Incest Sex Kahani Kasoor - Page 19 - SexBaba
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Incest Sex Kahani Kasoor

अपडेट 157

अब तक

रुपेश और हामिश आगे बढ़ कर रानी को पकड़ लिया. और करीम अपने हाथ को जैसे hi रानी के कपड़ो की तरफ बाध्य. वो निचे गिर गया और उसकी के साथ hi हामिश और रुपेश भी.

अब आगे

"तू ठीक तो है न, रानी." नकुल ने रानी को अपने गले लगते हुए पूछने लगा. रानी नकुल के गले लगते hi रोने लगी. "न मेरी जान रट नहीं. जब तक मैं हु तुझे कुछ नहीं होने दूंगा." रानी नकुल की बात सुन कर रोना बंद कर दी.

"भाई ये लोग बहुत गंदे है. इन्हे लड़कियों के साथ बात करना बिलकुल नहीं आता." रानी के बात सुन कर नकुल मुस्कुरा दिया. और फिर रानी को पास के टेबल पर बैठते हुए बोलै, "तू उसकी टेंशन मत ले मैं इन्हे सब सीखा दूंगा."

फिर नकुल वापस करीम, हामिश और रुपेश के पास चला गया. और उन्हें उठाते हुए बोलै, "हाँ तो कुत्तो तुम्हारा मालिक कौन है. जरा नाम तो बता." रणबीर बस चुपचाप खाद अपने दोस्तों की तरफ देख रहा था. रणबीर के लाइफ में ये पहली बार हो रहा था की कोई उसके दोस्तों को इस तरह मारा भी और be-izzati बार कर रहा है वो भी कॉलेज के कैंटीन के अंदर. यहाँ रणबीर अपने hi सोच में डूबा हुआ था. "क्यों बे सालो सुनाई नहीं दिया क्या, तुम्हारा मालिक कौन है."

"लगता है तुझे तेरी औकात बतानी पड़ेगी, तूने किससे पन्गा लिया है." रुपेश ने बाबत अहंकार के साथ नकुल को घूरते हुए बोलै. नकुल रुपेश की बात को सुन कर हंसाने लग गया. नकुल इस तरह अपने दोस्तों पर हँसता हुआ देख रणबीर को बहुत गुस्सा आ गया. अभी रणबीर कुछ कहता उसे पहले hi करीम बोल पड़ा, "सेल तूने अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती कर दी, मुझे पे और मेरे दोस्तों पर हाथ उठ कर. मैं ने तेरे hi सामने इस रआआआआन्त्र." करीम की अंतिम शब्द उसके मुँह के अंदर hi रह गए और निचे गिरा हुआ था.

"जरूर तू किसी नीच की औलाद होगा, जो इस तरह से बोल रहा है. और मेरे ख्याल से तेरे ये दोस्त भी उसी खंडन के लग रहे है. सालो हरामी के औलादो अभी तक तुमने अपने मालिक का नाम नहीं बताया." नकुल की बात को सुन कर रणबीर गुस्से में उसके सामने जा कर खड़ा हो गया. रणबीर को अपने सामने देख कर नकुल समझ गया की यहीं इन सब का लीडर है. "सुन बे अपने इन कुत्तो को ले और यहाँ से निकल. कही ऐसा न हो की तेरी हालत भी इन की तरह हो जाये. तुझे भी कुत्ता hi समझने लगे." नकुल अपनी बात कहने के बाद वहां से हैट गया और रानी के टेबल की तरफ चल गया.

"आज तू इस कॉलेज से ज़िंदा नहीं जाएगा. नहीं hi तेरी ये झमिया." नकुल ने रणबीर की बात सुन कर उसकी तरफ मुद कर देखा और मुस्कुरा दिया फिर वापस बिना कुछ कहे रानी के पास आ कर बैठ गया. रणबीर ने अपना फ़ोन निकला और एक मैसेज किया, फिर अपने दोस्तों को ले कर कैंटीन से चला गया.

रवि भी आर्डर ले कर आ गया रानी के पास, जो अभी तक एक तरफ चुपचाप खड़ा था. रवि ने नकुल को अभी तक नहीं देखा था, क्योकि उस लड़ाई के दौरान भी नकुल के पीछे hi खड़ा था और अभी नकुल के पीछे hi खड़ा था. "आपने बहुत अच्छा किया भैया अपने उन लोगो मर के." रवि ने आर्डर को रखते हुए बोलै. जैसे रवि ने रानी के तरफ कॉफ़ी रखने के बाद नकुल की तरफ मुद कर कॉफ़ी रखा, नकुल को देख कर खुश हो गया. "भैया आप."

"हाँ मैं. अच्छा तो ये बताओ तुमने एडमिशन ली की नहीं." नकुल ने कॉफ़ी को उठाते हुए पूछा. रवि ने बड़े hi ख़ुशी के साथ कहने लगा.

"हाँ, भैया मैं एडमिशन ले लिए है. प्रिंसिपल ने मेरे बारे में जानने के बाद मेरी मद्दत भी की." नकुल ने रवि की बात सुनाने के बाद खुश होते हुए अपने पॉकेट से एक कुछ पैसे निकल कर देते हुए बोलै, "ये पैसे तुम रखो, इन पैसो अपने पढाई और अपनी माँ पर खर्च करना."

"भाई ये पैसे मैं ले तो रहा हु. पर जब मैं अपनी पढाई पूरी करने के बाद, मैं काम करने लागु, उस समय ये पैसे लौटाऊंगा तो आपको लेना पड़ेगा." रवि ने कहा.

"ठीक है. मैं तुमसे उस समय पैसे ले लूंगा." रवि ये सुन कर खुश हो गया. "अच्छा भाई मैं बाद में आपसे बात करता हु. कैंटीन के ओनर ने मुझे आपके साथ बात करते हुए देखेगा तो गुस्सा करने का मुझ पर." इतना कहने के बाद ट्राई उठ कर वहां से चल दिया. पर जाते हुए मुड़ते हुए बोलै, "भाई जरा उन सब से बच कर रहना. वो बहुत hi बुरे लोग है."

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"अरे खुशबू तूने सुना, रुपेश करीम और हिमेश को एक लड़के ने बहुत बुरी तरह मारा है. और रणबीर की पुरे कैंटीन के सामने इंसल्ट भी की." ये रणबीर की रखैल डॉली थी, जो खुशबू कैंटीन की घटना को बता रही थी, सिर्फ उतना hi जितना रणबीर के लिए ठीक था.

"पर ये हुआ कैसे. वो तो किसी से लड़ता भी नहीं है और नहीं किसी को कुछ कहता है." ये बात रामय ने कही थी, जो खुशबू के साथ वाशरूम गयी थी. रामय ये रणबीर के बारे अच्छी तरह जानती थी की वो कैसा लड़का है. पर खुशबू के सामने उसे बहुत hi सरीफ जाहिर कर रही थी. ताकि खुशबू उसको चाहने लगे. पर सायद उन्हें ये नहीं पता था की खुशबू पहले से hi किसी और को चाहती है.

"रामय तुम ठीक कह रही हो. रणबीर और उसके दोस्तों अपने सीट पर बैठ कर कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे, तभी एक लड़का आ कर एक लड़की के साथ बतमीज़ी करने लग गया. वो लड़की उस लड़को जाने के लिए कह रही थी पर वो लड़का वह से जा hi नहीं रहा था. उल्टा उस लड़के ने उसक लड़की के बूब्स को पकड़ कर जो से मिश्र दिया. वो लड़की जोर से छिलाई और रोने लगी. ये देख रणबीर और उसके दोस्त उस लड़की सहायत के लिए उसके पास चले गए. जब रणबीर ने उस लड़के को उस लड़की के पास चले जाने के लिए बोलै तो उल्टा उस लड़के ने रणबीर और उस के दोस्तों को मरने लगा और गली भी देने लगा." डॉली के बात सुन कर खुशबू और रामय के चेहरे का रंग hi उड़ गए. जहाँ खुशबू के चेहरे का रंग उड़ने का कारन उसके फ्रेंड्स का बेमतलब पीटना था. वही रामय के चेहरे का रंग उड़ने की वजह रणबीर जैसे ताकवर लड़के को एक अनजान लड़के पीट दिया, वो भी एक लड़की के लिए. जो पुरे कॉलेज की बात hi छोडो पुरे दिल्ली सिटी ऐसा कोई नहीं था जो उस पर हाथ उठा सके.

"ये तो बहुत बुरा हुआ. क्या रणबीर और उसके दोस्त चले गए." खुशबू ने डॉली से पूछने लगी. डॉली कुछ सोचने के बाद बोली, "हाँ, बेचारे इतनी इंसल्ट के बाद यहाँ रह कर क्या करते."

"OK. तो क्या वो लड़का भी चला गया जिसने रणबीर और उसके दोस्तों को मारा था." खुशबू की इस बात को सुनते hi बहुत खुश हो गयी. डॉली अपनी ख़ुशी को छुपाते हुए बोली, "नहीं वो लड़का अभी कैंटीन के अंदर उस लड़की के पास बैठा हुआ है. जिसके वजह से ये सब हुआ." डॉली की वार सुन कर खुशबू कैंटीन की तरफ बढ़ गयी. खुशबू के पीछे पीछे डॉली और रामय भी हो ली. जब खुशबू कैंटीन में पहुंची तो देखा की वहां बिलकुल शांति छै हुई थी और कुछ लड़किया और लड़के आपस में पर बहुत hi धीरे बात कर रहे थे.

"डॉली कहाँ है वो लड़का जिसने रणबीर और उसके दोस्तों पर बेमतलब हाथ उठाया." खुशबू ने डॉली से पूछा, जो ठीक उसके बगल में आ कड़ी थी. डॉली ने चारो तरफ देखने लगी. पर उसे कही भी वो दोनों दिखाई नहीं दिए.

"खुशबू सायद वो चल गया है. वो लड़की भी यहाँ नहीं है. कोई कल तो यहाँ आएंगे hi. जैसे मुझे दिखेंगे मैं तुम्हे बता दूंगी." डॉली ने कहा. डॉली की बात सुन कर खुशबू ने बोलै, "ठीक है." फिर खुशबू कैंटीन से निकल कर पार्किंग एरिया की तरफ चल दी, रामय और डॉली भी उसके पीछे हो ली. अभी वो सब थोड़े hi दूर गए थे के एक लड़की खुशबू के पीछे से पकड़ ली.

"दीदी प्लीज मेरे भाई को बचा लो. वो सब उसे मर देंगे." लड़की की आवाज़ सुन कर खुशबू के चेहरे का रंग hi उड़ गया. बिना पीछे मूड उसके मुँह से एक hi शब्द निकला, "रानीयी." और पलट कर उसको अपने लगे लगा ली. ये नज़ारा देख कर रामय और डॉली के प्राण hi सुख गए थे. जिस लड़की के बारे में कह कर अब तक उन्होंने उस लड़के के खिलाफ भड़काया था, सब धार का धार रह गया. बल्कि खुशबू तो उनके खिलाफ हो जाएगी.

"क्या हुआ रानी तू इतनी दरी हुई क्यों है. क्या हुआ कमल को." खुशबू ने रानी को अपने से अलग करते हुए पूछा. रानी ने रट हुए बोली, "दीदी कमल भाई नहीं, बल्कि नकुल भाई को." अभी रानी कुछ कहती एक डंडा रानी के सर पर आ लगा.

नेक्स्ट अपडेट कल रात तक
 
अपडेट 158

अब तक

"क्या हुआ रानी तू इतनी दरी हुई क्यों है. क्या हुआ कमल को." खुशबू ने रानी को अपने से अलग करते हुए पूछा. रानी ने रट हुए बोली, "दीदी कमल भाई नहीं, बल्कि नकुल भाई को." अभी रानी कुछ कहती एक डंडा रानी के सर पर आ लगा.

अब आगे

"दीदी नकुल भैया को बचा लो." रानी इतना कहने के बाद बेहोश हो गयी. रानी को इस तरह बोलना बंद होने के कारन खुशबू दर सी गयी. उसने जल्दी से रानी को चेक किया, तो पाया की रानी सिर्फ बेहोश हुई थी.

"रामय डॉली रानी को तुम हॉस्पिटल जाओ. एक बात अच्छी तरह से ध्यान रखना इसे कुछ नहीं होना चाहिए. अगर इस कुछ हुआ तो मैं तुम दोनों के साथ साथ तुम्हारे परिवार वो हल करुँगी, तुमने सोचा भी नहीं होगा." खुशबू को इस तरह गुस्से में पहली बार देख रही थी. उसकी गुस्से में कही बाताओ से वो दोनों इतना दर गयी थी, उनके चेहरा hi पीला पद गया था.

"तुम चिंता मत करो. हम इस कुछ नहीं होने देंगे." अभी डोलिय ने इतना hi कहा था की एक सैंड आदमी उनके पास आ गया. उसकी की तरह कुछ और आदमी उसके पीछे पीछे आ गए.

"ोये लड़की इस को हमारे हवाले करके, चलती बन." उस आदमी की बात को सुन खुशबू ने चेहरे के भाव hi बदल गए. खुशबू उस आदमी के सामने कड़ी हो गयी.

"तुम दोनों सुनाई नहीं दिया क्या मैं क्या कहा." खुशबू की बात सुन कर डॉली और रामय रानी को उठा कर एक तरफ ले जाने लगी. रानी यूँ अपने सामने से जाते हुए देख कर, उस आदमी ने अपने साथी को इशारा किया. जैसे hi उस आदमी का इशारा प् कर रानी के तरफ उसका साथ बढ़ा, खुशबू ने उसके गले बीचो बिच अपने हाथ में पकड़ा हुआ पेन घुसा दिया. वो आदमी वही भगवन को प्यार हो गया. अपनी साथी को इस तरह मरते हुए देख कर वो खुशबू को मरने के लिए जैसे hi अपना उठाया, खुशबू ने बिना एक पल गवाए, वही पेन उस आदमी के दोनों आँखे में एक एक बाद घुसा कर निकल लिया. वो आदमी वही बे गिर गया. अपने लीडर और अपने साथ के हालत हो देख कर इतना दर गए थे की वो पीछे की तरफ हटाने लगे. खुशबू को गुस्सा इस तरह हावी था की उसने अपने हाथ में उस पेन को बहुत hi कास के पकड़ हुआ था, किसी हथियार की तरह. उसने ये साबित कर दिया था.

खुशबू उनको पीछे हेट हुए देख कर अपने कदम आगे बढ़ा लिया. खुशबू को अपनी तरफ आता देख, वो सभी पीछे मुद कर दौड़ने लगे. खुशबू भी उनके पीछे दौड़ गयी. वो सभी कॉलेज के ग्राउंड में अपने बॉस के पास आ कर रुक गए. बॉस उनको खली हाथ देख बादकते हुए बोलै.

"कमीनो वो लड़की कहा है, जिसके पीछे तुम्हे भेजा था. साला वो रंडी का औलाद जग्गू कहा मर गया." अपने बॉस को इस तरह गुस्सा हुआ देखा कर उन सब की हालत पतली हो गयी थी. पर उन्हें कुछ तो बालना था, अगर कोई जवाब नहीं देते तो बॉस उन्हें खुद hi मर देता.

"बॉस उस लड़की को एक लड़की ने बचा लिया. और जग्गू और सलीम को उस लड़की ने जान से मर दिया, जिसने उस लड़की को बचाया था." डरते हुए उस में से एक ने बोलै.

"सालो फिर तुम यहाँ क्या अपनी मैया छुड़वा रहे हो. सालो जल्दी से जाओ और उसे मेरे सामने घसीट कर ले कर आओ." अपने बॉस की बात सुन कर इतना दर गए थे की अभी मूट देंगे. और आगे बढ़ गए, पर जब उन्हें खुशबू को अपनी आते हुए देखा तो पीछे हटाने लगे. वही एक तरफ रणबीर करीम और हामिश नकुल को घुसो और लातो से मर रहे थे. तो रुपेश नकुल को मारते मरते थक गया था इस लिए एक तरफ खाद हो गया था.

"सालो सुनाई नहीं दिया तुम्हे." बॉस ने चिल्ला कर बोलै.

"बॉस वो खुद यहाँ आ गयी है. वो रही." एक तरफ इशारा करते हुए बोलै एक ने. जब बॉस ने उस लड़की को देखा तो उसके चेहरे के भाव hi चेंज हो गए. वही खुशबू की नज़र सिर्फ नकुल को hi धुंध रही थी. खुशबू ने अपनी नज़र को चारो तरफ घुमाया, नकुल उसको एक लोहे के खम्भे से बांध हुआ पाया. खुशबू ने देखा की रणबीर अपने दोस्तों के साथ मिल कर नकुल को मर रहे थे. खुशबू चलते हुए नकुल के पास चली गयी. बॉस की इतनी हिम्मत नहीं हुई की वो खुशबू को रोक सके.

"हाँ तो तुम लोगो ने इसकी सेवा अच्छी तरह कर ली होगी." खुशबू को की आवाज़ सुन कर रणबीर और हालत hi पतली हो गयी. उसने खुशबू को सफाई देते हुए बोलै, "खुशबू तुम इस के बारे नहीं जानती हो. कितना नीच और गिरा हुआ लड़का है."

"हम्म. बाबत खतिरदार कर लिए तुमने इसका. अब जाने दो इसको. रुपेश इसके हाथ पेअर खोलो." खुशबू ने कहा. रुपेश रणबीर की तरफ देखने लगा. रणबीर का इशारा मिलते hi रुपेश आगे बढ़ कर नकुल को खोलने लगा. "अच्छा इसके साथ एक लड़की थी, वो कहा." नकुल बस खुशबू की बातो को चुपचाप सुन रहा था. अभी तक उसने कुछ नहीं कहा था.

"मुझे नहीं मालूम. मैं इसके साथ कोई लड़की नहीं देखि. मैं तो इसे खुद एक लड़की के साथ बट्टिमिज़ करते हुए पकड़ है. और अभी उसको इसकी सजा मिली है." रणबीर ने बड़े hi गर्व के साथ कहा था. हामिश और करीम ने भी हाँ बोल कर अपने फ्रेंड का समर्थन किया था. खुशबू ने अपना मोबाइल निकल कर एक पिछ आगे करते हुए बोली, "यही है न वो लड़की जिसके साथ इसने छेड़छाड़ की थी."

"हाँ ये वही लड़की है. पर तुम्हारे पास उसकी पिछ कहा से आ गयी." रणबीर हैरान होते हुए खुशबू से पूछा.

"मुझे डॉली और रामय ने दिया था. अभी थोड़े देर पहले. इसकी करतुते बताते हुए." खुशबू की बात सुन कर रणबीर ने खुश हो गया. चलो कुछ तो अच्छा किया उन दोनों ने. "और तुम अपनी बहन का ख्याल तक नहीं रख पाए. इन दो कौड़ी के लोगो से मर खा गए."

"मैं तो इन सब को जान से मर देता पर एक कुत्ते ने मेरी गुड़िया को गन पॉइंट पर ले लिया था. अगर मैं कुछ करता तो वो गुड़िया को जान से मर देता. अब तुम बताओ मैं कैसे उसे कुछ होने देता." नकुल ने कहा.

"मुझे ये समझ नहीं आया की इन्होने गुड़िया को गन पॉइंट पर कैसे लिए तुम्हारे होते हुए." खुशबू ने पूछा. नकुल ने मुस्कुराते हुए बोलै, "ये कुत्ता के लड़की को छेड़ रहा था. मैं रानी को एक तरफ खड़ा कर के जब उस लड़की को बचने गया तो पीछे से एक कुत्ते ने रानी को गन पॉइंट पर ले लिया था. मुझे अपने पास आता देख कर इस कुत्ते ने उसे लड़की को छेड़ना बंद कर दिया था. मैं उसके पास पहुंच कर अभी कुछ कहता, वो दोनों हसने लगे. इस तरह हँसता देख, जब पीछे मुद कर देखा तो रानी को गन पॉइंट पर लिया हुआ था."

"हम्म. चलो कोई नहीं. इनका क्या करना है."

"इनके साथ में जो करने वाला हु. वो सब देख कर उस घडी को कोसेंगे की इन्होने मुझसे पन्गा क्यों लिया." नकुल ये कह कर आगे बढ़ गया. और उस बॉस के पास चला गया. "तुझे पता है. मैं तुझे मर क्यों नहीं रहा हु."

"नहीं. मुझे कैसे पता चलेगा." बॉस ने कहा.

"अच्छा ये बात तेरे घर में कौन कौन है." नकुल की बात सुन कर बॉस समझ चूका था की नकुल उसके साथ क्या करने वाला है. बॉस ने नकुल की तरफ गन तन दिया.

"तेरे करने से पहले मैं तुझे मर दूंगा." बॉस बे नकुल पर फायर कर दिया. नकुल बड़ी तेज़ी से अपने जगह से हैट गया और उतनी फुर्ती से बॉस के हाथ से गन गायब हो चुकी. बॉस ये देख कर हैरान हो गया था. क्योकि अब गन नकुल के हाथ में थी. नकुल ने उस गन की साडी गोलिया बॉस के आदमीओ पर खली कर दी.

"सुन बे अपने कुत्तो अपने साथ ले कर यहाँ से निकल. कही ऐसा न हो की मैं तुझे मर दू." बॉस अपने आदमीओ को अपने साथ ले कर निकल गया. बॉस नकुल ने नहीं बल्कि खुशबू को देख कर डरा हुआ था और उसकी के वजह से वो यहाँ से चुपचाप चला गया अपने आदमीओ के मरने के बाद भी.

"तुम ने उन सब से रानी के बारे में नहीं पूछा. ऐसा क्यों?" खुशबू ने नकुल को उन गुंडों को इस तरह छोड़ देने के कारन पूछा. नकुल मुस्कुराता हुए बोलै, "तुम्हे इस तरह यहाँ और गुस्से में देख कर hi समझ गया था की तुमने रानी को बचा लिया है. तुम्हारे सिवा इस कॉलेज के किसी भी व्यक्ति में इतनी हिम्मत नहीं थी, जो इनके खिलाफ खड़े हो जाये." फिर नकुल रणबीर और उसके दोस्तों के पास पहुंच गया. और एक बार सब को घूरे के देखा और खुशबू के साथ कॉलेज से निकल गया.

वही दूसरी तरफ डॉली और रामय ने रानी को हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया था. डॉ. ने उन्हें बताया की चोट घर नहीं है. कल तक डिस्चार्ज हो जायेगा. ये जान कर दोनों की जान में जान आयी. डॉली ने खुशबू को फ़ोन मिला कर रानी के बारे में सब कुछ बता दी जो डॉ. ने कहा था और हॉस्पिटल का अड्रेस पे बता दिया.

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अपडेट 159

अब तक

वही दूसरी तरफ डॉली और रामय ने रानी को हॉस्पिटल में एडमिट करवा दिया था. डॉ. ने उन्हें बताया की चोट घर नहीं है. कल तक डिस्चार्ज हो जायेगा. ये जान कर दोनों की जान में जान आयी. डॉली ने खुशबू को फ़ोन मिला कर रानी के बारे में सब कुछ बता दी जो डॉ. ने कहा था और हॉस्पिटल का अड्रेस पे बता दिया.

अब आगे

"डॉ. रानी कैसी है. कोई खतरे की बात तो नहीं है न." नकुल हॉस्पिटल पंहुचा कर सीधे डॉ. के केबिन में चला गया था और भी ये बात डॉ. से hi पूछा था. डॉ. नकुल को बिना इजात आने और इस तरह सवाल पूछने पर उसे देख रहा था. नकुल खुद को डॉ. द्वारा इस तरह देखने का कारन समझ गया. "सॉरी डॉ. बिना इजाज़त के अंदर आने के लिए."

"कोई नहीं मैं समझ सकता हु, आपकी मैंने दशा. प्लीज सीट हेरे." डॉ. ने नकुल से कहा और बैठने का इशारा किया. नकुल आगे बढ़ कर चेयर पर बैठ गया. "बताईये आप किसके बारे बात कर रहे है."

"सॉरी डॉ. एक्सट्रेमेली सॉरी फॉर विथाउट योर परमिशन एंटर योर केबिन." नकुल ने एक बार फिर से अपनी बात सुरु करने से पहले डॉ. से माफ़ी मानगी.

"It's ok. ी क्नोव योर फीलिंग. ये सब छोड़ मुझे बाताओ तुम किसके बारे में मुझे पूछ रहे थे." डॉ. ने कहा.

"डॉ. अभी थोड़े देर पहले मेरी सिस्टर रानी एडमिट हुई थी. जिसके सर पर चोट लगी थी. मैं उसकी के बारे में बात कर रहा हु. जिसको दो लड़कियों ने एडमिट कराया था." नकुल ने डॉ. से बोलै.

"अच्छा तुम उस क्यूट लड़की के बारे बात करे रहे हो. जो बेहोशी के हालत में भी तुम्हारा नाम ले कर कुछ बड़बड़ाये जा रही थी." डॉ. ने नकुल से कहा और अपने पास में पड़ी फाइल को उठा लिया. वही नकुल ने अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. फिर डॉ. उस फाइल को देखने लग गया. "कोई सीरियस इंजरी नहीं हुई है. आप चाहो तो रात तक डिस्चार्ज कर देंगे." इतना कहने के बाद डॉ. नकुल की तरफ देखने लग गया.

"नहीं इसकी कोई ज़रूरत नहीं है. जब तक मेरी सिस्टर ठीक नहीं हो जाती वो यही रहेगी." नकुल ने कहा.

"ऐसी कोई बात नहीं है, की आपकी सिस्टर को यहाँ पर कुछ दिन तक रहना पड़े. वो तो फॉर्मलिटीज के लिए उसे 24 हरष तक ऑब्सेर्वशन्स में पद रहा है. नहीं मैं कुछ hi देर में डिस्चार्ज कर देता." डॉ. ने नकुल से बोलै. फिर डॉ. ने फाइल रख दी. "कल शाम तक आपकी सिस्टर का डिस्चार्ज रेडी हो जायेगा, आप आ कर ले जाईयेगा."

"थैंक यू डॉ." नकुल ने कहा और चेयर से खड़ा हो कर कैबिने से बहार निकल गया. फिर पहुंच गया अपनी लाडली के पास, जहाँ पर पहले से खुशबू के साथ डॉली और रामय बैठ हुई थी. नकुल को देखते hi खुशबू कड़ी हो कर उसके पास आ गयी.

"क्या कहा डॉ. ने." खुशबू ने नकुल से पूछा.

"वही जो इन दोनों ने कहा. कल शाम तक डिस्चार्ज हो जायेगा. तुम ऐसा करो अपनी फ्रेंड के साथ घर चली जाओ. तुम्हारे घर पर तुम्हारा इंतज़ार कर रहे होंगे. इन दोनों के घर वाले भी इनका इंतज़ार कर रहे होंगे." नकुल अपनी सिस्टर के पास जा कर बैठ गया, अपनी बात कहने के बाद.

"तुम दोनों अपने घर चली जाओ. और हाँ उन सब से दूर hi रहना, कही ऐसा न हो उन सब के साथ तुम दोनों और तुम्हारा परिवार के साथ बुरा हो जाए." खुशबू ने दोनों साफ़ बोल दिया था अगर तुम दोनों अब रणबीर और उसके दोस्त के साथ रही तो तुम्हारा जो हॉग सो होगा, पर तुम्हारा परिवार भी नहीं बचेगा.

"हम अब उनके साथ नहीं रहेंगे. क्यों डॉली मैं ने सही कहा न." रामय अपनी बात कहते हुए डॉली से पूछी. डॉली ने अपनी गर्दन हिला कर अपना समर्थन दे दिया की अब से उनसे दूर hi रहेगी. अब उसके मान में क्या था ये बात तो डॉली hi जानन्ति थी. पर रामय ने अपना पूरा मैं बना लिया था उनसे दूर रहने के लिए.

"ठीक है तुम दोनों मेरी कार ले कर चली जाओ. मैं कॉलेज में तुमसे अपनी कार ले लुंगी." खुशबू की बात सुनाने के बाद रामय डॉली के साथ वहां से निकल गयी.

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वही रणबीर नकुल और रानी के अपने हाथ से बच निकलने के कारन बहुत गुस्से में था, और अपने दोस्तों के साथ बैठ कर अपने फार्महाउस पर बियर पी रहा था.

"भाई तू टेंशन मत ले. आज हमारे साथ जो कुछ भी हुआ है. हम उस दो कौड़ी के लोगो से जरूर बदला लेंगे." हामिश ने कहा और बियर की बोतल को अपने मुँह में लगा लिया.

"बात ये नहीं है की हमसे वो बच कर निकल गए. बात ये है की जिसने उन्हें बचा वो खुशबू है. जिसको मैं इतने दिन से पटाने के लिए क्या क्या पापड़ बेलने पड़े. अब साली को हमारी साडी ाशालियत पता चल गयी है. और वो अब हमारे हाथ नहीं लगने वाली है." रणबीर ने अपनी दिल की बात बताई जो उसे परेशां कर रहा था, और जो उसके गुस्से का मुख्या कारन था. फिर बियर की बोतल उठा के पीने लग गया.

"अब जो हो गया सो हो गया. अब आगे क्या करना है ये बात." करीम ने रणबीर से कहा. उसके बाद ऐसे hi वो सब बाते करते रहे. फिर उन्होंने के प्लान बनाया, जिसका मैं टारगेट खुशबू थी.
 
अपडेट 160

अब तक

"बात ये नहीं है की हमसे वो बच कर निकल गए. बात ये है की जिसने उन्हें बचा वो खुशबू है. जिसको मैं इतने दिन से पटाने के लिए क्या क्या पापड़ बेलने पड़े. अब साली को हमारी साडी ाशालियत पता चल गयी है. और वो अब हमारे हाथ नहीं लगने वाली है." रणबीर ने अपनी दिल की बात बताई जो उसे परेशां कर रहा था, और जो उसके गुस्से का मुख्या कारन था. फिर बियर की बोतल उठा के पीने लग गया.

"अब जो हो गया सो हो गया. अब आगे क्या करना है ये बात." करीम ने रणबीर से कहा. उसके बाद ऐसे hi वो सब बाते करते रहे. फिर उन्होंने के प्लान बनाया, जिसका मैं टारगेट खुशबू थी.

अब आगे

शाम के 6 बज चुके थे. इस वक़्त हॉल में बैठी एक औरत घर मुख्या दरवाजे की तरफ बड़ी hi बेचैनी के साथ देख रही थी. और बार बार उसका ध्यान दीवाल पर तंगी घडी पर जा रहा था. तभी ऊपर एक लड़की उतर के उस औरत के पास आ कर बैठ गयी.

"क्या बात है माँ. आप इतना परेशां क्यों दिखाई दे रही हु. आपको पता है न नकुल उसके साथ, फिर आप को टेंशन लेने की क्या ज़रूरत है." हीना ने अपनी माँ को इस तरह परेशां देख, उसको शांत करने के भाव से कहा था. उसके मैं में भी एक अंजना सा दर बैठा हुआ था, जब से कनिका के साथ वो घटना कड़ी थी उनके सामने hi.

"मुझे पता है बेटी. की नकुल के होते हुए मेरी बेटी को कुछ नहीं हो सकता. पर इस माँ के दिल को कौन समझे. ये बात तू भी अच्छी तरह जानती है की एक माँ का दिल कैसा होता है. ये बात तुझे अच्छा कौन जान सकता है." सुमन ने कहा. सुमन की बात से हीना समझ चुकी थी की उसकी माँ किस कदर परेशां थी.

"क्या तुमने नकुल को फ़ोन किया." हीना ने अपनी माँ से पूछा. सुमन ने अपनी बेटी को हाँ में गर्दन हिल कर जवाब दिया. फिर कुछ सोचते हुए बोली, "तो क्या तुमसे उसकी बात हुई."

"नहीं उसका फ़ोन बिजी जा रहा था. मैं काफी देर तक उसको फ़ोन करती रही, पर उसका फ़ोन बिजी hi जा रहा था. फिर बाद में स्विच ऑफ हो गया. अब समझी मैं क्यों परेशां हु." सुमन की बात सुन हीना भी थोड़ा परेशां हो गयी. तभी उसको किसी का ख्याल आया, और अपना फ़ोन निकल कर उसे लगा दिया. "अब तू किसी फ़ोन कर रही. जब की तुझे मैं ने बता दिया की नकुल का फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा है."

"माँ एक मिनट शांत रहो." हीना ने अपनी माँ को शांत करा दूसरे तरफ से फ़ोन उठाने का वेट करने लगी. जैसे hi दूसरी तरफ से फ़ोन उठा, हीना ने बोली, "खुशबू अभी कहा हो. मुझे तुमसे जरुरी बात करनी है."

"हाँ हीना बोल क्या बात है." खुशबू ने कहा.

"तुम्हे तो कंप्यूटर टेक्नोलॉजी बहुत अच्छी जानकारी है." हीना ने खुशबू से कहा,

"हाँ है, कुछ काम था क्या जो तू मुझे इस तरह से पूछ रही है." खुशबू बोली.

"हाँ मुझे अभी तुम से बहुत जरुरी काम है. अब मेरी बात ध्यान से सुनो. अभी मैं तुम्हे एक no तुम्हारे फ़ोन पर सेंड कर रही हु. मुझे बताओ की अभी वो कहा पर, मेरा मतलब है उसकी लोकेशन क्या दिखा रही है." हीना ने खुशबू से कहा. हीना की बात सुन कर खुशबू कुछ सोच में पद गयी. क्योकि हीना ने काफी वक़्त के बाद उसके कॉल किया था, उसका हाल चल जाने के लिए नहीं बल्कि किसी का पता लगने के लिए.

"अच्छा ये बात ये no. किसका है. जिसकी लोकेशन मुझे धुंध कर तुझे देनी है. देख अगर कोई ऐसी वैसे बात है जो तू आंटी को नहीं या नकुल नहीं बात सकती तो मुझे बता. मैं वादा करती हु तुझे कुछ नहीं होने दूंगी." खुशबू की बात सुन कर हीना बहुत खुश हुई थी उसकी फ्रेंड उसकी मदत के लिए कुछ भी कर जाएगी, चाहे उसकी जान hi क्यों न चली जाए.

"सुन फिर तुझे जो no सेंड मर रही हु, वो no नकुल का है." हीना ने कहा और उसके बाद सुमन के उसके बिच हुई साडी बात खुशबू को बता दी. हीना की बात सुन कर खुशबू समझ आ गया की नकुल ने क्यों अपना फ़ोन स्विच ऑफ कर दिया था. और परेशां क्यों हो गया था.

"हीना बात ऐसा है की रानी और नकुल अभी मेरे घर पर है." खुशबू हीना से बोली.

"क्या? वो तुम्हारे घर पर क्या कर रहे है." हीना ये बात थोड़ा जोर से बोली थी. जो उसके बगल में बैठ हुई उसकी माँ भी सुन ली.

"क्या हुआ. खुशबू ने ऐसा क्या कह दिया जो तू इस तरह से चिल्ला पड़ी." सुमन ने अपनी बेटी से पूछी, जो खुशबू की बात को सुन कर थोड़ा जोर से बोलै दिया था.

"माँ वो नकुल और रानी खुशबू के घर पर है." हीना ने अपनी माँ से कहा. जैसे hi सुमन ये सुना हीना के हाथ से उसका फ़ोन ले कर अपने कान पर लगा ली. फिर सुमन ने कहा, "बीटा वो दोनों क्या कर रहे है. काम से काम मुझे बता तो देना चाहिए था. मैं इस तरह परेशां तो नहीं होती. ऊपर ये नकुल का फ़ोन स्विच ऑफ हो गया. और वो लड़की भी काम नहीं है. मेरा फ़ोन hi नहीं उठा रही है"

"आंटी बात ऐसी है की नकुल और रानी मेरे hi कॉलेज एडमिशन लिया है. जब मैं उन्हें कैंटीन में देखा तो अपने साथ घर चलने के लिए ज़िद्द करने लगी. और मेरी वजह से उन दोनों मेरे घर आना पड़ा. रही बात नकुल के फ़ोन की तो उसके फ़ोन बैटरी ख़त्म हो गयी थी इस लिए उसका फ़ोन स्विच ऑफ गया. अभी मैं अपने रूम में चार्ज पर लगाया हुआ है. आप टेंशन न लो." खुशबू की बात सुनाने के बाद सुमन के चहरे पर जो परेशानी के भाव थे वो छत गए थे.

"अच्छा चल में टेंशन नहीं लेती. उन्हें घर आने दे फिर बताती हु उन दोनों को." सुमन बोली.

"आंटी एक रिक्वेस्ट है आपसे. अगर आपको बुरा न लगे तो." खुशबू बोली.

"कैसी बात करती है बेटी. भला एक माँ अपनी बेटी की किसी बात का बुरा मैं सकती है क्या. रही तेरी रिक्वेस्ट की तो तू मुझे हक्क से मांग सकती है. जैसे हीना और रानी मेरी बाटी है वैसे hi तू भी मेरी बेटी है." सुमन बोली. सुमन की बात सुन कर खुशबू खुश हो गयी

"अच्छा आंटी फिर रानी कुछ दिन तक मेरे साथ रहेगी. नकुल कल आ जायेगा." खुशबू ने कहा. जिस पर सुमन ने भी उसकी बास्त सुन कर हाँ कर दी. "अच्छा आंटी मैं निचे जा रही हु. सभी मेरा निचे वेट कस्र रहे होंगे. आप अपना ध्यान रखना."

"अरे एक मिनट बीटा. जरा मुझे नकुल से बात करवा दियो जब तुम निचे जा रही है तो." सुमन की बात सुन कर खुशबू कुछ सोचते हुए बोली, "ठीक है आंटी मैं जा कर बात कराती हु." उसके बाद खुशबू ने फ़ोन रख दी. और नकुल और रानी के तरफ चली गयी.
 
अपडेट 161

अब तक

"अच्छा आंटी फिर रानी कुछ दिन तक मेरे साथ रहेगी. नकुल कल आ जायेगा." खुशबू ने कहा. जिस पर सुमन ने भी उसकी बास्त सुन कर हाँ कर दी. "अच्छा आंटी मैं निचे जा रही हु. सभी मेरा निचे वेट कस्र रहे होंगे. आप अपना ध्यान रखना."

"अरे एक मिनट बीटा. जरा मुझे नकुल से बात करवा दियो जब तुम निचे जा रही है तो." सुमन की बात सुन कर खुशबू कुछ सोचते हुए बोली, "ठीक है आंटी मैं जा कर बात कराती हु." उसके बाद खुशबू ने फ़ोन रख दी. और नकुल और रानी के तरफ चली गयी.

अब आगे

"नकुल एक बार तुम सुमन आंटी से बात कर लो. वो बहुत hi परेशां है, तुम दोनों को ले कर." खुशबू ने वार्ड में प्रवेश करते हुए बोली. नकुल खुशबू की बात को सुन बड़े ध्यान से उसकी और देखने लगा. "मेरे तरफ इस तरह क्यों देख रहे हो."

"इस लिए क्योकि मैं तो अपना फ़ोन स्विच ऑफ किया है. तुम्हे कैसे पता लगा आंटी परेशां है. कही तुमने उनके पास फ़ोन करके सब कुछ बता तो नहीं दिया." नकुल ने कहा.

"ऐसा कुछ नहीं है. ये बात मुझे इस लिए पता है क्योकि हीना का फ़ोन मेरे पास आया था, एक no ट्रेस करने के लिए. जब मैं ने पूछा ये no किसका है, तो उसने तुम्हारा नाम बताया." खुशबू की बात को सुन कर नकुल सच में hi परेशां हो गया की अब आंटी क्या जवाब देगा. नकुल को इस तरह परेशां देख कर खुशबू ने फिरसे बोली, "ऐसा है की मैं आंटी से बात कर ली है. और मैं ने उनसे कह दिया है, की तुम दोनों मेरे घर पर हो और आज यही रहने वाले हो."

"ये तो ठीक है. पर कल तो उन्हें रानी के बारे में पता चल hi जायेगा. जब हम घर पर जायेगे." खुशबू नकुल की बात सुन हंस दी. "इसमें हंसने वाली क्या बात है, जो हंस रही हो."

"तुम बात hi ऐसा कर रहे हो. तुम्हे क्या लगता है. मैं ने इस बारे में नहीं सोचा होगा. मैं आंटी से कह दिया है, की रानी कुछ दिन तक मेरे साथ रहेगी. इस लिए चिंता छोडो àुर अपना फ़ोन ों करके, उनसे बात कर लो." खुशबू ने कहा. नकुल खुशबू की बात सुन कर खुश हो गया और जाकर उसके लगे लग गया.

"थैंक यू सो मच यार. तुम ने मेरी साडी परेशानी hi दूर कर दी." नकुल खुशबू के अलग हुआ और अपना फ़ोन ले कर बार चल दिया. वही खुशबू रानी के पास बैठ गयी.

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"आआआहा मायआ अब बिलकुल नहीं रहा जा रहा. प्लीज प्रिय कुछ कर यार. कही से भी एक तगड़े लुंड का जुगाड़ कर. मैं कब तक इनसे काम चलाऊंगी." चांदनी अपने छूट में घुसे नकली लुंड (डिलडो) की और इशारा करते हुए बोली. जो कभी देर से अपनी छूट के अंदर करने में लगी हुई थी. प्रिय वही पर बैठ हुई चांदनी को देख रही थी कैसे अपने टंगे फैलाये हुए लगी हुई थी.

"मैं कहा से करू. मैं कोई दलाल हु क्या लड़को जो तूने कहा और मैं ने हाजिर कर दिया. मैं ने पहले भी कहा था. नकुल से मत उलझ, पर तुझे तो मेरी बात hi नहीं सुननी थी. जा अपने बाप से कह तुझे छोड़ कर ठंडा कर देगा अपने लुंड से. या जा अपने भाई के पास." प्रिय ने तना मरते हुए बोली. चांदनी भी प्रिय की बात सुन कर अपना सर निचे कर ली, क्योकि उसे पता था उसने गलती हुई है.

"यार मैं थक गयी हु इस अंदर बहार करते हुए. प्लीज तू hi कर दे." चांदनी ने अनुरोध करते हुए बोली. प्रिय चांदनी के पास जा कर कड़ी हो गयी.

"ठीक है. मैं तेरी मद्दत करुँगी. पर मेरी एक शरत था. बोल मंजूर है तो हाथ लगाऊं." प्रिय की बात सुन कर चांदनी की हैरान हुई. पर अपने जिस्म की आग के आगे मजबूर हो गयी. और अपनी गर्दन हाँ में हिला कर मंजूरी दे दी. "तुझे नकुल से माफ़ी मांगनी होगी. और जैसा वो कहे वैसे hi तुझे करना होगा."

"तुझे पता है, तू क्या कह रही है. कही तू नकुल से मिली हुई तो नहीं है." चांदनी की बात सुन कर प्रिय के चहरे पर एक गहरी मुस्कान आ गयी. जिसे देख कर चांदनी दिम्माग hi ब्लेंक हो गया. उसे समझ hi नहीं आ रहा था वो क्या करे.

"ज्याद अपने दिमाग पर जोर मत दे. नहीं तो तेरा दिमाग काम करना बंद कर देगा. अब बात मेरी शरत तुझे मंजूर है या नहीं." चांदनी के पास अब कोई चारा नहीं था इस लिए वो प्रिय के आगे हार मान गयी.

"मुझे मंजूर है. अब जल्दी से मुझे ठंडा कर, मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा." चांदनी की बात सुन प्रिय ने अपने पॉकेट से एक वाइब्रेटर निकल चांदनी की छूट में दाल दिया. फ़ोन में इनस्टॉल सॉफ्टवेयर से उस वाइब्रेटर को ों कर दिया. फिर क्या था चांदनी कामुक और सिष्कारिया पुरे रूम में गूंजने ले गयी.

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"रेशमा कल बॉस यहाँ आ रहे है. तुम्हे उनके साथ दिल्ली जाना है." शमशेर ने कहा, जो रेशमा ठाकुर के रूम में बैठा हुआ था. और अपने लुंड के साथ खेल रहा था. रेशमा ठाकुर ये देख कर भी कुछ नहीं कह रही थी. क्योकि कुछ दिन पहले की बात थी शमशेर की लड़की को छोड़ने के लिए उसका वेट कर रहा था, रेशमा ठाकुर भी वही बैठ हुई थी. 'वो लड़की क्यों नहीं आयी अभी तक तुम्हे पता है न, मैं ने पहले hi कह दिया था, जिस दिन कोई लड़की नहीं आयी तो तेरी मार लूंगा.' फिर क्या था रेशमा ठाकुर लग गयी पता करने की लड़की अभी तक क्यों नहीं पहुंची. दूसरी तरफ से जो जवाब आया उसे सुन कर रेशमा ठाकुर के होष hi उड़ गए. उस रात शमशेर ने रेशमा ठाकुर को सुबह तक छोड़ता रहा. तब से लेकर शमशेर आज तक रेशमा ठाकुर जब चाहे अपना लुंड दाल कर उसे छोड़ने लग जाता. फिलहाल अभी भी वही होने वाला था.

"ठीक है. मैं चली जाउंगी. पर तुम भी मेरे साथ चलोगे. मैं नहीं चाहती तुम पे कोई शक करे." शमशेर अपनी सीट से खाद हो गया और रेशम ठाकुर के पीछे जा कर अपना लुंड उसकी गांड में फसा दिया. उसके उभर पर अपने हाथ रखे हुए कहा, "ठीक है. मैं तुम्हारे साथ hi चाहूंगा." फिर लग गया काम मैं. शमशेर रेशमा ठाकुर को 2 बजे तक छोड़ता रहा. उसके बाद उसके बगल में नंगा hi सो गया.
 
अपडेट 162

अब तक

"ठीक है. मैं चली जाउंगी. पर तुम भी मेरे साथ चलोगे. मैं नहीं चाहती तुम पे कोई शक करे." शमशेर अपनी सीट से खाद हो गया और रेशम ठाकुर के पीछे जा कर अपना लुंड उसकी गांड में फसा दिया. उसके उभर पर अपने हाथ रखे हुए कहा, "ठीक है. मैं तुम्हारे साथ hi चाहूंगा." फिर लग गया काम मैं. शमशेर रेशमा ठाकुर को 2 बजे तक छोड़ता रहा. उसके बाद उसके बगल में नंगा hi सो गया.

अब आगे

"Hello आंटी सॉरी. मैं आपको इनफार्मेशन नहीं दे पाया की मैं खुशबू के घर आया हु." नकुल ने अपना लगने के साथ जैसे सुमन ने फ़ोन उठाया वैसे नकुल ने माफ़ी मागंते हुए कहा. सुमन ने नकुल को इस तरह माफ़ी मांगते हुए देख कर उसे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा.

"सॉरी किस लिए बीटा. मैं तुम्हे ले कर परेशां हो रही थी, कही तुम्हे कुछ न हो जाये. ये तुम्हे अच्छी तरह पता है की हम यहाँ पर नए है. मैं कभी नहीं चाहूंगी तुम्हे कुछ हो, भले hi....." सुमन अभी इसके आगे कुछ कह पाती उसे पहले hi नकुल बोल पड़ा, "आंटी एक भी सबब्द इस आगे मत बोलै. मुझे पता है आप मुझसे कितना प्यार करती है. पर मैं आपसे कही ज्यादा, मैं आप सबको और उसे भी ज्यादा रानी को. आपको नहीं पाटा मैं उसके लिए खुद को भी कुर्बान कर सकता हु."

"मुझे पता है बीटा. अच्छा ये सब छोडो, ये बताओ घर पर कब आ रहे हो. क्या है की मेरा बहुत मैं कर रहा है." सुमन ने बात को बदलते हुए बोली. सुमन की बात सुन कर नकुल मुस्कुरा उठा.

"अच्छा तो आपका बहुत मैं कर रहा है. तो ठीक है, कल रात आपके मैं को भी शांत करते है." नकुल ने कह. सुमन नकुल की बात सुन खुश हो गयी. ऐसे hi बातो में लगे रहे. फिर थोड़े देर दोनों इधर उधर की बात की, उसके बाद नकुल ने फ़ोन रख दिया. सुमन को इस बात की भी ध्यान रहा की उसकी बेटी उसके पास hi बैठी हुई थी, वो नकुल से बात करने इस कदर खो गयी थी.

"अच्छा तो बात हो गयी नकुल से. और आपका मैं क्या करने को......." हीना ने अपनी माँ को फ़ोन रखते हुए ये सवाल किया. सुमन अपनी बेटी की सवाल को सुन हड़बड़ा गयी, उसे अब जा कर ध्यान दिया की उसकी बेटी भी यही पर बैठी हुई थी.

"हाँ नकुल से बात हो गयी. वो कल सुबह घर आ जायेगा. चल ऊपर जा कर सबको बुला ला खाने के लिए." सुमन ने हीना को कहा. ताकि वो उसकी बातो ताल सके. हीना ने भी अपनी माँ की बात को मानते हुए ऊपर की चल दी, पर जाते हुए कहा, "अभी तो जा रही हु. खाने के बाद आपके रूम में मिलती हु." अपनी बेटी की बात को सुन कर वो समझ गयी, हीना उसको नहीं छोड़ने वाली जब तक सब कुछ जान नहीं लेती.

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"हो गयी बात आंटी से." नकुल को वार्ड में दाखिल होते हुए देख कर खुशबू ने पूछा लिया. नकुल चलते हुए रानी के बगल में आ कर बैठ गया.

"हाँ हो गयी. अच्छा ये बाताओ घर पर क्या कहोगी. हमारे बारे में हम कौन है, जब तुम्हारे घर वाले हमें देख कर पूछेंगे तो." नकुल बात सुन कर खुशबू मुस्कुरा दी.

"शायद तुम्हे पता नहीं की मैं ने घर पर पहले सब को तुम सब के बारे में बता रखा है. मेरे घर वाले तो तुम सब से मिलाने के लिए, कब से ज़िद्द कर रहे है. पर मैं hi उन्हें रोक रखा था. मेरी माँ को जैसे hi पता चलेगा की तुम नकुल हो तो तुम्हे छोड़ने वाली नहीं है." खुशबू ने मुस्कुरा दिए अपनी बात बोल कर. नकुल बहì खुशबू की बात सुन कर हंस दिया. नकुल कुछ सोचते हुए बोलै, "मुझे एक बात समझ नहीं आयी, तुम्हारी दोस्ती उन लड़को से कैसे हो गयी. क्या तुम्हे उनके बारे में पता नहीं था, या पता होते हुए भी उनसे दोस्ती कर ली."

"सच कहु तो मुझे उनके बारे में बिलकुल भी पता नहीं था. की वो सब ऐसे है. क्योकि उन्होंने मेरे सामने कभी ऐसा नहीं किया. यहाँ तक कॉलेज के अंदर भी उन सब के बारे में कोई भी कुछ नहीं कहता था. यहाँ तक लड़किया भी उन सब से भी मद्दत माँगन आती थी. अब तुम्ही बताओ मेरी क्या गलती थी." खुशबू की आँखों में आंसू आ गए थे इस बात को बोलते समय. नकुल खुशबू के आँखों ासु देख कर अपनी जगह से खड़ा हो गया और खुशबू के पास जा कर उसे गले लगा दिया.

"मुझे पता है. तुम कभी भी ऐसे लोगो से दोस्ती नहीं कर सकती. अच्छा अब रोना बंद करो. मुझे तुम्हारी इन आँखों में ये ासु बिलकुल भी अच्छे नहीं लगते." नकुल ने खुशबू के आँखों के बह रहे ासु को अपने हाथो से पोछते हुए बोलै. "अच्छा अब ये बाताओ तुम्हारे घर पर कौन कौन है."

"मेरे घर में मेरे mamma-papa, मेरी बड़ी बहन ख़ुशी, मेरा भाई अमित, मेरे चाचा, मेरी चची, सुनैना, उनकी बेटी रुपाली, ज्ञातृ, रिमी. दो व्यक्ति और है, जिनके बारे में वह जा कर hi पता चलेगा." खुशबू ने खुश होते हुए कहा. नकुल भी खुशबू को खुश होते देख कर मुस्कुरा दिया. ऐसे hi वो दोनों बातो में लगे रहे.

"ये मौसम को क्या हुआ. इतनी तेज़ अंधी, और बारिश." खुशबू ने खड़े होते हुए बोली. और खिड़की को बंद करने चली गयी. खुशबू अभी खादिक बंद hi करने वाली थी की उसने देखा की आसमान से बिजली एक पेड़ पर आ गिरी. वो पेड़ जल्द कर रख हो गया. खुशबू को खिड़की के पास इस तरह खड़ा देख कर नकुल उसके पास आ गया.

"क्या हुआ खुशबू." नकुल ने खुशबू के चहरे को देखते हुए बोलै.

"कुछ नहीं चलो रानी के पास बैठते है." खुशबू ने खिड़की को बंद करते हुए बोली. खुशबू नहीं चाहती थी नकुल ये बात जानकार परेशां हो की अभी उसने क्या देखा. नकुल भी खुशबू के साथ हो लिया. अभी दो hi कदम बढे थे की लाइट चली गयी.

"ये लाइट भी." नकुल ने कहा और अपना फ़ोन निकल कर उस फ़ोन को ों करना छह, वो फ़ोन ों hi नहीं हो रहा था. "अरे अब इस फ़ोन को क्या हुआ. अभी तो बैटरी 50% थी, अभी स्विच ऑफ हो गया. खुशबू जरा अपने फ़ोन की लाइट ों करना."

जब खुशबू ने अपने फ़ोन की लाइट ों करनी चाही तो उसका फ़ोन भी स्विच ऑफ था. खुशबू बे अपने फ़ोन की बैटरी निकल कर फिर लगा कर ों करने की कोशिश की पर वो ों नहीं हुआ. "यार मेरा फ़ोन की बैटरी ख़त्म हो गयी है. अभी तो 80% था." खुशबू ने कहा. तभी एक वार्डबॉय आ गया.

"सर ये मोमबत्ती किस तरफ राखु." वार्डबॉय ने नकुल की तसरफ़ देखते हुए कहा. नकुल ने उसे एक ररफ िश्रा कर दिया.

"क्या यहाँ पर इमरजेंसी लाइट का कोई प्रबंध नहीं है क्या इस हॉस्पिटल में." नकुल ने उस वार्डबॉय कहा.

"सर ऐसी कोई बात नहीं है. पता नहीं क्या हुआ है की नहीं जनरेटर काम कर रहा और न hi इन्वर्टर काम कर रहा. यहाँ तक की सभी का सेलफोन भी स्विच ऑफ हो गया है." वार्डबॉय की बात सुन कर नकुल बहुत hi हैरान हो गया, ऐसा कैसे हो सकता था. वही खुशबू का दिमाग hi घूम गया. उसे कुछ अनहोनी की आकांक्षा होने लगी.

"इसमें कौन सी बड़ी बात है. सायद बिजली करने से सेलफोन और इन्वर्टर काम करना बंद कर दिया हो, रही बात जनरेटर की तो बारिश के वजह से उसमे कोई प्रॉब्लम आ गयी हो या पहले से hi घराब हो." खुशबू ने नकुल के चहरे के भाव को देखते हुए बोली. खुशबू की बात सुन कर नकुल भी शांत हो गया और वार्डबॉय भी. वार्डबॉय फिर वहां से चला गया. खुशबू और नकुल रानी के पास आ कर बैठ गए.

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"हाआआआ मैं अआज़ाद हो गया. अब देखता हु, मुझे कौन रोकता है उसको पाने से. पिछली बार तो उस अभिमन्यु ने रोक लिया था, अपनी पूरी शक्तियों को त्याग कर के. उसके वजह से hi मैं अपनी शक्ति भी खो बैठा. उस अभिमन्यु ने मुझे कैद करने के लिए खुद की बलि देनी पड़ी. पर उस मरुख को ये बिलकुल भी नहीं पता था 500 साल से ज्यादा मैं कैद में नहीं रह सकता था. और मैं आजाद हो गया." उस व्यक्ति ने कहा. उस व्यक्ति के आज़ाद होते hi चार जगहों का मौसम में बालव आ गया, ये चार जगह थे, निल गृह, परीलोक, सिमलग्रह, एअर्थ (पृथ्वी).

"मारकेश, रोहिणी, सिमरुक, और अरहना. तुम्हारा मालिक तुम्हे पुकार रहा है." उस व्यक्ति बे बहुत जोर से ये नाम लेते हुए कहा. उसके आवाज़ ख़त्म होते हुए अभी कुछ hi पल हुए थे की वहां पर चार गोले प्रकट हुए. फिर धीरे धीरे वो चारो गोले अपना रूप बदलने लग गए. जब उन चारो गोला का रूप बदल गया तो वहां पर चार 2 लड़की और 2 लड़के खड़े थे.

"महामहिम जलायकु के चरणों में अरहना का प्रणाम स्वीकार हो." अरहना ने अपना सर झुकाते हुए ये बात कही. उसके पीछे बाकि सब ने भी यही बात कही.

"अरहना, तुम्हे ये अच्छी तरह मालूम है की मेरी शक्तिया अभी मेरे पास नहीं है. और मैं बहुत hi कमजोर हु. इस लिए तुम्हे ऐसी चार लड़कियों को ढूंढें अमावस्या को रात 12 बजे हुई हो उनके सरीर में ये निशान हो." जलायकु ने एक चिन्ह को अरहना के आगे प्रकट करते हुए बोलै. अरहना उस चिन्ह को बहुत hi ध्यान से देख रही थी. "तुम ने इस चिन्ह को देख लिया न अरहना. तुम्हे वो चार लड़कियां पृथ्वी पर hi मिलेगी, जिनके शरीर पर ये चिन्ह होगा. ये चिन्ह उनके शरीर पर कहा होगा, कोई भी नहीं जनता. हाँ तुम अपनी शक्ति से उन्हें नहीं धुंध सकती, इसलिए अपनी शक्ति का प्रयोग करने की कोशिश भी मत करना. तुम्हे ये कैसे करना ये तुम ये अच्छी तरह जानती हो."

"जो हुकुम मालिक. मेरे मालिक मुझे आज्ञा दीजिये. ताकि मैं समाया ब्स्रबाद न करते हुए आपका काम कर सकू." इस के साथ अरहना कड़ी हो गयी.

"ठीक है. तुम जा सकती हो." अपने मालिक की बात सुन कर अरहना वहां से गायब हो गयी "मारकेश और सिमरुक तुम दोनों अपने अपने गृह पर भी ऐसी लड़कियों को ढूंढा है. याद रहे शक्ति का प्रयोग बिलकुल मत करना."

"ठीक है महामहिम आपने जैसा कहा वैसे hi होगा." उसके बाद दोनों भी वहां से चले गए. अब वहां पर सिर्फ जलयुक्त और रोहिणी hi रह गए थे.

"रोहिणी तुम्हे परीलोक में एक किताब का पता लगाना है.", इसी के साथ जलयुक्त ने रोहिणी के सामने एक किताब की तस्वीर प्रकट की. "ये किताब परीलोक में कहा पर है ये तुम्हे मालूम करना है. और ये बात ध्यान रहे तुम इसे छूने की कोशिश भी मत करना अगर तुम्हे ये मिल गया तो. अगर तुम ने इस गलती से भी कभू लिए तो वहां अपने जगह से गायब हो जाएगी फिर वो कहाँ जाएगी किसी को भी पता नहीं होगा."

"ठीक है महामहिम. जैसा अपने कहा वैसे hi होगा." रोहिणी ने कहा.

"अब मैं तुम सब से तभी मिलूंगा जब मैं अपनी शक्ति हासिल कर लूंगा. और इस में मुझे कितना समय लगता है, मैं तुम्हे नहीं बता सकता. अब तुम जा सकता हो." जलयुक्त के कहते hi रोहिणी वहां से गायब हो गयी. वही रोहिणी के गायब होते hi जलयुक्त भी अपनी मज़िल की और नीलाल गया.
 
Bhai Jalayuk ko 16 ladkiyan chahiye apni puran shakti ko hasil karne ke liye, 12 ka to us pata hai unka janama kaha hoga, is liye Markesh, Arahana aur Simruk ko is kaam ke liye laga diya. Aur us kitab mein ek aisi janakari chhip hai, agar wo jalayuk ke hath lag gaya to use koi nahi mar sakta, Ek Rani hai, ek aur hai jiska varan mein kahni mein kiya hai, wo kaun hai main abhi nahi bataunga.

💐💦💦❤❤🔥🔥💦💧💐

आपको और आपके परिवार को होली के पावन

अवसर पर मेरे और मेरे परिवार की तरफ से,

हार्दिक शुभकामनाये!

होली के रंगो की तरह आपकी जिंदगी भी,

खुशियों के रंगो से भरी हो,

मेरी यही कामना है.

Happy Holi 🙏🙏🙏

💐💦💦❤❤🔥🔥💦💧💐.
 
Bhai baat ye hai ki main ne Kasoor ke 2 part soch rakha hai, is liye 2nd part ki kuch jhalkiya 1st part mein darsha raha hu.

💐💦💦❤❤🔥🔥💦💧💐

आपको और आपके परिवार को होली के पावन

अवसर पर मेरे और मेरे परिवार की तरफ से,

हार्दिक शुभकामनाये!

होली के रंगो की तरह आपकी जिंदगी भी,

खुशियों के रंगो से भरी हो,

मेरी यही कामना है.

Happy Holi 🙏🙏🙏

💐💦💦❤❤🔥🔥💦💧💐.
 
👌

*1.एक जमाना था, तन ढकने को कपड़े कम थे,*

*फिर भी लोग तन ढकने का प्रयास करते थे।*

*आज कपड़ों के भंडार हैं,*

*फिर भी तन दिखा ने का प्रयास करते है ।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*2.एक जमाना था,*

*आवागमन के साधन कम थे।*

*फिर भी लोग सुख दुःख में परिजनों से मिलने जाते थे।*

*आज आवागमन के साधनों की भरमार है,*

*फिर भी लोग न आ सकने के बहाने बताते है।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*3.एक जमाना था,*

*गाँव की बेटी का सब ख्याल रखते थे।*

*आज पड़ोसी की बेटी को भी उठा ले जाते है।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*4.एक जमाना था,*

*लोग नगर-मौहल्ले के बुजुर्गों का हालचाल पूछते थे।*

*आज माँ-बाप तक को वृद्धाश्रम मे छोड़ आते है,*

*और सुबह से शाम तक शब्दों से अपमानित करते हैं ।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*5.एक जमाना था,*

*खिलौनों की कमी थी।*

*फिर भी मौहल्ले भर के बच्चे साथ खेला करते थे।*

*आज खिलौनों की भरमार है,*

*पर घर-द्वार तक बंद हैं।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*6.एक जमाना था,*

*गली-मौहल्ले के जानवर तक को रोटी दी जाती थी ।*

*आज पड़ोसी के बच्चे भी भूखे सो जाते हैं , हमें मालूम ही नहीं पड पाता हैं।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।
 
अपडेट 163

अब तक

"रोहिणी तुम्हे परीलोक में एक किताब का पता लगाना है.", इसी के साथ जलयुक्त ने रोहिणी के सामने एक किताब की तस्वीर प्रकट की. "ये किताब परीलोक में कहा पर है ये तुम्हे मालूम करना है. और ये बात ध्यान रहे तुम इसे छूने की कोशिश भी मत करना अगर तुम्हे ये मिल गया तो. अगर तुम ने इस गलती से भी कभू लिए तो वहां अपने जगह से गायब हो जाएगी फिर वो कहाँ जाएगी किसी को भी पता नहीं होगा."

"ठीक है महामहिम. जैसा अपने कहा वैसे hi होगा." रोहिणी ने कहा.

"अब मैं तुम सब से तभी मिलूंगा जब मैं अपनी शक्ति हासिल कर लूंगा. और इस में मुझे कितना समय लगता है, मैं तुम्हे नहीं बता सकता. अब तुम जा सकता हो." जलयुक्त के कहते hi रोहिणी वहां से गायब हो गयी. वही रोहिणी के गायब होते hi जलयुक्त भी अपनी मज़िल की और नीलाल गया.

अब आगे

नेक्स्ट डे नकुल की आँख रानी के पुकारने से खुली. क्योकि रानी ने जोर से 'बहहहहहाआईई' पुकारा था. नकुल जल्दी से उठ कर रानी के पास चला गया.

"हाँ गुड़िया मैं यही पर हु." नकुल ने रानी को गले लगते हुए बोलै. रानी भी नकुल के गले रट हुए बोली, "भाई ठीक तो है न. आपको ज्यादा चोट तो नहीं आयी." रानी नकुल कास के पकड़ा हुआ था.

"अच्छा तू आराम कर. तुझे चोट लगी हुई है. मैं बिलकुल ठीक हु." नकुल ने रानी को बीएड पर लेटते हुए बोलै. रानी नकुल को छोड़ने को तैयार hi नहीं हो रही थी, कही कोई नकुल मर न दे. पर नकुल के समझने के बाद रानी बिस्तर पर लेट गयी.

"भाई पक्का आपको कुछ नहीं हुआ है न. कही आप मुझे से झूठ तो नहीं बोल रहे हो न." रानी ने बड़े मासूम अंदाज़ से ये बात कही थी. नकुल ने आगे बढ़ कर रानी के गाल पर किश करते हुए बोलै, "हाँ मेरी माँ मुझे कुछ नहीं हुआ है. तू आराम कर. जब तक मैं फ्रेश हो लू."

"ठीक है भाई. आप जल्दी आना." रानी ने कहा. फिर नकुल फ्रेश होने के लिए, बाथरूम में चला गया जो बगल में hi बना हुआ था. जब नकुल फ्रेश हो कर बहार आया तो खुशबू आ गयी थी और रानी से बात कर रही थी.

"लो तुम्हारा भाई भी आ गया. अब तो कुछ खा लो." खुशबू ने नकुल को देखते हुए रानी से बोली. रानी ने भी बड़े hi खुश होते हुए बोली, "हाँ लाओ लाओ. मैं कब बना किया था. आप hi कह रही थी, भाई के साथ खाएंगे." रानी ने खुशबू को hi लपेट लिए था. खुशबू रानी की बाद सुन शोचेड हो गयी, की उसने कब ये बात कही थी.

"अच्छा सुनो मैं सिर्फ कॉफ़ी लूंगा. Ok." नकुल ने एक कॉफ़ी का कप उठाते हुए बोलै.

"भाई मैं तो ये स्नैक्स भी लुंगी." रानी ने कहा.

"अच्छा मैं जरा डॉ. से मिल कर आता हु. वो रानी को कब तक डिस्चार्ज करेंगे." नकुल ने कॉफ़ी का एक सिप ली. नकुल की बात सुन खुशबू ने कहा, "डॉ. ने रानी को चेक भी कर लिया और डिस्चार्ज भी कर दिया. और मैं ने बिल क्लियर भी कर दिया है. अब आराम से अपनी कॉफ़ी ख़त्म करो. फिर घर चलते है."

उसके बाद नकुल अपनी कॉफ़ी पीने में लग गया, वही खुशबू और रानी कॉफ़ी और स्नैक्स में. थोड़े देर बाद तीनो हॉस्पिटल से निकल गए.

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रूस बहुत hi खूबसूरत देश और उतना hi खतरनाक, खतरनाक इस लिए क्योकि यहाँ पर राज चलता है रुस्सियन माफिआ का. यहाँ की गवर्नमेंट भी इनसे डर्टी थी, क्योकि गवर्नमेंट ने जब भी कोई अफसर इनको ख़त्म करने के लिए लगाया, या तो बिक गए या मरे गए या उनका ट्रांसफर हो गए. जब बिक गया उसके लिए तो ठीक रहा, पर जो नहीं बिका, या जिंक्स ट्रांसफर हो जाता रुस्सियन माफिआ उसके परिवार के साथ तो कुछ नहीं करते, पर जो रुस्सियन माफिआ के हाथो मरे जाते, वो उनके परिवार के औरतो को देहा व्यापर में लगा देते, अगर कोई लड़का होता तो उसे मार देते.

इस रुस्सियन माफिआ का लीडर था गाड़फाथेर, इसका रियल नाम था गुफ्फी डायना. गाड़फाथेर का रियल नाम उसके दो साथ hi जानते थे जो रुस्सियन गवर्नमेंट में हाई पोस्ट पर थे. जो की इसके राइट हैंड थे.

अब आते है कहीं पर. कल रात जो कांड हुआ था, उसी के लिए गाड़फाथेर ने अपनी मीटिंग रखा हुआ था. ये मीटिंग एक ऐसे इलाके में रखा हुआ था की ये कोई नहीं कह सकता था की यहाँ पर रुस्सियन माफिआ की मीटिंग हो रही थी.

"तुम सब तो ये मालूम होगा की कल रात क्या हुआ था. मोस्ट इम्पोर्टेन्ट थिंग, ये हुआ तो हुआ कैसे. मेरे ख्याल से रुस्सियन गवर्नमेंट कोई कास प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. अभी कल रात हुआ है, उसकी प्रोजेक्ट के तरल के वजह हुआ है." गाड़फाथेर ने अपने साथियों से कहा, जो उस बड़े से टेबल चारो बैठे हुए थे. सभी गाड़फाथेर की बात से सहमत भी थे और आपस में डिसकस करने लग गया. "तुम सब अपने आदमियों को इस प्रोजेक्ट के बारे में पता लगाने के लिए लगा दो." सभी ने एक साथ यस कहा. गाड़फाथेर ये सुन कर खुश भी हुआ की आज भी उसे ये सब डरते थे.

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"बॉस में सुना है, जैसा रूस में हुआ है वैसे hi इंडिया, अमेरिका, चीन और ब्राज़ील में भी हुआ है. मेरे एक खबरि ने मुझे बताया है, यहाँ की गवर्नमेंट भी इस बार में जानने की कोशिश क्र रही है कल रात के बारे में." उन सब में से एक ने कहा. गाड़फाथेर इस बात को सुन कुछ सोचने लगा.

"तुम्हे कैसे पता चल इस बारे में डैविडसन." गाड़फाथेर ने कहा.

"बॉस ये खबर मुझे इंडिया से मेरे एक खास आदमी ने अभी अभी भेजा है. वो वहां के रॉ में है. उसी ने मुझे ये बात बताई है." डैविडसन ने कहा. अभी गाड़फाथेर कुछ कहता की उस मीटिंग रूम का दूर ओपन हो गया. दूर ओपन होने की आवाज़ सुन कर सभी ध्यान उस तरफ गया. उनके सामने बहुत hi खूबसूरत लड़की एक रेड एंड ब्लैकबेरी ड्रेस में उन सब की तरफ चली आ रही थी.

"कौन हो तुम, यहाँ तक कैसे चली आयी. क्या हमारे आदमियों ने तुम्हे रोका नहीं बाहर." गाड़फाथेर ने कहा. अभी तक किसी ने भी अपने गन उसकी तरफ नहीं किया था. वो लड़की मुस्कुराती हुई उन सब के पास आ कर कड़ी हो गयी और बोली, "लगता है, तुम सब में मैनर्स नहीं है. इतनी खूबसूरत और हॉट लड़की तुम सबके सामने कड़ी है, उसे सीट देने की वजह सवाल पूछ रहे हो."

गाड़फाथेर उस लड़की की बात करने के तरीका और उसकी हिम्मत और खूबसूरती का घ्याल हो गया था. उसे इतना तो समझ आ hi गया था, वो लड़की क्या चीज़ है. फिर गाड़फाथेर ने सामने के चेयर को खली करने के लिए इशारा किया. "मार्क तुम बहार जाओ अपने आदमियों को देखो वो ज़िंदा है भी या नहीं. एंड मिस ब्यूटीफुल प्लीज सीट आईटी."

"गुफ्फी डायना तुम अपने आदमियों के चिंता मत करो. वो सभी बेहोश है." उस लड़की ने गाड़फाथेर का रियल नाम लेते हुए बोली. गाड़फाथेर भी अब सख्ते में आ गए था जो लड़की उसका असली नाम तक जान सकती थी, तो उसके बारे उसे क्या नहीं पता हो सकता था.

"तो मिस. ब्यूटीफुल, मैं आपके लिए क्या कर सकता हु." उस लकड़ी ने गाड़फाथेर की बात सुन कर उसके चहरे पर मुस्कान आ गयी. उस टेबल पर सिर्फ गाड़फाथेर और वो लड़की hi बैठे हुए थे. बाकि सब अपने सीट पर खड़े, उन दोनों की बात सुन कर समझने की कोशिश कर रहे थे.

"लुक ात थिस मार्क्स." उस लड़की ने कार्ड रखा जिस पर एक चिन्ह (मार्क्स) बना हुआ था. सभी उस मार्क्स को बड़े hi ध्यान से देख रहे थे. "करना तुम्हे ये है की तुम्हे ऐसी चार लड़किया ढूंढी है जिसके जिस्म पर ये मार्क्स बना हुई हो. हाँ ये मार्क्स उनके जनम से hi होना चाहिए. तुम्हे इसे बर्थमार्क भी कह सकते हो."

"तुम्हारा काम हो जायेगा. ये बताओ हमें इस काम के किये क्या मिलेगा." गाड़फाथेर ने कहा. वो लड़की गाड़फाथेर की बात सुन हँसते हुए बोली, "इस तुम सब की ज़िन्दगी." उस लड़की की बात सुन सभी को जोर का झटका. सभी उस लड़की को खा जानेवाली नज़रों से देख रहे थे. पर उन्हें उसे कुछ नहीं कहा क्योकि उनका बॉस अभी तक चुप बैठा हुआ था.

"तो टाइम क्यों वास्ते कर रही हो. मर दो." गाड़फाथेर ने हँसते हुए कहा. गाड़फाथेर की बात सुन कर वहां पर मौजूद सभी बॉस की तरफ देखने लग गए. जैसे उस लड़की को ये बात अच्छे से पता थी की गाड़फाथेर का जवाब यही आएगा. "क्या हुआ मर दो. रोका किसने है तुम्हे."

"लगता है तुम्हे अपनी बीवी और बचो की ज़िंदगी प्यारी नहीं है. इसलिए ऐसा बोल रहे हो." उस लड़की ने एक बार फिर से गाड़फाथेर के दिल दर फ़ायदा करने की कोशिश की ये बात कह कर.

"तुम्हे पता है, मैं गाड़फाथेर क्यों हु. क्योकि मुझे किस भी बात से नहीं डरता. तुम्हे क्या लगता तुम मुझे फॅमिली का डैड दिखा कर दर दूगी. ऐसा कभी नहीं होगा. अब बताओ तुम हमें इस काम के बदले क्या डौगी" गाड़फाथेर ने सीरियस होते हुए कहा. "तुम्हारा नाम क्या है. हम जिसके लिए काम कर रहे है उसका नाम जानना हम सब के लिए जरुरी होता है."

"ठीक है. मेरा नाम है अरहना और तुम्हे इस काम के लिए ये स्टोन." अरहान ने एक रेड कलर का स्टोन उसकी और बढ़ते हुए बोली. गाड़फाथेर उस स्टोन को जैसे hi छुआ, धुएं में बदल कर उसके शरीर में समां गया. गाड़फाथेर की आँखे लाल हो गयी थी उसको अपने अंदर अपर शक्ति का एहसास हुआ. गाड़फाथेर उसके आगे झुकाते हुए बोलै, "आपका काम हो जायेगा डेविल क्वीन."

"गुफ्फी डायना मेरी बात ध्यान से सुन लो ये काम तुम्हे 3 साल के अंदर अंदर करना है. जब तुम्हे मेरी सबसे ज्यादा जरुरत महसूस हो तभी मुझे याद करना." अरहना अपनी बात कह वह से गायब हो गया. वह पर मौजूद सभी को समझ आ गया था की जो लड़की यहाँ आयी थी वो एक सुपरनैचरल शक्ति की मालकिन थी, और अब से गाड़फाथेर भी उन में से एक हो गया था. गाड़फाथेर ने सभी को काम पर लगा कर वहां से नक़ल गया.

वही अरहना ने ऐसे hi 5 माफिआ लीडर को अपना गुलाम बना कर उन्हें शक्ति प्रदान की थी. ये सरे वर्ल्ड की टॉप माफिआ थी.

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