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- Dec 5, 2013
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अपडेट. 142 सरिता की अपने भाई से नोक झोंक
सरिता ने अज्ज जब अपने भाई का नंगा औज़ार क्या पकड़ा था
उसको तो ऐसे करंट लगा था जैसे उसने बिजली की नंगी वायर्स को छू लिया हो.
उसकी सहेली सुहानी ने
चाहे उसको कुछ hi मिंटो के लिए
जबरदस्ती hi पकड़ वाया था उसके भाई विकास का लुंड
लेकिन लोडे पर उसकी कुछ hi मिंटो की पकड़ ने
उसके सरे शरीर में एक करंट का संचार कर दिया था.
जब वह सुहानी के साथ चाय पिने के बाद वापस अपने क्लास रूम में जा रही थी
तब उसको अपने भाई के लोडे से निकली छुम की याद आयी
जिसकी पिचकारी विकास ने दोनों सहेलियों के हाथों पर मर दी थी.
उसको उस छुम से बहुत अच्छी सुगंध ा रही थी.
उसने शर्म के मरे
वहां अपने भाई और सहेली के सामने
तो नहीं छाती थी
अपने भाई के लोडे से निकली छुम
लेकिन अब उसने शर्म को छोड़ ते हुए
बहुत शिद्दत से चाट ली
अपने भाई के लोडे की छुम.
सुहानी उसको देख कर हसने लगी,
और कहा तब मुझे बेशरम कह रही थी,
अब तुम नहीं चाट रही
अपने भाई के लोडे के माल को.
इसमें शर्माने वाली क्या बात है,
तुम्हारे घर में hi तो कुआ है
तुम जब मर्ज़ी अपने भाई का लोढ़ा हिला कर,
छुम निकल कर पि लिया करो.
सरिता ने कहा यार मज़ाक की बात नहीं,
जब से तुम ने मेरा हाथ मेरे भाई के लोडे पर रखवाया है
तभी से मेरे शरीर में पता नहीं क्या हुआ जा रहा है.
चलो अब कैंटीन में चल कर बातें करते हैं,
मुझे कुछ कुछ हो रहा है
ऐसे में में क्लास अटेंड नहीं कर पाऊँगी.
और दोनों कैंटीन में जा कर बेथ गई.
सुहानी ने kaha,ab ये कोई नै बात थोड़ा है,
पहली बार जब कोई भी लड़की किसी मर्द का लुंड पकड़ टी है
तो उसके अंदर हलचल होती hi है.
तुम कोई पहली लड़की थोड़ा हो
जिसके साथ ये सब हुआ है,
हर लड़की के साथ ऐसा hi होता है.
मेरे शरीर में भी अग्ग hi लग गयी थी
जब मेने पहली बार अपने भाई का लिंग पकड़ा था.
साडी रात ऐसा लगता रहता जैसे उसका लुंड मेरे हाथ में hi है.
अब तुम ने एक बार पकड़ तो लिया hi है
अपने भाई का danda,ab कहे शर्माती हो.
जैसे कल रात सो गयी थी अपने भाई के साथ,
अज्ज भी सो जाना जाकर
विकास जी के साथ आधी रात को.
कल उसने तुम्हारी गांड पर अपना लुंड घिस कर अपनी छुम तुम्हारी पेंटी पर गिरे थी,
अज्ज तुम चुप चाप
उसके लोडे की मुठ मर कर
उसके माल की पिचकारी
अपनी बॉडी पर मरवा लेना.
जैसे तुम सोने का नाटक करती रही थी कल रात,
अज्ज प्यारे विकास जी भी वैसे hi सोने का ड्रामा करते रहेंगे.
अगर तुम दर लगता है
तो में बोल दूंगी हैंडसम विकास जी को
की जब सरिता रात को
तुम्हारे लोडे की मुठ मरे
तो तुम सोने का नाटक करते रहना
और अपनी छुम उसके शरीर पर स्प्रे कर देना.
जब तुम अपने भाई के माल की बरसात अपने शरीर पर करवा लोगी
तो तुम बहुत अच्छा फील करोगी.
मुझे भी बहुत स्वाद आया था जब मेने अपने भाई की छुम
अपने बूब्स पर ले ली थी
उनकी मुठ मर कर.
बहुत अच्छी सुगंध आती रही थी भाई के माल से
बहुत समय तक बल्कि कई दिनों तक.
सरिता: तुम बड़ा प्यारे प्यारे कर रही हो मेरे भय को ,
कहीं तुम्हारा दिल तो नहीं ा गया उस पर.
यार तुम ने जबरदस्ती से तो पकड़ा दिए था मुझे मेरे भाई का लोढ़ा
लेकिन खुद से मेरा डरे नहीं होता
उसका पकड़ ने का.
वैसे अब तुम से झूठ कहे बोलू ,
मेरा मन तो बहुत करता है
अपने भाई का पकड़ ने का.
अगर तुम विकास को मश्ग करके बोल दो
की वह सोने का नाटक करता रहे
जब रत को में उसके लुंड से प्यार करने पहुंचू ,
तो ठीक है.
उसके जागते हुए
उसका लिंग पकड़ ने की हिम्मत नहीं है मुज में.
और अगर ये भी बोल दो की वह अपनी छुम की बरसात मेरे चुचों पर कर दे
तो सोने पर सुहागा हो जायेगा.
सुहानी: यार में तो बोल दूंगी
हैंडसम विकास जी को
जैसा तुम कहती हो
लेकिन अगर तुम अपने मुम्मे नंगे रखोगी
तभी तो वह कर पाएंगे न अपनी छुम की बरसात तुम्हारे बूब्स पर.
और प्यारे में इसलिए बोलती हु विकास जी को चूँकि मुझे बहुत हैंडसम और अच्छे लगते हैं तुम्हारे भय.
एक बार मेने अपने भाई से अपनी फुद्दी की सील तुड़वा ली
तो उसके बाद उनका लोढ़ा भी
में जरूर दलवाउंगी अपनी छूट में.
तुम भी ऐसा hi करना
एक बार अपने भाई से सील तुड़वा कर
लाइसेंस ले लेना फुद्दी मरवाने का,
फिर हम दोनों सहेलियां
ढेर सरे लोदों का स्वाद लेंगी,
लोदों को अपनी छूट में लेकर
मुझे बहुत प्यारा लगा विकास जी का लोढ़ा,
अभी भी बहुत प्यार ा रहा है
तुम्हारे भाई के औज़ार पर.
मन करता है दौड़ कर
तुम्हारे घर ा कर पकड़ लू उनका
और जी भर के प्यार करूँ
विकास जी के लिंग को.
सरिता: तुम बोल देना बस भाई को
जब भाई का छूटने वाला होगा
तब में अपना टॉप ऊपर उठा कर
अपने चुके नंगे करके
भाई के लुंड की पिचकारी
अपने मुम्मो पर ले lungi.Ok.
सुहानी: ने विकास को मश्ग किया,
hi राजे कैसे हो हैंडसम.
बड़े दबा रहे थे मेरे चुके तुम,
क्या बहुत पसंद ए थे
तुम मेरे बूब्स.
विकास: hello baby,mera तो बुरा हल है.
तुम्हारे बूब्स बहुत खूबसूरत और सॉलिड है.
बहुत मन कर रहा है
तुम्हारे नंगे बूब्स को प्यार करने का, कपड़ों के ऊपर से
उतना स्वाद कहाँ आता है.
और तुमको मेरा केसा लगा.
सुहानी: यार मत पूछो केसा लगा,
बहुत प्यारा लुंड है तुम्हारा,
तुम्हारी तरह hi गोरा चिट्टा और गधे के लोडे जितना बड़ा.
बहुत दिल करता है
मेरा भी तुमसे अपने बूब्स मसल आने का और तुम्हारे लोडे से प्यार करने का.
लेकिन ऐसा तभी संभव है जब तुम अपनी बहिन सरिता की तिजोरी लूट लो पहले.
फिर हम दोनों का काम आसान हो जायेगा मतलब हम दोनों के लिए चुदाई का दरवाजा खुल जायेगा.
जब तक तुम अपनी बहिन की गुलाबो में नहीं डालते
तब तक मुझे तुम्हारे हथियार को
अपनी छूट में स्पेस देना असंभव है.
विकास: में तो बहुत उत्सुक हु अपनी सरिता बहन के ऊपर चढ़ ने के लिए
लेकिन मेरा हौसला नहीं पड़ता
कहीं वह गुस्सा न हो जाये.
सुहानी: यार तुम दोनों भाई बहन hi डरपोक हो.
सरिता भी बहुत डर्टी है
तुम्हें पकड़ ने से.
लेकिन सच बात ये है
की वह भी डलवाना चाहती है
तुम्हारा लुंड अपनी छूट में.
में सरिता को बोल दूंगी
वह रात को ा जाएगी
तुम्हारे साथ सोने के लिए
और अगर वह तुम्हारे लोडे की मुठ मरे
तो तुम सोने का नाटक करना
और अपने लुंड के छूटने पर
माल की पिचकारी सरिता के मुम्मो
पर मरना.
Vikas:Thik है में वैसे hi करूँगा जैसा तुम ने बोलै है, सरिता के बूब्स पर दाल दूंगा अपने लुंड की छुम
लेकिन यह क्यों जरुरी है
की पहले में अपनी बहिन की छूट मरू
तभी तुम लोगी मेरा औज़ार अपनी गुलाबो में.
मुझे कुछ समझ नहीं आया.
सुहानी: देखो यार
जैसे में तुम्हारे नीचे लेट कर तुम्हारा लुंड लेना चाहती हूँ अपनी छूट में
ऐसे hi तुम्हारी बहन भी
मेरे राकेश भय से छोड़ना चाहती है.
अगर तुम ने अपनी बहिन को अपना केला खिला दिए और मेरे भाई ने मुझे
,तो हम सब एक दूजे से खुल जायेंगे.
उसके बाद अगर
में तुम्हारा
और सरिता मेरे भाई राकेश का
लुंड लेती है अपनी छूट में
तो दोनों भाई ो को कोई इतराज़ नहीं होगा चूँकि दोनों को hi
डिफरेंट छूटों का स्वाद मिलेगा
इसी तरह मुझे और सरिता को भी
डिफरेंट लोडे मिल जायेंगे
छूट में लेने के लिए ..
मतलब लड़के और लड़कियां
दोनों की डिजायर फुलफिल हो जाएगी.
विकास: क्या बात है यार तुम्हारा तो दिमाग hi बहुत चलता है िह्न मामलों में.
में तो कायल हो गया तुम्हारे
खुले विचारों का.
सुहानी: यार ऐसा करना पड़ता है
अपनी छूट की खुजली मिटने के लिए
मेरे प्यारे हैंडसम यार जी
.Bye









कॉलेज से छूती के बाद,
घर वापस जाने के लिए
काम्य की गाड़ी में उसके साथ बेथ गयी सरिता.

रस्ते में उसने काम्य को अज्ज की सब बातें बता दी.
काम्य ने उसको चुम कर कहा,
बहुत सही जा रही हो तुम.
अब लगता है हमारे विचार जल्दी hi
एक जैसे होने वाले हैं.
और मुझे तो तुम्हारी सहेली Suhani
ke

विचार भी अच्छे लगते हैं,
कभी मिलाना मुझे सुहानी से भी
और कल को अग्गे की सभी बात बताना मुझे.
लगता है तुम जलधि hi
सैर करवा डौगी
अपने भाई के सांप को अपनी गुफा की.
सरिता ने उस दिन अपने भाई से बहुत प्यार से बात की घर ा कर दिन भर
और उसको रिझा ने की कोशिश करती रही ,
कभी उसको झुक कर अपने बूब्स दिखती ,
कभी उसके साथ चिपक कर बेथ जाती,
कभी बहाने से उसके हथियार को छू लेती.
ऐसे hi विकास भी कुछ सेक्सी करता रहा अपनी बहन के साथ.
दोनों एक दूजे को पकड़ कर प्यार करना चाहते थे
लेकिन डरे नहीं का पते थे.
इसी तरह करते करते डिनर का समय हो गया
और सरिता ने अपने भाई की पसंद का खाना बना कर खिलाया अपने भाई को
जो अब जल्द hi भाई के साथ साथ उसका यार भी बन ने वाला था.
और डिनर के बाद दोनों भाई बहन सोने के लिए अपने अपने कमरे में चले गए.
किसी तरह दोनों ने
2 घंटे एक दूजे से मिलने की उम्मीद में निकले
और जब सरिता से और सब्र नहीं हुआ
तो वह उठ गई.
उसने देखा उसकी फुद्दी बिलकुल गीली थी.
उसने एक ढीला सा टॉप और छोटा सा स्कर्ट बगैर ब्रा और पेंटी के पहन लिए.
और अपने भाई के कमरे में दबे पाऊँ पहुँच गयी,
उम्मीद के मुताबिक दरवाजा खुला था.
लेकिन वह हैरान हो गई ये देखकर की उसका भाई अंडरवियर
पहन कर उल्टा लेता हुआ था
अपनी गांड ऊपर करके
जबकि बात उसके लुंड को हिलने की हुई थी.
मतलब उसके भाई का पोस्चर उम्मीद के मुताबिक नहीं था.
सरिता ने socha,pata नहीं सुहानी ने कोई बात की भी होगी या नहीं
मेरे भाई से.
फिर उसने सोचा की कहीं मेरा भाई गे तो नहीं.
लेकिन उसने सुन रखा था की गे बॉयज को तो लड़कियों में इंटरेस्ट hi नहीं होता,
तो ये भी बात होनी मुश्किल है.
चलो देखती हु इसका अंडरवियर
नीचे करके.
जब उसने अंडरवियर नीचे किया तो विकास ने सीधा हो कर अपना लोढ़ा दिखने की बजाये
अपनी गांड ऊपर उठा दी.
सरिता ने सोचा कही मेरा भाई मुझसे अपनी गांड तो नहीं चटवा न चाहता,
उसने यह सोच कर अपने भाई के चुत्तड़ दबाने शुरू कर दिए,
विकास के चुत्तड़ किसी लड़की के चूतड़ों से काम नहीं थे गोर गोर गोल मटोल.
दबाने के बाद वह अपने भाई के चुत्तड़ चाटने लगी
और जब उसको ज्यादा स्वाद आने लगा तो उसने एक फिंगर अपने भाई की गांड के छेड़ में दाल दी.
उसकी एक फिंगर जब आराम से चली गई उसके भाई की गांड के छेड़ में
तो उसने 2 फिंगर्स अंदर दाल कर, फिंगरिंग शुरू कर दी ासशोले की.
थोड़ी देर बाद उसका भाई सीधा हो कर लेट गया.
सरिता को लगा के उसके भाई को
अपनी गांड से तैसे करवाने का शौक है शायद
और लगता है अब इनका शौक पूरा हो गया है.
विकास के सीधा लेटने से
उसका गोरा चिट्टा बड़ा लोढ़ा दिखने लगा
और लुंड बहुत प्यारा लगा सरिता को.
उसने भी शर्म छोड़ कर आराम से पकड़ लिया अपने भाई का लुंड और लुंड का स्किन ऊपर करके सूपड़ा बहार निकल लिया.
सूपड़ा प्रेकम से गिला हुआ पड़ा था
लेकिन उसने मुठ मरने से पहले
थोड़ा लालच करके अपने भाई के लोडे का डोडा अपने
मुँह में दाल कर चेतना

और चूसना शुरू कर दिया.
उसको लुंड चूसने में असीम आनंद की प्राप्ति होने लगी
लेकिन उसने सोचा जो बात पहले की हुई है
उसके मुताबिक चलते हुए
में मुठ hi मर देती हु अज्ज अपने भाई के लुंड की.
वह आराम से बैठकर मुठ मरने लगी विकास के लुंड की.
काफी देर बाद जब उसने देखा की उसके भाई का लुंड कंपनी लगा है
तो उसने अपना टॉप ऊपर उतर दिए
और लुंड की पिचकारी की दिशा
अपने नंगे चुचों की तरफ कर ली.
उसके भाई के लोडे से बेतहाशा बरसात हुई गर्म तरल पदार्थ की
और उस बरसात से
उसके बूब्स समेत
सरे शरीर पर छुम लग गयी .

इतनी ज्यादा छुम की बरसात
उसकी बॉडी पर होने से
सरिता को असीम आनंद की प्राप्ति हुई
और वह संतुष्ट हो कर अपने कमरे में ा गयी भाग कर.
थोड़ी सी उसके शरीर पर लगी छुम उसने चाट ली
और बाकि लगी रहने दी अपने शरीर पर.
अपडेट यहीं पर समाप्त होती है.
फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो


राजी आपके साथ के इंतज़ार में
तो बे कॉन्टिनोएड
सरिता ने अज्ज जब अपने भाई का नंगा औज़ार क्या पकड़ा था
उसको तो ऐसे करंट लगा था जैसे उसने बिजली की नंगी वायर्स को छू लिया हो.
उसकी सहेली सुहानी ने
चाहे उसको कुछ hi मिंटो के लिए
जबरदस्ती hi पकड़ वाया था उसके भाई विकास का लुंड
लेकिन लोडे पर उसकी कुछ hi मिंटो की पकड़ ने
उसके सरे शरीर में एक करंट का संचार कर दिया था.
जब वह सुहानी के साथ चाय पिने के बाद वापस अपने क्लास रूम में जा रही थी
तब उसको अपने भाई के लोडे से निकली छुम की याद आयी
जिसकी पिचकारी विकास ने दोनों सहेलियों के हाथों पर मर दी थी.
उसको उस छुम से बहुत अच्छी सुगंध ा रही थी.
उसने शर्म के मरे
वहां अपने भाई और सहेली के सामने
तो नहीं छाती थी
अपने भाई के लोडे से निकली छुम
लेकिन अब उसने शर्म को छोड़ ते हुए
बहुत शिद्दत से चाट ली
अपने भाई के लोडे की छुम.
सुहानी उसको देख कर हसने लगी,
और कहा तब मुझे बेशरम कह रही थी,
अब तुम नहीं चाट रही
अपने भाई के लोडे के माल को.
इसमें शर्माने वाली क्या बात है,
तुम्हारे घर में hi तो कुआ है
तुम जब मर्ज़ी अपने भाई का लोढ़ा हिला कर,
छुम निकल कर पि लिया करो.
सरिता ने कहा यार मज़ाक की बात नहीं,
जब से तुम ने मेरा हाथ मेरे भाई के लोडे पर रखवाया है
तभी से मेरे शरीर में पता नहीं क्या हुआ जा रहा है.
चलो अब कैंटीन में चल कर बातें करते हैं,
मुझे कुछ कुछ हो रहा है
ऐसे में में क्लास अटेंड नहीं कर पाऊँगी.
और दोनों कैंटीन में जा कर बेथ गई.
सुहानी ने kaha,ab ये कोई नै बात थोड़ा है,
पहली बार जब कोई भी लड़की किसी मर्द का लुंड पकड़ टी है
तो उसके अंदर हलचल होती hi है.
तुम कोई पहली लड़की थोड़ा हो
जिसके साथ ये सब हुआ है,
हर लड़की के साथ ऐसा hi होता है.
मेरे शरीर में भी अग्ग hi लग गयी थी
जब मेने पहली बार अपने भाई का लिंग पकड़ा था.
साडी रात ऐसा लगता रहता जैसे उसका लुंड मेरे हाथ में hi है.
अब तुम ने एक बार पकड़ तो लिया hi है
अपने भाई का danda,ab कहे शर्माती हो.
जैसे कल रात सो गयी थी अपने भाई के साथ,
अज्ज भी सो जाना जाकर
विकास जी के साथ आधी रात को.
कल उसने तुम्हारी गांड पर अपना लुंड घिस कर अपनी छुम तुम्हारी पेंटी पर गिरे थी,
अज्ज तुम चुप चाप
उसके लोडे की मुठ मर कर
उसके माल की पिचकारी
अपनी बॉडी पर मरवा लेना.
जैसे तुम सोने का नाटक करती रही थी कल रात,
अज्ज प्यारे विकास जी भी वैसे hi सोने का ड्रामा करते रहेंगे.
अगर तुम दर लगता है
तो में बोल दूंगी हैंडसम विकास जी को
की जब सरिता रात को
तुम्हारे लोडे की मुठ मरे
तो तुम सोने का नाटक करते रहना
और अपनी छुम उसके शरीर पर स्प्रे कर देना.
जब तुम अपने भाई के माल की बरसात अपने शरीर पर करवा लोगी
तो तुम बहुत अच्छा फील करोगी.
मुझे भी बहुत स्वाद आया था जब मेने अपने भाई की छुम
अपने बूब्स पर ले ली थी
उनकी मुठ मर कर.
बहुत अच्छी सुगंध आती रही थी भाई के माल से
बहुत समय तक बल्कि कई दिनों तक.
सरिता: तुम बड़ा प्यारे प्यारे कर रही हो मेरे भय को ,
कहीं तुम्हारा दिल तो नहीं ा गया उस पर.
यार तुम ने जबरदस्ती से तो पकड़ा दिए था मुझे मेरे भाई का लोढ़ा
लेकिन खुद से मेरा डरे नहीं होता
उसका पकड़ ने का.
वैसे अब तुम से झूठ कहे बोलू ,
मेरा मन तो बहुत करता है
अपने भाई का पकड़ ने का.
अगर तुम विकास को मश्ग करके बोल दो
की वह सोने का नाटक करता रहे
जब रत को में उसके लुंड से प्यार करने पहुंचू ,
तो ठीक है.
उसके जागते हुए
उसका लिंग पकड़ ने की हिम्मत नहीं है मुज में.
और अगर ये भी बोल दो की वह अपनी छुम की बरसात मेरे चुचों पर कर दे
तो सोने पर सुहागा हो जायेगा.
सुहानी: यार में तो बोल दूंगी
हैंडसम विकास जी को
जैसा तुम कहती हो
लेकिन अगर तुम अपने मुम्मे नंगे रखोगी
तभी तो वह कर पाएंगे न अपनी छुम की बरसात तुम्हारे बूब्स पर.
और प्यारे में इसलिए बोलती हु विकास जी को चूँकि मुझे बहुत हैंडसम और अच्छे लगते हैं तुम्हारे भय.
एक बार मेने अपने भाई से अपनी फुद्दी की सील तुड़वा ली
तो उसके बाद उनका लोढ़ा भी
में जरूर दलवाउंगी अपनी छूट में.
तुम भी ऐसा hi करना
एक बार अपने भाई से सील तुड़वा कर
लाइसेंस ले लेना फुद्दी मरवाने का,
फिर हम दोनों सहेलियां
ढेर सरे लोदों का स्वाद लेंगी,
लोदों को अपनी छूट में लेकर
मुझे बहुत प्यारा लगा विकास जी का लोढ़ा,
अभी भी बहुत प्यार ा रहा है
तुम्हारे भाई के औज़ार पर.
मन करता है दौड़ कर
तुम्हारे घर ा कर पकड़ लू उनका
और जी भर के प्यार करूँ
विकास जी के लिंग को.
सरिता: तुम बोल देना बस भाई को
जब भाई का छूटने वाला होगा
तब में अपना टॉप ऊपर उठा कर
अपने चुके नंगे करके
भाई के लुंड की पिचकारी
अपने मुम्मो पर ले lungi.Ok.
सुहानी: ने विकास को मश्ग किया,
hi राजे कैसे हो हैंडसम.
बड़े दबा रहे थे मेरे चुके तुम,
क्या बहुत पसंद ए थे
तुम मेरे बूब्स.
विकास: hello baby,mera तो बुरा हल है.
तुम्हारे बूब्स बहुत खूबसूरत और सॉलिड है.
बहुत मन कर रहा है
तुम्हारे नंगे बूब्स को प्यार करने का, कपड़ों के ऊपर से
उतना स्वाद कहाँ आता है.
और तुमको मेरा केसा लगा.
सुहानी: यार मत पूछो केसा लगा,
बहुत प्यारा लुंड है तुम्हारा,
तुम्हारी तरह hi गोरा चिट्टा और गधे के लोडे जितना बड़ा.
बहुत दिल करता है
मेरा भी तुमसे अपने बूब्स मसल आने का और तुम्हारे लोडे से प्यार करने का.
लेकिन ऐसा तभी संभव है जब तुम अपनी बहिन सरिता की तिजोरी लूट लो पहले.
फिर हम दोनों का काम आसान हो जायेगा मतलब हम दोनों के लिए चुदाई का दरवाजा खुल जायेगा.
जब तक तुम अपनी बहिन की गुलाबो में नहीं डालते
तब तक मुझे तुम्हारे हथियार को
अपनी छूट में स्पेस देना असंभव है.
विकास: में तो बहुत उत्सुक हु अपनी सरिता बहन के ऊपर चढ़ ने के लिए
लेकिन मेरा हौसला नहीं पड़ता
कहीं वह गुस्सा न हो जाये.
सुहानी: यार तुम दोनों भाई बहन hi डरपोक हो.
सरिता भी बहुत डर्टी है
तुम्हें पकड़ ने से.
लेकिन सच बात ये है
की वह भी डलवाना चाहती है
तुम्हारा लुंड अपनी छूट में.
में सरिता को बोल दूंगी
वह रात को ा जाएगी
तुम्हारे साथ सोने के लिए
और अगर वह तुम्हारे लोडे की मुठ मरे
तो तुम सोने का नाटक करना
और अपने लुंड के छूटने पर
माल की पिचकारी सरिता के मुम्मो
पर मरना.
Vikas:Thik है में वैसे hi करूँगा जैसा तुम ने बोलै है, सरिता के बूब्स पर दाल दूंगा अपने लुंड की छुम
लेकिन यह क्यों जरुरी है
की पहले में अपनी बहिन की छूट मरू
तभी तुम लोगी मेरा औज़ार अपनी गुलाबो में.
मुझे कुछ समझ नहीं आया.
सुहानी: देखो यार
जैसे में तुम्हारे नीचे लेट कर तुम्हारा लुंड लेना चाहती हूँ अपनी छूट में
ऐसे hi तुम्हारी बहन भी
मेरे राकेश भय से छोड़ना चाहती है.
अगर तुम ने अपनी बहिन को अपना केला खिला दिए और मेरे भाई ने मुझे
,तो हम सब एक दूजे से खुल जायेंगे.
उसके बाद अगर
में तुम्हारा
और सरिता मेरे भाई राकेश का
लुंड लेती है अपनी छूट में
तो दोनों भाई ो को कोई इतराज़ नहीं होगा चूँकि दोनों को hi
डिफरेंट छूटों का स्वाद मिलेगा
इसी तरह मुझे और सरिता को भी
डिफरेंट लोडे मिल जायेंगे
छूट में लेने के लिए ..
मतलब लड़के और लड़कियां
दोनों की डिजायर फुलफिल हो जाएगी.
विकास: क्या बात है यार तुम्हारा तो दिमाग hi बहुत चलता है िह्न मामलों में.
में तो कायल हो गया तुम्हारे
खुले विचारों का.
सुहानी: यार ऐसा करना पड़ता है
अपनी छूट की खुजली मिटने के लिए
मेरे प्यारे हैंडसम यार जी
.Bye
कॉलेज से छूती के बाद,
घर वापस जाने के लिए
काम्य की गाड़ी में उसके साथ बेथ गयी सरिता.

रस्ते में उसने काम्य को अज्ज की सब बातें बता दी.
काम्य ने उसको चुम कर कहा,
बहुत सही जा रही हो तुम.
अब लगता है हमारे विचार जल्दी hi
एक जैसे होने वाले हैं.
और मुझे तो तुम्हारी सहेली Suhani

विचार भी अच्छे लगते हैं,
कभी मिलाना मुझे सुहानी से भी
और कल को अग्गे की सभी बात बताना मुझे.
लगता है तुम जलधि hi
सैर करवा डौगी
अपने भाई के सांप को अपनी गुफा की.
सरिता ने उस दिन अपने भाई से बहुत प्यार से बात की घर ा कर दिन भर
और उसको रिझा ने की कोशिश करती रही ,
कभी उसको झुक कर अपने बूब्स दिखती ,
कभी उसके साथ चिपक कर बेथ जाती,
कभी बहाने से उसके हथियार को छू लेती.
ऐसे hi विकास भी कुछ सेक्सी करता रहा अपनी बहन के साथ.
दोनों एक दूजे को पकड़ कर प्यार करना चाहते थे
लेकिन डरे नहीं का पते थे.
इसी तरह करते करते डिनर का समय हो गया
और सरिता ने अपने भाई की पसंद का खाना बना कर खिलाया अपने भाई को
जो अब जल्द hi भाई के साथ साथ उसका यार भी बन ने वाला था.
और डिनर के बाद दोनों भाई बहन सोने के लिए अपने अपने कमरे में चले गए.
किसी तरह दोनों ने
2 घंटे एक दूजे से मिलने की उम्मीद में निकले
और जब सरिता से और सब्र नहीं हुआ
तो वह उठ गई.
उसने देखा उसकी फुद्दी बिलकुल गीली थी.
उसने एक ढीला सा टॉप और छोटा सा स्कर्ट बगैर ब्रा और पेंटी के पहन लिए.
और अपने भाई के कमरे में दबे पाऊँ पहुँच गयी,
उम्मीद के मुताबिक दरवाजा खुला था.
लेकिन वह हैरान हो गई ये देखकर की उसका भाई अंडरवियर
अपनी गांड ऊपर करके
जबकि बात उसके लुंड को हिलने की हुई थी.
मतलब उसके भाई का पोस्चर उम्मीद के मुताबिक नहीं था.
सरिता ने socha,pata नहीं सुहानी ने कोई बात की भी होगी या नहीं
मेरे भाई से.
फिर उसने सोचा की कहीं मेरा भाई गे तो नहीं.
लेकिन उसने सुन रखा था की गे बॉयज को तो लड़कियों में इंटरेस्ट hi नहीं होता,
तो ये भी बात होनी मुश्किल है.
चलो देखती हु इसका अंडरवियर
जब उसने अंडरवियर नीचे किया तो विकास ने सीधा हो कर अपना लोढ़ा दिखने की बजाये
अपनी गांड ऊपर उठा दी.
सरिता ने सोचा कही मेरा भाई मुझसे अपनी गांड तो नहीं चटवा न चाहता,
उसने यह सोच कर अपने भाई के चुत्तड़ दबाने शुरू कर दिए,
विकास के चुत्तड़ किसी लड़की के चूतड़ों से काम नहीं थे गोर गोर गोल मटोल.
दबाने के बाद वह अपने भाई के चुत्तड़ चाटने लगी
और जब उसको ज्यादा स्वाद आने लगा तो उसने एक फिंगर अपने भाई की गांड के छेड़ में दाल दी.
उसकी एक फिंगर जब आराम से चली गई उसके भाई की गांड के छेड़ में
तो उसने 2 फिंगर्स अंदर दाल कर, फिंगरिंग शुरू कर दी ासशोले की.
थोड़ी देर बाद उसका भाई सीधा हो कर लेट गया.
सरिता को लगा के उसके भाई को
अपनी गांड से तैसे करवाने का शौक है शायद
और लगता है अब इनका शौक पूरा हो गया है.
विकास के सीधा लेटने से
उसका गोरा चिट्टा बड़ा लोढ़ा दिखने लगा
और लुंड बहुत प्यारा लगा सरिता को.
उसने भी शर्म छोड़ कर आराम से पकड़ लिया अपने भाई का लुंड और लुंड का स्किन ऊपर करके सूपड़ा बहार निकल लिया.
सूपड़ा प्रेकम से गिला हुआ पड़ा था
लेकिन उसने मुठ मरने से पहले
थोड़ा लालच करके अपने भाई के लोडे का डोडा अपने
मुँह में दाल कर चेतना

और चूसना शुरू कर दिया.
उसको लुंड चूसने में असीम आनंद की प्राप्ति होने लगी
लेकिन उसने सोचा जो बात पहले की हुई है
उसके मुताबिक चलते हुए
में मुठ hi मर देती हु अज्ज अपने भाई के लुंड की.
वह आराम से बैठकर मुठ मरने लगी विकास के लुंड की.
काफी देर बाद जब उसने देखा की उसके भाई का लुंड कंपनी लगा है
तो उसने अपना टॉप ऊपर उतर दिए
और लुंड की पिचकारी की दिशा
अपने नंगे चुचों की तरफ कर ली.
उसके भाई के लोडे से बेतहाशा बरसात हुई गर्म तरल पदार्थ की
और उस बरसात से
उसके बूब्स समेत
सरे शरीर पर छुम लग गयी .

इतनी ज्यादा छुम की बरसात
उसकी बॉडी पर होने से
सरिता को असीम आनंद की प्राप्ति हुई
और वह संतुष्ट हो कर अपने कमरे में ा गयी भाग कर.
थोड़ी सी उसके शरीर पर लगी छुम उसने चाट ली
और बाकि लगी रहने दी अपने शरीर पर.
अपडेट यहीं पर समाप्त होती है.
फ्रेंड्स काइंडली लिखे रिप्लाई ंद कमैंट्स करो
राजी आपके साथ के इंतज़ार में
तो बे कॉन्टिनोएड






































