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अपडेट. -. 33. किरण की बहिन प्रभजोत का माहि के साथ सेक्सी मिलान:
सुरभि अपना सेकंड टाइम माहि के साथ एन्जॉय करने के बाद बहुत खुश थी.
उसको माहि से छूट मरवा कर अभूतपूर्व आनंद mila,isko वह हैं करने में असमर्थ थी.
फ्रेश होने के बाद उसने, अपना मन हल्का करने के लिए, काम्य के कमरे का रुख किया और उसके साथ लेट कर उसको प्यार करने लगी.
काम्य ने puchha,abhi तो फुड्डा मरवायाहै माहि से ,अब
मुझे क्यों पकड़ रही हो यार.
मन नहीं भरा abhi,raat भर तो छूट मरवाई है तुम ने माहि से.
सुरभि: तुम को कैसे पता के मेने रात छूट मरवाई है माहि से
.तुम तोह डिनर के बाद ऊपर ा गई थी.
काम्य: में नीचे गयी थी पानी पीने, और तुम से कुछ बात करने लेकिन तुम अपने कमरे में नहीं थी.
चूँकि तुम और मम्मी दोनों माहि से चोंच लड़ा रहे थे मम्मी के कमरे में, फिर में ऊपर ा गई.
सुरभि: है यार, क्या बताऊ कितना मज़ा आया छूट मरवा kar,usne काम्य की छूट के साथ खेलते हुए कहा.
बहुत प्यार से मेरी फुद्दी का फुड्डा बनाया माहि ने.
अभी तक स्वाद ा रहा hai,usne काम्य का हाथ अपनी छूट पर रखवा कर कहा.
काम्य: अभी तो थोड़ा समय hi हुआ है माहि का सांप अपने बिल में डलवाये हुए तुमको.
तुम्हारा मन नहीं bhara,ab तुम मेरी छूट के डुअल हो गई हो
.तुम्हारी छेड़ छड़ से मेरी गुलाबो अंशु वाहन लगेगी ,फिर में कैसे चुप करवाउंगी इसको
.उसने सुरभि की छूट में अपनी फिंगर्स डालते हुए कहा.
सुरभि: अरे यार गुस्सा क्यों करती हो, में चुप करवाउंगी तुम्हारी रामप्यारी को.
में तो बस तुम्हारे पास अपनी असीम ख़ुशी शेयर करने आयी हु.
काम्य: तुम नहीं जानती यार सुरभि, मेरी गुलाबो का कितना बुरा हल है.
अभी थोड़ी देर पहले रूबी भाभी की चाट संपन्न हुई है.
उसकी शादी है तो उसकी छूट का तो बुरा हल होना hi है.
साथ में मेरे साथ दिन में दो तीन बार बात करके वो मेरी फुद्दी भी गीली कर देती है.
ऊपर से अब तुम मेरी गुलाबो को मसल ने लगी हो.
इस सब से जो में गरम हो जाती hu,uska क्या करू.
सुरभि: तुम ने खुद hi व्रत रखा hai,kisi और ने तो नहीं रोका तुम को माहि का मुस्सल छूट में डलवाने से.
अगर ज्यादा तंग करती है तुमको गुलाबो तो तुम भी मरवा लो अपनी छूट माहि से.
काम्य: नहीं yaar,mene निश्चय किआ है, पहले मेरी सहेली छुम भाभी की वर्जिन छूट की सील तुड़वाने का.
और में ये निश्चय हरगिज नहीं छोड़ सकती.
ज्यादा से ज्यादा तुम से मसलवा सकती हु अपनी छूट.
मेरा व्रत कायम रहेगा, सुरभि की छूट में फिंगरिंग करते हुए काम्य ने कहा.
अब ये बताओ तुम ने सिर्फ अग्गे hi डलवाया है या पीछे भी डलवा लिए.
अग्गे का तो दिख रहा है तुम्हारी फुद्दी का फुड्डा बना पड़ा है, मेरी तीन चार फिंगर्स जा रही है तुम्हारे फुद्दी में, पहले तो एक फिंगर hi जाती थी.
सुरभि: नहीं अग्गे hi डलवाया है.
लेकिन जब सरोज बुआ गांड मरवा रही थी माहि से.
तब मेरा भी बहुत दिल किआ था अपना पिछले दरवाजा खुलवाने ka,badi मुश्किल से रोका अपने आप को.
तुम क्या कहती हो मरवा लू गांड माहि से.
Kamya:ab में क्या कहु इसके वारे में, अगर मन करता है तोह खुलवा लो तुम भी अपनी गांड माहि से.
ये फैसला तो खुद तुमको hi करना है.
ऐसे hi दोनों बहने बाटें करते करते एक दूजे की रामप्यारी में फिंगरिंग करते हुए झाड़ गई और फिर आराम से सो गयी.
माहि भी बहुत खुश था सुरभि और सरोज के साथ थ्रीसम करने के बाद.
वह भी अपनी ख़ुशी किसी के साथ शेयर करना चाहता था.
उसने सब से ज्यादा अभी तक अमन का भोसड़ा मर कर hi एन्जॉय किआ था, इसलिए उसने अमन को मश्ग किआ : hello डार्लिंग
किसी ho,kya कर रही हो.
अमन: ठीक हु राजे तुम को hi याद कर रही थी.
जब से मेरे भोसड़े ने तुम्हारे हथियार का स्वाद चखा hai,me और मेरी छूट तुमको यद् कर रहे है.
अब तो मन करता है तुम जल्दी से रूबी के साथ शादी karke,uske साथ सुहागरात मन लो.
और फिर तुम दोनों मेरे पास चंडीगढ़ हनीमून के लिए ा जाओ.
और वहां हम सब इकठे हो कर रंग रैलियां मनाये.
माहि: मेरा तो खुद ऐसा hi मन करता है.
लेकिन उस लम्हे के आने में अभी वक़्त है.
तभी तुम से बात करके अपने मन को सकूँ देने की कोशिश कर रहा था.
अमन: अब मुझे लगता है तुम को बातों से jyada,chut की जरुरत है.
बाटें hi अगर करनी है तो तुम घर hi ा जाओ.
मुझे तुम्हारे साथ घर से बहार घूमना मुश्किल है लेकिन घर ा कर बात तो तुम किसी से भी कर सकते ho,Rubi को छोड़ कर.
Tum,mere se,Suman से और पवित्र से जितनी मर्ज़ी बात कर लो लेकिन अब हम में से कोई भी तुम्हारा सांप नहीं डलवा सकती अपने बिल में.
माहि: ठीक है गफ , अगर मेरा दिल न मन और किसी तरह.
तो में ा जाऊंगा घर तुम्हारे पास तुम सब से बात करने के लिए.
Bye स्वीटहार्ट
ु 
ु.
अमन: bye बर्फ
ु
ु
दूसरी तरफ जब से प्रभजोत ने माहि से अपनी बॉडी
मसल वाई थी, तभी से वह बहुत बेचैनी महसूस कर रही थी.
उसकी गुलाबो में बहुत ज्यादा खुजली हो रही थी.
जैसे नदी में पानी वेहता है वैसे hi उसकी रामप्यारी से छूट रास निकल रहा था.
उसने सोचा ये माहि ने क्या जादू टोना कर दिया है मेरी गुलाबो पर ये तो टिकने का नाम hi नहीं ले रही.
उसने अपनी छूट में फिंगरिंग करनी शुरू कर दी.
अग्गे जब भी उसकी गुलाबो उसको सताती थी तो वह उसको फिंगरिंग कर के शांत कर लेती थी लेकिन अज्ज उसकी छूट नहीं मन रही थी
.जब उस से छूट की गर्मी बर्दाश्त न हुई.
तो वह अपनी बहिन किरण के साथ लेट गयी जा kar,aur उसके मुम्मे दबाने लगी.
किरण ने poochha,Prabh क्या हुआ है अज्ज तुम को, मुझे hi पकड़ लिया.
क्यों माहि के साथ घूम कर तस्सली नहीं हुई तुम्हारी.
उसी के साथ करना था न romance,mere साथ क्या मज़ा आएगा तुम को.
मेरे पास कौन सा कोई लुंड है तुम्हारी प्यासी छूट को सकूँ देने के लिए, किरण ने प्रभ का मुम्मा दबाते हुए उस से कहा.
प्रभजोत: दीदी अब क्या बताऊँ तुमको
.जब से मेने माहि के लोडे को ऊपर ऊपर से प्यार किआ है, अपनी रामप्यारी उस से मसल वाई है तब से मेरी फुद्दी में अग्ग लगी पड़ी है.
पहले जब मेरी गुलाबो बेचैन होती थी तो में फिंगरिंग करके शांत कर लेती थी इसको.
लेकिन जबसे माहि ने मेरी छूट को मसला है तब से ये शांत नहीं हो रही किसी भी तरीके से
.लगता है उसने कोई जादू टोना कर दिया है मेरी रामप्यारी पर, चूँकि पहले तो ये फिंगरिंग से मन जाती थी.
किरण: लेकिन छोटी ये तुम्हारी छूट की अग्ग तो माहि hi बुझा सकता है.
मेरे मुम्मे दबाने से सकूँ नहीं मिलेगा तुम्हारी गुलाबो को.
जिस ने दर्द दिए है वही दवा देगा, मतलब ये अग्ग माहि ने लगाई है तो वही बुझाये गए भी.
जादू टोन वाली कोई बात नहीं है इसमें बस तुम्हारी फुद्दी लुंड के वियोग में तड़फ रही है.
में तो कहती हु एक बार और घूम ा माहि के साथ उसके साथ बात करके ,बुला ले अपने यार को.
प्रभजोत: दीदी मुझे भी ऐसे hi लगता है अब माहि से मिले बिना नहीं मानेगी मेरी तिजोरी.
मुझे नहीं लगता के में अपनी शादी तक वर्जिन रख पाऊँगी अपनी छूट को.
चूँकि अभी तो तुम्हारी शादी के बाद hi मेरा नंबर आएगा
.इतनी देर तक तो मुश्किल है मेरी गुलाबो को टिका कर रखना.
इसलिए में सोचती हु के में भी डलवा hi लेती हु माहि का सांप अपने बिल me,lutwa hi लेती हु अपनी तिजोरी उस से.
तुम बताओ क्या कहती हो.
किरण: इसमें मेने क्या कहना hai,chut तुम्हारी है और लुंड माहि का
.तो ये फैसला तो तुम दोनों को करना hai,me काज़ी बन कर क्या करुँगी.
मेने तो तुम को पहले hi बोल दिया था के अगर तुम नहीं रह सकती तो डलवा लेना माहि का लोढ़ा अपनी वर्जिन छूट में.
माहि एकदम सेफ बाँदा hai,koi धोखा या धक्का करने वाला मर्द नहीं.
बहुत प्यार से मरेगा तुम्हारी वर्जिन गुलाबो को.
किसी गलत आदमी के धक्के चढ़ गई तो उसने तुम्हारी फुद्दी तहस नहस कर देनी है.
इस से अच्छा इतने अच्छे बन्दे से बनवा ले अपनी फुद्दी का फुड्डा.
मेने भी मरवाई hi है उस से अपनी छूट, बहुत आराम से छोड़ता है वह.
और उसका हथियार भी इतना बड़ा और मोटा है के तस्सली करवा देता है puri,janani को बिलकुल भी प्यासी नहीं छोड़ता.
प्रभजोत: दीदी मुझे भी ऐसे hi लगता है के बहुत अच्छा बाँदा है ,मुझे डलवा hi लेना चाहिए उसका सांप अपने बिल में.
ये जो तुम कह देती हो के उसका लोढ़ा बड़ा और मोटा hai,isi बात से दर जाती हु में.
मुझे पता है उसका लोढ़ा बहुत घैंट है लेकिन बार बार बड़ा कहने से दर लगने लगता है.
के कैसे इतना बड़ा मेरी छूट के छोटे से छेड़ में दाखिल होगा.
Kiran:are सब की छूट का छेड़ छोटा hi होता है.
मेरा भी छेड़ छोटा hi था तो मेने भी अपनी रामप्यारी में ले hi लिए था.
तुम्हारी गुलाबो में भी दाल hi जायेगा.
पहली बार तो सभी के थोड़ा दर्द होता है लेकिन उसके बाद लुंड अपने लिए खुद hi जगह बना लेता है.
तुम बेफिक्र हो कर करलो बात माहि से वह बहुत प्यार से तोड़ेगा तुम्हारी फुद्दी की सील.
एक बार ले लिए तुम्हारी रामप्यारी ने उसका सांप अपने अंदर
तो फिर साडी ज़िंदगी जैसे मर्ज़ी मरवाती रहना अपनी छूट.
OK,keep करेज.
Prabhjot:thik है didi,ab और कोई चारा भी तो नहीं, मारवणी hi पड़ेगी मुझे माहि से अपनी छूट
.करती हु उस से बात और दीदी तुम भी प्लीज बोल देना उसको के प्यार से मरे मेरी छूट चूँकि मेरा फर्स्ट टाइम होगा न.
किरण: यार ये क्या कह रही हो तुम.
ऐसी बाटें अपने यार से खुद hi करनी चाहिए.
चलो तुम कहती हो तो बोल देती हु में उसको और आने के लिए भी कह दूंगी.
OK,best ऑफ़ लक
प्रभ.





किरण ने माहि को मश्ग किआ: hello हैंडसम कैसे हो.
क्या कर रहे ho,Rubi भाभी की यद् ा रही होगी.
माहि: ठीक हु gf,ab तुम कौन सा मुझे सकूँ दे डौगी.
है बहुत मन कर रहा है रूबी के साथ मिलान करने का
.बहुत बेचैन हु में उसको मिलने के लिए खास कर मेरा हथियार.
Kiran:ab रूबी की तो तुमको शादी के बाद hi milegi,lekin में तुम को प्रभजोत की दिलवा सकती हु.
अगर प्रभजोत की फुद्दी मारनी है तो ा जाना शामे टाइम 4 पं पर.
ले जाना उसको घूमने और छोड़ लेना उसको कही भी लीजा कर.
प्रभ बहुत बेचैनी महसूस कर रही है और उसकी रामप्यारी तुम्हारे लोडे से मिलान करने के लिए त्यार है.
माहि: थैंक्स गफ, तुम कितना ख्याल रखती हो मेरा.
प्रभजोत की फुद्दी मर कर बहुत सकूँ मिलेगा मुझे और मेरे मुस्सल को.
बहुत सत्ता रखा है मुझे मेरे सांप ne,har वक़्त फन उठाये रखता है.
ा जाऊंगा में 4 पं par.Thanks अगेन

डिअर गफ bye
ु
ु.
किरण: ok bye
ु
ु
प्रभजोत की zubani:Sham को तेह समय 4 पं पर माहि मेरे पास पहुँच गया.
मेने दरवाजा खोल कर माहि को अंदर लिए और उसको पकड़ कर किसिंग ki,usne भी मेरी गांड और मुम्मे दबाते हुए मुझे किसिंग की.
माहि ने मुझे चलने का इशारा kiya,me उसकी बाइक पर बेथ गयी. अपने मुम्मे उसके साथ लगा कर और उसकी कमर में हाथ डालकर उसका लुंड पकड़ कर.
मेने उसका लुंड दबा कर puchha,Raje कहा लेकर जाओगे अपनी लुगाई को.
माहि ने कहा जहा मेरी जान कहेगी, पहले हम मेरी कंपनी के रिसोर्ट में गए थे अब उनके फाइव स्टार सिमको होटल चलते है.
अगर तुम कही और जाना चाहती हो तो बता दो.
मेने कहा राजे तुम अपनी लुगाई को जहाँ भी ले jaoge,me वही चलने को तैयार हु.
अब मेने अपने आप को अपने यार के हवाले कर दिया है.
अब जहा भी मेरा यार मुझे लेकर जायेगा और जो भी मेरे साथ करेगा मुझे मंज़ूर है.
मेरी तो अपने यार से बस एक hi गुजारिस है के मेरी रामप्यारी में अपना मुस्सल आराम से और प्यार से डाले.
कही धक्का कर के मेरी गुलाबो को तहस नहस न कर दे.
बाकि तुम जो marzi,jaha मर्ज़ी करो अपनी लुगाई के साथ.
माहि ने कहा गफ में जो bhi,jis के साथ भी करता हु प्यार से hi करता हूँ.
धक्का शब्द मेरी डिक्शनरी में है hi नहीं.
मेने माहि की बात पर खुश हो कर अपने बूब्स ज़ोर से दबा दिए उसके साथ और उसका लोढ़ा ज़ोर से जकड लिया अपनी मुठी में.
बाइक पार्क करके माहि मुझे होटल ले कर गया.
जहा सब स्टाफ मेंबर्स ने हमको झुक कर सलाम किया.
और एक ब्यूटीफुल वेट्रेस हमको हमारे कमरे में छोड़ कर चली गई.
मेरी तो आंखे चुंधिया गयी आलीशान कमरा देख कर.
मेने तो अपनी ज़िन्दगी में कभी ऐसा ज़न्नत जैसा कमरा नहीं देखा था.
कमरे में हर तरह की सुख सुविधा मौजूद थी ,हर चीज़ हाथ लगाने से मैली होती थी.
हम अभी बैठे hi थे के एक वेट्रेस drinks,juice और फुल सेट टिया रख कर .
ये कह कर चली गयी के अगर किसी चीज़ की जरुरत हो तो बेल्ल मर dena,sir.
मुझे पूछ कर माहि ने व्हिस्की के दो पेग बना kar,ek मुझे दिए.
हम व्हिस्की सिप करने लगे.
वेट्रेस के जाते hi माहि ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिए.
तो मेने कहा राजे अब क्यों जलधि कर रहे हो ,आराम से मसलो मुझे.
अब तो मेने है कर दी है अपनी वर्जिन छूट की सील तुम से तुड़वाने के लिए.
उन्होंने कहा यार में तो बस खुश हु .
तुम को वैसे hi लगा में कोई जल्दी नहीं कर raha.Aisa

बोल कर राजा मुझे किश

करने laga,me भी किसिंग में उनका साथ देने लगी.
मुझे बहुत अच्छा लग रहा tha.Mahi बहुत सिद्दत से मेरे बूब्स dabane,masal ने, चाटने और काटने लगा.
मेने कहा राजे काटो मत और जैसे मर्ज़ी प्यार कर लो मेरे मुम्मो से.
मुझे भी बहुत स्वाद आने लगा माहि से मुम्मे मसल व

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kar.Mene उनका सर पकड़ कर मुम्मो पर दबा न शुरू कर दिया.
और उनको कहा राजे खा जाओ अपनी लुगाई के मुम्मो को.
मेरे मुम्मो से प्यार करते हुए राजे ने मेरी पेंटी उतर दी और मेरी छूट को मसल ने लगा.
मेरी चिकनी छूट देख कर माहि ने पूछा रानी बहुत सॉफ्ट और चिकनी है तुम्हारी छूट.
तुमको कैसे पता लगा के ऐसे साफ करनी है छूट अपने साजन से मिलान के लिए.
मेने कहा राजे जब किरण दीदी आयी थी तुम्हारे साथ तुम से छूट मरवाने के लिए तब मेने देखा था उसको तयारी करते हुए. तो में भी वैसे hi तयारी कर के आयी हु तुम से छूट फाड् आने के लिए.
मेरे बूब्स के साथ अच्छी तरह प्यार करने के बाद राजे ने मुझ को इशारा करके.
छूट चटवाने के लिए बीएड पर लेटने के लिए kaha,mene वैसे hi किया तो राजा

मेरी छूट चाटने laga,jeebh मेरी फुद्दी में दाल कर छोड़ने लगा मेरी गुलाबो को
.इसके चलते में बहुत गरम हो गयी और सिस्किअ लेने लग्गी हीइइइइइइइ cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ ीीे हैईईई रजिएए ऊऊफफफफ अअअअअअअ मममममम महीईईईई.
और ऐसे करते हुए मेरी गुलाबो ने ढेर सारा माल निकल दिया अपने अंदर से जिसको पि कर माहि धनं हो गया.
अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मेने शर्म छोड़ते हुए माहि का डंडा पकड़ लिया.
मुझे बहुत अच्छा लगा माहि का गरम डंडा अपने

हाथ में lekar.Me विभिन्न तरीकों से प्यार करने लगी माहि के मुस्सल से.
उसको हिलने लगी, मसल ने lagi,supare को किसिंग करने लगी, चाटने लगी.
में माहि के लोडे से बहुत ज्यादा प्यार करके उसको पूरा वेट और सॉफ्ट करना चाहती थी.
ता के मेरी गुफा का सफर आराम से, प्यार से तेह करे माहि का बड़ा सांप.
माहि ने भी कहा जितना ज्यादा प्यार करोगी तुम मेरे औज़ार से उतना hi ज्यादा स्वाद देगा ये तुम को.
सिर्फ अज्ज hi nahi,pata नहीं और कितनी बार सैर करनी है इसने तुम्हारी गुफा की.
अभी हमारा ये प्यार काफी देर चलेगा.
सिर्फ अज्ज के लिए hi नहीं तुमने इसको अग्गे के लिए भी मन न है.
मुँह के अंदर लेकर अच्छी तरह सूचक करो तुम लुंड को.
मेने पूरा लोढ़ा

मुँह में लेकर सूचक करना शुरू कर दिया
.माहि भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा कर छोड़ने लगा मेरे मुंह को.
माहि के इशारे से में फिर लेट गयी.
में समझ गयी के अब समय ा गया hai,meri छूट के उद्घाटन का.
माहि ने मेरी टांगों के बीच ा कर अपने मुस्सल को मेरी वर्जिन छूट के माउथ
पर रखा और हल्का

सा धक्का मारा.
लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में दाखिल हो गया, मुझे दर्द तो हुआ लेकिन मेने सेह लिए.
फिर माहि ने मेरी और देखा, मुझे स्माइल करते देख उसने मेरे होठों से अपने होंठ जोड़ कर.
लुंड को एक और धक्का मारा जिस से आधा लुंड मेरी छूट की झिल्ली फाड़ता हुआ मेरी फुद्दी में दाखिल
हो गया, मुझे बहुत दर्द हुआ लेकिन मेरी आवाज माहि के होठों में hi डाब गयी.
थोड़ी देर बाद दर्द गायब हो गया और मेने अपनी गांड हिलनी शुरू कर दी.
तो माहि ने मेरे लिप्स छोड़ कर मेरी और देखा, और मेरी स्माइल देख कर धीरे धीरे छोड़ने लगा मुझे.
मुझे बहुत स्वाद आने लगा और मेने माहि को तेज छोड़ने का इशारा किया.
माहि ने भी अब ज़ोर से धक्के

लगाने शुरू कर दिए.
मुझे पता hi नहीं लगा इस धकाम पेल में कब माहि का पूरा लोढ़ा मेरी रामप्यारी में दाखिल हो चूका था.
में मज़े के सातवें आसमान पर थी और गर्म हो कर में मोअन करने लगी हीइइइइइइइ cccccçccccc ccccccccccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ ीीे हैईईई रजिएए ऊऊफफफफ अअअअअअअ मममममम महीईईईई, बहुत मज़ा ा रहा है राजे.
छोड़ो ज़ोर से अपनी लुगाई को.
ऐसे सिसकियाँ लेते हुए मेरी रामप्यारी ने बेतहाशा पानी निकल दिया.
माहि ने मुझे झड़ते हुए देखा तो उसने भी अपने धक्के तेज कर दिए.
तक़रीबन 25 मिंट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद माहि के लोडे से भी ढेर सारा लुंड रास निकला.
जिस से मेरी छूट, हम दोनों के काम रास से भर गई.
मेरी छूट से ,माहि का लोढ़ा

निकलने के baad,kam रास और खून का मिक्सचर टपकने लगा.
चुदाई के बाद संतुष्ट हो कर हमने थोड़ी देर लेट कर प्यार किआ ,आराम किआ.
फिर माहि ने मुझे पूछा, बेबी कैसे लगा मेरे साथ मिलान तुमको, कम्पलीट स्वाद आया.
में क्या बोलती, मुझे तो असीम आनंद की प्राप्ति हुई थी.
मुझे तो ज़िन्दगी में कभी किसी भी चीज़ से इतना मज़ा नहीं आया.
मुझे तो पछतावा होने लगा के मेने पहले क्यों नहीं अपनी छूट मरवाई माहि से.
मुझे तो माहि राजे ने ज़न्नत की सैर करा दी थी.
इसीलिए मेने संतुष्ट हो कर kaha,Raje मेरा स्वाद
परसेंट कम्पलीट हो गया है और ये अपडेट भी.
फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो


राजी विल वेट
तो बे कॉन्टिनोएड
सुरभि अपना सेकंड टाइम माहि के साथ एन्जॉय करने के बाद बहुत खुश थी.
उसको माहि से छूट मरवा कर अभूतपूर्व आनंद mila,isko वह हैं करने में असमर्थ थी.
फ्रेश होने के बाद उसने, अपना मन हल्का करने के लिए, काम्य के कमरे का रुख किया और उसके साथ लेट कर उसको प्यार करने लगी.
काम्य ने puchha,abhi तो फुड्डा मरवायाहै माहि से ,अब
मुझे क्यों पकड़ रही हो यार.
मन नहीं भरा abhi,raat भर तो छूट मरवाई है तुम ने माहि से.
सुरभि: तुम को कैसे पता के मेने रात छूट मरवाई है माहि से
.तुम तोह डिनर के बाद ऊपर ा गई थी.
काम्य: में नीचे गयी थी पानी पीने, और तुम से कुछ बात करने लेकिन तुम अपने कमरे में नहीं थी.
चूँकि तुम और मम्मी दोनों माहि से चोंच लड़ा रहे थे मम्मी के कमरे में, फिर में ऊपर ा गई.
सुरभि: है यार, क्या बताऊ कितना मज़ा आया छूट मरवा kar,usne काम्य की छूट के साथ खेलते हुए कहा.
बहुत प्यार से मेरी फुद्दी का फुड्डा बनाया माहि ने.
अभी तक स्वाद ा रहा hai,usne काम्य का हाथ अपनी छूट पर रखवा कर कहा.
काम्य: अभी तो थोड़ा समय hi हुआ है माहि का सांप अपने बिल में डलवाये हुए तुमको.
तुम्हारा मन नहीं bhara,ab तुम मेरी छूट के डुअल हो गई हो
.तुम्हारी छेड़ छड़ से मेरी गुलाबो अंशु वाहन लगेगी ,फिर में कैसे चुप करवाउंगी इसको
.उसने सुरभि की छूट में अपनी फिंगर्स डालते हुए कहा.
सुरभि: अरे यार गुस्सा क्यों करती हो, में चुप करवाउंगी तुम्हारी रामप्यारी को.
में तो बस तुम्हारे पास अपनी असीम ख़ुशी शेयर करने आयी हु.
काम्य: तुम नहीं जानती यार सुरभि, मेरी गुलाबो का कितना बुरा हल है.
अभी थोड़ी देर पहले रूबी भाभी की चाट संपन्न हुई है.
उसकी शादी है तो उसकी छूट का तो बुरा हल होना hi है.
साथ में मेरे साथ दिन में दो तीन बार बात करके वो मेरी फुद्दी भी गीली कर देती है.
ऊपर से अब तुम मेरी गुलाबो को मसल ने लगी हो.
इस सब से जो में गरम हो जाती hu,uska क्या करू.
सुरभि: तुम ने खुद hi व्रत रखा hai,kisi और ने तो नहीं रोका तुम को माहि का मुस्सल छूट में डलवाने से.
अगर ज्यादा तंग करती है तुमको गुलाबो तो तुम भी मरवा लो अपनी छूट माहि से.
काम्य: नहीं yaar,mene निश्चय किआ है, पहले मेरी सहेली छुम भाभी की वर्जिन छूट की सील तुड़वाने का.
और में ये निश्चय हरगिज नहीं छोड़ सकती.
ज्यादा से ज्यादा तुम से मसलवा सकती हु अपनी छूट.
मेरा व्रत कायम रहेगा, सुरभि की छूट में फिंगरिंग करते हुए काम्य ने कहा.
अब ये बताओ तुम ने सिर्फ अग्गे hi डलवाया है या पीछे भी डलवा लिए.
अग्गे का तो दिख रहा है तुम्हारी फुद्दी का फुड्डा बना पड़ा है, मेरी तीन चार फिंगर्स जा रही है तुम्हारे फुद्दी में, पहले तो एक फिंगर hi जाती थी.
सुरभि: नहीं अग्गे hi डलवाया है.
लेकिन जब सरोज बुआ गांड मरवा रही थी माहि से.
तब मेरा भी बहुत दिल किआ था अपना पिछले दरवाजा खुलवाने ka,badi मुश्किल से रोका अपने आप को.
तुम क्या कहती हो मरवा लू गांड माहि से.
Kamya:ab में क्या कहु इसके वारे में, अगर मन करता है तोह खुलवा लो तुम भी अपनी गांड माहि से.
ये फैसला तो खुद तुमको hi करना है.
ऐसे hi दोनों बहने बाटें करते करते एक दूजे की रामप्यारी में फिंगरिंग करते हुए झाड़ गई और फिर आराम से सो गयी.
माहि भी बहुत खुश था सुरभि और सरोज के साथ थ्रीसम करने के बाद.
वह भी अपनी ख़ुशी किसी के साथ शेयर करना चाहता था.
उसने सब से ज्यादा अभी तक अमन का भोसड़ा मर कर hi एन्जॉय किआ था, इसलिए उसने अमन को मश्ग किआ : hello डार्लिंग
अमन: ठीक हु राजे तुम को hi याद कर रही थी.
जब से मेरे भोसड़े ने तुम्हारे हथियार का स्वाद चखा hai,me और मेरी छूट तुमको यद् कर रहे है.
अब तो मन करता है तुम जल्दी से रूबी के साथ शादी karke,uske साथ सुहागरात मन लो.
और फिर तुम दोनों मेरे पास चंडीगढ़ हनीमून के लिए ा जाओ.
और वहां हम सब इकठे हो कर रंग रैलियां मनाये.
माहि: मेरा तो खुद ऐसा hi मन करता है.
लेकिन उस लम्हे के आने में अभी वक़्त है.
तभी तुम से बात करके अपने मन को सकूँ देने की कोशिश कर रहा था.
अमन: अब मुझे लगता है तुम को बातों से jyada,chut की जरुरत है.
बाटें hi अगर करनी है तो तुम घर hi ा जाओ.
मुझे तुम्हारे साथ घर से बहार घूमना मुश्किल है लेकिन घर ा कर बात तो तुम किसी से भी कर सकते ho,Rubi को छोड़ कर.
Tum,mere se,Suman से और पवित्र से जितनी मर्ज़ी बात कर लो लेकिन अब हम में से कोई भी तुम्हारा सांप नहीं डलवा सकती अपने बिल में.
माहि: ठीक है गफ , अगर मेरा दिल न मन और किसी तरह.
तो में ा जाऊंगा घर तुम्हारे पास तुम सब से बात करने के लिए.
Bye स्वीटहार्ट
अमन: bye बर्फ
दूसरी तरफ जब से प्रभजोत ने माहि से अपनी बॉडी
उसकी गुलाबो में बहुत ज्यादा खुजली हो रही थी.
जैसे नदी में पानी वेहता है वैसे hi उसकी रामप्यारी से छूट रास निकल रहा था.
उसने सोचा ये माहि ने क्या जादू टोना कर दिया है मेरी गुलाबो पर ये तो टिकने का नाम hi नहीं ले रही.
उसने अपनी छूट में फिंगरिंग करनी शुरू कर दी.
अग्गे जब भी उसकी गुलाबो उसको सताती थी तो वह उसको फिंगरिंग कर के शांत कर लेती थी लेकिन अज्ज उसकी छूट नहीं मन रही थी
.जब उस से छूट की गर्मी बर्दाश्त न हुई.
तो वह अपनी बहिन किरण के साथ लेट गयी जा kar,aur उसके मुम्मे दबाने लगी.
किरण ने poochha,Prabh क्या हुआ है अज्ज तुम को, मुझे hi पकड़ लिया.
क्यों माहि के साथ घूम कर तस्सली नहीं हुई तुम्हारी.
उसी के साथ करना था न romance,mere साथ क्या मज़ा आएगा तुम को.
मेरे पास कौन सा कोई लुंड है तुम्हारी प्यासी छूट को सकूँ देने के लिए, किरण ने प्रभ का मुम्मा दबाते हुए उस से कहा.
प्रभजोत: दीदी अब क्या बताऊँ तुमको
.जब से मेने माहि के लोडे को ऊपर ऊपर से प्यार किआ है, अपनी रामप्यारी उस से मसल वाई है तब से मेरी फुद्दी में अग्ग लगी पड़ी है.
पहले जब मेरी गुलाबो बेचैन होती थी तो में फिंगरिंग करके शांत कर लेती थी इसको.
लेकिन जबसे माहि ने मेरी छूट को मसला है तब से ये शांत नहीं हो रही किसी भी तरीके से
.लगता है उसने कोई जादू टोना कर दिया है मेरी रामप्यारी पर, चूँकि पहले तो ये फिंगरिंग से मन जाती थी.
किरण: लेकिन छोटी ये तुम्हारी छूट की अग्ग तो माहि hi बुझा सकता है.
मेरे मुम्मे दबाने से सकूँ नहीं मिलेगा तुम्हारी गुलाबो को.
जिस ने दर्द दिए है वही दवा देगा, मतलब ये अग्ग माहि ने लगाई है तो वही बुझाये गए भी.
जादू टोन वाली कोई बात नहीं है इसमें बस तुम्हारी फुद्दी लुंड के वियोग में तड़फ रही है.
में तो कहती हु एक बार और घूम ा माहि के साथ उसके साथ बात करके ,बुला ले अपने यार को.
प्रभजोत: दीदी मुझे भी ऐसे hi लगता है अब माहि से मिले बिना नहीं मानेगी मेरी तिजोरी.
मुझे नहीं लगता के में अपनी शादी तक वर्जिन रख पाऊँगी अपनी छूट को.
चूँकि अभी तो तुम्हारी शादी के बाद hi मेरा नंबर आएगा
.इतनी देर तक तो मुश्किल है मेरी गुलाबो को टिका कर रखना.
इसलिए में सोचती हु के में भी डलवा hi लेती हु माहि का सांप अपने बिल me,lutwa hi लेती हु अपनी तिजोरी उस से.
तुम बताओ क्या कहती हो.
किरण: इसमें मेने क्या कहना hai,chut तुम्हारी है और लुंड माहि का
.तो ये फैसला तो तुम दोनों को करना hai,me काज़ी बन कर क्या करुँगी.
मेने तो तुम को पहले hi बोल दिया था के अगर तुम नहीं रह सकती तो डलवा लेना माहि का लोढ़ा अपनी वर्जिन छूट में.
माहि एकदम सेफ बाँदा hai,koi धोखा या धक्का करने वाला मर्द नहीं.
बहुत प्यार से मरेगा तुम्हारी वर्जिन गुलाबो को.
किसी गलत आदमी के धक्के चढ़ गई तो उसने तुम्हारी फुद्दी तहस नहस कर देनी है.
इस से अच्छा इतने अच्छे बन्दे से बनवा ले अपनी फुद्दी का फुड्डा.
मेने भी मरवाई hi है उस से अपनी छूट, बहुत आराम से छोड़ता है वह.
और उसका हथियार भी इतना बड़ा और मोटा है के तस्सली करवा देता है puri,janani को बिलकुल भी प्यासी नहीं छोड़ता.
प्रभजोत: दीदी मुझे भी ऐसे hi लगता है के बहुत अच्छा बाँदा है ,मुझे डलवा hi लेना चाहिए उसका सांप अपने बिल में.
ये जो तुम कह देती हो के उसका लोढ़ा बड़ा और मोटा hai,isi बात से दर जाती हु में.
मुझे पता है उसका लोढ़ा बहुत घैंट है लेकिन बार बार बड़ा कहने से दर लगने लगता है.
के कैसे इतना बड़ा मेरी छूट के छोटे से छेड़ में दाखिल होगा.
Kiran:are सब की छूट का छेड़ छोटा hi होता है.
मेरा भी छेड़ छोटा hi था तो मेने भी अपनी रामप्यारी में ले hi लिए था.
तुम्हारी गुलाबो में भी दाल hi जायेगा.
पहली बार तो सभी के थोड़ा दर्द होता है लेकिन उसके बाद लुंड अपने लिए खुद hi जगह बना लेता है.
तुम बेफिक्र हो कर करलो बात माहि से वह बहुत प्यार से तोड़ेगा तुम्हारी फुद्दी की सील.
एक बार ले लिए तुम्हारी रामप्यारी ने उसका सांप अपने अंदर
तो फिर साडी ज़िंदगी जैसे मर्ज़ी मरवाती रहना अपनी छूट.
OK,keep करेज.
Prabhjot:thik है didi,ab और कोई चारा भी तो नहीं, मारवणी hi पड़ेगी मुझे माहि से अपनी छूट
.करती हु उस से बात और दीदी तुम भी प्लीज बोल देना उसको के प्यार से मरे मेरी छूट चूँकि मेरा फर्स्ट टाइम होगा न.
किरण: यार ये क्या कह रही हो तुम.
ऐसी बाटें अपने यार से खुद hi करनी चाहिए.
चलो तुम कहती हो तो बोल देती हु में उसको और आने के लिए भी कह दूंगी.
OK,best ऑफ़ लक
किरण ने माहि को मश्ग किआ: hello हैंडसम कैसे हो.
क्या कर रहे ho,Rubi भाभी की यद् ा रही होगी.
माहि: ठीक हु gf,ab तुम कौन सा मुझे सकूँ दे डौगी.
है बहुत मन कर रहा है रूबी के साथ मिलान करने का
.बहुत बेचैन हु में उसको मिलने के लिए खास कर मेरा हथियार.
Kiran:ab रूबी की तो तुमको शादी के बाद hi milegi,lekin में तुम को प्रभजोत की दिलवा सकती हु.
अगर प्रभजोत की फुद्दी मारनी है तो ा जाना शामे टाइम 4 पं पर.
ले जाना उसको घूमने और छोड़ लेना उसको कही भी लीजा कर.
प्रभ बहुत बेचैनी महसूस कर रही है और उसकी रामप्यारी तुम्हारे लोडे से मिलान करने के लिए त्यार है.
माहि: थैंक्स गफ, तुम कितना ख्याल रखती हो मेरा.
प्रभजोत की फुद्दी मर कर बहुत सकूँ मिलेगा मुझे और मेरे मुस्सल को.
बहुत सत्ता रखा है मुझे मेरे सांप ne,har वक़्त फन उठाये रखता है.
ा जाऊंगा में 4 पं par.Thanks अगेन
किरण: ok bye
प्रभजोत की zubani:Sham को तेह समय 4 पं पर माहि मेरे पास पहुँच गया.
मेने दरवाजा खोल कर माहि को अंदर लिए और उसको पकड़ कर किसिंग ki,usne भी मेरी गांड और मुम्मे दबाते हुए मुझे किसिंग की.
माहि ने मुझे चलने का इशारा kiya,me उसकी बाइक पर बेथ गयी. अपने मुम्मे उसके साथ लगा कर और उसकी कमर में हाथ डालकर उसका लुंड पकड़ कर.
मेने उसका लुंड दबा कर puchha,Raje कहा लेकर जाओगे अपनी लुगाई को.
माहि ने कहा जहा मेरी जान कहेगी, पहले हम मेरी कंपनी के रिसोर्ट में गए थे अब उनके फाइव स्टार सिमको होटल चलते है.
अगर तुम कही और जाना चाहती हो तो बता दो.
मेने कहा राजे तुम अपनी लुगाई को जहाँ भी ले jaoge,me वही चलने को तैयार हु.
अब मेने अपने आप को अपने यार के हवाले कर दिया है.
अब जहा भी मेरा यार मुझे लेकर जायेगा और जो भी मेरे साथ करेगा मुझे मंज़ूर है.
मेरी तो अपने यार से बस एक hi गुजारिस है के मेरी रामप्यारी में अपना मुस्सल आराम से और प्यार से डाले.
कही धक्का कर के मेरी गुलाबो को तहस नहस न कर दे.
बाकि तुम जो marzi,jaha मर्ज़ी करो अपनी लुगाई के साथ.
माहि ने कहा गफ में जो bhi,jis के साथ भी करता हु प्यार से hi करता हूँ.
धक्का शब्द मेरी डिक्शनरी में है hi नहीं.
मेने माहि की बात पर खुश हो कर अपने बूब्स ज़ोर से दबा दिए उसके साथ और उसका लोढ़ा ज़ोर से जकड लिया अपनी मुठी में.
बाइक पार्क करके माहि मुझे होटल ले कर गया.
जहा सब स्टाफ मेंबर्स ने हमको झुक कर सलाम किया.
और एक ब्यूटीफुल वेट्रेस हमको हमारे कमरे में छोड़ कर चली गई.
मेरी तो आंखे चुंधिया गयी आलीशान कमरा देख कर.
मेने तो अपनी ज़िन्दगी में कभी ऐसा ज़न्नत जैसा कमरा नहीं देखा था.
कमरे में हर तरह की सुख सुविधा मौजूद थी ,हर चीज़ हाथ लगाने से मैली होती थी.
हम अभी बैठे hi थे के एक वेट्रेस drinks,juice और फुल सेट टिया रख कर .
ये कह कर चली गयी के अगर किसी चीज़ की जरुरत हो तो बेल्ल मर dena,sir.
मुझे पूछ कर माहि ने व्हिस्की के दो पेग बना kar,ek मुझे दिए.
हम व्हिस्की सिप करने लगे.
वेट्रेस के जाते hi माहि ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिए.
तो मेने कहा राजे अब क्यों जलधि कर रहे हो ,आराम से मसलो मुझे.
अब तो मेने है कर दी है अपनी वर्जिन छूट की सील तुम से तुड़वाने के लिए.
उन्होंने कहा यार में तो बस खुश हु .
तुम को वैसे hi लगा में कोई जल्दी नहीं कर raha.Aisa

बोल कर राजा मुझे किश
मुझे बहुत अच्छा लग रहा tha.Mahi बहुत सिद्दत से मेरे बूब्स dabane,masal ने, चाटने और काटने लगा.
मेने कहा राजे काटो मत और जैसे मर्ज़ी प्यार कर लो मेरे मुम्मो से.
मुझे भी बहुत स्वाद आने लगा माहि से मुम्मे मसल व

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kar.Mene उनका सर पकड़ कर मुम्मो पर दबा न शुरू कर दिया.
और उनको कहा राजे खा जाओ अपनी लुगाई के मुम्मो को.
मेरे मुम्मो से प्यार करते हुए राजे ने मेरी पेंटी उतर दी और मेरी छूट को मसल ने लगा.
मेरी चिकनी छूट देख कर माहि ने पूछा रानी बहुत सॉफ्ट और चिकनी है तुम्हारी छूट.
तुमको कैसे पता लगा के ऐसे साफ करनी है छूट अपने साजन से मिलान के लिए.
मेने कहा राजे जब किरण दीदी आयी थी तुम्हारे साथ तुम से छूट मरवाने के लिए तब मेने देखा था उसको तयारी करते हुए. तो में भी वैसे hi तयारी कर के आयी हु तुम से छूट फाड् आने के लिए.
मेरे बूब्स के साथ अच्छी तरह प्यार करने के बाद राजे ने मुझ को इशारा करके.
छूट चटवाने के लिए बीएड पर लेटने के लिए kaha,mene वैसे hi किया तो राजा

मेरी छूट चाटने laga,jeebh मेरी फुद्दी में दाल कर छोड़ने लगा मेरी गुलाबो को
.इसके चलते में बहुत गरम हो गयी और सिस्किअ लेने लग्गी हीइइइइइइइ cccccçccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ ीीे हैईईई रजिएए ऊऊफफफफ अअअअअअअ मममममम महीईईईई.
और ऐसे करते हुए मेरी गुलाबो ने ढेर सारा माल निकल दिया अपने अंदर से जिसको पि कर माहि धनं हो गया.
अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मेने शर्म छोड़ते हुए माहि का डंडा पकड़ लिया.
मुझे बहुत अच्छा लगा माहि का गरम डंडा अपने

हाथ में lekar.Me विभिन्न तरीकों से प्यार करने लगी माहि के मुस्सल से.
उसको हिलने लगी, मसल ने lagi,supare को किसिंग करने लगी, चाटने लगी.
में माहि के लोडे से बहुत ज्यादा प्यार करके उसको पूरा वेट और सॉफ्ट करना चाहती थी.
ता के मेरी गुफा का सफर आराम से, प्यार से तेह करे माहि का बड़ा सांप.
माहि ने भी कहा जितना ज्यादा प्यार करोगी तुम मेरे औज़ार से उतना hi ज्यादा स्वाद देगा ये तुम को.
सिर्फ अज्ज hi nahi,pata नहीं और कितनी बार सैर करनी है इसने तुम्हारी गुफा की.
अभी हमारा ये प्यार काफी देर चलेगा.
सिर्फ अज्ज के लिए hi नहीं तुमने इसको अग्गे के लिए भी मन न है.
मुँह के अंदर लेकर अच्छी तरह सूचक करो तुम लुंड को.
मेने पूरा लोढ़ा

मुँह में लेकर सूचक करना शुरू कर दिया
.माहि भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा कर छोड़ने लगा मेरे मुंह को.
माहि के इशारे से में फिर लेट गयी.
में समझ गयी के अब समय ा गया hai,meri छूट के उद्घाटन का.
माहि ने मेरी टांगों के बीच ा कर अपने मुस्सल को मेरी वर्जिन छूट के माउथ

सा धक्का मारा.
लुंड का सूपड़ा मेरी छूट में दाखिल हो गया, मुझे दर्द तो हुआ लेकिन मेने सेह लिए.
फिर माहि ने मेरी और देखा, मुझे स्माइल करते देख उसने मेरे होठों से अपने होंठ जोड़ कर.
लुंड को एक और धक्का मारा जिस से आधा लुंड मेरी छूट की झिल्ली फाड़ता हुआ मेरी फुद्दी में दाखिल
हो गया, मुझे बहुत दर्द हुआ लेकिन मेरी आवाज माहि के होठों में hi डाब गयी.
थोड़ी देर बाद दर्द गायब हो गया और मेने अपनी गांड हिलनी शुरू कर दी.
तो माहि ने मेरे लिप्स छोड़ कर मेरी और देखा, और मेरी स्माइल देख कर धीरे धीरे छोड़ने लगा मुझे.
मुझे बहुत स्वाद आने लगा और मेने माहि को तेज छोड़ने का इशारा किया.
माहि ने भी अब ज़ोर से धक्के

लगाने शुरू कर दिए.
मुझे पता hi नहीं लगा इस धकाम पेल में कब माहि का पूरा लोढ़ा मेरी रामप्यारी में दाखिल हो चूका था.
में मज़े के सातवें आसमान पर थी और गर्म हो कर में मोअन करने लगी हीइइइइइइइ cccccçccccc ccccccccccccc उफ्फ्फफ्फ्फ़ ीीे हैईईई रजिएए ऊऊफफफफ अअअअअअअ मममममम महीईईईई, बहुत मज़ा ा रहा है राजे.
छोड़ो ज़ोर से अपनी लुगाई को.
ऐसे सिसकियाँ लेते हुए मेरी रामप्यारी ने बेतहाशा पानी निकल दिया.
माहि ने मुझे झड़ते हुए देखा तो उसने भी अपने धक्के तेज कर दिए.
तक़रीबन 25 मिंट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद माहि के लोडे से भी ढेर सारा लुंड रास निकला.
जिस से मेरी छूट, हम दोनों के काम रास से भर गई.
मेरी छूट से ,माहि का लोढ़ा

निकलने के baad,kam रास और खून का मिक्सचर टपकने लगा.
चुदाई के बाद संतुष्ट हो कर हमने थोड़ी देर लेट कर प्यार किआ ,आराम किआ.
फिर माहि ने मुझे पूछा, बेबी कैसे लगा मेरे साथ मिलान तुमको, कम्पलीट स्वाद आया.
में क्या बोलती, मुझे तो असीम आनंद की प्राप्ति हुई थी.
मुझे तो ज़िन्दगी में कभी किसी भी चीज़ से इतना मज़ा नहीं आया.
मुझे तो पछतावा होने लगा के मेने पहले क्यों नहीं अपनी छूट मरवाई माहि से.
मुझे तो माहि राजे ने ज़न्नत की सैर करा दी थी.
इसीलिए मेने संतुष्ट हो कर kaha,Raje मेरा स्वाद
फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो
राजी विल वेट
तो बे कॉन्टिनोएड


































