Incest Sex Kahani Kasoor - Page 17 - SexBaba
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Incest Sex Kahani Kasoor

अपडेट 140

अब तक

फिर सभी आपस में बात करने लगते है. खाना आने क बाद सब ने मिल कर खाना खाया. पर मंजू बुआ ने अभी तक नकुल से उसकी वाइफ के बारे में नहीं पूछा. खाने खाने क बाद नकुल सभी को ले कर निकल जाता है.

अब आगे

"माँ ये कौन है आपके साथ." रागनी ठाकुर ने अपने माँ से पूछती है, जो दिंनिंग टेबल पर बैठी हुई सभी के साथ ब्रेकफास्ट कर रही थी. रागनी की बात को सुन कर जब दूर की तरफ देखते है तो रेशमा ठाकुर के साथ एक व्यक्ति था जो दिंनिंग टेबल की तरफ आ रहा था.

"बीटा इनका नाम शमशेर है. ये हमारे नई बिज़नेस पार्टनर है. आज hi लंदन से इंडिया आये है. मर. शमशेर ये है मेरी फॅमिली." रेशमा ठाकुर ने शमशेर का परिचय देती है. फिर रेशमा ठाकुर और शमशेर दिंनिंग टेबल के पास आ कर बैठ जाते है. रेशमा ठाकुर ने शमशेर को अपना बिज़नेस पार्टनर के तौर पर परिचय दिया था.

फिर सभी मिल कर ब्रेकफास्ट करने लग जाते है. वही शमशेर अपने मैं में सोचता है, "यहाँ तो एक से बढ़ कर एक माल है. इनकी चुदाई करने में बहुत मज़ा आने वाला है. पर ये साली रेशमा अपनी छूट बिच में जरूर लाएगी. कोई नहीं पहले इस को देखता हु बाद मैं बाकि सब को." ब्रेकफास्ट करने के बाद रेशमा शमशेर को अपने साथ ले जाती है.

"तुम सभी को इस तरह घर घर कर क्यों देख रहे थे. जब की मैं ने तुम्हे यह लेन से पहले अच्छी तरह समझा भी दिया था." रेशमा ठाकुर ने ये बात एक रूम का दूर ओपन करते हुआ शमशेर से कही. शमशेर रेशमा ठाकुर को बस मुस्कुरा कर देखने लग जाता है. वही रेशमा ठाकुर उसकी इस मुस्कराहट की वजह अच्छी तरह समझती थी. रेशमा ठाकुर फिर से बोली, "ये तुम्हारा रूम है. और लास्ट में जो रूम तुम्हे दिखाई दे रहा है न वो मेरा रूम है. अगर किसी चीज़ की जरुरत पड़ी तो मुझे बता देना."

"Ok मेरी जान. वैसे भी तुझे अच्छी तरह पता है मुझे किसी चीज़ की सबसे ज्यादा जरुरत होती है." शमशेर ने रेशमा ठाकुर को दिवार से लगते हुए कहता है. वही रेशमा ठाकुर शमशेर के इस तरह के हमले से दर जाती है. अभी वो कुछ कहती शमशेर ने उसके मुँह पर उंगली रखते हुए चुप रहने के लिए कहा. फिर शमशेर ने रेशमा ठाकुर की छूट को कपडे के ऊपर से मसलते हुए कहता है, "वैसे जाने मान यहाँ तो के से बाद कर एक फुलझड़ी और हॉट माल है. इनको छोड़ ने में बहुत मज़ा आने वाला है. पर उन सब से पहले तुझे अच्छी तरह रगड़ना है. वैसे भी तुझे चोदे हुए बहुत साला हो गए है."

"खबर दर अगर मुझे या इन लोगो के साथ कुछ उल्टा सीधा किया तो तेरे लिए ठीक नहीं होगा. ये बात अच्छी तरफ से अपनी इस गंदे दिम्माग में बैठा ले." रेशमा ठाकुर ने शमशेर को अपने ऊपर से धक्का दे कर अलग करते हुए कहती है. रेशमा ठाकुर का चेहरा गुस्से में लाल हो गया था.

"तू तो बुरा मान गयी मेरी बातो का. तू चिंता मत कर मैं ऐसा कुछ नहीं करने वाला क्युकी मुझे पता है मालिक ने मुझे क्या कहा था. चल तू जा यहाँ से मुझे आराम करने दे." शमशेर ने रेशमा ठाकुर से कहता है और एक तरफ चल देता है. वही रेशमा ठाकुर रूम से निकल जाती है. जब शमशेर ने देखा की रेशमा ठाकुर चली गयी तो हस्ते हुए कहता है. "तू बस देखती जा मैं तेरे और इस परिवार के साथ क्या करने वाला हु. पर उसे पहले तेरी बेटी और बहन की चुदाई तेरे सामने hi करूँगा और तू कुछ नहीं कर पायेगी."

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"हाँ तो रानी कैसा लगा ये घर." नकुल ने अपने कार को एक 2000सकफट मेंशन (घर) के आगे रोकते हुए पूछता है. रानी मेंशन को देख कर खुश हो जाती है क्युकी बहार से बहुत hi सूंदर दिख रहा था.

"भाई पहले इसे अंदर से तो देख लेने दो. उसके बात मैं बताउंगी आपको." रानी ने नकुल से कहती है. नकुल किसी को फ़ोन करता है और किसी का वेट करने लग जाता है. अभी 5 मिनट hi हुए थे की एक कार आ कर मेंशन के आगे रुकती है. उस कर को देखते hi गार्ड ने मेंशन का गेट ओपन करता है. फिर वो कार अंदर की तरफ चल देती है और उसके पीछे नकुल और अनामिका की कार.

नकुल कार से उतरता है फिर दूसरी तरफ जा कर कार का दूर ओपन करते हुए रानी को बहार आने का इशारा करता है. रानी भी बड़े hi स्टाइल से कार से उतारते हुए एक साइड कड़ी हो जाती है. नकुल कार का दू लॉक करता है.

"सर मेरा नाम नमन है." ये बात उस उस कार में आये व्यक्ति ने कहा.

"मेरा नाम नकुल है और ये मेरी फॅमिली है. तुम अकेले आये हो." नकुल ने कहा.

"जी सर वो Madam.ko कोई जरुरी काम आ गया इस लिए उन्हें जाना पड़ा.. मैं hi आपको ये मेंशन दिखने वाला हु." नमन ने कहा.

"चले अंदर रानी साहिबा." नकुल ने कहा. रानी नकुल की बात सुन कर अपना हाथ उसके बाजु में दाल कर अंदर की तरफ चल देती है. उसके बाद सभी नकुल के पीछे हो लेते है.

उसके बाद नमन ने पुरे मेंशन को बहुत hi अच्छी तरफ दिखता है साथ hi उस को क्वालिटी के बारे में भी बताता जा रहा था. रानी नमन की बात को बहुत hi ध्यान से सुन रही थी और हर के चीज़ को बहुत hi धयान से देख भी रही थी. ऐसे hi पुरे 3 घंटे लग गए पूरा मेंशन देखने में.

"सर अब बताई आपको ये मेंशन कैसा लगा. अगर पसंद है तो डील फाइनल किया जाये नहीं तो मैं आपको दूसरी जगह ले चलता हु." नमन ने ये बात नकुल से बहुत hi विनम्रता के कहता है. नकुल फिर रानी के तरफ देखते हुए मुस्कुराने लग जाता है. रानी नकुल को इस तरह मुस्कुराते हुए देख कर समझ जाती है की नकुल क्या कहना चाहता है.

"भाई मुझे ये बहुत पसंद आया है. प्लीज आप इसे ले लो. हम सब इसमें hi रहेंगे." रानी नकुल से कहती है.

"ठीक है. नमन तुम पेपर रेडी करो." नकुल ने कहा.

"सर पेपर रेडी है. आप बस उस पर सिग्न करना है. और अमाउंट पाय करना है." नमन ने अपने सूटकेस से मेंशन के डॉक्यूमेंट निकल कर टेबल पर रखते हुए कहता है.

"क्या बात है. तुम्हे तो जैसे पहले से hi सब कुछ पता था की मैं ये खरीदने वाला हु." नकुल एक सोफे पर बैठते हुए कहता है. फिर नकुल पेन ले कर उस मेंशन के डाक्यूमेंट्स पर सिग्न करने लगता है.

"ऐसे बात नहीं है सर. मैडम हमेशा से अपने क्लाइंट को घर दिखने से पहले उसके नाम पर डाक्यूमेंट्स रेडी करवा देती है. अगर क्लाइंट ने रेडी हो गया तो ठीक है. अगर नहीं तो डॉक्यूमेंट को फाड् देते है." नमन ने कहा.

"ये लो मैं ने सिग्न कर दिया. अब बताओ पेमेंट कॅश लोगो या चेक." नकुल ने नमन से पूछा

"सर आप मुझे 70 लैस साशा और बाकि के इस अकाउंट में." नमन ने एक अकाउंट no नकुल के फ़ोन पर मैसेज करने के बाद कहता है. नकुल ने उस अकाउंट no को नताशा के पास सेंड कर देता है.

"अनामिका मेरी कार में एक ब्रीफ़केस रखा हुआ है. तुम उसे ले कर आ जाओ. और मर. नमन 30 मिनट्स के अंदर बाकि का अमाउंट अकाउंट में ट्रांसफर हो जायेगे." नकुल ने कहा.

"Ok सर. कल शाम तक कानूनी तौर पर ये मेंशन आपके नाम हो जायेगा और पेपर भी मिल जायेंगे," नमन ने डाक्यूमेंट्स लो अपनी सूटकेस में रखने के बाद कहता है. अनामिका नकुल को उसका ब्रीफ़केस देने के बाद एक साइड कड़ी हो जाती है. फिर नकुल ब्रीफ़केस ओपन कर ले 70 लैस निकल कर देता है. पैसे लेने के पास नमन वह से चला जाता है और जाने से पहले मेंशन को के नकुल लो दे जाता है.

"आप सब अपना अपना रूम देख लीजिये. मैं भी अपना रूम देख लेता हु." नकुल इतना कहने के बाद वो एक तरफ चल देता है. वही नकुल को जाते देख रानी नकुल के पीछे हो लेती है, तो बाकि सब अपना अपना रूम देखने चल जाते है.

मंजू बुआ और सुमन अनूठी ने निचे का रूम सेलेक्ट किया. हीना, अनामिका और ज़रीन ने फर्स्ट फ्लोर के राइट साइड के रूम को. वही मैं लेफ्ट साइड के लास्ट वाला रूम तो सेकंड लास्ट वाला रानी ने.
 
अपडेट 141

अब तक

"आप सब अपना अपना रूम देख लीजिये. मैं भी अपना रूम देख लेता हु." नकुल इतना कहने के बाद वो एक तरफ चल देता है. वही नकुल को जाते देख रानी नकुल के पीछे हो लेती है, तो बाकि सब अपना अपना रूम देखने चल जाते है.

मंजू बुआ और सुमन अनूठी ने निचे का रूम सेलेक्ट किया. हीना, अनामिका और ज़रीन ने फर्स्ट फ्लोर के राइट साइड के रूम को. वही मैं लेफ्ट साइड के लास्ट वाला रूम तो सेकंड लास्ट वाला रानी ने.

अब आगे

"पकड़ साली को. इस बार बच कर नहीं चाहिए. अगर इस बच के निकल गयी तो बॉस हम सब को जिन्दा नहीं छोड़ने वाला है." एक गुंडे ने अपने साथियों से कहता है. जो की एक लड़की पीछा कर रहे थे. वो लड़की उन गुंडों से बचने के लिए सड़क पर दौड़ रही थी.

"हे गॉड हेल्प प्लीज. मुझे इन सब से बचा ले जब तक मैं ये अमानत इस के असली मालिक तक नहीं पंहुचा देती." वो लड़की भागते हुए ईश्वर से प्राथना कर रही थी. वो लड़की उन गुंडों से बचने के लिए एक गारमेंट्स शॉप में गुसा जाती है. और वो गुंडे भी उसके पीछे पीछे शॉप के अंदर गुसा जाते है. शॉप बहुत hi बड़ा और 2 मंजिला था.

वो लड़की अंदर घुसा कर एक ड्रेस लेती है और चेंजिंग रूम में चली जाती है. वही वो सभी गुंडे उसक लड़की को ढूढने के लिए पुरे शॉप में फैल जाते है. एक गुंडा निचे hi खड़ा उस लड़की को ढूंढ रहा था. वो हर के लड़की और औरत को बहुत hi ध्यान से देख रहा था. जो उस लड़की मिलते जुलते फिगर की थी. तभी उस गुंडे को एक साइड कुछ लड़कियों ग्रुप जो अपने लिए कपडे खरीद रहा थे वह चला जाता है क्युकी उसे एक लड़की दिखाई देती है जो हूबहू उस लड़की की hi तरह दिख रही थी और लड़की ने ड्रेस और फिगर शामे थी.

जब वो लड़की ने अपने कपडे चेंज कर के जब वो बहार गुंडों को देखती है तो उसे कोई नहीं दिखाई देता है. वो काउंटर पर जा कर 2000 के के दो नोट रख कर वह से ऐसे hi निकलती hi वो गुंडा जो उन लड़कियों की तरफ गया था किसी से टकराने की वजह से पीछे मुद जाता है तो उसे वो लड़की जिसका वो पीछा कर रहे थे शॉप से बहार जाती हुई दिखाओ देती है.

इस लिए वो अपने साथियों को कॉल कर बता देते हुए बहार निकल जाता है. वो लड़की एक ऑटो में बैठ कर निकल जाती है. वो गुंडा भी ऑटो बैठ कर उस लड़की का पीछा करता है. साथ hi उस ने अपने साथियों को भी बता देता है.

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सभी अपना अपना रूम देखने के बाद सब ड्राइंग रूम में बैठे हुए बाते कर रहे थे. और सभी खुश थे.

"भाई इस मोके पर तो पार्टी होनी चाहिए. इस लिए हम सब बहार चलते है." रानी ने नकुल के गले गलती हुए कहती है. नकुल भी रानी को बात को सुन कर.

"हाँ क्यों नहीं, तो फिर चलो चलते है." नकुल ने रानी के गाल पर किश करते हुए ये बात कहती थी. सुमन अपनी बेटी और नकुल का नाटक देख कर खुश हो रही थी.

फिर सभी वह से कार में बाथ कर सिटी मार्किट की तरफ चल देते है, नकुल के साथ रानी और मंजू बुआ बैठी हुए थी तो अनामिका के साथ सुमन, हीना और ज़रीने. नकुल अपनी कार को फुल स्पीड में मार्किट को तरह चलते हुए जा रहा था. नकुल ने जैसे hi अपनी कार को मोड़ता है एक लड़की उसके कार के आगे आ जाती है. पर नकुल ने किसी को अचानक अपनी कार के आगे आते देख ब्रेक लगा देता है. पर उस लड़की से नकुल की कार का टक्कर हो hi जाता है.

नकुल अपनी कार से निकल कर जब देखता है तो उस लड़की के सर से खून बाह रहा था. नकुल जल्दी से उस लड़की को उठा कर अपनी कार के पिछली सीट पर लिटा देता है.

"बुआ आप इस लड़की को पकड़ कर बैठिये." नकुल ने कार के दूर को लॉक करने से पहले मंजू बुआ से कहता है. फिर नकुल ड्राइविंग सीट पर बैठ अपनी कर को सिटी हॉस्पिटल की तरफ भगा देता है. वही अनामिका ने भी उस लड़की को कार में करते हुए देख लिया था, इसलिए वो सारा माजरा समझ जाती है और अपनी कर को नकुल के कार की पीछे भगा देती है.

"ये लड़की कौन है नकुल." मंजू बुआ नकुल से पूछती है. नकुल जिस पर मंजू बुआ को सब कुछ बता देता है.

नकुल अपनी कार को सिटी हॉस्पिटल के आगे रोकता है, फिर कार से उतर कर पीछे की तरफ जा कर कार का दूर ओपन करता है. उसके बा नकुल उसक लड़की को अपनी गौड़ में उठा कर हॉस्पिटल के अंदर ले जाता है.

"डॉक्टर प्लीज जल्दी से निकल इलाज कीजिये." नकुल ने कहा. डॉ. ने जब उस लड़की की हालत देखता है तो कहता है, " ये तो एक्सीडेंट ने केस है. पहले पुलिस कम्प्लेन करनी पड़ेगी. पुलिस कम्प्लेन के बाद hi इसका ट्रीटमेंट होगा."

"देखिये डॉ. पुलिस कम्प्लेन तो बाद में भी हो जायेगा. पहले आप इसका इलाज कीजिये. अगर इस कुछ हो गया तो कौन ज़िम्मेवार होगा. अगर फिर भी आपको मुझे पर विश्वाश नहीं है तो ये लीजिये मेरे कार्ड." नकुल ने अपना कार्ड देते हुए कहता है. डॉ. कार्ड को देखते hi.

"नर्स जल्दी से इसे अंदर ले चलो." डॉ. ने नर्स से कहता और एक रूम की अंदर चला जाता है.

"बीटा ये लड़की कौन थी." सुमन ने नकुल से पूछती है. नकुल सुमन को सब कुछ बता देता है. और डॉ. का बहार आने का इंतज़ार करने लगता है. वही अनामिका और हीना ने कुछ खाने के लिए ले आयी थी.

अनामिका सब को खाने का देती है फिर नकुल के पास जाती है. "नकुल ये लो कुछ खा लो. तुम्हे भूख लगी होगी." अनामिका ने एक सैंडविच नकुल की तरफ भड़ते हुए कहती है. नकुल लेने से माना कर देता है.

"बीटा अगर तुम सैंडविच नहीं खाओगे तो काम से काम इस तो पी hi सकते हो." मंजू बुआ ने कॉफ़ी देते हुए कहती है. नकुल मंजू बुआ को मन नहीं कर पता हैं, इस लिए कॉफ़ी ले कर पीने लगता है,

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"बॉस उस लड़की का एक कार से एक्सीडेंट हो गया है. उस लड़की को हॉस्पिटल ले कर गए है." एक गुंडे ने फ़ोन पर अपने बॉस से कहता है.

"सेल हरामी ये बात मुझे क्यों बता रहा है. तुझे बोलै था न उसे जान से मर कर वो सरे पेपर उस लड़के से ले के आना है." बॉस ने कहा. वो गुंडा बहुत hi दर जाता है अपने बॉस को इस तरह से गुस्सा होते हुए देख कर.

"ठीक है बॉस. हम अभी जा कर उसे मए देते है और उस लड़की से सरे पेपर ले कर आते है."

"यही तुम सब के लिए अच्छा होगा. अगर तुम सब खली हाथ वापस तो तुम सब को जान से मर दूंगा और तुम्हारी माँ और बहनो लो कोठे पर बैठ के धंधा करवाऊंगा. समझ आयी मेरी बात."

"यस बॉस." इतना कहने के बाद उस गुंडे ने फ़ोन रख देता है. फिर वो गुंडा कहता है, "रमेश कार को हॉस्पिटल की तरफ ले चल. सेल बॉस ने दिमाग की माछोड़ दी."

"क्या हुआ सनी इतना गुस्सा क्यों हो रहा है." रमेश ने कहा. जिस पाए सनी रेशमा की को गुस्से देखता है. रेशमा चुपचाप कार को हॉस्पिटल की तरफ भगा देता है.

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"डॉ. अब उस लड़की हालत कैसी है." नकुल ने जब डॉ. को रूम से बहार आते हुए देखता है तो इसे पास जा कर पूछता है.

"शी इस फाइन, कोई खतरे की बात नहीं है. बस सर पे मामूली सी चोट आयी. अभी थोड़े देर में होस आ जायेगा." डॉ इतना कहने के बाद चला जाता है.

वही नकुल रूम के अंदर चला जाता है. नकुल अंदर जा कर के चेयर पाए बैठ जाता है. बाकि सब भी नकुल की पीछे पीछे अंदर आ जाते है.
 
अपडेट 142

अब तक

वही नकुल रूम के अंदर चला जाता है. नकुल अंदर जा कर के चेयर पाए बैठ जाता है. बाकि सब भी नकुल की पीछे पीछे अंदर आ जाते है.

अब आगे

"आप कैसी है. माफ़ करना मेरी वजह से हॉस्पिटल आना पड़ा आप को." नकुल उस लड़की से उसका हाल पूछने के साथ hi माफ़ी मांगने के साथ ये बात कहा. उस लड़की ने नकुल को बहुत hi ध्यान से देखती है और उठ कर बैठने की कोशिश करती है. नकुल ये देख कर फिर से कहा, "आप लेती रहिये, डॉ. ने आपको उठाने के लिए मन किया है."

"मैं ठीक हु. आपको माफ़ी मनागने के कोई जरुरत नहीं है क्योकि गलती मेरी hi थी." उस लड़की ने नकुल से कहती है, और फिर उठ कर बैठा ने लगाती है. नकुल ये देख कर उस लड़की बैठ ने में मद्दत करता है. "थैंक्स. I'm रुचिका खन्ना. और आप."

"मैं नकुल कुशवाहा. प्यार से मुझे नकुल कहता है." नकुल ने अपना परिचय दिया. तभी पीछे से बाकि सब भी वह आ जाते है. रुचिका इतने सरे लोगो आपने पास देख कर नकुल की तरफ देखने लग जाती है. "ये सब मेरे साथ है. इनसे मिलो ये रानी, हीना, अनामिका और ज़रीने है. ये मेरी सुमन आंटी और ये मेरी प्यारी मंजू बुआ. इनका नाम है रुचिका खन्ना."

"अब कैसा महसूस कर रही हो बेटी." सुमन आंटी ने रुचिका से पूछा.

"मैं ठीक हु आंटी." रुचिका ने मुस्कुराते हुए कहा. फिर अपने आसपास देखने लगी. जैसे कुछ तलाश कर रही हो ये देख कर मंजू बुआ बोली, "क्या ढूंढ रही हो बेटी."

"आंटी मैं अपना बैग देख रही थी. वो कही दिखाई नहीं दे रहा है." रुचिका ने कहा.

"वो मेरी कार में रखा हुआ है. मैं अभी ले कर आता हु." नकुल ने कहा और वह से जाने लगता है.

"नकुल अभी रहने दो. मैं तुमसे बाद में ले लुंगी." रुचिका ने नकुल से कहती है.

"ठीक है. अपने घर पर फ़ोन कर के बता दो की तुम हॉस्पिटल में हो." नकुल ने कहा. नकुल की बात सुन कर रुचिका रोने लगी. रुचिका को रट देख कर सभी परेशां हो जाते है. नकुल सुमन आंटी को इशारा कर के वह से निकल जाता है,

"क्या बात है बेटी तुम नकुल की बात सुनकर रोने क्यों लगी." सुमन आंटी ने रुचिका को रट देख कर गले लगते हुए ये बात कही थी. रुचिका भी सुमन आंटी के गले लगाने के कर फुट फुट कर रोने लगा जाती है. आज रुचिका को बहुत दिनों के बाद कोई सहर मिला था अपने पीटा के मौत के बाद. सुमन आंटी उसे रोने देती है. जब रुचिका का रोने काम हो जाता है तो सुमन आंटी उसे अपने से अलग करती है.

"बीटा बात क्या है. तुम ऐसे रोने क्यों लगी थी." सुमन आंटी ने रुचिका से पूछती है.

"एक महीने पहले बात की है. कुछ लोग मेरे घर आये और पापा को किसी बात के लिए धमकी दे कर गए, उसे में अपने रूम थी शोरे सुन कर मैं बहार आ गयी. जब मैं पापा से पूछा ये लोग कौन थे तो उन्होंने कहा की उनके पास कुछ डाक्यूमेंट्स है जो किसी और के है और वो गुंडे किसी भी कीमत पाना चाहते थे. उन गुंडों ने पापा और मुझे कही बार मर भी पर हमने उन्हें वो डाक्यूमेंट्स नहीं दिया. एक दिन की बात थी की मैं अपने किसी फ्रेंड्स के घर किसी काम ऐ गयी थी. जब मैं वापस लौटी तो मेरे पापा खून से लथपत पड़े हुए थे. मैं भाग कर उनके पास गयी. मरते हुए पापा ने कहा, 'बीटा मेरी बात ध्यान से सुनो. मेरी ऑफिस में जो पेंटिंग तंगी हुई है जल्दी से जा कर ले आओ.'

'नहीं पापा, पहले मैं आपको हॉस्पिटल के चलती हु.' मैं पापा से कहा.

'बीटा मेरे पास ज्यादा समय नहीं है. उस डॉक्युमेंट को उसके असली मालिक तक पहुंचना बहुत जरुरी है. इस लिए मैं जो कहा वो करो.' मैं पापा की बात सुन कर जल्दी से ऑफिस में गयी तो देखा ऑफिस का सारा सामान बिखरा हुआ था. सिवाए उस पेंटिंग लो छोड़ कर. मैं जल्दी से उस पेंटिंग को ले कर पापा के पास आ गयी. पापा ने उस पेंटिंग तो तोड़ दिया और पेंटिंग को फाड् कर दिया. पापा फिर बोले, 'बीटा जल्दी से ये सरे डाक्यूमेंट्स उठाओ और यहाँ से चली जाओ. वो गुंडे फिर से आते hi होंगे.' इतना कहने के बाद पापा की सांसे रुक गयी. तभी मुझे बहार गाडी रुकने के आवाज़ सुनाई दी. मैं ने जल्दी से डाक्यूमेंट्स उठा कर अपने बैग में रख पीछे के रस्ते से वह से निकल गयी. और उन गुंडों से छुपाती फिर रही हु."

"तो इसका मतलब आज भी तुम उन गुंडों से अपनी जान बच कर भाग रही थी और तुम्हारा एक्सीडेंट हो गया नकुल के गाडी से." ये बात अनामिका ने कही थी. जो बड़ी देर से उस देख कर कुछ सोच मैं पड़ी हुई थी. जैसे की वो उसे पहले भी मिल या कही देखा चुकी हो.

"हाँ आपने ठीक कहा. मैं उनसे hi जान बच कर भाग रही थी." रुचिका ने कहा.

"बीटा तुम टेंशन मत लो. अब से वो गुंडे तुम्हारा कुछ नहीं बिगड़ पाएंगे क्योकि अब तुम हम सब के साथ रहने वाली हो. और मना बिलकुल नहीं करोगी." ये बात मंजू बुआ ने कहा. ऐसे hi सब के बिच बाते होती रही.

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"भूरा ये यहाँ क्या कर रहा है." एक व्यक्ति ने नकुल को देख कर ये बात कही थी और अपने साथियों को कार के अंदर hi बैठ रहने का इशारा किया. उस समय नकुल अपनी कार से रुचिका का बैग निकल रहा था.

"क्या बात है जेम्स. तुम उस लड़के से इतना दर क्यों रहे हो." भूरा ने जेम्स के चेहरे पर आये खौफ कर देख कर कही थी. भूरा फिर से बोलै, "उस लॉयर की बेटी का एक्सीडेंट इस के गाडी से हुआ है और हॉस्पिटल भी उसे यही ले कर आया है."

"अगर ऐसा है तो जब तक ये यहाँ पर है हम में से कोई अंदर नहीं जायेगा." जेम्स ने आर्डर देते हुए अपनी बात कही. जिस को सुन कर सब हैरान हो जाते है. एक मामूली से लड़के को देख जेम्स का इस तरह डरना उन सबको हजम नहीं हो रहा था.

"जेम्स अगर कोई बात है हमें batao..warna मैं अपने सत्यों को साथ ले कर अंदर जा रहा हु. क्योकि हम ऐसे लड़को के साथ डील करना अच्छी तरह से जानते है." भूरा ने ये बात बहुत hi रॉब के साथ कही थी. उसकी बात को सुन कर जेम्स जोर से हंस देता है. वही नकुल उसे बैग को ले कर अंदर चला जाता है. भूरा नकुल को जाते देखा बोलै, "वो देखो, वो जा रहा है और उसके हाथ में उस लड़की का बैग भी है. हम उस बैग को ऐसे नहीं जाने दे सकते."

"तुम उस बैग चिंता मत करो और न hi उस लड़की की. मैं बॉस से बात कर लूंगा. फिलहाल तुम कार को यहाँ से घुमाओ." जेम्स ने ये बात गुस्से में कही थी. भूरा जेम्स के गुस्से को देख कर कार को वह से ले कर निकल जाता है.
 
अपडेट 143

अब तक

"तुम उस बैग चिंता मत करो और न hi उस लड़की की. मैं बॉस से बात कर लूंगा. फिलहाल तुम कार को यहाँ से घुमाओ." जेम्स ने ये बात गुस्से में कही थी. भूरा जेम्स के गुस्से को देख कर कार को वह से ले कर निकल जाता है.

अब आगे

"मर. नकुल आप इन्हे ले जा सकते है, इनकी रिपोर्ट नार्मल आयी है." डॉ. ने नकुल को रोकते हुए अपनी बात कही थी, जब नकुल रुचिका के पास जा रहा था. नकुल डॉ. की बात सुन कर खुश हो जाता है की रुचिका को उसकी वजह से ज्यादा चोट नहीं लगी थी.

"थैंक यू डॉ." नकुल ने कहता है और रुचिका के रूम के तेज़ी से चल दिया. रूम में पहुँचाने के बाद नकुल ने सबको डॉ. से जो बात हुई थी वो बता देता है. जिससे सुन कर सब खुश हो जाते है. नकुल फिर कहता है, "आप सब निचे आयी जब तक मैं डिस्चार्ज पेपर रेडी करवाता हु. और रुचिका अब से तुम हमारे साथ रहने वाली हो, इस लिए कोई ड्रामा नहीं मेरे जाने के बाद." नकुल रूम से चला जाता है.

"बेटी तुम जल्दी से अपने कपडे चेंज करो, फिर हम सब निचे चलते है." मंजू बुआ बड़े hi प्यार से रुचिका कहती है. रुचिका भी चुपचाप कपडे चेंज करती है.

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"दिलवर उस लॉयर की लड़की नकुल के पास है. जिसकी गर्लफ्रेंड को हम ने देहरादून से उठा कर ले आये थे." जेम्स ने दिलावर से कहा. जो इस वक़्त वो दोनों एक रूम थे जो जमीं से 200फट निचे बना हुआ था. ये दिलावर का मैं बेस था जिसके बारे में बस गिने चुने लोगो को hi मालूम था जिस पर दिलावर सब ज्यादा भरोसा करता था. ये बेस 1 कम के एरिया में बना हुआ था.

"वो यहाँ क्या कर रहा है." दिलावर ने जेम्स से पूछता है. दिलावर को इस बात की बिलकुल आकांक्षा नहीं थी नकुल यहाँ तक पहुंच जाएगा. दिलावर जेम्स की तरफ देखते हुए बोलै, "जेम्स मुझे उस नकुल की पूरी जन्मकुंडली चाहिए. वो यहाँ क्यों और किस लिए आया है. और हाँ ये आखिर है कौन? जिससे बॉस भी फटती पड़ी थी मैं ने नकुल को जान से मरने के लिए पूछा था."

"Ok दिलावर मैं इस लड़के नकुल की साडी डिटेल जल्दी से जल्दी निकलता हु. अभी उस लड़की रुचिका का क्या करना है." जेम्स दिलावर ाव पूछता है. जेम्स मैं hi मैं चाहता था की उसे उस लड़की के पस न जाना पड़े. क्योकि अगर वो वह गया तो नकुल से सामना करना पड़ता जो वो इस समय बिलकुल नहीं चाहता है.

*जेम्स अभी उस लड़की को छोड़, उस नकुल पर ध्यान दो." दिलावर जेम्स से कहते हुए ेल तरफ बढ़ जाता है जहाँ पर फ़ोन रखा हुआ था.

"ठीक है दिलावर मैं फिर चलता हु. अब मेरी मुलाकात तुमसे तभी होगी जब उस नकुल की साडी डिटेल मेरे पास होगी." जेम्स कहता है और रूम से निकल जाता है.

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"भाई अभी कहाँ चल रहे है." रानी ने नकुल से पूछती है. नकुल रानी की तरफ देखता हुआ बोलै, "डिअर अभी तो हम सब वापस होटल जा रहे है. क्योकि बहुत रात हो चुकी है. वही पर डिनर करेंगे. फिर कल अपने नई घर."

"Ok भाई." रानी कहा और चुपचाप बैठ जाती है. नकुल रानी के उदास चेहरे को देख कर परेशां हो जाता है. पर नकुल कुछ नहीं कहता और मुस्कुराते हुए अपनी ड्राइविंग पर ध्यान देने लगा. रानी नकुल को मुस्कुराते हुए देख कर अपने चेहरे को कार की विंडो की तरफ कर देती है.

"रुचिका तुम स्टडी करती हो या जॉब." नकुल ने रुचिका से पूछता है, जो पीछे के सीट पर मंजू बुआ के साथ बैठी थी.

"मैं लॉ किया है हुए अपने पापा के साथ प्रैक्टिस कर रही थी." रुचिका ने कहा.

"तो इसका मतलब है की तुम्हे कानून के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी है. और तुम मेरी मद्दत भी कर सकती हो." नकुल ने रुचिका से कहा.

"मैं कुछ समझी नहीं." रुचिका ने बोली. रुचिका की बात सुन कर नकुल मुस्कुराते फिर से कहा, "इसमें समझने वाली क्या बात है. मैं तो सिंपल सा ऑफर दिया है की तुम मेरी लीगल अद्विसेर बन जाओ. और मेरी मद्दत करो और हाँ पेमेंट जो तुम चाहो."

"नकुल तुम मेरे में कुछ नहीं पता है. ये भी हो सकता है की मैं अभी तक जो बाते तुमसे बोली है सब मैं झूठ हो." रुचिका ने कहा.

"रुचिका मैं छोटी सी उम्र में बहुत कुछ देखा है और समझा है. और तुम्हारी बातो को सुने और अब तक जो मैं ने तुम्हे देखा और समझा है. इतना जरूर कहा सकता हु की तुम मेरे साथ धोखा कभी नहीं कर सकती." नकुल ने रुचिका बहुत hi शांत स्वर में कहता है. रुचिका नकुल की बात को सुन कर कुछ भी नहीं कहती है. नकुल एक तरफ अपनी कार रोकते हुए फिर से बोलै, "तुम सोच कर बताना. चलो आइस क्रीम कहते है." नकुल कार से उतर कर रानी के तरफ जा कर कार का दूर ओपन करता है. "चले रानी साहिबा."

नकुल को आइस क्रीम पार्लर के आगे रट हुए देख कर अनामिका ने भी अपनी कार रो देती है. फिर वो सब भी पार्लर के अंदर चल देते है.

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"यार प्रिय नकुल और माँ का कुछ भी पता नहीं चल रहा है. वो दोनों आखिर है कहा. हम ने उन्हें कितना तलाश किया पर उनकी कोई खबर hi नहीं मिल. साला हरामी माँ को ले कर गया तो गया कहा." चांदनी ने प्रिय से बोलती है. जो इस समय प्रिय के साथ आइस क्रीम खाने कूल आइस पार्लर के अंदर बैठी हुई थी. ये वही आइस पार्लर था जहाँ पर नकुल रानी को अपनी ले कर गया था बाकि सब उसके पीछे.

"क्या यार तू भी किसको ले कर पड़ी हुई है. जब की तुझे उसके और अपनी माँ के बारे में अच्छी तरह पता है. की तेरी माँ हमारे साथ बिलकुल भी नहीं आती जब तक तेरा बाप नकुल से माफ़ी नहीं मांग लेता." प्रिय ने चांदनी को बातो को बदलने की कोशिश करते हुए अपनी बात कही थी.

"कैसे छोड़ दू यार सेल मुझे कौनसी ड्रग्स दिया है जब देख मेरी गीली रहती है. और अभी मेरी छूट पानी छोड़ रही है. विश्वास न हो तो एक बार निचे देख ले." चांदनी प्रिय से बोली. प्रिय झुक कर निचे देखती है तो फर्श छूट के पानी से गिला हो गया था. ऐसा लग रहा था की किसने थोड़ा सा पानी गिरा रखा हो. चांदनी फिर से बोली, "अब साला वेटर भी अपनी माँ छुड़ा रहा है. कितनी देर का आर्डर ले कर गया हुआ है और अभी तक ले कर नहीं आया."

"यार गुस्सा छोड़ और वो देख अपना आर्डर भी आ गया." प्रिय ने चांदनी को एक तरफ इशारा करते हुए बोली. जब चांदनी ने उस तरफ देखा तो वेटर इनका आर्डर ले कर आ रहा था. तभी चांदनी और प्रिय के कानो में एक आवाज़ सुनाई पड़ी. उस आवाज़ को सुन कर दोनों ने अपना ध्यान उस दिशा में कर देती है.

जहाँ पर नकुल मंजू बुआ और दो और लड़कियों के साथ बैठा हुआ वेटर को आर्डर से रहा था. ठीक उनके hi बगल के टेबल पर अनामिका, सुमन शर्मा, हीना और ज़रीने बैठी हुई थी. चांदनी नकुल को देख कर बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है तो वही अपनी को माँ को देख कर खुद को शांत कर लेती है.

"यार वो देखा नकुल और मेरी माँ वह बैठी हुई है. पर दोनों के साथ वो लड़की कौन है.". चांदनी ने प्रिय से पूछती है. जब की प्रिय का ध्यान चांदनी की बातो में न हो कर नकुल के साथ जो लोग थे उन्हें देखने में खोई हुई थी. जब चांदनी ने प्रिय को कुछ न बोलते हुए देख कर उसकी तरफ देखा तो प्रिय का ध्यान नकुल के बगल वाले टेबल पर था. चांदनी प्रिय को हिला कर होस में लती है.

"ोये मैं तुझे कुछ पूछ रही हु. और तू है को दूसरी तरफ देखे जा रही." चांदनी ने प्रिय से कहा.

"सॉरी यार. अच्छा बता क्या कहा रही थी मुझे." प्रिय माफ़ी मांगने हुए चांदनी से पूछा.

"नकुल के साथ वो दो लड़कियों कौन है"

"नकुल के साथ सिर्फ वो दोनों hi नहीं बल्कि उसके बगल के टेबल पर को लोग बैठे हुए है वो भी उसके साथ hi है. नकुल के साथ रानी शर्मा है. दूसरी लड़की को मैं नहीं जानती हु. दूसरी टेबल पर सुमन शर्मा और हीना शर्मा रानी माँ और बहन है. साथ hi में अनामिका और ज़रीने खान है." प्रिय ने चांदनी को नकुल के साथ आये लोगो के बारे में पूरी जानकारी देते हुए कहा.

"पर ये सब यहाँ क्या कर रहे है." चांदनी प्रिय से पूछती. जो की एक बेतुका सवाल था.

"ोये मुझे क्या पता वो सब यहाँ क्या कर रही है. जहाँ तू बैठी है वही मैं भी." प्रिय बोल पड़ी. वेटर अपना आर्डर रख कर जा चूका था. चांदनी अभी कुछ और कहती की प्रिय ने उसे चुपचाप आइसक्रीम खाने को बोली.
 
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अब तक

"पर ये सब यहाँ क्या कर रहे है." चांदनी प्रिय से पूछती. जो की एक बेतुका सवाल था.

"ोये मुझे क्या पता वो सब यहाँ क्या कर रही है. जहाँ तू बैठी है वही मैं भी." प्रिय बोल पड़ी. वेटर अपना आर्डर रख कर जा चूका था. चांदनी अभी कुछ और कहती की प्रिय ने उसे चुपचाप आइसक्रीम खाने को बोली.

अब आगे

"अच्छा रानी अब आप सबके लिए आर्डर दो और हाँ मेरे लिए चॉकबिते ok. जरा मैं वाशरूम से हो कर आता हु." नकुल वह से उठ कर वाशरूम की तरफ चल दिया. नकुल के जाने के बाद रानी ने सबके लिए आइस क्रीम आर्डर किये उन सब की पसंद के.

वही नकुल से थोड़े दूर बैठी हुई प्रिय ने नकुल को वाशरूम की तरफ जाता हुए देख लेती है. 'चांदनी मैं जरा वाशरूम से हो आती हु, और हाँ यहाँ से उठ कर आंटी के पास मत चली जाना समझी." चांदनी ने अपनी गर्दन हाँ में हिल्ला देती है. प्रिय चांदनी के हाँ सुनते hi वो वाशरूम की तरफ चल देती है. वाशरूम के पास पहुंच कर प्रिय नकुल का बहार hi वेट करने लग गयी.

"नहीं मुझ माँ से उस हरामी के बारे में बात करनी hi होगी. पता नई कुत्ते ने मेरी माँ के ऊपर क्या जादू कर रखा है की मेरी कोई बात सुने को hi राजी नहीं है. जरूर इन लोगो के साथ भी मेरी hi तरह कुछ न कुछ किया होगा और वीडियो बना कर इन सब को ब्लैकमेल कर रहा होगा. या फिर सब को पैसे दे कर नाटक करने के लिए लाया होगा ताकि मेरी माँ को अपने जाल में फसा सके. मैं ऐसे बिलकुल नहीं होने दूंगी." चांदनी मैं में सोच रही थी. चांदनी वहां से उठ कर अपनी माँ की तरफ चल दी, अभी दो कदम hi आगे बड़ी थी की उसका फ़ोन बजने लगा. अपने पर्स से अपना फ़ोन निकल कर जब चांदनी ने देखा तो उसके पापा का फ़ोन था.

"तुम दोनों घर कब तक आओगी. रात के 11 बजने जा रहे है. तुम्हारा भाई और तुम्हारी भाभी कीर्ति भी आयी हुई है. वो तुम दोनों का कब से वेट कर रहे है." चांदनी के फ़ोन रिसीव करते hi उसके पापा ने ये बात कही थी. चांदनी अपनी पापा की बात सुनकर बहुत खुश हो जाती है.

"बस पापा 10 मिनट के अंदर घर आते है." चांदनी के चहकते हुए अपनी बात अपने पापा से कही थी. उसके पीटा ने भी चांदनी की ख़ुशी को महसूस कर उनके चाहर पर मुस्कान आ गयी.

"ठीक है बीटा. तुम दोनों जल्दी से घर आ जाओ. हम सब तुम्हारा इंतज़ार कर रहे है. ाचा मैं अब फ़ोन रखता हु." अपने पीटा की बात सुनकर फ़ोन रखने ने लिए कहती की तभी उसे अपनी माँ का ध्यान आ गया. चांदनी बोल पड़ी, "पापा एक मिनट आप फ़ोन मत रखना मुझे आपसे माँ के बारे में बात करनी है."

"हाँ बेटी बोलो, मैं सुन रहा हु." तरुण रावत ने कहा.

"पापा माँ नकुल के साथ यहाँ पर आयी है. उनके साथ कुछ लोग भी है." चांदनी बोली.

"बीटा तुम कैसे भी कर के उन दोनों को रोके रखना, जब तक मैं वहां पर नहीं आ जाता. मुझे वहां का एड्रेस सेंड करो. मैं रजनी हुए तुम्हारे भाई के साथ पहुँचता हु." चांदनी अपने पापा की बात सुन फ़ोन रख और एड्रेस सेंड कर दिया. उसके बाद चांदनी अपनी माँ के तरफ चल दी.

वही दूसरी तरफ जब नकुल वाशरूम से बहार आया तो सामने प्रिय को देख कर उसकी तरफ बढ़ गया. प्रिय भी नकुल को अपनी तरफ आता देखा खुश हो गयी.

"तुम यहाँ क्या कर रही हो. तुमको पता है न मैं तुम्हे कौनसा काम दिया है. अगर थोड़ी सी भी चूक हुई तो तुम दोनों के लिए ठीक नहीं होगा." प्रिय नकुल के गुस्से को देख कर दर गयी. नकुल प्रिय को अपने साथ चले का इशारा कर एक तरफ चल दिया. प्रिय भी उसके पीछे पीछे चल दी. अब दोनों आइस क्रीम पारलर से बहार खड़े थे.

"जैसे तुम सोच रहे हो वैसा बिलकुल नहीं है. मैं तो यहाँ चांदनी के साथ आयी हु. मैं तो तुम्हे देखा तक नहीं था बल्कि मुझे तो चांदनी ने तुम्हे और आंटी को दिखाया. जब मैं तुम्हे देखा तो मैं खुद को रोक नहीं पायी और तुमसे मिलाने वहां पर चली आयी." नकुल प्रिय को बात को सुन एक थप्पड़ उसके गाल पर रख दिया. थप्पड़ इतना तेज़ था की उसकी आवाज़ काफी दूर तक गयी होगी, पर आसपास कोई भी नहीं था.

"साली रंडी तुझे किसीने कहा था की उसे छोड़ कर मुझे मिले चली आयी. जरूर तेरी भोसड़े में आग लगी होगी, इस लिए अपनी छूट ले कर मेरे पास चली आयी. तुझे पता भी है साली, अब तक उस रंडी ने अंदर न जाने क्या गुल खिलाई होगी." नकुल इतना कहने बाद बड़ी तेज़ी से अंदर चला गया. नकुल इस तरह जाते हुए देखा वो भी अंदर की तरफ भगति है.

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"इस समय तुम यहाँ क्या करे हो. तुम्हे पता है न अगर इतनी रात को किसी ने तुम्हे मेरे रूम में देख लिया तो मेरे बारे में क्या सोचेगा." रात के 12 बजने वाले थे. घर में सभी सो गए थे कुछ लोगो को छोड़ कर. समशेरा रेशमा ठाकुर की बात सुन कर उसकी तरफ बढ़ गया.

"वैसे इस ड्रेस में तुम बहुत hi हॉट एंड सेक्सी लग रही हो. वैसे तू बिना कपडे के क़यामत लगाती है. देखे मेरा लुंड तुझे इन कपड़ों में देखा किस तरह से खड़ा हो गया है." समशेरा आगे बढ़ रेशम ठाकुर को अपने बाँहों में कास लिया. फिर समशेरा ने अपने होंठों को रेशम ठाकुर के होठों पर रख कर किश करने लग गया. रेशमा ठाकुर उसे अपने से दूर करने के बहुत पर्यटन करती है पर कर नहीं पायी. 2मिनट किश करने के बाद समशेरा रेशमा ठाकुर से अलग हो गया.

"सेल कुत्ते तेरी हिम्मत कैसे हुए मुझे किश करने की." रेशम ठाकुर ने खुद को संभालने के बाद ये बात कही थी. समशेरा रेशमा की बात सुन कर हसने लगा. समशेरा को हँसते हुए देख रेशमा ठाकुर चिढ़ाते हुए बोली, "रुक तेरी हंसी अभी निकलती हु." रेशमा ठाकुर ने अपना फ़ोन निकल जैसे hi किसी को फ़ोन करती है. समशेरा भाग कर उसके पास आया और उसके हाथ से फ़ोन छीन लेता है.

"हाय मेरी रैंड. तू तो ऐसे नाराज़ हो रही है की जैसे मैं तुझे पहली बार किश कर रहा हु. जब की तुझे अच्छी तरह पता है की मैं ने की कदर छोड़ा है. वैसे तो मैं यहाँ आया था किसी काम से, पर तुझे इस ड्रेस में देख कर खुद को काबू नहीं रख पाया." समशेरा ने एक कुटिल मुस्कान के साथ अपनी बात रेशमा को कहा. रेशमा ठाकुर भी उसकी मुस्कान को देख कर मुस्करा दी.

"अच्छा बोलो क्या बात करनी है मुझे. जो तुम सुबह का भी वेट नहीं कर पाए."

"देखो रेशमा तुम्हे ये बात अच्छी तरह पता है की मुझे रोज रात सोने पहले एक लड़की चाहिए छोड़ने के लिए. दिन में तो मैं अपने आप कर लेता हु. पर रात क्र लिए तुम्हे करना होगा. अगर तुमने किसी दिन कोई लड़की का बंदोबस्त नहीं कर पायी तो उस दिन मैं तुम्हारी चुदाई करूँगा." समशेरा की बात सुनकर रेशमा ठाकुर की गांड hi फट गयी. क्योकि उसे अच्छी मालूम था की समशेरा जो कहता वो करता भी, वो भी किस्मत पर.

"ठीक है मैं तुम्हारे लिए लड़कियों का इंतेज़ाम कर दूंगी. अब तुम यहाँ से जाओ. मैं नहीं चाहती कोई तुम्हे इतनी रात को मेरे रूम में देखे." समशेरा का काम हो चूका था इस लिए वहां से चला गया, पर जाने से पहले रेशमा ठाकुर को चूचियों की मिसता भी गया.
 
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अब तक

"ठीक है मैं तुम्हारे लिए लड़कियों का इंतेज़ाम कर दूंगी. अब तुम यहाँ से जाओ. मैं नहीं चाहती कोई तुम्हे इतनी रात को मेरे रूम में देखे." समशेरा का काम हो चूका था इस लिए वहां से चला गया, पर जाने से पहले रेशमा ठाकुर को चूचियों की मिसता भी गया.

अब आगे

"प्लीज माँ मान जाओ न. देखो पापा भी बहुत सर्मिंद है, अपने किये हुए उस वर्ताव के लिए. आप कहो तो मैं नकुल के पैरो को भी पकड़ने के लिए तैयार हु." चांदनी ने अपनी माँ से बोली. मंजू बुआ भी अपने बेटी की बात सुन कर एक बार उनका भी मैं दोल गया. फिर उन्हें उस दिन की बात याद आ गयी जब उनकी बेटी और पति ने नकुल को क्या क्या नहीं कहा था. यहाँ तक की उनके पति ने तो उनकी सबसे प्यारी भाभी को भी गली दिया था. चांदनी अपनी माँ के चेहरे पर आटे जाते भावो को बड़े hi ध्यान से देख रही थी.

"चांदनी तुम्हारे लिए अच्छा होगा की तुम यहाँ चली जाओ. मैं तुम्हारी कोई भी बात सुनना नहीं चाहती हु." चांदनी अपने माँ के गुस्से को देख कर दर गयी. फिर भी उसने कुछ सोच कर मंजू बुआ के पैरो को पकड़ लिया. मंजू बुआ भी अपने बेटी के ऐसे व्यवहार को देख कर आचार्यचकित हो गयी. जिस लड़की ने आज तक किसी से माफ़ी तक नहीं मानवी, चाहे उसकी कितनी भी बड़ी गलती क्यों न हो. पर आज तो सबके सामने मेरे पैरो पे गिर कर मुझे अपने किये की माफ़ी मांग रही है. अभी मंजू बुआ चांदनी से कुछ कहने hi वाली थी की नकुल वह आ गया. नकुल ने चांदनी को देख कर भी देखा.

"क्या हुआ हुआ आप मुझे ऐसे क्यों देख रही हो. मेरे चेहरे पर कुछ लगा हुआ है क्या. और ये लड़की कौन है जो आपकी पैरो पर गिरी हुई है." नकुल ने अपनी ये बात मंजू बुआ के पास आ कर कही थी और पास आने की वजह से उसने चांदनी को देख भी लिए था पर अनजान बना रहा. नकुल की बात सुन कर मंजू बुआ फिर से एक सोच में पद गयी. नकुल मंजू बुआ को कुछ न बोलते हुए देख कर फिर से बोलै, "क्या हुआ बुआ आप कुछ बोल क्यों नहीं रही है. ये लड़की कौन है और ये आपके पैरो पे इस तरह क्यों गिरी हुई है."

"बीटा ये चांदनी है. मुझसे और तुमसे ये अपने किये हुए वर्ताव के लिए माफ़ी मांग रही है. मैं ने इस कितनी बार यहाँ से जाने के लिए कह दिया पर ये यहाँ से जाहि नहीं रही. अब तुम hi बताओ मैं क्या करूँ." मंजू बुआ ने अपनी बात नकुल से बता दिया था. मंजू बुआ बस नकुल को hi देख रही थी और नकुल भी उनकी बातो अच्छी तरह समझ रहा था की उसकी बुआ उसे क्या चाहा रही थी.

"बुआ मैं ने तो आपको पहले भी कहा था की आप फूफा और चांदनी को माफ़ कर दो. पर आप मेरी बात सुनी hi नहीं रही थी. मैं अभी कह रहा हु आप चांदनी के साथ घर चले जाईये. और चांदनी और फूफा को माफ़ कर दे." मंजू बुआ नकुल की बात को सुन कर बहुत खुश हुई क्योकि मैं अब भी उनको घर जाने के लिए कह रहा था. वही बाकि सब ये समझने की कोशिश कर रहे थे की आखिर ये हो क्या रहा है. उधर नकुल के फूफा तरुण रावत भी रजनी ठाकुर के साथ यहाँ आ चुके थे. उन दोनों ने नकुल की पूरी बात सुन ली थी.

"मंजू नकुल ठीक कह रहा है. मैं अपने किये पे बहुत शर्मिंदा हु. प्लीज हो सके तो मुझे माफ़ कर दो. बीटा नकुल हो सके तो तुम भी मुझे माफ़ कर दो." तरुण रावत अपनी बात कहने के तुरंत hi नकुल के पैरो को पकड़ने को हुए तो नकुल ने उन्हें पकड़ लिया.

"फूफा जी आप ये क्या कर रहे है. क्यों मुझे पाप का भागी बना रहे है. आप चिंता मत कीजिये बुआ आपके साथ hi जायेगी. आप मेरा विश्वास रखिये. प्लीज बुआ आप फूफा जी के साथ चली जाईये." नकुल की बात सुन कर मंजू बुआ गहरी सोच में पद गयी थी. आखिर वो करे तो करे क्या. नकुल मंजू बुआ को इस तरह सोच में देख अभी कुछ कहने hi वाला था की मंजू बुआ बोल पड़ी.

"एक शब्द भी अपने मुँह से मत निकलियों. मुझे पता है तू क्या कहने वाला है. अगर तूने मुझे अपनी कसम देने के बारे सोचना भी मत. समझ आयी मेरी बात. ठीक है मैं तेरे फूफा के साथ चली जाउंगी. पर तुझे भी मेरे साथ चलना होगा." मंजू बुआ ने नकुल से बोली. नकुल को भी अंदाज़ा था की बुआ कुछ उसके साथ ऐसा hi करेगी. वही रानी सबसे अलग कुछ और hi काम कर रही थी. जब नकुल ने रानी की तरफ देखा तो ice-cream खाने में लगी हुई थी.

"बुआ यहाँ हम सब बातो लगे हुए है और यहाँ देखिये महरानी साहिबा आइस क्रीम खाने में लगी हुई है. पहले हम सब अपना अपना ice-cream कहते है. और उसके बाद देखेंगे क्या करना है." रानी को इस तरह आइसक्रीम खता देख सभी हसने लगे. रानी ने किसी के तरफ कोई ध्यान न दे कर अपने खाने में लगी रही.

सभी बैठ कर आइसक्रीम खाने लग गए. नकुल ने अपना आइसक्रीम अपने फूफा को दे दिया. प्रिय और चांदनी ने आइसक्रीम खाने से मन कर दिया. नकुल रजनी ठाकुर को अपने साथ ले कर काउंटर की तरफ चल गया ice-cream लेने.

"मेरी बात ध्यान से सुनो. जाने से पहले एक बार मुझे मिलाने मेरी कार के पास आ जाना. मैं तुम्हे कुछ टेबलेट दूंगा. उसे तुम तरुण रावत को खिलना है. दिन में एक बार. और हाँ दो दिन बिच कर देना." नकुल ने अपना आइसक्रीम ब्लो ले कर सब की तरफ चल दिया. रजनी भी नकुल के पीछे हो ली.

आइसक्रीम खाने के बाद नकुल बिल पाय करने काउंटर की तरफ चल दिया, बाकि सब को बहार जाने को कह कर. बिल देने के बाद नकुल भी बहार अपनी कार की तरफ चल दिया.

"मंजू बुआ आप अभी तक फूफा जी के साथ नहीं गयी." नकुल ने मंजू बुआ को अपनी कार के पास खड़ा देख ये बात कही थी.

"तू मेरे साथ चल रहा है समझा. अगर तू मेरे साथ नहीं आया तो मैं भी नहीं आउंगी." मंजू बुआ बोली.

"बुआ आप फूफा के साथ जाईये. मैं आप से कल मिलता हु. प्लीज बुआ मेरी खातिर आप फूफा के साथ चली जाए." नकुल ने बहुत hi प्यार से अपनी ये बात मंजू बुआ से कही थी. मंजू बुआ भी नकुल की बात न ताल सकीय और फूफा के पास चली गयी. रजनी ठाकुर जाने से पहले मुझे टेबलेट ले गयी. उसके बाद सभी अपने अपने रस्ते हो लिए
 
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अब तक

"मंजू बुआ आप अभी तक फूफा जी के साथ नहीं गयी." नकुल ने मंजू बुआ को अपनी कार के पास खड़ा देख ये बात कही थी.

"तू मेरे साथ चल रहा है समझा. अगर तू मेरे साथ नहीं आया तो मैं भी नहीं आउंगी." मंजू बुआ बोली.

"बुआ आप फूफा के साथ जाईये. मैं आप से कल मिलता हु. प्लीज बुआ मेरी खातिर आप फूफा के साथ चली जाए." नकुल ने बहुत hi प्यार से अपनी ये बात मंजू बुआ से कही थी. मंजू बुआ भी नकुल की बात न ताल सकीय और फूफा के पास चली गयी. रजनी ठाकुर जाने से पहले मुझे टेबलेट ले गयी. उसके बाद सभी अपने अपने रस्ते हो लिए

अब आगे

हम सब होटल पहुंच गए. नकुल के कार में जहाँ पहले मंजू बुआ के साथ सुमन आंटी बैठी हुई थी. और अब सिर्फ सुमन आंटी. कार से उतरने के बाद सभी होटल के अंदर चले गए. सिवाए नकुल और सुमन आंटी को छोड़ कर, क्योकि सुमन आंटी को नकुल से कुछ बाते करनी थी. रानी नकुल को अपने साथ चलने के लिए ज़िद्द कर रही थी, पर नकुल बे उसे समझा बुझा कर अंदर भेज दिया.

"जी आंटी कहिये क्या बात करनी है आपको मुझसे." नकुल की बात सुन सुमन आंटी मुस्कुरा दी. सुमन को इस तरह मुस्कुराता देख नकुल सोच में पद गया क्योकि उसे बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की वो क्यों मुस्कुरा रही थी. इस तरह मुस्कुराता देख नकुल बोल पड़ा "आंटी आप कुछ कहेगी भी यहाँ ऐसे hi मुस्कुराती रहेगी."

"मैं तो इस लिए मुस्कुरा रही हु क्योकि मुझे तुम्हारे चेहरे के पीछे की ख़ुशी साफ़ दिखाई दे रही है, जिसे तुमने बड़े चालाकी से सबसे छुपाया हुआ है." सुमन की बात को सुन नकुल चेहरे के भाव hi बदल गए. जबकि सुमन बिलकुल शांत कड़ी उसको देखे जा रही थी.

"आप कहना क्या चाहती है. जरा मुझे साफ़ साफ़ बताएगी. क्योकि मुझे आपकी ये बाते मुझे बिलकुल समझ नहीं आ रही है." नकुल अपने आपको बिलकुल शांत कर ये बात कही थी.

"अच्छा तो अब मुझे बताना पड़ेगा तुम्हारे खुश होने की वजह को. तो ठीक है. तो तुम्हारे खुश होने की सबसे पहली वजह ये है की कनिका तुम्हे चुकी है, मेरे कहने कहा मतलब ये है की तुमने कनिका को छुड़ा लिया है." जैसे hi नकुल ने सुमन की इस बात को सुनी उसकी आँखे बड़ी हो गयी. नकुल को इस बात का बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था की सुमन कुछ ऐसी बात बोलेगी.

"आप को कैसे पता चला की मैंने कनिका को बचा लिया है. जबकि ये बात बस 3 लोग hi जानते है. कही आप......." नकुल खुद को संभल नहीं पाया और हड़बड़ी में इस बात को बोल दिया. सुमन का काम हो चूका था इसलिए वो चलती हुई नकुल के पास आयी, होठो को चुम लिया.

"नकुल जैसा तुम सोच रहे हो वैसा बिलकुल नहीं है. मैं किसी से नहीं मिली हुई हु. मैं ने तो बस अंदाज़ा लगाया कनिका के बारे और तुम्हारी बातो ने ये साबित कर दिया की कनिका को तुमने बचा लिया hai."Nakul को अब अपनी गलती का एहसास हुआ की अजाने में hi उसने बहुत बड़ी गलती कर बैठा.

"ठीक है अब ये बात आप किसी को भी नहीं बताएगी की मैं ने कनिका को बचा लिया है. अच्छा अब अंदर चलते सभी हम दोनों का इंतज़ार कर रहे होंगे." नकुल ने कहा. पर सुमन को तो कुछ भी जाना था नकुल से इसलिए उसने नकुल से बोली, "पर मुझे तो तुमसे कुछ और भी जाना है. जिसको तुम अभी भी हम सबसे छुपा रहे हो."

"देखो मैं आपसे झूठ नहीं बोल सकता हु. इसलिए मैं आपसे चाहता हु की अभी आप मुझे कुछ न पूछे. चलिए अब अंदर चलते है." नकुल अपनी बात कह अंदर की तरफ चल दिया. सुमन को भी नकुल की बात सही लगी इसलिए वो भी उसके पीछे हो ली.

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"मंजू मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हु. अगर तुम बुरा न मनो तो." मंजू अपने पति बात सुनकर उसे सब कुछ समझ जाती है की तरुण किसी बारे उसे बात करना चाहता. पर मंजू तरुण से कुछ नहीं बोली, बल्कि उसने अपना सर हाँ हिला दी. तरुण मंजू की हाँ सुनते hi खुश हो गया. तरुण फिर से मंजू से kaha,"Mujhe पता है तुम्हे मेरी बात को सुनकर मुझ पर गुस्सा करोगी. सायद तुम यहाँ से चली भी जाओगी और तुम मेरा चेहरा फिर कभी भी नहीं चाहोगी. क्योकि ये बात नकुल के बारे में है. फिर भी मैं चाहता हु की तुम मेरी बात एक बार सुन लो."

"ठीक है. कहो क्या कहना चाहते हो नकुल के बारे में." मंजू ने कहा.

"सायद तुम्हे ये नहीं पता की ये हमारा नकुल नहीं बल्कि कोई बहरूपिया है. जो नकुल की जगह यहाँ आया हुआ है, क्योकि उसका खून हो चूका है. सायद तुम्हे ये भी नहीं पता की नकुल को पैसे के लिए जान मर दिया. और उसे खाई में फेक दिया." मंजू तरुण की बात सुना कर उसके चेहरे सोक के भाव आ जाते है. मंजू के चेहरे के भाव को देख कर तरुण बहुत खुश होता है पर अपने चेहरे पे ख़ुशी कोई भाव नहीं आने दिया.

"तुम ये क्या कह रहे हो. तुम्हारे पास इसका क्या साबुत है की वो मेरी भाभी पदमनी का बीटा नकुल नहीं है. वो मेरा भतीजा नहीं है." मंजू ने कहा.

"हाँ वो तुम्हारा भतीजा नहीं है. और नहीं तुम्हारी भाभी पदमनी का बीटा है. अगर विश्वास न हॉट अपनी भाभी रजनी से पूछ लो." तरुण ने बड़े आत्मविश्वास के साथ अपनी बात अपनी बीवी मंजू से कही थी. मंजू ने जब अपने पति के मुँह से रजनी का नाम सुना तो उसे रजनी की उस दिन की कही बात याद आ गयी जब वो यहाँ नकुल और अपने बेटी प्रिय के साथ आयी थी.

"ठीक है मैं रजनी भाभी नकुल के बारे बात कर सच जाने की कोशिश करुँगी. तब तक तुम नकुल से कुछ नहीं कहोगे समझे." फिर बिस्तर एक तरफ लेट गयी. तरुण ने भी फिर कुछ नहीं कहा और मंजू के बगल में जा कर सो गे.

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नकुल ने जब अपने रूम दूर ओपन करता है तो सामने रानी एक बहुत hi हॉट एंड सेक्सी पिंक कलर की निघ्त्य पहनी हुई थी. जो रानी के गांड को बहुत मुश्किल से धक् रहा था. नकुल रानी को इस तरह की ड्रेस में देख कर उसका लुंड पंत के अंदर एकदम सख्त हो गया था. नकुल तो बस रानी के हुसैन को hi देखता रह गया था, दूर पर खड़े खड़े.

"भैया आप अंदर भी आओगे या फिर वहीँ खड़े खड़े मुझे बस देखते hi रहोगे." रानी की बात सुन नकुल अंदर आ गया और दूर लॉक कर दिया.

"रानी तुमने कुछ खाने के लिए आर्डर कर दो. जब तक मैं बाथरूम से फ्रेश हो कर आता हु." नकुल ने कहा

"ठीक है भैया." रानी बीएड पर बैठ गयी और फ़ोन उठा कर खाने का ऑर्डर्स करने लगी.

वही बाकि सब भी अपने अपने रूम में खाना मनगवां कर खाया और सो गए. रानी और नकुल ने भी खाना खा कर बीएड पर सो गए. पर खाना खाने के दौरान नकुल की हालत बहुत hi ख़राब थी, उसने खुद को बड़ी मुश्किल से रोक पाया था. ये बात रानी को भी मालूम थी और खुश भी थी क्योकि उसका प्लान कामयाब जो हो गया था.
 
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अब तक

वही बाकि सब भी अपने अपने रूम में खाना मनगवां कर खाया और सो गए. रानी और नकुल ने भी खाना खा कर बीएड पर सो गए. पर खाना खाने के दौरान नकुल की हालत बहुत hi ख़राब थी, उसने खुद को बड़ी मुश्किल से रोक पाया था. ये बात रानी को भी मालूम थी और खुश भी थी क्योकि उसका प्लान कामयाब जो हो गया था.

अब आगे

न तो नकुल को नींद आ रही थी और नहीं रानी को. दोनों के शरीर में आग लगा हुआ था. जहाँ एक तरफ नकुल खुद को काबू में कर राखु हुआ था वही रानी का शरीर उसके काबू में hi नहीं था. रानी तो बस नकुल के सोने का वेट कर रही थी की वो सोये और वह उसके शरीर के साथ अपने शरीर को लगा ले.

नकुल भी रानी के चेहरे को देख कर समझा चूका था की रानी किस हालत से गुजर रही है. इस लिए वो अपनी आखें बंद कर के लेट गया. कोई 10 मिनट के बाद रानी ने पलट कर नकुल की तरफ देखा तो पाया की नकुल सो चूका था. फिर रानी धीरे से नकुल के पास आ गयी, उसके बाद रानी ने अपना एक पेअर को उठ कर नकुल के ऊपर रख दिया.

रानी के ऐसे करते hi उसकी निघ्त्य कमर तक चढ़ गयी. जिसके कारन रानी के मखमली छूट जो पिंक कलर के पंतय छुपी हुई थी. नकुल के लुंड के ऊपर आ कर ठीक गयी. जैसे hi ये हुआ दोनों के शरीर के अंदर करंट सा दौड़ गया, जहाँ नकुल ने खुद को संभल लिया वही रानी ने अपनी छूट लुंड के ऊपर कास कर दबाद दी साथ hi नकुल को कास कर पकड़ ली. इस एहसास के कारन रानी की छूट से पानी की बुँदे निकलने लग गयी. पानी के वजह से छूट के पास की सारा एरिया hi भीग चूका था.

जैसे hi हाला नकुल के लुंड का भी था जहाँ नकुल ने अपने शरीर को काबू में कर लिया था वही उसका लुंड रह रह कर ठुमके मर रहा था जो सीधा रानी की छूट के ऊपर लग रहा था. इस वजह से रानी की छूट रह रह की पानी की बुँदे बहन दे रही थी.

रानी ऐसे कुछ देर तक नकुल से चिपक कर लेती रही. पर लुंड के प्रहार ने रानी की काम जवाला को बहुत अधिक भड़का दिया था. जिस वजह से रानी ने अपने कमर को ऊपर निचे करने लग गयी. मनो वो नकुल के लुंड को अपने अंदर ले कर रहेगी. रानी अपनी छूट को नकुल के लुंड के ऊपर पहले धीरे धीरे फिर जोर जोर घिस रही थी. ताकि नकुल को कुछ पता न चल सके. रानी की इस हरकतों ने नकुल के शरीर में आग लग दिया था.

जब नकुल को भी बर्दास्त से बहार हो गया था तो उसने अपना एक हाथ रानी के चूतड़ों के ऊपर रख कर मसलने लग गया साथ hi धक्के भी लगने लगा. अब आलम ये था की रानी निचे हो गयी थी और नकुल रानी के ऊपर.

"आआह भाई आआह माआ ऐसे hi करते रहो आआह उईईईमएआ" रानी के मुँह से अब कामुक आवाज़ के साथ hi कामुक सिष्कारिया रूम के अंदर गूंजने लगी थी. रानी के छूट के पानी से उसकी पूरी पंतय गीली हो गयी थी.

"भाई आआह माआ मैं ाआने वाली हूउउउउउउउ." इसी के साथ रानी की छूट से सैलाब बहाने लगा, नकुल भी झड़ने के बहुत करीब था इस लिए धक्को की रफ़्तार तेज़ कर दिया था. 12-15 धक्को के बाद नकुल भी झड़ने लगा. दोनों की सांसे बहुत hi रफ़्तार से चल रही थी मनो सौ मिल का सफर दौड़ कर तैय किया हो. रानी नकुल को अपनी बाँहों में पकड़ कर सो गयी.

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वही प्रिय चांदनी के सो जाने के बाद अपनी माँ के रूम की और चल दी. दूर पर नॉक की आवाज़ सुन कर जब रजनी ठाकुर ने रूम का दूर खोला तो सामने प्रिय कड़ी थी. दूर ओपन होते hi प्रिय अंदर चल गयी.

"क्या बात है बेटी इतनी रात को मेरे रूम के अंदर." प्रिय को इतनी रात को अपने पास देख कर आने कारन जाने के लिए रजनी ने अपनी बेटी से पूछी.

"माँ नकुल ने आप से क्या कहा था जब आप उसे मिली थी. क्योकि वो मुझे बहुत गुस्सा था. क्योकि मैं चांदनी को अकेला छोड़ कर उसे मिलने चली गयी थी." पिया रट हुए अपनी माँ से बोली. रजनी के पारा पूरा हाई हो गया था जब उसने प्रिय की बात को सुना. रजनी प्रिय के गाल पर के जोर का रख कर दी. रूम साउंड प्रूफ होने की वजह से थप्पड़ की आवाज़ रूम से बहार नहीं गयी, अगर रूम साउंड प्रूफ नहीं होता तो सरे यही आ जाते आवाज़ सुन कर.

"साली रंडी तुझे एक काम ठीक से नहीं होता. अगर तेरी वजह से कुछ भी गड़बड़ हुआ न तो देखा लेना मैं तेरे साथ क्या करुँगी. बड़ी मुश्किल से मैं ने नकुल को अपने कब्जे में किया हुआ है. तुझे पता है नकुल को यही लगता है की मैं उसकी रंडी हु. जो वो कहेगा मैं वो सब करुँगी. और मैं ने इस के लिए तुझे उसके आगे परोस दिया वो भी एक रंडी की तरह." रजनी ने कहा.

"माँ सच में मुझे नहीं मालूम था की कुछ ऐसा भी हो जायेगा. मैं तो बस उसके घर छोड़ कर जाने का कारन जाना जाती थी. पर हुस उसका उल्टा. माँ प्लीज मुझे माफ़ कर दो आगे से ऐसा कभी नहीं करुँगी." प्रिय ने रट हुए अपनी माँ से बोली.

"अब जो हो गया सो हो गया. मैं देखती हु, मैं आगे क्या कर सकती हु. अब तो मुझे ऐसा लग रहा है की मुझे अपनी दूसरी बेटी को भी उसके निचे लाना पड़ेगा, या फिर मंजू को. ताकि नकुल के साथ साथ मंजू भी मेरे बस में आ जाये. अच्छा अब रोना बंद कर और अपने रूम में जा कर सो जा. मुझे भी सोने दे.

"ठीक है माँ." प्रिय अपने रूम की और चली गयी. रजनी ठाकुर भी अपनी बेटी के जाने के बाद रूम बंद कर के बिस्तर लेट कर आगे के बारे में सोच ने लग गयी. सोचते हुए उसे कब नींद आ गयी उसे पता भी नहीं चला
 
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अपडेट 148

अब तक

"ठीक है माँ." प्रिय अपने रूम की और चली गयी. रजनी ठाकुर भी अपनी बेटी के जाने के बाद रूम बंद कर के बिस्तर लेट कर आगे के बारे में सोच ने लग गयी. सोचते हुए उसे कब नींद आ गयी उसे पता भी नहीं चला

अब आगे

नेक्स्ट मॉर्निंग सबसे पहले नकुल की आँख खुली. उसकी नज़र सबसे पहले बगल में सोई हुई रानी पड़ी, जो बेसुध सोई हुई थी. रानी का एक हाथ उसकी पंतय के अंदर था तो दूसरा नकुल के लुंड को पकड़े हुए. पंतय के अंदर हाथ होने की वजह से रानी की छूट की कुछ झलक नकुल को दिखाई दे रहा था. नकुल ने एक बार रानी की तरफ देखा और उसके हाथ को अपने लुंड पे से हटा कर बाथरूम के अंदर चल गया.

वही नकुल के जाने के बाद रानी बिस्तर पर उठ कर बैठ गयी. "भाई आप किस मिटटी के बने हुए हो जो इतनी हॉट एंड सेक्सी लड़की को यूँही छोड़ कर चले गए. अगर आपके जगह कोई और होता तो अब तक तो मेरी ले hi लेता. हाय भगवन जरा मेरे भाई को कुछ अकाल दे दो, ताकि वो मेरे साथ कुछ कर सके." रानी मैं में सोचते हुए अपनी छूट के साथ खेल रही थी. जिस वजह से उसकी छूट से निकल रहे रास की वजह उसकी पंतय पूरी गीली हो गयी थी.

"रानी तुमने मेरे अंदर कैसी आग लग दी. तुम्हे नहीं पता मैंने खुद को कैसे रोका. अगर मैं खुद को नहीं रोकता तो तुम्हारी हालत बहुत hi ख़राब होने वाली थी. तुम्हारी वजह से मुझे अब सुमन आंटी या हीना को अपने निचे लाना पड़ेगा." नकुल बाथरूम के अंदर नहाते हुए धीरे धीरे बोले जा रहा था. वही बहार रानी अपनी छूट के साथ खेलने माँगन थी. नकुल नहाने के बाद जब बाथरूम से बहार निकल तो रानी को अपनी छूट के साथ खेलते देख, एक बार फिर से उसका लुंड हार्डली खड़ा हो गया, जो टॉवल से निकल कर रहा आ गया. नकुल बड़ी मुश्किल से अपने लुंड को टॉवल के अंदर करा. और नकुल अलमारी की तरफ जाता हुआ बोलै, "रद्द जल्दी से बाथरूम जा कर फ्रेश हो जाओ. हमें डिनर के बाद यहाँ से शिफ्ट भी होना है, अपने नई घर में."

"जी भाई." रानी बस इतना hi कह पायी जल्दी में और कड़ी हो कर बाथरूम के अंदर भाग गयी. रानी नकुल को आवाज़ को सुन कर जल्दीबाज़ी में अपना टॉवल भी अंदर ले जाना भूल गयी. वही रानी के जाने के बाद नकुल ने अपना टॉवल को उतर कर एक तरफ फेक दिया. टॉवल के हटते hi उसका लुंड स्प्रिंग की तरह ऊपर निचे होने लग गया. नकुल इस समय रूम के अंदर एक डैम नंगा था.. अगर अभी कोई इस हालत में देख लेता तो बस............ नकुल का लुंड जैसे hi शांत हुआ उसने अपने hi कपडे पहन लिए.

नहाने के बाद जब रानी ने अपने जिस्म को पोछने के लिए जैसे hi टॉवल लेने के लिए मुड़ी तो टॉवल वहां पर नहीं था. "ओह सहित मैं कितनी बड़ी पागल हु, जो टॉवल लाना भूल गयी." रानी ने अपने सर हाथ मरते हुए बोली. फिर हलका सा बाथरूम का दूर ओपन कर के बहार की तरफ देखा तो रूम में नकुल नहीं था. जिसे देख कर बहुत खुश हो गयी.

रानी बाथरूम से बहार निकल आयी. और उसने जैसे hi अपने कदम बीएड की तरफ टॉवल लेने के लिया बढ़ाया उसी समय नकुल ने रूम को दूर खोल दिया और अंदर आ गया. रानी का तो होस hi उड़ गया. और वहीँ नकुल रानी के जिस्म के देखने में हो गया, अब तो उसका पूरा ध्यान रानी के जिस्म के हर एक कटाव को अपने नज़रो में उतरने लग गया. नकुल का तो ये नज़ारा hi देख कर उसका मैं दोल गया और इसका असर उसके कामदण्ड पर हुआ जो अपना विकराल रूप लिए उसके जीन के अंदर था.

रानी ने जल्दी अपने आपको संभाला और पीछे को मुद गयी. रानी का पीछे मुड़ना नकुल के लिए जान लेवा साबित हुआ. रानी झुक कर बीएड से अपने शरीर को ढकने के लिए जैसे hi टॉवल उठाने कोई हुई उसकी गांड पूरी तरह से खुल कर नकुल के सामने आ गए.

झुकने के कारन रानी के गांड के दोनों गोले विपरीत डिश में फैल गए जिस वजह से उसके गांड के हलके भूरे रंग का छेड़ नकुल को साफ़ दिखाई देना लग गया. रानी जल्दी से टॉवल को ले कर अपने ऊपर लपेट कर नकुल की तरफ देखते हुए बोली, "भाई आपको कुछ चाहिए क्या."

"वो मैं अपना सेलफोन यही पर भूल गया था, मैं उसकी को लेने के लिए रूम आया था. पर उसी टाइम तुम.......... सॉरी डिअर." नकुल ने अपना फ़ोन उठाते हुए रानी अपनी साफी देते हुए माफ़ी भी मांगी. नकुल का ध्यान तो अभी उसके शरीर के ऊपर hi था. पर अभी रानी कुछ कहती उसे पहले नकुल रूम से निकल गया.

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"प्रिय तुम जल्दी से रेडी हो जाओ हमें अभी के अभी नकुल से मिलने जाना है." चांदनी ने ये बात प्रिय के रूम के में अंदर आते हुए बोली. चांदनी की बात को सुनकर प्रिय की आँखे hi बड़ी हो गयी. उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वह अभी चांदनी से क्या कहे. फिर भी कुछ को शांत रखते हुए चांदनी से पूछ hi liya,"Kya तुम्हे पता है की नकुल कहा रहता है. और उसे मिलने कौन कौन जा रहा है."

"फ़िलहाल तो उसे मिलने सिर्फ मैं और तुम hi जा रहे है. मुझे पता है नकुल अभी कहा पर है. इस लिए तुम टाइम फॉर वास्ते न करते हुए अपने कपडे पहन लो." चांदनी की बात सुन कर प्रिय को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या न करे. चांदनी के रहते हुए वह नकुल से बात कर नहीं सकती है. इस लिए प्रिय चुपचाप कपडे पहन कर चांदनी के साथ निकल गयी. मंजू ने पूछा भी की तुम दोनों कहा जा रही हो तो सिर्फ इतना बोल कर चली गयी की वो अपने के फ्रेंड से मिलने जा रही है.
 
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