Romance भंवर (पूर्ण) - Page 48 - SexBaba
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Romance भंवर (पूर्ण)

Hahaha ... Thik hai aap kahte hai to Apasyu par vises dhyan banaye rakhunga.. kahin kuch rah jaye to aap dhyan dila dena .. chaliye milkar band bajaya jaye :woohoo:

:thanks: for your lovely comment... Keep reading 🌹
 
Hahahha .. charecter hi kuch aisa hai bidu .. ghamand to jane se raha haan waqt waqt oar akal thikane lagti rahegi ..

:thanks: for your lovely comment... Keep reading 🌹
 
Payment to pahle aap full kijiye .. miss event organiser naina ji .. fir 50 kat lena.. :D..

Jamana hi kuch aisa hai miss .. acha karne wale gali hi sunte hain .. aur jab masoom janta fraud ke hathon lut jati hai to kahti hai insaniyat khatam ho gayi .. bechari sulekha .. na gharwalon ka support milna hai aage aur na hi un logon ka jin logon ki bhalai soch rahi bechari :D ..

Mujhe pakka yakin hai aap ko Megha pasand aani hai ... Kyonki wo jinki dushman hai aap bhi usi ki duhnan hai .. bond to hona lazmi hai :dazed:

:thanks: for your lovely comment... Keep reading 🌹
 
Shout ki jaroorat na hai de raiyla hai apun :yo:

:D .. jald hi murga aur murgi bana deta hun :hehe:

Hahaha ... Apasyu team leader hai .. aur Apasyu ab aage aane laga hai thoda dhyan deke padhne ka re baba :D

Sulekha ne sandesh bheja hai .. best of luck darling ... Kabhi to dua kabool ho hi jani hai :evillaugh:

Let me plan for that .. idea acha hai .. abhi uddaya to 15-20 update ka material b mil jayega :D

Hahaha ... Poor naina ji .. jise pyar tha usi ne dhoka de diya .. I can understand your feeling .. :console:

Aisa kab kiya tha :?:

Nah uski moti ne bahut dino se mara na hai so idhar udhar chance mar raha hai ;)

Pitai se pahle wala josh lag raha hai.. aise hi emotinal aakhri bar the .. uske baad kuch b thik na raha tha :hehe:

Nice joke :D
 
Aur moti ka kya 🦇

Mujhe aap ki baton se ab is rg oar shaq type feel ho raha hai .. keep me update .. jara moti ko aaj call laga dun ..

Main jo manta hun wo bata diya to tum fir kahin rone na lag jao isliye mere chhoda .. apna batao tumhare kya vichar hai..

Mujhe nahi pata chala .. pm me .. taki story usi hisab se dun 🙏

Bus chhap raha hu. :D
 
Sir update to bahut diye hain .. aap agar update numbers denge to jyada clarifications milega..

Maine kai sal baad kahin waiting likha hai.. doc babu lapata ho gaye 19 update ke baad .. :hehe: .. sab aap ka kiya dhara hai :D

Ji har hajir hun .. koi sewa malik
 
Update:-80

मेघा 1 मिलियन का चेक देती हुई कहने लगी…. "कल के मीटिंग के बाद मै तय करूंगी की मुझे ये केस तुम्हे देना चाहिए या नहीं। अभी के लिए ये पेशगी दिए जाती हूं, पसंद नहीं आया कल का मीटिंग तो ये भी वापस ले लूंगी।"… मेघा अपनी बात कहकर जेम्स को बेस्ट ऑफ लक कहती वापस आ गई।

मेघा की जल्दबाजी से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसे कल के कल ही अपने नुकसान पहुंचनेवाले की पूरी डिटेल चाहिए थी, ताकि वो हुए नुकसान का बदला ले सके। हाड़विक और मेघा ऑफिस से निकले…. "ज्यादा जल्दबाजी तो नहीं कर रही तुम मेघा।"

मेघा:- पता नहीं हाड़विक, लेकिन उन चूहों को मुझे जल्द से जल्द बिल से बाहर निकालकर अपने हाथों से सजा देनी है।

हाड़विक:- लेकिन तुम लोकेश के सजेशन पर चल रही हो, बचकर जरा।

मेघा:- हम्मम !! तुम्हारा कहना भी सही है। लेकिन वक़्त की मांग यहीं है कि हम सक्षम नहीं उस भेदी का पता लगाने में, तो क्यों ना ऐसे काम में माहिर लोग को ही काम देकर देखा जाए।

हाड़विक:- मुझे तो लोकेश पर ही सबसे ज्यादा शक है। जब से वो धंधे में आया है उसी के कुछ दिनों बाद से ये घटनाएं हो रही है। उसने इंडिया के लगभग एजेंट्स को मार डाला। इस वक्त वो अकेला हम सबसे ज्यादा धंधा कर रहा है। यदि सोचा जाए तो हमारे नुकसान का सबसे ज्यादा फायदा उसी को हुआ है।

मेघा:- शक तो मुझे भी उसपर है हाड़विक, लेकिन इस वक़्त हम कुछ नहीं कर सकते। एक बार बस पता लग जाए फिर इस लोकेश की कहानी भी ठीक वैसे ही खत्म होगी जैसे वो बिना सबूत छोड़े हमे बर्बाद करता आ रहा है। फिलहाल तो मुझे उस लड़के पर कन्सन्ट्रेट करना है।

हाड़विक:- तुम कुछ ज्यादा भरोसा नहीं दिखा रही उस नशेड़ी पर।

मेघा:- हाड़विक कुछ तो बात होगी उस लड़के में जो होम मिनिस्टर उसे इतना तवज्जो दे रहा था। अपने बहुत काम का लड़का है वो, लेकिन है बहुत उल्टी खोपड़ी, कब क्या करता है पता नहीं चलता।

हाड़विक:- क्या तुम से भी ज्यादा उल्टी खोपड़ी ?

मेघा:- पता नहीं, शायद हां, मुझ से भी कहीं ज्यादा। बहुत भरोसा है उसे खुद पर इसलिए इतना गुरूर है उसमे। मुझे किसी भी तरह वो अपने साइड चाहिए हाड़विक।

हाड़विक:- मेरे पास एक आइडिया है, जिससे वो इनडिरेक्टली अपने साइड आ जाएगा और इंडिया में अपने प्रोजेक्ट को हरी झंडी भी मिल जाएगी।

मेघा:- ठीक है, आइडिया पसंद आ गया तो समझ लो तुम्हारे प्रोडक्शन हाउस को हरी झंडी मिल गई। अब आइडिया बोलो..

मानो हाड़विक ने उसी ख्यालात को सजाकर मेघा के पास पेश कार दिया हो, जिसके बारे में कुछ-कुछ मेघा भी सोच रही थी। दोनों कल होने वाले हर मीटिंग पर चर्चा करते हुए घर पहुंच गए।

इधर रात के 11.30 बजे इंगेजमेंट पार्टी भी खत्म हो चुकी थी। बाहर जाने वाले लोगों से उनके डिटेल लेकर उन्हें जाने दिया जा रहा था। ऊपर बचे लोग एक दूसरे से विदा लेते हुए, सब तेजी से अपने कमरे के ओर बढ़ रहे थे। 2 एंगेजमेंट के शेड्यूल ने सबको पूरा थका दिया था।

इधर ऐमी, अपस्यु को और भी ज्यादा झटके देती हुई लावणी को अपने साथ ले आयी। वहीं जहां कुंजल का पहले ऐमी के साथ गप्पे लड़ाकर, साथ सोने का प्रोग्राम था, वो बदल कर स्वस्तिका के साथ हो गया था जिसे अब साची भी ज्वाइन कर रही थी।

वहीं 2 बहुत करीबी दोस्त बहुत दिनों के बाद मिले रहे थे इसलिए पार्थ और आरव दोनों साथ में थे। बेचारा अपस्यु थोड़ा अंदर से चिढ़ा था, वो सीधा अपने कमरे में चला गया।

अगली सुबह की खुशी कल रात के एंगेजमेंट की खुशी से भी दुगनी थी। हर कोई अपने कमरे में था जब एक-एक करके सबको सुबह के अखबार से पता चला कि कल रात में उनके 4 शिकार मारे जा चुके है। जैसे ही ये खबर उन सबको लगी, कोई भी अपने आप को रोने से रोक नहीं पाया। आरव और पार्थ तो साथ थे इसलिए दोनों बिस्तर पर फैल कर रोए, लेकिन स्वस्तिका बाथरूम में बैठकर आशु बहा रही थी, ऐसा ही कुछ हाल ऐमी का भी था।

सभी एक-एक करके अपस्यु के कमरे के पास आते रहे और अाकर वापस लौट जाते, क्योंकि अपस्यु अपने कमरे में नहीं था। सभी की जिज्ञासा देखते बन रही थी। सब लोग उत्सुक थे जानने के लिए की आखिर अपस्यु ने यह अकेले किया कैसे। अब लेकिन वो वहां हो तो न कुछ बताए, बस सबको छटपटाने पर मजबुर किए जा रहा था।

अपने-अपने कमरों के लोगों से फुर्सत होकर ऐमी और स्वस्तिका तुरंत पार्थ और आरव से मिलने पहुंच गई…. "क्या हुआ, मिला अपस्यु की नहीं?"..

आरव:- फोन लगा रहा हूं तो टेक्स्ट कर रहा..

स्वस्तिका:- क्या कह रहा है टेक्स्ट में..

आरव:- कल रात के सब थके हो, आराम करो। मै कुछ काम कर रहा हूं।

ऐमी:- हम्मम !! सतर्क रहने कहा है, छोड़ो वो खुद ही सब डिटेल बता देगा। हमे अब अलग हो जाना चाहिए।

पार्थ:- हां सही है, वैसे भी कल हम तीनो ने ही एक हाईलाइट प्वाइंट छोड़ ही दिया था, जबकि समझना चाहिए था कि माहौल कैसा है।

ऐमी:- कोई बड़ी बात नहीं है, अपस्यु सब संभाल लेगा। वैसे भी आज रात हम वापस उड़ान भरेंगे उसके बाद क्या कर सकते है ये लोग।

आरव:- कैसे वापस जाएंगे, पुलिस जबतक क्लीन चिट नहीं देगी, हमलोग नहीं निकल सकते।

स्वस्तिका:- नीचे डिटेल भी पढ़ लिया करो एकबार। रात को ही होटल एडमिनिस्ट्रेशन ने पुलिस को हादसे कि वजह बताई है। इंडियन एंबेसी ने भी इस घटना को हादसा मान लिया है। अब कैसा क्लीन चिट।

ऐमी:- तभी अपस्यु ने सतर्क का संदेश भेजा है, कुछ तो उधर की कहानी चल रही होगी।

आरव:- इसका मतलब तुम दोनों यहां यूएस में रुक रहे हो?

ऐमी:- नहीं हम दोनों कैसे रुक सकते है? या तो लोगों को शक हो जाएगा कि हमारा सीरियस अफेयर चल रहा है या दोनों ही किसी सीरियस काम करने रुके है, दोनों ही सूरतों में हमे कोई रुकने नहीं देगा। इसलिए केवल अपस्यु …

पार्थ:- हम भी रुके क्या ?

आरव:- नहीं, ये काम इन दोनों का है, इन्हे अपने हिसाब से करने दो। हमे अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।

स्वस्तिका:- हां आरव सही कह रहा है, मै तो चली, बिना सेलिब्रेशन मज़ा नहीं आने वाला। कुंजल को पकड़ कर मै चली सेलीब्रेट करने।

पार्थ:- मै आज इस कमिने के साथ सेलीब्रेट करता हूं।

ऐमी:- ठीक है फिर तुम लोग एन्जॉय करो और ख्याल रखना अपना। तबतक मै सबकी पैकिंग कर देती हूं। पार्थ तू भी आज वीरभद्र को लेकर निकलेगा क्या?

पार्थ:- यूरोप कॉल ऑफ हो गया है। मै भी तुम लोगो के साथ चलूंगा। मुझे वहां से सीधा राजस्थान निकालना है।

ऐमी:- हम्मम ! ठीक है फिर तेरी भी पैकिंग कर दूंगी। जाओ तुम लोग, मै भी 2-4 पेग लगाकर सेलीब्रेट कर लूं।

आज शायद वक़्त कम पर रहा था, लेकिन खुशियां मानने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही थी। होटल में बचे लोग अपने-अपने पैकिंग में लगे थे। नंदनी अपना काम निपटाकर सबको देखने आयी, लेकिन किसी का कुछ भी पता नहीं था, लेकिन सब के लगेज पैक थे।

नंदनी जब कुंजल के कमरे में गई… "ऐमी, तुम यहां इनके लगेज क्यों पैक कर रही हो?

ऐमी:- सब घूमने गए, और मै खाली बैठी थी तो सोची काम खत्म कर दूं, ताकि अंतिम मोमेंट पर किसी का ये सामान रह गया तो किसी का वो सामान।

नंदनी, ऐमी के पास बैठ गई और उसे काम करते हुए देखने लगी… "क्या हुआ आंटी आप किस सोच ने पर गई।"

नंदनी:- कुछ बुझी-बुझी लग रही हो, बात क्या है?

ऐमी, सूटकेस को लोक करके नंदनी के पास बैठती हुई… "2-2 सगाई में नाचना परा मुझे, जो ही मै थकी आंटी क्या कहूं। देर रात को सोई थी और फिर सुबह-सुबह वैभव ने जगा दिया। अब ऐसी हालत में ऐसा चेहरा नहीं रहेगा तो कैसा रहेगा।"..

नंदनी:- सुन वो सूटकेस से तेल निकला कर ले आ। कैसे सूखे बाल है तुम्हारे। रात को तेल क्यों नहीं लेती बाल में।

ऐमी:- रहने दीजिए आंटी, आप को भी तो पैकिंग करनी होगी।

नंदनी:- जितना कहा उतना सुनाकर, मुझे मेरे काम मत बताया कर।

नंदनी बिस्तर पर बैठ गई और नीचे ऐमी। नंदनी ने पूरी तेल कि ऐसी उसके ऊपर उड़ेलकर आराम से उसके बालों में तेल लगाने लगी और धीरे-धीरे वो नींद के आगोश में चली गई। नंदनी ने उसे उठकर बिस्तर पर सोने के लिए कही और नंदनी वहां से उठकर चली गई।

इधर अपस्यु सुबह से ही शॉपिंग में लगा हुआ था। यूएस से कुछ जरूरी डिवाइस पार्ट आज ही खरीदकर, सबके साथ भेज देना चाहता था, ताकि बाद में शिपिंग का कोई लफड़ा नहीं रहे। बहुत ही ध्यान से वो आयरन मैन, बैट मैन और अन्य सुपरस्टार कॉस्ट्यूम के साथ वो बाकी सामान भी खरीदता जा रहा था।

जब वो कॉस्ट्यूम खरीद रहा था, तभी उसे ये ख्याल भी आया कि लास्ट मिशन में उसका बुलेप्रूफ जैकेट डैमेज हो गया है। कहीं ना कहीं तो दिल में ये भी था कि कहीं किसी तरह बैट मैन के कॉस्ट्यूम जितना मजबूत कुछ मिल जाए जो पहनने में हल्का हो और उसकी गति को धीमे ना करे। ऐसा कुछ अगर मिल जाता तो काम बन जाता।

बहरहाल बस ये कल्पना थी जिसके बारे में पता करने के लिए अभी अपस्यु के पास वक़्त था। अपस्यु एक ही जगह से सब खरीदारी करने के बाद सभी सामान को उसने फ्लाइट में लोड करवाने के लिए दुकानदार को ही कह दिया, ताकि सिक्यूरिटी पास और सामान की डीटेल की जिम्मेदारी उन्हीं कि हो।

अपस्यु सबके लिस्ट के हिसाब से खरीदारी कर चुका था। इतनी लंबी खरीदारी के बाद तो दुकानदार भी काफी खुश लग रहा था, और इसी खुशी में उसने अपस्यु को आज रात की अपनी पार्टी का न्योता भी दिया। अपस्यु हंसकर उसे स्वीकार करते हुए वापस होटल के लिए निकला।

इन सब कामों में 2 बज चुके थे। 5 बजे शिकागो से न्यूयॉर्क के लिए भी सबको उड़ान भरना था और उसके आगे न्यूयॉर्क से रात के 10 बजे इंडिया कि फ्लाइट।… "लगता है देर हो गई, इंतजार में होगी बेचारी।"..

अपस्यु भागा-भागा आया और सीधा ऐमी के कमरे में गया, लेकिन वहां ऐमी नहीं थी। अपस्यु थोड़ा सा अन्दर से मायूस हो गया, क्योंकि यहां नहीं होने का मतलब था कि वो कुंजल के कमरे में सबके साथ बैठी होगी। बुझे मन से वो कुंजल के कमरे में गया। १,२ बार बेल बजने में बाद भी, जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तब उसने दरवाजा खोला, शायद नंदनी लॉक करना भूल गई थी।

अपस्यु जब अंदर का हाल देखा तब ख़ुश हो गया। कमरे में कोई नहीं था और ऐमी चादर ताने गहरी नींद में थी। अपस्यु भी उसके पास लेटकर उसके चेहरे पर अपनी उंगली फेरने लगा।

ऐमी की नींद में थोड़ी हलचल हुई और वो करवट लेती अपस्यु के ठीक सामने। दोनों के चेहरे बिल्कुल आमने-सामने थे और अपस्यु उसे सुकून से सोते हुए देख रहा था। उसे बिना परेशान किए अपस्यु मुस्कुराते हुए बस देखे जा रहा था। इसी बीच ऐमी की आंख भी खुल गई। नजरों के सामने अपस्यु को देखकर वो मुस्कुराई और उसके गले में हाथ डालकर सोने लगी।

अपस्यु:- सोते ही रहना है क्या, जाग जाओ।

ऐमी:- ना, बस खामोश रहो और मेरे पास रहो।

कुछ देर ऐमी, अपस्यु के आगोश में डूबने के बाद उसके होंठ को चूमती हुई पूछने लगी… "एक बार पूरी बात बता नहीं सकते थे।"..

अपस्यु:- यूं समझ लो तुम लोगों के लिए सरप्राइज था।

ऐमी:- अब मुझे सेलीब्रेट करना है। और मै नहीं जानती के ये कैसे होगा, बस मुझे सेलीब्रेट करना है, वो भी सिर्फ हम तुम।

अपस्यु:- तुम्हारा वो प्रोसेसर ले लिया है और जो कुछ रिक्वॉयरमेंट हो तो कॉल कर लेना।

ऐमी:- कल रात का बदला ले रहे हो ना। ठीक है ले लो बदला। जब दिल को सुकून मिल जाए फिर जवाब देना।

अपस्यु:- सॉरी, लेकिन अभी सेलिब्रेशन संभव नहीं।

ऐमी:- एक किस्स भी नहीं क्या? …

दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे। दोनों की आखें बंद हो चली, होंठ से होंठ उलझ चुके थे और दोनों की श्वांस लंबी होती चली जा रही थी। दोनों ही एक दूसरे में खोते चले गए और ख्याल भी नहीं रहा कि दोनों कुंजल के कमरे में है। स्वस्तिका और कुंजल दोनों लौट आयी थी और दोनों ही दरवाजा खोलकर अचानक से अंदर….
 
Hahaha .. sachi me char gali wo bhi dil se di hai.. shayad juban bhi jati ho in awadhi me ... Aur sath me yah bhi sandesh bhi di hai... Waqt aane par in galiyon ka matlab b samjh jaoge Adirishi.. filhaal enjoy the story :D

:thanks: a lot .. keep supporting, keep commenting and enjoy the fun around :toohappy:
 
Yes present aur past ke tadke ke sath kahani enjoy karte rahiye :woohoo:

:thanks: a lot .. keep supporting, keep commenting and enjoy the fun around :toohappy:
 
Mante hain lagbhag sabhi jaghon par Adirishi ji haan ab jahan majboori ho jaise ki metro city jahan kewal sadak hai .. paun ko sahara dene ke liye mitti nahi .. wahan thodi majboori ho jati hai.. baki enjoy shreya aur uske karname :D

:thanks: a lot .. keep supporting, keep commenting and enjoy the fun around :toohappy:
 
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