Incest Sex Story - Ghar (ulajhte riste) - Page 29 - SexBaba
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Incest Sex Story - Ghar (ulajhte riste)

अपडेट -262

इतने दिनों बाद अपने hi छोटे भाई से रात भर छोड़ने में बाद कम्मो का रोम रोम खुल उठा था

करीब 5 बजे उसकी आंख खुलती है

पूरा बदन टूट रहा था

कामो अंगड़ाई लेती हुई उठती है और जैसे hi उसकी नजर अपने छोटे भाई पर पड़ती है उसके रसीले होठो पर मुस्कान आ जाती है और उसकी आँखों के सामने रात वाला नजारा चलने लगता है कैसे उसके छोटे भाई में बिना रुके रात भर उसकी छूट और गांड मरी थी

कामो एक नजर रवि के खड़े लुंड पर डालती है और उसे देख कर उसके अंदर अजीब सा अहसास होता है

इस वक़्त भी रवि का लुंड अपने विकराल रूप में था

कामो - रात भर छोड़ा है फिर भी देखो तो कैसे सर उठाने पड़ा है कमीना

कम्मो एक चपत अपने छोटे भाई के लुंड पर लगती हुई अपनी छूट पर हाथ रख देती है झा से अभी तक रवि का विरया टपक रहा था

कामो- इसे तो देखो कमीनी को रात भर ठुकाई हुई है फिर भी लुंड देख कर पनिया रही है

कामो बिना देर किये अपनी दोनों टंगे फैलाती हुई अपने भाई की कमर पर कॅश जाती है और उसके लुंड को अपनी छूट पर सेट करती हुई निचे की और कमर को दबान लगती है

देखते hi देखते कामो की छूट एक बार फिर अपने भाई का लुंड निगल जाती है

कामो जोश में थी उसके अंदर मनो फिर से हवस का ज्वाला मुखी फिर चूका था

वो बिना देर किये अपनी कमर को ऊपर निचे करने लगती है

कमरे में एक बार फिर वही महक फैलने लगती है जो रात भर थी

कामो की छूट का पानी उसकी छूट को और चीखना बनता हुआ रवि की कमर पर गिर्र रहा था

रवि के लुंड की तनी हुई नशे कामो को अपनी छूट की दीवारों में साफ़ महसूस हो रही थी

कुछ hi देर में रवि की आँख भी खुल जाती है

जैसे hi उसे महसूस होता है की उसकी दीदी उसके ऊपर बैठी छुड़वा रही है

रवि भी अपनी दीदी की कमर को थमता हुआ अपनी कमर निचे से उठाने लगता है

कामो इतना जोश और मजे में थी की मेरे लिए भी बया कर पाना मुश्किल है

रवि अपनी दीदी के बालो को पकड़ते हुए उसके चेहरे को अपनी और खींचता है और उसके रसीले होठो को चूसने लगता है

रवि को अपनी दीदी का मुँह इस वक़्त रात से भी जयादा मीठा लग रहा था

दोनों भाई बेहेन धुँवाधार तरिके से चुदाई में मसल थे तभी दरवाजे पर दस्तक होती है

गिरजा- अरे बहु अभी तक्क सोई हुई है क्या

कामो रोज 4-4:30 तक उठ कर घर में कामो में लग जाया करती थी और आज कामो के कमरे का दरवाजा बंद पाकर वो अपनी बहु को आवाज लगती है

गिरजा की आवाज सुनते hi दोनों भाई बेहेन ृक्क जाते है

कामो जैसे hi उठाने वाली थी रवि उसकी कमर को थम लेता है

रवि- मत जाओ न दीदी बस होने hi वाला है

Kaamo-dekh रवि सासु माँ बुला रही है कही उन्हें शॉ हो गया तो

रवि- तो हो जाने दो शॉ दीदी वैसे भी आज नहीं तो कल तो पता चलना hi है

पर जो शुरू किया है उसे ख़तम करके जाओ

इतनी मस्त चुदाई को बिच में छोड़ कर जाने का तो कामो का भी मन नहीं था

अपने छोटे भाई की बात मान कर कामो एक बार फिरसे अपनी कमर को ऊपर निचे करने लगती है

इस बार रवि अपनी दीदी की कमर को थोड़ा उचाई पर मज़बूरी से थम लेता है और निचे से ताबड़तोड़ झटके लगाने लगता है

इधर बहार खड़ी गिरजा देवी काफी देर तक दरवाजा बजती है पर कोई जवाब नहीं आता

गिरजा- लगता है रात भर दोनों भाई बेहेन देर तक बाटे करते थे

गिरजा जाने hi वाली थी तभी उसके कानो में कुछ आवाज आती है जो कमरे के अंदर से आ रही थी

आवाज सुनते hi गिरजा देवी के पेअर मनो जम्म से जाते है

क्योंकि गिरजा जानती थी ये ठप्प ठप्प की आवाज कैसे और क्यों आती है

गिरजा का दिल जोरो से धड़कने लगता है

एक hi पल में उसके अंदर न जाने क्या क्या ख्याल आने लगते है

पर अगले hi पल उसके दिमाग में आता है की नहीं वो दोनों तो भाई बेहेन है सेज भाई बेहेन ये कैसे हो सकता है

इधर गिरजा की हालत खराब थी और उधर रवि जान बुझ कर अपनी दीदी को इस तरह छोड़ रहा था की आवाज बहार तक्क जाये

जब जब रवि की जंघे कम्मो की गद्देदार गांड से टकराती तो थप थप की आवाज गूंज जाती

कुछ hi पल में रवि कामो के अंदर hi झाड़ जाता है

और आवाज आणि बंद हो जाती है

गिरजा अब भी दरवाजे पर खड़ी पैने पैने हुई पड़ी थी पर अब आवाज आणि बंद हो चुकी थी हिज कारन उसके शकक अब उसे यकीन दिलवा रहा था की हो न हो कुछ तो गड़बड़ है

कामो- कर ली न तूने अपने मन की

रवि- दीदी शुरू भी तो आपने hi किया था न में तो सोया हुआ था

कामो- अच्छा सोया हुआ था और तेरा ये लौड़ा ये तो जगा हुआ था न

रवि- अब आपके जैसे मस्त गदराई दीदी बगल में नंगी सोई होगी तो किस लौड़े को नींद आएगी दीदी

कामो - अच्छा चल अब तो सो गया न ये

कामो अपनी कमर को उठती हुई ऊपर उठ जाती है और रवि का सिकुड़ना हुआ लुंड पच्छ से अपनी दीदी की छूट से बहार आ जाता है और उसके साथ hi उसका विरया भी कामो की छूट से भेजने लगता है

कामो जल्द hi अपने कपडे पेहेन कर बहार आ जाती है झा उसकी सास उसे दिखाई देती है और कुछ चिंता में लग रही है

कामो- मजी माफ करना वो आज आँख लग गयी थी

गिरजा- कोई बात नहीं बहु

गिरजा ऊपर के मन से कामो से बात करती है और वो उसके चेहरे पर कुछ पढ़ने को कोशिश करती है

और उसे वही सुकून अपनी बहु के चेहरे पर दिखाई देता है जो एक औरत के चेहरे पर होता है हर रात ले बाद.....
 
अपडेट -263

कुछ देर तक गिरजा अपनी बहु का चेहरा देखती है और फिलहिर उसे चाय बनाने का बोल कर बहार चली जाती है

इधर कामो अपनी सास की नजरो से इतना तो समझ hi चुकी थी की उसे उस पर शकक हो गया है

कम्मो भाग कर कमरे में आती है झा अब तक रवि एक चादर में लिप्त पड़ा था

कम्मो कमरे में आते hi चादर खींच देती है

कामो- वह मेरी सास मुझे पर नजरे गड़ाए बैठी है और इधर मेरा भाई अब तक यही नंगा पड़ा है

रवि- क्या हुआ दीदी क्यों चिल्ला रही हो

कामो- अरे बेशरम उट्ठ कर कपडे पेहेन ले उसे शॉ हो गया है हम पर

रवि- किसे शक हो गया है दीदी

रवि अपनी आँखे माल्टा हुआ उठ कर बैठ जाता है

कामो- अरे और किसे होगा मेरी सास को

रवि- आपको कैसे पता दीदी की उसे हम पर शक हो गया है

कामो- बस मुझे पता चल गया जिस नजर से वो मुझे आज देख रही थी उसने आज तक नहीं देखा ऐसे

रवि- चलो ये तो अच्छा hi है न दीदी जल्द hi बहु के साथ साथ सास भी घोड़ी बनेगी

कामो तकिया उठा कर रवि को मरती है

कामो- कमीने इसी लौड़े बोल रही थी जो करना है आराम से करियो अब देखा न न जाने क्या क्या सोच रही होगी वो मेरे बारे में

रवि- अब दीदी मेरा क्या कसीर है इसमें तुम hi तो मेरे लौड़े पर आके बैठ गयी थी सुबह सुबह तो में क्या करता गर्मी छड़ी तो छोड़ दिया

कामो- अरे हरामी छोड़ना hi था तो आराम से छोड़ लेता या फिर यही पड़ा रहता अपनी आँखे बंद किये में खुद hi छुड़वा कर उठ जाती

रवि- ाचा जी मतलब खुद की छूट में जब खुजली हो तो कुछ नहीं करो और जब मेरा लौड़ा तंत्र जाये तो में आराम से छोड़ू वह दीदी वह

कामो- अरे मेरे प्यारे छोड़ू भाई में बस एहि कह रही हु की अब हमे उससे बच कर रहना होगा न जाने आगे क्या करेगी वो

रवि- वो सब आप मुझ पर छोड़ दो दीदी देखो में कैसे 1-2 दिन में hi तुम्हारी सास का भी नंबर लगा देता हु

कामो- तू कुछ भी कर पर जल्दी करना

और अब उठ कर कपडे पेहेन ले जल्दी वो आती hi होगी

रवि- वैसे गयी खा है दीदी तुम्हारी सास

कामो- और खा जाएगी सुबह सुबह हगवास निकलने गयी है अपनी फैली हुई गांड से

अपनी दीदी की बात सुनकर रवि का लुंड एक झटका खता है जिसे कामो भी देख लेती है

कामो- वैसे बड़ी दिलचस्पी है तुझे मेरी सास में खास कर उसकी गांड में

रवि- अब क्या बताऊ दीदी उसकी गांड hi ऐसी है

अच्छा दीदी बताओ न खा जाती है वो संडास करने

कामो- दिन कॅश गया है तो दूर नहीं जाती यही घर के पीछे बैठी होगी

रवि तुरंत उठ जाता है

रवि- दीदी ले चलो न मुझे उसके पास

रवि वैसे hi नंगा बहार जाने लगता है

कामो- अच्छा अच्छा ले चलती हु देख लेना कैसे हगति है मेरी सास अपने गांड में छेद से पहले निचे कुछ पेहेन तो ले बेशरम या ऐसे hi अपना ये लौड़ा लहराता हुआ मेरे कमरे से निकलेगा

रवि एक धोती लपेट लेता है

कामो उसे घर की पीछे वाली खिड़की के पास ले जाती है झा से उसे उसकी सास साफ़ साफ़ दिख रही थी

कामो- ले देख ले वो बैठी सामने हग्ग रही है तेरी गदराई घोड़ी में जा रही हु काम करने और सुन्न उसके आने से पहले आ जाना समझा

रवि- है है दीदी जाओ आप

कामो के जाते hi रवि अपनी धोती को खोल कर साइड में रख देता है और गिरजा देवी की फैली हुई गांड को देखता हुआ लुंड हिलने लगता है

गिरजा अभी अभी आकर बैठी थी मतलब अभी तक उसने हगना शुरू भी नहीं किया था

बिचारि बार बार अपनी गांड का जोर लगा रही थी जिससे की उसकी गांड कछेद बार बार खुलता और बंद होता जिसे देख कर रवि की आँखों की पुतलिया फैलने लगी थी

रवि अपनी पूरी रफ़्तार में अपना लुंड हिला रहा था तभी गिरजा की गांड के छेद का साइज बढ़ने लगता है और बढ़ता hi जाता है जब तक उसके अंदर से एक मस्त मोती हगवास बहार नहीं आ जाती है

रवि उसे इस तरह से देख कर पागल सा हो जाता है

रवि- क्या मस्त हगति है रे तू गिरजा जवानी में तो न जाने तूने कितने hi लौड़े खाये होंगे इस गांड से है एक बार मिल जाये तेरी गांड साली थोक थोक कर पहाड़ hi डालूंगा फिर तुझे इतना जोर भी नहीं लगाना पड़ेगा खुद बा खुद hi तेरी हगवास बहार गिरा करेगी मेरी रानी

कुछ hi देर में गिरजा अपनी गांड को खूब अच्छे से रगड़ने रगड़ कर धोती है

और अंतत में रवि भी घर के भीतर चला जाता है और बुड्ढे के बाजु में अपना लुंड दबा कर बैठ जाता है झा उसे कामो तुरंत hi चाय लेकर देती है

कामो एक नजर अपने ससुर पर डालती है जो आँखे खोले उसे hi देख रहा था

कामो को भी अब अपने ससुर से झट भर डर नहीं लगता था

कामो- देख लिया भाई

रवि - हां दीदी देख लिया

कामो- कैसी लगी मेरी सास तुझे हगवास करती हुई

अपनी बहु की बाटे सुनकर बुड्ढे की आँखे फ़ैल जाती है उसे जरा भी अंदाजा नहीं था की उसकी बहु अपने hi भाई से इस तरह की बाटे करेगी

रवि- पूछो मैट दीदी जब हगति है तो उसकी गांड का छेद ऐसे खुलता है मनो फिर कभी बंद hi नहीं होगा

कामो - अच्छा तो उसकी गांड क्या मुझसे भी मस्त है क्या रे भाई

रवि- अरे दीदी मस्त तो है पर तुम्हारी बात hi अलग है तुम तो दीदी हो मेरी कोई भी होगी पर तुम्हारे बाद hi होगी

कामो- अच्छा कमीने मेरे बाद hi होगी तभी ये अपना लुल्ला दबाये बैठा है

छुपा कर रख उसे आती hi होगी तेरे सपनो की रानी

इतने में गिरजा भी अंदर आ जाती है और कामो फिरसे रसोई में घुस जाती है

गिरजा रवि को तिरछा तिरछा देख रही थी

रवि- क्या हुआ मजी

गिरजा - कुछ नहीं बिटवा बस ऐसे hi थोड़ी तैयार गड़बड़ है तुम बताओ रात no नींद कैसी आयी तुम्हे

वैसे भी काफी दिनों बाद अपनी दीदी के साथ सोये हो न

रवि समझ रहा था गिरजा की बाटे पर अभी उसे अपनी असलियत को छुपाना था

रवि- हां मजी बात तो आपने सही कहि जब से दीदी की शादी हुई है आज पहली बार hi सोया हु दीदी के साथ आपको पता है अपने घर पे रोज रात में दीदी के साथ hi सोता था और रोज रात दीदी मुझे लोरी गैस कर सुनती थी बिलकुल माँ की तरह

गिरजा( कमीनी ने भाई बेहेन का रिश्ता भी नहीं बक्शा)

गिरजा - अच्छा तब तो कल रात को भी दुबई होगी तुम्हे लोरी तुम्हारी दीदी ने

रवि - हां सुनाई थी न इसी लिए तो में इतनी देर तक सोया रह गया

काफी देर तक गिरजा और रवि की बाटे चलती रही

उसके बाद गिरजा घर के कामो में लग गयी और रवि कमरे में जाकर दुबारा से लेत गया ...
 
अपडेट -264

रवि के कमरे में जाने के बाद गिरजा कुछ देर तक अपने बूढ़े पति के शरीर की मालिश करती रही फिर वो उठ कर नहाने चली गयी

इधर रवि कमरे में लेता लेता आगे का प्लान बना रहा था

उसे पेशाब भी जोरोसे लगा था

घर में hi एक कोने में बाथरूम बना हुआ था झा ये लोग पेशाब किया करते थे और उसी में नहाया भी करते थे

ये बात कामो रवि को पहले hi बता चुकी थी

रवि उठ कर बहार आ जाता है और एक नजर अपनी दीदी पर डालता है जो पैने से तर बतर खाना बनाने में लगी हुई थी

कामो भी अपने छोटे भाई को देख कर मुस्कुराती है और अपने कामो में लग जाती है

रवि- और बुढऊ क्या हाल है तेरे

रवि गिरजा के पति के मजे लेते बाथरूम की और बढ़ जाता है

इस वक़्त रवि ने सिर्फ एक धोती hi लपेटी हुई थी और न तो उसे ये पता था की उसके ख्वाबो की रानी गिरजा पहले से hi अंदर है

यह एक बात बता दू

गिरजा भले hi कितनी भी पूजा पथ वाली एक पतिवर्ता औरत थी पर उसके अंदर भी एक बुरी आदत थी उसे बचने से hi नंगी नहाने का शौक था

कई बार तो खुद उसका बाप भी उसे नंगी देख चूका था और इसी चक्कर में वो अपने माँ बाप से पिटाई भी खा चुकी थी पर न तो उसकी आदत तब बदली और न hi अब

इधर गिरजा अंदर मदमस्त हथनी की तरह एक दम नंगी अपने कामुक गुदाज शरीर पर पानी दाल कर रगड़ रगड़ कर मेल छुड़ा रही थी

दोनों टंगे फैलाये हुए न तो उसे किसी का डर था और न hi भयी

इधर रवि जैसे hi परदे को हटाता है उसकी नजर सीधा गिरजा की फूली हुई छूट पर पड़ती है जिसे वो देखता hi रह जाता है

अगले hi पल गरिजा जैसे hi रवि को देखती है उसे तो मनो साप hi सूंघ जाता है और झट्ट से अपनी टैंगो को सिकोड़ती हुई अपने दोनों हाथो से अपनी बड़ी बड़ी चूचियों को छुपाना की कोशिश करती हुई पीछे मुद जाती है और पास hi में पड़ी गमछी से ान फानन में अपने गदराये श्री को ढकने की कोशिश करती है

रवि तो बट बना कभी गिरजा की मदमस्त कमर को देख रहा था तो कभी उसकी गांड को

कमबख्त गमछा भी इतना पतला और छोटा था की गिरजा के मांसल जिस्म को छुपाना में नाकाम हो रहा था

और ऊपर से उसका गिला श्री रवि का काम और आसान बना रहा था

गमछा पूरी तरह गिरजा से चिपक गया था

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रवि की तो बोलती hi बंद थी ऊपर से उसका लौड़ा अब बगावत पर उतर आया था देखते hi देखते रवि की धोती में वो साप की तरह सर उठाने लगा

Girjaa-Ravi तू क्यों आया अंदर तू नहीं जनता में अंदर नहा रही हु

रवि - मम्मी जी वो मुझे नहीं पता था में तो bass's पेशाब करने आया था

गिरजा- तो बहार नहीं जा सकता था तू

रवि- बहुत जो से लगी थी दीदी ने बोलै था यही पेशाब करते है सब

गिरजा- ठीक है ठीक है जा जल्दी से करले उधर

रवि आगे बढ़ता है और गिरजा को प्यार करता हुआ एक कोने में जाकर अपनी धोती उठा कर अपना कला लौड़ा निकल कर मूतने लगता है

गिरजा गुस्से से लाल थी पर जैसे hi उसकी नजर रवि के काळा लुंड पर पड़ी उसके बेथुने फूलना लगे

न तो उसने कभी ऐसा लुंड देखा था और न hi आपने में सोचा था

बेचारी ने एक hi लुंड के साथ अपनी पूरी जिंदगी गुजरात दी जो अब किसी काम का नहीं था

रवि जान बुझ कर अपने सुपडे को पूरा खोल देता है ताकि गिरजा को भी उसके काळा लुंड के अंदर का लाल सूपड़ा दिख जाये जो रौशनी में गजब तरिके से चमक रहा था

करीब 5 मिनट तक रवि ऐसे hi पेशाब करता रहता है

गिरजा रवि के लुंड को देख कर इतना तो समझ गयी थी की कितनी ताक़त होगी इसमें

आखिर कर रवि अपने लुंड को झटक कर पेशाब की बुँदे साफ़ करता है और दुबारा से धोती में अपना लौड़ा कैद करके गिरजा की और जाता है

इस बार रवि पूरी बेशर्मी के साथ गिरजा की और जा रहा था

गिरजा को साफ़ साफ़ दिख रहा था की कैसे उसके चलने में साथ साथ उसका लुंड हिल रहा है

उसे हैरानी हो रही थी अपनी बहु के भाई की बेशर्मी पर वो तो मुआ उसे छुपाने की कोई कोशिश भी नहीं कर रहा था

रवि गिरजा में सामने आकर रुकता है

रवि- मम्मी जी माफ़ करदेना में नहीं जनता था की आप अंदर बिलकुल नंगी नहा रही है नहीं तो में कभी अंदर नहीं आता

गिरजा को हैरानी हुई इतनी छोटी उम्र के लड़के से खुस के लिए नंगी शब्द सुनकर

पर वो खून का घुट पी गयी

आखिर नई नई रिश्तेदारी जो थी

गिरजा- है है ठीक है बीटा कोई बात नहीं तू जा बस आगे से ध्यान रखना

रवि- ठीक है मम्मी जी सुखरिया मुझे माफ़ करने के लिए

रवि एक नजर गिरजा के मादक जिस्म पर डालता है जिसे गिरजा भी महसूस करती है

रवि बहार जाने hi वाला था तभी गिरजा बोलती है

गिरजा - अरे रवि बीटा सुन्न

रवि फिर से मुद कर गिरजा की और देखने लगता है

गिरजा की नजर न कहते हुए भी एक बार फिर रवि की धोती पर चली जाती है

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रवि - जी मम्मी जी

रवि की आवाज सुनते hi जैसे गिरजा को होश आता है और वो रवि के चेहरे को देखती है

गिरजा - वो तू अपनी दीदी को मैट बताना की तूने मुझे ऐसे देखा था समझ रहा है न मेरा मतलब

रवि- हां मम्मी सब समझ रहा हु में कामो दीदी को बिलकुल नहीं बताऊंगा की मेने आपको नंगी देखा था ठीक है न

रवि एक बार फिर अपना दाव चलता है

गिरजा - है ठीक है मत बताना अब तू जा में भी नहा कर आती हु

रवि बहार चला जाता है

रवि- माँ कसम मजा आ गया क्या मस्त गांड है साली की इसकी तो सबसे पहले गांड hi मरूंगा घोड़ी बना कर और छूट कितनी पहली हुई थी न जाने साली ने कितने सालो की हवस अंदर जमा कर राखी है

रवि को अंदर hi अंदर लग रहा था की उसने अपना लुंड दिखा कर गिरजा को मीट किया है जैसे बाकि की औरते रवि का लुंड देखते hi पागल हो जाती थी

पर वो ये नहीं जनता था की गिरजा इतनी जल्दी से हाथ नहीं आने वाली अभी तो उसे गिरजा देवी को घोड़ी बनाने के लिए न जाने क्या क्या पद बेलने पड़ेंगे

इधर गिरजा हैरान थी उसकी नजरो के सामने अब भी वही कला लुंड घूम रहा था

वो हैरान थी की कैसे रवि उसके साथ इतनी बेशर्मी से पेश आया और ये बेशर्मी देख कर तो उसका मन और भी पक्का हो गया था

उसे रवि की निहार का साफ़ साफ़ पता चल चूका था क्योंकि वो कोई बच्चा नहीं था

वो समझ चुकी थी की जब वो मेरे जैसे बिधि औरत के सामने ऐसे कर सकता है तो अपनी दीदी के सामने तो वो बिलकुल भी नहीं शर्माता होगा

गिरजा ( और वो साली छिनाल मेरी बहु शादी के पहले hi इतनी गदराई हुई थी मुझे पहले hi समझ जाना चाहिए था की ये अपने hi छोटे भाई के साथ देह सुख ले रही है तभी तो ऐसा शरीर हो गया है )....
 
अपडेट - 265

खाना खा कर गिरजा खेतो की और निकल जाती है मन तो उसका थिस कर रहा था की अपनी बहु को उसके भाई के साथ न चोदे पर नई नवेली बहु को खेतो में लेजा कर काम भी तो नहीं करवा सकती थी

इधर गिरजा में जाते hi रवि मैं दरवाजा बंद कर देता है और अपनी दीदी को पास बैठा कर उसे साडी बाते बताता है

दोनों के बगल में गिरजा का पति भी लेता था पर दोनों भाई बहनो को इससे कोई फरक नहीं पड़ता था

रवि- और पता है दीदी आपकी प्यारी सास ने मुझे अंतत में क्या बोलै

कामो- क्या बोलै

रवि- अपनी दीदी को मत बताना बीटा की तूने मुझे नंगी नहाने हुए देखा था

कामो- लगता है तेरा काम जल्दी hi हो जायेगा भाई

रवि- वो तो हो hi जायेगा

सुन्न रहा है न बुढऊ तेरी बीवी जल्दी hi घोड़ी बनाने वाली है

पर अभी के लिए तेरी बहु को घोड़ी बना कर छोडूंगा

रवि अपनी धोती को उतर एक दम नंगा हो जाता है

और अपनी बेहेन की छाती पर डला पल्ली खींच कर उसके ब्लाउज को खोलने लगता है

कामो- अरे रवि कमरे में चल न

रवि- अरे दीदी यही करेंगे आज यही खुले में

कामो- पर यह ससुर जी के सामने कैसे भाई

रवि- अरे इसकी क्या चिंता करती हो ये कैसे बोलेगा और वैसे भी बुड्ढे में इतने दिनों से चुदाई नहीं की है तो काम से काम अपनी बहु की चुदाई देख कर hi खुश हो लेने दो दीदी इसे आखिर है तो तुम्हारा ससुर hi न

कामो अपने भाई की बात मान लेती है और अपने सरे कपडे एक एक करके उतर देती है

रामु खत पर पड़े पड़े सब देख रहा था

इधर रवि अपनी दीदी को घोड़ी बना कर छोड़ना शुरू कर देता है

और रामु में चेहरे में पास hi उसकी बहु का चेहरा था अपनी बहु की पपीते जैसी चूचियों को हिलता हुआ देख कर उसके लुंड में भी तनाव आने लगता है

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कामो- अह्ह्ह कमीने आराम से छोड़ न भाग थोड़े रही हु कही

रवि- दीदी यह लौड़े में आग लगी पड़ी है और तुम कह रही हो की आराम से छोड़ू कसम से अगर आज तुम्हारी जगह तुम्हारी सास होती न तो कुटिया बना कर छोड़ता उसे तुम बस छुड़वाने का मजा लो बोलो मत

तभी कामो का ध्यान अपने ससुर की धोती पर जाता है

कामो- अरे ये तो देख रवि ससुर हे का लौड़ा भी अपनी बहु की चुदाई देख कर जोश में आ गया

रवि - अरे दीदी जब तुम जैसी चुड़क्कड़ बहु होगी तो कौन ससुर रोक पायेगा

कामो अपना हाथ धोती पर डालती हुई रामु की धोती खोल देती है और अपने ससुर का 5" का लौड़ा देख कर उससे कहती है

कामो- क्या हुआ ससुर जी माँ जी बे इसकी मालिश नहीं की क्या

आज रात को

रवि- क्या बात कर रही हो दीदी मेरी आइटम इस बुड्ढे में लौड़े की मालिश करती है

कामो- अरे मालिश नहीं करती रे मुठ मरती है कई बार दिल्ली हु में रात में जब में सोने चली जाती हु तब

रवि- तो आज आप hi मार दो दीदी अपने ससुर की मुठ

कामो- सच में तुझे कोई दिक्कत नहीं है

रवि- तुम्हारा ससुर है दीदी मतलब परिवार है और परिवार वाली के साथ कैसी दिक्कत और वैसे भी देखो तो अगर इसकी मुठ तुमने मारी तो पक्का उसे मरने के बाद जन्नत नसीब होगी

दोनों भाई बेहेन हसने लगते है

और इधर कामो अपनी हथेली पर थूक लेकर अपने बूढ़े ससुर का लौड़ा गिला करती हुई मुठियाने लगती है

काफी देर तक चुदाई चालू रहती है

कामो अब चुदाई में इस खेल में एक मांझी खुसी खिलादन बन गयी थी

वो जान बुझ कर रामु का लौड़ा ऐसे मुठिया रही थी की वो जल्दी न खड़े और अपनी बहु के कोमल हाथो की गर्मी और थूक का पूरा मजा ले सखे

इधर रह रह कर रामु का शरीर झटके खा रहा था उसकी आँखों से परमानन्द के आंसू गिर रहे थे

मजा तो उसे भी आ रहा था पर बिचारा बता नहीं सकता था

कामो अपने ससुर को खुस देख कर अपनी टंगे और भी फैला देती है और गप्प से निचे खुलती हुई अपने ससुर का लुंड मुँह में भर कर चूसना चालू कर देती है

पहले तो रवि को थोड़ा गुस्सा आता है पर अगले hi पल उसे लगता है की अगर उसकी दीदी भी यही कहती है तो उसे क्या दिक्कत है और वैसे भी सामने वाला आदमी उसका ससुर hi तो है आज नहीं तो कल तो उसे चले hi जाना है तो क्या पता उसकी दीदी इसी लुंड से खेलने का चुनाव कर चुकी हो

रवि चुप चाप अपने दीदी की छूट छोड़ता रहता है

इधर कामो कभी रामु के लुंड को अपने सतो से कटी तो कभी उसके सुराख़ में अपनी जीभ घुसा देती तो कभी उसके दोनों तत्तो को मुँह में भर कर काफी देर तक चुबलाती रहती

आज से पहले रामु को कभी तना मजा नहीं आया था वो हल्का सा अपनी कमर को उठा कर अपनी बहु का गरम मुँह छोड़ने की कोशिश करता है

आखिर था तो वो भी मर्द hi न

कामो अपने ससुर की इच्छा को देख कर खुद hi अपना मुँह ऊपर निचे करती हुई जोरो से अपने ससुर का लुंड चूसने लगती है

अंतत में रवि कामो की छूट में झाड़ जाता है और रामु उसके मुँह में

कामो की छूट से उसके छोटे भाई का पानी उसकी टैंगो से होता हुआ निचे बह रहा था

कामो के होठो पर रामु का वीर्य लगा हुआ था

कामो जल्दी से एक कपडे लेकर अपने ससुर का लुंड सास करती है और उसकी आँखों में देखती हुई अपने होठो पर लगा वीर्य उँगलियों पर लेती हुई चाटने लगती है

कामो- अगली बार इससे भी ज्यादा मजा देगी ससुर जी आपकी ये बहु बस एक काम करना सासु माँ को मत बताना

अपनी बहु की बात सुनकर रामु के चेहरे पर बल्कि सी मुस्कान आ जाती है

रवि- आखिर दूसरा लौड़ा भी मिल hi गया न तुम्हे दीदी

कामो- दूसरा नहीं बुद्धू तीसरा

तेरा जीजा भी तो छोड़ता है न मुझे

रवि- तो अब क्या तुम इस बुड्ढे से छुडवाओगी भी

कामो- वो तो वक़्त hi बताएगा पर मेरा फ़र्ज़ है इन्हे खुश रखना और में रखूंगी भी तुझे कोई दिक्कत है क्या इससे

रवि- अरे नहीं मेरी चुड़क्कड़ दीदी घर का hi तो है ये भी

पर अफ़सोस जरूर होगा मेरी मस्त माल दीदी को ऐसा बुद्धा भी छोड़ेगा

कामो- हट कमीने मेरा ससुर है वो कोई बुद्धा नहीं है शरीर ma'am नहीं करता तो क्या हुआ लौड़ा तो काम करता है न अब उनकी ये बहु उनके साथ साथ उनके लौड़े को भी सेवा करेगी

तू जा जाकर खाना खा ले मुझे नहाने जाना है

रवि- ठीक है करो जो करना है में तो चला खाना खाने ...
 
अपडेट -266

घर में बहु भाई के साथ साथ ससुर के लुंड के मजे भी लूट रही थी और इधर दूसरी तरफ गिरजा देवी भरी दोपहति में अपने भरी भरकम शरीर के साथ खेतो में काम कर रही थी

वो बेचारी पूरी पैने से भीग चुकी थी

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न जाने कितनी गर्मी भरी थी गिरजा के बदन में जो उसके जोबन का पसीना कभी सूखता hi नहीं था यही हाल हमेशा उसकी दोनों टैंगो के बिच भी रहता था

और जब वो बैठती थी तो पूछो hi मत उसके दोनों चूतड़ इस कदर खुल जाते थे मनो 2 बड़े पहाड़ो के बिच से कोई सकता सा रास्ता जा रहा हो

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कुछ देर काम करने के बाद वो पेड़ की चौ में बैठ जाती है

खा बगल के hi खेतो में काम करने वाली सलमा आजाती है और उसका हाल चल लेने लगती है

( यह में एक बात क्लियर कर दू कहानी में कुछ नए किरदार आने वाले है जिनके न तो नाम से और न hi धर्म से मेरा किसी की भावनाओ या किसी भी धार्मिक या मजहबी सोच को नुक्सान पहुंचने का कोई इरादा है

तो आप लोगो से से विनती है कहानी को सिर्फ कहानी की तरह पढ़ने

इसे किसी भी जाट शर्म या मजहब से जोड़ कर न देखते ये सिर्फ एक काल्पनिक कहानी है )

सलमा- अरे क्या हुआ गिरजा तू तो पूरी भीग गयी रे

गिरजा - अरे मेरा तो रोज का है तू बता खा थी इतने दिनों से आज दिखी है

Salma-are क्या बताऊ में घर के कामो से फुर्सत hi नहीं मिलती ऊपर से वो जो नदी किनारे खेत है उसमे भी फसल लगाने थी बस वही वयस्त थी

तू बता बड़ी गंभीर लग रही है कोई खगड़ा हो गया क्या बहुरानी से

गिरजा और सलमा पक्की सहेलिया थी असल में दोनों एक hi गाओं से व्याह कर आयी थी और यह ससुराल में दोनों की दोस्ती और भी गहराई होती चली गयी

गिरजा के घर में उसका बीटा और बहु थे

बीटा कुछ hi दिनों पहले गिरजा के बेटे के साथ hi कमाने गया था अब घर में थी तो बस सलमा और उसकी बहु

गिरजा - क्या बताऊ सलमा

Salma-are हमेशा तो बताती है तो बता न तेरा बोझ हल्का हो जायेगा

गिरजा - वो मेरी बहु है न उसका छोटा भाई आया हुआ है

Salma-are तो ये तो खुसी की बात है न

गिरजा - अरे क्या खाक खुसी की बात है दोनों भाई बेहेन सिर्फ नाम के है

सलमा- मतलब क्या है तेरा

गिरजा रात से लेकर सुबह बाथरूम वाली साडी बाटे सलमा को बता देती है

जिसे सुनकर सलमा मुँह पर हाथ रख लेती है

Salma-hayee ाला

तू सच लेह रही है

गिरजा - अरे वो एक नंबर का बेशरम छोड़ू लड़का है मुझे तो पक्का यकीन है वो अपनी बेहेन को दिन रात चोऊ

बोलते बोलते गिरजा ृक्क गयी

सलमा - है अल्ला मुझे तो लगता था की सिर्फ हमारे में hi भाई बेहेन का ऐसा होता है पर यह तो तेरी बहु रानी भी चालू निकली

शादी के पहले से hi अपने भाई के साथ मजे लूट रही है

कुछ देर टॉक दोनों ऐसे hi गंभीर बाटे करती रही

फिर अच्चानक से सलमा बोलती

Salma-tujhe क्या लगता है वो मेरा काम कर सकता है मतलब तू समझ रही है न

कुछ देर गिरजा चुप रही फिर बोली

गिरजा - लगता तो है की कर सकता है पर सोच ले कहि काम करवाने के चक्कर में कहि तू भी न उसके निचे आ जाये

गधे जैसा हथियार है कमीने का एक बार अंदर गया तो चटनी बना देगा बुरर्र की

सलमा- अरे देखा जायेगा तू तो जानती hi है न में कोई भी कुमार ऐडा कर सकती हु अगर मुझे जो चाहिए वो उसने मुझे दे दिया तो

गिरजा- तो चल ठीक है में कल उसे अपने साथ ले कर आउंगी किसी भी भने से

फिर तू भी आ जाना

और ध्यान रखना में कुछ नहीं करुँगी जो करेगी तू खुद hi करेगी मेरा नाम कहि नहीं आना चाहिए

मुझे तो लगता है कमीने की नजर मुझ पर भी है

जैसे सुबह अपना हथियार लहरा रहा था मेरे सामने मुझे तो डर लगने लगा है

सलमा- हहह अरे कमीनी अपना शरीर देख तुझे क्या लगता है कोई छोटे मोठे लौड़े वाला तेरी प्यास शांत कर सकता है क्या में तो कहती हु तू भी आजा उसके निचे

में जानती हु कितनी प्यासी है तू जब से जीजा बीमार हुए है

गिरजा- हम्म तुझे hi मुबारक हो वो गधे जैसा लौड़ा चल में चलती हु कल समय से आजाना

दोनों सहेलिया अपने घर की और चल देती है

रस्ते भर गिरजा थिस सोचती रही की क्या उसने जो कुछ सलमा को बोलै है वो सब सच है या सिर्फ उसका वेहम

गिरजा इसी उधेड़ बन में घर पहुंच जाती है

खा घर के बहार hi उसे रवि बैठा हुआ मिल जाता है

रवि- अरे मम्मी जे सुबह की गयी हुई अब आ रही हो और देखो तो पूरी की पूरी भीग गयी हो आप

रवि खास कर गिरजा के गीले ब्लाउज को देखता हुआ बोलता है

गिरजा - अरे बीटा काम hi इतना होता है खेतो में

की क्या करे ऊपर से ये गर्मी

रवि- अरे तो मुझे बता देती माँ मम्मी में भी आपकी मदद कर देता आखिर में बेटे से काम थोड़ी हु आपके लिए

गिरजा- अच्छा तो ठीक है कल तू भी चलना मेरे साथ खेतो में

गिरजा घर के भीतर जाने लगती है

रवि गिरजा की गांड की थिरकन देख कर अपना लुंड मसलता रह जाता है

रवि- मम्मी जी में तो बोलता हु नहा लो

गिरजा - है बीटा नहाउंगी अब बस

रवि- तो क्या अब फिरसे आप नंगी hi नहाओगी

गिरजा बिना कुछ बोले घर में चालू जाती है

इधर रवि खुश था की कल दिन भर वो गिरजा के साथ रहेगा और तरह तरह के नजारे देखने को मिलेंगे...
 
अपडेट -267

घर आने के बाद भी गिरजा बैचैन थी उसके दिल में उथल पुथल मची हुई थी

क्या उसने सलमा को अपनी बहु का ये राज बता कर सही किया

क्या सच में उसकी बहु इतनी बड़ी चुड़क्कड़ है की अपने hi छोटे भाई से अपनी हवस पूरी कर रही है

यही सब सवाल बार बार उसके दिमाग में चल थे थे

सामने hi कामो खाना बना रही थी और बार बार गिरजा एक नजर उसकी और देखती और अपनी बहु का मासूम चेहरा देख कर उसे यकीन न होता की एक ऐसी संस्कारो लड़की भी ऐसा कर सकती है

इधर रवि घर के बहार hi बैठा था और कल के बारे में सोच सोच कर उतावला हो रहा था

क्या उसके लुंड की झलक ने उसकी दीदी की सास को भी अपना दीवाना बना दिया है जो उसने आज खुद सामने से रवि को अपने साथ खेतो में चलने का निमंत्रण दिया है

क्या सच में मेरे लौड़े ने उसकी छूट की दीवारों को एक बार फिर भीगा दिया है

कैसे शुरुवात होगी वो खुद करेगी या मुझे hi कुछ करना पड़ेगा

जल्द hi कामो खाना बना लेती है और अपने सास ससुर को खाना खिला कर रवि को भी अंदर बुला लेती है

रवि गिरजा के सामने hi बैठा खा रहा था उसकी नजर बार बार गिरजा के मोठे मोठे पपीते जैसी चूचियों पर hi जा रही थी जो पल्ली के अंदर से भी केहर मचा रही थी

गिरजा रवि की नजरो को भाप जाती है

और बिना किसी से कुछ बोले अपने कमरे में जाकर कुण्डी लगा लेटर है

गिरजा - हे भगवन ये क्या हो रहा है मेरे घर में ऐसा नंगा नाच कर थे है ये दोनों भाई बेहेन न ससुर का दर है न hi सास की कोई शर्म किसको नजर लग गयी मेरे हस्ते खेलते परिवार को क्या अब यही दिन देखने बाकि थे बुढ़ापे में किस पाप की सजा मिल रही है भगवन मुझे जो ऐसी बहु दी आपने

इधर रवि और कम्मो भी खाना खाकर कमरे में चले जाते है

रवि तो सीधा अपनी धोती उतर कर नंगा बिस्तर पर कॅश जाता है

कामो दरवाजा बंद करती हुई अपनी सदी ब्लाउज पेटीकोट सब एक एक कर उतर कर अपने भाई की बहो में समा जाती है

एक संस्कारो बहु अब एक रंडी का रूप ले चुकी थी जो किसी और की नहीं बल्कि खुद अपने hi छोटे भाई के लौड़े की दीवानी बन चुकी थी

इधर काफी देर तक्क लेते रहने के बाद भी गिरजा की आँखों से नींद कोसो दुर्र थी

उसे कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की आखिर ये सब क्या हो रहा है

काफी देर तक सोने की कोशिश करने के बाद भी जब उस बेचारी को नींद नहीं आती तो वो फैसल करती है अपनी बहु की जस्सोसि करने का जिसके लिए वो धीरे से दरवाजा खोल कर अपनी बहु के कमरे के पास जाकर कान लगा कर सुनने लगती है

और उसे फिर वही थप थप की आवाज आए रही थी जिसे सुनते hi उसका दिल जोरो से धदखने लगता है

गिरजा का मन एक बार फिर बैचैन हो जाता है उसे देखना था की आखिर अंदर हो क्या रहा है

जिसका सिर्फ एक hi रास्ता था घर के पिछवाड़े बनी खिड़की

गिरजा अपना फैसल कर लेती है और बिना किसी आवाज के घर का मैं दरवाजा खोल कर घर के पीछे पहुंच जाती है

जैसे hi वो खिड़की से अंदर देखती है उसके पैरो तले जमीन खिसक जाती है

उसकी संस्कारी बहु अपने hi छोटे भाई के सामने घोड़ी बनी हुई थी और वो हरामी अपनी दीदी के होठो को चुस्त हुआ पीछे से उसे छोड़ रहा था

एक पल को गिरजा अपनी बहु से निराश हो जाती है और उसकी आँखों से आंसुओ की मोती धरा बहने लगती है

तभी गिरजा कुछ ऐसा सुनती है जिसे सुनकर उसकी छूट की दीवारों आज काफी समय बाद फिर गिला होने लगती है

रवि- अह्ह्ह्ह दीदी क्या मस्त चुदवाती हो तुम

कामो- अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह रवि आराम से छोड़ न मेरे प्यारे छोटे भाई क्या इरादा है तेरा आज रात सिर्फ अपनी दीदी की गांड hi मरेगा क्या अपनी दीदी की छूट पर भी ध्यान दे मेरे भाई देख तो कैसे पानी पानी हो गयी है

कितनी देर से तू सिर्फ मेरी गांड hi मार रहा है अह्ह्ह बड़ा दर्द हो रहा है रे कब तक मरेगा तू अपनी दीदी की गांड हरामी

गिरजा को अपने कानो पर यकीन नहीं हो रहा था

उसकी सीधी सधी दिखने वाली नई नवेली बहु अपनी गांड भी मरवाती है और वो भी अपने hi छोटे भाई से

और जिस रफ़्तार से रवि अपनी दीदी की गांड मार रहा था उसे देख कर तो गिरजा को अपनी बहु के रान्दीपने का साफ़ साफ़ पता चल रहा था

गिरजा अपनी आँखे फाडे अंदर देख hi रही थी तभी उसे अहसास होता है की उसकी छूट से भी काम रास बहना चालू हो गया है जो अब सीधा उसकी जांघो से निचे की और टपक रहा है

अभी गिरजा संभाल पति तब तक फिर कुछ ऐसा होता है की गिरजा की छूट में सैलाब सा आ जाता है

रवि- दीदी कब दिलवा रही हो अपनी सास की

कामो- मुझे नहीं लगता की वो तेरे सामने घोड़ी बनेगी तुझे hi म्हणत करनी पड़ेगी भाई

रवि- अरे दीदी कुछ तो मदद करो न फिर देखना कैसे सास बहु को रात भर एक साथ नंगी करके बरी बरी छोडूंगा

तुम्हारी तरह तुम्हारी सास भी इस लौड़े की दीवानी हो जाएगी दीदी बस एक बार उसके अंदर जाने दो इसे फिर देखना तुम

कामो- वो तो ठीक है पर फिर भी तुझे काफी म्हणत करनी पड़ेगी वैसे सासु माँ का शरीर देख कर तो मुझे भी यही लगता है की कोई तेरे जैसा मस्त लौड़ा hi उसकी प्यास बुझा सकता है

अपनी बहु और उसके छोटे भाई की बातो को सुनकर गिरजा देवी को एक और झटका लगता है

था तो खुद उसकी बहु hi उसे अपनी छोटे भाई के सामने परोसने की तैयारी कर रही थी

गिरजा की छूट फड़फड़ाने लगती है मनो एक साथ हजारो चीटिया उसकी छूट में रेंट रही हो

आज ऐसा काफी समय बाद हुआ था गिरजा के साथ

भले hi वो कितनी भी पति वार्ता नारी हो संस्कारी धार्मिक औरत हो पर थी तो आखिर एक औरत hi न और हर औरत को चुदाई की जरूरत होती है जो गिरजा को भी थी पर उसने अपनी इस इच्छा को अपने मन में कहि दबा दिया था काफी बरसो पहले जो आज कॉमर्स बन कर उसकी छूट से बह रही थी

गिरजा - जाये कितनी बड़ी छिनाल है मेरी बहु खुद तो अपने छोटे भाई से अपनी गांड मरवा रही है और तो और मुझे भी उससे छुड़वाने की साजिश रच रही है

गिरजा का हाथ खुद बा खुद hi अपनी छूट पर चला जाता है और वो अपनी छूट के डेन को सहलाती हुई अपनी बहु की गंदपलाई देखने लगती है

रवि- वैसे दीदी एक बात कहु जब से तुम्हारी सास ने मेरा लुंड देखा है न मुझे लगता है मन hi मन वो भी मुझसे छुड़वाने के लिए तड़प रही है

कामो - अच्छा और ऐसा क्यों लगता है रे तुझे

रवि- आज उसने खुद hi बोलै की रवि बीटा तू कल मेरे साथ खेतो में चलना

कामो- अच्छा मतलब तो ये की तेरा काम बनाने वाला है

रवि- है दीदी बस दवा करना भगवन से की कल में खेतो से आने में समय तक तुम्हारी सास को भी अपनी रखैल बना लू

रखैल सब्द सुन्न कर गिरजा के तन बदन में मनो आग से लग जाती है

वो जिसे इतना भोला बच्चा समझ कर बीटा बुलाती थी वो उसे अपनी रंडी बनाना चाहता था

पर इस समय ये शब्द सुनकर गिरजा देवी को गुस्सा नहीं आता बल्कि और भी जोश साधने लगता है

और अपने दूसरे हाथ से वो अपनी चुकी को मसलती हुई अपनी छूट को और तेज तेज रगड़ने लगती है

कुछ hi देर में गिरजा झाड़ जाती है और जोर से हाफति हुई वही बैठ जाती है और अब उसे अपने किये का पछतावा हो रहा था

उसकी आँखों से आंसू आ जाते है

वो बिना आवाज के फिर से कमरे में लौट जाती है और भगवन से माफ़ी मांगती हुई अपने बिस्तर पर करते बदलती हुई नींद का इन्तजार करती है

इधर रात में कई बार रवि अपनी दीदी की छूट और गांड मरता है और अगले दिन के इन्तजार में अपनी दीदी के नंगे जिस्म से चिपक कर सो जाता है ....
 
अपडेट -268

सूरज की रौशनी पड़ते hi कम्मो की आँख खुल जाती है

वो एक कामुक अंगड़ाई लेती हुई अपने बिस्तर से उठ खड़ी होती है

और जैसे hi उसकी नजर अपने नंगे सो रहे छोटे भाई और उसके तने हुए लुंड पर पड़ती है उसकी छूट एक बार फिर छुडासी हो जाती है

कहती तो कम्मो भी थी की फिरसे अपने छोटे भाई के लौड़े की सवारी करे पर अपनी सास के डर से वो बेचारी अपने कपडे पेहेन लगती है

काममो के जिस्म में एक मीठा मीठा दर्द हो रहा था शायद ये दर्द गवाह था रात भर हुए भाई बेहेन के प्रेम का

कम्मो- कमीने ने इतनी बुरी तरह छोड़ा है की पूरा बदन hi दुःख रहा है अह्ह्ह

कम्मो अपने शरीर को तोड़ती हुई अपने भाई के नंगे जिस्म पर एक चादर दाल देती है और कमरे का दरवाजा खोल कर बहार निकल आती है

जैसे hi कम्मो आंगन में पहुँचती है सामने hi उसे उसकी सास बैठी हुई दिखाई पड़ती है जो अपने पति की मालिश कर रही थी

गिरजा- अरे वह बहु आज तो बड़ी जल्दी उठ गयी रात को बाटे नहीं की क्या तूने अपने छोटी भैई के साथ

गिरजा अपनी आवाज में थोड़ा जो देती हुई बोलती है

गिरजा - वैसे भी छोटा भाई जब साथ हो तो खा नींद आती है एक बेहेन को रात तो यू hi काट जाती होगी न बहु

गिरजा ने फिरसे सवालिया अंदाजा में अपनी बहु से बोलै

इस बार कम्मो फास चुकी थी उसे अब तक्क ये नहीं पता था की उसकी रात की लीला उसकी सास देख चुकी है

कामो- हां मजी वो तो रात भर बाटे hi करता है पर मुझे नलिट्नी नींद आती है की क्या बताऊ

गिरजा - अच्छा चल ठीक है कोई बात नहीं

कामो- मजी में संडास करके आती हु

कामो चुपचाप लोटे में पानी लेकर बहार निकल जाती है

गिरजा- कमीनी कहती है नींद आती है रात भर जैसे में तो पागल हु जिसे कुछ पता hi नहीं है की तू रात भर उस बंद दरवाजे में अपने छोटे भाई के साथ क्या क्या करती है बड़ी आयी मुझे सीखने वाली

गिरजा अपनी जगह से उठ खड़ी होती है और कमरे की और बढ़ने लगती है

गिरजा- जरा देखु तो इस रैंड का छोड़ू भाई क्या कर रहा है

जैसे hi गिरजा कमरे में पहुँचती है उसकी नाक के नथुने फूलने लगते है

गिरजा की आँखे एक दम से बड़ी हो जाती है

सामने रवि एक चादर ओढ़े पड़ा था और उसका खड़ा लुंड मनो किसी कहते की तरह चादर को संभाले हुए था

यह नजारा देख कर गिरजा की छूट एक बार फिर बगावत पर उतर आयी ठु

गिरजा धीरे धीरे रवि के करीब पहुँचती है और आराम से बिना किस आवाज के जमीन पर बैठ जाती है और बड़े hi गौर से चादर को देखने लगती है जिसमे खाना छुपा हुआ था

गिरजा - बाप रे कितना बड़ा है उसका कैसे लेती होगी बहु इसे अपनी गांड में हाय मेरी तो हालत hi खराब कर देगा ऐसा लुंड अगर एक बार अंदर चला गया तो

गिरजा तुरंत अपने अआप को झकझोर देती है

गिरजा- यह क्या सोच रही हु में बेटे की उम्र का है ये मेरी

पर अपनी बेहेन को भी तो छोड़ता है न वो भी सगु दीदी को न जाने कीटनियो को अपने निचे सुला चूका होगा ये लौड़ा

गिरजा एक बार फिर अपना सर झकझोर देती है

गिरजा - क्या अनाप अनाप सोच रही हु में मुझे यह आना hi नहीं चाहिए था

गिरजा उठाने वाली थी तभी वो होता है जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था

रवि उठ खड़ा होता है और उसके जिस्म से वो एक मात्र चादर भी निचे गिर जाती है

जैसे hi गिरजा को इस्ला अहसास होता है वो अपनी जगह पर थम जाती है

मनो उसे साप सूंघ गया हो

गिरजा अपना एक मैडम आगे की और बढ़ती है

तभी उसे पीछे से आवाज आती है

रवि- मम्मी जी आप यह क्या कर रही हो

गिरजा अब बोले तो क्या बोले की वो भाई बेहेन की जस्सोसि करने आयी थी

गिरजा बिना कुछ बोले वही ृक्क जाती है

रवि नंगा hi आगे बढ़ता है और एक दम गिरजा के पीछे खड़ा हो जाता है कुछ hi दुरी पर और अपना मुँह आएगी करता हुआ गिरजा के कान में बोलता है

रवि- क्या हुआ मम्मी किसी लिए आयी थी आप यह बताइये न

गिरजा की हिमायत नहीं हो रही थी पीछे मुड़नेकी फिर भी वो अपनी मुट्ठी को बांधती हुई पीछे पलट जाती है और इस बार तो उसकी हैरानी और भी बढ़ जाती है क्योंकि उसके सामने रवि एक दम नंगा खड़ा था

रवि थोड़ा सा आगे होता है तो गिरजा अपना एक कसम पीछे हटा लेती है

रवि - यही देखने आयी थी न आप

रवि अपने लुंड को अपनी मुट्ठी में पकड़ता हुआ अपना सूपड़ा पीछे खींच देता है और जैसे hi गिरजा की नजर रवि के लाल सुपडे पर पड़ती है उसकी छूट पानी पानी होने लगती है

गिरजा- कमीने शर्म नहीं आती अपनी hi दीदी के साथ ये सब कर रहा है तू

गिरजा गुस्सा दिखती हुई बोलती है

पर मनो रवि तो सब पहले से hi सोच कर बैठा था

रवि- अच्छा ऐसा क्या कर दिया मेने अपनी दीदी के साथ मम्मी जी

गिरजा एक बार फिर चुप्प हो जाती है

रवि- बताइये न मम्मी क्या किया मेने अपनी दीदी के साथ क्या अपनी दीदी से नागा चिपक कर सोना गुनाह है

क्या मुझे हक़्क़ नहीं है अपनी दीदी के गदराये मांसल जिस्म की गर्मी नहीं महसूस करने का

गिरजा- चुप्प हो जा बेशरम अभी आने दे तेरी बेहेन को तुझे भी बताती हु और उसे भी बताती हु की तेरा कितना हक़्क़ है

गिरजा पलट कर जाने लगती है

रवि- अच्छा तो फिर अपनी बहु को ये भी बता देना की उसे चुड़ते हुए देख कर अपनी छूट में ऊँगली दाल दाल कर मजे लेती हो वो भी कमरे के पीछे वाली खिड़की से

रवि की बात सुनते hi गिरजा की सांसे फिर एक बार रुकते रुकते बचती है और उसके पेअर अपनी जगह पर थम से जाते है

रवि- हहहह क्या हुआ मेरी प्यारी मम्मी जे अब आप यही सोच रही है न मेने आपको कब देख लिया

गिरजा - कमीने एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी करता है तू

रवि- मेरी दीदी आपकी बहुत इजाजत करती है जरा सोचिये जब उन्हें पता चलेगा की जब उनखा भाई उन्हें घोड़ी बना कर छोड़ रहा था तो उनकी प्यारी पूजनीय सास घर के पिछवाड़े से कमरे में झांक झांक कर अपनी बहु की मस्त चुदाई के मजे ले रही थी

मुझे तो लगता है की आपकी साडी इजात मिटटी में मिल जाएगी

इतना बोलता हुआ रवि गिरजा के बिलकुल पास चला जाता है

और जैसे hi रवि का लुंड गिरजा के हाथ से टच होता है गिरजा होश में आती है और पीछे मुद कर रवि को धक्का देती है वह से भागने लगती है

रवि तुरंत hi गिरजा का हाथ पकड़ लेता है

गिरजा - अह्ह्ह हाथ छोड़ कमीने मेरा

रवि एक हाथ से अपना लुंड मुठियाने लगता है

रवि- क्या आपका मन नहीं करता इसे देख कर वही सब करने का जो आपकी बहु इसके साथ रात को कर रही थी

गिरजा- मेने कुछ नहीं देखा रात को

रवि- पर मेने तो देख लिया था आपको खिड़की से झाकते हुए तभी तो और भी ज्यादा मस्ती में आपकी बहु को मसल मसल कर छोड़ रहा था

गिरजा अपना हाथ छुड़वाने का लगातार प्रयास कर रही थी पर रवि की पकड़ काफी मजबूत थी

गिरजा- में कहती हु छोड़ दे मुझे

रवि- आने दो न दीदी को भी उनके सामने hi बात कर लेंगे में तो खुद hi चाहता हु की मेरी दीदी यह से मेरे साथ hi जाये और कभी लौट कर न आये

गिरजा- तू क्या अपनी hi दीदी का घर बर्बाद करना चाहता है

रवि- अब क्या करू मम्मी जी जब दीदी को छोड़ने की आदत पद जाती है न तो घर संसार कुछ नहीं दीखता बस दीदी की छूट और गांड hi दिखाई देती है हर तरफ बस वही

रवि - अच्छा आप भी तो यही कहती हो न की में अपनी दीदी को लेकर चला जाऊ

गिरजा - नहीं में ऐसा बिलकुल नहीं कहती

रवि अब भी अपना लुंड मुठिया रहा था पर उसने अपनी पकड़ उसने अब गिरजा की हथेली पर अपनी पकड़ ढीली कर दी थी और गिरजा भी बार बार चोर नजर से रवि के विकराल लुंड के नजारे ले रही थी

आलम यह था की अब गिरजा की छूट पूरी पानी पानी हो गयी थी और उस संस्कारी औरत के अंदर भी छुडासा पैन आने लगा था

रवि- अच्छा तो क्या आप रोज अपनी बहु को ऐसे hi खिड़की से उसके hi छोटे भाई से अपनी छूट और गांड छुड़वाते हुए देखना कहती है

गिरजा - तू सच में बड़ा कमीना है रे

रवि- हम्म ये तो है और है बहनचोद भी हु बड़ा वाला ये तो आपको पता है न मम्मी जी

गिरजा- मत बोल अपनी गन्दी जुबान से मुझे मम्मी जी

रवि- में तो आपको हमेशा मम्मी जी hi बोलूंगा कहते हमारा रिश्ता कुछ भी हो

और इस जुबान को गन्दी मत बोलो मम्मी जे आपको नहीं पता रात भर इसी जुबान से आपकी प्यारी बहु की छूट और गांड छाती है मेने इस पर तो अब भी तुम्हारी बहु की छूट का नमकीन पानी लगा हुआ है अह्ह्ह क्या मजा आता है दीदी की छूट और गांड चाटने में

रवि की बाटे गिरजा को पागल कर रही थी अंदर hi अंदर किसी कोने में गिरजा का मन भी बहक चूका था और उसमे अब रवि से छुड़वाने की इच्छा जगह उठी थी

गिरजा- छी

रवि- कभी पूछना दीदी से कितना मजा आता है जब जुबान छूट अंदर बहार होती है तो फिर छी या अह्ह्ह क्या खोजी तब देखना

रवि- अच्छा वैसे आपने बताया नहीं आप कहती क्या है अगर आपने दीदी से ये बात की तो पक्का वो मेरे साथ चली जाएगी

गिरजा- में बस यही कहती हु की तू अपनी दीदी को छोड़ना छोड़ दे

गिरजा तुरंत hi शर्म से लाल हो जाती है शायद आज उसने पहली बार ऐसे शब्दों का उपयोग किया था

रवि- अरे वह मम्मी जी में तो सोचता था आप बड़ी शरीफ और संस्कारी औरत हो पर आपको भी काफी कुछ पता है चुदाई के बारे में

अच्छा वैसे क्या अगर में अपनी दीदी को छोड़ना छोड़ दू तो आप मेरे साथ

गिरजा- मेरे बारे में सोचना भी मत में सब जानती हु तू कैसे अपनी दीदी के साथ करते समय मेरे साथ करने की भी बाटे कर रहा था

रवि एक कसम और आगे होता है गिरजा एक कसम पीछे हटती है

रवि- तो जब आपको सब पता hi है तो देर किस बात की एक बार आप देदो में दीदी को छोड़ दूंगा

गिरजा- ये तो नहीं होने वाला

रवि- फिर तो क्या है न मम्मी जी मुझे बिना चुदाई के नींद नहीं आती और दीदी के साथ सोता हु तो कैसे दूर रहु दीदी से

गिरजा- पर में तुझे एक औरत से मिलवा दूंगी वो जरूर तेरा काम कर देती बड़ी इच्छा है उसे भी यह सब करने की

रवि- अच्छा कौन है वो

गिरजा- मेरी शैली है में आज खेतो पर तुझे उससे मिलवा दूंगी फिर तू आगे की बात खुद hi बना लेना

रवि- अच्छा और अगर मुझे वो पसंद नहीं आयी तो

तो क्या में आपके साथ भी कर सकता हु

गिरजा- बोलै न सोचना भी मत में इतनी गन्दी नहीं हु जो अपने पति के अलावा किसी और के साथ ये गंदे काम करू

रवि- अहह मेरा पानी निकलने वाला है मम्मी अह्ह्ह अह्ह्ह

गिरजा का मुँह बंद हो जाता है और उसकी नजरे अब सीधा रवि के खड़े लुंड पर एक जाती है जिसे वो काफी तेजी से हिला रहा था

अगले hi पल झटके खता हुआ रवि झड़ने लगता है और पिचकारी सीधा गिरजा के ऊपर मरता है

गिरजा की सदी पेट हाथ सब रवि के विरया से सन्न जाते है

गिरजा- छी ये क्या किया तूने

रवि- आपको देख कर रहा नहीं गया

गिरजा- आगे से कभी एशिया मत करना

रवि- अच्छा बताओ तो किसी छूट दिलवा रही हो

गिरजा- तू खुद देख लेना

तभी दरवाजे पर आवाज होती है

गिरजा- बहु आ गयी छोड़ मुझे

रवि गिरजा को छोड़ता तब तक कम्मो कमरे के दरवाजे तक पहुंच जाती है और गिरजा तुरंत दरवाजे पर लगे परदे के पीछे चुप जाती है

कामो- उठ गया मेरे छोड़ू भाई....
 
अपडेट -269

कामो- उठ गया मेरे छोड़ू भाई

रवि एक नजर गिरजा पर डालता है जो खुद को परदे में पीछे छुपा चुकी थी

रवि- अरे दीदी आप खा चली गयी थी

कामो- हगवास करने गयी थी और खा जाउंगी रे रात भर गांड मार मार कर सुजा दी थी तूने प्रेशर कुछ ज्यादा hi बढ़ गया था इसी लिए तुझे बिना खाये hi चली गयी

पर तू ऐसे नंगा क्यों घूम रहा है

और तेरा हथियार आज मुरझाया हुआ कैसे है रे

रवि ( लगता है आज गिरजा देवी को असली चुदाई दिखानी hi पड़ेगी )

रवि- अरे दीदी अब आप आयी हो न इसे खड़ा करने में कितनी देर लगेगी आप इशारा करो बस

कामो - न बाबा न में नहीं करती इशारा घंटो छोड़ता है कमीने तू तेरी दीदी की जगह कोई और औरत होती तो कब का भाग गयी होती घर छोड़ चढ़ के

रवि- पर मेरी दीदी जैसी चुड़क्कड़ औरत ठोस hi भागने वाली है

गिरजा( हे भगवन कितनी बेशर्मी से बात कर रहे है ये दोनों भाई बेहेन )

कामो- हां और अपनी दीदी को चुड़क्कड़ बनाया किसने

रवि- अब मेने बनाया है तो अपनी दीदी के मजे लेना भी तो मेरा hi हक़्क़ है न

रवि आगे बढ़ता हुआ कामो के रसीले होठो को चूसने लगता है

इधर ये नजारा देख कर गिरजा देवी का खून खोल उठता है

पर बेचारी कर भी क्या सकती थी अब तक तो वो भी जान चुकी थी की रवि कितना शरीर आदमी है और एक न एक दिन उसे भी वो अपने निचे लिटा कर hi मानेगा

रवि कामो के होठो को चुस्त हुआ अपनी जीभ उसके मुँह में डालने लगता है

कम्मो अपने प्यारे छोटे भाई को मना कैसे कर सकती थी आखिर दीदी थी वो उसकी

कामो भी अपना मुँह खोल देती है और दोनों भाई बेहेन एक दूसरे की जीभ चूसने लगते है

इस बिच रवि लगातार अपनी दीदी की चूचियों को मसल रहा था

इधर परदे के पीछे से गिरजा देवी सब कुछ साफ़ साफ़ देख पा रही थी

और अब उसकी छूट में भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया था आखिर होता भी क्यों न ऐसा

उसकी आँखों में सामने hi उसकी सुन्दर और सुशिल बहु अपने hi छोटे भाई के सामने रान्दीपने पर जो उतर आयी थी

कामो- अह्ह्ह छोड़ दे रवि कहि सासु माँ आ गयी तो

रवि एक नजर फिर गिरजा देवी पर डालता है जो आँखे फाडे उन्हें hi देख रही थी

रवि- तो आपकी सासु माँ को भी छोड़ दूंगा

कामो रवि की छाती पर मुक्का मरती है

कामो- हट बेशरम अपनी hi दीदी के सामने उसकी सास को छोड़ेगा बहुत कमीना है तू

रवि- अच्छा ठीक है उन्हें दूसरे कमरे में छोडूंगा और आपको यह अब ठीक है न

कामो- हां अब ठीक है पर कहि सास के चक्कर में तू अपनी दीदी को मत भूल जाना

रवि - अरे दीदी कैसी बात करती हो

कामो- अब हट मुझे जाने दे सासु माँ घर पे hi है

रवि- अरे वो बहार गयी है कहि और चिल्ला कर बोल गयी है की अपनी किसी शैली के घर जा रही है

कामो- इस समय शैली के घर हो सकता है सलमा खला के यह गयी होंगी

चल अच्छा hi है तू बस एक सेकंड ृक्क में गेट लगा कर आती हु

कामो तुरंत बहार जाकर गेट लगा देती है

रवि- मम्मी जी मेरी कोई गलती नहीं है देख रही जो ना आपकी बहु हगवास करने के बाद कितनी छुडासी हो जाती है अब नहीं मानेगी ये बिना मेरा लौड़ा अपनी बुर्र में पेलवाये

गिरजा कुछ बोलती उससे पहले कामो फिर कमरे में अस जाती है और एक एक कर अपने सरे कपडे उतर कर अपने भाई का लुंड चूसना चालू कर देती है

गिरजा( भाई तो है hi बेहेन छोड़ बेहेन भी एक नंबर की रंडी है )

गिरजा फ़टी आँखों से सामने का नजारा देख रही थी कैसे उसकी बहु गधे जैसे लुंड को एक hi बार में पूरा अपने मुँह में घुसा घुसा कर Chu's रही है

रवि अपनी दीदी के बालो को सहलाता हुआ गिरजा की और देख कर मुस्कुराता हुआ अपनी दीदी के मुँह में लुंड आगे पीछे करता हुआ अपनी दीदी का मुँह छोड़ने लगता है

कामो भी बड़े hi मजे से पूरा का पूरा लुंड अपने मुँह में ले रही थी

इधर दूसरी और गिरजा देवी से अब और बर्दास्त कर पाना मुश्किल था आखिर थी तो वो भी औरत hi और ऊपर से बरसो को प्यासी

गिरजा एक हाथ से अपनी छूट को सदी में ऊपर से hi मसलने लगती है और दूसरे हाथ को अपने ब्लाउज में डालती हुई अपने निप्पल को ईतने लगती है

रवि भी परदे में पीछे हो रही हलचल भाप जाता है

और मन hi मन मुस्कुराता हुआ अपनी दीदी को उठा कर पलंग पर घोड़ी बना देता है

अब गिरजा देवी की आँखों में सामने उसकी बहु की फटी हुई छूट और गांड का छेद थे

रवि तदा ताड अपनी दीदी की गांड पर छाती की बर्दास्त कर देता है और देखते hi देखते कम्मो की गांड पूरी लाल हो जाती है

रवि गिरजा की और देखता हुआ अपनी दीदी की गांड को दोनों हाथो से फैलता हुआ अपनी जुबान सीधा उसकी गांड के छेद पर रख देता है और ऊपर से अपनी जुबान फेरता हुआ अपनी दीदी की छूट तक्क ले जाता है

गिरजा यह नजारा देख कर पागल सी हो जाती है आज तक न तो उसने किसी को किसी औरत की छूट और गांड चटवाये हुए देखा था और न hi खुद की कभी चटवायी थी

रवि- सच बताऊ दीदी हगवास करने के बाद तुम्हारी गांड के महक और भी मतवाली हो जाती है

इस बार रवि अपनी जुबान को कामो की गांड के छेद के अंदर बहार घुसता हुआ चाटने लगता है

कामो- अह्ह्ह्ह तो चाट ले न मेरे राजा भाई अपनी दीदी की गांड तू नहीं जनता तुझे हैंड चटवाने में तेरी दीदी को कितना मजा आता है

गिरजा में पेअर काँप रहे थे उस भी अब ये मजा लेना था

गिरजा अपनी सदी को कमर के ऊपर तक उठा लेती है और एक बार फिर अपनी छूट में अपनी 2 उंगलिया पेल कर अंदर बहार करना शुरू कर देती है

रवि- दीदी अब और बर्दाश्त नहीं होता अब छोड़ना है मुझको

कामो- तो छोड़ न मना करती हु क्या कभी तुझे या आज तक कभी मेने रोमा है तुझे

रवि पलंग के ऊपर साध जाता है और अपनी दीदी की गांड पर अपना लुंड रगड़ता हुआ एक hi बार में उसे पूरा अंदर पेल देता है

कामो- अह्ह्ह मार डालेगा क्या रे कमीने रात भर गांड hi मरी है तूने मेरी अब भी वही मार रहा है अपनी दीदी की छूट का भी तो ध्यान रख भाई

रवि- चिंता मत करो दीदी आज की रात आपकी छूट hi छुड़ेगी पक्का वडा

कामो- गांड को हाथ भी नहीं लगाना दूंगी फिर रात को

रवि- है ठीक है हाथ पैरर कुछ मत लगाने देना पर जीभ तो लगाने डौगी न दीदी क्या है न तुम्हारी गांड चाटने बिना मेरी भूख शांत नहीं होगी

कामो- हां वो तो मुझे भी चाहिए न तो तू मुँह लगा सकता है अब देर मत कर और छोड़ गांड मरवाने का भी अपना hi अलग मजा है

रवि अपने धक्को की रफ़्तार तेज कर देता है

इधर दूसरी और दिरजा देवी अब ये भी भूल यही थी की जिस रफ़्तार से वो अपनी छूट में उंगलिया पेल रही थी उसकी वजह से पर्दा तेजी से हिल रहा था जिसे रवि बड़े गौर से देखता हुआ अपनी दीदी की छोड़ रहा था और लगातार मुस्कुराता हुआ गिरजा की आँखों में hi देख रहा था

अब गिरजा देवी पर हवस का नशा भरी होने लगा था

उसकी छूट से पानी बेहटा हुआ उसकी जांघो से होता हुआ जमीन पर गिर्र रहा था पर उसकी प्यास तो मनो शांत hi नहीं हो रही थी

रवि अपने अंतिम पड़ाव पर था वो अपनी दीदी की गांड से लुंड निकल कर उसकी छूट में पेल देता है

कामो- अहह इस्ला hi तो इन्तजार था मेरे भाई

रवि- दीदी मेरा विरया गर्ने वाला है

कामो- मुझे तेरा विरया पीना है भाई बड़ी प्यास लगी है सुबह से hi

रवि- बस रुको दीदी बस कुछ देर और अभी पिलाता हु आपको अपना वीर्य

रवि अपने धक्को की रफ़्तार बढ़ा देता है और जैसे hi उसका पानी निकलने को होता है वो तुरंत आगे आकर अपनी दीदी के मुँह में सामने लुंड हिलने लगता है

कामो भी मुँह खोले अपने छोटे भाई के वीर्य के निकलने का इन्तजार करती है

आखिर रवि अपने दीदी के सर को पकड़ लेता है और अपना वीर्य उसके मुँह में गिराने लगता है जिसे कामो गाठ गाठ पी जाती है

रवि हफ्ता हुआ दूसरी और लेट जाता है और इधर कामो अपनी उँगलियों से गालो पर लगा वीर्य भी चाट चाट कर पी जाती है

दूसरी और अपनी बहु के रान्दीपने को देख कर गिरजा भी अपने चरम पर आ जाती है और कपटी हुई झड़ने लगती है

उसे आज तक इतना मजा कभी नहीं आया था जितना आज अपनी बहु को छुड़वाते हुए देख कर अपनी छूट में ऊँगली करने में आया था

रवि उठ कर अपनी दीदी के होठो को चूसने लगता है

Ravi-didi अब जाओ तुम नहा लो तुम्हारी सासु माँ आने hi वाली होंगी

रवि सासु माँ थोड़ा जोर देते हुए बोलता है

कामो अपने कपडे लेकर बाथरूम में चली जाती है

इधर गिरजा देवी अब भी खड़ी खड़ी गेहरिग सांसे ले रही थी

रवि नंगा hi उसके करीब जाता है और पर्दा हटा देता है

रवि- क्यों मम्मी जी मजा आया अपनी बहु की लाइव चुदाई देख कर देख लिया न कितनी चुड़क्कड़ है तुम्हारी बहु एक पल बिना लौड़े में नहीं रह सकती

गिरजा- हरामी सब तेरा hi किया धरा है

गिरजा अपनी सांसो को काबू में करती हुई कहती है

रवि- अच्छा मतलब मजा नहीं आया आपको और जो मजे से अपनी बुर्र में उंगलिया पेल रही थी अपनी बहु को छुड़वाते हुए देख कर उसका क्या मम्मी जे

गिरजा- मेने कुछ नहीं किया

रवि- अच्छा तो ये क्या है

रवि अपना हाथ सीधा गिरजा की जांघ पर रख देता है झा अब भी गिरजा की छूट से गिरा सफ़ेद गधा वीर्य चिपका हुआ था

गिरजा को जैसे hi समझ आता है की अपनी सदी निचे करना तो वो भूल hi गयी

गिरजा तुरंत अपनी सदी सही करती है

रवि अपने उंगलियों पर लगा गिरजा देवी का वीर्य को सूंघता हुआ उंगलिया मुँह में दाल लेता है

रवि - आह्हः क्या स्वाद है मम्मी जी अपनी बुर्र के पानी का आइल आगे तो अमृत भी फीका पद जाये

रवि की हरकत देख गिरजा पानी पानी हो जाती है

कैसे उसके बाटे की उम्र का लड़का उसकी hi छूट से निकला पानी चाट रहा था

इस पल गिरजा में तन बदन में मनो आग hi लग जाती है पर वो खुद को रोकती हुई बहार जाने लगती है

गिरजा- तेरा हो गया हो तो चल जाकर गेट खोल दे

गिरजा मुद कर अपने कमरे में जाने लगती है

रवि एक टककक गिरजा की मतवाली गांड देख रहा था

इधर दूसरी और गिरजा में चेहरे पर एक रहस्य मई मुस्कान थी जो समझ में प्रे थी

रवि- लगता है अब और ज्यादा समय नहीं लगेगा मम्मी जी की ठुकाई में ...
 
अपडेट -270

सब में खाना खाने के बाद रवि गिरजा के साथ खेतो की और निकल जाता है

अभी लगभग 10 hi बजे थे

गिरजा आगे आगे तो रवि उसके पीछे पीछे चल रहा था

गिरजा बार बार पीछे मुँह कर देखती और हर बार रवि की नजर गिरजा की गांड पर hi गड़ी होती

गिरजा- बड़ा हरामी है ये

पर फिर भी गिरजा के चेहरे पर मुस्कान थी

Ravi-mummy जी बताया नहीं आपने किससे मिलवाने वाली है

गिरजा- चल खेत में बताती हु

जल्द hi दोनों खेत में पहुंच जाते है

गिरजा रवि को भी एक औजार देती हुई उसे अपनी मदद के लिए बोलती है

रवि भी गिरजा के साथ काम में लग जाया है

खेतो से घास निकालनी थी इस लिए गिरजा अपनी सदी को घुंटनो तक उठा कर बैठ जाती है

रवि भी उसके सामने hi बैठा था और उसकी नजर अब गिरजा के पैरो पर hi थी जो किसी केले के पड़े के थे जैसी चिकनी थी बाल का कोई नमो निशान नहीं

गिरजा- ऐसे क्या देख रहा है रे तू अभी जो तूने मेरी बहु के साथ किया उससे तेरा मन नहीं बुरा क्या

रवि- आपने देखा था न मम्मी आपकी बहु कितनी छुडासी हो गयी थी संडास करने के बाद में करता भी तो क्या करता मेरे पास कोई और चारा hi नहीं था

गिरजा- इसी लिए अपनी दीदी की गांड मार ली तूने सुबह सुबह

हां

रवि- मेरा कोई इरादा नहीं था मेरा पानी तो आपके सामने hi गिरा था अपने देखा था न जब में आपका हाथ पकडे अपना लौड़ा हिला रहा था आपके सामने hi और सारा वीर्य भी तो आपके ऊपर hi गिरा था वो तो आपकी बहु की छुडासी देख कर मेरा लौड़ा दुबारा खड़ा हो गया

रवि जान बुझ कर ऐसी सब्दो का प्रयोग कर रहा था ताकि गिरजा जल्दी गरम हो सखे

और हो भी ऐसा hi रहा था गिरजा घास छीलते हुए आगे पीछे होते समय अपने पैरो को पूरा चिपका लेती जिस वजह से उसकी छूट के बड़े बड़े बोथ सपास में रगड़ कहते और गिरजा के तन बदन में एक बिजली सी दौड़ उठती

गिरजा - अच्छा ये तो बता तूने अपनी दीद के साथ ये सब मतलब उसे छोड़ना कब से चालू किया

गिरजा को भी अब खुल कर बात करने में मजा आ रहा था

रवि- कुछ याद तो नहीं है मम्मी पर है काफी समय हो गया

गिरजा- अच्छा और किसी को पता भी नहीं है की तू अपनी दीदी के साथ ऐसे गलत काम करता है

रवि- नहीं हम दोनों दिन रात चुदाई करते थे फिर भी किसी को पता नहीं चला वो तो पता नहीं आपको कैसे पता चल गया

गिरजा - मेरे hi घर में मुझसे कुछ भी छुपा पाना न मुमकिन है

रवि- अच्छा है आपको पता चल गया तो

गिरजा- मतलब क्या हे रे तेरा

रवि- अरे वो ऐसे hi बोल रहा हु

आप बताओ न अपनी शैली के बारे में जिसकी दिलवाने वाली हो

गिरजा- क्या दिलवाने वाली हु

रवि - अरे मम्मी जी जिसकी छूट मुझे दिलवाने वाली हो आप

गिरजा- उसका मुझे पता नहीं पर मेरी शैली के बारे में बता देती हु उसका नाम है सलमा और वो मेरे hi गाओं की है और हमारी शादी लगभग एक hi साथ हुई थी तब से दोनों साथ hi है

रवि- उसका शरीर भी आपके जैसा hi है क्या

रवि अपने धोती में खड़े लुंड को सहलाता हुआ बोलता है

जिसपर गिरजा की नजर भी पद जाती है

गिरजा- तू सच में हरामी है

रवि- अच्छा और वो मुझसे किस खुसी में छुड़वाने वाली है

गिरजा रवि को पूरी बात बता देती है की कैसे उसने सलमा को उसके और कम्मो के बारे में बताया था

रवि- हां मम्मी जे आप अपनी hi बहु की इजात नीलम करने पर तुली हुई हो

गिरजा- अरे पूरी बात तो सुन ले पहले हम दोनों बचने की शैली है और ये बात भी है की हम एक दूसरे को सब कुछ बताती है

रवि- पर अगर सच में सलमा बे किसी से कुछ कह दिया तो

गिरजा- कुछ नहीं कहेगी किसी से और तू खुद बता में क्या इतनी पागल हु की खुद hi ढिंढोरा पिटूंगी की मेरी बहु अपने hi छोटे भाई से छुड़वा रही है

रवि- ठीक है पर अभी भी आपने पूरी बात नहीं बताई

गिरजा- वो बात ये है की गिरजा की एक बहु है और उसका बीटा तेरे जीजा के साथ hi कमाने गया है

रवि - अच्छा आगे

गिरजा- सलमा की बहु के बच्चा नहीं हो रहा है इसी लिए वो तुझे इस्तेमाल करना कहती है

रवि- मतलब मुझे सलमा की बहु को छोड़ना है न की सलमा को ठीक खा न

गिरजा- हो सकता है तुझे सास बहु दोनों मिल जाये वो तो तेरे ऊपर है

रवि- आपने गिरजा को मेरे और दीदी के बारे में बता कर मेरा काम आसान कर दिया है आप कितनी अच्छी हो मम्मी जी एक नहीं 2-2 छूटो का इंतजाम कर दिया अपने तो मेरे लिए

रवि आगे बढ़ कर गिरजा के नंगे पैरो को पकड़ कर चूमने लगता है

रवि के चुने भर से hi गिरजा को नशा सा साधने लगता है

गिरजा होश में आती है और रवि को पीछे धकेल देती है

गिरजा- तू बस सलमा का काम कर दे बहुत दूवये मानगो बेचारी ने पर उसे पिता नहीं हुआ

रवि - आप बिलकुल चिंता मत करो मम्मी जी एक भी बार में इतना छोडूंगा उसकी बहु को की पेट में बच्चा तेरे जायेगा

मेरा काम hi क्या है और

तब तक सलमा भी आ जाती है

सलमा बड़े गौर से रवि के गठीले बदन को निहार रही थी

सलमा( लौंडा तो काम का लग रहा है बस एक बार ये मेरी बहु पर कॅश जाये तो मेरे घर पिता पोती आना तैय है पर इस काम म मुझे खुद की क़ुरबानी देनी होगी

ऊपर वाले को क़ुरबानी चाहिए और मुझे बच्चा में अपना ये जिस्म किसी हेयर के हवाले करके कुरबानी दूंगी ताकि ऊपर तक मेरी फरियाद पहुंच सखे )

गिरजा रवि और सलमा का इंट्रो करवाती है

सलमा - बीटा रवि जब तू इसे मम्मी बोलता है तो मुझे खला बोलै कर

रवि - खला का मतलब

Salma-mtlb मौसी
 
अपडेट -271

रवि- अच्छा खला का मतलब मौसी होता है सही बात है जब ये मेरी मम्मी है तो उनकी शैली मेरी मौसी hi हुई

रवि बड़े hi अदब के साथ सलमा के पेअर छूटा है मनो कितना संस्कारी बच्चा हो

गिरजा ( कमीना अभी पेअर छू रहा है बाद में इसे hi घोड़ी बनाएगा)

सलमा - बड़ा hi संस्कारी है रे तेरी बहु का भाई तो गिरजा

गिरजा- अरे दोनों भाई बेहेन hi संस्कारी है इसमें भी कोई शक है

तीनो के तीनो हक़ीक़त जानते थे पर तीनो hi इस नाटक में अपना अपना किरदार ऐडा कर रहे थे

गिरजा- तू बता रही थी की तुझे कुछ काम है आज

सलमा- अरे है काम तो है पर मुझसे नहीं हो पायेगा

रवि- ऐसा कौन सा काम है खला जो आपसे नहीं हो पायेगा

सलमा- बीटा कुछ भरी सं उठाना है झोपड़े से और घर ले जाना है

रवि- तो चलिए में आपकी मदद कर देता हु

सलमा- अरे नहीं नहीं बीटा रहने दे तू मेहमान है और हमारे यह मेहमानो से काम नहीं करवाया जाता

रवि- अरे अभी तो आपने मुझे बोलै आप नेरी खला हो और अपनी hi खला की मदद करना कौन सा जुर्म है वैसे भी अब में मेहमान नहीं रहा इस परिवार का हिस्सा बन गया हु क्यों मम्मी जी

रवि गिरजा का हाथ पकड़ कर बोलता है

Girja-are ठीक hi तो कह रहा है लड़का ले जा इसे तेरी मदद कर देगा वर्ण दूसरा कौन आने वाला है यह तेरी मदद को

Salma-thik है तो रवि बीटा चल मेरे साथ

रवि- मम्मी जी क्या में खला के साथ जाऊ इनका भरी सामान उठाने

रवि गिरजा को आँख मारता हुआ बोलता है

गिरजा - है है बीटा जा अपनी खला का भरी भरकम सामान उठा कर उनकी भी मदद कर दे

गिरजा समझ गयी थी की रवि किस सामान को उठाने की बात कर रहा है

उसकी hi शैली को छोड़ने जा रहा है ऊपर से उससे hi अनुमति भी ले रहा है

गिरजा मन hi मन हस्स रही थी उसे रवि का ये संडास बहुत hi पसंद आया भले hi वो घर पर रात भर उसकी बहु को छोड़ा करता था पर कहि न कहि रवि अब गिरजा को भी भने लगा था

रवि उठ कर सलमा के साथ जाने लगता है

कुछ दूर जाने के बाद गिरजा और रवि की नजर मिलती है

रवि गिरजा को एक फ्लाइंग किश देता है

गिरजा में चेहरे पर मुस्कान च जाती है

और रवि सलमा की थिरकती गांड के पीछे चल पड़ता है

सलमा का खेत ज्यादा दूर नहीं था अपने खेतो में पहुंचते hi सलमा रवि को अपनी झोपडी में ले जाती है और इधर उधर का सामन उठाने लगती है

सलमा( हैययी बस मेरा पालन काम कर जाये )

सलमा - बीटा तुझे कोई दिक्कत तो नहीं है न

रवि- किस बात की दिक्कत खला

Salma-me तुझसे काम करवा रही हु

रवि- अरे खला कैसे बाटे करती हो आप मौसी हो मतलब माँ जैसी

इतना कह कर रवि सलमा के गले लग जाता है और सलाम की पीठ पर अपनी मजबूत बाजुओ से जकड़ता हुआ सलमा को अपनी गिरफत में ले लेता है

इस बिच सलमा को अपनी सलवार के ऊपर से hi रवि के मोठे टेक लुंड का अहसास हो जाता है

जिसकी छुवन से hi उसका बदन कपकपा जाता है

रवि भी अपनी मुँहबोली खला की मोती मोती गुदाज चूचियों की सुभान अपनी छाती में महसूस कर पा रहा था

सलमा- कितना अच्छा है रे तू कास तू मेरा बीटा होता

रवि- आपका hi तो बीटा हु खला में

Salma-haye मेरा बच्चा कितना समझदार है तू

सलमा रवि को छोड़ती हुई उसके गलो को चुम लेती है

रवि- चलिए खला निकालिये क्या क्या सामान घर ले जाना है

Salma-are है है में निकल लेती हु अभी तो पूरा दिन पड़ा है एक काम कर तू आराम से बैठ तब तक में सारा सामान चाट लेती हु क्या क्या काम का है और क्या नहीं

रवि आराम से झोपडी में पड़ी खत पर बैठ जाता है और सलमा के मदमस्त जिस्म के नजारे लेने लगता है

सलमा- गिरजा बता रही थी बहुत प्यार करता है तू अपनी दीदी से

रवि- अब कौन भाई ऐसा होगा खला जो अपनी दीदी से प्यार न करे

सलमा- खास कर जब दीदी इतनी खूबसूरत हो तब तो और भी ज्यादा प्यार करने का मन करता होगा न क्यों

रवि समझ रहा था की सलमा का इशारा किस और है

रवि- है बात तो सही है दीदी खूबसूरत हो तो दिन रात प्यार करने का मान करता है

सच खु खला तो मेरा तो मन hi नहीं करता अपनी दीदी से दुर्र रहने का

Salma-accha तो क्या मैं करता है तेरा

रवि- मेरा मैं तो करता है की दिन रात अपनी दीदी को पकड़ कर उसे चिपका रही और बस उनसे प्यार करता रहु

स्लम( सही hi खा था गिरजा ने बड़ा हरामी है ये मुआ )

सलमा- है तू अपनी hi दीदी से चिपक कर उससे प्यार करना चाहता है

रवि- तो इसमें क्या हो गया खला आखिर दीदी है वो मेरी मेरा हक़्क़ सबसे पहले है उसपर

सलमा- तेरे जीजा से भी पहले

रवि- है मेरे जीजा से भी पहले मेरा हक़्क़ हैरी दीदी पर

रवि - वैसे खला एक बात बताओ आप लोगो के यह तो भाई बेहेन में वो वाला प्यार भी चलता है न

अब रवि सब कुछ डायरेक्ट बोलना छठा था

रवि की बात सुनते hi सलमा के कान भी खड़े हो जाते है उसे उम्मीद नहीं थी की उससे पहले ये लड़का हो शुरुवात कर देगा ुसस्स बेचारी को खा मालूम था की उसकी पक्की शैली गिरजा उससे पहले hi रवि के लौड़े की मुरीद बन चुकी है

सलमा- वो वाला प्यार मतलब तू कहना क्या छठा है

रवि - अरे खला मेने ऐसा सुना है की इनके यहाँ में भाई बेहेन भी शादी कर लेते है उसके बाद वो भाई बेहेन नहीं बल्कि पति पत्नी वाला प्यार करते है

सलमा- है तुझे ये सब अनाप अनाप किसने बताया

रवि- आप बताओ न कितना सच है कितना झूट है

रवि की बाटे सुनकर अब सलमा के गाल लाल होना शुरू हो चुके थे उसके hi बेटे की उम्र का लड़का उससे इस तरह के सवाल जवाब जो कर रहा था

सलमा- हां कुछ हद्द तक सही है कुछ लोग अपनी बेहेन से hi निकाह करते है पर सगी बेहेन से नहीं बल्कि कच्चा या खला की लड़की से जिसने उनकी माँ ला दूध न लिया हो

रवि- अच्छा मतलब जिसे जिंदगी भर बेहेन या दीदी बोलते है फिर निकाह करके उसी में साथ सुहागरात मनाते है

सलमा- हां कुछ ऐसा hi है फिर उसी के साथ सुहागरात मनाते है और उसकी कोख से hi अपना वंश आगे बढ़ते है

सलमा- पर तुम लोगो में तो ऐसा नहीं होता न तू अपनी दीदी से चिपक कर प्यार करना चाहता है क्या वो गलत नहीं है उसने भी तो उसी माँ का दूध पिया है न जिस माँ का दूध तूने पिया है

रवि- है बात तो सही है खला आपकी पर क्या करू जब दीदी को देखता हु तो मुझसे कण्ट्रोल hi नहीं होता मन करता है बस दीदी को जाकर अपनी बहो में भर लू और कभी न छोड़ू

सलमा- तो क्या तू भी अपनी दीदी से उसी तरह का प्यार करना चाहता है जो हमारे यह निकाह के बाद करते है

रवि- पता नहीं मुझे कुछ समझ नहीं आता पर जब में दीदी को पीछे से पकड़ता हु तो मुझे एक सुकून मिलता है मेरा पूरा शरीर मनो हवा में उसने लगता है

सलमा( है बीटा हवा में क्यों नहीं उड़ेगा तेरा शरीर जब अपनी दीदी की पनियाई बुर्र में अपना लौड़ा डाल कर उससे चिपकेगा तो हवा में तो उड़ेगा hi न)

Ravi-aapko क्या लगता है खला क्या ये सब सही है

सलमा- पता नहीं बीटा पर प्यार तो प्यार होता है है ये बात अलग है की तुझे अपनी hi बड़ी बेहेन से प्यार हो गया है

रवि- तो क्या में दीदी के साथ भी वो सब कर सकता हु

Salma-wo तो तेरे और तेरी दीदी के ऊपर है तू बता क्या जब तू अपनी दीदी के पिछवाड़े से खुद को चिपका लेता है तो तेरी दीदी तुझे मना नहीं करती या तुझे अपने से दुर्र नहीं करती

रवि- नहीं खला बल्कि दीदी तो और भी ज्यादा चिपक जाती है और तो और अपना पिछवाड़ा भी बहार की और निकल देती है ताकि में और भी अच्छे से उनसे चिपक जाऊ

सलमा- तो क्या तुम दोनों भाई बेहेन रात को साथ hi सोते हो

रवि- है हम दोनों साथ hi सोते है

सलमा- और रात भर तू अपना ये आगे वाला हिस्सा अपनी दीदी के पिछवाड़े से चिपकये सोता है

रवि- है खला एक दम सही खा आपने

Salma-tab तो लगता है तेरी दीदी भी कहती है

रवि - क्या छाती है खला दीदी

सलमा - मुझे लगता है तेरी दीदी भी यही कहती है की तू उसे उसी तरह का प्यार करे जो एक शौहर अपनी बेगम को करता है

रवि- पर क्या ये गलत नहीं होगा खला अगर में अपनी बेहेन के साथ hi सम्भोग करू तो

सलमा - ये तो तेरे ऊपर है

रवि- आप अपनी राये बताओ मुझे तो कुछ समझ नहीं आता है बस इतना पता है जब भी दीदी के करीब होता हु तो मेरी लुल्ली जरूर खड़ी हो जाती है और जब ये खड़ी हो जाती है तो ऐसा लगता है दीदी के शरीर की गर्मी इसे पिघला देगी

सलमा- तब तो तुझे इस्ला िलज्ज करना पड़ेगा बीटा

रवि- वो कैसे खला

Salma-apni लुल्ली को अपनी दीदी के अंदर दाल कर और कैसे नहीं तो बस तू ऐसे hi तड़पता रह जायेगा जिंदगी भर और

रवि- और क्या खला बोलो न पूरी बात

Salma-aur शायद तेरी दीदी भी इसी दिन का इन्तजार कर रही हो की कब तू अपनी लुल्ली को अपनी दीदी के अंदर डेल

Salma-Kuch सामान है चौकी के निचे तू बोलता रह में निकल देती है

सलमा झूल कर घोड़ी बनती हुई चौकी के अंदर घुस जाती है

अंदर घुसते वक़्त वो जान बुझ कर अपने सूट को ऊपर की और कर लेती है ताकि उसकी सलवार दिख सखे

जैसे hi रवि की नजर सलमा की सलवार पर पड़ती है उसकी आँखे फ़टी की फ़टी रह जाती है

सलमा की सलवार काफी ज्यादा फ़टी हुई थी और उसकी बिना बालो वाली छूट और गांड का भूरा छेद साफ़ साफ़ नजर आ रहा था

सलमा- रवि रवि

काफी आवाज देने के बाद भी रवि कुछ नहीं बोलता और सलमा अपने बनाये प्लान पर इतराती हुई मन hi मन मुस्कुराने लगती है ....
 
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