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अपडेट. -. 93. चंडीगढ़ का टूर-4 हरप्रीत की चुदाई का किस्सा कंटीन्यूइंग:
हरप्रीत
अपनी मम्मी और मां जी की

चुदाई देखने के baad,apne कुलदीप भय के साथ जफ्फी दाल कर लेट गयी.
अब अग्गेय:
अभी तक जो भी भाई बहन ने किया था चुप चाप किया था.
मतलब चुप चाप खेले थे भाई बहिन एक दूजे के गुप्तांगों के साथ .
लेकिन अब कुलदीप ने अपना लोढ़ा हरप्रीत के

paws smileys
हाथ में पकड़ा कर kaha,behna प्यार करो अपने भाई छुम यार के लुंड को.
अज्ज तुम्हारे कजिन के लुंड ने तुम्हारी छूट की सैर करनी है.
हरप्रीत :मेने अपने भाई का लुंड बहुत

serene
प्यार से पकड़ कर दबा दिया और लोडे के सुपर पर प्यार से अपना हाथ फेरने लगी. उसका हाथ भी अपनी फुद्दी पर रखवा लिया.
मेने अपने भाई के लोडे को मुठियाते हुए पूछा, भय कैसे लगा तुमको अपनी बहिन के शरीर से पहली बार खेल कर.
मेरी छूट तो तभी से गीली हो गई थी जब तुम ने हुग करते समय मेरे मुम्मे मसल दिए थे.
तभी मेने तुमसे अपनी फुद्दी का उद्घाटन करवाने का फैसला कर लिया था.
और मां जी ने मेरी मम्मी को छोड़ कर अग्ग में घी डालने का काम कर दिया.
कुलदीप: में तो जब से मेरा लुंड खड़ा होना शुरू हुआ है तब से hi पता नहीं कितनी बार तुम्हारे नाम की मुठ मर चूका हूँ.
मेने भी तुम्हारी मम्मी और मेरे पापा की चुदाई, पिछली बार जब में यहाँ पापा के साथ आया था तब देखि थी.
तब तुम यहाँ नहीं आयी हुई थी.
तब भी जसवीर बुआ को ऐसे hi छू रहे थे पापा जैसे अज्ज छुआ था उन्होंने.
मुझे कुछ शक हुआ और इसीलिए में जगता रहा और अपने पापा को जसवीर बुआ की छूट मरते हुए इसी खिड़की से देखता रहा.
मेने उस दिन hi सोचा था के अगर पापा अपना लोढ़ा अपनी बहन के भोसड़े में दाल सकते है.
तो में क्यों नहीं अपनी प्यारी और गोरी चिट्टी बहन हरप्रीत की छूट मर सकता.
तभी से में तुम्हारी फुद्दी में अपना लोढ़ा डालने के लिए आतुर था.
इसीलिए अज्ज मेने बोल्ड होकर तुम को पकड़ लिया.
वैसे तो मुझे तुम से बहुत दर लगता था के तुम कहीं गुस्सा न हो जाओ चूँकि तुम मेरी इकलौती बहन हो और में तुम्हारा इकलौता भाई.
लेकिन जब मेने तुमको अपनी मम्मी और मेरे पापा की चुदाई ,देख ते हुए देखा तो मुझ में तुमको पकड़ ने का हौसला पता नहीं कहाँ से ा गया .
मेरा दिल बहुत तेज धड़क रहा था के कहीं अगर मेरी प्यारी बहिन गुस्सा हो गई तो में कहीं का नहीं रहूँगा.
बहुत शुक्रिया बहन मुझ पर गुस्सा न होने के लिए ,मेने भावुक होकर हरप्रीत से कहा.
हरप्रीत: भय अब तुम क्यों भावुक हो रहे हो अब तो मेने तुमको अपना यार स्वीकार कर लिया है.
अब तुम अपनी बहिन की छूट से खेल रहे हो .
और में अपने भय के लुंड की बहुत प्यार से मुठ मर रही हूँ .

कुलदीप: बहना ऐसे सिर्फ लुंड की मुठ मरने से थोड़ा में तुम्हारा यार बन जाऊंगा.
अगर तुमने सच मच अपने भय को अपना yar/bf मन लिया है तो मेरे सांप को अपने बिल में जगह क्यों नहीं देती.
हरप्रीत: यार ये जो कुछ हम भाई बहिन कर रहे है.
ये सब कुछ तुम्हारे लुंड और मेरी छूट के मिलान की तयारी hi तो है.
पहले तो यही कुछ hi करना पड़ता है.
सीधा hi थोड़ा तुम अपनी बहिन को पकड़ कर उसकी छूट में अपना लोढ़ा दाल डोज .
कुलदीप: अब जब हम भाई बहिन यहाँ तक पहुँच hi गए है.
तो मुझे कहाँ सकूँ आएगा जब तक में अपना लोढ़ा तुम्हारी छूट में न दाल दू.
हरप्रीत: ठीक है भय ,में त्यार हु तुम से अपनी सील तुड़वाने के लिए.
लेकिन में वर्जिन हु और जब तुम अपना इतना बड़ा लुंड पहली बार मेरी फुद्दी में डालोगे,
तो दर्द से मेरी चीख भी तो निकल सकती है.
चीख सुन कर मम्मी यहाँ ा गयी तो उसको क्या कहेंगे.
हमको सही समय का इंतज़ार करना पड़ेगा.
क्या पता मां जी और मम्मी कही घूमने चले जाएँ
या कहें के कहीं बहार मज़ा लेने चले जाएँ .
चूँकि अब हम दोनों ये जान गए है
के ये दोनों भाई बहन के साथ साथ यार भी है अब एक दूजे के.
अगर वह बहार जायेंगे हम दोनों को छोड़ कर तो तुम मर लेना मेरी छूट.
मुझे तो लगता है के ये दोनों बहार जरूर जायेंगे .
चूँकि मां जी चाहते है के तुम दाल दो अपना लुंड मेरी छूट में.
ऐसा उन्होंने मेरी मम्मी को छोड़ते समय भी कहा था अपनी बहिन को.
में वादा करती हूँ, के जैसे hi मौका मिला में डलवा लुंगी तुम्हारा लुंड अपनी वर्जिन छूट में.
कुलदीप खुश हो गया अपनी बहिन की छूट मरवाने के लिए सहमति से.
और उसने ज़ोर से जफ्फी दाल ली अपनी बहिन से.
उसके बाद दोनों भाई बहन एक दूजे की बाँहों में सो गए.
लेकिन सुबह फिर दोनों भाई बहन जग गए जब उन्होंने साथ वाले कमरे में कुछ हलचल होती हुई सुनी,
जिसमे हरप्रीत की मम्मी और मां थे.
उन दोनों ने खिड़की से देखा के जसवीर

अपने भाई का लोढ़ा अपने फुद्दी में लेकर अपने निरपाल भाई के ऊपर बैठी थी और ज़ोर

winter smileys
से उसके लुंड पर कूद रही थी.
इधर कुलदीप ने भी अपना लुंड अपनी बहिन हरप्रीत की गांड की दरार में सेट करके उसके मुम्मे पकड़ लिए.
जसवीर अपने भय निरपाल से बोली अज्ज तुम को क्या हुआ है. पहले तो तुम एक बार मेरा फुड्डा मर कर चले जाते थे अपने कमरे में.
निरपाल ने कहा यार आज मुझे तुम कुछ ज्यादा hi खूबसूरत लगी इसलिए मेने सुबह भी तुमको पकड़ लिया.
यार अग्ग तो तुम्हारे भोसड़े में भी लगी हुई है .
तभी तो तुम मेरा लोढ़ा अपने फुद्दी में लेकर कूद रही हो मेरे लुंड पर.
जसवीर ने कहा यार ये अग्ग कहा बुझ टी है.
लेकिन साथ वाले कमरे में मेरी बेटी हरप्रीत भी सो रही hai,zara उसका भी तो ख्याल करो भय.
निरपाल ने कहा: में तो चाहता हु के कुलदीप और हरप्रीत भी हमारी चुदाई देख लें.
और जैसे तुम अब मेरा लुंड अपने फुद्दी में लेकर कूद रही हो.
ऐसे hi हरप्रीत भी कुलदीप का लुंड अपनी छूट में लेकर, उस पर कूद कर ,मज़े से छूट मरवा ले अपने भय से.
वैसे मेने रात देखा था, कुलदीप और हरप्रीत को .
वह ,हम दोनों की चुदाई खिड़की पर खड़े होकर देख रहे थे , एक दूजे के साथ चिपक कर.
इसीलिए मेने अज्ज सुबह भी तुम्हारी छूट मरने के वारे में सोचा ता के हरप्रीत और कुलदीप अच्छी तरह गर्म हो जाये.
और कुलदीप अपनी बहिन की सील तोड़ दे ,फिर हमारे सेक्स वाली बात भी वो किसी से नहीं करेंगे.
अभी तक तो कुलदीप ने नहीं छोड़ा हरप्रीत को .
चूँकि अगर कुलदीप ने पहली बार लुंड डाला होता हरप्रीत की वर्जिन छूट में.
तो मुझे उसकी चीख की आवाज जरूर सुन टी.
अब हम अज्ज कहीं घूमने चलेंगे.
हम भी एन्जॉय करेंगे बाहर घूम कर एक पति पत्नी की तरह .
और उन दोनों को भी मौका देंगे पति पत्नी की तरह पहली चुदाई करने का.
हो सकता है वो दोनों अब भी हमारी चुदाई देख रहे हो.
अब इस से ज्यादा

ग्रीन सिग्नल तो हम नहीं दे सकते िह्न दोनों भाई बहन को.
बाकि शाम को जब हम घर वापस आएंगे घूम कर.
तो हम को हरप्रीत की चाल से पता लग जायेगा.
के उसने अपने भाई का लोढ़ा ले लिया है या नहीं अपनी वर्जिन छूट में.
जसवीर ने कहा भय मुझे तो तुम्हारी ये बाटें समझ नहीं आती .
लेकिन मुझे थोड़ी अपनी बेटी हरप्रीत की फ़िक्र हो रही है .
चूँकि अगर जैसे तुम कह रहे हो, कुलदीप ने अपना लोढ़ा दाल दिया मेरी बेटी की वर्जिन छूट में तो उसको दर्द बहुत होगा.
मुझे तो हरप्रीत के दर्द की फ़िक्र है.
निरपाल: यार तुम इतना क्यों फ़िक्र करती हो ,हरप्रीत मेरी भी तो भांजी है.
कुलदीप बहुत प्यार से मरेगा अपनी बहिन की छूट.
और अगर कोई और मरेगा हरप्रीत की वर्जिन छूट तो उसने तो बेरहमी से छोड़ कर फाड् hi देनी है हरप्रीत की छूट.
जसवीर: ये तो तुम ठीक कहते हो भय , कुलदीप वैसे भी बहुत प्यार करता है अपनी हरप्रीत बहन को.
इसलिए वह तो बहुत प्यार से डालेगा अपनी बहिन की छूट में अपना लोढ़ा.
चलो भय ,देखि जाएगी वो दोनों भाई बहन क्या करते है.
अब तुम एक बार मुझे ज़ोर से छोड़ कर मेरी रामप्यारी की प्यास बुझाओ.
तभी निरपाल चढ़ गया जसवीर के ऊपर .
और उसके फुद्दी में अपना लोढ़ा दाल कर ज़ोर से धक्के लगा कर छोड़ने लगा अपनी बहिन को.
(खिड़की के पास कुलदीप भी ज़ोर से धक्के लगाने लगा हरप्रीत की गांड की दरार में अपने बड़े लोडे के साथ और बूब्स दबाने लगा अपनी बहिन के).
जसवीर भी अपनी गांड उठा उठा कर पूरा लुंड डलवाने लगी अपने भाई का अपने

yes the fish lyrics
फुद्दी में.
दोनों ने आधा घंटा धुआं दर चुदाई की और फिर निरपाल ने, अपना सफ़ेद तरल पदार्थ रुपी प्यार दाल दिया अपनी बहिन की छूट में.
चुदाई के बाद संतुष्ट होकर दोनों भाई बहन एक दूजे की बाँहों में ा कर चूमने लगे एक दूजे को.
दूसरी तरफ कुलदीप का लुंड भी छूट गया और उसने दूसरी बार अपनी बहिन की सलवार पर अपना सफ़ेद प्यार निकल दिया.
हरप्रीत ने भी झाड़ कर अपनी पेंटी गीली कर ली.
दोनों भाई बहिन फिर एक दूजे की बाँहों में लेट gye,iss कमरे में भी.
कुलदीप ने कहा क्यों बहन सुन लिया के तुम्हारी मम्मी और मां क्या चाहते है.
वो दोनों भी चाहते है के में तुम्हारी छूट में अपना लोढ़ा दाल दू.
हरप्रीत ने उसके लोडे को हिलाते हुए kaha,yar इतने पढ़े लिखे होकर इतने गंदे शब्द क्यों उसे करते हो.
थोड़ा अच्छे शब्द उसे करो यार, चूँकि अब में सिर्फ तुम्हारी बहन hi नहीं तुम्हारी यार भी बन गयी हूँ.
मेने सुन लिया के मम्मी और मां जी क्या चाहते है.
लेकिन तुम ने अभी तक नहीं बताया के तुम क्या चाहते हो मुझ से.
तुम सिर्फ एक बहन को छोड़ना चाहते हो या मेरे आशिक बन कर अपनी माशूक की छूट मरना चाहते हो.
ये तो अब तेह है के मम्मी मां जी.
के बहार जाने के बाद तुम मेरी फुद्दी में अपना लुंड डालोगे तो जरूर.
और में जानती हूँ के मम्मी और मां जी भी यही चाहते है के तुम अज्ज तोड़ दो मेरी छूट की
सील.
लेकिन अब जब ये तेह हो hi गया है के हमने गफ & बर्फ की तरह प्यार करना है.
तो बर्फ यानि के लड़की के यार को कुछ शॉपिंग
भी तो करवानी होती है अपनी माशूक को.
तो जब मम्मी और मां जी चले जायेंगे, तोह तुम अपनी गफ को शॉपिंग करवाने लेकर जाना .
हमको अपना फर्स्ट टाइम मिलान बहुत यादगार तरीके से करना चाहिए.
जैसे अज्ज कल चल रहा है.
कुलदीप: क्यों नहीं डार्लिंग

जैसे तुम कहोगी वैसे hi करूँगा में.
हम चलेंगे घूमने और शॉपिंग करने.
लेकिन हरप्रीत डार्लिंग ये बताओ तुमको ये शॉपिंग
बगैर करके,
फर्स्ट टाइम मिलान करने का पता ,कैसे और कब लगा.
और अगर हम ने ऐसे hi कुछ तयारी करने में,
ज्यादा समय लगा दिया और पापा & बुआ वापस ा gaye,fir.
हरप्रीत: . मुझे फर्स्ट टाइम मिलान के वारे में अपनी एक नर्स सहेली से पता लगा.
मेरी सहेली का एक बर्फ बना था जिसके साथ प्यार करके उसने अपनी छूट की सील तुड़वाई थी.
उस नर्स ने hi मुझे बताया था के कैसे उसके बर्फ ने उसको घुमा फिर कर, उन्देर्गर्मेन्ट्स की शॉपिंग करवाई .
और फिर होटल में लीजा कर मुझसे फर्स्ट टाइम मिलान करके मेरी सील तोड़ी.
मेरी सहेली ने तो मुझे भी कहा था, उसके बर्फ का लोढ़ा छूट में डलवाने के लिए.
लेकिन में इसके वारे में कुछ सोचती.
उस से पहले hi उसने एक दिन मुझे रट हुए बताया के उसका बर्फ धोकेबाज़ निकला. चूँकि उसने ब्लैकमेल करके मुझे अपने दोस्तों से भी छुड़वा दिया.
उसकी कहानी सुन ने के बाद मेने बर्फ बनाने के वारे में सोच न बंद कर दिया.
और रात मामाजी की बाटें सुन कर तुम से hi अपनी छूट की सील तुड़वाने का फैसला किया.
यार अब इतना घबरा ने की क्या बात है.
जब में तुमको अपना प्राइवेट हुब्बी बना ने को त्यार हु .
तो खुल कर छोड़ो अपनी लुगाई को .
और मुझे अच्छी तरह प्यार करके करो मुझसे अपना फर्स्ट टाइम सेक्सी मिलान.
और जैसे मामाजी अपनी बहिन को छोड़ने ा जाते है शादी के बाद भी.
तुम भी ा जाया करना मेरे ससुराल में ऐसे hi मेरी छूट मरने, हम दोनों की शादी होने के बाद भी.
और मां जी तो चाहते hi है के तुम दाल दो मेरी बुर में अपना लोढ़ा.
तो अब हमको मम्मी और मां जी से शर्माने की क्या जरुरत है.
खुलकर पति पत्नी की तरह प्यार करते है हम एक दूजे से.
अगर वह देख भी लेंगे तो क्या फर्क पड़ता है.
और मम्मी और मां जी को तो मुश्किल से मौका मिला है एन्जॉय करने का.
वह तो आराम से घूम कर hi आएंगे.
क्या पता किसी होटल में सुहागरात hi मन कर ायें.
अगर बी चांस वह , पहले ा भी गए
, तो तुम सुहाग दिन की बजाये सुहागरात मन लेना मेरे साथ.
जब हम दोनों चुदाई करने के लिए सहमत है तो फिर हम को कोई नहीं रोक सकता.
कहते है न" जब में बीवी राज़ी ,
तो क्या करेगा काज़ी."
फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो


राजी आप सब के प्यार के इंतज़ार में
तो बे कॉन्टिनोएड
हरप्रीत

चुदाई देखने के baad,apne कुलदीप भय के साथ जफ्फी दाल कर लेट गयी.
अब अग्गेय:
अभी तक जो भी भाई बहन ने किया था चुप चाप किया था.
मतलब चुप चाप खेले थे भाई बहिन एक दूजे के गुप्तांगों के साथ .
लेकिन अब कुलदीप ने अपना लोढ़ा हरप्रीत के

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हाथ में पकड़ा कर kaha,behna प्यार करो अपने भाई छुम यार के लुंड को.
अज्ज तुम्हारे कजिन के लुंड ने तुम्हारी छूट की सैर करनी है.
हरप्रीत :मेने अपने भाई का लुंड बहुत

serene
प्यार से पकड़ कर दबा दिया और लोडे के सुपर पर प्यार से अपना हाथ फेरने लगी. उसका हाथ भी अपनी फुद्दी पर रखवा लिया.
मेने अपने भाई के लोडे को मुठियाते हुए पूछा, भय कैसे लगा तुमको अपनी बहिन के शरीर से पहली बार खेल कर.
मेरी छूट तो तभी से गीली हो गई थी जब तुम ने हुग करते समय मेरे मुम्मे मसल दिए थे.
तभी मेने तुमसे अपनी फुद्दी का उद्घाटन करवाने का फैसला कर लिया था.
और मां जी ने मेरी मम्मी को छोड़ कर अग्ग में घी डालने का काम कर दिया.
कुलदीप: में तो जब से मेरा लुंड खड़ा होना शुरू हुआ है तब से hi पता नहीं कितनी बार तुम्हारे नाम की मुठ मर चूका हूँ.
मेने भी तुम्हारी मम्मी और मेरे पापा की चुदाई, पिछली बार जब में यहाँ पापा के साथ आया था तब देखि थी.
तब तुम यहाँ नहीं आयी हुई थी.
तब भी जसवीर बुआ को ऐसे hi छू रहे थे पापा जैसे अज्ज छुआ था उन्होंने.
मुझे कुछ शक हुआ और इसीलिए में जगता रहा और अपने पापा को जसवीर बुआ की छूट मरते हुए इसी खिड़की से देखता रहा.
मेने उस दिन hi सोचा था के अगर पापा अपना लोढ़ा अपनी बहन के भोसड़े में दाल सकते है.
तो में क्यों नहीं अपनी प्यारी और गोरी चिट्टी बहन हरप्रीत की छूट मर सकता.
तभी से में तुम्हारी फुद्दी में अपना लोढ़ा डालने के लिए आतुर था.
इसीलिए अज्ज मेने बोल्ड होकर तुम को पकड़ लिया.
वैसे तो मुझे तुम से बहुत दर लगता था के तुम कहीं गुस्सा न हो जाओ चूँकि तुम मेरी इकलौती बहन हो और में तुम्हारा इकलौता भाई.
लेकिन जब मेने तुमको अपनी मम्मी और मेरे पापा की चुदाई ,देख ते हुए देखा तो मुझ में तुमको पकड़ ने का हौसला पता नहीं कहाँ से ा गया .
मेरा दिल बहुत तेज धड़क रहा था के कहीं अगर मेरी प्यारी बहिन गुस्सा हो गई तो में कहीं का नहीं रहूँगा.
बहुत शुक्रिया बहन मुझ पर गुस्सा न होने के लिए ,मेने भावुक होकर हरप्रीत से कहा.
हरप्रीत: भय अब तुम क्यों भावुक हो रहे हो अब तो मेने तुमको अपना यार स्वीकार कर लिया है.
अब तुम अपनी बहिन की छूट से खेल रहे हो .
और में अपने भय के लुंड की बहुत प्यार से मुठ मर रही हूँ .

कुलदीप: बहना ऐसे सिर्फ लुंड की मुठ मरने से थोड़ा में तुम्हारा यार बन जाऊंगा.
अगर तुमने सच मच अपने भय को अपना yar/bf मन लिया है तो मेरे सांप को अपने बिल में जगह क्यों नहीं देती.
हरप्रीत: यार ये जो कुछ हम भाई बहिन कर रहे है.
ये सब कुछ तुम्हारे लुंड और मेरी छूट के मिलान की तयारी hi तो है.
पहले तो यही कुछ hi करना पड़ता है.
सीधा hi थोड़ा तुम अपनी बहिन को पकड़ कर उसकी छूट में अपना लोढ़ा दाल डोज .
कुलदीप: अब जब हम भाई बहिन यहाँ तक पहुँच hi गए है.
तो मुझे कहाँ सकूँ आएगा जब तक में अपना लोढ़ा तुम्हारी छूट में न दाल दू.
हरप्रीत: ठीक है भय ,में त्यार हु तुम से अपनी सील तुड़वाने के लिए.
लेकिन में वर्जिन हु और जब तुम अपना इतना बड़ा लुंड पहली बार मेरी फुद्दी में डालोगे,
तो दर्द से मेरी चीख भी तो निकल सकती है.
चीख सुन कर मम्मी यहाँ ा गयी तो उसको क्या कहेंगे.
हमको सही समय का इंतज़ार करना पड़ेगा.
क्या पता मां जी और मम्मी कही घूमने चले जाएँ
या कहें के कहीं बहार मज़ा लेने चले जाएँ .
चूँकि अब हम दोनों ये जान गए है
के ये दोनों भाई बहन के साथ साथ यार भी है अब एक दूजे के.
अगर वह बहार जायेंगे हम दोनों को छोड़ कर तो तुम मर लेना मेरी छूट.
मुझे तो लगता है के ये दोनों बहार जरूर जायेंगे .
चूँकि मां जी चाहते है के तुम दाल दो अपना लुंड मेरी छूट में.
ऐसा उन्होंने मेरी मम्मी को छोड़ते समय भी कहा था अपनी बहिन को.
में वादा करती हूँ, के जैसे hi मौका मिला में डलवा लुंगी तुम्हारा लुंड अपनी वर्जिन छूट में.
कुलदीप खुश हो गया अपनी बहिन की छूट मरवाने के लिए सहमति से.
और उसने ज़ोर से जफ्फी दाल ली अपनी बहिन से.
उसके बाद दोनों भाई बहन एक दूजे की बाँहों में सो गए.
लेकिन सुबह फिर दोनों भाई बहन जग गए जब उन्होंने साथ वाले कमरे में कुछ हलचल होती हुई सुनी,
जिसमे हरप्रीत की मम्मी और मां थे.
उन दोनों ने खिड़की से देखा के जसवीर

अपने भाई का लोढ़ा अपने फुद्दी में लेकर अपने निरपाल भाई के ऊपर बैठी थी और ज़ोर

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से उसके लुंड पर कूद रही थी.
इधर कुलदीप ने भी अपना लुंड अपनी बहिन हरप्रीत की गांड की दरार में सेट करके उसके मुम्मे पकड़ लिए.
जसवीर अपने भय निरपाल से बोली अज्ज तुम को क्या हुआ है. पहले तो तुम एक बार मेरा फुड्डा मर कर चले जाते थे अपने कमरे में.
निरपाल ने कहा यार आज मुझे तुम कुछ ज्यादा hi खूबसूरत लगी इसलिए मेने सुबह भी तुमको पकड़ लिया.
यार अग्ग तो तुम्हारे भोसड़े में भी लगी हुई है .
तभी तो तुम मेरा लोढ़ा अपने फुद्दी में लेकर कूद रही हो मेरे लुंड पर.
जसवीर ने कहा यार ये अग्ग कहा बुझ टी है.
लेकिन साथ वाले कमरे में मेरी बेटी हरप्रीत भी सो रही hai,zara उसका भी तो ख्याल करो भय.
निरपाल ने कहा: में तो चाहता हु के कुलदीप और हरप्रीत भी हमारी चुदाई देख लें.
और जैसे तुम अब मेरा लुंड अपने फुद्दी में लेकर कूद रही हो.
ऐसे hi हरप्रीत भी कुलदीप का लुंड अपनी छूट में लेकर, उस पर कूद कर ,मज़े से छूट मरवा ले अपने भय से.
वैसे मेने रात देखा था, कुलदीप और हरप्रीत को .
वह ,हम दोनों की चुदाई खिड़की पर खड़े होकर देख रहे थे , एक दूजे के साथ चिपक कर.
इसीलिए मेने अज्ज सुबह भी तुम्हारी छूट मरने के वारे में सोचा ता के हरप्रीत और कुलदीप अच्छी तरह गर्म हो जाये.
और कुलदीप अपनी बहिन की सील तोड़ दे ,फिर हमारे सेक्स वाली बात भी वो किसी से नहीं करेंगे.
अभी तक तो कुलदीप ने नहीं छोड़ा हरप्रीत को .
चूँकि अगर कुलदीप ने पहली बार लुंड डाला होता हरप्रीत की वर्जिन छूट में.
तो मुझे उसकी चीख की आवाज जरूर सुन टी.
अब हम अज्ज कहीं घूमने चलेंगे.
हम भी एन्जॉय करेंगे बाहर घूम कर एक पति पत्नी की तरह .
और उन दोनों को भी मौका देंगे पति पत्नी की तरह पहली चुदाई करने का.
हो सकता है वो दोनों अब भी हमारी चुदाई देख रहे हो.
अब इस से ज्यादा
बाकि शाम को जब हम घर वापस आएंगे घूम कर.
तो हम को हरप्रीत की चाल से पता लग जायेगा.
के उसने अपने भाई का लोढ़ा ले लिया है या नहीं अपनी वर्जिन छूट में.
जसवीर ने कहा भय मुझे तो तुम्हारी ये बाटें समझ नहीं आती .
लेकिन मुझे थोड़ी अपनी बेटी हरप्रीत की फ़िक्र हो रही है .
चूँकि अगर जैसे तुम कह रहे हो, कुलदीप ने अपना लोढ़ा दाल दिया मेरी बेटी की वर्जिन छूट में तो उसको दर्द बहुत होगा.
मुझे तो हरप्रीत के दर्द की फ़िक्र है.
निरपाल: यार तुम इतना क्यों फ़िक्र करती हो ,हरप्रीत मेरी भी तो भांजी है.
कुलदीप बहुत प्यार से मरेगा अपनी बहिन की छूट.
और अगर कोई और मरेगा हरप्रीत की वर्जिन छूट तो उसने तो बेरहमी से छोड़ कर फाड् hi देनी है हरप्रीत की छूट.
जसवीर: ये तो तुम ठीक कहते हो भय , कुलदीप वैसे भी बहुत प्यार करता है अपनी हरप्रीत बहन को.
इसलिए वह तो बहुत प्यार से डालेगा अपनी बहिन की छूट में अपना लोढ़ा.
चलो भय ,देखि जाएगी वो दोनों भाई बहन क्या करते है.
अब तुम एक बार मुझे ज़ोर से छोड़ कर मेरी रामप्यारी की प्यास बुझाओ.
तभी निरपाल चढ़ गया जसवीर के ऊपर .
और उसके फुद्दी में अपना लोढ़ा दाल कर ज़ोर से धक्के लगा कर छोड़ने लगा अपनी बहिन को.
(खिड़की के पास कुलदीप भी ज़ोर से धक्के लगाने लगा हरप्रीत की गांड की दरार में अपने बड़े लोडे के साथ और बूब्स दबाने लगा अपनी बहिन के).
जसवीर भी अपनी गांड उठा उठा कर पूरा लुंड डलवाने लगी अपने भाई का अपने

yes the fish lyrics
फुद्दी में.
दोनों ने आधा घंटा धुआं दर चुदाई की और फिर निरपाल ने, अपना सफ़ेद तरल पदार्थ रुपी प्यार दाल दिया अपनी बहिन की छूट में.
चुदाई के बाद संतुष्ट होकर दोनों भाई बहन एक दूजे की बाँहों में ा कर चूमने लगे एक दूजे को.
दूसरी तरफ कुलदीप का लुंड भी छूट गया और उसने दूसरी बार अपनी बहिन की सलवार पर अपना सफ़ेद प्यार निकल दिया.
हरप्रीत ने भी झाड़ कर अपनी पेंटी गीली कर ली.
दोनों भाई बहिन फिर एक दूजे की बाँहों में लेट gye,iss कमरे में भी.
कुलदीप ने कहा क्यों बहन सुन लिया के तुम्हारी मम्मी और मां क्या चाहते है.
वो दोनों भी चाहते है के में तुम्हारी छूट में अपना लोढ़ा दाल दू.
हरप्रीत ने उसके लोडे को हिलाते हुए kaha,yar इतने पढ़े लिखे होकर इतने गंदे शब्द क्यों उसे करते हो.
थोड़ा अच्छे शब्द उसे करो यार, चूँकि अब में सिर्फ तुम्हारी बहन hi नहीं तुम्हारी यार भी बन गयी हूँ.
मेने सुन लिया के मम्मी और मां जी क्या चाहते है.
लेकिन तुम ने अभी तक नहीं बताया के तुम क्या चाहते हो मुझ से.
तुम सिर्फ एक बहन को छोड़ना चाहते हो या मेरे आशिक बन कर अपनी माशूक की छूट मरना चाहते हो.
ये तो अब तेह है के मम्मी मां जी.
के बहार जाने के बाद तुम मेरी फुद्दी में अपना लुंड डालोगे तो जरूर.
और में जानती हूँ के मम्मी और मां जी भी यही चाहते है के तुम अज्ज तोड़ दो मेरी छूट की
लेकिन अब जब ये तेह हो hi गया है के हमने गफ & बर्फ की तरह प्यार करना है.
तो बर्फ यानि के लड़की के यार को कुछ शॉपिंग
तो जब मम्मी और मां जी चले जायेंगे, तोह तुम अपनी गफ को शॉपिंग करवाने लेकर जाना .
हमको अपना फर्स्ट टाइम मिलान बहुत यादगार तरीके से करना चाहिए.
जैसे अज्ज कल चल रहा है.
कुलदीप: क्यों नहीं डार्लिंग
हम चलेंगे घूमने और शॉपिंग करने.
लेकिन हरप्रीत डार्लिंग ये बताओ तुमको ये शॉपिंग
फर्स्ट टाइम मिलान करने का पता ,कैसे और कब लगा.
और अगर हम ने ऐसे hi कुछ तयारी करने में,
ज्यादा समय लगा दिया और पापा & बुआ वापस ा gaye,fir.
हरप्रीत: . मुझे फर्स्ट टाइम मिलान के वारे में अपनी एक नर्स सहेली से पता लगा.
मेरी सहेली का एक बर्फ बना था जिसके साथ प्यार करके उसने अपनी छूट की सील तुड़वाई थी.
उस नर्स ने hi मुझे बताया था के कैसे उसके बर्फ ने उसको घुमा फिर कर, उन्देर्गर्मेन्ट्स की शॉपिंग करवाई .
और फिर होटल में लीजा कर मुझसे फर्स्ट टाइम मिलान करके मेरी सील तोड़ी.
मेरी सहेली ने तो मुझे भी कहा था, उसके बर्फ का लोढ़ा छूट में डलवाने के लिए.
लेकिन में इसके वारे में कुछ सोचती.
उस से पहले hi उसने एक दिन मुझे रट हुए बताया के उसका बर्फ धोकेबाज़ निकला. चूँकि उसने ब्लैकमेल करके मुझे अपने दोस्तों से भी छुड़वा दिया.
उसकी कहानी सुन ने के बाद मेने बर्फ बनाने के वारे में सोच न बंद कर दिया.
और रात मामाजी की बाटें सुन कर तुम से hi अपनी छूट की सील तुड़वाने का फैसला किया.
यार अब इतना घबरा ने की क्या बात है.
जब में तुमको अपना प्राइवेट हुब्बी बना ने को त्यार हु .
तो खुल कर छोड़ो अपनी लुगाई को .
और मुझे अच्छी तरह प्यार करके करो मुझसे अपना फर्स्ट टाइम सेक्सी मिलान.
और जैसे मामाजी अपनी बहिन को छोड़ने ा जाते है शादी के बाद भी.
तुम भी ा जाया करना मेरे ससुराल में ऐसे hi मेरी छूट मरने, हम दोनों की शादी होने के बाद भी.
और मां जी तो चाहते hi है के तुम दाल दो मेरी बुर में अपना लोढ़ा.
तो अब हमको मम्मी और मां जी से शर्माने की क्या जरुरत है.
खुलकर पति पत्नी की तरह प्यार करते है हम एक दूजे से.
अगर वह देख भी लेंगे तो क्या फर्क पड़ता है.
और मम्मी और मां जी को तो मुश्किल से मौका मिला है एन्जॉय करने का.
वह तो आराम से घूम कर hi आएंगे.
क्या पता किसी होटल में सुहागरात hi मन कर ायें.
अगर बी चांस वह , पहले ा भी गए
, तो तुम सुहाग दिन की बजाये सुहागरात मन लेना मेरे साथ.
जब हम दोनों चुदाई करने के लिए सहमत है तो फिर हम को कोई नहीं रोक सकता.
कहते है न" जब में बीवी राज़ी ,
तो क्या करेगा काज़ी."
फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो
राजी आप सब के प्यार के इंतज़ार में
तो बे कॉन्टिनोएड







































































