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- Dec 5, 2013
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में गुस्से में अपना सामान अपने बैग में दाल रहा था. ेराम मुझे रट हुए दूर पे कड़ी थी. जब में पलटा तो ेराम का रोटा हुआ फेस देखा. और मुझे एहसास हुआ मेने क्या कर दिया. ेराम मेरी लाइफ में वो पहेली लड़की थी. जो मेरी वजह से रोइ हो. उसका कारन में था. मुझे होश आया और मुझे एहसास हो गया की मेने क्या कर दिया.
ेराम ; (रट हुए) कहा जा रहे हो??
ेराम का रोना और उसकी मासूमियत देख कर मेरी आँखों में भी अंशु आ गए.
में ; (आँखों में अंशु) कही नहीं.
ेराम ; मुझे डट पड़वाओगे क्या. तुम्हारी बीवियों को पता चला की मेरी वजह से आप की आँखों में अंशु तो क्या जवाब दूंगी माधुरी को.
मुझे थोड़ी सी हसी आई और में हल्का सा है दिया. ेराम का वो बदलाव. अब वो क़ुरबानी का असली मकशद समाज चुकी हे. ेराम मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बैठाया. मेने उसकी गॉड में सर रख दिया. और अपनी टैंगो को सुकुद लिया.
ेराम ; (स्माइल) चाहे कुछ भी हो पर छोटी सी आलिया ने आज आप का गुरुर तोड़ दिया.
ेराम सच hi बोल रही थी. मुझे भी हसी आ गई.
में ; (स्माइल) है सच hi बोल रही हो. मेरी लाइफ में ये पहेली ऐसी लड़की हे जिसने मुझे इंकार किया. मुझे धक्का दिया. मुझे थप्पड़ मारा.
ेराम सोक हो गई.
ेराम ; प्लीज ये बात माधुरी को मत बताना. वार्ना वो उसे मर डालेगी. आप उसकी बहोत बड़ी कमजोरी हो.
में ; में माधुरी को नहीं खो सकता तो शिल्पा और आलिया को भी नहीं खो सकता. और आलिया ऐसे बेहवे कर रही हे जैसे वो मुझे जानती hi नहीं और वो आलिया हे hi नहीं.
ेराम ; (स्माइल) यार कमल हे. आप ने इतनी लड़कियों को दीवाना किया आप आलिया से हर मन गए.
में ; (स्माइल) वो मेरी बीवी हे.
ेराम ; तो???? जाओ और जाकर अपना वही पुराण जादू चलाओ. ताकि वो खुद चीख चीख कर कहे है में तुम्हारी बीवी हु. लेकिन.....
में ; लेकिन क्या???
ेराम ; उसके लिए जो आप के सर पे जो गुरुर चढ़ा हे ुए हटाना होगा. वही सिंपल बन न होगा. वीर बन के कोई काम नहीं होगा.
में समाज गया था. मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया था. शाम हो चुकी थी और में वापस आलिया को ढूढ़ने निकल गया. अब वो मुझसे छुप नहीं रही थी. मेने पहले hi उसे सिस्टम से दूध लिया था. वो एक पब में थी. में वह गया. पब में अंदर पहोच कर में आलिया को ढूढ़ने लगा. कुछ लोग डांस कर रहे थे. कुछ अपना पग लिए ज़ूम रहे थे. और कुछ अपने टेबल पे अकेले या जोड़े में थे. मुझे आलिया दिख गई.
वो एक टेबल पे अकेली. गुमसुम सी बैठी हुई थी. उसे देख कर मुझे एहसास हो गया की वो खुश नहीं हे. और वो यहाँ भी अकेली हे. वो अपने पग को पि रही थी.
में उसके करीब जा कर खड़ा हो गया. सायद वो ढोंग hi कर रही थी. में उसके पास पहोच गया और उसे पता नहीं हो
में जैसे hi उसके टेबल पे बैठा वो मुझे देख कर भड़क गई.
आलिया; (फ्रेंच में) तुम फिर आ गए. (गुस्से में) यार पैसे लाओ पैसे फ्री में कुछ नहीं मिलता. और तुमने जो हरकत की हे कितना भी पैसा हो में तुम्हारे साथ बाद सरे नहीं कर सकती.
में ; (फ्रेंच) तुम्हारा नाम क्या हे.
आलिया ; शायना. क्यों पुलिस को बताओगे.
में ; में तुम्हे कितने पैसे दू मेरे साथ एक रत बिताने के लिए.
आलिया ; ओह्ह ok 5000 ुरो. एक ुरो काम नहीं.
में ; ok चलो.
आलिया ; कहा??? कोई ऐसी वैसी जगह तो नहीं लजाओगे देखो में यहाँ पे मशहूर मॉडल और स्टूडेंट भी हु.
में ; है और पेसो की भूखी भी अब चलो.
आलिया ; पहले पैसे
मेने अपना बैग से 50,000 ुरो फेके
में ; ये लो तुम 10 डेज के लिए बुक हो.
आलिया ; (स्माइल) सिर्फ नाईट के लिए.
में ; ok चलो.
हम दोनों वह से निकले अँधेरा हो चूका था. मेने ेराम को मश्ग किया कुछ वक्त लिए घर में छुप जाओ.
हम पेडल hi ेराम के चार पहोचे. घर देख कर आलिया गेट पे hi कड़ी हो गई. और घर को देखने लगी.
आलिया,; (फ्रेंच) वाओ काफी शानदार हे. क्या तुम्हारा हे???
में ; नहीं मेरी होने वाली बीवी का.
में आलिया का फेस रेक्शन देखना चाहता था. उसने अपने कंधे उठाए और बिंदास अंदर आने लगी. जैसे उसे बिलकुल फर्क नहीं पड़ा. वो अंदर आई. और चारो तरफ नजरे घूमने लगी.
में ; फ़िक्र मत करो वो इस वक्त घर पे नहीं हे.
आलिया ; जब तुम्हारे पास तुम्हारी होने वाली बीवी हे तो मुज पे क्यों पैसा खर्च रहे हो.
में ; क्यों की मेरी एक बीवी की सकल बिलकुल तुमसे मिलती हे.
आलिया ने स्माइल किया.
आलिया ; (स्माइल) क्या नाम हे उसका??
में ; आलिया नाम हे उस ग़दर का.
आलिया ; ओह्ह्ह .... क्या वो बचलन थी??? या तुमने किसी के साथ रंग रलिया मानते पकडे होगा जरूर.
में ; इस से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. उसने मेरा डिल तोड़ दिया. बहोत बड़ी धोखेबाज हे वो खेर छोडो.
आलिया ; तुम अगर चाहो तो में उसका रोल प्ले कर सकती हु.
में ; नहीं. तुम नहीं कर सकती.
आलिया ; क्यों क्या अब भी उस से बहोत प्यार करते हो???
में ; है. करता हु. पर तुम्हे हिंदी नहीं आती न.
आलिया ; (स्माइल) ओह्ह्ह. Ok तुम बोलो में उसे फॉलो करुँगी. Ok.
में ; है ये ठीक रहेगा.
आलिया ; लेकिन बाद में उसका मीनिंग भी बताना. Ok.
में ; ok. अब आओ.
वो मेरी बहो में आई. उसके फेस पे स्माइल थी. वो अपनी यदि पर कड़ी हुई और मुझे लिप किश करने की कोसिस करने लगी. मेने अपनी लिप्स पे हाथ रख दिया. वो मेरा फेस देखने लगी.
आलिया ; क्या हुआ???
में ; तुम मेरी बीवी नहीं हो. जितना मुझे जरुरत हे सिर्फ उतना hi.
मेने उसका फेस पढ़ लिया था. उसकी स्माइल गायब हो गई पर वो फिर से स्माइल करने लगी. वो दर्द सही गई. बहोत सहन शील हे. सब माधुरी का सिखाया हे. पर देव पे प्यार हे. वो मेरी कमजोरी जानती थी. अब बरी उसकी थी. उसने स्माइल करते हुए मुझे देखा और अपने दोनों हाथ ऊपर कर के अपना टॉप उतर दिया. अब वो सकारित और ब्रा में थी. मेरी नजर उसकी कासी हुई बूब्स पे गई. वो मुझे स्माइल करते हुए देखती हे और झुक कर उसने अपनी स्क्रित भी खोली. आलिया सिर्फ ब्रा पंतय में ही हिल में कड़ी गोल घूमती हे.
में समाज गया. वो अपना पिछवाड़ा दिखा रही हे. आज भी उसे मेरी पसंद का ख्याल हे. में एक सोफे चेयर पे बैठ गया. वो मेरे पास आई और घुटनो पे बैठ गई. मेने अपने पंत की जीप खोली. उसने मेरे लैंड को बहार निकल. उसकी नजर मेरी आँखों में hi थी. मेरे टोपे को अपने लिप्स पे रगड़ ते हुए मुझे देख कर वो मुझे उत्तेजित करने की कोसिस करने लगी. मेने भी उसे स्माइल करते हुए अच्छा रिस्पांस दिया. उसने सिर्फ मेरे टोपे को आधा मुँह में लिया और अपने लिप्स से दबाते हुए मेरी आँखों में देखा. और स्माइल करने लगी. फिर उसने पूरा मुँह में ले लिया. उसके सांसो की गर्माहट और उसकी जीभ के नोक की गुड़ गुड़ी. वाकई मेरा बचना मुश्किल था. मेने उसे पीछे धकेला. वो पीछे गिर गई. और मुझे सोक हो कर देखने लगी.
आलिया ; (सोक) क्या हुआ???
में ; म सॉरी प्लीज मुझे माफ़ करना.
आलिया ; ok ok. दोबारा स्टार्ट करे.
में ; नहीं आज नहीं कल आना सॉरी.
आलिया ; लेकिन तुम्हारा अभी हुआ नहीं तुम्हे बाद फील होगा.
मेने उसे गुस्से में कहा.
में ; उसकी फिलर तुम मत करो तुम मेरी बीवी नहीं हो. अब जाओ. मेरी बीवी आती होगी.
आलिया तो जैसे सोक हो गई. उसने मेरा जवाब सुना तो उसके होश hi उड़द गए. पर वो अचानक से स्माइल करती हे.
आलिया ; (स्माइल) मुझे सिर्फ पेसो से मतलब हे ok कल रत मिलते हे बी.
वो चली गई. में उसका गुस्सा समाज गया उसने दूर बंद करते वक्त जोर से पटका. लेकिन साली सनी हे. बहार से आवाज आई.
आलिया ; ओह्ह सॉरी.
वो चली गई. उसके जाते hi में दूसरे रूम में गया. अब जो आग आलिया ने लगाई थी उसे भी तो बुझानी थी. में दूसरे रूम में गया तो ेराम ज्यादा गरम हो राखी थी. वो मुझे देखते हुए अपने हाथ को अपनी दोनों टैंगो के बिच दबाए हुए लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी.
ेराम ; ससस अह्ह्ह पता नहीं आलिया तुम्हे गरम करने आई या मुझे सससस
ेराम लम्बी लम्बी सांसे लेते हुए अपने सर को एकदम से ऊपर उठा लिया. उसके बूब्स एकदम से सामने को उभर आए.
में ; (हस्ते हुए) क्या हो गया तुम्हे??
ेराम अपने बदन को अपने हाथो से रगड़ने लगी. और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी.
ेराम ; ससस अहह अब में क्या करू ससस.
ेराम ने जले पे घी दाल दिया उसे देख कर मेरा संभालना मुश्किल हो गया और उसके नज़दीक पहोचा. मेरी नजर उसके बूब्स पे गई. जो मुझे इन्वाइट कर रहे थे.
में उसके पास बैठा वो प्यासी नजरो से मुझे देख रही थी. सेक्स की कगुमारी उसकी आँखों में थी.
में उसके पास बैठा और उसकी जंगो पे हाथ रखा. उसने मेरा हाथ जातक दिया.
ेराम ; नहीं मेरी छोटी बहन को तड़पाया न. अब तड़पो देना करने तक.
और वो कड़ी हो गई. मुझे स्माइल करते हुए जीभ निकल कर अंगूठा दिखते हुए मुझे चिढ़ाने की कोसिस कर रही थी. में शांत था. अचानक मेने एक जाप्ता मारा और ेराम का हाथ पकड़ लिया.
ेराम ; अरे प्लीज छोडो नहीं प्लीज. (स्माइल) अच्छा देना तक रुको.
लेकिन में कहा मंटा मेने ेराम को सोफे पर बैठाया और खुद घुटनो पर बैठ कर ेराम की दोनों टैंगो के बिच आ गया. गरम तो वो थी hi. उसका हाथ खुद उठ गया और वो मुझे प्यासी नजरो से देखने लगी.
ेने ेराम के पाजामे के ऊपर से hi उसकी छूट को मुँह में दबाया. वो गीली होने लगी कुछ अपने आप से और कुछ मेरे मुँह की नमी से. उसका आप खो गया और आंखे बंद हो गई. सांसे ऐसी छड़ी के खुद उसके बूब्स किसी गुब्बारे के जैसे फूलने लगे.
ेराम ; ससस अह्ह्ह्हह.
अचानक में खड़ा हो गया. वो सोक हो गई.
में ; (स्माइल) अब जाओ देना बना लो.
ेराम ने स्माइल करते हुए मुझपे जम्प मारा और मेरी चेस्ट पे बैठ गई.
ेराम ; (स्माइल) अब तो लंच में तुम्हे hi खाउंगी.
माधुरी शाम को बख्तावर की महफ़िल सजाने के लिए रेडी हो जाती हे. वो जानती थी की बख्तावर इंडियन लुक बहोत देख चूका हे. और देहाती को गोरी अंग्रेजी मेम ज्यादा आकर्षित लगेगी. इस लिए वो एक हॉट ग्रोन पहनती हे जो बहोत ज्यादा डीप नाक he.khule गले वाले ओने पइसे ग्रोन पहन कर वो स्वीटी से पूछती हे.
माधुरी ; (स्माइल) किसी लग रही हु??
जब स्वीटी ने माधुरी को देखा तो.
स्वीटी ; वाओ मेम उस कण खजूरे को आज hi मरोगी क्या.
माधुरी जोरो से हसी.
माधुरी ; अभी नहीं. अभी तो उस से बहोत साडी खिदमत करवानी हे.
माधुरी मन में सोचती हे बहोत टाइम से उसने किसी मर्द से गुलामी नहीं करवाई.
स्वीटी ; मेम हम क्या करे कुछ काम हे??
माधुरी ; (स्माइल) क्यों जग्गू तो मन गया. अब मुझसे क्या सब पूछ के करोगी क्या.
स्वीटी शर्मा गई.
स्वीटी ; वो बात नहीं मेम कोई नजर रखने के लिए?..
माधुरी ; हवेली के बहार उसके आदमियों को उलझाए रखो. उनके सामने उनका मालिक बेइज्जत हो वो हमें पसंद नहीं.
स्वीटी ; (स्माइल) वह मेडम मुझे भी थोड़ी ट्रेनिंग दे दो.
माधुरी ; चल अब में जाती हु.
माधुरी वह से निकल कर बख्तावर के बाद रूम में आ जाती हे. वो अपने बाथरूम में था. माधुरी आ कर पुरे रूम को एक नजर देखती हे.
दरसल माधुरी सर्च कर रही थी तभी बाथरूम का दूर खुला और बख्तावर बहार आया. उसने जैसे hi माधुरी को देखा उसके होश उड़द गए. उसकी नजर सीधी माधुरी की आधे से ज्यादा बहार निकले हुए बूब्स पे गई.
माधुरी भी समाज गई उसने क्या देख लिया हे. वो जानबूछ कर वैसे hi कड़ी रही. बख्तावर की धड़कने उम्मीद से ज्यादा तेज़ हो गई. वो इतना सा सीन देख कर अपना थूक तक नहीं निगल प् रहा था. उसकी आवाज भी कपङे लगी. माधुरी उसे बुलाती हे पर वो भी समाज hi नहीं पाया.
माधुरी ; (स्माइल) बख्तावर जी अरे बख्तावर जी में तुम्हे बोल रही हु.
बख्तावर होश में आया और उसने नजरे हटा दी.
बख्तावर ; है है है क्या कहा??
माधुरी ; (स्माइल) क्या हुआ बसकटवार जी कहा ध्यान हे. क्या देख रहे थे??
बख्तावर ने नजरे नीची कर ली और वो घबरा गया. जिसे माधुरी नार्मल करती हे.
माधुरी ; (नोट्टी स्माइल) ओह्ह्ह आप भी न बख्तावर जी बड़े बदमाश हो.
बख्तावर में थोड़ी हिम्मत आई और उसने नजरे ऊपर कर के फिर वही सीन देखा. माधुरी भी उसकी पूरी मदद करती हे. और उसके करीब आ गई.
माधुरी ; (स्माइल) किसी लग रही हु??
लेकिन बख्तावर की नजर तो उसके जोबन से हैट hi नहीं रही थी.
बख्तावर ; (होश में नहीं) बहोत बड़े हे.
माधुरी ; (झूठ शर्माना) अब बस भी कीजिये न मुझे शर्म आती हे.
बख्तावर ने नजरे हटाई.
बख्तावर ; अरे माशा अल्लाह आप तो कोई जन्नत की हर लग रही हो.
माधुरी ; आओ एक सेल्फी हो जाए.
बख्तावर माधुरी के पीछे आ गया. उसकी टाच करने से अभी भी फैट रही थी. माधुरी एक सेल्फी लेती हे.
माधुरी ; (स्माइल) अरे पीछे क्यों हैट गए.
बसकटवार को समाज नहीं आता वो क्या करे. उसके डिल में बेचैनी होने लगी. बख्तावर ने बचो वाली हरकत कर दी. जैसे पापा के हाथ में कोकाटे हो और बचा अचानक से छीन कर कोकाटे छुपा देता हे वैसे hi बख्तावर ने माधुरी के बूब्स को अचानक से दोनों हाथो से भोपू दबा कर पीछे हैट गया. माधुरी कड़ी उसे नार्मल स्माइल से देखती हे.
माधुरी ; (स्माइल) ये आप ने क्या किया बख्तावर जी.?? है??? बोलो???
बख्तावर कुछ बोलता नहीं हे बस बचो जैसे खड़े रहता हे. उसे कुछ समाज hi नहीं आया की वो शुरुआत कैसे करे. माधुरी जैसी हाशिन मॉल को छोड़ने के चक्कर में वो इतना ज्यादा एक्साइट हो गया की वो सीधा hi हमला करने पर उतारू हो गया. पर उसे माधुरी के नाराजगी का भी दर लगने लगा. वही माधुरी भी खुश हो गई. उसे तो बना बनाया कुत्ता मिल गया. बस उसे अब उसके गले में पत्ता डालना था. माधुरी जोरो से हस्ती हे अब उसे कोई खेल खेलने की जरुरत नहीं थी.
माधुरी ; (स्माइल) क्या चाहिए ये???
माधुरी ने कातिल मुस्कान के साथ बसकटवार के सामने अपने बूब्स को हइशारा करते हुए कहा. और बसकटवार को दर ये लग रहा था अब माधुरी उसे उस गलती की सजा तो नहीं देगी. कही वो उसे थप्पड़ न मर दे.
माधुरी ; (स्माइल) बोलो न वार्ना में चली जाउंगी.
बख्तावर ; (हडबडात) नहीं नहीं मत जाओ. मुझसे गलती हो गई.
माधुरी को बहोत मजा आने लगा.
माधुरी ; (स्माइल) लो ले लो आओ.
बख्तावर खड़ा hi रहा वो आगे नहीं आया. तो माधुरी खुद उसके पास गई. वो कपङे लगा. माधुरी हस्ते हुए मन में सोचने लगी. एक गुंडा जो दिन दहाड़े किसी का भी कतल कर देता हे वो एक औरत को खुला छूने से दर रहा हे. वो माधुरी के साथ क्या करेगा वो तो बता hi चूका था. माधुरी उसके करीब गई और उसके कपट हुए हाथ को पकड़ कर अपने बूब्स पे रख देती हे.
माधुरी ; (स्माइल नशीली) लो क्या करना चाहते हो. जो करना हे कर लो.
पहले तो वो डरा और दर और घबरात में उसने उसका बूब्स जोर से निचोड़ दिया. लेकिन माधुरी ने अपनी स्माइल नहीं छोड़ी. वो उसे बस स्माइल करते हुए देखती हे.
माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह. (स्माइल)
वो पहले एक फिर दूसरा दोनों बड़े बड़े बूब्स को जोर जोर से गोल गोल मथने लगा. माधुरी को दर्द तो हुआ और मजा भी आया पर दोनों को उसने जाहिर नहीं होने दिया. बसकटवार ने उसके ड्रेस को निचे कर दिया. तो माधुरी के दोनों गुलाबी निप्पल्स वाले बूब्स बहार आ गए. माधुरी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. जैसे दोनों बूब्स बहार आए माधुरी बख्तावर के फेस को स्माइल करते हुए नोट करने लगी. बख्तावर का मुँह खुल गया और मुँह से गरम हवा निकल गई. साथ उसकी आंखे भी आलू की तरह बहार आ गई.
माधुरी ; (स्माइल) कैसे हे???
बख्तावर कुछ बोल hi नहीं पता तो माधुरी उसे एक हलकी सी चमत उसके गाल पे मरी और अपने ड्रेस को ऊपर कर दिया.
बख्तावर ; नहीं नहीं रानी साहेबा नहीं.
माधुरी ; (थोड़ा गुस्से में) होश में आओ बख्तावर जी.
बख्तावर को एहसास हुआ की अभी उसके साथ क्या हुआ. बख्तावर ने माधुरी से नजर हटाई और इधर उधर तेज़ टहल ने लगा.
माधुरी ; मेरे ख्याल से मुझे चलना चाहिए.
बसकटवार माधुरी के सामने अचानक आ गया.
बख्तावर ; नहीं नहीं. माफ़ करिये रानी साहेबा मुझसे गलती हो गई. माधुरी उसे स्माइल करते हुए देखती हे तो बख्तावर भी है गया.
माधुरी ; जाओ बख्तावर मेरे लिए एक बढ़िया जैम बनाओ.
बख्तावर ; जी रानी साहेबा.
बख्तावर के नाम से माधुरी ने जी हटा दिया इसका उसे आभास hi नहीं था. बख्तावर ने एक पग माधुरी को दिया और अपना पग एक hi साँस में खींच गया. माधुरी जान बच कर देखा और एक सिंगल चेयर को खींच कर बिच में बैठ गई. बख्तावर उसे देखने लगा. अब वो कहा बैठे.
माधुरी ; क्या हुआ बैठो.
बख्तावर ; जी कहा.
माधुरी ने जमीं की तरफ हिसार किया.
माधुरी ; अरे यार यही मेरे पास बैठो यार.
माधुरी की भासा भी चेंज हो गई और बख्तावर मजबूर हो गया उसके पास बैठने के लिए.
माधुरी ; क्या हुआ निचे नहीं बैठोगे. क्या मुझे भी निचे बैठना पड़ेगा. वो मेरी ड्रेस ऐसी हे न.
बख्तावर उसके पास बैठने गया तो माधुरी ने फिर टोका.
माधुरी ; अरे सामने आओ न मेरे पास.
बख्तावर को अब अपनी बजती महसूस हुई. माधुरी ने उसका हाथ पकड़ा और अपने सामने कदमो में उसे जबरदस्ती खींच के बैठा दिया. मगर बैठने के बाद वो जाहिर नहीं कर पाया. माधुरी ने एक शिप मारा और बोली.
माधुरी ; (स्माइल) है तो क्या बोल रहे थे आज दिन में. में तुम्हारी बीवी होती तो क्या करते.
बख्तावर ; रानी साहेबा आप मुझे बहोत अच्छी लगती हो. डिल चाहता हे की आप से निकाह पढ़ लू.
माधुरी ने एक गहरी साँस ली और बोली.
माधुरी ; तुम्हे पता हे बख्तावर मेरी राजा सब से बिलकुल नहीं बनती.
बख्तावर ; कोण राजा शब्???
माधुरी ; मेरे पति.
बख्तावर ; तो मुझसे निकाह पढ़ लो न. क्या में भी पसंद नहीं हु. में आप से बहोत महोब्बत करता हु.
माधुरी हस्ती हे.
माधुरी ; नहीं बख्तावर. मुझे पति नहीं कुत्ते पास एंड हे. लेकिन राजा शब् मेरे कुत्ते बन ने को तैयार hi नहीं. वो तो अपने आप को शेर समज़ते हे. अब तुम hi बताओ बख्तावर मेरे जैसी हसीना को पाने के लिए. मेरे साथ बिस्तर पे रत बियाने के लिए मेरा कुत्ता बन में कोई हर्ज हे.
बख्तावर ; नहीं.
माधुरी ; क्या होजाएगा मेरे कुत्ते गुलाम बन गए तो. मेरी थोड़ी सी चापलूसी कर ली तो. मुझे नंगा कर के रत भर मौज मस्ती करने भी तो मिलेगी.
माधुरी ने ऐसा पैसा फेका की बख्तावर के होश उड़द गए. उसे फिर उम्मीद दिखने लगी. उसने तुरंत माधुरी की जंगो में अपने दोनों हाथ टेके और सर भी रख दिया. और एक्साइट होते हुए बोलै.
बसकटवार ; तो मुझे बना लो न अपना कुत्ता. में आप की खिदमत करूँगा.
बख्तावर बहोत एक्साइट हो गया.
माधुरी ; नहीं बसकटवार तुमसे नहीं होगा.
बख्तावर ; अरे में कर लूंगा बस आप मुझे अपना लो.
माधुरी ; अरे बाबा में अपने कुत्तो को मरती भी हु. उसने पाव तक चटवा देती हु.
बख्तावर ; तो में चाटूँगा न. आप के तो माशा अल्लाह पाव भी कितने खुबशुरत हे.
और बसकटवार खुद जमीं पर पूरा झुक कर माधुरी की सेंडल समेत पाव चाटने लगा. माधुरी के फेस पे अजीब सी स्माइल आई. डट कप कपङे लगे. उसने महसूस किया वो अब लोट आई हो. उसे पाव पे बसकटवार की गीली जीभ महसूस होने लगी. अपने सर को पीछे कर के अपनी आंखे बंद कर दी.
माधुरी ; अह्ह्ह सससस ( बंद आंखे खुमारी)
वही स्वीटी निचे गेट पर गुंडों के सामने पोज़ दे रही थी. जग्गू हार्ड फ़ोन से माधुरी की बाटे सुन के लैंड खड़ा महसूस कर रहा था. उसे स्वीटी की याद आने लगी.
इसे वक्त पे बीवी या गर्लफ्रेंड hi काम आती हे.
जग्गू खड़ा हुआ और स्वीटी को ढूढ़ने लगा उसने देखा स्वीटी निचे गेट पर कड़ी हे और सब गुंडों की नजर स्वीटी पर hi हे. स्वीटी एक पद के सहारे कड़ी पोज़ दे रही हे.
जग्गू ने देखा स्वीटी स्किन टाइट T-shirt और कासी हुई जिंश में बम लग रही हे. वो भाग के निचे आया और स्वीटी के आगे खड़ा हो गया.
जग्गू ; (हफ्ते हुए) यहाँ क्या कर रही हो.
स्वीटी ; (स्माइल) मेम ने कहा हे इन चुतियो को उलझाए रखना हे. देखो में हॉट लग रही हु न.
स्वीटी ने एक पोज़ जग्गू को भी दिया.
जग्गू ; है पर.
स्वीटी ; पर क्या.
जग्गू ; मुझे तुम्हारी जरुरत हे.
स्वीटी ; क्यों??
जग्गू ; (स्माइल) तुम्ही ने कहा था न. ऐसे खास मोके पर बीवी या गर्लफ्रेंड hi.....
स्वीटी समाज गई. जग्गू क्या बोलना चाहता हे. स्ववित्तय और जग्गू दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ के अंदर भागने लगे. गुंडों के ढिल्लो पे छुरिया चल गई. वो दोनों रूम में पहोच गए. दूर खोलते खोलते एक दूसरे से टकराते किश करते हुए अंदर पशुचे. एक एक दूसरे की बहो में लिए धड़ाम से बाद पर कूड़े.
वही माधुरी एक पतली सी बाद सहित में लेती हुए थी. और उसकी दोनों टैंगो के बिच बसकटवार मुँह लगाए हुए था. माधुरी सिसकारियां भर रही थी उसे बहोत मजा आ रहा था.
माधुरी ; ससस अह्ह्ह सबस मेरे टौमी ससस अह्ह्ह.
तभी धड़ाम से किसी के बाद पे गिरने की आवाज आई. माधुरी समाज गई वो जग्गू और स्वीटी हे. बख्तावर ने सर उठाया.
बख्तावर ; क्या हुआ ये.
माधुरी ने तुरंत hi उसका सर निचे दबा दिया.
माधुरी ; तुम अपना काम चालू रखो वो मेरे दृवार और प् हे. उन्हें भी मौज करने दो.
बख्तावर माधुरी की छूट चाट ते हुए अपना लैंड हिला रहा था. अचानक वो अंतिम चरण पे पहोच गया और उसकी पिचकारी जोर से छूट गई. माधुरी को बिना चोदे hi उसका ढेर सारा पानी निकल गया.
ेराम ; (रट हुए) कहा जा रहे हो??
ेराम का रोना और उसकी मासूमियत देख कर मेरी आँखों में भी अंशु आ गए.
में ; (आँखों में अंशु) कही नहीं.
ेराम ; मुझे डट पड़वाओगे क्या. तुम्हारी बीवियों को पता चला की मेरी वजह से आप की आँखों में अंशु तो क्या जवाब दूंगी माधुरी को.
मुझे थोड़ी सी हसी आई और में हल्का सा है दिया. ेराम का वो बदलाव. अब वो क़ुरबानी का असली मकशद समाज चुकी हे. ेराम मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बैठाया. मेने उसकी गॉड में सर रख दिया. और अपनी टैंगो को सुकुद लिया.
ेराम ; (स्माइल) चाहे कुछ भी हो पर छोटी सी आलिया ने आज आप का गुरुर तोड़ दिया.
ेराम सच hi बोल रही थी. मुझे भी हसी आ गई.
में ; (स्माइल) है सच hi बोल रही हो. मेरी लाइफ में ये पहेली ऐसी लड़की हे जिसने मुझे इंकार किया. मुझे धक्का दिया. मुझे थप्पड़ मारा.
ेराम सोक हो गई.
ेराम ; प्लीज ये बात माधुरी को मत बताना. वार्ना वो उसे मर डालेगी. आप उसकी बहोत बड़ी कमजोरी हो.
में ; में माधुरी को नहीं खो सकता तो शिल्पा और आलिया को भी नहीं खो सकता. और आलिया ऐसे बेहवे कर रही हे जैसे वो मुझे जानती hi नहीं और वो आलिया हे hi नहीं.
ेराम ; (स्माइल) यार कमल हे. आप ने इतनी लड़कियों को दीवाना किया आप आलिया से हर मन गए.
में ; (स्माइल) वो मेरी बीवी हे.
ेराम ; तो???? जाओ और जाकर अपना वही पुराण जादू चलाओ. ताकि वो खुद चीख चीख कर कहे है में तुम्हारी बीवी हु. लेकिन.....
में ; लेकिन क्या???
ेराम ; उसके लिए जो आप के सर पे जो गुरुर चढ़ा हे ुए हटाना होगा. वही सिंपल बन न होगा. वीर बन के कोई काम नहीं होगा.
में समाज गया था. मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया था. शाम हो चुकी थी और में वापस आलिया को ढूढ़ने निकल गया. अब वो मुझसे छुप नहीं रही थी. मेने पहले hi उसे सिस्टम से दूध लिया था. वो एक पब में थी. में वह गया. पब में अंदर पहोच कर में आलिया को ढूढ़ने लगा. कुछ लोग डांस कर रहे थे. कुछ अपना पग लिए ज़ूम रहे थे. और कुछ अपने टेबल पे अकेले या जोड़े में थे. मुझे आलिया दिख गई.
वो एक टेबल पे अकेली. गुमसुम सी बैठी हुई थी. उसे देख कर मुझे एहसास हो गया की वो खुश नहीं हे. और वो यहाँ भी अकेली हे. वो अपने पग को पि रही थी.
में उसके करीब जा कर खड़ा हो गया. सायद वो ढोंग hi कर रही थी. में उसके पास पहोच गया और उसे पता नहीं हो
में जैसे hi उसके टेबल पे बैठा वो मुझे देख कर भड़क गई.
आलिया; (फ्रेंच में) तुम फिर आ गए. (गुस्से में) यार पैसे लाओ पैसे फ्री में कुछ नहीं मिलता. और तुमने जो हरकत की हे कितना भी पैसा हो में तुम्हारे साथ बाद सरे नहीं कर सकती.
में ; (फ्रेंच) तुम्हारा नाम क्या हे.
आलिया ; शायना. क्यों पुलिस को बताओगे.
में ; में तुम्हे कितने पैसे दू मेरे साथ एक रत बिताने के लिए.
आलिया ; ओह्ह ok 5000 ुरो. एक ुरो काम नहीं.
में ; ok चलो.
आलिया ; कहा??? कोई ऐसी वैसी जगह तो नहीं लजाओगे देखो में यहाँ पे मशहूर मॉडल और स्टूडेंट भी हु.
में ; है और पेसो की भूखी भी अब चलो.
आलिया ; पहले पैसे
मेने अपना बैग से 50,000 ुरो फेके
में ; ये लो तुम 10 डेज के लिए बुक हो.
आलिया ; (स्माइल) सिर्फ नाईट के लिए.
में ; ok चलो.
हम दोनों वह से निकले अँधेरा हो चूका था. मेने ेराम को मश्ग किया कुछ वक्त लिए घर में छुप जाओ.
हम पेडल hi ेराम के चार पहोचे. घर देख कर आलिया गेट पे hi कड़ी हो गई. और घर को देखने लगी.
आलिया,; (फ्रेंच) वाओ काफी शानदार हे. क्या तुम्हारा हे???
में ; नहीं मेरी होने वाली बीवी का.
में आलिया का फेस रेक्शन देखना चाहता था. उसने अपने कंधे उठाए और बिंदास अंदर आने लगी. जैसे उसे बिलकुल फर्क नहीं पड़ा. वो अंदर आई. और चारो तरफ नजरे घूमने लगी.
में ; फ़िक्र मत करो वो इस वक्त घर पे नहीं हे.
आलिया ; जब तुम्हारे पास तुम्हारी होने वाली बीवी हे तो मुज पे क्यों पैसा खर्च रहे हो.
में ; क्यों की मेरी एक बीवी की सकल बिलकुल तुमसे मिलती हे.
आलिया ने स्माइल किया.
आलिया ; (स्माइल) क्या नाम हे उसका??
में ; आलिया नाम हे उस ग़दर का.
आलिया ; ओह्ह्ह .... क्या वो बचलन थी??? या तुमने किसी के साथ रंग रलिया मानते पकडे होगा जरूर.
में ; इस से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. उसने मेरा डिल तोड़ दिया. बहोत बड़ी धोखेबाज हे वो खेर छोडो.
आलिया ; तुम अगर चाहो तो में उसका रोल प्ले कर सकती हु.
में ; नहीं. तुम नहीं कर सकती.
आलिया ; क्यों क्या अब भी उस से बहोत प्यार करते हो???
में ; है. करता हु. पर तुम्हे हिंदी नहीं आती न.
आलिया ; (स्माइल) ओह्ह्ह. Ok तुम बोलो में उसे फॉलो करुँगी. Ok.
में ; है ये ठीक रहेगा.
आलिया ; लेकिन बाद में उसका मीनिंग भी बताना. Ok.
में ; ok. अब आओ.
वो मेरी बहो में आई. उसके फेस पे स्माइल थी. वो अपनी यदि पर कड़ी हुई और मुझे लिप किश करने की कोसिस करने लगी. मेने अपनी लिप्स पे हाथ रख दिया. वो मेरा फेस देखने लगी.
आलिया ; क्या हुआ???
में ; तुम मेरी बीवी नहीं हो. जितना मुझे जरुरत हे सिर्फ उतना hi.
मेने उसका फेस पढ़ लिया था. उसकी स्माइल गायब हो गई पर वो फिर से स्माइल करने लगी. वो दर्द सही गई. बहोत सहन शील हे. सब माधुरी का सिखाया हे. पर देव पे प्यार हे. वो मेरी कमजोरी जानती थी. अब बरी उसकी थी. उसने स्माइल करते हुए मुझे देखा और अपने दोनों हाथ ऊपर कर के अपना टॉप उतर दिया. अब वो सकारित और ब्रा में थी. मेरी नजर उसकी कासी हुई बूब्स पे गई. वो मुझे स्माइल करते हुए देखती हे और झुक कर उसने अपनी स्क्रित भी खोली. आलिया सिर्फ ब्रा पंतय में ही हिल में कड़ी गोल घूमती हे.
में समाज गया. वो अपना पिछवाड़ा दिखा रही हे. आज भी उसे मेरी पसंद का ख्याल हे. में एक सोफे चेयर पे बैठ गया. वो मेरे पास आई और घुटनो पे बैठ गई. मेने अपने पंत की जीप खोली. उसने मेरे लैंड को बहार निकल. उसकी नजर मेरी आँखों में hi थी. मेरे टोपे को अपने लिप्स पे रगड़ ते हुए मुझे देख कर वो मुझे उत्तेजित करने की कोसिस करने लगी. मेने भी उसे स्माइल करते हुए अच्छा रिस्पांस दिया. उसने सिर्फ मेरे टोपे को आधा मुँह में लिया और अपने लिप्स से दबाते हुए मेरी आँखों में देखा. और स्माइल करने लगी. फिर उसने पूरा मुँह में ले लिया. उसके सांसो की गर्माहट और उसकी जीभ के नोक की गुड़ गुड़ी. वाकई मेरा बचना मुश्किल था. मेने उसे पीछे धकेला. वो पीछे गिर गई. और मुझे सोक हो कर देखने लगी.
आलिया ; (सोक) क्या हुआ???
में ; म सॉरी प्लीज मुझे माफ़ करना.
आलिया ; ok ok. दोबारा स्टार्ट करे.
में ; नहीं आज नहीं कल आना सॉरी.
आलिया ; लेकिन तुम्हारा अभी हुआ नहीं तुम्हे बाद फील होगा.
मेने उसे गुस्से में कहा.
में ; उसकी फिलर तुम मत करो तुम मेरी बीवी नहीं हो. अब जाओ. मेरी बीवी आती होगी.
आलिया तो जैसे सोक हो गई. उसने मेरा जवाब सुना तो उसके होश hi उड़द गए. पर वो अचानक से स्माइल करती हे.
आलिया ; (स्माइल) मुझे सिर्फ पेसो से मतलब हे ok कल रत मिलते हे बी.
वो चली गई. में उसका गुस्सा समाज गया उसने दूर बंद करते वक्त जोर से पटका. लेकिन साली सनी हे. बहार से आवाज आई.
आलिया ; ओह्ह सॉरी.
वो चली गई. उसके जाते hi में दूसरे रूम में गया. अब जो आग आलिया ने लगाई थी उसे भी तो बुझानी थी. में दूसरे रूम में गया तो ेराम ज्यादा गरम हो राखी थी. वो मुझे देखते हुए अपने हाथ को अपनी दोनों टैंगो के बिच दबाए हुए लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी.
ेराम ; ससस अह्ह्ह पता नहीं आलिया तुम्हे गरम करने आई या मुझे सससस
ेराम लम्बी लम्बी सांसे लेते हुए अपने सर को एकदम से ऊपर उठा लिया. उसके बूब्स एकदम से सामने को उभर आए.
में ; (हस्ते हुए) क्या हो गया तुम्हे??
ेराम अपने बदन को अपने हाथो से रगड़ने लगी. और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी.
ेराम ; ससस अहह अब में क्या करू ससस.
ेराम ने जले पे घी दाल दिया उसे देख कर मेरा संभालना मुश्किल हो गया और उसके नज़दीक पहोचा. मेरी नजर उसके बूब्स पे गई. जो मुझे इन्वाइट कर रहे थे.
में उसके पास बैठा वो प्यासी नजरो से मुझे देख रही थी. सेक्स की कगुमारी उसकी आँखों में थी.
में उसके पास बैठा और उसकी जंगो पे हाथ रखा. उसने मेरा हाथ जातक दिया.
ेराम ; नहीं मेरी छोटी बहन को तड़पाया न. अब तड़पो देना करने तक.
और वो कड़ी हो गई. मुझे स्माइल करते हुए जीभ निकल कर अंगूठा दिखते हुए मुझे चिढ़ाने की कोसिस कर रही थी. में शांत था. अचानक मेने एक जाप्ता मारा और ेराम का हाथ पकड़ लिया.
ेराम ; अरे प्लीज छोडो नहीं प्लीज. (स्माइल) अच्छा देना तक रुको.
लेकिन में कहा मंटा मेने ेराम को सोफे पर बैठाया और खुद घुटनो पर बैठ कर ेराम की दोनों टैंगो के बिच आ गया. गरम तो वो थी hi. उसका हाथ खुद उठ गया और वो मुझे प्यासी नजरो से देखने लगी.
ेने ेराम के पाजामे के ऊपर से hi उसकी छूट को मुँह में दबाया. वो गीली होने लगी कुछ अपने आप से और कुछ मेरे मुँह की नमी से. उसका आप खो गया और आंखे बंद हो गई. सांसे ऐसी छड़ी के खुद उसके बूब्स किसी गुब्बारे के जैसे फूलने लगे.
ेराम ; ससस अह्ह्ह्हह.
अचानक में खड़ा हो गया. वो सोक हो गई.
में ; (स्माइल) अब जाओ देना बना लो.
ेराम ने स्माइल करते हुए मुझपे जम्प मारा और मेरी चेस्ट पे बैठ गई.
ेराम ; (स्माइल) अब तो लंच में तुम्हे hi खाउंगी.
माधुरी शाम को बख्तावर की महफ़िल सजाने के लिए रेडी हो जाती हे. वो जानती थी की बख्तावर इंडियन लुक बहोत देख चूका हे. और देहाती को गोरी अंग्रेजी मेम ज्यादा आकर्षित लगेगी. इस लिए वो एक हॉट ग्रोन पहनती हे जो बहोत ज्यादा डीप नाक he.khule गले वाले ओने पइसे ग्रोन पहन कर वो स्वीटी से पूछती हे.
माधुरी ; (स्माइल) किसी लग रही हु??
जब स्वीटी ने माधुरी को देखा तो.
स्वीटी ; वाओ मेम उस कण खजूरे को आज hi मरोगी क्या.
माधुरी जोरो से हसी.
माधुरी ; अभी नहीं. अभी तो उस से बहोत साडी खिदमत करवानी हे.
माधुरी मन में सोचती हे बहोत टाइम से उसने किसी मर्द से गुलामी नहीं करवाई.
स्वीटी ; मेम हम क्या करे कुछ काम हे??
माधुरी ; (स्माइल) क्यों जग्गू तो मन गया. अब मुझसे क्या सब पूछ के करोगी क्या.
स्वीटी शर्मा गई.
स्वीटी ; वो बात नहीं मेम कोई नजर रखने के लिए?..
माधुरी ; हवेली के बहार उसके आदमियों को उलझाए रखो. उनके सामने उनका मालिक बेइज्जत हो वो हमें पसंद नहीं.
स्वीटी ; (स्माइल) वह मेडम मुझे भी थोड़ी ट्रेनिंग दे दो.
माधुरी ; चल अब में जाती हु.
माधुरी वह से निकल कर बख्तावर के बाद रूम में आ जाती हे. वो अपने बाथरूम में था. माधुरी आ कर पुरे रूम को एक नजर देखती हे.
दरसल माधुरी सर्च कर रही थी तभी बाथरूम का दूर खुला और बख्तावर बहार आया. उसने जैसे hi माधुरी को देखा उसके होश उड़द गए. उसकी नजर सीधी माधुरी की आधे से ज्यादा बहार निकले हुए बूब्स पे गई.
माधुरी भी समाज गई उसने क्या देख लिया हे. वो जानबूछ कर वैसे hi कड़ी रही. बख्तावर की धड़कने उम्मीद से ज्यादा तेज़ हो गई. वो इतना सा सीन देख कर अपना थूक तक नहीं निगल प् रहा था. उसकी आवाज भी कपङे लगी. माधुरी उसे बुलाती हे पर वो भी समाज hi नहीं पाया.
माधुरी ; (स्माइल) बख्तावर जी अरे बख्तावर जी में तुम्हे बोल रही हु.
बख्तावर होश में आया और उसने नजरे हटा दी.
बख्तावर ; है है है क्या कहा??
माधुरी ; (स्माइल) क्या हुआ बसकटवार जी कहा ध्यान हे. क्या देख रहे थे??
बख्तावर ने नजरे नीची कर ली और वो घबरा गया. जिसे माधुरी नार्मल करती हे.
माधुरी ; (नोट्टी स्माइल) ओह्ह्ह आप भी न बख्तावर जी बड़े बदमाश हो.
बख्तावर में थोड़ी हिम्मत आई और उसने नजरे ऊपर कर के फिर वही सीन देखा. माधुरी भी उसकी पूरी मदद करती हे. और उसके करीब आ गई.
माधुरी ; (स्माइल) किसी लग रही हु??
लेकिन बख्तावर की नजर तो उसके जोबन से हैट hi नहीं रही थी.
बख्तावर ; (होश में नहीं) बहोत बड़े हे.
माधुरी ; (झूठ शर्माना) अब बस भी कीजिये न मुझे शर्म आती हे.
बख्तावर ने नजरे हटाई.
बख्तावर ; अरे माशा अल्लाह आप तो कोई जन्नत की हर लग रही हो.
माधुरी ; आओ एक सेल्फी हो जाए.
बख्तावर माधुरी के पीछे आ गया. उसकी टाच करने से अभी भी फैट रही थी. माधुरी एक सेल्फी लेती हे.
माधुरी ; (स्माइल) अरे पीछे क्यों हैट गए.
बसकटवार को समाज नहीं आता वो क्या करे. उसके डिल में बेचैनी होने लगी. बख्तावर ने बचो वाली हरकत कर दी. जैसे पापा के हाथ में कोकाटे हो और बचा अचानक से छीन कर कोकाटे छुपा देता हे वैसे hi बख्तावर ने माधुरी के बूब्स को अचानक से दोनों हाथो से भोपू दबा कर पीछे हैट गया. माधुरी कड़ी उसे नार्मल स्माइल से देखती हे.
माधुरी ; (स्माइल) ये आप ने क्या किया बख्तावर जी.?? है??? बोलो???
बख्तावर कुछ बोलता नहीं हे बस बचो जैसे खड़े रहता हे. उसे कुछ समाज hi नहीं आया की वो शुरुआत कैसे करे. माधुरी जैसी हाशिन मॉल को छोड़ने के चक्कर में वो इतना ज्यादा एक्साइट हो गया की वो सीधा hi हमला करने पर उतारू हो गया. पर उसे माधुरी के नाराजगी का भी दर लगने लगा. वही माधुरी भी खुश हो गई. उसे तो बना बनाया कुत्ता मिल गया. बस उसे अब उसके गले में पत्ता डालना था. माधुरी जोरो से हस्ती हे अब उसे कोई खेल खेलने की जरुरत नहीं थी.
माधुरी ; (स्माइल) क्या चाहिए ये???
माधुरी ने कातिल मुस्कान के साथ बसकटवार के सामने अपने बूब्स को हइशारा करते हुए कहा. और बसकटवार को दर ये लग रहा था अब माधुरी उसे उस गलती की सजा तो नहीं देगी. कही वो उसे थप्पड़ न मर दे.
माधुरी ; (स्माइल) बोलो न वार्ना में चली जाउंगी.
बख्तावर ; (हडबडात) नहीं नहीं मत जाओ. मुझसे गलती हो गई.
माधुरी को बहोत मजा आने लगा.
माधुरी ; (स्माइल) लो ले लो आओ.
बख्तावर खड़ा hi रहा वो आगे नहीं आया. तो माधुरी खुद उसके पास गई. वो कपङे लगा. माधुरी हस्ते हुए मन में सोचने लगी. एक गुंडा जो दिन दहाड़े किसी का भी कतल कर देता हे वो एक औरत को खुला छूने से दर रहा हे. वो माधुरी के साथ क्या करेगा वो तो बता hi चूका था. माधुरी उसके करीब गई और उसके कपट हुए हाथ को पकड़ कर अपने बूब्स पे रख देती हे.
माधुरी ; (स्माइल नशीली) लो क्या करना चाहते हो. जो करना हे कर लो.
पहले तो वो डरा और दर और घबरात में उसने उसका बूब्स जोर से निचोड़ दिया. लेकिन माधुरी ने अपनी स्माइल नहीं छोड़ी. वो उसे बस स्माइल करते हुए देखती हे.
माधुरी ; सससस अह्ह्ह्ह. (स्माइल)
वो पहले एक फिर दूसरा दोनों बड़े बड़े बूब्स को जोर जोर से गोल गोल मथने लगा. माधुरी को दर्द तो हुआ और मजा भी आया पर दोनों को उसने जाहिर नहीं होने दिया. बसकटवार ने उसके ड्रेस को निचे कर दिया. तो माधुरी के दोनों गुलाबी निप्पल्स वाले बूब्स बहार आ गए. माधुरी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. जैसे दोनों बूब्स बहार आए माधुरी बख्तावर के फेस को स्माइल करते हुए नोट करने लगी. बख्तावर का मुँह खुल गया और मुँह से गरम हवा निकल गई. साथ उसकी आंखे भी आलू की तरह बहार आ गई.
माधुरी ; (स्माइल) कैसे हे???
बख्तावर कुछ बोल hi नहीं पता तो माधुरी उसे एक हलकी सी चमत उसके गाल पे मरी और अपने ड्रेस को ऊपर कर दिया.
बख्तावर ; नहीं नहीं रानी साहेबा नहीं.
माधुरी ; (थोड़ा गुस्से में) होश में आओ बख्तावर जी.
बख्तावर को एहसास हुआ की अभी उसके साथ क्या हुआ. बख्तावर ने माधुरी से नजर हटाई और इधर उधर तेज़ टहल ने लगा.
माधुरी ; मेरे ख्याल से मुझे चलना चाहिए.
बसकटवार माधुरी के सामने अचानक आ गया.
बख्तावर ; नहीं नहीं. माफ़ करिये रानी साहेबा मुझसे गलती हो गई. माधुरी उसे स्माइल करते हुए देखती हे तो बख्तावर भी है गया.
माधुरी ; जाओ बख्तावर मेरे लिए एक बढ़िया जैम बनाओ.
बख्तावर ; जी रानी साहेबा.
बख्तावर के नाम से माधुरी ने जी हटा दिया इसका उसे आभास hi नहीं था. बख्तावर ने एक पग माधुरी को दिया और अपना पग एक hi साँस में खींच गया. माधुरी जान बच कर देखा और एक सिंगल चेयर को खींच कर बिच में बैठ गई. बख्तावर उसे देखने लगा. अब वो कहा बैठे.
माधुरी ; क्या हुआ बैठो.
बख्तावर ; जी कहा.
माधुरी ने जमीं की तरफ हिसार किया.
माधुरी ; अरे यार यही मेरे पास बैठो यार.
माधुरी की भासा भी चेंज हो गई और बख्तावर मजबूर हो गया उसके पास बैठने के लिए.
माधुरी ; क्या हुआ निचे नहीं बैठोगे. क्या मुझे भी निचे बैठना पड़ेगा. वो मेरी ड्रेस ऐसी हे न.
बख्तावर उसके पास बैठने गया तो माधुरी ने फिर टोका.
माधुरी ; अरे सामने आओ न मेरे पास.
बख्तावर को अब अपनी बजती महसूस हुई. माधुरी ने उसका हाथ पकड़ा और अपने सामने कदमो में उसे जबरदस्ती खींच के बैठा दिया. मगर बैठने के बाद वो जाहिर नहीं कर पाया. माधुरी ने एक शिप मारा और बोली.
माधुरी ; (स्माइल) है तो क्या बोल रहे थे आज दिन में. में तुम्हारी बीवी होती तो क्या करते.
बख्तावर ; रानी साहेबा आप मुझे बहोत अच्छी लगती हो. डिल चाहता हे की आप से निकाह पढ़ लू.
माधुरी ने एक गहरी साँस ली और बोली.
माधुरी ; तुम्हे पता हे बख्तावर मेरी राजा सब से बिलकुल नहीं बनती.
बख्तावर ; कोण राजा शब्???
माधुरी ; मेरे पति.
बख्तावर ; तो मुझसे निकाह पढ़ लो न. क्या में भी पसंद नहीं हु. में आप से बहोत महोब्बत करता हु.
माधुरी हस्ती हे.
माधुरी ; नहीं बख्तावर. मुझे पति नहीं कुत्ते पास एंड हे. लेकिन राजा शब् मेरे कुत्ते बन ने को तैयार hi नहीं. वो तो अपने आप को शेर समज़ते हे. अब तुम hi बताओ बख्तावर मेरे जैसी हसीना को पाने के लिए. मेरे साथ बिस्तर पे रत बियाने के लिए मेरा कुत्ता बन में कोई हर्ज हे.
बख्तावर ; नहीं.
माधुरी ; क्या होजाएगा मेरे कुत्ते गुलाम बन गए तो. मेरी थोड़ी सी चापलूसी कर ली तो. मुझे नंगा कर के रत भर मौज मस्ती करने भी तो मिलेगी.
माधुरी ने ऐसा पैसा फेका की बख्तावर के होश उड़द गए. उसे फिर उम्मीद दिखने लगी. उसने तुरंत माधुरी की जंगो में अपने दोनों हाथ टेके और सर भी रख दिया. और एक्साइट होते हुए बोलै.
बसकटवार ; तो मुझे बना लो न अपना कुत्ता. में आप की खिदमत करूँगा.
बख्तावर बहोत एक्साइट हो गया.
माधुरी ; नहीं बसकटवार तुमसे नहीं होगा.
बख्तावर ; अरे में कर लूंगा बस आप मुझे अपना लो.
माधुरी ; अरे बाबा में अपने कुत्तो को मरती भी हु. उसने पाव तक चटवा देती हु.
बख्तावर ; तो में चाटूँगा न. आप के तो माशा अल्लाह पाव भी कितने खुबशुरत हे.
और बसकटवार खुद जमीं पर पूरा झुक कर माधुरी की सेंडल समेत पाव चाटने लगा. माधुरी के फेस पे अजीब सी स्माइल आई. डट कप कपङे लगे. उसने महसूस किया वो अब लोट आई हो. उसे पाव पे बसकटवार की गीली जीभ महसूस होने लगी. अपने सर को पीछे कर के अपनी आंखे बंद कर दी.
माधुरी ; अह्ह्ह सससस ( बंद आंखे खुमारी)
वही स्वीटी निचे गेट पर गुंडों के सामने पोज़ दे रही थी. जग्गू हार्ड फ़ोन से माधुरी की बाटे सुन के लैंड खड़ा महसूस कर रहा था. उसे स्वीटी की याद आने लगी.
इसे वक्त पे बीवी या गर्लफ्रेंड hi काम आती हे.
जग्गू खड़ा हुआ और स्वीटी को ढूढ़ने लगा उसने देखा स्वीटी निचे गेट पर कड़ी हे और सब गुंडों की नजर स्वीटी पर hi हे. स्वीटी एक पद के सहारे कड़ी पोज़ दे रही हे.
जग्गू ने देखा स्वीटी स्किन टाइट T-shirt और कासी हुई जिंश में बम लग रही हे. वो भाग के निचे आया और स्वीटी के आगे खड़ा हो गया.
जग्गू ; (हफ्ते हुए) यहाँ क्या कर रही हो.
स्वीटी ; (स्माइल) मेम ने कहा हे इन चुतियो को उलझाए रखना हे. देखो में हॉट लग रही हु न.
स्वीटी ने एक पोज़ जग्गू को भी दिया.
जग्गू ; है पर.
स्वीटी ; पर क्या.
जग्गू ; मुझे तुम्हारी जरुरत हे.
स्वीटी ; क्यों??
जग्गू ; (स्माइल) तुम्ही ने कहा था न. ऐसे खास मोके पर बीवी या गर्लफ्रेंड hi.....
स्वीटी समाज गई. जग्गू क्या बोलना चाहता हे. स्ववित्तय और जग्गू दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ के अंदर भागने लगे. गुंडों के ढिल्लो पे छुरिया चल गई. वो दोनों रूम में पहोच गए. दूर खोलते खोलते एक दूसरे से टकराते किश करते हुए अंदर पशुचे. एक एक दूसरे की बहो में लिए धड़ाम से बाद पर कूड़े.
वही माधुरी एक पतली सी बाद सहित में लेती हुए थी. और उसकी दोनों टैंगो के बिच बसकटवार मुँह लगाए हुए था. माधुरी सिसकारियां भर रही थी उसे बहोत मजा आ रहा था.
माधुरी ; ससस अह्ह्ह सबस मेरे टौमी ससस अह्ह्ह.
तभी धड़ाम से किसी के बाद पे गिरने की आवाज आई. माधुरी समाज गई वो जग्गू और स्वीटी हे. बख्तावर ने सर उठाया.
बख्तावर ; क्या हुआ ये.
माधुरी ने तुरंत hi उसका सर निचे दबा दिया.
माधुरी ; तुम अपना काम चालू रखो वो मेरे दृवार और प् हे. उन्हें भी मौज करने दो.
बख्तावर माधुरी की छूट चाट ते हुए अपना लैंड हिला रहा था. अचानक वो अंतिम चरण पे पहोच गया और उसकी पिचकारी जोर से छूट गई. माधुरी को बिना चोदे hi उसका ढेर सारा पानी निकल गया.