Meri Police wali Biwi - Page 4 - SexBaba
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Meri Police wali Biwi

कुछ वक्त पीछे

माधुरी चेयर पे बैठी थी पहलवान जो दुबला पतला नधुरी के पाव ( लग ) दबा रहा था दबा काम हाथ ज्यादा घुमा रहा था माधुरी ने आराम करने आंखे बंद कर ली और अपने हाथो को गर्दन के पीछे ले जा के बैठी जिस से 34 के नोकीले बूब्स आगे हो गए.

ये देख के जांय भी गरम हो जाता हे सायद उन्हे इतनी ब्यूटीफुल लेडी को टाच करने को पहेली बार मौका मिला था तो जांय माधुरी के कंधे दबाने के बहाने पीछे आ जाता हे और कंधे दबाने लगता हे माधुरी कंधो के टाच होते आँखे खोल के पीछे ऊपर की तरफ देखती हे और दोबारा आंखे बंद कर लेती हे.

दोनों कमीने लालची मोके का फायदा उठा ते हे और दबाना छोड़ हाथ घूमने लगते हे. पहलवान हाथ घूमते घूमते साड़ी को ऊपर की तरफ ले जाता हे और हाथो के धीरे धीरे जंगो तक घूमता हे. माधुरी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं करती बस जैसे नींद में खोई हो जांय भी कंधो को दबाना छोड़ हाथो को कंधे और गर्दन पे हाथ गुमने लगता हे दोनों के लैंड टाइट तम्बू बन जाता हे.

माधुरी जैसे नींद के आगोश में खो जाती हे मजा तो उसे भी आ रहा था पहलवान लालच से और आगे बढ़ता हे वो धीरे धीरे अपने पंजो को आगे करने से पंतय ( चड्डी ) ( जंगिया ) की किनारी को छूटा हे. पहलवान की आँखों में चमक और डिल की धड़कने तेज हो जाती हे. माधुरी की भी आंखे बंद थी और सांसे तेज होती हे जिस से बूब्स के उभर धीरे धीरे उप डाउन होने लगते हे. जांय ये नजारा देख के पागल हो जाता हे अपने लैंड की ठोकर कपड़ो में से hi माधुरी की चेयर पे मरने लगता हे. और अपने पंजो को धीरे धीरे आगे बढ़ाते बूब्स की तरफ बढ़ता हे. पहलवान हिमत कर के अपने पजो को माधुरी की पंतय के ऊपर से hi छूट पे घुमा देता हे माधुरी के भी पाव अपने आप थोड़े खुल जाते हे और पहलवान को उंगलियों में गीलापन महसूस होता हे. वो धीरे धीरे खुलकर चड्डी में हाथ गुमने लगता हे. जांय भी अपने हाथो को निचे डाउन करता हे माधिरि की छाती तक पहेच चूका था और बूब्स को उंगलियों से टाच करता हे. हिमत जूता के बूब्स पे हल्का सा हाथ घुमा देता हे.

दोनों चुतियो की हरकतों से माधुरी गरम होने लगती हे माधुरी के लिप्स थोड़े कप जाते हे और हलके से खुल जाते हे. जांय हिमत कर के बूब्स को अपने पंजो की गिरफ्त में लेता हे और हलके हलके दबाने लगता हे. जांय की हिमत और बढ़ती हे अपने पंजी को ब्लाउज के अंदर उंगलिया घूमता हे और उसकी ऊँगली ब्रा को भी क्रॉस कर के निप्पल को थोड़ा टाच होती हे पहलवान भी हिम्मत करता हे और अपनी उंगलियों को चड्डी के अंदर दाल के छूट के ऊपर घूमता हे. बिना बालो वाली रसीली छूट से निकल रहे रास से पहलवान की उंगलिया भीग जाती हे.

इतने में एक आवाज आती हे.

सूखा ; मेडम चाय ( टिया )

आवाज सुनकर माधुरी झटके से कड़ी होती हे और बोलती हे.

माधुरी ; मदर्चुडोऊ. में यहाँ काम करने आई हु या तुम्हारे लैंड खड़े करने

.

और उठ कर जाने लगती हे.

सूखा ; मेडम चाय तो पि लो.

माधुरी ; अपनी गांड में दाल ले

और माधुरी बहार निकल जाती हे बहार घसीटा बीड़ी पि रहा होता हे.

माधुरी ; जीप कितनी हे ???

घसीटा ; मेडम 3 गाड़ी हे.

माधुरी ; में एक लेजा रही हु.

माधुरी जीप लेकर निकल जाती हे. सूखा को जांय और पहलवान गालिया देने लगते हे.

माधुरी गाड़ी चलते हुए आगे बढ़ती हे सामने से आती हवा में माधुरी के बल उड़द रहे होते हे माधुरी का सेक्स की खुमारी में जल रही होती हे अपनी साड़ी को थोड़ा ऊपर सरकती हे और एक पाव ( लग ) को बहार निकलती हे. पाव बहार निकलने से जो सामने से आ रही हवा माधुरी के निचे के हिस्से से अंदर की तरफ लगती हे. माधुरी हवा को अपनी पंतय तक महसूस करती हे और थोड़ा मुस्कुराती हे.

चल रही हवा माधुरी को अलग hi आनंद दे रही थी. वो एक हाथ से स्टेरिंग पकडे हुए थी और दूसरे हाथ को अंदर दाल के अपनी पंतय खींच रही थी फेस पे एक सेक्सी मुश्कान. गाड़ी चलते उसकी नज़र वही मंदिर पे गई जब सुबह तपन उस मदिर में गया था और तपन के सामने उसने अग्नि परीक्षा देने को तैयार हो गई थी.

वो रुक जाती हे और मदिर को देखती हे अपने सर को स्टेरिंग पे रख के फुट फुट कर रोटी हे. एक बूढ़ा साधु वह से गुजर रहा होता हे उसे रोटा देख के वो माधुरी के पास आता हे.

साधु ; मत रो बेटी तू तो भगवन के दरवाजे पर हे वो तेरी साडी समस्या सुलझा देगा.

माधुरी ; बाबा में तो अपने hi भगवन को धोखा दे रही हु बाबा.

साधु ; मत रो बेटी वो भगवन हे उस से क्या छुपा होगा तेरी पूजा में सच होगा तो वो बार बार तुजे माफ़ करेगा.

माधुरी ; बाबा में बीमार हु कुछ मजबूर हु.

साधु ; तेरी आँखों में पश्च्याताप के साथ सचाई हे जा फ़िक्र मत कर तू अपना करम कर वो तुजे खुद hi इस दाल दाल से निकलेगा.

माधुरी कुछ वक्त वही रूकती हे फिर फोन लगाती हे.

रिंग - ट्रिंग ट्रिंग.

माधुरी ; बिल्ली.

तिगर ; बोल रैंड क्या हो गया तुजे?

माधुरी ; में ज्यादा रुक नहीं सकती. मुझे पहला टारगेट बताओ में ये सब जल्दी ख़तम करना चाहती हु.

तिगर ; थोड़ा सबर कर अभी तेरे पंजे छोटे हे और उनकी गर्दन बहोत दूर हे.

माधुरी ; इन सब के चाकर में में अपना परिवार खो बेठुंगी.

तिगर ; कोनसा परिवार तेरे जैसी रैंड का भी कोई परिवार हो सकता हे क्या जो अपने पति को धोखा दे रही हो.

माधुरी ; में मजबूर हु. में बीमार हु जिस दिन उन्हें पता चल गया जो मुझे छोड़ देंगे मुझे उनसे अलग होने का दर हे. में उनके बिना नहीं जी सकती.

माधुरी गुस्से में थी. उसकी आँखों में आंसू थे. कुछ देर खामोसी के बाद

तिगर ; उसे तेरी करतूत देखि हे पता हे उसे.

माधुरी ; क्या ?

तिगर ; है उसे पता हे तुजे वो देख चूका हे. उसे छोड़ना होता तो तुजे कब का छोड़ चूका होता लेकिन वो बेचारा भी लगता हे तुजसे सच्चा प्यार करता हे.

माधुरी ; में उनसे बात करुँगी आज hi.

तिगर ; ऐसी गलती मत करना कही वो बात सामने आने पर तुजे छोड़ के वो सच में न चले जाए.

माधुरी ; ( रट हुए ) में क्या करू ?

तिगर ; वक्त का इंतजार कर सब ठीक हो जाएगा.

माधुरी कॉल काट करके कुछ देर रूकती हे और गाड़ी आगे बढाती हे. माधुरी घर की तरफ चल देती हे करीम बैठा उसे देख रहा होता हे. वो गाड़ी कड़ी कर के दुकान में जाती हे करीम को देख के उसे सुबह वाला किस्सा याद अत हे और वो मुस्कुरा के करीम क पास पहोच जाती हे.

मेने देखा माधुरी करीम की दुकान में गई में अपनी पुराणी जगह से दुकान के आगे के हिस्से में पहोच गया और उनकी हरकत देखने लगा. माधुरी उस कमीने बूढ़े को देख के मुस्कुरा रही थी.

माधुरी अपना पल्लू हटा के ब्लाउज में टेम 34 के बूब्स दिखती हे.

माधुरी ; देखो न तुमने मेरे ब्लाउज का क्या हल किया हे. (प्यार से)

करीम माधुरी के तने हुए बूब्स को देख के ललचा जाता हे और कपट हाथो से माधुरी के बूब्स पे हाथ रखता हे.

माधुरी ; आह .....स्स्सस्स्स्स.

करीम जोर जोर से बूब्स को अपने हाथो से मसलने लगता हे.

माधुरी ; धीरीईए.... Ufff...ssses.

करीम ; है है है अपना ब्लाउज उतरेगी तभी तो में ठीक करूँगा.

करीम माधुरी की पतली कमर और तने हुए नोकीले 34 साइज के बूब्स के उभर को देख के पागल हो गया करीम की जीभ लड़खड़ा जाती हे और बूब्स दबाते हाथ कप जाते हे. करीम खुद hi माधुरी के ब्लाउज के हुक खोलने लगता हे.

माधुरी ; ारामसीए अह्ह्ह्ह. सैस तोड़ोगे क्या.

करीम से एक हुक टूट गया लेकिन फिर भी सरे हुक खोलने में कामयाब हो जाता हे. माधुरी के खुले ब्लाउज और वाइट ब्रा को देख रहा था करीम का फेस शॉकिंग और आंखे बड़ी हो गई थी वो सिर्फ 1 फिट की दुरी से माधुरी के बूब्स और नंगी पतली कमर को hi देख रहा था.

करीम हडबडात से माधुरी के बूब्स को ब्रा के ऊपर से hi चूसने लगा करीम की लसीली गन्दी लार से ब्रा बूब्स के हिस्से से भीग गई वो माधुरी की कमर और नाभि को कुत्ते के जैसे चाटने लगा पूरी कमर और नाभि तक करीम के गंदे थूक और लार चिपक जाती हे करीम अपनी जीभ को माधुरी के नाभि के छेड़ में दाल देता हे और गोल गोल घूमने लगता हे.

माधुरी भी आंखे बंद कर के सिसकिया ले रही थी अचानक माधुरी को कमर से पकड़ के करीम झटके से घूमता हे और घुटनो के बल बेथ कर माधुरी के घाघरे को उसकी कमर तक उठा देता हे माधुरी भी कमर पे हाथ रख के घाघरे को पकड़ लेती हे. करीम माधुरी की पेंटी को खींच के निचे गिरा देता हे माधुरी की पेंटी माधुरी की चप्पल में फास जाती हे और करीम अपना मुँह माधुरी की गांड की दरारों में दाल देता हे. माधुरी सिसकारियां लेने लगी.

में ये सब देख के सेक्स के नशे में खो गया और मेरे पेण्ट की जीप खुल गई और कब में अपना लैंड निकल के हिलने लगा मुझे पता नहीं चला.

करीम ; साली रैंड मुझे थपड मारा न ( बोलके वापस मुँह को माधुरी की गांड की दरार में घुसा कर चाटने लगा )

माधुरी की गोरी गांड में बढ़े भूढ़े का घुसा फेस देख कर में पागल हो रहा था मेरे हाथ जोर जोर से चलने लगे.

माधुरी ; आह सैस.... में क्या करती ुनकाआ हुकुमममम...... था.

करीम उठता हे और अपने मोठे लडन को माधुरी की गांड के छेड़ में सेट कर के जोर से झटका मरता हे.

करीम ; शैली रैंड तू मेरी रंडी होक उसकी बात बनती हे अब उसके सामने तुजे छोडूंगा अपनी रखेल बना कर.

माधुरी ; नहीं प्लीसीई अह्ह्ह्ह.... ( माधुरी करीम के झटके से सहम जाती हे और उसकी आंखे बड़ी हो जाती हे.

करीम ; है उसके सामने छोडूंगा और वो तुजे छुड़वाते देखेगा और अपना कमजोर सा लैंड हिलाएगा बोल छुडवाएगी न उसके सामने

करीम की बातो से माधुरी गरम होने लगती हे

माधुरी ; है आउच... सससससस उफ्फ्फ्फ़

करीम ; बोल में मेरे पति के सामने छुडवाउंगी.

माधुरी ; है छुडवाउंगी.

करीम ; पूरा बोल.

माधुरी ; है में मेरे पति के सामने तुमसे छुडवाउंगी.

माधुरी की बातो से मुझे कुछ हो रहा था में ज्यादा उत्तेजित हो गया और मेरी पिचकारी छूट गई में थोड़ा दुखी भी हुआ और वह से जाने लगा.

माधुरी छुड़वाते छुड़वाते उसकी नजर तपन पे जाती हे वो घबरा जाती हे सोचती हे कही उन्होंने देख तो नहीं लिया और वो करीम से कहती हे.

माधुरी ; रुको.

करीम ; नहीं अब नहीं रुकूंगा.

माधुरी उसे जातक देती हे करीम फिर भी माधुरी का हाथ पकड़ लेता हे.

माधुरी ; मेरे पति आ गए.

करीम को पता लग चूका था वो कामयाब नहीं हो पाएगा तो कहता हे.

करीम ; रत को आओगी न.

माधुरी ; देखूंगी

और माधुरी करीम को जातक के पेंटी ऊपर सरका के भागने लगी तपन ऊपर जा चूका था. माधुरी भी पीछे जाने लगती हे.

में ऊपर पहोच कर लॉक खोलता हु और अंदर आ जाता हु फें चालू कर के बेथ जाता हु. मेरी आंखे बंद थी 3 से 4 मिनिट बाद माधुरी घर में आती हे. और मेरे सामने मुजरिम की तरह आके कड़ी हो जाती हे. माधुरी ने अपना फेस डाउन करा हुआ था.

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दोस्तों में कोई बड़ा रइटर नहीं हु मेरी 1 सत स्टोरी हे. उसमे भी स्पेलिंग मिस्टेक. और कई गलतिया.

उसमे भी मेरी स्टोरी पढ़ने वाले आप चाँद लोग हो. उसके लिए में आप सब का बहोत बहोत शुक्रगुज़ार हु.

ऐसे hi मुझे सपोर्ट करते रहना यही रिक्वेस्ट हे.

में डॉ चुटिया सब का फें हु उनकी कहानिया पढ़ के कुछ लिखने का सोचा.

डॉ सब , मम देव , कोमल रानी ये मेरे फेब रइटर हे

थैंक्स ा लोट दोस तो
 
माधुरी मेरे सामने मुजरिम की तरह कड़ी थी एक बार फेस को ऊपर उठाया और फिर निचे कर लिया. मेने सोचा सायद इसे पता तो नहीं चल गया के में देख रहा हु मेने बात को घुमा दू और अनजान बन के देखु जिसे में प्यार करता हु वो किस हद तक गिर सकती हे लेकिन डिल के दर्द के साथ मेरे डिल में गुड़ गुड़ी भी हो रही थी मेने माधुरी को हाथ दिया उसने हाथ बढ़ाया और उसे खींच कर अपनी गॉड में बिठा लिया मेरा लैंड इतना दर्द सहने के बाद भी खड़ा था सायद में सोकॉल्ड तो नहीं लेकिन डिल में जुग गुड़ी भी हो रही थी.

माधुरी खाखी पुलिस यूनिफार्म वाली साड़ी में क़यामत लग रही थी

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में ; जॉब भी मिल गई और बॉस भी ठीक हे.

माधुरी को मेने रिलेक्स होते देखा.

माधुरी ; चलो अच्छा हे क्या नाम हे बॉस का????

में ; शिल्पा.

माधुरी ; ओह्ह वुमन.

में ; लास्की हे.

माधुरी मीन्स यंग हे.

में ; है तीन आगे की.

माधुरी ; ब्यूटीफुल हे ; ( स्माइल )

में ; हस्ते हुए है भाई ब्यूटीफुल हे प्रीटी हे यंग हे तीन आगे हे और टालल हे और क्या पूछोगी.

माधुरी ; इठलाती हुई हम्म्म तो जनाब ने बड़े गौर से नॉट किया हे लगता हे पसंद आ गई.

में ; जल क्यों रही हो में सिर्फ तुमसे प्यार करता हु.

माधुरी ; में भी तो सिर्फ तुमसे प्यार करती हु ये तो ऐसे hi मजाक कर रही थी.

में : अच्छा मजाक पूछ तो ऐसे रही थी जैसे कोई सौतन तुम्हारी घर ले आया हु.

माधुरी ; अरे मेरी जान तुम्हारे लिए कभी नहीं जल सकती तुम्हारी ख़ुशी के लिए तो 100 सौतन भी बरदास हे बस प्लीज मुझे मत छोड़ देना.

में ; पागल हो क्या बस में सिर्फ तुम्हारा हु कोई सौतन नहीं और तुम्हे कभी नहीं छोड़ सकता बिकॉज़ ी लव यू

माधुरी ; लव यू तू.

हम दोनों के होठ आपस में मिल गए माधुरी धिरे धिरे वाइल्ड होती गई और जोर जोर से किश करने लगी में भी गरम था मेरे हाथ कूद बा खुद माधुरी के बूब्स पे चले गए में स्लो स्लो उसे गोल घूमते घूमते रब करने लगा.

में वैसे उस सौतन को ले आया तो तुम क्या करोगी.

माधिरि ; तुम दोनों को देखूंगी और क्या.

में ; में तो तुम्हारी सौतन के साथ बिस्तर पे रहूँगा तो.

माधुरी ; तो तुम्हारे चरणों में रहूंगी और क्या.

में ; और जो तुम्हे देख के पूरा शहर दीवाना हो रखा हे उनके तो बल्ले बल्ले हो जाएगी.

माधुरी ; किस की ?

हम दोनों बाटे करते करते है रहे थे.

में ; जैसे वो सब्जी वाला वो सामने वाला दरजी बुद्धा. और नजाने कोण कोण होगा.

माधुरी ; अच्छा वो मुझे पता लेंगे तो आप क्या करोगे.

में ; तुम्हारी चुदाई देखूंगा.

मेने बोलते जोरसे माधुरी का बूब्स को मसल दिया.

माधुरी ; asses....ss.. और क्या करो ge...ahhhhh....

में ; तुम्हारी चुदाई देख के हिलाऊँगा मुठ मरूंगा

में बोलते अपना मुँह माधुरी की गर्दन पे रगड़ने लगा हम दोनों सेक्स के नशे में डूबने लगे.

माधुरी ; ass...ssshhhhh.... और तुम्हे गुस्सा नहीं आएगा जलन नहीं होगी. उफ्फ्फ.

में अपना हाथ माधुरी के ब्लाउज में दाल दिया उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. मेरे उंगलियों में माधुरी की गुलाबी निप्पल आ गई में उससे मलालने लगा.

माधुरी ; रहने दो कही तुमने मुझे छोड़ दिया तो मेरी दुनिया ख़तम हो जाएगी.

में ; ऐसे कैसे ख़तम होगी जानेमन अभी तो तुम्हे मेरे बच्चो की मां बन न हे

जब तुम हमारे बच्चो को दूध पिलाओगी तब में तुम्हे किश करूँगा.

माधुरी हस्ते हुए मेरी आँखों में देखती हे उसकी नशीली आंखे और कातिल स्माइल देख के में पागल हो जाता हु. में भी माधुरी की बेवफाई भूल गया और उसके मासूम से चहेरे में खो गया. हमारे होठ दोबारा मिले अब स्लो स्लो एक दूसरे में घुलने लगे माधुरी की आंखे बंद थी. हमारे होठ जैसे अलग हुए माधुरी नौटी स्माइल के साथ बोली

माधुरी ; वादा करो मेरी सौतन को पटाओगे जरूर.

में ; तुमने मन लिआ की वो तुम्हारी सौतन हे.

माधुरी ; है भाई में ड्यूटी पे जाउंगी आप अपनी जॉब पे तो बच्चे को दूसरी मां भी तो चाहिए.

में : अच्छा किसी और लेडीज पे तुम भरोसा कर लोगी.

माधुरी ; भरोसा तो नहीं पर सायद कोई अच्छी मिल जाए जो आप का ख्याल रख सके.

में ; क्यों तुम में क्या कमी हे.

माधुरी ; में एक बीमार हु. में तुम्हे वो नहीं दे सकती जो तुम हक़दार हो. सायद कोई ऐसी मिल जाए.

माधुरी की आँखों में अंशु थे जो मुझे पिघला रहे थे. में भी सोच लिआ में माधुरी की बेवफाई के बावजूद उसे उतना hi प्यार करूँगा जितना पहले करता था.

में ; पागल मत बनो मुझे सिर्फ तुमसे प्यार हे.

माधुरी ; वो तो मुझे भी हे आप मेरे भगवन हो जब भी आप मुझे पुकारो गए में डोडी चली आउंगी.

और मेरे कण को हलके से कटा मेने झटके से उसे पलटा अब माधुरी का एक घुटना सोफे पे और एक तंग से कड़ी थी डौगी स्टाइल में मेने अपना लैंड निकला माधुरी के घाघरे को ऊपर किया माधुरी की पंतय का इलास्टिक को खींचा और झटके से छोड़ा पैट से आवाज आई वो एक घुटने के बल थी गर्दन पीछे कर के मुझे देखा और कातिल स्माइल से कहा.

माधुरी ; जल्दी करो अब बरदास नहीं हो रहा

माधुरी की कातिल ऐडा देख के मुझे कुछ पल पहले की चुदाई याद आई और डिल में जलन सी पैदा हुई. मेने पंतय को खींच के हाफ निचे किया अब पंतय माधुरी के चूतड़ों हिप्स के निचे हुई में भी ज़ुका और माधुरी का एक बूब को मुट्ठी में भर लिया और दूर हाथ की बिच वाली ऊँगली माधुरी की फूली हुई छूट में दाल दी.

माधुरी ; ौच.... ससससस

माधुरी की आवाज निकलने लगी जलन और माधुरी का कातिल फिगर देख के मेरा लैंड टाइट हो गया मेने अपनी पेण्ट खोली और माधुरी की कमर को दोनों साइड से जकड़ा अपने लैंड को सीधा माधुरी की छूट में टाच किया मेरे एक जोरदार झटके से माधुरी पूरी हिल गई में आगे पीछे होने लगा माधुरी की छूट गीली होने लगी और मेरे हर झटके को पूरा इंजॉय करने लगी हम दोनों को काफी मजा आ रहा था.

माधुरी ; आह्हः उफ्फ्फ्फ़..... सम्म्मा जावू मेरररररी जहां मज्जज मई.

में ; अहह तुम क़यामत हो मेरी जान.

माधुरी ; गुलाम हु में तुम्हरी अह्ह्ह बेरहम बननन जोऊ.

मुझे माधुरी की बाटे और उस दरजी बूढ़े के चुदाई का सीन यद् आया मेने एक हाथ से माधुरी की रबर से बढे बल के जुड़े को पकड़ा और जोर से खींचा जिस से माधुरी का फेस ऊपर को उठ गया माधुरी जोर से चिल्लाई जो सायद निचे उस कमीने बूढ़े को भी सुनाई दी होगी.

माधुरी आह्हः. है गुलाम हु में आपकी आप की रंडी आप की रखेल आप की उफ्फ्फ सिर्फ आप की.

में जोर जोर से दकके मरने लगा हम दोनों पागल हो गए और जोरदार चुदाई करने लगे कुछ पालो के बाद वो पल आया जिसका मुझे इंतजार था.

माधुरी ; में आ रही हु प्लीज रुकना नहीं

और माधुरी फरिक हो चुकी थी उसका पानी छूट गया और वो ढीली हो गई में रुका नहीं.

सायद माधुरी हर गई माधुरी का फेस पे हाका पसीना आ गया जो उसके गोर गोर फेस पे चमक रहा था. मेने अपनी रफ़्तार तेज की और में भी अपना आप को बैठा मेरा ढेर सारा वीर्य माधुरी की छूट में छूट गया था आज कुछ ज्यादा hi निकला मेने अपना लैंड नहीं निकला मेरा वीर्य में लैंड न निकलने के कारन माधुरी की छूट में लॉक था में माधुरी पे ज़ुका रहा और बोलै.

में ; तुम कोई गुलाम रंडी नहीं मेरी बीवी हो मेरा प्यार मेरी जिंदगी की आधी मालिक.

माधुरी की आँखों में आंसू आ गए जो पसीने से मिल कर उस के फेस को और भी खूबसूरत बना रहा था.

माधुरी के मासूम प्यार भरे फेस को देख के मेरे दिल में दया आ गई माधुरी का मुद चेंज करने के लिए में बोलै

में ; मुझे मालूम हे मेरी हॉट सेक्सी बीवी को क्या पसंद हे.

में उठा और अपने लैंड को निकल ते मेरा ढेर सारा वीर्य जो माधुरी की छूट में लॉक था वो बहार निकल गया जो माधिरि की जंगो और पाव के पंजो तक टपक गया मेने अपना फेस माधुरी की छूट और गांड की दरारों में घुसा दिया और रगड़ने लगा माधुरी को मेरी हरकतों से काफी मजा आने लगा.

अब में माधुरी की चूतमे जीभ दाल के चाट रहा था तो मेरी नक् उसकी गांड की डराओ में रगड़ रही थी. माधुरी ने अपनी आंखे बंद की और माधुरी का फेस खुदबखुद ऊपर को उठ गया.

माधुरी ; अह्ह्ह तुम दुनिया में सब से अलग हे दीवानी हो गई आप की.

माधुरी की बाटे मुज पे जादू चला रही थी में और भी उसका दीवाना होने लगा और में अपनी जीभ को माधुरी की जंगो पे रगड़ के अपना hi वीर्य चाटने लगा में साडी जंगे चाटने के बाद माधुरी के पाव की उंगलिया और पंजे को चाटने लगा.

माधुरी ; वह नहीं प्लीज

में ; चुप रहो

वो मुस्कुराई और अपने हाथो की उंगलिया मेरे सर पे मेरे बालो में घूमने लगी.

इतने में किसी के झगड़े की आवाज आई हम दोनों उठे और गैलरी में आए तो देखा जो लड़की उस बुड्ढे के दुकान में आई थी वो डंडे से रफीक की पिटाई कर रही थी ये देख के हम दोनों को हसी आ गई
 
हसंने देखा वो लड़की की आँखों में अंशु थे हम दोनों निचे उत्तर हम समाज गए के हराम जेड बूढ़े करीम ने उस के साथ जबरदस्ती करने की सोची मुझे बहोत गुस्सा आया में दौड़ के गया देखा रफीक ने उस लड़की पर काबू कर लिया और उसे घसीट ता हुआ अंदर ले जा रहा था में वह पहोचा मेने एक जोरदार झापड़ उस बूढ़े के गाल पे मारा वो गिर गया में रफीक को पीटने लगा वो बचने की कोसिस करता लेकिन मेरी लत और घुसे उसे उठने नहीं दे रहे थे माधुरी ने हमें छुड़ाया वो मुजरिम की तरह चुप खड़ा था वो लड़की अंदर गई और सामान ले कर जाने लगी.

में जोर से चिल्लाया और बोलै

में ; औरत की मर्जी होती हे वो किस के निचे सोएगी जबर दस्ती उसका रैप करता हे सेल भड़वे तुजे तो में अंदर करवाऊंगा.

माधुरी ; रुकिए पहले आप उस लड़की को ढूंढिए वो बेचारी कोई गलत कदम न उठा ले.

में चारो और घुमा वो नहीं दिखाई दी. में रोड पे भागते हुए आगे निकला वो लड़की रोड पे अपने सामान के साथ बैठी रो रही थी घर से तक़रीबसँ 500 मीटर दूर. में उसके पास पहोचा. में हाफ रहा था. लड़की अभी भी रो रही थी निचे फेस कर के.

लड़की ; सुक्रिया साहब आज आपने मुझे बचा लिय्या.

में ; अभी तुम कहा जाओगी शाम हो चुकी हे आओ मेरे घर चलो.

लड़की ; नहीं सर अब किसी पे भरोसा नहीं कर सकती.

में ; देखो मेरे घर मेरी बीवी भी हे वो पुलिस इंस्पेक्टर हे.

लड़की ; सर में तो यहाँ पढ़ने आई थी लेकिन मुझे क्या पता ये दुनिया इतनी जालिम हे.

में ; देखो सब एक जैसे नहीं होते तुम पहले घर चलो

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उसने रोना थोड़ा काम किया. और मेरे साथ चलने लगी.

उधर रफीक और माधुरी

रफीक गुस्से में

रफीक ; मुझे मारा सेल ने.

माधुरी ; देखो तुम उन्हें कोई गली मत दो वार्ना तुम जानते हो में उनके लिए क्या कर सकती हु

रफीक ; लेकिन मुझे मारा उस लड़की के लिए वो कोण लगती हे थोड़ा मजा ले लेता.

माधुरी ; देखो जबर दस्ती किसी के साथ नहीं में वादा करती हु उसे तुम्हारे निचे में ले आउंगी और बोलो.

रफीक ; साली रैंड तेरे पति ने मुझे कुत्तो के जैसे पिता तुजे तो में उसके सामने छोडूंगा

माधुरी ; ये नहीं हो सकता और बोल क्या करू तेरा मुद ठीक करने.

रफीक ; में तेरे साथ सुहागरात मन न चाहता हु.

माधुरी स्माइल करती हे

माधुरी ; मंजूर और बोलो.

रफीक ; ऐसे नहीं तुम दुल्हन के जोड़े में सिंगर के साथ वही जोड़ा जो तेरे पति से शादी की वही और पूरी सुहागरात बिस्तर वो भी तेरे hi घर में.

माधुरी को फिर हसी आ जाती हे

माधुरी ; मंज़ूर अब मेरे पति पे कोई वर नहीं तेरी साडी ख्वाइस में पूरी करुँगी लेकिन मेरे पति पर एक खरोच भी आई तो तुजे ज़मीं में ज़िंदा गड दूंगी.

रफीक हस्ता हे

रफीक ; मंज़ूर साली रैंड तुजे छोड़के सुहागरात मनाऊंगा और तू मेरी रखैल बनेगी मेरी रंडी.

दोनों हस्ते हे और रफीक रोड पे hi माधुरी को पकड़ के अपनी बहो में भर के उसकी हिप्स मसलने लगता हे.
 
में और वो लड़की हम घर की तरफ चल रहे थे हम दोनों खामोश थे. मेने बड़े गौर से उस लड़की के फेस को देखा बड़ी मासूम सी दिख रही थी आँखों में जो आंसू थे वो भी सुख गए थे. उसका सामान मेने ले लिया था. मुझसे रहा नहीं गया तो में बोलै.

में ; आप का नाम क्या हे???

उसने कोई जवाब नहीं दिया वो बेजान पुतले की तरह चले जा रही थी

में ; hello में आप से पूछ रहा हु.

उसका ध्यान टुटा और बोली

लड़की ; जी क्या??????

में ; आप का नाम क्या हे???

लड़की ; जी आलिया. आलिया मेहमूद.

में ; देखो फ़िक्र करने की कोई जरुरत नहीं हे आप का जब मर्जी आए आप मेरे घर रुकिए जब डिल करे चले जाना. मेरी बीवी हे वो आप की सभी जरुरत पूरा कर देगी.

आलिया ; जी में किसी पे बोझ नहीं बन न चाहती हु. में सुबह तक चली जाउंगी.

में ; इसमें बोझ वाली कोई बात नहीं इन्शान hi इन्शान के काम आता हे.

आलिया ; आप का बहोत बहोत सुक्रिया.

में आलिया की मासूमियत को देखता hi रहे गया उसकी मासूमियत मेरा डिल घायल कर दिया था एक बार इस ब्यूटीफुल गर्ल को बहो में लेने का मन किया लेकिन में कण्ट्रोल किया. हम दो घर पहोच चुके थे.

उधर माधुरी और बूढ़ा रफीक.

वो माधुरी को बहो में ले कर मसल रहा था हाथ दोनों चूतड़ को मसल रहे थे.

रफीक ; अंदर चलो न मेरी जान.

माधुरी ; चुतियापा मत दिखाओ वो आने वाले होंगे.

रफीक ; यार एक बार ठंडा तो कर दो.

माधुरी ; चुप करो में ऊपर जा रही हु छोडो.

रफीक ; रत को आओगी जानेमन.

माधुरी ; देखूंगी

और माधुरी उसे झटके से छुड़ा के ऊपर भाग जाती हे.
 
में आलिया घर पहोचे घर के सामने खड़े होते एक बार घर को और एक बार मुझे देखा

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फिर सर निचे कर करके सिडिया चढ़ने लगी. पीछे से आलिया की छोटी से गांड का उप डाउन देखने में बहोत सुन्दर लग रहा था.

ऊपर आते hi मेने दूर ओपन किया तो माधुरी टॉवल में थी सायद नहाने जा रही थी.

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माधुरी ; आ गए आप आप दोनों बेटीये में नाहा के खाना बनती हु.

माधुरी की नजर आलिया पे गई

माधुरी ; तुम टेन्स मत हो यहाँ सेफ हो तुम मुझे अपनी बहन hi संजो. हम बाद में खाना कहते हुए बात करेंगे.

मेने कहा

में ; वो हमारा गेस्ट रूम हे उसमे सामान रख दो और आराम करो.

वो अंदर गई और मेरी नजर माधुरी पर गई जो टॉवल में थी उसे देख कर डिल मचल गया. स्माइल करते हुए हम दो.

में ; वैसे में भी नहाया नहीं हु मेडम.

माधुरी ; तो पहले आप नाहा लो

वो बहोत hi सेक्सी स्माइल दे रही थी.

में ; मुझे तो अपनी खुबशुरत बीवी के साथ नहाने का इरादा हे आज.

माधुरी ; जो हुकुम मेरे आका.

मेने माधुरी के गले में हाथ डाला और वो भी मुझसे चिपक गई हम दो बाथरूम में घुसे दरवाजा बंद किया.

मेने तुरंत hi माधुरी का टॉवल खींच लिया. माधुरी ने भी मेरे शर्त के बातों खोलना सुरु कर दिया. वो मेरे कपडे उतर रही थी जब की वो खुद पूरी नंगी थी. मेरा शर्ट उतर ने के बाद नशीली आँखों से मुझे देखने लगी और अपनी लम्बी नंगी टंगे आपस में रगड़ने लगी. फिर अपने दोनों हाथो का हर मेरे गले में दाल दिया और अपना फेस आगे ले. माधुरी के बूब्स मेरी चेस्ट से डाब गया मेरे हाथ भी माधुरी की कमर पे चले गए मेने भी उसे बहो में भर लिया.

में ; जानेमन तुम दुनिया में सबसे खूसबशूरत हो.

माधुरी ; तो ये खुबशरत बीवी अपने पति को खुश करने के लिए क्या करे?

में माधुरी के होतो को चुम लिया.

में ; मिश्री की डाली.

मेरी तरफ से माधुरी की तारीफ से माधुरी बहोत ज्यादा खुश हो गई. और मेरे होठो को अपने होठो से लॉक करके किश करने लगी. वो बहोत hi हनी हो गई. उसकी किश से में मदहोश हो गया मेरे हाथ माधुरी की पीठ कमर और हिप्स पे घूमने लगा. माधुरी ने फिर मेरे गले में अपना मुँह रगड़ने लगी. में पागल हुए जा रहा था.

में ; पागल हो गया तुम्हारे प्यार में.

माधुरी ; में तो पहले से hi हु तुम्हारे प्यार में लव यू तपन.

शादी के 4 साल में पहेली बार माधुरी ने मुझे नाम से बुलाया नहीतो वो ाजी सुनते हो ेजी ोजी hi बोलती थी. सायद मेरी तारीफों के जादू से वो हमारे कॉलेज के वक्त को महसूस कर रही थी लेकिन जब माधुरी ने मेरा नाम पुकारा तो में भी पिघल गया. माधुरी अब मेरी चेस्ट को अपने होठो से रगड़ रही थी. और थोड़ा दातो से काट भी रही थी में जान गया वो वाइल्ड हो सकती हे.

मेने पॉकेट में हाथ डाला और मोबाईल और पुरष निकला और माधुरी को दिया उसने जैसे साइड में रखा मेने माधुरी को गॉड में उठा लिया और टब में घुश गया.

मेने उसे गॉड से उतरा उसने देर नहीं की पानी में घुटनो के बल बैठी और मेरे पेण्ट के हुक खोल के पेण्ट निचे सरका दी जिस से मेरा अंडरवियर भी उतर गया. मेने अपने लेग्स बरी बरी से ऊपर किया. उसने दोनों को फेक दिया और मुझे देखने लगी कातिलाना स्माइल.

खुले बल खूबसूरत और मासूम फेस 34 के तने हुए बूब्स को देख के में पागल होने लगा.

वो हाफ पानी में थी में बेथ गया उसने मेरे कंधो को प्रेस किया में पानी में लेट गया मेरा सर hi बहार था वो मेरी गॉड में बैठी और लेट गई टैंगो को फैला के मेरे लेग्स पे hi रख दी माधुरी की पूरी पीठ मेरे सस्त पे ठीक गई. मेरे लैंड पे माधुरी की सेक्सी 36 की हिप्स का दबाव था.

में ; उफ़ ये सेक्सी अदाए मुझे मर डालने का इरादा हे क्या????

मधरी ने अपनी कोणी मेरे चेस्ट पे हलके से मरी.

माधुरी ; मरे तुम्हारे दुश्मन.

मुझे हसी आ गई मेने अपना हाथ आगे से माधुरी की जंगो को रगड़ने लगा.

माधुरी ; sssss...ahhhhhhh...

माधुरी थोड़ा सा उठी मेरे लैंड को अपने छूट के मुँह में राखी और हलके से बथि मेरा लैंड माधुरी की छूट में घुश गया हलके से.

माधुरी ; आअह्ह्ह्ह.... लव यू जणू.

मेने अपने हाथो को माधुरी के तने बूब्स पे रखा और गोल गोल घूमता रहा. वो भी धीरे धीरे उप डाउन हो रही थी बहोत धीमे बहोत मजा आ रहा था.

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साबुन के जग में ढकी मेरी ब्यूटीफुल बीवी क़यामत लग रही थी इतने में मेरे मोबाईल पे कॉल आया मेने एक हाथ लम्बा किया और फोन पिक किया. कॉल मेरी बॉस शिल्पा का था.

शिल्पा ; hello तपनजी में शिल्पा बोल रही हु. क्या 2 मिनिट आप से बात कर सकती हु.

में ; येह मेम कहिये.

शिल्पा ; आप किसी के साथ हो क्या???

में ; जी वो मेरी ब्यूटीफुल वाइफ के साथ हु.

मेरी बात सुन के माधुरी पलटी.

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मेने अपनी बीवी की आँखों में देखा वो काफी नशीली हो रही थी देख के मेरे डिल में मस्त गुड़ गुड़ी हो रही थी.

शिल्पा ; वाओ शी इस सो लकी. पानी की आवाज आ रही हे वैसे आप कर क्या रहे हो.

में ; मेम अब क्या बताऊ बाथरूम में हु नाहा रहा हु.

मेरी बातो से सायद शिल्पा भी हनी फील कर रही होगी. शिल्पा कुछ बोलती नहीं लेकिन माधुरी भी मुझे सेक्सी अदाओ से देखती हे

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मेरी बातो का असर माधुरी और शिल्पा दोनों पे हो रहा था माधुरी की कातिल स्माइल मेरी जान लेने के लिए काफी था.

में ; मेम कुछ बोलिये.

शिल्पा ; दीदी बहोत लकी हे उन्हें इतना प्यार करने वाला आप जैसा पति मिला हे.

में ; मेम अपने तो मेरी बीवी को दीदी कहा तब तो में आप का जीजा बन गया.

मुझे हसी आ गई. शिल्पा की भी हसने की आवाज आई.

शिल्पा ; है क्यों नहीं.

माधुरी को भी पता चल गया वो धीरे शी मेरे कण में बोली शैली तो आधी घरवस्ली होती हे.

में ; मेरी बीवी कह रही हे शैली तो आधी घरवाली होती हे.

शिल्पा ; हम्म्म जरूर जीजू.

गलती से मेरे मुँह से निकल गया.

में ; कहो तो पूरी बना दू.

शिल्पा ने पहात से फोन रख दिया.

में ; काट दिया. शायद उसे बुरा लगा मेरा मजाक.

माधुरी ; ओह्ह्ह मेरे भोले पतिदेव उसे बुरा नहीं लगा वो शर्मा गई. 100% उसे आप से प्यार हो गया.

में पागल हो गई क्या

इतने में कुछ गिरने की आवाज आई माधुरी प्लीज सॉरी बोलके उठी और टावल में hi बहार चली गई.

में ; क्या यार कितना मजा आ रहा था
 
में नाहा के बहार आया माधुरी नाईट सेक्सी गाउन में थी वो खाना बनाने लगी. में उसके पीछे गया और बहो में भर लिया और बोलै जणू प्लीज मुझे ठंडा करो. वो पीछे मुड़ी मुस्कुराई और घुटनो के बल बेथ गई पाजामे को अंडरवियर समेत निचे खींचा और मेरे तने लैंड को मुँह में लेकर चूसने लगी माधुरी की जीभ और मुँह की गर्मी में जेल नहीं पाया मेरी पिचकारी माधुरी के मुँह में छूट गई. लेकिन वो आखरी बून्द तक पीती रही बहोत मजा आ रहा था वो कड़ी हुई और बोली

माधुरी ; जणू और मूड हो तो चलो अंदर.

में ; चलेंगे मेरी जान तुम्हारे जितना पावर मुजमे नहीं हे.

वो मेरे सामने हस्ते हुए देखने लगी सायद जो मेने टोंट मारा उसे पता लग गया सायद उसे पता चल गया हो. में एक पेग बना के छत पे चले गया उस कमीने बूढ़े की दुकान को देखते हुए पग का मजा लेने लगा.

उधर माधुरी के मोबाईल पे कॉल आता हे माधुरी समाज जाती हे ये कॉल तिगर का हे.

माधुरी ; बोल बे कुत्ते.

तिगर ; कुत्ता नहीं शेर.

माधुरी ; है है में भी एक कुत्ता पालूंगी और उसका नाम तिगर hi रखूंगी.

तिगर ; कुछ पता चला दुल्हन, काज़ी मौलवी सब कोण हे और 3 नोव को क्या हे.

माधुरी ; मुझे पता नहीं चल रहा की तुम्हारे जैसे चूतिये को गॉव ने स्पाय कैसे बना दिया और भी गांडू हे वह तेरे डिपार्टमेंट में बैठे.

सोचा होता 3 नोव को क्या क्या होगा कोई फेस्टिवल्स नहीं हे न किसी भी स्कूल कॉलेज में फंक्शन भी नहीं तो न्यूज़ में पता चला की 2 मंथ में C.M की बेटी की शादी हो जाएगी वो भी कोई नृ दीपक मनहोत्र के साथ जो अमेरिका से हे.

तुम पता करो वो शादी 3 नोव को तो नहीं अगर 3 नोव को हे तो वह बड़ा ब्लास्ट होगा.

टाइगर ; हम्म्म गॉव ने तुम पे भरोसा कर के गलत नहीं किया काफी स्मार्ट हो तुम्हारा सक सही हे हम भी यही सोच रहे थे बस ये जान न चाहता था की तुम क्या सोच रही हो

माधुरी ; घंटा तुम्हारी सोच. तुम्हारी जो सोच हे न उसका कोलंडर बना के मेरे पति के लैंड पे लगा दूंगी.

उधर तिगर हस्ता हे और सोचता हे साली हमसे आगे चल रही हे

टाइगर ; तुम उस बूढ़े रफीक पर नजर रखो वो शैतान सींग का बाँदा हे वो तुम पर नजर रख के वैसे और रपोट शैतान सींग को दे रहा हे. वैसे शैतान सींग को जानती हो न पहले से माजरा क्या हे???

माधुरी ; हे यार पुराणी दुश्मनी. छोड़ो बाद में बताउंगी.

तिगर ; वैसे किसी लड़की का फोन आता हे उसके no पे और वही शादी आतिशबाजी और बारात का स्वागत की बाटे होती हे बाटे उर्दू में होती हे.

माधुरी ; कल रत 11 से 12 बजे के बिच फोन करना कुछ जानकारी मिल जाए तो बताउंगी. अब सिम निकलू या इस फोन को छुपा दू.

टाइगर ; तुम्हे पहले hi इसे स्विच ऑफ़ रखना था दुष्मसँ पावर फूल हे वो तुम्हारी खबर निकल सकते हे.

माधुरी ; यही तो में छाती हु

और हसने लगी जोरसे.

माधुरी अब फोन काट देती हे और बूढ़े को काबू में करने की सोचती हे. वो मुझे अपनी रंडी बना न चाहता हे सेल बूढ़े तुजे तो में छोड़ छोड़ के hi मर दूंगी. हमारी सुहागरात hi तेरा आखरी दिन होगा.

घर में

में अपना पेग ख़तम कर के निचे आता हु.

मुझे माधुरी और आलिया की बाटे सुनाई देती हे.

माधुरी ; मुझे अपनी बड़ी बहन संजो जब तक चाहो यहाँ रह सकती हो घबराओ मत में तुम्हारा अड्मिशन करवा दूंगी जब तुम्हे हॉस्टल जाना हो वह चली जाना यहाँ रहना चाहो तेरी मर्जी हे.

आलिया ; आप लोगो का एहशान में नहीं चूका सकती लेकिन और बोझ नहीं बन सकती.

माधुरी : पागल हो क्या अब तो हमारे साथ hi रहना पड़ेगा पता हे तुम्हारे hi उम्र की एक छोटी बहन थी लेकिन वक्त की मर अब हम साथ नहीं हे.

में सोच में पद गया माधुरी के परिवार ने उसे घर से निकल दिया लेकिन शादी के वक्त उसने मुझे कसम दी थी की में उसके परिवार के बारे में कभी नहीं पूछूंगा.

में अंदर आया और बोलै मधु खाना लगा दो मेरी न जार आलिया पे गई वो काफी ब्यूटीफुल दिख रही थी मासूम सा चहेरा काली आंखे

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आलिया सुंदरता और शादगी से भरी थी बहोत प्यारी थी काश वो मुझे पहले मिली होती.

लेकिन माधुरी ने मुझे उसे निहारते देखा और स्माइल करने लगी और आँखों से मुझे हिसार से पूछा किसी लगी.

मेने न में सर हिलाया.

लेकिन माधुरी कहा मन ने वाली थी उसे टेबल पे बिठाने के बहाने उसकी बूम मुझे हिसार से दिखने लगी.

में समाज न सका और एक और पेग बनाया पटियाला 3 पेग के बराबर 1 पेग और नीट hi शिप मरने लगा

माधुरी ; आओ आलिया बैठो में खाना लगाती हु.

वो दरी सहमी सी

आलिया ; जी दीदी

आलिया के दीदी बोलने से माधुरी ने मुझे आँखों से हिसार किया

माधुरी ; बैठो दीदी के पति देव. ोू सहित आज तो इन्होने ज्यादा पि ली.

आलिया ; दीदी आप सर को रोकती नहीं शराब पीना बुरी बात हे.

आलिया की मासूम सी बाटे मेरे डिल सहेला रही थी एकदम बचो जैसी बाटे सुन के डिल को सुकून मिल रहा था मुझे उसकी बाटे सुन के हसी आ गई में उसे देखता रहा. मेरी आँखों में आलिया के लिए जो प्यार पैदा हुआ वो माधुरी ने महसूस किया था.

माधुरी ; तुम hi कहो अपने जीजू को.

आलिया ; सर शराब सेहत के लिए अच्छी नहीं हे प्लीज मत पिया कीजिये ये अच्छी चीज नहीं हे.

माधुरी ; सर नहीं जीजू.

आलिया को भी हसी आ गई और हस्ते हुए बोली

आलिया ; जीजू प्लीज मत पिया करो.

हम सब साथ हसने लगे आलिया का मासूम सा फेस और बचो जैसी बाटे मेरे डिल में गुदगुदी कर रहे थे.

माधुरी ; आलिया की कोई फ्रेंड के रेरशन से यहाँ आई हे इसका अब कोई नहीं हे दुनिया में सिर्फ एक चाचा हे भोपाल में उसी क साथ रहती थी उसने घर से निकल दिया में इसका एड्मिशन करवा दूंगी ये अब हमारे साथ hi रहेगी क्यों आलिया???

अब हे मेरी छोटी बहन हे और तुम्हारी छोटी शैली.

और मुझे देख के हसने लगी मुझे भी हसी आ गई हमने साथ खाना खाया .

मुझसे उठा नहीं जा रहा था दोनों ने मिलकर मुझे बीएड पे सुलाया मुझे गहरी नींद आ गई में सो गया जब मेरी नींद खुली रत के 1 बज रहे थे माधुरी बिस्तर पे नहीं थी.

माधुरी और आलिया तपन को बीएड पे सुलाने के बाद सरे प्लेट्स धोती हे साफसफाई कर के

माधुरी ; सारा काम हो गया अब आराम करो कल तुम्हारा दाखिला हो जाएगा इसे अपना hi घर संजो हम दो में और तेरे जीजू तुम्हारा ख्याल रखेंगे

आलिया ; जी दीदी आप लोग बहोत अच्छे हे जो पहचान का था वो तो कुत्ता निकला जो अनजान हे वो खुदा के फरिस्ते निकले.

माधुरी देखो में खुदा भगवन , गॉड को नहीं मानती है इंसानियत के नाते किसी की हेल्प कर देंगे बूत ी don't बिलीव इन गॉड.

ठीक हे अब सो जाओ

आलिया अपने गेस्ट रूम में चली जाती हे माधुरी सोफे पे बेथ जाती हे लम्बी टंगे कर के और कुछ सोचती हे. तक़रीबन 1 घंटे बाद उठ कर एक बार तपन को देखती हे फिर आलिया का रूम हलके से खोल के बंद कर देती हे दोनों सो चुके थे.

माधुरी मैं दूर खोल के बहार निकलती हे और दबे पाव सिडिया उतारते रोड क्रूस करती हे. रोड पे सिर्फ सलावेळेस निघ्त्य में माधुरी बहोत सेक्सी लगती हे उसने न ब्रा पहनी न पंतय. ठंडी हवा जब माधुरी के बदन को छूती हे तो उसे बहोत hi अजीब सा एहसास होता हे

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मध्रुरी को हल्का सा ठंडी का एहसास होता हे अपनी बहो को मसलती हुई वो दुकान का कच वाला दूर खोलती हे और अंदर जाती हे अंदर बल्ब की हलकी रौशनी थी. वह कोई नहीं था वो आगे बढ़ के दूसरे रूम में जाती हे

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वो रूम में पहोच कर देखती हे बुद्धा रफीक बीएड पे लेता नंगा अपना लैंड हिला रहा था. उसकी आंखे बंद थी. माधुरी अपना गाउन उतर कर पूरी नंगी नुदे हो जाती हे और बिल्ली की तरह कैट स्टाइल में बेट पे घुटनो और पंजो के बल चलते हुए जाती हे रफीक के लैंड को मुँह में लेकर किश किया और बोली.

माधुरी ; लो आ गई तुम्हारी रंडी अब छोड़ लो जितना छोड़ना हे.

रफीक ने जब आंखे खोल कर देखा तो माधुरी पूरी नंगी थी उसका कातिल फिगर नशीली आंखे सुरीली आवाज और खुबशुरत फेस देख कर उसकी हालत ख़राब हो जाती हे. गले का थूक सुख जाता हे जाप्ता मर के माधुरी को गिरता हे लेकिन बोल कुछ नहीं पता.

रफीक ; कैसे आना हुआ मेरी रैंड???

माधुरी भी अब सेक्स गेम के साथ माइंड गेम खेलने के लिए तैयार थी वो नाटक करती हे और इंडियन मैरिड वुमन जो दूसरे मर्द की दीवानी हो कर कुछ भी करने को तैयार हो जाए वैसे एक्टिंग करती हे.

वो सिर्फ हस्ती हे और सरमने का नाटक करती हे और कुछ नहीं बोलती. माधुरी की ऐसी ाद्दाओ से रफीक का हौसला बढ़ जाता हे और अपनी मर्दानगी के गुरुर में बोलता हे.

रफीक ; बोलना साली रैंड क्यों आई हे.

माधुरी : आप से मिलने.( धीमी आवाज में )

रफीक ; में कोण हु तेरा? बोल बोल

माधुरी ; नहीं पता.

रफीक ; में तेरा बॉयफ्रेंड हु और तू मेरी रैंड गर्लफ्रेंड.

तू मुझसे छुड़वाना चाहती हे न.

माधुरी शर्माने का नाटक करती हे जो रफीक देख के खुश होते हुए. बोलता हे

रफीक ; बोल न मेरी रैंड bol.varna तुजे नहीं छोडूंगा

माधुरी ; नहीं नहीं ( ऐसा बोल के सर निचे कर के शर्मा जाती हे.)

रफीक ; ोय होय मेरी जानेमन शर्मा गई अब बता में तेरा कोण हु और तू क्यों आई हे यहाँ.

माधुरी ; आप मेरे बॉयफ्रेंड हो में आप से प्यार करती हु आप की रैंड हु में आप की रखैल हु में.

में आप से चूऊउ ( और शर्मा के सर निचे कर लेती हे हस्ते हुए )

रफीक तुरत hi माधुरी को अपनी गॉड में बिठा लेता हे माधुरी की नंगी गांड रफीक के तने हुए लैंड पे दबाव बनती हे. माधुरी में हिप्स का दबाव रफीक के लैंड को महसूस होता हे वो अपनी मर्दानगी के गुरुर में खुश था तो माधुरी भी अपनी अड्डा से माइंड गेम खेलने के लिए तैयार थी.

रफीक ; तू मुझसे छोड़ने आई हे तू मेरे लैंड की दीवानी हो गई हे. बोल है.

माधुरी ; है में तुम्हारी दीवानी हो गई हु जब से तुम्हारा लैंड देखा हे मुझे हर वक्त तुमसे प्यार करने का मन करता हे.

करीम माधुरी की बातो से खुश हो जाता हे लेकिन वो जनता था की अगर वो उसके पति को गली देगा तो ये नागिन फिर अपने पुराने रूप में आ जाएगी इस लिए वो गलती नहीं करने का फैसला लेता हे. और वो सिर्फ उसे फसाए रखने के लिए माइंड गेम खेल रहा था लेकिन माधुरी इस मामले में उसकी बाप थी.

माधुरी पूरी नंगी रफीक की गॉड में थी रफीक रफीक माधुरी को बहो में भर के एक हाथ गले में दाल के माधुरी के तने गुलाबी निप्पल्स को बरी बरी से मसलता हे और दूसरे हाथ से माधुरी की कमर और केले जैसी नंगी जंगो को सहेला रहा था.

अब देखते हे इस सेक्स और माइंड गेम में कोण जित हासिल करता हे
 
रफीक को माधुरी ने पागल बना दिया. वो माधुरी को गॉड में बिठा कर उसके बदन के साथ खेल रहा था.

रफीक ; मेरी रैंड मुझसे प्यार करने लगी हे

ऐसा बोलते अपना एक ऊँगली माधुरी की छूट में घुसा देता हे.

माधुरी ; ुइ माँ है आप मुझे अच्छे लागे हो आप से प्यार करने लगी हु आप मुझे रोज छोड़ना में आप जब भी बुलाओगे में आ जाएंगी आअह्ह्ह. है में आप की रंडी हु.

रफीक पागल हो जाता हे माधुरी की बात सुनकर.

रफीक ; और तेरे पति को पता चल गया तो.

माधुरी ; आह नहीं पता चलेगा में छुप कर आउंगी और रोज छुडवाउंगी आह ओह्ह्ह...

रफीक माधुरी की छूट में ऊँगली दाल कर अग्गे पीछे करता हे जिस से माधुरी भी और जोश में आ जाती हे लेकिन वो होश में थी क्यों की सेक्स की दुनिया में माधुरी मांजी हुई खिलाडी थी और रफीक गुरुर का मारा

माधुरी भी रफीक की गॉड से उठी और रफीक के लैंड को मुँह में लेकर चूसने लगी. कभी वो जोरसे चुस्ती कभी जीभ की नोक से लैंड के टोपे को रगड़ती माधुरी की अड्डा और मुँह की गर्मी से रफीक हर गया और धार फुट गई पिचकारी से माधुरी का पूरा फेस भीग गया.

माधुरी ; केसा लगा डार्लिंग.

रफीक ; ओह साली क़यामत हे तू. मजा आ गया.

माधुरी ; आज जल्दी कैसे हो गया.

रफीक में काफी देर से मूड में था.

माधुरी ; लेकिन में तो प्यासी hi रहे गई कुछ करो न.

रफीक ; अरे जानेमन रुको तो

रफीक का मैं माधुरी ने घुमा दिया उसे लग रहा था की माधुरी उसकी दीवानी हे. वो सोच रहा था वो माधुरी को छोड़ रहा हे लेकिन छोड़ तो माधुरी रही थी उसे मंद से भी और सेक्सुअल भी.

माधुरी कड़ी हुई और रफीक की गॉड में बेथ गई और रफीक की चेस्ट पे अपनी पीठ टिका देती हे. रफीक थोड़ा रिलेक्स होने की कोसिस करता हे वो एक औरत से कभी हारना नहीं चाहता था वो चुदाई के लिए अपने आप को तैयार करने की सोचता हे.

माधुरी ; डार्लिंग में तुम्हे क्या बोलकर बुलाऊ.???? ?????

रफीक ; सरे मर्द अपनी बीवी को क्या बोलके बुलाते हे ?

माधुरी ; जणू डार्लिंग स्वीटू जानेमन. होनी.

रफीक ; में तुजे अपनी रैंड और तपन की बीवी बुलाऊंगा.

माधुरी ; चलेगा तुम से छुड़वाने को तो में कुछ भी बन जाउंगी.

अपनी तरफ सुनकर रफीक खुश हो जाता हे. और दोनों स्माइल करते हे

माधुरी ; एक बात पुछु आप बुरा तो नहीं मानोगे.

रफीक ; पूछ एक नहीं 100 पूछ मेरी रैंड.

माधिरि ; तुम्हारी दुकान पे कोई आता तो हे नहीं ज्यादा तो तुम्हारा खर्चा कैसे चलता हे?? कोई पेसो की जरुरत हो तो बोल देना में तुम्हारे घर का खर्चा भी उठा लुंगी.

रफीक ; तुम्हारी तन्खा तो इतनी हे नहीं तुम पैसे कहा से लाओगी???

माधुरी ; पुलिस वाली हु कोई बड़ा हाथ मरूंगी क्या फ़िक्र हे.

रफीक ; अपने मुल्क से गद्दारी करोगी ???

माधुरी ; अरे मुल्क गया भाड़ में में तो पैसे कमाने के लिए hi तो पुलिस वाली बानी हु. देख लेना कोई मोटा हाथ लगा तो कुछ पैसे मेरे भोले पति को देकर तुम्हे लेकर भाग जाउंगी.

रफीक ; कहा ले चलोगी मुझे ??

माधुरी ; कही भी बेंगकोंग दुबई कही बहार पर साला कुछ तो हाथ लगे. कितना मजा आएगा न विदेश में में और तुम पुरे नंगे चुदाई hi चुदाई.

रफीक ; मुझपर भरोसा हे इतना.

माधुरी ; में तो पूरा भरोसा करती हु लेकिन तुम्हे मुझपे हे की नहीं.

रफीक ; है बहोत मुझे भी अपनी रैंड पे पूरा भरोसा हे पर पहले तुम्हारे पति के सामने मुझे छोड़ना हे तुम्हे.

माधुरी ; छोड़ लेना पहले मुझे ट्रैन तो कर लेने दो अब पिलाओ मेरी छूट को अपने हेडपम्प का पानी. देखो रत के 12 बज रहे हे में 4 बज तक खूब छुडवाउंगी आज

देखना हे माधुरी हे किस साइड आगे पता चल hi जाएगा
 
मेरी नींद खुली मेने देखा 01:30 बज रहा था में उठा मुझे बड़ा अजीब फील हुआ मेरी आंख खुली तो मेने देखा माधुरी नहीं हे में समाज गया वो कहा होगी मुझे बहोत दुःख हुआ में उठा और आलिया जिस रूम में सो रही थी वह गया.

आलिया सोते हुए भी बहोत सुन्दर लग रही थी एक गुड़िया की तरह प्यारी मासूम. मुझे उसपे बहोत प्यार आ रहा था मेने दूर धीरे से बंद किया और घर से बहार निकल गया में रफीक की दुकान के बहार खड़ा हुआ और धीरे से अंदर ज़का अंदर कोई दिखाई नहीं दे रहा था. अंदर बल्ब की रौशनी तो थी पर बेहद काम

उधर माधुरी और रफीक.

रफीक ; बहार जाने के लिए पैसे कहासे लाओगी.

माधुरी ; कोई बड़ा हाथ मरेंगे.

रफीक ; एक काम करोगी अच्छा पैसा मिलेगा.

माधुरी ; कितना??

रफीक ; 50 लाख.

माधुरी ; क्या डार्लिंग चुटिया बना रहे हो.

रफीक ; मेरे पास बहोत पैसा हे. बस एक काम कार्डो. बोलो करोगी.

माधुरी ; पहले काम बताओ.

रफीक ; क्यों बिना जाने नहीं कर पाओगी.

माधुरी : नहीं वो बात नहीं हे पहले काम बताओ फिर में बताउंगी के उसका डैम कितना होगा.

रफीक ; साली छिनाल हे तू पूरी.

माधुरी पूरी कामिनी स्माइल करती हे.

रफीक ; एक ट्रक हे सिटी के बहार उसे अंदर लाना हे. बोलो अंदर घुसा सकती हो.

माधुरी ; हो जाएगा. वैसे उस ट्रक में हे क्या.

रफीक ; धमाके का सामान.

माधुरी ; मीन्स बम. ( सोच में पद जाती हे )

रफीक ; क्यों नहीं कर पाओगी ? कही देश भक्ति तो नहीं जग गई तुम्हारी.

माधुरी ; घंटा देश भक्ति में 1 करोडे लुंगी.

रफीक ; कामिनी दिया चल बता इतने पैसे का करेगी क्या.

माधुरी ; कुछ पैसे मेरे पति के नाम छोड़ के बाकि पैसे ले लेंगे और हम दोनों दुबई भाग चलेंगे. बस सुबह शाम दिन रत आप का लैंड इस रंडी के छूट में होगा.

दोनों हसने लगते हे. माधुरी hi जानती थी उसके मन में क्या चल रहा हे वो रफीक के साथ माइंड गेम खेल रही थो ये करीम को नहीं पता था. माधुरी का टारगेट अलग था सायद कुछ इनफार्मेशन ले सके या उनका मकशद जान सके जिसमे वो अढ़ाई कामयाब हो चुकी थी लेकिन माधुरी की एक और कमजोरी थी पैसा और उसे वो मिलने वाले थे. और रफीक के ऊपर अपने काम का लोड तो था पर वो माधुरी का दीवाना भी हो चूका था वो कैसे भी उसे हासिल कर के अपनी गुलाम या रंडी रखैल या बीवी बने कैसे भी पूरी टिके से उसे हासिल करना चाहता था और उसके पति से उसे बदला भी लेना चाहता था. वो भी माधुरी को हासिल करने के लिए माइंड गेम खेलना चाहता था

माधुरी ; 50 लाख काम होने से पहले 50 काम होने के बाद.

रफीक ; दोने.

माधुरी : चलो अब अपनी रंडी को खुश करो.

माधुरी जो रफीक की गॉड में लेती हुई थी वो मुद के रफीक के लैंड को अपनी लिप्स पे ऐसे रगड़ती हे जैसे वो लिपस्टिक लगा रही हो.

में जैसे अंदर गया .ुजे कोई दिखाई नहीं दे रहा था में आगे बढ़ा मुझे दर भी था कोई मुझे देख न ले. में आगे बढ़ा और दूसरे रूम के दूर पे पहोचा वो आधा खुला था में उस दरवाजे के पीछे छिप गया मेने देखा माधुरी की निघ्त्य जमीं पे पड़ी थी रफीक पूरा नागा लेता हुआ था माधुरी पूरी नंदी उसके दोनों पाव पे लेती रफीक के लैंड के साथ खेल रही थी माधुरी रफीक के लैंड के टोपे को अपने होतो ( लिप्स ) पे रगड़ रही थी. कभी जीभ की नोक से टोपे को रगड़ती फिर पूरा लैंड एक hi शंस में निगल गई और जोर जोर से चूसने लगी. मेने देखा करीम भी माधुरी की इन ाद्दाओ से पागल हो गया उसकी शकल भी बिगड़ने लगी.

इन दोनों की हरकतों से में भी उत्तेजित हो गया मेरा हाथ कब अपने पाजामे को पर करते अपनी अंडरवियर में चले गया. में अपना लैंड निकल के हाथो को आगे पीछे करने लगा. में ये नहीं चाहता था लेकिन माधुरी की हरकतों से अलग hi रोमांच में खो गया में सोकॉल्ड नहीं हु फिर भी में ये सब देख के उत्तेजित हो गया.

माधुरी कड़ी हुई और रफीक के मुँह के ऊपर अपनी छूट को लटका के अपने पाव के डैम पे कड़ी हो गई जैसे उसके मुँह पे पोट्टी कर रही हो. माधुरी की चमकती गांड मेरी तरफ थी रफीक अपनी जीब निकल के माधुरी की गोरी डबल रोटी के जैसे फूली हुई छूट पे रगड़ने लगा. माधुरी की चमकती 36 की गोरी गोरी गांड देख के डिल कर रहा था की जा कर सिद्ध गुसा दू.

माधुरी कड़ी हुई और रफीक के लैंड पे सवार हो गई वो बहोत धीरे से लैंड को अंदर लेती हे. रफीक मुझे नाह ी देख सकता था वो लेता हुआ था रफीक के सामने माधुरी की पीठ थी वो सिर्फ माधुरी की पीठ और कमर पे हाथ गुमा सकता था.

में माधुरी के सामने की तरफ था मुझे भी रफीक का फेस नाह ी दिख रहा था लेकिन माधुरी को सामने शी देख रहा था माधुरी अपने पाव को फॉल्ट कर के घुटनो के बल रफीक के लैंड पे सवार थी जैसे किसी घोड़े पर बैठी हो. वो हलके हलके उप डाउन काट रानी थी.

अब रफीक की हालत ख़राब हो जाती हे लेकिन वो भी अब गेम में शामिल हो जाता हे उसका लैक्स माधुरी को पूरी तरह से हासिल करना था और उसकी उसे उम्मीद भी थी उसे माधुरी की नाटो शी यकीं हो चूका था की माधुरी उसका साथ देगी. माधुरी के पति से बदले की बहाना ने उसके डिल में जलन पैदा कर दी थी इस लिए वो भी माइंड गेम खेलता हे उसमे अगर जित गया तो वो सायद माधुरी को तो नहीं प् सकता था पर माधुरी के दिमाग में क्या हे वो पता कर सकता था. ये बात उसे पता नहीं थी. लेकिन माधुरी को hi अपना बना लेना चाहता था जो कभी उसकी थी hi नहीं.

वो माधुरी को शापनो की दुनिया में ले जाना स्टार्ट करता हे रोल प्ले.

रफीक ; माधुरी तुम्हे तुम्हारे पति के सामने छोडूंगा बोल छुडवाएगी न.

माधुरी ; आह्ह्ह्ह सैस नहहीइ वो मुझे छोड़ के चले जीएंगी. अह्ह्ह्हह अस्सेस.....

रफीक ; नहीं तुजे साबित करना होगा. सोचो वो यही कही छुपा हे. और हमारी चुदाई देख रहा हे.

माधुरी ; अह्ह्ह वो यहां नहहहहहिं हीइ ससससस. उफ्फफ्फ्फ़.

माधुरी फास चुकी थी अब उसका बचना मुश्किल था वो सायद कल्पना भी कर रही थी यदि वो कड़ी हो जाती तो रफीक को पता चल जाएगा की माधुरी जूठा नाटक काट रही हे. लेकिन माधुरी भी गेम वो भी सेक्स का कभी नहीं हरी थी और रफीक तो उसके सामने बचा था गेम का लेकिन माधुरी की कसमजोरी उसका पति था.

रफीक ; सोचो माधुरी कल्पना करो जहँ में उसकी तश्वीर बनाओ सोचो देखो वो तुम्हारे सामने उस दरवाजे के पीछे खड़ा हे सोचो.

माधुरी सामने दवाजे की तरफ देखती हे तो सामने उसका पति सच में खड़ा छुपके उनकी छुड़ाई देख रहा था. माधुरी सोक हो जाती हे मुँह खुला का खुला रहे जाता हे अब तो वो बड़ी मुसीबत में फास चुकी थी अगर वो गेम को चालू रखती हे तो वो अपने मकसद में कामयाब हो जाएगी अगर वो घिरना से कड़ी हुई तो वो हर जाएगी.

लेकिन उसकी जीत में भी बहोत बड़ी हर थी. एक तरफ उसका मकशद जो कई जिन्दगिया बचा सकती हे और एक तरफ उसका पति जिस शी वो दुनिया में सब से ज्यादा प्यार करती हे उसे खो सकती हे.

लेकिन ऊपरवाला भी इंसाफ करता हे. और उसे हरने से बचा सकता हे.

जब रफीक माधुरी को बोलै देखो वो दरवाजे के पीछे हे में घबरा गया में छुपने गया लेकिन माधुरी मुझे देख चुकी थी. वो रुक गई कुछ पल के लिए मेरी आँखों में देखती रही जैसे कहे रही हो. मुझसे गलती हो गई. फिर माधुरी नजरे निचे करने लगी तो उसने मेरी हालत देखि. वो हल्का सा मुस्कुराई उसने मुझे हिसार से बताया में क्या कर रहा हु.

मुझे भी पता चल गया में उसकी चुदाई देख के मुट्ठ मर रहा था. वो नशीली स्माइल करते हुए मुझे देखती और हस्ती अब उसे और मजा आने लगा.

रफीक ; रुक क्यों गई तू मेरी रंडी हे बोल तू मेरी रखेल हे.

पूछ अपने अपने पति से उसे अपनी बीवी को छुड़वाते देख के केसा लग रहा हे.

जब रफीक की बाटे मेरे कानो में गई तो में और उत्तेजित होने लगा मेने माधुरी के फेस को देखा. माधुरी ने सीधा hi मुझे पूछ लिआ

माधुरी ; जणू ये कमीना बदसूरत बूढ़ा देखो न तुम्हारी प्यारी खुबशुरत बीवी को छोड़ रहा हे. तुम्हे केसा लग रहा हे.

माधुरी ने इतने प्यार से मुझे पूछा उसकी फेस की स्माइल और कातिलाना खुबशुरत फेस देख के में न कहना चाहते हुए भी गरदन हिला के है कहे बैठा. में अपनी गर्दन को हलके से है में हिला दी.

माधुरी ; वो है कहे रहे हे. वो हमारी चुदाई देख के मुट्ठ भी मर रहे हे.

( रफीक माधुरी की बातो से खुश हो जाता हे उसे लगता हे की वो कामयाब हो रहा हे पर अब रफीक खुद धोखा खा रहा हे. जिस गेम को वो अपनी जीत समाज रहा था असल में वो हरने लगा था. )

रफीक ; साली तू मेरी रैंड हे मेरी रखेल हे. अब तू सिर्फ मुझसे hi छुडवाएगी समझी तेरा पति सिर्फ तुजे छुड़वाते देखेगा सामजी वो खुद तुजे यहाँ पर लेकर आएगा.

( रफीक अनजान तो था वो हर भी रहा था लेकिन ये वो गलत बोल गया था क्यों की तपन उत्तेजित तो था लेकिन वो माधुरी की ाद्दाओ से उत्तेजित हुआ था क्योकि वो सोकॉल्ड नहीं था. और माधुरी सोकॉल्ड तो थी लेकिन उसकी कमजोरी उसका पति था और वो कोई भी किम्मत पर अपने पति के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकती थी वो रफीक की बात ज़हर का घुट समाज के पी गई )

रफीक की गाड़ी और घटिया बातो से माधुरी के फेस पे मायूसी छ गई और वो रोटी सूरत से मुझे बोली.

माधुरी ; मेरे जणू प्लीज मुझे माफ़ कार्डो इस बूढ़े ने मुझे अपने जल में फसा लिया अब में इसकी रंडी और रखेल बन गई हु.

माधुरी की बातो से मुझे रोना आ गया. में वह से रोनी शुरआत लेकर चले गया मुझे लगा मेने माधुरी को खो दिया में घर आ गया सोफे पर बेथ गया मुझे चैन नहीं आया में खड़ा हुआ और बीएड पे लेट गया ऊपर सामने फें की तरफ देखता रहा लेकिन माधुरी की आँखों से निकलते आंसू मेरी उम्मीद थे में जनता था की माधुरी मुझसे प्यार करती हे और वो वापस जैसे पहले थी वैसी लोट कर जरूर आएगी.

उधर माधुरी ने जब अपने पति की आँखों से निकलते अंशु देखे वो ज़नज़ाना उठी. उसके प्रतिशोध की ज्वाला भड़कने से वो जोर जोर से कूदने लगी और छिलने लगी. माधुरी के शरीर की गर्मी के आगे बुद्धा रफीक टिक नहीं पाया जो गेम वो जीत रहा था वो पूरी तरीके से हर गया. उसके लैंड से पिचकारी छूट गई.

माधुरी जोर से चिल्लाई.

माधुरी ; बस सेल भड़वे इतना hi डैम हे तुजमे. छूट गई तेरी पिचकारी. सेल नामर्द कहिके. कहता हे मुझे अपनी रंडी बनाएगा अपनी रखेल बनाएगा.

माधुरी कड़ी हुई और रफीक के थोड़े से बचे सफ़ेद बालो को खींच कर खड़ा किया और बोली.

माधुरी ; भड़वे में कल दोबारा आउंगी. अपना लैंड और पैसे दोनों तैयार रखना. और कल तू हरा तो तेरा लैंड काट के तेरे मुँह में दाल दूंगी.

माधुरी रफीक को एक जोरदार छठा थप्पड़ मारा और वह से बड़बड़ाते जाने लगी.

माधुरी ; साला भादवा मुझे अपनी रंडी बनाएगा. चुटिया कॉड तो सकता नहीं हे.

रफीक घबरा गया था उसे लग रहा था वो उस से हरने के कारन गुस्सा हे लेकिन उसका दुःख और था वो चुप चाप माधुरी की साडी बाटे मन ले इसमें उसकी भलाई हे.

लेकिन रफीक अब खुद माधुरी के हाथो की कटपुतली बन गया था. माधुरी जाते जाते सोचती हे वो जीत तो गई लेकिन सायद अपने पति को हर चुकी हे.

आज माधुरी जीत तो गई लेकिन वो अपने जीत का जश्न नहीं गम मन रही थी
 
में जिस समाज से आई वह मुझे सिर्फ 12 तह तक पढ़ने दिया 10 में जबरदस्ती इंग्लिश नहीं लेने दिया हिंदी लिया मेरी मार्कशीट को मेरी कामयाबी नहीं घरकी शान समझा में अपनी मर्जी से कुछ नहीं मांग सकती ये तो मेरा नसीब की हुब्बी अच्छे हे जो लड़ने के लिए मुझे अकेले जान बच कर छोड़ देते हे.

में उस समाज में ढली हु की में अपने पति से कितना प्यार करती हु ये तक उन्हें नहीं बता सकती. सुकर हे वो मुझे पढ़ लेते हे.

दोस्त में शादी करके आई तब पता चला की जो फिल्मो में कपडे पहनते हे वो असल में भी पब्लिक पहनती हे. मुझे उन्होंने महँगा फोन दिया इंजॉय करने के लिए सब सिखाया कुछ में खुद सीखी
 
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