Kamina Bhai (Completed) - Page 11 - SexBaba
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Kamina Bhai (Completed)

अपडेट 97

सुबह आशु नाहा धोकर किचन मई आ जाती है.

आशु: गम मम्मी.

अंजलि: गम बीटा.

आशु: मम्मी मेने आपसे कल भी बोलै था न की नास्ता म बना दिया करुँगी. आप जाइये म बना रही हु.

अंजलि: और मेने भी तुझे बोलै था की मुझे ऐसी आदर्शवादी बहु नहीं चाहिए, मुझे मेरी बेटी hi चाहिए जो नटखट, chulbuli,shararti सी थी.

अंजलि उसके गालो को सहलाकर कहती है.

अंजलि: अरे आज वो तेरा पति अब तक क्यों नहीं उठा है.

अंजलि उसकी और देखकर बोली.

आशु: मम्मी आज वो ऑफिस नहीं jayegaa...means जाएंगे.

आशु झिझकते हुए बोली.

अंजलि: कोई बात नहीं आशु, तू उसे जिस तरह बुलाना चाहती है बुला ले. बल्कि म यही चाहिन्गी की भले hi तुम दोनों का अब रिस्ता बदल चूका हो लेकिन तुम हमेशा पहले की तरह hi हस्ते मुस्कुराते, लड़ते रहो.

अंजलि उसे हस्ते हुए कहती है.

फिर सब नास्ता करने लगते है. नास्ता करने के बाद आर्यन ऊपर आ जाता है, कुछ देर बाद आशु भी रूम मई आ जाती है.

आशु: तू मुझे शॉपिंग पर तो ले कहलेगा न आज.

आर्यन: है बाबा है आज शॉपिंग पर चलेंगे. वैसे तूने बता दिया न मम्मी को की परसो हम हनीमून पर जा रहे है.

आर्यन उसे अपनी बांहो मई भरते हुए बोलै.

आशु: तुझे मुझसे चिपकने का बहाना चाहिए बस, और वैसे भी म किसी को नहीं बताउंगी की हम कहा जा रहे है.

आर्यन: क्यों तुझे क्या प्रॉब्लम है बताने मई.

आर्यन उसे किश करता हुआ बोलै.

आशु: तू खुद बता अगर तुझे जाना है तो.

आर्यन: क्यों तुझे नहीं जाना है क्या.

आशु: है अगर तू ले चलेगा तो चली जाउंगी.

आर्यन: ठीक है तू यही पर रह, म शिल्पा को ले जाऊंगा.

आर्यन उसके गालो को काट ते हुए बोलै. आशु ने जैसे hi ये सुना, उसने तुरंत hi आर्यन को बीएड पर धक्का दिया.

आशु: अगर तुझे अपनी जान से प्यार नहीं है तो उसे ले जा.

आशु उसे धमकी देते हुए बोली.

आर्यन: रिलैक्स, मुझे अपनी जान से बहुत प्यार है और मेरी जान तू है.

आर्यन उसका हाथ पकड़ता हुआ बोलै.

आर्यन: चल तू रेडी हो जा, फिर दोनों साथ मई बताते है.

कुछ देर बाद वो दोनों नीचे आते है. सब लाउन्ज मई बैठे हुए थे. राजेश ऑफिस जा चूका था.

निर्मला: आ जाओ बच्चो बैठो, कही जा रहे हो क्या तुम लोग.


निर्मला उन्हें रेडी होकर आते देख पूछती है..

आर्यन: है दादी वो.. इसे शॉपिंग करने जाना था तो हम मार्किट तक जा रहे है.

आर्यन बैठते हुए बोलै.

अंजलि: मेरी बहु को अच्छे से शॉपिंग करना.

अंजलि मुस्कुराते हुए कहती है.

आशु: mummy..dadi आपको कुछ मांगना है क्या मार्किट से.

अंजलि: नहीं हमें कुछ नहीं मांगना.. है लेकिन कुछ फ्रूट्स और सब्जी लेते आना.

आशु: ठीक है मम्मी.

फिर वह पर कुछ सेक् के लिए शांति सी चा जाती है.

आर्यन: मुझे आप दोनों से कुछ कहना है.

आर्यन अपनी माँ और दादी की और देखता हुआ कहता है.

अंजलि: है बोलो न.

आर्यन: मम्मी वो क्या है न, हमें ऑफिस की और से लंदन जाने के ट्रिप मिली है.

आर्यन ने अपनी मम्मी की और देखते हुए कहा.

अंजलि: तुम दोनों को.

अंजलि ने आशु और आर्यन की और इशारा करते हुए पूछा.

आर्यन: है.

अंजलि: तो क्या प्रोब है भाई, तुम लोग बेफिक्र होकर जाओ, अब तो तुम दोनों हस्बैंड वाइफ हो.

निर्मला: वैसे कब जाना है.

आर्यन: दादी परसो दोपहर की फ्लाइट है.

फिर वो दोनों शॉपिंग के लिए निकल जाते है. पहले वो आशु के लिए साड़ी, सूट लेते है. फिर वो उन्देर्गर्मेन्ट्स शॉप मई जाते है. वह रिसेप्शन पर एक लड़की बैठी हुई थी.

लड़की: आइये मेम, क्या दिखाना है.

आशु: मुझे कुछ उन्देर्गर्मेन्ट्स लेने है.

लड़की: जी इधर आइये.

वो उसे अंदर आने का इशारा करती है.

लड़की: मेम, किस टाइप का दिखाऊ.

आर्यन: कोई हॉट से दिखाओ, बिलकुल इसकी तरह.

आशु से पहले आर्यन उसकी और इशारा करते हुए कहता है. फिर वो उसे बहुत hi यूनिक तरह के उन्देर्गर्मेन्ट्स दिखती है.

लड़की: मेम कोनसा अच्छा लगा आपको.

आशु: इनसे पूछो ये बताएँगे.

लड़की: सर कोनसा लेना चाहोगे आप.

फिर आर्यन उसे बता देता है, वो उसे पैक कर देती है, और वो दोनों वह से आ जाते है.

आर्यन: यार सच मई, तुम लड़किया तो शॉपिंग मई बहुत टाइम लगाती हो, म तो थक गया हु.

आशु: अभी से hi थक गया, आज तो पहली बार था मेरे हुब्बी.

आशु उसे कोहनी से पकड़ते हुए कहती है. आर्यन ने उसके शॉपिंग बेग पकडे हुए थे.

आशु: ारु अभी तो घर का सामन भी लेना है.

आर्यन: ठीक है वो भी लेते है.

और वो वह से चल दिए.

आर्यन: तू चलकर सब्ज़ी खरीद, म कार पार्क करके आता हु.

आर्यन एक जगह कार रोक कर कहता है. आशु उतर कर चल देती है. उसने इस वक़्त एक जीन्स और टॉप पहना हुआ था, दोनों hi उसके शरीर पर फसे हुए थे. वो एक सब्ज़ी वाले के पास जाती है. वो पाती है की वह 3- 4 लड़के भी खड़े हुए थे, जो आती जाती लड़कियों पर कमेंट कर रहे होते है. आशु वह जाना नहीं चाहती थी, लेकिन उसके पास hi ताज़ी सब्ज़ी राखी हुई थी.

आशु: भैया बेंगन कैसे दिए.

आशु वह जाकर उस से पूछती है. तभी उनमे से एक लड़का कहता है.

लड़का: अरे कोई हमारा भी बेंगन ले लो, बिलकुल फ्री है.

ऐसा कहकर वो सब हसने लगते है.

शॉपक्र: __ रस किलो.

आशु: ठीक है __ कग bengan,__kg aalu......etc कर दीजिये.

लड़का2: अरे तेरी क्या बम्पर है इसका, और हेडलाइट भी काफी बड़ी बड़ी है. लगता है मैकेनिक तगड़ा काम कर रहा है इस गाडी पर.

ये कहकर वो सब खिलखिलाने लगता है. आशु से और बर्दास्त नहीं हो रहा था. वो उनके पास आती है और उस लड़के को एक जोरदार थप्पड़ जड़ देती है. थप्पड़ की आवाज़ से सब उसकी और देखने लगते है.

लड़का: साली तेरी इतनी हिम्मत.

और वो लड़का उसको मारने के लिए हाथ उठता है, लेकिन उसका हाथ कोई पकड़ लेता है. वह आर्यन आ चूका था. आशु उसकी और देखती है तो उसकी आँखे गुस्से से लाल हो रही थी. आर्यन तभी एक के बाद एक कई पंच उसके मुँह पर मारता चला जाता है. उस लड़के के मुँह से खून निकलने लगता है. तब वो तीनो भी आर्यन पर झपट पड़ते है. आर्यन एक का हाथ पकड़ कर उसके पेट पर एक लात मरता है, वो दूर जाकर गिरता है. फिर आर्यन उन दोनों का हाथ पकड़कर उनपर पूछ बरसाने लगता है. आर्यन पर जैसे भूत सवार था, वो उन्हें बुरी तरह लात घूंसो से मारे जा रहा था. तब आशु उसको बाहो से पकड़ कर रोकती है.

आशु: ारु छोड़ इन्हे, ये मर जाएंगे.

आर्यन: इनकुत्तो की हिम्मत कैसे हुई तुझे छेड़ने की, तुझपर हाथ उठाने की.

आर्यन उनपर लाते बरसते हुए बोलै.

आशु: ारु मेने कहा न छोड़ इन्हे.

आशु उसे पकड़ कर गुस्से से कहती है. तब आर्यन उन्हें छोड़ देता है. तभी वह 2 पोलिसवाले आ जाते है.

पुलिस1: क्या हंगामा हो रहा है यहाँ.

एक पुलिस वाला वह आकर कहता है.

पुलिस2: कोण है बे साले तू, यहाँ गुंडागर्दी कर रहा है.

एक पोलिसवाले आर्यन की और चिल्लाते हुए कहता है.

आशु: सर इसने कुछ नहीं किया है ये सब...

पुलिस2: तू चुप कर, ये सब तेरी वजह से hi हुआ होगा. पहले तो तुम जैसी लड़कियों लड़को को लाइन देती हो और फिर...

इस से पहले वो कुछ और कहता उसके मुँह पर एक जोरदार घूंसा लगता है. घूँसा लगते hi वो जमीन सूंघते नजर आता है. उसकी नाक से खून निकलने लगता है.

पुलिस1: सेल पुलिस पर हाथ उठता है, रुक. अभी तुझे और तेरी इस छमिया को जेल की हवा खिलता hi.

वो पोलिसवाले कहता हुआ उनकी और बढ़ता है, तभी आर्यन उसे अपने ईद निकल कर दिखता है.

पुलिस: sssiiiirrr...sorry... हमें नहीं पता था आप कोण हो.

वो पोलिसवाले पीछे हैट ते हुए बोलै.

आर्यन: और तुम, ये सब यहाँ खड़े होकर लड़कियों को छेड़ते है और तुम इन्हे कुछ नहीं कहते.

आर्यन उस सब्ज़ी वाले से कहता है.

शिपकर: सर हम गरीब आदमी है, हम इन अमीर लोगो का क्या कर सकते है. कितनी hi बार इनको बोलै भी है की ये यहाँ बदतमीज़ी करते है. लेकिन ये तो इनके चमचे है.

वो सब्ज़ी वाला उन पुलिसवालो की और इशारा करते हुए कहता है. ये सुनकर आर्यन एक कॉल करता है. कुछ देर बाद hi एक पुलिस की गाडी वह आती है. उनमे से एक इंस्पेक्टर आर्यन से कहता है.

आईएनएस: hello मर आर्यन, म आईएनएस अनिकेत हु, मुझे ऊपर से कॉल आया था.

आर्यन: इन सबको जेल मई डालो, और इन दोनों को सस्पैंड कराओ. अपनी ड्यूटी करने की बजाये, ये इन अमीरो की ड्यूटी कर रहे है.

आईएनएस: ok सर, आप फ़िक्र मत करिये.

फिर वो उन सबको वह से लेकर चला जाता है. आशु भी आर्यन का हाथ पकड़ कार मई आकर बैठ जाती है.

आर्यन: अब तूने क्यों मुँह चढ़ाया हुआ है.

आर्यन उसे मुँह फैलाइये देख कहता है.

आशु: तू न गुस्सा काम किया कर, हर वक़्त बस लात घूंसो से hi बात करने को तैयार रहता है.

आर्यन: आशु म सब कुछ बर्दास्त कर सकता हु, लेकिन तुझसे कोई बदतमीज़ी करे, उस से पहले म उसे जान से मार दू.

आशु: चल अब घर चल.

उसकी बात सुन आशु मन hi मन बहुत खुश हुयी. घर आकर उसने सबको अपनी की हुई शॉपिंग दिखाई. आर्यन थकान की वजह से खाना खाकर सो गया. शाम हो चुकी थी.

अंजलि: आशु बीटा, जाकर आर्यन को उठादे. खाने का टाइम भी हो गया है.

आशु: ठीक है मम्मी.

आशु रूम मई आती है तो आर्यन को सोते हुए देखती है. वो मुस्कुराते हुए धीरे से आगे बढ़ता है और अपने होंठ उसके होंटो से लगा देती है. आर्यन को अपने होंटो पर गीला गीला सा फील होता है तो वो भी अपनी जीभ चलने लगता है. आर्यन की आँख खुलती है तो वो अपने ऊपर आशु को झुका देखता है. वो उसे पकड़ कर अपने ऊपर लेता है और जोरदार किश करने लगता है. अब दोनों hi काफी पैशनेट हो रहे थे.

आशु: ारु बस बाकि रात मई.

आशु उसे हटते हुए बोली.

आर्यन: क्या यर खुद hi तो सोये हुए शेर को जगाया और अब.

आर्यन अपने लुंड की और इशारा करते हुए बोलै.

आशु: ारु तू टाइम तो देख लिया कर, अब कोई टाइम है भला. चल उठकर फ्रेश होजा, मम्मी बुला रही है.

आशु उसे हाथ से पकड़ कर खींचते हुए कहती है.

आर्यन: ok मेम जा रहा हु.

नीचे आकर सब खाना खाते है, बातें करते है और अपने अपने रूम मई जाकर सो जाते है.
 
अपडेट 98

नेक्स्ट मॉर्निंग, आशु किचन मई नास्ता बना रही थी. अंजलि नास्ता टेबल पर लगाने की तैयारी कर रही थी.

अंजलि: आशु.

अंजलि किचन मई आते हुए कहती है.

आशु: है मम्मी.

अंजलि: आर्यन अभी तक सो रहा है क्या? इस वक़्त तो वो गयम से वापस भी आ जाया करता था, उसे ऑफिस भी नहीं जाना क्या?

आशु: है मम्मी, वो आज से छुट्टी कर रहा है.

अंजलि: अच्छा.

फिर सब नास्ता करने लगते है.

राजेश: तो भाई कब जा रहे हो तुम दोनों.

राजेश नास्ता करते हुए कहता है.

आर्यन: पापा कल दोपहर की फ्लाइट है.

राजेश: कितने दिन के लिए जा रहे हो.

आर्यन: एक वीक के लिए.

फिर राजेश ऑफिस चला जाता है.

निर्मला: आशु.

निर्मला आशु की और देखकर कहती है, जब वो सब लाउन्ज मई बैठे हुए gap-sap कर रहे थे.

निर्मला: भाई मुझसे अब टाइम नहीं काट ता, मुझे मेरे साथ कोई खेलने वाला चाहिए.

निर्मला आशु की और देखकर कहती है.

आशु: mtlb...m समझी नहीं दादी.

आशु समझते हुए भी नासमझो की तरह आँखे नीचे करती हुई बोली.

निर्मला: मतलब ये की मुझे इस घर मई एक नन्हा सा फरिस्ता चाहिए.

उसकी बात सुनकर आशु शर्माने लगी.

अंजलि: माजी ये तो अआप मेरे मुँह की बात चेनलो.

अंजलि भी मैदान मई उतारते हुए बोली.

अंजलि: है तो बताओ भाई, कब सुना रहे हो खुशखबरी.

अंजलि स्माइल करते हुए दोनों से पूछती है.

आर्यन: मम्मी, मुझे कुछ नहीं पता इस से पूछो.

आर्यन अपनी बीवी की और इशारा करते हुए बोलै.

निर्मला: ठीक है भाई, तो फिर तू hi बता दे बीटा.

निर्मला आशु की और देख कहती है.

आशु: दादी मुझे नहीं पता.

आशु इतना कहकर वह से भाग जाती है.

अंजलि: ये लड़की भी न कितना शर्माती है.

कुछ देर बाद आर्यन ऊपर आता है.

आशु: कुत्ते जब भो कोई बात होती है, सब कुछ मरे ऊपर दाल दिया कर तू.

आशु गुस्से से कहती है, लेकिन आर्यन कोई भी परवाह किये बगैर, उसे बाहो मई भर लेता है.

आशु: ये क्या है अब.

आर्यन: क्या है से क्या मतलब, मम्मी दादी की इच्छा पूरी करने की सोच रहा हु.

आर्यन उसके चूतड़ों को दबाते हुए बोलता है.

आशु: बद्तमीज़, छोड़ मुझे.

आशु उसे अपने से दूर करते हुए बोली. लेकिन आर्यन का मूड कुछ और hi था, वो दोनों दोपहर मई एक भयंकर चुदाई करते है. फिर शाम को पैकिंग करते है, इस तरह से वो दिन भी बीत जाता है.

राजेश: तुम दोनों जा तो रहे हो, लेकिन एक दूसरे का अच्छे से ख्याल रखना.

अंजलि: और हर रोज़ हमें कॉल करना.

दोनों उन्हें जाने से पहले हिदायत देते हुए कहता है.

आर्यन: ठीक है मम्मी.

फिर वो दोनों वह से एयरपोर्ट आ जाते है. जब दोनों रनवे पर जाने के लिए खड़े hi होते है तो आर्यन का फ़ोन बजता है.

आशु: अब किसका कॉल है.

आर्यन: पता नहीं, अननोन no. है.

आर्यन कहता हुआ फ़ोन उठता है.

आर्यन: hello.

अननोन: hello मर आर्यन, कैसे हो.

आर्यन: म ठीक हु, आप कोण.

अननोन: इतनी जल्दी भूल गए, ज़ोर.
 
अपडेट 99 ( 2ंद लास्ट)

आर्यन: zora..tu जेल से कैसे बहार निकला.

आर्यन को विस्वास hi नहीं हो पा रहा था.

ज़ोर: तू मेरी छोड़ अपनी बता, सुना है तू लंदन जा रहा hai,honeymoon पर, वो भी अपनी सगी बहिन के साथ. तू चला जाएगा तो फिर तेरे पेरेंट्स का ख्याल कोण रखेगा. चल ठीक है, उनका ध्यान मई रख लूंगा.

ज़ोर एक कामिनी हसी हस्ता हुआ कहता है.

आर्यन: ज़ोर म तुज्जझ....

ज़ोर: चिल एजेंट आर्यन, ज्यादा गुस्सा करने की जरुरत नहीं है, नहीं तो इसका खामियाज़ा तेरे माँ बाप और दादी को भुगतना पड़ेगा.

आर्यन: मेरे पेरेंट्स, कहा है वो, क्या किया है तूने उनके साथ.

आर्यन चिल्लाता हुआ बोलै. उसे देख आशु उसे बाहो से पकड़ लेती है.

ज़ोर: वो सब मेरे पास है, अभी तक तो उनके साथ कुछ नहीं किया है, लेकिन अगर तू 1 हर मई मेरे पास नहीं पहुंचा तो...

आर्यन: म कैसे मान लू, मेरी बात करा उनसे.

ज़ोर: ठीक है ये ले.

ज़ोर फ़ोन अंजलि को देता है.

अंजलि: आर्यन.

आर्यन: mummy..mummy आप ठीक तो हो न.

अंजलि: है म ठीक हु आह्ह्ह्ह.

आर्यन: mummy..mummy.

ज़ोर: अब मेरी बात ध्यान से सुन, बिना कोई होशियारी किये हुए मेरी बताई हुई जगह पर पहुँच नहीं तो..

आर्यन: नाहीइ उन्हें कुछ मत करना, म आता हु. लेकिन मुझे थोड़ा टाइम लगेगा.

ज़ोर: ठीक है 2 घंटे दिए, और है अपनी उस खूबसूरत बीवी को भी लेकर आना. और अगर तूने कोई चालाकी या किसी की हेल्प लेने की कोसिस की तो तू अपने पेरेंट्स से कभी नहीं मिल पायेगा.

आर्यन: नहीं म किसी को नहीं बताऊंगा लेकिन उन्हें कुछ मत करना.

आर्यन एयरपोर्ट से वापस जाता हुआ बोलै. आशु सारा माजरा समझ रही थी, उसकी आँखों मई आँशु आ चुके थे.

ज़ोर: ठीक है तुम दोनों भाई बहिन अकेले आना नहीं तो.

आर्यन: ठीक है हम दोनों hi आएंगे, लेकिन उन्हें कुछ मत करना प्ल्ज़्ज़.

ज़ोर: सॉरी लास्ट लाइन क्या बोली तूने.

आर्यन: उन्हें कुछ मत करना प्ल्ज़.

आर्यन की आँखे नाम हो चुकी थी. वो बहार एक टैक्सी लेता है.

ज़ोर: प्ल्ज़ हाहाहा अब आया न ऊंट पहाड़ के नीचे. जल्दी आ तेरा वेट कर रहा हु.

और ज़ोर उसे एक प्लेस का नाम बता कर कॉल काट देता है.

आशु: ारु वो कमीना जेल से कैसे छूटा.

आशु उसका हाथ थामते हुए बोली. तब आर्यन बिना कोई जवाब दिए सिंह को कॉल कर देता है.

सिंह: hello.

आर्यन: ज़ोर कहा है सर.

आर्यन गुस्से से बोलता है.

सिंह: Aryan..wo..zora कुछ घंटे पहले फरार हो गया.

सिंह उसे अटकते हुए कहता है.

आर्यन: लेकिन कैसे.

सिंह: आज उसे दूसरी जेल मई शिफ्ट कर रहे थे, तभी पुलिस वन पर उसके आदमियों ने हमला कर दिया और उसे छुड़ा कर ले गए.

आर्यन: तो आपने मुझे ये अब तक क्यों नहीं बताया.

आर्यन दन्त पीस कर कहता है.

सिंह: मेने सोचा की तुम उसके भागने की बात सुनकर टेंसन लोगे, और अपने हनीमून पर भी नहीं जाओगे. म तुम्हारा हनीमून डिस्ट्रॉय नहीं करना चाहता था.

आर्यन: लेकिन डिस्ट्रॉय हो चूका है सर.

एकाएक आर्यन की आँखों से आंसू छलक आते है.

सिंह: क्या हुआ आर्यन, क्या बात है.

और फिर उनके बीच कुछ बाते होती है.

आशु: तू मुझे बताता क्यों नहीं की क्या हुआ है.

आशु उसे गुस्से से देखते हुए कहती है.

आर्यन: मम्मी पापा और दादी को ज़ोर ने किडनैप कर लिया है. और उसने हम दोनों को वह बुलाया है.

आशु: ये क्यों बार बार हमारी लाइफ मई आ जाता है.

आशु ये कहकर रोने लगी. कुछ देर बाद वो दोनों घर आ जाते है. आर्यन का कॉल आता है और वो बात करने लगता है. कुछ देर बाद वो दोनों ज़ोर की बताई हुई जगह पर पहुँच जाते है. वो बंद पड़ा एक केमिकल प्लांट था. जैसे hi वो दोनों भाई बहिन वह पहुंचे, बहार खड़े दो आदमी उन्हें गन पॉइंट पर अंदर ले जाते है. आर्यन चारो तरफ देखता है तो वह काफी आदमी थे. अंदर जाने पर भी वह काफी आदमी थे.

ज़ोर: aao..aao मर आर्यन तुम्हारा hi इंतज़ार हो रहा था.

ज़ोर कुटिल मुस्कान के साथ कहता है.

आर्यन: मेरे पेरेंट्स कहा है.

आर्यन गुस्से से आगे बढ़ता हुआ कहता है, लेकिन उसे ज़ोर के आदमी पकडे हुए थे.

ज़ोर: आर्यन आज नहीं,, अपना गुस्सा अपनी गांड मई दाल वर्ण तेरे पेरेंट्स अभी अपनी आखिरी सांस लेते हुए नजर आएंगे.

ज़ोर उसे चेतावनी देते हुए बोलै.

आर्यन: मेरे पेरेंट्स कहा है ज़ोर.

ज़ोर: चलो भाई अब तू इतना बोल रहा है तो ठीक है.

ज़ोर कहता हुए अपने आदमी को इशारा करता है, वो आदमी अंदर जाता है और उसके पेरेंट्स को बहार लाता है.

अंजलि: Aryan..Ashu..

अंजलि नाम आँखों से कहती है. उनके हाथ बंधे हुए थे.

आशु: मम्मी..

आशु ये देख अपनी मम्मी की एयर बढ़ती है.

ढहीइसससककककयणऊऊऊ.

तभी एक गोली चलती है, आशु अपनी जगह hi रुक जाती है.

ज़ोर: अगर अब कोई अपनी जगह से हिला तो, अब गोली हवा मई नहीं तेरे पेरेंट्स के सर पर चलेगी.

आर्यन: ज़ोर तेरी दुश्मनी मेरे साथ है न तो प्ल्ज़ मेरे घरवालों को छोड़ दे.

ज़ोर: छोड़ dunga..chhod दूंगा, लेकिन उस से पहले कुछ हिसाब भी तो चुकता करना है न. बाँध दो इन सबको.

उसके आदमी उसकी बात सुनकर आर्यन को छोड़, और सबको बाँध देते है. वह काम से काम 20- 22 हथियार बन्धादमी थे.

ज़ोर: है तो आर्यन ओह सॉरी एजेंट आर्यन, बहुत उछाल रहा था न अब तक. तेरी वजह से मेरी इज़्ज़त, शोहरत, दौलत सब छीन गया.

ज़ोर उसका गाला पकड़ते हुए कहता है.

आशु: नहीं उसे छोड़ दे ज़ोर.. वर्ण तुझे बहुत भारी पड़ेगा.

उसकी बात सुनकर ज़ोर उसकी और देखता है.

ज़ोर: अरे वह आर्यन.. ये तो बिलकुल तेरी तरह hi है. चलो ठीक है इसे नहीं तुझे हाथ लगता हु.

ज़ोर आगव बढ़ते कहता है.

आर्यन: ज़ोर उसे हाथ भी मत लगाना वर्ण तुझे जान से मार दूंगा.

आर्यन दहाड़ता हुआ उसके ऊपर झपट ता है लेकिन उस से पहले hi उसके आदमी आर्यन को पकड़ लेते है.

ज़ोर: साला अब समझा म की क्यों तूने अपनी hi सगी बहिन से शादी की. साला जब अपने घर मई hi इतना खतनाक बम है तो बहार जाने की क्या जरुरत. और कमल तो इस बात का है की तेरे घरवाले भी इस रिश्ते से खुश है.

ज़ोर उनकी और देखकर कहता है. लेकि उसे उनकी नजरो मई हैरानी दिख रही थी.

ज़ोर: ओह अच्छा.. तुम लोग ये hi सोच रहे हो न की मुझे ये सब कैसे पता चला. मुझे तुम सब की एक एक पल की खबर thi,tum कब क्या करते हो, कहा जाते हो. क्योंकि ज़ोर कभी भी अपने दुश्मनो को नहीं भूलता.

ज़ोर बोलता हुआ आशु की और बढ़ने लगा.

अंजलि: प्ल्ज़ मेरी बेटी को छोड़ दो, ुसंव तुम्हारा क्या बिगाड़ा है.

अंजलि फफकती हुई बोली.

ज़ोर: तुमने नहीं तो तुम्हारे इस बेटे ने तो बिगाड़ा है, मुझे आसमान से धरती पर ला पटका. और तुम सबको इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा. और शुरुआत इस हुस्न की पारी से होगी.

आर्यन: कुत्ते अगर तूने इसे हाथ भी लगाया न तो तुझे कुत्ते की मौत मारूंगा.

आर्यन खुद को छूटने की नाकाम कोसिस करता हुआ बोलै.

ज़ोर: यर तू मुझे बहुत बोर कर रहा है.. सुनो पहले इसकी अच्छी तरह से खातिरदारी करता हु.

ज़ोर अपने आदमियों की और इशारा करते हुए बोलै. उसकी बात सुनकर उसके आदमी उसे भी बाँध देता है. फिर ज़ोर एक रोड लेकर उसको मारने लगता है.

आशु: नहीं प्ल्ज़ उसे छोड़ दो.. मत मारो उसे.

राजेश: छोड़ दो मेरे बेटे को.

अंजलि: आर्यन.

निर्मला: आर्यन.

लेकिन ज़ोर उसे पीटता रहा. काफी देर बाद ज़ोर रुक जाता है. आर्यन के सर से खून निकलने लगा था. और सबकी आँखों मई आँशु थे.

ज़ोर: अभी मेरा मन तो नहीं भरा है लेकिन म तुझे टिल टिल करके मारूंगा.

आशु: ाररऊऊऊ.

ज़ोर: तो मेने तेरा हनीमून ख़राब कर दिया है.. है न.. लेकिन तू फ़िक्र मत kar,tera काम म किये देता हु. तेरी इस पटाखा behan..oh सॉरी.. बीवी के साथ पहले म हनीमून बनाऊंगा और फिर मेरे ये सब आदमी.

ज़ोर ये बोलकर आशु की और बढ़ने लगा.

आशु: नहीं मुझे हाथ मत lagana,chhuna मत मुझे.

अंजलि: प्ल्ज़्ज़ छोड़ दो मेरी बेटी को.

निर्मला: छोड़ दो इसे, इस मासूम ने तुम लोगो का क्या बिगाड़ा है. हे भगवन, मेरी बच्ची की मदद कर.

वो सब रट हुए बोल रहे थे.

ज़ोर: आज कोई भगवन तुम्हारी मदद नहीं करेगा.

ज़ोर आशु के सामने आकर उसे घूरता हुआ बोलै.

ज़ोर: ओह्हू यर ये तो सर से पेअर तक क़यामत है, इसे तो म अपनी रखैल बनाऊंगा.

और ज़ोर के हाथ आगव बढ़ने लगते है.

आशु: nahhhiiiiiiiiiii.
 
अपडेट 100: फाइनल

ज़ोर के हाथ आशु के बूब्स पर पहुँचने से पहले hi एक के बाद एक गोलिया चलने लगी. ये कोई और नहीं पैंथर और हॉक थे. दरअसल जब आर्यन ने सिंह से बात की थी उसने सिंह को समझा दिया था की पैंथर और हॉक उसे बैकअप देंगे. आर्यन की शर्ट के बटन पर एक हिडन कैमरा लगा हुआ था, जिस से की पैंथर और हॉक को वह की सिचुएशन का अंदाज़ा हो गया था. उन्होंने सबसे पहले बहार खड़े सभी आदमियों को एक के बाद एक ढेर कर दिया. फिर जब वो दोनों अंदर आये तो पाते है की ज़ोर आशु की और बढ़ रहा था. लेकिन वह उन दोनों को ज्यादा एहतियात बरतनी जरुरी थी बकज़ वह केमिकल के बहुत से बॉक्स रखे हुए थे. इसलिए जो बन्दे सेफ जगह पर खड़े थे, सबसे पहले उन दोनों ने उन्हें उदय, फिर आर्यन की रस्सियों पर गोलिया बरसाने लगे, आर्यन की एक रस्सी टूट गयी तो उसने दूसरी खुद तोड़ डाली. ये सब इतनी जल्दी से हुआ की इस से पहले की ज़ोर कुछ समझता, आर्यन अपनी रस्सी तोड़ ज़ोर की और गुस्से से भागने लगा.

आर्यन: ज़ोर तूने बहुत बड़ी गलती करदी है आशु के बारे मई सोच कर.

लेकिन शायद तब तक ज़ोर का दिमाग काम करना शुरू हो चूका था. उसने अपनी पीठ से गन निकली और आशु के सर पर तान दी.

ज़ोर: ज्यादा उड़ने की जरुरत नहीं है, जहा है वही रुक जा वर्ण इसका भेजा निकल दूंगा और अपने चमचो को भी रोक.

आर्यन ये देख वही रुक जाता है. और वो उन दोनों को भी रुकने का इशारा कर देता है. लेकिन तब तक वो लगभग ज़ोर के आधे से ज्यादा आदमियों को टपका चुके थे.

आर्यन: ज़ोर देख उसे छोड़ दे, उसे कुछ मत करना.

ज़ोर: मेने तुझे कहा था न की होशियारी करने की जरुरत नहीं है, लेकिन तूने तो मेरी बात को मजाक मई ले लिया. अब इसका खामियाज़ा तो तुझे भुगतना hi पड़ेगा.

ज़ोर दहाड़ते हुए बोलै, तब तक उसके जो 6-7 आदमी बचे हुए थे, उन सबने उन्हें गनपॉइंट पर ले लिया था.

ज़ोर: ये.. ये hi है न तेरी जान, पहले इसका तुम सबके सामने रपे करूँगा, और फिर इसे जाएं से माउंगा.

ये कहते हुए उसने आशु की साड़ी का पल्लू पकड़ लिया.

आर्यन: ज़ोर छोड़ उसे वर्ण..

लेकिन ज़ोर उसकी बात सुने बगैर hi उसकी साड़ी उतारने लगा. ये देख आर्यन दहाड़ता हुआ आगे बढ़ता है.

ज़ोर: na..na वही रुकजा, वर्ण पहले इसका भेजा hi बहार आएगा.

ये सुनकर आर्यन हाथ पेअर मारना बंद कर देता है, उसकी आँखे नाम होने लगी थी. उधर आशु ने पल्लू कसकर पकड़ा हुआ था और रो रही थी.

आशु: प्ल्ज़्ज़ मुझे छोड़ दो, मेरे साथ ऐसा मत करो.

आशु रट हुए बोली. तभी आर्यन को वह कोई दिखाई देता है.

आर्यन: शूट.

और तभी वह गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगती है. और जब गोलिया चलने की आवाज़ बंद होती है, तब तक ज़ोर का हर एक आदमी मारा गया था. ये और कोई नहीं ईगल और वुल्फ थे जोकि पैंथर और ईगल के बैकअप पर थे. इस से पहले ज़ोर कुछ समझता, आर्यन जाकर उसके चेहरे पर कूद कर जोरदार किक मारता है. ज़ोर दूर जाकर गिरता है. आर्यन की आँखे इस वक़्त गुस्से से लाल हो रही थी. उसने ज़ोर को पकड़ कर उठाया और उसके सर को वह रखे ड्रम मई दे मारा. ज़ोर के सर से खून बहने लगा था.

आर्यन: साले हरामज़ादे बोलै था न उसे हाथ मत लगाना, लेकिन तूने अपने इन गंदे हाथो से इसे छूने की कोसिस की.

और आर्यन ने चिल्लाते हुए उसका हाथ पकड़ा और अपने काँधे पर रखकर तोड़ डाला.

ज़ोर: आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.

आर्यन: और ज़ोर से चिल्ला, और जोर से. तेरी वजह से वो रोई, उसकी आँखों मई आँशु आये. मेने उस से वादा किया था की म उसकी आँखों मई कभी भी आँशु नहीं आने दूंगा.

आर्यन ने कहते हुए उसके चेहरे पर एक पंच मारा. तब तक उसके पेरेंट्स भी खुल चुके थे.

राजेश: आर्यन बीटा तू इसे मार कर अपने हाथ गंदे मत कर, इसे पुलिस के हवाले करदे.

आर्यन: नहीं इसे पुलिस नहीं म सजा दूंगा.

और आर्यन उसे बुरी तरह से मारने पीटने लगा. अब आशु भी रिलैक्स हो चुकी थी. आर्यन ने एक गन उठाई और उसपर तांदी.

आर्यन: तूने मुझसे पन्गा लेकर, अपनी मौत को खुद दावत दी है.

ज़ोर: अह्ह्ह प्ल्ज़ आर्यन मुझे मत मार, मुझे पुलिस के हवाले करदे.

ज़ोर गिड़गिड़ाते हुए बोलै, लेकिन आर्यन की ऊँगली ट्रिगर पर दबने लगी.

आशु: आर्यन रुक.

आशु की आवाज़ सुन आर्यन उसकी और मुदा.

आशु: इस कुत्ते को तू नहीं म मरूंगी.

आशु उसके हाथ से गन लेते हुई बोली.

आशु: तुझे बोलै था की मुझे मत छू वर्ण तू बहुत पछतायेगा ये ले..

और आशु उसके सीने मई 2 बुलेट उतार देती है और रोने लगती है. आर्यन उसे अपनी बांहो मई भर लेता है.

आर्यन: हनी सब ठीक है.

आर्यन की टीम अपने काम पर लग गयी थी. फिर आर्यन अपने पेरेंट्स से मिलते है. इस बीच वो ज़ोर को भूल गए थे. लेकिन यहाँ ज़ोर की साँसे अभी चल रही थी. वो थोड़ा सा खिसका और उसने अपने हाथ मई कुछ उठाया.

ज़ोर: ाररययय्यंनननन.

ज़ोर कराहते हुए बोलै. तब सब उसकी और पलट कर हेरात से देखते है.

ज़ोर: म तो मर रहा हु, लेकिन तुम मेरे मातम पर अपनी खुशिया नहीं मन सकोगे. ये लड़की तुम सबकी जान है न.

ये कहते हुए उसने जो उठाया था वो आशु की और फेंक दिया. ये एक केमिकल था, जोकि सीधा आकर आशु के फेस पर लगा. ये सब अचानक hi हुआ था, अपने चेहरे पर केमिकल डालते hi, आशु दर्द से बिलबिलाने लगी. वो कुछ एसिड टाइप था, उसके चेहरा जलने लगा था. वो नीचे गिरने लगी, तब आर्यन ने उसे संभाला.

आशु: आअह्ह्ह्ह मायआ.

आर्यन: आशु कुछ नहीं होगा हनी.

आर्यन उसे धीरज देते हुए बोलै. लेकिन उसका चेहरा काफी बुरी तरह से झुलस गया था.

ज़ोर: haa..hhaaa.

ज़ोर टूटी हुई साँसों से हस्ता है, तभी आर्यन अपने पास पड़ी गन उठाकर उसके सर मई गोली मार देता है. और आशु को अपनी गॉड मई उठाकर हॉस्पिटल ले जाता है.

कुछ देर बाद िक से डॉ बहार आता है.

आर्यन: डॉ वो ठीक तो है न.

डॉ: देखिये केमिकल की वजह से चेहरा काफी झुलस गया है. हमें प्लास्टिक सर्जरी करनी होगी, अगर आपको कोई ऐतराज़ न हो तो.

अंजलि: डॉ साहब हमारी बेटी पहले की तरह नहीं हो सकती क्या मतलब आज के ज़माने मई तो मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की कर्ली है.

अंजलि भीगी हुई आँखों से कहती है.

डॉ.: मेम मेडिकल साइंस ने तरक्की कर्ली है इसलिए तो हम प्लास्टिक सर्जरी की बात कर रहे है. आप लोग सोच कर बता दीजिये, क्यूंकि इसके सुरजन अमेरिका से आएंगे, और इस सर्जरी मई काफी खर्च भी आएगा.

ये बोलकर डॉ वह से चला जाता है. तभी वह सिंह भी आ जाता है.

सिंह: आर्यन तू ठीक है, अब किसी है आशु.

सिंह बेफिक्री से पूछता है, तब आर्यन उसे सब कुछ बता देता है.

सिंह: तो अब आप लोगो ने क्या सोचा है.

आर्यन: सोचना केसा, आशु की प्लास्टिक सर्जरी होगी. भले hi उसका चेहरा पहले वाला न हो, लेकिन दिल तो वही रहेगा. म उसके चेहरे से नहीं उस से प्यार करता हु.

सिंह: खर्चे की आप लोग टेंसन मत लीजियेगा, इसका सारा खर्च एजेंसी उठाएगी.

फिर वो डॉ को अपना डिसिशन बता देते है.

सिंह: आर्यन मेरे पास एक आईडिया है.

सिंह आर्यन और उसकी फॅमिली से कहता है.

आर्यन: क्या??

सिंह: देखो तुम दोनों शादी कर चुके हो, ये बात तुम किसी को नहीं बता सकते, क्योंकि कोई भी तुम लोगो की फीलिंग नहीं समझेगा. तुम दोनों को अपने दोस्त, रिस्तेदार, पडोसी सभी जाननेवालों से दूर जाना पड़ेगा. तुम अब शायद चले भी जाओगे, लेकिन एक बात ध्यान रखना आर्यन ki-sukh हो या दुःख ho,hamara साथ सिर्फ हमारे दोस्त, रिस्तेदार hi देते है.

सभी उसकी बात को बड़े ध्यान से सुन रहा था. क्योंकि सबको मालूम था की सिंह उन दोनों के रिश्ते के बारे मई जानता है.

निर्मला: तुमने बिलकुल सही कहा बीटा.

सिंह: तुम अपनी दादी की सोचो की इस उम्र मई वो अपने बेटे, बेटी से हमेशा के लिए दूर हो जायेगी. अपने पापा के बारे मई सोचो, उनके भाई, दोस्त सभी छूट जायेंगे हमेशा हमेशा के लिए.

मेरे पास एक रास्ता है तुम्हारे लिए अगर तुम मानो तो, जिस से तुम अपने दोस्त, रिस्तेदारो के साथ रह सकोगे. आशु को अपनी बीवी बनाकर भी.

सभी सिंह को बड़े गौर से देखने लगे.

राजेश: ऐसा कोण सा रास्ता है, अगर ऐसा हुआ तो इस से बढ़कर ख़ुशी की बात तो हमारे लिए कुछ भी नहीं है.

सिंह: देखो मुझे गलत मत समझना लेकिन इसके लिए आशु को मरना पड़ेगा.

आर्यन: सर ये आप क्या कह रहे है.

सिंह: अरे यर मेरी बात को samjho,Ab आशु की प्लास्टिक सर्जरी हो जाएगी तो उसका चेहरा पूरी तरह से बदल जायेगा, कोई उसे पहचान नहीं सकता की वो कोण है.

सिंह एक्साइट होकर उनकी और देखता है, जबकि वो सब उसकी बात को समझने का प्रयास कर रहे थे.

आर्यन: मतलब ये की हम सबको बताये की आशु मर चुकी है और ये मेरी बीवी है.

आर्यन की समझ मई जो आता है वो बताता है.

सिंह: है बिलकुल यही.

अब सब उसकी बात समझ चुके थे, सब सिंह की बात से सहमत थे. क्योंकि इस से वो हमेशा यही पर रह सकेंगे.

आर्यन: लेकिन ये होगा कैसे.

सिंह: ज़ोर को हमारी टीम ने मारा है तो कुछ देर बाद मुझे रिपोर्ट फाइल करनी है. रिपोर्ट मई ये लिखा होगा की ज़ोर ने तुम्हारी फॅमिली को किडनैप कर लिया था. फिर हमारी टीम ने इस मिशन को ैकपलिश किया, लेकिन हम इस मिशन मई तुम्हारी बहिन को नहीं बचा पाए.. केसा लगा मेरा आईडिया.

आर्यन: लेकिन फिर जब सब पूछेंगे की डेडबॉडी.

सिंह: तुम उसकी फ़िक्र मत करो म एक बिलकुल ऐसी hi बॉडी का इंतज़ाम कर दूंगा.

आर्यन: आप सब क्या कहते हो.

आर्यन अपने पेरेंट्स से पूछता है.

राजेश: बीटा अगर ऐसा करने से हमें हमारी बेटी, बहु एक साथ मिलते है, और हमारे सब रिलेटिव के साथ मई तो हमें कोई प्रोब नहीं है.

और उसके बाद सिंह का काम शुरू हो जाता है. हर जगह वो न्यूज़ फ़्लैश होने लगी थी. हर जगह से राजेश, और आर्यन को दुःख भरे कॉल्स आने लगे थे. सिंह ने एक लावारिस डेडबॉडी का इंतज़ाम करा दिया था. फिर अंतिम संस्कार के सब riti-riwaaz भी हो गए. सबको बताया गया था की चेहरे पर एसिड डाला गया था इस लिए चेहरा झुलस गया था. और आखिरकार उसका अंतिम संस्कार भी हो गया. काफी दिन तक आने जाने वालो का ताँता लगा रहा.

इधर आशु की सर्जरी काफी अच्छी हो गयी थी, उसके चेहरे पर पत्तिया बंधी हुई thi.Baari बारी से सब उस से मिलने आया करते थे. आर्यन ने उसे सब कुछ बता दिया था, जिस से वो बहुत खुश थी.

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अंजलि: आज तो मेरी बेटी की पत्तिया खुल जाएगी.

अंजलि कहती है जब वो सब घर बैठे हुए थे. इस बात को करीब एक वीक से ज्यादा हो चूका था.

आर्यन: जी मम्मी.

निर्मला: किसी ने सच hi कहा है की भगवान् जो भी करता है अच्छे के लिए hi करता है. देखो अब सब कुछ सही हो जाएगा.

निर्मला: है बहु बिलकुल सही कहा.

अंजलि: मतलब की अब हम अपने बेटे और बेटी की शादी सबके सामने बड़ी धूम धाम से करेंगे.

निर्मला: है दोबारा से हाहाहा.

और सब हसने लगते है.

राजेश: लेकिन अभी हम एक डैम से इनकी शादी नहीं कर सकते, क्योंकि समाज के मुताबिक तो हमारी बेटी कुछ दिन पहले hi गुज़री है.

निर्मला: है भाई, अभी काम से काम एक मंथ तो नहीं कर सकते.

राजेश: तो फिर आशु आज कहा जायेगी.

निर्मला: हम आशु को यहाँ नहीं ला सकते, वर्ण सबको क्या जवाब देंगे की ये अजनबी लड़की कोण है.

आर्यन: मम्मी क्यों न आशु तब तक उस फ्लैट मई रहे जो मुझे एजेंसी की तरफ से मिला था.

अंजलि: है ये आईडिया अच्छा है.

फिर सब हॉस्पिटल चले गए थे. डॉ आशु की पाती धीरे धीरे ओपन कर रहे थे. पट्टी खुलने के बाद सबके चेहरे पर मुस्करात आ गयी थी. क्योंकि वो पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. और तो और उसका चेहरा कुछ हद तक पहले के जैसा hi था. अंजलि और निर्मला जाकर उस से लिपट जाते है. अब आशु को मिरर दिखाया गया तो वो भी बहुत खुश हुयी. फिर सब उसे लेकर आर्यन के फ्लैट पर जाते है.

अंजलि: तो अब से 1 मंथ तक तुम दोनों यही रहोगे.

अंजलि फ्लैट पर आकर उस से कहती है.

आशु: और आप लोग.

राजेश: अरे तू हमारी फ़िक्र मत कर सिर्फ एक महीने की hi तो बात है, फिर हम सब हमेशा एक साथ रहेंगे.

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1 मंथ लेटर:

आज आशु और आर्यन की शादी थी. उनके सभी रिस्तेदार, दोस्त, पडोसी सभी आये हुए थे. सामने मंडप लगा हुआ था, दोनों भाई बहिन एक बार फिर से मिया बीवी बनने जा रहे थे. दोनों ने साथ फेरे पुरे किये, आर्यन ने मंगलसूत्र पहनाया और आज समाज की नजरो मई आशु आर्यन की बीवी हो गयी थी.

और एक साल बाद hi आशु माँ बन गयी . उसने एक क्यूट से बेटे को जन्म दिया जोकि एक भाई और बहिन के प्यार की निशानी थी.

::::::: थे एन्ड :::::::
 
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