Incest Prem : Hunter or Prey ? - Page 8 - SexBaba
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Incest Prem : Hunter or Prey ?

नेक्स्ट अपडेट ों फ्राइडे ~

अपडेट 41~ हु किल्ड मास्टर श्रुजित ?????


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अपडेट 41

हु किल्ड मास्टर श्रुजित ?

[ प्रेम : गुड ! में तुम्हे कुछ पैसे ट्रांसफर कर रहा हु ! और कुछ भी ज़रूरत हो तो मुझे कॉल करना ! उनका ध्यान रखना ! में जल्द से जल्द वह आता हु !

संजय : ठीक है जीजाजी !

अब आगे :

*कॉल कट्स*

प्रेम : ( मैं में ) क्या मुसीबत है ! ममता को अभी बता भी नहीं सकता ! उसको कल Hi बताउगा और कल या परसो Hi जयपुर जाना पड़ेगा ! ]

प्रेम गेट के बाहर खड़ा होता है . उसके एक हाथ में एक पैकेट था जिसमे एप्पल और पण्यशाके था तो वही दूसरे हाथ में मोबाइल फ़ोन था .

प्रेम मोबाइल को अपनी पॉकेट में रख देता है .

प्रेम : ( मैं में ) ममता को अभी बताऊ की नहीं ? कल Hi बताना सही रहेगा ! हैरतटक आया Hai......I थिंक वो ठीक हो जाने चाहिए !

प्रेम रूम के अंदर चला जाता है . रूम के अंदर आते Hi प्रेम गेट अंदर से लॉक करता है .

प्रेम : ममता तुम्हे पता है हम कहा है अभी ?

ममता : अस्पताल (हॉस्पिटल) में स्वामी !

प्रेम : ( मैं में ) स्वामी सुनकर एक दम Old-age वाली फीलिंग आती है !

प्रेम : हाँ वो तो है ! पर में ये बता रहा था की हम अभी हैदराबाद शहर में है !

ममता : ह्यदेबाद !

प्रेम : हैदराबाद ! वैसे तुम्हे पता है न ह्यदेरबाद कहा है और सब !

ममता : जी नहीं !

प्रेम : कोई बात नहीं ! तुम भी सोच रही होगी की तुम्हारे साथ क्या हो रहा है ! कुछ लोगो ने घर में आकर तुम लोगो को उठा लिया जिसमे तुम्हे तो कुछ पता भी नहीं और सबसे ज्यादा चोट भी तुम्हे Hi आयी है !

ममता : W..Wo लोग..

प्रेम : ऐसा समझ लो की वो लोग अपराधी थी ! खराब लोग थे वह ! डाकू होते है न वैसे !

ममता : A..Aapke मित्र कहा है ?

प्रेम : मित्र ! अभी तो वह इसी हॉस्पिटल में है ! मतलब इसी अस्पताल में है ! अभी वह होश में नहीं है !

प्रेम ने एक प्लेट में एप्पल की पीसेज कट कर लिया थे और एक प्लास्टिक गिलास में जूस भी निकाल लिया था .

प्रेम : में वादा करता हु की तुम्हारे साथ ये वापस नहीं होगा ! और तुम बहुत जल्द ठीक हो जोगी ! चलो अब अपना मुँह खोलो !

प्रेम ममता को एप्पल के पीसेज खिलता है .

_____________________________

लोकेशन : सेलेस्टियल पार्क

[ करैक्टर इंट्रोडक्शन :

कूपर कैसे : ुक का सबसे बड़ा डॉन . पूरी ब्रिटिश गवर्नमेंट इसके हाथो के निचे चलती है . इसकी वाइफ की डेथ हो चुकी है . इसकी 3 बेतिया है .

टोरी कॉपी : आगे 28 . कूपर की बड़ी बेटी . ये भी कूपर के साथ उसके इललीगल बिज़नेस में साथ देती है .


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वायलेट कैसे : आगे 25 . कूपर की दूसरी बेटी . ये एक डॉक्टर है . ये अपनी माँ की तरह Hi डॉक्टर बनना चाहती थी .

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कटे कैसे : आगे 22 . कूपर की सबसे छोटी बेटी.

इसकी अपनी फॅमिली के साथ ज़्यादा नहीं बनती .


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]

[ इंग्लिश कन्वर्सेशन ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

वायलेट : बस जा रही हो ?

कटे : हां ! कल !

वायलेट : तुम्हे नहीं लगता तुम गलत कर रही हो !

कटे : मई ? क्या ? मुझे तो नहीं लगता !

वायलेट : It's बीन 4 इयर्स ! पिछले 4 साल से तुम इंग्लैंड नहीं आयी !

कटे : और ये मेरे लाइफ का ओने ऑफ़ थे बेस्ट डिसिशन था !

वायलेट : डैड तुम्हे बहुत मिस करते है !

कटे : मुझे पता है ! बूत तुम दोनों तो हो न वह ! और में अपनी लाइफ में बहुत खुश हु !

वायलेट : गुड ! अब क्या Hi कहे ! और सब कुछ ठीक ?

कटे : येह ! आल गुड !

वायलेट : वह लड़का ? प्रेम ! राइट ?


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कटे : हाँ ! मेरा बॉयफ्रेंड है !

वायलेट : मेने निकाली थी उसकी पूरी हिस्ट्री ! दुनिया वालो के सामने एक शरीफ लड़का पर वही साथ में गन डीलर !

कटे : पता है मुझे ! मेने Hi डैड को उसके बारे में सब बताया था ! वर्ण उसकी आइडेंटिटी मोस्ट ऑफ़ थे पीपल नहीं जानते !

वायलेट : ( स्माइल्स ) हे वास् किन्दा..

कटे : ( स्माइल्स ) माय बर्फ !

वायलेट : पता है ! वैसे सीरियस या फिर कासुअल ?

कटे : सीरियस !

वायलेट : जिस रीज़न की वजह से तुम पूरी फॅमिली से अलग हुयी थी , उसी बिज़नेस में प्रेम भी तो है ! वो भी तो इललीगल बिज़नेस करता है !

कटे : पर हर रोज उसकी लाइफ खतरे में नहीं है ! उसके हर कोने में दुश्मन नहीं है जैसे डैड के है ! वो अपना मोस्ट ऑफ़ थे काम अपने िपद या लैपटॉप से Hi करता है !

वायलेट : फिर भी !

कटे : ( स्माइल्स ) में अभी बहुत खुश हु ! बहुत खुश ! आपकी लाइफ किसी है ? पुरे दिन उस मेंशन में बस घूमते रहो ! या फिर कही प्रैक्टिस करती है आप ?

वायलेट : नहीं ! अभी तो प्रैक्टिस नहीं करती !

कटे : तो मतलब पुरे दिन उन 100 गार्ड्स के बिच पुरे मेंशन में बस घूमते रहती है आप !

वायलेट : ( 🙄 )

_____________________________

*नेक्स्ट डे*

प्रेम वही ममता के हॉस्पिटल रूम में पड़े काउच पर सो गया था रात को ! प्रेम सुबह 4 बजे Hi सोया था और 8 बजे उठ जाता है .

प्रेम उठ कर देखता है की ममता अभी भी सोई हुई थी . पूरी दुनिया की मासूमियत उसके चेहरे पर झलक रही थी .

प्रेम उठ के उस रूम के बाथरूम में जाकर अपना मुँह धोता है और बाहर आता है . प्रेम एक रिमोट लेकर टेम्परेचर थोड़ा सा ज़्यादा कर लेता है .

प्रेम फिर वह से उस रूम के बाहर चला जाता है . वह वह से दूसरे रूम में जाता है जहा वृंदा सोई हुयी थी .

प्रेम Ek-Ek करके परिधि , पालक और सेल्वा इन तीनो को भी चेक करने जाता है . सभी लोग अभी सो रहे थे.

प्रेम : ( मैं में ) नीस !

प्रेम वापस से ममता के पास आ जाता है .

*विब्रेट्स*

प्रेम अपनी पॉकेट से मोबाइल निकलता है . स्क्रीन पर नट का नाम देख वो कॉल उठता है .

*ों कॉल*

[ इंग्लिश कन्वर्सेशन ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

प्रेम : हां नट !

अमांडा : अमांडा हेरे ! में यहाँ हॉस्पिटल के बाहर कार में हु !

प्रेम : ठीक है ! में आया !

प्रेम मोबाइल को अपनी पॉकेट में रख लेता है और वह से रूम के बाहर निकल लिफ्ट से नीचे चला जाता है जहा अमांडा की कार कड़ी थी .

प्रेम वह जाकर अमांडा की कार में बैठ जाता है . कार में सिर्फ अमांडा और प्रेम Hi थे .

[ इंग्लिश कन्वर्सेशन ट्रांसलेटेड ईंटो हिंगलिश ]

अमांडा : गुड मॉर्निंग !

प्रेम : ा वैरी गुड मॉर्निंग!

अमांडा : चलो ! आखिर में सब कुछ सही हो गया !

प्रेम : हाँ कह सकते है !

अमांडा : में कुछ घंटे बाद निकल रही हु ! मेक्सिको जाना पड़ेगा ! मेने तुम्हे सारा डाटा सेंड कर दिया है , देख लेना !

प्रेम : ठीक है !

अमांडा : जल्द Hi मुझे डाटा देख कर क्लीयरेंस की फाइल सेंड कर देना ! थोड़ा अर्जेंट है !

प्रेम : ठीक है ! वो यूरोप के क्लाइंट का क्या हुआ?

अमांडा : उससे बात अभी भी चल Hi रही है ! डील फिनॉइज़ नहीं हुयी !

प्रेम : OK ! जब फिनॉइज़ स्टेज पर हो , तब मेरी वीडियो कॉल पर उसके साथ मीटिंग सचेडूले करा देना !

अमांडा : अस ऑलवेज ! OK !

प्रेम : गुड !

अमांडा : वैसे मई ये सोच रही थी की अगर तुम्हारा ये पूरा जो प्लान था ! अगर वो तुमपर Hi बैकफीरे कर जाता तो ?

प्रेम : लग जाते बहुत बुरे वाले !

अमांडा : बूत ात थे एन्ड , जो तुमने चाहा वही हुआ ! पहले तुमने HI मेरे थ्रू त्रिविक्रम को कांटेक्ट कराया उस मास्टर श्रुजित को मरने का ! तुमने मास्टर श्रुजित को मरवाया और बाद में तुमने त्रिविक्रम को भी पकड़ लिया !

प्रेम : ( 😈 )


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अमांडा : अब्सोलुटे मास्टरक्लास !

प्रेम : ( समीरकस ) उस भड़वे मास्टर श्रुजित को तो मुझे कुत्ते की मौत मारना था ! साला रास्तो के बीचो बिच मारा ! त्रिविक्रम को मेने तुम्हारे थ्रू सेल्वा और श्रुजित का ऐसा चमका दिलवाया की जो में चाहता था वही हुआ ! मेने Hi तुमसे कहकर उसको सेल्वा को मारने को भेजा ! और वह मेरे Hi आदमियों ने सब कुछ ऐसा प्लाट किया की सेल्वा की जगह श्रुजित मर गया जो की में चाहता था ! मेरे पापा को मारने वालो में से वो एक था ! पर परिधि , पालक और सेल्वा के लिए मेरी कोई हार्ड फीलिंग्स नहीं है ! वो मेरे दोस्त है ! पर मेने नहीं सोचा था की वो त्रिविक्रम को बहुत ज्यादा Hi जल्दी होगी सेल्वा को मारने की ! मुझे लगा वो थोड़े दिन शांत बेथ जाएगा चेन्नई में कर्फ्यू लगने के बाद .

अमांडा : ( स्माइल )


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प्रेम : उस दिन रात को उसने अचानक Hi हमला कर दिया ! वह से मुझे उन तीनो को लेकर भागना पड़ा ! में उस त्रिविक्रम का किस्सा तभी ख़तम कर देता पर राजस्थान में काम आ गया ! पर वो तो पीछे Hi पद गया था ! वो पाब्लो भी पीछे Hi पद गया था ! पर ाचा हुआ आखिर में सब कुछ मेरे हिसाब से हो गया ! श्रुजित को भी मार दिया , त्रिविक्रम को भी मार देंगे , पाब्लो को वापस मार दिया और पालक और परिधि की नज़रो में भी मई भोला भाला HI हु ! उनके सामने मैंने शराफत का मुखौटा पहना हुआ है !

अमांडा : ाचा हुआ पाब्लो का Chapter भी हमेशा के लिए क्लोज हो गया ! बूत माना पड़ेगा सर ! यू अरे जीनियस ! अगर प्लान कुछ भी इधर उधर हो जाता तो तुम्हारे फ्रेंड्स की लाइफ चली जाती !

प्रेम : हां पर इसमें ममता के साथ जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था ! वृंदा दी की भी लाइफ खतरे में आ गयी थी ! आगे से में ध्यान रखुगा की ऐसा कुछ ना हो ! इन सब में रिस्क फैक्टर कुछ ज़्यादा Hi बढ़ गया था , बूत श्रुजित का Chapter ख़तम करने के लिए ये सब करना Hi पड़ा ! परिधि और पालक को लग रहा था की मई उनकी मदद कर रहा हु , पर मई तो अपनी Hi कहानी लिख रहा हु ! जिसका स्टार्ट उन लोगो ने किया पर ख़तम मई करुगा !

अमांडा : बढ़िया ! चलो में चलती हु ! यही बताने आयी थी की वो मेक्सिको का पूरा डाटा मेने तुम्हे भेज दिया है ! तुम्हारी मीटिंग्स भी मेने सेडुल कर ली है ! और जल्दी से कन्वेनैंस फाइल भी शेयर कर लेना !

प्रेम : बिलकुल !

अमांडा : ाचा हाँ , नट यही है !

प्रेम : ओह ! नहीं उसको भी अभी साथ लेकर जाऊ ! अभी में बहुत बिजी हु ! उसको टाइम नहीं दे पाउगा !

अमांडा : Don't वोर्री ! वो पुरे इंडिया की ट्रिप करने आयी है ! तो वो यहाँ से घूमने के लिए निकल रही है !

प्रेम : उसके साथ गार्ड्स भेज देना ! इंडिया इस नॉट फॉर बिगिनर्स !

अमांडा : हाँ !

प्रेम : वो त्रिविक्रम को जहा पकड़ कर रखा है , वह से एक दूसरी जगह पंहुचा देना ! में तुम्हे लोकेशन सेंड कर दुगा !

प्रेम : Bye !

अमांडा : Btw में कह रही थी की इतना टाइम हो गया….

प्रेम : नहीं ! अभी नहीं ! अभी बहुत टेंशन है ! अगली बार मिलेंगे तो में खुद तुम्हे कही लेकर जाउगा घूमने ! वह 24×7 बस सेक्स Hi करते रहेंगे पर अभी नहीं !

अमांडा : OK ! जैसा तुम चाहो !

अमांडा आगे बढ़कर प्रेम को किश करती है . दोनों कुछ देर तक स्मूच करते है .

उसके बाद प्रेम कार से उतर जाता है और हॉस्पिटल में चले जाता है .

प्रेम ने श्रुजित को मारने के लिए Hi ये पूरा Shad-Yantra रचा था . श्रुजित को मारने का पूरा क्रेडिट त्रिविक्रम के ऊपर चला गया जिसकी वजह से पालक , परिधि और सेल्वा को यही लगा की त्रिविक्रम ने गलती से सेल्वा को मारने की जगह श्रुजित को मार दिया . हुआ भी कुछ यही था , पर इन सब के पीछे हाथ प्रेम का था .

प्रेम पालक , परिधि और सेल्वा की नज़रो में तो उनका दोस्त Hi था पर उसने Hi पालक के दादा को मारा था

मास्टर श्रुजित भी उन लोगो में से एक था जिसने प्रेम के डैड राजवीर महरा को मारा था .

हॉस्पिटल में प्रेम वापस ममता के रूम में चला जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) ये तो अभी भी सो रही है !

*1 ऑवर लेटर*

प्रेम वृंदा के रूम में बैठा हुआ था . वो अपने मोबाइल में अपना जरुरी काम कर रहा था .

प्रेम : ( मैं में ) इंटरेस्टिंग ! छोटे से गैंग वार्स तो पूरा बड़ा वॉर बनते जा रहा है ! अगर ऐसा Hi चलता रहा तो मुझे एक बार मेक्सिको और उसे जाना Hi पड़ेगा ! क्लाइंट्स मुँह मांगी रकम देने को तैयार है !

वृंदा : P..Prem !

वृंदा को होश में आते देख अपना मोबाइल अपनी पॉकेट में रख देता है और वृंदा के पास आ जाता है .

प्रेम : ाचा हुआ आप होश में आ गयी !

वृंदा प्रेम के गले लग जाती है .

वृंदा : में कहा हु ?

प्रेम : गोकुलधाम सोसाइटी ! में जेठालाल हु !

वृंदा : बतावा प्रेम !

प्रेम : हॉस्पिटल ! ह्यदेरबाद सिटी में !

वृंदा : फाइनली ! मुझे लगा की में मरने वाली हु !

प्रेम : ऐसे कैसे मर जाती ! में जब तक हु आपको कोई टच भी नहीं कर सकता ! वैसे आखिर में वह हुवा क्या था ?

वृंदा : मत Hi पूछो ! एक बुड्ढे अमेरिकन ने हम चारो को फ्रीजर रूम में डलवा दिया क्यूंकि हम इंडियन है !

प्रेम : क्यों ??

वृंदा : उसको कोल्ड सहित देखनी थी !

प्रेम : रेसिस्ट साला !

वृंदा : तुम्हे पता कैसे चला की हम कहा है और तुमने कैसे बचाया ?

प्रेम : ( स्माइल्स ) बस ऐसे Hi ! जो होना था वह हो गया !

वृंदा : मेने तो साड़ी उम्मीद खो दी थी ! मुझे लगा मेरा आखरी समय आ गया है !

प्रेम : देखिये ! ऐसा समय ज़रूर आएगा जब किसी समय में आपके साथ नहीं हो पाउगा ! पर उस वक़्त आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और जीतना पड़ेगा ! कभी भी अपनी उम्मीद मत खोना !

वृंदा : मई ये बात हमेशा याद रखूगी ! पर तुम्हे कभी अपने से दूर नहीं जाने दूगी !

प्रेम : ( स्माइल्स ) नीस ! अब केसा लग रहा है आपको !

वृंदा : ाचा लग रहा है !

प्रेम : नीस !

वृंदा : पर तुम ह्यदेरबाद क्यों लेकर आये ? मुंबई Hi लेकर चले जाते !

प्रेम : वो ममता यही एडमिट थी इसलिए !

वृंदा : उसको क्या हुवा ?

प्रेम : वो बिल्डिंग से नीचे गिर गयी ! होपफ़ुल्ली वो कुछ हद्द तक बेहतर है ! हालांकि उसके दोनों हाथो पर प्लास्टर चढ़ गया और कुछ दिन तक अपने पैरो से चल भी नहीं सकती !

वृंदा : ओह !

प्रेम : आपको 12 बजे तक डिस्चार्ज मिल जायेगा ! उसके बाद आप मुंबई के लिए निकल जाना !

वृंदा : निकल जाना मतलब ? तुम नहीं आओगे ?

प्रेम : नहीं ! ेवेन्तुअल्ल्य मई जयपुर जाने वाला हु ममता के साथ ! उसके दादा को Heart-Attack आया है !

वृंदा : Kya-Kya हो रहा है ?

प्रेम : ये बात अभी ममता को मत बताना ! में रस्ते में जाते हुए उसको बता दुगा !

वृंदा : ठीक है ! ी रियली हैवे तो पी नाउ ! किसी को बुलाओ मेरे हाथ से ये इन्सुलिन निकले !

प्रेम : हाँ !

*20 मिनट्स लेटर*

पालक : तो तुम्हे कैसे पता चला की…

प्रेम : वो सब छोड़ो ! मेरे पास तुम्हारे लिए एक गिफ्ट है !

पालक : क्या ? Wait..Wait..Wait ! में नहीं चाहती की इतना स्पेशल मोमेंट हॉस्पिटल में हो !

प्रेम : ( स्माइल्स ) ज़्यादा मत सोचो ! मेने तुमसे वादा किया था की त्रिविक्रम को तुम अपने हाथो से मारोगी ! मेने उसको बाँध के रखा है ! तुम जाओ और उसका T2g कार्डो !

पालक : T2g ??????

प्रेम : ऐसा समझ लो की उसको मार डालो ! त्रिविक्रम तुम्हे अब सीधा तुम्हारे बेंगलुरु वाले घर पर मिल जाएगा !

पालक : वो वह कैसे पंहुचा ??

प्रेम : पंहुचा नहीं है पर पहुंच जायेगा ! उसको आराम से मारती रहना !

पालक : थैंक यू सो मच प्रेम ! अगर तुम नहीं होते तो पता नहीं क्या होता !

प्रेम : इसमें थैंक यू की क्या बात ? वे अरे फ्रेंड्स !

पालक : सिर्फ फ्रेंड्स ?

प्रेम : एहम ! प्रीटी लेडी ! अब यहाँ से आप सीधा बेंगलुरु जायेगी !

पालक : सीधा बेंगलुरु ? हमारा सामन…

प्रेम : वो पहुंच जाएगा वह ! उसकी टेंशन मत लो !

पालक : तुम साथ नहीं आओगे ?

प्रेम : ( स्माइल ) बिजी लाइफ ! तुम्हे भी अब जाकर वापस तुम्हारा रेस्टोरेंट रोपें करना है !

पालक : येह ! पर में जल्द Hi ाउगि तुमसे मिलने !

प्रेम : तुम टेंशन मत लो ! में खुद आ जाउगा !

पालक : में इंतज़ार करुँगी !

प्रेम : नीस ! चलो में आता हु !

पालक : कहा जा रहे हो ?

प्रेम : बस यही हु !

*विब्रेट्स*

प्रेम पॉकेट से अपना मोबाइल निकलता है और कॉल पिक करता है .

*ों कॉल*

प्रेम : हाँ डीयू !

दिया : भैया कहा है आप ??

प्रेम : में तो बस यही !

दिया : कहा ? मुंबई मई ?

प्रेम : नहीं ! बेंगलुरु में !

दिया : आप मुंबई कब आ रहे है ?

प्रेम : हाँ ाजाऊगा ! तू कॉलेज नहीं गयी ?

दिया : नहीं !

प्रेम : नीस ! Bye !

दिया : क्या Bye ? कल मुझे आप यहाँ चाहिए !

प्रेम : कल तो नहीं आ पाउगा !

दिया : तो कब आओगे ?

प्रेम : बहुत जल्द ! मिलते है बाद में ! Bye !

*कॉल कट्स*

प्रेम मोबाइल को वापस अपनी पॉकेट में रख लेता है .

पालक : तुम्हारी सिस्टर का कॉल था ?

प्रेम : येह ! में आया !

पालक : कहा जा रहे हो ?

प्रेम : यही हु इसी हॉस्पिटल में ! पर अभी निचे एटीएम से कुछ कॅश लेकर आता हु ! तुम्हारे पास मोबाइल्स और पैसे तो है नहीं ! बेंगलुरु जाने के लिए पैसे तो चाहिए ! में आया !

प्रेम उस रूम से बी

आहार निकल जाता है .

*विब्रेट्स*

प्रेम पॉकेट से अपना मोबाइल निकलता है और कॉल पिक करता है .

*ों कॉल*

प्रेम : हैं संजय !

संजय : W..Woh जीजाजी !

प्रेम : हाँ बोलो !

संजय : अमरंथ काका अब नहीं रहे !!!!

♡

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आज के लिए इतना Hi . लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले . मिलते है अगले फ्राइडे , तब तक के लिए , पानी पियो ( कब तक वोडका पीते रहोगे ) .
 
अपडेट 42

[ प्रेम : हैं संजय !

संजय : W..Woh जीजाजी !

प्रेम : हाँ बोलो !

संजय : अमरंथ काका अब नहीं रहे !!!! ]

अब आगे :


वन्स अपॉन ा Time.....There लिवेद ा घोस्ट

प्रेम और ममता दोनों चॉपर में बैठे हुए थे . प्रेम ने फ़ौरन एक चॉपर हिरे कर लिया था जयपुर जाने के लिए . प्रेम ने अभी तक ममता को उसके दादा के बारे में नहीं बताया था . उसको समझ नहीं आ रहा था की वो उसको कैसे बताये ?

ममता की हेल्थ ज्यादा अछि नहीं थी जिसकी वजह से प्रेम संकोच कर रहा था .

प्रेम : ( मैं में ) अभी तक तो वह डेड बॉडी वापस परमदा लेकर चले गए होंगे ! जयपुर से कैब करके जाना पड़ेगा ! ये चॉपर तो सिर्फ जयपुर तक Hi जाएगा ! ममता को भी कैब में Hi बता दुगा !

*3 हॉर्स लेटर*

प्रेम और ममता जयपुर पहुंच चुके थे . ममता ने प्रेम को कुछ भी नहीं पूछा था . वो बस चुपचाप बैठी हुयी थी .

वह पहुंच कर प्रेम ममता को एक व्हीलचेयर के ज़रिये कैब में बिठा देता है और सबसे पहले एक रेस्टोरेंट लेकर जाता है .

ममता ने कितने Hi दिनों से सिर्फ एप्पल Hi खाया था . इसे ध्यान रखते हुए सबसे पहले प्रेम ममता को एक रेस्टोरेंट में लेकर जाता है और उसको अपने हाथो से ऑथेंटिक राजस्थानी लंच करता है . लंच के बाद प्रेम ममता को उसकी मेडिसिन दे देता है .

प्रेम ममता को वापस वह से कैब में बिठा लेते है . प्रेम जयपुर से एक व्हीलचेयर भी खरीद लेता है ममता के लिए और फिर दोनों वह से परमदा के लिए निकल जाते है .

प्रेम : ( मैं में ) ी थिंक अब बता देना चाहिए !

प्रेम : ममता !

ममता : J..Ji स्वामी !

प्रेम : ममता मुझे संजय का कॉल आया था ! तुम्हारे पड़ोस में रहता है जो ! तुम्हारे दादा अमरंथ गवारिअ की मौत हो चुकी है ! उनको दिल का दौरा आया था ! हम अभी तुम्हारे गाँव Hi जा रहे है !

_____________________________

लोकेशन : मुंबई

रोहित कॉलेज से छूटकर सीधा अपने घर पहुँचता है . उसको रोज़ की तरह घर जाने की बहुत जल्दी थी . वो अपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था . रोहित जल्द मेंशन पहुंचकर अपने रूम में जाता है .

रोहित अपना रूम लॉक करता है और सबसे पहले अपना कप्बोर्ड खोलता है और कुछ ढूंढने लगता है .

परन्तु बहुत ढूंढने के बाद भी रोहित को वो चीज़ नहीं मिल रही थी .

रोहित पागलो की तरह पुरे रूम में ढूंढने लगता है . वो अपने पॉकेट में से इनहेलर निकलकर िंहले करता है और वापस ढूंढने लगता है . उसने पूरा रूम छान मारा था . वो पसीने से भीग चूका था .

*नॉक* *नॉक*

रोहित अपने पास पड़ी वाटर बोतल में से पानी पीटा है और जाकर गेट खोलता है .

सामने कृतिका कड़ी थी . उसके हाथ में एक छोटा सा पैकेट था .

कृतिका : ( पैकेट दिखते हुए ) इसे धुंध रहा है ??

रोहित समझ जाता है की उसके रूम से कोकीन कहा चला गया .

कृतिका रूम में आता है और गेट बंद करता है .

*स्लैप*

*स्लैप*

कृतिका : ( गुस्से में ) क्या है यह ??

रोहित : M..Mujhe नहीं पता !

*स्लैप *

कृतिका : ( गुस्से में ) तेरे रूम में क्या कर रहा है ??

रोहित : M..Mujhe नहीं पता !

*स्लैप*

कृतिका : ( गुस्से में ) झूट मत बोल !!!

रोहित : W..W.Woh..

कृतिका : ( गुस्से में ) कबसे ले रहा है ??

रोहित : E..Ek महीने से !

रोहित कृतिका के हाथ से वो पैकेट चीन लेता है और वह से भाग कर बाथरूम में चला जाता है .

कृतिका उसके पीछे दौड़ने लगती है पर उससे पहले Hi रोहित गेट अंदर से लॉक कर देता है .

कृतिका Jor-Jor से गेट नॉक करने लगती है .

कृतिका : रोहित गेट खोल !! देख ये गलत है ! ये सब तेरी हेल्थ के लिए बहुत बुरा है ! ये सब चीज़े मानसिक रूप से आपको हिलाकर रख देती है ! रोहिट ! Rohit..Open थे गेट !

वही अंदर नशे का सेवन करने के बाद रोहित का जो शरीर तड़प रहा था , वह पूरी तरह से शांत हो गया था और रोहित की आँखे वही बांध हो जाती है और वह वही सो जाता है .

कृतिका : ( मैं में ) में इसको कण्ट्रोल नहीं कर सकती ! ना Hi Mom-Dad को बताना ठीक रहेगा ! अब क्या करू मई ?? अगर ये सब चीज़ छुपा भी लू तो यह कही बाहर जाकर यह सब करेगा ! मुझे कुछ तो करना Hi होगा !

__________________________________

ममता Fut-Futkar रो रही थी . प्रेम ने उसको अपने पास रखा हुआ था और उसका सर सेहला रहा था पर उसको चुप नहीं करवा रहा था .

ममता का अब इस दुनिया में कोई बचा था सिवाए प्रेम के . वही प्रेम जो उसको डाइवोर्स देने की सोच रहा है .


बचपन से Hi अमरंथ ने Hi ममता को Paal-Poskar बड़ा किया , एक माँ और पिता दोनों का प्यार दिया .

कुछ Hi घंटो में प्रेम और ममता उस गाँव में पहुंच जाते है .

प्रेम कैब से उतर सबसे पहले व्हीलचेयर निकलता है और फिर ममता को उसपर बिठा देता है . प्रेम ने कैब वाले से उसके पर्सनल No. भी ले लिए थे आगे के लिए . पैसे लेने के बाद वो कैब वाला वह से चला जाता है .

ममता व्हीलचेयर पर बैठी हुयी थी पर उसके आंसू नहीं रुक रहे थे . वो बस रोये जा रही थी . ज्यादा आवाज़ नहीं कर रही थी बस अपने Andar-hi-Andar रोये जा रही थी .

प्रेम ममता के सामने आता है और अपने घुटनो पर बैठता है . प्रेम ममता के आंसू पोछता है .

प्रेम : ममता ! अपने आप को सम्भालो ! ये समय तुम्हारे दादा को विदा करने का है ! उनका अंतिम संस्कार करना है ! इस वक़्त पर तुम्हे अपने आप को संभालना होगा !

ममता : ( रट हुए ) M..Mujhse नहीं हो रहा !!!

प्रेम : ( रीलीज़ ) कोई बात नहीं ! तुम बस अपने दादा के साथ बितायी अछि यादो को याद करो !

ममता : ( रट हुए ) W..Woh G..Ghoonghat !

प्रेम : हम्म !

प्रेम ममता को उसका घूंघट पहना देता है . वह वह से खड़ा हो जाता है और ममता की व्हीलचेयर को धीरे धीरे आगे लेकर जाने लगता है .

_______________________________

*2 डेज लेटर*

लोकेशन : महरा मेंशन , मुंबई

सभी लोग रात को डिनर टेबल पर बैठे डिनर कर रहे थे .

शकुंतला : प्रेम वापस कब आ रहा है ?

वृंदा : कुछ हफ्ते लग जायेगे दादी !

शकुंतला : कुछ हफ्ते ?

वृंदा : हाँ वह बस ऑनग्राउंड कुछ रिसर्च करनी थी और टीम लाईड करनी थी !

शकुंतला : इन सब की क्या ज़रूरत ? हमारी कंपनी तो है Hi ! उसपर Hi ध्यान दो !

वृंदा : प्रेम ने मिट से पढाई की है न ! वह के बच्चे ऐसे Hi होते है ! इंडिया में बच्चे कॉलेज में इंटर्नशिप करते है और मिट के स्टूडेंट्स कॉलेज में Hi अपना स्टार्टअप बना भी देते है और बेच भू देते है ! मेने और प्रेम ने सोचा की हम भी एक स्टार्टअप खोल ले , बाद में मई उसको पूरी तरह से हैंडल कर लगी ! अभी वो मेरी हेल्प Hi कर रहा है ! वो बाद में इंफोकॉम ज्वाइन कर लेगा !

शकुंतला : मुझे ये सब नहीं सुन्ना ! इस महीने पुनीत का सीईओ का टर्म भी ख़तम हो रहा है , तो उसके ख़तम होते Hi प्रेम को नया सीईओ अन्नोउंस कर लगे और एक बड़ी सी पार्टी भी रखेंगे कंपनी की एनिवर्सरी पर ! मुझे 11 तारीख को प्रेम यहाँ चाहिए !

वृंदा : उससे पहले तो वो आ जायेगा !

शैलेन्द्र : बाद में ये स्टार्टअप को बेच डोज या फॉर ग्रो करोगे ?

वृंदा : वो तो बाद में देखेंगे !

प्रेरणा : भैया तो बिलकुल दीखते Hi नहीं है !

दिया : हाँ ! बिना बताये कही भी चले जाते है !

फनी : हाँ ! उनके पास तो टाइम Hi नहीं रहता हमसे मिलने का !

वृंदा : ( स्माइल्स ) वो आजाये उसके बाद 24×7 उसको पकड़ कर रख लेना ! अभी वो बहुत बिजी है !

दिया : ( मैं में ) भैया का कुछ तो करना पड़ेगा ! वृंदा दी से थोड़ा दूर रखना पड़ेगा !

संध्या बस चुपचाप सबकी बाते सुन रही थी . शायद कुछ कहना चाहती थी पर कह नहीं पायी .

शकुंतला : रोहित कहा गया ?

अमृता : वो अपने फ्रेंड के घर गया है ग्रुप स्टडी के लिए !

*30 मिनट्स लेटर*

डिनर करने के बाद वृंदा अपने रूम में आ जाती है और प्रेम को कॉल करती है.

*ों कॉल*

प्रेम : हाँ दी ! बोलिये !

वृंदा : फ़क ऑफ !

*कॉल कट्स*

प्रेम : व्हाट थे फ़क ???????

प्रेम वापस से वृंदा को कॉल करता है.

*ों कॉल*

प्रेम : क्या हुआ दी ?

*कॉल कट्स*

प्रेम : व्हाट थे हेलल ! भाड़ में जाए भेंचो ! पर इनको अचानक क्या हुआ ??

प्रेम : ( रीलीज़ )

प्रेम वापस से वृंदा को कॉल करता है.

*ों कॉल*

प्रेम : Hello ! बोलो डार्लिंग ! किस लिए कॉल किया ?

वृंदा : ( स्माइल्स ) बेटर !

प्रेम : मुझे ये डार्लिंग बोलना सच में बड़ा क्रींगे लगता है !

वृंदा : क्रींगे बोलना भी क्रींगे होता है !

प्रेम : नीस ! अब बताइये क्यों कॉल किया था ?

वृंदा : वापस कब तक आओगे ?

प्रेम : लगभग 2 वीक्स लगेंगे !

वृंदा : 2 वीक्स !! OK !

प्रेम : येह ! और बाकी सब बढ़िया ?

वृंदा : हाँ ! तुम बताओ ! वह केसा चल रहा है ?

प्रेम : किते गुड ! ममता का हाल ज्यादा ाचा नहीं है ! अकेले बैठे बैठे रोटी रहती है ! उसको शांत नहीं करा सकता कोई ! में बस उसके पास जाके बैठ जाता हु !

वृंदा : और बाकी सब केसा लग रहा है ?

प्रेम : मत पूछिए ! यहाँ लोगो के पास गन है पर किसी के घर में कोड़े नहीं है ! यहाँ आकर इंडियन टॉयलेट उसे करने का एक्सपीरियंस जरूर आया !

वृंदा : कपड़ो का क्या हुआ ? तुम तो कपडे लेकर Hi नहीं गए थे !

प्रेम : हाँ में कल संजय के साथ जयपुर गया था और कपड़ो की शॉपिंग कर ली थी ! ममता के कुछ कपडे यही थे तो वह तो वही पेहेन लेती है !

वृंदा : तो तुम दोनों वही साथ में Hi सोते हो न ?

प्रेम : ेवेन्तुअल्ल्य नहीं ! में यहाँ संजय के घर में सोता हु ! उसकी वाइफ ममता के साथ सोती है ! यह गाँव छोटा सा है इसलिए पूरा गाँव Hi परिवार जैसा है ! में जब आया तब पूरा गाँव वह रो रहा था ! शव का देह भी मेने Hi किया क्यूंकि यहाँ औरतो को शमशान नहीं जाने देते !

वृंदा : OK ! सो जल्दी से वापस आजाओ ! वैसे में कुछ सोच रही थी !

प्रेम : इरशाद !

वृंदा : हमे अभी नहीं पता की शेखर के साथ उसकी कोनसी पत्नी जुडी हुयी है ? अमृता चची या फिर वो परिणीता ? हमे दोनों पर Hi शक है ! इसलिए तुमने पहले चची को हाल में फसाया और अब परिणीता को फसाओगे ! पर में ये सोच रही थी की अगर उन दोनों में से कोई एक भी निर्दोष हुआ तो !

प्रेम : आप इतना क्यों सोच रहे हो ? क्या पता अगर दोनों Hi उसके साथ हुयी तो ? पर अगर उनमे से कोई भी निर्दोष हुयी तो सॉरी बोल देंगे ! और हम क्या Hi कर सकते है !

वृंदा : वैसे यहाँ 11 से पहले आजाना ! 11 तारीख को तुम्हे सीईओ अन्नोउंस करेंगे और एक बहुत बड़ी पार्टी भी राखी है , कंपनी की एनिवर्सरी पर !

प्रेम : बिलकुल ! वैसे मुझे कुछ तो गड़बड़ लग रही है !

वृंदा : किसी ??

प्रेम : में जैसे Hi अमेरिका से आया , ये लोग सीधा मुझे सीईओ बनाना चाहते है ! यहाँ तक की बोर्ड मेंबर्स भी मान गए !

वृंदा : मुझे लगता है ये दादी का डिसिशन होगा ! तुम उनके फवौरीते हो ! शायद वही तुम्हे सीधा सीईओ बनता देखना चाहती हो !

प्रेम : शायद आप सही हो सकते हो ! जो होगा देखा जायेगा !

वृंदा : और बताओ !

प्रेम : और कुछ भी नहीं ! बस सजाओ अब !

वृंदा : ऐसे Hi बाते करते रहो ! ाचा लगता है !

प्रेम : Bye !

वृंदा : Bye ! टेक केयर !

*कॉल कट्स*

जहा वृंदा अपने रूम में थी वही रोहित मेंशन से बहुत दूर एक कार में बैठा हुआ था .

साथ में Hi उसके उसकी Hi कॉलेज का एक सीनियर बैठा हुआ था जो खुद नशे का सेवन नहीं कर रहा था पर रोहित को जरूर प्रोवाइड करा रहा था .

[ करैक्टर इंट्रोडक्शन :

यश ओबेरॉय : रोहित के Hi कॉलेज में है . पिछले 4 साल से फाइनल ईयर में Hi है .रईस बाप की औलाद . इसी ने रोहित को उन तीन लड़को से बचाया था जो रोहित को परेशां कर रहे थे .{अपडेट 1}


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]

यश : ये ले ! काफी रिलैक्स्ड फील होगा ! एक दम मज़ा आजायेगा !

यश एक इंजेक्शन रोहित के हाथो में दे देता है .

रोहित पहले अपना इनहेलर निकल कर िंहले करता है और फिर वो इंजेक्शन इंजेक्ट कर देता है .

इंजेक्शन लेते Hi रोहित की आँखे बांध हो जाती है . वो एक अलग Hi दुनिया में पहुंच चूका था . धीरे धीरे वो ड्रग उसके पुरे शरीर पर काबू पा रहा था .

यश : ( मैं में ) धीरे धीरे जैसे जैसे दिन बीतेंगे , इसका पूरा दिमाग खोखला होता जायेगा ! महरा फॅमिली का चिराग मेरा पालतू होगा ! मेरा प्लान तो अछि तरह से जा रहा है ! ी होप 1847 और 1947 का प्लान भी सही जा रहा हो ! एक बार डैड को कॉल कर देता हु ! वैसे भी ये लोदु कुछ सुन नहीं पायेगा अभी !

यश अपना मोबाइल निकलता है और अपने डैड को कॉल करता है .

*ों कॉल*

यश : Hello डैड !

यश फादर : हाँ !

यश : मई ड्रग्स का ओवरडोज़ देते जा रहा हु ! सब कुछ प्लान के अकॉर्डिंग हो रहा है !

यश फादर : अछि बात है ! अब जल्दी Hi महरा मेंशन में भी अपने पांच जमाना चालू कार्डो !

यश : बिलकुल डैड !

यश फादर : याद Rahe….Wo राजवीर महरा का घर है ! गलती की कोई भी गुंजाइश नहीं होनी चाहिए !

यश : Dad….Rajveer तो मर चूका है ! चिल !

यश फादर : बीटा…. हे वास् ा घोस्ट एंड घोस्ट नेवर दिए !!!!!!

__________________________________

लोकेशन : राजस्थान

प्रेम और संजय दोनों संजय के घर की छत्त पर सो रहे थे . माक्चरो की वजह से प्रेम को नींद नहीं आ रही थी .

संजय : कुछ चाहिए जीजा जी !

प्रेम : नहीं ! वैसे तुम क्या काम करते हो ?

संजय : में किसान Hi ! खेती करता हु ! अपने परिवार के Saath-Saath पुरे देश का पेट पालता हु !

प्रेम : गुड ! बहुत ाचा ! वैसे घर ाचा है तुम्हारा !

संजय : ये मेरे बापू ने बनाया था ! उनकी आखरी निशानी है यह ! बहुत ाचा इंसान था मेरा बापू !

प्रेम : सबके पापा अचे होते है ! मेरे पापा भी बहुत अचे थे ! बहुत ज़्यादा अचे थे ! या यु कहु की सबसे ज़्यादा अचे ! मेरे पापा सबसे बेस्ट थे !

संजय : लगता है आप अपने पापा से कुछ ज़्यादा Hi नज़दीक थे !

प्रेम :


हाँ ! इस दुनिया में मई अपने पापा से सबसे ज़्यादा प्यार करता था और करता हु ! मेरे लिए मेरे पापा Hi मेरे सबकुछ है !

संजय : वैसे जरूर आपके पापा बहुत अचे इंसान होंगे !

प्रेम : मुझे ये बात किसीने बताई थी ! वन्स अपॉन ा टाइम ……तेरे लिवेद ा घोस्ट……. हे वास् थे डेथ… हे वास् माय फादर !


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®

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले . आप सभी को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाये एंड ी होप आप सभी अपने परिवार के साथ दिवाली मन रहे हो . मिलते है जल्द Hi , तब तक के लिए , हैप्पी दिवाली

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नेक्स्ट अपडेट टुमारो ~

अपडेट 43 ~ Prem's पास्ट पैरानॉयड


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अपडेट 43

Prem’s पास्ट पैरानॉयड - 1

[ संजय : वैसे जरूर आपके पापा बहुत अचे इंसान होंगे !

प्रेम : मुझे ये बात किसीने बताई थी ! वन्स अपॉन ा टाइम ……तेरे लिवेद ा घोस्ट……. हे वास् थे डेथ… हे वास् माय फादर ! ]

अब आगे :

[ *फ्लैशबैक*

*मान्य इयर्स एगो*

“ Aahhh….Aaahhhhhh….Aur Tezzzz….Aur Tezzz………Jaldii…..Preemmmm….Fuck..I’m गोंना छुम “


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प्रेम : Fuckk…Abhi तो Bas…..Aadha घंटा Hi हुआ है !

किमया :Aaaahhh…Shitttt….Aaahh….Meri Haalat……Meri हालत खराब हो गयी !

प्रेम : फूसक ! यू अरे टाइट अस फ़क बितछः !

Kimaya:Yeahhhhh…..Yeaah…Ohh फुककककककक !!!!! I'm क्युम्मिंग….. I'm क्युम्मिंग !!!

*किमया कंस*

किमया : में बहुत थक चुकी हु !! में अभी न ब्लोजॉब दे सकती हु न हैंडजॉब !

प्रेम अपने स्कूल का ट्रॉउज़र वापस पेहेन लेता है .

किमया प्रेम के सामने बिलकुल नंगी कड़ी थी .


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किमया : बेबी तुम्हे किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए ! तुम्हारा छुम बहुत ज़्यादा देर से निकलता है ! ये नार्मल नहीं है !

प्रेम : ( स्माइल्स ) ऐसा कुछ नहीं होता !

किमया : वैसे मुझे अब जाना होगा ! स्कूल की छुट्टी होने वाली है !

प्रेम : मेरा तो कलपद Hi हो रहा है !

किमया : सॉरी बेबी पर अभी जाना पड़ेगा !

किमया अपनी स्कूल ड्रेस पेहेन लेती है.

प्रेम : ध्यान रहे ! कोई देखे न !

किमया : इस तरफ वैसे भी कोई नहीं आता ! हम कितने Hi महीनो से इस रूम में सेक्स कर Hi रहे है ! कोई इस तरफ नहीं आता ! मेरे जाने के 5 मिनट बाद रूम से निकल जाना ! Bye ! घर जाकर कॉल करना !

प्रेम : कॉल तो नहीं हो पायेगा ! आज आर्गेनिक केमिस्ट्री पढ़नी है ! आज टाइम नहीं है ! तुम भी अब स्टडीज पर ध्यान दो !

किमया प्रेम को किश करती है और रूम से बाहर चली जाती है .

प्रेम और किमया दोनों स्कूल के आखरी पीरियड जो फ्री पीरियड होता है , उसमे एक खाली रूम जो बाकी क्लासरूम से बहुत दूर था उसमे इंटरकोर्स कर रहे थे .

किमया प्रेम की गफ थी और इस स्कूल के डायरेक्टर की बेटी . प्रेम क्लास 12तह में था तो वही किमया क्लास 10तह में .

किमया के जाने के 5 मिनट बाद प्रेम उस रूम से बाहर निकलता है . वह से स्टैर्स के थ्रू सबसे निचले फ्लोर पर चला जाता है .

निचे पहुंचते Hi प्रेम उस बिल्डिंग से बाहर निकलता है और दूसरे बिल्डिंग में घुस जाता है जिसमे उसकी क्लास थी .

प्रेम पहले जिस बिल्डिंग में था वो प्राइमरी सेक्शन स्टूडेंट्स के लिए थी . प्रेम वापस से अपनी क्लासेज की तरफ बढ़ जाता है .

प्रेम स्कूल का हेडबॉय था इसलिए उसके पास कुछ प्रिविलेज थे . कुछ ज़्यादा भी नहीं पर स्कूल में कही भी जाये , उसको कोई पूछने वाला नहीं होता था .

प्रेम था भी मुंबई की बेस्ट स्कूल में . जहा 10+2 सिस्टम था इंस्टेड ऑफ़ 10तह एंड लेटर ों जूनियर कॉलेज . स्कूल के ट्रस्टीज की लिस्ट में प्रेम के पापा का नाम भी शामिल था .

रोज 8 बजे से 3 बजे तक स्कूल रन होती है जिसमे करीब आखरी का एक घंटा फ्री पीरियड होता है जिसमे स्टूडेंट्स एक दूसरे के साथ डिसकस कर पढ़ाई करते है .

प्रेम जैसे Hi अपनी क्लास के पास जा रहा था उसकी नज़र निअ पर पड़ती है .

प्रेम निअ के पास जाता है .

[ करैक्टर इंट्रोडक्शन :

आदित्य : किमया का भाई . प्रेम का आर्च राइवल . दोनों के बीच 36 का आकड़ा है . प्रेम का क्लासमेट Hi है . स्कूल के डायरेक्टर का बीटा है .

निअ : क्लास 11 में है . आदित्य की गफ है . बहुत प्यार करता है आदित्य इससे . प्रेम की साइड बीच है . आसान भाषा में कहा जाए तो प्रेम की रंडी है .

]

*10 मिनट्स लेटर*

प्रेम और निअ दोनों Hi प्राइमरी सेक्शन की बिल्डिंग के सबसे ऊपर वाले फ्लोर में थे जहा न कोई कक्तव था और न Hi कोई आया जाया करता . प्रेम का ये परमानेंट चुदाई अड्डा बन चूका था .

निअ : Prem..….Aaram से !

प्रेम जल्दबाज़ी में निअ के कपडे खोलने लगता है .

प्रेम : आराम गया माँ छुड़ाने !! तू बस अपनी गांड मारा !

निअ : तुम्हारी वोकैबुलरी धीरे धीरे बहुत वुलगुर होती जा रही है ! में कह रही हु , तुम तुम्हारे उस फ्रेंड अमन से दूर रहो !

प्रेम : ( गुस्से में ) सुन बे लौड़ी ! अमन के खिलाफ कुछ बोलै तो यही खींच के ऐसा मारुंगा की मुँह से शब्द नहीं निकलेंगे !

प्रेम निअ के कपडे खोना बांध कर लेता है .

निअ : OK…. सॉरी !

प्रेम : पुरे मूड की माँ छोड़ दी भेंचो !

निअ : ाचा सॉरी न ! अब मूड मत खराब करो अपना !

प्रेम : अब सिर्फ अपने कपडे पहनो और निकलो यहाँ से ! अब मेरा मूड पूरा स्पोइल हो चूका है ! में जा रहा हु अपनी क्लास में ! तुम भी कपडे ठीक कर अपनी क्लास में चली जाना !

निअ : Aree..Suno तो सही….

निअ की बात को नज़रअंदाज़ कर प्रेम वह से बाहर निकल कर चला जाता है .

प्रेम : ( मैं में ) पूरा मूड ख़राब हो गया !

प्रेम अपनी क्लास की तरफ बढ़ रहा था तभी स्कूल की छुट्ठी हो जाती है और अनाउंसमेंट स्टार्ट हो जाती है .

यह बात सही थी की अमन की संगती की वजह से Hi प्रेम गालिया सिख पाया था .

फिलहाल प्रेम बिल्डिंग से निचे उतरता है तभी वह उसको अमन मिल जाता है . अमन के एक हाथ मई प्रेम का बैग भी था . प्रेम उसके पास चला जाता है .

प्रेम अमन से अपना बैग ले लेता है और दोनों पार्किंग एरिया की तरफ जाने लगते है .

अमन : हां भाई ! हो गया काम !

प्रेम : मत पूछ ! सेक्स तो हुआ पर ओर्गास्म नहीं आया ! कलपद हो गया समझ ले !

अमन : तेरे क्या है ? आज नहीं तो कल छोड़ लेगा ! तेरे पास तो 2 छूट रेडी है स्कूल में मरवाने के लिए ! यहाँ तो सिर्फ हाथ से काम चलना पड़ता है !

प्रेम : नीस ! सब कुछ दूर से Hi ाचा लगता है ! तेरेको तो पता Hi है कितनी वाट लग जाती है इन सब के पीछे ! सब से चुप कर वह जाना पड़ता है , जल्दी जल्दी करना पड़ता है ! स्कूल के कक्तव रोज वह Aate-Jaate कैप्चर न करले इसलिए उनके कक्तव सर्विलांस रूम में जाकर हम S2D मैलवेयर डालकर आये थे ! कक्तव घंटा कुछ रिकॉर्ड कर पायेगा प्राइमरी सेक्शन की बिल्डिंग मई और ये चोमू स्कूल को फ़र्क़ भी नहीं पद रहा !

अमन : ऐसा तो होगा Hi ! डायरेक्टर छुम प्रिंसिपल कभी कभी Hi आता है और सारा काम वो 200 कग की भैंस जैसी वाईस प्रिंसिपल को करना पड़ता है जो लिटेराल्ल्य कुछ करती भी नहीं है ! बस पुरे दिन एक जगह बैठी रहती और स्टूडेंट्स को पनिशमेंट देती है !

प्रेम : हाँ उसका हस्बैंड नहीं है इसलिए शायद स्टूडेंट्स को पनिशमेंट देकर और उनपर जोर से चिल्लाकर Hi उसको ओर्गास्म मिल जाता है !

अमन : वैसे तू परसो जा रहा है न स्पोर्ट्स टूर्नामेंट के लिए ?

प्रेम : हाँ ! वो दिल्ली में है !

अमन : चल सही है !

अमन और प्रेम पार्किंग एरिया में आ जाते है . प्रेम अपनी बाइक के पास जाता है और उसको स्टार्ट कर देता है . अमन भी उसके साथ बैठ जाता है और दोनों वह से चले जाते है .

अमन को उसके घर छोड़ प्रेम अपने घर पहुंच जाता है . प्रेम की सिस्टर्स और कौसिन्स भी इसी स्कूल में थे जो कार्स में ड्राइवर कस साथ आते थे , सिर्फ प्रेम Hi अपने पापा की गिफ्ट दी हुयी बाइक में स्कूल आता और जाता भले Hi उसके पास लाइसेंस नहीं था .

अपने घर पहुंचते Hi प्रेम अपना बैग काउच पर फेक देता है और सीधा किचन में चला जाता है जहा अक्सर उसकी माँ इस समय पर मिलती है . रोज Hi प्रेम सबसे पहले अपना बैग यही काउच पर फेक देता था जो सर्वेन्ट्स उसके रूम में रख देते थे और वो सबसे पहले किचन में जाता था जहा अक्सर उसकी माँ उसको मिल जाय करती थी . प्रेम वह से एक एप्पल उठा लेता है और खाने लगता है .

संध्या : प्रेम ! आ गए स्कूल से ! केसा रहा दिन ?

प्रेम : सब कुछ बढ़िया माँ ! आप बताइये !

संध्या : में सभी बच्चो के लिए जेवर बना रही हु!

प्रेम : ओह वो मिठाई ! हम बाहर से खरीद भी सकते है माँ या फिर सर्वेन्ट्स बना देंगे ! आप इतनी म्हणत क्यों रहे है ?

संध्या : ( स्माइल ) क्यूंकि मुझे यह करना पसंद है


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प्रेम : हाँ सही है ! वैसे मई परसो दिल्ली जा रहा हु ! स्कूल की तरफ से ! स्पोर्ट्स कम्पटीशन है ! क्रिकेट टीम का कप्तान हु ! तो जाना तो पड़ेगा Hi ! वैसे पापा कब आ रहे है ? 3 महीने हो चुके है उन्हें देखे !

संध्या : पता नहीं ! वो कभी किसी को बताकर नहीं जाते ! तुम्हारी बात हुयी थी क्या उनसे ?

प्रेम : नहीं ! मेने कॉल किया था पर उन्होंने उठाया नहीं ! पापा की आदत है मोबाइल को साइलेंट रखने में ! मेने अजित को कॉल किया था , उन्होंने बताया की वो बिज़नेस के सिलसिले में कही गए है ! 1-2 दिन में आ जायेगे !

संध्या : बीटा अजित अंकल बड़े है उम्र मई ! उनको नाम से नहीं पुकारते !

प्रेम : वही कहते है की उनको सिर्फ अजित बोलो , अजित अंकल नहीं ! वैसे माँ मुझे अभी कुछ नहीं खाना

प्रेम वह से अपने रूम में चला जाता है . पढाई भी तो करनी है लड़के को , ीत जो क्रैक करनी है . ीत क्रैक करने का इसका सिर्फ एक Hi मक़सद है और उस मक़सद का नाम है प्रतिभा .

प्रेम ने एक बार थोड़ी दूर से प्रतिभा के मुँह से सुन किया था की उसको ीटिजन्स पसंद है . बस उसके बाद क्या था , प्रेम ने ीत क्रैक करने की धान ली . ताकि वो फ्यूचर में प्रतिभा के सामने अपनी ीत की डिग्री लेकर जाए और ीत की डिग्री देखते Hi प्रतिभा उसको आसमानो की सेर पर लेकर चली जाएगी .

बहुत Hi चुटिया डिसिशन था . पर क्या कह सकते है , आदमी प्यार में ऐसा Hi होता है . वो कहते है न…..

“ ा मन इन लव एंड ा वीमेन दूरिंग 69 इस ऑलवेज वुलगुर “


{ गाइस , टेक थे नोट . ीत वास् गोएटेड बिफोर 2020 . अब तुम टियर-2 कॉलेज टारगेट कर के और म्हणत करके बहुत अचे प्लेसमेंट्स ले सकते हो ! जी की रेस में अन्धो की तरह मत दौड़ना यह सोचके की ये क्लियर कर लोगे तो लाइफ सेट हो जाएगी . लाइफ तभी सेट होगी जब कॉलेज में भी बहुत म्हणत करो . पीस ~ ब्लैकस्टार }

प्रेम क्रोरेपति का बीटा था . स्कूल का हेडबॉय . पढ़ाई में फर्स्ट था . स्पोर्ट्स में फर्स्ट था . दिखने में ब्रात्त पित्त की 3रद कॉपी लगता था . अगर एक बार हिम्मत करके प्रतिभा को डेट के लिए पूछ लेता तो शायद बात कुछ अलग होती .

ऐसा नहीं था की प्रेम में हिम्मत नहीं थी , रोज निक्की और निअ की गांड मारता था .पर प्रतिभा कुछ ख़ास थी

प्रेम दूसरे लड़कियों की तरफ भले Hi अत्त्रक्ट हुआ हो या इन्फैटुएशन हुयी हो पर प्रतिभा से वो मोहब्बत करता था . एक अलग Hi जूनून था उसका प्रतिभा के लिए . आखिर , पहला प्यार होता Hi ऐसा है .

पिछले कई सालो से प्रेम प्रतिभा के पीछे पागल था . Chupke-Chupke उसको घूरते रहना , स्कूल के बाद भी कई बार उसको दूर से चुपके से देखते रहना .

प्रेम 6तह क्लास मई इस स्कूल में आया था जब उसने पहली बार प्रतिभा को देखा था . उसके पास आते Hi उसकी हार्टबीट तेज़ हो जाती . उस क्लास के बाद प्रतिभा और प्रेम का सेक्शन चेंज हो गया था . एक बार क्लास 9तह में और वापस क्लास 12तह मई दोनों शामे सेक्शन में थे पर प्रतिभा की कभी भी प्रेम से ठीक से बात हुयी Hi नहीं थी .

प्रतिभा और प्रेम का जब भी इंटरकशन होता , प्रेम की हार्टबीट तेज़ हो जाती और उसको अचानक से पसीना आने लग जाता . 1-2 बार तो वो बेहोश भी हो चूका है प्रतिभा के अपने पास आने की वजह से .

प्रेम को भी समझ नहीं आ रहा था की उसके साथ चल क्या रहा था . वो जैसे Hi प्रतिभा के पास जाता या उसको देखता , सब कुछ बदल जाता .

प्रेम की ये बहुत बड़ी बेवकूफी थी की उसको ऐसा लग रहा था की अगर उसको ीत मिल जाएगा तो प्रतिभा भी मिल जायेगी .

खर्र , प्रेम किचन से अपने रूम में चला जाता है और मैं लगाकर पढाई करने लगता है .

_____________________________

लोकेशन : कश्मीर , इंडिया

पहाड़ो के बिच और नदियों के पास एक घर जिसके अंदर था राजवीर महरा


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“ मई जब जब तुम्हे याद करता हु , तुम मेरे पास आ जाती हो “

“ क्या करू ? तुम्हारे बिन मेरा दिल Hi नहीं लगता ! “

राजवीर : ( स्माइल ) तुम्हारे चेहरे का नूर कभी बदलता क्यों नहीं ? जब भी देखु बस तुम्हे देखता Hi रह जाता हु !


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लड़की : ( ब्लश ) तुम्हारी आँखें मुझे और भी खूबसूरत बना देती है ! जिस तरह से तुम मुझे देखते हो , उस तरह से कोई नहीं देखता !

राजवीर : तुम्हारे चेहरे की मुस्कराहट देखता हु तो किसी अलग Hi दुनिया मई चला जाता हु ! बस यही मेरे साथ रहो !

राजवीर की आँखे उस लड़की से हैट नहीं रही थी .

राजवीर : ( गिल्ट ) काश मेने तुम्हारी बात मान लो होती ! काश की मैंने….

*नॉक* *नॉक*

दूर नॉक करने की आवाज़ सुनते Hi राजवीर के सामने से वो औरत अचानक गायब हो जाती है .

*साइलेंस*

अजित रूम के अंदर आ जाता है

अजित : मास्टर ! अब शायद आपको मुंबई जाना चाहिए ! आपको यहाँ 3 महीने हो चुके है !

राजवीर : तुम हमेशा गलत वक़्त पर Hi क्यों आते हो ?

अजित : आप फिर से Ma'am के साथ बाते कर रहे थे ? आपको पता है न की ये सब बस िल्लुसिओं है !

राजवीर अजित की बातो को अनसुना कर किचन में से एप्पल खाने लगता है .

अजित : मास्टर प्रेम का कॉल आया था मुझे जो की हर रोज़ आता है ! पूछते रहते है की आप वापस कब आएंगे ! आप तो कॉल उठाते नहीं है किसीका !

राजवीर : इसलिए Hi तो तुम्हे रखा है मेने ! वर्ण कोण 60 साल के बुड्ढे को अपना प् बनाएगा !

अजित : 59 !

राजवीर अपने पास पड़ी शराब की बोतल को अपने हाथ में लेता है और पीने लगता है .

अजित : मास्टर मई आपसे रिक्वेस्ट करता हु की ऐसा मत कीजिये ! आपको 3रद स्टेज लिवर कैंसर हो चूका है ! आपका पूरा शरीर कमज़ोर होता जा रहा है और आप इसका क्योर भी नहीं कर रहे!

राजवीर : ( स्माइल्स ) अब तो बस मौत का इंतज़ार है Ajith…..Bas मौत का इंतज़ार!

अजित : आप अपने साथ सही नहीं कर रहे !

राजवीर : ( स्माइल्स ) Sahi…Galat ? क्या होता है यह ? और मई तो कितने Hi सालो से मर चूका हु ! बस मेरा शरीर ज़िंदा Hai….Baaki आत्मा को कब की मर चुकी है !

अजित : कभी सोचा नहीं था की हॉट ब्लडेड राजवीर महरा से पोएटिक बाते सुनुँगा ! पर आपको जीना होगा …आपके बच्चो के लिए !

राजवीर : ( स्माइल्स ) मेरे बच्चे बड़े हो चुके है अजित ! वो अब अपना ध्यान रख सकते है ! और मई कोनसा उनका ध्यान रख पाया हु ! इतने सालो से संध्या Hi तो संभल रही है उन्हें ! पिछले 20 सालो मई मेने एक बार भी उससे ठीक से देखा तक नहीं है !

अजित : पर आपके उनके साथ बच्चे हो चुके है !

राजवीर : ( स्माइल ) शराब भी अजीब चीज़ है ! इसके नशे में पता नहीं मेने क्या क्या किया है !

अजित : इतने सालो से आप बस नशे में दुब चुके है ! थे बिल्लिओनेरे राजवीर महरा जिसने पुरे इंडिया के माफिया को अपनी उंगलियों पर रखा , जिसके नाम से Hi उसके दुश्मन कापने लगते है वो अब कश्मीर मई पहाड़ो के बीच एक छोटे से घर में पड़ा रहता है और शराब पीटा रहता है और साथ Hi मई अपनी वाइफ को देखता है जो कबकी मर चुकी है ! मेरे शब्दों के लिए में माफ़ी चाहूंगा पर मई उस राजवीर महरा को जानता हु जो फीयरलेस था !

राजवीर : गिल्ट मुझे जीने नहीं दे रहा है Ajith….Ye गिल्ट मुझे जीने नहीं दे रहा ! मेरी वजह से मेरी पत्नी और मेरी बेटी की मौत हो गयी !

अजित : आप अपने आप को क्यों कोसते हो ? उसमे आप की गलती नहीं थी !

राजवीर : गलत और सही दोनों के बिच एक बहुत छोटी सी लाइन होती है ! पर मेरे लिए अब वो लाइन ख़तम हो चुकी है !

अजित : मास्टर ! में आपको बहुत बार समझा चूका हु ! खर्र अब
मई आपको लेने आया हु ! मुंबई जाने का वक़्त आ चूका है

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रात के 11:30 बज चुकी थे . प्रेम ने डिनर कर लिया था और वह अपने रूम मई बैठ पढाई कर रहा था . काफी मेहनती बच्चा था प्रेम .

तभी उसके पास पड़े मोबाइल विबरते होने लगता है . प्रेम की नज़र कॉलर नाम पर पड़ती है .

प्रेम : ( मैं में ) अब इसको क्या हुआ ?

प्रेम मोबाइल को अपने हाथ में लेता है और कॉल पिक करता है .

*ों कॉल*

प्रेम : Hello !

निअ : Hi प्रेम ! वसुप !

प्रेम : कुछ जरुरी काम था ?

निअ : Nahi…Haan ! मुझे वो तुमसे कुछ जरुरी बात करनी थी !

प्रेम : हाँ मई सुन रहा हु !

निअ : वो आज आदित्य के घर पर पार्टी थी जिसमे उसके और किमया के क्लास्स्मेटिस एंड फ्रेंड्स आये !

प्रेम : OK ! गुड ! पर मुझे क्यों बता रही हु ?

निअ : वो उसमे तुम्हारी सिस्टर भी आयी Thi…Prerna !

प्रेम : एवरीथिंग ऑलराइट ?

निअ : वो आदित्य ने आज सब के सामने पूरी शराब की बोतल उसके ऊपर दाल दी और उसको सबके सामने हुमिलियते भी किया ! रट रट निकली है वो यहाँ से !

प्रेम : ( गुस्से में ) भेनचोद !!!!!!!!!!!

प्रेम मोबाइल को साइड में फेकता है और अपने रूम से बाहर निकलता है . निअ प्रेम की वफादार थी . आदित्य की गफ होने के बाद भी वो प्रेम की तरह ज्यादा झुकी हुयी थी .


प्रेम प्रेरणा के रूम के बाहर आ जाता है और उसके रूम मई चला जाता है . प्रेरणा का रूम हमेशा खुला Hi रहता था . प्रेम की नज़र प्रेरणा पर पड़ती

है जो बीएड पर सोई हुयी थी

प्रेम : ( मैं में ) ज्यादा शाना बन रहा है ! उसको अब औकात तो दिखानी Hi पड़ेगी !

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आज के लिए बस इतना Hi , लिखे करना और अपना रिव्यु देना न भूले . मिलते है जल्द Hi अगले अपडेट के साथ अगले संडे को . तब तक के लिए , चियर्स 🍻
 
नेक्स्ट अपडेट ों संडे ~

अपडेट 44 ~ Prem's पास्ट पैरानॉयड - 2

एंड येह ; ड्रिंक वाटर , स्टे हाइड्रेटेड 👀 ियक्यक

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गुड गेस ! एंड ग्लैड यू Haven't रीड हर्कुलस ! ी Don't वांट पीपल तो अंडरस्टैंड तहत " ियक्यक " फ्रॉम बॉटम ऑफ़ माय हार्ट

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अपडेट 44

Prem's पास्ट पैरानॉयड - 2


[ प्रेम प्रेरणा के रूम के बाहर आ जाता है और उसके रूम मई चला जाता है . प्रेरणा का रूम हमेशा खुला Hi रहता था . प्रेम की नज़र प्रेरणा पर पड़ती है जो बीएड पर सोई हुयी थी .

प्रेम : ( मैं में ) ज्यादा शाना बन रहा है ! उसको अब औकात तो दिखानी Hi पड़ेगी ! ]

अब आगे :

अगले दिन प्रेम सुबह अमन को उसके घर से पिक कर स्कूल पहुंच जाता है .

स्कूल पहुंचते Hi प्रेम अपना बैग खोलता है और उसमे से एक पिस्तौल निकलता है . ये पिस्तौल प्रेम को राजवीर के रूम से मिली थी.

प्रेम की नज़र आदित्य पर पड़ती है जो उसी क्लास में दूर बैठा हुआ था . वह गन को अपनी हाथ में लेकर गुस्से में आदित्य की तरफ बढ़ता है . उसकी आँखों में गुस्सा साफ़ नज़र आ रहा था .


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प्रेम आदित्य के पसे जाते Hi उसके मुँह पर पंच मारता है और गन उसके मुँह की तरफ पॉइंट करता है

पूरी क्लास वह मौजूद थे . ये सब देखकर सभी में Hud-dang मच गयी . सभी लोगो को लग रहा था की वह तोय गन थी

आदित्य : भैंचोड़ प्रेम

*शूट*

प्रेम एक गोली सीधा छत पर चलता है. गोली की आवाज़ इतनी जोर से आयी की पूरी क्लास एक दम शांत हो गयी क्यूंकि गांड फटने की कभी आवाज़ नहीं होती .

सभी लोग क्लास से बाहर भागने लगते है . प्रेम गन को आदित्य के सर पर एआईएम करता है .

आदित्य : ( फियर ) P..Prem ! K..Kya कर रहे है तू यह ! देख…

प्रेम : ( गुस्से में ) सुन बे लोदुचंद ! मई यहाँ तेरी सुनने नहीं आया हु ! मेरी बहेनो से दूर Reh……Samjha वर्ण ये बुलेट सीधा तेरे अंदर होगी ! किसीसे डरता नहीं हु मई ! बकल तेरी जो भी दुश्मनी है वो मेरे साथ Hai….Jab तक मेरे साथ है तब तक ठीक Hai….Agar मेरे भाई बेहेन में से किसीको परेशां किया तो तू मुझे जानता नहीं है !

*15 मिनट्स लेटर*

वाईस प्रिंसिपल : ( गुस्से में ) व्हाट वास् तहत प्रेम ????? कोण हो तुम ??? क्रिमिनल हो ??? क्रिमिनल हो क्या तुम !!! स्कूल में गन लेकर आये हो !!!

प्रेम : सॉरी Ma'am !!

वाईस प्रिंसिपल : ये गन कैसे आयी तुम्हारे पास ???

प्रेम : ये वो मेरे पापा की थी !

वाईस प्रिंसिपल : आईटी Doesn't मैं की तुम इसे स्कूल में लेकर आजाओ !!

प्रेम : सॉरी Ma'am !

वाईस प्रिंसिपल : योर फादर इस थे ट्रस्टी ऑफ़ थे स्कूल ! ोथेरविसे में अभी पुलिस को कॉल कर तुम्हे जेल भेजवा देती ! थिस इस ा क्रिमिनल ओफ्फेंस !

प्रेम : I'm सॉरी Ma'am !

वाईस प्रिंसिपल : व्हाट सॉरी ?? तुमने बुलेट भी फायर की है !! क्लासरूम की छत पर बुलेट लगी हुयी है !! क्लास के सरे स्टूडेंट्स वह से बाहर भागे है !!

प्रेम : ( 🙄 )

वाईस प्रिंसिपल : और जिस पर तुमने गन एआईएम की है वो इस स्कूल के प्रिंसिपल का बीटा है !

आदित्य : Ma'am हे इस ा मेन्टल ! ये फायर कर लेता और मई वही चल बस्ता !

वाईस प्रिंसिपल : I'm कालिंग थे पेरेंट्स ऑफ़ योर बोथ ! और Prem….You अरे सस्पेंडेड फ्रॉम स्कूल ! सिर्फ बोर्ड एग्जाम देने आ जाना सेण्टर पर !

प्रेम : सॉरी Ma'am !

वाईस प्रिंसिपल : व्हाट सॉरी ?? यू अरे ओने ऑफ़ थे ब्रिलियंट स्टूडेंट ी हैवे एवर सीन ! और तुम ऐसे सीरियस क्राइम Karoge…Ye मेने नहीं सोचा था !

प्रेम : ( 🙄 )

वाईस प्रिंसिपल : अगर आदित्य के पेरेंट्स ने पुलिस कंप्लेंट कर दी तो स्कूल और तुम्हारे Parents…Dono का नाम ख़राब होगा !

वाईस प्रिंसिपल ने दोनों के पेरेंट्स को कॉल कर लिया था . वह अजित भी राजवीर के साथ मुंबई आ चूका था . मुंबई आते Hi अजित के पास स्कूल से कॉल आ जाता है . अजित वह मैसेज राजवीर तक पंहुचा देता है .

आधे घंटे तक प्रेम और आदित्य दोनों Hi वाईस प्रिंसिपल के रूम में खड़े थे.

वही स्कूल का प्रिंसिपल और राजवीर दोनों Hi वाईस प्रिंसिपल के केबिन में आ जाते है .


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राजवीर को देख प्रेम थोड़ा सा चौक गया था . प्रेम ने कई महीनो से अपने पापा को नहीं देखा था .

वही वाईस प्रिंसिपल Ma'am साड़ी बात बता देती है दोनों को और क्लासरूम की कक्तव रिकॉर्डिंग भी बता देते है .

वह गन को टेबल पर रख देती है .

वाईस प्रिंसिपल : ये क्रिमिनल ओफ्फेंस है ! हमे एक मिनट नहीं लगेगा आपके बेटे को जेल भेजने में ! अभी मेने इसको स्कूल से ससपेंड कर लिया है ! सिर्फ बोर्ड एग्जाम दे सकता है !

राजवीर अपना चश्मा खोल कर टेबल पर रखता है और चेयर से खड़ा होकर…

*चटाक*

राजवीर एक जोरदार थप्पड़ मारता है प्रेम के गालो पर . प्रेम का पूरा गाल लाल हो चूका था .

राजवीर टेबल पर पड़ी गन को अपनी पॉकेट में रख लेता है .

प्रिंसिपल : कॉल थे पुलिस !! मेरे बेटे पर गन राखी है ! ऐसे क्रिमिनल्स यहाँ नहीं पढ़ सकते !

राजवीर : प्रेम !! क्या हुआ था ????

प्रेम : पापा ये लड़का हमेशा कुछ न कुछ करके मुझे परेशां करता रहता है ! में सब कुछ नज़रअंदाज़ कर देता हु क्यूंकि मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता ! इसने एक बार मेरे सारे प्रोजेक्ट्स लेकर डिस्ट्रॉय कर लिए थे , फिर भी मेने कुछ नहीं किया और एक Hi रात मई सारे प्रोजेक्ट कर लिए ! पर ये हमेशा परेशां करते रहता है ! कल इसके घर पर हाउस पार्टी थी , प्रेरणा भी वह गयी थी ! इसने प्रेरणा को वह हुमिलियते किया और उसपर शराब भी डाली ! ये मुझसे बर्दाश नहीं हुआ ! कोई मेरी बहेनो के साथ ऐसा Kare….Ye मेरा हरगिज़ सेहेन नहीं करुगा !

आदित्य : वो तो गलती से हो गया था !

वाईस प्रिंसिपल : तुम्हे ये बात किसने बताई !

प्रेम : Ma'am ऐसी बाते पता चल Hi जाती है !

प्रिंसिपल: तो क्या गन लेकर आजाओगे ??? अपने क्राइम को जस्टिफाई मत करो !!

राजवीर : प्रेम से सॉरी एंड जो आउट ऑफ़ थे केबिन !!

प्रेम : ( 😔 ) सॉरी !

प्रेम वाईस प्रिंसिपल रूम से बाहर चला जाता है .

वाईस प्रिंसिपल : थिस इस माय केबिन मर. महरा ! यहाँ ऑर्डर्स सिर्फ मई दे सकती हु !

राजवीर : मुझे पता है मेरे बेटे ने गलत किया है ! आगे से ऐसा कुछ नहीं होगा ! ना Hi उसको कोई जेल भेजेगा और न Hi कोई ससपेंड करेगा !

प्रिंसिपल : मर. महरा ये मई डीडे करुगा और आपके बेटे को में जेल भेजकर Hi रहुगा ! आदित्य , तुम अपनी क्लास में जाओ !

आदित्य वह से अपनी क्लास मई चला जाता है .

राजवीर टेबल पर पड़े अपने चश्मे को पेहेन लेता है.

राजवीर : ( 😈 )

वही प्रेम जब केबिन से बाहर निकलता है , उसको बाहर Hi अजित मिल जाता है

अजित : मास्टर प्रेम ! गुड मॉर्निंग !

प्रेम : कहा गुड मॉर्निंग ?? बाद मॉर्निंग बोलो !

अजित : लगता है आपने कुछ बड़ा किया है ! आपका चेहरा पर लाल निशाँ साफ़ बयान कर रहा है !

प्रेम : मत Hi पूछो ! वैसे आप लोग कब आये ?

अजित : आज !

प्रेम : अजित मेरा दिमाग कह रहा की मेने गलत किया पर मेरा दिल कह रहा की मेने सही किया !

अजित : हम्म ! तो हमेशा ऐसे तरीके से काम कीजिये की दिल और दिमाग दोनों Hi सही कहे !

प्रेम : मुझे लगता है ये मुझे आज जेल भेजकर Hi रहेगा ! मेरी बैल तैयार रखना अजित !

अजित : Don't वोर्री ! मास्टर आपको कुछ नहीं होने देंगे!

प्रेम : मुझे भी यही लगता है ! मेरे पापा मुझे जेल तो बिलकुल नहीं जाने देंगे !

5 मिनट बाद राजवीर वाईस प्रिंसिपल के रूम से बाहर निकलता है . वह प्रेम की तरफ देखता है .

राजवीर : आगे से ये सब नहीं होना चाहिए ! ऐसा कुछ मत करना Hi तेरे करियर खतरे में आये !

प्रेम : जी पापा !

राजवीर : कोई ससपेंड नहीं हुआ है तू ! न Hi कोई जेल जायेगा ! कल से रोज़ स्कूल आएगा और आगे से ऐसी शिखायत नहीं आणि चाहिए!

प्रेम : जी पापा !

राजवीर : अभी क्लास से अपना बैग ले ले और चल मेरे साथ !

प्रेम : जी पापा !

प्रेम अपनी क्लास की तरफ चला जाता है.

राजवीर : इसके अंदर भी एक आग है !

अजित : आफ्टरऑल , मुफस्सा का बीटा सिम्बा Hi होता है !

राजवीर : पर मई नहीं चाहता ये मेरी तरह बने ! में चाहता हु यह बहुत ाचा इंसान Bane….Bahut ाचा ! मेरे पापा की तरह ! एक दम कोल्ड Minded…..Meri तरह गुस्से में अँधा नहीं!

कुछ Hi देर में प्रेम क्लास में से अपना बैग लेकर आ जाता है . सारे बच्चे उसे Hi घर रहे थे .

फ्यू स्टूडेंट्स वेरे साइलेंट , फ्यू वेरे शॉकेड बूत मोस्ट ऑफ़ वेरे ग्रेड बी हिज और

प्रेम अपना बैग लेकर वापस राजवीर के पास आ जाता है .

*20 मिनट्स लेटर*

प्रेम और राजवीर दोनों Hi एक ट्री के निचे बानी बेंच पर बैठे हुए थे .


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राजवीर : तो बताओ ! पिछले कुछ महीने कैसे गए ?

प्रेम : सब ाचा गया पापा !

राजवीर : वो गन कहा से मिली ??

प्रेम : आपके रूम से ! मेने एक बार आपको गन को ड्रावर में रखते हुए देखा था ! उस ड्रावर की कीस धुंध कर उसमे से निकाल दी !

राजवीर : सोचो अगर गलती से वह गन शूट हो जाती तो ? तुम्हारी छोटी सी गलती की वजह से उसका पूरा परिवार Uthal-Puthal हो जाता !

प्रेम : सॉरी पापा ! आगे से ऐसा नहीं होगा !

राजवीर : घर पर सब कैसे है ??

प्रेम : सब ठीक है पापा !

राजवीर : देख बीटा ! जब में यहाँ नहीं हु तब पुरे परिवार की ज़िम्मेदारी तेरे ऊपर है ! समझा ! अभी Nahi….Abhi तू चौथा है ! पर बड़े होने के Baad…Tujhe Hi सब को संभालना है ! वह गुस्से से Nahi…..Shaanti से काम लेना पड़ेगा ! हर Waqt…Har जगह मई तेरे साथ नहीं रहुगा ! तब तुझे Hi सब कुछ हैंडल करना पड़ेगा ! और अगर तब ऐसे गलत फैसले Lega….To सबकुछ बर्बाद हो जायेगा ! इसलिए हमेशा सोच समझकर फैसले लेना ! समझा ?

प्रेम : जी पापा ! मई याद रखुगा !

राजवीर : गुड ! अपने दिमाग को शांत रखना सीखो ! मेरी तरह कभी मत बनना ! मुझे छोटी छोटी बातो पर बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है ! में नहीं चाहता की तू मेरी तरह बने !

प्रेम : आप मेरे हीरो हो पापा ! में आपकी तरह बनना चाहता हु !

राजवीर : ( स्माइल्स ) Acha…..Aur ऐसा क्यों है ? तेरा हीरो तेरी मदर होनी चाहिए ! बचपन से Hi मुझसे ज्यादा तो वो तुम्हारे साथ रही है ! में तो ज़्यादातर काम से बाहर Hi रहता हु ! जब आता हु तब भी सिर्फ शराब Hi पीटा हु ! मुझे तो याद भी नहीं की हमने ऐसे साथ में बैठकर आखरी बार कब बात की थी ? संध्या Hi तुम सबका ध्यान रखती है !

प्रेम : पापा बचपन से Hi मेरे हीरो सिर्फ आप Hi हो ! सिर्फ आप !

राजवीर : ( स्माइल्स ) हां तो मेरी ये दो बात हमेशा याद रखना ! पहली तो ये की हमेशा अपने परिवार वालो के साथ मुश्किल वक़्त में खड़ा रहना और मुसीबत का सामना Karna…..Aur दूसरी बात की हमेशा सोच समझ कर डिसिशन लेना !

प्रेम : ठीक है पापा ! में याद रखुगा ….और अगर भूल भी जाऊ तो आप वापस समझा देना ! प आप भी मेरे साथ Hi होंगे न तब !

राजवीर : ( िंहले ) वो तो समय की बात है बीटा ! आज जो ये मेरी गन स्कूल लेकर चला गया , इससे कई बड़ी प्रॉब्लम हो सकती थी ! अगर मुझे ये बात पता नहीं चलती तो तू अभी जेल में होता और तेरे पूरा करियर ख़तम हो जाता !

प्रेम : बहुत बड़ी गलती हो गयी पापा ! आगे से ऐसा कभी नहीं होगा ! वो पता नहीं गुस्से में आकर मेरा दिमाग काम करना Hi बांध कर दिया !

राजवीर : आगे से ऐसा कुछ भी हो तो सोच समझ कर कदम उठाना ! कुछ भी करने से पहले एक बार अपने और अपने परिवार के बारे में सोचना ! समझे ?

प्रेम : जी पापा !

राजवीर : अब घर चलते ! बहुत समय हो गया होश में घर जाए हुए !

*फ्यू हॉर्स लेटर*

राजवीर अपने रूम में था . वह मिरर के सामने खड़ा हुआ था . वही संध्या उससे बहुत दूर रूम में Hi कड़ी हुयी थी . दोनों की Hi नज़रे एक दूसरे से नहीं मिल रही थी .

राजवीर : तबियत किसी है तुम्हारी ?

संध्या : जी ठीक है !

राजवीर : गुड ! अबसे अपनी हेल्थ का और भी ज़्यादा ध्यान रखना है तुम्हे ! बच्चो की पूरी ज़िम्मेदारी तुम्हारे ऊपर है ! में ज़्यादातर घर से बाहर Hi रहता Hu…..Isliye बच्चो का भविष्य भी तुम्हारे हाथो में है !

संध्या : जी !

राजवीर : मुझे तुमसे कुछ कहना भी था ! पिछले कई सालो से तुम तो मेरी पत्नी बन गयी पर मई कभी तुम्हारा पति नहीं बन सका ! तुमने बहुत अचे से घर और बच्चो को संभाला जब भी मई घर से दूर रहा हु ! में उसके लिए हमेशा तुम्हारा शुक्रगुज़ार रहुगा !

संध्या : A..Aap किसी बाते कर रहे है ! ये तो मेरा फ़र्ज़ है !

राजवीर : फ़र्ज़ !!!! मेरे भी कई फ़र्ज़ थे जिन्हे मई नहीं निभा पाया ! तुमसे शादी जरूर की थी मैंने पर तुम्हे मई कभी अपनी पत्नी नहीं बना सका ! पर तुमने हमेशा बिना किसी शिकायत के सब कुछ किया ! में उम्मीद करता हु की तुम बच्चो का अचे से ख़याल रखोगी !

राजवीर अपने रूम से बाहर चला जाता है .

*15 मिनट्स लेटर*

राजवीर : सो ! कंपनी में सब केसा चल रहा है मर. डायरेक्टर ऑफ़ बोर्ड !

धर्मेंद्र : सब कुछ सही चल रहा है ! तू पहले बता की तू रह कहा रहा है ??

राजवीर : बस जहा जहा दुनिया लेकर जा रही है ! बस वह वह घूम रहा हु !

राजवीर अपनी बैक पॉकेट में से वाइन चैने निकलता है और पीने लगता है .

धर्मेंद्र : अपने आप को संभल ! तुझे समझा समझा कर धक् चूका हु मई !

राजवीर : माय Brother…..My बडी ! मुझे अब कुछ नहीं संभालना ! थक चूका हु मई अपने आप को सँभालते सँभालते ! पर अब यह दिल इतना कमज़ोर हो चूका है की साला अब मैं Hi नहीं करता एक बार वापस जीने को !

धर्मेंद्र : तू एक बार उससे भूलने की कोशिश तो कर ! एक बार संध्या को अपनी पत्नी मान कर तो देख !

राजवीर : मई चहु तो भी उससे भूल नहीं सकता ! में उससे कभी भूलना चाहता भी नहीं हु ! वो मेरे अंदर आज भी ज़िंदा है ! मुझे दिखती है वह ! में Jab-Jab उसको याद करता हु वो मेरे सामने होती है !

धर्मेंद्र : में तो तुझे नहीं समझा
सकता ! तुझे कोई नहीं समझा सकता ! वैसे वो तेरा जिगरी दोस्त कहा है आजकल ?

राजवीर : सौम्य ??? पता नहीं ! बहुत समय हो गया उससे मिले ! वो अपनी घर ग्रहस्ती में ज्यादा Hi बिजी हो गया लगता है

धर्मेंद्र : तो तू भी हो जा !

*नॉक* *नॉक*

राजवीर : के इन !

शेखर रूम के अंदर आ जाता है .

राजवीर : और सीईओ सर ! सब कुछ केसा चल रहा है ?

शेखर : बढ़िया भैया !

राजवीर : गुड !

राजवीर अपनी जगह से खड़ा होता है और शेखर के पास जाता है .

राजवीर : सब कुछ ाचा Hi चल रहा होगा !!

*चटाक*

राजवीर एक जोरदार थप्पड़ मारता है शेखर के चेहरे पर .

धर्मेंद्र : राजवीर ?????

राजवीर : बीटा में नशे में धूर्त था उसका मतलब ये नहीं की मुझे पता नहीं क्या क्या चल रहा है ! हर चीज़ की खबर मुझतक पहुंच जाती है !

*चटाक*

राजवीर : तेरी जगह कोई दूसरा होता तो अब तक दफना चूका होता ! मेरा भाई है इसलिए सिर्फ थप्पड़ मार रहा हु !

धर्मेंद्र : आखिर हुआ क्या ??

राजवीर : कंपनी के एकाउंट्स में Hera-Pheri कर रहा है यह !

धर्मेंद्र : क्या ????

राजवीर : हाँ और इसने ये सब इतनी चालाकी से किया की किसीको पता भी नहीं चलने दिया ! एकाउंट्स टीम की पॉकेट्स भी भर चूका है यह !

*चटाक*

शेखर का चेहरा लाल हो गया था . उसकी आँखों में से आंसू निकल गए थे पर उसमे गुस्सा भी अपनी छाप छोड़ रहा था .

धर्मेंद्र : मुझे भी पता नहीं चला इस बारे में ??

राजवीर : अब सुन ! तू भी घर का Hi आदमी Hai…..Garib नहीं है तू ! तुझे सीईओ की सैलरी मिल जाती है न क्रोरो में ! पर फिर भी लालच !

शेखर : मुझे माफ़ कर दीजिये !

राजवीर : आगे से ऐसा कुछ हुआ तो सीईओ की पोस्ट से भी तुझे निकाल दुगा और इस घर से भी निकाल दुगा ! और शुक्र मन की मेने अपने गुस्से को दबा कर रखा है वर्ण तू जानता नहीं Hai…Jo मुझसे धोखा करता है , उसका मई क्या हाल करता हूँ !

शेखर : सॉरी भैया ! मेरा दिमाग खराब हो गया था !

राजवीर : अब यह बात इस रूम से बाहर नहीं जानी चाहिए ! ये मामला यही ख़तम हो जाना चाहिए ! तूने जितने पैसे कंपनी के चोरी Kiye…Uski साड़ी रिपोर्ट मेरे पास पहुंच चुकी है ! वो सारे पैसे मुझे वापस चाहिए अगले 7 दिन के अंदर ! समझा ?

शेखर : 7 दिन ?

राजवीर : हाँ 7 दिन !!! वर्ण उसके बाद तू मेरा असली गुस्सा देखेगा !

धर्मेंद्र : शांत हो जा राजवीर ! शेखर तू जा यहाँ से ! और पैसे वापस कंपनी के पास आ जाने चाहिए !

शेखर : जी !

शेखर वह से चला जाता है .

धर्मेंद्र : मुझे लगा की तेरा तो मुंबई में क्या चल रहा है उसका ध्यान Hi नहीं होगा ! तू अपने Hi गम में डूबा होगा !

राजवीर : मई घर से दूर हूँ पर घर मुझसे कभी दूर गया Hi नहीं ! यहाँ की हर चीज़ की खबर मुझे मिल जाती है !

धर्मेंद्र : ( स्माइल ) शेर भले Hi जंगल से दूर हो पर जंगल का राजा हमेशा शेर Hi रहता है ! पर एक बार माननी Padegi…Itni बड़ी बात में भी तूने गुस्सा नहीं किया !

राजवीर : हाँ बस अपना गुस्सा कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रहा हूँ ! वर्ण Gusse-Gusse में अपने Hi भाई को हॉस्पिटल बीएड पर पंहुचा देता मई !

राजवीर रूम से बाहर निकल जाता है जहा अजित खड़ा हुआ था . राजवीर अजित के साथ मेंशन के बाहर चला जाता है .

अजित कार ड्राइवर कर रहा था और राजवीर पीछे बैठा हुआ था .

राजवीर : अजित मेरे कितने बैंक एकाउंट्स है ??

अजित : स्विस बैंक के भी सरे एकाउंट्स मिलकर 18 !

राजवीर : गुड ! उन सब का नॉमिनी प्रेम को बना दो !

अजित : सॉरी तो आस्क मास्टर बूत मिस प्रेरणा और मिस दिया के लिए ?

राजवीर : अजित इतने सालो में मेने कुछ किया हो न किया हो पर अपने बेटे को हमेशा सिखाया है की उसको Hi अपनी बहनो और अपनी माँ का ख़याल रखना है ! प्रेम उन सब का ध्यान रख लेगा ! और मई कोई प्रॉपर्टी की विल नहीं बना रहा हु ! सिर्फ बैंक एकाउंट्स का नॉमिनी बना रहा हु !

अजित : वैसे अभी जाना कहा है ???

राजवीर : होटल में ले लो ! और हाँ ! रायचंद होटल में मत लेना !

अजित : बिलकुल ! में सुईठे बुक कर लेता हु !

राजवीर : और कुछ बॉटल्स जिससे पूरी रात निकल जाए !

अजित : आप अकेले रूम में क्या करेंगे सर ? घर पर Hi ठहर जाते ! आप अपनी बच्चियों से भी नहीं मिले !

राजवीर : दर लगता है अजित!

अजित : राजवीर महरा को दर लगता है ? ये कबसे होने लग गया ??

राजवीर : अपने आप से दर लगता है Ajith….Apne आप से लगता है ! में अपनी पत्नी और अपनी बच्ची को खो चूका हु ! इसलिए अब यहाँ संध्या और मेरी दोनों बेतिया प्रेरणा और दिया के पास जाने से भी थोड़ा दर लगता है ! कही उन्हें न खो दू ! सिर्फ प्रेम है जिसके साथ वक़्त बीतने में अब मुझे ाचा लगता है पर में नहीं चाहता की वो मुझसे ज़्यादा आत्ताच हो इसलिए उससे दूर रहता हु !

अजित : आप इतना दर्द अपने अंदर कैसे समां लेते हो ??

राजवीर : हर दिन जीने में यहाँ मौत आती Hai…..Bas मौत Hi नहीं आ रही !

*नेक्स्ट डे*

प्रेम बस में बैठा हुआ था . ये बस स्कूल की तरफ से दिल्ली जा रही थी स्पोर्ट्स टूर्नामेंट के लिए . इस बस में सिर्फ प्रेम Hi नहीं था , उसी बस में आदित्य भी था जो प्रेम से बहुत दूर बैठा हुआ था .

चिराग : पुरे स्कूल में वो गन वाली बात फेल गयी है !

आदित्य : पता है !

चिराग : पर उसमे नाम तेरा Hi उड़द रहा है ! सभी के सामने प्रेम तो एक हीरो जैसा बन गया है ! एक दम गैंगस्टर टाइप और तुझे Hi सब फत्तू समझ रहे है !

आदित्य : इस प्रेम का कुछ तो करना पड़ेगा ! पता नहीं यह सुस्पेंसिओं से कैसे बच गया ? दिल्ली में इसका इलाज अचे से करुगा !

चिराग : कैसे ?

आदित्य : केतु भैया को तो जानता है न ! वह यही रहते है ! वो इसकी गांड फाड़ देंगे ! इसकी हड्डियों का चूरमा बना देंगे !

चिराग : भेनचोद !!

*24 हॉर्स लेटर*

वो बस दिल्ली के नार्थ जोन स्पोर्ट्स फेडरेशन के सेंटर पर पहुंच चुके थे .

सभी स्टूडेंट्स के अलग अलग स्कूल के बच्चो के साथ वह रूम ाललोकते हुए थे .

प्रेम बोर्ड में लगी लिस्ट में अपना नाम ढूंढने लगता है .

प्रेम : हम्म रूम No. 18 !! ओह ! एक Hi रूम में 3 लोग ाललोकते हुए !

प्रेम वह से रूम No. 18 के बाहर आ जाता है और गेट नॉक करता है .

“ आजाओ अंदर ”

प्रेम रूम के अंदर चला जाता है . वह एक और लड़का था . वह चेयर पर Baithe-Baithe जूस पी रहा था .

प्रेम : Hi ! माइसेल्फ प
रेम राजवीर महरा !

लड़का : Hi ! राज अग्गरवाल हेरे !!!!

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आज के लिए बस इतना Hi . लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना . ठोस हु Don't क्नोव , राज मेरी प्रीवियस स्टोरी का मैं लीड था . ी रिक्वेस्ट की उत्सुकता में आकर मेरी प्रीवियस स्टोरी गलती से भी मत खोल देना . वो स्टोरी मेने नशे नशे में लिख दी थी . क्या पता कोनसे नशे कर मैंने राज का फेस रोनाल्डो का रखा था . अन्य्वयस , मिलते है अगले संडे को . तब तक के लिए , चियर्स 🥂
 
राजवीर ने केबिन के अंदर क्या किया , वो तो शायद न देखने को मिले पर वो क्या करने की पावर होल्ड करता है , वो ज़रूर स्टोरी में पता चल जाएगी आपको .

एंड येह , सॉरी वो वर्ड ऑटोकरेक्ट हो गया . प्रेम की जगह प्रेरणा हो गया . फिलहाल मेने उसको सही कर लिया है एंड ी विल मेक सूरे आगे ऐसा न हो . वो औकात वाली बात प्रेम ने की थी

बाकी दूसरे सवालों के जवाब तो आपको इस कहानी में मिल Hi जायेगे . चियर्स 🍻
 
नेक्स्ट अपडेट टुमारो ~

अपडेट 45 ~ Prem's पास्ट पैरानॉयड - 3


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