- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 146,277
अपडेट 61
अतुल Uncle...Atul अंकल
एक बच्चे की आवाज पुरे घर में gunja...Dhire धीरे घर की सभी सदस्य हॉल में जमा हो गए.
कुछ देर सोचने के बाद अतुल समझ गया की ये गौरव का बीटा है.
दादी, दादा अतुल अंकल आ गए.
इसी तरह वो बच्चा सभी से यही बात कह रहा tha...Uski मासूम बातें सुन कर अतुल की चेहरे में मुस्कान आ गया.
एक नजर सभी को देखा अतुल ne...Apne पापा, भैया और भाभी को देखते hi मुंह फेर liya...Maa पर नजर पड़ते hi नजरे वही थम गए.
आँखों के जरिये दिल को एक सुकून सा mila...Aankho में आंसू और ख़ुशी का कोई ठिकाना nahi...Atul का वही हाल था जैसे एक छोटे बच्चे का अपने माँ से बहुत दिनों के बाद मिलने पर होता है.
अतुल अपने माँ के पास गया.
ा. माँ:- तू तो गायब hi हो गया? एक बार भी हम सब का ख्याल नहीं आया?
अतुल:- Maa...Aapko और दीदी की तो हमेशा याद करता hu...Dur रहने की दर्द तो मुझे भी होता hai...Lekin क्या करू ये सेहर से जैसे नफरत सी हो गयी है.
ा. माँ:- कैसा hai...Apna ख्याल भी नहीं रखता?
अतुल की माँ अतुल की लम्बे लम्बे बाल पकड़ती हुई बोली.
अतुल:- ठीक हु माँ.
(इन हिज मंद) किसी तरह जी रहा हु.
ा. माँ:- झूठ बोलना अभी भी नहीं sikha...Kya ठीक hai...Itna दुबले पतला हो गया hai...Thik से खाना भी नहीं खता होगा तू.
अतुल कुछ जवाब देता उससे पहले hi उसकी भाभी बोल पड़ी. "इतना मोठे तो है देवर ji...Aapko दुबला पतला कैसे दिख रहे है."
अतुल ने जवाब में ऐसा घुरा की उसका होश बिलकुल hi उड़द gaya...Kuch बोलने की जरुरत नहीं pada...Aankho में hi इतना नफरत था की सामने वाला दर कर कांपने में मजबूर हो जाता.
ा. माँ:- मई भी बातो में hi उलझ gayi...Tu आराम kar...Mai लंच बना कर लाती हु.
इतना कह कर वो लंच बनाने चली गयी.
Hello अंकल.
इस मासूम सी आवाज ने अतुल का गुस्सा को पिघला दिया.
अतुल:- Hello beta...Kya नाम है तुम्हारा?
आरव
अतुल:- बहुत प्यारा नाम है.
आरव:- थैंक यू अंकल.
अतुल:- अच्छा ये बताओ Aarav...Tum मुझे कैसे जानते हो.
आरव:- दादी ने बताया था आपके बारे me...Aap बहुत बड़े डॉक्टर hai...Aur Uncle...Mai भी बड़ा हो कर डॉक्टर बनूँगा.
अतुल:- बहुत अच्छा beta...Lekin इसके लिए तुम्हे बहुत पढ़ना पड़ेगा.
आरव:- Padhunga...Abhi से पढ़ रहा hu...Aapki बुक्स भी पढ़ रहा हु लेकिन मच समझ में नहीं आ रहा hai...Aap मुझे पढ़ाएंगे ना?
आरव की इस बात पर अतुल को हंसी आ गया.
अतुल:- जरूर padhaunga...Ye bataao...Tum डॉक्टर क्यों बनना चाहते हो?
आरव:- वो हमारे क्लास में मैडम है? बहुत होमवर्क देती hai...Nahi करने प् मारती hai...Mai बड़ा हो कर डॉक्टर banunga...Aur उनको इंजेक्शन लगा dunga...Tab पता चलेगा दर्द क्या होता है.
आरव की इस मासूम बात पर अतुल के साथ साथ सभी की हंसी छूट गया.
अतुल:- आरव अब्ब जाओ khelo...Shaam में हम ice-cream खाने चलेंगे.
आरव:- थैंक यू अंकल.
फिर आरव झूमता हुआ वह से खेलने चला गया.
अतुल भी अपने माँ से दी की रूम पूछ कर मिलने जाने लगा.
गौरव:- अतुल.
अतुल वस् वही रुक gaya...Picche मुद कर दुख भी नहीं.
गौरव:- कुछ बात करनी है.
अतुल:- लेकिन मुझे नहीं करना है.
गौरव:- लेकिन सुन्न तो.
अब्ब अतुल का गुस्से पर कोई कण्ट्रोल नहीं tha...Gaurav के पास जा कर.
अतुल:- क्या सुनु? बोल न? क्या सुनु?
अतुल गुस्से में बोलता चला gaya...Gaurav को भी लगा ये सही वक्त नहीं है अतुल से बात करने के लिए.
अतुल:- तू sunn...Aur कान खोल कर sunn...Abb तेरा एक बीटा भी hai...Aur मई नहीं चाहता की एक बाप अपने hi बेटे के सामने पिट जाए या फिर उसकी बेइज़्ज़ती हो.
माफ़ तो पहले भी नहीं किया था और ना hi कभी karunga...Lekin अब्ब जान से मारना भी पड़े तो पीछे नहीं हटूंगा.
इतना कह कर अतुल वह से जाने laga...Fir एक बात याद आया.
अतुल:- बीटा बहुत अच्छा है tera...Accha हुआ की तेरा कोई भी गुण नहीं है usme...Aur एक सलाह देता हु अपने जैसे कभी मत बनाना.
फिर अतुल दी की रूम में चला gaya...Andar की जो हालत था उससे देख अतुल को विश्वाश hi नहीं हुआ.
अतुल:- (इन हिज मंद) ये कैसे हो सकता hai...Ye ये ये नहीं हो सकता.
जोर से चिल्ला कर.
अतुल:- दी.
Hello. डॉ. समीर.
समीर here...But हु इस तेरे?
मई निशा.
निशा को समीर की बात आज बहुत अजीब लग रहा था.
समीर:- कौन निशा? ओह्ह अच्छा याद aaya...Tum तुम वही हो ना जो मुझे मेडिकल एथिक्स और ह्यूमैनिटी का लेक्चर दे रही thi...Tumhara लेक्चर वैसे बहुत सही था.
निशा:- है मई वही hu...Lekin आपकी आवाज को क्या हुआ है?
समीर:- ी ऍम drunk...Nashe में हु mai...Aaj मेरा ऑफ डे hai...So आज चिल कर रहा हु.
बोलिये डॉ. क्या बात है? आज भी कोई लेक्चर देना है क्या? आज के दिन तो जीने dijiye...Please.
समीर ऐसे hi बाद बड़ा रहा था फ़ोन में.
निशा:- व्हाट?
समीर:- क्या हुआ? आप तो शॉकेड हो गयी? बोलिये क्या बात है?
निशा को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...Itna इमरजेंसी केस है और समीर नशे की हालत में hai...Wo बात को सुन भी नहीं रहा tha...Bas ऐसे hi बड़बड़ा रहा था नशे में.
निशा:- सर एक इमरजेंसी केस है.
समीर:- वो तो रोज होता hai...Kuch नया कहो.
निशा:- डॉ. थिस इस नॉट ा joke...Please समझने की कोशिश कीजिये.
समीर:- Hmm...Bolo.
निशा:- सर एक सर्जरी करना hai...Emergency है ... प्लीज आप हॉस्पिटल आ जाइये.
समीर:- बाकी की सर्जन को क्या हो gaya...Unhe bolo...Muft की रोटी खाने आते है saale...Salary लेते है लेकिन काम से दूर भागते है नालायक.
निशा:- नहीं sir...Wo सब तरय कर चुके hai...Lekin उनसे नहीं हो पा रहा hai...Wo कहते है या तो पेशेंट को रेफेर करना padega...Yaa फिर आप hi कर सकते है सर्जरी.
समीर:- लेकिन मई kaise...Mai तो नशे में hu...Kaatna कुछ है और काट कुछ और hi दूंगा.
निशा फ़ोन रख देती है.
फिर 2 मं में hi निशा का फ़ोन आता है समीर को.
समीर:- अब्ब क्या गाली देने के लिए फ़ोन कर रही ho...You अरे इर्रेस्पोंसिबले doctor...Aap को नशे में नहीं होना chaahiye...Yaa फिर कोई और लेक्चर.
लेट में से something...Aaj मैंने कुछ गलत नहीं kiya...Aaj मेरा छूती hai...Ye मेरा दिन hai...Aaj एन्जॉय करने का पूरा हक़ है mera...Aaj मैंने कोई गलती नहीं किया है.
समीर नशे की हालत में बक बक कर hi रहा था.
निशा:- बस बस sir...Maine ये करने के लिए फ़ोन किया था की बाकी के सर्जन कह रहे थे की आप जितने भी नशे में क्यों ना हो सर्जरी में मिस्टेक नहीं करते.
प्लीज सर जल्दी से हॉस्पिटल आ jaaiye...Kisi की जिंदगी की सवाल है.
समीर:- ये एथिक्स के खिलाफ नहीं hai...Uss दिन तो बहुत लेक्चर दे रही थी तुम.
निशा:- प्लीज sir...Ye किसी की जिंदगी की सवाल hai...Aap प्लीज हॉस्पिटल आ जाइये.
समीर:- नहीं मई हॉस्पिटल नहीं aaunga...Tum पेशेंट को लेकर मेरे क्लिनिक में आओ...5 मिनट दूर है हॉस्पिटल se...Address मई सेंड कर रहा हु.
निशा:- (इन हेर मंद) क्लिनिक me...Paise के लिए कुछ भी karega...Huh.
हॉस्पिटल में क्या प्रॉब्लम है सर.
समीर:- डोंट worry...Aaj पैसे के लिए नहीं बुला रहा हु क्लिनिक में जैसे तुम समझ रही ho...Hospital में किसी ने मुझे इस हालत में देख लिया तो लीगल केस हो सकता है.
क्लिनिक में चांस काम hai...Waise भी मई ऐसे इलीगल सर्जरी तो नहीं karta...Lekin किसी की जिंदगी की सवाल है इसलिए.
फिर समीर एड्रेस सेंत कर देता है मैसेज में.
और वो खुद को सर्जरी के लिए खुद को तैयार करने लगा.
अतुल Uncle...Atul अंकल
एक बच्चे की आवाज पुरे घर में gunja...Dhire धीरे घर की सभी सदस्य हॉल में जमा हो गए.
कुछ देर सोचने के बाद अतुल समझ गया की ये गौरव का बीटा है.
दादी, दादा अतुल अंकल आ गए.
इसी तरह वो बच्चा सभी से यही बात कह रहा tha...Uski मासूम बातें सुन कर अतुल की चेहरे में मुस्कान आ गया.
एक नजर सभी को देखा अतुल ne...Apne पापा, भैया और भाभी को देखते hi मुंह फेर liya...Maa पर नजर पड़ते hi नजरे वही थम गए.
आँखों के जरिये दिल को एक सुकून सा mila...Aankho में आंसू और ख़ुशी का कोई ठिकाना nahi...Atul का वही हाल था जैसे एक छोटे बच्चे का अपने माँ से बहुत दिनों के बाद मिलने पर होता है.
अतुल अपने माँ के पास गया.
ा. माँ:- तू तो गायब hi हो गया? एक बार भी हम सब का ख्याल नहीं आया?
अतुल:- Maa...Aapko और दीदी की तो हमेशा याद करता hu...Dur रहने की दर्द तो मुझे भी होता hai...Lekin क्या करू ये सेहर से जैसे नफरत सी हो गयी है.
ा. माँ:- कैसा hai...Apna ख्याल भी नहीं रखता?
अतुल की माँ अतुल की लम्बे लम्बे बाल पकड़ती हुई बोली.
अतुल:- ठीक हु माँ.
(इन हिज मंद) किसी तरह जी रहा हु.
ा. माँ:- झूठ बोलना अभी भी नहीं sikha...Kya ठीक hai...Itna दुबले पतला हो गया hai...Thik से खाना भी नहीं खता होगा तू.
अतुल कुछ जवाब देता उससे पहले hi उसकी भाभी बोल पड़ी. "इतना मोठे तो है देवर ji...Aapko दुबला पतला कैसे दिख रहे है."
अतुल ने जवाब में ऐसा घुरा की उसका होश बिलकुल hi उड़द gaya...Kuch बोलने की जरुरत नहीं pada...Aankho में hi इतना नफरत था की सामने वाला दर कर कांपने में मजबूर हो जाता.
ा. माँ:- मई भी बातो में hi उलझ gayi...Tu आराम kar...Mai लंच बना कर लाती हु.
इतना कह कर वो लंच बनाने चली गयी.
Hello अंकल.
इस मासूम सी आवाज ने अतुल का गुस्सा को पिघला दिया.
अतुल:- Hello beta...Kya नाम है तुम्हारा?
आरव
अतुल:- बहुत प्यारा नाम है.
आरव:- थैंक यू अंकल.
अतुल:- अच्छा ये बताओ Aarav...Tum मुझे कैसे जानते हो.
आरव:- दादी ने बताया था आपके बारे me...Aap बहुत बड़े डॉक्टर hai...Aur Uncle...Mai भी बड़ा हो कर डॉक्टर बनूँगा.
अतुल:- बहुत अच्छा beta...Lekin इसके लिए तुम्हे बहुत पढ़ना पड़ेगा.
आरव:- Padhunga...Abhi से पढ़ रहा hu...Aapki बुक्स भी पढ़ रहा हु लेकिन मच समझ में नहीं आ रहा hai...Aap मुझे पढ़ाएंगे ना?
आरव की इस बात पर अतुल को हंसी आ गया.
अतुल:- जरूर padhaunga...Ye bataao...Tum डॉक्टर क्यों बनना चाहते हो?
आरव:- वो हमारे क्लास में मैडम है? बहुत होमवर्क देती hai...Nahi करने प् मारती hai...Mai बड़ा हो कर डॉक्टर banunga...Aur उनको इंजेक्शन लगा dunga...Tab पता चलेगा दर्द क्या होता है.
आरव की इस मासूम बात पर अतुल के साथ साथ सभी की हंसी छूट गया.
अतुल:- आरव अब्ब जाओ khelo...Shaam में हम ice-cream खाने चलेंगे.
आरव:- थैंक यू अंकल.
फिर आरव झूमता हुआ वह से खेलने चला गया.
अतुल भी अपने माँ से दी की रूम पूछ कर मिलने जाने लगा.
गौरव:- अतुल.
अतुल वस् वही रुक gaya...Picche मुद कर दुख भी नहीं.
गौरव:- कुछ बात करनी है.
अतुल:- लेकिन मुझे नहीं करना है.
गौरव:- लेकिन सुन्न तो.
अब्ब अतुल का गुस्से पर कोई कण्ट्रोल नहीं tha...Gaurav के पास जा कर.
अतुल:- क्या सुनु? बोल न? क्या सुनु?
अतुल गुस्से में बोलता चला gaya...Gaurav को भी लगा ये सही वक्त नहीं है अतुल से बात करने के लिए.
अतुल:- तू sunn...Aur कान खोल कर sunn...Abb तेरा एक बीटा भी hai...Aur मई नहीं चाहता की एक बाप अपने hi बेटे के सामने पिट जाए या फिर उसकी बेइज़्ज़ती हो.
माफ़ तो पहले भी नहीं किया था और ना hi कभी karunga...Lekin अब्ब जान से मारना भी पड़े तो पीछे नहीं हटूंगा.
इतना कह कर अतुल वह से जाने laga...Fir एक बात याद आया.
अतुल:- बीटा बहुत अच्छा है tera...Accha हुआ की तेरा कोई भी गुण नहीं है usme...Aur एक सलाह देता हु अपने जैसे कभी मत बनाना.
फिर अतुल दी की रूम में चला gaya...Andar की जो हालत था उससे देख अतुल को विश्वाश hi नहीं हुआ.
अतुल:- (इन हिज मंद) ये कैसे हो सकता hai...Ye ये ये नहीं हो सकता.
जोर से चिल्ला कर.
अतुल:- दी.
Hello. डॉ. समीर.
समीर here...But हु इस तेरे?
मई निशा.
निशा को समीर की बात आज बहुत अजीब लग रहा था.
समीर:- कौन निशा? ओह्ह अच्छा याद aaya...Tum तुम वही हो ना जो मुझे मेडिकल एथिक्स और ह्यूमैनिटी का लेक्चर दे रही thi...Tumhara लेक्चर वैसे बहुत सही था.
निशा:- है मई वही hu...Lekin आपकी आवाज को क्या हुआ है?
समीर:- ी ऍम drunk...Nashe में हु mai...Aaj मेरा ऑफ डे hai...So आज चिल कर रहा हु.
बोलिये डॉ. क्या बात है? आज भी कोई लेक्चर देना है क्या? आज के दिन तो जीने dijiye...Please.
समीर ऐसे hi बाद बड़ा रहा था फ़ोन में.
निशा:- व्हाट?
समीर:- क्या हुआ? आप तो शॉकेड हो गयी? बोलिये क्या बात है?
निशा को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...Itna इमरजेंसी केस है और समीर नशे की हालत में hai...Wo बात को सुन भी नहीं रहा tha...Bas ऐसे hi बड़बड़ा रहा था नशे में.
निशा:- सर एक इमरजेंसी केस है.
समीर:- वो तो रोज होता hai...Kuch नया कहो.
निशा:- डॉ. थिस इस नॉट ा joke...Please समझने की कोशिश कीजिये.
समीर:- Hmm...Bolo.
निशा:- सर एक सर्जरी करना hai...Emergency है ... प्लीज आप हॉस्पिटल आ जाइये.
समीर:- बाकी की सर्जन को क्या हो gaya...Unhe bolo...Muft की रोटी खाने आते है saale...Salary लेते है लेकिन काम से दूर भागते है नालायक.
निशा:- नहीं sir...Wo सब तरय कर चुके hai...Lekin उनसे नहीं हो पा रहा hai...Wo कहते है या तो पेशेंट को रेफेर करना padega...Yaa फिर आप hi कर सकते है सर्जरी.
समीर:- लेकिन मई kaise...Mai तो नशे में hu...Kaatna कुछ है और काट कुछ और hi दूंगा.
निशा फ़ोन रख देती है.
फिर 2 मं में hi निशा का फ़ोन आता है समीर को.
समीर:- अब्ब क्या गाली देने के लिए फ़ोन कर रही ho...You अरे इर्रेस्पोंसिबले doctor...Aap को नशे में नहीं होना chaahiye...Yaa फिर कोई और लेक्चर.
लेट में से something...Aaj मैंने कुछ गलत नहीं kiya...Aaj मेरा छूती hai...Ye मेरा दिन hai...Aaj एन्जॉय करने का पूरा हक़ है mera...Aaj मैंने कोई गलती नहीं किया है.
समीर नशे की हालत में बक बक कर hi रहा था.
निशा:- बस बस sir...Maine ये करने के लिए फ़ोन किया था की बाकी के सर्जन कह रहे थे की आप जितने भी नशे में क्यों ना हो सर्जरी में मिस्टेक नहीं करते.
प्लीज सर जल्दी से हॉस्पिटल आ jaaiye...Kisi की जिंदगी की सवाल है.
समीर:- ये एथिक्स के खिलाफ नहीं hai...Uss दिन तो बहुत लेक्चर दे रही थी तुम.
निशा:- प्लीज sir...Ye किसी की जिंदगी की सवाल hai...Aap प्लीज हॉस्पिटल आ जाइये.
समीर:- नहीं मई हॉस्पिटल नहीं aaunga...Tum पेशेंट को लेकर मेरे क्लिनिक में आओ...5 मिनट दूर है हॉस्पिटल se...Address मई सेंड कर रहा हु.
निशा:- (इन हेर मंद) क्लिनिक me...Paise के लिए कुछ भी karega...Huh.
हॉस्पिटल में क्या प्रॉब्लम है सर.
समीर:- डोंट worry...Aaj पैसे के लिए नहीं बुला रहा हु क्लिनिक में जैसे तुम समझ रही ho...Hospital में किसी ने मुझे इस हालत में देख लिया तो लीगल केस हो सकता है.
क्लिनिक में चांस काम hai...Waise भी मई ऐसे इलीगल सर्जरी तो नहीं karta...Lekin किसी की जिंदगी की सवाल है इसलिए.
फिर समीर एड्रेस सेंत कर देता है मैसेज में.
और वो खुद को सर्जरी के लिए खुद को तैयार करने लगा.