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- Dec 5, 2013
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राईस डीके का पीछा करते हुए ट्रक ले जा रहा था. उसे पता था. आगे टोल टेक्स no 4 आने वाला हे. और वह माधुरी की टीम रुकी हुई थी. माधुरी की टाइम पूरी तरह से तैयार थी. घसीटा ,पहलवान , मोनार्क जग्गू, और भी कई पुलिस वाले हथियारों के साथ. द्राम में रेट भर के गाड़िया रोकने का इंजाम. तैयार पंचर करने का इंजाम गोली बरसाने के लिए हर चीज का बंदोबस्त कर रखा था.
मगर डीके भी कई गुनाह चालक था. उसने बिच एक कच्चे रस्ते पर गाड़ी उतर दी गाड़ियों की लाइट बंद और अँधेरे में hi गाड़ी धीमे धीमे निकल कर घुमा के वही हाईवे पकड़ लिया. डीके जैसे hi गाड़ी ऊपर चढ़ा के रोड पे लाया. दोनों गाड़ियों ने लाइट चालू कर दी. राईस डीके के पीछे था. सामने रोड पे उनका स्वागत करने के लिए कोई था.
वो शैतान था. डीके की फैट गई. वो सोचने लगा ये लेसे इसे कैसे पता चला. दोनों गाड़िया रुक गई. कई सरे गुंडे हाथो में 47 और 56 लिए उन्हें घेर लेते हे.
शैतान ; आओ डीके आओ. तुम्हे क्या लगा. में अपनी हवेली पे भट खा रहा हु. जुल्म की दुनिया में ऐसे hi बेताज बादशा ऐसेही नहीं बना.
डीके ; हमने आप के साथ कोई डबल क्रॉस नहीं किया अंकल.
शैतान ; ले चलो इन सब को.
शैतान का एक हिसार और राईस डीके को पकड़ कर कार में बिठाते हे. वो शैतान के गुंडे मॉल पे भी अपना कब्ज़ा जमा चुके थे. सब शैतान अपनी हवेली ले जाकर बांध देते हे.
उधर शर्मिला कार ड्राइव करती हुई मुंबई जा रही थी. उसकी बगल वाली सीट पर एक बैग भरा था. उसमे तक़रीबन 2 करोडे रूपए थे. पिछली सीट पे रामु और उसकी हॉट बेटी स्वीटी बैठी हुई थी. आगे मुंशी भी कार को बिछ रस्ते में रोक कर अपने 4 , 5 गुंडों के साथ खड़ा था. शर्मिला ने गाड़ी रोक दी. तीनो के फेस पे घबराहट साफ दिखाई दे रही थी. मुंशी उसकी तरफ बढ़ते हुए आया.
मुंशी ; ( स्माइल ) हम्म्म तो मरी भाभी अपने यार के साथ भाग रही हे???
शर्मिला ; सुनो में तुम्हारे भाई के साथ खुश नहीं हु. में जीना चाहती हु. में रामु के साथ घर बसना चाहती हु. हम दोनों प्यार करते हे एक दूसरे से.
मुंशी ; प्यार और वो भी इस बूढ़े से!!!! है है है.
मुंशी जोरो से हसने लगा.
मुंशी ; साला एक त्थापड़ में बिखर जाएगा. आओ मेरी रखेल बन जाओ बहोत खुश रखूँगा.
मुंशी हाथ दाल कर शर्मिला का एक बूब मशलने लगा. शर्मीला ने उसका हाथ हटा दिया.
शर्मिला ; है कमसे काम इसे मेरी परवाह तो हे. में इसके साथ hi रहूंगी.
मुंशी ; जाना हे तो जा लेकिन ये बैग डेजा और तुम माँ बेटी में से कोई एक को तो मेरे लिए रुकना पड़ेगा.
मुंशी ने पेसो का बैग ले लिया और शर्त रख दी दोनों में से किसी एक को hi जाने देगा.
इतना सुनते hi तुरंत हे स्वीटी निचे उतर गई. सब को झटका लगा क्यों की वो स्माइल करते हुए उत्तरी. शर्मिला उसे देख के बोली.
शर्मीला ; बेटीईई.
स्वीटी ; मुझे नहीं रहना तुम बिखरियो के साथ. सेल बूढ़े की जेब खली और मस्ती चढ़ी. जाओ जाओ में चाचू डार्लिंग की रखेल भी बन जाउंगी और गर्ल फ्रेंड भी.
मुंशी ; शाब्बाश बेटी तेरा चच्चा के पास देख कितना सारा रुपया हे.
स्वीटी मुंशी के होठो पे एक किश कर देती हे.
स्वीटी ; जाओ बिखरियो अब.
शर्मीला रट हुए गाड़ी आगे बढ़ा देती he.kuchh आगे जेक स्माइल करते हुए गण गति हे.
शर्मीला ; दिन ढल जाए है रत न जेईई.
रामु ; कमल हे वो पैसे ले गया और तुम गण गए रही हो??
शर्मीला ; रे बूढ़े पैसा तो चारा था. में तो ये सामान जो तुजसे छुडवाया वो बचा रही थी.
रामु ; और प्यार???
शर्मीला ; बे चूतिये शकल देखि हे तूने आईने में. मेरी बेटी तुजे छोड़ने दे तो छोड़ लेना वार्ना मेरा मूड करे तो आजाना मेरी दो टैंगो के बिच.
रामु ; तुम धोखेबाज हो. लेकिन उसे कैसे छोडूंगा उसे तो तेरा हवस खोर देवर ले गया.
शर्मीला ; बे चूतिये वो मेरी बेटी हे. उसे प्लान मिल गया 2 करोड़ दिख गए. अब लिए बिना वो थोड़ी मानेगी. कल शाम तक हाथ साफ के के आ जाएगी.
शर्मीला स्माइल करते हुई गाड़ी भगाए जा रही थी.
उधर ादः और माधुरी की फाइट चालू थी.
ादः बार बार कोसिस किये जा रही थी. लेकिन एक दो पांच और किक से ादः निचे गिर जाती हे. ादः बहोत ज्यादा थक गई. वो माधुरी को हरा नहीं प् रही थी.
माधुरी ; तेरे हौसले की में डैड देती हु. पर तू इस वक्त लड़ने लायक नहीं. जा पहले आपने आप को ठीक कर वार्ना दुन्या कहेगी एक घायल no सीखिए को मर दिया.
ादः ; नहीं चाहे में मर hi क्यों न जाऊ पर कदम पीछे नहीं हटेंगे. तुम्हे यहाँ से नहीं जाने दूंगी.
माधुरी ; फिर तुजे में खुद भी बचा नहीं पाऊँगी.
माधुरी ादः पे बड़ा वर करने के लिए 2 कदम पीछे हुई. ादः थकी हरी अपने कदमो पे भी ठीक से कड़ी नहीं हो सकती थी. माधुरी जैसे hi थोड़ा रन कर के जम्प करती हे. ादः अचानक से अपने हाथो से उलटी हो जाती हे. और अपना एक पाव माधुरी की पसली पे पड़ता हे. कुछ दिन पहले उसकी पसली टूटी थी. अभी जुडी hi थी की एक जोरदार प्रहार. माधुरी जमीं पे गिरी अपने पसली पे हाथ रखते खासी तो मुँह से ब्लड बहार आ गया.
ादः ; ये केसा no सीखिए का वर रहा. गद्दार मेडम.
माधुरी ; शाब्बाश अब मुझे भी मरने के लिए ठोस वजह तो मिली. अब याद करले जिसे तू मानती हे.
ादः ; दर लग रहा हे तो भाग भी सकती हो. वैसे भी गद्दार और कायर में ज्यादा फरक नहीं होता हे.
माधुरी ; अब तू भागेगी.
माधुरी ने जबरदस्त अटक सुरु किया ादः बिलकुल भी नहीं संभल पाई. कुछ hi देर में ादः गिरने की तयारी में थी. उसे माधुरी को ललकार न भरी पड़ा. अचानक बिच में एक गाड़ी आ गई. उसमे से सबसे पहले मोनार्क उतरा वो लोग दूर से hi उन दोनों को लड़ते देख रहे थे. जग्गू घसीटा, दुबे.
मोनार्क जा कर माधुरी के पाव पकड़ लेता हे एक डैम चिमट जाता हे.
मोनार्क ; रुक जाओ मेडम प्लीज.
ादः ; ये गद्दार हे अरेस्ट कर लो इसे.
माधुरी स्माइल करती हे.
माधुरी ; किस जुल्म में मेडम बताना जरा.
ादः ; तुमने सूखा का मर्डर किया हे. एक पुलिस वाले को ों ड्यूटी मारा. अपने डिपार्टमेंट के साथ गद्दारी की. दुश्मन को जाने दिया. तुम्हे में नहीं छोडूंगी.
मोनार्क ; गद्दार को मरना कोई सजा नहीं हे मेडम.
ादः ; क्याआ????
मोनार्क ; हआ जो यहाँ हुआ हमें सब तुमसे पहले पता हे. समझी और तुमने मेडम के घाव पे hi वर कर दिया. उनकी पसली टूटी हुई थी. और सुकर करो मेडम तुमसे खेल रही थी. वार्ना रियल में लड़ती तो सूखा के साथ तुम भी.....
ादः ; सूखा को मारा वो तुम्हे.... मुझे समाज नहीं आ रहा हे.
घसीटा ; सूखा पे मुझे कब से सक था. ये अपनी बीवी से फोन पे प्यार भरी बाटे करता लेकिन इसकी बीवी तो पहलवान से फोन पे चिपकी हुई थी. हमें सूखा पे सक हुआ. हमने उसके no पे ही किया.
जग्गू ; सूखा हमारी साडी चल राईस को बता रहा था. हमने राईस के no को ही कर रहे थे. सूखा खुस था. लेकिन वो ये नहीं जनता था. होई उसका no भी हो रहा हे.
मोनार्क ; उसके मोबिल का एमी no हमने लॉक किया वो no बदलता और राईस को कॉल करता. लेकिन सूखा को ये नहीं पता था वो जिस सिम को मोबाइल में डालेगा हम उस no को होई करेंगे.
अशोक दुबे ; ीे एक मिनिट ये होई क्या होता हे????
मोनार्क ; मतलब no को ट्रेस करना. समझे दुबे जी.
ादः ; मतलब सूखा हमारे साथ धोखा कर रहा था.
मोनार्क ; है जानेमन इस लिए तो हम कहा हे. मेडम के सरे प्लान सब उसे पहले पता होती. मेडम उसे जान बच कर साथ ले गई. ताकि वो उनके सामने रहे. ये तो लाला और मुंशी का घर था जो बड़ा रंग मंच था. एक साथ सब के जासूस वही इखट्ठा हो गए.
ादः ; सॉरी मेडम लेकिन में वो कागज और फार्मूला वगेरा नहीं बचा पाई. वो उन सब को भी धोका दे कर भाग गई.
माधुरी ; कोई बात नहीं में तुम्हारे काम से खुश हु. तुमने आज जो फाइट लड़ी उस से में बहोत खुश हु. आने वाले वक्त में तुम मेरी जगह लोगी.
ादः ; मेडम कुछ लाशे जंगल में पड़ी हे. मुझे अपने आप को बचने के लिए उन्हें रस्ते से हटाना पड़ा.
माधुरी ; हम्म्म घसीटा फारेस्ट डिपार्टमेंट को एक मश्ग भेजो कोई जंगल में जंगली जानवर घुस गया हे काफी लोगो को मर रहा हे. और सूखा को मुठभेड़ में सहीद हो गया दिखाओ ताकि इसका परिवार जिल्लत भरी जिंदगी न जिए. इसकी बेटी की शादी भी हम करवाएंगे.
घसीटा ; जी मेडम.
मोनार्क ; मेडम वो गद्दार था.
माधुरी ; पता हे रे बाद में बात करेंगे मुझे हॉस्पिटल ले चलो और सुरभि को भी खबर कर दो.
शर्मिला रामु को लेकर मुंबई चली गई लेकिन स्वीटी मुंशी के साथ उसकी कार में बैठ गई. मुंशी खुश था की रगड़ने के लिए कच्ची काली मिल गई. वो दोनों कार में वापस आ रहे थे. स्वीटी अपना शातिर दिमाग पेसो के लिए लगाती हे. वो पीछे वाली सीट पे मुंशी के साथ बैठी थी. अपना हाथ धीरे से मुंशी की जंगो पे रखती हे. मुंशी ने भी महसूस किया. धीरे से हाथ आगे खिसका कर मुंशी के लैंड पे रख देती हे. और धोती के ऊपर से hi मशलने लगी.
मुंशी ने स्वीटी को देखा तो स्वीटी उसे hi देख के स्माइल कर रही थी. मुंशी ने भी उसे बहो में भर के छोटे छोटे बूब्स को प्रेस कर दिया.
स्वीटी ; चाचू डार्लिंग अगर आप मुझे और इन पेसो को लेकर घर गए तो ये दोनों hi आप के हाथ से गए संजो.
मुंशी ; अरे है साला ये तो मेने सोचा कोणी. िब के करू.
स्वीटी ; बोल दो की में पीछा कर रहा हु हाथ नहीं आए. और मुझे कही और रख लो हम दोनों रोज प्यार करेंगे.
मुंशी ; रे गाड़ी भोपाल की और घुमा रे.
मुंशी स्वीटी को टीशर्ट के ऊपर से hi पूरी छाती पे हाथ घूमता हे.
मुंशी ; सससस अह्ह्ह ऋ स्वीटी तू बड़ी स्वीट हे.
माधुरी को हॉस्पिटल ले गए उसका सिटी सकें वगेरा हुआ था. हड्डी अब भी क्रीक थी वो टूटी नहीं थी. पर मैश थोड़ा फैट गया. माधुरी को चेस्ट पे दोबारा प्लास्टर लगा दिया. उसे बस सुबह होने का इंतजार था. सुरभि भी पशोच गई.
सुरभि ; साली कुटिया किस से छुड़वा रही थी. ऐसे कैसे झटके खाए की तेरी हड्डिया चटक गई.
माधुरी भी हस्ते हुए जग्गू की तरफ इधर करते हुए बोली.
माधुरी ; ( स्माइल )देख उस से छुड़वा रही थी अब बोल
मगर डीके भी कई गुनाह चालक था. उसने बिच एक कच्चे रस्ते पर गाड़ी उतर दी गाड़ियों की लाइट बंद और अँधेरे में hi गाड़ी धीमे धीमे निकल कर घुमा के वही हाईवे पकड़ लिया. डीके जैसे hi गाड़ी ऊपर चढ़ा के रोड पे लाया. दोनों गाड़ियों ने लाइट चालू कर दी. राईस डीके के पीछे था. सामने रोड पे उनका स्वागत करने के लिए कोई था.
वो शैतान था. डीके की फैट गई. वो सोचने लगा ये लेसे इसे कैसे पता चला. दोनों गाड़िया रुक गई. कई सरे गुंडे हाथो में 47 और 56 लिए उन्हें घेर लेते हे.
शैतान ; आओ डीके आओ. तुम्हे क्या लगा. में अपनी हवेली पे भट खा रहा हु. जुल्म की दुनिया में ऐसे hi बेताज बादशा ऐसेही नहीं बना.
डीके ; हमने आप के साथ कोई डबल क्रॉस नहीं किया अंकल.
शैतान ; ले चलो इन सब को.
शैतान का एक हिसार और राईस डीके को पकड़ कर कार में बिठाते हे. वो शैतान के गुंडे मॉल पे भी अपना कब्ज़ा जमा चुके थे. सब शैतान अपनी हवेली ले जाकर बांध देते हे.
उधर शर्मिला कार ड्राइव करती हुई मुंबई जा रही थी. उसकी बगल वाली सीट पर एक बैग भरा था. उसमे तक़रीबन 2 करोडे रूपए थे. पिछली सीट पे रामु और उसकी हॉट बेटी स्वीटी बैठी हुई थी. आगे मुंशी भी कार को बिछ रस्ते में रोक कर अपने 4 , 5 गुंडों के साथ खड़ा था. शर्मिला ने गाड़ी रोक दी. तीनो के फेस पे घबराहट साफ दिखाई दे रही थी. मुंशी उसकी तरफ बढ़ते हुए आया.
मुंशी ; ( स्माइल ) हम्म्म तो मरी भाभी अपने यार के साथ भाग रही हे???
शर्मिला ; सुनो में तुम्हारे भाई के साथ खुश नहीं हु. में जीना चाहती हु. में रामु के साथ घर बसना चाहती हु. हम दोनों प्यार करते हे एक दूसरे से.
मुंशी ; प्यार और वो भी इस बूढ़े से!!!! है है है.
मुंशी जोरो से हसने लगा.
मुंशी ; साला एक त्थापड़ में बिखर जाएगा. आओ मेरी रखेल बन जाओ बहोत खुश रखूँगा.
मुंशी हाथ दाल कर शर्मिला का एक बूब मशलने लगा. शर्मीला ने उसका हाथ हटा दिया.
शर्मिला ; है कमसे काम इसे मेरी परवाह तो हे. में इसके साथ hi रहूंगी.
मुंशी ; जाना हे तो जा लेकिन ये बैग डेजा और तुम माँ बेटी में से कोई एक को तो मेरे लिए रुकना पड़ेगा.
मुंशी ने पेसो का बैग ले लिया और शर्त रख दी दोनों में से किसी एक को hi जाने देगा.
इतना सुनते hi तुरंत हे स्वीटी निचे उतर गई. सब को झटका लगा क्यों की वो स्माइल करते हुए उत्तरी. शर्मिला उसे देख के बोली.
शर्मीला ; बेटीईई.
स्वीटी ; मुझे नहीं रहना तुम बिखरियो के साथ. सेल बूढ़े की जेब खली और मस्ती चढ़ी. जाओ जाओ में चाचू डार्लिंग की रखेल भी बन जाउंगी और गर्ल फ्रेंड भी.
मुंशी ; शाब्बाश बेटी तेरा चच्चा के पास देख कितना सारा रुपया हे.
स्वीटी मुंशी के होठो पे एक किश कर देती हे.
स्वीटी ; जाओ बिखरियो अब.
शर्मीला रट हुए गाड़ी आगे बढ़ा देती he.kuchh आगे जेक स्माइल करते हुए गण गति हे.
शर्मीला ; दिन ढल जाए है रत न जेईई.
रामु ; कमल हे वो पैसे ले गया और तुम गण गए रही हो??
शर्मीला ; रे बूढ़े पैसा तो चारा था. में तो ये सामान जो तुजसे छुडवाया वो बचा रही थी.
रामु ; और प्यार???
शर्मीला ; बे चूतिये शकल देखि हे तूने आईने में. मेरी बेटी तुजे छोड़ने दे तो छोड़ लेना वार्ना मेरा मूड करे तो आजाना मेरी दो टैंगो के बिच.
रामु ; तुम धोखेबाज हो. लेकिन उसे कैसे छोडूंगा उसे तो तेरा हवस खोर देवर ले गया.
शर्मीला ; बे चूतिये वो मेरी बेटी हे. उसे प्लान मिल गया 2 करोड़ दिख गए. अब लिए बिना वो थोड़ी मानेगी. कल शाम तक हाथ साफ के के आ जाएगी.
शर्मीला स्माइल करते हुई गाड़ी भगाए जा रही थी.
उधर ादः और माधुरी की फाइट चालू थी.
ादः बार बार कोसिस किये जा रही थी. लेकिन एक दो पांच और किक से ादः निचे गिर जाती हे. ादः बहोत ज्यादा थक गई. वो माधुरी को हरा नहीं प् रही थी.
माधुरी ; तेरे हौसले की में डैड देती हु. पर तू इस वक्त लड़ने लायक नहीं. जा पहले आपने आप को ठीक कर वार्ना दुन्या कहेगी एक घायल no सीखिए को मर दिया.
ादः ; नहीं चाहे में मर hi क्यों न जाऊ पर कदम पीछे नहीं हटेंगे. तुम्हे यहाँ से नहीं जाने दूंगी.
माधुरी ; फिर तुजे में खुद भी बचा नहीं पाऊँगी.
माधुरी ादः पे बड़ा वर करने के लिए 2 कदम पीछे हुई. ादः थकी हरी अपने कदमो पे भी ठीक से कड़ी नहीं हो सकती थी. माधुरी जैसे hi थोड़ा रन कर के जम्प करती हे. ादः अचानक से अपने हाथो से उलटी हो जाती हे. और अपना एक पाव माधुरी की पसली पे पड़ता हे. कुछ दिन पहले उसकी पसली टूटी थी. अभी जुडी hi थी की एक जोरदार प्रहार. माधुरी जमीं पे गिरी अपने पसली पे हाथ रखते खासी तो मुँह से ब्लड बहार आ गया.
ादः ; ये केसा no सीखिए का वर रहा. गद्दार मेडम.
माधुरी ; शाब्बाश अब मुझे भी मरने के लिए ठोस वजह तो मिली. अब याद करले जिसे तू मानती हे.
ादः ; दर लग रहा हे तो भाग भी सकती हो. वैसे भी गद्दार और कायर में ज्यादा फरक नहीं होता हे.
माधुरी ; अब तू भागेगी.
माधुरी ने जबरदस्त अटक सुरु किया ादः बिलकुल भी नहीं संभल पाई. कुछ hi देर में ादः गिरने की तयारी में थी. उसे माधुरी को ललकार न भरी पड़ा. अचानक बिच में एक गाड़ी आ गई. उसमे से सबसे पहले मोनार्क उतरा वो लोग दूर से hi उन दोनों को लड़ते देख रहे थे. जग्गू घसीटा, दुबे.
मोनार्क जा कर माधुरी के पाव पकड़ लेता हे एक डैम चिमट जाता हे.
मोनार्क ; रुक जाओ मेडम प्लीज.
ादः ; ये गद्दार हे अरेस्ट कर लो इसे.
माधुरी स्माइल करती हे.
माधुरी ; किस जुल्म में मेडम बताना जरा.
ादः ; तुमने सूखा का मर्डर किया हे. एक पुलिस वाले को ों ड्यूटी मारा. अपने डिपार्टमेंट के साथ गद्दारी की. दुश्मन को जाने दिया. तुम्हे में नहीं छोडूंगी.
मोनार्क ; गद्दार को मरना कोई सजा नहीं हे मेडम.
ादः ; क्याआ????
मोनार्क ; हआ जो यहाँ हुआ हमें सब तुमसे पहले पता हे. समझी और तुमने मेडम के घाव पे hi वर कर दिया. उनकी पसली टूटी हुई थी. और सुकर करो मेडम तुमसे खेल रही थी. वार्ना रियल में लड़ती तो सूखा के साथ तुम भी.....
ादः ; सूखा को मारा वो तुम्हे.... मुझे समाज नहीं आ रहा हे.
घसीटा ; सूखा पे मुझे कब से सक था. ये अपनी बीवी से फोन पे प्यार भरी बाटे करता लेकिन इसकी बीवी तो पहलवान से फोन पे चिपकी हुई थी. हमें सूखा पे सक हुआ. हमने उसके no पे ही किया.
जग्गू ; सूखा हमारी साडी चल राईस को बता रहा था. हमने राईस के no को ही कर रहे थे. सूखा खुस था. लेकिन वो ये नहीं जनता था. होई उसका no भी हो रहा हे.
मोनार्क ; उसके मोबिल का एमी no हमने लॉक किया वो no बदलता और राईस को कॉल करता. लेकिन सूखा को ये नहीं पता था वो जिस सिम को मोबाइल में डालेगा हम उस no को होई करेंगे.
अशोक दुबे ; ीे एक मिनिट ये होई क्या होता हे????
मोनार्क ; मतलब no को ट्रेस करना. समझे दुबे जी.
ादः ; मतलब सूखा हमारे साथ धोखा कर रहा था.
मोनार्क ; है जानेमन इस लिए तो हम कहा हे. मेडम के सरे प्लान सब उसे पहले पता होती. मेडम उसे जान बच कर साथ ले गई. ताकि वो उनके सामने रहे. ये तो लाला और मुंशी का घर था जो बड़ा रंग मंच था. एक साथ सब के जासूस वही इखट्ठा हो गए.
ादः ; सॉरी मेडम लेकिन में वो कागज और फार्मूला वगेरा नहीं बचा पाई. वो उन सब को भी धोका दे कर भाग गई.
माधुरी ; कोई बात नहीं में तुम्हारे काम से खुश हु. तुमने आज जो फाइट लड़ी उस से में बहोत खुश हु. आने वाले वक्त में तुम मेरी जगह लोगी.
ादः ; मेडम कुछ लाशे जंगल में पड़ी हे. मुझे अपने आप को बचने के लिए उन्हें रस्ते से हटाना पड़ा.
माधुरी ; हम्म्म घसीटा फारेस्ट डिपार्टमेंट को एक मश्ग भेजो कोई जंगल में जंगली जानवर घुस गया हे काफी लोगो को मर रहा हे. और सूखा को मुठभेड़ में सहीद हो गया दिखाओ ताकि इसका परिवार जिल्लत भरी जिंदगी न जिए. इसकी बेटी की शादी भी हम करवाएंगे.
घसीटा ; जी मेडम.
मोनार्क ; मेडम वो गद्दार था.
माधुरी ; पता हे रे बाद में बात करेंगे मुझे हॉस्पिटल ले चलो और सुरभि को भी खबर कर दो.
शर्मिला रामु को लेकर मुंबई चली गई लेकिन स्वीटी मुंशी के साथ उसकी कार में बैठ गई. मुंशी खुश था की रगड़ने के लिए कच्ची काली मिल गई. वो दोनों कार में वापस आ रहे थे. स्वीटी अपना शातिर दिमाग पेसो के लिए लगाती हे. वो पीछे वाली सीट पे मुंशी के साथ बैठी थी. अपना हाथ धीरे से मुंशी की जंगो पे रखती हे. मुंशी ने भी महसूस किया. धीरे से हाथ आगे खिसका कर मुंशी के लैंड पे रख देती हे. और धोती के ऊपर से hi मशलने लगी.
मुंशी ने स्वीटी को देखा तो स्वीटी उसे hi देख के स्माइल कर रही थी. मुंशी ने भी उसे बहो में भर के छोटे छोटे बूब्स को प्रेस कर दिया.
स्वीटी ; चाचू डार्लिंग अगर आप मुझे और इन पेसो को लेकर घर गए तो ये दोनों hi आप के हाथ से गए संजो.
मुंशी ; अरे है साला ये तो मेने सोचा कोणी. िब के करू.
स्वीटी ; बोल दो की में पीछा कर रहा हु हाथ नहीं आए. और मुझे कही और रख लो हम दोनों रोज प्यार करेंगे.
मुंशी ; रे गाड़ी भोपाल की और घुमा रे.
मुंशी स्वीटी को टीशर्ट के ऊपर से hi पूरी छाती पे हाथ घूमता हे.
मुंशी ; सससस अह्ह्ह ऋ स्वीटी तू बड़ी स्वीट हे.
माधुरी को हॉस्पिटल ले गए उसका सिटी सकें वगेरा हुआ था. हड्डी अब भी क्रीक थी वो टूटी नहीं थी. पर मैश थोड़ा फैट गया. माधुरी को चेस्ट पे दोबारा प्लास्टर लगा दिया. उसे बस सुबह होने का इंतजार था. सुरभि भी पशोच गई.
सुरभि ; साली कुटिया किस से छुड़वा रही थी. ऐसे कैसे झटके खाए की तेरी हड्डिया चटक गई.
माधुरी भी हस्ते हुए जग्गू की तरफ इधर करते हुए बोली.
माधुरी ; ( स्माइल )देख उस से छुड़वा रही थी अब बोल