परम और छोटी बहू का कमरा, सुबह
परम ने छोटी बहू को अपने शरीर पर खींच लिया। उसकी नंगी चूत परम के मोटे लंड पर रगड़ रही थी। छोटी बहू ने परम के लंड को अपनी उँगलियों में पकड़कर सहलाना शुरू कर दिया।
“कैसा स्वाद है भाभी...?” परम ने मुस्कुराते हुए पूछा। फनलव की पेशकश।
यह सुनकर छोटी बहू चौंक गई। उसने अपना चेहरा छिपा लिया और शर्म से लाल हो गई।
“भाभी, शरमाती क्यों हो? लगता है तुमने पहली बार किसी का चूत का स्वाद लिया है!” परम ने हँसते हुए कहा।
तभी परम ने छोटी बहू को अपनी बाहों में कस लिया और बोला,
“मैं महक और सुंदरी को बोल दूँगा कि तुम्हें अपनी-अपनी चूत का मजा दें और तुम्हारी चूत चूसें...”
छोटी बहू ने परम के सीने में अपना सिर छिपाते हुए शर्म से बोली,
“छी... छी... माँ और बहन के बारे में कैसी बातें करते हो!”
उसने परम को चूमा और पूछा,
“तू इस कुतिया (किरण) को चोदकर कहाँ चला गया था? अपनी बीबी रेखा के पास!”
“तुम बाहर चली गई तो क्या करता! रेखा की ही गांड मार आया...उसकी गांड को भी समयांतर पर सर्विस देंना मेरा धर्म है। तो उसकी गांड में आयल पानी कर आया। ” परम ने बहू को अपने शरीर पर और कसकर खींच लिया और बोला,
“तुम नहीं जानती, सुंदरी और बड़ी बहू एक-दूसरे की चूत चाटकर खूब मस्ती करती हैं। और महक तो चूत चूसने और चाटने में सबसे एक्सपर्ट है।”
“तुमसे किसने कहा...?”
“बड़ी भाभी और माँ को तो मैंने खुद देखा है, एक-दूसरे से मजा लेते हुए... और महक के बारे में पूनम ने बताया है।”
परम ने छोटी बहू की चूचियों को दबाते हुए कहा,
“चलो भाभी... एक बार जमकर चुदाई करते हैं और फिर सो जाते हैं... सुबह होने वाली है...तेरी चूत में लंड खाली करने का समय भी तो है।”
छोटी बहू ने परम के लंड को हिलाते हुए कहा,
“आज छोड़ दे... आज तेरे भैया ने मेरी चूत को बहुत रगड़ा है... कल पूरा मजा दूँगी... देखना चूत कितनी सूज गई है...”
(उसने झूठ बोला, जैसा कि हम जानते हैं कि दोनों भाइयों ने छोटी बहू के साथ नहीं, बल्कि अपनी चचेरी बहनों के साथ चुदाई की और सोए थे।)
परम ने मुस्कुराते हुए कहा,
“ठीक है भाभी... चल तू मेरे ऊपर आ जा...” फनलवर का निर्माण।
उसने छोटी बहू को अपने शरीर पर खींच लिया। छोटी बहू ने अपने कूल्हे हिलाकर परम के लंड को अपनी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया। उसकी भरी हुई चूचियाँ परम की छाती से रगड़ रही थीं।
“अगर किरण या ये सब बच्चे हमको ऐसा देखेंगे तो...?” वह चिंतित थी।
परम ने उसके निप्पल को चूसते हुए बोला,
“क्या होगा... सबको तो मालूम है कि परम छोटी बहू की देखभाल करता है... सेठजी, सेठानी और बड़ी बहू को मालूम है कि मेरा लंड तुम्हारी प्यारी सी नन्ही चूत में घुसेड़ने के लिए हमेशा बेकरार रहता है। यह मेरा फर्ज भिबंता है की मैं आपकी चूत की भी मरम्मत लिया करू। रही बात इस किरण की तो वह वैसे ही मेरे लंड का स्वाद ले चुकी है और अपनी चूत फ़डवा चुकी हैइस से कोई शर्म नहीं।”
उसने छोटी बहू को चूमा और उसके मांसल कूल्हों को दबाते हुए कहा,
“याद नहीं रानी! मैंने कैसे तुमको पटाकर चोदा था।”
“तुमने जब मुझसे कहा था कि सेठजी मुझे यानी अपनी छोटी बहू को चोदना चाहते हैं, तभी मैं समझ गई थी कि तू मेरी चूत के अंदर घुसना चाहता है...मेरे माल को चखना चाहता है। तू क्या समजता है तूने मुझे चोदा था? नहीं मैंने तुम्हे चोदा था। मेरी मर्जी से।” उसने प्यार से परम को चूमा और बोली,
“तुम मान या न मान... मेरी चूत तेरी दीवानी है... और मुझे मालूम है कि तुझे मैं नहीं, रेखा, बड़ी भाभी और पूनम बहुत पसंद हैं...”
परम ने उसे टोका,
“तुम गलत सोचती हो... मैं रेखा और पूनम से शादी करना चाहता हूँ और बड़ी भाभी के बड़े-बड़े बोबले मुझे बहुत पसंद हैं... लेकिन अपनी कसम, मुझे तू पूरी तरह से अच्छी लगती है... ऊपर से नीचे तक तुम्हारा सब कुछ मुझे बहुत पसंद है... एकदम तीखी, हरी मिर्च जैसी...और तेरी इस चूत में बहोत मजा है।” परम ने भाभी की छुट की दरार को थोडा फैलाते हुए कहा।
परम ने छोटी बहू के निप्पलों को चूसा और उसके मांसल कूल्हों को जोर से दबाया।
“अगर कोई मुझे कहता तो मैं इस लड़की किरण को कभी नहीं चोदता... लेकिन साली कल रात खुद नंगी होकर चोदने के लिए खुशामद करने लगी तो कुतिया का सील तोड़ना पड़ा... देखो आज भी कैसी रंडी जैसी नंगी सोई है... इस हरामजादी के कारण तुम्हारे साथ मस्ती नहीं मार पाया...” परम ने मस्का मारते हुए कहा। लेकिन छोटी बहु भी जानती थी की उसकी चूत और किरण की चूत में कितना फर्क है। और एक छोटी चूत किसको पसंद नहीं होती। संपादिका मैत्री पटेल।
उसने छोटी बहू को चूमा और उसके कसे हुए कूल्हों को मसल कर ढीला करना जारी रखा।
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यही तक दोस्तों।
कहानी तो अभी जारी है पर आगे की कहानी आपके कोमेंट्स आने के बाद।
तब तक Funlover की तरफ से जय भारत।।