Incest Sex Kahani AWARA - DIL DIMAG SE - Page 9 - SexBaba
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Incest Sex Kahani AWARA - DIL DIMAG SE

नई अपडेट रीस्टार्ट

सेहरा और इंस्पेक्टर दोनों वह पॉच गए थे जहा से मोहित के सिग्नल आ रहे थे

Inspector:-sehra तुम सायद सही थे घर देख कर hi लग रहा है यहाँ कोई मुसीबत है

Sehra:-woh तोह पता है अब जाये कैसे अंदर बहार तोह बहुत गार्ड है इन्हे चकमा देना मुश्किल है और हमरे पास वक़्त भी नहीं है ना अंदर का कुछ पता है

Inspector:-yar सास तोह लो और मुझे सोचने दो यहाँ से आगे मैं देखता हु क्या करना है

थोड़ी देर खामोसी रहती है उसके बाद इंस्पेक्टर अपने आदमियों को कॉल कर अपने पास hi बुला लेटस है

Inspector:-hamra स्पाई कैमरा निकलो जो tittli(butterfly) वाले है

Sehra:-itna टाइम नहीं है

Inspector:-sehra थोड़ा सबर कर यार मैं कुछ सोच कर hi कर रहा हु

इंस्पेक्टर सभी बटरफ्लाई को उदा देता है और अपने hi एक आदमी को स्क्रीन दे देता है

Inspector:-tumhra काम है इस से खतरे को महसूस कर के हम्मे जगह करना चलो सेहरा और तुम दोनों भी चलो हमरे साथ और हां कोई व् गार्ड मिले तोह गोली सीधे हेड पर मरना ताकि आवाज ना कर पाए एक भी गलती ना हो हमें बस घर के अंदर पोछना है सभी मेरे पीछे आना सिग्नल घर के बीचों विच से आ रही है

फिर क्या था सभी आगे को बढ़ जाते है गार्ड उन्हें पोछने को आगे बढ़ता है के सेहरा और इंस्पेक्टर सीधे सर पर गोली मारते है

उसके बाद दो उनकी लाश को हटा देते है और आगे बढ़ जाते है बहार से इन्हे सभी की पोजीशन पहले से पता लग रही थी इस लिए सभी को मरना जेड परेशनी नहीं होती और गार्ड्स भी ज्यादा बहार नहीं थे

अब वह सभी घर के उस रूम तक पॉच गए थे जहा मोहित और बाकि सब को रखा था

Inspector:-(dhire से) स्पाई कैमरा से देखो अंदर क्या हॉल है

Policeman:-sir अंदर बहुत सरे गार्ड्स और कुछ लोग है जिन में से कुछ बंधे हुए है तोह कुछ बॉस लोग रहे है

Sehra:-mtlb मोहित अंदर है अब हम क्या कर

Inspector:-ikk मिंट sehra...tum मुझे यह बातो उन् गार्ड्स के पास क्या क्या हथ्यार है

Policeman:-sir इन के पास सभी हथ्यार है एक47 से लेकर चाकू तक

Inspector:-kitne आदमी है टोटल यह बातो

Policeman:-sir 20 गार्ड्स 3 आदमी और एक औरत है इनके इलवा इक लड़का एक आदमी और एक आवर्त दो लड़किया है

Sehra:-itne लोग अब क्या कर गए

Inspector:-sehra क्या कोई ऐसा तरीका है जिस से हम मोहित को मश्ग पोछा सके के हम यह आ गए है बचने और वह हम्मे सपोर्ट कर

Sehra:-haa हम उन् तक मश्ग पोछा सकते है अगर हम्म उन् के दिमाग में जो मशीन है उस में यह मश्ग डेल

Inspector:-kya यह पॉसिबल है

Sehra:-haa मेरी बहिन कर सकती है मैं उससे फ़ोन करता हु

Inspector:-tumhre पास सिर्फ दो मिंट है और तुम दोनों गैस त्यार रखो और सब से पहले इस दूर को बिना आवाज किये अंदर से लॉक करो

Sehra:-kaam हो गया

Inspector:-yeh पहन लो गैस में टारगेट ढूंढ़ने में आसानी होगी

सभी अपनी गन लेकर त्यार हो जाते है रूम में गैस छोड़े टाइम हो चूका था

Inspector:-sehra सीड देखा है ना तोह तोड़ दो दरवाजा एक भी टारगेट मिस नहीं होना चाहिए और ध्यान रखना किसी अपने को गोली ना लगे that's क्लियर

उसके बाद इंस्पेक्टर िश्रा करता है और सेहरा दूर तोड़ देता है और चारो अंदर आ जाते है अंदर में स्मोक फ़ैल गयी थी और तरफ अफरा तफरी थी जिसका फ़ायदा उठा कर हथ्यार बढ़ गार्ड को मरना लगते है स्मोक के कारण वह कुछ नहीं कर पते पर यह सभी गिलास होने के कर असनी से सभी को मार रहे थे वह फायर तोह कर रहे थे पर उनकी गोलिया भी अपने hi आदमी को बुन्न रही थी

वही इस हल में सुरेश और मेहता निर्मला घबरा तोह गए थे पर गोलिया की आवाज सुन्न वह सब ज़मीन से लेत गए

कुछ 5 मिंट बाद रूम कोई स्मोक नहीं बची थी दरवाजा टूटने से स्मोक बहार चली गयी थी जो बचे थे वह खास रहे थे

वही सेहरा ने सुरेश को तोह इंस्पेक्टर ने महरा को पकड़ रखा था

इक्क पुलिस वाले ने सभी को खोल लिए

अब बज्जी बिलकुल पलट गयी थी अब बजी मोहित के हाथ में थी पर साली इस हालत में भी सुरेश मुस्कुरा रहा था जो मोहित को परेशान कर रही थी

Main:-sukriya दोस्तों आप सभी ने तोह कमल कर दिया

मैं अभी कुछ करता उस से पहले hi सुरेश जो मुस्कुरा रहा था वह हसने लगता है

Suresh:-tumhe क्या लगता है तुम जित गए बेवकूफ हो तुम मोहित बिलकुल bewkuf...mujhe लगा तुम समझदार होंगे बूत तुम में वह बात नहीं

साला अब यह क्या नया ड्रामा है यह मौत के मुँह में खड़ा और मुझे कह रहा है मैं हर गया क्या इस ने तन्नू या जूही को तोह किडनेप कर लिए

मैं मैं कुछ बोलता उस से पहले hi वह बोल पड़ा

Suresh:-jo तुम सुच रहे हो वह तोह नहीं हुआ पर किया जा सकता था खैर तुम्हे यह तोह पता होगा के रवां के दस सर थे

Sehra:-pagal हो गया है यह मौत को सामने देख कर भाई ख़तम करो इससे और चलो यहाँ से

Devgan:-mohit यह बहुत चालक कुत्ता है इस की बातो में मात आओ ख़तम कर दो इस गंदगी को

सुरेश देवगन की बात सुन्न कर और हसने लगता है

Suresh:-kya मुझे hi ऐसा लग रहा है या तुम्हे भी के यह सब कितने असनी से हो गया मतलब इन लोगो का बिना पता लगे इस रूम तक आ जाना कितनी असनी से सब को बचा लेना क्या बीटा यह कोई फिल्म थोड़ी है जिस में हीरो आये गए और विलन का थे एन्ड हो जाये गए ना बीटा ना यह कलयुग है यहाँ सिर्फ रावण या विलन जीते गए

मुझे साला उसकी बातो से गुस्सा अस रहा था मैं उसके पास गया और बालो से पकड़ कर उसका सर देवर से दे मारा एक बार नहीं दो तीन बार पर सेल के चेहरे से वह स्माइल नहीं गयी जो मुझे बात रही थी मैं जीता नहीं हु

Main:-kya छुपा रहा है यह मुस्कुरा क्यों रहा है बोल

Suresh:-teri हार तेरे चेहरे पर है पर तू इतना जान ले मेरे मरने से भी सुरेश नहीं मारे गए

Main:-behanchod यह क्या बकवास है तू hi तोह सुरेश है

Suresh:-haste हुए) यह चेहरा सुरेश है मैं nhi....suresh तोह अब एक नयी पहचान में है जा दंड उससे 122स लोगो me...haste हुए) वह तुम्हे कभी भी छोट पोछा सकता है मार सकता है पर अफ़सोस तुम्हे तोह यह भी नहीं पता वह देखता कैसा है

इतना बोल वह जोर जोर से हसने लगता है वह जितने भी खड़े थे सभी के चेहरा पर हैरानी थी वह बेसक निर्मला और मेहता क्यों ना थे

इस से मुझे इतना तोह पता लग गया के साला इन्हे नहीं कुछ नहीं पता है मेरा तोह दिमाग गम गया और मैंने इंस्पेक्टर से उसकी गोली पकड़ कर सुरेश को चली कर दिया जो यह कह रहा था के वह सुरेश hi नहीं है

Inspector:-yeh क्या किया मोहित अगर यह सच बोल रहा था तोह हम्मे यही बात सकता था वह कैसा दीखता है और कहा है

Main:-yeh कुछ नहीं कहता इसके चेहरे पर मैंने एक पल भी मौत का खौफ नहीं देखा पर तुम एक काम करो इससे हॉस्पिटल लेकर जाओ और डीएनए चेक करो यह सुरेश है या बेहरुप्या

Sehra:-bhai इन दोनों से पॉच कर देखो इन्हे पता होगा

Zoya:-nhi इन्हे कुछ नहीं पता यह खुद इसकी बात से हैरान थे

Inspector:-toh अब क्या

Main:-sabse पहले मेरे परिवार को लेकर जाओ और यहाँ का मामला देखो मेरे परिवार का नाम ना आये

माँ तभी रट हुए मेरे गले लग गयी

Mummy:-beta चल यहाँ से मुझे दर लग रहा है और हम आज hi कही दूर चले जाये गए बहुत दूर इन सब से

Main:-maa दूर भागने से मुसीबत ख़तम नहीं हो जाती उसके लिए मुसीबत की आखो में देख कर लड़ना पड़ता है और मैं यह जुंग ख़तम कर के रहो गए आप घर जाओ

Mummy:-nhi तू भी मेरे साथ चल

Devgan:-beta अभी घर चलो यहाँ सेहरा देख लेगा

अब मैं क्या कहता वैसे भी दिमाग की माँ बहिन हो राखी थी इस लिए मैं भी घरवालों के साथ चल पता अपने घर पर दिमाग में अभी भी यही चल रहा था अगर यह सुरेश नहीं तोह सुरेश कहा है
 
अपडेट नई

Mummy:-beta चल यहाँ से मुझे दर लग रहा है और हम आज hi कही दूर चले जाये गए बहुत दूर इन सब से

Main:-maa दूर भागने से मुसीबत ख़तम नहीं हो जाती उसके लिए मुसीबत की आखो में देख कर लड़ना पड़ता है और मैं यह जुंग ख़तम कर के रहो गए आप घर जाओ

Mummy:-nhi तू भी मेरे साथ चल

Devgan:-beta अभी घर चलो यहाँ सेहरा देख लेगा

अब मैं क्या कहता वैसे भी दिमाग की माँ बहिन हो राखी थी इस लिए मैं भी घरवालों के साथ चल पता अपने घर

अब आगे........

इस वक़्त सभी हमरे घर के हॉल में थे मैंने सोनिआ को कह कर तन्नू और जूही को भी अपने पास बुला लिए था

चाचा मेहता और निर्मला को जगदीश ने अंदर कर दिया था दुर्ग का झूठा केस लगा कर ताकि मेरे परिवार की कोई बदनामी ना हो

इस वक़्त हॉल में मैं मम्मी समीर चची पायल ज़ोया देवगन उर्वी काव्य कोमल और कोमल की मम्मी बहिन प्रिय थे

ऐसा लग रहा था जैसे कोई पार्टी हो पर इस वक़्त सभी के चेहरे पर दर और उदासी थी हलकी इन उदासी में वजह कई थे

जैसे काव्य थी जो मुझसे लिपटना और हक्क जातना चाहती थी पर सभी के होते जाता नहीं पा रही थी

प्रिय और कोमल उसकी मम्मी अपने साथ हुए हादसे से प्रश्न थे वर्ण इन् गरीबो की किसी से क्या दुस्तमान

ज़ोया मिशन फ़ैल होने पर दुखी थी

देवगन को अपनी बेटी के लिए चिंता थी तोह साथ hi सुरेश और निर्मला के कमीनेपन से दुखी थी

चची की आखो में अजीब सा दुःख था सायद अपने पति के डरा किये जा रहे दुःख के कारन था

पायल का कुछ समझ नहीं आ रहा था वह ना तोह दरी हुयी थी ना hi दुखी पर कुछ तोह था जो सायद वह महसूस कर ाचा फील नहीं कर रही थी

उर्वी अपने पापा से गले लगी हुयी थी उसकी आखो में अभी ासु थे उसने जिस माँ से प्यार किया वही उसका रपे करना चाहती थी जिस से प्यार करती है बेहद वह उसका भाई है उसका दर्द यहाँ बैठे मई से सायद hi कोई जनता हो

मेरी माँ की आखो में ासु थे उसका अपना पति hi अपने बचो को मारना चाहता था अपनी hi वाइफ को किडनेप कर लिए हो उस औरत पर क्या गुजर रही होगी

समीर के लिए सब नया था वह तोह अपने पापा की मौत का दुःख में था पर अभी पता लग रहा रहा के उसका बाप ज़िंदा है और अपने hi परिवार को मार रहा है समीर के लिए यह हालत बहुत अजीब से थे

मैं सभी के चेहरे को देख पढ़ रहा था एक खामोसी थी पुरे हॉल में

इस खामोसी को माँ hi तोड़ टी है

Mummy:-beta मेरी बेतिया कहा है अभी तक नहीं आयी मुझे दर लग रहा है

Main:-mummy आप चितना ना करो उन्हें कुछ नहीं होगा 10 मिंट में यहाँ आ जाये गयी वह निकल गयी है

Mummy:-kaise ना चिंता करो बीटा जिसका बाप hi अपने बचो को मरना चाहता हो मैं चिंता क्यों ना करो

Main:-mummy मेरा बाप कितना भी कमीना क्यों ना हो पर मुझे और मेरे परिवार को कुछ नहीं कर सकता

Sameer:-par पापा ने ऐसा क्यों किया मोहित वह अपने hi परिवार को क्यों मरना चाहते है

Devgan:-beta इंसान को जब ताकत का नशा हो जाता है ना तोह वह अपने रिस्तो और सभी चीज़ो को कुचल देता है वही हालत तेरे पापा की है उससे ताकत परापत करने का ऐसा नशा चाहड़ा है के वह बोहोल गया है के वह अपने hi परिवार अपने hi खून को नुकसान पोछा रहा है

Urvi:-(rote हुए) पापा अंकल तोह ताकत के लिए ऐसा कर रहे है पर माँ ने ऐसा क्यों किया

Devgan:-beta paisa...uss लालची औरत को मैं समझ hi नहीं पाया ना उसके लालच को जान सका

Mummy:-urvi बीटा तुम मेरे पास आओ मैं हु ना तुम्हरी माँ आ मेरे पास आ ऐसे रू मात

क mom:-acha बीटा हम चलते है

Main:-aunty अब्बी अआप कहि नहीं जाओ गए पता नहीं मेरा बाप कहा है क्या करे.. आप सभी मेरे कारन मुसीबत में आये है इस लिए आप सब को कही नहीं जाने दुगा

Devgan:-tum ठीक कह रहा है बीटा अभी अलग होना मतलब मुसीबत लेना है

Kavya:-par मुझे तोह जाना होगा वह.....

Main:-kya मैं तुम्हे अलग से कहो और रही तुम्हरी मम्मी और भाई की बात तोह मैं उन्हें यही बुला लेता हु ज़ोया.......

Zoya:-tum पता दो मैं अभी ले आती हु

Main:-nhi ज़ोया तुम भी ऐकले नहीं जाओ गयी मन तुम बेस्ट हो पर तुम सेहरा को साथ ले जाओ वह आ hi रहा है वह रस्ते मिल जाये गए

Zoya:-teek है मैं जाती हु काव्य एड्रेस दो

Kavya:-par.......

Mummy:-beti अभी तुम्हरा हमरे साथ रहना जरुरी है

उसके बाद काव्य एड्रेस देती है और ज़ोया चली जाती है ज़ोया के जाते
hi सोनिआ तन्नू और जूही आ जाती है



तन्नू को सब पता था इस लिए वह सीधे मेरे पास आ मेरे
पास आ मेरे गले लग रोने लगती है उसके साथ hi जूही भी आ जाती है दोनों गले लग रू रही थी



Main:-kya दीदी देखो ना किसी को कुछ नहीं हुआ मैं हु ना किसी को कुछ नहीं होगा

Tannu:-par तुझे कुछ हो गया तोह

Main:-oh हो दीदी मुझे कुछ नहीं होगा आप सब का प्यार कुछ नहीं होने देगा और माँ चाचा आप दोनों अब रोना धोना बंद करो और काम सुरु करो रात होने लगी है डिनर नहीं करना है क्या और सबसे पहले चाय दीजिये सबको कैसे मुँह लटकाये हुए है चाय पीकर कुछ ताज़ा महसूस करे गए और सोनिआ माँ चची की हेल्प करो और दीदी आप भी माँ की हेल्प कीजिये काम आज ज्यादा है

क mummy:-beta मैं व् हेल्प कर देती हु

Mummy:-nhi नहीं हम कर लगे आप मेहमान है आप रेस्ट कीजिये

क mummy:iss हालत में कैसा मेहमान दीदी अभी तोह सब को मिल कर काम करना चाहिए

Urvi:-haa आंटी मैं व् चलती हु

Kavya:-main भी

Priya:-main व्

Main:-(haste हुए) माँ ाचा है सब को ले जाइये इसी बहाने कुछ सिख व् लगे यह सब

मेरी मजाक पर कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ा पर सभी लड़किया और औरत किचन चले गए

Main:-uncle आप रेस्ट कीजिये जूही दीदी इन्हे गेस्ट रूम दिखा देना प्लस

Devgan:-beta मैं यहाँ ठीक हु

Main:uncle प्लस आप रूम में रेस्ट कीजिये और ज्यादा मात सोचिये मैं हु ना सब ठीक हो जाये गए

Devgan:-teek है बीटा

इनके जाते hi हल में मैं और पायल रह gye...payal मुँह निचे किये बैठी थी अभी तक पायल ने कुछ नहीं बोलै था जो मुझे प्रश्न कर रहा था

मैं पायल के पास गया और उसका हाथ पकड़ उठाने लगा हाथ पकड़ते hi पायल ने मुझे देखा

Main:-payal मेरे साथ रूम में चलो मुझे बात करनी है

Payal:-par मुझे नहीं करनी

Main:-tum नाराज क्यों हो

Payal:-mujhe नहीं पता जाइये तन्नू दीदी और जूही दीदी से पोछिए

Main:-acha उन् से भी पॉच लगा पहले तुम मेरे साथ चलो प्लस ना

मैंने पायल को जवर्दस्ती खींचा जिस से वह उठ गयी और मैं उससे अपने रूम में ले आया और दूर लगा दिया

Main:-ab बोलो क्यों नाराज हो

Payal:-aap ने कैसे सोचा हम भी पापा जैसे है मैं आपसे कितना प्यार करती थी अपना सब कुछ सोप देना चाहती थी आपको पर अपने मेरी परवाह भी नहीं की

Main:-acha तोह इस लिए नाराज हो पर तुम्हे यह किसने कहा मैं परवाह नहीं करता तुम्हरी

Payal:iss में कहने वाली क्या बात है अपने जूही और तन्नू दीदी को सेफ कर लिया रातो रात पर मेरे बारे जरा भी नहीं सोचा

Main:-payal मेरी बात को समझो उस वक़्त मैं नहीं जनता था मेरे घर में कोण कोण मेरे पापा से मिले हुए थे इवन मैं अपनी माँ पर विश्वास नहीं कर रहा था पर इसका मतलब यह नहीं के मैंने उन्हें छोड़ दिया या तुम्हे छोड़ दिया मेरी नजर सब पर थी जान अगर एक व् गलती करता तोह कीमत किसी अपने को खो जार चुकानी पड़ती इस लिए मैंने तुम्हे यहाँ रखा और यह किसने कहा तुमसे के मैंने जूही और तन्नू पर सक्क नहीं किया मैंने उन्हें भी बहुत पर देखा और परखा उसके बाद hi अपने पास लेकर गया पर मैंने तुम्हे भी एकला नहीं छोड़ा था पगली

मेरी बात सुन्न पायल मुझे ध्यान से देखने लगी फिर आकर मेरे गले लग कर रोने लगी

Main:-meri हॉट सिस्टर ऐसे रट अछि नहीं लगी ाचा सुनने तोह

Payal:-haa भैया

Main:-hamri किश रहती थी और सेक्स भी फ़िलहाल सेक्स तोह कर नहीं सकते पर मुझे अभी एक प्यारी स किश चाहिए अपनी स्वीट सिस्टर से

Payal:-bhaiya आपको कब मन किया है आप को जो चाहिए ले लीजिये

Main:-lena तोह बहुत कुछ है अपनी प्यारी बहिन से फ़िलहाल किश से काम चला लगा

मैंने इतना बोल पायल के सर को पकड़ उसके होठो को अपने होठो में कैद कर चूसने लगा मेरे होठो को मिलते hi पायल भी मेरा पुरे साथ देने लगी जैसे उसके मन की पूरी हो गयी हो

हम दोनों एक दूसरे के होठो को खाने लगे कभी मैं पायल के होठो को चुस्त तोह कभी पायल मेरे होठो को अपने दातो से काटने लगती जैसे गुस्सा निकल रही हो

हम दोनों अपने प्यारे से किश में उलझे हुए थे के तभी दूर नॉक होने लगा

हमरा दिल तोह नहीं भरा था पर मजबूरन हमें अलग होना पड़ा
 
अपडेट नई

मैंने इतना बोल पायल के सर को पकड़ उसके होठो को अपने होठो में कैद कर चूसने लगा मेरे होठो को मिलते hi पायल भी मेरा पुरे साथ देने लगी जैसे उसके मन की पूरी हो गयी हो

हम दोनों एक दूसरे के होठो को खाने लगे कभी मैं पायल के होठो को चुस्त तोह कभी पायल मेरे होठो को अपने दातो से काटने लगती जैसे गुस्सा निकल रही हो

हम दोनों अपने प्यारे से किश में उलझे हुए थे के तभी दूर नॉक होने लगा

हमरा दिल तोह नहीं भरा था पर मजबूरन हमें अलग होना पड़ा

अब आगे...........

मैंने मजबूरन अलग हुआ और जाकर दूर खोला तोह सामने तन्नू दीदी थी जो चाय लेकर आयी थी

Tannu:-ohh पायल तुम भी यही हो सॉरी मुझे पता नहीं था वार्ना तुम्हरी चाय भी ले आती जाओ तुम भी चाय ले लो

Payal:-ji दीदी

तन्नू दीदी ने जाकर चाय टेबल पर रख दिया और पायल के जाते hi दूर बंद कर दिया

मैंने कुछ ना डोला और चाय उठा कर चाय की चुस्की hi ली थी के तन्नू दीदी बिलकुल मेरे पास आयी और मेरी चाय मेरे हाथो से पकड़ कर टेबल पर रख दी

मैं दीदी को देख मुस्कुरा रहा था के तभी दीदी आगे बढ़ मेरी गोद में बैठ कर किश करने लगी

मेरे लिया तोह जैसे सबसे ख़ुशी मिल गयी थी तन्नू दीदी का यु मुझे अचानक किश करना ाचा लग रहा था

मैंने भी दीदी को बहो में पकड़ के उनके रसीले होठो को चूसने लगा उनके गुलाबी होठो मेरे ऐसा लग रहा था जैसे सरे संसार का रस समां गया हो

हम दोनों एक दूसरे के होठो को कहने में लगे थे के तभी मुझे ऐसा लगा जैसे इन् रस के सागेर में नमक की सिलिया मिला दी हो

उन् के होठो से अब वह रस नहीं मिल रहा था जो किश करते हुए मिल रहा था

मैंने जल्द hi दीदी के चेहरे को पकड़ कर खुद से अलग किया तोह मेरा दिल hi बैठ गया

जो मेरा चेहरा दीदी के किश करने से एक पल के लिए दमक रहा था एक डैम से ऐसा लगा जैसे मेरे दिल पर हज़ारो तीर एक साथ आकर लगे हो सायद उन् से भी इतनी पीड़ा नहीं होती जितनी दीदी के चेहरे पर ासु की बुँदे देख कर हो रही थी

मैंने दीदी के दोनों गालो को अपने हाथो में थम लिया दीदी के आखो में ासु देख मेरी आखो में भी हलके ासु आ गए थे

Main:-didi क्या हुआ आप रोने क्यों lagi...sorry दीदी अगर मेरे किश........

तन्नू दीदी ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और मेरे गले लग कर खुल कर रोने लगी

Main:-didi क्या हुआ प्लस कुछ बोलिये ना ऐसे आपका रोना मैं बर्दास्त नहीं कर पाओ गए अगर मुझसे कोई गलती हो गयी है तोह मुझे मारिये मुझे दातिए पर प्लस आप मात रोना बंद कर dijiye...apka भाई यह बर्दास्त नहीं कर पाए गए

Tannu:-toh क्या करो भाई कल तक खुद से लड़ रही थी के तुमसे मुझे प्यार ना हो जाये पर आज दर रही हो तुझे मुझसे कोई चेन naa...mujhe दर लग रहा है मोहित चल ना हम सब छोड़ कही दूर चलते है ज्यादा हम दोनों हो कोई और नहीं मैं अपने भाई से खुल कर प्यार कर सकू दुनिया समाज किसी की परवाह ना हो मैं सिर्फ तुम्हरी होकर राहु तुम पर हक्क जाता सकू तेरा ख्याल रख सकू

Main:didi अप्प मेरी ड्रीम गर्ल बन गयी हो दुनिया में मेरा आखिरी वक़्त होगा जब तब मैं आपकी बहो में रहना चाहुगा आप अगर यही चाहते है के मैं आपको इन् सब से दूर ले चालू तोह मैं कल hi लेकर चलता हु आप जानती है मैं कैसा hi पर अब कैसा हु यह सब आपके लिए hi तोह है मैं बदला हु तोह सिर्फ आपके लिए पर यहाँ से जाने से पहले एक बार सोचिये हमरे जाने के बाद इन् सब का क्या होगा...

Main:-didi मैं एक बार सुरेश को ख़तम कर दू फिर मैं आपको यहाँ से बहुत दूर ले जाओ गए जैसा आप चाहती थी

Tannu:-par इन् सब में तुझे कुछ हो गया तोह मैं अब नहीं हो सकती किसी और की मोहित नहीं ले सकती सासे तुम्हरे बिना

Main:-(haste हुए) तोह मात लीजिये गए ना मुझे क्या होने वाला है मेरे साथ आपका प्यार है जो मुझे कुछ नहीं होने देगा और फिर मैं अपनी दीदी से प्यार करने के लिए तोह यमराज से भी लड़ लगा

Tannu:-(aakho में देख) सच में

Main:-haa बिलकुल अब आप निचे जाइये और देखिये खन्ना बना की नहीं मुझे जोरो की भूख लगी है अपने मुझे चाय भी नहीं पीने दी अब मैं आपको hi खा कुगा

Tannu:-achaa ठीक है( गाल पर किश कर) चाय के लिए सॉरी

मैंने दीदी की बात सुन्न मुस्कुरा दिया और एक सिगरेट जलने को हुआ तोह दीदी ने चेन लिया

Tannu:-tu यह सब छोड़ दे समझा ना

Main:-kya दीदी एक hi पीने वाला था

Tannu:-ek भी नहीं वार्ना no किश

main:-didi आपके किश के लिए तोह दुनिया छोड़ सकता हु तोह यह सिगरेट क्या चीज़ है

tannu:-chl पागल कुछ भी बोलता है चल जल्दी से निचे आजा फ्रेश होक

मैं भी मुस्कुरा कर फ्रेश हुआ और चल दिया निचे जहा सब hi थे

जिसको जहा जगह मिली वही बैठ कर डिनर करने लगे

सभी ने डिनर कर लिया था कोई आज तोह कही जाने वाला नहीं था इस लिए मैंने सबके लिए सोने का रूम देने लगा

Main:-aaj कुछ ज्यादा hi बड़ी फॅमिली हो गयी है खैर छोड़ो प्रिय तुमने मेरा रूम तोह देखा है ना तुम वह चली जाओ मम्मी और कोमल के sath,kavya तुम मम्मी और सूरज के साथ गेस्ट रूम में रुक jao,uncle अपने तोह रूम देख hi लिया है सेहरा तुम समीर के साथ रुक jao,sonia तुम तन्नू दीदी के साथ रुक jana,urvi....

मैं अभी कुछ बोलता मम्मी उस से पहले hi बोल थी

Mummy:-urvi मेरे साथ रहे गयी मेरे रूम में

Main:-teek है मम्मी जूही दीदी और पायल एक साथ रह लेंगे

Chachi:-tu कहा रुके गए फिर

Main:-muskura कर) आपके साथ

Chachi:-acha ठीक है बीटा

Main:-kya चची आप भी ना मैं जो मेरे लिए रूम बांया है उस में रुको गए आपके साथ ज़ोया रुके गयी

थोड़ी देर वह इधर उधर की बात की और आगे क्या करना है इस बारे में उसके बाद मैं ज़ोया और सेहरा को अपने रूम में बुला कर अपने रूम में आ गया

************************

सेहर से बहार दूसरे सिटी में सुरेश बैठा सरब पी रहा था साथ में उसके एक और औरत थी

Aurat:-yaha सरब पीने से कुछ नहीं होगा इतना ाचा मक्का था पर तुम कुछ नहीं कर पाए

Suresh:-behan की लोदी मेरा दिमाग ना ख़राब मेरी नाकामयाबी याद दिला कर और मेरा हरा जरूर हु पर मारा नहीं हु

Aurat:-haa पर यह चेहरा मार चूका है जो तुम्हरा है और तुम इस चेहरे को लेकर इस कमरे से बहार भी नहीं जा सकते

Suresh:-haste हुए) जाओ गए रंडी जरूर जाओ गए और सबको उनकी सजा भी दुगा अब मुझे सिर्फ फार्मूला नहीं मुझे मेरा बदला भी लेना है और उसके लिए मुझे एक नया चेहरा चाहिए

Aurat:-wahi तोह मुसीबत है किसका चेहरा लोगे देवगन का ले नहीं सकते क्योकि फार्मूला उसके पास है और बाकि से तुम्हरी बॉडी नहीं मिलती

Suresh:-haste हुए) रंडी तेरा काम है बिस्टेर पर लेटना दिमाग चलना मुझ पर hi छोड़ दे और रही बात बॉडी और चेहरे की तोह मेरी बॉडी और चेहरे मेरे काम नहीं आये गए पर तुम्हरे और मेरे बेटे की बॉडी तोह काम आये गयी और चेहरा पैसा फेकते hi बदल जाये गए

Aurat:-yeh तोह मैंने सोचा hi नहीं

Suresh:-tabhi तोह कहा सोचना तेरा काम नहीं है वह मुझ पर hi छोड़ दे तू तोह तेरा काम कर मुझे टांडा करने का

इसके साथ hi दोनों एक दूसरे की आग को टांडा करने लगते है

**************

मैं अपने रूम में था के तभी वह ज़ोया और सेहरा आ जाते है मैं जाकर दूर बंद कर देता हु

Main:-musibat अब भी हमरे सर पर है पता नहीं इस वक़्त वह कहा होगा और क्या सोच रहा होगा

मैं बीएड पर बैठे हुए कहा जबकि ज़ोया और सेहरा भी रूम में पड़े सोफे पर बैठ गए थे

Zoya:-mohit तुम्हरी बात सही है पर अब हम उसे डंडे गए कैसे सुरेश ने सब नेटवर्क छोड़ कर गया है और किसी को कुछ नहीं पता है उसके बारे में यहाँ तक के कोई नकली सुरेश था उनके विच यह निर्मला और मेहता को पता भी नहीं था

Sehra:-maine आज तक ऐसा तेज़ दिमाग वाला इंसान नहीं देखा जो हर बार एक नयी चल देता है जैसे सत्राज में एक अरब चल चली जा सकती है वैसे hi यह हमरे साथ क्र रहा है

Main:-sehraa तुम्हरा कहना ठीक है सुरेश चालक है पर चालक लोग भी गलती करते है हमें बस वह गलती पकड़नी है और खुद गलती करने से बचना है

Zoya:-par बात तोह यही है ना के अब करे गया वह तोह ादृश हो गया है गायब हो गया है

Main:-issi लिए तोह हम्मे सबसे फॅमिली को बचना होगा ताकि वह किसी को नुसकान ना पोछा सके

Zoya:-baat तोह सही है

Main:-sehra तुम जगदीश से मिल कर सब की सिक्योरिटी का इंतेज़ाम करो बाकि देवगन देख लेंगे ज़ोया तुम और मैं सुरेश को ढूंढ़ते है वह कुछ ना कुछ तोह उसे करे गए बस हम्मे उससे कैच करना है

Sehra:-teek है मैं सिक्योरिटी का देख लगा

Main:-koi गलती ना हो और मैं जल्द hi सभी के रहने का इंतेज़ाम भी करता हु

ज़ोया और sehra:-teek है तोह अब चलते है कल से काम सुरु करे गए

Main:-teek है गुड नाईट

उसके बाद दोनों चले जाते है और मैं सोचने लगता हु के मैं कैसे अपने बाप को पकड़ सकता हु
 
नई अपडेट

Sehra:-teek है मैं सिक्योरिटी का देख लगा

Main:-koi गलती ना हो और मैं जल्द hi सभी के रहने का इंतेज़ाम भी करता हु

ज़ोया और sehra:-teek है तोह अब चलते है कल से काम सुरु करे गए

Main:-teek है गुड नाईट

उसके बाद दोनों चले जाते है और मैं सोचने लगता हु के मैं कैसे अपने बाप को पकड़ सकता हु

अब आगे...........

मैं यही बहुत सोचता हु और अपने लैपटॉप में कुछ ढूंढ़ने लगता हु ऐसा कुछ जिस से मैं सुरेश को पकड़ सकू पर मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था

मुझे सिगरेट पीने की तालाब लग रही थी पर तन्नू दीदी ने मन किया था और उनकी बात टालने का दिल नहीं था

मैं रूम में चाकर लगने लगा के तभी मेरे रूम की दूर नॉक हुआ इस वक़्त पता नहीं कोण हो मुझे लगा तन्नू दीदी होगी

मैंने जाकर दूर खोला तोह बहार काव्य कड़ी थी

मैं कुछ नहीं बोलै और उससे में आने दिया काव्य रूम में आकर कड़ी हो गयी

Main:-baatho

Kavya:-woh मैं तोह इस लिए आयी थी के आप ठीक है मैं पॉच नहीं पायी थी सबके सामने

Main:-tum भी ना बैठो और तुम्हे कितनी बार कहना होगा के तुम्हरा मुझ पर हक्क है तुम जब मर्जी मेरे पास आ सकती हो

Kavya:-(balcony के पास जाकर बहार आसमान के छड़ को देख कर) हम जैसे गरीबो के हक्क नहीं होते मोहित

मुझे काव्य की यह बात बिलकुल भी अछि नहीं लगी एक तोह पहले से दिमाग ख़राब था ऊपर से इस का रंडी रोना साला लड़कियों को जितना भी समझा लो पर इनके दिमाग में कुछ नहीं आने वाला

मैं भी बालकनी में चला गया और काव्य को पीछे से हुग कर लिया काव्य ने कुछ नहीं कहा जैसे उससे इस से कोई प्रॉब्लम ना हो वह बस आसमान को देखती रही

Kavya:-chand खूबसूरत है ना

Main:-haa पर तुमसे ज्यादा नहीं ना तुमसे मासूम तुम यु उदास ना हुआ करो मैं तुम्हरे साथ हु हमेसा hi

Kavya:-janti हु पर दिल फिर भी डरता है

Main:-kyo डरता है दिल

Kavya:-sayad इससे यकीन नहीं के इसकी किस्मत में अनमोल हिरा आ सकता है

Main:-toh यकीन दिलवा उससे

Kavya:-hmmmm

Main:-ab मैं क्या karo....(kavya को पलट कर) मेरी आखो में देखो फिर भी अगर यु उदास रहना है तोह मैं कुछ नहीं कहु gaa..aur हां लोगो को दिल से अमीर होना चाहिए कागज के टुकड़ो का नहीं क्या पता कल यह कागज साथ होंगे या नहीं

अब मैं खुद को और ना रोक सका और एक सिगरेट जला कर पीने लगा काव्य पहले तोह मुझे गुस्सा से देखि फिर मेरे मुँह से सिगरेट से निकल कर फेक दिया और मेरा हाथ पकड़ बिस्टेर पे ले आयी ना मैं कुछ बोलै और ना वह

काव्य वही बीएड पर लेट गयी और बाहे फैला दी मैं भी काव्य की बहो में लेट गया इस उम्मीद में सायद थोड़ा तोह सकें मिले

काव्य प्यार से मेरे सर पर उगलिया गुमने लगी और मुझे भी नहीं पता लगा कब मैं नींद के आगोश में चला गया

******************

मोहित की मम्मी और उर्वी दोनों बीएड पर लेते हुए थे उर्वी का सर मोहित की मम्मी की गोद में था मोहित की मम्मी प्यार से उगलिया
चला रही



उर्वी की आखो में हलके ासु थे जो उर्वी के गालो पर सुख रहे थे

म mummy:-beti जो होना था हो गया अब खुद को क्यों तकलीफ दे रही है

Urvi:-aunty तकलीफ मैं मेरी सासे दे रही है मुझे काश की बंद हो जाती तोह सायद कुछ सकें नसीब होता

म mummy:-naa मेरी बची ऐसा नहीं बोलते तुझे मेरी उम्र भी लग जाये अभी तोह तूने ज़िंदगी hi कहा जी है

Urvi:-aunty ज़िंदगी ऐसी होती है तोह मुझे नहीं जीनी नहीं चाहिए ऐसी दर्द भरी ज़िंदगी

म mummy:-kya मुझसे भी ज्यादा दर्द भरी है beti....jis से प्यार करती थी जिसे सबकुछ मानती थी अपने पति को उस ने hi मुझे धोका दिया.... अपने एक पागलपन के लिए मेरी कोख के साथ खिलवाड़ kiya...apni hi पत्नी को किसी और के बचे की माँ बना diya...ek माँ को अपने बचे से जुड़ा कर दिया अपनी hi औलाद को मरना चाहा कभी प्यार नसीब नहीं हुआ तोह क्या मैं मार जाओ नहीं बची मुझे जीना होगा मेरे बचो के लिए जो अपने थे hi नहीं उनके लिए कोण रोये

Urvi:-aunty आप तोह बचो के लिए जी लोगी मैं किसके लिए जियो मेरा प्यार hi मेरी किस्मत ने मुझसे चीन लिया

म mummy:-yeh किसने कहा

मोहित की मम्मी की बात सुन्न उर्वी हैरान हो जाती है वह बड़ी मुश्किल से बोल पति है

Urvi:-woh मेरा भाई है अब......

म mummy:-yeh मुझे पता दुनिया को नहीं दुनिया के लिए तुम देवगन की बेटी हो

म मम्मी की बात सुन्न उर्वी का मुँह खुल जाता है



म mummy:-mujhe ऐसे ना देखो बेटी मैं किसी से ज़िंदगी जीने की वजह तोह नहीं चीन सकती और फिर समाज के लिए तुम अपनी ज़िंदगी क्यों ख़राब करो मन यह गलत है पाप है पर लोगो को राज पता लगे तब और मेरे ख्याल से कुछ राज का राज रहना hi ाचा है
 
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Urvi:-woh मेरा भाई है अब......

म mummy:-yeh मुझे पता दुनिया को नहीं दुनिया के लिए तुम देवगन की बेटी हो

म मम्मी की बात सुन्न उर्वी का मुँह खुल जाता है

म mummy:-mujhe ऐसे ना देखो बेटी मैं किसी से ज़िंदगी जीने की वजह तोह नहीं चीन सकती और फिर समाज के लिए तुम अपनी ज़िंदगी क्यों ख़राब करो मन यह गलत है पाप है पर लोगो को राज पता लगे तब और मेरे ख्याल से कुछ राज का राज रहना hi ाचा है

अब आगे.........

सुबह जब मेरी नींद खुली तोह मैं बीएड पर एकला था सायद आधी रात hi काव्य अपने रूम में चली गयी

इस वक़्त मैं एकला था मंद भी फ्रेश था तोह मेरे दिमाग में एक hi नाम गूंज रहा था वह था सुरेश

पर हम्मे पता हो हम्मे क्या चाहिए पर उसका रास्ता ना मिले पाने का तोह बहुत तकलीफ होती है ऐसा मेरे साथ हो रहा था

मैं खोसिस भी करता के ध्यान हटा लू पर ऐसा नहीं कर पा रहा था

मैं इन्ही बातो में उलझा हुआ फ्रेश होने चला गया तभी मेरे दिमाग में एक बात

"अगर सीडट से कुछ सोचना हो तोह उसके लिए टॉयलेट सबसे अछि जगह है"

फिर क्या था एक सिगरेट जला कर पॉच गया वह और सोचने लगा कैसे पकड़ा जाये

मैंने हर एक तरीका सोचा तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया इस से सुरेश को पकड़ तोह नहीं सकते थे कर यह पता कर सकते थे सायद वह कहा हो

मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी आईडिया काम कर गया टॉयलेट वाला मैं फटाफट फ्रेश हुआ जब रूम में आया तोह बैडरूम आया तोह सामने तन्नू दीदी थी

तन्नू दीदी थोड़ी गुस्से में थी

Tannu:-raat को काव्य तेरे रूम में क्या करने आयी थी

Main:-kya दीदी आपको पता है वह मुझे प्यार करती है मैं भी लिखे करता हु

Tannu:-toh....main कोण hu...kya टाइम पास

Main:-tum मेरी सासे हो जान सासे समझा

Tannu:-yeh गेम मेरे साथ मत खेल mohit...sach बात तू मुझसे प्यार करता है के नहीं

मैं दीदी के पास गया और उनका हाथ पकड़ अपने दिल पर रख दिया

Main:-apko क्या लगता है

मेरी बात सुन्न तन्नू दीदी मुझे बहो में भर ली

Tannu:-fir काव्य क्या है

Main:-woh भी मेरा प्यार है और काव्य hi क्यों उर्वी पायल और जूही दीदी सब मेरे प्यार हो पर सच यह है इन् सबको छोड़ सकता हु सिर्फ आपके liye....kisi भी हद्द तक जा सकता हु आपके लिए

Tannu:-(meri आखो में देख) तोह छोड़ दे सबको जलन होती है तुझे किसी और के पास देख kar...tadap उठ टा है किसी और को जब तेरे करीब देखती हु

Main:-teek है नहीं जाता किसी और के पास पर अगर उन्हें कुछ हुआ तोह मैं खुद को माफ़ नहीं करो गए मैं आवारा था तब तक मैं लड़कियों को कपड़ो की तरह बदल लेता था मुझमे फीलिंग नहीं होती थी सिर्फ आपका कसूर है के मैं आज लड़कियों को प्यार कर के छोड़ नहीं सकता अपने मुझे बदल दिया

मैं इतना बोल दीदी को दूर कर निचे आ गया मैं सबको नहीं छोड़ सकता था पर तन्नू के लिए सायद हां बेसक मजबूरन hi क्यों ना हो

मेरा मूड ख़राब हो गया था पर अभी मुझे इन् सब को छोड़ सुरेश का सोचना था इस लिए मैं सब कुछ जातक ज़ोया के पास चला गया साथ में समीर को भी बुला

मैं समीर और ज़ोया एक रूम में थे

Main:-mere पास एक आईडिया है होप सो हम सुरेश को पकड़ सके

Zoya:-kaise वह मेल बैंक एटीएम फब इंस्टाग्राम ट्विटर कही भी नहीं एक बार उसे किया फिर कैसे

Main:-sawar तोह karo...sameer भैया हमरे बैंक के पैसे ट्रांसफर कोण करता है

Sameer:-main के पैसे का ट्रांसफर अगर ऑफिस की तरफ से हो रहा है तोह सोनिआ( सायद याद हो आपको) वह करती थी पर्सनल पापा या मैं कर देते थे

Main:-okkk कबि ऐसे अकाउंट में पैसे दिए जिसके बारे में पता नहीं हो आपको

Sameer:-aisa तोह नहीं है पर कुछ पता भी नहीं है

Zoya:-mohit करना क्या चाहते हो

Main:-ek मिंट ज़ोया अभी पता चल जाये गए

Main:-sameer भैया मुझे सरे ट्रांसफर की डिटेल चाहिए जो आज से पहले किये हो बेसक किसी काम के लिए हो

Sameer:-par यह कैसे पॉसिबल है

Main:-office का तोह रिकॉर्ड होगा और जो पर्सनल है उसके लिए बैंक की हेल्प लीजिये पर यह डिटेल जरुरी है और हां एक बात किसी को डोनेशन भी दिया हो उसकी भी डिटेल लेना भैया कुछ मिस नहीं होना चाहिए

Zoya:-ab कुछ समझो गए कुछ हद्द तक मैं समझ चुकी हु सायद

Main:-sab समझा देता हु yarr..dekho सुरेश कहा भी हो उससे पैसे की जरूरत तोह होगी ना

Zoya:-haa बिलकुल hogi....wait वेट ओने second...oh माय गॉड यह आईडिया मेरे दिमाग में क्यों नहीं
पर मोहित इस में भी एक प्रॉब्लम है



Main:-aur वह क्या है

Zoya:-agar वह फेक अकाउंट की मदत ले तोह

Main:-toh हम उस फेक अकाउंट की डिटेल ले लेंगे बस सुरेश ने अकाउंट की मदत ली हो

Zoya:-haa यह एक सच्चा आईडिया है अब चले ब्रेकफास्ट कर ले मुझे भूख लगी है

Main:-okkk तुम खा लो मैं थोड़ा सभी के रहने का इंतेज़ाम कर दू पास में

Zoya:-kyo तुम नहीं ब्रेकफास्ट नहीं करो गए

Main:-abhi नहीं भूख नहीं है और काम भी ज्यादा है

इतना बोल मैं घर से बहार चला जाता हु और घर की तलाश करने लगता हु

*****************

मोहित से सुबह बहस करने और मोहित के बिना कॉफ़ी नास्ता किये जाने से तन्नू प्रश्न थी उसने भी नास्ता नहीं किया था

वह अपने रूम में बीएड पर लेती छत को देख रही थी

Tannu:-main क्या गलत किया मोहित क्यों गुस्सा हो गया मैं उस से सच्चा प्यार करती हु नहीं देख सकती किसी और के पास तोह क्या करू और फिर कोण लड़की यह बर्दास्त करे गयी की उसका पति किसी और के पास jaye...aur फिर जो चाहिए मुझसे ले सकता है किसी और के पास क्यों जाये मुश्किल से तोह वह सोनिआ का पीछा छोड़ा था मुश्किल से बदला है पर यह लड़किया

इन्हे भी क्या एक मोहित मिला था मेरा मोहित अनगिनत लड़के पड़े है दुनिया में पर नहीं इन्हे तोह मेरा hi मोहित चाहिए

Tannu:-kuch भी हो जाये मैं नहीं जाने डौगी अपने मोहित को किसी के पास पर क्या करो मोहित था hi ऐसा लड़किया पागल हो जाती है मैं भी तोह हो गयी सरे रिश्ते समाज के नियम को तोड़ के मोहित के प्यार में पागल हो hi गयी

Tannnu:-toh क्या हुआ इसका मतलब यह थोड़ी है मोहित को सबको शॉप दू वह मंदिर का प्रसाद थोड़ी है जो हर कोई खाये गया वह तोह मेरा प्यार है सिर्फ मेरा पर यह गया कहा

Tannu,:-khud भी बुखा है और मुझे भी बैठा दिया यह नहीं की मेरी बात मन jaye..hye मैं क्या करो कहा होगा कुछ ख्य भी होगा के नहीं साम भी होने को आयी

तन्नू अपने hi खयालो में खोयी खुद से hi बात करती है
 
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Tannnu:-toh क्या हुआ इसका मतलब यह थोड़ी है मोहित को सबको शॉप दू वह मंदिर का प्रसाद थोड़ी है जो हर कोई खाये गया वह तोह मेरा प्यार है सिर्फ मेरा पर यह गया कहा

Tannu,:-khud भी बुखा है और मुझे भी बैठा दिया यह नहीं की मेरी बात मन jaye..hye मैं क्या करो कहा होगा कुछ ख्य भी होगा के नहीं साम भी होने को आयी

तन्नू अपने hi खयालो में खोयी खुद से hi बात करती है

अब आगे............

मैं रात 8 बजे घर आ गया रहने का इंतेज़ाम हो गया था सभी डिनर को बैठे थे सायद मेरे hi इंतज़ार कर रहे थे

mummy:-kaha था बीटा सुबह से फ़ोन भी नहीं उठा रहा था कितना घबरा गए थे सब

main:-sorry वह क्या इतने लोगो का यहाँ रहना मुश्किल होगा इस लिए एक घर का पता करने गया था और घर मिल गया

mummy:-oh अछि बात है चल बाते बाद में करना पहले बैठ खाना खा ले

main:-woh मम्मी मैं बहार से खा कर आया था आप सब खा लीजिये मैं फ्रेश होकर आता हु तब बातो गए दूसरे घर में प्रिय की फॅमिली और काव्य की फॅमिली को कब जाना है और घर कैसा है

प mom:-beta इसकी क्या जरूरत थी मेरा घर था ना

main:-aunty जरूरत कैसे नहीं थी प्रिय मेरी बहिन है उसका ख्याल तोह रखो गए और काव्य तुम कुछ मात कहना मेरी कंपनय की हेड हो और पार्टनर भी तोह तुम्हे तोह पोछना भी नहीं है

मैं सब को छोड़ ऊपर जाने लगा एक बार मैंने तन्नू दीदी को देखा जो डाइनिंग टेबल से मुझे hi देख रही थी पर मैं इग्नोर कर ऊपर आ गया

मैं फ्रेश हुआ और जैसे hi रूम में आया तोह तन्नू दीदी रूम में थी

main:-didi आप यहाँ खाना नहीं खाया

tannu:-tunne खा लिया ना मैंने भी खा लिया

main:-yeh क्या बचो वाली बात कर रही हो दीदी जाओ खाना खो

tannu:-acha जैसे मुझे तोह पता hi नहीं है के टुन्ने खाना नहीं खाया

main:-maine खाना खा लिया दीदी

tannu:-mere प्यार की कसम खा के बोल

main:-kya दीदी मुझे नहीं है अगर निचे बोलता तोह जबरदस्ती मुझे खिला देते

tannu:-main सुबह कुछ गलत कहा था मैं तुमसे प्यार करती हु अपनी जान से भी ज्यादा तुमसे शादी करना चाहती हु तुम भी चाहते हो फिर एक पत्नी तुम hi बातो कैसे अपने पति को दूसरे के बहो में देख सकती है

main:-didi मुझे इस बारे में कोई बात नहीं करनी और हां अपने कह दिया किसी के पास ना जाओ तोह नहीं जाओ गए

tannu:-nhi यह तू जबरदस्ती कर रहा है क्या मैं ऐकले खुश नहीं रख सकती तुझे

main:-(gaalo को पकड़) ऐसा कभी नहीं है और दूसरी बात आप जिस से दूर रहने को कह रही हो ना तोह उस में सब हमरी बहने hi है जूही दीदी पायल उर्वी तोह बोलो इन्हे मैं क्या कहो के मैं अपनी दूसरी बहिन से ज्यादा प्यार करती हु इस लिए तुमसे प्यार नहीं कर सकता एक बहिन के लिए समाज से लड़ सकता हु पर दूसरी के लिए नहीं

tannu:-kavya.....uske बारे में क्या कहो गए

main:-(balcony से बहार देख) वह पहली लड़की थी जिसके जिस्म को नहीं रूह को चाहा था maine....pehli नज़र में hi देख ऐसा लगा था के काश मैं शादी करू या किसी से प्यार करू तोह लड़की ऐसी ho...uski सादगी उसका मासूम chehra..uski शर्म हाय सब कुछ मुझे दीवाना बना रही thi...uss दिन से पहले लड़की मेरे लिए कपडे थे पर पहली बार जब दिल किया की तहर जाओ किसी के लिए एक अलग दुनिया बना lu(main जैसे इन् सब बातो को कहते हुए खो सा गया काव्य में)

tannu:-(siskate हुए) क्या मुझसे भी ज्यादा प्यार करता हु

दीदी की सिसक और आवाज सुन्न मैं काव्य की याद से बहार आया

main:-main सिफ्फ़ प्यार करता हु दीदी आपसे भी और काव्य से भी और सायद अब उर्वी से भी

tannu:-puri दुनिया को hi प्यार लो

main:-didi समझा करो अभी हालत नहीं है ऐसे मैं कुछ फैसला कर सको क्या आप चाहती हो मैं आपकी टेंशन में उलझा राहु और सुरेश हमरे परिवार को नुकसान पोछा दे

tannu:-toh अपनी ज़िद्द छोड़ दे और सिर्फ मेरा होकर रह जा

अब मुझे गुस्सा आ रहा था दीदी का कैसे छोड़ दू काव्य को लगे गए मैं उससे उसकी गरीबी के कारन छोड़ रहा हु उर्वी को इस लिए नहीं छोड़ सकता उसको मेरी जरूरत है

main:-teek है जब सबको छोड़ना hi है तोह मरने दो सबको आप अपना सामान पैक करो हम अभी इस घर से कही दूर जाये गए

तन्नू दीदी मेरी बात सुन्न कर हिरणी से देखने लगी थी

tannu:-maine ऐसा तोह नहीं कहा था के सबको छोड़ कर चलते है मैंने तुझसे सिर्फ रिलेशनशिप मुझसे रखने को कहा है

main:-haa तब सिर्फ आपसे hi
मेरा रिलेशनशिप रहे है



tannu:-teek है तोह रह सबके साथ मेरा साथ छोड़ दे

तन्नू दीदी
इतना बोल के रूम से बहार जाने लगी तोह मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और अपने बहो में सामा लिया



tannu:-chhod मुझे छोड़.....

main:-chhodne के लिए आपका हाथ नहीं पकड़ा है

tannu:-maine कहा मेरा हाथ छोड़ तुझे मेरी हाथ छोड़

अब मैं क्या करता पता नहीं दीदी को क्या हो गया था अजीब स बात लेकर बैठी थी छोड़ दो सबको

tannu:-hamre बिच अब एक hi रिस्ता है भाई बहिन वाला समझा

तन्नू दीदी इतना बोल के वह से अपने रूम में भाग गयी उनकी आखो में ासु थे बहनचोद इतना गुस्स्स आ रहा था के सब कुछ छोड़ छड़ कर यहाँ से चला जाओ

मैं बीएड बैठ गया तभी मुझे दीदी रोटा चेहरा नजर आने लगा फिर याद दीदी ने खाना भी नहीं खाया है तोह मैं फटाफट निचे गया सब अपने रूम में चले गए थे

मैं दीदी के लिए खाना लेकर उनके रूम में गया तोह वह वह नहीं थी मैं खाना लेकर छत पर गया तोह दीदी एक खोने में बैठी रू रही थी

main:-kya करो इस पगली kaa...pyar भी तोह इतना करती है मुझसे

मैंने ऊपर की लाइट जला दी और उनके पास बैठ गया

tannu:-tu क्या करने आया है यहाँ

main:-kamal है भाई बहिन वाला रिस्ता है ना तोह एक भाई अपनी बहिन को रोटा कैसे छोड़ सकता है और जबकि भाई को पता हो बहिन ने सुबह से कुछ नहीं खाया हो

tannu:-mujhe नहीं खाना कुछ तू जा काव्य और उर्वी के पास

main:-acha एरर वह गर्लफ्रेंड को अभी दूर रखो अभी मुझे मेरी प्यारी सिस्टर चाहिए जो मुझसे बहुत प्यार करती है इस परिवार में

tannu:-tu जा यहाँ से

main:-(gusse का नाटक कर) ाचा ठीक है तोह चला jao...vaise भी कितने दिन हो गए मैंने सेक्स नहीं किया वह मैं तोह सोनिआ और जस्मिने को भूल hi गया सोनिआ को फ़ोन करता hu...main hi पागल था जो यह प्यार व्यार में पड़ गया ाचा भला आवारा था ना कोई टेंशन ना कोई रोना धोना ..मेरा मोबाइल कहा है ओह हां निचे है

मैं इतना बोल के पतले लेकर निचे आ गया मैंने जान बुझ कर दरवाजा खुला छोड़ रखा था मुझे पता था दीदी जरूर आये गयी

मैंने अपना फ़ोन लेकर जान बुझ कर फ़ोन कान पर लगा लिया और जब मुझे लगा कोई आ रहा है तोह नाटक सुरु कर दिया

main:-oh सोनिआ तुम कितनी प्यारी हो मैं तोह तुम्हरे बिना एकला हो गया कोई प्यार hi नहीं करता एक तुम हो जो बिना कुछ सोचे सब कुछ शॉप देती हो

main:-acha क्या कहा तुम्हरा पति नहीं है घर क्या मैं आ जाओ

main:-sonia तुमने तोह दिल खुश कर दिया मैं अभी आता फिर जन्नत घुमा दुगा देखना

तभी दीदी रूम में आयी और मेरा फ़ोन चीन लिया और कान पर लगा लिया

tannnu:-(gusse में) रंडी कही की तुझे उस दिन मन किया था ना फिर भी तेरी छूट में आग लगी है रुक वह नहीं मैं आती हु तुम जैसी लड़कियों के कारन भी इतना बिगड़ा है आज ज़िंदा नहीं छोडो गयी तुझे मेरे भाई को मुझसे दूर करे गयी

मैं दीदी की बात सुन्न कर हसने लगा और दीदी को पीछे से पकड़ लिया

main:-pehle फ़ोन तोह देख लीजिये लगा है के नहीं

जब दीदी ने फ़ोन देखा तोह मुझे गुस्से से देखने लगी

main:-inn नशीली आखो में शर्म अछि लगती है नशा ाचा लगता है पर यह गुस्सा तोह जांणलेवा लगता हु

मैं इतना बोल दीदी के होठो को हल्का चुम लिया

main:-bahut प्यार करता हु आपको हर खुशिया ला सकता हु आपके कदमो में पर आपसे दूर नहीं रह सकता अब कोई बकवास नहीं सुन्ना चाहता हु चलिए पहले खाना खा लीजिये फिर बाद में लड़ते रहना और हां मुझे भी भूख लगी आपके कारण मैं भी सुबह से बुखा हु

तन्नू मेरी बात सुन्न मेरी चेस्ट पर मुक्के मरने लगती है मैं उन्हें बहो में समेत लेता हु और फिर हम दोनों मिल कर खाना कहते है दीदी अभी भी नाराज थी सायद दिल अभी भी वही था पर मुझसे दूर भी नहीं जाना चाहती थी

हम एक साथ hi सोऊ गए

****************

सुरेश उसी औरत के साथ था पर उनके साथ एक लड़का भी था जिसकी उम्र 20-25 साल की होगी उसके पुरे मुँह पर बहुत ज्यादा पाटिया लगी हुयी थी और वह बीएड पर लेता हुआ था

suresh:-beta तेरा यह चेहरा हम्मे दुनिया की सबसे बड़ी ताकत दिला सकता है बस एक बार हम कामयाब हो जाये

ladka:-jarur होंगे डैड आपका यह बीटा आपकी हर का बदला लेगा और सभी रंडियो को आपके निचे सुला देगा

aurat:-tum दोनों को औरत के सिवा कुछ दीखता है के नहीं इसी छूट की वजह से नाकामयाब हो अपने लुंड से बहार होकर सोचो और फिर कामयाब हो गए तोह छूट की कमी नहीं होगी

suresh:-baat तोह सही है तेरी रंडी और फिर इस बार मेरा शातिर बीटा है
ना इस बार जरूर हम जीते गए



aurat:-aur वह mohit...jaise वह तोह आपके जितने देगा

ladka:-maa
माँ उस मोहित की तोह इस बंद बजा देंगे क्यों डैड



suresh;-jarur बीटा इस बार घी प्यार से नहीं ऊँगली दाल कर निकले गए

ladka:-jaise छूट में लुंड दाल के निकलते है

इसी के साथ तीनो की हस्सी गूंज जाती है
 
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माँ उस मोहित की तोह इस बंद बजा देंगे क्यों डैड

suresh;-jarur बीटा इस बार घी प्यार से नहीं ऊँगली दाल कर निकले गए

ladka:-jaise छूट में लुंड दाल के निकलते है

इसी के साथ तीनो की हस्सी गूंज जाती है

अब आगे............

इधर ज़ोया और समीर ने मिल कर सुरेश और बाकियो की डिटेल निकल कर अलग कर लिया था

उस में से ीन्हो ने वह अलग कर लिया था जिन पर सबसे ज्यादा सक्क था

ऑलमोस्ट इनका सारा काम ख़तम हो गया

sameer:-vaise आप मोहित को कब से जानती है इतस मैं आपकी आगे व् ज्यादा है

zoya:-jada तोह नहीं हां जब से मोहित यहाँ आया तब से

sameer:-aap कोई काम नहीं करती

zoya:-karti हु ना तुम सब की हिफाज़त मैं सेक्युर्टी का काम करती हु मोहित ने मुझे रखा है उससे सक्क था अपने पापा पर

sameer:-ohhhh....vaise आप की शादी हो गयी

zoya:-(haste हुए) मेरे बारे में ख्याल छोड़ दो sameer....raat ज्यादा हो गयी है सो जाओ गुड नाईट

ज़ोया इतना बोल वह से चली जाती है

*******************

सुबह मैं जल्दी जगता है तोह पता है अभी भी तन्नू उसकी बहो में लिपटी हुयी सोई है

तन्नू के मासूम चेहरे को देख ऐसा लगता है जैसे साडी दुनिया की आकर मेरी बहिन के चेहरे पर hi सामा गयी हो

मैं उससे देखते रहता हु मेरा दिल नहीं कर रहा था अपनी नजर हटाने का पर क्या करो हटाना पड़ना था इस लिए मैंने उनके माथे को चूमा और उनसे अलग होकर फ्रेश हुआ फिर जाकर पार्क में कसरत करने लगा

थोड़ी देर कसरत करने के बाद मैं एक नयी ऊर्जा महसूस करता हु जो की कुछ दिनों की टेंशन में खो दिया था

मैं कसरत करने के बाद वही बैठ गया और अपनी लाइफ के बारे में सोचने लगा पहले क्या था अब क्या हुआ और तोह और इतनी साडी लड़कियों से लगाव कभी सोचा ना था मैं ऐसा हो जाओ गया

मैंने कंपनय के बारे में सोचा पर साला कंपनय की ज्यादा टेंशन नहीं हो घर पर से भी सब हैंडल किया जा सकता था और इनका घर पर hi रहना ज्यादा जरुरी था

मैं थोड़ी देर वही बैठा कुछ सोचा फिर घर आ गया

थोड़ी देर बाद सभी नास्ता के लिए बैठे थे सब ने नास्ता किया और उसके बाद काव्य की फॅमिली और प्रिय की फॅमिली यहाँ से दूसरे घर चली गयी और उनके साथ सेहरा और उसकी बहिन सोनिआ भी साथ हो लायी ताकि सेक्युर्टी का दर ना रहे

अब घर पर सिर्फ फॅमिली मेम्बर और ज़ोया hi थे ज़ोया का यहाँ रहना ज्यादा जरुरी था क्योकि वह हर काम में माहिर थी

उनके जाने के बाद फॅमिली मेम्बर hi बात करने लगे

tannu:-mohit कब तक यही रहे गए काम भी देखना है तेरा ऑफिस और हमरा दोनों को हैंडल कर जरुरी है

main:-haa तोह करो ना रोका किस ने है

tannu:-teek है मैं ऑफिस के लिए त्यार होती हु

devgan:-par बीटा....

main:-aap काम करो पर बहार जाकर नहीं

tannu:-tu पागल हो गया है क्या जब ऑफिस जाये गए hi नहीं तोह काम कैसे होगा

main:-kya दीदी डिजिटल जमाना है आप यहाँ लेपटॉप से गाइड करो बाकि वर्कर संभल लेंगे अगर ज्यादा हुआ तोह मैं आपके साथ लगा पर आप ऐकले कही hi जाये गए आप क्या कोई कही नहीं जाये गए

पायल और juhi:-hamra कॉलेज फिर

main:-yeh सब तब होगा आपका जब महल ठीक हो जाये गए

devgan:-bilkul ठीक सोचा है बीटा दुसमन आजाद है और कुछ भी कर सकता है

main:-haa अंकल जनता हु पर सब कुछ ठीक करने के लिए आपकी मदत चाहिए

devgan:-bolo बीटा....

main:-uncle यहाँ अपनी पावर का उसे कर सभी अपने पुलिस वालो का इंतज़ाम करिये जीन पर आँख बंद कर विस्वास किया जा सके

devgan:-ho जाये गए बीटा मैं अभी बात कर लेता हु

main:-oh बाद में कर लेना अंकल अभी कुछ और बात करनी थी क्या हम ऐकले में बात कर सकते है

mummy:-beta क्या बात है

main:-kuch नहीं मम्मी आप डरिये मात

उसके बाद मैं और अंकल घर के बहार आ गए

devgan:-haa बोलो बीटा

main:-uncle वह फार्मूला कहा है

मेरी बात सुन देवगन अजीब स निगहो से देखने लगा

main:-uncle आप को मुझ पर यकीन करना होगा

devgan:-beta जैसे हालत है मैं अपने साये पर भी यकीन नहीं कर सकता

main:-samjh सकता हु अंकल पर मुझे वह फार्मूला नहीं चाहिए आप उससे नस्ट कर दीजिये ताकि किसी और के हाथ ना लगे

devgan:-maine कई बार यह सोचा बीटा फिर अपने दोस्त की पूरी ज़िंदगी की म्हणत सोच बरबरद नहीं कर पाया

main:-main समझ सकता हु अंकल पर यह जरुरी है आप जरा सोचिये तोह अगर गलती से भी मेरे बाप ने इससे हासिल कर लिया जो की
वह हर हल में हासिल करने को करे गए तब क्या होगा पूरी दुनिया और हम खतरे में आ जाये गए



devgan:-main तेरी बात समझ रहा हु बीटा पर....

main:-dekhiye अंकल इस हालत में जीत किसी की भी हो सकती है हम भी मार सकते है और सुरेश भी पर अगर फार्मूला ना हो तोह हम रहे ना रहे काम से काम देश तोह रहे गए

devgan:-teek है बीटा थोड़ा टाइम दो सोचने का मुझे यह इतना भी आसान नहीं मेरे लिए

main:-samjh सकता हु अंकल पर इतना जान लीजिये इस से हमरा देश बर्बाद नहीं तबाह हो जाये गए

मैं ने अंकल को वह छोड़ के घर में आया तोह बाकि अपने रूम में जा चुके थे

मैं भी अपने रूम में आ गए और कॉल करके ज़ोया और समीर को भी बुला लिया जो की थोड़ी देर में hi आ गए

main:-kya जो मैंने काम दिया था वह पूरा हुआ

sameer:-haa भाई हो गया जैसा तुम ने कहा था

main:-zoya क्या लगता है हम ने हवा में जो तीर चल्या है वह लगा के नहीं

zoya:-haa लगा है मोहित हम्मे कुछ अक्कुनत पर है

main:-very और क्या उस अकाउंट में कोई लड़की या औरत का अक्कुनत है

zoya:-nhi ऐसा तोह कई अकाउंट नहीं है

main:-aisa कैसे हो सकता है जहा तक मैं जनता हु सुरेश जैसा टर्की आदमी लड़की के बिना नहीं रह सकता

sameer:-par जो यह अकाउंट है हो सकता है इन् में लड़की उसे करती हो

main:-ho सकता है पर वह सब छोडो यह बातो इन् अकाउंट में ऐसा क्या है जिस कारन सक है

zoya:-jada कुछ खास तोह नहीं पर ठीक अकाउंट ऐसे है जिस की डिटेल ऑफिस फण्ड में नहीं है पर पाय ऑफिस फण्ड से किये गए है और फण्ड की जगह वह गुप्त दान कहा जा रहा हो

main:-gupt दान दिया जा रहा और यह सब अकाउंट किस के पास थे

zoya:-tumhre पापा और तन्नू के पास

main:-tannu से पता किया क्या यह उसने तोह नई किया

zoya:-kiya पता पर उससे कुछ नहीं पता है इन् फण्ड के बारे में

main:-very गुड तोह यह फण्ड मेरे बाप ने दिए है किसी पाप को तोह चलो पता करते है यह कोण सा मंदिर है जहा गुप्त दानं दिए जा रहे है
 
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main:-gupt दान दिया जा रहा और यह सब अकाउंट किस के पास थे

zoya:-tumhre पापा और तन्नू के पास

main:-tannu से पता किया क्या यह उसने तोह नई किया

zoya:-kiya पता पर उससे कुछ नहीं पता है इन् फण्ड के बारे में

main:-very गुड तोह यह फण्ड मेरे बाप ने दिए है किसी पाप को तोह चलो पता करते है यह कोण सा मंदिर है जहा गुप्त दानं दिए जा रहे है

अब आगे..............

बात करने के बाद मैंने ज़ोया और सेहरा को उस बैंक बेझ दिया ताकि वह से उसकी डिटेल लेकर सब पता करे

जाना तोह मैं चाहता था पर मेरा अभी घर पर रुकना ज्यादा जरुरी था ताकि यहाँ कुछ ना हो जाये

मैं अपने रूम में बैठ गया और फिर अपने दिमाग में जो था उसके बारे में सोचने लगा तोह कभी देवगन के बारे में सोचा तभी मुझे सुरेश का ख्याल आया

मैंने फटाफट अपने रूम से बहार आया और उर्वी के रूम में आ गया

जब से हादसा हुआ था या ऐसे कहु उर्वी को पता लगा था मैं उसका भाई हु वह मुझसे दूर रहने लगी थी

मुझे यह ाचा तोह नहीं लग रहा था पर फ़िलहाल ज्यादा कुछ कर भी नहीं सकता था पर अभी जो काम था वह सिर्फ उर्वी hi कर सकती थी

मैंने उर्वी के रूम के पास जाकर दूर नॉक किया थोड़ी देर में उर्वी ने दूर खोला उसके आखो में हलके ासु था सायद अंदर रू रही थी चेहरे पर मायूसी थी

मैं उर्वी को लेकर रूम में आ गया और उर्वी को बीएड पर बैठा दिया उर्वी ने मुझसे नजरे नहीं मिलयी थी

जो लड़की मेरे पागल थी आज उस ने मुझे ठीक से देखा व् नहीं था उसकी वजह मैं जनता था

main:-kya हल बना रखा है tumne.....roo क्यों रही थी

urvi:-kuch नहीं आप क्यों आये यहाँ कोई काम था क्या

main:-kyo मैं बिन्ना काम के नहीं आ सकता और फिर तुम तोह मुझे प्यार करती हो मेरी गफ हो तोह मिलने नहीं आ सकता....

मेरी बात सुन्न उर्वी ने मेरी तरफ हैरानी से देखने लगी

main:-aise क्या देख रही ho....kya प्यार नहीं करती हो मुझसे

urvi:-karti हु बहुत ज्यादा करती हु पर मेरी किस्मत में लगता है प्यार नहीं है ना माँ का ना आप का

main:-yarr बंद करो यह इमोशनल ड्रामा और मम्मी का पता नहीं पर किस ने कहा मेरा प्यार नहीं पा सकती जबकि मैं तुमसे प्यार करता हु

urvi:-apke और मेरे प्यार करने से क्या होता है यह रिस्ता और यह समाज यह कभी हम्मे प्यार नहीं करने देगा

main:-urvi मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता मैं तुमसे प्यार करता हु और मैं जिस से प्यार करता हु तोह प्यार करता हु रिस्ते और समाज की परवाह ना मैं कल करता था ना आज करता हु

urvi:-par लोग तोह करते है

main:-dekho उर्वी इन् सब के लिए टाइम नहीं है आज रात मैं तुम्हारे पास आओ गए तब सब समझा दुगा फ़िलहाल मुझे तुम से और कोई काम है

urvi:-haa बोलो क्या काम है

main:-kya कभी तुम्हे जब से हम वह से आये है क्या तुम्हरे पापा में कुछ फर्क महसूस हुआ है मतलब किडनेप होने से पहले और अब के बेहवे में

urvi:-nhi तोह मैंने तोह महसूस नहीं किया

main:-kaise करो गयी तुम्हरा दिमाग और दिल तोह कही और है ाचा वह सब छोडो एक काम करो तुम्हे अपने पापा को यह दवाई देकर बेहोश करना है

मेरी बात सुनते hi उर्वी बीएड से कड़ी हो गयी और मुझे हैरानी से देखने लगी

main:-aise क्या देख रही हो कुछ नहीं करो गए तुम्हरे पापा को मुझे सिर्फ उनका ब्लड चाहिए ताकि पता कर सको वह देवगन है या suresh....dekho यार वह जो कुछ भी हुआ और उस से यह तोह पका है सुरेश कुछ नया करे गए और उसके लिए उसको नए चेहरे की जरूरत है और तुम्हरे पापा की बॉडी उनकी बॉडी से काफी मिलती है मुझे बस अपना सक्क दूर करना है

urvi:-teek है पर मुझे लगता है वह मेरे पापा hi है

main:-yarr अब हालत ऐसे नहीं है के हम सिर्फ लगने लगाने से कुछ करे मैं बस सूरे होना चाहता हु बरना सुरेश कही तुम्हरा पापा हुआ तोह मैं कुछ नहीं कर पाओ गए

urvi:-teek है कब करना है

main:-tum निचे से जुइ लेकर अभी जाओ और यह दवाई मिला देना जब तुम्हरे पापा बेहोश हो जाये मुझे कॉल कर देना मैं सेम्पले ले जाओ गए

urvi:-teek है

उसके बाद उर्वी वह से बाथरूम जाती है और खुद का हुल्य ठीक कर चली जाती है निचे

मैं बस हर काम को अचे से करने की खोसिस कर था था ताकि कोई चूक ना हो सके और सुरेश को मौका मिले

*****************

सुरेश और वह अजनबी औरत एक साथ बैठे थे के तभी वह पर कोई अत है जिसे देख दोनों खुश हो जाते है और भाग कर उसके गले लग जाते है

sures:-wah
बीटा वहहह यह हुयी ना बात अब मुझे कोई नहीं हरा सकता



असल में इस वक़्त रूम में कोई और
नहीं उनका बीटा hi आया था जो की अपने बदले चेहरे के साथ आया था



(इस औरत का नाम रेशमा है जो की एक तरह से सुरेश की रखेल थी दोनों काफी वक़्त से जानते थे सुरेश का रेशमा से एक बचा पैदा हुआ था जिसके कारन सुरेश ने रेशमा से शादी कर ली थी

इनके बेटे का नाम अर्जुन है)

arjun:-papa यह चेहरे है हम्मे जित दिला कर hi रहे गए और हम इस दुनिया पर राज करे गए

reshma:-haa बीटा जरूर करे गए पर उस से पहले तुझे इस चेहरे की हरकते बोलने का तरीका सब सीखना होगा तभी तुझे वह बेझ पाए गए

arjun:-maa मैंने उसकी भी तयारी कर रहा हु और मुझे ज्यादा दिन नहीं लगे गए

suresh:-jada वक़्त भी नहीं अर्जुन हमरे पास और फिर थोड़ा भी तुम सिख गए तोह तुम्हरा यह चेहरा बाकि काम कर देगा

reshma:-kya देवगन अब फार्मूला अर्जुन को देगा

suresh:-bilkul देगा जान बिलकुल देगा पर अर्जुन को नहीं मोहित को.....

इसी के साथ पुरे हॉल में हसने की आवाज गूंज पड़ती है

arjun:-woh सब तोह ठीक है पापा मैंने मोहित का चेहरा भी ले लिया और उसकी जानकारी भी एक दो दिन में आवाज भी ले लगा पर सबसे बड़ी प्रॉब्लम तोह यह है आप मोहित को वह से हत्ये गए कैसे या मुझे कैसे बझये गए

suresh:-woh सब हो गया है बेटे वह काम हमरा दुराव का इक्का करे गए

reshma:'apko विस्वास है वह ऐसा करे गए

suresh:-paisa और नफरत दोनों ऐसी चीज़ज़ है रेशमा जो सब कुछ करा देता है और पैसे और नफरत मैं दुगा उससे

reshma:-par कैसे.....

suresh:-mohit की मोह्हबत hi उससे ले दुबे गयी रेशमा और यह मोह्हबत बहुत जान लेवा होता है ऐसे थोड़ी कहते है

इसी के साथ सुरेश हसने लगता है और अर्जुन रेशमा बस समझने की खोसिस करते है के सुरेश करे गए क्या

***************

इधर ज़ोया बैंक से एड्रेस तोह ले आयी थी पर जब उस अड्रेस पर गयी तोह उससे कुछ नहीं मिला यानि वह अड्रेस फर्जी था पर ज़ोया ने उस अकाउंट को बंद करा दिया

ज़ोया समझ गयी थी यह अकाउंट जो वह तक पोछने का रास्ता था वह तोह बर्बाद हो गया पर उस ने उसी अकाउंट की लास्ट पैसे निकलने की जगह देखि

zoya:-matlb सुरेश यहाँ hi है पर यह रेशमा कोण है और अड्रेस झूठा क्यों दिया है मुझे रेशमा को ढूंढ़ना hi होगा

ज़ोया इंस्पेक्टर को कॉल कर देती है और साडी बात समझा उससे बैंक से hi रेशमा की फोटो बेझ उससे ढूंढ़ने को कहती है और खुद भी चल देती है घर की तरफ उसके हाथ खली थे पर एक नाम और चेहरा था जिसे उस ने ढूंढ़ना था
 
अपडेट नई

ज़ोया समझ गयी थी यह अकाउंट जो वह तक पोछने का रास्ता था वह तोह बर्बाद हो गया पर उस ने उसी अकाउंट की लास्ट पैसे निकलने की जगह देखि

zoya:-matlb सुरेश यहाँ hi है पर यह रेशमा कोण है और अड्रेस झूठा क्यों दिया है मुझे रेशमा को ढूंढ़ना hi होगा

ज़ोया इंस्पेक्टर को कॉल कर देती है और साडी बात समझा उससे बैंक से hi रेशमा की फोटो बेझ उससे ढूंढ़ने को कहती है और खुद भी चल देती है घर की तरफ उसके हाथ खली थे पर एक नाम और चेहरा था जिसे उस ने ढूंढ़ना था

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मैंने उर्वी की मदत से देवगन का डीएनए ले लिया था और खुद hi उससे लेकर उर्वी के घर गया और वह देवगन की कुछ चीज़ दंड ली जिस में मुझे देवगन के बाल मिल गए

पर इसी के साथ मैंने उर्वी का ब्लड ले लिया था ताकि कोई भी एंगल मिस ना हो

मैं डॉक्टर को काम पर लगा दिया मेरी इमेज और मेरे काम के कारन इस में ज्यादा प्रॉब्लम नहीं आयी

इधर काम में लगे थे इस लिए मैंने ज़ोया को भी अपने पास hi बुला लिया था

इस वक़्त मैं और ज़ोया पार्क में बैठे थे

main:-zoya कुछ mila.....uss अकाउंट से

zoya:-jada कुछ तोह नहीं मोहित पर एक फ़र्ज़ी अकाउंट है और एक नाम रेशमा और उसकी तस्वीर

main:-matlb हमरे हाथ अभी भी खली है

zoya:-haa कह भी सकते है और नहीं भी क्योकि अगर रेशमा मिल गयी कुछ नया तोह सामने आये गए

main:-hamm तोह ठीक है पूरी ताकत लगा देते है हमरे ख़ुफ़िया एजेंट भी इसी काम में लगा दो

zoya:-tum जानते हो यह इतना आसान नहीं जबकि हमरा मिशन रोक दिया गया है मैं यहाँ तुम्हरी हेल्प कर रही हो तोह पर्सनल टूर पर

main:-main जनता हु ज़ोया और इस बात के लिए दिल से सुक्रिया करता हु और असली बात तुम भी जानती हो बेसक यहाँ मैं अपने परिवार से लड़ रहा हु पर फार्मूला अभी भी है जो हमरे आखो के सामने नहीं आया

zoyA:-yeh भी एक मेरी वजह है यहाँ रुकने की खैर यह सब छोडो मुझे एक बात केहनी थी

main:-haa खो ज़ोया

zoya:-mohit तुम्हरे पापा अगर फार्मूला हासिल करना है तोह उससे फिर से परिवार में आना होगा और उसके परिवार में hi उसका कोई होना जरूर है मतलब तुम समझ रहे हो ना

main:-haa ज़ोया यह बात मेरे दिमाग में भी सुबह आयी थी इस लिए hi मैंने देवगन अंकल का डीएनए टेस्ट कार्य ताकि जान सकू वह असली है या बेहरुप्या

zoya:-haa यह तोह ाचा कदम है पर मुझे लगता है तुम्हे इस से भी पर्सनल सोचना होगा

main:-mtlb मेरी माँ बहिन में से कोई मिला हो सकता है

zoya:-mohit जो कुछ भी हुआ है मुझे नहीं लगता इस से तुम्हे हैरानी होनी चाहिए और एक पल के लिए मैं लेते है तुम सुरेश के बेटे नहीं थे इस लिए उन्हों ने तुम्हरे साथ ऐसा किया पर तुम्हरी माँ तोह उनकी बीवी थी तुम्हरी बहने तोह उनकी बेटी थी

main:-tumhri बात में दम है पर मेरा दिल नहीं मंटा मेरी बहने में से कोई मेरे बाप की मदत करे गयी और रही माँ की बात तोह उन्हों ने जो बर्दास्त किया है उस से तोह वह सोच भी नहीं सकती

zoya:-teek है पर तुम अपनी चची और पायल के बारे में क्या कहो गए

main:-matlb मुझे फिर से नहीं यार इस से खुद के दिल पर तकलीफ होती है

zoya:-par सायद ज़रूरी है और सबसे बड़ी बात तुम समीर को कैसे भूल सकते हो उस में तुम्हरे बाप का hi खून है और दौलत किसी को भी बदल सकती है और मेरा मानो तोह इस लिस्ट में टॉप पर है समीर जो बदल सकता है

मैं ज़ोया की बात से अपनी hi सोच में घूम हो गया और जहा तक ज़ोया की बातो का सवाल है उसकी बातो ने मेरे दिमाग में असर करना सुरु कर दिया और समीर तोह मुझे पहले भी मरने की खोसिस कर चूका है

चची और पायल को लेकर मैं कुछ कह नहीं सकता था पर जूही और तन्नू इन् पर कैसे सक्क करता इवन मेरे लिए तोह किसी पर सक्क करना मुश्किल था

जिसे सायद ज़ोया ने भी भाप लिया था

zoya:-filhal इस बारे ने सोचो हो सकता है मैं गलत हु जिस से मुझे भी ख़ुशी होगी छोडो वह सब अभी हम्मे रिपोर्ट देखनी चाहिए क्या आता है उस में

main:haa हां चलो

मेरे दिगमग से यह बात निकल hi रही थी जो थोड़ी देर ज़ोया ने कही थी इसका असर मेरे चेहरे और दिमाग पर भी पड़ा था

खैर हम्मे डॉक्टर से खबर मिल गयी डीएनए मैच गयी मतलब यह असली देवगन है

उसके बाद हम वह से घर आ गए साम हो गयी इस लिए हॉल में कोई कोई था बाकि सायद अपने रूम में थे

मैं भी अपने रूम में चला गया और सब कुछ सोचना छोड़ आखे बंद कर लेट गया
अभी मुझे लेते कुछ वक़्त हुए थे के तभी मेरे पास कोई आकर लेट गया और मेरी चेस्ट पर अपना सर रख दिया



मैंने भी आखे खोल के देखा तोह सामने काव्य थी जिसके चेहरे पर पता नहीं क्या था पर आज खूबसूरती कुछ काम थी

main:-tum तोह दूसरे घर में थी फिर यहाँ

kavya:-agar ाचा नहीं लगा तोह चली जाती हु बस आपको देखने को दिल हुआ तोह खुद को रोक नहीं पायी

main:-hye.....kya हुआ तुम रोई थी

मेरी बात सुन्न काव्य कुछ नहीं बोली बस मेरी चेस्ट में अपना मुँह छुपा लिया

main:-main जान सकता हु इतने कीमती हिरे क्यों ऐसे hi बर्बाद कर रही हो

kavya:-sayad इससे बर्बाद होना लिखा होगा बागवान ने

main:-bagwan ने तोह तुम्हरी किस्मत में मुझे भी लिखा है क्या मेरे लिए भी रब्ब से शिकयत करती हु

kavya:-apke लिए तोह हमेसा अपनी किस्मत से सिकवा भी रहे गए के काश आप को मैं पा सकती

main:-meri बहो में लेती हो और कितना पाना है

kavya:-itna के मुझे किसी का दर ना हो किसी से चुप कर यहाँ ना आना हो

main:-woh भी वक़्त ए गए सबर करो और यु निराश ना हुआ करो मैं तुम्हारा हुआ और किसी और का भी

kavya:-haa जानती हो आप सिर्फ मेरे नहीं हो सकते पर यकीन मानिये जितने भी हिस्से आओ गए मैं बहुत ज्यादा खुश हो गयी

main:-(kavya का फेस हाथो में पकड़) मैं को चीज़ज़ है प्रॉपटी नहीं हु जो थोड़ा तुम्हरे तोह थोड़ा किसे और के हिसे आओ गए मैं मोहित हु जब भी आओ गया पूरा प्यार लेकर आओ गए

kavya:-toh फिर यह दिल क्यों घबराता है

main:-iss दिल को समझो के यह मेरा है यहाँ मेरी जगह है

kavya:-khud hi समझा दीजिये आपके पास hi तोह है

मैंने कुछ नहीं बोलै और काव्य को किश करने लगा हम किश कर hi रहे थे की मेरा दूर एक दम से खुला जिस से हम दोनों अलग हो गए पर जैसे hi मैंने दरवाजा खोलने वाले को देखा अपनी hi किस्मत को खोलने लगा

दरवाजा पर इस वक़्त तन्नू दीदी थी जिनकी आखो में गुस्सा था

उन्हों ने हम्मे तोह कुछ नहीं बोलै पर जिस तरह से दरवाजा बंद किया मैं समझ गया मुझे क्या करना है

तन्नू मेरे लिए कितनी ज्यादा फील करती है मैं जनता था इस लिए मैंने काव्य को खुद से अलग किया और काव्य को जाने को कहा

काव्य भी सायद समझ गयी इस लिए वह भी वह से चली गयी मैं भी जल्दी से तन्नू दीदी के रूम में गया तोह रूम अंदर से लॉक था

मैंने दूर नॉक लिया पर खुला नहीं

main:-didi प्लस दूर खोलो प्लस मुझे बात करनी है

दीदी ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया पर मुझे अंदर कुछ गिरने और टूटने की आवाज साफ सुंई दे रही थी

मैंने फिर दूर पीटने लगा पर दीदी दूर खोल hi नहीं रही वह तोह सुकर था दूर बंद था जिस से ज्यादा शोर नहीं हो रहा था पर मुझे बहुत ज्यादा दीदी की टेंशन होने लगी थी

कही अपने आप को कुछ ना कर ले मैं फटाफट घर के बहार भगा और घर के बैक साइड आकर पाइप पर चढ़ने लगा

मैंने ऐसे काम पहले व् किये थे तोह ज्यादा परेशनी नहीं हुयी और मैं जल्द hi दीदी के रूम की बॉलकनी में पॉच गया और वह से जैसे hi रूम का हल देखा मेरी तोह ससे hi थम गयी

☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆

सुरेश रेशमा और अर्जुन अभी बीएड पर लेते हुए हुए थे

तीनो इस वक़्त बिलकुल नंगे थे तीनो की सासे फूली हुयी थी जिससे तीनो संभल रहे थे जैसे कोई रेस जित कर आये हो

थोड़ी देर में जब दोनों की सासे संभालती है तब अर्जुन बोलता है

arjun:-wahhh माँ आप का जवाब नहीं मज़ा आ गया आप क्या कहते हो पापा

suresh:-beta बीएड पर मैंने ना जाने कीटनिया लड़कियों को नंगा करके रोंडा होगा पर तेरे मम्मी और मेरी रेशमा जैसा मज़ा कही नहीं मिला तुम्हरी माँ जो बीएड में साथ देती है ऐसा कोई नहीं देता

अपने बेटे और पति की तारीफ सुन्न रेशमा शर्मा जाती है

reshma:-aap भी ना कुछ भी बोलते हो और मैं इतनी भी कमल नहीं हु समझे

arjun:-nhi मम्मी पापा बिलकुल सही कह रहे है आपका कोई जवाब नहीं

reshma:-acha ाचा अब ज्यादा मस्का ना लगो

arjun:-vaise डैड अब आप किस का इंतज़ार कर रहे अब हम्मे अपनी चल देनी चाहिए ताकि हम ज्यादा देर न कर दे

suresh:-nhi बीटा हम्मे कोई भी जल्द बजी नहीं करनी है इस काम लिए तुम्हे नहीं पता मैंने कितने साल इंतज़ार किये है तोह थोड़ा कर लगा पर प्लान ऐसा बनो गए जो फ़ैल ना हो

arjun:-parr डैड वह एकला क्या कर लेगा

reshma:-nhi अर्जुन तुम्हरे पापा सही कह रहे और फिर यह मात भूलो के अभी तक की सभी चल पर वह एकला कुत्ता भरी पड़ा है

arjun:-par डैड मुझसे बर्दास्त नहीं होता जब भी उस घर की औरतो और लड़कियों के बारे में सोचता
हु तोह निचे आग स लग जाती है क्या कमल की रंडिया है



reshma:-woh बहने है तेरी कुछ तोह
शर्म कर



arjun:-kaisi शर्म माँ लुंड और छूट यह सब नहीं देखता वार्ना आप तोह मेरी मम्मी हो

suresh:-baat तोह तेरी सही है अर्जुन बेटे और तू चिंता ना कर एक बार हम कामयाब हो जाये फिर दोनों बाप बेटे मिल कर सब की छूट फाड़े गए

reshma:-acha जब करना वह करना अभी मुझे जाने दो रात का खाना बनना है

arjun:-chlo ना मम्मी एक और राउंड करते है

reshma:-mere हरामी बेटे अब जो भी करना रात को करना अभी जाने दो

रेशमा वह से चली जाती है रह जाते है तोह दो हरामी

arjun:-kya हमें बकरा मिल गया डैड

suresh:-haa बीटा बकरा तोह मिल गया बस पकाना बाकि है और मसाला लगाना

इसी के साथ दोनों रूम में हसने लगते है

अपनी पर्तिकिर्या जरूर दे

ावरदिल
 
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रूम में हर जगह सामान बिखरा था फर्श पर सीसे बिखरे हुए थे और साथ में गुलदस्ता के टुकड़े भी वही दीदी पागलो की तरह बैठ रू रही

मैंने देखा ज़मीन पर हलके खून थे जो सायद दीदी के पेअर से निकले होंगे

दीदी ने जैसे बॉलकनी में मुझे देखा पास में पड़ा गुलदस्ते का टुकड़ा उठा के मारा

tannu:-(gusse में रट हुए) जा चला जा यहाँ से चला जा उस कामिनी के पास मेरे पास क्यों आया

मैं दीदी की और बढ़ने लगा दीदी ने एक और चटकदा मारा जो मेरे सीने से लगा पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा

मैं दीदी के पास बैठ गया वही मुझे इतने पास देख दीदी मुझे थपड मरने लगी मैं बस दीदी को देखता रहा बस कुछ नहीं कहा

हलकी दीदी के निकल रहे ासु मुझसे देखे नहीं जा रहे थे पर आज मैंने उन्हें भी नहीं रोके

दीदी जब मार मार थक्क गयी तब वह अपना पेअर घुटनो में रख कर रोने लगी

मैंने बड़े प्यार से उनके सर पर हाथ गम्य

main:-ab बस भी कीजिये

tannu:-tu बस यहाँ से चला जा मुझे एकला छोड़ दे

main:apko क्या मैं सभी को छोड़ कर जा रहा गलती हो गयी थी जो बदल गया...

मैं उठ गया मुझे समझ नहीं आ रहा था मैं क्या कर रहा हु पर सायद यह करना मेरे लिए जरुरी था

मेरा आवारा से मोहित बनना मेरी सबसे बड़ी कमजोरी बन्न गयी थी

आज तक मैं नाकामयाब नहीं हुआ था अब हो रहा था

main:-(gusse से) प्यारर बस छुट्टिया है....

मैंने खुद से इतना बोलै और फटाफट वह से निकल निचे आ गया तन्नू वही अभी भी रू रही थी

मैं मम्मी के पास आया जो की अपने रूम में थी

main:-mummy आप प्लस तन्नू के पास चले जाइये वह सायद किसी बात से नाराज है और खुद को कोई नुकसान ना पोछा ले मैं जा रहा हु यहाँ से

mummy:-kya हुआ मोहित तू क्या बोल रहा है और तन्नू को क्या हुआ तू कहा जा रहा है

main:-mummy सुरेश को ख़तम करने जा रहा हु यहाँ रह कर मैं कुछ नहीं कर पा रहा हु सेहरा है वह सब संभल लेगा यहाँ पर आप बस दीदी के रूम में जाइये

मैं वह और ना रुका और बहार की तरफ निकल गया मम्मी मुझे बुला रही थी चीला रही थी पर मैं ना रुका मैं कार लेकर वह से सीधा मुन्नीबाई के पास चल दिया जो फार्महाउस में रह रही थी

मैंने कार में बैठे hi सिगरेट जला ली और जोर जोर से कस लेने लगा

main:-behanchhod मिल गया सकूं कितनी अछि ज़िंदगी गुज़र रही थी लड़कियों की छूट थी प्यार था सब कुछ तोह था अब क्या behanchhod....faltu के नखरे रोना धोना

main:-kya सोच रहा था प्यार से ज़िंदगी अछि होती है घंटा होती है मिल गया दिल को आराम

मैं नज़ाने क्या क्या बोलता हुआ कार को सीधा फार्महाउस लगा देता हु

तनबदन में एक आग स लगी हुयी थी मेरी सिगरेट ख़तम हो गयी थी पर मैंने एक साथ दो जला के पीने लगा

समझ नहीं आ रहा था मुझे गुस्सा किस बात का रहा था

मैं जैसे अंदर आया हॉल में मुन्नीबाई बैठी थी जो पहले मुझे अपने सामने देख चौक गयी पर ज्यादा नहीं

मैं सीधा मुन्नीबाई के पास गया और अपने मुँह में पकड़ी सिगरेट फेक मुन्नी का चेहरा पकड़ कर अपने होठो को मिला दिया

मेरे इस तरह आने से और अचानक किश करने से मुन्नी घबरा गयी पर ज्यादा देर नहीं और मुझे किश में साथ देने लगी थी

पर सायद मैं आज अपना गुस्सा या जो भी था मुन्नी को रूंध कर उतरना चाहता था इस लिए मैं मजबूती से मुन्नी के ब्लाउज से hi कैसे हुए बूब्स को पकड़ कर मसलने लगा

मेरे ऐसा करते hi मुन्नी मुझसे अलग हो कर छिलने लगी पर सायद आज इस से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था बस जो दिल में उफान उठ रहा था उससे संत करने की सोच रहा था

मैं बेदर्दी से मुन्नी को मसल रहा था रूंध रहा था अब मुन्नी को मजा से ज्यादा दर्द हो रहा था

मैंने जल्दी hi मुन्नी के बदन से कपडे निकलने लगा

munni:-mohit क्या हो गया है आराम से करो ना पागल क्यों बन्न रहे हो मैं कोण सा मन कर रहा हु

main:-abhi जो कर रहा हु करने दो नहीं मुझसे बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाये गए जो ाचा नहीं होगा

मुन्नी मेरी बात सुन्न चुप हो गयी जो हो रहा था उससे होने दे रही थी

मैंने मुन्नी के कपडे को अलग कर खुद भी अपने कपडे उतर दिए अब मैं और मुन्नी दोनों नंगे थे

मैं मुन्नी की कस्सी चूचियों पर झुक कर चूसने लगा वह वही मुन्नी इस का आनद लेने लगी

मैं दोनों चूचियों को मसल रहा था काट रहा था जिस से मुन्नी कबि मचल जाती तोह कभी दर्द से बोखला जाती है

मैं मुन्नी को किश करते हुए अपने लुंड को मुन्नी की छूट पर दिया

मुन्नी कुछ करती या बोलती उस से पहले hi मैंने अपना लुंड मुन्नी की छूट में गुस्सा
दिया जिस से एक चीख पुरे रूम में फ़ैल गयी पर मुझे आज कोई फर्क नहीं पड़ रहा था



मैं जैसे पागल सा हो ढके लगाने लगा और मुन्नी की चूचियों को छोड़ उस के होठो को अपने होठो में लेकर चूसने की जगह चबने लगा

मुन्नी इसका विरोध तोह करना छह रही थी पर कर नहीं पा रही थी वही मैं खुद पर कब्बी नहीं पा रहा था

दर्द से सुरु हुआ यह काम अब सायद मुन्नी को भी मजा देने लगा था इस लिए मुन्नी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी

अब वह मेरे ढके का जवाब ढके से देने लगी

मुन्नी का पानी निकल गया था जिस से अब मुन्नी को लुंड लेने में तकलीफ नहीं हो रही थी बल्कि वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और मेरे होठो को चूस मुझे संत करने को खोसिस कर रही थी

मैं मुन्नी की छूट पर लगातार जोर जोर से धक्के मरने लगा जिसका यह नतीजा हुआ के मेरा जल्द hi पानी निकल गया

मेरा पानी निकलते hi मेरा दिमाग बिलकुल संत हो गया मैं मुन्नी से अलग हो अपनी ससो को सेंट्रल करने लगा वही मुन्नी भी इस तूफानी सफर के बाद अपने आप को संभल रही थी

थोड़ी देर बाद जब हम संभल गए तोह मैंने एक सिगरेट जला के पीने लगा

munni:-kya हुआ मोहित आज यह पागल पान तुम तोह एक दम जानवर बन गए थे एक पल तोह ऐसा लगा जैसे मुझे मार hi डोज

मुन्नी थोड़ी नाराजगी के साथ मुझे कहती है

main:-bas पता नहीं मुन्नी एक तूफान उठा हुआ था जिसे संत करना था सॉरी

munni:-hmm कोई बात नहीं पर यह पागलपन एक अलग मजा देकर गया वैसे इतने गुस्से में क्यों थे किस का गुसा उतर रहे थे

main:-(mann में) अब इससे क्या कहो यार

main:-apne बाप का यार पता नहीं कोण से बिल में चुप गया है और पता नहीं अगला क्या हमला करे

munni:-(aakhe मटका) क्या सच में यही बात थी

main:-yaha इस बात से दिमाग फटा पड़ा है मेरा और तुम कह रही हो यही बात है बास हद्द है

munni:-hamm अच्छा तुम रेस्ट करो मैं सोचती हु वह कहा हो सकता है

☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆

मेरे इस तरह घर से निकल जाने से और मम्मी के छिलने से चची और बाकि सब भी बहार आ जाते है

जब मम्मी को हल में रोटा देखते है तोह चची पास आती है

chachi:-kya हुआ दीदी आप रो क्यों रही हो

mummy:-kya कहु मैं मेरा बीटा फिर मुझे छोड़ कर चला गया

मम्मी की बात सुन्न सब हैरान हो जाते है पर तभी मम्मी को तन्नू का ख्याल आता है तोह वह तन्नू के रूम को भगति है बाकि भी पीछे आ जाते है

जब सभी रूम में पोछते है तोह तन्नू अभी भी ज़मीन पर बैठ रू रही थी और रूम को देख किसी को समझ नहीं आ रहा था हो क्या रहा है

मम्मी फटाफट तन्नू के पास जाती है और तन्नू का चेहरा ऊपर करती है

mummy:-tannu क्या हुआ तेरे और मोहित के बिच जिस से वह घर से चल गया

तन्नू कुछ नहीं बोलती रोटी रहती है

devgan:-kya कर रही हो बेटी पहले तन्नू को इस रूम से लेकर दूसरे रूम में चलो देखो पैरो से खून भी निकल रहा है समीर उठो उससे

समीर तन्नू को उठा कर साथ वाले रूम जो की मोहित का था उस में ले जाता है और बीएड पर लिटा देता है

चची फटाफट फर्स्ट किट लेकर ज़ख़्म को साफ कर पति कर देती है ज़ख़्म ज्यादा गहरे नहीं थे सायद घर वालो को तोह यही लग रहा था अब यह सब दिल के ज़ख़्म तोह देखने से रहे

जूही और पायल उर्वी की आखो में ासु थे उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा बस इतना पता लग रहा था के मोहित घर छोड़ कर चला गया है

ज़ोया को मोहित के इस तरह चले जाना अटपटा लगा था पर वह अभी कुछ बोली नहीं बल्कि चुप रही

सब कुछ होने के बाद सभी तन्नू को घेर कर खड़े हो जाते है

mummy:-beta कुछ तोह बात क्या हुआ है

chachi:-beta क्या तुम दोनों में कोई जगदा हुआ है बोल ना बीटा क्या हुआ

tannu:-plss मुझे अकेला छोड़ दो मुझे किसी से बात नहीं करना प्लस चले जाओ यहाँ से

devgan:-beta सभी बहार चलो पर जूही तुम यही रुक जाओ इसके ख्याल रखने के लिए पर इससे परेशान मैट करना

mummy:-par मेरा बीटा

devgan:-woh कही नहीं जाये गए इस हालत में बिलकुल भी नहीं अभी सायद किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ हो तोह नाराज होकर चला गया हो आ जाये गए उससे पता है घर के हालत कैसे है

sameer:-main उससे ढूंढ़ने जाता हु

devgan:-nhi कोई बहार नहीं जाये गए

sehra:-malik सही कह रहे और ढूंढ़ने के लिए मैं अपने आदमी लगा देता हु पर अभी किसी का बहार जाना खतरे से खली नहीं

सभी मोहित का नंबर लगने लगते है पर मोहित किसी का फ़ोन नहीं उठा रहा था

☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆

इधर यह खबर सुरेश को भी पता लग जाती है पता नहीं
किस किस को जल में फसा रखा था वह एक पता हिलता नहीं था के इससे सब पता लग जाता था



arjun:-kya हुआ पापा अप्प बहुत खुश लग रहे है फ़ोन आने के बाद

suresh:-baat hi ऐसी है बीटा यह साली जिस्म की आग और प्यार आदमी से क्या नहीं करा देती है

reshma:-baat तोह बाटिये क्या हो गयी है

suresh:-hamre खबरि ने खबर दी है के मोहित घर छोड़ गया है

reshma:-yeh उसकी चल भी तोह हो सकती है और फिर हम उसकी लड़की का कैसे विस्वास कर ले वह झूट भी तोह बोल सकती है

suresh:-baat तोह तेरी सही रेशमा पर वह प्यार की मरी है और अपने प्यार को पाने के लिए कुछ भी कर सकती है

arjun:-toh क्या पापा अपनी चल चलने का वक़्त आ गया

suresh:-haa बिलकुल अब बस उस कमीने को दंड कर ख़तम करना इधर वह ख़तम हुआ इधर तू घुसा

arjun:-wahhh पापा क्या प्लान है

reshma:-parr फिरर भी एक बार

suresh:-main इसी में लगा हुआ हु जान के पका कस्र लू कही वह गेम तोह नहीं खेल रहा पर मुझे नहीं लगता यह गेम होगा प्यार बहुत जनन लेवा होता है जान अचे भले की जान ले लेता है और किसी अचे को भी बुरा बना देता

इसी के साथ तीनो हसने लगते है

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