Meri Police wali Biwi - Page 18 - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

माधुरी लाइट पिंक तरफर्मेंट साड़ी और डीप नाक बिकनी ब्लाउज पहन कर नेताजी को रिझाने पहोच चुकी थी. माधुरी सेक्सी बम बन कर आई थी. खुबशुरत फेस पे कानो में झुमके और लाइट मेकअप में माधुरी को जो देखता वो देखता hi रहे जाता. माधुरी ने जीप नेताजी के गेट में अंदर क्रॉस किया तो वॉचमन का मुँह खुला hi रहे गया.

माधुरी अपनी सेक्सी कमर को मटकते हुए अंदर आई. अंदर देखा नेताजी. पतला और कला जिसे कोई औरत गलती से देखना भी पसंद न करे ऐसे फेस वाला अपने मोबाईल में माधुरी की खींची पिक्स को देख देख के सोफे पे बैठा पाजामे से hi अपना लैंड मशाल रहा था.

माधुरी वह पहोची और अपनी सुरीली आवाज में बस इतना hi वाली.

माधुरी ; नमस्ते नेताजी.

माधुरी की सुरीली आवाज जब नेता के कण में जैसे घुल गई हो. वो सर उठा के माधुरी को देखता हे तो उसके होश उड़द गए. माधुरी स्माइल लरते हुए उसे hi देख रही थी. नेताजी माधुरी को ऊपर से निचे तक देखते हे. माधुरी इतनी हॉट लग रही थी. उसकी पर दर्शी साड़ी में से उसकी नाभि और पेट तक आर पर दिख रहा था.

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माधुरी को देखते hi नेताजी खड़ा हुआ और माधुरी के करीब जाने लगा. माधुरी उसे देख कर अब भी स्माइल कर रही थी. नेताजी माधुरी के पास पहोच गया और माधुरी को नज़दीक से अपनी गन्दी नजरो से ताड़ने लगा. माधुरी भी अपने हुशन का जल फेकती हे. वो बड़े नज़ाकत से शर्माने का नाटक करती हे.

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माधुरी ; ऐसे क्या देख रहे हो नेताजी.?

माधुरी ने अपनी सुरीली आवाज में लाहा. माधुरी की बनावट और उसका कातिल फिगर उसकी आवाज और माधुरी की नज़ाकत को देख कर नेताजी का लैंड खड़ा हो गया.

नेताजी ; रे रे रे मेरी जान कब से मेरा जीना हराम कर रखा हे.

नेताजी माधुरी को एक बार बहो में भरता हे और माधुरी के गलो को चूमने लगा. नेताजी उसके गलो को अपने मुँह में भर लेता हे और गलो पे अपनी जीभ घूमने लगा. जब नेताजी ने अपने मुँह से माधुरी के गलो को चूमा. माधुरी के लिप्स का किनारा भी नेताजी के मुँह में आ गया.

नेताजी ; अम्म्म क्या कहती हे तू ओह हो हो.

माधुरी ने नेता को धक्का दिया

माधुरी ; छोड़िये न अभी तो सिर्फ घर में आई hi हु और मेरे जैसी पारी को आप नोचने लगे.

माधुरी ऐसा बोलके शर्माने लगी. माधुरी स्माइल करते हुए निचे देखने लगी.

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माधुरी की ऐसी अदाओ से नेताजी और पागल हो गया.

नेताजी ; अच्छा चलो जल्दी बैडरूम में.

माधुरी ; नहीं अभी नहीं. अभी तो शैतान शब् ने बुलाया हे. में तो बस आप का डिल रखने के लिए आई थी.

नेताजी ; तो मेरी प्यास कब भुझेगी???

माधुरी ; (स्माइल कातिल) रत 11 बज.

नेताजी ने माधुरी की पतली कलाई पकड़ी और पाजामे के ऊपर से hi अपने तने हुए लैंड पे रख दिया. माधुरी ने पहले हाथ छुड़ाने की झूठी एक्टिंग की. जो नेताही को और पागल कर रही थी.

नेताजी ; ससस मेरी रानी बस पकड़ तो सही.

माधुरी ; अह्ह्ह ससस ये तो बहोत बड़ा हे.

माधुरी ऐसे बोलती हे जैसे पहेली बार किसी गैर मर्द को उसने छुआ हो. वो नहीं जनता था. माधुरी बड़े बड़े ले चुकी हे पर माधुरी ने उसका लैंड पकड़ लिया. माधुरी की हरकत से नेताजी की हालत ज्यादा ख़राब हो गई. माधुरी ने भी महसूस किया की नेता ने अंदर कच्चा तक नहीं पहना अंदर.

नेताजी ; ऋ एक बार अपने सीने से ये पल्लू हटा अपने ये रसीले आम दिखा दे.

माधुरी शर्माने की एक्टिंग करते हुए बोली.

माधुरी ; नहीं मुझे शर्म आती हे.

माधुरी की आवाज और उसकी अदाए इतनी मादक थी के नेताजी को वो इस वक्त गांड भी चाटने को बोलो तो वो न नहीं कहता

नेताजी ; ससस रे वो साला शैतान के पास जाएगी कुछ तो दिखा तो में तेरा इंतजार तो कर लू.

माधुरी नेताजी की आँखों में देखती रही. नेताजी की नजरे माधुरी के बूब्स पे hi थी. जो माधुरी की पर दर्शी साड़ी में से आर पर दिखाई दे रहे थे. नेताजी मुँह ताड़े उसी को देख रहे थे.

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नेताजी की शकल देख कर माधुरी को बहोत मजा आ रहा था. माधुरी ने कुछ नहीं किया तो नेताजी माधुरी के फेस को देखने लगे. माधुरी ने भी अपना हाथ अपनी साड़ी के पल्लू पे तो रख hi दिया था. वो बस नेताजी को स्माइल करते हुए देखे जा रही थी.

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नेताजी ; रे दिखा दे सससस.

नेताजी ने पाजामे में हाथ दाल कर अपने लैंड को सख्ती से पकड़ लिया माधुरी ने आहिस्ता से अपना पल्लू पकड़ा और धीरे से गिरा दिया. नेताजी ने जब माधुरी के फुले हुए गोल 34 के बूब्स देखे जो आधे से ज्यादा ब्लाउज के बहार थे. नेताजी की पिचकारी पाजामे में hi छूट गई. माधुरी ने भी वो देखा और जोरो से हस्ती हुई वह से भागने लगी. माधुरी हस्ते हुए जीप में बैठ गई. उसने जीप वह से निकली तो वह का वॉचमन पे नजर गई तो एक मिनिट वो रुक गई.

वो वॉचमन काँटी था. जब माधुरी ने 1 सत मर्डर किया तब मुंबई के उस होटल में वो लिफ्ट मन था. माधुरी ने गेट पे जीप रोकी. वो भागते हुए माधुरी के पास आया.

काँटी ; (बिग स्माइल) मेडम पहचाना???

माधुरी ; है काँटी जब आई तो तुम पे ध्यान hi नहीं दिया पर अभी तुम याद आ गए.

काँटी ; मेडम आप आए में तो आप को देखते hi पहचान गया था.

माधुरी ने अपना पर्श खोला और 500 का नोट निकल कर काँटी की ऊपर वाली जेब में दाल दिया.

काँटी ; अरे मेडम इसकी क्या जरुरत थी.

माधुरी ने काँटी का शर्ट पकड़ा और अपनी तरफ खींचा और उसके गाल पे किश कर दिया.

काँटी के फेस पे उसकी ख़ुशी साफ दिखाई दे रही थी. उसने अपने गाल पे ऊँगली दिखते हुए कहा.

काँटी ; मेडम ये दिया तो इस 500 के नोट की भी जरुरत नहीं.

माधुरी काँटी की बातो से खुश हो gai.Madhuri ने काँटी के सर पे हाथ रखा और मशाल दिया. और जीप लेकर बहार चली गई. काँटी स्माइल करते हुए माधुरी को देखता hi रहा.

वही नेताजी जब माधुरी से ने मटक्का कर रहे थे उसी वक्त उसकी बेटी मोनी बाथरूम से टॉवल में निकल कर नास्ते पे टूट पड़ी.

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वेटर ; मेडम और कुछ लौ???

मोनी को ये आवाज कुछ जनि पहचानी लगती हे. वो सर ऊपर उठती हे तो वेटर के ड्रेस में तिगर खड़ा था.

मोनी ; सेंटा!!!!!

मोनी ; मेरा मतलब हे के तुम क्या सेंटा क्लोज हो जो सब ला डोज. जाओ सीढ़ियों पे.

मोनी ; मतलब सिडिया साफ करो.

तिगर जी मेडम.

तिगर वह से सीढ़ियों पे आ गया. वो समाज गया था की मोनी सीढ़ियों पे मिलने आएगी. मोनी जानती थी जो रास्ता टेरेस पे जाता हे वह का कक्तव कैमरा ख़राब हे. इस लिए मोनी ने वही बुलाया. मोनी अपने रूम में गई चेंज किया. और फिर सब से नजर बचते हुए मोनी सीढ़ियों के पास आई वो बिच सीढ़ियों में पहोची. अचानक से उसके पीछे से तिगर निकला. तिगर 2 सिडिया चढ़ के वो सीढ़ियों पे बैठ गया. दोनों की नजरे एक दूसरे की नजरो में खो गई. दोनों को फेस पे एक मोहक स्माइल थी.

तिगर ; बहोत खुबशुरत लग रही हो.

मोनी भी वही सीढ़ियों पे बैठ गई.

मोनी ने अपनी स्माइल को छुपाया और बोली.

मोनी ; बिना काम के तो तुम आए नहीं होंगे अब बताओ क्या काम करना हे मुझे????

तिगर एक मिनिट तक मोनी के दिकष चहेरे को देखता रहा. मोनी बहोत हॉट लग रही थी उन छोटे से कपड़ो में.

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तिगर ; वैसे काम तो हे.

मोनी को दुःख हुआ उसे गुस्सा भी आया उसने अपना फेस तिगर से फेर लिया

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मोनी डिल में सोच रही थी. सायद वो कोई काम से नहीं सिर्फ उस से मिलने आया होता. तिगर मोनी के डिल की बात समाज गया.

तिगर ; तुम मुझसे नाराज हो क्या.

मोनी ; काम न होता तो तुम मुझसे मिलने आते क्या?

मोनी ने ये बात तिगर की आँखों में देखते हुई कही. तिगर भी मोनी के फेस को एक तक देखता hi रहा. लेकिन मोनी भी सवालिया नजरो से तिगर को hi देख रही थी.

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तिगर ; है काम तो हे. वैसे में ऊपर वाले से हर वक्त सिर्फ एक hi दुआ करना चाहूंगा.

हे ऊपर वाले मुझे सिर्फ काम होता हे तब hi में बहार निकल सकता हु तो मुझे बार बार मोनी के घर भेज उसी से मुझे बार बार काम पड़े ताकि में उसे बार बार देख सकू.

तिगर की बात से मोनी के फेस पे बहोत प्यारी स्माइल आ गई. तिगर भी मोनी की खुबशुरत टैंगो को hi देख रहा था. मोनी की आँखों में तिगर के लिए एक अजीब सी प्यास जग गई. वो सिर्फ तिगर को घूरती hi रही.

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मोनी ; क्या तुम सच कहे रहे हो.

तिगर ; है बिलकुल तुम सोचती हो की काम हो कोई तो hi में तुम्हारे पास औ. लेकिन में चाहता हु की मुझे बार बार काम हो तुमसे ताकि में तुमसे प्यार करने के लिए मिल सकू.

तिगर ने मोनी की एक लम्बी सी तंग के पंजे को पकड़ा और पाव के अंगूठे समेत दो उंगलियों को मुँह में भर लिया. जिस से मोनी को अपनी बॉडी में एक कर्रेंट सा लगा मोनी को वो गुदगुदी बर्दाश नहीं हुई उसने अपनी तंग खींच ली और तिगर को बड़े प्यार से देखने लगी

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मोनी ; बताओ क्या करना होगा???

तिगर ; मुझे वो साडी जानकारी चाहिए जो तुम्हारी शादी के लिए करेंगे की गई हे. सिर्फ महेमानो की लिस्ट से काम नहीं चलेगा.

मोनी ; फिर और क्या???

तिगर ; तुम अपने पापा के कंप्यूटर से सब कुछ चुराओ तुम जिस घर में हो उसका नक्शा ब्लू प्रिंट कहा क्या हे क्या मकशद हे उनका वो सब.

मोनी ; मन में तुमसे प्यार करती हु. पर क्या ये सब तुम कुछ ज्यादा तो नहीं मांग रहे वैसे भी पापा बहोत डेंगर हे वो अपने राजनितिक लाइफ में कुछ भी कर सकते हे. मेरे लिए ये बहोत बड़ा खतरा होगा.

तिगर ; अगर में तुम्हे अपनी पहचान बता दू. जो इस तिगर के पीछे में कोण हु तब.

मोनी खामोश रही वो कुछ बोल नहीं रही थी बस तिगर को देखे जा रही थी.

तिगर ; में दुश्मन नहीं हु दोस्त हु पर.

मोनी ; पर क्या???

तिगर ; तुम्हारी माँ ने कितने पशु पक्षियों की रक्षा की. उनके ंगो में आज भी बेजुबान पशु को पला जाता हे उनकी सेवा होती हे.

मोनी की माँ की बात की तो वो भावुक हो गई. एक अंशु तो उसकी आंख से निकल गया. जो मोनी ने अपनी एक ऊँगली से पोछा.

तिगर ; आज वो जिन्दा नहीं हे. पर तुम अपने पापा को भी जानती हो वो कैसे इन्शान हे.

मोनी ; में तुम्हारा काम कर दूंगी don't वैरी.

तिगर ; वो तो मुझे तुम पर भरोसा हे. तुम कुछ कर hi डौगी. अब तुम बताओ क्या चाहती हो???

मोनी के फेस पे स्माइल आ गई.

मोनी ; कुछ और मांगू तो आप डोज??

तिगर ; में चाहता हु तुम कुछ मानगो.

मोनी ; आज रत 11 बज तुम और में. मेरा प्यारा सा बैडरूम.

मोनी ऐसा बोल के सीढ़ियों पे hi पसारने लगी. अपनी टैंगो को आपस में रगड़ने लगी. आँखों में एक सेक्स का नशा सा छ गया.

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तिगर ; मेरा वादा हे. आज रत तुम और में और नशीला शमा.

मोनी के फेस पे एक अलग सा भाव आ गया उसे अपनी दो टैंगो के बिच कुछ गिला सा महसूस हुआ.

तिगर ; क्या उस दिन तुम्हे अच्छा लगा था.

तिगर का सवाल मोनी ने सुना तो उसका फेस खुद जवाब दे रहा था वो बस तिगर को देखती hi रही.

मोनी ; मुझे बहोत अच्छा लगा आज रत में तुम्हारा इंतजार करुँगी.

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तिगर धीरे धीरे वह से खड़ा हुआ और चले गया मोनी सिर्फ उसी को देखती रही जाते जाते तिगर मोनी को सिर्फ एक बात बोलै.

तिगर ; तुम्हारे पास सिर्फ 3 डेज हे. पर कोई भी काम तुमसे ज्यादा जरुरी नहीं. अपने आप को कोई भी खतरे में मत डालना.

तिगर चले गया मोनी को वैसे भी तिगर से प्यार हो चूका था. पर वो तिगर की आखरी बाटे सुनी तो वो प्यार और भी गहरा हो गया.

मोनी ; कोई तो हे इस दुनिया में जिसे मेरी परवाह हे.

माधुरी अपनी जीप को एक हाईवे पे लेजाकर कड़ी कर देती हे. उसके पास एक लम्बी सी कार आकर रुकी. माधुरी बिना कुछ सोचे समझे उस कार का दूर खोला ोे बैठ गई. कार आगे को चलने लगी. जब माधुरी ने स्माइल करते हुए बाजु में देखा वो शैतान था. माधुरी की कातिल स्माइल शैतान के डिल में एक हलचल मचा देती हे.

माधुरी खुद शैतान के सर के बल पकड़ कर एक जबरदस्त किश शैतान को कर देती हे.

माधुरी ; (स्माइल) तो देखि वीडियो कक तुम्हारी मौत का इंतजाम कर रहा हे.

शैतान ; वो कुछ करे उस से पहले मर दो उसे.

माधुरी ; इतनी जल्दी.???

शैतान ; है वैसे भी अब वो किसी काम का नहीं हे. और उसका बीटा भी. लेकिन तुम उसे मरोगी कैसे कुछ सोचना होगा.

माधुरी ; वो काम तो मेरा हे.

शैतान ; फिर भी में तुम पे hi भरोसा करता हु. कुछ तो बताओ???

माधुरी गाड़ी रोको.

शैतान ने अपनी कार रुकवा दी. माधुरी शैतान की आँखों में देखते हुए कार के दूर पे बोटों को प्रेस करती हे. माधुरी के पीछे धीरे धीरे मिरर निचे होने लगा. लेकिन जब मिरर निचे हुआ तो शैतान ने जिसे देखा तो शैतान के भी होश उड़द गए.

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शैतान ने जिसे देखा वो सुरभि थी. माधुरी स्माइल करते हुए शैतान के फेस को hi देखती रही.

माधुरी ; क्या हुआ तुम्हारे होश क्यों उड़द गए.

शैतान एक बार फिर माधुरी के हस्ते हुए फेस को देखता हे फिर वापस सुरभि को विंडो से. सुरभि एक चमकीली साड़ी और स्टाइलिश ब्लाउज में बहोत सेक्सी लग रही थी. खुले बल हवाओ में उड़द रहे थे. सेक्सी आंखे और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.

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माधुरी ; है है है. उड़द गए न होश.

शैतान माधुरी को देखता हे फिर सुरभि को. सुरभि आहिस्ता से लचकते हुए शैतान की आँखों में आंखे डेल उसकी तरफ बढ़ रही थी. शैतान की बाजार सुरभि से हैट टी hi नहीं.

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सुरभि धीरे धीरे विंडो के पास आ गई.

सुरभि ; hello शैतान शब्.

सुरभि ने बहोत hi नशीली आवाज में शैतान से कहा.

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सुरभि गोल घूम कर शैतान के दूर पे आई और दूर खोल कर शैतान के बगल में बैठ गई. शैतान के होश hi उड़द गए. उसके अगल बगल दो कातिल हसीना थी. माधुरी और सुरभि.

माधुरी ;
 
माधुरी , शैतान और सुरभि तीनो शैतान की हवेली पहोच जाते हे तीनो मिलकर आपस में गुफ्त गु के डोर को आगे भढ़ते हे.

शैतान ; लेकिन ये क्या उसे हमारे लिए मारेगी.

सुरभि ; ये तो शैतान शाहब सिर्फ कीमत पे डिपेंड करता हे. की वो जिन्दा रहे या नहीं.

माधुरी ; चलो मन लिआ की तुम कर सकती हो पर कीमत कितनी.

शैतान ; 10 लाख.

सुरभि ; सिर्फ 10 बड़ी अफ़सोस की बात हे शैतान शब् किसी छोटे मोठे प्यादे को मरवा रहे हो या एक बड़े कीमती मोहरे को.

शैतान ; फिर तुम कीमत बोलो???

शैतान ने बड़ी गौर से सुरभि को देखा.

सुरभि के फेस में उसे बहोत गहरी हवस नजर आई.

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शैतान ; कीमत जो तुम चाहो काम जो में चहु.

सुरभि भी शैतान की नियत समाज गई थी.

माधुरी ; वह क्या बात हे. बोलो क्या कीमत लोगी लेकिन उसकी मौत का जश्न तुम शैतान शब् के साथ उनके बिस्तर में बिना कपड़ो के मनाओगी.

सुरभि स्माइल करते हुए निचे देखने लगी और मन में माधुरी को गालिया देने लगी.

सुरभि ; 50 लाख.

माधुरी स्माइल करते हुए सुरभि को देखती हे.

माधुरी ; इसे मंज़ूर हे शैतान शाहब आप जश्न की तयारी समझिये. अब हम चलते हे.

शैतान माधुरी और सुरभि के लिए अपनी कार भेज देता हे. दोनों अपनी जीप तक पहोचने के बाद माधुरी जीप स्टार्ट कर के कुछ दुरी पर पहोचे तो सुरभि का गुस्सा फूटा.

सुरभि ; (गुस्से में) साली रैंड अब मुझे छुड़वाना भी पड़ेगा???

माधुरी ; रिलेक्स यार अब तुजे शैतान पे नजर रखने के लिए भेज रही हु तुजे थोड़ी क़ुरबानी तो देनी होगी. में कई बार दे चुकी हु.

सुररभी ; साली हरामजादी तू अभी भी नै सुधरी स्कूल में भी लोंदे तू पता टी और उनके लैंड मुझे चुसवाती.

माधुरी ; तो क्या हुआ यार तुजे भी तो मजा आता था.

सुरभि ; ोय रैंड गांड तो मेरी तब फैट टी थी जब उनके लैंड पे तू ब्लेड मर के भाग जाती थी. कितने बूढ़े तेरी वजह से नामर्द हुए.

माधुरी भी गुस्से में.

माधुरी ; फिर क्या करती जो सेल हरामजादे मेरे जैसी बेटी की उम्र की पोती की उम्र की लड़की को छोड़ने के लिए मुझे फ़साने की कोसिस करते में उन्हें इस लिए hi ऐसा करती थी.

सुरभि ; ओहो हो हो. तो अब तो तू खुद उनके निचे सो कर अंदर तक लैंड लेती हे वो भी खुल के तो में भी ऐसी बन जाऊ.

माधुरी ; तब में ब्लेड मर कर उनके लैंड की नाश काट देती थी. लेकन अब उनका शिकार कर के उन्हें मर देती हु. मुझे उनके खून की खुशबु बहोत अच्छी लगती हे.

सुरभि माधुरी के फेस को देखती हे वो भी घबरा गई. माधुरी के फेस पे एक जंगली भाव थे. वो गुर्रा रही थी. गुस्सा और स्माइल दोनों एक साथ.

सुरभि ; देख तू चल मेरे साथ घर तेरी दिमागी हालत ठीक नहीं हे.

माधुरी जोरो से हस्ती हे.

माधुरी ; में ऐसी hi हु. तू तो क्या कोई भी मुझे बदल नहीं सकता समझी बहेतर होगा की तू मेरा साथ दे हमारा मुल्क बहोत खतरे में हे.

आलिया डीके से मिलकर माँ के घर पहोच गई जहा माँ टीवी पे उसे आते हुए देख रही थी. आलिया आई और उसके घर के बीएड पे धड़ाम से कूद गई.

माँ ; आहिस्ता ये सरकारी खर्चे पे हे. तेरी उस चुड़ैल बहन या तेरे पति के खर्चे पे नहीं हे.

आलिया ; क्या माँ भाषण देती रहती हो सुबह से भूखी हु कुछ अपने हाथो से कुछ बना के खिला भी नहीं सकती और बस. और मेरी बेटी मेरी बेटी.

माँ ; में तो क्या तेरी नौकर हु.

आलिया चुप रही कुछ नहीं बोली वो जुटे पहने hi बीएड पे पड़े पड़े ऊपर फें को देखती रही. माँ उसे देख के स्माइल करती हे.

माँ ; क्या खाएगी.

आलिया ; हलवा मुझे बहोत पसंद हे.

माँ कड़ी हुई और हलवा बनाते हुए बोली.

माँ ; मेटे बेटे को भी मेरे हाथ का हलवा बहोत पसंद हे पर नजाने कब आएगा पता नहीं.

आलिया ; माँ को देखती हे कड़ी हुई और माँ को पीछे से बहो में भर लेती हे. आलिया का ये प्यार माँ को पदंड आया वो भी भावुक हो गई.

माँ ; क्या पापा को भी आप के हाथ का हलवा पसंद था.

माँ ; है बिकुल.

आलिया ; अच्छा कभी वो आप को मस्का लगते तो प्यार से आप को क्या बोलते???

माँ हसने लगी और पिता कल यद् कर के बोली.

माँ ; (स्माइल) रास मलाईई....

आलिया ; ोय होय क्या बात हे. पर पापा सही तो बोलते इसमें मस्का लगाने वाली बात क्या हे आप हो रास मलाई.

माँ ; चल हैट और वह जेक बैठ जा में हलवा ला रही हु.

आलिया माँ की बात मन के दूर बैठ गई. आलिया को माँ ने हलवा दिया आलिया कहते हुए माँ की बहोत तारीफ करती हे.

आलिया ; माँ फिर आप ने बताया नहीं.

माँ ; क्या??? पागल.

आलिया ; पापा को आप ने रावलपिंडी वाली जेल से कैसे निकला. उसी जेल में तो आप को मुजरे के लिए नाफिआ ने बुलाया था न????

माँ ; हम्म्म उस वक्त तो मुझे इलयाज नाम का बाँदा मेरे हाथ लग गया था. पर मेरी एक सहेली जो हिंदुस्तान से वह आई थी जिसे एक बेटी हुई थी. मुझे उन्हें भी सेफ करना था. उसकी माँ को ब्लड कैंसर हो गया था. मेरे पास कोई चारा नहीं था. गुलफाम का भी मेरी मदद के बाद जेल जाना तय था. अब में दो तरफ फास गई थी. मेरी सहेली भी हमारे मुल्क से एक सीक्रेट एजेंट बन कर आई थी. पर उसे किसी हिंदुस्तान के hi किसी सेक्स ने उसके आने की खबर यहाँ दे थी.

में अब दो नव में सवार थी.

आलिया ; क्या नाम था आप की सहेली का और कोण थी वो????

आलिया माँ को देखने लगी आलिया की आँखों में बहोत सवाल थे.

माँ ; में नहीं बता सकती.

आलिया माँ के पेरो में बैठ गई प्लीज आप को बताना होगा. में आप की कशम कहती हु मेरे डिल से ये राज कभी बहार नहीं आएगा.

माँ ; वादा???

आलिया ; है वादा ;

माँ कुछ पल आलिया को देखती रही फिर बोली.

माँ ; अंजलि....

आलिया ; क्या?????

माँ ; है अंजलि थी वो मेरे बचपन की दोस्त.

आलिया ; दीदी की माँ?????

आलिया की आँखों से अंशु बहे गए. दीदी अपनी माँ के लिए कितनी तदपि हे और में जान गई फिर भी कुछ बता नहीं सकती.

माँ ; में भी मजबूर हु. मेने अंजलि को वादा किया हे सही वक्त आने पे hi उसे बयुंगी.

आलिया ; फिर दीदी वह से यहाँ कैसे आई???

माँ ; वो तो यही थी. वह तो तेरी दीदी की एक छोटी बहन पैदा हुई.

आलिया ; ऐसा कैसे हो सकता हे. दीदी की एक छोटी बहन भी हे???

माँ ; है उसकी एक छोटी बहन भी हे. अंजलि कुल 10 मंथ वह रही बाद में छापे से पहले hi अंजलि ने अपने आप को मर लिया ताकि उस से कोई भी दुश्मन अपने मुल्क की इनफार्मेशन निकल न सके.

आलिया की आँखों में अंशु आ गए

आलिया ; सलाम हे उस शिल्पहि को जो अपने मुल्क के लिए अपनी जान तक कुरबान कर देते हे.

माँ ; और कई लोगो को तो उसके hi मुल्क के लोग गद्दार कहे कहे के hi मर देते हे.

आलिया माँ के फेस को बड़ी गौर से देखती हे फिर कड़ी हुई और वह से जाने लगी. माँ ने पीछे से आवाज दी.

माँ ; आलिया???

आलिया ; रत को नगर की मौत के बाद बात करुँगी. आज रत में यही रुकूंगी.
 
ेराम भी जा चुकी थी और उसके बाद माधुरी भी चली गई. दोनों में बस फर्क इतना था. की ेराम मुझे दुखी कर के गई और माधुरी मुझे खुश कर के मेने अपने लिए एक पग बनाया. दोपहर का टाइम था. अचानक से दूर बेल्ल बजी. में खड़ा हुआ और दूर की तरफ बढ़ा मुझे अफ़सोस तो ये हुआ की एक शिप भी नै लिया और कोई दूर पे आ गया. मेने दूर खोला तो वो कुरीरर वाला था.

कुरिअर वाला ; सर आप क्या तपन हो???

में ; है में hi हु कहो??

कुरिअर वाला ; सर आप के लिए ये कुरिअर हे आप यहाँ सिग कर दो.

मेने सिग किया और पार्शल अंदर लाया. ऊपर एड्रेस भी मेरा था पर फ्रॉम में भी मेरा hi नाम था. पर तो की जगह पर सिर्फ बीवी लिखा हुआ था.

में सोच में पद गया ये तीनो में से कोण हो सकती हे!!!! क्या ये माधुरी हे. वो मुझसे अभी कुछ वक्त पहले hi डिल खुश कर के गई थी. लेकिन वो तो बज हे उसे नेताजी के साथ मीटिंग थी. शिल्पा तो हो hi नहीं सकती क्यों की वो बहोत परेशां हे अपने पापा की वजह से. ये पक्का आलिया होगी. क्यों की उस बंदरिया की hi आदत थी. ऐसा खुरापाती दिमाग उसी का हो सकता हे. मेने वो पार्शल खोला अंदर सूज बेल्ट पेण्ट टीशर्ट और एक जैकेट था.

ये आलिया भी नहीं कर सकती क्यों की वो खुद अपने लिए कुछ भी लेती उसमे शिल्पा या मेरी पसंद से hi लेती. में सोचमे पद गया की ये कोण हो सकता हे आलिया के जैसी बदमाशी. लेकिन ज्यादातर में माधुरी के पसंद से hi कपडे पहनता था. तो ये माधुरी hi होगी. अबदार एक लेटर भी था. जो टाइप किया था. प्रिंटर वगेरा तो माधुरी के ठाणे में hi होता हे. लेटर में लिखा था.

क्या तीन बीविया होने के बावजूद भी आप बोर हो रहे हो. क्या रोमांच और ताजगी की जीवन में कमी आ गई हे. क्या आज भी आप को अपनी बीवियों में अपनी गर्लफ्रेंड नजर नहीं आती. तो ये कपडे पहन कर रेडी हो जाइये और पहोच जाइये सिटी सिनेमा. आप को आप की बीवी में गर्लफ्रेंड नजर आएगी.

ये लेटर पढ़ के मेरे फेस पे स्माइल आ गई. में उन कपड़ो को पहन लिया. मुझे अब भी यकीं नहीं हो रहा था की तीनो में से कोई एक होगी. में रेडी हुआ और बाइक ले कर सिटी सिनेमा पहोच कर वेट करने लगा. मुझे वैसे तीनो में से कोई एक की उम्मीद नहीं थी की तीनो में कोण हो सकती हे. में वह पहुचकर लेटर में बताई जगह के मुताबिक खड़े हो गया.

में सोच रहा था. आलिया होगी?? पर नहीं वो नहीं हो सकती. तो शिल्पा सायद क्यों की इसी जगह पे मेने उसके साथ मूवी देखि. या फिर माधुरी भी हो सकती हुई. क्यों की सुबह hi हमारा आंख मटक का हुआ और डिल में मस्ती भी छै थी. लेकिन अंदर सिनेमा हॉल से जो आई वो मुझे मेरे होश उदा गई. उसे देख के मुझे ऐसी फीलिंग आई जैसे में कवर हु. और उस से मेरा नया नया अफेयर चला हो.

वो और कोई नहीं मेरी मंगेतर शिल्पा थी. उसे देख कर मेरे डिल में एक जबरदस्त गुधुडी हुई. शिल्पा आज सच में बहोत ज्यादा क़यामत लग रही थी. वो हस्ते हुए मेरी hi तरफ बढ़ रही थी.

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शिल्पा की हर अड़ड़े मुझे पहले से पता थी. वो कुछ कदम चलने के बाद रुक गई और सवालिया नजरो से मुझे देखने लगी. उसका सवाल में बखूबी समज़ता था.

में किसी लग रही हु.???

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मेने भी शिल्पा को मस्त??? का हिसार दिया. वो बहोत खुश हो गई और एक बहोत hi प्यारी स्माइल के साथ मेरी तरफ आने लगी.

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शिल्पा आ कर मेरी बहो में समां गई. और एक लम्बी किश मेने उसे उसकी कमर से जकड लिया. शिल्पा मुझसे भी लम्बी थी. वह खड़े कई कावरे लड़के लड़किया हमें देखने लगे कैयो के तो मुँह hi खुल गई. क्यों की शिल्पा बहोत लम्बी थी. और उसके सामने मेरी हिघ्त तो कुछ भी नहीं. लेकिन फिर भी वो मेरे बहो में थी.

में ; मेने उम्मीद hi नहीं की थी ये तुम होगी.

शिल्पा ; (स्माइल) हम्म वैसे बहोत हैंडसम लग रहे हो इन कपड़ो में.

में ; अरे में तो एक नार्मल सा बाँदा लेकिन तुम बहोत ब्यूटीफुल हॉट लम्बी और आकर्षक मेरी बहो में लोग कहेंगे की लंगूर के हाथ में अंगूर हे.

शिल्पा ; अरे बाबा लोग तो कुछ भी कहते रहते हे. पर आप किसी भी लड़की को 5 मिनिट आप के पास छोड़ दो गारंटी हे वो आप से प्यार करने लगेगी.

में ; ऐसा क्यों??

शिल्पा ; मेने सिर्फ आप को सिंपल लुक में देखा था. आप की सादगी पे hi लड़किया फ़िदा हो जाती थी. पर आप के लिए आज शॉपिंग की आप ने ये नई लुक लिया तो पता लगा आप तो बहोत हैंडसम हो. में तो फ्लेट हो गई आप पे.

में ; मेने भी पहेली बार hi ट्रे किया.

शिल्पा ; मज़े की बात बताऊ लोग कुछ भी कहे पर हर लड़की तुम्हारी बहो में आने को तरसेगी. और देखो में कितनी लकी हु आप की बहो में.

पास में hi एक बाँदा शिल्पा को ताड रहा था. शिल्पा ने उसे देखा तो अपना मोबाईल उसे दिया और बोली.

शिल्पा ; भैया प्लीज एक दो हमारे पिक्स निकल दो.

लड़का ; है है है.

उस लड़के ने फोटो क्लीक तो किया पर में सिर्फ शिल्पा को देखता रहे गया.

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शिल्पा ; अरे बाबा में तुम्हारी hi हु अब सामने देखो हमारी पिचर क्लिक हो रही हे.

उस लड़के ने हमारी पिक्स क्लिक की.

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लेकिन बन्दे ने और भी बहोत साडी पिचर्स क्लिक कर दी जो हमें नहीं खिचवाई थी.

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शिल्पा मेरी बहो में थी दुनिया जले हमें क्या. वह खड़े कई मर्दो की गांड जल गई थी जो शिल्पा को मेरी बहो में देख रहे थे. अब मुझे समाज आया की डीके मेरी बहो में शिल्पा को देख कर क्यों जलता था. पर मेरी दूसरी बीविया आलिया और माधुरी मतलब तीनो hi काम नहीं थी.

में और शिल्पा हम मूवी देखने के लिए अंदर गए. मूवी स्टार्ट भी हो गई. शिल्पा मेरी गॉड में थी और उसके मस्त तने हुए बूब्स मेरे हाथो में. किसी को कुछ दिखाई तो नहीं दे रहा था. पर लोगो को शिल्पा की मादक आवाज आ रही थी.

शिल्पा ; अह्ह्ह स धीरे उफ्फ्फ ससस अहह. घर चले मुझे बर्दाश नहीं हो रहा.

आस पास कई लड़के और बड़े मर्द थे जो शिल्पा को देख के लार टपका रहे थे. पर शिल्पा मेरी गॉड में. और मेरा एक हाथ उसकी कमर को जकड़े हुए दूसरा हाथ उसके तने हुए गोल गोल 34 साइज के मस्त बूब्स पर

शाम हो चुकी थी हम दोनों शिल्पा के घर उसी के पुराने बेडरूम में एक डैम नुदे. एक चालू होने के बावजूद दोनों पसीना पसीना. अब तक एक राउंड हो चूका था. और दूसरा ख़तम होने की कगार पर.

शिल्पा ; सुनो जी ससस मेरा होने वाला हे ससस.

में ; अह्ह्ह मेरा भीई....

शिल्पा ; अह्ह्ह म किंग..... ाहहससस अहह.

शिल्पा ने अपनी दोनों टैंगो से मुझे बुरी ततः से जकड लिया. कुछ पल बाद जब उसकी पकड़ ढीली हुई तो मेने अपनी गाड़ी फुल रफ़्तार से चला दी. लेकिन तेल मेरी गाड़ी से भी ख़तम हो गया और मेरा लावा शिल्पा ने अपने अंदर समेत लिया.

काफी देर तक हम बिना कपड़ो के यही लेते रहे.

शिल्पा ; देना के लिए कही बहार चले???

में ; ठीक हे रेडी हो जाओ.

में रेडी हुआ शिल्पा और में शिल्पा के hi बैडरूम में उसी के बाथरूम में नुदे बाथ लिए और उसके बाद में रेडी हो गया. में बीएड पे बैठा उसका वेट कर रहा था. अचानक से बाटरूम का दरवाजा खुला और सुंदरता की देवी no 2 बहार आई. वो आकर दूर पे कड़ी हो गई. शर्माती हुई.

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में जनता था उसके दिमाग में क्या चल रहा हे.

में किसी लग रही हु???

ये शिल्पा को बोलने की जरुरत नहीं होती उसके बेहवे से में समाज जाता हु वो क्या कहना चाहती हे.

में ; अब कोई अपने हुस्न से hi कोई मेरा कतल करे तो इसमें में क्या कर सकता हु.

शिल्पा जोरो से हसने लगी.

शिल्पा ; चलो अब.

में शिल्पा को बाइक पे नहीं लेजा सकता था. क्यों की उसने गाउन पहना था. शिल्पा ने अपनी ोड कार निकली और हम दोनों उसमे सवार हो कर पहोच गए एक रिस्टोर में. सभी की नजर वह पर भी हम पे hi thi.shilpa भाप गई में क्या सोच रहा हु.

शिल्पा ; दुनिया को नहीं सिर्फ मुझे देखो. मेरी खुशियों की चाबी सिर्फ आप के पास हे.

हम बैठे hi थे की माधुरी का कॉल आया.

माधुरी ; कहा हो जह्पना.

मुझे माधुरी के मजाक से हसी आ गई. शिल्पा भी मुझे देखने लगी.

शिल्पा ; दीदी हे क्या???

मेने है में सर हिल्या.

माधुरी ; अरे जह्पना कहा हो??

में ; अनारकली no 2 के साथ बहार रेस्टोरेंट में.

माधुरी ; प्लीज छोडो सब और जल्दी घर आ जाओ किसी से मिलवाना हे.

मेने माधुरी को है कहा और वह से जल्दी घर के लिए निकल गए. घर पहोचते hi दूर खोला सामने मेरी बीवी माधुरी अनारकली no 1 स्माइल करते हुए मेरा स्वागत करती हे. बहोत खुबशुरत.

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माधुरी ; आइये सरताज अंदर आइये.

में एक पल अंदर आके माधुरी को देखता hi रहा.

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में ; आज तो पक्का मेरा कतल होने वाला हे शिल्पा देखो तुम्हारी दीदी को.

शिल्पा जोरो से हसने लगी. माधुरी भी शिल्पा को देखा तो मेरे कहने का मतलब समाज गई थी.

माधुरी ; इनसे मिलो ये हे मेरे दोस्त इंस्पेक्टर विक्रम.

एक स्मार्ट हैंडसम जवान लड़का में उसे देख कर इम्प्रेस कल जला ज्यादा. मेने विक्रम से हाथ मिलाया. हम दोनों बैठे.

में ; क्या कुछ लोगे.

विक्रम ; नहीं बस अभी hi टिया ली मेने.

में ; अरे चाय तो महेमानो के लिए होती हे दोस्त तो पग लगते हे.

वो कुछ बोलै नहीं तो मेने दो पग बना दिए और बोतल बिच में रख दी. उसने भी मन नहीं किया और पग ले लिया. सायद मेरी बाटे उसे पसंद आई वो मुझसे खुश था. उसने भी कोई अतितुत नहीं दिखाया तो मुझे भी लगा वो एक अच्छा इन्शान हे.

अचानक आलिया भी आई वो मेरे पीछे थी. मेरे पास शिल्पा बैठी थी और सामने माधुरी.

आलिया ; में भी हु इस घर में.

मेने पीछे मुद के आलिया को देखा तो अपने सीने को अपने हाथो से मशाल दिया.

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क्या करता आज मेरी तीनो बीविया मुझे झटके दिए जा रही थी. सुबह से शाम तक आप के सामने सिर्फ आप hi के लिए एक एक कर के खुबशुरत से खुबशुरत हसिनाए आती जाए तो आप क्या करोगे.

में ; बता शिल्पा में क्या करू.

सब हसने लगे जोर जोर से आलिया भी है रही थी. वो आ कर मेरी गोदी में hi बैठ गई. विक्रम भी देख के स्माइल कर देता हे.

विक्रम ; सर आप बहोत नसीब वाले हो आप को तीन और एक से बढ़ कर एक मोस्ट ब्यूटीफुल बीविया मिली हे. और तीनो का आप से hi नहीं आपस में भी बहोत प्यार हे.

माधुरी विक्रम की बात से खुश हुई और बोली

माधुरी ; ये जनाब को पता नहीं था की में शादी शुदा हु और आप से प्यार करती हु. इन जनाब ने बिना सोचे समझे मुझे प्यार का इज़हार कर बैठे.

विक्रम ; सर क्या करता जब मेम को पहेली बार देखा तो विल्लन के अवतार में लेकिन जब पता लगा की मेडम एक नेक डिल और वतन परास्त इन्शान हे तो में डिल हर बैठा.

में ; क्या करू मेरी मधु हे hi इतनी प्यारी और खुबशुरत.

विकार ; सर आप अगर ऐसे hi माधुरी मेम को मेरे जैसे hi 1 सत टाइम देखते तो आप के मन में क्या ख्याल आता

माधुरी विक्रम के सवाल सुन के मेरी तरफ बड़े प्यार से देखती हे जैसे वो जान न चाहती हो में क्या सोचता हु.

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में अपना पग लिया और खड़ा हो कर विंडो पे आकर बहार देखने लगा सभी जान न चाहते थे में क्या जवाब दूंगा.

में ; 2 बाटे.

1 अगर में मधु से ऐसे कही बहार मिलता तो सोचता कितनी सुन्दर हे ये. काश में इस खुबशुरत औरत के पेट से जनम लेता तो में कितना सुन्दर होता.

मेरी बात सुन कर माधुरी बहोर भावुक हो कर कुछ पल मुझे बड़े प्यार से देखती hi रही.

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और फिर कड़ी हुई और मेरे पास आकर मुझे गले लग गई. माधुरी ने मुझे सर पे किश किया. मेरी बात से विक्रम बहोत खुश हुआ.

विक्रम ; सर मेम आप के बारे में जो बोलती हे आप उस से भी बढ़कर हो आप इन्शान नहीं भगवन हो.

मुझे हसी आ गई.

में ; अरे भाई भगवन वेगवान कुछ नहीं में तो केवल एक साधारण इन्शान हु जिस पर ऊपर वाला महेरबान हे और इसी लिए उसने मुझे प्यारी प्यारी तीन बीविया दी हे.

विकर्म ; वाओ सर और दूसरी बात.

में ; और दूसरी बात ये की एक बार और मुझे सर कहा तो में तुम्हे बिना खाना खाए भगा दूंगा यार दोस्त हो क्या सर सीए लगा रखा हे.

सभी हसने लगे विकर्म खड़ा हुआ और मेरे गले लग गया.

विक्रम ; दोस्त तो पता नहीं पर मुझे मेरा बड़ा भाई मिल गया आज से आप मेरे लिए मेरे बड़े भाई हो.

विकर्म और में गले मिले में भी उस से बहोत खुश हुआ. हमने साथ खाना खाया जिंदगी की बहोत अच्छी अच्छी बाटे की. वो जा रहा था में और मेरी तीनो बीविया उसे निचे तक छोड़ने आई.

माधुरी ; विक्रम फ़िक्र मत करना तुम्हे मुझसे अच्छी मिल जाएगी.

विक्रम ; है पर वही मिलेगी जहा भाई नहीं होंगे क्यों की साडी अच्छी तो भाई पे फ़िदा हो जाती हे.

हम सब को हसी आ गई. शिल्पा के मोबाईल पे उसी वक्त डीके का कॉल आया.

शिल्पा ; hello???

शिल्पा ; बस बत्तमीज बस.

शिल्पा ; ठीक हे हम जरूर आएँगे.

शिल्पा ; है है क्यों नहीं.

शिल्पा ने कॉल कट किया और बोली.

शिल्पा ; उस कमीने डीके की पार्टी हे. हमें इन्वाइट किया हे हम सब को. लेकिन हम नहीं जाएंगे.

विक्रम ; ये डीके कोण हे???

में ; हे एक गन्दा इन्शान.

शिल्पा ; वो कमीना मुझसे शादी करने के लिए बहोत सी चले चली नहीं चाहता की हम इनसे शादी करे.

मेने और शिल्पा में हमारी कई बाटे उसे बताई.

विक्रम ; एक मिनिट भाई. वो आप को निचा दिखाना चाहता हे. आप अपनी कोई भी दो बीवियों के साथ जाओ और उसे जला डालो. आप की बीविया hi आप की बहोत बड़ी ताकत हे.

शिल्पा गुड आईडिया.

विक्रम मुझे एक अच्छा आईडिया दे गया हम उसे छोड़ के अंदर आए. और सरे सोफे पे बैठ gae.vikram जा चूका था.

में ; अब बताओ क्या करे.

माधुरी ; शिल्पा कल हम अपने हुस्न की बिजलिया गिरते हुए वह चलेंगे. याद रहे हमारा पति एक राजा लग्न चाहिए.

आलिया ; वह गुड और में पार्टी में आप से कुछ दुरी पे रहूंगी पब्लिक और कमीना डीके क्या कर रहा हे उसपे नजर रखूंगी.

में ; इन सब की क्या जरुरत हे कोई लड़ाई नहीं.

माधुरी ये कोई लड़ाई नहीं

माधुरी ; ये लड़ाई तो लड़नी hi होगी शिल्पा कल तेरे सॉरी सॉरी हमरे पति देव हीरो लगने चाहिए सब से हैंडसम.

प्लान बन चूका था काफी नाते हुई. अब मुझे फ्रेश हो कर बैडरूम जाना था.

आलिया माधुरी के पास आई और माँ से मिलने की रिक्वेस्ट करती हे माधुरी मुद भी अच्छा था वो उसे जाने देती हे तपन बाथरूम में था.

में जब बाथरूम से निकला तो माधुरी बैडरूम में थे दोनों मोबाईल में कुछ देख रहे थे. माधुरी निघ्त्य में इतनी हॉट लग रही थी के उसे देखते hi मेरा मूड बन गया.

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माधुरी ; हम्म्म आज शिल्पा को बहोत मजे करवाए मुझे कब लजाओगे. मुझे भी मजे करने हे.

मेने माधुरी पे जपता मारा और उसका मोबाईल हाथ से गिर गया.

माधुरी ; आउच मुझे 1 घंटे बाद जाना हे बहार.

में ; तो 1घंटा तो प्यार कर लू.

हम दोनों कब बे पर्दा हुई और प्यार में खो गए मेरा लावा माधुरी के भी दोनों टैंगो के बिच से टपक रहा था. में माधुरी की दोनों टैंगो के बिच अपना मुँह घुसा कर चाटने गया तो माधुरी ने रोक दिया.

माधुरी ; नहीं रहने दो मुझे आप को अंदर फील करना हे. आप शिल्पा के पास चले जाओ में बहार जा रही हु.

में खड़ा हुआ और शिल्पा के रूम में चले गया वो पहले से जानती थी में आने वाला हु उसके पास
 
सबसे पहले तो बहोत वक्त बाद आप ने बहोत टाइम बाद कमेंट दिया इस लिए में बहोत खुश हु. क्यों की स्टोरी के स्टाटिंग से hi आप ने मुझे बहोत सपोर्ट किया. थैंक यू वैरी वैरी मच.

अंजलि की दूसरी बेटी पाकिस्तान में हुई मतलब उसको शैतान ने नहीं मारा. अब उसकी बेटी दूसरी आलिया hi क्यों ेराम भी हो सकती हे. और समाज सकते हे की प्यार में माधुरी का रान्दीपन पसंद न आए ये समाज तो लाजमी हे मन न पड़ेगा शैतान के लिए भी डिल दरिया अपडेट आगे क्या होगा मुझे खुद नहीं पता.

लेकिन माधुरी सिर्फ सेक्स एडिक्ट hi नहीं और भी मानशिक बीमारियों से गुजर रही हे. इसका आगे के अपडेट में और जान ने मिलेगा. बाकि माधुरी पे कोई भी रेडर्स भरोसा नहीं करता
 
तपन माधुरी और शिल्पा को छोड़ कर आलिया अपना बड़ा सा बैग लिए सिडिया उतरती हुई निचे आई. माधुरी ने ये भी जान ने की कोसिए नहीं की के आलिया अँधेरी रत में माँ के पास कैसे जाएगी. और ये भी नहीं सोचा के घर में उसका पति अकेला हे.

अँधेरी रत में आलिया अकेली सड़क पे अकेली चल रही थी. आलिया अपनी पूरी तयारी के साथ आगे बढ़ रही थी.

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लेकिन कुछ दुरी पर कोई और थी जो उसके आने का इंतजार कर रही थी. वो थी ेराम. आलिया से 2 कम की दुरी पे ेराम अपनी कार को रोक कर एक सिगरेट का पकट खरीदती हे.
 
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कुछ दुरी पर ेराम अपनी सिगरेट के पैकेट से एक निकल कर सुलगती हे और आगे बढ़ती हे. उसके डिल में एक अजीब सी नफरत आलिया शिल्पा और माधुरी के लिए. माधुरी को मरने का प्लान फ़ैल हुआ और आलिया की गोली वो खा चुकी थी. उसे ये पता नहीं था की उसे जो गोली लगी हे वो आलिया की थी. ेराम धीरे धीरे माधुरी के घर की तरफ बढ़ रही थी. धुए उड़ाती बंद कार में हाथ भी कप रहे थे. डिल में बाफले की भावना और तीनो बहेनो को मर डालने का ज़ुन्नुन. ेराम ने सामने आलिया को देखा पर होश उसे तब आया जब वो आलिया को क्रॉस कर के आगे निकल गई.

अचानक उसने ब्रेक मरी और होश आया. वो डिल में बोली.

बड़ी नहीं तो छोटी सही. कोई तो पहले मरे. ेराम ने दोबारा कार घूमती हे. और आलिया की तरफ बढ़ने लगी.

पेडल पेडल चल रही आलिया समशान सड़क होने के बावजूद भी रोड के किनारे पे hi चल रही थी. आलिया ने नोट किया की उसके पीछे तक़रीबन 50 मीटर पीछे कोई कार भी पीछे hi चल रही हे. बिलकुल पेडल चलने वाली स्पीड पे. आलिया ने पीछे मुद कर देखा. वो कार बिकुल काम स्पीड में उसकी तरफ hi बढ़ रही थी. आलिया रुकी तो वो कार भी रुक गई. आलिया थोड़ी आगे चली कार भी उसके पीछे चलने लगी और एक हॉर्न बजाय आलिया रुकी और पीछे मुद के देखा. कार एक्सीलेटर दे कार आगे बढ़ी और रुकी. फिर फुल एक्सीलेटर. आलिया समाज गई थी की खतरा हे. आलिया तेज़ कदमो से भागी. लेकिन वो कार भी उसकी तरफ भागने लगी.

कार में बैठी ेराम को बहोत मजा आ रहा था. वो अपने मुँह से हस्ते हुए बोल रही थी.

ेराम ; भाग साली भाग कितना भागेगी.

आलिया तेज़ भागने लगी कार उसे पीछे उसे भगा रही थी. अब वो कार से तेज़ नहीं भाग सकती थी. आलिया भागते हुए गिर पड़ी वो कर सिर्फ 10 कदमो की दुरी पे कड़ी हो गई. कार सिर्फ बस एक्सीलेटर दिए जा रही थी. आगे कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं चारो तरफ अँधेरा था. आलिया रोड पे गिरी हुई सिर्फ कार को देख रही थी. कार की दोनों हेडलीगत की रौशनी से उसकी आंखे छोडिया गई.

लेकिन अचानक दो गोलिया चली और ेराम की कार की एक लाइट और मिरर टूट गया. ेराम तो बच गई पर ेराम ने कार फुल स्पीड में आगे बाधादि. आलिया ने मौका देखा और लेते लेते hi राइट साइड लुढ़क के निकल गई. आलिया बच चुकी थी. उसने नजर घुमा कर रोड की तरफ देखा तो माँ पिस्तौल तने वह कड़ी थी.

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माँ ने आज उसकी जान बचा ली. वो किए पहोची ये भी एक राज़ hi रहेगा पर ेराम आगे निकल गई. उसे गुस्सा आ गया वो चिलाती हुई बोली.

ेराम ; हटतट. .. साली ये कहा से आ गई ीी....

माँ भाग कर आलिया के पास पहोची और उसे गले लगाया.

माँ ; मेरी बची तू ठीक तो हे न???

आलिया ; है माँ में ठीक हु.

वो आलिया को अपनी कार में बिठाती पर अचानक उसके पास एक जीप रूकती हे वो माधुरी थी. चालू जीप में से hi माधुरी ने कच के टुकड़े तैयार की घिसाहट और आगे आलिया और माँ को देखा तो उसने जीप रोक दी. और वो आलिया की तरफ भगति हुई आई.

माधुरी ; आलू .... बीटा क्या हुआ तू ठीक हे.

माँ ने आलिया को खड़ा किया और घूम के एक जन्नते दर थप्पड़ माधुरी के गाल पे मर दिया और गुस्से में बोली.

माँ ; बहन नहीं तू तो इसकी माँ बन ने चली थी. अब निभाली तूने इसकी जिम्मेदारी.

माँ के एक hi थपड ने माधुरी को पूरा ज़नज़ाद दिया. माधुरी को आज तक उस से भरी ये पहेली मिली थी.

माँ ; मुझे बोल रही थी में इसका इस्तेमाल कर रही हु. ये तो जान लिया होता उसकी मदद कर रही हु या कुछ और

माधुरी ने अपने आप को संभाला अपने गोर गाल पे लाल निशानों को हाथो में छुपाते हुए आँखों में अंशु लिए अपना सर ऊपर उठती हे. माँ को भी दुःख होता हे क्यों की अपनी सब से प्यारी दोस्त की बेटी को आज वो किस हल में देख रही थी.

माधुरी ; कहा से कहा निकल गई में. वो हर रिस्तो को छोड़ कर. कुछ को मेने छोड़ा और कुछ मुझे छोड़ गए. मुझे क्या पता माँ का धर्म क्या हे. वो कैसे बचो को संभालती हे. कैसे उनकी जरुरत पूरी करती हे.

मुझे तो बस लड़ना आता हे. जित हासिल करना चाहे किम्मत कुछ भी चुकानी पड़े.

माँ का डिल बैठ गया वो माधुरी पे एक लम्बे आरसे से उस पर नजर रखे हुए थी. वो छोटी थी तब से. पर उसकी भी कुछ मजबूरिया थी. उसे वो बिगड़ते हुए रोक नहीं सकती थी. माँ ने भी माधुरी को वो घातक हथियार बन ने से नहीं रोका.

माँ ; तो फिर तू लड़ जो तुजे प्यारा हे उसे में कुछ नहीं होने दूंगी ये समझ ये त्रिनेत्र hi चीफ नहीं अंजलि का वादा हे.

माँ वह से आलिया को लेकर निकल गई. अपने घर की तरफ नहीं माधुरी के घर की तरफ माँ जा चुकी थी. माधुरी बिच रस्ते में बन थान कर तैयार थी वही गन्दी दुनिया की लड़ाई के लिए. जिसके लिए उसे ऐसीही बनाया गया था. एक हवस और लालच की दुनिया. माधुरी का एक दर ख़तम हो चूका था. अब उसमे और ज्यादा बदलाव आ गया. वो अपनी हवस का खेल खुल कर खेलने के लिए नेताजी के बंगले में पहोच गई.

गेट पे hi काँटी मिला. काँटी माधुरी को इस रूप में देख कर मोहित हो गया. माधुरी ने रेड साड़ी में बहोत ज्यादा कमुख रूप ले लिया था. खुबशुरत सेक्सी हॉट फेस के साथ उसका घातक यौवन और उसकी पतली कमर पे पुराने ज़माने का चंडी का कमरबंध जो माधुरी की खूबशूरती में चाँद चाँद लगा रहा था.

माधुरी ; (स्माइल) कैसे हो काँटी?

काँटी ; (स्माइल) ठीक हु मेम.

माधुरी ; काँटी मेरा एक काम करोगे??

काँटी ; बोलो मेम आप के लिए तो जान पे भी खेल जाएंगे.

माधुरी जोरो से हसने लगी.

माधुरी ; अरे भाई जान वन नहीं चाहिए बस इनफार्मेशन चाहिए

काँटी ; बताइये मेडम बताइये.

माधुरी ; इस घर में आने के कितने रस्ते हे. और किस किस रस्ते से कोण कोण आता हे. ये मंत्री साला नेताजी सब से ज्यादा किस से मिलता हे सब जान न हे.

काँटी ; मेम पूरी इनफार्मेशन के लिए तो वक्त लगेगा पर इस गेट की पूरी इनफार्मेशन में दे सकता हु. इस रजिस्टर में आने और जाने वालो की पूरी इनफार्मेशन हे. और जिसके बारे में नहीं लिखना मतलब कोई जानकारी नहीं जुटाने का आर्डर हे वो मेरे दिमाग में. आप के लिए एक मेमोरी कार्ड में साडी फोटोज खींच कर आप को दे दूंगा.

माधुरी ; गुड किसी को पता न चले.

काँटी ; नहीं चलेगी पर यहाँ कैमरा बहोत चालू हे मेडम जरा ख्याल रखना अपना.

माधुरी ने काँटी के गाल पे एक पप्पी करि और जीप अंदर ले आती हे. माधुरी अंदर आकर देखती हे घर में कोई नहीं दिखता हे. घर के पीछे के हिस्से में स्विमिंग पल था. हलकी हलकी रौशनी थी. माधुरी गई तो उसे किसी ने पीछे से उसे जकड लिया कमर के निचे हिप्स की तरफ से किसी ने उसे जकड लिया. माधुरी गिरते गिरते बची.

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माधुरी ने पीछे मुड़के देखा तो नेताजी फर्श पे hi बैठा था. अंद्देरे से भी कला नेताजी के हाथो में माधुरी की गोरी गोरी कमर थी. माधुरी ने उस से अपने आप को छुड़वाया. और दूर जा कर शर्माने की एक्टिंग करते हुए अंगड़ाई लेती हे. और हसने लगी.

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माधुरी ; अरे नेताजी आप निचे क्या कर रहे हो.

नेताजी ने माधुरी को इस रूप में देखा तो नेताही की लार टपकने लगी. रेड साड़ी में जो आरपार माधुरी का बदन दिख रहा था वो देख कर नेताही के होठ सुख गए. नशीली आंखे और कातिल स्माइल लेकिन सब से ज्यादा सेक्सी थी माधुरी की पतली कमर और कमर पे लटक रहा चंडी का कमर बंद. माधुरी के डिल काश चहेरे ने नेताजी को पागल कर दिया.

माधुरी ; नेताजी साफ सफाई का काम नोकरो की बजाय आप hi तो नहीं करने लग गए.

माधुरी नेता का मजाक उड़ा रही थी

नेताजी ; रे आजा रानी कब से इंतजार कर रहा हु. सससस आज तो तुजे पूरा नंगा लार के रगडूंगा.

माधुरी अपनी सुरीली आवाज में हस्ते हुए अपने बदन की मादक नुमाइस करते हुए उसे देख के हस्ते हुए बोली.

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माधुरी ; आप मुझे रगडोगे??? कभी सकल देखि हे आईने में. देखो में कितनी सुन्दर हु. जरा मेरी ये पतली कमर देखो!!!!!

माधुरी ऐसा बोल कर जोर जोर से हसने लगी. बड़ी सखियों से नेताजी को चढ़ाते हुए ये बात बोली. नेताजी को माधुरी की बात जितनी बुरी लगी उतनी hi अच्छी लगी. क्यों की माधुरी जो कह रही थी वो सच hi कह रही थी. और नेताजी को ये बात पता थी की वो कितना बदसूरत हे.

उस मुकाबले माधुरी को छूना और उस से ज्यादा आगे बढ़ना एक शपने के सामान hi हे.

नेताजी ; चाहे कुछ हो जाए आप तू मुझे खली हाथ नहीं छोड़ सकती तेरा ये बदन मुझे तेरा दीवाना बना दिया.

नेता ने माधुरी पे जाप्ता मारा माधुरी उसे धक्का दे कर भागने लगी. माधुरी के हसने की गूंज और नशीला माहौल नेताजी में एक अजीब सी उत्तेजना पैदा कर रहा था. नेताजी ने माधुरी को उत्तेजित करने के लिए ये माहौल बनाया था पर माधुरी ने hi उसे उसी के जल में फसा दिया. माधुरी की अदाओ ने माहौल को कुछ और hi बना दिया.

नेताजी माधुरी के पीछे भागने लगे. माधुरी खिल खिलाती हसी के साथ वो भी पुल्ल के गोल गोल भागने लगी. नेताजी माधुरी को पकड़ नहीं पता इस लिए उसे और भी गुस्सा आता हे. माधुरी को भी इस खेल में और मजा आने लगा. माधुरी जान बच कर थोड़ी धीमी हुई ताकि नेताजी उसे पकड़ सके. लेकिन मूरख नेता ने जम्प किया और माधुरी का एक पाव (लग) पकड़ लिया.

माधुरी घुटनो के बल गिरती हे. नेता. माधुरी की पाव से जंगो तक अपने हाथो से मशलता हुआ ऊपर को आने लगा. माधुरी भी अपने दोनों हाथो को जमीं पे टिका कर उलटी बैठी हुई हाफने और शर्माने का नाटक करती हे.

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माधुरी ; ससस आउच..... है है.

नेताजी माधुरी की मादक आवाजों से और जयदा होश गवा बैठा वो माधुरी की जंगो को जकड कर उसी पे hi बैठ गया और माधुरी की कमर को हाथो से जोर जोर से मशाल ने लगा लेकिन जवाब में माधुरी उसे उकसाने के लिए वैसे hi सिर्फ सिसकारियां भरने लगी

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माधुरी ; ah..ssss गंदे आदमी. ससस ुयी माँ...

माधुरी की अदाए उसकी सिसकारियां नेता को पागल बना ने लगी थी. हल वही था. जैसे भिखारी को रोटी नहीं तंदूरी मिल गया हो. माधुरी जान बच कर थोड़ी सीधी हुई. नेताजी उसकी टैंगो को जकड़े हुए था. माधुरी ने थोड़ी ताकत लगा कर अपना एक पाव फॉल्ट किया और नेता के सीने पर अपना पाव का पंजा पूरा टिका कर पुस किया नेताजी दूर गिरा सीधा पुल्ल के पानी में. नेताजी को तैरते नहीं आता था. पर पानी सिर्फ 4 फिट था. नेताही खड़े हुए. और माधुरी को गुस्से से देखने लगे. माधुरी नेताजी का मजाक उड़ाते हुई जोर जोर से है रही थी.

नेताजी पानी में hi खड़े हुए माधुरी को देखते हे. एक वाइट जिसपर लोग धूम सेकने के लिए लेट ते हे उसपे माधुरी जा कर कमर और कोणी के बल माधुरी लेट गई.

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लेटने के कारन माधुरी के बूब्स हल्का सा निचे को कम्पन करते हुए झुके. ये नजारा देख कर नेता अपनी बजती भी भूल गया. नेताजी पानी में खड़ा माधुरी के मादक जिश्म और कातिल निगाहो को hi देखता रहा. माधुरी की कमर और उसपे बंधा हुआ चंडी का चमकता हुआ चला

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,नेताजी अपने होश खोते जा रहे थे. माधुरी नेताजी के दिमाग पे असर कर रही थी. उसे अपने वश में कर रही थी.

माधुरी ने नेताजी को ऊँगली से उसे अपनी तरफ आने का हिसार किया. नेताजी माधुरी की उंगलियों के हिसारो में नाचते हुए पानी से बहार आए. वो घटना के बल माधुरी की तरफ बढ़ने लगा. माधुरी बहोत कातिल स्माइल करती हे. स्माइल इस लिए क्यों की बिना सिखाए hi कुछ किये बगैर नेताजी 4 पेरो पे तो आ गए. मर्दो को घुटने पर लाना माधुरी को बहोत पसंद था. नेताजी माधुरी के पेरो के पास आ कर बैठ गए. माधुरी के गोर गोर केले जैसे पैर देख कर नेताजी की आंखे फटी की फटी रहे गई. नेताजी ने हाथ माधुरी के पेरो की तरफ जरूर बढ़ाया पर माधुरी ने उसे रोक दिया.

माधुरी ; नहीं बिलकुल नहीं. तुम अपने आप को देखो और मुझे देखो. तुम मुझे छुओगे तो में गन्दी नहीं हो जाउंगी.

माधुरी जानती थी नेता हे तो वो बड़ा कमीना होगा. कुछ वक्त के लिए तो उसके दिमाग पे कब्ज़ा किया जा सकता हे हर पल नहीं. वो होश में पक्का आएगा.

नेताजी ; लेकिन अब तुम मेरी हो तुम्हारा जिश्म अब मेरा हे. तुम्हे मेरी प्यास भुजनि होगी.

नेताजी ने माधुरी के पाव को पकड़ने की कोसिस की पर माधुरी ने पाव पीछे खींच लिया.

माधुरी ; मुझे तुम्हारी प्यास भुजने की जरुरत नहीं. तुम में ऐसा क्या हे जो में तुम्हारे साथ बिस्तर सरे करू.

नेताजी ; तुम्हे क्या चाहिए???

माधुरी ; मुझे कुत्ते बहोत पसंद हे. बोलो बनोगे मेरे डौगी है.

नेताजी माधुरी के बदले तेवर देख कर हैरान रहे गए. वो सोच नहीं सकता था वो क्या कीमत चुके माधुरी के जिश्म को पाने की. माधुरी दोबारा आराम से वैसे hi लेट गई. माधुरी ने अपना पाव लम्बा किया. और अपने पाव के अंगूठा नेताजी के लिप्स को टाच करने लगी. नेताजी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. माधुरी बहोत मादक स्माइल के साथ बोली.

माधुरी ; लो अपनी मालकिन के पाव चूमो. लो लो न.

,बे सूद नेता के पाव का अंगूठा नेता की लिप्स पे टाच हो रहा था. वो माधुरी के पाव की उंगलिया गोरी गोरी जिसपर नेल पोलिश लगी हुई थी बहोत सुन्दर लग रही थी. वो देख कर नेताही को माधुरी को पाने की चाहत और बढ़ गई. वो उसे पाने के लिए गुलाम कुत्ता होने के लिए मजबूर हो गया. उसका मुँह अपने आप खुल गया. माधुरी मुस्कुराने लगी उसे भी उत्तेजना का बहाव बहाने लगा.

नेता उसके अंगूठे को चूसने लगा. डिल में और सरीर में एक अनोखी काम वासना को माधुरी महसूस काटने लगी. वही नेताजी को भी बहोत hi अलग प्रकार का रोमांच लगने लगा. वो माधुरी ने पाव के अंगूठे से hi माधुरी के बदन की खुशबु सांसो की मदद से सीने में डिल में उतरने लगा. उसकी नजर केले जैसी माधुरी की गोरी गोरी टैंगो पे थी.

माधुरी ने भी अपने घुटनो से साड़ी को पकड़ा और आहिस्ता से ऊपर की तरफ खींचना सुरु किया. जो नजारा नेताजी देख रहे थे वो देख कर नेताजी का बेकाबू होना लाजमी था. वो माधुरी को और चूमने और छूने के लिए मजबूर हो गए हो. बेकाबू भावना पे कण्ट्रोल की नाकाम कोसिस करते हुए वो माधुरी की आँखों में देख कर माधुरी की परमिशन मंटा हे. माधुरी भी सेक्सी स्माइल किये अपनी पलके जबके के उसे है में जवाब दे देती हे. नेताजी ने माधुरी के पाव के पंजे को आहिस्ता से पकड़ा और उसे चुम लिया.

एक पल के लिए माधुरी ने भी अपनी सांसे रोक ली. और अपने सरीर को फिर ढीला छोड़ा ये माधुरी ने जान बच कर किया. नेताजी चूमते हुए आगे बढ़ने लगे. माधुरी जान बच कर सिसकारी लेती लेकिन कुछ जान बच कर नहीं अपने लिए एक गुलाम किते की सेवा से खुद पैदा हो रही थी. चूमते हुए नेताजी माधुरी के घुटनो पे पहोच गए. माधुरी ने कोई पालक तक नहीं जबके नियाजी घुटनो पे आगे बढ़ते हुए अपने दोनों हाथ माधुरी के इर्द गिर्द थे. वो माधुरी के घुटनो पे अपनी लिप्स चिपकाए नजर ऊपर उठा कर माधुरी की आँखों में hi देख रहा था.

माधुरी ने अपने हाथो से नेता के हाथ को उठाया और अपनी जंगो पे रख दिया. नेताजी को इतना hi हिसार बहोत tha.vo अपने दोनों हाथो को माधुरी की जंगो पे अपने दोनों पंजे चिपकते हुए ऊपर को बढ़ने लगा जिस से माधुरी की साड़ी भी ऊपर होने लगी. नेताजी की जीभ भी आहिस्ता आहिस्ता ऊपर को चलने लगी. माधुरी को भी अजीब सी रोमांचक ख़ुशी मिल रही थी और नेताजी को भी. नेताजी ने माधुरी की साड़ी को धीरे से पूरा ुलेट दिया. जिस से माधुरी को भी कोई एतराज नहीं था. अब नेताही के सामने थी माधुरी की रेड पेंटी जो सेक्सी ब्लू लाइट की रौशनी में चमक रही थी.

वो खुबशुरत नजारा देख के नेताजी बेकाबू हो कर उसे छूने की कोसिस की पर माधुरी ने उसका हाथ पकड़ लिया.

माधुरी ; आ हाथो से नहीं.

नेताजी माधुरी को देखता हे. माधुरी सेक्सी आँखों से कातिल स्माइल किये उसी की आँखों में देख रही थी. नेताजी ने अपने मुँह से माधुरी की पंतय को दातो से पकड़ा और निचे की तरफ खींचा. माधुरी ने भी कमर उठा कर नेताजी की मदद की दातो से पंतय को पूरा खींच के उतरने के लिए नेताजी को खड़ा होना पड़ा. मुँह में माधुरी की पंतय अपने जबड़े में लिए वो माधुरी को हस्ता हुआ देखता हे. नेताजी का डिल जोरो से धड़कने लगा.

माधुरी भी वो सीन देखती हे तो उसके डिल में अजीब सी रोमांचक ख़ुशी मिलती हे. नेताजी के सामने माधुरी की कामना की गहरी घाटी थी. कभी वो माधुरी की दोनों टैंगो बिच की बहती हुई घाटी को देखता हे. तो कभी माधुरी के फेस को जो कातिल मुश्कान से उसे hi देख रही थी. माधुरी ने उसकी तरफ अपना हाथ किया. नेताजी ने तुरंत उसका हाथ पकड़ा तो माधुरी ने उसे खींचा और अपने पास बैठा लिया. नेता भी माधुरी के हर हुकम को बिना हीच किचय फॉलो कर रहा था. माधुरी ने अपनी दोनों टैंगो को खोला और नेता के सर के बल पकड़ कर दोनों टैंगो के बिच दबा दिया.

नेताजी भी कामना से बहते रास की घाटी से अपनी hi नहीं माधुरी की भी प्यास भुजने लगा. माधुरी उसकी जीभ की छुअन से इस लिए खुश हो रही थी क्यों की कुछ वक्त पहले hi अपने पति के प्यार को अपनी दोनों टैंगो के बिच बहते हुए उसे भी साथ ले आई थी. जो सुख चूका था. उसे वो चटवाने में जो ख़ुशी हो रही थी वो खुद बयां नहीं कर सकती थी.

वही नेताजी भी तपन का प्यार और माधुरी की कामना के मिश्रण को अनजाने में hi चाट कर खुश हो रहा था. माधुरी ने अपने सर को पीछे की तरफ जुला दिया. जिस से पुल्ल के पानी में माधुरी के काळा लम्बे बल टेरने लगे. माधुरी अजीब सी ख़ुशी में मगन हो चुकी थी.

वही उसी घर में जहा नेताजी अपनी हवस माधुरी से मिटा रहे थे. वही इसकी बेटी अपने प्यार तिगर का इंतजार कर रही थी. उसे पता था तिगर कहा ऐ आएगा. घर के सरे नोकरो को मोनी ने अपने रूम में आने से मन किया हुआ था. तिगर एक विंडो से अंदर आया. उसने जैसे विंडो से फर्श पे पाव रखा उसका पाव गुलाबो की पतियों पे तिगर जमीं पे उतरा अपने बड़े से बेडरूम में मोनी उसे उपनि तरफ आते हुए देख रही थी.

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तिगर का आज तक ऐसा स्वागत किसी भी लड़की ने नहीं किया था. उसके फेस पे स्माइल आ गई. विंडो से मोनी तक पहोचने के लिए मोनी ने खुद गुलाब की पत्तियों से रास्ता बनाया हुआ था.

माधुरी आने के पुरे रास्तो पे मोमबतिया लगाई हुई थी. बिच में लिखा हुआ था वो भी गुलाब की पत्तियों से मोनी लव्स तिगर. मोनी के स्वागत से तिगर के डिल में मोनी के लिए एक अलग hi मुकाम बन गया. तिगर ने मोनी से भी प्यार का इज़हार कर दिया.

तिगर ; मोनी ी लव यू.

मोनी भी नशीली आँखों से उसे देखती रही.

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मोनी ; मोनी लव्स तिगर. चाहे में तुम्हारी बीवी नहीं बन सकती. चाहे तुम मुझसे शादी नहीं कर सकते लेकिन मोनी हमेशा तुमसे प्यार करती रहेगी.

तिगर सिर्फ मोनी को देखता रहा.

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मोनी जितनी खुबशुरत किते थी. उतना hi उसका डिल भी उतना hi सुन्दर था.

तिगर ; है आज में उसी प्यार के लिए यहाँ आया हु. ताकि तुम्हे वो ख़ुशी दे सकू जो तुम्हे शायद किसी और से न मिले क्यों की में भी तुमसे प्यार करने लगा हु मोनी.

मोनी तिगर को प्यार से देखती रही

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मोनी देख रही थी की तिगर उसकी तरफ hi आ रहा हे. तिगर उसके पास आया और घटना पे बैठ कर मोनी के हाथो को अपने हाथो में लेने की परमिशन मांगता हे.

मोनी को ये बहोत अच्छा लगा. मोनी की आँखों से ख़ुशी के अंशु बहे गए वो बैठी और अपने दोनों हाथ तिगर के हाथो में दे दिए. तिगर ने मोनी को दोनों हाथो की उंगलियों को चुम लिया. अपने गलो पे लगा दिया. मोनी ने तिगर का सर पकड़ा और उसके माथे पे चुम लिया. तिगर ने अपना सर मोनी की गॉड में रख दिया.

तिगर ; जानती हो मोनी मुझे मेरे पापा ने में जब छोटा था तभी हॉस्टल भेज दिया आर्मी स्कूल में. में वह अपनी माँ को बहोत याद करता था. सिर्फ वीक में एक hi दिन वह बात करने की परमिशन मिलती थी. में तरसता था अपने माँ डेड से मिलने को माँ से प्यार करने बदमाशियां करने माँ की पापा की डट खाने के लिए.

मोनी ; आप के पापा कितने बे रहें थे. जो उन्हों ने एक बचे से उसका बचपन छीन लिया.

तिगर ; नहीं वो बात नहीं थी. दरसल मेरे माँ डेड भी मेरी तरह एक एजेंट hi थे. सायद उन्होंने भी यही सीखा था. अगर मेरी फॅमिली ने अपना बचपन अपनी जवानी अपना बुढ़ापा जिया होता तो सायद हमारे मुल्क की कई फॅमिली अपनी जिंदगी नै जी पते.

मोनी ; कमल हे हम लोगो को बचने के लिए आप की फॅमिली के हर बन्दे ने अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर दी हमें आप पर गर्व हे.

तिगर ; लेकिन मजे की बात तो ये हे जिन लोगो के लिए हमने ये सब किया उन्हें खुद नहीं पता हे.

मोनी ; यही तो आप लोगो की खासियत हे. काम कमाया नाम नहीं.

तिगर ; तुम्हारी गॉड में वो सुकून मिल रहा हे में बया नहीं कर सकता सायद माँ की गॉड भी ऐसी hi होगी न.

मोनी ने तिगर का सर ऊपर उठाया वो आंसुओ से भरा था.

मोनी ; में सोचती थी तुम उंलख्य हो जो मुझसे शादी नहीं कर सकते क्यों की में तुमसे बहोत प्यार करती हु पर हकीकत तो ये हे तुम्हारा कद इतना ुचा हे की में तुम्हारे लायक hi नहीं. क्या मुझे तुमसे प्यार करने का हक़ मुझे डोज?????

तिगर ; इतना बड़ा मत बनाओ मोनी में तो एक छोटा सा सिपाही हु. और तुम बहोत प्यारी हो. मेरी मज़बूरी न होती तो तुम मेरी बीवी होती.

मोनी ; नहीं हु तो क्या हुआ मेरा डिल तुम्हारा हे. मोनी बिना शादी के भी में सिर्र्फ तुम्हारी हु. वादा करो में कही भी राहु. शादी करू या न करू. तुम्हे जब भी मौका मिलेगा मुझसे मिलने जरूर आओगे.

तिगर ने है में सर हिलाया दोनों एक दुसरो की आँखों में खो गए लैब से लैब कब टकराए ये उन्हें खुद पता नहीं चला. मोमबतिया बहार से आने वाली हवाओ से भुज चुकी थी. फूलो की पाटिया भी हवा से बिखर गई. और दोनों प्रेमी जोड़े एक हो गए.

दोनों जगह पर सम्भोग हो रहा था. एक तरफ तिगर और मोनी जहा दोनों में प्यार और सचाई थी वही दूसरी तरफ वो गन्दा वासना का खेल. जहा माधुरी की दोनों टैंगो को नेताजी अपने काढ़ो में फसाए धक्के लगा रहे थे और माधुरी गुर्रा रही थी. अपने डट पीस रही थी.

माधुरी ; नेताजी ससस अहह अगर मुझसे पहले आप ख़तम हुए तो अह्ह्ह्हह सससस तो आप के दूंगी सससस नहीं कभी

माधुरी को भोगने के बावजूद भी उसका खुद पे काबू नहीं था. और हुआ भी वो hi. माधुरी ने नेताजी को पल पल डरा रखा था. माधुरी इस वक्त उसे हराना नहीं चाहती थी. वो खुद को खलित कर लेती हे. माधुरी पसीना पसीना हो गई. नेताजी का भी यही हल था. नेताजी भी अंतिम चरम पे पहोच गया. माधुरी ने जान बच कर नेताजी को निशाने से भटका दिया. और नेताजी का सारा पाप माधुरी की गहरी नाभि में फेल गया.

माधुरी ; ससस क्या नेताजी ससस इतनी जल्दी ससस चलिए अब चाट जाइये जल्दी इसे.

नेताजी को ये अजीब लगा लेकिन माधुरी ने नेताही का सर पकड़ और निचे दबा दिया.

माधुरी ; अरे नेताजी कभी कच्चा अंडा (एग) नहीं खाए हो क्या. सससस सीखना पड़ेगा आप को.

नेताजी को पहले तो घिरना लगी फिर उसे सब कुछ रोमाँचक लगने लगा.

माधुरी सुबह गेट पे पहोची तो. काँटी ने हाथ आगे किया.

काँटी ; मेडम आप ने
 
काँटी ; ये लो मेम आप की उमीदो से भी ज्यादा.

माधुरी के फेस पे स्माइल आ गई. माधुरी ने काँटी का शर्ट पकड़ा और उसे अपनी तरफ खींचा और एक बहोत जबरदस्त लिप किश कर दिया.

माधुरी ; (स्माइल) थैंक यू काँटी तुमने मेरी बहोत बड़ी मदद की हे.

काँटी ; अरे मेडम में बस इतना जनता हु आप बुरी नहीं हो.

माधुरी ने उसे 2000 रूपए दिए.

काँटी ; इसकी जरुरत नहीं हे मेडम ये में किसी लालच में नहीं कर रहा हु. में तो एक गरीब इन्शान हु. आप ने इतनी इजात दी ये hi बहोत हे.

माधुरी है कर वह से निकल गई. वो गाड़ी चलते हुए शाम की पार्टी के बारे में सोचने लगी की शाम पार्टी एक बहोत बड़ी साजिश भी हो सकती हे. माधुरी ने सोच लिया था. शाम पार्टी के लिए वो तिगर और माँ दोनों की हेल्प लेगी
 
थैंक यू सो मच आप ने मेरी स्टोरी पे बहोत गहराई से अध्यन किया में आप की शुक्र गुजर हु.

आलिया अभी सोर्ड फाइट के लिए रेडी भी नहीं हे और न hi स्ट्रांग हे. इस में उसका बचपना चंचलता और गलतिया भी दिखेगी. मेरी गलती हे की इसमें हीरो पार्टी बड़ी जीत और विल्लन पार्टी की सिर्फ सॉर्ट छोटी सी जित दिखी में आगे कुछ सुधर भी करने की कोसिस करुँगी हो सके इतना सेक्स काम करने की कोसिस भी रही हे. ये स्टोरी मेरी नहीं हे.

मेने ये स्टोरी अपने हब्बी से बिच में से ले ली और बहोत चीजों को चेंज किया आगे भी कुछ चीज उनकी अंदर से निकालनी पड़ती हे. पर सेक्स डालना मेरे बस का नहीं हे. उनकी हेल्प लेनी hi पड़ती हे वैसे कोसिस करुँगी स्टोरी को एक बहेतर मोड़ दे सकू
 
माँ ने माधुरी को तप्पड़ इस लिए मारा क्यों की उसने आलिया को माँ से मिलने के लिए. जब आलिया ने 1सत डीके ke,admi को मारा तो उसे लगा की माँ आलिया को मोहरा बना रही हे. माधुरी को ये नहीं पता थी की माँ उसे बचा रही हे.

माँ और आलिया दोनों में से किसी को ये पता नहीं चला आगे वो पता लगा पति हे या नहीं उपदटेस आते रहेंगे
 
में एक ऐसी प्रेम कहानी दूध रही हु जिसमे दो प्यार करने वाले बहोत मुश्किलों का सामना कर के मिले और दोबारा उन्हें अलग करने की कोसिस हो. वो मिले और जुड़ा हो जाए दोबारा किश्मत उन्हें मिलाए और फिर कहानी में कुछ नई मोड़ आ जाए अंत में वो मिल न पाए तो दोनों मिलकर किसी और की मदद करे ताकि दूसरे किसी का प्यार की हालत उन जैसी न हो
 
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