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अपडेट 9
नेक्स्ट morning,Aryan सोकर उठा और फ्रेश होने के बाद गयम चला गया. वो फिर से सोचने लगा की अब उसे क्या करना चाहिए. क्या वो आशु को वो कॉल रिकॉर्डिंग सुना कर ब्लैकमेल करे.
" नहीं म ऐसा नहीं karunga,mujhe उसका प्यार चाहिए अब. मुझे अब सिर्फ उसका जिस्म hi नहीं बल्कि रूह भी chahiye,mujhe वो अब पूरी की पूरी chahiye,blackmail करने से तो उसे लगेगा की मेरे मन मई उसके लिए सिर्फ हवस hi है और कुछ नहीं". आर्यन ने खुद से बोलै. तो क्या करू phir,kya आज उसे पर्पस करदु.
" अभी म उसे पर्पस नहीं करता हु, पहले मुझे उस अजय को आशु की लाइफ से दूर करना है". इस तरह सोचता हुआ वो घर वापस आ गया. कुछ टाइम बाद वो रेडी होकर निचे आ गया. उसकी नजरे सिर्फ आशु को hi ढून्ढ रही थी. जब सब नास्ते की टेबल पर बेथ गए-
" मम्मी आशु कहा hai,college नहीं जाना क्या आज उसे". आर्यन ने अपनी मम्मी से पुछा.
" वो रेडी हो रही थी कॉलेज के लिए". अंजलि ने कहा.
"Ashu..Ashu,aaza नास्ता करले". अंजलि ने तेज़ी से बोलते हुए कहा.
"आ रही हु मम्मी". ये कहते हुए वो बहार आयी.
आर्यन तो उसे देखकर अपनी नज़रे hi नहीं हटा प् रहा था. वो आज ब्लैक सूट- सलवार मई थी. एक तो उसका दूध जैसा rang,uska इतना कातिलाना फिगर और ऊपर से उसने ब्लैक सूट पेहेन लिया था. कुल मिलकर आज वो क़यामत लग रही thi.wo चलती हुई आकर चेयर पर बैठी तो उसने आर्यन को खुद को घूरते हुए पाया.
"ो hello,nasta यहाँ है". आशु ने टेबल की और इशारा किया.
आर्यन एक डैम घबरा सा गया जैसे की उसकी चोरी पकड़ी गयी हो. वो नास्ते करते हुए बार बार आशु को hi देख रहा था. आशु ने भी उसे एक दो बार खुद को घूरते हुए पाया. Khair,naste करने के बाद वो जाने लगी तो.
" आशु अपने भाई के साथ jaana,ye hi छोड़ देगा तुझे". अंजलि ने कहा.
" मम्मी इसका कॉलेज दूसरी साइड है फिर ये वह रोज़ क्यों जाता है".
आशु ने नाराज़गी से कहा.
"अबसे तुझे कॉलेज ये hi छोड़ा करेगा और लाएगा भी ये hi,ab लड़कियों का बसों मई जाने का धर्म नहीं है." अंजलि ने कहा.
" लेकिन मम्मी म अब तक बस से hi तो जाती थी न". आशु थोड़ी उदासी स बोली.
" बीटा तुझे कोई प्रोब है kya,is से तो तेरा hi फायदा है. यही से बैठकर जाया कर और यही utrakar,sara झंझट hi खत्म". राजेश उसे समझते हुए बोलै.
" ये आईडिया किसका है". आशु रोनी सी सूरत से बोली.
"तेरे पापा ने डीडे किया hai,wese भी तुम दोनों का 1 साल hi तो रह गया है स्टडी का". अंजलि ने कहा.
"Ok". उसने इतना hi कहा और बहार चली गयी.
बात ये थी की जब आशु अंदर रेडी हो रही थी तो आर्यन ने अपनी मम्मी पापा को अच्छी तरह समझा दिया था की अब लड़कियों का बसों म धक्के खाने का धर्म नहीं है इसलिए वो उसे कॉलेज छोड़ भी दिया करेगा और ले आया भी करेगा.
आर्यन ने बाइक निकली और दोनों कॉलेज के लिए चल दिए. आशु गुस्से मई थी तो बोली-
"क्या ड्रामा है ये सब की तू hi मुझे कॉलेज छोड़ेगा और तू hi मुझे लेकर aayega,bachhi नहीं हु मई".
" मुझे क्या pata,mujhe तो पापा ने कहा तो मेने भी ok कह दिया". आर्यन भोला बनते हुए कहता है.
आशु कुछ नहीं बोली वो नहीं चाहती थी की उसका मूड ख़राब हो.
कॉलेज पहुँचने पर आशु अंदर जाने लगी तो आर्यन ने उस से kaha-"chutti मई किस टाइम लेने औ".
"म खुद आ जाउंगी". आशु उस से बोली.
"Ok,ye बात मम्मी को कॉल करके केहड़े". आर्यन ने अपना दांव खेला.
" ठीक है म तुझे 3 पं पर कॉल करुँगी". आशु उस से बोली.
" ok". ये कहकर आर्यन चला गया .
बूत एक्चुअल मई वो गया नहीं था कॉलेज के सामने hi एक कैंटीन thi,wo जाकर वह बैठा हुआ था.
"यार मुझे ये समझ नहीं आ रहा की अजय को कोई और नहीं मिली क्या जो वो अपनी बहिन के hi पीछे लग गया. कही वो सिर्फ आशु को उसे करने के लिए तो ये सब नहीं कर रहा बकज़ म उसे अच्छी तरह जनता हु की वो प्यार व्यार के चक्कर मई नहीं पड़ता. एक आईडिया तो है ये पता करने का बूत पता नहीं ये काम करेगा या नहीं. बूत तरय करने मई क्या जाता hai."aryan ने खुद से कहा और उठकर बहार चला gaya,usne अपनी बाइक स्टार्ट की और अपने नए no. से अजय को कॉल लगाने लगा. वो बाइक की रेस दिए जा रहा था. अजय ने कॉल उठाया-
अजय- hello कोण.
आर्यन- अबे मई बोल रहा हु कार्तिक.
अजय- कार्तिक tu,teri आवाज़ किसी आ रही है और नंबर किसका है ये.
Aryan(kartik)- अरे yaar,m ट्रैफिक मई फसा हुआ hu,ye no. मेरे दोस्त का है. तू बता क्या हाल है तेरी उस आइटम का.
अजय: आज उस से मिलने hi जा रहा हु कानपूर. साली ने 1.5 साल पीछे भगाया है मुझे, आज उसे ऐसा छोडूंगा की साली की नानी याद न दिला दी तो कहना.
Aryan(kartik)- यार भाई हमारा भी सोच ले कुछ.
अजय- तू टेंशन न ले जिस होटल मई म उसे लेकर जाऊंगा वो मेरे जान ने वाले का hi hai,waha उसकी हर एक चीज़ की रिकॉर्डिंग करूँगा. चिंता मत करो उसे तुम सब से छुडवाउंगा.
आर्यन को बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा tha,uska मन कर रहा था की आज hi साले को जान से मार दू बूत उसने अपने आपको संभाला और कहा
Aryan(kartik)- तो क्या तू उस स प्यार नहीं करता.
अजय: अबे यार तुझे पता तो hai,m किसी से प्यार नहीं कर sakta,m तो उसकी गांड का दीवाना hu,sali बहुत ऐटिटूड दिखती थी न आज उसका सारा घमंड तोड़ दूंगा.
Ajay(kartik): चल ठीक है म कॉल कट करता हु.
अजय: ok
और आर्यन ने कॉल कट करदी. उसे उस वक़्त इतना गुस्सा आया हुआ था की वो सड़क पर इधर से उधर चक्कर काट रहा था.
"Saale,haramzade. तू मेरी बहिन को छोड़ना तो दूर उसकी तरफ आँख भी उठा कर नहीं देख सकता. तूने बहुत बड़ी गलती करदी है आशु के बारे मई ये सब सोच ke,is गलती का अंजाम तो तुझे भुगतना hi पड़ेगा मेरे भाई". अजय ने खुद से कहा और मुस्कुराने लगा.
असल मई हुआ ये था की जब आर्यन को अजय के बारे मई पता करना था तो उसे एक आईडिया आया. अजय का एक जिगरी यार था कार्तिक. दोनों सारे काण्ड साथ साथ करते थे जैसे दारु peena,ladki छोड़ना. तो आर्यन ने सोचा की एक बार कार्तिक का नाम लेकर उस से बात करता हु. उसने उसे सब कुछ बता रखा होगा ,लेकिन वो मेरी आवाज़ पहचान लेगा तब उसे ये आईडिया आया और उसने बाइक स्टार्ट करके उसे ये शो कराया जैसे की वो ट्रैफिक मई hai,aur उसे पता न चले की म कोण हु और उसका ये प्लान काम कर gaya,usne वो सब बाते रिकॉर्ड कर्ली थी. 12 बज चुके थे वो कॉलेज गेट की तरफ एकटक देखे जा रहा था की कब आशु बहार आएगी. कुछ टाइम बाद उसे आशु आती हुई दिखाई दी. वो गेट के बहार कड़ी होकर शायद किसी ऑटो का वेट कर रही थी. आर्यन ने बाइक स्टार्ट की और ले जाकर उसके सामने रोकड़ी. आर्यन को अपने सामने देख आशु बुरी तरह से घबरा गयी.
आशु: tu..tu..ya..yaha..kyaa..kar.. रहा है.
आर्यन: क्या हुआ तू इतनी क्यों घबरा गयी है जैसे तुझे म भूत नज़र आता हु.
आशु खुद को संभालती हुई बोली-
"Nahi...nahi to,bas म तुझे यहाँ एक्सपेक्ट नहीं कर रही thi,tu तो कॉलेज गया था न".
आर्यन थोड़ा स्माइल करता हुआ बोलै- " बस इधर से निकल रहा था तो तू यहाँ कड़ी हुई दिख गयी तो पूछने आ गया की कहा जा रही है".
आशु घबरा जाती है-" wo..wo मई अपनी दोस्त के घर जा रही hi".
आर्यन: चल म छोड़ देता हु तुझे.
आशु: नहीं मई खुद चली जाउंगी.
आर्यन ने सोचा की उसे खुल कर बात करनी hi पड़ेगी उससे
आर्यन: तेरी फ्रेंड का नाम अजय तो नहीं है न.
ये सुनकर आशु एक डैम शॉकेड हो जाती है. और हकलाती हुई कहती hai-"kkk...kya..bakkk...bakwas कर रहा है तू.
आर्यन ने देखा की सब उन्हें hi देख रहे है तो उसने उसे बाइक पर बैठने को बोलै. आशु ने कुछ कहना चाहा बूत फिर वो बाइक पर बेथ गयी. आशु ने बाइक दौड़ाई और थोड़ी दूर पर एक पार्क मई बाइक घुसा दी. आर्यन ने बाइक रोकी और आशु को लेकर एक पेड़ के पास आ गया जिसके नीचे बेंच राखी हुई थी. अब तक आशु ने कुछ नहीं कहा था वो घबरा रही thi.aryan उसके सामने बैठा और कहा-
आर्यन: देख आशु मुझे तुझसे बात करनी hai,but पहले तो तू बिलकुल भी घबरा मत और जो मई पुछु मुझे सच सच बता.
आर्यन: तू कहा जा रही थी.
आशु: बताया ने मेने अपनी दोस्त के घर जा रही थी.
आशु ने धीरे से जवाब दिया.
आर्यन: ok,phone लगा अपनी दोस्त के paas,m भी तो देखु कोनसी दोस्त है वो तेरी. Ashu,mujhe सब पता है तू कहा जा रही थी और kyu,mujhe पागल बनाना बंद कर.
आशु: ky..kya पता है.
आशु कन्फर्म करना चाहती थी की आर्यन को सच मई hi कुछ पता है क्या.
आर्यन: ये hi की तू अजय से मिलने होटल जा रही थी और मुझे ये बताने की जरुरत नहीं है की तू वह क्यों जा रही थी.
आशु ये सुनकर सर झुका कर बेथ गयी और रोने लगी. आर्यन को उसपर बहुत प्यार आ रहा था वो उसे चुप करना चाहता था बूत उसने की नहीं उसे ठोकर लगने देता हु की इस दुनिया मई प्यार व्यार कुछ नहीं है सिर्फ हवस है.
आर्यन: मुझे तुझसे कुछ नहीं kehna,lekin इतना तो जान ले की जिसके कहने पर तू आज अपनी मान मर्यादा तक भूल गयी hai,wo तेरे बारे मई क्या सोचता है.
और आर्यन ने वो रिकॉर्डिंग चला कर आशु के हाथो मई दे दी. जैसे जैसे वो रिकॉर्डिंग सुनती रही उसका शरीर बेजान सा होता raha,wo सुन्न सी हो गयी और मोबाइल भी हाथ से छूटकर गिर गया. और आशु वही बैठे बैठे जोर जोर से रोने लगी. आर्यन ने उसके सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए उसे चुप होने को कहा.
आर्यन: आशु चुप होजा. कुछ नहीं हुआ है. सब ठीक तो है न
आशु रट हुए बोली- nahi,sab ठीक नहीं है म उस कुत्ते की बातो म कैसे आ gayi,usne अपनी बहिन की साथ hi ये सब करने की कोसिस की. म तो किसी से आंख मिलाने के काबिल भी नहीं होती आज.
और वो फिर से रोने लगी.
आर्यन: चुप हो जा na,kyu रो रही है tu,life मई ऐसे इंसिडेंट होते रहते hai,is तरह रोने से कुछ हासिल नहीं hoga,bahadur बनो ताकि कभी ऐसा मौका आये hi न.
आशु: तूने किसी को बताया तो नहीं है.
आशु ने रट हुए उस से पूछा.
आर्यन ने उसे प्यार से समझते हुए कहा-: आशु तू पागल हो गयी है kya,m क्यों किसी को बताऊंगा ,तू तो हमारी जान है.
आशु ने ये सुनकर आर्यन को गले से लगे लिया और बोली-
आशु: ठंकु bhai,tune मुझे बचा लिया वर्ण पता नहीं मेरे साथ क्या क्या होता.
आर्यन: बस कर ab,chal घर चलते hai,apne आँशु पूछ और मुँह धोकर आ.
आशु चुप हो गयी और पास hi लगी तप पर मुँह धोने चली गयी. आर्यन उसे मुँह धोते हुए देख रहा था और खुद से बोलै-" आशु तू इतनी समझदार होते हुए भी उसकी बातो मई कैसे आ gayi,puchhu उस से या नहीं. नहीं अभी नहीं पूछता अभी उसका मूड भी ऑफ है फिर पूछूंगा".
आशु मुँह धोकर आयी तो उसका फ़ोन बजने लगा. अजय का कॉल tha,Ashu के चेहरे पर गुस्से के भाव आ gaye,Aryan ने ये देखा तो उसने मोब लेकर कॉल पिक की.
अजय: कहा हो यार tum,m कब से वेट कर रहा हु तुम्हारा.
Aryan(gusse म): साले बस, अगर आज के बाद तूने आशु के पास कॉल की न तो तुझे जान से मार दूंगा. और अगर इतनी hi आग है न तो अपनी बहिन को छोड़ ले जाकर.
अजय आर्यन की आवाज़ सुनकर घबरा गया और कॉल कट करदी. आशु आर्यन को देख रही थी की उसे कितना गुस्सा आ रहा है. आर्यन ने उसकी और देखा और नार्मल होते हुए उसे घर चलने को kaha,wo दोनों वह से घर के लिए निकल गए.
नेक्स्ट morning,Aryan सोकर उठा और फ्रेश होने के बाद गयम चला गया. वो फिर से सोचने लगा की अब उसे क्या करना चाहिए. क्या वो आशु को वो कॉल रिकॉर्डिंग सुना कर ब्लैकमेल करे.
" नहीं म ऐसा नहीं karunga,mujhe उसका प्यार चाहिए अब. मुझे अब सिर्फ उसका जिस्म hi नहीं बल्कि रूह भी chahiye,mujhe वो अब पूरी की पूरी chahiye,blackmail करने से तो उसे लगेगा की मेरे मन मई उसके लिए सिर्फ हवस hi है और कुछ नहीं". आर्यन ने खुद से बोलै. तो क्या करू phir,kya आज उसे पर्पस करदु.
" अभी म उसे पर्पस नहीं करता हु, पहले मुझे उस अजय को आशु की लाइफ से दूर करना है". इस तरह सोचता हुआ वो घर वापस आ गया. कुछ टाइम बाद वो रेडी होकर निचे आ गया. उसकी नजरे सिर्फ आशु को hi ढून्ढ रही थी. जब सब नास्ते की टेबल पर बेथ गए-
" मम्मी आशु कहा hai,college नहीं जाना क्या आज उसे". आर्यन ने अपनी मम्मी से पुछा.
" वो रेडी हो रही थी कॉलेज के लिए". अंजलि ने कहा.
"Ashu..Ashu,aaza नास्ता करले". अंजलि ने तेज़ी से बोलते हुए कहा.
"आ रही हु मम्मी". ये कहते हुए वो बहार आयी.
आर्यन तो उसे देखकर अपनी नज़रे hi नहीं हटा प् रहा था. वो आज ब्लैक सूट- सलवार मई थी. एक तो उसका दूध जैसा rang,uska इतना कातिलाना फिगर और ऊपर से उसने ब्लैक सूट पेहेन लिया था. कुल मिलकर आज वो क़यामत लग रही thi.wo चलती हुई आकर चेयर पर बैठी तो उसने आर्यन को खुद को घूरते हुए पाया.
"ो hello,nasta यहाँ है". आशु ने टेबल की और इशारा किया.
आर्यन एक डैम घबरा सा गया जैसे की उसकी चोरी पकड़ी गयी हो. वो नास्ते करते हुए बार बार आशु को hi देख रहा था. आशु ने भी उसे एक दो बार खुद को घूरते हुए पाया. Khair,naste करने के बाद वो जाने लगी तो.
" आशु अपने भाई के साथ jaana,ye hi छोड़ देगा तुझे". अंजलि ने कहा.
" मम्मी इसका कॉलेज दूसरी साइड है फिर ये वह रोज़ क्यों जाता है".
आशु ने नाराज़गी से कहा.
"अबसे तुझे कॉलेज ये hi छोड़ा करेगा और लाएगा भी ये hi,ab लड़कियों का बसों मई जाने का धर्म नहीं है." अंजलि ने कहा.
" लेकिन मम्मी म अब तक बस से hi तो जाती थी न". आशु थोड़ी उदासी स बोली.
" बीटा तुझे कोई प्रोब है kya,is से तो तेरा hi फायदा है. यही से बैठकर जाया कर और यही utrakar,sara झंझट hi खत्म". राजेश उसे समझते हुए बोलै.
" ये आईडिया किसका है". आशु रोनी सी सूरत से बोली.
"तेरे पापा ने डीडे किया hai,wese भी तुम दोनों का 1 साल hi तो रह गया है स्टडी का". अंजलि ने कहा.
"Ok". उसने इतना hi कहा और बहार चली गयी.
बात ये थी की जब आशु अंदर रेडी हो रही थी तो आर्यन ने अपनी मम्मी पापा को अच्छी तरह समझा दिया था की अब लड़कियों का बसों म धक्के खाने का धर्म नहीं है इसलिए वो उसे कॉलेज छोड़ भी दिया करेगा और ले आया भी करेगा.
आर्यन ने बाइक निकली और दोनों कॉलेज के लिए चल दिए. आशु गुस्से मई थी तो बोली-
"क्या ड्रामा है ये सब की तू hi मुझे कॉलेज छोड़ेगा और तू hi मुझे लेकर aayega,bachhi नहीं हु मई".
" मुझे क्या pata,mujhe तो पापा ने कहा तो मेने भी ok कह दिया". आर्यन भोला बनते हुए कहता है.
आशु कुछ नहीं बोली वो नहीं चाहती थी की उसका मूड ख़राब हो.
कॉलेज पहुँचने पर आशु अंदर जाने लगी तो आर्यन ने उस से kaha-"chutti मई किस टाइम लेने औ".
"म खुद आ जाउंगी". आशु उस से बोली.
"Ok,ye बात मम्मी को कॉल करके केहड़े". आर्यन ने अपना दांव खेला.
" ठीक है म तुझे 3 पं पर कॉल करुँगी". आशु उस से बोली.
" ok". ये कहकर आर्यन चला गया .
बूत एक्चुअल मई वो गया नहीं था कॉलेज के सामने hi एक कैंटीन thi,wo जाकर वह बैठा हुआ था.
"यार मुझे ये समझ नहीं आ रहा की अजय को कोई और नहीं मिली क्या जो वो अपनी बहिन के hi पीछे लग गया. कही वो सिर्फ आशु को उसे करने के लिए तो ये सब नहीं कर रहा बकज़ म उसे अच्छी तरह जनता हु की वो प्यार व्यार के चक्कर मई नहीं पड़ता. एक आईडिया तो है ये पता करने का बूत पता नहीं ये काम करेगा या नहीं. बूत तरय करने मई क्या जाता hai."aryan ने खुद से कहा और उठकर बहार चला gaya,usne अपनी बाइक स्टार्ट की और अपने नए no. से अजय को कॉल लगाने लगा. वो बाइक की रेस दिए जा रहा था. अजय ने कॉल उठाया-
अजय- hello कोण.
आर्यन- अबे मई बोल रहा हु कार्तिक.
अजय- कार्तिक tu,teri आवाज़ किसी आ रही है और नंबर किसका है ये.
Aryan(kartik)- अरे yaar,m ट्रैफिक मई फसा हुआ hu,ye no. मेरे दोस्त का है. तू बता क्या हाल है तेरी उस आइटम का.
अजय: आज उस से मिलने hi जा रहा हु कानपूर. साली ने 1.5 साल पीछे भगाया है मुझे, आज उसे ऐसा छोडूंगा की साली की नानी याद न दिला दी तो कहना.
Aryan(kartik)- यार भाई हमारा भी सोच ले कुछ.
अजय- तू टेंशन न ले जिस होटल मई म उसे लेकर जाऊंगा वो मेरे जान ने वाले का hi hai,waha उसकी हर एक चीज़ की रिकॉर्डिंग करूँगा. चिंता मत करो उसे तुम सब से छुडवाउंगा.
आर्यन को बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा tha,uska मन कर रहा था की आज hi साले को जान से मार दू बूत उसने अपने आपको संभाला और कहा
Aryan(kartik)- तो क्या तू उस स प्यार नहीं करता.
अजय: अबे यार तुझे पता तो hai,m किसी से प्यार नहीं कर sakta,m तो उसकी गांड का दीवाना hu,sali बहुत ऐटिटूड दिखती थी न आज उसका सारा घमंड तोड़ दूंगा.
Ajay(kartik): चल ठीक है म कॉल कट करता हु.
अजय: ok
और आर्यन ने कॉल कट करदी. उसे उस वक़्त इतना गुस्सा आया हुआ था की वो सड़क पर इधर से उधर चक्कर काट रहा था.
"Saale,haramzade. तू मेरी बहिन को छोड़ना तो दूर उसकी तरफ आँख भी उठा कर नहीं देख सकता. तूने बहुत बड़ी गलती करदी है आशु के बारे मई ये सब सोच ke,is गलती का अंजाम तो तुझे भुगतना hi पड़ेगा मेरे भाई". अजय ने खुद से कहा और मुस्कुराने लगा.
असल मई हुआ ये था की जब आर्यन को अजय के बारे मई पता करना था तो उसे एक आईडिया आया. अजय का एक जिगरी यार था कार्तिक. दोनों सारे काण्ड साथ साथ करते थे जैसे दारु peena,ladki छोड़ना. तो आर्यन ने सोचा की एक बार कार्तिक का नाम लेकर उस से बात करता हु. उसने उसे सब कुछ बता रखा होगा ,लेकिन वो मेरी आवाज़ पहचान लेगा तब उसे ये आईडिया आया और उसने बाइक स्टार्ट करके उसे ये शो कराया जैसे की वो ट्रैफिक मई hai,aur उसे पता न चले की म कोण हु और उसका ये प्लान काम कर gaya,usne वो सब बाते रिकॉर्ड कर्ली थी. 12 बज चुके थे वो कॉलेज गेट की तरफ एकटक देखे जा रहा था की कब आशु बहार आएगी. कुछ टाइम बाद उसे आशु आती हुई दिखाई दी. वो गेट के बहार कड़ी होकर शायद किसी ऑटो का वेट कर रही थी. आर्यन ने बाइक स्टार्ट की और ले जाकर उसके सामने रोकड़ी. आर्यन को अपने सामने देख आशु बुरी तरह से घबरा गयी.
आशु: tu..tu..ya..yaha..kyaa..kar.. रहा है.
आर्यन: क्या हुआ तू इतनी क्यों घबरा गयी है जैसे तुझे म भूत नज़र आता हु.
आशु खुद को संभालती हुई बोली-
"Nahi...nahi to,bas म तुझे यहाँ एक्सपेक्ट नहीं कर रही thi,tu तो कॉलेज गया था न".
आर्यन थोड़ा स्माइल करता हुआ बोलै- " बस इधर से निकल रहा था तो तू यहाँ कड़ी हुई दिख गयी तो पूछने आ गया की कहा जा रही है".
आशु घबरा जाती है-" wo..wo मई अपनी दोस्त के घर जा रही hi".
आर्यन: चल म छोड़ देता हु तुझे.
आशु: नहीं मई खुद चली जाउंगी.
आर्यन ने सोचा की उसे खुल कर बात करनी hi पड़ेगी उससे
आर्यन: तेरी फ्रेंड का नाम अजय तो नहीं है न.
ये सुनकर आशु एक डैम शॉकेड हो जाती है. और हकलाती हुई कहती hai-"kkk...kya..bakkk...bakwas कर रहा है तू.
आर्यन ने देखा की सब उन्हें hi देख रहे है तो उसने उसे बाइक पर बैठने को बोलै. आशु ने कुछ कहना चाहा बूत फिर वो बाइक पर बेथ गयी. आशु ने बाइक दौड़ाई और थोड़ी दूर पर एक पार्क मई बाइक घुसा दी. आर्यन ने बाइक रोकी और आशु को लेकर एक पेड़ के पास आ गया जिसके नीचे बेंच राखी हुई थी. अब तक आशु ने कुछ नहीं कहा था वो घबरा रही thi.aryan उसके सामने बैठा और कहा-
आर्यन: देख आशु मुझे तुझसे बात करनी hai,but पहले तो तू बिलकुल भी घबरा मत और जो मई पुछु मुझे सच सच बता.
आर्यन: तू कहा जा रही थी.
आशु: बताया ने मेने अपनी दोस्त के घर जा रही थी.
आशु ने धीरे से जवाब दिया.
आर्यन: ok,phone लगा अपनी दोस्त के paas,m भी तो देखु कोनसी दोस्त है वो तेरी. Ashu,mujhe सब पता है तू कहा जा रही थी और kyu,mujhe पागल बनाना बंद कर.
आशु: ky..kya पता है.
आशु कन्फर्म करना चाहती थी की आर्यन को सच मई hi कुछ पता है क्या.
आर्यन: ये hi की तू अजय से मिलने होटल जा रही थी और मुझे ये बताने की जरुरत नहीं है की तू वह क्यों जा रही थी.
आशु ये सुनकर सर झुका कर बेथ गयी और रोने लगी. आर्यन को उसपर बहुत प्यार आ रहा था वो उसे चुप करना चाहता था बूत उसने की नहीं उसे ठोकर लगने देता हु की इस दुनिया मई प्यार व्यार कुछ नहीं है सिर्फ हवस है.
आर्यन: मुझे तुझसे कुछ नहीं kehna,lekin इतना तो जान ले की जिसके कहने पर तू आज अपनी मान मर्यादा तक भूल गयी hai,wo तेरे बारे मई क्या सोचता है.
और आर्यन ने वो रिकॉर्डिंग चला कर आशु के हाथो मई दे दी. जैसे जैसे वो रिकॉर्डिंग सुनती रही उसका शरीर बेजान सा होता raha,wo सुन्न सी हो गयी और मोबाइल भी हाथ से छूटकर गिर गया. और आशु वही बैठे बैठे जोर जोर से रोने लगी. आर्यन ने उसके सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए उसे चुप होने को कहा.
आर्यन: आशु चुप होजा. कुछ नहीं हुआ है. सब ठीक तो है न
आशु रट हुए बोली- nahi,sab ठीक नहीं है म उस कुत्ते की बातो म कैसे आ gayi,usne अपनी बहिन की साथ hi ये सब करने की कोसिस की. म तो किसी से आंख मिलाने के काबिल भी नहीं होती आज.
और वो फिर से रोने लगी.
आर्यन: चुप हो जा na,kyu रो रही है tu,life मई ऐसे इंसिडेंट होते रहते hai,is तरह रोने से कुछ हासिल नहीं hoga,bahadur बनो ताकि कभी ऐसा मौका आये hi न.
आशु: तूने किसी को बताया तो नहीं है.
आशु ने रट हुए उस से पूछा.
आर्यन ने उसे प्यार से समझते हुए कहा-: आशु तू पागल हो गयी है kya,m क्यों किसी को बताऊंगा ,तू तो हमारी जान है.
आशु ने ये सुनकर आर्यन को गले से लगे लिया और बोली-
आशु: ठंकु bhai,tune मुझे बचा लिया वर्ण पता नहीं मेरे साथ क्या क्या होता.
आर्यन: बस कर ab,chal घर चलते hai,apne आँशु पूछ और मुँह धोकर आ.
आशु चुप हो गयी और पास hi लगी तप पर मुँह धोने चली गयी. आर्यन उसे मुँह धोते हुए देख रहा था और खुद से बोलै-" आशु तू इतनी समझदार होते हुए भी उसकी बातो मई कैसे आ gayi,puchhu उस से या नहीं. नहीं अभी नहीं पूछता अभी उसका मूड भी ऑफ है फिर पूछूंगा".
आशु मुँह धोकर आयी तो उसका फ़ोन बजने लगा. अजय का कॉल tha,Ashu के चेहरे पर गुस्से के भाव आ gaye,Aryan ने ये देखा तो उसने मोब लेकर कॉल पिक की.
अजय: कहा हो यार tum,m कब से वेट कर रहा हु तुम्हारा.
Aryan(gusse म): साले बस, अगर आज के बाद तूने आशु के पास कॉल की न तो तुझे जान से मार दूंगा. और अगर इतनी hi आग है न तो अपनी बहिन को छोड़ ले जाकर.
अजय आर्यन की आवाज़ सुनकर घबरा गया और कॉल कट करदी. आशु आर्यन को देख रही थी की उसे कितना गुस्सा आ रहा है. आर्यन ने उसकी और देखा और नार्मल होते हुए उसे घर चलने को kaha,wo दोनों वह से घर के लिए निकल गए.