- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 150,049
अपडेट 11
सेक्स और ट्रेजेडी ?
[ दिया : ( स्माइल्स ) आपके इतना शर्मा क्यों रही है बार बार ?
साक्षी : (
) कोण ??? मई ?? नहीं तो !
प्रेम : तू ये छोड़ डीयू ! तेरा फर्स्ट टाइम है इसलिए थोड़ी कड़वी लगेगी ! थोड़ा थोड़ा सिप लेना ! ]
अब आगे :
प्रेम और दिया वह से वापस मेंशन आ जाते है . कार पार्क करने के बाद दोनों मेंशन में चले जाते है.
दिया अपने रूम में चली जाती है . प्रेम भी अपने रूम में चला जाता है और कपडे चेंज कर लेता है . रात के करीब 10-11 बज चुकी थी . सभी लोग सो चुके थे . प्रेम अपने रूम से बाहर आ जाता है और एक फ्लोर निचे आ जाता है और वृंदा के रूम के बाहर आ जाता है . वृंदा का गेट खुला Hi था जिसकी वजह से प्रेम के टच करते Hi वह खुल जाता है .
प्रेम रूम के अंदर आ जाता है . वृंदा भी जगी हुयी थी जो मोबाइल देख रही थी . प्रेम गेट अंदर से बंद कर देता है और लाइट ों कर देता है .
प्रेम : ( स्माइल्स ) आप सोये नहीं अब तक !
वृंदा : ( स्माइल्स ) तुम्हारा Hi वेट कर रही थी !
प्रेम वृंदा के पास जाकर लेट जाता है .
वृंदा : अब पहले मुझे ये बता ! तूने उस में भी कोई गफ बनायीं !
प्रेम : ( स्माइल्स ) में गफ नहीं बनता ! वो तो अपने आप Hi बन जाती है !
वृंदा : ( स्माइल्स ) ाचा ! अब यह बता की और किसको गफ बनाया !
प्रेम : फर्स्ट ईयर मई 2 लड़कियों बानी थी ! एलिसा और आना ! जिसमे से आना मुझसे एक साल सीनियर थी जिसकी वजह से वह वापस उसके होमटाउन चली गयी ऑस्ट्रेलिया और जब में 2ंद ईयर में आया तब एक और बानी जिसका नाम कटे है !
वृंदा : मतलब 3 गफ !
प्रेम : नहीं ! मेने आना के साथ ब्रेकअप कर लिया था !
फिर प्रेम वृंदा को तीनो की पिक्स बताता है !
प्रेम : अब ये छोड़िये ! पहले मेरी बात सुनिए ! ……………...........
वृंदा : प्लान तो बहुत ाचा है ! पर ये कुछ ज़्यादा Hi नहीं हो जायेगा ! ी मैं इतनी दर्दनाक मौत !
प्रेम : दी एक बार दुश्मनो को छोड़ा जा सकता है पर धोकेबाज़ लोगो को नहीं !
वृंदा : सिर्फ उसी के साथ या ….
प्रेम : ये चीज़ सिर्फ उसी को ! दूसरे की भी ऐसी हालत करुगा की अपनी ज़िन्दगी की भीख मांगेगा , रोयेगा , पछतायेगा पर बक्शा नहीं जायेगा !
वृंदा : मेने भी अभी अपनी कंपनी में नोटिस पीरियड पर हु !
प्रेम : क्यों ? आपने रिजाइन क्यों किया ?
वृंदा : मेने जॉब भी इसिलए की थी मेरे प्रेम ताकि तू मेरे साथ नहीं था और में काम में व्यस्त राहु !
प्रेम : आपका तो 1 वीक का Hi नोटिस पीरियड होगा ! आपको तो 2 साल Hi हुए न !
वृंदा : हाँ !
प्रेम : तो अब थोड़े दिन और वेट कीजिये ! अगले हफ्ते मई माँ और डीयू के साथ राजस्थान जा रहा हु ! मेरे मां की शादी मई !
वृंदा : तो फिर अगले हफ्ते से मई भी चलती हु ! उससे पहले Hi मेरा नोटिस पीरियड ख़तम हो जायेगा !
प्रेम : नीस ! आप माँ से बात कर लेना !
वृंदा : वैसे मुझे लगा नहीं था की तुझे ये सीईओ बना देंगे !
प्रेम : क्यूंकि ात थे एन्ड सीईओ भी एक सैलरी पेइंग जॉब Hi है ! हेरे विथ थे ग्रेट पावर , केस ग्रेट मनी !
वृंदा : हम्म्म्म !
प्रेम : वैसे बड़े पापा के अंदर कोई इम्प्रूवमेंट ?
वृंदा : नहीं ! कोई सिग्नीफिकेंट इम्प्रूवमेंट नहीं हुयी !
प्रेम : ( स्माइल्स ) में तो बोलता हु एक हॉट केयरटेकर रख देते है ! रोज नुनु मैसेज मिलता रहेगा तो जल्दी Hi सही हो जायेगे !
वृंदा प्रेम की पीठ पर हल्का सा मुक्का मारती है .
प्रेम : ( स्माइल्स ) आपके तो मखमल के हाथ है ! मैं कर रहा है पूरा खा जाऊ !
वृंदा : ( स्माइल्स ) ाचा ! आज मई तुझे खाने वाली हु ! 2 साल से मई सिर्फ फिंगरिंग Hi कर रही हु !
वृंदा बीएड से कड़ी हो जाती है . प्रेम भी बीएड से खड़ा हो जाता है . प्रेम वृंदा को कमर से पकड़ कर अपने पास लता है और वृंदा के होठो को चूसने लगता है . वृंदा भी उसका पूरा साथ दे रही थी . दोनों एक दूसरे पर टूट पड़े थे . दोनों में से कोई रुकने का नाम नहीं ले रहा था .
" Thhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh "
प्रेम और वृंदा अचानक से दोनों एक दूसरे से अलग होते है .
वृंदा : ये आवाज़ ?????
प्रेम : Ye…..Ye तो पिस्तौल की आवाज़ है !!! आप यही रुकिए ! में आता हु !
वृंदा : हाँ ! पर पहले अपना मुँह साफ़ करलो ! मेरी पूरी लिपस्टिक तुम्हारी होठो पर लग रही है !
प्रेम : ारी हाँ !
प्रेम अपना मुँह अपने शर्ट पर पूछते हुए बाहर भागता है . प्रेम भागते हुए निचे आता है .
प्रेम : ( शॉट्स ) श्रुतीय !!!!
श्रुति नीचे ज़मीन पर पड़ी हुयी थी . उसके शरीर से खून निकलते जा रहा था . प्रेम भागते हुए श्रुति के पास जाता है .
धीरे धीरे पूरा परिवार निचे आ जाता है .
विनय : ( हैरान ) ये कैसे हुआ ?? इसका तो बहुत ज़्यादा खून निकल चूका है !
प्रेम : ारी आप कार निकालिये जल्दी !!!! में इसे बाहर लेकर आता हु !! जल्दी !!
विनय : हाँ !!
विनय बाहर की तरफ भागने लगता है . प्रेम श्रुति को अपने हाथो से उठा लेता है और बाहर जाने लगता है .
शैलेन्द्र : में पुलिस को कॉल करता हूँ !
दादी : ( गुस्से मई ) ये सिक्योरिटी गार्ड्स कहा मर गए ??? ऐसे कैसे कोई हमारे घर मई घुस गया !
मालिनी : में भी हॉस्पिटल के लिए निकलती हु !
संध्या : ( डरते हुए ) मम्मी जी ! घर में चोरी हुयी है ! मेरे रूम की तिजोरी पूरी खाली हो गयी है !
दादी : ( गुस्से में ) क्या ?? तेरे रूम मई चोर घुसे और तुझे भनक भी नहीं पड़ी ??
संध्या : Wo…Wo मम्मी जी….
दादी : ( गुस्से में ) अब चुप ! वो ख़ानदांक डायमंड नैकलैस कहा है ??
संध्या : ( डरते हुए ) Wo…Wo भी चोरी हो गया !
दादी : ( गुस्से में ) बेवकूफ औरत ! किसी चीज़ मई दिमाग नहीं रहता ! वो हमारा खानदानी गहना है ! उसकी कीमत इस समय करीब 100 कर से भी ऊपर की है .
वही दूसरी तरफ विनय कार निकलता है और प्रेम श्रुति को कार मई बिठाता है .
विनय : इससे बातचीत करते रहो प्रेम ! इसकी आँखे खुली रखने की कोशिश करो !
प्रेम : आप उतरिये और पीछे आइये !!! में ड्राइव कर रहा हु !! पीछे आइये !
विनय चुपचाप कार से उतरता है और पीछे बैठ जाता है . प्रेम कार स्टार्ट करता है और चलने लगता है . विनय श्रुति की आँखे खोलने का तरय कर रहा था पर कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा था . प्रेम कार को किसी राकेट की स्पीड में चला रहा था . गाडी की स्पीड 100 + में चल रही थी .
मालिनी भी वही हॉस्पिटल के लिए निकल गयी थी जिसके पीछे पीछे वृंदा भी उसके साथ चली जाती है .
15 मिनट में Hi प्रेम कार लेकर हॉस्पिटल पहुंच जाता है . विनय भी पहले Hi कॉल करके डॉक्टर्स की टीम को आने के लिए कह देता है . जल्द से Hi श्रुति को स्ट्रेचर पर अंदर लेकर जाते है . उसे जल्द से Hi O.T. में लेकर जाते है .
मालिनी और वृंदा भी वह आ जाते है . मालिनी भी ओट में चली जाती है . ओट के बाहर Hi प्रेम बैठा हुआ था . उसके कपडे खून से भरे हुए थे . वृंदा उसके पास जाकर बैठती है . वृंदा की नज़र प्रेम के आँखों से बह रहे आंसू पर भी पड़ती है .
वृंदा : प्रेम ! क्या हुआ तुझे ? तू ठीक तो है न ?
वृंदा प्रेम के आंसू पोछती है .
प्रेम : ( टीयर्स ) दी ! में ठीक हु ! जब मेने इस श्रुति को वह ज़मीन पर खून से लथपत देखा To..To………Wahi मुझे Pa..Papa दिखाई दिए !! वो Bhi……..Wo भी ऐसी Hi खून से !!
प्रेम की आँखों से आंसू बहे जा रहे थे . एक चीज़ में प्रेम कमज़ोर था और वह था उसका अपने इमोशंस पर कण्ट्रोल रखना .
वृंदा प्रेम का सर अपनी गौड़ में रख देती है .
करीब एक घंटे बाद विनय ओट से बाहर आता है . विनय को बाहर आते देख Hi प्रेम जल्दी से खड़ा हो जाता है और उसके पास चला जाता है .
प्रेम : अब कैसी है कंडीशन भैया !
विनय : एक कम्प्लीकेशन आ गयी है ! उसके बहुत ज्यादा ब्लड फ्लो हो गया है ! उसके ब्लड ग्रुप का ब्लड हमारे हॉस्पिटल में अवेलेबल नहीं है ! हम आस पास के हॉस्पिटल मई कांटेक्ट कर रहे है !
प्रेम : ( गुस्से में ) ारी तो क्यों खोल के रखा है ये हॉस्पिटल !!! बंद कर लो न !!! भेंछोड़ड़ड़ लौड़े का हॉस्पिटल है यह !!!!
प्रेम बहुत गुस्से में था . विनय भी एक दम चौक जाता है प्रेम के इस बर्ताव से .
वृंदा : प्रेम ! शांत ! भाई हमारा मुंबई का बेस्ट हॉस्पिटल है और हमारे ब्लड बैंक में Hi ब्लड नहीं है ??
विनय : वृंदा ब्लड बहुत है ! बूत इस लड़की का ब्लड अब नेगेटिव है ! ये ज्यादा लोगो में नहीं पाया जाता है ! हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे है फिलहाल तो !
प्रेम : ारी तो मेरा अब नेगेटिव Hi है ! मेरा ले लो !
विनय : तेरा अब नेगेटिव है ?
प्रेम : ( इर्रिटेट्स )
वृंदा : भाई अभी आप ज्यादा क्वेश्चन मत करो ! प्रेम कह रहा है न उसका भी अब नेगेटिव है ! तो आप लेकर जाइये !
विनय : हाँ ! ( शॉट्स ) शान्ति !
अंदर से एक नर्स बाहर आती है
विनय : टेक हिम विथ यू एंड गेट हिज ब्लड इम्मेडिएटली !
नर्स : यस सर !
वो नर्स प्रेम को दूसरे रूम में लेकर जाती है . वृंदा भी उसके साथ जाती है .
करीब आधे घंटे बाद प्रेम वापस रूम से बाहर आ जाता है . वृंदा भी उसके साथ Hi थी .
वृंदा : तू ठीक तो है न ?
प्रेम : हाँ दी !
वृंदा : इसने कुछ ज़्यादा Hi ब्लड ले लिया तेरा तो !
प्रेम : हाँ !
वृंदा : हमे घर चलना चाहिए !
प्रेम : नहीं दी ! क्या पता क्या जरुरत पद जाए ! आप जाइये में यही हु !
वृंदा : नहीं में भी तेरे साथ Hi हु !
प्रेम : दी आप किसी कॉटेज रूम में सो जाइये !
वृंदा : फिलहाल तो मुझे नींद नहीं आ रही है !
प्रेम और वृंदा दोनों िक के बाहर Hi बैठे हुए थे . कुछ घंटो बाद दोनों मालिनी और विनय ओट के बाहर आ जाते है .
मालिनी : तुम दोनों अभी तक यही हो ?? घर नहीं गए ?
प्रेम : नहीं ! श्रुति किसी है ?
मालिनी : हाँ ! अब वह खतरे से बाहर है ! कल दोपहर तक होश आ जायेगा !
विनय : हाँ ! प्रेम तू ठीक है ? तेरा कुछ ज्यादा Hi खून लेना पद गया ! जरुरत भी थी !
मालिनी : बस कोई माँ को मत बता देना की प्रेम ने श्रुति को ब्लड डोनेट किया है !
वृंदा : क्यों बुआ ?? दादी को इस पर क्या प्रॉब्लम होगी ?
मालिनी : नहीं तो माँ छोड़ेगे नहीं ! तुम प्रेम महरा हो ! तुमने कैसे एक नौकरानी को अपना ब्लड डोनेट कर दिया ! यह लेकर बैठ जाएगी मेरी माँ !
प्रेम : हाँ ! वैसे ये डिस्चार्ज कब होगी ?
मालिनी : फिलहाल कुछ दिन ये हॉस्पिटल में रहेगी तभी सही रहेगा ! पर तुम इतना क्यों परेशान हो रहे हो प्रेम ?
प्रेम : बुआ मई इंसान हु ! इंसानियत है मुझमे ! जीने और मरने की बात है यहाँ !
मालिनी : हम्म्म ! अभी चलो सभी घर चलते है ! 1 डॉक्टर और 1 नर्स यही है इससे ऑफ़ इमरजेंसी !
वृंदा : हाँ !
●
●
●
आज के लिए इतना Hi गाइस . लिखे और अपना रिव्यु देना मत भूलना . आजकल गर्मी बहुत है इसलिए थोड़ा अपना ध्यान रखो . गन्ने का जूस पिया करो . बाकी मिलते है वापस 8तह अप्रैल को 5 पं पर अगले अपडेट के साथ . चियर्स
सेक्स और ट्रेजेडी ?
[ दिया : ( स्माइल्स ) आपके इतना शर्मा क्यों रही है बार बार ?
साक्षी : (
प्रेम : तू ये छोड़ डीयू ! तेरा फर्स्ट टाइम है इसलिए थोड़ी कड़वी लगेगी ! थोड़ा थोड़ा सिप लेना ! ]
अब आगे :
प्रेम और दिया वह से वापस मेंशन आ जाते है . कार पार्क करने के बाद दोनों मेंशन में चले जाते है.
दिया अपने रूम में चली जाती है . प्रेम भी अपने रूम में चला जाता है और कपडे चेंज कर लेता है . रात के करीब 10-11 बज चुकी थी . सभी लोग सो चुके थे . प्रेम अपने रूम से बाहर आ जाता है और एक फ्लोर निचे आ जाता है और वृंदा के रूम के बाहर आ जाता है . वृंदा का गेट खुला Hi था जिसकी वजह से प्रेम के टच करते Hi वह खुल जाता है .
प्रेम रूम के अंदर आ जाता है . वृंदा भी जगी हुयी थी जो मोबाइल देख रही थी . प्रेम गेट अंदर से बंद कर देता है और लाइट ों कर देता है .
प्रेम : ( स्माइल्स ) आप सोये नहीं अब तक !
वृंदा : ( स्माइल्स ) तुम्हारा Hi वेट कर रही थी !
प्रेम वृंदा के पास जाकर लेट जाता है .
वृंदा : अब पहले मुझे ये बता ! तूने उस में भी कोई गफ बनायीं !
प्रेम : ( स्माइल्स ) में गफ नहीं बनता ! वो तो अपने आप Hi बन जाती है !
वृंदा : ( स्माइल्स ) ाचा ! अब यह बता की और किसको गफ बनाया !
प्रेम : फर्स्ट ईयर मई 2 लड़कियों बानी थी ! एलिसा और आना ! जिसमे से आना मुझसे एक साल सीनियर थी जिसकी वजह से वह वापस उसके होमटाउन चली गयी ऑस्ट्रेलिया और जब में 2ंद ईयर में आया तब एक और बानी जिसका नाम कटे है !
वृंदा : मतलब 3 गफ !
प्रेम : नहीं ! मेने आना के साथ ब्रेकअप कर लिया था !
फिर प्रेम वृंदा को तीनो की पिक्स बताता है !
प्रेम : अब ये छोड़िये ! पहले मेरी बात सुनिए ! ……………...........
वृंदा : प्लान तो बहुत ाचा है ! पर ये कुछ ज़्यादा Hi नहीं हो जायेगा ! ी मैं इतनी दर्दनाक मौत !
प्रेम : दी एक बार दुश्मनो को छोड़ा जा सकता है पर धोकेबाज़ लोगो को नहीं !
वृंदा : सिर्फ उसी के साथ या ….
प्रेम : ये चीज़ सिर्फ उसी को ! दूसरे की भी ऐसी हालत करुगा की अपनी ज़िन्दगी की भीख मांगेगा , रोयेगा , पछतायेगा पर बक्शा नहीं जायेगा !
वृंदा : मेने भी अभी अपनी कंपनी में नोटिस पीरियड पर हु !
प्रेम : क्यों ? आपने रिजाइन क्यों किया ?
वृंदा : मेने जॉब भी इसिलए की थी मेरे प्रेम ताकि तू मेरे साथ नहीं था और में काम में व्यस्त राहु !
प्रेम : आपका तो 1 वीक का Hi नोटिस पीरियड होगा ! आपको तो 2 साल Hi हुए न !
वृंदा : हाँ !
प्रेम : तो अब थोड़े दिन और वेट कीजिये ! अगले हफ्ते मई माँ और डीयू के साथ राजस्थान जा रहा हु ! मेरे मां की शादी मई !
वृंदा : तो फिर अगले हफ्ते से मई भी चलती हु ! उससे पहले Hi मेरा नोटिस पीरियड ख़तम हो जायेगा !
प्रेम : नीस ! आप माँ से बात कर लेना !
वृंदा : वैसे मुझे लगा नहीं था की तुझे ये सीईओ बना देंगे !
प्रेम : क्यूंकि ात थे एन्ड सीईओ भी एक सैलरी पेइंग जॉब Hi है ! हेरे विथ थे ग्रेट पावर , केस ग्रेट मनी !
वृंदा : हम्म्म्म !
प्रेम : वैसे बड़े पापा के अंदर कोई इम्प्रूवमेंट ?
वृंदा : नहीं ! कोई सिग्नीफिकेंट इम्प्रूवमेंट नहीं हुयी !
प्रेम : ( स्माइल्स ) में तो बोलता हु एक हॉट केयरटेकर रख देते है ! रोज नुनु मैसेज मिलता रहेगा तो जल्दी Hi सही हो जायेगे !
वृंदा प्रेम की पीठ पर हल्का सा मुक्का मारती है .
प्रेम : ( स्माइल्स ) आपके तो मखमल के हाथ है ! मैं कर रहा है पूरा खा जाऊ !
वृंदा : ( स्माइल्स ) ाचा ! आज मई तुझे खाने वाली हु ! 2 साल से मई सिर्फ फिंगरिंग Hi कर रही हु !
वृंदा बीएड से कड़ी हो जाती है . प्रेम भी बीएड से खड़ा हो जाता है . प्रेम वृंदा को कमर से पकड़ कर अपने पास लता है और वृंदा के होठो को चूसने लगता है . वृंदा भी उसका पूरा साथ दे रही थी . दोनों एक दूसरे पर टूट पड़े थे . दोनों में से कोई रुकने का नाम नहीं ले रहा था .
" Thhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh "
प्रेम और वृंदा अचानक से दोनों एक दूसरे से अलग होते है .
वृंदा : ये आवाज़ ?????
प्रेम : Ye…..Ye तो पिस्तौल की आवाज़ है !!! आप यही रुकिए ! में आता हु !
वृंदा : हाँ ! पर पहले अपना मुँह साफ़ करलो ! मेरी पूरी लिपस्टिक तुम्हारी होठो पर लग रही है !
प्रेम : ारी हाँ !
प्रेम अपना मुँह अपने शर्ट पर पूछते हुए बाहर भागता है . प्रेम भागते हुए निचे आता है .
प्रेम : ( शॉट्स ) श्रुतीय !!!!
श्रुति नीचे ज़मीन पर पड़ी हुयी थी . उसके शरीर से खून निकलते जा रहा था . प्रेम भागते हुए श्रुति के पास जाता है .
धीरे धीरे पूरा परिवार निचे आ जाता है .
विनय : ( हैरान ) ये कैसे हुआ ?? इसका तो बहुत ज़्यादा खून निकल चूका है !
प्रेम : ारी आप कार निकालिये जल्दी !!!! में इसे बाहर लेकर आता हु !! जल्दी !!
विनय : हाँ !!
विनय बाहर की तरफ भागने लगता है . प्रेम श्रुति को अपने हाथो से उठा लेता है और बाहर जाने लगता है .
शैलेन्द्र : में पुलिस को कॉल करता हूँ !
दादी : ( गुस्से मई ) ये सिक्योरिटी गार्ड्स कहा मर गए ??? ऐसे कैसे कोई हमारे घर मई घुस गया !
मालिनी : में भी हॉस्पिटल के लिए निकलती हु !
संध्या : ( डरते हुए ) मम्मी जी ! घर में चोरी हुयी है ! मेरे रूम की तिजोरी पूरी खाली हो गयी है !
दादी : ( गुस्से में ) क्या ?? तेरे रूम मई चोर घुसे और तुझे भनक भी नहीं पड़ी ??
संध्या : Wo…Wo मम्मी जी….
दादी : ( गुस्से में ) अब चुप ! वो ख़ानदांक डायमंड नैकलैस कहा है ??
संध्या : ( डरते हुए ) Wo…Wo भी चोरी हो गया !
दादी : ( गुस्से में ) बेवकूफ औरत ! किसी चीज़ मई दिमाग नहीं रहता ! वो हमारा खानदानी गहना है ! उसकी कीमत इस समय करीब 100 कर से भी ऊपर की है .
वही दूसरी तरफ विनय कार निकलता है और प्रेम श्रुति को कार मई बिठाता है .
विनय : इससे बातचीत करते रहो प्रेम ! इसकी आँखे खुली रखने की कोशिश करो !
प्रेम : आप उतरिये और पीछे आइये !!! में ड्राइव कर रहा हु !! पीछे आइये !
विनय चुपचाप कार से उतरता है और पीछे बैठ जाता है . प्रेम कार स्टार्ट करता है और चलने लगता है . विनय श्रुति की आँखे खोलने का तरय कर रहा था पर कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा था . प्रेम कार को किसी राकेट की स्पीड में चला रहा था . गाडी की स्पीड 100 + में चल रही थी .
मालिनी भी वही हॉस्पिटल के लिए निकल गयी थी जिसके पीछे पीछे वृंदा भी उसके साथ चली जाती है .
15 मिनट में Hi प्रेम कार लेकर हॉस्पिटल पहुंच जाता है . विनय भी पहले Hi कॉल करके डॉक्टर्स की टीम को आने के लिए कह देता है . जल्द से Hi श्रुति को स्ट्रेचर पर अंदर लेकर जाते है . उसे जल्द से Hi O.T. में लेकर जाते है .
मालिनी और वृंदा भी वह आ जाते है . मालिनी भी ओट में चली जाती है . ओट के बाहर Hi प्रेम बैठा हुआ था . उसके कपडे खून से भरे हुए थे . वृंदा उसके पास जाकर बैठती है . वृंदा की नज़र प्रेम के आँखों से बह रहे आंसू पर भी पड़ती है .
वृंदा : प्रेम ! क्या हुआ तुझे ? तू ठीक तो है न ?
वृंदा प्रेम के आंसू पोछती है .
प्रेम : ( टीयर्स ) दी ! में ठीक हु ! जब मेने इस श्रुति को वह ज़मीन पर खून से लथपत देखा To..To………Wahi मुझे Pa..Papa दिखाई दिए !! वो Bhi……..Wo भी ऐसी Hi खून से !!
प्रेम की आँखों से आंसू बहे जा रहे थे . एक चीज़ में प्रेम कमज़ोर था और वह था उसका अपने इमोशंस पर कण्ट्रोल रखना .
वृंदा प्रेम का सर अपनी गौड़ में रख देती है .
करीब एक घंटे बाद विनय ओट से बाहर आता है . विनय को बाहर आते देख Hi प्रेम जल्दी से खड़ा हो जाता है और उसके पास चला जाता है .
प्रेम : अब कैसी है कंडीशन भैया !
विनय : एक कम्प्लीकेशन आ गयी है ! उसके बहुत ज्यादा ब्लड फ्लो हो गया है ! उसके ब्लड ग्रुप का ब्लड हमारे हॉस्पिटल में अवेलेबल नहीं है ! हम आस पास के हॉस्पिटल मई कांटेक्ट कर रहे है !
प्रेम : ( गुस्से में ) ारी तो क्यों खोल के रखा है ये हॉस्पिटल !!! बंद कर लो न !!! भेंछोड़ड़ड़ लौड़े का हॉस्पिटल है यह !!!!
प्रेम बहुत गुस्से में था . विनय भी एक दम चौक जाता है प्रेम के इस बर्ताव से .
वृंदा : प्रेम ! शांत ! भाई हमारा मुंबई का बेस्ट हॉस्पिटल है और हमारे ब्लड बैंक में Hi ब्लड नहीं है ??
विनय : वृंदा ब्लड बहुत है ! बूत इस लड़की का ब्लड अब नेगेटिव है ! ये ज्यादा लोगो में नहीं पाया जाता है ! हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे है फिलहाल तो !
प्रेम : ारी तो मेरा अब नेगेटिव Hi है ! मेरा ले लो !
विनय : तेरा अब नेगेटिव है ?
प्रेम : ( इर्रिटेट्स )
वृंदा : भाई अभी आप ज्यादा क्वेश्चन मत करो ! प्रेम कह रहा है न उसका भी अब नेगेटिव है ! तो आप लेकर जाइये !
विनय : हाँ ! ( शॉट्स ) शान्ति !
अंदर से एक नर्स बाहर आती है
विनय : टेक हिम विथ यू एंड गेट हिज ब्लड इम्मेडिएटली !
नर्स : यस सर !
वो नर्स प्रेम को दूसरे रूम में लेकर जाती है . वृंदा भी उसके साथ जाती है .
करीब आधे घंटे बाद प्रेम वापस रूम से बाहर आ जाता है . वृंदा भी उसके साथ Hi थी .
वृंदा : तू ठीक तो है न ?
प्रेम : हाँ दी !
वृंदा : इसने कुछ ज़्यादा Hi ब्लड ले लिया तेरा तो !
प्रेम : हाँ !
वृंदा : हमे घर चलना चाहिए !
प्रेम : नहीं दी ! क्या पता क्या जरुरत पद जाए ! आप जाइये में यही हु !
वृंदा : नहीं में भी तेरे साथ Hi हु !
प्रेम : दी आप किसी कॉटेज रूम में सो जाइये !
वृंदा : फिलहाल तो मुझे नींद नहीं आ रही है !
प्रेम और वृंदा दोनों िक के बाहर Hi बैठे हुए थे . कुछ घंटो बाद दोनों मालिनी और विनय ओट के बाहर आ जाते है .
मालिनी : तुम दोनों अभी तक यही हो ?? घर नहीं गए ?
प्रेम : नहीं ! श्रुति किसी है ?
मालिनी : हाँ ! अब वह खतरे से बाहर है ! कल दोपहर तक होश आ जायेगा !
विनय : हाँ ! प्रेम तू ठीक है ? तेरा कुछ ज्यादा Hi खून लेना पद गया ! जरुरत भी थी !
मालिनी : बस कोई माँ को मत बता देना की प्रेम ने श्रुति को ब्लड डोनेट किया है !
वृंदा : क्यों बुआ ?? दादी को इस पर क्या प्रॉब्लम होगी ?
मालिनी : नहीं तो माँ छोड़ेगे नहीं ! तुम प्रेम महरा हो ! तुमने कैसे एक नौकरानी को अपना ब्लड डोनेट कर दिया ! यह लेकर बैठ जाएगी मेरी माँ !
प्रेम : हाँ ! वैसे ये डिस्चार्ज कब होगी ?
मालिनी : फिलहाल कुछ दिन ये हॉस्पिटल में रहेगी तभी सही रहेगा ! पर तुम इतना क्यों परेशान हो रहे हो प्रेम ?
प्रेम : बुआ मई इंसान हु ! इंसानियत है मुझमे ! जीने और मरने की बात है यहाँ !
मालिनी : हम्म्म ! अभी चलो सभी घर चलते है ! 1 डॉक्टर और 1 नर्स यही है इससे ऑफ़ इमरजेंसी !
वृंदा : हाँ !
●
●
●
आज के लिए इतना Hi गाइस . लिखे और अपना रिव्यु देना मत भूलना . आजकल गर्मी बहुत है इसलिए थोड़ा अपना ध्यान रखो . गन्ने का जूस पिया करो . बाकी मिलते है वापस 8तह अप्रैल को 5 पं पर अगले अपडेट के साथ . चियर्स