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शिल्पा ने वीर की चेस्ट पर शेविंग क्रीम लगाई. और रेज़र रेडी कर के स्माइल करते हुए माधुरी की तरफ बढ़ाया.
शिल्पा ; (स्माइल) दीदी.
माधुरी के फेस पे भी स्माइल थी. माधुरी बेहोश वीर से बाटे करती हे. एक आम बीवी की तरह.
माधुरी ; तुम्हारी बालो से भरी चेस्ट मुझे बहोत पसंद हे. लेकिन आप को आज चिकना साफा चाट होना पड़ेगा. और आज आप मुझे नहीं रोकोगे. वार्ना में रूठ जाउंगी. बता दे रही हु हां.
माधुरी ऐसे इत्र के बोलती हे जैसे रोज वीर उसकी खुशामत करता हो. शिल्पा ज्यादा एक्साइट थी.
शिल्पा ; (स्माइल) दीदी.... जल्दी करो न.
माधुरी ; ले तू कर. ले ले.
शिल्पा थोड़ी एक्साइट ज्यादा थी. पर दोनों को ब्लेड लगने का दर था. फिर भी दोनों की अपने पति की चिकनी चेस्ट देखने की तमन्ना जो थी वो एक्साइटमेंट बढ़ाए जा रही थी.
माधुरी ने आहिस्ता से रेज़र टिकाया और हलके से कीचा. कुछ बल कटे और कुछ रहे गए. उसी पर फोबरा खींचा. तो गोरी और चिकनी छाती देख कर माधुरी की आंखे चमक गई. और दोनों टैंगो के बिच गीलापन और एक अजीब hi जान ज़ानहत महसूस हुई. वही शिल्पा का भी मुँह खुला रहे गया और आंखे नशीली हो गई.
शिल्पा ; सससस दीदी. अह्ह्ह ये तो मेरी जान ही.
माधुरी एक बार स्माइल कर के शिल्पा को देखती हे फिर थोड़ा और निचे खींचा. ढेर सरे बालो का गुच्छा उस रेज़र में फास गया. रेज़र को गरम पानी में डुबो डुबो कर धीरे धीरे वीर की चेस्ट को माधुरी ने साफा चाट कर दिया. माधुरी धीरे धीरे चेस्ट से निचे नाभि तक पहोची. माधुरी और शिल्पा दोनों hi अपने पति की बिना बालो वाली चेस्ट देख देख कर गरम होती रही.
शिल्पा की नजर वीर के कमर के निचे वाले हिस्से पर नजर गई. कपडा ढके होने के कारन वह तम्बू बना हुआ था. शिल्पा की सांसे तेज़ हो गई.
शिल्पा ; ससस दीदी ससस अहह.
माधुरी ने पीछे मुद कर शिल्पा को देखा. शिल्पा अपनी आंखे बड़ी कर के वीर के कमर के निचे वाले हिस्से को देख रही थी. माधुरी को भी एक्साइटमेंट तो हुई. पर दोनों hi आवाज भी लड़खड़ा गई.
माधुरी ; तू तू तू पहेली बार दद देख रही हे क्या.
लेकिन माधुरी खुद ज्यादा हर्ण्य हो रही थी. उसने अपनी दो उंगलियों से धीरे से चादर ऊपर उठाई. और अपने पति का खड़ा हथियार देखा तो उसके डिल की धड़कन ऐसे बढ़ गई जैसे वो पहेली बार देख रही हो.
डिल में अजीब सी गुदगुदी और मदहोशी की उसके हाथ से कपडा छूट गया. और फिर से सफ़ेद चादर में तम्बू बन गया.
शिल्पा ; दीदी सससस बहोत मन कर रहा हे इन्हे प्यार करने को.
माधुरी ने बड़ी आंखे की और डट ने वाले लहजे में बोली.
माधुरी ; नहीं इन्हे कुछ हो गया तो.
शिल्पा ; तो बल तो साफ कर दो.
माधुरी ; न बाबा मुझसे नहीं होगा. तू कर.
शिल्पा ; डीडीई.... प्लीज...
माधुरी सर निचे कर के कुछ देर कड़ी रही. शिल्पा उसे hi देखती रही.
माधुरी ; अरे बाबा तू कर na.(jor दे कर)
शिल्पा ने स्माइल करते हुए रेज़र उठाया और माधुरी के सामने स्माइल करते हुए देखती हे. माधुरी के फेस पे भी कमुख स्माइल थी. शिल्पा ने चादर को ुलद दिया. अब दोनों की नजरे अपने पति के प्यारे से लैंड पे थी. डिल दोनों का उसे पकड़ कर प्यार करने को था. फिर शिल्पा ने रेज़र को सिर्फ उसके बालो के गुच्छे पर टिकाया और हल्का सा निचे खींचा. धीरे धीरे उसने बालो को साफ किया.
जब शिल्पा की उंगलिया वीर के औजार को टाच होती. वो और ज्यादा उत्तेजित हो जाती.
शिल्पा ; दीदी ससस कितने प्यारे लग रहे हे न सससस. काश ये उठ कर हमें गले लगा ले.
माधुरी को कण्ट्रोल नहीं हुआ और उसने वीर की लिप्स को चुम लिया. लेकिन माधुरी चौक गई.
माधुरी ; शिल्पा शिल्पा शिल्पा.
शिल्पा ; क्या हुआ क्यों चिल्ला रही हो.
माधुरी ; ीन्हो ने मुझे किया.
शिल्पा ; क्या किया.
माधुरी ; अरे यार मेने किश की तो ीन्हो ने भी की.
शिल्पा ; (स्माइल) दीदी आप एक्साइट हो इस लिए आप को ऐसा लगा.
माधुरी ; अरे नहीं यार जब मेने इन्हे चूमा तो इन्होने भी मुझे रिस्पांस दिया यार. में झूठ नहीं बोल रही.
शिल्पा भी शॉक हो गई. माधुरी बहोत जोर दे के बोल रही थी. शिल्पा ने अपने नुदे पति को ऊपर से निचे तक देखा. उसकी सांसे तेज़ हो गई.
शिल्पा ; (स्माइल) फिर से करो.
माधुरी ; क्या??
शिल्पा ; (जोर से) अरे वापस किश करो यार.
माधुरी दूसरी बार किश करती हे. इस बार कोई रिस्पांस नहीं आया. माधुरी को भी लगा सायद उसके मन का वहम hi हे.
शिल्पा ; (नीरस) नहीं दीदी. हम गलत हे. हम जो कल्पना करते हे वो हमें लगता हे हकीकत में हुआ पर ऐसा नहीं होता.
माधुरी ; नहीं प्लीज शीपु संजो में झूठ नहीं बोल रही. जब 1 सत टाइम मेने किश की तो इन्होने भी मुझे चूमा और दूसरी बार नहीं किया.
शिल्पा ; अरे दीदी ये वहम हे.
शिल्पा बोलते गई और वो खुद समझने के तरीके को दिखने के लिए खुद किश कर के दिखती हे.
शिल्पा ; दीदी जब आप ज़ुकी ऐसे तो आप के लिप्स इनसे टाच हुई और देखो ऐसे दबे. में कर के दिखती हु. डाब ने से इनके लिप्स भी थोड़े खुले होंगे.
और शिल्पा ने किश किया तो शिल्पा भी सकक हो गई. उसकी आँखों से भी अंशु आ गए और वो चिल्ला उठी. एक्साइटमेंट.
शिल्पा ; ओह माय गॉड ओह माय गॉड ओह माय गॉड.
माधुरी भी खुश हो गई. उसे भी उम्मीद हो गई. पर समझ नहीं आ रहा था. शिल्पा फेर झुक गई और वीर के ऊपर चढ़ कर वीर के सर को पकड़ कर किश करने लगी. माधुरी को एहसास तो तब हुआ जब वीर ने शिल्पा के सर को एक हाथ से पकड़ा. मतलब वीर को होश आ गया था. माधुरी भी भाग कर वीर के फेस के पास आ गई. वीर की गॉड में शिल्पा थी. और वीर उठ कर बैठ गया. जैसे hi शिल्पा और वीर की किश ख़तम हुई. वीर स्माइल करता हुआ. माधुरी को hi देख रहा था.
वीर ने माधुरी को भी खींचा और उसे भी लिप किश कर दी. दोनों hi शिल्पा और माधुरी हस्ते हुए रो रहे थे.
शिल्पा ; (संसिले एंड एक्साइटमेंट) मुझे कल hi शापना आया. जब में बैठे बैठे सो रही थी. आप खड़े हुई और मुझे गलो पे किश कर के वापस लेट फै.
वीर ; (स्माइल) वो शापना नहीं हकीकत था बेवकूफ. मुझे तो उस दिन hi होश आ गया था जिस दिन तुम दोनों अपने गीले सिक्वे जाता रहे थे. और वो लड़के को जब मधु पिट रही थी. तब ये श्रीमती जी छुप कर देख रही थी. और फिर मधु के जाने के बाद तुम उसे पिट कर आई.
माधुरी ; (आँखों में अंशु पर फेस पे स्माइल) जो भी हो पर आप हमें मिल गए हमें और कुछ नहीं चाहिए.
वीर ; लेकिन मुझे चाहिए.
जो ख़ुशी कुछ पल की शिल्पा और माधुरी को मिली वो रुक गई. वीर ने वो वार्डस बोले जिस से माधुरी और शिल्पा की स्माइल चली गई.
वीर ; आलिया कहा हे???
वीर ने बहोत प्यार से पूछा. धीमी आवाज में. सन्ति से. लेकिन पूछने का तरीका रॉब दर था.
वीर ; तुमने सुना नहीं मधु है. कहा हे तेरे झुंड की तीसरी शेरनी है.???
शिल्पा??? तुम जवाब दो. मेरी तीसरी बीवी कहा हे???
माधुरी चुप हो गई. वो कुछ बोल नहीं पाई. शिल्पा के पास भी कोई जवाब नहीं था.
वीर ; मधु मेने तुमसे कहा था न मेरी जिंदगी में तुम किसे लाओगी वो तुम डिसाइड करोगी. लेकिन कोण जिंदगी में रहेगा ये डिसिशन मेरा होगा. और तुमने तो उसे जान से मरने का भी सोच लिया था.
माधुरी ; उसने गद्दारी करि हे. उसे हमारे साथ जीने का कोई हक़ नहीं ( आँखों में अंशु)
शिल्पा ; क्या आप हमारा साथ न दे कर उसे वापस लाओगे???
वीर ; है. क्यों की मुझे तुम तीनो चाहिए. और वो भी मेरी बीवी हे शिल्पा. जितना प्यार मेने तुमसे किया उतना में उसे भी करता हु. ( जोर से चीला कर)
माधुरी ; लेकिन वो हमें मरने आई थी.
वीर ; हमें नहीं सिर्फ मुझे. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. वो चाहती तो एक hi रत में वो हम सब को मर कर चली जाती. लेकिन उसने ऐसा न कर के मुझे बचने के लिए नजाने कितनी रत जगती रही. गोवा में जब में शिल्पा के साथ मौज मस्ती कर रहा था तब वो दुश्मनो से लड़ रही थी. और हमें उसने एहसास भी नहीं होने दिया. वो हमारे घर में अकेली कितने गुंडों से लड़ी. यहाँ तक जिसने उसे भेजा तुम्हारा बाप. वो उसके भी खिलाफ हो गई.
वीर गुस्से में बहोत कुछ बोलता हे. माधुरी और शिल्पा रोटी hi रही.
वीर ; तुम उसके बिना कोई लड़ाई नहीं जित सकती मधु. सायद में हो न हो. लेकिन जब तक वो तुम्हारे साथ थी तुम बेफिक्र थी. लेकिन अब तुम डरने लगी हो
माधुरी ; (आँखों में अंशु) है में डरने लगी हु. (फिर ुचि आवाज में जोर से) क्यों की मुझे हर दिन हर पल तुम्हारी फ़िक्र रहती हे. मेरी कमजोरी तुम हो.
वीर ; (आँखों में अंशु) लेकिन ताकत तो वो थी. फिर क्यों???
माधुरी ; लेकिन अब मेने जॉब छोड़ दी हे. अब में नहीं लड़ सकती. मुझे तुम दोनों की फ़िक्र रहती हे. सायद आज वो उस्मान भी जिन्दा हे जिसे मेने मारा था.
वीर ; क्या तुम्हारे पर्श में सिगरेट हे??.
वीर ने माधुरी से पूछा. लेकिन सिगरेट शिल्पा ने दी. वीर ने सिगरेट तो लेकर लिप्स पे लगाई. पर फेस शिल्पा की तरफ कर के बोलै.
वीर ; तुम कब से पिने लगी.
शिल्पा ने सिगरेट जलाई. वीर ने काश खींचा और फिर बोलै.
वीर ; वो सलीम हे. ड्रक्स और लड़कियों का धंधा हे उसका. खुद अपनी बेटी का बलात्कार कर के बे रहेमि से मर डाला. उप से 4 साल पहले भाग के आया हे. और अब तुम उप जाओगी.
माधुरी ; क्यों??? में तुम्हे छोड़ के कही नहीं जाउंगी.
वीर ; ये सिर्फ में तुम्हारा पति होने के नाते नहीं. त्रि नेत्र के हद्द होने के नाते बोल रहा हु. और अब में तुम्हारा बॉस हु. क्यों की माँ अंडर ग्राउंड हे.
शिल्पा ; जी आप अब घर चलो.
वीर ने शिल्पा का हाथ पकड़ा और बहो में भर लिया. और एक ऊँगली उसके फेस पे गुमा कर स्माइल से बोलै.
वीर ; मुझे मेरी तीनो बीवियों में से किसी के भी फेस पे अंशु बरदास नहीं समझी.
शिल्पा ; (स्माइल) जी बॉस.
वीर ने शिल्पा के गलो को चूमा और खड़ा हुआ. माधुरी के पास आया. माधुरी की यरफ अपना हाथ बढ़ाया. माधुरी ने भी उसके हाथो में हाथ दिया. वीर ने हाथ को खींचा और माधुरी वीर की बहो में आ गई.
वीर ; देखो मधु. तुम्हे तुम्हारा मकशद हासिल करने के लिए. किसी भी हद तक जाना पड़ेगा. जरुरत पड़ी तो तुम्हे खुद मुझे मरना भी पड़ेगा समझी
माधुरी चौक गई. और सवालिया नजरो से वीर को देखने लगी.
माधुरी ; लेकिन में ऐसा कैसे कर सकती हु. मेने जॉब छोड़ दी हे. अब में वापिस नहीं जाउंगी.
वीर ; तुम कल उप जा रही हो. वह तुम्हे एक साधु को ढूढ़ना हे. और उस से उगलवाना हे की डीके कहा हे समझी. ये ऑर्डर तुम्हारा बॉस तिगर का हे. समझी.
माधुरी ; (स्माइल) यश सर.
वीर ; गुड. तुम वह किसी पुलिस की हैसियत से नहीं. एक एजेंट की हैसियत से जा रही हो. आजमगढ़.
माधुरी ; लेकिन मेरी पुराणी पहचान क्या किसी को मालूम नहीं चलेगा???
तभी शमा सुरभि की ननद अंदर आती हे.
समां ; सर मेम की पहचान. कविता कक्कड़. एक पंजाबी औरत. जो अमेरिका से आई हे. साधु संतो पे रिसर्च करने.
माधुरी सोक हो गई. वीर को होश आए दो दिन हो गए थे. और उसने काम भी सुरु कर दिया. समां और निदा भी शामिल हे. मगर माधुरी और शिल्पा को नहीं मालूम.
वीर ; शिल्पा तुम आज उस शादू की कुछ इनफार्मेशन निकालो. वो अभी कहा हे.
शिल्पा ; (स्माइल) सर.
वीर ; (स्माइल) क्या बात हे तुम अभी स्माइल क्यों कर रही हो???
शिल्पा और वीर में मजाक का डोर चालू हो गया.
शिल्पा ; (स्माइल) वो क्या हे न सर आज बहोत महीनो बाद आज मेरे पति होश में आए हे तो क्या में कल से काम शुरू करू???
वीर ने मधु की आंखे में देखते हुए बोलै
वीर ; (स्माइल) नहीं आज नहीं. क्यों की कल से मधु अपने मिस्सों पे जाने वाली हे. इस लिए आज की शाम में अपनी खुबशुरत बीवी के साथ शाम बिताना पसंद करूँगा.
वीर ने वो चादर की लुंगी पहनी और माधुरी के पास आया.
वीर ; (स्माइल) तुम hi नहीं में भी तुम्हारा प्यासा हु मधु. क्या आज मेरे साथ खुबशुरत शाम बिताना पसंद करोगी???
माधुरी को कुछ देर पहले वीर ने बहोत डट दी थी. लेकिन अब उसके हिस्से में प्यार आने वाला था. उसके पास सिर्फ आज की रत थी. फिर उसे मिस्सों के लिए आजमगढ़ जाना था
शाम का वक्त हो चूका था. विक्रम जनता था. कमिश्नर की बीवी सिम्मी उसे पहचान गई हे. नसीब से विक्रम को कमिसनर ने भी इन्वाइट कर दिया था. होटल में शादी के सलगिरा की पार्टी थी और विक्रम पहोच गया. विक्रम ने वह पहोच कर कमिसनर से मिला और हाथ में एक इसकी का पग लिया. वो शिप मरते हुए कुछ सिडिया चढ़ कर निचे पार्टी के नज़ारे को देखने लगा. विक्रम को इंतजार सिर्फ सिम्मी का नहीं उस से कोण कोण मिलेगा उसका भी था. सिम्मी भी विक्रम से मिलने की तमन्ना लिए अपनी कार में वह पहोच गई. विक्रम के हाथो में जैम और एक दूरबीन थी. स्टेज पे ानूनके मेन्ट होने लगी. शादी की सलगिरा पर कमिश्नर ने वो धमाकेदार एंट्री की पार्टी के सभी लोग देखते रहे गए. और सिम्मी एक ब्लैक हॉट लॉन्ग गाउन ोनेपिसे में आई. जो ज्यादा तर ट्रासपारमेंट था.
सिम्मी आ कर कड़ी hi हुई की अच्छे अच्छा की लार टपक गई. सिम्मी बहोत हॉट लग रही थी. वो अपने किते ब्यूटीफुल फेस और हॉट फिगर लेकर स्माइल करते हुए साडी पब्लिक को देखने लगी.
वो जिसे दूध रही थी पार्टी में वो उसे दिखा नहीं. पर वो जानती थी जिसे वो दूध रही हे वो उसे जरूर देख रहा होगा. इस लिए सिम्मी ने एक हॉट पोज़ दिया.
सिम्मी ने अपना ड्रेस hi नहीं फिगर भी जाहिर कर दिया. लोगो में सिम्मी के हॉट लुक की बाटे सुरु हो गई. कोई तो उसके साथ बिस्तर गरम करने और रेट रंगीन करने के शपने देखता तो कोई बूढ़े कमिश्नर को लंगूर के हाथो में अंगूर कहता. सिम्मी अपने शो उप में कुछ भी बाकि नहीं रखना चाहती थी. वो अपने भीड़ में कही छुपे गेस्ट को हॉट पोज़ दे कर अपनी बैक दिखती हे.
विक्रम ने भी उसकी बैक को दूरबीन से बड़े गौर से देखा. और देसीडे कर लिया आज रत वो यही गुजरेगा.
बीवी से उसे पहले hi पार्टीशन मिल चुकी थी. बस अब उसे सिम्मी को बेपर्दा करना hi बचा था. सिम्मी भी पार्टी में सभी गेस्ट से मिलने लगी. वो जिस यंग हैंडसम मर्द को दूध रही थी. वो उसे अब तक दिखा नहीं. लेकिन जब उसकी नजर विक्रम पर गई. तो उसकी सांसे भी तेज़ हो गई. वो कमुख नशीली नजरो से विक्रम को देखती हे.
विक्रम भी उसे ताड़े जा रहा था. सिम्मी ने एक बार विक्रम को देखा फिर ऊपर देखने लगी. जैसे कोई हिसार कर रही हो विक्रम भी समज गया वो क्या बताना छह रही thi.vikram वह से रूम no 13 के लिए निकल गया. वीर दूर के पास पहोचा उसने दूर को पुश लिया और दूर खुल गया. वो अंदर गया. वो अंदर जा कर रूम चैक करने लगा उसे दूर खुलने और बंद होने की आवाज आई. विक्रम ने घूम कर देखा. वो हॉट लेडी उसके सामने थी.
सिम्मी ; फ़िक्र मत करो. ये सेफ हे. (एक कमुख एंड अस)
विक्रम ने महसूस किया सिम्मी उसे सेक्सुअल लुक दे रही हो जैसे वो विक्रम पे फ़िदा हो पर विक्रम ने सलीम के साथ उसकी बाटे सुनी थी. सायद सिम्मी विक्रम को किसी ट्रेप में फसा रही हो. लेकिन विक्रम ने कई हसीनाओ के साथ रत बीते थी. शादी से पहले. स्वीटी जैसी तीन गर्ल पे भी वो नहीं फिसला था. विक्रम खड़ा हुआ और सिम्मी को बहो में भट लिया. और कपड़ो के ऊपर से hi उसकी पूरी बॉडी पे हाथ घूमता हे.
सिम्मी ; (स्माइल) क्या तलाशी ले रहे हो??? फ़िक्र मत करो मेरे पास कोई गन नहीं हे.
विक्रम सोक हो गया पर उसने जाहिर नहीं होने दिया. लेकिन सिम्मी बिना कोई बात के सीधा मुद्दे पर आने की कोसिस कर रही थी.
विक्रम ; (स्माइल) अरे आप तो अपनी अदाओ से hi मर डालोगी आप को गन की क्या जरुरत हे.
सिम्मी ; (स्माइल) ये तुम पुलिस वाले किसी पर भरोसा नहीं करते क्या??
ये विक्रम के लिए दूसरा सकक था. जो चीज उसे छुपानी थी वो सिम्मी खुद उगल रही हे.
विक्रम ; (स्माइल) जरूर करते हे पर कोई अपना दिया वादा पूरा करे तब.
सिम्मी ; मतलब मेरे साथ बिस्तर सरे करने में आप को कोई एतराज़ नहीं हे.
विक्रम ; जी नहीं. लेकिन में फिर भी में सीधा काम की बात करना बहेतर समझूंगा.
सिम्मी का मुद ऑफ हो गया. सिम्मी को विक्रम ने सेक्स के लिए मन भी नहीं किया और उसके बजाय सीधा काम की बात करने को कह दिया.
सिम्मी ; ओफ़्फ़्फ़्फ़ बैठो. फ़िक्र मत करो यहाँ आप पर कोई धोखा नहीं होगा.
विक्रम बैठ गया.
सिम्मी ; मेने 3 वायग्रा टेबलेट खाई हे. मेने सोचा की....
सिम्मी बोल कर चुप हो गई.
विक्रम ; तुम सलीम को कब से जानती हो???
सिम्मी ने चौक कर विक्रम को देखा. विक्रम स्माइल करता हे.
सिम्मी ; 2 साल से. वो सुपारी लेता हे. और मुझे ड्रक्स सप्लाई करता हे.
विक्रम ; तो तुम ड्रक्स बेचती हो.
सिम्मी जोर से बोली गुस्से में.
सिम्मी ; नाहीइ. में तुम्हारे पास इस लिए नहीं आई हु. मुझे तुम्हारी मदद चाहिए इस लिए आई हु.
विक्रम ; ओह्ह्ह मुझे तो लगा की मुझे रस्ते से हटाना हे. (स्माइल) वव.
सिम्मी ; तुम जानते नहीं हो. में बहोत बड़ी मुशीबत में हु.
विक्रम ; फिर बताओ ड्रक्स तुम क्यों मंगवाती हो.
सिम्मी ; में ड्रक्स एडिक्टेड हु.
विक्रम ; ओह. तो फिर आज तुम सलीम के पास क्यों गई थी???
सिम्मी ; क्यों की मुझे बताया गया हे की 2 केडी हे भोपाल जेल में उन्हें बहार निकलवाना हे.
विक्रम ; तो ये ऑर्डर तुम्हे कार्लोस तिग्गा ने दिया होगा राइट????
सिम्मी ; नहीं.
विक्रम ; तो किसने दिया???
सिम्मी ; मेरे पति ने.
विक्रम ; क्या में जनता हु. वो कार्लोस तिग्गा हे जिसके लिए ये काम हो रहा हे.
सिम्मी ; तुम्हे अंदाज़ा भी हे कार्लोस तिग्गा कोण हे.
विक्रम ने कुछ फोटोज सिम्मी के सामने फेके.
विक्रम ; यही हे न वो.
सिम्मी ने अपना माथा पकड़ा.
सिम्मी ; नहीं नहीं नहीं..... कार्लोस तिग्गा में हु.
विक्रम चौक गया.
विक्रम ; क्या बकवास कर रही हो. तो हब्सी कोण हे.
सिम्मी ; दुनिया की नजरो में ये हब्सी कार्लोस हे. पर जुल्म की दुनिया में असली कार्लोस में हु.
विक्रम ; ओह्ह्ह्ह तो मतलब असली मुजरिम तुम हो.
सिम्मी एक फीकी मुश्कान छोड़ टी हे.
सिम्मी ; दुनिया की नजर में कार्लोस एक बहोत बड़ा मुजरिम हे. पर ये कोई नहीं जनता की वो तो सिर्फ एक कटपुतली हे.
विक्रम ; किसकी कटपुतली और क्यों.
सिम्मी ; मेरे पति की. आज से12 साल पहले में मेरे पति स्कूल कक्कड़ के साथ मेरी शादी हुई. वो बहार रहते थे. में घर में अकेली. धीरे धीरे अकेली तनहा में शराब और ड्रक्स लेने लगी. घर में कई सरे नौकर थे. में उनके साथ रेट रंगीन करने लगी. लेकिन एक नौकर था जिसे मेने जान से मर दिया.
विक्रम ; क्यों???
विक्रम ध्यान से उसकी कहानी सुन रहा था.
सिम्मी ; क्यों की वो मुझे ब्लैक मेल कर रहा था. मेने उसे मर कर हमारे बंग लौ के पीछे दफना दिया. फिर एक रत मुझे मेरे पति ने एक नौकर के साथ पकड़ लिया. मेने सोचा अब तल्ख ले लुंगी. लेकिन उस कुत्ते ने न मुझे तल्ख दिया और न hi अपनी मर्जी से जीने दिया.
विक्रम ने सिम्मी के फेस पे वो दर्द महसूस किया
विक्रम ; क्यों???
सिम्मी ; क्यों की वो मेरा इस्तेमाल करना चाहता था. एक रत वो आया. उस वक्त वो सप था. घर आ कर वो बोलै डार्लिंग हमें आज पार्टी में जाना हे. मेने मन किया तो कहने लगा. उसके कुछ ऑफिसर्स आ रहे हे. आज तुम्हे खुश करना हे. मेरे प्रमोशन की बात हे. में लड़ पड़ी. मेने कहा मुझे क्या रंडी समाज रखा हे. वो हसने लगा. कहता हे है तुम एक रंडी hi तो हो. और तुम्हे जाना पड़ेगा. जाओ और उनकी रेट गरम करो. मेने साफ साफ मन कर दिया तो उसने कुछ फोटोज मेरे मुँह पर फेके. जिसमे में उस नौकर को मरने से लेकर दफना ने तक के सरे फोटो थे. में सोक हो गई. वो बोलै देखो दुनिया के सामने मेरी बीवी बानी रहो. और में जो बोलता हु वो करो. तब से में उसकी कटपुतली हु. वो मुझसे सब करवाता हे. धंधा उसका पर नाम मेरा. जिस दिन पकडे जाएंगे सिर्फ में पकड़ी जाउंगी. वो हर जगह बेदाग हे.
विक्रम ; मतलब कार्लोस तिग्गा सिर्फ एक नाम हे बस और कुछ नहीं.
सिम्मी ; है और वो नाम सिर्फ मुझे दिया गया हे. और एक ऐसा चक्र्व्यू रचा हे जिसमे दुनिया को लगे की में कोई बहोत बड़ी गैंगस्टर हु. और पति के पीठ पीछे ये सब कर रही हु.
विक्रम ; तो तुम मुझसे क्या चाहती हो????
सिम्मी ; मदद में मेरे पति को एक्सपोज़ करना चाहती हु. पर में जेल नहीं जाना चाहती.
विक्रम ; हम्म जो काम तुम सलीम से करवा रही हो वो करवाओ. मुझे बस 20% चाहिए. और फ़िक्र मत करो में तुम्हे तुम्हारे पति के चंगुल से बचा लूंगा.
सिम्मी बड़ी आंखे और ख़ुशी.
सिम्मी ; (स्माइल बिग) सच?????
विक्रम ; (स्माइल) है अगर तुम अपना दिया वादा पूरा करो तो.
सिम्मी ; (स्माइल) वह वाइन हे.
विक्रम वाइन की बोतल एक बाद के निचे से निकलता हे. वो झुक कर जैसे उठा सिम्मी ने अपना जलवा दिखा दिया. सिम्मी अपना ओने पइसे ग्रोन उतर कर ब्रा और पंतय में आ गई थी.
सिम्मी का फिगर बहोत जबरदस्त था. विक्रम सिम्मी को देखते हुए 2 पग बनता हे. और एक पग सिम्मी के आगे पेश करता हे. सिम्मी अपना पग एक hi साँस में जातक जाती हे.
सिम्मी ; (हफ्ते हुए) सिर्फ मुझे hi नंगा करोगे.
सिम्मी विक्रम का कोट उतर देती हे और फिर उसके शर्ट के बोटोन्स खोलने लगी. विक्रम की छोड़ी गोरी छाती और 6 पाक देख कर सिम्मी की सांसे तेज़ हो गई आँखों में नशा छ गया. सिम्मी विक्रम के सामने कड़ी हुई. और अपनी ब्रा उतर देती हे.
सिम्मी के गुलाबी निप्पल्स और तने हुए 34 के बूब्स देख कर विक्रम भी जोश में आ गया. उसने अपना पग उठाया और बोलै.
विक्रम ; (स्माइल) आप ने भी कुछ अपनी चाहत बया की थी.
सिम्मी ; (स्माइल) है तो ये लो.
सिम्मी ने अपनी पंतय कुछ इस अंदाज़ में रिमूव की के विक्रम को अपनी जगह से खड़ा होना hi पैड्स. वो सिम्मी की अदाओ पे एक वक्त तो फ़िदा हो गया
सिम्मी की टैंगो पे जो पतला पारदर्शी चिपका हुआ कपडा था सिम्मी ने बहोत hi मादक अदाओ से उसे उतरा. और अपना पाव टेबल पे रख दिया.
सिम्मी ; (अदाओ से) अब जो नशीला जैम में तुम्हे पिलाऊंगी वो तुम्हे लाइफ में कोई नहीं पीला पाएगा.
सिम्मी ने टेबल पे रखे पाव के घुटनो पे शराब डाली. विक्रम झुक कर बैठ गया. और सिम्मी के पाव की उंगलियों को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा. शराब घुटनो से पाव की उंगलियों तक बहने लगी. जिसे विक्रम चूसे जा राग था. विक्रम का अंदाज़ भी इतना हॉट था की सिम्मी की भी सिसकारी फुट गई. विक्रम धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगा. धीरे धीरे घुटनो तक पहोच कर वो वाइन की बोतल उठा लेता हे और सिम्मी की जंगो पे गिराने लगा. और वो शराब खुद hi पिता रहा.
शराब तो विक्रम पि रहा था पर नशा सिम्मी को हो रहा था. विक्रम ने सिम्मी के हर अंग से शराब पि. और सिम्मी को मदहोश कर दिया. रत सिम्मी विक्रम की ऐसी दीवानी हुई की उसने विक्रम से एक वादा किया. वो विक्रम के निचे उसके शानदार मरदाना जातको में खोई हुई.
सिम्मी ; ससस अहह अहह ओफ़्फ़्फ़ अहह.
विक्रम ; है मजा आ रहा हे.
सिम्मी ; ससस अहह है ससस बहोत मजा आ रहा हे. सससस तुम बहोत शानदार हो ससस.
धीरे धीरे दोनों के वासना के खेल का अंत हुआ. और सिम्मी पूरी नुदे बाद पर विक्रम की बहो में.
सिम्मी ; मुझे..... कोई एक मर्द कभी खुश नहीं रख पाया. और..... में भी किसी एक की कभी नहीं हो पाई. पर इतना वादा करती हु की जब में तुम्हारे साथ होंगी तो सिर्फ तुम्हारी होकर रहूंगी.
विक्रम ; (स्माइल) सिर्फ बिस्तर पर hi न???
सिम्मी ; मुझे बचा लो बिस्तर पर hi नहीं रियल लाइफ में भी तुम्हारी बन जाउंगी.
विक्रम ; मुझे तुम्हारी लालच नहीं बस तुम साथ दो तो बहोत नॉट छापेंगे.
विक्रम को सिम्मी की कोई भी कहानी पर बिलकुल भरोसा नहीं था. इस लिए खेल वो भी रहा था. और वो देखना चाहता था. की सिम्मी आगे क्या करती हे.
विक्रम ; अब मुझे चलना चाहिए नहीं तो तुम्हारा पति मेरी नौकरी खा जाएगा.
विक्रम वह से निकल कर माधुरी को कॉल लगता हे पर वो कॉल नहीं उठती. वो मश्ग कर के घर पहोचा. सोनिआ सो रही थी. विक्रम ने अपनी बीवी के कंधे पर हाथ रखा. सोनिआ ने उसका हाथ जातक दिया.
सिम्मी ; हा आ गए मुँह कला कर के.
शिल्पा ; (स्माइल) दीदी.
माधुरी के फेस पे भी स्माइल थी. माधुरी बेहोश वीर से बाटे करती हे. एक आम बीवी की तरह.
माधुरी ; तुम्हारी बालो से भरी चेस्ट मुझे बहोत पसंद हे. लेकिन आप को आज चिकना साफा चाट होना पड़ेगा. और आज आप मुझे नहीं रोकोगे. वार्ना में रूठ जाउंगी. बता दे रही हु हां.
माधुरी ऐसे इत्र के बोलती हे जैसे रोज वीर उसकी खुशामत करता हो. शिल्पा ज्यादा एक्साइट थी.
शिल्पा ; (स्माइल) दीदी.... जल्दी करो न.
माधुरी ; ले तू कर. ले ले.
शिल्पा थोड़ी एक्साइट ज्यादा थी. पर दोनों को ब्लेड लगने का दर था. फिर भी दोनों की अपने पति की चिकनी चेस्ट देखने की तमन्ना जो थी वो एक्साइटमेंट बढ़ाए जा रही थी.
माधुरी ने आहिस्ता से रेज़र टिकाया और हलके से कीचा. कुछ बल कटे और कुछ रहे गए. उसी पर फोबरा खींचा. तो गोरी और चिकनी छाती देख कर माधुरी की आंखे चमक गई. और दोनों टैंगो के बिच गीलापन और एक अजीब hi जान ज़ानहत महसूस हुई. वही शिल्पा का भी मुँह खुला रहे गया और आंखे नशीली हो गई.
शिल्पा ; सससस दीदी. अह्ह्ह ये तो मेरी जान ही.
माधुरी एक बार स्माइल कर के शिल्पा को देखती हे फिर थोड़ा और निचे खींचा. ढेर सरे बालो का गुच्छा उस रेज़र में फास गया. रेज़र को गरम पानी में डुबो डुबो कर धीरे धीरे वीर की चेस्ट को माधुरी ने साफा चाट कर दिया. माधुरी धीरे धीरे चेस्ट से निचे नाभि तक पहोची. माधुरी और शिल्पा दोनों hi अपने पति की बिना बालो वाली चेस्ट देख देख कर गरम होती रही.
शिल्पा की नजर वीर के कमर के निचे वाले हिस्से पर नजर गई. कपडा ढके होने के कारन वह तम्बू बना हुआ था. शिल्पा की सांसे तेज़ हो गई.
शिल्पा ; ससस दीदी ससस अहह.
माधुरी ने पीछे मुद कर शिल्पा को देखा. शिल्पा अपनी आंखे बड़ी कर के वीर के कमर के निचे वाले हिस्से को देख रही थी. माधुरी को भी एक्साइटमेंट तो हुई. पर दोनों hi आवाज भी लड़खड़ा गई.
माधुरी ; तू तू तू पहेली बार दद देख रही हे क्या.
लेकिन माधुरी खुद ज्यादा हर्ण्य हो रही थी. उसने अपनी दो उंगलियों से धीरे से चादर ऊपर उठाई. और अपने पति का खड़ा हथियार देखा तो उसके डिल की धड़कन ऐसे बढ़ गई जैसे वो पहेली बार देख रही हो.
डिल में अजीब सी गुदगुदी और मदहोशी की उसके हाथ से कपडा छूट गया. और फिर से सफ़ेद चादर में तम्बू बन गया.
शिल्पा ; दीदी सससस बहोत मन कर रहा हे इन्हे प्यार करने को.
माधुरी ने बड़ी आंखे की और डट ने वाले लहजे में बोली.
माधुरी ; नहीं इन्हे कुछ हो गया तो.
शिल्पा ; तो बल तो साफ कर दो.
माधुरी ; न बाबा मुझसे नहीं होगा. तू कर.
शिल्पा ; डीडीई.... प्लीज...
माधुरी सर निचे कर के कुछ देर कड़ी रही. शिल्पा उसे hi देखती रही.
माधुरी ; अरे बाबा तू कर na.(jor दे कर)
शिल्पा ने स्माइल करते हुए रेज़र उठाया और माधुरी के सामने स्माइल करते हुए देखती हे. माधुरी के फेस पे भी कमुख स्माइल थी. शिल्पा ने चादर को ुलद दिया. अब दोनों की नजरे अपने पति के प्यारे से लैंड पे थी. डिल दोनों का उसे पकड़ कर प्यार करने को था. फिर शिल्पा ने रेज़र को सिर्फ उसके बालो के गुच्छे पर टिकाया और हल्का सा निचे खींचा. धीरे धीरे उसने बालो को साफ किया.
जब शिल्पा की उंगलिया वीर के औजार को टाच होती. वो और ज्यादा उत्तेजित हो जाती.
शिल्पा ; दीदी ससस कितने प्यारे लग रहे हे न सससस. काश ये उठ कर हमें गले लगा ले.
माधुरी को कण्ट्रोल नहीं हुआ और उसने वीर की लिप्स को चुम लिया. लेकिन माधुरी चौक गई.
माधुरी ; शिल्पा शिल्पा शिल्पा.
शिल्पा ; क्या हुआ क्यों चिल्ला रही हो.
माधुरी ; ीन्हो ने मुझे किया.
शिल्पा ; क्या किया.
माधुरी ; अरे यार मेने किश की तो ीन्हो ने भी की.
शिल्पा ; (स्माइल) दीदी आप एक्साइट हो इस लिए आप को ऐसा लगा.
माधुरी ; अरे नहीं यार जब मेने इन्हे चूमा तो इन्होने भी मुझे रिस्पांस दिया यार. में झूठ नहीं बोल रही.
शिल्पा भी शॉक हो गई. माधुरी बहोत जोर दे के बोल रही थी. शिल्पा ने अपने नुदे पति को ऊपर से निचे तक देखा. उसकी सांसे तेज़ हो गई.
शिल्पा ; (स्माइल) फिर से करो.
माधुरी ; क्या??
शिल्पा ; (जोर से) अरे वापस किश करो यार.
माधुरी दूसरी बार किश करती हे. इस बार कोई रिस्पांस नहीं आया. माधुरी को भी लगा सायद उसके मन का वहम hi हे.
शिल्पा ; (नीरस) नहीं दीदी. हम गलत हे. हम जो कल्पना करते हे वो हमें लगता हे हकीकत में हुआ पर ऐसा नहीं होता.
माधुरी ; नहीं प्लीज शीपु संजो में झूठ नहीं बोल रही. जब 1 सत टाइम मेने किश की तो इन्होने भी मुझे चूमा और दूसरी बार नहीं किया.
शिल्पा ; अरे दीदी ये वहम हे.
शिल्पा बोलते गई और वो खुद समझने के तरीके को दिखने के लिए खुद किश कर के दिखती हे.
शिल्पा ; दीदी जब आप ज़ुकी ऐसे तो आप के लिप्स इनसे टाच हुई और देखो ऐसे दबे. में कर के दिखती हु. डाब ने से इनके लिप्स भी थोड़े खुले होंगे.
और शिल्पा ने किश किया तो शिल्पा भी सकक हो गई. उसकी आँखों से भी अंशु आ गए और वो चिल्ला उठी. एक्साइटमेंट.
शिल्पा ; ओह माय गॉड ओह माय गॉड ओह माय गॉड.
माधुरी भी खुश हो गई. उसे भी उम्मीद हो गई. पर समझ नहीं आ रहा था. शिल्पा फेर झुक गई और वीर के ऊपर चढ़ कर वीर के सर को पकड़ कर किश करने लगी. माधुरी को एहसास तो तब हुआ जब वीर ने शिल्पा के सर को एक हाथ से पकड़ा. मतलब वीर को होश आ गया था. माधुरी भी भाग कर वीर के फेस के पास आ गई. वीर की गॉड में शिल्पा थी. और वीर उठ कर बैठ गया. जैसे hi शिल्पा और वीर की किश ख़तम हुई. वीर स्माइल करता हुआ. माधुरी को hi देख रहा था.
वीर ने माधुरी को भी खींचा और उसे भी लिप किश कर दी. दोनों hi शिल्पा और माधुरी हस्ते हुए रो रहे थे.
शिल्पा ; (संसिले एंड एक्साइटमेंट) मुझे कल hi शापना आया. जब में बैठे बैठे सो रही थी. आप खड़े हुई और मुझे गलो पे किश कर के वापस लेट फै.
वीर ; (स्माइल) वो शापना नहीं हकीकत था बेवकूफ. मुझे तो उस दिन hi होश आ गया था जिस दिन तुम दोनों अपने गीले सिक्वे जाता रहे थे. और वो लड़के को जब मधु पिट रही थी. तब ये श्रीमती जी छुप कर देख रही थी. और फिर मधु के जाने के बाद तुम उसे पिट कर आई.
माधुरी ; (आँखों में अंशु पर फेस पे स्माइल) जो भी हो पर आप हमें मिल गए हमें और कुछ नहीं चाहिए.
वीर ; लेकिन मुझे चाहिए.
जो ख़ुशी कुछ पल की शिल्पा और माधुरी को मिली वो रुक गई. वीर ने वो वार्डस बोले जिस से माधुरी और शिल्पा की स्माइल चली गई.
वीर ; आलिया कहा हे???
वीर ने बहोत प्यार से पूछा. धीमी आवाज में. सन्ति से. लेकिन पूछने का तरीका रॉब दर था.
वीर ; तुमने सुना नहीं मधु है. कहा हे तेरे झुंड की तीसरी शेरनी है.???
शिल्पा??? तुम जवाब दो. मेरी तीसरी बीवी कहा हे???
माधुरी चुप हो गई. वो कुछ बोल नहीं पाई. शिल्पा के पास भी कोई जवाब नहीं था.
वीर ; मधु मेने तुमसे कहा था न मेरी जिंदगी में तुम किसे लाओगी वो तुम डिसाइड करोगी. लेकिन कोण जिंदगी में रहेगा ये डिसिशन मेरा होगा. और तुमने तो उसे जान से मरने का भी सोच लिया था.
माधुरी ; उसने गद्दारी करि हे. उसे हमारे साथ जीने का कोई हक़ नहीं ( आँखों में अंशु)
शिल्पा ; क्या आप हमारा साथ न दे कर उसे वापस लाओगे???
वीर ; है. क्यों की मुझे तुम तीनो चाहिए. और वो भी मेरी बीवी हे शिल्पा. जितना प्यार मेने तुमसे किया उतना में उसे भी करता हु. ( जोर से चीला कर)
माधुरी ; लेकिन वो हमें मरने आई थी.
वीर ; हमें नहीं सिर्फ मुझे. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. वो चाहती तो एक hi रत में वो हम सब को मर कर चली जाती. लेकिन उसने ऐसा न कर के मुझे बचने के लिए नजाने कितनी रत जगती रही. गोवा में जब में शिल्पा के साथ मौज मस्ती कर रहा था तब वो दुश्मनो से लड़ रही थी. और हमें उसने एहसास भी नहीं होने दिया. वो हमारे घर में अकेली कितने गुंडों से लड़ी. यहाँ तक जिसने उसे भेजा तुम्हारा बाप. वो उसके भी खिलाफ हो गई.
वीर गुस्से में बहोत कुछ बोलता हे. माधुरी और शिल्पा रोटी hi रही.
वीर ; तुम उसके बिना कोई लड़ाई नहीं जित सकती मधु. सायद में हो न हो. लेकिन जब तक वो तुम्हारे साथ थी तुम बेफिक्र थी. लेकिन अब तुम डरने लगी हो
माधुरी ; (आँखों में अंशु) है में डरने लगी हु. (फिर ुचि आवाज में जोर से) क्यों की मुझे हर दिन हर पल तुम्हारी फ़िक्र रहती हे. मेरी कमजोरी तुम हो.
वीर ; (आँखों में अंशु) लेकिन ताकत तो वो थी. फिर क्यों???
माधुरी ; लेकिन अब मेने जॉब छोड़ दी हे. अब में नहीं लड़ सकती. मुझे तुम दोनों की फ़िक्र रहती हे. सायद आज वो उस्मान भी जिन्दा हे जिसे मेने मारा था.
वीर ; क्या तुम्हारे पर्श में सिगरेट हे??.
वीर ने माधुरी से पूछा. लेकिन सिगरेट शिल्पा ने दी. वीर ने सिगरेट तो लेकर लिप्स पे लगाई. पर फेस शिल्पा की तरफ कर के बोलै.
वीर ; तुम कब से पिने लगी.
शिल्पा ने सिगरेट जलाई. वीर ने काश खींचा और फिर बोलै.
वीर ; वो सलीम हे. ड्रक्स और लड़कियों का धंधा हे उसका. खुद अपनी बेटी का बलात्कार कर के बे रहेमि से मर डाला. उप से 4 साल पहले भाग के आया हे. और अब तुम उप जाओगी.
माधुरी ; क्यों??? में तुम्हे छोड़ के कही नहीं जाउंगी.
वीर ; ये सिर्फ में तुम्हारा पति होने के नाते नहीं. त्रि नेत्र के हद्द होने के नाते बोल रहा हु. और अब में तुम्हारा बॉस हु. क्यों की माँ अंडर ग्राउंड हे.
शिल्पा ; जी आप अब घर चलो.
वीर ने शिल्पा का हाथ पकड़ा और बहो में भर लिया. और एक ऊँगली उसके फेस पे गुमा कर स्माइल से बोलै.
वीर ; मुझे मेरी तीनो बीवियों में से किसी के भी फेस पे अंशु बरदास नहीं समझी.
शिल्पा ; (स्माइल) जी बॉस.
वीर ने शिल्पा के गलो को चूमा और खड़ा हुआ. माधुरी के पास आया. माधुरी की यरफ अपना हाथ बढ़ाया. माधुरी ने भी उसके हाथो में हाथ दिया. वीर ने हाथ को खींचा और माधुरी वीर की बहो में आ गई.
वीर ; देखो मधु. तुम्हे तुम्हारा मकशद हासिल करने के लिए. किसी भी हद तक जाना पड़ेगा. जरुरत पड़ी तो तुम्हे खुद मुझे मरना भी पड़ेगा समझी
माधुरी चौक गई. और सवालिया नजरो से वीर को देखने लगी.
माधुरी ; लेकिन में ऐसा कैसे कर सकती हु. मेने जॉब छोड़ दी हे. अब में वापिस नहीं जाउंगी.
वीर ; तुम कल उप जा रही हो. वह तुम्हे एक साधु को ढूढ़ना हे. और उस से उगलवाना हे की डीके कहा हे समझी. ये ऑर्डर तुम्हारा बॉस तिगर का हे. समझी.
माधुरी ; (स्माइल) यश सर.
वीर ; गुड. तुम वह किसी पुलिस की हैसियत से नहीं. एक एजेंट की हैसियत से जा रही हो. आजमगढ़.
माधुरी ; लेकिन मेरी पुराणी पहचान क्या किसी को मालूम नहीं चलेगा???
तभी शमा सुरभि की ननद अंदर आती हे.
समां ; सर मेम की पहचान. कविता कक्कड़. एक पंजाबी औरत. जो अमेरिका से आई हे. साधु संतो पे रिसर्च करने.
माधुरी सोक हो गई. वीर को होश आए दो दिन हो गए थे. और उसने काम भी सुरु कर दिया. समां और निदा भी शामिल हे. मगर माधुरी और शिल्पा को नहीं मालूम.
वीर ; शिल्पा तुम आज उस शादू की कुछ इनफार्मेशन निकालो. वो अभी कहा हे.
शिल्पा ; (स्माइल) सर.
वीर ; (स्माइल) क्या बात हे तुम अभी स्माइल क्यों कर रही हो???
शिल्पा और वीर में मजाक का डोर चालू हो गया.
शिल्पा ; (स्माइल) वो क्या हे न सर आज बहोत महीनो बाद आज मेरे पति होश में आए हे तो क्या में कल से काम शुरू करू???
वीर ने मधु की आंखे में देखते हुए बोलै
वीर ; (स्माइल) नहीं आज नहीं. क्यों की कल से मधु अपने मिस्सों पे जाने वाली हे. इस लिए आज की शाम में अपनी खुबशुरत बीवी के साथ शाम बिताना पसंद करूँगा.
वीर ने वो चादर की लुंगी पहनी और माधुरी के पास आया.
वीर ; (स्माइल) तुम hi नहीं में भी तुम्हारा प्यासा हु मधु. क्या आज मेरे साथ खुबशुरत शाम बिताना पसंद करोगी???
माधुरी को कुछ देर पहले वीर ने बहोत डट दी थी. लेकिन अब उसके हिस्से में प्यार आने वाला था. उसके पास सिर्फ आज की रत थी. फिर उसे मिस्सों के लिए आजमगढ़ जाना था
शाम का वक्त हो चूका था. विक्रम जनता था. कमिश्नर की बीवी सिम्मी उसे पहचान गई हे. नसीब से विक्रम को कमिसनर ने भी इन्वाइट कर दिया था. होटल में शादी के सलगिरा की पार्टी थी और विक्रम पहोच गया. विक्रम ने वह पहोच कर कमिसनर से मिला और हाथ में एक इसकी का पग लिया. वो शिप मरते हुए कुछ सिडिया चढ़ कर निचे पार्टी के नज़ारे को देखने लगा. विक्रम को इंतजार सिर्फ सिम्मी का नहीं उस से कोण कोण मिलेगा उसका भी था. सिम्मी भी विक्रम से मिलने की तमन्ना लिए अपनी कार में वह पहोच गई. विक्रम के हाथो में जैम और एक दूरबीन थी. स्टेज पे ानूनके मेन्ट होने लगी. शादी की सलगिरा पर कमिश्नर ने वो धमाकेदार एंट्री की पार्टी के सभी लोग देखते रहे गए. और सिम्मी एक ब्लैक हॉट लॉन्ग गाउन ोनेपिसे में आई. जो ज्यादा तर ट्रासपारमेंट था.
सिम्मी आ कर कड़ी hi हुई की अच्छे अच्छा की लार टपक गई. सिम्मी बहोत हॉट लग रही थी. वो अपने किते ब्यूटीफुल फेस और हॉट फिगर लेकर स्माइल करते हुए साडी पब्लिक को देखने लगी.
वो जिसे दूध रही थी पार्टी में वो उसे दिखा नहीं. पर वो जानती थी जिसे वो दूध रही हे वो उसे जरूर देख रहा होगा. इस लिए सिम्मी ने एक हॉट पोज़ दिया.
सिम्मी ने अपना ड्रेस hi नहीं फिगर भी जाहिर कर दिया. लोगो में सिम्मी के हॉट लुक की बाटे सुरु हो गई. कोई तो उसके साथ बिस्तर गरम करने और रेट रंगीन करने के शपने देखता तो कोई बूढ़े कमिश्नर को लंगूर के हाथो में अंगूर कहता. सिम्मी अपने शो उप में कुछ भी बाकि नहीं रखना चाहती थी. वो अपने भीड़ में कही छुपे गेस्ट को हॉट पोज़ दे कर अपनी बैक दिखती हे.
विक्रम ने भी उसकी बैक को दूरबीन से बड़े गौर से देखा. और देसीडे कर लिया आज रत वो यही गुजरेगा.
बीवी से उसे पहले hi पार्टीशन मिल चुकी थी. बस अब उसे सिम्मी को बेपर्दा करना hi बचा था. सिम्मी भी पार्टी में सभी गेस्ट से मिलने लगी. वो जिस यंग हैंडसम मर्द को दूध रही थी. वो उसे अब तक दिखा नहीं. लेकिन जब उसकी नजर विक्रम पर गई. तो उसकी सांसे भी तेज़ हो गई. वो कमुख नशीली नजरो से विक्रम को देखती हे.
विक्रम भी उसे ताड़े जा रहा था. सिम्मी ने एक बार विक्रम को देखा फिर ऊपर देखने लगी. जैसे कोई हिसार कर रही हो विक्रम भी समज गया वो क्या बताना छह रही thi.vikram वह से रूम no 13 के लिए निकल गया. वीर दूर के पास पहोचा उसने दूर को पुश लिया और दूर खुल गया. वो अंदर गया. वो अंदर जा कर रूम चैक करने लगा उसे दूर खुलने और बंद होने की आवाज आई. विक्रम ने घूम कर देखा. वो हॉट लेडी उसके सामने थी.
सिम्मी ; फ़िक्र मत करो. ये सेफ हे. (एक कमुख एंड अस)
विक्रम ने महसूस किया सिम्मी उसे सेक्सुअल लुक दे रही हो जैसे वो विक्रम पे फ़िदा हो पर विक्रम ने सलीम के साथ उसकी बाटे सुनी थी. सायद सिम्मी विक्रम को किसी ट्रेप में फसा रही हो. लेकिन विक्रम ने कई हसीनाओ के साथ रत बीते थी. शादी से पहले. स्वीटी जैसी तीन गर्ल पे भी वो नहीं फिसला था. विक्रम खड़ा हुआ और सिम्मी को बहो में भट लिया. और कपड़ो के ऊपर से hi उसकी पूरी बॉडी पे हाथ घूमता हे.
सिम्मी ; (स्माइल) क्या तलाशी ले रहे हो??? फ़िक्र मत करो मेरे पास कोई गन नहीं हे.
विक्रम सोक हो गया पर उसने जाहिर नहीं होने दिया. लेकिन सिम्मी बिना कोई बात के सीधा मुद्दे पर आने की कोसिस कर रही थी.
विक्रम ; (स्माइल) अरे आप तो अपनी अदाओ से hi मर डालोगी आप को गन की क्या जरुरत हे.
सिम्मी ; (स्माइल) ये तुम पुलिस वाले किसी पर भरोसा नहीं करते क्या??
ये विक्रम के लिए दूसरा सकक था. जो चीज उसे छुपानी थी वो सिम्मी खुद उगल रही हे.
विक्रम ; (स्माइल) जरूर करते हे पर कोई अपना दिया वादा पूरा करे तब.
सिम्मी ; मतलब मेरे साथ बिस्तर सरे करने में आप को कोई एतराज़ नहीं हे.
विक्रम ; जी नहीं. लेकिन में फिर भी में सीधा काम की बात करना बहेतर समझूंगा.
सिम्मी का मुद ऑफ हो गया. सिम्मी को विक्रम ने सेक्स के लिए मन भी नहीं किया और उसके बजाय सीधा काम की बात करने को कह दिया.
सिम्मी ; ओफ़्फ़्फ़्फ़ बैठो. फ़िक्र मत करो यहाँ आप पर कोई धोखा नहीं होगा.
विक्रम बैठ गया.
सिम्मी ; मेने 3 वायग्रा टेबलेट खाई हे. मेने सोचा की....
सिम्मी बोल कर चुप हो गई.
विक्रम ; तुम सलीम को कब से जानती हो???
सिम्मी ने चौक कर विक्रम को देखा. विक्रम स्माइल करता हे.
सिम्मी ; 2 साल से. वो सुपारी लेता हे. और मुझे ड्रक्स सप्लाई करता हे.
विक्रम ; तो तुम ड्रक्स बेचती हो.
सिम्मी जोर से बोली गुस्से में.
सिम्मी ; नाहीइ. में तुम्हारे पास इस लिए नहीं आई हु. मुझे तुम्हारी मदद चाहिए इस लिए आई हु.
विक्रम ; ओह्ह्ह मुझे तो लगा की मुझे रस्ते से हटाना हे. (स्माइल) वव.
सिम्मी ; तुम जानते नहीं हो. में बहोत बड़ी मुशीबत में हु.
विक्रम ; फिर बताओ ड्रक्स तुम क्यों मंगवाती हो.
सिम्मी ; में ड्रक्स एडिक्टेड हु.
विक्रम ; ओह. तो फिर आज तुम सलीम के पास क्यों गई थी???
सिम्मी ; क्यों की मुझे बताया गया हे की 2 केडी हे भोपाल जेल में उन्हें बहार निकलवाना हे.
विक्रम ; तो ये ऑर्डर तुम्हे कार्लोस तिग्गा ने दिया होगा राइट????
सिम्मी ; नहीं.
विक्रम ; तो किसने दिया???
सिम्मी ; मेरे पति ने.
विक्रम ; क्या में जनता हु. वो कार्लोस तिग्गा हे जिसके लिए ये काम हो रहा हे.
सिम्मी ; तुम्हे अंदाज़ा भी हे कार्लोस तिग्गा कोण हे.
विक्रम ने कुछ फोटोज सिम्मी के सामने फेके.
विक्रम ; यही हे न वो.
सिम्मी ने अपना माथा पकड़ा.
सिम्मी ; नहीं नहीं नहीं..... कार्लोस तिग्गा में हु.
विक्रम चौक गया.
विक्रम ; क्या बकवास कर रही हो. तो हब्सी कोण हे.
सिम्मी ; दुनिया की नजरो में ये हब्सी कार्लोस हे. पर जुल्म की दुनिया में असली कार्लोस में हु.
विक्रम ; ओह्ह्ह्ह तो मतलब असली मुजरिम तुम हो.
सिम्मी एक फीकी मुश्कान छोड़ टी हे.
सिम्मी ; दुनिया की नजर में कार्लोस एक बहोत बड़ा मुजरिम हे. पर ये कोई नहीं जनता की वो तो सिर्फ एक कटपुतली हे.
विक्रम ; किसकी कटपुतली और क्यों.
सिम्मी ; मेरे पति की. आज से12 साल पहले में मेरे पति स्कूल कक्कड़ के साथ मेरी शादी हुई. वो बहार रहते थे. में घर में अकेली. धीरे धीरे अकेली तनहा में शराब और ड्रक्स लेने लगी. घर में कई सरे नौकर थे. में उनके साथ रेट रंगीन करने लगी. लेकिन एक नौकर था जिसे मेने जान से मर दिया.
विक्रम ; क्यों???
विक्रम ध्यान से उसकी कहानी सुन रहा था.
सिम्मी ; क्यों की वो मुझे ब्लैक मेल कर रहा था. मेने उसे मर कर हमारे बंग लौ के पीछे दफना दिया. फिर एक रत मुझे मेरे पति ने एक नौकर के साथ पकड़ लिया. मेने सोचा अब तल्ख ले लुंगी. लेकिन उस कुत्ते ने न मुझे तल्ख दिया और न hi अपनी मर्जी से जीने दिया.
विक्रम ने सिम्मी के फेस पे वो दर्द महसूस किया
विक्रम ; क्यों???
सिम्मी ; क्यों की वो मेरा इस्तेमाल करना चाहता था. एक रत वो आया. उस वक्त वो सप था. घर आ कर वो बोलै डार्लिंग हमें आज पार्टी में जाना हे. मेने मन किया तो कहने लगा. उसके कुछ ऑफिसर्स आ रहे हे. आज तुम्हे खुश करना हे. मेरे प्रमोशन की बात हे. में लड़ पड़ी. मेने कहा मुझे क्या रंडी समाज रखा हे. वो हसने लगा. कहता हे है तुम एक रंडी hi तो हो. और तुम्हे जाना पड़ेगा. जाओ और उनकी रेट गरम करो. मेने साफ साफ मन कर दिया तो उसने कुछ फोटोज मेरे मुँह पर फेके. जिसमे में उस नौकर को मरने से लेकर दफना ने तक के सरे फोटो थे. में सोक हो गई. वो बोलै देखो दुनिया के सामने मेरी बीवी बानी रहो. और में जो बोलता हु वो करो. तब से में उसकी कटपुतली हु. वो मुझसे सब करवाता हे. धंधा उसका पर नाम मेरा. जिस दिन पकडे जाएंगे सिर्फ में पकड़ी जाउंगी. वो हर जगह बेदाग हे.
विक्रम ; मतलब कार्लोस तिग्गा सिर्फ एक नाम हे बस और कुछ नहीं.
सिम्मी ; है और वो नाम सिर्फ मुझे दिया गया हे. और एक ऐसा चक्र्व्यू रचा हे जिसमे दुनिया को लगे की में कोई बहोत बड़ी गैंगस्टर हु. और पति के पीठ पीछे ये सब कर रही हु.
विक्रम ; तो तुम मुझसे क्या चाहती हो????
सिम्मी ; मदद में मेरे पति को एक्सपोज़ करना चाहती हु. पर में जेल नहीं जाना चाहती.
विक्रम ; हम्म जो काम तुम सलीम से करवा रही हो वो करवाओ. मुझे बस 20% चाहिए. और फ़िक्र मत करो में तुम्हे तुम्हारे पति के चंगुल से बचा लूंगा.
सिम्मी बड़ी आंखे और ख़ुशी.
सिम्मी ; (स्माइल बिग) सच?????
विक्रम ; (स्माइल) है अगर तुम अपना दिया वादा पूरा करो तो.
सिम्मी ; (स्माइल) वह वाइन हे.
विक्रम वाइन की बोतल एक बाद के निचे से निकलता हे. वो झुक कर जैसे उठा सिम्मी ने अपना जलवा दिखा दिया. सिम्मी अपना ओने पइसे ग्रोन उतर कर ब्रा और पंतय में आ गई थी.
सिम्मी का फिगर बहोत जबरदस्त था. विक्रम सिम्मी को देखते हुए 2 पग बनता हे. और एक पग सिम्मी के आगे पेश करता हे. सिम्मी अपना पग एक hi साँस में जातक जाती हे.
सिम्मी ; (हफ्ते हुए) सिर्फ मुझे hi नंगा करोगे.
सिम्मी विक्रम का कोट उतर देती हे और फिर उसके शर्ट के बोटोन्स खोलने लगी. विक्रम की छोड़ी गोरी छाती और 6 पाक देख कर सिम्मी की सांसे तेज़ हो गई आँखों में नशा छ गया. सिम्मी विक्रम के सामने कड़ी हुई. और अपनी ब्रा उतर देती हे.
सिम्मी के गुलाबी निप्पल्स और तने हुए 34 के बूब्स देख कर विक्रम भी जोश में आ गया. उसने अपना पग उठाया और बोलै.
विक्रम ; (स्माइल) आप ने भी कुछ अपनी चाहत बया की थी.
सिम्मी ; (स्माइल) है तो ये लो.
सिम्मी ने अपनी पंतय कुछ इस अंदाज़ में रिमूव की के विक्रम को अपनी जगह से खड़ा होना hi पैड्स. वो सिम्मी की अदाओ पे एक वक्त तो फ़िदा हो गया
सिम्मी की टैंगो पे जो पतला पारदर्शी चिपका हुआ कपडा था सिम्मी ने बहोत hi मादक अदाओ से उसे उतरा. और अपना पाव टेबल पे रख दिया.
सिम्मी ; (अदाओ से) अब जो नशीला जैम में तुम्हे पिलाऊंगी वो तुम्हे लाइफ में कोई नहीं पीला पाएगा.
सिम्मी ने टेबल पे रखे पाव के घुटनो पे शराब डाली. विक्रम झुक कर बैठ गया. और सिम्मी के पाव की उंगलियों को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा. शराब घुटनो से पाव की उंगलियों तक बहने लगी. जिसे विक्रम चूसे जा राग था. विक्रम का अंदाज़ भी इतना हॉट था की सिम्मी की भी सिसकारी फुट गई. विक्रम धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगा. धीरे धीरे घुटनो तक पहोच कर वो वाइन की बोतल उठा लेता हे और सिम्मी की जंगो पे गिराने लगा. और वो शराब खुद hi पिता रहा.
शराब तो विक्रम पि रहा था पर नशा सिम्मी को हो रहा था. विक्रम ने सिम्मी के हर अंग से शराब पि. और सिम्मी को मदहोश कर दिया. रत सिम्मी विक्रम की ऐसी दीवानी हुई की उसने विक्रम से एक वादा किया. वो विक्रम के निचे उसके शानदार मरदाना जातको में खोई हुई.
सिम्मी ; ससस अहह अहह ओफ़्फ़्फ़ अहह.
विक्रम ; है मजा आ रहा हे.
सिम्मी ; ससस अहह है ससस बहोत मजा आ रहा हे. सससस तुम बहोत शानदार हो ससस.
धीरे धीरे दोनों के वासना के खेल का अंत हुआ. और सिम्मी पूरी नुदे बाद पर विक्रम की बहो में.
सिम्मी ; मुझे..... कोई एक मर्द कभी खुश नहीं रख पाया. और..... में भी किसी एक की कभी नहीं हो पाई. पर इतना वादा करती हु की जब में तुम्हारे साथ होंगी तो सिर्फ तुम्हारी होकर रहूंगी.
विक्रम ; (स्माइल) सिर्फ बिस्तर पर hi न???
सिम्मी ; मुझे बचा लो बिस्तर पर hi नहीं रियल लाइफ में भी तुम्हारी बन जाउंगी.
विक्रम ; मुझे तुम्हारी लालच नहीं बस तुम साथ दो तो बहोत नॉट छापेंगे.
विक्रम को सिम्मी की कोई भी कहानी पर बिलकुल भरोसा नहीं था. इस लिए खेल वो भी रहा था. और वो देखना चाहता था. की सिम्मी आगे क्या करती हे.
विक्रम ; अब मुझे चलना चाहिए नहीं तो तुम्हारा पति मेरी नौकरी खा जाएगा.
विक्रम वह से निकल कर माधुरी को कॉल लगता हे पर वो कॉल नहीं उठती. वो मश्ग कर के घर पहोचा. सोनिआ सो रही थी. विक्रम ने अपनी बीवी के कंधे पर हाथ रखा. सोनिआ ने उसका हाथ जातक दिया.
सिम्मी ; हा आ गए मुँह कला कर के.