Pyaar Nafrat or Kismat - Page 14 - SexBaba
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Pyaar Nafrat or Kismat



सबसे पहले तो देरी के लिए दिल से सॉरी दोस्तों .......प्रोफेशनल और हेल्थ इश्यूज थे जिनके चलते लिख नहीं प् रहा था ... :sorry::sorry:

प्रोफेशनल इश्यूज तो नार्मल हैं ...पैर हेल्थ इश्यूज के चलते लिख नहीं प् रहा था ...

जूते बहाने बनाने की आदत नहीं दोस्त ... :respekt::respekt:

पहले भी कहा था अधूरा नहीं छोडूंगा स्टोरी को और नाही कहीं भाग जाऊंगा बिना जवाब दिए ...

जब गया था तब वजह बताई थी दोस्तों ...:bigboss1::bigboss1:

इंसान हम भी हैं एक दिन में कई मौतें देखना और उसके बाद अगले इंसान के जीने के लिए कोशिश करते रहना hi हमारे हाथ में है ताकि कमसे काम जो जिन्दा है उसके जीने की कोशिशें की जा सकें ...ताकि उसके घरवळून को काम से काम उनका घरवाले मेंबर वापस हेअल्थी होकर मिले ..

और जिनके घर से कोई इंसान जो दुनिआ छोड़ गया है उनको हिम्मत दे सके और उनको कमसे काम यह न लगे की हमको ज़िन्दगी की परवाह नहीं ....

दोस्तों थोड़ा पर्सनल है ...पैर सुच है की मौत न गरीब देखती है न आमिर ...और इसमें हम सब आते हैं ...

हमने भी अपने कई ऐसे साथियों को इसमें खो दिया जिनसे हमने बहुत कुछ सीखा था ...और कुछ ऐसे नए साथियों को भी जिनको शायद कुछ सीखा देते ....

और इतने लम्बे टाइम से लगातार काम करने और अपने उप्पेर ध्यान न देने से थोड़ा हीथ इशू हुए ..जिनसे अब जाकर थोड़ा आराम मिला है ...

इस लम्बे टाइम में जनता हूँ अपडेट नहीं दे पाया था वेडनेसडे बोलकर गया था ..पैर कई वेडनेसडे चले गए ...

कुछ दोस्तों ने सब्र से साथ दिया ..और बहुत ाचा साथ दिया ...और कुछ का सब्र भर आया ...जोकि सही भी है ...

उनसब से दिल से सॉरी दोस्तों ..... :sorry::sorry:

यकीं मनु अगर लिखने लायक होता तोह ज़रूर लिखता और बता इसलिए नहीं प् रहा था की हीथ ज्यादा ठीक नहीं थी ...

सो जिन दोस्तों ने अभी तक सब्र किया उनका दिल से थैंक्स .....बहुत बड़ा थैंक्स ...:thankyou::thanks:

और आज सुबह से लिख रहा हूँ और काफी लिख दिया है बाकी अपडेट थोड़ा बड़ा होगा सो कल तक पूरा हो पायेगा ...✍

जिन दोस्तों ने लास्ट अपडेट रीड किया है उनको याद होगा और जो थोड़ा बहुत भूल गए होंगे क्युकी काफी टाइम से नया अपडेट नहीं दे पाया सो प्लीज आज रीड और रेमिंद करलो ......स्टोरी वहीँ से कंटिन्यू hogi.....:cowboy2::cowboy2:

i'm विशिंग तो गॉड फॉर आल ऑफ़ ु & ुर फॅमिली लिव्स ऑलवेज हीठली एंड सेफ ....

एंड सॉरी फॉर ठोस हु लॉस्ट थेइर closed-ones ...

ाचा किसी एक दोस्त ने बिच में कहा है की ...अब तोह सब ठीक हो गया है ...तोह दोस्तों एक बात प्लीज अचे से समझ लो अभी कोरोना पूरी तरह से ओवर नहीं हुआ है ...सो इस बात को अचे से समझ लेना और मास्क और सोशल डिस्टेंस को कवर करना क्युकी अभी सिर्फ देश में 33% लोगों को hi वासिने लगी है ...और दोस्तों वासिने लगने के बाद भी आफ्टर इफ़ेक्ट आ सकते हैं सो अभी से यह मत सोचो की कोरोना ओवर होगया ...बलिकी और ध्यान से रहना शुरू करो क्युकी आप सभी की ज़िन्दगी कीमती है ...

थैंक्स फॉर रीडिंग एंड स्टेइंग विथ उस ,,,



योर्स,
 
अपडेट 96 Part ी

रिकैप................

मास्टर के कॉल कट ते hi ैप धामा अपने ऑफिस निकल गए वहां टीम छोड़ कर …



जहाँ मनु और बाकी सब दिल्ली वापस जा रहे थे ..वहां जगन अपनी गांड के मरे जाने से रट हुए सो गया था …पैर रिया वहां बाथरूम में उल्टियां कर रही थी …


अब आगे........

मनु और बाकी सब अभी रस्ते में hi the…ki वहां रस्ते में विरंदा की कॉल आयी …मनु के पास .पैर क्युकी कार में और भी लोग थे ऐसे में मनु ने विरंदा को मस्सगे कर दिया की हु अभी थोड़ा बिजी है बाद में कॉल करेगा ..


जिसके बाद विरंदा ने भी बाद में कॉल करने का मैं बना लिया था ….

उधर रिया उल्टियां करते हुए बाथरूम में खुद से बोली “ ओह्ह!! सहित लगता है पिज़्ज़ा वाले ने मेरे मन्ना करने के बाद भी पिज़्ज़ा में टमाटर (टोमेटो) दाल दिया है …उसको कॉल पैर स्पेशलय मन किया था की टमाटर मत ऐड करना क्युकी मुझे टमाटर से एलर्जी है अब देखो होने लगी न उल्टियां …ओह!! माय गॉड ! न जाने यह उपपरवाले ने यह एलर्जी मुझे क्यों दी … ????”

रिया को टमाटर से एलर्जी थी जिसके चलते उसको उल्टियां हो रही थी …

उधार जगन रट हुए सो चूका था …उसका दर्द सिर्फ वही जनता था …जगन के लिए दुनिआ का सबसे बुरा दिन होगा आज का उसके हिसाब से …

उधर बाकी सब दिल्ली में आ चुके थे ..मनु की कार दिल्ली में जैसे hi एंटर हुई राकेश वहां से उतार गया ..जिसपर उसको मनु और बाकी सबने उसकी हेल्प के लिए राकेश को दिल से थैंक्स कहा ..

राकेश भी एक सरसरी निगाह सुमन और राज पैर देखते हुए मनु को कुछ हल्का सा इशारा करके चला गया ..उसका इशारा मनु समझ चूका था ….खैर वो सब अब वहां से आगे निकल गए जगन के घर की तरफ …

उधर मनु के घर पैर अजय जब वापस आया तोह वहां उससे घर में वहीँ उसके चाचा का नया ड्रामा त्यार मिला …(लास्ट अपडेट आपको याद होगा जिसमे jai-chand टाला तोड़ कर राजिंदर के ख़रीदे हुए माकन में घुस जाता है …)…

अजय ने आज फिर अपने घर में अपने माँ बाप को लड़ते हुए देखा …

सुमित्रा ..” … बस बहुत हुआ …आपका प्यारा भाई …अब हद पार कर चूका है …आज मेरे साथ काम करनेवाली एक साथी ने मुझे बताया की आपका वह कमीना भाई …jai-chander (अक Jai-chand ) अब हमारे माकन के नाम से कागज़ बनवा रहा है …समझ रहे हो न ???”….

राजिंदर ….”…मतलब ???”

सुमित्रा …”… मतलब …?? क्या …?? साफ़ है मकान हड़पने का काम शुरू कर दिया उस कमीने jai-chand ने …और आपको अभी भी लगता है की आपका पायरा भाई हमको चैन से जीने देगा …?????”

राजिंदर कुछ सोचते हुए …” …सुमित्रा यह सब तुमको किसने बताया …??? “

सुमित्रा ..”.. किसने बताया इससे जरूरी यह है की jai-chand नाम का hi नहीं काम का भी jai-chand है ..!”

राजिंदर ..” ..पैर माकन के सारे कागज़ात तोह तुम्हारे नाम हैं …फिर उसके हिसाब से मालिकिन तुम हुई न ..??और ऐसे कैसे वह कागज़ात बनवा सकता है …???”

सुमित्रा ..”… या तोह आप बहुत भोले हो ??? या आपका दिल अभी भी अपने भाई के लिए कुछ ज्यादा hi नरम है ..?? वर्ण यह सुनकर की jai-chand कागज़ बनवाने के लिए घूम रहा है आप कुछ न कुछ करते …”

राजिंदर “ …यार सुमित्रा वह सब तोह ठीक है ..मगर यह समझ नहीं आ रहा की जब ओरिजिनल कागज़ों के हिसाब से तुम मकान की मालिक हो तोह कोई कैसे नकली कागज़ बनवा सकता है …इस देश में कानून नाम की चीज़ है या नहीं ???”

सुमित्रा ..” …हु सब मुझे नहीं पता की कानून है या नहीं …पैर अगर कानून होता तोह कानून के हिसाब से इतने केस जो जमीनों के चल रहे हैं कोर्ट सिर्फ असली मालिक के कागज़ देखता और उसको उसका मैलकना हक़ देता …पैर इस देश सबसे बता सिरदर्द है केस …एक बार अगर किसी ने केस कर दिया ..तोह कर दिया!!! .. उसकी तर्रिकों में असली मालिक बस कोर्ट के चक्कर काट काट के थक जाता है ..और केस सालों सालों साल बस चलता रहता है ..जिसमे नुक्सान हमारे जैसे गरीबों का hi हुआ करता है ..और फ़र्ज़ी इंसान मज़े से अगली तारीख का इंतज़ार करता है …और तुम क्या चाहते हो हम कोर्ट के hi चक्कर लगते रहे …उसके पास तोह न काम है न काज ..पैर हमको तोह अपने बचूं का फ्यूचर देखना है …”

राजिंदर ..”.. पैर यह तुमको आखिर बताया किसने ..हो सकता है ..किसी ने बस तंग करने के लिए तुमको झूंठ कह दिया हो ???”…

सुमित्रा ..”.. एक बात आप भी समझ लीजिये की मैं भी बहार काम करती हूँ …रोज़ बहार काम करने जाती हूँ तोह बहुत लोगों को देख टी हूँ …ऐसे hi कोई झूंठ कहेगा और मैं यकीं कर लुंगी ऐसा नहीं है …??”

राजिंदर ..” फिर भी तुमको यह सब पता कैसे लगा ???”

सुमित्रा ..” … मेरे साथ में एक काम करने वाली औरत है उसका देवर लॉयर है …जिसके पास jai-chand उस माकन के कागज़ों के सिलसिले में गया था …उसको मैंने अपने ख़रीदे हुए माकन के बारे में और तुम्हारे प्यारे कमीने भाई की नियत के बारे में बताया हुआ था …सो जैसे hi वह उसके वकील देवर से मिला तोह उसने चाय देते हुए माकन का एड्रेस देख लिया …और अगले दिन मुझे बताया …इस बात को सुनते hi मेरा दिमाग घूम गया …की हु कमीना हमको चैन से जीने भी देगा या नहीं …एक छोटा सा माकन लिया है हमने कैसे कैसे पैसे जोड़कर पैर ..तुम्हारे भाई को उसमे भी चैन नहीं है …खुद कमा के खा नहीं सकता …न खुद कभी माकन खरीदने की सोचेगा ..पैर जब से हमने ख़रीदा है ..उसको भी बुरी नियत से देख रहा है ..क्या हमारे बचे नहीं हैं ???? क्या बचे सिर्फ उसी के हैं …??? और चलो मान भी लिया वह यह सब अपने बचूं के लिए कर रहा है ..पैर क्या उसके हाथ पेअर नहीं हैं ??? क्या ??? खुद कमाए खुद मकान ख़रीदे …!!! हमने यह माकन अपने बचूं के भविष्य के लिए लिया है ..jai-chand और उसके बच्चों के लिए नहीं …तुमने उसको बचपन से पला पोसा ..और उसको बड़ा किया …मैं जब आयी तोह तुमने उसकी शादी करवाई जिसमे मैंने अपने जेवर तक लगा दिए …एक औरत अपने जेवर अपने परिवार के लिए डाव पैर लगाती है …मैंने उस कमीने के लिए लगा दिए ..फिर भी हमे क्या सिला दिया उस कमीने और उसकी नयी बीवी ने ??? तुमको अचे से पता है …जब बात हमने मान ली क्युकी तब हम दोनों hi थे ..बचे नहीं हुए थे ..पैर अब हम दोनों के साथ हमारे दो बचे भी हैं उनके लिए hi मैंने घर से अपने कदम बहार निकले थे ..”

राजिंदर .. चुप चाप सुन रहा था …क्युकी सुमित्रा की बात से गुस्सा उसे भी jai-chand पैर आ रहा था …और बेहिसाब आ रहा था ..क्युकी सुमित्रा का एक -एक शब्द सुच था …पैर सुमित्रा का आज पारा बहुत हाई था …

सुमित्रा ..”…मैंने पहले भी कहा था …jai-chand अपनी जगह है ..तुम्हारा उस हरामी से लगाव भी अपनी जगह है ..पैर इनसब में मेरे दोनों बच्चों का हक़ नहीं लूटना चाहिए ..पैर अब ऐसा हो रहा है …और तुम चुप हो यह मुझे मंज़ूर नहीं है …अभी तक jai-chand को तुमने बहुत बचा लिया भाई के नाम पैर …! ..पैर अब jai-chand ने उस माकन पैर hi गलत नज़र नहीं राखी है ..अब उसने हमारे बचूं के फ्यूचर पैर नज़र …बुरी नज़र रख दी है ..सो अब बहुत हुआ …उसको बहुत दिनों से झेल लिया हमने …पैर अब नहीं उसे माकन से कल के कल बहार निकालो वार्ना मुझे मजबूरन पुलिस का सहारा लेना होगा …फिर jai-chand 2 मिनट में रस्ते पैर आ जायेगा …उसके बाद वह जाने या तुम ….! मुझे कोई लेना देना नहीं …मुझे मेरे बच्चों के हक़ के लिए अगर खुद के सुहाग से भी लड़ना पड़ा तोह वह भी कर गुज़रूंगी …बहुत किया है मैंने उस कमीने jai-chand का …पैर अब और नहीं…! मुझे मेरे बचे भी देखने हैं …..अब तुम सोचलो कैसे और क्या करना है …क्युकी मनु अभी यहाँ है नहीं सो तब तक का टाइम तुम्हारे पास है समझलो करना क्या है ..!!! वह रात दिन इस घर और इस फॅमिली के लिए एक कर रहा है ..बैशाख उसका काम ाचा चल रहा है और आगे हो सकता है वह और अजय आगे जाकर अचे से अछि और सुकून की ज़िन्दगी जिए ..पैर माँ बाप होने के नाते यह हमारे लिए कर्त्तव्य ,करम या वसीयत जो कुछ भी समझो यह माकन उनको मिलना चाहिए ….और कल के कल मुझे वह हराम का पिल्ला jai-chand घर के मेरे घर के बहार चाहिए …समझलो …” सुमित्रा ने राजिंदर को अल्टीमेटम देते हुए कहा …

राजिंदर …सुमित्रा का यह रूप देखकर कुछ बोल नहीं प् रहा था …पैर राजिंदर ने आखिरी कोशिश करते हुए सुमित्रा से कहा “ सुमित्रा पैर हम बडून की बात में क्या मनु को लाना सही है ??? …उसको बिच में लाना क्या सही होगा ???..हु बीटा है हमारा और अपने maa-baap के इन मामलों में बचूं को लाना क्या सही लगता है तुम्हें ???? एक बार सोच कर देखना ??”

राजिंदर ने लगभग पूरी तरह से मामला सुमित्रा के पीला में दाल दिया था उसे लग रहा था की शायद उसकी इन बातों से सुमित्रा शायद रुक जाये और मनु या अजय को इनसब से दूर रखेगी ..पैर शायद यह उसकी भूल थी.. बदले में जो सुमित्रा ने कहा उसे संकर राजिंदर और छिपकर सुन रहा अजय दोनों सोचने पैर मजबूर होगये ..

सुमित्रा “ तुम क्या सोचते हो या दुनिआ क्या सोचती है इसमें सोचने से ज्यादा मुझे यह लगता है की घर की ऐसी बताएं घर के हर एक बचे को पता होनी चाहिए …क्युकी हर बचा बहार जितना सीखता है उससे ज्यादा घर पैर सीखता है …और जब घर में hi बचूं को बचा बोलकर साइड कर दिया जाये तोह बात सही नहीं hai..tumko क्या लगता है ??? मनु को मैं बिच में ला रही हूँ ??? हु और अजय शुरू से hi हमारे बिच में हैं !! वह दोनों हमारे बिच में किसी कमज़ोरी की तरह नहीं हैं एक ताकत की तरह हैं ..मेरे दोनों बच्चों ने आज तक मुझसे या तुमसे कभी कुछ माँगा है ??? उनको बचपन से इनसब से दूर करती आयी हूँ ..पैर बचपन से उनको इनसब से दूर रखकर शायद मैंने गलत किया था ..क्युकी दुनिआ में जब भी ऐसा कोई मामला आता है तब बड़े बचूं को इनसब से दूर कर देते हैं ..पैर बचे बहार की दुनिआ और सपनो की दुनिआ में जीने लगते हैं ..पैर सुच असल में कुछ और होता है ..और बचपन तोह उनका जैसे तैसे काट जाता है पैर जब उनपर अचानक से या टाइम से जिम्मेदारी आती तोह वही बचे उस सपनो की दुनिआ जो उसने बचपन से जी है और असलियत को देखकर अचानक से ज़िन्दगी में बहुत कुछ समझ नहीं पते ..तब वह सही गलत में उलझ जाते hain..per बचपन में अगर उनको इनसब में अपने ma-baap के फैसले को देखने को मिलता तब उनको पता चलता की यह दुनिआ का असल सुच यही है की यहां हर पल ज़िन्दगी में दुःख और टेंशन उनको देखनी पड़ेगी …और उनको हर पल इनके लिए त्यार रहना होगा …मेरे बेटे बचपन से बेशक तुम्हारे और मेरे बिच में in-baton से दूर रहे पैर क्युकी घर छोटा है और ऐसे में उन्होंने अपने बाप और माँ की इन बेहासून को ज़रूर सुना होगा ..और तुम्हारे उस कमीने भाई की कामिनी हरकतोओं को भी सुना होगा ..जिसमे तुम्हारे na-kabil फैसले भी देखे होंगे …सो यह मत सोचना की उनको पता नहीं होगा ..पैर मेरे दोनों बेटे मेरी कमज़ोरी नहीं ताकत hain..or बचपन से दुखों की भट्टी में तपकर मेरे बेटे मज़बूत बने हैं उनको अचे से पता है की कब क्या और कैसे करना है …यह ज़िन्दगी है कोई परियूं की कहानी नहीं है यहाँ ..हरपाल धोखा ,dukh,takleef ज़िन्दगी में दो पल की खुशियूं से ज़ादा होंगे ..और दूर क्यों जाते हो खुद तुम खुद को देख लो बहार क्या तुम्हारे भाई के नामपर तुम सर उठा कर चलते हो??? या अपने बेटे के नाम पैर ?? और तुम ऐसे कितने बचूं को जानते हो जो हमारे मनु की तरह इस काम उम्र में ऐसा कामयाब hai..or जहाँ लोग खुद के खाने कामने में बिजी रहते हैं वहां मेरा बीटा कितने घरों को खाना देता होगा?? और ऐसा तब hi हो पता है जब इंसान कड़े फैसले लेने की सोच और हिम्मत रक्त हो तब hi लोग कामयाबी को देख पते हैं ..!! क्युकी हर इंसान अपने लिए फैसले से hi या तोह हिस्ट्री बनता या खुद में हिस्ट्री बन जाता है ..और मुझे अपने मनु पैर पूरा यकीं है की हु इनसब कामिनी हरकतों में तुमसे बेटर फैसला लेगा और तब भी यकीं न आये तोह खुद देख लेना ..बात करते हूँ बिच में न लाऊँ बच्चों को “”” सुमित्रा की इस पूरी बात को सुनकर राजिंदर की रही सही हिम्मत भी हवा हो गयी ..

वह समझ गया की is-baar सुमित्रा ने आप आप कहने वाली एक बीवी को राजिंदर को तुम कहकर एक जुंग शुरू कर दी thi.or पहली बार सुमित्रा ने अपने बच्चों के और उनके फ्यूचर के लिए खुद राजिंदर से भी जुंग का एलान कर दिया था …सो राजिंदर ने जब पहली बार सुमित्रा को गुस्से में लाल देखा तोह चुप रहने में hi भलाई समझी ..और कल के लिए तयारी करने लगा …

यह सब अजय ने सुना तोह उसको समझ आ गया ..की उसके भाई ने जब कहा था की …” ..यह सब लम्बा चलने वाला है …”….उसका मतलब क्या था …आज उसने खुद देखा की उसकी माँ जो इनसब से दूर रहा करती थी ..पैर अपने बचूं के फ्यूचर के नाम पैर उसने राजिंदर को भी अचे से सुना दिया …बल्कि उसको अल्टीमेटम दे दिया की अगर यहाँ वहाँ हुआ तोह बचूं के लिए वह अपने पति तक से लड़ जाएगी …

अजय यह सब देखकर चुप चाप वहां से बहार चल दिया ..अपनी सोच में गम अजय को आज समझ में आ रहा था की क्यों मनु उसको घर पैर नज़र बनाये रखने को ज्यादा कहता था ..और क्यों उसको ज्यादा से ज्यादा सुमित्रा की हेल्प करने के लिए कहता था …क्युकी मनु अचे से जानता था अपने चाचा की मक्कारी ko,,,or अपने बाप के नरम रुख और सुमित्रा की परेशानियों को ..जो आज कहीं न कहीं अजय के सामने पूरी तरह से आ चुकी थी.. ऐसा नहीं है की अजय अपने घर में अजान जैसा रहता था ..पैर उसके दिमाग तक jai-chand की पूरी मक्कारी नहीं आने दी जाती थी …

अजय यह सब देखकर किसी बुरे टाइम का अंदेशा कर रहा था ..ऐसे में उसको मनु की बड़ी याद आ रही थी ……

इधर जहां मनु की फॅमिली की किस्मत ने एक नया मोड आने जा रहा था …एक ऐसा नया मोड जिसके आने से शायद बहुत कुछ बदलने वाला था ….और क्या ??? बदलनेवाला था ??? यह तोह शायद किस्मत और वक़्त hi जानते थे …!!

क्युकी जहां अजय मनु को इस टाइम याद कर रहा था …वहीँ मनु जगन के घर के चौखट पैर एक नयी दस्तक दे रहा था …

जी हाँ मनु , जस ,नीता मम, सुमन और बेहोश राज के साथ सब जगन के घर के बहार मैं गेट पैर आ चुके थे ..

जहां आकर कार रुकी तब मनु ने ड्राइवर को उसकी हेल्प के लिए थैंक्स कहा …बदले में ड्राइवर भी सर हिला कर ..”okay” कहकर मनु को रेतुर्न में ..”दोने “ बोलकर बात ख़तम कर देता है …जिसपर मोस्टली किसी का ध्यान नहीं tha…per मनु उसके इस दोने का मीनिंग समझ चूका था ..(ऐसा क्या मीन्स था आप सब आगे समझ जायेंगे ..)

सुमन ने मैं गेट तक आने के बाद राज की तरफ देखा जो अभी तक बेहोश था …ऐसे में उसको अंडर ले जाने के लिए उसने देखा मनु की तरफ …

मनु ने ज्यादा कुछ नहीं कहा चुपचाप किसी चावल की बेग के जैसे राज को उठाया और सुमन को देखा और कहा “ डिअर मामी आज जो कुछ हुआ है …उसस्के अंडर चाओ तोह बिंदास बता देना ..पैर जो देखा है और जो कहा है तुमने उसको अचे से याद रखना ..क्युकी इनसब में ज़रा सब hi इधर -उधर हुआ तोह ..बाप और भाई के बारे में याद कर लेना डिअर मामी ..आगे आप बची नहीं हैं …!”” मनु ने सुमन की आँखों में आँखें दाल कर देखते हुए कहा …

सुमन की रूह कांप चुकी थी …उसके देखने से क्युकी कुछ हरष पहले hi मनु ने उसके बाप और भाई को उसके सामने ख़तम किया था …अब चाहे उस टाइम सुमन को बेशक दुःख नहीं हुआ था …धीरेन और हिरेन के मरने का ..पैर दोनों के कटे हुए सर को वह अभी तक भूल नहीं प् रही थी… उस पैर मनु का हु खून से lath-path चेहरा जिसको देखकर na-jane कितने ख्याल उसके सामने आये होंगे और हवा में डर की दहशत में फुर्र हो गए होंगे …

बरहाल सुमन पैर मनु के बोलने का असर हुआ …और मनु राज को कंधे पैर लटकाये घर में सबके साथ चला गया . उस टाइम जगन अपने रूम में सो रहा था ..और रिया उल्टियां करके लौट रही थी …

रिया ने राज को जब मनु के कंधे पैर लटके देखा तोह उससे पूछा की राज को क्या हुआ है ???

बदले में मनु कुछ कहता उससे पहले hi सुमन “ कुछ नहीं बस उसकी तबियत ठीक नहीं है ..सो थकन के वजह से सो गया था …रिया तुम अपने रूम में जाओ …!” सुमन ने बात सँभालते हुए कहा …

रिया पूछना तोह चाहती थी पैर उस टाइम सुमन का रुख देखकर चुप हो gayi.or अपने रूम में चली गयी ..सुमन ने मनु को राज को उसके रूम में जाकर छोड़ने का इशारा किया …और खुद सुमन रिया के जाने के बाद सीधे जगन को देखने गयी ..जहां जगन दर्द में रट हुए सो गया था ..जब सुमन ने जगन को सोते देखा तोह उसकी जान में जान आयी ..

हु लपक कर राज के रूम की तरफ उप्पेर गयी ..जहां मनु उसको लिटा कर रूम का दूर बंद hi कर रहा था …उसने देखा रिया जस और नीता अपने रूम में जा चुके थे ..सुमन ने मनु को देखा ..तोह मनु इस टाइम भी नार्मल hi था …सुमन कुछ कहने को हुई ..तब मनु ने उसके हाथ को पकड़ा और सीधे छत्त पैर ले गया उसी स्टोररूम में ..(store-room में सुमन की चुदाई हुई थी प्रीवियस अपडेट में उसके बारे में बताया था..)

सुमन की गांड उस store-room को देखकर फट चुकी थी ..जहां कुछ टाइम पहले इसी मनु को देखकर वह उसे दीवानी की तरह चिपकने की वजह ढूंढा करती थी ..पैर आज उसी मनु को देखकर न जाने कितनी फटती पड़ी थी सुमन की यह उसका दिल hi जानता था ..

खैर ..मनु ने सुमन को देखा ..सुमन की रूह कांप गयी ..मनु के देखने भर से ..उसका हलक सूखने लगा था ..पैर बात बड़ी हिम्मत करके बोली सुमन ..” देखो मनु तुम जानते हो तुमने मेरे साथ क्या किया है ??? उसके बाद भी मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ …” सुमन अपनी बात पूरी करती उससे पहले hi मनु ने उसको रोक दिया …

मनु “ क्या किया मैंने ..मामी डिअर ??? ..तुमने बड़ी सफाई से अपनी ठरक या जिस्मानी भूख को मेरे उप्पेर थोप दिया ..बहुत सफाई से यह कह दिया की मैं hi तुमको उछाल उछाल कर छोड़ता था …और तुम तोह बस निचे किसी बर्फ की सिल्ली के जैसे पड़ी रहती thi…bhul कर भी यह सोचने की गलती मत करना तुम खुद को कोई शर्रिफ औरत सब्बित करके निकल जाओगी …सो आगे से जो बोलो सोच समझ कर और सही वर्ड्स के साथ बोलना क्युकी .मुझे तुम्हारी इस drame-baazi से सख्त ऐतराज़ है ..!!”

सुमन समझ गयी की मनु उसको सरीफ या अबला बनने के drame-baazi में फँसनेवाला नहीं hai..suman ने सभाल कर कहा …”” सॉरी मेरा हु मतलब नहीं था.. मैं यह कहना चाहती हूँ की तुम्हारे और मेरे बिच चाहहए जो भी हुआ ..उसका असर मेरे फॅमिली पैर नहीं पड़ना चाहिए ..ख़ास टूर पैर राज और रिया पैर ..तुम समझ रहे हो न ???”

मनु ने सुमन को देखा और हलके से मुस्कुरा कर कहा “ तोह मामी डिअर इसका मतलब ममे (जगन) को बता दूँ ..???””

सुमन घबराते हुए ..” मैं जानती हूँ तुम जो चाहो कर सकते हो ..पैर मेरा घर बर्बाद करके क्या मिलेगा तुमको ??”

मनु ने इसबार सख्त लहज़े में सुमन को कहा “ बस …आगे फिर नहीं कहूंगा ..लास्ट बार कह रहा हूँ …फिर से वर्ड के साथ खेलना नहीं खुद को मजबूर या कमज़ोर बनने का ड्रामा मत करना मेरे आगे …क्युकी चुदाई तुमने खुद मज़े ले ले कर करवाई hai..jisme मैंने जितना मज़्ज़ा लिया उतना तुमने भी लिया ..और यहां तुम खुद को कमज़ोर दिखा रही हो ??? देखो जब माँ ने तुमको यह घर और ऑफिस दे दिया तब बात वहीँ रुक गयी …तुम्हारे बाप और भाई ने जो किया उसका हशर क्या हुआ ??? यह भी तुमने देखा है सो जब बात रुक गयी है उसको वहीँ रोक देना तुम्हारे लिए ठीक है …”” मनु बोलते हुए सुमन के करीब आया ..

और सुमन के कंधे पैर हाथ रखकर उसने बात शुरू की “ डिअर मामी तुम मिया बीवी ने जो सोचा हु हो न सका …उल्टा तुम्हारे बाप और भाई के सर फुटबॉल बन गए ..अब जो चल रहा है चलने दो ..वर्ण dialogue-baazi मेरी आदत नहीं ..!!!!”” सुमन के मुँह में अलफ़ाज़ून ने खुदकशी कर्ली यह सुनकर …

मनु ने सुमन को वहां पसीने पसीने होते देखा …तोह सोचा मैं में “ अभी सुमन को देखकर दया कर्ली तोह यह कामिनी जब टाइम आने पैर बाप और भाई के सामने से बदल गयी तोह फिर यह सगी किसकी है ?? थैंक्स शबनम तुमने यह अछि सिख दी की मक्कार औरत के ांसो में बहना सरासर बेवकूफी है ..एक तरफ खुद जगन ममे के साथ रहकर इसने मुझे से चुदाई की एक बार नहीं कई बार की ..नीता माँ को फंसे मरने का प्लान बनाया और उसका टिकट सिर्फ और सिर्फ जगन के सर टिका देने की कोशिश की ..टाइम आया तोह इसने बाप और भाई की मौत भी बर्दास्त कर्ली …चलो 1% मान भी लिया की उस टाइम इसको राज की जान की टेंशन थी ..पैर बाप और भाई हवा से तोह टपके नहीं थे …इसके सेज थे ..उनके लिए एक आंसू नहीं ..और इसको टेंशन इस बात की है की मैं जगन के सामने इसकी चुदाई के राज़ न खोल दूँ …वह सुमन डिअर !! वैरी नीस !!..तुम पैर तोह क्या तुम्हारी किसी बात पैर मैं बिना सोचे मान जाओ यह तोह होने से रहा ..और उसपर बोनस की तुम चुदाई के सरे मज़े ले कर भी ऐसे वर्ड खेलकर कह रही हो ..जिससे की मैं मेंटली यह समझू की मैं hi गलत हूँ …??? क्या बात है ?? no वे डिअर !!! जो लोग बिना सोचे समझे औरत के हर आंसू में बह कर उलटे सीधे फैसले ले कर उनके बांये जाल में फंस जाते हैं ..और बाद में डायलाग भी मरते हैं की औरत को समझना बहुत मुश्किल है …तोह उनको सिर्फ और सिर्फ उनके बर्ताव और उनके सोचने और रियेक्ट करने के तरीके के बाजरे में ध्यान देना चाहिए उस से इंसान की सोच उसके बर्ताव और उसके सोचने का तरीका पता चलता है ..और आनेवाले धोखे से कमसे काम अलर्ट रहने की आदत बन जाती है ..सुमन डिअर तुम पैर भरोसा no चांस!!!!” मनु के दिमाग में ख्याल अपने हिसाब से लड़ रहे थे …

सुमन “ तुम मुझे गलत समझ रहे हो मेरा मतलब है की ..मेरा परिवार टूटने मत dena..baaki आगे से मैं तुम्हारे रस्ते में नहीं आउंगी “

मनु मुस्कुराते हुए सुमन की कमर को सहलाते हुए कहता है “ ऐसा गज़ब मत करना मामी डिअर तुम्हारा यह राजा तुम्हारे बिना कैसे रहेगा …अब मां का तोह तुमको पता hi है ..जो बिट गया सो बिट गया .आओ थोड़ा सा थकन मिटा लेते हैं ..” मनु ने सुमन को हलके से कमर को एक साइड से मसलते हुए कहा ..

सुमन इस टाइम इन सब के लिए त्यार नहीं thi..jahaan पहले खुद मनु की बाहों में आने का बहाने ढूंढती थी ..पैर उसके खून खराबे वाले रूप को देखकर सुमन थोड़ी ढीली पद गयी थी ..न तोह सामने से मन कर रही थी और ना hi पहले जैसे पहल कर रही थी ..एक अजीब सी कश्मकश में थी सुमन ..

मनु ने सुमन को ध्यान से देखा ..और अपने हाथ हत्ये और सुमन को देखते हुए कहा ..” देखो डिअर मामी तुमने उस टाइम जो किया हु कोई नहीं बदल सकता ..बदले में मैंने जो किया हु एक बेटे का फ़र्ज़ है ..आगे जो भी तुम लोग एक्शन लोगे वैसे hi मेरा रिएक्शन होगा …सो उसमे मैं गलत कैसे हुआ ..और अगर फिर भी तुम्हारी समझ में न आये तोह नीता माँ की जगह खुद को और मेरी जगह राज को रखकर सोच लेना ..तब श्याद आसानी होगी ..और रही घर तोड़ने की बात जब माँ ने तुमको माफ़ कर दिया बात वहीँ रुक गयी ..पैर आगे बात बढ़ानी चाहती हो तोह बात बढ़ेगी …और वैसे भी तुम्हारी लाइफ है तुम जैसे चाहे रहो मैं तुमको सही गलत समझने वाला कोई नहीं हूँ ..पैर बात अगर मेरी नीता माँ को बिच में रखकर हुई या तुम्हारे दिमाग में ऐसे ख्याल भी आये तब ..मामी डिअर एक बीटा तुम्हारे सामने होगा सही गलत से परे सिर्फ एक बीटा …जिसके लिए शायद hi तुम फिर से मुझे उस रूप में देखना चाहो. फैसला तुमपर है ..”मनु प्यार से समझा कर वहाँ से चलने को हुआ …

सुमन मनु की बातों को सुनकर सोचने लगी की नीता की किस्मत शायद उससे कितनी अछि थी की दुनिआ जहां से अकेले लड़ने के लिए मनु जैसा एक बीटा उसके साथ था ..जो न सही की फ़िक्र करता और न गलत का गम ..वहीँ उसको जब मनु ने राज को उसकी जगह रखकर सोचने को कहा ..और नीता को सुमन की जगह तब सुमन सुच में सोचने लगी की …मनु ने जो किया शायद सही हो या नहीं पैर उसने अपनी माँ के लिए किया ..और जो किया सिर्फ उसको सेफ रखने के लिए ऐसे में उसको जज करे भी तोह कैसे ??? पैर बेचारी करे भी तोह क्या ?? मनु बाबू का एक्शन यहाँ सुमन को वहीँ उस बिल्डिंग में कई बार मुतवा चूका था ..सो ऐसे में उस खून भरे चेहरे को देखकर उसे भूलना आसान भी नहीं था सुमन के लिए ..

खैर मनु जैसे hi चलने को हुआ तोह सुमन ने उसे रोका और कहा “ देखो हु सब तोह ठीक है पैर तुमने जो हरयाणा कुछ भी किया है उसका क्या होगा ??”

मनु “ उसका क्या ???”

सुमन “ मेरा मतलब मेरे फॅमिलीवालो से है ..”

मनु “ उसका पता कल तक चल जायेगा हाँ ..तुम सिर्फ कल का वेट करो मामी डिअर !”

सुमन” मतलब “

मनु “ तुम्हारे बाप और भाई की मौत हुई है ,और ज़िन्दगी एक बार चिप सकती है पैर मौत नहीं …सो कल को जब सबको पता चलेगा की हु दोनों नहीं रहे तब तुम और बाकी सबको उनके अंतिम संस्कार के लिए जाना hi होगा चाहे मैं से जाओ या be-mann से पैर जाना होगा ..तब जाने से मन मत करना बस इतना hi काफी है मेरे लिए बाकी तुम्हारा राज़ मेरे साथ सेफ है …okay ! और हाँ ज्यादा मत सोचना मामी डिअर ..क्युकी तुम लोगों के एक्शन पैर मेरा रिएक्शन होगा ..डरा नहीं रहा हूँ समझा रहा हूँ ..बाकी तुम पैर है.”

सुमन उसके बाद सोच में पद गयी ..क्युकी मनु ने उसको साफ़ साफ़ कह दिया था की उसको मतलब उसके फॅमिली को हिरेन और धीरेन के अंतिम संस्कार में जाना है और इसमें कोई चॉइस नहीं है …सो सुमन ने आगे कुछ नहीं कहा ..

मनु और सुमन दोनों इसके बाद अपने अपने रूम में वापस आ चुके थे ..इसके बाद मनु ने जस को कॉल किया और कल के लिए उसको समझा दिया जिसमे कुछ हिदायत थी नीता मम को लेकर साथ में कल क्या करना है उस बारे में.. उसके बाद मनु भी थकन से कुछ देर सोने चला गया ..

जहां यह सब टेंशन का माहोल चल रहा था वहीँ उधर अंटोनी लुका जोकि अपने लोगों के पकड़े जाने से थोड़ा टेंशन में था ..जिसका राइट हैंड उसको आनेवाले खतरे की घंटी साफ़ साफ़ सुना रहा था ..अब काम में प्रॉब्लम तोह आती रहती हैं और जब काम सिंडिकेट (जिन लोगों को सिंडिकेट के बारे में पता नहीं उनके लिए आसान वर्ड्स में सिंडिकेट एक बड़े ग्रुप को कहते हैं जिसका काम और पावर ज़रूरत के हिसाब से डिवाइड हुआ करती हैं ..बाकी सबके अपने अपने काम डीडे होते हैं बूत थे आल्सो हेल्प each-others .)

जहाँ अंटोनी लुका को उसका राइट हैंड बाँदा क्लियर कर चूका था की यह प्रॉब्लम छोटी नहीं थी ..और अगर अभी अंटोनी ने अपने लोगों को नहीं बचाया तोह आने वाले टाइम में उसके साथियों में फुट पद सकती है…

सो अंटोनी भी समझ चूका था की यह टाइम कुछ करने का है ..सो उसने अपने एन्ड से बहुत से लोगों को ख़रीदा पैर पुलिस ने केस फाइल कर दिया था ..और प्रॉब्लम यह हुई की केस को बहुत से बड़े इन्फ्लुएंटीएल को देखते हुए केस को साउथ से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया जहां अंटोनी ने बहुत ज़ोर लगाया की उसके लोगों को बैल या लॉयर्स के थ्रू कैसे भी छुड़ाया जा सके पैर ऐसा कुछ हुआ नहीं …

उल्टा उसकी बुरी किस्मत कहो की उसके बन्दों का केस एक सख्त और ईमानदार जज के कोर्ट में आ चूका था …यह जज अपने इन्साफ के और सकती के लिए हर जगह फेमस था …और जब ऐसा हुआ तब खबरें उड़ने लगी और उड़ती खबर अंटोनी के कानो तक भी aayi..antony के लिए बात पहले hi साउथ से नार्थ आ चुकी थी ..और केस दिल्ली शिफ्ट हो चूका था ..ऐसे में दिल्ली में उसका केस उसको उसके हाथ से निकलता नज़र आ रहा था …

सो ऐसे में क्युकी अंटोनी सिंडिकेट का मेंबर था सो उसने फरहान कुरैशी को कॉल किया और उसको सारा मटर बताया ..जिसपर फरहान ने उसको खुद हैंडल करने को कह दिया …जिसपर अब जाकर अंटोनी को सांस आयी ..क्युकी यहाँ बात उसके गैंग और उसकी लीडरशिप की थी ..और हिस्ट्री इस बात की सबूत है ..जो लीडर अपने लोगों के भरोसे को कमाने में नाकाम होता है उसका अंजाम उसकी मौत या takhta-palat के रूप में सामने आता hai…baaki आप लोग स्मार्ट हैं …

खैर फरहान ने उस जज की हिस्ट्री, जियोग्राफी सब पता करने को बोल दिया ..और इधर जहाँ जज साब की हिस्ट्री निकली जा रही थी …

उधर वहाँ जिसका इनसब से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था मनु वह अपने रूम में सो कर उठा अपने मोबाइल की कॉल से ..उसने देखा की कॉल मास्टर की थी ..उसने कॉल पिक की …और कुछ देर दोनों में नार्मल सी बात हुई उसके बाद मास्टर ने मनु से पूछा …

मास्टर “ सो बीटा जैसा तुमने बताया की वहाँ के हालात इतने सही नहीं हैं सो ऐसे में अगर कोई भी प्रॉब्लम हो तोह याद है न की एक कॉल भर की दूरी पैर हूँ ..बाकी वहाँ अपना ध्यान रखना …”

मनु “ मास्टर आप को ड्राइवर ने बता दिया होगा की मैंने क्या करवाया है ..मास्टर उस टाइम जो सही डिसिशन लगा लेना पड़ा सॉरी आपको उस टाइम बता नहीं पाया ..”

मास्टर कुछ सोचते हुए “ नहीं बीटा मैं अचे से जानता हूँ की जहाँ जो सिचुएशन होती है उसमे वही डिसिशन लेना पड़ता है ..और उसके लिए किसी को भी बिना हालात जाने जज करना सही नहीं है ..वहां जो तुमने देखा सुना और जो तुमने फेस किया उसके हिसाब से तुमने एक्शन लिया ..उस टाइम उस जगह उस हालत को जाने बिना यहाँ से मैं कैसे कह दूँ की तुमने सही किया है गलत …बीटा यह सब जो तुम कर रहे हो चाहे जो भी है ..मैं उसमे तुम्हारे सात हूँ …और बिना टेंशन के काम करके वापस आ जाना टाइम से ..ok bye टेक केयर …” मास्टर ने एक मिनट में मनु को क्लियर कर दिया की उसका डिसिशन जो भी है मास्टर को कोई प्रॉब्लम नहीं है ..यह सुनकर मनु को भी एक राहत मिली ..

मनु ने उसके बाद सुकून से बात करके कॉल कट किया और मैं में सोचने लगा ..


मनु मैं में “ सॉरी master….hum lower-middle क्लास के लोग प्रॉब्लम के आने पैर लड़ने से ज्यादा उसको आने से पहले hi उसको जड़ से उखाड़ फेखने की सोच रखते hain..hum लोग जब कभी जैसे hi जब सुनते हैं कल से बाजार में aloo,pyaaz या टमाटर मेहगा होगा तब हम पहले hi कई किलोग्राम aloo,pyaaz या टमाटर ले लेते हैं ..जब सुनते हैं की पेट्रोल अगले दिन मेहगा होने वाला है तब अपने बजट के हिसाब से गाडी की टंकी भरवा लेते हैं ..जब हम इन choti-choti चीज़ों के लिए इतना त्यार रहते हैं तब यहाँ तोह बात सामने से आती बड़ी प्रॉब्लम की है ..और आज नहीं तोह कल ko…raj आगे चलकर प्रॉब्लम करता इसलिए जब ड्राइवर के पास छोड़ा था उसे तब hi उसको ड्राइवर से कहकर इंजेक्शन लगवा दिया ..उस इंजेक्शन से राज आज के बाद कितना भी चाहे उसका सामान (लैंड ) खड़ा नहीं होगा …और जगन को तोह पहले hi यह दोसे में वहां दे चूका हूँ जहाँ जगन की गांड का ढक्कन उसके खुद के बेटे ने खोला tha…or यह जरूरी भी था …क्युकी ी बेलीवे प्रकशन इस बेटर थें क्योर. ..क्युकी जहाँ बाप मक्कार है ..वहां उसका बीटा हवस के चक्कर में मेरे लिए आगे और सिरदर्द पैदा करता …उस पैर सुमन को काबू करना भी जरूरी है ..और राज आज नहीं तोह कल सुमन के करीब जाता और तब सुमन सोच समझ कर या सुमन कमज़ोरी के पलों में राज को मेरे बारे में बता देती तब फिर प्रॉब्लम बढ़ती मेरे लिए यह सल्ले कमीने लोग फिर नीता माँ को बिच में लेन की कोशिश करते ..उनको किसी न किसी तरह टारगेट करते या किसी और तरह से प्रॉब्लम लेन की कोशिश करते ,नीता माँ को या मेरी फॅमिली में किसी और को प्रॉब्लम देते ,,,सो ऐसा मौका hi क्यों दूँ इन सालों को …दोनों बाप बेटे अब लोडे पैर कुछ भी करे और कितनी भी बात करें खुद के लोडे से तब भी एक hi सिर्फ एक आवाज़ आएगी उनके लोडे से “”वैलिडिटी एक्सपिरे “” …. :हिंट:
 
अपडेट 96 Part ी


मनु की यह सोच और उसके ख्याल अपने आप में आने वाले कल की दस्तक से अनजान थे …क्युकी हु सिर्फ अभी जगन और राज के साथ हुई एनकाउंटर को कैलकुलेट कर रहा था ..और क्युकी अभी उसके लोगों ने (मनु ने कुछ लोगो को जगन पैर नज़र रखने को बोलै था अजय के सुग्गेस्टिव से याद होगा आपको …) जगन की गोवा की डिटेल बात उसको पूरी तरह से बताई नहीं थी …उन्होंने सिर्फ मनु को इतना बताया था की जगन बैंगलोर के बदले गोवा गया था ..पैर ुंबईचारों को यह नहीं पता था की मनु ने उन डिटेक्टिव्स पैर भी नज़र बनाने के लिए और डिटेक्टिव को हिरे किया था ..सो पहले वालों ने जोकि इस डिटेक्टिव फील्ड में शायद उतने हार्डकोर नहीं थे …जैसा की आजकल मोस्ट ऑफ़ केसेस में होता है …किसी का किसी के साथ अफेयर या कोई दुश्मनी के चक्कर में किसी पैर नज़र रखने के लिए इनको रख लिया करता है सो ..बेचारे यह डिटेक्टिव भी इसी सोच के साथ काम करते हैं ..सो पहली स्टेज वाले detective’s ने इसको एक नज़र रखने के हिसाब से हैंडल किया पैर जब सेकंड स्टेज वाले डिटेक्टिव (जो उन डिटेक्टिव के अल्वा काम पैर लगे थे बिना एक दूसरे के क्लाइंट मनु को जाने .. ) उनकी भी एक बार को हवा निकल चुकी थी जगन का असली रूप और मर बॉस का कनेक्शन देख कर …सो उनलोगो ने एक बार को पुलिस को बताने का सोचा भी पैर जैसे hi उनके मैं में मर बॉस का नाम आया सो उन्होंने chup-chap अपना काम किया ..और जो कुछ वहां गोवा के उस रिसोर्ट में हुआ था उसकी रिपोर्ट बहुत सोचे समझे हिसाब से बनाई और मनु को देने का सोचा …लेकिन उस रिपोर्ट में कहीं भी मर बॉस का या उसके किसी भी साथी का दूर दूर तक ज़िक्र नहीं था …ऐसा क्यों तोह भाई काम अपनी जगह और जान अपनी जगह ..चाहे वह क्लाइंट के लिए जगन पैर नज़र रखे थे पैर मर बॉस का नाम बिच में आने पैर लोग अक्सर काम या क्लाइंट से ज्यादा जान को तवाज़ो देते थे …



खैर इधर मनु यह सब सोचते हुए सो गया अगले दिन के इंतज़ार में …जहां किस्मत ने उसके लिए नया चैलेंज त्यार कर रखा था …मनु जहाँ दिल्ली एक वीक में सब कुछ ख़तम करके जाने का सोचकर आया था ..जिसमे उसने ज्यादा से ज्यादा जगन और सुमन को लाइन पैर लेन का सोचा हुआ था ..पैर कहते हैं न ..इंसान के सोचे हुआ क्या है आजतक किस्मत की मर्ज़ी की इंसान को कब क्या करवादे …मनु ने दिल्ली आने के बाद बिना जानपहचान के मला शम्स बेग़ को नीता और जस के चक्कर में उसके गैंग समेत उदा दिया था ..उसके साथ उसका सोफ़िया से पन्गा बिना सोचे बिना प्लानिंग के मनु का सुमन के बाप और भाई धीरेन और हिरेन का आमना सामना …यह सब किस्मत की वह कड़ियाँ थी ..जिनको न कभी मनु ने सोचा होगा न hi इनसभी लोगों ने की कोई एक इंसान उनसबको बिना जाने बिना पहचाने दुनिआ से विदाई देगा …यह किस्मत है दोस्त सोची समझी हर चीज़ को पलों में बदल कर रख दिया करती है यह “””किस्मत”””

रात को सुमन ने भी दिन भर का कोई जिक्र जगन से नहीं किया ..उधर जगन ने भी कुछ पूछा नहीं सुमन से ..क्युकी उसका पूरा ध्यान इस बात पैर लगा हुआ था की कहीं से भी सुमन या उसके परिवार को उसकी गांड मरै के बारे में न पता चल जाये सो हु अपने में hi चुप था …हाँ यह बात अलग है की बाँदा चाहे कितना भी कमीना हो चाहे कितने भी चेहरे रखता हो पैर बुढ़ापे में अचानक से हुई ऐसी चीज़ हिलाकर ज़रूर रख देती है …बाकि जगन का जगन जाने …

खैर नया दिन हुआ ..आज का प्लान लॉयर जगदीश उर्फ़ जगु अंकल के हिसाब से आज नीता मम को उनके हिस्से की साड़ी प्रॉपर्टी दिलवाने का था सो …मनु ,जस और नीता ने सुबह hi कोर्ट का रुख करना सही समझा था …पैर क्युकी सुमन को यह सब कल hi पता चल चूका था ..और चाहे उसने नीता से मन कर दिया था की उसको सिर्फ अपना बीटा चाहिए ..पैर उस टाइम राज मनु के कब्ज़े में था और अब क्युकी सुमन चाहे जो भी सोचे ाचा या बुरा पैर मनु चांस लेने के मूड में नहीं था …

सो उसने सुबह hi विरंदा से इस बारे में बात की विरंदा ने पहले तोह कल के वजह से जो कुछ भी काण्ड हरयाणा में मनु ने किया था उसको पता चल चूका था ..रस्ते में उसने कॉल भी किया था ..पैर अभी भी मनु ने उसको मिलकर hi सब बताने को कहा जिसपर गुस्से में भी विरंदा ने ऐसे में हालात देखते हुए उसको हेल्प करने को कहा ..हेल्प क्या थी ???

सो हेल्प यह थी मनु नहीं चाहता था सुमन जगन से कोर्ट और प्रॉपर्टी के ओनरशिप चेंज मतलब नीता को पूरी तरह से मालिक बनने तक जगन को पता नहीं लगने देना चाहता था ..ताकि जगन stay-order के लिए बिच में पन्गा डाले ..सो मनु का सुमन को काबू करने के लिए ..उसने रिया और राज को विरंदा के पास भेज देने का सोचा था ..जहां विरंदा उन्दोनो को पार्टी में लगा कर उनके मोबाइल ऑफ करके रख दे ताकि सुमन को यह लगे की उसके बचे मनु के पास हैं …और क्युकी विरंदा को रिया और राज जानते थे सो ऐसा करना उसके लिए ज्यादा आसान था …सो जैसा की प्लान था यह सरप्राइज पार्टी के लिए विरंदा ने राज और रिया को आने को कहा तोह क्युकी राज तोह पहले hi विरंदा पैर लार टपकता था सो उसने फ़ौरन हाँ कह दिया ..रिया ने आना की किट ओह उसके लिए मनु ने पहले hi कह दिया की हु भी काम के बाद ज्वाइन कर लेगा ..सो रिया भी मान गयी …और यह सब अपने अपने रूम में एक कांफ्रेंस कॉल से hi प्लान कर चुके थे …सो वैसा hi हुआ भी …

सुबह सब अपने अपने हिसाब से निकल गए जगन सबसे पहले निकला कल से उसने ज्यादा बात नहीं की थी किसी से भी ..उसके बाद रिया और राज ..और उनके बाद nita,jass और मनु कोर्ट की तरफ निकल गए ……..अब देखना है की इनकी “””किस्मत””” इनको कहाँ ले जाएगी….

खैर सुबह मनु ने जस और नीता मम को लॉयर जगदीश उर्फ़ जग्गू अंकल के पास भेज दिया क्युकी कोर्ट में पहले जैसे हालात नहीं थे ..क्युकी खुद पुलिस की साख भी इंस्पेक्टर राकेश के किडनैप होने से डाव पैर लग चुकी थी …सो पुलिस ने हर जगह बड़ा hi सख्त रुख अपना लिया था …जगह जगह से पुराने चावल (पुराने अपराधी या नए हो सकनेवाले अपराधी ) पुलिस उठा रही थी …बिना आवाज़ के और इनसब का असर कहीं न कहीं ानतोहंय पैर भी हो रहा था …जो खुद फरहान की हेल्प और उससे ज्यादा यह सब कैसे होगा देखने के लिए कल रात hi दिल्ली आया हुआ था …पैर फरहान का कॉन्फिडेंस गज़ब लेवल का था …

अन्थोनी “ फरहान यह सब क्या हो रहा है दिल्ली में तुमने तोह कहा tha…ki काम आराम से हो जायेगा …पैर यहां तोह पुलिस ने कोहराम मचा रखा है ….ऐसे में मेरे लोगों का क्या होगा ….तुम उनको साफल्य निकल तोह लोगे न ???? या मैं इसमें मर. बॉस को इन्वॉल्व करूँ ???.”” अन्थोनी की टेंशन का लेवल हाई था …ऐसा नहीं था की उसने ऐसा कुछ पहली बार देखा हो पुराण क्रिमिनल था हु भी पैर इस टाइम उसकी कुर्सी मीन्स उसकी लीडरशिप डाव पैर लगी थी …क्युकी अगर हु यहाँ चाहे फरहान की या पुलिस की वजह से किसी भी तरह से अगर अपने लोगों नहीं छुड़ा पाया तोह उसके अपने hi चेले बैशाख मुँह से न बोले क्युकी उप्पेर से MR.BOSS का डंडा होगा पैर उनके आँखों में अन्थोनी हमेशा हमेशा के लिए रेस्पेक्ट खो देता ….

फरहान भी अन्थोनी की यह प्रोबेम समझ रहा था क्युकी हु खुद भी एक लीडर था …पैर क्या करे उसका तरीका थोड़ा अलग था ..टेंशन हैंडल करने का …

फरहान “ यार बस भी कर थोड़ा साँस तोह ले ले हो जायेगा तेरा काम …यह पुलिस का होगा कोई रूटीन check-up तू ज्यादा टेंशन मत ले ..बोलै था न तुझे चिल रहना …खुद तेरे साथ हूँ और क्या करूँ यार ???”

अन्थोनी “ नहीं फरहान यार यहां बहुत कुछ डाव पैर लगा है …तू समझ रहा होगा मेरा मतलब “ अन्थोनी ने फरहान की कार में उसके साथी जो उसके साथ आगे ड्राइव कर रहे थे उनकी तरफ इशारा करके कहा …

की इसी बिच फरहान को कॉल आया …फरहान उसमे बिजी हो गया ..की उतने में फरहान और अन्थोनी जोकि एक कार में कोर्ट के तरफ जाने का सोच रहे थे …उसके साथी जोकि कार में अन्थोनी को एयरपोर्ट से लेने आये थे वहाँ चेकिंग देखकर अन्थोनी ने फरहान से यह सब कहा था …

खैर जब फरहान कॉल पैर बिजी हुआ तब कार में अन्थोनी बहार हो रही पुलिस चेकिंग देखने लगा तब कार में से एक बाँदा उतरा और बहार क्या हो रहा यह जान्ने के लिए बहार गया ,..और कुछ देर में जब हु लौटा तब तक फरहान का कॉल कट चूका था ….

हु बाँदा जो बहार से पता करके आया था बोलै फरहान से “ भाई यह सब चेकिंग कल किसी किडनैपिंग की वजह से हो रही है वैसे तोह पुलिस वाले ज्यादा बताते नहीं पैर क्युकी मेरे जांपेचान का बाँदा पुलिस में है और इत्तेफ़ाक़ से हु भी यहां है सो उससे पूछा तब पता चला ..”

फरहान “ तोह बताना क्यों सस्पेंस बना रहा यार ???”

बाँदा “ भाई कल कोर्ट में से कुछ लोगों की किडनैपिंग हुई थी जिसमे एक इंस्पेक्टर भी उठा लिया गया …और पुलिस ने इसको दिल पैर ले लिया है …सो पुलिस हर किसी को अपनी कमी छुपाने के लिए अब मुस्तैदी दिखा रही है ..बस इतना hi है …”

फरहान अन्थोनी से “ देखा तुझे कहा था न सब कण्ट्रोल में है …खैर तेरे उस जज का काम भी होगया है …जज की कमज़ोरी भी पता चल गयी है …”

अन्थोनी ख़ुशी से “ क्या है उसकी कमज़ोरी बताना यार ??”

फरहान “ जज बहुत सख्त इंसान है ..और उसके दो बचे हैं .एक बीवी है जो पुलिस में अचे पोस्ट पैर hai...or एक बेटी है जो बहार किसी देश में पढ़ रही है ..और एक बीटा है जो काफी छोटा है …जो स्कूल में पढता है …अब तेरा काम आसानी से हो जायेगा …”

अन्थोनी “ हु कैसे ??”

फरहान “ देख अब जज की बेटी तोह बहार है ..टाइम के टाइम तोह उठा नहीं सकते पैर बीटा उसका क्युकी छोटा है ..और इसी शहर में है उसको किडनैप कर लेते हैं बाकी जब बीटा हमारे हाथ में होगा तब जज क्या उसका बाप भी हमारी मानेगा और तेरे लड़कों को छोडेगा …बाकी मैं हूँ न …तू अब चैन से साँस ले “

फरहान की बात सुनकर अन्थोनी को भी लगा फरहान की प्लानिंग से अब उसका काम बन जायेगा …सो हु भी अब थोड़ा टेंशन फ्री हो गया …

उधर मनु जब कोर्ट में पूछा तब कोर्ट में हियरिंग चल रही थी …किसी और केस की और अभी नीता मम के केस का नंबर आने में टाइम था सो हु सब जग्गू अंकल के बेटे के चैम्बर में बैठे थे …सो मनु भी उस ोूर चल दिया …मनु उस चैम्बर के जस्ट गेट पैर पूछा था गेट ओपन करने वाला था की किसी ने उसके कंधे पैर हाथ रखा ..

मनु ने पूछे मुड़कर देखा तोह हु इंस्पेक्टर राकेश था …मनु उसको देखकर सोचने लगा ..

उसको सोचते देखकर राकेश बोलै “ क्या बात है जनाब बड़ी सोच में गम हैं ??”

मनु “ अब सोचने की बात है जब इंस्पेक्टर साब पूरा का पूरा थाना छोड़कर कोर्ट में हैं तोह सोचना बनता है जनाब “ मनु ने मुस्कुराते हुए कहा ..जिसपर राकेश भी मुस्कुराने लगा …

राकेश “ यार कोर्ट में इंस्पेक्टर का भी काम होता है ..कल कुछ मुज़रिम अंदर हुए थे सो आज उनको कोर्ट में पेश करना था सो यहाँ आया था …बाकी मुझे उम्मीद थी तुम भी आज शायद यही मिलोगे सो यहाँ देखो तुम मिल भी गए …”

इस बात पैर मनु भी मुस्कुरा उठा ..तब राकेश ने थोड़ा सीरियस होते हुए धीरे से कहा “ यार हरयाणा में भी तुम हीरो बन गए कोई बात नहीं पैर तुम्हारे मां के लड़के को लेकर कहीं कोई प्रॉब्लम न हो क्युकी आज नहीं तोह कल जब उसकी माँ उसको बताएगी की उसको तुमने किडनैप करके उसके मां और नाना को यमराज के सामने खड़ा कर दिया ..सो आगे तुमको कोई प्रॉब्लम न हो …”

मनु “ हम्म्म! बात तोह तुम सही कह रहे हो ..पैर उसका भी सलूशन देखेंगे डिअर और रही बात हीरो बने किट ओह तुमको भी आगे कई मौके मिलेंगे हीरो बनने के सो बे प्रेपर डिअर …” मनु की इस बात पैर दोनों हंसने लगे …

फिर दोनों अंडर गए चैम्बर के और वहां जग्गू अंकल और उनका बीटा भी था ..सो कुछ बाते हुई केस के सिलसिले में सो उतने में उनका नंबर भी आ गया ..सो हु सब कोर्ट में चले गए क्युकी वहाँ मनु का कोई काम था नहीं सो हु वहां से बहार आ गया और क्युकी राकेश भी अपने काम से कोर्ट आया था सो हु भी वहीँ रुकनेवाला था …

अब मनु सोचने लगा क्युकी यहाँ टाइम लग्न था सो हु क्या करे सो उसने सोचा चलो थोड़ा घूम लिया जाये …सो हु ऑटो करके घूमने चला गया शायद उसके दिमाग में कुछ था ..

उधर कहीं किसी .आलिशान बाथरूम में जहां अचानक से एक जोड़ा उस बाथरूम में एंटर हुआ ..क्युकी कमान बाथरूम था सो …ज्यादा किसी ने ध्यान नहीं दिया ..उस जोड़े ने देखा की उस बाथरूम में सिर्फ एक इंसान hi तह जो शायद मुँह धो रहा था ..क्युकी सुबह का टाइम था सो हु भी शायद कोई सफाई वाला hi कोई होगा जिसने एक बार उस जोड़े को देखा और कुछ बोले बिना चला गया …

यह जोड़ा कुछ अलग सा hi था …अलग इसलिए की इस जोड़े में एक लड़का था एक लेडी थी ..लड़का जो शायद 22 या 23 साल का होगा जबकि हु लेडी या औरत उससे बहुत मातुरे या बड़ी थी उस औरत की आगे वैसे तोह 46 या 48 होगी पैर हु क्युकी शायद खुद की केयर ज्यादा करती होगी और गयम भी जाती होगी …और मेकअप की भी शौकीन थी सो ऐसे में देखने में हु ज्यादा से ज्यादा 30 या 35 साल की लगती होगी …अब लड़का अपने आगे के हिसाब से ठीक था …5’ 9’’ का लड़का था जो शायद गयम जाने का शौकीन भी होगा पैर गयम का असर बेचारे को चुकार भी नहीं गया होगा ..होते हैं ने कुछ लड़के गयम में आते हैं ..वर्कआउट से ज्यादा शोऑफ वाले जिनकी बॉडी काम आँखें और मुँह ज्यादा चलता है सो वैसे यह साब भी थे …

इधर यह औरत गज़ब की क़यामत कहूं ऐसी भी नहीं थी …उसका जिस्म ठीक थक सा था ..पैर जिस्म का कसाव अभी भी गज़ब था ….उसकी हाइट 5’7’’ होगी और उसका साइज 38’ 30’ 38’ का होगा …बाकी मेकअप से हु भी सुन्दर हो लग रही थी …

खैर जैसे hi हु अकेला इंसान बाथरूम से गया तोह यह दोनों शुरू हो गए …दोनों सीधे एक टॉयलेट के रूम तरफ चले गए …

थोड़ा आपको उस बाथरूम के बारे में बता दूँ ताकि आप समझ सकें …बाथरूम माँ हाथ धोने के लिए एक साइड की दिवार पैर कुछ शीशे लगे हुए थे जिनके निचे नल (वाटर तप ) लगे हुए थे ठीक उसके सामने की साइड पैर कुछ टॉयलेट रूम बने हुए थे वेस्टर्न सीट वाले ..अब टॉयलेट रूम इसलिए कह रहा हूँ क्युकी यह थोड़े से बड़े थे जहां आराम से दो लोग अगर चाहे तोह खड़े हो सकते थे …

सो हु लड़का और यह औरत सीधे लास्ट वाले रूम की तरफ चले गए जहाँ लड़के ने जैसे hi उस टॉयलेट में घुसे तोह दूर बंद करते hi उस औरत को बेतहाशा चूमना शुरू कर दिया …

और उस औरत ने भी बिना किसी ड्रामेबाज़ी के उस लड़के को रेतुर्न में स्मूच देना शुरू कर दिया …पैर स्मूच ज्यादा देर उसने किया नहीं लड़के से अलग होते हुए बोली हु “ सुन यहाँ टाइम ज्यादा बेकार करना ठीक नहीं है सो जो मैं काम करना है हु पहले कर लेते हैं तू चूमा छाती बाद में कभी कर लेना अभी मेरी छूट मार “

लड़का मुस्कुरा कर देखता है “ हाँ बिलकुल मम बिलकुल आप जैसा कहो आप अपने कपडे ढीले करो मैं अपना काम करता हूँ “

हु औरत क्युकी लाइट बहार से उस टॉयलेट में आ रही थी सो हु दूर की तरफ घूम कर कपडे खोलने लगी …पैर उसने ध्यान नहीं दिया पैर लड़का कुछ और करने में लगा हुआ था …उसने चुप चाप टॉयलेट सीट के उप्पेर चढ़कर वेंटिलेशन के लिए बनाई हुई छोटी सी विंडो में जिसमे एक एग्जॉस्ट फैन लगा हुआ था जो अभी बंद था उसमे कैमरा ों करके लगा दिया …शायद हु इस चुदाई को रिकॉर्ड करना चाहता होगा ….खैर उसने यह सब बहुत स्पीड से किया और जब तक हु औरत अपने कपडे जोकि एक साडी थी उसके सामने से उसने अपना ब्लाउज खोल लिया था और निचे से अपनी पंतय निकल दी थी …

तब लड़के ने भी अपनी पेण्ट ढीली कर दी और अपना अंडरवियर निचे गिरा दिया और अपने लोडे को जोकि हल्का सा खड़ा था …उसको हाथ में मसलने लगा ..

उस औरत ने बड़ी hi बेशर्मी से उसके हलके से खड़े लैंड को देखा और निचे झुकी और उसने उस लड़के के हाथ को रोक दिया और उसके लैंड को हलके से अपना सर आगे बढाकर मुँह में ले लिया लड़का भी बिना किसी चिंता के खड़े होकर उसके मुँह में लैंड को आगे पीछे करने लगा ….

और हु औरत भी उसके लैंड को खड़ा करने में जीजान से जुट गयी …उसकी म्हणत जल्दी रंग लायी …

उस लड़के ले लैंड ने धीरे धीरे उस औरत के मुँह में अपना रंग ढिकाना शुरू कर दिया …पल पल लैंड का मुँह खड़ा होने लग रहा था …

और जब उसका लैंड खड़ा हुआ तब उस औरत ने उसको मुँह से बहार निकल दिया और उसे पूरा एक बार पूछ पूछ!!! करके ज़ोर से चूसा और उसको चिकना किया …और उस लड़के को अपने पीछे किया और खुद टॉयलेट सीट की तरफ मुँह करके झुक गयी …

लड़का भी उसका इशारा समझ गया उसने तुरंत अपनी गिरी हुई पेण्ट से कंडोम निकला जिसको हु औरत पीछे मुड़कर देख रही थी …

लड़के ने बड़ी तेज़ी से कंडोम लैंड पैर चढ़या जैसे आज के बाद शायद उसको कभी छूट न मिले और छूट से लगाकर दाना दान पेलने लगा …

उस औरत ने भी अपने होठ मुँह में दबा लिए एक भी सिसकी उसके मुँह से बहार न निकली उसके …लड़का भी तेज़ी से अपने काम में लगा हुआ था क्युकी यह बाथरूम था ..सो दोनों चुपचाप अपना चुदाई का खेल खेल रहे थे …

और यह खेल कोई 10 मिनट चला जिसमे हु औरत झड़ने वाली hi थी …और लड़का भी अपने पानी निकलने के चरम पैर था सो उसके हाथ जो उस औरत की नंगी गांड थामे हुए थे ..उनपर चलने लगे न जाने उसके दिमाग में क्या आया की उसने चाट चाट दो तीन चांटे जमा दिए …

हु औरत क्युकी अपने चरम पैर आने वाली थी पैर चांटे लगते hi किसी घोड़ी की तरह बिदक गयी …उसके हाथ पीछे गए और उसने उस लड़के को चांटे न बजने के लिए इशारा किया लड़का भी मान गया …और उसने धक्के की स्पीड और तेज़ कर दी …

पैर यह क्या उस औरत के झड़ने के इतने करीब आते हुए भी लड़का उस औरत से पहले झाड़ गया …और झड़ते hi उसका लैंड छोटा होकर छूट से बहार आ गया कंडोम के साथ अब क्युकी यहाँ और कुछ हो नहीं सकता था …सो उसने कुछ कहे बिना चुपचाप अपने कपडे ठीक करने चाहे …

तब लड़के ने उसके कान के पास आकर कहा “ मम थोड़ा यहाँ ठीक करलो और बाकी आप अपना मेकअप का touch-up बहार शीशे में करलो मैं मुट्ठ कर आता हूँ “

उस औरत ने कुछ नहीं कहा बड़े धिकार की नज़र से उसने कंडोम ने झूल रहे उस लड़के के लैंड को देखा और बहार झंकार देखा तोह कोई नहीं होगा तोह बहार शीशे में खुद को ठीक करने लगी…

लड़के ने बड़ी तेज़ी से जहाँ अपना मोबाइल रखा था वहां हाथ बढ़ाया पैर है रे उसकी किस्मत तभी एग्जॉस्ट फैन शुरू हो गया और उसका मोबाइल जल्दबाज़ी के चक्कर में विंडो से बहार गिर्र गया …क्युकी यहाँ हु कुछ कर भी नहीं सकता था सो मुँह में बुदबुदाया “ है रे किस्मत अपनी सोल्लगे की वप (vice-principal ) को जैसे तैसे छोड़ा सोचा था की इस वीडियो से जब मैं होगा तब इसको छोडूंगा पैर क्या करूँ …क्युकी इसको अगर पता चला की मैं रिकॉर्ड कर रहा हूँ तोह यह सनकी वैसे है न जाने क्या करदे ?? है रे किस्मत “

खैर यह लड़का कुछ कर नहीं सकता था सो मैं मार्कर कपडे ठीक करके और कंडोम फ्लश करके बहार आ गया ..और दोनों चुप चाप उस बाथरूम से निकल गए …

पैर जहाँ यह लड़का अपनी किस्मत को कोस रहा था वहीँ उसका मोबाइल ठीक मनु के सामने गिरा …और मनु जो कुछ सामान दिल्ली से घरवालों और जस और नीता मम के लिए लेने के मूड से मॉल आया था …उसके आते हुए कदम रुक गए …क्युकी सुबह का टाइम था और mall’s में मोस्ट ऑफ़ भीड़ शाम को हुआ करती है अभी तोह shop’s ओपन होना शुरू हुई थी … और मनु के अलावा एक दुका लोग थे वहां …

सो मनु ने उप्पेर की तरफ देखा ..शायद सबसे उप्पेर के किसी फ्लोर से मोबाइल टपका होगा …सो मनु ने उस मोबाइल को देखा तो मोबाइल के unzar-punzar निकल चुके थे सो मनु ने सोचा की उसको फेंक दूँ …सो उसने फेंकने के मूड से उस मोबाइल को हाथ में लिया तोह उस टूटे मोबाइल के बिच में से साबुत बचा हुआ memory-card उसके हाथ में गिर गया ..मनु ने देखा तोह memory-card सही था सो उसने कुछ सोच कर उसको अपने पर्स में संभल कर रख लिया ... और टूटे मोबाइल को फेंक दिया डस्टबिन में उसने और हु शॉपिंग करने चला गया ठीक उसके सामने से हु लड़का और हु औरत निकले तोह मनु ने बड़े ध्यान से दोनों को देखा …क्युकी मनु ने बॉडी लैंग्वेज पैर काम किया था सो उसको उनपर थोड़ा डाउट हुआ और क्युकी हु दोनों hi मनु के लिए अनजाने थे सो हु उनको इग्नोर करके अपने काम में लग गया …

खैर मनु ने यहाँ सबके लिए अपने हिसाब से शॉपिंग की हर एक के लिए कुछ न कुछ लिया था उसने …और यह सब पैक करवाकर हु सबका बिल क्लियर करके बहार निकल गया सब सामान लेकर ..

ऑटो का वेट करने लगा और जब उसको ऑटो मिला तोह हु सब सामान के साथ वहां से निकल गया …ऑटो वाला बड़ा बकचोद किसम का इंसान था रस्ते में बहुत बकचोदी कर रहा था …

कभी किसी बात पैर तोह कभी किसी बात पैर हु कुछ न कुछ बोलकर मनु को पक्का रहा था …मनु क्युकी काम बात करने वाला इंसान था सो हु हम्म्म!!! करता या बहार देखने का नाटक करता पैर यह अपने में मस्त था …

की अचानक ऑटो वाले ने एक स्कूल के सामने ऑटो रोक दी …और मनु से बोलै “ साब टंकी भर गयी है खली करके आता हूँ ज़रा …” और हु स्कूल के साइड से एक दिवार को मुट्ठ से गिराने की कोशिश में लग गया …

मनु भी उस ऑटो में बैठा कुछ सोच रहा था …की अचानक से हु ऑटोवाला घबराया हुआ सा वहाँ आया और मनु ने देखा तोह उसकी हवा ुड्डी हुई थी ..

मनु ने चौंक कर उससे पूछा “ क्या हुआ इतने डरे हुए क्यों हो ??? सब ठीक तोह है न ???”

ऑटोवाला अपने ऑटो में अपने सीट के निचे से एक बोतल निकल कर उसका पानी पिने लगता है ..और पीकर जब थोड़ा नार्मल होता है तब कहता है ..” कुछ लोग एक छोटे बचे को किडनैप करने वाले हैं स्कूल में गए हैं उनके साथी मैं वहां मुट्ठ रहा था ..की उस दिवार के दूसरी साइड से सुनाई दिया की हु सब किसी बचे को किडनैप करने आये हैं ..उनके साथी अंडर गए हैं और हु वहां वेट कर रहे हैं ..“

मनु “ तोह क्या हुआ तुम तोह किसी हीरो से काम नहीं हो हर चीज़ में प्रॉब्लम देखते हो न तुम सो अब मौका मिला है यहाँ जाओ और जाकर हीरो बन जाओ ..बचा भी बच जायेगा और तुम भी खुद को साबित कर डोज “”

मनु के मुँह से यह सुनकर हु ऑटोवाला दोनों हाथ जोड़कर बोलै “ साब जी मेरी तोह बकचोदी की आदत है …पैर वहां कई लोग हैं शायद हथियार भी होंगे उनके पास …बचा तोह तब बचाऊंगा साब जब हिम्मत बचेगी मुझमे मेरी तोह यह सब सुनकर hi हवा निकल गयी साब …मैं क्या किसी को बचाऊंगा और आप क्या हीरो बनने की बात कर रहे हो ..मैं तेरा एक आम सा इंसान हु लोग पता नाह आइकॉन होंगे न जाने क्या करेंगे मुझे माफ़ करो साब जी …मेरे बूते के बहार है यह सब ”

मनु ने उसके कंधे पैर हाथ रखा और कहा “ कमाल करते हो तुम किसी का बचा किडनैप होनेवाला है और तुमको पता चला है …क्या ऐसे में तुम चैन से जी सकोगे एक बार ठन्डे दिमाग से सोचकर देखना …क्या यह बात की तुम शायद उस बचे को बचा सकते हो यह बात तुमको ज़िन्दगी में चैन से जीने देगी की एक मासूम बचा तुम्हारे कुछ न करने से बच नहीं पाया ..सोच कर देखो एक बार ”

उस ऑटोवाले की हालत डर के मरे पतली हुई पड़ी थी सो उसने कहा “”” साब जी यह सब मेरे बस के बहार है …पता नहीं कैसे लोग होंगे और कितने हथियार होंगे उनके पास और एक बचे के लिए मैं अपनी जान क्यों डाव पैर लगाऊंगा भला …??? आप शायद कोई उसूल वाले इंसान होंगे में छोटा इंसान हूँ मुझे माफ़ करो ??” और हु ऑटो स्टार्ट करके वहां से निकलने की तयारी करने लगा …

मनु ने उसको रोका ..और उसके कंधे पैर हाथ रखकर उसे कहा “ देखो दुनिआ में कोई छोटा बड़ा नहीं hota..har कोई टाइम आने पैर अपनी ताकत खुद पहचान लेता है ..ोे रही बात उस बचे की तोह एक बार सोचो उसकी जगह तुम्हारा बचा होता तब भी तुम ऐसे hi भाग जाते नहीं न अपनी जी जान झूख देते अपने खुद के बचे के लिए …”” मनु की बात सुनकर उस ऑटोवाले ने एक बार सुच में सोचा और जब सोचा तोह अंदर से उसकी रूह कांप गयी यह सोचकर की उसके बचे यहाँ होते तब हु क्या करता और उसके बचे के साथ हु किडनैपर क्या करते ??? यह सब सोचना hi उसके पसीने छुड़ाने के लिए काफी था …

मनु ने जब उसपर अपनी बात का असर होते देखा तोह आगे कहा “ सोचने भर से hi दिल कांप गया न तुम्हारा तोह सोचो उस फॅमिली पैर क्या बीतेगी जिसका यह बचा होगा ?? मैं तुमको सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ की पुरे रस्ते तुम कभी इसमें कमी निकल रहे थे तोह कभी इसमें …तोह भाई किसी की भी कमियां निकलना बहुत आसान है ..चाँद पल लगते हैं ज़बान hi तोह हिलना है बस इसको गलत कह दो!!! तोह कभी उसको !!!...तुमने कभी यह सोचा है किसी और को ज़िम्मेवार बनाकर बुराई करने से ाचा है …काम से काम एक बार खुद मर्दानगी खुद में भर कर ज़िम्मेवारी उठाना …जितना या हारना बाद की बात है पैर काम से काम एक बार ज़िम्मेवारी लेकर खुद को साबित करने की कोशिश तोह करो …..आगे जो भी होगा हु उपपरवाले के हाथ में होगा ..पैर काम से काम कोशिश तोह तुम कर hi सकते हो ..काम से काम जितना कर सकते हो उतना तोह करो …”

मनु की बातें सुनकर हु सोचने के बाद बोलै “ साब मैं तेरा एक मामूली सा ऑटो ड्राइवर मैं भला कैसे इन kidnaper’s से उस बचे को बचा पाउँगा ??? और उसको बचने की कोशिश में कहीं ऐसा न हो की न तोह उस बचे को बचा सकूँ और न खुद को …और गलती से ज़रा सिब hi चूक हुई तोह मेरी वजह से कहीं उस बचे की जान पैर hi न बन जाये और अगर ऐसा हुआ तोह ज़िन्दगी में खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाउँगा …”

मनु के उसको धीरज बांधते हुए उसके कंधे पैर हाथ रखा और उसको कहा “ देखो मेरी हेल्प करने या तुमको हीरो बनने से मेरा मतलब थोड़ा अलग था ..पैर लगता है तुम कुछ और hi समझ बैठे हो ..??”ऑटोवाला हैरानी से मनु को देखता है …

ऑटोवाला “ साब आप बड़े अजीब इंसान हो इतनी देर से मुझे उस बचे को बचने के लिए कह रहे हो और जब मैं मान गया हूँ तब ..बात घुमा रहे हो ..आखिर कहना क्या चाहते हो आप ..???”

मनु अब संजीदगी से उसे कहता है “ देखको हर इंसान के अंदर एक छिपी हुई ताकत होती है और हु वैसे तोह इंसान को अपना एहसास शायद hi कभी करा पाए पैर जब इंसान अपने किसी करीबी इंसान को या खुद बिलकुल ज़िन्दगी के आखिरी चूर पैर उस पल पल मौत के करीब जाते हुए पता है तब उसकी हु छिपी हुई ताकत उसको हीरो या सुपरहेरो बना देती है और यहां हीरो या सुपरहेरो से मेरा मतलब यह नहीं है की तुम खुद जाकर उन kindnaper’s से खली हातून भीड़ जाओ मतलब यह है की जहाँ तुमको लगे वहां काम से कामे क कॉल पुलिस को hi कार्डो ताकि तुम्हारे एक कॉल से पुलिस काम से काम तयारी कर सके ..पुलिस को कितने लोग है और कितने हथियार हैं अगर यही बता दो तब भी हीरो तुम hi बनोगे …”

ऑटोवाला “ साब मैं पुलिस के लफड़े में पद जाऊंगा और उसके बाद इन kidnaper’s को पता चला तोह यह लोग बाद में मुझे जीने नहीं देंगे मुझे इन सब से दूर hi रखो साब “

मनु “ देखो हर चीज़ के लिए आजकल के लोग पुलिस या गोवत को दोष देते हैं कुछ देर पहले तुम हर बात के लिए गोवत को दोष दे रहे थे ..यहाँ जब तुमसे सिर्फ एक कॉल करने को कहा तोह तुम इसमें भी बहाना ढूंढने लगे यह सही है??? क्या ????? सोचो अगर तुम्हारे आस पास दंगा हो जाये तब भी तुम ऐसे hi सोचते रहोगे पुलिस के नाम पैर बैठे रहोगे ….???”

ऑटोवाला “ साब हम छोटे लोग है …काम करते हैं ….अगर कोई मरता है तोह पीट जाते हैं …दंगे में भी बस पीटेंगे और क्या ???”

मनु “ मैं तुमको हीरो बनने के लिए कह रहा हूँ …हीरो या सुपरहेरो से मेरा मतलब नहीं है की तुम हवा में उड़कर कुछ करो मारपीट करो या कुछ ऐसा करो तुम्हारे बुते के बहार है …हीरो से मेरा मतलब है काम से काम अपने या किसी और के हक़ के लिए आवाज़ तोह उठाओ …उतना भी काफी है ”

ऑटोवाला मैंने को त्यार नहीं था ..और मनु को भी लगा ऐसे में उसको कन्विंस करने से ज्यादा उस बचे को बचाना ज्यादा जरूरी है …सो उसने कुछ कड़ा सा फैसला लिया ….और उस ऑटोवाले को एक सख्त नज़र से देखा …

मनु ने उसको बड़ी hi सख्ती से देखकर कहा “ हर इंसान टाइम आने पैर कुछ न कुछ करता है किसी एक की जान बचने के लिए या फिर खुद की जान बचने के लिए और जिसको इंसान की जान की किमीत नहीं नज़र आती उसका इंसान होना अपने आप में बहुत बड़ी लानत है ..तुम से इस बारे में बहस करना बेकार है मैं तुमको एक नंबर दे रहा हूँ उस पैर कॉल करके बस इतना कहना हु यहां आ जाये उसके दोस्त ने उसको बुलाया है बस …इतना करो बाकी मैं देखता हूँ यहाँ …”

ऑटोवाला मनु के सख्त रवैये की आगे ढीला पद गया उसको कॉल करना ज्यादा आसान नज़र आया सो उसने फटफट अपने मोबाइल से कॉल कर दिया …और जैसा मनु ने कहा था वैसा कहकर उस स्कूल का एड्रेस बता कर कॉल काट दिया …

मनु ने उस ऑटोवाले से पूछा “ तुम्हारे पास स्पार्क प्लग है ???”

ऑटोवाले ने अजीब से ढंग से देखा और एक्स्ट्रा spark-plug मनु को दे दिया …

अब मनु ने उस spark-plug को अपने पास रखा और मुँह पैर रुमाल बांध लिया …और उस साइड चल पड़ा जहाँ हु kidnaper’s थे …ऑटोवाला मनु के पीछे गया तोह मगर देखने के लिहाज़ से दूर एक पेड़ के पीछे चिप गया …

मनु तब तक उस जगह पूछ गया जो उस ऑटोवाले ने बताई thi..us दिवार के दूसरी साइड हु कार और उसमे उस ऑटोवाले के हिसाब से kidnaper’s थे …

मनु ने धीरे से दिवार के सिरे से झांक कर देखता है …एक ओल्ड सी wagon-r वन थी ..उसमे कोई दो लोग बैठे थे …मनु ने धयान दिया तोह पाया की उनके पास ज्यादा हथियार नहीं थे …पैर फिर भी मनु चांस नहीं लेना चाहता था …

उन लोगों को देखकर लग रहा था की उनके साथी अभी तक उस बचे को नहीं ला पाए थे ….सो मनु ने ऐसे में रियेक्ट करने से ज्यादा संजीदिगी से काम लिया ….क्युकी अगर हु ऐसे में कुछ भी करता तोह शायद आते हुए kidnaper’s उस दूर से देखकर उस बचे को जान से मार देते …सो ऐसे में तेज़ी से ज्यादा आराम और समझदारी से काम लेने की ज़रुरत थी …

ऑटोवाला भी जाने क्या सोचे बस छिपा हुआ देख रहा था …उसको 1% भी भरोसा नहीं था की मनु उस बचे को बचा सकेगा ….पैर फिर भी जाने क्या सोचे देख रहा था ..उसने शायद hi कहीं ऐसा सोचा हो ?? उसके हिसाब से मनु अंतरह के लोगों में से था जो बातें बहुत बड़ी किया करते हैं ..और ज़िन्दगी, तरीके और फलसफे जैसे बड़े बड़े शब्द कहकर लोगों में अपने नंबर बढ़वाने का काम करते हैं ..और लड़ना और किसी से do-do हाथ करना मनु जैसे टाइप के लोगों के बस की बात नहीं है ….ऐसा उस ऑटोवाले का मन्ना था …उसके हिसाब से जान पैर पड़े तोह सबसे पहले खुद को सेफ करने के लिए छिपना चाहिए …ऐसा उस ऑटोवाले के हिसाब से था …

खैर मनु को सिर्फ वेट था उन लोगों का की मनु बचे की पोजीशन के हिसाब से एक्शन ले सके …और उसका यह इंतज़ार 3 – 4 मिनट में ख़तम हुआ ….

सामने से दो लोग बचे को ice-cream खिलते हुए ला रहे थे …मनु भी एक बार सोच में पद गया की kidnaper’s बचे को दिन धड़े ice-cream के लालच में उठा रहे हैं …

बचा wagon-r तक आ चूका था ..मासून सा बचा छोटे से लालच में जाने कहाँ से आ गया था …

अब टाइम था डिसिशन लेने का ..मनु से ज्यादा हु ऑटोवाला दिल थामे देख रहा था …की मनु कैसे पीटेगा और हु उसके पीटने पैर जामकर उसको जीभर कर उल्टा सिद्ध सुनाएगा …

मनु ने देखा जैसे hi बचा कार के अंदर गया …मनु ने गेट बंद होते hi इस दिवार जोकि 8’’ की होगी उसके दूसरी साइड जम्प लिया …जम्प लेते hi मनु कार के ठीक पीछे उतरा …

मनु तेज़ी से उस ऑटोवाले के दिए spark-plug को अपने हाथ में चाक़ू की तरह पकड़ा और साइड से जाकर ….

कार के शीशे पैर मरना शुरू कर दिया ….कार का शीशा मनु के हर वॉर से टूट गया …किडनैपर्स सोच भी नहीं पाए की यह हुआ कैसे और कहाँ से कोण अचनाक से उनपर टूट पड़ा ….

मनु ने शीशा टूटते hi कार के एक साइड के गेट को खोला और उस बचे को कार के अंदर से खींच लिया ..एक आदमी ने मनु को रोकने की कोशिश की भी पैर मनु के हाथ में जो spark-plug था मनु ने सिद्ध उसके माथे में अचे से मारा ….उस आदमी को उसी टाइम बेहोशी च चुकी थी …

और मनु उसके बाद रुका नहीं उसने तुरंत बचे को दिवार के दूसरी तरफ उस ऑटो वाले की तरफ उतार दिया …और तेज़ी से कार की तरफ लौटा …ऑटोवाला बचे के मनु के अपनी साइड उतारते hi समझ गया ..बचे को उसने अपने साथ ऑटो में बैठा लिया …

उधर मनु घूमकर सामने से कार के अंदर दूसरे बन्दे की तरफ देखता है …हु अब हथियार निकल लेता है ….और मनु की तरफ फायर करता है …. “ ठांण”

ऑटोवाला सोचता है की मनु का काम तमाम हो गया …पैर मनु उधर पहले hi देख चूका था ..की उनके पास हथियार हैं …और हु प्रेपर मंद से उनसे भीड़ था ..सो उसने फायर होते टाइम तुरंत उस बेहोश पड़े आदमी जिसको खुद उसने spark-plug से बेहोश किया था ..उस गन के सामने खिंच लिया …उस बन्दे को बेहोशी में hi गोली लग चुकी थी …और मनु ने उस बेहोश पड़े बन्दे को उसी फायर करने वाले बन्दे पैर लुढ़का दिया ….

जिससे सामने gun(revolver) का मुँह किये हुए था हु ..पैर सामने से उस बेहोश हुए आदमी का जब वेट उस पैर पड़ा तोह उसका गन वाला हाथ मूढ़ गया …जिससे ना चाहते हुए भी सामने फायर हुआ …

इस फायर के बाद एक चीख निकली “ आह्ह्ह्हह!!!!”

यह चीख उसी बन्दे किट hi जिसने गन फायर किया था …और चीख इस लिए निकली थी उसकी क्युकी ..उसके अनजाने में हुए फायर से उसके सामने सीट (ड्राइविंग सीट) पैर बैठे बन्दे के गले के aar-paar गोली निकल चुकी थी और सामने के शीशे पैर खून hi खून फ़ैल चूका था ….

और जिसको गोली लगी थी हु on-the-spot दम तोड़ चूका था ….कहते हैं मौत को करीब से देखना भी हर किसी के बस की बात नहीं है …और जब आपका हु साथी जो कुछ देर पहले hi आपके ठीक सामने जिन्दा और ठीक थक था उसका ऐसे गोली लगने से जब दम निकल जाये तब नार्मल इंसान मोस्टली होश खो देते है …

पैर क्रिमिनल मोस्टली इतनी जल्दी हार नहीं मानते पैर इसका असर उनपर भी हुआ था … काम से काम कुछ सेकंड के लिए …

और उतना टाइम मनु के लिए काफी था …मनु ने आगे बढ़ कर उस ड्राइविंग सीट वाले बन्दे के हाथ से झटके से उसकी गन ले ली ….क्युकी उसका धयान उसके बगल में पड़ी उसके साथी की लाश पैर था …

ऐसे में मनु ने उन्दोनो में से किसी को कोई मौका नहीं दिया …मनु ने उस गन से दोनों की खोपड़ी में दाना दान गोलियां थोक डाली ….

दोनों जिस लाश से घबराये हुए थे मनु ने उसी लाश का साथ देने के लिए उन दोनों को भी उसी के साथ भेज दिया था …

अब मनु ने उस बेहोश पड़े आदमी को देखा उसकी सांसें अभी बाकी थी …मनु ने कुछ सोचा और उसका सर पकड़ा hi था …की उसके कंधे पैर अचानक से किसी ने हाथ रखा पीछे से …

मनु के हाथ रुक गए ..उसने पीछे पलट कर देखा और मुस्कुरा दिया …और बोलै “ यार कभी तोह टाइम से आ जाया करो ..हर बार तुम सन के बिच में hi एंट्री लेते हो ???”

इस सामने खड़ा इंस्पेक्टर राकेश मुस्कुरा पड़ता है “ हाँ क्या करूँ थोड़ा बहुत टाइम लगता hi है भाई रस्ते में अब दिल्ली का ट्रैफिक काम भी तोह नहीं है …ाचा कोई बचा भी है या सब का काम कर दिया ????”

मनु राकेश की तरफ देखता है और कहता है “ इनसब को अचे से देखो यह सब किराये के गुंडे हैं इनको पकड़ कर बिना वजह तकलीफ मत लो क्युकी इनको खुद नहीं पता होगा की इनको काम पैर रखा किसने है …उसपर इनको जिन्दा छोड़ा तोह अगली बार यह तुम्हारे लिए और प्रॉब्लम त्यार करेंगे सो !!!!??” मनु ने राकेश को धयान से देखा ..

राकेश मुस्कुराते हुए बोलै “ हाँ समझ गया माहराज इनको इनके साथी के पास भेजना चाहते हैं आप फिर मुझे यहाँ क्यों बुलाया ??? “

मनु ने राकेश की तरफ देखा और उस बेहोश पड़े आदमी की गर्दन पुरे झटके के साथ घुमा दी “कटाकक!!!!!!!!!!!!!” की आवाज़ के साथ उसका पूरा सर पीछे घूम चूका था ….

मनु ने उसके बाद राकेश से कहा “ आओ तुमको किसी से मिलवाता हूँ ..”

राकेश और मनु उसके बाद दिवार फांदकर उस ऑटो की तरफ गए ..जहाँ ऑटोवाला और हु मासूम सा बचा बैठा था …ऑटोवाला मनु को जिन्दा देखकर और साथ में इंस्पेक्टर राकेश को वर्दी में देखकर दररर गया …

ऑटोवाला हाथ जोड़कर राकेश से कहता है “ सर सर सर !!! मैंने कुछ नहीं किया है …यही है हु आदमी जिसने उन लोगों को मारा है …मेरा इनसे कोई वास्ता नहीं है …मुझे प्लीज जाने दो सर जी “

राकेश समझ गया की यह डर चूका है ..उधर मनु की हंसी निकल रही थी …राकेश समझने की कोशिश कर रहा था की माजरा क्या है…???

राकेश ने मनु की तरफ देखा उसकी हंसी रुक नहीं रही थी …मीन्स हु मुँह इधर उधर करके हांसे रहा था …पैर ऑटोवाले को लग रहा था की police(rakesh ) उसी को उठाकर बंद कर देगा …सो हु बेचारा जी भर कर gid-gida रहा था …

अंत में राकेश ने hi उस ऑटोवाले को कड़क भाषा में दांत लगा कर रोका ..और मनु की तरफ पूछने की नज़र से देखा …

मनु ने अब सीरियस होते हुए कहा “ मैंने सुबह तुमको हीरो बनने की बात कही थी याद है न ???”

राकेश “ हाँ उसका क्या ???”

मनु “ वही ऑफर िंसाब (ऑटोवाले की तरफ इशारा करके ) को भी दिया था …पैर इन्होने न साथ दिया न हिम्मत दिखाई ..इनके हिसाब से सब कुछ गलत हो रहा है ..पैर कुछ गलत को रोकने को अगर इनसे कहो तोह यह साब कहते हैं यह काम इनका नहीं है सो बस …”””

राकेश ने बड़े hi कड़क ढंग से उस ऑटोवाले को देखा और मनु से पूछा “ बस क्या ???”

मनु “ ….सो जब इन्होने हीरो बनने से मन किया तोह सोचा अपने दोस्त को hi हीरो बनाना सही रहेगा सो तुमको यहाँ बुलवा लिया …”

राकेश “ मतलब ???“

मनु “ वहां उस गाडी में जो लोग थे हु इस बचे को किडनैप करने आये थे …शायद यह बचा किसी बैदे आदमी का है एक बार चेक कर लो …तुम मेरा मतलब अचे से समझ जाओगे …”

राकेश बड़ी हैरत से कभी मनु को तोह कभी उस ऑटोवाले को तोह कभी उस मासूम से बचे को देख रहा था …कुछ देर में जब उसकी समझ में कुछ आया तोह हु उस बचे से बात करने उसकी पहचान पूछने में लग गया ….

उधर जब जज साब के बेटे को उन kidnaper’s ने उठाया तहत ओह उन्होंने उसकी पिक खिंच कर जज साब के मोबाइल पैर भेज दी थी …सो जज साब जिनकी अदालत में केस चल रहा था …वहां उनको अपने बेटे की किडनैपिंग की बात सुनकर चक्कर आ गया …

उन्होंने केस को बिच में hi रोकक दिया ..और अपनी मरस (अपनी पुलिस वाली बीवी) को कॉल किया और उनको सब बताया हु कहीं ऑफिस में बैठी थी ..

पुलिस वाली थी पैर थीं तोह हु भी एक माँ और उनके भी निचे से ज़मीन किसक गयी अपने बेटे की किडनैपिंग खबर सुनकर .. पैर उन्होंने तुरंत यह खबर अपने senior’s को दी जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच चूका था ….हर पुलिस स्टेशन में उस बचे की पिक्स और उसकी detail’s सेंड की जाने लगी थी …

उधर किडनैपिंग सक्सेस की खबर स्कूल से निकलते hi फरहान तक आ चुकी थी …सबसे ज्यादा अन्थोनी उछाल रहा था ..उसको उसके साथी बस छूटे हुए नज़र आ रहे थे …उसके साथी निकल आते तोह हु सेफ …

ऐसे में फरहान किडनैपिंग के लिए जज साब को अपनी शर्तें मस्सगे करने को बोल देता hai…or जैसे hi जज साब तक यह शर्तें जाती हैं वहां से पुलिस तक भी चली जाती हैं …

क्युकी जज साब की मरस ने अपने हस्बैंड का मोबाइल सर्विलांस पैर लगवा दिया था …वजह सिंपल है पुलिस का काम करने का अपना मेथड होता है ..और जब कोई बड़ा जज या कोई बड़ा अधिकारी या कोई कानून का बड़ा अधिकारी हो तब तोह पुलिस किसी भी हद तक जाती है …क्रिमिनल तक जाने के लिए ..

खैर राकेश ने जब उस बचे से उसकी पहचान पूछी …और बचे ने उसको अपनी पहचान मीन्स अपने माँ बाप का बताया तोह राकेश हैरत से भर गया …

राकेश कुछ कह पता या सुन पता इससे पहले राकेश के मोबाइल पैर किसी की पिक और उसकी डिटेल आयी राकेश ने ओपन की …और एक बार को राकेश को खुद यकीं नहीं हुआ की यह सुच है क्या ??? और क्युकी मनु ठीक उसके साथ खड़ा था …


उस पिक को देखकर मनु राकेश के कमर के पीछे हाथ से थप थापा कर बोलै “” राकेश साब हम तोह आपको हीरो बनाने चले थे …आप तोह सुपरहेरो बन गए …हहहहहहहहहहा!!!!!” ................:हिंट:
 
कल के लिए सॉरी दोस्तों कल का टाइम दिया था पैर अपडेट दे नहीं पाया ...कल जब अपडेट पोस्ट करने चला तब पता चला ब्रॉडबैंड का वायर टूट गया था अंधी में सो कल पोस्ट कर नहीं पाया ...और सुबह टाइम मिला नहीं अब वापस आकर पोस्ट किया ...बाकी आपको कैसा लगा प्लीज कमेंट करना ज़रूर ...



अपने डिअर और प्यारे दोस्तों को देखकर ाचा लगा की उन्होंने अभी तक बहरोसा रखा ...फिर भी सॉरी दोस्तों आपको इतना वेट करवाने के लिए ...

थैंक्स dear-ones भाई ... आप सभी को दिल से थैंक्स की अपने इतना समझा इस गरीब राइटर को ...

दिल से थैंक्स भाई लोगों ....

और सॉरी भाई आपको इतना वेट करवा दिया की आपको भी गुस्सा आ gaya....per समझता हूँ एक कंटिन्यू चल रही स्टोरी को ऐसे बिच में रोकने से यही गुस्सा आ भी जाता है ..सो भाई इस बार के लिए सॉरी ....:सॉरी:

और भाई हमारे परम मित्र ...

प्रिये मित्र शायद आपके प्रेम और आपकी प्रार्थनाओं की असीम अनुकम्पा hi थी जिसने इस कठिन और िस्थील पद चुके जीवन में निरंतर

प्रयासरत होने में सहायता प्रदान की ...:रेस्पेक्ट:

हे परम सनेही मित्र आपके हिरदय के असीम प्रेम और आपके इस आशीर्वाद की पराकाष्ठा hi थी ..जिसने एक शान के लिए भी अपने करम से विमुह्ख होने नहीं दिया ...

हे परम सनेही मित्र आपके जैसे व्यक्ति का समाज में होना और आपके जैसे प्रभावशाली मित्र का मेरे जीवीं में होना hi मेरा अहोभागया है ...

आपके स्नेह और आपके प्रेम को सहस्रा सहस्रा नमन मित्र ... 🙏🙏🙏🙏🙏


रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,

दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,

जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,


उसे ज़िन्दगी से कोई और शिकायत क्या होगी.



थैंक्स फॉर रीडिंग & स्टेइंग विथ उस ...

 


आप सब के प्यार के लिए दिल से थैंक्स डिअर दोस्तोव .....

थैंक्स , भाई ..दिल से थैंक्स ....आप सब ने इतना सपोर्ट किया तब hi इतना लिख पाटा हूँ ....

आपके कमेंट को देखा ...भाई आपने इतना प्यार दिया उसके लिए दिल से थैंक्स भाई ... आपको स्टोरी अछि लगी यही मेरा असली मैडल है भाई ...न तोह प्रोफेशनल राइटर हूँ और न hi इससे पहले कभी लिखने का तरय किया tha...bas सोस्सिप पैर रीडर था ...उसके बाद यहां रीड करने लगा ..पैर सोचा की शायद reader's को नया कुछ लिखकर देना चाहिए इसलिए बहुत हिम्मत करके लिखना शुरू किया .. लिखने का मक़सद बस इतना था ..की आप या यहाँ और बहुत से रीडर भाई होंगे जिन्होंने बहुत सी स्टोरी रीड की होंगी ..मेरी यह स्टोरी कोई बहुत ज्यादा स्पेशल नहीं है ...पैर हर जगह बिना वजह चुदाई और सुपरपावर का वह सब जो मैं रीड करके बोर हो चूका था उससे अलग कुछ लिखने की कोशिश की ...

शुरू में बहुत सा क्रिटिसिज़्म मिला की क्या ज्ञान पेल देते हो ...तोह कोई बिना सेक्स सन के देखे बकवास बता देता ...तोह कोई किसी चीज़ को लेकर क्रिटिसिज़े करता ...

मुझे क्रिटिसिज़्म की आदत है भाई ...पैर इतने दिनों बाद किसी ने इस स्टोरी को इतना बड़ा और पॉजिटिव कमेंट दिया ...इसको देखकर बस दिल से आपको थैंक्स कहूंगा भाई ...मुझे पता नहीं स्टोरी मैं अछि लिखता हूँ या नहीं ..या मैं आपको नया कंटेंट सही से दे पता हूँ या नहीं ...????

बस ईमानदारी से कोशिश मैं लगा हूँ की इस स्टोरी का हर रीडर जो साइलेंट है ...या जो बिना लॉगिन किये स्टोरी रीड करनेवाला है ..उसको इतना ाचा और नया कंटेंट मिले की वह खुद कहे की स्टोरी में कमी कहाँ है ...

बाकी तोह सब आप लोगों का प्यार है भाई ...

और प्लीज भाई लोगों यह मत सोचा करो की मैं रिप्लाई नहीं दे प् रहा हूँ तोह यहां से गायब हो गया हूँ ...भाई लोगों इस कोरोना ने हर रोज़ नया वैरिएंट पैदा कर रखा है ..क्या करैं ??? कभी ..कापा तोह लैम्ब्डा तोह कभी डेल्टा वैरिएंट ... मुझे तोह फिक्र है आप सभी की ..

प्लीज दोस्तों जिनको भी यह लगता है की कोरोना ओवर तोह प्लीज अपनी इस ग़लतफहमी को दूर कर दो क्युकी यह स्टेजेस की वेव में आ रहा है ..जिसमे सोशल एक्टिविटी से स्प्रैडिंग मोस्टली होती है ...और जिनको बिलीव न हो तोह थोड़ा गूगल चेक करलेना की एनिमल्स में भी कई जगह पाया जा रहा है ...सो प्लीज बे सेफ ु एंड ुर फॅमिली... और वेकेशन को जितना हो सके अवॉयड karo...kyuki पब्लिक गाथेरिंग इस ऑलवेज एफ्फेक्टेड weakimmune-system ....it's नॉट जस्ट अबाउट इन कोरोना इतस आल्सो अबाउट विथ एव्री डिजीज ...

भाई निशा की एंट्री होगी और अपने टाइम से होगी और जब होगी तब बहुत कुछ होगा ..और रहा मनु की माँ के वेड का तोह भाई किस्मत भी कुछ करती है ..जैचंद का ाचा टाइम भी आएगा ...तब तक के लिए यह हिंट है .....की बाकी थोड़ा सस्पेंस का मज़्ज़ा भी लो भाई ....

सॉरी भाई मेरे स्टोरी को लेट करने से आपको दोबारा रीड करनी पड़ी पैर आगे बहुत कुछ होगा ..और don't वोर्री आपको इस बार जल्दी भूलने नहीं दिया जायेगा ....बाकी आपके प्यार और सपोर्ट के लिए थैंक्स ...

don't वोर्री भाई आपने जो कहा वह आपको उस टाइम लगा ..कोई बात नहीं अपने आपने हिसाब से कहा ..और यकीं मानो मुझे आपका कहना बुरा नहीं लगा ..क्युकी आफ्टरऑल वे आल अरे ह्यूमन ...और हम सब इंसान हालत के हिसाब से रियेक्ट करते है ..सो बे कूल bro...thanks फॉर बीइंग ऑनेस्ट ..& no वोर्री अबाउट एनीथिंग... थैंक्स

भाई जनता हूँ की थोड़ा लेट हो जाता है ..पैर लिखने बैठता हूँ तब न वर्ड्स की ले देखता हूँ न अपडेट का साइज और पैर इस बार लास्ट दो दिन से मीटिंग पीछा नहीं छोड़ प् रही हैं ...इसलिए अभी अपडेट लिख hi रहा हूँ कल तक अपडेट पोस्ट कर दूंगा ...बाकी शाम के बाद आप चेक करते रहना ...बाकी आपके प्यार और सपोर्ट के लिए दिल से थैंक्स .....



थैंक्स फॉर रीडिंग एंड ुर सपोर्ट ...
 
सबसे पहले तोह थैंक्स भाई की आपने इसको पॉजिटिव देखा ...और आपका आर्डर सर आँखों पैर ...जैसा आपने कहा है ठीक वैसा hi अपडेट होगा ...पैर क्युकी होमटाउन में नहीं हूँ तोह अपडेट होमटाउन जाकर hi दे पाउँगा ...

लास्ट अपडेट 14 जुलाई को देना था ...पैर क्युकी काम बहुत था ...उसके चलते घर जाना नहीं हो प् रहा था ...उस पैर कुछ ऑफिसियल वे की वजह से 13 जुलाई की रात को hi हैदराबाद को जाना पड़ा ...क्युकी घर जाने का टाइम मिला नहीं सो पोस्ट नहीं कर पाया ..अपडेट अभी तक घर वाले लैपटॉप मैं hai...aam टूर पैर मैं ऑफिस के काम को डिसकस नहीं किया करता ..पैर यहां कुछ प्यारे दोस्त नाराज़ हो जाते हैं ..की शायद मैं कहीं भाग गया हूँ ...या मुझे न लिखने का बहाना चाहिए ..पैर सुच कहता हूँ ऐसा नहीं है ...

कुछ है जो शायद आपसे कहना चाहता हूँ ...दोस्त प्ल्ज़ गलत मत समझना ...कोरोना की 3 वेव लगभग आ चुकी है ..इस बार लोगों को बहुत कन्फूसिओं है ..पैर यकीं मानो यह वेव और ज्यादा सेफ्टी रखने से hi जाएगी ...सबसे पहले यहाँ मैं आपको ज्ञान नहीं दे रहा हूँ ..मेरा मैं बस इतना है की आप सब (फॅमिली के साथ )सेफ रहें ...और जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है .. किसी डर से या किसी के बहकाने से तोह प्ल्ज़ यह बात अचे से समझ लो अमेरिका तक का हाल बेहाल है यकीं न आये तोह देख लेना ...यहाँ गोवत और हम सब जी जान से लगे हुए हैं ..पैर बिना आप सबकी हेल्प के कुछ नहीं होने वाला ..क्युकी जान सबकी कीमती है ...

और जिसने वैक्सीन की दोस ले ली है तोह ाचा ..और जिसने नहीं ली है ..प्ल्ज़ जैसे आपके सिटी में रूल्स हो अप्प्स या लोकल हेल्प के थ्रू ले लेना ...अब बात करते हैं उनके लिए जो अपने काम से बहार निकलते हैं आपने घर से ..तोह प्ल्ज़ आप सभी ध्यान से समझो चाहे आपने वैक्सीन ली है या नहीं प्ल्ज़ आप भी बहार से घर में आते हैं प्ल्ज़ अपने घर के किसी भी बचे से सीधे टच में आने से प्ल्ज़ थोड़ा बचें क्युकी अभी भी चाइल्ड वैक्सीन पैर काम चल रहा है ...और इसी के सिलसिले में कुछ गाइडलाइन्स आयी हैं ...

दोस्तों हमने खुद के स्टाफ में भी बहुत सी मौत देखि हैं यकीं मानो यही वजह है कई बार अपने साथी दोस्तों को याद करके बहुत अचे ख़याल नहीं आया करते ..पैर इंसान जितना कर सकता है करता है ..खैर यह 3रद वेव पहले से ज्यादा प्रॉब्लम त्यार करनेवाली है ...सो प्ल्ज़ जैसे आप सभी अब तक सेफ्टी से काम ले रहे हैं वैसे hi आगे भी लेते रहें ...और बहार जब तक ज़रूरी न हो प्ल्ज़ न निकालें ..क्युकी आपके साथ और भी जानें जुडी हुई हैं ...उनका धयान भी आपको hi रखना है ..

आपको डरना मेरा मक़सद नहीं है ..पैर आते हुई परेशानी को देखकर आँखें मुद लेना भी समझदारी नहीं है ..सो जब तक कोरोना है प्ल्ज़ आप इसको इग्नोर न करो ...जितना हो सके सोशल डिस्टन्सिंग और पब्लिक गाथेरिंग को ाविओड़ करना ...और अगर फिर भी कहीं भीड़ में जाना पड़े ..तोह बहार से आकर सीधे घर के किसी मेंबर के साथ टच को तब तक अवॉयड करना जब तक की आप नाहा नहीं लेते ....और प्ल्ज़ हॉलीडेज पैर बहार जाना अवॉयड करो ...क्युकी अभी कोरोना गया नहीं है .हॉलिडे फिर कभी एन्जॉय करलेना और करना भी है तोह घर पैर फॅमिली के साथ कर लो किसने रोका है ??? ...और इतना सब लिखने का मीनिंग आपमें से किसी को निचा या छोटा दिखने का नहीं है मेरा साफ साफ मतलब आपके और आपके फॅमिली की सेफ्टी से है ...अगर कुछ भी बुरा लगा हो तोह प्ल्ज़ माफ करना ...

पैर प्ल्ज़ आप सब खुद भी सेफ रहो और साथ के लोगों को भी सेफ rakho.....meri बस यही रिक्वेस्ट है की जितना आप सभी ने अब तक साथ दिया है ...साडी प्रसौतिओं फॉलो की हैं प्ल्ज़ आगे भी करते रहो ....आप सभी को दिल से साथ देने के लिए थैंक्स दोस्तों ...

और गुरूजी सो सॉरी की आपको और सभी को वेट करना पद रहा है ..पैर जैसे hi वापस आऊंगा तब अपडेट पोस्ट कर दूंगा ...और क्युकी यहां होटल रूम में रात को टाइम मिल रहा है ...आगे के कुछ अपडेट भी लिख चूका हूँ ..पैर आप तोह खुद एक बेहतरीन राइटर हैं ...मैं खुद आपको देखकर हिम्मत जुटता पाया लिखने की .....और आगे स्टोरी में update's की देरी नहीं होगी क्युकी अब वापस आते hi यहाँ भी रेगुलर टाइम दे पाउँगा ..और आगे अपडेट regular-wise होंगी ...

आप सभी ने अभी तक बहुत साबरा बांये रखा उसके लिए आप सभी को दिल से थैंक्स ..आपने जो कहा मुझ तक आ चूका है ...आप यकीं मानो इस बार अपडेट के साथ एक क्विक रिकैप रखूँगा जिसमे अभी तक जो हुआ है आपको याद आ जायेगा ...और भी कोई सुग्गेस्टिव हो स्टोरी से रिलेटेड ...सो प्लीज फील -फ्री dear-ones ..आप सभी के सुग्गेस्टिव का वेलकम है ...जहाँ तक पॉसिबल होगा आपका सुग्गेस्टिव अप्लाई कर दूंगा ...

और आपका मेमे देकर सुच में रेफ्रेश हो गया ...सॉरी भाई लेट हुआ पैर मेमे ाचा लगा ..नीस ओने डिअर बीआरओ..



स्पेशैली थैंक्स तो ु भाई ..आपने इतना प्यार दिया ..सुच मच दिन बना दिया भाई आपने ...दिल से थैंक्स भाई आपको आपने solider's से कपड़े किया यह सबसे बड़ी बात है भाई ..पैर यहाँ हमारे सभी डॉक्टर्स की तरफ से मैं आपको थैंक्स कहता हूँ पैर डिअर भाई ..एक बात कहूंगा प्ल्ज़ मुझे इसके लिए गलत मत समझना ...हमलोग तोह फिर भी सेफ्टी के ढेरों में रहकर अपना काम करते हैं ..पैर एक ऐसा बहुत बड़ी फौज है जो न ज्यादा सेफ्टी के अपने काम को chup-chap करती है ..जैसे पोस्टमैन ..डिलीवरी पर्सन , मिल्कमैन , म्युनिसिपेलिटी जैसे फोरंटलिने साइलेंट वारियर्स ...आपके थ्रू मैं इन सभी को दिल से थैंक्स कहता हूँ ...और ख़ास टूर पैर आप सभी को जिन्होंने इतना प्यार दिया ..और अभी तक साबरा बांये रखा ,,,

और मुझे भी पता है की किसी स्टोरी पैर एक अपडेट का इतना वेट करना कैसा फील करवाता है ..पैर इस बार जब होमटाउन पहुँचूँगा तब आपको अपडेट के लिए वेट नहीं करना होगा ...बाकी मैं बोलने से ज्यादा करने में बिलीव करता हूँ ..पैर किस्मत और वक़्त के हाथ में इंसान की दूर है ...सो पहले से कमिट करना सही नहीं होगा ..पैर एक बार फिर आप सभी को दिल से थैंक्स ...विशिंग फॉर सेफ्टी आल ऑफ़ ु & ुर फॅमिली ...लव ु आल dear-ones ..
 
थैंक्स भाई ....आपका कंसर्न अपनी जगह सही है ...उससे मैं इंकार नहीं कर सकता ...क्युकी आपकी बात अपनी जगह सही है ..पैर मेरे प्यारे डिअर भाई आपने सही कहा की स्टोरी मैं खुद लगातार लिखना चाहता हूँ .. यह मेरा अपना पैशन है ...पैर साथ मैं प्रोफेशन ड्यूटी इस आल्सो नीड उस ....और जब बात पैशन और प्रोफेशन में से चॉइस की होगी तोह भाई मेरा हर बार पहला चॉइस मेरा प्रोफेशन होगा ...क्युकी ी टेक ोाथ फॉर तहत .. और वैसे भी राइटिंग से सिर्फ मेरा अपना शॉक पूरा होता है दिल सुकून पता है ..पैर जब बात प्रोफेशन की आती है तब किसी इंसान का ट्रीटमेंट करके ज्यादा सुकून मिलता है ...हाँ यह भी सुच है की मैं खुद यह बात जनता हूँ की सुच में स्टोरी बहुत लेट होती जा रही है ...

क्युकी इस टाइम जैसा प्लान किया था की सीजन 1 कम्पलीट हो चूका होगा इस स्टोरी का ..पैर प्लनेड सचेडूले से कई अपडेट लेट हो चुकी हैं मेरे वर्क की वजह से ..और जहाँ तक प्लान था इस टाइम सीजन 2 का हाफ हो जाना चाहिए था .पैर जैसा इस स्टोरी में कई बार कहा है ..."""वक़्त और किस्मत को hi पता है """ सो सब प्लानिंग कोरोना ने बेकार कर दी ....आम टूर पैर इंसान पुरे ईयर में 1 या दो वीक मिनिमम लीव लेता है पैर बिलीव में भाई लास्ट फ्यू मंथ में जब एक्सीडेंट हुआ तब hi 2 डेज का ऑफ लिया था ..बूत उस में भी अपने ऑफिस में hi था ...मीन्स लास्ट 2 साल से लगातार वर्क कर रहा हूँ ...पैर it's आल्सो आवर ड्यूटी , आवर मोरल ड्यूटी , आवर सोशल ड्यूटी .वे आल अरे रेस्पोंसिबल पर्सन्स हमको खुद यह ड्यूटी निभानी होगी ...सिर्फ आप गोवत या दूसरों के बोलने पैर कोरोना को इग्नोर नहीं कर सकते ...यह आप सब को समझना होगा की कोरोना मज़ाक नहीं है ...(यह बात आपके लिए नहीं हर इंसान से है जो कोरोना को टेक आईटी इजी ले रहे हैं )... इतना समझ लो भाई सोशल डिस्टन्सिंग को आपको मन्ना होगा क्युकी कोरोना होकर ठीक होनेवाले आफ्टर इफ़ेक्ट आपकी सोच से ज्यादा सीरियस हैं ..और यह बात हम सामने से देख रहे हैं सो

प्लीज 3 रद वेव को यह मत सोचो की आनेवाली है ...इतस आलरेडी इफ़ेक्ट इन all-over वर्ल्ड इवन अमेरिका स्टिल हिडिंग थेइर रियल नंबर ऑफ़ deaths,,and तेरे बिग्गेस्त मीडिया इस स्टिल साइलेंट नॉट शेविंग अन्य डेडबॉडी और क्रेमाटोर्य पिक्स ..at-lease थे थिंक तहत इस बाद फॉर तेरे कंट्री ...सो थे हिडन तेरे रियल डेथ रेट ..

..पैर इंडिया की सिक और घटिया लोग जो जर्नलिज्म को गटर के लेवल से भी निचे गिरा चुके हैं वह लाशूँ की पिक्चर को दिखा दिखा कर इंडिया में पैनिक त्यार करते हैं ..और इंडिया के बहार वाले बाद में पूरी दुनिआ में इंडिया को बाद हीथ डिपार्टमेंट के लिए ब्लैम करते हैं और वर्ल्ड मीडिया में इंडिया का बाद इमेज बनता है ...जो लोग बहार जाते हैं उनको पता होगा ...और इधर बाद रियल फैक्ट की है ...की आप खुद सोचो वर्ल्ड 2ंद लार्जेस्ट पापुलेशन अगर पान्डेमिक में होगा तोह क्या हाल होगा ...

अरे बगल का देश देख लो चीन जिसने दुनिआ में आग लगाई उसका हाल यह है की लोगों को फ्लड के साथ 3रद वेव ऑफ़ कोरोना देखनी पद रही है ...वहां उसकी वैक्सीन की हालत यह है की लोग रात से लाइन में लगते हैं वैक्सीन के लिए और शायद आपको जानकार अजीब लगेगा की वहां भी इंडियन वैक्सीन ब्लैक में लगवा रहे हैं .(मुझे कैसे पता यह मत सोचना क्युकी हमारे साथी बहुत जगह हैं ) और वहां लोखड़ौन में या कोरोना पॉजिटिव इंसान को उठा कर अलग शेल्टर में दाल दिया जाता है किसी जानवर जैसे यह अलग बात है की चिनेसे मीडिया अपने मीडिया की न्यूज़ कभी बहार आने नहीं देता ..पैर जो खुद वहां हैं उनको कब तक रोक सकता है ...

खैर आप सोच रहे होंगे की मैं इतना सब बोलकर आपको क्यों बता रहा हूँ ..तोह भाई आप के थ्रू हर इंसान को जो भी इसको रीड कर रहा है उसको पुरे क्लियर मैसेज है ..की न्यूज़ या किसी के कहने का वेट मत करो की 3रद वेव आनेवाली है ...आलरेडी चल रही है ...और कोरोना हर इंसान के लिए डेडली है ...इसके स्टेजेस अलग अलग हो सकते हैं पैर आप worst-case-scenario लेकर चलो की जिसको कोरोना हुआ उसके बाद भी आफ्टर इफ़ेक्ट पूरी लाइफ तक आपको किसी और बीमारी तक ले जा सकते हैं ...यह हर किसी के लिए अलग अलग हो सकता है ..हो सकता है कुछ न भी हो ..पैर बुरा नहीं होगा यह किसको पता ..आपकी सेफ्टी के लिए इतना सब कह रहा हूँ ..प्लीज अभी भी लार्जर नंबर लोग रेमें हैं वक्सीनेटेड हुए बिना सो ज़रा सी चूक ...आप सब स्मार्ट हैं ..2रद वेव देखि है आप सभी ने सो ...प्लीज जब तक 100% लोग वक्सीनेटेड नहीं हो जाते उनकी और अपनी सेफ्टी के लिए दूरी बनाये रखना ...क्युकी आप सबकी जान हमारे लिए कीमती है ..और चाइल्ड वैक्सीन भी जल्दी अन्नोउंस हो सकती है (डिटेल मत पूछना क्युकी प्रोफेशन रेमें उस साइलेंट ..) वे आल अरे कनेक्टेड तो each-other सो वे नीड तो केयर आल ऑफ़ उस ...एंड तहत इस आवर मोरल, सोशल एंड रियल ड्यूटी ...प्लीज जिसने वैक्सीन नहीं लगवाई है लगवलेना क्युकी दुनिआ में आपकी वैक्सीन के लिए लोग ब्लैक में पैसे दे रहे हैं ..पैर आपके लिए यह फ्री है ..पैर जो लोग अगर वैक्सीन लगवाते हैं और अगर फिनांकिअल्ली ठीक हैं तो प्लीज डोनेट ुर मनी इन गोवत पं केयर फण्ड क्युकी अभी चाइल्ड वैक्सीन भी आणि बाकी है ...और हाँ अपना और फॅमिली ख्याल रखें ...



स्टोरी पैर भी काम कर रहा हूँ लास्ट में भाई की डिमांड की एक क्विक रिकैप भी याद है भाई ...और अभी अपडेट पैर काम कर रहा हूँ जैसे पूरी होगी पोस्ट कर दूंगा ...
 
भाई बात नाराज़गी की नहीं है ...इससे पहले जब कोई राइटर स्टोरी छोड़ देता था तब एक रीडर की तरह हम यह सोचा करते थे की शायद कोई वजह रही होगी ..राइटर की पर्सनल...

मेरे केस में भी कुछ ऐसा hi है भाई इमरजेंसी में नाईट शिफ्ट चल रही thi...dear भाई अब क्युकी नाईट शिफ्ट की आदत नहीं है ...सो भाई टाइम नहीं लग प् रहा था ..पैर जब लिखने का टाइम मिलेगा तोह वापस तेज़ी से लिखना शुरू कर दूंगा ...

पैर भाई एक बात कह देता हूँ ...आज तक जब भी आपने पूछा मैंने हमेशा आपका जवाब दिया ...क्युकी आप सब मेरे अपने हो ...मेरी प्यारी रीडर फॅमिली ...

पैर कुछ कमेंट देख कर तोह ऐसा लगता है की मैं भाग hi गया हूँ .....और कुछ तोह बेचारे कमेंट देखकर ऐसा लगता है की मैं उनके हिसाब से आज hi स्टोरी बंद कर दूँ ...

यकीं न आये तोह अपने कमेंट के ठीक उप्पेर वाला कमेंट देख लो भाई ....

खैर मैं अपने काम से बिजी हूँ ..इसमें किसी के बवासीर का क्या हो सकता है भाई ...

और हाँ भाई बात सिर्फ नाईट शिफ्ट की है मैं अपनों से नाराज़ नहीं होता और न hi मुझे भगोड़ा साबित करने वालों से ... उनका काम वह कर रहे हैं मेरा मैं ...

भाई 23 तक थोड़ा और बिजी हूँ पैर हाँ जैसे hi वापस लिखूंगा तब आपके लिए इस बार कुछ और बोनस भी होगा क्युकी कुछ और आइडियाज भी हैं जिन पैर काम करना है ..पैर टाइम की कमी से कर नहीं प् रहा हूँ ..
 
प्रिये मित्र आपने यह कैसे सोचा की मैं आपको हतोत्साहित या भरमित कर रहा हूँ ..मैंने तोह सिर्फ अपना साइड बताया ...और वैसे भी मैं अचे से जानता हूँ की कमी मेरी साइड से है ..और क्युकी जब कमिटमेंट किया जाता है तोह उसको पूरा करना hi इटरनल टारगेट होता है इंसान का ..पैर मेरे प्यारे दोस्त सुच में बहुत बिजी हूँ पहले के कमेंट में भी मेरा मतलब था ....

उन लोगों से जो बार बार सिर्फ एक hi लाइन कॉपी पेस्ट करते हैं की ......" राइटर छोड़ चूका है यह कहानी " ....

और यह पहली बार नहीं है ...

लगातार बार बार

यही लाइन देखता हूँ ..इग्नोर कर देता हूँ ..क्युकी क्रिटिसिज्म फेस करना आज से नहीं शुरू से आता है ...तोह सिर्फ मैंने अपनी साइड से आपको दिखाया की जब इस पैर मैं नाराज़ नहीं होता तोह आप पैर भला क्यों होने लगा भाई ...

यहां तोह मैंने शुरू से आप सभी के आईडिया को वेलकम किया है ...पैर क्या करूँ डिअर हूँ तोह इंसान hi थोड़ा थक जाता हूँ ओट में ड्यूटी है उम्मीद है समझ सकते हो की थकन से लिखने का टाइम नहीं लग पता ...

और प्यारे मित्र इसी में बदनाम हो जाता हूँ ...आप सब स्मार्ट हैं ...प्लीज इतना समझ लो रुका हूँ पैर भागा नहीं जब शुरू किया है तोह लिखूंगा ...

और भी बहुत कुछ प्लान हैं लिखने के लिए पैर टाइम प्रॉब्लम है ...डिअर .... और कुछ गलत लगा हो तोह सॉरी मित्र..

और सॉरी इसलिए की टाइम कमिट करने के बाद भी अपडेट लेट हो रही है ..

तब तक के लिए अपने इस दोस्त को थोड़ा टाइम और दे दो प्रिये मित्र ...
 
थैंक्स दोस्तों आप सभी का जिन्होंने साथ दिया उन सभी का दिल से थैंक्स ...

डिअर भाई मेरे डिअर प्यारे मासूम रीडर ... सिर्फ आपके थ्रू hi बता रहा हूँ



आपने यह समझा की मैं बिजी हूँ उसके लिए दिल से थैंक्स ... सुच में दोस्त बहुत बिजी था ...यह अलग बात है की काम से बचने का बहाना मैंने कभी सीखा नहीं ... हाँ यह बात और है की मैं अपने काम के लिए आप सभी से टाइम पैर टाइम लेता चला गया हूँ ..

पैर यह भी सुच है की स्टोरी मेरी वजह से hi लेट हो रही है ...आपने यह कहा की स्टोरी जब अछि लगती है तब रीडर कहीं न कहीं उससे इमोशनली आत्ताच हो जाता है ... यह बात भाई आपने जो कही मैं क्युकी आज भी एक रीडर के हैसियत से मंटा हूँ ...

और शायद आपको यह लोग बताते नहीं की खुद राइटर भी अपने reader's की इस फॅमिली से आत्ताच रहता है ..यह बात भी आपको मैं बता रहा हूँ ....की आप सब मेरी एक और प्यारी सी फॅमिली hi हो ..मैं अपने से अलग नहीं मंटा आप सब को ...

पैर हाँ यह भी सुच है यह लास्ट ईयर मेरी लाइफ से बहुत तेज़ी से गया ...इसमें जो नार्मल सचेडूले हुआ करता था उसका 200 * टाइम्स करलो आप तोह भी गलत नहीं होगा ...पैर मैं कभी भागा नहीं ..हाँ यह अलग बात है जब भी टाइम मिला तोह कमसे काम आप सब को इन्फॉर्म जरूर किया ...इससे आप चाहे मेरी जवाबदेही समझो या अपना इस रीडर फॅमिली के लिए प्यार ...की जब भी टाइम मिला तब जहाँ हूँ जिस वजह से लेट हुआ हूँ आपको बता दिया ...

वर्ण इस साइट पे hi बहुत सी अधूरी स्टोरी हैं जिनमे जाने वाले अपने होने या नहोने तक का कोई जवाब नहीं देते ...इसका मीन्स यह नहीं है की उनकी अपनी वजह नहीं होगी ..पैर जैसे आपने अपनी साइड राखी वैसे मैं अपनी साइड रख देता हूँ ...और डिअर यकीं मानो काम का बहाना नहीं सुच में बहुत बिजी रहा हूँ ..


क्युकी इस स्टोरी के साथ और भी कई स्टोरी के प्लान्स थे लिखने के लिए मेरे ..पैर सब इस काम के आंधी में थामे हुए हूँ .. अगर समझ साखो दोस्त तोह इस राइटर दोस्त की हालत और हसरत समझ लेना ...

" दोस्त कुछ तोह वजह होती है हर किसी के चुप या रुक जाने की ...

वर्ण एक कलम सा शूर इस पूरी दुनिआ में और कहीं नहीं जनाब ."

" रुकने की वजह का अलाम कुछ इस तरह है जनाब की ..

हर पत्ता और हर ज़रा इस ख़ामोशी की वजह पूछता है..

और मुनासिब नहीं यूँ चुप रह जाना मेरी अपनी फितरत ..

के चिल्ला कर मैं अपने andaaz-e-bayan नहीं किया करता ...."


थैंक्स भाई आप टेंशन न लो डिअर लिख रहा हूँ और कल लिख नहीं पाया था भाई क्युकी लास्ट पुरे मंथ से नाईट शिफ्ट चल रही थी ..सो क्युकी अब डे शिफ्ट होगी तोह एडजस्ट करने में 1 से 2 दिन लग जाते हैं ..क्युकी भाई का मगोपड़ाते का प्रॉमिस भी याद है सो आज लिख रहा हूँ ...और मई बे आज या कल तक अपडेट पोस्ट कर दूंगा भाई ...और लेट क्यों हो रहा है इसकी वजह अभी इसमें एक जगह अटका हुआ हूँ भाई ...और क्यों की थोड़े टाइम बाद लिखने बेथ रहा हूँ तोह स्पीड में थोड़ा टाइम लगेगा...

थैंक्स भाई इतना बताने के बाद भी की भागा नहीं हूँ तब भी जब आपका रिएक्शन ऐसा है तब मुझे कैसा फील होता होगा ???? पैर क्युकी सबका अपना वे ऑफ़ लिविंग है ...मैं अपना काम करता हूँ बाकी सब अपना ..मुझे क्रिटिसिज्म से रति भर प्रॉब्लम नहीं है ..पैर हर बार एक hi बात सुनकर पता चल जाता है की लिखने वाले का इंटेंशन क्या है ???.. आप मुझे स्टोरी को लेकर क्रिटीसीसे करो नए आईडिया और नए सुग्गेस्टिव को लेकर बात करो ...जितना हार्ड क्रिटीसीसे कर सकते हो ..ी म रेडी फॉर तहत ..पैर जब अपने काम से लेट हो रहा हूँ और जब आप सभी को आलरेडी बता रहा हूँ ..तब भी ऐसा कमेंट देखकर समझ आ जाता है ..की उनका मतलब क्लियर और लाउड है ...स्टोरी छोड़ दो राइटर ...



पैर उनका अपना काम है और हमारा अपना ...अब हम को रोज़ पोके करनेवाले को भी बिजी रखना हमारी आदत है सो हम तोह समझ गए पैर क्या आप सब इनका मतलब समझ पाए डिअर फॅमिली ????
 
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