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- Dec 5, 2013
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अपडेट 20
व्हाट थी फुककक ?????????
[ प्रेम : मुझे पसंद नहीं है ! आप बताइये हुज़ूर आपका कब आएगा ?
अदिति : मेरा ? मेरा तो ××/××
प्रेम : नीस ! ]
अब आगे :
प्रेम और वृंदा दोनों अकेले रूम में बैठे हुए थे . प्रेम ने रूम को अंदर से लॉक कर दिया था .
वृंदा : केसा लग रहा है इतने समय बाद अपने नाना नानी से मिलने से ?
प्रेम : गुड बूत ये सब छोड़िये और मुझे वो कक्तव क्लिप देखनी है श्रुति वाले गेस्ट रूम की !
वृंदा : हाँ ! मेरे मोबाइल से कनेक्टेड Hi है !
वृंदा मोबाइल में एप्लीकेशन ों कर प्रेम को देती है .
प्रेम : आपने चेक की ?
वृंदा : नहीं !
प्रेम पास्ट की रिकॉर्डिंग्स देखने लगता है . करीब आधे घंटे तक कुछ ख़ास नहीं होता है . प्रेम फ़ास्ट फॉरवर्ड करके देखने लगता है . वृंदा भी उसके साथ देखने लगती है . पर तभी..
[ फ्लैशबैक
फ्यू डेज एगो
ात नाईट
श्रुति गेस्ट रूम में रात को सो रही थी . उसके एक हाथ में ग्लूकोस की बोतल चढ़ रही थी .
गेस्ट रूम का कमरा अचानक खुलता है . एक शख्स रूम में एंटर करता है . वो शख्स रूम में एंटर करते है . वो गेट को अंदर से लॉक करता है .
शख्स धीरे धीरे बीएड के पास जाता है और बीएड पर बैठ जाता है . वो शख्स श्रुति हो हाथ लगता है . उस शख्स के टच करते Hi श्रुति अचानक नींद से उठती है और हड़बड़ा जाती है .
ये शख्स कोई और नहीं , शेखर महरा Hi था . प्रेम का चाचा .
शेखर : दर क्यों रही है ! तुम्हारा मालिक हु मई !
श्रुति : ( फियर्स )
शेखर उसके जिस्म पर अपना हाथ फेरने लगता है .
श्रुति के रौंगटे खड़े हो जाते है . उसमे हिम्मत नहीं थी शेखर को रोकने की .
शेखर : ( स्माइल्स ) मई तो देखने आया था की मेरी कुत्तिया को कुछ हुआ तो नहीं ! कल तो मई जा रहा हु राजस्थान ! पर वह से आकर तेरे गले में फिर से मई अपना पत्ता बांधूगा ! अपने आप को तैयार करके रखना ! समझी ! समझी की नहीं समझी !
श्रुति : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )
शेखर बीएड पर बैठा हुआ होता है . वह बीएड से खड़ा होता है और अपना जूता बीएड पर रखता है
शेखर : चल अब मेरा जूता निकाल और मेरा पैर चाट !!!
श्रुति दर जाती है . उसके माथे पर पसीना बह रहा था .
शेखर : जल्दी !!! मेरी कुट्टी !!
श्रुति डरते डरते अपने हाथ आगे बढाती है .
फ्लैशबैक एंड्स ]
इतना देखते Hi प्रेम वो क्लिप बांध कर देता है . वीडियो और भी बड़ी थी पर प्रेम से देखा नहीं जा रहा था . प्रेम की आँखों में गुस्सा साफ़ नज़र आ रहा था .
वृंदा प्रेम के लेग्स को नोटिस करती है . वृंदा को पता था की प्रेम को जब भी ज़्यादा गुस्सा आता था उसके पैर की उंगलिया हिलने लगती है .
प्रेम : ( गुस्से में ) ी विल फुकककिंग टेअर थिस मन !!!!!!
वृंदा : प्रेम रिलैक्स ! तुम इतना हाइपर क्यों हो रहे हो ?
प्रेम : हाइपर क्यों हो रहे हो ? आपको दिख नहीं रहा ये क्या कर रहा है ?
वृंदा : सबसे पहले तुम शांत हो जाओ ! ी क्नोव ये क्या कर रहा है बूत तुमने इसके लिए पहले Hi प्लान बना लिया है न ! तुम क्या इसलिए और भी गुस्सा आ रहा है क्यूंकि ये श्रुति पर ?
वृंदा प्रेम का हाथ थाम लेती है .
प्रेम : ी Don't क्नोव ! मुझे ऐसा लगता है की मुझे उसे प्रोटेक्ट करना चाहिए ! एक अफेक्शन फील होता है उसके लिए पता नहीं क्यों ?
वृंदा : शायद तुमने उससे खून से रंगा हुआ देखा इसलिए !
प्रेम : ी Don't क्नोव ! बूत इस शेखर महरा की तो मई ऐसी हालत करुगा की ये सोच भी नहीं सकता ! बूत दी ये स्ट्रेंज नहीं है की
*दूर क्नॉक्स*
प्रेम वृंदा को कुछ कहने Hi वाला होता है की तभी दूर पर कोई नॉक करता है .
वृंदा जाकर गेट खोलती है . सामने हिमाक्षी कड़ी थी .
लक्षिता : वो प्रेम भैया ! आपको निचे बुला रहे थे !
प्रेम : हम्म ! OK ! में आ रहा हु ! तू जा !
लक्षिता वह से चली जाती है . वृंदा गेट बंद कर देती है !
प्रेम : दी ! इस आदमी की दोनों कमज़ोरी इसकी दोनों वाइफ है ! एक तो ऑलमोस्ट मेरे कण्ट्रोल में Hi है ! अब दूसरे को भी अपने कण्ट्रोल में करलु ! उसके बाद ये तो गया !
वृंदा : इसकी दूसरी वाइफ को मेने कभी नहीं देखा ! मुझे भी देखना है !
प्रेम : बहुत जल्द ! चलो में आता हु ! आप भी आईएनए !
वृंदा : नहीं ! मुझे थोड़ा हेडाचे है ! तुम जाओ !
प्रेम : OK ! यू टेक सम रेस्ट !
प्रेम वह से निचे चला जाता है . प्रेम की सभी सिस्टर्स वही थे सिर्फ विनय , रोहित , वृंदा और गुनगुन अपने अपने रूम में Hi थे .
नानाजी : इतना समय कैसे लग गया आपको ?
प्रेम : वो बस हम कुछ काम कर रहे थे !
नानाजी : चलिए !
प्रेम : हाँ !
सभी लोग वह से बाहर जाते है .
इशिका : प्रेम तुम तो दीखते Hi नहीं आजकल ! ऐसा लगता है अभी भी अमेरिका में Hi हो !
प्रेम : तुम भी कहा दिखती हो !
अदिति : भैया आपका परफ्यूम तो बहुत ज़्यादा Hi ाचा है ! वैरी नीस फ्रेग्रेन्स ! कोनसा है ?
प्रेम : It's ा सीक्रेट !
अदिति : बताइये न प्लीज !! मुझे भी चाहिए ये अब तोह !
प्रेम : ये शॉप्स में नहीं मिलता ! ये कस्टमाइज्ड है मेने इटली में लिया था ! अराउंड हाफ मिलियन का है !
प्रेरणा : आप इटली कब गए ?
प्रेम : गया था बस ऐसे Hi ट्रिप पर !
करीब 10-12 कार्स कड़ी हुयी थी . सभी के ड्राइवर्स वही खड़े हुए थे . सभी लोग अलग अलग कार्स में बैठ जाते है . प्रेम के साथ दिया , अदिति और प्रेरणा भी थी . प्रेरणा आगे बैठी थी तो वही पीछे अदिति और दिया दोनों ने Hi अगल बगल से प्रेम को बिच में बिठाकर जकड लिया था .
प्रेम : सांस तो लेने दो मुझे ठीक से ! थोड़ा दूर बैठो पहले !
दिया : पहले आप इससे कहिये की वो दूर जाए !
अदिति : हम क्यों दूर बैठे ! आप दिया से कहिये की वो दूर बैठे !
दिया : भैया इससे कह…
प्रेम : ारी चुप्प्प !!!!!
*आफ्टर 10 मिनट्स*
कार्स जाकर एक बड़े सी गार्डन के बाहर रूकती है. ये बहुत बड़ा गार्डन था जो करीब 1100 एकर का था . यह इंद्रवर्धन रायचंद का Hi था जिसमे सभी फ्रूट्स के पेड़ पौधे थे , खासकर आम . यहाँ बहुत सारे आम के पेड़ थे.
सभी लोग अपनी अपनी कार्स से उतारते है .
प्रेम : 10 मिनट से बॉडी अकड़ गयी मेरी तोह !
प्रेरणा : आप माँ से नहीं मिले !
प्रेम : Aree….Haa शीट !! वो तो भूल Hi गया ! कोई नहीं बाद में तो मिलना Hi है !
सभी लोग गार्डन के अंदर जाने लगते है .
प्रेम : ननु ये वाटरमैलों कबसे चालू हो गए यहाँ ?
इंद्रवर्धन : कुछ साल पहले चालू किये थे ! आप खाकर देखिये !
कुछ सर्वेन्ट्स इंद्रवर्धन की तरफ आते है . ये सब यही काम करते है .
इंद्रवर्धन : जाइये और आप सभी के लिए ताज़ा आम काट के लेकर आइये !
सर्वेन्ट्स : जी हुकुमसा !
सारे लोग आगे चले जाते है . सभी के लिए वह चेयर्स लग गयी थी .
फ्रेश वातावरण और पास में Hi कटे हुए आम की स्लाइस . सबकुछ एक दम परफेक्ट था वह .
प्रेम : ननु ! आप तो खाइये !
आराध्य : दादासा को डायबिटीज है ! वो कुछ भी मीठा नहीं खा सकते !
प्रेम : इतना तो चलता है !
आराध्य : नहीं चलता !
अदिति : ( धीरे से ) भैया आप दी से नहीं जीत पाओगे ! घर में तो किसीको बोलने Hi नहीं देती है !
प्रेम : ( धीरे से ) सही कहा ! कोण फ़ालतू में बहस करे !
दिया : आप दोनों क्या बात कर रहे हो ?
अदिति : हमारी पर्सनल बात है ! सबको क्यों बताइये ! सही कहना भैया !
प्रेम : करेक्ट !
दिया : (
)
*आफ्टर 5 हॉर्स*
सभी लोग बहुत पहले Hi घर पहुंच चुके थे . प्रेम अपने दोनों मां और दोनों मामियो को मिल चूका था और अपनी माँ और दादी से भी मिल चूका था . रात का डिनर भी हो चूका था . पर अभी तक ज़्यादातर लोग नहीं सोये हुए थे . यहाँ रात को लेट Hi सोते थे पर सुबह भी जल्दी Hi उठते है .
वही दिया , अदिति , लक्षिता और हिमाक्षी एक रूम में बैठे हुए थे .
लक्षिता : वैसे ये महल तो काफी बड़ा है !
अदिति : हां ! अगर कोई यहाँ छुपने की तरय करे तो दूसरा तो पकड़ भी नहीं पाए !
लक्षिता : हाँ !
हिमाक्षी : नहीं ! मतलब बड़ा तो है बूत इतना भी बड़ा नहीं है ! कोई भी किसीको भी आराम से धुंध ले !
दिया : करेक्ट !
अदिति : आप चैलेंज लगा लो ! नहीं धुंध पाओगे !
हिमाक्षी : चैलेंज ? OK !! हाईड एंड सीक खेलते है ! में तुम तीनो को ढूंढूगी !
अदिति : ( लुकिंग ात दिया ) हां बूत कोई चीटिंग नहीं करेगा !
दिया : तो ये मेरी तरफ देखकर क्यों बोल रही हो ? में कोई चीटिंग नहीं करती !
अदिति : हमने भला थोड़ी कुछ कहा ! मगर हाँ जब तक मिल नहीं जाते तब तक खोजना है ! OK ?
हिमाक्षी : OK ! अब तुम अब जाओ ! ों थे काउंट ऑफ़ 30 , ी विल के !
सभी लोग वह से बाहर जाने लगते है . इतना बड़ा महल था की सभी लोग अलग अलग दिशा में जाने लगते है . वही दिया वृंदा के रूम में घुस जाती है .
वह पहुंचकर वह कप्बोर्ड में देखती है जो पूरा खाली था . वृंदा ने उसमे अपने क्लोथ्स नहीं रखे थे . दिया जाकर उसमे फिट होकर बैठ जाती है और कप्बोर्ड का गेट बंद कर देती है . दिया की हाइट छोटी Hi थी जिसकी वजह से वह आराम से उसमे फिट हो जाती है .
फिलहाल टेरेस पर वृंदा और प्रेम दोनों अकेले खड़े थे .
वृंदा : क्या सोच रहे हो ?
प्रेम : फिलहाल तो कुछ भी नहीं ! बस बेचैनी है !
वृंदा : क्यों ?
प्रेम : पता नहीं ! ऐसा लगता है की कोई याद कर रहा है मुझे !
वृंदा : हां ! मुझे पता है कोण याद कर रहा है !
प्रेम : कोण ?
वृंदा प्रेम का हाथ पकड़ कर अपने वागिना पर रखती है .
वृंदा : यह
!
प्रेम : ी सी
!
वृंदा : तुम्हे बहुत मिस कर रही है !
प्रेम अपने आस पास देखता है और फिर वृंदा को किश करने लगता है . वृंदा भी उसका साथ दे रही थी .
वृंदा किश को तोड़ती है और बीच में Hi बोलती है
वृंदा : अगर यहाँ किसीने देख लिया तोह ?
प्रेम : ी Don't थिंक अभी कोई यहाँ आएगा !
वृंदा : फिर भी ! मेरे रूम में चलते है ! मुझे सिर्फ किश Hi नहीं करना है !
प्रेम : OK Let's जो !
प्रेम और वृंदा दोनों रूम में आ जाते है . प्रेम रूम का गेट बंद कर देता है .
दिया : ( मैं में ) कोण आया होगा ? शायद वृंदा दी होगी !
दिया कप्बोर्ड के अंदर थी जिसकी वजह से बाहर क्या हो रहा था उसे पता नहीं चल रहा था .
वृंदा प्रेम को बीएड पर धक्का दे देती है और उसके सामने अपने कपडे निकालती है और बीएड पर फेकती है .
प्रेम : ( स्माइल्स ) ी लिखे आईटी !
दिया : ( मैं में ) भैया ??? ी लिखे आईटी ?????
वृंदा प्रेम के पास जाती है . प्रेम बीएड पर बैठा हुआ था . वृंदा अपने हाथो से प्रेम का पेण्ट और अंडरवियर निकलती है . वृंदा प्रेम का लुंड अपने हाथो में लेती है .
वृंदा : ी मिस्ड यू !
वृंदा अपने हाथो से उसे रब करने लगती है .
दिया : ( मैं में ) ी मिस्ड यू ?????? ये चल क्या रहा है ??????
प्रेम भी अपना शर्ट निकल लेता है . अब दोनों Hi वह नेकेड थे .
वृंदा प्रेम का लुंड मुँह में लेकर उसे ब्लोजॉब देने लगती है .
*ग्लोग*
*ग्लोग*
*ग्लोग*
प्रेम : यह लिप्स ! ी जस्ट लिखे आईटी !
दिया के कान में आवाज़े आने लगती है . दिया वह से उठती है और गेट खोलकर बाहर निकलती है . उसके आखो से सामने वृंदा के मुँह में प्रेम का लुंड था .
दिया : ( शॉकेड ) व्हाट थी फुककक ?????????
वृंदा : ( खड़े होते हुए ) फुकककक !!!!!!!!!!
●
●
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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना अपडेट पर . मिलते है आप सबको बहुत जल्द . चियर्स
व्हाट थी फुककक ?????????
[ प्रेम : मुझे पसंद नहीं है ! आप बताइये हुज़ूर आपका कब आएगा ?
अदिति : मेरा ? मेरा तो ××/××
प्रेम : नीस ! ]
अब आगे :
प्रेम और वृंदा दोनों अकेले रूम में बैठे हुए थे . प्रेम ने रूम को अंदर से लॉक कर दिया था .
वृंदा : केसा लग रहा है इतने समय बाद अपने नाना नानी से मिलने से ?
प्रेम : गुड बूत ये सब छोड़िये और मुझे वो कक्तव क्लिप देखनी है श्रुति वाले गेस्ट रूम की !
वृंदा : हाँ ! मेरे मोबाइल से कनेक्टेड Hi है !
वृंदा मोबाइल में एप्लीकेशन ों कर प्रेम को देती है .
प्रेम : आपने चेक की ?
वृंदा : नहीं !
प्रेम पास्ट की रिकॉर्डिंग्स देखने लगता है . करीब आधे घंटे तक कुछ ख़ास नहीं होता है . प्रेम फ़ास्ट फॉरवर्ड करके देखने लगता है . वृंदा भी उसके साथ देखने लगती है . पर तभी..
[ फ्लैशबैक
फ्यू डेज एगो
ात नाईट
श्रुति गेस्ट रूम में रात को सो रही थी . उसके एक हाथ में ग्लूकोस की बोतल चढ़ रही थी .
गेस्ट रूम का कमरा अचानक खुलता है . एक शख्स रूम में एंटर करता है . वो शख्स रूम में एंटर करते है . वो गेट को अंदर से लॉक करता है .
शख्स धीरे धीरे बीएड के पास जाता है और बीएड पर बैठ जाता है . वो शख्स श्रुति हो हाथ लगता है . उस शख्स के टच करते Hi श्रुति अचानक नींद से उठती है और हड़बड़ा जाती है .
ये शख्स कोई और नहीं , शेखर महरा Hi था . प्रेम का चाचा .
शेखर : दर क्यों रही है ! तुम्हारा मालिक हु मई !
श्रुति : ( फियर्स )
शेखर उसके जिस्म पर अपना हाथ फेरने लगता है .
श्रुति के रौंगटे खड़े हो जाते है . उसमे हिम्मत नहीं थी शेखर को रोकने की .
शेखर : ( स्माइल्स ) मई तो देखने आया था की मेरी कुत्तिया को कुछ हुआ तो नहीं ! कल तो मई जा रहा हु राजस्थान ! पर वह से आकर तेरे गले में फिर से मई अपना पत्ता बांधूगा ! अपने आप को तैयार करके रखना ! समझी ! समझी की नहीं समझी !
श्रुति : ( नॉड्स इन एग्रीमेंट )
शेखर बीएड पर बैठा हुआ होता है . वह बीएड से खड़ा होता है और अपना जूता बीएड पर रखता है
शेखर : चल अब मेरा जूता निकाल और मेरा पैर चाट !!!
श्रुति दर जाती है . उसके माथे पर पसीना बह रहा था .
शेखर : जल्दी !!! मेरी कुट्टी !!
श्रुति डरते डरते अपने हाथ आगे बढाती है .
फ्लैशबैक एंड्स ]
इतना देखते Hi प्रेम वो क्लिप बांध कर देता है . वीडियो और भी बड़ी थी पर प्रेम से देखा नहीं जा रहा था . प्रेम की आँखों में गुस्सा साफ़ नज़र आ रहा था .
वृंदा प्रेम के लेग्स को नोटिस करती है . वृंदा को पता था की प्रेम को जब भी ज़्यादा गुस्सा आता था उसके पैर की उंगलिया हिलने लगती है .
प्रेम : ( गुस्से में ) ी विल फुकककिंग टेअर थिस मन !!!!!!
वृंदा : प्रेम रिलैक्स ! तुम इतना हाइपर क्यों हो रहे हो ?
प्रेम : हाइपर क्यों हो रहे हो ? आपको दिख नहीं रहा ये क्या कर रहा है ?
वृंदा : सबसे पहले तुम शांत हो जाओ ! ी क्नोव ये क्या कर रहा है बूत तुमने इसके लिए पहले Hi प्लान बना लिया है न ! तुम क्या इसलिए और भी गुस्सा आ रहा है क्यूंकि ये श्रुति पर ?
वृंदा प्रेम का हाथ थाम लेती है .
प्रेम : ी Don't क्नोव ! मुझे ऐसा लगता है की मुझे उसे प्रोटेक्ट करना चाहिए ! एक अफेक्शन फील होता है उसके लिए पता नहीं क्यों ?
वृंदा : शायद तुमने उससे खून से रंगा हुआ देखा इसलिए !
प्रेम : ी Don't क्नोव ! बूत इस शेखर महरा की तो मई ऐसी हालत करुगा की ये सोच भी नहीं सकता ! बूत दी ये स्ट्रेंज नहीं है की
*दूर क्नॉक्स*
प्रेम वृंदा को कुछ कहने Hi वाला होता है की तभी दूर पर कोई नॉक करता है .
वृंदा जाकर गेट खोलती है . सामने हिमाक्षी कड़ी थी .
लक्षिता : वो प्रेम भैया ! आपको निचे बुला रहे थे !
प्रेम : हम्म ! OK ! में आ रहा हु ! तू जा !
लक्षिता वह से चली जाती है . वृंदा गेट बंद कर देती है !
प्रेम : दी ! इस आदमी की दोनों कमज़ोरी इसकी दोनों वाइफ है ! एक तो ऑलमोस्ट मेरे कण्ट्रोल में Hi है ! अब दूसरे को भी अपने कण्ट्रोल में करलु ! उसके बाद ये तो गया !
वृंदा : इसकी दूसरी वाइफ को मेने कभी नहीं देखा ! मुझे भी देखना है !
प्रेम : बहुत जल्द ! चलो में आता हु ! आप भी आईएनए !
वृंदा : नहीं ! मुझे थोड़ा हेडाचे है ! तुम जाओ !
प्रेम : OK ! यू टेक सम रेस्ट !
प्रेम वह से निचे चला जाता है . प्रेम की सभी सिस्टर्स वही थे सिर्फ विनय , रोहित , वृंदा और गुनगुन अपने अपने रूम में Hi थे .
नानाजी : इतना समय कैसे लग गया आपको ?
प्रेम : वो बस हम कुछ काम कर रहे थे !
नानाजी : चलिए !
प्रेम : हाँ !
सभी लोग वह से बाहर जाते है .
इशिका : प्रेम तुम तो दीखते Hi नहीं आजकल ! ऐसा लगता है अभी भी अमेरिका में Hi हो !
प्रेम : तुम भी कहा दिखती हो !
अदिति : भैया आपका परफ्यूम तो बहुत ज़्यादा Hi ाचा है ! वैरी नीस फ्रेग्रेन्स ! कोनसा है ?
प्रेम : It's ा सीक्रेट !
अदिति : बताइये न प्लीज !! मुझे भी चाहिए ये अब तोह !
प्रेम : ये शॉप्स में नहीं मिलता ! ये कस्टमाइज्ड है मेने इटली में लिया था ! अराउंड हाफ मिलियन का है !
प्रेरणा : आप इटली कब गए ?
प्रेम : गया था बस ऐसे Hi ट्रिप पर !
करीब 10-12 कार्स कड़ी हुयी थी . सभी के ड्राइवर्स वही खड़े हुए थे . सभी लोग अलग अलग कार्स में बैठ जाते है . प्रेम के साथ दिया , अदिति और प्रेरणा भी थी . प्रेरणा आगे बैठी थी तो वही पीछे अदिति और दिया दोनों ने Hi अगल बगल से प्रेम को बिच में बिठाकर जकड लिया था .
प्रेम : सांस तो लेने दो मुझे ठीक से ! थोड़ा दूर बैठो पहले !
दिया : पहले आप इससे कहिये की वो दूर जाए !
अदिति : हम क्यों दूर बैठे ! आप दिया से कहिये की वो दूर बैठे !
दिया : भैया इससे कह…
प्रेम : ारी चुप्प्प !!!!!
*आफ्टर 10 मिनट्स*
कार्स जाकर एक बड़े सी गार्डन के बाहर रूकती है. ये बहुत बड़ा गार्डन था जो करीब 1100 एकर का था . यह इंद्रवर्धन रायचंद का Hi था जिसमे सभी फ्रूट्स के पेड़ पौधे थे , खासकर आम . यहाँ बहुत सारे आम के पेड़ थे.
सभी लोग अपनी अपनी कार्स से उतारते है .
प्रेम : 10 मिनट से बॉडी अकड़ गयी मेरी तोह !
प्रेरणा : आप माँ से नहीं मिले !
प्रेम : Aree….Haa शीट !! वो तो भूल Hi गया ! कोई नहीं बाद में तो मिलना Hi है !
सभी लोग गार्डन के अंदर जाने लगते है .
प्रेम : ननु ये वाटरमैलों कबसे चालू हो गए यहाँ ?
इंद्रवर्धन : कुछ साल पहले चालू किये थे ! आप खाकर देखिये !
कुछ सर्वेन्ट्स इंद्रवर्धन की तरफ आते है . ये सब यही काम करते है .
इंद्रवर्धन : जाइये और आप सभी के लिए ताज़ा आम काट के लेकर आइये !
सर्वेन्ट्स : जी हुकुमसा !
सारे लोग आगे चले जाते है . सभी के लिए वह चेयर्स लग गयी थी .
फ्रेश वातावरण और पास में Hi कटे हुए आम की स्लाइस . सबकुछ एक दम परफेक्ट था वह .
प्रेम : ननु ! आप तो खाइये !
आराध्य : दादासा को डायबिटीज है ! वो कुछ भी मीठा नहीं खा सकते !
प्रेम : इतना तो चलता है !
आराध्य : नहीं चलता !
अदिति : ( धीरे से ) भैया आप दी से नहीं जीत पाओगे ! घर में तो किसीको बोलने Hi नहीं देती है !
प्रेम : ( धीरे से ) सही कहा ! कोण फ़ालतू में बहस करे !
दिया : आप दोनों क्या बात कर रहे हो ?
अदिति : हमारी पर्सनल बात है ! सबको क्यों बताइये ! सही कहना भैया !
प्रेम : करेक्ट !
दिया : (
*आफ्टर 5 हॉर्स*
सभी लोग बहुत पहले Hi घर पहुंच चुके थे . प्रेम अपने दोनों मां और दोनों मामियो को मिल चूका था और अपनी माँ और दादी से भी मिल चूका था . रात का डिनर भी हो चूका था . पर अभी तक ज़्यादातर लोग नहीं सोये हुए थे . यहाँ रात को लेट Hi सोते थे पर सुबह भी जल्दी Hi उठते है .
वही दिया , अदिति , लक्षिता और हिमाक्षी एक रूम में बैठे हुए थे .
लक्षिता : वैसे ये महल तो काफी बड़ा है !
अदिति : हां ! अगर कोई यहाँ छुपने की तरय करे तो दूसरा तो पकड़ भी नहीं पाए !
लक्षिता : हाँ !
हिमाक्षी : नहीं ! मतलब बड़ा तो है बूत इतना भी बड़ा नहीं है ! कोई भी किसीको भी आराम से धुंध ले !
दिया : करेक्ट !
अदिति : आप चैलेंज लगा लो ! नहीं धुंध पाओगे !
हिमाक्षी : चैलेंज ? OK !! हाईड एंड सीक खेलते है ! में तुम तीनो को ढूंढूगी !
अदिति : ( लुकिंग ात दिया ) हां बूत कोई चीटिंग नहीं करेगा !
दिया : तो ये मेरी तरफ देखकर क्यों बोल रही हो ? में कोई चीटिंग नहीं करती !
अदिति : हमने भला थोड़ी कुछ कहा ! मगर हाँ जब तक मिल नहीं जाते तब तक खोजना है ! OK ?
हिमाक्षी : OK ! अब तुम अब जाओ ! ों थे काउंट ऑफ़ 30 , ी विल के !
सभी लोग वह से बाहर जाने लगते है . इतना बड़ा महल था की सभी लोग अलग अलग दिशा में जाने लगते है . वही दिया वृंदा के रूम में घुस जाती है .
वह पहुंचकर वह कप्बोर्ड में देखती है जो पूरा खाली था . वृंदा ने उसमे अपने क्लोथ्स नहीं रखे थे . दिया जाकर उसमे फिट होकर बैठ जाती है और कप्बोर्ड का गेट बंद कर देती है . दिया की हाइट छोटी Hi थी जिसकी वजह से वह आराम से उसमे फिट हो जाती है .
फिलहाल टेरेस पर वृंदा और प्रेम दोनों अकेले खड़े थे .
वृंदा : क्या सोच रहे हो ?
प्रेम : फिलहाल तो कुछ भी नहीं ! बस बेचैनी है !
वृंदा : क्यों ?
प्रेम : पता नहीं ! ऐसा लगता है की कोई याद कर रहा है मुझे !
वृंदा : हां ! मुझे पता है कोण याद कर रहा है !
प्रेम : कोण ?
वृंदा प्रेम का हाथ पकड़ कर अपने वागिना पर रखती है .
वृंदा : यह
प्रेम : ी सी
वृंदा : तुम्हे बहुत मिस कर रही है !
प्रेम अपने आस पास देखता है और फिर वृंदा को किश करने लगता है . वृंदा भी उसका साथ दे रही थी .
वृंदा किश को तोड़ती है और बीच में Hi बोलती है
वृंदा : अगर यहाँ किसीने देख लिया तोह ?
प्रेम : ी Don't थिंक अभी कोई यहाँ आएगा !
वृंदा : फिर भी ! मेरे रूम में चलते है ! मुझे सिर्फ किश Hi नहीं करना है !
प्रेम : OK Let's जो !
प्रेम और वृंदा दोनों रूम में आ जाते है . प्रेम रूम का गेट बंद कर देता है .
दिया : ( मैं में ) कोण आया होगा ? शायद वृंदा दी होगी !
दिया कप्बोर्ड के अंदर थी जिसकी वजह से बाहर क्या हो रहा था उसे पता नहीं चल रहा था .
वृंदा प्रेम को बीएड पर धक्का दे देती है और उसके सामने अपने कपडे निकालती है और बीएड पर फेकती है .
प्रेम : ( स्माइल्स ) ी लिखे आईटी !
दिया : ( मैं में ) भैया ??? ी लिखे आईटी ?????
वृंदा प्रेम के पास जाती है . प्रेम बीएड पर बैठा हुआ था . वृंदा अपने हाथो से प्रेम का पेण्ट और अंडरवियर निकलती है . वृंदा प्रेम का लुंड अपने हाथो में लेती है .
वृंदा : ी मिस्ड यू !
वृंदा अपने हाथो से उसे रब करने लगती है .
दिया : ( मैं में ) ी मिस्ड यू ?????? ये चल क्या रहा है ??????
प्रेम भी अपना शर्ट निकल लेता है . अब दोनों Hi वह नेकेड थे .
वृंदा प्रेम का लुंड मुँह में लेकर उसे ब्लोजॉब देने लगती है .
*ग्लोग*
*ग्लोग*
*ग्लोग*
प्रेम : यह लिप्स ! ी जस्ट लिखे आईटी !
दिया के कान में आवाज़े आने लगती है . दिया वह से उठती है और गेट खोलकर बाहर निकलती है . उसके आखो से सामने वृंदा के मुँह में प्रेम का लुंड था .
दिया : ( शॉकेड ) व्हाट थी फुककक ?????????
वृंदा : ( खड़े होते हुए ) फुकककक !!!!!!!!!!
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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना अपडेट पर . मिलते है आप सबको बहुत जल्द . चियर्स