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- Dec 5, 2013
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माधुरी लाइट पिंक तरफर्मेंट साड़ी और डीप नाक बिकनी ब्लाउज पहन कर नेताजी को रिझाने पहोच चुकी थी. माधुरी सेक्सी बम बन कर आई थी. खुबशुरत फेस पे कानो में झुमके और लाइट मेकअप में माधुरी को जो देखता वो देखता hi रहे जाता. माधुरी ने जीप नेताजी के गेट में अंदर क्रॉस किया तो वॉचमन का मुँह खुला hi रहे गया.
माधुरी अपनी सेक्सी कमर को मटकते हुए अंदर आई. अंदर देखा नेताजी. पतला और कला जिसे कोई औरत गलती से देखना भी पसंद न करे ऐसे फेस वाला अपने मोबाईल में माधुरी की खींची पिक्स को देख देख के सोफे पे बैठा पाजामे से hi अपना लैंड मशाल रहा था.
माधुरी वह पहोची और अपनी सुरीली आवाज में बस इतना hi वाली.
माधुरी ; नमस्ते नेताजी.
माधुरी की सुरीली आवाज जब नेता के कण में जैसे घुल गई हो. वो सर उठा के माधुरी को देखता हे तो उसके होश उड़द गए. माधुरी स्माइल लरते हुए उसे hi देख रही थी. नेताजी माधुरी को ऊपर से निचे तक देखते हे. माधुरी इतनी हॉट लग रही थी. उसकी पर दर्शी साड़ी में से उसकी नाभि और पेट तक आर पर दिख रहा था.
माधुरी को देखते hi नेताजी खड़ा हुआ और माधुरी के करीब जाने लगा. माधुरी उसे देख कर अब भी स्माइल कर रही थी. नेताजी माधुरी के पास पहोच गया और माधुरी को नज़दीक से अपनी गन्दी नजरो से ताड़ने लगा. माधुरी भी अपने हुशन का जल फेकती हे. वो बड़े नज़ाकत से शर्माने का नाटक करती हे.
माधुरी ; ऐसे क्या देख रहे हो नेताजी.?
माधुरी ने अपनी सुरीली आवाज में लाहा. माधुरी की बनावट और उसका कातिल फिगर उसकी आवाज और माधुरी की नज़ाकत को देख कर नेताजी का लैंड खड़ा हो गया.
नेताजी ; रे रे रे मेरी जान कब से मेरा जीना हराम कर रखा हे.
नेताजी माधुरी को एक बार बहो में भरता हे और माधुरी के गलो को चूमने लगा. नेताजी उसके गलो को अपने मुँह में भर लेता हे और गलो पे अपनी जीभ घूमने लगा. जब नेताजी ने अपने मुँह से माधुरी के गलो को चूमा. माधुरी के लिप्स का किनारा भी नेताजी के मुँह में आ गया.
नेताजी ; अम्म्म क्या कहती हे तू ओह हो हो.
माधुरी ने नेता को धक्का दिया
माधुरी ; छोड़िये न अभी तो सिर्फ घर में आई hi हु और मेरे जैसी पारी को आप नोचने लगे.
माधुरी ऐसा बोलके शर्माने लगी. माधुरी स्माइल करते हुए निचे देखने लगी.
माधुरी की ऐसी अदाओ से नेताजी और पागल हो गया.
नेताजी ; अच्छा चलो जल्दी बैडरूम में.
माधुरी ; नहीं अभी नहीं. अभी तो शैतान शब् ने बुलाया हे. में तो बस आप का डिल रखने के लिए आई थी.
नेताजी ; तो मेरी प्यास कब भुझेगी???
माधुरी ; (स्माइल कातिल) रत 11 बज.
नेताजी ने माधुरी की पतली कलाई पकड़ी और पाजामे के ऊपर से hi अपने तने हुए लैंड पे रख दिया. माधुरी ने पहले हाथ छुड़ाने की झूठी एक्टिंग की. जो नेताही को और पागल कर रही थी.
नेताजी ; ससस मेरी रानी बस पकड़ तो सही.
माधुरी ; अह्ह्ह ससस ये तो बहोत बड़ा हे.
माधुरी ऐसे बोलती हे जैसे पहेली बार किसी गैर मर्द को उसने छुआ हो. वो नहीं जनता था. माधुरी बड़े बड़े ले चुकी हे पर माधुरी ने उसका लैंड पकड़ लिया. माधुरी की हरकत से नेताजी की हालत ज्यादा ख़राब हो गई. माधुरी ने भी महसूस किया की नेता ने अंदर कच्चा तक नहीं पहना अंदर.
नेताजी ; ऋ एक बार अपने सीने से ये पल्लू हटा अपने ये रसीले आम दिखा दे.
माधुरी शर्माने की एक्टिंग करते हुए बोली.
माधुरी ; नहीं मुझे शर्म आती हे.
माधुरी की आवाज और उसकी अदाए इतनी मादक थी के नेताजी को वो इस वक्त गांड भी चाटने को बोलो तो वो न नहीं कहता
नेताजी ; ससस रे वो साला शैतान के पास जाएगी कुछ तो दिखा तो में तेरा इंतजार तो कर लू.
माधुरी नेताजी की आँखों में देखती रही. नेताजी की नजरे माधुरी के बूब्स पे hi थी. जो माधुरी की पर दर्शी साड़ी में से आर पर दिखाई दे रहे थे. नेताजी मुँह ताड़े उसी को देख रहे थे.
नेताजी की शकल देख कर माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी ने कुछ नहीं किया तो नेताजी माधुरी के फेस को देखने लगे. माधुरी ने भी अपना हाथ अपनी साड़ी के पल्लू पे तो रख hi दिया था. वो बस नेताजी को स्माइल करते हुए देखे जा रही थी.
नेताजी ; रे दिखा दे सससस.
नेताजी ने पाजामे में हाथ दाल कर अपने लैंड को सख्ती से पकड़ लिया माधुरी ने आहिस्ता से अपना पल्लू पकड़ा और धीरे से गिरा दिया. नेताजी ने जब माधुरी के फुले हुए गोल 34 के बूब्स देखे जो आधे से ज्यादा ब्लाउज के बहार थे. नेताजी की पिचकारी पाजामे में hi छूट गई. माधुरी ने भी वो देखा और जोरो से हस्ती हुई वह से भागने लगी. माधुरी हस्ते हुए जीप में बैठ गई. उसने जीप वह से निकली तो वह का वॉचमन पे नजर गई तो एक मिनिट वो रुक गई.
वो वॉचमन काँटी था. जब माधुरी ने 1 सत मर्डर किया तब मुंबई के उस होटल में वो लिफ्ट मन था. माधुरी ने गेट पे जीप रोकी. वो भागते हुए माधुरी के पास आया.
काँटी ; (बिग स्माइल) मेडम पहचाना???
माधुरी ; है काँटी जब आई तो तुम पे ध्यान hi नहीं दिया पर अभी तुम याद आ गए.
काँटी ; मेडम आप आए में तो आप को देखते hi पहचान गया था.
माधुरी ने अपना पर्श खोला और 500 का नोट निकल कर काँटी की ऊपर वाली जेब में दाल दिया.
काँटी ; अरे मेडम इसकी क्या जरुरत थी.
माधुरी ने काँटी का शर्ट पकड़ा और अपनी तरफ खींचा और उसके गाल पे किश कर दिया.
काँटी के फेस पे उसकी ख़ुशी साफ दिखाई दे रही थी. उसने अपने गाल पे ऊँगली दिखते हुए कहा.
काँटी ; मेडम ये दिया तो इस 500 के नोट की भी जरुरत नहीं.
माधुरी काँटी की बातो से खुश हो gai.Madhuri ने काँटी के सर पे हाथ रखा और मशाल दिया. और जीप लेकर बहार चली गई. काँटी स्माइल करते हुए माधुरी को देखता hi रहा.
वही नेताजी जब माधुरी से ने मटक्का कर रहे थे उसी वक्त उसकी बेटी मोनी बाथरूम से टॉवल में निकल कर नास्ते पे टूट पड़ी.
वेटर ; मेडम और कुछ लौ???
मोनी को ये आवाज कुछ जनि पहचानी लगती हे. वो सर ऊपर उठती हे तो वेटर के ड्रेस में तिगर खड़ा था.
मोनी ; सेंटा!!!!!
मोनी ; मेरा मतलब हे के तुम क्या सेंटा क्लोज हो जो सब ला डोज. जाओ सीढ़ियों पे.
मोनी ; मतलब सिडिया साफ करो.
तिगर जी मेडम.
तिगर वह से सीढ़ियों पे आ गया. वो समाज गया था की मोनी सीढ़ियों पे मिलने आएगी. मोनी जानती थी जो रास्ता टेरेस पे जाता हे वह का कक्तव कैमरा ख़राब हे. इस लिए मोनी ने वही बुलाया. मोनी अपने रूम में गई चेंज किया. और फिर सब से नजर बचते हुए मोनी सीढ़ियों के पास आई वो बिच सीढ़ियों में पहोची. अचानक से उसके पीछे से तिगर निकला. तिगर 2 सिडिया चढ़ के वो सीढ़ियों पे बैठ गया. दोनों की नजरे एक दूसरे की नजरो में खो गई. दोनों को फेस पे एक मोहक स्माइल थी.
तिगर ; बहोत खुबशुरत लग रही हो.
मोनी भी वही सीढ़ियों पे बैठ गई.
मोनी ने अपनी स्माइल को छुपाया और बोली.
मोनी ; बिना काम के तो तुम आए नहीं होंगे अब बताओ क्या काम करना हे मुझे????
तिगर एक मिनिट तक मोनी के दिकष चहेरे को देखता रहा. मोनी बहोत हॉट लग रही थी उन छोटे से कपड़ो में.
तिगर ; वैसे काम तो हे.
मोनी को दुःख हुआ उसे गुस्सा भी आया उसने अपना फेस तिगर से फेर लिया
मोनी डिल में सोच रही थी. सायद वो कोई काम से नहीं सिर्फ उस से मिलने आया होता. तिगर मोनी के डिल की बात समाज गया.
तिगर ; तुम मुझसे नाराज हो क्या.
मोनी ; काम न होता तो तुम मुझसे मिलने आते क्या?
मोनी ने ये बात तिगर की आँखों में देखते हुई कही. तिगर भी मोनी के फेस को एक तक देखता hi रहा. लेकिन मोनी भी सवालिया नजरो से तिगर को hi देख रही थी.
तिगर ; है काम तो हे. वैसे में ऊपर वाले से हर वक्त सिर्फ एक hi दुआ करना चाहूंगा.
हे ऊपर वाले मुझे सिर्फ काम होता हे तब hi में बहार निकल सकता हु तो मुझे बार बार मोनी के घर भेज उसी से मुझे बार बार काम पड़े ताकि में उसे बार बार देख सकू.
तिगर की बात से मोनी के फेस पे बहोत प्यारी स्माइल आ गई. तिगर भी मोनी की खुबशुरत टैंगो को hi देख रहा था. मोनी की आँखों में तिगर के लिए एक अजीब सी प्यास जग गई. वो सिर्फ तिगर को घूरती hi रही.
मोनी ; क्या तुम सच कहे रहे हो.
तिगर ; है बिलकुल तुम सोचती हो की काम हो कोई तो hi में तुम्हारे पास औ. लेकिन में चाहता हु की मुझे बार बार काम हो तुमसे ताकि में तुमसे प्यार करने के लिए मिल सकू.
तिगर ने मोनी की एक लम्बी सी तंग के पंजे को पकड़ा और पाव के अंगूठे समेत दो उंगलियों को मुँह में भर लिया. जिस से मोनी को अपनी बॉडी में एक कर्रेंट सा लगा मोनी को वो गुदगुदी बर्दाश नहीं हुई उसने अपनी तंग खींच ली और तिगर को बड़े प्यार से देखने लगी
मोनी ; बताओ क्या करना होगा???
तिगर ; मुझे वो साडी जानकारी चाहिए जो तुम्हारी शादी के लिए करेंगे की गई हे. सिर्फ महेमानो की लिस्ट से काम नहीं चलेगा.
मोनी ; फिर और क्या???
तिगर ; तुम अपने पापा के कंप्यूटर से सब कुछ चुराओ तुम जिस घर में हो उसका नक्शा ब्लू प्रिंट कहा क्या हे क्या मकशद हे उनका वो सब.
मोनी ; मन में तुमसे प्यार करती हु. पर क्या ये सब तुम कुछ ज्यादा तो नहीं मांग रहे वैसे भी पापा बहोत डेंगर हे वो अपने राजनितिक लाइफ में कुछ भी कर सकते हे. मेरे लिए ये बहोत बड़ा खतरा होगा.
तिगर ; अगर में तुम्हे अपनी पहचान बता दू. जो इस तिगर के पीछे में कोण हु तब.
मोनी खामोश रही वो कुछ बोल नहीं रही थी बस तिगर को देखे जा रही थी.
तिगर ; में दुश्मन नहीं हु दोस्त हु पर.
मोनी ; पर क्या???
तिगर ; तुम्हारी माँ ने कितने पशु पक्षियों की रक्षा की. उनके ंगो में आज भी बेजुबान पशु को पला जाता हे उनकी सेवा होती हे.
मोनी की माँ की बात की तो वो भावुक हो गई. एक अंशु तो उसकी आंख से निकल गया. जो मोनी ने अपनी एक ऊँगली से पोछा.
तिगर ; आज वो जिन्दा नहीं हे. पर तुम अपने पापा को भी जानती हो वो कैसे इन्शान हे.
मोनी ; में तुम्हारा काम कर दूंगी don't वैरी.
तिगर ; वो तो मुझे तुम पर भरोसा हे. तुम कुछ कर hi डौगी. अब तुम बताओ क्या चाहती हो???
मोनी के फेस पे स्माइल आ गई.
मोनी ; कुछ और मांगू तो आप डोज??
तिगर ; में चाहता हु तुम कुछ मानगो.
मोनी ; आज रत 11 बज तुम और में. मेरा प्यारा सा बैडरूम.
मोनी ऐसा बोल के सीढ़ियों पे hi पसारने लगी. अपनी टैंगो को आपस में रगड़ने लगी. आँखों में एक सेक्स का नशा सा छ गया.
तिगर ; मेरा वादा हे. आज रत तुम और में और नशीला शमा.
मोनी के फेस पे एक अलग सा भाव आ गया उसे अपनी दो टैंगो के बिच कुछ गिला सा महसूस हुआ.
तिगर ; क्या उस दिन तुम्हे अच्छा लगा था.
तिगर का सवाल मोनी ने सुना तो उसका फेस खुद जवाब दे रहा था वो बस तिगर को देखती hi रही.
मोनी ; मुझे बहोत अच्छा लगा आज रत में तुम्हारा इंतजार करुँगी.
तिगर धीरे धीरे वह से खड़ा हुआ और चले गया मोनी सिर्फ उसी को देखती रही जाते जाते तिगर मोनी को सिर्फ एक बात बोलै.
तिगर ; तुम्हारे पास सिर्फ 3 डेज हे. पर कोई भी काम तुमसे ज्यादा जरुरी नहीं. अपने आप को कोई भी खतरे में मत डालना.
तिगर चले गया मोनी को वैसे भी तिगर से प्यार हो चूका था. पर वो तिगर की आखरी बाटे सुनी तो वो प्यार और भी गहरा हो गया.
मोनी ; कोई तो हे इस दुनिया में जिसे मेरी परवाह हे.
माधुरी अपनी जीप को एक हाईवे पे लेजाकर कड़ी कर देती हे. उसके पास एक लम्बी सी कार आकर रुकी. माधुरी बिना कुछ सोचे समझे उस कार का दूर खोला ोे बैठ गई. कार आगे को चलने लगी. जब माधुरी ने स्माइल करते हुए बाजु में देखा वो शैतान था. माधुरी की कातिल स्माइल शैतान के डिल में एक हलचल मचा देती हे.
माधुरी खुद शैतान के सर के बल पकड़ कर एक जबरदस्त किश शैतान को कर देती हे.
माधुरी ; (स्माइल) तो देखि वीडियो कक तुम्हारी मौत का इंतजाम कर रहा हे.
शैतान ; वो कुछ करे उस से पहले मर दो उसे.
माधुरी ; इतनी जल्दी.???
शैतान ; है वैसे भी अब वो किसी काम का नहीं हे. और उसका बीटा भी. लेकिन तुम उसे मरोगी कैसे कुछ सोचना होगा.
माधुरी ; वो काम तो मेरा हे.
शैतान ; फिर भी में तुम पे hi भरोसा करता हु. कुछ तो बताओ???
माधुरी गाड़ी रोको.
शैतान ने अपनी कार रुकवा दी. माधुरी शैतान की आँखों में देखते हुए कार के दूर पे बोटों को प्रेस करती हे. माधुरी के पीछे धीरे धीरे मिरर निचे होने लगा. लेकिन जब मिरर निचे हुआ तो शैतान ने जिसे देखा तो शैतान के भी होश उड़द गए.
शैतान ने जिसे देखा वो सुरभि थी. माधुरी स्माइल करते हुए शैतान के फेस को hi देखती रही.
माधुरी ; क्या हुआ तुम्हारे होश क्यों उड़द गए.
शैतान एक बार फिर माधुरी के हस्ते हुए फेस को देखता हे फिर वापस सुरभि को विंडो से. सुरभि एक चमकीली साड़ी और स्टाइलिश ब्लाउज में बहोत सेक्सी लग रही थी. खुले बल हवाओ में उड़द रहे थे. सेक्सी आंखे और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.
माधुरी ; है है है. उड़द गए न होश.
शैतान माधुरी को देखता हे फिर सुरभि को. सुरभि आहिस्ता से लचकते हुए शैतान की आँखों में आंखे डेल उसकी तरफ बढ़ रही थी. शैतान की बाजार सुरभि से हैट टी hi नहीं.
सुरभि धीरे धीरे विंडो के पास आ गई.
सुरभि ; hello शैतान शब्.
सुरभि ने बहोत hi नशीली आवाज में शैतान से कहा.
सुरभि गोल घूम कर शैतान के दूर पे आई और दूर खोल कर शैतान के बगल में बैठ गई. शैतान के होश hi उड़द गए. उसके अगल बगल दो कातिल हसीना थी. माधुरी और सुरभि.
माधुरी ;
माधुरी अपनी सेक्सी कमर को मटकते हुए अंदर आई. अंदर देखा नेताजी. पतला और कला जिसे कोई औरत गलती से देखना भी पसंद न करे ऐसे फेस वाला अपने मोबाईल में माधुरी की खींची पिक्स को देख देख के सोफे पे बैठा पाजामे से hi अपना लैंड मशाल रहा था.
माधुरी वह पहोची और अपनी सुरीली आवाज में बस इतना hi वाली.
माधुरी ; नमस्ते नेताजी.
माधुरी की सुरीली आवाज जब नेता के कण में जैसे घुल गई हो. वो सर उठा के माधुरी को देखता हे तो उसके होश उड़द गए. माधुरी स्माइल लरते हुए उसे hi देख रही थी. नेताजी माधुरी को ऊपर से निचे तक देखते हे. माधुरी इतनी हॉट लग रही थी. उसकी पर दर्शी साड़ी में से उसकी नाभि और पेट तक आर पर दिख रहा था.
माधुरी को देखते hi नेताजी खड़ा हुआ और माधुरी के करीब जाने लगा. माधुरी उसे देख कर अब भी स्माइल कर रही थी. नेताजी माधुरी के पास पहोच गया और माधुरी को नज़दीक से अपनी गन्दी नजरो से ताड़ने लगा. माधुरी भी अपने हुशन का जल फेकती हे. वो बड़े नज़ाकत से शर्माने का नाटक करती हे.
माधुरी ; ऐसे क्या देख रहे हो नेताजी.?
माधुरी ने अपनी सुरीली आवाज में लाहा. माधुरी की बनावट और उसका कातिल फिगर उसकी आवाज और माधुरी की नज़ाकत को देख कर नेताजी का लैंड खड़ा हो गया.
नेताजी ; रे रे रे मेरी जान कब से मेरा जीना हराम कर रखा हे.
नेताजी माधुरी को एक बार बहो में भरता हे और माधुरी के गलो को चूमने लगा. नेताजी उसके गलो को अपने मुँह में भर लेता हे और गलो पे अपनी जीभ घूमने लगा. जब नेताजी ने अपने मुँह से माधुरी के गलो को चूमा. माधुरी के लिप्स का किनारा भी नेताजी के मुँह में आ गया.
नेताजी ; अम्म्म क्या कहती हे तू ओह हो हो.
माधुरी ने नेता को धक्का दिया
माधुरी ; छोड़िये न अभी तो सिर्फ घर में आई hi हु और मेरे जैसी पारी को आप नोचने लगे.
माधुरी ऐसा बोलके शर्माने लगी. माधुरी स्माइल करते हुए निचे देखने लगी.
माधुरी की ऐसी अदाओ से नेताजी और पागल हो गया.
नेताजी ; अच्छा चलो जल्दी बैडरूम में.
माधुरी ; नहीं अभी नहीं. अभी तो शैतान शब् ने बुलाया हे. में तो बस आप का डिल रखने के लिए आई थी.
नेताजी ; तो मेरी प्यास कब भुझेगी???
माधुरी ; (स्माइल कातिल) रत 11 बज.
नेताजी ने माधुरी की पतली कलाई पकड़ी और पाजामे के ऊपर से hi अपने तने हुए लैंड पे रख दिया. माधुरी ने पहले हाथ छुड़ाने की झूठी एक्टिंग की. जो नेताही को और पागल कर रही थी.
नेताजी ; ससस मेरी रानी बस पकड़ तो सही.
माधुरी ; अह्ह्ह ससस ये तो बहोत बड़ा हे.
माधुरी ऐसे बोलती हे जैसे पहेली बार किसी गैर मर्द को उसने छुआ हो. वो नहीं जनता था. माधुरी बड़े बड़े ले चुकी हे पर माधुरी ने उसका लैंड पकड़ लिया. माधुरी की हरकत से नेताजी की हालत ज्यादा ख़राब हो गई. माधुरी ने भी महसूस किया की नेता ने अंदर कच्चा तक नहीं पहना अंदर.
नेताजी ; ऋ एक बार अपने सीने से ये पल्लू हटा अपने ये रसीले आम दिखा दे.
माधुरी शर्माने की एक्टिंग करते हुए बोली.
माधुरी ; नहीं मुझे शर्म आती हे.
माधुरी की आवाज और उसकी अदाए इतनी मादक थी के नेताजी को वो इस वक्त गांड भी चाटने को बोलो तो वो न नहीं कहता
नेताजी ; ससस रे वो साला शैतान के पास जाएगी कुछ तो दिखा तो में तेरा इंतजार तो कर लू.
माधुरी नेताजी की आँखों में देखती रही. नेताजी की नजरे माधुरी के बूब्स पे hi थी. जो माधुरी की पर दर्शी साड़ी में से आर पर दिखाई दे रहे थे. नेताजी मुँह ताड़े उसी को देख रहे थे.
नेताजी की शकल देख कर माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी ने कुछ नहीं किया तो नेताजी माधुरी के फेस को देखने लगे. माधुरी ने भी अपना हाथ अपनी साड़ी के पल्लू पे तो रख hi दिया था. वो बस नेताजी को स्माइल करते हुए देखे जा रही थी.
नेताजी ; रे दिखा दे सससस.
नेताजी ने पाजामे में हाथ दाल कर अपने लैंड को सख्ती से पकड़ लिया माधुरी ने आहिस्ता से अपना पल्लू पकड़ा और धीरे से गिरा दिया. नेताजी ने जब माधुरी के फुले हुए गोल 34 के बूब्स देखे जो आधे से ज्यादा ब्लाउज के बहार थे. नेताजी की पिचकारी पाजामे में hi छूट गई. माधुरी ने भी वो देखा और जोरो से हस्ती हुई वह से भागने लगी. माधुरी हस्ते हुए जीप में बैठ गई. उसने जीप वह से निकली तो वह का वॉचमन पे नजर गई तो एक मिनिट वो रुक गई.
वो वॉचमन काँटी था. जब माधुरी ने 1 सत मर्डर किया तब मुंबई के उस होटल में वो लिफ्ट मन था. माधुरी ने गेट पे जीप रोकी. वो भागते हुए माधुरी के पास आया.
काँटी ; (बिग स्माइल) मेडम पहचाना???
माधुरी ; है काँटी जब आई तो तुम पे ध्यान hi नहीं दिया पर अभी तुम याद आ गए.
काँटी ; मेडम आप आए में तो आप को देखते hi पहचान गया था.
माधुरी ने अपना पर्श खोला और 500 का नोट निकल कर काँटी की ऊपर वाली जेब में दाल दिया.
काँटी ; अरे मेडम इसकी क्या जरुरत थी.
माधुरी ने काँटी का शर्ट पकड़ा और अपनी तरफ खींचा और उसके गाल पे किश कर दिया.
काँटी के फेस पे उसकी ख़ुशी साफ दिखाई दे रही थी. उसने अपने गाल पे ऊँगली दिखते हुए कहा.
काँटी ; मेडम ये दिया तो इस 500 के नोट की भी जरुरत नहीं.
माधुरी काँटी की बातो से खुश हो gai.Madhuri ने काँटी के सर पे हाथ रखा और मशाल दिया. और जीप लेकर बहार चली गई. काँटी स्माइल करते हुए माधुरी को देखता hi रहा.
वही नेताजी जब माधुरी से ने मटक्का कर रहे थे उसी वक्त उसकी बेटी मोनी बाथरूम से टॉवल में निकल कर नास्ते पे टूट पड़ी.
वेटर ; मेडम और कुछ लौ???
मोनी को ये आवाज कुछ जनि पहचानी लगती हे. वो सर ऊपर उठती हे तो वेटर के ड्रेस में तिगर खड़ा था.
मोनी ; सेंटा!!!!!
मोनी ; मेरा मतलब हे के तुम क्या सेंटा क्लोज हो जो सब ला डोज. जाओ सीढ़ियों पे.
मोनी ; मतलब सिडिया साफ करो.
तिगर जी मेडम.
तिगर वह से सीढ़ियों पे आ गया. वो समाज गया था की मोनी सीढ़ियों पे मिलने आएगी. मोनी जानती थी जो रास्ता टेरेस पे जाता हे वह का कक्तव कैमरा ख़राब हे. इस लिए मोनी ने वही बुलाया. मोनी अपने रूम में गई चेंज किया. और फिर सब से नजर बचते हुए मोनी सीढ़ियों के पास आई वो बिच सीढ़ियों में पहोची. अचानक से उसके पीछे से तिगर निकला. तिगर 2 सिडिया चढ़ के वो सीढ़ियों पे बैठ गया. दोनों की नजरे एक दूसरे की नजरो में खो गई. दोनों को फेस पे एक मोहक स्माइल थी.
तिगर ; बहोत खुबशुरत लग रही हो.
मोनी भी वही सीढ़ियों पे बैठ गई.
मोनी ने अपनी स्माइल को छुपाया और बोली.
मोनी ; बिना काम के तो तुम आए नहीं होंगे अब बताओ क्या काम करना हे मुझे????
तिगर एक मिनिट तक मोनी के दिकष चहेरे को देखता रहा. मोनी बहोत हॉट लग रही थी उन छोटे से कपड़ो में.
तिगर ; वैसे काम तो हे.
मोनी को दुःख हुआ उसे गुस्सा भी आया उसने अपना फेस तिगर से फेर लिया
मोनी डिल में सोच रही थी. सायद वो कोई काम से नहीं सिर्फ उस से मिलने आया होता. तिगर मोनी के डिल की बात समाज गया.
तिगर ; तुम मुझसे नाराज हो क्या.
मोनी ; काम न होता तो तुम मुझसे मिलने आते क्या?
मोनी ने ये बात तिगर की आँखों में देखते हुई कही. तिगर भी मोनी के फेस को एक तक देखता hi रहा. लेकिन मोनी भी सवालिया नजरो से तिगर को hi देख रही थी.
तिगर ; है काम तो हे. वैसे में ऊपर वाले से हर वक्त सिर्फ एक hi दुआ करना चाहूंगा.
हे ऊपर वाले मुझे सिर्फ काम होता हे तब hi में बहार निकल सकता हु तो मुझे बार बार मोनी के घर भेज उसी से मुझे बार बार काम पड़े ताकि में उसे बार बार देख सकू.
तिगर की बात से मोनी के फेस पे बहोत प्यारी स्माइल आ गई. तिगर भी मोनी की खुबशुरत टैंगो को hi देख रहा था. मोनी की आँखों में तिगर के लिए एक अजीब सी प्यास जग गई. वो सिर्फ तिगर को घूरती hi रही.
मोनी ; क्या तुम सच कहे रहे हो.
तिगर ; है बिलकुल तुम सोचती हो की काम हो कोई तो hi में तुम्हारे पास औ. लेकिन में चाहता हु की मुझे बार बार काम हो तुमसे ताकि में तुमसे प्यार करने के लिए मिल सकू.
तिगर ने मोनी की एक लम्बी सी तंग के पंजे को पकड़ा और पाव के अंगूठे समेत दो उंगलियों को मुँह में भर लिया. जिस से मोनी को अपनी बॉडी में एक कर्रेंट सा लगा मोनी को वो गुदगुदी बर्दाश नहीं हुई उसने अपनी तंग खींच ली और तिगर को बड़े प्यार से देखने लगी
मोनी ; बताओ क्या करना होगा???
तिगर ; मुझे वो साडी जानकारी चाहिए जो तुम्हारी शादी के लिए करेंगे की गई हे. सिर्फ महेमानो की लिस्ट से काम नहीं चलेगा.
मोनी ; फिर और क्या???
तिगर ; तुम अपने पापा के कंप्यूटर से सब कुछ चुराओ तुम जिस घर में हो उसका नक्शा ब्लू प्रिंट कहा क्या हे क्या मकशद हे उनका वो सब.
मोनी ; मन में तुमसे प्यार करती हु. पर क्या ये सब तुम कुछ ज्यादा तो नहीं मांग रहे वैसे भी पापा बहोत डेंगर हे वो अपने राजनितिक लाइफ में कुछ भी कर सकते हे. मेरे लिए ये बहोत बड़ा खतरा होगा.
तिगर ; अगर में तुम्हे अपनी पहचान बता दू. जो इस तिगर के पीछे में कोण हु तब.
मोनी खामोश रही वो कुछ बोल नहीं रही थी बस तिगर को देखे जा रही थी.
तिगर ; में दुश्मन नहीं हु दोस्त हु पर.
मोनी ; पर क्या???
तिगर ; तुम्हारी माँ ने कितने पशु पक्षियों की रक्षा की. उनके ंगो में आज भी बेजुबान पशु को पला जाता हे उनकी सेवा होती हे.
मोनी की माँ की बात की तो वो भावुक हो गई. एक अंशु तो उसकी आंख से निकल गया. जो मोनी ने अपनी एक ऊँगली से पोछा.
तिगर ; आज वो जिन्दा नहीं हे. पर तुम अपने पापा को भी जानती हो वो कैसे इन्शान हे.
मोनी ; में तुम्हारा काम कर दूंगी don't वैरी.
तिगर ; वो तो मुझे तुम पर भरोसा हे. तुम कुछ कर hi डौगी. अब तुम बताओ क्या चाहती हो???
मोनी के फेस पे स्माइल आ गई.
मोनी ; कुछ और मांगू तो आप डोज??
तिगर ; में चाहता हु तुम कुछ मानगो.
मोनी ; आज रत 11 बज तुम और में. मेरा प्यारा सा बैडरूम.
मोनी ऐसा बोल के सीढ़ियों पे hi पसारने लगी. अपनी टैंगो को आपस में रगड़ने लगी. आँखों में एक सेक्स का नशा सा छ गया.
तिगर ; मेरा वादा हे. आज रत तुम और में और नशीला शमा.
मोनी के फेस पे एक अलग सा भाव आ गया उसे अपनी दो टैंगो के बिच कुछ गिला सा महसूस हुआ.
तिगर ; क्या उस दिन तुम्हे अच्छा लगा था.
तिगर का सवाल मोनी ने सुना तो उसका फेस खुद जवाब दे रहा था वो बस तिगर को देखती hi रही.
मोनी ; मुझे बहोत अच्छा लगा आज रत में तुम्हारा इंतजार करुँगी.
तिगर धीरे धीरे वह से खड़ा हुआ और चले गया मोनी सिर्फ उसी को देखती रही जाते जाते तिगर मोनी को सिर्फ एक बात बोलै.
तिगर ; तुम्हारे पास सिर्फ 3 डेज हे. पर कोई भी काम तुमसे ज्यादा जरुरी नहीं. अपने आप को कोई भी खतरे में मत डालना.
तिगर चले गया मोनी को वैसे भी तिगर से प्यार हो चूका था. पर वो तिगर की आखरी बाटे सुनी तो वो प्यार और भी गहरा हो गया.
मोनी ; कोई तो हे इस दुनिया में जिसे मेरी परवाह हे.
माधुरी अपनी जीप को एक हाईवे पे लेजाकर कड़ी कर देती हे. उसके पास एक लम्बी सी कार आकर रुकी. माधुरी बिना कुछ सोचे समझे उस कार का दूर खोला ोे बैठ गई. कार आगे को चलने लगी. जब माधुरी ने स्माइल करते हुए बाजु में देखा वो शैतान था. माधुरी की कातिल स्माइल शैतान के डिल में एक हलचल मचा देती हे.
माधुरी खुद शैतान के सर के बल पकड़ कर एक जबरदस्त किश शैतान को कर देती हे.
माधुरी ; (स्माइल) तो देखि वीडियो कक तुम्हारी मौत का इंतजाम कर रहा हे.
शैतान ; वो कुछ करे उस से पहले मर दो उसे.
माधुरी ; इतनी जल्दी.???
शैतान ; है वैसे भी अब वो किसी काम का नहीं हे. और उसका बीटा भी. लेकिन तुम उसे मरोगी कैसे कुछ सोचना होगा.
माधुरी ; वो काम तो मेरा हे.
शैतान ; फिर भी में तुम पे hi भरोसा करता हु. कुछ तो बताओ???
माधुरी गाड़ी रोको.
शैतान ने अपनी कार रुकवा दी. माधुरी शैतान की आँखों में देखते हुए कार के दूर पे बोटों को प्रेस करती हे. माधुरी के पीछे धीरे धीरे मिरर निचे होने लगा. लेकिन जब मिरर निचे हुआ तो शैतान ने जिसे देखा तो शैतान के भी होश उड़द गए.
शैतान ने जिसे देखा वो सुरभि थी. माधुरी स्माइल करते हुए शैतान के फेस को hi देखती रही.
माधुरी ; क्या हुआ तुम्हारे होश क्यों उड़द गए.
शैतान एक बार फिर माधुरी के हस्ते हुए फेस को देखता हे फिर वापस सुरभि को विंडो से. सुरभि एक चमकीली साड़ी और स्टाइलिश ब्लाउज में बहोत सेक्सी लग रही थी. खुले बल हवाओ में उड़द रहे थे. सेक्सी आंखे और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.
माधुरी ; है है है. उड़द गए न होश.
शैतान माधुरी को देखता हे फिर सुरभि को. सुरभि आहिस्ता से लचकते हुए शैतान की आँखों में आंखे डेल उसकी तरफ बढ़ रही थी. शैतान की बाजार सुरभि से हैट टी hi नहीं.
सुरभि धीरे धीरे विंडो के पास आ गई.
सुरभि ; hello शैतान शब्.
सुरभि ने बहोत hi नशीली आवाज में शैतान से कहा.
सुरभि गोल घूम कर शैतान के दूर पे आई और दूर खोल कर शैतान के बगल में बैठ गई. शैतान के होश hi उड़द गए. उसके अगल बगल दो कातिल हसीना थी. माधुरी और सुरभि.
माधुरी ;