Pyaar Ya Nafrat - Page 10 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Pyaar Ya Nafrat

अपडेट 45

ऐसे hi दिन गुजरने लगे. आर्यन रोज स्कूल जाता और शीतल को देखते रहता. एक दिन आर्यन स्कूल नहीं जा पाटा.



ुस्सदिन Ma'am ने असाइनमेंट सबमिट करने के लिए 1 हफ्ते बाद का टाइम दिया. जो उन्होंने ने कुछ दिन पहले hi दिया था. शीतल को असाइनमेंट में थोड़ा प्रॉब्लम था तोह ma'am ने उससे आर्यन से हेल्प लेने के लिए कहा क्योकि वह क्लास टोपर था.



अगले दिन आर्यन जब स्कूल आता है. तब शीतल उसके पास आके उससे अपनी प्रॉब्लम बताती है. आर्यन यह गोल्डन चांस कैसे मिस करता. इससे तोह उससे शीतल के पास रहने का मौका मिल गया था. इसीलिए उसने फ़ौरन हां करदी.



आर्यन ऋषि को यह बात बताता है. तोह ऋषि उससे बोलता है है तेरी तोह किस्मत खुल गयी लगा रह.



फिर आर्यन शीतल की असाइनमेंट में मदद करता है. जिससे शीतल का असाइनमेंट टाइम पे पूरा होगया.

शीतल आर्यन को थैंक्स बोलती है.



इसी तरह इनकी दोस्ती होगयी.



टाइम गुज़रता जाता है. अब अंकित की नफरत बोलो या जेएलओसी आर्यन के लिए ज्यादा बढ़ गयी थी. वह हरवक़त आर्यन को नीचे दिखने लगता उससे ढंग से बात भी नहीं करता.



अंकित और शीतल की नजदीकियां भी बढ़ रही थी. अब वह लोग क्लास में एक साथ बैठते. ऋषि को इससे कोई ऑब्जेक्शन नहीं था वह अपने दोस्त के लिए खुश था.



आर्यन ने नेहा को भी शीतल से मिलाया था.

नेहा को भी शीतल अच्छी लगी. अब शीतल भी आर्यन के घर आने जाने लगी थी.



आर्यन ने सबसे छुपा के शीतल को एक मोबाइल गिफ्ट किया था बात करने के लिए.



जिससे अब वह दिन रात बात करते रहते.



अब आर्यन का 10तह का एग्जाम था. जिसमे उसने बहोत म्हणत की थी.



शीतल और आर्यन अब कमिटेड थे यह बात नेहा और ऋषि भी जानते थी.



आर्यन ने 10तह में पुरे स्टेट में टॉप किया था. जिसके वजह से विक्रम ने एक पार्टी राखी थी. जिसमे विक्रम के ऑफिस के एम्प्लाइज भी आये थी.



शीतल भी अपनी फॅमिली के साथ आयी थी. जहा पता चला शीतल के पापा विक्रम की कंपनी में मैनेजर थे.



शीतल और आर्यन का प्यार और बढ़ रहा था. देखते देखते आर्यन का 17तह बर्थडे आजाता है. इसमें सबकोई खुश थे सिवाय एक के. वह थे दादाजी. उनको कुलपण्डित की बात का टेंशन था.



शीतल खन्ना- यह बहोत hi चालू लड़की है. यह किसी की कमज़ोरी का फैयदा उठा कर उससे काम निकलवाती है. मतलब सीधे तरीके उससे उसे करती है. इसके पापा विक्रम की कंपनी में अस ा मैनेजर है. इनको नहीं पता इनकी लड़की कितनी चालू है. वह समझते है उनकी लड़की बहोत hi शरीफ और भोली है.



आज आर्यन का 17तह बर्थडे था. रात को तोह सोनिया आर्यन के साथ hi सोती थी. इसीलिए उसने ठीक रात के 12 बजे उससे विश किया. नेहा भी 12 बजे उससे विश करने आजाती है. Dad,Maa,Chachi भी आते है. चाचा बहार गए हुए थे इसीलिए वह नहीं आये. राज भी आता है. पर अंकित नहीं आता क्योकि उससे कोई मतलब hi नहीं था. आर्यन को थोड़ा बुरा लगता है. बूत इसकी अब उससे आदत होगयी थी. दादाजी दवाई लेकर जल्दी सजाते थी इसीलिए वह नहीं आये.



सुबह सब कोई वापस आर्यन को विश करते है और पार्टी की तैयारियां स्टार्ट करते है. ऋषि को ुरगेंटली अपने किसी रिलेटिव के यहाँ जाना था इसीलिए वह पार्टी में तोह नहीं आसक्त था. बूत उसने सुबह सुबह hi आर्यन को विश करदिया था. शीतल का भी कॉल आया था. दादाजी भी उससे विश करते है. बूत वह बहोत टेंशन में थे. आर्यन पूछता भी है बूत वह बात को ताल जाते है.



शाम को पार्टी स्टार्ट हुई. सारे गेस्ट आचुके थे. दादाजी की नज़र सिर्फ आर्यन पर थी. केक कट होता है. आर्यन सबसे पहले सोनिया को खिलता है फिर नेहा को फिर एक एक करके सबको खिलता है. पर जब वह अंकित के पास जाता है तोह अंकित वह से निकल जाता है. इससे आर्यन को बहोत बुरा लगता है. उसका मूड भी ऑफ होचुका था. पर उसने यह बात ज़ाहिर नहीं होने दी.



फिर सब पार्टी एन्जॉय करते है. शीतल वह कही नहीं दिख रही थी. तोह आर्यन शीतल की फ्रेंड से पूछता है के वह कहा है. तोह उसकी फ्रेंड उससे वह डायरेक्शन दिखा देती है.



तोह आर्यन जब वह जाता है तब शीतल वह किसी और के साथ कड़ी थी. यह देख के आर्यन को कुछ अजीब नहीं लगता. पर जब वह उनके थोड़ा और पास जाता है. तोह देखता है शीतल किसी और के गले लगी हुई थी. यह देख कर आर्यन की आँखों से आंसू निकलने लगता है. वह अभी जाके पूछना चाहता था यह क्या होरहा है. पर जैसे hi वह आगे बढ़ता है तोह उनकी आवाज़ आती है



शीतल: कितने दिन होगये तुमसे मिले राजेश.



राजेश: क्या करू यार. आजकल तोह हर वक़्त वह आर्यन तुम्हारे साथ hi रहता है. अगर उसके सामने आऊंगा तोह शायद उसको शक्क होजाये तुम मुझसे प्यार करती हो उससे नहीं. वैसे कैसा चल रहा है तुमलोगो का प्यार.



शीतल: कैसा प्यार. मैं तोह उसके साथ सिर्फ अपने फाईदो के लिए हु. उससे अपना असाइनमेंट्स करवाती हु. उससे अपने सारे काम निकलवाती हु. और यह देखो उस बेवक़ूफ़ ने अपने पैसो से मेरे लिए यह मोबाइल लिया है. जिससे मैं तुमसे बात करती हु. वह तोह बस मेरे लिए एक चलता फिरता एटीएम है. जब भी बोलो पैसे हाज़िर.



राजेश: कमाल है.



तभी राजेश की नज़र आर्यन पे जाती है. तोह वह डर जाता है.



राजेश: आर्यन तू यहाँ.



शीतल पीछे मुद के देखती है तोह उसके पैरों टेल ज़मीन खिसक जाती है.



शीतल: आर्यन तुमममम.



आर्यन: नहीं नहीं चलता फिरता एटीएम.



यह सुनके शीतल समाज जाती है आर्यन ने सब सुन्न लिया है.



आर्यन को बहोत गुस्सा आया हुआ था वह सीधे जाके राजेश को मरने लगता है. राजेश को कुछ करने का मौका hi नहीं मिलता. वह जैसे भी करके वह से भाग जाता है.



राजेश वह से भाग के सीधा आर्यन के पेरेंट्स के पास आता है. और उनसे झूठ बोलता है के आर्यन शीतल के साथ जबरदस्ती कर रहा है. और जब उसने रोखने की कोशिश की तोह उससे मार के भगा दिया.



रश्मि: यह क्या बोल रहे हो मेरा बीटा ऐसा बिलकुल नहीं करसकता.



नेहा: हां मेरा भाई ऐसा नहीं कर सकता. ारी वह तोह शीतल से प्यार भी करता है.



राजेश: मुझे क्या मिलेगा झूट बोलके. यह देखिये उसने मुझे मारा भी है. अगर आपको विश्वास नहीं तोह मैं ले चलता हु आपलोगो को वह.



फिर आर्यन की पूरी फॅमिली वह उसके साथ चल देते है.



इधर आर्यन शीतल से



आर्यन: क्यों किया तुमने ऐसा. क्या कमी रह गयी थी मेरे प्यार में.



शीतल: आर्यन सुनो तोह.



आर्यन: चुप बिलकुल चुप. फिर वह उसके दोनों कंधो को पकड़ के. पैसा चाहिए ना कितना पैसा चाहिए बोलो मैं दूंगा. तुम्हे तोह पैसे से मतलब है ना.



शीतल: आर्यन चोरो मुझे लग रहा है.



यह आर्यन यह बोलता है तभी वह उसका परिवार आजाता है. और यह यह बात सुन लेता है.



विक्रम जाके आर्यन को एक थप्पड़ लगता है.



शीतल इतने सारे लोगो को देख के डर जाती है. इसीलिए वह भी झूट बोलदेति है.



शीतल: अच्छा हुआ आपलोग आगये. यह मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश कर रहा था और जब मैं नहीं मानी तोह मुझे पैसे ऑफर करने लगा.



यह सब सुनके सबके आँखे बड़ी होजाती है. नेहा और रश्मि के आँखों में तोह आंसू आजाते है.



विक्रम: एहि दिन देखने के लिए. तुझे जनम दिया था. इससे तोह अच्छा होता तू जनम लेते hi मर जाता. मेरा मान सामान सबकुछ तूने मिटटी में मिला दिया.



आर्यन: नहीं पापा यह झूट बोल रही है. मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया.



विक्रम यह सुन्न एक और थप्पड़ उससे लगा देता है.



आर्यन रश्मि के पास जाके.



आर्यन: माँ तुम तोह मेरी बात का विश्वास करो. मैंने ऐसा कुछ नहीं किया. यह झूट बोल रही है. मैं बेक़सूर हु.



रश्मि भी उससे एक थप्पड़ लगा देती है.



रश्मि: तू मेरा बीटा नहीं है. मर्डर गया है आजसे तू मेरे लिए. खबरदार जो तूने मुझे माँ कहा तोह.



आर्यन नेहा के पास जाके. दी आप तोह मेरी बात का विश्वास कीजिये आप तोह जानती है ना आपका भाई ऐसा नहीं कर सकता. मैंने कुछ नहीं किया.



नेहा: एक थप्पड़ मार कर. खबरदार जो तूने मुझे दी कहा. एक हवस का पुजारी मेरा भाई नहीं होसकता. तेरा मेरा कोई रिश्ता नहीं है.



आर्यन यह सुनके वही बैठ जाता है. उसमे जैसे अब जान hi नहीं बच्ची थी. उसकी दी जो उसको सबसे ज्यादा प्यार करती थी. उस ने उसपे विश्वास नहीं किया.



आर्यन: मेरा विश्वास करो. मैंने ऐसा कुछ नहीं किया. मैं निर्दोष हु. यह झूट बोल रही है.



यह सब सुन्न अंकित को भी एक चांस मिल गया था



इसीलिए वह भी आके आर्यन को मारने लगता है. वह तोह अपनी नफरत भी मिटा रहा था.



सुप्रिया: एहि है ना वह जिसके गुणगान आपलोग दिन रात गाते रहते थे. यह इतना नीच निकलेगा की. इससे तोह मुझे भतीजा कहते हुए भी शर्म आती है. अच्छा हुआ शिवम् और दीपाली इसके साथ नहीं है. और इसका क्या पता कालको दीपाली पे भी अपनी गन्दी नज़र रखदे.



तभी दादाजी आके रोखते है. बस बहोत होगया. बंद करो वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.



विक्रम: पापा आप आज कुछ मत बोलिये. इसने आज हमारा इतनी म्हणत से कमाई िज़ात को मिटटी में मिला दिया.



रश्मि और नेहा तोह शीतल से माफ़ी मांगने लगती है. जो झूठे आंसू बहा रही थी. राजेश भी वही खड़ा यह सब देख कर खुश होरहा था.



फिर सबलोग वह से चले जाते है. आर्यन अभी भी वह बैठे रो रहा था. दादाजी उसके पास आके उससे उठा के ले जाते है.



सबके वह से चले जाने के बाद राजेश शीतल के पास आता है.



राजेश: क्या बात है मेरी जान क्या एक्टिंग की है तुणी. एक पल के लिए तोह मुझे भी सच लग रहा था.



शीतल: क्या करू यार इतने लोगो को देख कर मैं डर गयी थी. तोह जो मन में आया बोल दिया. पर तुम इनसब को यहाँ कैसे लाये.



राजेश: ारी मैंने बोल्दिया वह तेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश कर रहा है और मैंने रोखना चाहा तोह मुझे मारा भी. और वह बेवक़ूफ़ लोग अपने बेटे पे भरोसा hi नहीं किया और उससे hi गलत समझा.



शीतल: चलो जो हुआ अच्छा हुआ. हम तोह बच गए और क्या चाहिए. पर मेरा एटीएम हमेशा के लिए एक्सपिरे होगया.



राजेश: हां यह बुरा हुआ. अब चल यहाँ से किसीने देख लिया तोह गर्बर होजायेगी.



शीतल: हां चलो.



रश्मि: रुख जाइये पापा यह अब यहाँ नहीं रहेगा.



दादाजी: यह मेरा घर है. और जब तक मैं ज़िंदा हु यह यही रहेगा. और यह मेरा आर्डर है.



दादाजी के आर्डर के आगे किसीने कुछ नहीं बोलै.

फिर वह उससे लेके उसके रूम में लेके जाने लगते है. तोह सोनिया भी उसके पीछे पीछे जाने लगती है.



मिनाक्षी: रुख जाओ सोनिया. तुम वह नहीं जाओगी.



सोनिया: मैं अपने भैया के साथ रहूंगी.



रश्मि: कहा ना एकबार तुम उसके साथ नहीं जाओगी और नाही उससे बात करोगी.



सोनिया: पर....



आर्यन: तुम अपने कमरे में जाओ गुड़िया.



सोनिया: मैं नहीं जाउंगी.



आर्यन: मैंने कहा ना. क्या अपने भैया की बात नहीं मानोगी.



सोनिया कुछ नहीं बोलती चुप चाप अपने कमरे में चली जाती है.



आर्यन भी अपने कमरे में चला जाता है.



दादाजी: क्या हुआ अब बता.



आर्यन: मैंने कुछ नहीं किया दादाजी वह झूट बोल रही है.



दादाजी: मुझे पता है तूने कुछ नहीं किया. पर वह पर हुआ क्या था वह बता.



फिर आर्यन उनको सब कुछ बता देता है.



दादाजी: मैं अभी जाके सबको सच बताता हु.



आर्यन: रहने दीजिये दादाजी. जब किसी को मुझपर विश्वास hi नहीं है तोह वह आप पर भी विश्वास नहीं करेंगे.



दादाजी: पर....



आर्यन: प्लीज दादाजी.



फिर वह भी कुछ नहीं बोलते.



फिर आर्यन को सोने का बोल वह अपने कमरे में आजाते है.



दादाजी: शायद कुलपण्डित ने इसी घटना के बारे में बताया था. अब कैसे सब ठीक होगा. आर्यन ने भी मुझे मन करदिया है किसी को कुछ भी बताने से.



इधर आर्यन की आँखों से अभी भी आंसू बह रहे थी. उसकी आँखों से नींद hi उड़द चुकी थी. पहले उसके प्यार ने धोका दिया फिर उसके फॅमिली ने भी उसपे भरोसा नहीं किया. वह एहि सब सोच के रो रहा था.
 
नीस और दर्दभरा अपडेट ..

शीतल धोका दे रही थी आर्यन को और राजेश से प्यार करती थी ,जब बर्थडे पर आर्यन ने दोनों को साथ देखा तो राजेश को पीट दिया ..

पर बुरी किस्मत की राजेश ने सबको झूठ बोलै और शीतल ने भी 😡..

पर फॅमिली में किसीने विश्वास नहीं किया आर्यन पर सिवाय सोनिया के ..नेहा ने भी उसको गलत समझा ..

आर्यन के पास साबुत नहीं है की वो सच्चा है और दादाजी को सब बता दिया फिर भी फॅमिली में कोई विश्वास करेगा ये कह नहीं सकते 🤔.

इसलिए आर्यन ने सबको सच बताने से मन कर दिया .

शीतल और राजेश को सही सजा देनी चाहिए और अंकित भी घटिया है जिसने पीट दिया आर्यन को ..

तो ये था आर्यन का पास्ट जिसमे सिर्फ धोका हुआ उसके साथ ..
 
अपडेट 46

सुबह आर्यन स्कूल जाने के लिए रेडी होता है.



वह नीचे जाता है तोह सभी ब्रेकफास्ट कर रहे थे. तोह वह भी वह बैठने वाला होता है के तभी.



रश्मि: पापा यहाँ पे सिर्फ फॅमिली मेंबर्स hi बैठ सकते है. किसी गैरर के लिए यहाँ कोई जगह नहीं ही.



दादाजी: पर यह तुम्हारा बीटा है.



रश्मि: मेरे सिर्फ 2 बच्चे है अंकित और नेहा.



आर्यन: माँ. आर्यन इतनी hi बोलता है के तभी उसके मुँह पे एक थप्पड़ पढता है.



रश्मि: तुझे कहा था ना मेरा तेरे से कोई रिश्ता नहीं है. और अगर आज के बाद तूने मुझे या किसी भी मेंबर से बात करने की कोशिश भी की मुझसे बुरा कोई नहीं होगा.



आर्यन बिना कुछ बोले आँखों में आंसू लिए वह से चला जाता है:



दादाजी: यह तुमने ठीक नहीं किया.



रश्मि: एक हवस के पुजारी को तोह जेल में दाल देना चाहिए. मगर हमलोगो ने तोह ऐसा कुछ नहीं किया. इनकी साड़ी िज़ात एक झटके में डूबा दी.



दादाजी: तोह फिर ठीक है. मैं एक माइड का इंतज़ाम करूँगा. जो सिर्फ आर्यन का खाना बनाएगी. और उसके काम करेगी.



विक्रम: मेरे पास अब उसके लिए कोई पैसे नहीं है.



दादाजी: जीत मल्होत्रा के इतने भी बुरे दिन नहीं आये के उससे हाथ फैलाना पढ़े. आज से उसके सारे खर्चे मैं उठाऊंगा. तुमलोग रखो अपनी यह शान और दौलत अपने पास. यह कह के दादाजी भी वह से चले जाते है और अपने लॉयर को कॉल करके वह पेपर्स रेडी करने को बोलते है जो उन्होंने आर्यन के नाम किये थे.



आर्यन जब स्कूल पहुंचता है तोह शीतल वही उसके सीट पे बैठी हुई थी. वह वह पे ना बैठ के पीछे चला जाता है वापस ऋषि के पास.



ऋषि को भी पता चल गया था कल रात के बारे में.



आर्यन: क्या मैं यहाँ बैठ सकता हु.



ऋषि: एक मारूंगा. अगर परमिशन लेने की कोशिश की तोह. चल बैठ चुप चाप और बता कल एक्साक्ट्ली क्या हुआ.



आर्यन: चूर्ण क्या करेगा. जब मेरे फॅमिली ने hi मेरे ऊपर विश्वास नहीं किया. तोह किसी से क्या बोलू.



ऋषि: कर दिया ना पराया. क्या मम्मी ने तेरे साथ कभी भी मेरा दोस्त है ऐसा बेहवे किया नहीं ना वह तुझे अपना बीटा hi मानती है.

और मैं तुझे अपना भाई. मम्मी पापा और मुझे विश्वास है तूने कुछ नहीं किया. चल अब बता क्या हुआ था कल.



आर्यन की आँखों में यह सुन्न के आंसू आजाते है. फिर वह ऋषि को सब कुछ बता देता है.



ऋषि: इस शीतल और राजेश को तोह छोड़ूंगा नहीं.



आर्यन: रहने दे यार. जब अपने ने hi गलत मान लिया तोह गैरो से क्या बोलना. चोरर दे किसी को कुछ करने की जरुरत नहीं है.



फिर ऐसे hi दिन गुजरने लगे. आर्यन की फॅमिली उसको पूरी तरह से इग्नोर करदिया था. जैसे वह वह है नहीं.



एकदिन घर में कोई नहीं था सिर्फ नेहा और आर्यन hi थे.



आर्यन नीचे आया तोह देखा नेहा का मोबाइल बज रहा था पर वह वह नहीं थी. तोह आर्यन ने उसका मोबाइल लिया और उसको देने के लिए उसके कमरे में गया. पर यहाँ आर्यन से एक गलती होजाती है. वह बिना नॉक किये hi रूम में एंटर कर जाता है जहा नेहा चेंज कर रही थी. आर्यन ने जब वह देखा तोह वह तुरंत वह से निकल गया. नेहा ने जैसे hi अपने कमरे के दूर पे आर्यन को देखा. तोह उसका पारा हाई होगया. उसने जल्दी से चेंज करके हॉल में आयी और आर्यन को खिंच के एक थप्पड़ मार देती है. तब तक उसकी फॅमिली भी दूर पे आचुकी थी और उन्होंने भी आर्यन को थप्पड़ पढ़ते देख लिया था.



रश्मि: क्या हुआ बेटी.



नेहा: माँ इस हवस के पुजारी ने मेरा घर पे अकेले होने का फैयदा उठा कर मेरे कमरे आया जब मैं चेंज कर रही थी. अकेले होने का फैयदा उठा कर मेरे साथ जबरदस्ती करना चाहता होगा.



रश्मि ने यह सुनते hi उससे 2-3 थप्पड़ लगा दिए.



रश्मि: नीच तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरी बेटी पे गन्दी नज़र दी. आज तोह तुझे मार hi दूंगी.



तभी दादाजी आजाते है.



दादाजी: क्या होरहा है



रश्मि: पापा आप आज बिच में मत आइयेगा. इस नीच ने आज मेरी बेटी पे अपनी गन्दी नज़र दी है.



दादाजी: अपनी जबान को लगाम दो बहु. आर्यन बोल क्या हुआ था.



आर्यन: दादाजी जब में यहाँ आया तब इनका फ़ोन बज रहा था. तब मैं वही देने के लिए इनके रूम में गया था. पर मुझसे एक गलती होगयी मैंने दूर नॉक नहीं किया. और जब मैं अंदर गया तब यह चेंज कर रही थी.



दादाजी: सुन्न लिया. चलो अब जाओ यहाँ से. और आर्यन तुम मेरे साथ आओ.



आर्यन दादाजी के साथ चला जाता है.



दादाजी: एहलो अब कुछ प्रॉपर्टी के पेपर्स है जो मैंने तुम्हारे नाम करदिये है.



आर्यन: नहीं दादाजी मैं यह नहीं ले सकता. वर्ण इनको लगेगा मैंने आपको बेहला फुसला कर यह अपने नाम करवा लिए है.



दादाजी: कोई कुछ नहीं बोलेगा. क्योकि यह मेरे खुद के है. इनपे इनलोगो का कोई हक्क नहीं है.



आर्यन: ठीक है दादाजी पर आप यह पेपर्स मुझे ना देकर इनका अमाउंट मेरे नाम का एक अकाउंट खुलवा कर उसमे दे दीजिये. इन् पेपर्स का मैं प्रॉपर उसे नहीं कर पाउँगा.



दादाजी: ठीक है मैं यह करवा दूंगा.



फिर ऐसे hi आर्यन के 12तह के फाइनल एक्साम्स भी आगये थे.



वह अपने एक्साम्स अच्छे से देता है. अब तोह उस घटना को साल भर होगया था और उसकी फॅमिली ने उससे कम्प्लीटली इग्नोर करदिया था.



आज आर्यन का लास्ट एग्जाम था. आर्यन अपने एग्जाम देके घर आरहा था तब रास्ते में एक गाडी का ब्रेक फ़ैल होगया था और वह डिस्बैलेंस होक एक लड़की को ठोकर मारने वाली थी. आर्यन जल्दी से उस लड़की बच्चा लेता है पर उसके हाथ में चोट आजाती है.



आर्यन जब उस लड़की को देखता है तोह वह और कोई नहीं शीतल थी.



शीतल थोड़ी घबराई हुई आवाज़ में बोलती है



शीतल: मैंने तुम्हारे साथ बुरा किया फिर भी तुमने मुझे बचाया. प्लीज मुझे माफ़ कार्डो. मैं अपने किये पे बहकत शर्मिंदा हु. तुम्हारे साथ वह करने की सजा में राजेश ने भी मुझे धोखा दे दिया. और माँ का भी एक्सीडेंट होगया था.



आर्यन: मैंने तोह प्यार किया था. तुम्हारी तरह धोखा नहीं दिया. एक बात कहना चाहूंगा कभी भी किसी को धोखा ना देना और अगर दो तोह प्लीज उसकी फॅमिली को झूट बोलके उससे अलग मत करना. वैसे तुम्हे थैंक यू भी बोलना चाहूंगा. तुम्हारे धोखे की वजह से मुझे इतना तोह पता चल गया कौन मुझसे सच्चा प्यार और भरोसा करता था और कौन दिखावा.



यह बोल आर्यन वह से चला जाता है और शीतल वही खड़े खड़े रो रही थी.



आर्यन सबसे पहले एक डॉक्टर के पास जाके उससे फर्स्ट अिध करवाता है. फिर घर पहुंचता है.



जब वह घर आता है तोह उसके पैरों टेल ज़मीन hi खिसक गयी थी. वह उसके दादाजी की अर्थी लगी हुई थी. मतलब उसके दादाजी अब नहीं रहे थी. आर्यन उनके पास जाता है तोह विक्रम उससे वही रुख देता है.



विक्रम: खबरदार अगर तूने उन्हें हाथ भी लगाया तोह. दुर्र हट यहाँ से यह बोल उससे धक्का दे देते है. जिससे आर्यन पीछे की तरफ गिर्र जाता है और उसके सर में चोट आजाती है और खून भी निकलने लगता है.



फिर भी अपने दर्द की परवाह ना करते हुए आर्यन ने बहोत मिन्नतें की पर किसी ने उसकी एक नहीं सुन्नी. उनके इस हरकत से आर्यन के मन में उनके लिए नफरत होगयी थी. वह खड़े हर एक लोग के लिए.



फिर दादाजी का अंतिम संस्कार किया जाता है आर्यन बस दुर्र से खड़ा यह सब देख रहा था. अब उसका इस दुनिया में कोई नहीं रहा था.

फिर सबलोग घर आते है घर आते आते रात होगयी थी. आर्यन सीधा अपने कमरे में चला जाता है.



आर्यन: मैं यहाँ जिनकी वजह से था अब जब वही ना रहे तोह मैं यहाँ रहके क्या करूंगा. एक वही थे जिन्होंने मुझे संभाला मेरे ऊपर विश्वास किया. अब मैं यहाँ नहीं रहूँगा.



फिर आर्यन एक बैग में 2 जोड़ी कपड़े और अपने डाक्यूमेंट्स रख लेता है. और एक लेटर लिख देता है. और एक चेक में सिग्न करके वही रख दिया. अब बस उससे सुबह होने का इंतज़ार था.



सुबह आर्यन अपना बैग लिए घर से निकल रहा होता है तभी उससे सोनिया का ख्याल आता है. वह एकबार सोनिया को देख के वह से निकल जाता है. उससे कहा जाना है यह नहीं पता पर अब उससे दिल्ली में hi नहीं रहना था. इसीलिए वह रेलवे स्टेशन जाके तुरंत चोर्ने वाली ट्रैन की टिकट लेके ट्रैन में छड्ड जाता है.



उधर घर में सुबह जब उठते है तोह सबलोग दादाजी के चले जाने से दुखी थी. फिर भी रश्मि और मिनाक्षी ने सबको जबरदस्ती थोड़ा सा नाश्ता करवाया.



वह लोग नाश्ता करके उठे hi थे के वह शीतल आजाती है.



नेहा: ारी आओ शीतल. कैसी हो. अब तोह यहाँ आती hi नहीं.



शीतल: जी वह आर्यन....



नेहा: समाज गयी तुम उसकी वजह से नहीं आती हो ना. आखिर उसने काम hi ऐसा किया है. के तुमसे माफ़ी मांगने के भी लायक नहीं है.



शीतल: हीई. उसने ऐसा कुछ नहीं किया था.



नेहा: मतलबब.



फिर शीतल रट हुए उन्हें सबकुछ बता देती है ुस्सदिन क्या हुआ था. सबलोग यह सुनके वही जैम गए थी. सबलोग वही पे रो पढ़े.



नेहा वही से सीधा आर्यन के कमरे में दौड़ लगा देती है. पर वह उससे वह नहीं मिलता. तभी उसकी नज़र लेटर पे जाती है.



वह लेटर लेके नीचे आती है.



रश्मि: आर्यन कहा है. क्या वह सो रहा है. मैं अभी उसे उठा के उससे माफ़ी मांगती हु. हमसे बहोत बड़ी गलती होगयी.



मिनाक्षी शीतल से. तुमने यह सब ुस्सदिन वह पे क्यों नहीं बताया और इतना बड़ा झूट क्यों बोलै.



शीतल: रट हुए. मैं वह इतने सारे लोगो को देख कर डर गयी थी. इसीलिए मैंने वह झूट बोल दिया.



नेहा: आर्यन घर में नहीं है. मुझे वह एक लेटर मिला. और यह एक चेक भी.



विक्रम: जल्दी से देखो लेटर में क्या लिखा है.



नेहा लेटर पढ़ती है.





मल्होत्रा फॅमिली मैं यह घर हमेशा हमेशा के लिए चोरर के जा रहा हु. मुझे पता है आप लोगो को कोई फर्क नहीं पड़ेगा मेरे जीने या मरने से. मैंने आपका कोई भी सामान नहीं लिया है बस अपने 2 जोड़ी कपड़े और डाक्यूमेंट्स hi लिए है. और उस कमरे का और वह रखे सामान का क्या करना यह आपलोग देख लीजिये.



आपलोगो ने बचपन से मेरे लिए जो भी किया उसके लिए थैंक यू. पर यह मत सोचना आपलोगो ने एहसान किया है. मैं किसी का एहसान नहीं रखता. मैंने एक ब्लेंक चेक रखा है. आजतक आपलोगो ने मेरे ऊपर जितना भी खर्चा किया है उसका अमाउंट भर लेना. और अगर कोई प्रॉब्लम होजाये तोह हिसाब करके रखना. फ्यूचर में तोह मैं आपलोगो की शकल तक नहीं देखना चाहूंगा क्योकि अब मुझे आपलोगो से आपलोगो की शक्शियत से नफरत होगयी है गुड़िया को चोरके. पर अगर कभी भी मुलाकात होजाये तोह अपना हिसाब हो तोह लेना और निकल जाना.



आखिर में कहूंगा अपने बच्चो पे विश्वास करना सीखो. दुसरो से ज्यादा अपनों पे विश्वास करना सीखो.



और शीतल से कहना उसकी वजह से मुझे यह पता चला के कौन सच्चा प्यार और भरोसा करता है और दिखावा.



नेहा यह सब पढ़ के रोने लगती है और शीतल को थप्पड़ मरने लगती है.



नेहा: क्या बिगाड़ा था मेरे भाई ने या हमने तेरा. क्योकि किया तूने ऐसा. सिर्फ पैसो के लिए.



शीतल: मुझे माफ़ करदिजिये मुझसे बहोत बड़ी गलती होगयी है.



नेहा: तेरे माफ़ी मांगने से हमने जो हमारे आर्यन के साथ किया वह सब बदल जायेगा. मैंने जो उसपे इतना घटिया इलज़ाम लगाया था वह बदल जायेगा. वह जो अब हम सब से नफरत करता है वह ठीक होजायेगा. जिस भाई के आँखों में एक आंसू नहीं देख सकती थी मैं उसको कितनी बार थप्पड़ मारा उसको कितना रुलाया. वह सब बदल जायेगा. उसको दादाजी को आंखरी बार चुने तक नहीं दिया. वह रोटा रहा बिलकता रहा पर हमने उसकी एक ना सुन्नी. और आज सिर्फ तेरी hi वजह से वह घर चोरर के पता नहीं कहा चला गया.



निकल जा अभी के अभी यहाँ से निकल जा वर्ण ऐसा ना हो मुझसे कोई गुनाह होजाये.



इधर वह लेटर सुनते hi रश्मि बेहोश होगयी. सब जल्दी से उससे सँभालते है. मुँह पे पानी मार उससे होश में लाते है.



होश में आते hi. रश्मि जोर जोर से रोने लगती है.



रश्मि: मुझे अभी के अभी मेरा बीटा चाहिए. मैं एक माँ कहलाने के लायक नहीं. मुझे मेरे बेटे पे विश्वास नहीं रहा. मुझे नहीं पता आप उससे कही से भी लेके आइये वर्ण मैं कुछ गलत कर जाउंगी. मैं उससे माफ़ी मांगूंगी प्लीज उससे कही से भी ले आइये. मैंने इन्ही हाथो से उससे कितने थप्पड़ मारे. उससे कितना रुलाया. उससे माँ कहने का हक़ तक चिन्नन लिया.



शीतल अभी भी वही पे कड़ी थी. रश्मि उसको देख कर उसके पास जाकर खिंच के थप्पड़ मरने लगती है.



रश्मि: तुझे शर्म नहीं आयी ऐसा काम करते हुए. एहि सिखाया है तेरे माँ बाप ने तुझे. के किसी को प्यार करने का दिखावा करना फिर उसको उसके परिवार से दुर्र करदेना. क्या बिगाड़ा था मेरे बेटे ने तेरा.



विक्रम अभी के अभी इसके माँ बाप को यहाँ बुलाइये. अगर ना आये तोह पुलिस से घसीट कर मंगवाइये. और पुलिस को कॉल करके इसके पुरे फॅमिली के खिलाफ केस करे.
 
रोमांचक अपडेट ..दादाजी की डेथ हो गयी 😔.और किसीने आर्यन को उनके बॉडी के पास जाके अपना दुःख बहार निकलने का मौका तक नहीं दिया .

नेहा भी उतनी hi कामिनी है जितना शीतल ,,सिर्फ कमरे में आने से इतना घटिया इल्जाम लगा दिया आर्यन पे 😡..

शीतल को राजेश ने भी धोका दे दिया और आर्यन ने एक्सीडेंट से बचाया तब जाकर उसने सच्चाई बताई मल्होत्रा फॅमिली को पर तब तक आर्यन घर छोड़के जा चूका था ..

एक बात विश्वास नहीं किया और अब बेहोश होना और रोने से क्या फायदा ..

और शीतल को थप्पड़ मार्के भी क्या होगा ,गलती तो सबकी थी ..

पर एक बात सही हुयी की शीतल की वजह से आर्यन को पता चल गया अपने परिवार के बारे में ..
 
अपडेट 47

शीतल यह सुनते hi. दररज़ और रोने लगती है. और रश्मि के पैरों में गिर्र जाती है..



शीतल: प्लीज आंटी पुलिस को ना बुलाये. आप मुझे जो चाहे सजा दे पर प्लीज पुलिस को ना बुलाये.



रश्मि: विक्रम आपने सुना नहीं मैंने क्या कहा. या अब्ब आपको इस घटिया लड़की पे रेहम आरहा है.



विक्रम तुरंत उसके माँ बाप को वह पे बुलाता है.



थोड़ी देर में उसके माँ बाप आजाते है.



शीतल की माँ: क्या हुआ हुम्हे यहाँ ऐसे क्यों बुलाया है. और यह शीतल ऐसे रो क्यों रही है. कही आपके उस नीच बेटे ने फिर कोई हरकत तोह नहीं करदी मेरे बेटी के साथ.



यह सुनते hi नेहा और रश्मि का पारा छड्ड गया. नेहा ने ना उम्र का लिहाज़ किया ना किसी और का उसने सीधे जाके शीतल की माँ को थप्पड़ लगा दिया.



नेहा ने जैसे hi थप्पड़ मारा वह कुछ पल के लिए सन्नाटा चा गया.



नेहा: मेरे भाई ने कुछ नहीं किया है. जो किया है तेरी इस घटिया लड़की ने अपने यार के साथ मिलके किया है.



फिर नेहा ने शीतल को उसके बालों से पकड़ के उठाया और एक थप्पड़ लगा के बोलै



नेहा: चल सब सच बोल अपने माँ बाप के सामने जो तुझे एकदम शरीफ समझते है. उनको बता तू कितनी बड़ी घटिया लड़की है जो अपने यार के मिलके तूने किया है. वर्ण तेरा वह हाल करुँगी के तू सोच भी नहीं सकती.



शीतल ने रट हुए अपने माँ बाप को साड़ी सचाई बता दी.



शीतल के माँ बाप का सर शर्मिंदगी से झुक्क गया. शीतल के बाप ने शीतल को थप्पड़ मारने स्टार्ट करदिये. किसीने उससे नहीं रोका. अब तक शीतल ने इतने थप्पड़ खा लिए थे जिसके वजह से उसका पूरा चेहरा लाल होगया था.



फिर शीतल के बाप ने विक्रम के सामने हाथ जोड़ के माफ़ी मांगने लगे.



शीतल का बाप: सर प्लीज हुम्हे और हमारी बेटी को माफ़ करदिजिये. इससे बहोत बड़ी गलती होगयी.



शीतल की माँ ने रश्मि के सामने हाथ जोड़ लिए.



पर रश्मि ने शीतल की माँ को एक थप्पड़ और मारा और अपना मुँह घुमा लिया.



विक्रम: तेरी बेटी ने जो किया उसके बाद तू किस हक़ से माफ़ी मांग रहा है. तेरी बेटी की वजह से हमने हमारे बेटे के साथ जानवरो से भी बदतर सलूक किया. उससे अपना बीटा माने से भी इंकार करदिया.

और तू कह रहा है माफ़ करदे



आज से तू मेरे कंपनी से निकल दिया जाता है और जिस घर में तू आराम से रह रहा है वह घर भी कंपनी तुझसे वापस लेती है. और तूने अपनी इस घटिया लड़की की पढाई और उस घटिया हरकत के लिए जो पैसे लिए थे और आज तक मेरे बेटे के जितने भी पैसे इस लड़की ने उड़ाए है अपने ऐयासी में वह एक हफ्ते के अंदर वापस कर वर्ण तेरे पुरे परिवार को जालसाजी के केस में अंदर जाना होगा और तेरी बेटी तोह अभी के अभी जेल जाएगी. मैंने पुलिस को भी कॉल करदिया है.



शीतल का बाप: सर प्लीज हुम्हे माफ़ करदिजिये. मेरी बेटी को पुलिस में मत दीजिये वह अभी छोटी है.



नेहा: तेरी इस घटिया लड़की ने जो काम किया है ना उसके लिए मैं उससे जान से मर्दु. पर फिर भी हम उससे पुलिस में दे रहे है.



थोड़ी देर में hi पुलिस आजाती है और शीतल को जालसाजी के केस में अरेस्ट करती है और राजेश को भी झूटी गवई देने के जुर्म में अरेस्ट करती है.



शीतल के बाप से उसका घर उसकी नौकरी सब ले लिया जाता है और उसने अपनी ज़मीन भेज कर सारा पैसा भी चुकाया.



इधर घर की हालत बहोत hi ख़राब थी. जब सोनिया को पता चला के आर्यन घर चोरर कर चला गया है और वह बेक़सूर था. तोह उसने भी घर वालो को बहोत सुनाया खाश कर के नेहा को क्योकि उसने भी आर्यन पे जबरदस्ती का इलज़ाम लगाया था.



सोनिया ने पुरे घर वालो को बोल्दिया था. अगर किसी ने भी उससे बात करने की कोशिश भी की तोह वह भी घर चोरर के कही चली जाएगी. और आजसे वह सब उसके लिए मरचुके है. और आर्यन के लिए जो माइड राखी थी अब वह सोनिया के लिए हो गयी थी.



विक्रम ने आर्यन को खोजने के लिए पुलिस भी लगा दिए थी. पर आर्यन का कोई पता नहीं चला. अंकित को तोह कोई फर्क hi नहीं पढता था के आर्यन घर में है या नहीं वह अपनी ज़िन्दगी मज़े से गुज़र रहा था.



रश्मि और नेहा ने तोह रो रो के बुरा हाल करलिया था. मिनाक्षी भी दुखी थी. पर उसने अपने आप को संभल लिया था. सोनिया ने तोह जैसे सबसे रिश्ता hi टॉड लिया था.



ऋषि को भी आर्यन के घर चोर्ने का पता चल जाता है. वह भी उससे हर जगह ढूंढ़ता है. पर उससे भी कुछ पता नहीं चलता.



इधर आर्यन ट्रैन से मुंबई आजाता है. वह पहली बार मुंबई आया था. इसीलिए उससे यहाँ का कुछ पता नहीं था. पर वह होशियार था.



आर्यन को मुंबई में पहले तोह परेशानी होती है.



उसके पास दादाजी के दिए जो पैसे थी उससे एक घर रेंट पे ले लिया अब उससे एक नौकरी की जरुरत थी. कुछ दिन तोह उससे कोई नौकरी नहीं मिलती. पर फिर उससे एक सुपरमार्केट में नौकरी मिल जाती है. अब आर्यन की परेशानी थोड़ी काम हुई थी. उससे रह रह के घर की और खाश कर सोनिया की याद आरही थी. पर जब उसको अपने परिवार के द्वारा किये गए बेहेवियर याद आता है तोह उसके चेहरे में गुस्सा और नफरत आजाती है.



अब आर्यन को घर चोरे पुरे 1 मंथ होचुके थे.



एक दिन आर्यन अपने काम से घर जारहा था तभी उसने देखा रास्ते में कुछ लोग एक आदमी और औरत को पकडे हुए है उनके हाथो में गन भी थी. शाम का वक़त था.



आर्यन उनके पास जाता है और देखता है ओहलोग उनको धमका रहे थी और जान से मरने की धमकी भी दे रहे थे.



आर्यन ने वह पास पड़े पत्थर को उठा कर उस गन वाले आदमी के हाथ में मारा जिससे उसके हाथ से गन गिर्र गयी.



जब उस आदमी के गुंडे यह देखते है तोह वह आर्यन को मारने के किये आते है.



आर्यन की थोड़ी बॉडी थी. और उसको लड़ना भी आता था इसीलिए उसने उन् गुंडों को मारना स्टार्ट किया. आर्यन को एक गुंडे ने चाकू से मारना चाहा जिससे आर्यन को कट लग जाता है जिससे खून निकलने लगता है इससे आर्यन को गुस्सा आजाता है और उस गुंडे को मारने लगता है और उसके हाथ चाकू लेके उसके गले में फिरा दिया.



यह देख सारे गुंडे एक साथ उसको मारने आते है पर आर्यन सबको डक कर करके मार देता है. फिर आर्यन उन् आदमी और औरत के पास जाता है. आर्यन उस गन वाले आदमी को भूल चूका था.



आर्यन: आप दोनों ठीक तोह है ना.



तभी वह औरत चिल्लाती है संभल की



आर्यन जैसे hi पीछे मुड़ता है तभी गोली चल जाती है जो सीधे उसके सीने के पास लगती है. फिर संग संग 2 और गोलियां चलता है वह उसके पेट में लगी. आर्यन के हाथ में अब भी वह चाकू था उसने वह चाकू सीधा उस गुंडे के गले में गुसा दिया.



आर्यन वही ज़मीन में गिर्र जाता है. वह आदमी और औरत उससे लेके हॉस्पिटल जाते है.



हॉस्पिटल में डॉ. उस आदमी को जानता था.



डॉक्टर: ारी संजय जी आप. और यह कौन है क्या हुआ इससे.



संजय: इससे गोली लगी है आप जल्दी इससे बचाइए वर्ण यह मर सकता है.



डॉक्टर: यह पुलिस केस है.



संजय: मुझे पता है अगर यह बच जाता है तोह मैं खुद पुलिस को बुला लूंगा. अभी आप इसका ट्रीटमेंट करे.



फिर डॉक्टर आर्यन को लेके ओट में चले जाते है.





प्रेजेंट





आर्यन की आँखों के सामने यह सब एक फिल्म की तरह चल रहा था. उसका गुस्सा और नफरत तोह टाइम के साथ बढ़ता hi गया पर फार्मूला लगने से वह और भी बढ़ गया था.



मीरा और रितिका तोह उससे लिपट के गहरी और सुकून की नींद सो रही थी. आर्यन उनके माथे पे एक किश करता है जिससे दोनों के चेहरे पे एक प्यारी सी मुस्कान आजाती है. फिर आर्यन भी उनसे लिपट के सो जाता है.



सुबह जब मीरा उठी तोह देखती है आर्यन सो रहा है और रितिका वह नहीं है. वह बिलकुल एक मासूम बच्चे की तरह लग रहा था. मीरा उसके गाल पे किश करती है. और फ्रेश होने चले जाती है. वह आके देखती है आर्यन भी उठ चूका था.



मीरा: ारी उठ गए. अच्छा है चलो फ्रेश होजाओ. रितिका ने ब्रेकफास्ट बना दिया होगा.



फिर मीरा नीचे चली जाती है और रितिका के साथ ब्रेकफास्ट की तैयारी करने लगती है.



थोड़ी देर बाद आर्यन नीचे आता है और ब्रेकफास्ट करने लगता है.



रितिका: तुमने अभी तक अपना मूड ठीक नहीं किया.



आर्यन: मेरा मूड तोह ठीक है.



दोनों उससे घूरती है.



आर्यन: अच्छा अच्छा घूरो मत. बस कल रात को वह सब वापस याद आज्ञा.



मीरा: हमने तुम्हे समझाया था ना.



आर्यन: क्या करू. उनलोगो ने मेरे साथ जो किया है ना वह बार बार मुझे याद आता है और यहाँ आने के बाद तोह ज्यादा hi आरहा है.



मीरा: बस कुछ दिन की hi बात है. फिर हमलोग वापस मुंबई चले जायेंगे. तुम जल्दी से अपना काम ख़तम करो.



आर्यन: हम्म्म.



फिर आर्यन अपने टीम को कॉल करके वह टेररिस्ट ग्रुप मेंबर्स की लिस्ट मंगवाता था. क्यों आज उन्हें पं से मिलना था. और उनमे ऐसे बहोत से लोग थे जिसके लिए उससे स्पेशल परमिशन की जरुरत पढ़ती जो सिर्फ पं hi दे सकते थे.



कुछ देर बाद वह लिस्ट आजतै है. और आर्यन को हरीश अंकल से पं ऑफिस में एंट्री करने का इनविटेशन लेटर भी मिल जाता है. शाम को आर्यन रितिका और मीरा अच्छे से रेडी होक पीएमओ पहुंच जाते है. वह पहले से hi उनकी टीम आगयी थी उन्हें बिना किसी परेशानी के एंट्री मिल जाते है.



पं अभी एक मीटिंग में बिजी थे इसीलिए उन्हें वेटिंग रूम में बैठाया गया.



थोड़ी देर बाद पं के सेक्रेटरी आते है और उन्हें ले जाते है.
 
बहोत बेहतरीन अपडेट भाई

ज़बरदस्त शानदार लाजवाब

यह घेर वालोने अच्छा नहीं किआ था आर्यन क साथ अरे पहले उससे पूरी बात टो सुनते क हुवा किआ था लेकिन नहीं किसी को कुछ पड़ी hi नहीं सबकी आँखों उस टाइम पट्टी बढ़ी हुवी थी टो न किसी को कुछ दिखाई किआ और न सुनाई दिए चलो देखते और आगे किआ हवा
 
अपडेट 48

आर्यन रितिका मीरा और टीम पं को गुड इवनिंग विश करते है



पं: गुड इवनिंग. कैसे है आपलोग.



आर्यन: आल गुड सर.



पं: आइये बैठिये.



फिर वह सब वह बैठ जाते है.



पं: आपने मुंबई में जो काम किया था. उससे हम बहोत खुश है. आपने बढ़ी hi समझदारी से एक दुर्घटना को रेखा. इंडिया को आप जैसे अफसर पे गर्व है.



आर्यन: वह मेरी ड्यूटी थी सर. और अगर मैं रॉ में नहीं भी होता तब भी अगर ऐसा कुछ मेरे सामने आता तोह मैं बिना किसी झिझक के इसका सामना करता. और इसमें मेरी टीम का भी बहोत बड़ा योगदान है उनके बिना यह काम पॉसिबल नहीं होता.



पं: हुम्हे आप पे और आपकी टीम पे गर्व है मर. आर्यन.



आर्यन: सर विथ योर काइंड परमिशन. क्या हमलोग अकेले में बात कर सकते है. इतस कॉन्फिडेंटिअल.



पं: ोकक. फिर पं आर्यन रितिका मीरा और टीम के साथ एक रूम में अकेले आजाते है.



पं: हां तोह बोलिये क्या बात करनी है आपको.



आर्यन: सर आप जानते है हमने इस टेररिस्ट ग्रुप के एक मेंबर को पकड़ कर उससे उस ग्रुप के मेंबर्स की साड़ी जानकारी मिल चुकी है सिवाय उनके हेड के.



तोह हमलोग यहाँ एक सीक्रेट मिशन पे आये है.



पं: हां मुझे आपके चेइफ़ ने बताया था. तोह बताइये मैं आपकी क्या मदद कर सकता हु.



आर्यन: सर उस ग्रुप के कुछ मेंबर्स आपके मिनिस्टर्स और कलेक्टर्स भी है. और उन्हें अगर पकड़ना है तोह मुझे और मेरी टीम को हर तरह से पावर उसे करना होगा. और इस बिच आपके मिनिस्टर्स और कलेक्टर्स अपनी पावर उसे करके हुम्हे रोखने की कोशिश करेंगे. इसीलिए हुम्हे आपसे फ्री हैंड की परमिशन चाहिए.



कोई भी पुलिस अफसर हुम्हे ना रोक पाए. ना हुम्हे कोई अरेस्ट करेगा. और नाही हमारे काम में दखल देगा.



और जब मैं चहु ठीक तभी उन् मिनिस्टर्स और कलेक्टर्स को उनके पोस्ट से ससपेंड करदिया जाए.



पं कुछ सोच कर. ोकक. परमिशन ग्रांटेड. पर आपने अगर इस पावर का गलत उसे किया तोह आपको उसी वक़त रॉ से ससपेंड करके आपको और आपकी टीम को अरेस्ट किया जाएगा.



आर्यन: ोकक सर.



पं: ठीक है फिर कल तक हर अफसर के पास चाहे वह आईपीएस हो या आईएएस सबके पास आपके फ्री हैंड की नोटिस चली जाएगी.



और आप को अपने सेक्रेटरी का नंबर भी देता हु. कभी कोई प्रॉब्लम हो तोह आप उसके थ्रू मुझसे कांटेक्ट कर सकते है. बस जल्द से जल्द इस ग्रुप को ख़तम करदिजिये.



आर्यन: ी विल दो माय बेस्ट सर.



फिर पं अपने सेक्रेटरी को बुला के उससे आर्यन का कांटेक्ट करवा देते है.



पं: अगर यह या रॉ चेइफ़ कभी भी मुझसे बात करने के लिए कॉल करे तोह संग संग मुझे वह कॉल दिया जाए.



सेक्रेटरी: जी सर.



फिर आर्यन रितिका मीरा और टीम वह से घर आजाते है.



अगले दिन से उनका कॉलेज भी स्टार्ट होरहा होता है.



रात को हरीश इनको फ़ोन करके पूछते है. पं से क्या बाते हुई.



आर्यन उनको सब बता देता है. मीरा टीवी ों करती है तोह उसमे न्यूज़ आरही थी के दिल्ली के बिजनेसमैन विक्रम मल्होत्रा की भतीजी सोनिया मल्होत्रा को किसी ने उठा लिया है और उसको एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में रखा है. और जो भी उस बिल्डिंग के करीब जाता है ओहलोग उनपे गोली चलते है.



आर्यन जैसे hi यह खबर सुनता है. वह जल्दी से राधा को फ़ोन करता है. और उससे इस पुरे न्यूज़ की एक्सएक्ट जानकारी लेता है. जब उससे पता चलता है किसी ने विक्रम से बदला लेने के लिए यह सब किया है तोह उसका गुस्सा बढ़ जाता है. वह जल्दी से ब्लैक बीस्ट का गेटउप कर वह पहुंच जाता है. वह जाके देखता है मीडिया और पुलिस पहले से hi खड़े है. आर्यन उस बिल्डिंग में जाने का रास्ता खोजता है. तोह उसको एक रास्ता दीखता है जिससे वह चुप के अंदर जा सकता था. आर्यन जल्दी से बिल्डिंग के अंदर जाता है. सोनिया को बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर में रखा हुआ था. और हर फ्लोर में गुंडे थे. सबके पास गन थे. आर्यन को अपनी चिंता नहीं थी. पर उसके एक गलत कदम से सोनिया को खतरा होसकता था.



इधर विक्रम के घर पे जब सोनिया के किडनेपिंग का पता चलता है तोह मिनाक्षी का रो रो के बुरा हाल होजाता है. और जब उसने टीवी में गोलियों की आवाज़ सुनी तोह वह बेहोश hi होजाती है.



विक्रम को एक कॉल आता है.



सामने से: विक्रम तुमने बहोत बड़ी गलती की हमारी बात ना माँके. अब्ब इसकी सजा उस लड़की को मिलेगी.



विक्रम: कौन हो तुम.



सामने से: मैं कौन हु यह चोरो. और तुमने जो गलती की है उससे सुधारो. वर्ण उस लड़की को हमेशा हमेशा के लिए भूल जाओ.



यह बोल उसने फ़ोन कट करदिया.



रश्मि: कौन था. और उनलोगो ने सोनिया को क्यों किडनैप किया. और क्या चाहते है.



विक्रम: कौन है यह नहीं पता. कुछ दिन पहले मेरे पास एक कॉल आया था. जिसमे मुझे कंपनी में जो शेयर्स है उसके 90% बेचने को कहा. मैंने उसकी यह बात नहीं मानी तोह उसने सोनिया को उठा किया. और अब वह उसके बदले में 90% शेयर्स चाहता है.



रश्मि: हमारे लिए सोनिया से बढ़ कर कुछ नहीं है. कंपनी हम वापस तैयार करलेंगे. पहले आर्यन और अब सोनिया. नहीं नहीं आप उनलोगो को शेयर्स बेच दे. और सोनिया को ली आये.



विक्रम: मैं अभी कॉल करके सब करता हु.



नेहा: रुख जाइये डैड कुछ मत कीजिये. अब आपको शेयर्स बेचने की जरुरत नहीं है. वह देखिये सोनिया सेफ है.



विक्रम रश्मि और मिनाक्षी टीवी में देखते है के किसीने सोनिया को बचा लिया है. और उसका नाम ब्लैक बीस्ट बताया जा रहा है.



तोह हुआ ऐसे था की.



आर्यन छुपते छुपते हर एक गुंडे को मरता रहता है. फर्स्ट फ्लोर को ख़तम कर वह सेकंड फ्लोर की तरह बढ़ता है. तभी उसको किसीने देख लिया और उसके ऊपर गोलिया चलने लगा. गोलियों की आवाज़ सुन्न सब चौकाने होजाते है. जिसने आर्यन पे गोलियां चलायी वह आगे बढ़ के देखने लगता है. तभी आर्यन उसकी गर्दन को पकड़ के घुमा देता है. यह देख सारे गुंडे एक पल के लिए चौक गए. पर जल्दी hi सब नार्मल होक आर्यन पे फायर करने लगते है. आर्यन अपने पास पढ़े गन को लेके उनसब को मार देता है. थर्ड फ्लोर पे जब गोलियों की आवाज़ जाती है तोह सब कोई सोनिया को घेरर लेते है.



थोड़ी देर बाद जब गोलियों की आवाज़ बंद होजाती है तोह उनको लगता है जो आया था वह मर गया.



गोलियों की आवाज़ पुलिस और मीडिया ने भी सुन्नी थी. जिससे वह भी सकते में आगये.



वह यह सब न्यूज़ में दिखा देते है जो घर में सबने देखलिया.



फिर आर्यन अपने गन में सीलेंसर लगाके थर्ड फ्लोर में जाता है. और देखता है सोनिया को चेयर से बाँध के रखा हुआ है. और उसके इर्द गिर्द आदमी घूम रहे है हाथो में गन लिए.



आर्यन चुप के एक एक के माथे में शॉट करता है. जिससे सारे आदमी गिरने लगते है. जब लीडर अपने सारे आदमियों को ऐसे गिरते देखता है तोह वह जल्दी से सोनिया के पास जाके उसके माथे से गन भिड़ता देता है.



लीडर: कौन है सामने आओ वर्ण इस लड़की को मार दूंगा.



तभी उसके हाथ में गोली लगती है जिससे उसके हाथ से गन गिर जाती है. सोनिया यह सब देख और डर जाती है जो पहले से hi किडनेपिंग की वजह से दरी हुई थी.



आर्यन सामने आता है और आके उस लीडर को मारने लगता है.



आर्यन: चल बोल किसके कहने पे इसको उठाया और किस लिए उठाया.



लीडर: मुझे कुछ नहीं पता. मैं तोह बस एक मामूली सा गुंडा हु. जो किडनेपिंग और चोरी चाकरी करता हु. एकदिन मुझे एक फ़ोन आता है और मुझे बोलै जाता है के मुझे विक्रम मल्होत्रा के किसी भी फॅमिली मेंबर को उठाना है. और जब तक वह ना बोले तब तक उसको चूर्ण नहीं है. और आज शाम को मुझे यह अकेले दिखी. तोह मैंने इसको उठा के यहाँ ले आया. मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं पता प्लीज मुझे चोरर दो.



आर्यन: फ़ोन नंबर बता.



लीडर: वह प्राइवेट नंबर था.



आर्यन: तुझे पता है तूने जिसको उठाया है वह मेरे लिए कितनी इम्पोर्टेन्ट है. तूने उसके आँखों में आंसू लाये है. और तू कहता है तुझे चोरर दू.



लीडर यह सुन्न के अंदर तक कप्प जाता है.



आर्यन सबसे पहले लीडर के हाथ का नाश काट ता है. फिर उसकी उँगलियों काट ता है. फिर उसके हाथ को उखड देता है. उसकी चीखें नीचे तक सुनाई दे रही थी और मीडिया यह सब टीवी में भी दिखा रही थी.



फिर उसकी आँखे फोड़ देता. फिर उसके गले को काट देता है. और आखिर में अपने गन की साड़ी गोलियां उसके सैनी में उतार देता है.



फिर वह सोनिया के पास जाता है. उसके खोलता है.



सोनिया: प्लीज मुझे चोरर दो. मुझे मत मारो. तुम्हे चाहिए वह आपको देंगे. बूत प्लीज मुझे चोरर दो.



आर्यन इतने दिनों बाद उसकी आवाज़ सुन्न और उसको इतने करीब देख कर उसके आँखों से आंसू निकलने लगते है. फिर वह कण्ट्रोल करके बोलता है.



आर्यन: मैं तुम्हे बचने आया हु. तुम पूरी तरह से सेफ हो.



सोनिया जब यह आवाज़ सुनती है तोह उससे बहोत जानी पहचानी लगती है. फिर जब सोनिया उसकी आँखों में देखती है तो तोह उसके आँखों से आंसू निकलने लगते है. क्योकि उसकी आँखे बिलकुल आर्यन की आँखों से मैच होती है.



सोनिया भैया बोलते हुए आर्यन से लिपट जाती है.



सोनिया: आप आगये भैया. मैंने आपको कितना मिस किया. आप कहा चले गए थे अपनी गुड़िया को छोड़कर. क्या आपको मेरी याद भी नहीं आती थी. क्या सबकी तरह आप मुझसे भी नफरत करते है.



आर्यन जैसे hi यह सुनता है. तोह उससे कण्ट्रोल नहीं होता.



आर्यन: तुझसे कैसे नफरत कर सकता हु गुड़िया. तू तोह मेरी जान है. और मुझे हर दिन हर पल तेरी याद आती थी. पर मैं क्या करता. यहाँ मेरा दम घुट ता था. मुझे दादाजी को आखरी बार चुने भी नहीं दिया था उनलोगो ने. और फिर अगर मैं तुझसे बात करता तोह फिर वह लोग तुझे भी दांत देते इसीलिए मैं वह से चला गया.



पर तूने मुझे पहचाना कैसे.



सोनिया: आपकी आँखों और आपकी आवाज़ से.



आर्यन: समझा नहीं.



सोनिया: पहले आप यह मास्क उतरे. मुझे आपकी शकल देखनी है.



आर्यन अपना मास्क उतरता है.



सोनिया: पहले बताये आपका चेहरा कैसे बदल गया.



आर्यन: वह मेरा एक एक्सीडेंट होगया था. जिसके वजह से डॉक्टर्स को मेरा चेहरा थोड़ा बदलना पढ़ा. लेकिन अब तुम बताओ.



सोनिया: आपका चेहरा भले hi बदल जाए पर आपकी आवाज़ और आँखे वह बिलकुल पहले जैसी hi है. उसी की मदद से मैंने आपको पहचान लिया. और आप का चेहरा तोह मैंने कल hi देखलिया था. जब बड़े पापा और दीदी ने आपकी फोटो मुझे दिखाई जब दीदी ने आपको मॉल में भाभियों के साथ देखा था.



आर्यन को यह सुन्न बहोत गुस्सा आता है. फिर भी वह कण्ट्रोल कर.



आर्यन: अच्छा ठीक है. चलो तुम्हे घर चोरर दू. और घर में किसी को यह मत बताना के मैं तुमसे मिला था या तुम मुझसे मिली थी.



सोनिया: पर घर में अब सब कुछ ठीक है. उस लड़की ने घर आके सबको सबकुछ सच सच बता दिया था.



आर्यन: मुझे कोई फर्क नहीं पढता. मुझे तुमसे मिलने की इच्छा थी वह भी पूरी होगयी. अब तुम घर जाओ और मेरी बात का धयान रखना.



सोनिया: नहीं आप मेरे साथ चलो. अब मैं आपके बिना कही भी नहीं जाउंगी. अगर अब आपने खुदको मुझसे दुर्र किया तोह मैं भी कही चली जाउंगी. बहोत रेहलिया आपके बिना. अब और नहीं.



आर्यन: गुड़िया बात को समझो. मैं कही नहीं जा रहा. और वैसे भी अब वह मेरा कोई नहीं रहता. एक तुम हो. तुमसे मिल लिया होगया. वैसे भी मैं यहाँ कुछ काम से आया था वह होजायेगा मैं वापस चला जाऊंगा.



सोनिया: चले जाओगे. अपनी गुड़िया को फिर चोरके चले जाओगे. यह आप मुझसे प्यार करते हो. आप भी तोह उंनलोगो की तरह hi हो.



आर्यन: नहीं गुड़िया. मैं तुम्हे चोरके कही नहीं जाऊंगा. पर तुम भी मेरी बात को समझो. अब मुझे उंनलोगो से सिर्फ नफरत है. और कुछ नहीं.



सोनिया: इसका मतलब तोह आप मुझसे भी नफरत करते हो. तभी तोह मुझे भी चोरके जारहे हो. मानती हु आपके साथ गलत हुआ. उनलोगो ने गलत किया. बूत मैंने तोह कुछ नहीं किया. और आपको पता है आपके जाने के बाद मैंने उनसे बात करना भी चोरर दिया. मैं वह किसी से कोई बात नहीं करती.



आर्यन: नहीं गुड़िया. मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु. तुम ऐसा बिलकुल भी मत सोचो.



सोनिया: तोह फिर आप मेरे साथ घर चले.



आर्यन: नहीं गुड़िया मैं अब उस घर में नहीं जाऊंगा. और नाही उस घर के किसी भी मेंबर से किसी भी तरह का रिश्ता रखूँगा. अगर तुम्हे मुझसे मिलना है मुझसे बाते करनी है तोह मैं तुम्हे अपने घर घूमने ले चलूँगा. और तुम कोई सवाल नहीं करोगी.



सोनिया: ठीक है. तोह फिर मुझे अभी ले चलो. आपने शादी तक कर्ली. मुझे अपनी भाभियों से भी मिलना है. इसके लिए तोह आपको सजा मिलेगी.



आर्यन: अच्छा और क्या सजा मिलेगी.



सोनिया: वह मैंने अभी तक सोचा नहीं है. पहले भाभियों से मिल लू. फिर डीडे करुँगी.



आर्यन: ठीक है मिला दूंगा. बूत अभी तुम घर जाओ. मैं तुम्हे कल मिला दूंगा. तुम्हारे स्कूल के बाद. और तुम्हे अपने घर भी ले चलूँगा.



सोनिया: ठीक है.
 
अपडेट 49

आर्यन: एक बात का खाश ध्यान रखना. किसी को भी यह नहीं पता चलना चाहिए के तुम मुझसे मिली हो और मैंने तुम्हे बचाःया है तुम कल मुझसे मिलोगी और मेरे घर चलोगी. ठीक है. और अगर तुमने किसीको भी बताया तोह मैं तुमसे नाराज़ होजाऊंगा.



सोनिया: नहीं नहीं मैं किसी को भी नहीं बताउंगी. मुझे बस मेरे भैया चाहिए. और कुछ नहीं.



आर्यन: चलो तुम्हे तुम्हारे घर चोरडू. और कल अपने फ्रेंड के घर जाओगी यह बोलके आना.



सोनिया: ठीक है.



फिर आर्यन वापस अपना मास्क लगाके सोनिया को लेके नीचे आता है. मीडिया और पुलिस उससे घेर लेते है.



पुलिस: तुम कौन हो. और वह गुंडे कहा है.



आर्यन: ब्लैक बीस्ट. और वह गुंडे अपनी सही जगह यानी हेलल में है.



पुलिस वाले आर्यन का नाम सुनते hi सकते में आगये. किसी में हिम्मत नहीं थी के उससे और कुछ पूछे क्योकि जो काण्ड उसने मुंबई में किया था वह सबने देखा था.



मीडिया: आपने उन् सब को मार्डिया.



आर्यन: तोह क्या उन् सबको इन् पुलिस के हवाले करता ताकि वह छुटत जाए और कल वापस किसी को किडनैप करी या मार दे. आपलोग आम लोगो के मरने पे जितना शॉक नहीं होते जितना दुःख नहीं होता उतना hi दुःख इन् जैसे गुन्हेगारों के मरने पे होता है. अगर आज इसकी जगह कोई आपका अपना होता तब भी क्या आपलोग एहि सवाल करते.



मीडिया वाले चुप हो जाते है.



आर्यन पुलिस वालो से.



आर्यन: ऊपर उन् सबकी लाश होंगी. शायद कोई जिन्दा भी हो. जाके देख लो.



मीडिया की तरफ रुख करके.



आर्यन: अगर आजके बाद किसी ने भी यहाँ पे कोई भी गुनाह किया तोह तुमलोगो का भी वही होगा जो मुंबई में हुआ था. क्योकि अब मैं दिल्ली में हु. और यह मत सोचना तुमलोग के मेरा इस लड़की से कोई वास्ता है और तुमलोग इसको उठा के मुझे पकड़ोगे.



फिर आर्यन सोनिया को लेके अपनी कार में आता है.



कार से आवाज़ आती है. वेलकम सर.



सोनिया आवाज़ सुनके कार के अंदर देखती है कोई और नहीं है क्या. बूत वह ुनन्दनो के अलावा कोई नहीं था.



सोनिया: यह आवाज़ कहा से आई.



आर्यन: यह आवाज़ कार से थी.



सोनिया: क्या आपकी कार बोलती भी है.



आर्यन: हां लेकिन सिर्फ तभी जब मैं चहु.



फिर आर्यन कार को स्टार्ट कर निकल पढता है सोनिया को चोर्ने.



आर्यन: क्या हुआ इतनी चुप चाप क्यों हो.



सोनिया: यह ब्लैक बीस्ट कौन है और आपने ऐसा क्यों कहा के मेरा और आपका कोई रिश्ता नहीं है.



आर्यन: ब्लैक बीस्ट मैं hi हु. और क्यों हु यह तुम्हे फिर कभी बताऊंगा. तुम किसी को मत बोलना के मैं hi ब्लैक बीस्ट हु वर्ण मेरा सीक्रेट सभी को पता चल जायेगा. और वह मैंने इसीलिए कहा ताकि कोई वापस तुमको कुछ ना करे.



सोनिया: अच्छआ. वैसे आप इतने साल कहा थे. और मेरी भाभियाँ कैसी है. और आपने 2 शादियां क्यों की.



आर्यन: मैं मुंबई में था और तुम्हारी भाभियों को तुम कल मिलके hi बताना के वह कैसी है. और 2 शादी करनी पढ़ी क्योकि वह दोनों मुझसे बहोत प्यार करती है अगर मैं उन्हें नहीं अपनाता तोह वह शायद मर्डर जाती.



सोनिया: अच्छा. अगर मुझे अच्छी नहीं लगी तोह मैं रिजेक्ट करदूंगी.



आर्यन: वह कल देखेंगे.



फिर आर्यन घर से थोड़ी दुर्र पे कार रुख के सोनिया को बोलता है. जाओ तुम्हारा घर आगया और मेरी बात का ध्यान रखना.



सोनिया: ोककक. और कल कब मिलेंगे.



आर्यन: तुम्हारा स्कूल कब ऑफ होता है.



सोनिया: मेरा स्कूल तोह 1:30 बजे ऑफ होता है.



आर्यन: ठीक है मैं तुमको स्कूल से hi ले लूंगा.



सोनिया: ठीक है मैं वेट करुँगी. ब्येई



यह बोल सोनिया चली जाती है घर और आर्यन अपने घर.



जैसे hi सोनिया घर पहुंचती है.



मिनाक्षी: सोनिया तू ठीक तोह है ना. तुझे कुछ हुआ तोह नहीं ना. और वह कौन था जिसने तुझे बचाया.



सोनिया: माँ मैं ठीक हु. मुझे कुछ नहीं हुआ. और वह कौन था मुझे नहीं पता और शायद आपलोगो को उसका नाम तोह मालूम होगा hi. अब जल्दी से खाना लगाए. मुझे जल्दी सोना है और कल मुझे मेरी फ्रेंड के घर जाना है इसीलिए लेट आउंगी.



सबकोई सोनिया के ऐसे बेहवे करने से शॉक होते है. क्योकि आर्यन के घर चोर्ने के बाद आज पहली बार उसने किसी से ठीक से बात की. इनफैक्ट अपनी माँ से खाना भी माँगा. और अपना कल का सचेडूले भी बताया.



पर कोई उससे और कुछ नहीं पूछता वह फिर से बात करना बंद ना करदे इस डर से.



सोनिया: नेहा दी. आप कल मुझे कार से स्कूल चोरर देना कल मैं लेट नहीं होना चाहती.



नेहा एकदम शॉक से उससे देखती है. उसकी आँखों से आंसू आगये थे सोनिया के मुँह से अपने लिए दी सुनके. क्योकि आर्यन को घर चोर्ने के बाद उसने किसी से कोई रिश्ता hi नहीं रखा था.



नेहा: ख़ुशी से. ठीक है गुड़िया. मैं चोर दूंगी.



फिर सोनिया डाइनिंग टेबल पे बैठ के खाना खाती है. जो सबके लिए एक और शॉक था.



खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चली जाती है.



रश्मि: आज सोनिया को क्या हुआ है. वह आज हम सब से ठीक से बात कर रही है. हमारे साथ खाना खा रही थी.



मिनाक्षी: लगता है आर्यन की बात सुनके बहोत खुश है. शायद इसीलिए वह हम सब से ठीक से बेहवे कर रही है.



नेहा: या फिर वह भाई से मिलचूकि है.



विक्रम: यह कैसे होसकता है. वह तोह अभी तक मिला hi नहीं है.



नेहा: डैड आप शायद भूल रहे है. हमसब में से भाई को गुड़िया hi सबसे ज्यादा क्लोज है जान है उसकी. और वह यहाँ आके उससे ना मिले यह नहीं होसकता. वह भले hi हमसे नाराज़ हो बूत गुड़िया से नहीं होसकता.



रश्मि: तब तोह मैं अभी उससे जाके आर्यन का पूछती हु.



नेहा: माँ यह मेरा सिर्फ शक्क है. और अगर ऐसा हुआ भी है तोह जहा तक मैं अपने भाई को जानती हु उसने गुड़िया को बोल्दिया होगा हुम्हे कुछ ना बताये. और गुड़िया उसका कहा कभी नहीं टलेगी.



रश्मि: क्या वह अपनी माँ से भी नहीं मिलना चाहता. मानती हु मैंने उसके साथ बहोत गलत किया. क्या वह हुम्हे माफ़ नहीं करेगा.



विक्रम: सब ठीक होजायेगा रश्मि. हम सब उससे माफ़ी मांगेगे और वह हुम्हे माफ़ भी करेगा बूत थोड़ा टाइम लगेगा.



चलो अब सो जाओ. कल तुम को और नेहा को कॉलेज भी जाना है ना कल से नई स्टूडेंट्स आएंगे.



रश्मि: ठीक है.



विक्रम: वैसे सूरज कब आएगा.



मिनाक्षी: मेरी उनसे बात हुई थी वह बोल रहे थी 2-3 दिन में आजायेंगे.



विक्रम: ठीक है.



आज सोनिया सुकून की नींद सो रही थी. क्योकि उसका भैया जो वापस आगया था उसके पास.



इधर आर्यन घर पहुंचता है.



मीरा: क्या हुआ. गुड़िया को तोह बहोत पहले hi सेफ कर लिया था फिर इतनी लेट क्यों होगये.



आर्यन: वह गुड़िया ने मुझे पहचान किया था. इसीलिए लेट होगया.



रितिका: तब तोह वह घर में सबको बोलडेगी के आप यहाँ है.



आर्यन: उनको पहले से पता है. और अब मैं उनके सामने बेगुनाह भी हु. और मैंने गुड़िया को बोल दिया है मेरे बारे में किसी से कुछ ना कहे.



मीरा: उनको कैसे पता चला. और बेगुनाह कैसे साबित हुए.



आर्यन: मस. नेहा मल्होत्रा ने कल मॉल में देख लिया था और पहचान भी गयी. और शीतल ने घर में आके सबकुछ सच सच बता दिया था.



मीरा: ोोू. तोह अब क्या करोगे.



आर्यन: अब क्या अभी तोह सोना है. फिर कल कॉलेज जाना है. फिर कल गुड़िया को उसकी भाभियों से मिलाना है. यह घर दिखाना है.



रितिका: हम उसकी बात नहीं कर रहे है. अब जब उस घर में तुम्हारे बारे में पता चल गया है और तुम बेगुनाह भी साबित होगये हो तोह वह लोग तुमसे माफ़ी मांगने आएंगे.



आर्यन: मेरा पास उनके लिए सिर्फ नफरत है. मैं यहाँ जिस काम से आया हु वह करूँगा. और जब वापस जाऊंगा तब अगर गुड़िया चाहे तोह उसको भी अपने साथ ले चलूँगा. पर तब के लिए उनलोगो से जितना होसके दुर्र रहना है.



मीरा: ठीक है वैसे कल कब मिलना है गुड़िया से.



आर्यन: उसके स्कूल के बाद उसको यहाँ पे ले आएंगे.



फिर वह लोग सोने जाते है.



अगले दिन मीरा और रितिका रेडी होक आर्यन को उठती है. आर्यन रेडी होक ब्रेकफास्ट करने लगता है. फिर दोनों कॉलेज के लिए निकलते है.



कॉलेज के अंदर जब आर्यन अपनी कार लेके आता है तब सबकोई उस कार को देखते है. क्योकि वह एकदम लेटेस्ट मॉडल थी जो शायद hi अभी किसी के पास हो. फिर आर्यन कार को पार्किंग में पार्क करता है और जब कार से बहार निकलता है तोह साड़ी लड़कियां उसको hi घुर्र रही थी. और जब दूसरी साइड से मीरा और रितिका उतरती है तोह सारे लड़के उनको घुर्र रहे थे.



आर्यन रितिका और मीरा एकदूसरे का हाथ पकड़ के कैंटीन की तरफ जाते है.



जब वह तीनो एकदूसरे का हाथ पकड़ते है तब साड़ी लड़कियां मीरा और रितिका से जलती है और सारे लड़के आर्यन से. अब क्यों यह तोह सब जानते hi है.



यह तीनो कैंटीन की तरफ चल देते है. जब यह लोग कैंटीन में एंटर करते तभी आर्यन की पीठ पे एक लात पढ़ती है. उससे कुछ फर्क तोह नहीं पढ़ा पर जानमुजज़ के वह थोड़ा आगे होगया. आर्यन को ऐसे लात पढ़ते देख मीरा और रितिका का पारा हाई होगया. वह खड़े स्टूडेंट्स भी देखने लगे. आर्यन पीछे मदद के देखता है तोह उसकी आँखे बड़ी होजाती है. रितिका उसको मरने जाती है जिसने लात मारी थी तभी आर्यन बोलता है.



आर्यन: रुख जाओ रितिका.



मीरा और रितिका घुर्र के उससे देखती है.



मीरा: इसने तुम्हे लात मारी वह भी बिना किसी कारण के इससे तोह एहि मार देंगे.



आर्यन: कसूर तोह मेरा है मीरा. और इसीलिए इसने लात मारी.



रितिका: इससे तोह हम जानते भी नहीं फिर क्या कसूर है तुम्हारा.



आर्यन: पर मैं जानता हु.



यह सब सुन्न वह लड़का बोलता है.



लड़का: सॉरी भाभियों इसको ऐसे मारने के लिए. तोह तुझे याद है मैं कौन हु और क्यों तुझे मारा.



आर्यन: तुझे कैसे भूल सकता हु. मेरी गुड़िया और दादाजी के बाद तू hi था जिसने मेरे ऊपर भरोसा किया.



यह बोल वह दोनों गले मिलते है. मीरा और रितिका भी समाज चुकी थी यह लड़का कौन है.



लड़का: कैसा है मेरे भाई. कितने साल बाद देख रहा हु. ऐसे कोई जाता है क्या काम से काम एक बार मुझे तोह बोल देता. क्या एहि है दोस्ती. ारी तुझे अपना भाई माना था. लेकिन तूने तोह कभी कुछ समझा hi नहीं.



आर्यन: नहीं ऋषि ऐसी बात नहीं है. मैं वह और नहीं रह सकता था. मुझे नफरत होगयी थी उनलोगो से. उन्होंने तोह मुझे दादाजी को आखरी बार चुने तक नहीं दिया. और मैं भी तुझे अपना भाई hi मानता हु. पर उस वक़त मेरी कंडीशन ठीक नहीं थी. इसीलिए मैं किसी को बिना कुछ बोले वह से चला गया.



वह लड़का ऋषि था.



ऋषि: मैं समाज सकता हु. यह तेरा चेहरा इतना कैसे बदल गया. और तूने शादी कब की. और वह भी 2.



आर्यन: शादी तोह कुछ वक़त पहले hi हुई. और चेहरा तोह एक एक्सीडेंट के वजह से बदल गया. और 2 करनी पढ़ी क्योकि यह दोनों hi मेरे से बेइन्तेहाँ प्यार करती और एकिन भी अगर इन्हे इनका हक़ नहीं देता तिह शायद यह ज़िंदा ना रहती. और किस्मत से दोनों सगी बेहेने है. पर तूने मुझे कैसे पहचाना.



ऋषि: सब कुछ सोनिया ने किया है. उसने मुझे तेरी और भाभियों की फोटो परसो भेजी थी. और आज तुझे कॉलेज देख कर मैं खुद को रुख नहीं पाया. सोचा था जिसदिन मिलेगा उस दिन बहोत मारूंगा. पर साथ भाभियाँ है और मैं पहले दिन hi भाभियों से मार खाना नहीं चाहता इसीलिए चोरर दिया.



(सोनिया ने वह फोटोज ऋषि को hi भेजी थी)



आर्यन: वाह. मेरी गुड़िया कुछ काम नहीं.

वैसे यह है मीरा और यह रितिका और मीरा रितिका यह है मेरा बेस्ट फ्रेंड ऋषि. हमलोग बचपन से साथ है.



ऋषि: नमस्ते भाभीजी. और सॉरी इसको ऐसे मारने के लिए



दोनों: नमस्ते देवरजी. कोई बात नहीं. मुझे इसने पहले hi बता दिया था के आप जिसदिन मिले उस दिन आप बहोत मरोगे.



आर्यन: अभी मारा मुझे और सॉरी मीरा रितिका को.



ऋषि: तूने काम hi मार खाने वाला किया था.



मीरा: वैसे ऋषि तुम यहाँ.



अभी: वह भाभी मैं तोह इसी कॉलेज से ब कर रहा हु. और आपलोग यहाँ.



ऋषि: हमलोग भी इसी कॉलेज से कर रहे है.



ऋषि: वाह बहोत अच्छा है. चलिए कैंटीन चलते है. तू भी चल.



आर्यन: हां भाई चलते है. वर्ण आप्टीनो तोह ऐसे बेहवे कर रहे है जैसे मैं हु hi नहीं.



फिर वह लोग कैंटीन में जाते है. वह बैठ के कॉफ़ी आर्डर करते है.



ऋषि: और बता कहा था इतने साल.



आर्यन: मुंबई में था. वही से कॉलेज किया. और यहाँ एक कंपनी में जॉब करने के लिए आया हु अस ा part टाइम और इसीलिए यहाँ पे कॉलेज भी ज्वाइन करलिया. कॉलेज के बाद मेरा ट्रांसफर वापस वह होजायेगा तोह हम चले जायेंगे.
 
अपडेट 50

ऋषि: क्या वापस चला जायेगा. सोनिया तुझे जाने नहीं देगी.



आर्यन: हां यार मेरे से यहाँ पे रहा नहीं जायेगा. यहाँ रहूँगा तोह वह लोग बार बार नज़र के सामने आएंगे. और मुझे उनकी शकल तक नहीं देखनी. और रही बात गुड़िया की तोह जब मैं जाऊंगा तब अगर वह मेरे साथ चलना चाहे तोह मैं उससे हमेशा के लिए अपने साथ ले जाऊंगा. तब तक के लिए उसको कुछ नहीं बताना.



ऋषि: देख ले. और बता क्या किया इतने साल वह.



आर्यन: करना क्या है. पढाई की. नौकरी की. फिर मीरा रितिका आगयी लाइफ में फिर शादी की.



ऋषि: भाभी don't मंद. बूत शादी जल्दी नहीं होगयी.



मीरा: यह मेरी माँ की लास्ट विश थी के वह हुम्हे शादी करते हुए देखना चाहती थी. इसीलिए हुम्हे जल्दी शादी करनी पढ़ी.



ऋषि: ोू.



यह लोग बाते कर रहे थे तभी वह कुछ सीनियर्स आगये. अब सीनियर्स थे रैगिंग तोह करेंगे hi. भले hi रैगिंग बनद है बूत कुछ कुछ होते है जिनको रूल्स से कोई फर्क नहीं पढता.



ओहलोग कैंटीन में आके स्टूडेंट्स से इंट्रो लेने लगे. सीधा सीधा इंट्रो के नाम पर परेशां करने लगे. तभी कुछ सीनियर्स की नज़र इनपे पढ़ी. तोह वह लोग इनके पास आये. उनमे से एक लड़का मीरा से.



लड़का: Hi बेऔतीफुल्ल. जरा आप अपना इंट्रो देंगी.



मीरा: क्यों आप क्या यहाँ के वॉचमन है जो इंट्रो ले रहे है.



यह सुन्न के वह कुछ स्टूडेंट्स हसने लगे.



लड़का: तुम्हे अपने सीनियर्स से बात करने की तमीज नहीं है.



मीरा: अगर सीनियर्स तमीज वाले हो. तोह तमीज भी मिलेगी.



लड़का: थोड़ा चिद्द के. तुम्हे पता है तुम किस्से बात कर रही हो. तुम्हारा इस कॉलेज में रहना मुश्किल होजायेगा. चुप चाप सॉरी बोलो और अपना इंट्रो दो.



तभी उनमे से एक लड़की आर्यन से.



लड़की: तुम तोह बड़े हॉट हो. चलो तुम भी अपना इंट्रो दो.



आर्यन: सॉरी मैं अनजान लोगो से बात नहीं करता.



लड़की: तुम इस कॉलेज की सबसे हॉट लड़की की इंसल्ट कर रहे हो.



आर्यन: मुझे तोह कही से भी हॉट नहीं दिख रही.



लड़का: तुम दोनों बहोत उड़द रहे हो. तुम्हे सीनियर्स से बात करने की तमीज सीखनी hi होगी.



तभी उस लड़के ने मीरा का हाथ पकड़ लिया.



मीरा: हाथ चोरो वर्ण यह हाथ फिर किसी काम में नहीं लगा पाओगे.



लड़का: तू मुझे धमकी देती है. तुझे पता है मैं कौन हु.



मीरा: होगा किसी अमीर बाप की औलाद जो अपने बाप के पैसो पे उड़द रहा है.



लड़का: तू अपनी हद्द से आगे जा रही है. मेरा बाप सेंट्रल मिनिस्टर है. तुझे कब और कहा गायब करवा दूंगा पता भी नहीं चलेगा. वैसे भी तू है बड़ी ख़ूबसूरत तुझे तोह मैं अपने पास hi रखूँगा.



आर्यन यह सुन्न गुस्से में उस लड़का के मुँह पे मुक्का मारता है जिससे उसके मुँह से खून निकलने लगता है.



लड़का अपना खून साफ़ करते हुए. तूने मुझे मारा. विक्की वर्मा को. तेरी इतनी हिम्मत.



आर्यन: तुझ जैसे को मारने के लिए हिम्मत नहीं चाहिए. तूने जब इसको हाथ लगाया तभी तुझे मार देता. पर इसने खुद hi हैंडल किया. बूत जब तू अपनी असली औकात पे आया तोह तुझे मारना जरुरी था. आज के बाद अगर हमसे उलझने की कोशिश की तोह ना तेरे बाप को देखूंगा और ना उसकी पोजीशन को. सीधा वही पे मार दूंगा.



विक्की: तूने बहोत बड़ी गलती करदी. तुझे तोह मैं यह बोल वह आर्यन को मारने आता है. तभी आर्यन उसके पेट में एक मुक्का मार्डेटा है वह वही पे बैठ जाता है.



आर्यन: तुझे सीधे तरीके से बात समाज नहीं आती. सबकी एक hi प्रॉब्लम है. जब तक सबक न सिखाओ कोई समझता hi नहीं.



तभी वह प्रिंसिपल आता है.



प्रिंसिपल: क्या होरहा है.



जिस लड़की ने आर्यन से बात की थी वह बोली.



लड़की: सर इसने यहाँ पे विक्की से झगड़ा कर उसको मारा. लड़की ने यह बोलै hi था के तभी उसके मुँह पे एक थप्पड़ पढ़ा. यह थप्पड़ रितिका ने मारा था.



रितिका: तुझे पता तोह चल hi गया होगा मैंने थप्पड़ क्यों मारा. अगर दूसरा खाना नहीं चाहती तोह सच बोल. वर्ण अगली बात दांत भी टूटेंगे.



लड़की: थोड़ा डर से सर विक्की ने इनका इंट्रो के बहाने से रैगिंग करनी चाही और इस लड़की का हाथ पकड़ के बदतमीज़ी करने लगा तोह इस लड़के ने उसको मारा.



रितिका: गुड गर्ल. तुम्हे देख के लगता है तुम इनके जैसी नहीं. इसीलिए तुम्हे एक चांस देती हु. बुरी सांगत चोरर दो. वह खुद तोह डूबेंगे और तुम्हे भी ले डूबेंगे. तुम्हारे पीछे तुम्हारे माँ बाप है जब उनको पता चलेगा के तुम कॉलेज में आके अपनी सीनियर होने की ताक़त का गलत इस्तेमाल करती हो तोह उनपे क्या बेटेंगी. इसीलिए अभी भी मौका है सही देखो और सही चुनो.



लड़की: ी ऍम सॉरी.



प्रिंसिपल: विक्की मैंने तुम्हे पहले भी वारं किया था. बूत तुम नहीं सुधरे. तुम्हारे पिता मिनिस्टर है तोह तुम कुछ भी करोगे. अब मुझे उनको कॉल करना hi पड़ेगा. पहले तुम जाके अपना ट्रीटमेंट कराओ. तब तक मैं तुम्हारे पिता से बात करता हु.



और बाकिलोग अपने क्लास में जाए. फिर वह आर्यन रितिका और मीरा के पास आके.



ी ऍम सॉरी. इसको हमने पहले भी वारं किया था. बूत यह नहीं सुधरा. बूत अब हम इसके पिता को इसकी करतूत के बारे में बताएँगे.



आर्यन: ारी नहीं सर. आप सॉरी मत बोलिये. कोई कोई होते है जो अपने पिता की पोजीशन का गलत फैयदा उठाते है. यह भी उनमे से hi था.



प्रिंसिपल: अब तुम लोग भी अपने क्लास में जाओ.



फिर वह लोग वह से जाने लगते है.



ऋषि: भाई तूने तोह कमाल करदिया. क्या मारा है उससे. भाई थोड़े टिप्स मुझे भी दे दे. और भाभी आपने भी उस लड़की को क्या मारा पूरा गाल hi लाल करदिया उसका.



आर्यन: तुझे टिप्स की क्या जरुरत. तुझ में तोह बहोत ताक़त है.



मीरा और रितिका यह सुन्न के हसने लगती है. ऋषि को जब बात समाज आती है तोह वह भी हसने लगता है. तभी वह लोग क्लास में जाते है.

वह लोग जैसे hi क्लास में जाते है तभी उनकी नज़र फर्स्ट बेंच पर बैठी शीतल के ऊपर जाते है. आर्यन उसको देखता है तोह उसकी आँखों में गुस्सा और नफरत उतर जाता है. शीतल भी इनको देख लेती है. आर्यन ऋषि से पूछता है



आर्यन: यह यहाँ क्या कर रही है.



ऋषि: पता नहीं भाई. मैं तोह खुद हैरान हु इसको यहाँ देख कर. उस दिन के बाद तोह मैंने इससे दोस्ती भी टॉड दी थी और बात भी नहीं करता था. फिर जब तेरे घर चोर्ने की बात सुन्नी उसके बाद पता चला इसको तेरी फॅमिली ने जेल में दे दिया है और इसके पापा से नौकरी भी ले ली. उसके बाद इसकी कोई न्यूज़ नहीं थी और अब मुझे यहाँ दिख रही है.



मीरा: कौन है यह.



ऋषि: शीतल.



मीरा और रितिका जैसे hi यह नाम सुनती है वह गुस्से से उसकी तरफ जाने लगती है तोह आर्यन उनका हाथ पकड़ लेता है.



आर्यन: मुझे किसी से कोई मतलब नहीं. और मैं नहीं चाहता तुम इन् जैसे लोगो के मुँह लगो. क्या पता तुम्हारे संग भी धोखा करदे.

चलो अपनी जगह में बैठ ते है.



शीतल यह सुन्न लेती है. उसकी आँखों में आंसू आजाते है.



क्लास में टीचर अभी नहीं आयी थी. और बेंच सिर्फ लास्ट में hi खाली था इसीलिए वह तीनो वह जाके बैठ गए.



थोड़ी देर में टीचर भी आजाती है.



टीचर: गुड मॉर्निंग स्टूडेंट्स. मेरा नाम रश्मि मल्होत्रा है. और आज से मैं hi आपके पहली क्लास लुंगी.



जी हां यह आर्यन की माँ थी जो इसी कॉलेज में अस ा प्रोफेसर थी.



आर्यन जब यह नाम सुनता है तब उसकी आँखों में और गुस्सा आजाता है. मीरा और रितिका उसके हाथ पकड़ लेते है और शांत रहने को बोलते है.



आर्यन गुस्से से ऋषि को बोलता है



आर्यन: तूने मुझे बोलै नहीं यह औरत भी इस कॉलेज में है. यानी वह लड़की भी एहि पे होगी.



ऋषि: भाई मुझे सच में नहीं पता. तेरे घर चोर्ने के बाद मैं भी उस घर में नहीं गया. और सोनिया के अलावा किसी की कोई खबर नहीं रखता.



मीरा: क्या एहि है वह.



आर्यन: हां.



मीरा आगे कुछ नहीं बोलती.



रश्मि: चलिए आप सब अपने इंट्रो दे. ताकि हम एक दूसरे को जान सके. और आज कोई पढाई नहीं होगी.



फिर सब एक एक करके अपना इंट्रो देते रहते है.



जब शीतल का टाइम आता है तोह रश्मि की आँखों में नफरत और गुस्सा आजाता है. बूत वह कण्ट्रोल कर लेती है. फिर शीतल भी अपना इंट्रो देती है.



फिर एक एक करके बाकी लोग भी अपना इंट्रो देते है लास्ट में उन् 4 जान का टाइम भी आता है. सबसे पहले ऋषि अपना इंट्रो देता है.



फिर मीरा उठी है.



मीरा: मेरा नाम मीरा मल्होत्रा है.



जैसे hi रश्मि यह नाम सुनती है तोह जल्दी से अपना सिर्र ऊपर करके देखती है. तोह उसकी आँखों में आंसू आजाते है. वह उनके पास आती है.



रश्मि: क्या नाम बोलै तुमने.



मीरा: मीरा मल्होत्रा.



रश्मि: कहा से हो तुम.



मीरा: मैं मुंबई से हु. और यहाँ अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन कम्पलीट करने आयी हु.



आर्यन अभी तक अपना सिर्र नीचे करके बैठा हुआ था.



रश्मि: ोकक गुड बैठ जाओ. तुम्हारे बगल में कौन है उनका इंट्रो नहीं हुआ है शायद.

चलो तुम दोनों भी अपना इंट्रो दो.



रितिका: मेरा नाम रितिका मल्होत्रा है. और मैं भी मुंबई से हु और यहाँ अपना पोस्ट ग्रेजुएशन कम्पलीट करने आयी हु.



रश्मि: ोककक. क्या तुम दोनों बेहेने हो.



रितिका: जी हां यह मेरी बड़ी दीदी है.



रश्मि: ोकक बैठा जाओ. अब तुम अपना इंट्रो दो.



आर्यन अपना सिर्र उठता है. तोह रश्मि के आँखों से आंसू बहने लगते है. तोह बड़ी मुश्किल से अपने आपको कण्ट्रोल करती है.



आर्यन: गुस्से और नफरत से मेरा नाम आर्यन मल्होत्रा है.



रश्मि उसकी आवाज़ सुनके अपनी आँखे बंद कर लेती है और उसकी आवाज़ को महसूस करने लगती है. फिर अपनी आँखे खोल के.



रश्मि: ी ऍम सॉरी. फिर जब उसको ख्याल आता है वह क्लास में है तोह अपने आप को संभल के.



रश्मि: तुम कहा से हो. और तुम्हारी फॅमिली में कौन कौन है.



आर्यन: मैं भी मुंबई से हु. मेरी फॅमिली में कोई नहीं है मैं अनाथ हु. मेरी फॅमिली मुझे जनम देते hi मर्डर गयी. मीरा और रितिका के माँ बाबा hi मेरे माँ बाबा है.



रश्मि जब वह सुनती है के वह अपने आप को अनाथ समझता है और अपनी फॅमिली को मारा हुआ मानता है तोह उसकी आँखों से और आंसू निकलने लगते है. तभी क्लास की बेल्ल बज जाती है. तोह वह भाग के क्लास के निकल के वाशरूम में जाके जोर जोर से रोने लगती है. वह कॉल करके नेहा को वाश रूम में बुलाती है.
 
अपडेट 51

नेहा जब वाशरूम में आती है और अपनी माँ को रट हुए देखती है तोह वह टेंशन में आजाती है.



नेहा: क्या हुआ माँ आप रो क्यों रहे हो. किसीने कुछ बोलै क्या. प्लीज चुप हो जाइये बताइये मुझे क्या हुआ.



रश्मि: उसके गले लग के रट हुए. आर्यन इसी कॉलेज में है. मेरी hi क्लास में मैं मिली उससे.



नेहा: ख़ुशी से. सच में माँ. कहा है वह कैसा है वह. उसने बात की आपसे.



रश्मि: मैंने उससे उसकी फॅमिली के बारे में पूछा. तोह उसने बताया वह अनाथ है उसकी फॅमिली मर चुकी है. मीरा और रितिका की फॅमिली hi उसकी फॅमिली है.



नेहा जब यह सुनती है तोह उसके आंसू निकलने लगते है. उसने आर्यन के साथ जो जो किया था वह सब उससे वापस याद आने लगा.



नेहा: मैं मिलूंगी उससे. मैं बात करुँगी. मेरा भाई मुझसे ज्यादा नाराज़ नहीं रह सकता अभी कहा है वह.



रश्मि: अभी तोह क्लास में होगा. तुम रेसस्स में मिलना. मैं घर कॉल करके बोलती हु.



फिर वह दोनों वह से चले जाते है.



इधर क्लास में आर्यन को बहोत गुस्सा ारः था. बूत वह कुछ कर नहीं सकता था. उसने खुद को बहोत कण्ट्रोल किया हुआ था. फिर एक एक करके सारे टीचर्स आते है और इंट्रो लेके चले जाते है.



रेसस्स में यह लोग कैंटीन में जाते है. वह जाके एक टेबल में बैठ ते है. तभी वह नेहा आके आर्यन के गले लग जाती है.



आर्यन को यह सेहन नहीं होता वह नेहा को अपने से दुर्र करता है एक झटके में और एक थप्पड़ लगा देता है.



आर्यन: तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे गले लगने की.



नेहा को इसकी उम्मीद नहीं थी के उसका भाई उसको मार भी सकता है. बूत फिर भी वह मार को सेहन कर लेती है.



नेहा: भाई प्लीज मुझे माफ़ करदे. हमसे बहोत बड़ी गलती होगयी है. प्लीज मुझे माफ़ करदे.



आर्यन: अपनी जुबान को लगाम दो. मैं कोई तुम्हारा भाई नहीं हु. मुझे नफरत से इस सब्द से इस रिश्ते से. और मुझे कोई शॉक नहीं है किसी का भाई बनने का. क्योकि मैं एक हवस का पुजारी हु कही मैंने तेरे िज़ात पे हाथ दाल दिया तोह.



नेहा छिलके और रट बोलती है. भईईई. प्लीज मुझे माफ़ करदे. मुझसे बहोत बड़ी गलती होगयी है. मैंने तुझे कितना रुलाया कितनी तकलीफ दी. मैंने तुझपे भरोसा ना कर उस घटिया लड़की पे किया. मीरा रितिका तुम बोलो ना इससे मुझे माफ़ करदे.



मीरा: ना मैं आपको जानती हु और ना जानना चाहती हु. मेरे लिए मेरे पति hi सब है. वह जिनसे रिश्ता रखते है मेरे लिए वही रिश्तेदार. और वह जिनसे नफरत करते है उनसे मैं भी नफरत करती हु.



रितिका: और आपके लिए अच्छा एहि होगा हमसे दुर्र रहे. क्योकि मेरे पति जिनसे नफरत करते है हम उनकी शख्सियत से भी नफरत करते है.



नेहा: ऐसे मत बोलो मीरा रितिका. इतने साल मैं तदपि हु इससे मिलने के लिए. मैं मानती हु मुझसे बहोत बड़ी गलती होगयी. पर प्लीज मुझे माफ़ कार्डो.



तभी वह शीतल आजाती है.



शीतल: प्लीज आर्यन मेरी गलती की सजा तुम इन्हे मत दो. प्लीज इन्हे माफ़ कार्डो.



जब मीरा रितिका शीतल को देखती है तोह उसका पारा हाई होजाता है. तोह वह दोनों सीधा शीतल को थप्पड़ लगा देते है.



मीरा: तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी पति के मामले में बोलने की. मन तोह कर रहा है तुझे जान से मर्दु.



रितिका: पर मेरे पति ने मुझे रोका हुआ है. इससे पहले के मैं कुछ गलत करदु निकल जा हमारी नज़रो से दुर्र.



आर्यन: चोरो मीरा रितिका. इन् जैसे लोगो से बात नहीं करनी चाहिए. यह शरीफ लोग है. और मुझ जैसा हवस का पुजारी अगर इनके सामने रहा तोह इनकी िज़ात पे खतरा है और क्या पता थोड़ी देर बात तुमदोनो के ऊपर भी कोई इलज़ाम लगा दे.



नेहा जैसे hi यह सुनती है वह आर्यन को मरने के लिए अपना हाथ उठती है. तभी मीरा और रितिका उसका हाथ पकड़ लेती है और एक एक थप्पड़ लगा देती है.



मीरा: खबरदार अगर मेरे पति पे हाथ उठाने की सोची तोह.



रितिका: अगर अगली बार यह ख्याल भी मन में लाया तोह यह हाथ तुम्हारे जिस्म में नहीं दिखेगा. यह बोल वह नेहा का हाथ झटक देती है.



फिर आर्यन मीरा रितिका और ऋषि वह से निकल के दूसरी जगह बैठ जाते है.



नेहा अभी भी वह खड़े होक रो रही थी. वह भी गुस्से में शीतल को थप्पड़ मार देती है.



नेहा: देखा सिर्फ तेरी वजह से वह आज मुझसे कैसे बात कर के गया. जिस भाई ने कभी मुझे नज़रे उठा कर नहीं देखि उसने आज मुझे थप्पड़ भी मारा. आज वह मुझसे सिर्फ नफरत करता है. सिर्फ तेरी वजह से. निकल जा मेरी नज़रो से दुर्र इससे पहले मैं तुझे जान से मार दू.



शीतल भी वह से रट हुए चली जाती है. उससे अब वह रुका नहीं जाता इसीलिए वह अपने घर चली गयी.



नेहा भी रट हुए रश्मि की तरफ चली जाती है.



आर्यन को इतना गुस्सा आरहा था के अगर कोई अभी उससे पन्गा लेता तोह वह उसको जान से मार देता.



तभी कॉलेज में मिनिस्टर अपने बेटे को मारने वाले को मारने आता है. और साथ में गुंडे भी लाता है. वह आके आर्यन को खोजता है.



वह लड़की जिसने आर्यन से बात की थी वह यह देख लेती है इसीलिए वह कैंटीन में जाती है.



लड़की: मीरा जी रितिका जी वह विक्की के पापा आये है आर्यन जी को मारने के लिए. और साथ में गुंडे भी लाये है.



मीरा: ठीक है थैंक यू इन्फॉर्म करने के लिए.

फिर वह लड़की वह से चली जाती है. और मीरा आर्यन से बोलती है. चलो तुम्हारे गुस्सा शांत करने का सामान आगया.



ऋषि: मतलब.



रितिका: चलो खुद समाज जाओगे.



फिर वह चारो भी वह आते hi जहा ओहलोग थे.



विक्की भी वही खड़ा था. वह आर्यन को देख कर.



विक्की: डैड वह देखिये एहि है वह जिसने मुझे मारा था. और वह लड़कियां यह मुझे चाहिए.



मिनिस्टर: तू चिंता मत कर बीटा. आज यह लड़का अभी मरेगा. और यह लड़कियां सिर्फ तेरी होगी.



आर्यन मीरा को अपना मोबाइल देता है और पं के सेक्रेटरी को कॉल लगाके इस मिनिस्टर का सस्पेंशन आर्डर पे सिग्न करने को बोलते है. और जब दूसरी बार मिस्ड कॉल जाए तब इसको वह सस्पेंशन आर्डर की न्यूज़ मिल जानी चाहिए.



मीरा पं के सेक्रेटरी को कॉल करके सब कुछ करने को कहती है.



मिनिस्टर को देख कर रश्मि और नेहा भी डर जाते है क्योकि उनको भी खबर मिल चुकी थी आर्यन के सुबह के काण्ड को लेके. इसीलिए वह विक्रम को कॉल करके सब बताते है और कॉलेज में बुलाते है.



मिनिस्टर: तोह तू है वह जिसने मेरे बेटे को मारा और मेरे बारे में भी गलत बोलै.



आर्यन: हां मैं hi हु वह. मुझे लगा तू अपने बेटे की गलती को सुधरेगा उससे सजा देगा. बूत वह तोह तेरे hi नक़्शे कदम पे चल रहा है.



मिनिस्टर: लड़के तूने बहोत बड़ी गलती की है मेरे बेटे को मार के. आज तू यहाँ से ज़िंदा नहीं जाएगा. आई जाओ रे उसको मार के उस लड़की को उठा लाओ.



आर्यन: मिनिस्टर मैं तुझे चोरर देता तेरे गुंडों को मारने के बाद. पर तूने इन् लड़कियों पे अपनी नज़र देके अच्छा नहीं किया.



फिर सभी गुंडे आर्यन को मरने आते है. आर्यन तोह पहले से hi गुस्से में था. इसीलिए उसने फुल पावर के साथ सबसे सामने वाले गुंडे को लात मारता है जिससे वह दुर्र जाके गिरता है. यह देख बाकी गुंडे वही रुख जाते है.



वह गुंडा वही पढ़ा रहता है. एक जान जाके उससे देखता है तोह वह छिलके बोलता है यह अब ज़िंदा नहीं है.



आर्यन: तुमलोगो के पास आखरी मौका है. जो जो ज़िंदा रहना चाहते हो चले जाओ. इस मंत्री की बात सुनके तुम अपनी जान गवा बैठोगे. तुम्हारे मरने के बाद तुम्हारे परिवार वालो को ना यह मंत्री देखेगा और नाही उसका यह गन्दा खून विक्की.



कुछ गुंडे जिन्हे अपने परिवार की चिंता थी वह वही से दुर्र होजाते है. पर जो लोग रह गए थे उन्हें ना तोह अपने परिवार की चिंता थी और नाही अपनी.



जो लोग अभी भी खड़े थी अब उनके पास आर्यन जाता है और उनसब को बारी बारी मारता है. किसी के पेट में किसी के सीने में तोह किसी के सिर्र में. यह सब देख वह खड़े सभी लोग डर से आर्यन को देखने लगते है. रश्मि और नेहा को ऐसे देख रही थी जैसे वह किसी अजूबे को देख रही थी. यह सच था अब आर्यन उनके लिए किसी अजूबे से काम नहीं था.



रश्मि और नेहा जल्दी से मीरा और रितिका के पास जाके उन्हें आर्यन को रोखने को कहते है.



नेहा: मीरा रितिका उससे रोको वर्ण वह उन्दोनो को भी मार देगा.



रश्मि: हां बीटा रोको उसे.



मीरा: मरस. रश्मि मल्होत्रा एंड मस नेहा मल्होत्रा अपने काम से काम रखिये हमारे बीच ना आये और हमसे रिश्ता जोड़ने की कोशिश भी ना करे.



रितिका: यहाँ हमारा रिश्ता उसी से है जिससे हमारे पति का रिश्ता है. और अपना यह ड्रामा कही और जाके करे. यह बोल मीरा और रितिका वह से जाके कही और कड़ी होजाती है. रश्मि और नेहा का सर वही झुक्क जाता है.



आर्यन मिनिस्टर और राघव के पास जाके खड़ा होता है.



आर्यन: तुझे लगता है सुबह की मार से कुछ समाज नहीं आया था इसीलिए तूने वापस मेरे से पन्गा लिया और वह भी गलत टाइम पे जब मेरा गुस्सा अपनी सीमा टॉड चूका था कुछ घटिया लोगो की वजह से.



यह बात आर्यन थोड़ा जोरर से बोलता है जिससे रश्मि और नेहा सुन्न लेती है. जो के उनके लिए hi था.
 
Back
Top