Incest Sex Kahani Kasoor - Page 16 - SexBaba
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Incest Sex Kahani Kasoor

अपडेट 134

अब तक

उसके बाद मैं ज़रीने को ले कर वह से निकल जाता हु. जब घर पंहुचा तो देखा सब हॉल में बैठे हुए मेरा इंतज़ार क्र रही थी. मैं ज़रीने को हीना के साथ उसके रूम में कपडे चेंज करने के लिए भेज देता है. फिर मैं सुमन अनामिका और माया के टीम के साथ बैठ कर बात करने लगता हु.

अब आगे

लोकेशन दिल्ली

प्लेस फ्रॉग क्लब

एक बहुत hi हॉट एंड ब्यूटीफुल लड़की क्लब के अंदर आती है. जिस देख कर वह पर जितने भी मेल थे उसकी तरफ अत्त्रक्ट होने लगे. हर कोई उस लड़की के साथ देखना और रात बीतने के लिए आहे भर रहा था. वो लड़की बार काउंटर पर जा कर अपने ले वाइन आर्डर करती है. और इधर उधर देखने लगती है. वेटर ने उस लड़की को एक गिलास में वाइन डाला कर दिया. और उस लड़की ने वाइन को ले कर पीते हुए फिर इधर उधर देखने लगी. तभी एक लड़का आ कर उस लड़की के बगल में बैठते हुए अपने बियर ोडेर करता है. और लड़की की तरफ हाथ बढ़ाते हुए.

लड़का_ hi ी ऍम रजत कपूर.

लड़की _ तो मैं क्या करू. लीव अलोन.

रजत कपूर थोड़े चुप रहता है. अपना बियर ले कर पीने लगता है. साथ hi रजत कपूर उसे लड़की को नोटिस कर रहा था. जब उसने पाया को वो किसी को ढूंढ रही है तो फिर उस लड़की के तरफ देखते हुए कहता है.

रजत कपूर _ तुम यहाँ पर नयी लगती हो. अगर किसी को ढूंढ रही हो तो मैं तुम्हारी मद्दत कर सकता हु. सोचा लो मैं तुम्हारे बहुत काम आ सकता हु.

लड़की फिर कुछ सोचती है. फिर रजत कपूर की तरफ देखती है. अपना हाथ आगे बढाती है.

लड़की _ ठीक hai..tum मुझे स्वीटी के सकते हो.

रजत कपूर _ ok स्वीटी किसी ढूंढ रही हो.

स्वीटी_ मुझे जॉकी से मिलना है.

रजत कपूर_ कोई काम था क्या. जो उसे ढूंढ रही हो. मुझे बताओ मैं सायद तुम्हारी कोई हेल्प कर सकता हु.

स्वीटी _ अगर तुम मेरी हेल्प करना hi चाहते हो तो मुझे जॉकी के पास ले चलो.

रजत कपूर _ ठीक है. तुम मेरा यही वेट करो मैं अभी आता हु.

इतना कहने के बाद रजत कपूर वह से निकल जाता है. वही इन दोनों की बात जॉकी का एक खास आदमी सुन रहा था. रजत के जाते hi वो उस लड़की के पास आता है. और अपनी गन उस लड़की के कमर के पास रहे हुए कहता है.

ज आदमी_ चुप चाप तुम मेरे साथ चलो. अगर शोर करने की कोशिश भी की तो जान से हाथ धो बैठोगी.

स्वीटी _ ok

उसके बाद स्वीटी उस जॉकी के आदमी के साथ चलने लगाती है. वो उसे ले कर बेसमेंट की तरफ चल देता है. स्वीटी उस आदमी के साथ बिलकुल शांति से चल रही थी. वो आदमी 20 मिनट के बाद स्वीटी को ले जा कर एक रूम में बंद कर देता है.

1 घंटे बाद रूम खुलता है. स्वीटी उस आदमी के साथ एक आदमी और था जिस देख कर स्वीटी मुस्कुराने लगती है.

जॉकी _ ोये लड़की मुस्कुरा क्यों रही है. तू मुझे क्यों ढूंढ रही थी.

स्वीटी _ मेरे पास एक डील है.

जॉकी_ कैसी डील. मुझे तुम से कोई डील नहीं करनी.

स्वीटी _ सोच लो 500 करोड़ की है.

जॉकी _ ठीक है. बोलो क्या करना है.

स्वीटी _ यहाँ नहीं, कही और.

जॉकी _ ठीक है. चलो मेरे साथ.

जॉकी स्वीटी को ले कर अपने ऑफिस में आता है. स्वीटी को चेयर पर बैठता है. और खुद अपनी सीट पर जा कर बैठ जाता है.

जॉकी _ अब बोलो कैसी डील हैं

स्वीटी_ मुझे ये लड़की चाहिए.

एक फोटो जॉकी के आगे करती हुई कहती है. जॉकी ने जब उस लड़की तस्वीर देखि तो उसे सारा मामला समझ आ गया था. पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी. क्युकी स्वीटी ने जॉकी को गन पॉइंट पर ले लिया है.

स्वीटी _ अपना हाथ जहाँ है वही रखना. अगर जरा से भी हिलाया तो शूट कर दूंगी.

जॉकी _ ok ok

स्वीटी _ अब मुझे ये बताओ ये लड़की कहा पर रखा हुआ है.

जॉकी _ ये लड़की यहाँ पर नहीं है. उसे थोड़े देर पहले यहाँ से ले गए.

स्वीटी _ ठीक है फिर तुम मेरे किसी काम के नहीं हो.

इसके साथ स्वीटी ने जॉकी के कंधे पर गोली मर देती है. गोली लगते hi जॉकी के मुँह से एक चीख निकलती है. उसकी चीख सुन कर वो आदमी जो स्वीटी को अपनी गन पॉइंट पर यहाँ पर ले कर आया था. वो अंदर आता है. पर उसकी लास निचे पड़ी हुई थी. स्वीटी दूर ओपन होते hi उस दूर की तरफ फायर कर देती है. अउ गोली उस आदमी के सर में जा कर लगाती है.

स्वीटी _ लास्ट टाइम पूछ रही हु. वो लड़की कहा पर है. क्युकी मुझे पता है. अभी वो यही पर है. अगर तुम मुझे वह ले कर नहीं गए तो मैं तुम्हे मर कर खुद उसे यहाँ से ले जाउंगी. इस लिए तुम चुप चाप मुझे वह ले चलो. इसी में तुम्हारी भलाई है.

जॉकी _ ठीक है. मैं तुम्हे ले चलता हु. पर तुम यहाँ से उसे ले नहीं जा पाओगी.

स्वीटी _ वो तुम मुझे पर छोड़ दो.

उसके बाद स्वीटी जॉकी को अपने गन पॉइंट पर ले कर उसे आगे चलने लगाती है. कोई 10 मिनट के बाद जॉकी उसे एक रूम के सामने ले जा कर उसे रोकता है.

जॉकी _ वो लड़की इस रूम के अंदर है.

स्वीटी _ दूर ओपन करो,

जॉकी दूर ओपन करता हैं. दूर ओपन होते hi स्वीटी जॉकी के सर पर गन जोर का वॉर करती है. जिस कारन जॉकी वही बेहोस हो जाता है.

स्वीटी उसे खींच कर अंदर ले जाती है. और दूर बंद कर देती है. स्वीटी जब उस लड़की पास जाती है तो देखती है. की वो बेहोस पड़ी हुई है. जिसे देख कर स्वीटी के आँखों में आशु आ जाते है. स्वीटी अपने जब से एक इंजेक्शन निकल कर उस लड़की को लगा देती है. और उसके होस में आने का वेट करने लगाती हैं.

5 मिनट के बाद hi उस लड़की को होस आता है. जब वो लड़की स्वीटी को देखती है तो उसे देख कर जोर से चिलाती हैं

लड़की _ मिनाक्षी दीदी.

जी हाँ दोस्तों ये मिनाक्षी hi थी जो स्वीटी बन कर यहाँ आयी थी. कनिका के लिए.

मिनाक्षी_ शांत हो जाओ कनिका. अभी इसके लिए टाइम नहीं है. हमें जल्दी से यहाँ निकलना होगा. इसके आदमी आते hi होंगे.

कनिका_ पर हम यहाँ से जायेगे कैसे. यहाँ पर बहुत ज्यादा सिक्योरिटी है.

मिनाक्षी _ तुम उसकी चिंता मत करो.

उसके बाद मिनाक्षी ने अपनी संदल से एक पेन निकलती हैं. उसके बाद उस पेन को एक दीवार की तरफ कर के प्रेस करती है. उस पेन से रेड कलर की लाइट निकल कर दीवार पर पड़ी है. उस लाइट के पड़ते hi उस जहाँ कट होने लगत है. मिनाक्षी उस पेन को घूमती हैं जहाँ से भी वो लाइट गयी उस दीवार को कट करती गयी.

मिनाक्षी ने दीवार को कट करने के बाद उस पेन को फिर उसी जगह पर दिया. और भाग कर उस दीवार पर के जोर का लात मरती है. जिस कारन पीछे की तरफ गिर जाट है.

मिनाक्षी _ कनिका तुम चल सकती हो न.

कनिका _ हाँ दीदी. मैं चल सकती हु.

मिनाक्षी _ ok तुम जरा इस कुत्ते जॉकी को उठाने मेरी मद्दत करो.

उसके बाद कनिका मिनाक्षी उस जॉकी को उठाने में मद्दत करती है. फिर दोनों मिल कर उस जॉकी ुहाती है. उसके बाद उसे ले कर चल देते है. थोड़े देर चलने के बाद वो बेसमेंट पार्किंग एरिया में आ जाती है.

मिनाक्षी इधर उधर देखती है. जब उसे लगता है की कोई नहीं है तो आगे बढ़ जाती है. कनिका और मिनाक्षी जॉकी को ले कर कार के पास आती है.

मिनाक्षी _ कनिका तुम पीछे के दूर ओपन करो.

कनिका _ ok.

उसके बाद कनिका ने पीछे का दूर ओपन करती है. मिनाक्षी जॉकी को पीछे की सीट पर दाल देती है उसके बाद मिनाक्षी ड्राइविंग सीट पर बैठती है. फिर कनिका भी एक साइड बैठ जाती है. मिनाक्षी कार की ड्रा से एक इंजेक्शन निकल कर जॉकी को लगा देती है.

फिर मिनाक्षी अपने कर को आगे बढ़ा देती है.

वही दूसरी तरफ जेम्स एक क्लिनिक के में बेहोस पड़ा हुआ था. जब उसे होस आया तो रात के 10 बज रहे थे. जेम्स ने टाइम देखा तो हैरान हो गया. वो जल्दी से उस क्लिनिक से निकल जाता है. जब नर्स आती है तो देखती है की जेम्स अपने बीएड पर नहीं था, वो भाग कर जाती है. और डॉक्टर को इन्फॉर्म करती है. डॉक्टर के पास hi एक पुलिस वाला जेम्स के बार में बात कर रहा था.

नर्स _ डॉक्टर बीएड no 37 का पेशेंट चला गया हैं

डॉ_ व्हाट?

नर्स _ यस सर मैंने उसे सब जगह ढूंढ लिया है.

उसके बाद वो पुलिस और डॉक्टर उस रूम की तरफ चल देते है. वही जेम्स वाहन से निकल कर के टेलीफोन बोथ पर जाता हैं और दिलावर को फ़ोन कर के सब बता देता हैं. जब दिलावर ये सुनाता है हैरान हो जाता है. दिलावर को वह से निकलने के लिए कहता है.

जेम्स उसके बाद वह से निकल जाता हैं. वही दिलावर जॉकी को फ़ोन करता है. पर कोई भी फ़ोन नहीं उठा रहा था. दिलावर के बार और तरय करता है. जब उधर से किसी लड़की की आवाज़ सुनाता है.

दिलावर _ कौन हो तुम. जॉकी कहाँ हैं

मिनाक्षी _ वो सो रहा है. तुम उसकी चिंता मत करो. मैं उसका ध्यान रखूंगी. जल्दी hi मिलते है. Bye.

इतना कहने के बाद मिनाक्षी ने फ़ोन को कार से भर फैक देती है. आज पहली बार दिलावर को हार का मुँह देखना पड़ा था.

लोकेशन देहरादून

एयरपोर्ट

मैं सभी के साथ एयरपोर्ट पर बैठा हुआ था. और उन सब से बात कर रहा था. अभी फ्लाइट जाने में 30 मिनट बाकि थे.

रानी_ दीदी मुझे वाशरूम जाना है.

हीना _ ok चलो. नकुल करा हम वाशरूम से हो कर आती है.

नकुल_ ok. अनामिका तुम भी इन दोनों के साथ चली जाओ. मैं नहीं चाहत इनके साथ भी कुछ हो.

अनामिका _ ठीक है. मैं चली जाती हु.

फिर तीनो वाशरूम की तरफ चली गयी. अब वहां पर मैं सुमन शर्मा के साथ हुआ था.

नकुल_ आप कुछ लेंगी. मैं अपने लिए कॉफ़ी लेने जा रहा हु.

सुमन शर्मा _ हाँ मेरे लिए भी कॉफ़ी लेते आना.

नकुल_ ok. और कुछ

सुमन शर्मा _ बाकि तुम देख लेना.

Nakul_thik है. आप यहाँ से कही मत जाना.

इतना कहने के बाद मैं एक तरफ चल देता हु. जब मैं कॉफ़ी का आर्डर दे रहा था तभी मेरे फ़ोन पर के मैसेज आया. जिसे देख कर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गयी. मैं ने फ़ोन को जब में रखा. और रानी के लिए आइसक्रीम लेने लगा.

जब वापस आया तो देखा सभी वही बैठ हुई थी. मैं ने रानी को आइसक्रीम दे दिया. बाकि सब को कॉफ़ी. 10 मिनट के बाद फ्लाइट की अनाउंसमेंट होने लगी. अनाउंसमेंट सुनाने के बाद मैं सब को ले कर चल दिया.
 
अपडेट 135

अब तक

इतना कहने के बाद मैं एक तरफ चल देता हु. जब मैं कॉफ़ी का आर्डर दे रहा था तभी मेरे फ़ोन पर के मैसेज आया. जिसे देख कर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गयी. मैं ने फ़ोन को जब में रखा. और रानी के लिए आइसक्रीम लेने लगा.

जब वापस आया तो देखा सभी वही बैठ हुई थी. मैं ने रानी को आइसक्रीम दे दिया. बाकि सब को कॉफ़ी. 10 मिनट के बाद फ्लाइट की अनाउंसमेंट होने लगी. अनाउंसमेंट सुनाने के बाद मैं सब को ले कर चल दिया.

अब आगे

एक मॉडर्न साइंस लैब में दो विश्व प्रशिद्ध वैज्ञानिक किसी विषय पर चर्चा कर रहे थे. वो कभी देर से ये देखने की कोशिश कर रहे थे की किस प्रकार इस फॉर्मूले इसमें से बहार निकले. क्युकी उनका हर प्रयोग विफल हो गया था. एक और गलती उनका हाथ से सब चला जायेगा. तभी कोई उनके के सामने आता है. जब वो दोनों सामने वाले को देखते है तो खड़े हो जाते है. उन्हें दर भी लग रहा था. क्युकी उस व्यक्ति ने उन दोनों मुँह मांगी कीमत दिया था इस काम को करने के लिए. उस व्यक्ति ने उन्हें साफ़ साफ़ कहा दिया था की अगर तुम फ़ैल हुए तो अपने जान से हाथ धोना पद सकता है. वो इस लिए भी डरे हुए थे.

1 साइंटिस्ट_ दिलावर सर इस बार भी हम फ़ैल हो गए.

दिलावर_ लगता है. तुम दोनों को अपनी जान की परवाह नहीं है. इस लिए ये बुरी खबर मुझे सुना रहे हो.

2 साइंटिस्ट_ सर ऐसी बात नहीं है. बात ये है की जिसने भी ये फार्मूला बनाया है. उसने इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखा है की वो इस ब्लड से अलग न किया जा सके. और अगर हमें इस ब्लड को आपके अंदर इंजेक्ट किया तो आप की जान या ब्रेन डैमेज हो सकता है. तो आपकी बताईये हम क्या कर सकते है. अगर आपको लगता है की हम आपके काम के नहीं है तो हमें जान से मार सकते है.

दिलावर कुछ देर सोचता है. और फिर उनकी तरफ देखे हुई कहता है.

दिलावर_ क्या कोई सोलुअशन नहीं है. इस फार्मूला को हासिल करने का.

1 साइंटिस्ट_ हाँ, है पर इसमें टाइम लग सकता है. कितना ये हम नहीं कहा सकते. पर इतना वडा करते है की इस फॉर्मूले को हम बनाना सकते है.

दिलावर _ ok. मुझे मंजूर है, तुम काम पर लग जाओ. अगर तुम्हे अपने किसी फ्रेंड की मद्दत लेनी है तो वो भी ले सकते हो. पर ध्यान रहे उसे यहाँ आ कर काम करना होगा. मैं नहीं चाहता हु की इस बात की खबर बहार जाए. समझ आयी मेरी बात तुम दोनों को.

साइंटिस्ट्स_ यस सर.

दिलावर _ और हाँ तुम्हारे पास 3 इयर्स है. इसे ज्यादा मैं इंतज़ार नहीं कर सकता. तुम्हे जो चाहिए मैं वो लेकर दूंगा. पर मेरा काम पूरा होना चाहिए.

साइंटिस्ट्स _ ok सर.

दिलावर _ मैं बिच बिच में आ के चेक करता हूँगा. तुम ने कितना काम किया है.

इतना कहने के बाद दिलावर वह से चला जाता है. वही दोनों वैज्ञानिक अपने काम पर लग जाते है.

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3 बजे मेरी फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करती है. हम सब को अपना सामान कलेक्ट करने में 4 बज गए. मैं ने नताशा को पहले hi मैसेज कर दिया था की मैं सब को ले कर दिल्ली आ रहा हु. इस मुझे कोई चिंता नहीं थी. मुझे अब कोई टेंशन नहीं था. फिर भी मैं ने एक बार नताशा को कॉल कर के इन्फॉर्म कर दिया. हम दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर चुके है. नताशा ने 10 मिनट में पहुँचाने वाली है मुझे बताया.

मैं सब को वेट करने को कह कर एक तरफ चला गया. और अपना फ़ोन निकल कर मैं ने मिनाक्षी को कॉल कर दिया.

मिनाक्षी_ hello नकुल

नकुल_ मिनाक्षी अब कैसी हालत है कनिका की.

मिनाक्षी _ पहले से बेहतर है. तुम खुद आ कर देख लेना. और हाँ तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है.

नकुल_ ठीक है. मैं तुम्हे शाम को मिलता हु. अपना एड्रेस मुझे सेंड कर दो.

मिनाक्षी_ ठीक है. मैं तुम्हे सेंड कर दूंगी.

उसके बाद मेरे और मिनाक्षी के बिच थोड़ी देर बात हुई. फिर मैं अपना फ़ोन रख दिया. और जब पीछे मुद्दा तो देखा नताशा मेरे hi तरफ आ रही थी. वही मेरी और किसी को आता देख अनामिका स्टारक हो गयी थी. पर जब अनामिका ने मुझे नताशा की तरफ बढ़ता हुआ देखा तो शांत हो गयी. नताशा भागते हुए आ कर मेरे लगे लग गयी. मैं ने भी उसे अपने बाँहों में भर लिया.

वही रानी ये देख कर बहुत गुस्सा हो गयी. और मेरी तरफ भाग कर आ गयी.

रानी _ भईईई.

रानी की आवाज़ सुन कर जब उसकी तरफ देख तो वो गुस्से में लग रही थी. मैं ने नताशा को अपने से अलग किया.

नकुल_ क्या हुआ रानी. इतना गुस्सा क्यों हो.

रानी_ इस लड़की को आपने गले क्यों लगाया. मैं भाभी से आपकी शिकायत करुँगी, जब वो वापस आएगी तो आपने एक अनजान लड़की को अपने गले लगाया था.

नकुल_ अरे मेरी प्यारी गुड़िया. मैं ने तो अपने फ्रेंड को गले लगाया है. और ये आपकी भाभी की अच्छी सहेली है.

रानी_ तो क्या हुआ. फिर भी आपको इनको लगे नहीं लगाना चाहिए था. क्युकी भाभी अभी यहाँ पर नहीं है.

नकुल_ अच्छा मेरी माँ. अब से में किसी को गले नहीं लगूंगा.

रानी _ ऐसे कैसे नहीं लगाएंगे. मुझे तो लगाना hi पड़ेगा. अगर मुझे अपने गले नहीं लगाया तो सोच लो.

नकुल _ ok मेरी माँ. अब चले घर.

रानी _ हाँ पर पहले मुझे गले लगाओ.

फिर मैं रानी को गले लगता हु. उसके बाद मैं रानी को अपने से लगा करते हुए कहता हु.

नकुल_ अब ठीक है न,

रानी _ हाँ अब चलो मुझे बहुत जोर की नींद आ रही है.

उसके बाद मैं सब को ले कर एयरपोर्ट से बहार निकल जाता हु. सामान को गाडी में रखने के बाद बाद मैं नताशा रानी एक कार में. बाकि के दूसरी कार में बैठ जाते है. उसके बाद कार अपने राफ्तेर पकड़ लेती है.

40 मिनट के बाद होटल के आगे रूकती है. मैं सब को कार से बहार आने के लिए कहता हु. रानी जब बहार आती है तो कहती है.

रानी _ भाई ये तो होटल है. आप तो घर ले जाने वाले थे.

नकुल_ वो क्या है न गुड़िया. मैं अभी कोई घर नहीं लिए है. तो फ़िलहाल तो यही रुकना पड़ेगा.

रानी _ वो क्यों भला.

नकुल_ ताकि जो घर मैं लू रानी का पसंद का लूले सकू. अब समझ आया.

रानी_ ी लव भैया. आपने ये बहुत अच्छा किया. अच्छा ये बताओ घर देखने कब चलेंगे.

नकुल_ हम कल चलेंगे. Ok. क्युकी आप थक गयी है न.

रानी _ हाँ भाई. भाई मुझे बहुत जोर की भूख लग रही है.

नकुल_ ok पहले आप अपने रूम में जा कर फ्रेश हो जाईये. फिर खाना खाने चलेंगे.

रानी_ ok

उसके बाद मैं सब को ले कर होटल के अंदर चल दिया. पर हीना मुझे बड़े hi ध्यान से देख रही थी. नताशा पहले hi जा कर सबके लिए रूम की ले कर हम सबका इंतज़ार कर रही थी. हम सब को देखते hi हमारे पास आ गयी. नताशा ने सब को एक एक के देते है सिवाए मेरे और कहती है.

नताशा_ ये कीस आपके रूम की है. आप जा कर फ्रेश हो जाये.

रानी _ पर आपने तो भाई की रूम की के तो दी hi नहीं. वो कहा रहेंगे.

नताशा _ आपकी भाई यही निचे के फ्लोर में एक विप रूम है. उसी में रहेंगे.

रानी अपना की नताशा को वापस देते हुए कहती है.

रानी _ मैं भाई के साथ रहूंगी. क्यों भाई मैं ने सही कहा न.

नकुल_ हाँ मेरी जान,. तुम कभी गलत कैसे कहा सकती हो. आप सभी अपने रूम में जा कर फ्रेश हो जाईये. फ्रेश होने के बाद आप सब होटल के रेसौरातनत चली जाना. मैं रानी को ले कर वही मिलूंगा.

सभी _ ठीक है.

उसके बाद सब अपने अपने रूम की तरफ चली गयी थी. उन सभी का सामान ले के पीछे वेटर उनके पीछे पीछे चल दिए. मैं रानी को ले कर अपने रूम की तरफ. जब रानी room.dekha तो खुश होते हुए कह.

रानी _ भैया ये बहुत सूंदर है. और बड़ा भी वो देखो कितना बड़ा बीएड. इस पर सोने में तो बहुत मज़ा आएगा आपके साथ.

नकुल_ वो तो देख है. पहले कर फ्रेश हो जाओ. फिर खाने चलते है.

रानी _ ठीक है भैया.

उसके बाद रानी कपडे ले कर बाथरूम में फ्रेश होने चली गयी रानी के जाने के बाद जब अपना फ़ोन देखा तो मिनाक्षी ने एड्रेस और लोकेशन व्हाट्सप्प पर सेंड कर दिए थे.

मैं रानी का वेट करने लगा. थोड़े देर बाद रानी फ्रेश हो कर आ गयी. फिर मैं भी चला गया. जब मैं बहार आया तक रानी रेडी हो गयी थी. मैं भी जल्दी से रेडी होता हूँ. रानी को अपने साथ ले कर रेस्टोरेंट की तरफ चल देता हु. जब मैं वह पंहुचा तो देखा एक टेबल पाए सभी बैठी हुई थी. मैं भी उसने सब के साथ बैठ गया. जब मैं आर्डर देने के लिए मेनू कार्ड उठाया तो सुमन आंटी ने मुझे कहा की उन्होंने आर्डर के दिया है.

सुमन _ बीटा अब बताओ यहाँ कब तक रहेंगे. क्युकी ये होटल तो बहुत मेहेंगा है.

हीना _ माँ अपने सायद होटल का नाम नहीं देखा.

सुमन _ इस होटल के नाम में ऐसा क्या hai,.jo तू इस तरह कहा रहो जैसे ये होटल इस का है.

हीना _ हाँ माँ ये होटल नकुल का हो है. मैं ने इस बात को कन्फर्म करने के लिए जब वेटर से पूछा तो उस ने नकुल का hi नाम लिए. चाहे तो आप नकुल से पूछ लीजिये.

सुमन _ बीटा ये हीना क्या कहा रही है.

नकुल_ आंटी हीना ठीक कहा रही है. वर्ल्ड की टॉप फाइव कम्पनीज में एक मेरी कंपनी आती है.

सुमन _ पर बैठ तुम ने पहले क्यों नहीं बताया था.

नकुल_ उस समय मेरी कुछ मज़बूरी थी आंटी इस लिए मैं ने किसी को नहीं बताया. लीजिये खाना आ गया.

उसके बाद हम सब मिलकर खाना खाने लगे इस बिच हम सब में इधर उधर की बात भी होती रही. खाना खाने के बाद सभी अपने रूम में आराम करने के लिए निकल गया.
 
खुशबू और मिनाक्षी ने अपनी पावर क्यों उसे नहीं किया इस रीज़न आपको कसूर के 2ंद part पता चलेगा. फिर इतना कहा सकता हु की वो दोनों नकुल को किसी से प्रोटेक्ट कर रही है. इस लिए उन्होंने पावर उसे नहीं किया.

नकुल कनिका को बहुत प्यार करता है. वो उसके hi तलाश में दिल्ली गया था.

भाई बाकि के जो सवाल के उत्तर मैं ने दिए वो आपको आने वाले अपडेट क्लियर कर दूंगा,

सो प्लीज

स्टे तूने विथ
 
🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃

सुबह की "चाय" और बड़ों की "राय"

समय-समय पर लेते रहना चाहिए.....

पानी के बिना, नदी बेकार है

अतिथि के बिना, आँगन बेकार है।*

प्रेम न हो तो, सगे-सम्बन्धी बेकार है।

पैसा न हो तो, पाकेट बेकार है।

और जीवन में गुरु न हो

तो जीवन बेकार है।

इसलिए जीवन में

"गुरु"जरुरी है।

"गुरुर" नही"

🌹🙏🏻#सुप्रभात🙏🏻🌹

🌹 *आपका दिन मंगलमय हो*🌹

🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃

-- Good Morning,
 
अपडेट 136

अब तक

सुमन _ बीटा ये हीना क्या कहा रही है.

नकुल_ आंटी हीना ठीक कहा रही है. वर्ल्ड की टॉप फाइव कम्पनीज में एक मेरी कंपनी आती है.

सुमन _ पर बीटा तुम ने पहले क्यों नहीं बताया था.

नकुल_ उस समय मेरी कुछ मज़बूरी थी आंटी इस लिए मैं ने किसी को नहीं बताया. लीजिये खाना आ गया.

उसके बाद हम सब मिलकर खाना खाने लगे इस बिच हम सब में इधर उधर की बात भी होती रही. खाना खाने के बाद सभी अपने रूम में आराम करने के लिए निकल गया.

अब आगे

शाम के 5 बजे अपनी कार ले कर होटल से निकल गया था बिना किसी को बताये. मुझे 1 हरष लग उस एड्रेस पर पहुंचने में, क्युकी वो फारेस्ट एरिया था जो सिटी से बहार दिल्ली और उप के बोर्ड के पस था. मैं इस समय एक फॉर्म हाउस के गेट पर खड़ा था जो फारेस्ट के बिच में बना हुआ था. मेरी कार को देखते फॉर्म हाउस का गेट आटोमेटिक ओपन हो गया. मैं ने अपनी कार अंदर बढ़ा दी. कार से उतारते hi मेरा स्वागत एक मीठी से आवाज़ के साथ हुआ.

मिनाक्षी_ वेलकम नकुल.

नकुल_ थैंक्स मिनाक्षी. कैसी हालत है उसकी इस समय.

मिनाक्षी_ वो बिलकुल सही है. आओ मेरे साथ.

मैं मिनाक्षी के साथ चलने लगा. थोड़े देर के बाद मैं एक रूम में खड़ा था. जहाँ पर कनिका सो रही थी. अभी उसकी हालत पहले से बेहतर थी. मैं कनिका के बगल में बैठ गया. और मैं ने कनिका के एक हाथ अपने हाथ में ले कर उसे बहुत देखने लगा. मैं ने झुक कर उसकी माथे पर किश करता हु और मिनाक्षी के तरफ देखते हुए कहता हु.

नकुल_ ये कब सोई थी.

मिनाक्षी _ अभी थोड़े देर पहले hi.

नकुल_ ठीक है. मुझे तुम से कुछ बाते करनी है.

मिनाक्षी _ हम्म चलो मेरे साथ. कनिका को आराम करने दो.

मैं अपना हाथ कनिका हाथ से निकलता हु. फिर से उसके माथे पर किश करके मिनाक्षी के साथ चल देता हु. मिनाक्षी और मैं रूम से बहार हॉल में आ गए. मैं एक साइड सोफे पर बैठ जाता हु और वही मिनाक्षी अभी कड़ी रहती है.

मिनाक्षी _ नकुल कुछ लोगे. मैं अपने लिए कॉफ़ी लेने जा रहा हु.

नकुल_ हाँ मेरे लिए भी लेते आना.

मिनाक्षी किचन की अउ चली जाती है. वही मैं अपना फ़ोन निकल कर नताशा को कॉल लगा देता हु. 2 रिंग में hi नताशा ने मेरा फ़ोन रिसीव करती है.

नताशा_ hello नकुल.

नकुल_ नताशा अभी कहा पर हो.

नताशा _ मैं तो घर पर हु. अभी थोड़े देर में निकलने वाली हु.

मंजू बुआ _ नताशा किसी बात कर रही है.

नताशा _ अनूठी वो ऑफिस से फ़ोन है. उन्होंने मुझे जल्दी आने को कहा है.

मंजू बुआ _ ठीक है. अच्छा सुन अगर नकुल का फ़ोन आये तो मेरी बात करवाना. वो यहाँ से जब से गया है उसने एक बार भी मुझे बात नहीं की है.

नताशा _ ok आंटी. हाँ सर कहिये क्या काम करना है.

नकुल _ नताशा मैं आज किसी काम से बहार हु. इस लिए तुम होटल जा कर सुमन आंटी से कहना की मैं किसी काम के बहार गया हु. और कल सुबह तक आऊंगा.

नताशा _ ठीक है. वो अपने बुआ की बात सुन hi लिया होगा.

नकुल_ हाँ. बुआ से कहना की मैं कल आ रहा हु. अब मैं फ़ोन रखा हु.

नताशा_ ok.

उसके बाद मैं ने फ़ोन रख दिया. मेरे फ़ोन रखने के बाद नताशा ने मंजू बुआ को मेरे आने की न्यूज़ दे कर ऑफिस के लिए निकल जाती है.

वही मिनाक्षी मेरे सामने बैठी हुई कॉफ़ी पी रही थी. और जब मैं ने फ़ोन रखा तो मिनाक्षी ने मुझे कॉफ़ी देती है. मैं कॉफ़ी पीते हुए.

नकुल_ मिनाक्षी मैं चाहता हु की कनिका कहा है ये बात किसी को भी पता नहीं चलनी चाहिए.

मिनाक्षी _ पर ऐसा क्यों चाहते हो. इस तरह से वो तुम से दूर हो जायगी.

नकुल _ हाँ. मैं ये बात अच्छी जनता हु की मैं कनिका से बहुत hi काम मिल पौने.

मिनाक्षी_ फिर भी तुम ये चाहते हो.

नकुल_ हाँ. इस का एक बहुत बड़ा कारन है. तुम ने देख hi लिया होगा. इतने लोगो के रहते हुए भी उसे सबके सामने से ले कर चले गए. इस लिए मैं चाहते हु की तुम कनिका वो हर तरह की ट्रेनिंग दो. जिसे वो अकेले hi लाखो पर भरी पड़े. मुझे विश्वास है. ये तुम्हारे शिव कोई नहीं कर सकता है.

मिनाक्षी _ नकुल तुम जानते हो तुम क्या कहा रहे हो. अगर मैं ने उसकी ट्रेनिंग सुरु की तो तुम उसे जब तक नहीं मिल सकते जब तक उसी ट्रेनिंग कम्पलीट नहीं हो जाती. इस लिए एक बार वो सोच लो.

नकुल_ मुझे ये मंजूर है, पर मैं उसे हमेशा के लिए खो दू ये बिलकुल मंजूर नहीं है. एक पल की ख़ुशी से कही ज्यादा अच्छी दो पल की जुदाई है. क्युकी यही दो पल की जुदाई मुझे साडी उम्र ख़ुशी देगा.

मिनाक्षी _ ठीक है फिर. आज की रात तुम उसके साथ बिताओ.

नकुल _ हम्म. इस लिए मैं ने आज यही रहने का फैसला किया है.

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वही रानी जब उठी तो उसने देखा की मैं बिस्तर पर नहीं हु. तो उसने सोचा सायद मैं बाथरूम में हूँगा. रानी बीएड से उठ कर बाथरूम के पास जा कर आवाज लगाती है. ' भाई आप अंदर हो क्या?' पर उसे कोई जवाब नहीं मिलता है. इस लिए उसने बाथरूम को दूर खोल के जब अंदर देखती है तो वहां पर कोई नहीं होता है.

फिर रानी सोचती है की मैं बहार सबके साथ हूँगा. इसलिए रानी फ्रेश हो कर रूम से बाहर निकलती है. और रेस्टोरेंट की तरफ चली जाती है. और जब रानी वहां पर किसी को नहीं देखती है तो रेस्टोरेंट से बहार आ जाती है. काउंटर की तरफ चल देती है. तभी उसे नताशा आते हुए दिखाई देती है.

रानी नताशा के पास चली जाती है. नताशा ने जा रानी को अपनी तरफ आते देखा तो एक पल के लिए वो वही रुक जाती है. क्युकी रानी के चेहरे पर गुस्सा साफ़ झलक रहा था. जब तक रानी नताशा के पास पहुंच जाती है.

रानी _ आपको पता है. भाई कहा पर है.

नताशा _ हाँ. आपके भाई ने मुझे फ़ोन कर बताया था. की मैं आपका ध्यान राखु. मुझे नताशा कहते है.

रानी_ ठीक है. वैसे मेरा नाम रानी है. आप मुझे मेरी माँ और दीदी के पास ले कर जा सकती है. मुझ उनका रूम no पता नहीं है.

नताशा _ हाँ. चलो मेरे साथ

उसके बाद रानी नताशा के साथ चली गयी.

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रजनी ठाकुर और प्रिय अपने रूम में बैठी हुई थी. और किसी बात को ले कर बहुत चिंतिति थी. उन दोनों को फेस को देख कर लग रहा था मनो किसी ने उनके जिस्म से सारा खून निकल लिया हो. अभी प्रिय कुछ कहने hi वाली थी कोई उनके रूम में आता है. जिसे देख दोनों चुप हो जाती है. अपने आपको ठीक करती है.

प्रिय _ क्या बात है चांदनी इतनी रात को यहाँ पर.

चांदनी _ दीदी दो दिन से मेरा शरीर में आग सी लग गयी है. ऐसा मैं कर रहा है की सड़क पर लेट जाऊं. पर मैं ऐसा नहीं कर सकती ये आप भी जानती हो.

प्रिय _ पर हुआ क्या ये तो बात पहले मुझे. मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है. और तेरा शरीर इस तरह क्यों रियेक्ट कर रहा है. जब तक तू मुझे पूरी बात नहीं बताएगी मैं उसका हल कैसे निकलूंगी.

रजनी ठाकुर _ हाँ बीटा प्रिय ठीक कहा रही है. पहले पूरी बात बताओ.

चांदनी जिस्म के हाथ इतना मजबूर हो गयी थी उसे शर्म क्या होता है, जैसे उसे मालुम hi ना हो. इस लिए चांदनी बेशर्मो की तरह कहती है.

चांदनी _ प्रिय बात ये है की पहली बार मैं एक क्लब में मिली थी. उस समय में अपने बर्फ के साथ गयी थी. पर किसी बात लो ले कर मैं उसे उलझ बैठी. और मैं ने उसकी माँ को गली दे बैठी. उस समय तो कुछ नहीं किया. पर जब मैं अपने बर्फ के साथ क्लब निकल कर बेसमेंट में अपनी कार की तरफ जा hi रहे थी. की नकुल हम दोनों के सामने आ गया. उसने मेरे बर्फ को मेरे hi सामने मारा. और मेरे बर्फ के सामने hi मुझे कार के बोनेट कर गिरा दिया. और फिर मेरी पंतय हाथ दाल कर मेरी छूट को रगड़ने लगा. मेरा बर्फ निचे बैठ हुआ मेरे साथ जो हो रहा था वो बस देख जा रहा था. " प्लीज उसे जाने दो. मैं तुम्हारे पेअर पकड़ता हु." मेरे बर्फ ने उसके पेअर पकड़ने के लिए जैसे hi आगे बढ़ा. नकुल बिलकुल सख्त आवाज़ में कहता है " अगर तुम यहाँ से नहीं निकले तो जो अभी इसके साथ हो रहा वो तेरे घरवालों के साथ हो समझा. चल निकल यहाँ से." फिर क्या था मेरा बर्फ एक मिनट में hi वहां से गायब हो गया.

फिर नकुल ने मेरी पंतय निचे करता है. अपने जेब से एक शीशी नकलता है. उसमें अपनी उंगली को दाल कर एक वाइट कलर का क्रीम निकल कर मेरी छूट के छेड़ पर रखा कर जोर से अपनी को पुश करता जिससे उसकी क्रीम से सनी हुई उंगली मेरी छूट के अंदर चल जाता है. ऐसे hi वो मेरे साथ दो तीन बार करता है. फिर व नकुल मेरी छूट एक अंदर 10 मिनट तक उंगली करता है. जब मैं झरने वाली होती हु तो मुझे छोड़ देता है कहता " नेक्स्ट मुझे मिल या मुझे ूचि आवाज़ में बात किया तो इससे भी बुरा हाल करूँगा." प्रिय ये तुमने देखा भी था. इतना कहने में बाद चांदनी चुप हो गयी.

"तुम ठीक कहा रही हो चांदनी. फिर तो इसका एहि मतलब निकलता है की नकुल ने तुम्हे सेक्स का कोई ऐसा ड्रग्स उस दिया था. जिसका असर अभी तक है." प्रिय चांदनी और अपनी माँ के तरफ देखते हुए कहती है. पर फिर कुछ सोचते हुए कहती है. "अगर नकुल ने तुम्हारे साथ ये सब पहले hi कर चूका था. फिर उस दिन नकुल ने मुझे वो इंजेक्शन क्यों लगाने के लिए कहता है."

अब बारी थी रणजी ठाकुर की चौकाने की. क्युकी अभी तक रजनी ठाकुर को लगता था की नकुल उसके हाथ की कटपुतली है. पर यहाँ तो खुद रजनी ठाकुर और प्रिय उसकी हाथो की गुलाम बन चुकी है.

"ये सब कब की बात है. जरा मुझे खुल कर बताओगी." इतना कहने के बाद रजनी ठाकुर दोनों की तरफ देखा ने लगाती है. "और हाँ एक भी बात मुझे तुम दोनों मत छुपना. नहीं तो बात मेरे हाथ से निकल जाएगी. और चांदनी मैं तुम्हारी कोई मद्दत नहीं कर पाऊँगी."

"ममी ये बात ये उस दिन की जब आप दोनों यहाँ आयी थी. मैं आप दोनों से मिल कर बहुत खुश थी. जब मैं खाना का रही थी उसी समाया मुझ पर उस ड्रग्स का सर सुरु हो गया था. जो नकुल ने मुझे बेसमेंट में दिया था मैं कैसे भी कर के अपना को कण्ट्रोल करते हुए खाना कहती हु. खाना खाने के बाद प्रिय दीदी मुझे अपने रूम में ले जा कर बाते करने लगी. जब मुझे बर्दास्त से बहार हो गया तो मैं नींद आना का बहाना कर के अपने रूम में चली गयी." चांदनी इतना कहने के बाद चुप हो गयी. फिर खुद को कण्ट्रोल करती है और कहती है. "मेरी शरीर में इतना आग लग गयी थी मैं अपने रूम का दूर बंद करना hi भूल गयी. और अपने कपडे उतर कर अपनी छूट को रगड़ने लगी. मैं एक बार जहर जाऊं, पर मेरे छूट से पानी hi नहीं निकल रहा था. मैं बाथरूम में जा कर ठन्डे पानी से बहुत देर तक नहाया पर उसे भी कोई फर्क नहीं पड़ा. फिर मैं बाथरूम से निकल पर बीएड पर कर लेट गयी. और अपनी छूट को बहुत जोर से मसलने लगी. 10 मिनट hi मसाला हूँगी की मारा छूट ने पानी छोड़ दिया. पर ये तो कुछ भी नहीं था. मेरे झरने के बाद मेरी छूट के अंदर और ज्यादा खुजली होने लगी. मैं फिर से अपनी छूट को और जोर से मसलने लगी. मेरी छूट ने जितनी बार पानी बहाया. उस कही ज्यादा मुझे सेक्स की तालाब होने लगी. कोई रात के 1:30 बजे की बात होगी. नकुल मेरे रूम में आता है. मुझे नहीं पता था की वो कीटंक देर से देख रहा है. मुझे तो एहसा तक हुआ जब मेरी छूट ने पानी छोड़ा. इस बार मेरी छूट ने इतना पानी छोड़ा की मैं अपना आँखे बंद कर के लेट गयी. जब मेरी हालत थोड़े ठीक हुई तो देखा कोई मेरी छूट को अपने मुँह ले कर चूस रह था. मैं उठ कर बैठ गयी. ' कौन हो तुम और मेरे रूम क्या कर रहे हो.' मेरी बात को सुन कर जब सुने अपना चेहरा उठाया तो हैरान हो गयी. 'तुम, यहाँ क्या कर रहे हो. तुम्हे यहाँ आने किसने दिया.' पर उसने बस इतना कहा ' कल मिलते है' उसके बाद चला गया. मैं तो उसके बस सतबध हो कर जाते हुए देखती रही. मुझे तो होस तब आया जब मेरे रूम को दूर लॉक होने की आवाज आयी. मैं बिस्तर नंगी hi उसी तरफ भागी. रूम के बहार देखा तो कही पर भी नहीं दिखाई दिया." चांदनी फिर से चुप हो जाती है.

तभी फिर से दूर ओपन होता हैं. पर इस बार तरुण रावत अंदर आता है. जिस देख कर सब चुप हो जाते हैं
 
अपडेट 137

अब तक

'कौन हो तुम और मेरे रूम क्या कर रहे हो.' मेरी बात को सुन कर जब सुने अपना चेहरा उठाया तो हैरान हो गयी. 'तुम, यहाँ क्या कर रहे हो. तुम्हे यहाँ आने किसने दिया.' पर उसने बस इतना कहा ' कल मिलते है' उसके बाद चला गया. मैं तो उसके बस सतबध हो कर जाते हुए देखती रही. मुझे तो होस तब आया जब मेरे रूम को दूर लॉक होने की आवाज आयी. मैं बिस्तर नंगी hi उसी तरफ भागी. रूम के बहार देखा तो कही पर भी नहीं दिखाई दिया." चांदनी फिर से चुप हो जाती है.

तभी फिर से दूर ओपन होता हैं. पर इस बार तरुण रावत अंदर आता है. जिस देख कर सब चुप हो जाते है.

अब आगे

"नायकुल्ल" रात के कोई 1 बजे अस पास का समय हो रहा था, जब कनिका नींद में hi चीखते हुए उठ कर बैठ जाती है. कनिका के पास hi में स्टूल पर बैठा हुआ सो रहा था. कनिका के इस तरह चीखने से मेरी आँखे खुल गयी. मैं ने कनिका को गले लगता हु. कनिका के इस तरह मेरा नाम लेने से मैं थोड़ा परेशां हो गया था. मैं खुद को शांत करता हु.

"शांत हो जाओ कनिका. मैं तुम्हारे पास hi हु. क्या हुआ कनिका." मैं कनिका के सर पर बहुत hi प्यार से हाथ फेरते हुए शांत करवाने की कोशिश कर रहा था. मैं महसूस कर सकता था की कनिका किस कदर दरी हुई है. क्युकी कनिका का शरीर कैंप रहा था और लम्बी लम्बी सांस ले रही थी. मैं टेबल से पानी का गिलास लेते हुए कनिका के तरफ बढ़ा देता हु. "कनिका तुम पहले पानी और शांत हो जाओ."

मेरे इतना कहँ के बाद कनिका ने पानी का गिलास मुझे ले कर पानी पीती हैं और मेरी तरफ देखते हुए खुद को शांत करती है. "नकुल तुम मुझे छोड़ कर कभी मत जाना. नहीं तो मैं मर जाउंगी." कनिका फिर से मुझसे गले लगे हुए कहती है.

"मैं कभी भी तुमको छोड़ कर नहीं जाऊँगा. ये मेरा तुमसे वादा है. अब मुझे ये बताओ तुम दर क्यों गयी थी." मैं कनिका को अपने से अलग करते हुए कहता हु. मुझसे दूर होते hi उसके चेहरे के भाव बदलने लगे. पर मुझे अपने पास देख कर खुद को संभालती है. और एक बार अपनी आँखे बंद करती है. फिर कुछ पल बाद कनिका अपनी आँखे खलोती है.

"क्या हुआ कनिका कुछ बोलोगी भी? देखो मुझे बहुत दर लग रहा है, तुम्हे ले कर. मैं ने ये बात कनिका को देखते हुए कहा.

"नकुल मैं ने के बहुत बुरा सपना देखा. मुझे सपने में देखा की मुझ पर किसी ने तलवार से वॉर किया मुझे मरने के लिए पर वो तलवार मुझे लगाती तुम बिच में आ गए. और वो तलवार तुम्हे लग गयी." कनिका इतना कहा कर फिर से रोने लगाती है.

"कनिका तुम शांत हो जाओ. ये तो बस एक सपना hi तो hai..dekho मैं तो तुम्हारे सामने hi ठीक थक बैठा हुआ हु." नकुल कनिका के चेहरे को अपने हाथ कडाते हुए कहा. "तुम बिस्वास रखो उपरवाले पर वो मुझे कुछ नहीं होने देगा. चलो आप अपने आँखे बंद करो और सो जाओ."

कनिका बिस्तर पर लेट गयी. और मुझे भी अपने पास सोने के लिए कहने लगी. मैं भी कनिका को अपने बाँहों भर लिया. और कनिका के तरफ देखत हुए कहता हु. कनिका भी मुझे hi देख रही थी. हम दोनों एक दूसरे के आँखों में इस तरह खो गए थे की हमें पता hi नहीं चला की कब हम किश करने लगे. हमारा किस 10 मिनट तक चला क्युकी कनिका को सांस ले में दिक्कत आने के कर मुझे अपने से अलग करती है.

"कनिका तुम मेरी बात मानोगी." नकुल ने कनिका को देखते ये बात कही.

"हाँ कहो. मैं ने कभी तुम्हारी बात ताली है खा जो सब टालूंगी." कनिका ने नकुल के आँखों में देखते हुए ये बात बहुत hi प्यार से कहती है.

"कनिका मैं चाहता हु की तुम एक कमांडो की ट्रेनिंग लो." नकुल ने कनिका के बालो के साथ खेलते हुए कहता है. फिर नकुल आगे बढ़ कर कनिका के माथे पर एक चूम लेता है.

कनिका नकुल की बात सुन कर नकुल की तरफ घर कर देखती है. मानो कहा रही हो. तुम ऐसा क्यों कह रहे हो.. नकुल कनिका को अपनी तरफ इस तरह देखने के कारन से वो समझा जाता है. कनिका क्या कहना छह रही है.

"कनिका मुझे पता है. तुम मुझे दूर नहीं रहना चाहती हो. और मैं भी तुमसे दूर नहीं रहना चाहता हु. पर मैं नहीं चाहता की जो हादसा हमारे साथ हुआ है. वैसे hi कुछ आगे हो." नकुल कनिका को इतना कहने के बाद चुप हो जाता है. और कनिका के गाल पर एक किश करते हुए आगे कहता है. "कनिका मेरी जिंदगी अब खतरों से बाहरी हुई है. मैं जिस रहा पर मैं कदम रखा है. वहां पर हर कदम पर मौत से मेरा सामना होने वाला है. अगर कभी तुम और मैं कही पर अकेले बैठ हो, अपनी जिंदगी के कुछ पल बिताने के लिए. उसी समय हम पाए हमला हो जाता है, और मुझे गोली लग जाती है. और मैं उन सब से नहीं लड़ सकता तो तुम उस समय क्या करोगी बोलो."

कनिका नकुल को बताओ को बहुत ध्यान से सुनती है और सोचने लगती है. काफी देर सोच ने के बाद कनिका पाती है नकुल बिलकुल सही कह रहा है. कैका सोचती है की वो नकुल को कभी नहीं बचा पायेगी. बल्कि उसक सामने hi नकुल को जान से मार देंगे. वो देखने के सिवा कुछ नहीं कर पायेगी.

"नकुल तुम बिलकुल ठीक कह रहे हो. इस लिए मैं कमांडो को ट्रेनिंग के लिए रेडी हु." कनिका इतना कहने के बाद नकुल के गले लग जाती है. फिर दोनों ऐसे hi बाते करते हुए सो जाते है.

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प्लेस राजस्थान एक महल में दो लोग बैठ हुए थे. दोनों hi बहुत hi कम्भीर दिख रहे थे किसी बात लो ले करा. बहुत देर से वो दोनों किसी बात को ले कर बहस कर रहे थे.

"कर्मवीर वो अभी जिन्दा है. और कही ज्यादा तककटवार भी." दूसरा व्यक्ति सरब का घुट पीते हुए कहता है. उसके चेहरे के भाव देख कर लग रहा था की वो कितना डरा हुआ है.

"ऐसा कैसे हो सकता है जोगिन्दर. तुम्हे पता है न तुम कह रहे हो. अगर ऐसा हुआ तो हम जिन्दा नहीं बचने वाले. वो किसी भी कीमत हम तक पहुंच जायेगा. पर ये हुआ कैसे." कर्मवीर बहुत hi गुस्से में जोगिन्दर की तरफ देखते कहता है. जोगिन्दर कर्मवीर के इस गुस्से काफी दर गया था, अब उसे ये दर भी परेशां कर रहा था कही कर्मवीर से जान से न मर दे. क्युकी कर्मवीर उसे के खंडन से बहुत नफ़रत करता था. कर्मवीर ने उसे मरने के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा चूका था. "तुम्हे ये खबर किसने दी." एक बार फिर कर्मवीर जोगिन्दर से कहता है.

"कल रात hi उर्वशी का फ़ोन आया था. जिस हमें रेशमा ठाकुर की जगह भेजा है. उसे भी अभी तक लगता था की उसे उसके जन्मदिन पर hi मार दिया है. पर वो बच गया." जोगिन्दर कर्मवीर की तरफ देखते हुए कहा और फिर से शराब पीने लगा. अब जोगिन्दर को ये समझ नहीं आ रहा था की आगे बात को कैसे बढ़ाये. क्युकी इसके बाद जो बात जोनिन्दर कर्मवीर को बताता तो उसे पक्का पता था की उस बात को सुने के बाद उसका मरना कन्फर्म है. अभी जोगिन्दर अपना मुँह कुछ बोलने के लिए खोलने hi वाला hi था की कर्मवीर अपने सीट से खड़ा हो जाता है.

"जोगिन्दर तुम कल hi वह के लिए निकल जाओ. और हाँ अपने साथ शमशेर को भी लेते जाना, इस बार वो बचना नहीं चाहिए." कर्मवीर इतना कहने के बाद अपने रूम की तरह चला जाता है.
 
*भक्ति जब भोजन में प्रवेश करती है,*

*भोजन ” प्रसाद “बन जाता है.।*

💐💐

*भक्ति जब भूख में प्रवेश करती है,*

*भूख ” व्रत ” बन जाती है.।*

💐💐

*भक्ति जब पानी में प्रवेश करती है,*

*पानी ” चरणामृत ” बन जाता है.।*

💐💐

*भक्ति जब सफर में प्रवेश करती है,*

*सफर ” तीर्थयात्रा ” बन जाता है.।*

🍁🍁

*भक्ति जब संगीत में प्रवेश करती है,*

*संगीत ” कीर्तन ” बन जाता है.।*

🍁🍁

*भक्ति जब घर में प्रवेश करती है,*

*घर ” मन्दिर ” बन जाता है.।*

🌸🌸

*भक्ति जब कार्य में प्रवेश करती है,*

*कार्य ” कर्म ” बन जाता है.।*

🌸🌸

*भक्ति जब क्रिया में प्रवेश करती है,*

*क्रिया “सेवा ” बन जाती है.। और…*

🌻🌻

*भक्ति जब व्यक्ति में प्रवेश करती है,*

*व्यक्ति ” मानव ” बन जाता है..।*
 
अपडेट 138

अब तक

"कल रात hi उर्वशी का फ़ोन आया था. जिस हमें रेशमा ठाकुर की जगह भेजा है. उसे भी अभी तक लगता था की उसे उसके जन्मदिन पर hi मार दिया है. पर वो बच गया." जोगिन्दर कर्मवीर की तरफ देखते हुए कहा और फिर से शराब पीने लगा. अब जोगिन्दर को ये समझ नहीं आ रहा था की आगे बात को कैसे बढ़ाये. क्युकी इसके बाद जो बात जोनिन्दर कर्मवीर को बताता तो उसे पक्का पता था की उस बात को सुने के बाद उसका मरना कन्फर्म है. अभी जोगिन्दर अपना मुँह कुछ बोलने के लिए खोलने hi वाला hi था की कर्मवीर अपने सीट से खड़ा हो जाता है.

"जोगिन्दर तुम कल hi वह के लिए निकल जाओ. और हाँ अपने साथ शमशेर को भी लेते जाना, इस बार वो बचना नहीं चाहिए." कर्मवीर इतना कहने के बाद अपने रूम की तरह चला जाता है.

अब आगे

"गुड मॉर्निंग जान." नकुल कनिका के फोरहेड पर किश करते हुए कहता है. फिर कनिका को बड़े hi प्यार से देखने लग जाता है.

"वैरी गुड मॉर्निंग स्वीटहार्ट" कनिका ने नकुल को मॉर्निंग विषा करती है. फिर कनिका नकुल के होठो पर किश करती है. उसके बाद कनिका बिस्तर से कड़ी हो कर वाशरूम की तरफ चली जाती है. जब की नकुल बिस्तर पर लेट जाता है और कनिका का इंतज़ार करने लगता है.

30 मिनट के बाद कनिका वाशरूम से बहार आती है. कनिका सिर्फ एक बाथरोब में थी. नकुल ने जब कनिका को बाथरोब में देखा तो देखते hi रह जाता है. और बिस्तर से खड़ा हो कर नकुल कनिका के पास आ जाता है.

"जान तुम बहुत hi ख़ूबसूरत हो." नकुल कनिका से कहता है. फिर नकुल कनिका को किश करने लगता है. कनिका भी नकुल के किश को एन्जॉय करती हुई वो भी किश में डूबती चली जाती है. वो दोनों इस कदर खो गए थे की उन्हें दुनिया से कोई मतलब नहीं था. नकुल और कनिका एक दूसरे को डीपली किश किये जा रहे थे. इस किश में दोनों अपने अटूट प्रेम दिखाओ दे रहा था. अगर कोई ने दोनों के इस हालत में देख लेता तो वो उनके इस निकाल प्रेम को डीडवाना हो जाता जहाँ पर सिर्फ प्रेम के सिवा कुछ नहीं था.

"खाना बना गया है. नकुल तुम कनिका को ले कर निचे आ जाओ." मिनाक्षी ने दूर पर नॉक करते हुए जोर से कहती है. दूर पर नॉक होने के कारन दोनों वास्तविकता में आते है.

"ठीक है, तुम निचे चलो हम अभी आते है." नकुल कनिका से अलग होते हुए कहता है. फिर से नकुल कनिका को किश करने लग जाता है. पर ये किश बस 1मिनट तक hi चली. "कनिका तुम जल्दी से रेडी हो जाओ. मिनाक्षी खाने पर वेट कर रही है हम दोनों का." नकुल कनिका को कहा.

"हम्म' तुम निचे चलो मैं रेडी हो कर आती हु." कनिका नकुल से कहती हुई एक तरफ चल देती है. नकुल भी कनिका को रेडी होने के लिए छोड़ कर रूम से चला जाता है.

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"नताशा बीटा हम लेट हो रहे है. नकुल होटल आ गया होगा." मंजू ने नताशा को अपना ब्रेकफास्ट ख़तम करने के बाद आवाज़ लगती है.

"बस 2.मिनट्स आंटी." नताशा अपने रूम का से hi चिल्लाते हुए कहती है. नताशा की बात को सुन कर मंजू बुआ एक तरफ बैठ जाती है. 2 मिनट के बाद जब नताशा रूम से बहार आती है तो बहुत hi ख़ूबसूरत ड्रेस पहना हुआ था. मंजू बुआ ने जब नताशा को देखती है तो.

"बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो नताशा." मंजू बुआ ने नताशा की तारीफ करते हुए कहा.

"चले बुआ. नकुल आ गया होगा." नताशा मंजू बुआ से कहती है. फिर दोनों घर से निकल जाते है.

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"माँ भाई अभी तक क्यों नहीं आये. कल से गए हुए है, पर भाई ने एक बार भी फ़ोन नहीं किया." रानी गुस्से में अपनी माँ सुमन से कहती है. सभी रानी के गुस्से को उसके चेहरे पर देख सकते थे.

"बीटा तुम्हे पता है न भाई काम से बहार गए हुए है. फिर इस तरह तुम गुस्सा क्यों हो रही हो." सुमन ने रानी से कहा.

"पर माँ भाई एक बार तो कॉल कर के मुझे बता सकते थे न. कल से hi भाई को ले कर परेशां हु. और आपने देखा न मैं ने खाना भी ठीक से नहीं खाया." रानी ने फिर से अपनी माँ से कहा.

रानी की इस बात को सुन कर सब हँसाने लगते है. अउ सबसे ज्यादा तो उसकी बहन हीना हंस रही थी. "क्या कहा तू ने ठीक से खाना नहीं खाया. 2 प्लेट पोलाव 4 रोटी सही पीनेर. 3 लार्ज कप आइस क्रीम, ये सब क्या था." हीना रानी से कहती है और हंस ने लगाती है.

"माँ देखो दीदी क्या कह रही है. आप भी तो थी वहां पर." रानी अपनी माँ से कहती है.

"अब कोई भी मेरी बेटी पर नहीं हंसेगा. और हीना तुम झूठ क्यों बोल रही हो. की मेरी बेटी ने 2 प्लेट पोलाव खाये थे. उसने तो 3 प्लेट खाये थे." सुमन ने कहा और हँसाने लगी.

"जाओ मैं आप सब से बात नहीं करती." रानी सभी से कहने बाद अपनी सीट से कड़ी हो कर बहार चली जाती है. रानी को इस तरह गुस्से में जाते हुए देख कर ज़रीने अपनी सीट कड़ी होती है और रानी के पीछे चल देती है.

वही बाकि सब कनिका और नकुल के बारे में बाते करने लगते है.

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"लुकिंग सो गॉर्जियस कनिका. ये कपडे तुम पर बहुत hi जांच रह है." मिनाक्षी ने कनिका को सीढ़ियों से उतरते हुए देख कर ऊँची आवाज़ में कही थी. मिनाक्षी की आवाज़ को सुनाने के बाद नकुल ने सीढ़ियों की तरफ देखा तो बस देखता hi रह गया.

कनिका भी सीडी से उतरा ने के बाद दिंनिंग टेबल के पास आ जाती है. "थैंक यू मिनाक्षी. मेरी तरफ के लिए." कनिका ने कहा और एक साइड बैठा गयी.

"शी इस नेचुरल ब्यूटी मिनाक्षी." नकुल ने ये बात कनिका की तरफ बड़े प्यार से देखते हुई मिनाक्षी से कहा. और अपनी प्लेट कनिका को बड़ा दिया. फिर नकुल खुद के लिए खाना एक प्लेट में निकल कर खाने लगता है. कनिका भी खाना खाने लगाती है.

"नकुल तुमने कनिका को सब समझा दिया है न." मिनाक्षी खाने एक निवाला अपने हाथ में उठाते हुए नकुल से पूछती है.

"हम्म, मैं ने कनिका को सब समझा दिया है. तुम उसकी चिंता मत करो. बस मैं जो तुम्हे कहा वो करो." नकुल ने मिनाक्षी को कहता है. फिर कनिका की तरफ देखते हुए फिर से कहा. "कनिका अब से मैं तुमसे मिलाने 6 महीने बाद मिलाने आऊंगा, मुझे आशा है तब तक तुम उस काबिल बना चुकी. काम से काम तुम 10 -12 लोगो को आसानी से मर सकोगी." नकुल कनिका से ये कहने के बाद अपना ब्रेकफास्ट फिनिश करने लग जाता है.

"मैं तुम्हे नीरस नहीं करुँगी जान." कनिका ने कहा.

फिर तीनो मिलकर ब्रेकफास्ट ख़त्म करते है. ब्रेकफास्ट फिनिश होने के बाद नकुल कनिका और मिनाक्षी से मिलता हैं उसके बाद अपनी कार ले कर निकल जाता है.

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"सेल हरामी जब तेरे बस की नहीं है मुझे चुदाई कर पाना. इस लिए अच्छा होगा की फिर कभी मेरे पास मत आना. नहीं तो जान से मर दूंगा." रेशमा बहुत hi गुस्से में ये बात महेन्दर से कहती हुए उसके चेहरे पर जोर से लात मरती है. हुआ ये था की महेन्दर तीन दिन से रेशमा ठाकुर को जब भी चुदाई करता था वो रेशमा ठाकुर से पहले hi उसका लुंड से पानी निकल जाता. रेशमा इस बात को जानती थी पर उसने महेन्दर को कुछ भी नहीं बताया था. पर आज रेशमा बहुत ज्यादा hi चीड़ जाती है क्युकी उस पर चुदाई का बुखार जो आ गया था. इसका एक कारन और भी था वो ये की रेशमा ठाकुर तीन दिन से सही से जहर नहीं पायी थी. उंगली से पानी जरूर निकल देती पर रेशमा को वो मज़ा नहीं आता था जो एक लुंड से चुदाई के बाद झरना होता है.

"भाभी पता नहीं मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है. जब मुठमरता हु तो 40 मिनट तक भी मेरा पानी नहीं निकलता हैं पर जब मैं आपकी चुदाई करता हु तो 15 मिनट भी बड़ी मुश्किल से टिक पता हु. मैं डॉ. को भी दिखा दिया पर उसने भी एहि कहा की मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है." महेन्दर इस बात को रेशमा के आगे रट हुए कहता है. क्युकी आज तक उसके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ था. पर आज उसे वो सब हो रहा था जो कभी महेन्दर दुस्सरो के साथ करता था.

"अब रोना बंद करो. और मेरे रूम से निकल जाओ. मैं तुम्हारी कोई बात सुने वाली हु. एक तुम उस कुत्ते के हाथो से पीट गए. और मेरे सामने रंडी रोना रो रहे हो." रेशमा ठाकुर ने फिर से महेन्दर को जलील करते हुए कहती है. रेशमा ठाकुर बात सुने के बाद महेन्दर रूम से बहार निकल जाट है.

जब महेन्दर रूम से निकलता है तो वो रो रहा था और कोई उसे रोटा हुआ देख कर बहुत खुश हो रहा था. उस व्यक्ति की ख़ुशी को देख कर ऐसा लग रहा था की उस साडी दुनिया की खुशिया मिल गयी हो. इस बात ये एक और सभी हो रहा था की उस व्यक्ति को महेन्दर से बहुत hi ज्यादा नफरत हो. किसी ने आने की आवाज़ सुन कर वो व्यक्ति वह से चला जाता है.

महेन्दर के जाने के बाद रेशमा ठाकुर अपनी छूट में उंगली करने लग जाती है. आआ आआ ोुआए उउउउ की आवाज़ रेशम के मुँह से निकल रही थी. रेशमा ठाकुर बहुत जोर से अपनी छूट में उंगली कर रही थी. रेशमा ठाकुर के मुँह से अब बहुत तेज़ आवाज़ और सिसकारीय निकल रही थी. उसकी आवाज़ सुन कर ऐसा लग रहा था वो झरने की बहुत करीब हो.

"ाएहा जाज ाएहा जा." फ़ोन का रिंग टोन बजने लग जाता है. रिंग टोन की आवाज़ सुन कर रेशम छूट में उंगली चलने की स्पीड कर कर के जब फ़ोन की तरफ देखती है तो अननोन no से उसने फ़ोन पर कॉल आ रहा था. इस किये वो फ़ोन नहीं पिक करती है. रेशम अपने छूट में उंगली करने की स्पीड बाड़ा देती है. रेशमा झरने के करीब hi थी की फिर उसका फ़ोन रिंग करने लग जाता है. जिस कारन एक बार फिर उसका ध्यान फ़ोन की तरफ चली जाती है और उसकी उंगली की स्पीड काम हो जाती है. इस बार भी वही अननोन no था.

रेशमा फिर से अपने फ़ोन को अनदेखा कर देती है. फिर से अपने काम में लग जाती है. रेशमा apni.choot में उंगली करने में मस्त हो जाती है. थोड़े देर बाद फ़ोन की रिंग बंद हो जाती है. रेशमा फिर से अपने काम में मस्त हो जाती है. फिर वही होता है. जैसे hi रेशमा झरने वाली होती है, उसका फ़ोन फिर बजने लगता है. एक बार सिर्फ रेशमा झरनी के बहुत hi करीब थी पर फ़ोन की वजह से वो नहीं जहर पति है. रेशमा बे गुस्से में hi अपना फ़ोन पिचकूप करती है. "सेल हा" अभी इतना hi कहा था की दूसरी तरफ की आवाज़ सुन कर रेशमा ठाकुर चुप हो जाती है.

कॉल कट होते hi रेशमा अपने बिस्तर से उठ कर जल्दी से रेडी होती है. फिर रेशम ठाकुर अपने घर से निकल जाती है.
 
अपडेट 139

अब तक

रेशमा फिर से अपने फ़ोन को अनदेखा कर देती है. फिर से अपने काम में लग जाती है. रेशमा apni.choot में उंगली करने में मस्त हो जाती है. थोड़े देर बाद फ़ोन की रिंग बंद हो जाती है. रेशमा फिर से अपने काम में मस्त हो जाती है. फिर वही होता है. जैसे hi रेशमा झरने वाली होती है, उसका फ़ोन फिर बजने लगता है. एक बार सिर्फ रेशमा झरनी के बहुत hi करीब थी पर फ़ोन की वजह से वो नहीं जहर पति है. रेशमा बे गुस्से में hi अपना फ़ोन पिचकूप करती है. "सेल हा" अभी इतना hi कहा था की दूसरी तरफ की आवाज़ सुन कर रेशमा ठाकुर चुप हो जाती है.

कॉल कट होते hi रेशमा अपने बिस्तर से उठ कर जल्दी से रेडी होती है. फिर रेशम ठाकुर अपने घर से निकल जाती है.

अब आगे

"क्या हुआ रानी तुम यहाँ कर रही हो." मैं ने अपनी कार को होटल पार्किंग एरिया में पार्क करने के बाद जब मैं रूम की तरफ जा रहा तो मुझे रस्ते में रानी एक साइड बेंच पर बैठ हुई दिखाई दी और ये बात में उसे के पास जा कर कहा. आवाज़ को सुने के बाद जब रानी पलट कर देखती है तो नकुल सके पास घुटनो के बल बैठा हुआ था. जब रानी ने अपनी भाई नकुल को देखा तो उसके गले लग गयी,

"भाई आप कहा चले गए थे. वो भी मुझे बिना बताये हुए. आपको पता है न मैं आपके एक पल नहीं रह सकती. पहले भी आपने मुझे छोड़ कर यहाँ चले आये थे. तब भी मैं बहुत रोई थी.

" सॉरी गुड़िया. आगे से मैं तुम्हे बता कर hi कही जाऊंगा. अच्छा ये बताओ तुम यहाँ इस तरह क्यों बैठी हुई हो." नकुल ने रानी से पूछता है.

"भाई मैं आपका hi इंतज़ार कर रही थी. मुझे निराशा दीदी ने बताया की आप आने वाले हो इसलिए मैं यहीं पर बैठ गयी और आपका वेट करने लगी." रानी ने कहा, सिर्फ उतना hi जितना उसे सही लगा. यार कहु की रानी ने सिर्फ अपने प्यार को नकुल के आगे दर्शाया.

"अच्छा तो ये बात मेरी रानी मेरा वेट कर रही थी." नकुल ने रानी के गाल पर किश करते हुए ये बात कही.

"हाँ मैं तो अपने प्यार भैया का hi इंतज़ार कर रही थी." रानी इतना कहने के बाद नकुल के गाल पर किश कर देती है.

"रानी तुमने खाना खाया या फिर बिना खाये hi मेरा वेट कर रही थी." नकुल ने फिर से रानी से पूछा.

"नहीं भाई मैं ने खाना नहीं खाया. क्युकी मुझे आपके साथ खाना था इस लिए नहीं खाया." रानी कहती है.

"Ok तो चलो खाना कहते है पहले उसके बाद घर देखने चलेंगे." नकुल ने रानी से कहता है. फिर रानी को अपने साथ ले कर होटल को अंदर चल देता है. नकुल रानी को ले कर सबसे पहले अपने रूम में जाता है.

नकुल ऐसे hi अपने रूम का दूर ओपन करता है तो सामने मंजू बुआ कपडे चेंज कर रही थी. इस तरह रूम का दूर खुलने से जब मंजू बुआ पीछे मुद कर देखती है तो नकुल खड़ा था और उसके साथ एक लड़की कड़ी थी. नकुल को देख कर मंजू बुआ ये भी भूल जाती है की वो सिर्फ पंतय में कड़ी है. वही नकुल मंजू बुआ को इस तरह देख कर उसका लुंड खड़ा हो जाता है साथ hi उसका गाला सुख जाता है.

"रानी तुम यहाँ बैठो मैं बहार हु. जब बुआ कपडे पहन ले तो मुझे बुला लेना." नकुल रानी को ये कहने के बाद रूम का दूर बंद करता है और बहार खड़ा हो जाता है. वही नकुल को इस तरह जाते देख जैसे hi वो आगे बड़ी रानी बोलती है. "बुआ आप कपडे पहन लीजिये. भाई बहार खड़े है."

जैसे hi रानी की बात को सुन कर खुद को देखा तो पाया की वो सिर्फ पंतय में कड़ी थी. मंजू बुआ को अब शर्म सा आने लगा था. मंजू बुआ मैं में सोचती है "हाय मैं कितनी बेशर्म हु जो अपने hi बेटे के सामने इस तरह सिर्फ पंतय में कड़ी थी. अब मैं उसके सामने कैसे जाउंगी. वो मेरे बारे में क्या सोच रहा होगा. और वो भी तो काम नहीं था किस तरह मुझे घर रहा था जैसे अभी खा जायेगा. हाय ये मैं क्या बे मतलब की बात सोच रही हु."

"बुआ आप कपडे पहन लो. भाई बहार खड़े रूम का दूर ओपन होने का वेट कर रहे है." रानी ने एक बार फिर से मंजू बुआ से कहती है. इस बार रानी से थोड़ा तेज बोली जिस कारन बुआ का ध्यान रानी पर गया. फिर मंजू बुआ अपने कपडे की तरह चली जाती है.

"बीटा तुम्हारा नाम क्या है. और तुम नकुल को कैसे जानती हो." मंजू बुआ ने ब्रा पहनते हुए रानी से पूछती है.

"मेरा नाम रानी शर्मा है. मैं की बहन हु. आपको भाई ने बुआ को कहा. जब की नकुल भाई का को अपना नहीं है. सिवाए उनकी वाइफ और मेरे परिवार को छोड़ कर, और उसको भी किसने ने किडनैप कर लिया." रानी मंजू बुआ से कहा. मंजू बुआ रानी की बात सुन कर एक झटका लगता है की नकुल ने शादी कर ली और उसके वाइफ किडनैपेड हो गयी है.

"बीटा वो हमसे नाराज़ हो गया था. किसी बात को ले कर इस लिए आपको अपने परिवार के बारे में नहीं बताया होगा." मंजू बुआ सदी का पल्लू ठीक करते हे रानी से कहती है. जब रानी ने सुना को भाई अपने परिवार से नाराज़ हो गए थे किसी बात लो ले कर तो.

"बुआ आप चिंता मत करो. मैं भाई को समझा दूंगी की वो आप सब को माफ़ कर दे. भाई मेरी बात कभी नहीं टालते है." रानी मंजू बुआ से कहती है.

"बीटा तुम दूर ओपन करो और नकुल को बुला लो." मंजू बुआ रानी से कहती हुए मिरर के सामने बैठ गयी. वही रानी मंजू बुआ की बात को सुनकर दूर की तरफ चल देती है. जब दूर ओपन करती है तो देखती है की नकुल के साथ हीना और उसकी माँ सुमन कड़ी थी.

"माँ और दीदी आप दोनों यहाँ क्या कर रही है." रानी ने कहा. रानी के इस जबी तरह कर बात को सुनकर हीना बोल पड़ी. "ोये तू होश में तो है न. ये कैसा बहुदा सवाल पूछ रही है. साइड हैट और हमें अंदर आने दे."

रानी हीना को बात सुनकर साइड हो जाती है. फिर सभी अंदर आ जाते है. रानी रूम का दूर क्लोज करती है. फिर नकुल के पास आ कर बैठ जाती है. वही मंजू बुआ जब नकुल के साथ और लोगो को देखती है तो.

"नकुल इन सब से नहीं मिलवाओगे." मंजू बुआ होंठो पर लिपस्टिक लगाने के बाद कहती है. फिर वहां से कड़ी हो कर सुमन के बगल में आकर बैठ जाती है. नकुल मंजू बुआ की बात सुनकर, 'क्यों नहीं बुआ.'

"बुआ ये है रानी इसे तो आप मिल hi चुकी है. और इसने भी अब तक सब बक दिया होगा मेरे बारे में." नकुल ने मंजू बुआ से कहा. वही रानी नकुल की बात सुन कर उसको मरने लगती है. "भास्कर मेरी माँ चोट लग रही है." नकुल ने हँसते हुए कहता है.

"माँ देखो भाई क्या कह रहे है मुझे." रानी अपनी माँ से कहती है. जिस पर सुमन ने तो कुछ नहीं कहा पर होना बोली, "तो नकुल गलत क्या कहा. वैसे भी तेरे पेट में कोई बात पचता hi कहा. अगर तू ने कहा है तो खा नकुल की कसम." हीना की बात सुने के बाद रानी नकुल के कंधे पर अपना सर रख देती है. "देखा माँ कैसे नकुल से चिपक गयी." हीना ने फिर से कहा.

"अब तुम दोनों लड़ना बंद करो. और बुआ ये है हीना रानी की बड़ी बहन और ये सुमन आंटी रानी की माँ. इनका एक भाई भी है. जो देहरादून में पड़ता है." नकुल ने तीनो का परिचय देता है.

"अच्छा तू फ्रेश हो फिर खाना खाने चलते है." मंजू बुआ ने नकुल से कहा. नकुल भी मंजू बुआ की बात मान कर वाशरूम को तरफ चला जाता है. वही नकुल के जाने ले बाद मंजू बुआ और सुमन शर्मा बातो में लग गयी.

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"इतना लेट कैसे. तुझे पता है ना लेट आने की सजा क्या होती है." रेशमा ठाकुर को उस आदमी के पास लेट पहचान पर उस आदमी ने रेशमा ठाकुर के बाल पकड़ते हुए कहा. रेशमा ठाकुर उस आदमी को इस तरह गुस्सा होने से दर जाती है.

"शमशेर छोड़ दे सी कुटिया को. सायद अब इसकी मुझे बहुत जरुरत है." जोगिन्दर ने शमशेर से कहता और एक कुर्शी पर बैठ जाता है. शमशेर जोगिन्दर की बात सुनकर रेशमा ठाकुर को छोड़ देता है.

"हाँ तो रंडी जरा ये तो बता अपनी माया कैसे छुड़वा बैठी." जोगिन्दर ने रेशमा ठाकुर को गली देता है. गली सुने के बाद भी रेशमा ठाकुर उर्फ़ उर्वशी एक रंडी की तरह अपना सिर झुकाये हुए थी. रेशमा को देख कर ऐसा लग रहा था की अगर गलती से भी एक थप्पड़ पड़ा तो वो मूत देगी.

"मालिक मैं ने तो उसे जाने से मर के बाद उसे खाई में फेक दिया था पर पता नहीं कैसे बच गया." रेशमा ने कहती है.

"चल तेरी बात मान भी लेता हु. की तू बिलकुल ठीक कह रही है. पर तेरे उस यमराज को कैसे समझाऊं. उसे ने तो मुझे आखरी मौका देता हुए कहा है की अगर वो अब की बार जींद बचा गया तो जान से मर देगा मुझे साथ में तेरे पुरे परिवार को समझी." जोगिन्दर ने चिल्ला कर कहा. रेशमा ये सुन कर बुरी तरह दर कर कपङे लगी.

"मालिक प्लीज मेरे परिवार को कुछ मत करना. मालिक आप जो भी कहेंगे में करने को हरदम तैयार हु." रेशमा ठाकुर कहती है.

"फ़िलहाल तो मुझे उस लड़के की पूरी डिटेल चाहिए समझी." जोगिन्दर रेशमा ठाकुर से कहता है.

"ठीक है मालिक मैं उसकी साडी जानकारी निकल आती हु. आप मुझे कुछ दिन का मोहल्लत दे दीजिये." रेशमा ठाकुर ने जोगिन्दर से कहती है.

"सुन अब से तेरे साथ शमशेर रहेगा, और हाँ इस किसी बात की तकलीफ नहीं होना चाहिए. और शमशेर तुम वह पर जा कर उसके बारे में सब पता करो." जोगिन्दर ने दोनों से कहता है. वही रेशमा ठाकुर शमशेर के बारे में अच्छी तरह जानती थी वो कैसी तरह का व्यक्ति है, पर वो मजबूर थी की उसे अपने साथ लेजाने ले लिए. रेशमा ठाकुर कुछ सोचती है फिर जोगिन्दर को तरफ देखा ने लग जाती है.

"कुछ कहना है क्या?" जोगिन्दर ने जब रेशमा ठाकुर को अपनी तरफ इस तरह देखते हुए पाया तो पूछता है.

"मालिक आप शमशेर से कह दो की वह पर इस मेरी बात माननी होगी. क्युकी ये कभी मेरी नहीं सुनता है. ये हमेशा अपनी hi वाली करता है, आप पता है मैं ने ऐसे क्यों कह रही हु." रेशमा ठाकुर कहती है. जिस सुनकर जोगिन्दर को भी लगता है की शमशेर सिर्फ उसकी hi बात मंटा है. जब की जहाँ पर ये जा रहा वाहन पर रेशमा एक बहुत बड़े परिवार की हेड है.

"शमशेर शमझ गए ने वहां पर तुझे क्या करना है." जोगिन्दर ने शमशेर से कहा. जिस पर शमशेर अपनी गर्दन हाँ में हिला देता है. "अब दोनों जाओ, मुझे वह की हर पल की खबर देते रहना."

उसके बाद रेशमा ठाकुर शमशेर को ले कर वहां से चली जाती वही दोनों के जाने ले बाद जोगिन्दर भी वह से निकल जाता है.

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"बुआ ये अनामिका और ज़रीने है. ये सब मेरा परिवार है. बुआ इन सब ने मुझे बहुत प्यार दिया है. और हाँ खाना खाने क बाद घर देखने जाना है." नकुल खाने का आर्डर देने के बाद अपनी बुआ से कहती है. मंजू बुआ भी नकुल की बात सुनकर खुश होती है. क्युकी कोई तो था जो नकुल को अपना मानता था. इस लिए वो खुश थी.

फिर सभी आपस में बात करने लगते है. खाना आने क बाद सब ने मिल कर खाना खाया. पर मंजू बुआ ने अभी तक नकुल से उसकी वाइफ के बारे में नहीं पूछा. खाने खाने क बाद नकुल सभी को ले कर निकल जाता है.
 
*सादर प्रणाम*

🙏🙏🙏🙏🙏🙏

*मेरे पास कमाए हुए धन से ज्यादा दौलत कमाए हुए रिश्तो की है,*

*मैंने नोट नहीं अच्छे रिश्ते और अच्छे संबंध कमाए हैं,*

*नोट खर्च हो जाते हैं,संबंध और रिश्ते कभी नहीं,*

*वे हरदम मेरे साथ थे,है,और रहेंगे।*

*धनतेरस एवं दीपावली के पावन और पुनीत पर्व पर ऐसे सभी रिश्तो और संबंधों का हर बार की तरह पुनः पूजन करता हूं,नमन करता हूं ।*

*साथ बना रहे--*

*स्नेह बना रहे--*

*दीपावली पर्व की शुभमंगलकामनाए*
 
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