- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 142,963
अपडेट-95
दीदी की लगातार चीख रही थी. मैं ताबड़ तोड़ दीदी की छूट कुत्ते जा रहा था. दीदी मुझसे रहम की भीख मांग रही थी. मैं दीदी को छोड़ते हुवे दीदी की गांड पर थप्पड़ भी मरने लगा. जिससे दीदी आआआह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी. थोड़ी देर चुदाई के बाद दीदी का दर्द भी काम हो गया और वो भी मस्ती मी आ गई और बोलने लगी.
सरिता दी- ooooooooohhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiii चू बहुउत्त्तत्त कमीनाआ हैईईई अपनीई डीडीईई कोऊ चूड्डड्ड रहा हीीा. ऊऊऊह्ह्हह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh चूडड़ड अपनीइ बहाननं कोऊ अछहिए सीए चुड्ड्ढ. बाजूटत आग हैईईईई मेरी जिसमममममम मई उसी आज्ज बुझाए डीएई. अपनी बडी ऑरररर मोटी लुंडडडड सीईए छोडकरर अपंनीयी बहनंन की छूट कोऊ ठंडा कररर दी uuuuuuufffffffffffff किया मास्तत्त लुँड्ढड्डड़ हैई तेरा मेरे राजा. मेरे यारररर aaahhhhhhhhhhhh अपनीईईई बाहाआनंनंन्न कीईई छुट्ट्ट्ट कोऊ छूवोड्ढड्डड़ददकररररररररर एककककक बारररररररर ऑरररररर िस्कआआआ पानीय निकककाआआ दी मेरी bhaaiiiiiiiiii.
दीदी की बात सुनकर मैंने अपना लुंड दीदी की छूट से निकल लिया. दीदी चुदाई में एकदम मस्त थी. छूट से लुंड निकल जाने के कारन दीदी की मस्ती में बढ़ा पद गई तो उन्होंने मुझे देकते हुवे कहा.
सरिता दी- क्याआ हुवा अभीयी. बाहररररर क्यूंन निकालल लियाआआआ. डालू ना अंदर.
मैंने दीदी की बात का कोई जवाब नहीं दिया और दीदी को पलटकर सीधा किया और उन्हें उठाकर खड़ा कर दिया और अपने होंठ दीदी की होंठो पर रखकर किश करने लगा और अपने दोनों हाँथ निचे लेजाकर दीदी की गांड को दबाने लगा. दीदी ने भी मेरे होंठ चूसना चालू कर दिया. थोड़ी देर तक दीदी के होंठ चूसने के बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड में उठा लिया. तो दीदी ने कहा.
सरिता दी- क्या कर रहा है अभी. उतर निचे नहीं तो मैं गिर जाउंगी. मुझको बाद में गॉड में उठा लेना. पहले छोड़कर मेरी प्यास को बुझा दे.
मैं- अब मैं तुम्हे इसी आसान में छोडूंगा. तुमको अपने लुंड पर इसी तरह झूला झुलाऊँगा.
मेरी बात सुनकर दीदी मेरी आँखों में देखने लगी और अपनी बहो का हर मेरी गार्डन में दाल दिया और मेरे होंटो को अपने मुंह में भरकर चूसने लगी.
दीदी उधर मेरा होंठ चूस रही थी इधर मैंने अपने एक हाँथ से अपने लुंड को पकड़ा और दीदी को थोड़ा सा और ऊपर उठाकर लुंड दीदी की छूट के मुंह पर सेट किया और दीदी को जितना ऊपर उठाया था उतना एक hi झटके में निचे चूड दिया. मेरा लुंड सरसराता हुवा पूरा एक hi बार में दीदी की छूट में घुस गया. दीदी मेरे होंठ छोड़कर जोर से चिल्लाई.
सरिता di-oooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh mammyyyyyyyyyyyyyy मरररररररर gaiiiiiiiiiiiiiiii. ाभःहःहःहीीीी maadarchooddddddddddd सलीईई. मेरी जाआआआंत्र लेगाआआ क्याआआआआ. धीरीई से नाहीई डाललललललल सकता थाआआआ क्याआआ. मेरिइइइइइइ चूऊउत्तत्तत्त phaaddddddddddd diiiiiiiiiii सलीईई तूंबीएई. मुफफ्फफ्फ्फ्टटटटट मइईईई बहनणननणणन कोई छुट्ट्ट्ट मिललल rahiiiiiiiiii हैईईई टूऊंऊं तुझीीी इसकीइइइइइ koiiiiiiiiii कदरररररररर होई नाहीइइइइइइ हैईईईई. कुत्ते saaleeeeeeeeeeee agarrrrrrrrrr मेंननननननन तुझसेएईईए नाआआआ chuddddwatiiiiiiiiii तूऊऊऊ लुंडडडड हिलटीईई हुववीएएए साहारेईईईई शहरररररर मी छुट्ट्ट्ट धूऊधतआआआ रहताआआ. छोड़ड़ड़ सलीईई धीरीईईए dhireeeeeeeeeee छोड़ड़ड़ड़ड़.
दीदी की बात सुनकर मैंने ताबड़तोड़ दीदी को छोड़ने लगा. दीदी भी अपनी बहे मेरे गले में डेल उछाल उछाल कर मेरे लुंड को अपनी छूट में पेलवाती राहीईई.
थोड़ी देर तक दीदी को खड़े खड़े छोड़ने के बाद मैंने दीदी को दीवाल के सहरी खड़ायआ कर दिया और उनकी एक तंग उठाकर अपने कंडे पर रख ली और एक hi झटके में लुंड उनकी छूट में पेल दिया. दीदी मस्ती में बड़बड़ाने लगी.
सरिता दी- ooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh मरररररर गाइइइइइइ मेंननननन बहुत्तत्त अछ्हा लग रहहाआआ हीी AAAAAAAAAHHHHHHHHHHHH ohhhhhhhhhhhhhhh aaaaaayyyyyyyyyyiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मररररररररर gaiiiiiiiiiiii धीरीईई सीईई ohhhhhhhhhhh oooooooooohhhhhhhhh aahhhhhhhhhhhh bhaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii oohhhhhhhhhhhhhhhh धीरीईई सीईए bahiiiiiiiiiiiiii मेरिइइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत फातटटटटटट गईइइइइइइइ hiaiiiiiiiiiii. ऑररररररररजोरररररर सी चूड़ूऊऊओ मुझेईईईई. चूऊदूऊऊ mujjheeeeeeeeee.
Main-(didi की छूट ठोकते हुवे) leeeeeeeeeeeee सलीईईई randiiiiiiiiiii aajjjjjjjjjj टेरिइइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत्त कुओ छोड़ड़ड़ड़ कुड्डड्डड्डड़करर भोसड़ाए बणायआ डूंगाआआ. तूंबीएए मुझेईईई बहुत्तत्त तडपायाआ हिअआअ. वाआआह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ककयाआआआ चूठ्टटट हैई टेरिइइइइइइइ. बूललललललललल saaliiiiiiiiiiiiiiiii तुझीीी कैसा लग राहाआआ haiiiiiiiiiiiiik.
सरिता दी- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh ooooooooooohhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiii. Mereeeeeeeeee bhaaiiiiiiiiiiiii बहुत्तत्ततत्तत्त अछ्हाआअ लग राहाआआ हैई मुझे तूंबीएई मुझीऐ पहली क्यूँनंन्न नहह्ह्ह्हहीी छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ाआ बाहँणछोड़ड़ड़. ऑरररररर छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ अपनी लुंडडडड सीईई अपनीइ बहनंन को. Uuuffffffffffffff कितना मास्स्सस्स्स्ट्ट्ट्ट लुँड्ड़डडडड हैईईई तेरा ऑरररररररर chodddddddddd bhaaiiiiiiiiii. खूबबबबबबबब छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मुझीीी तकीए जब मेंननननन इस्स्स्सस्स कामरीईई सी बहररररररर निकलऊऊऊ तू टेरिइइइइइ रखाईइललललललल बनकररररररर निकलउऊउउउउ. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ mujheeeeeeeeee. मेंनननन टेरिइइइइ गुलाआममममममम होऊं और हचक हेचाक्क्क्क कररर छोड़ड़ड़ड़ मुझी. Aaaaaahhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhh टेरिइइइ रुंडीइइइइइइ झाड़नी वलियी ाहीइइइइइइक. ऑरररररररर दममममम लगाआकाररररररर choodddddddddd.oooooooooohhhhhhhh भाईईईईई मेंनननननन gaiiiiiiiiiiiiiik. Sambahaloooooooooo मुझेईई.
इतना कहने के बाद दीदी की छूट ने भलभलाकर पानी छोड़ दिया. मैं भी अब झड़ने के बहुत करीब था तो मैंने 5-6 जबरदस्त धक्के दीदी की छूट में जमा दिया और अपना लुंड बहार खींच लिया. और दीदी को पकड़कर दीवाल के सहारे निचे बैठा दिया. और अपना लुंड दीदी के मुंह में डालकर जोर जोर से दीदी का मुंह छोड़ने लगा. 7-8 धक्के लगाने के बाद मैं भी बड़बड़ाते हुवे दीदी के मुंह में झड़ने लगा.
मैं- ले रनडीईईईई saliiiiiiiiiiiii क्या मस्तट्ठत छुटत हैईईई टेरिइइइइइइइ. मेरा लुंडडडड पिघल गयाए हैईईई टेरिइइइ छुट्ट्ट्ट की गर्मीं मीटी. ले मेरी रआईईईई मेराआआ लौड़ा पानी मुंह मीटी ऑरररर पी जाआआआ मेरा अमृतततत. लेटी और लिए मेरिइइइ ranndiiiiiiiiiiii ाअजज्जजज सीईए एई लौड़ा तेरा हैईईई. तुझ्कूऊऊओ जबबबब मन कररीई. लेटी लेना मेरीए लुंड. Oooooooooohhhhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh मेंनननननननन झाड़नीयी वलायआ होऊणन. मैं गयाआआआ मेंननननन गयाआ. टेरेईईईई गारररररररररममममम मुंह मेई. लेईईई पीईईईई लीईई ooooooooooohhhhhhhhhh Saritaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.
इतना बोलकर मैं दीदी के मुंह में झाड़ गया और तबतक अपना लुंड बहार नहीं निकला जब तक मेरी एक एक बूँद दीदी के मुंह में नहीं निकल गई. झड़ने के बाद मैंने लुंड बहार निकला तो दीदी ने बचा हुवा लुंड का पानी बहार थूक दिया और खांसने लगा. मैंने दीदी के गाल पर एक थप्पड़ मर दिया और मैं भी वही दीदी के पास जमीन में बैठ गया.
हम दोनों पास पास बैठे एक दूसरे की आँखों में देखते हुवे मुस्कुरा रहे थे. थोड़ी देर बाद ऐसे hi रहने के बाद दीदी उठकर कमरे से बहार बाथरूम जेने लगी तो उनकी चाल बिगड़ गई थी. वो लंगड़ा रही थी. मैं वही कमरे में बैठा दीदी का इंतज़ार करता रहा थोड़ी देर बाद दीदी अपना मुंह धोकर लंगड़ाते हुवे कमरे में आई तो मैंने दीदी को छेड़ते हुवे कहा.
मैं- क्या हुवा सरिता. तुम्हारी चल क्यों बिगड़ी हुई है. तुम लंगड़ा कर क्यों चल रही थो.
मेरी बात सुनकर दीदी मेरे पास आई और तेरी पीठ पर मुक्का मरने लगी. 8-10 मुक्का मरने के बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- तुम मुझे क्यों मार रही हो. मैंने क्या किया है.
सरिता दी- मुझे इतनी बुरी तरह छोड़ने के बाद पूछ रहा है की मैंने क्या किया है. तेरे अंदर बिलकुल भी रहम नहीं है. एकदन जानवर है तू. थोड़ा भी रहम नहीं किया मेरे ऊपर और छोड़ छोड़ कर मेरी चल बिगड़ दी और अब पूछ रहा है की मेरी चाल क्यों बिगड़ी हुई हैं.
दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी से पूछा.
मैं- मज़ा तो तुमको भी बहुत आ रहा था. कैसे उछाल उछाल कर लुंड लील रही थी. अच्छा सच बताओ मज़ा आया की नहीं.
सरिता di(meri आँखों में देखकर)- शुरू शुरू में तो बहुत दर्द हुवा लेकिन बाद में बहुत मज़ा आया. किसी लड़की को कैसे मज़ा दिया जाता है तू बहुत अच्छी तरह से जनता है.
मैं- तो क्या इरादा है सरिता. एक राउंड और हो जाये.
सरिता दी- न बाबा न. एक hi राउंड में hi मेरा ये हाल कर दिया है तुमने पता नहीं दूसरे राउंड में मैं मर hi न जाओ. और वैसे भी मुझे बहुत दर्द हो रहा है. बाद में करेंगे.
Main-Acchha ठीक है छूट नहीं देनी है तो अपनी गांड hi दे दे मुझे.
सरिता दी- क्या. तू पागल हो गया है. तेरे लुंड ने मेरी छूट को hi कबाड़ा कर दिया है. अगर ये गधे जैसा लुंड मेरी गांड में गया तो मैं तो महीने भर बिस्तर से नहीं उठ पाऊँगी. नहीं वो नहीं दूंगी तुझे.
मैं- चलो ठीक है. जैसी तुम्हारी मर्जी. तो अब क्या करना है.
सरिता दी- अच्छा एक बात सच सच बता अभी.
मैं- हाँ दीदी पूछो.
सरिता दी- (नज़ारे निचे करके परेशानी के सेहत धीरे से) वो तुम बोल रहे थे की तुम मुझे अपनी पर्सनल रखैल बनाकर रखना चाहते हो. मुझे अपनी रंडी बनाना चाहते हो. क्या सच में अपनी बहन को अपनी रखैल बनाना चाहते हो.
मैं- तुम्हारा क्या इरादा है सरिता.
सरिता दी- देख अभी. अभी मैं मज़ाक के मूड में नहीं हूँ. I’m सीरियस
मैं- क्या बात करती हो तुम. मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं है दीदी. वो क्या है की चुदाई के समय मैं थोड़ा वाइल्ड और रफ़ हो जाता हूँ. मुझे नार्मल चुदाई पसंद नहीं है, इसलिए मैं चुदाई को और इंट्रेस्टिंग बनाना के लिए मैंने ऐसा बोलै था. और जो चुदाई करते समय गन्दी गन्दी गालिया दी थी. वो बस चुदाई के समय तक hi थी. भले hi हम हम दोनों ने चुदाई कर ली हो. लेकिन तुम मेरी बहन हो और हमेशा रहोगी.
मेरी बात सुनकर दीदी का चेहरा खिल गया. उनके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई. उन्होंने मुझे गले लगा लिया और बोली.
सरिता दी- तू बहुत अच्छा है मेरे भाई. मैं तो दर hi गई थी.
मैं- क्या यार दीदी. तुम कंफ्यूज हो क्या. कभी कमीना बोलती हो तो कभी अच्छा बोलती हो. पहले डीडे कर लो की मैं कमीना हूँ या अच्छा होऊं.
सरिता di(muskura कर). नहीं तू कमीना hi अच्छा लगता है.
दीदी की बात सुनकर मैं भी फ्रेश होने के लिया बहार जाने लगा तो दीदी ने कहा.
सरिता दी- अभी कहा जा रहा है. यही मेरे पास सो जा आज.
मैं- सो तो जाऊंगा दीदी. लेकिन कही अगर तुम्हारी कातिल गांड देखकर मेरी नियत ख़राब हो गयी तो फिर मुझे दोष मत देना.
सरिता di-(muskurakar). मुझे तुम पर पूरा भरोषा है. तुम मेरे साथ जबरदस्ती नहीं करोगे.
दीदी की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुवे कमरे से बहार चला गया. थोड़ी देर बाद मैं फ्रेस होकर दीदी के कमरे में आया थो दीदी ने ब्रा और पैंटी पहन ली थी और लोअर पहनने जा रही thi.maine दीदी से कहा.
Main-kya दीदी. अब इसकी क्या जरूरत है. अब काम से काम अपनी इस जालिम जवानी को कपड़ो में तो कैद न करो. तुम्हारा आशिक आज तुम्हारे साथ सोने वाला है तो उसे अपने इस अप्रतिम सौंदर्य से महरूम मत करो. ऐसे hi लेट जाओ मेरे साथ.
मेरी बात सुनकर दीदी ने अपनी लोअर वापस रख दी और ब्रा पंतय में hi आ कर बिस्तर पर लेट गई. मैं भी दीदी के पास जाकर लेट गया. थोड़ी देर लेते रहने के बाद मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे अपने होंठ दीदी के होंठो पर रख दिए और चूसने लगा. दीदी भी मेरा साथ देने लगी. मैंने अपने एक हाँथ से दीदी की चुकी पर रख दिया और दबाने लगा. थोड़ी देर दीदी के होंठ और चुकी चूसने और दबाने के बाद मैंने दीद को छोड़ दिया और दीदी से पूछा.
मैं- अच्छा दीदी एक बात सच सच बताइये. आपको मेरी कसम,
सरिता दी- तुमको कसम देने की जरुरत नहीं है जो भी पूछने है सच सच पूछो.
मैं- तुम मुझसे हमेशा झगड़ा करने वाली, मेरी शिकायत करने वाली और मेरी पिटाई पापा से करवाने वाली इतनी स्ट्रिक्ट नेचर की थी तो ऐसा क्या हो गया जो आज तुमने मुझसे छुड़वा दिया.
में बात सुनकर दीदी ने पहले काफी देर सोचा फिर मुझे सब कुछ बता दिया जो मुझे पहले से पता था. दीदी की बात सुनाने के बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- ओह्ह मय्यै गॉड. तुम कितनी छुडासी हो दीदी. तुम्हारी शादी नहीं हुई इसलिए तुमने मुझसे छुड़वा लिया. और वो तुम्हारी दोस्त मीरा को तो मैं बहुत दवा दूंगा. जिसने इतने कड़क मॉल का जुवाद मेरे लिए किया. थैंक्स मीरा.
मेरी बात सुनकर दीदी शर्मा गई और अपनी नज़ारे दूसरी तरफ घुमा ली. मैंने दीदी का चेहरा पकड़कर अपने सामने किया और उनकी आँखों में देखते हुवे कहा.
Main-koi बात नहीं दीदी. तुमने अच्छा hi किया जो मुझसे hi छुड़वा लिया. क्योंकि नताशा के जाने के बाद मुझे भी किसी की जरुरत थी. थैंक्स दीदी. आपने मेरी जरुरत को पूरा किया.
सरिता दी- (शर्माकर) चल hat.Achha तू भी मुझे सच सच बता जो मैं पूछती हूँ.
मैं- हाँ दीदी पूछो.
सरिता दी- अच्छा ये बता तुम्हारी अभी तक कितनी गिर्ल्फ्रेंड है. और तुमने कितनो के साथ इंटरकोर्स किया है.
मैं- वाह दीदी इंग्लिश. अच्छा है. अभी तक मेरी आपको लेकर 3 गिर्ल्फ्रेंड हुई है और मैंने तीनो को छोड़ा है.
सरिता दी- एक नताशा है और दूसरी मैं hoon,lekin ये तीसरी कौन है.
मैं- अभी मैं उसके बारे में आपको कुछ नहीं बता सकता. बस इतना बता सकता हूँ की वो शादी शुदा है.
सरिता दी- क्या शादी शुदा है फिर भी वो तुम्हारी गिर्ल्फ्रेंड बन गई. कौन है वो. बता मुझे.
मैं- वो मैं अभी नहीं बता सकता. सही समय आने पर मैं आपको बता दूंगा.
सरिता दी- और वो सही समय कब आएगा.
मैं- जिस दिन तुम मुझसे अपनी गांड मरवाओगी. उसी दिन मैं तुम्हे उसका नाम बता दूंगा और उसके साथ एक और राज़ है. जो तुम्हारे लिए जानना बहुत जरूरी है. वो भी उसी दिन तुमको बताउगा.
सरिता दी- क्या. कौन सा राज़ है. बता न अभी.
मैं- बता तो रहा हूँ की सही समय आने पर मैं तुम्हे खुद बता दूंगा दोनों बाटे. चलो मैं थोड़ा छत पर टहलकर आता हूँ. तुम सो जाओ.
मैंने ये बात इसलिए बोली. क्योंकि मुझे पता था की दीदी मीरा से बात जरूर करेंगी. और उससे बात करने के बाद hi अपनी गांड मुझे देंगी. क्योंकि मीरा hi दीदी की सेक्स गुरु है और वो उसकी बात जरूर मानेंगी, इसलिए मैं बहाना बनाकर छत पर चला गया.
इसके आगे की कहानी अगले भाग में.
दीदी की लगातार चीख रही थी. मैं ताबड़ तोड़ दीदी की छूट कुत्ते जा रहा था. दीदी मुझसे रहम की भीख मांग रही थी. मैं दीदी को छोड़ते हुवे दीदी की गांड पर थप्पड़ भी मरने लगा. जिससे दीदी आआआह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी. थोड़ी देर चुदाई के बाद दीदी का दर्द भी काम हो गया और वो भी मस्ती मी आ गई और बोलने लगी.
सरिता दी- ooooooooohhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiii चू बहुउत्त्तत्त कमीनाआ हैईईई अपनीई डीडीईई कोऊ चूड्डड्ड रहा हीीा. ऊऊऊह्ह्हह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaahhhhhhhhhh चूडड़ड अपनीइ बहाननं कोऊ अछहिए सीए चुड्ड्ढ. बाजूटत आग हैईईईई मेरी जिसमममममम मई उसी आज्ज बुझाए डीएई. अपनी बडी ऑरररर मोटी लुंडडडड सीईए छोडकरर अपंनीयी बहनंन की छूट कोऊ ठंडा कररर दी uuuuuuufffffffffffff किया मास्तत्त लुँड्ढड्डड़ हैई तेरा मेरे राजा. मेरे यारररर aaahhhhhhhhhhhh अपनीईईई बाहाआनंनंन्न कीईई छुट्ट्ट्ट कोऊ छूवोड्ढड्डड़ददकररररररररर एककककक बारररररररर ऑरररररर िस्कआआआ पानीय निकककाआआ दी मेरी bhaaiiiiiiiiii.
दीदी की बात सुनकर मैंने अपना लुंड दीदी की छूट से निकल लिया. दीदी चुदाई में एकदम मस्त थी. छूट से लुंड निकल जाने के कारन दीदी की मस्ती में बढ़ा पद गई तो उन्होंने मुझे देकते हुवे कहा.
सरिता दी- क्याआ हुवा अभीयी. बाहररररर क्यूंन निकालल लियाआआआ. डालू ना अंदर.
मैंने दीदी की बात का कोई जवाब नहीं दिया और दीदी को पलटकर सीधा किया और उन्हें उठाकर खड़ा कर दिया और अपने होंठ दीदी की होंठो पर रखकर किश करने लगा और अपने दोनों हाँथ निचे लेजाकर दीदी की गांड को दबाने लगा. दीदी ने भी मेरे होंठ चूसना चालू कर दिया. थोड़ी देर तक दीदी के होंठ चूसने के बाद मैंने दीदी को अपनी गॉड में उठा लिया. तो दीदी ने कहा.
सरिता दी- क्या कर रहा है अभी. उतर निचे नहीं तो मैं गिर जाउंगी. मुझको बाद में गॉड में उठा लेना. पहले छोड़कर मेरी प्यास को बुझा दे.
मैं- अब मैं तुम्हे इसी आसान में छोडूंगा. तुमको अपने लुंड पर इसी तरह झूला झुलाऊँगा.
मेरी बात सुनकर दीदी मेरी आँखों में देखने लगी और अपनी बहो का हर मेरी गार्डन में दाल दिया और मेरे होंटो को अपने मुंह में भरकर चूसने लगी.
दीदी उधर मेरा होंठ चूस रही थी इधर मैंने अपने एक हाँथ से अपने लुंड को पकड़ा और दीदी को थोड़ा सा और ऊपर उठाकर लुंड दीदी की छूट के मुंह पर सेट किया और दीदी को जितना ऊपर उठाया था उतना एक hi झटके में निचे चूड दिया. मेरा लुंड सरसराता हुवा पूरा एक hi बार में दीदी की छूट में घुस गया. दीदी मेरे होंठ छोड़कर जोर से चिल्लाई.
सरिता di-oooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh mammyyyyyyyyyyyyyy मरररररररर gaiiiiiiiiiiiiiiii. ाभःहःहःहीीीी maadarchooddddddddddd सलीईई. मेरी जाआआआंत्र लेगाआआ क्याआआआआ. धीरीई से नाहीई डाललललललल सकता थाआआआ क्याआआ. मेरिइइइइइइ चूऊउत्तत्तत्त phaaddddddddddd diiiiiiiiiii सलीईई तूंबीएई. मुफफ्फफ्फ्फ्टटटटट मइईईई बहनणननणणन कोई छुट्ट्ट्ट मिललल rahiiiiiiiiii हैईईई टूऊंऊं तुझीीी इसकीइइइइइ koiiiiiiiiii कदरररररररर होई नाहीइइइइइइ हैईईईई. कुत्ते saaleeeeeeeeeeee agarrrrrrrrrr मेंननननननन तुझसेएईईए नाआआआ chuddddwatiiiiiiiiii तूऊऊऊ लुंडडडड हिलटीईई हुववीएएए साहारेईईईई शहरररररर मी छुट्ट्ट्ट धूऊधतआआआ रहताआआ. छोड़ड़ड़ सलीईई धीरीईईए dhireeeeeeeeeee छोड़ड़ड़ड़ड़.
दीदी की बात सुनकर मैंने ताबड़तोड़ दीदी को छोड़ने लगा. दीदी भी अपनी बहे मेरे गले में डेल उछाल उछाल कर मेरे लुंड को अपनी छूट में पेलवाती राहीईई.
थोड़ी देर तक दीदी को खड़े खड़े छोड़ने के बाद मैंने दीदी को दीवाल के सहरी खड़ायआ कर दिया और उनकी एक तंग उठाकर अपने कंडे पर रख ली और एक hi झटके में लुंड उनकी छूट में पेल दिया. दीदी मस्ती में बड़बड़ाने लगी.
सरिता दी- ooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh मरररररर गाइइइइइइ मेंननननन बहुत्तत्त अछ्हा लग रहहाआआ हीी AAAAAAAAAHHHHHHHHHHHH ohhhhhhhhhhhhhhh aaaaaayyyyyyyyyyiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii मररररररररर gaiiiiiiiiiiii धीरीईई सीईई ohhhhhhhhhhh oooooooooohhhhhhhhh aahhhhhhhhhhhh bhaaiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii oohhhhhhhhhhhhhhhh धीरीईई सीईए bahiiiiiiiiiiiiii मेरिइइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत फातटटटटटट गईइइइइइइइ hiaiiiiiiiiiii. ऑररररररररजोरररररर सी चूड़ूऊऊओ मुझेईईईई. चूऊदूऊऊ mujjheeeeeeeeee.
Main-(didi की छूट ठोकते हुवे) leeeeeeeeeeeee सलीईईई randiiiiiiiiiii aajjjjjjjjjj टेरिइइइइइइइइ चूत्तत्ततत्तत्त कुओ छोड़ड़ड़ड़ कुड्डड्डड्डड़करर भोसड़ाए बणायआ डूंगाआआ. तूंबीएए मुझेईईई बहुत्तत्त तडपायाआ हिअआअ. वाआआह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh ककयाआआआ चूठ्टटट हैई टेरिइइइइइइइ. बूललललललललल saaliiiiiiiiiiiiiiiii तुझीीी कैसा लग राहाआआ haiiiiiiiiiiiiik.
सरिता दी- aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh ooooooooooohhhhhhhhhhhh Abhiiiiiiiiiiiiiiii. Mereeeeeeeeee bhaaiiiiiiiiiiiii बहुत्तत्ततत्तत्त अछ्हाआअ लग राहाआआ हैई मुझे तूंबीएई मुझीऐ पहली क्यूँनंन्न नहह्ह्ह्हहीी छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ाआ बाहँणछोड़ड़ड़. ऑरररररर छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ अपनी लुंडडडड सीईई अपनीइ बहनंन को. Uuuffffffffffffff कितना मास्स्सस्स्स्ट्ट्ट्ट लुँड्ड़डडडड हैईईई तेरा ऑरररररररर chodddddddddd bhaaiiiiiiiiii. खूबबबबबबबब छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ मुझीीी तकीए जब मेंननननन इस्स्स्सस्स कामरीईई सी बहररररररर निकलऊऊऊ तू टेरिइइइइइ रखाईइललललललल बनकररररररर निकलउऊउउउउ. छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ mujheeeeeeeeee. मेंनननन टेरिइइइइ गुलाआममममममम होऊं और हचक हेचाक्क्क्क कररर छोड़ड़ड़ड़ मुझी. Aaaaaahhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhh टेरिइइइ रुंडीइइइइइइ झाड़नी वलियी ाहीइइइइइइक. ऑरररररररर दममममम लगाआकाररररररर choodddddddddd.oooooooooohhhhhhhh भाईईईईई मेंनननननन gaiiiiiiiiiiiiiik. Sambahaloooooooooo मुझेईई.
इतना कहने के बाद दीदी की छूट ने भलभलाकर पानी छोड़ दिया. मैं भी अब झड़ने के बहुत करीब था तो मैंने 5-6 जबरदस्त धक्के दीदी की छूट में जमा दिया और अपना लुंड बहार खींच लिया. और दीदी को पकड़कर दीवाल के सहारे निचे बैठा दिया. और अपना लुंड दीदी के मुंह में डालकर जोर जोर से दीदी का मुंह छोड़ने लगा. 7-8 धक्के लगाने के बाद मैं भी बड़बड़ाते हुवे दीदी के मुंह में झड़ने लगा.
मैं- ले रनडीईईईई saliiiiiiiiiiiii क्या मस्तट्ठत छुटत हैईईई टेरिइइइइइइइ. मेरा लुंडडडड पिघल गयाए हैईईई टेरिइइइ छुट्ट्ट्ट की गर्मीं मीटी. ले मेरी रआईईईई मेराआआ लौड़ा पानी मुंह मीटी ऑरररर पी जाआआआ मेरा अमृतततत. लेटी और लिए मेरिइइइ ranndiiiiiiiiiiii ाअजज्जजज सीईए एई लौड़ा तेरा हैईईई. तुझ्कूऊऊओ जबबबब मन कररीई. लेटी लेना मेरीए लुंड. Oooooooooohhhhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh मेंनननननननन झाड़नीयी वलायआ होऊणन. मैं गयाआआआ मेंननननन गयाआ. टेरेईईईई गारररररररररममममम मुंह मेई. लेईईई पीईईईई लीईई ooooooooooohhhhhhhhhh Saritaaaaaaaaaaaaaaaaaaa.
इतना बोलकर मैं दीदी के मुंह में झाड़ गया और तबतक अपना लुंड बहार नहीं निकला जब तक मेरी एक एक बूँद दीदी के मुंह में नहीं निकल गई. झड़ने के बाद मैंने लुंड बहार निकला तो दीदी ने बचा हुवा लुंड का पानी बहार थूक दिया और खांसने लगा. मैंने दीदी के गाल पर एक थप्पड़ मर दिया और मैं भी वही दीदी के पास जमीन में बैठ गया.
हम दोनों पास पास बैठे एक दूसरे की आँखों में देखते हुवे मुस्कुरा रहे थे. थोड़ी देर बाद ऐसे hi रहने के बाद दीदी उठकर कमरे से बहार बाथरूम जेने लगी तो उनकी चाल बिगड़ गई थी. वो लंगड़ा रही थी. मैं वही कमरे में बैठा दीदी का इंतज़ार करता रहा थोड़ी देर बाद दीदी अपना मुंह धोकर लंगड़ाते हुवे कमरे में आई तो मैंने दीदी को छेड़ते हुवे कहा.
मैं- क्या हुवा सरिता. तुम्हारी चल क्यों बिगड़ी हुई है. तुम लंगड़ा कर क्यों चल रही थो.
मेरी बात सुनकर दीदी मेरे पास आई और तेरी पीठ पर मुक्का मरने लगी. 8-10 मुक्का मरने के बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- तुम मुझे क्यों मार रही हो. मैंने क्या किया है.
सरिता दी- मुझे इतनी बुरी तरह छोड़ने के बाद पूछ रहा है की मैंने क्या किया है. तेरे अंदर बिलकुल भी रहम नहीं है. एकदन जानवर है तू. थोड़ा भी रहम नहीं किया मेरे ऊपर और छोड़ छोड़ कर मेरी चल बिगड़ दी और अब पूछ रहा है की मेरी चाल क्यों बिगड़ी हुई हैं.
दीदी की बात सुनकर मैंने दीदी से पूछा.
मैं- मज़ा तो तुमको भी बहुत आ रहा था. कैसे उछाल उछाल कर लुंड लील रही थी. अच्छा सच बताओ मज़ा आया की नहीं.
सरिता di(meri आँखों में देखकर)- शुरू शुरू में तो बहुत दर्द हुवा लेकिन बाद में बहुत मज़ा आया. किसी लड़की को कैसे मज़ा दिया जाता है तू बहुत अच्छी तरह से जनता है.
मैं- तो क्या इरादा है सरिता. एक राउंड और हो जाये.
सरिता दी- न बाबा न. एक hi राउंड में hi मेरा ये हाल कर दिया है तुमने पता नहीं दूसरे राउंड में मैं मर hi न जाओ. और वैसे भी मुझे बहुत दर्द हो रहा है. बाद में करेंगे.
Main-Acchha ठीक है छूट नहीं देनी है तो अपनी गांड hi दे दे मुझे.
सरिता दी- क्या. तू पागल हो गया है. तेरे लुंड ने मेरी छूट को hi कबाड़ा कर दिया है. अगर ये गधे जैसा लुंड मेरी गांड में गया तो मैं तो महीने भर बिस्तर से नहीं उठ पाऊँगी. नहीं वो नहीं दूंगी तुझे.
मैं- चलो ठीक है. जैसी तुम्हारी मर्जी. तो अब क्या करना है.
सरिता दी- अच्छा एक बात सच सच बता अभी.
मैं- हाँ दीदी पूछो.
सरिता दी- (नज़ारे निचे करके परेशानी के सेहत धीरे से) वो तुम बोल रहे थे की तुम मुझे अपनी पर्सनल रखैल बनाकर रखना चाहते हो. मुझे अपनी रंडी बनाना चाहते हो. क्या सच में अपनी बहन को अपनी रखैल बनाना चाहते हो.
मैं- तुम्हारा क्या इरादा है सरिता.
सरिता दी- देख अभी. अभी मैं मज़ाक के मूड में नहीं हूँ. I’m सीरियस
मैं- क्या बात करती हो तुम. मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं है दीदी. वो क्या है की चुदाई के समय मैं थोड़ा वाइल्ड और रफ़ हो जाता हूँ. मुझे नार्मल चुदाई पसंद नहीं है, इसलिए मैं चुदाई को और इंट्रेस्टिंग बनाना के लिए मैंने ऐसा बोलै था. और जो चुदाई करते समय गन्दी गन्दी गालिया दी थी. वो बस चुदाई के समय तक hi थी. भले hi हम हम दोनों ने चुदाई कर ली हो. लेकिन तुम मेरी बहन हो और हमेशा रहोगी.
मेरी बात सुनकर दीदी का चेहरा खिल गया. उनके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई. उन्होंने मुझे गले लगा लिया और बोली.
सरिता दी- तू बहुत अच्छा है मेरे भाई. मैं तो दर hi गई थी.
मैं- क्या यार दीदी. तुम कंफ्यूज हो क्या. कभी कमीना बोलती हो तो कभी अच्छा बोलती हो. पहले डीडे कर लो की मैं कमीना हूँ या अच्छा होऊं.
सरिता di(muskura कर). नहीं तू कमीना hi अच्छा लगता है.
दीदी की बात सुनकर मैं भी फ्रेश होने के लिया बहार जाने लगा तो दीदी ने कहा.
सरिता दी- अभी कहा जा रहा है. यही मेरे पास सो जा आज.
मैं- सो तो जाऊंगा दीदी. लेकिन कही अगर तुम्हारी कातिल गांड देखकर मेरी नियत ख़राब हो गयी तो फिर मुझे दोष मत देना.
सरिता di-(muskurakar). मुझे तुम पर पूरा भरोषा है. तुम मेरे साथ जबरदस्ती नहीं करोगे.
दीदी की बात सुनकर मैं मुस्कुराते हुवे कमरे से बहार चला गया. थोड़ी देर बाद मैं फ्रेस होकर दीदी के कमरे में आया थो दीदी ने ब्रा और पैंटी पहन ली थी और लोअर पहनने जा रही thi.maine दीदी से कहा.
Main-kya दीदी. अब इसकी क्या जरूरत है. अब काम से काम अपनी इस जालिम जवानी को कपड़ो में तो कैद न करो. तुम्हारा आशिक आज तुम्हारे साथ सोने वाला है तो उसे अपने इस अप्रतिम सौंदर्य से महरूम मत करो. ऐसे hi लेट जाओ मेरे साथ.
मेरी बात सुनकर दीदी ने अपनी लोअर वापस रख दी और ब्रा पंतय में hi आ कर बिस्तर पर लेट गई. मैं भी दीदी के पास जाकर लेट गया. थोड़ी देर लेते रहने के बाद मैंने दीदी की आँखों में देखते हुवे अपने होंठ दीदी के होंठो पर रख दिए और चूसने लगा. दीदी भी मेरा साथ देने लगी. मैंने अपने एक हाँथ से दीदी की चुकी पर रख दिया और दबाने लगा. थोड़ी देर दीदी के होंठ और चुकी चूसने और दबाने के बाद मैंने दीद को छोड़ दिया और दीदी से पूछा.
मैं- अच्छा दीदी एक बात सच सच बताइये. आपको मेरी कसम,
सरिता दी- तुमको कसम देने की जरुरत नहीं है जो भी पूछने है सच सच पूछो.
मैं- तुम मुझसे हमेशा झगड़ा करने वाली, मेरी शिकायत करने वाली और मेरी पिटाई पापा से करवाने वाली इतनी स्ट्रिक्ट नेचर की थी तो ऐसा क्या हो गया जो आज तुमने मुझसे छुड़वा दिया.
में बात सुनकर दीदी ने पहले काफी देर सोचा फिर मुझे सब कुछ बता दिया जो मुझे पहले से पता था. दीदी की बात सुनाने के बाद मैंने दीदी से कहा.
मैं- ओह्ह मय्यै गॉड. तुम कितनी छुडासी हो दीदी. तुम्हारी शादी नहीं हुई इसलिए तुमने मुझसे छुड़वा लिया. और वो तुम्हारी दोस्त मीरा को तो मैं बहुत दवा दूंगा. जिसने इतने कड़क मॉल का जुवाद मेरे लिए किया. थैंक्स मीरा.
मेरी बात सुनकर दीदी शर्मा गई और अपनी नज़ारे दूसरी तरफ घुमा ली. मैंने दीदी का चेहरा पकड़कर अपने सामने किया और उनकी आँखों में देखते हुवे कहा.
Main-koi बात नहीं दीदी. तुमने अच्छा hi किया जो मुझसे hi छुड़वा लिया. क्योंकि नताशा के जाने के बाद मुझे भी किसी की जरुरत थी. थैंक्स दीदी. आपने मेरी जरुरत को पूरा किया.
सरिता दी- (शर्माकर) चल hat.Achha तू भी मुझे सच सच बता जो मैं पूछती हूँ.
मैं- हाँ दीदी पूछो.
सरिता दी- अच्छा ये बता तुम्हारी अभी तक कितनी गिर्ल्फ्रेंड है. और तुमने कितनो के साथ इंटरकोर्स किया है.
मैं- वाह दीदी इंग्लिश. अच्छा है. अभी तक मेरी आपको लेकर 3 गिर्ल्फ्रेंड हुई है और मैंने तीनो को छोड़ा है.
सरिता दी- एक नताशा है और दूसरी मैं hoon,lekin ये तीसरी कौन है.
मैं- अभी मैं उसके बारे में आपको कुछ नहीं बता सकता. बस इतना बता सकता हूँ की वो शादी शुदा है.
सरिता दी- क्या शादी शुदा है फिर भी वो तुम्हारी गिर्ल्फ्रेंड बन गई. कौन है वो. बता मुझे.
मैं- वो मैं अभी नहीं बता सकता. सही समय आने पर मैं आपको बता दूंगा.
सरिता दी- और वो सही समय कब आएगा.
मैं- जिस दिन तुम मुझसे अपनी गांड मरवाओगी. उसी दिन मैं तुम्हे उसका नाम बता दूंगा और उसके साथ एक और राज़ है. जो तुम्हारे लिए जानना बहुत जरूरी है. वो भी उसी दिन तुमको बताउगा.
सरिता दी- क्या. कौन सा राज़ है. बता न अभी.
मैं- बता तो रहा हूँ की सही समय आने पर मैं तुम्हे खुद बता दूंगा दोनों बाटे. चलो मैं थोड़ा छत पर टहलकर आता हूँ. तुम सो जाओ.
मैंने ये बात इसलिए बोली. क्योंकि मुझे पता था की दीदी मीरा से बात जरूर करेंगी. और उससे बात करने के बाद hi अपनी गांड मुझे देंगी. क्योंकि मीरा hi दीदी की सेक्स गुरु है और वो उसकी बात जरूर मानेंगी, इसलिए मैं बहाना बनाकर छत पर चला गया.
इसके आगे की कहानी अगले भाग में.