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सुबह का 9 बज चुके थे, राजेश बैठा नास्ता कर रहा था.
राजेश: अरे भाई, मेरी पारी नहीं उठी है क्या अब तक.
राजेश नास्ता करते हुए अंजलि से कहता है.
अंजलि: पता नहीं, म जाकर देखती हु. वो अब तक उठी है या नहीं.
अंजलि ऊपर आर्यन के रूम मई आती है बकज़ अब तो उस रूम मई आशु सोती थी. वो आकर देखती है की आशु चादर ताने हुए पड़ी थी.
अंजलि: Ashu....Ashu...utha जा, तुझे तेरे पापा बुला रहे है.
अंजलि उसे आवाज़ देती है, लेकिन आशु कोई रिस्पांस नहीं करती. तब अंजलि उसकी चादर हटती है तो वो देखती है की आशु का पूरा चेहरा लाल पद गया था. वो उसका माथा पकड़कर देखती है तो उसे बहुत तेज़ फीवर था.
अंजलि: हे भगवन! इसे तो बहुत तेज़ बुखार हो रहा है.
वो जल्दी से जाकर राजेश को बताती है, कुछ देर बाद डॉ आता है.
डॉ: इनकी ये हालत कमजोरी की वजह से है, और इनका बप भी बहुत लॉ है शायद किसी स्ट्रेस की वजह से.
ये बोलकर वो कुछ दवाइया देता है और चला जाता है.
निर्मला: कमज़ोरी तो होगी hi, जब पूरा दिन ये भूखी hi रहती है.
निर्मला उसके पास बैठती हुई बोली.
राजेश: व्हाट?? क्यों.. ये भूखी क्यों रहती है.. और तुम बच्चो का ध्यान भी तो रखा करो.
राजेश अंजलि से खीजता हुआ कहता है.
अंजलि: म ध्यान रखती तो हु, माजी से पूछो दिन मई कितनी बार इसे खाने के लिए कहती हु लेकिन ये सुने तब न.
अंजलि आशु के सर पर पत्तिया भिगो कर रखती हुई बोली.
राजेश: पता नहीं मेरी प्यारी सी बेटी को किसकी नजर लग गयी है, देखो चेहरा भी केसा पीला पद गया है.
राजेश को आशु की हालत देख बहुत दुःख हो रहा था.
अंजलि: आप ऑफिस जाइये, हम है यहाँ.
अंजलि राजेश को अपनी घडी देखते हुए बोली.
राजेश: ठीक है, तुम इसका ध्यान रखना और इसे खाना खिलाओ.
ये बोलकर वो ऑफिस के लिए निकल जाता है.
-----
खन्ना: तुम बहुत बड़ी गलती कर रहे हो आर्यन.
खन्ना आर्यन के सामने बंधा हुआ बैठा था.
आर्यन: गलती मई नहीं तुम कर रहे हो. मुझे पता है तुम ज़ोर के किये गए हर गुनाह मई बराबर के हिस्सेदार हो. उसकी तो मौत निश्चित है आज नहीं तो कल. लेकिन अगर तुम चाहो तो तुम एक नयी लाइफ शुरू कर सकते हो. बस तुम्हे मुझे ज़ोर के प्लान के बारे मई बताना होगा.
आर्यन उसकी आँखों मई आँख डालकर पूछता है.
खन्ना: तुम अभी बच्चे हो आर्यन, तुम्हे लगता है म तुम्हे ज़ोर के बारे मई बता दूंगा.
खन्ना एक कुटिल मुस्कराहट के साथ बोलै.
आर्यन: नहीं मुझे नहीं लगता.
आर्यन उस से थोड़ा पीछे होकर बोलता है.
खन्ना: और उसके बाद भी तुम मुझसे पूछ रहे हो.
आर्यन: तुम इस देश से तो प्यार नहीं करते, लेकिन अपनी बेटी से करते हो क्या.
आर्यन की बात सुनकर खन्ना को झटका से लगता है.
खन्ना: क्या मतलब है तुम्हारा.
आर्यन: मेने सुना है की ज़ोर उर्फ़ अविनाश सिन्हा उर्फ़ मंत्री जी को कुंवारी लड़किया बहुत पसंद है.
आर्यन उसकी और देखकर एक कामिनी हसी हस्ता है.
खन्ना: Tum...tum कहना क्या चाहते हो, कहा है मेरी बेटी.
खन्ना डरते हुए कहता है.
आर्यन: cool..mr. खन्ना, तुम्हारी बेटी अभी सेफ है. लेकिन अगर तुमने ज़ोर के बारे मई सब कुछ नहीं बताया तो तुम्हारी बेटी शिल्पा आज ज़ोर के बिस्तर पर होगी.
खन्ना: nahi..nhi तुम मेरी बेटी को कुछ नहीं करोगे, उसकी इन सब मई कोई गलती नहीं है. और वो तो तुमसे बहुत प्यार करती है.
आर्यन: pyaar..my फुट. माना इन सबमे तुम्हारी बेटी की कोई गलती नहीं है, लेकिन उन मासूम लोगो की क्या गलती थी जिनको ज़ोर ने मारा है. और अब फिरसे पता नहीं कितने बेगुनाहो को मारने जा रहा है.
आर्यन: मुझे चुपचाप उसके प्लान के बारे मई बता वर्ण तुझे यही पर शिल्पा की सुहागरात दिखाऊंगा वो भी लाइव.
आर्यन दांत पीसते हुए बोलै.
खन्ना: म कुछ नहीं जानता उसके प्लान के बारे मई. बस मेने उसका रड़क्स सिटी मई एंटर कराया है.
आर्यन : वो क्या करने वाला है उस रड़क्स का.
खन्ना: इसके बारे मई म ज्यादा नहीं जनता. अभी कुछ दिन पहले जो अंडरवर्ल्ड डॉन मारा गया था, ये प्लान उसके भाई और ज़ोर का है. वो यहाँ बम ब्लास्ट करना चाहते है.
आर्यन: कहा और कब??.
आर्यन उसके सामने खड़े होकर कहता है.
खन्ना: इस बारे मई किसी को कुछ नहीं पता. इसके बारे मई ज़ोर के सिवा सिर्फ एक और आदमी को पता है, जोकि उसका बहुत ख़ास आदमी है कपाली.
आर्यन ये सुनकर सोच मई पद जाता है.
आर्यन: कपाली.. ये उसका असली नाम नहीं हो सकता.. उसका असली नाम बोल.
खन्ना: वो ज़ोर का छोटा भाई अनिरुद्ध सिन्हा है.
आर्यन: तुम झूट बोल रहे हो.
खन्ना: nahi..nahi म बिलकुल सच बोलै रहा हु, बस मेरी बेटी को कुछ मत करना.
खन्ना आर्यन के सामने गिड़गिड़ाने लगता है.
आर्यन: तेरी बेटी ने जो मेरे साथ किया था, मन तो करता है है की... लेकिन वो एक लड़की है इसलय इस बार माफ़ कर दिया.
ये बोल आर्यन वह से निकल जाता है. वो वुल्फ को कॉल लगता है.
आर्यन: वुल्फ, मुझे जल्द से जल्द Zora..mera मतलब अविनाश सिन्हा के भाई की इन्फो चाहिए.. जल्द से जल्द.
वुल्फ: ठीक है.
-----
अंजलि: आशु.. बीटा ले खाना खा ले.
जब आशु को थोड़ी रहत महसूस होती है तो अंजलि उसके रूम मई खाना लेकर आती है.
आशु: मुझे नहीं खाना.
आशु दूसरी तरफ मुंह करते हुए बोलती है. उसके इस बर्ताव से अंजलि को हर्ट होता है.
अंजलि: आशु इस तरह भूखा रहने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है, वो कोई बहार का लड़का नहीं है की तुम खाना नहीं खाओगी और मई तुम दोनों के रिश्ते के लिए मान जाउंगी. वो तेरा सागा भाई है ये मत भूल तू.
अंजलि गुस्से से बोलती है.
आशु: वो मेरा भाई है म ये भूल गयी थी, लेकिन आपने याद दिला दिया. लेकिन उसके बाद भी मुझे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता की वो मेरा भाई है, मेने सिर्फ उससे hi प्यार किया है और हमेशा उससे hi करती रहूंगी.
आशु ये बात अंजलि की आँखों मई देखकर बोलती है, ये सुनकर अंजलि की आँखे गुस्से से लाल हो जाती है. वो अपना हाथ आशु को मारने को उठती है लेकिन रुक जाती है.
अंजलि: कितनी बेशर्म और बद्तमीज़ हो गयी है न तू, और म तुझ पर इतना फ़क़्र महसूस करती थी.
अंजलि की आँखों से आँशु चालक जाते है. ये देख आशु को भी फील होता है.
आशु: सॉरी मम्मी.. मुझे पता है मेने गलती की है, लेकिन अब चाहकर भी हम मई से कोई भी उस गलती को सही नहीं कर सकता. लेकिन आप फ़िक्र मत करे मम्मी, मेने आपसे वादा किया है न की म आर्यन से अब बहिन के रिश्ते के सिवा कोई और रिस्ता नहीं रखूंगी. लेकिन आप भी मुझे मेरे हाल पर छोड़ दे प्ल्ज़.
आशु की आँखे भी ये कहते हुए नाम हो गयी थी.
अंजलि: एक तरफ तू कहती है की तुझे आर्यन से ज्यादा हमसे प्यार है, और एक तरफ तू कहती है की हम तुझे तेरे हाल पर चूड दे. तुझे पता है हमें कितना दुःख होता है जब तुझे इस हाल मई देखते है. तेरे पापा भी तेरे लिए कितना परेशां थे. अगर तू हमसे इतना प्यार करती तो तू हमें इतना दुःख नहीं पहुंचती. शायद हमारी परवरिश मई hi कोई कमी रह गयी थी जिसकी वजह से आज हमें ये दिन देखना पद रहा है.
अंजलि ये कहते हुए रोने लगती है और कमरे से बहार चली जाती है. कुछ देर बाद आशु नीचे आती है.
आशु: मम्मी मुझे एक रोटी और देना.
ये कहकर वो निर्मला के पास बेथ जाती है.
अंजलि: अभी लाती हु.
अंजलि खुश होते हुए बोली. वो रोटियां लेकर आशु को देती है.
आशु: दादी मुझे लगता है, मेरे हिस्से का खाना आप खा रही हो. देखो न आप कितनी मोती हो गयी हो.
ये सुनकर निर्मला और अंजलि हसने लगती है. निर्मला उठकर आशु का माथा चूम लेती है.
निर्मला: मेरी बच्ची, तू ऐसे hi मुस्कुराती हुई रहा कर बहुत अच्छी लगती है, तेरे ऐसे रहने से ये घर भी बिलकुल सूना हो गया था.
कुछ देर आशु बैठकर उनसे बात करती है, और फिर ऊपर आ जाती है.
निर्मला: क्या कर रही है मेरी बेटी.
निर्मला उसके रूम मई आते हुए बोली.
आशु: कुछ नहीं दादी, आइये.
आशु उठते हुए कहती है. निर्मला आकर उसके पास बैठती है.
निर्मला: अब किसी तबियत है बीटा तेरी.
निर्मला उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली.
आशु: ठीक हु दादी.
निर्मला: बीटा कभी कभी जो चीज़ हम चाहते है, वो चीज़ हमारी किस्मत से भी बहुत दूर होती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम उस चीज़ को पाने की वजह से अपने आस पास के प्यार करने वालो से भी अलग हो जाए.
आशु को ये बात सुनकर थोड़ा अजीब सा लगा.
आशु: दादी म समझी नहीं.
निमला: बीटा तू इतनी भी नासमझ नहीं है की मेरी बात न समझे. तुझे आर्यन की बहुत याद आ रही है न.
अब आशु को लगने लगा की दाल मई कुछ काला है.
आशु: दादी.. apko..kese... मेरा मतलब.
निर्मला: मुझे सब पता है बच्चे, की तुम दोनों भाई बहिन एक दूसरे को कितना प्यार करते हो. लेकिन बीटा ये है तो गलत hi न.
आशु को कुछ समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे या केसा रियेक्ट करे.
आशु: दादी आपको कैसे.. मेरा मतलब कब.
निर्मला: जिस दिन अंजलि की तबियत ख़राब थी, और तुम दोनों उसके रूम मई थे. म पड़ोस मई गयी हुई थी लेकिन जब मई वापस आयी तो मेने अंजलि के रूम से कुछ आवाज़े सुनी. जब मेने बाते सुनी तो मेने सोचा की इस वक़्त मेरा अंदर जाना सही नहीं है. म तुम दोनों से बाद में बात करुँगी. लेकिन उस दिन से या तो तेरी तबियत खरब रहती है या फिर तू रोटी रहती है.
आशु ये सुनकर अपना सर झुका लेती है.
निर्मला: मुझे पता है आशु के तू आर्यन को बहुत चाहती है. लेकिन बीटा ये सब बहुत गलत है. म तुझे सुना नहीं रही हु बीटा बल्कि तुझसे उम्मीद करती हु की तू समझदारी से काम ले. बीटा ये उम्र है hi ऐसी, इस उम्र मई पता hi नहीं चलता की क्या सही है और क्या गलत. लेकिन जब हमें ये समझ आता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. बस म चाहती हु की तू देर होने से पहले hi समझ जाए. म अब चलती हु तू आराम कर.
निर्मला ये बोलकर चली जाती है जबकि आशु उसकी बातो को समझने का प्रयास करने लगती है. कुछ देर बाद उसका फ़ोन बीप होता है. वो देखती है की कॉल आर्यन का था. वो रिसीव करने hi वाली होती है की पता नहीं क्या सोचकर वो खुद को रोक लेती है. आर्यन बहुत बार तरय करता है लेकिन आशु उसका कॉल रिसीव hi नहीं करती.
सुबह का 9 बज चुके थे, राजेश बैठा नास्ता कर रहा था.
राजेश: अरे भाई, मेरी पारी नहीं उठी है क्या अब तक.
राजेश नास्ता करते हुए अंजलि से कहता है.
अंजलि: पता नहीं, म जाकर देखती हु. वो अब तक उठी है या नहीं.
अंजलि ऊपर आर्यन के रूम मई आती है बकज़ अब तो उस रूम मई आशु सोती थी. वो आकर देखती है की आशु चादर ताने हुए पड़ी थी.
अंजलि: Ashu....Ashu...utha जा, तुझे तेरे पापा बुला रहे है.
अंजलि उसे आवाज़ देती है, लेकिन आशु कोई रिस्पांस नहीं करती. तब अंजलि उसकी चादर हटती है तो वो देखती है की आशु का पूरा चेहरा लाल पद गया था. वो उसका माथा पकड़कर देखती है तो उसे बहुत तेज़ फीवर था.
अंजलि: हे भगवन! इसे तो बहुत तेज़ बुखार हो रहा है.
वो जल्दी से जाकर राजेश को बताती है, कुछ देर बाद डॉ आता है.
डॉ: इनकी ये हालत कमजोरी की वजह से है, और इनका बप भी बहुत लॉ है शायद किसी स्ट्रेस की वजह से.
ये बोलकर वो कुछ दवाइया देता है और चला जाता है.
निर्मला: कमज़ोरी तो होगी hi, जब पूरा दिन ये भूखी hi रहती है.
निर्मला उसके पास बैठती हुई बोली.
राजेश: व्हाट?? क्यों.. ये भूखी क्यों रहती है.. और तुम बच्चो का ध्यान भी तो रखा करो.
राजेश अंजलि से खीजता हुआ कहता है.
अंजलि: म ध्यान रखती तो हु, माजी से पूछो दिन मई कितनी बार इसे खाने के लिए कहती हु लेकिन ये सुने तब न.
अंजलि आशु के सर पर पत्तिया भिगो कर रखती हुई बोली.
राजेश: पता नहीं मेरी प्यारी सी बेटी को किसकी नजर लग गयी है, देखो चेहरा भी केसा पीला पद गया है.
राजेश को आशु की हालत देख बहुत दुःख हो रहा था.
अंजलि: आप ऑफिस जाइये, हम है यहाँ.
अंजलि राजेश को अपनी घडी देखते हुए बोली.
राजेश: ठीक है, तुम इसका ध्यान रखना और इसे खाना खिलाओ.
ये बोलकर वो ऑफिस के लिए निकल जाता है.
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खन्ना: तुम बहुत बड़ी गलती कर रहे हो आर्यन.
खन्ना आर्यन के सामने बंधा हुआ बैठा था.
आर्यन: गलती मई नहीं तुम कर रहे हो. मुझे पता है तुम ज़ोर के किये गए हर गुनाह मई बराबर के हिस्सेदार हो. उसकी तो मौत निश्चित है आज नहीं तो कल. लेकिन अगर तुम चाहो तो तुम एक नयी लाइफ शुरू कर सकते हो. बस तुम्हे मुझे ज़ोर के प्लान के बारे मई बताना होगा.
आर्यन उसकी आँखों मई आँख डालकर पूछता है.
खन्ना: तुम अभी बच्चे हो आर्यन, तुम्हे लगता है म तुम्हे ज़ोर के बारे मई बता दूंगा.
खन्ना एक कुटिल मुस्कराहट के साथ बोलै.
आर्यन: नहीं मुझे नहीं लगता.
आर्यन उस से थोड़ा पीछे होकर बोलता है.
खन्ना: और उसके बाद भी तुम मुझसे पूछ रहे हो.
आर्यन: तुम इस देश से तो प्यार नहीं करते, लेकिन अपनी बेटी से करते हो क्या.
आर्यन की बात सुनकर खन्ना को झटका से लगता है.
खन्ना: क्या मतलब है तुम्हारा.
आर्यन: मेने सुना है की ज़ोर उर्फ़ अविनाश सिन्हा उर्फ़ मंत्री जी को कुंवारी लड़किया बहुत पसंद है.
आर्यन उसकी और देखकर एक कामिनी हसी हस्ता है.
खन्ना: Tum...tum कहना क्या चाहते हो, कहा है मेरी बेटी.
खन्ना डरते हुए कहता है.
आर्यन: cool..mr. खन्ना, तुम्हारी बेटी अभी सेफ है. लेकिन अगर तुमने ज़ोर के बारे मई सब कुछ नहीं बताया तो तुम्हारी बेटी शिल्पा आज ज़ोर के बिस्तर पर होगी.
खन्ना: nahi..nhi तुम मेरी बेटी को कुछ नहीं करोगे, उसकी इन सब मई कोई गलती नहीं है. और वो तो तुमसे बहुत प्यार करती है.
आर्यन: pyaar..my फुट. माना इन सबमे तुम्हारी बेटी की कोई गलती नहीं है, लेकिन उन मासूम लोगो की क्या गलती थी जिनको ज़ोर ने मारा है. और अब फिरसे पता नहीं कितने बेगुनाहो को मारने जा रहा है.
आर्यन: मुझे चुपचाप उसके प्लान के बारे मई बता वर्ण तुझे यही पर शिल्पा की सुहागरात दिखाऊंगा वो भी लाइव.
आर्यन दांत पीसते हुए बोलै.
खन्ना: म कुछ नहीं जानता उसके प्लान के बारे मई. बस मेने उसका रड़क्स सिटी मई एंटर कराया है.
आर्यन : वो क्या करने वाला है उस रड़क्स का.
खन्ना: इसके बारे मई म ज्यादा नहीं जनता. अभी कुछ दिन पहले जो अंडरवर्ल्ड डॉन मारा गया था, ये प्लान उसके भाई और ज़ोर का है. वो यहाँ बम ब्लास्ट करना चाहते है.
आर्यन: कहा और कब??.
आर्यन उसके सामने खड़े होकर कहता है.
खन्ना: इस बारे मई किसी को कुछ नहीं पता. इसके बारे मई ज़ोर के सिवा सिर्फ एक और आदमी को पता है, जोकि उसका बहुत ख़ास आदमी है कपाली.
आर्यन ये सुनकर सोच मई पद जाता है.
आर्यन: कपाली.. ये उसका असली नाम नहीं हो सकता.. उसका असली नाम बोल.
खन्ना: वो ज़ोर का छोटा भाई अनिरुद्ध सिन्हा है.
आर्यन: तुम झूट बोल रहे हो.
खन्ना: nahi..nahi म बिलकुल सच बोलै रहा हु, बस मेरी बेटी को कुछ मत करना.
खन्ना आर्यन के सामने गिड़गिड़ाने लगता है.
आर्यन: तेरी बेटी ने जो मेरे साथ किया था, मन तो करता है है की... लेकिन वो एक लड़की है इसलय इस बार माफ़ कर दिया.
ये बोल आर्यन वह से निकल जाता है. वो वुल्फ को कॉल लगता है.
आर्यन: वुल्फ, मुझे जल्द से जल्द Zora..mera मतलब अविनाश सिन्हा के भाई की इन्फो चाहिए.. जल्द से जल्द.
वुल्फ: ठीक है.
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अंजलि: आशु.. बीटा ले खाना खा ले.
जब आशु को थोड़ी रहत महसूस होती है तो अंजलि उसके रूम मई खाना लेकर आती है.
आशु: मुझे नहीं खाना.
आशु दूसरी तरफ मुंह करते हुए बोलती है. उसके इस बर्ताव से अंजलि को हर्ट होता है.
अंजलि: आशु इस तरह भूखा रहने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है, वो कोई बहार का लड़का नहीं है की तुम खाना नहीं खाओगी और मई तुम दोनों के रिश्ते के लिए मान जाउंगी. वो तेरा सागा भाई है ये मत भूल तू.
अंजलि गुस्से से बोलती है.
आशु: वो मेरा भाई है म ये भूल गयी थी, लेकिन आपने याद दिला दिया. लेकिन उसके बाद भी मुझे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता की वो मेरा भाई है, मेने सिर्फ उससे hi प्यार किया है और हमेशा उससे hi करती रहूंगी.
आशु ये बात अंजलि की आँखों मई देखकर बोलती है, ये सुनकर अंजलि की आँखे गुस्से से लाल हो जाती है. वो अपना हाथ आशु को मारने को उठती है लेकिन रुक जाती है.
अंजलि: कितनी बेशर्म और बद्तमीज़ हो गयी है न तू, और म तुझ पर इतना फ़क़्र महसूस करती थी.
अंजलि की आँखों से आँशु चालक जाते है. ये देख आशु को भी फील होता है.
आशु: सॉरी मम्मी.. मुझे पता है मेने गलती की है, लेकिन अब चाहकर भी हम मई से कोई भी उस गलती को सही नहीं कर सकता. लेकिन आप फ़िक्र मत करे मम्मी, मेने आपसे वादा किया है न की म आर्यन से अब बहिन के रिश्ते के सिवा कोई और रिस्ता नहीं रखूंगी. लेकिन आप भी मुझे मेरे हाल पर छोड़ दे प्ल्ज़.
आशु की आँखे भी ये कहते हुए नाम हो गयी थी.
अंजलि: एक तरफ तू कहती है की तुझे आर्यन से ज्यादा हमसे प्यार है, और एक तरफ तू कहती है की हम तुझे तेरे हाल पर चूड दे. तुझे पता है हमें कितना दुःख होता है जब तुझे इस हाल मई देखते है. तेरे पापा भी तेरे लिए कितना परेशां थे. अगर तू हमसे इतना प्यार करती तो तू हमें इतना दुःख नहीं पहुंचती. शायद हमारी परवरिश मई hi कोई कमी रह गयी थी जिसकी वजह से आज हमें ये दिन देखना पद रहा है.
अंजलि ये कहते हुए रोने लगती है और कमरे से बहार चली जाती है. कुछ देर बाद आशु नीचे आती है.
आशु: मम्मी मुझे एक रोटी और देना.
ये कहकर वो निर्मला के पास बेथ जाती है.
अंजलि: अभी लाती हु.
अंजलि खुश होते हुए बोली. वो रोटियां लेकर आशु को देती है.
आशु: दादी मुझे लगता है, मेरे हिस्से का खाना आप खा रही हो. देखो न आप कितनी मोती हो गयी हो.
ये सुनकर निर्मला और अंजलि हसने लगती है. निर्मला उठकर आशु का माथा चूम लेती है.
निर्मला: मेरी बच्ची, तू ऐसे hi मुस्कुराती हुई रहा कर बहुत अच्छी लगती है, तेरे ऐसे रहने से ये घर भी बिलकुल सूना हो गया था.
कुछ देर आशु बैठकर उनसे बात करती है, और फिर ऊपर आ जाती है.
निर्मला: क्या कर रही है मेरी बेटी.
निर्मला उसके रूम मई आते हुए बोली.
आशु: कुछ नहीं दादी, आइये.
आशु उठते हुए कहती है. निर्मला आकर उसके पास बैठती है.
निर्मला: अब किसी तबियत है बीटा तेरी.
निर्मला उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली.
आशु: ठीक हु दादी.
निर्मला: बीटा कभी कभी जो चीज़ हम चाहते है, वो चीज़ हमारी किस्मत से भी बहुत दूर होती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम उस चीज़ को पाने की वजह से अपने आस पास के प्यार करने वालो से भी अलग हो जाए.
आशु को ये बात सुनकर थोड़ा अजीब सा लगा.
आशु: दादी म समझी नहीं.
निमला: बीटा तू इतनी भी नासमझ नहीं है की मेरी बात न समझे. तुझे आर्यन की बहुत याद आ रही है न.
अब आशु को लगने लगा की दाल मई कुछ काला है.
आशु: दादी.. apko..kese... मेरा मतलब.
निर्मला: मुझे सब पता है बच्चे, की तुम दोनों भाई बहिन एक दूसरे को कितना प्यार करते हो. लेकिन बीटा ये है तो गलत hi न.
आशु को कुछ समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे या केसा रियेक्ट करे.
आशु: दादी आपको कैसे.. मेरा मतलब कब.
निर्मला: जिस दिन अंजलि की तबियत ख़राब थी, और तुम दोनों उसके रूम मई थे. म पड़ोस मई गयी हुई थी लेकिन जब मई वापस आयी तो मेने अंजलि के रूम से कुछ आवाज़े सुनी. जब मेने बाते सुनी तो मेने सोचा की इस वक़्त मेरा अंदर जाना सही नहीं है. म तुम दोनों से बाद में बात करुँगी. लेकिन उस दिन से या तो तेरी तबियत खरब रहती है या फिर तू रोटी रहती है.
आशु ये सुनकर अपना सर झुका लेती है.
निर्मला: मुझे पता है आशु के तू आर्यन को बहुत चाहती है. लेकिन बीटा ये सब बहुत गलत है. म तुझे सुना नहीं रही हु बीटा बल्कि तुझसे उम्मीद करती हु की तू समझदारी से काम ले. बीटा ये उम्र है hi ऐसी, इस उम्र मई पता hi नहीं चलता की क्या सही है और क्या गलत. लेकिन जब हमें ये समझ आता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. बस म चाहती हु की तू देर होने से पहले hi समझ जाए. म अब चलती हु तू आराम कर.
निर्मला ये बोलकर चली जाती है जबकि आशु उसकी बातो को समझने का प्रयास करने लगती है. कुछ देर बाद उसका फ़ोन बीप होता है. वो देखती है की कॉल आर्यन का था. वो रिसीव करने hi वाली होती है की पता नहीं क्या सोचकर वो खुद को रोक लेती है. आर्यन बहुत बार तरय करता है लेकिन आशु उसका कॉल रिसीव hi नहीं करती.