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अपडेट - 120 माहि की सुरवीन के साथ सेक्सी इंट्रो
माहि रात को अपनी मम्मी और बुआ के साथ मिलकर अपने कमरे में लौट कर सो गया था.
सुबह त्यार होकर ब्रेकफास्ट कर रहा था के उसको सुरवीन का मश्ग आया: hello माहि कैसे हो, क्या कर रहे हो.
माहि: ठीक हु, अभी ब्रेकफास्ट कर रहा था और तुम्हारे पास आने के लिए सोच रहा था.
सुरवीन: क्यों फेंकते ho,mera तो तुमको नाम भी याद नहीं होगा.
इतनी बड़ी कंपनी में मैनेजर हो , तुम को और बहुत काम होंगे.
मेने मश्ग किया तोह तुम ने वैसे hi बोल दिया मेरे पास आने के वारे में.
अगर सच बोल रहे हो तो ा जाओ.
माहि: बेबी सच बोल रहा hu.Tum जैसी ब्यूटी का नाम कोई कैसे भूल सकता है.
अभी आता हूँ थोड़ी देर में तुम्हारे पास.
थोड़ी देर बाद माहि सुरवीन के पास पहुँच गया हॉस्पिटल
में.
अज्ज सुरवीन डॉ प्रतीक्षा के ऑफिस में सोफे पर बैठी थी.
माहि के पहुँच ने पर वह उसको हुग करके मिली ,मिलते समय हलके से बूब्स माहि की छाती के साथ दबा कर.
और माहि को वहीँ अपने साथ सोफे पर बिठा लिया.
माहि उसके साथ चिपक कर बेथ गया.
और सुरवीन से बोलै , बताओ बेबी अज्ज कहा घूम ने चलोगी मेरे साथ.
सुरवीन ने उसको बताया के प्रतीक्षा मम अभी थोड़ी देर में आने वाली है.
तब तक हम चाय पीते है और मम के आने के बाद चलूंगी में तुम्हारे साथ जहा भी तुम लेकर जाओगे.
माहि उसके साथ चिपक कर बेथ गया और चाय पीरे हुए उसकी जांघ पर हाथ फेर ने लगा.
सुरवीन को बहुत अच्छा लग रहा था माहि का उसकी जांघ पर हाथ फेरना ,उसकी फुद्दी से रास निकल कर उसकी पेंटी को भिगोने लगा था.
लेकिन वह अपने आप को रोक कर रख रही थी चूँकि उसको दर था के प्रतीक्षा मम न ा जाये कहीं.
उसने धीमे से माहि को कहा, यार ऐसे मत करो प्लीज, मम ा सकती है यहाँ कभी भी.
माहि ये सुनकर और बोल्ड हो गया चूँकि वह समझ गया के सुरवीन को मेरी टच अच्छी लग रही है लेकिन प्रतीक्षा के आने से दर रही है.
उसने अपना हाथ थोड़ा ऊपर लीजा कर सुरवीन की छूट पर लगा दिए.
सुरवीन की सिसकी निकल गयी और उसने अपनी गीली छूट उठा कर माहि के हाथ पर दबा दी.
वह बोली यार क्यों इतनी जल्दी कर रहे हो, मम क्या कहेगी.
माहि ने उसकी गीली छूट को मसल कर कहा, बेबी अगर तुम को मज़ा ा रहा है तो मज़ा लो क्यों दर रही हो प्रतीक्षा से.
और ज़ोर से मसल दी सुरवीन की छूट ऐसे बोलकर.
यार मेने कभी ऐसा कुछ किया नहीं और मम के सामने तो मुझे बहुत शर्म आएगी अगर उन्होंने ा कर हमें ऐसे देख लिए.
पता नहीं तुम्हारे हाथो में क्या जादू है मेरी गुलाबो बहुत गीली हुए जा रही है तुम्हारे हाथ के प्रहार से.
माहि ने कहा बेबी जादू मेरे हाथ में नहीं तुम्हारी छूट में है जो मुझे अपनी तरफ खिंच रही है.
सुरवीन ने कहा कितना गन्दा वर्ड उसे किया है तुम ने राजे.
ऐसे भी कोई बोलता है भला पहली मुलाकात में.
थोड़ा अच्छे शब्द इस्तेमाल करने चाहिए तुम जैसे गुलाबो बगैर.
माहि ने उसकी पेंटी नीचे करके अपनी एक फिंगर छूट के होंठो पर दबा कर कहा, बेबी अब फुद्दी को फुद्दी नहीं तो और क्या बोलू में.
और अपनी फिंगर छूट पर रब करने लगा ,कहने लगा बेबी बहुत टाइट है तुम्हारा छेड़.
सुरवीन ने कहा मेरे छेड़ को hi आज़मा रहे हो जब से ए हो ,तुम मेरी गुलाबो के छेड़ के बगैर और कुछ भी नहीं दिख रहा मुझमे.
और वर्जिन रामप्यारी का छेड़ टाइट hi होता है.
अभी तक मेने किसी का नहीं डलवाया अपनी गुलाबो में.
माहि ने कहा यहाँ पर टेबल के नीचे वाला hi मज़ा लेते हैं.
और ऐसे बोलकर उसका हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख दिया.
सुरवीन तो माहि के लुंड पर हाथ लगते hi दर गयी और बोली हाय राजे कितना बड़ा है तुम्हारा सांप.
मुझे तो बहुत दर लगता है इतना बड़ा पकड़ ने में.
मेने तो इतना बड़ा नहीं देखा कभी.
माहि ने कहा बेबी औज़ार जितना बड़ा हो उतना hi ज्यादा स्वाद आता है लड़कियों को अपने छेदों में लेकर.
अगर तुम इसको बहार निकल कर पकड़ लोगी तो तुम को और भी ज्यादा प्यारा लगेगा मेरा हथियार.
सुरवीन ने कहा, न बाबा न, में यहाँ पर तुम्हारे इसको बहार निकल कर नहीं देख सकती.
वैसे अंदर से उसका मन कर रहा था माहि के लोडे को पकड़ कर प्यार करने का.
तभी उन दोनों को आहत सुनाई दी प्रतीक्षा के आने की और दोनों ठीक होकर बेथ गए.
प्रतीक्षा के आने पर माहि ु खड़ा होकर उसको गले लग्ग कर मिला .
और वह हैरान हो गया जब डॉक्टर ने अपने मुम्मे मसल दिए उसकी छाती के साथ.
प्रतीक्षा भी हैरान हो गयी जब माहि के खड़े लुंड ने उसकी गुलाबो पर ठुमका लगा दिए.
अंदर अपने केबिन में जाते हुए उसने धीमी आवाज में माहि से कहा ये तुम्हारा सांप क्यों फन उठाये खड़ा है इस समय.
माहि ने कहा ये तो प्रतीक्षा की प्रतीक्षा में ऐसे हार्ड हुआ पड़ा है.
तुमको खड़े होकर सलाम किया है इसने तो बस.
प्रतीक्षा ने कहा, तुम को कोई ग़लतफहमी हुई है raje,aise में तुम्हारे हाथ नहीं आने वाली.
उस दिन पता नहीं कैसे तुम्हारी गफ ने मेरे साथ ऐसा कुछ कर लिया.
में तो बस तुम से मिल कर हसना खेदना hi चाहती हु.
मुझ से तुम ज्यादा उम्मीद मत रखो.
माहि ने kaha,baby
में भी बस तुम्हारे साथ रोमांस
hi करना चाहता हु.
तुमको वैसे hi दर लगने लगा है मुझसे.
में ऐसा बाँदा नहीं हु जो किसी के साथ जबरदस्ती प्यार करू.
में तो बस ,तुम जैसी ब्यूटी के साथ घूमना hi चाहता हु.
प्रतीक्षा ने kaha,fir ठीक है, मुझे तुम्हारे साथ घूम न तो बहुत अच्छा लगेगा.
वैसे तुम बहुत प्यारे और इंटेलीजेंट लड़के हो.
लेकिन अज्ज तुम सुरवीन के साथ घूम आओ राजे ,में बहुत बिजी हु ,में फिर कभी चलूंगी तुम्हारे साथ घूमने.
माहि ने उसको हल्का सा चुम कर कहा जैसे तुम्हारी मर्ज़ी डॉक्टर.
उसके बाद माहि और सुरवीन हॉस्पिटल से बहार निकल ने लगे.
दूसरी तरफ माहि की गफ पूनम और उसकी सास सुषमा, माहि को बहुत मिस कर रही थी.
सुषमा ने कहा यार पूनम कितनी अच्छी तरह प्यास बुझाई थी माहि ने मेरी .
मुझे रह रह कर उसके बड़े हथियार की यद् ा रही है.
कैसे ज़ोर से ठुकाई की थी उसने अपनी मैरिज के लिए लेडीज संगीत पर बुला कर मेरी.
उसका औज़ार सीधा मेरी बच्चेदानी पर ठोकर मर रहा था.
मेरे जीवन की वह सब से अच्छी ठुकाई थी .
पूनम ने कहा सासु माँ मेरा भी बहुत मन कर रहा है उसका औज़ार अपनी तिजोरी में लेकर उस से अपनी तिजोरी लुटवाने का.
मेरी भी बहुत शिद्दत से ठुकाई की थी उसने.
अब तो वह वापस ा गया है चंडीगढ़ से.
एक बार उस से मिलकर कोई प्रोग्राम बना लेती हु.
और अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम दोनों सास बहु करवा लेंगी अपनी ठुकवै उसके मुस्सल se,ek दिन उसको घर बुला कर.
सुषमा ने kaha,ha मेरी प्यारी बहुरानी, प्लीज जल्दी बुला लो हम दोनों के यार को ,अब और ज्यादा देर प्यासी नहीं रह सकती में.
तभी पूनम ने मश्ग किया माहि को: hello raje,kese हो.
तुम चंडीगढ़ से वापस ा कर, मुझे मिले hi nahi,aisa क्यों.
माहि अभी कार में सुरवीन के साथ बैठने hi वाला था.
वहीँ रुक कर पूनम से चाट करने लगा: hello बेबी, में ठीक हु ,तुम बताओ किसी हो.
कैसे यद् किया अपने यार को और तुम्हारी सास सुषमा किसी है.
पूनम: यार तुम पता hi hai,me और मेरी सास क्यों यद् करते है तुम्हें.
यार एक बार मुझे मिलने का अवसर do,to कोई प्रोग्राम बना लेंगे हम प्यार करने का.
कहो तो अभी ा जॉन सिमसोसिस होटल में तुम से मिलने के लिए.
माहि: यार मेरे साथ एक लड़की है सुरवीन.
अगर तुम को कोई समस्या नहीं उसके साथ होने से, तो ा जाओ.
में सुरवीन के साथ वही पहुँच जाऊंगा.
पूनम: मुझे क्या समस्या होगी राजे उसके साथ होने में.
में तो पहुँच जाउंगी, हम तीनो किसी केबिन में बेथ कर बाटें कर लेंगे और चाय बगैर पि लेंगे.
तुम सुरवीन से पूछ लो , अगर उसको कोई इतराज़ नहीं तो हम तीनो मिलते है होटल के केबिन में.
माहि ने सुरवीन को पूछा के मेरी एक फ्रेंड हमें ज्वाइन करना चाहती hai,tume इतराज़ तो नहीं.
सुरवीन ने माहि को ग्रीन

सिग्नल
दे दिए.
तब माहि ने मश्ग कर के पूनम को ग्रीन

सिग्नल दे दिए.
माहि ने सुरवीन को कार में बैठने का इशारा किया और गेट खोल कर उसको बिठाते हुए थोड़ा उसके बूब्स छू लिए.
सुरवीन आराम से कार में बेथ गई और माहि कार के गियर बदल ते समय उसकी जांघ मसल ता रहा.
सुरवीन ने माहि के मुस्सल को थोड़ा छूटे हुए कहा.
यार ये तुम मुझ पर हाथ फेर ने की बजाये, ध्यान से गाड़ी chalao,kahi कोई एक्सीडेंट hi न कर देना.
माहि ने कहा नहीं बेबी में बहुत स्मूथली चलता हु गाड़ी.
तुमने एक बार मुझसे गाड़ी चलवा कर देख ली तो बार बार चलवाओ गई.
जैसे अभी मेरी गफ पूनम ा रही है मुझसे मिलने, ऐसे hi आया करोगी.
सुरवीन को पहले तो माहि की बात समझ नहीं आयी थी गाड़ी चलने वाली.
लेकिन जब उसने पूनम का रिफरेन्स सुना तो समझ गयी और कहने लगी.
सीधे hi थोड़ा कोई गाड़ी चलवा लेगी किसी से , पहले थोड़ा चेक करना पड़ता है ड्राइवर को.
अगर तुम चेकिंग में ठीक साबित हो जाओगे
तो हो सकता है किसी दिन तुम से में अपनी गाड़ी चलवा भी लू.
ऐसे hi दोनों इरोटिक बाटें करते हुए सिमसोसिस होटल पहुँच गए.
जहाँ पर पहले से कड़ी पूनम

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ने माहि को बहुत प्यार से हुग करके अपनी बॉडी उसके साथ मसल दी.
फिर माहि ने सुरवीन का परिचय पूनम से करवाया और वो दोनों भी एक दूजे के गले लग कर मिली.
मिलने के बाद तीनो एक केबिन में बेथ गए.
माहि
बीच में और दोनों

लड़कियां उसकी दोनों साइड्स पर बेथ गयी.
वेटर उनके liye,chai और व्हिस्की, दोनों रख कर चला गया.
चूँकि ये होटल माहि की कंपनी का था ,इसलिए वेटर दोनों चीज़ें .
मतलब चाय और व्हिस्की रख गया था, चॉइस मुताबिक जो मर्ज़ी ले सकते थे ये तीनों लोग.
माहि ने सुरवीन
की और देख कर

पूछा ,चाय लोगी या व्हिस्की.
सुरवीन ने कहा जो तुम दोनों लोगे वही में भी ले लुंगी.
माहि ने 3 पेग व्हिस्की के बना लिए और एक एक पेग लड़कियों को देकर एक खुद ले लिया.
तीनों व्हिस्की सिप करने लगे.
माहि ने सुरवीन की जांघ पर हाथ फेर न शुरू कर दिए.
सुरवीन को बहुत अच्छा लग रहा था माहि के हाथ का स्पर्श.
वह बहुत खुश थी.
उसकी रामप्यारी गीली होने लगी थी लेकिन वह डर्टी थी के कहीं पूनम न ये सब देखले.
उसने माहि के कान में
धीरे से kaha,yar क्या कर रहे हो, साथ में तुम्हारी गफ पूनम बैठी है.
माहि समझ गया के सुरवीन को कोई इतराज़ नहीं बस पूनम से थोड़ा शर्मा रही है.
उसने धीरे से जवाब दिया यार पूनम को कुछ पता नहीं लगेगा तुम बस मज़ा लो.
ऐसे बोलते हुए माहि ने अपना हाथ जांघ से ऊपर लिफ्ट हुए सुरवीन की गीली फुद्दी पर रख लिया.
सुरवीन ने अपनी छूट माहि का हाथ पर घिसते हुए kaha,fir भी शर्म तो आती hai,me पहली बार मिली हु पूनम से.
वह क्या सोचेगी मेरे वारे में .
माहि ने अपना दूसरा हाथ उसकी बैक पर रखते हुए उसकी ब्रा की हुक खोल दी और ब्रा ऊपर करके ,सुरवीन का मुम्मा दबाने लगा.
सुरवीन को बहुत मज़ा ा रहा था, अपना मुम्मा और छूट, माहि से मसल व कर.
उसने खुद अपनी ब्रा नीचे करके माहि का हाथ अपने बूब पर दबा कर, माहि को ज़ोर से मसलने का इशारा किया.
माहि ने अच्छी तरह बूब मसाला काफी देर के लिए, फिर अपना हाथ नीचे लीजा कर सुरवीन के चूतड़ों को मसल ने लगा.
सुरवीन को बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा और वह सिस्किअ लेने लगी cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ हीइइइइइइइ राजे.
और उसने अपने चुत्तड़ ऊपर उठा कर और पेंटी नीचे करके माहि को गांड मसल ने का इशारा किया.
माहि और क्या चाहता था, उसने पीछे से सुरवीन का ासशोले मसल न और अग्गे से उसकी छूट को मसल न शुरू कर दिए.
सुरवीन इतनी ज्यादा गर्म हो गयी के उसकी अह्ह्ह निकलने लगी और उसकी छूट से बहुत ज्यादा छूट रास निकल ने लगा.
माहि को मौका अच्छा लगा तो उसने अपनी एक फिंगर उसकी फुद्दी में दाल दी और इन आउट करने लगा.
सुरवीन बहुत ज़ोर से सिस्किअ लेने लगी cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ हीइइइइइइइ,.
चूँकि पीछे से माहि उसके छूट रास से गिला हुआ उसका ासशोले मसल रहा था और अग्गे से उसकी छूट में फिंगरिंग कर रहा था.
इतने मज़े के चलते सुरवीन ने सिस्किअ लेते हुए बेतहाशा पानी निकल दिए अपनी वर्जिन छूट से .
और संतुष्ट होकर आराम से बेथ गयी.
झड़ने के बाद उसको स्वाद तो भले hi बहुत ज्यादा ा गया था.
लेकिन वह ये भी सोचने लगी के व्हिस्की के हलके नशे में,
शायद उसने कुछ ज्यादा hi कर लिए माहि के साथ, पूनम की मौजूदगी में.
पूनम क्या सोचेगी मेरे वारे में.
फिर उसने socha,Poonam भी तो यही कुछ करने आयी होगी माहि के साथ जो मेने किया, या अग्गे करना चाहती हु..
माहि ने उसके कान में धीरे से kaha,kya सोचे जा रही हो बेबी,
तुम ने तो मज़ा ले लिए अब मेरा क्या.
सुरवीन ने कहा राजे नेक्स्ट टाइम पुचका में तुम को बहुत मज़ा दूंगी.
उसके लुंड को छूटे हुए kaha,me समझ गयी तुम क्या चाहते हो.
लेकिन पूनम के साथ होते हुए अभी मेरा और कुछ करने का मन नहीं है तुम्हारे साथ.
प्लीज अब चलते है हम लोग.
तुम मुझे हॉस्पिटल छोड़ दो.
माहि ने कहा ठीक है बेबी जैसे तुम कहो. .
पूनम जो अब तक एक मूक दर्शक बन कर सब कुछ देख रही थी, ने अब कहा.
चलो राजे अब चलते है, तुम मुझे घर और सुरवीन को हॉस्पिटल छोड़ दो.
बस मुझे तो तुम सिर्फ ये बता दो, के कब आओगे हम सास बहु से मिलने.
माहि ने कहा कल ा जाऊंगा baby,tum को मश्ग करके समय बता कर.
पूनम ने खुश हो कर उसको चुम कर उसका शुक्रिया किया.
उसके बाद माहि ने दोनों गर्ल्स को ड्राप कर दिया और अपने घर लौट आया.
इसके साथ ये अपडेट कम्पलीट होती है.
फ्रेंड्स काइंडली गिव लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स प्लीज


राजी इन योर वेट
तो बे कॉन्टिनोएड
माहि रात को अपनी मम्मी और बुआ के साथ मिलकर अपने कमरे में लौट कर सो गया था.
सुबह त्यार होकर ब्रेकफास्ट कर रहा था के उसको सुरवीन का मश्ग आया: hello माहि कैसे हो, क्या कर रहे हो.
माहि: ठीक हु, अभी ब्रेकफास्ट कर रहा था और तुम्हारे पास आने के लिए सोच रहा था.
सुरवीन: क्यों फेंकते ho,mera तो तुमको नाम भी याद नहीं होगा.
इतनी बड़ी कंपनी में मैनेजर हो , तुम को और बहुत काम होंगे.
मेने मश्ग किया तोह तुम ने वैसे hi बोल दिया मेरे पास आने के वारे में.
अगर सच बोल रहे हो तो ा जाओ.
माहि: बेबी सच बोल रहा hu.Tum जैसी ब्यूटी का नाम कोई कैसे भूल सकता है.
अभी आता हूँ थोड़ी देर में तुम्हारे पास.
थोड़ी देर बाद माहि सुरवीन के पास पहुँच गया हॉस्पिटल
अज्ज सुरवीन डॉ प्रतीक्षा के ऑफिस में सोफे पर बैठी थी.
माहि के पहुँच ने पर वह उसको हुग करके मिली ,मिलते समय हलके से बूब्स माहि की छाती के साथ दबा कर.
और माहि को वहीँ अपने साथ सोफे पर बिठा लिया.
माहि उसके साथ चिपक कर बेथ गया.
और सुरवीन से बोलै , बताओ बेबी अज्ज कहा घूम ने चलोगी मेरे साथ.
सुरवीन ने उसको बताया के प्रतीक्षा मम अभी थोड़ी देर में आने वाली है.
तब तक हम चाय पीते है और मम के आने के बाद चलूंगी में तुम्हारे साथ जहा भी तुम लेकर जाओगे.
माहि उसके साथ चिपक कर बेथ गया और चाय पीरे हुए उसकी जांघ पर हाथ फेर ने लगा.
सुरवीन को बहुत अच्छा लग रहा था माहि का उसकी जांघ पर हाथ फेरना ,उसकी फुद्दी से रास निकल कर उसकी पेंटी को भिगोने लगा था.
लेकिन वह अपने आप को रोक कर रख रही थी चूँकि उसको दर था के प्रतीक्षा मम न ा जाये कहीं.
उसने धीमे से माहि को कहा, यार ऐसे मत करो प्लीज, मम ा सकती है यहाँ कभी भी.
माहि ये सुनकर और बोल्ड हो गया चूँकि वह समझ गया के सुरवीन को मेरी टच अच्छी लग रही है लेकिन प्रतीक्षा के आने से दर रही है.
उसने अपना हाथ थोड़ा ऊपर लीजा कर सुरवीन की छूट पर लगा दिए.
सुरवीन की सिसकी निकल गयी और उसने अपनी गीली छूट उठा कर माहि के हाथ पर दबा दी.
वह बोली यार क्यों इतनी जल्दी कर रहे हो, मम क्या कहेगी.
माहि ने उसकी गीली छूट को मसल कर कहा, बेबी अगर तुम को मज़ा ा रहा है तो मज़ा लो क्यों दर रही हो प्रतीक्षा से.
और ज़ोर से मसल दी सुरवीन की छूट ऐसे बोलकर.
यार मेने कभी ऐसा कुछ किया नहीं और मम के सामने तो मुझे बहुत शर्म आएगी अगर उन्होंने ा कर हमें ऐसे देख लिए.
पता नहीं तुम्हारे हाथो में क्या जादू है मेरी गुलाबो बहुत गीली हुए जा रही है तुम्हारे हाथ के प्रहार से.
माहि ने कहा बेबी जादू मेरे हाथ में नहीं तुम्हारी छूट में है जो मुझे अपनी तरफ खिंच रही है.
सुरवीन ने कहा कितना गन्दा वर्ड उसे किया है तुम ने राजे.
ऐसे भी कोई बोलता है भला पहली मुलाकात में.
थोड़ा अच्छे शब्द इस्तेमाल करने चाहिए तुम जैसे गुलाबो बगैर.
माहि ने उसकी पेंटी नीचे करके अपनी एक फिंगर छूट के होंठो पर दबा कर कहा, बेबी अब फुद्दी को फुद्दी नहीं तो और क्या बोलू में.
और अपनी फिंगर छूट पर रब करने लगा ,कहने लगा बेबी बहुत टाइट है तुम्हारा छेड़.
सुरवीन ने कहा मेरे छेड़ को hi आज़मा रहे हो जब से ए हो ,तुम मेरी गुलाबो के छेड़ के बगैर और कुछ भी नहीं दिख रहा मुझमे.
और वर्जिन रामप्यारी का छेड़ टाइट hi होता है.
अभी तक मेने किसी का नहीं डलवाया अपनी गुलाबो में.
माहि ने कहा यहाँ पर टेबल के नीचे वाला hi मज़ा लेते हैं.
और ऐसे बोलकर उसका हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रख दिया.
सुरवीन तो माहि के लुंड पर हाथ लगते hi दर गयी और बोली हाय राजे कितना बड़ा है तुम्हारा सांप.
मुझे तो बहुत दर लगता है इतना बड़ा पकड़ ने में.
मेने तो इतना बड़ा नहीं देखा कभी.
माहि ने कहा बेबी औज़ार जितना बड़ा हो उतना hi ज्यादा स्वाद आता है लड़कियों को अपने छेदों में लेकर.
अगर तुम इसको बहार निकल कर पकड़ लोगी तो तुम को और भी ज्यादा प्यारा लगेगा मेरा हथियार.
सुरवीन ने कहा, न बाबा न, में यहाँ पर तुम्हारे इसको बहार निकल कर नहीं देख सकती.
वैसे अंदर से उसका मन कर रहा था माहि के लोडे को पकड़ कर प्यार करने का.
तभी उन दोनों को आहत सुनाई दी प्रतीक्षा के आने की और दोनों ठीक होकर बेथ गए.
प्रतीक्षा के आने पर माहि ु खड़ा होकर उसको गले लग्ग कर मिला .
और वह हैरान हो गया जब डॉक्टर ने अपने मुम्मे मसल दिए उसकी छाती के साथ.
प्रतीक्षा भी हैरान हो गयी जब माहि के खड़े लुंड ने उसकी गुलाबो पर ठुमका लगा दिए.
अंदर अपने केबिन में जाते हुए उसने धीमी आवाज में माहि से कहा ये तुम्हारा सांप क्यों फन उठाये खड़ा है इस समय.
माहि ने कहा ये तो प्रतीक्षा की प्रतीक्षा में ऐसे हार्ड हुआ पड़ा है.
तुमको खड़े होकर सलाम किया है इसने तो बस.
प्रतीक्षा ने कहा, तुम को कोई ग़लतफहमी हुई है raje,aise में तुम्हारे हाथ नहीं आने वाली.
उस दिन पता नहीं कैसे तुम्हारी गफ ने मेरे साथ ऐसा कुछ कर लिया.
में तो बस तुम से मिल कर हसना खेदना hi चाहती हु.
मुझ से तुम ज्यादा उम्मीद मत रखो.
माहि ने kaha,baby
तुमको वैसे hi दर लगने लगा है मुझसे.
में ऐसा बाँदा नहीं हु जो किसी के साथ जबरदस्ती प्यार करू.
में तो बस ,तुम जैसी ब्यूटी के साथ घूमना hi चाहता हु.
प्रतीक्षा ने kaha,fir ठीक है, मुझे तुम्हारे साथ घूम न तो बहुत अच्छा लगेगा.
वैसे तुम बहुत प्यारे और इंटेलीजेंट लड़के हो.
लेकिन अज्ज तुम सुरवीन के साथ घूम आओ राजे ,में बहुत बिजी हु ,में फिर कभी चलूंगी तुम्हारे साथ घूमने.
माहि ने उसको हल्का सा चुम कर कहा जैसे तुम्हारी मर्ज़ी डॉक्टर.
उसके बाद माहि और सुरवीन हॉस्पिटल से बहार निकल ने लगे.
दूसरी तरफ माहि की गफ पूनम और उसकी सास सुषमा, माहि को बहुत मिस कर रही थी.
सुषमा ने कहा यार पूनम कितनी अच्छी तरह प्यास बुझाई थी माहि ने मेरी .
मुझे रह रह कर उसके बड़े हथियार की यद् ा रही है.
कैसे ज़ोर से ठुकाई की थी उसने अपनी मैरिज के लिए लेडीज संगीत पर बुला कर मेरी.
उसका औज़ार सीधा मेरी बच्चेदानी पर ठोकर मर रहा था.
मेरे जीवन की वह सब से अच्छी ठुकाई थी .
पूनम ने कहा सासु माँ मेरा भी बहुत मन कर रहा है उसका औज़ार अपनी तिजोरी में लेकर उस से अपनी तिजोरी लुटवाने का.
मेरी भी बहुत शिद्दत से ठुकाई की थी उसने.
अब तो वह वापस ा गया है चंडीगढ़ से.
एक बार उस से मिलकर कोई प्रोग्राम बना लेती हु.
और अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम दोनों सास बहु करवा लेंगी अपनी ठुकवै उसके मुस्सल se,ek दिन उसको घर बुला कर.
सुषमा ने kaha,ha मेरी प्यारी बहुरानी, प्लीज जल्दी बुला लो हम दोनों के यार को ,अब और ज्यादा देर प्यासी नहीं रह सकती में.
तभी पूनम ने मश्ग किया माहि को: hello raje,kese हो.
तुम चंडीगढ़ से वापस ा कर, मुझे मिले hi nahi,aisa क्यों.
माहि अभी कार में सुरवीन के साथ बैठने hi वाला था.
वहीँ रुक कर पूनम से चाट करने लगा: hello बेबी, में ठीक हु ,तुम बताओ किसी हो.
कैसे यद् किया अपने यार को और तुम्हारी सास सुषमा किसी है.
पूनम: यार तुम पता hi hai,me और मेरी सास क्यों यद् करते है तुम्हें.
यार एक बार मुझे मिलने का अवसर do,to कोई प्रोग्राम बना लेंगे हम प्यार करने का.
कहो तो अभी ा जॉन सिमसोसिस होटल में तुम से मिलने के लिए.
माहि: यार मेरे साथ एक लड़की है सुरवीन.
अगर तुम को कोई समस्या नहीं उसके साथ होने से, तो ा जाओ.
में सुरवीन के साथ वही पहुँच जाऊंगा.
पूनम: मुझे क्या समस्या होगी राजे उसके साथ होने में.
में तो पहुँच जाउंगी, हम तीनो किसी केबिन में बेथ कर बाटें कर लेंगे और चाय बगैर पि लेंगे.
तुम सुरवीन से पूछ लो , अगर उसको कोई इतराज़ नहीं तो हम तीनो मिलते है होटल के केबिन में.
माहि ने सुरवीन को पूछा के मेरी एक फ्रेंड हमें ज्वाइन करना चाहती hai,tume इतराज़ तो नहीं.
सुरवीन ने माहि को ग्रीन
तब माहि ने मश्ग कर के पूनम को ग्रीन
माहि ने सुरवीन को कार में बैठने का इशारा किया और गेट खोल कर उसको बिठाते हुए थोड़ा उसके बूब्स छू लिए.
सुरवीन आराम से कार में बेथ गई और माहि कार के गियर बदल ते समय उसकी जांघ मसल ता रहा.
सुरवीन ने माहि के मुस्सल को थोड़ा छूटे हुए कहा.
यार ये तुम मुझ पर हाथ फेर ने की बजाये, ध्यान से गाड़ी chalao,kahi कोई एक्सीडेंट hi न कर देना.
माहि ने कहा नहीं बेबी में बहुत स्मूथली चलता हु गाड़ी.
तुमने एक बार मुझसे गाड़ी चलवा कर देख ली तो बार बार चलवाओ गई.
जैसे अभी मेरी गफ पूनम ा रही है मुझसे मिलने, ऐसे hi आया करोगी.
सुरवीन को पहले तो माहि की बात समझ नहीं आयी थी गाड़ी चलने वाली.
लेकिन जब उसने पूनम का रिफरेन्स सुना तो समझ गयी और कहने लगी.
सीधे hi थोड़ा कोई गाड़ी चलवा लेगी किसी से , पहले थोड़ा चेक करना पड़ता है ड्राइवर को.
अगर तुम चेकिंग में ठीक साबित हो जाओगे
तो हो सकता है किसी दिन तुम से में अपनी गाड़ी चलवा भी लू.
ऐसे hi दोनों इरोटिक बाटें करते हुए सिमसोसिस होटल पहुँच गए.
जहाँ पर पहले से कड़ी पूनम

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ने माहि को बहुत प्यार से हुग करके अपनी बॉडी उसके साथ मसल दी.
फिर माहि ने सुरवीन का परिचय पूनम से करवाया और वो दोनों भी एक दूजे के गले लग कर मिली.
मिलने के बाद तीनो एक केबिन में बेथ गए.
माहि

लड़कियां उसकी दोनों साइड्स पर बेथ गयी.
वेटर उनके liye,chai और व्हिस्की, दोनों रख कर चला गया.
चूँकि ये होटल माहि की कंपनी का था ,इसलिए वेटर दोनों चीज़ें .
मतलब चाय और व्हिस्की रख गया था, चॉइस मुताबिक जो मर्ज़ी ले सकते थे ये तीनों लोग.
माहि ने सुरवीन

पूछा ,चाय लोगी या व्हिस्की.
सुरवीन ने कहा जो तुम दोनों लोगे वही में भी ले लुंगी.
माहि ने 3 पेग व्हिस्की के बना लिए और एक एक पेग लड़कियों को देकर एक खुद ले लिया.
तीनों व्हिस्की सिप करने लगे.
माहि ने सुरवीन की जांघ पर हाथ फेर न शुरू कर दिए.
सुरवीन को बहुत अच्छा लग रहा था माहि के हाथ का स्पर्श.
वह बहुत खुश थी.
उसकी रामप्यारी गीली होने लगी थी लेकिन वह डर्टी थी के कहीं पूनम न ये सब देखले.
उसने माहि के कान में
धीरे से kaha,yar क्या कर रहे हो, साथ में तुम्हारी गफ पूनम बैठी है.
माहि समझ गया के सुरवीन को कोई इतराज़ नहीं बस पूनम से थोड़ा शर्मा रही है.
उसने धीरे से जवाब दिया यार पूनम को कुछ पता नहीं लगेगा तुम बस मज़ा लो.
ऐसे बोलते हुए माहि ने अपना हाथ जांघ से ऊपर लिफ्ट हुए सुरवीन की गीली फुद्दी पर रख लिया.
सुरवीन ने अपनी छूट माहि का हाथ पर घिसते हुए kaha,fir भी शर्म तो आती hai,me पहली बार मिली हु पूनम से.
वह क्या सोचेगी मेरे वारे में .
माहि ने अपना दूसरा हाथ उसकी बैक पर रखते हुए उसकी ब्रा की हुक खोल दी और ब्रा ऊपर करके ,सुरवीन का मुम्मा दबाने लगा.
सुरवीन को बहुत मज़ा ा रहा था, अपना मुम्मा और छूट, माहि से मसल व कर.
उसने खुद अपनी ब्रा नीचे करके माहि का हाथ अपने बूब पर दबा कर, माहि को ज़ोर से मसलने का इशारा किया.
माहि ने अच्छी तरह बूब मसाला काफी देर के लिए, फिर अपना हाथ नीचे लीजा कर सुरवीन के चूतड़ों को मसल ने लगा.
सुरवीन को बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा और वह सिस्किअ लेने लगी cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ हीइइइइइइइ राजे.
और उसने अपने चुत्तड़ ऊपर उठा कर और पेंटी नीचे करके माहि को गांड मसल ने का इशारा किया.
माहि और क्या चाहता था, उसने पीछे से सुरवीन का ासशोले मसल न और अग्गे से उसकी छूट को मसल न शुरू कर दिए.
सुरवीन इतनी ज्यादा गर्म हो गयी के उसकी अह्ह्ह निकलने लगी और उसकी छूट से बहुत ज्यादा छूट रास निकल ने लगा.
माहि को मौका अच्छा लगा तो उसने अपनी एक फिंगर उसकी फुद्दी में दाल दी और इन आउट करने लगा.
सुरवीन बहुत ज़ोर से सिस्किअ लेने लगी cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ हीइइइइइइइ,.
चूँकि पीछे से माहि उसके छूट रास से गिला हुआ उसका ासशोले मसल रहा था और अग्गे से उसकी छूट में फिंगरिंग कर रहा था.
इतने मज़े के चलते सुरवीन ने सिस्किअ लेते हुए बेतहाशा पानी निकल दिए अपनी वर्जिन छूट से .
और संतुष्ट होकर आराम से बेथ गयी.
झड़ने के बाद उसको स्वाद तो भले hi बहुत ज्यादा ा गया था.
लेकिन वह ये भी सोचने लगी के व्हिस्की के हलके नशे में,
शायद उसने कुछ ज्यादा hi कर लिए माहि के साथ, पूनम की मौजूदगी में.
पूनम क्या सोचेगी मेरे वारे में.
फिर उसने socha,Poonam भी तो यही कुछ करने आयी होगी माहि के साथ जो मेने किया, या अग्गे करना चाहती हु..
माहि ने उसके कान में धीरे से kaha,kya सोचे जा रही हो बेबी,
तुम ने तो मज़ा ले लिए अब मेरा क्या.
सुरवीन ने कहा राजे नेक्स्ट टाइम पुचका में तुम को बहुत मज़ा दूंगी.
उसके लुंड को छूटे हुए kaha,me समझ गयी तुम क्या चाहते हो.
लेकिन पूनम के साथ होते हुए अभी मेरा और कुछ करने का मन नहीं है तुम्हारे साथ.
प्लीज अब चलते है हम लोग.
तुम मुझे हॉस्पिटल छोड़ दो.
माहि ने कहा ठीक है बेबी जैसे तुम कहो. .
पूनम जो अब तक एक मूक दर्शक बन कर सब कुछ देख रही थी, ने अब कहा.
चलो राजे अब चलते है, तुम मुझे घर और सुरवीन को हॉस्पिटल छोड़ दो.
बस मुझे तो तुम सिर्फ ये बता दो, के कब आओगे हम सास बहु से मिलने.
माहि ने कहा कल ा जाऊंगा baby,tum को मश्ग करके समय बता कर.
पूनम ने खुश हो कर उसको चुम कर उसका शुक्रिया किया.
उसके बाद माहि ने दोनों गर्ल्स को ड्राप कर दिया और अपने घर लौट आया.
इसके साथ ये अपडेट कम्पलीट होती है.
फ्रेंड्स काइंडली गिव लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स प्लीज
राजी इन योर वेट
तो बे कॉन्टिनोएड

















































