Incest Sex Kahani Kasoor - Page 13 - SexBaba
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Incest Sex Kahani Kasoor

अपडेट 110

अब तक

मैं रात के 11 बजे बुआ को फ़ोन कर क कह दिया था. आप सो जाईये मैं देर रात तक आऊंगा. साथ ये भी कह दिया था गेट ना बंद करे. मेरी बात होने के बाद बुआ भी अपने रूम में जा कर सो गयी.

अब आगे

मैं अपने काम को सेट करने के बाद रात 1 बजे के मंजू बुआ के घर आया, जैसा की मैं कहा था, मंजू बुआ ने ठीक वैसा hi किया था. खाना तो मैं बहार से hi कर के आया था, तो इस लिए मैं सीडिया चढ़ते हुए ऊपर अपने रूम की तरफ चल दिया. पर जैसे hi मैं अपने रूम के साइड जाने के लिए मुदा hi था की. मुझे कुछ ाजबी से आवाजे सुनाई दी, इस लिए मैं उस साइड मुद गया.

मैं उस आवाज की दिशा अपने कदम बढ़ा लिया. जैसे जैसे मैं उस तरफ बाद रहा था वो आवाज अब सिष्कारिया में बदल चुकी थी, जो की किसी की लड़की की थी.

मैं एक रूम के आगे खड़ा था, जहाँ से मुझे उसकी आवाज साफ और तेज़ सुनाई दे रही थी. जब मैं उस रूम को ध्यान से देखा तो ये वही रूम था जहाँ मैं सुबह उस लड़की को नुदे देखा था.

अब मेरे मैं ने ये इच्छा जगाने लगी वो लड़की इतनी रात को क्या और कैसे कर रही है. इस लिए सबसे पहले मैं रूम का दूर ओपन करने की कोशिश की. दूर के नोब को जैसे hi घुमा कर अंदर की तरफ किया तो दूर ओपन हो गया.

मैं ने धीरे से अपने सर को अंदर कर के देखा तो हैरान हो गया. क्युकी वो लड़की अपनी छूट के अंदर अपनी उंगली दाल कर अंदर बहार कर रही थी. आए मा आए एई मेरी चूऊउउउउत की आएग ठननंददी क्यों नहीं अअअअअ मा उस कुत्ते ने मेरी छूट क्या लगा दियाआ अअअअअ की आवाज निकल रही थी.

मैं तो पास उसकी चिकनी छूट को hi देखने मैं खो गया था. उस लड़की छूट को देख कर ऐसा लग रहा था की उसने आज तक उसे मूतने आया उंगली करने के सिवाए कुछ नहीं किया होगा. ऐसे hi मैं बड़े ध्यान से छूट में ऊँगली कर्त हुए देख रहा था.

थोड़े देर बाद मैं अपनी नज़र को जब उस लड़की के शरीर के ऊपर ले गया तो मेरी नज़र एक बार फिर रुक गयी. अब की बार मेरी नज़र उस लड़की के नाभि ( नैवेल) देख कर रुक गयी थी. क्युकी उस लड़की कभी के ऊपर पसीने की बुँदे दिख रही थी, जो थोड़े थोड़े देर बाद उसकी नाभि के अंदर जा रहा था. उस लड़की की नाभि एक दिलकस नज़र पेश कर रही थी. जब वो लड़की गहरी साँस लेती तो नाभि में जो पसीना जमा था वो साफ़ दिखाई देता, और जब साँस छोड़ती तो एक गहरी खाई नुमा बना जाता, जिसमे मुझे दुब जाने का मन करता.

फिर मैं अपनी नज़र को थोड़ा और ऊपर ले कर गया जहा पर मुझे उसके उभर मेरा मतलब है उसकी बूब्स दिखाई दिए. जो किसी पर्वत की तरह खड़े नज़र आ रहे थे, उसकी निपल एक इंच तक बड़े दिख रहे थे. वो इस कदर खड़े थे की किसी सख्त चीज़ में भी छेड़ कर दे.

मैं उन उभर या चुकी को देख कर मेरा मन कर रहा था की उन्हें अपने मुँह में ले कर जब तक चूसी जब कर मेरा मन नहीं भर जाता. साथ hi अपने हाथ में ले कर उन मसलता राहु जब तक वो तंमतर की तरह लाल न हो जाये,

पता नहीं मेरे कदम कब आगे बाद गए उस रूम के अंदर. मुझे तो इसका ऐसा जब हुआ जब वो लड़की एक जोर दर चीख निकली, और एक गरम धार मेरे चहरे पर आ पड़ी. वो लड़की बुरी तरह झरने के साथ साथ मूट भी दी थी. मैं तो बस अब उस अद्भुत नज़ारे को hi देखने में खो गया था.

किस तरह उस लड़की की छूट से अमृत रास और मूट का मिश्रण एक साथ निकल रहा था, ये किया 2 मिनट तक चली उसके बाद उस लड़की की छूट से रह रहा पानी निकल रहा था, जो उस लड़की के छूट के छेड़ को भिगोते हुए गांड के छेड़ तक भीगी रहा था,

वही जब उस लड़की लो होस आया तो अपने रूम मुझे देख कर बहुत हैरान हो गयी और जल्दी से एक चादर को अपने ऊपर दाल दिया जो उस लड़की के साइड में राखी हुई थी. और चिल्ल्ते हुए.

लड़की _ तुम

नकुल _ हाँ मैं.

लड़की _ मेरे रूम में क्या कर रहे हो. तुझे आने किसने दिया. सेक्

नकुल _ बिलकुल चुप वर्ण,

लड़की _ वार्म क्या कर लोगे.

नकुल _ ये मुझे बताने की जरुरत नहीं है. बुलाओ सिक्योरिटी को आने दो अपने घर वाले को उन्हें भी तो पता चले की उनकी लड़की एक अनजान लड़के के साथ अपने hi रूम में क्या कर रही है. वो भी बिलकुल नंगी.

लड़की _ आने दो मैं कह दूंगी की तुम मेरी इन जा ात लूटने की कोशिश कर रहे थे.

नकुल _ चलो ठीक बुला फिर मैं भी ये वीडियो दिखा दूंगा अपना फ़ोन निकलते हुए कहा, और साथ hi ये भी कह दूंगा की तुमने मुझे यहाँ पर सेक्स करने के लिए बुला था, जब मैं ने मन किया तो मुझ पर झूठा इन जा ऍम लगा दिया.

लड़की _ नहीं tum.aisa कुछ नहीं करोगे. मैं किसी को भी नहीं बुला रही हु.

नकुल_ गुड, ऐसे hi खड़े रहना.

मैं जल्दी से दूर के पास गया और लॉक कर के उसी जगह पर आ गया.

लड़की _ तुम मुझे क्या चाहते हो. मैं ने तो तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा,

नकुल _ वो सब बाद में, पहले अपना नाम बताओ.

लड़की _ चांदनी रावत.

नकुल _ तो मिस chandani,.ghar में कौन कौन है,

चांदनी रावत_ मम्मी पापा और एक छोटा भाई है.

नकुल_ ok अब तुम अपने ऊपर से ये चादर बताओ.

मेरे कहते hi चांदनी ने अपने ऊपर से चादर हटा दिया, अब मेरे सामने बिलकुल नहीं कड़ी थी. चुकी एक डैम तने हुए थे, उसकी जांघ केले के पेड़ की तरह चिकने और मोठे थे. छूट एक डैम पहली हुई दिख रही थी.

नकुल_ गुड, अब अपना और अपनी माँ का फिगर बताओ, और पूरी डिटेल में अपना तो दिखा कर बताना.

चांदनी रावत_ नहीं मैं कुछ नहीं करने वाली हु जो तुम कह रहे हो.

नकुल_ ठीक फिर मैं ये वीडियो माँ को सेंड करता हु, उसके बाद तुम जानो और तुम्हारी माँ.

चांदनी रावत_ नहीं नहीं तुम ऐसा कुछ मत करना नहीं तो मुझे मेरे घर से निकला बंद हो जायेगा,

नकुल_ जो कहा है वो करो.

उसके बाद चांदनी अपने बूब्स पर हाथ रखती है. और कहती इसका साइज 34 है,

नकुल _ ऐसे नहीं सभी का नाम हिंदी में और शो कर एक दिखाओ जैसे एक रंडी करती है,

मेरी बाद सुनते hi चांदनी के रोंगटे खड़े हो गया. अब एक बाजारू रंडी की तरह अपने अंग का प्रदर्शन करते हुए अपना साइज बताना था,

चांदनी अपने आपको शांत करती है, और बांटना सुरु करती है, चांदनी अपनी चुकी अपने हाथो से दबाते और मसलते हुए कहती है मेरी चुकी का साइज 34 है है, मेरी कमर ला साइज 28 है, एक बहुत hi मादक से खुद को मदति है, और कातिलाना ढंग से झुकार अपनी गांड को दोनक हाथो से मसलते हुए कहती है, मेरी गन्दा या चूतड़ का साइज 38 है.

नकुल _ गुड अब अपनी माँ का बताओ,

चांदनी रावत_ मेरी माँ की चुकी का साइज 36 कमर का साइज 30 और गांड का साइज 40 है.

नकुल_ गुड अब तुम आराम करो मैं तुम से कल मिलता हु,

इतना कहने ले बाद मैं वह से चला जाता हु. वही मेरे room.se जाते hi सब से पहले वो अपने ऊपर चादर को सही से लपेटती है. और रूम से जब चांदनी बहार आती है तो मैं उसे कही भी नहीं दिखाओ देता हु. जिस करहा वो अपने रूम में जा कर सो जाती है.
 
अपडेट 111

अब तक

इतना कहने ले बाद मैं वह से चला जाता हु. वही मेरे room.se जाते hi सब से पहले वो अपने ऊपर चादर को सही से लपेटती है. और रूम से जब चांदनी बहार आती है तो मैं उसे कही भी नहीं दिखाओ देता हु. जिस करहा वो अपने रूम में जा कर सो जाती है.

अब आगे

रूम से निकलने के बाद मैं अपने रूम में जा कर सो जाता हु. वही चांदनी मेरे बारे में सोचने लगती है, मैं कैसे उसके रूम में आ गया. मुझे कोई रोका क्यों नहीं. उसके hi रूम में आ कर उसके साथ इतना सब कर के चला गया. और वो कुछ नहीं कर पायी. वो ऐसे hI सोचते हुए कब सो गयी उसे कुछ पता भी नहीं चल.

नेक्स्ट डे मैं अपनी टाइम पर उठ कर फ्रेश होता हु. छत के ऊपर जा कर एक घंटे अपनी फाइटिंग की प्रैक्टिस करता हु. उसके बाद नार्मल योग और मैडिटेशन करता हु. इस में मुझे 2 घंटे लग गए. जब टाइम देखा तो 7 बज गए थे, इस लिए मैं अपने रूम में जाता हु. फिर बाथरूम मैं जा कर अच्छी तरह नाहटा हु, नहाने के बाद मैं अपने रेडी हो कर निचे चला जाता हु जहा पर मंजू बुआ और रजनी ठाकुर बैठी हुई थी. मैं भी उनके बस जा के बैठ जाता हु.

मंजू बुआ_ बीटा रात कब आये.

नकुल_ बुआ एक बजे. जब ऊपर गया तो देख की राइट साइड के एक रूम लाइट चल रही थी.

मंजू बुआ_ वो बीटा शायद चांदनी पढ़ रही होगी.

नकुल_ ये चांदनी कौन है,

मंजू बुआ_ ये तेरी सिस्टर है. एक काम कर तू ऊपर जा कर उसे उठा दे, जब तक मैं तेरे लिए ब्रेकफास्ट रेडी करती हु.

नकुल _ ठीक है.

मंजू बुआ_ चलो भाभी

उसके बाद दोनों किचन की और चली जाती है. वही मैं चांदनी के रूम की तरफ चल जाता हु. जब मैं चांदनी के रूम के सामने जा कर खड़ा हो कर जैसे hi मैंने अपने दूर को ओपन कर के लिए दूर के हैंडल को घुमा कर अंदर की तरफ किया तो खुल गया.

मैं रूम के अंदर गया तो देखा की चांदनी बिस्तर पर नहीं थी. मैं ने सोचा बाथरूम में जा कर देखता हु, इस लिए पहले दूर लॉक किया कोई अंदर न आ जाये. उसके बाद बाथरूम के पास जा कर दूर ओपन किया तो देखा चांदनी पूरी नंगी होती है. वो अपने शरीर पर साबुन लगा रही थी. मैं उसे साबुन लगते हुए देखा ने लगता हु. चांदनी इस बात से अंजना कोई उसे नहाते हुए देख रहा है.

साबुन लगाने के बाद चांदनी पहले अपनी चूचियों को अछि तरह मलने लगती है. चांदनी कभी अपने बूब्स को जोर से मल्टी तो कभी धीरे, कभी वो अपनी चूचक को जोर से मसलती हो कभी धीरे से, तो कभी चूचक को जोर से खींच देती. ये सब करते हुए चांदनी के मुँह से आए ोोू ीीी कक्कक्कक्स की आवाज ा आ रही थी.

फिर वो अपना एक निचे ले जा कर अपनी छूट के रगड़ने लगती है. कभी धीरे से तो कभी जोर से. चांदनी अपनी छूट के डेन के साथ भी छेद कहानी कर रही थी.

मेरा लुंड ये सब देख कर बुरी तरह खड़ा हो गया था. मैं अपने लुंड को निकल कर हिलने लगता हु. मुझे चांदनी को इस तरह देख कर बहुत मजा आ रहा था.

वही चांदनी अपनी अपनी छूट के अंदर ऊँगली दाल कर अंदर बहार कर रही थी, और अपनी मुँह से आवाजे निकल रही थी. वो अब अपनी छूट के अंदर ऊँगली डालने की रफ़्तार तेज़ कर दी थी. जिसका मलतब वो अब झरने वाली है.

मैं अपने लुंड को जल्दी से अंदर डालता हु, और उसके पास जा कर एक जोर का थप्पड़ उसके गाल पर रखा देता हु. थप्पड़ hi उसे बहुत तेज़ दर्द होता है. साथ hi चांदनी झरने की प्रक्रिया रुक जाता है. चांदनी बहुत तेज़ गुस्सा आता है. इस लिए वो जब सामने देखती है. मैं होता हु.

चांदनी _ तुम यहाँ कैसे.

नकुल_ ये छोड़ मैं ये कैसे, बस अब इतना ध्यान रहे की अब तुझे जब भी झरने का मन कर तो मुझे पूछ कर झरना. नहीं तो बिच सड़क पर नंगी खड़ा कर के छोड़ दूंगा. और हाँ जल्दी से रेडी हो कर निचे आ जा.

मैं जाते हुए एक थप्पड़ अब को बार चांदनी की छूट पर मर देता हु. जिस कारन वो जोर से चिल्ला उठती है. उसके आँखों से अस हु भी आ गए थे.

नकुल _ समझा आया की नहीं.

चांदनी _ हम्म ( रट हुए ये कहा था. )

नकुल _ 10 मिनट के अंदर तुम्हे निचे होना चाहिए.

चांदनी _ ठीक है,

उसके बाद मैं निचे चला जाता हु, जब निचे पहुँचता हु तो देखता हु की प्रिय डाइनिंग टेबल पर अपनी माँ रजनी ठाकुर और मंजू बुआ के साथ बैठी हुई ब्रेकफास्ट कर रही थी. मैं भी मंजू बुआ के पास का कर बैठ जाता हु. मंजू बुआ मुझे ब्रेकफास्ट देती है.

मंजू बुआ_ वो कहा रह गयी,

नकुल_ बस बुआ बस 10 मिनट में रेडी हो कर आती होगी. बुआ आप मेरी एक बात मानोगी.

मंजू बुआ _ हाँ तू बोल क्या बात है.

नकुल_ आप चांदनी को मेरे साथ रहने को कह देना और उसे ये मत बताना की मैं उसका भाई हुई.

मंजू बुआ_ पर क्यों.

नकुल_ मैं देखना चाहत हु की वो मुझे पहचानपति है की नहीं. और जब तक वो मुझे नहीं पहचानती आप में से कोई भी उसे नहीं बताएगा. आप सब को मेरी कसम.

मंजू बुआ_ ठीक है.

प्रिय और रजनी ठाकुर_ ठीक है.

उसके बाद मैं ब्रेक फ़ास्ट करने लगता हु. वही चांदनी रेडी हो कर निचे आ जाती. जब वो मुझे डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट करते हुए देखती है तो हैरान हो जाती. साथ hi उसके चेहरे पर परशानी के भाव आ जाते है. क्युकी चांदनी अपनी माँ को मुझ से है कर बाते करते हुए और ब्रेकफास्ट करते हुए देख रही थी. उसे ये बात भी परशान कर रही थी की प्रिय और उसकी रजनी ममी भी मुझसे है है कर बाते कर रही थी.

प्रिय जब चांदनी को देखती है तो खुश होते हुए कहती है.

प्रिय _ गुड मॉर्निंग चांदनी

चांदनी _ गुड मॉर्निंग प्रिय, गुड मॉर्निंग माँ और ममी.

मंजू बुआ_ वैरी गुड मॉर्निंग बीटा. बीटा ये है नकुल. आज से hi तुम नकुल का ध्यान रखोगी. मुझे कोई शिकायत का मौका मत देना. समझी न,

चांदनी _ ठीक है, मैं कोई मौका नहीं दूंगी.

मंजू बुआ_ चलो बैठ कर बात कर लो. फिर अपने साथ कॉलेज ले जा कर इसका एडमिशन करवा देना.

चांदनी _ ठीक है माँ.

फिर चांदनी जल्दी से ब्रेकफास्ट करती है. उसके बाद नकुल अपने साथ ले कर कॉलेज निकल जाती है,

चांदनी _ मुझे के बात बताओगे.

नकुल _ हाँ पर मेरी शर्त hai.manjur है तो बोलो.

चांदनी_ क्या शर्त है तुम्हारी.

नकुल_ मुझे तुम अपनी पंतय निकल डौगी तब,

चांदनी _ बिलकुल नहीं. मुझे तुमसे कुछ नहीं जमाना,

नकुल_ कोई नहीं वैसे भी अब से तुम हर समय मेरे साथ hi रहोगी. और मैं तुम्हे एक पल के लिए अकेले नहीं जाने दूंगा.

चांदनी _ इसका क्या मतलब है.

नकुल_ ये तो समय आपने पर तुम्हे पता चल जायेगा. फ़िलहाल तो ड्राइविंग पर ध्यान दो.

फिर चांदनी नकुल से कुछ नहीं कहती है. ड्राइविंग करते हुए सोचने लगती है, ये मेरे साथ ऐसा क्या करने वाला है. कही ये वाशरूम जाने की तो बात नहीं कहा रहा की ये वह भी मेरे साथ जायेगा.

चांदनी _ नकुल तुम्हारे कहने का मतलब ये तो नहीं की तुम मेरे साथ वाशरूम?

नकुल_ मुस्कुराते हुए. बिलकुल सही समझा है. अब तुम्हे उसके लिए भी मुझे परमिशन लेनी पड़ेगी.

चांदनी_ मैं मां से कहा दूंगी की तुम मेरे साथ

नकुल_ मैं ये बात कर लो अपनी माँ से मैं ने फ़ोन लगा दिया.

चांदनी फ़ोन लेते हुए

चांदनी_ hello माँ

मंजू बुआ_ हाँ बीटा,

चांदनी_ माँ पता नकुल क्या कह रहा रहा है.

मंजू बुआ_ ये न की किसी भी काम के लिए उसे परमिशन लेनी पड़ेगी.

चांदनी_ हाँ.

मंजू बुआ_ इस में गलत क्या कहा उसने.

चांदनी_ माँ आप कुछ समझ भी आ रहा है आप क्या कह रही है.

मंजू बुआ_ मैं तेरी माँ हु. मुझे सब पता है. मुझे मत समझा अब मेरी बात ध्यान से सुन उसे बिना पूछे कोई काम नहीं करना है. और वो जो कुछ भी कहा चुप चाप मन लेना. चल अब फ़ोन रख मुझ बहुत काम है.

चांदनी फ़ोन नकुल को दे देती है. फिर अपनी कार कॉलेज के अंदर ले जा कर पार्क करती है.

चांदनी _ चलो उतरो

नकुल_ ऐसे नहीं, जरा प्यार से बोलो.

चांदनी_ प्लीज आप कार से बहार आ जाईये.

नकुल_ गुड

इसी के साथ मैं कार से उतर जाता हु. चांदनी अपनी कार को लॉक करती है. आगे की तरफ चल देती है. मैं भी उसके पीछे चल देता हु. थोड़े देर बाद हम दोनों प्रिंसिपल के ऑफिस में होते है.

चांदनी _ गुड मॉर्निंग मम

प्रिंसिपल_ गुड मॉर्निंग.

चांदनी _ मम मेरा नाम चांदनी है और मेरा कजिन नकुल hai..ye गाओं से आया हुआ है, अब यही पढ़ना चाहता है. इस लिए मैं यहाँ एडमिशन के लिए ले आयी.

प्रिंसिपल_ ok,.is के डॉक्यूमेंट कहा है.

चांदनी_ ये लीजिये मम.

प्रिंसिपल डॉक्यूमेंट ले कर देखने लगती है. अच्छी तरफ से चेक करने के बाद प्रिंसिपल कहती.

प्रिंसिपल_ सरे पेपर ठीक है. कौन सी क्लास में एडमिशन लेना है.

चांदनी_ नकुल तुम कहो.

नकुल_ नमस्ते मम. मैं बसा 2ंद ईयर में.

प्रिंसिपल_ उसके लिए तो 1सत ईयर की मार्कशीट और यूनिवर्सिटी ट्रांसफर लेटर चाहिए. जो की इन डाक्यूमेंट्स में नहीं.

नकुल_ जी मम. आप ####### कॉलेज बात कर लीजिये. वही की प्रिंसिपल ने मुझे कहा था की जब भी अड्मिशन लो उस कॉलेज की प्रिंसिपल से मेरी बात करवा देना.

प्रिंसिपल _ ok

उसके बाफ प्रिंसिपल थोड़े देर फ़ोन पर बात करती है. उसके बाद फ़ोन रखते हुए

प्रिंसिपल _ चांदनी ये लेटर एडमिशन ब्रांच में दे देना, तुम्हारा काम हो जायेगा.

चांदनी _ ok मैडम,

प्रिंसिपल_ नकुल मैं चाहुगी की तुम ने जैसे उस कॉलेज का नाम रोशन किया है. इस कॉलेज का भी करोगे.

नकुल_ जरूर मम.

उसके बाद चांदनी प्रिंसिपल से लेटर ले कर नकुल के साथ वह से निकल जाती है. फिर दोनों सीधे एडमिशन ब्रांच में जाते है. वह का सारा काम निपटने ले बाद दोनों जब फ्री होते है तो कैंटीन की तसरफ़ चल देते है.

चांदनी _ तुम कैंटीन की तरफ चल मैं अभी आयी.

नकुल_ ok पर ये बाताओ तुम कह जा रही हो.

चांदनी _ वाशरूम,

नकुल_ ok चली जाना पर उसे पहले मुझे अपनी पंतय दो. और वाशरूम क्यों जा रही हो ये बताओ.

चांदनी _ कहा पास गयी. (मन में)

नकुल_ क्या कहा.

चांदनी _ कुछ नहीं.

नकुल_ तो जल्दी बताओ.

चांदनी_ मैं वाशरूम पेशाब करने जा रही हु. क्या मैं जा सकती हु.

नकुल_ ठीक है. और पंतय

चांदनी_ वाशरूम से आने के बाद कैंटीन में देती हु.

नकुल_ ok

उसके बाद चांदनी वाशरूम चली जाती है. मैं कैंटीन की तरफ. जब कैंटीन पंहुचा तो देखा की खुशबू कुछ लड़को और लड़कियों के साथ बैठी हुई बाते कर रही थी. मैं एक साइड जा कर बैठ जाता हु.

नोट_ कनिका और देहरादून का सन कुछ समाया के लिए साइड रख राहु.
 
अपडेट 112

अब तक

उसके बाद चांदनी वाशरूम चली जाती है. मैं कैंटीन की तरफ. जब कैंटीन पंहुचा तो देखा की खुशबू कुछ लड़को और लड़कियों के साथ बैठी हुई बाते कर रही थी. मैं एक साइड जा कर बैठ जाता हु.

अब आगे

खुशबू ने अभी तक मेरी आवाज नहीं सुनी थी. न hi मैं ने अभी तक कुछ बोलै था. तभी मेरा आर्डर आ गया जो यहाँ पर बैठ ने से पहले दिया था. मेरा आर्डर ले कर एक लड़का आया था जिस आगे सायद 17 साल होगी.

लड़का _ भैया आपका आर्डर.

नकुल_ यह रख दो.

लड़का_ जी भैया. फिर वो खाने का सामान टेबल पर रख देता है. भैया इसकी पेमेंट.

नकुल_ क्या नाम है तुम्हारा. मैं पैसे देते हुए कहा.

लड़का _ जी रवि शर्मा. पैसे लेने के बाद कहता है.

नकुल_ बहुत hi प्यार नाम है. अच्छा ये बताओ तुम पढ़ते हो की नहीं.

रवि शर्मा _ नहीं भैया.

नकुल_ क्यों.

अभी रवि मुझे कुछ जवाब देता तभी शॉप के ओनर ने उसे भुला लिया. जब उसके पास गया तो दूकान का मालिक रवि पर छिलने लगता है. मुझे ये बात अच्छी नहीं लगती. पर मैं अभी इस मामले में नहीं पड़ना चाहता था.

मैं अपना खाना खाने लगा. मैं मस्त अपना खाना खा रहा था की तभी एक लड़की मेरे पास आयी.

लड़की _ एक्सक्यूज़ में.

नकुल_ यस

लड़की _ क्या मैं यहाँ बैठ सकती हु.

नकुल_ क्यों नहीं.

लड़की_ थैंक्स.

नकुल_ वेलकम. और मैं अपने खाने में लग गया.

लड़की_ क्या लड़का है. इतनी ख़ूबसूरत एक लड़की इसके बगल में बैठी हुई है. और ये महासः खाने में लगे हुए है.

नकुल_ आपने मुझे कुछ कहा.

लड़की _ जी वो. आपका नाम क्या है.

नकुल_ नकुल कुशवाहा. और आपका

लड़की_ हिमानी. लगता है इस कॉलेज में नए हो.

नकुल_ जी हाँ. आज hi एडमिशन लिया है. और आप.

हिमानी_ जी नहीं. कौन से ट्रेड में एडमिशन लिया है.

नकुल_ मैं बसा 2ंद ईयर में.

हिमानी_ क्याआ?

नकुल_ क्यों क्या हुआ. मैं नहीं ले सकता क्या.

हिमानी_ क्यों नहीं ले सकते.

नकुल_ फिर आप हैरान क्यों हुई.

हिमानी_ क्युकी मैं भी बसा 2ंद ईयर में हु.

तभी चांदनी मेरे पास आयी. हिमानी को मेरे पास बैठी हुई देख कर हैरान हो जाती है.

चांदनी _ हिमानी तुम यहाँ क्या कर रही हो.

हिमानी _ यार तेरे hi वेट कर रही थी. कोई जगह खली नहीं थी मैं नकुल के पास बैठ गयी. क्यों क्या हुआ.

चांदनी _ कुछ नहीं यार. एक मिनट तू मेरे साथ चल, मुझे तुझसे कुछ बात करनी है.

हिमानी _ यार चलते है. पर उसे पहले तू इसे मिल यहाँ नकुल ये बसा 2ंद ईयर में है. और इसने इस साल hi यहाँ पर एडमिशन लिया है.

चांदनी_ हाँ ठीक है. पहले तू मेरे साथ चल.

हिमानी_ ok यार चल. एक्सक्यूज़ में.

चांदनी हिमानी को अपने साथ ले कर कैंटीन से बहार चल देती है. मैं सोचने लगा की जब हिमानी चांदनी की फ्रेंड है. फिर ये 2ंद में कैसे हो सकती है. जब की चांदनी फाइनल ईयर में है. ओह तो ये बात है. ठीक है अब मैं बताता हु मिस हिमानी की मैं क्या चीज़ हु, अभी मैं सोच hi रहा था की रहा था की रवि मेरे पास अत है.

रवि _ भैया और कुछ लौ.

नकुल_ नहीं. अब ये बताओ कितना हुआ.

रवि_ 120 ₹ हुए.

नकुल_ ठीक है. अच्छा ये बताओ मैं ने तुम्हे कितने दिए थे.

रवि_ 500₹ दिए थे.

नकुल_ ठीक है, 120₹ काट के बाकि का तुम रख लो.

रवि_ नहीं भैया. मैं अपने सैलरी से खुश हु. माँ भी मुझे ऐसे पैसे लेने से मन करती है.

नकुल_ ok ठीक है. वैसे कह तक पढ़े हो.

रवि_ 12तह पास आउट हु भैया. B.sc 1सत ईयर में एडमिशन लिया था पर पैसे की वजह से छोड़ दिया.

नकुल_ कितना मिलता है यहाँ पर तुम्हे.

रवि_ 7000₹ मिलते है. जिसे घर का खर्च चल जाता है.

नकुल_ ok. मैं तुम्हे कल मिलता हु.

रवि_ पर भैया वो पैसे.

नकुल_ कल के लिए रख लो. Ok अब तो ठीक है न,

रवि _ ठीक है.

वही दूसरी और चांदनी हिमानी पर गुस्सा हो रही थी. क्युकी वो नकुल के साथ बैठी हुई थी.

हिमानी_ क्या बात है. इतना गुस्सा क्यों हो रही है. मैं ने ऐसा कौन सा काम कर दिया.

चांदनी_ तू उस लड़के पास क्यों बैठी हुई थी.

हिमानी_ अरे तुझे उसे लड़के से क्या प्रॉब्लम है. हए कितना स्मार्ट हैंडसम है. खास एक बार.

चांदनी_ बीटा अभी तुझे उसके बारे में सही से पता नहीं हैं इस लिए ऐसा बोल रही है. जब उसके बारे में तुझे पता चलेगा न तब तेरे पैरो टेल ज़मीन खिसका जाएगी.

हिमानी_ तू तो ऐसे कह रही है. तू उस लड़के को अच्छी तरह जानती है.

चांदनी_ हाँ, मैं उसे अच्छी तरह जानती हु क्युकी वो मेरे hi घर रहता है.

अभी चांदनी हिमानी से बात hi कर रही थी. की नकुल चांदनी के पास आता है. और अपने साथ चले केलिए कहता है. जैसे hi चांदनी नकुल की आवाज सुनती है. हैरान हो जाती है. हिमानी को bye बोल कर नकुल के साथ चल देती है.

नकुल_ अच्छा क्या कह रही थी उसे लड़की से.

चांदनी _ कुछ भी नहीं तो.

नकुल_ ok. तुम अपनी पंतय मुझे दो.

चांदनी अपने हैंडबैग से अपनी पंतय निकल लार ननकूल को देती है. नकुल उसे अपने हाथ में ले कर देखने लगत है. जिसे देख कर चांदनी शर्म से गाड़ी जा रही थीं चांदनी भाग कर अपनी कार के पास चली जातो है. दूर ओपन कर के कार के अंदर बैठ जाती है. नकुल भी अंदर आ कर बैठ जाता है.
 
अपडेट 112. ा

अब तक

चांदनी अपने हैंडबैग से अपनी पंतय निकल लार ननकूल को देती है. नकुल उसे अपने हाथ में ले कर देखने लगत है. जिसे देख कर चांदनी शर्म से गाड़ी जा रही थीं चांदनी भाग कर अपनी कार के पास चली जातो है. दूर ओपन कर के कार के अंदर बैठ जाती है. नकुल भी अंदर आ कर बैठ जाता है.

अब आगे

मैं भी पंतय को अपने पंत की जेब में रख कर चंदनज की तरफ बढ़ जाता हु. मैं जब कार के पास पहुँचता हु तो देखता हु की चांदनी ड्राइविंग सीट पर बैठ कर कुछ सोच रही है. मैं दूसरी साइड से अंदर बैठ जाता हु.

जैसे hi मैं अंदर बैठता हु छाबडानी का ध्यान टूट जाता है और चांदनी मुझे देखती है.

कार मैं बैठा ने के बाद मैं चांदनी की तरफ देखता हु. मेरे देखते hi चांदनी अपनी कार आगे बड़ा दी. चांदनी की तरफ देखते हुए,

नकुल_ चांदनी कार को हाईवे की तरफ ले लो,

चांदनी _ किस लिए. हमे तो घर जाना है न,

नकुल_ मैं ने जैसा कहा है वैसा hi करो. समझी नहीं तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा. नेक्स्ट टाइम इस बात का ध्यान रहे. अगर गलती से भी हुआ तो पनिशमेंट मिलेगी.

चांदनी_ हम्म. मैं ध्यान रखूंगी.

फिर चांदनी कार को हाईवे पर ले लेती है. हाईवे पर थोड़ा आगे जाने पर एक कच्चा रास्ता नकुल को दिखाई दिया. नकुल चांदनी को उस रस्ते पर कार को मोड़ने के लिए कहता है. जिस पर चांदनी एक बार नकुल को देखती है. फिर कार को उस तरफ मोड़ देती है.

अब कार जिस तरफ जा रहा था. उस तरफ खली पेड़ hi पेड़ थे. और हाँ ये के जंगल टाइप था पर जंगल नहीं था. नकुल एक जगह कार को रखने के लिए कहता है. जिस पर चांदनी ने अपनी कार रोक दी.

नकुल_ हाँ तो अब बताओ ये पंतय किसकी है.

चांदनी _ मेरी hi है. क्यों क्या हुआ जो तुम इस तरह पूछ रहे हो.

नकुल_ ठीक है. तो तुम कार से बहार निकालो, और मुझे दिखाओ.

चंदे अब सोच में पद जाती है. कैसे वो दिखाए. क्युकी चांदनी ने पंतय पहनी हुई थी. मैं चांदनी को सोचते हुए देख कर कहता हु.

Nakul_main चांदनी तरफ देखे हुए. क्या हुआ. क्या सोच रही हो. कही ऐसा तो नहीं की तुमने मुझे किसी और की पंतय दे दी हो.

चांदनी _ नहीं नहीं मैं ऐसा नहीं किया.

नकुल_ जल्दी दिखाओ मुझे.

चांदनी मेरी बात से दर जाती है. और कार से बहार निकल कर एक तरफ चली जाती है. फिर नकुल की तरफ देखते हुए अपनी जीन्स के बटन खोलने लगती. बटन खोलने के बाद धीरे से अपनी कमर में उंगली फसा कर जीन्स को निचे करने लगती है. मैं चांदनी को बड़े hi ध्यान से जीन्स उतरते हुए देखता हु.

चांदनी अपनी जीन्स को अभी 4 इंच hi निचे किया था. की मुझे उसकी पंतय देख गयी. ये देख कर मेरे मुस्कान आ जाती है.

नकुल_ जल्दी करो

मेरे आइए कहते hi चांदनी ने अपनी जीन्स निकल दी. अब चांदनी मेरे सामने सिर्फ पंतय और टीशर्ट में थी. इन कपड़ो में क्या लग रही थी. मेरा तो लुंड hi खड़ा हो गया था. चांदनी भी अपनी इस हालात के बारे में सोचते हुए सरम से अपनी आँखे बंद कर लेती है. पर उसकी छूट के पास का एरिया गिला दिख रहा था. जो इस बात का सबूत था की उसकी छूट से चुतरस निकल रहा है.

मैं कार से निचे उतर कर चांदनी के पास चल देता हु. उसके पास पहुंच कर मैं उसके पीछे जाता हूँ और एक जोर का थप्पड़ चांदनी की गांड पैट मरता हु. जिस कारन उसकी मुँह से एक जोर दर चीख निकल जाती है.

चांदनी अपने हाथ पीछे ले जा कर अपनी गांड को मसलने लगती जिस साइड मैं ने मारा था. मैं ने एक और खींच के दूसरी तरफ दिया. और चांदनी इस बार चीखने लगाती है. अपनी गन्दा को दूसरे हाथ से मसलने लगती है.

चांदनी _ तुम ने मुझे मारा क्यों.

नकुल_ तुम ने मुझे से झूठ क्यों बोलै है. की तुमने मुझे अपनी पंतय दी है.

चांदनी _ मैं झूठ कहा बोलै. मैं तुम्हे अपनी hi पंतय दी है.

नकुल_ पर तुम ने ये क्या पहन रखा है.

चांदनी _ पंतय

नकुल_ फिर भी तुम मुझे से कह रही हो की तुमने मुझे अपनी पंतय दी है.

चांदनी_ हाँ, क्युकी मैं तुम्हे जो दी है वो सुबह पहनी थी. अभी जो तुम्हे दिख रह है. वो बाद में पहन है.

नकुल _ ok. तो क्या तुम ने मुझे पूछ दूसरी पंतय पहने से पहले.

चांदनी_ नहीं .

नकुल_ तो अपनी ये पंतय निकल कर मुझे दो और 50 उठक बैठा करो.

फिर चांदनी अपनी पंतय निकल कर मुझे देती है. और अब चांदनी मेरे सामने निचे से पूरी नंगी थी. मैं ने उसके टीशर्ट और ब्रा भी निकल दिए.

नकुल_ अब सुरु करो.

चांदनी उठक बैठक करने लगी. मैं उसके सामने आ गया और ध्यान से देखने लगा, चांदनी अपने पैरो को फैला कर उठक बैठक कर रही थी. जिस कारन चांदनी के चुकी हिल रहे थे. देखने बार ऐसे लग रहे थे की दो बड़े आम बड़ी तेज़ी से हवा के कारन hi रहे हो. जब मेरा ध्यान निचे गया तो मेरा दिल जोर से धङकने लगा. क्युकी जिस कार्य में चांदनी लगी हुई थी उसकी छूट के लैब पूरी तरह खुल और बंद हो रहे थे. उसकी छूट से चुतरस बड़ी तेज़ी से निकल रहा था,

जैसे चांदनी रह रहे कर पेशाब कर रही हो, चांदनी ने 45 कर लिए थे. अब सिर्फ 5 hi रह गए थे. 45 पुरे करने में उसकी हालत ख़राब हो गए थे. बड़ी मुश्किल से उसने बाकि के भी किये. जैसे hi 50 पुरे हुए वो निचे गिर गयी. गिरते hi उसे पेअर फ़ैल गए. जैसे hi अपने पेअर को मोड़ा चांदनी की छूट से पानी का सैलाब आ गया. जो पेशाब था. उसमे इतनी भी हिम्मत नहीं थी और

उठे कर बैठ सके.

मैं उसे पेशाब करते हुए देखता हु. मैं भी उसके पास जा कर आपन लुंड बहार निकल कर उसकी छूट पर पेशाब की दार मरने लगता हु. जो मेरे लूकंड से निकल रही थी. ये सब 3 मिनट तक चल उसके बाद मैं ने चांदनी ऐ कहा.

नकुल_ 5 मिनट में रेडी हो जाओ. नहीं तो मैं तुम्हे छोड़ कर चला जाऊंगा. या फिर बिना कपड़ो के hi हाईवे तक आना होगा.

चांदनी जैसे hi ये सुनती हज वो बड़ी मुश्किल से कड़ी हो कर अपने कपडे पहनती है. वो सिर्फ टीशर्ट और जीन्स hi पहटि है. क्युकी पंतय और ब्रा पेशाब से भीग चुके थे. चांदनी जल्दी से कार में आ कर बैठ जातो है. उसके बाद में अपनी कार घर की और बड़ा देता हु.

घर पहुंचने कर चांदनी कार से उतर कर सीधे अंदर चली जाती है. जब चांदनी हॉल में आती है तो देखती है की उसकी माँ और उसकी ममी आपस में बाते कर रही है. वो सीधे ऊपर अपने रूम की तरफ चल देती है. जब चांदनी सीढ़ियों से ऊपर जा रही होती है तो ऊपर से प्रिय आती हुई दिख जाती है. प्रिय ने भी चांदनी को ऊपर आते हुए देख कर.

प्रिय _ चांदनी कैसा रहा आज का दिन.

चांदनी _ ठीक hi था.

चांदनी के चेहरे को देख कर प्रिय समझ जाती है. कुछ तो हुआ है चांदनी के साथ जो इस तरह बोल रही है.

प्रिय _ क्या बात है चांदनी. मुझे महसूस हो रहा की तुम्हारे साथ कुछ बुरा हुआ है.

चांदनी _ हाँ दीदी आज सच में hi मेरे साथ कुछ बुरा हुआ था.

प्रिय _ चल मुझे बता तेरे साथ क्या गलत हुआ है. और किसने किया है.

चांदनी _ दीदी आप मेरे साथ ऊपर चलो. मैं आपको वही बताती हु.

प्रिय _ ठीक है.

उसके बाद प्रिय चांदनी के साथ ऊपर उसकी रूम में चली जाती है, रूम में पहुंचे के बाद चांदनी दूर बंद करती है. फिर जो कुछ भी हुआ था वो चांदनी प्रिय को बता देती है. जिस सुन कर प्रिय गुस्सा हो जाती है.

प्रिय _ तेरे साथ इतना कुछ हो गया. अभी देखती हु उसको.

चांदनी _ दीदी आप भी उसे दूर रहो नहीं तो आपके साथ भी कुछ कर देगा.

प्रिय _ मैं ने कहा न मुझे कुछ नहीं होगा. अभी देखती हु उसको तू रुक मैं अभी उसे ले कर आती हु.

चांदनी _ दीदी रुक जाओ.

पर प्रिय कुछ नहीं सुनती और वो चांदनी क रूम से निकल जाती है. चांदनी प्रिय को रोकने के लिए उसके पीछे आती है. पर जब तक प्रिय निचे पहुंच गयी थी. उस समय मैं मंजू बुआ और रजनी के साथ बाटे कर रहा था. प्रिय मेरे पास आती है. मेरा हाथे पकड़ कर ऊपर ले जाती है. मंजू बुआ के पूछने पर प्रिय कहती हैं की हम तीनो मिल कर घूमने का प्रोग्राम बना रशे है.

फिर मंजू बुआ भी कुछ नहीं कहती है. मैं प्रिय के साथ ऊपर चल देता हु. प्रिय मुझे चांदनी के रूम में ले जाती है.

उसके बाद रूम का दूर बंद करने के बाद प्रिय मेरे गाल पर एक जोर ला थप्पड़ मरती चटटाक.

मैं अपने गाल पर हाथ रख लेता हु. फिर प्रिय की तरफ देखते हुए.

नकुल_ मुझे क्यों मारा.

प्रिय_ ये मुझसे पूछ रहा है. चांदनी के साथ तूने क्या किया.

नकुल_ मैं तो कुछ भी नहीं किया. क्या कहा इसने तुम से मेरे बारे में.

प्रिय के बार और मरती है. फिर नकुल के तरफ देखा हुए.

प्रिय _ अब तू मुझे झूठ भी बोलने लगा है.

नकुल_ आखिर मुझे कुछ बताओगी तभी तो पता चलेगा. मैं ने इस के साथ क्या किया.

प्रिय _ तूने चांदनी के साथ जो कुछ भी आज और उसे पहले तूने किया है न मुझे सब कुछ बता दिया हैं

नकुल _ तो ये बात है. तो क्या हुआ. अभी तो इसके साथ अकेले hi किया है मैं ने. नेक्स्ट तो तू सोच भी नहीं सकती की मैं क्या क्या कर सकता हु. अगर तू भी आयी न तेरे साथ भी हो सकता है.

प्रिय_ क्या कर लेगा. तू मेरे साथ जारहा मैं भी तो देखु.

नकुल_ तो तू देखना चाहती है.

प्रिय_ हम्म

मैं प्रिय के गाल पर जोर का थप्पड़ मरता हु. जिस कारन प्रिय निचे गिर जाती है. आगे बाद कर प्रिय के बाल पकड़ के ऊपर उठता हु.

नकुल_ साली तुझे बड़ा सुख है न दुसरो के मामले में अपनी तंग अदने, देख मैं तेरे साथ क्या करता हु.

मैं अपना हाथ निचे ले जा कर सलवार का नाडा खोल देता हु. जिससे प्रिय निचे से नंगी हो जाती हैं उसके बाद उसकी शूट को फाड् कर निकल देता हु. अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पंतय में कड़ी थी.

चांदनी प्रिय के साथ ये सब देख कर दर के मरे कपङे लगती है. चांदनी के शरीर बुरी तरह से कैंप रहा था. जब मैं ने उसकी तरफ देख तो चांदनी ने खड़े खड़े hi अपनी पंत में मूट दिया.

मैं ये देख कर मुस्कुराने लता हूँ वही अब मैं चांदनी को इधर ददखने का इशारा करता हु. जब चांदनी इधर देख रही होती है. मैं प्रिय को निचे बैठा देता हु. उसके बाद अपना लुंड प्रिय के मुँह के सामने लग कर उसे चूसने के लिए कहता हु. पर वो अपना मुँह इधर उधर कर रही थी. ये देख मुझे गुस्सा आ जाता है. मैं प्रिय के नाक को दबा देता हु. जिस कारन वो साँस नहीं ले प् रही थी. साँस लेने के लिए जैसे hi अपना मुँह खोला अपना लुंड उसकी मुँह में दाल देता हु.

फिर बाल पकड़ के प्रिय के मुँह की चुदाई करने लागत हु. मैं मज़े से प्रिय के मुँह को छोड़ रहा है. प्रिय के मुँह से सिर्फ गूगू की आवाज आ रही थी. उसकी मुँह से लार भी निकलने लगा था. 5 मिनट की लुंड चूसै के बाद मैं उसको डोग्गिस्टीले में लता हु. मैं अपना लुंड प्रिय की छूट के मुँह पर रखा कर जैसे hi परक्या की कमर पैड के धक्का मरने वाला होता हु. रूम का दूर नॉक होता है.
 
अपडेट 113

अब तक

फिर बाल पकड़ के प्रिय के मुँह की चुदाई करने लागत हु. मैं मज़े से प्रिय के मुँह को छोड़ रहा है. प्रिय के मुँह से सिर्फ गूगू की आवाज आ रही थी. उसकी मुँह से लार भी निकलने लगा था. 5 मिनट की लुंड चूसै के बाद मैं उसको डोग्गिस्टीले में लता हु. मैं अपना लुंड प्रिय की छूट के मुँह पर रखा कर जैसे hi परक्या की कमर पैड के धक्का मरने वाला होता हु. रूम का दूर नॉक होता है.

अब आगे

नॉक की आवाज सुनकर मैं रुक जाता हु. मैं ने अपने लुंड को पंत के अंदर किया. और प्रिय को कपडे ले कर बाथरूम में जाने का इशारा किया. प्रिय जल्दी से अपने कपडे समेत कर बाथरूम में चली गयी. मैं दूर की तरफ चला गया. दूर के पास जा कर जब पीछे देखा तो चांदनी अभी वैसे hi कड़ी थी. फिर मैं अपना ध्यान चांदनी की तरफ से हत्ता दिया और दूर को ओपन करता हु. बहार मंजू बुआ थी.

मंजू बुआ_ नकुल दूर ओपन करने में इतनी दर क्यों कर दी,

नकुल_ बुआ वो प्रिय और चांदनी मुझे पकड़ रखा था. इसलिए देरी हो गयी.

मनाजु बुआ_ चल कोई नहीं, चलो खाना का लो. खाना बन कर रेडी है.

नकुल_ ठीक है बुआ आप चलो मैं दोनों को ले कर आता हु.

फिर बुआ वह से चली गयी. बुआ के जाते hi मैं ने दूर बंद किया. और चांदनी के पास आ गया. मैं ने जैसे hi चांदनी को पकड़ा. वो दर कर एक बार फिर से अपने पंत में hi पेशाब कर दिया. और डरते हुए मुझे कहने लगी.

चांदनी_ नकुल मुझे माफ़ कार्डो आगे से ऐसा कभी नहीं करुँगी.

नकुल_ क्यों तुम्हे तो बड़ा सुख था न मेरी शिकायत करने का. देख लिए न अपनी सबसे प्रियारी बहन काम सहेली का मैं ने क्या हाल किया है. अगर फिर से मेरे बारे में किसी को बताने की कोशिश की तो तेरे साथ जो होगा सो होगा. पर जिसको तूने बताया है न उसके साथ क्या होगा ये मैं खुद नहीं जनता हु.

चांदनी _ अब से ऐसा कुछ नहीं होगा. तुम जैसा कहोगे वैसे hi करुँगी.

नकुल_ चल फिर ठीक है.

तभी प्रिय रेडी हो कर हम दोनों के पास आ गयी. पर उसने अपना सर झुकाया हुआ था. मैं चांदनी से रेडी होने के लिए कहता हु. फिर चांदनी बाथरूम में अपने कपडे ले कर चली जाती है. चांदनी के जाने के बाद प्रिय को अपने करीब खींच लेता हु. उसको अपनी बाँहों में कास किश करने लगता हु. ये किश 2 मिनट तक चली उसके बाद मैं प्रिय को किश करना बंद कर देता हु.

नकुल_ मजा आया मेरे साथ.

प्रिय _ हाँ पर तुमने चांदनी को कुछ ज्यादा hi डरा दिया. देखा न कैसे उसने अपनी पंत में hi पेशाब कर दिया.

नकुल_ इतना करना जरुरी था नहीं तो ये अपने हाथ नहीं आती. और वैसे अपना हाल भूल गयी.

प्रिय _ मुझे याद है. मैं इतना दर गयी थी की मैं पेशाब और पॉटी भी कर दिया था. मैं तो इतना देर गयी थी की अगर गलती से भी तुम्हारा नाम माँ ले लेती तो मैं खड़े खड़े hi पेशाब कर देती थी. वो माँ ने मुझे संभल नहीं तो आज भी मेरा हाल वैसे hi होता.

नकुल_ तभी तो आज तुम मेरी साडी बात मानती हो.

प्रिय _ हाँ ये तो है. यार चांदनी पर थोड़ा रहम करना वो अभी बची है.

नकुल_ बची है. अगर उसे मैं ठीक से छोड़ दिया न नौ महीने बाद एक बचा होगा उसकी गॉड में.

तभी मुझे दूर ओपन होने की आवाज सुनाई दी. मैं ने फिर से प्रिय के चुकी को पकड़ कर मसलने लगा. अभी प्रिय कुछ बोलती मैं उसकी चुकी की निपल को कास के पकड़ के खींच दिया. जिस कारन प्रिय के मुँह से के दर्द भरी चीख निकल गयी. चांदनी भाग कर मेरे पास आयी और मेरे सामने हाथ जोड़ कर माफ़ी लगते हुए कहती है.

चांदनी_ नकुल प्लीज मेरी दीदी को छोड़ दो. चाहे तो तुम मेरे साथै कुछ भी कर लो मैं उफ़ तक नहीं करुँगी.

नकुल_ चल ठीक है.

मैं ने प्रिय को छोड़ दिया. और चांदनी तरफ देख कर कहा की आगे से ऐसा बिलकुल मत करना. और हाँ मैं निचे जा रहा हु. जब तुम दोनों निचे आओ तो तुम्हारे चेहरे पर रौनक होना चाहिए. समझे की नहीं.

फिर चांदनी ने अपनी गर्दन हिला कर सहमति जताई. उसके बाद मैं वह से चला जाता हु. जब निचे पहुँचता हु दो डेल्टा हु की रजनी ठाकुर और मंजू बुआ डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए हम सक का इंतज़ार कर रही है. मुझे देखते hi मंजू बुआ ने मुठे पूछा

मंजू बुआ_ वो कहा रह गयी.

नकुल_ बुआ वो 5 मिनट में रेडी हो के आ रही है.

मंजू बुआ_ उन्हें छोड़ जब मैं कर वो खा लेगी. तू बैठ यहाँ तुझे भूक लगी होगी.

नकुल_ जी बुआ बहुत जोरो की भूख लगी है.

फिर मैं मंजू बुआ के बगल मैं बैठ जाता हूँ. फिर बुआ मुझे खाना निकल कर देती है. मैं मस्त खाने में बिजी हो जाता हु. 5 मिनट बाद प्रिय और चांदनी भी आ गयी. बुआ ने उन दोनों को भी खाना दिया. और खुद भी खाना निकल कर खाने लगी. खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में सो ने चला गया.

चांदनी प्रिय को अपने रूम में ले कर चली गयी. प्रिय एयर चांदनी की बिच मुझे ले कर बाटे होती रही. प्रिय बार मेरी शिकायत करने के लिए कह रही थी. और चांदनी प्रिय को ऐसा न करने के लिए कह रही थी. जब चनदनी ने देखा की प्रिय नहीं मान रही है तो उसने प्रिय को अपनी कसम देकर मन लेती है. उसके बाद प्रिय और चांदनी सो जाती है.

वही मंजू बुआ रजनी ठाकुर से मेरे बारे में बाते करने लगती है. बुआ बार बार मेरे बारे में पूछ रही थी की मेरे साथ ऐसा क्या हुआ जो मैं इस तरह हो गया.

रजनी ठाकुर_ मंजू मैं ने जो भी तुझे नकुल के बारे में बताया है. वो सब सच है.

मंजू बुआ_ रजनी मुझे तेरी बातो पर पता नहीं क्यों भरोसा नहीं हो रहा है.

रजनी ठाकुर_ क्यों मंजू.

मंजू बुआ_ क्युकी मैं ने जब कभी नकुल को आज से पहले देखा है. मुझे नकुल हमेशा मासूम लग. आज तक उसने किसी पर भी ुचि आवाज में बात तक नहीं की है. फिर आज नकुल कर सकता है.

रजनी ठाकुर_ मंजू मुझे जो पता था मैं ने तुम्हे बता दिया. फिर भी तुम्हे मुझे पर विश्वास नहीं है तो तुम नकुल से पूछ लेना.

मंजू बुआ_ कोई नहीं मैं तेरी बात को मान लेती हु. और हाँ मैं नकुल से कुछ नहीं पूछा ने वाली. पर मेरी बात गाठ बांध ले, अगर नकुल के साथ तुम सब ने कुछ बुरा किया है न तो वक्त उसे वापस जरूर लौटाएगा.

रजनी ठाकुर_ तू सच कह रही है मंजू. चल बर्तन भी साफ हो गया.

मंजू बुआ_ हाँ,

फिर मंजू बुआ अपने रूम में सोने के लिए चली जाती है. वही रजनी ठाकुर भी अपने रूम में सोने चली जाती है.

अननोन प्लेस दिल्ली.

आदमी _ कौन हो तुम सब. यहाँ क्या लेने आये हो.

गुंडा_ मेरी बात ध्यान से सुन वकील. मुझे वो naam.chahiye. जो उस वसीहत में लिखा हुआ है.

वकील_ कौन सी वसीहत की बात कर रहे हो.

गुंडा_ कनिका की वसीहत जिस तुम ने कही छुपा के रखा हुआ है.

वकील_ मैं किसी कनिका को नहीं जानता. तुम्हारे लिए ाचा होगा की तुम अपने सभी आदमियों को ले कर यहाँ से चले जाओ. कही ऐसा न हो की मैं पुलिस बुला लू.

गुंडा_ अभी तो हम सब जा रहे है. पर एक वीक के बाद मैं आऊंगा अपने आदमियों के साथ यहाँ पर. अगर उस समय तुम ने मुझे उस नाम नहीं बताया तो मैं तुम्हारी बेटी

वकील _ जुबान संभल कर नहीं तो

गुंडा _ नहीं तो क्या अपनी बेटी को हमें दे देगा.

इतना कहने बाद सरे गुंडे वकील के घर से चले जाते है. वही गुंडों के जाने के बाद

लड़की_ पिया जी कौन थे जो ऐसी बाते कर रहे थे.

वकील_ बेटी सोनी तुम चिंता मत करो ये मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते.

सोनी_ पर पिता जिस तरह ये कह कर गए हैं. वो जरूर दुबारा यहाँ आएंगे. उन गुंडों को पुलिस का दर भी नहीं है. पिता जी कही उन्होंने कुछ उल्टा सीधा कर दिया मेरे साथ फिर क्या.

वकील_ बेटी तुम चिंता मत करो. वो सब मैं देख लूंगा. अब तुम जा कर सो जाओ.

उसके बाद सोनी अपने रूम में जा कर सो जाती वही वकील कुछ सोने लगता हैं
 
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अब तक

सोनी_ पर पिता जिस तरह ये कह कर गए हैं. वो जरूर दुबारा यहाँ आएंगे. उन गुंडों को पुलिस का दर भी नहीं है. पिता जी कही उन्होंने कुछ उल्टा सीधा कर दिया मेरे साथ फिर क्या.

वकील_ बेटी तुम चिंता मत करो. वो सब मैं देख लूंगा. अब तुम जा कर सो जाओ.

उसके बाद सोनी अपने रूम में जा कर सो जाती वही वकील कुछ सोने लगता हैं

अब आगे

मैं सुबह जल्दी उठता हु. क्युकी मुझे आज अपने होटल जाना था. ताकि मैं उसे अपने कब्जे में कर सकू. क्युकी मुझे अपनी साडी सम्पति हासिल करनी थी. और मैं ने इसकी सुरुवात इसी होटल ऐ की थी.

ये सब मैं एक्सरसाइज करते हुए सोच रहा था. एक्सरसाइज करने के बाद मैं अपने रूम में रेडी होने चल दिया. अभी तक कोई भी नहीं उठा था. रूम में आने के बाद अपने कपडे कप्बोर्ड से निकल कर बीएड पर रखा दिया. फिर मैं सिर्फ टॉवल ले कर बाथरूम में चला गया था. बाथरूम में मैं ने अपने सरे कपडे निकल कर पूरी तरह नंगा हो गया था. शावर के निचे खड़ा हो कर पानी से अपने शरीर को भीगोने लगा. उसके बाद साबुन ले कर अपने शरीर पर लगने लगा. तभी कोई आ कर मुझे पीछे से चिपक जाता है. जब मैंने पीछे मुद कर देखा तो रजनी ठाकुर बिलकुल नुदे कड़ी थी. मैं रजनी ठाकुर को अपने बाँहों में भर लेता हु.

नकुल_ क्या बात हैं. आज इतनी सुबह यहाँ वो भी बिलकुल नंगी. कोई देख लिए तो क्या सोचेगा तुम्हारे बारे में.

रजनी thakur_kuch नहीं. जब से यहाँ पर आयी हु, तुमने मेरे साथ एक बार भी नहीं किया. पता है कितनी खुजली हो रही मेरी छूट में. और क्या कह रहे थे कोई क्या सोचेगा, वो यही सोचेगा की एक गुलाम एक रंडी अपने मालिक की सेवा कर रही है. और वैसे भी मंजू ब्रेकफास्ट बना रही है. बाकि के दोनों अपने रूम है.

नकुल_ ओहो तो अब तुम क्या चाहती हो.

रजनी ठाकुर _ एहि की तुम मुझे ठंडी कर दो, ताकि कुछ दिन तक मेरी ये निगोड़ी छूट अपना मुँह से लार न टपकाये.

नकुल_ ठीक है.

उसके बाद रजनी साबुन ले कर मेरे शरीर पर लगा कर मैंने लगती है. उसके बाद निचे बैठ कर मेरे लुंड पर भी साबुन लगाती हैं उसके बाद रजनी मेरे लुंड को मॉल मॉल कर साफ़ करने लगती है. रजनी के इस तरह मेरे लुंड के साथ करने ले कारन मेरा लुंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था. रजनी ने हैंड शावर ले कर मेरे लुंड को पानी से दोने लगती है. दोने के बाद शावर को एक तरफ रख देती है.

मैं निचे देखा तो रजनी अपने मेरे लुंड को अपना जीभ निकल कर निचे से ले कर ऊपर तक चाटने लगी. जिस वजह से मेरे मुँह से शीषकारिया निकलने लगी थी. आआ हहहहजइ अअअअअ मम्माआहजीय ोोोोीी साबास मेरी रंडी ऐसे hi लगी रह.

रजनी मेरी बात सुन कर वो और भी दिलकस तरीके से मेरे लुंड को मुँह ले के चूस ने लगाती है. मैं अपने आँखे बंद कर के लुंड चूसै का मजा लेने लगा था. रजनी कभी मेरे लुंड अपने गले तक ले कर चूसने लगती है. तो कभी लुंड के सुपडे को मुँह में रख कर आइस क्रीम की तरह चूसने लगती.

थोड़े देर बाद मैं ने रजनी को घोड़ी बनाने का को कहा जिस पर मेरी रंडी रजनी ठाकुर घोड़ी बन गयी. मैं ने अपना लुंड पीछे से उसकी छूट पर रख कर एक जोर का धाक मरता हु और इस के साथ मेरा 7 इंच लुंड रजनी की छूट के अंदर समा गया. मेरे इस प्रहार से रजनी के मुँह से एक चीख निकल गयी. मैं ने इसकी बिना प्रवाह किये एक और शॉट लगा और मेरा 12 इंच पूरा लुंड रजनी की छूट के अंदर चला गया.

आआ माआ अअअअअ माररररररर गाआआअयय्यू धीरे से नकुल इस तरह से अअअअअ मेरी आआ माँ मेरी जान ले लोगे. थोड़ा तो रह्मा करा करो. मैं फिर से अपने लुंड को पीछे खींचता हुए क्यों चीला रही है रंडी आज पहली बार तो नहीं ले रही, और जैसे hi मेरा लुंड सुपडे तक आया मैं ने फिर से धक्का लगा दिया. आ माँ आ आ मेरी रजनी रंडी के मुँह से निकली, पर इस बार आवाज बहुत hi धीमी थी. मैं रजनी की कमर को पकड़ कर ढ़ाके लगाने लगा.

अब मैं आराम से कमर पकड़ कर धक्के लगाने लगा. मैं अपने हु धुन में लगा हुआ था. मेरी स्पीड कभी तेज़ तो कभी धीमी या फिर थोड़ा तेज़ धक्के लगा कर चुदाई कर रहा था. वही रजनी के मुँह से बस मादक शीषकारिया hi निकल रही थी. बाथरूम में थप थप थप और फच फच फच की आवाज से गुज रही थी.

मैं ऐसे hi रजनी को उसी पोजीशन में 30 मिनट तक चुदाई करता रहा.

रजनी ठाकुर _ आए आ मेरे मालिक मैं आने वाली हु. ऐसे hi मेरी चुदाई करते रहिये आए माआ माकन आआ आग्गै

इसी के साथ रजनी एक तेज़ चीख के साथ झरने लगती है मैं 8 10 ढ़ाके लगते हुए रजनी को छूट के गहराइयों में अपना वीर्य भरने लगता हु. 5 मिनट तक मैं रजनी को ऐसे hi अपने से चिपक कर रखा. जब तक मेरे लुंड से वीर्य की आखरी बून्द तक उसकी छूट में न निकली तब तक मैं अपना लुंड अंदर hi रख.

उसके बाद मैं ने अपना लुंड उसकी छूट से बहार निकल कर रजनी के मुँह में दाल दिया जिसे रजनी ने बड़े hi मज़े से चाट कर मेरे लुंड को साफ कर दिया. उसके बाद मैं ने शावर ों कर के अपने शरीर को पानी से धो दिया.

नहाने के बाद जब मैं रूम में आया तो देख प्रिय बैठी हुई है. मैं रूम में नंगा hi आ गया था. प्रिय ने जब मुझे नंगा देखा उसकी आँखों चमक आ गयी. और बिस्तर से उठ कर मेरी तरफ आने लगी. मैं देख कर मुस्कुरा दिया क्युकी अभी मैं प्रिय की माँ रजनी ठाकुर की चुदाई की अब बेटी छुड़ाने के लिए तैयार बैठी हुई है.

नकुल_ क्या हुआ प्रिय इस वक्त वो भी मेरे कमरे में. कोई खास वजह.

प्रिय _ नकुल वो ममी बुला रही है.

नकुल_ तुम निचे चलो मैं रेडी हो कर आता हु.

प्रिय _ वो ममी कह रही थी की माँ को तुम्हे बुलाने भेजा था.

नकुल_ हाँ वो बाथरूम के अंदर है. और कुछ पूछना है.

प्रिय _ नहीं

नकुल_ फिर यहाँ कड़ी क्या कर रही हो.

प्रिय इतना सुनते hi वो मेरे रूम से जाने के लिए मुद गयी. अभी दूर तक hi पहुंची थी की मैं उसे रोका. मेरी आवाज सुन कर दूर के पास hi रुक गई. और पीछे मुद कर मेरी तरफ देखने लगी.

नकुल_ प्रिय वो चांदनी को कह देना की आज वो मिनी स्कर्ट पहने. और हाँ पंतय नहीं पहनी होनी चाहिए.

प्रिय _ ठीक है. मैं कह दत्तक हु.

फिर प्रिय मेरे रूम से चली गयी. प्रिय के जाने के बाद रजनी ठाकुर बाथरूम से रूम में आती है. जब रजनी ठाकुर रूम में आयी उस समय मैं कपडे पहन चूका था. अब सिर्फ बाल hi बना रहा था. रजनी ठाकुर बीएड के पास आ कर अपनी पंतय उठाने के लिए जब झुकी तो उसकी पूरी गांड खुल कर सामने आ गयी. मैं ने पीछे मुद कर उसी चूतड़ पर के खींच कर थपड मरता हु. थप्पड़ पड़ते hi पीछे मुड़ती है. मैं ने खा की उसी आँखों में ासु आ गए थे. फिर भी मेरे मरने पर अपने मुँह से एक चीख तक नहीं निकली थी. क्युकी उसे पता था की चीखते hi उसके साथ बहुत कुछ हो जाता.

मैं वह से निचे चला गया. आज भी दिंनिंग टेबल पर सिर्फ मंजू बुआ hi बैठी हुई थी. मैं यहाँ जब से आया हु एक बार भी तरुण रावत मेरे फूफा और नहीं बुआ की छोटी बेटी रम्भा रावत और बेटे जतिन रावत को देखा था.

मैं मंजू बुआ के बगल में एक चेयर पर बैठ जाता हु.

मंजू बुआ_ नकुल बीटा तुम्हारी माँ नहीं दिख रही.

नकुल_ बुआ वो अपने रूम में हैं मुझे जगाने के बाद चली गयी थी. मैं ने माँ को निचे आने के लिए कह दिया है. बस वो आती hi होगी.

मंजू बुआ_ चल ठीक है. ये ले तू नास्ता कर

नकुल_ मैं बुआ से नास्ता लेते हु. और बुआ फूफा और जतिन- रम्भ कही दिखाई नहीं दे रहे जबसे आया हुआ हु.

मंजू बुआ_ बीटा वो सब तेरी बड़ी माँ से मिलने गए हुए है. मैं तो उनको ये बताना hi भूल गयी तू यहाँ आया हुआ है. तू रुक मैं अभी फ़ोन करती हु.

नकुल_ रहने दो बुआ. जब यहाँ आएंगे उनके लिए एक सुरप्रीसे होगा.

मंजू बुआ _ चल ठीक है. तू कहता है तो रहने देती हु.

उसके बाद मैं खाने में लैब गया. बाकि सब भी निचे आ कर खाने में लग गए. मंजू बुआ ने चांदनी को मिनी स्कर्ट और टॉप में देख कर कुछ नहीं कहा. सायद इस भी पहले ऐसे कपडे चांदनी पहनती होगी.

खाने के बाद मैं कॉलेज के लिए बुआ से कह कर निकल गया साथ में चांदनी को भी ले कर. घर से निकलते hi मैं ने अपना हाथ चांदनी के स्कर्ट के अंदर दाल दिया और उसी छूट को अपने हाथ से मसलने लगा ये काम मैं जब तक करता रहा, जब तक हम दोनों कार के अंदर नहीं बैठ गए.
 
अपडेट 115

अब तक

खाने के बाद मैं कॉलेज के लिए बुआ से कह कर निकल गया साथ में चांदनी को भी ले कर. घर से निकलते hi मैं ने अपना हाथ चांदनी के स्कर्ट के अंदर दाल दिया और उसी छूट को अपने हाथ से मसलने लगा ये काम मैं जब तक करता रहा, जब तक हम दोनों कार के अंदर नहीं बैठ गए.

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प्लेस देहरादून

लोकेशन गुलशल हाउस

रात के 12 बज रहे थे गुलशन अपने रूम में जस्मिने से किसी बात के ले कर बहस कर रहा था. गुलशन बार बार जस्मिने को किसी बात के लिए कह रहा था पर वो उसकी बात को नहीं मान रही थी.

गुलशन खान_ जस्मिने ये तुम्हारी आखरी फैसला है. तुम ज़रीने को इस बात के लिए रेडी नहीं करोगी.

जस्मिने_ बिलकुल नहीं मैं तुम्हारी ये बात कभी नहीं मानूंगी. चाहे कुछ भी कर लो.

गुलशन खान _ ठीक है फिर मैं ज़रीने की जगह तुम्हारी बेटी को दे दूंगा. फिर मुझे मत दोष देना .

जस्मिने _ गुलशन तुम्हे शर्म आना चाहिए. एक पापा अपनी hi बेटी को इस धंधे की लिए बेच रहा है. एक बाप अपनी बेटी के साथ ऐसा भी कर सकता है, मैं ने ऐसा कभी सोचा भी नहीं था.

गुलशन खान_ एक बाप नहीं एक माँ जो अपनी बेटी को इस में झोक रही है. वो भी किसी और के औलाद के लिए. ये तुम भी जानती हो की अगर ज़रीने को उनको देना hi होगा.

जस्मिने_ पर तुम तो उस समय कह रह थे की ज़रीने की शादी अपने बेटे से करा देंगे जब वो 21 की होगी.

गुलशन खान_ हाँ मैं ने ये कहा था उस समय पर क्युकी उस समय ये hi उचित था. पर जब ज़रीने को एक पार्टी में उसने देखा तो अपने बिस्तर पर किसी भी कीमत पर चाहिए थी. उसने अपने कुछ आदमियों को उसे उठाने के लिए भी भेजा पर मेरी वजह से ज़रीने को छू भी नहीं पाए. तुम भी उसी पार्टी में hi थी याद है न. या भूल गयी.

जस्मिने _ हाँ याद आया. पर क्या हुआ जो उसे तुम दर गए.

गुलशन खान_ क्युकी उसे मेरी कमजोरी का पता चल गया है.

जस्मिने _ कौन सी कमजोरी.

गुलशन खान _ तुम और तुम्हारी बेटी

ऐसे hi गुलशन खान और जस्मिने अपने पति से ज़रीने को ले कर बस कर रही थी. वही दूसरी और ज़रीने को प्यास लगने की वजह से नींद खुल जाती है. जब वो अपनी पिने के लिए अपना जग देखती है तो उसे में पानी था, इसलिए वो पानी लेने के लिए किचन की तरफ चल दी अपने से. किचन में पहुंच कर ज़रीने पानी बीती है. और जग को वही रख कर फ्रीज से पानी का एक बोतल ले कर अपने रूम की तरफ चल देती है.

जब ज़रीने अपने रूम की तरफ जा रही थी तो उसे अपनी माँ की कमरे की लाइट जलती हुई दिखाई दी. ज़रीने कुछ सोच कर उस तरफ चल देती है. जब ज़रीने रूम के तरफ जैसे जैसे बाद रही थी वैसे hi कुछ आवाज सुनाई दे रही थी. पर आवाज बहुत धीमी आ रही थी. ज़रीने अपने कदम आगे बड़ा देती है. जब ज़रीने अपने माता पिता के रूम बिलकुल पास पहुंच तो है. तो ज़रीने उन दोनों की बातो को सुन कर उसके पैरो टेल की ज़मीं खिसक जाती है.

गुलशन खान_ जस्मिने तुम अच्छी तरह जानती हो की हम दोनों ने कैसे ज़रीने के मात पिता और उसके भाई को जान से पर दिया था. सिर्फ उसकी दौलत के लिए. मैं तो ज़रीने को भी मर देता पर तुमने hi उसे बचा लिया.

जस्मिने_ हाँ क्युकी वो अभी 6 महीने की थी. इस लिए उसे मैं ने बचा लिए.

गुलशन खान _ और तुम ने मुझे क्या कहा था याद है ना

जस्मिने _ याद है मुझे अच्छी तरह मैं ने क्या कहा था उस समय, यही की जब वो 19 की हो जाएगी तो उसे तुम दे दूंगी ताकि तुम उसके साथ मज़े कर सको.

गुलशन खान _ तो अब पीछे क्यों हाट रही हो.

जस्मिने _ क्यों अभी तक उसकी प्रॉपर्टी उसके नाम नहीं हुई है. और तुम्हे भी पता है की उसकी प्रॉपर्टी उसके नाम पर होने में अभी टाइम है.

गुलशन खान _ तो अब फिर क्या सोचा है.

जस्मिने _ तुम बस 3 मंथ वेट और कर लो. जब वो 21 की हो जाएगी तो मैं खुद उसे तुम्हारे हवाले कर दूंगी फिर तुम उसे जिसे चाहो उसे दे देना.

गुलशन _ ठीक है. तुम चिंता मत करो तुम्हारा बीटा भी ज़रीने की जवानी का मज़ा लगा. पर उसे थोड़ा वेट ककरण पड़ेगा.

जस्मिने_ ठीक है. मैं उसे समझा दूंगी. अच्छा ये बाताओ जेम्स कहा है.

गुलशन _ इसी शरह में है. क्यों क्या हुआ.

जस्मिने _ तुम उसे नकुल की वजह से अंडरग्राउंड कर रखा है न

गुलशन खान_ हाँ, तुम्हे कैसे पता इस बारे में की मायने जेम्स को अंडरग्राउंड कर रखा है.

जस्मिने _ वो सब छोड़ मुझे कैसे पारा चला तुम बस उसे ज़रीने पाए नज़र रखने के लिए कह दो.

गुलशन खान _ ठीक है. मैं कल hi कह दूंगा. चलो बहुत रात गयी है अब सोते है.

जस्मिने _ ok

उसके बाद गुलशन और जस्मिने सो जाते है. और ज़रीने भी वह से अपने रूम में सोने चली जाती है.

ज़रीने अपने रूम में पहुंचने के बाद दूर लॉक करती है. और अपना फ़ोन निकल कर नकुल को फ़ोन करती है. पर नकुल का फ़ोन नॉट रचाबळे आ रहा था. ज़रीने ने बहुत पर नकुल को फ़ोन करती है पर हर बार यही आ रहा था. फिर ज़रीने नकुल से सुबह मिलने को सोच कर सो जातो है.
 
अपडेट 116

अब तक

ज़रीने अपने रूम में पहुंचने के बाद दूर लॉक करती है. और अपना फ़ोन निकल कर नकुल को फ़ोन करती है. पर नकुल का फ़ोन नॉट रचाबळे आ रहा था. ज़रीने ने बहुत पर नकुल को फ़ोन करती है पर हर बार यही आ रहा था. फिर ज़रीने नकुल से सुबह मिलने को सोच कर सो जातो है.

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नेक्स्ट डे

ज़रीने सुबह उठ कर रेडी होती है. जब ज़रीने निचे पहुँचती है तो देखती है की उसकी माँ जस्मिने ब्रेकफास्ट कर रही थी. जस्मिने अपनी बेटी ज़रीने को आते हुए देखा तो उसने अपने बेटी को ब्रेकफास्ट के लिए कहती है. जिस पर ज़रीने ने मन कर दिया.

जस्मिने_ बीटा कुछ तो खा ले.

ज़रीने _ माँ मैं पहले hi लेट हो चुकी हु. मेरे सरे फ्रेंड मेरा वेट कर रही होगी.

जस्मिने_ पर बीटा

ज़रीने _ माँ मैं कॉलेज कैंटीन में कर लुंगी.

इतना कहने के बाद ज़रीने अपनी माँ के पास से चली जाती है. घर से बहार आने के बाद ज़रीने अपनी कार लेती है और कॉलेज के लिए निकल जाती है. जब ज़रीने कॉलेज पहुँचती है तो देखती है की उसकी साडी फ्रेंड कॉलेज आ चुकी है. वो अपनी कार पार्किंग एरिया में पार्क करती है. फिर अपने फ्रेंड्स से बाते करने लगती है.

वही ज़रीने के जाने के बाद जस्मिने ज़रीने के आज के बर्त्वा को बारे में सोचने लगाती है. क्युकी ज़रीने ने अपनी माँ की बात को कभी भी ताला नहीं था. पर आज उसने वो काम कर दिया था जिस कारन जस्मिने के मन में ज़रीने के प्रति शक पैदा हो गया. जस्मिने कुछ सोचते हुए अपना फ़ोन निकलती है. और अपने पति को फ़ोन करती है.

जस्मिने _ गुलशन कहा पर हो.

गुलशन _ मैं जेम्स से मिलने आया हुआ हु. क्यों क्या हुआ.

जस्मिने _ गुलशन मेरी बात धयान से सुनो. मुझे लगता है की ज़रीने को हम पर शक हो गया है.

गुलशन _ तुम्हे ऐसा क्यों लगा. कोई कारन भी तो होगा.

जस्मिने _ हाँ आज ज़रीने ने मेरी बात को मानाने से मन कर दिया. जब की आज तक उसने कभी भी ऐसा नहीं किया है. पर आज ज़रीने ने ऐसा कर दिखाया.

गुलशन _ तुम टेंशन मत लो. मैं देखता हु वो अभी कहा है. वैसे तुम्हे कुछ बताया की वो कहा जा रही है.

जस्मिने _ कॉलेज बोल कर गयी है. पर मुझे नहीं लगता वो कॉलेज गयी है. मेरे ख्याल से वो कॉलेज का बहाना कर के जरूर अपने यार नकुल से मिलने गयी होगी.

गुलशन _ तुम खामो खा ये सब सोच रही हो.

जस्मिने _ तुम ज्यादा ऊधो मत अगर वो नकुल के पास चली गयी न .........

गुलशन _ अच्छा तुम फ़ोन रखो मैं पता करता हु वो कहा पाए है.

उसके बाद जस्मिने फ़ोन रख देती है. गुलशन अपने आदमियों को ज़रीने का पता लगाने के लिए कहता है.

वही कॉलेज में ज़रीने अपना लेक्चर ले रही थी. सरे लेक्चर लेने के बाद जब रेसस्स हुआ तो वो खाने के लिए कैंटीन चली जाती है. जब ज़रीने कैंटीन के तरफ जा रही थी तो उसे अपने पापा के कुछ आदमी देख गए. ज़रीने अपनी फ्रेंड कप कैंटीन में जाने को बोल कर उन सब की तरफ चल देती है. जब उन लोगो ने ज़रीने को अपनी तरफ आते देखा तो थोड़ा घबरा जाते है. ज़रीने उनके पास पहुंच कर.

ज़रीने _ तुम सब यहाँ क्या कर रहे हो.

ा1 _ कुछ नहीं वो कॉलेज से किसी ने फ़ोन किया था की कोई आपको छेड़ रहा है.

ज़रीने _ सेल कुत्ते अपनी जुबान को लगाम दे नहीं तो पापा से कह कर तेरी जैबुन कटवा दूंगी. सालो तुम सब को बोलने की अब तक तमीज़ नहीं आयी, की किसी लड़की से कैसे बात करते है.

ा1_ माफ़ कीजिये मालकिन

ज़रीने _ दाफा हो जाओ यहाँ से. अगर कॉलेज के आसपास भी तुम सब मुझे दिख गए न. मैं hi तुम सबको गोली मर दूंगी. पापा को तो बाद मैं कहुगी.

इतना सुने के बाद वो सरे वहां से भाग जाते है. जब तक वो सब चले नहीं गए, ज़रीने वही पर कड़ी उन सब को देखती रही. उन सब के जान के बाद ज़रीने कॉलेज कैंटीन की तरत चली जाती है.

फाई ज़रीने कैंटीन की तरफ चल देती है. कैंटीन में पहुंच कर ज़रीने अपने फ्रेंड के पास बैठ जाती है. ज़रीने की फ्रेंड ने ज़रीने के लिए भी खाने आर्डर दे कर आयी थी. पर ज़रीने को इस बारे में कुछ पता नहीं था.

ज़रीने _ यार कुछ खाने के लिए मंगवाओ. सुबह भी घर पर कुछ नहीं खाया था.

सोनिया_ यार आर्डर कर दिया है अभी आता hI होगा.

ज़रीने _ यार ये नकुल आज कल कॉलेज नहीं आता क्या. कभी समय से देख रही हु, वो कॉलेज में तो दीखता hi नहीं है.

तनु_ क्या तुझे नहीं पता की नकुल ने कॉलेज छोड़ दिया.

ज़रीने _ मतलब

तनु_ यही की नकुल ने दिल्ली में एडमिशन ले लिया है.

ज़रीने _ ये कब हुआ. मुझे इस बारे में कुछ पता क्यों नन्ही है.

सोनिया_ क्युकी तू तो कॉलेज आती नहीं. और आती भी है तो हम सब से नीलकर चली जाती है.

ज़रीने _ अच्छा ये तो बता की सिर्फ नकुल hi गया है की उसकी पूरी फॅमिली भी.

सोनिया_ ये मुझे नहीं पता एक काम कर तू ज्योति से इस बारे में पूछ वो तुझे इस बारे में सही से बता देगी.

ज़रीने _ ठीक है.

तभी उन सब का आर्डर आ जाता हैं फिर सब खाने में लग जाती है. खाने के बाद ज़रीने सोनिया से पूछती है.

ज़रीने _ अच्छा ये बताओ ज्योति आज कॉलेज आयी है की नहीं.

जणू_ यार मैं ने ज्योति को कमल के साथ लाइब्रेरी की जाते हुए देखा था.

ज़रीने _ ठीक है मैं जरा उन दोनों से मिलकर आती हु. यार सोनिया तू न मुझे अपनी कार की के देना जरा.

सोनिया _ ये ले, वैसे तेरी कार कहा है.

ज़रीने _ यही पर है, पर ममुझे तेरी कार चाहिए. समझा कर ना यार.

उसके बाद ज़रीने वह से उठ कर ज्योति से मिलने चली जाती है.

लोकेशन दिल्ली

नकुल_ चलो अपने लेग्स फैलाओ. मुझे देखना है की तुम ने पंतय पहनी है की नहीं.

चांदनी _ मैं ने पंतय नहीं पहनी है. ये देखो.

इसी के साथ चांदनी ने अपने लेग्स फैला दिया.

अब चांदनी की क्लीन छूट खुल कर मेरे सामने आ जाती. छूट के दोनों लिप्स पूरी तरह से खुल चुके थे. जिस कारन मुझे छूट के दोनों छेड़ साफ़ दिखाई दे रहे थे. मैं ने अपना हाथ आगे कर के उसकी छूट को पकड़ लेता हु.

जैसे hi मैं ने चांदनी की छूट को अपने हाथो से पड़ता हु, उसकी मुँह से एक तेज़ शीषकारी निकलती है. मेरे हाथ लगते hi छूट ने पानी छोड़ना सुरु काट दिया. फिर मैं उसकी छूट को अपने हाथ से रगड़ने लगता हु. जिस कारन चांदनी की छूट से पानी को नदिया बहने लगती है. मेरा हाथ पूरी तरह से गिला हो गया था.

मैं अपना हाथ छूट पर से हटा कर चांदनी की मुँह के पास ले जाता हु. चांदनी मेरे हाथ पर लगे उसकी छूट के पानी बड़े hi ध्यान से देख रही थी. जो पूरी तरफ सना हुआ था. ये देख कर की चांदनी अपनी चुतरस को बड़े ध्यान से देख रही है. मैं ने चांदनी को हाथ को चाट कर साफ़ करने के लिए कहा.
 
अपडेट 117

अब तक

जैसे hi मैं ने चांदनी की छूट को अपने हाथो से पड़ता हु, उसकी मुँह से एक तेज़ शीषकारी निकलती है. मेरे हाथ लगते hi छूट ने पानी छोड़ना सुरु काट दिया. फिर मैं उसकी छूट को अपने हाथ से रगड़ने लगता हु. जिस कारन चांदनी की छूट से पानी को नदिया बहने लगती है. मेरा हाथ पूरी तरह से गिला हो गया था.

मैं अपना हाथ छूट पर से हटा कर चांदनी की मुँह के पास ले जाता हु. मैं चांदनी को हाथ को चाट कर साफ़ करने के लिए कहता हु.

अब आगे

चांदनी मेरे हाथ लगे अपनी चुतरस अजीब नज़रो से देख रही थी. मेरे इशारे पर भी जब चांदनी ने अपना सर आगे नहीं बढ़ता तो मैं ने चांदनी को गली देते हुए.

नकुल _ साली देख क्या रही hi. चुप चाप इसे चाट कर साफ कर नहीं तो अपना लुंड तेरे मुँह में दाल दूंगा. वो भी सब के सामने समझी.

चांदनी मेरी सी बात को सुन कर दर जाती है और मेरे हाथ में लगे चुतरस को चाट चाट कर साफ़ करती है. मैं उसे देख जा रहा था की कितना बेहतरीन तरीके से मेरे हाथ पे लगे चुतरस को चाट कर साफ कर रही थी. ये सब देख मेरा लुंड खड़ा हो गया. मन तो कर रहा था की अभी छोड़ दू साली को पर कुछ सोच कर रहने दिया.

जब मेरा हाथ पूरी तरह से साफ़ हो गया तो मैं चांदनी को ड्राइविंग सीट से हटने के लिए कहता हु. जैसे hi मैं ये कहा वो तुरंत hi ड्राइविंग सीट से उतर जाती है. मैं भी कार से बहार आता हु. चांदनी के पास जा कर

नकुल _ तुम उस तरफ बैठ जाओ.

चांदनी_ जी.

फिर मैं ड्राइविंग सीट पर बैठ जाता हु. और चांदनी मेरी जगह बैठ जाती जहाँ पर पहले मैं बैठा हुआ था. चांदनी के बैठते hi मैं कार को अपने होटल की तरफ बढ़ा देता हु. मुझे आज अपनी साडी प्रॉपर्टी अपने नाम करवानी थी.

मैं इस काम को पूरा करने के लिए एक हफ्ते से लगा हुआ था. जो आ जा कर पूरा होने वाला है. मैं अपने hi ख्यालो में लगा हुआ ड्राइव कर रहा था. कोई 40 मिनट्स के बाद मैं अपने होटल पहुँचता हूँ

जहाँ पर नताशा मेरा वेट कर रही थी. मुझे देखते hi वो भगति हुई मेरे पास आ कर गले लग जाती है. वो ये भी भूल गयी की वहां पर और भी लोग है. मैं नताशा के कान में कहता हु.

नकुल _ नताशा मुझे छोड़ देखो सभी देख रहे है.

नताशा_ देखने दो. एक तो इतने दिनों बाद मुझे नहीं अपने काम के सिलसिले में यहाँ आये हो. मैं नहीं छोड़ती तुम्हे.

नकुल_ नताशा यहाँ मीडिया वाले भी आये हुई है. तुम्हारे और मेरे उल्टा लिख दिया तो.

नताशा _ क्या लिखे के बस यही की नताशा नक ग्रुप की ओनर की रखैल है. तो लिखने तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है.

मैं तो नताशा की इस बात को सुन कर hi हैरान हो जाता हु. की कैसे नताशा मेरी रखैल बनाने को भी तैयार है. जब की मैं ने तो इस बारे में आज तक नहीं सोचा था की नताशा ऐसा कुछ सोच भी सकती है.

फिर मैं नताशा को बहुत प्यार से समझने लगता हु, जिस पर नताशा समझ जाती है. मैं चांदनी और नताशा को अपने साथ ले कर अंदर चल देता हु. मीडिया वाले अभी हम सब से दूर खड़े थे. वो तो आज नक ग्रुप्स के ओनर से मिलने और उनका कवरेज लेने आये हुए थे.

होटल के अंदर जाते hi. मैं नताशा से चांदनी को एक रूम में ले जाने के लिए कहता हु. मेरे कहते hi नताशा कजरी को बुला कर उसे चांदनी को साथ ले जाने को कहती है. कजरी को रूम no भी बता दिया था नताशा ने,

फिर मैं नताशा के साथ उस रूम में जाता हु जहाँ पर वो लोग बैठे हुए थे जिनको मैं बुलाया था. जैसे hi मैं नताशा के साथ उस रूम के अंदर एंटर होता हु. मुझे देखते hi एक औरत भगति हुई मेरे पास आती है. और मेरे गले लग जाती है.

औरत _ कैसा है मेरा बीटा. कोई आने में तकलीफ तो नहीं हुई.

नकुल_ नहीं माँ. आपने ,मुझे क्यों बुलाया

जी हाँ दोस्तों आपने सही समझा ये रेशम ठाकुर थी नकुल की सब से बड़ी माँ.

रेशमा ठाकुर_ बीटा वो क्या है ना, तुम्हारे प्रॉपर्टी के शिलशिले में वकील साहब के साथ बड़े अफसर तुम से मिलना चाहते थे.

नकुल _ ठीक है माँ.

फिर मैं रेशमा ठाकुर के पास hi बैठ जाता हु. फिर वकील मुझे काफी सरे डाक्यूमेंट्स पर सिग्न के लिए देते है. वालिक ने जहाँ जहाँ सिग्न के लिए मुझे कहाँ मैं करता गया

सिग्न करने के बाद वकील ने मुझे कहाँ की आपकी साडी प्रॉपर्टी 2 वीक्स के अंदर आपके नाम ट्रांसफर हो जाएगी.

नकुल_ ठीक है वकील साहेब.

उसके बाद वो सब वह से चले जाते है. अब उस रूम में सिर्फ तीन लोग hi रहे गए थे मैं नताशा और रेशमा ठाकुर. उन लोग के जाते hi.

रेशमा ठाकुर _ नताशा तुम बहार जाओ. मुझे अपने बेटे से बात करनी है.

नताशा _ जी मालकिन.

उसके बाद नताशा रूम से चली जाती है. अब इस रूम में सिर्फ मैं और मेरी माँ रेशमा ठाकुर hi रहे गयी थी.

नेक्स्ट अपडेट

कल रात तक आये गए.
 
भाई ये स्टोरी मैं रीड की है पर इसके अपडेट नहीं आ रहे थे तो मैं ने रहने दिया अगर अपडेट स्टार्ट हो गया है तो मैं जरूर रीड करूँगा

थैंक्स डिअर तो रीड माय स्टोरी

अपडेट दे दिया ह पेज no 245, 248

और हाँ

ये अपडेट कैसा लगा कमेंट कर के जरूर बताना

और हाँ

अगला अपडेट भी जल्द hi दूंगा.

सो

स्टे तूने विथ में
 
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