Pyaar Nafrat or Kismat - Page 9 - SexBaba
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Pyaar Nafrat or Kismat

अपडेट 72

रिकैप..

रजिनि ने मैं में कोई फैसला किया सामने से राजिंदर अपनी बाइक पैर घर ऑफिस से वापस लौटकर जा रहा था …उसने राजिंदर को देखा तोह रजिनि के चेहरे पैर एक शैतानी मुसकुराहट आ चुकी थी…


रजिनि “ अब मेरे बेटे का सपना जल्दी hi पूरा होकर rehegaa,,hahahahahahah!!!!!”..

अब आगे.....

मनु कॉल आते hi तेज़ी से अपनी बाइक पैर मॉल पहुंचा …उसने वहां अजय और उन लड़कियों को देखा …ऐसे टाइम में जहाँ उन लड़कियों को अपनी दोस्त की चिंता रही होगी …पैर फिर भी मनु को देखते hi तीनो के दिलों में एक साथ पहला जो ख्याल आया हु था ….” है कितना हैंडसम हुनक है …बिलकुल किसी हीरो जैसा काश यह मेरा हो जाये …???” पैर हीरो हर किसीको पसंद होता है …पैर किस्मत में किसी ख़ास के …पैर इस्तिमे मनु को अजय की चिंता थी …की कहीं अजय जल्दी बाज़ी में कोई हीरोगिरी न कर दे ..पैर अपने भैया की सोच से अलग अजय ने कोई ऐसी बचकानी हरकत नहीं की थी …

अजय अभी तक सोच रहा था की हीना की मदद में मनु का क्या हाथ है …पैर यह टाइम अभी इस बात का नहीं था ..अभी हीना का पता लगाना ज्यादा जरूरी था …

मनु ने आते hi साड़ी बात पता की …अजय और उन लड़कियों ने भी ज्यादा सवाल किये बिना मनु को सब बतादिया …

मनु “ किसी ने उसके भाई को कुछ बताया ??? या पुलिस को इन्फॉर्म किया या नहीं ???”

लड़की 1 “ हम तोह बस अभी तक सदमे से नहीं निकल प् रहे हैं की अचानक से हीना के साथ यह हुआ कैसे भला उसकी किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है ???”

मनु “ इस बात का पता तोह उसका भाई बेहतर बता सकता है ???”

मनु ने मास्टर को कॉल किया और उनसे कहा की शहीद का नंबर जल्द से जल्द उसे दे दिया जाये …मास्टर ने पूछा तोह मनु ने सब बता दिया तोह मास्टर ने इतना कहा “ पहले सब अचे से समझ लो उसके बाद hi कोई कदम लेना क्युकी मामला शहीद की बहिन का है और शहीद से पहले पता करो की बात क्या है??? क्युकी उसे बताना भी जरूरी है सो उसे बता दूंगा या तुम्हारे पास भेज दूंगा …सो तुम देख लेना और पुलिस को सबसे पहले इन्फॉर्म कार्डो क्युकी यह ज़रूरी है …” मास्टर ने और भी बहुत कुछ मनु को कहा ताकि मनु सही डिसिशन ले सके..

मास्टर ने शहीद को मनु से मिलने जल्द से जल्द मॉल में मिलने को कहा …और शहीद भी समझ गया की कोई बात तोह है जो अचानक से रॉकी ने उसे दो साल बाद मिलने बुलाया है वर्ण उसने कई बार मास्टर से रॉकी उर्फ़ मनु से मिलने को कहा था …पैर मनु के मन करने की वजह से शहीद उसे नहीं मिल पाया था …पैर आज अचानक से रॉकी का उसे मिलना मलतब कुछ तोह गड़बड़ है ??

शहीद भी अपने दिमाग में अनेक सवाल लिए मॉल आ रहा था …तब तक मनु ने हीना की सहेलियों से पुलिस को कॉल करके इन्फॉर्म करने को कह दिया था …क्युकी उस टाइम हु उसके साथ hi मौजूद थी …हु पुलिस को सिचुएशन बताने में बस्सी थी …तोह मनु ने अजय पैर फोकस किया …क्युकी उसका चेहरा बता रहा था …की उसके दिमाग में काफी सवाल होंगे …और क्युकी मनु अजय को अचे से समझता था …सो ऐसे में मनु नहीं चाहता था ..की अजय पुलिस के या शहीद के सामने रॉकी की जगह मनु का नाम ले या कोई बात बिना सोचे समझे कहे …क्युकी मनु हमेशा फॅमिली को इन सबसे दूर रखता आया था …और आज भी शायद दूर hi रखता ..पैर किस्मत के आगे किसीकी चलती है जो मनु की चलती ???क्युकी मनु के हीना को 2 साल पहले बचने के बाद से आज अजय और हीना का अचानक से मिलना किस्मत का खेल नहीं तोह क्या होगा ?? खैर..

अजय के कंधे पैर मनु ने हाथ रखा और एक साइड ले जाकर बोलै…” मैं जनता हूँ की यह सब तेरे लिए अजीब है ..पैर इतना भरोसा रखना की मैं गलत नहीं हूँ …और एक बात और यहाँ यह सब बात करने का टाइम नहीं है सो जैसा मैं कहूं सिर्फ उतना करना और रिएक्शन जितना काम हो सके उतना काम देना क्युकी मैं नहीं चाहता की किसी चीज़ को लेकर मुझे कालको गलत समझो …सो जो पूछना है घर पूछ लेना और तुम अब घर निकल जाओ क्युकी मैं नहीं चाहता की तुम इनसब में पदों अभी सो जो पूछना है घर पैर पूछ लेना ???”

अजय “ भैया मैं आपको गलत कभी नहीं समझ सकता और मुझे अचे से हीना ने बता दिया था …की आपने कैसे उनकी और उनके भाई की मदद किट hi…so आप टेंशन फ्री रहो मेरी तरफ से और मैं बस घर निकल रहा हूँ …टेक केयर एंड ी क्नोव ु विल सेव हीना …आफ्टरऑल हीरो सेव थे गर्ल …” अजय ने जाते हुए मुस्कुरा कर कहा ..उसकी बात पैर मनु भी थोड़ा मुस्कुरा पड़ा ..

अजय जा चूका था उसके जाते hi शहीद वहां आ चूका था …मनु ने तोह शहीद को देखते hi पहचान लिया पैर शहीद मनु को पहचान नहीं पाया क्युकी जब शहीद उसे मिला था तब मनु 16 साल का था आगे के साथ मनु की हाइट और बॉडी दोनों में 2 साल में काफी बदलाव आये थे सो ऐसे में शहीद उसे भला कैसे पहचान पता ..पैर मनु ने खुद आगे बढ़कर उसे बताया की हु hi रॉकी है और शहीद उसके गले मिला …और मनु ने भी उसे यहाँ क्यों बुलाया था ..सब बता दिया शहीद तोह सुनकर गिरने को हुआ की उसकी जान से प्यारी एक लौटी बहिन जिसके आलावा उसका दुनिआ में और कोई नहीं है उसका किडनैप हो चूका था …मनु ने शहीद को समझया की हु चिंता न करे और उसमे हु और पुलिस उसकी हेल्प करेगी उसकी …शहीद से मनु और कुछ बोल पता उसे पहले hi पुलिस आ चुकी थी …

और पुलिस ने अचे से सिचुएशन का पता किया …उन लड़कियों ने भी पुलिस को अचे से बता दिया …अब क्युकी मामला लड़की का दिन धड़े किडनैपिंग का था …और कहीं और से नहीं मॉल से सो पुलिस ने सबसे पहले रुख किया कक्तव रूम का जहाँ उन्होंने टाइम के साथ क्लिप को देखा मनु भी उनके साथ था शहीद को सहारा देने के नाम per..or क्युकी मास्टर ने ैप जोकि उनके अचे दोस्त थे उनको सब समझा दिया था …सो पुलिस ने भी अभी सिर्फ लड़की पैर फोकस किया …और कक्तव में दिख रहा था की …कोई 4 बन्दे थे ज्यादा आगे के नहीं और सभी ने फेस कवर किया हुआ था …बस पार्किंग से हीना के निकलते hi उसे wagon-r में खींच लिया था …और गाडी उसके बाद निकल चुकी थी …मनु ने भी रहत की सांस ली की उसके बाद की क्लिप को पुलिस ने चलाया नहीं क्युकी शायद उसमे अजय होता ??? क्युकी अजय ने मनु को बताया था की हु उस कार का पीछा कर चूका था ..पैर यह ाचा हुआ की उसमे पिलर के पीछे का हिस्सा कवर नहीं हुआ था वर्ण अजय का भागना और उसकी सहेलियों के साथ अजय का होना पुलिस को अजय से बात करने पैर मज़बूर करता …

पुलिस ने उसके बाद वहां के अस्स पास के हर हिस्से पैर वायरलेस से बता दिया की कार में 5 लोग है और एक लड़की है जिसका किडनैप हुआ है कार का कलर और हीना का डिस्क्रिप्शन हर चौकी में बता दिया गया ताकि हीना का जल्द से जल्द पता लग सके …पुलिस भी अपनी तरफ से हर कोशिश में लगी हुई थी …मनु को अजय ने कार का नंबर लेते hi हु पिक फॉरवर्ड कर दिया था …और जिसे मनु ने भी पुलिस को दे दिया था …पुलिस ने कहा भी था जिस तरह से उन्होंने हीना को दिन में और भीड़ बहरे जगह से किडनैप किया था उसमे चांस काम थे की ऐसा नंबर सही हो ..और वैसा हुआ भी था …पुलिस ने जब उस नंबर का रिकॉर्ड चेक किया था तोह उनको साफ़ पता चल रहा था की यह फ्रॉड नंबर या नकली नंबर था …अब मनु भी सोच में था …ऐसे में शहीद का हाल और पुलिस की कारवाही सिर्फ इस बात पैर निर्भर थी की हीना का कुछ पता चले ..और शहीद ने इस बात से भी इंकार कर दिया था …की उनका कोई दुश्मन हो …ऐसे में सोचना तोह लाज़मी था की बिना किसी दुश्मनी के कोई दिन में भीड़ भरे मॉल में से हीना को क्यों ?? किडनैप करेगा ??

ऐसे में पुलिस को एक टिप पास के ठाणे से मिली जो जवाब में कहा गया उसे वायरलेस पैर सुनकर वहां सभी को गुस्सा आ चूका था “ बात जो उन्होंने कही उनका कहना यह था की पिछले कुछ महीनो से लडकियां अचानक से किडनैप हो जाती थी …और उसके बाद उनका पता कहीं नहीं चलता था ..यह कोई अलग सा ग्रुप था जो लड़कियों को किडनैप करता था ..और हीना को मिलकर अब तक 48 लड़की इसका शिकार हो चुकी थी और किसी का कुछ पता नहीं लग पाया था …और इसको या तोह लड़कियों का रैकेट जिसे जिस्मफरोशी का नाम भी कह सकते हैं या कोई ह्यूमन बॉडी part या ह्यूमन ऑर्गन का ग्रुप या ह्यूमन ट्रैफिकिंग की तरह भी देखा जा सकता है ??? क्युकी यह पॉसिबल है हीना इन तीनो में से किसी के पास हो …

यह सुनकर शहीद का तोह क्या वहां हर किसी का दिल बेथ चूका था …शहीद पुलिस को बता चूका था की उसका हीना के अलावा दुनिआ में कोई नहीं hai..so ऐसे में पुलिस वाले भी तोह इंसान hi होते हैं उनको भी शहीद और हीना के लिए बुरा लग रहा था …हर कोई हीना की सलामती की दुआ मांग रहा था …कहते है मर्द रट नहीं पैर आज शहीद के आंसू देखकर किसी पहाड़ का दिल भी भर आता …ऐसे में पुलिस ने भी शहीद को घर जाने को कहा ताकि आगे हु भी हीना को ढूंढ सकें ..पैर ऐसे में शहीद अकेला घर जाता तोह उसका हाल और बुरा हो जाता क्युकी उसे शम्भालने को भी कोई चाहिए था …सो मनु सोच रहा था ..की हु क्या करे ? हु सोच hi रहा था की उसके दिमाग में एक ख्याल आया …और मनु शहीद को पुलिस के साथ छोड़कर एकांत में आया और उसने सुल्तान को कॉल किया …

सुल्तान ने उसका कॉल पिक किया “ और हीरो भाई आज कैसे याद कर लिया …?? अपने इस भाई को …???”

मनु “ भाई सॉरी आप गलत न समझना पैर आपसे अभी कुछ काम है …”

सुल्तान “ आज तोह कह दिया आगे से कभी यह मत कहना तुम जानते नहीं तुमने कितनी बार मेरे लिए कितना कुछ किया है ..और आज जब मेरी जरूरत पड़ी तोह मैं तुमको गलत समझूंगा ….इससे ाचा तोह भाई hi न मानते यार …???”

मनु “ सॉरी भाई …आप मुझसे सिकवा बाद में करलेना अभी सिचुएशन अलग है भाई और अभी हो सके तोह थोड़ी हेल्प चाहिए आपकी ???” सुल्तान भी समझ गया कोई मटर सीरियस है वर्ण मनु कुछ न कुछ कहता ज़रूर ..

उसके बाद मनु ने साडी बात हीना के किडनैप से लेकर शहीद की हालत तक कैसे hi उन्हें बता दिया …सुल्तान ने भी मनु को हेल्प करने को कहा क्युकी लड़की के कारोबार में उसका बड़ा नाम था …और ऐसे में अगर हीना का किडनैप किसी jaan-pehchan के इंसान का काम है तोह ..उसमे सुल्तान ने भी उसकी हेल्प का कहा …सुल्तान ने उसके बाद कॉल कट किया और अपने हर सोर्स से पता लगाने को कहा …

उधर मनु कॉल कट करके हटा hi था सामने से सुनील गुरु जी कार में मनु के सामने थे ..मनु उनके पास गया और पूछा क्या बात है …गुरु जी ने मनु को बताया की मास्टर ने hi उन्हें उसके पास भेजा था …ताकि मनु की हेल्प हो सके ..??

तोह ऐसे में मनु को शहीद की चिंता ज्यादा थी …सो मनु ने गुरु जी को शहीद को अपने साथ रखने को कहा ताकि हु फ्री मंद से हीना का पता लगा सके ..

क्युकी पुलिस भी शहीद को घर जाने को कह चुकी थी …सो मनु ने भी शहीद को गुरु जी के साथ जाने को कहा ..

शहीद “ रॉकी मेरे यार …यह सब क्या है …अगर मेरी हीना को कुछ हो गया तोह शायद मैं भी जिन्दा न रह सकूंगा …मुझे मेरी हीना से मिला दो …मुझे तुम पैर पूरा भरोसा है की तुम पक्का मुझे मेरी गुडिअ से मिला डोज …बोलो क्या तुम मुझे मेरी हीना से मिलवा डोज ???” शहीद ने रट हुए कहा ..

मनु “ शहीद भाई यह सब क्या है …आप तोह समझदार हैं पुलिस लगी हुई है और हम भी अपने हर तरह के जान पहचान में हीना का पता लगा रहे हैं हीना आप के पास होगी हर हाल में ..”

शहीद “ नहीं ऐसे नहीं पुलिस ने कहा मुझे याद है 48 लडकियां मिसिंग है सो ऐसे में हीना का क्या पता लगेगा मुझे पता है ….पैर मुझे तुमपर पूरा भरोसा है सो मुझे वडा करो …की हीना को तुम हर हाल में ले आओगे ???”

मनु शहीद की हालत अचे से समझ रहा था और ऐसे में शहीद से बहस करके हु टाइम नहीं बेकार करना चाहता था …क्युकी हीना को किडनैप हुए 1 ½ घटा हो चूका था ….

मनु बोलै “ ठिका है वडा रहा हीना शाम से पहले आपके पास होगी सही सलामत अभी आप गुरु जी के साथ जाओ ..और अपना ख्याल रखना …”

मनु ने शहीद को गुरु जी के साथ भेज दिया और सोचने लगा …मैं में “ यार वडा तोह कर दिया पैर जब पुलिस नहीं ढूंढ प् रही है तोह शाम तक कहाँ से ढूंढूंगा हीना को और शहीद भी कुछ अजीब है …भला मुझसे वडा क्यों मांग रहा था …यार मैं भी इंसान हूँ कोई सुपरमैन तोह नहीं …पैर अब बोल दिया सो बोल दिया अब हीना को ढूंढना ज्यादा जरूरी है ..”

मनु ने उसके बाद सुल्तान को कॉल किया तोह पता चला सुल्तान भी काम पैर लग चूका था …मनु ने हीना की प्रेजेंट पिक सुल्तान को फॉरवर्ड कर दी थी सुल्तान के हर बन्दे के साथ में हु पिक थी …जिसको अब सुल्तान का पूरा गैंग सरगर्मी से ढूंढ रहा था …और यह सब सुल्तान मनु को बता चूका था ..मनु ने उसके बाद कॉल कट की और सोचने लगे अब शुरुवात कहाँ से की जाए ..

ऐसे में उसे घर से कॉल आया …जो अजय का था ..मनु ने पिक किया …

मनु “ हाँ अजय बोल तू घर सही से पहुँच गया न ??”

अजय “ हाँ भैया …मैं सही हूँ पैर एक बात वहां आपसे कह नहीं पाया …उस टाइम दिमाग में नहीं आया .”

मनु “ हु क्या ???”

अजय “ भैया मैंने उस कार को अंडर से देखा था उसमे जो लोग थे हु त्रिनेड लग रहे थे लग रहा था कोई वजह है हीना को ले जाने की …???”

मनु “ यार अजय जेम्स बांड का काम बाद में कर लेना यह तोह पुलिस भी बता चुकी है …उसमे नया क्या है ???अभी प्रॉब्लम यह है की उनको ढूंढा कहाँ जाए ..”

अजय “ क्या भैया आप मुझे जेम्स बांड भी कहते हो और मुझे लल्लू भी समझते हो …उसका इंतज़ाम भी मैंने किया है ताकि आप बिना दिक्कत उनको ढूंढ सको ??”

मनु मुस्कुरा कर “ समझ गया मर बांड आपने यहाँ भी कुछ करामात की होगी सो …व्हाट ु दोने थिस टाइम मर बांड ???

अजय “ क्या भैया आप भी मलतब कोई मज़ा नहीं लेने देते ..खैर मैंने अपना मोबाइल लोकेशन ों करके उस कार के उप्पेर एक सामान रखने वाली ट्राली सी है उसमे फिक्स कर दिया है …सो प्ल्ज़ अपने मोबाइल से मेरे मोबाइल को बस फॉलो करलो और हीरोइन को हीरो की तरह बचा लो …वैसे लड़की सूंदर और स्मार्ट है ..”अजय ने उसके बाद बिना कुछ सुने कॉल कट करदी ..

मनु को अजय से बात करके एक नयी उम्मीद जाग चुकी थी की ..अब शायद हु हीना को बचा ले …ऐसे में मनु ने बाइक को लिया और रास्ते में सबसे पहले टैंक फुल करवा लिया ताकि बस फ्री मंद से हीना को ढूंढ सके …और उसके बाद मनु अपने मोबाइल पैर अजय के मोबाइल के लोकेशन को फॉलो करने लगा …

उधर हीना को होश आ चूका था …वह किसी खली गोड़ावण में खुद को पाती है …उसके हाथ बंधे हुए थे उसके पेअर भी बंधे हुए थे …उसके मुँह पैर भी कुछ बंधा हुआ था कुछ कपडा या रस्सी उसे समझ नहीं आया क्या …

हु 4 बन्दे जो उसको यहाँ लाये थे …हु भी अचे से नोटिस का चुके थे की हीना अब जाग चुकी है …पैर अभी तक उनमे से किसी ने हीना को टच नहीं किया था …हीना के होश में आते hi उनमे से एक ने हीना के मुँह से कपडा निकला और उसे पानी दिया ..

हीना ने डर के मारे पिया नहीं उसने कहा “ पि लो हमे पता है तुमको अभी पियास लगी होगी सो पानी पि लो जब तक हमारी बात मानोगी तब तक सेफ हो और बात नहीं मानी तोह …” उसने एक तरफ इशारा किया सो हीना डर गयी वहां देखकर …क्युकी वहां एक लाश थी किसी लड़की की जो पूरी नंगी पड़ी थी उसका हाल कुछ ऐसा था जैसे उसका ऑपरेशन किया गया हो या उसकी कोई सर्जरी की गयी हो …जो भी हुआ हो पैर लगता था …की जिसने भी किया था …उसे इस बात की कोई फ़िक्र नहीं थी की यह लड़की जिन्दा बचे या नहीं …

हीना उस लड़की के नंगे जिस्म और खुली आखें देखकर चीक उठी थी …पैर उन चारों को जैसे इसकी कोई परवाह hi नहीं थी …शायद उनके लिए अगला टारगेट हीना हो …

उनके चेहरे अभी ताकि जोकर मास्क से कवर थे सो सवाल hi नहीं था …की उनका असली चेहरा किसी को दीखता …

उनमे से एक जिसने हीना को पानी दिया था हु हीना से बोलै “ जानेमन तू डर मत यह तोह चलता रहता है ..पहले तोह सोचा था …किट ेरे भी ऑर्गन निकल कर ाचा पैसा बनालेंगे ..या तुझे बेच कर कुछ ाचा करेंगे …पैर टूट ओह इतनी चिकनी है की मेरा दिल फिसल गया है तुझपर ..और अब सोचता हूँ की एक बार तुझे चख लूँ और उसके बाअद आगे का सोचूंगा …हाहाहाहाहा!???”

हीना “ मैंने आपका क्या बिगाड़ा है मैंने तोह आजतक किसी से कुछ कहा भी नहीं देखिये मैं किसी और को चाहती हूँ आप उपपरवाले के नाम पैर मुझे छोड़ दें प्ल्ज़ आपने भी किसीको कभी प्यार किया होगा ..आपको उसका वास्ता ..?” हीना उसकी बात सुनकर अचे से समझ चुकी थी की आज फिर उसकी जान से ज्यादा इज़्ज़त पैर खतरा है …पैर तब तोह रॉकी ने बचा लिया था ..पैर आज तोह 4 दरिंदे हैं और रॉकी का यहाँ आना मुश्किल hi नहीं नामुमकिन है क्युकी 2 साल से उसका पता आज तक नहीं चला था हीना को …

(अब आप कहोगे की शहीद जब मास्टर के पास काम करता है तोह मनु का पता क्यों?? नहीं चला अभी तक उसे तोह वजह साफ कर देता हूँ मनु नहीं चाहता था की …शहीद और हीना को उसका असली नाम और उसके बारे में या उसकी फॅमिली के बारे में पता चले …सो मास्टर को उसने इसके बारे में मन किया हुआ था की शहीद को हु रॉकी उर्फ़ मनु के बारे में ज्यादा कुछ बताएं …सो आगे आप समझदार हैं )..

हु जोकर मास्क वाला 1 “ अरे जानेमन प्यार की किसको पड़ी है बस तुम एक चांस दो उसके बाद तुम देखना तुमको हमसे भी प्यार हो जायेगा ???

हीना “ देखिये भाई जान मैं किसी और को अपने जिस्म अपनी रूह का मालिक मान चुकी हूँ सो आ पैसे गंदे अलफ़ाज़ न कहे ..यह मेरे प्यार की तोहीं है ..”

जोकर मास्क 2 “ अरे तू डर मत एक बार तू उसका मज़्ज़ा तोह लेकर देख ले कोनसा तेरे प्यार करने वाले को पता चलने वाला है एक बार से …उसके बाद टब hi आज़ाद हम भी आज़ाद और वैसे तोह यहाँ तेरे पास आलरेडी चार चॉइस हैं तू कहाँ रोज़ एक लैंड लेती होगी आज तेरा भी टेस्ट बदल जायेगा …सिर्फ एक चांस लेकर देख ..” उसकी बातों ने हीना को गुस्सा दिला दिया था पैर उसने शांति से कहा ..

हीना “ वह भाईजान आप सही हैं मैं आपको भाई कह रही हूँ और आप मुझे न जाने क्या क्या कह रहें हैं …आपको मुझे मरना हो तोह आपकी मर्ज़ी अगर उस लाश की तरह मेरे जिस्म के टुकड़े करने हैं तोह भी कोई बात नहीं मैं समझूंगी की मेरे इन भाइयों की शायद कोई जरूरत होगी ..पैर मुझे चुने की गलती न करना मैंने आज तक खुद भी खुदको हाथ सिर्फ अपने प्यार के सजने के लिए लगाया है मेरी रूह का मालिक भले hi दूर हो पैर मेरा भरोसा है हु आज नहीं तोह कल मुझे ज़रूर प्यार करेंगे …और नहीं भी किया तोह कोई परवाह नहीं मैं मर सकती हूँ पैर किसी और को अपने जिस्म को छूटे देखना मुझे बर्दास्त नहीं है …”

हु जोकर मास्क 1 “ चल जब तूने हमको भाई कह दिया है तोह अब वक़्त का तकाज़ा है की हम सब बहनचोद बन जाएँ …सो रानी तैयार हो जा ….लोडे के लिए क्युकी जैसे तेरी गर्मी और तेरा उजाला बदन है वैसे तोह हमने सिर्फ किसी फिल्म में hi देखा है …सो उसके लिए अगर हमे बहनचोद बनना भी पड़े तोह हु भी मंजूर है …हहहहहह!”

उसकी शैतानी हंसी सुनकर हीना समझ गयी की उसकी इज़्ज़त तोह यह कमीने छोड़ने वाले नहीं है …सो उसका दिल अपने मैं में उपपरवाले को याद करने लगा …”उपपरवाले अगर मैंने सुच में अपने रूह और जिस्म के मालिक को सुच में पूरी ईमानदारी से चाहा है तोह बस एक बार मुझे आखरी बार उसे देखना है …उसके बाद चाहे मैं मर जॉन मुझे परवाह नहीं …और मेरा मरना तोह आज तय हो चूका है क्युकी अगर इनमे से किसी ने भी मुझे चुने की कोशिश किट ओह उसके बाद मैं खुद को ख़तम कर लुंगी सो …उपपरवाले कहते हैं मरने वाले की आखिरी खाव्हिश तोह कोई भी पूरी करता है तोह मेरी आखरी खाव्हिश यही है की मेरी रूह का मिल्क एक बार मुझे देखना है …उन्हें मैं कैसे कहूं की मैं सिर्फ उन्ही की हूँ …मेरा सब कुछ सिर्फ उनके नाम है ??? या परवरदिगार उनको एक बार मुझसे मिला दो “

हीना अपने मैं में हर घडी दुआ कर रही थी …हु जोकर मास्क वाला बाँदा हीना के सामने बाद रहा था …उसके सामने हीना बेबस और लचर सी बैठी हुई थी ….गोड़ावण काफी बड़ा था …कोई ओल्ड फैक्ट्री में यह बंद पड़ने के बाद था ..गोड़ावण फैक्ट्री के बंद होने के बाद भी अछि कंडीशन में था …उस गोड़ावण में कई रस्ते थे और कुछ सामान भी पड़ा हुआ था …कुछ दिनों से इस ग्रुप का अड्डा था यह गोड़ावण जिसमे यह इन्होने नया लैपटॉप और काफी साड़ी मेडिकल का सामान रखा हुआ था …

हु जोकर मास्क वाला आगे बाद रहा था हीना का दिल कांप रहा था की तभी किसी लड़की की चीख सुनाई दी उनको ..

जोकर मास्क 3 “ अबे तुझे बोलै था न …उस लड़की का मुँह बंद कर देना पैर तुम साले सिर्फ छूट के बहुत ho…aaj उसका ऑर्गन ट्रांसफर होना था …साली चुद चुद कर किसी काम तोह रह नहीं गयी है सो सोचा …की उसके बॉडी part बेच कर कुछ कमाई हो जाये पैर साले तुमको तोह छूट के बहुत से फुर्सत नहीं …अब भुग्तू..”

जोकर मास्क 2” यार यह कोई पहली तोह है नहीं पहले तोह कितनी लड़किया हमने विदेशों में बेचीं हैं सो इस पैर दिल आ गया क्या कर सकते हैं ..और बॉस ने भी परमिशन दे दी थी एन्जॉय करने की सो तेरी गांड क्यों जल रही है साले ..???”

जोकर मास्क 3” साले बॉस का कहना सिर्फ इतना था की जो हमको चाहिए उसके लिए बहार से किसी को उठाना है उनके स्लॉट में से नहीं पैर साले तुम सुनते कहाँ हो …ाचा अब इसका क्या करना है ???”

जोकर मास्क 1” मेरी मानो तोह इसको पहले इसको छोड़ लेते हैं उसके बाद सोचेंगे की करना क्या है ??”

हीना अंदर से कांप रही थी कुछ देर पहले उसने कह दिया था की उसकी जान ले लो पैर उसे अब समझ आया की यह सुच में कोई दरिंदे हैं जो पहले उसकी इज़्ज़त लूटने वाले है और उसके बाद उसके बॉडी part..

उसका दिल बाद दुआ कर रहा था की बस कैसे भी हु एक लास्ट बार रॉकी को देख ले ..

उधर कहीं किसी अज्ञान सी बिल्डिंग में कुछ लोग जमा थे …जिनके सामने एक औरत बहुत सुन्दर और हसीं सी बैठी थी जो किसी अँगरेज़ जैसे गोरी चिट्टी थी उसका गोरा तरशा हुआ जिस्म जो अपने आप में संगेमरमर को टक्कर देने को काफी था ..उसमे उसका ज़ालिम 36बी.26,36 का कातिलाना फिगर …जिसे देखकर कोई भी अपना सब कुछ हार जाये सिर्फ उसे चुने के लिए …पैर यहाँ उसके आगे 7 मजब्बूत्त कद काठी के लोग अपनी निगाह निचे किये बैठे थे ….

उसने एक से पूछा “ हम्म सो आपने कहा इस बार आपको डिलीवरी थोड़ी जल्दी चाहिए सो आपको डिलीवरी जल्दी मिल जाएगी मेरी सर से बात हो चुकी है बस अमाउंट ज्यादा लगेगा??”

उस आदमी ने निचे निगाह के साथ जवाब दिया “ मिस सोफ़िया ,,आप जैसा कहें मेरी औकात नहीं की सर को मन कर सकूँ या आपको कुछ कह सकूँ बस सर को इसके लिए मेरी साइड से थैंक्स कह देना आप ??”

जी हाँ उसका नाम था मिस सोफ़िया और उसके बॉस का असली नाम कोई नहीं जानता था जनता था तोह कोई सिर्फ मिस सोफ़िया को जो अपने बॉस मर बॉस के नाम से डील किया करती थी …और बॉस यह नाम हु था जो पिछले कुछ सालो में बहुत ज़ोर से उप्पेर आ रहा था काळा कामो के लिए …और उसका असली नाम और पता शयद hi कोई जानता हो पैर मिस सोफ़िया को हर कोई अचे से जानता था …क्युकी सोफ़िया को न जाने क्या मज़्ज़ा मिलता था हर मर्द को निचा दिखने में उसके जिस्म के चाहनेवाले बहुत थे पैर सोफ़िया की आँखों में कोई आँख डालकर कुछ कह सके ऐसी वहां लोगों में हिम्मत नहीं थी …क्युकी एक आदमी ने सोफ़िया को किसी पार्टी में ी लव ु कह दिया था उसके बाद मर बॉस के लोगों ने उस आदमी का हर हिस्सा उसके जीते जी काटवा डाला था …और उसके फॅमिली के हर मेंबर को जिन्दा जला दिया था …जिसने भी यह सुना उसका दिल कांप उठा था इस घटना के बाद उसके बाद हर हु मर्द जो मिस सोफ़िया के सामने होता हु सोफ़िया से नज़र झुककर बात करता क्युकी सोफ़िया थी hi इतनी हसीं की जो उसे देखता उसका दिल मचल जाता …पैर दिल के चलते लैंड के साथ हाथ पाँव भी जरूरी होते हैं सो आगे आप समझ चुके होंगे की सोफ़िया से सब क्यों डरते थे ..

और मर बॉस को कोई क्युकी जानता नहीं था सो उसका यह फिजियोलॉजिकल गेम उसको अलग से लोगों का दिल दहला देता था …

खैर उस मीटिंग के बाद सोफ़िया उठी और साड़ी रिपोर्ट उसने अकाउंटेंट को बॉस को देने को कहा ..और अपने घर चली गयी …

उधर …हीना को हु चरों डरा रहे थे की हीना खुद उनके साथ चुदाई के लिए हाँ केहड़े पैर हीना मानने को त्यार नहीं थी …उसने उन चारों को अचे से सुना दिया था …हु भी अब फ़्रस्ट्रेटेड हो चुके थे …

हीना “ आप कैसे भाई हैं मैं आपको भाई कह रही हूँ और आप बहिन के साथ ची …कैसे है आपके माँ बाप जिन्होंने आपको कैसी तालीम दी है …और बहिन के साथ मलतब आपकी अगर सगी बहिन होगी तोह भी आप यही कर्नेगे..??”

जोकर मास्क 2 “ बस बहुत हुआ बहिन की लोदी कितनी देर से मन रहे हैं तुझे पैर तू मानने को त्यार नहीं हमारे माँ बाप को गाली देती है और हमारी बहिन से अपनी बराबरी करती है …मादरचोद लड़की का क्या है कोई और होगी चुदाई के लिए पैर तू अब सिर्फ मारेगी और कुछ नहीं …लैंड सलामत तोह छूट बहुत हैं दुनिआ में ” उसने एक साइड से एक लम्बा सा चाक़ू उठा लिया ..और हीना की तरफ बढ़ने लगा …हीना की तरफ बढ़ते उसके कदम और हीना की धड़कने तेज़ी से बाद रही थी …

उसके साथी भी समझ चुके थे …किआ अब उसे समझने से कोई फरक पड़ने वाला नहीं ..पैर अज़्ज़ेब बात बचे हुए तीनो में से कोई उसे रुकने को नहीं बोलै ..

हु आगे बाद रहा था और हर पल बाद रही हीना की हर धड़कन सिर्फ एक hi नाम जप रही थी …और हु नाम था “”””रॉकी …रॉकी और सिर्फ रॉकी ..”” हीना अपने दिल में यही दुआ कर रही थी की बस अपने मरने से पहले एक बार ………..बस एक बार …..वह अपने रूह के मालिक रॉकी को देखले ..पैर उसका दिमाग भी उसे कह रहा था जिसने 2 साल से नहीं देखा हु आज कहाँ से उसे अचानक दिख जायेगा …उसका दिल इस ख्याल के आते hi बेथ सा गया था ……अजीब बात है न शहीद को याद नहीं किया जबकि शहीद का उसके शिव और कोई नहीं है ..पैर उस अनजान रॉकी को हरपाल याद कर रही थी हीना जिसे सिर्फ हु चाँद पल hi मिली थी …और हर बार जब हु रॉकी से मिली तोह रॉकी ने उसके लिए कुछ न कुछ किया …चाहे देहरादून में उन 3 लड़कों को मार्डन हो जिन्होंने हीना के साथ रपे करने की कोशिश की थी … उसके दिल में रॉकी का नाम की न मिटनेवाली श्याही से लिख दिया था किसीने …

पैर अब हर पल हु मास्क वाला बाँदा उसके पास जैसे आगे बाद रहा था वैसे वैसे उसका दिल रॉकी के आने की उम्मीद छोड़ रहा था …हु जोकर मस्क्वाला हाथ में लम्बा सा चाक़ू लिए हीना के सामने था उसके हाथ और पेअर अभी तक वैसे hi बंधे हुए थे …

हीना के सर के पास उसका चाक़ू लहरा रहा था हु हीना ने अपनी आँखें बंद कर ली डर से या दुआ में पता नहीं और उसके वार का इंतज़ार करने लगी …पैर कुछ सेकंड बिट जाने के बाद भी उसके उप्पेर वार नहीं हुआ …पैर उसके सर पैर कुछ गीला -गीला सा गिर रहा था हीना ने उसे देखने के लिए आँखें खोला तोह उसकी आँखों में ख़ुशी से आंसू आ चुके थे क्युकी उसके सर पैर पड़ने वाले वार को उसके रूह के मालिक रॉकी ने अपने हाथों के बिच में रोकक लिया था पैर हाथ में चाक़ू के घूमने के बाद लग जाने वाले कट के चलते उसका खून हीना के सर से होते हुए उसके चेहरे तक जा रहा था …

हीना ने तोह जीने की साड़ी उम्मीद hi छोड़ दी थी पैर जैसे ज़िन्दगी के पूरा न होने पैर मरना मुश्किल है वैसे hi किस्मत कब किसको कहाँ आपके सामने खड़ा करदे यह कहना मुश्किल है …ऐसे टाइम में जब उसकी दिल से खवाहिश थी की रॉकी उसके सामने हो तोह किस्मत ने उसके जान को बचने के लिए रॉकी को उसके सामने भेज दिया था और …रॉकी ने भी हीना को निराश नहीं किया बेशक उसके हाथ में चाक़ू लग चूका था …पैर मनु ने उसके बाद उस चाक़ू को तेज़ी से टर्न किया तोह हु उसक मास्क वाले के हाथ से शिल्प हो चूका था …

और मनु जैसे के लिए यह काफी था मनु ने …उसके बाद एक जोरदार किक उसे मारी तोह हु पीछे की और ज़ोर से गिरा अपने एक साथी को लेकर …उसके बाद मनु ने बचे हुए मास्क मन के पास जाने की कोशिश की ..

तोह उस मास्क मन ने मनु को किक मरने की कोशिश की पैर मनु ने एक सुमरसॉल्ट लेकर उसे बचाव किया …

अब मनु समझ चूका था की अजय का मतलब किस ट्रेनिंग से था …

हीना “ रॉकी इनमे से किसी को छोड़ना नहीं यह दरिंदे हैं इनका काम लड़कियों का रपे करना और ह्यूमन बॉडी part की तस्करी है यह इंसान नहीं है …सो इनको वही सजा देना जो देहरादून में आपने उनको दी थी ..”

मनु “ दोने ..”

उसके बाद मनु को उस मास्क मन ने किक किया फिर से पैर मनु ने इस बार थाईलैंड का किक बॉक्सिंग उसे किया …जिसमे कोहनी और घुटने का इस्तेमाल होता है …मनु ने उसके किक करते hi उसके घुटने पैर कोहनी से ज़ोर से वार किया …और उसका घुटना कडाककककककक!!!!! की आवाज़ के साथ टूट चूका था …

उसके गिरते hi दूसरा त्यार था …उसने हवा में किक और पूछ किया …मतलब यह भी फाइटर है …मनु ने उसके पसली को टारगेट करके एक ज़ोर दार पूछ मरना चाहा …

पैर हु पीछे जम्प लेकर बच गया …उठने में जो गिरे हुए थे ुमने से एक ने चाक़ू हीना के गले पैर लगा दिया …और वही ओल्ड डायलाग “ अगर तुमने हिलने की कोशिश की ….”

मनु “ तोह पता है तुम उसको नहीं छोड़ोगे जैसे इससे पहले तोह जैसे छोड़ने वाले hi थे ….और मैंने अब पीटने वाला हूँ यही न…??”

हीना “ नहीं भले hi मुझे कुछ भी हो जाये …”

मनु “ इनको मत छोड़ना यार यह कोई मूवी है क्या ??? वही घिसे पिटे डायलाग ाचा चलो कुछ नया तरय करते हैं …तुम को एक ऑफर देता हूँ तुम छर्रों में अकेला एक साथ लड़ते हैं जो जीता लड़की उसकी …क्या बोलते हो ???”

हीना अचे से समझ गयी मनु ने यहाँ जीतने के लिए उनको ुझा दिया है …चरों अपने अपने दिमाग में सोच रहे थे …की क्या यह सही है …

मनु “ ारे यार कुछ तोह सरम करो …तुम चार मैं अकेला और वही भी बिना हथियार के सालो इतने के बाद भी अगर डरते हो तोह सालो नसबन्दी करवा लो क्युकी तुमको मर्दानगी की नहीं चूड़ियों की ज़रुरत है …” मनु ने उनको भड़काने के लिए कहा …

उस आग में घी का काम किया हीना की हंसी ने …जो नसबंदी की बात सुनकर हंस रही थी ….

उन सबने एक साथ कहा “ हम तैयार हैं “”और सारे एक साथ मनु की तरफ दौड़ पड़े …

मनु भी उनके दुआदते hi उनकी तरफ भाग और उनके जस्ट पास आने से पहले एक सुमरसॉल्ट मारा और चारूं के उप्पेर से जम्प लेकर हीना के पास आ कर लैंड हुआ …

उस लास्ट बन्दे ने गुस्से में हु चाक़ू हीना के थोड़ा पास में फेंक दिया था ..शायद यही उसकी गलती थी …मनु ने उस चाक़ू को हाथ में लिया जिस सबसे पहले उसने हीना के हाथों को की रस्सी काट डाली …और वापस मुदा और जो सबसे पहले उसके सामने आया उसका सीना काट डाला …उसकी चीख निकली और हु उसके बाद ज़मीं पैर गिर चूका था …उसमे जान बाकी थी …

उसके बाद हुआ खेल शुरू मनु का मार काट का …मनु ने उसके बाद सामने आने वाले के हाथ को उसके जिस्म से अलग कर सिया …उसकी चीखें सुकर हीना भी कांप गयी …उसने पैरों की रस्सी खोलते हुए उसके काटते हुए हाथ से खून की धार भाहते हुए देखा तोह उसने भी नज़रें फेर ली …

मनु ने उसके बाद अगले के पेट को काट डाला …उसकी अंतड़ियाँ और कलेजा बहार को झूलने लगा था …उसके साती को यह देखकर मास्क में hi उलटी आ चुकी थी …और यही उसकी आँखों में उलटी गयी और मानु ने उसके दोनों पेअर काट डाले थे …उसकी हंसी अब चीखूँ में तब्दील हो चुकी थी …

कोई अस्स पास में होता तोह उसका दिल भी देहल जाता यह चीखें सुनकर …..उन चारूं को आज खुद महसूस हो रहा था की उन्होंने आज तक कैसे लड़कियों के जिस्मो के part सिर्फ बेचने के लिए इस्तेमाल किया था…

पैर आज एक मनु ने उनको उन्ही क एक चाक़ू से काट कर ऑपरेशन का सही मायने समझा डाला था …मनु ने उन्सबके गिरते hi हीना को देखा ….हीना मुँह फेरे कड़ी थी …उसे भी उनकी चीखें बर्दास्त नहीं हो रही थी …

मनु हीना से ..” बहार मेरी बाइक कड़ी है उसपर मेरा फ़ोन होगा शहीद को कॉल करो मैं कुछ देर में आता हूँ …”

हीना ने मनु की बात सुनी और आगे सिर्फ सर हिलाकर इशारा किया …और बहार निकल गयी …क्युकी मनु आगे क्या करने वाला था शायद उसे अंदाज़ा tha…jisme उसने भी यही माँगा था मनु से …

मनु “ चिल्लाना बंद करो यार बस बहुत hua….chup …” भला कटा हुआ और गांड फटा हुआ इंसान चुप होता है भला …कोई शांत नहीं हुआ …

मनु ने चारूं को समेटा एक साथ और आस पास के सामन में से कुछ बेकार सामन इकठा किया …और उसके बाद उसने वहां पास में पड़े हुए टेबल से सिगरेट लाइटर जो शायद उनमे से एक का रहा होगा …उठाया

मनु “ देखो मैं चाहता तोह एक वार में तुम सबको मार सकता था …पैर उसे उन मरनेवाले लोगों की आत्मा को सुकून नहीं मिलता क्युकी तुमने जैसा सलूक इंसान के साथ किया है वैसा सलूक तुम्हारे साथ भी होना चाहिए …तोह जिन्दा जलना hi तुम्हारे लिए सही है जब तुम जलते हुए चीखोगे तब जाकर उनके दिलों को सुकून मिलेगा जिनको तुमने इस पैसे के लालच में मार दिया है या मारने वाले थे …सो bye फॉरएवर….”

मनु ने उसको जिन्दा जला डाला था और क्युकी उनमे से कोई भागने जैसे हाल में था नहीं …मनु ने उनको छीकते हुए सुना और वहां से निकल आया बहार जहाँ हीना कड़ी थी ….उसने शहीद से बात कर ली थी …

हीना ने मनु को मोबाइल दिया शहीद लाइन पैर था …”hello थैंक्स रॉकी हीना सलामत है तुमने एक बार फिर से मेरा भरोसा सही साबित कर दिया ….मुझे तुमपर जो भरोसा था हु तुमने सही साबित किया …मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ …तुमने एक और एहसान कर दिया हम पैर …” शहीद की बातों से लग रहा था शायद शहीद उधर से रॉब hi रहा हो ..हीना भी आंसू बहा रही थी …उसकी लाइफ में यह दूसरी बार था जब उसकी इज़्ज़त मनु ने बचाई थी …पैर जान बचने का मौका तीसरी बार था …खैर आपने पास्ट के अपडेट पड़े होंगे तोह याद होगा कैसे मनु ने हीना और शहीद का इलाज़ करवाया था …

मनु “ शहीद भाई बस करो यार हीना को घर भी लाना है …तोह आप यह सब फॉर्मेलिटी को भूल जाओ ताकि थोड़ा जल्दी हीना को आपके पास ला सकूँ ..” उसके बाद भी शहीद ने भी आगे ज्यादा कुछ नहीं कहा बस सिर्फ इतना कहा “ ध्यान से आना ..”

मनु ने कॉल कट किया …और अजय का हु मोबाइल उसने दूसरी जेब में से निकल कर चेक किया की कहीं रस्ते में हु टूट तोह नहीं गया था …मोबाइल सही था ….यह मोबाइल hi अजय के दिमाग से मनु को हीना के लिए यहाँ तक ले आया था मनु ने आते hi बहार उस कार को देखा था ..जिसमे उस कार के उप्पेर सामान लड़ने वाली ट्राली जो उसकी छत्त पैर लगी हुई थी उसमे से अजय का मोबाइल निकल लिया था …अजय ने साइलेंट करके मोबाइल वहां रखा था ….

मनु ने अब हीना को देखा उसके सूट में से दुपट्टा मिसिंग था तोह उसने कार में देखा पैर हु वहां भी नहीं था हीना को मनु जनता था …सो मनु ने ज्यादा कुछ न कहते हुए उसने हीना को अपना जैकेट दे दिया …

हीना ने चुपचाप जैकेट पहन लिया …एक बार फिर मनु का जैकेट उसके जिस्म पैर था …शाम का टाइम हो रहा था ..मनु ने हीना को पीछे बेठ्या और बाइक एक बार फिर डूडा दी …

मैं रोड के पास कुछ छोटी सी चाय की दूकान आयी तोह मनु ने बाइक वहां लगाई …क्युकी उसने कुछ खाया नहीं था …और हीना को देखकर भी उसे लग रहा था की उसने भी शायद कुछ खाया न हो …

मनु के बाइक रोकते hi हीना ने मनु को देखा ..मनु “ थोड़ी चाय चलेगी आपको???”

हीना ने सर हाँ में हिला दिया …मनु ने उस दूकान के मिल्क को चाय के लिए कहा …दूकान का मालिक एक अधेड़ उम्र का आदमी था उसकी अधेड़ उम्र की चिड़चिड़ी बीवी भी दूकान में उसके साथ रहती थी काम के लिए …

यह छोटी सी दूकान मैं रोड से अलग एक कच्चे से रस्ते से गुज़रते हुए पड़ती थी जिसका सबसे ज्यादा कमाई का टाइम पास में फैक्ट्री से आनेवाले वर्कर्स के शाम या लंच का होता था …पैर आज संडे था ..तोह दोनों मिया बीवी दूकान को खोलने की फॉर्मेलिटी पूरी कर रहे थे …क्युकी उनका धयान तोह सामने चल रहे छोटे से लोकल कलर टीवी में था …जिसमे शायद कोई मूवी चल रही थी..

मनु ने दो चाय का आर्डर दिया तोह हु बुढ़िया हीना को देख रही thi…heena ने उस बुढ़िया से मुँह हाथ धोने को पूंछा तोह बुढ़िया ने सामने दुकान में वाशबेसिन का इशारा कर दिया हीना वहां गयी ..और हाथ धोने लगी …मनु ने मास्टर को जो उसने उस जोकर मास्क गैंग के साथ किया था हु सब बता दिया और वहां की कारवाही देखने के लिए कहा ,,,मास्टर ने भी इसमें अपने ैप फ्रेंड से बात करने को कहकर कॉल काट दिया …

तब तक चाय आ चुकी थी ..

हीना “ अन्त्य जी पानी नहीं आ रहा है ..???”

बुढ़िया “ अरे बीटा हु …..ाचा रुको मैं आती हूँ “”

उसके बाद हु बुढ़िया अन्त्य उठी और हीना के पास गयी तोह नल का तप जो निचे लगा था उसे ों कर दिया ..

हु बुढ़िया “ अरे बाबू तुम कितनी प्यारी हो …नज़र न लग जाये तुम्हे किसी की …” हु बुढ़िया हीना की नज़रें उतारने लगी .

तब तक बुड्ढे ने उस टीवी का वॉल्यूम तेज़ कर दिया …उस टीवी में “ग़दर: एक प्रेम कथा” सनी देओल की मूवी चल रही थी …

हीना ने पानी आने के बाद अपना मुँह धोना शुरू किया ….और उसके सर में मनु का गिरा खून जो सुख चूका था फिर से गीला होकर अपना रंग बहाने लगा …

उसके सर से खून लाल रंग में बह निकला जिसे देखकर हीना के साथ हु बुढ़िया भी हैरान थी …

उस पैर उस बुढ़िया ने हीना को डांटे हुए कहा “ अरे पगली सिन्दूर तोह मांग में सिर्फ अपने आदमी की लम्बी उम्र के लिए लगया जाता है …पैर लगता है तुझे तोह कुछ ज्यादा hi परवाह है अपने आदमी की देखो तोह कितना सिन्दूर लगा लिया है “”

उसी टाइम ग़दर मूवी का हु सन जिसमे सनी देओल हीरोइन अमीषा पटेल की जान बचने के लिए अपने खून से उसकी मांग भरकर कहता है …” लो अब यह हो गयी सीखनी …अब अगर इसकी तरफ किसीने नज़र उठाकर देखा भी तोह सोच लेना ….वाहे गुरु जी दी सूह …” यह सन टीवी पैर चल रहा था मनु ने भी हीना को देखा उसके मांग से होता हुआ मनु का खून आ रहा था …

हीना और मनु की नज़रें उस आईएनए से मिली जो उस वाशबेसिन के उप्पेर मुँह देखने को लगा था …मनु चाय पिटे हुए धसका लगने से खांसने लगा उसकी चाय उसके मुँह से बहार निकल आयी thi….heena उस बुढ़िया की बात से शर्माने लगी ..उधर मनु ग़दर के डायलाग सुनकर वहां खुद को पा रहा था …मनु ने अब हीना से नज़रें चुरा ली क्युकी हु नहीं चाहता था की हीना को उसके लिए बुरा लगे या हीना शर्मिंदा हो इस बात को लेकर .…

हीना ने मनु को नज़रें चुराते हुए देखा उसने भी हु ग़दर का डायलाग सुन लिया था …और उसे अपने मैं में वही फीलिंग आ भी रही थी …जहाँ हीरो हीरोइन के लिए उसकी मांग भर देता है और समाज में उसके जीने के लिए और इज़्ज़त के लिए उसे बीवी का दर्ज़ा देता है …

हीना का दिल उस बात को सुच मान रहा था की उपपरवाले ने मनु के हाथों उसकी मांग भरवा दी थी …उसके दिल में तोह एक hi हीरो था रॉकी उर्फ़ मनु जिसने उसे कई बार बचाया था …और आज उसके हथून अनजाने में hi सही हीना को हु ख़ुशी मिल गयी थी जिसका खवाब हीना ने बहुत पहले देखा था …अब सुच में हु खुद को मनु की बीवी मान रही थी ..उसका ध्यान आईने में था जिसमे सिर्फ मनु दिख रहा था ..

बुढ़िया ने हीना को हिल्या” अरे बीटा बस भी कर मानती हूँ तेरा आदमी दिखने में हीरो सा है पैर इसका मतलब यह नहीं तू उसके लिए इतना सिन्दूर पॉट ले बीटा थोड़ा भी काफी है मांग भरने को और उम्र लम्बी करने के लिए अब बीटा तेरा अपने आदमी को देखना अगर अब हो गया हो तोह पानी बंद कर दूँ ??आज कल की यह लकड़ियां भी कमल है अपने hi आदमी का मांग में सिन्दूर लिए भी उसे दूर से इस आयने से देख रही हैं ” बुढ़िया ने अपने में बडबडते हुए कहा ...

उसकी इस बात पैर हीना और मनु दोनों ने सुना था क्युकी हु बुढ़िया ने जोर से कहा था …मनु ने तोह मुँह घुमा hi रखा tha,,na सुनने का बहाना किया …पैर हीना तोह सरम से ज़मीं में गाड़ी जा रही थी ..उसी सुच में मनु की बीवी होने की फीलिंग आ रही थी …

हीना और मनु ने उसके बाद चाय पि और कुछ बिस्कुट भी लिए और मनु और हु दोनों एक दूसरे के आमने सामने थे …मनु ने हीना से कहा ..यह सब अन्त्य की बात भूल जाओ …”यह सब फिल्मो में होता है ..जो हुआ उसमे न मेरी गलती है न आपकी और इन अन्त्य का क्या है …जो दिल में आया हु कह दिया आप परेशान न हों प्ल्ज़ ..आपको ऐसे देखना ाचा नहीं लगता ..”मनु ने तोह हीना को टेंशन से बहार लेन को कहा था पैर हीना को इसमें भी अपने लिए रॉकी की फिक्र दिखी …उसका दिल नाच रहा था …

खैर अब दोनों वहां से चलने के लिए त्यार हुए …मनु ने पैसे दिए और अपनी बाइक में किक मारी …हीना बाइक से उतरी और उस बुढ़िया के गले मिलकर आयी ..उस बुढ़िया ने भी हीना को अपने सीने से लगा लिया …जैसे उसकी सोई हुई ममता आज जाग गयी थी …

मनु ने पीछे देखा ..हीना आयी और बाइक पैर बेथ गयी …मनु ने अंदर सर झुकार कर दोनों से अलविदा कहा ..

बूढ़े और बुढ़िया दोनों एक साथ “ उपपरवाला तुम्हारी जोड़ी बनाये रखे …” दोनों ने एक साथ दुआ दी ..

जिसे सुनकर मनु ने अपना माथा पिट लिया …जिसे देखकर हीना कुछ नहीं बोली पैर दोनों बूढ़े और बुढ़िया को देखकर उसने फिर से रेस्पेक्ट से उनको देखा ..जैसे अब हु अपने पति के साथ आपने सुसराल जा रही थी ऐसी फीलिंग आ रही थी use…heena का दिल सुच में ख़ुशी से झूम रहा था …

उधर कुछ घंटे बिट जाने के बाद मर बॉस ने सोफ़िया को कॉल किया सोफ़िया ने कॉल पिक किया तोह उसके मुँह से एक hi बात निकली …”ओह! No सर “

सोफ़िया मैं में “ यह सब क्या है हमारे गैंग में यह चार लोग काफी टाइम से थे पैर आज इनका यूँ मर्डर कुछ तोह गड़बड़ है …इसका पता जल्द लगाना होगा …क्युकी बिज़नेस में बॉस को गुस्सा दिलाना सही नहीं है ..और यह तोह जोकर गैंग (जोकर मास्क गैंग को जोकर गैंग भी कहते hain)ke साथ हमारी भी बेज़्ज़ती है क्युकी जोकर गैंग हमारा ट्रेडमार्क है …सो कोण है जिसने बॉस के लोगों से पन्गा लिया है ???”…..सोफ़िया सोच में गम थी पैर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था …पेरशान होकर चेंज करके स्विमसूट में आयी और वह अपने बंगला के स्विम पूल सेक्शन में जाकर स्ट्रेस फ्री होने के लिए उस में कूद गयी ..और स्विमिंग करने लगी .. .. :हिंट:
 
अपडेट 73

रिकैप..

सोफ़िया मैं में “ यह सब क्या है हमारे गैंग में यह चार लोग काफी टाइम से थे पैर आज इनका यूँ मर्डर कुछ तोह गड़बड़ है …इसका पता जल्द लगाना होगा …क्युकी बिज़नेस में बॉस को गुस्सा दिलाना सही नहीं है ..और यह तोह जोकर गैंग (जोकर मास्क गैंग को जोकर गैंग भी कहते hain)ke साथ हमारी भी बेज़्ज़ती है क्युकी जोकर गैंग हमारा ट्रेडमार्क है …सो कोण है जिसने बॉस के लोगों से पन्गा लिया है ???”…..सोफ़िया सोच में गम थी पैर उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था …पेरशान होकर चेंज करके स्विमसूट में आयी और वह अपने बंगला के स्विम पूल सेक्शन में जाकर स्ट्रेस फ्री होने के लिए उस में कूद गयी ..और स्विमिंग करने लगी .. ..


अब आगे.....

मनु ने और हीना के बिच में रस्ते भर कोई बात नहीं हुई …पैर हीना ने रस्ते भर अचे से एन्जॉय किया मनु का ध्यान सिर्फ ड्राइविंग पैर था पैर हीना का ध्यान सिर्फ मनु पैर था ..उसने आज 2 साल बाद मनु को देखा था …पैर जैसे उसने सोचा था मनु अब और हैंडसम हो चूका था …पैर मनु अपने दिमाग में सोच रहा था …की शहीद ने उसे 2 साल बाद पहचाना नहीं …पैर हीना क्या पता हु भी उसे कोई और समझ ले …” यह ख्याल आते hi मनु ने बाइक साइड में रोक ली …हीना दिन छिपने के बाद से बस मनु को देख रही थी …पैर दोनों के बिच में एक ख़ामोशी थी …पैर हीना ने जैसे hi बाइक रुकी उसका ध्यान टुटा …पैर उसने कुछ कहा नहीं …

मनु ने बाइक को रोड के साइड में लगा लिया था …उसके दिमाग में हीना को लेकर कुछ सवाल थे ..पैर शुरू कहाँ से करे उसे समझ नहीं आ रहा था …

हीना ने अभी टेक क लफ्ज़ नहीं कहा था …हीना को चुप देखकर मनु ने hi कहा हीना से ..

मनु ..” hi मैं रॉकी याद है न …??”

हीना ..” जी आपको जानती हूँ मैं अचे से …पैर उसके लिए रस्ते में बाइक रोकने की जरूरत क्या हुई ???

मनु ..” असल में कुछ सवाल हैं जो आपसे पूछने हैं ???”

हीना ..” सवाल तोह आप घर जाकर भी पूछ सकते हैं उसके लिए रस्ते में रुकने की जरूरत क्या है ???” हीना ने हैरानी से पूछा ..

मनु …” जरूरत है …क्या आपके घर पैर मैं अपनी पुराणी दोस्त से बात कर सकता हूँ ??”

हीना मनु के मुँह से दोस्त सुनकर हज़ार बार कूदने जैसे हुई पैर उसके चेहरे की लाली और शर्म के साथ उसके बर्ताव ने उसे रोक लिया …बस अपने में सिमट कर सिर्फ मुस्कुरा दी ..

मनु “ आपने इससे पहले कुछ अलग सा महसूस किया मेरा मतलब है …कोई आपका पीछा कर रहा हो या ऐसा कुछ ??”

हीना ..” नहीं ऐसा तोह कभी हुआ नहीं पैर आपने ऐसा क्यों पूछा ???”

मनु ..” नहीं बस ऐसे hi …ाचा जो यहाँ हुआ उसे आप अपने घर पैर शहीद से न कहना …मेरा मतलब आप समझ रही हैं न …जितना काम शहीद को पता लगेगा उसे आपकी लाइफ उतनी सुकून में होगी …और आगे भी आप इस बात का धयान रखना की …आप आगे भी सेफ रहें ..”मनु ने हीना को समझते हुए कहा …

हीना ने भी अचे बचे की तरह सिर्फ सर हिला दिया …

मनु ने उसे बाइक पैर बैठने को कहा और जब हु बैठी तोह बाइक को वापस रोड पैर दौड़ा दिया …हीना तोह जैसे ख़ुशी में नाच रही थी की मनु उसकी सेफ्टी को लेकर कितना सजग है …

पैर मनु मैं में सोच रहा था …” हीना को बचने का मतलब साफ़ है हु ग्रुप को पता चल जाना की उनका कोई दुश्मन है …और यह बात अब लम्बी जा सकती है …”

खैर मनु ने बाइक को रेस दी तोह हीना ने ुनबलने होने को हुई तोह उसने मन ऊके खंधे को पकड़ लिया …मनु ने पीछे देखा और सॉरी कहा …पैर हीना ने भी बदले में उसे पकड़ने के लिए सॉरी कहा …

मनु “ सॉरी की जरुरत नहीं है दोस्ती में चलता है …अब थोड़ा मुझे या बाइक थोड़ा कसकर पकड़ लो क्यूंकि टाइम ज्यादा होने लगा है और रास्ता काफी है …”

हीना ने बाइक को पकड़ने की जगह मनु को पकड़ लिया ..हीना को भला इतने दिन बाद मौका मिला था अपने रॉकी के साथ होने का भला बेजान बाइक को पकड़ना उसे कैसे मेजर होता ..उसने मनु के बोलने के बाद तुरंत hi मनु के कमर से हाथ निकल कर उसके पेट के िरद गिर्द पकड़ लिया मनु के कमर में आपने उभार गदा दिए …मनु को उसके उभर कमर पैर लगते hi एक झटका सा लगा ..क्युकी अब उसे इस उभार का असली मतलब समझ आ चूका था …पैर रस्ते में टाइम और रात के आने के चलते उसका धयान सिर्फ रस्ते पैर था …पैर हीना का दिल जनता था …की मनु के जिस्म से आती मर्दानी खुशबु और उसका कैसा हुआ जिस्म कैसे हीना को बहका रहा था ….उसके उभारों में उसकी निप्पल कड़क हो चुकी थी …जो मन ऊके कमर में अचे से अपनी मौजूदगी बता रही थी …पैर मनु ने अब कोई रिएक्शन नहीं दिया …और बाइक की रफ़्तार बड़ा दी …

बाइक की राफ्तेर से भागने के बाद भी मनु और हीना को कोई ½ घंटा लगा गया अपने घर आते हुए …मनु ने टाउन में आते hi बाइक को रोका और गुरु जी को कॉल किया ताकि पता चल सके की शहीद कहाँ है …तोह गुरु जी ने बताया की हीना का कॉल आने के बाद hi शहीद अपने घर जा चूका है …सो मनु ने हीना को देखा और उससे उसका पता पूछा …हीना ने उसे पता बता दिया ..

और मनु ने भी उसके घर की आगे बाइक लगा दी …शहीद तोह जैसे अपने घर के छत्त पैर hi बैठा देख रहा था …उसने दूर से hi आते हुए देख लिया …दोनों जैसे hi गेट पैर नॉक करने को हुए तोह शहीद ने गेट ओपन कर दिया और हीना को अपने सीने से लग आलिया उसके आंसू निकलने लगे शामे हाल हीना का भी था …मनु ने देखा यह दोनों तोह गेट पैर hi रोने लगे थे ..सो उसने दोनों को टोका और अंडर चलने को कहा …

दोनों ने उसकी बात का मतलब समझा और अंडर चल दिए …मनु ने खुद hi गेट बंद किया …अब आप इसे अजीब मनो या मनु का चार्म की जो गली रात घिरने से सुनसान हो जाती थी ..वह अचानक से मनु को देखते hi भरने जैसे थी ,,,,क्युकी एक वजह थी हीना ….हाँ हीना एक ऐसी लड़की थी जो न आज तक किसी लड़के के साथ देखि गयी थी और न hi हु रात में घर से बहार अकेले जाया करती थी …अमीरों में इस बात का मतलब ज्यादा बड़ा नहीं होता ..पैर किसी छोटे इलाके में लड़की किसके साथ आ रही है और जा रही है इसमें लड़की के घरवळून से ज्यादा पड़ोसियों को दिलचस्पी होती है …

और मनु जैसा हैंडसम लड़का रात घिरने पैर किसी लड़की को अपनी बाइक पैर लेकर आये तोह इसका मतलब पड़ोसियों को बात करने के लिए टॉपिक दे देना …मनु ने इसी के चलते हीना और शहीद को गेट से हटाया था …

शहीद और हीना अब रोकर नार्मल हो चुके थे …शहीद उठा और मनु के गले लगा और थैंक्स कहने लगा …

मनु ने अपनी आदत के मुताबिक उसे थैंक्स कहने से रोका ..और चलने की इज़ाज़त मांगी …इस पैर शहीद ने उसे कमसे काम चाय पिने को कहा …मनु ने हीना को देखा उसकी आखों में भी एक इल्तज़ा थी चाय पीकर जाने की सो मनु ने भी हाँ कहा …उसके हाँ कहते hi हीना फुर्ती से उठी और किचन में चली गयी ..

शहीद” भाई कैसे सुकरिया ऐडा करूँ तुम्हारा हर बार जब मुझे कोई जरिया नज़र नहीं आता तुम सामने किसी फ़रिश्ते की तरह आ जाते हो मदद के लिए और बदले में कभी थैंक्स भी नहीं लेते हो यह बा ताकि नहीं है ???” शहीद ने फिनॉय नाराज़गी जताते हुए कहा ..

मनु ने शांति से मुस्कुराकर कहा “ शहीद अगर गैर मानो तोह बेशक सुक्रिया कर देना मैं उसे कुबूल कर लूंगा ..पैर एक बात कहूंगा मैंने आपको कभी गैर नहीं समझा सो ..अपनों में सुक्रिया थोड़ा ाचा नहीं लगता मुझे ..फिर भी अगर आप चाहो तोह सुक्रिया कह दो मैं समझ लूंगा मैं आपका अपना नहीं गैर हूँ”

शहीद ..” फरिस्ते ऐसे hi होते हैं पल में अपना बना लेते हैं …ाचा बाबा अब सुक्रिया नहीं कहूंगा बस तुम गैर मत मन्ना हमे …क्युकी यह बड़ी सजा होगी की तुम जैसा साक्ष हमे गैर मने तोह ..हहहह!”

मनु “ बस भी करो ..यार कितना फॉर्मेलिटी करोगे …ाचा एक बात सुनो ध्यान से ???” मनु ने किचन को देखते हुए कहा जहाँ हीना अपने में बस्सी थी ..उसकी बात पैर शहीद भी धयान देने लगा ..

मनु “ देखो हीना से ज्यादा पूछ टाच न करना ..क्युकी उसने आज बहुत कुछ सहा है ..और सहा तोह आपने भी है ..पैर क्या करें हम मर्दों को हर हाल में मज़बूत रहना पड़ता है ..पैर एक बात का हो सके तोह ध्यान रखना ..की हीना जितना हो सके काम से काम बहार जाए ..और अगर उसके साथ कोई न कोई हो तोह ज्यादा ाचा ..होगा ..आप समझ रहे हो न ..???”

शहीद इस बात पैर संजीदा हो चूका था ..उसे मनु की बात समझ आ रही थी ..”शहीद “ हाँ रॉकी मैं समझ रहा हूँ पैर क्या करूँ मैं भी काम क़ाज़ी इंसान hun..or हीना भी अभी पद रही है ..पैर मैं भी क्या कर सकता हूँ …उसे अकेला छोड़ना मेरी मर्ज़ी से ज्यादा मेरी मज़बूरी है …आखिर हम दोनों हैं तोह अकेले hi न …”

मनु “ तोह भाई निकाह कर लो उसमे कोनसी बड़ी बात है …कमसे काम आपकी बीवी तोह घर रहेगी न आपके बहार रहने पैर और हीना भी अकेली नहीं रहेगी …प्रॉब्लम सोल्वे ..तोह कर डालो निकाह जल्द से जल्द..”

शहीद .” रॉकी कैसी बात करते हो ामिजान का यह सपना tha..ki हीना का निकाह मुझसे पहले हो ..और मैं भी यही चाहता हूँ ..की हीना का निकाह मुझसे पहले हो ..वर्ण यार सब उल्टा हो जायेगा ..”

क्या उल्टा हो जेगा ???” हीना ने चाय के साथ कई प्लेट एक साथ हाथ में पकड़ राखी थी …

शहीद उठने को हुआ ..पैर मनु उसके उठने से पहले hi हीना के हाथ से प्लेट लेकर टेबल पैर रख चूका था …

हीना “ सही तोह कह रहे हैं यह भाईजान अब आपको निकाह कर hi लेना चाहिए …काम से काम मुझ गरीब को तोह चैन मिलेगा रसोई से देखो …कैसे नन्ही सी जान आपके उस खवाब के चलते गरमी में हर रोज़ तीनो टाइम जलती है ..” हीना ने भी मज़े लेते हुए कहा …शहीद भी अचे से समझ चूका था की उसका मतलब क्या है ..

शहीद ..” सूचि में इतना जलना पड़ता है शहज़ादी साहिबा को हाय हम तोह बेकार में hi खुद को बादशाह समझने लगे थे …??”

हीना “ भाईजान आपको नज़र hi नहीं आता पैर अगर कालको मुझे कुछ होगया तोह …फिर मेरे भाईजान का क्या होगा यह सवाल तोह मुझे जहन्नम में भी चैन से रहने नहीं देगा …भाईजान आज मैंने ….”हीना का दिल आज की बात को लेकर रोने hi वाला था ..पैर मनु ने उसे बिच में hi रोक दिया …

मनु “ बस बहुत हुआ हीना भी अपनी जगह सही है …तोह शहीद अब यह फाइनल हुआ किआ आप निकाह कर रहे हैं और ना का सवाल hi नहीं उठा ..और अगर न किया तोह समझ लूंगा की आपको हीना की और मेरी कोई परवाह नहीं है …सो तैयार हो जाओ …निकाह के लिए ..”

शहीद “ यार हीना किट ओह मज़ाक करने की आदत है ..पैर तुम भी अगर जोर डोज तोह कैसे चलेगा …और खबरदार जो तुमने खुद को गैर मान तुम तोह अपनों से भी अपने हो हम दोनों के लिए ..”शहीद ने हीना को देखते हुए कहा ..जिसपर हीना भी उसका इशारा समझ गयी और सरम से अपनी आँखें झुका ली उसने ..

मनु …” तोह ठीक है तय रहा …की अब आप निकाह कर रहे हो क्यों सही है न हीना …इसमें तुम मेरे साथ हो ??..” मनु ने ख़ुशी से हीना की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा ..

हीना को भला क्या ऐतराज़ होता उसने तोह फुरण मनु का हाथ थम किया और सर हिलाकर हाँ कहा उसकी मुस्कराहट देखने लायक थी शहीद भी हीना को खुश देखकर बहुत खुश था …मनु के हाथों में हीना का हाथ देखर उसका दिल भी खुश था ..

हीना मैं में “ आप सिर्फ साथ की बात कर रहे हो मैं तोह पता नहीं कबसे आपके साथ हूँ और हमेशा रहूंगी सिर्फ आपके साथ ..मेरी रूह के मालिक हीना सिर्फ आपकी है….. है कितने हक़ से आज आपने मेरा हाथ थमा है ..” हीना के अरमान जागने लगे थे ..उसकी आंखों में मनु के लिए दुनिआ भर का प्यार सिमट आया tha…per मनु सिर्फ शहीद से बात करने में लगा हुआ tha…heena ने मनु का हाथ अभी तक थाम रखा था …

शहीद अचे से देख रहा था हीना की आँखों में मनु के लिए बेपनाह मोहब्बत पैर इससे अनजान मनु सिर्फ शहीद पैर धयान लगये था ..

मनु को भी अब अजीब लग रहा था की हीना ने काफी देर से उसका हाथ थाम रखा था …और हु भी शहीद के सामने ..अब मनु को उनकंफर्टबले लग रहा था …शहीद और हीना तोह नार्मल थे …

मनु ने अब हीना से हाथ छुड़ाने की कोशिश की पैर हीना ने नहीं छोड़ा …शहीद ने ऐसे में कॉल आने का बहाना किया ..और निकल गया …

मनु “ हीना जी हाथ छोड़ भी दिज्ये अब …”

हीना “ आप hi तोह साथ माँगा था …बड़ी जल्दी साथ भी छुड़ाने लगे आप तोह ??”

मनु “ हीना बाद साथ की हुई थी हाथ की नहीं और साथ बिना हाथ थामे भी दिया जा सकता है …” हीना ने इस पैर मनु का हाथ छोड़ दिया …

हीना ने टॉपिक बदलते हुए “ ाचा तोह आपने यह एहसान और ाचा किया की भाईजान को निकाह के लिए मन लिया …वर्ण इतने टाइम से मैं थक गयी थी पैर भाईजान ने हाँ नहीं की …पैर आप के कहते तोह भाईजान ने फुरण हाँ कह दी थैंक्स “

मनु “ इसमें थैंक्स की जरूरत नहीं यह अभी के लिए जरूरी है सो जो सही लगा कह दिया “ मनु मैं में “ क्युकी अब हो सकता है टेंशन बाद जाये पैर यह जरूरी भी है …ताकि तुम और शहीद सेफ रहें शादी की वजह से कुछ टाइम तक रिश्तेदारों के आनेजाने से दोनों अकेले नहीं रहोगे और उनको भी जल्दी से भीड़ के चलते मौका नहीं मिलेगा सो तुम दोनों hi सेफ रहोगे ..सो शहीद को मन्नान जरूरी था.”

हीना “ अरे आप कहाँ खो गए आप सब खैरियत है न जी …”

मनु “हाँ ाचा अब मैं चलता हूँ ..”मनु ने कहा …

हीना भी अब किस बहाने से रोकती हु न बेशक थोड़ी देर पहले डोमिनाते सा कर रही थी पैर अब मनु के जाने को लेकर उसके दिल में दर्द की लकीर खींच gayi….jaise मनु तोह हर रोज़ वहीँ रुकता होगा …पैर साला दिल को यह समझाए या बताये कोण ….मनु का जाना उसके मुस्कुराते हुए चेहरे को अचानक से संजीदा करने के लिए काफी था ….

हीना ने मनु को देखा उसकी आँखों में हु एक तड़प थी जो किसी का दिल हिला दे …पैर मनु ने जैसे hi हीना की आँखों में देखा उसे कुछ ऐसा नज़र आया की जिसने मनु देखना नहीं चाहता था …पैर हीना क्या जाने ….मनु ने मुँह फेर लिया ….आगे कुछ होता …उससे पहले hi शहीद वापस चला आया ….उसने मनु को खड़े हुए देखा और हीना की आँखों का दर्द और मनु का अनदेखा करनेवाला जेस्चर देखकर शहीद कुछ कुछ समझने की कोशिश करने लगा ….उसने हीना को देखा हीना की आँखें बता रही थी की मनु शायद जा रहा है …

(अब आप कहोगे की आँखों से कैसे पता चल जाता है …यार भाई बहिन हैं बचपन से साथ हैं सो कभी कभी बिना बोले भी लोग एक दूसरे का मतलब समझ जाते हैं …सो इसमें कोई बड़ा साइंस नहीं है ….)

शहीद “ अरे रॉकी ऐसे कैसे चल दिए यार थोड़ा मौका और दो हमे बात करते हैं ..”

मनु “ सॉरी शहीद …टाइम ज्यादा हो चूका है …अब और ज्यादा नहीं रुक सकता आपकी बहिन अब आपके पास हिफाज़त से है …मैंने अपना वडा पूरा किया सो अब इज़ाज़त दें …(हीना को देखते हुए ) खातिर हो चुकी है अब मेरे ख्याल में चलना बेहतर होगा ..ok bye …” शहीद कुछ और कहता पैर मनु ने उसके बाद पलट कर देखा तक नहीं …शहीद उसके पीछे गया भी पैर मनु बड़ी तेज़ी से निकल गया …शहीद हैरान था …रॉकी उर्फ़ मनु ने आजतक कभी ऐसा बर्ताव नहीं किया था …पैर आज मनु कुछ अलग सा हो चूका था …शहीद जब तक बहार आया मनु ने बाइक को लेकर गली के लास्ट तक जा चूका था …शहीद बस उसे जाते हुए देख रहा था …हु वापस अंदर आया तोह पाया हीना रो रही थी …हु उसे चुप करवाने लगा ..

शहीद मैं में “ यह अचानक से रॉकी को क्या हुआ ..??”

शहीद और हीना अब मनु जे जाने के बाद दोनों अपने में एक दूसरे को संभल रहे थे …

उधर रस्ते में मनु बाइक पैर मैं में …” क्यों हर बार वही फीलिंग आने लगती hai…heena को देखा तोह क्यों मुझे उस निशा की याद आने लगी …क्या बिगाड़ा था मैंने निशा तुम्हारा जो आज इतने साल बाद भी तुम्हारे नाम को याद आने भर से मेरे दिल खून के आंसू रोने लगता है …मैंने तोह सिर्फ तुमसे प्यार किया था …बिना किसी शर्त का बिना किसी कंडीशन का एक बार , सिर्फ एक बार मुझे बस कह देती की तुम्हे कोई और पसंद है …कसम से ज़िन्दगी में तुम्हारे सामने तक नहीं पड़ता …पैर यह धोखा जो तुमने दिया है …आज तक मुझे तुम्हे किसी हर रोज़ नीड से जगाने वाले गंदे सपने सा लगता है …क्यों किया तुमने निशा …मुझे तुम्हारे नाम से hi नफरत है …आज उस हीना में मैंने तुम्हारी झलक देखि …उस मासूम को क्या मालूम उसमे आज मैंने किस बेवफा को देखा है …हु भी क्या सोच रही होगी …और क्या सोच रहा होगा शहीद मेरे बारे में पैर उनको क्या पता यह दिल आज फिर उसी दर्द में है …जिस दर्द ने हँसते खेलते इंसान का प्यार पैर से भरोसा उठा दिया …ी हेट ु निशा …ी स्टिल हेट ु …ी हेट ु अंटिल माय लाइफ …कॉज ु गिव में तहत कर्स हु स्टिल ब्लीड माय हार्ट …आज तक भरोसा नहीं होता मुझे प्यार के नाम पैर किसी लड़की पैर …

दिल“ चुप साले ड्रामे बाज़ अगर प्यार नहीं है तोह शबनम की छूट में क्या करता है हु सब क्या है ..???”

dimaag…”simple है हवस …हु मेरी ट्रेनर थी ..उनको बचा चाहिए था ..और जो कुछ मुझे सिख्या उसके लिए आजतक की गुरुदक्षिणा मांगी थी उन्होंने और चुदाई से पहले hi उन्होंने सामने मगलसूत्र रख दिया तोह शादी भी हो गयी मतलब अब हु मेरी जिम्मेवारी हैं ….तोह इसमें प्यार कब और कहाँ से हुआ ..यह बता ???यह तोह सिर्फ एक समझौता है !!…जो शबनम ने बचे के लिए मुझसे किया है इसमें प्यार कहाँ है खुद सोचना …?? मैं फिर भी उसे प्यार करता हूँ पैर एक जिम्मेदारी की तरह क्युकी अब उसके गले में मेरे नाम का मगलसूत्र है ..और शयद आगे उसकी गॉड में बचा भी हो ..पैर क्या शबनम खुद कभी दुनिआ के सामने यह मानेगी की हु मेरे बचे की माँ है …शायद नहीं ??तोह इसमें प्यार कैसे हुआ यह तोह समझौता hi हुआ न ???”

खैर मनु अपने दिल दिमाग से लड़ता हुआ घर गया …उसने देखा आज घर पैर सभी सो चुके थे …बड़ा अजीब था …मनु भी चुपचाप भूखा hi सो गया …वैसे भी निशा का नाम याद आते hi उसकी भूक तोह वहीँ हीना के घर में hi मर चुकी थी ..

उधर आज निशा अपने मामी के साथ गम रही थी …तोह अचानक से उसका दिल किसी दर्द को महसूस करने लगा …उसे ऐसा लगा जैसे की पता नहीं उसे कितना दुःख है …अपने आप hi निशा की आँखोने से आंसू निकलने लगे ….उसकी मामी भी हैरान थी की निशा को अचानक से हुआ क्या है …पैर निशा बिच पार्क में बेंच पैर बैठी रोटी रही …

उसकी मामी “ निशा व्हाट हैपन डिअर व्हाई अरे ु क्राइंग डिअर …अभी तोह ठीक थी यह क्या हुआ ???”

निशा रट हुए “ पता नहीं मामी जी अचानक से मुझे ऐसा लगा जैसे किसीने दिल को कोई सजा दे दी हो …पता नहीं क्यों अपने आप दिल रोने लगा …मुझे तोह पता भी नहीं है की बात क्या है बस ऐसे लग रहा है …की मेरा कुछ हिस्सा रो रहा है …” निशा की बात सुनकर उसकी मामी भी हैरत में थी …

यह वही टाइम था जब मनु रस्ते में निशा को याद कर रहा था …

खैर कुछ देर में hi निशा नार्मल हुई ..और दोनों अपने घर चले गए …

अगले दिन मनु उठा तोह उसने आज अजय को अपने सामने पाया …उसकी आँख आज थोड़ा देर से खुली थी …सो टाइम आज ट्रेनिंग का बचा नहीं था …और अजय अभी ट्रैकिंग सूट में था मलतब अजय अभी ट्रेनिंग से लौटा था ….

अजय “ भैया उठा जाओ आज आप ज्यादा देर तक सोते रहे सो मैंने भी नहीं उठाया …और मम्मी बता रही थी की आपको उन्होंने कई आवाज़ दी थी पैर आप उठे नहीं ..सो मम्मी ने भी आपको सोने दिया मास्टर से जब कहा तोह उन्होंने भी कहा की आज आप रेस्ट कर लो …ाचा भैया मेरा मोबाइल मिला आपकी ???”

मनु ने कुछ नहीं कहा उसका मोबाइल निकल कर उसे दे दिया अजय भी खुश हुआ थैंक्स कहा मनु ने भी अजय के सर पैर प्यार से हाथ फेरा और फ्रेश होने चला गया …और जब नाहा कर बहार आया तोह उसने देखा अजय अभी तक सामने बैठा था …और अजय उसे देखकर मुस्कुरा दिया …मतलब साफ़ था अजय कल के बारे में जानना चाहता था …

मनु भी बीएड पैर बैठा और एक लम्बी सांस ली और अजय को देखा जैसे पूछना चाहता हो ..” क्या जानना है ??”

अजय “ भैया फाइट नहीं पूछ रहा हूँ बस हु हीना हाँ यही नाम था उसका बस हु कोण है यह जानना है ??”

मनु “ उससे कोई दो साल पहले मिला था …तुमको रॉकी नाम याद है न जब मेरी फाइट हुई थी तब उसका भाई शहीद उससे मुलाकात हुआ थी तब उसकी हेल्प मास्टर के थ्रू किट hi …और जब देहरादून गया था तब रस्ते में पहली बार उससे मिला था …तभी शहीद ने उससे मिलवाया था बस इतनी hi जान पहचान है …और प्ल्ज़ इससे ज्यादा कुछ मत पूछना थोड़ा काम है सो आज बस्सी रहूँगा ऑफिस भी देखना है …”

अजय “ वैसे भैया लड़की अछि है ???”

मनु मुस्कुरा कर “ हाँ अछि है पैर तुम्हारे हिसाब से थोड़ी बड़ी है सो कमसे काम उम्र के हिसाब से ऑप्शन थोड़ा काम मैच है ..”

अजय “ अरे भैया मेरे लिए नहीं ….मेरा मतलब “

मनु “ मुझे देर हो रही है अजय और सॉरी ी म नॉट इंटरेस्टेड विथ अन्य लव अफ्फेक्टेशन राइट नाउ …सो प्लीज …” मनु ने अजय से कहा और तैयार होने लगा …

अजय मैं में “ आप कुछ भी कहो भैया कुछ तोह बात है उसमे जो उसका नाम लेते hi आप उसे बचने चले गए पैर अभी आपको देखकर लगता है …की आपको जैसे उसकी क्या किसी लड़की की परवाह नहीं है ..पैर कोई बात नहीं उस उपपरवाले ने भी कोई तोह ऐसी लड़की बनाई होगी जो टाइम आने पैर आपके दिल को पिघलकर वापस इंसान बना देगी …मैंने आपको देखा है …कैसे आपने फॅमिली के लिए खुद के चेहरे और दिल की ख़ुशी को कुर्बान कर दिया है …जरूर कोई वजह रही होगी वर्ण मेरा भाई कभी ऐसे एक्ट नहीं करता …पैर आपके जैसे इंसान को उपपरवाला भी ज्यादा दुःख नहीं देगा देख लेना ….यह मेरा विश्वाश है …और हीना भी अछि लगी मुझे कैसे आपको सब कुछ मानती है …पैर फिर भी आपको उसकी परवाह नहीं है …आखिर वजह क्या है ??? इसका पता लगाना होगा ”

मनु त्यार होकर अजय के सर पैर प्यार से हाथ फिरकर अपने ऑफिस निकल गया ..

उधर आज कहीं कोई आलिशान होटल में बड़े लोगों की पार्टी थी जिसमे देश विदेश के कई बड़े लोग आये हुए थे …जिसमे आज मर बॉस को रिप्रेजेंट करने का काम मिस सोफ़िया का था …सोफ़िया भी अपने नाम जैसे महक रही थी …पैर मर बॉस के नाम से जैसे बहुत से लोग उसके सामने hi नहीं पड़ते थे …पैर आज जिसने भी सोफ़िया को देखा उसका दिल बहार निकलने को त्यार था …क्युकी सोफ़िया ने आज एक ब्लैक लॉन्ग ड्रेस पहना था …जो उसके बॉडी फिटिंग को साफ़ दिखा रहा था ..उसके जांघों से साइड में घुटने से थोड़ा सा उप्पेर उसके ड्रेस का कट देखकर जैसे उसकी नरम और कमसिन जिस्म को जिसने देखा उसका लैंड और दिल दोनों फड़क चूका tha..per सोफ़िया भी जानती थी की उसे चुने का मतलब है मर बॉस से पन्गा …और मर बॉस से पन्गा मतलब उम्र की लकीर का दुनिआ से मिटत जाना …पैर कहते हैं न की जब टाइम ख़राब हो तोह दिल और किस्मत दोनों मज़े अचे से लेते हैं …

ऐसे hi किसी एक मनचले का दिल आज सोफ़िया पैर आ चूका था …यह कोई आम इंसान नहीं एक रईस की औलाद था ..जिसकी पहुँच अचे से अचे मिनिस्टर ताकत hi …एक उभरता हुआ बिजनेसमैन था उसका नाम था …राहुल जैस्वाल अपने बाप का सबसे बड़ा बीटा …उसका शॉक भी रईसों का शॉक की तरह हर रोज़ नयी से नयी लडकियां छोड़ना था …उसके शॉक का पता इस बात से चलता था की साले ने अपने बॉडीगार्ड को छोड़कर ज्यादातर फीमेल स्टाफ रखा था …उसके बाप का विदेशों में बिज़नेस बढ़ाने से hi फुर्सत नहीं थी …हु एक सरीफ इंसान था ..पैर उसका बीटा मस्त चुदाई का शौकीन था हर रंडी जो शायद शहर में फेमस हो उससे कभी न कभी जरूर चूड़ी थी …उसकी खुद की सेक्रेटरी भी कई बार उसकी चुदाई से अपना कई बार एबॉर्शन करवा चुकी थी …यह था राहुल जैस्वाल का इंट्रो ..आगे आप समझ चुके होंगे की राहुल क्या पसंद करता है ..

खैर जैसे hi पार्टी में सोफ़िया की एंट्री हुई तोह मोस्टली मर्द उसे देखकर निचे देखने लगे या इधर उधर देखने लगे …क्युकी सोफ़िया को किसी को नज़र अगर चूब जाए तोह खुद सोफ़िया उसका हुल्य बिगाड़ डालती थी …उसपर मर बॉस की रिप्रेजेन्टेटिव ऐसे में उसे देखना मतलब खुद के दिल को तड़पना क्युकी सोफ़िया थी hi इतनी हॉट की उसे देखकर दिल खुद बखुद उसके फिगर को देखने के लिए मज़बूर कर देता था …और सोफ़िया को कहना या एप्रोच करना मतलब सांप की दम पैर पेअर रख देना …

और आज यह काम किया राहुल ने सामने से आती हुई सोफ़िया को देखकर उसका लैंड सोफ़िया के जिस्म के हर कटाव को देखकर फड़कने लगा …दिल की पुकार राहुल ने श्याद hi सुनी हो पैर …साले ने आज तक लैंड की पुकार को अनसुना नहीं किया था …सो राहुल का दिल अब सोफ़िया पैर आ चूका था …

यह पार्टी भी अमीरों की अलग hi होती है …आज पार्टी की जगह थी एक 5 स्टार होटल का टेरेस यह कोई 15 माले की बिल्डिंग पैर पार्टी थी…

और सोफ़िया को देखकर राहुल उसके सामने आ चूका था …राहुल को सोफ़िया के सामने देखकर एक एज्ड बिजनेसमैन ने अपने साथी से कहा “ सॉरी जैस्वाल साब आज हम भी बेबस हैं आज आपके बेटे का शायद टाइम ठीक नहीं है …जो आज आग से खेलने चल दिया है …सॉरी जैस्वाल साब काश आपने अपने बेटे पैर सही टाइम पैर ध्यान दिया होता “” यह साक्ष जैस्वाल यानी राहुल के बाप का एक दोस्त था जो जनता सब था पैर आज तक जैस्वाल के दोस्ती के चलते कभी राहुल को तक तक नहीं पाया था …बल्कि उल्टा उसकी गलती पैर बचा बोलकर उसे बचता आया था …

सोफ़िया के सामने राहुल “ hello गॉर्जियस कैसी हो ???”

सोफ़िया ने अपनी आँखों का महंगा गुच्ची का गिलास थोड़ा टाइल्ड करके बड़े स्टाइल से राहुल को देखा …राहुल को देखकर hi पता चल रहा था की कोई बड़े बाप की रईसी में पाली हुई औलाद है सो सोफ़िया ने भी राहुल के रास्ता रोकने से body-guards को राहुल को हटाने से रोका ..क्युकी मर बॉस की रिप्रेजेन्टेटिव को हर टाइम 25 से 30 body-guard हमेशा घेरे रहते थे …ऐसे में राहुल का सामने से एप्रोच मतलब आ बेल्ल मुझे मार ..

खैर सोफ़िया क्युकी आज बहुत दिनों बाद पार्टी में बिज़नेस के लिए आयी थी ..और आते hi अपना मूड ख़राब नहीं करना चाहती थी …सो उसने सिर्फ इग्नोर किया …पैर इसे राहुल की किस्मत कहो या बुरे टाइम का उसकी ज़िन्दगी में आना …साला उसने समझा की सोफ़िया उससे इम्प्रेस है …पार्टी में मोस्टली पर्सन भी हैरान थे की सोफ़िया जो सामने से मर्दों की नज़र तक नहीं देखना चाहती पैर आज उसने सामने से राहुल को जिन्दा छोड़ दिया …

राहुल का एक हम उम्र साथी “ वह मेरे शेर आज तूने तोह क्या हाथ मारा है देखा मैंने जिसे आज तक सामने से देखने की ज़ुर्रत किसी ने न की आज उसे तूने सामने से कितना कह डाला मैं सुच में आज तुझे मान गया मेरे यार …” राहुल उसकी बात पैर सीना फुला कर छोड़ा हो चूका था …

साला हर जगह इंसान की गांड मरवाने वाले में से ऐसे hi किसी चढ़ाने वाले कमीने का हाथ होता है …

राहुल अंदर से बहुत खुश था …पैर उसकी सेक्रेटरी का कई बार मुट्ठ निकलने जैसे हाल था …उस लड़के के जाते hi उसने राहुल को वारं करना चाहा..

सेक्रेटरी “ राहुल सर प्लीज आप सोफ़िया मम से दूर रहना मेरी या किसी और की बात अलग है ..हम तोह फिर भी अपनी वजह से आपके निचे पद जाते हैं पैर सोफ़िया मम मतलब मर्दों की दुश्मन आप मेरी बात मानो प्लीज उससे दूर रहना ..क्युकी आप हमारे मालिक हैं ..” उसकी बात सुनकर राहुल को ऐसा लगा जैसे थोड़ी देर पहले हु तारीफ करने वाला झूंठा था ….बोले तोह राहुल ने इस बात को अपनी मर्दानगी पैर ले लिया की सोफ़िया उससे भाव नहीं देगी…

राहुल “ तुम बस देखती जाओ आज farm-house पैर तुम्हारी गांड के साथ इस हसीना का भी आज मज़्ज़ा साथ लूंगा …”

सेक्रेटरी अपने दिमाग में “ साले चूतिये मैं तोह पैसों के कमी के चलते तेरी से चुदती हूँ ..पैर सोफ़िया तोह आग है जिसे मर्द जाट से hi नफरत है उसके साथ चुदाई का सपना मतलब मौत के साथ पंजा लड़ना …एक मिल्क को जगह करना मेरा काम था आगे तेरी किस्मत …हाँ बड़े सर को इन्फॉर्म कर देती हूँ वर्ण यह चुटिया छूट के चक्कर में कहीं अपनी ज़िन्दगी न हार जाये …”

उसने राहुल को देखा जो फिर से सोफ़िया के सामने जा रहा था …फटफट उसने अपने बड़े मालिक मतलब राहुल के बाप को कॉल किया पैर राहुल की किस्मत उसका नंबर सिर्फ रिंग हो रहा था …पैर आंसर नहीं …

सोफ़िया अपने body-guards से घिरी एक टेबल पैर अपनी सेक्रेटरी नेहा सक्सेना के साथ बैठी थी …नेहा ने राहुल को आते देखा …सोफ़िया को इशारा किया देखने को …

राहुल को उसके body-guard ने रोक लिया था …पैर सोफ़िया ने उसे आने देने को कहा …राहुल उसके सामने बड़े स्टाइल से आया और उसके सामने बड़े अंदाज़ से hello किया …

सोफ़िया “ हाँ क्या बात है देखो जो तुम चाहते हो मैं हु नहीं हूँ …सो कहीं और तरय करो …” सोफ़िया ने साफ़ साफ़ राहुल को कह दिया …

राहुल ने नेहा को देखा नेहा कोई 18 साल की हसीं लड़की थी जो अनाथ थी उसे सोफ़िया ने hi सहारा दिया था …और उसकी पड़े को रुकने के बाद भी शुरू करवाया …नेहा के लिए सोफ़िया hi सब कुछ थी …बदले में नेहा भी सोफ़िया की हर जरूरत पैर उसके साथ होती थी …नेहा दिन में अपनी क्लासेज अटेंड करती और क्लासेज के बाद हु फुल टाइम सोफ़िया के साथ रहती थी …सोफ़िया भी उसे किसी छोटी बहिन जैसा ट्रीट करती थी …क्युकी अकेली लाइफ में दोनों लडकियां साथ में thi…or नेहा जानती थी की सोफ़िया उप्पेर से चाहे कितनी भी सख्त हो पैर नेहा की जरूरत हो तोह सोफ़िया बिना कुछ कहे उसकी ज़रूरत समझ जाती थी… नेहा देखने में अछि खासी सुन्दर लड़की थी …सोफ़िया की तरह अंग्रेजी गोरी नहीं पैर रंग साफ़ और तीखे नैन नक्श और उसका कातिल फिगर 34स 24 36 और 5.8” का कद किसी का भी दिल मचल दे पैर नेहा बेचारी अचे से जानती थी की लोग कैसे उसे देखते हैं तोह हु मोस्टली फुल्ली कविरूप कपडे पहना करती थी जैसे फॉर्मल बट सम लूसेन्स (ढीले पैन्ट्स जिसमे फिगर का पता न चले ) ….सो यह था नेहा सक्सेना का इंट्रो…

राहुल ने जब सोफ़िया से डायरेक्ट सुना तोह उसने नेहा को देखा …सोफ़िया” नेहा इनको ज़रा इनकी हिस्ट्री बता दो ..”

नेहा अपना चस्मा जो उसके पड़ते टाइम हमेशा लगा रहता था ..ठीक किया …

नेहा “ यह हैं मर राहुल जैस्वाल ..जो अपने पिता मर जैस्वाल के सबसे बड़े बेटे हैं इनका ब्लड ग्रुप अब- है और जिन्होंने ब किया है और यह एक बार 12तह में फ़ैल हो चुके हैं …इनका आज तक कोई 45 लड़कियों के साथ चक्कर रहा है …जिसमे से 19तह लड़की ने इनको na-mard तक कह दिया था …इनके बैक पैर लेफ्ट साइड 3 टिल हैं और जिनको कैट्स से एलर्जी है ..और यह चिनेसे फ़ूड पसंद करते hain..per ज्यादा मसाले से इनका पेट अक्सर खराब हो जाता है …और “सोफ़िया ने हाथ उठाकर नेहा को रोक दिया ..वर्ण नेहा और कुछ नया बता देती ..

राहुल हैरान था उसके गांड के निचे तक के टिल और उसके 19तह लड़की के na-mard कहने वाली बात तोह उसके बाप तक को नहीं पता पैर नेहा और सोफ़िया ने उसकी सरे आम धज्जियां उड़ा डाली thi…rahul बस यहाँ वहां देख रहा था …नेहा ने जितना तेज़ और ुचे लहज़े में कहा था सो अधिकतर लोगों ने सुना था …पैर सोफ़िया के चलते सब मुँह दबाये हंस रहे थे …पैर राहुल ने इसे बेज़्ज़ती समझा और सोफ़िया को गुस्से से देखा ..सोफ़िया ने उसे इग्नोर मार दिया ..

राहुल ने नेहा को देखा गुस्से से सोफ़िया चस्मा निचे झुकते हुए और उप्पेर फिर से सही से लगते हुए …

सोफ़िया “ सोचना भी मत मर राहुल जैस्वाल हम अपने लोगों के लिए जान देना और जान लेना अचे से जानते हैं …अगर तुमने नज़र भी नेहा पैर उठाई तोह उसके बाद …समझदार हो “ सोफ़िया ने बात अधूरी छोड़ दी पैर उसका अधूरा मतलब साफ़ था …

राहुल गुस्से में पेअर पटकते हुए चल दिया …ऐसे में जहाँ सब हंस रहे थे …पैर सोफ़िया शांत थी …ऐसे में राहुल जब body-guard के पास से गुज़ारा तोह उनमे से किसी ने राहुल के गांड को देखकर कहा “ तीन तिल्ली “ और सब हसने लगे मतलब था राहुल के तीन टिल…

राहुल सिवाय गुस्से में देखने के कुछ कर नहीं सकता था ..वापस अपनी सेक्रेटरी के पास आया और मुफ्त की ड्रिंक खींचने लगा …

राहुल ने एक साथ गुस्से में कई पेग चढ़ा लिए थे …ऐसी बेज़्ज़ती उसकी आजतक नहीं हुई थी …सो गुस्से में मॅहगी कड़वी व्हिस्की भी उसका गाला और दिमाग को आराम नहीं दे प् रही थी …

राहुल पैर नशा हावी था …सामने से सोफ़िया अब rest-room की तरफ बाद चली thi…secretary ने रोकना चाहा ..

राहुल “ छोड़ मुझे बहनकी लोदी समझती क्या है यह सोफ़िया खुद को आज इसे अपने लैंड के निचे नहीं लिया तोह राहुल नाम नहीं मेरा ..”

उसकी सेक्रेटरी “सर किस्मत और मत घिसो …किस्मत भी आखिर कब तक साथ देगी ..आप जो सोच रहे हो हु सही नहीं है मेरी बात मानो और यहाँ से चलो …जान है तोह जहाँ है …आप चाहो तोह मैं और किसी लड़की को अर्रंगे कर दूंगी पैर यहाँ कुछ मत करना प्लीज ..”

राहुल कहाँ सुनता उसकी यह बात नशे और बेज़्ज़ती ने उसका दिमाग और सोचने की हालात बदल दी थी …उसे सिर्फ बदला दिख रहा था ….

सेक्रेटरी राहुल को जाते हुए देखकर उसके बाप को लगातार कॉल कर रही थी जो आंसर नहीं हो रहा था ..”कहते हैं गीदड़ (कोयोट ) की मौत आती है तोह हु शहर की तरफ जाता है …आज देख भी लिया “

सोफ़िया के पीछे हु भी नशे में गुस्स गया rest-room में क्युकी उस टाइम नेहा के साथ थे body-guards और नेहा इस टाइम इस पार्टी में सोफ़िया को आगे क्या करना है उसमे लगी हुई थी …और उसके काम में बस्सी होते hi सोफ़िया बाथरूम में अकेली चली आयी थी …

राहुल ने नशे में देखा हु एक यूनिसेक्स रेस्टरूम था (यूनिसेक्स मीन्स मेंस & फ्रेमलेस बोथ ुसेड )..राहुल ने देखा वहां कोई नहीं था …क्युकी बहार पार्टी चल रही थी …सो मोस्टली लोग उसी में बस्सी भी थे …सो राहुल ने हर दूर को चेक किया वहां सिर्फ एक दूर क्लोज था …

राहुल ने उसपर नॉक किया …” हे उसे ानोथेर ओने थिस इस ओक्कुपेद “किसी की आवाज़ आयी …

राहुल मुस्कुरा पड़ा. क्युकी यह आवाज़ थी सोफ़िया की …राहुल ने निचे देखा …हर गेट के निचे हाफ दूर कट था जैसा मोस्टली कमान वाशरूम में रखा जाता है …ताकि अगर अंदर कोई हो तोह पता चल सके …वैसे तोह 5 स्टार होटल्स और हाई सोसाइटी area’s में वाशरूम के दूर मोस्टली फुल होते हैं …पैर यहाँ शायद टेरेस के चलते होगा …

खैर जो भी हो राहुल ने फिर नॉक किया ..”थक !!! थक !!!

सोफ़िया “ हे ी आलरेडी साइड थिस इस बस्सी सो हु एवर ु जस्ट सर्च ानोथेर ओने …?”

पैर नॉक लगातार होता रहा ..पैर उसके बाद सोफ़िया ने जवाब नहीं दिया ….

तोह राहुल निचे साफ़ फर्श पैर लेता और हाफ दूर से अंडर निचे से अंडर सरक गया ..पैर अंडर उसके सोच से अलग सन था …

सोफ़िया वेस्टर्न सीट पैर आराम से बैठी हुई सिगरेट पि रही thi…jaise hi उसने राहुल को देखा उसे कोई हैरत नहीं थी …जैसे उसे पता था राहुल ऐसा कुछ करेगा …पैर राहुल अंदर आया तोह सोफ़िया ने बड़े स्टाइल से उसके मुँह पैर धुआं फेंका …

राहुल को खांसी आ गयी हु भी स्मोकर था ..पैर अभी नशे में था …सोफ़िया ने उसके लैंड के उप्पेर पेण्ट के चैन एरिया पैर अपनी लम्बी पेंसिल हील को रखकर दबा दिया …और आराम से काश पैर काश लेने लगी ..

राहुल का दर्द के मारे बुरा हाल था … उसे ऐसा लग रहा था उसके ांडून में छेद हो गया जैसे …सोफ़िया ने बड़े स्टाइल से राहुल को दूर ओपन करके ठोकर मार्कर बहार कर दिया और बहार आकर उस सिगरेट को ज़मीं पैर फेककर कुचल दिया और हाथ धोने लगी …राहुल अभी तक दर्द में था …सोफ़िया ने उसे फिर से इग्नोर कर दिया और बहार जाने लगी …पैर राहुल ने अब उसे कसकर पीछे से अंडर अपने सीने से लगा लिया …

सोफ़िया “ बहुत हुआ ज्यादा मत ुड्डो मर राहुल वर्ण …”

राहुल “ वर्ण क्या बहिन की लोदी …तू है क्या बस एक छूट और छूट का काम है लैंड को खुश करना ..पैर तू तोह ऐसे दिखती है जैसे मर्द इंसान hi नहीं हैं …साली आज मैं तुझे मर्द की ताकत दिखा दूंगा …”राहुल ने गुस्से से कहा ..पैर डरने की बजाये हैरानी की बात ..

हीहीइइइइइ!!! नीस जोके “ सोफ़िया हंस रही थी …उसने अभी तक राहुल से छूटने की कोशिश नहीं किट hi …

राहुल ने उसके चुकी को चुने की कोशिश की …पैर सोफ़िया ने उसके हाथ को पकड़ा और अपने कंधे के उप्पेर से एक स्लैम दे दिया …हिंदी में बोले तोह एक धोबी पछाड़ दे दिया …राहुल ज़मीं पैर फिर से गिरा हुआ था …सोफ़िया ने इस बार राहुल को उसके मैं part से पकड़ लिया ….बोले तोह उसका लैंड और ाँद अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे उसी तरह लिए रेस्टरूम से बहार आयी ….

राहुल का दर्द के मरे बुरा हाल था …और जबसे सोफ़िया ने उसके लैंड और ाँद को पकड़ लिया था उसके नशे का आता पता नहीं था …दर्द में नशा उड़ चूका था …

सोफ़िया और राहुल को ऐसे देखकर पार्टी में एक ख़ामोशी च चुकी थी क्युकी मोस्टली लोग अंदाज़ा लगा चुके थे …body-guard आगे आने को हुए पैर सोफ़िया ने सर हिला दिया उन्हें रुकने के लिए इशारा था …

राहुल “ मादरचोद छोड़ मुझे साली तो टेक की चैनल छोड़ मेरे को साली मुझसे पन्गा लेती है “ राहुल दर्द में था पैर अकड़ काम नहीं हुई थी …

नेहा धीरे से “ यह गया काम से “ नेहा अपने काम में लग गयी …

सोफ़िया ने राहुल को एक धक्का दिया और फिर ज़मीन पैर था राहुल …साला चलने में श्याद hi कभी इतना गिरा हो राहुल pe…per आज सोफ़िया न जाने कितनी बार उसे ज़मीं पैर गिरा चुकी थी …

सोफ़िया ने चुटकी बजायी “ क्लिक!!!!” की आवाज़ आयी …

Body-guard “ यस मम”

सोफ़िया “ नेकेड हिम “ और बॉडी -गार्ड वापस गया …और सारे लग गए राहुल को नंगा करने में कुछ देर में राहुल भरी पार्टी में नंगा था ….

राहुल अब शर्मिंदा था …होता भी कैसे नहीं हर कोई यहां उसे जानता था …पैर यह सब उसे पहले सोचना चाहिए था …

उसकी सेक्रेटरी ने सोफ़िया के पेअर थाम लिए “ मम प्लीज उनको माफ़ लार दीजिये …बहुत हो चूका है …”

सोफ़िया “ देखो माफ़ी का सवाल नहीं बनता …इसको तीन बार आलरेडी इग्नोर कर दिया पैर हर बार इसने उल्टा मुझे hi टारगेट किया …और ज्यादा माफ़ किया तोह मेरी self-respect की वैल्यू नहीं बचेगी …तुम खुद एक लड़की हो क्या तुम खुद बाथरूम में दूर के निचे से कोई आ जाये तब भी उसे माफ़ कर सकती हो …नहीं सॉरी माय डिअर नाउ no मोरे ऑप्शन …मेरे बॉस का आर्डर है …जो गलती करे उसे सजा दी जाती है …और जब गलती पैर सजा मिलती है so…yeh कोनसा स्पेशल है “ सोफ़िया ने साफ़ कर दिया उस सेक्रेटरी को …

सोफ़िया खुद उठी और …उसने पास में डिनर सेट से नाइफ लिया ….और राहुल के पास गयी और उसे नाइफ दिखा कर …

सोफ़िया “ सो मर राहुल अब तुमको पता चला कैसा फील होता है बिना कपडे ke,,,teen बार तुमको चांस दिया इग्नोर करना hi मेरी वार्निंग थी पैर it’s ुर बाद लक की तुम समझे नहीं …और तुमको माफ़ मैं करने वाली नहीं क्युकी तुमको माफ़ करना मतलब अगला राहुल त्यार कर देना ..जो मेरी आदत नहीं है …सो टाइम तो मूव ों..”

राहुल डर चूका था की अब होगा किया ….पैर थोड़ी देर में उसे पता चल गया …सोफ़िया ने उसके लोडे पैर नाइफ मारा …पैर यह साला कोई शार्प नाइफ नहीं था डिनर नाइफ था ..सो लैंड कैसे काट जाता पैर हाँ थोड़ा कट लगा चूका था …राहुल का दर्द के मरे बुरा हाल था …

सोफ़िया ने अपने हाथ को अपने सर पैर मारा “ ओह्ह ! सहित हाउ ी फॉरगॉटन तहत it’s ा डिनर नाइफ ..”

सोफ़िया ने body-guard को देखा जैसे उसके body-guard को पता था …उसने अपना आर्मी टाइप का रेम्बो नाइफ फेंक दिया सोफ़िया की taraf…sofia ने उसे हवा में कैच किया और पहले वाले डिनर नाइफ को फेंक दिया …

सोफ़िया ने फिर से उस रेम्बो नाइफ को उसे किया और एक वार में खाछहःछः!! के साथ राहुल का लैंड उसके जिस्म से अलग हो चूका था …उसके जिस्म से खून ज़मीं पैर फेल चूका था …उसकी हु सेक्रेटरी राहुल के काटते लैंड को देखकर बेहोश हो चुकी थी हु गिर पड़ी उसके हाथ से मोबाइल गिर चूका था …

राहुल दर्द में चिल्ला रहा था …कई लोग इसे देखकर डर चुके थे कई उलटी कर चुके थे …किसी ने सोफ़िया को इतना पहले कुछ करते देखा नहीं था ..पैर आज सोफ़िया ने राहुल का हाल और जेंडर चेंज कर दिया था …

सोफ़िया ने फिर से चुटकी बजायी …और body-guard उसके सामने था उसको सोफ़िया ने कुछ कहा …

उसके बाद उसके body-guard ने राहुल को अपने हाथों में उठा लिया और 15 माले छत्त के कार्नर पैर ले गए …

राहुल “ आअह्ह्ह! मेरा सब कुछ तोह ख़तम कर दिया अब जान भी लोगे मेरी ???”

सोफ़िया जो अब राहुल के सामने आ चुकी थी “ सो सॉरी मर राहुल क्युकी अब आपका मेंहूद बचा नहीं सो अब आपको बिना जेंडर के जीना ाचा न लगे …ु नीड तो थैंक में की अब आपको इस नकली लाइफ से फ्रीडम भी साथ में मिल जायेगा ..”

राहुल” मतलब लोढ़ा काट कर भी तेरा गुरूर काम नहीं हुआ हरामजादी बहिन की लोदी, मादरचोद ,,एक बार तू मुझे छोड़ दे फिर दीखता हूँ साली कुत्ते तक से तुझे छुड़वा दूंगा …आह्ह्ह्ह!”

सोफ़िया “ हाउ साद हाँ कुत्ते की ज़रूरत होगी अब क्युकी तुम तोह आदमी बचे नहीं …पैर सॉरी नाउ टाइम ओवर …”सोफ़िया ने एक किक मरी और

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa! की आवाज़ आयी उसका मतलब था राहुल उस 15वे माले से निचे गिर चूका था सोफ़िया की किक से ….

सोफ़िया पीछे टर्न हुई …थोड़ा ज़ोर से बोली ”वेल लेडीज एंड gentlemen’s प्लीज एन्जॉय ुर पार्टी ..और हाँ जिसे जो करना है कर सकता है …फ़िल्मी वार्निंग देना आदात नहीं है मेरी …ु बेटर क्नोव िफ़ ु दोने समथिंग …I’ll आल्सो दोने आफ्टर ुर समथिंग हैवे नीस डे …”

और जाते हुए सोफ़िया के body-guard ने एक बढ़ने को जो शायद चुपके से किसी को कॉल कर रहा था उसे शॉट कर दिया …

और सोफ़िया अपने साथियों के साथ पार्टी से चली गयी उसके जाते hi उस सेक्रेटरी को होश आया …तोह उसने पाया उसका मोबाइल रिंग हो रहा है उस मोबाइल पैर किसी का कॉल आ रहा था …

स्क्रीन पैर नाम फ़्लैश हो रहा था ……….. मर. जैस्वाल …!
:हिंट:
 
अपडेट 74

रिकैप..

और सोफ़िया अपने साथियों के साथ पार्टी से चली गयी उसके जाते hi उस सेक्रेटरी को होश आया …तोह उसने पाया उसका मोबाइल रिंग हो रहा है उस मोबाइल पैर किसी का कॉल आ रहा था …

स्क्रीन पैर नाम फ़्लैश हो रहा था ……….. मर. जैस्वाल …!


अब आगे.....

कुछ दिन से मनु अपने घर में एक अनोखा सन देख रहा था …उसके घर में एक अलग सा माहोल बन गया था …एक अलग सी ख़ामोशी और यह ख़ामोशी जाने क्या रंग लेन वाली थी …ख़ामोशी जो आजकल राजिंदर और सुमित्रा के बिच से होती हुई सारे घर में अपना रंग दिखा रही थी …दोनों के बिच में पहले से hi कई बातों को लेकर कुछ मन मितव हो चूका था …चाहे हु जैचंद हो या उसका सुसरालवाले राजिंदर के लिए घर पैर कब्ज़े का प्लान हो …चाहे हु jai-chand की साली का राजिंदर के ख़रीदे नए माकन में रहना हो कई ऐसी बातें थी जिनके चलते कई बार राजिंदर और सुमित्रा में कहा सुनी हुई थी ….पैर उसका असर पहले कभी पुरे घर को अपने ज़द में नहीं लाया था …पैर इस बार कुछ तोह ऐसा था जिसने पुरे घर में एक अलग सी ख़ामोशी ला दी थी….

घर के बड़े अगर परेशां हो तोह छोटे जाने अनजाने उससे एफ्फेक्टेड होते है ..चाहे काम या ज्यादा पैर होते जरूर हैं …क्युकी घर का मतलब एक माकन से नहीं घर का मतलब उसमे रहने वाले हर इंसान से होता है ..चाहे हु बड़ा हो या छोटा …हर किसी का घर पैर उतना hi हक़ होता है जितना किसी बड़े का …

क्युकी माकन घर तब बनता है जब उसमे रहने वाले इंसान उसे अपने हर विश और अपने हर सपने से उसे सजाते हैं ….हर किसी का हर इमोशन hi किसी माकन को एक घर की shakal-o-surat देता है …हर किसी का गुस्सा हो या हर किसी का खुश होना …चाहे किसी एक बीमार होना हो या चाहे किसी का जीता हुआ कोई छोटा सा प्राइज हर हाल में उसका इफ़ेक्ट पुरे घर पैर होता है ….ऐसे में यह कहना सही होगा की घर उसमे रहने वाले हर इंसान से हर बार हर तरह से प्रभावित होता है ….और अब भी हो रहा था ….राजिंदर और सुमित्रा एक बिच एक अलग सी ख़ामोशी च चुकी थी …जो जाने या अनजाने में पुरे घर को इफ़ेक्ट कर रही थी …अजय ने कई बार जान्ने की कोशिश की पैर हर बार हर बार सुमित्रा ने अजय को यह कहकर ताल दिया की “ कोई बात नहीं है ऐसा क्यों लगा उसे …बात सिर्फ टाइम ज्यादा घर पे न दे पाने की है और कुछ नहीं …” अजय समझ चूका था की सुमित्रा ज्यादा कुछ बताने वाली नहीं और राजिंदर तोह वैसे भी सख्त था ..उससे पूछना मतलब टाइम बेकार करना ….अजय ने उसके बाद कुछ नहीं पूछा था …अजय भी अब बचा तोह रहा नहीं था …सो घर में यह ख़ामोशी उसे भी दिख रही थी पैर बड़े अपने बातों से चोटों को दूर कर देते hain…per उनके बिच की कोई भी बात पुरे घर पैर असर डालती है …यह बात फैक्ट है …और ऐसा hi इस केस में भी हो रहा tha…bade बेशक अपनी बातों से बचूं को दूर रखने की कोशिश में लगे हुए थे ..पैर असर तोह हो चूका था …चाहे काम या ज्यादा पैर असर था जरूर …मनु तोह पहले दिन से यह ख़ामोशी महसूस कर चूका था पैर बड़ों के बिच में बोलना उसके संस्कार नहीं थे …पैर पिछले कई दिन से यह अनजानी ख़ामोशी घर में अपनी जगह बना चुकी थी..

अजय ने मनु को बता दिया था की घर में उसकी सुमित्रा से क्या बात हुई थी …और मनु इस बात का अंदेशा पहले hi लगा चूका था …की बात उसके maa-baap में कुछ हुई है …उसने सोचा बात है ख़तम हो जाएगी …पैर यह कब होगी उसके पास भी इसका जवाब नहीं था ..

मनु अपने बिज़नेस में जहाँ नयी ऊंचाइयां छू रहा था आजकल … उसका रेस्टोरेंट आजकल मुनाफे में चल रहा था और उस पैसे को उसने स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट किया था …जिसका रेतुर्न भी ाचा नहीं …छप्पर फड़के हुआ …जिसके बाद मनु सोच में था आगे करना क्या है ..

मनु ऑफिस में बैठा था …की जस की एंट्री हुई ..मनु अपनी सोच में गम था ..

जस मैं में

“ इ दिल मत हो बेक़रार इतना ..मिलती है चाहत दुनिआ में जरूर..


अगर सूचि मोहब्बत अगर ho..toh मिलता भी है हमसफ़र भी जरूर..”

है कहाँ आप दुनिआ में खोये हैं …आपके लिए तोह मैं हसंकर मर भी जॉन तोह गम नहीं ..बस एक बार सिर्फ खाव्हिश इतनी है …की आपको मेरी चाहत बस कुबूल हो जाये ..दुनिआ में बहुत से लोग हैं जो जस को पसंद करते होंगे ..पैर जस के दिल, जिगर , और उसकी आत्मा पैर सिर्फ एक hi नाम लिखा है मानव सिंह सिर्फ मानव मेरा मनु …लव ु मनु “

मनु ने चौंक कर जस को देखा “ hi जस सॉरी मुझे लगा तुमने कुछ कहा है ..सॉरी मैंने ध्यान नहीं दिया ..कैसी हो आओ न बैठो…” सामने चेयर पैर इशारा करते हुए कहा मनु ने ..

जस बडबडते हुए मुँह निचे करके “ कितनी बार तोह कह चुकी हूँ दिल में की ी लव ु पैर सामने से कहना एक लड़की के लिए ..उफ़ कैसे कह दूँ की जस कोई दुनिआ में कुछ भाता नहीं है आपके शिव ..” मनु को ज्यादा सुनाई नहीं दिया पैर उसे लगा जस ने कुछ कहा है ..

मनु” जस अगर थोड़ा सा जोर से केह्दोजी तोह शायद सुन लूँ और कुछ कर भी सखुन ??”

जस “ नहीं कुछ ख़ास नहीं पैर आप कुछ सोच रहे थे सॉरी आपको डिस्टर्ब किया हो तोह ??” मैं में “मदद कैसी अब तोह सिर्फ आप hi हो …और आपके शिव कोई और कुछ कर नहीं सकता लव ु ….”

मनु “ के ों कैसी बात करती हो जस तुम लगता है भूल गयी दोस्त पहले हो तुम मेरी ऐसा सोचना भी नहीं बस थोड़ा सोच रहा था ..यह पैसा जो प्रॉफिट का है उसका इन्वेस्ट कैसे और कहाँ करूँ ??”

जस “ उसमे सोचने जैसा क्या है ???”

मनु “मतलब”

जस मनु के चेयर के पास जाकर कंप्यूटर में देखते हुए “ सिंपल है पैसे को काम पैर लगा दो हु खुद बा खुद अपना रेतुर्न बैक करेगा …”

मनु मुस्कुराते हुए …” जस माय डिअर हु तोह मुझे भी पता है पैर प्रॉब्लम हु नहीं है प्रॉब्लम यह है की कहाँ ??”

जस “ एक सुग्गेस्टिव है अगर आप सुनो तोह ???”

मनु “ व्हाई ु बीइंग सो ऑफिसियल …जस रेमेम्बेर तहत वे आल अरे हेरे अस ान फॅमिली सो …प्लीज बे फ्री “

जस “ नहीं ऐसा नहीं है ..ाचा तोह सुग्गेस्टिव यह है की कुछ और रेस्टोरेंट देखलो आप और स्टेट में उससे एक तोह काफी लोगों की हेल्प भी हो जाएगी जैसा आपकी devil’s टीम का मोटो है और साथ में कई लोग सुधर भी जाएगने समझ गए न और प्रॉफिट तोह आपके सामने hi है और हो सकता है एक अछि फ़ूड चैन भी आपकी बन जाए “

मनु “ आईडिया ाचा है पैर एक प्रॉब्लम है ??”

जस “ हु क्या ???”

मनु “ हर जगह मला से लड़ने के लिए मैं सुपरमैन नहीं हूँ ….हहहहहह!!!”

जस थोड़ा गुस्से में “ यह मज़ाक नहीं है ी म डैम सीरियस अबाउट थिस ..और हाँ आप भले hi सुपरमैन नहीं हो पैर मेरे लिए किसी सुपरहेरो से काम भी नहीं ” जस शायद थोड़ी इमोशनल हो चुकी थी …

मनु ने जब जस को इमोशनल होते हुए देखा तोह उसे बुरा लगा क्युकी जस बहुत स्ट्रांग लड़की थी जो अकेले hi लाइफ में सर्वाइव कर रही thi..or उसकी अछि दोस्त भी थी …मनु अपनी सीट से उठा और जस को अपने सीने से लगा लिया … जस भी आराम से सिमट गयी उसके सीने में उसे मनु के सीने से लग कर एक लग सा सुकून मिलता था …मनु का गरम जिस्म जस को दुनिआ का सबसे सेफ प्लेस फील होता था ..

जहाँ लोगों की नज़र उसकी जवानी को हर इंच नपा करती थी …वहीँ मनु उसके साथ उसके सारे खर्चे उठाने के बाद भी एक दोस्त के जैसा फील करवाता था ..मनु हर पल कोशिश करता था की जस को दुनिआ में अकेला पैन फील न हो और हु हर हाल में सेफ रहे …और इसका असर जस पैर हुआ भी था ..जस सुच में मनु के अस्स पास सेफ फील करती थी ..और जब कभी उसे मनु गले लगता हु पल जस के लिए दुनिआ का सबसे खुशनुमा पल होता था …इसलिए कभी कभी जस जानकार भी मनु के सामने कुछ ऐसा फील करवाडेति थी मनु को की जस अभी इमोशनली वीक हो गयी है …मनु तोह गले लगने में जस को इमोशनली सपोर्ट करता था पैर जस कई बार सपोर्ट के नाम पैर मनु से चिपकने को अचे से फील कर जाती थी …

(मनु की इंटेंशन गलत नहीं थी …पैर जस की गलती कहना भी सही नहीं होगा …आप जिसे प्यार करते हो उसके पास रहना और उसके साथ बीतने वाला हर पल आपके लिए कितना हम होता है यह तोह कोई प्यार करने वाला या आपकी लाइफ का सबसे इम्पोर्टेन्ट पर्सन hi आपको बता सकता है …और जस की लाइफ में रिश्ते के नाम पैर अब सिर्फ मनु hi था उसका सब कुछ और ऐसे में अगर उसे प्यार हुआ भी तोह उसे गलत कहूं या सही मेरे लिए उसे जज करना सही नहीं है यह डिसिशन आप पैर छोड़ रहा हूँ आगे फैसला आपका है जस सही है या गलत यह आप डीडे कर सकते हैं)

जस आजकल मनु को जब भी सीने से लगती थी उसका खुद का सीना ठोस हो जाता था …उसके निप्पल हार्ड हो जाते थे ..और क्युकी हाइट का डिफरेंस था ..और मनु जस को हुग करता तोह मनु जस को उसके बैक पैर हाथ रब करके सेफ फील करवाने की कोशिश करता था ..सेफ कितना फील करती होगी जस यह तोह पता नहीं पैर चढ़ती जवानी में एक जवान और हैंडसम लड़के के हाथ उसके कमर को छूटे hi उसका असर जस की जाँघों के बिच में उसकी अनछुई छूट में होता उसकी छूट आजकल पानी छोड़ने लगी थी ,,,और मनु के सीने से लगते hi उसका पूरा जिस्म गरम फील करता था ..जिसमे उसकी अनछुई चूचियां हो या उसकी कासी हुई सॉलिड गांड जिनको देखकर कोई भी उसे चुने के लिए पगला जाये …

पैर मनु का इंटेंशन ऐसा नहीं था …पैर उसे क्या पता जस इमोशनल होने के नाम पैर आजकल मनु को अचे से फील करती थी …जस का जिस्म भी अब गरम होने लगा था …मनु उसके कमर पैर हाथ फेर रहा था …जस की चूचियां टाइट हो चुकी थी …उसके निप्पल भी हार्ड हो चुके थे …पैर स्पोर्ट्स ब्रा पहनने की वजह से उसके हार्ड हो चुके निप्पल मनु को महसूस नहीं हो रहे थे ..जस की साँसे थोड़ी भारी हो चुकी थी ..पैर मनु उसके बैक को रगड़ रहा था …जस की छूट अब पानी बहा चुकी थी थोड़ी “ जस का अब गर्मी से बुरा हाल था ..पैर जस जानती थी अगर हु नार्मल हुई तोह मनु उससे अलग हो जायेगा …जो ऐसे में उसे मंजूर नहीं था …जस ने भी मनु को कसकर अपने सीने से लगा लिया था …उसकी चूचियां मनु के मज़बूत सीने में पीस रही थी और हिलने से उसकी चुकी थोड़ी रगड़ भी रही थी …और उसका असर उसकी चुकी से होता हुआ उसकी छूट पैर हो रहा था …पानी बहुत निकल रहा था …मनु फिर भी उसे अपने सीने से लगये खड़ा उसके बैक को रब कर रहा था …और जस भी मनु को और कास रही थी और थोड़ी रगड़े से जस के मुँह से एक सिसकी निकली ……स्स्स्सस्शह्ह्हह्ह आअह्ह्ह्ह!

और इसी के साथ जस की लाइफ का पहला ओर्गास्म हुआ जो उसे मनु से मिल चूका था … जस के पानी जब निकला तोह उसके आन्ह्कों की आगे कुछ पल का अँधेरा च गया …अगर हु मनु के सीने से नहीं लगी होती तोह शायद गिर जाती क्युकी उसकी टाँगे अब कांप रही थी …और कुछ पल उसके जिस्म ने कुछ झटके खाये …मनु ने भी महसूस किया की जस कुछ कांप सी रही है …हु तोह भला हो उस एप्रन का जो जस ने ड्रेस के सामने पहन रखा था ..वर्ण उसकी ड्रेस की पंत झंघों से पूरी गीली हो चुकी थी …पैर एप्रन होने की वजह से गीलापन नहीं दिख रहा था …जस के जिस्म के झटके देककर मनु ने जस को अलग किया …जस की आँखें बंद थी ओर्गास्म के चलते तोह ..मनु को लगा शायद जस की तबियत ठीक नहीं है …उसे जस की फ़िक्र होने लगी …

मनु ने जस को ऑफिस में मौजूद सोफे पैर लिटा दिया और उसके सर पैर हाथ रखकर चेक करने लगा …जस भी सब देख रही थी …मनु को जस की चिंता करते देख उसे मनु पैर बहुत प्यार आया ..और जबसे ओर्गास्म के बाद उसने आँखें खोलकर मनु को देखा था ..उसके दिल में मनु के लिए चाहत और ज्यादा बाद चुकी थी …मनु उसकी केयर में लगा हुआ था ..जस भी मनु को खुद के किये केयर करते देखकर खुश थी …कमसे काम कोई तोह उसका अपना उसे महसूस हो रहा था …मनु ने अनजाने में hi सही ओर्गास्म दिला दिया था जस को ..और ऐसा तार छेद दिया था की जस के दिल में मनु का नाम अब अमर हो चूका था …

मनु ने जस को पानी पिल्य ..जस भी उठकर बेथ गयी ..और मनु को कहा हु अब नार्मल है ..मनु ने उसे फुरण सीने से लगा liya…jass भी सिमट कर उसके सीने में लिपटी चली गयी..

मनु “ पता है मैं कितना डर गया था मुझे कितनी फिक्र हो रही थी ..तुम ठीक तोह हो na..??”jass को सीने से लगाए मनु ने कहा ..

जस “ हाँ मैं ठीक हूँ जान कर ाचा लगा की इस दुनिआ में मेरी फिक्र करने वाला भी कोई है ..”

मनु ने उसके सर पैर हाथ मारा “ स्टुपिड दोस्त हो मेरी और सोचना भी नहीं जब तक दुनिआ में मैं हूँ तुम अकेली नहीं हो ..यह बात अचे से समझ लो ..और अगर मैं नहीं रहा तोह बात और है …”

जस रट हुए ..” उपपरवाला करे तुमको मेरी भी उम्र लग जाये …तुम हो मैं हम तुम्हारे बिना मेरा तोह वजूद भी नहीं ..सो ऐसा कभी मत कहना की तुम्हे कुछ हो जाये ऐसा अगर हुआ तोह एक बार मुद कर देखना पीछे पीछे मैं भी मिलूंगी …तुम्हारे साथ वहां भी हर हाल में रहूंगी सो मुझसे पीछा छुड़ाना आसान नहीं bachooo..keh देती हूँ”

मनु ने उसके आंसू पूछे उसे लगा एक दोस्त की तरह जस ने कहा है ..पैर जस का मतलब कुछ और hi था ..उसकी चाहत मनु के लिए हर पल बाद रही थी ..उस पैर मनु का केयरिंग नेचर जस चाहकर भी नहीं भूल पाती थी मनु को ..

मनु “ ाचा बाबा ी म सॉरी गलती हुई …पैर प्लीज तुम रोना नहीं क्युकी मुझे मेरी मज़बूत दोस्त पसंद है रोंदन लड़की नहीं …यह जस नहीं है …”

जस “ तोह तुम रुलाते hi क्यों हो ??? तुमको पता है मेरे पास तुम्हारे आलावा है hi कोण पैर फिर भी फ़िल्मी डायलाग मरने है तुमको हटो अब “ मनु से तुनककर जस अलग हुई ..और बाथरूम चली गयी …मनु भी हैरान सा देखता रह गया ..की जस कैसे कब पल में कितने इमोशन बदल रही है…

जस बाथरूम में घुसी और उसने अपनी ड्रेस से एप्रन और अपनी पेण्ट उतरी …जस ने देखा उसकी पूरी झंघे गीली हो चुकी थी इतना पानी बहा दिया था उसकी छूट ने ..उसकी पूरी पंतय छूट के सामने के हिस्से से भीगी हुई थी और इतनी भीगी थी की अगर चाहो तोह निचोड़ लो ..जस ने जैसे hi पंतय को देखा उसके गोर गाल शर्म से लाल हो चुके थे ..मुँह से सिर्फ इतना निकल “ मेरा हीरो “ उसने अपनी गीली पंतय को उतार कर अपने को साफ़ किया और उस पंतय को अचे से संभल कर रख लिया …और बिना पंतय के बाकी ड्रेस पहनकर बहार आयी ..

मनु देख रहा था जस को पैर अब जस के चेहरे पैर शर्म के भाव थे …मनु ने भी ज्यादा बात नहीं खींची ..और बाद में दोनों में यह तय हुआ की मनु अब बिज़नेस में और पैसा जो प्रॉफिट का है उसे और रेस्टोरेंट लेगा साथ में स्टॉक मार्किट में कन्टिन्यूसली इन्वेस्टिंग जारी रखेगा ..जस को मनु ने अकाउंट और बाकि काम दे दिया जो नए रेस्टोरेंट के लिए था …और गुरु भाई पैर लोकेशन और लैंड के लिए हर जरूरी बात की जिम्मेवारी दे दी …और खुद चल दिया आज आपने घर की ओर …

मनु आज थोड़ा जल्दी घर आ रहा था शाम का 4.30 का टाइम था …रस्ते में उसने देखा उसके पापा राजिंदर की बाइक रजिनि के घर के सामने कड़ी थी …

मनु हैरान था की टाइम से पहले राजिंदर की बाइक और हु भी रजिनि के घर के बहार कैसे और क्यों कड़ी है ??

रजिनि के बचे बहार hi खेल रहे थे ..बचे मलतब उसकी तीनो लड़कियां सोनल टीना और माला तीनो घर के बहार थी ..

मनु सोचने लगा अजीब बात है …”उसका बाप राजिंदर रजिनि के घर में है ..और बचे बहार ..और अनिल का टाइम तोह अभी ड्यूटी का होगा तोह ऐसे में रजिनि और राजिंदर कर क्या रहे हैं अंडर और हु भी अकेले ..??”

मनु ने देखा की सोनम और टीना किसी खेल में माला को वहीँ छोड़कर कहीं और चली गयीं …और क्युकी सोनम और टीना बड़ी थी और मनु उनसे कुछ पूछता तोह पक्का हु इस बात को अपनी माँ रजिनि से कह देती पैर माला सबसे छोटी थी सो मनु ने माला से पूछने का सोचा

मनु ने रजिनि की सबसे छोटी बेटी माला से पूछा “ अरे माला तुम बहार क्या कर रही हो ??

माला “ भैया हु न मम्मी ने हमे बहार भगा दिया है ..अंकल जब भी आते हैं मम्मी हमे बहार भगा देती हैं ..और कहती हैं की तुम बहार खेलो ..मेरा तोह बहार मैं भी नहीं लगता …”

मनु ने माला को चॉकलेट दी जिससे माला खुश हो गयी ..पैर मनु ने उसे कुछ और बातें जानी जो सुनकर उसकी हैरानी और बाद चुकी थी …मनु माला को चॉकलेट देकर थोड़ा दूर चला गया और वहां अपनी बाइक लगा कर उसने वापस रजिनि के घर का रुख किया …

रजिनि की गेट से जाने के बजाए मनु ने उसके घर के पीछे का रस्ते का रुख किया …मनु घर के पीछे एक छोटी सी गली में चला गया …रजिनि का घर मोस्टली कंपनी का दिया सिंगल स्टोरी घर था …जिसमे सामने से एक हॉल और उसके साथ hi जॉइंट बैडरूम था ….किचन के नाम पैर रजिनि ने हॉल में hi गैस कनेक्शन लिया था …पैर साली रजिनि को चोरी से तार दाल कर गैस की जगह हेतर पैर खाना बनाने में ज्यादा मज़ा आता था ….क्युकी अब लास्ट उसका हस्बैंड तहत ओह एक गार्ड hi और कंपनी के दिए रूम में क्या सोच सकते हैं आप…

पीछे की एक विंडो थी जिससे अगर कोई अंदर देखे तोह पुरे घर का हाल दीखता था सिर्फ बैडरूम को छोड़कर क्युकी बैडरूम की आगे पर्दा लगा था और गेट कंपनी ने लगवाया नहीं और गेट कंपनी के दिए घर में लगवाना रजिनि के लिए ठीक भी नहीं था …या जो उसकी सोच नहीं थी …

खैर मनु ने पीछे की विंडो से देखा विंडो पैर रजिनि ने मचारूं के लिए नूपपेर लगये थे जो गर्मियों में मचार से जान बचते थे क्युकी विंडो बड़ी थी …और उसपर जाली लगी थी …

मनु ने अंदर देखा तोह कुछ नज़र नहीं aya…usne जेब से बाइक की के ली और विंडो में नूपपेर में होल कर दिया …और क्युकी उस गली में अँधेरा रहता था …तोह शायद hi पता चले की उसमे छेद हुआ हो …

मनु ने उस छेद पैर नज़र लगा दी …अंदर देखा की रजिनि ब्लाउज और पेटीकोट में चाय बना रही थी हेतर पैर ….निचे बेथ कर और सामने एक चेयर पैर उसके सामने राजिंदर बैठा उसकी चाय का वेट कर रहा था ..

चाय का वेट तोह बहाना था मनु ने देखा उसका बाप रजिनि के जिस्म को अचे से नाप टोल रहा था …और सबसे अजीब बात रजिनि भी आराम से मज़े लेते हुए चाय बना रही थी …मनु पहले से जानता था रजिनि अपने घर में मोस्टली ब्लाउज और पेटीकोट में रहती थी …जो उसने भी देखा था पैर अपने खुद के बाप के सामने मतलब एक पराये मर्द के सामने यूँ इस तरह रजिनि को देखना और हु भी कोई और नहीं …खुद उसका बाप राजिंदर …मनु के लिए अजीब था ..

मनु हैरान था …ऐसा नहीं था की अंडर के हाल पैर उसे यकीं नहीं हो रहा था …पैर राजिंदर का पुरे कपड़ों में होना और रजिनि का इस हाल में हु भी फुल make-up के साथ होना मनु को कुछ खटक रहा था …उसने आगे देखने का सोचा ..

रजिनि और राजिंदर में अभी तक फॉर्मेलिटी थी …पैर रजिनि का जिस्म राजिंदर को अपनी तरफ ललचा रहा था …राजिंदर भी क्या करे तहत ओह मर्द hi न …सामने से अगर खुद छूट आकर कहे की आ छोड़ मुझे तोह राजिंदर क्या करे ???

मनु ने नोटिस किया …की राजिंदर फिर भी चोरी से रजिनि के चुकी को घर रहा था ..पैर जब रजिनि ने देखा की राजिंदर उसकी चुकी को देख रहा है …उसने हलके से अपना हाथ चुकी से खुजली के बहाने लगा दिया …राजिंदर का हाल थोड़ा अजीब हो चूका था ….

रजिनि यहीं नहीं रुकी …उसने हलके से अपना पेटीकोट उप्पेर किया और पिंडली तक उठा लिया गरमी के नाम पैर …राजिंदर के पेण्ट में बने तम्बू पैर रजिनि और मनु दोनों की नज़र थी… पैर राजिंदर ने खुद को कण्ट्रोल किया …और इसी बिच रजिनि ने पेटीकोट में हलके से हाथ डालकर ….जांघ को खुजा लिया …..मनु को साइड से उसकी ग्रीन कलर की पंतय दिख gayi…or सामने से राजिंदर भी उसे अचे से देख चूका था …उसके मुँह से निकलते पसीने और पेण्ट के तम्बू को देखकर कोई भी बता देता की राजिंदर पैर रजिनि की हर हरकत कितनी ब्राजीली गिरा रही थी …और कैसे बेचारा खुद को कण्ट्रोल किये था ..

रजिनि…” अरे मनु के पापा आपको तोह पसीने आ रहे हैं लगता है आपको भी गर्मी लग रही है …माफ़ करना गैस ख़तम हो गयी है …और हेतर पैर काम करना मज़बूरी है..” गैस कोई ख़तम नहीं हुई थी बस उसे तोह राजिंदर को बोत्तल में उतरना था …

राजिंदर पसीना पूछते हुए “ कोई बात नहीं सोनम की मम्मी क्या करे हर गरीब आदमी का यही हाल है …यह सब तोह चलता रेहगा पैर काम तोह बताओ मुझे आपने एक हफ्ते पहले बोलै था काम है …पैर इतने दिन से सिर्फ बोल रही हो काम क्या है अब बता भी दो बचे आने वाले होंगे घर पे …”

रजिनि “ मनु के पापा काम तोह है और हु काम सिर्फ आप hi कर सकते हो …आपके शिव कोई नहीं …बस सही टाइम का इंतज़ार है सही टाइम पैर कह दूंगी …और आपको दिक्कत क्या हेयर ोज़ आपको सिर्फ घर hi तोह जाना होता है ..वहां मिलता hi कोण होगा बचूं के अलावा …सुमित्रा तोह काम पैर रहती है ..उसे तोह आपकी चिंता भी नहीं देखो न कैसे आप दुबले हो चुके हैं…” रजिनि ने उठकर राजिंदर के पेट को हाथ लगते हुए कहा…

राजिंदर ने उसे खुद से दूर किया ..” सोनम की मम्मी ठीक तोह हूँ और वैसे भी सुमित्रा से मुझे कोई शिकायत नहीं है ..उसने साड़ी उम्र मेरा साथ दिया है …आज भी दे रही है …यह आपसे ज्यादा मैं जानता हूँ ..” राजिंदर ने दो तुक जवाब दे दिया रजिनि को …

रजिनि आसानी से हार मने वाली नहीं थी …” अरे मनु के पापा आप तोह नाराज़ हो गए मेरा हु मतलब नहीं था …अब खुद सोचो आपकी बीवी ..बहार रहती है …और टाइम से आपको खाना भी नहीं दे पाती …और आप मुझे गरीब को hi गलत सोच रहे हो …देखो अनिल सुमित्रा को बहिन मंटा है उस हिसाब से मेरा भी तोह आपसे रिश्ता हु आना ..फिर भी आप मुझे hi सुना रहे हो ..” चाय देते हुए रजिनि ने अपनी पसीने की बोंडे जो उसकी चुकी की घाटी तक जा रही थी ..उसे पूछते हुए कहा …

राजिंदर कुछ कहना चाहता था पैर सामने दूध से बानी चाय और मस्त गोल चुकी देखकर राजिंदर के मुँह से निकली लार देखर मनु चौंक गया था …

राजिंदर को तैसे करने रजिनि कोई कसार नहीं छोड़ रही थी …चाहे जान भुजकर राजिंदर के पास जाना हो या …उसके सामने पसीने को पूछने के बहाने चुकी मसलना हो या पेटीकोट को हवा के नाम पैर उप्पेर उठाना हो रजिनि का हर वार सटीक हो रहा था …राजिंदर का हाल बता रहा था ..की रजिनि बस एक बार कह दे तोह राजिंदर उसे किसी कुटिया की तरह रोड डालेगा ..

मनु अपने खुद के बाप के ऐसे देखकर और रजिनि की हरकतें देखकर अचे से समझ गया ..की कहानी कहाँ से शुरू हुई hai…rajinder ने जैसे तैसे चाय ख़तम की और घर निकल गया …

रजिनि उसे गेट तक छोड़ने आयी …और बहार से hi bye का इशारा मुस्कुराते हुए कर दिया क्युकी हु थी तोह ब्लाउज और पेटीकोट में hi ..

राजिंदर भी अपने खड़े लैंड को लिए रजिनि को बाये करते हुए बाइक लेकर घर चला गया …रजिनि वापस घर में उस विंडो के सामने थी जिसके पीछे मनु अभी तक खड़ा था ..

रजिनि ने उस विंडो के उप्पेर एक छोटा आइना लगा रखा था …राजिंदर के जाने के बाद रजिनि ने अपना make-up साफ़ किया तेज़ी से …मनु सब देख रहा था …उसके और रजिनि के बिच में सिर्फ एक दिवार और एक जाली का अंतर था अगर वहां नूपपेर नहीं लगे होते तोह मनु रजिनि को आराम से दिख जाता …

रजिनि ने आईने में खुद को देखा और बड़ी अदा से खुद से कहा “ रजिनि से आज तक कोई बच नहीं सका है …तोह सुमित्रा कैसे बच सकती है …??”

मनु के रजिनि के मुँह से अपनी माँ का नाम सुनते hi कान खड़े हो चुके the…bahut साल पहले की बात अभी तक उसके जेहन में ताज़्ज़ा थी ..उसे अचे से पता था रजिनि उसके फॅमिली के लिए कैसी सोच रखती है ..पैर अब टारगेट उसकी माँ के साथ उसका बाप भी बन चूका था और मनु जाना चाहता था की यह सब है क्या ..??

रजिनि ने फिर से आईने में खुद को देखते हुए कहा “ सुमित्रा देख आज तेरा पति मेरे इस जिस्म को कैसे भूखे जानवर जैसे देख रहा था …अचे से पता है मुझे क्युकी टूट ओह काम से थकी हारी आती होगी और जब कभी तेरा पति तुझे हाथ लगता होगा तोह थकन के चलते कितना साथ देती होगी ??? यह तोह कोई चुटिया भी जानता होगा ..पैर इस सब में राजिंदर जल्दी मेरे उप्पेर होगा और उसके लैंड के पानी से मुझे मेरा एक सपना नहीं दो सपने एक साथ पुरे होते नज़र आ रहे हैं …एक मुझे बीटा मिल जायेगा ..और दूसरा तेरा पति छूट के चलते ज़िन्दगी भर के लिए मेरा गुलाम बन जायेगा और बरसों पूर्ण मेरा बदला भी पूरा हो जायेगा …देख इस छूट में (रजिनि ने पेटीकोट उठाकर मनु देख रहा था रजिनि ने पंतय पे हाथ रखके कहा )…जल्दी hi तेरे पति का लैंड होगा …और तू कुछ नहीं कर पायेगी सिवाए रोने के …..हाःहाहाःहाह!!”

रजिनि की यह शैतानी हंसी सुनकर मनु सब समझ चूका था …किआ आगे क्या होना है मनु अपने दिमाग में सोचते हुए घर आ चूका था …

रजिनि का सपना एक तीर से दो शिकार का पूरा क्या हो पायेगा क्या …राजिंदर सुच में रजिनि के उप्पेर होगा …और इन सबका सुमित्रा पैर क्या असर होगा …और मनु यह सब जाँणे के बाद क्या karega…yeh तोह किस्मत और वक़्त hi बता सकते हैं …
:हिंट:
 
नोटिस

सॉरी फ्रेंड्स कहानी को ुन्देरगे का टैग के लिए नोटिस मिल चूका है ....सो कहानी को शायद प्राइवेट सेक्शन में दाल दिया jaye...kahani में बचपन मैंने लिखा था उसका रीज़न इतना था ..की आने वाले टाइम में करैक्टर के साथ और बाईट टाइम में करैक्टर के साथ उसके जजमेंट लेने के पॉइंट ऑफ़ व्यू से एक बचे से बड़े मातुरे पर्सन को आप तक सही तरह से रख सकूँ ...

जब साइट पैर आया था तोह रूल पड़े थे कहानी में ुन्देरगे सेक्स कहीं नहीं दिखया गया है ...पैर मैं करैक्टर का बचपन कहानी की शुरुवात है ...मुझे नोटिस मिल चूका है ...उनका कहना है मैं करैक्टर का ुन्देरगे दिखना hi सही नहीं है ...मैं पर्सन या तोह 15 या उसे बड़े ..और यहाँ तोह कहानी शुरू hi दोनों मैं लीडस् की बचपन से होती है ....और उसे बदलना मतलब कहानी का हर हिस्सा जो आपने पसंद किया था या आपने देखा था उसे hi चेंज करना ...जो एक हिसाब से सही है या नहीं ...यह फैसला आप का है क्युकी राइटर सिर्फ कहानी लिख सकता है ..पैर असली हक़ कहानी पैर उसके reader's का होता है ...

अब कहानी बदलना है या यह अब प्राइवेट सेक्शन में जाएगी यह स्टाफ पैर है ...और यह सही है या नहीं इसका फैसला मैं अपने हर reader's दोस्त पैर छोड़ रहा हूँ ....



अभी तक साथ देने का बहुत शुक्रिया माय डिअर reader's फ्रेंड्स ....थैंक यू सो मच ...:thanks::thankyou:?

वक़्त ने आवाज़ दी
तोह फिर मुलाकात होगी ...आपका दोस्त :डॉन:
 
ाचा तोह मुझे भी नहीं लग रहा पैर क्या कर सकता हूँ मैं अपने ब्रेक टाइम में हूँ शिफ्ट पक्का बढ़ेगी क्युकी जिसकी शिफ्ट है वह पर्सन नहीं है सो ..और कहानी बदलना पॉसिबल नहीं है क्युकी कहानी का सारा मतलब चेंज हो जायेगा ...:हुक्का:

कहानी लिखना अपनी शॉक है ...सो लिख दी ...जमा तोह ठीक वर्ण आगे देखंगे ...:डॉन:
 
थैंक्स फॉर ुर सपोर्ट डिअर one's



दोस्त स्टोरी छोड़ना चाहता कोण है ...आप खुद सोचो ..48 हरष की शिफ्ट के बाद भी मैं सिर्फ लिखता हूँ अपने और आपके शॉक के liye....kya आपको लगता है मुझे इसका दुःख नहीं होगा ???...मेरी साइड से सोचना आप समझ जाओगे ...खैर स्टाफ से मुझे शिकायत नहीं है ..कहानी इतने दिन से चल रही है ...मैंने सारे रूल स्टार्टिंग में hi पड़े थे ...ुन्देरगे कंटेंट नॉट अल्लोव , ुन्देरगे सेक्स नॉट अल्लोव , और भी काफी रूल थे ...सो मैंने कहानी लिखने से पहले अचे से पड़े थे ...और कहानी शुरू करने से पहले hi कहा था हर रूल और साइट की रेस्पेक्ट करूँगा ...यहां मैंने वही किया है ...और इसमें स्टाफ की गलती नहीं कहूंगा क्युकी स्टाफ को कभी मैंने अलग नहीं माना ....

स्टाफ तब एक्शन लेता है जब कोई रिपोर्ट करता है ...क्युकी अगर स्टाफ को कुछ करना होता तोह कहानी पहले hi दिन क्लोज हो जाती ..पैर यहाँ कहानी ने जब तेज़ी पकड़ी तब शयद किसी ने रिपोर्ट कर दी और ऐसा कोण कर सकता है मुझे नहीं पता ...क्युकी मैं सिर्फ अपने से मतलब रखता हूँ अपना काम करता हूँ और बस इतना hi काफी है मेरे लिए ...और आगे आप स्मार्ट hain...khair ...कहानी मैं भी नहीं छोड़ना चाहता पैर ...प्रॉब्लम मेरे लिए टाइम की है ...क्युकी मैं अपने वर्क पैर हूँ और शायद टाइम और लगे सो ..उनका टाइम लिमिट जो मुझे मिला है ...उसमे एडिट करना मेरे लिए पॉसिबल नहीं है ...साड़ी प्रॉब्लम उसकी है ...स्टाफ से मुझे कोई शिकायत नहीं है ...



कहानी आपकी है ...सोचा था शाम को जब वापस शिफ्ट ओवर होने के बाद नयी अपडेट पोस्ट कर दूंगा ..जो ऑलमोस्ट हाफ करदी थी ...पैर अब देखो क्या होता है ...यार यहाँ शॉक है लिखना मेरा बात सिर्फ शॉक की है जो फ्री में लिख रहा हूँ ...पैर आप सबने इतना प्यार और सपोर्ट किया फर्स्ट टाइमर को उसके लिए दिल से थैंक यू..
 
थैंक्स फॉर ुर सपोर्ट मैं खुद भी नहीं छोड़ना चाहता हूँ पैर यहाँ बात टाइम लिमिट की है ...मैं तोह यहाँ भी एग्री हूँ की स्टाफ और मॉडरेटर्स चाहें तोह ऐड कर लें जहाँ आगे मेंशन है क्युकी मेरे लिए अभी तोह पॉसिबल नहीं है ..और जब तक टाइम मिलेगा तब तक स्टोरी प्राइवेट सेक्शन में होगी सो स्टाफ में बोलै भी है हेल्प के लिए अब देखो क्या होता है ...

आपके सपोर्ट के लिए दिल से थैंक्स ...
 
थैंक फॉर ुर सपोर्ट दोस्तों ...

मैंने सोचा नहीं था की शायद ऐसा कुछ होगा ...खैर जो भी हो आज की अपडेट दे रहा हूँ ...आगे क्या होगा यह उस उपपरवाले के हाथ में है..

पैर मेरे जैसे फर्स्ट टाइमर के लिए इतना भी काफी है की आपने इतना प्यार दिया और सपोर्ट किया ... :रेस्पेक्ट:

दिल से थैंक्स हर एक रीडर दोस्त को चाहे साइलेंट हो या रेगुलर रीडर हर एक को थैंक्स ....:थैंक्स:



अपडेट पोस्ट कर रहा हूँ ...:गोटम:
 
अपडेट 75

रिकैप........

रजिनि का सपना एक तीर से दो शिकार का पूरा क्या हो पायेगा क्या …राजिंदर सुच में रजिनि के उप्पेर होगा …और इन सबका सुमित्रा पैर क्या असर होगा …और मनु यह सब जाँणे के बाद क्या karega…yeh तोह किस्मत और वक़्त hi बता सकते हैं …

अब आगे....

मनु अब घर पैर था और साथ में अजय और राजिंदर भी थे …मनु के घर में टीवी चल रहा था …राजिंदर और अजय के साथ मनु भी टीवी के सामने था ….टीवी पैर कोई कॉमेडी शो चल रहा था …राजिंदर और अजय उसे एन्जॉय कर रहे थे …पैर मनु की नज़र राजिंदर पैर तिकी हुई थी …राजिंदर बिलकुल नार्मल लग रहा था …मनु फिर भी उसे नोटिस कर रहा था …

मनु मैं में “ कोण कह सकता है की पापा को थोड़ी देर पहले मैंने किस हाल में देखा था …क्या हु गलत हैं ???? नहीं क्युकी पहल उनकी तरफ से नहीं थी हु हुई थी रजिनि की तरफ से ..पैर कब तक रजिनि का प्लान सक्सेसफुल नहीं होगा कब तक पापा खुद को कण्ट्रोल कर पाएंगे …और आगे जो भी होगा उसके बाद क्या …दुनिआ की आदत है गलती चाहे किसी की भी हो पहल चाहे रजिनि की हो पैर अगर रजिनि ने पैसा पलटा और झूठा केस रपे का करवा दिया तोह पापा की सुनेगा कोण …कोण समझेगा की हर बार आदमी गलत नहीं होता पैर कानून तोह सबूत मांगता है …पैर आज नहीं तोह कल जिस हिसाब से रजिनि बाद रही है …कुछ न कुछ तोह होगा hi ..और इस सब का असर चाहे जो भी हो पैर मेरे फॅमिली का सुख चैन और सुकून तोह इसके चपेट में आएगा यह तोह कन्फर्म है …सो टाइम तो टेक मोरे प्लानिंग ….??”

मनु ने राजिंदर को फिर एक बार देखा राजिंदर ने मनु को शांत देखकर पूछा “ क्या हुआ ठीक है न “

मनु “ हाँ पापा सब ठीक है आप एन्जॉय करो …”

मनु उठकर बहार चला गया , बहार उसकी माँ सुमित्रा आ चुकी थी …मनु ने सोचा चलो आज मम्मी से बात की जाये ..

मनु ने सुमित्रा को चाय बनाकर दी ..सुमित्रा बहुत खुश हुई चाय और मनु को साथ देखकर …

दोनों माँ बेटे को आज बहुत दिन बाद टाइम मिला था साथ में …मनु ने चाय पिटे हुए सुमित्रा के पाँव दबाने शुरू कर दिए सुमित्रा उसे अपनी केयर करते देख बहुत खुश थी …बेशक उसके दो बेटे थे दोनों बचे हर माँ को प्यारे होते हैं पैर मनु सुमित्रा के हर परेशानी के दौर में साथ डाटा रहा था चाहे वह बचपन हो या अब का टाइम …सो सुमित्रा के लिए भी मनु अलग मायने रखता था ..

सुमित्रा “ आज कैसे मेरी इतनी केयर कर रहा है …कोई ख़ास बात है क्या ..??”

मनु “ हाँ बात तोह ख़ास hi है क्युकी मेरी मम्मी भी तोह ख़ास hi हैं न …’’

सुमित्रा “ लगता है आज कुछ तोह हुआ है वर्ण हर रोज़ सिर्फ रात को hi मेरे पेअर दबाता था ..पैर आज शाम को hi ..देख मनु बात क्या है बता मुझे ..??” सुमित्रा सीधे टॉपिक पैर आ चुकी थी ..

मनु “ अरे कुछ नहीं हुआ है बस आज थोड़ा जल्दी आ गया था सो सोचा थोड़ा टाइम आपके साथ बिता लूँ ..पैर लगता है यहाँ भी अपॉइंटमेंट लगता है …सॉरी ??” मनु ने रूठने का बहाना किया और उठ गया …

सुमित्रा ने उसे खींच कर अपने सीने से लगा लिया … मनु ने फिर भी झूठा गुस्सा दिखते हुए जाना चाहा तोह सुमित्रा ने और कास लिया उसे …

सुमित्रा “ बस भी कर तुझे पता है मैं दुनिआ का हर दुःख देख सकती हूँ पैर तुझे गुस्सा होते मुझसे बर्दास्त नहीं होता …बस भी कर आज बहुत दिन बाद तुझे देखा तोह बस पूछ लिया ….गुनाह तोह नहीं कर दिया …हक़ है मेरा तुझपे “

मनु “ हक़ तोह मेरा भी है …पैर हक़ मुझे मिलता कहाँ है …जब देखो सब बहार hi रहते हैं अपने hi घर में लोगों से मिलने का टाइम नहीं है आप लोगों के पास …अब तोह काम ाचा चल रहा है तोह आपको काम करने की जरूरत क्या है ???”

सुमित्रा “ बीटा पहले जरूरत थी …पैर अगर हाथ पेअर चलते रहें तोह ज्यादा ाचा है वर्ण घर का काम तोह जो सुबह करती हूँ सिर्फ 2 घंटे में हो जाता है पैर वही काम पहले जब काम नहीं करती थी पूरा दिन लग जाता था …”

मनु “ हाँ समझ गया की आपको भी बहार ज्यादा ाचा लगता है …यहाँ तोह किसी को परवाह hi नहीं है मेरी …चाहे जियूं या मरुँ …???”

सुमित्रा गुस्से से” आज कह दिया है आगे से मत कहना तुझे नहीं पता तुम मेरे लिए हो क्या अब तोह सिर्फ तुम्हारा hi सहारा है मुझे …” सुमित्रा के आंसू निकलने लगे …

मनु समझ गया बात कुछ घेरि है ..पैर सिद्ध पूछना मतलब अपने maa-baap की लाइफ में दखल देना ..पैर न पूछे तोह रजिनि जाने क्या कर दे …मनु ने मैं hi मैं कुछ फैसला किया …

मनु “ ok माय स्वीट लवली मम्मी समझ गया मैं क्या हूँ.. ाचा एक काम करो चलो आज बहार चलते हैं …”मनु ने सुमित्रा के गाल पे किश करते हुए कहा …

सुमित्रा भी बहुत खुश हुई ..”ाचा सुच में बड़ा मज़्ज़ा आएगा चलो मैं बस यूँ गयी और यूँ आयी…” सुमित्रा तेज़ी से फ्रेश होने चली gayi…manu बहुत खुश था की उसकी माँ अब खुश है …पैर सोच अभी भी दिमाग में घूम रही थी उसके ..

सुमित्रा त्यार होकर आयी तोह देखा मनु अकेला सामने खड़ा है ..सुमित्रा सोच में पद गयी ..

सुमित्रा “ तुम्हारे पापा और अजय कहाँ हैं ??”

मनु “ क्यों ?’’

सुमित्रा “ क्यों का क्या मतलब हु नहीं जा रहे …”

मनु “ नहीं “

सुमित्रा “ और भला हु क्यों ??”

मनु सुमित्रा के पास आकर उसके कंधे पकड़ता है और उसकी आँखों में देखते हुए कहता है “ क्युकी आज का टाइम सिर्फ मेरा और दुनिआ की सबसे अछि मम्मी के लिए है …??” मनु ने यह कहकर सुमित्रा कैग ाल पैर किश कर दिया …सुमित्रा अंदर से बहुत खुश थी …क्युकी काफी टाइम बात उसे कोई खुद बहार ले जा रहा था ..

सुमित्रा नकली गुस्से से “ तोह मम्मी क्या अकेले तेरी हूँ और हु दोनों इस घर के नहीं हैं क्या जो उन दोनों को यहाँ छोड़ दूँ ..” अंडर से तोह खुश थी झूंठे गुस्से से सुमित्रा ने कहा ..

मनु “ मम्मी बेशक दोनों की हो पैर मेरा हक़ अजय से कई साल ज्यादा है आप पैर …”

सुमित्रा “ और तेरे पापा उनका क्या ???”

मनु “ बात अगर हक़ की है तोह यहाँ भी मेरा हक़ उनसे बहुत ज्यादा है ??”

सुमित्रा “ ाचा हु भला कैसे ??”

मनु “ पापा को आप शादी से पहले जानती थी क्या ??’’

सुमित्रा “ नहीं हमारी शादी तोह घरवालों ने करवा दी ..उससे पहले तोह मैं कभी उन्हें देखा तक नहीं था ..”

मनु “ पैर मुझे आपने बचपन से देखा है सो मुझे आप मेरे पैदा होने से जानती हो …जितना हक़ आपका मुझपे है उतना hi हक़ मेरा आप पैर है …मेरा तन मन और मेरा वजूद सब आपका दिया है ..सुच कहूं तोह दुनिआ में मेरा होना hi आप पैर मेरा हक़ है…” मनु ने सुमित्रा को अपने सीने से लगा लिया …

सुमित्रा भी उसकी बात सुनकर बहुत खुश थी की …आज उसके बेटे ने उसके बारे में इतना सोचा है…

सुमित्रा सीने से लगे हुए “ फिर भी साथ चलते दोनों तोह ाचा लगता ..”

मनु “ नहीं आज की शाम सिर्फ दुनिआ की सबसे अछि मम्मी के नाम उसमे कोई और नहीं सिर्फ आप और मैं …एंड हाँ उन्दोनो के लिए भी खाना ले आएंगे ..बहार से सो जस्ट एन्जॉय ुर डे …समझ लो आज आपकी ट्रीट है ..”

सुमित्रा समझ गयी आज उसकी चलने नहीं वाली …पैर उसका दिल जनता था की आज कितनी खुश थी हु अंडर से हर रोज़ सिर्फ काम और उसके बाद आना खाना और सोना एहि उसकी लाइफ बन गयी थी .. राजिंदर ने उसके जॉब करने के बाद से सुमित्रा को बहार जाने के बारे में पूछना तक तोह दूर उससे कभी ऐसा फील भी नहीं करवाया था की सुमित्रा को हु कोई दिन उसके साथ स्पेशल ट्रीट करे .पैर बहुत दिन बाद आज सुमित्रा को किसी ने स्पेशल फील करवाया था ..और किसी और ने नहीं उसके बेटे मनु ने …दिल से खुश थी आज सुमित्रा ..

मनु “ तोह चले मम्मी “ कंधे पैर हाथ रखते हुए ..मनु ने कहा …

सुमित्रा “ पैर “

मनु “ okay “ चलो तोह सही ..” मनु सुमित्रा को साथ लिए राजिंदर और अजय जहाँ टीवी देख रहे थे सामने आ गया …दोनों का ध्यान अभी तक टीवी में था …

मनु “ पापा “

राजिंदर बिना देखे “ हाँ बोलो बीटा ..“

मनु “ पापा मैं और मम्मी ज़रा बहार जा रहे हैं और खाना आज बहार से ले आएंगे मम्मी को ले जॉन”

राजिंदर “ बीटा यह कोई पूछने की बात है तेरी माँ है तू जाने और तेरी माँ जाने ..बस हम दोनों भूखों के बारे में भी सोचना इतना काफी होगा ???” राजिंदर ने मनु और सुमित्रा को त्यार देखकर कहा ..

मनु ने नोट किया की राजिंदर ने बात सिर्फ उसे देखकर कही थी सुमित्रा को देखा तक नहीं था राजिंदर ने ..

मनु उसके बाद सुमित्रा को साथ ले आया …और बहार गेट के पास आकर उसने अपनी माँ को किश किया क्युकी राजिंदर का गुस्सा सुमित्रा ने भी देखा था ..और मनु अपनी माँ का मूड ख़राब नहीं करना चाहता था …

मनु किश करते हुए “ देखा किसी को कोई प्रॉब्लम नहीं है बस आपको hi सोचना था देखा …सो माय प्यारी दुनिआ की सबसे सुन्दर और स्पेशल मम्मी क्या अब हम चल सकते हैं…” मनु ने बड़े hi फ़िल्मी अंदाज़ में कहा ..सुमित्रा का ख़राब मूड भी उस स्टाइल को देखकर खुश हो चूका था …उसने भी मनु का हाथ पकड़ा और दोनों बाइक पैर बैठकर बहार चले गए …

दोनों ने काफी एन्जॉय किया उस टाइम दोनों घूमने गए मॉल जहाँ मनु ने सुमित्रा को अपनी पसंद से कई सदी दिलवाई और मनु ने उसे आज उसका फेवरेट फ़ूड खिलाया मनु को अपनी केयर करता देख सुमित्रा भी बहुत खुश थी …दोनों माँ बेटे एक दूसरे की कंपनी अचे से एन्जॉय कर रहे थे ..

और उसके बाद मनु ने सुमित्रा को मस्त से ice-cream पारलर में ice-cream खिलाई ..सुमित्रा को तोह जैसे उसका बचपना लौट चूका था …उसने कई बार मनु को इसके लिए थैंक्स कहा …पैर मनु ने सिर्फ इतना कहा “ आपकी ख़ुशी से बढ़कर मेरे लिए और कुछ नहीं है “

सुमित्रा भी बहुत खुश थी …मनु ने अब कहा ..

मनु “ मम्मी देखो यह सवाल पूछने का हक़ शायद मैं नहीं रखता की आपके और पापा के बिच में प्रॉब्लम क्या है ..पैर इतना जरूर कहूंगा की …जहाँ भी आपको आगे कोई प्रॉब्लम है वहां आप मुझसे कह सकती हैं …”

सुमित्रा अब सीरियस थी ..सुमित्रा “ तुमको कैसे पता लगा की हम दोनों में कोई प्रॉब्लम चल रही है ..और हो सकता हो की कोई बात hi न हो ??” सुमित्रा ने टालते हुए कहा ..

मनु “ लगता है आप भूल गयी की घर में हम दोनों भाई भी रहते हैं मम्मी आपने यह कैसे सोच लिया की सब कुछ नार्मल होगा और हम आपकी बात ऐसे hi मान लेंगे ..क्या आपने सोचा है की घर में अगर कोई एक भी किसी प्रॉब्लम में हो तोह फॅमिली का मतलब बनता है एक दूरसे का साथ देना ..पैर लगता है की आपको सब कुछ फैसले अकेले hi लेने हैं चाहे आप हों या papa…aapko यह नहीं कहूंगा यह सही या हु गलत ..दुनिआ में हमने आपसे सीखा है सब कुछ पैर लगता है आप दोनों हमे सीखते हुए खुद भूल गए ..?”

सुमित्रा “ नहीं मनु ऐसा नहीं है पैर कुछ बातें ऐसी है जो बीटा सिर्फ हम दोनों के बीच में hi रहे तोह ज्यादा ाचा है ..मेरे और तुम्हारे पापा का कोई जगदा नहीं है ..बस कुछ बात है जो अभी तुम दोनों से यह शेयर नहीं कर सकते …पैर इतना समझ लो बात चाहे जो भी हो हम दोनों तुम दोनों को बहुत चाहते हैं..”

मनु “ मम्मी मैंने पहले hi कहा …जब आपको ठीक लगे तब बता देना ..वर्ण नहीं ..पैर इतना याद कर लेना हम दोनों ने जब मैं छोटा था तोह एक प्रॉमिस किया था …शायद आपको याद आ जाये ..की हमशा मैं घर की शांति को लेकर आपके साथ हूँ …और यह वडा आज भी वैसे के वैसा hi है …”

सुमित्रा को बाबा के टाइम का वाक्य याद आ चूका था उसे समझ आ चूका था …की जब मनु बचा था तब उसके दिमाग के चलते जैचंद का उधार बंद मनु ने कैसे करवाया था ..पैर आज तोह मनु बड़ा है और उसका दिमाग भी अब मातुरे होगा ऐसे में उससे झूंठ कहना कहाँ तक सही होगा …मनु को सब बता भी नहीं सकती थी सुमित्रा क्युकी बात दोनों मिया बीवी के बिच की थी … सुमित्रा सोचमे गम थी ,,

मनु ने उसे सोच में देखर कहा “ मम्मी वजह नहीं पूछ रहा हूँ बस मैं आप दोनों की ख़ुशी और घर का सुकून चाहता हूँ …फिर कह रहा हूँ वजह नहीं पूछ रहा हूँ जनता हूँ भले hi मुझपर आपका पूरा हक़ है ..पैर फिर भी आप बड़ी हैं समझदार हैं …बस इतना कहूंगा अगर बात बड़े या जब आपको लगे की फॅमिली पैर बात आनेवाली है ..तब बता देना क्युकी अगर बात बाद में बड़ी तोह शयद कुछ करने को hi न बचे …क्युकी बीमारी का इलाज़ शुरू में hi हो जाये तोह ाचा है ..आगे आपकी मर्ज़ी बस इतना समझ लो हर चीज़ में मैं आपके साथ हूँ हर पल… हर घडी.. ”

सुमित्रा ने यह सुनकर मनु को ice-cream पारलर में hi उसे गले लगा लिया …सारे लोग दोनों maa-bete को देखने लगे ..क्युकी सुमित्रा आज भी काफी जवान और सूंदर थी …और लगातार काम करने से आज भी उसकी सही उम्र बता पाना थोड़ा मुश्किल था…

मनु “ मम्मी देखलो लोग देख रहे हैं ..”मनु ने थोड़ा धीरे से कहा ..

सुमित्रा और कस्ते हुए “ तोह देखने दे माँ हूँ तेरी जिसे जो सोचना है सोचने दे ..यहाँ देख रहे हैं घर जाकर खुद भी अपनी माँ के पालू से चिपक जायँगे “ सुमित्रा ने थोड़ा ज़ोर से कहा ताकि सब सुन सकें.. और सबने सुना की माँ बेटे हैं तोह सब अपने अपने में बस्सी हो गए ..

सुमित्रा मनु से ऐसे hi मज़े ले रही थी ..उसका मूड अब फ्रेश था …क्युकी मनु ने उसकी परवाह की थी उसे आज ऐसे hi स्पेशल फील करवा या था …मनु जो बात पूछना चाहता था हु तोह सुमित्रा से पता नहीं चली पैर मनु ने आज अपनी माँ को खुश जरूर कर दिया था ..और उसके साथ बातें करके सुमित्रा भी समझ चुकी थी की मनु क्या जानना चाहता है ..पैर दोनों मिया बीवी के बीच की बात कैसे बेटे से केहड़े हु ..पैर मनु की बात की हु उसके साथ है उसके दिमाग में अचे से बेथ चुकी थी…

खैर दोनों वापस घर चल दिए रस्ते में बुद्धि के बाल वाला (कॉटन कैंडी ) देखा मनु ने तोह उससे कुछ पैकेट लिए सुमित्रा को बहुत पसंद थे सुमित्रा सारे पैकेट मनु से चीन चीन कर खा गयी …और हस्ती हुई ..बाइक पैर बेथ गयी ….मनु भी खुश था अपनी माँ के बचपने को देखकर ..

दोनों ने रस्ते से खाना पैक करवा लिया था और दोनों वापस चले गए घर के बहार मनु ने बाइक पार्क की ..

तोह सुमित्रा ने मनु के पास आकर उसे आज के दिन के लिए फिर से एक बार थैंक्स कहा ..मनु ने बस स्माइल किया ..

तोह सुमित्रा ने उसके गाल पैर प्यार से हाथ फेरते हुए धीरे से कहा “ बेटे तुमको सुच में मैं बहुत चाहती हूँ पैर जो वजह है मेरे और तुम्हारे पापा के बिच हु वजह भी तुमको बता नहीं सकती क्युकी उसमे अकेले मेरी मजोरी नहीं तुम्हरे पापा भी शामिल हैं ..और क्युकी तुमने हु बात सही कही थी की घर में एक भी परेशान हो तोह फॅमिली का काम साथ देना और सपोर्ट करना hai..toh तुम दोनों भी इस फॅमिली का हिस्सा हो ..तुम अब समझ दार हो बस इतना समझ लो कोई है जो इस घर को तोड़ने पैर लगा हुआ है ..जिसके चलते तुम्हारे पापा में कई बदलाव आ रहे हैं यह बात एक माँ अपने बेटे से नहीं कहा करती पैर हर बीटा ..इतना समझ लो की हो सकता है आगे जगदे और बढ़ेंगे या और बात बढे पैर तुमने कहा था ..की बीमारी का इलाज़ सही टाइम पैर हो तोह इसलिए बहुत हिम्मत के साथ बता रही hun..us बीमारी का नाम है …” मनु ने बिच में टोक दिया ..

मनु “ उस बीमारी का नाम है रजिनि यादव आपके राखी भाई अनिल यादव की सुशिल सूंदर बीवी ..है न ??”

सुमित्रा हैरानी से “ तुम्हे कैसे पता ..इसका मतलब तुम सब जानते हो ??”

मनु “ मम्मी मैंने कहा न मैं बचा नहीं हूँ अब ..सो इस बीमारी का इलाज़ भी अपने आप हो जायेगा ..बस आप मुझ पैर भरोषा रखना ..”

सुमित्रा “ बीटा अगर भरोसा नहीं होता तोह शायद तुमसे कहती hi नहीं …एक बीवी की तरह पता नहीं मैं जीती या हारी पैर एक माँ आज जीत गयी …अब मैं अंदर जा रही हूँ तुम खाना खाने आ जाना ..और कोई बात नहीं कहूँगी क्युकी मुझे तुमपर खुद के जितना भरोसा है ..क्युकी तुम अब बचे नहीं हो…” सुमित्रा ने मनु की बात मनु पे hi चिपका दी ..दोनों माँ बेटे साथ में मुस्कुरा चुके थे ..

मनु भी घर आया और सबके साथ खाना थोड़ा बहुत खाया क्युकी दोनों माँ बेटे बहार hi खा चुके थे बस साथ खाने की फॉर्मेलिटी पूरी कर रहे थे …आज सुमित्रा के दिल में मनु के लिए लगाव और बाद चूका था ..वह कहते हुए बार बार मनु को देख रही थी ..और आज का दिन और आज का बिताया हर पल याद कर रही थी..

उसका बीटा मनु कितना समझदार हो चूका था जो बिना कहे अपनी माँ और बाप का ध्यान रखता था …यह सोच सुमित्रा के दिमाग में घूम रही थी …बिच बिच में मनु भी सुमित्रा को देखकर थोड़ा मुस्कुरा देता था …ताकि सुमित्रा को लगे मनु उसके साथ है ….

खैर मनु अपने दिमाग में क्या फैसला कर चूका था यह सिर्फ मनु जानता था ….अगला दिन आया मनु और अजय ने डेली वाली ट्रेनिंग पूरी की और अपने दिन भर के काम को पूरा किया …

मनु भी अपने काम से ऑफिस गया …और पूरा दिन काम में लगा रहा …मनु के ऑफिस में आज जस ने उसके सामने कई स्टेट में अलग अलग लोकेशन पैर रेस्टोरेंट का चार्ट दिखया …जिसमे गुरु भाई ने भी हाँ कर दी थी …मनु ने देखा हर जगह सही थी लोकेशन भी मोस्टली परफेक्ट और अंडर बजट थी …साथ में devil’s टीम के काम और नाम से कुछ स्पांसर भी उन सब में अपना पैसा इन्वेस्ट करने को त्यार थे …पैर मनु कुछ सोच रहा था …जस ने उससे पूछा …

जस “ क्या हुआ कोई प्रॉब्लम है क्या …??”

मनु “ जस सब कुछ ठीक है पैर बहार से sponsor’s का पैसा लग्न क्या ठीक होगा बस यह सोच रहा हूँ की बिज़नेस छोटा हो या बड़ा बस जितना हो अपना हो सिर्फ इतना सोच रहा हूँ ..!”

जस” पैर बड़े से बड़ा बिज़नेस ऐसे hi वर्क करता है तोह इसमें सोचने जैसे क्या है ..??”

मनु “ हाँ जनता हूँ पैर एक बार सोचना की अगर बहार से पैसा इन्वेस्ट होगा तोह बिज़नेस पैर उनका प्रॉफिट भी इन्क्लुडे होगा …और इसका मतलब शेयर और मार्किट इन्वेस्ट डिवाइड होगी जिसका मतलब ओनर सिर्फ अकेला मैं नहीं रहूँगा ..उस सूरत में devil’s टीम का काम और नाम कैसे सही से चलेगा …?? “

जस “ तोह अभी कोनसा हाँ कहा है …ज्यादा इन्वेस्टमेंट लेने के बजाये छोटे स्केल पे शुरू करलो …प्रॉफिट काम हो चलेगा पैर ..ओनर और पार्टनरशिप सिर्फ तुम्हारी रहेगी …क्युकी devil’s टीम और इस फॅमिली के हेड सिर्फ तुम हो ….सो फैसला सिर्फ तुम्हारा रहेगा …”

मनु “ यही तोह नहीं चाहता main…family में सबका डिसिशन मायने रखता है …सो सोच रहा हूँ सबकी सलाह लूँ क्यूंकि अगर स्पॉन्सरशिप ली तोह प्रॉफिट मार्जिन और नेट प्रॉफिट में काफी उपस्कालिंग होगी …जिसका असर सबकी सैलरी पैर होगा …सो फैसला अकेला मेरा लेना सही है क्या ???”

जस “ तोह सबसे पूछ क्यों नहीं लेते ???”

मनु “ हाँ यह सही रहेगा “ मनु उठा और जस के साथ स्टाफ के लुक टाइम में सबको साड़ी बात बताई …और सबसे पूछा करना क्या है …???”

सब ने मनु से उसकी राइ पूँछी तोह मनु ने सब बता दिया तोह सबने एक साथ कहा “ जो तुम्हारा फैसला है वही हमारा फैसला है …”

मनु “ पैर “

गुरु भाई “ पैर वॉर कुछ नहीं पैसा काम हो या ज्यादा हम तुम्हारे साथ हैं …एक बिज़नेस में पार्टनरशिप मैंने अचे से देखि है …हर बार जरूरी नहीं की पार्टनर ाचा hi हो?? सो जो भी हमें सिर्फ तुम्हारा साथ चाहिए पैसे का क्या है …जब तुमने एक यह बिज़नेस खड़ा किया तब भी तुम्हारा दिमाग सही था ..और अब भी चाहे जो हो हमे तुम पैर और तुम्हारे फैसले पैर पूरा यकीं है …”

गुरु भाई के बोलने के बाद सभी ने मनु को आगे बढ़ने के लिए कहा …तोह मनु ने भी आगे के लिए हाँ कह दिया और फाइनल हुआ की कई स्टेट में रेस्टोरेंट एक फ़ूड चैन की तरह ओपन होंगे और मैं रजिस्टर ऑफिस को लेकर अभी जगह लेना बाकी था …

उसके बाद मनु ने टाइम देखा तोह टाइम 3.30पं हो चूका था …और क्युकी स्कूल की छुटियाँ चल रही थी …सो बस घर जाना बाकी था …मनु ने आगे के लिए गुरु भाई को कहा …और अकाउंट और बाकी का काम जस के हवाले किया और चल दिया बाइक लेकर घर की और..

मनु रस्ते में थोड़ा रुका और कुछ सामान उसने लिया …और चल दिया अपने रस्ते टाइम 4.15पं बज चुके थे …मनु अब रजिनि के घर के पीछे उसी विंडो पैर ठिका हुआ था …आज जो हुआ मनु ने देखा …आज भी रजिनि में पूरा हुस्न का जाल फेंका …पैर चुदाई आज भी नहीं हुई …उसके बाद हर रोज़ की तरह रजिनि ने आईने के सामने अपना ब्लाउज और पेटीकोट उठा का छूट मसलते हुए कल की तरह आज भी जी भरके सुमित्रा और राजिंदर को बर्बाद करने को कहा …मनु ने सब देखा और वापस चल दिया …

घर आकर उसने कुछ देर आज अपने कंप्यूटर पैर कुछ काम किया और सुमित्रा के आने का वेट करने लगा …सुमित्रा आयी तोह कल की तरह आज भी उसे बहार ले गया …आज शॉपिंग नहीं की सुमित्रा ने पैर आज भी ाचा खाया और ice-cream खाई और एन्जॉय किया …

Ice-cream पारलर में सुमित्रा मनु के साथ थी …मनु ने पूछा

मनु “ मम्मी एक बात कहूं ??”

सुमित्रा “ हम्म्म! उसका ध्यान ice-cream खाने में था ..”

मणि “ क्या आप पापा से नाराज़ नहीं हो रजिनि को लेकर ???”

सुमित्रा मनु को बिना देखे “ बीटा नाराज़ होने जैसे है क्या …रजिनि और मेरे बिच पुराण झगड़ा है और उसका बदला हु न ले यह हो नहीं सकता …मैं उसी दिन समझ गयी थी जब उसका पति मुझसे राखी बैंडवाने को त्यार हुआ था …पैर रजिनि इतना गिरेगी मुझे पता नहीं था ..पैर उससे ज्यादा मुझे तुम्हारे पापा पैर भरोसा है क्युकी हु तोह फिर भी गैर hai…per तुम्हारे पापा हमारे अपने …मुझे अचे से पता है हु गलत नहीं हो सकते ???पैर एक बात भी सुच है की “ दुनिआ में एक औरत का घर और परिवार बिगाने के पीछे कहीं न कहीं दूसरी औरत hi होइ है ?? सो तुम ज्यादा मत सोचो “

सुमित्रा ने जिस तरह खुलकर मनु से यह बात कही थी मनु भी हैरान था …क्युकी इतनी पर्सनल बात तोह मनु ने पहले शायद hi सुमित्रा के मुँह से सुनी हो ..उसका दिमाग अब गुस्से में था क्युकी सुमित्रा बेशक निचे देख रही थी ..पैर उसके हर अल्फ़ाज़ में जो दर्द था अपने परिवार और पति के लिए हु मनु अचे से समझ रहा था …रजिनि का काला दिमाग और गन्दा खेल देखकर उसे अब गुस्सा आ चला था …सुमित्रा ने भी काम अल्फ़ाज़ों में अपना दर्द बता दिया था ..

मनु सुमित्रा का हाथ थामकर “ मम्मी आपको टेंशन लेने की ज़रूरत नहीं अब जो करना है मैं देख लूंगा और इसके लिए पापा जिम्मेवार नहीं हैं बस इतना जान लो ..” मनु ने सुमित्रा को हिम्मत देते हुए कहा ..

सुमित्रा भी मनु की आँखों मैं देखकर समझ गयी मनु कोई फैसला ले चूका है ..और उसकी आँखों की चमक देखकर सुमित्रा का दिल भी किया मनु पर भरोसा करने को …उसने कुछ नहीं कहा ..बस सिमटकर मनु का मैथ चुम लिया … इस अंदाज़ में की “मुझे भरोसा है अपने बेटे पैर “

उसके बाद मनु ने आज सुमित्रा को गोलगप्पे खिलवाये ..सुमित्रा को बहुत पसंद the…usne भी अचे से पेट पूजा की …फिर दोनों बाइक पैर वापस घर हो लिए …आज भी मनु बहार से खाना ले आ चूका था …आज अजय के लिए पिज़्ज़ा ले आया था मनु …

अजय भी आज चीट डे पैर था सो उसके लिए तोह पार्टी थी …राजिंदर और अजय ने खाया और उसके बाद सब सोने चल दिए …अगला दिन हुआ ….सुबह अजय और मनु साथ में अपने रूटीन पे लग गए …आज अजय स्पोर्ट्स क्लब जाने के मूड में था उसने मनु को कहा की हु स्पोर्ट्स क्लब जा रहा है ..और उसके बाद हु निकल गया …

मनु उसके निकलते hi …टाइम देखता है 11.30 ऍम का टाइम हुआ था ..मनु चल देता है रजिनि के घर की और रजिनि के घर इतनी टाइम कोई नज़र नहीं आ रहा tha…usne पीछे से देखा तोह रजिनि अकेले hi घर में टीवी देख रही थी और शायद उसकी तीनो बेटियां कहीं गयी थी …मनु उसके बाद यहाँ वहां देखता है और …अपनी जेब से कोई लिफाफा निकल कर रजिनि के गेट के सामने रख देता है …और दूर जाकर एक पाथेर उसके दरवाज़े पैर मरता है …हु छिपकर देकता है रजिनि गुस्से में कुछ बडबडते हुए आती है और उसके पैरों में एक लिफाफा टकरा जाता है हु उसे उठती है और देखने लगती है ..उस लिफाफे पैर उसका नाम प्रिंट था ..(हाँ लिखा नहीं था प्रिंट था .) और उसे लेकर यहाँ वहां देखती है रजिनि पैर उसे कोई दिखाई नहीं देता …और हु वापस अंडर चली जाती है …

उसके जाते hi मनु भी अपने रस्ते चला जाता है …उसके चेहरे पैर एक अलग सी स्माइल थी …ऐसा क्या था उस लिफाफे में …और मनु के दिमाग में क्या चल रहा था …और उस गुस्से के बाद भी मनु रजिनि को सिर्फ लिफाफा क्यों दे आया …और उस भरोसे का क्या जो उसने सुमित्रा को दिलाया था …क्या मनु उसे पूरा कर पायेगा ???

इन सब सवालों का जवाब तोह सिर्फ वक़्त और किस्मत के पास hi है…
:हिंट:
 
अपडेट 76


रिकैप........

उसके जाते hi मनु भी अपने रस्ते चला जाता है …उसके चेहरे पैर एक अलग सी स्माइल थी …ऐसा क्या था उस लिफाफे में …और मनु के दिमाग में क्या चल रहा था …और उस गुस्से के बाद भी मनु रजिनि को सिर्फ लिफाफा क्यों दे आया …और उस भरोसे का क्या जो उसने सुमित्रा को दिलाया था …क्या मनु उसे पूरा कर पायेगा ???

इन सब सवालों का जवाब तोह सिर्फ वक़्त और किस्मत के पास hi है…


अब आगे........



मनु अपने घर आ चूका था …उसने कई कॉल किये ..और कुछ देर बात की और बाइक लेकर कहीं चल दिया …कुछ देर बाइक चलने के बाद हु किसी जगह पैर आ चूका था यह जगह कोई ओल्ड बंद पड़ी हुई फैक्ट्री थी जो शायद अपने टूटे फूटे होने के वजह से बंद हो चुकी थी ..पैर आज भी कुछ एरिया में छत्त और खंडहर बाकी थे ..मनु वहीँ गया और आराम से वेट करने लगा …

सामने से कुछ लोग चले आ रहे थे हट्टे काटते और लम्बे तगड़े चोदे बढ़ने जिनको देखकर hi लगता था की …कोई पहलवान होंगे सभी पठानी सूट में चले आ रहे थे …यह कोई तीन बन्दे थे ..

उनमे से एक ने मनु को देखा मनु ने हाथ हिलाया …सामने से एक बन्दे ने मनु को देखा तोह उसने भी हाथ हिलाया …हु उसके बाद मनु के सामने थे …

उनमे से एक मनु से मिला कुछ देर बात हुई और हु और मनु चले गए …

उधर रजिनि ने लिफाफा खोला उसे देखकर रजिनि पसीने पसीने हो चुकी थी …

रजिनि की गांड फट चुकी थी उसे यकीं hi नहीं हुआ यह सब कैसे और कहाँ से और कब हुआ …

रजिनि ने एक नहीं कई बार लिफाफा के अंदर के माल को देखा …पैर यह कोई लोदु का पैसा नहीं था जो हर बार …अलग नंबर बदल देता …हर बार उस माल को देखकर रजिनि की हालत अब पतली हो चुकी थी …

रजिनि ने कई बार सोचा की यह सब कैसे सभले ..और इसमें किसकी मदद ले उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था …

रजिनि परेशान हो चुकी थी …उसने कई बार उपपरवाले का नाम लिया की मुझे बचा लो …पैर आज शायद उसकी फ़रियाद सुनने का टाइम किसी के पास नहीं था ..या फिर आज उसके बुरे कामो का हिसाब का दिन था …

दोपहर हुई सोनम और उसकी बाकी की बेटियां घर आ चुकी थी खेल कर …

सोनम “ मम्मी भूख लगी है “

रजिनि उस लिफाफे को अपने सूटकेस में रख चुकी थी …पैर लिफाफा उसके दिमाग में घूम रहा था ..उसका दिमाग काम नहीं कर रहा था क्या करे????

और क्या ना करे पैर टाइम तोह अपने हिसाब से hi चल रहा था ..रजिनि अपनी सोच में गम थी …पैर बचे भूखे थे …

सोनम कई बार खाना मांग चुकी थी …पैर रजिनि ने कुछ बनाया हो तोह दे भी …और बनता तोह तब जब रजिनि को अपना होश रहता ..

सोनम रजिनि के पास आकर उसे हिलाते हुए …” मम्मी क्या हुआ …कब से कह रही हूँ भूख लग रही है …???”

रजिनि हिलने से वापस होश में आते हुए “ हाँ ाचा अभी बनती हूँ ..तू रुक ..ज़रा”

सोनम “ क्याआ! इतना टाइम हो गया और आपने खाना नहीं बनाया ..तबियत तोह ठीक है न आपकी …??”

रजिनि “ मुझे कुछ नहीं हुआ तू आराम कर मैं अभी खाना बनती हूँ …” रजिनि ने झलते हुए कहा ..

सोनम उसकी दन्त सुनकर चुप हो चुकी थी …टीना और माला ने घर सर पर उठा लिया था …

खाना दो “”” खाना दो “”” के नाम पैर पैर रजिनि ने बनाया हो तोह देती भी …

रजिनि का मूड ख़राब था ..उसपर बचे और तूफ़ान मचा रहे थे …तोह रजिनि ने खाना बनाने से पहले टीना और माला को अचे से कुत्त डाला …

पैर बचे भी रजिनि के थे …पिट ते हुए भी अकड़ रजिनि को अचे से दिखा रहे थे …

टीना और माला “ मारना है तोह मारू अह्ह्ह्हह!!!!! “””

चटक!!!!!! रजिनि लगातार मार रही थी

टीना और माला “ और मारो पैर खाना दो …”

सोनम बस अपनी बहनो को पीटते हुए देख रही थी भूख उसे भी लगी थी …पैर उसकी गांड रजिनि के गुस्से को देखकर फैट चुकी थी …

सोनम को बचपन से सोते हुए बिस्तर में मुट्ठ देने की बीमारी थी ..पैर साथ में हु बहुत hi डरपोक किसम की लड़की थी ..

रजिनि अगर गुस्से में दन्त भी देती तोह सोनम कपड़ों में मुट्ठ दिया करती थी …यह उसका डर hi था ..

पैर टीना और माला उससे छोटी होने के बाद भी तेज़ और ज़िद्दी लड़की थी …शायद रजिनि पैर गयी थी ..

जहाँ सोनम फोर्क में रजिनि के टीना और माला को बजने के बाद कपड़ूँ में मुट्ठ चुकी थी …और मूतने के बाद कहीं रजिनि उसे मुट्ठ में देख न ले इस डर उस उसका रोना निकल चूका था …

वहीँ टीना और माला …इतने पीटने के बाद भी रजिनि से खाने की ज़िद्द पैर अड़ चुकी thi…dono बड़ी ढीठ थी ..पिट रही थी पैर आँख में एक आंसू नहीं था ..पैर रजिनि पित्त पित्त कर थक चुकी थी ..पैर दोनों तब भी लाल हो चुके गाल सहलाते हुए ..

खाने की डिमांड कर रही thi…ab बचे तोह बचे होते हैं ..पैर उनसे बड़ी सोनम कई बार अपनी बहेनो को पिट ते हुए देखकर अभी तक चर्रर्र चररर करके मुट्ठ चुकी थी ..

रजिनि थक कर पलटी देखा सोनम बीएड ले पास मुट्ठ मुट्ठ कर ज़मीं पैर पिशाब भ चुकी थी ..और जब रजिनि ने उसकी तरफ देखा ..

तोह सोनम डर के मारे और ज्यादा रोने लगी …

सोनम हाथ जोड़ कर “ नहीं मम्मी मुझे भूक नहीं लगी है …पैर मुझे मरना नहीं नहीं मम्मी ..??”

रजिनि समझ चुकी थी सोनम डर से रो रही है …सोनम अक्सर रजिनि से पीटने के नाम पैर मुट्ठ देती थी और मूतने के बाद अपनी माँ की मार के डर से हाथ जोड़कर और ज्यादा रोटी थी ..

ऐसे में किसी का दिल भी फीगल जाता सोनम की हालत देखकर पैर ..रजिनि थेइर रजिनि …

उसने सोनम को मुट्ठ में भीगा हुआ देखा तोह उसका पारा और चढ़ गया ..

रजिनि” हरामज़ादी तू …कोई छोटी बची है जो अभी तक कपड़ूँ में मुट्ठ रही है …हरामज़ादी बचपन से तुझे देख रही हूँ पैर तू सुधरने वाली नहीं आ आज तुझे अचे से समझती हूँ ..” रजिनि ने सोनम की तरफ बढ़ते हुए कहा …

सोनम हाथ जोड़कर रट हुए “ नहीं मम्मी गलती हो गयी …सॉरी मम्मी मरना नहीं …सॉरी मम्मी ..”

पैर रजिनि ने उसकी एक ना सुनी सोनम को भी अचे से कुत्त डाला …और जब मरते हुए थक गयी ..तोह तीनो लड़कियों को घर के बहार लात मार्कर निकल दिया रजिनि ने …

आज रजिनि का मूड बहुत ख़राब था …

शायद बचूं की अछि किस्मत थी की रोटी हुई सोनम टीना और माला को वहीँ रहने वाली एक पड़ोसन ने खाना खिला दिया ..जो वहां नयी रहने आयी थी…

रजिनि की अपने अड़ोस पड़ोस में ज्यादा बनती नहीं थी ..क्युकी उसका तुनक मिजाज़ कब बदलेगा यह किसे पता और गलती के बाद भी गलती न ..मन्ना रजिनि की फितरत बन चुकी थी …

उसपर रजिनि का सुमित्रा से पन्गा अभी तक लोगों को याद था जिसमे गलती रजिनि और उसके हस्बैंड अनिल की थी ..

रजिनि ने उसके बाद अपना गेट बंद किया और लगी सोचने उसका दिमाग आज ” आउट ऑफ़ आर्डर “ का सिग्न लगा चूका था …जो आज लाख सोचने के बाद भी कुछ हल नहीं निकल रहा था ..

शाम हुई बचे आये ..पैर भूख थी नहीं बचूं को तोह रजिनि को किसी ने कुछ कहा भी नहीं ..और अपने मस्त टीवी में लग गए …

शाम के टाइम राजिंदर भी वहाँ आया ..तोह तीनो बची बहार एपनिया आप चली गयी …यह रजिनि ने hi सिख्या था उन्हें ..वर्ण उन्हें क्या समझ ..

राजिंदर ने आज रजिनि को सोच में देखा तोह पूछा ..आज भी रजिनि ब्लाउज पेटीकोट में थी पैर मेकअप और उसकी हमेशा वाली मुस्कराहट आज गायब थी ..उसका चेहरा आज मुरझाया हुआ था ..

राजिंदर “ क्या हुआ आप ठीक तोह हैं न???”

रजिनि होश में आयी उसने अभी तक राजिंदर को नोटिस नहीं किया था ..पैर जैसे hi सामने राजिंदर को देखा …उसने फटाफट अपन हुल्य ठीक किया ..

रजिनि “ अभी बस दो मिनट में आयी मनु के पापा आप बैठो आज आपसे कुछ बात करनी है ..”

राजिंदर ने सोचा चलो इतने दिन बाद फाइनली अब पता चल जायेगा की रजिनि कहना क्या चाहती है ..राजिंदर के दिमाग में यह भी चल रहा था शायद रजिनि कुछ ऐसा वैसा न कह दे ..

रजिनि ने बाथरूम के नाम पैर कमरे के बहार बानी एक कपडे से देखी हुआ हौदी में अपने मुँह को धोया और खुद को ठीक किया और वापस आयी ..

रजिनि “ हाँ तोह मनु के पापा में यह कह रही थी ..की अब मुझे आपसे कोई काम नहीं है आप आगे से सोनम के पापा के पीछे न आना …अगर आना हो तोह सोनम के पापा के सामने आ सकते हैं पैर पीछे से नहीं उम्मीद है आप मेरा मतलब समझ गए होंगे ..“

राजिंदर हैरान सा उसका मुँह देख रहा था ..रजिनि ऐसा कुछ केह्गी राजिंदर ने सोचा भी नहीं था …राजिंदर पहले बेशक सामने से त्यार नहीं था ..पैर अब उसे भी रजिनि के साथ छेड़खानी में मज़्ज़ा आने लगा था …

राजिंदर सोच रहा था आज कुछ और रजिनि आगे बढ़ेगी या शायद ऐसा hi कुछ और ..पैर रजिनि ने सामने से उसे मन कर दिया था ..उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था ..की अचानक से रजिनि ने ऐसा क्यों कहा ..

राजिंदर “ पैर आपने hi तोह मुझे खुद कहा था की आपको कोई काम है ..इतने दिन से आप hi पीछे पड़ी थी …मैं तोह अपने रस्ते hi जाता था ..आज अचानक से ऐसा क्या हुआ ..की आप ऐसे बर्ताव कर रही हैं ??”

रजिनि शांत मैं से “ हाँ जानती हूँ गलती मेरी hi है ..मैंने hi आपको कहा था काम के लिए ..और आज मैं hi मन कर रही हूँ …क्युकी मुझे अब उस काम के लिए किसी की जरूरत नहीं …”

राजिंदर “ ठीक है जब आपने फैसला कर hi लिया है तोह मुझे क्या कहना होगा भला ..पैर अगर किसी मदद की ज़रूरत हो तोह सोचना नहीं …ध्यान रहे आपका हमारा रिश्ता फॅमिली जैसा है ..अगर कोई परेशानी है तोह आप मुझे बेझिझक कह सकती हैं ..मैं हर तरह से आपकी मदद करूँगा ..आप खुद को अकेला मत समझना ..हम सब आपके साथ हैं ..”राजिंदर ने रजिनि के हिम्मत देते हुए कहा ..

रजिनि “हाँ जब जरूरत होगी तोह कह दूंगी …” रजिनि ने बिना देखे कहा ..

राजिंदर समझ चूका था की अब यहाँ से जाने का टाइम आ चूका है ..राजिंदर बहार की और चल दिया

राजिंदर दरवाज़े के पास जाते हुए “ सोनम की मम्मी बेशक हमारे बिच में किसी टाइम में कोई तनाव रहा होगा ..पैर विशवास रखना ..जब आपको या अनिल को जरूरत पड़ेगी हम आपके साथ हमेशा होंगे ..बस एक बार कह देना ..क्युकी बिना कहे जान्ने को हम फ़रिश्ते नहीं इंसान hi हैं ..सो आपके अचे की दुआ करता हूँ..”

राजिंदर बहार जा चूका था .. रजिनि अपनी सोच में गम thi…usne राजिंदर की हर बात सुनी थी पैर कहे क्या ??? उसकी समझ में नहीं आ रहा था …

शाम कब रात हुई टाइम का पता आज रजिनि को नहीं चल रहा था …की कैसे क्या हो रहा है …दिन की भूखी पियासी रजिनि पैर रात में भी उसका दिमाग “आउट ऑफ़ आर्डर “ था …क्युकी उसे लिफाफा अभी तक उसकी गांड फाड़ रहा था …

अनिल रात को आया तोह उसने रजिनि से खाने के लिए पूछा ..पैर रजिनि को अपना होश होता तोह उसकी कुछ सुनती भी ..

अनिल ने सोचा शायद उसकी तबियत ठीक न हो अनिल ने रजिनि से कोई ज्यादा बात नहीं की …अनिल सिद्ध ढाबे से खाना ले आया और खुद खाया और बच्चों को खिला दिया ..रजिनि से उसने पूछा की खायेगी तोह रजिनि ने मन कर दिया …

अनिल ने भी ज्यादा जोर नहीं दिया ..अनिल खाना खाने के बाद खुद और बच्चों को समेटकर सो गया …

रजिनि बिस्टेर पैर अभी तक जाग रही thi….uske दिमाग में कई सवाल थे ..पैर इतनी देर बाद भी उसके सवालों के जवाब उसके पास नहीं थे …

की रात में अचानक से कोई बिल्ली उसके घर के बहार खुदी …और खुट्टे उस बिल्ली को देखते hi भोंकने लगे …रजिनि ने जब शोर सुना तोह अचनाक से उसके दिमाग में कुछ आया …और उसकी साड़ी चिंता अब हवा हो चुकी थी …

रजिनि अब अपने बिस्टेर से उठी और अब जाकर उसने मुँह हाथ धोये …पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया था …पैर अब उसका दिमाग अब साफ़ था …सो अब तक भूके पयासे होने से अब उसे भूक ने जकड़ा …टेंशन में तोह भूक मर चुकी थी ..पैर अब रजिनि ने पेट भर कर नहीं पेट दबा कर खाना ठूंसा …और जब अचे से खा चुकी थी तोह ..

रजिनि ने बीएड पैर सोते हुए अनिल और अपने बच्चों को देखा …और गेट पैर आकर बहार देखा आज शायद चांदनी रात थी बहार टारे भरे हुए थे आसमान में और चाँद पूरा जगमगता हुआ …रात के अँधेरे को चीरता हुआ रात को रोशन कर रहा था …

रात में चाँद को देखकर रजिनि के मुँह से सिर्फ इतना निकल “ कोई बात नहीं चल उलटी पड़ी तोह क्या हुआ पैर सुमित्रा तुझे और तेरे फॅमिली को छोड़ने वाली नहीं हूँ मैं रजिनि नाम है मेरा और हु मेरी मदद करने जरूर आएगा …हहहहहहहहह!”

रजिनि रात के अँधेरे में किसकी बात कर रही थी ..रजिनि जाने …रजिनि उसके बाद आराम से घर में आयी और चैन की नीड सो चुकी थी …सुबह के इंतज़ार में …जहाँ उसे किसी से कोई उम्मीद थी…

जहाँ रजिनि मनु का घर तोड़ने के सपने देख रही थी …वहीँ कोई और था जो मनु से घर जोड़ने के सपने देख रहा था …जहाँ यहाँ में रात हो चुकी थी …वहीँ नई ज़ीलैण्ड में शाम होने वाली थी …

निशा अपने छोटे मां के बेटे को साथ में लिए ..पार्क में घूम रही थी …यह टाइम हु हर रोज़ यहाँ घुमा करती थी …आज उसकी मामी क्रिस्टन थोड़ा पीछे रह गयी थी कुछ ग्रोसरी स्टोर में लेने के लिए ..क्युकी निशा का मैं था तोह हु अपने छोटे मां के बेटे को साथ लिए ….पार्क में घूमने आयी थी …उसने आज एक ढीली सी t-shirt और एक लोअर पहना हुआ था …निशा आज जॉगिंग के मूड में आयी थी ..पैर क्रिस्टन वाइट शर्मा (निशा की अंग्रेजी मामी ) के पीछे रह जाने से उसने जॉगिंग का प्लान ताल दिया था …उसका छोटा भाई अब थोड़ा समझदार हो चूका था ..सो दोनों हाथ में हाथ लिए वहां घूम रहे थे …सो छोटे (निशा उसे छोटे hi खेती थी प्यार से ) के कुछ जान पहचान के फ्रेंड वहां आये थे ..इवनिंग प्ले के चलते …और उनके फ्रेंड्स के मॉम्स भी वहां थी …सो छोटे भी उनके साथ मस्त हो चूका था …

निशा ने जब छोटे को उनके साथ एन्जॉय करते देखा तोह निशा भी अपने मोबाइल में मनु के पिक को देखने लगी ..पैर पिक पुराण था …पिछले काफी टाइम से उसे मनु का नया पिक नहीं मिला था …सो बेचारी पुराने पिक को देखकर उसी में खुश थी …

उस पिक को देखकर निशा “ देखलो कितना टाइम हो चूका है ..पैर तुमने एक बार भी मेरी खबर तक नहीं ली …मेरी खबर नहीं ली पैर मम्मी की खबर hi ले लेते …कितने बदल गए होंगे न तुम …मेरे जी चाहता है …बस इसी पल तुम मेरे सामने आ जाओ और मैं तुम्हारी हो जाऊं …” निशा ने मनु की पिक से कहा ..

अब पिक कहाँ से जवाब देती … निशा “ देखो अब दुरी सही नहीं जाती …बस अब मुझे एक बार गले लगा लो देखो दूर हूँ पैर तुम्हें एक दिन के लिए नहीं भूली …पैर तुम कैसे इंसान हो एक बार तोह कॉल hi कर लेते ..क्या papa(ashok शर्मा ) ने तुम्हे मेरा नंबर नहीं दिया …अगर ऐसा है तोह पापा की क्लास भी लगा dungi..per एक बार बस एक बार मुझे कैसे भी मिल लो अब दूरियां बहुत हो chuki..bas एक बार मुझे तुमको देखना है ..


“ यह इल्तज़ा है रब्ब से की बस एक बार …हाँ सिर्फ एक बार उनका दीदार हो …

चाहे जान रहे या न रहे बस पैर हर बार सिर्फ तुमसे हाँ तुमसे hi प्यार हो ..

निशा अपने में मगन थी पैर सामने उसकी मामी क्रिस्टन आ चुकी थी …और निशा की शायरी सुनकर उन्होंने निशा को हिलाया ..

क्रिस्टन “ निशा और कब तक देखो तुम्हारी एक और लाइफ भी है ..मानती हूँ बचपन का प्यार है ..पैर बचपन का प्यार जवानी में हर किसी को मिले यह जरूरी तोह नहीं ???’’

निशा “ हाँ मामी आप सही हैं ..पैर इस पागल प्यार को भूलना भी मेरे बस में नहीं है …जैसे आपने मां को हु जगह दे राखी है वैसे hi मैंने भी अपनी ज़िन्दगी …अपने प्यार के नाम कर दी है ..”

क्रिस्टन “ पैर निशा एक अकेले उसके पीछे तुमने इतना टाइम बिना दोस्तों के बिता दिया ..क्या यह सही है ???और क्या तुम्हे पता है हु वहां तुम्हे याद करता होगा …और क्या पता इस तेज़ ज़िन्दगी में उसने किसी और को अपने करीब आने भी दिया हो मेरा मतलब समझ रही हो न ???”

निशा “ हाँ मेरी स्वीट सी मामी अचे से समझ रही हूँ ..मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं ..शिकायत है तोह इतनी की आज तक मुझे बात तक नहीं की …एक बार भूले से hi सही मुझसे बात कर लेते तोह दिल खुश हो जाता ..पैर कोई बात नहीं ..और हाँ आपने सही कहा ..मैंने भी कई बार सोचा ..और एक फैसला किया ..”

क्रिस्टन “ क्या फैसला किया “

निशा “ यही की मेरे पीछे का पता नहीं ..पैर जैसे hi हु मेरे सामने हुए तोह सिर्फ मेरी hi चलेगी unper..dekhlena आप bhi..main कैसे उनको बस अपने प्यार की हथकड़ी में जकड लुंगी ..देख लेना ..यह निशा का स्टाइल hai…kyuki निशा से पीछा छुड़ाना उस डॉन के लिए भी नामुमकिन hai…hihihihihi!”

निशा की बात पैर क्रिस्टन ने भी अपना माथा पिता ..उसे अचे से पता था की निशा मनु के पीछे क्या सोच रखती है .. हु मनु को लेकर आज भी पोस्सेस्सिवे थी …क्रिस्टन कुछ दिनों से निशा पैर दोस्तों में रहने के लिए ेन्सॉरगे कर रही थी ..उसका कहना भी सही था …जहाँ मनु इतने लोगों में रहता था ..वहीँ निशा सिर्फ अपने कॉलेज मैं सिर्फ पड़े करती thi..aaj तक उसने किसीको अपना फ्रेंड नहीं बनाया था …पैर मंजू और क्रिस्टन निशा को अब कहते थे ..की हु अब बची नहीं है सो हु भी और लोगों से दोस्ती करे और अपनी लाइफ में खुश रहे ..पैर निशा तोह ज़िद्द का दूसरा नाम बन चूका था …मंजू और क्रिस्टन की हर बात को हु हंसी में ताल दिया करती थी …

खैर दोनों अपनी बातों में लगे हुए थे की एक हैंडसम लड़का जो शायद निशा की आगे का था …वहां दोनों के सामने खड़ा था …

निशा और क्रिस्टन हैरान थे की अचानक से कोण आया hai..dono मामी भतीजी एक दूसरे को देख रही थी की शायद दोनों में से कोई हो जो उस लड़के को जनता हो …पैर दोनों का रिएक्शन शामे था दोनों में से कोई उसे नहीं जनता था …

लड़का इंग्लिश में बोल रहा था यहाँ हिंगलिश में लिख रहा हूँ

लड़का “ hello मेरा नाम जैक है और मैं कई दिनों से आपको (निशा को पॉइंट करके ) यहाँ नोटिस कर रहा हूँ ..आप सुच में बहुत सूंदर हैं ..मुझे आप अछि लगी मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ …ी लिखे ु ..”

निशा हैरान नहीं थी …पैर क्रिस्टन खुश थी की चलो कोई तोह निशा को सामने से दोस्ती के लिए पूछ रहा है ..निशा अब जवान थी …और सूंदर तोह बेहिसाब थी ..उसका जवान मॉडल जैसा जिस्म जिसे देखते hi हर किसी जवान का दिल धड़क उठे …और हर दिन कोई न कोई उसे प्रोपोज़ कर hi देता था ..पैर निशा क्लियर थी …इन सबको लेकर ..

निशा “ सॉरी मुझे दोस्ती में कोई दिलचस्पी नहीं है ..(निशा ने इंग्लिश में कहा पैर मैं यहाँ हिंदी में लिख रहा हूँ..)

जैक “ तुम एक बार सोच कर देखलो मैं सिर्फ दोस्ती चाहता हूँ ..”

निशा “ सॉरी नॉट इंटरेस्टेड ..”

जैक समझ चूका था निशा ऐसे नहीं मानने वाली ..उसने सामने से आगे बढ़कर निशा का हाथ पकड़ना chaha…kristen हैरान थी जैक की हिम्मत देखकर ..पैर निशा कोई फर्क नहीं पड़ा..

जैक ने निशा का हाथ थामना चाहा ..तोह निशा ने जैक का हाथ पकड़ा और उसके हाथ को अपने कंधे के उप्पेर से खचकर उसका हाथ डिस्लोकाते कर दिया …जैक दर्द में बिलबिला उठा ..जैक हार मैंने को तैयार नहीं था उसने जेब में हाथ डाला …शायद कुछ निकलने वाला था …निशा आगे बढ़ी और उसने जैक का जैकेट पकड़ा और उसके तंग में तंग ऐडा कर उसे अपने कंधे से स्लाइड करके पटक दिया …

इसे जैक की बुरी किस्मत कहो या निशा का टैक्टिक की जैक जमीं पे गिरते hi उसका जेब में धसा हुआ हाथ भी डिस्लोकाते हो चूका था …अब जैक का दर्द के मारे बुरा हाल था …

जमीं पैर पड़ा जैक चीला रहा था हेल्प के लिए अपने दोस्तों से ..पैर निशा को जैक को धोते देख हु कबके गायब हो चुके थे …

निशा को देखकर क्रिस्टन हैरान थी …की कहाँ निशा हमेशा मनु को याद करने वाली रोटी हुई लड़की और कहाँ आज निशा एक शेरनी जैसे सामने उसने एक लड़के को अदमरा कर दिया …जहाँ उसकी आँखों में हैरत थी वहीँ निशा के लिए प्राउड फीलिंग भी थी ..

छोटे के साथ वहां मौजूद लोग भी आकर देखने लगे ..जैक दर्द से बिलबिला रहा था …सबने पूछा तोह क्रिस्टन ने सबको बता दिया …सबने पुलिस को बुला लिया ..पुलिस वाला जैक को लेने आया तोह जैक को उसने हैंडकफ लगा दिए …क्रिस्टन और बाकी लोग हैरान तब हुए जब जैक के जेब से पिस्तौल निकला उस पुलिस वाले ने …

पुलिस वाले ने जैक को दो दिए तोह उसने कुबूल किया किया उसके लिए पहली बार नहीं है ..वह एक अनाथ है ..और उसका काम लड़कियों को फंसना और ड्रग रैकेट में ढकेलना है …और जो न कहती है उसे हु शूट कर देता है …पिछले वीक hi उसने किसी रोड पैर किसी को शूट किया था लड़की काम उम्र किट hi …गोली लगते hi मर गयी …

पुलिस वाला सुनकर समझ गया वांटेड क्रिमिनल है …उसने निशा को थैंक्स कहा ..तोह निशा ने वेलकम कहा ..पुलिस वाले को उसने थोड़ा टर्न करने को कहा .पुलिस वाला भी समझ गया की उस पोलिसवाले के कंधे पैर लटका कैमरा जिसमे सब रिकॉर्ड हो रहा था …निशा का मतलब उससे है ..

हु थोड़ा घुमा ..और निशा ने एक किक जैक के हिप्प पैर जड़ दी और टककक! की आवाज़ से जैक ज़मीं पैर गिर चूका था …उसका हिप जॉइंट निशा ने तोड़ डाला था …क्रिस्टन बस हैरत में निशा को देख रही थी ..यही हाल वहां सभी लोगों का था ..जैक की बात सुनकर सभी जैक को गुस्से से देख रहे थे …पैर निशा ने उसका हाल ख़राब कर दिया था ..

पोलिसवाले ने जब जैक को छीलते देखा तोह उसके मुँह पैर भी मुस्कराहट आ चुकी थी …शायद हु भी खुश था की ऐसे कमीने को निशा ने अचे हाल में पहुंचा दिया था …उसने निशा को “वेल दोने ब्रेव गर्ल” कहा …और जैक को देखकर उसने एम्बुलेंस को कॉल कर दिया ..क्युकी जैक चलने लायक नहीं रहा था ..

निशा को सबने शाबाशी दी और अपने अपने रस्ते हो लिए ..छोटे तोह निशा को छोड़ hi नहीं रहा था ..

क्रिस्टन सोच में थिग हर लौटे हुए उसने निशा से कहा “ यह सब क्यात है निशा …???”

निशा “ self-defense लाइफ बहुत हार्ड है मेरे हु फाइटिंग में मैडल ले रहे हैं और मैं छुई मुई बानी रहूं …क्या यह सहीह ै ..अपने पूछा था न क्यों मैं किसी और से दोस्ती नहीं करती तोह आज आप समझ गयी होंगी की …हर कोई सिर्फ हवस का मारा है पैर ..मेरे हु अलग हैं …उनके साथ मैं सेफ फील करती आयी हूँ ..और यह भी आपने देखा की कैसे दोस्ती के नाम पैर यह लड़के लड़कियों को टारगेट करते हैं जैसे हम सिर्फ कोई माँ की गुडिअ हैं …तोह इनको सही ट्रीटमेंट देना जरूरी है …और वैसे भी शेर के साथ शेरनी जमती है कोई लल्लू पंजू नहीं ..”

क्रिस्टन हैरानी से निशा को देख रही थी …मैं में “ क्या यह हु hi निशा है जो कुछ देर पहले मनु के लिए श्यारी पद रही थी …इसे देखकर लगता hi नहीं है की यह कहीं से भी कमज़ोर है ..और कैसे इसने हट्टे काटते जैक को तोड़ मरोड़ कर रख दिया ..और तोह और किसी शेरनी की तरह इसने तोह पुलिस के सामने भी उसका हाल बिगड़ डाला “क्रिस्टन सोच में गम thi…nisha ने उसे सोच में गम देखकर पूछा..

निशा “ क्या हुआ मामी सब ठीक है न ??”

क्रिस्टन “ हाँ सब ठीक है ..पैर तुमने बताया क्यों नहीं की तुम को यह self-defense अचे से आता है ..??”

निशा “ इसमें बताने जैसे क्या है जबसे उनको मैडल जीतते हुए देखा था सोच लिया था ..हर हाल में उनका साथ दूंगी चाहे घर संभालना हो या …रिंग में किसी को ज़मीन में गिरना हो …और उसी दिन से मैंने ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था ..अपने hi गौर नहीं किया की सोल्लगे के टाइम के बाद भी मैं लेट क्यों आती थी ??”

क्रिस्टन “ मतलब तुम इसकी ट्रेनिंग ले रही थी …और मैं सोच रही थी की तुम शायद घूमने चली जाती हो ..पैर मन्ना पड़ेगा तुमने किसी शेरनी जैसे उस जैक का हाल बिगड़ डाला ..ी म प्राउड ऑफ़ ु डिअर मुह्हह्हआ!” क्रिस्टन ने निशा को ख़ुशी से चुम लिया उसके गाल पैर ..

निशा इतराते हुए “ अब शेरनी hi बनना पड़ेगा न ..देखो न मेरे हु किसी शेर से काम हैं क्या ???..और वैसे भी शेर के साथ तोह शेरनी hi जमा करती हैं …कोई माँ की गुडिअ नहीं ..है न ??”

क्रिस्टन “ हाँ तू और तेरा हु शेर ..दोनों अवेसमे हो उसे पता भी नहीं कोई उस पगले को dilo-jaan से चाहता है ..पता नहीं कहाँ क्या कर रहा होगा ..??”

निशा “ जहाँ भी होंगे बस मेरे होंगे …ी लव ु मेरे शेर मुहह्हह्हआआ!..”

दोनों घर आ चुकी थी ...और मंजू को छोटे ने आज के बारे में बता दिया …अब उसे भी हैरत हुई पैर बात को संभल लिया क्रिस्टन ने और बात आयी गयी हो गयी ..मंजू गुस्सा तोह हुई पैर उसे ख़ुशी भी थी की उसकी बेटी कोई लचर अबला लड़की नहीं है ..उसे self-defense भी आता है …जो आज के टाइम में जरूरी भी है …

उधर मनु नीड में था उसके कान में कोई आवाज़ हुई उसे ऐसा लगा जैसे किसी ने कुछ कहा हो …यह हु वक़्त था जब निशा ने मनु को लव ु …कहा था …

मनु उठ बैठा था नींद से …पैर उसकी समझ में कुछ आया नहीं …सो फिर से सो गया अगले दिन के इंतज़ार में …

अगला दिन hua…sab अपने कामो से लगे हुए थे मनु और अजय अपने ट्रेनिंग से लौट आये थे राजिंदर और सुमित्रा जॉब पैर जाने की तैयारी में थे …

मनु राजिंदर को अचे से देख रहा था …राजिंदर आज कुछ अलग सा बेहवे कर रहा था ….जैसे उसके दिमाग में कुछ अटका हुआ हो ???

पैर मनु अचे से समझ लेना चाहता था की आज भी रजिनि का राजिंदर को रिस्पांस कैसा होगा …आज रजिनि के बर्ताव पैर मनु का जवाब टिका हुआ था ….

आज मनु घर पैर hi था अजय को आजकल मॉल वाली हु लडकियां स्पोर्ट्स क्लब में मिलने लगी थी …अस ा फ्रेंड क्युकी अजय बातें अछि करता था …उस पैर मनु की हदायत यही थी को हु उनमे से किसी को न कहे की हु मनु यानी रॉकी का भाई है ….हीना और शहीद को मनु अजय से दूर रखना चाहता था …उसकी वजह देहरादून में किये कांड थे जो मनु ने हीना के लिए किये थे …

खैर अजय स्पोर्ट्स क्लब निकल gaya…manu रह गया घर उसने थान लिया था कुछ करने का और साड़ी बात तिकी थी रजिनि पैर क्युकी रजिनि का घर रोड के जस्ट साथ में था …सो राजिंदर को कब रजिनि बुलेगी या नहीं यह देखना अभी बाकी था …और रजिनि पैर भरोसा करना मनु के लिए आसान नहीं था …

मनु ने आज पुरे दिन वेट किया शाम को राजिंदर आया तोह उसने देखा की रजिनि शाम को सजी धजी कड़ी थी अपने घर के कोने पैर …उसने राजिंदर को रोक्का और अपने घर ले गयी और राजिंदर के साथ रोज़ वाला हाल किया …राजिंदर ने भी ज्यादा कुछ कहा नहीं …अब क्यों हु जाने …

दोनों अंदर गए और दोनों ने रोज़ का रूटीन फॉलो किया मनु ने भी आज उसी खिड़की पैर देखा …रजिनि आगे बाद रही थी ..और ज़ाहिर था एक या दो दिन में टंगे खोले राजिंदर के निचे भी लेती हो …अब राजिंदर भी शायद रजिनि के इशारे पैर रियेक्ट करना शुरू कर चूका था …

रजिनि आज कुछ अलग hi मज़े में थी उसका सूट का दुपट्टा कई कई बार निचे गिर रहा था ..और राजिंदर भी उसकी क्लीवेज चुकी की घाटी देखने में मस्त हो चूका था …रजिनि भी मुस्कुरा कर राजिंदर को लाइन देने में जुटती हुई थी …राजिंदर के बढ़ते हाथ रजिनि की मुस्कराहट आज कुछ अलग थी …

मनु ने देखा राजिंदर शायद आज पहल कर दे ..तोह उसने जेब से मोबाइल निकला और राजिंदर को कॉल किया राजिंदर ने कॉल देखा और कट कर दिया …अभी बेटे से ज्यादा चुकी इम्पोर्टेन्ट जो थी उसके लिए …

मनु ने फिर किया और राजिंदर ने शामे किया …मनु ने उसके बाद देखा जब राजिंदर मोबाइल नहीं उठा रहा है तोह मनु ने राजिंदर की बाइक जो रजिनि के घर के दूसरी तरफ थी उसके पास जाकर …उसका टायर पैर एक लम्बा सा रोड जो नुकीला था घुसा दिया …पैर साला टायर ..पंचर न होकर फट गया …..

राजिंदर टायर के ब्लास्ट से चौंका और बहार आकर देखा तोह बाइक का टायर फैट चूका था …अब राजिंदर सोच में पद गया ..यह हुआ क्या ..बाइक का टायर फटना अचानक से उसकी समझ से परे था …

मनु देख रहा था ..उसने फिर से कॉल किया राजिंदर ने पिक कर लिया …

राजिंदर “ hello हाँ बीटा क्या हुआ “

मनु “ क्या बात है पापा लगता है बेटे से ज्यादा कहीं और बस्सी हो जो इतने कॉल काट दिए “

राजिंदर उसकी बात सुनकर सकपका चूका था ..पैर बाप बाप hi होता है …

राजिंदर “ नहीं बीटा हु बाइक का टायर फैट गया था ..सो उसे खींचने में बस्सी था सॉरी ध्यान नहीं गया ..”

मनु “ कोई बात नहीं पैर जब धयान गया तोह उठा लेना hi चाहिए था न …कोई बात नहीं मैं आजाता हूँ ok …वैसे कहाँ हो आप ???”

राजिंदर “ नहीं बीटा कोई बात नहीं …मैं करवा लूंगा ???”

मनु “ कोई बात नहीं पापा मैं घर से निकल चूका हूँ …बस आ hi रहा हूँ “

राजिंदर ने फटाफट कॉल कट किया और बाइक को खचेडे हुए रजिनि के घर से थोड़ा दूर निकल आया.. मनु अपने बाप की हर हरकत नोट कर रहा था ..

उसने थोड़ा दुरी पैर hi पैदल गली से होता हुआ ..अपने बाप के सामने था …

राजिंदर ने मनु को देखा तोह “ देखलो बीटा कैसे खींच कर ला रहा हूँ…”

मनु ने बाइक ले ली राजिंदर से “ कोई बात नहीं मैं करवा कर लाता हूँ आप घर में आराम करो ..”

राजिंदर “ थैंक ु बीटा सुच में तुम को कितनी फिक्र है मेरी ..???”

मनु “ फिक्र कैसे न हो आप पापा हैं मेरे ..सो मेरा जो फ़र्ज़ बनता है पूरा कर रहा हूँ …और वैसे भी फॅमिली का मतलब होता है एक दूसरे की केयर करना …जो मेरा फ़र्ज़ है निभा रहा हूँ …क्युकी फॅमिली में एक भी चूका अपने फ़र्ज़ से तोह फॅमिली …फॅमिली नहीं एक कैद बन जाती है …”

मनु की बात सुनकर राजिंदर सोच में पद चूका था …क्युकी मनु अब हु छोटा मनु नहीं था जिसको कभी राजिंदर समझया करता था ..आज मनु की बात सुनकर राजिंदर को थोड़ी देर पहले का रजिनि के साथ होने वाले कांड का याद आ चुकी थी …हु फॅमिली की बात पैर सोच में पद चूका था ..पैर मनु वहां से तब तक जा चूका था …

मनु मैं में “ रजिनि आसानी से मान जाना था तुमको ..पैर कोई बात नहीं …” मनु बाइक खींचते हुए मैं में सोच रहा था …

शाम हुई मनु बाइक टायर चेंज करके ला चूका था …घर में सभी आ चुके थे ..सबने एक साथ खाना खाया …और कहते टाइम राजिंदर का धयान आज बराबर मनु पैर था …पैर मनु आराम से खाना खा ..रहा था जैसे कुछ हुआ hi नहीं …राजिंदर मनु की हु बात अभी तक सोच रहा था …खाने के टाइम सुमित्रा भी अचे से मनु को देखते हुए राजिंदर को देख चुकी थी …हु अचे से समझ रही थी की बात तोह कुछ है ..पैर तभी अजय सामने से गिलास उठता है और पानी गलती से राजिंदर पैर गिर चूका था …राजिंदर पानी साफ़ करने हटा तोह मनु ने सुमित्रा को देखा ..

सुमित्रा ने इशारे में मनु से कुछ पूछा इशारा राजिंदर की तरफ था ..मनु ने बदले में एक स्माइल दी और भरोसा रखने को कहा इशारे में ..क्युकी अजय राजिंदर को गुस्सा न आजाये सो उसके साथ सॉरी कह रहा था …टेबल पैर सुमित्रा और मनु थे …सो सुमित्रा ने भी बदले में मनु को स्माइल दी …

मतलब सुमित्रा ने मनु को इशारे में कहा की उसे मनु पैर भरोसा है …राजिंदर और अजय लौटे तोह सुमित्रा और मनु दोनों नोर्मल्ली खाने लगे …दोनों में से फिर एक दूसरे को नहीं देखा न कोई इशारा किया …

राजिंदर फिर से मनु को देखने लगा …खाने के बाद सोने का नंबर आया तोह राजिंदर ने आज बहार टहलने की बात की …अजय तोह सिद्ध सोने चल दिया सुमित्रा की थकन भी उसे सोने को कह रही थी ,

मनु भी सोने चला तोह …राजिंदर ने उसे साथ चलने को कहा …

राजिंदर और मनु थोड़ी देर बाद रोड पैर थे …राजिंदर ने मनु को देखा …आज दोनों में से कोई बात नहीं कर रहा था …पहल राजिंदर ने hi की …मनु से काम काज को पूछा ..मनु ने भी नार्मल सा जवाब दिया …

राजिंदर “ ाचा बीटा बहुत दिन हुए तुमने अपने बाप से बात भी नहीं की ….क्या बात है लगता है नाराज़ हो अपने बाप से ???”

मनु “ ऐसा कुछ नहीं है पापा बस कुछ सोच रहा हूँ ऐसा वैसा नहीं है …बस ऐसे hi थोड़ा सा ..”

राजिंदर “ अरे तोह कहा है न पापा से कहो हो सकता है कोई हल निकल आये ..भूल गए पहले भी कहा था .की जब कुछ कहना हो तोह अपने पापा से बिंदास कह देना ..”

मनु “ नहीं ऐसा कुछ ख़ास नहीं है बस थोड़ा सा परेशान हूँ ..”

राजिंदर “ भूल गए शाम को तोह तुमने कहा था फॅमिली में एक दूसरे की हेल्प करनी चाहिए ..?? तोह एक बार केहदो श्याद तुम्हारा यह बाप कोई हेल्प कर दे..”

मनु “ हु पापा मेरे एक दोस्त है उसके घर में पहले सब सही था ..पैर आज कल घर का माहोल ठीक नहीं है बस उसके बारे में hi सोच रहा हूँ …”

राजिंदर “ ऐसा क्या हुआ भला ??”

मनु “ ज्यादा कुछ ख़ास नहीं उसके पापा आजकल थोड़े आशिक़ मिज़ाज़ हो चुके हैं तोह उसके घर का माहोल थोड़ा बिगड़ गया ,,है और उसने हेल्प मांगी तोह मैंने सोचा उसकी हेल्प कैसे करूँ ??कुछ समझ नहीं आ रहा …ाचा अब जब आपने हेल्प के लिए कहा है तोह इतना सोचकर थोड़ा बतादो की अगर उसके पापा की जगह आप होते तोह आप क्या करते ???”

मनु ने हर शब्द पैर राजिंदर का रिएक्शन देखा …राजिंदर को मनु से ऐसे सवाल की सामने से उम्मीद तक नहीं थी …उसे तोह लगा जैसे मनु ने जान भुजकर उससे यह सवाल पूछा है …..राजिंदर का चेहरा बता रहा था …की उसका दिल कितना परेशान है अभी ..उसके खुले हवादार माहोल में भी पसीने छूटने लगे …उसका गाला सुख गया ..उसके दिमाग में एक hi सवाल था ..” क्या मनु को रजिनि के बारे में पता चल गया है “

अगर हाँ तोह अभी तक उसने सामने से कुछ कहा क्यों नहीं …राजिंदर को सोच में देखकर मनु ने कहा ..

मनु “ क्या हुआ पापा आपको उसके पापा की जगह सोचने को कहा था ..पैर लगता है ..आप बुरा मान गए कोई बात नहीं ..ाचा चलता हूँ …”

मनु वापस मुदा तोह राजिंदर ने मनु का शोल्डर पकड़ लिया ..तब राजिंदर को महसूस हुआ ..की उसका बीटा अब हु छोटा मनु नहीं रहा ..उसके डोले को पकड़े राजिंदर को एहसास हो चूका था की मन ऊके डोले का साइज उसके जांघ से भी ज्यादा है ..

राजिंदर “अरे बीटा ऐसा कुछ नहीं है …बस थोड़ा सोच रहा था की उसकी जगह होता तोह कैसा होता …मेरा मतलब है उसकी जगह मैं कैसे खुद को सोच सख्त हूँ ..”

मनु “ हाँ पापा समझता हूँ तभी आपसे नहीं कह रहा था ..कहाँ आप सीधे साढ़े और कहाँ हु सीधे साढ़े होने का डाँग करने वाला …और पता है जिसके पीछे हु पागल है ..वह भी शादीशुदा है ..सोचकर देखो ..एक साथ दोनों के घर आज नहीं तोह कल पता चलेगा तोह क्या बीतेगी …मेरा दोस्त तोह सोच में घूम है कैसे अपने पापा से कुछ कहे ..देखो न हर किसी की किस्मत में आप जैसे कूल पापा थोड़े hi होते हैं ..हैं न पापा ”

मनु की बात सुनकर राजिंदर का की आँखें शर्म से झुख गयी ..उसे मनु का हर शब्द खुद के लिए सुनाई दे रहा था ..और दोनों के फॅमिली को पता लगने की बात उसके समझ में आयी तोह राजिंदर को खुद की गलती महसूस हो चुकी thi..manu की हर बात राजिंदर के दिमाग में उत्तर चुकी थी ..राजिंदर को सोच में देख मनु ने कहा ..

मनु “ चलिए भी पापा …सॉरी मुझे यह सब कहकर आपको परेशान नहीं करना चाहिए था …बस थोड़ा दोस्त को लेकर थोड़ा परेषान था खामखां आपको भी टेंशन दे दी ..जाने दो जिसकी टेंशन हु सोचे ..हम कर भी क्या सकते हैं …जब दोनों ने अपनी उम्र का ख्याल नहीं किया तोह हम अपना टाइम उनपर वास्ते क्यों करे ऐसे लोगों के बारे में सोचना भी फज़ूल है …चलिए चलते हैं .. “

मनु और राजिंदर वापस मुद चुके थे ..मनु पहले जैसे शांत था ..पैर राजिंदर का हाल अब पतला हो चूका था ..उसका दिमाग लगातार मनु की बात को सोचने पैर लगा हुआ था …

खैर दोनों घर आये ..और सोने चले गए ..

जहाँ मनु चैन से सो गया पैर राजिंदर को रात भर नींद नहीं आयी …सोच सोच के की कहीं अगर यह सब मनु को सुच में पता चल गया ..या अजय या सुमित्रा तोह घर में क्या इज़्ज़त रह जायगी उसकी …

या कहीं मनु को पता चल गया है ..यह सोचकर राजिंदर खुद को कोस रहा था ….पैर कोई और अभी खुश था ..उसके प्लान का अगला स्टेप अभी बाकी था ….....:हिंट:
 
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