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अब तक
"फ़िलहाल तो उसे मिलने सिर्फ मैं और तुम hi जा रहे है. मुझे पता है नकुल अभी कहा पर है. इस लिए तुम टाइम फॉर वास्ते न करते हुए अपने कपडे पहन लो." चांदनी की बात सुन कर प्रिय को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या न करे. चांदनी के रहते हुए वह नकुल से बात कर नहीं सकती है. इस लिए प्रिय चुपचाप कपडे पहन कर चांदनी के साथ निकल गयी. मंजू ने पूछा भी की तुम दोनों कहा जा रही हो तो सिर्फ इतना बोल कर चली गयी की वो अपने के फ्रेंड से मिलने जा रही है.
अब आगे
"आआआहहहहह मुझे अब ये नहीं हो पायेगा." कनिका अलगतार 5 दिन एक hi मूव की प्रैक्टिस कर रही थी. पर इस मूव के द्वारा उसे पुरे 100 लोगो को मरना था. ये लोग कोई आम लोग नहीं थे बल्कि मिनाक्षी के मैजिक द्वारा क्रिएट किये गए लोग थे.
"बस इतने से hi हर मन गयी. तब क्या होगा जब नकुल को इस से भी ज्यादा हो उसे मरने के लिया आएंगे." मिनाक्षी ने कनिका को बड़े hi प्यार से समझा रही थी. ताकि वह अपना प्रैक्टिस पुरे मैं और लगन से करे.
"पर ये तो आप ने अपने माजिक्स से क्रिएट किया हुआ है. जब की मुझे तो आम इन्शानो से लड़ना होगा." कनिका ने अपना तर्क दिया. जिसे सुन कर मिनाक्षी मुस्कुराने लगी. कनिका भी बहुत hi ध्यान से मिनाक्षी के चहरे पर आये मुस्कान को देख रही थी और समझने की कोशिश कर रही थी की उसने ऐसा क्या कर दिया. "आप कुछ बोलोगी भी या ऐसे hi मुस्कुराती रहोगी."
"तुम्हे किसने कह दिया की नकुल को सिर्फ आम लोगो से hi लड़ना है, जो अंडरवर्ल्ड या माफिया या गली के गुंडे स्माइल होंगे. बल्कि नकुल को उन लोगो से लड़ना है जिनके पास सुपरनैचरल पावर्स होंगे. अभी जो मूव तुम सिख रही हो ये उन जैसे लोगो के लिए है. चलो रेडी हो जाओ. तुमने बहुत ज्यादा रेस्ट कर लिया है." मिनाक्षी इतना hi कहने के बाद कनिका को यही ग्राउंड में छोड़ अंदर की तरफ चल दी.
"एक मिनट." कनिका जोड़े से कहा. उसकी आवाज़ सुन कर मिनाक्षी पिच मुद गयी और वही कड़ी हो गयी. कनिका भाग कर मिनाक्षी के पास आयी और बोली, "आप जैसा कह रही है की नकुल को सुपरनैचरल लोगो से लड़ना होगा. पर नकुल उन जैसे लोगो से लड़ कैसे पायेगा. क्योकि उसके पास तो ऐसी कोई सुपरनैचरल पावर्स तो है hi नहीं."
"कनिका इसलिए तो मैं तुम्हे ये साडी चीज़े सीखा रही हु. ताकि तुम नकुल की रक्षा कर सको उन जैसे लोगो से. और हाँ अब कोई सवाल नहीं, तुम जा कर अपनी प्रैक्टिस करो." कनिका बिना कुछ कहे अपने प्रैक्टिस के लिए चली गयी. वही मिनाक्षी धीरे से बोली, "अब मैं तुम्हे कैसे बताऊँ की नकुल के पास जनम से hi ऐसी पावर है. जिसका थोड़ इस पुरे ब्रह्माण्ड में नहीं है. सिर्फ कुछ लोगो को छोड़ कर. और बहुत जल्द hi वो भी जागने वाला है. जिसको स्वाम त्रिदेवो ने बड़े मुश्किल से कैद किया था."
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"सभी ने अपना अपना सामान गाड़ी में रख दिया है न. क्योकि इस के बाद मैं यहाँ पर किसी को नहीं ले कर आऊंगा." नकुल ने ये बात सिर्फ रानी को देखते हुए कही थी. उसने जिस लिउए कही थी उसका परवाह भी हुआ.
"ऐसे कैसे नहीं लाएंगे आप. आप को मेरी हर बात माननी पड़ेगी. और मैं आपको जभी कहु आप मुझे यहाँ ले कर आना hi होगा. समझे मेरी बात." रानी ने ये बात अपनी कमर पर दोनों हाथो को रखते हुए बोली. जिसे सुन कर सभी हंसने लग गए. यूँ सब को हस्ता देख कर रानी को समझ आ गया की नकुल ने सब के साथ मिलकर उसका पोपट बनाया है. "भईईई मैं आपको नहीं छोड़ने वाली हु."
इतना कहने के साथ hi रानी नकुल के पीछे भागी. नकुल रानी को इस तरह अपनी तरफ आता देख कर सुमन आंटी के पीछे हो लिया. ये देख कर रानी फिर से बोली, "भाई आप क्या सोच रहे हो. माँ के पीछे छिप कर आप बच जाओगे तो ऐसा बिलकुल नहीं होने वाला." नकुल का इतना सुना था की वो हीना के पीछे हो लिए. रानी नकुल के पीछे जब तक लग रही जब तक उसने नकुल को पकड़ नहीं लिए. या यूँ कह सकते हो की नकुल ने खुद को रानी के हवाले कर दिया
"अब बताओ अब कहा बचकर जाओगे." रानी ने कहा.
"मैं भला अपने रानी को छोड़ कर कहा जाऊंगा. मैं तो जहाँ पर जाऊंगा तुझे अपने साथ hi ले कर चलूँगा." रानी का इतना सुना था की उसने नकुल के पुरे चेहरे पर किश की बरषत कर दिया. ये देख कर फिर से सभी हसने लग गए.
"बीटा चलो लेट हो रहे है." सुमन ने ये बात नकुल और रानी की मस्ती देख कर कही थी क्योकि उनकी मस्ती में काफी टाइम हो गया था.
"OK आंटी आप सब अपनी अपनी कार में बैठिये. और ये चुहिया." नकुल ने एक बार फिर से मस्ती करते हुए कही थी. जिसे सुन कर रानी नकुल को मरने लग गयी.
"ये तो तुम जाना. मैं तो चली अपनी प्यारी बेटी के साथ." नकुल सुमन की बात सुन कर मुस्कुरा दिया. और रानी नकुल को किचिते हुए अपनी कार की तरफ ले चली. सभी कार के अंदर बैठ गए थे सिवाए नकुल को छोड़ कर. तभी के कार नकुल के पास आ कर रुकी. और उस कर से चांदनी और प्रिय निकली.
"नकुल मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है." चांदनी कार से उतरने के साथ hi बोली. जिस सुन कर नकुल ने हाँ में अपनी गर्दन हिला दी.
"रानी तुम कार में hi बैठी रहो. मैं अभी इनसे बात कर के आया. चली मिस चांदनी. " नकुल चांदनी को ले कर होटल के अंदर चले दिया. वही प्रिय कार के पास hi कड़ी रही. और बाकि सब भी उन दोनों को जाते हुए देख रहे थे.
"माँ ये तो नकुल की बुआ की बेटी है न जो कल रात हमें ice-cream पारलर में मिली थी. और ये लड़की भी उसकी के साथ थी." हीना ने अपनी माँ से कहा.
"तुम ठीक कह रही हो बेटी ये उनकी hi बेटी है. शयद ये किसी काम के सिलसिले में नकुल से मिलने आयी होगी. शायद ये दूसरी लड़की भी जरूर नकुल की कोई रिलेटिव जोगी." सुमन ने भी आपकी बेटी की बात को पुष्टि करती हुई बोली.
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"हाँ तो मिस चांदनी अब किसी लिए यहाँ पर आयी हो. अब तो तुम्हारी माँ तुम्हारे पास है." नकुल ने चांदनी से कहा. इस समय नकुल चांदनी के साथ अपने रूम में था.
"मैं यहाँ तुम से लड़ने नहीं बल्कि मैं यहाँ पर तुमसे उस ड्रग्स का तोड़ मांगने आयी हु जिसको तुमने मुझे दिया है." नकुल चांदनी की बात सुन कर मुस्कुराने लग गया. चांदनी नकुल को हस्ता देख कर उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया. "मैं यहाँ तुम्हारी ये बेकार सी हसी और फालतू की बाते सुने नहीं आयी हु. शायद तुम्हे इस बात का बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं की तुम्हारे वजह से मुझे कितनी तकलीफ झेलनी पद रही है. शायद मैं तुम्हारी अपनी बहन नहीं हु न इस लिए तुम मेरे साथ ऐसा कर रहे हो."
"तुम ने बिलकुल ठीक समझा. मैं ये इस लिए कर रहा हु. और तुम्हारे बाप ने जो मेरे साथ किया उसका क्या. शुक्र मनो मैं ने तुम्हे ज़िंदा रखा हुआ है. अगर मैं भी तुम्हारे बाप की तरह होता तो अब तक तुम मरी पड़ी होती. रही बात इस ड्रग्स की तो इसका कोई तोड़ नहीं है. इस का बस एक hi हल है वो है 24 घंटे में काम से काम 5-6 बार सेक्स. अब वो तुम देख लो किसके साथ करना चाहती हो. अब मैं चलता हु." नकुल इतना कहने के बाद रूम से बहार निकल गया. वही चांदनी चिलाती रही पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा.
"प्रिय आज के बाद उसे मेरे पास बिलकुल मत लाना." नकुल ने कार में बैठते हुए कहा. फिर कार के स्टार्ट कर के निकल गया. बाकि सब भी उसके पीछे हो लिए. अभी नकुल थोड़े hi दूर गया था की उसका फ़ोन रिंग करने लग गया. नकुल ने फ़ोन उठा कर सिर्फ इतना hi बोलै की 'ठीक है' उसके बाद फ़ोन रख दिया.
अब तक
"फ़िलहाल तो उसे मिलने सिर्फ मैं और तुम hi जा रहे है. मुझे पता है नकुल अभी कहा पर है. इस लिए तुम टाइम फॉर वास्ते न करते हुए अपने कपडे पहन लो." चांदनी की बात सुन कर प्रिय को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या न करे. चांदनी के रहते हुए वह नकुल से बात कर नहीं सकती है. इस लिए प्रिय चुपचाप कपडे पहन कर चांदनी के साथ निकल गयी. मंजू ने पूछा भी की तुम दोनों कहा जा रही हो तो सिर्फ इतना बोल कर चली गयी की वो अपने के फ्रेंड से मिलने जा रही है.
अब आगे
"आआआहहहहह मुझे अब ये नहीं हो पायेगा." कनिका अलगतार 5 दिन एक hi मूव की प्रैक्टिस कर रही थी. पर इस मूव के द्वारा उसे पुरे 100 लोगो को मरना था. ये लोग कोई आम लोग नहीं थे बल्कि मिनाक्षी के मैजिक द्वारा क्रिएट किये गए लोग थे.
"बस इतने से hi हर मन गयी. तब क्या होगा जब नकुल को इस से भी ज्यादा हो उसे मरने के लिया आएंगे." मिनाक्षी ने कनिका को बड़े hi प्यार से समझा रही थी. ताकि वह अपना प्रैक्टिस पुरे मैं और लगन से करे.
"पर ये तो आप ने अपने माजिक्स से क्रिएट किया हुआ है. जब की मुझे तो आम इन्शानो से लड़ना होगा." कनिका ने अपना तर्क दिया. जिसे सुन कर मिनाक्षी मुस्कुराने लगी. कनिका भी बहुत hi ध्यान से मिनाक्षी के चहरे पर आये मुस्कान को देख रही थी और समझने की कोशिश कर रही थी की उसने ऐसा क्या कर दिया. "आप कुछ बोलोगी भी या ऐसे hi मुस्कुराती रहोगी."
"तुम्हे किसने कह दिया की नकुल को सिर्फ आम लोगो से hi लड़ना है, जो अंडरवर्ल्ड या माफिया या गली के गुंडे स्माइल होंगे. बल्कि नकुल को उन लोगो से लड़ना है जिनके पास सुपरनैचरल पावर्स होंगे. अभी जो मूव तुम सिख रही हो ये उन जैसे लोगो के लिए है. चलो रेडी हो जाओ. तुमने बहुत ज्यादा रेस्ट कर लिया है." मिनाक्षी इतना hi कहने के बाद कनिका को यही ग्राउंड में छोड़ अंदर की तरफ चल दी.
"एक मिनट." कनिका जोड़े से कहा. उसकी आवाज़ सुन कर मिनाक्षी पिच मुद गयी और वही कड़ी हो गयी. कनिका भाग कर मिनाक्षी के पास आयी और बोली, "आप जैसा कह रही है की नकुल को सुपरनैचरल लोगो से लड़ना होगा. पर नकुल उन जैसे लोगो से लड़ कैसे पायेगा. क्योकि उसके पास तो ऐसी कोई सुपरनैचरल पावर्स तो है hi नहीं."
"कनिका इसलिए तो मैं तुम्हे ये साडी चीज़े सीखा रही हु. ताकि तुम नकुल की रक्षा कर सको उन जैसे लोगो से. और हाँ अब कोई सवाल नहीं, तुम जा कर अपनी प्रैक्टिस करो." कनिका बिना कुछ कहे अपने प्रैक्टिस के लिए चली गयी. वही मिनाक्षी धीरे से बोली, "अब मैं तुम्हे कैसे बताऊँ की नकुल के पास जनम से hi ऐसी पावर है. जिसका थोड़ इस पुरे ब्रह्माण्ड में नहीं है. सिर्फ कुछ लोगो को छोड़ कर. और बहुत जल्द hi वो भी जागने वाला है. जिसको स्वाम त्रिदेवो ने बड़े मुश्किल से कैद किया था."
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"सभी ने अपना अपना सामान गाड़ी में रख दिया है न. क्योकि इस के बाद मैं यहाँ पर किसी को नहीं ले कर आऊंगा." नकुल ने ये बात सिर्फ रानी को देखते हुए कही थी. उसने जिस लिउए कही थी उसका परवाह भी हुआ.
"ऐसे कैसे नहीं लाएंगे आप. आप को मेरी हर बात माननी पड़ेगी. और मैं आपको जभी कहु आप मुझे यहाँ ले कर आना hi होगा. समझे मेरी बात." रानी ने ये बात अपनी कमर पर दोनों हाथो को रखते हुए बोली. जिसे सुन कर सभी हंसने लग गए. यूँ सब को हस्ता देख कर रानी को समझ आ गया की नकुल ने सब के साथ मिलकर उसका पोपट बनाया है. "भईईई मैं आपको नहीं छोड़ने वाली हु."
इतना कहने के साथ hi रानी नकुल के पीछे भागी. नकुल रानी को इस तरह अपनी तरफ आता देख कर सुमन आंटी के पीछे हो लिया. ये देख कर रानी फिर से बोली, "भाई आप क्या सोच रहे हो. माँ के पीछे छिप कर आप बच जाओगे तो ऐसा बिलकुल नहीं होने वाला." नकुल का इतना सुना था की वो हीना के पीछे हो लिए. रानी नकुल के पीछे जब तक लग रही जब तक उसने नकुल को पकड़ नहीं लिए. या यूँ कह सकते हो की नकुल ने खुद को रानी के हवाले कर दिया
"अब बताओ अब कहा बचकर जाओगे." रानी ने कहा.
"मैं भला अपने रानी को छोड़ कर कहा जाऊंगा. मैं तो जहाँ पर जाऊंगा तुझे अपने साथ hi ले कर चलूँगा." रानी का इतना सुना था की उसने नकुल के पुरे चेहरे पर किश की बरषत कर दिया. ये देख कर फिर से सभी हसने लग गए.
"बीटा चलो लेट हो रहे है." सुमन ने ये बात नकुल और रानी की मस्ती देख कर कही थी क्योकि उनकी मस्ती में काफी टाइम हो गया था.
"OK आंटी आप सब अपनी अपनी कार में बैठिये. और ये चुहिया." नकुल ने एक बार फिर से मस्ती करते हुए कही थी. जिसे सुन कर रानी नकुल को मरने लग गयी.
"ये तो तुम जाना. मैं तो चली अपनी प्यारी बेटी के साथ." नकुल सुमन की बात सुन कर मुस्कुरा दिया. और रानी नकुल को किचिते हुए अपनी कार की तरफ ले चली. सभी कार के अंदर बैठ गए थे सिवाए नकुल को छोड़ कर. तभी के कार नकुल के पास आ कर रुकी. और उस कर से चांदनी और प्रिय निकली.
"नकुल मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है." चांदनी कार से उतरने के साथ hi बोली. जिस सुन कर नकुल ने हाँ में अपनी गर्दन हिला दी.
"रानी तुम कार में hi बैठी रहो. मैं अभी इनसे बात कर के आया. चली मिस चांदनी. " नकुल चांदनी को ले कर होटल के अंदर चले दिया. वही प्रिय कार के पास hi कड़ी रही. और बाकि सब भी उन दोनों को जाते हुए देख रहे थे.
"माँ ये तो नकुल की बुआ की बेटी है न जो कल रात हमें ice-cream पारलर में मिली थी. और ये लड़की भी उसकी के साथ थी." हीना ने अपनी माँ से कहा.
"तुम ठीक कह रही हो बेटी ये उनकी hi बेटी है. शयद ये किसी काम के सिलसिले में नकुल से मिलने आयी होगी. शायद ये दूसरी लड़की भी जरूर नकुल की कोई रिलेटिव जोगी." सुमन ने भी आपकी बेटी की बात को पुष्टि करती हुई बोली.
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"हाँ तो मिस चांदनी अब किसी लिए यहाँ पर आयी हो. अब तो तुम्हारी माँ तुम्हारे पास है." नकुल ने चांदनी से कहा. इस समय नकुल चांदनी के साथ अपने रूम में था.
"मैं यहाँ तुम से लड़ने नहीं बल्कि मैं यहाँ पर तुमसे उस ड्रग्स का तोड़ मांगने आयी हु जिसको तुमने मुझे दिया है." नकुल चांदनी की बात सुन कर मुस्कुराने लग गया. चांदनी नकुल को हस्ता देख कर उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया. "मैं यहाँ तुम्हारी ये बेकार सी हसी और फालतू की बाते सुने नहीं आयी हु. शायद तुम्हे इस बात का बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं की तुम्हारे वजह से मुझे कितनी तकलीफ झेलनी पद रही है. शायद मैं तुम्हारी अपनी बहन नहीं हु न इस लिए तुम मेरे साथ ऐसा कर रहे हो."
"तुम ने बिलकुल ठीक समझा. मैं ये इस लिए कर रहा हु. और तुम्हारे बाप ने जो मेरे साथ किया उसका क्या. शुक्र मनो मैं ने तुम्हे ज़िंदा रखा हुआ है. अगर मैं भी तुम्हारे बाप की तरह होता तो अब तक तुम मरी पड़ी होती. रही बात इस ड्रग्स की तो इसका कोई तोड़ नहीं है. इस का बस एक hi हल है वो है 24 घंटे में काम से काम 5-6 बार सेक्स. अब वो तुम देख लो किसके साथ करना चाहती हो. अब मैं चलता हु." नकुल इतना कहने के बाद रूम से बहार निकल गया. वही चांदनी चिलाती रही पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा.
"प्रिय आज के बाद उसे मेरे पास बिलकुल मत लाना." नकुल ने कार में बैठते हुए कहा. फिर कार के स्टार्ट कर के निकल गया. बाकि सब भी उसके पीछे हो लिए. अभी नकुल थोड़े hi दूर गया था की उसका फ़ोन रिंग करने लग गया. नकुल ने फ़ोन उठा कर सिर्फ इतना hi बोलै की 'ठीक है' उसके बाद फ़ोन रख दिया.