Incest Sex Kahani Kasoor - Page 18 - SexBaba
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Incest Sex Kahani Kasoor

अपडेट 149

अब तक

"फ़िलहाल तो उसे मिलने सिर्फ मैं और तुम hi जा रहे है. मुझे पता है नकुल अभी कहा पर है. इस लिए तुम टाइम फॉर वास्ते न करते हुए अपने कपडे पहन लो." चांदनी की बात सुन कर प्रिय को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या न करे. चांदनी के रहते हुए वह नकुल से बात कर नहीं सकती है. इस लिए प्रिय चुपचाप कपडे पहन कर चांदनी के साथ निकल गयी. मंजू ने पूछा भी की तुम दोनों कहा जा रही हो तो सिर्फ इतना बोल कर चली गयी की वो अपने के फ्रेंड से मिलने जा रही है.

अब आगे

"आआआहहहहह मुझे अब ये नहीं हो पायेगा." कनिका अलगतार 5 दिन एक hi मूव की प्रैक्टिस कर रही थी. पर इस मूव के द्वारा उसे पुरे 100 लोगो को मरना था. ये लोग कोई आम लोग नहीं थे बल्कि मिनाक्षी के मैजिक द्वारा क्रिएट किये गए लोग थे.

"बस इतने से hi हर मन गयी. तब क्या होगा जब नकुल को इस से भी ज्यादा हो उसे मरने के लिया आएंगे." मिनाक्षी ने कनिका को बड़े hi प्यार से समझा रही थी. ताकि वह अपना प्रैक्टिस पुरे मैं और लगन से करे.

"पर ये तो आप ने अपने माजिक्स से क्रिएट किया हुआ है. जब की मुझे तो आम इन्शानो से लड़ना होगा." कनिका ने अपना तर्क दिया. जिसे सुन कर मिनाक्षी मुस्कुराने लगी. कनिका भी बहुत hi ध्यान से मिनाक्षी के चहरे पर आये मुस्कान को देख रही थी और समझने की कोशिश कर रही थी की उसने ऐसा क्या कर दिया. "आप कुछ बोलोगी भी या ऐसे hi मुस्कुराती रहोगी."

"तुम्हे किसने कह दिया की नकुल को सिर्फ आम लोगो से hi लड़ना है, जो अंडरवर्ल्ड या माफिया या गली के गुंडे स्माइल होंगे. बल्कि नकुल को उन लोगो से लड़ना है जिनके पास सुपरनैचरल पावर्स होंगे. अभी जो मूव तुम सिख रही हो ये उन जैसे लोगो के लिए है. चलो रेडी हो जाओ. तुमने बहुत ज्यादा रेस्ट कर लिया है." मिनाक्षी इतना hi कहने के बाद कनिका को यही ग्राउंड में छोड़ अंदर की तरफ चल दी.

"एक मिनट." कनिका जोड़े से कहा. उसकी आवाज़ सुन कर मिनाक्षी पिच मुद गयी और वही कड़ी हो गयी. कनिका भाग कर मिनाक्षी के पास आयी और बोली, "आप जैसा कह रही है की नकुल को सुपरनैचरल लोगो से लड़ना होगा. पर नकुल उन जैसे लोगो से लड़ कैसे पायेगा. क्योकि उसके पास तो ऐसी कोई सुपरनैचरल पावर्स तो है hi नहीं."

"कनिका इसलिए तो मैं तुम्हे ये साडी चीज़े सीखा रही हु. ताकि तुम नकुल की रक्षा कर सको उन जैसे लोगो से. और हाँ अब कोई सवाल नहीं, तुम जा कर अपनी प्रैक्टिस करो." कनिका बिना कुछ कहे अपने प्रैक्टिस के लिए चली गयी. वही मिनाक्षी धीरे से बोली, "अब मैं तुम्हे कैसे बताऊँ की नकुल के पास जनम से hi ऐसी पावर है. जिसका थोड़ इस पुरे ब्रह्माण्ड में नहीं है. सिर्फ कुछ लोगो को छोड़ कर. और बहुत जल्द hi वो भी जागने वाला है. जिसको स्वाम त्रिदेवो ने बड़े मुश्किल से कैद किया था."

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"सभी ने अपना अपना सामान गाड़ी में रख दिया है न. क्योकि इस के बाद मैं यहाँ पर किसी को नहीं ले कर आऊंगा." नकुल ने ये बात सिर्फ रानी को देखते हुए कही थी. उसने जिस लिउए कही थी उसका परवाह भी हुआ.

"ऐसे कैसे नहीं लाएंगे आप. आप को मेरी हर बात माननी पड़ेगी. और मैं आपको जभी कहु आप मुझे यहाँ ले कर आना hi होगा. समझे मेरी बात." रानी ने ये बात अपनी कमर पर दोनों हाथो को रखते हुए बोली. जिसे सुन कर सभी हंसने लग गए. यूँ सब को हस्ता देख कर रानी को समझ आ गया की नकुल ने सब के साथ मिलकर उसका पोपट बनाया है. "भईईई मैं आपको नहीं छोड़ने वाली हु."

इतना कहने के साथ hi रानी नकुल के पीछे भागी. नकुल रानी को इस तरह अपनी तरफ आता देख कर सुमन आंटी के पीछे हो लिया. ये देख कर रानी फिर से बोली, "भाई आप क्या सोच रहे हो. माँ के पीछे छिप कर आप बच जाओगे तो ऐसा बिलकुल नहीं होने वाला." नकुल का इतना सुना था की वो हीना के पीछे हो लिए. रानी नकुल के पीछे जब तक लग रही जब तक उसने नकुल को पकड़ नहीं लिए. या यूँ कह सकते हो की नकुल ने खुद को रानी के हवाले कर दिया

"अब बताओ अब कहा बचकर जाओगे." रानी ने कहा.

"मैं भला अपने रानी को छोड़ कर कहा जाऊंगा. मैं तो जहाँ पर जाऊंगा तुझे अपने साथ hi ले कर चलूँगा." रानी का इतना सुना था की उसने नकुल के पुरे चेहरे पर किश की बरषत कर दिया. ये देख कर फिर से सभी हसने लग गए.

"बीटा चलो लेट हो रहे है." सुमन ने ये बात नकुल और रानी की मस्ती देख कर कही थी क्योकि उनकी मस्ती में काफी टाइम हो गया था.

"OK आंटी आप सब अपनी अपनी कार में बैठिये. और ये चुहिया." नकुल ने एक बार फिर से मस्ती करते हुए कही थी. जिसे सुन कर रानी नकुल को मरने लग गयी.

"ये तो तुम जाना. मैं तो चली अपनी प्यारी बेटी के साथ." नकुल सुमन की बात सुन कर मुस्कुरा दिया. और रानी नकुल को किचिते हुए अपनी कार की तरफ ले चली. सभी कार के अंदर बैठ गए थे सिवाए नकुल को छोड़ कर. तभी के कार नकुल के पास आ कर रुकी. और उस कर से चांदनी और प्रिय निकली.

"नकुल मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है." चांदनी कार से उतरने के साथ hi बोली. जिस सुन कर नकुल ने हाँ में अपनी गर्दन हिला दी.

"रानी तुम कार में hi बैठी रहो. मैं अभी इनसे बात कर के आया. चली मिस चांदनी. " नकुल चांदनी को ले कर होटल के अंदर चले दिया. वही प्रिय कार के पास hi कड़ी रही. और बाकि सब भी उन दोनों को जाते हुए देख रहे थे.

"माँ ये तो नकुल की बुआ की बेटी है न जो कल रात हमें ice-cream पारलर में मिली थी. और ये लड़की भी उसकी के साथ थी." हीना ने अपनी माँ से कहा.

"तुम ठीक कह रही हो बेटी ये उनकी hi बेटी है. शयद ये किसी काम के सिलसिले में नकुल से मिलने आयी होगी. शायद ये दूसरी लड़की भी जरूर नकुल की कोई रिलेटिव जोगी." सुमन ने भी आपकी बेटी की बात को पुष्टि करती हुई बोली.

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"हाँ तो मिस चांदनी अब किसी लिए यहाँ पर आयी हो. अब तो तुम्हारी माँ तुम्हारे पास है." नकुल ने चांदनी से कहा. इस समय नकुल चांदनी के साथ अपने रूम में था.

"मैं यहाँ तुम से लड़ने नहीं बल्कि मैं यहाँ पर तुमसे उस ड्रग्स का तोड़ मांगने आयी हु जिसको तुमने मुझे दिया है." नकुल चांदनी की बात सुन कर मुस्कुराने लग गया. चांदनी नकुल को हस्ता देख कर उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया. "मैं यहाँ तुम्हारी ये बेकार सी हसी और फालतू की बाते सुने नहीं आयी हु. शायद तुम्हे इस बात का बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं की तुम्हारे वजह से मुझे कितनी तकलीफ झेलनी पद रही है. शायद मैं तुम्हारी अपनी बहन नहीं हु न इस लिए तुम मेरे साथ ऐसा कर रहे हो."

"तुम ने बिलकुल ठीक समझा. मैं ये इस लिए कर रहा हु. और तुम्हारे बाप ने जो मेरे साथ किया उसका क्या. शुक्र मनो मैं ने तुम्हे ज़िंदा रखा हुआ है. अगर मैं भी तुम्हारे बाप की तरह होता तो अब तक तुम मरी पड़ी होती. रही बात इस ड्रग्स की तो इसका कोई तोड़ नहीं है. इस का बस एक hi हल है वो है 24 घंटे में काम से काम 5-6 बार सेक्स. अब वो तुम देख लो किसके साथ करना चाहती हो. अब मैं चलता हु." नकुल इतना कहने के बाद रूम से बहार निकल गया. वही चांदनी चिलाती रही पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा.

"प्रिय आज के बाद उसे मेरे पास बिलकुल मत लाना." नकुल ने कार में बैठते हुए कहा. फिर कार के स्टार्ट कर के निकल गया. बाकि सब भी उसके पीछे हो लिए. अभी नकुल थोड़े hi दूर गया था की उसका फ़ोन रिंग करने लग गया. नकुल ने फ़ोन उठा कर सिर्फ इतना hi बोलै की 'ठीक है' उसके बाद फ़ोन रख दिया.
 
अपडेट 150

अब तक

"प्रिय आज के बाद उसे मेरे पास बिलकुल मत लाना." नकुल ने कार में बैठते हुए कहा. फिर कार के स्टार्ट कर के निकल गया. बाकि सब भी उसके पीछे हो लिए. अभी नकुल थोड़े hi दूर गया था की उसका फ़ोन रिंग करने लग गया. नकुल ने फ़ोन उठा कर सिर्फ इतना hi बोलै की 'ठीक है' उसके बाद फ़ोन रख दिया.

अब आगे

"रेशमा नकुल पर नज़र रखने के लिए तुमने किसको भेजा हुआ है. जरा मुझे बताओगी ताकि मैं देख सकू की वो वाकई में काम कर भी रहा है की नहीं." शमशेर ने ये बात रेशमा ठाकुर से कहा. जो इस समय दोनों एक होटल में बैठे हुए थे.

"मैं कहा न तुम्हे ये जाने की कोई जरुरत नहीं की मैं ने उसके पीछे किसको लगाया है या नहीं. हाँ इतना जरूर बता सकती हु की नकुल इस समय दिल्ली में आपके कुछ खास लोगो के साथ रह रहा है. और ये रही उनकी कुछ फोटो जिसके साथ वह रह रहा है. और हाँ अब तुम्हारा काम है की तुम उसके कैसे ठिकाना लगा सकते हो. पर मैं तुम्हारी फ़िलहाल कोई मद्दत नहीं कर सकती." रेशम ठाकुर ने बड़े hi सख्त तौर पर शमशेर से बोली. शमशेर ने भी कुछ नहीं कहा बस मुस्कुरा कर रेशमा ठाकुर को देखने लग गया.

"जन्मान तुम इसकी चिंता मत करो. मैं उस नकुल के बचे देख लूंगा. फ़िलहाल तुम मेरे लिए अपनी तरह कड़क माल का इंतज़ाम करो ताकि मैं उसे छोड़ कर अपने इस नागराज को शांत कर सकू. बेचारा दो दिन से बहुत hi परेशां है." शमशेर ने अपने लुंड को पंत के ऊपर से hi मसलते हुए रेशमा ठाकुर से बोलै.

"इन बेहूदा हरकतों को मेरे सामने तो बिलकुल मत करना. वारं मैं वो हल करुँगी तेरा की तू मुझे ऐसी बात करने के बारे में 100 बार सोचेगा. और रही बात लड़की की तो मेरे यहाँ जाने के ठीक 10 मिनट के बाद यहाँ पर आ जाएगी. और हाँ अब तुम मेरे साथ मेरे घर पर नहीं रह सकते. ये के पकड़ो ये तुम्हारे नए घर की के है. तुम्हारे फ़ोन पर मैं ने एड्रेस सेंड कर दिया है." रेशमा ठाकुर अपनी बात कह कर वह से निकल जाती है. शमशेर बस देखता रह गया की आखिर इसमें इतनी हिम्मत कहा से आ गयी जो मुझे इस तरह से बात कर सकती है.

"मैं ने तेरा घमंड नहीं तोडा तो मैं भी अपनी बाप की औलाद नहीं. मैं तुझे अपने बलतु कुत्ते से नहीं छुड़वाया तो मेरा नाम शमशेर नहीं." शमशेर ने जोर से बोलै. पर उसकी बात को सुनाने वाला वह पर कोई नहीं था. अब तो आने वाला वक़्त hi बता सकता है की शमशेर अपनी कही बात को पूरा कर भी पायेगा भी की नहीं.

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"मैं तो चली फ्रेश होने. आप लोग बैठ कर बातें कर करते रहो." रानी ने कहा जो नकुल के बगल में जबसे आयी थी तब से बैठी हुई थी.

"ठीक है गुड़िया. तुम फ्रेश हो कर आओ जब तक मैं तुम सब के लिए कुछ खाने के लिए ले आता हु. आंटी आप मेरे साथ चलिए और जब तक बाकि सब भी फ्रेश हो लेगी." नकुल ने अपनी सीट से उठाते हुए बोलै. सुमन नकुल की बात सुनते hi कड़ी हो गयी. बाकि सब भी अपने अपने रूम की तरफ चल दिए.

"भाई मेरे लिए बदवाल चॉकलेट लेते आना." रानी ने पीछे मुड़ते हुए बोली. और फिर वो सीडिया चढ़ाते हुए अपने रूम की तरफ चल दी. नकुल सुमन आंटी के साथ अपने घर से अपनी कार ले कर निकल गया.

"आंटी आप मुझे जो कुछ भी कहना चाहती है कह सकती है." नकुल ने सुमन आंटी के तरफ देखते हुए कहा. नकुल काफी देर से सुमन शर्मा के चेहरे पर आ रहे भाव को hi देख कर उन्हें अपने साथ चलने के लिए बोलै था, ताकि वो उनसे बाते कर सके.

"नकुल मैं तुमसे जो कहने जा रही हु उसे सुन कर शायद तुम मेरे बारे में पता नहीं क्या सोचोगे. लेकिन फिर भी मैं तुमसे वो बात करना चाहती हु." सुमन ने नकुल की और देखते हुए बोली. नकुल भी एक पल के लिए चुप सा हो गैस. आखरी ऐसे कौनसी बात है जो सुनाने के बाद सुमन आंटी के बारे में उसके ख्याल बदल जायेगे. सुमन शर्मा ने जब नकुल को इस तरह सोच में डूबा हुआ देख कर फिर से बोली, "नकुल बात दरसल ये है की कुछ दिनों से मेरी मुनिया (छूट) मुझे कुछ ज्यादा hi परेशां कर रही है. मेरे ख्याल से तुम्हारा मुन्ना (लुंड) hi मेरी मुनिया को समझा सकता है." सुमन शर्मा अपनी बात कहते हुए अपनी छूट को सदी के ऊपर से hi अपने हाथो से मसल रही थी, जिसे नकुल बड़े hi ध्यान से देख रहा था.

"आप चिंता मत कीजिये आंटी मेरा मुन्ना आपकी मुनिया को आज रात उसे अच्छी तरह समझा देखा. अगर फिर भी नहीं मणि तो पिटाई भी कर देगा." नकुल ने अपना एक हाथ आगे बढ़ कर सुमन शर्मा की एक चुकी को दबा दिया.

"तुम उसे ठीक से समझा देना. और उसकी पिटाई भी अच्छी तरह से कर देना. वो बहुत परेशां करती है मुझे. जब से तुम मुझे भी वहां से छोड़ कर आये हो." सुमन शर्मा ने भी अपना हाथ आगे बढ़ कर नकुल के लिंग को पकड़ कर सहलाने लग गयी.

ऐसे भी मस्ती करते हुए नकुल और सुमन शर्मा मार्किट पहुंच गए. फिर वहां से खाने और पीने का सामान ले कर वापस घर की और निकल जाते है.

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वही दूसरी तरफ खुशबू अपने रूम में बिस्तर पर लेती हुई नकुल के बारे में सोच रही थी. जब वो यहाँ आयी है नकुल ने उसे एक बार भी कॉल नहीं किया. जब की नकुल ने उसे कॉल करने के लिए मन किया हुआ था.

"तुम एक बार मेरे सामने आ जाओ मैं तुमने छोडूंगी नहीं. कहाँ तुमने मुझे कहा था की मैं जल्दी hi दिल्ली आऊंगा, पर देखो न तो खुद आये और न hi तुम्हारा कोई फ़ोन. एक बार मिलो मुझे फिर मैं तुम्हे बताती हु, किसी को इस तरह तंग करने का नतीजा होता है." खुशबू अपने मैं में ऐसे hi नकुल को लेकर सोचे जा रही थी. उसे पता भी नहीं चला की कब उसकी आँख लग गयी. खुशबू इस बात से आंजन की कल का दिन उसके लिए क्या ले कर आने वाला है.
 
अपडेट 151

अब तक

वही दूसरी तरफ खुशबू अपने रूम में बिस्तर पर लेती हुई नकुल के बारे में सोच रही थी. जब वो यहाँ आयी है नकुल ने उसे एक बार भी कॉल नहीं किया. जब की नकुल ने उसे कॉल करने के लिए मन किया हुआ था.

"तुम एक बार मेरे सामने आ जाओ मैं तुमने छोडूंगी नहीं. कहाँ तुमने मुझे कहा था की मैं जल्दी hi दिल्ली आऊंगा, पर देखो न तो खुद आये और न hi तुम्हारा कोई फ़ोन. एक बार मिलो मुझे फिर मैं तुम्हे बताती हु, किसी को इस तरह तंग करने का नतीजा होता है." खुशबू अपने मैं में ऐसे hi नकुल को लेकर सोचे जा रही थी. उसे पता भी नहीं चला की कब उसकी आँख लग गयी. खुशबू इस बात से आंजन की कल का दिन उसके लिए क्या ले कर आने वाला है.

अब आगे

"बड़ी लेट कर दी आने में. मैं तो बड़ी देर से तुम्हारा यहाँ आने का वेट कर रही थी की तुम अब आओगे. पर तुम तो अब आये हो. तुम्हे पता है मेरी मुनिया तुम्हारे मुन्ना की याद में रोये जा रही है और अब रो hi रही है. विश्वास न हो तो ये देख लो." सुमन ने नकुल के आगे अपनी निघ्त्य उठ दी और अपनी पंतय को दिखने लगी, जो पूरी तरह से उसकी छूट के पानी से भीग गया था. नकुल भी सुमन की गीली पंतय को देख कर मुस्कुरा दिया और आगे बढ़ गया.

"तुम्हारी मुनिया ने तो रो रो कर अपना बुरा हॉल बना लिया है. ऐसा लग रहा है की अगर उस एक और दिन रुकना पद जाता तो वो रो रो का पुरे घर को hi बता देती." नकुल ने सुमन को अपनी बाँहों में लेते हुए अपनी बात कही. जिसको सुन कर सुमन शरमाने लगी. शर्म के मरे उसका चेहरा पूरी तरह लाल पद गया था. नकुल ने अपने होठो को सुमन के गुलाबी और रास भी होठो पर रख कर चूसने लग गया और साथ hi अपने एक हाथ से उसकी चूचियों पर ले जा कर उसे दबाने में लग गया.

नकुल सुमन के होठो का रास पीने में लगा हुआ था और चूचियों को दबाने में भी. ये चुम्बन कोई 10 मिनट तक चल, शायद ये और भी लम्बा चलता पर सुमन की सांसे फूलने लगी थी इस लिए नकुल ने अपने होठ सुमन के होठो से अलग कर लिया.

"क्या करते हो कोई इस तरह किसी को किश करता है क्या की उसका डैम hi निकल जाये. मैं तो मर hi गयी थी अगर तुमने एक सेकंड की देरी की होती." सुमन ने अपने सांसो को दुरस्त करते हुए बोली. नकुल सुमन को कुछ नहीं कहता बल्कि उसको अपने बाँहों में और कास लिया.

"तुमने ये भला सोच भी कैसे लिए की मैं तुम्हे मरने दूंगा. पर क्या करू इतने दिनों के बाद तुम्हारे इस रास भरे मधु के सामान होठो को रास पीने को मिला था, इस लिए मैं खुद पर काबू नहीं कर पाया. मैं तुम्हे ये नहीं बता सकता की मैं तुम्हारे बिना कैसा रहा हु." नकुल ने एक बार फिरसे सुमन के होठो को अपने होठो लग कर चूसने में लग गया. सुमन भी अब अपनी मस्ती में आ गयी थी इस लिए उसने अपने पैरो को नकुल के कमर के ऊपर रख दिया. नकुल ने भी अब अपने हाथ सुमन के चूचियों पर से हटा कर के, उसके मदमस्त और मखमली गांड पर रख कर दबाने में लग गया.

दोनों hi इस कदर लगे हुए थे की कोई भी पीछे हटाने का नाम hi नहीं ले रहा था. अब उन दोनों की किश नार्मल किश न रह कर वाइल्ड किश में बदल गयी थी. नकुल ने तो सुमन की गांड को बहुत बेदर्दी से मसलने में लग हुआ था. इस बार का किश 20 मिनट तक चल. पर इस दौरान सुमन की छूट ने अपना काम कर दिया था. किश टूटने का यही करना था. सुमन नकुल के बाँहों में बेसुध से झूल सी गयी थी. नकुल ने सुमन को ले जाकर उसको उसके बिस्तर पर सुला दिया.

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दिलावर अपने केबिन में बैठा हुआ अपने कास दोस्त जेम्स का इंतज़ार कर रहा था. दिलावर के पास hi उसकी मासूका निशा बैठी हुई थी और वो दिलावर को बड़े hi ध्यान से देख रही थी. निष् दिलावर को इस तरह परेशान होता हुआ देख कर उसने उसे बात करने को सोचने लगी.

"क्या बात है दिलावर, तुम कुछ परेशान से लग रहे हो. मुझे ऐसा क्यों लग रहा जैसे कोई बात तुम्हे खाये जा रही है. अगर तुम चाहो तो मुझे बता सकते हो." निशा की बात को सुना कर दिलावर ने उसे अपनी मजबूत बाँहों के गिरफ्त में कर लिया. फिर दिलावर ने निशा के होठो को चुम लिया.

"ऐसी कोई बात नहीं है डिअर की मैं तुमसे न कह सकू. मैं किसी बात को ले कर परेशान नहीं हु बल्कि मैं अपने खास दोस्त का इंतज़ार कर रहा हु. वो मुझे बहुत hi इम्पोर्टेन्ट जानकारी देने वाला है." दिलावर ने कहा. निशा के मैं में सब कुछ जान लेने की इच्छा हुई इस लिए उसने दिलावर को किश करने लगी. निशा ने दिलावर को 2 मिनट तक किश करती रही. उसके बाद निशा ने खुद को लग करती हुई दिलावर से पूछ hi लिया, पर अपने बातो की जाल मैं फसा कर.

"कैसा लगा मेरा किश." निशा की बात को सुन कर दिलावर मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "कैसी बात करती हु मेरी जान. तुम्हे तो अच्छी तरह पता है की मुझे तुम्हारा सारा जिस्म hi अमृत की तरह लगता है. और इस किश ने तो मुझे जन्नत की सैर करा दिया." निशा दिलावर की बात सुन कर खिलखिला कर हसने लगी. दिलावर भी निशा को इस तरह हस्ते हुए देख कर खुश हो गया.

"वैसे तुम्हारे वो दोस्त अभी तक आया नहीं. वैसे तुम्हे उसका क्या नाम बताया था." निशा ने अपनी चाल चल दी थी. दिलावर इस बात से अनजान वो निशा को एक बार फिर से अपनी बाँहों में भर कर किश करने में लग गया. थोड़े देर किश करने के बाद दिलावर खुद को लग करते हुए बोलै, "जान उसका नाम जेम्स है. मैं ने उसके अपने दुश्मन के बारे में पता लगाने के लिए भेजा था. और वो उसके बारे में सब कुछ पता लगा कर आ रहा है. मैं यहाँ उसकी का वेट कर रहा हु. नहीं तो तुम्हे तो पता hi है की मुझे कितना काम रहता है. मुझे ज्यादा तो तुम मेरे काम को देखती हो."

"ये तो तुमने बिलकुल ठीक कह रहे हो की मैं तुमसे कही ज्यादा तुम्हारे काम को जानती हु और करती भी हु. सिर्फ कुछ कामो को छोड़ कर. अगर तुम चाहो तो तुम्हारे उस दुश्मन का नाम बता सकते हो. मैं वडा करती हु उस दुश्मन को तुम्हारे ला कर रख दूंगी. फिर तुम उसके साथ जो चाहे करते रहना. वैसे भी मुझे तुम्हारे दुश्मन के साथ खेलने बड़ा मजा आता है." निशा की बात सुना कर दिलावर मुस्कुराने लगा गया. पर निशा ने तो दिलावर को किश करने लग गयी उसे मुस्कुराते हुए देख कर. अभी दोनों किश में hi लगे हुए थे की एक लड़की उस केबिन में आ गयी.

"सर कोई आपसे मिलने आया हुआ है. उसने अपना नाम जेम्स बताया है. क्या मैं उसे अंदर भेज दू." वो लड़की कड़ी हो कर दिलावर की और देखने लगी.

"टीना तुम जल्दी से उसे अंदर भेजो. और हाँ किसी को भी अंदर मत भेजना. जब तक कोई सीरियस मटर न हो." दिलावर की बात को सुन कर टीना वह से चली गयी.

"अच्छा अब मैं भी चलती हु. शायद तुम्हे जेम्स से अकेले में बात करनी होगी." निशा दिलावर के पास से उठाते हुए बोली. दिलावर निशा के हाथ को पकड़ कर अपनी और खींच लिया. जिस कारन निशा दिलावर की गोंड में जा कर गिर गयी.

"डार्लिंग तुम्हे कही जाने की जरुरत नहीं है. अब मेरी लाइफ में ऐसी कोई बात नहीं है जिसको मैं तुम्हे न बता सकू या तुम्हारे सामने न कर सकू. ये बात तुम भी अच्छी तरह जानती हो. इसलिए तुम्हे कही जाने की जरुरत नहीं है." दिलवर ने निशा से कहा.

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"आआह.... माआ..... उउउउइइइइइइइ.... ऐसे hi मेरिइइइइइइ छुट्ट्ट्ट को चूसते राहूऊ. मुझहहहह्ही बहुत hi मज़ाआ आ रआआह्ह्ह है." नकुल सुमन की छूट को चूसते हुए अपने हाथ के उंगली से चुदाई कर रहा था. जिस कारन सुमन की हालत बहुत hi ज्यादा कामुक हो गयी थी. पुरे रूम में सिर्फ सुमन की शिस्कारियों और नकुल के द्वारा छूट की चटाई की आवाज़ hi गूंज रही थी.

यहाँ दोनों मस्ती में लगे हुए थे तो वही दूसरे रूम में रानी जाग गयी थी. बिस्तर पर जब रानी ने नकुल को न देख कर. रानी नकुल को ढूढने के लिए कड़ी हो गयी, उसने सबसे पहले बाथरूम में देखा जब नकुल वहां नहीं मिला तो उसे लगा की नकुल उसे बिना बताये किसी काम के सिनसिले में बहार चले गए है. रानी नकुल कहाँ गया है इस बारे में जाने के लिए अपनी माँ के रूम की और बढ़ गयी. रूम के पास पहुंच कर जब रानी ने दूर ओपन किया तो उसकी साँस hi अटक गयी. वहां का नज़ारा देख कर. रानी को समझ hi नहीं आ रहा था की वो क्या करे. क्योकि वहां का नज़र hi इतना कामुक और जाने लेवा जो था. नकुल और सुमन 69 पोज़ में लगे हुए थे. इस बात से अनजान की कोई उन्हें देख रहा है.
 
अपडेट 152

अब तक

यहाँ दोनों मस्ती में लगे हुए थे तो वही दूसरे रूम में रानी जाग गयी थी. बिस्तर पर जब रानी ने नकुल को न देख कर. रानी नकुल को ढूढने के लिए कड़ी हो गयी, उसने सबसे पहले बाथरूम में देखा जब नकुल वहां नहीं मिला तो उसे लगा की नकुल उसे बिना बताये किसी काम के सिनसिले में बहार चले गए है. रानी नकुल कहाँ गया है इस बारे में जाने के लिए अपनी माँ के रूम की और बढ़ गयी. रूम के पास पहुंच कर जब रानी ने दूर ओपन किया तो उसकी साँस hi अटक गयी. वहां का नज़ारा देख कर. रानी को समझ hi नहीं आ रहा था की वो क्या करे. क्योकि वहां का नज़र hi इतना कामुक और जाने लेवा जो था. नकुल और सुमन 69 पोज़ में लगे हुए थे. इस बात से अनजान की कोई उन्हें देख रहा है.

अब आगे

"आआआहा माआ ोीीिआआ ऐसे मेरी छूट को चूसते राहूऊ नकुल. मैं आने आआह्ह्ह मा वाली हु. और जोर से....." नकुल सुमन की मस्ती और कामुक आवाज़ सुन कर और जोर से अपनी जीभ को सुमन की छूट के ऊपर चलने में लग गया. सुमन अपनी मस्ती के आलम में नकुल के लुंड को गले के अंदर उतरने में लग गयी थी. नकुल अपनी ऊँगली को उसकी छूट के अंदर ऐसे पेल रहा था जैसे कोई मशीन चल रही हो और अपने मुँह से उसकी छूट के डेन को चूसने में लगा हुआ था.

"तुम बहुत hi मस्त हो मेरी जान और ये तुम्हारी मुनिया उसे भी ज्यादा. मैं तो कर रहा है की मैं तुम्हारी इस रास से भरी छूट को तमाम उम्र ऐसे hi चूसता राहु." नकुल अपनी बात कह कर सुमन की छूट को चाटने में मनगण हो गया, वही रूम के बाहर रानी का भी हल बहुत hi बुरा था. दोनों की रासलीला देख कर उसकी छूट से पानी का सैलाब बहाने लगा था. रानी अपनी छूट को अपने hi हाथ से मसाले जा रही थी.

"आअह्ह्ह्हह माआ मैं गयी." इसी के साथ सुमन की छूट ने अपना काम कर दिया. नकुल सुमन की छूट से निकल रहे अमृत को पीने में लगा हुआ था, नकुल जब तक सुमन की छूट को चूसता रहा जब उसकी छूट ने अपना आखरी कटरा नहीं बहा दिया.

नकुल सुमन के बगल में आ कर लेट गया और सुमन को देखने लगा. जब की सुमन अपनी hi दुनिया में खोई हुई थी झरने के बाद से. नकुल का लुंड अभी भी पूरी तरह खड़ा था. कोई 5 मिनट के बाद सुमन को होश आया.

"थैंक यू नकुल, मुझे इतनी ख़ुशी देने के लिए. बड़े दिनों के बाद मैं इस तरह मेरी छूट ने पानी बहाया है. और मुझे जानत की सैर कराया है." सुमन ने नकुल के लुंड के साथ खेलते हुए अपनी बात कही थी. नकुल भी सुमन के कोमल हाथो सर्पश प् कर रोमांचित हो रहा था.

"अच्छा ये बताओ तुम अपनी ये राज दुलारी कब दे रही हो. पिछली बार भी मन कर दिया था. पर इस बार में नहीं मानाने वाला हु. और आज तो मैं ले कर hi रहूँगा." नकुल सुमन की चूचियों के साथ खेलते हुए अपनी बात कही. उसके बाद अपना एक हाथ उसकी मखमली गांड पर ले जाकर दबाने लग गया था.

"ले लेना पर उसे पहले मेरी छूट का कुछ करो. ये फिर से रोने लगी है. ये तुम्हारे लुंड चूड़े बिना नहीं मानाने वाली." नकुल सुमन के बात सुन कर उसके पैरो के बिच आ कर बैठ गया और उसके पैरो को अपने कंधे पर रख दिया. फिर अपने लुंड को छूट के छेड़ पर रख कर एक जोर का शॉट मारा और इस के साथ नकुल का 6 निचे लुंड अंदर चला गया.

"आआह..... मायआ.... धीरे से. मैं कही भागी नहीं जा रही हु." सुमन ने कहा. नकुल झुक कर सुमन के होठो पर अपने होठ रख कर किश करने लग गया और अपने लुंड को धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा. कोई 5 मिनट के बाद नकुल ने अपने होठ सुमन के होठ से अलग करते हुए धक्को की स्पीड बढ़ा दिया.

"उउउउउइइइइइइ मा आअह्ह्ह्ह ऐसे hi मुझे छोड़ते रहो. मुझे बहुत मज़ा आए रहा है." नकुल सुमन की बात को सुन कर जोर का धक्का दे दिया और इसी के साथ उसका पूरा लुंड सुमन की छूट के अंदर चला गया, वही एक बार फिर से सुमन के मुँह से एक चीख निकल गयी. पर ये पहले वाले से तेज़ थी. "आराम से नहीं कर सकते क्या. पता है कितना तेज़ दर्द हुआ मुझे."

"क्या करू मेरी जान तुम्हे देख कर मैं खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पता हु और मैं ये कर बैठता हु." नकुल की बात सुन कर सुमन खुश हो जाती है और अपनी गांड उठ उठा कर नकुल का साथ देने लग गयी

"आआहा मैं गयी." सुमन एक चीख के साथ फिर से झाड़ गयी. सुमन के झड़ते hi नकुल ने उसे डोगग्य पोज़ में आने को कहा. सुमन बिना एक पल गवाए डोगग्य पोज़ में गयी नकुल पीछे जा कर अपना लुंड उसकी छूट पर सेट करा और एक जोर का धक्का मर दिया.

"ायः आराम से दर्द हो रहा है." नकुल सुमन की बातो को अनदेखा करते हुए धक्के लगाने लगा. सुमन की मुँह से दर्द भरी आवाज़ के साथ साथ मस्ती की सिसकारियां भी निकल रही थी इस पोज़ में नकुल ने सुमन को कोई 20 मिनट्स तक चुदाई किया. सुमन इस दौरान काम से काम 8 बार झाड़ चुकी थी और नकुल एक बार भी नहीं झाड़ा था.

"सुमन मैं आने वाला हु. बोलो कहा निकलू अपना पानी." नकुल धक्के लगते हुए बोलै.

"जहाँ तुंहारा मैं कर वही पर निकल दो. मैं तुम्हे मन नहीं करुँगी. क्युकी आज मैं बहुत खुश हु, तुम्हारी इस चुदाई के कारन." नकुल सुमन के बात सुन कर अपनी धक्को की स्पीड बढ़ा दिया. 10 15 धक्को के बाद नकुल सुमन की छूट झड़ने लग गया. सुमन भी नकुल की गरम वीर्य की धार को बर्दास्त नहीं कर पायी और एक बार झड़ने लगी

रानी का भी पता नहीं कितनी बार झाड़ चुकी थी. अपनी माँ और नकुल की चुदाई को देख कर. उसकी लोअर पूरी तरह से भी चूका था अगर कोई देखता तो ये कहता की उसने उसमे मूट दिया है. रानी में इतनी भी हिम्मत नहीं बची थी की वो वह से चली जाये पर किसी तरह वो वह स चली गयी.

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"दिलावर नकुल कोई छोट माता लड़का नहीं है. बल्कि ये बहुत बड़े बिज़नेस मन का बीटा है. इसकी माँ पैदा करने वाली माँ और बाप दोनों hi इस दुनिया में नहीं है. इस की दो सौतेली माँ है, एक का नाम रजनी ठाकुर है तो दूसरे का नाम रेशमा ठाकुर है." जेम्स ने दो तस्वीर दिलावर के सामने रख दिया.

"तो ये है उसकी सौतेली माँ. है तो बड़ी टॉप की माल छोड़ने में बड़ा मज़ा आएगा. अब आगे बताओ." दिलावर ने कहा.

"नकुल का एक चाचा भी है जिसका नाम महेन्दर ठाकुर है. और tèen बुआ है. एक का नाम सुनीता ठाकुर, ये विदेश में पद्धति है. दूसरी का नाम रीना सिंह है, ये नकुल से बहुत नफरत करती है. लास्ट में आती है मंजू रावत ये नकुल से बाबत प्यार करती है. पर किसी वजह से अभी ये उसे नफरत करती है." जेम्स ने फिर से इन कुछ तस्वीर रख कर उन सब कर परिचय करने लग गया. दिलावर सभी औरतो को हवस की नज़र से देख रहा था. दिलावर आज खुद पर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था इन पिक्स को देख कर. जेम्स आगे बोलै, "नकुल के घर में सभी उसे नफरत करते है सिर्फ कुछ लोगो को छोड़ कर पर दिखने के लिए वो भी उससे नफरत करते है. उसकी माँ और चाचा अपने नन्द के साथ में कर उसे जान से मर कर खाई में फैक दिया था. पर वो बच गया. उसको बचने वाला कोई और नहीं कनिका और उसका मां है. और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात नकुल पहले बहुत कमजोर था पर अब नहीं है उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक हो गयी है. अब उसको मरना ाशन नहीं होगा."

"वो सब मैं देख लूंगा. मुझे ये बाताओ अभी वो कहा पर है." दिलावर ने कहा.

"नकुल इस समय दिल्ली में hi है. उसने यहाँ के ******** कॉलेज में एडमिशन लिया हुआ है. फ़िलहाल अभी कॉलेज नहीं जा रहा है." जेम्स की बात सुन कर दिलावर कुछ देर सोचता रहा. निष् और जेम्स उसे बड़े गौर से देख रहे थे. थोड़ी देर सोचने के बाद दिलावर जेम्स को कुछ समझता है और उसके बाद जेम्स वहां से चल जाता है. अब वहां पर सिर्फ निशा और दिलावर hi रह गए थे.
 
अपडेट 153

अब तक

"वो सब मैं देख लूंगा. मुझे ये बाताओ अभी वो कहा पर है." दिलावर ने कहा.

"नकुल इस समय दिल्ली में hi है. उसने यहाँ के ******** कॉलेज में एडमिशन लिया हुआ है. फ़िलहाल अभी कॉलेज नहीं जा रहा है." जेम्स की बात सुन कर दिलावर कुछ देर सोचता रहा. निष् और जेम्स उसे बड़े गौर से देख रहे थे. थोड़ी देर सोचने के बाद दिलावर जेम्स को कुछ समझता है और उसके बाद जेम्स वहां से चल जाता है. अब वहां पर सिर्फ निशा और दिलावर hi रह गए थे.

अब आगे

"तो कैसे रहा मेरी जान. मज़ा आया न तुम्हे चुदाई कर के या नहीं." नकुल ने सुमन के बूब्स के साथ खेलते हुए पूछा. सुमन नकुल की बात सुन मर मुस्कुरा दी और आगे बढ़ कर उसके होठ को चूसने लगी.

"मिल गया मेरा जवाब. या फिर कुछ और कर के बताऊँ." सुमन ने मुस्कुराते हुए अपनी बात कही और उसके लिंग को अपने हाथ में पकड़ कर ऊपर निचे करने लगी. नकुल सुमन के इस हैरत को देख कर उसके होठो पर किश कर दिया.

"लगता है तुम्हारा मैं नहीं भरा है. इसलिए फिर से इस खड़ा करने में लगी हुई हो." नकुल ने सुमन की चुकी बढ़ाते हुए कहा. सुमन नकुल के बात सुनकर मुस्कुरा कर अपनी गर्दन हाँ में हिला दी. नकुल ये देख कर सुमन ऊपर आ गया और उसके पैरो को मोड़ कर अपना लुंड रखा और धक्का लगा दिया. एक hi शॉट में नकुल ने अपना पूरा लिंग सुमन के बच्चेदानी तक पंहुचा दिया था. नकुल बिना रुका सुमन की छूट में अपना लुंड पेलने लगा. उसके मुँह से बस आआअह्ह्ह उईईई माँ आअह्ह्ह मा की आवाज़ hi निकल रही थी जो पुरे कमरे के अंदर गूंज रही थी और माहौल को और कामुक बना रही थी. नकुल इस पोज़ में सुमन को 15 मिनट्स तक चुदाई करता रहा और इस बिच सुमन दो बार झाड़ गयी थी.

नकुल अपना लुंड सुमन की छूट से निकल कर बिस्तर बार लेट गया और बोलै, "डार्लिंग अब तुम्हारी बरी है. आओ मेरे इस लुंड पर बैठ कर सवारी के मज़े लो और मुझे भी दो." सुमन नकुल की बात को सुन कर उसके ऊपर आती है और थोड़ा निचे हो कर उसके लुंड को पकड़ लिया. फिर सुमन ने उसे अपने छूट के छेड़ के ऊपर सात कर अपना वजन रख कर धीरे धीरे अंदर लेने लगी.

"आआह मा इतने देर छुड़ाने के बाद भी आआह्ह्ह मा ऐसे लग रहा है उईईईईई जैसे पहली पर ले रही हु तुम्हारे इस मुसल को अपनी छूट के अंदर." सुमन की बात को सुन कर नकुल मुस्कुराता हुआ उसकी कमर पर हाथ रख कर निचे की और दबा दिया. सुमन के मुँह से एक चीख निकल कर रूम में गूंज गयी क्योकि नकुल का पूरा लुंड सुमन की छूट के अंदर चला गया था.

"मैं ले तो रही थी इस अपने अंदर." सुमन अपने दर्द को काबू करते हुए अपनी बात कही.

"मुझे पता है तुम इसे कैसे इस अपने अंदर ले रही थी. जिस तरह तुम ले रही थी मेरे इस मुसल को शायद तुम पूरी रात निकल देती." नकुल सुमन के मुलायम और कोमल चूतड़ों को अपने हाथो से पकड़ कर दबाने लगा हुआ था. नकुल के इस हरकत के कारन सुमन के जिस्म में भी हलचल होने लगी थी और इस सुमन धीरे धीरे अपने मखमली गांड को ऊपर निचे करते हुए अपने अंदर लेने लगी थी.

सुमन मज़े लेते हुए नकुल के लुंड के ऊपर स्पीड से कूद रही थी. और साथ hi अपने मुँह से आवाज़े भी निकल रही थी जो पुरे रूम में फैयल कर वातावरण को और कामुक बना रही थी. नकुल के दोनों हाथ सुमन के चूचियों के ऊपर थे और उहने जोर जोर से दबा रहा था. ऐसे hi कोई 10 मिनट्स के बाद सुमन झड़ते हुए नकुल के ऊपर लेट गयी.

नकुल भी अभी झड़ने के बहुत hi करीब आ चूका था इस किये उसने सुमन को अपने निचे लता है और अपना लुंड उसकी छूट में दाल कर धुआँ धड़ा चुदाई करने लगा. कोई 5 मिनट्स के बाद नकुल के जोर का शॉट मरते हुए अपना लुंड सुमन के बच्चेदानी के अंदर प्रवेश करा झड़ने लगा. नकुल सुमन के ऊपर hi लेट गया. दोनों थकन के कारन जैसे थे वैसे hi सो गए.

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"माँ प्लीज मुझे माफ़ कर दो. और नकुल को यहाँ पर मुला लो. अब से मैं उसके बारे कुछ नहीं कहूँगी." चांदनी रावत ने अपनी माँ मंजू रावत से कही थी, जो अभी अभी किचन से ब्रेकफास्ट ला कर टेबल पर रख रही थी. सुबह के कोई 7 बज रहा था, और सभी टेबल के चारो और बैठ कर ब्रेकफास्ट का वेट कर रहे थे उसी समय चांदनी ये बात कही थी, जिसे सुन कर सबसे ज्यादा हैरानी के भाव चरण रावत के चेहरे पर आये थे. हैरान तो वहां पर मौजूद सभी कोई था पर तरुण रावत से काम.

"मुझे पता है तुम ये क्यों कही रही हो. ताकि तुम अपने बाप एक साथ मिल कर उसने निचे दिखा सको. या फिर दोनों बाप बेटी मिल कर कुछ ऐसा करोगे की मैं नकुल से नफ़रत करने लागु. और मैं इसलिए उसे यहाँ नहीं बुलाऊंगी." मंजू ने अपनी बेटी की और देखते हुए बोली. और फिर किचन की और चली गयी.

चांदनी अपनी माँ की बात सुन कर उसके चेहरे पर निराशा आ गयी. पर कुछ सोचने लगी, "माँ मैं तुम्हे कैसे कहु की मुझे नकुल से चुदाई करनी और तुम उसे यहाँ बुला दो ताकि मैं उससे चुद सकू. उस कुत्ते की वजह से मेरे जिस्म आग लगी पड़ी है." चांदनी अपनी hi दुनिया में खोई हुई थी, जबकि उसकी माँ ने अपनी सीट पर बैठ कर उसके लिए खाना निकल कर उसके आगे रख चुकी थी. चांदनी इस बात से बिलकुल अनजान थी. मंजू अपने बेटी को बड़े ध्यान से देख रही थी. उसे खाना खाते न देख कर मंजू से रहा नहीं गया और बोल पड़ी, "अगर तुमने नकुल को निचे दिखने का प्लान बना चुकी हो तो ब्रेकफास्ट कर लो. नहीं तो ठंडा हो जायेगा." अपनी माँ की आवाज़ सुन कर चांदनी अपनी खयालो की दुनिया से बहार आती है.

"माँ अपने कुछ कहा क्या?" चांदनी ने कहा.

"हाँ प्लान बना चुकी हो तो ब्रेकफास्ट कर लो, ठंडा हो रहा है." मंजू ने कहा.

"माँ मैं कोई प्लान नहीं बना रही थी. मैं आपकी कसम खा कर कहती हु की मैं नकुल के साथ कुछ नहीं करुँगी. जिसे वो आपकी नज़र में गिर जाये." चांदनी ने कहा. मंजू अपनी बेटी की बात सुन कर सोच में पद गयी, वही चांदनी अपना ब्रेकफास्ट करने में लग गयी, अपनी माँ को इस तरह सोचता हुआ देख कर. ब्रेकफास्ट के दौरान किसी ने भी कुछ नहीं कहा. ब्रेकफास्ट ख़त्म होने के बाद मंजू जूते प्लेट समेटते हुए बोली, "ठीक है. मैं नकुल से बात करती हु. तूने कुछ ऐसी वैसी हरकत की तो देख लेना, मैं तेरे साथ क्या करने वाली हु."

"थैंक यू माँ, थैंक यू सो मच. यू अरे थे माँ इन थे वर्ल्ड." चांदनी अपनी माँ के गाल पर किश करने के बाद घर से निकल गयी.

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खुशबू सुबह उठ कर रेडी हो कर निचे चली गयी. उसने एक बाद hi हॉट ड्रेस पहना हुआ था. जिस में उसकी पूरा फिगर शो हो रहा था. खुशबू अपने सीट पर बैठते हुए अपनी माँ से बोली, "जल्दी से ब्रेकफास्ट दो. मैं कॉलेज के लिए लेट हो रही हु."

"हाँ मेरी माँ. एक तो ऊपर लेट खुद होती है और मुझे सुने लग जाती अपने बाप के साथ मिल कर. ये ले अपना ब्रेकफास्ट." खुशबू की माँ ने प्लेट उसकी और कहते हुए बोली. खुशबू के पापा जो ब्रेकफास्ट फ़ास्ट कर रहे थे अपनी पत्नी की और देखने लगे. "मेरे तरफ देखना बंद करिये. चुपचाप अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म कीजिये और ऑफिस के लिए निकल जाईये."

खुशबू अपनी माँ की बात सुनकर अपने पापा की और देखने लगी. जो चुपचाप जल्दी जल्दी अपना ब्रेकफास्ट करने लगे हुए थे. ये देख कर दोनों माँ और बेटी हंसाने लगी. दोनों को हस्ता हुए देख कर वहां पर मौजूद सभी जोर जोर से हसने लगे.

"तुम्हे तो बाद में देखता हु. और तुम सब हंसना बंद करो." खुशबू के पापा अपना ऑफिस के बैग ले जार वहां से निकल जाते है उसके bàad सभी ब्रेकफास्ट फिनिश कर अपने अपने रस्ते हो लिए. वही खुशबू अपने कार ले कर कॉलेज निकल गयी. इस बात से अंजना कॉलेज में उसके साथ आज क्या होने वाला है.
 
अगरचे फूल ये अपने लिए ख़रीदे हैं

कोई जो पूछे तो कह दूंगा उस ने भेजे हैं

इफ्तिखार नसीम

कांटों से दिल लगाओ जो ता-उम्र साथ दें

फूलों का क्या जो सांस की गर्मी न सह सकें

अख्तर शीरानी

लोग कांटों से बच के चलते हैं

मैंने फूलों से जख्म खाए हैं

अज्ञात

फूलों की ताज़गी ही नहीं देखने की चीज़

कांटों की सम्त भी तो निगाहें उठा के देख

असअ'द बदायुनी

हम ने कांटों को भी नरमी से छुआ है अक्सर

लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं

अज्ञात

आज भी शायद कोई फूलों का तोहफा भेज दे

तितलियां मंडला रही हैं कांच के गुल-दान पर

शकेब जलाली

कुछ ऐसे फूल भी गुजरे हैं मेरी नजरों से

जो खिल के भी न समझ पाए जिंदगी क्या है

आजाद गुलाटी
 
अपडेट 154

अब तक

"तुम्हे तो बाद में देखता हु. और तुम सब हंसना बंद करो." खुशबू के पापा अपना ऑफिस के बैग ले जार वहां से निकल जाते है उसके bàad सभी ब्रेकफास्ट फिनिश कर अपने अपने रस्ते हो लिए. वही खुशबू अपने कार ले कर कॉलेज निकल गयी. इस बात से अंजना कॉलेज में उसके साथ आज क्या होने वाला है.

अब आगे

नेक्स्ट मॉर्निंग नकुल उठा तो देखा की उसका लुंड अभी भी सुमन के छूट के अंदर घुसा हुआ था. नकुल टाइम देखा तो सुबह के 4:30 बज रहे थे. टाइम देखने के बाद नकुल धीरे धीरे धक्के लगाने लगा. सुमन भी अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेल रही थी ताकि वह अपने अंदर लुंड को और अंदर ले सके. सुमन खवाब में hi नकुल से चुदाई कर रही थी इस बात से अनजान की हकीकत में hi नकुल उसकी चुदाई कर रहा है.

नकुल सुमन को इस तरह साथ देता देख कर अपना उसकी चुकी पर रख कर दबाने लगा और धक्के भी लगा रहा था. नकुल ने अभी तक अपना पूरा लिंग सुमन की योनि के अंदर प्रवेश नहीं कराया था. नकुल ने धक् को की स्पीड एक ले में रखा हुआ था. नकुल ने अब अपने हाथो कर कमल दिखते हुए सुमन की सख्त और कोमल चूचियों को कभी धीरे तो कभी जोर से दबाने लगा था.

"आआह्ह... ुउउइइइइ...... ओह्ह्ह्हह..... माआ..." की आवाज़ सुमन के मुँह से निकल रही थी नकुल के हर धक् के साथ. नकुल ये देख कर उसके मैं में एक शरारत सूझता है और उसको अमल में लेन का सोच कर मुस्कुरा दिया. नकुल ने सुमन की एक निपल को चुटकी से पकड़ कर जोर से मिस दिया साथ hi जोर का शॉट लगा दिया. इस हरकत के कारन सुमन जो अभी तक नींद में थी उसकी नींद टूट गयी और उस्ले मुँह एक चीख निकल गयी. वही नकुल का पूरा लुंड सुमन की योनि में प्रवेश कर गया.

"कोई ऐसा भी करता है क्या? जब कोई सो रहा हो. तुमने तो मेरी जान hi निकल दी थी. पता है मुझे दोनों जगह पर कितना तेज़ दर्द हुआ है." सुमन ने अपने दर्द को काबू करते हुए बोली. नकुल आगे बढ़ कर सुमन को किश करने लग गया. थोड़े देर किश करने के बाद नकुल अपने होठो को सुमन के होठो से अगल कर दिया.

"अच्छा ये बाताओ तुम्हे मज़ा नहीं आया क्या, मेरी चुदाई से." नकुल धक्के लगते हुए सुमन की और देखने लग गया और उसके चूचियों के साथ खेलने में लगा हुआ. सुमन नकुल की बात को सुन कर उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी. फिर नकुल की और देखते हुए बोली, "कभी ऐसा हुआ है की तुम मेरी चुदाई करो और मुझे मज़ा ना ए. पर नींद में होने के कारन मैं बर्दास्त नहीं कर पायी तुम्हारी इस हरकत को, और मुझे थोड़ा दर्द भी हुआ, मेरी बूब्स में और मेरी योनि एक अंदर."

सुमन की योनि ने अपना काम बखूबी कर रही थी. उसकी योनि से अब तक पता नहीं कितनी बार रो चुकी थी. पर जो चाहिए अभी तक उसने नहीं मिला था. सुमन को बहुत hi मज़ा आ रहा था इस सुबह की चुदाई से. "नकुल ऐसे करते रहो, मैं आने वाली हु." सुमन ने कहा. सुमन की बात सुन कर नकुल ने अपना लुंड उसकी छूट निकल लिया और एक तरफ हो गया. ये देख कर सुमन ने पूछा, "क्या हुआ. तुम ने अपना लुंड मेरी छूट से क्यों निकल लिया. मैं झरने वाली थी."

"जल्दी से तुम मिशनरी पोज़ आओ और अपने पैरो को अपनी चूचियों पर रखो." नकुल ने मुस्कुराते हुए कहा. सुमन बिना समय गवाए जैसा नकुल ने कहा था उस पोस्टिव में आ गयी. नकुल उसके ऊपर आ कर अपना लुंड उसकी छूट में दाल कर उसकी चुदाई करने लगा. नकुल ने धक्को की स्पीड बढ़ा दी.

"आआह्ह्ह्हह आयआईईई मैंनं गायियी." सुमन झरने लगी एक चीख के साथ. नकुल ने 4 शॉट के बाद अपने वीर्य से सुमन की कोख भर दिया. 5 मिनट के बाद नकुल सुमन के ऊपर से उठ कर एक तरफ लेट गया. अपने सांसो को काबू करने लगा.

"तुम आराम करो, मैं चला फ्रेश हो कर एक्सरसाइज करने." नकुल सुमन के होठो को चुम कर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया. जब वापस आया तो देखा की सुमन सो चुकी थी. नकुल ने अपने कपडे पहन लिए जो रात को चुदाई के वक़्त निकल थे वही पर. फिर उसने सुमन के ऊपर चादर दाल कर रूम से निकल गया. जब गार्डन में पंहुचा तो देखा की अनामिका अपनी फाइटिंग की प्रैक्टिस कर रही थी. वही उसके थोड़े दूर पर हीना और ज़रीन योग कर रही थी. नकुल अभी एक तरफ जा कर अपनी प्रैक्टिस सुरु कर दिया.

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"भाई जल्दी करो. हम लेट हो रहे कॉलेज के लिए." रानी ने अपना ब्रेकफास्ट फिनिश कर बोली. सुमन और जो अभी उठ कर आयी थी, रानी की तरफ घर कर देखते हुए बोली, "चुपचाप बैठी रहो और उसने खाना खाने दो. बड़ी आयी लेट होने वाली." सुमन एक तरफ आ कर बैठ गयी. हीना ने अपनी माँ को ब्रेकफास्ट निकल कर दी. नकुल चुपचाप अपना ब्रेकफास्ट करने में लगा हुआ था और रानी को देख के मुस्कुरा रहा था. रानी ये देख कर चीड़ गयी और उठ कर बहार चली गयी.

रानी को इस तरह जाता हुआ देख कर नकुल जल्दी से अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म कर, सबको bye बोल कर निकल गया. नकुल आता हुआ देख कर रानी बोली, "भाई आप बहुत पुरे हो. मुझे डाट पड़ने पर मेरा साथ देने की वजह हंस रहे थे. जब की आपको मेरा साथ देना चाहिए था."

"सॉरी मेरी jàan. आएगी से ऐसा नहीं करुगा. चल जल्दी बैठ कार के अंदर कॉलेज के किये लेट हो रहे है." नकुल ने कहा. नकुल की बात सुन कर रानी अंदर बैठ गयी और फिर नकुल ने कार को कॉलेज की तरफ बढ़ा दिया.
 
चूम लूं तेरे होठों को दिल की ख्वाहिश है,

बात ये मेरी नहीं दिल की फरमाइश है।

तेरे होठों को चूमा तो एहसास हुआ,

की पानी ही जरूरी नहीं प्यास बुझाने के लिए।

हद से ज्यादा तेरे करीब आने को जी करता है,

तेरो होठों को होठों से छू जाने को जी करता है,

तुम हो मेरे बेताब दिल की धड़कन,

तुम्हें अपना बनाने को जी करता है।

मैंने कहा तीखी मिर्ची हो तुम,

वो होंठ चूम कर बोली और अब?

तुम हसीन सी गुलाब जैसी हो,

बहुत नाजुक सी ख्वाब जैसी हो,

होंठों से लगाकर पी जाऊं तुम्हें,

सर से पांव तक शराब जैसी हो।

एक किस के तलब-गार हैं हम

और मांगे तो गुनहगार हैं हम।

इन होठों को देखा जब एक बात उठी जहन में ,

वो लफ्ज कितने नशीले होंगे जो इनसे होकर गुजरते हैं।

चलो, संग मिलकर प्यार की गलियां

घूम लेते हैं

प्यार का इजहार तो कर लिया अब

एक दूसरे को चूम लेते हैं।

किस डे के मौके पर

प्यार की कोई नई धुन बजा दो

मेरे दिल के गुब्बारे में

अपनी होंठो की निशानी सजा दो।

तन्हा रातों में

थोड़ा हमें भी मिस कर लो

अगर दिल ना तुम्हारा

तब हमारी तस्वीर को किस कर लो।
 
अपडेट 155

अब तक

रानी को इस तरह जाता हुआ देख कर नकुल जल्दी से अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म कर, सबको bye बोल कर निकल गया. नकुल आता हुआ देख कर रानी बोली, "भाई आप बहुत पुरे हो. मुझे डाट पड़ने पर मेरा साथ देने की वजह हंस रहे थे. जब की आपको मेरा साथ देना चाहिए था."

"सॉरी मेरी jàan. आएगी से ऐसा नहीं करुगा. चल जल्दी बैठ कार के अंदर कॉलेज के किये लेट हो रहे है." नकुल ने कहा. नकुल की बात सुन कर रानी अंदर बैठ गयी और फिर नकुल ने कार को कॉलेज की तरफ बढ़ा दिया.

अब आगे

खुशबू आज जल्दी कॉलेज आ गयी थी. क्योकि उसके ग्रुप ने आज पार्टी रखा हुआ था. इस ग्रुप का लीडर खुशबू को बनाया गया था, वो भी सिर्फ नाम के लिए. इस ग्रुप का असली लीडर था रणबीर खुराना, सोन ऑफ़ जगदीश खुराना (होम मिनिस्टर), था. ये खुशबू के जिस्म को पाना चाहता है किसी भी कीमत पर, इस लिए उसकी नज़र में बहुत सरीफ बना हुआ था. रणबीर के तीन फ्रेंड्स और थे जिनका नाम रुपेश महरा, रहीम खान, हामिश मल्होत्रा. इन चारो कमीनो को इनके बाप का सपोर्ट हमेश रहता है.

खुशबू अपने ग्रुप के साथ बैठ कर पार्टी का मज़ा ले रही थी. बाकि सब भी लगे हुए थे. इस सब में रणबीर बस खुशबू को hi देखे जा रहा था.

"यार रणबीर कोल्ड ड्रिंक तो अभी तक नहीं आये. जबकि सेल को पहले hi बोलै दिया था, थोड़ी देर बाद कोल्ड ड्रिंक ले कर आ जाना." ये बात रुपेश ने कहा था. रुपेश की बात सुन कर बाकि सब तो इंग्नोरे कर दिया, पर खुशबू उसको गुस्से में देखने लगी. अभी वह कुछ कहती उसे पहले hi रणबीर बोल पड़ा.

"रुपेशःठ तुम्हे पता है तुम क्या कह रहे हो. और कहाँ कह रहे हो." रुपेश रणबीर को गुस्से में देख कर चुप हो जाता है क्योकि उसे पता हो गया था की उसने कहाँ पर ये सब बोलै पड़ा था.

"सॉरी यार. सॉरी खुशबू." रुपेश ने खुशबू की तरह देखते हुए कहा. रणबीर रुपेश को ले कर अपने साथ चल दिया.

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वही नकुल कार जब coĺlege के अंदर प्रवेश करा तो सब की नज़र उस कार की तरफ हो गयी. सभी की मुँह से एक hi शब्द निकलता है, 'वाओ क्या कार है.' नकुल की कार पार्किंग आराम में जा कर रुकी. अभी भी सभी नज़र उस कार की तरफ थी, ये देखने के लिए की इस कार में से कौन उतरता है. नकुल कार से उतरा और दूसरी साइड जा कर दूर ओपन किया.

"आये रानी साहिबा." नकुल ने मस्ती करते हुए रानी से कहा. रानी भी मुस्कुराते हुए कार से उतर गयी. जहाँ एक तरफ लड़कियों नकुल खा जाने वाली नज़र से देख रही थी, वही दूसरी तरफ रानी को देख कर सभी लड़के उसको पाने की हसरत से देखने लगे. फिर नकुल रानी को ले कर प्रिंसिपल के ऑफिस के तरफ चला गया.

"मई ी के इन मैडम." नकुल ने ऑफिस का दूर थोड़ा ओपन करने के बाद कहा. प्रिंसिपल एक फाइल चेक करने में लगी हुई थी. बिना देखे hi कहा, "के इन एंड सीट हेरे." प्रिंसिपल एक तरफ कर दिया. नकुल रानी को ले कर ऑफिस के अंदर चला गया और चेयर पर बैठ गए.

"जी कहिये काम है." प्रिंसिपल ने फाइल से बिना ध्यान हटाए कहा.

"मैडम मेरा नाम नकुल खुश्वाहा है." नकुल ने अभी इतना hi कहा था की प्रिंसिपल ने अपना सर फाइल से हटा कर नकुल की तरफ देखने लगी.

"तो तुम मर. नकुल खुश्वाहा. जो एडमिशन लेने के बाद एक दिन भी कॉलेज नहीं आया. पता है कितना टाइम हुआ है तुम्हे कॉलेज में नहीं आये हुए." प्रिंसिपल ने नकुल से कहा.

"सॉरी मैडम. किसी काम की वजह से मुझे बहार जाना पड़ा. ये काम मेरे लिए बहुत hi इम्पोर्टेन्ट था, इसलिए मैं आपको इन्फॉर्म नहीं कर पाया." नकुल ने माफ़ी मांगते हुए अपनी साफई दिया.

"ठीक है. इस बार तो मैं तुम्हे माफ़ करती हु. पर नेक्स्ट टाइम बिलकुल भी नहीं. और हाँ नेक्स्ट मंथ से तुम्हारे एग्जाम सुरु हो रहे है. अगर तुम एग्जाम में फ़ैल हुए तो मैं तुम्हे कॉलेज से निकल दूंगी." नकुल को वार्निंग देते हुए प्रिंसिपल ने कहा.

"ठीक है. मैं एग्जाम में फ़ैल नहीं हूँगा मैडम." नकुल ने कहा.

"OK. अब तुम जा सकते हो." प्रिंसिपल ने नकुल से कहा और अपने काम में लग गयी.

"मैडम ये मेरी सिस्टर रानी है. ये गाओं से आज कल hi यहाँ आयी है. मैं इसका एडमिशन इस कॉलेज में करवाना चाहता हु. ये रहे इसके डाक्यूमेंट्स.' नकुल ने फाइल आगे बढ़ा दिया. प्रिंसिपल नकुल से फाइल ले कर देखने लगी. थोड़े देर देखने के बाद नकुल की तरफ देखते हुए कहा.

"नकुल ये तुम भी जानते हुए की एडमिशन का त्जमे निकल चूका है. नहीं कोई सीट बची है इस कॉलेज में किसी भी ब्रांच में." प्रिंसिपल ने नकुल से बोल, चुप हो गयी. नकुल कुछ देर सोचते हुए कहा, "कुछ सीट तो रिज़र्व राखी जाती है न."

"मुझे पता है. कॉलेज अथॉरिटीज कुछ सीट्स रिजर्व्ड रखते है. ताकि वो अपने किसी खास का एडमिशन करवा सके. या फिर समय आने पर उस सीट्स ज्यादा पैसे कमा सके." प्रिंसिपल ने नकुल से कहा.

"तो क्या उन में से कोई सीट बची हुई है." नकुल ने प्रिंसिपल में से पूछा. नकुल बात सुन कर कुछ सोचते हुए बोली, "एक सीट बची हुई है. पर काफी महंगा है."

"मुझे पैसे की कोई बात नहीं है. जितना भी पैसा लगेगा मैं देने को रेडी हु." नकुल ने कहा. नकुल की बात सुन कर प्रिंसिपल में ने के पेपर पर कुछ लिखने लगी. लिखने के बाद नकुल वो पेपर देते हुए बोली, "ये पेपर ले जा कर मर. दिनेश शर्मा को दे देना. और उन्हसे कहना की जल्दी से काम को पूरा करा दे."

फिर नकुल पेपर ले कर वहां से चला गया. नकुल रानी को ले कर एडमिशन ब्रांच में चला गया. वहां पर जा कर मर. दिनेश शर्मा को नकुल ने पेपर दे दिया. मर. दिनेश शर्मा ने पेपर देखने के बाद जल्दी से सारा पेपर वर्क पूरा करने लग गया. पेपर वर्क पूरा होने के बाद नकुल से पेमेंट के लिए कहा. नकुल ने अपने जेब से कार्ड निकल कर मर. दिनेश शर्मा को दे दिया. उसके बाद मर. दिनेश शर्मा ने कार्ड से पेमेंट करने के बाद नकुल को कार्ड वापस कर दिया. नकुल एडमिशन स्लिप लेने के बाद रानी को ले कर वहां से चला गया. इस काम में 2 घंटे लग गए थे.

'भाई मुझे भूख लगी है. चलो न पहले कुछ खा लेते है. उसके बाद बाकि का काम पूरा कर लेना." रानी ने कहा. नकुल फिर रानी लो ले कर काटीं की तरफ चल दिया.

"अच्छा रानी तुम कैंटीन की तरफ चलो, मैं जरा वाशरूम हो कर आया." नकुल ने रानी को एक तरफ इशारा कहते हुए बोलै. रानी नकुल से 'okay' बोल कर कैंटीन की तरफ चल दी. फिर नकुल भी एक तरफ चल दिया.
 
अपडेट 156

अब तक

"अच्छा रानी तुम कैंटीन की तरफ चलो, मैं जरा वाशरूम हो कर आया." नकुल ने रानी को एक तरफ इशारा कहते हुए बोलै. रानी नकुल से 'okay' बोल कर कैंटीन की तरफ चल दी. फिर नकुल भी एक तरफ चल दिया.

अब आगे

"भाई वो देख क्या टॉप माल एंटर हुई कैंटीन के अंदर." रुपेश ने रणबीर को एक तरफ इशारा करते हुए बोलै. जब रणबीर ने उस लड़की को देखा तो पागल सा हो गया. रणबीर को उस लड़की तरफ इस तरह देखता हुआ पा कर रुपेश खुश हो गया, मनो उसे खजाना मिल गया हो. "देखा भाई, है न टॉप की माल. काश एक बार चखने को मिल जाती."

"यार रुपेश तू बिलकुल ठीक कह रहा है. ये तो जन्नत की हर है. देख कैसे मैं अभी इसके होठो का रास पीटा हु." रणबीर की बात सुन कर रुपेश खुश हो गया. और अपनी ग्रुप की तरफ देखने लगा. उसने देखा की खुशबू वहां पर नहीं थी.

"भाई टाइम वास्ते मत कर देख खुशबू भी यहाँ पर नहीं है. लगता है अपनी फ्रेंड के साथ वाशरूम गयी हुई है. उसके आने से पहले अपना काम कर ले, वर्ण हाथ मलता रह जायेगा." रुपेश की बात को सुन, एक बार अपनी ग्रुप की तरफ देखा. जब उसने खुशबू को वहां पर देखा तो नहीं थी. वो उस लड़की की तरफ बढ़ गया. पर जाने से पहले काउंटर पर, आइस क्रीम को उसके ग्रुप के पास ले जाने के लिए बोलता गया.

वही रानी कैंटीन में आने के बाद एक टेबल पर जा कर बैठ गयी. और नकुल का वेट करने लग गयी. तभी उसके पास एक लड़का आ गया.

"सिस्टर आप क्या लेगी." उस लड़के ने कहा. ये वही लड़का था जिसको नकुल पैसे देते हुए पढ़ने के लिए बोलै था.

"भैया आप 4 समोसे, 2 सैंडविच, 2 बुरगेर्स और 2 कोल्ड कॉफ़ी ले आओ." रवि रानी के तरफ देखने लगा. जब रानी ने रवि को अपनी तरफ इस तरह देखते हुए पाया तो कहने लगी, " इस तरह क्यों देख रहे हो जैसे मैं कोई दूसरे गृह की प्राणी हु."

"सिस्टर मैं तो इस लिए आपके तरफ देख और सोच रहा था की आप ये सब अकेले खा जाओगी." रवि की बात सुन कर रानी घर कर उसकी तरफ देखि, मनो अभी खा जाएगी उसको.

"मैं अकेले थोड़े न हु. मेरे साथ तो मेरा एक फ्रेंड है जो अभी आने वाला है, ये आर्डर उसके लिए भी है. अब तुम्हे तसली हो गयी हो तो जल्दी से जाओ और आर्डर ले कर आओ. मुझे बहुत जोड़ो की भूख लगी है." रवि रानी बात सुन कर हस्ता हुआ वह से चला गया. इधर रवि का जाना हुआ की रणबीर रुपेश के साथ वह पर आ गया.

"नई एडमिशन." रुपेश ने रानी के सामने जा कर बैठते हुए कहा. रानी ने कोई जवाब न दिया और उस टेबल उठ कर दूसरे टेबल पर जा कर बैठ गयी. रानी के इस तरह चले जाने के कारन रुपेश को बहुत लगा, उसे अपनी be-izzati सा लगा. रणबीर को भी ये रानी का इस तरह चले जाना अच्छा नहीं लगा. रणबीर रानी के पास चला गया और उसका हाथ पकड़ कर चेयर से उठाया.

"बहुत घमंड है तेरे अंदर. बिना जवाब दिए यहाँ पर चली आयी. लगता है नई हो इस कॉलेज में इस लिए तुमने ये गलती की." रानी की तरफ कमीनी मुस्कान लिए हुए बोलै. रानी इस तरह अनजान लड़को अपना हाथ पकड़ा हुआ देख कर दर गयी. पर कुछ सोच कर उसका दसर चला गया.

"मेरा हाथ छोड़ और निकल यहाँ से, ऐसा न हो की बाद में ये हाथ किसी काम का नहीं न रहे. रही बात मेरे नई होने की तो. हाँ मैं नई हु इस कॉलेज में. पता चल गया न. चल अब निकल." रानी ने अपना हाथ छोड़ते हुए बोली. पर रणबीर ने उसका हाथ कास के पकड़ा हुआ था. जिस वजह से रानी अपना हाथ उसे नहीं छुड़ा पायी.

"भाई ये तो बड़ी hi तीखी मिर्च है. खाने में बड़ा माज़ा आएगा." रुपेश ने रणबीर को भड़कते हुए बोलै. रणबीर अपने दोस्त की बात सुन कर हस्ते हुए कहा, "भाई तुझे तो पता है मुझे तीखी मिर्च खाने में कितना मज़ा आता है. इस लाल मिर्च की तो बात hi अलग है." इसी के साथ रणबीर ने अपनी को खींच कर अपने सीने से लगा लिया और उसके कमर में हाथ दाल कर कास लिया. इस हरकत के कारन रानी का पारा हाई हो गया और खींच कर एक थप्पड़ रणबीर के गाल पर रशीद कर दिया. 'चाहाताआक' की आवाज़ पुरे कैंटीन में गूंज गयी. थप्पड़ पड़ते hi रणबीर रानी के कमर से अपना हाथ हटा कर अपने गाल पर लगा लिया.

"कुछ और चाहिए या निकलेगा यहाँ से." रानी ने गुसी में कहा. वही अपने फ्रेंड को थप्पड़ पड़ने के वजह से बहुत गुस्सा हो गए थे. करीम खान, हामिश मल्होत्रा रणबीर के पास आ गए. करीम आगे बढ़ कर रानी का बाल पकड़ लिया.

"साली तेरी इतनी हिम्मत की तूने मेरे भाई जैसे दोस्त पर हाथ उठया. दो टक्के की रंडी तेरी हिम्मत कैसे hui.Tujhe पुरे कॉलेज के सामने नंगा न घुमाया तो मेरा नाम भी करीम खान नहीं." इसी के साथ करीम ने रानी को धाक दे कर निचे गिरा दिया. रानी ये देख कर बहुत दर गयी थी. कैंटीन में मौजूद किसी भी लड़के या लड़की इतनी भी हिम्मत नहीं थी वो आगे आ कर रानी की मद्दत कर सके. "सेल तुम दोनों मेरा मुँह क्या देख रहे हो. साली को पकड़ कर खड़ा कर."

रुपेश और हामिश आगे बढ़ कर रानी को पकड़ लिया. और करीम अपने हाथ को जैसे hi रानी के कपड़ो की तरफ बाध्य. वो निचे गिर गया और उसकी के साथ hi हामिश और रुपेश भी.
 
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