में आलिया के पीछे पीछे ऊपर जाने लगा. आलिया की बैक कमर हिप्स सब बहोत hi ैटरेक्टिव था. मेरा डिल छह रहा था मशाल दू. मेने आते hi एक पग नणय. और चुस्की लेते बालकनी में आया. आलिया अपने रूम में और माधुरी अपने रूम में चली गई. आलिया चेंज कर के बहार आई तो बहोत किते लग रही थी.
आलिया कमर पे हाथ रखे अपने रूम से बहार कड़ी मुझे hi देख रही थी और हसे जा रही थी. माधुरी भी चेंज कर जे आई.
माधुरी ने क्या सेक्सी गौण पहना था बहोत हॉट लग रही थी.
में ; लगता हे आज एक राउंड और करना पड़ेगा.
माधुरी मेरी तरफ पलटी.
माधुरी ; आप के लिए तो में वैसे भी हमेशा तैयार रहती हु.
आलिया ; में भी तैयार हु दीदी.
आलिया अब भी वही कड़ी थी. वो मुझे वही से देखे जा रही थी. में उसकी तरफ बढ़ा तो वो भाग कर अपने रूम में चली गई. माधुरी बीएड पर चादर बिछाने ज़ुकी तो उसकी हिप्स पे मेने एक थपड मारा. वो पीछे मुड़ी और हस्ते हुए अपनी हिप्स पे हाथ फेरने लगी.
में क़यामत लग रही हो ग्रीन में.
माधुरी अपनी तारीफ से शर्मा गई वो निचे देखने लगी.
माधुरी की पलके शर्म से झुक गई उसका ब्यूटीफुल फेस और जबर्दस्त फिगर देख के फिर मेरा लैंड हिचकोले मरने लगा. में माधुरी के पास आया और माधुरी की हिप्स की दरारों में ऊँगली घूमने लगा.
माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह.
माधुरी मेरे हाथो को पकड़ तो लिया लेकिन हटाया नहीं. आलिया मेरे बाजु में कड़ी फिर है रही थी.
में ; तुम्हे क्या हुआ आलू बार बार ...
वो फिर भाग गई.
में ; ये भी यार कबाब में हड्डी कुछ करने नहीं दे रही.
माधुरी ने अपनी हिप्स मेरे लैंड से सत्ता कर थाहो को पीछे मेरी गर्दन में हर बना के डाला और बोली.
माधुरी ; तो आज हड्डी भी चबा जाओ.
मेने माधुरी की कमर पकड़ी और कपड़ो के ऊपर से hi माधुरी की गांड पे अपना लैंड घिसने लगा. बड़ा मजा आ रहा था की माधुरी के मोबाईल पे कॉल आया.
माधुरी ; है बोलो पहलवान.
पहलवान ; मेडम मर्डर लग रहा हे आप जल्दी आइये.
माधुरी ; ठीक हे में आ रही हु. भीड़ नहीं होनी चाहिए पब्लिक को पता न चले वार्ना हमें कोई काम करने नहीं देगा.
माधुरी ने कॉल काट किया और मुझसे बोली.
माधुरी ; मुझे जाना होगा.
में ; जाओ भाई पुलिस वाली मेडम.
माधुरी ; हसने लगी जल्दी आउंगी.
माधुरी ऐसे hi भागने लगी. सायद उसे पता नहीं था की पुलिस देर से आने का रिवाज होता हे.
में ; (छीलते हुए बोलै ) अरे चेंज तो कर लो.
माधुरी ; टाइम नहीं हीइ.
वो दरवाजा भी खुला छोड़ गई. मेने दरवाजा बंद किया तो आलिया मेरे पीछे कड़ी मुझे hi देख है रही थी.
में उसे देखा वो मस्त लग रही थी.
में ; आओ मेरे पास.
वो भाग गई. पता नहीं वो क्या बचपना कर रही थी. में बैडरूम में आया तो फिर वो दूर से hi मुझे बोली.
आलिया ; जिजुओ.
में पीछे मुदा वो दूर hi कड़ी मुझे देख रही थी.
में ; मेरा मूड नहीं हे खेलने का आओ जल्दी.
आलिया ; में ऐसे हाथ नहीं आने वाली.
में आलिया के पीछे भगा. वो अपने रूम में घुस गई. आज आलिया का मस्त कोमल पिछवाड़ा देख के मेरी नींद हराम हो गई थी. में भी आलिया के पीछे भगा. आलिया फास गई वो पीछे नहीं जा सकती थी.
आलिया फास चुकी थी मेने उसे गोदी में उठाया और बैडरूम में ले गया. वो भी मुझे चिपकी हुई थी. आज मेरा मूड आलिया के पीछे ट्रे करने का था.
में ; आलू में अभी आया.
में जनता था की आलिया पीछे से भी वर्जिन हे. में बाथरूम में राखी आयल की बोतल ले कर आया. जब रूम में आया तो नजारा देख के मेरा लैंड बुरी तरीके से खड़ा हो गया. आलिया सरे कपडे उतर कर सिर्फ पिंक पंतय में उलटी लेती हुई थी.
में बस देखता hi रहा वो भी सायद तैयार थी. आलिया की पतली कमर और पिंक पंतय में फूली हुई हिप्स. और हिप्स के बिछ की दरारों में फांसी हुई. उफ्फ्फ्फ़ सायद बया करना मुश्किल हे
में सिर्फ अपने लास्य को hi देखे जा रहा था. में आलिया की जंगो के पास बैठा और हिप्स पे हाथ रखा. क्या मुलायम उठी हुई छोटी छोटी हिप्स क़यामत लग रही थी.
आलिया ; सससस जीजू अब समझे में क्यूँउउउ हहहह भाग रही थी.
में ; तुम भी मुझे समझने लगी हो. क्या मस्त हिप्स हे तुम्हारी.
आलिया ; अपने होने वाले शोहर को अपनी छोटी बीवी की तरफ से छोटा सा तोफा.
में ; तुम्हारा गिफ्ट मस्त हे आलू.
मेने आलिया के हिप्स पे और कमर से होते हुए पीठ तक हाथ फिराया. फिर पंतय को धीरे धीरे सरकाया पंतय सार्क के जंगो के बिच आ गई. उफ्फ्फ क्या सीन था. मुझसे बरदास नहीं हो रहा था. मेने आलिया की खुली हिप्स पे हाथ फिराया. फिर थोड़ा सा तेल आलिया की कमर और हिप्स पे डाला. में तेल को मलने लगा. आलिया भी मचल रही थी.
आलिया ; अह्ह्ह्ह ससस जीजू में सॉरी आप को सिनेमा हॉल में पीछे ट्रे नहीं करने दिया.
में कोई बात नहीं अब तुम समझदार हो गई हो.
में आलिया भी मचल रही थी. में आलिया की हिप्स को अच्छे से मसल रहा था. मेने ऊँगली को तेल में डुबाया और आलिया के हिप्स को थोड़ा खोला. जिस से आलिया का छोटा सा छेड़ दिख गया. मेने आलिया के छेड़ पे अपनी ऊँगली राखी और घिसने लगा.
आलिया अह्ह्ह्ह ससस जीजूउउ गुड़ गुड़ी हहहह.
मेने ऊगली को थोड़ा अंदर प्रेस किया.
आलिया ; औछह.. ..सससस जीजू डरडडडडड.
मेने धीरे धीरे ऊँगली अंदर दाल दी आलिया की चीख निकल गई.
आलिया ; जीजूउउउउ मर्डर gaiiiiiiiiii.
में रुक गया ऊँगली अंदर hi थी. आलिया हाफने लगी. मेने धीरे धीरे ऊँगली को आगे पीछे करना स्टार्ट कर दिया.
आलिया ; सससस जीजू बहोत्तत्त अच्छा लग रहा हीईई.
में धीरे धीरे स्पीड की आलिया को बशॉट मजा आने लगा. में ऊँगली निकली और तेल अपने लैंड और आलिया के छेड़ पर लगाया. अपना टोपा आलिया के छेड़ के मुँह पर रखा.
आलिया ; जीजू प्लीज धीरे सीई अम्म्मम्म.
मेने लैंड को थोड़ा सा अंदर किया. आलिया फिर चीखी उसकी आँखों से आंसू भी आ गए.
आलिया ; अह्ह्ह्हह. जीजूउउउउ. प्लीज रुको प्लीज जीजू.
में ; है बेतु में रुक गया. बीटा.
में रुका और आलिया को नार्मल होने तक का वेट करने लगा. आलिया का फेस पीला पद गया. वो थोड़ी नार्मल हुई.
में ; बेतु तुम ठीक हो. क्या नहीं होरा तो में निकल लू.
आलिया ने न में सर हिलाया.
में ; तो क्या तुम तैयार हो.
आलिया ने है में सर हिलाया. मेरा टोपा अंदर जा चूका था. मेने थोड़ा सा पेस किया.
आलिया ; उफ्फ्फ्फ़ रुको प्लीज.
मेने आधा लैंड आलिया की दरारों में घुसा चूका था. में रुका आलिया निर्मल हुई. मेने फिर प्रेस किया और पूरा धीरे से अंदर सरका दिया आलिया जोर वे छटपटाने लगी. में रुक गया. आलिया का फेस पीला पद गया. उसे पसीना आने लगा. वो नार्मल हुई तो में धीरे धीरे नार्मल हुआए. और आलिया की नरम कोमल और सख्त घंड को छोड़ने लगा.
आलिया नार्मल होने लगी अब उसे भी मजा आ रहा था. में उसे चोदे जा रहा था. जान बुच्छ के जोर से नहीं छोड़ रहा था. आलिया भी अपने गुदा मैथुन का मजा ले रही थी. धीरे धीरे मेने स्पीड बढ़ा दी. आलिया भी बहोत इंजॉय कर रही थी. लेकिन दर्द तो उसे भी हो रहा था. काफी देर बाद मेरी स्पीड बढ़ी. और मुझे लगा की मेरा होने वाला हे. लेकिन मुझसे पहले आलिया बोल पड़ी.
आलिया ; जीजू म किंग सससससस.
और आलिया का हो गया मेरी स्पीड बढ़ी और मेरी पिचकारी भी आलिया के दरारों के बिछ गहराई में छूट गई. में आलिया के ऊपर hi वैसे लेट गया. मेरा लैंड आलिया की गांड में hi था. में आलिया के ऊपर hi लेता रहा.
माधुरी जीप भागते हुई जाने लगी. हवा में उसका गाउन उड़द रहा था. जिस से उसे अंदर हवा लग रही थी. माधुरी को मज़ा भी बहोत आ रखा था. माधुरी ठाणे पहोची. वह अंदर सूखा था. सिर्फ सूखा. सूखा माधुरी को देखा तो झटका खा gaya.Madhuri गाड़ी में से.
माधुरी ; कहा मर्डर हुआ???
सूखा ; गोल मार्किट नाले के पास.
माधुरी वह से गाड़ी भगा लेती हे. वो बताई हुई जगह पे पहोचती हे वह. पहलवान, घसीटा और एक बूढ़ा खड़ा तहत.
माधुरी ; है लाश को पोसेमोदम के लिए भेजना हे. पता किया ये कोण थी???
घसीटा ; मेडम में इसे जनता हु. और ये भी जनता हु इसे यहाँ किसने फेका.
माधुरी को पहलवान और घसीटा ऊपर से निचे तक देखते हे. ये बात माधुरी को भी पता चल गई पर अब वो कर भी क्या सकती थी.
माधुरी ; तुम इसे कैसे जानते हो??
सूखा ; ये थपड सब के घर आती थी. में उनका ड्राइवर था पहले तब इसे वह देखा था.
माधुरी ; हम्म्म लगता हे थपड का पुराण याराना हे. वैसे इसे यहाँ फेका किसने.???
सूखा ; मेडम थपड सब की बीवी ने.
माधुरी ; देखा क्या तुमने??
सूखा ; है मेडम में इस बूढ़े के साथ थोड़ी सी लगा रहा था. वह कोने में तो देखा. मेडम कार से आई इसे निकला और फेक के चुप चाप चली गई.
माधुरी ; हम्म्म अब साली घाट में आई हे.
सूखा ; कुछ नहीं कर सकते मेडम. वो साली रैंड हम पे सब का दबाव दिलवाएगी हमें hi साबुत मिटने पड़ेंगे.
माधुरी चारो तरफ देखती हे. और बोलती हे देख पहलवान उस एटीएम की कक्तव फुटेज निकल और मेरे केबिन पे पहोचा जल्दी टाइम काम हे. और फोन कर सिटी हॉस्पिटल में.
माधुरी पीछे मुड़ती हे तो देखती हे. उसकी ऊँगली थोड़ी सी हिली.
माधुरी ; रुक रुक रुक लगता हे ये जिन्दा हे.
माधुरी हाथो की नब्ज चेक करती हे और बोलती हे.
माधुरी ; घंटा मादरचोदो ये जिन्दा हे.
सरे देखते रहेजाते हे.
पहलवान ; अब क्या करे मेडम???
माधुरी ; हम्म्म बच गई साली. वो भी और ये भी. चलो तू फुटेज तो निकल इसे में देखती हु. इसे हॉस्पिटल ले कर गए तो उसका कुछ नहीं बिगड़ पाएंगे.
दाल रे घसीटा इसे गाड़ी में.
घसीटा उसे उठता हे गाड़ी में डालता हे. घसीटा की बेहोस पड़ी लड़की का सरीर देख कर लैंड खड़ा हो जाता हे. और वो चुपके से उसके बूब्स दबा देता हे. ये माधुरी देख जाती हे. उसे हसी आ जाती हे.
माधुरी ; भेनचोद ये आधी तो मरी हुई हे. सेल बच जाए तो खुसी से दिलवा दूंगी तुजे.
घसीटा ; निचे सर कर के हस्ता he.Madhuri उसे सीधी अपनी फ्रेंड सुरभि के घर ले जाती हे. उसके घर जा कर दरवाजा खत खता टी हे. सुरभि आंखे मल्टी दरवाजा खोलती हे.
सुरभि ; साली तू. इतनी रत को क्या करने आई.
माधुरी उसका हाथ पकड़ के जीप के पास ले जाती हे.
माधुरी ; देख इसे. इसे हॉस्पिटल नहीं लेजा सकती. जिन्दा हे ये.
सुरभि ; साली तेरा दिमाग तो ठीक हे स्किन स्पेशलिस्ट हु में. प्लास्टिक सरजोरी करती हु. ये मेरा काम नहीं हे. ( थोड़ा गुस्सा और देवंबव दाल के बोली)
माधुरी ; ोय रैंड डॉक्टर तो हे. और वो दिन आलिया को तो ठीक कर दिया.
सुरभि ; वो इस लिए की तू बहोत दिनों बाद मिली में मन नहीं करना चाहती तुजे.
माधुरी ; तो अब भी मन मत कर देख इसे.
सुरभि ; है साली रैंड फसा मुझे. ये मर गई तो में फास जाउंगी.
माधुरी ; चल अच्छा हे मेरे पति पे लाइन तो नहीं मारेगी. कुटिया तुजे में फसने दूंगी क्या. ( हस्ते हुए)
सुरभि ; अब उठा इसे हैंडसम पति की गन्दी बीवी. अंदर ले चल.
माधुरी आसानी से उठा कर अंदर ले जाती हे और अंदर सोफे पर लिटटी हे. इतने में वो लड़की खुद hi उठ जाती हे सर मलते हुई
सुरभि ; अबे ये तो उठ गई.
वो सुप्रिया थी सेटन की रखैल.
माधुरी ; है क्या नाम हे तेरा और थपड की बीवी से क्या पन्गा हे.
सुप्रिया ; जी कुछ नहीं. मेरी उनसे कोई दुश्मनी नहीं हे.
माधुरी ; फिर ऐसे hi तुजे जान से मरने की कोसिस की.
सुप्रिया रोने लगी. और उसने साडी बात बताई. कैसे वो शैतान के चंगुल में फांसी और लड़कियों को भी शैतान के लिए वो तैयार करती थी. उस रत थपड, लाला और कुमार अशोक ने मिलकर उसे पेला. सुप्रिया गलती से उस कमरे में पहोच गई जहा डिम्पल अपने माली से छुड़वा रही थी. डिम्पल कितनी बड़ी रैंड हे ये थपड को नहीं पता था.
डिम्पल ने सोफिया पे हमला कर दिया और उसे घायल कर दिया. डिम्पल ने सोफिया को जान से मरने के लिए सर पे डंडा मर दिया. उसे लगा वो मर गई. वो उसे रत के अँधेरे में गंदे नाले के पास फेक के चली गई.
सोफिया रो रही थी 3 साल से अपने पति को नहीं देखा.
सोफिया ; में क्या करू मेम मेरे सोहर का कोई पता नहीं हे. अब क्या करू कुछ समाज नहीं आ रहा.
माधुरी ; वो भी पता कर लुंगी में. लेकिन तुजे हमारे लिए काम करना होगा पहले उस छिनाल डिम्पल से बदला लेते हे. चल तुजे दिखती हु तुजे.
माधुरी सोफिया को लेकर जाने लगती हे. तो सुरभि पीछे से आवाज देती हे.
सुरभि ; ोय साली.
माधुरी पीछे देखती हे. उसे सुरभि की आँखों में अपने लिए चिंता और फ़िक्र दिखाई देती हे.
सुरभि ; अपना ख्याल रखना.
माधुरी बैग के आती हे और सुरभि को गले लगा लेती हे. माधुरी सोफिया को लेकर ठाणे पहोच जाती हे. और अपने केबिन में बिठा देती हे. पहलवान भी वीडियो लेकर पहोच जाता हे.
पहलवान ; आओ मेडम वह डीवीडी देख लेते हे.
पहलवान सही वक्त की डीवीडी बन व के ले आया था. सरे ठाणे में थे. माधुरी, सोफिया. घसीटा, पहलवान. बस जांय नहीं था और दूसरी टीम सुबह आने वाली थी. सरे देखते हे कैसे डिम्पल ने गाड़ी रोकी और सोफिया को नाले में फेक दिया. और कैसे नाले में से घसीटा ने उसे बचाया.
माधुरी ; देखा तूने. इसने बचाया तुजे. वार्ना तू तो ऊपर. समझी.
सोफिया प्यार से घसीटा को देखती हे. घसीटा भी उसे hi देख रहा था.
सोफिया ; में आप का एहशान कैसे चुकौ. आप ने मेरी जान बचाई हे.
घसीटा ; ये तो मेरा फ़र्ज़ था मेडम. इस में सुक्रिया की क्या बात हे.
दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते हे. माधुरी घसीटा के कंधे पर हाथ रख के दबती हे. और अंदर केबिन में बेथ जाती हे. घसीटा माधुरी को जाते देख हिसार समाज जाता हे.
घसीटा ; आप आइये न मेडम ये चेयर पे बैठे.
सोफिया ; है आप भी बैठिये न मेरे साथ. बताइये कुछ अपने बारे में.
घसीटा ; क्या बताऊ मेडम. आप हो ये तो जिसने हमारे बारे में पूछा. वार्ना हमें कोण पूछता हे.
सोफिया ; ऐसा मत बोलो आप ने मेरी जान बचाई हे. आप मेरे किए फरिस्ते हो.
माधुरी अंदर जाती हे और चेयर पे बेथ जाती हे. पहलवान कंदो पे और सूखा आज पाव दबाने लगे. माधुरी का गाउन जड़ो से सिर्फ पट्टी hi था. जिसका पहलवान फायदा उठना चाहता था. वो हलके हाथ से माधुरी के नंगे कंधे पे अपने पंजो से दबाव बनाते हुए दबाने लगा. सूखा भी पाव जो घुटनो तक कपड़ो के ऊपर से hi दबाने लगा.
माधुरी उन की नियत जानती थी. लेकिन रानी की तरह सेवा करवाने में भी उसे बड़ा मजा आता हे. उधर सोफिया भी घसीटा को अपना डिल का हल सुना रही थी. घसीटा जो अपनी नौकरी के आखरी पड़ाव पे खड़ा बुढ़ापे में भी सोफिया जैसी हॉट लड़की के बदन को देख के आंखे सेक रहा था.
घसीटा ; आप hi बताइये मेडम आप के इतने सुन्दर से मुखड़े पर उद्दासी क्यों रहती हे.
माधुरी वह चेयर पे बैठी आंखे बंद और मसाज का मजा लेते हुए बोलती हे.
माधुरी ; ( विथ स्माइल ) सुरु कर दिया सेल ने.
सोफिया ; ये देखो ये मेरे पति की फोटो हे. ये 3 इयर्स से इनका कोई अत पता नहीं हे.
घसीटा एकदम से फोटो देख के चौक जाता हे. और बोलता हे.
घसीटा ; मेडम ये आप के पति हे????
सोफिया ; ( चौक जाती हे. ) है है क्या आप इन्हे जानते हो. क्या देखा हे आपने इन्हे कही.????
घसीटा ; मेडम आप सुन नहीं पाएगी. रहने दो.
सोफिया ( गीध गिड़ते हुए ) प्लीज बताइये आप को आप के अल्लाह का वास्ता बताइये.
घसीटा आज से तक़रीबन 2.8 साल पहले इन की लाश हमें शहर के बहार खेतो में मिली. कोई वारिस नहीं था तो.
सोफिया सुन के जोर जोर से रोने लगी घसीटा उसे चुप करता और सँभालने की कोसिस करता. वैसे तो घसीटा उसे पेलना चाहता था. लेकिन सोफिया की हालत पे उसे भी तरस आ जाता हे.
अंदर माधुरी भी आंखे बंद किये बोलती हे.
माधुरी ; मुझे पहले hi सक हो गया था. यही हुआ होगा. वो शैतान हे भाई उसे एक रखैल हमेसा चाहिए.
सूखा और पहलवान भी माधुरी की बात पे सहमति जताते हे.
घसीटा ; मत रोइये मेडम अपने आप को अकेला मत समझिये मेडम. में गु आप के साथ.
सोफिया रट रट घसीटा के गले लग जाती हे. जिस से घसीटा उसे अपनी बहो में ले लेता हे.
माधुरी ; आ गई काबू में ले लिया बहो में.
सूखा और पहलवान सोच में पद जाते हे सिर्फ आवाज सुन कर आंखे बंद करि माधुरी कैसे सब क्या हो रहा हे वो बता दे रही हे. वो दोनों तो बस अपने काम में लग जाते हे. अब वो दोनों दबाना छोड़ के अपने हाथ फिरने लग जाते हे. सूखा जमीं पर बैठा अपने पंजे घुटने से लेकर पाव के ताल तक हाथ घूमता हे. और पहलवान भी नंगे कंदो पे अपने गंदे पंजे घूमना सरु कर देता हे.
माधुरी को भी बहोत मजा आ रहा था. उसके हॉट भी सूखने लगे. 34 के गोल गोल टाइट बूब्स की निप्पल्स सख्त होने लगी. और पाव के बिच की घाटी में गीलेपन की चिकनी नदी बहने लगी. पहलवान खुले कंधो पे और खुले गले को देखता हे. उसे गले के अंदर कुछ दिखा तो नहीं रहा था. लेकिन जहा से माधुरी का रसीला जोबन स्टार्ट होता हे वह तक का खली गोरा गोरा मैदान दिख रहा था.
सोफिया को बहो में लेने से सोफिया के नरम बूब्स घसीटा की छाती पर धस जाते हे. जिस से घसीटा की काम वासना भड़क गई. घसीटा सोफिया की खुली पीठ पे हाथ घूमने लगा. दोनों की सनसे तेज़ हो गई. दोनों को अपने गले पर एक दूसरे की गरम सांसे महसूस होने लगी. सोफिया थोड़ा हिली और पीछे हटने गई तो उसके गाल घसीटा के गाल से घिसने लगे. वो सायद अलग होना चाहती थी. लेकिन घसीटा अपने होतो को सोफिया के लिप्स के पास के ले गया. सोफिया भी अपने आप को रोक नहीं पाई और उसके लिप्स खुल गए. घसीटा ने भी देर नहीं की सोफिया के मोठे मोठे लाल लिप्स पर अपने सूखे से लिप्स को रख दिया और धीरे धीरे चूसना सुरु कर दिया.
उधर माधुरी भी आंखे बंद करे बोलती हे.
माधुरी ; अह्ह्ह चूस गया सलाआआ ससससस रसीले होठो को.
माधुरी भी गरम हो चुकी थी. पहलवान जो कंधो को सहेला रहा था. धीरे धुरे माधुरी के गोल गले और गरदन को अपने पंजो से सहलाने लगा. सूखा भी जमीं पर बैठा कपड़ो के निचे हाथ दाल दिया और घुटनो तक हाथ घूमने लगा. माधुरी ने एक बार आंखे खोली. और बंद कर ली. माधुरी को भी बहोत मजा आ रहा था. वो तीनो को घसीटा और सोफिया की आवाज सुनाई दे रही थी.
घसीटा सोफिया को छोड़ना नहीं चाहता था वो लगातार उसकी पीठ पे और गर्दन को मसल रहा था. घसीटा ने उसे अपनी और खींचा और अपनी गॉड में बिठा लिया. लेकिन सोफिया उस से दूर हो गई और अपने बालो में हाथ घूमने लगी.
सोफिया की आँखों में भी वासना भर गई थी वो दूर हो के भी घसीटा को hi देख रही थी.
सोफिया ; आज तक मुझे इतने प्यार से किसी ने नहीं चूमा. सब जबरदस्ती hi.
घसीटा ; हमें भी आज तक किसी ने प्यार करने का मौका hi नहीं दिया. आप जैसी सुन्दर औरत के लैब चूमे मेरी तो किस्मत बदल गई.
सोफिया ; फिर ये लैब आप जब चाहे तब चुम सकते हो घसीटा जी.
वो घसीटा की बहो में लपक कर बेथ जाती हे और घसीटा का सर पकड़ कर जोर से किश करने लग जाती हे. घसीटा भी उसे अपनी बहो में लेकर किश का जवाब देने लगा. दोनों जानवरो की तरह जैसे एक दूसरे से जितना चाहते हो वैसे एक दूसरे पर टूट पड़े.
उधर माधुरी भी आंखे बंद करे बोलती हे.
माधुरी ; अह्ह्ह्हह स्स्सस्स्स्स सेल घसीटाआ पता लिया तूने तो ू ू.
माधुरी की आवाज और सिसकारियां से सूखा और पहलवान भी गरम हो जाते हे. पहलवान जो गले और थोड़ा निचे तक हाथ घुमा रहा था. वो हिम्मत करता हे और अपने हाथो को और निचे ले जाता हे
पहलवान का हाथ माधुरी के गले के थोड़ा और निचे ग्रीन कपड़ो को छूटा हे. उसकी उंगलिया कपड़ो के अंदर जाती हे जहा से माधुरी के बूब्स का उभर सुरु होता हे. पहलवान को लालच लगती हे वो धीरे से पूरा पंजा अंदर घुसा देता हे. पहलवान भी पागल हो जाता हे. सूखा सा पहलवान जिस से ठीक से कड़ी मोटर सायकल भी नहीं सम्भाक्ति उसके हाथो में आज माधुरी जैसी सेक्सी हॉट औरत के 34 साइज के तने हुए गोल गोल बूब्स थे. पहलवान की उंगलियों से माधुरी की गुलाबी निप्पल्स टकराती हे. बैठी हुई माधुरी के पीछे खड़ा दुबला पतला पहलवान माधुरी के दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथो से धीरे धीरे मांसल रखा था. उसके हाथो में पुरे बूब्स समां भी नहीं प् रहे थे. माधुरी के बूब्स काफी बड़े नरम गोल गोल और तने हुए थे. काफी गोर गोर और गुलाबी रंग की निप्पल्स और पतले से पहलवान के हाथो में थे.
सूखा भी थोड़ा सा घुटनो के बल माधुरी के सामने आ जाता हे और हाथो को माधुरी के गाउन के अंदर केले जैसी लम्बी गोरी टैंगो पे घुटने से ऊपर जंगो तक हाथ घूमता हे. उसकी ऊँगली भी माधुरी की गीली पंतय से टकराती हे. वो धीरे धीरे घुटनो के निचे के बजाय घुटनो के ऊपर तक हाथ घूमता हे. उसकी ऊँगली बार बार पंतय के ऊपर जहा माधुरी की गीली छूट थी वह टकराती हे. माधुरी भी आंखे बंद किये. मीठी मीठी सेवा का आनंद ले रही थी.
उधर घसीटा भी सोफिया के हुस्न का दीवाना हुआ जा रहा था.
घसीटा ; आपने तो मुझे दीवाना बना दिया हे.
सोफिया ; अह्ह्ह ससस आपने तो जान बचाई हे मेरी. आज से ये जान आप की. अब देखो में तुम्हारे लिए क्या करती हु.
सोफिया घसीटा से दूर जाती हे और दीवार के सहारे निचे बेथ जाती हे. सामने घसीटा की आँखों में आंखे दाल कर अपनी दोनों टंगे खोल देती हे.
अपने एक घुटने को फॉल्ट करती हे अपने पहने हुई ओने पइसे को ऊपर जंगो तक सरकती हे. और सेक्सी अदाओ से बोलती हे.
सोफिया ; घसीटा जी केसा लगा मेरा जलवा.
घसीटा ; डिल करता हे तुम्हे तुम्हारे बदन को चुम लू.
सोफिया ; तो चुम लीजिये घसीटा जी अब में तो आप की हो गई.
उधर माधुरी भी आंखे बंद करे पहलवान से अपने बूब्स और सूखा से अपनी छूट मसलवटे हुए बोली.
माधुरी ; छुम मत सेल सीधा चूस ले. सससस चूस सेल वक्त मत गवा हययययय सससस.
उन दोनों को ऐसा लगता हे जैसे माधुरी उन्हें कहे रही हो सूखा भी सुनते पागल हो जाता हे और गाउन का कपडा उठते माधुरी के घुटने पर अपनी लिप्स रख देता हे और चाटने लगता हे. माधुरी ने अपनी आंखे खोली और हस्ते हुए सूखा को देखा की वो क्या कर रहा हे. माधुरी ने अपने पंजे को सूखा के सर पे रख दिया और उसे थोड़ा सा ऊपर खींचा. सूखा भी समाज गया. उसने माधुरी को देखा. उसकी आंखे बंद थी और अपने होतो पे जीभ फिर रही थी वो जंगो को चाटने लगा धीरे धीरे उसने पूरा कपडा ऊपर किया और माधुरी की पंतय पर छूट के हिस्से में गीलापन दिखा. सूखा उंगलियों से छूट के हिस्से के पंतय के कपडे को साइड कर के देखा तो देखता hi रहे गया.
माधुरी की छूट की चमड़ी भी गुलाबी थी. सूखने आज तक अपने बीवी की hi छूट देखि थी. जिसकी छूट की चमड़ी काली थी. वो उसे देखता hi रहा. अचानक बंद आँखों से hi माधुरी ने सूखा के सर पे हाथ रखा और अपनी छूट पे दबा दिया. सूखा सीधा hi छूट के ऊपर वाले पंतय के कपडे को हटा कर छूट को अपनी लिप्स से लॉक कर दिया. और चूसने लगा.
पहलवान भी आगे आया और माधुरी का एक बूब्स बहार कपड़ो से निकला. माधुरी ने ब्रा तो पहनी नहीं थी. जिस से पहलवान को काफी आसानी हुई. पहलवान ने बूब्स को मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा. और दूसरे हाथ से माधुरी का दूर बूब्स भी पकड़ लिया.
माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह सालो कामिनुओ सैस.
माधुरी भी एक हाथ से खड़े झुके पहलवान के पेण्ट के ऊपर से hi लैंड पे हाथ गुमने लगी.
उदाहर सोफिया भी घसीटा के नज़दीक आती हे.
धीरे धीरे अपने आप को पिरि नंगी करती हे. घसीटा भी देख के अपनी पेण्ट खोल देता हे बरसो से बुखा घसीटा मौका गवाना नहीं चाहता था. वो सीधा घुटनो के बल बेथ जाता हे. दो टंगे छोड़ी करे कड़ी सोफिया की कमर को अपने दोनों पंजो से जकड लेता हे. और सोफिया की गीली छूट पे अपने खुदरी लिप्स से लॉक कर देता हे. सोफिया भी. अपने दोनों हाथ को घसीटा के सर पे रख देती हे. अपनी आँखों को बंद कर के अस्नान की तरफ सर कर देती हे.
सोफिया ; ओह घसीटा जी. ससससस पागल हो गई में तो.
सोफिया गरम हो चुकी थी वो घसीटा को हटती हे और जमीं पर लेता घसीटा अपना लैंड हिला रहा था. वो निचे से नंगा था. सोफिया देर नहीं करना चाहती थी. सोफिया सीधा hi घसीटा के मोठे लैंड पे बेथ जाती हे. लैंड भी सीधा सोफिया की गीली छूट में अंदर तक उतर जाता हे.
सोफिया ; सससस ओह घसीटा जीई अहह
सोफिया आंखे बंद किये घसीटा के ऊपर उप डाउन सुरु कर चुकी थी. वो पहले भी चूड़ी हुई थी इस लिए उसे कोई परेशानी नहीं हुई. लेकिन पहेली बार वो प्यार से चुद रही थी. अब तक तो वो गुलाम थी. मगर अब वो खुश थी.
उधर माधुरी के भी छूट और बूब्स पे पहलवान और सूखा अपने मुँह से हमला कर चुके थे. माधुरी ने पहलवान की जीप खोल दी और लैंड बहार निकल के हिला रही थी जिस से पहलवान का मुँह जोर जोर से बरी बरी चल रहा था. सूखा भी अपने हाथो से अपना लैंड हिलाते हुए माधुरी की छूट चाट रहा था. दोनों hi मर्द ज्यादा बरदास नहीं कर पाए. पहले पहलवान फिर सूखा ज़द गए. पिचकारी पहलवान की माधुरी के हाथो में और सूखा के पाव के पंजो पे गिर गई वो उठना चाहते थे की माधुरी बोली.
माधुरी ; मादरचोदो कोई नहीं उठेगा. चालू रखो और अपना पानी भी चाट जाना जो मुझे गन्दा किया हे.
माधुरी भी काफी टाइम और लगाती हे फिर सूखा के मुँह में hi ज़द गई. सूखा सब पि गया. फिर वो अपने वीर्य जो माधुरी के पाव में गिरा था उसे चाट के साफ करने लगा. पहलवान भी माधुरी की गोरी कलाई और उंगलियों को चाट के साफ करता हे. माधुरी की आंखे अब भी बंद थी.
उधर सोफिया और घसीटा की लम्बी चुदाई का अंत आया दोनों एक साथ hi जड़े. और एक दूसरे की बहो में वही पड़े रहे. घसीटा घुस था की बरसो बाद किसी औरत के साथ प् कर. और सोफिया खुश थी की किसी ने उसे प्यार किया.