Parivar se nafrat fir pyaar - Page 6 - SexBaba
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Parivar se nafrat fir pyaar

अपडेट 44

सुबह सुबह हवेली मैं सब उठ चुके थे अभी 8 बज रहे थे और अपने अंकित भाई मजेसे हठी बेच कर सो रहे थे

थोड़ी देर मैं अंकित के दूर र जोर से नॉक होता है

खत.... खत.... खत..... खत.......

अंकित :अबे ये कोण आज्ञा डिस्टर्ब करने

मनीषा :बीटा दूर खोल अंकित

अंकित दूर ओपन करता है तो सामने मनीषा कड़ी थी वो अंदर आके अंकित को गले लगाती है

मनीषा :उठ गया मेरा बचा

अंकित : क्या माँ थोड़ी देर सोने देती कल बहुत थक गया था पर आपने उठा दिया

मनीषा : ी ऍम सॉरी बेबी पर अब उठ जाओ ब्रेकफास्ट रेडी है जल्दी निचे आजाओ ok

अंकित :ok माँ

फिर मनीषा प्यार से अंकित के सर पर किश करती है और चली जाती है

अंकित भी फ्रेश होने चला जाता है फिर तैयार होकर निचे चला जाता है जहा मनीषा उसका वेट कर रही थी

फिर वो और मनीषा अपना ब्रेकफास्ट लेकर टेबल पर आजाता है जहा दीपा कविता और एक ायरत और एक लड़का बैठे थे

मनीषा : बीटा ये है सलोनी की भाभी मोहिनी और उसका बीटा रोहन ये तुम्हारी hi आगे का है और ये है मेरा बीटा अंकित

अंकित :होई एवरीवन

मोहिनी: hello अंकित

रोहन :हे what's उप बडी

अंकित : फिट एंड फाइन एंड यू

रोहन : में तो बीआरओ

फिर सब नास्ता करने लगते है सब नास्ता करते हुए इधर उठेर की बाते करने लगते है पर मोहिनी बस अंकित को hi देख रही थी और किसी ने ये बात नोटिस नहीं की पर अंकित रोहन से बात करते हुए उसने ये बात जान ली

फिर ये सब लोग निकल गए अपने अपने काम मैं फिर अंकित थोड़ी देर आर्यन से और कारन से बात करता है और निकल जाता है बहार गार्डन मैं घूमने वो घूम hi रहा था की तभी उसने देखा की बहार गेट पर कुछ लोगो की भीड़ जमा थी ये गेट पीछे की साइड होने से किसी को कुछ पता नहीं चल सकता था अंकित ने देखा वह पर कुछ लोग बहस कर रहे थे तो वो उठेर की और चल पड़ा तब उसे देखा की वह पर मनीषा सलोनी सौरभ और सलोनी खड़े थे और कुछ डाकू जैसे लोग जो दिखने मैं hi खुखार लग रहे थे और उनके पास दोनाली वाली गन्स भी थी अंकित वह जाने लगता है

यहाँ हम डाकू और इन सब की बाते सुनते है

करीब 5 डाकू थे जिसमे से एक लीडर था और बाकि सब भाड़े के टट्टू

सलोनी :देखो यहाँ से चले जाओ यहाँ हु मरी बेटी की शादी है यौम यहाँ कोई भी पन्गा नहीं चाहते

डी1 जो की मुँह से बीड़ी फुक रहा था वो बोलै

D1:humne भी तुमसे कहा हमे 5 लाख और दो जवान लड़किया देदो हम चले जायेंगे नहीं तो कल शादी मैं आएंगे और यहाँ की जितनी भी लड़किया है उन्हें तुम्हारे सामने छोड़ेंगे

सौरभ ने उसे एक थप्पड़ मारा

सौरभ :सेल गन्दी नाली के कीड़े अपने काम से मतलब रख और निकल यहाँ से नहीं तो तुझे पता नहीं के तेरा क्या हाल होगा मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है

डी1 को थप्पड़ कहते देख डी3 गुस्से मैं सौरभ के सर मैं अपनी गन से मरता है तो सौरभ वही बेहोस होजाता है

सलोनी :ये क्या किया तुम्हे तो मैं छोड़ूंगी नहीं

मनीषा : तुम सब अब बचोगे नहीं

मनीषा की बात सुनके डी4 आकर मनीषा क्क हाथ पकड़ लेता है तो मनीषा उससे छूटने केलिए जाट पटाने लगती है

सलोनी :उसे चोर कमीने नहीतो तेरी जान लेलूँगी

डी4 मनीषा को चोर के सलोनी को पकड़ लेता है

तभी किसी को कुछ समाज आता उससे पहले hi एक मुक्का डी4 के माथे पे पड़ा

और वो दूर जाकर गिरा

सब ने पंच मरने वाले सख्श को देखा तो वो कोई और नहीं अंकित था

डी3 जाकर डी4 को देखता है तो डी4 के मुहसे कान से नाकसे और आखो से भी खून निकल रहा था डी3 जब चेक करता है तो वो घबरा कर डी1 को बोलता है

डी3 :सरदार ये मर चूका है ये बात सुनके तो वह खड़े हर किसी के पेअर दर से काँप जाते है क्यों की डी4 कोई सिंगल पसली नहीं था एक दम हत्ता कट्टा बाँदा था जिससे अंकित ने एक hi पंच मैं परलोक सुधर दिया

डी1 :सेल तेरी ये हिम्मत आज तो तेरी माँ को तेरे सामने छोडूंगा

अंकित ये सुनकर फुल गुस्से मैं आगया

मनीषा दीपा और सलोनी सौरभ को लेकर पीछे हैट गए और जब मनीषा ने ये सुना तो वो अपना सर पीट लेती है

दीपा : क्या हुवा मनु

मनीषा : ये सब आज नर्कवासी होने वाले है चलो कुछ एंटरटेनमेंट होगा मज़ा आएगा

फिर अंकित उन चारो को कपड़ो की तरह धोडालता है और तीन लोगो की तो कहानी hi ख़तम करदेता है और डी1 को इतना मरता है की उसकी सरीर की साडी हड्डिया टूट जाती है और वो बेहोश होजाता है

फिर वो लोग वह से जाने केलिए पीछे मुड़े hi थे की डी1 जैसे तैसे खड़ा हुवा और घुस दे सलोनी के ऊपर एक निशाना लगया और बोलै

डी1 :सुन बे रैंड अब यहाँ बेटी की शादी नहीं तेरी मौत का मातम होगा कोई कुछ कर पता उससे पहले hi एक गोली चली जो सलोनी की और चली थी पर अंकित ने भाग सलोनी को कवर किया और गोली अंकित के हाथ को चुकार निकल गयी

अंकित :aaaaaahhhhhhhhhhh

मनीषा की तो जान हलक मैं आगयी

मनीषा :अंकित बीटा तू ठीक तो हैं

पर अंकित संभाला और डी1 के पास जाकर उससे घुस चीन कर उसके मुँह मैं थुश थी और दोबार फायर किया और डी1 की भी कहा नई ख़तम फिर अंकित सब के पास आजाता है अब सौरभ भी होसे मैं आचुका था

मनीषा :अंकित बीटा तुम ठीख तो हैना हे भगवन कोई जल्दी से फिरस्टैड बॉक्स ले आओ कोटना खून बह रहा है

सलोनी :अंकित बीटा तुम ठीक होना जल्दी चलो और चिंता मूत करो मेरे भैया बिजनेसमैन के साथ डॉक्टर भी है

अंकित :अरे आप सब चिंता मूत करिये गोली बस चुकार निकल गयी है मैं ठीक हु मनीषा तो अंकित को अपने सीने से लागलेटी है और रोने लगती है

अंकित :माँ प्लीज चुप होजाये मैं ठीक हु ी ऍम फाइन

मनीषा :जानती हु बीटा पर माँ hi तेरी चिंता तो होगी हिना

अंकित को आज माँ ईशा के सीने से कोई बुरी फाइलिंग नहीं आरही थी आअज उसे फिरसे मनीषा के अंडर की ममता महसूस हो रही थी

फिर अंकित का ट्रीटमेंट हुवा और वो थोड़ी देर आराम करने रूम मैं आगया वही hi सलोनी सौरभ रश्मि और कविता और दीपा भी थी

मनीषा अंकित का दूसरा हाथ पकड़ कर बैठी थी

सलोनी :अंकित बीटा थैंक्स आज तुम्हारी वजह से मैं मरते मरते बची हु तुम्हारा ये एहसान मैं कैसे चूका पाऊँगी ये तो मुझे नहीं पता

अंकित :देखिये आंटी येतो मेरा फ़र्ज़ था आप माँ की फ्रेंड हो तो मेरी आंटी हो और फमलीय मेंबर्स को कोई थैंक्स कहता है क्या और रही बात एहसान की तो ये बात मुझे न समज मैं आती है न समझना कहता हु तो रिलेक्स

सलोनी :जैसा मनु ने कहा था वैसे hi हो

अच्छा आज पूल पार्टी है याद हैना

पर अंकित तुम कैसे आओगे तुम्हे तो चोट लगी है

मनीषा : बीटा कोई बात नहीं तुम यहाँ आराम करो मैं यही तुम्हारे पास hi हु

अंकित :अरे आप सुब चिंता मूत करिये मैं ठीक हु और पूल पार्टी मैं भी आऊंगा और रही बात चोट की तो तो मेरी चोट ठीक होगयी है ये देखो

फिर अंकित अपनी पट्टी खोलता है तो उसका घाव भर चूका था और पहले जैसा हो चूका था

सभी ये देख कर शॉक होजाते है

मनीषा :बीटा ये कैसे हुवा कोई भी घाव इतनी जल्दी हिल नहीं होता तो तुमने कैसे करलिया

अंकित :ये तो सब नेचुरल है और मैं अकेला ऐसा इन्शान नहीं हु मेरे जैसे दुनिया मैं कई इन्शान है जिनकी हीलिंग पावर नार्मल ह्यूमन से ज्यादा है ok तो डोंट बे पेनिस चलो अब मैं थोड़ी देर बहार गर्डर मैं घूम कर आता हु माइड थोड़ा फ्रेश होजायेगा और अंकित फिर बाथ रूम मैं चला जाता है

मनीषा : चलो हम भी चलते है पूल पार्टी से पहले थोड़ा स्पा होजाये

सलोनी :है चलो आज तो बहोत hi मूत और रूस की खूबसूरत लड़कियों को बुलाया है हमे यहाँ हमे स्पा देंगी और पूल पार्टी मैं हमारे साथ मजे करेंगी

अंकित बाथरूम से इनकी बात सुन रहा था उसे लगा की मनीषा भी उनके साथ जाएगी

फिर सब चले गए पर मनीषा और रश्मि वही रहे

अंकित बहार आया

मनीषा :बीटा यहाँ आ मुझे तुझसे कुछ बात करनी है रश्मि बस दो मिनट मैं जरा अंकित से अकेले में बात करके आती हु

फिर ये दोनों बेलकनि मैं आगये

अंकित :यस माँ बोलिये

मनीषा : बीटा मुझे पता है की मैं किसी और के साथ लेस्बियन करू ये तुझे अच्छा नहीं लगेगा पर क्या मैं अपने फ्रेंड के साथ थोड़े मजे करलु

अंकित :ठीक है माँ मैं कुछ ज्यादा hi इस मामले मैं स्ट्रिक्ट होगया था मैं भूल गया था की सब की अपनी अपनी ी छाए होती है तो मेरी और से आपको फुल परमिसन है पैर ओनली लेडीज no जेंट्स ok

मनीषा :बीटा मेरे जिस्म को पर तो सर तेरा और तेरे पापा का हक़ है किसी और का नहीं थैंक्स बीटा पर तुझे एक और बात बतानी है वो नेहा का फ़ोन आया था बता रही थी की निशा दीदी की तबियत ख़राब है

अंकित इतना सुनते hi टेंशन मैं आज्ञा

अंकित :क्या माँ की तबियत ख़राब है और किसी ने मुझे बताया भी नहीं अब कैसे है वो रुको मैं फ़ोन करता हु

अंकित जल्दी से अपना फ़ोन निकल कर निशा के नंबर पर कॉल करता है

यहाँ रावल हाउस मैं निशा अपने रूम मैं आराम कर रही थी और नेहा और मोनिका उसके पास बैठी थी फ़ोन की रिंग से निशा उठ जाती है तभी नेहा उसके पास आकर फ़ोन की स्क्रीन पर देखती है और निशा को कहती है

नेहा : माँ अंकित का फ़ोन

निशा की आखोंस से आशु निकल जाता है

निशा :फ़ोन पिछ कर और स्पेकेर पर रख बोलना मैं सो रही हु ok

यहाँ अंकित परेशां हो रहा था

अंकित :के ों माँ पिछ उप थे फ़ोन

तभी फ़ोन पिछ हुवा और अंकित बरस पड़ा

अंकित : hello माँ कैसी हो आप मैंने सुना आपकी तबियत ख़राब है माँ प्लीज कुछ बोलिये मुझे बहुत टेंशन होरहा है माँ प्लीज

बोलते बोलते अंकित की आखों मैं भी आशु आजाते है जो मनीषा देख लेती है

नेहा :हीलो भाई ये मैं हु नेहा

अंकित : नेहा दी कैसे हुवा ये आपको माँ का ध्यान रखना चाहिए था न आखिर माँ की तबियत कैसे ख़राब हुयी

नेहा :अरे भाई टेंशन मत ले माँ को बस थोड़ा फीवर और थोड़ी वीकनेस है बाकि माँ ठीक है

अंकित : मैं अभी वह आरहा हु

नेहा :भाई भाई संत होजा तुझे यहाँ आने की जरुरत नहीं है हम शूम है यहाँ तू बस शादी एन्जॉय कर

अंकित : दी आप किसी बात कर रही हो शादी क्या माँ से इम्पोर्टेन्ट है क्या

नेहा :भाई अगर ऐसे तू आया न तो माँ को बहुत नाराज़ होंगी देख तुझे माँ की कसम

अंकित :अरे दीदी कसम क्यों देदी और अब मेरी बात ध्यान से सुनो मैं दो दिन बाद आऊंगा और माँ मुझे बिलकुल ठीक चाहिए किसी भी हालत मैं उनका ा छे से ध्यान रखना ok

नेहा : ok भाई और भाई कभी हु मरी भी इतनी फ़िक्र किया कर

अंकित : प्लीज दी मजाक मत करो अभी

नेहा :ok बबाचल भाई

अंकित : अच्छा एक काम करो फ़ोन माँ के गाल के पास रखो

नेहा ने निशा के गाल के पास फ़ोन रखा

अंकित : उउउउउम्मम्मम्मम गेट वेल सून माँ

ब्यय दीदी

और फ़ोन कट होगया और अंकित मनीषा के गले लग गया

अंकित :माँ माँ (निशा) को कुछ होगा तो नहींए

मनीषा : कुछ नहीं होगा बीटा वो जल्दी hi ठीक होजायेगी

यहाँ :निशा अंकित की हरकत से रोने लगती है वैसे तो उसे ये पता था की अंकित उसे बहुत प्यार करता है पर आज जैसे निशके बीमार होने पर रियेक्ट किया उससे निशा को समाज मैं आगया की अंकित अपनी जान से ज्यादा उसे कहता है

नेहा और मोनिका निशा के गले लग जाती है

मोनिका :माँ प्लीज चुप होजयिये भाई अब आपसे नाराज़ नहीं रहेगा आपने देखना वो आपसे कितना प्यार करता है

निशा : है बीटा चलो अब खाना खालो

अब फिर चलते है हवेली की और यहाँ मनीषा अंकित के रूम से चली गयी पर रश्मि वही थी

अंकित :अरे आप यहाँ

रश्मि : है वो मुझे तुमसे कुछ कहना था

अंकित :है बोलिये न ओतय

रश्मि :अंकित मैंने कल रात तुम्हे और कविता को सेक्स करते देखा था सच कहु तो मुझे भी तुम्हारे साथ ये सब करना है पर मैं सूरे नहीं थी तब पर अब मुझे पूरा यकीं है की तुम्हारे साथ कोई खतरा नहीं है मुझे

अंकित :ok पर क्या आप ये सब करने केलिए दिलसे तैयार है

रश्मि : है मैं तैयार हु और मुझे पता है की तुम किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करते

अंकित :तो चलिए करते है

रश्मि :अभी नहीं रात को मैं आउंगी ok

अंकित :ठीक है

फिर रश्मि अंकित को एक प्यास सके किश देकर निकल जाती है और अंकित गार्डन की और निकल जाता है

अभी उसे थोड़ी डोर एक बड़ा सा पेड दीखता है और वह कोई बैठा हुवा नज़र आता है तो वो वह चला जाता है

वह कोई और नहीं मनीषा और प्रिय बैठे थे प्रिय जो की सौरभ की बेहेन थी

अंकित चुपके से उनकी बाते सुनता है

मनीषा :अरे प्रिय यार तुम क्यों नहीं आना चाहती पूल पार्टी मैं

प्रिय :मनु मक़िन क्या करू मेरा भी मन है मैं पपर्टी मैं जाऊ और मजे करू और एक तरफ ये छूट की आग है की चैन hi नहीं आता मेरे पति तो मुझे संतुस्ट नहीं करलेते उन्होंने तो कहा है की में चाहते सेक्स कर सकती हु पर अगर इज़्ज़त ख़राब हुयी तो वो मुझे डाइवोर्स दे देंगे और ऐसा इन्शान मिलना तो. बहुत hi मुश् किल हटा है

ऊपर से मेरी सास मुज पर हर वक़्त नज़र रखती है मनु अब तुम hi बताओ की मैं क्या करू

मनीषा :एक काम करसकते है तुम मेरे बेटे अंकित को जानती hi होगी

प्रिय :है अंकित उसे तो मैंने देखा है और उसे देख कर hi तो आग बढ़ गयी है पर वो बच्चा क्या मेरी आग बजा पायेगा

मनीषा :अरे प्रिय वो सर आगे से बच्चा है उसका लुंड बड़े से बड़ी छूट की गर्मी निकल चूका है

प्रिय : मनु देख मज़ाक मत कर वो बच्चा क्या कर लेगा

यह ा अंकित अपने मन में बोलता है

अंकित : अरे एक बार ऑटो सही अगर इस बच्चे ने तेरे पेट मैं बच्चा न दाल दिया तो मैं भी एक नहीं

मनीषा :मेने कहा न वो सिर्फ आगे से बच्चा है एक बार तू उसके साथ जा तो सही अपने पति को तू खुद डाइवोर्स दे देगी

प्रिय :ठीक है मनु तू कहती है तो ठीक है बोलो उसे

नेक्स्ट चुदाई

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 45

इन रावल मैंशन

यहाँ सब अपने अपने काम मैं मस्ट है

तभी वह आकाश और मनोज आजाते है जो की काम के सिलसिले मैं बहार गए हुए थे

आकाश :अरे भाई सब कहा है कोई दिख नहीं रहा है

तभी वह शीतल आजाती है

शीतल :अरे आप आगये रुकिए मैं पानी लती हु

फिर ये दोनों वही बैठ गए

आकाश और मनोज ने पानी पिया और शीतल से पूछा

आकाश : अरे बाकि सब कहा गए है

शीतल : साडी लड़किया तो शॉपिंग करने केलिए जा रही है तो सब अपने कमरे मैं तैयार हो रही है अंकित और मनु दीदी तो शादी मैं गए है और निशा दीदी की थोड़ी तवियत ख़राब है तो ऊपर अपने रूम मैं रेस्ट कर रही है

आकाश ::क्या निशा की तवियत ख़राब है अरे पहले बोलना था न

और ये कह कर आकाश तेजी से निशा के रूम की तरफ भगा

(आकाश ने भले hi 3 शादी की थी पर वो प्यार सभी से करता है फिर चाहे वो तीनो म न से क ोी भी हो वो सब को बराबर प्यार देता है)

आकाश रूम के अंदर आकर निशा का हाथ पकड़ कर बैठ गया

आकाश : किसी मेरी जान

निशा :अरे आप कब आये और है मैं ठीक हु बस हल्का सा बॉडी पैन हो रहा है बस

आकाश : हम्म कोई मैं डॉक्टर को फ़ोन करता हु

निशा :अरे मुझे कुछ नहीं हुवा है मैं खीक हु आप चिंता मत कीजिये प्लीज

आकाश : नहीं निशा ऐसी गलती मैं एक बार कर चूका हु अवंतिका के साथ मैं उसे तो खो चूका हु अब तुम्हे और मनीषा को खोना नहीं कहता

निशा : जैसी आप की मर्जी

फिर आकाश निशा के सर पर किश करके डॉक्टर लीज़ा को फ़ोन करता है

अब चलते है सलोनी की हवेली मैं

जहा प्रिय और मनीषा बात कर रही थी

प्रिय : ठीक है मनु अब अगर तुम कह रही हो तो ये सच है मैं मान लेती हु

बुलाओ उसे

मनीषा अंकित को फ़ोन करके फिर वहदाई गार्डन मैं बुलाती है

तो अंकित पहले हवेली मैं जाता है फिर वह गार्डन मैं आजतक है जिससे दोनों को सक न हो के अंकित इनकी बाते सुन रहा था

अंकित : यस माँ बोलिये

मनीषा : बीटा तुझे आज प्रिय को खुस करना है कर पायेगा

अंकित : क्या बात है माँ आप टारगेट को सामने रख कर एक 47 को पूछ रही हो की क्या शूट करेगा

मनीषा : वह बीटा बाते बनान तो कोई तुजसे सीखे ाचा सुन ये 2 साल से भूखी है सेक्स की साडी तड़प निकल देना

अंकित : ठीक है माँ

प्रिय तो इन दोनों को देख कर शॉक थी की ये दोनों इतना ओपन लिए कैसे बात कर रहे है

अंकित प्रिय से कहता है

अंकित : चले रूम मैं

प्रिय :है चलो थोड़ा शर्मा के बोलती है

फिर ये दोनों रूम मैं आजाते है अंकित गेट लॉक करके अपनी टीशर्ट और पेण्ट भी निकल देता है अंकित की बॉडी देख कर प्रिय पूरी तरह पागल होगयी पर वो शर्मा रही थी बहुत

अंकित : अब सुरु करे

प्रिय चुप रही

अंकित :देखिये आप की छुपी से पता चल रहा है की तुम बहुत शर्मा रही हो देखो डरो मत अगर आप ये दिल से रेडी हो ये करने केलिए तो hi मैं आपके साथ करूँगा अगर नहीं करना आपको तो मैं चला और ये कह कर अंकित वापस कपडे लेने केलिए मुदा तो प्रिय ने अंकित का हाथ पकड़ लिया

प्रिय : प्लीज ऐसे मत जाईये मैं तैयार हु मत जाईये मेरी छूट मैं आग लगी हुयी है

फिर अंकित उसको अपनी बहो मैं लेता है अंकित के हर टच से प्रिय को नशा सा चढ़ने लगा था

फिर अंकित उसको किश करना स्टार्ट करता है

अंकित :उउउउउम्मम्मम्मूउउउउम्मम्म

उउउउम्मम्म. उउउउम्मम्म ऊम्मम उउउउम्मम्मम

प्रिय :उउउउम्मम्म उउउउम्मम्म उउउउम्मम्म उउउउम्मम्म ूउम्म्म

करीब 10 मं तक किश चलता रहा जिससे प्रिय की साँस उखड ने लगी

प्रिय :मां गए क्या किश करते हो पहली बार किश मैं इतना मज़ा आया है नहीं तो पता नहीं कब मैंने किश किया था

अंकित :क्यों आपका पति किश नहीं करता क्या

प्रिय : वो चुटिया क्या किश करेगा उसे किश करना आता भी नहीं है सिर्फ गले को चूमता है चूचिया दबाता है और छूट मैं दाल कर 10 मं मैं ठंडा पद जाता है

अंकित : तो उससे पहले कभी किश नहीं किया क्या

प्रिय : है जब कॉलेज मैं थी तब 2 के साथ रिलेशन शिप मैं थी तभी पहली बार सेक्स किया था पर किश उससे भी नहीं हुवा आज पहली बार मज़ा आया

फिर अंकित उसके गले को चुम ने लगा

प्रिया :आआअह्ह्ह्हह क्ययया बब्बछत हैआईई टूउम्म्म्मे जब से डीएकखहा है तब से ाः छोड़ने केलिए तड़प रही हु आआअह्ह्ह्हह

फिर अंकित उसके बॉब्स को चूसने लगता है

अंकित :उउउउम्मम्म सस्ससूउऊररररररपपप

ससससूरररपपपपप ससससूरररपपपपप ुउउम्म

ूउम्मम्मम वह प्रिय जी ूउम्म्म क्या मस्ट चूचिया है आपकी ूमममम

प्रिय :आआह्ह्ह्ह तर्त्तुउम्म्म ब्बभठियई कीच काम नहीं हो आआअह्ह्ह्हह क्या मस्ट चूसते हो आआह्ह्ह्ह काटो मत ूउम्म्म मज़ा आएगया

अंकित : मजा आगया आपको आया मज़ा

प्रिय :है मुझे तो जैसे जन्नत मिल गयी

अंकित :अरे अभी कहा अभी जन्नत बाकि है

कभी छूट छुडवाई है

प्रिय :नहीं आज तक किसी से नहीं चुसवाई क्यों पूछ रहे हो

अंकित :आज चूसने वाली है मैं भी तो देखु ाअखिर तुम्हारी छूट का रास कितना मीठा है

प्रिय : पहले मुझे तुम्हारा लुंड चूसना है एक काम करे 69 करते है

अंकित : क्या बात है सेक्स मैं बहुत इंटरेस्ट लगता है अब ये भी बतादो की छिड़ना कैसे है

प्रिय :एक्सट्रेमेली हार्ड

अंकित ठीक है

और ये दोनों 69 पोजीशन मैं आजाते है और एक दूसरे के नाज़ुक अंगो को चूसने और चाट ने लगते है

थोड़ी देर तक यही चलता है फिर

प्रिय सीढ़ी लेट जाती है और अंकित उसकी छूट पर अपना हथियार सेट करता है

अंकित : एक काम करो ये अपना ड्रेस है न वो अपने मुँह मैं दाल लो

प्रिय : क्यों

अंकित :क्यों की मैं इसे एक hi बार मैं तुम्हारी छूट मैं उतर दूंगा तो तुम्हे एक hi बार दर्द होगा

प्रिय :ठीक है पर थोड़ा धीरे

फिर अंकित ने एक तगड़ा शॉट मारा पर 5 इंच hi अंदर गया प्रिय कराह ने लगी पर अंकित ने उसे अपनी बहो मैं जकड़ा हुवा था अंकित ने देर न करते हुए दूसरा शॉट मारा और उसका लुंड सीधा प्रिय की छूट चीरता हुवा अंदर चला गया

फिर ननकित ने शॉट मरना चालू किया और करीब 30 मं की हार्ड सेक्स के बात अंकित ने फाइनल शॉट मारा और प्रिय की बा छे दानी मैं अपना लावा चोर दिया

दोनों अपनी सासे दुरुस्त करने लगे

फिर प्रिय ने अंकित को बेतहाशा चूमने लगी

अंकित :अरे रुक जाओ यार क्या कर रही हो

प्रिय :मैं आज कितनी खुश हु ये मैं तुम्हे बता नहीं सकती क्या छोड़ा है मुझे अब तो मैं एक महीने तक चुद भी नहीं पाऊँगी पर मुझे और इस से छिड़ना है

अंकित : पर आप प्रेग्नेंट होगयी तो

प्रिय :कोई बात नहीं मैं तुमसे hi पहला बच्चा कहती हु

अंकित :ठीक है पर बच्चा होने के बाद मैं तुम्हारा दूध जरूर पियूँगा

प्रिय :क्यों नहीं जरूर पिलाऊंगी

फिर प्रिय चली जाती है और दीपा आजाती है फिर अंकित उसके साथ एक बार चुदाई करके थोड़ी देर सो जाता है

फ्रेंड अब मैं ये स्टोरी थोड़ी फ़ास्ट फॉरवर्ड करूँगा पर अंकित के फॅमिली मेंबर्स मैं जो जो बाकि है उनके साथ प्रॉपर सेक्स सीन होंगे बाकि को जल्दी जल्दी आगे बढ़ाऊंगा अब मुझे ये स्टोरी कम्पलीट करनी है क्यों की अब थोड़ा काम बढ़ गया है और मैं रीडर्स को नाराज़ नहीं करना कहता तो जहा मुझे सही लगेगा मैं वही प्रॉपर सेक्स सीन डालूंगा ऑथोरवाइसे मैं शार्ट मैं निपटाऊंगा ok ो पर स्टोरी एन्ड जरूर करूँगा

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिकेड

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 46

यहाँ अंकित सो कर उठा तो उसने देखा की कोई उसका डोर नॉक कर रहा है अंकित जेक दूर ओपन करता है तो सामने दीपा कड़ी थी

दीपा अंडर आकर सीधा अंकित को अपनी बहो मैं ले लेती है

दीपा : उठ गए मेरी जान

अंकित :आप यहाँ माँ कहा है

दीपा :तुम्हारी माँ थोड़ा काम मैं बिजी है वो अभी आती hi होगी चलो तुम रेडी होजाओ पूल पार्टी के लिए

अंकित: ठीक है आप माँ को बुलाओ मुझे काम है

दीपा :ऐसा क्या काम है हमे भी तो बताओ हेहेहे

अंकित : ऐसा कोई काम नहीं है और ये मेरा पर्सनल काम है

दीपा :ओह्हो हमे भी जरा बताओ अपना पर्सनल काम

अंकित :देखो आंटी मेरी पर्सनल बाते जा ने का हक़ तो मेरे डैड तक को नहीं है सो प्लीज मत पूछिए

अंकित ने थोड़ी कड़क आवाज मैं ये कहा

दीपा :अरे अरे मैं तो मज़ाक कर रही थी भड़को मत यार

अंकित : हम्म्म आप माँ को भेजो ऊपर

फिर अंकित बाथरूम मैं घुस जाता है और दीपा चली जाती है मनीषा के पास

दीपा : मनु अंकित तुम्हे बुला रहा है जाओ उसके पास

मनीषा : क्या काम है उसने बताया नहीं

दीपा : आपके पुत्र का कहना है की ये उसका कोई पर्सनल काम है मैंने पूछा तो वो भड़क उठे

मनीषा :है अगर तुम उसपर जोर डालोगी तो वो भड़के गए hi

दीपा : क्या यार मनु तुम अपने बेटे को थोड़ा काबू मैं रखना चाहिए मेरा ऐसा बीटा हो तो मैं उस पर पूरी तरह काबू मैं रखती

मनीषा : मेरी प्यारी दीपू ये तूने मेरे सामने तो बोल दिया उसके सामने मत बोलना

ये नहीं तो

दीपा :वर्ण क्या करेगा

मनीषा : दीपा तूने अभी उसका गुस्सा और नफरत सिर्फ सुनी है देखि नहीं है अगर देख लेती तो ये बोलने से पहले सो बार सोचती और है अगर अंकित को इस बात का पता चला की आपने उसको काबू मैं रखने की बात की है तो वो तेरी तरफ देखेगा भी नहीं सोच ले अपने उस पति से hi फिर अपनी आग संत करवा न

दीपा : नहीं नहीं ये मत करना जैसा भी है ये मुझे पसंद है

वह सब हुस्ने लगते है

मनीषा :हेहेहे ा च मैं आती हु

फिर मनीषा अंकित के पास चली गयी

अंकित एक पतली टी शर्ट और बॉक्सर मैं था

मनीषा : अंकित बीटा बताओ क्या काम था

अंकित :माँ आप मुझे उठाने क्यों नहीं आयी

मनीषा :बीटा मैं थोड़ा सलोनी के साथ बिजी थी इसी लिए नहीं आपई सॉरी

अंकित : माँ आपको पता है न आपको या mom(nisha) को देखे बगैर मेरी नींद नहीं खुलती थिस इस नॉट फेयर है

मनीषा अंकित के सर को किश करके

मनीषा : यहाँ आ बीटा

ुर उसके अपने आगोश मैं लेकर

मनीषा : तू तो मेरी जान है मेरा बचा

ी ऍम सॉरी

अंकित :ा च माँ ये चोरो ये बताओ की सलोनी को कब ठोकना है मुझे उसकी गांड मारनी है

मनीषा :वो तो फुल गरम हो चुकी है तेरी बाते सुनके जब वो तुझे अकेली मिलेगी तो वो सामने से hi आजायेगी

अंकित :है तो ठीक है मैं पूल पार्टी मैं देखता हु पर माँ याद रहे है आप भी मजे करो पर ओनली फ्रेमलेस no मेल ok

मनीषा :बीटा तू मार खायेगा है अब ये तूने सोच भी कैसे लिया मेल के बारे मैं

अंकित : ी ऍम सॉरी माँ और मैं खाऊंगा नहीं पीयू गए आपका दूध

मनीषा अपना ब्लाउज को ऊपर करती है और ब्रा भी ऊपर करती है जिससे उसकी एक चुकी बहार आजाती है

मनीषा :आजा मेरा बेबी मम्मी का दूध पियो

अंकित मनीषा के पास जेक उसकी चुकी को चूसने लगता है

थोड़ी देर बाद ये दोनों फ्री होकर चले जाते है निचे

जहा लाविता इनका इंतजार कर रही थी

कविता : अरे कितनी देर यार क्या कर रहे थे तुम दोनों

मनीषा उसे साडी बात बताती है

कविता : ओह्ह तो प्यारा सा छोटा बाबू अपनी मम्मी का दूध पि आहे था

अंकित की तंग खींचते हुए पर अंकित ने भी मुँह तोड़ जवाब दिया

अंकित :है मैं आपका दूध भी पियुगा और साथ मैं आपकी जूसी पुसी भी

कविता को बहुत श्रम आने लगी माँ ईशा हुस्ने लगी

मनीषा : तू इसे नहीं हरा सकती बोलने मैं

पर कविता भी फिर बोली

कविता :तो पि लेना जब भी मन करे

अंकित : ठीक है चलो अभी पार्टी मैं चलते है

फिर सब चले जाते है हवेली के पीछे की साइड जाता 3 बहुत बड़े स्विमिंग पूल थे थोड़ी दूर जाकर hi सब दिखने लगे

अब यहाँ पूल पार्टी मैं सीन कुछ ऐसा था की लाउड म्यूजिक, बार काऊंटर्स

कुछ लोग पूल मैं मस्ती कर रहे थे, कुछ लोग म्यूजिक के ताल पर अपनी गांड हिला तहे थे

कुछ लोग अपनी मस्सगे करवा रहे थे मर्द ायरत से करवा रहे थे और एयरटे मर्दो से मसाज करवा रही थी वह सभी मर्द यतो बॉक्सर और तसिरत मैं या सिर्फ बॉक्सर मैं थे और एयरटे और लड़किया बिकिनी मैं थी और वेटर्स और वेट्रेस भी ऐसी hi ड्रेस मैं थे

कुछ लोग दारू का मजा ले रहे थे चखने के साथ और सिगरेट के काश भी लग रहे थे और और सभी आधे नंगे hi थे कुल मिला कर हुस्ना की नुमाइश थी पर सब मस्ती hi कर रहे थे चुदाई कोई नहीं कर रहा था

तभी एक वेट्रेस आयी ये कोई 24 या 25 साल की लड़की थी

वो इन तीनो के पास आयी

लड़की : एक्सक्यूज़ में क्या आपका नाम एक है

अंकित :है मैं hi हु एक बोलो

लड़की : वो मैडम ने आपको बुलाया है

अंकित :कहा और कोनसी मैडम

लड़की : वो जो लास्ट वाला पूल है न उसमे है मैडम आप उनसे वही मिल लेना

मनीषा : जा बीटा यहाँ तेरी दीवानी कई है जा जेक मज़ा कर

अंकित :ठीक है माँ

कविता : ये लो ये गोली खलेना इसे कहने के बात मज़ा आएगा

अंकित उस गोली को ले लेता है फिर अंकित उस लड़की के साथ जाने लगता है यहाँ मनीषा और कविता को रश्मि और दीपा मिल जाती है तो भी उनके साथ निकल जाती है एन्जॉय करने

यहाँ अंकित और वो लड़की पूल से थोड़ी दूर आगये अंकित उसके साथ चल रहा था

अंकित ने कुछ सोचा और उस लड़की को धीरे धीरे चलने को बोलै

लड़की :अरे धीरे धीरे क्यों चलना है

अंकित :ताकि मैं तुम्हारी छूट का पानी पि सकू

लड़की :ओह तो ये बात है ठीक है

फिर ये दोनों आराम आराम से चलने लगे चलते चलते अंकित उस लड़की के पीछे अपना हाथ लेजाकर उसकी छूट को रब करने लगा और ऊँगली से छोड़ने लगा

थोड़ी hi देर चलने के बात उस लड़कीने हार मानली और वो रुक कर अंकित को नई हे बैठाया और उसे बोलै की वो जड़ने वाली है तो अंकित ने उसकी छूट मैं तेज ऊँगली की जिससे वो जड़ गयी और फिर ये दोनोपहुच गए उस पूल मैं ये सब से लास्ट वाला पूल था जोकि पूरी तरह कवर्ड था

लड़की :वो रही मैडम और है जब फ्री हो तो ये मेरा नंबर है

और वो अंकित को अपना नंबर देकर. चली जाती है अंकित वह देखता है

पूल के पास एक ख़ुशी थी जोकि पूल पर हंमेशा होती है वैसी वह एक औरत ब्लैक बिकिनी मैं बैठी थी और एक खूबसूरत लड़की थी जोकि उस ायरत को आयल से मसाज दे रही थी और वो ायरत अपने एक हाथ से उस लड़की की छूट को सेहला रही थी

जब अंकित ने ध्यान से देखा तो पता चला की ये तो सलोनी है सलोनी ने अंकित को देखा और बोलै

सलोनी :अरे अंकित यहाँ आओ

अंकित उसके पास जाता है

सलोनी उस लड़की को जाने के लिए कहती है तो वो लड़की सलोनी को एक छोटा सा किश करके निकल जाती है

सलोनी : कैसे हो तुम्हारी खातिर दरी कैसी हो रही है

अंकित :है ठीक hi चल रही है और अपने यहाँ क्यों बुलाया

सलोनी : काम तो है पर उससे पहले मैं तुम्हारी जरुरत तो पूरी करदु

अंकित : सोच लो मेरी जरूरते कुछ ज्यादा hi है

सलोनी :वो मैं देख लुंगी मैं तुमसे कहा था न की मैं खुद तुम्हारी खातिर दरी करुँगी चलो आजाओ पूल मैं

यह कह कर सलोनी पूल मैं चली जाती है

अंकित अभी भी कुछ सोच रहा था

सलोनी :अरे अंकित आओ न क्या कर रहे हो

अंकित : है आरहा हु बस एक बियर ले लू

सलोनी : है जल्दी आओ

फिर अंकित एक बियर ओपन करता है और उसके साथ वो गोली ले लेता है जो उसे कविता ने दी थी

जैसे hi अंकित पूल मैं जाता है सलोनी उस पर टूट पति है वो अंकित किश करने लगती है

सलोनी : उउउउम्मम्मम उउउउउम्मम्ममू

उउउउम्मम्मम उउउउम्मम्मम ऊम्मम

ोुह्ह्ह अब मत रुको मेरे राजा uuuummmmmmmmmmmuuu ूउम्म्म

अंकित :उउउउम्मम्म उउउउम्मम्मम ुऊम

ाः तेरे होठ बहुत मत है उउउउम्मम्मम्मूउउउम्मम्मम्मम्म

फिर सलोनी और अंकित पूल से बहार आजाते है अंकित उसे सोफे पर लेता के उसे हर जगह चूमने और चाटने लगता है

उसपर कविता की दी हुयी सेक्स पावर की वियाग्रा का असर होने लगा था फिर अंकित सलोनी की बिकिनी को उतरदेता है उसके सामने सलोनी के कड़क बूब्स आजाते है

अंकित :वह आंटी आपके बूब्स तो एक दम परफेक्ट है एक दम गोल और कड़क

सलोनी मध्होसी मैं बोली

सलोनी :आओ बीटा और अपनी इस प्यारी आंटी की चूचियों को चूस डालो पिलो अपनी आंटी का दूध

अंकित फिर सलोनी की चूचियों को दबाने और चूसने लगता है

अंकित :उउउउम्मम्मम सूउऊरररररपपपप

ऊम्मम सुऊरररपपपपप सुऊरररपपपपप

ुउउम्म. ममम

सलोनी :आआह्ह्ह्ह बीटा आअह्ह्ह चूस डालो इन्हे आअह्ह्ह जब से चुम्म्हे देखा है आअह्ह्ह ढहिएरी काट तब से ये ऐसे hi कड़क है

फिर अंकित उसके पेट को चूमने लगता है जिससे सलोनी पागल होजाती है

सलोनी :आअह्ह्ह अंकित टट्टुओम्म्म्म टूओ कछहुदाएई मैं माहहीइर लगते हो

फिर अंकित सलोनी की छूट पर पहुंच जाता है सलोनी की पेंटी को निकल देता है जब अंकित उसकी छूट देखता है तो पागल hi होजाता है

सलोनी की छूट का रंग गुलाभी था परुस्की छूट हलकी कालू भी थी और ताज़ा सेव की हुयी और सालो ी ने जातो को हार्ट शाप मैं ट्राम कराया था

अंकित उसे चाट ने लगता है

अंकित :उउउउउम्मम्म सुऊरररपपपपप सुऊरररपपपपप उउउउम्मम्म ुउउम्म सुऊरररपपपपप

सलोनी : है ऐसे hi छतो है अंकित आज पि जाओ आप ी इस आंटी का रास आअह्ह्ह ऐसे hi छतो

6 मं की छूट चटाई के बाद सलोनी जड़ ने लगी उसने अपनी दोनों ता जो को अंकित के गले मैं डाला रो अपनी छूट पर अंकित का मुँह दबाया और जड़ गयी

सलोनी :आआह्ह्ह्ह कितना अच्छा लग रहा है तुम इतना मज़ा डोज कभी सोचा नहीं था एक काम करो तुम यहाँ लेट जाओ मैं तुम्हारे हथियार को रेडी करती हु

फिर सलोनी की जगा अंकित लेट गया और फिर वो अंकित का लुंड देख कर शौच होगयी

फिर थोड़ी देर बाद लुंड चुसाई खमा हुयी

सलोनी :बताओ क्या मरना है छूट या गांड

अंकित :छूटे तो बहुत मरी है अभी तो मुझे आपकी गांड चाहिए

सलोनी :मेरा भी यही मन था की पहले गांड hi मरवाऊ

फिर अंकित ने सलोनी की गांड पर लैंड सेट किया और सलोनी को बोलै

अंकित :आंटी एक hi बार मैं दाल दू क्या

सलोनी :है एक hi बार मैं दाल दो

फिर अंकित ने एक तगड़ा झटका मारा तो अंकित का पूरा लुंड एक hi बार मैं अंदर चला गया

फिर ऐसे hi अंकित 45 मं तक उसकी गांड छोड़ता रहा और जड़ गया फिर वो दोनों थोड़ा आराम करने लगे और लेट गए सलोनी अंकित के सीने को चुम रही थी और अंकित के निप्पल्स को सूचक कर रही थी

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यहाँ सलोनी अंकित से चिपक के लेती हुयी थी और दोनों रेस्ट कर रहे थे

सलोनी : मन्ना पड़ेगा तुम तो एक्सपर्ट हो चुदाई मैं क्या छोड़ ते हो तुम तुमने मेरी सालो की तड़प मिटादि

अंकित : आप भी आंटी काम नहीं हो आपकी इतनी आगे होने के बाद भी आपने मुझे बहुत मज़ा दिया थैंक्स

सलोनी :अरे थैंक्स तो मुझे तुम्हे कहना चाहिए अच्छा एक बात बताओ आज तक कितनी ो कोछोड चुके हो

अंकित : अरे मैं ऐसी चीज़े याद नहीं रखता मुझे नहीं पता की मैं कितनो की ले चूका हु जो सामने से बुलाती है अपने मर्जी से करती है उसे खुस करदेता हु

सलोनी : अगर तुम्हे पसंद हो और मन करे तो क्या जबरदस्ती करते हो

अंकित : न चुदाई का मज़ा उसे मैं है जिसमे दोनों पार्टनर की सहमति हो मैं किसीको जबरन हासिल नहीं करता

सलोनी :तुम बहुत अच्छे हो अंकित और शायद यही बात तुम्हे अट्रैक्टिव बनती है मनु बहुत लकी है जो उसे तुम जैसा बीटा मिला

अंकित : लकी तो मैं हु जो मुझे ूँजेसी और निशा माँ जैसी माँ मिली और उनकी वजह से आप मिली

सलोनी :थैंक्स अब चलो चलते है

सलोनी जैसे hi ुस्थन लगती है तो उसकी गांड मैं तेज़ दर्द होता है वो चीख उठती है

अंकित :क्या हुवा

सलोनी : मुझे गांड मैं दर्द होरहा है पर तुम चिंता मत करो मैं चली जाउंगी

फिर अंकित भी उठ कर अपना बॉक्सर और टीशर्ट पेहेन कर निकल जाता है हवेली की तरफ

कब अंकित चल रहा था तब उसे अपने सरीर मैं थकावट महसूस हो रही थी

अंकित (मन में) : बाप रे ये कविता आंटी ने कोनसी गोली खिलाडी साला बहुत hi थकन फइलल हो रही है रूम मैं जेक सो जाऊंगा थोड़ी देर

फिर अंकित हवेली मैं आजाता है और अपने रूम मैं आजाता है और फ्रेश होक सो जाता है

अभी करीब 7 बजे थे सब लोग शादी की तयारी मैं लग गए थे

यहाँ मनीषा एंड फ्रेंड भी तैयार हो रही थी

रश्मि :यार कितना मज़ा आया आज पूल पार्टी मैं काम ऐसा मज़ा रोज़ कर पते

दीपा :नेकी और पूछ पूछ मैं तो रेडी हु

कविता :है कमीनी तो हर वक़्त प्यासी hi रहती है आखिर कितनी आग है रे तेरे अंदर

दीपा : जितनी भी है अब उसे मिटने वाला मिल गया है

कविता :अच्छा मनु मिटने वाले से याद आया कहा है आपके प्रिंस पूल पार्टी के बाद मिले hi नहीं

मनीषा :अरे होगा रूम मैं बस मैं तो रेडी होगयी हु अभी जाती हु देख टी हु तैयार हुवा या नहीं

कविता : अरे वो आराम कर रहा होगा क्यों की आज उसने सलोनी की 1.5 घंटे गांड मरी है वो भी बिना रुके देखा नहीं तुम लोगोने उस कुटिया को कैसे लंगड़ा रही थी

मनीषा :आखिर मेरा बेबी है hi ऐसा

कविता :वैसे मनु मैंने उसे वियाग्रा की गोली दी थी जिससे वो इतना छोड़ पाया

मनीषा :अरे इसकी क्या जरुरत थी अंकित तो बिना गोली के hi उसे 1 घंटे तक छोड़ सकता था

कविता :पता है पर इससे उसे भी मज़ा आया होगा

मनीषा :ठीक है चलो मैं तो रेडी हु बाकि अंकित को उठके औ तब करलूँगी तू सब भी जल्दी करना ok मैं आती हु

ये बोल मनीषा निकल गयी अंकित के रूम मैं जहा अंकित डायनासोर बेच कर सो रहा था

मनीषा ने दूर खोला तो वो खुल गया उसने देखा की अंकित बहुत hi गहरी नींद मैं सो रहा है

मनीषा वह जेक अंकित के सर को चुम लेती है फिर अंकित को उठाने लगती है

मनीषा : अंकित बीटा उठ जा अंकित उठजा अब कितना सोयेगा

अंकित :माँ प्लीज सोने दो न ी ऍम वैरी टायर्ड

मनीषा : ी no बेबी पर अभी उठ जा अभी थोड़ी देर मैं शादी है फिर रात को सो जाना

अंकित :no माँ रात को ठीक से नींद नहीं आएगी

मनीषा :अरे बीटा रात को मैं सुलाउंगी बस अभी उठ जा

अंकित उठके मनीषा को देखता है तो उसकी नींद उड़ गयी

मनीषा :ऐसे क्या देख रहा है कभी देखा नहीं क्या

अंकित :माँ यू लुकिंग गॉर्जियस

और ये बोलके मनीषा के गले लग जाता है

मनीषा :थैंक्स बेबी पर अभी जाओ और फ्रेश होजाओ

अंकित :ऐसे hi नहीं जाऊंगा

मनीषा जानती थी की अंकित कैसे जायेगा

उसने तुरंत अंकित के दोनों गाल और लिप्स पर एक छोटासा किश किया और अंकित चला गया फ्रेश होने और तब तक मनीषा भी चली गयी अंकित जब बाथरूम मैं गया और गरम पानी से नहाने लगा तब उसे अचानक दर्द हुवा

अंकित :आअह्ह्ह उसने अपने लुंड को देखा तो वो पूरी तरह लाल हो चूका था और अंकित को उससे दर्द होरहा था पर ये हल्का हल्का था अंकित ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और बहार आज्ञा और एक इम्पोर्टेन्ट ब्लू वड्डिंग सूट पहना और अपने आपको रेडी किया और ढेर सारा परफूम लगाया और सीसे के सामने आकर बोलै

अंकित : हम्म परफेक्ट बाँदा है लड़किया और एयरटे मर मिटेगी आज

तभी उसके रूम मैं दीपा आजाती है और अंकित को देख के

दीपा :हायययय आअज मर hi डालोगे क्या क्या लग रहे हो

अंकित : और आप तो आज बिजली hi गिरडोगी यार आप भी मस्त लग रही हो

दीपा :है पर तुम से काम

ये बोल दोनों 5 मं तक किश करते है फिर बहार शादी वाली जगह आजाते है आअज एक बार फिर सब लड़किया और अओर्तो की छूट पनिया गयी मनीषा और उसकी सभी फ्रेंड्स अंकित के पास आजाती है

मनीषा :हायययय मेरा बेबी किसी की नज़र न लगे क्या लग रहा है

अंकित :था माँ पर नज़र तो सब की लगता है लगने वाली है

मनीषा : वो क्यों

अंकित :जरा बाकि सब फीमेल को देखिये

मनीषा और उसकी फ्रेंड पीछे देखते है तो साडी लड़किया और एयरटे किसी न किसी बहने से अंकित को hi देख रही थी

दीपा : देखो तो इन साडी कमीयो को हमारे माल पे नज़र कैसे जमाये हुए है

मनीषा :देखने दो वैसे भी इनका कुछ होने वाला नहीं है

फिर सब यहाँ वह हो जाते है और अंकित बार काउंटर पर जेक पेग लगाने लगता है तभी वह एक लड़की आती है ये बहुत hi सूंदर थी और जिस तरह से सजी हुयी थी ऐसा लग रहा था के जैसे ये दुल्हन की. बहन हो

अंकित :लड़की तो बढ़िया है सब कुछ एक दम परफेक्ट है मिली तो ठीक नहीं तो अपने को क्या कमी है

अंकित वह बैठा hi रहता है उस लड़की की तरफ एक बार देखा बस उसके बाद नहीं देखा

वो लड़की को ये अपनी इंसल्ट लगी वो अंकित के पास आयी

लड़की : हीई हैंडसम

अंकित :hello

लड़की : तुम कोण हो पहले तो तुम्हे नहीं देखा कभी हमारे फंक्शन मैं

अंकित : हां वो मैं सलोनी आंटी की फ्रेंड का बीटा हु और अपनी माँ के साथ यहाँ आया हु

लड़की :क्या मैं जान सकती हु कोण सी फ्रेंड

अंकित : मैं मनीषा रावल का बीटा हु अंकित रावल

लड़की : ोुह्ह्ह मतलब तू मनु आंटी के बेटे और रावल एमपीर के प्रिंस हो सॉरी वो मुझे पता नहीं था तुम नए हो न इसी लिए ी ऍम सॉरी

अंकित : अपने ठीक पहचाना और it's ok होता है ऐसा य थे वे ी ऍम अंकित

लड़की : ी ऍम शनाया नंदा सौरव नंदा और सलोनी नंदा की बेटी

अंकित :ोूह तो तुम सालो ी आंटी की बेटी हो

शनाया : है

स्माल इंट्रो

शनाया नंदा : ये किसकी बेटी है ये आप जान गए रही बात इसकी तो ये एक नंबर की घमंडी और ज़िद्दी लड़की है जो इसे चाहिए वो चाहिए नहीं तो उस चीज़ को किसी काम का नहीं चोरटी फिर चाहे वो लड़का हो या कुछ और

ये अपनी माँ के साथ लेस्बियन है और अपनी माँ के साथ hi लुंड का जुगाड़ करके चुदवाती है पर बड किस्मती से अभी तक इसे 4 इंच से बड़ा नसीब नहीं हुवा

और यहाँ शनाया ू अंकित भ गया और ये अंकित से प्यार करने लगी है

ये सूंदर तो है hi 30 28 32 का एक दम फायर फिगर और नए नए नशे करना इसका शौक है

शनाया : वैसे तुम्हे सेक्स पसंद है

अंकित : आपको नहीं लगता की आप किसी अनजान के साथ ज्यादा hi ओपन हो रही है

शान्या :के ों यार वे अरे सैम आगे और बताओ तुम्हारी गर्लफ्रेंड है

अंकित : नहीं मैं गर्लफ्रेंड नहीं बनता

शान्या :क्या यार गर्मी बढ़ती नहीं क्या अपनी गर्मी शांत कैसे करते हो

अंकित : मैं गर्मी मिटने केलिए किसी को गर्ल फ्रेंड बनता हु बाकि रात गई बात गई

शान्या :अच्छा सुनो ी लव यू

अंकित तो ये सुनके शॉक हो गया

अंकित :ओह्ह मैडम ये क्या हरकत है

शनाया :देखो यार मुझे गर्मी मिटानी है तो प्लीज मन मत करना मैं रात को तुम्हारे रूम मैं आउंगी ok ब्ययी

ये यहाँ अंकित का दिमाग हिलके चली गयी अंकित वह बैठ कर पेग लगाने लगा तभी एक वेट्रेस आयी

जो की तीनगर थी यही कोई 20 या 21 साल की

लड़की : एक्सक्यूज़ में क्या आप थोड़ी देर मेरे साथ चलेंगे

अंकित : वो क्यों भला

लड़की :बस आपको मेरा रास पिलाना चाहती हु क्या आप अपनी सेवा का मौका देंगे

फिर क्या था अंकित इस मामले में तो ताहि कमीना वो चला गया उसके पीछे ये और वो दोनों दूसरे गार्डन मैं बने स्टोर रूम मैं चले गए और किश करना स्टार्ट करदिया

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अपडेट 48

यहाँ अंकित उस लड़की को ा छे से बजता है और वो लड़की तो शॉक थी की आखिर कैसे कोई इतना ज्यादा टाइम छोड़ सकता है क्यों की अंकित ने उस लड़की की छूट और गांड दोनों फाड् दी थी

और इस चुदाई के बाद अंकित को थोड़ी थकावट होरही थी और उसके लैंड मैं जो दर्द हो रहा था वो भी बढ़ गया था

अंकित (मन में) : बाप रे क्या लड़की थी साली की छूट का एहसास hi अलग था पर ये थकावट बढ़ क्यों गई कही ये वो गोली की वजह से तो नहीं हुवा

फिर अंकित वापस शादी वाली जगह पे आता है और वह एन्जॉय करने लगता है तभी एक औरत उसे hi देख रही थी पर अंकित ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया

पर 10 मं से वो ायरत लगातार अंकित को hi देखे जा रही थी

अंकित (मन में :) अब इस साली को क्या चाहिए साला कब से घूरे जा रही है अब इसकी छूट और गांड मैं आग तो नहीं लगी

साला आज कल मैं कितनी चुदाई कर रहा हु

पर मज़ा भी बहुत आरहा है

बाप रे क्या सोच रहा हु मैं इतनी चुदाई सेहत केलिए ठीक नहीं

तभी अंकित को लगा की वो अपने लुंड से बाते कर रहा है

ा लुंड :अरे सेल भूल गया जेनीपुर डार्लिंग. ने तेरे अंदर फार्मूला लगाया था जिससे तुझे कुछ नहीं होसकता और तू इतनी क्यों चिंता करता है

अंकित : ये कोण बोलै भेनचोद

ा लुंड : अबे चूतिये मैं तेरा लुंड हु

अंकित : वह मुझसे बड़ा पागल कोई नहीं होगा अब तो साला मुझे अपने लुंड की भी आवाज सुनाई दे रही है

ा लुंड : वो सब छोड़ गधे मैं जो बोल रहा हु वो कर उस ायरत को पास बुला और बात कर के पूछ क्या वो देगी

अंकित :भोस्डिके हलवा है क्या किसी से भी पूछ लू की कड़ाई करोगी

ा लुंड :अबे गधे जो बोल रहा हु वो कर रिजल्ट तेरे सामने होगा और तभी तुझे विस्वास होगा

अंकित : ठीक है

फिर अंकित होश मैं आता है और उस ायरत को इशारे से पास बुलाता है और वो चलने लगता है दोनों चलते चलते बहार आगये

औरत :बोलो क्यों बुलाया मुझे

अंकित : मेने ये जानने को बुलाया की आप मुझे hi क्यों घुर्र रही थी

औरत :हाउ डरे यू तुमने कैसे ये मान लिया की मैं तुम्हे घर रही थी

अंकित :ोू मैडम तमीज से बात करो एक तो खुद की छूट मैं आग लगी है और बोल मुझे रही हो मैं तो चला

जैसे hi अंकित दो कदम आगे चला उस ायरत ने उसका हाथ पकड़ लिया

अंकित : क्या हुवा

ायरत : ी ऍम सॉरी पर प्लीज ऐसे न जाओ कुछ तो करके जाओ

अंकित : क्या करना है

ायरत :चुदाई

अंकित : व्हाट अरे यू सीरियस

ायरत : है ऐसी लिए मैं घर रही थी कास तुम मान जाओ

अंकित :अभी थोड़ी देर पहले तो कुछ अलग hi सुर निकल रहे थे

ायरत : वो इसी लिए बोलै था ताकि तुम मुझे सदाप पर चलती कोई षडाकछप ायरत न संजो

अंकित :तुमने जिस तरह से बात की उस हिसाब से तुझे क्या लगता है मैं कौन हु

साली तेरे जैसे जिस्म मेरे आगे पीछे घूमते है

ायरत : ी ऍम सॉरी पर प्लीज ऐसे hi न जाओ कोई खली जगह है तो वह चले

अंकित : ठीक है चलो

फिर अंकित उसे उसी स्टोर रूम में ले जाता है जहा वो उस लड़की को थोड़ी देर पहले बजारहा था

अंकित : तुमने अपना नाम नहीं बता या

ायरत : मेरा नाम दामिनी है

अंकित :और मैं अंकित

ायरत :बहुत प्यारा नाम है

अंकित उसे बहो मैं कास लेता है और किश करने लगता है दामिनी भी जबरदस्त रिस्पांस देती है वो तो ऐसे किश कर रही थी जैसे सालो से भूखी हो

फिर अंकित उसके बॉब्स पर धावा बोल देता है

दामिनी :ाअभ्ब खा जाओ इन्हे बहुत परेशां करते है

अंकित : चिंता मत करो डार्लिंग

फिर अंकित 1 घंटे तक दामिनी को ऐसा बजता है की वो ठीक से चल भी नहीं प् रही थी

फिर ये दोनों शादी वाली जगह आजाते है अंकित का लुंड अब फुल दर्द कर रहा था

अंकित :बाप रे ये मेरे लुंड को क्या हुवा अभी तो बहुत ज्ञान छोड़ रहा था अब अंडरवियर भी छूटा है तो लगता है हठी ने पैर रख दिया

तभी किसी ने उसके पीछे कंधे पर हाथ रक्खा

आदमी : hello मर. रावल

अंकित इसे पहचान ता था

अंकित : hello मर. सुदीप

मर सुदीप आकाश ोे अंकित के बिज़नेस के फाइनेंस डिपार्टमेंट के हेड है

सुदीप : हाउ अरे यू सर

अंकित : मर सुदीप प्लीज मेने कितनी बार आपसे कहा है मुझे सर न बुलाये

सुदीप : ओह सॉरी अंकित वो क्या है आदत पद गयी है

अंकित :मच बेटर एंड ी क्नोव

सुदीप : एक अंकित मैं तुम्हे अपनी वाइफ से मिलवाता हु

तब सुदीप अपनी वाइफ को लेके आता है तो तो उसकी वाइफ अंकित को देख कर शॉक होजाती है

सुदीप : दामिनी इनसे मिलो ये है रावल एमपीर के ओने एंड ओनली फ्यूचर बॉस मर. अंकित रावल

अंकित :hello दामिनी जी

दामिनी हकलाते हुए बोली : ठूलो अंकित नीस तो मीट यू

फिर वो दोनों वह से चले जाते है फिर शादी का फंक्शन भी ख़तम होता है और फिर अंकित को मनीषा और उसकी फ्रेंड भी मिल जाती है और वो सब खाना खाके अपने अपने रूम मैं चले जाते है अंकित भी फ्रेश होकर बीएड पर लेट जाता है

जैसे hi वो लेट ता है तो उसके लुंड मान बहुत hi ज्यादा दर्द हो रहा था

अंकित अपना लुंड पकड़ कर दर्द से तड़पने लगा

अंकित : आआह्ह्ह्बह मू ममम आआह्ह्ह्बह बाआआप्प रीइवे ययययी सालालाल इतना दर्द क्यों कर रहा है आआअह्ह्ब्हहह

इधर रूम मैं दीपा कविता मनीषा और रश्मि बैठे हुए थे और बाते कर रहे थे तभी मनीषा के डिल मैं बेचैनी होने लगी उसे लगा जैसे अंकित को कुछ हुवा है वो तुरत कड़ी होजाती है

रश्मि :अरे मनु क्या हुवा कड़ी क्यों होगयी

मनीषा :पता नहीं क्यों पर ऐसा लग रहा है की अंकित को कुछ हुवा है मेरा डिल बहुत बेचीं है

दीपा :अरे तो उसमे क्या चलो जरा हम उससे मिल कर आते है

ये बोल ये चारो चलती है अंकित के रूम मैं

अंकित :आआआअह्हह्ह्ह्ह अआकखहीयर ये हुवा कैसे बाप रे इतना दर्द आआआहहहहहहह

ये चारो जैसे hi अंकित के दूर ओपन करती है वो आसानी से खुल जाता है और वो देखती है अंकित बीएड पर लेता है अपना लुंड पकस कर दर्द से तड़प रहा है

मनीषा : अंकित बीटा क्या हुवा तुझे

अंकित :माँ मेरा पेनिस में बहुत hi ज्यादा दर्द हो रहा है

दीपा : अरे इसमें क्या बड़ी बात है अभी तुम्हारी प्यास बुझा देती हु

अंकित : अरे ये वाला दर्द नहीं साली रांड तू जाना यहाँ से

दीपा का ऐसा मज़ाक उड़ाना अंकित को ा च नहीं लगा वो दर्द मैं क्या बोल रहा था ये उसे भी नहीं पता

दीपा :ोूययी ये क्या बोल रहे हो

अंकित :तो क्या बोलू यहाँ आआह्ह्ह माँ इन्हे चोरो मुझे बहुत hi ज्यादा दर्द होरहा है आआआअह्हह्ह्ह्ह प्लीज कुछ करना आआअह्हह्ह्ह्हह

मनीषा :ला दिकः मुझे

कविता :दीपा यार तभी न ीासे मज़ाक करोगी तो वो गुस्सा hi करेगा न अंकित मज़ाक नहीं कर रहा देखो तो उसे दर्द से कितना पसीना आरहा है

अंकित अपना बॉक्सर उतर ता है तो उसका लुंड देख कर चारो शॉक होजाती है अंकित का लुंड पूरा सुजा हुवा था और फुल गया था और पूरा लाल होगया था

मनीषा :बीटा ये कैसे हुवा ये इतना सुजा हुवा क्यों है

रश्मि : मनु मुझे लगता है इसने कुछ ज्यादा hi सेक्स कर लिया है इसी लिए ये सूज गया है और इसके लुंड की नस चढ़ गयी है

मनीषा :बीटा तूने कितनी बार किया

अंकित :माँ मैं गिनता थोड़ी बैठूंगा अभी वो सब चोरो इसका कुछ करो

कविता : रुको मेरे पास एक क्रीम है वो लेकर आती हु

अंकित :नहीं मैं आपकी क्रीम नहीं लगाऊंगा आपकी गोली खाकर पहले hi मेरी हालत ख़राब है ाःह

कविविता : अरे नहीं इस क्रीम से आराम मिलेगा

मनीषा :ठीक है जल्दी लेकर आए

फिर कविता क्रीम लती है और बरी बरी सभी इस से अंकित के लुंड की मालिश कर रही थी और अंकित जड़ गया तब उसे आरा म मिला

अंकित : थैंक्स आपने मेरा दर्द मिटा दिय और दीपा आंटी सॉरी मैंने आपको गुस्से मैं क्या क्या बोल दिया

दीपा :कोई बात नहीं बाबू होता है ऐसा

मनीषा :आप सब चलो मैं आज यही सजाऊंगी

सब :ठीक है

रश्मि :मनु अगर तुम बुरा न मनो तो मैं भी आज तुम दोनों के साथ सोना चाहती हु

मनीषा : ठीक है

फिर सब चले जाते है अपने रूम मैं अंकित मनीषा के सीने से लग कर उसे जकड लेता है

अंकित : माँ मुझे ऐसे hi सोना है

मनीषा :तो सोजना आज तक किसी ने रोका है तुझे

रश्मि :अरे तुम अभी भी छोटे बचे की तरह सोते हो अपनी माँ से लग कर

अंकित : है क्यों की छोटा था तब मा क्या होती है ये भी नहीं पता था

मनीषा :रश्मि मेने कहा था न इससे कभी ये मत कहना

रश्मि :सॉरी मनु सॉरी अंकित

अंकित :कोई बात नहीं

रश्मि :वैसे क्या रोज़ मनु के साथ ऐसे hi सोते हो

मनीषा : नहीं नहीं ये थोड़े दिन मेरे साथ सोता है और थोड़े दिन निशा दीदी के साथ क्यों बेबी

अंकित : है मेरी दोनों माँ का मेरे ऊपर बराबर का हक़ है. वैसे माँ आपने आज क्या क्या किया पूल पार्टी मैं

मनीषा : ठीक है बताती हु

नेक्स्ट मनीषा एंड फ्रेंड का लेस्बियन ok

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अपडेट 49

यहाँ मनीषा अपनी पूल पार्टी की दास्ताँ स्य्नाती है

मनीषा का लेस्बियन सीन

जिसमे मनीषा कविता दीपा और रस्मी अभी पूल के पास बैठे थे

दीपा :यार ये अंकित कहा है यहाँ मेरी छूट मैं दीमक काट रहे है ऐसा लग रहा है की अभी जो भी मिले वो ले लू छूट मैं

कविता :है साली चैनल तुझे पता नहीं कितनी आग है तेरे अंदर हर वक़त साली यही सब सोच टी रहती है

दीपा :तुझे क्या मैं कितनी भी बार ये करू

रश्मि : एक काम हो सकता है जिससे इस कामदेवी की आएग शांत हो सकती है

सब :क्या

रश्मि :क्यों न हम सब लोग एक दूसरे की प्यास बजाए मीन्स लेस्बियन

कविता :आईडिया तो ा च है पैर मनु क्या तुम करोगी

मनीषा :अब मैं क्या बोलू उसमे जो ठीक लगे वो करो

रश्मि :मतलब तुम नहीं करोगी

मनीषा : ठीक है मैं तो तैयार हु

दीपा :अरे कामिनी यो जो करना है जल्दी करो प्लीज मुझसे सेहेन नहीं होता

मनीषा : है जल्दी चललाओ नहीं तो ये साली रंडी यही सुरु होजायेगी

फिर ये लोग सब लोगो की नज़रों से दूर पूल के पास रखे एक वियर हाउस मैं चले जाते है जहा एक छोटा सा पूल था

ये चारो अंदर जाते है और रश्मि मनीषा को और कविता दीपा को किश करने लगते है

रश्मि :उउउउउउउम्मम्म उउउउम्मम्म

मनु यू अरे सो सेक्सी बेब ूउम्मम्म ूउम्मम्मम

मनीषा : यू तो बेबी उउउउम्मम्ममूउ

उउउउउम्मम्म ूउम्मम्म उउउउम्म्म

फिर रश्मि और मनीषा एक दूसरे को पूरी तरह से जबान लगा कर किश करने लगती है

और यहाँ कविता और दीपा वाइल्ड किश कर रही थी

दीपा :उउउउउम्मम्म उउउउम्म्म उउउउम्म्माह्ह्ह कविता ूउम्मंतु तो बहुत मासस्सत किश करती है ूउम्म्म

ूउम्मम्म

कविता : उउउउम्म्म है रांड थोड़ा धीरे तू तो मेरे हो तह hi ूउम्मम्म

चवा जाएगी उउउउउम्मम्म

और यहाँ रश्मि मनीषा की बिकिनी उतर देती है और उसके बूब्स को सूचक करने लगती है पर मनीषा उसे थोड़ा रोकती है

रश्मि : ूउम्मम्म मनु तुम्हारी चूचिया कितनी परफेक्ट है मैं इन्हे आअज चूस डालूंगी उउउउम्मम्मम

मनीषा :रश्मि नहीं मेरे बूब्स पर सिर्फ मेरे अंकित का हक़ है प्लीज इन्हे कुछ मत करो

रश्मि : क्या यार मनु हमे भी थोड़े मजे लेने दो अंकित तो रोज़ ले सकता है hi हे पर हम तो कभी कबर hi करते है

मनीषा :ठीक है

फिर रश्मि मनीषा के बूब्स को पशनातेलिय चूस ने लगती है

पर यहाँ दीपा और कविता का तो अलग hi सीन चल रहा था

दीपा कविता की चूचियों को काट रही थी उसे चूस रही थी और चूचियों को बेरहमी से दवा रही थी

कविता :साली रांड कही की धीरे दवा ये तेरी माँ की चूचिया नहीं है जो तू बेरहमी से दवा रही है आआआह्ह्ह्हह्ह

दीपा :उउउउउम्मम्म चुप रे चैनल और चूसने दे मुझे काफी वक़त के बाद ऐसे चूचिया मिली है चूसने को उउउउउम्मम्म

फिर यहदा रश्मि मनीषा की छूट पर आजाती है और उसकी छूट के क्लिटस को चूसने और चाटने लगती है और मनीषा इस का मज़ा ले रही थी

मनीषा :आअह्ह्ह रश्मि क्या चुस्ती हो तुम आअह्ह्ह ऐसे hi आअह्ह्ह मज़ा आज्ञा आज तो आआह्ह्ह्ह ऐसे hi चुस्ती रहो आआह्ह्ह

रस्मी :उउउउउम्मम्म उउउउउम्मम्म सूर्पपप सूअरररेपपपप ूउम्मम्म उउउ. मनु तुम्हारी छूट भी एक दम टेस्टी है ूउम्मम्म

मनीषा की करीब 15 मं की चूसै के बाद वो जड़ने के क़रीबा पहुंची तो उसने रश्मि का चेहरा अपनी छूट पर दवाया

मनीषा :आअह्ह्ह रश्मि प्लीज डोंट स्टॉप ाःह के ों सु किट सूचक आईटी यस यस यस आआअह्हह्ह्ह्हह

और मनीषा ने अपना काम रास रश्मि के रसीले मुँह मैं चोर दिया

फिर ये दोनों किश करने लगी

और यहाँ दीपा और कविता का भी यही सीन था कविता दीपा की छूट को चाट और चूस तो रही hi थी और साथ मैं अपने हाथ की 3 उंगलियों से दीपा की छूट को छोड़ रही थी

दीपा :आअह्ह्ह कवी आअह्ह्ह्हह मजा आरहा है आअह्ह्ह करती रह आआह्ह्ह्ह यस यस यस आआह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह यस यस यस आआह्ह्ह्ह

कविता :सूअरररेपपपप सूर्पपप उउउउउम्म्मूउ ूउम्म्म सूररपपपपप

ूउम्मम्मम ूउम्मम्मम

दीपा : आआह्ह्ह आआह्ह्ह आअह्ह्ह ा यस यस फ़क में फ़क में फ़क मि यस यस यस यस आआह्ह्हा आअह्ह्ह आए

दीपा :आआह्ह्ह मैं आयने वाली हु

कविता ने ने तुरंत अपनी स्पीड बधाई और दीपा को फुल स्पीड मैं छोड़ ने लगी

दीपा ने कविता का मुँह अपनी छूट मैं दावे ा और कविता के मुँह को उसके रास से छलका दिया

फिर ये hi सब चज़े मनीषा ने राश मि के साथ की और दीपा ने कविता के साथ

तो ये हुवा था समझे बीटा

मनीषा ने ये कह कर अपनी बात पूरी की

अंकित : खास मैं भी होता तो चारो की ा छे से बजता पर कोई बात नहीं सलोनी भी काम नहीं थी

मनीषा ने एक बार अंकित के लुंड मैं हाथ फेरा जो की बैठा हुत्व था

मनीषा :बीटा ये लेता छोटा शेर क्यों बैठा हुवा है किसी और को अगर ये बात कहती तो उसका तो अभी पानी निकल चूका होता

अंकित : माँ म न अपने सरीर और लुंड पर काबू रखा हुवा है जब तक मैं न साहू ये अपना सर नहीं उठा ता

मनीषा :मुझे ा च लगा बीटा तेरा कण्ट्रोल अगर तू. ये नहीं करते तो तो ये किसी की हालत बिगड़ देता

रश्मि : अंकित एक बात पुछु तुमसे

प्लीज बुरा मूत मन्ना

अंकित : है पूछिए न आंटी

रश्मि : अंकित तुमने फर्स्ट टाइम सेक्स किसके साथ किया था और उसके बाद तुम्हारा रिएक्शन क्या था

ये सव्वल सुन के तो अंकित थोड़ा सोचने

लगा और बोलै

अंकित :अरे ये क्यों जानना है आपको

मनीषा :है बीटा मैं भी ये जानना चाहूंगी की तुम्हे इतनी सी आगे मैं ये सब कैसे पता चला

अंकित : ठीक है बता ता हु

आगे की कहानी फ्लैबैक

अंकित : बात तब की है जब मैं 7तह मैं था वह गांव मैं दादी के पास रहता था मेरा एक hi रूटीन था पढाई दोस्तों के साथ खेलना कूदना और शाम को घर आकर टीवी देखना जो की दादी ने सभी के रूम मैं टीवी लगवाया था पर एक दिन मैं टीवी देख रहा था उसमे एक बहुत hi मस्त जेम्स बांड की मूवी आरहा hi वो मूवी मैं ढेर सरे किसिंग और सेक्स सीन थे जा मेने पहली बार वो देखा तो मुझे अपने अंदर बहुत अजीब फइलल हुवा और ऐसा लगा जैसे वो देख कर मेरे सरीर का तापमान बढ़ने लगा फिर जैसे तैसे मूवी ख़तम हुयी पर मेरे दिमाग मैं वो सीँचकप गया था ऐसे hi दीं गर्ने लगे मेरी एक आदर थी की मैं हंमेशा सीतल चची और तन्वी चची के साथ सोता था जहा एक Kiñg साइज बीएड था

फिर कुछ दिन बाद एक रात को मैं सो रहा था नाईट के कुछ 3 पं हुए होंगे जब मेरी आँख खुली तब मेने देखा की तन्वी चची और शीतल चची का ब्लाउज नहीं पहना था और दोनों ऊपर से नंगी थी और मनोज चाचू शीतल चची के बूब्स को चूस रहे थे और तन्वी चची को किश भी कर रहे थे तब मुझे वो मूवी वाला सीन याद आया और मैं ये सब देखने लगा तब तो मैं न च था इन सब की अकाल नहीं थी और मैं जब दूसरे दीं जब दोपहर को दोनों चची के साथ सोने के लिए लेता फिर मेरा बचाना सुरु होगया

और मेने सीतल चची से कहा

अंकित :चची मुझे भी आपका दूध पीना है

शीतल :बीटा तुम मेरे दूध को नहीं पि सकते तुम अब बड़े होगये हो

अंकित : तो आप कल रात को चाचू को तो दूध पीला रही थी वो भी तो मुझसे बड़े है फिर मुझे क्यों नहीं पीला सकती

तन्वी : अंकित बीटा ज़िद्द मत करो तुम हमारा दूध नहीं पि सकते

अंकित साद होगया और रु असा होकर बोलै

अंकित : कोई बात नहीं चची मैं आपका बीटा नहीं होना इसी लिए मन कर रही है आप मेरे माँ बाप तो मुझे भूल hi गए वो तो है या नहीं पता नहीं पर अब समाज गया मैं आपका बीटा नहीं हु

और ये कहा कर अंकित उनके रूम मैं से बहार आज्ञा और अपने रूम मैं चला गया

यहाँ शीतल और तन्वी अंकित की बात सुनके उनकी आखों मैं आशु आगये

तन्वी :दीदी हमने शायद अंकित के साथ ठीक नहीं किया वो तो बच्चा है जरूर उसने रात का हमारा सेक्स देख लिया है

शीतल : ठीक कहा तन्वीपर ये हम नहीं कर सकते पर अंकित रुख जाये ये भी हम नहीं कर सकते एक बिचरा अपने माँ डैड का प्यार न मिल पाने से पहले hi उदास है चल उसे लेकर आते है और उसे समझायेंगे अगर नहीं समझेगा तो हम उसकी बात मान लेंगे

फिर दोनों चचिया अंकित के रूम के पास जाकर देख टी है के रूम लॉक है फिर शीतल और तन्वी रूमके दूर पर कान लगा कर सुनते है

यहाँ अंकित रूम मई राखी भगवन की फोटो के सामने बैठा रो रहा था और प्रेय कर रहा था

अंकित (रट हुए) : भगवन मेने क्या गलती की जिसकी मुझे सजा मिली मुझे भी मेरे मम्मी पापा चाहिए दादी कहती है आपसे जो मानगो मिल जाता है और मैंने आपसे कितनी बार माँगा पर आपने अभी तक मुझे मेरे माँ बाप नहीं दिए ोर्चाची मुझे अपना बीटा बोलती है पर आज उन्होंने भी मुझे मन करदिया एक चीज़ देने से पता नहीं कब मुझे मेरा सब कुछ मिलेगा

यहाँ बहार दोनों का ये सब सुनके रोना आगया वो वह से चली गयी और अपना काम करने लगी और कुछ डीड करने लगी

ु दिनों गाओ मैं मेला लगा हुवा था जिस्का ज़िक्र आगे आएगा

ी तब घर मैं दादी नहीं थी वो कही गयी हुयी थी 1 वीक केलिए

और शीतल और तन्वी 4 बजे रेडी होकर अंकित के पास गयी वो देखती है दूर अभी भी लॉक था वो बहार से hi आवाज लगाती है

तन्वी :अंकित बीटा चली हम मेले मैं जा रहे है घूमने तुम भी चलो

अंकित (थोड़ी रूखी आवाज मैं) : मुझे नहीं आना आप जेक आओ

शीतल :बीटा चलो थोड़ी देर की hi तो बात है हम थोड़ी देर मैं आजायेंगे

अंकित :मेने कहना मुझे नहीं आना मक़िन खेल ने जाऊंगा अभी नहाने जा रहा हु

यहाँ साक्षी भी छोटी थी और वो थोड़ी बड़ी होगयी थी वो ज़िद्द करने लगी

साक्षी :माँ भाई को चोरोना चलना नहीं तो हमे देर होजायेगी प्लीज चलना

फिर ये लोग मेले मैं चले जाते है और रात को आते है

आके खाना बनके हॉल मैं बैठ जाते है और टीवी देखने लगते है तभी दूर बेल्ल बजती है तो तन्वी दरवाजा खोलती है

बहार मनोज था जो अपनी फैक्ट्री से लुटा था

वो जेक सोफे पर बैठ जाता है फिर सब से मिलता है

मनोज :अरे अंकित कहा है

शीतल :अपने रूम मैं होगा आप रुकिए मैं बुलाके लती हु

शीतल जैसे रूम मैं गयी तो वह का नज़ारा देख कर चौक गयी

वह पर अंकित बीएड पर लेता हुवा था और काँप रहा था जैसे उसे ठण्ड लग रही हो और उसका चेहरा आशुओ से भरा हुवा था और आशु के निशान बन गए थे

शीतल की तो जैसे रूह काम गयी आपने ी. यंत्रो मैं देखा था की शीतल भी अंकित को अपना बीटा मान टी है वो सिर्फ कहने केलिए नहीं है सच यही है वो जल्दी से अंकित के पास जाती है और उसके आशु पोछने लगती है पर जब उसने अपना हाथ से अंकित को सीधा किया तो उसे महसूस हुवा की अंकित बहुत तप रहा है उसने फ़ौरन मनोज को भी बुलाया

मनोज :क्या हुवा शीतल

शीतल :वो वो अंकित अंकित को बहुत hi ज्यादा बुखार है

मनोज :क्या फिर मनोज जब अंकित को देखता है तो उसे बुरा लगत है

उसने गाओ के एक डॉक्टर को बुलाया डॉक्टर ने खा की वो स्ट्रेश मैं आज्ञा है ज्यादा रोने से और टेंशन की वजह से

फिर डॉक्टर दवाई दे कर निकल जाता है

शीतल और तन्वी को तो पता था की बात क्या है सवाल ये था की मनोज को कैसे कहे

मनोज : शीतल बताओगी की क्या हुवा है इसे

शीतल : है वो आज मेले मैं गए थे तब इसे एक खिलौना पसंद आज्ञा पर उसकी कीमत बहुत ज्यादा थी

मनोज को गुस्सा आया की खानदानी रईस होने के बाद भी अंकित के साथ ऐसा हुवा

मनोज गुस्से मैं बोलै

मनोज : अगर तुम्हारे पास पैसे नहीं थे रो मुझे एक फ़ोन करदिया होता मैं दे देता इसे जो चाहिए वो दिलाओ मेरे बेटे को अगर कोई चीज़ पसंद आये और मैं उसे दिलाना सकू तो धिक्कार है ऐसे पैसो पर

मैंने और आकाश भैया ने हमारे पापा से वडा किया था सबसे पहले हम खंडन के वरिष्ठ की फ़िक्र करेंगे बाकि सब की बाद मैं

और तुम दोनों भी ये ा छे से समजलो अगर अंकित को जो चाहिए वो मिलेगा और मुझे इस बात पे कोई आर्ग्यूमेंट्स नहीं चाहिए that's फाइनल ok और अभी इसका ख्याल रखो और तन्वी तुम खाना लगाओ

अब इसके आगे का अगले अपडेट मैं ok

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

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अपडेट 50

फ्लैशबैक कॉन्टिनु

यहाँ सब लोग सोने केलिए चले जाते है क्यों मनोज तन्वी और तिया एक रूम मैं साक्षी अपने रूम मैं और शीतल अंकित के साथ सो जाती है

अगले दिन सुबह जब शीतल उठ टी है तो वो सबसे पहले जाकर अंकित को देखती है तो वो शॉक होजाती है अंकित कुछ ज्यादा hi तप रहा था वो फ़ौरन मनोज को जगती है और अंकित के बारे मैं बताती है मनोज भी कल व्लाजै डॉक्टर को बुला लेता है

डॉक्टर आकर अंकित को चेक करता है और बोलता है

डॉक्टर : मर मनोज अंकित मेंटली अभी बहुत वीक है जिसका असर उसपर पद रहा है वैसे तो ये 1 वीक मैं ठीक होजायेगा पर ये अभी अपनी तरुणावस्था मैं कदम रखने वाला है इस आगे मैं इसे प्यार की सख्त जरुरत होती है पर अगर आपको इसे जल्द से जल्द ठीक करना है तो बस एक hi रास्ता है

मनोज :बोलिये डॉक्टर मैं हर रास्ता अपनाने को तैयार हु मुझे मेरा बीटा सही सलामत वापस चाहिए कहे कुछ भी हो जाये

डॉक्टर : इसे माँ के दूध की सख्त जरुरत है गर किसी ह्यूमन फीमेल का दूध मिलजाए तो अंकित को ठीक होने मैं ज्यादा से ज्यादा 8 घंटे लागेनेगे नहीं तो वो मेंटली वीकनेस उसे 1 वीक तक जेलनि पड़ेगी अब आप पर देपेंद करता है की आप कोनसा रास्ता चूस करते है ok मैं चलता हु

डॉक्टर के जाते hi मनोज परेशां होजाता है

मनोज : पता नहीं क्या होगा अब ह्यूमन मिल्क का बदोबस्त कहा से होगा अगर नहीं मिला तो 1 वीक तक अंकित ठीक नहीं होगा और परसो तो माँ आने वाली है वो तो कुछ भी बर्दास्त करलेगी पर अंकित को तकलीफ मैं वो नहीं देख पायेगी

यहाँ शीतल और मनोज बैठे hi थे की वह तन्वी आगयी

तन्वी : मैं करुँगी अंकित को फीडिंग

मनोज :अरे है मैं तो भूल hi गया की तुम्हे अभी भी दूध आता है थैंक्स तन्वी तुमने आज मेरे बेटे को बचा लिया

तन्वी को तब इसी लिए दूध आता था की क्यों की तिया छोटी थी भले hi वो अब खाना खा सकती थी पर तन्वी फिर भी उसे फीड कराती थी

शीतल :खास मुझे भी दूध आता तो मैं भी अंकित को करा देती

मनोज : थैंक्स तन्वी ठान्यौ सो मच

तन्वी : थैंक्स किस बात केलिए क्या अंकित मेरा बीटा नहीं है

मनोज अभी कुछ बोलता तभी उसे एक कॉल आजाता है इसी लिए उसे काम से फैक्ट्री जाना पड़ता है तो निकल जाता है

शीतल : थैंक्स गॉड जिसका दर था हमे उसीसे परमिशन मिल गयी अब सब ठीक हो जायेगा तन्वी जा जा कर हमारे बच्चे को दूध पीला दे जिससे वो ठीक होजायेगा

फिर तन्वी निकल जाती है अंकित के रूम मैं जहा अंकित लेता हुवा था वो उठ चूका था

तन्वी हंमेशा अंकित को उसकी माँ की तरह ट्रीट करती थी इसी लिए कभी कबर वो उसे दन्त भी देती थी

अब तन्वी को देख कर अंकित को लगा की वौसे डाँटेगी और अंकित नाराज़गी भरे सब्द मैं बोलै

अंकित : ीाम सॉरी चची मैंने आपसे जो माँगा वो सही नहीं था प्लीज ीाम सॉरी मेरी वजह से आप लोग परेशां होगये

तन्वी को अपने उस बेहेवियर का बहुत बुरा लगा

तन्वी जाकर अंकित के पास जाकर लेट जाती है और उसे अपने सीने से लगाकर हुग करती है और उसका सर चूमती है

तन्वी :बीटा ऐसा कभी सोचना भी मत की हम तेरी वजह से परेशां होंगे तू तो मेरी और शीतल दीदी की तो जान बस्ती है तुजमे

अंकित : है पता है कोई बात नहीं

तन्वी अब अपनी पकड़ टाइट करती है जिससे अंकित तन्वी की साइड करवट लेकर लेट ता है और उससे अंकित का फेस तन्वी के फेस के बिलकुछ सामने और नज़दीक आजाता है

तन्वी :अरे मेरा बेबी मुझसे नाराज़ होगया

तन्वी ने अपने निघ्त्य के बोटों खोलती है

और अपनी एक चुकी णिअकलती है

अंकित अपना सर निचे जुका लेता है

तन्वी : आओ पिलो अपनी इस माँ का दूध

पर अंकित कुछ नहीं करता जिससे तन्वी उसका सर ऊपर करके

तन्वी :क्या हुवा कल तो बहुत मांग रहे थे

अंकित :नहीं चाहिए ये आपका जूठा प्यार

तन्वी : बीटा ी ऍम सॉरी बेबी हमे माफ़ कर दो आओ दूध पिलो अगर ये नहीं पिओगे तो तुम ठीक नहीं होंगे

अंकित फिर तन्वी की चुकी को जाट से मुँह मैं भर के फीड करने लगता है तन्वी को तो जैसे बहुत सुकून मिल रहा था उसने अंकित को अपनी बहो मैं जकड लिया

फिर ऐसे hi चला अंकित अगली सुबह ठीक होगया अंकित अब रोज़ तन्वी के साथ hi उसके जकड कर और उसकी एक चुकी को अपने मुँह मैं भर के सोता था जैसे कोई छोटा बचा अपनी माँ के साथ सोता हो ऐसे hi दीं निकलने लगे और अंकित बड़ा होने लगा और समाज दार भी होने लगा जब उसे ये सब समाज में आने लगा तो उसे अंदर बहुत बुरा लगा की वो इतना गिरा हुवा कैसे हो सकता है की उसने खुदकी सगी चाचियों के साथ ऐसा किया अब उसे इस बात की बहुत तकलीफ हो रही थी इसी लिए अंकित ने तय कर लिया की अब वो अपनी चाचियों के साथ ये हरकत नहीं करेगा पर अब आएग शीतल और तन्वी को लग चुकी थी क्यों की अंकित जवान होता जा रहा था और उसकी जवानी का साबुत फीड करते वक़त दोनों ने देखा था

अंकित ने अब अपनी चची से दूरिया बनाने का फैसला किया क्यों की वो घर की फ्रेमलेस को अपनी हवस का शिकार नहीं बनाना कहता था

इसी लिए जब अंकित 10तह मैं आया तब उसने मनोज से सहर जाकर पढ़ने की बात की

मनोज ने भी अपनी सहमति दी और पूरी बात से अनजान दोनों चाचियों और अंकित की ददीने भी सहमति देदी

मनोज ने अंकित केलिए सहर मैं सब इंतज़ाम करने मैं लग गया

बाकि सब तो ठीक था पर सबसे बड़ा सवाल ये था की अंकित रहेगा कहा जिससे उसे सब सुविसधाए मिल सके तब उसमे उसकी मदद उसके और आकाश के भाई जैसे दोस्त अनवर खान ने मदद की

नोट : यहाँ अनवर का तो बहुत काम पर उसकी बीवी और बेटी का बहुत बड़ा रोले है

स्माल इंट्रो

अनवर खान : तब आगे 41 साल और अभी 44 साल के एक नामी बिजनेसमैन ये भी उसी गाओ मैं रहते थे जहा अंकित रहता था अनवर आकाश और मनोज का भाई के जैसा दोस्त थे क्यों की अंकित के दादाजी और अंवेर के पिताजी बहुत अच्छे दोस्त हुवा करते थे और अनवर का बिज़नेस उसके बाप का है जिससे अंकित के दादाजी की मदद से खड़ा किया था

अलीशा (वाइफ ऑफ़ अनवर खान) : तब आगे 36थी अब 39 साल है ये निहायती खूबसूरत औरत है एक दम दूध जैसा गोरा रंग ऐसा रंग के अगर हल्कासा भी हाथ मारो तो वो जगह लाल होजाएये पर ये अनवर से सेक्स न करपाने के कारन इसकी कामाग्नि फुल सबब पर है फिगर साइज बोलू तो 36 30 38 देखने वाला पहली. नज़र मैं अपना डिल हार जाये इसकी शादी काम उम्रम मैं होगयी थी जिससे इसमें और इसकी बेटी मैं कोई ज्यादा फर्क नहीं है

यहाँ मैं आपको बता दू की अनवर का कोई खास रोले नहीं है

ज़ोया खान ( डॉटर ऑफ़ अनवर एंड अलीशा) : तब की आगे 18 और अब आगे 21 है ये पूरी तरह अपनी माँ की कार्बन कॉपी है रंग भी वैसा और सरीर भी रेशमी लम्बे बाल और अपनी माँ की hi तरह खूब सूरत इतनी की एक बार तो चाँद भी शर्मा जाये ये भी जवान है और जवानी मैं इसने खूब मजे लुटे है ये और इसकी माँ दोनों अंकित और इनकी पहचान के एक और लड़के के साथ hi सेक्स करती है पर जब कोई लुंड नहीं मिलता तो दोनों एक दूसरे के साथ लेस्बियन से अपनी हवस संत करती है इसका फिगर बुलु तो 32 20 34 का दम दार फिगर

यहाँ मनोज ने साडी तैयारी करदी थी अंकित की और अनवर से कह के रक्खा था की अंकित को उसके माँ बाप के बारे मैं गलती से भी कुछ मत पूछना

और अनवर ने इसे hi किया उसने अलीशा और ज़ोया को सब समजा दिया और उसने अलीशा से एक बात कही की वो अंकित को ज़ोया की तरह प्यार करे जैसे अंकित उन्हीका बीटा हो

आखिर अनवर को भी अंकित के दादाजी ने अपना बीटा hi मन था तो उसका भी फ़र्ज़ बनता था

आखिर कार वो दिन ाही गया जब अंकित को शर जाना था और अंकित अपनी चाचियों का और अपनी दादी का आशीर्वाद लेकर निअक्ल पड़ता है सहर की और जहा उसकी किस्मत बदलने वाली थी

आखिर कार अंकित पंहुचा अनवर के बंगलो मैं जहा 3no अंकितका इंज़ार कर रहे थे

अंकित गाड़ी से उतरा और अनवर के पेअर चुने वाला था की अनवर बोलै

अनवर : अरे नहीं बीटा हमारे मैं बीटा पेअर नहो छूटा सीने से लगता है ये बोल अनवर उसके गले कलागता है

और उसके बाद अलीशा के पास जाता है तो अलीशा उसे बहो मैं जकड hi लेती है

अलीशा (मन में) : यार ये इतना छोटा है पर फिर भी कितना मासूम और हैंड सम है इससे तो एक बार जरूर अपनों आग संत करौंगी

और फिर अंकित ज़ोया के पास जाकर हाथ मिलाने केलिए हाथ आगे करता है पर ज़ोया तो तब जवान थी और अंकित तो निहायती हैंडसम था तो उसने भी अंकित को गले लगाया

अब अंकित भी जवान था उसे पहली नज़र मैं hi दोनों माँ बेटी भ गयी थी पर जब वो गले लगे तो वो कोई नार्मल हुग नहीं था बल्कि जब दो प्रेमी मिलते है जैसे साप चन्दन की लकड़ी से चिपकते है वैसा hi हुग था

फिर सब लोग अंदर जाते है और ऐसे hi दिन बीतने लगते है अंकित का स्कूल भी स्टार्ट होगया था और वही से उसकी फाइटर बनने की जोर्नीस्टार्ट हुयी और उसकी ट्रैनिंग के चलते अंकित की बॉडी भी बनती गयी पर अंकित पढाई मैं भी बराबर ध्यान देता था

अलीशा अंकित का बराबर ख्याल रखती थी उसके खाने पिने से लेकर कब कुछ वो hi देखती जैसे एक माँ अपने बच्चे की देखभाल करती जिससे अंकित की जीजाक एक दम ख़तम हो गयी और अब वो यहाँ ऐसे hi रहता

ऐसे hi एक दिन संडे का दिन था अनवर अपने बिज़नेस के सिलसिले मैं बहार गया हुवा था ज़ोया भी अपनी कजिन के घर गयी हुयी थी यहाँ घर में अलीशा डेली रूटीन के चलते योग कर रही थी उसने अभी एक गयम ब्रा और शॉर्ट्स पहने हुए थे

और यहाँ हमारे भाईसहाब अंकित घोड़े बैच कर सो रहे थे पर छोटा अंकित जाग रहा था और पूरी ायकाट मैं खड़ा हुवा था अंकित का लुंड उस उम्र मैं भी 7 इंच का था

यहाँ अलीशा ने डिकेड किया की पहले अंकित को उठाना है फिर वो फ्रेश होने जाये

अलीशा जैसे hi अंकित के रूम मैं जाती है तो उसकी हालत देख कर शॉक होजाती है

क्यों की अंकित सीधा लेता हुवा था और उसका लुंड एक दम पूरा खड़ा था

अलीशा( मन में) : बाप रे इतना भी बड़ा किसी का होसकता है क्या इसे आज लेकर hi रहूंगी मासा अल्लाह क्या हथियार है इसका

फिर वो धीरे धीरे अंकित के पास जाती है तो देखती है की अंकित सोया हुवा है और गहरी नींद मैं है

अलीशा अंकित का बॉक्सर उतरती है तो उसके सामने अंकित का लुंड आजाता है

अंकित भी अलीशा के जितना hi गोरा तह जैसे अंकित उसका सागा बीटा हो और उसका लुंड भी बहुत गोरा था और उसका सुपर एक लूम लाल आलू भुखारे की तरह था

अलीशा से अब रहा नहीं गया उसने अंकित के लुंड को पकड़ कर हिलना सुरु किया और उसके बाद ब्लोजॉब देने लगे अब अंकित नींद से जाग गया और वो अचानक से उठा कर बैठ गया

अंकित : आंटी ये आप क्या कर रही है हटिये

अलीशा : देखो अंकित मैं तुम्हे सब कुछ बताती हु पर तुम्हे प्रॉमिस करना होगा की तुम ये बात किसी को नहीं बताओ गए

अंकित ने है मैं गर्दन हिलायी

अलीशा : देखो अंकित तुम्हारे अंकल मुझे सेक्स मैं सेटिस्फाई नहीं कर पते और जब तुम यहाँ आये थे तब से hi तुम मुझे पसंद आगये थे मैं तुमसे ये सब कुछ कहने वाली थी पर कभी मौका hi नहीं मिला

अंकित : आंटी मैं आपके साथ ये सब कैसे कर सकता हु मैं आपके बेटे जैसा हु मेने हंमेशा आपको आंटी वाली नज़र से देखा है अगर आज अगर मेरी जगह आपका बीटा होता तो क्या तब भी आप ये करती

अलीशा :अगर मेरा बीटा होता तो मैं कब की उससे अपनी आग बजवा लेती प्लीज बीटा और मैंने भी हंमेशा तुम्हे अपना बीटा मन है पर आज तुम्हार्रे हथियार को देख कर मुझसे रहा नहीं गया

अंकित :ठीक है आंटी मैं आपकी तक़लीद दूर करूँगा पर मुझे सेक्स करना नहीं आता मैंने कभी भी ये नहीं किया

अलीशा : मैं सिखदूँगी न चलो पहले किश करते है

फिर अलीशा ने अपने रसीले होठ अंकित के होठोंसे जोड़ दिए और अंकित के होठो को चूसने लगी पर अंकित रिस्पांस नहीं दे रहा था

अलीशा :क्या हुवा करना रिस्पांस क्यों नहीं दे रहे हो

अंकित :आंटी मैंने कहा न की मुझे इनमे से कुछ नहीं आता है

अलीशा : ा च जैसे मैं तुम्हारे होठो को चूस टी हिना वैसे तू मेरे हो थो को चुसो ok

फिर दोनों के होठ मिलजाते है और अंकित पहली बार मैं hi किसिंग से अलीशा को इम्प्रेस करदेता है करीब 15 मं तक ी की किश चली फिर दोनों अलग हुए फिर अलीशा ने उसे ब्लोजॉब दिया अंकित ने भी अलीशा की चुटका काम रास पिया फिर अलीशा बेडपर सीधी लेट गयी और अपनी टंगे फैला दी

और उसने अंकित ले लुंड को गिला किया और से अपनी छूट पर सेट किया और अंकित से बोली

अलीशा : अब धीरे धीरे अंदर डालो

अंकित बिलकुल वैसा hi करता है जिससे अंकित का सूपड़ा अलीशा की छूट मैं जा फास्ट है

अलीशा : अब एक डक्का मारो

अभी अलीशा ने बोलै hi था की अंकित ने एक तगड़ा जतका मारा तो उसका लुंड अलीशा की छूट की दीवारों को फैलता हुवा अंदर घुस गया जिससे दोनों को hi ज्यादा दर्द हुवा

अलीशा :आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ाआंम्म्म्मीईई

फाड़ डडसीई मम्मीरररीी बीत्तत्ता धीमे कहता इतनी तेज क्यों मारा

अंकित :सॉरी आंटी मुजस्से रहा नाहाहही

गायया आआह्ह्ह्ह ाऊन्टत्तीयय मैं इसे निअक्ल लू बहुत दर्द कर रहा है और बहुत गरम लग रहा है आपके अंदर आआअह्ह्ह्ह

अलीशा :नहीं निकलना मत यहाँ ायजा मेरा बचा

ये बोल अलीशा ने अपनी बहे फिललली और अंकित को अपने आगोसे मैं ले लिया

5 मं बाद दोनों का दर्द काम हुवा

अलीशा : अब धीरे धीरे धक्के मारो

फिर अंकित ने ऐसे hi धक्के लगाना सुरु किया इनकी चुदाई करीब 20 मं तक चली अलीशा तो शॉक थी की अगर ये पहली. बार मैं hi 20 तक नहीं ज्यादा तो जब ये सब शीख जायेगा तब तो और मज़ा आएगा

फिर अंकित धक्के लगते हुए जड़ने के करीब पंहुचा

अंकित : आंटी मैं आने वाला हु कहा निकलू

अलीशा :अंदर hi निकल दे बीटा आआह्ह्ह्ह

फिर अंकित ने भी वैसा hi किया और दोनों अभी एक दूसरे की बहो मैं थे और दोनों अपनी सासे दुरुस्त कर रहे थे

फिर दोनों ने साथ नहाया फिर दोनों ने कफ पि और अपने अपने काम मैं लग गए

बैक तो था प्रेजेंट

अंकित : तो ये थी मेरी पहली सेक्स की दास्ताँ

रश्मि और मनीषा तो अंकित को hi देख रही थी

मनीषा : तो ऐसे सब सुरु हुवा था

अंकित :चलो अब सो जाते है कल निकलना भी है

मनीषा :नहीं कल रुकना है और परसो निकलना है क्यों की कल विदाई है

अंकित: ok कोई बात नाहिब

फिर अंकित मनीषा की चुकी को मुँह मैं भरके सो गया और मनीषा और रश्मि भी सो गयी

ूपडते पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 51

यहाँ जब सब सुबह अंकित के रूम मैं मनीषा और रश्मि की आँख खुलती है

मनीषा देखती है की अंकित किसी छोटे बच्चे की कराह अपनी माँ की बहो मैं सोया हुवा है

मनीषा को नबंकित पर बहुत प्यार आता है वो अंकित के गालो को चुम लेती है फिर 2 मं तक उसके सर को किश करती है

रश्मि मनीषा और अंकित का ऐसा प्यार देख कर उसे मनीषा से जलन होने लगती है

रश्मि : यार मनु मेरे सामने तो ये मत कर यार

मनीषा मुस्कुरा देती है और बोलती है

मनीषा : क्यों मेरी जान मुझसे जलन हो रही है

रश्मि : है यार तेरे पास इतना प्यारा बीटा है जिससे तू प्यार करती है वो तुझे जान से ज्यादा प्यार करता है पर मेरे पास तो औलाद hi नहीं है आखिर क्या कुछ नहीं किया कितने टेस्ट कटवाए कभी किसी का बुरा नहीं किया यहाँ तक की अपनी छूट की आग को भी कंट्रोल किया उनके बाद किसी के सामने देखा भी नहीं पर शायद मेरे hi नसीब मैं नहीं है की मैं एक माँ बन सकू

मनीषा : चिंता मत कर रश्मि आज नहीं तो कल भगवन तेरी जरूर सुनेगे क्या तुमने तुम्हारे पति के टेस्ट करवाए

रश्मि :नहीं वो मानते है की मुझमे hi कोई प्रॉब्लम है

मनीषा : एक बात कहु मेरे पास एक रास्ता है जिससे तुम्हे अंकित जैसे hi बीटा या बेटी मिल सकते है

रश्मि : बोलो अब तुम्हारा भी आईडिया तरय करके देखते है

मनीषा : मैं जानती हु की तुम अंकित के साथ सेक्स करना चाहती हो पर क्या तुम अंकित से पहला बच्चा कहोगी ी मैं तुम्हारे पति मानेगे

रश्मि :मुझे ायलद चाहिए और अगर अंकित से hi मिल जाये तो सोने पे सुहागा

और रही बात उनकी तो उन्हें तो मैं हैंडल कर लुंगी

मनीषा : ठीक है मैं इससे बात करुँगी चलो जल्दी रेडी होजाते है ब्रेकफास्ट के बाद विदाई है

मनीषा अंकित को केयर फुल्ली ठीक से सुलाती है और उसका सर चुम कर अपने रूम मैं चली जाती है

इस बार रश्मि भी अंकित का सर चुम कर माँ ईशा के साथ चली जाती है

फिर ये दोनों रेडी होकर अंकित को उठाने आती है

अंकित उठा कर मनीषा के पास कुछ देर प्यार करके फ्रेश होने चला जाता है और फिर यहाँ ये दोनों भी निकल जाती है निचे जब अंकित रेडी होकर वाश रूम से निकलता है तो उसने देखा की उसका फ़ोन बज रहा है वो कॉल पिच करता है कॉल किसिस अननोन नंबर से था

कॉल पर

अंकित : hello

सामने से एक औरत बोलती है

औरत :hello क्या अंकित बोल रहे है

अंकित : है बोल रहा हु बोलिये आप कौन

औरत : मैं कौन ये थोड़ी देर माउईआं आपको पता चल जायेगा

अंकित : देखिये अगर आप मेरा नाम जानती हो तो इसका मतलब ये नहीं आप मुझे अच्छी तरह से जानती हो बोलना है तो बोलो फालतू मैं सुबह सुबह दिमाग मत ख़राब करो

औरत : अरे अरे जनाब तो गुस्सा होगये शांत होजाईये और पहले आप नास्ता कर लीजिये बाद म न फिर मैं खु वह आजाना

अंकित : आपने क्या मुझे अपने बाप का नौकर समाज रक्खा है जानती भी हो की मैं कौन हु

ायरत : जानती हु पर ये भी जानती हु की अपने प्रिय को स्टोर रूम मैं खुश किया था अब अगर ये सच बहार नहीं आने देना चाहते तो चुप चाप नास्ता करके मेरे कॉल का वेट करो

अंकित : है है है है देखो यार या तुम चुटिया हो या फिर मुझे चुटिया समाज रही हो प्रिय का पति तो क्या यहाँ आये फंक्शन मैं आये सभी बुसिनेस्स्में मेरा घंटा कुछ नहीं उखड सकता

ायरत : देखो मई जानती हु की तुम डरने वालो मैं से नहीं हो पर अगर तुम मुझे मिलो तो फायदा तुम्हारा hi है सोच लो

अब अंकित को लगा की एक बार मिल लेने मई. हर्ज़ hi क्या है

अंकित :ठीक है पर अगर जूथ बोलै या धोका दिया तो याद रखना तुम्हे बहीद बड़ी कीमत चुकानी ी पड़ेगी

ायरत : अरे आप अईय्ये तो सही सस्ती चीज़ो का सूक तो हम भी नहीं रखते

अंकित : अस योर विश

फिर अंकित निचे चला जाता है जहा उसका मनीषा और रश्मि इंतज़ार कर रही थी

फिर अंकित और ये दोनों अपनी प्लेट लेकर एक टेबल पर चले जाती है जहा पहले से hi रोहन और मोहिनी ( सलोनी की भाभी) बैठे थे

रोहन : होई अंकित व्हाट्सप बडी

अंकित : ी ऍम फाइन बडी एंड यू

रोहन : ी ऍम अस आल्सो

फिर ये लोग नास्ता करने लगते है विद्यि को अभी एक घंटा था तो सब िधानर उठेर घूमने लगे

अंकित का फ़ोन बज उटाह

अंकित : है बोलिये कहा आना है

ायरत : वही ाजाईये जहा आप प्रिय के साथ गए थे

अंकित दूसरे तरफ गार्डन मैं बने स्टोर रूम मैं जाता है तो देखता है ये ायरत कोई और नहीं बल्कि मोहिनी थी

अंकित : ोुह्ह्ह्ह तो अआप है

मोहिनी : है मैं hi हु कैसे हो अंकित

अंकित :मुझे क्या होगा आप बताइये आपकी क्या मज़बूरी थी जो आपको ये हरकत करनी पद रही है

मोहिनी ने अभी साड़ी पहनी हुयी थी

उसने अपनी साडी को निचे से उठाया और अंकित का हाथ उसकी गीली पेंटी पर रक्खा

मोहिनी : इस मज़बूरी के चलते ये करना पड़ा जब से तुम्हे पहली बार देखा है ये कलमुही इतना पानी चोर रही है की जितना आज तक कभी नहीं छोरा और जब तुम्हे प्रिय के साथ देखा तो बात hi मत पूछो की कैसे करवाते बदल बड़ा कर राते काटी है

अंकित :अब समजा की मेरा क्या फायदा था अब क्या ख्याल है

मोहिनी : मुझे रगड़ रगड़ कर छोड़ डालो रोहन के पापा तो अब हाथ भी नहीं लगते वो कहते है की मैं मोती होगयी हु

पर मोहिनी की बात कुछ हद तक सही थी मोहिनी थोड़ी मोती थी पर एवरेज क्यों की खूबसूरत तो थी hi और सरीर भी सुब्बी टेप का था

अंकित ने उसे खींच कर अपनी बहो मैं लिया और होठ से होठ चिपका दिए और 10 मं तक पशनातेली किश करता रहा मोहिनी तो अंकित का स्पर्शे प् काठी जन्नत पहुंच चुकी थी

फिर अंकित ने मोहिनी का ब्लाउज को खोल दिया और बरभी निकलती जिससे मोहिनी के 38 साइज के कबूतर उछाल कर सामने आगये पर हैरानी की बात तो ये थी की मोहिनी की चूचियों मैं कोई ढीला पैन नहीं था तो एक दम फ्रेश और कड़क खरबूजेकी तरह दिखने मैं टाइट थे पर जब अंकित उन्हें दबाता है तो तो उसे वो थोड़े से सॉफ्ट लगते है

अंकित :मन्ना पड़ेगा मोहिनी आंटी आपके बॉब्स मुझे भाग्य

मोहिनी : तो क्या आंटी का दूध नहीं पिओगे

अंकित : ायरत का दूध तो मेरा फवौरीते ड्रिंक है

और फिर अंकित उसके बूब्स को चूसने लगता है जब अंकित मोहिनी के दूध को कुश रहा था तो उसके मुँह मैं दूध भी आरहा था

अंकित : क्या बात है आंटी आपको अभी भी सुध आता है ये कैसे हुवा

मोहिनी :बीटा वो क्या हैना की अभी दो महीने पहले hi मेरे एक बेबी की पैदा होते hi मौत होगयी थी ये बात सिर्फ मुझे और कुछ घरवालों को hi पता है ये मेरी लास्ट प्रेगनेंसी थी और मैं अपने पति के साथ ुक मैं थी तो किसी को भी पता नहीं है मैं प्रेग्नेंट थी अब तुम बस दूध पीओ

फिर अंकित 15 मं मैं मोहिनी की दोनों चूचिया खली करदेता है फिर दोनों फिर से किश करने लगते है अब अंकित ने मोहिनी को सेमि नुदे करदिया था वो अब सिर्फ एक पेंटी मैं hi थी और अंकित उसकी पेंटी को भी उतर फेकता है और और उसे पास मैं रखे पुराने बीएड पर सीधा लेता कर उसकी टैंगो के बिच आजाता है और मोहिनी के निचे के लिप्स को अपने मुँह से लॉक करदेता है फिर अंकित उसकी जबर दस्त चूसै सुरु करदेता है

मोहिन्ज अब तक 2 बार जड़ चुकी थी अंकित मोहिनी की छूट की दोनों लिप्स की फैला कर अंदर तक चूसने लगता है और उसके क्लीट को जोर जोरसे मसाला है जिससे मोहिनी अपना कट्रोल खो दिया और अंकित का मुँह अपनी चित पर दवा दिया और जड़ गयी

अंकित मोहिनी की चुतरस का आखिरी कटरा तक अपने हलक से निचे उतर लेता है

मोहिनी :बाप रे कितना अच्छा चूसते हो तुम जो भी करते हो जड़ने पर मजबूर करदेते हो अब और मत तड़पाओ अपनी आंटी को अंकित डाल्दो अपना हथियार मेरी छूट मैं

अंकित :पहले उसे गिला तो कार्डो मेरी जान और अंकित भी नंगा होजाता है और मोहिनी उसके लुंड को अपने मुँह मैं भर कर चूसने लगती है

मोहिनी : सच मैं आज से पहले इतनी खूबसूरत चीज़ नहीं देखि

ये कहकर वो अंकित के लुंड को मुँह मैं भर लेती है

फिर अंकित चुसाई रोक कर उसकी छूट पर अपना हथियार सेट कर के एक जोरदार वार करता है जिससे अंकित लुंड मोहिनी की जड़ तक घुस गया

फिर अंकित उसे पूरी रफ़्तार से छोड़ने लगता है मोहिनी ने कभी भी इतनी स्पीड नहीं देखितहि

ये चुदाई करीब 30 मं तक चलती है और मोहिनी करीब 8 बार जड़ चुकी थी और अब अंकित भी कारोब पहुंच गया

अंकित : आंटी ीाम कमिंग कहा निकलू

मोहिनी :मेरे मुँह मैं निकलना मुझे तुम्हारा रास पीना है

फिर अंकित अपना लुंड खींच लेता है और मोहिनी उसको ब्लो जॉब देने लगती है जिससे अंकित जड़ जाता है और अंकित ने अपने रास से मोहिनी का मुँह भर देता है

फिर दोनों फ्रेश होकर किश करके बहार आजाते है वो दोनों थोड़ी hi दू| गए थे की उनके सामने रोहन आजाता है

रोहन :माँ आप कहा थी पापा आपको कब से धुंध रहे है

मोहिनी हद ऐडा कर

मोहिनी : अरे वो मैं जरा सेर करने गार्डन मैं गयी थी और वह ये मिल गया और बातो मैं पता hi नहीं चला

रोहन : कोई बात नहीं होता है चलो पापा आपको बुला रहे है

फिर ये दोनों निकल गए अभी अंकित अंदर आया hi था की मनीषा उसे विदाई का बोल कर बहार ले गयी

अब विदाई हो रही थी तो माहौल तो इमोशनल होगा hi और यहाँ तो हद से ज्यादा इमोशनल था अंकित का दिमाग ख़राब हो रहा था उसे ये सब पसंद नहीं था फिर भी वो वह खड़ा रहता है वो देखता है की सलोनी और घरकी कुछ एयरटे रो रही थी अपनी बेटी को गले लगा कर

और मनीषा कविता दीपा और रश्मि भी वही थी और उनकी भी आखें नाम थी

ऐसे मौको पर अओर्तो की आखे नाम होही जाती है ये उनका नटुर होता है

फिर यहाँ विदाई का कार्य क्रम ख़तम होते hi अंकित वह से अपने रूम मई चला गया और थोड़ी देर सो गया

यहाँ अंकित के सहर मैं निशा ने लीज़ा को फ़ोन किया

लीज़ा : कैसी हो निशा आज बड़े दिनों बाद याद किया

निशा : है वो तो है ा च मैं कुछ तुम्हे बता रही हु क्या वो हो सकता है

फिर निशा लीज़ा को कुछ बताती है और लीज़ा ये सुन के उसे कहती है

लीज़ा : है ऑफ़ कोर्स हो सकता है हमारे आयुर्वेद मैं इसकी जड़ीबूटी धुंध निकली है जिससे तुम्हे जो चाहिए वो नेचुरल तरीके से मिल जायेगा जिससे कोई सीड इफेक्ट भी नहीं होंगे और वो बहुत hi सेहत मंद होगा

निशा :ये तो बहुत अच्छी बात है मुझे अंकित को वापस पाने से पहले ये चीज़ चाहिए ताकि मैं अपने बेटे को वो दे सकू जो उसके बाउट काम. Hi मिला है

लीज़ा :चिंता मत करो मैं करेंगे करवाती hi और मैं भी ये करवाउंगी आखिर मुझे भी मेरा अंकित चाहिए

फिर ऐसे hi कॉल कट होजाता है देखते है की निशा अंकित को क्या गिफ्ट देती है

यहाँ अंकित जब सो कर उठा तो दोपहर हो रही थी वो उठा और निचे चला गया जहा उसे मनीषा मिली जो उसे उठाने hi आरही थी फिर सबने खाना खाया

और सब रूम मैं जाहि रहे थे की मनीषा ने अंकित को रोका

अंकित : क्या बात है मुम्मा

मनीषा :अरे वो रोहन तुझे पूछ रहा था जा जाकर करा उससे मिल लेना

फिर अंकित रोहन को धुंध ने लगता है तो रोहन उसे गार्डन मैं मिलता है वो और रोहन रोहन के रूम मैं जाते है

अंकित :है भाई बोल अब क्या हुवा

रोहन : बीआरओ मुझे तुमसे कुछ पर्सनल काम है क्या तुम मेरा साथ डोज

अंकित : अरे यार बताएगा तो बोलूंगा न

रोहन : भाई शायद तुम मुझे गलत संजो पर पता नहीं कैसे बोलू तुम्हे

अंकित :देख यार जो भी हो एक दोस्त समाज कर बोल डालो मैं तुम्हारे बारे मिडफाइन कुछ बुरा नहीं सोचूंगा

रोहन : भाई मुझे सेक्स करने का बड़ा मैं करता है और अब तो जैसे रहा hi नहीं जा रहा

अंकित : हम्म अरे तो इसमें कोण सी बड़ी बात है यार हमारी आगे hi ऐसी है हम जवान है तो ये सब तो आम बात है

रोहन :अरे भाई तुम समाज नहीं रहे हो मुझे आज कल जो. भी लड़की या ोौरत दिखती है उसे देख कर उसे छोड़ने का hi ख्याल आता है

अंकित : OK पहले ये बता की तुझे एयरटे पसंद है या लड़किया

रोहन :सच कहु तो एयरटे मुझे एयरटे बहुत पसंद है उनकी बड़ी गांड और मोठे बॉब्स मन करता है उन्हें पटक कर छोड़ दू

अंकित :ये भी ठीक है अब ये बता की तुझे घर की एयरटे ज्यादा पसंद है या बहार की

रोहन कुछ सोचने के बाद बोलै

रोहन :घर की एयरटे मुझे ज्यादा पसंद है जिससे घर मैं hi मज़ा मिलेगा और घर की बात घर मैं hi रह जाएगी

अंकित :ा च अब ये बता की तुझे तेरे घर मेसे कोण सबसे ज्यादा पसंद है

रोहन :भाई तू मुझे तरीका बता न यार मैं नाम नहीं बताऊंगा तुम मुझे पर हसोगे

अंकित: देख भाई मैं तुज पर हसूंगा नहीं मैं तुम्हारी मदद करूँगा

रोहन :वैसे तो मुझे सलोनी बुला और बाकि सभी पसंद है पर सबसे ज्यादा मुझे मेरी मम्मी पसंद है उनके वो बड़े बड़े बूब्स और बड़ी गांड है उन्हें देख कर तो दिल पर बिजली hi जिर जाती है अब तुहि बता की मैं कैसे अपनी माँ को रेडी करुकि वो छोड़ने के लिए आजाये

अंकित (मन में) : हम्म इसे भी मादरचोद hi बनना है कोई बात नहीं पर पहले इसे सेट करदु ताकि जब भी मैं साहू मोहिनी को छोड़ सकू और ये भी कुचना बोले

अंकित :देख बडी मेरे पास एक आईडिया है गर तू चाहे तो तुझसे शियर करू

रोहन: है भाई बोल मैं बुरा नहीं मानुगा

अंकित : देख भाई इसकेलिए मुझे तेरी माँ के साथ सेक्स करना पड़ेगा जिससे वो मेरे सामने खुल कर बात करे और तब मैं उनसे तेरे बारे मैं बात करूँगा और जब वो सेक्स के नशे मैं मध् होंगी तो वो पक्का हां कहेगी बोल तू कहे तो मैं इस प्लान पर आज hi अमल करना सुरु करदु

रोहन : ठीक है भाई पर प्लीज एक बात का ध्यान रखना कही हमारी बदनामी न होजाये

अंकित : भाई अगर मेरे दोस्त का एक बून्द भी खून बहता है तो मैं अपने दोस्त का बदला दुसमन से 1 लीटर खून से लेता हु ट्रस्ट में यार

रोहन : थैंक्स भाई मुझे तुझपर भरोषा है चल अब चलते है

अंकित : पर ये तो बता की कब करेंगे

रोहन : एक काम करते है रात को मैं 10 बजे आऊंगा अपनी माँ को लेके तुम्हारे रूम मैं और मैं निकल जाऊंगा और तुम फिर सब संभल लेना

अंकित : क्या बात बीआरओ तेरा भी दिमाग खतरनाक चलता है

रोहन : भाई जब बात निचे वाले दिमाग को संत करने की हो तो ऊपर वाला दिमाग अपने आप चलता है

अंकित : that's लिखे माय फ्रेंड चल अब चलते है

फिर ये दोनों भी निकल जाते है बहार

अब देखते है अंकित कितनो के मिलान करवाता है और अंकित को निशा क्या सरप्राइज

देगी

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

ी होप यू लिखे आईटी

सी यू सून

ब्बये
 
अपडेट 52

फिर अंकित और रोहन बहार को आगये तो सामने से सौरभ आता हुवा दिखा और रोहन को कुछ काम बोल कर चला गया

और रोहन वो काम करने निकल गया और यहाँ अंकित हवेली मैं घूम ने लगा

हवेली बहुत बड़ी थी तो अंकित कॉरिडोर मैं घूम रहा था

अंकित (मन में) : चलो इस वाले फ्लोर पर तो कोई नहीं है एक काम करता हु टॉप फ्लोर पर जाता हु शायद कोई प्यास बजाने वाला मिल जाये या फिर नया माल

फिर अंकित ऐसे hi 4तह यानि की सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर गया वह ेथर उतर घूम रहा था तभी उसे कुछ आवाजे सुनाई दी

Ankit(man में) : ये आवाज कहा से आ रही है देखता हु

फिर अंकित उस आवाज की तरफ चला गया जोकि एक रूम मैं से आ रही थी अंकित अंदर देखता है की अंदर एक 43 साल की औरत सीधी लेती हुयी है और एक 20 साल की लड़की उसकी छूट को सूचक कर रही है

अंकित : ोुह्ह्ह तो यहाँ चूसै चल रही है चलो पहले शो देखता हु फिर देखा जायेगा वैसे लड़की है को ोुह्ह्ह ये तो वो क्या नाम था उसका हां शनाया है येतो वो hi है

जी है ये लड़की शनाया थी सलोनी की बेटी 0ार ायरत दूसरी थी

फिर अंकित फिर से सोचता है

अंकित: वैसे शनाया का तो पता नहीं पर ये ायरत बड़ी मस्त है इसे तो यहाँ से जाने के पहले छोड़ कर hi जाऊंगा है क्या गांड है

फिर यहाँ उन्दोनो का कार्य क्रम ख़तम हुवा अब चलो थोड़ी उनकी बाते भी सुनली जाये

यहाँ शनाया को नाम से hi लिखूंगा

शनाया :आअह्ह्ह्ह सच मैं आज मज़ा आ गया क्यों मासी

ायरत :है बेबी तू सच मैं कमल है

क्या चुस्ती है तू सच मैं मज़ा आज्ञा

शनाया :अब क्या करू मसि आपकी पुसी है hi इतनी टेस्टी और इसकी खुसबू के तो क्या कहने

ायरत : स्वाद तो तेरी छूट का भी बहुत मढ़िया है मेरी बच्ची

शनाया :मसि अब आप यही आराम करो मैं चलती हु और है अगर दीदी की फिर याद आये तो मुझे या माँ को बुला लेना मुझे पता है दीदी की शादी का से सबसे ज्यादा आप hi दुखी हो चलो अब मैं चल टी हु

ायरत :ठीक है बीटा चले जा पर पहले अपनी इस प्यारी मसि को एक किश तो दे

दोनों फिर से लिप्स को लॉक करते है 2 मं की स्मूचिंग के बाद शनाया दरवाजे पर आने लगती है

अंकित वह से निकल कर दूसरी साइड छुअप जाता है और जैसे hi शनाया चली जाती है

अंकित : चलो अंदर चल कर देखता हु वैसे साली ने लुंड खड़ा करहि दिया है और वैसे भी लोहा गरम है अब बस वो मेरा हथोड़ा देखले तो वो खुद अपने लोहे पर मरवालेगी

फिर अंकित उस रूम मैं जाता है और उस ायरत को थोड़ा भड़काने केलिए कुछ कहता है

अंकित :ए हाय क्या शो था मज़ा आगया

ायरत किसी को ऐसे रूम मैं आते देख उसकी तो गांड फैट गयी

ायरत :कोण हो तुम और यहाँ क्या करने आये हो

अंकित : मैं कोण हु ये मटर नहीं करता मटर तो जिस्म की आग करती है

ायरत : जबान संभल के बात करो लड़के तुम्हारा मतलब क्या है

अंकित : चिल्लाओ मत नहीं तो अभी जाकर सब को बताता हु की यहाँ कैसे खेल चल रहे है

ायरत : तुम खुद को समाज ते क्या हो निआल जाओ वर्ण अभी रपे केस मैं तुम्हे पुलिस को बुलाओ गई

अंकित : ठीक है बुलाओ मेरे पास भी आपकी रेकॉर्डिंग है वो दिखा कर आपका भी कुछ तो उखड hi लूंगा चलो चलते है और है बुलालो पोलिश को

ये कह कर अंकित जाने के लिए मुड़ता है

ायरत :रुको अभी शादी का घर है इसी लिए मैं कोई लफड़ा नहीं चाहती बोलो क्या चाहिए अपना मुँह बांध रखने केलिए

कितना पैसा चाहिए

अंकित : अरे यार फिर वही बात मेरे पास पैसा बेसुमार है में रावल एम्पायर का एक लुटा इन्हेरिटोर हु अंकित रावल और है आया की मालकिन सलोनी नंदा का स्पेशल गुसेट भी हु

ायरत : ोुह्ह्ह तो तुम रावल एम्पियर के मालिक आकाश रावल के बेटे हो मतलब तुम मनीषा के बेटे हो

अंकित :ठीक पहचाना अब बोलिये क्या देगी मुझे

ायरत : अब मैं क्या दे सकती हु आपके पास तो सब कुछ होगा hi

अंकित : वो सब तो ठीक है वैसे आपने अभी तक बताया नहीं की आप हो कोण

ायरत : मैं हु सलोनी की बड़ी बहन शालिनी और तुम यहाँ मेरी hi सगी बेटी की शादी मैं आये हो वैसे बोलो क्या चाहिए आप को

अंकित :वैसे मैंने आप की बाते सुन ली थी जो आपको चाहिए मैं वो दे सकता

शालिनी : लेकिन क्या तुम मैं इतना दम है की तुम मेरी छूट की आग शांत कर पाओ

अंकित : कहो तो सलोनी आंटी से hi पुछलो की मैं क्या चीज़ हु वो मेरे बारे मैं जान चुकी है

शालिनी : है याद आया शादी वाले दिन hi सलोनी मैं कुछ चेंज तो था hi

अंकित : ठीक है तो बोलिये आंटी जी क्या इरादा है

शालिनी :इरादा तो छूट मरवाने का है पर पहले रूम को लॉक कार्डो

अंकित रूम को लॉक करता है और आजाता है शालिनी के पास वो शालिनी के पास जाकर अपना तशीर उतर देता है

शालिनी : वाओ बॉडी तो बड़ी सेक्सी है यहाँ सीधे लेट जाओ पहले मैं तुम्हारे चेस्ट को तुम्हारे सिक्स पैक एबीएस को किश करुँगी मुझे मर्दो की बॉडी कर ये करना बहुत पसंद है

अंकित बीएड पर सीधा लेट जाता है और शालिनी पहले अंकित को किसिंग और स्मूचिंग करती है फिर उसकी चेस्ट पर और पेट पर जगह जगह चुम ने और चाट ने लगती है और फिर अंकित के चेस्ट के स्माल निप्पल्स को सूचक करने लगती है पहली बार अंकित को ऐसा मज़ा मिला था तो उसका लुंड तुरंत खड़ा होगया और पेण्ट मैं hi झटके खाने लगा

फिर ये कार्य क्रम ऐसे hi चला और फिर अंकित ने शालिनी को लेटाया और उसकी छूट पर लुंड सेट लिया और एक जोर दार वार किया तो अंकित लुंड शालिनी की छूट मैं चला गया फिर सुरु हुवा चुदाई का घमासान

ऐसे hi अंकित ने 1. 5 घंटे तक शालिनी की छूट पेली और शालिनी इस चुदाई मैं 10 बार जड़ चुकी थी

फिर अंकित उसकी छूट मैं hi जड़ गया फिर दोनों नार्मल हुए

अंकित :मज़ा आया मुझे बहुत आया लगता है हफ्ते मैं एक बार आपसे मस्सगे करवानी होगी अपनी चेस्ट की

शालिनी :तुमने भी तो मेरी बरसो की प्यास भुजती मेरे पति के जाने के बाद अपनी छूट मैं कई लुंड लिए पर तुमने आअज जितना मुझे छोड़ा ऐसे तो मैं अपनी ज़िन्दगी मैं कभी नहीं चूड़ी तुम्हारे लिए तो कुछ भी करुँगी

अंकित को एक आईडिया आया

अंकित : एक काम करोगी

शालिनी : है बोलो क्या करना है

अंकित : आपका भतीजे रोहन को चुदाई का बहुत मन है और उसने मुझसे हेल्प मांगी है तो फ़िलहाल क्या आप उसके साथ कर सकती है

शालिनी : क्यों नहीं वैसे भी रोहन बहुत प्यारा है मैं सोच hi रही थी की उसे सेट करलु पर कभी मौका hi नहीं मिला

अंकित : कोई बात नहीं आज रात वो खुद आएगा आपके पास आज उसके साथ सुहाग रात मन लो तब तक मैं उसकी माँ को उसके लिए सेट करता हु आखिर मेरे दोस्त की इच्छा है ये तो पूरी करनी है

शालिनी :वैसे अंकित बीटा प्लीज ये बाते कभी किसी न कहना नहीं तो हु मरी बदनामी होजायेगी

अंकित शालिनी अपनी बहो मई जकड कर उसके किश करके बोलै

अंकित :फ़िक्र मत करो आंटी जी मैं चुदाई का शौक रखता हु चुगली का नहीं अब मैं चलता हु

फिर पुरे दिन कुछ खासा नहीं हुवा

शाम को डिनर के वक़त जब सब लोग जमा थे तब दीपा ने कहा

दीपा : अंकित आज मैं तुम्हारे साथ सोऊंगी

अंकित : जी नहीं आज मैं मैं कुछ भी ऐसा करने के मुद मैं नहीं हु अगर मन हुवा तो मैं बुला लूंगा

दीपा : ok

फिर सब अपने अपने रूम मैं चले जाते है अंकित रोहन को अपने पास बुलाता है

रोहन : भाई तू चल मैं थोड़ी देर मैं माँ को बुला कर लता हु

अंकित : ठीक है पर मेरी बात सुन

तेरी माँ को मेरे पास चोर्ने के बाद तू अपनी शालिनी बुआ के कमरे मैं चले जाना वो तुझे आज खुस करदेगी और तेरी माँ कल से तेरी होगी ok

रोहन अंकित गले लगा कर

रोहन :थैंक्स भाई तूने मेरे लिए जो किया है वो शायद कोई नहीं कर सकता था

अंकित : अरे यार दोस्त मंटा हैना तो no सॉरी no थैंक्स जजकर शालिनी आंटी के साथ मजे कर

फिर करीब आधे घंटे बाद रोहन मोहिनी को अंकित के कमरे मैं भेज देता है और वो खुस शालिनी के साथ चला जाता है

यहाँ शालिनी और रोहन शालिनी के रूम की और जा रहे थे तो रोहन बार बार शालिनी की गांड को पीछे से दवा रहा था अब उनके बिच पर्दा तो था नहीं

शालिनी : रोहन बीटा थोड़ा कण्ट्रोल करो मैं कही भागी थोड़ी जा रही हु आज तुझे मेरे जिस्म मैं समां जाना है

रोहन :सॉरी आंटी वो मुझसे कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा है आप इतनी मस्ट होना और मैं आपके आँचल से कभी नहीं निकल न कहूंगा

फिर दोनों रूम मैं चले जाते है और वह इनदोनो के बिच चुदाई का घमासान होता है शालिनी को रोहन ने सेटिस्फाई करदिया जिससे वो अब रोहन के लिए परमानेंट हो चुकी थी

यहाँ अंकित के रूम मैं मोहिनी अंकित के लुंड की सवारी कर रही थी

इसी बीच अंकित ने कहा

अंकित : आंटी मैं आपसे अगर कुछ मांगू तो आप देगी

मोहिनी : बस तू मुझे खुश रखना मैं तुझे जो चाहिए वो दूंगी

अंकित :सोच लो आंटी कही आप मुकरणजाये

मोहिनी : बीटा तेरे लिए तो कुत्ते से भी चुद जाओ बोल तो सही क्या चाहिए

अंकित :आंटी रोहन भी मेरी तरह जवान है उसे भी सेक्स की बहुत इच्छा होती है

जब मैंने उसकी मदन करने केलिए पूछा की तुझे कोण सी लड़की या ायरत चाहिए तो उसने आपका नाम बताया क्या आप अपने बेटे के साथ ये करना चाहती हो

मोहिनी : मैं जानती हु मेरा रोहन मुझे छोड़ना कहता है पर कभीउसने मुझसे खुल कर नहीं बोल पता मैंने सोचा की उससे बात करू पर वो हंमेशा भाग जाता है मैं भी उससे करना चाहती हु मेरे पति तो नहीं करते इसी लिए मैंने सोचा की आआह्ह्ह्हह थोड़ा रुको न

हटो मैंने सोचा की अब उससे अपनी आग बुज्वलु जिससे मेरी बदनामी भी नहीं होगी और मेरा बीटा हंमेशा मेरे पास रहेगा आआह्ह्ह्हह मैं आई

अंकित :आअह्हह्ह्ह्ह मैं भी ाअय्या

फिर दोनों एक दूसरे को बहो मैं जकड लेते है

अंकित : ोुह्ह्ह तो अब समाज मैं आया माँ और बेटे दोनों को आएग लगी है ा च है मोहिनी आंटी कल रोहन को अपने रूम मैं सोने बुला लेना और उसे खुल कर कहना वो खुद आजायेगा ok हैप्पी सेक्स लाइफ

मोहिनी : आखिर तुमने मेरे बेटे की मदद क्यों की आखिर तुम दोनों को दोस्त बने वक़त hi कितना हुवा है

अंकित :डिअर मोहिनी आंटी अंकित किसिस से ऐसे hi दोस्ती नहीं करता मैं चेहरे पर से और इन्शान के हाव भाव से समाज जाता हु की कोण दोस्ती के लायक है और कोण नहीं

मोहिनी : पर अंकित रोहन के आते hi तुम मुझे भूल मत जाना

अंकित : मैं किसिस को भूलता नहीं

फिर सब सो जाते है और अगले दिन सब अपना अपना सामान पैक करते है

और सब नास्ता करके आपने सामान निकल कर निचे आते है जाते वक़त सलोनी शालिनी और शनाया वही थी वो किसिस और से बात कर रही थी

तभी वह रश्मि आयी और मनीषा को हुग किया और bye बोलै और फिर अंकित के पास आगयी और उसे तो जकड hi लिया

रश्मि अंकित के काम मैं कहती है

रश्मि : जल्दी hi मिलेंगे मैं अभी बाकि हु पता हैना

अंकित : जरूर वैसे भी आपको एक बच्चा भी देना है पर डरना मत मैं मैं आप जैसी हसीना के साथ सब कुछ फुर्सत से और प्यार से करूँगा ok

फिर रश्मि अलग हुयी और अंकित के गालो पर किश किता फिर दीपा आयी क्यों की वो भी रश्मि के साथ hi जाने वाली थी उसने भी अंकित को गले लगाया

दीपा :अपनी इस आंटी को मत भूलजाने बेबी

अंकित दीपा की गांड हाथ से दबाकर

अंकित : जल्द hi मिलूंगा तब मस्ट सुहाग रत मनाएंगे

फिर वो. भी अंकित के गालो पर चुम कर चली गयी

अब कविता भी अंकित के साथ चलने वाली थी तब वह कोई और नहीं तह सिवाय शालिनी और सलोनी के वो दोनों इन तीनो के पास आयी सलोनी ने पहले मनीषा और कविता को गले लगाया

फिर अंकित को गले लगाया

सलोनी :बीटा हम भी आपके hi सहर मैं रहते है जब भी मन करे आजाना

अंकित अलग होकर :जरूर

फिर शालिनी भी अंकित को गले लगा कर

शालिनी :उम्मींद hi तुम मस्सगे करवाने जरूर आओ गए

अंकित :बिल कुछ और है रोहन को आप सभी एयरटे संभल लेना

शालिनी :उसकी चिंता मत करो

फिर ये तीनो भी निजकल जाते अपने मंज़िल की तरफ वो लोग करीब 4 बजे शर पहुंचते है

पहले कविता को ड्राप किया और फिर ये दोनों पहुंच गए रावल मेन्शन

गैब वो लोग घर आते है तो सब लोग कही जाने की तयारी मैं hi थे

सभी लोग जब अंकित को और मनीषा को देखते है तो आपका काम छोड़ काट उनके पास चले जाये है

मोनिका और नेहा पहले मनीषा के गले लग कर उनके गलो पर किश करती है

पर वह निशा नहीं थी और अंकित की नज़ारे निशा को hi तलाश रही थी

फिर सब लोग अंकित से भी मिलते है

आकाश :मनीषा चलो जल्दी रेडी होजाओ हमे निकलना है और तुम्हारे माँ डैड के घर जाना है पता हैना तुम्हारी छोटी बहिन की शादी मैं 3 दिन hi है उन्होंने हमे पहले hi बुलाया है

अंकित :पर डैड मुझे कॉलेज मैं फॉर्म सबमिट करवाना है कल में कल आजाऊंगा

मनोज : अरे बीटा पर तुम तो कॉलेज मैं 1 साल तो हो चूका हैना

अंकित : है चाचू पर वो कॉलेज बांध होगया है तो दूसरा कॉलेज भी ढूँढना पड़ेगा

आकाश :कोई बात नहीं बीटा हमारा कॉलेज भी इस सेहर मैं शिफ्ट होचुका है तुम्हारा एडमिशन होजायेगा टेंशन मत लो तुम बस चलो हमारे साथ

अंकित : no डैड मैं अपना एडिशनल खुद कराएँगे मुझे अपनी रियल आइडेंटिटी किसी को अभी शो नहीं करनी बाकि मैं आपको बाद मैं समझाऊंगा

आकाश : तो तुम यहाँ अकेले कैसे रहोगे

तभी पीछे से आवाज आयी

निशा :आप जाईये कल मैं और बेबी आजायेंगे वह

अंकित :है माँ ने ठीक कहा आप लोग जाईये हम कल आजायेंगे

निशा (मन में) :लगता है मुझे आज मेरा बच्चा मिल जायेगा

और यहाँ ये हाल अंकित का भी था असल मैं आते वक़त मनीषा ने निशा के बारे मैं अंकित से बात की थी जिससे अंकित ने ये प्लान कर लिया था की कैसे वो फिर से अपनी माँ को हासिल करेगा

और अंकित भी निशा का प्यार कहता था आखिर एक बीटा अपनी मासे कितने दिन नाराज़ रहेगा

फिर सब लोग चलाए गए और पुरे रावल मेन्शन मैं रह गए निशा और अंकित

अब देखते है की माँ बेटे का मिलान कैसे होगा

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

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ब्बये
 
अपडेट 53

यहाँ अंकित और निशा रह जाते है रावल हाउस मैं अब अंकित को निशा से बात करनी थी निशा अपने रूम मैं जा रही थी तभी अंकित को कुछ याद आया

अंकित (मन में) : यार माँ शायद नाराज़ है मुझसे आखिर हो भी क्यूना उन्हें कितना बुरा भला कहा था मैंने कितना हर्ट हुवा होगा नहीं मेरे लिए माँ पहले है और mom(Manisha) बाद मैं लेकिन कैसे कहु है याद आया माँ की तबियत भी ख़राब थी उनका हलचल hi पूछ लेता हु

अंकित : माँ रुकिए

निशा : है बोलो

अंकित : अब आपकी तबियत कैसी है

निशा :अब ठीक है बीटा

और फिर वो ऊपर अपने रूम मैं चली गयी

अंकित भी अपने रूम मैं चला गया और फ्रेश होने लगा

फिर वो फ्रेश होकर वापस आया और बीएड पर बैठ गया

अंकित (मन में) : लगता है माँ से बात करनी hi पड़ेगी मेरे hi ऐसे बेहवे करने से माँ परेशां होगयी और स्ट्रेस की वजह से उनकी तभियात ख़राब होगयी

तभी अंकित के रूम का दूर खुला

अंकित ने देखा की निशा हाथ मैं कॉफ़ी का कप लेकर आ रही थी

निशा : क्या अंदर ाजो

अंकित : क्या माँ आप को कब से अपने बेटे के कमरे मैं आने की परमिसन लेनी पड़ी

निशा :ओह्ह्ह मैंने सोचा की तुम कुछ काम कर रहे होंगे

अंकित बीएड पर थोड़ा साइड होकर बैठा

अंकित :आइये माँ यहाँ बैठिये

निशा अंकित के पास बैठ गयी अंकित उससे कॉफी का कप लेकर साइड मैं रखदेता है

अंकित : माँ मुझे.. मुज्जे अआप्ल्स आपसे बब्बअट्ट

निशा :अरे बीटा इतना घबरा क्यों रहा है जो बोलना है खुल के बोल

अंकित :माँ. मुझे आपसे बात करनी है

अंकित ये सब एक hi सास मैं बोलगया

निशा : है बोलो

अंकित : माँ क्या आप मुझसे नाराज़ हो क्या आप मुझसे गुस्सा हो

इस बात से निशा की आखों ने आशु बहा hi दिए दो इतनी देर से उसने रोक कर रखे थे

निशा : नहीं बीटा ऐसी कोई बात नहीं मैं क्यों नाराज़ होउंगी अपने बच्चे से तू तो मेरी जान है मेरी और मनीषा की जान बस्ती है तुझमे

अंकित : अगर ऐसा नहीं है तो अआप रो क्यों रही है मुझे पता है माँ आप उस दिन के मेरे ऐसे बेहेवियर से बहुत दुखी हो ीाम सॉरी माँ मुझे माफ़ करदिजिये

निशा : नहीं मेरे बच्चे तू माफ़ी मत मांग गलती तो मेरी थी मैं सबसे यही कहती थी की मुझे तुझपर पूरा भरोषा है पर जब टाइम आया तो मैं गलत साबित होगयी क्यों की मैं तुझे खोना नहीं चाहती थी मुझे लगा की शायद मैंने तुझे वो सब बता दिया तो तू मुझसे नफरत करेगा इसी लिए मैंने तुझे उस वक़त नहीं बताया पर बीटा मानती हु मुझसे गलती होगयी पर बीटा अगर मेरी गलती है तू मुझे सजा दे मेरी गलती की पर बीटा मुझसे नफरत मत कर मैं कुछ भी सेहन कर लुंगी पर अपने बच्चे से दुरी मैं नहीं बर्दास्त कर सकती बीटा तुझे नहीं पता की मैं तुजसे कितना प्यार करती हु अगर तुझे हलकी सी खरोच भी आती है तो झखम मेरे सीने मैं लगता है

जब मनीषा ने मुझे बताया की डाकुओ के साथ हुयी झड़प मैं तेरे हाथ पर गोली लगी है मैं बर्दास्त नहीं हुवा मुझे पता नहीं कब मेरी बॉडी का टेम्परेचर बढ़ गया और बुखार आज्ञा

और ये कह कर निशा बुरी तरह रोने लगी और उसके साथ साथ अंकित भी रो पड़ा और वो सीधा जा कर निशा के सीने से लग गया जोर से निशा के आगोश मैं चला गया

अंकित : माँ प्लीज चुप होजाएये आपको पता हैना मैं कुछ भी बर्दास्त कर सकता हु पर आपकी और माँ को आखों मैं आशु मैं बर्दास्त नहीं करसकता ी सॉरी माँ मुझे इस मामले मैं इतना सख्त नहीं बनना चाहिए थे पर माँ ये हमेषा याद रखना मेरी तीनो माँ मेंसे मैं सबसे ज्यादा इज्जत और प्यार आपसे hi करता हु

निशा भी अब अंकित को अपने आगोश मैं बसा लेती है थोड़ी देर ऐसे hi दोनों माँ बेटे अपने गीले सिक्वे दूर करते है

निशा : बीटा अब जा अपना फेस को क्लीन करके आओ मुझे मेरे बच्चे की आखों मैं आशु जरा भी पसंद नहीं

यहाँ अंकित मनीषा के चेस्ट पर सर रख कर निशा की ममता मई प्यार को फइलल कर रहा था अंकित जब निशा के सीने से ऐसे लगा था उसे बहुत सुकून मिलरहा था और वो पूरी दुनिया hi जैसे भूल गया था निशा ने उसे हिलाया

निशा :अंकित सुना रहे हो मैंने क्या कहा

अंकित :माँ मैं. बाद मैं जाऊंगा थोड़ी देर ऐसे hi सोने तो न बहुत सुकून है यहाँ आपके आगोश मैं

निशा अंकित का सर चुम लेती है और दोनों थोड़ी देर ऐसे hi लेते रहे पर अंकित का लुंड खड़ा नहीं हुवा क्यों की ये प्यार जिस्मानी नहीं था बल्कि ये एक माँ मेरे का पवित्र प्रेम था

फिर ये दोनों जाकर फ्रेश हुए ऐसे hi रात होगयी

रात को निशा ने खाना बनाया और फिर इन दोनों ने खाना खा लिया फिर अंकित अपने रूम मैं चला गया फिर निशा भी फ्रेश होने चली गयी फिर निशा ने अपनी वोर्डरोप मेंसे एक रेड कलर की सेक्सी ब्रा प्लेंटी का सेट निकला और उसे पहन लिया और उसके ऊपर एक सेक्सी रोज प्रिंटेड रेड निघ्त्य पेहेन लिए निघ्त्य का गाला दीप था जिससे निशा का क्लीवेज 50 % दिख रहा था और फिर वो मिरर के सामने आयी और रेड कलर का हल्का मेकअप किया और अपने होठो पैर एक स्ट्रॉबेर्री फ्लेवर की रेड एंड ग्लॉसी लिपस्टिक की और अपने माथे पे एक सेक्सी लाल मध्यम साइज की बिंदी लगायी और अपने रेशमी बालो को बांध कर एक सेक्सी हेयर स्टाइल का बोल बनाया उसके रेशमी काळा बात लाइट मैं फुल चमक रहे थे निशा के बाल भी उसकी गाड़ के निचले तक लम्बे थे

निशा अभी किसी स्वर्ग की किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही थी बहार वालो की बात थो थी है पर अगर आज घर वालो मेंसे किसी ने उसे ऐसे देखा होता तो कसम से मेल हो या फीमेल दोनों की नियत बिगड़ अति

निशा ने अपने होठो के ऊपर 1 इंच के फैसले मैं मैं एक कला तिल बनाया जिससे उसकी खूबसूरती पर चार चाँद लग गए

फिर वो अंकित के रूम की और चल देती है जहा अंकित फ्रेश होकर अपने बीएड पर बैठा हुवा था और अपने फ़ोन मैं बसे था

निशा उसके रूम मैं आती है फिर भी अंकित का ध्यान नहीं था

निशा : खु खु...

निशा जब अंकित को अपने होने का एहसास लीलती है तो अंकित ने उसकी तरफ देखते उसके होशे क्या परखच्चे उड़द गए

अंकित निशा को देखता hi रह गया वो बस निशा को घूरे जा रहा था और घूरता भी क्यूना निशा लग hi इतनी हॉट रही थी

अंकित की तो धड़कने तेज होगयी

निशा अंकित के पास बैठ कर बोली

निशा :क्या होगया बीटा

अंकित ने कुछ बोलै नहीं पर उसने निशा के एक हाथ पकड़ कर ाँकि चेस्ट की लेफ्ट साइड पर रखदिया

निशा शॉकेड थी क्यों की उसने अंकित की धड़कनो की रफ़्तार को महसूस किया था वो किसी बुलेट ट्रैन की तरह थी

निशा : ोुह्ह्ह्ह तो मेरे बच्चे के की धड़कन तेज होगयी

अंकित : माँ क्या आप मुझसे प्यार नहीं करती

निशा : एक मरूंगी अगर ऐसा कहा तो फिरसे पर ये क्यों पूछ रहा है

अंकित : माँ आप आज आप इतनी खूबसूरत लग रही हो की आपकी ये खूबसूरती मेरी जान ले लेगी

निशा : बीटा तुझसे एक बात केहनी थी की जब हम अकेले हो तो तब तो मुझे माँ. मत बुलाया कर

अंकित : अब मैं आपको एक मारु क्या

निशा :बीटा मैं आपकी मां हु आप मेरे डैड नहीं है

अंकित : तो फिर ऐसी बात क्यों कही की मैं आपको माँ न कहु मैं आपको हर वक़त माँ hi कहूंगा आखिरी सानस तक आपको माँ hi कहूंगा माँ का hi दर्जा दूंगा

निशा :ok चलो अब कुछ करना है या सोना है

अंकित निशा के करीब जाता हिअ और निशा के होठो पर अपने होठ जोड़ देता है और आज दोनों के बिच प्यार भरी किसिंग और स्मूचिंग हो रही थी कोई जल्द बाकी नहीं थी जैसे आज इंडोनो की सुहाग रात हो

फिर अंकित ने आज पहली बार निषजा के सर को चूमा निशा को भी इससे बहुत ज्यादा सुकून मिला फिर अंकित उसके गले को किश करने लगता है जिससे निशा बहुत hi ज्यादा मध् होश थी ओफिर अंकित उसकी निघ्त्य उतर देता है तो उसे दूसरा झटका लगता है क्यों की निशा का सरीर रेड ब्रा पेंटी मैं चमक रहा था

फिर अंकित उसके पेट पर चूमने लगता है और फिर वो निशा की नाभि को जीभ से खुरदने लगता है निशा तो आज जैसे सारा संसार भूल गयी थी बस अपनी आखें बांध करके मज़ा ले रही थी

फिर अंकित ने उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से चूमना स्टार्ट किया और दबाने लगा फिर अंकित निचे आज्ञा और निशा की जांघो को चूमने लगा और चाट ने लगा फिर अंकित ने निशा की छूट की आसपास वाली जगह को. चूमने लगा निशा तो बस आहे भरने लगती है फिर अंकित उसकी कॉमर्स से तर पेंटी को उतरता है और उसे निशा के नास के पास रखता है और अपना चेहरा भी निशा के चेहरे से जोड़ देता है अब निशा की पेंटी अंकित और निशा दोनों के नाक के बिच थी जाने जब एक साथ जोर से सांस लेकर उस खुस्भु को सुंघा तो दोनों के आखों मैं लाल डोरे दिखने लगी उनके होठ आपस मैं फिर से जुड़ गए और ये फ्रेग्नेंस किसिंग डोर 15 मं तक चला

फिर अंकित निशा की रसीली छूट के पास आज्ञा और निशा के क्लिटस को अपने मुँह मैं भर के एक जन्नते दार चुम्बन दे दिया निशा इस हुमलेसे बहुत ज्यादा उत्तेजित होगयी फिर अंकित उसकी छूट को बेतहाशा चाटने लगा और जीभ से छोड़ने लगा

आज निशा इतनी ज्यादा उत्तेजित थी की वो अंकित की जीभ के सामने मुश्किल से 5 मं टिक पायी होगी और उसने अपना काम रास अंकित के मुँह मैं hi चोर दिया और फिर अंकित निशा के पास गया और स्मेल किसिंग फिर से स्टार्ट हुयी और फिर 0101 मं तक चली उसके बाद अंकित सीधा लेट गया और निशा उसके बिच मैं आगयी

निशा :बेबी आअज तो तेरा लुंड और बड़ा लग रहा है

अंकित :बस मुम्मा जल्दी से इसे गिला कार्डो क्यों की ये खड़ा तो आपको देख कर hi होगया था

निशा : है देखो तो लोहे की रोड जितना सख्त है ये

फिर निशा अंकित को ब्लोजॉब देने लगती है

10 मं बाद निशा उठी और सीधे टंगे फैला कर लेट गई अंकित उसके बिच आज्ञा 3 जातको मैं निशा के अंडर समां गया अंकित आज एक दम इरोटिक लिया धीमे धीमे कर रहा था और निशा ने अंकित को अपने आगोश मैं ले लिया

और फिर वो निशा को 20 मं तक छोड़ता रहा फिर अंकित ने कहा

अंकित : माँ आज गांड को ओपन करदु

निशा : है मेरे बच्चे करले जो करना है

फिर अंकित ने निशा की गांड पर सेट किया और एक तगड़ा झटका मारा लुंड निशा की गांड मैं 5 इंच तक घुस गया और दूसरे जटके मैं पूरा अंदर

फिर चुदाई फिर सुरु हुयी

अंकित :यस माँ यस यस आह आअह्ह्ह ाःह

निशा : यस मेरा बचा यस फ़क में फ़क में यस बेबी यह

अंकित :आअह्ह्ह ाःह आह ये स यह टेक आईटी टेक आईटी यस

निशा :बीटा मेरी छूट को छोड़ो और तुम जितनी भी स्पीड मैं छोड़ सकते हो छोड़ो मुझे एक्सट्रीम ओर्गास्म चाहिए

फिर अंकित ने फिरसे निशा को मचिनेरी पोज़ मैं लेटाया और उसकी छूट मैं लुंड दाल दिया और फुल स्पीड मैं छोड़ने लगा

पता नहीं क्यों पर अंकित को आज निशा की छूट बहुत टाइट लग रही थी

अंकित उसे छोड़ते छोड़ते निशा की ब्रा उतरता है तो निशा उसे कहती है

निशा : नहीं बीटा इन्हे चुदाई के बाद सोते सोते चूस लेना

अंकित भी सेक्स के नशे मैं ज्यादा जिद नहीं करता और भड़भड़ छोड़ने लगता है 20 की चुदाई के बाद फाइनली अंकित जड़ने लगता है तो वो और निशा एक दूसरे को जकड लेते है और किसिंग करने लगते है और 10 धक्को के बाद अंकित निशा की छूट को अपने गरम लावा से छलका देता है

आअज को. चुदाई बहुत ज्यादा पॉवरफुल थी दोनों hi बीएड पर पास्ट होगये 10 मं के ब्रेक के बाद अंकित फ्रेश होगया और निशा भी फ्रेश होगयी पर यहाँ इन दोनों का आज इतना प्यार था की दोनों ने hi मैं चोज़ नहीं की वो थी टॉयलेट

दोनों बीएड पर लेते हुए थे फ्रेश होने के बाद तभी निशा बोली

निशा :बीटा जल्द बाज़ी मैं में पेशाब करना भूल गयी रुक मैं आती हु

अंकित : माँ रुकिए मैं आज आपके उस अमृत को अपने अंदर लेना कहता हु

निशा : बीटा क्या बोल रहा है और इस केलिए तो दिल मैं अपने उस पार्टनर केलिए सा च प्यार होना चाहिए

अंकित :तो क्या मैं आपसे नहीं करता

निशा अंकित के सामने हथियार दाल देती है और फिर अंकित अपने मुँह को निशा की छूट से जोड़ देता है और फिर निशा अंकित के मुँह मैं अपनी अमृत की धरा चोर देती है

अंकित उसके पइसस का आखिरी कटरा अपने अंदर समां लेता है

अंकित :माँ मैं भी भूल गया था ये करना आप रुकिए मैं आया

निशा : अबना सच में तुझे मरूंगी एक तूने तो अपनी प्यार की एग्जाम देदी

और तू तो मेरा बचा है मैं भी ये सकती हु फिर निशा ने भी अंकित के लोडे कोई मुँह मैं लिया अंकित भी निशा के गरम मुँह मैं अपना पइसस उतरने लगता है फिर दोनों वापस फ्रेश होकर आते है

और ईशा बीएड के राइट साइड मैं लेटती है और अंकित दुरी तरफ लेट जाता है निशा ने ब्रा और पेंटी निकल दी और ऊपर निघ्त्य पहन लिए

अंकित : माँ अपनी चुकी बहार निकालो न कितने दिन होगये आपका दूध पिए

निशा उसे पहले बहो मैं लेती है फिर एक हाथ से अपनी लेफ्ट चुकी को बहार निकलती है अंकित पहले उसे हाथ मैं बहरता है निशा की चूचियों मैं ढीला पैन तो कभी था hi नहीं एक दम 38 के तरबूज़ थे एक दम सख्त गोले

फिर अंकित निशा की चुकी को सक करने लगता है और निशा अपने एक हाथ से अंकित के नीचे से अपनी बहो मैं भरा था और अपना राइट हैंड अंकित के सर पर रक्खा था जैसे निशा किसी छोटे बच्चे को स्तन पान कर रही हो

यहाँ जब अंकित कुछ देर चुस्त है तो तो उसे तीसरा झटका लगता है क्यों की निशा की चुकी को जब वो चूस रहा था तब निशा की चुकी मैं से दूध आरहा था

अंकित : माँ आपकी चुकी मैं से तो दूध आरहा है ये कैसे हुवा

निशा बस उसे स्माइल देती है और इसका सर चुम कर कहती है

निशा : जब तुम अपनी इस माँ से नाराज़ थे तो मैंने काफी सोचा की कैसे तुम्हे मनौ फिर एक दिन मुझे कुछ सुजा और मैंने इंटरनेट पर ये सर्च किया तो पता चला की किसी भी आगे की औरत के ब्रेस्ट मैं मिल्क लाया जा सकता है पर मैं नहीं चाहती थी की केमिकल्स की वजह से दूध ज़हर सामान होजाये इसी लिए मैंने डॉक्टर लीज़ा से सलाह लिखे तो उसने मुझे इसकेलिए आयुर्वेद के प्रोडक्ट का सुग्गेस्टिव दिया और उसने सब कुछ ारेंग भी करवाया और उसकी की मदद से आज तुम मेरा यानि की अपनी माँ का दूध पि सकते हो कभी

अंकित : फिर भी माँ अगर आपकी चूचिया ढीली होगयी तो

निशा : नहीं मेरा बचा ये दवाई ब्रेस्ट को टाइट भी रखती है जब तक मेरी आगे 70 नहीं होती मेरी चुकी बिलकुल ऐसी hi रहे गई तुम चिंता मत करो और है ये दवाई मनीषा भी लेगी तुम्हारी दोनों चचिया भी लेगी तेरी बहनो से अभी पूछा नहीं है और मेरा दूध hi तेरे लिए सरप्राइज था आखिर मुझे मर्रा बच्चा जो चाहिए था

अंकित : ओह्ह्ह मेरी प्यारी माँ मैं ऊपर वाले से यही दुआ करूँगा की आपकी जिंदगी मैं कभी भी दुःख न आये और मैं आपको किसी भी फीमेल के साथ लेस्बियन रिलेशन रखने की छूट देता हु आप भी एन्जॉय करो

फिर ऐसे hi दोनों माँ. बेटे प्यार मैं सो जाते है आज जो इन दोनों के बिच हुवा वो एक तरह से हवस थी पर जैसे इनदोनो ने हर चीज़ मैं एक दूसरे का साथ दिया वो इनदोनो की आत्मा का मिलान था

दोस्तों मैंने फिर से ह्यूमन बायोलॉजी की गांड मरी है इस अपडेट मैं तो इसे सोफ़्त्ल्य लेना सवाल मत खड़े करदेना ok

अपडेट पोस्टेड दोस्तों

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