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- Dec 5, 2013
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सुबह का वक्त था. जग्गू और माधुरी दोनों दिल्ली पहोच चुके थे. माधुरी ने एक इंडियन वुमन घरेलु ब्यूटीफुल महिला का लुक लिया हुआ था. कोई देखे तो तुरंत समाज जाए आम घरेलु सुन्दर सी हौस्विफे दिख रही थी जो अपने पति के साथ पहेली बार घूमने जा रही हो. उसका बेहवे भी ऐसा था जैसे घर सँभालने वाली अपने बजट में जीने वाली औरत हो. साथ जग्गू उसका पति बन कर कोई आम नौकरी करने वाला hi लग रहा था. बोर्डिंग पास लेकर वो जान बच कर पूछते पूछते जा रहे थे. जैसे पहेली बार हवाई जहाज का सफर कर रहे हो. फ़्लैट के लिए तकरीबन 2 घंटे का वक्त था. माधुरी ने एक साउथ इंडियन साड़ी पहन राखी थी.
जग्गू ने भी अपने सर पर छोटा सा साउथ वालो के जैसे टेढ़ा टिका लगाया हुआ था. होम एड्रेस पर भी केरला था. कोई भी देखे तो उसे यही अहसास होगा की वो साउथ इंडियन हे और घूमने के लिए जा रहे हे. वो दोनों चेयर पर बैठ गए. सभ्य लोगो के जैसे कोई भी गन्दी हरकत नहीं की. माधुरी ने जग्गू के कंधो पर हाथ रखा और सर भी उसके कंधो पर टिका दिया.
माधुरी ; (धीमे से) केसा लग रहा हे मेरा पति बन कर.
जग्गू ; (धीमे से) कमल हे. तुमने मेरा नाम वेंकट...
माधुरी ; ऐसे मत बोलो. कैमरा में जो हम बोल रहे हे भले hi वो सुन नहीं सकते. पर वो हमारे लिप्स कैसे हिल रहे हे उसपे से भी ये पता लगा लेंगे की हम क्या बात कर रहे हे. कुछ भी बोलो मुँह पे रुमाल लगा के बोलो. हम पर हर मुल्क कहि ख़ुफ़िया एजेंसी की नजर हे. रॉ, ISI,KGB,MI, मोसाद, या फिर हमारी प्यारी त्रिनेत्र.
तुरंत hi जग्गू ने रुमाल निकला और मुँह पोछने के लिए अपने लिप्स पे रखा.
जग्गू ; हम किसके लिए काम कर रहे हे. क्या हु में.
माधुरी हसने लगी. जैसे उसके पति जग्गू उर्फ़ वेंकट ने कोई मज़ाक किया हो.
माधुरी ; तुम मेरे लिए काम कर रहे हो. अपनी बीवी के लिए. (स्माइल) जोरू के गुलाम कही के.
जग्गू ; है पर हु to,tumhara पति.
माधुरी ; ससस बाबा रुमाल लगाओ. हम हिंदी में बात कर रहे हे. वो पागल नहीं हे. तुम हो वेंकट और में हु वेदिका. वह पहोच कर हम नाम फिर बदल लेंगे. पति कही के ( smaile)hmmmm.
जग्गू ; अभी एक घंटा हे.
माधुरी ; फिर सोने दो मुझे.
जग्गू चुप हो गया. पर माधुरी भी सोइ नहीं थी. वो अपने पुराने वक्त को hi याद कर रही थी. उसे याद आ रहा था. कैसे शादी से पहले वीर ने उसे छोड़ने के लिए चुटिया बना कर एक पार्टी में शराब पिलाई थी. और माधुरी के नखरे वीर को भरी पद गए थे. माधुरी को उस वक्त भी पूरा यकीं था की वीर उसे छोड़ भी लेगा पर फिर भी उसी से hi प्यार करता रहेगा. वो धोखा नहीं देगा. माधुरी डांस फ्लोर पे डांस करती रही और उसे बहोत नशा हो चूका था.
वीर (तपन) ; चलो मधु अब बस करो हमें जाना हे.
माधुरी ; (फुल नशे में) नहीं बे तपन के बचे. तेरी गांड फैट रही हे. आज ये बसंती डिल खोल के नाचेगी. लेकिन वीरू तेरी गांड फैट रही हे. ले ले ले क्या हुआ मां लेट नाईट घर से जाने नहीं देती मेला सोनू मोनू.
वीर हां रहा था क्यों की वो जनता था उसका नाम वीर हे. और बसंती बांके उसे वीरू बुलाया. तभी म्यूजिक बंद हो गया. माधुरी लदखते हुए छिलाई.
माधुरी ; साला भें छोड़ कइने बंद किया बजाओ सालो.
पर कोई उनकी बात नहीं सुन रहा था. और सब बहार जा रहे थे. वो पब में थे.
वीर ; अब चलो देखो सरे जा रहे हे.
वो दोनों बहार आने लगे. वीर माधुरी को सहारा दे रहा था. बहार आए तो वीर बोलै.
वीर ; रुको में टैक्सी लेकर आता हु. तुम यही बैठो.
माधुरी रोड पर hi निचे बैठ गई. और आंखे बंद कर के जुलती हुई बोली
माधुरी ; ोय ोय ोय तपन. यहाँ आ मेरे पास.
वीर माधुरी की एक्टिंग देख के हसने लगा. वो आया और घुटनो पर उसके पास बैठा. माधुरी नशे में थी बावजूद उसका हाथ फिट पकड़ लिया.
माधुरी ; (नशे में) तू तू बाइक क्यों नहीं लाया है है
वीर ; वो में वो.
माधुरी आंखे बंद सर निचे कर के ज़ूम के नशे में बोली.
माधुरी ; (स्माइल) हम्म्म में जानती हु तपन के बचे सेल चूतिये तू बाइक क्यों नहीं लाया (स्माइल) हम्म मुझे टेक्सी में लेजाकर दबाएगा ऊँगली डालेगा किश करेगा हम्म्म में सब जानती हु. पर सेल भें भें.
वीर ; भें छोड़ राइट.
माधुरी ; चुप बिच में मत बोल. हम्म्म है तो जो तू बोलै वही पर शादी से पहले no फ़क समझा?
वीर ; है है
माधुरी ; ok तो मुझे उठाओ और मेरे हॉस्टल तक लेके जाओ.
वीर की गांड फैट गई. उसे उठा कर कैसे ले जाए. उसने माधुरी को सहारा दे कर खड़ा किया. तभी एक टेक्सी वाला आया.
टेक्सी ; शब् टेक्सी??
माधुरी वीर की बहो में कड़ी टेक्सी को देखती हे.
माधुरी ; (नशे में) नहीं भैया टेक्सी ली तो ये कमीना साला तेरी भें को छोड़ देगा समझा.
टेक्सी वाला समाज गया की उसने शराब पि हुई हे. वो तुरबत निकल लिया. माधुरी नशे में झूमते हुए स्माइल करते हुए बी करती हे.
माधुरी ; (स्माइल) बी.... बी ...
माधुरी ने वीर को स्माइल किया और नशे में बोली.
माधुरी ; (स्माइल) देखा. मेने उसकी बहन को छोड़ने से बचा लिया.
माधुरी की बातो से वीर को बहोत हसी आ रही थी. माधुरी और वो दोनों ताली दे दे कर है रहे थे. तभी माधुरी उसकी पीठ पे ज़ुल गई
माधुरी ; उठाओ मुझे. हम्म
वीर थोड़ा और ज़ुका. माधुरी भी सवार होने के लिए उछलती हे. पर उसकी नरम मुलायम हिप्स पे वीर भी घुमा कर हाथ रखता हे.
माधुरी ; आउछ सससस (स्माइल) हम्म चांस हम्म अब हाथ हटाओ
वीर ने हाथ हटा दिया. माधुरी उसके ऊपर hi पीठ पर चढ़ी हुई थी. वीर ने एक बार सर उठा कर माधुरी को देखा.
दोनों बाटे करते हुए समशान शदक पर चलते रहे. माधुरी नशे में बहोत कुछ बोलती रही और वीर भी उसकी बाटे सुनते हुए हस्ता रहा. माधुरी को गेट पर उतरा.
वीर ; लो पहोचा दिया तुम्हे. बिना चोदे अब तो खुश हो न.
माधुरी का नशा अब भी काम नहीं हुआ था पर उसे वीर की सवारी करने में बहोत मज़ा आया. उसे वीर पर और ज्यादा प्यार आया. वो वीर से ज्यादा प्यार कर बैठी. उतर ते के साथ माधुरी ने वीर के गलो पे अपनी लिप्स रख दी.
वीर की आंखे बंद हो गई. और वो माधुरी के प्यारे लिप्स को इंजॉय कर रहा था. माधुरी ने किश ख़तम किया. उसे नशा तो अभी भी था पर वो शर्मा रही थी. वीर के फेस पे भी स्माइल थी.
माधुरी ; (स्माइल शर्माना) तपन नेक्स्ट टाइम हम टेक्सी में hi आएँगे
तभी माधुरी गिरने लगी और वीर ने उसे थम लिया. वो माधुरी के पीछे था और उसका एक हाथ कमर में और दूसरा कमरे में.
वीर ; (स्माइल) और टेक्सी में उस टेक्सी वाले की बहन चुद गई तो.
माधुरी ; (स्माइल) अरे बाबा उसके जीजा hi छोड़ेगा न तो फिर क्या प्रॉब्लम हे.
वो दोनों जोर से हसे उसके हॉस्टल के ऊपरी मंज़िल की लाइट चालू हुई और एक बुढ़िया मोती सी बहार निकली. जिसे देख कर वीर की हवा निकल गई. माधुरी तो नशे में मस्त थी. पर वीर उस बुढ़िया को hi देखे जा रहा था.
वरदान ; हे हे मन क्या करता हे. लड़की को साला रास्कल बिगड़ता हे.
वीर ; अरे नहीं नहीं मेम. इसे किसी ने पारी में धोखे से शराब पीला दी. में तो सेफ लेकर आया हु.
तभी जग्गू ने माधुरी को उठाया.
जग्गू ; चलो चलो अनाउंस हो गया. फ़्लैट का टाइम हो गया.
माधुरी के फेस पे बिता कल याद कर के एक प्यारी सी मुश्कान आ गई.
जग्गू ; क्या हुआ? क्यों स्माइल कर रही हो.
हम लोग शाम तक अपनी मंज़िल में पहोच चुके थे. एक होटल में पहले से hi बुकिंग था. हम जब होटल के एंट्रेस पर पहोचे और मेने दूर ओपन किया ठंडी हवा का ज़ोका लगते hi मुझे एहसास हो गया की हम समुन्दर के किनारे पर हे. आलिया को नींद आ रही थी. पर वैसे ज्यादा नींद तो ेराम को आणि चाहिए थी. मुझे ेराम जरा भी थकी हुई नहीं लग रही थी.
बल्कि वो तो मुझे ज्यादा एक्साइट लग रही थी. हम अंदर जा रहे थे तभी ेराम ने दरबान से पूछ लिया.
ेराम ; (फ्रेंच) यहाँ समुन्दर कितनी दूर hoga??(smaile)
वो कुछ बोले उस से पहले में बोल पड़ा.
में ; हम बिलकुल नज़दीक हे. ये होटल समुन्दर के hi किनारे पर हे.
ेराम ; ससस पर कहा दिख तो नहीं रहा.
में उसके करीब गया और ठंडी हवा की तरफ उसका फेस किया. उसने भी हवा महसूस की और आंखे बंद कर ली.
में ; ध्यान से आवाज सुनो.
ेराम ने आंखे बंद की और हम्म्म कर के मुँह हिलाया.
ेराम ; वाओ तुम तो बहोत स्मार्ट हो.
हमें रूम no 19 मिला था. हम रूम के लिए अंदर जाने लगे. हमारा सामान पहले hi अंदर पहोच गया. आलिया मेरे कंधो का सहारा लेकर मरी मरी चल रही थी. उसके सर में दर्द था.
ेराम ; तुम एजेंट क्यों बने. ये लाइफ बहोत बहोत मुश्किल हे.
में ; (स्माइल) पता नहीं. पर माँ के कहने पर तुम क्यों मन गई. जब की तुम्हे आलिया ने मुझसे शादी करवाने का वादा भी कर दिया.
ेराम शर्मा गई और सर निचे कर लिया.
ेराम ; (स्माइल) पता नहीं.
मुझे उसका शर्माना अच्छा लगा. में सोच नहीं प् रहा था उसे शादी कर के में कही बाद में मन करू और कही उसका डिल न टूट जाए. हम अपने आलीशान रूम में पहोच गए.
में ; देना के लिए कही चले?
आलिया ; नहीं मुझे नहीं चलना प्लीज मुझे सोना हे.
वो नहीं उठ रही थी. में बाथरूम में घुस गया और रेडी होने लगा. ेराम मेरे बाद में गई जब में रेडी हो कर अपने मोबाइल में देख रहा था तभी ेराम की आवाज आई.
ेराम ; (स्माइल) चले??
ेराम रेडी हो चुकी थी. वो हमेशा की तरह बहोत ब्यूटीफुल लग रही थी. उसे देख कर में कुछ नहीं बोलै बस उसे सर से लेकर पाव तक देखते hi रहा.
ेराम ; (स्माइल) ऐसे क्या देख रहे हो?? क्या में अच्छी नहीं लग रही??
में ेराम के करीब आया और उसकी कमर में हाथ दाल कर उसको अपने करीब अपने से सत्ता लिया.
में ; अच्छी??? तुम बहोत खुबशुरत लग रही हो समझी.
मेने ेराम के लिप्स पे किश कर दिया.
ेराम ; (स्माइल) अब चलो भी.
हम दोनों हाथो में हाथ थामे निचे आए हम बहार पास में hi एक ओपन रेस्टोरेंट था वह गए. वह सब सेल्फ सर्विस था. में ऑर्डर देने के लिए लाइन में खड़ा था. ेराम मुझसे ज्यादा दूर नहीं थी. में लाइन में खड़ा उसे hi देख रहा था.
वो स्माइल करते हुए मुझे hi देख रही थी. मेरी नजर उस से हैट hi नहीं रही थी. तब पूछे वाले ने मुझे थोड़ा सा पुस किया और मुझे थोड़ा नाराज होते हुए बोलै. मेने सॉरी कहा और आगे हुआ. ये देख कर ेराम बहोत जोर की हसी. मेरी नजर ेराम पे hi तिकी हुई थी.
में कुछ खाना लेकर उसके पास पहोचा. हम एक टेबल पे पहोचे और देना स्टार्ट किया. जब मेने तिसु पेपर पकड़ा मुझे ऐसा लगा जैसे उसमे कुछ लिखा हुआ हे. में सोक था. क्यों की उसमे लिखा था.
वेल के कोर्सिका. सससस पर अपनी बीवी को अकेली छोड़ दिया. वो भी सोते हुए सससस वैरी बाद.
में तुरंत hi खाना छोड़ दिया और उठ कर भागने लगा.
ेराम ; (सोक) अरे क्या हुआ. मुझे तो बताओ.
में भगा मेरे पीछे ेराम भी भागी. दुश्मन की नजर हम पर अब भी हे और अब वो मेरे साथ खेल रहे हे. में बहोत तेज़ भाग कर रूम में पहोचा. देखा तो ेराम उलटी लेती हुई हे. मुझे दर सा लगा और में झटके से उसे पलट दिया. लेकिन वो ठीक थी. उसे वाकई कुछ नहीं हुआ था. आलिया मुझे नींद में बोली.
आलिया ; तुम खाना खाने गए थे या टेस्ट करने.
ेराम भी आ चुकी थी. वो भी हम दोनों को सोक हो कर देख रही थी. मेने वो टिशू पेपर आगे किया
आलिया ; अम्म्म बस इस से दर गए.
आलिया बहोत ाशन सब्दो में सब बिन्दा बोल रही थी. में तो आलिया के फेस को देखते hi रहे गया.
आलिया ; वो हमें इस बेडरूम में भी देख रहा हे. साला मादरचोद अपनी मौत के फ़रिश्तो को देख रहा हे. ये देखो.
आलिया ने एंटी कैमरा सिस्टम निकला जो हम इस्तेमाल किया करते थे. अब इसे माँ की मदद से आलिया इस्तेमाल कर रही हे. कमेरो का जल था. बाथरूम को भी नहीं बक्सा. में बाद पर लेट गया और दोनों हसीनाओ ने भी मेरे कंधो को तकिया बना दिया. वो दोनों रत भर सोते रहे पर मुझे नींद नहीं आ रही थी. सुबह के कुछ 4 बज मेरी नींद आ गई. और सुबह मेरी नींद खुली. मुझे मेरे लैंड पे हाथ महसूस हुआ. मेरी आंखे खुली. बाद पर सिर्फ में अकेला था.
मेने वो हाथ तुरंत hi पकड़ लिया. और सर उठा कर देखा. वो ेराम थी. एक छोटी सी ड्रेस पहन कर वो मेरे सामने स्माइल कर रही थी.
मेने उसका हाथ तो पकड़ा पर हटाया नहीं. वैसे भी मेरा फुल खड़ा हो गया था.
ेराम ; (स्माइल) गुड मॉर्निंग मेरे होने वाले शोहर शब्.
में ; (स्माइल) मतलब तुम सुहागरात के लिए तैयार हो हम्म्म.
मेने उसका हाथ खींचने की कोसिस की पर वो बच गई. उसने अपना हाथ खींच लिया.
ेराम ; (हस्ते हुए) अह्ह्ह्ह इतनी अशनि से नहीं.
वो मेरे अब भी करीब hi थी. मेने उसकी ड्रेस के निचे से हाथ डाला और कैसे जैसी जंगो पे रख दिया. में हाथ ऊपर की तरफ खिसकने लगा.
ेराम ; सससस अरे पहले फ्रेस हो जाओ आज हम बिच पे घूमेंगे. पता हे यहाँ बिच बहोत ब्यूटीफुल हे.
में ; (स्माइल) हम्म फिर आज मेरी होने वाली बीवी कुछ हॉट पहनेगी या नहीं.
वो शर्मा गई.
ेराम ; (स्माइल) है पक्का. पर आप खड़े तो हो.
में ; (स्माइल) देखो खड़ा hi तो हे.
ेराम ऊपर टेबल पे बेथ गई और आंखे बंद कर के अंगड़ाई लेती हे. और अपने हाथो से अपनी छूट मशाल देती हे.
ेराम ; (स्माइल) सससस उफ्फ्फ तुम मुझे बहार जाने नहीं डोज में भी बहे जाउंगी सससस
ेराम मेरे पास आई. उसने मेरी टैंगो को खोला और झुक कर मेरे लैंड को पकड़ के अपनी लिप्स पे घिसने लगी. मुझे बहोत मज़ा आने लगा. वो अपनी बड़ी बड़ी आँखों से मुझे hi देख रही थी. फ़ी अचानक hi मेरे लैंड को वो निगल hi गई. उफ्फ्फ्फ़ क्या एहसास था. मज़ा आ गया. पर जब आंखे बंद की तो मुझे ऐसा लगने लगा जैसे माधुरी मेरा लैंड चूस रही हो. मेरा लैंड अकड़ गया.
डिल की धड़कने तेज़ हो गई. अपने गुस्से को कंट्रोल करने की कोसिए की पर माधुरी ने जो मेरे डिल में जलन पैदा कर दी थी. मेरा पूरा बदन अकड़ गया. और मेरा लावा निकल गया. में काफी शांत हो गया. वो मेरे ऊपर आ गई.
ेराम ; क्या हुआ मूड क्यों ठीक नहीं हे हम्म.
में कुछ नहीं बोलै बस उसको बहो में लेकर कुछ वक्त खामोश रहा जो गलती पहले की और माधुरी के गुस्से की वजह से मेने जो आलिया को तकलीफ दी थी वो तकलीफ में ेराम को नहीं देना चाहता था.
ेराम ; चलो बिच पे मज़ा आएगा.
में ; तुम जाओ में थोड़ी देर में आ जाऊंगा.
ेराम ; पक्का???
में ; (स्माइल) है बाबा पक्का.
ेराम नाराज हो गई. वो एक छोटा बैग लेकर निचे चली गई. में अब रूम में अकेला था. मुझे पता नहीं चल रहा था में क्या करू. मुझे आलिया की याद आई. गोवा में उसने कैसे ेराम से बाज़ी मरी थी और उसे मेरे पास आने नहीं दिया था. उस वक्त साथ शिल्पा भी थी. मुझे नै सरुअत करनी थी. पर अब मुझे आंखे बंद करने से भी दर लग रहा था. में विंडो के बस गया. मुझे ेराम दिखी. वो स्कर्ट बोटिंग करने की तयारी कर रही थी. वो स्वीमिंग कसकम में थी.
में ये क्या देख रहा था ेराम स्विमिंग कसकम में ोय माय गॉड. में जल्दी se,apne सामान के पास पहोचा और बैना coolar(durbin) निकल कर दोबारा विंडो पे आया और उसे कुछ करीब से देखने लगा.
वाओ मेरे पास हॉट गर्ल हे और में देवदास जैसे जी रहा था. में सोचने लगा में उसे देख कर अपनी आंखे सेकने लगा. रोज तुम जिस वुमन को रोज देखते हो और वो अचानक तुम्हारे सामने ऐसे hot,avtar में आ जाए जाहिर हे तुम्हारा डिल खुश हो जाएगा.
में ेराम को देख कर मुस्कुरा रहा था. जब की उसका डिल नहीं लग रहा था. क्यों की वो मुझे अपने पास चाहती थी. वो स्कर्ट बोर्ड को जोर से पटकती हे. मुझे उसे देख कर हसी आ रही थी. वो पानी में गई. मेने भी दोबारा बैना कूलर को अपनी आँखों पे लगाया. वो पानी में बैठी थी. उसका फेस डाउन था.
मुझे उसे देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था. मेरा मूड ठीक हो गया. उस अवतार में वो बहोत हॉट लग रही थी. में कसकम में उसके हॉट फिगर हॉट बूब्स को ताड रहा था. तभी वो पानी में hi बेथ गई.
में कुछ भी मिस नहीं करना चाहता था. ओह माय गॉड पानी में भीगे उसके बॉडी part देखने का मूड. मेने ज़ूम किया. वो तो बिंदास पानी में बैठी हुई थी. मेने ज़ूम किया और दोनों टैंगो के बिच वो नीले समुन्दर का कच जैसा पानी.
उफ्फ्फ अब मुझसे बरदास होना मुश्किल था. में उसके पास जाने के लिए फटाफट अपने कपडे उतरने लगा. में सर्फ एक निक्कर में हो गया. में फटाफट रूम को लॉक किया और उस के पास जाने के लिए में निकल गया. में निचे आया और उसके पास जाने लगा. वो भी मुझे देख चुकी थी. उसके फेस पे भी स्माइल आ गई. वो भी अपनी लम्बी मस्त कासी हुई टैंगो से लम्बे कदम चलते हुए मेरी तरफ आने लगी.
जैसे hi वो मेरे करीब आई. उसको नज़दीक से देखने का मज़ा और बढ़ गया. उसका हर हिस्सा खुबशुरत था. उसका फेस उसका फिगर. मगर वो बहोत हॉट भी लग रही थी. मेरा ध्यान तो बार बार उसके बूब्स से लेकर कासी हुई कमर और उसकी छूट वाले हिस्से पर जो भीगने से पूरी चिपकी हुई और कासी हुई लग रही थी.
वो मेरे बिलकुल करीब आ गई. समुन्दर की तेज़ हवा में उसके बल उड़द रहे थे. और वो स्माइल करते हुए मुझे hi देख रही थी. वो मेरे पास पहोच गई.
ेराम ; (स्माइल बिग) बहोत देर करदी??
में ; (स्माइल) आने वाला नहीं थी पर ऊपर से तुम्हे देखा तो अपने आप को रोक नहीं पाया.
वो जोर से हसी.
ेराम ; (स्माइल) वह वह वह अच्छा मतलब मेरा हॉट फिगर देख कर तुम्हारा मूड बन गया हम्म्म देखो किसी लग रही हु. हॉट हु न?????
ेराम बोल कर अपने दोनों हाथ ऊपर कर के गोल घूमी. ोय होय होय. उसके हिप्स पुरे कसकम में चिपक गए थे. एकदम काशी हुए और मस्त गोर गोर हिप्स देख कर मेरा डिल तो खुश हो गया. मेने अपने लैंड पे हाथ घुमाया जिसे देख कर वो जोर से हसी. और मेरा हाथ पकड़ के बोली
ेराम ; (स्माइल) चलो अब पानी में कब से तुम्हारा वेट कर रही थी.
वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खींचने लगी. हम दोनों पानी में गए और जोर से जम्प मारा. उसने मुझे धक्का मारा में पानी में गिरा वो मुझे देख कर जोर से हसने लगी. लेकिन में तो उसके खुबशुरत बदन को निहारते hi रहा.
एक लैब में डीके कुछ गुंडों के साथ बैठा वीर के वापस रूम में आने का इंतजार कर रहा था. वो स्क्रीन पे लगातार देखे जा रहा था. तभी एक गुंडा उसे जोर से पुकारता हे.
गुंडा ; बॉस बॉस बॉस. आप की चिड़िया आ गई.
डीके तुरंत hi उसके पास गया. और स्क्रीन को देखने लगा.
डीके ; कहा बे चूतिये ये घोड़े गाड़ी में क्या???
गुंडा ; है सर में पहचान गया. साली मद्रासन बन के आई हे. साथ कोई चूसा हुआ आम हे.
( अंदर माधुरी और जग्गू दोनों एक वह की बग्गी में बैठ कर घूमने निकले थे. उन्होंने एक सस्ते से होटल में रूम बुक किया हुआ था. जग्गू का हाथ माधुरी की जंगो पे था. साउथ इंडियन साड़ी में माधुरी जबरदस्त खुबशुरत लग रही थी. जग्गू ने झटके से माधुरी का फेस थमा और लिप्स से अपने लिप्स सत्ता दिए और जबरदस्त किश करने लगा. उसके हाथ माधुरी के पैट पे था. वो धीरे धीरे ऊपर खिसका ने लगा.
जैसे hi माधुरी की lips,aazad हुई. वो सिसकारी भरने लगी. उसकी आंखे बंद हो गई. और मस्त नशा चढ़ने लगा.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससससस क्या कर रहे आप सससस होटल तक तो रुको अह्ह्ह्ह सससस.
जग्गू माधुरी के गले पर लगातार चूमे जा रहा था. माधुरी के गर्दन पर गरम संशो और जग्गू की रगड़ जबरदस्त लग रही थी. जग्गू ने साड़ी के ऊपर से hi माधुरी के बूब्स पकड़ लिए और जोर जोर से दबाने लगा. माधुरी को जैसे झटका सा लगा. उसका मुँह खुल गया और
माधुरी ; अह्ह्ह सससस.
जग्गू जबरदस्त तरीके से बूब्स मशालते हुए अपने होठो से माधुरी के कण की लव को मुँह में भर लेता हे. माधुरी के मुँह से गरम हवा निकलने लगी.
माधुरी ; (आंखे बंद) अह्ह्ह ससस प्लीज रुकूउ सा प्लीज हम ससस होटल में भी तो कर सकते हेना सस्सा.
जग्गू ; सससस तुम इतनी जबरदस्त लग रही हो ससस रुका नहीं जा रहा सससस हटाओ इसे.
जग्गू माधुरी का पल्लू जो सीने पर था उसे हटाने की कोसिए कर रहा था. पर पिन लगी हुई थी. जिसे जग्गू खींचने की कोसिस कर रहा था.
माधुरी ; सससस रुको ससस खोलती हु बाबा आप भी न अह्ह्ह धीरे बाबा.
माधुरी ने जैसे hi पिन निकली जग्गू ने झटके से पल्लू हटा दिया. जग्गू ब्लाउज के आगे का हिस्सा मुँह खोल के ताड़ने लगा. माधुरी का ब्लाउज आगे से पूरा दीं था. जग्गू ने अपनी नक् का हिंसा माधुरी के जोबन की गली में घुसा दिया. माधुरी ने भी उसके लैंड को पंत के ऊपर से hi फिट पकड़ लिया. माधुरी की सांसे जोर होर से चल रही थी.
जिस से उसके बूब्स भी जैसे बड़े होते और अंदर को जाते. गोर हिस्से को देख कर जग्गू रुक नहीं प् रहा था. ब्लाउज के आगे सिर्फ दो hi बोटों थे. जग्गू खोलने की कोसिए करने लगा. माधुरी ने जग्गू का हाथ पकड़ा.
माधुरी ; अह्ह्ह्ह नहीं प्लीज इसे नहीं.
जग्गू ; ससस नहीं खोलो इसे भी.
माधुरी ; पर यहाँ कोई देखेगा तो अह्ह्ह्ह अच्छा रुको ससस आप भी na.(sharmana)
माधुरी ने दोनों हुक खोल दिए. ब्लाउज ऐसा था की उसे पहन ने के लिए ब्रा की जरुरत नहीं पड़ती. माधुरी के गोर गोर बूब्स और गुलाबी निप्पल्स आगे को आ गए. माधुरी का ब्लाउज जैसे जैकेट की चैन खोल दी हो वैसे सामने से खुल कर लटक गया. जग्गू ने माधुरी के दोनों बूब्स को काश के पकड़ लिया और जोर जोर से भिचने लगा. माधुरी ने भी आंखे बंद कर के अपने दोनों हाथ जग्गू के सर पे रख दिए. वो तो बस सिसकारी भर रही थी. उसे मजा भी बहोत जबरदस्त आ रहा था.
जग्गू तो एक बूब्स को मुँह में और दूसरे को हाथो में भर के जोर जोर से चूसे और दबाए जा रहा था. माधुरी के मुँह से तो बस सिसकारी hi निकल रही थी.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह्ह ससस आप भी न ससस होटल तक भी नहीं रुक सकते अह्ह्ह्ह सससस.
माधुरी ने जोर से जग्गू के सर के बल पकड़ लिए और उसका सीना जोर से दबाया. तभी बग्गी वाले ने आवाज दी.
बग्गी वाला ; (इंग्लिश) मेडम आ गया.
जग्गू अलग हुआ. माधुरी ने पहले अपनी सांसे दुरुस्त की और ब्लाउज के हुक लगा ने लगी.
माधुरी ; (स्माइल) आप भी न ऐसे कही भी मत सुरु हो जाया करो. अब उतरो.)
जग्गू बग्गी से उतर गया. जो डीके ने अपनी स्क्रीन पर देखा.
डीके ; साली इस चूज़े को भी लेकर आई हे.
फिर माधुरी ने अपनी तरफ का दूर खोला उसके हाथो में कैमरा था. वो उतारते हुए भी जग्गू का फोटो क्लिक करती हे.
वो दोनों उतरे और डीके दोनों को अपनी स्क्रीन पे देखता रहा. वो दोनों घूमने लगे. वो दोनों पति पत्नी के जैसे घूम रहे थे जेए वो टूरिस्ट hi हो. वो दोनों पेडल चलने लगे. माधुरी जगा जगह फोटोज क्लिक कर रही थी.
जग्गू ; तुम तो कहे रही थी हम वह होलिया बदल लेंगे??
माधुरी ; (स्माइल) क्यों तुम्हारी बीवी बानी हु. ये लुक अच्छा नहीं लग रहा क्या???
जग्गू हसने लगा. वो माधुरी का हाथ पकड़ के चलते गए. तभी एक रोड के सिगनल पर भीड़ हो गई. और दोनों के हाथ छूट गए.
डीके ; सेल दोनों मिया बीवी बन के आए हे हम्म्म उनके होटल का पता लगा सेल कहा रुके हे???
डीके की नजर स्क्रीन पे hi थी. पर अचानक से माधुरी ने स्क्रीन को धोखा दे दिया. वो सिगनल से गायब हो गई. जग्गू भी उसे ढूढ़ने लगा. माधुरी उन सब की आँखों में धोखा दे देती हे और एक लोकल बाजार में घुस गई. वो बार बार आगे पीछे हर जगह देख रही थी. कही कोई उसे देख तो नहीं रहा.
माधुरी वह के एक बहोत hi पुराने लोकल बाजार में पहोच गई. एक लोकल टेलीफ़ोन भूत दिखा. वो उसमे गई. वह पहोच कर उसने एक no डायल किया. तो निचे एक बॉक्स निकला. माधुरी ने बॉक्स को खोला उसमे कुछ चीजे थी. और एक पिस्तौल. सेल्फ लोडेड करने के बाद सब सामान को बैग में रख दिया और बॉक्स को पुस किया. फिर वापस वही पहोच गई.
जग्गू ; कहा चली गई थी?? में तो तुम्हारी फ़िक्र करने लगा पता हे.
माधुरी को जग्गू पे प्यार आ गया. उसने जग्गू के गाल पे किश कर दिया.
माधुरी ; (स्माइल) मेरी फ़िक्र मत करो. ऊपर से मश्ग आया था. बस वही लेने गई थी.
दोनों हाथ पकड़ के चलने लगे. दोनों ने रोड क्रॉस किया.
जग्गू ; क्या मश्ग था???
माधुरी ; वो हमें देख रहे हे. (स्माइल) और ये भी देख रहे हे की तुम्हारा हाथ कहा हे.
माधुरी बोल के हसने लगी. जग्गू ने माधुरी के हिप्स पे हाथ रखा था और वो दोनों चल रहे थे. पर जग्गू ने हाथ नहीं हटाया. वो बस स्माइल कर रहा था.
जग्गू ; (स्माइल) मधु यार तुम मेरी बीवी बन ने वाली हो और तुमने मुझे गांड नहीं मरने दी.
माधुरी है गई.
माधुरी ; (स्माइल) पर मेने मन भी तो नहीं की.
वो लोग होटल के पास तक पहोच गए थे. माधुरी ने जब जग्गू को जवाब दिया तो माधुरी स्माइल करते हुए चलती रही. पर जग्गू सोक हो गया और वही खड़ा हो गया. उसका लैंड अकड़ गया. माधुरी चलती रही पर वो माधुरी का पिछवाड़ा देखता रहा. खुली पीठ पतली कमर. मस्त मटके जैसे आकर की हिप्स और मतवाली चल. जग्गू का लैंड जोरदार खड़ा हो गया. माधुरी दूर पे पहोच कर कड़ी हुई. और पीछे मुद कर जग्गू को देखती हे.
जग्गू तो बस माधुरी को देखते hi रहे गया. माधुरी बहोत खुबशुरत हौस्विफे लग रही थी. जग्गू उसे बस दूर के अंदर जाते हुए hi देखता रहा. उसे होश तो तब आया जब वो अंदर चली गई. उसकी आँखों से ोज़ल हुई.
जग्गू के लैंड में एक जबरदस्त तनाव आ गया. उसे साड़ी में से जब माधुरी चलती उसकी हिप्स याद आने लगी. वो सोचने लगा. वो जल्दी अंदर भगा. अंदर अँधेरा था. सिर्फ एक निघटलैम्प जल रहा था. वो भी बाद के पास hi. लैंप का उजाला सिर्फ बाद पे hi गिर रहा था. और जग्गू की आंखे तो तब चौंधिया गई. जब उसने देखा माधुरी के साड़ी का पल्लू निचे जमीं पर गिरा पड़ा हे. माधुरी ऊपर सिर्फ ब्लाउज में hi हे. और वो पेट के बल उलटी लेती हुई हे. उसके बल अब भी बंधे हुए थे. और बालो में अब भी फुल्लो का गजरा था.
जग्गू में डिल में अजीब सी हलचल होने लगी. लैंड में जबरदस्त तनाव उसकी नजर माधुरी की हिप्स पे गई. साड़ी में दो मस्त फुले हुए ढलान वाले पहाड़. और माधुरी की दोनों टंगे भी थोड़ी खुली हुई थी. बस व् शेप में. जग्गू से बरदास hi नहीं हुआ वो माधुरी के पास hi बाद पे माधुरी की हिप्स के पास hi बैठ गया. माधुरी कोई प्रतिक्रिया नहीं करती बस लेती hi रही. जग्गू ने जब माधुरी के गांड के हिस्से को देखा तो डिल की धड़कने तेज़ हो गई. साड़ी के ऊपर से hi उसने एक छिपा पे बड़े धीरे से hi अपना हाथ रखा. माधुरी बस थोड़ी सी वाइब्रेट hi हुई. जग्गू ने हाथ वापस खींच लिया. जैसे वो चोरी कर रहा हो.
उसने दोबारा हाथ बढ़ाया और माधुरी की एक हिप्स पे पूरा पंजा टिका दिया. माधुरी फिर से हल्का सा मछली पर ऐसे hi रही. जग्गू ने अपने पंजे से उसकी एक हिप्स को पूरा पंजा घुमाके हाथ घुमाया. जैसे नाप ले रहा हो. फिर उसे बहोत hi हलके से दबा दिया.
माधुरी ; सससस अह्ह्ह ससस.
माधुरी की मादक आवाज जग्गू के डिल की धड़कने बढ़ा रही थी. पर मज़ा तो माधुरी को भी बहोत आ रहा था. उसे अपने हिप्स के बिच एक तेज़ जान ज़ानहत हुई. जो उसने अंदर तक महेसुआ हुई. वो जग्गू के हाथ को दूसरे हिप्स पे भी महज़ूज़ कर रही थी. माधुरी का फेस पिलो में छुपा हुआ था. उसने अपने लिप्स खोले और पिलो को दातो से दबा लिया. जग्गू ने साड़ी के ऊपर से hi दोनों हिप्स के बिच ऊँगली डालने की कोसिए की. माधुरी को अपनी गांड में बहोत मिट्ठी गुदगुदी हुई. उसे बहोत अच्छा लगा.
वो एक बार तो पूरी कप गई. जग्गू भी ये देख कर मुश्कुराने लगा. वो पीछे घूम कर माधुरी की कमर के दूसरी तरफ हाथ तक देता he.or आहिस्ता से साड़ी को ऊपर की तरफ खींचने लगा. पर जग्गू को चैन नहीं आया. वो खड़ा हुआ और माधुरी के पास एक टेबल पे स्टॉबेर्री का पैकेट था. जग्गू ने स्टॉबेर्री उठाई और निचे घुटनो के बल बैठ गया. उसके सामने ब्लाउज में hi माधुरी की नंगी पीठ थी. जग्गू ने स्टॉबेर्री को बस माधुरी की खुली नंगी पीठ पे रखा और हलके हलके घुमा कर उसे निचे की तरफ लेन लगा.
माधुरी को तेज़ गुदगुदी हुई. वो मचने लगी. उसने तुरंत hi करवट बदली और जग्गू का हाथ पकड़ लिया. माधुरी और जग्गू दोनों की आपस में नज़र मिली. माधुरी मुश्कुराने लगी. वो जग्गू को अपनी तरफ देख कर शर्मा गई. और अपने दोनों हाथो से अपना चहेरा छुपा लिया. जग्गू का धयान माधुरी की नाभि पे गया. एक डैम सुत्वा पेट देख कर वो ज़ुका और झुक कर किश कर लिया.
जैसे hi उसने माधुरी के पेट को चूमा अजीब सी गुदड़ी माधुरी को हुई. जग्गू माधुरी की फेस की तरफ बढ़ा और माधुरी के बूब्स को पकड़ कर मशालते हुए उसे लिप किश करने लगा. माधुरी को बहोत मज़ा aa,raha था.
जग्गू ; (स्माइल) आज तो तुमने मुझे अपनी गांड मरने का वादा किया था.
माधुरी को शर्म आ रही थी. वो उसके चहेरे को देख कर मुश्कुरा रही थी. माधुरी बहोत hi आराम से पलट गई. अब जग्गू को खुला मौका था. वो माधुरी के पाव की तरफ जहा दोनों टैंगो का व् शेप बना हुआ था वह बिच में आ गया. पहले तो उसने अंदर हाथ डाला और हलके से उसकी पैंटी खींच के उतर दी. उतारते वाल्ट उसने माधुरी के कमर से निचे तक हर हिस्से को छुआ. माधुरी को बहोत मज़ा आया. उसने माधुरी की पिंडलियों पे वापस स्टॉबेरी राखी. और गोल हॉल घूमते जंगो के पिछले हिस्से में ले आया. माधुरी को उत्तेजना और एक अजीब सा रोमांचक एहसास होने लगा. धीरे धीरे गोल गोल घूमती स्टॉबेर्री माधुरी के हिप्स की उठाव तक पहोच गई. जग्गू ने साड़ी और घाघरा दोनों को ुलेड दिया. माधुरी फिर से पिलो पे अपनी लिप्स से बदोचने लगी. जग्गू के सामने माधुरी की 2 छिपा और हिप्स की दरार थी.
माधुरी को एक अजीब सी सं सनी मच रही थी. वो अपनी हिप्स के छेड़ को अंदर को सुकोडती जिस से उसके हिप्स थोड़े से हिल रहे थे. अब दोबारा वो स्टॉबेर्री को दोनों हिप्स के बिच रखता हे रोल करने लगा. माधुरी को बहोत तेज़ गुदगुदी होने लगी. दोनों हाथो से पिलो को जकड लिया. लिप्स के साथ दातो से भी वो पिलो को मुँह में भर लेती हे.
स्टॉबेर्री रोल होते होते माधुरी के छेड़ के ऊपर पहोच गई. जग्गू ने हाथ हटा दिया. वो स्टॉबेर्री दोनों हिप्स के बिच hi फास गई. जग्गू के सामने क्या नजारा था. वो स्टॉबेर्री पर ऊँगली रखता हे और उसे प्रेस करता हे. वो थोड़ी तो अंदर गई पर टूट गई. फिर भी जग्गू ने ऊँगली का दबाव बनाए रखा. माधुरी सिसकारी लेकर मुँह से आवाज निकलती हे.
माधुरी ; (आंखे बंद) अह्ह्ह्हह सससस....
जैसे स्टॉबेर्री पर प्रेस हुआ माधुरी के दोनों हिप्स के बिच गांड का छेड़ा थोड़ा सा फिर ज्यादा खुला. टूटी हुई स्टॉबेर्री से रास भी निकल गया. वो उसके गांड के छेड़े के बिच ऊपर hi थी.
जग्गू ; (स्माइल) अब इसे में खाने वाला हु.
जब जग्गू ने ये बोलै तो माधुरी के फेस पर स्माइल के साथ शर्म भी आ गई. माधुरी को उम्मीद hi नहीं थी उसे कुछ गांड के छेड़ पे गीलापन महसूस हुआ. एकदम से माधुरी की आँखों में नशा छ गया. कुछ गिला सा सैप जैसा लचीला माधुरी की गांड के छेड़ को कुरेद रहा हे. माधुरी की आंखे एक डैम से खुलने और बंद होने लगी.
माधुरी को बहोत जबरदस्त मज़ा आने लगा. माधुरी ने बड़ी हिम्मत कर के वो गुदगुदी के नशे में आंखे खोली और सर से बूब्स तक का हिस्सा थोड़ा सा ऊपर उठाया और पीछे देखा. जग्गू उसकी गांड के छेड़ पर ज़ुका हुआ था. वो समाज गई. जग्गू स्टॉबेर्री चाट रहा हे. माधुरी ने फिर से सर टिका दिया. और होठो से पिलो को दबाने लगी. उसे बहोत मज़ा आ रहा था. जग्गू कभी निचे तक टपकता रास चाट ता. तो कभी छेड़ को जीभ की नोक से कुरेदता.
जग्गू ; (स्माइल) केसा लग रहा हे!??
माधुरी ने आंखे बंद करि और एकदम धीमी आवाज से जैसे सर्फ हवा निकल रही हो बेसी मादक आवाज में बोली.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह बहोत अच्छा लग रहा हे. हीइ ससससस
जग्गू को भी जबरदस्त मज़ा आ रहा था. वो छेड़ गरम गर ऍम और बहोत मुलायम था. जग्गू पूरी कोसिस कर रहा था जीभ को अंदर तक डालने की. जग्गू से बरदासनही हुआ वो उठ गया. कुछ पल जब कुछ भी एहसास नहीं हुआ तो माधुरी पलट कर दोबारा पीछे देखती हे. जग्गू अपने कपडे उतर कर पूरा नंगा लैंड को हाथो में लेकर मुस्कुरा रहा था. जेए hi माधुरी की नजर जग्गू से मिली तो वो शर्मा गई. और स्माइल करते हुए अपना मुँह पिलो में छुपा लिया.
माधुरी शर्मा गई. तभी झटके से उसके सर का पिलो जग्गू ने खींच लिया. माधुरी ने सर ऊपर कर के जग्गू को देखा. माधुरी का सर उठना और जग्गू का उसके लिप्स से अपने लिप्स जोड़ना एक साथ हुआ. माधुरी की आंखे दोबारा बंद हो गई. जो जीभ उसके गांड के छेड़ में घूम रही थी. वो अब उसके मुँह में घूमने लगी. जग्गू ने मुँह हटाया और हस्ते हुए माधुरी को देखने लगा. माधुरी भी शमा कर निचे देखने लगी. वो स्माइल कर रही थी.
जग्गू ; (स्माइल) इसे सिर्फ सर के निचे hi नहीं कुछ और काम में भी लिया जाता हे.
माधुरी ने साड़ी का पल्लू हाथ में लिया हुआ था. उसे अपने मुँह पे रख कर मुस्कुराती हे तभी जग्गू उसके पास बैठा और कंधे को पकड़ के हल्का सा पुस करने लगा. माधुरी को आज कुछ होने लगा था. मज़ा और शर्म दोनों आने लगी थी. वो बस धीरे से दोबारा उलटा लेट गई. और सोचने लगी. अब जग्गू क्या करेगा. जग्गू ने वापस उसके घाघरे समेत साड़ी ऊपर उठाई.
माधुरी का डिल जोरो से धड़कने लगा. उसे फील हुआ की जग्गू ने उसकी कमर को पकड़ा अजीब सी गुगुड़ी हुई. वो भी उसकी मदद करती हे. जग्गू ने माधुरी की छूट के निचे वो पिलो रख दिया माधुरी ने पंतय तो पहनी नहीं थी. जब पिलो रखा तो जग्गू की उंगलिया माधुरी की छूट से थोड़ी टाच हुई. माधुरी ने सिसकारी भरी.
माधुरी : ससस अह्ह्ह ससस
जग्गू मुस्कुराने लगा. माधुरी की थोड़ी टंगे जग्गू ने फैलाई. माधुरी को उत्तेजना और रोमांच महेसुआ हो रहा था. वो पल सोच रही थी अब आगे क्या होगा. पिलो की बजह से उसकी हिप्स और ज्यादा ऊपर उठ गई. उसे हिप्स के बिच कुछ गिला और चिकना सा महसूस हुआ. वो समाज गई की आयल हे. नारियल की खुशबु भी आ रही थी. फिर उसे महसूस हुआ की तेल उसके छिपा पे भी डाला हे. वो अपने निचले होठ को हल्का सा काट देती हे. मुँह से गरम हवा भी निकलने लगी.
जग्गू भी माधुरी की तेल में भीगी चिकनी चमकती गांड देख कर जोश में आ गया. वो पोजीशन लेता हे और बिच में झुक कर अपना लैंड का टोपा माधुरी की गांड के छेड़ में घिसने लगा. माधुरी को अंदर तक बहोत मिट्ठी गुगुड़ी होने लगी. उसे बहोत मज़ा आने लगा. जग्गू ज़ुका और उसके कण के पास मुँह लेजाता हे. और बहोत धीमे से बोलै.
जग्गू ; (स्माइल) दाल दू??
माधुरी कुछ नहीं बोलती बस दोनों हाथो के ऊपर सर रख कर बस शरमाते हुए हस्ती हे. जग्गू को माधुरी का शर्माना ज्यादा उत्तेजित कर रहा tha.vo कुछ नहीं बोलती.
जग्गू ; (स्माइल) बोलो न मेरी जान डालदू क्या??
माधुरी बहोत धीमे से शरमाते हुए बोली.
माधुरी ; (स्माइल शर्माना) है.
जग्गू ; (स्माइल) तो ये लो मेरी जान.
जग्गू ने बहोत धीमे से प्रेस किया. माधुरी ने भी आंखे बंद कर ली. बस उसे हल्का सा दर्द हुआ और लैंड माधुरी की गांड को चिर कर अंदर उतर गया. जग्गू को एक जबरदस्त अनोखा सुख का एहसास हुआ. गरम गरम और नरम नरम. वही माधुरी को भी अंदर जब सख्त लोहे की रोड उत्तरी वो भी गरम. माधुरी ने आंखे बंद कर के अपना सर ऊपर को उठाया.
माधुरी ; (आंखे बंद) ahhhhh...ssssss..
माधुरी को अंदर तक मज़ा आने लगा. जग्गू धीरे से अंदर तक पहोच गया. फिर बहार निकला. मज़ा दोनों को आने लगा.
जग्गू ; ससस केसा लगा मेरी जान सससस.
माधुरी ; (आंखे बंद धीमी आवाज ने) ससस बहोत अच्छा लग रहा हीइ... सससससस.
जग्गू धीरे धीरे आगे पीछे होने लगा. उसे बहोत मज़ा आ रहा था. माधुरी भी उसका पूरा साथ देती रही. धीरे झटके लग रहे थे. माधुरी एक हाथ निचे अपनी दोनों टैंगो के बिच अपनी छूट पे ले गई. और छूट की ऊपर वाली चमड़ी को दो उंगलियों से मशलने लगी. उसे बहोत मज़ा आने लगा. दोनों तरफ मस्त गुदगुदी होने लगी. जग्गू तो जैसे स्वर्ग में पहोच गया हो. काफी देर खेल धीरे चला और अब दिनों के जिश्म स्पीड रफ़्तार मांग रहे थे. जग्गू ने रफ़्तार बधाई. माधुरी को तो अब बयां करना मुश्किल था.
जो वो महसूस कर रही थी. वासना और प्यार का अनकहा मिलान भोग रही थी. धीरे धीरे थप थप ki,aavaj आने लगी. और वो आवाज तेज़ हो गई. माधुरी पूरी हिलने लगी. जिस से ब्लाउज में से भी उसके बूब्स तक हिलने लगे. उसने सर ऊपर कर लिया. जग्गू ने माधुरी के बालो के जुड़े को पकड़ लिया. और जोर से खींचा.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह्हह.
माधुरी को दर्द में भी मज़ा आने लगा वो अपनी छूट के डेन को मसलने लगी. उसकी उंगलिया भी गीली होने लगी. पर आज जग्गू जोश में था. और वो अपनी hi उम्मीद से ज्यादा टिक रहा था. थप थप करते धीरे धीरे उसका बदन अकड़ गया. जुड़े को काश के पकड़ा जिस वजह से उसके जुड़े में बंधा मोगरे का गजरे के फुल बिखरने लगे. तभी एक माधुरी की गांड में सहेलाब आया. जग्गू बहोत hi जोर से माधुरी के अंदर बहने लगा. उसका गरम लावा माधुरी ने अंदर तक महसूस हुआ. जग्गू माधुरी के ऊपर hi ढेर हो गया. वो कुछ पल माधुरी के ऊपर hi गिरा रहा. जब कुछ देर बाद उसने लैंड बहार निकला तो. माधुरी की गांड से थोड़ा थोड़ा सफेस गधा रास बहे कर बहार आने लगा.
माधुरी भी आंखे बंद कर के वैसे hi पड़ी रही. तभी उसके कानो में आवाज आई.
जग्गू ; (स्माइल) मुझे मालूम हे तुम्हे ये पसंद हे.
जग्गू ने माधुरी की बहती गांड के छेड़ पे अपना मग लगा दिया. और सीडट से चाटने लगा. माधुरी को बहोत अच्छा लगने लगा. उसे एहसास हुआ पहेली बार जग्गू ने उसका पसंदिता काम किया. इस से पहले ये ख़ुशी सिर्फ वीर दिया करता था. बाकि शिकार से तो वो जबरदस्ती करवाती थी.
में ेराम के साथ आज बहोत खुश था. पानी में उसके साथ मेने बहोत मस्ती की.
में ; यार आलिया कहा हे. चलो रूम में होगी. उसे भी खींच के लेट हे.
ेराम ; (स्माइल) उसका फोटो शूट हे. यही पास में hi हे. 1 गजानते में वो फ्री हो जाएगी.
में ; फ्री?? अरे चलो यार उसे भी थोड़ा तंग करते हे.
ेराम ; (स्माइल) हम्म तो जनाब फुल मस्ती के मूड में हो है. चलो.
हम दोनों पेडल पेडल निकल गए. कुछ बिच के साथ hi पेडल चलते चलते हम उस जगह पहोच गए जहा पर आलिया का फोटो शूट हो रहा था. में जब दूर से hi उसे देखा तो सोक हो गया. ओह माय गॉड. साला वो तो छोटे से स्विमिंग कसकम में फोटो शूट हो रहा था. मेने आलिया को दूर से hi देखा. वो हॉट सेक्सी पॉश में थी.
में आलिया के करीब पहोचा मुझे जलन सी होने लगी. ये मुझे क्या हो गया कुछ समाज नहीं आ रहा था. कोई भी मेरी बीवियों को देखता मुझे बहोत तकलीफ होने लगी थी. सायद अब उन्हें खोने का दर था. लेकिन आलिया का फिगर उस कसकम में ला जवाब था.
मस्त कैशा हुआ बदन कैसे जैसी चिकनी tange.uske काशी हुए बूब्स. बस में तो उसके पलट ने का इंतजार कर रहा था. तभी आलिया की भी नजर मुझपे गई.
आलिया की जंगे और छूट का हिस्सा मस्त कैशा हुआ जबरदस्त लग रहा था. अभी फोटो शूट न होता तो में रुक नहीं सकता था. लेकिन मेने सोच लिया था. आज रत एक साथ इन दोनों हसीनाओ के साथ जी भर के खेलूंगा. में हमेसा के लिए माधुरी को भुला देना चाहता था. तभी आलिया मुझे बहोत hi नशीली आँखों से देखने लगी.
फोटोग्राफर ने उसे तुरंत बोलै.
वैरी गुड ओनेस मोरे ोंसे मोरे.
और वो क्लिक करता hi गया. आलिया तरह तरह के पॉश बदलती रही. उन्हें जो चाहिए था मिल रहा था. क्यों की आलिया के फोटोज मुझे देख कर बदल गए थे. मेने भी आलिया को देखते हुए निक्कर के ऊपर से hi अपने लैंड को मशाल दिया. मुझे देख कर आलिया की सांसे तेज़ चलने लगी. और आंखे बंद हो गई.
कुछ hi देर में आलिया का फोटो शूट ख़तम हो गया. हम बिच पर बैठे थे. पर आलिया नहीं आई. में आलिया को ढूढ़ने लगा. वो बिच की तरफ देख रही थी. मेरी नजर उसपे गई.
मेरे फेस पे स्माइल आ गई. क्यों की वही तो में देखना चाहता था. में आलिया की तरफ बढ़ा. वो एक दीवार का सहारा लेकर कड़ी थी.
में तो उसकी खुली बैक उसकी पतली कमर और उसका लाजवाब पिछवाड़ा देखता hi रहे गया. में उसके करीब गया और उसकी नंगी बाजु पे हाथ रखा. उसकी आंखे बंद हो गई और वो पीछे को झुक गई. जब पूछे ज़ुकी तो मेरा लैंड उसकी हिप्स को टाच हुआ. मेरी भी आंखे बंद हो गई. पर वो कुछ बोल नहीं रही थी.
आलिया ; ससस तुम क्यों आए. में कुछ hi देर में आने hi वाली थी न.
में ; तुम फ़िक्र मत करो. मुझे जलन नहीं हुई. में तुम पे अँधा भरोसा करता हु. तुम उस मधु जैसी धोखे बाज़ नहीं हो.
आलिया ; अरे बाबा बात वो नहीं हे. तुम्हे पता हे इंडिया से यहाँ पेमेंट लक ( लेटर ऑफ़ क्रेडिट) में आ रही हे. मतलब जेवेलरी कायदे से आ रही हे. और पेमेंट इन लीगल
स्वीटी सुबह सिर्फ ब्रा में लेती हुई थी. ऊपर बेडशीट ओढ़े हुई थी. वो अब भी ाण्डू के रूम में hi थी. रत को hi ाण्डू के सोने के बाद उसने रूम की तलासी ली. ाण्डू के रूम में बहोत सरे ऐसे कागज़ थे. जिसे समज़ना मुश्किल था. उसने कुछ कागज़ देखे उस से उसे ये पता चल गया था की कल लखनऊ से गहने आ रहे हे. सुबह वो लेती हुई ाण्डू को तैयार होते हुए देख रही थी. ाण्डू बाथरूम में जा रहा था. पर रत को दोनों ने बहोत बेयर पि थी. इस लिए स्वीटी का सर दर्द कर रहा था. और वो ाण्डू को नहाते हुए देख रही थी. क्यों की दूर ओपन था.
स्वीटी ; सर कब तक आओगे??
ाण्डू डिकोस्टा ; डार्लिंग तुम मेरी बीवी नहीं हो. ऐसे सवाल नहीं पूछा करते.
स्वीटी ; सर में भी चालू साथ मज़ा आ जाएगा. बहोत मस्ती करेंगे.
ाण्डू डिकोस्टा ; ज्यादा सनी मत बन. रंडी हे तू रंडी रहे. अब कपडे पहन और निकल. रत को बुला लूंगा.
स्वीटी की चल फ़ैल हो गई. वो एक रत सोकर भी ाण्डू को अपनी तरफ नहीं खींच पाई. वो आंखे बंद कर के पड़ी रही.
सर दर्द के साथ वो बजती भी बरदास कर रही थी. फिर उसके दिमाग में एक िद्या आया. वो सोचने लगी.
स्वीटी कड़ी हुई और अपनी शर्ट में से एक पिन निकलती हे और ाण्डू ने अपने लिए जो छोत पंत निकला था उसमे लगा देती हे. पिन बहोत छोटी थी. फिर अपने कपडे लेकर वो रूम से निकल गई.
जग्गू ने भी अपने सर पर छोटा सा साउथ वालो के जैसे टेढ़ा टिका लगाया हुआ था. होम एड्रेस पर भी केरला था. कोई भी देखे तो उसे यही अहसास होगा की वो साउथ इंडियन हे और घूमने के लिए जा रहे हे. वो दोनों चेयर पर बैठ गए. सभ्य लोगो के जैसे कोई भी गन्दी हरकत नहीं की. माधुरी ने जग्गू के कंधो पर हाथ रखा और सर भी उसके कंधो पर टिका दिया.
माधुरी ; (धीमे से) केसा लग रहा हे मेरा पति बन कर.
जग्गू ; (धीमे से) कमल हे. तुमने मेरा नाम वेंकट...
माधुरी ; ऐसे मत बोलो. कैमरा में जो हम बोल रहे हे भले hi वो सुन नहीं सकते. पर वो हमारे लिप्स कैसे हिल रहे हे उसपे से भी ये पता लगा लेंगे की हम क्या बात कर रहे हे. कुछ भी बोलो मुँह पे रुमाल लगा के बोलो. हम पर हर मुल्क कहि ख़ुफ़िया एजेंसी की नजर हे. रॉ, ISI,KGB,MI, मोसाद, या फिर हमारी प्यारी त्रिनेत्र.
तुरंत hi जग्गू ने रुमाल निकला और मुँह पोछने के लिए अपने लिप्स पे रखा.
जग्गू ; हम किसके लिए काम कर रहे हे. क्या हु में.
माधुरी हसने लगी. जैसे उसके पति जग्गू उर्फ़ वेंकट ने कोई मज़ाक किया हो.
माधुरी ; तुम मेरे लिए काम कर रहे हो. अपनी बीवी के लिए. (स्माइल) जोरू के गुलाम कही के.
जग्गू ; है पर हु to,tumhara पति.
माधुरी ; ससस बाबा रुमाल लगाओ. हम हिंदी में बात कर रहे हे. वो पागल नहीं हे. तुम हो वेंकट और में हु वेदिका. वह पहोच कर हम नाम फिर बदल लेंगे. पति कही के ( smaile)hmmmm.
जग्गू ; अभी एक घंटा हे.
माधुरी ; फिर सोने दो मुझे.
जग्गू चुप हो गया. पर माधुरी भी सोइ नहीं थी. वो अपने पुराने वक्त को hi याद कर रही थी. उसे याद आ रहा था. कैसे शादी से पहले वीर ने उसे छोड़ने के लिए चुटिया बना कर एक पार्टी में शराब पिलाई थी. और माधुरी के नखरे वीर को भरी पद गए थे. माधुरी को उस वक्त भी पूरा यकीं था की वीर उसे छोड़ भी लेगा पर फिर भी उसी से hi प्यार करता रहेगा. वो धोखा नहीं देगा. माधुरी डांस फ्लोर पे डांस करती रही और उसे बहोत नशा हो चूका था.
वीर (तपन) ; चलो मधु अब बस करो हमें जाना हे.
माधुरी ; (फुल नशे में) नहीं बे तपन के बचे. तेरी गांड फैट रही हे. आज ये बसंती डिल खोल के नाचेगी. लेकिन वीरू तेरी गांड फैट रही हे. ले ले ले क्या हुआ मां लेट नाईट घर से जाने नहीं देती मेला सोनू मोनू.
वीर हां रहा था क्यों की वो जनता था उसका नाम वीर हे. और बसंती बांके उसे वीरू बुलाया. तभी म्यूजिक बंद हो गया. माधुरी लदखते हुए छिलाई.
माधुरी ; साला भें छोड़ कइने बंद किया बजाओ सालो.
पर कोई उनकी बात नहीं सुन रहा था. और सब बहार जा रहे थे. वो पब में थे.
वीर ; अब चलो देखो सरे जा रहे हे.
वो दोनों बहार आने लगे. वीर माधुरी को सहारा दे रहा था. बहार आए तो वीर बोलै.
वीर ; रुको में टैक्सी लेकर आता हु. तुम यही बैठो.
माधुरी रोड पर hi निचे बैठ गई. और आंखे बंद कर के जुलती हुई बोली
माधुरी ; ोय ोय ोय तपन. यहाँ आ मेरे पास.
वीर माधुरी की एक्टिंग देख के हसने लगा. वो आया और घुटनो पर उसके पास बैठा. माधुरी नशे में थी बावजूद उसका हाथ फिट पकड़ लिया.
माधुरी ; (नशे में) तू तू बाइक क्यों नहीं लाया है है
वीर ; वो में वो.
माधुरी आंखे बंद सर निचे कर के ज़ूम के नशे में बोली.
माधुरी ; (स्माइल) हम्म्म में जानती हु तपन के बचे सेल चूतिये तू बाइक क्यों नहीं लाया (स्माइल) हम्म मुझे टेक्सी में लेजाकर दबाएगा ऊँगली डालेगा किश करेगा हम्म्म में सब जानती हु. पर सेल भें भें.
वीर ; भें छोड़ राइट.
माधुरी ; चुप बिच में मत बोल. हम्म्म है तो जो तू बोलै वही पर शादी से पहले no फ़क समझा?
वीर ; है है
माधुरी ; ok तो मुझे उठाओ और मेरे हॉस्टल तक लेके जाओ.
वीर की गांड फैट गई. उसे उठा कर कैसे ले जाए. उसने माधुरी को सहारा दे कर खड़ा किया. तभी एक टेक्सी वाला आया.
टेक्सी ; शब् टेक्सी??
माधुरी वीर की बहो में कड़ी टेक्सी को देखती हे.
माधुरी ; (नशे में) नहीं भैया टेक्सी ली तो ये कमीना साला तेरी भें को छोड़ देगा समझा.
टेक्सी वाला समाज गया की उसने शराब पि हुई हे. वो तुरबत निकल लिया. माधुरी नशे में झूमते हुए स्माइल करते हुए बी करती हे.
माधुरी ; (स्माइल) बी.... बी ...
माधुरी ने वीर को स्माइल किया और नशे में बोली.
माधुरी ; (स्माइल) देखा. मेने उसकी बहन को छोड़ने से बचा लिया.
माधुरी की बातो से वीर को बहोत हसी आ रही थी. माधुरी और वो दोनों ताली दे दे कर है रहे थे. तभी माधुरी उसकी पीठ पे ज़ुल गई
माधुरी ; उठाओ मुझे. हम्म
वीर थोड़ा और ज़ुका. माधुरी भी सवार होने के लिए उछलती हे. पर उसकी नरम मुलायम हिप्स पे वीर भी घुमा कर हाथ रखता हे.
माधुरी ; आउछ सससस (स्माइल) हम्म चांस हम्म अब हाथ हटाओ
वीर ने हाथ हटा दिया. माधुरी उसके ऊपर hi पीठ पर चढ़ी हुई थी. वीर ने एक बार सर उठा कर माधुरी को देखा.
दोनों बाटे करते हुए समशान शदक पर चलते रहे. माधुरी नशे में बहोत कुछ बोलती रही और वीर भी उसकी बाटे सुनते हुए हस्ता रहा. माधुरी को गेट पर उतरा.
वीर ; लो पहोचा दिया तुम्हे. बिना चोदे अब तो खुश हो न.
माधुरी का नशा अब भी काम नहीं हुआ था पर उसे वीर की सवारी करने में बहोत मज़ा आया. उसे वीर पर और ज्यादा प्यार आया. वो वीर से ज्यादा प्यार कर बैठी. उतर ते के साथ माधुरी ने वीर के गलो पे अपनी लिप्स रख दी.
वीर की आंखे बंद हो गई. और वो माधुरी के प्यारे लिप्स को इंजॉय कर रहा था. माधुरी ने किश ख़तम किया. उसे नशा तो अभी भी था पर वो शर्मा रही थी. वीर के फेस पे भी स्माइल थी.
माधुरी ; (स्माइल शर्माना) तपन नेक्स्ट टाइम हम टेक्सी में hi आएँगे
तभी माधुरी गिरने लगी और वीर ने उसे थम लिया. वो माधुरी के पीछे था और उसका एक हाथ कमर में और दूसरा कमरे में.
वीर ; (स्माइल) और टेक्सी में उस टेक्सी वाले की बहन चुद गई तो.
माधुरी ; (स्माइल) अरे बाबा उसके जीजा hi छोड़ेगा न तो फिर क्या प्रॉब्लम हे.
वो दोनों जोर से हसे उसके हॉस्टल के ऊपरी मंज़िल की लाइट चालू हुई और एक बुढ़िया मोती सी बहार निकली. जिसे देख कर वीर की हवा निकल गई. माधुरी तो नशे में मस्त थी. पर वीर उस बुढ़िया को hi देखे जा रहा था.
वरदान ; हे हे मन क्या करता हे. लड़की को साला रास्कल बिगड़ता हे.
वीर ; अरे नहीं नहीं मेम. इसे किसी ने पारी में धोखे से शराब पीला दी. में तो सेफ लेकर आया हु.
तभी जग्गू ने माधुरी को उठाया.
जग्गू ; चलो चलो अनाउंस हो गया. फ़्लैट का टाइम हो गया.
माधुरी के फेस पे बिता कल याद कर के एक प्यारी सी मुश्कान आ गई.
जग्गू ; क्या हुआ? क्यों स्माइल कर रही हो.
हम लोग शाम तक अपनी मंज़िल में पहोच चुके थे. एक होटल में पहले से hi बुकिंग था. हम जब होटल के एंट्रेस पर पहोचे और मेने दूर ओपन किया ठंडी हवा का ज़ोका लगते hi मुझे एहसास हो गया की हम समुन्दर के किनारे पर हे. आलिया को नींद आ रही थी. पर वैसे ज्यादा नींद तो ेराम को आणि चाहिए थी. मुझे ेराम जरा भी थकी हुई नहीं लग रही थी.
बल्कि वो तो मुझे ज्यादा एक्साइट लग रही थी. हम अंदर जा रहे थे तभी ेराम ने दरबान से पूछ लिया.
ेराम ; (फ्रेंच) यहाँ समुन्दर कितनी दूर hoga??(smaile)
वो कुछ बोले उस से पहले में बोल पड़ा.
में ; हम बिलकुल नज़दीक हे. ये होटल समुन्दर के hi किनारे पर हे.
ेराम ; ससस पर कहा दिख तो नहीं रहा.
में उसके करीब गया और ठंडी हवा की तरफ उसका फेस किया. उसने भी हवा महसूस की और आंखे बंद कर ली.
में ; ध्यान से आवाज सुनो.
ेराम ने आंखे बंद की और हम्म्म कर के मुँह हिलाया.
ेराम ; वाओ तुम तो बहोत स्मार्ट हो.
हमें रूम no 19 मिला था. हम रूम के लिए अंदर जाने लगे. हमारा सामान पहले hi अंदर पहोच गया. आलिया मेरे कंधो का सहारा लेकर मरी मरी चल रही थी. उसके सर में दर्द था.
ेराम ; तुम एजेंट क्यों बने. ये लाइफ बहोत बहोत मुश्किल हे.
में ; (स्माइल) पता नहीं. पर माँ के कहने पर तुम क्यों मन गई. जब की तुम्हे आलिया ने मुझसे शादी करवाने का वादा भी कर दिया.
ेराम शर्मा गई और सर निचे कर लिया.
ेराम ; (स्माइल) पता नहीं.
मुझे उसका शर्माना अच्छा लगा. में सोच नहीं प् रहा था उसे शादी कर के में कही बाद में मन करू और कही उसका डिल न टूट जाए. हम अपने आलीशान रूम में पहोच गए.
में ; देना के लिए कही चले?
आलिया ; नहीं मुझे नहीं चलना प्लीज मुझे सोना हे.
वो नहीं उठ रही थी. में बाथरूम में घुस गया और रेडी होने लगा. ेराम मेरे बाद में गई जब में रेडी हो कर अपने मोबाइल में देख रहा था तभी ेराम की आवाज आई.
ेराम ; (स्माइल) चले??
ेराम रेडी हो चुकी थी. वो हमेशा की तरह बहोत ब्यूटीफुल लग रही थी. उसे देख कर में कुछ नहीं बोलै बस उसे सर से लेकर पाव तक देखते hi रहा.
ेराम ; (स्माइल) ऐसे क्या देख रहे हो?? क्या में अच्छी नहीं लग रही??
में ेराम के करीब आया और उसकी कमर में हाथ दाल कर उसको अपने करीब अपने से सत्ता लिया.
में ; अच्छी??? तुम बहोत खुबशुरत लग रही हो समझी.
मेने ेराम के लिप्स पे किश कर दिया.
ेराम ; (स्माइल) अब चलो भी.
हम दोनों हाथो में हाथ थामे निचे आए हम बहार पास में hi एक ओपन रेस्टोरेंट था वह गए. वह सब सेल्फ सर्विस था. में ऑर्डर देने के लिए लाइन में खड़ा था. ेराम मुझसे ज्यादा दूर नहीं थी. में लाइन में खड़ा उसे hi देख रहा था.
वो स्माइल करते हुए मुझे hi देख रही थी. मेरी नजर उस से हैट hi नहीं रही थी. तब पूछे वाले ने मुझे थोड़ा सा पुस किया और मुझे थोड़ा नाराज होते हुए बोलै. मेने सॉरी कहा और आगे हुआ. ये देख कर ेराम बहोत जोर की हसी. मेरी नजर ेराम पे hi तिकी हुई थी.
में कुछ खाना लेकर उसके पास पहोचा. हम एक टेबल पे पहोचे और देना स्टार्ट किया. जब मेने तिसु पेपर पकड़ा मुझे ऐसा लगा जैसे उसमे कुछ लिखा हुआ हे. में सोक था. क्यों की उसमे लिखा था.
वेल के कोर्सिका. सससस पर अपनी बीवी को अकेली छोड़ दिया. वो भी सोते हुए सससस वैरी बाद.
में तुरंत hi खाना छोड़ दिया और उठ कर भागने लगा.
ेराम ; (सोक) अरे क्या हुआ. मुझे तो बताओ.
में भगा मेरे पीछे ेराम भी भागी. दुश्मन की नजर हम पर अब भी हे और अब वो मेरे साथ खेल रहे हे. में बहोत तेज़ भाग कर रूम में पहोचा. देखा तो ेराम उलटी लेती हुई हे. मुझे दर सा लगा और में झटके से उसे पलट दिया. लेकिन वो ठीक थी. उसे वाकई कुछ नहीं हुआ था. आलिया मुझे नींद में बोली.
आलिया ; तुम खाना खाने गए थे या टेस्ट करने.
ेराम भी आ चुकी थी. वो भी हम दोनों को सोक हो कर देख रही थी. मेने वो टिशू पेपर आगे किया
आलिया ; अम्म्म बस इस से दर गए.
आलिया बहोत ाशन सब्दो में सब बिन्दा बोल रही थी. में तो आलिया के फेस को देखते hi रहे गया.
आलिया ; वो हमें इस बेडरूम में भी देख रहा हे. साला मादरचोद अपनी मौत के फ़रिश्तो को देख रहा हे. ये देखो.
आलिया ने एंटी कैमरा सिस्टम निकला जो हम इस्तेमाल किया करते थे. अब इसे माँ की मदद से आलिया इस्तेमाल कर रही हे. कमेरो का जल था. बाथरूम को भी नहीं बक्सा. में बाद पर लेट गया और दोनों हसीनाओ ने भी मेरे कंधो को तकिया बना दिया. वो दोनों रत भर सोते रहे पर मुझे नींद नहीं आ रही थी. सुबह के कुछ 4 बज मेरी नींद आ गई. और सुबह मेरी नींद खुली. मुझे मेरे लैंड पे हाथ महसूस हुआ. मेरी आंखे खुली. बाद पर सिर्फ में अकेला था.
मेने वो हाथ तुरंत hi पकड़ लिया. और सर उठा कर देखा. वो ेराम थी. एक छोटी सी ड्रेस पहन कर वो मेरे सामने स्माइल कर रही थी.
मेने उसका हाथ तो पकड़ा पर हटाया नहीं. वैसे भी मेरा फुल खड़ा हो गया था.
ेराम ; (स्माइल) गुड मॉर्निंग मेरे होने वाले शोहर शब्.
में ; (स्माइल) मतलब तुम सुहागरात के लिए तैयार हो हम्म्म.
मेने उसका हाथ खींचने की कोसिस की पर वो बच गई. उसने अपना हाथ खींच लिया.
ेराम ; (हस्ते हुए) अह्ह्ह्ह इतनी अशनि से नहीं.
वो मेरे अब भी करीब hi थी. मेने उसकी ड्रेस के निचे से हाथ डाला और कैसे जैसी जंगो पे रख दिया. में हाथ ऊपर की तरफ खिसकने लगा.
ेराम ; सससस अरे पहले फ्रेस हो जाओ आज हम बिच पे घूमेंगे. पता हे यहाँ बिच बहोत ब्यूटीफुल हे.
में ; (स्माइल) हम्म फिर आज मेरी होने वाली बीवी कुछ हॉट पहनेगी या नहीं.
वो शर्मा गई.
ेराम ; (स्माइल) है पक्का. पर आप खड़े तो हो.
में ; (स्माइल) देखो खड़ा hi तो हे.
ेराम ऊपर टेबल पे बेथ गई और आंखे बंद कर के अंगड़ाई लेती हे. और अपने हाथो से अपनी छूट मशाल देती हे.
ेराम ; (स्माइल) सससस उफ्फ्फ तुम मुझे बहार जाने नहीं डोज में भी बहे जाउंगी सससस
ेराम मेरे पास आई. उसने मेरी टैंगो को खोला और झुक कर मेरे लैंड को पकड़ के अपनी लिप्स पे घिसने लगी. मुझे बहोत मज़ा आने लगा. वो अपनी बड़ी बड़ी आँखों से मुझे hi देख रही थी. फ़ी अचानक hi मेरे लैंड को वो निगल hi गई. उफ्फ्फ्फ़ क्या एहसास था. मज़ा आ गया. पर जब आंखे बंद की तो मुझे ऐसा लगने लगा जैसे माधुरी मेरा लैंड चूस रही हो. मेरा लैंड अकड़ गया.
डिल की धड़कने तेज़ हो गई. अपने गुस्से को कंट्रोल करने की कोसिए की पर माधुरी ने जो मेरे डिल में जलन पैदा कर दी थी. मेरा पूरा बदन अकड़ गया. और मेरा लावा निकल गया. में काफी शांत हो गया. वो मेरे ऊपर आ गई.
ेराम ; क्या हुआ मूड क्यों ठीक नहीं हे हम्म.
में कुछ नहीं बोलै बस उसको बहो में लेकर कुछ वक्त खामोश रहा जो गलती पहले की और माधुरी के गुस्से की वजह से मेने जो आलिया को तकलीफ दी थी वो तकलीफ में ेराम को नहीं देना चाहता था.
ेराम ; चलो बिच पे मज़ा आएगा.
में ; तुम जाओ में थोड़ी देर में आ जाऊंगा.
ेराम ; पक्का???
में ; (स्माइल) है बाबा पक्का.
ेराम नाराज हो गई. वो एक छोटा बैग लेकर निचे चली गई. में अब रूम में अकेला था. मुझे पता नहीं चल रहा था में क्या करू. मुझे आलिया की याद आई. गोवा में उसने कैसे ेराम से बाज़ी मरी थी और उसे मेरे पास आने नहीं दिया था. उस वक्त साथ शिल्पा भी थी. मुझे नै सरुअत करनी थी. पर अब मुझे आंखे बंद करने से भी दर लग रहा था. में विंडो के बस गया. मुझे ेराम दिखी. वो स्कर्ट बोटिंग करने की तयारी कर रही थी. वो स्वीमिंग कसकम में थी.
में ये क्या देख रहा था ेराम स्विमिंग कसकम में ोय माय गॉड. में जल्दी se,apne सामान के पास पहोचा और बैना coolar(durbin) निकल कर दोबारा विंडो पे आया और उसे कुछ करीब से देखने लगा.
वाओ मेरे पास हॉट गर्ल हे और में देवदास जैसे जी रहा था. में सोचने लगा में उसे देख कर अपनी आंखे सेकने लगा. रोज तुम जिस वुमन को रोज देखते हो और वो अचानक तुम्हारे सामने ऐसे hot,avtar में आ जाए जाहिर हे तुम्हारा डिल खुश हो जाएगा.
में ेराम को देख कर मुस्कुरा रहा था. जब की उसका डिल नहीं लग रहा था. क्यों की वो मुझे अपने पास चाहती थी. वो स्कर्ट बोर्ड को जोर से पटकती हे. मुझे उसे देख कर हसी आ रही थी. वो पानी में गई. मेने भी दोबारा बैना कूलर को अपनी आँखों पे लगाया. वो पानी में बैठी थी. उसका फेस डाउन था.
मुझे उसे देखने में बड़ा मज़ा आ रहा था. मेरा मूड ठीक हो गया. उस अवतार में वो बहोत हॉट लग रही थी. में कसकम में उसके हॉट फिगर हॉट बूब्स को ताड रहा था. तभी वो पानी में hi बेथ गई.
में कुछ भी मिस नहीं करना चाहता था. ओह माय गॉड पानी में भीगे उसके बॉडी part देखने का मूड. मेने ज़ूम किया. वो तो बिंदास पानी में बैठी हुई थी. मेने ज़ूम किया और दोनों टैंगो के बिच वो नीले समुन्दर का कच जैसा पानी.
उफ्फ्फ अब मुझसे बरदास होना मुश्किल था. में उसके पास जाने के लिए फटाफट अपने कपडे उतरने लगा. में सर्फ एक निक्कर में हो गया. में फटाफट रूम को लॉक किया और उस के पास जाने के लिए में निकल गया. में निचे आया और उसके पास जाने लगा. वो भी मुझे देख चुकी थी. उसके फेस पे भी स्माइल आ गई. वो भी अपनी लम्बी मस्त कासी हुई टैंगो से लम्बे कदम चलते हुए मेरी तरफ आने लगी.
जैसे hi वो मेरे करीब आई. उसको नज़दीक से देखने का मज़ा और बढ़ गया. उसका हर हिस्सा खुबशुरत था. उसका फेस उसका फिगर. मगर वो बहोत हॉट भी लग रही थी. मेरा ध्यान तो बार बार उसके बूब्स से लेकर कासी हुई कमर और उसकी छूट वाले हिस्से पर जो भीगने से पूरी चिपकी हुई और कासी हुई लग रही थी.
वो मेरे बिलकुल करीब आ गई. समुन्दर की तेज़ हवा में उसके बल उड़द रहे थे. और वो स्माइल करते हुए मुझे hi देख रही थी. वो मेरे पास पहोच गई.
ेराम ; (स्माइल बिग) बहोत देर करदी??
में ; (स्माइल) आने वाला नहीं थी पर ऊपर से तुम्हे देखा तो अपने आप को रोक नहीं पाया.
वो जोर से हसी.
ेराम ; (स्माइल) वह वह वह अच्छा मतलब मेरा हॉट फिगर देख कर तुम्हारा मूड बन गया हम्म्म देखो किसी लग रही हु. हॉट हु न?????
ेराम बोल कर अपने दोनों हाथ ऊपर कर के गोल घूमी. ोय होय होय. उसके हिप्स पुरे कसकम में चिपक गए थे. एकदम काशी हुए और मस्त गोर गोर हिप्स देख कर मेरा डिल तो खुश हो गया. मेने अपने लैंड पे हाथ घुमाया जिसे देख कर वो जोर से हसी. और मेरा हाथ पकड़ के बोली
ेराम ; (स्माइल) चलो अब पानी में कब से तुम्हारा वेट कर रही थी.
वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खींचने लगी. हम दोनों पानी में गए और जोर से जम्प मारा. उसने मुझे धक्का मारा में पानी में गिरा वो मुझे देख कर जोर से हसने लगी. लेकिन में तो उसके खुबशुरत बदन को निहारते hi रहा.
एक लैब में डीके कुछ गुंडों के साथ बैठा वीर के वापस रूम में आने का इंतजार कर रहा था. वो स्क्रीन पे लगातार देखे जा रहा था. तभी एक गुंडा उसे जोर से पुकारता हे.
गुंडा ; बॉस बॉस बॉस. आप की चिड़िया आ गई.
डीके तुरंत hi उसके पास गया. और स्क्रीन को देखने लगा.
डीके ; कहा बे चूतिये ये घोड़े गाड़ी में क्या???
गुंडा ; है सर में पहचान गया. साली मद्रासन बन के आई हे. साथ कोई चूसा हुआ आम हे.
( अंदर माधुरी और जग्गू दोनों एक वह की बग्गी में बैठ कर घूमने निकले थे. उन्होंने एक सस्ते से होटल में रूम बुक किया हुआ था. जग्गू का हाथ माधुरी की जंगो पे था. साउथ इंडियन साड़ी में माधुरी जबरदस्त खुबशुरत लग रही थी. जग्गू ने झटके से माधुरी का फेस थमा और लिप्स से अपने लिप्स सत्ता दिए और जबरदस्त किश करने लगा. उसके हाथ माधुरी के पैट पे था. वो धीरे धीरे ऊपर खिसका ने लगा.
जैसे hi माधुरी की lips,aazad हुई. वो सिसकारी भरने लगी. उसकी आंखे बंद हो गई. और मस्त नशा चढ़ने लगा.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससससस क्या कर रहे आप सससस होटल तक तो रुको अह्ह्ह्ह सससस.
जग्गू माधुरी के गले पर लगातार चूमे जा रहा था. माधुरी के गर्दन पर गरम संशो और जग्गू की रगड़ जबरदस्त लग रही थी. जग्गू ने साड़ी के ऊपर से hi माधुरी के बूब्स पकड़ लिए और जोर जोर से दबाने लगा. माधुरी को जैसे झटका सा लगा. उसका मुँह खुल गया और
माधुरी ; अह्ह्ह सससस.
जग्गू जबरदस्त तरीके से बूब्स मशालते हुए अपने होठो से माधुरी के कण की लव को मुँह में भर लेता हे. माधुरी के मुँह से गरम हवा निकलने लगी.
माधुरी ; (आंखे बंद) अह्ह्ह ससस प्लीज रुकूउ सा प्लीज हम ससस होटल में भी तो कर सकते हेना सस्सा.
जग्गू ; सससस तुम इतनी जबरदस्त लग रही हो ससस रुका नहीं जा रहा सससस हटाओ इसे.
जग्गू माधुरी का पल्लू जो सीने पर था उसे हटाने की कोसिए कर रहा था. पर पिन लगी हुई थी. जिसे जग्गू खींचने की कोसिस कर रहा था.
माधुरी ; सससस रुको ससस खोलती हु बाबा आप भी न अह्ह्ह धीरे बाबा.
माधुरी ने जैसे hi पिन निकली जग्गू ने झटके से पल्लू हटा दिया. जग्गू ब्लाउज के आगे का हिस्सा मुँह खोल के ताड़ने लगा. माधुरी का ब्लाउज आगे से पूरा दीं था. जग्गू ने अपनी नक् का हिंसा माधुरी के जोबन की गली में घुसा दिया. माधुरी ने भी उसके लैंड को पंत के ऊपर से hi फिट पकड़ लिया. माधुरी की सांसे जोर होर से चल रही थी.
जिस से उसके बूब्स भी जैसे बड़े होते और अंदर को जाते. गोर हिस्से को देख कर जग्गू रुक नहीं प् रहा था. ब्लाउज के आगे सिर्फ दो hi बोटों थे. जग्गू खोलने की कोसिए करने लगा. माधुरी ने जग्गू का हाथ पकड़ा.
माधुरी ; अह्ह्ह्ह नहीं प्लीज इसे नहीं.
जग्गू ; ससस नहीं खोलो इसे भी.
माधुरी ; पर यहाँ कोई देखेगा तो अह्ह्ह्ह अच्छा रुको ससस आप भी na.(sharmana)
माधुरी ने दोनों हुक खोल दिए. ब्लाउज ऐसा था की उसे पहन ने के लिए ब्रा की जरुरत नहीं पड़ती. माधुरी के गोर गोर बूब्स और गुलाबी निप्पल्स आगे को आ गए. माधुरी का ब्लाउज जैसे जैकेट की चैन खोल दी हो वैसे सामने से खुल कर लटक गया. जग्गू ने माधुरी के दोनों बूब्स को काश के पकड़ लिया और जोर जोर से भिचने लगा. माधुरी ने भी आंखे बंद कर के अपने दोनों हाथ जग्गू के सर पे रख दिए. वो तो बस सिसकारी भर रही थी. उसे मजा भी बहोत जबरदस्त आ रहा था.
जग्गू तो एक बूब्स को मुँह में और दूसरे को हाथो में भर के जोर जोर से चूसे और दबाए जा रहा था. माधुरी के मुँह से तो बस सिसकारी hi निकल रही थी.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह्ह ससस आप भी न ससस होटल तक भी नहीं रुक सकते अह्ह्ह्ह सससस.
माधुरी ने जोर से जग्गू के सर के बल पकड़ लिए और उसका सीना जोर से दबाया. तभी बग्गी वाले ने आवाज दी.
बग्गी वाला ; (इंग्लिश) मेडम आ गया.
जग्गू अलग हुआ. माधुरी ने पहले अपनी सांसे दुरुस्त की और ब्लाउज के हुक लगा ने लगी.
माधुरी ; (स्माइल) आप भी न ऐसे कही भी मत सुरु हो जाया करो. अब उतरो.)
जग्गू बग्गी से उतर गया. जो डीके ने अपनी स्क्रीन पर देखा.
डीके ; साली इस चूज़े को भी लेकर आई हे.
फिर माधुरी ने अपनी तरफ का दूर खोला उसके हाथो में कैमरा था. वो उतारते हुए भी जग्गू का फोटो क्लिक करती हे.
वो दोनों उतरे और डीके दोनों को अपनी स्क्रीन पे देखता रहा. वो दोनों घूमने लगे. वो दोनों पति पत्नी के जैसे घूम रहे थे जेए वो टूरिस्ट hi हो. वो दोनों पेडल चलने लगे. माधुरी जगा जगह फोटोज क्लिक कर रही थी.
जग्गू ; तुम तो कहे रही थी हम वह होलिया बदल लेंगे??
माधुरी ; (स्माइल) क्यों तुम्हारी बीवी बानी हु. ये लुक अच्छा नहीं लग रहा क्या???
जग्गू हसने लगा. वो माधुरी का हाथ पकड़ के चलते गए. तभी एक रोड के सिगनल पर भीड़ हो गई. और दोनों के हाथ छूट गए.
डीके ; सेल दोनों मिया बीवी बन के आए हे हम्म्म उनके होटल का पता लगा सेल कहा रुके हे???
डीके की नजर स्क्रीन पे hi थी. पर अचानक से माधुरी ने स्क्रीन को धोखा दे दिया. वो सिगनल से गायब हो गई. जग्गू भी उसे ढूढ़ने लगा. माधुरी उन सब की आँखों में धोखा दे देती हे और एक लोकल बाजार में घुस गई. वो बार बार आगे पीछे हर जगह देख रही थी. कही कोई उसे देख तो नहीं रहा.
माधुरी वह के एक बहोत hi पुराने लोकल बाजार में पहोच गई. एक लोकल टेलीफ़ोन भूत दिखा. वो उसमे गई. वह पहोच कर उसने एक no डायल किया. तो निचे एक बॉक्स निकला. माधुरी ने बॉक्स को खोला उसमे कुछ चीजे थी. और एक पिस्तौल. सेल्फ लोडेड करने के बाद सब सामान को बैग में रख दिया और बॉक्स को पुस किया. फिर वापस वही पहोच गई.
जग्गू ; कहा चली गई थी?? में तो तुम्हारी फ़िक्र करने लगा पता हे.
माधुरी को जग्गू पे प्यार आ गया. उसने जग्गू के गाल पे किश कर दिया.
माधुरी ; (स्माइल) मेरी फ़िक्र मत करो. ऊपर से मश्ग आया था. बस वही लेने गई थी.
दोनों हाथ पकड़ के चलने लगे. दोनों ने रोड क्रॉस किया.
जग्गू ; क्या मश्ग था???
माधुरी ; वो हमें देख रहे हे. (स्माइल) और ये भी देख रहे हे की तुम्हारा हाथ कहा हे.
माधुरी बोल के हसने लगी. जग्गू ने माधुरी के हिप्स पे हाथ रखा था और वो दोनों चल रहे थे. पर जग्गू ने हाथ नहीं हटाया. वो बस स्माइल कर रहा था.
जग्गू ; (स्माइल) मधु यार तुम मेरी बीवी बन ने वाली हो और तुमने मुझे गांड नहीं मरने दी.
माधुरी है गई.
माधुरी ; (स्माइल) पर मेने मन भी तो नहीं की.
वो लोग होटल के पास तक पहोच गए थे. माधुरी ने जब जग्गू को जवाब दिया तो माधुरी स्माइल करते हुए चलती रही. पर जग्गू सोक हो गया और वही खड़ा हो गया. उसका लैंड अकड़ गया. माधुरी चलती रही पर वो माधुरी का पिछवाड़ा देखता रहा. खुली पीठ पतली कमर. मस्त मटके जैसे आकर की हिप्स और मतवाली चल. जग्गू का लैंड जोरदार खड़ा हो गया. माधुरी दूर पे पहोच कर कड़ी हुई. और पीछे मुद कर जग्गू को देखती हे.
जग्गू तो बस माधुरी को देखते hi रहे गया. माधुरी बहोत खुबशुरत हौस्विफे लग रही थी. जग्गू उसे बस दूर के अंदर जाते हुए hi देखता रहा. उसे होश तो तब आया जब वो अंदर चली गई. उसकी आँखों से ोज़ल हुई.
जग्गू के लैंड में एक जबरदस्त तनाव आ गया. उसे साड़ी में से जब माधुरी चलती उसकी हिप्स याद आने लगी. वो सोचने लगा. वो जल्दी अंदर भगा. अंदर अँधेरा था. सिर्फ एक निघटलैम्प जल रहा था. वो भी बाद के पास hi. लैंप का उजाला सिर्फ बाद पे hi गिर रहा था. और जग्गू की आंखे तो तब चौंधिया गई. जब उसने देखा माधुरी के साड़ी का पल्लू निचे जमीं पर गिरा पड़ा हे. माधुरी ऊपर सिर्फ ब्लाउज में hi हे. और वो पेट के बल उलटी लेती हुई हे. उसके बल अब भी बंधे हुए थे. और बालो में अब भी फुल्लो का गजरा था.
जग्गू में डिल में अजीब सी हलचल होने लगी. लैंड में जबरदस्त तनाव उसकी नजर माधुरी की हिप्स पे गई. साड़ी में दो मस्त फुले हुए ढलान वाले पहाड़. और माधुरी की दोनों टंगे भी थोड़ी खुली हुई थी. बस व् शेप में. जग्गू से बरदास hi नहीं हुआ वो माधुरी के पास hi बाद पे माधुरी की हिप्स के पास hi बैठ गया. माधुरी कोई प्रतिक्रिया नहीं करती बस लेती hi रही. जग्गू ने जब माधुरी के गांड के हिस्से को देखा तो डिल की धड़कने तेज़ हो गई. साड़ी के ऊपर से hi उसने एक छिपा पे बड़े धीरे से hi अपना हाथ रखा. माधुरी बस थोड़ी सी वाइब्रेट hi हुई. जग्गू ने हाथ वापस खींच लिया. जैसे वो चोरी कर रहा हो.
उसने दोबारा हाथ बढ़ाया और माधुरी की एक हिप्स पे पूरा पंजा टिका दिया. माधुरी फिर से हल्का सा मछली पर ऐसे hi रही. जग्गू ने अपने पंजे से उसकी एक हिप्स को पूरा पंजा घुमाके हाथ घुमाया. जैसे नाप ले रहा हो. फिर उसे बहोत hi हलके से दबा दिया.
माधुरी ; सससस अह्ह्ह ससस.
माधुरी की मादक आवाज जग्गू के डिल की धड़कने बढ़ा रही थी. पर मज़ा तो माधुरी को भी बहोत आ रहा था. उसे अपने हिप्स के बिच एक तेज़ जान ज़ानहत हुई. जो उसने अंदर तक महेसुआ हुई. वो जग्गू के हाथ को दूसरे हिप्स पे भी महज़ूज़ कर रही थी. माधुरी का फेस पिलो में छुपा हुआ था. उसने अपने लिप्स खोले और पिलो को दातो से दबा लिया. जग्गू ने साड़ी के ऊपर से hi दोनों हिप्स के बिच ऊँगली डालने की कोसिए की. माधुरी को अपनी गांड में बहोत मिट्ठी गुदगुदी हुई. उसे बहोत अच्छा लगा.
वो एक बार तो पूरी कप गई. जग्गू भी ये देख कर मुश्कुराने लगा. वो पीछे घूम कर माधुरी की कमर के दूसरी तरफ हाथ तक देता he.or आहिस्ता से साड़ी को ऊपर की तरफ खींचने लगा. पर जग्गू को चैन नहीं आया. वो खड़ा हुआ और माधुरी के पास एक टेबल पे स्टॉबेर्री का पैकेट था. जग्गू ने स्टॉबेर्री उठाई और निचे घुटनो के बल बैठ गया. उसके सामने ब्लाउज में hi माधुरी की नंगी पीठ थी. जग्गू ने स्टॉबेर्री को बस माधुरी की खुली नंगी पीठ पे रखा और हलके हलके घुमा कर उसे निचे की तरफ लेन लगा.
माधुरी को तेज़ गुदगुदी हुई. वो मचने लगी. उसने तुरंत hi करवट बदली और जग्गू का हाथ पकड़ लिया. माधुरी और जग्गू दोनों की आपस में नज़र मिली. माधुरी मुश्कुराने लगी. वो जग्गू को अपनी तरफ देख कर शर्मा गई. और अपने दोनों हाथो से अपना चहेरा छुपा लिया. जग्गू का धयान माधुरी की नाभि पे गया. एक डैम सुत्वा पेट देख कर वो ज़ुका और झुक कर किश कर लिया.
जैसे hi उसने माधुरी के पेट को चूमा अजीब सी गुदड़ी माधुरी को हुई. जग्गू माधुरी की फेस की तरफ बढ़ा और माधुरी के बूब्स को पकड़ कर मशालते हुए उसे लिप किश करने लगा. माधुरी को बहोत मज़ा aa,raha था.
जग्गू ; (स्माइल) आज तो तुमने मुझे अपनी गांड मरने का वादा किया था.
माधुरी को शर्म आ रही थी. वो उसके चहेरे को देख कर मुश्कुरा रही थी. माधुरी बहोत hi आराम से पलट गई. अब जग्गू को खुला मौका था. वो माधुरी के पाव की तरफ जहा दोनों टैंगो का व् शेप बना हुआ था वह बिच में आ गया. पहले तो उसने अंदर हाथ डाला और हलके से उसकी पैंटी खींच के उतर दी. उतारते वाल्ट उसने माधुरी के कमर से निचे तक हर हिस्से को छुआ. माधुरी को बहोत मज़ा आया. उसने माधुरी की पिंडलियों पे वापस स्टॉबेरी राखी. और गोल हॉल घूमते जंगो के पिछले हिस्से में ले आया. माधुरी को उत्तेजना और एक अजीब सा रोमांचक एहसास होने लगा. धीरे धीरे गोल गोल घूमती स्टॉबेर्री माधुरी के हिप्स की उठाव तक पहोच गई. जग्गू ने साड़ी और घाघरा दोनों को ुलेड दिया. माधुरी फिर से पिलो पे अपनी लिप्स से बदोचने लगी. जग्गू के सामने माधुरी की 2 छिपा और हिप्स की दरार थी.
माधुरी को एक अजीब सी सं सनी मच रही थी. वो अपनी हिप्स के छेड़ को अंदर को सुकोडती जिस से उसके हिप्स थोड़े से हिल रहे थे. अब दोबारा वो स्टॉबेर्री को दोनों हिप्स के बिच रखता हे रोल करने लगा. माधुरी को बहोत तेज़ गुदगुदी होने लगी. दोनों हाथो से पिलो को जकड लिया. लिप्स के साथ दातो से भी वो पिलो को मुँह में भर लेती हे.
स्टॉबेर्री रोल होते होते माधुरी के छेड़ के ऊपर पहोच गई. जग्गू ने हाथ हटा दिया. वो स्टॉबेर्री दोनों हिप्स के बिच hi फास गई. जग्गू के सामने क्या नजारा था. वो स्टॉबेर्री पर ऊँगली रखता हे और उसे प्रेस करता हे. वो थोड़ी तो अंदर गई पर टूट गई. फिर भी जग्गू ने ऊँगली का दबाव बनाए रखा. माधुरी सिसकारी लेकर मुँह से आवाज निकलती हे.
माधुरी ; (आंखे बंद) अह्ह्ह्हह सससस....
जैसे स्टॉबेर्री पर प्रेस हुआ माधुरी के दोनों हिप्स के बिच गांड का छेड़ा थोड़ा सा फिर ज्यादा खुला. टूटी हुई स्टॉबेर्री से रास भी निकल गया. वो उसके गांड के छेड़े के बिच ऊपर hi थी.
जग्गू ; (स्माइल) अब इसे में खाने वाला हु.
जब जग्गू ने ये बोलै तो माधुरी के फेस पर स्माइल के साथ शर्म भी आ गई. माधुरी को उम्मीद hi नहीं थी उसे कुछ गांड के छेड़ पे गीलापन महसूस हुआ. एकदम से माधुरी की आँखों में नशा छ गया. कुछ गिला सा सैप जैसा लचीला माधुरी की गांड के छेड़ को कुरेद रहा हे. माधुरी की आंखे एक डैम से खुलने और बंद होने लगी.
माधुरी को बहोत जबरदस्त मज़ा आने लगा. माधुरी ने बड़ी हिम्मत कर के वो गुदगुदी के नशे में आंखे खोली और सर से बूब्स तक का हिस्सा थोड़ा सा ऊपर उठाया और पीछे देखा. जग्गू उसकी गांड के छेड़ पर ज़ुका हुआ था. वो समाज गई. जग्गू स्टॉबेर्री चाट रहा हे. माधुरी ने फिर से सर टिका दिया. और होठो से पिलो को दबाने लगी. उसे बहोत मज़ा आ रहा था. जग्गू कभी निचे तक टपकता रास चाट ता. तो कभी छेड़ को जीभ की नोक से कुरेदता.
जग्गू ; (स्माइल) केसा लग रहा हे!??
माधुरी ने आंखे बंद करि और एकदम धीमी आवाज से जैसे सर्फ हवा निकल रही हो बेसी मादक आवाज में बोली.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह बहोत अच्छा लग रहा हे. हीइ ससससस
जग्गू को भी जबरदस्त मज़ा आ रहा था. वो छेड़ गरम गर ऍम और बहोत मुलायम था. जग्गू पूरी कोसिस कर रहा था जीभ को अंदर तक डालने की. जग्गू से बरदासनही हुआ वो उठ गया. कुछ पल जब कुछ भी एहसास नहीं हुआ तो माधुरी पलट कर दोबारा पीछे देखती हे. जग्गू अपने कपडे उतर कर पूरा नंगा लैंड को हाथो में लेकर मुस्कुरा रहा था. जेए hi माधुरी की नजर जग्गू से मिली तो वो शर्मा गई. और स्माइल करते हुए अपना मुँह पिलो में छुपा लिया.
माधुरी शर्मा गई. तभी झटके से उसके सर का पिलो जग्गू ने खींच लिया. माधुरी ने सर ऊपर कर के जग्गू को देखा. माधुरी का सर उठना और जग्गू का उसके लिप्स से अपने लिप्स जोड़ना एक साथ हुआ. माधुरी की आंखे दोबारा बंद हो गई. जो जीभ उसके गांड के छेड़ में घूम रही थी. वो अब उसके मुँह में घूमने लगी. जग्गू ने मुँह हटाया और हस्ते हुए माधुरी को देखने लगा. माधुरी भी शमा कर निचे देखने लगी. वो स्माइल कर रही थी.
जग्गू ; (स्माइल) इसे सिर्फ सर के निचे hi नहीं कुछ और काम में भी लिया जाता हे.
माधुरी ने साड़ी का पल्लू हाथ में लिया हुआ था. उसे अपने मुँह पे रख कर मुस्कुराती हे तभी जग्गू उसके पास बैठा और कंधे को पकड़ के हल्का सा पुस करने लगा. माधुरी को आज कुछ होने लगा था. मज़ा और शर्म दोनों आने लगी थी. वो बस धीरे से दोबारा उलटा लेट गई. और सोचने लगी. अब जग्गू क्या करेगा. जग्गू ने वापस उसके घाघरे समेत साड़ी ऊपर उठाई.
माधुरी का डिल जोरो से धड़कने लगा. उसे फील हुआ की जग्गू ने उसकी कमर को पकड़ा अजीब सी गुगुड़ी हुई. वो भी उसकी मदद करती हे. जग्गू ने माधुरी की छूट के निचे वो पिलो रख दिया माधुरी ने पंतय तो पहनी नहीं थी. जब पिलो रखा तो जग्गू की उंगलिया माधुरी की छूट से थोड़ी टाच हुई. माधुरी ने सिसकारी भरी.
माधुरी : ससस अह्ह्ह ससस
जग्गू मुस्कुराने लगा. माधुरी की थोड़ी टंगे जग्गू ने फैलाई. माधुरी को उत्तेजना और रोमांच महेसुआ हो रहा था. वो पल सोच रही थी अब आगे क्या होगा. पिलो की बजह से उसकी हिप्स और ज्यादा ऊपर उठ गई. उसे हिप्स के बिच कुछ गिला और चिकना सा महसूस हुआ. वो समाज गई की आयल हे. नारियल की खुशबु भी आ रही थी. फिर उसे महसूस हुआ की तेल उसके छिपा पे भी डाला हे. वो अपने निचले होठ को हल्का सा काट देती हे. मुँह से गरम हवा भी निकलने लगी.
जग्गू भी माधुरी की तेल में भीगी चिकनी चमकती गांड देख कर जोश में आ गया. वो पोजीशन लेता हे और बिच में झुक कर अपना लैंड का टोपा माधुरी की गांड के छेड़ में घिसने लगा. माधुरी को अंदर तक बहोत मिट्ठी गुगुड़ी होने लगी. उसे बहोत मज़ा आने लगा. जग्गू ज़ुका और उसके कण के पास मुँह लेजाता हे. और बहोत धीमे से बोलै.
जग्गू ; (स्माइल) दाल दू??
माधुरी कुछ नहीं बोलती बस दोनों हाथो के ऊपर सर रख कर बस शरमाते हुए हस्ती हे. जग्गू को माधुरी का शर्माना ज्यादा उत्तेजित कर रहा tha.vo कुछ नहीं बोलती.
जग्गू ; (स्माइल) बोलो न मेरी जान डालदू क्या??
माधुरी बहोत धीमे से शरमाते हुए बोली.
माधुरी ; (स्माइल शर्माना) है.
जग्गू ; (स्माइल) तो ये लो मेरी जान.
जग्गू ने बहोत धीमे से प्रेस किया. माधुरी ने भी आंखे बंद कर ली. बस उसे हल्का सा दर्द हुआ और लैंड माधुरी की गांड को चिर कर अंदर उतर गया. जग्गू को एक जबरदस्त अनोखा सुख का एहसास हुआ. गरम गरम और नरम नरम. वही माधुरी को भी अंदर जब सख्त लोहे की रोड उत्तरी वो भी गरम. माधुरी ने आंखे बंद कर के अपना सर ऊपर को उठाया.
माधुरी ; (आंखे बंद) ahhhhh...ssssss..
माधुरी को अंदर तक मज़ा आने लगा. जग्गू धीरे से अंदर तक पहोच गया. फिर बहार निकला. मज़ा दोनों को आने लगा.
जग्गू ; ससस केसा लगा मेरी जान सससस.
माधुरी ; (आंखे बंद धीमी आवाज ने) ससस बहोत अच्छा लग रहा हीइ... सससससस.
जग्गू धीरे धीरे आगे पीछे होने लगा. उसे बहोत मज़ा आ रहा था. माधुरी भी उसका पूरा साथ देती रही. धीरे झटके लग रहे थे. माधुरी एक हाथ निचे अपनी दोनों टैंगो के बिच अपनी छूट पे ले गई. और छूट की ऊपर वाली चमड़ी को दो उंगलियों से मशलने लगी. उसे बहोत मज़ा आने लगा. दोनों तरफ मस्त गुदगुदी होने लगी. जग्गू तो जैसे स्वर्ग में पहोच गया हो. काफी देर खेल धीरे चला और अब दिनों के जिश्म स्पीड रफ़्तार मांग रहे थे. जग्गू ने रफ़्तार बधाई. माधुरी को तो अब बयां करना मुश्किल था.
जो वो महसूस कर रही थी. वासना और प्यार का अनकहा मिलान भोग रही थी. धीरे धीरे थप थप ki,aavaj आने लगी. और वो आवाज तेज़ हो गई. माधुरी पूरी हिलने लगी. जिस से ब्लाउज में से भी उसके बूब्स तक हिलने लगे. उसने सर ऊपर कर लिया. जग्गू ने माधुरी के बालो के जुड़े को पकड़ लिया. और जोर से खींचा.
माधुरी ; (आंखे बंद) ससस अह्ह्ह्हह.
माधुरी को दर्द में भी मज़ा आने लगा वो अपनी छूट के डेन को मसलने लगी. उसकी उंगलिया भी गीली होने लगी. पर आज जग्गू जोश में था. और वो अपनी hi उम्मीद से ज्यादा टिक रहा था. थप थप करते धीरे धीरे उसका बदन अकड़ गया. जुड़े को काश के पकड़ा जिस वजह से उसके जुड़े में बंधा मोगरे का गजरे के फुल बिखरने लगे. तभी एक माधुरी की गांड में सहेलाब आया. जग्गू बहोत hi जोर से माधुरी के अंदर बहने लगा. उसका गरम लावा माधुरी ने अंदर तक महसूस हुआ. जग्गू माधुरी के ऊपर hi ढेर हो गया. वो कुछ पल माधुरी के ऊपर hi गिरा रहा. जब कुछ देर बाद उसने लैंड बहार निकला तो. माधुरी की गांड से थोड़ा थोड़ा सफेस गधा रास बहे कर बहार आने लगा.
माधुरी भी आंखे बंद कर के वैसे hi पड़ी रही. तभी उसके कानो में आवाज आई.
जग्गू ; (स्माइल) मुझे मालूम हे तुम्हे ये पसंद हे.
जग्गू ने माधुरी की बहती गांड के छेड़ पे अपना मग लगा दिया. और सीडट से चाटने लगा. माधुरी को बहोत अच्छा लगने लगा. उसे एहसास हुआ पहेली बार जग्गू ने उसका पसंदिता काम किया. इस से पहले ये ख़ुशी सिर्फ वीर दिया करता था. बाकि शिकार से तो वो जबरदस्ती करवाती थी.
में ेराम के साथ आज बहोत खुश था. पानी में उसके साथ मेने बहोत मस्ती की.
में ; यार आलिया कहा हे. चलो रूम में होगी. उसे भी खींच के लेट हे.
ेराम ; (स्माइल) उसका फोटो शूट हे. यही पास में hi हे. 1 गजानते में वो फ्री हो जाएगी.
में ; फ्री?? अरे चलो यार उसे भी थोड़ा तंग करते हे.
ेराम ; (स्माइल) हम्म तो जनाब फुल मस्ती के मूड में हो है. चलो.
हम दोनों पेडल पेडल निकल गए. कुछ बिच के साथ hi पेडल चलते चलते हम उस जगह पहोच गए जहा पर आलिया का फोटो शूट हो रहा था. में जब दूर से hi उसे देखा तो सोक हो गया. ओह माय गॉड. साला वो तो छोटे से स्विमिंग कसकम में फोटो शूट हो रहा था. मेने आलिया को दूर से hi देखा. वो हॉट सेक्सी पॉश में थी.
में आलिया के करीब पहोचा मुझे जलन सी होने लगी. ये मुझे क्या हो गया कुछ समाज नहीं आ रहा था. कोई भी मेरी बीवियों को देखता मुझे बहोत तकलीफ होने लगी थी. सायद अब उन्हें खोने का दर था. लेकिन आलिया का फिगर उस कसकम में ला जवाब था.
मस्त कैशा हुआ बदन कैसे जैसी चिकनी tange.uske काशी हुए बूब्स. बस में तो उसके पलट ने का इंतजार कर रहा था. तभी आलिया की भी नजर मुझपे गई.
आलिया की जंगे और छूट का हिस्सा मस्त कैशा हुआ जबरदस्त लग रहा था. अभी फोटो शूट न होता तो में रुक नहीं सकता था. लेकिन मेने सोच लिया था. आज रत एक साथ इन दोनों हसीनाओ के साथ जी भर के खेलूंगा. में हमेसा के लिए माधुरी को भुला देना चाहता था. तभी आलिया मुझे बहोत hi नशीली आँखों से देखने लगी.
फोटोग्राफर ने उसे तुरंत बोलै.
वैरी गुड ओनेस मोरे ोंसे मोरे.
और वो क्लिक करता hi गया. आलिया तरह तरह के पॉश बदलती रही. उन्हें जो चाहिए था मिल रहा था. क्यों की आलिया के फोटोज मुझे देख कर बदल गए थे. मेने भी आलिया को देखते हुए निक्कर के ऊपर से hi अपने लैंड को मशाल दिया. मुझे देख कर आलिया की सांसे तेज़ चलने लगी. और आंखे बंद हो गई.
कुछ hi देर में आलिया का फोटो शूट ख़तम हो गया. हम बिच पर बैठे थे. पर आलिया नहीं आई. में आलिया को ढूढ़ने लगा. वो बिच की तरफ देख रही थी. मेरी नजर उसपे गई.
मेरे फेस पे स्माइल आ गई. क्यों की वही तो में देखना चाहता था. में आलिया की तरफ बढ़ा. वो एक दीवार का सहारा लेकर कड़ी थी.
में तो उसकी खुली बैक उसकी पतली कमर और उसका लाजवाब पिछवाड़ा देखता hi रहे गया. में उसके करीब गया और उसकी नंगी बाजु पे हाथ रखा. उसकी आंखे बंद हो गई और वो पीछे को झुक गई. जब पूछे ज़ुकी तो मेरा लैंड उसकी हिप्स को टाच हुआ. मेरी भी आंखे बंद हो गई. पर वो कुछ बोल नहीं रही थी.
आलिया ; ससस तुम क्यों आए. में कुछ hi देर में आने hi वाली थी न.
में ; तुम फ़िक्र मत करो. मुझे जलन नहीं हुई. में तुम पे अँधा भरोसा करता हु. तुम उस मधु जैसी धोखे बाज़ नहीं हो.
आलिया ; अरे बाबा बात वो नहीं हे. तुम्हे पता हे इंडिया से यहाँ पेमेंट लक ( लेटर ऑफ़ क्रेडिट) में आ रही हे. मतलब जेवेलरी कायदे से आ रही हे. और पेमेंट इन लीगल
स्वीटी सुबह सिर्फ ब्रा में लेती हुई थी. ऊपर बेडशीट ओढ़े हुई थी. वो अब भी ाण्डू के रूम में hi थी. रत को hi ाण्डू के सोने के बाद उसने रूम की तलासी ली. ाण्डू के रूम में बहोत सरे ऐसे कागज़ थे. जिसे समज़ना मुश्किल था. उसने कुछ कागज़ देखे उस से उसे ये पता चल गया था की कल लखनऊ से गहने आ रहे हे. सुबह वो लेती हुई ाण्डू को तैयार होते हुए देख रही थी. ाण्डू बाथरूम में जा रहा था. पर रत को दोनों ने बहोत बेयर पि थी. इस लिए स्वीटी का सर दर्द कर रहा था. और वो ाण्डू को नहाते हुए देख रही थी. क्यों की दूर ओपन था.
स्वीटी ; सर कब तक आओगे??
ाण्डू डिकोस्टा ; डार्लिंग तुम मेरी बीवी नहीं हो. ऐसे सवाल नहीं पूछा करते.
स्वीटी ; सर में भी चालू साथ मज़ा आ जाएगा. बहोत मस्ती करेंगे.
ाण्डू डिकोस्टा ; ज्यादा सनी मत बन. रंडी हे तू रंडी रहे. अब कपडे पहन और निकल. रत को बुला लूंगा.
स्वीटी की चल फ़ैल हो गई. वो एक रत सोकर भी ाण्डू को अपनी तरफ नहीं खींच पाई. वो आंखे बंद कर के पड़ी रही.
सर दर्द के साथ वो बजती भी बरदास कर रही थी. फिर उसके दिमाग में एक िद्या आया. वो सोचने लगी.
स्वीटी कड़ी हुई और अपनी शर्ट में से एक पिन निकलती हे और ाण्डू ने अपने लिए जो छोत पंत निकला था उसमे लगा देती हे. पिन बहोत छोटी थी. फिर अपने कपडे लेकर वो रूम से निकल गई.