जलने लगता है .

शीना की नज़र एक बोतल पर जाती है . उसको अपने गले में भी सूखापन महसूस होने लगता है . शीना उस बोतल का ढक्कन खोलती है और उसको पीने लगती है .

*गल्प*

*गल्प*

*गल्प*

*स्वेष्ठ*

शीना पूरी बोतल खाली कर देती है ..

शीना : इसका टास्ते काफी अजीब था ! थोड़ा कड़वा !

प्रेम : तो रहने Hi देते ! पूरा क्यों पीया ?

शीना : बहुत प्यास लग रही थी !

वह सिर्फ अब वह एक कमरा था और अब रौशनी में सबकुछ नज़र आ रहा था .

प्रेम की नज़र वह पड़े एक बेग पर पड़ती है . प्रेम उस बेग के पास जाता है और उससे खोलने लगता .

शीना : क्या है उसमे ?

प्रेम : ट्रैकिंग का सामान है ! हमारे लिए कुछ फायदा नहीं !

प्रेम : अब सो Hi जाते है !

शीना : H..Haan !

प्रेम और शीना अलग अलग थोड़ा दूर वही लेट कर सो जाते है . करीब आधे घंटे बाद अचानक प्रेम की आँखे खुलती है .

प्रेम : ( 😯 ) भेंचूडड़ड !!!!!

♡

♡

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आज के लिए बस इतना Hi . लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना . कॉंग्रट्स फॉर 7 - 1 Btw . टेक केयर एंड चियर्स 🍻
 
अपडेट 23

आसमान से गिरा और खजूर में अटका

[ प्रेम : अब सो Hi जाते है !

शीना : H..Haan !

प्रेम और शीना अलग अलग थोड़ा दूर वही लेट कर सो जाते है . करीब आधे घंटे बाद अचानक प्रेम की आँखे खुलती है .

प्रेम : ( 😯 ) भैंचोड़ !!!!! ]

अब आगे :

*कुछ घंटे पहले*

दो लड़के बहुत रफ़्तार में एक बाइक पर सवार चला रहे थे .

रोनी : भाई हम जयपुर कब तक पहुचेगे ?

विकास : भाई गाडी चलते हुए मुझे डिस्टर्ब मत करा कर ! लगभग 1.5 घंटा तो लग Hi जायेगा !

दोनों दोस्त सफर का लुप्त उठाते हुए जा रहे थे . अचानक Hi उनकी बाइक चलना बंद हो जाती है .

विकास : ओह शीट !!

रोनी : क्या हुआ ???

विकास : पेट्रोल ख़तम हो गया !

रोनी : तो अब ? अँधेरा हो चूका है हर तरफ ! जयपुर कैसे पहुचेगे ?

विकास : आज रात हमे यही रुकना पड़ेगा !

रोनी : पर कहा ??

विकास : वो देख वह एक झोपडी जैसा कुछ दिख रहा है !

रोनी : हाँ !

दोनों लोग बाइक से उतारते है . विकास बाइक को आगे पार्क कर लेता है और ऐसे रख देता है ताकि किसी की नज़र न पड़े उस पर .

विकास अपना बैग लेकर रोनी के साथ उस झोपडी में आ जाता है .

दोनों लोग अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट ों कर लेते है . अंदर ज़्यादा कुछ बड़ा नहीं था . दोनों लोग वही बेथ जाते है .

विकास अपने जेब से सिगरेट और मैचस्टिक का बॉक्स निकलता है और सिगट फुक के पीने लगता है .

रोनी : चल अब सो जाते है !

विकास : ( स्माइल्स ) इतनी भी क्या जल्दी है शेरे ! अभी माहौल तो बनने दे !

रोनी : यहाँ तुझे क्या माहौल बनाना है !

विकास : गाला सूखा सूखा लग रहा है ! गीला तो करना Hi पड़ेगा !

विकास अपने बैग से एक बोतल निकलता है .

रोनी : वाटर बोतल ?

विकास : बाहर से वाटर बोतल दिखती है यह ! अंदर वोडका है ! और कोई और हाँ इसकी 60 मल तक आते आते Hi तेरा सर चक्र जाएगा !

विकास बोतल को साइड में रख देता है .

विकास : में ज़रा हल्का होक आता हु !

विकास बाहर आ जाता है और झाड़ियों के पास चला जाता है हल्का होने के लिए . विकास जैसे Hi अपना काम ख़तम कर पीछे मुड़ता है उसके सर पर एक जोरदार हथियार पड़ता है . उसके मुँह से ज़ोरदार चीख निकलती है और वो वही गिर जाता है .

विकास के चिल्लाने की आवाज़ सुन रोनी भी बाहर आता है . उसके साथ भी वही हश्र होता है जो विकास के साथ होता है .

ये खजनी ट्राइब के लोग थे जो बलि देने के लिए अपना शिकार धुंध रहे थे .

_____________________________________

*बैक तो थे प्रेजेंट*

प्रेम : ( 😯 ) भैंचोड़ !!!!!

प्रेम : ( मैं में ) एक पल के लिए तो अचानक डरा Hi दिया ! आखिर ये चल क्या रहा है ?

प्रेम की आँखों के सामने शीना कड़ी थी . वो कूद रही थी और हवा में अपने हाथो को हिलाते हुए उड़ने की कोशिश कर रही थी .

प्रेम : भाभी ??????

शीना का ध्यान अपने उड़ने में था .

प्रेम : भाभी ??????

प्रेम खड़ा होकर शीना के पास जाता है.

प्रेम : ( शॉट्स ) अरे यू Okay भाभी ???

शीना : पापा प्लीज ! मेलेको जाने दीजिये !

प्रेम : पापा ??????? इनका दिमाग पूरा हिल चूका है !

शीना के पैर ठीक से ज़मीन पर नहीं टिक रहे थे .

प्रेम : भाभी आप आइये ! पहले निचे बैठिये !

प्रेम पकड़ कर शीना को निचे बिठा देता है .

प्रेम : आप ठीक है ????

शीना : ( लौघ्स ) Hehe…Plem…Plem…Hehe !!

प्रेम :प्रेम ! प्रेम राजवीर महरा!

शीना : ( लौघ्स ) Hehe….Wahi तो Mene…Bola….Plem पाजी पहला !!!

प्रेम : ओह गॉड ! अब इनको क्या हो गया ? ये साड़ी प्रोब्लेम्स आज Hi आणि थी क्या ??

शीना : ( लौघ्स ) Hehe…Tum….Wo..Ho..Na..Hehe !!!

प्रेम : कोण ?

प्रेम : ( मैं में ) एक तो ये कितना हसेगी !

शीना : ( लौघ्स ) Hehe…..Wahi….Jo...... Dishoom..Dishoom…..Kalta…Hai…Hehe !!!


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प्रेम : राइट !

शीना : ( लौघ्स ).... Hehe….Tum..Mujhe…Bhi..Chikhaoge…Dishoom..Dishoom…Hehe !!!

प्रेम : क्यों ? आप को क्यों सीखना है ?

शीना : ( लौघ्स ) Hehe…Pehle..Tum..Meli…Choti….Banao..Hehe !!!

प्रेम : Wtf ?? मुझे नहीं आता लड़कियों के हेयर टाई करना !

शीना : ( स्माइल्स ) Plzzzzzzzz……Plzzzzzzzz……Hehe

प्रेम : OK !

प्रेम शीना के बालो को अपने हाथो में लेता है और उलझने लगता है .

शीना : Aaah……Dard..Hola..Hai !!!

प्रेम : OK रिलैक्स !

प्रेम शीना के बालो को आराम से टाई करने लगता है .

प्रेम को लड़कियों के हेयर टाई करना आता था . बचपन में दिया के बाल प्रेम Hi टाई करता था .

शीना : ( लौघ्स ) Hehe…Thankuuuu !!!

प्रेम : योर वेलकम !

शीना : ( लौघ्स ) Hehe..Meleko..Ab..Nini .. आ रही Hai…Hehe !!!

प्रेम : तो सो जाओ !

शीना : ( लौघ्स ) Hehe….Meleko..Lolly सुनयना !!!

प्रेम : लोल्ली ? ओह लारी ! OK ! आप लेट जाइये !

शीना हस्ते हस्ते प्रेम की गोदी में अपना सर रख देती है .

जो प्रेम कुछ देर पहले कई लोगो का गाला काट रहा था वह अब एक लड़की के बाल बना रहा था और उसको लोरी सुना रहा था .

कुछ Hi देर में शीना को नींद आ जाती है . वो प्रेम का हाथ कास के पकड़ के सो जाती है .

प्रेम हलके से अपना हाथ हिलने की कोशिश करता है पर शीना ने उसे बहुत कास के पकड़ा हुआ था .

प्रेम : ( मैं में ) कहा फास गया यार मई !

_____________________________________

*नेक्स्ट मॉर्निंग*

लोकेशन : देवगढ़

पूरी रात उस रूम में कोई नहीं सोया था . सुबह हो चुकी थी पर प्रेम और शीना की कोई खबर नहीं आयी .

संध्या का Ro-Ro कर बुरा हाल हो चूका था . इंद्रवर्धन ने सभी को अपने रूम में जाकर सो जाने के लिए कहा था पर

इंद्रवर्धन : 7 बज चुके है ! हमे लगता है अब हमे Hi जयपुर के लिए निकल जाना चाहिए!

*फ़ोन रिंग्स*

इंद्रवर्धन अपनी जेब से अपना मोबाइल निकलता है और स्क्रीन पर देखता है .

इंद्रवर्धन : इंस्पेक्टर !

*कॉल अक्सेप्टस*

इंद्रवर्धन : बोलिये इंस्पेक्टर ! क्या खबर है ? कुछ पता चला ?

इंस्पेक्टर : नमस्कार हुकुम ! आपसे इसी के बारे में कुछ बात करनी थी !

इंद्रवर्धन : बोलिये ! कुछ खबर मिली आपको ?

इंस्पेक्टर : अभी हमारी टीम पेट्रोलिंग पर Hi गयी थी ! जयपुर वाले रस्ते पर हमे एक लाश मिली है ! पॉकेट में ईद मिली है जिपर प्रेम लिखा है !

ये सुनते Hi इंद्रवर्धन के पैरो टेल ज़मीन हिल गयी थी .

इंस्पेक्टर : प्रेम महरा था या प्रेम मोहरा !

इंद्रवर्धन : P..Prem महरा ???

इंस्पेक्टर : जी आप जल्दी से ठाणे आ जाइये बॉडी को क्रॉस चेक करने !

*कॉल कट्स*

तिरुमला : क्या हुआ ? प्रेम के बारे में कुछ पता चला ?

इंद्रवर्धन : ( हेसिटतेस ) Haa…Woh

संध्या : बताइये न पापा !

इंद्रवर्धन : बस कुछ फॉर्मलिटीज के लिए पुलिस स्टेशन जाना पड़ेगा ! वह से प्रेम की खोज में हम आगे जायेगे !

इंद्रवर्धन फ़ौरन उस रूम से बाहर निकलता है और पुलिस स्टेशन जाने के लिए निकल जाता है . उसका दिल भी बहुत तेज़ी से धड़क रहा था . उसके मुँह पर शिकन साफ़ रही थी .

____________________________________

सुबह- सुबह जल्दी प्रेम की नींद खुल जाती है . प्रेम शीना को दबोच कर सोया हुआ था . प्रेम की आदत थी की वो जब भी किसी के साथ सोता था , उसको पूरा जकड लेता था .

प्रेम शीना को अपने से अलग करता है एयर खड़ा हो जाता है . प्रेम वह से बाहर आ जाता है

प्रेम : शीट यार मोबाइल भी कार में Hi रह गया ! अब तक तो वह भी टूट चूका होगा ! बस उपरवाले अब इससे ज़्यादा और कुछ बुरा मत करना !

इतिहास गवाह है , जब भी कोई व्यक्ति सोचता है की अब इससे ज़्यादा क्या Hi बुरा होगा , ऊपरवाला उसको अपने ईगो पर ले लेता है .

प्रेम की नज़र सामने से आ रही एक ओपन जीप पर पड़ती है . प्रेम अपना हाथ दिखाकर उसको रोकने का इशारा करता है . वो पूरी जीप फुल थी .

वो जीप प्रेम के पास रोकता है .

आदमी 1 : हां चोरे कई वो ?

वो आदमी राजस्थानी लैंग्वेज में बात कर रहा था .

प्रेम : देवगढ़ तक जा रहे हो क्या ?

आदमी 1 : न चोरे !

आदमी 2 : ठु यु वता ठु ात्ते कई कार्रो ??

प्रेम को थोड़ी थोड़ी राजस्थानी समझ आती थी पर बोलने नहीं आती .

प्रेम : वो मई यहाँ फास गया हु ! आपका मोबाइल मिलेगा एक कॉल करना !

आदमी 3 : हां चोरे माली जायेगा ! पेला ये वता थारो नाम कई है ?

प्रेम : ( मैं में ) कितनी पंचायत है इसको !

प्रेम : प्रेम महरा ! सोन ऑफ़ थे राजवीर महरा !

आदमी 2 : भाईसाब यो चोरो वॉइस है ! जो राते शादी पु भाग्यो हो !

आदमी 1 : तो पकड़ो अंडे !

जीप में करीब 5 लोग बैठे हुए थे . सभी अपनी गन्स निकल कर प्रेम की तरफ पॉइंट कर देते है .

प्रेम : Wtf ?? में कोई शादी से नहीं भगा !

प्रेम की तरफ 5 गन्स पॉइंट थी . वो यहाँ कोई गलती नहीं करना चाहता था . प्रेम अगर उनके नज़दीक होता तो बात कुछ अलग होती पर अभी दोनों के बीच इतना डिस्टेंस था की प्रेम थोड़ा सा भी हिलता और अगले पल वह स्वर्ग में नागिन डांस कर रहा होता .

एक आदमी आकर प्रेम को जबरदस्ती जीप में बिठाता है .

प्रेम : ( मैं में ) मेरी किस्मत Hi खराब है ! एक प्रॉब्लम ख़तम नहीं होती की दूसरी टोकन लेकर वेटिंग लाइन में वेट Hi कर रही होती है ! भाभी भी अंदर Hi है ! पता नहीं कहा फास गया मई !!!

जीप करीब आधे घंटे बाद एक घर के बाहर आकर रुक जाती है . वो घर एक दम किसी शादी की तरह सजा हुआ था . प्रेम फिलहाल परमदा गांव में खड़ा हुआ था .

आदमी 1 : चाल अंदर !

वो सब लोग प्रेम को पकड़ के अंदर लेके जाते है .

_____________________________________

लोकेशन : पुलिस स्टेशन , देवगढ़

इंद्रवर्धन : नहीं ! ये हमारे प्रेम नहीं है !

इंस्पेक्टर : सॉरी हुकुमसा ! लगता है नाम की वजह से कन्फूसिओं हो गया ! इसका नाम प्रेम मोहरा है !

इंद्रवर्धन : हमारे बच्चे का नाम प्रेम महरा है !

इंस्पेक्टर : सॉरी हुकुमसा ! Hawaldaar…Body को पोस्ट मार्टम के लिए लेकर जाओ !

हवलदार : जी सर !

इंद्रवर्धन के जान में जान अब आयी थी .

इंद्रवर्धन : चंद्रेश !!

चंद्रेश : जी हुकुमसा !

इंद्रवर्धन : हर जगह हमारे आदमियों को भेज दो ! मुझे किसी भी हाल में जल्दी से जल्दी प्रेम और शीना बिटिया चाहिए ! जल्द से जल्द !!!

_____________________________________

वो 5 लोग गन के साथ प्रेम को एक छोटे से घर के अंदर लेकर जाते है . वह सिर्फ एक Hi कमरा था जहा एक खटिया ( बीएड ) थी जिसपर एक बुजुर्ग आदमी लेते लेते अपनी आखरी साँसे Hi गईं रहा था . उस रूम में कुछ और भी लोग थे .

वो सारे लोग प्रेम को उस बुजुर्ग आदमी के पास लेकर जाते है .

[ नाउ राजस्थानी लैंग्वेज विल आल्सो बे ट्रांसलेटेड इन हिंदी ]

आदमी 2 : बाउजी ! हम पकड़ कर ले आये आपके होने वाले दामाद को जो बारात Hi नहीं लेकर आया !

वह मौजूद सभी प्रेम की तरफ देखने लगते है . वह कुछ औरते भी बैठी हुयी थी . उनके बीच में एक लड़की शादी के कपड़ो में बैठी हुयी थी . सभी ने घूँघट पहने हुए थे . किसीका चेहरा नहीं दिख रहा था .

प्रेम : ारी में नहीं भगा किसीकी शादी से ! आपको शायद गलत फेहमी हो गयी है !

वो बुजुर्ग आदमी धीरे धीरे खटिया पर उठकर बैठता है .

प्रेम : ( मैं में ) इसको देखकर लगता नहीं की ये आज का दिन भी सर्वाइव कर पायेगा !

वो बुजुर्ग आदमी प्रेम की तरफ देखने की कोशिश करता है पर उसे सबकुछ धुंधला Hi दिखाई दे रहा था . उसे ठीक से प्रेम का चेहरा भी नहीं दिख रहा था .

इस बुजुर्ग आदमी का नाम अमरंथ गवारिअ था .

आदमी 1 : बाउजी आप अभी बताओ ! शादी करवानी है या अभी इसको ज़िंदा दफनादे !

प्रेम : ( मैं में ) अब ये साले प्रेम महरा को मारेंगे ! मेरे पास अभी मेरी गन होती तो तुम सबकी लाश यही बिछाता ! प्रेम एक बात हमेशा याद रखना , ऑलवेज कैर्री ा गन !

प्रेम : में कोई शादी वादी नहीं करने वाला ! और में कोई शादी से नहीं भागा , आपको शायद गलत फेहमी हो गयी है ! मेरा पीछा छोड़ दो बस !

अमरंथ गवारिअ अपने हाथ जोड़ देता है .

अमरंथ : बीटा ! में तुम्हारे सामने हाथ जोड़ता हु ! मेरी पोती से शादी करलो ! उसके साथ ये जुल्म मत करो !

प्रेम : देखिये आप प्लीज मेरे सामने हाथ मत जोड़िये ! आप मुझसे उम्र में बड़े है ! में बस ये कह रहा हु की…

अमरंथ : ( कुघ )

प्रेम अपनी बात सामने रख Hi रहा था की अमरंथ को खासी आने लग जाती है . वो वापस लेट जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) कहा फास गया मई !!!!

अमरंथ : अब हमारी इज्जत तुम्हारे हाथ में है !

आदमी 1 : बाउजी मंडप अभी भी तैयार Hi है ! पंडित को अभी पकड़ कर ला देंगे और बाकी सामिग्री भी हम ला देंगे !

आदमी 2 : हां में बबलू पंडित को उठा कर लेके आता हु !

आदमी 1 : हां जा ! आप सब जाकर दुल्हन को तैयार कार्डो !

प्रेम : ( मैं में ) एक तो पता नहीं ये चल क्या रहा है ? इन लोगो को ऐसा क्यों लग रहा है की में दूल्हा हु ? में कब भागा ? ये क्या शकल भी नहीं पहचान पा रहे है क्या ? क्या पता किस आफत को मेरे गले बाँध रहे है ?

प्रेम : देखिये ! मेरे नाम है प्रेम महरा ! प्रेम महरा ! प्रेम महरा ! शायद आप मुझे कोई और समझ रहे है !

आदमी 1 : अब थंजा भाई ! अब तो शादी हो कर रहेगी ! हमारे गाँव में कभी भी कोई शादी नहीं टूटी है , आज भी नहीं टूटेगी !

प्रेम : ( मैं में ) आसमान से गिरा और खजूर में अटका ! मेरी किस्मत Hi खराब है !

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जहा प्रेम अपनी किस्मत को कौस रहा था तो वही शीना भी आराम से घोड़े बेचकर सो रही थी .

थोड़ी देर में उसकी भी नींद खुल जाती है .

शीना : ( सर पकड़ते हुए ) Aah..Mera सर !!

शीना अपना सर पकड़ते हुए अपने आस पास देखती है .

शीना : प्रेम ?? प्रेम !!!

शीना कड़ी होती है और बाहर आ जाती है.

शीना : ( मैं में ) प्रेम कहा है ??

शीना को एक पुलिस जीप आती हुयी दिखती है.

शीना उसको अपना हाथ दिखाकर रोकती है .

वो जीप आकर शीना के पास रूकती है .

हवलदार 1 : Aree…Ye यही मैडम है ! देखो यही फोटो है !

हवलदार 2 : हाँ ! मैडम आपका नाम क्या है ?

शीना : शीना महरा !

हवलदार 1 : देख मैंने बोलै था न ! मैडम आपके साथ एक और आदमी होगा न ! क्या नाम था ?

हवलदार 2 : प्रेम महरा !

शीना : वो कल रात तक तो मेरे साथ Hi था , अब पता नहीं कहा चला गया ! हमे उससे ढूँढना पड़ेगा !

हवलदार 1 : मैडम जी आप जीप में बैठ जाइये ! आपको अभी घर पहुंचना ज्यादा जरुरी है ! प्रेम को हम और हमारी पूरी टीम धुंध लगे !

शीना : Umm…Theek है !

शीना पीछे जीप में बैठ जाती है .

हवलदार 2 : चल भाई देवगढ़ ! सीधा हुकुमसा के महल Hi ले लेना !

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प्रेम फिलहाल मंडप में बैठा हुआ था . उसके सर पर सेहरा बंधा हुआ था . उसके पास में Hi एक लड़की घूँघट पहने दुल्हन के जोड़े में बैठी हुयी थी . कई लोग वह मौजूद थे .

प्रेम : ( मैं में ) बाद में डाइवोर्स देकर इसको यही छोड़ दुगा ! में किसी को अपने गले नहीं बांधने वाला ! और जब इसको छोड़ने आउगा तब साला अपनी गन भी लेकर आउगा ! फिलहाल इसका भी कुछ इंतज़ाम करना Hi होगा !

पंडित : वर वधु फेरो के लिए खड़े हो जाए !

प्रेम और वो लड़की खड़े हो जाते है .

प्रेम : ( मैं में ) कही ये कोई बच्ची तो नहीं ? राजस्थान में तो नार्मल Hi है ! पर हाइट से तो ठीक Hi लग रही थी ! मुझे क्या लेना Dena…Mujhe घंटा फ़र्क़ नहीं पड़ता , में तो डाइवोर्स देकर इसको वापस छोड़ दुगा ! अब इससे ज़्यादा भी क्या Hi बुरा होगा !

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे के साथ साथ अपना रिव्यु भी जरूर दे अपडेट पर . कुछ डाउट हो तो पूछ लिया करो , मुझसे क्या Hi शर्माना . प्रेम मोहरा और अमरंथ गवारिअ के बारे में अपडेट 19 में मेंशन है तो ेल बार रिकॉल करने के लिए वो भी चेक आउट कर लेना . चियर्स 🍻
 
अपडेट 24

शादी , विदाई और बट



[ पंडित : वर वधु फेरो के लिए खड़े हो जाए !

प्रेम और वो लड़की खड़े हो जाते है .

प्रेम : ( मैं में ) कही ये कोई बच्ची तो नहीं ? राजस्थान में तो नार्मल Hi है ! पर हाइट से तो ठीक Hi लग रही थी ! मुझे क्या लेना Dena…Mujhe घंटा फ़र्क़ नहीं पड़ता , में तो डाइवोर्स देकर इसको वापस छोड़ दुगा ! अब इससे ज़्यादा भी क्या Hi बुरा होगा ! ]

अब आगे :-

शादी 2 लोगो को एक बंधन में बांधता है मानसिक भी और शारीरिक भी . दो लोगो को अगले 7 साल जनम तक साथ में जोड़ देता है परन्तु प्रेम के लिए ये सब कुछ मायने नहीं रखता था .

जब प्रेम स्कूल में था तब उसने डीडे किया था की वो शादी करेगा तो सिर्फ प्रतिभा से Hi . पर मिसुन्दरस्टण्डींग की वजह से उसका दिल टूट चूका था . उसके बाद से Hi प्रेम ने कभी प्यार को ज्यादा सीरियसली लिया Hi नहीं . उसने कभी किसी के लिए वैसा फील Hi नहीं किया जैसा प्रतिभा के लिए किया .

भले Hi बंगलुरु के कॉलेज में हो या मस्सचुसेट के , प्रेम ने कई लड़कियों के साथ शारीरिक सम्भन्ध बनाये और कुछ लड़कियों से शादी का वादा भी किया . पर उसने कभी नहीं सोचा था की वो प्रतिभा से वापस कभी टकराएगा .

रिलेशन या सेक्स की बात अलग थी परन्तु प्रतिभा के होते हुए शादी के लिए प्रेम किसी और के बारे में सोच भी नहीं सकता था.

फिलहाल प्रेम मंडप में बैठा हुआ था . उसको पता भी नहीं चल रहा था की उसके साथ हो क्या रहा है . जब कल घर से निकला था तो वह बैचलर था पर अब उसकी एक वाइफ थी . हालांकि प्रेम के लिए ये बस एक हादसा है जिसे वह जल्द Hi भूलना चाहता है .

फेरे हो चुके थे , मंगलसूत्र और मांग में सिन्दूर भी भर दिया था प्रेम ने पर अभी तक प्रेम ने उस लड़की की शकल नहीं देखि थी जिसके साथ उसकी शादी हो रही थी.

प्रेम : ( मैं में ) कैसे भी करके वृंदा दी को कांटेक्ट करना पड़ेगा !

पंडित : विवाह संपन्न हुआ ! वर वधु बड़ो के आशीर्वाद ले लीजिये !

लड़की के साथ साथ प्रेम भी खड़ा हो जाता है . लड़की के परिवार में सिर्फ उसका दादा अमरंथ गवारिअ Hi था . वो लड़की और प्रेम उसके पैर छू लेते है .

जो लोग प्रेम को जीप में उठाकर लेके आये थे , वह सब पथके फोड़ने लगते है .

प्रेम : ( मैं में ) इस लड़की को अब में कहा लेकर जाऊ ??? देवगढ़ तो बिलकुल भी नहीं ! मुंबई Hi छोड़ कर वापस आना होगा लगता है !

प्रेम अपने मैं के विचारो में खोया हुआ Hi था की प्रेम के पास एक आदमी आता है . प्रेम ने उसे पहली बार Hi देखा था .

आदमी : जीजाजी ! चलिए ! आपका खाना मेरे घर पर है अभी ! विदाई 2 घंटे बाद होगी !

प्रेम : ( मैं में ) थोड़ी देर कही बेथ Hi जाता हु !

प्रेम : हम्म ! चल !

प्रेम उस आदमी के साथ चला जाता है . उस आदमी का घर मंडप के पास Hi था . वो आदमी प्रेम को अपने घर लेकर आ जाता है और एक चेयर पर बिठा देता है .

प्रेम : वैसे इस गाँव का नाम क्या है ?

आदमी : परमदा ! आइये में खाना परोस देता हु !

प्रेम : नहीं मुझे भूक नहीं है !

आदमी : ( स्माइल्स ) ारी जीजाजी आप पहली बार मेरे घर आये है ! खाना तो खाना Hi पड़ेगा !

प्रेम : वैसे तुम्हारा नाम क्या है ?

आदमी : संजय !

प्रेम : तुम यहाँ अकेले रहते हो ?

संजय : नहीं ! हमारी बीवी बच्चे भी रहते है ! अभी वह अपने मायके गयी है !

प्रेम : ओह ! वैसे तुम्हारे पास फ़ोन है , मुझे एक कॉल करना है !

संजय : टेलीफोन है ! यहाँ सभी गारो में टेलीफोन Hi है !

प्रेम : किसी के पास भी पर्सनल मोबाइल नहीं है ?

संजय : ( स्माइल्स ) नहीं !

प्रेम : ( मैं में ) स्मार्टफोन नहीं है बूत एक47 है ! वाह !

संजय प्रेम को अपना टेलीफोन दिखता है .

प्रेम : थैंक्स संजय !

प्रेम टेलीफोन में वृंदा को कॉल डायल करता है . कुछ Hi पल में वृंदा कॉल पिक कर लेती है .

*ों कॉल*

प्रेम : Hi वृंदा दी ! ननु प्रितियॉन्डा मतनादुत्तिड्डेने !

वृंदा : प्रेमम !! कहा हो तुम ??? एक सेकंड ! तुम कन्नड़ क्यों बोल रहे हो ???

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : ारी दी ! में यहाँ एक जगह फास चूका हु !

वृंदा : क्या हुआ ? तुम बोलो में अभी आती हु !

प्रेम : OK पहले मेरी बात सुनिए ! में आपको शुरू से सबकुछ बताता हु !

प्रेम वृंदा को कन्नड़ में कल से जो भी हो रहा था सबकुछ बता देता है . वह कन्नड़ में इसलिए बात कर रहा था ताकि संजय को उसकी बात समझ न आये . प्रेम और वृंदा दोनों को Hi कन्नड़ आती थी .

वृंदा : फुककक !!! इतना सब कुछ हो गया ??

प्रेम : हाँ !

वृंदा : तो अब क्या करना है ? यहाँ सब लोग तुम्हारे बारे में परेशां है ! कल रात से यहाँ में सोई नहीं हु ! अभी 10 मिनट्स पहले Hi तुम्हारे ननु को कॉल आया था की उनको शीना महरा का पता लग गया है ! वो उनको लेकर Hi आ रही है !

प्रेम : नीस ! चलो शीना भाभू तो घर पहुंच रहे है ! अब मेरी बात सुनिए ! में इस लड़की को फिलहाल अपने साथ देवगढ़ तो बिलकुल नहीं लेकर जा सकता ! इसको मुंबई में जो नया घर ख़रीदा है न वह रखना होगा कुछ समय के लिए !

वृंदा : कुछ समय के लिए ? उसके बाद कहा ? महरा मेंशन ?

प्रेम : नहीं ! उसके बाद डाइवोर्स ! में इस शादी को घंटा नहीं मानता ! भाड़ में जाए !

वृंदा : Umm..Okay ! तो अब करना क्या है ?

प्रेम : आपको फिलहाल यहाँ परमदा गाँव में आना पड़ेगा ! परमदा ! मेरे पास अभी मेरे मोबाइल नहीं है सो आपसे ज्यादा कांटेक्ट हो नहीं पायेगा !

वृंदा : फिर उसके बाद ?

प्रेम : लिसेन ! अभी आपको बस यहाँ विदाई हो जाये , उसके बाद इस लड़की को जयपुर लेकर जाना है और एक किसी टॉप होटल में स्टे करना है ! यहाँ से मई देवगढ़ जाउगा , जो भी कल से मेरे लिए परेशां है उनसे मिलकर दोपहर को जयपुर के लिए निकल जाउगा ! बाकी का में आपको वह आकर Hi बताउगा !

वृंदा : OK ! परमदा तो में गूगल मैप पर डालकर आ जोगी बूत तुम हो कहा ? वह कैसे ाउगि ?

प्रेम : 2 मं !

[ इन हिंदी ]

प्रेम : संजय ! यहाँ कोई बस स्टेशन है ?

संजय : है जीजाजी !

प्रेम : थोड़ी देर बाद मेरी एक दीदी आ रही है कार में , तुम उन्हें यहाँ ले आओगे ?

संजय : ठीक है जीजाजी !

प्रेम : नीस !

( ों कॉल )

[ इन कन्नड़ ]

प्रेम : हां दी आप परमदा के बस स्टेशन पर आ जाइये ! यहाँ से में एक लड़का भेज रहा हु संजय ! वो आपको यहाँ लेकर आ जायेगा !

वृंदा : OK !

प्रेम : हां कार लेकर आना !

वृंदा : ओफ़्कौर्से !

प्रेम : Bye !

*कॉल कट्स*

वृंदा : ( मैं में ) मुझे तो Bye बोलने देता !

प्रेम संजय के साथ चेयर पर बेथ जाता है .

संजय : आप बैठिये में खाना परोस देता हु !

प्रेम : नहीं भाई ! मुझे बिलकुल भूख नहीं है !

प्रेम : ( मैं में ) थोड़ा ावक्वार्ड हो जायेगा अगर में इससे पुछु की मेरी शादी जिससे हुयी उसका नाम बता ! रहने Hi देता हु !

प्रेम : ये अमरंथ जी के कुछ लगते हो क्या तुम ?

संजय : नहीं ! बस हम सभी गाँव वालो में बड़ा भाईचारा है !

प्रेम : नीस !

करीब 1 घंटे बाद प्रेम संजय को बस स्टेशन भेज देता है .

प्रेम : ( मैं में ) फेव ! अब पहले देवगढ़ , बाद में मुंबई , फिर वापस देवगढ़ , फिर वापस मुंबई और उसके बाद ह्यदेरबाद जाना है मुझे !

थोड़ी Hi देर बाद वृंदा और संजय भी आ जाते है .

वृंदा : प्रेम !

प्रेम : फाइनली ! नीस !

संजय वही खड़ा था इसलिए दोनों सिर्फ एक दूसरे को ग्रीट Hi करते है .

संजय : चलिए जीजाजी ! विदाई होने वाली है !

प्रेम : नीस ! तुम चलो में आता हु !

संजय : ठीक है !

संजय वह से बाहर चला जाता है . वृंदा आकर प्रेम को हुग कर लेती है . कुछ Hi पल में दोनों अलग होते है .

वृंदा : ये तुम्हारा शर्ट हाथ से लाल हो रहा है ! अभी भी खून आ रहा है क्या ?

प्रेम : लीव आईटी !

वृंदा : OK ! बड़ी चची बहुत ज़्यादा Hi चिंता में है ! रो - रो कर उनका बुरा हाल हो चूका है!

प्रेम : मेरी माँ भी न ! ऐसी Hi है ! कुछ जल्दी Hi इमोशनल हो जाती है !

वृंदा : अब मुझे ये बताओ की जयपुर जाने के बाद क्या करना है !

प्रेम : OK तो सुनिए ! यहाँ से मई देवगढ़ जाउगा , उसके बाद शाम तक जयपुर आकर वह से जल्दी पहुंचने के लिए एक प्राइवेट चॉपर बुक कर लगा ! एयरप्लेन से जा सकते है बूत फिर इस लड़की का पासपोर्ट कहा से लाएंगे ! इसलिए चॉपर से जल्द Hi मुंबई पहुंच जायेगे , वह से इस लड़की को मुमबई में जो नया बंगला ख़रीदा है उसमे छोड़कर वापस आ जायेगे !

वृंदा : बस ऐसे Hi ? उस लड़की की तो नयी शादी हुयी है न ! उसको केसा लगेगा की उसका पति उसको शादी के पहले दो दिन में Hi एक घर में छोड़ कर चला जाये !

प्रेम : दी उसको क्या लगे उससे मुझे घंटा फ़र्क़ नहीं पड़ता ! भाड़ में जाए वह ! यहाँ मेरी ज़िन्दगी पहले से Hi बहुत उलझी हुयी है , फ़ालतू में इसका बोझ में नहीं उठा सकता !

वृंदा : योर डिसिशन ! जो तुम चाहो !

प्रेम : अब बाहर चलते है !

वृंदा : हाँ !

प्रेम और वृंदा बाहर आ जाते है .

प्रेम : आप कार थोड़ा उस तरफ ले आइये ! विदाई से सीधा इसी कार में बेथ कर जायेगे !

वृंदा : ( 😒 ) हम्म ! मुझे लगा था की पहले हमारी शादी होगी पर अब तुम्हारी पहली शादी में ड्राइवर बनकर रह चुकी हु !

प्रेम : नीस ! अब जाइये न !

वृंदा : OK !

वृंदा वह से चली जाती है . प्रेम भी वह से आगे चला जाता है .

अब समय था विदाई का . इस समय जिस लड़की की शादी हुयी होती है उसको अपना बुरा बचपन अपनी आँखों के सामने दिख रहा होता है . अभी तक की अपनी ज़िन्दगी के बिताये हुए सरे पल उसको अपनी आँखों के सामने दिखाई देते है .

ये समय था उस जगह से जाने का जहा उसने अपना पूरा बचपन बिताया , अपने पेरेंट्स का साथ छोड़ एक नयी ज़िन्दगी चालू करने का .

जिस लड़की की प्रेम के साथ शादी हुयी थी फिलहाल उसके साथ भी यही हो रहा था . बहुत काम उम्र में Hi उसने अपने माँ बाप को खो दिया था . परिवार के नाम पर सिर्फ दादाजी Hi थे जिसने इसको पाला .

प्रेम अभी वही खड़ा था . कई लोग वह जमा हुए थे . अभी विदाई का समय था . कई औरते रट रट विदा कर रहे थे . वह लड़की भी फुट फुट कर रोने लगती है .

सभी से मिलने के बाद आखिर में वो अपने दादाजी से मिलती है . अमरंथ के लिए वो उसकी पोती नहीं , बेटी Hi थी .

बहुत काम मौके होते है जब कोई मर्द रोटा है और उनमे से एक वक़्त होता है उनकी बेटी की विदाई .

जब वह लड़की अमरंथ से गले मिलकर फुट फुट कर रोटी है तब अमरंथ के आंसुओ की धरा भी बहने लगती है .

इन दोनों को देख वह हर किसी की आँख नाम हो चुकी थी . प्रेम भी बस उन दोनों को फुट फुट कर रट हुए Hi देख रहा था .

आखिर में कुछ लोग बीच में आकर दोनों को चुप करवाते है . प्रेम भी जाकर अमरंथ के आशीर्वाद ले लेता है .

*15 मिनट्स लेटर*

प्रेम , वृंदा और वह लड़की तीनो कार में बैठे हुए थे . वृंदा कार ड्राइव कर रही थी और प्रेम उस लड़की के साथ पीछे बैठा हुआ था .

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : दी ! अब प्लान में थोड़ा चेंज है !

वृंदा : क्यों ?

प्रेम : अरे इसके दादा ने बोलै है की कल इसको वापस लाना पड़ेगा ! कोई पगफेरे की रसम के लिए !

वृंदा : तो फिर अब क्या करना है ?

प्रेम : गाडी सीधा जयपुर जाने दीजिये ! और आप अपना मोबाइल दीजिये ! में ज़रा ननु से बात कर लेता हु !

वृंदा : मेरे पास उनका नंबर नहीं है !

प्रेम : आजकल आपके िक को क्या हो चूका है ? घर में और भी तो लोग रहते है ! प्रेरणा को कॉल करुगा तो वो भी बात करवा लेगी !

वृंदा : येह ! सॉरी !

वृंदा प्रेम को अपना मोबाइल दे देती है . प्रेम के साइड में Hi वो लड़की बैठी हुयी थी . उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की दोनों क्या बात कर रहे है क्यूंकि दोनों Hi कन्नड़ लैंग्वेज में बात कर रहे थे .

प्रेम प्रेरणा को कॉल करता है .

*ों कॉल*

[ इन हिंदी ]

प्रेरणा : Hello ! हाँ वृंदा दी !


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प्रेम : हाँ ! प्रेरणा ! में बोल रहा हु ! प्रेम !

प्रेरणा : भाई आप ??

प्रेम : हाँ मई ! ननु से ज़रा बात करवाना मेरी !

प्रेरणा : आप हैं कहा ?? और वृंदा दी से कहा मिले ??

प्रेम : वो सब में बाद में बता दुगा पहले मेरी ननु से बात करवा !

प्रेरणा : OK !

प्रेरणा अपने रूम से बाहर निकल कर बाहर जाती है और इंद्रवर्धन को ढूंढती है पर वह कही नहीं मिलते .

प्रेरणा : ( हफ्ते हुए ) Bhai….Nanu तो नहीं मिल रहे !

प्रेम : OK ! ननु का मोबाइल नंबर सेंड कर मुझे !

प्रेरणा : OK ! आप बताइये न ! आप सेफ है न ?

प्रेम : ॉक ! किसीकी मजाल प्रेम राजवीर महरा का बाल भी वाका कर सके !

प्रेरणा : आप जल्दी से यहाँ आ जाइये !

प्रेम : कल आउगा मई !

प्रेरणा : क्यों ?? आपको पता है यहाँ सब कितना परेशां है आपके लिए !!

प्रेम : हाँ ! कुछ जरुरी काम है मुझे ! वो करने के बाद कल आउगा !

प्रेरणा : क्या काम है ?

प्रेम : तू क्या करेगी जान कर ? में कल आउगा ! OK !

*कॉल कट*

प्रेरणा : ( मैं में ) भैया सच में बदल चुके है ! अब तोह मेरी पूरी बात भी नहीं सुनते !

प्रेरणा वृंदा के मोबाइल पर इंद्रवर्धन का नंबर भेज देती है .

*नोटिफिकेशन*

*मैसेज रेसिवेद बी प्रेरणा महरा*

प्रेम : दी ! कार रोकिये !

वृंदा : क्या हुआ ?

प्रेम : ज़रा रुकिए ! में ज़रा बाहर ननु से बात करके आता हु !

वृंदा : हाँ !

*कार स्टॉप्स*

प्रेम गेट खोल बाहर चला जाता है और इंद्रवर्धन को कॉल करता है .

वृंदा अपने पीछे मुड़कर देखती है . वह शादी का जोड़ा पेहेन घूंघट पहने हुयी उसके सामने वह लड़की बैठी हुयी थी .

वृंदा : मेरे नाम वृंदा है ! में प्रेम के बड़े पापा की बेटी हु !

वृंदा अपनी तरफ से कन्वर्सेशन स्टार्ट करती है पर वह लड़की कुछ नहीं बोलती है .

वृंदा : ( मैं में ) कही ऐसा तो नहीं की ये बोल नहीं सकती !!!

वृंदा : वैसे आपका नाम क्या है ??

लड़की : ( हेसिटतेस ) M..Mamta !

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आज के लिए बस इतना Hi . लिखे और अपना रिव्यु देना न भूले . मिलते है जल्द Hi एक नए अपडेट के साथ . चियर्स 🍻
 
अपडेट 25

पति परमेश्वर और

NOOR-E-HUSN


[ वृंदा : ( मैं में ) कही ऐसा तो नहीं की ये बोल नहीं सकती !!!

वृंदा : वैसे आपका नाम क्या है ??

लड़की : ( हेसिटतेस ) M..Mamta ! ]

अब आगे :

प्रेम कार में से बाहर उतर कर इंद्रवर्धन को कॉल करता है .

*ों कॉल*

इंद्रवर्धन : Hello !

प्रेम : Hello ननु ! हम प्रेम बोल रहे है !

इंद्रवर्धन : प्रेम !! कहा है आप ??

प्रेम : ननु मई अभी जयपुर में हु !

इंद्रवर्धन : जयपुर ? वह क्या कर रहे है आप ? आप जल्दी से देवगढ़ आइये ! नहीं आप रुकिए ! हम खुद आते है वह आपको लेने !

प्रेम : नहीं ननु ! इसकी कोई जरुरत नहीं है ! हमने बस ये कहने के लिए कॉल किया है की हम एकदम सेफ है ! हमे कुछ ज़रूरी काम है इसलिए हम परसो Hi वापस आ पाएंगे !

इंद्रवर्धन : परसो ?? क्यों ??

प्रेम : वो हम सब आपको बाद में बता देंगे ! बहुत कुछ बातचीत करनी है हमे आपसे पर वह हम आपको बाद में बतायेगे ! फिलहाल वृंदा दी भी मेरे साथ Hi है ! हम दोनों साथ में Hi वापस आएंगे !

इंद्रवर्धन : ठीक है ! पर परसो Hi संगीत की रस्म है !

प्रेम : उससे पहले आ जायेगे हम ! आप माँ को भी बता देना ज़्यादा टेंशन न ले ! हम एक दम सेफ है ! Bye !

*कॉल कट्स*

प्रेम आकर वापस कार के पास आकर वृंदा के पास आ जाता है .

प्रेम : आप पीछे बेथ जाइये ! लेट में ड्राइव !

वृंदा : OK !

वृंदा कार से उतर कर पीछे उस लड़की के साथ बेथ जाती है . प्रेम ड्राइवर सीट पर बेथ कार ड्राइव करने लगता है .

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : दी ! आपके पास पैसे कितने है ?

वृंदा : अभी ? है मेरे पास अराउंड 10 लक्ष है बैंक अकाउंट में ! और क्रेडिट कार्ड भी है !

प्रेम : मेरे सारे डेबिट एंड क्रेडिट कार्ड देवगढ़ में मेरे बैग में Hi पड़े है ! एक क्रेडिट कार्ड लेकर गया था जयपुर कल , अब क्रेडिट कार्ड भी गया और मोबाइल भी गया ! उपि भी नहीं कर सकता !

वृंदा : मेरे मोबाइल देना ! में ऑनलाइन Hi रूम बुक कर लेती हु !

प्रेम : OK !

प्रेम वृंदा को उसका मोबाइल दे देता है .

प्रेम : होटल रस में मत करवाना ! किसी दूसरे 5 स्टार होटल में करवा देना !

वृंदा : OK !

प्रेम : फ्यूल तो कम्पलीट है न कार मैं ?

वृंदा : हाँ ! एक दम फुल है !

प्रेम : नीस ! सीटबेल्ट पेहेन लेना !

_____________________________________

लोकेशन : Trivikram's सीक्रेट बेस , हैदराबाद

[ तेलुगु लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

त्रिविक्रम : कोई खबर ?

आदमी : वो करेला का जो कन्साइनमेंट था वह कम्पलीट हो गया !

त्रिविक्रम : सेल्वा की कोई खबर ?

आदमी : नहीं !

त्रिविक्रम : ( गुस्से में ) तो क्या कर रहे हो तुम लोग !! एक मामूली लड़के का पता नहीं लगा पा रहे !!

त्रिविक्रम को बहुत पहले Hi उसके लोगो से खबर मिल गयी थी की उसके आदमी जो उसने मास्टर के घर में चोदे थे वह सभी मारे गए . उसके बाद से Hi त्रिविक्रम बेचैन हो चूका था . वो जल्द से जल्द सेल्वा को मारना चाहता था .

आदमी : एक खबर मिली है ! इन सब चीज़ो में सेल्वा अकेला नहीं है ! उसके साथ और भी कई लोग शामिल है !

त्रिविक्रम : हमे लगा Hi था ! एक काम करो ! जितने भी लोग सेल्वा को ढूंढने के लिए यहाँ से निकले है उन्हें वापस से बुला लो !

आदमी : ठीक है !

त्रिविक्रम : ( स्माइल्स ) अब मुझे अपना ब्रह्मास्त्र Hi निकलना पड़ेगा ! समुराई असैसिन्स के पुरे ग्रुप को अब बुलाना Hi पड़ेगा !


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_____________________________________

कुछ Hi घंटे में कार जयपुर में थी . वृंदा के बताये होटल पर वह पहुंच जाते है . प्रेम कार को पार्किंग में पार्क दोनों को साथ में लेकर अंदर आ जाता है . प्रेम साथ में Hi ममता का एक छोटा सा बैग अपने हाथ में पकड़ लेता है जिसमे उसके कपडे थे .

वृंदा जाकर रूम कीस ले लेती है . बेलबोय आकर प्रेम से बैग रखने के लिए कहता है पर प्रेम मन कर देता है .

वृंदा आकर एक रूम के कार्ड प्रेम को दे देती है और एक अपने पास रखती है .

[ कन्नड़ लैंग्वेज ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : आपने कितने रूम बुक किये ??

वृंदा : ( स्माइल्स ) 2

प्रेम : दी एरर 3 करने थे !

वृंदा : ( स्माइल्स ) सुहागरात है आज तुम्हारी ! भले Hi कुछ भी हो ! हनीमून सूट बुक किया है तुम्हारे लिए !

प्रेम : ( इर्रिटेट्स ) Wtf ??? क्या यार दी ! एक काम कीजिये ! आप उस हनीमून सूट में चले जाइये , में इसको लेकर नार्मल सूट में चला जाता हु !

वृंदा : ( स्माइल्स ) नहीं ! तुम इसको लेकर होनेमूम सूट में Hi जाओगे ! में नार्मल वाले में जा रही हु ! बिचारि कबका घूंघट डेल चुपचाप कड़ी है ! कुछ नहीं तो इसका घूंघट तो उठाना और कुछ बाते करना !

प्रेम : ( स्माइल्स ) Let's सी ! इसका तो पता नहीं बूत आज आपके साथ सुहागरात मानाने का मन कर रहा है !

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वृंदा : ( ब्लशेस ) पास में Hi तुम्हारी बीवी कड़ी है और उसके सामने Hi मेरे साथ सुहागरात की बात कर रहे हो !

प्रेम : ( स्माइल्स ) इसको कन्नड़ क्या Hi समझ आएगी ! कब से बस घूँघट डाले चुपचाप कड़ी है ! मुझे तो ये भी नहीं पता इसका नाम क्या है ?

वृंदा : ममता नाम है ! पूछा मेने ! अभी चलो ! अपने अपने रूम में !

प्रेम : हाँ !

तीनो वह से एलीवेटर में ऊपर चले जाते है . ममता चुपचाप बस पीछे चल रही थी प्रेम के . उसको बिलकुल समझ नहीं आ रहा था की प्रेम और वृंदा क्या बात कर रहे है . वो बस चुपचाप चल रही थी .

वृंदा वह से प्रेम को Bye बोल एक सुईठे में चली जाती है .

प्रेम के कार्ड पर रूम No. देखते देखते एक सुईठे में आ जाता है . ममता भी चुपचाप उसके पीछे Hi आ रही थी .

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प्रेम : ( मैं में ) केसा 5 स्टार होटल है ? टेलीविज़न है या पुराने ज़माने का डिब्बा ? पर रूम कुछ ज़्यादा Hi ाचा सजाया हुआ है ?

ममता भी रूम के अंदर आ जाती है . प्रेम जाकर गेट बंद कर लेता है .

[ इन हिंदी ]

प्रेम : मई आया अभी !

प्रेम वाशरूम में चला जाता है और वाशरूम उसे करने लगता है .

प्रेम : ( मैं में ) सिगरेट अभी होनी चाहिए थी ! बहुत ावक्वार्ड लग रहा है अभी ! अन्य्वयस प्रेम फोकस !

प्रेम हल्का होकर हैंड वाश करके बाहर आ जाता है .

ममता बीएड पर एक दम सज सावरकर घूँघट पहने हुयी बैठी हुयी थी . उसको देखते Hi प्रेम को एहसास हो गया था की ममता घूँघट उठवाने के लिए बैठी हुयी थी .

प्रेम : ( मैं में ) इसको कुछ गिफ्ट भी देना Hi पड़ेगा मुँह - दिखाई का ! मेरे पास तो अभी कुछ है भी नहीं ! हम्म !

प्रेम अपने हाथ में से अपनी एक रिंग निकल देता है .

प्रेम : ( मैं में ) ये यूनिसेक्स डायमंड रिंग Hi दे देता हु !

प्रेम ममता के लिए अपने हाथ से 5 लाख की डायमंड रिंग निकल कर अपनी पॉकेट में रख लेता है .

प्रेम ममता के पास जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) मेरी क्यों धड़कने तेज़ हो रही है ! प्रेम फोकस !!!

प्रेम ममता के पास जाता है और बेथ जाता है .

प्रेम धीरे धीरे अपने हाथ ममता के घूंघट के पास लेकर जाता है और उसका घूंघट उठा देते है .

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इस चेहरे में एक अलग सा Hi नूर था . एक अलग Hi चमक थी इन आँखों में ! किसी की भी उन आँखों से नज़र हैट Hi नहीं सकती थी .

ये होंठ किसी गुलाब के फूल से भी ज़्यादा कोमल थे . एक अलग Hi तरह का तेज था इस चेहरे पर .

कुछ पल के लिए प्रेम भी उन आँखों को बस देखता रहता है . कुछ पल बाद वह ममता को घूरना बंद कर देता है ..

प्रेम : ( मैं में ) फोकस प्रेम फोकस !!

ममता आगे बढ़ प्रेम के पैर चुटी है .

प्रेम : ( अचानक से )AREE….ARE…ARE… क्या कर रही हो ????

प्रेम बीएड से खड़ा हो जाता है .

प्रेम : क्या कर रही हो यार !

ममता : हम तो बस आपके पैर छू रहे थे स्वामी !

प्रेम : स्वामी नहीं ! प्रेम ! प्रेम राजवीर महरा ! तुम मुझे प्रेम महरा कह सकती हो ! वैसे तुम प्रेम भी कह सकती हो !

ममता : ( नज़ारे झुकाते हुए ) आप हमारे स्वामी है !

प्रेम : में सिर्फ एक Hi स्वामी को जानता हु और वह है स्वामी विवेकानंद ! में तो महरा हु ! प्रेम महरा !

ममता : आप हमारे स्वामी है ! पति परमेश्वर है आप हमारे !

प्रेम : ( मैं में ) कितने भारी भारी शब्द बोलती है यह !

प्रेम : अन्य्वयस !

प्रेम ममता के पास जाता है और बेथ जाता है .

प्रेम : ये सब बाते छोड़ो ! मेरे पास तुम्हारे लिए एक गिफ्ट है !

प्रेम अपनी जेब से डायमंड रिंग निकलता है .

प्रेम : मेरी तरफ से ये छोटा सा गिफ्ट !

प्रेम ममता को वो रिंग बताता है .

ममता : हमे ये नहीं चाहिए ! हमे कुछ और चाहिए !

प्रेम : ( मैं में ) कुछ और ? साला मुझे लग Hi रहा था ये गोलडिग्गेर है ! कोई न , दे देंगे थोड़ा गोल्ड दिग कर के !

ममता : हमे बस आपके चरणों की धूल चाहिए !

प्रेम : WTF ????????? ी मैं क्या ? क्या चाहिए ??

ममता : हमे बस आपकी चरणों की धूल चाहिए !

प्रेम : ( हेसिटतेस ) K..K..Kya करोगी मेरे चरणों की धूल का ???

ममता : हम अपनी मांग भरेंगे उससे !

प्रेम : वह सिन्दूर लगता है ! वह में आज हमारी शादी के मंडप में तुम्हे लगा चूका हु ! वह सिन्दूर Hi रहने दो !

ममता : उसके साथ में Hi हम आपके चरणों की धूल भी लगाना चाहते है ! आखिर आप हमारे पति परमेश्वर है स्वामी !

प्रेम : Umm…Wo क्या है न ! में अभी पैर धो कर आया हु ! वह कोई धूल है Hi नहीं अब ! जब धूल होगी तो में जमा कर लगा ! ठीक है ?

ममता : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

प्रेम : गुड ! अभी डिनर का टाइम हो चूका है ! में तुम्हारे लिए खाना लेकर आता हु ! बताओ क्या खाओगी ?

ममता : जो भी आप खायेगे !

प्रेम : में तो कभी कभी सिर्फ हवा Hi खाता हु ! अभी ये बताओ तुम क्या खाओगी ?

ममता : जो भी आप खायेगे !

प्रेम : ( मैं में ) ये क्या चीज़ है ????

प्रेम : ाचा ये बताओ वेग खाओगी या नॉन वेग ?

ममता : जो भी आप खायेगे !!

प्रेम : ( मैं में ) फुकककक ऑफ !!!!!!! कण्ट्रोल प्रेम कण्ट्रोल !!!

प्रेम : में आता हु डिनर लेकर !

ममता : जैसा आप कहे स्वामी !

प्रेम रूम से बाहर आ जाता है और बाहर से गेट लॉक कर देता है के कार्ड से . प्रेम वह से वृंदा के रूम के बाहर आ जाता है और गेट पर नॉक करने लगता है .

कुछ Hi पल में वृंदा गेट खोल देती है .

वृंदा : ( स्माइल्स ) इतनी जल्दी आ गए ! वैसे क्या क्या हुआ ?

प्रेम रूम के अंदर आ जाता है .

प्रेम : ना Hi पूछे तो बेहतर है !

वृंदा : ( स्माइल्स ) क्यों ? बतावा क्या हुआ ??

प्रेम वृंदा को साड़ी बात बताता है .

वृंदा : ( स्माइल्स ) स्वामी प्रेम महरा ! आपकी जय हो !

प्रेम : दी यार ! प्ल्ज़ ! जस्ट स्टॉप तहत ! में पहले से Hi बाहर इर्रिटेट हो चूका हु !

वृंदा : ( स्माइल्स ) OK ! में तुम्हारे हाथ पर फर्स्ट अिध कर देती हु जहा कट लगा है !

प्रेम : हाँ !

प्रेम शर्ट खोल देता है . वृंदा प्रेम के हाथ पर फर्स्ट अिध कर देती है और वाइट बैंडेज रोल लगा लेती है . प्रेम वापस शर्ट पेहेन लेता है . शर्ट के होने की वजह से बिलकुल नहीं पता लग रहा था की अंदर वाइट बैंडेज लगी हुयी है .

वृंदा : यू हैवे तो बे मोरे केयरफुल !

प्रेम : हाँ ! आप रूम सर्विस में कॉल कर डिनर कर लीजिये ! में चलता हु अब !

वृंदा : हाँ ! अकेली होगी वह !

प्रेम : एप ! Bye ! डिनर करके सो जाना !

वृंदा : हाँ !

प्रेम उस रूम से बाहर चला जाता है .

वृंदा : ये तो अब ठीक से Bye भी नहीं करता !

प्रेम वह से फिर से अपने सुईठे में आ जाता है . प्रेम जैसे ममता को छोड़ कर गया था वो वैसे की तैसे बैठी हुयी थी .

प्रेम अंदर आकर गेट बंद कर लेता है .

प्रेम : निचे डिनर नहीं है ! यही से मनवाना पड़ेगा ! अब मुझे यह बताओ तुम्हे खाना बनाना आता है ?

ममता : ( निचे देखते हुए ) जी स्वामी !

प्रेम : क्या बनाना आता है ?

ममता : जो भी आप चाहे स्वामी !

प्रेम : ( मैं में ) ारी !!!!! इसको ऊँगली टेढ़ी कर के पूछ रहा हु क्या खायेगी फिर भी इसकी सुई बस एक Hi जगह तिकी हुयी है !

प्रेम : नीस !

प्रेम रूम सर्विस में कॉल करता है .

*ों कॉल*

प्रेम : Hello रूम सर्विस ! डिलीवर 2 राजस्थानी थाली मील इन रूम No.333 !

सामने से : OK सर !

*कॉल कट्स*

प्रेम : ( मैं में ) इसकी बिचारि तो पहली शादी है ! कुछ गिफ्ट तो देना Hi पड़ेगा !

प्रेम ममता के पास जाता है और बेथ जाता है . प्रेम ममता का हाथ पकड़ता है और उसको वो डायमंड की रिंग पहना देता है .

प्रेम : मेरी तरफ से ये गिफ्ट ! रखो इसे ! इसमें तुम्हारे चेहरे जितनी चमक तो नहीं है पर तुमपर खूबसूरत लगेंगे !

ममता : ( ब्लशेस )

*नॉक* *नॉक*

प्रेम बीएड से खड़ा होता है और जाकर गेट खोलता है . ममता वापस अपना घूँघट पेहेन लेती है . गेट खोलते Hi सामने वृंदा कड़ी हुयी थी .

वृंदा : सॉरी फॉर डिस्टर्बिंग ! बड़ी चची का कॉल आया है ! कॉल होल्ड पर है ! उन्हें तुमसे अभी के अभी बात करनी है !

प्रेम : OK !

प्रेम : ( ममता से ) में अभी आया !

प्रेम गेट बंद कर देता है . तभी रूम सर्विस वाला आर्डर लेकर आ जाता है .

प्रेम : 2 मं रुकना दी ! हां भैया ! रूम सर्विस !

आदमी : जी सर !

प्रेम : अंदर आ जाइये !

प्रेम वापस गेट खोल रूम सर्विस को अंदर लेकर जाता है और मील ले लेता है . रूम सर्विस वाला वापस चला जाता है .

प्रेम : डिनर आ गया है ! तुम खाना स्टार्ट कर लो ! में अभी आया !

प्रेम वह से बहार चला जाता है और गेट बाहर से लॉक कर देता है .

वृंदा प्रेम को मोबाइल देती है . प्रेम कॉल उनहोल्ड कर देता है .

*ों कॉल*

प्रेम : Hello !

संध्या : प्रेम ! कहा हो तुम ?????

प्रेम : रिलैक्स माँ ! शांत हो जाइये ! में किसी काम में फास गया था ! वृंदा दी भी मेरे साथ Hi है !

संध्या : क्या काम है ????

प्रेम : ारी माँ होते है काम ! दूध पिता बच्चा थोड़ी हु मई ! मुझे भी बहुत जरुरी काम होते है ! आप टेंशन मत लीजिये ! में हल्दी की रस्म में आ जाउगा !

संध्या : नहीं ! अभी यहाँ आ !!!

प्रेम : सॉरी माँ ! वो तो नहीं हो सकता ! अन्य्वयस ! आप बिलकुल टेंशन मत लीजिये ! में हल्दी रस्म पर आ जाउगा ! अभी आप आराम से डिनर कीजिये और सो जाइये !

*कॉल कट्स*

वृंदा : तुम्हारी टोन कुछ ज़्यादा Hi रौदे थी !

प्रेम : ी Don't थिंक सो ! अब आप जाइये और डिनर करके सो जाइये !

प्रेम वह से वापस रूम के अंदर आ जाता है .

[ करैक्टर इंट्रोडक्शन ~

ममता Gavaria/Mehra ~ आगे 22 . बहुत छोटी उम्र में Hi इसके Maa-Baap गुज़र गए थे , उसके बाद से Hi इसके दादा के साथ Hi रही है . बेहद मासूम है . अब प्रेम की वाइफ है .

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु जरूर दे . मिलेंगे जल्द Hi , तब तक के लिए चियर्स 🍻 .
 
एसससससस !!!!! वे हैवे वोन वर्ल्ड कप !!!!!!! टाइम तो बरसत क्रैकर्स मन !!!!!!! नगर में ढिंढोरा पिटवा दो

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अपडेट 26

मोदी , मेलोनी और राजवीर महरा का बीटा



[ वृंदा : तुम्हारी टोन कुछ ज़्यादा Hi रौदे थी !

प्रेम : ी Don't थिंक सो ! अब आप जाइये और डिनर कर सो जाइये !

प्रेम वह से वापस रूम के अंदर आ जाता है . ]

अब आगे :

प्रेम रूम के अंदर आ जाता है और गेट अंदर से लॉक कर देता है .

प्रेम : तुमने डिनर स्टार्ट नहीं किया !

ममता : ( निचे देखते हुए ) आपने भी अभी तक खाना नहीं खाया था !

प्रेम ममता के पास आ जाता है और दोनों के लिए फ़ूड सर्वे कर लेता है .

प्रेम : चालू करो !

ममता : पहले आप !

प्रेम : पहले आप - पहले आप नहीं ! में भी अपना खा रहा हु ! तुम भी अपना खाना स्टार्ट करो ! जल्दी !

करीब 15 मं बाद दोनों अपना डिनर ख़तम कर लेते है .

प्रेम : ( निचे देखते हुए ) और कुछ चाहिए !

ममता : जी नहीं !

प्रेम उठकर साड़ी डिशेस साइड में रख लेता है और हैंड्स वाश कर देता है . ममता भी पहली बार बीएड से उठ हैंड्स वाश कर देती है .

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प्रेम : ( मैं में ) वैसे सेक्स तो कर Hi सकते है ! नहीं ! बस कुछ समय की Hi बात है ! अपना इससे कुछ लेना देना नहीं है ! सेक्स तो क्या ? किश भी नहीं करना चाहिए !

प्रेम : अब सो जाते है ! कल हमे वापस तुम्हारे घर भी तो जाना है पगफेरे के लिए ! उसके बाद शाम को हम मुंबई के लिए निकलेंगे ! मेरा घर वही है !

ममता : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

प्रेम : गुड !

ममता बीएड पर जाकर लेट जाती है

प्रेम लाइट्स ऑफ कर देता है और वही बीएड पर सो जाता है . दोनों के बिच बहुत दुरी थी .

करीब 12 बजे अचानक ममता की नींद खुलती है . वह हिलने की कोशिश करती है पर हिल नहीं पाती . प्रेम उसे पूरी तरह से जकड कर सोया हुआ था , एक दम कास के पकड़ कर . प्रेम की आदत Hi थी . वो जब भी किसीके साथ सोता था , वो अपने आप Hi उसको कास के पकड़ कर सो जाता था .

ममता शर्मा कर वापस सो जाती है .

*नेक्स्ट डे*

सुबह 4 बजे Hi प्रेम की आँखे खुल जाती है . वो एक दम चिपक कर सोया हुआ था ममता से . प्रेम झट से खड़ा हो जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) ये आदत किसी दिन मुझे मरवायेगी !

प्रेम वाशरूम में चला जाता है .

प्रेम : कपडे तो है Hi नहीं ! नाहा कर वापस तो ये नहीं पेहेन सकता ! फिर से परमदा भी तो जाना है ! फिलहाल नाहा के वापस यही पेहेन लेता हु ! बाद में नए क्लोथ्स लेकर चेंज कर लगा !

*आफ्टर 30 मिनट्स*

प्रेम बाथरूम से बाहर आ जाता है और कपडे पेहेन लेता है अपने . ममता अभी तक सोई हुयी थी . सोते हुए भी उसका चेहरा किसी फूल की तरह खिल खिला रहा था

प्रेम रूम में पड़े टेलीफोन से वृंदा को कॉल करता है .

*ों कॉल*

वृंदा : ( उबासी लेते हुए ) Aaaaa…Hello !

प्रेम : Hello दी ! उठ गयी !

वृंदा : तुम्हारे फ़ोन की वजह से Hi उठी !

प्रेम : नीस ! अब जल्दी फ्रेश हो जाइये ! कुछ टाइम बाद में आपके रूम में आता हु !

वृंदा : हम्म्म !!

प्रेम : मिस वृंदा क्विक !!!

*कॉल कट्स*

प्रेम रूम में पड़ी एक चेयर पर बेथ जाता है और कल का पड़ा हिंदी नेवसपपेर पढ़ने लगता है .

प्रेम : ( मैं में ) मोदी और मेलोनी का रिश्ता हुआ पक्का ! दोनों देशो में ख़ुशी का माहौल ! ट्विटर पैर ट्रेंड हुआ #मेलोनी ! नीस !

प्रेम : ( मैं में ) बहु मेरी बेटी नहीं , संधान दहेज़ देती नहीं शो की बहु के मरने के बाद पुरे देश की औरतो का रो रो कर हुआ बुरा हाल ! नीस !

करीब आधे घंटे बाद प्रेम वृंदा के बाहर आ जाता है और नॉक करने लगता है . कुछ Hi देर में वृंदा गेट खोल देती है .

वृंदा : गुड मॉर्निंग !

प्रेम रूम के अंदर जाता है . वृंदा गेट लॉक कर देती है .

प्रेम : रेडी !

वृंदा : हाँ ! पर जाना कहा है अभी ? अभी तो बस 5 बज रही है !

प्रेम : अभी तो कही नहीं पर आज बहुत काम है ! नया मोबाइल लेना है , पुराणी सिम No. की Hi सिम खरीदनी है ! चॉपर बुक करवाना है मुंबई जाने वाला ! उसके बाद ममता को लेकर परमदा भी जाना है , फिर शाम को यहाँ से मुंबई भी जाना है .

वृंदा : OK ! मेरे पास तो अभी कपडे भी नहीं है ! यही कपडे नाहा कर वापस पेहेन लिए !

प्रेम : मेने भी ! ाचा याद दिलाया , बस आज के लिए कपडे भी लेने है मुझे , में 2 दिन से यही कपडे पहने हुआ हु !

वृंदा : वैसे मेने एक बात नोटिस की है !

प्रेम : क्या ?

वृंदा : जबसे तुम इंडिया में आये हो , हमने जब भी सेक्स करने का तरय किया , कुछ न कुछ दिक्कत आ Hi रही है ! पहले वह श्रुति के गोली लगी , उसके बाद तुमने बोलै कल करेंगे तो फिर तब तुम बेंगलुरु चले गए ! उसके बाद हमने तरय किया तो दिया आगयी और तुमने बोलै की कल करेंगे तो कल उस टाइम पर तुम रस्ते पर थे !

प्रेम : बात तो सही है !

प्रेम वृंदा को अपने पास खींच लेता है और किश करने लगता है .

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*2 मिनट्स लेटर*

प्रेम और वृंदा किश करना बंद करते है .

वृंदा : अभी इस्सस आगे नहीं ! मेरे बैक में पैन हो रहा है !

प्रेम : नीस !

वृंदा : हर चीज़ में बस नीस Hi कहते रहो !

प्रेम : ब्रेकफास्ट मंगवा दू !

वृंदा : अभी नहीं ! में बाद में कर लगी ! और आज तुम्हे ममता के साथ ब्रेकफास्ट करना चाहिए ! ाचा लगेगा उसे !

प्रेम : नीस !

वृंदा : वैसे खूबसूरत तो है ! रात को कुछ हुआ तुम्हारे बिच में ?

प्रेम : नहीं ! हम सो गए ! और में उसके साथ कुछ करने भी नहीं वाला !

वृंदा : एक्सपेक्टेड !

______________________________________

*यस्टरडे*

शीना पुलिस वालो के साथ महल में पहुंच जाती है . सारे घरवालों को पता चल गया था की कल से प्रेम और शीना घर नहीं पहुंचे . सभी लोग बड़े से हॉल में Hi थे सिवाए शैलेन्द्र और शेखर के .

फिलहाल शीना पुलिस वालो के साथ अंदर आ जाती है . सभी लोग उसके पास जाते है .

हवलदार 1 : ( हाथ जोड़ते हुए ) अब हम चलते है हुकुमसा !

इंद्रवर्धन : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )

दोनों हवलदार वह से चले जाते है .

संध्या : मेरा बीटा कहा है ?

शीना : मुझे नहीं पता !

संध्या : क्या मतलब नहीं पता ! तुम दोनों साथ में थे न !

शीना : हाँ ! कल रात तक साथ थे ! सुबह जैसे Hi मेरी नींद खुली , वह वह नहीं था !

इंद्रवर्धन : संध्या ! वो अभी अभी आयी है ! चैन से बैठने दो उसे ! बैठो बीटा !

शीना काउच पर बेथ जाती है . प्रेरणा शीना को पानी पिलाती है .

इंद्रवर्धन : अब जो जो हुआ था हमे सब बताओ !

शीना : जी ! कल रात को हम जयपुर से वापस देवगढ़ Hi आ रहे थे ! पर रस्ते पर अचानक से हमारी कार उलट जाती है !

वह कड़ी सभी लोगो की आँखे छोड़ी हो जाती है .

संध्या : क्या ????

शीना : फिर जब मेरी आँख खुली तो में बंधी हुयी थी , प्रेम भी बंधा हुआ था और साथ में कई और लोग भी बंधे हुए थे . हमारे सामने कई लोग कोई हवन कर रहे थे ! थोड़ी देर बाद वो लोग एक एक करके जितने भी बंधे हुए लोग थे सभी के गले काटने लगे !

संध्या : क्या ???? प्रेम कहा है ????

शीना : बड़ी चची आप शांत हो जाइये ! पहले मेरी पूरी बात सुन लीजिये ! एक एक कर वो सभी लोगो को मारने लग जाते है , फिर प्रेम की बारी आती है ! वो लोग प्रेम को भी मारने Hi वाले थे पर

कृतिका : पर क्या ? प्रेम कहा है भाभी ?

शीना : पर प्रेम उन सभी लोगो को मार देता है .

*साइलेंस*

कृतिका : आप मज़ाक कर रहे है ?

शीना : ( नॉड्स इन डिसअग्रीमेंट )

शीना : पता नहीं पर वो करीब 50 लोग थे और प्रेम अकेला ! पर आखिर में प्रेम अकेला Hi बचा हुआ था ! मेने सबकुछ अपनी आँखों से देखा ! सबकुछ बहुत भयानक था ! प्रेम सबके गले काट रहा था ! देख कर ऐसा लग रहा था की जैसे उसके लिए ये रोज़ का काम हो !

कृतिका : आगे क्या हुआ ?

शीना : उसके बाद हम लोग वह से चले गए ! हमे एक झोपडी दिखी तो रात गुजरने के लिए हम दोनों वही सो गए , जब मई सुबह उठी तो प्रेम वह नहीं था !

इंद्रवर्धन : राजवीर महरा का बीटा है ! ये सब इसके खून में Hi है !

ये शब्द संध्या के कानो में पड़ती है तो उसके चेहरे पर जो लकीरे थी वो तंज़ से और भी कास जाती है . उसके अंदर की जो घबराहट थी वह और भी बढ़ जाती है .

संध्या कभी नहीं चाहती थी की प्रेम अपने पापा राजवीर पर जाए . पर कुदरत का भी अपना Hi खेल था . प्रेम के लिए उसके पापा उसके आइडल थे , उसके हीरो थे . प्रेम हमेश से Hi अपने पापा जैसा बनना चाहता था .

गुनगुन : प्रेम ने अकेले इतने सरे लोगो को कैसे मारा ? कोई गन थी क्या उसके पास ?

शीना : नहीं ! कोई नुकीला हथियार था उसके पास !

गुनगुन : तो अब क्या प्रेम को जेल होगी ?

इंद्रवर्धन : नहीं ! उसकी फिक्र मत करो ! वो सब हम संभल लगे !

______________________________________

*टुडे*

प्रेम अपने रूम में वापस आ जाता है . ममता भी नींद से उठ चुकी थी . प्रेम अंदर से गेट लॉक कर देता है .

प्रेम : उठ गयी ! नीस !

ममता : सुप्रभात !

प्रेम : शामे !

प्रेम : जल्दी से तैयार हो जाओ !

ममता : जी !

ममता बीएड से कड़ी हो जाती है .

प्रेम : ( इशारा करते हुए ) वो बाथरूम , टॉयलेट और बाथटब तीनो अंदर Hi है वह !

ममता : जी !

प्रेम क्या बोलता है वह तोह ममता को ज़्यादा समझ नहीं आता पर प्रेम ने जिस तरफ इशारा किया था वह उस तरफ चली जाती है . ममता को इंग्लिश समझ नहीं आती थी .

ममता बड़े से बाथरूम के अंदर आ जाती है.

प्रेम : ( मैं में ) गेट तो बंद कर देती ! अन्य्वयस अपने क्या ?

प्रेम वही चेयर पर बेथ जाता है .

ममता बाथरूम के अंदर तो आ जाती है पर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था . उसने कभी भी शावर या बाथटब में नहीं नया था . न Hi कभी कमोड उसे किया था .

ममता इधर उधर देखने लगती है . वह एक नल पर जैसे Hi हाथ रखती है , शावर ों हो जाता है और उसके ऊपर पानी गिरने लगता है. ममता अचानक से दर जाती है और उसके मुँह से चीख निकल जाती है .

चीख सुन प्रेम दौड़ते हुए बाथरूम में जाता है .

प्रेम : क्या हुआ ?

ममता : वह….

ममता शावर की तरफ इशारा करती है .

प्रेम शावर बांध कर लेता है . प्रेम समझ गया था की ममता को ये सब उसे करना नहीं आता था

प्रेम : देखो ! ये शावर है ! इस चीज़ को राइट में घुमाओगी तो ऊपर से पानी आएगा ! यहाँ नहीं नहाना तो वह बाथटब है ! उसमे आराम से लेट जाना !

प्रेम बाथटब के पास जाकर उसे सभी चीज़ बताने लगता है .

प्रेम : समझी !

ममता : जी !

प्रेम : गुड ! वो उस तरफ टूथपेस्ट एंड ब्रश भी पड़े है !

प्रेम फिर कमोड के पास जाता है और ममता को उससे कैसे उसे करना है वो बताने लगता है .

प्रेम : समझी !

ममता : जी !

प्रेम : गेट अंदर से बांध कर देना !

प्रेम बाथरूम के बाहर आ जाता है . ममता गेट के पास आकर उसे बांध करने का तरय करती है पर उससे बांध नहीं हो पता.

प्रेम वापस ममता के पास आता है .

प्रेम : इसको पकड़ के गोल गुमओ इस तरफ ! बस यही करना है ! समझी !

ममता : जी !

प्रेम वापस बाहर आ जाता है . ममता पहले बाहर आ जाती है और अपने बेग से कपडे लेकर वापस बाथरूम में आकर गेट अंदर से बांध कर देती है .

प्रेम : ( मैं में ) I'm सूरे इसको नहीं पता होगा 69 क्या होता है ? डोगग्य की जगह कुत्ता पोजीशन बोलना पड़ेगा ! एक सेकंड , में ये क्यों सोच रहा हु ? अपने क्या लेना देना !!!

प्रेम वापस आकर बेथ जाता .

प्रेम : ( मैं में ) एक सेकंड ! ओह्ह्ह फुककिंग शीट्ट्ट्ट !!!!! शीट्ट्ट्ट !!!!! शित्त्त !! शीट्ट्ट्ट !!!!!!! वो फोटो !! वो मेरे पॉकेट में HI थी !! एक सेकंड ! फेव !! वो फोटो तो मेरे बैग में Hi पड़ी है ! नीस ! हैरतटक Hi आ जाता है अभी मुझे !

प्रेम जिस तस्वीर की बात कर रहा था वह उसके लिए बड़ी मायने रखती थी .

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प्रेम वह से टेलीफोन के पास जाता है और रूम सर्विस को कॉल कर ब्रेकफास्ट मंगवा देता है .

*कुछ देर बाद*

रूम सर्विस वाला ब्रेकफास्ट लेकर आ जाता है . ममता भी उसके कुछ देर बाद बाथरूम से बाहर आ जाती है .

प्रेम : आजाओ ब्रेकफास्ट करते है !

ममता : जी स्वामी !

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प्रेम : ( मैं में ) इसकी माँ का स्वामी !! मेरे माँ न कितना ाचा नाम रखा मेरा प्रेम ! और यह बस स्वामी !

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और साथ में अपना रिव्यु लिखना मत भूलना . कोंग्रटुलतिओन्स तो आल ऑफ़ यू फॉर , वे वोन T20I वक . बूत साद फॉर आल्सो तहत विराट एंड रोहित रिटायर्ड फ्रॉम T20I . अन्य्वयस मिलेंगे जल्द Hi , चियर्स 🍻
 
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