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अपडेट-75
सरिता दी- अच्छा ठीक हाइट तू चेक कर ले लेकिन मुझे ज्यादा परेशां मत करना.
इतना सुनते hi मैंने दोनों हांथो से दीदी की चूचिया पकड़ ली और उन्हें दबाने लगा. पीछे से मेरा लुंड उनकी गांड में पहले से hi फंसा था. मैंने उनकी चूचियों को दबाते हुवे कहा.
मैं- दीदी आपकी चूचिया तो बहुत सख्त हैं बस थोड़ी और एक्सेरसीज़े की जरूरत है. उसके बाद आपकी चूचिया हमेशा तानी तानी रहेंगी.
अब आगे..
इतना बोलकर मैंने एक हाँथ से दीदी की चुकी पकड़ा और एक हाँथ से दीदी का डम्बल वाला हाँथ पकड़कर उन्हें एक्सेरसीज़े करवाने लगा. दीदी को एक्सेरसीज़े करवाते हुवे मैंने दीदी की दोनों चूचिया बदल बदल कर खूब दबाई और अपने लुंड को दीदी की गांड में खूब रगड़ा. फिर मैंने दीदी से कहा.
मैं- दीदी अगर आप अपनी t-shirt उतर दे तो मैं और अचे से चेक कर सकता हूँ.
मैंने ये बात दीदी की गार्डन को चूमते हुवे कहा. मेरी बात सुनकर दीदी ने अपने गार्डन पीछे की और मेरी आँखों में देखते हुवे कहा.
सरिता di-nahi अभी तू t-shirt के ऊपर ऊपर से hi चेक कर लो. मुझे बहुत शर्म आएगी t-shirt उतरने में.
ये बात कहते हुवे दीदी की आँखे लज्जत से लाल हो गई थी. लफ्ज़ उनके मुंह से बड़ी मुश्किल से निकल रहे थे. दीदी अब बहुत गरम हो गई थी. इसलिए मैंने दीदी से कहा.
मैं- चलो दीदी अब आपकी चूचियों की एक्सेरसीज़े करते हैं.
इतना कहकर मैं चेस्ट के स्टैंड पर बैठ गया जिससे मेरा लुंड एकदम तम्बू बैंकर खड़ा नजर आने लगा. जिसको दीदी बड़े ध्यान से देख रही थी. कुछ देर तक दीदी लुंड को देखती रही और अपनी जीभ अपनों होंठो पर फिरने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- अगर देखकर मन भर गया हो तो एक्सेरसीज़े शुरू करे.
मेरी बात सुनकर दीदी शर्मा कर इधर उधर देखने लगी. उसके बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड में बैठने के लिए कहा. तो दीदी फिर से मेरा लुंड देखने लगी. थोड़ी देर लुंड देखने के बाद मेरी आँखों में देखते हुवे दीदी मेरे पास आई और मेरी तरफ पीठ करके मेरी गॉड में बैठ गई. जिससे मेरा लुंड दीदी की गांड में धस गया. दीदी ने गांड हिलाकर मेरे लुंड को अपनी गांड की दरार में एडजस्ट किया और बैठ गई. मैंने भी दीदी के कंधे को पकड़कर अपने लुंड पर दबा दिया और उनकी दोनों बगलो से हाँथ डालकर उनकी चूचियों को पकड़कर दबाने लगा. और चूचियों को पकडे पकडे दीदी को अपने से पूरा सत्ता लिया. कुछ देर बाद मैंने दीदी की चूचियों पर अपनी पकड़ मज़बूत कर दी और निचे कमर ऊपर उछलने लगा और दीदी को चुकी को जोर जोर से निचोड़ने लगा. दीदी की मुंह से कराह निकल रही थी.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ooooooooooooohhhhhhhhhhhhh Ddhiiiiiiiiireeeeeeeeee karrrrrrrrrr mereeeeeeeeee भाआईईईईई dardddddddddd हूँ राहाआआ haiiiiiiiiiiii hhhhhhheeeeeeyyyyyyyyyyyyy. ाराआआआंममममम से.
उसके बाद मैंने मैंने दीदी से वाइट उठाने के लिए कहा और अपने हाँथ दीदी की चूचियों से उठाकर उन्हें सहारा देने लगा और दीदी सेट लगाने लगी 5 सेट लगाने के बाद मैंने वाइट रखने को कहा और दीदी को पकड़कर वैसे hi उठा और उन्हें गॉड में लेकर बैत गया और उनकी चूचियों को दोनों हांथो में भरकर डैम लगा कर मसलने लगा. और निचे से लुंड को उनकी गांड में पेलने लगा. जिससे दीदी छटपटाने लगी और बोलने लगी.
सरिता दी- oooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaahhhhhhhhhh sssssssssssssssssssss munmmmyyyyyyyyyyyyy ढ़हिरीई सीएएएएएएए aahhhhhhhhhhh बहुत्तट्ट्ट्ट
डाआआअआर्ड्ढड्डड्डड़ हो राहाआआआह हैईईई Bhaiiiiiiiiii maiiiiiiiiiin marrrrrrrrrr जाआआआंगियईईई aaaaaaaaaaaaaaooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ाआराममममममममम से दाबाआआ अभीइइइइइ. आह्हः आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.
दीदी की नरम गांड मुझे पागल बना रही थी. कुछ देर तक दीदी की चूचिया दबाने और गांड में लुंड पेलने के बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड से उतर दिया और दीदी से कहा.
मैं- क्यों दीदी मज़ा आ रहा है न मेरे साथ.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaahhhhhhhh भाआआआईईई बहुत तीज दबायीय तुमनेई ड़ड़ड़ड़ड़ड़ होता हैं.
मैं- अच्छा अब धीरे धीरे दबाऊंगा. चलो अब आपके पैट की एक्सेरसीज़े करते हैं.
सरिता दी- आज बस करते हैं अभी मैं बहुत थक गई हूँ.
मैं- बस दीदी ये एक और कर लो उसके बाद चली जाना.
इतना कहकर मैं अपनी टंगे खोलकर जमीन में लेट गया और दीदी से कहा.
मैं- आओ दीदी अब मेरी थिंगस पर बैठ जाओ.
सरिता दी- ये कैसी कसरत है अभी.
मैं- यार दीदी तुम सवाल बहुत करती हैं, तुम आओ तो सही. इसको करने से तुम्हारा पेट बहार नहीं निकलेगा.
मैंने दीदी की अबकी बार तुम बोलकर कहा लेकिन दीदी इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी उन्होंने कोई रिएक्शन नहीं दिया.
मेरे लेटने से मेरा लुंड लोअर में एकदम टैंकर खड़ा नज़र आ रहा था जिसे दीदी बड़े ध्यान से देख रही थी. जब से दीदी आई थी तब से मेरे लुंड को देख देख कर दीदी एकदम पागल हो गई थी. दीदी की आँखे बहुत नशीली हो गई थी. मेरे लुंड को देखकर दीदी अपने होंठो को जीब से चाटने लगी. दीदी कुछ देर मेरे लुंड को देखती रही और अपने होंठो पर जीभ फिरती रही. फिर आकर मेरे थिंगस पर बैठ गई. मैंने दीदी को और आगे बैठने के लिए कहा. तो दीदी और आगे आ गई जिससे दीदी की गरम छूट जो इतना पानी बहा चुकी थी की उनकी लोअर गीली हो गई थी वो मेरी गोटियों से टकरा गई. जिससे मेरे मुंह sssssssssssss सरिता निकल गया. दीदी ने मेरी तरफ मुस्कुराकर नशीली नजरो से देखा. लेकिन कहा कुछ नहीं.
मैं- अब आप भी मेरी तरह अपनी तंग खोलकर मेरे ऊपर लेट जाओ और जैसे hi मैं 1 कहूंगा हम दोनों एक साथ अपने शरीर को ऊपर उठाएंगे और एक दूसरे को कसकर पकड़ लेने और जब मैं 2 कहु तो फिर से पहले जैसे hi लेट जाएंगे.
सरिता दी- ये कैसे एक्सेरसीज़े है यार. चलो ठीक है करो.
मैं- 1
इतना कहकर हम दोनों ने एक दूसरे की टैंगो में तंग फसकर तेज़ी से उठे और एक दूसरे को कसकर बहो में भर लिया जिससे दोनों के मुंह सा aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh sssssssssssss की आवाज़ निकल गई.
इस एक्सेरसीज़े को करके दीदी का तो पता नहीं मगर मुझे बहुत मज़ा आया था. ये एक ओरिजिनल चुदाई सन था और मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे मैं सरिता दीदी को छोड़ रहा हूँ. दीदी इतनी ज्यादा छुडासी हो गाइट hi की वो अपनी इसी छुडास में मेरे साथ ये उलटी शिधि एक्सेरसीज़े कर रही थी. कुछ देर एक दूसरे से इसी तरह चिपके रहने के बाद मैंने कहा.
मैं-2
इतना कहकर हम दोनों एक दूसरे से अलग होकर लेट गए. इसी तरह से मैंने और दीदी ने 5 बार ये एक्सेरसीज़े की और जब 6वि बार मैंने 2 बोलै तो दीदी ने मेरे जिस्म को नहीं चूड़ा मैंने दोबारा 2 बोलै फिर भी दीदी ने मुझे नहीं छोड़ा मेरा लुंड पुरे उफान पर था और दीदी की छूट के मुंह से सत्ता हुवा था जिसे दीदी भी फील कर रही थी. कुछ देर बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- क्या हुवा दीदी.
सरिता दी- अब मेरे शरीर में तनिक भी जान नहीं है अभी. मैं नहीं उठ पाऊँगी.
दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी को और जोर से अपने शरीर से सत्ता लिया और निचे से अपनी कमर उठाकर एक जोरदार झटका दीदी की छूट पर मर दिया. दीदी सिसक कर चीख पड़ी.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh ooooohhhhhhhhhhh sssssssssssss अभीइइइइइइ माहाआर gaiiiiiiiiii मैनेईईईई डीईएडीई सीईई.
दीदी की बात सुनकर मन कर रहा था की अभी के अभी दीदी की कपडे पहाड़ दालु और हचक हचक कर दीदी की छूट को छोड़कर उसकी धज्जिया उदा दू. लेकिन मैंने कूद को कण्ट्रोल kiya.abhi मैं कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता था. शायद यही हाल इस समय दीदी का भी था. कुछ देर बाद दीदी मेरे शरीर से लुढ़क कर साइड में लेट गई. मेरी लुंड से प्रेकमे की कुछ बूंदे निकल कर मेरे लोअर में डेग बना गई थी और दीदी की लोअर की तो पूछो hi मत. दीदी की छूट ने इतना पानी छोड़ा था की उनकी लोअर में लगभग 6”का गोल धब्बा बन गया tha.kuchh देर बाद हम दोनों उठकर बैत गए तो दीदी ने कहा.
सरिता दी- अभी अब हो गई कसरत अब मैं जाओ.
मैं- नहीं दीदी बस एक और कर लेते हैं उसके बाद चली जाना. अगर आपको मेरे साथ करने में मज़ा नहीं आ रहा है तो आप जा सकती हैं.
दीदी भी शायद अभी और मज़ा लेना चाहती थी तभी तो मेरे एकबार कहने पर रुक गई और बोली और बोली.
सरिता दी- मैंने ऐसा तो नहीं कहा अभी. तू कहता है तो एक और कसरत कर लेते हैं.
मैं एकबार फिर से निचे जमीन पर लेट गया और और दीदी को अपनी थिंगस पर फिर से बैठने के लिए कहा. दीदी आकर मेरी थिंगस पर बैठ गई. दीदी के बैठने के बाद मैंने अपने घुटने ऊपर उठा लिए जिससे दीदी अपनी गद्देदार गांड लेकर सरक कर निचे मेरे लुंड पर आ giri.ham दोनों के मुंह से आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ssssssssssssss की आवाज़ निकल गई. मैंने दीदी को उनके हाँथ कमर पर रखने के लिए कहा. जिससे दीदी की चूचिया सामने की तरफ निकल gai.maine दीदी से कहा.
मैं- अब आप आगे की तरफ झुककर अपनी चूचिया मेरे साइन से रगड़ो और फिर सीधी हो जाओ. इसी तरह काम से काम 20 बार करो.
मेरी बात सुनकर दीदी झुककर अपनी चूचिया मेरे साइन पर रगड़ने लगी और लगभग 20 सेकंड तक अपनी चूचिया रगड़ने के बाद शिधि हो गई. दीदी इसी तरह झुक झुक कर अपनी चूचिया मेरे साइन पर रगड़ती रही. झुकने की वजह से दीदी की चूचिया बहुत अंदर तक ब्रा में कैद नज़र आ रही थी.
चूचियों को मेरे साइन में रगड़ते हुवे दीदी की साँस उखाड़ने लगी. दीदी का चेहरा लाल हो गया. और आँखे बंद होने लगी.
दीदी लगातार झुक झुक कर अपनी चूचिया मेरे साइन पर रगड़ती रही और निचे से अपनी गांड उठा उठा कर मेरे लुंड पर पटकती रही जिससे मैं बेकाबू हो गया और मैंने दीदी को पकड़ कर अपने ऊपर खींचा और t-shirt के ऊपर से hi दीदी की एक चुकी अपने मुंह में ले ली और दबा दबा कर चूसने लगा. दीदी भी अब अपनी चरम पर थी इस्लीय वह मेरा बालो पर अपना हाँथ फिरने लगी. मैंने दोनों हांथो को दीदी की गद्देदार गांड पर रख दिया और मसलने लगा. कभी कभी मसलते हुवे उनकी गांड पर थप्पड़ भी लगाना शुरू कर दिया. जिससे दीदी के मुंह से aaahhhhhhhhhh ाभीइइइइइइइ ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह अभियई ssssssssssss ाभीईई की आवाज़ निकलने लगी. थोड़ी देर तक दीदी की चुकी चूसने और गांड रगड़ने और गांड पर थप्पड़ मरने से दीदी का जिस्म अकड़ने लगा और वो छीलते हुवे झड़ने लगी.
सरिता दीदी- aaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh AAAAAAAAAAAAAAhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyyy. Oooooooooooohhhhhhhhh मुझीीीी क्याआ हो राहाआआआआ हिअआआअ. मरीईईई वहह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहुत खुऊजली होओओओओ रहीइइइइइइइ hiaaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiii बाछआआआआआआआओ मुझेईईईई mainnnnnnnnnn गइईईईइर्र रहीइइइइइइइइ होऊणननननन aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh.
इतना बोलकर दीदी निढाल हो गई. मैं भी अब छूटने वाला था इसीलिए मैंने दीदी की चुकी को मुंह में भर लिया. और दोनों हांथो से उनकी गांड पर थप्पड़ मरने लगा और चुकी को दन्त से दबाकर खींच लिया और गांड को जोर से मसल दिया. मैं और बर्दास्त नहीं कर पाया और मेरे लुंड ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया और मैं मस्ती में बड़बड़ाने लगा.
मैं- AAAAAAAAAAAAaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh Ooooooooooooooohhhhhhhhhh सरिता मैं भी गयाए. Teeeeeeeeeeeereeeee जिससससससससमममममम नई मेरेईईई लुँड्ढड्डड़ को पिघलाआआआ दियाआआआ सविताआआआ. तेराआआआ जिसमममममममम बहुत्तट्ट्ट्ट गराआआआआम हैईईईई. टूउऊउउउउउ भठियईईई बहहहहहहहहउतत्तत्त चूड्डड्डड्डकहाआद haiiiiiiiiiiii. तू भीईई बहुत्तट्ट्ट्ट पयासीइइइइइइ है. tuneeeeeeeeeee mujheeeeeeeeee निचोड्ड्ढड्डड़ liyaaaaaaaaaaa सलीईईईई. Mainnnnnnnnnn gayaaaaaaaaaaa.oohhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh.
झड़ते समय मैंने दीदी की चुकी दन्त से खींच ली थी और उनकी गण्ड को मसल दिया था जिससे दीदी भी चीख पड़ी थी.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii Dhireeeeeeeeee भाआईईईईई डरडडडडडड होताआआआ hiaaaaaaaaaa. Aaraammmmmmmmmmmm सीईई.
दीदी झाड़कर मेरे मेरे ऊपर hi पड़ी लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी. झड़ने के बाद मैंने भी दीदी को अपने से लिपटकर गहरी साँस ले रहा था. जब हम दोनों की साँस दुरुस्त हो गई तो दीदी को होश आया और वह मेरे ऊपर से उतारकर कड़ी हो गई और अपना हुलिया ठीक करने लगी. झड़ने के बाद हम दोनों को लोअर गीली हो गई थी. थोड़ी देर बाद मैंने दीदी से पूछा.
मैं- तो कैसा लगा दीदी मेरे साथ एक्सेरसीज़े करने में. अगर अच्छा लगा हो तो कल इससे भी अच्छी एक्सेरसीज़े सिखाऊंगा आपको.
दीदी मेरी बात सुनकर शर्माने लगी और निचे जाने लगी तो मैं दीदी की मटकती गांड को घूरने लगा. दरवाज़े पर पहुंचकर उन्होंने पीछे मुड़कर देखा और अपनी गांड को घूरता पाकर मुस्कुराने लगी और जीभ दिखाकर बोली.
सरिता दी- तू बहुत कमीना है. तू कभी नहीं सुधर सकता.
इसके आगे की कहानी अगले भाग में..
सरिता दी- अच्छा ठीक हाइट तू चेक कर ले लेकिन मुझे ज्यादा परेशां मत करना.
इतना सुनते hi मैंने दोनों हांथो से दीदी की चूचिया पकड़ ली और उन्हें दबाने लगा. पीछे से मेरा लुंड उनकी गांड में पहले से hi फंसा था. मैंने उनकी चूचियों को दबाते हुवे कहा.
मैं- दीदी आपकी चूचिया तो बहुत सख्त हैं बस थोड़ी और एक्सेरसीज़े की जरूरत है. उसके बाद आपकी चूचिया हमेशा तानी तानी रहेंगी.
अब आगे..
इतना बोलकर मैंने एक हाँथ से दीदी की चुकी पकड़ा और एक हाँथ से दीदी का डम्बल वाला हाँथ पकड़कर उन्हें एक्सेरसीज़े करवाने लगा. दीदी को एक्सेरसीज़े करवाते हुवे मैंने दीदी की दोनों चूचिया बदल बदल कर खूब दबाई और अपने लुंड को दीदी की गांड में खूब रगड़ा. फिर मैंने दीदी से कहा.
मैं- दीदी अगर आप अपनी t-shirt उतर दे तो मैं और अचे से चेक कर सकता हूँ.
मैंने ये बात दीदी की गार्डन को चूमते हुवे कहा. मेरी बात सुनकर दीदी ने अपने गार्डन पीछे की और मेरी आँखों में देखते हुवे कहा.
सरिता di-nahi अभी तू t-shirt के ऊपर ऊपर से hi चेक कर लो. मुझे बहुत शर्म आएगी t-shirt उतरने में.
ये बात कहते हुवे दीदी की आँखे लज्जत से लाल हो गई थी. लफ्ज़ उनके मुंह से बड़ी मुश्किल से निकल रहे थे. दीदी अब बहुत गरम हो गई थी. इसलिए मैंने दीदी से कहा.
मैं- चलो दीदी अब आपकी चूचियों की एक्सेरसीज़े करते हैं.
इतना कहकर मैं चेस्ट के स्टैंड पर बैठ गया जिससे मेरा लुंड एकदम तम्बू बैंकर खड़ा नजर आने लगा. जिसको दीदी बड़े ध्यान से देख रही थी. कुछ देर तक दीदी लुंड को देखती रही और अपनी जीभ अपनों होंठो पर फिरने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- अगर देखकर मन भर गया हो तो एक्सेरसीज़े शुरू करे.
मेरी बात सुनकर दीदी शर्मा कर इधर उधर देखने लगी. उसके बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड में बैठने के लिए कहा. तो दीदी फिर से मेरा लुंड देखने लगी. थोड़ी देर लुंड देखने के बाद मेरी आँखों में देखते हुवे दीदी मेरे पास आई और मेरी तरफ पीठ करके मेरी गॉड में बैठ गई. जिससे मेरा लुंड दीदी की गांड में धस गया. दीदी ने गांड हिलाकर मेरे लुंड को अपनी गांड की दरार में एडजस्ट किया और बैठ गई. मैंने भी दीदी के कंधे को पकड़कर अपने लुंड पर दबा दिया और उनकी दोनों बगलो से हाँथ डालकर उनकी चूचियों को पकड़कर दबाने लगा. और चूचियों को पकडे पकडे दीदी को अपने से पूरा सत्ता लिया. कुछ देर बाद मैंने दीदी की चूचियों पर अपनी पकड़ मज़बूत कर दी और निचे कमर ऊपर उछलने लगा और दीदी को चुकी को जोर जोर से निचोड़ने लगा. दीदी की मुंह से कराह निकल रही थी.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ooooooooooooohhhhhhhhhhhhh Ddhiiiiiiiiireeeeeeeeee karrrrrrrrrr mereeeeeeeeee भाआईईईईई dardddddddddd हूँ राहाआआ haiiiiiiiiiiii hhhhhhheeeeeeyyyyyyyyyyyyy. ाराआआआंममममम से.
उसके बाद मैंने मैंने दीदी से वाइट उठाने के लिए कहा और अपने हाँथ दीदी की चूचियों से उठाकर उन्हें सहारा देने लगा और दीदी सेट लगाने लगी 5 सेट लगाने के बाद मैंने वाइट रखने को कहा और दीदी को पकड़कर वैसे hi उठा और उन्हें गॉड में लेकर बैत गया और उनकी चूचियों को दोनों हांथो में भरकर डैम लगा कर मसलने लगा. और निचे से लुंड को उनकी गांड में पेलने लगा. जिससे दीदी छटपटाने लगी और बोलने लगी.
सरिता दी- oooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaahhhhhhhhhh sssssssssssssssssssss munmmmyyyyyyyyyyyyy ढ़हिरीई सीएएएएएएए aahhhhhhhhhhh बहुत्तट्ट्ट्ट
डाआआअआर्ड्ढड्डड्डड़ हो राहाआआआह हैईईई Bhaiiiiiiiiii maiiiiiiiiiin marrrrrrrrrr जाआआआंगियईईई aaaaaaaaaaaaaaooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ाआराममममममममम से दाबाआआ अभीइइइइइ. आह्हः आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.
दीदी की नरम गांड मुझे पागल बना रही थी. कुछ देर तक दीदी की चूचिया दबाने और गांड में लुंड पेलने के बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड से उतर दिया और दीदी से कहा.
मैं- क्यों दीदी मज़ा आ रहा है न मेरे साथ.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaahhhhhhhh भाआआआईईई बहुत तीज दबायीय तुमनेई ड़ड़ड़ड़ड़ड़ होता हैं.
मैं- अच्छा अब धीरे धीरे दबाऊंगा. चलो अब आपके पैट की एक्सेरसीज़े करते हैं.
सरिता दी- आज बस करते हैं अभी मैं बहुत थक गई हूँ.
मैं- बस दीदी ये एक और कर लो उसके बाद चली जाना.
इतना कहकर मैं अपनी टंगे खोलकर जमीन में लेट गया और दीदी से कहा.
मैं- आओ दीदी अब मेरी थिंगस पर बैठ जाओ.
सरिता दी- ये कैसी कसरत है अभी.
मैं- यार दीदी तुम सवाल बहुत करती हैं, तुम आओ तो सही. इसको करने से तुम्हारा पेट बहार नहीं निकलेगा.
मैंने दीदी की अबकी बार तुम बोलकर कहा लेकिन दीदी इतनी ज्यादा गरम हो चुकी थी उन्होंने कोई रिएक्शन नहीं दिया.
मेरे लेटने से मेरा लुंड लोअर में एकदम टैंकर खड़ा नज़र आ रहा था जिसे दीदी बड़े ध्यान से देख रही थी. जब से दीदी आई थी तब से मेरे लुंड को देख देख कर दीदी एकदम पागल हो गई थी. दीदी की आँखे बहुत नशीली हो गई थी. मेरे लुंड को देखकर दीदी अपने होंठो को जीब से चाटने लगी. दीदी कुछ देर मेरे लुंड को देखती रही और अपने होंठो पर जीभ फिरती रही. फिर आकर मेरे थिंगस पर बैठ गई. मैंने दीदी को और आगे बैठने के लिए कहा. तो दीदी और आगे आ गई जिससे दीदी की गरम छूट जो इतना पानी बहा चुकी थी की उनकी लोअर गीली हो गई थी वो मेरी गोटियों से टकरा गई. जिससे मेरे मुंह sssssssssssss सरिता निकल गया. दीदी ने मेरी तरफ मुस्कुराकर नशीली नजरो से देखा. लेकिन कहा कुछ नहीं.
मैं- अब आप भी मेरी तरह अपनी तंग खोलकर मेरे ऊपर लेट जाओ और जैसे hi मैं 1 कहूंगा हम दोनों एक साथ अपने शरीर को ऊपर उठाएंगे और एक दूसरे को कसकर पकड़ लेने और जब मैं 2 कहु तो फिर से पहले जैसे hi लेट जाएंगे.
सरिता दी- ये कैसे एक्सेरसीज़े है यार. चलो ठीक है करो.
मैं- 1
इतना कहकर हम दोनों ने एक दूसरे की टैंगो में तंग फसकर तेज़ी से उठे और एक दूसरे को कसकर बहो में भर लिया जिससे दोनों के मुंह सा aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh sssssssssssss की आवाज़ निकल गई.
इस एक्सेरसीज़े को करके दीदी का तो पता नहीं मगर मुझे बहुत मज़ा आया था. ये एक ओरिजिनल चुदाई सन था और मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे मैं सरिता दीदी को छोड़ रहा हूँ. दीदी इतनी ज्यादा छुडासी हो गाइट hi की वो अपनी इसी छुडास में मेरे साथ ये उलटी शिधि एक्सेरसीज़े कर रही थी. कुछ देर एक दूसरे से इसी तरह चिपके रहने के बाद मैंने कहा.
मैं-2
इतना कहकर हम दोनों एक दूसरे से अलग होकर लेट गए. इसी तरह से मैंने और दीदी ने 5 बार ये एक्सेरसीज़े की और जब 6वि बार मैंने 2 बोलै तो दीदी ने मेरे जिस्म को नहीं चूड़ा मैंने दोबारा 2 बोलै फिर भी दीदी ने मुझे नहीं छोड़ा मेरा लुंड पुरे उफान पर था और दीदी की छूट के मुंह से सत्ता हुवा था जिसे दीदी भी फील कर रही थी. कुछ देर बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- क्या हुवा दीदी.
सरिता दी- अब मेरे शरीर में तनिक भी जान नहीं है अभी. मैं नहीं उठ पाऊँगी.
दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी को और जोर से अपने शरीर से सत्ता लिया और निचे से अपनी कमर उठाकर एक जोरदार झटका दीदी की छूट पर मर दिया. दीदी सिसक कर चीख पड़ी.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh ooooohhhhhhhhhhh sssssssssssss अभीइइइइइइ माहाआर gaiiiiiiiiii मैनेईईईई डीईएडीई सीईई.
दीदी की बात सुनकर मन कर रहा था की अभी के अभी दीदी की कपडे पहाड़ दालु और हचक हचक कर दीदी की छूट को छोड़कर उसकी धज्जिया उदा दू. लेकिन मैंने कूद को कण्ट्रोल kiya.abhi मैं कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता था. शायद यही हाल इस समय दीदी का भी था. कुछ देर बाद दीदी मेरे शरीर से लुढ़क कर साइड में लेट गई. मेरी लुंड से प्रेकमे की कुछ बूंदे निकल कर मेरे लोअर में डेग बना गई थी और दीदी की लोअर की तो पूछो hi मत. दीदी की छूट ने इतना पानी छोड़ा था की उनकी लोअर में लगभग 6”का गोल धब्बा बन गया tha.kuchh देर बाद हम दोनों उठकर बैत गए तो दीदी ने कहा.
सरिता दी- अभी अब हो गई कसरत अब मैं जाओ.
मैं- नहीं दीदी बस एक और कर लेते हैं उसके बाद चली जाना. अगर आपको मेरे साथ करने में मज़ा नहीं आ रहा है तो आप जा सकती हैं.
दीदी भी शायद अभी और मज़ा लेना चाहती थी तभी तो मेरे एकबार कहने पर रुक गई और बोली और बोली.
सरिता दी- मैंने ऐसा तो नहीं कहा अभी. तू कहता है तो एक और कसरत कर लेते हैं.
मैं एकबार फिर से निचे जमीन पर लेट गया और और दीदी को अपनी थिंगस पर फिर से बैठने के लिए कहा. दीदी आकर मेरी थिंगस पर बैठ गई. दीदी के बैठने के बाद मैंने अपने घुटने ऊपर उठा लिए जिससे दीदी अपनी गद्देदार गांड लेकर सरक कर निचे मेरे लुंड पर आ giri.ham दोनों के मुंह से आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ssssssssssssss की आवाज़ निकल गई. मैंने दीदी को उनके हाँथ कमर पर रखने के लिए कहा. जिससे दीदी की चूचिया सामने की तरफ निकल gai.maine दीदी से कहा.
मैं- अब आप आगे की तरफ झुककर अपनी चूचिया मेरे साइन से रगड़ो और फिर सीधी हो जाओ. इसी तरह काम से काम 20 बार करो.
मेरी बात सुनकर दीदी झुककर अपनी चूचिया मेरे साइन पर रगड़ने लगी और लगभग 20 सेकंड तक अपनी चूचिया रगड़ने के बाद शिधि हो गई. दीदी इसी तरह झुक झुक कर अपनी चूचिया मेरे साइन पर रगड़ती रही. झुकने की वजह से दीदी की चूचिया बहुत अंदर तक ब्रा में कैद नज़र आ रही थी.
चूचियों को मेरे साइन में रगड़ते हुवे दीदी की साँस उखाड़ने लगी. दीदी का चेहरा लाल हो गया. और आँखे बंद होने लगी.
दीदी लगातार झुक झुक कर अपनी चूचिया मेरे साइन पर रगड़ती रही और निचे से अपनी गांड उठा उठा कर मेरे लुंड पर पटकती रही जिससे मैं बेकाबू हो गया और मैंने दीदी को पकड़ कर अपने ऊपर खींचा और t-shirt के ऊपर से hi दीदी की एक चुकी अपने मुंह में ले ली और दबा दबा कर चूसने लगा. दीदी भी अब अपनी चरम पर थी इस्लीय वह मेरा बालो पर अपना हाँथ फिरने लगी. मैंने दोनों हांथो को दीदी की गद्देदार गांड पर रख दिया और मसलने लगा. कभी कभी मसलते हुवे उनकी गांड पर थप्पड़ भी लगाना शुरू कर दिया. जिससे दीदी के मुंह से aaahhhhhhhhhh ाभीइइइइइइइ ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह अभियई ssssssssssss ाभीईई की आवाज़ निकलने लगी. थोड़ी देर तक दीदी की चुकी चूसने और गांड रगड़ने और गांड पर थप्पड़ मरने से दीदी का जिस्म अकड़ने लगा और वो छीलते हुवे झड़ने लगी.
सरिता दीदी- aaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh AAAAAAAAAAAAAAhhhhhhhhhhhhhhhhh mummmyyyyyyyyyyyyy. Oooooooooooohhhhhhhhh मुझीीीी क्याआ हो राहाआआआआ हिअआआअ. मरीईईई वहह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बहुत खुऊजली होओओओओ रहीइइइइइइइ hiaaaaaaaaaa aaaaaaaaaahhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiii बाछआआआआआआआओ मुझेईईईई mainnnnnnnnnn गइईईईइर्र रहीइइइइइइइइ होऊणननननन aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh.
इतना बोलकर दीदी निढाल हो गई. मैं भी अब छूटने वाला था इसीलिए मैंने दीदी की चुकी को मुंह में भर लिया. और दोनों हांथो से उनकी गांड पर थप्पड़ मरने लगा और चुकी को दन्त से दबाकर खींच लिया और गांड को जोर से मसल दिया. मैं और बर्दास्त नहीं कर पाया और मेरे लुंड ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया और मैं मस्ती में बड़बड़ाने लगा.
मैं- AAAAAAAAAAAAaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh Ooooooooooooooohhhhhhhhhh सरिता मैं भी गयाए. Teeeeeeeeeeeereeeee जिससससससससमममममम नई मेरेईईई लुँड्ढड्डड़ को पिघलाआआआ दियाआआआ सविताआआआ. तेराआआआ जिसमममममममम बहुत्तट्ट्ट्ट गराआआआआम हैईईईई. टूउऊउउउउउ भठियईईई बहहहहहहहहउतत्तत्त चूड्डड्डड्डकहाआद haiiiiiiiiiiii. तू भीईई बहुत्तट्ट्ट्ट पयासीइइइइइइ है. tuneeeeeeeeeee mujheeeeeeeeee निचोड्ड्ढड्डड़ liyaaaaaaaaaaa सलीईईईई. Mainnnnnnnnnn gayaaaaaaaaaaa.oohhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh.
झड़ते समय मैंने दीदी की चुकी दन्त से खींच ली थी और उनकी गण्ड को मसल दिया था जिससे दीदी भी चीख पड़ी थी.
सरिता दी- Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii Dhireeeeeeeeee भाआईईईईई डरडडडडडड होताआआआ hiaaaaaaaaaa. Aaraammmmmmmmmmmm सीईई.
दीदी झाड़कर मेरे मेरे ऊपर hi पड़ी लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी. झड़ने के बाद मैंने भी दीदी को अपने से लिपटकर गहरी साँस ले रहा था. जब हम दोनों की साँस दुरुस्त हो गई तो दीदी को होश आया और वह मेरे ऊपर से उतारकर कड़ी हो गई और अपना हुलिया ठीक करने लगी. झड़ने के बाद हम दोनों को लोअर गीली हो गई थी. थोड़ी देर बाद मैंने दीदी से पूछा.
मैं- तो कैसा लगा दीदी मेरे साथ एक्सेरसीज़े करने में. अगर अच्छा लगा हो तो कल इससे भी अच्छी एक्सेरसीज़े सिखाऊंगा आपको.
दीदी मेरी बात सुनकर शर्माने लगी और निचे जाने लगी तो मैं दीदी की मटकती गांड को घूरने लगा. दरवाज़े पर पहुंचकर उन्होंने पीछे मुड़कर देखा और अपनी गांड को घूरता पाकर मुस्कुराने लगी और जीभ दिखाकर बोली.
सरिता दी- तू बहुत कमीना है. तू कभी नहीं सुधर सकता.
इसके आगे की कहानी अगले भाग में..